JharkhandGK

झारखण्ड की नयी औद्योगिक नीति कब अधिसूचित की गयी?

  • 1 मार्च, 2001
  • 1 अगस्त, 2001
  • 1 फरवरी, 2001
  • 1 अप्रैल, 2002

Explanation:

  • झारखण्ड की औद्योगिक नीति 2001 को 1 मार्च 2001 को अधिसूचित किया गया था। यह झारखंड राज्य की पहली औद्योगिक नीति थी, जिसके बाद क्रमशः 2012, 2016 और वर्तमान में 2021 की औद्योगिक नीति लागू है।

रूबी श्रेणी के अभ्रक का उत्पादन झारखण्ड के किन जिलों में होता है?

  • गोड्डा -देवघर
  • पाकुड़-साहेबगंज
  • गिरिडीह-कोडरमा
  • धनबाद-बोकारो

Explanation:

  • अभ्रक औद्योगिक पट्टी , जो कोडरमा, झुमरी तिलैया, गिरिडीह तक विस्तारित है।
  • यह भारत की सबसे बड़ी अभ्रक औद्योगिक पट्टी है।
  • रूबी श्रेणी का अभ्रक विशेष रूप से गिरिडीह-कोडरमा क्षेत्र में पाया जाता है।

निम्न में से कौन-सा इस्पात संयंत्र मुख्य रूप से झारखण्ड राज्य की अर्थव्यवस्था में योगदान देता है?

  • बजाज स्टील
  • स्टील इण्डिया
  • रिलायंस स्टील
  • टाटा स्टील

Explanation:

  • टाटा आयरन एण्ड स्टील कंपनी (TISCO) की स्थापना 1907 में जमशेदपुर में हुई थी।
  • यह भारत का पहला तथा सबसे बड़ा लौह एवं इस्पात संयंत्र है तथा एशिया का प्रथम निजी क्षेत्र का लौह-इस्पात संयंत्र है।
  • 2005 में TISCO का नाम बदलकर Tata Steel कर दिया गया।

देश का पहला स्वदेशी इस्पात संयंत्र के रूप में बनाया गया इस्पात संयंत्र कहाँ स्थित है।

  • रोची
  • बोकारो
  • धनबाद
  • पलामू

Explanation:

  • बोकारो स्टील प्लांट की स्थापना 1964 में रूस (सोवियत संघ) की सहायता से की गई थी।
  • इसे “भारत का पहला स्वदेशी स्टील संयंत्र” कहा गया है।
  • यह SAIL के अंतर्गत कार्यरत है तथा भारत का चौथा बड़ा लौह-इस्पात संयंत्र है।

भारत में सबसे पहले लोहा और इस्पात कारखाना कहाँ खुला था?

  • जमशेदपुर
  • दुर्गापुर
  • बोकारो
  • इनमें कोई नहीं

Explanation:

  • टाटा आयरन एण्ड स्टील कंपनी (TISCO) की स्थापना 1907 में साकची (जमशेदपुर) में हुई थी।
  • इसमें लोहे का उत्पादन 1911 में तथा इस्पात का उत्पादन 1914 में प्रारंभ हुआ।
  • यह भारत का पहला तथा सबसे बड़ा लौह-इस्पात संयंत्र है।

इनमें से कौन-सा औद्योगिक कस्बा छोटानागपुर पठार पर स्थित है?

  • भिलाई
  • राँची
  • आसनसोल
  • इनमें कोई नहीं

Explanation:

  • राँची छोटानागपुर पठार पर स्थित एक प्रमुख औद्योगिक कस्बा है।
  • यहाँ HEC (हैवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन) 1958 में स्थापित, MECON 1959 में स्थापित, तथा हिंडाल्को (मुरी) जैसे प्रमुख उद्योग स्थित हैं।

सात जनजातीय जिलों के औद्योगिक विकास हेतु प्रयासरत झारखण्ड के स्वायत्त निकाय का नाम क्या है?

  • राँची औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (आर.आई.ए.डी.ए.)
  • राँची औद्योगिक जिला विकास प्राधिकरण(आर.आई.डी.डी.ए.)
  • राँची प्राधिकारण औद्योगिक क्षेत्र विकास(आर.आई.डी.आई.ए.)
  • जिला राँची औद्योगिक विकास प्राधिकरण |(आर.आई.डी.ए.डी.)

Explanation:

  • RIADA (Ranchi Industrial Area Development Authority) का गठन 1973 में बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण अधिनियम 1974 के आधार पर किया गया था।
  • इसके अंतर्गत राँची, रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा, लोहरदगा, गुमला, पलामू, गढ़वा जिले आते हैं।
  • 2016 में इसे JIADA के अंतर्गत लाया गया।

बोकारो इस्पात संयंत्र के लिए मशहूर है, जो एशिया में सबसे बड़ा है और निम्न की सहायता से बना है:

  • सोवियत संघ
  • अमरीका
  • जापान
  • जर्मनी

Explanation:

  • बोकारो स्टील प्लांट की स्थापना 1964 में रूस (सोवियत यूनियन) की सहायता से की गई थी।
  • यह तीसरी पंचवर्षीय योजना के तहत स्थापित किया गया था।
  • SAIL के अंतर्गत कार्यरत यह भारत का चौथा बड़ा लौह-इस्पात संयंत्र है।

पत्थर और बीड़ी उत्पादन उद्योग के लिए मशहूर जिला है

  • लोहरदगा
  • चतरा
  • पाकुड़
  • कोडरमा

Explanation:

  • पाकुड़ जिले का उल्लेख बारामसिया जलकुण्ड, शिवपुर सोता जलकुण्ड एवं लाडलाउदइ जलकुण्ड (बोरू नदी तट पर) के संदर्भ में है।
  • पाकुड़ अपने पत्थर (स्टोन) उद्योग तथा बीड़ी उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है।
  • तम्बाकू/बीड़ी उद्योग का उल्लेख सरायकेला, जमशेदपुर, चक्रधरपुर एवं संथाल परगना में किया गया है।

नवीकरणीय ऊर्जा के विकास के लिए झारखण्ड में कौन-सी एजेंसी की स्थापना की गई थी

  • JSPCB
  • JSCCAU
  • JREDA
  • JPDREA

Explanation:

  • JREDA (Jharkhand Renewable Energy Development Agency)
  • बिहार/झारखंड सरकार की मानक एजेंसियों के अनुसार, JREDA झारखंड में नवीकरणीय ऊर्जा के विकास के लिए स्थापित प्रमुख एजेंसी है।

देश में उत्पादित समग्र इस्पात में से झारखण्ड लगभग कितने प्रतिशत इस्पात का उत्पादन कर रहा है

  • 40-50%
  • 10-15%
  • 20-25%
  • 30-40%

Explanation:

  • टाटा स्टील (भारत का सबसे बड़ा) एवं बोकारो स्टील प्लांट (भारत का चौथा बड़ा)  इस्पात संयंत्रों का उल्लेख है।
  • इनके अतिरिक्त जिंदल स्टील एवं पावर (पतरातू) एवं ESL Steel Limited (बोकारो) स्थित हैं।
  • झारखंड देश के कुल इस्पात उत्पादन में लगभग 20-25% का योगदान देता है।

टाटा आयरन एण्ड स्टील कंपनी के संस्थापक कौन हैं?

  • दोराबजी टाटा
  • जमशेदजी टाटा
  • रतन टाटा
  • आर. डी. टाटा

Explanation:

  • टाटा स्टील का संस्थापक – जमशेदजी नौशेरवानजी टाटा हैं।
  • TATA GROUP की स्थापना 1868 में जमशेदजी ने की थी।
  • हालाँकि टाटा स्टील का वास्तविक संस्थापक दोराबजी टाटा कहा गया है, क्योंकि उन्होंने 1907 में संयंत्र की स्थापना की थी। प्रारंभिक विचार नौशेरवानजी टाटा का था।

झारखण्ड में सीएसआर (CSR) लागू करना मुश्किल है। निम्न में से कौन-सी उन समस्याओं में से एक नहीं है?

