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हरिवंश राय श्रीवास्तव ‘बच्चन’ का जन्म कब हुआ था?

  • 27 नवंबर 1905
  • 27 नवंबर 1907
  • 28 नवंबर 1907
  • 15 अगस्त 1908

Explanation:

  • हरिवंश राय श्रीवास्तव ‘बच्चन’ का जन्म 27 नवंबर 1907 को हुआ था।
  • उनका जन्म उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ क्षेत्र में हुआ था।
  • वे आधुनिक हिंदी साहित्य के प्रसिद्ध कवि थे।

हरिवंश राय बच्चन का मूल उपनाम/परिवार का नाम क्या था?

  • वर्मा
  • बच्चन
  • श्रीवास्तव
  • सक्सेना

Explanation:

  • हरिवंश राय बच्चन का पूरा नाम हरिवंश राय श्रीवास्तव था।
  • ‘बच्चन’ उनका प्रसिद्ध साहित्यिक नाम था।
  • हिंदी साहित्य में वे ‘बच्चन’ नाम से ही प्रसिद्ध हुए।

हरिवंश राय बच्चन को हिंदी साहित्य में किस काव्यधारा का प्रमुख प्रवर्तक माना जाता है?

  • छायावाद
  • प्रगतिवाद
  • प्रयोगवाद
  • हालावाद

Explanation:

  • हरिवंश राय बच्चन को हिंदी साहित्य में हालावाद का प्रमुख प्रवर्तक माना जाता है।
  • उनकी काव्य-रचनाओं में मदिरा, मधुशाला और जीवन-दर्शन के प्रतीकों का विशेष प्रयोग मिलता है।
  • हालावाद को हिंदी कविता की एक विशिष्ट काव्यधारा के रूप में देखा जाता है।

हरिवंश राय बच्चन को किस नाम से भी जाना जाता है?

  • राष्ट्रकवि
  • भारतेंदु
  • हिंदी का बायरन
  • आधुनिक तुलसी

Explanation:

  • हरिवंश राय बच्चन को उनकी भावुक एवं गीतात्मक काव्य-शैली के कारण “हिंदी का बायरन” कहा जाता है।
  • अंग्रेजी के प्रसिद्ध कवि लॉर्ड बायरन अपनी रोमांटिक काव्य-धारा के लिए प्रसिद्ध थे।

हरिवंश राय बच्चन की सर्वाधिक प्रसिद्ध कृति कौन-सी है?

  • निशा निमंत्रण
  • आकुल अंतर
  • दो चट्टानें
  • मधुशाला

Explanation:

  • मधुशाला हरिवंश राय बच्चन की सबसे प्रसिद्ध काव्य-कृति है।
  • इसका प्रकाशन 1935 में हुआ था।

‘मधुशाला’ का प्रकाशन किस वर्ष हुआ था?

  • 1933
  • 1935
  • 1937
  • 1938

Explanation:

  • हरिवंश राय बच्चन की प्रसिद्ध कृति मधुशाला का प्रकाशन 1935 में हुआ था।
  • यह उनकी प्रसिद्ध ‘मधु-काव्य’ परंपरा की प्रमुख रचना है।

हरिवंश राय बच्चन की ‘मधु-काव्य’ त्रयी में कौन-सी रचनाएँ शामिल हैं?

  • मधुशाला, निशा निमंत्रण, एकांत संगीत
  • मधुबाला, आकुल अंतर, सतरंगिनी
  • मधुशाला, मधुबाला, मधुकलश
  • मधुशाला, मधुबाला, मधुयामिनी

Explanation:

  • बच्चन की प्रसिद्ध मधु-काव्य त्रयी में मधुशाला, मधुबाला और मधुकलश शामिल हैं।
  • मधुशाला का प्रकाशन 1935 तथा मधुबाला और मधुकलश का प्रकाशन 1938 में हुआ था।

‘मधुबाला’ के रचनाकार कौन हैं?

