सारनाथ गौतमबुद्ध के जीवन से संबंधित है:-

  • जन्म
  • निवास
  • प्रथम उपदेश
  • मृत्यु

निम्नलिखित में बिहार में कौन सा स्थान है जो जैन और बौध्दधर्मी लोगों का तीर्थ है?

  • बोधगया
  • राजगिर
  • नालंदा
  • वैशाली

जैन परम्परा के अनुसार जैन धर्म में कुल कितने तीर्थंकर हुए?

  • 20
  • 24
  • 23
  • 25

‘त्रिपिटक’ धर्म ग्रंथ है? [SSC 2002; RRB ASM/GG 2005; RAS/RTS 2012, MPPSC (P) 2013

  • जैनों का
  • बौद्धौं का
  • सिक्खों का
  • हिन्दुओं का

बुद्ध ने निम्नलिखित में से किस स्थान पर महापरिनिर्वाण (मृत्यु) प्राप्त किया था ? [SSC 2000; SSC 2002; RRB ASM/GG 2003, 2004; CPO 2003; BPSC 2005; 2010, CgPSC 2012]

  • कुशीनारा / कुशीनगर में
  • कपिलवस्तु में
  • पावा में
  • कुण्डग्राम में

बुद्ध ने निम्नलिखित में से किस स्थान पर जन्म लिया था ?

  • कुशीनारा / कुशीनगर में
  • कपिलवस्तु में
  • लुंबिनी में
  • कुण्डग्राम में

किस शासक ने बौद्धों के लिए विख्यात विक्रमशिला विश्वविद्यालय की स्थापना की थी? [SSC 2002, CgPSC 2012, UPPCS (P) 2015, 2016]

  • महिपाल
  • देवपाल
  • गोपाल
  • धर्मपाल

किसके द्वारा तृतीय बौद्ध संगीति को संरक्षण प्रदान किया गया था ? [SSC 2002]

  • कनिष्क
  • अशोक
  • महाकस्सप
  • उपालि

किसके द्वारा द्वितीय बौद्ध संगीति को संरक्षण प्रदान किया गया था ?

  • कनिष्क
  • अशोक
  • अजातशत्रु
  • कालाशोक

किसके द्वारा चतुर्थ बौद्ध संगीति को संरक्षण प्रदान किया गया था ?

  • कनिष्क
  • अशोक
  • अजातशत्रु
  • कालाशोक

किसके द्वारा चतुर्थ बौद्ध संगीति की अध्यक्षता किया गया था ?

  • महाकस्सप
  • साबकमीर(सुबुकामी)
  • मोगलिपुत्ततिस्स
  • वसुमित्र

किसके द्वारा तृतीय बौद्ध संगीति की अध्यक्षता किया गया था ?

  • महाकस्सप
  • साबकमीर(सुबुकामी)
  • मोगलिपुत्ततिस्स
  • वसुमित्र

किसके द्वारा द्वितीय बौद्ध संगीति की अध्यक्षता किया गया था ?

  • महाकस्सप
  • साबकमीर(सुबुकामी)
  • मोगलिपुत्ततिस्स
  • वसुमित्र

किसके द्वारा प्रथम बौद्ध संगीति की अध्यक्षता किया गया था ?

  • महाकस्सप
  • साबकमीर(सुबुकामी)
  • मोगलिपुत्ततिस्स
  • वसुमित्र

प्रथम बौद्ध संगीति का आयोजन कहां हुआ था ?

  • कुंडलवन (कश्मीर)
  • पाटलिपुत्र
  • वैशाली
  • राजगृह सप्तपर्णिगुफा

द्वितीय बौद्ध संगीति का आयोजन कहां हुआ था ?

  • कुंडलवन (कश्मीर)
  • पाटलिपुत्र
  • वैशाली
  • राजगृह सप्तपर्णिगुफा

तृतीय बौद्ध संगीति का आयोजन कहां हुआ था ?

