JharkhandGK

शंख नदी का उद्गम स्थल है:

  • गुमला
  • राँची
  • धनबाद
  • गोड्डा

Explanation:

  • शंख नदी का उद्गम स्थल — झारखंड के गुमला जिले में स्थित पठारी क्षेत्र है।
  • शंख और दक्षिण कोयल नदियों का संगम → वेणु/कोयल-संगम क्षेत्र के रूप में जाना जाता है।
  • उदगम  – चैनपुर (गुमला)
  • मुहाना- दक्षिणी कोयल
  • कुल लंबाई  – 240 किमी.
  • अपवाह क्षेत्र – गुमला
  • गुमला जिले में यह नदी सदनीघाघ जलप्रपात का निर्माण करती है।

जमशेदपुर में निम्न में से कौन-सी दो नदियों का संगम होता है?

  • गंगा और युमना
  • सोन और दामोदर
  • स्वर्णरेखा और खरकई
  • कोसी और गंगा

Explanation:

  • जमशेदपुर में खरकई नदी (Kharkai), स्वर्णरेखा नदी (Subarnarekha) में मिलती है।
  • यह संगम क्षेत्र दोमुहानी (Domuhani) के नाम से प्रसिद्ध है।
  • परीक्षा तथ्य:
    • स्वर्णरेखा + खरकई → दोमुहानी, जमशेदपुर
    • स्थान: जमशेदपुर, पूर्वी सिंहभूम, झारखंड

झारखण्ड की स्वर्णरेखा नदी को किस प्रकार का अपशिष्ट प्रदूषित कर रहा है?

  • थर्मल
  • रेडियोधर्मी
  • घरेलू
  • जैव निम्नीकरण

Explanation:

  • स्वर्णरेखा नदी मुख्य रूप से रेडियोधर्मी, औद्योगिक अपशिष्ट (Industrial Waste/Effluent) और घरेलू सीवेज (Domestic Sewage) से प्रदूषित होती है।
  • जमशेदपुर के औद्योगिक क्षेत्रों से निकलने वाला औद्योगिक अपशिष्ट नदी के प्रदूषण का प्रमुख स्रोत है।
  • औद्योगिक अपशिष्ट में भारी धातुएँ (Heavy Metals) जैसे सीसा (Pb), क्रोमियम (Cr), कैडमियम (Cd), निकेल (Ni), तांबा (Cu) और जस्ता (Zn) पाए गए हैं।

झारखण्ड में किस नदी द्रोणी पर चांडिल डैम स्थित है?

  • अजय नदी द्रोणी
  • स्वर्णरेखा नदी द्रोणी
  • उत्तरी कोयल नदी द्रोणी
  • दामोदर नदी द्रोणी

Explanation:

  • चांडिल डैम (Chandil Dam) — स्वर्णरेखा नदी (Subarnarekha River) पर स्थित है।
  • यह स्वर्णरेखा नदी द्रोणी (Subarnarekha River Basin) में स्थित है।
  • स्थान: चांडिल, सरायकेला-खरसावाँ जिला, झारखंड।
  • यह स्वर्णरेखा बहुउद्देशीय परियोजना (Subarnarekha Multipurpose Project) का प्रमुख भाग है।

निम्न में से सुवर्णरेखा नदी की उद्गम स्थल कौन-सी है?

  • रायसीना हिल्स
  • छोटानागपुर हिल्स
  • बन्स हिल्स
  • दुधवा हिल्स

Explanation:

  • स्वर्णरेखा नदी का उद्गम झारखंड के रांची जिले के नगड़ी क्षेत्र से होता है।
  • यह नदी झारखंड से निकलकर पश्चिम बंगाल और ओडिशा से होकर बंगाल की खाड़ी में गिरती है।
  • उद्गम की ऊँचाई: लगभग 600 मीटर।

इनमें से कौन-सी नदी छोटानागपुर पठार में नहीं बहती है?

  • दामोदर
  • उत्तर कोयल
  • दक्षिणी कोयल
  • महानदी

Explanation:

  • दामोदर नदी — छोटानागपुर पठार से होकर बहती है।
  • उत्तर कोयल नदी — छोटानागपुर पठार क्षेत्र में बहती है।
  • दक्षिण कोयल नदी — छोटानागपुर पठार से होकर बहती है।
  • महानदी — इसका उद्गम छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में सिहावा के पास होता है और यह मुख्यतः छत्तीसगढ़ एवं ओडिशा में बहती है।
  • यह मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ और ओडिशा राज्यों में बहती है।
  • मुहाना: बंगाल की खाड़ी।
  • महानदी की प्रमुख सहायक नदियाँ — शिवनाथ, हसदेव, मांड और इब।
  • हीराकुंड बाँध महानदी पर ओडिशा में स्थित है।

झारखण्ड की दामोदर नदी का उद्गम स्थल है

  • गुप्त गंगा पर्वत
  • देवघर त्रिकुट पर्वत
  • पद्मा, हजारीबाग
  • लातेहार, छोटानागपुर पठार

Explanation:

  • दामोदर नदी का उद्गम झारखंड के लातेहार जिले के छोटानागपुर पठार क्षेत्र से माना जाता है।
  • दामोदर नदी को “बंगाल का शोक (Sorrow of Bengal)” भी कहा जाता है।
  • यह नदी झारखंड और पश्चिम बंगाल से होकर बहती है।
  • इसकी प्रमुख सहायक नदियों में बराकर नदी शामिल है।
  • दामोदर घाटी परियोजना (DVC) दामोदर नदी घाटी से संबंधित प्रमुख बहुउद्देशीय परियोजना है।

मयूराक्षी नदी का उद्गम स्थल कहाँ स्थित है?

  • त्रिकुट पहाड़ी
  • मुंगेर
  • अमरकंटक
  • पारसनाथ पहाड़ी

Explanation:

  • मयूराक्षी नदी का उद्गम — त्रिकूट पहाड़ी (Trikut Hill), देवघर, झारखंड में होता है।
  • यह नदी झारखंड से निकलकर पश्चिम बंगाल में बहती है।
  • मसानजोर बाँध (Massanjore Dam) मयूराक्षी नदी पर स्थित है।
  • मसानजोर बाँध दुमका जिले में स्थित है।

झारखण्ड में कितनी मुख्य नदियाँ बहती हैं?

  • 5
  • 6
  • 7
  • 8

Explanation:

  • झारखंड की प्रमुख नदियाँ एवं उनके उद्गम स्थल
  • दामोदर नदी — खामारपाट/टोरी क्षेत्र, लातेहार, छोटानागपुर पठार।
  • स्वर्णरेखा नदी — नगड़ी, रांची के पास, छोटानागपुर पठार।
  • दक्षिण कोयल नदी — नागड़ी क्षेत्र, रांची के पास।
  • उत्तर कोयल नदी — रांची जिले के पठारी क्षेत्र से निकलती है।
  • मयूराक्षी नदी — त्रिकूट पहाड़ी, देवघर।
  • अजय नदी — मुंगेर जिले की पहाड़ियों से उद्गम; इसका कुछ भाग झारखंड में बहता है।
  • बराकर नदी — हजारीबाग जिले के पठारी क्षेत्र से उद्गम।
  • खरकई नदी — ओडिशा के मयूरभंज जिले की पहाड़ियों से निकलती है।
  • शंख नदी — गुमला जिले के पठारी क्षेत्र से उद्गम।
  • कांची नदी — रांची जिले के पठारी क्षेत्र से उद्गम।

स्वर्णरेखा नदी किस दिशा से और किस दिशा की ओर जाती है?

  • दक्षिण दिशा से पश्चिम
  • पूर्व से लेकर पश्चिम
  • उत्तर से पश्चिम
  • पश्चिम से दक्षिण – पूर्वी दिशा

Explanation:

  • स्वर्णरेखा नदी का प्रवाह मुख्यतः उत्तर-पश्चिम से दक्षिण-पूर्व दिशा की ओर है।
  • इसका उद्गम नगड़ी, रांची के पास होता है।
  • यह झारखंड से होकर पश्चिम बंगाल और ओडिशा की ओर जाती है।
  • अंत में यह बंगाल की खाड़ी में गिरती है।
  • स्वर्णरेखा नदी पर प्रमुख बाँध —
    • चांडिल बाँध (Chandil Dam) — स्वर्णरेखा नदी पर, सरायकेला-खरसावाँ।
    • गालूडीह बराज (Galudih Barrage) — स्वर्णरेखा नदी पर, पूर्वी सिंहभूम।
    • इचा बाँध (Icha Dam) — स्वर्णरेखा बहुउद्देशीय परियोजना का प्रमुख प्रस्तावित बाँध; पश्चिमी सिंहभूम क्षेत्र से संबंधित।

झारखण्ड की कौन-सी नदी को ‘सोने की नदी’ भी कहा जाता है?

  • दामोदर
  • सोन
  • स्वर्णरेखा
  • बराकर

Explanation:

  • स्वर्णरेखा नदी का प्रवाह मुख्यतः उत्तर-पश्चिम से दक्षिण-पूर्व दिशा की ओर है।
  • इसका उद्गम नगड़ी, रांची के पास होता है।
  • यह झारखंड से होकर पश्चिम बंगाल और ओडिशा की ओर जाती है।
  • अंत में यह बंगाल की खाड़ी में गिरती है।
  • स्वर्णरेखा नदी पर प्रमुख बाँध —
    • चांडिल बाँध (Chandil Dam) — स्वर्णरेखा नदी पर, सरायकेला-खरसावाँ।
    • गालूडीह बराज (Galudih Barrage) — स्वर्णरेखा नदी पर, पूर्वी सिंहभूम।
    • इचा बाँध (Icha Dam) — स्वर्णरेखा बहुउद्देशीय परियोजना का प्रमुख प्रस्तावित बाँध; पश्चिमी सिंहभूम क्षेत्र से संबंधित।
  • झारखंड की ‘सोने की नदी‘ → स्वर्णरेखा नदी।

स्वर्णरेखा नदी की कुल लंबाई कितनी है ?

  • 395 किमी.
  • 495 किमी.
  • 295 किमी.
  • 550 किमी.

Explanation:

  • झारखंड की नदियाँ – कुल लंबाई
  • सोन नदी – 784 किमी
  • दामोदर नदी – 592 किमी (झारखंड में 290 किमी)
    • दामोदर नदी झारखंड में सबसे लंबी (290 किमी) एवं सबसे बड़ी नदी है
  • ब्राह्मणी नदी – 480 किमी
  • स्वर्णरेखा नदी – 470 किमी
  • दक्षिणी कोयल नदी – 470 किमी
  • अजय नदी – 288 किमी
  • उत्तरी कोयल नदी – 260 किमी
  • मयूराक्षी नदी – 250 किमी
  • शंख नदी – 240 किमी
  • बराकर नदी – 225 किमी
  • पुनपुन नदी – 200 किमी
  • रोरो नदी – 58 किमी

स्वर्णरेखा नदी का उद्गम स्थान क्या है?

  • चंदवा
  • पिस्का
  • अमरकंटक
  • पद्मा

Explanation:

  • झारखंड की प्रमुख नदियाँ एवं उनके उद्गम स्थल
  • दामोदर नदी — खामारपाट/टोरी क्षेत्र, लातेहार, छोटानागपुर पठार।
  • स्वर्णरेखा नदी — नगड़ी, रांची के पास, छोटानागपुर पठार।
  • दक्षिण कोयल नदी — नागड़ी क्षेत्र, रांची के पास।
  • उत्तर कोयल नदी — (पिस्का के पास)  रांची जिले के पठारी क्षेत्र से निकलती है।
  • मयूराक्षी नदी — त्रिकूट पहाड़ी, देवघर।
  • अजय नदी — मुंगेर जिले की पहाड़ियों से उद्गम; इसका कुछ भाग झारखंड में बहता है।
  • बराकर नदी — हजारीबाग जिले के पठारी क्षेत्र से उद्गम।
  • खरकई नदी — ओडिशा के मयूरभंज जिले की पहाड़ियों से निकलती है।
  • शंख नदी — गुमला जिले के पठारी क्षेत्र से उद्गम।
  • कांची नदी — रांची जिले के पठारी क्षेत्र से उद्गम।
  • सोन नदी उदगम – मैकाल पर्वत की अमरकंटक पहाड़ी
  • पुनपुन नदी उदगम – पलामू 
  • फल्गु नदी उदगम – छोटानागपुर पठार का उत्तरी भाग
  • सकरी  नदी
    • उदगम – उत्तरी छोटानागपुर का पठार

पूर्वी सिंहभूम जिले में निम्न में से कौन-सी नदी बहती है ?

  • गंगा नदी दक्षिण दिशा से पश्चिम की ओर बहती है
  • स्वर्णरेखा नदी पश्चिम से दक्षिण – पूर्वी दिशा में बहती है
  • यमुना नदी पूर्व से लेकर पश्चिम की दिशा में बहती है
  • काली नदी पूरब से पश्चिम की दिशा में बहती है

Explanation:

नगड़ी गाँव स्वर्णरेखा एवं ….. नदियों के उत्पत्ति के लिए प्रसिद्ध है।

  • दामोदर
  • दक्षिणी कोयल
  • चानन
  • बराकर

Explanation:

निम्नांकित नदियों में से कौन-सी झारखण्ड राज्य से होकर प्रवाहित नहीं होती है?

  • दामोदर
  • दक्षिणी कोयल
  • चानन
  • कादवा

Explanation:

अमानत नदी किसमें गिरती है?

  • दामोदर
  • दक्षिणी कोयल
  • चानन
  • उत्तरी कोयल नदी

Explanation:

खरकई नदी …… में गिरती है ।

  • दामोदर
  • दक्षिणी कोयल
  • स्वर्ण रेखा नदी
  • उत्तरी कोयल नदी

Explanation:

निम्नलिखित में से कौन झारखण्ड की एक मुख्य नदी नहीं है?

  • दामोदर
  • दक्षिणी कोयल
  • स्वर्ण रेखा नदी
  • फल्गु

Explanation:

इनमें से कौन-सी नदी पलामू जिले के छोटानागपुर पठार से निकलती है?

  • दामोदर
  • दक्षिणी कोयल
  • स्वर्ण रेखा नदी
  • फल्गु

Explanation:

निम्न में से किस नदी को ‘शोक की नदी’ भी कहा जाता है?

  • दामोदर
  • दक्षिणी कोयल
  • स्वर्ण रेखा नदी
  • फल्गु

Explanation:

केसो, अकटो, गुरिओ, गुखाणा नदी ………. नदी की मुख्य उपनदियाँ हैं।

  • दामोदर
  • दक्षिणी कोयल
  • स्वर्ण रेखा नदी
  • बराकर

Explanation:

इनमें से कौन-सी नदी छोटानागपुर पठार से होते हुए नहीं बहती है ?

  • बराकर
  • उत्तरी कोयल
  • स्वर्ण रेखा नदी
  • इनमें से कोई नहीं

Explanation:

देवघर से किस नदी का उद्गम होता है ?