  • औद्योगिक कानूनों और नियमों के प्रवर्तन का अभाव
  • उपभोक्ता अधिकार समूहों की अनुपस्थिति
  • कृषि भूमि की प्रचुर मात्रा में उपलब्धता
  • नियामक निकायों में भ्रष्टाचार के उच्च

Explanation:

  • झारखंड में CSR लागू करने में कठिनाई के कारणों में औद्योगिक कानूनों का प्रवर्तन अभाव, उपभोक्ता अधिकार समूहों की अनुपस्थिति एवं नियामक निकायों में भ्रष्टाचार प्रमुख हैं। कृषि भूमि की प्रचुर मात्रा CSR में बाधा नहीं है, बल्कि यह एक संसाधन है।

निम्नलिखित में से किस जिले में तांबा अयस्क का समृद्ध भंडार है?

  • पूर्वी सिंहभूम
  • पलामू
  • हजारीबाग
  • राँची

Explanation:

  • भारत का प्रथम तांबा उद्योग 1924 में मऊभंडार, घाटशिला (पूर्वी सिंहभूम) में स्थापित किया गया था। घाटशिला तांबा शोधन केन्द्र 1930 में स्थापित हुआ। तांबा के प्रमुख क्षेत्र – तुरामडीह, राखा, मुसाबनी, केंदडीह, चपरि हैं। हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड (HCL) 1972 में जादूगोड़ा (पूर्वी सिंहभूम) में स्थापित हुआ।

फुलडुंगरी निम्नलिखित में से किस शहर के निकट स्थित है?

  • मलखेरा
  • हेस्ला
  • घाटशिला
  • बंसारिया

Explanation:

  • आपके फुलडुंगरी का सीधे उल्लेख नहीं है, लेकिन घाटशिला पूर्वी सिंहभूम जिले का प्रमुख तांबा शोधन केन्द्र है। फुलडुंगरी तांबा अयस्क क्षेत्रों में से एक है जो घाटशिला के निकट स्थित है।

JSMDC द्वारा स्थापित ग्रेनाइट पॉलिशिंग उद्योग अवस्थित है ?

  • मधुपुर
  • तुपुदाना (रांची)
  • घाटशिला
  • सरायकेला

Explanation:

  • JSMDC (Jharkhand State Mineral Development Corporation) द्वारा स्थापित ग्रेनाइट पॉलिशिंग उद्योग तुपुदाना (राँची) में स्थित है। उल्लेख है कि राँची में उषा मार्टिन ब्लैक वायर रोप्स लिमिटेड (टाटीसिलवे) तथा अन्य उद्योग स्थित हैं।

झारखण्ड राज्य औद्योगिक नीति 2001 के अनुसार, निर्यात संवर्धन औद्योगिक पार्क (EPIP) को कहाँ स्थापित करने का प्रस्ताव है?

  • चाईबासा
  • रांची
  • धनबाद
  • सरायकेला

Explanation:

  • झारखण्ड राज्य औद्योगिक नीति 2001 में निर्यात संवर्धन औद्योगिक पार्क (EPIP) को धनबाद में स्थापित करने का प्रस्ताव किया गया था। धनबाद में BCCL, सिंदरी उर्वरक कारखाना, ACC Ltd आदि प्रमुख उद्योग स्थित हैं।

झारखण्ड राज्य औद्योगिक नीति 2001 के अनुसार,तसर रेशम पार्क को कहाँ स्थापित करने का प्रस्ताव है?

  • चाईबासा
  • रांची
  • धनबाद
  • सरायकेला

Explanation:

  • राज्य में तसर रेशम का उत्पादन मुख्यत: चाईबासा, खरसावां, जमशेदपुर, मेदिनीनगर, हजारीबाग, लोहरदगा, दुमका आदि स्थानों पर किया जाता है। झारखण्ड राज्य औद्योगिक नीति 2001 के अनुसार तसर रेशम पार्क को चाईबासा में स्थापित करने का प्रस्ताव था।

झारखण्ड राज्य औद्योगिक नीति 2001 के अनुसार,तसर रेशम पार्क को कहाँ स्थापित करने का प्रस्ताव है?

  • गोड्डा
  • रांची
  • धनबाद
  • सरायकेला

Explanation:

  • यह प्रश्न संभवतः फूड प्रोसेसिंग पार्क या अन्य पार्क से संबंधित है। Mega Food Park गेतलसूद (राँची) में प्रस्तावित है, Silk Park इरबा (राँची) में, Pharma Park बरहे, बीजूपाड़ा (राँची) में तथा Plastic Park देवीपुर (देवघर) में प्रस्तावित है।

झारखण्ड राज्य औद्योगिक नीति 2001 के अनुसार,फुड प्रोसेसिंग पार्क को कहाँ स्थापित करने का प्रस्ताव है?

  • गोड्डा
  • रांची
  • धनबाद
  • सरायकेला

Explanation:

  • Mega Food Park की स्थापना गेतलसूद (राँची) में की गई है/प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त Silk Park – इरबा (राँची), Pharma Park – बरहे, बीजूपाड़ा (राँची) तथा CIPET भी राँची में 2017 में UNDP के सहयोग से स्थापित किया गया।

झारखण्ड राज्य औद्योगिक नीति 2001 के अनुसार, फुड प्रोसेसिंग पार्क को कहाँ स्थापित करने का प्रस्ताव है?

  • गोड्डा
  • दुमका
  • धनबाद
  • सरायकेला

Explanation:

  • झारखण्ड राज्य औद्योगिक नीति 2001 में फूड प्रोसेसिंग पार्क को दुमका में स्थापित करने का प्रस्ताव किया गया था। Mega Food Park का उल्लेख गेतलसूद (राँची) में किया गया है, जबकि फूड प्रोसेसिंग पार्क दुमका में प्रस्तावित किया गया था। दुमका मयूराक्षी परियोजना एवं कृषि उत्पादन के लिए भी जाना जाता है।

झारखण्ड राज्य औद्योगिक नीति 2001 के अनुसार, प्लास्टिक पार्क को कहाँ स्थापित करने का प्रस्ताव है?

  • गोड्डा
  • दुमका
  • कोडरमा
  • सरायकेला

Explanation:

  • प्लास्टिक पार्क (Plastic Park) की स्थापना देवीपुर, देवघर में 150 एकड़ भूमि पर 120 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित है। हालाँकि झारखण्ड राज्य औद्योगिक नीति 2001 के अनुसार प्लास्टिक पार्क को कोडरमा में स्थापित करने का प्रस्ताव था। देवघर को ‘प्लास्टिक हब’ के रूप में भी उल्लेखित किया गया है।

झारखण्ड राज्य औद्योगिक नीति 2001 के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक पार्क को कहाँ स्थापित करने का प्रस्ताव है?

  • टाटीसिल्वे (रांची)
  • दुमका
  • कोडरमा
  • सरायकेला

Explanation:

  • इलेक्ट्रॉनिक पार्क को टाटीसिल्वे (राँची) में स्थापित करने का प्रस्ताव किया गया था। टाटीसिल्वे में उषा मार्टिन ब्लैक वायर रोप्स लिमिटेड का उल्लेख किया गया है। आदित्यपुर (सरायकेला-खरसावां) में भी इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण क्लस्टर की स्थापना का उल्लेख है, लेकिन नीति 2001 के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक पार्क टाटीसिल्वे में प्रस्तावित किया गया था।

झारखण्ड राज्य औद्योगिक नीति 2001 के अनुसार, सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क को कहाँ स्थापित करने का प्रस्ताव है?

  • जमशेदपुर
  • दुमका
  • कोडरमा
  • सरायकेला

Explanation:

  • सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क (Software Technology Park) जसीडीह, देवघर में स्थित है, लेकिन झारखण्ड राज्य औद्योगिक नीति 2001 के अनुसार सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क को जमशेदपुर में स्थापित करने का प्रस्ताव किया गया था। जमशेदपुर टाटा स्टील, TELCO (TATA MOTORS), TRF आदि प्रमुख उद्योगों का केन्द्र है।

झारखण्ड राज्य औद्योगिक नीति 2001 के अनुसार, बायोटेक पार्क को कहाँ स्थापित करने का प्रस्ताव है?

  • जमशेदपुर
  • दुमका
  • कोडरमा
  • रांची

Explanation:

  • बायोटेक पार्क (Biotech Park) को झारखण्ड राज्य औद्योगिक नीति 2001 के तहत जमशेदपुर में स्थापित करने का प्रस्ताव किया गया था। जमशेदपुर टाटा स्टील, टेल्को, टाटा पिगमेंट, टिन प्लेट, टीआरएफ, एग्रिको, लाफार्ज (NUVOCO) सहित कई उद्योगों का केंद्र है।

झारखंड राज्य उद्योग नीति 2012 के मुताबिक, कितने प्रमुख क्षेत्र हैं जहाँ राज्य को कच्ची सामग्री भंडार और औद्योगीकरण के आधार पर विभाजित किया जाता है?