  • रामधारी सिंह दिनकर
  • सुमित्रानंदन पंत
  • जयशंकर प्रसाद
  • हरिवंश राय बच्चन

Explanation:

  • मधुबाला हरिवंश राय बच्चन की प्रसिद्ध काव्य-कृति है।
  • यह उनकी ‘मधु-काव्य’ त्रयी का एक भाग है।
  • मधु-काव्य त्रयी में मधुशाला, मधुबाला और मधुकलश शामिल हैं।

‘मधुकलश’ का संबंध किस कवि से है?

  • महादेवी वर्मा
  • सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’
  • हरिवंश राय बच्चन
  • मैथिलीशरण गुप्त

Explanation:

  • मधुकलश हरिवंश राय बच्चन की प्रमुख काव्य-कृति है।
  • यह उनकी प्रसिद्ध ‘मधु-काव्य’ त्रयी का तीसरा प्रमुख भाग है।
  • इसका प्रकाशन 1938 में हुआ था।

‘निशा निमंत्रण’ के रचनाकार कौन हैं?

  • सुमित्रानंदन पंत
  • हरिवंश राय बच्चन
  • रामधारी सिंह दिनकर
  • महादेवी वर्मा

Explanation:

  • निशा निमंत्रण हरिवंश राय बच्चन की प्रमुख काव्य-कृति है।
  • इसका प्रकाशन 1938 में हुआ था।
  • यह उनकी महत्वपूर्ण काव्य-रचनाओं में गिनी जाती है।

हरिवंश राय बच्चन और सुमित्रानंदन पंत द्वारा मिलकर लिखी गई काव्य-कृति कौन-सी है?

  • मधुबाला
  • मधुकलश
  • खादी के फूल
  • दो चट्टानें

Explanation:

  • खादी के फूल हरिवंश राय बच्चन और सुमित्रानंदन पंत से संबंधित काव्य-कृति है।
  • इसका प्रकाशन 1948 में हुआ था।
  • खादी भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन और स्वदेशी भावना का महत्वपूर्ण प्रतीक रही है।

‘दो चट्टानें’ काव्य-संग्रह के लिए हरिवंश राय बच्चन को कौन-सा पुरस्कार मिला था?

  • पद्म भूषण
  • सरस्वती सम्मान
  • सोवियत लैंड नेहरू पुरस्कार
  • साहित्य अकादमी पुरस्कार

Explanation:

  • हरिवंश राय बच्चन को 1968 में ‘दो चट्टानें’ के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला था।
  • साहित्य अकादमी पुरस्कार भारतीय भाषाओं के साहित्य में महत्वपूर्ण सम्मान है।

हरिवंश राय बच्चन को साहित्य अकादमी पुरस्कारर किस वर्ष मिला था?

  • 1964
  • 1966
  • 1968
  • 1970

Explanation:

  • हरिवंश राय बच्चन को 1968 में ‘दो चट्टानें’ के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला था।
  • साहित्य अकादमी पुरस्कार भारतीय भाषाओं के साहित्य में महत्वपूर्ण सम्मान है।
  • हरिवंश राय बच्चन को 1966 में सोवियत लैंड नेहरू पुरस्कार मिला था।
  • यह सम्मान उन्हें रूसी कविताओं के अनुवाद से संबंधित साहित्यिक कार्य के लिए दिया गया था।

हरिवंश राय बच्चन को सोवियत लैंड नेहरू पुरस्कार किस वर्ष मिला था?

  • 1964
  • 1966
  • 1968
  • 1970

Explanation:

  • हरिवंश राय बच्चन को 1966 में सोवियत लैंड नेहरू पुरस्कार मिला था।
  • यह सम्मान उन्हें रूसी कविताओं के अनुवाद से संबंधित साहित्यिक कार्य के लिए दिया गया था।

हरिवंश राय बच्चन को पद्म भूषण किस वर्ष प्रदान किया गया था?