  • अजय नदी
  • उत्तरी कोयल
  • स्वर्ण रेखा नदी
  • इनमें से कोई नहीं

Explanation:

  • झारखंड की प्रमुख नदियाँ एवं उनके उद्गम स्थल
  • दामोदर नदी — खामारपाट/टोरी क्षेत्र, लातेहार, छोटानागपुर पठार।
  • स्वर्णरेखा नदी — नगड़ी, रांची के पास, छोटानागपुर पठार।
  • दक्षिण कोयल नदी — नागड़ी क्षेत्र, रांची के पास।
  • उत्तर कोयल नदी — (पिस्का के पास)  रांची जिले के पठारी क्षेत्र से निकलती है।
  • मयूराक्षी नदी — त्रिकूट पहाड़ी, देवघर।
  • अजय नदी — मुंगेर जिले की पहाड़ियों से उद्गम; इसका कुछ भाग झारखंड में बहता है।
  • बराकर नदी — हजारीबाग जिले के पठारी क्षेत्र से उद्गम।
  • खरकई नदी — ओडिशा के मयूरभंज जिले की पहाड़ियों से निकलती है।
  • शंख नदी — गुमला जिले के पठारी क्षेत्र से उद्गम।
  • कांची नदी — रांची जिले के पठारी क्षेत्र से उद्गम।
  • सोन नदी उदगम – मैकाल पर्वत की अमरकंटक पहाड़ी
  • पुनपुन नदी उदगम – पलामू 
  • फल्गु नदी उदगम – छोटानागपुर पठार का उत्तरी भाग
  • सकरी  नदी
    • उदगम – उत्तरी छोटानागपुर का पठार

गिरिडीह जिले में विभाजित होने वाले दो मुख्य जलपोतों का नाम क्या है?

  • सतलुज और यमुना नदियाँ
  • गंगा और यमुना नदियां
  • बराकर और सकरी नदियां
  • व्यास और झेलम नदियां

Explanation:

कनहर नदी, जो छत्तीसगढ़ के सरगुजा से शुरू होती है झारखण्ड में………….. ब्लॉक, गढ़वा जिला से राज्य में प्रवेश करती है।

  • भवनाथपुर
  • मझियाँव
  • ऊँटारी
  • भंडरिया

Explanation:

किउल नदी झारखण्ड के …………. जिले से निकलती है। Panchayat Secretary – 2018

  • हजारीबाग
  • गिरिडीह
  • गढ़वा
  • पूर्वी सिंहभूम

Explanation:

शंख नदी का उदगम स्थल है:

  • गुमला
  • गिरिडीह
  • गढ़वा
  • पूर्वी सिंहभूम

Explanation:

  • उदगम  – चैनपुर (गुमला)
  • मुहाना- दक्षिणी कोयल
  • कुल लंबाई  – 240 किमी.
  • अपवाह क्षेत्र – गुमला
  • गुमला जिले में यह नदी सदनीघाघ जलप्रपात का निर्माण करती है।

दामोदर नदी……..से होकर नहीं गुजरती है।

  • हजारीबाग
  • गिरिडीह
  • धनबाद
  • पूर्वी सिंहभूम

Explanation:

खरकई नदी …… से निकलती है।

  • पारसनाथ पहाड़ी
  • त्रिकूट पहाड़ी
  • सिमलीपाल
  • झरिया

Explanation:

अमानत नदी निकलती है :

  • पारसनाथ पहाड़ी
  • त्रिकूट पहाड़ी
  • सिमलीपाल
  • हजारीबाग पठार से

Explanation:

निम्नलिखित स्थानों में से, सोन नदी जो झारखण्ड के प्रमुख नदियों में से एक है कहाँ से उत्पन्न होती है?

  • अमरकंटक
  • डेहरी
  • दीनापुर
  • मुंगेर

Explanation:

सोन नदी जो झारखण्ड के गढ़वा तथा पलामू जिलों के मध्य सीमा बनाती है, कहाँ से शुरू होती है?

  • अमरकंटक
  • डेहरी
  • दीनापुर
  • मुंगेर

Explanation:

झारखण्ड की दामोदर नदी का उद्गम स्थल है?

  • अमरकंटक
  • पद्मा
  • चूल्हा पानी
  • पिस्का

Explanation:

  • झारखंड की प्रमुख नदियाँ एवं उनके उद्गम स्थल
  • दामोदर नदी — Chulhapani,खामारपाट/टोरी क्षेत्र, लातेहार, छोटानागपुर पठार।
  • स्वर्णरेखा नदी — नगड़ी, रांची के पास, छोटानागपुर पठार।
  • दक्षिण कोयल नदी — नागड़ी क्षेत्र, रांची के पास।
  • उत्तर कोयल नदी — (पिस्का के पास)  रांची जिले के पठारी क्षेत्र से निकलती है।
  • मयूराक्षी नदी — त्रिकूट पहाड़ी, देवघर।
  • अजय नदी — मुंगेर जिले की पहाड़ियों से उद्गम; इसका कुछ भाग झारखंड में बहता है।
  • बराकर नदी — हजारीबाग जिले के पठारी क्षेत्र से उद्गम।
  • खरकई नदी — ओडिशा के मयूरभंज जिले की पहाड़ियों से निकलती है।
  • शंख नदी — गुमला जिले के पठारी क्षेत्र से उद्गम।
  • कांची नदी — रांची जिले के पठारी क्षेत्र से उद्गम।
  • सोन नदी उदगम – मैकाल पर्वत की अमरकंटक पहाड़ी
  • पुनपुन नदी उदगम – पलामू 
  • फल्गु नदी उदगम – छोटानागपुर पठार का उत्तरी भाग
  • सकरी  नदी
    • उदगम – उत्तरी छोटानागपुर का पठार

बराकर नदी का उद्गम स्थान क्या है?

  • अमरकंटक
  • पद्मा
  • चूल्हा पानी
  • पिस्का

Explanation:

  • झारखंड की प्रमुख नदियाँ एवं उनके उद्गम स्थल
  • दामोदर नदी — Chulhapani,खामारपाट/टोरी क्षेत्र, लातेहार, छोटानागपुर पठार।
  • स्वर्णरेखा नदी — नगड़ी, रांची के पास, छोटानागपुर पठार।
  • दक्षिण कोयल नदी — नागड़ी क्षेत्र, रांची के पास।
  • उत्तर कोयल नदी — (पिस्का के पास)  रांची जिले के पठारी क्षेत्र से निकलती है।
  • मयूराक्षी नदी — त्रिकूट पहाड़ी, देवघर।
  • अजय नदी — मुंगेर जिले की पहाड़ियों से उद्गम; इसका कुछ भाग झारखंड में बहता है।
  • बराकर नदी — पद्मा , हजारीबाग जिले के पठारी क्षेत्र से उद्गम।
  • खरकई नदी — ओडिशा के मयूरभंज जिले की पहाड़ियों से निकलती है।
  • शंख नदी — गुमला जिले के पठारी क्षेत्र से उद्गम।
  • कांची नदी — रांची जिले के पठारी क्षेत्र से उद्गम।
  • सोन नदी उदगम – मैकाल पर्वत की अमरकंटक पहाड़ी
  • पुनपुन नदी उदगम – पलामू 
  • फल्गु नदी उदगम – छोटानागपुर पठार का उत्तरी भाग
  • सकरी  नदी
    • उदगम – उत्तरी छोटानागपुर का पठार

निम्न में से किस पहाड़ी से ब्राह्मणी नदी का उदगम होता है?

  • बांस पहाड़ी
  • दुधवा पहाड़ी
  • त्रिकूट पहाड़ी
  • राजमहल पहाड़ी

Explanation:

  • झारखंड की प्रमुख नदियाँ एवं उनके उद्गम स्थल
  • दामोदर नदी — Chulhapani,खामारपाट/टोरी क्षेत्र, लातेहार, छोटानागपुर पठार।
  • स्वर्णरेखा नदी — नगड़ी, रांची के पास, छोटानागपुर पठार।
  • दक्षिण कोयल नदी — नागड़ी क्षेत्र, रांची के पास।
  • उत्तर कोयल नदी — (पिस्का के पास)  रांची जिले के पठारी क्षेत्र से निकलती है।
  • मयूराक्षी नदी — त्रिकूट पहाड़ी, देवघर।
  • अजय नदी — मुंगेर जिले की पहाड़ियों से उद्गम; इसका कुछ भाग झारखंड में बहता है।
  • बराकर नदी — पद्मा , हजारीबाग जिले के पठारी क्षेत्र से उद्गम।
  • खरकई नदी — ओडिशा के मयूरभंज जिले की पहाड़ियों से निकलती है।
  • शंख नदी — गुमला जिले के पठारी क्षेत्र से उद्गम।
  • कांची नदी — रांची जिले के पठारी क्षेत्र से उद्गम।
  • सोन नदी उदगम – मैकाल पर्वत की अमरकंटक पहाड़ी
  • पुनपुन नदी उदगम – पलामू 
  • फल्गु नदी उदगम – छोटानागपुर पठार का उत्तरी भाग
  • सकरी  नदी उदगम – उत्तरी छोटानागपुर का पठार
  • ब्राह्मणी नदी उदगम – दुधवा पहाड़ी (दुमका)

झारखण्ड की उत्तरी कोयल नदी कहाँ से शुरू होती है ?

  • राँची के पठार के मध्य से
  • छोटा नागपुर पठार
  • देवघर पठार
  • इनमें से कोई नहीं

Explanation:

  • झारखंड की प्रमुख नदियाँ एवं उनके उद्गम स्थल
  • दामोदर नदी — Chulhapani,खामारपाट/टोरी क्षेत्र, लातेहार, छोटानागपुर पठार।
  • स्वर्णरेखा नदी — नगड़ी, रांची के पास, छोटानागपुर पठार।
  • दक्षिण कोयल नदी — नागड़ी क्षेत्र, रांची के पास।
  • उत्तर कोयल नदी — (पिस्का के पास)  रांची जिले के पठारी क्षेत्र से निकलती है।
  • मयूराक्षी नदी — त्रिकूट पहाड़ी, देवघर।
  • अजय नदी — मुंगेर जिले की पहाड़ियों से उद्गम; इसका कुछ भाग झारखंड में बहता है।
  • बराकर नदी — पद्मा , हजारीबाग जिले के पठारी क्षेत्र से उद्गम।
  • खरकई नदी — ओडिशा के मयूरभंज जिले की पहाड़ियों से निकलती है।
  • शंख नदी — गुमला जिले के पठारी क्षेत्र से उद्गम।
  • कांची नदी — रांची जिले के पठारी क्षेत्र से उद्गम।
  • सोन नदी उदगम – मैकाल पर्वत की अमरकंटक पहाड़ी
  • पुनपुन नदी उदगम – पलामू 
  • फल्गु नदी उदगम – छोटानागपुर पठार का उत्तरी भाग
  • सकरी  नदी उदगम – उत्तरी छोटानागपुर का पठार
  • ब्राह्मणी नदी उदगम – दुधवा पहाड़ी (दुमका)

निम्न में से कौन-सा नदियों और उनके मूल का सही मिलान नहीं है?

  • त्रिकुट पहाड़ियों से मयूराक्षी नदी
  • मुंगेर से अजय नदी
  • छोटानागपुर पठार से दामोदर नदी
  • टैगोर पहाड़ी से दक्षिणी कोयल नदी

Explanation:

  • झारखंड की प्रमुख नदियाँ एवं उनके उद्गम स्थल
  • दामोदर नदी — Chulhapani,खामारपाट/टोरी क्षेत्र, लातेहार, छोटानागपुर पठार।
  • स्वर्णरेखा नदी — नगड़ी, रांची के पास, छोटानागपुर पठार।
  • दक्षिण कोयल नदी — नगड़ी क्षेत्र, रांची के पास।
  • उत्तर कोयल नदी — (पिस्का के पास)  रांची जिले के पठारी क्षेत्र से निकलती है।
  • मयूराक्षी नदी — त्रिकूट पहाड़ी, देवघर।
  • अजय नदी — मुंगेर जिले की पहाड़ियों से उद्गम; इसका कुछ भाग झारखंड में बहता है।
  • बराकर नदी — पद्मा , हजारीबाग जिले के पठारी क्षेत्र से उद्गम।
  • खरकई नदी — ओडिशा के मयूरभंज जिले की पहाड़ियों से निकलती है।
  • शंख नदी — गुमला जिले के पठारी क्षेत्र से उद्गम।
  • कांची नदी — रांची जिले के पठारी क्षेत्र से उद्गम।
  • सोन नदी उदगम – मैकाल पर्वत की अमरकंटक पहाड़ी
  • पुनपुन नदी उदगम – पलामू 
  • फल्गु नदी उदगम – छोटानागपुर पठार का उत्तरी भाग
  • सकरी  नदी उदगम – उत्तरी छोटानागपुर का पठार
  • ब्राह्मणी नदी उदगम – दुधवा पहाड़ी (दुमका)

बराकर नदी की कुल लम्बाई कितनी है ?

  • 250 किमी.
  • 225 किमी.
  • 330 किमी.
  • 410 किमी.

Explanation:

दामोदर नदी की कुल लंबाई कितनी है?

  • 550 किमी.
  • 225 किमी.
  • 592 किमी.
  • 410 किमी.

Explanation:

  • झारखंड की नदियाँ – कुल लंबाई
  • सोन नदी – 784 किमी
  • दामोदर नदी – 592 किमी (झारखंड में 290 किमी)
    • दामोदर नदी झारखंड में सबसे लंबी (290 किमी) एवं सबसे बड़ी नदी है
  • ब्राह्मणी नदी – 480 किमी
  • स्वर्णरेखा नदी – 470 किमी
  • दक्षिणी कोयल नदी – 470 किमी
  • अजय नदी – 288 किमी
  • उत्तरी कोयल नदी – 260 किमी
  • मयूराक्षी नदी – 250 किमी
  • शंख नदी – 240 किमी
  • बराकर नदी – 225 किमी
  • पुनपुन नदी – 200 किमी
  • रोरो नदी – 58 किमी

दामोदर नदी भारत के किस राज्य से शुरू होती है?

  • झारखण्ड
  • बिहार
  • पश्चिम बंगाल
  • उत्तर प्रदेश

Explanation:

झारखण्ड से बहने वाली दामोदर नदी को क्या कहा जाता था ?

  • बिहार का शोक
  • झारखण्ड का शोक
  • बंगाल का शोक
  • इनमें से कोई नहीं

Explanation:

झारखण्ड के किस जलप्रपात के बारे में मान्यता है कि उसमें गौतम बुद्ध ने स्नान किया था?

  • दशम जलप्रपात
  • जोन्हा जलप्रपात
  • हुण्डरू जलप्रपात
  • हिरनी जलप्रपात

Explanation:

  •  जोन्हा जलप्रपात (Jonha Falls) – इसे गौतमधारा (Gautamdhara) भी कहा जाता है।
  • मान्यता: भगवान गौतम बुद्ध ने यहाँ स्नान किया था।
  • स्थान: राँची जिला, जोन्हा गाँव के पास।
  • नदी: राढ़ू (Raru) नदी।
  • ऊँचाई: लगभग 43 मीटर (140–150 फीट)।
  • दशम जलप्रपात (Dassam Falls)
    • नदी: कांची नदी
    • जिला: राँची
  • हुण्डरू जलप्रपात (Hundru Falls)
    • नदी: स्वर्णरेखा नदी
    • जिला: राँची
  • हिरनी जलप्रपात (Hirni Falls)
    • नदी: रामगढा (Ramgarha) नदी
    • जिला: पश्चिमी सिंहभूम

औसतन 468 फीट की ऊंचाई से गिरकर,निम्नलिखित में से कौन-सा जलप्रपात झारखण्ड में सबसे बड़े जलप्रपात की रचना करता है?

  • दशम जलप्रपात
  • जोन्हा जलप्रपात
  • हुण्डरू जलप्रपात
  • लोध जलप्रपात

Explanation:

  • दशम → कांची → राँची → 44 मीटर
  • जोन्हा → राढ़ू → राँची → 43 मीटर
  • हुण्डरू → स्वर्णरेखा → राँची → 98 मीटर
  • लोध → बूढ़ा → लातेहार → 143 मीटर/468 feet

झारखण्ड में निम्नलिखित में से किस नदी से प्रसिद्ध लोधा जलप्रपात बनता है?