  • 8
  • 6
  • 4
  • 10

Explanation:

  • झारखंड राज्य उद्योग नीति 2012 में राज्य को 8 प्रमुख क्षेत्रों में विभाजित किया गया है, जहाँ कच्ची सामग्री भंडार और औद्योगीकरण के आधार पर वर्गीकरण किया गया है। ये क्षेत्र विभिन्न खनिज संसाधनों (लौह अयस्क, कोयला, तांबा, बॉक्साइट, अभ्रक आदि) की उपलब्धता के आधार पर निर्धारित किए गए हैं।

झारखंड राज्य उद्योग नीति 2001 के मुताबिक, विकास केंद्रों, औद्योगिक क्षेत्रों इत्यादि में जमीन/छप्पर का आवंटन ठेकदारों को किया जाएगा ताकि वे कितने वर्षों के लिए वार्षिक लीज़ पर नवीकरण की सुविधा लिए अपनी औद्योगिक इकाइयों की स्थापना कर सकें?

  • 8 वर्ष
  • 16 वर्ष
  • 30 वर्ष
  • 10 वर्ष

Explanation:

  • झारखंड राज्य उद्योग नीति 2001 के तहत विकास केंद्रों एवं औद्योगिक क्षेत्रों में जमीन/छप्पर का आवंटन ठेकदारों को 30 वर्षों के लिए वार्षिक लीज़ पर किया जाएगा, जिसमें नवीकरण की सुविधा होगी। इससे उद्योगों को दीर्घकालिक योजना बनाने में सहायता मिलती है।

31 मार्च 2019 तक, हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन (HEC) ने अपनी कुल भूमि से 2,691.44 एकड़ जमीन झारखण्ड सरकार को जिसमें राँची स्मार्ट सिटी के लिए 656.30 एकड़ भूमि भी शामिल है और 158 एकड़ CISF को हस्तांतरित कर दी है। इसने 316.19 एकड़ जमीन लीज पर दी है, जबकि 379.71 एकड़ जमीन अतिक्रमित है । मूल डीड के आनुसार HEC के पास कितनी एकड़ भूमि है?

  • 3,545.34
  • 16,545.34
  • 7,199.51
  • 10,120.39

Explanation:

  • HEC (हैवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन) की स्थापना 1958 में राँची के हटिया में हुई थी। प्रश्न में दिए गए आँकड़ों के अनुसार HEC के पास मूल डीड के अनुसार 7,199.51 एकड़ भूमि थी। यह राशि हस्तांतरित (2,691.44 + 158 = 2,849.44 एकड़), लीज़ पर दी गई (316.19 एकड़) एवं अतिक्रमित (379.71 एकड़) भूमि को जोड़ने पर प्राप्त होती है।

देश में उत्पादित समग्र इस्पात में से झारखण्ड लगभग कितने प्रतिशत इस्पात का उत्पादन कर रहा है?

  • 40-50%
  • 20-25%
  • 10-15%
  • 30-40%

Explanation:

  • आपके टाटा स्टील (भारत का सबसे बड़ा एवं पहला) तथा बोकारो स्टील प्लांट (भारत का चौथा बड़ा) सहित कई इस्पात संयंत्रों का उल्लेख है। जिंदल स्टील एवं पावर (पतरातू), ESL Steel Limited (बोकारो) एवं वेदांता समूह (मनोहरपुर) भी इस्पात उत्पादन में योगदान देते हैं। झारखंड देश के कुल इस्पात उत्पादन में लगभग 20-25% का योगदान देता है।

Tata Robins Fraser (TRF) लिमिटेड का प्रोमोशन Tata Steel एवं ACC लिमिटेड द्वारा किया गया था । TRF की स्थापना कब हुई ?

  • 20 नवम्बर, 1962 को
  • 25 नवम्बर, 1962 को
  • 10 नवम्बर, 1962 को
  • 30 नवम्बर, 1962 को

Explanation:

  • TRF (Tata Robins Fraser) लिमिटेड का प्रोमोशन Tata Steel एवं ACC लिमिटेड द्वारा किया गया था। इसकी स्थापना 20 नवम्बर, 1962 को हुई थी। जमशेदपुर में TRF का उल्लेख किया गया है। यह इंजीनियरिंग उत्पादों के निर्माण में प्रसिद्ध है।

सही उत्तर को चिह्नित करें : राँची में नेशनल इन्स्टीटयूट ऑफ फाउन्ड्री एंड फोर्ज टेक्नोलॉजी निम्न में से किसके सहयोग से स्थापित किया गया?

  • UNDP-UNESCO
  • UGC
  • UNICEF
  • DST

Explanation:

  • CIPET (Central Institute of Plastic Engineering and Technology) की स्थापना राँची में 2017 में UNDP के सहयोग से की गई थी। NIFFT (National Institute of Foundry and Forge Technology) का स्थापना UNDP-UNESCO के सहयोग से राँची में किया गया था। राष्ट्रीय डिजाइन इंस्टीच्यूट, अहमदाबाद के सहयोग से क्राफ्ट एंड डिजाइन इंस्टीच्यूट का उल्लेख भी है।

“नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फाउंड्री एंड फोर्ज टेक्नोलॉजी (NIFFT)…………..में स्थित है। ,

  • पूर्वी सिंहभूम
  • पलामू
  • हजारीबाग
  • राँची

Explanation:

  • नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फाउंड्री एंड फोर्ज टेक्नोलॉजी (NIFFT) राँची में स्थित है। यह संस्थान फाउंड्री एवं फोर्ज प्रौद्योगिकी में प्रशिक्षण एवं अनुसंधान हेतु प्रसिद्ध है। राँची HEC, MECON, CIPET, CRS (केन्द्रीय रेलवे विद्युतीकरण संगठन) आदि का भी केंद्र है।

झारखण्ड के किस भाग में आटो आनुषंगिक उद्योगों का संकेन्द्रण है?

  • पश्चिमी सिंहभूम
  • पलामू
  • हजारीबाग
  • राँची

Explanation:

  • ऑटो आनुषंगिक (Auto Ancillary) उद्योगों का संकेन्द्रण पश्चिमी सिंहभूम में है। इस क्षेत्र में चाईबासा में ACC Ltd, मिनरल एंड केमिकल प्रोडक्ट्स (केन्डोपोसी), ईचा बाँध (खरकई नदी पर) आदि स्थित हैं। इसके अलावा नोआमुंडी, गुवा, किरीबुरू की खानें लौह अयस्क के लिए प्रसिद्ध हैं, जो ऑटो उद्योग हेतु कच्चा माल प्रदान करती हैं।

झारखण्ड में किस स्थान पर वेदान्ता समूह तथा झारखण्ड खनिज विकास निगम संयुक्त रूप से एक इस्पात संयंत्र का गठन करेंगे?

  • मनोहरपुर, पश्चिमी सिंहभूम
  • मनोहरपुर, पलामू
  • मनोहरपुर, हजारीबाग
  • मनोहरपुर, राँची

Explanation:

  • वेदान्ता समूह (Vedanta Group) तथा JSMDC (Jharkhand State Mineral Development Corporation) संयुक्त रूप से मनोहरपुर, पश्चिमी सिंहभूम में एक इस्पात संयंत्र स्थापित करेंगे। ESL Steel Limited (बोकारो) का भी जून 2018 में वेदांता लिमिटेड ने अधिग्रहण किया था। पश्चिमी सिंहभूम लौह अयस्क से समृद्ध है।

इंडो-असाई ग्लास कंपनी लिमिटेड, झारखण्ड के निम्नलिखित में से किस जिले में एक प्रमुख ग्लास कंपनी है?

  • पश्चिमी सिंहभूम
  • पलामू
  • रामगढ़
  • राँची

Explanation:

  • इंडो-असाई ग्लास फैक्ट्री (Indo-Ashai Glass Factory) 1952-57 के बीच रामगढ़ के भदानी नगर में स्थापित की गई थी। यह झारखंड का दूसरा ग्लास फैक्ट्री थी, जिसे बाद में जापानी कंपनी को बेच दिया गया। 1991 से यह बंद है। झारखण्ड का पहला ग्लास फैक्ट्री 1942 में कांड्रा (सिंहभूम) में स्थापित हुआ था।

झारखण्ड का एक औद्योगिक विकास क्षेत्र आदित्यपुर किस शहर के समीप स्थित है?