  • कुंडलवन (कश्मीर)
  • पाटलिपुत्र
  • वैशाली
  • राजगृह सप्तपर्णिगुफा

चतुर्थ बौद्ध संगीति का आयोजन कहां हुआ था ?

  • कुंडलवन (कश्मीर)
  • पाटलिपुत्र
  • वैशाली
  • राजगृह सप्तपर्णिगुफा

बौद्ध ग्रंथ ‘पिटकों’ की रचना निम्नलिखित में से किस भाषा में की गई थी? [SSC 2002]

  • संस्कृत
  • अर्द्धमागधी
  • पालि
  • प्राकृत

किस शासक के शासनकाल में नेपाल में बौद्ध धर्म का गमन हुआ था ? [SSC 2002]

  • समुद्रगुप्त
  • अशोक
  • चन्द्रगुप्त
  • हर्षवर्धन

बौद्ध धर्म एवं जैन धर्म दोनों के उपदेश किसके शासनकाल में दिए गए थे? [RRB TC 2005]

  • बिम्बिसार
  • अशोक
  • चन्द्रगुप्त
  • हर्षवर्धन

साँची क्यों विख्यात है? [SSC 2002]

  • चट्टान काटकर बनाए गए मंदिर
  • सबसे बड़ा बौद्ध स्तूप
  • गुहा चित्रकारी
  • अशोक के शिलालेख

महावीर का जन्म किस क्षत्रिय गोत्र में हुआ था? [SSC 2000; RRB ASM/GG 2004, 2005]

  • शाक्य
  • जांत्रिक
  • सल्लास
  • लिच्छवी

महावीर की माता कौन थी? [SSC 1999]

  • यशोदा
  • अनोजा
  • त्रिशला
  • देवानंदी

गौतम बुद्ध की माता कौन थी?

  • यशोदा
  • मायादेवी
  • त्रिशला
  • देवानंदी

गौतम बुद्ध की धात्री माता कौन थी?

  • यशोदा
  • मायादेवी
  • त्रिशला
  • प्रजापति गौतमी

गौतम बुद्ध की पत्नी कौन थी?

  • यशोदा
  • मायादेवी
  • यशोधरा
  • प्रजापति गौतमी

महावीर स्वामी की पत्नी कौन थी?

  • यशोदा
  • मायादेवी
  • यशोधरा
  • प्रजापति गौतमी

महावीर स्वामी की पुत्री कौन थी?

  • यशोदा
  • मायादेवी
  • यशोधरा
  • प्रियदर्शना

गौतम बुद्ध द्वारा अपने धर्म में दीक्षित किया जाने वाला अंतिम व्यक्ति निम्नलिखित में से कौन था? [UPPCS (P) 2013]

  • आनन्द
  • सारिपुत्र
  • मोग्गलान
  • सुभद्द

प्राचीनतम विश्वविद्यालय कौन था? [SSC 1999]

  • गांधार
  • कन्नौज
  • नालंदा
  • वैशाली

किस भाषा का ज्यादा प्रयोग बौद्धवाद के प्रचार के लिए किया गया है ? [SSC 1999]

  • संस्कृत
  • अर्द्धमागधी
  • पालि
  • प्राकृत

महावीर की मृत्यु कहाँ हुई थी? [BPSC 2002]

  • श्रवणबेलगोला
  • लुम्बिनी
  • कुलगुमलै
  • पावापुरी

महावीर की जन्म कहाँ हुई थी? [BPSC 2002]

  • श्रवणबेलगोला
  • लुम्बिनी
  • कुंडग्राम
  • पावापुरी

बोधिसत्व पद्मपाणि का चित्र सर्वाधिक प्रसिद्ध और प्रायः चित्रित चित्रकारी है, जो [UPSCCS 2017]