  • कांची नदी
  • बनाई नदी
  • रामगढ़ नदी
  • बुढ़ाघाघ नदी

Explanation:

  • कांची नदी
    • उद्गम स्थल: राँची जिले के तैमारा क्षेत्र के पास
    • प्रमुख जलप्रपात: दशम जलप्रपात (Dassam Falls)
    • जिला: राँची
  • बनाई नदी (Banoi River)
    • उद्गम स्थल: सिमडेगा क्षेत्र
    • प्रमुख जलप्रपात: बानो जलप्रपात
    • जिला: सिमडेगा
  • रामगढ़ नदी / रामगढ़ा नदी
    • उद्गम स्थल: पश्चिमी सिंहभूम के पहाड़ी क्षेत्र
    • प्रमुख जलप्रपात: हिरनी जलप्रपात
    • जिला: पश्चिमी सिंहभूम
  • बूढ़ा नदी
    • उद्गम स्थल: लातेहार जिले के पठारी क्षेत्र
    • प्रमुख जलप्रपात: लोध जलप्रपात (बूढ़ा घाघ)
    • जिला: लातेहार
    • विशेष: लोध जलप्रपात झारखण्ड का सबसे ऊँचा जलप्रपात माना जाता है।

झारखण्ड में निम्नलिखित में से किस नदी से प्रसिद्ध दशम जलप्रपात बनता है?

  • कांची नदी
  • बनाई नदी
  • रामगढ़ नदी
  • बुर्हा नदी

Explanation:

  • कांची नदी
    • उद्गम स्थल: राँची जिले के तैमारा क्षेत्र के पास
    • प्रमुख जलप्रपात: दशम जलप्रपात (Dassam Falls)
    • जिला: राँची
  • बनाई नदी (Banoi River)
    • उद्गम स्थल: सिमडेगा क्षेत्र
    • प्रमुख जलप्रपात: बानो जलप्रपात
    • जिला: सिमडेगा
  • रामगढ़ नदी / रामगढ़ा नदी
    • उद्गम स्थल: पश्चिमी सिंहभूम के पहाड़ी क्षेत्र
    • प्रमुख जलप्रपात: हिरनी जलप्रपात
    • जिला: पश्चिमी सिंहभूम
  • बूढ़ा नदी
    • उद्गम स्थल: लातेहार जिले के पठारी क्षेत्र
    • प्रमुख जलप्रपात: लोध जलप्रपात (बूढ़ा घाघ)
    • जिला: लातेहार
    • विशेष: लोध जलप्रपात झारखण्ड का सबसे ऊँचा जलप्रपात माना जाता है।

हुण्डरू जलप्रपात झारखण्ड की किस नदी पर स्थित है?

  • कांची नदी
  • स्वर्णरेखा नदी
  • रामगढ़ नदी
  • दामोदर नदी

Explanation:

  • कांची नदी
    • उद्गम: राँची जिले के तैमारा क्षेत्र के पास, छोटानागपुर पठार
    • प्रमुख जलप्रपात: दशम जलप्रपात (Dassam Falls)
    • स्थान: राँची
  • स्वर्णरेखा नदी
    • उद्गम: राँची जिले के नगड़ी क्षेत्र के पास
    • प्रमुख जलप्रपात: हुण्डरू जलप्रपात (Hundru Falls)
    • स्थान: राँची
    • विशेष: हुण्डरू जलप्रपात स्वर्णरेखा नदी पर स्थित है।
  • रामगढ़ा नदी (Ramgarha River)
    • उद्गम: पश्चिमी सिंहभूम के पठारी क्षेत्र
    • प्रमुख जलप्रपात: हिरनी जलप्रपात (Hirni Falls)
    • स्थान: पश्चिमी सिंहभूम
  • दामोदर नदी
    • उद्गम: लातेहार जिले के टोरी क्षेत्र के निकट, छोटानागपुर पठार
    • प्रमुख जलप्रपात: लारू जलप्रपात (Laru Falls) को दामोदर नदी से संबंधित प्रमुख जलप्रपातों में गिना जाता है।
    • विशेष: दामोदर को ‘बंगाल का शोक’ (Sorrow of Bengal) भी कहा जाता है।

किस जलप्रपात को गौतमधारा के रूप में भी जाना जाता है, क्योंकि माना जाता है कि भगवान बुद्ध ने वहां स्नान किया था?

  • दशम जलप्रपात
  • जोन्हा जलप्रपात
  • हुण्डरू जलप्रपात
  • हिरनी जलप्रपात

Explanation:

  • दशम → कांची → राँची → 44 मीटर / 144 फीट
  • जोन्हा → राढ़ू → राँची → 43 मीटर / 141 फीट
  • हुण्डरू → स्वर्णरेखा → राँची → 98 मीटर / 322 फीट
  • हिरनी → रामगढ़ा → पश्चिमी सिंहभूम → 37 मीटर / 121 फीट

झारखण्ड में दशम प्रपात की उत्पत्ति किस नदी से होती है?

  • अजय
  • घाघरा
  • कांची
  • शंख

Explanation:

  • दशम → कांची → राँची → 44 मीटर / 144 फीट
  • जोन्हा → राढ़ू → राँची → 43 मीटर / 141 फीट
  • हुण्डरू → स्वर्णरेखा → राँची → 98 मीटर / 322 फीट
  • हिरनी → रामगढ़ा → पश्चिमी सिंहभूम → 37 मीटर / 121 फीट

झारखण्ड का सबसे ऊँचा जलप्रपात है ?

  • जोन्हा
  • हुण्डरू
  • दशम
  • बुढ़ाघाघ / लोध

Explanation:

  • लोध जलप्रपात (बूढ़ा घाघ) → बूढ़ा नदी → लातेहार → 143 मीटर / 469 फीट
  • हुण्डरू जलप्रपात → स्वर्णरेखा नदी → राँची → 98 मीटर / 322 फीट
  • दशम जलप्रपात → कांची नदी → राँची → 44 मीटर / 144 फीट
  • जोन्हा जलप्रपात (गौतमधारा) → राढ़ू नदी → राँची → 43 मीटर / 141 फीट
  • हिरनी जलप्रपात → रामगढ़ा नदी → पश्चिमी सिंहभूम → 37 मीटर / 121 फीट
  • पंचघाघ जलप्रपात → बनई नदी → खूँटी → लगभग 30 मीटर / 98 फीट

स्थान के आधार पर निम्न में से बेमेल की पहचान करें

  • दशम जलप्रपात – Ranchi
  • सदनी जलप्रपात – Gumla
  • जोन्हा जलप्रपात – Ranchi
  • पंचघाघ जलप्रपात – Gumla

Explanation:

  • दशम जलप्रपात → काँची नदी → राँची जिला → लगभग 44 मीटर
  • सदनी जलप्रपात → शंख नदी → गुमला जिला → लगभग 60 मीटर
  • जोन्हा जलप्रपात → रारू (Raru) नदी → राँची जिला → लगभग 43–45 मीटर
  • पंचघाघ जलप्रपात → बनई (Banoi) नदी → खूंटी जिला → लगभग 30 मीटर

सतबहिनी जलप्रपात किस जिले में स्थित है ?

  • रांची
  • गुमला
  • गढ़वा
  • पश्चिमी सिंघभूम

Explanation:

  • राँची
    • हुंडरू जलप्रपात → स्वर्णरेखा नदी  → 98 मीटर / 320 फीट
    • दशम जलप्रपात → काँची नदी  → 44 मीटर / 144 फीट
    • जोन्हा जलप्रपात (गौतमधारा) → रारू (Raru) नदी → 43 मीटर / 141 फीट
  • गुमला
    • सदनी जलप्रपात → शंख नदी  → लगभग 61 मीटर / 200 फीट
  • गढ़वा
    • गुरु सिंधु जलप्रपात → कनहर नदी तंत्र  → लगभग 40 मीटर
      • झारखंड–छत्तीसगढ़ सीमा के पास, चिनिया प्रखंड क्षेत्र में स्थित है।
    • पवाई जलप्रपात → कनहर नदी  → लगभग 61 मीटर / 200 फीट
    • सतबहिनी जलप्रपात
  • पश्चिमी सिंहभूम
    • हिरनी जलप्रपात → रामगढ़ा (Ramgarha) नदी → पश्चिमी सिंहभूम → 37 मीटर / 121 फीट
    • ठाकुरा जलप्रपात → 
    • सुपुंगदा जलप्रपात →

सुखलदरी जलप्रपात किस जिले में स्थित है ?

  • रांची
  • गुमला
  • गढ़वा
  • पश्चिमी सिंघभूम

Explanation:

  • राँची
    • हुंडरू जलप्रपात → स्वर्णरेखा नदी  → 98 मीटर / 320 फीट
    • दशम जलप्रपात → काँची नदी  → 44 मीटर / 144 फीट
    • जोन्हा जलप्रपात (गौतमधारा) → रारू (Raru) नदी → 43 मीटर / 141 फीट
  • गुमला
    • सदनी जलप्रपात → शंख नदी  → लगभग 61 मीटर / 200 फीट
  • गढ़वा
    • गुरु सिंधु जलप्रपात → कनहर नदी तंत्र  → लगभग 40 मीटर
      • झारखंड–छत्तीसगढ़ सीमा के पास, चिनिया प्रखंड क्षेत्र में स्थित है।
    • पवाई जलप्रपात → कनहर नदी  → लगभग 61 मीटर / 200 फीट
    • सतबहिनी जलप्रपात
    • सुखलदरी जलप्रपात
    • बलचौरा जलप्रपात
    • हेसातु जलप्रपात
  • पश्चिमी सिंहभूम
    • हिरनी जलप्रपात → रामगढ़ा (Ramgarha) नदी → पश्चिमी सिंहभूम → 37 मीटर / 121 फीट
    • ठाकुरा जलप्रपात → 
    • सुपुंगदा जलप्रपात →

बलचौरा जलप्रपात किस जिले में स्थित है ?

  • रांची
  • गुमला
  • गढ़वा
  • पश्चिमी सिंघभूम

Explanation:

  • राँची
    • हुंडरू जलप्रपात → स्वर्णरेखा नदी  → 98 मीटर / 320 फीट
    • दशम जलप्रपात → काँची नदी  → 44 मीटर / 144 फीट
    • जोन्हा जलप्रपात (गौतमधारा) → रारू (Raru) नदी → 43 मीटर / 141 फीट
  • गुमला
    • सदनी जलप्रपात → शंख नदी  → लगभग 61 मीटर / 200 फीट
  • गढ़वा
    • गुरु सिंधु जलप्रपात → कनहर नदी तंत्र  → लगभग 40 मीटर
      • झारखंड–छत्तीसगढ़ सीमा के पास, चिनिया प्रखंड क्षेत्र में स्थित है।
    • पवाई जलप्रपात → कनहर नदी  → लगभग 61 मीटर / 200 फीट
    • सतबहिनी जलप्रपात
    • सुखलदरी जलप्रपात
    • बलचौरा जलप्रपात
    • हेसातु जलप्रपात
  • पश्चिमी सिंहभूम
    • हिरनी जलप्रपात → रामगढ़ा (Ramgarha) नदी → पश्चिमी सिंहभूम → 37 मीटर / 121 फीट
    • ठाकुरा जलप्रपात → 
    • सुपुंगदा जलप्रपात →

गुरसिंधु जलप्रपात किस जिले में स्थित है ?

  • रांची
  • गुमला
  • गढ़वा
  • पश्चिमी सिंघभूम

Explanation:

  • राँची
    • हुंडरू जलप्रपात → स्वर्णरेखा नदी  → 98 मीटर / 320 फीट
    • दशम जलप्रपात → काँची नदी  → 44 मीटर / 144 फीट
    • जोन्हा जलप्रपात (गौतमधारा) → रारू (Raru) नदी → 43 मीटर / 141 फीट
  • गुमला
    • सदनी जलप्रपात → शंख नदी  → लगभग 61 मीटर / 200 फीट
  • गढ़वा
    • गुरु सिंधु जलप्रपात → कनहर नदी तंत्र  → लगभग 40 मीटर
      • झारखंड–छत्तीसगढ़ सीमा के पास, चिनिया प्रखंड क्षेत्र में स्थित है।
    • पवाई जलप्रपात → कनहर नदी  → लगभग 61 मीटर / 200 फीट
    • सतबहिनी जलप्रपात
    • सुखलदरी जलप्रपात
    • बलचौरा जलप्रपात
    • हेसातु जलप्रपात
  • पश्चिमी सिंहभूम
    • हिरनी जलप्रपात → रामगढ़ा (Ramgarha) नदी → पश्चिमी सिंहभूम → 37 मीटर / 121 फीट
    • ठाकुरा जलप्रपात → 
    • सुपुंगदा जलप्रपात →

हेसातु जलप्रपात किस जिले में स्थित है ?

  • रांची
  • गुमला
  • गढ़वा
  • पश्चिमी सिंघभूम

Explanation:

  • राँची
    • हुंडरू जलप्रपात → स्वर्णरेखा नदी  → 98 मीटर / 320 फीट
    • दशम जलप्रपात → काँची नदी  → 44 मीटर / 144 फीट
    • जोन्हा जलप्रपात (गौतमधारा) → रारू (Raru) नदी → 43 मीटर / 141 फीट
  • गुमला
    • सदनी जलप्रपात → शंख नदी  → लगभग 61 मीटर / 200 फीट
  • गढ़वा
    • गुरु सिंधु जलप्रपात → कनहर नदी तंत्र  → लगभग 40 मीटर
      • झारखंड–छत्तीसगढ़ सीमा के पास, चिनिया प्रखंड क्षेत्र में स्थित है।
    • पवाई जलप्रपात → कनहर नदी  → लगभग 61 मीटर / 200 फीट
    • सतबहिनी जलप्रपात
    • सुखलदरी जलप्रपात
    • बलचौरा जलप्रपात
    • हेसातु जलप्रपात
  • पश्चिमी सिंहभूम
    • हिरनी जलप्रपात → रामगढ़ा (Ramgarha) नदी → पश्चिमी सिंहभूम → 37 मीटर / 121 फीट
    • ठाकुरा जलप्रपात → 
    • सुपुंगदा जलप्रपात →

गूंगाझंझ जलप्रपात किस जिले में स्थित है ?

  • रांची
  • गुमला
  • गढ़वा
  • पश्चिमी सिंघभूम

Explanation:

  • राँची
    • हुंडरू जलप्रपात → स्वर्णरेखा नदी  → 98 मीटर / 320 फीट
    • दशम जलप्रपात → काँची नदी  → 44 मीटर / 144 फीट
    • जोन्हा जलप्रपात (गौतमधारा) → रारू (Raru) नदी → 43 मीटर / 141 फीट
  • गुमला
    • सदनी जलप्रपात → शंख नदी  → लगभग 61 मीटर / 200 फीट
  • गढ़वा
    • पवाई जलप्रपात → कनहर नदी  → लगभग 61 मीटर / 200 फीट
    • सतबहिनी जलप्रपात
    • सुखलदरी जलप्रपात – कनहर नदी  → लगभग 30 मीटर
    • बलचौरा जलप्रपात
    • गुरु सिंधु जलप्रपात → कनहर नदी तंत्र  → लगभग 40 मीटर
      • झारखंड–छत्तीसगढ़ सीमा के पास, चिनिया प्रखंड क्षेत्र में स्थित है।
    • हेसातु जलप्रपात
    • गुंगझाँझ
  • पश्चिमी सिंहभूम
    • हिरनी जलप्रपात → रामगढ़ा (Ramgarha) नदी → पश्चिमी सिंहभूम → 37 मीटर / 121 फीट
    • ठाकुरा जलप्रपात → 
    • सुपुंगदा जलप्रपात →

बुढ़ाघाघ जलप्रपात किस जिले में स्थित है ?