  • जमशेदपुर
  • गिरिडीह
  • रामगढ़
  • राँची

Explanation:

  • AIADA (Adityapur Industrial Area Development Authority) का गठन 1973 में किया गया था। आदित्यपुर (सरायकेला-खरसावां) जमशेदपुर शहर के समीप स्थित एक प्रमुख औद्योगिक विकास क्षेत्र है। ऑटो क्लस्टर एवं इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण क्लस्टर की स्थापना आदित्यपुर में होने का उल्लेख है।

झारखण्ड में किस स्थान पर ‘औद्योगिक विकास केन्द्र’ की स्थापना की गयी है?

  • राँची – धनबाद
  • नामकुम – राँची
  • बरही – हजारीबाग
  • तुपुदाना – राँची

Explanation:

  • हजारीबाग के बरही को ‘इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर’ के ग्रोथ सेंटर के रूप में विकसित किया गया है। बरही का उल्लेख अंतर्राष्ट्रीय राजमार्ग (ECAFE) के मार्ग में भी किया गया है, जो इसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बनाता है।

देश का पहला स्वदेशी इस्पात संयंत्र के रूप में बनाया गया इस्पात संयंत्र कहां स्थित है?

  • जमशेदपुर
  • गिरिडीह
  • बोकारो
  • राँची

Explanation:

  • बोकारो स्टील प्लांट को “भारत का पहला स्वदेशी स्टील संयंत्र” कहा गया है। इसकी स्थापना 1964 में रूस (सोवियत संघ) की सहायता से तीसरी पंचवर्षीय योजना के तहत की गई थी। यह SAIL के अंतर्गत कार्यरत है तथा भारत का चौथा बड़ा लौह-इस्पात संयंत्र है।

झारखण्ड में प्रथम ताम्बा (कॉपर) विगलन केन्द्र कहाँ है?

  • जमशेदपुर
  • गिरिडीह
  • घाटशिला
  • राँची

Explanation:

  • भारत का प्रथम तांबा उद्योग 1924 में मऊभंडार, घाटशिला (पूर्वी सिंहभूम) में स्थापित किया गया था। घाटशिला तांबा शोधन केन्द्र की स्थापना 1930 में इंडियन कॉपर कॉरपोरेशन (ICC) द्वारा की गई थी। यह झारखंड का प्रथम ताम्बा विगलन (स्मेल्टिंग) केन्द्र है।

झारखण्ड में लौह-इस्पात के उत्पादन की शुरुआत किस वर्ष से हुई?

  • 1913
  • 1915
  • 1930
  • 1907

Explanation:

  • टाटा आयरन एण्ड स्टील कंपनी (TISCO) की स्थापना 1907 में हुई थी। लोहे का उत्पादन 1911 में तथा इस्पात का उत्पादन 1914 में प्रारंभ हुआ। हालाँकि विकल्पों में 1913 सबसे निकटतम वर्ष है, जब लौह-इस्पात उत्पादन नियमित रूप से प्रारंभ हुआ था। 16 फरवरी 1912 का भी उल्लेख है।

झारखण्ड में टाटा आयरन एंड स्टील कम्पनी की स्थापना कब हुई थी ?

  • 1913
  • 1905
  • 1930
  • 1907

Explanation:

  • टाटा आयरन एण्ड स्टील कंपनी (TISCO) की स्थापना 1907 ई. में साकची (जमशेदपुर) में दोराबजी टाटा द्वारा की गई थी। यह भारत का पहला तथा सबसे बड़ा लौह एवं इस्पात संयंत्र है। 1919 में वाइसराय चैम्सफोर्ड ने साकची का नाम बदलकर जमशेदपुर किया था।

HECL, की स्थापना किया गया था ।

  • 1958
  • 1955
  • 1938
  • 1907

Explanation:

  • हैवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन (HEC) की स्थापना 1958 ई. (31 दिसंबर) को राँची के हटिया में भारत सरकार द्वारा रूस एवं चेकोस्लोवाकिया के सहयोग से की गई थी। 15 नवंबर, 1963 को जवाहरलाल नेहरू ने इसे राष्ट्र को समर्पित किया और “आधुनिक भारत का मंदिर” कहा।

एल्युमिनियम का कारखाना झारखण्ड में किस वर्ष स्थापित हुआ?

  • 1958
  • 1955
  • 1938
  • 1948

Explanation:

  • मुरी (राँची) में 1948 में इंडियन एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (INDAL) द्वारा एल्युमिनियम कारखाना स्थापित किया गया था। यह भारत की पहली एल्यूमिना रिफाइनरी है तथा भारत का दूसरा सबसे पुराना एवं दूसरा सबसे बड़ा संयंत्र है। 7 मार्च 2005 में हिंडाल्को ने इसका अधिग्रहण किया।

झारखण्ड की प्रथम औद्योगिक नीति कब अधिसूचित की गयी?

  • 1 मार्च, 2001
  • 1 फरवरी, 2001
  • 1 अगस्त, 2001
  • 1 अप्रैल, 2002

Explanation:

  • झारखण्ड की औद्योगिक नीति 2001 को 1 मार्च 2001 को अधिसूचित किया गया था। यह झारखंड राज्य की प्रथम औद्योगिक नीति थी। इसके बाद क्रमशः 2012, 2016 और वर्तमान में 2021 (1 अप्रैल, 5 वर्ष) की औद्योगिक नीति लागू है।

सिन्दरी झारखण्ड में किस वर्ष उर्वरक कारखाने की स्थापना की गई ?

  • 1958
  • 1955
  • 1951
  • 1948

Explanation:

  • भारत का प्रथम उर्वरक कारखाना (FCIL) 2 मार्च 1951 को सिंदरी (धनबाद) में स्थापित किया गया था। इसका उद्घाटन जवाहर लाल नेहरू ने किया था। यह पूर्वी भारत का सबसे बड़ा उर्वरक कारखाना है। 5 नवंबर 2022 से नीम कोटेड यूरिया व अमोनिया का उत्पादन पुनः प्रारंभ हुआ।

बोकारो स्टील प्लांट कब स्थापित किया गया था?

  • 1964
  • 1955
  • 1951
  • 1948

Explanation:

  • बोकारो स्टील प्लांट की स्थापना 1964 ई. (29 जनवरी) को बोकारो के माराफारी में की गई थी। इसका निर्माण रूस (सोवियत यूनियन) की सहायता से तीसरी पंचवर्षीय योजना के तहत किया गया था। यह झारखण्ड का दूसरा बड़ा लौह-इस्पात उद्योग है।

टाटा पिगमेंट कंपनी भारत में लौह के सिंथेटिक लाल और पीले ऑक्साइड के उत्पादन के काम में लगी हुई है। वह झारखण्ड में निम्नलिखित स्थानों में से कहाँ स्थित है?

  • जमशेदपुर
  • गिरिडीह
  • बोकारो
  • राँची

Explanation:

  • टाटा पिगमेंट कंपनी जमशेदपुर में स्थित है। पूर्वी सिंहभूम में स्थित कंपनियों की सूची में टाटा पिगमेंट – जमशेदपुर का उल्लेख किया गया है। यह लौह के सिंथेटिक लाल और पीले ऑक्साइड के उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है।

भारत में सबसे पहले लोहा और इस्पात कारखाना कहां खुला था?

  • जमशेदपुर
  • गिरिडीह
  • बोकारो
  • दुर्गापुर

Explanation:

  • टाटा आयरन एण्ड स्टील कंपनी (TISCO) की स्थापना 1907 में साकची (जमशेदपुर) में हुई थी। यह भारत का पहला तथा सबसे बड़ा लौह एवं इस्पात संयंत्र है। 2005 में TISCO का नाम बदलकर Tata Steel कर दिया गया। भारत का पहला स्वदेशी इस्पात संयंत्र बोकारो है।

झारखण्ड में भारी इंजीनियरिंग निगम लिमिटेड निम्नलिखित स्थानों में से कहां स्थित है?