  • 1968
  • 1972
  • 1976
  • 1980

Explanation:

  • हरिवंश राय बच्चन को 1976 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।
  • यह सम्मान साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए प्रदान किया गया।
  • पद्म भूषण भारत के प्रमुख नागरिक सम्मानों में से एक है।

हरिवंश राय बच्चन को सरस्वती सम्मान किस वर्ष मिला था?

  • 1985
  • 1988
  • 1991
  • 1995

Explanation:

  • हरिवंश राय बच्चन को 1991 में सरस्वती सम्मान प्रदान किया गया था।
  • यह सम्मान उनकी चार खंडों वाली आत्मकथा के लिए दिया गया था।
  • उन्हें सरस्वती सम्मान का प्रथम प्राप्तकर्ता माना जाता है।

हरिवंश राय बच्चन की आत्मकथा कितने खंडों में प्रकाशित हुई?

  • दो खंड
  • तीन खंड
  • चार खंड
  • पाँच खंड

Explanation:

  • हरिवंश राय बच्चन की आत्मकथा चार खंडों में प्रकाशित हुई।
  • ये चार खंड हैं—क्या भूलूँ क्या याद करूँ, नीड़ का निर्माण फिर, बसेरे से दूर और दशद्वार से सोपान तक।
  • हिंदी साहित्य में इसे महत्वपूर्ण आत्मकथात्मक कृति माना जाता है।

हरिवंश राय बच्चन की आत्मकथा का पहला खंड कौन-सा है?

  • नीड़ का निर्माण फिर
  • बसेरे से दूर
  • दशद्वार से सोपान तक
  • क्या भूलूँ क्या याद करूँ

Explanation:

  • क्या भूलूँ क्या याद करूँ हरिवंश राय बच्चन की आत्मकथा का पहला खंड है।
  • इसका प्रकाशन 1969 में हुआ था।
  • यह उनकी चार-खंडीय आत्मकथा की शुरुआत है।

‘नीड़ का निर्माण फिर’ हरिवंश राय बच्चन की किस प्रकार की रचना है?

  • नाटक
  • काव्य-संग्रह
  • आत्मकथा का दूसरा खंड
  • अनुवादित उपन्यास

Explanation:

  • नीड़ का निर्माण फिर हरिवंश राय बच्चन की चार-खंडीय आत्मकथा का दूसरा खंड है।
  • यह खंड 1970 में प्रकाशित हुआ था।
  • इसमें उनके जीवन के महत्वपूर्ण अनुभवों और घटनाओं का वर्णन मिलता है।

‘दशद्वार से सोपान तक’ किसकी आत्मकथा का चौथा खंड है?

  • रामधारी सिंह दिनकर
  • सुमित्रानंदन पंत
  • अज्ञेय
  • हरिवंश राय बच्चन

Explanation:

  • दशद्वार से सोपान तक हरिवंश राय बच्चन की चार-खंडीय आत्मकथा का चौथा और अंतिम खंड है।
  • इसका प्रकाशन 1985 में हुआ था।
  • बच्चन की आत्मकथा के चारों खंड उनके जीवन और साहित्यिक यात्रा को समझने के लिए महत्वपूर्ण हैं।

हरिवंश राय बच्चन ने ‘जनगीता’ नाम से किस ग्रंथ का अनुवाद किया?

  • रामचरितमानस
  • उपनिषद
  • भगवद्गीता
  • महाभारत

Explanation:

  • हरिवंश राय बच्चन ने भगवद्गीता का अनुवाद ‘जनगीता’ नाम से किया।
  • यह उनके अनुवाद-साहित्य में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
  • उन्होंने अन्य विदेशी साहित्यिक कृतियों का भी हिंदी में अनुवाद किया।

हरिवंश राय बच्चन की ‘प्रवास की डायरी’ किस विधा से संबंधित है?

  • उपन्यास
  • नाटक
  • काव्य-संग्रह
  • डायरी

Explanation:

  • प्रवास की डायरी हरिवंश राय बच्चन की डायरी-शैली की रचना है।
  • इसका प्रकाशन 1971 में हुआ था।
  • डायरी उनके गद्य-साहित्य का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

हरिवंश राय बच्चन की संपूर्ण रचनाओं का संग्रह किस नाम से प्रकाशित हुआ?