  • रांची
  • लातेहार
  • गढ़वा
  • पश्चिमी सिंघभूम

Explanation:

  • लोध जलप्रपात (बूढ़ा घाघ) → बूढ़ा नदी → लातेहार → लगभग 143 मीटर / 468 फीट –  झारखंड का सबसे ऊँचा जलप्रपात।
  • कांति जलप्रपात → पहाड़ी नदी → लातेहार → 200 फीट से अधिक
  • इंद्रा जलप्रपात → पहाड़ी नदी → लातेहार → लगभग 30 फीट / 9 मीटर
  • मिरचैया जलप्रपात → उत्तर कोयल नदी की सहायक नदी → लातेहार →

लोधाघाघ जलप्रपात किस जिले में स्थित है ?

  • रांची
  • लातेहार
  • गढ़वा
  • पश्चिमी सिंघभूम

Explanation:

  • लोध जलप्रपात (बूढ़ा घाघ) → बूढ़ा नदी → लातेहार → लगभग 143 मीटर / 468 फीट –  झारखंड का सबसे ऊँचा जलप्रपात।
  • कांति जलप्रपात → पहाड़ी नदी → लातेहार → 200 फीट से अधिक
  • इंद्रा जलप्रपात → पहाड़ी नदी → लातेहार → लगभग 30 फीट / 9 मीटर
  • मिरचैया जलप्रपात → उत्तर कोयल नदी की सहायक नदी → लातेहार →

सुखलदरी जलप्रपात किस नदी में स्थित है ?

  • कन्हर नदी
  • सतबहिनी नदी
  • घाघरी नदी
  • बूढ़ा नदी

Explanation:

सुखलदरी जलप्रपात की ऊंचाई कितनी है ?

  • 40 मी
  • 16 मी
  • 45 मी
  • 30 मी

Explanation:

झारखण्ड का सबसे ऊँचा जलप्रपात कितनी ऊँची है ?

  • 400 फीट
  • 450 फीट
  • 540 फीट
  • 490 मी

Explanation:

  • लोध जलप्रपात (बूढ़ा घाघ) → बूढ़ा नदी → लातेहार → लगभग 143 मीटर / 468 फीट –  झारखंड का सबसे ऊँचा जलप्रपात।
  • कांति जलप्रपात → पहाड़ी नदी → लातेहार → 200 फीट से अधिक
  • इंद्रा जलप्रपात → पहाड़ी नदी → लातेहार → लगभग 30 फीट / 9 मीटर
  • मिरचैया जलप्रपात → उत्तर कोयल नदी की सहायक नदी → लातेहार →

लातेहार जिले के चंदवा-कुडू मार्ग के सेन्हा गाँव से 6 किलोमीटर की दूरी पर कौन सा जलप्रपात स्थित है ?

  • घाघरी जलप्रपात
  • गौतमघाघ जलप्रपात
  • मिरचईया जलप्रपात
  • कांति जलप्रपात

Explanation:

  • लोध जलप्रपात (बूढ़ा घाघ) → बूढ़ा नदी → लातेहार → लगभग 143 मीटर / 468 फीट –  झारखंड का सबसे ऊँचा जलप्रपात।
  • कांति जलप्रपात → पहाड़ी नदी → लातेहार → 200 फीट से अधिक
  • इंद्रा जलप्रपात → पहाड़ी नदी → लातेहार → लगभग 30 फीट / 9 मीटर
  • मिरचैया जलप्रपात → उत्तर कोयल नदी की सहायक नदी → लातेहार →

झारखण्ड का दूसरा सबसे ऊँचा जलप्रपात कितनी ऊँची है ?

  • 98 मी
  • 350 फीट
  • 140 मी
  • 450 मी

Explanation:

झारखण्ड का दूसरा सबसे ऊँचा जलप्रपात हुण्डरू जलप्रपात किस प्रखंड में स्थित है ?

  • अनगड़ा प्रखंड
  • चान्हो प्रखंड
  • सिल्ली प्रखंड
  • बुंडू प्रखंड

Explanation:

झारखण्ड नवीकरणीय संसाधन में समृद्ध है क्योंकि-

  • दामोदर घाटी में कोयले का भण्डार है।
  • प्रचुर मात्रा में जलप्रपात है।
  • आग्नेय चट्टानों में खनिजों का भण्डार हैं।
  • पर्याप्त जंगल है।

Explanation:

झारखण्ड के छोटानागपुर इलाके में कई झरने हैं। इनमें से कौन-से इलाके में सबसे अधिक संख्या में झरने हैं?

  • पाकुड़
  • राँची
  • साहेबगंज
  • सिंहभूम

Explanation:

हिरणी झरना…… में है।

  • पाकुड़
  • राँची
  • साहेबगंज
  • पश्चिमी सिंहभूम

Explanation:

प्रसिद्ध ऊसरी फॉल झारखण्ड के किस जिले में स्थित है?

  • गिरिडीह
  • राँची
  • साहेबगंज
  • पश्चिमी सिंहभूम

Explanation:

घाघरी जलप्रताप …….. में स्थित है।

  • गिरिडीह
  • राँची
  • नेतरहाट
  • पश्चिमी सिंहभूम

Explanation:

स्थान के आधार पर निम्न में से बेमेल की पहचान करें:-

  • दशम जलप्रपात
  • सीता जलप्रपात
  • सदनी जलप्रपात
  • जोन्हा जलप्रपात

Explanation:

निम्न में से कौन-सा संयोजन गलत है?

  • कुंडा जलप्रपात- लातेहार
  • हेपाद जलप्रपात- गुमला
  • तामासिन जलप्रपात -चतरा
  • मुनिडीह जलप्रपात- धनबाद

Explanation:

झारखण्ड में निम्नलिखित में से किस नदी से प्रसिद्ध दशम जलप्रपात बनता है? , PGT – 2018

  • कांची नदी
  • बनाई नदी
  • रामगढ़ नदी
  • बुर्हा नदी

Explanation:

झारखण्ड में निम्नलिखित में से किस नदी से प्रसिद्ध लोधा जलप्रपात बनता है ?

  • कांची नदी
  • बनाई नदी
  • रामगढ़ नदी
  • बूढ़ाघाघ नदी

Explanation:

मोतीझरा जलप्रपात.. नदी पर बना है ।

  • कांची नदी
  • बनाई नदी
  • अजय नदी
  • बूढ़ाघाघ नदी

Explanation:

हुंडरू जलप्रपात झारखण्ड की किस नदी पर स्थित है?

  • कांची नदी
  • सुवर्णरेखा नदी
  • अजय नदी
  • बूढ़ाघाघ नदी

Explanation:

हुन्डरू फॉल्स से कौन-सी नदी गिरती है?

  • कांची नदी
  • सुवर्णरेखा नदी
  • अजय नदी
  • बूढ़ाघाघ नदी

Explanation:

हुंडरू राँची से कितनी दूर है सड़क रास्ते से ?

  • 45 किलोमीटर
  • 50 किलोमीटर
  • 34 किलोमीटर
  • 52 किलोमीटर

Explanation:

झारखण्ड का सबसे ऊँचा जलप्रापात कौन-सा है, जहाँ जल 100 मीटर की ऊँचाई से गिरता है?

  • हिरनी
  • हुन्डरू
  • दशम
  • जोन्हा

Explanation:

राजमहल पहाड़ियों में निम्नलिखित में कौन-सा महत्वपूर्ण झरना शामिल है ?

  • हिरनी
  • हुन्डरू
  • मोतीझरा
  • जोन्हा

Explanation:

औसतन 468 फीट की ऊँचाई से गिरकर, निम्नलिखित में से कौन-सा जलप्रपात झारखण्ड में सबसे बड़े जलप्रपात की रचना करता है?

  • हिरनी जलप्रपात
  • हुन्डरू जलप्रपात
  • मोतीझरा जलप्रपात
  • लोध जलप्रपात

Explanation:

झारखण्ड में निम्न में से कौन-सा झरना गौतमधारा फॉल्स ( झरना) के रूप में भी जाना जाता है?

  • जोन्हा जलप्रपात
  • हुन्डरू जलप्रपात
  • मोतीझरा जलप्रपात
  • लोध जलप्रपात

Explanation:

झारखण्ड के किस जलप्रपात के बारे में मान्यता है कि उसमें गौतम बुद्ध ने स्नान किया था ?

  • जोन्हा जलप्रपात
  • हुन्डरू जलप्रपात
  • मोतीझरा जलप्रपात
  • लोध जलप्रपात

Explanation:

निम्नलिखित में से कौन से जलप्रपात – नदी युग्म सम्मिलित नहीं है?

  • हुंडरू – स्वर्णरेखा
  • जोन्हा-रारू
  • दशम – काँची
  • लोध-बराकर

Explanation:

निम्नलिखित में से कौन से जलप्रपात – नदी युग्म सम्मिलित नहीं है?

  • सदनी – शंख
  • हुंडरू जलप्रपात – सुबर्णरेखा नदी
  • दशम जलप्रपात – कांची नदी
  • पेरवाघाघ- उत्तर कोयल

Explanation:

झारखण्ड और संबंधित जनपदों में जलप्रपातों का कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?

  • हुण्डरू जलप्रपात-राँची
  • हिरनी जलप्रपात – पश्चिम सिंहभूम
  • निचला घाघरी जलप्रपात -लातेहार
  • रजरप्पा जलप्रपात – पलामू

Explanation:

राँची के निकट अवस्थित हुंडरू जलप्रपात की ऊँचाई है, लगभग :

  • 20 मीटर
  • 220 मीटर
  • 98 मीटर
  • 120 मीटर

Explanation:

स्वर्णरेखा नदी हुन्डरू फॉल्स से कितनी ऊंचाई से गिरती है ?

  • 320 फीट
  • 245 फीट
  • 300 फीट
  • 280 फीट

Explanation:

झारखण्ड का सर्वाधिक गर्मकुंड जिसे सूर्यकुंड कहा जाता है, कहाँ स्थित है?

  • राँची
  • हजारीबाग
  • धनबाद
  • बोकारो

Explanation:

झारखण्ड के किस शहर को “झरनों का शहर” कहा जाता है?

  • राँची
  • हजारीबाग
  • धनबाद
  • बोकारो

Explanation:

गर्म पानी का तालाब कावा ……. में स्थित है।

  • राँची
  • हजारीबाग
  • धनबाद
  • बोकारो

Explanation:

ततलोई गर्म पानी का झरना कहां स्थित है?

  • राँची
  • हजारीबाग
  • धनबाद
  • दुमका

Explanation:

झारखण्ड के किस जिले में गर्म पानी का तालाब स्थित है?

  • राँची
  • हजारीबाग
  • धनबाद
  • दुमका

Explanation:

झारखण्ड के किस जिले में ‘तोपचांची’ झील स्थित है?

  • राँची
  • हजारीबाग
  • धनबाद
  • दुमका

Explanation:

झारखण्ड के किस शहर में ‘हुडको झील’ स्थित है?

  • राँची
  • जमशेदपुर
  • धनबाद
  • दुमका

Explanation:

निम्नलिखित में से कौन-सी झील जमशेदपुर में है ?

  • काँके बाँध
  • हुडको झील
  • तोपचांची बाँध
  • धुर्वा बाँध

Explanation:

निम्नलिखित में से कौन-सी झील धनबाद में है?

  • काँके बाँध
  • हुडको झील
  • तोपचांची बाँध
  • धुर्वा बाँध

Explanation:

हजारीबाग का सूर्यकुंड झारखण्ड का सबसे ज्यादा गरम पानी का स्रोत है। इसका तापमान क्या है?

  •  84 °C (186 °F)
  • 80°C ( 182 °F)
  • 88°C (190 °F)
  • 92 °C (194°F)

Explanation:

दामोदर घाटी परियोजना में कुल कितने बांध हैं?

  • 5
  • 8
  • 6
  • 4

Explanation:

चांडिल डैम किस नदी पर है?

  • सोन
  • कोयल
  • दामोदर
  • सुवर्णरेखा-खरकई

Explanation:

मैथन डैम कब एवं किस नदी पर बना?

  • दामोदर-1953
  • बोकारो-1955
  • पंचेत-1956
  • बराकर-1958

Explanation:

झारखण्ड की हाईडल पावर प्रोजेक्ट किस स्थान पर है?

  • तिलैया
  • तेनुघाट
  • चंद्रपुरा
  • मैथन

Explanation:

किस निगम ने पतरातू ताप बिजली घर के प्रबंधन के लिए झारखण्ड सरकार के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किया जाता है?

  • एन.टी.पी.सी.
  • ए,आर.ई.वी.ए,
  • एन.ए.एल.सी.ओ.
  • बी.एच.ई.एल

Explanation:

ऊर्जा गंगा जगदीशपुर-हल्दिया पाइपलाइन केनिर्माण के लिए झारखण्ड ने निम्नलिखित में से किसके साथ GCA पर हस्ताक्षर किया है?

  • एन.टी.पी.सी.
  • गेल
  • एन.ए.एल.सी.ओ.
  • बी.एच.ई.एल

Explanation:

‘तिलैया डैम’ किस नदी पर स्थित है?

  • बराकर
  • कोयल
  • दामोदर
  • स्वर्णरेखा

Explanation:

कोयलकारो जल विद्युत परियोजना किस राज्य में है?

  • बिहार
  • उड़ीसा
  • झारखण्ड
  • बिहार-झारखण्ड

Explanation:

चांडिल डैम किस जिले में है?

  • सरायकेला
  • बोकारो
  • पूर्वी सिंहभूम
  • गिरिडीह

Explanation:

सीतारामपुर डैम किस जिले में है?

  • सरायकेला
  • बोकारो
  • पूर्वी सिंहभूम
  • गिरिडीह

Explanation:

पालना डैम किस जिले में है?

  • सरायकेला
  • बोकारो
  • पूर्वी सिंहभूम
  • गिरिडीह

Explanation:

कशीदा डैम किस जिले में है?

  • सरायकेला
  • बोकारो
  • पूर्वी सिंहभूम
  • गिरिडीह

Explanation:

कांके डैम किस जिले में है?

  • सरायकेला
  • बोकारो
  • पूर्वी सिंहभूम
  • रांची

Explanation:

गेतलसूद (रुक्का ) डैम किस जिले में है?

  • सरायकेला
  • बोकारो
  • पूर्वी सिंहभूम
  • रांची

Explanation:

हटिया डैम किस जिले में है?

  • सरायकेला
  • बोकारो
  • पूर्वी सिंहभूम
  • रांची

Explanation:

धुर्वा डैम किस जिले में है?

  • सरायकेला
  • बोकारो
  • पूर्वी सिंहभूम
  • रांची

Explanation:

पारस डैम किस जिले में है?

  • सरायकेला
  • बोकारो
  • पूर्वी सिंहभूम
  • रांची

Explanation:

गरगा डैम किस जिले में है?

  • सरायकेला
  • बोकारो
  • पूर्वी सिंहभूम
  • रांची

Explanation:

तेनुघाट डैम किस जिले में है?

  • सरायकेला
  • बोकारो
  • पूर्वी सिंहभूम
  • रांची

Explanation:

मंडल डैम किस जिले में है?

  • लातेहार
  • बोकारो
  • पूर्वी सिंहभूम
  • रांची

Explanation:

झरिया डैम किस जिले में है?

  • लातेहार
  • बोकारो
  • धनबाद
  • रांची

Explanation:

भैरवी डैम किस जिले में है?