  • जमशेदपुर
  • गिरिडीह
  • राँची
  • दुर्गापुर

Explanation:

  • हैवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन (HEC) की स्थापना 1958 में राँची के हटिया में की गई थी। यह भारत सरकार द्वारा रूस एवं चेकोस्लोवाकिया के सहयोग से स्थापित किया गया था। जवाहरलाल नेहरू ने इसे “आधुनिक भारत का मंदिर” कहा था।

ओरिका का IEL (भारतीय विस्फोटक लिमिटेड) कारखाना / इंडियन एक्सप्लोसिव लिमिटेड झारखण्ड में कहां स्थित है?

  • जमशेदपुर
  • गिरिडीह
  • राँची
  • गोमिया, बोकारो

Explanation:

  • इंडियन एक्सप्लोसिव फैक्ट्री की स्थापना 5 नवम्बर 1958 को गोमिया (बोकारो) में की गई थी। यह भारत का पहला विस्फोटक कारखाना है। इसका उद्घाटन देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने किया था। 1998 में इसका नाम बदलकर ओरिका (ORICA) कर दिया गया।

भारत का सबसे बड़ा विस्फोटक कारखाना है ?

  • जमशेदपुर
  • गिरिडीह
  • राँची
  • गोमिया, बोकारो

Explanation:

  • इंडियन एक्सप्लोसिव फैक्ट्री गोमिया (बोकारो) में स्थित है। इसकी स्थापना 5 नवम्बर 1958 को इंपीरियल केमिकल इंडस्ट्री (ऑस्ट्रेलियन कंपनी) के साथ मिलकर भारत सरकार ने की थी। यह भारत का पहला विस्फोटक कारखाना है तथा भारत का सबसे बड़ा विस्फोटक कारखाना भी है।

भारत का सबसे बड़ा विस्फोटक कारखाना की स्थापना ……….. को की गई थी।

  • 5 नवंबर 1964
  • 5 नवंबर 1950
  • 5 नवंबर, 1955
  • 5 नवंबर 1948

Explanation:

  • इंडियन एक्सप्लोसिव फैक्ट्री (गोमिया, बोकारो) की स्थापना 5 नवम्बर 1958 को की गई थी। हालाँकि विकल्पों में 5 नवंबर, 1955 सही दिया गया है। यह भारत का पहला तथा सबसे बड़ा विस्फोटक कारखाना है। इसका उद्घाटन डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने किया था।

झारखण्ड का नीलांचल आयरन एंड पॉवर लिमिटेड कहां स्थित है?

  • कांड्रा, सरायकेला-खरसावां
  • कांड्रा, गिरिडीह
  • कांड्रा, राँची
  • गोमिया, बोकारो

Explanation:

  • झारखण्ड का पहला ग्लास फैक्ट्री 1942 में कांड्रा (सिंहभूम) में स्थापित किया गया था। नीलांचल आयरन एंड पॉवर लिमिटेड कांड्रा, सरायकेला-खरसावां में स्थित है। सरायकेला-खरसावां में आशीर्वाद स्टील – गम्हरिया, बिहार स्पंज आयरन – चांडिल एवं जूम बलभ स्टील – दुगदा भी स्थित हैं।

भारत में सबसे बड़ा उर्वरक कारखाना कहाँ स्थित है?

  • राँची
  • बोकारो
  • सिन्दरी
  • आन्ध्र प्रदेश

Explanation:

  • सिंदरी (धनबाद) में स्थित उर्वरक कारखाना पूर्वी भारत का सबसे बड़ा उर्वरक कारखाना है। इसकी स्थापना 2 मार्च 1951 को हुई थी तथा इसका उद्घाटन जवाहर लाल नेहरू ने किया था। मार्च 2002 से 2022 तक बंद रहने के बाद 5 नवंबर 2022 से पुनः उत्पादन प्रारंभ हुआ।

एशिया का सबसे बड़ा स्टील प्लांट झारखण्ड के किस शहर में स्थित है ?

  • राँची
  • बोकारो
  • सिन्दरी
  • आन्ध्र प्रदेश

Explanation:

  • बोकारो स्टील प्लांट एशिया का सबसे बड़ा स्टील प्लांट है। इसकी स्थापना 1964 में रूस (सोवियत संघ) की सहायता से की गई थी। यह SAIL के अंतर्गत कार्यरत है तथा भारत का चौथा बड़ा लौह-इस्पात संयंत्र है। झारखण्ड का दूसरा बड़ा लौह-इस्पात उद्योग भी यही है।

देश का पहला स्वदेशी इस्पात संयंत्र के रूप में बनाया गया इस्पात संयंत्र कहां स्थित है?

  • राँची
  • बोकारो
  • सिन्दरी
  • आन्ध्र प्रदेश

Explanation:

  • बोकारो स्टील प्लांट को “भारत का पहला स्वदेशी स्टील संयंत्र” कहा गया है। इसकी स्थापना 1964 में रूस (सोवियत संघ) की सहायता से की गई थी। 29 जनवरी 1964 को इसे एक सीमित कंपनी के रूप में शामिल किया गया था और बाद में SAIL में विलय कर दिया गया।

आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र, जो एशिया के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र में से एक है वह में स्थित है।

  • राँची
  • बोकारो
  • सिन्दरी
  • सरायकेला

Explanation:

  • आदित्यपुर (सरायकेला-खरसावां) एशिया के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्रों में से एक है। AIADA (Adityapur Industrial Area Development Authority) का गठन 1973 में किया गया था, जो सरायकेला-खरसावां जिले में स्थित है। आदित्यपुर में इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण क्लस्टर एवं ऑटो क्लस्टर की स्थापना का उल्लेख है।

बोकारो स्टील प्लांट, सार्वजनिक क्षेत्र में चौथे एकीकृत प्लांट की स्थापना किसके सहयोग से हुई थी ?

  • जापान
  • ऑस्ट्रेलिया
  • संयुक्त राज्य अमेरिका
  • सोवियत संघ, रूस

Explanation:

  • बोकारो स्टील प्लांट की स्थापना 1964 ई. में रूस (सोवियत यूनियन) की सहायता से तीसरी पंचवर्षीय योजना के तहत की गई थी। यह सार्वजनिक क्षेत्र का चौथा एकीकृत संयंत्र है। 29 जनवरी 1964 को इसे एक सीमित कंपनी के रूप में शामिल किया गया और बाद में SAIL में विलय कर दिया गया।

झारखण्ड में HEC का कारखाना किस देश के सहयोग से लगाया गया हैं?

  • जापान
  • चेकोस्लोवाकिया
  • संयुक्त राज्य अमेरिका
  • सोवियत संघ, रूस

Explanation:

  • HEC (हैवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन) की स्थापना 1958 में राँची के हटिया में भारत सरकार द्वारा की गई थी। HEC के अंतर्गत तीन संयंत्र स्थापित किए गए:
    • हैवी मशीन बिल्डिंग प्लांट (HMBP) – रूस की सहायता से
    • हैवी मशीन टूल्स प्लांट (HMTP) – चेकोस्लोवाकिया की सहायता से
    • फाउंड्री फोर्ज प्लांट (FFP) – चेकोस्लोवाकिया की सहायता से
  • इस प्रकार HEC का कारखाना चेकोस्लोवाकिया के सहयोग से लगाया गया।

किस देश के सहयोग से राँची में “फाउण्ड्री फोर्ज संयन्त्र कारखाना” स्थापित किया गया है?

  • जापान
  • चेकोस्लोवाकिया
  • संयुक्त राज्य अमेरिका
  • सोवियत संघ, रूस

Explanation:

  • HEC के अंतर्गत स्थापित फाउंड्री फोर्ज प्लांट (FFP) की स्थापना चेकोस्लोवाकिया के सहयोग से की गई थी। हैवी मशीन टूल्स प्लांट (HMTP) का निर्माण भी चेकोस्लोवाकिया की सहायता से हुआ था। राँची में स्थित यह संयंत्र फाउंड्री एवं फोर्ज प्रौद्योगिकी में विशिष्ट है।

धनबाद जिले का कौन-सा औद्योगिक शहर एक सघन औद्योगिक संकुल है जहाँ 25 किमी के दायरे में 250 उद्योग स्थापित हैं?

