उपाधि
  • बाबर (Babur):
    • मिर्जा (Mirza): यह उसकी पैतृक उपाधि थी।
    • पादुशाह/बादशाह (Padshah): 1507 में काबुल विजय के बाद धारण की।
    • कलंदर (Qalandar): अपनी उदारता (दान देने की प्रवृत्ति) के कारण।
    • गाजी (Ghazi): खानवा के युद्ध (1527) में जीत के बाद।
  • हुमायूँ (Humayun):
    • इंसान-ए-कामिल (Insan-i-Kamil): ‘पूर्ण मानव’, इतिहासकारों द्वारा उनके स्वभाव के कारण कहा गया।
  • अकबर (Akbar):
    • जलालुद्दीन मुहम्मद अकबर: यह उसका राज्याभिषेक नाम था।
    • अमीर-उल-मोमिनीन: खलीफा का नायब।
    • जिल्ल-ए-इलाही: ईश्वर की छाया।
  • जहाँगीर (Jahangir):
    • नूरुद्दीन मुहम्मद जहाँगीर: ‘दुनिया का विजेता’।
    • शेखू बाबा: अकबर उन्हें प्यार से इस नाम से बुलाते थे।
  • शाहजहाँ (Shah Jahan):
    • खुर्रम (Khurram): बचपन का नाम।
    • शाहजहाँ: दक्षिण विजय के बाद जहाँगीर द्वारा दी गई उपाधि।
    • किरण-ए-सानी: ‘द्वितीय नक्षत्रों का स्वामी’।
  • औंरगजेब (Aurangzeb):
    • आलमगीर (Alamgir): ‘विश्व विजेता’।
    • जिंदा पीर (Zinda Pir): उनके सादा जीवन और धार्मिक कट्टरता के कारण।
    • शाही दरवेश: उनकी तपस्वी जीवनशैली के कारण।
शासक उपाधि / उपनाम कारण/तथ्य
बहादुर शाह प्रथम शाह-ए-बेखबर राजकीय कार्यों में लापरवाही के कारण।
जहांदार शाह लम्पट मूर्ख उनके व्यवहार और विलासिता के कारण।
फर्रुखसियर घृणित कायर सैय्यद बंधुओं के हाथों की कठपुतली होने के कारण।
रफी-उद-दरजात कठपुतली शासक सबसे कम समय तक शासन करने वाला।
मुहम्मद शाह रंगीला विलासी जीवनशैली और सुंदरियों के प्रति लगाव।
बहादुर शाह द्वितीय जफर ‘जफर’ उपनाम से कविताएँ लिखने के कारण।

पानीपत
  • स्थान: पानीपत वर्तमान में हरियाणा राज्य में स्थित है।
  • इसे “बुनकरों का शहर” (City of Weavers) भी कहा जाता है।
  • पानीपत का प्रथम युद्ध : 21 अप्रैल, 1526
    • पक्ष: बाबर और इब्राहिम लोदी (लोदी वंश का अंतिम सुल्तान)।
    • परिणाम: बाबर की जीत हुई और भारत में मुगल साम्राज्य की स्थापना हुई।
    • बाबर ने पहली बार भारत में तुलुगमा पद्धति और तोपखाने (Artillery) का बड़े पैमाने पर प्रयोग किया।
    • इब्राहिम लोदी युद्ध के मैदान में मारा जाने वाला दिल्ली सल्तनत का एकमात्र सुल्तान था।
    • इब्राहिम लोदी का मकबरा भी पानीपत में ही स्थित है।
  • पानीपत का द्वितीय युद्ध : 5 नवंबर, 1556
    • पक्ष: अकबर (बैरम खान के नेतृत्व में) और हेमू (हेमचंद्र विक्रमादित्य)।
    • परिणाम: अकबर की जीत हुई और मुगलों का दिल्ली-आगरा पर पुनः नियंत्रण स्थापित हुआ।
    • मुख्य तथ्य:
    • हेमू उत्तर भारत का अंतिम हिंदू राजा था जिसने ‘विक्रमादित्य’ की उपाधि धारण की थी।
    • अकबर की उम्र उस समय मात्र 13-14 वर्ष थी, इसलिए सेना का वास्तविक नेतृत्व बैरम खान ने किया था।
  • पानीपत का तृतीय युद्ध: 14 जनवरी, 1761
    • पक्ष: अहमद शाह अब्दाली (अफगान) और मराठा साम्राज्य (सदाशिवराव भाऊ के नेतृत्व में)।
    • परिणाम: अहमद शाह अब्दाली की जीत हुई।
    • इस युद्ध ने भारत में मराठा शक्ति के विस्तार को रोक दिया।
    • मराठों की ओर से तोपखाने का नेतृत्व इब्राहिम खान गार्दी ने किया था।