  • लातेहार
  • रामगढ
  • धनबाद
  • रांची

Explanation:

पंचखेरो डैम किस जिले में है?

  • लातेहार
  • रामगढ
  • कोडरमा
  • रांची

Explanation:

तिलैया डैम किस जिले में है?

  • लातेहार
  • रामगढ
  • कोडरमा
  • रांची

Explanation:

मैथन डैम किस जिले में है?

  • लातेहार
  • रामगढ
  • कोडरमा
  • धनबाद

Explanation:

पंचेत डैम किस जिले में है?

  • लातेहार
  • रामगढ
  • कोडरमा
  • धनबाद

Explanation:

तोपचांची झील किस जिले में है?

  • लातेहार
  • रामगढ
  • कोडरमा
  • धनबाद

Explanation:

छड़वा डैम किस जिले में है?

  • लातेहार
  • हज़ारीबाग़
  • कोडरमा
  • धनबाद

Explanation:

कोनार डैम किस जिले में है?

  • लातेहार
  • हज़ारीबाग़
  • कोडरमा
  • धनबाद

Explanation:

  • कोनार सिंचाई परियोजना की आधारशिला: सितंबर 1978 में रखी गई थी।
  • आधारशिला अविभाजित बिहार के तत्कालीन राज्यपाल जगन्नाथ कौशल (Jagannath Kaushal) ने रखी थी।
  • परियोजना की प्रारंभिक अनुमानित लागत लगभग ₹11.43 करोड़ थी।
  • यह परियोजना हजारीबाग, गिरिडीह और बोकारो जिलों में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई थी।
  • कोनार नदी (दामोदर की सहायक)
  • कोनार Dam

    • प्रारंभ की तिथि-15-10-1955
    • संबंधित नदी – कोनार
    • संबंधित जिला- हजारीबाग
    • जलग्रहण क्षेत्र- 997 Sq Km
  • कोनार सिंचाई परियोजना का उद्घाटन: 28 अगस्त 2019 को किया गया था।
    • उद्घाटनकर्ता: तत्कालीन झारखंड मुख्यमंत्री रघुवर दास।
    • स्थान: बनासो, विष्णुगढ़ प्रखंड, हजारीबाग।
  • कोनार सिंचाई/कुंड (या कोनार बांध) परियोजना मुख्य रूप से झारखंड के हजारीबाग जिले में स्थित है, हालांकि इसका लाभ गिरिडीह और बोकारो जिलों को भी मिलता है

मसानजोर डैम किस जिले में है?

  • दुमका
  • हज़ारीबाग़
  • कोडरमा
  • धनबाद

Explanation:

  • बोकारो
    • तेनुघाट बाँध → दामोदर नदी
    • गर्गा बाँध → गर्गा नदी
    • बोकारो थर्मल क्षेत्र के जलाशय
  • चतरा
    • दुलकी बाँध → लिलाजन नदी
    • हिरू बाँध → हिरू नदी
    • सुधारी नाला बाँध → सुधारी नाला
  • देवघर
    • पुनासी जलाशय परियोजना → अजय नदी तंत्र
  • धनबाद
    • मैथन बाँध → बराकर नदी
    • पंचेत बाँध → दामोदर नदी
    • तोपचांची जलाशय → तोपचांची
  • दुमका
    • मसानजोर बाँध (कनाडा बाँध) → मयूराक्षी नदी
    • कैराबनी बाँध → आसबनी नदी
  • गढ़वा
    • अनराज बाँध → अनराज नदी
    • बभनी खांड बाँध → बभनी खांड
    • कन्हर परियोजना → कन्हर नदी
  • गिरिडीह
    • खरकई/स्थानीय जलाशय परियोजनाएँ
    • उसरी नदी क्षेत्र के जलाशय
  • गोड्डा
    • सुंदर बाँध → सुंदर नदी
  • गुमला
    • धनसिंगटोली बाँध → खखराजोर नदी
    • कटरी बाँध → बांकी नदी
  • हजारीबाग
    • कोनार बाँध/जलाशय → कोनार नदी
    • घाघरा बाँध → घाघरा नदी
    • गोंडा बाँध → गोंडा नदी
    • जमुनिया बाँध → जमुनिया नदी
  • जामताड़ा
    • अजय नदी क्षेत्र की सिंचाई संरचनाएँ
    • अजय बराज परियोजना → अजय नदी
  • खूंटी
    • स्थानीय लघु एवं मध्यम जलाशय
  • कोडरमा
    • तिलैया बाँध → बराकर नदी
    • केशो बाँध → चांदो/केशो नदी
  • लातेहार
    • औरंगा जलाशय परियोजना → औरंगा नदी
  • लोहरदगा
    • स्थानीय सिंचाई जलाशय
  • पाकुड़
    • गुमानी बराज परियोजना क्षेत्र → गुमानी नदी
  • पलामू
    • अमानत बाँध/बराज → अमानत नदी
    • उत्तरी कोयल जलाशय परियोजना → उत्तरी कोयल नदी
  • रामगढ़
    • पतरातू जलाशय → नलकारी नदी
  • राँची
    • गेतलसूद बाँध → स्वर्णरेखा नदी तंत्र
    • कांके बाँध → कांके नदी
    • हटिया बाँध → स्वर्णरेखा नदी
    • सिकिदिरी जलाशय → राँची नदी
  • साहिबगंज
    • गुमानी नदी क्षेत्र की सिंचाई परियोजनाएँ
  • सरायकेला-खरसावाँ
    • चांडिल बाँध → स्वर्णरेखा नदी
    • ईचा बाँध → खरकई नदी
  • सिमडेगा
    • कांसजोर बाँध → कांसजोर नदी
  • पश्चिमी सिंहभूम
    • जांसाई बाँध → बामनीगुटु नदी
    • कोयल-कारो जलविद्युत परियोजना → दक्षिणी कोयल एवं कारो नदियाँ
  • पूर्वी सिंहभूम
    • गालूडीह बराज (Galudih Barrage) → स्वर्णरेखा नदी → गालूडीह, पूर्वी सिंहभूम।
    • डिमना बाँध (Dimna Dam) → डिमना जलाशय → जमशेदपुर/डिमना क्षेत्र, पूर्वी सिंहभूम।
    • बुरूडीह बाँध/जलाशय (Burudih Lake/Dam) → घाटशिला क्षेत्र, पूर्वी सिंहभूम।

डिमना झील किस जिले में है?

  • दुमका
  • पूर्वी सिंहभूम
  • कोडरमा
  • धनबाद

Explanation:

  • बोकारो
    • तेनुघाट बाँध → दामोदर नदी
    • गर्गा बाँध → गर्गा नदी
    • बोकारो थर्मल क्षेत्र के जलाशय
  • चतरा
    • दुलकी बाँध → लिलाजन नदी
    • हिरू बाँध → हिरू नदी
    • सुधारी नाला बाँध → सुधारी नाला
  • देवघर
    • पुनासी जलाशय परियोजना → अजय नदी तंत्र
  • धनबाद
    • मैथन बाँध → बराकर नदी
    • पंचेत बाँध → दामोदर नदी
    • तोपचांची जलाशय → तोपचांची
  • दुमका
    • मसानजोर बाँध (कनाडा बाँध) → मयूराक्षी नदी
    • कैराबनी बाँध → आसबनी नदी
  • गढ़वा
    • अनराज बाँध → अनराज नदी
    • बभनी खांड बाँध → बभनी खांड
    • कन्हर परियोजना → कन्हर नदी
  • गिरिडीह
    • खरकई/स्थानीय जलाशय परियोजनाएँ
    • उसरी नदी क्षेत्र के जलाशय
  • गोड्डा
    • सुंदर बाँध → सुंदर नदी
  • गुमला
    • धनसिंगटोली बाँध → खखराजोर नदी
    • कटरी बाँध → बांकी नदी
  • हजारीबाग
    • कोनार बाँध/जलाशय → कोनार नदी
    • घाघरा बाँध → घाघरा नदी
    • गोंडा बाँध → गोंडा नदी
    • जमुनिया बाँध → जमुनिया नदी
  • जामताड़ा
    • अजय नदी क्षेत्र की सिंचाई संरचनाएँ
    • अजय बराज परियोजना → अजय नदी
  • खूंटी
    • स्थानीय लघु एवं मध्यम जलाशय
  • कोडरमा
    • तिलैया बाँध → बराकर नदी
    • केशो बाँध → चांदो/केशो नदी
  • लातेहार
    • औरंगा जलाशय परियोजना → औरंगा नदी
  • लोहरदगा
    • स्थानीय सिंचाई जलाशय
  • पाकुड़
    • गुमानी बराज परियोजना क्षेत्र → गुमानी नदी
  • पलामू
    • अमानत बाँध/बराज → अमानत नदी
    • उत्तरी कोयल जलाशय परियोजना → उत्तरी कोयल नदी
  • रामगढ़
    • पतरातू जलाशय → नलकारी नदी
  • राँची
    • गेतलसूद बाँध → स्वर्णरेखा नदी तंत्र
    • कांके बाँध → कांके नदी
    • हटिया बाँध → स्वर्णरेखा नदी
    • सिकिदिरी जलाशय → राँची नदी
  • साहिबगंज
    • गुमानी नदी क्षेत्र की सिंचाई परियोजनाएँ
  • सरायकेला-खरसावाँ
    • चांडिल बाँध → स्वर्णरेखा नदी
    • ईचा बाँध → खरकई नदी
  • सिमडेगा
    • कांसजोर बाँध → कांसजोर नदी
  • पश्चिमी सिंहभूम
    • जांसाई बाँध → बामनीगुटु नदी
    • कोयल-कारो जलविद्युत परियोजना → दक्षिणी कोयल एवं कारो नदियाँ
  • पूर्वी सिंहभूम
    • गालूडीह बराज (Galudih Barrage) → स्वर्णरेखा नदी → गालूडीह, पूर्वी सिंहभूम।
    • डिमना बाँध (Dimna Dam) → डिमना जलाशय → जमशेदपुर/डिमना क्षेत्र, पूर्वी सिंहभूम।
    • बुरूडीह बाँध/जलाशय (Burudih Lake/Dam) → घाटशिला क्षेत्र, पूर्वी सिंहभूम।

बुरूडीह डैम किस जिले में है?

  • दुमका
  • पूर्वी सिंहभूम
  • कोडरमा
  • धनबाद

Explanation:

  • बोकारो
    • तेनुघाट बाँध → दामोदर नदी
    • गर्गा बाँध → गर्गा नदी
    • बोकारो थर्मल क्षेत्र के जलाशय
  • चतरा
    • दुलकी बाँध → लिलाजन नदी
    • हिरू बाँध → हिरू नदी
    • सुधारी नाला बाँध → सुधारी नाला
  • देवघर
    • पुनासी जलाशय परियोजना → अजय नदी तंत्र
  • धनबाद
    • मैथन बाँध → बराकर नदी
    • पंचेत बाँध → दामोदर नदी
    • तोपचांची जलाशय → तोपचांची
  • दुमका
    • मसानजोर बाँध (कनाडा बाँध) → मयूराक्षी नदी
    • कैराबनी बाँध → आसबनी नदी
  • गढ़वा
    • अनराज बाँध → अनराज नदी
    • बभनी खांड बाँध → बभनी खांड
    • कन्हर परियोजना → कन्हर नदी
  • गिरिडीह
    • खरकई/स्थानीय जलाशय परियोजनाएँ
    • उसरी नदी क्षेत्र के जलाशय
  • गोड्डा
    • सुंदर बाँध → सुंदर नदी
  • गुमला
    • धनसिंगटोली बाँध → खखराजोर नदी
    • कटरी बाँध → बांकी नदी
  • हजारीबाग
    • कोनार बाँध/जलाशय → कोनार नदी
    • घाघरा बाँध → घाघरा नदी
    • गोंडा बाँध → गोंडा नदी
    • जमुनिया बाँध → जमुनिया नदी
  • जामताड़ा
    • अजय नदी क्षेत्र की सिंचाई संरचनाएँ
    • अजय बराज परियोजना → अजय नदी
  • खूंटी
    • स्थानीय लघु एवं मध्यम जलाशय
  • कोडरमा
    • तिलैया बाँध → बराकर नदी
    • केशो बाँध → चांदो/केशो नदी
  • लातेहार
    • औरंगा जलाशय परियोजना → औरंगा नदी
  • लोहरदगा
    • स्थानीय सिंचाई जलाशय
  • पाकुड़
    • गुमानी बराज परियोजना क्षेत्र → गुमानी नदी
  • पलामू
    • अमानत बाँध/बराज → अमानत नदी
    • उत्तरी कोयल जलाशय परियोजना → उत्तरी कोयल नदी
  • रामगढ़
    • पतरातू जलाशय → नलकारी नदी
  • राँची
    • गेतलसूद बाँध → स्वर्णरेखा नदी तंत्र
    • कांके बाँध → कांके नदी
    • हटिया बाँध → स्वर्णरेखा नदी
    • सिकिदिरी जलाशय → राँची नदी
  • साहिबगंज
    • गुमानी नदी क्षेत्र की सिंचाई परियोजनाएँ
  • सरायकेला-खरसावाँ
    • चांडिल बाँध → स्वर्णरेखा नदी
    • ईचा बाँध → खरकई नदी
  • सिमडेगा
    • कांसजोर बाँध → कांसजोर नदी
  • पश्चिमी सिंहभूम
    • जांसाई बाँध → बामनीगुटु नदी
    • कोयल-कारो जलविद्युत परियोजना → दक्षिणी कोयल एवं कारो नदियाँ
    • सोनुआ बाँध (Sonua Dam) → संजय नदी →
    • पंसुआ बाँध (Pansua Dam) →
    • जेनासाई बाँध (Jenasai Dam) →
    • टोर्लो बाँध (Torlo Dam) →
    • मोदी बाँध (Modi Dam) →
  • पूर्वी सिंहभूम
    • गालूडीह बराज (Galudih Barrage) → स्वर्णरेखा नदी → गालूडीह, पूर्वी सिंहभूम।
    • डिमना बाँध (Dimna Dam) → डिमना जलाशय → जमशेदपुर/डिमना क्षेत्र, पूर्वी सिंहभूम।
    • बुरूडीह बाँध/जलाशय (Burudih Lake/Dam) → घाटशिला क्षेत्र, पूर्वी सिंहभूम।

बरमोदी डैम किस जिले में है?