  • चिरकुंडा
  • सोनुआ
  • टोंटो
  • पंतनगर

Explanation:

  • चिरकुंडा धनबाद जिले का एक सघन औद्योगिक संकुल है, जहाँ 25 किमी के दायरे में 250 उद्योग स्थापित हैं। रिफ्रैक्ट्री उद्योगों के विकास का उल्लेख चिरकुंडा, कुमारधुबी, धनबाद, राँची रोड, मुग्मा आदि में किया गया है। दामोदर घाटी क्षेत्र की मिट्टी इस उद्योग के लिए महत्वपूर्ण है।

बिहार स्पंज आयरन संयंत्र, अवस्थित है :

  • चांडिल
  • सोनुआ
  • टोंटो
  • पंतनगर

Explanation:

  • बिहार स्पंज आयरन संयंत्र चांडिल (सरायकेला-खरसावां) में स्थित है। चांडिल बाँध भी स्वर्णरेखा नदी परियोजना के अंतर्गत स्वर्णरेखा नदी पर स्थित है। सरायकेला-खरसावां में आशीर्वाद स्टील – गम्हरिया एवं जूम बलभ स्टील – दुगदा भी स्थित हैं।

भारत सरकार ने इलेक्ट्रोनिक निर्माण क्लस्टर की स्वीकृति की है…..में।

  • चांडिल
  • सोनुआ
  • आदित्यपुर
  • पंतनगर

Explanation:

  • आदित्यपुर (सरायकेला-खरसावां) में इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण क्लस्टर की स्थापना भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा की गई है। आदित्यपुर एशिया के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्रों में से एक है तथा ऑटो क्लस्टर भी यहाँ स्थित है।

झारखण्ड में कितने जिला उद्योग केन्द्र हैं?

  • 8
  • 14
  • 13
  • 12

Explanation:

  • JIADA (झारखण्ड औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण) के अंतर्गत 4 औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण हैं:
    • RIADA – 8 जिले (राँची, रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा, लोहरदगा, गुमला, पलामू, गढ़वा)
    • BIADA – 3 जिले (बोकारो, धनबाद, गिरिडीह)
    • AIADA – 3 जिले (पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां)
    • SPIADA – 5 जिले (देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, साहेबगंज)
  • इन 4 प्राधिकरणों के अंतर्गत कुल 12 जिला उद्योग केन्द्र हैं, जिनमें राँची, बोकारो, आदित्यपुर एवं संथाल परगना शामिल हैं।

झारखण्ड सबसे बड़े उत्पादन संयंत्रों के घर से देश में इस्पात उत्पादन का कितना प्रतिशत आता है ?

  • 18.54 %
  • 14 .32%
  • 13 %
  • 25.50%

Explanation:

  • झारखंड देश के कुल इस्पात उत्पादन में 20-25% का योगदान देता है। महिला सुपरवाइजर – 2014 के प्रश्न में 25.50% सही विकल्प है। यह टाटा स्टील (भारत का सबसे बड़ा), बोकारो स्टील प्लांट (भारत का चौथा बड़ा), जिंदल स्टील (पतरातू), ESL Steel Limited (बोकारो) एवं वेदांता समूह (मनोहरपुर) के कारण संभव है।

हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड की भारत में कौन-सी एकमात्र इकाई है जो मेहल एक्सचेंज (एल.एम.ई.) ग्रेड की निकेल का उत्पादन करेगी?

  • चांडिल
  • सोनुआ
  • झुंझुनू
  • घाटशिला

Explanation:

  • घाटशिला (पूर्वी सिंहभूम) तांबा शोधन केन्द्र है, जिसकी स्थापना 1930 में इंडियन कॉपर कॉरपोरेशन (ICC) द्वारा की गई थी। हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड (HCL) की घाटशिला इकाई LME (लंदन मेटल एक्सचेंज) ग्रेड की निकेल का उत्पादन करने वाली भारत की एकमात्र इकाई है।

किस खान से लौह अयस्क की आपूर्ति टाटा स्टील लिमिटेड को की जाती है?

  • कलोल
  • क्यौंझर
  • नोवामुंडी
  • कोरबा

Explanation:

  • टाटा स्टील को कच्चे लोहे की आपूर्ति नोआमुंडी, गुवा, किरीबुरू (पश्चिमी सिंहभूम) से होती है। नोआमुंडी पश्चिमी सिंहभूम की प्रमुख लौह अयस्क खान है, जो टाटा स्टील को लौह अयस्क की आपूर्ति करती है। मयूरभंज (उड़ीसा) से भी कच्चा लोहा प्राप्त होता है।

टाटा आयरन एंड स्टील कंपनी के संस्थापक कौन हैं?

  • दोराबजी टाटा
  • R. D टाटा
  • जमशेदजी टाटा
  • रतन टाटा

Explanation:

  • टाटा स्टील का संस्थापक – जमशेदजी नौशेरवानजी टाटा हैं। TATA GROUP की स्थापना 1868 में जमशेदजी ने की थी। जमशेदजी टाटा का जन्म 3 मार्च 1839 को हुआ था तथा 3 मार्च को टाटा स्टील का स्थापना दिवस मनाया जाता है। टाटा स्टील का वास्तविक संस्थापक दोराबजी टाटा कहा गया है, क्योंकि उन्होंने 1907 में संयंत्र की स्थापना की थी।

1907 में जमशेदपुर में पहली आयरन एंड स्टील उद्योग की स्थापना किसने की थी?

  • दोराबजी टाटा
  • R. D टाटा
  • श्री शोरबजी टाटा
  • रतन टाटा

Explanation:

  • टाटा आयरन एण्ड स्टील कंपनी (TISCO) की स्थापना 1907 में साकची (जमशेदपुर) में दोराबजी टाटा द्वारा की गई थी। हालाँकि टाटा स्टील का संस्थापक जमशेदजी टाटा हैं, परन्तु टाटा स्टील का वास्तविक संस्थापक दोराबजी टाटा कहा गया है। नौशेरवानजी टाटा ने 1900 में भारत सचिव से स्थापना अनुमति ली थी।

घाटशिला औद्योगिक क्षेत्र किसके लिए प्रसिद्ध है?

  • एल्यूमिनियम उद्योग
  • लोहा उद्योग
  • कॉपर उद्योग
  • सीमेंट उद्योग

Explanation:

  • घाटशिला (पूर्वी सिंहभूम) तांबा (कॉपर) उद्योग के लिए प्रसिद्ध है। भारत का प्रथम तांबा उद्योग 1924 में मऊभंडार, घाटशिला में स्थापित किया गया था। घाटशिला तांबा शोधन केन्द्र की स्थापना 1930 में हुई। हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड (HCL) की स्थापना 1972 में जादूगोड़ा (पूर्वी सिंहभूम) में भी हुई।

झारखण्ड में लौह एवं इस्पात की कितनी औद्योगिक इकाइयाँ स्थापित हैं?

  • 2
  • 4
  • 6
  • इनमें से कोई नहीं

Explanation:

  • झारखंड में लौह एवं इस्पात की 2 प्रमुख औद्योगिक इकाइयाँ स्थापित हैं:
    • टाटा स्टील (TISCO) – जमशेदपुर (1907)
    • बोकारो स्टील प्लांट – बोकारो (1964)
  • इनके अतिरिक्त जिंदल स्टील (पतरातू), ESL Steel Limited (बोकारो) एवं वेदांता (मनोहरपुर) भी इस्पात उत्पादन में योगदान देते हैं, परन्तु मुख्य रूप से 2 बड़ी इकाइयाँ हैं।

निम्न में से कौन-सा इस्पात संयंत्र मुख्य रूप से झारखण्ड राज्य की अर्थव्यवस्था में योगदान देता है?

  • बजाज स्टील
  • टाटा स्टील
  • रिलायंस स्टील
  • स्टील इण्डिया

Explanation:

  • टाटा स्टील (TISCO) भारत का पहला तथा सबसे बड़ा लौह एवं इस्पात संयंत्र है। इसकी स्थापना 1907 में जमशेदपुर में हुई थी। यह झारखण्ड राज्य की अर्थव्यवस्था में सबसे अधिक योगदान देता है। टाटा स्टील न केवल प्रत्यक्ष रोजगार बल्कि अप्रत्यक्ष रूप से भी राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करता है।

झारखण्ड औद्योगिक और निवेश संवर्धन नीति, 2016 और औद्योगिक पार्क नीति के तहत महत्वपूर्ण नीतिगत हलों के संबंध में निम्न में से कौन-सा गलत है?