  • बच्चन साहित्य कोश
  • बच्चन रचना संचय
  • बच्चन ग्रंथावली
  • बच्चन साहित्य माला

Explanation:

  • हरिवंश राय बच्चन का पूरा वाङ्मय ‘बच्चन ग्रंथावली’ के नाम से प्रकाशित हुआ।
  • यह ग्रंथावली दस खंडों में प्रकाशित हुई थी।
  • इसमें उनकी विभिन्न साहित्यिक रचनाओं को संकलित किया गया है।

हरिवंश राय बच्चन का निधन कब हुआ था?

  • 15 जनवरी 2003
  • 18 जनवरी 2003
  • 18 फरवरी 2003
  • 27 नवंबर 2003

Explanation:

  • हरिवंश राय बच्चन का निधन 18 जनवरी 2003 को हुआ था।
  • उनका निधन मुंबई, महाराष्ट्र में हुआ।
  • वे आधुनिक हिंदी साहित्य के प्रमुख कवियों में गिने जाते हैं।

‘आत्मपरिचय’ कविता के रचनाकार कौन हैं?

  • सुमित्रानंदन पंत
  • रामधारी सिंह दिनकर
  • हरिवंश राय बच्चन
  • जयशंकर प्रसाद

Explanation:

  • ‘आत्मपरिचय’ के रचनाकार हरिवंश राय बच्चन हैं।
  • यह कविता उनके आत्मपरक एवं दार्शनिक काव्य का उदाहरण है।
  • कविता में कवि ने अपने व्यक्तित्व, जीवन-दृष्टि और संसार के साथ अपने संबंध को अभिव्यक्त किया है।

‘आत्मपरिचय’ कविता में कवि स्वयं को किस रूप में प्रस्तुत करता है?

  • केवल एक संन्यासी के रूप में
  • केवल एक योद्धा के रूप में
  • जीवन के सुख-दुःख को स्वीकार करने वाले व्यक्ति के रूप में
  • एक राजनेता के रूप में

Explanation:

  • ‘आत्मपरिचय’ में बच्चन ने अपने जीवन के विभिन्न अनुभवों और भावनाओं को व्यक्त किया है।
  • कवि जीवन के सुख और दुःख दोनों को सहज रूप से स्वीकार करता है।
  • कविता में व्यक्तिगत अनुभवों के साथ व्यापक जीवन-दर्शन भी दिखाई देता है।

‘आत्मपरिचय’ कविता में कवि के व्यक्तित्व की प्रमुख विशेषता क्या दिखाई देती है?

  • वैराग्य
  • राजनीतिक चेतना
  • आत्माभिव्यक्ति और जीवन के प्रति गहरा अनुराग
  • युद्ध भावना

Explanation:

  • ‘आत्मपरिचय’ एक आत्मपरक कविता है, जिसमें कवि अपने जीवन और व्यक्तित्व को अभिव्यक्त करता है।
  • कवि संसार के व्यवहार और अपनी निजी भावनाओं के बीच संबंध को प्रस्तुत करता है।
  • कविता में जीवन के प्रति गहरा अनुराग और संवेदनशीलता दिखाई देती है।

‘आत्मपरिचय’ कविता में कवि का जीवन के प्रति कैसा दृष्टिकोण दिखाई देता है?

  • पूर्णतः निराशावादी
  • पूर्णतः संन्यासी
  • आशावादी और जीवन-स्वीकारवादी
  • केवल भौतिकवादी

Explanation:

  • कवि जीवन की कठिनाइयों के बावजूद जीवन से विमुख नहीं होता।
  • वह सुख-दुःख, प्रेम और संघर्ष को जीवन का स्वाभाविक हिस्सा मानता है।
  • इस प्रकार कविता में जीवन के प्रति स्वीकार और सकारात्मक दृष्टि दिखाई देती है।

‘आत्मपरिचय’ में कवि के अनुसार उसके जीवन में किसका विशेष महत्व है?