  • दुमका
  • पूर्वी सिंहभूम
  • कोडरमा
  • पश्चिमी सिंहभूम

Explanation:

  • बोकारो
    • तेनुघाट बाँध → दामोदर नदी
    • गर्गा बाँध → गर्गा नदी
    • बोकारो थर्मल क्षेत्र के जलाशय
  • चतरा
    • दुलकी बाँध → लिलाजन नदी
    • हिरू बाँध → हिरू नदी
    • सुधारी नाला बाँध → सुधारी नाला
  • देवघर
    • पुनासी जलाशय परियोजना → अजय नदी तंत्र
  • धनबाद
    • मैथन बाँध → बराकर नदी
    • पंचेत बाँध → दामोदर नदी
    • तोपचांची जलाशय → तोपचांची
  • दुमका
    • मसानजोर बाँध (कनाडा बाँध) → मयूराक्षी नदी
    • कैराबनी बाँध → आसबनी नदी
  • गढ़वा
    • अनराज बाँध → अनराज नदी
    • बभनी खांड बाँध → बभनी खांड
    • कन्हर परियोजना → कन्हर नदी
  • गिरिडीह
    • खरकई/स्थानीय जलाशय परियोजनाएँ
    • उसरी नदी क्षेत्र के जलाशय
  • गोड्डा
    • सुंदर बाँध → सुंदर नदी
  • गुमला
    • धनसिंगटोली बाँध → खखराजोर नदी
    • कटरी बाँध → बांकी नदी
  • हजारीबाग
    • कोनार बाँध/जलाशय → कोनार नदी
    • घाघरा बाँध → घाघरा नदी
    • गोंडा बाँध → गोंडा नदी
    • जमुनिया बाँध → जमुनिया नदी
  • जामताड़ा
    • अजय नदी क्षेत्र की सिंचाई संरचनाएँ
    • अजय बराज परियोजना → अजय नदी
  • खूंटी
    • स्थानीय लघु एवं मध्यम जलाशय
  • कोडरमा
    • तिलैया बाँध → बराकर नदी
    • केशो बाँध → चांदो/केशो नदी
  • लातेहार
    • औरंगा जलाशय परियोजना → औरंगा नदी
  • लोहरदगा
    • स्थानीय सिंचाई जलाशय
  • पाकुड़
    • गुमानी बराज परियोजना क्षेत्र → गुमानी नदी
  • पलामू
    • अमानत बाँध/बराज → अमानत नदी
    • उत्तरी कोयल जलाशय परियोजना → उत्तरी कोयल नदी
  • रामगढ़
    • पतरातू जलाशय → नलकारी नदी
  • राँची
    • गेतलसूद बाँध → स्वर्णरेखा नदी तंत्र
    • कांके बाँध → कांके नदी
    • हटिया बाँध → स्वर्णरेखा नदी
    • सिकिदिरी जलाशय → राँची नदी
  • साहिबगंज
    • गुमानी नदी क्षेत्र की सिंचाई परियोजनाएँ
  • सरायकेला-खरसावाँ
    • चांडिल बाँध → स्वर्णरेखा नदी
    • ईचा बाँध → खरकई नदी
  • सिमडेगा
    • कांसजोर बाँध → कांसजोर नदी
  • पश्चिमी सिंहभूम
    • जांसाई बाँध → बामनीगुटु नदी
    • कोयल-कारो जलविद्युत परियोजना → दक्षिणी कोयल एवं कारो नदियाँ
    • सोनुआ बाँध (Sonua Dam) → संजय नदी →
    • पंसुआ बाँध (Pansua Dam) →
    • जेनासाई बाँध (Jenasai Dam) →
    • टोर्लो बाँध (Torlo Dam) →
    • मोदी बाँध (Modi Dam) →
  • पूर्वी सिंहभूम
    • गालूडीह बराज (Galudih Barrage) → स्वर्णरेखा नदी → गालूडीह, पूर्वी सिंहभूम।
    • डिमना बाँध (Dimna Dam) → डिमना जलाशय → जमशेदपुर/डिमना क्षेत्र, पूर्वी सिंहभूम।
    • बुरूडीह बाँध/जलाशय (Burudih Lake/Dam) → घाटशिला क्षेत्र, पूर्वी सिंहभूम।

पनसुवा डैम किस जिले में है?

  • दुमका
  • पूर्वी सिंहभूम
  • कोडरमा
  • पश्चिमी सिंहभूम

Explanation:

  • बोकारो
    • तेनुघाट बाँध → दामोदर नदी
    • गर्गा बाँध → गर्गा नदी
    • बोकारो थर्मल क्षेत्र के जलाशय
  • चतरा
    • दुलकी बाँध → लिलाजन नदी
    • हिरू बाँध → हिरू नदी
    • सुधारी नाला बाँध → सुधारी नाला
  • देवघर
    • पुनासी जलाशय परियोजना → अजय नदी तंत्र
  • धनबाद
    • मैथन बाँध → बराकर नदी
    • पंचेत बाँध → दामोदर नदी
    • तोपचांची जलाशय → तोपचांची
  • दुमका
    • मसानजोर बाँध (कनाडा बाँध) → मयूराक्षी नदी
    • कैराबनी बाँध → आसबनी नदी
  • गढ़वा
    • अनराज बाँध → अनराज नदी
    • बभनी खांड बाँध → बभनी खांड
    • कन्हर परियोजना → कन्हर नदी
  • गिरिडीह
    • पंचखेरो बाँध (Panchkhero Dam)
      • नदी: पंचखरा (Pachkhara) नदी।
      • उद्देश्य: सिंचाई।
    • हरिहर बाँध (Harihar Dam)
    • झारखण्ड बाँध (Jharkhand Dam)
    • खंडोली बाँध (Khandoli Dam) →
  • गोड्डा
    • सुंदर बाँध → सुंदर नदी
  • गुमला
    • धनसिंगटोली बाँध → खखराजोर नदी
    • कटरी बाँध → बांकी नदी
  • हजारीबाग
    • कोनार बाँध/जलाशय → कोनार नदी
    • घाघरा बाँध → घाघरा नदी
    • गोंडा बाँध → गोंडा नदी
    • जमुनिया बाँध → जमुनिया नदी
  • जामताड़ा
    • अजय नदी क्षेत्र की सिंचाई संरचनाएँ
    • अजय बराज परियोजना → अजय नदी
  • खूंटी
    • स्थानीय लघु एवं मध्यम जलाशय
  • कोडरमा
    • तिलैया बाँध → बराकर नदी
    • केशो बाँध → चांदो/केशो नदी
  • लातेहार
    • औरंगा जलाशय परियोजना → औरंगा नदी
  • लोहरदगा
    • स्थानीय सिंचाई जलाशय
  • पाकुड़
    • गुमानी बराज परियोजना क्षेत्र → गुमानी नदी
  • पलामू
    • अमानत बाँध/बराज → अमानत नदी
    • उत्तरी कोयल जलाशय परियोजना → उत्तरी कोयल नदी
  • रामगढ़
    • पतरातू जलाशय → नलकारी नदी
  • राँची
    • गेतलसूद बाँध → स्वर्णरेखा नदी तंत्र
    • कांके बाँध → कांके नदी
    • हटिया बाँध → स्वर्णरेखा नदी
    • सिकिदिरी जलाशय → राँची नदी
  • साहिबगंज
    • गुमानी नदी क्षेत्र की सिंचाई परियोजनाएँ
  • सरायकेला-खरसावाँ
    • चांडिल बाँध → स्वर्णरेखा नदी
    • ईचा बाँध → खरकई नदी
  • सिमडेगा
    • कांसजोर बाँध → कांसजोर नदी
  • पश्चिमी सिंहभूम
    • जांसाई बाँध → बामनीगुटु नदी
    • कोयल-कारो जलविद्युत परियोजना → दक्षिणी कोयल एवं कारो नदियाँ
    • सोनुआ बाँध (Sonua Dam) → संजय नदी →
    • पंसुआ बाँध (Pansua Dam) →
    • जेनासाई बाँध (Jenasai Dam) →
    • टोर्लो बाँध (Torlo Dam) →
    • मोदी बाँध (Modi Dam) →
  • पूर्वी सिंहभूम
    • गालूडीह बराज (Galudih Barrage) → स्वर्णरेखा नदी → गालूडीह, पूर्वी सिंहभूम।
    • डिमना बाँध (Dimna Dam) → डिमना जलाशय → जमशेदपुर/डिमना क्षेत्र, पूर्वी सिंहभूम।
    • बुरूडीह बाँध/जलाशय (Burudih Lake/Dam) → घाटशिला क्षेत्र, पूर्वी सिंहभूम।

मानसरोवर तालाब किस जिले में है?

  • गिरिडीह
  • पूर्वी सिंहभूम
  • कोडरमा
  • पश्चिमी सिंहभूम

Explanation:

खंडोली डैम किस जिले में है?

  • गिरिडीह
  • पूर्वी सिंहभूम
  • कोडरमा
  • पश्चिमी सिंहभूम

Explanation:

  • बोकारो
    • तेनुघाट बाँध → दामोदर नदी
    • गर्गा बाँध → गर्गा नदी
    • बोकारो थर्मल क्षेत्र के जलाशय
  • चतरा
    • दुलकी बाँध → लिलाजन नदी
    • हिरू बाँध → हिरू नदी
    • सुधारी नाला बाँध → सुधारी नाला
  • देवघर
    • पुनासी जलाशय परियोजना → अजय नदी तंत्र
  • धनबाद
    • मैथन बाँध → बराकर नदी
    • पंचेत बाँध → दामोदर नदी
    • तोपचांची जलाशय → तोपचांची
  • दुमका
    • मसानजोर बाँध (कनाडा बाँध) → मयूराक्षी नदी
    • कैराबनी बाँध → आसबनी नदी
  • गढ़वा
    • अनराज बाँध → अनराज नदी
    • बभनी खांड बाँध → बभनी खांड
    • कन्हर परियोजना → कन्हर नदी
  • गिरिडीह
    • पंचखेरो बाँध (Panchkhero Dam)
      • नदी: पंचखरा (Pachkhara) नदी।
      • उद्देश्य: सिंचाई।
    • हरिहर बाँध (Harihar Dam)
    • झारखण्ड बाँध (Jharkhand Dam)
    • खंडोली बाँध (Khandoli Dam) →
  • गोड्डा
    • सुंदर बाँध → सुंदर नदी
  • गुमला
    • धनसिंगटोली बाँध → खखराजोर नदी
    • कटरी बाँध → बांकी नदी
  • हजारीबाग
    • कोनार बाँध/जलाशय → कोनार नदी
    • घाघरा बाँध → घाघरा नदी
    • गोंडा बाँध → गोंडा नदी
    • जमुनिया बाँध → जमुनिया नदी
  • जामताड़ा
    • अजय नदी क्षेत्र की सिंचाई संरचनाएँ
    • अजय बराज परियोजना → अजय नदी
  • खूंटी
    • स्थानीय लघु एवं मध्यम जलाशय
  • कोडरमा
    • तिलैया बाँध → बराकर नदी
    • केशो बाँध → चांदो/केशो नदी
  • लातेहार
    • औरंगा जलाशय परियोजना → औरंगा नदी
  • लोहरदगा
    • स्थानीय सिंचाई जलाशय
  • पाकुड़
    • गुमानी बराज परियोजना क्षेत्र → गुमानी नदी
  • पलामू
    • अमानत बाँध/बराज → अमानत नदी
    • उत्तरी कोयल जलाशय परियोजना → उत्तरी कोयल नदी
  • रामगढ़
    • पतरातू जलाशय → नलकारी नदी
  • राँची
    • गेतलसूद बाँध → स्वर्णरेखा नदी तंत्र
    • कांके बाँध → कांके नदी
    • हटिया बाँध → स्वर्णरेखा नदी
    • सिकिदिरी जलाशय → राँची नदी
  • साहिबगंज
    • गुमानी नदी क्षेत्र की सिंचाई परियोजनाएँ
  • सरायकेला-खरसावाँ
    • चांडिल बाँध → स्वर्णरेखा नदी
    • ईचा बाँध → खरकई नदी
  • सिमडेगा
    • कांसजोर बाँध → कांसजोर नदी
  • पश्चिमी सिंहभूम
    • जांसाई बाँध → बामनीगुटु नदी
    • कोयल-कारो जलविद्युत परियोजना → दक्षिणी कोयल एवं कारो नदियाँ
    • सोनुआ बाँध (Sonua Dam) → संजय नदी →
    • पंसुआ बाँध (Pansua Dam) →
    • जेनासाई बाँध (Jenasai Dam) →
    • टोर्लो बाँध (Torlo Dam) →
    • मोदी बाँध (Modi Dam) →
  • पूर्वी सिंहभूम
    • गालूडीह बराज (Galudih Barrage) → स्वर्णरेखा नदी → गालूडीह, पूर्वी सिंहभूम।
    • डिमना बाँध (Dimna Dam) → डिमना जलाशय → जमशेदपुर/डिमना क्षेत्र, पूर्वी सिंहभूम।
    • बुरूडीह बाँध/जलाशय (Burudih Lake/Dam) → घाटशिला क्षेत्र, पूर्वी सिंहभूम।

पुनाशी डैम किस जिले में है?

  • गिरिडीह
  • देवघर
  • कोडरमा
  • पश्चिमी सिंहभूम

Explanation:

  • बोकारो
    • तेनुघाट बाँध → दामोदर नदी
    • गर्गा बाँध → गर्गा नदी
    • बोकारो थर्मल क्षेत्र के जलाशय
  • चतरा
    • दुलकी बाँध → लिलाजन नदी
    • हिरू बाँध → हिरू नदी
    • सुधारी नाला बाँध → सुधारी नाला
  • देवघर
    • पुनासी जलाशय परियोजना → अजय नदी तंत्र
  • धनबाद
    • मैथन बाँध → बराकर नदी
    • पंचेत बाँध → दामोदर नदी
    • तोपचांची जलाशय → तोपचांची
  • दुमका
    • मसानजोर बाँध (कनाडा बाँध) → मयूराक्षी नदी
    • कैराबनी बाँध → आसबनी नदी
  • गढ़वा
    • अनराज बाँध → अनराज नदी
    • बभनी खांड बाँध → बभनी खांड
    • कन्हर परियोजना → कन्हर नदी
  • गिरिडीह
    • पंचखेरो बाँध (Panchkhero Dam)
      • नदी: पंचखरा (Pachkhara) नदी।
      • उद्देश्य: सिंचाई।
    • हरिहर बाँध (Harihar Dam)
    • झारखण्ड बाँध (Jharkhand Dam)
    • खंडोली बाँध (Khandoli Dam) →
  • गोड्डा
    • सुंदर बाँध → सुंदर नदी
  • गुमला
    • धनसिंगटोली बाँध → खखराजोर नदी
    • कटरी बाँध → बांकी नदी
  • हजारीबाग
    • कोनार बाँध/जलाशय → कोनार नदी
    • घाघरा बाँध → घाघरा नदी
    • गोंडा बाँध → गोंडा नदी
    • जमुनिया बाँध → जमुनिया नदी
  • जामताड़ा
    • अजय नदी क्षेत्र की सिंचाई संरचनाएँ
    • अजय बराज परियोजना → अजय नदी
  • खूंटी
    • स्थानीय लघु एवं मध्यम जलाशय
  • कोडरमा
    • तिलैया बाँध → बराकर नदी
    • केशो बाँध → चांदो/केशो नदी
  • लातेहार
    • औरंगा जलाशय परियोजना → औरंगा नदी
  • लोहरदगा
    • स्थानीय सिंचाई जलाशय
  • पाकुड़
    • गुमानी बराज परियोजना क्षेत्र → गुमानी नदी
  • पलामू
    • अमानत बाँध/बराज → अमानत नदी
    • उत्तरी कोयल जलाशय परियोजना → उत्तरी कोयल नदी
  • रामगढ़
    • पतरातू जलाशय → नलकारी नदी
  • राँची
    • गेतलसूद बाँध → स्वर्णरेखा नदी तंत्र
    • कांके बाँध → कांके नदी
    • हटिया बाँध → स्वर्णरेखा नदी
    • सिकिदिरी जलाशय → राँची नदी
  • साहिबगंज
    • गुमानी नदी क्षेत्र की सिंचाई परियोजनाएँ
  • सरायकेला-खरसावाँ
    • चांडिल बाँध → स्वर्णरेखा नदी
    • ईचा बाँध → खरकई नदी
  • सिमडेगा
    • कांसजोर बाँध → कांसजोर नदी
  • पश्चिमी सिंहभूम
    • जांसाई बाँध → बामनीगुटु नदी
    • कोयल-कारो जलविद्युत परियोजना → दक्षिणी कोयल एवं कारो नदियाँ
    • सोनुआ बाँध (Sonua Dam) → संजय नदी →
    • पंसुआ बाँध (Pansua Dam) →
    • जेनासाई बाँध (Jenasai Dam) →
    • टोर्लो बाँध (Torlo Dam) →
    • मोदी बाँध (Modi Dam) →
  • पूर्वी सिंहभूम
    • गालूडीह बराज (Galudih Barrage) → स्वर्णरेखा नदी → गालूडीह, पूर्वी सिंहभूम।
    • डिमना बाँध (Dimna Dam) → डिमना जलाशय → जमशेदपुर/डिमना क्षेत्र, पूर्वी सिंहभूम।
    • बुरूडीह बाँध/जलाशय (Burudih Lake/Dam) → घाटशिला क्षेत्र, पूर्वी सिंहभूम।

सुन्दर डैम किस जिले में है?