  • अजंता में है
  • बादामी में है
  • बाघ में है
  • एलोरा में है

मठ, मन्दिर और स्तूप किस धर्म से संबंधित है? [RRB TC 2005]

  • बौद्ध धर्म
  • जैन धर्म
  • हिन्दू धर्म
  • ईसाई धर्म

गौतम बुद्ध ने अपना प्रथम उपदेश कहां दिया था ? [RRB TC 2004; ASM/GG 2003; Tech. 2004, JPSC 2013, BPSC 2015]

  • श्रवणबेलगोला
  • लुम्बिनी
  • कुंडग्राम
  • सारनाथ

बौद्ध धर्म ग्रहण करनेवाली पहली महिला कौन थी? [RRB TC 2003; Tech. 2004]

  • यशोदा
  • मायादेवी
  • यशोधरा
  • प्रजापति गौतमी

बोधगया स्थित है

  • पश्चिम बंगाल में
  • उड़ीसा में
  • बिहार में
  • असम में

‘जातक’ किसका ग्रंथ है ? [RRB CC 2003]

  • वैष्णव
  • जैन
  • बौद्ध
  • शैव

सिद्धार्थ (बुद्ध) को ज्ञान प्राप्ति कहाँ हुई थी? [RRB CC 2003]

  • गया
  • लुम्बिनी
  • कुंडग्राम
  • सारनाथ

कनिष्क के शासनकाल में चतुर्थ बौद्ध संगीति / सभा किस नगर में आयोजित की गई थी? [BPSC 2005, Utt. PCS (M) 2012, CDS 2014]

  • कुण्डलवन, कश्मीर
  • लुम्बिनी
  • कुंडग्राम
  • राजगृह

अशोक के शासन काल में बौद्ध संगीति किस नगर में आयोजित की गई थी?

  • कुण्डलवन, कश्मीर
  • पाटलिपुत्र
  • कुंडग्राम
  • राजगृह

सारनाथ में बद्ध का प्रथमप्रवचन कहलाता है

  • महाभिनिष्क्रमण
  • महापरिनिर्वाण
  • महामस्तकाभिषेक
  • धर्मचक्रप्रवर्तन

बौद्ध धर्म ने समाज के निम्न वर्गों पर महत्त्वपूर्ण प्रभाव डाला [RRB ASM/GG 2004]

  • व्यापारी और पुजारी
  • साहूकार और गुलाम
  • योद्धा और व्यवसायी
  • महिला और शूद्र

बुद्ध के गृहत्याग का प्रतीक है [RRB ASM/GG 2003]

  • घोड़ा
  • हाथी
  • बैल
  • भेड़

बुद्ध के जन्म का प्रतीक है

  • घोड़ा
  • हाथी
  • बैल
  • कमल व साँड

बुद्ध के ज्ञान का प्रतीक है

  • पीपल (बोधि) वृक्ष
  • हाथी
  • बैल
  • कमल व साँड

बुद्ध के निर्वाण का प्रतीक है

  • पीपल (बोधि) वृक्ष
  • पद चिह्न
  • बैल
  • कमल व साँड

बुद्ध के मृत्यु का प्रतीक है

  • पीपल (बोधि) वृक्ष
  • पद चिह्न
  • स्तूप
  • कमल व साँड

बद्ध का गृहत्याग कहलाता है

  • महाभिनिष्क्रमण
  • महापरिनिर्वाण
  • महामस्तकाभिषेक
  • धर्मचक्रप्रवर्तन

बद्ध का मृत्यु कहलाता है

  • महाभिनिष्क्रमण
  • महापरिनिर्वाण
  •  महामस्तकाभिषेक
  • धर्मचक्रप्रवर्तन

गौतम बुद्ध द्वारा भिक्षुणी संघ की स्थापना कहाँ की गयी थी? [RRB Tech. 2005]