  • धन और संपत्ति
  • राजसत्ता
  • प्रेम और व्यक्तिगत अनुभूति
  • युद्ध और विजय

Explanation:

  • ‘आत्मपरिचय’ में कवि अपने जीवन में प्रेम और व्यक्तिगत अनुभूति को महत्वपूर्ण मानता है।
  • कवि की संवेदनशीलता और भावनात्मक संसार कविता में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।

‘एक गीत दिन जल्दी-जल्दी ढलता है!’ के रचनाकार कौन हैं?

  • महादेवी वर्मा
  • जयशंकर प्रसाद
  • हरिवंश राय बच्चन
  • सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’

Explanation:

  • ‘एक गीत’ हरिवंश राय बच्चन की प्रसिद्ध गीतात्मक रचना है।
  • इसमें ‘दिन जल्दी-जल्दी ढलता है’ पंक्ति बार-बार आती है।
  • कविता में समय के बीतने, प्रतीक्षा और प्रिय से मिलने की उत्कंठा का भाव मिलता है।

‘एक गीत दिन जल्दी-जल्दी ढलता है!’ में कवि किसकी प्रतीक्षा में व्याकुल दिखाई देता है?

  • मित्र की
  • गुरु की
  • प्रिय के पास पहुँचने की
  • युद्ध समाप्त होने की

Explanation:

  • कविता में कवि के मन में प्रिय तक पहुँचने की उत्कंठा दिखाई देती है।
  • दिन के ढलने के साथ उसकी व्याकुलता बढ़ती जाती है।
  • इससे प्रतीक्षा और प्रेम की भावनाएँ उभरकर सामने आती हैं।

‘एक गीत दिन जल्दी-जल्दी ढलता है!’ में पक्षियों के घोंसले की ओर लौटने का प्रसंग किस भाव को उभारता है?

  • क्रोध
  • वीर रस
  • घर लौटने और मिलन की आकांक्षा
  • हास्य

Explanation:

  • कविता में पक्षियों का अपने घोंसलों की ओर लौटना घर वापसी का सुंदर बिंब प्रस्तुत करता है।
  • इसके समानांतर कवि के मन में भी अपने प्रिय तक पहुँचने की इच्छा दिखाई देती है।
  • इससे प्रतीक्षा, प्रेम और मिलन की भावना प्रबल होती है।

‘एक गीत दिन जल्दी-जल्दी ढलता है!’ में दिन ढलने के साथ कवि की कौन-सी भावना बढ़ती जाती है?

  • उत्सव की भावना
  • क्रोध
  • व्याकुलता और अधीरता
  • वीरता

Explanation:

  • समय तेजी से बीत रहा है और दिन ढल रहा है।
  • इस कारण प्रिय तक पहुँचने की कवि की व्याकुलता और अधीरता बढ़ती जाती है।
  • समय और प्रतीक्षा का यह संबंध कविता का महत्वपूर्ण भाव है।

‘आत्मपरिचय’ और ‘एक गीत दिन जल्दी-जल्दी ढलता है!’ के रचनाकार हरिवंश राय बच्चन की काव्य-शैली की प्रमुख विशेषता क्या है?

  • केवल कठिन संस्कृत शब्दों का प्रयोग
  • केवल वीरतापूर्ण वर्णन
  • सरल, गीतात्मक और भावनात्मक अभिव्यक्ति
  • केवल ऐतिहासिक वर्णन

Explanation:

  • बच्चन की कविताओं में गीतात्मकता, भावुकता और सहज अभिव्यक्ति प्रमुख विशेषताएँ हैं।
  • ‘आत्मपरिचय’ में आत्मानुभूति तथा ‘एक गीत’ में प्रेम और प्रतीक्षा की भावना इसी शैली में व्यक्त हुई है।
  • उनकी सरल और प्रभावशाली भाषा ने उनकी कविताओं को व्यापक लोकप्रियता दिलाई।
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