  • गोड्डा
  • देवघर
  • कोडरमा
  • पश्चिमी सिंहभूम

Explanation:

  • बोकारो
    • तेनुघाट बाँध → दामोदर नदी
    • गर्गा बाँध → गर्गा नदी
    • बोकारो थर्मल क्षेत्र के जलाशय
  • चतरा
    • दुलकी बाँध → लिलाजन नदी
    • हिरू बाँध → हिरू नदी
    • सुधारी नाला बाँध → सुधारी नाला
  • देवघर
    • पुनासी जलाशय परियोजना → अजय नदी तंत्र
  • धनबाद
    • मैथन बाँध → बराकर नदी
    • पंचेत बाँध → दामोदर नदी
    • तोपचांची जलाशय → तोपचांची
  • दुमका
    • मसानजोर बाँध (कनाडा बाँध) → मयूराक्षी नदी
    • कैराबनी बाँध → आसबनी नदी
  • गढ़वा
    • अनराज बाँध → अनराज नदी
    • बभनी खांड बाँध → बभनी खांड
    • कन्हर परियोजना → कन्हर नदी
  • गिरिडीह
    • पंचखेरो बाँध (Panchkhero Dam)
      • नदी: पंचखरा (Pachkhara) नदी।
      • उद्देश्य: सिंचाई।
    • हरिहर बाँध (Harihar Dam)
    • झारखण्ड बाँध (Jharkhand Dam)
    • खंडोली बाँध (Khandoli Dam) →
  • गोड्डा
    • सुंदर बाँध → सुंदर नदी
  • गुमला
    • धनसिंगटोली बाँध → खखराजोर नदी
    • कटरी बाँध → बांकी नदी
  • हजारीबाग
    • कोनार बाँध/जलाशय → कोनार नदी
    • घाघरा बाँध → घाघरा नदी
    • गोंडा बाँध → गोंडा नदी
    • जमुनिया बाँध → जमुनिया नदी
  • जामताड़ा
    • अजय नदी क्षेत्र की सिंचाई संरचनाएँ
    • अजय बराज परियोजना → अजय नदी
  • खूंटी
    • स्थानीय लघु एवं मध्यम जलाशय
  • कोडरमा
    • तिलैया बाँध → बराकर नदी
    • केशो बाँध → चांदो/केशो नदी
  • लातेहार
    • औरंगा जलाशय परियोजना → औरंगा नदी
  • लोहरदगा
    • स्थानीय सिंचाई जलाशय
  • पाकुड़
    • गुमानी बराज परियोजना क्षेत्र → गुमानी नदी
  • पलामू
    • अमानत बाँध/बराज → अमानत नदी
    • उत्तरी कोयल जलाशय परियोजना → उत्तरी कोयल नदी
  • रामगढ़
    • पतरातू जलाशय → नलकारी नदी
  • राँची
    • गेतलसूद बाँध → स्वर्णरेखा नदी तंत्र
    • कांके बाँध → कांके नदी
    • हटिया बाँध → स्वर्णरेखा नदी
    • सिकिदिरी जलाशय → राँची नदी
  • साहिबगंज
    • गुमानी नदी क्षेत्र की सिंचाई परियोजनाएँ
  • सरायकेला-खरसावाँ
    • चांडिल बाँध → स्वर्णरेखा नदी
    • ईचा बाँध → खरकई नदी
  • सिमडेगा
    • कांसजोर बाँध → कांसजोर नदी
  • पश्चिमी सिंहभूम
    • जांसाई बाँध → बामनीगुटु नदी
    • कोयल-कारो जलविद्युत परियोजना → दक्षिणी कोयल एवं कारो नदियाँ
    • सोनुआ बाँध (Sonua Dam) → संजय नदी →
    • पंसुआ बाँध (Pansua Dam) →
    • जेनासाई बाँध (Jenasai Dam) →
    • टोर्लो बाँध (Torlo Dam) →
    • मोदी बाँध (Modi Dam) →
  • पूर्वी सिंहभूम
    • गालूडीह बराज (Galudih Barrage) → स्वर्णरेखा नदी → गालूडीह, पूर्वी सिंहभूम।
    • डिमना बाँध (Dimna Dam) → डिमना जलाशय → जमशेदपुर/डिमना क्षेत्र, पूर्वी सिंहभूम।
    • बुरूडीह बाँध/जलाशय (Burudih Lake/Dam) → घाटशिला क्षेत्र, पूर्वी सिंहभूम।

कैरबेडा डैम किस जिले में है?

  • गोड्डा
  • देवघर
  • कोडरमा
  • सिमडेगा

Explanation:

  • बोकारो
    • तेनुघाट बाँध → दामोदर नदी
    • गर्गा बाँध → गर्गा नदी
    • बोकारो थर्मल क्षेत्र के जलाशय
  • चतरा
    • दुलकी बाँध → लिलाजन नदी
    • हिरू बाँध → हिरू नदी
    • सुधारी नाला बाँध → सुधारी नाला
  • देवघर
    • पुनासी जलाशय परियोजना → अजय नदी तंत्र
  • धनबाद
    • मैथन बाँध → बराकर नदी
    • पंचेत बाँध → दामोदर नदी
    • तोपचांची जलाशय → तोपचांची
  • दुमका
    • मसानजोर बाँध (कनाडा बाँध) → मयूराक्षी नदी
    • कैराबनी बाँध → आसबनी नदी
  • गढ़वा
    • अनराज बाँध → अनराज नदी
    • बभनी खांड बाँध → बभनी खांड
    • कन्हर परियोजना → कन्हर नदी
  • गिरिडीह
    • पंचखेरो बाँध (Panchkhero Dam)
      • नदी: पंचखरा (Pachkhara) नदी।
      • उद्देश्य: सिंचाई।
    • हरिहर बाँध (Harihar Dam)
    • झारखण्ड बाँध (Jharkhand Dam)
    • खंडोली बाँध (Khandoli Dam) →
  • गोड्डा
    • सुंदर बाँध → सुंदर नदी
  • गुमला
    • धनसिंगटोली बाँध → खखराजोर नदी
    • कटरी बाँध → बांकी नदी
  • हजारीबाग
    • कोनार बाँध/जलाशय → कोनार नदी
    • घाघरा बाँध → घाघरा नदी
    • गोंडा बाँध → गोंडा नदी
    • जमुनिया बाँध → जमुनिया नदी
  • जामताड़ा
    • अजय नदी क्षेत्र की सिंचाई संरचनाएँ
    • अजय बराज परियोजना → अजय नदी
  • खूंटी
    • स्थानीय लघु एवं मध्यम जलाशय
  • कोडरमा
    • तिलैया बाँध → बराकर नदी
    • केशो बाँध → चांदो/केशो नदी
  • लातेहार
    • औरंगा जलाशय परियोजना → औरंगा नदी
  • लोहरदगा
    • स्थानीय सिंचाई जलाशय
  • पाकुड़
    • गुमानी बराज परियोजना क्षेत्र → गुमानी नदी
  • पलामू
    • अमानत बाँध/बराज → अमानत नदी
    • उत्तरी कोयल जलाशय परियोजना → उत्तरी कोयल नदी
  • रामगढ़
    • पतरातू जलाशय → नलकारी नदी
  • राँची
    • गेतलसूद बाँध → स्वर्णरेखा नदी तंत्र
    • कांके बाँध → कांके नदी
    • हटिया बाँध → स्वर्णरेखा नदी
    • सिकिदिरी जलाशय → राँची नदी
  • साहिबगंज
    • गुमानी नदी क्षेत्र की सिंचाई परियोजनाएँ
  • सरायकेला-खरसावाँ
    • चांडिल बाँध → स्वर्णरेखा नदी
    • ईचा बाँध → खरकई नदी
  • सिमडेगा
    • कांसजोर बाँध → कांसजोर नदी
  • पश्चिमी सिंहभूम
    • जांसाई बाँध → बामनीगुटु नदी
    • कोयल-कारो जलविद्युत परियोजना → दक्षिणी कोयल एवं कारो नदियाँ
    • सोनुआ बाँध (Sonua Dam) → संजय नदी →
    • पंसुआ बाँध (Pansua Dam) →
    • जेनासाई बाँध (Jenasai Dam) →
    • टोर्लो बाँध (Torlo Dam) →
    • मोदी बाँध (Modi Dam) →
  • पूर्वी सिंहभूम
    • गालूडीह बराज (Galudih Barrage) → स्वर्णरेखा नदी → गालूडीह, पूर्वी सिंहभूम।
    • डिमना बाँध (Dimna Dam) → डिमना जलाशय → जमशेदपुर/डिमना क्षेत्र, पूर्वी सिंहभूम।
    • बुरूडीह बाँध/जलाशय (Burudih Lake/Dam) → घाटशिला क्षेत्र, पूर्वी सिंहभूम।

केलाघाघ डैम किस जिले में है?

  • गोड्डा
  • देवघर
  • कोडरमा
  • सिमडेगा

Explanation:

  • बोकारो
    • तेनुघाट बाँध → दामोदर नदी
    • गर्गा बाँध → गर्गा नदी
    • बोकारो थर्मल क्षेत्र के जलाशय
  • चतरा
    • दुलकी बाँध → लिलाजन नदी
    • हिरू बाँध → हिरू नदी
    • सुधारी नाला बाँध → सुधारी नाला
  • देवघर
    • पुनासी जलाशय परियोजना → अजय नदी तंत्र
  • धनबाद
    • मैथन बाँध → बराकर नदी
    • पंचेत बाँध → दामोदर नदी
    • तोपचांची जलाशय → तोपचांची
  • दुमका
    • मसानजोर बाँध (कनाडा बाँध) → मयूराक्षी नदी
    • कैराबनी बाँध → आसबनी नदी
  • गढ़वा
    • अनराज बाँध → अनराज नदी
    • बभनी खांड बाँध → बभनी खांड
    • कन्हर परियोजना → कन्हर नदी
  • गिरिडीह
    • पंचखेरो बाँध (Panchkhero Dam)
      • नदी: पंचखरा (Pachkhara) नदी।
      • उद्देश्य: सिंचाई।
    • हरिहर बाँध (Harihar Dam)
    • झारखण्ड बाँध (Jharkhand Dam)
    • खंडोली बाँध (Khandoli Dam) →
  • गोड्डा
    • सुंदर बाँध → सुंदर नदी
  • गुमला
    • धनसिंगटोली बाँध → खखराजोर नदी
    • कटरी बाँध → बांकी नदी
  • हजारीबाग
    • कोनार बाँध/जलाशय → कोनार नदी
    • घाघरा बाँध → घाघरा नदी
    • गोंडा बाँध → गोंडा नदी
    • जमुनिया बाँध → जमुनिया नदी
  • जामताड़ा
    • अजय नदी क्षेत्र की सिंचाई संरचनाएँ
    • अजय बराज परियोजना → अजय नदी
  • खूंटी
    • स्थानीय लघु एवं मध्यम जलाशय
  • कोडरमा
    • तिलैया बाँध → बराकर नदी
    • केशो बाँध → चांदो/केशो नदी
  • लातेहार
    • औरंगा जलाशय परियोजना → औरंगा नदी
  • लोहरदगा
    • स्थानीय सिंचाई जलाशय
  • पाकुड़
    • गुमानी बराज परियोजना क्षेत्र → गुमानी नदी
  • पलामू
    • अमानत बाँध/बराज → अमानत नदी
    • उत्तरी कोयल जलाशय परियोजना → उत्तरी कोयल नदी
  • रामगढ़
    • पतरातू जलाशय → नलकारी नदी
  • राँची
    • गेतलसूद बाँध → स्वर्णरेखा नदी तंत्र
    • कांके बाँध → कांके नदी
    • हटिया बाँध → स्वर्णरेखा नदी
    • सिकिदिरी जलाशय → राँची नदी
  • साहिबगंज
    • गुमानी नदी क्षेत्र की सिंचाई परियोजनाएँ
  • सरायकेला-खरसावाँ
    • चांडिल बाँध → स्वर्णरेखा नदी
    • ईचा बाँध → खरकई नदी
  • सिमडेगा
    • कांसजोर बाँध → कांसजोर नदी
  • पश्चिमी सिंहभूम
    • जांसाई बाँध → बामनीगुटु नदी
    • कोयल-कारो जलविद्युत परियोजना → दक्षिणी कोयल एवं कारो नदियाँ
    • सोनुआ बाँध (Sonua Dam) → संजय नदी →
    • पंसुआ बाँध (Pansua Dam) →
    • जेनासाई बाँध (Jenasai Dam) →
    • टोर्लो बाँध (Torlo Dam) →
    • मोदी बाँध (Modi Dam) →
  • पूर्वी सिंहभूम
    • गालूडीह बराज (Galudih Barrage) → स्वर्णरेखा नदी → गालूडीह, पूर्वी सिंहभूम।
    • डिमना बाँध (Dimna Dam) → डिमना जलाशय → जमशेदपुर/डिमना क्षेत्र, पूर्वी सिंहभूम।
    • बुरूडीह बाँध/जलाशय (Burudih Lake/Dam) → घाटशिला क्षेत्र, पूर्वी सिंहभूम।

झारखण्ड आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट, 2025-26 के अनुसार, झारखण्ड में स्थापित बिजली की क्षमता ( मेगावाट में ) कितनी है ?

  • 2,734
  • 3,212
  • 3600
  • 3200

Explanation:

  • झारखण्ड आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट, 2025-26 के अनुसार, अगस्त 2025 तक झारखण्ड में स्थापित बिजली की कुल उत्पादन क्षमता 3,212.95 मेगावाट (MW) पहुंच गई है। वित्त वर्ष 2026 के बजट में उपभोक्ताओं को विद्युत सब्सिडी देने के लिये ₹5,005 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

झारखण्ड में किस नदी पर तिलैया जल विद्युत परियोजना स्थापित है?