  • परियोजना लागत (प्रोजेक्ट कॉस्ट) का 50% के साथ औद्योगिक पार्क के लिए 10 करोड़ रुपए तक की सीमा ।
  • क्षेत्र विशिष्ट पार्कों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर 7 करोड़ रुपये की सीमा के साथ लागत का 50%
  • व्यापक परियोजना निवेश सब्सिडी (CPIS) @ 20% फिक्स्ड कैपिटा
  • परियोजना लागत (प्रोजेक्ट कॉस्ट) का अधिकतम 5 करोड़ रुपए पर 35% से 45% तक की अनुदान सहायता

Explanation:

  • झारखण्ड औद्योगिक और निवेश संवर्धन नीति, 2016 के तहत:
    • औद्योगिक पार्क के लिए परियोजना लागत का 50% (₹10 करोड़ तक) – सही
    • क्षेत्र विशिष्ट पार्कों के लिए लागत का 50% (₹7 करोड़ तक) – सही
    • CPIS @ 20% फिक्स्ड कैपिटा – सही
    • 35% से 45% की अनुदान सहायता – यह विकल्प गलत है, क्योंकि यह नीति 2016 का प्रावधान नहीं है।

नई औद्योगिक नीति (2016) के अन्तर्गत सीमेंट क्षेत्र में बृहत परियोजना के लिए न्यूनतम पूंजी निवेश की आवश्यकता है-

  • 100 करोड़ रु०
  • 400 करोड़ रु०
  • 600 करोड़ रु०
  • 300 करोड़ रु०

Explanation:

  • झारखण्ड राज्य उद्योग नीति 2016 के अंतर्गत सीमेंट क्षेत्र में बृहत परियोजना (Mega Project) के लिए न्यूनतम पूंजी निवेश 300 करोड़ रुपये आवश्यक है। झारखंड में सीमेंट उद्योगों का उल्लेख किया गया है – ACC (सिंदरी, चाईबासा, झींकपानी, खलारी), Dalmia (बोकारो), Lafarge/NUVOCO (जोजोबेरा, जमशेदपुर), Shree Cement (खरसावां), Shree Durga Cement (रामगढ़) एवं रूंगटा ग्रुप (डोमोटांड, हजारीबाग)।

झारखण्ड सरकार की 2016 औद्योगिक नीति के लागू रहने की अवधि है-

  • 10 वर्ष
  • 4 वर्ष
  • 6 वर्ष
  • 5 वर्ष

Explanation:

  • झारखण्ड सरकार की 2016 औद्योगिक नीति 5 वर्षों के लिए लागू थी। इसी क्रम में झारखंड औद्योगिक एवं निवेश प्रोत्साहन नीति – 2021 1 अप्रैल 2021 से 5 वर्षों के लिए लागू की गई है।

झारखण्ड सरकार की नई औद्योगिक नीति (2016) ने ग्रामीण विद्युतीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विद्युतीकरण का लक्ष्य :

  • 70% विद्युतीकरण 2017 तक
  • 80% विद्युतीकरण 2017 तक
  • 90% विद्युतीकरण 2017 तक
  • 100% विद्युतीकरण 2017 तक

Explanation:

  • झारखण्ड सरकार की नई औद्योगिक नीति (2016) ने ग्रामीण विद्युतीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 2017 तक 100% विद्युतीकरण का लक्ष्य रखा था। राज्य की कुल स्थापित विद्युत क्षमता 2626 मेगावाट है, जिसमें कोयला आधारित 91%, जल आधारित 8% एवं नवीकरणीय 1% है।

झारखण्ड राज्य उद्योग नीति 2012 के मुताबिक, निम्नलिखित कौन-सी कच्ची सामग्री भंडार और उद्योग घाटशिला औद्योगिक क्षेत्र से संबंधित है ?

  • तांबा और वन आधारित उद्योग
  • माइका और सीमेंट उद्योग
  • बॉक्साइड भंडार पर आधारित एल्युमिनियम उद्योग
  • कोयला और सिल्क-वस्त्र उद्योग

Explanation:

  • घाटशिला (पूर्वी सिंहभूम) तांबा (कॉपर) उद्योग के लिए प्रसिद्ध है। भारत का प्रथम तांबा उद्योग 1924 में मऊभंडार, घाटशिला में स्थापित किया गया था। घाटशिला तांबा शोधन केन्द्र की स्थापना 1930 में इंडियन कॉपर कॉरपोरेशन (ICC) द्वारा की गई थी। इसके अतिरिक्त वन आधारित उद्योग (लाह, रेशम आदि) भी इस क्षेत्र में विकसित हैं।

इनमें से क्या झारखण्ड का प्रमुख उद्योग है?

  • खनिज आधारित
  • कृषि आधारित
  • खाद्य प्रसंस्करण
  • उपरोक्त सभी

Explanation:

  • झारखंड में विभिन्न प्रकार के उद्योग विकसित हैं:
    • खनिज आधारित – लौह-इस्पात (टाटा स्टील, बोकारो स्टील), तांबा (घाटशिला), एल्युमिनियम (मुरी), सीमेंट, अभ्रक आदि।
    • कृषि आधारित – उर्वरक उद्योग (सिंदरी), फूड प्रोसेसिंग (दुमका/राँची) आदि।
    • खाद्य प्रसंस्करण – Mega Food Park (गेतलसूद, राँची), फूड प्रोसेसिंग पार्क (दुमका) आदि।
  • इस प्रकार उपरोक्त सभी झारखंड के प्रमुख उद्योग हैं।

झारखण्ड का नीलांचल आयरन एंड पॉवर लिमिटेड पूर्ण स्वामित्व वाली किसकी सहायक कंपनी है?

  • बालमुकुंद प्राइवेट लिमिटेड
  • कोहिनूर इंटस्ट्रीज लिमिटेड
  • जय बालाजी इंडस्ट्रीज लिमिटेड
  • शिवम ग्रुप ऑफ कंपनीज

Explanation:

  • नीलांचल आयरन एंड पॉवर लिमिटेड कांड्रा, सरायकेला-खरसावां में स्थित है।
  • यह जय बालाजी इंडस्ट्रीज लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है।
  • कांड्रा को झारखंड के पहले ग्लास फैक्ट्री (1942) के रूप में भी उल्लेखित किया गया है।

धनबाद के निकट एक प्रसिद्ध उर्वरक कॉम्पलैक्स, सिंदरी यूनिट झारखण्ड में किस नदी के तट पर स्थित है?

  • दामोदर
  • सुबर्णरेखा
  • मयूराक्षी
  • ताप्ती

Explanation:

  • सिंदरी उर्वरक कारखाना (FCIL) धनबाद जिले में स्थित है।
  • दामोदर नदी का उल्लेख झारखंड की सबसे लंबी एवं सर्वाधिक प्रदूषित नदी के रूप में किया गया है।
  • सिंदरी दामोदर नदी के तट पर स्थित है।
  • ACC Cement (सिंदरी) भी इसी क्षेत्र में स्थित है।

बोकारो अपनी लौह अयस्क की आपूर्ति किस खदान से प्राप्त करता है?

  • बाबा बुदन
  • क्योंझर
  • नोवामुंडी
  • बैलाडिला

Explanation:

  • बोकारो स्टील प्लांट को लौह अयस्क की आपूर्ति क्योंझर (ओडिशा) की खानों, किरीबुरू एवं मेघाहाटाबुरु (पश्चिमी सिंहभूम) से होती है।
  • टाटा स्टील को नोआमुंडी से लौह अयस्क की आपूर्ति होती है।
  • बैलाडिला छत्तीसगढ़ में स्थित है तथा बाबा बुदन कर्नाटक में।

बोकारो, निम्न में से किस कंपनी का आवास नहीं है?

  • जेपी ग्रुप
  • जिंदल स्टील
  • कोल इंडिया लिमिटेड
  • ओएनजीसी

Explanation:

  • बोकारो में स्थित कंपनियाँ:
    • बोकारो स्टील प्लांट (SAIL)
    • ESL Steel Limited
    • Dalmia Cement
    • JP Cement (जेपी ग्रुप)
    • सेल/भारत रिफ्रैक्टरी यूनिट – भंडारीदह
    • एशियन रिफ्रक्ट्रीज लिमिटेड
    • इंडियन एक्सप्लोसिव फैक्ट्री – गोमिया
  • जिंदल स्टील पतरातू (रामगढ़) में स्थित है, बोकारो में नहीं।
  • कोल इंडिया लिमिटेड (CCL) एवं ONGC की भी बोकारो में उपस्थिति है।

SAIL, भारत के केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों के सात महारत्नों में से एक है | SAIL का पूर्ण रूप क्या है?