    • इस हार ने अप्रत्यक्ष रूप से अंग्रेजों के लिए भारत विजय का मार्ग प्रशस्त किया।
युद्ध वर्ष विजेता पराजित
प्रथम 1526 बाबर इब्राहिम लोदी
द्वितीय 1556 अकबर हेमू
तृतीय 1761 अहमद शाह अब्दाली मराठा
चंगेज खाँ | Genghis Khan | चंगेज
  • मूल नाम: चंगेज खाँ का वास्तविक नाम तेमुजिन (Temujin) था।
  • जन्म: लगभग 1162 ईस्वी में मंगोलिया के उत्तरी भाग में ओनोन नदी के पास।
  • उपाधि: 1206 ईस्वी में मंगोल कबीलों के महासंघ ने उसे ‘चंगेज खाँ’ (समुद्री खान या विश्व का राजा) की उपाधि दी।
  • वंश: वह ‘कियाद’ कबीले से संबंधित था।
  • चंगेज खाँ और भारत (इल्तुतमिश का काल)
  • वर्ष 1221: चंगेज खाँ भारत की सीमा (सिंधु नदी) तक पहुँच गया था।
    • कारण: वह ख्वारिज्म के राजकुमार जलालुद्दीन मंगबरनी का पीछा कर रहा था।
    • दिल्ली का सुल्तान इल्तुतमिश था। इल्तुतमिश ने मंगबरनी को शरण देने से मना कर दिया, जिससे दिल्ली मंगोल आक्रमण से बच गई।
  • दशमलव प्रणाली (Decimal System): उसने सेना को 10, 100, 1000 और 10,000 (तुमेन) की इकाइयों में विभाजित किया था।
  • यास (Yasa): यह चंगेज खाँ द्वारा संकलित कानूनी संहिता (Code of Law) थी, जो मंगोल कबीलों के लिए कठोर अनुशासन का आधार बनी।
  • डाक प्रणाली (Yam System): साम्राज्य में संचार के लिए उसने ‘यम’ नामक एक बहुत ही तीव्र घुड़सवार डाक प्रणाली विकसित की थी।
  • इसका साम्राज्य चीन से लेकर पूर्वी यूरोप और मध्य पूर्व तक फैला था।
  • उसकी मृत्यु 1227 ईस्वी में हुई।
  • वह ‘शमनवाद’ (Tengrism) का अनुयायी था, लेकिन वह सभी धर्मों के प्रति सहिष्णु था।
  • वंशज: प्रसिद्ध मुगल शासक बाबर, अपनी माता की ओर से चंगेज खाँ का ही वंशज था (चौदहवाँ वंशज)।
    • बाबर, पितृ पक्ष से तैमूर का पाँचवां वंशज था। इसीलिए मुगल खुद को ‘तैमूरी’ कहलाना पसंद करते थे।
तैमूर | Tamerlane
  • तैमूर मध्य एशिया के बरलास तुर्क कबीले से था।
    • उसने 1370 में समरकंद (वर्तमान उजबेकिस्तान) को अपनी राजधानी बनाकर तैमूरी साम्राज्य की स्थापना की।
  • भारत पर आक्रमण (1398): तैमूर ने 1398 ई. में उत्तर भारत पर आक्रमण किया। उस समय दिल्ली सल्तनत पर तुगलक वंश का शासन था।
    • दिल्ली का सुल्तान नासिरुद्दीन महमूद शाह तुगलक था।
  • आक्रमण का उद्देश्य:
    • भारत की अपार धन-संपत्ति को लूटना
    • मध्य एशिया में अपने साम्राज्य को मजबूत करना था।
  • वापसी और उत्तराधिकारी:
    • भारत से लौटते समय तैमूर ने खिज्र खान को मुल्तान, लाहौर और दीपालपुर का राज्यपाल नियुक्त किया।
  • सैय्यद वंश की स्थापना: खिज्र खान ने ही आगे चलकर 1414 ई. में दिल्ली में सैय्यद वंश की नींव रखी, जो खुद को तैमूर का प्रतिनिधि मानते थे।
  • मुगलों से संबंध: मुगल साम्राज्य का संस्थापक बाबर, पितृ पक्ष से तैमूर का पाँचवां वंशज था। इसीलिए मुगल खुद को ‘तैमूरी’ कहलाना पसंद करते थे।
  • मृत्यु: तैमूर की मृत्यु 1405 ई. में चीन (मिंग राजवंश) पर आक्रमण के अभियान के दौरान हुई थी।
विषय विवरण
आक्रमण का वर्ष 1398 ई.
दिल्ली का सुल्तान नासिरुद्दीन महमूद शाह तुगलक
वंश (भारत में प्रभाव) सैय्यद वंश (खिज्र खान के माध्यम से)
राजधानी समरकंद
प्रसिद्ध उपाधि ‘लंग’ (लंगड़ा होने के कारण)
तैमूर लंग