  • सारनाथ में
  • कपिलवस्तु में
  • वैशाली में
  • गया में

सर्वप्रथम शून्यवाद (शून्यता का सिद्धान्त) का प्रतिपादन करनेवाले बौद्ध दार्शनिक का नाम है [RRB Tech. 2005; UPPCS 1998]

  • असंग
  • वसुबंधु
  • नागार्जुन
  • दिङ्नाग

महावीर का मूल नाम था [RRB Tech. 2005]

  • सिद्धार्थ
  • गौतम
  • वर्धमान
  • इनमें से कोई नहीं

गौतम बुद्ध का मूल नाम था [RRB Tech. 2005]

  • सिद्धार्थ
  • गौतम
  • वर्धमान
  • इनमें से कोई नहीं

किसे ‘एशिया की रोशनी’ (The light of Asia) कहा जाता है ? [RRB Tech. 2005; Utt PSC 2005]

  • महत्मा गांधी को
  • गौतम बुद्ध को
  • माओत्से तुंग को
  • अकबर को

दिलवाड़ा के जैन मंदिरों का निर्माण किसने करवाया था? [RRB Tech. 2004]

  • चोलों ने
  • चंदेलों ने
  • चौलुक्यों/ सोलंकियों ने
  • राष्ट्रकूटों ने

नागार्जुन कौन थे? [BPSC 2003]

  • ग्रीक राजा
  • वैष्णव संत
  • जैन मठवासी
  • बौद्ध दार्शनिक

जैन परंपरा के अनुसार महावीर कौन-से तीर्थंकर थे? [RRB अजमेर Tech. 2004]

  • 24 वें
  • 22 वें
  • पहला
  • 23 वें

जैन परंपरा के अनुसार ऋषभदेव(आदिनाथ) कौन-से तीर्थंकर थे?

  • 24 वें
  • 22 वें
  • पहला
  • 23 वें

जैन परंपरा के अनुसार पार्श्वनाथ कौन-से तीर्थंकर थे?

  • 24 वें
  • 22 वें
  • पहला
  • 23 वें

जैन परंपरा के अनुसार अरिष्टनेमि कौन-से तीर्थंकर थे?

  • 24 वें
  • 22 वें
  • पहला
  • 20 वें

जैन धर्म का आधारभूत बिन्दु है

  • कर्म
  • निष्ठा
  • अहिंसा
  • विराग

‘जियो और जीने दो’ किसने कहा?

  • महावीर स्वामी
  • गौतम बुद्ध
  • महात्मा गाँधी
  • विनोबा भावे

जैन धर्म में ‘पूर्ण ज्ञान’ के लिए क्या शब्द है ?

  • जिन
  • रत्न
  • कैवल्य
  • निर्वाण

निम्नलिखित में कौन-सी बात बौद्ध धर्म तथा जैन धर्म में समान नहीं है? [BPSC 2001]

  • अहिंसा
  • वेदों के प्रति उदासीनता
  • आत्मदमन
  • रीति-रिवाजों की अस्वीकृति

प्रथम जैन संगीति का आयोजन कहां हुआ था ?

  • कुंडलवन (कश्मीर)
  • पाटलिपुत्र
  • वैशाली
  • राजगृह सप्तपर्णिगुफा

द्वितीय जैन संगीति का आयोजन कहां हुआ था ?

  • कुंडलवन (कश्मीर)
  • पाटलिपुत्र
  • वल्लभी
  • राजगृह

किसके द्वारा प्रथम जैन संगीति की अध्यक्षता किया गया था ?

  • महाकस्सप
  • स्थूलभद्र
  • मोगलिपुत्ततिस्स
  • वसुमित्र

किसके द्वारा द्वितीय जैन संगीति की अध्यक्षता किया गया था ?