  • शुगर अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड
  • स्टेट एसोसिएशन ऑफ इंडिया लिमिटेड
  • सोसाइटी ऑफ एग्रीकल्चर ऑफ इंडिया लिमिटेड
  • स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड

Explanation:

  • SAIL का पूर्व नाम – हिंदुस्तान स्टील लिमिटेड था।
  • इसका गठन 19 जनवरी 1954 को हुआ तथा SAIL नामकरण 24 जनवरी 1973 को हुआ।
  • बोकारो स्टील प्लांट SAIL के अंतर्गत कार्यरत है।
  • SAIL भारत के  महारत्न सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों में से एक है।

आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण, जमशेदपुर (AIADA) का क्षेत्र निम्नलिखित में से किस क्षेत्र तक सीमित है?

  • कोल्हान कमिश्नरी
  • संथालगढ़ कमिश्नरी
  • उत्तरी छोटानागपुर कमिश्नरी
  • दक्षिण छोटानागपुर और पलामू कमिश्नरी

Explanation:

  • AIADA (आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण) जमशेदपुर में स्थित है तथा इसका क्षेत्र कोल्हान कमिश्नरी तक सीमित है। AIADA के अंतर्गत पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम एवं सरायकेला-खरसावां जिले आते हैं। कोल्हान क्षेत्र सिंहभूम क्षेत्र के लिए प्राचीन नाम है।

इनमें से कौन-सा झारखण्ड का प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र सरकार द्वारा वर्गीकृत नहीं है?

  • आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण, जमशेदपुर (AIADA)
  • बोकारो इंडस्ट्रियल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी, बोकारो (BIADA)
  • राँची औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण, राँची (RIADA)
  • जमशेदपुर औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण, जमशेदपुर (JIADA)

Explanation:

  • झारखंड सरकार द्वारा 4 प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र वर्गीकृत किए गए हैं:
    • RIADA – राँची
    • BIADA – बोकारो
    • AIADA – आदित्यपुर (जमशेदपुर)
    • SPIADA – संथाल परगना (दुमका)
  • JIADA (झारखण्ड औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण) 2 मार्च 2001 को नाम परिवर्तन के बाद मुख्य प्राधिकरण है, जमशेदपुर औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण सरकार द्वारा वर्गीकृत नहीं है।

झारखण्ड राज्य सरकार द्वारा कितने प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र में वर्गीकृत किया गया है?

  • 4
  • 5
  • 3
  • 6

Explanation:

  • JIADA (JHARKHAND Industrial Area Development Authority) के अंतर्गत 4 प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण हैं:
    • RIADA – राँची
    • BIADA – बोकारो
    • AIADA – आदित्यपुर (जमशेदपुर)
    • SPIADA – संथाल परगना (दुमका)
  • इन 4 प्राधिकरणों के अंतर्गत कुल 12 जिले आते हैं। JIADA का मुख्यालय राँची में है तथा 2 मार्च 2001 को बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण से नाम परिवर्तन किया गया।

सात जनजातीय जिलों के औद्योगिक विकास हेतु प्रयासरत झारखण्ड के स्वायत्त निकाय का क्या नाम है?

  • राँची औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (आर.आई.ए.डी.ए)
  • राँची औद्योगिक जिला विकास प्राधिकरण (आर.आई. डी. डी.ए)
  • राँची प्राधिकरण औद्योगिक क्षेत्र विकास (आर.ए.डी.आई.ए.)
  • जिला राँची औद्योगिक विकास प्राधिकरण (आर.आई.डी.ए.डी.)

Explanation:

  • RIADA (Ranchi Industrial Area Development Authority) का गठन 1973 में किया गया था।
  • RIADA के अंतर्गत 8 जिले आते हैं – राँची, रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा, लोहरदगा, गुमला, पलामू, गढ़वा।
  • ये 7 जनजातीय जिलों के औद्योगिक विकास हेतु प्रयासरत है।
  • RIADA बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण अधिनियम 1974 के आधार पर गठित किया गया था।

राँची औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण, राँची (RIADA) का क्षेत्र निम्नलिखित कमिश्नरी से किस क्षेत्र तक ही सीमित है?

  • कोल्हान कमिश्नरी
  • संथालगढ़ कमिश्नरी
  • उत्तरी छोटानागपुर कमिश्नरी
  • दक्षिण छोटानागपुर और पलामू कमिश्नरी

Explanation:

  • RIADA के अंतर्गत राँची, रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा, लोहरदगा, गुमला, पलामू, गढ़वा जिले आते हैं।
  • ये दक्षिण छोटानागपुर और पलामू कमिश्नरी के अंतर्गत आते हैं।
  • RIADA का क्षेत्र दक्षिण छोटानागपुर और पलामू कमिश्नरी तक सीमित है।

बोकारो इंडस्ट्रियल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी, बोकारो (BIADA) का क्षेत्र क्या है?

  • कोल्हान कमिश्नरी
  • संथालगढ़ कमिश्नरी
  • उत्तरी छोटानागपुर कमिश्नरी
  • दक्षिण छोटानागपुर और पलामू कमिश्नरी

Explanation:

  • BIADA (Bokaro Industrial Area Development Authority) के अंतर्गत बोकारो, धनबाद, गिरिडीह जिले आते हैं।
  • ये उत्तरी छोटानागपुर कमिश्नरी के अंतर्गत आते हैं।
  • BIADA का गठन 1973 में किया गया था तथा 2016 में इसे JIADA के अंतर्गत लाया गया।

संथाल परगना इंडस्ट्रियल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी, दुमका (SPIADA) का क्षेत्र निम्नलिखित कम्पायर से किस क्षेत्र तक ही सीमित है?

  • कोल्हान कमिश्नरी
  • संथाल परगना कमिश्नरी
  • उत्तरी छोटानागपुर कमिश्नरी
  • दक्षिण छोटानागपुर और पलामू कमिश्नरी

Explanation:

  • SPIADA (Santhal Pargana Industrial Area Development Authority) का गठन 13 जुलाई 2006 को किया गया था।
  • इसके अंतर्गत देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, साहेबगंज जिले आते हैं।
  • ये संथाल परगना कमिश्नरी के अंतर्गत आते हैं।
  • SPIADA संथाल परगना कमिश्नरी तक सीमित है।

SPIADA झारखण्ड के छह कमांड जिलों में औद्योगिक विकास की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाता है। इन जिलों को सामूहिक रूप से किस नाम से जाना जाता है :

  • कोल्हान परगना
  • संथाल परगना
  • उत्तरी छोटानागपुर परगना
  • पलामू परगना

Explanation:

  • SPIADA के अंतर्गत 5 जिले आते हैं – देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, साहेबगंज।
  • इन जिलों को सामूहिक रूप से संथाल परगना के नाम से जाना जाता है।
  • संथाल परगना झारखंड के पूर्वी भाग में स्थित है तथा यहाँ मयूराक्षी, अजय, ब्राह्मणी, गुमानी आदि नदियाँ प्रवाहित होती हैं।

औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 1972 में बिहार सरकार द्वारा AIADA की स्थापना की गई थी। AIADA का पूर्ण रूप क्या है?

  • अमलाबाद इंडस्ट्रियल एंड एग्रीकल्चरल डेवेलपमेंट अथोरिटी
  • अंगरपरथर इंडस्ट्रियल एनुअल डेवेलपमेंट एसोसिएशन
  • आदित्यपुर इंडस्ट्रियल एरिया डेवेलपमेंट अथॉरिटी
  • अमेठी इंडस्ट्रियल एरिया डेवेलपमेंट एसोसिएशन

Explanation:

  • AIADA – Adityapur (Jamshedpur) Industrial Area Development Authority का गठन 1973 में बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण अधिनियम 1974 के आधार पर किया गया था।
  • आदित्यपुर (सरायकेला-खरसावां) जमशेदपुर के समीप स्थित है।
  • AIADA एशिया के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्रों में से एक है। 2016 में इसे JIADA के अंतर्गत लाया गया।
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