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‘राग दरबारी’ के रचनाकार कौन हैं?
- फणीश्वर नाथ ‘रेणु’
- प्रेमचंद
- श्रीलाल शुक्ल
- हरिशंकर परसाई
Explanation:
- ‘राग दरबारी’ के लेखक श्रीलाल शुक्ल हैं।
- यह हिंदी साहित्य का प्रसिद्ध व्यंग्यात्मक उपन्यास है।
‘राग दरबारी’ का प्रकाशन किस वर्ष हुआ था?
- 1954 ई.
- 1962 ई.
- 1968 ई.
- 1975 ई.
Explanation:
- ‘राग दरबारी’ का प्रकाशन 1968 ई. में हुआ।
- यह स्वतंत्रता के बाद के ग्रामीण भारतीय समाज की व्यवस्था पर केंद्रित है।
‘राग दरबारी’ किस विधा की रचना है?
- ऐतिहासिक उपन्यास
- आंचलिक उपन्यास
- व्यंग्यात्मक उपन्यास
- जासूसी उपन्यास
Explanation:
- ‘राग दरबारी’ एक व्यंग्यात्मक उपन्यास है।
- इसमें सामाजिक और राजनीतिक व्यवस्था की विसंगतियों पर तीखा व्यंग्य किया गया है।
‘राग दरबारी’ के लिए श्रीलाल शुक्ल को साहित्य अकादमी पुरस्कार किस वर्ष मिला?
- 1968 ई.
- 1969 ई.
- 1970 ई.
- 1972 ई.
Explanation:
- ‘राग दरबारी’ के लिए श्रीलाल शुक्ल को 1969 ई. में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
‘राग दरबारी’ की मुख्य पृष्ठभूमि कौन-सा गांव है?
- मेरीगंज
- बेलारी
- शिवपालगंज
- सेमारी
Explanation:
- उपन्यास की मुख्य कथा-भूमि शिवपालगंज है।
- यह लखनऊ के पास स्थित एक काल्पनिक गांव के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
‘राग दरबारी’ में शिवपालगंज किस प्रकार का स्थान है?
- लखनऊ के पास स्थित वास्तविक नगर
- ऐतिहासिक राजधानी
- लखनऊ के पास स्थित काल्पनिक गांव
- औद्योगिक नगर
Explanation:
- शिवपालगंज उपन्यास की काल्पनिक ग्रामीण पृष्ठभूमि है।
- इसके माध्यम से स्वतंत्रता के बाद के ग्रामीण भारत की सामाजिक और राजनीतिक व्यवस्था को चित्रित किया गया है।
‘राग दरबारी’ का केंद्रीय पात्र कौन है?
- रंगनाथ
- बद्री पहलवान
- वैद्यजी
- खन्ना मास्टर
Explanation:
- वैद्यजी उपन्यास के केंद्रीय और सबसे प्रभावशाली पात्र हैं।
- वे कोऑपरेटिव यूनियन, छंगामल इंटर कॉलेज और गांव की पंचायत पर प्रभाव रखते हैं।
रंगनाथ का वैद्यजी से क्या संबंध है?
- पुत्र
- भाई
- भांजा
- पड़ोसी
Explanation:
- रंगनाथ वैद्यजी का भांजा है।
- वह इतिहास में एम.ए. पास युवा है और स्वास्थ्य सुधारने के लिए शिवपालगंज आता है।
रंगनाथ ने किस विषय में एम.ए. किया था?
- अर्थशास्त्र
- राजनीति विज्ञान
- इतिहास
- समाजशास्त्र
Explanation:
- रंगनाथ इतिहास में एम.ए. पास युवा है।
- शिवपालगंज में रहकर वह ग्रामीण व्यवस्था की वास्तविकता को निकट से देखता है।
रंगनाथ शिवपालगंज क्यों आता है?
- राजनीतिक चुनाव लड़ने
- कॉलेज में पढ़ाने
- स्वास्थ्य सुधारने
- व्यापार करने
Explanation:
- रंगनाथ अपने स्वास्थ्य को सुधारने के उद्देश्य से शिवपालगंज आता है।
- वह गांव की राजनीति और व्यवस्था की विसंगतियों को देखकर निराश होता है।
वैद्यजी के बड़े बेटे का नाम क्या है?
- रंगनाथ
- रूप्पम
- बद्री पहलवान
- खन्ना मास्टर
Explanation:
- बद्री पहलवान वैद्यजी के बड़े बेटे हैं।
- वे पहलवानी करते हैं और वैद्यजी के प्रभाव तथा शक्ति-तंत्र को संभालने में सहयोग करते हैं।
वैद्यजी के छोटे बेटे का नाम क्या है?