  • देवर्धि क्षमाश्रमण
  • स्थूलभद्र
  • मोगलिपुत्ततिस्स
  • वसुमित्र

किसके द्वारा प्रथम जैन संगीति को संरक्षण प्रदान किया गया था ? [SSC 2002]

  • कनिष्क
  • अशोक
  • चन्द्रगुप्त मौर्य
  • उपालि

किसके द्वारा द्वितीय जैन संगीति को संरक्षण प्रदान किया गया था ? [SSC 2002]

  • कनिष्क
  • अशोक
  • चन्द्रगुप्त मौर्य
  • कुमारगुप्त-||

किस जैन संगीति के दौरान जैन धर्म के दो संप्रदायों में विभाजन हुआ ?

  • प्रथम
  • द्वितीय
  • तृतीय
  • चतुर्थ

निम्नलिखित में से कौन सबसे पूर्वकालिक जैन ग्रंथ कहलाता है ? [BPSC 1995]

  • बारह अंग
  • बारह उपांग
  • चौदह पूर्व
  • चौदह उपपूर्व

बौद्ध धर्म के अनुसार ‘अष्टांगिक मार्ग’ का प्रतिपादन किसने किया?

  • महावीर स्वामी
  • नागार्जुन
  • गौतम बुद्ध
  • अश्वघोष

व्याख्या:

  • गौतम बुद्ध ने अपने प्रथम उपदेश (धर्मचक्र प्रवर्तन) में अष्टांगिक मार्ग का उपदेश दिया।
  • महावीर स्वामी जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर हैं।
  • नागार्जुन माध्यमिक दर्शन के प्रवर्तक थे।
  • अश्वघोष एक कवि और दार्शनिक थे।

जैन धर्म में ‘केवल ज्ञान’ की प्राप्ति किसके द्वारा की जाती है?

  • चौदहपूर्वी
  • श्रुतज्ञान
  • मति ज्ञान
  • केवली

व्याख्या:

  • केवली (सर्वज्ञ) को ही केवल ज्ञान की प्राप्ति होती है, यह ज्ञान का सर्वोच्च स्तर है।
  • मति ज्ञान इंद्रियों द्वारा प्राप्त ज्ञान है।
  • श्रुतज्ञान शास्त्रों या आगमों से प्राप्त ज्ञान है।
  • चौदहपूर्वी जैन आगमों का एक समूह है।

बौद्ध धर्म के ‘त्रिपिटक’ हैं:

  • विनय पिटक, सूत्र पिटक, अभिधम्म पिटक
  • सुत्त पिटक, विनय पिटक, अभिधम्म पिटक
  • जातक, विनय, दीघ निकाय
  • अंग, उपांग, छूल्लवग्ग

व्याख्या:

  • त्रिपिटक बौद्ध धर्म के पालि भाषा में लिखे मूल ग्रंथ हैं: सुत्त पिटक (बुद्ध के उपदेश), विनय पिटक (विहार संबंधी नियम), और अभिधम्म पिटक (दार्शनिक विश्लेषण)।
  • जातक कथाएँ सुत्त पिटक का हिस्सा हैं।
  • अंग और उपांग जैन आगमों के वर्गीकरण हैं।

जैन धर्म में पहले तीर्थंकर कौन थे?

  • पार्श्वनाथ
  • महावीर स्वामी
  • ऋषभनाथ (आदिनाथ)
  • नेमिनाथ

व्याख्या:

  • ऋषभनाथ जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर माने जाते हैं, इन्हें आदिनाथ भी कहा जाता है।
  • पार्श्वनाथ 23वें तीर्थंकर थे।
  • महावीर स्वामी 24वें और अंतिम तीर्थंकर थे।
  • नेमिनाथ 22वें तीर्थंकर थे।

बौद्ध धर्म की किस संगीति में हीनयान और महायान में विभाजन हुआ?

