प्रथम मुख्य न्यायाधीश: एच. जे. कानिया (H. J. Kania)।
प्रथम महिला न्यायाधीश: एम. फातिमा बीवी (1989)।
सबसे लंबा कार्यकाल: वाई. वी. चंद्रचूड़ (लगभग 7 वर्ष)।
सर्वोच्च न्यायालय संविधान का अंतिम व्याख्याकार और संरक्षक है।
कुल न्यायाधीश: वर्तमान में 34 (1 मुख्य न्यायाधीश + 33 अन्य न्यायाधीश)।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत के सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या 34 से बढ़ाकर 38 (भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सहित) करने की मंजूरी दे दी है।
उच्चतम न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 मौजूदा उच्चतम न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) अधिनियम, 1956 में संशोधन करना चाहता है।
अनुच्छेद 124(1) में सर्वोच्च न्यायालय के गठन के बारे में प्रावधान है।
सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या- संसद कानून द्वारा निर्धारित करे।
नियुक्ति: भारत के राष्ट्रपति द्वारा (कोलेजियम प्रणाली की सिफारिश पर)।
शपथ: न्यायाधीशों को शपथ राष्ट्रपति या उनके द्वारा नियुक्त व्यक्ति दिलाता है।
अनिवार्य योग्यताएं:
भारत का नागरिक होना चाहिए।
कम से कम 5 वर्ष तक किसी उच्च न्यायालय (HC) में न्यायाधीश रहा हो, या
कम से कम 10 वर्ष तकउच्च न्यायालय में अधिवक्ता रहा हो, या
राष्ट्रपति की दृष्टि में एक सम्मानित विधिवेत्ता (Jurist) हो।
सेवानिवृत्ति आयु: 65 वर्ष।
त्यागपत्र: राष्ट्रपति को संबोधित कर कभी भी पद छोड़ सकते हैं।
निष्कासन (महाभियोग जैसी प्रक्रिया): संसद के दोनों सदनों द्वारा विशेष बहुमत से पारित प्रस्ताव के बाद राष्ट्रपति द्वारा हटाया जा सकता है (आधार: सिद्ध कदाचार या अक्षमता)।