- बद्री
- रंगनाथ
- रूप्पम
- शनिचर
Explanation:
- रूप्पम वैद्यजी के छोटे बेटे हैं।
- वे कॉलेज के छात्र नेता हैं और स्थानीय राजनीति तथा धांधली में लिप्त रहते हैं।
‘राग दरबारी’ में छंगामल इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल का चरित्र किससे जुड़ा है?
- न्याय व्यवस्था
- कृषि व्यवस्था
- कॉलेज की गुटबाजी और वैद्यजी की चाटुकारिता
- स्वतंत्रता आंदोलन
Explanation:
- प्रिंसिपल साहब छंगामल इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य हैं।
- वे वैद्यजी की चाटुकारिता करते हैं और कॉलेज की गुटबाजी में शामिल रहते हैं।
खन्ना मास्टर किस संस्था में इतिहास के अध्यापक हैं?
- शिवपालगंज इंटर कॉलेज
- कोऑपरेटिव इंटर कॉलेज
- छंगामल इंटर कॉलेज
- जिला विद्यालय
Explanation:
- खन्ना मास्टर छंगामल इंटर कॉलेज के इतिहास के अध्यापक हैं।
- वे कॉलेज में व्याप्त भ्रष्टाचार और गुटबाजी का विरोध करते हैं।
‘राग दरबारी’ में लंगड़ किस व्यवस्था की विसंगतियों का प्रतीक है?
- शिक्षा व्यवस्था
- पंचायती व्यवस्था
- अदालती/न्याय व्यवस्था
- स्वास्थ्य व्यवस्था
Explanation:
- लंगड़ एक साधारण और लाचार नागरिक है।
- वह अदालत में एक छोटे-से कागज यानी नकल के लिए लंबे समय तक भटकता रहता है।
- उसके माध्यम से न्याय व्यवस्था में मौजूद भ्रष्टाचार और लालफीताशाही पर व्यंग्य किया गया है।
शनिचर का दूसरा नाम क्या बताया गया है?
- मंगलदास
- मंगलदास
- रामस्वरूप
- गयादीन
Explanation:
- शनिचर वैद्यजी का घरेलू नौकर है।
- वैद्यजी अपनी राजनीतिक रणनीति के माध्यम से उसे गांव की पंचायत का सरपंच बनवा देते हैं।
वैद्यजी शनिचर को किस पद पर बैठवाते हैं?
- कॉलेज का प्रिंसिपल
- कोऑपरेटिव यूनियन का अध्यक्ष
- गांव का सरपंच
- तहसीलदार
Explanation:
- शनिचर वैद्यजी का घरेलू नौकर है।
- वैद्यजी उसे अपनी कूटनीति के माध्यम से पंचायत का सरपंच बनवा देते हैं।
- यह प्रसंग ग्रामीण राजनीति में सत्ता और प्रभाव के दुरुपयोग पर व्यंग्य करता है।
‘राग दरबारी’ में मालवीय जी किससे संबंधित पात्र हैं?
- पंचायत
- कोऑपरेटिव यूनियन
- छंगामल इंटर कॉलेज
- न्यायालय
Explanation:
- मालवीय जी छंगामल इंटर कॉलेज के शिक्षक हैं।
- वे खन्ना मास्टर के गुट में रहते हैं।
‘राग दरबारी’ में स्वतंत्रता के बाद के ग्रामीण भारत की किस समस्या पर विशेष व्यंग्य मिलता है?
- केवल प्राकृतिक आपदा
- केवल औद्योगिक विकास
- राजनीतिक अवसरवाद, शिक्षा का भ्रष्टाचार और प्रशासनिक ढील
- केवल विदेशी शासन
Explanation:
- उपन्यास स्वतंत्रता के बाद ग्रामीण व्यवस्था में आई गिरावट को व्यंग्यात्मक ढंग से प्रस्तुत करता है।
- राजनीतिक अवसरवाद, शिक्षा संस्थानों की गुटबाजी, प्रशासनिक ढील और पंचायती व्यवस्था की विसंगतियां प्रमुख विषय हैं।
‘राग दरबारी’ की सबसे प्रमुख साहित्यिक विशेषता क्या है?
- रोमांटिक कल्पना
- ऐतिहासिक घटनाओं का वर्णन
- सामाजिक-राजनीतिक व्यवस्था पर तीखा व्यंग्य
- केवल प्रकृति-वर्णन
Explanation:
- ‘राग दरबारी’ का प्रमुख स्वर व्यंग्य है।
- श्रीलाल शुक्ल ने ग्रामीण राजनीति, शिक्षा, पंचायत, प्रशासन और न्याय व्यवस्था की विसंगतियों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है।
- इसी कारण यह हिंदी के प्रमुख व्यंग्य उपन्यासों में गिना जाता है।