  • प्रथम संगीति
  • द्वितीय संगीति
  • चतुर्थ संगीति
  • तृतीय संगीति

व्याख्या:

  • चतुर्थ संगीति कनिष्क के शासनकाल में कश्मीर में हुई थी, जहाँ हीनयान और महायान अलग हुए।
  • प्रथम संगीति राजगृह में आयोजित की गई थी।
  • द्वितीय संगीति वैशाली में हुई थी।
  • तृतीय संगीति अशोक के शासनकाल में पाटलिपुत्र में हुई थी।

जैन धर्म के प्रतीक चिन्ह में क्या दर्शाया गया है?

  • धर्मचक्र
  • कमल
  • हस्त रेखा के बीच चक्र (अहिंसा का प्रतीक)
  • त्रिशूल

व्याख्या:

  • जैन धर्म का प्रतीक हथेली के बीच एक चक्र (धर्मचक्र) और अंदर ‘अहिंसा’ लिखा होता है, जो जैनों के मुख्य सिद्धांत को दर्शाता है।
  • धर्मचक्र बौद्ध धर्म का प्रतीक है।
  • कमल और त्रिशूल हिंदू धर्म से संबंधित हैं।

बौद्ध धर्म में ‘निर्वाण’ का शाब्दिक अर्थ है:

  • ज्ञान की प्राप्ति
  • मोक्ष का मार्ग
  • दीपक का बुझना
  • पुनर्जन्म का चक्र

व्याख्या:

  • निर्वाण का शाब्दिक अर्थ है ‘बुझ जाना’ या ‘दीपक का निष्क्रिय हो जाना’। यह इच्छाओं के अंत और दुखों से मुक्ति की अवस्था है।
  • ज्ञान की प्राप्ति ‘बोधि’ कहलाती है।
  • मोक्ष का मार्ग अष्टांगिक मार्ग है।
  • पुनर्जन्म के चक्र को ‘संसार’ कहते हैं।

जैन धर्म के अनुसार, ‘स्याद्वाद’ सिद्धांत संबंधित है:

  • कर्मवाद से
  • अनेकांतवाद से
  • ज्ञान की सापेक्षता से
  • तपस्या से

व्याख्या:

  • स्याद्वाद या ‘सप्तभंगी नय’ जैन दर्शन का ज्ञानमीमांसीय सिद्धांत है जो कहता है कि किसी भी वस्तु को अनेक दृष्टिकोणों से देखा जा सकता है, इसलिए कोई भी कथन सापेक्ष होता है।
  • अनेकांतवाद यह कि वस्तु में अनंत गुण होते हैं।
  • कर्मवाद पुनर्जन्म का सिद्धांत है।

बुद्ध ने अपना अंतिम उपदेश (महापरिनिर्वाण) कहाँ दिया?

  • लुम्बिनी
  • बोधगया
  • सारनाथ
  • कुशीनगर

व्याख्या:

  • कुशीनगर में बुद्ध ने अपना अंतिम उपदेश दिया और महापरिनिर्वाण प्राप्त किया।
  • लुम्बिनी बुद्ध का जन्म स्थान है।
  • बोधगया में उन्हें ज्ञान प्राप्त हुआ।
  • सारनाथ (ऋषिपत्तन) में उन्होंने प्रथम उपदेश दिया।

जैन मुनियों द्वारा उपयोग किया जाने वाला मुखपट (मुंह पर कपड़ा) क्यों पहना जाता है?

  • वेशभूषा के लिए
  • गोपनीयता के लिए
  • सूक्ष्म जीवों (निगोदिया) को निगलने से बचने के लिए
  • धूप से बचने के लिए

व्याख्या:

  • मुखपट (मuhपत्ती) अहिंसा के सिद्धांत का पालन करने के लिए पहना जाता है ताकि सांस लेते समय हवा के सूक्ष्म जीवों की हत्या न हो।
  • यह जैन धर्म की अतिशय अहिंसा को दर्शाता है।

बौद्ध धर्म में ‘धम्म’ शब्द का अर्थ है:

  • देवता
  • यज्ञ
  • कॉस्मिक नियम और नैतिकता
  • मंत्र

व्याख्या:

  • धम्म (धर्म) बुद्ध का उपदेश, कॉस्मिक नियम, और सही आचरण का मार्ग है।
  • यह ब्राह्मणवादी यज्ञों या देवताओं की पूजा से अलग है।

जैन धर्म में ‘सम्यक दर्शन’ का अर्थ है:

  • सही आचरण
  • सही ज्ञान
  • तीर्थंकरों और सिद्धांतों में सही विश्वास
  • सही तपस्या

व्याख्या:

  • सम्यक दर्शन त्रिरत्न का पहला भाग है, जो जैन सिद्धांतों में अटूट विश्वास है।
  • सम्यक ज्ञान सही जानकारी है।
  • सम्यक चारित्र सही आचरण है।

बौद्ध भिक्षुणियों की संस्था की शुरुआत किसने की?

  • अनाथपिंडिक
  • बिंबिसार
  • गौतम बुद्ध (आनंद के अनुरोध पर)
  • महापजापति गोतमी

व्याख्या:

  • गौतम बुद्ध ने अपनी सौतली माँ महापजापति गोतमी के अनुरोध और आनंद के समर्थन के बाद भिक्षुणी संघ की स्थापना की अनुमति दी।
  • अनाथपिंडिक और बिंबिसार बुद्ध के श्रावक (अनुयायी) थे।

जैन धर्म के अनुसार, ‘तप’ के कितने प्रकार हैं?

  • तीन
  • बारह
  • छह
  • पांच

व्याख्या:

  • जैन धर्म में तप को दो मुख्य श्रेणियों में बांटा गया है: बाह्य तप (6 प्रकार) और आंतरिक तप (6 प्रकार), कुल 12 प्रकार
  • इसमें उपवास, संयम, ध्यान आदि शामिल हैं।

बौद्ध ग्रंथ ‘मिलिंदपन्हो’ किस शासक और किस भिक्षु के बीच संवाद है?

  • अशोक और उपगुप्त
  • कनिष्क और वसुमित्र
  • मेनेंडर (मिलिंद) और नागसेन
  • बिंबिसार और सारिपुत्त

व्याख्या:

  • मिलिंदपन्हो में यूनानी शासक मेनेंडर (मिलिंद) और बौद्ध भिक्षु नागसेन के दार्शनिक प्रश्नोत्तर हैं।
  • अशोक और उपगुप्त की कथा अशोकावदान में है।
  • कनिष्क ने चतुर्थ संगीति का आयोजन करवाया था।

जैन धर्म में ‘अणुव्रत’ हैं:

  • मुनियों के लिए महाव्रत
  • गृहस्थों के लिए छोटे व्रत
  • तीर्थंकरों के व्रत
  • त्याग के व्रत

व्याख्या:

  • अणुव्रत जैन गृहस्थों (श्रावकों) के लिए पांच नैतिक नियम हैं, जो मुनियों के पंच महाव्रत के कम सख्त रूप हैं।
  • इनमें अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह शामिल हैं।

बौद्ध धर्म का ‘पालि साहित्य’ किस भाषा में है?

  • संस्कृत
  • प्राकृत
  • पालि (मागधी प्राकृत का एक रूप)
  • अर्धमागधी

व्याख्या:

  • पालि भाषा थेरवाद बौद्ध धर्म की मुख्य भाषा है और त्रिपिटक इसी में लिखे गए हैं। यह मागधी प्राकृत के निकट है।
  • महायान ग्रंथ मुख्यतः संस्कृत में हैं।
  • जैन आगम अर्धमागधी में हैं।

जैन धर्म के किस तीर्थंकर का प्रतीक ‘सर्प’ है?

  • ऋषभनाथ
  • महावीर
  • पार्श्वनाथ
  • नेमिनाथ

व्याख्या:

  • पार्श्वनाथ, 23वें तीर्थंकर, का चिह्न सर्प (नाग) है।
  • ऋषभनाथ का चिह्न बैल है।
  • महावीर का चिह्न सिंह है।
  • नेमिनाथ का चिह्न शंख है।

बौद्ध धर्म के प्रसार के लिए ‘धर्ममहामात्र’ नियुक्त करने वाला शासक कौन था?

  • चंद्रगुप्त मौर्य
  • बिंबिसार
  • अशोक
  • कनिष्क

व्याख्या:

  • सम्राट अशोक ने धर्म प्रचार के लिए ‘धर्ममहामात्र’ नामक अधिकारी नियुक्त किए थे।
  • उन्होंने ही बौद्ध धर्म को विदेशों में फैलाने का कार्य किया।

जैन साहित्य के मूल ग्रंथों को क्या कहा जाता है?

  • निकाय
  • पिटक
  • आगम
  • सूत्र

व्याख्या:

  • आगम जैन धर्म के मूल और सबसे प्रामाणिक ग्रंथ हैं, जिनमें तीर्थंकरों के उपदेश संकलित हैं।
  • निकाय और पिटक बौद्ध साहित्य के भाग हैं।
  • सूत्र एक सामान्य शब्द है जिसका प्रयोग कई धर्मों में होता है।

बौद्ध धर्म में ‘मध्यम मार्ग’ का अर्थ है:

  • राजा का मार्ग
  • योग का मार्ग
  • भोग और कठोर तपस्या के बीच का रास्ता
  • ज्ञान का मार्ग

व्याख्या:

  • मध्यम मार्ग या मज्झिमा पतिपदा बुद्ध का मुख्य सिद्धांत है, जो अत्यधिक भोगवाद और अत्यधिक कठोर तपस्या के बीच का संतुलित मार्ग है।
  • बुद्ध ने स्वयं इसका अनुभव किया था।

जैन धर्म में ‘कालचक्र’ के अनुसार, वर्तमान समय किस युग में है?

  • सुस्म-सुस्म दुस्मा
  • सुस्म दुस्मा
  • दुस्म-सुस्म दुस्मा (अवसर्पिणी का पांचवा युग)
  • दुस्म-दुस्म दुस्मा

व्याख्या:

  • जैन कालचक्र के अनुसार, अवसर्पिणी (अवनति का काल) के 6 युग होते हैं। वर्तमान समय पंचम युग (दुस्म-सुस्म दुस्मा) में चल रहा है, जो दुःख और सुख का मिश्रण है।
  • अगला युग छठा युग (पूर्ण दुःख का) होगा।

बौद्ध धर्म के प्रचार-प्रसार में किस भारतीय शासक का सबसे महत्वपूर्ण योगदान था?

  • हर्षवर्धन
  • कनिष्क
  • अशोक
  • चंद्रगुप्त विक्रमादित्य

व्याख्या:

  • अशोक ने बौद्ध धर्म को राज्याश्रय दिया और दूतों के माध्यम से इसे श्रीलंका, मध्य एशिया आदि देशों में फैलाया।
  • कनिष्क ने महायान बौद्ध धर्म को प्रोत्साहन दिया।
  • हर्षवर्धन ने later period में बौद्ध धर्म का समर्थन किया।

जैन धर्म में ‘सल्लेखना’ क्या है?

  • ध्यान की एक विधि
  • एक प्रकार का उपवास
  • आमरण अनशन द्वारा शरीर का त्याग
  • प्रार्थना

व्याख्या:

  • सल्लेखना (या संथारा) जैन धर्म की एक विशिष्ट प्रथा है जिसमें एक व्यक्ति आध्यात्मिक शुद्धि के लिए स्वेच्छा से भोजन-जल का त्याग करते हुए शांतिपूर्वक शरीर छोड़ता है।
  • इसे मोक्ष प्राप्ति का एक मार्ग माना जाता है।
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