  • कोनार
  • बराकर
  • दामोदर
  • स्वर्ण रेखा

Explanation:

  • बोकारो थर्मल पावर स्टेशन (BTPS) → बोकारो → ताप विद्युत
    • प्रथम इकाई का कमीशनिंग: 21 फरवरी 1953
    • 21 फरवरी 1953 को राष्ट्र को समर्पित किया गया था।
  • चंद्रपुरा थर्मल पावर स्टेशन (CTPS) → बोकारो → ताप विद्युत
    • इकाई-1: अक्टूबर 1964
    • इकाई-2: मई 1965
    • इकाई-3: जुलाई 1968
    • नई इकाई-7: नवंबर 2011
    • नई इकाई-8: जुलाई 2011।
  • तेनुघाट थर्मल पावर स्टेशन (TTPS) → ललपनिया, बोकारो → ताप विद्युत
    • इकाई-1: 1994
    • इकाई-2: 1996।
  • कोडरमा थर्मल पावर स्टेशन (KTPS) → बंझेडीह, कोडरमा → ताप विद्युत
    • इकाई-1: जुलाई 2011
    • इकाई-2: 2013।
  • पतरातू थर्मल पावर स्टेशन (PTPS) → पतरातू, रामगढ़ → ताप विद्युत
    • मूल संयंत्र का निर्माण/कमीशनिंग 1966–1972 के बीच हुआ।
  • सिकिदिरी जलविद्युत परियोजना → राँची → जल विद्युत
    • इकाई-1: 17 अक्टूबर 1977
    • इकाई-2: 18 अक्टूबर 1980।
  • मैथन जलविद्युत स्टेशन → धनबाद → जल विद्युत
    • इकाई-1: अक्टूबर 1957
    • इकाई-2: मई 1958
    • इकाई-3: दिसंबर 1958।
  • पंचेत जलविद्युत स्टेशन → धनबाद → जल विद्युत
    • इकाई-1: दिसंबर 1959
    • इकाई-2: मार्च 1991।
  • तिलैया जलविद्युत स्टेशन → कोडरमा → जल विद्युत
    • इकाई-1: फरवरी 1953
    • इकाई-2: जुलाई 1953।
    • तिलैया बाँध का कमीशनिंग: 21 फरवरी 1953।
  • चांडिल जलविद्युत परियोजना → सरायकेला-खरसावाँ → जल विद्युत
    • परियोजना/8 MW हाइडल पावर प्रोजेक्ट का निर्माण: 2008
    • इसे लंबे समय तक चालू किए जाने की प्रतीक्षा रही; इसलिए इसे अन्य DVC स्टेशनों की तरह नियमित वाणिज्यिक कमीशनिंग तिथि के साथ नहीं लिखना चाहिए।
  • कोयल-कारो जलविद्युत परियोजना → पश्चिमी सिंहभूम → जल विद्युत
    • कमीशन नहीं हुई।
    • यह एक प्रस्तावित/अपूर्ण जलविद्युत परियोजना है; इसलिए इसकी कोई वास्तविक कमीशनिंग तिथि नहीं है।
  • सबसे पुराना प्रमुख ताप विद्युत स्टेशन: बोकारो थर्मल → 1953
  • सबसे पुरानी DVC जलविद्युत परियोजना: तिलैया → 1953

झारखण्ड में पहला पावर स्टेशन स्थापित किया गया था :

  • तिलैया
  • कोनार
  • बोकारो
  • इनमें से कोई नहीं

Explanation:

  • बोकारो थर्मल पावर स्टेशन (BTPS) → बोकारो → ताप विद्युत
    • प्रथम इकाई का कमीशनिंग: 21 फरवरी 1953
    • 21 फरवरी 1953 को राष्ट्र को समर्पित किया गया था।
  • चंद्रपुरा थर्मल पावर स्टेशन (CTPS) → बोकारो → ताप विद्युत
    • इकाई-1: अक्टूबर 1964
    • इकाई-2: मई 1965
    • इकाई-3: जुलाई 1968
    • नई इकाई-7: नवंबर 2011
    • नई इकाई-8: जुलाई 2011।
  • तेनुघाट थर्मल पावर स्टेशन (TTPS) → ललपनिया, बोकारो → ताप विद्युत
    • इकाई-1: 1994
    • इकाई-2: 1996।
  • कोडरमा थर्मल पावर स्टेशन (KTPS) → बंझेडीह, कोडरमा → ताप विद्युत
    • इकाई-1: जुलाई 2011
    • इकाई-2: 2013।
  • पतरातू थर्मल पावर स्टेशन (PTPS) → पतरातू, रामगढ़ → ताप विद्युत
    • मूल संयंत्र का निर्माण/कमीशनिंग 1966–1972 के बीच हुआ।
  • सिकिदिरी जलविद्युत परियोजना → राँची → जल विद्युत
    • इकाई-1: 17 अक्टूबर 1977
    • इकाई-2: 18 अक्टूबर 1980।
  • मैथन जलविद्युत स्टेशन → धनबाद → जल विद्युत
    • इकाई-1: अक्टूबर 1957
    • इकाई-2: मई 1958
    • इकाई-3: दिसंबर 1958।
  • पंचेत जलविद्युत स्टेशन → धनबाद → जल विद्युत
    • इकाई-1: दिसंबर 1959
    • इकाई-2: मार्च 1991।
  • तिलैया जलविद्युत स्टेशन → कोडरमा → जल विद्युत
    • इकाई-1: फरवरी 1953
    • इकाई-2: जुलाई 1953।
    • तिलैया बाँध का कमीशनिंग: 21 फरवरी 1953।
  • चांडिल जलविद्युत परियोजना → सरायकेला-खरसावाँ → जल विद्युत
    • परियोजना/8 MW हाइडल पावर प्रोजेक्ट का निर्माण: 2008
    • इसे लंबे समय तक चालू किए जाने की प्रतीक्षा रही; इसलिए इसे अन्य DVC स्टेशनों की तरह नियमित वाणिज्यिक कमीशनिंग तिथि के साथ नहीं लिखना चाहिए।
  • कोयल-कारो जलविद्युत परियोजना → पश्चिमी सिंहभूम → जल विद्युत
    • कमीशन नहीं हुई।
    • यह एक प्रस्तावित/अपूर्ण जलविद्युत परियोजना है; इसलिए इसकी कोई वास्तविक कमीशनिंग तिथि नहीं है।
  • सबसे पुराना प्रमुख ताप विद्युत स्टेशन: बोकारो थर्मल → 1953
  • सबसे पुरानी DVC जलविद्युत परियोजना: तिलैया → 1953

झारखण्ड की हाईडल पावर प्रोजेक्ट किस स्थान पर है?

  • तिलैया
  • तेनुघाट
  • बोकारो
  • मसानजोर

Explanation:

  • झारखण्ड की प्रमुख जलविद्युत (Hydel Power) परियोजनाएँ

    • मैथन जलविद्युत परियोजना → मैथन, धनबाद → बराकर नदी
    • पंचेत जलविद्युत परियोजना → पंचेत, धनबाद → दामोदर नदी
    • चांडिल जलविद्युत परियोजना → चांडिल, सरायकेला-खरसावाँ → स्वर्णरेखा नदी
    • तिलैया जलविद्युत परियोजना → तिलैया, कोडरमा → बराकर नदी
    • सिकिदिरी जलविद्युत परियोजना → सिकिदिरी, राँची → ओरमांझी में गेतलसूद जलाशय/स्वर्णरेखा नदी पर स्थित 130 मेगावाट क्षमता (65-65 मेगावाट की दो इकाइयां)
    • कोयल-कारो जलविद्युत परियोजना → पश्चिमी सिंहभूम → दक्षिणी कोयल एवं कारो नदियाँ

झारखण्ड में तिलैया अल्ट्रा मेगा पॉवर परियोजना की अनुमानित क्षमता क्या है?

  • 2,734 MW
  • 2,237 MW
  • 3960 MW
  • 3200 MW

Explanation:

  • तिलैया अल्ट्रा मेगा पावर परियोजना

    • अनुमानित/प्रस्तावित क्षमता: 4,000 मेगावाट (MW)।
    • परियोजना की मूल संरचना 6 × 660 MW = 3,960 MW थी;
    • स्थान: तिलैया के निकट, हजारीबाग एवं कोडरमा जिले, झारखण्ड।
    • परियोजना: कोयला आधारित Ultra Mega Power Project (UMPP)।

झारखण्ड राज्य चाण्डिल जल विद्युत योजना किस नदी पर है?

  • स्वर्णरेखा
  • बराकर
  • दामोदर
  • स्वर्ण रेखा

Explanation:

  • चांडिल जल विद्युत योजना → स्वर्णरेखा नदी।
  • स्थान: सरायकेला-खरसावाँ जिला, झारखण्ड।
  • परियोजना: स्वर्णरेखा बहुउद्देशीय परियोजना का प्रमुख घटक।
  • चांडिल बाँध स्वर्णरेखा नदी पर निर्मित है।

मैथन विद्युत परियोजना निम्नलिखित जिलों में से किस जिले में स्थित है?

  • राँची
  • धनबाद
  • बोकारो
  • देवघर

Explanation:

  • मैथन पावर लिमिटेड (MPL), टाटा पावर और दामोदर वैली कॉर्पोरेशन (DVC) का संयुक्त उद्यम (Joint Venture) है।
  • स्थान: मैथन, धनबाद, झारखण्ड।
  • परियोजना: 1,050 MW का कोयला आधारित ताप विद्युत संयंत्र।
  • इसमें 2 × 525 MW की इकाइयाँ हैं।

मैथन पावर लिमिटेड और दामोदर वैली कॉर्पोरेशन (डी.वी. सी) टाटा पावर की संयुक्त उद्यम कंपनी है, यह झारखण्ड में निम्नलिखित में से किस स्थान पर स्थित है?

  • राँची
  • धनबाद
  • बोकारो
  • देवघर

Explanation:

  • मैथन पावर लिमिटेड (MPL), टाटा पावर और दामोदर वैली कॉर्पोरेशन (DVC) का संयुक्त उद्यम (Joint Venture) है।
  • स्थान: मैथन, धनबाद, झारखण्ड।
  • परियोजना: 1,050 MW का कोयला आधारित ताप विद्युत संयंत्र।
  • इसमें 2 × 525 MW की इकाइयाँ हैं।

किस नदी घाटी पर मैथन और पंचेत हाईडल पावर स्टेशन स्थित है?

  • स्वर्णरेखा
  • बराकर
  • दामोदर
  • स्वर्ण रेखा

Explanation:

  • मैथन जलविद्युत स्टेशन — बराकर नदी पर, जो दामोदर नदी की प्रमुख सहायक नदी है।
  • पंचेत जलविद्युत स्टेशन — दामोदर नदी पर स्थित है।
  • दोनों दामोदर घाटी निगम (DVC) की परियोजनाओं से संबंधित हैं।

ऊर्जा गंगा जगदीशपुर – हल्दिया गैस पाइप लाइन झारखण्ड के किस जिले से नहीं गुजरेगी?

  • पूर्वी सिंहभूम
  • धनबाद
  • बोकारो
  • प० सिंहभूम

Explanation:

  • जगदीशपुर–हल्दिया–बोकारो–धामरा प्राकृतिक गैस पाइपलाइन (प्रधानमंत्री ऊर्जा गंगा प्रोजेक्ट) झारखण्ड के कुल 10 जिलों से होकर गुजरती है।
  • झारखण्ड के प्रमुख जिले: बोकारो धनबाद हजारीबाग गिरिडीह रांची पूर्वी सिंहभूम रामगढ़ गुमला सिमडेगा सरायकेला खरसावां

ऊर्जा गंगा जगदीशपुर-हल्दिया पाइपलाइन के निर्माण के लिए झारखण्ड ने निम्नलिखित में से किसके साथ GCA पर हस्ताक्षर किया है?

  • गेल
  • टाटा
  • रिलायंस
  • गेट्को

Explanation:

  • परियोजना का नाम: जगदीशपुर–हल्दिया–बोकारो–धामरा गैस पाइपलाइन (JHBDPL)।
  • जगदीशपुर–हल्दिया–बोकारो–धामरा गैस पाइपलाइन (JHBDPL) के अंतर्गत मुख्य रूप से 5 राज्य आते हैं:

    1. उत्तर प्रदेश
    2. बिहार
    3. झारखंड
    4. पश्चिम बंगाल
    5. ओडिशा
  • संबंधित संस्था: गेल (GAIL)।
  • उद्देश्य: पूर्वी भारत के राज्यों में प्राकृतिक गैस (Natural Gas) की आपूर्ति और गैस आधारित उद्योगों को बढ़ावा देना।
  • कुल लंबाई: लगभग 2,655 किमी।
  • झारखंड में प्रमुख मार्ग: बोकारो, धनबाद, जमशेदपुर क्षेत्र आदि से जुड़ा गैस नेटवर्क।
  • परियोजना को लोकप्रिय रूप से: ‘प्राकृतिक गैस की पूर्वी भारत पाइपलाइन’ के रूप में जाना जाता है।
  • प्रमुख लाभ: उर्वरक, पेट्रोकेमिकल, ऊर्जा तथा घरेलू/औद्योगिक गैस आपूर्ति को बढ़ावा।
  • जगदीशपुर–हल्दिया–बोकारो–धामरा प्राकृतिक गैस पाइपलाइन (प्रधानमंत्री ऊर्जा गंगा प्रोजेक्ट) झारखण्ड के कुल 10 जिलों से होकर गुजरती है।

जगदीशपुर – हल्दिया गैस पाइपलाइन परियोजना के अंतर्गत कवर किए गए राज्यों के बारे में निम्नलिखित में कौन-सा विकल्प गलत है?

  • उत्तर प्रदेश
  • झारखण्ड
  • बिहार
  • मध्य प्रदेश

Explanation:

  • परियोजना का नाम: जगदीशपुर–हल्दिया–बोकारो–धामरा गैस पाइपलाइन (JHBDPL)।
  • जगदीशपुर–हल्दिया–बोकारो–धामरा गैस पाइपलाइन (JHBDPL) के अंतर्गत मुख्य रूप से 5 राज्य आते हैं:

    1. उत्तर प्रदेश
    2. बिहार
    3. झारखंड
    4. पश्चिम बंगाल
    5. ओडिशा
  • संबंधित संस्था: गेल (GAIL)।
  • उद्देश्य: पूर्वी भारत के राज्यों में प्राकृतिक गैस (Natural Gas) की आपूर्ति और गैस आधारित उद्योगों को बढ़ावा देना।
  • कुल लंबाई: लगभग 2,655 किमी।
  • झारखंड में प्रमुख मार्ग: बोकारो, धनबाद, जमशेदपुर क्षेत्र आदि से जुड़ा गैस नेटवर्क।
  • परियोजना को लोकप्रिय रूप से: ‘प्राकृतिक गैस की पूर्वी भारत पाइपलाइन’ के रूप में जाना जाता है।
  • प्रमुख लाभ: उर्वरक, पेट्रोकेमिकल, ऊर्जा तथा घरेलू/औद्योगिक गैस आपूर्ति को बढ़ावा।

कोनार विद्युत् गृह (पॉवर स्टेशन ) निम्न में से किस जिले में स्थित है?

  • हजारीबाग
  • धनबाद
  • बोकारो
  • प० सिंहभूम

Explanation:

  • कोनार सिंचाई परियोजना की आधारशिला: सितंबर 1978 में रखी गई थी।
  • आधारशिला अविभाजित बिहार के तत्कालीन राज्यपाल जगन्नाथ कौशल (Jagannath Kaushal) ने रखी थी।
  • परियोजना की प्रारंभिक अनुमानित लागत लगभग ₹11.43 करोड़ थी।
  • यह परियोजना हजारीबाग, गिरिडीह और बोकारो जिलों में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई थी।
  • कोनार नदी (दामोदर की सहायक)
  • कोनार Dam

    • प्रारंभ की तिथि-15-10-1955
    • संबंधित नदी – कोनार
    • संबंधित जिला- हजारीबाग
    • जलग्रहण क्षेत्र- 997 Sq Km
  • कोनार सिंचाई परियोजना का उद्घाटन: 28 अगस्त 2019 को किया गया था।
    • उद्घाटनकर्ता: तत्कालीन झारखंड मुख्यमंत्री रघुवर दास।
    • स्थान: बनासो, विष्णुगढ़ प्रखंड, हजारीबाग।
  • कोनार सिंचाई/कुंड (या कोनार बांध) परियोजना मुख्य रूप से झारखंड के हजारीबाग जिले में स्थित है, हालांकि इसका लाभ गिरिडीह और बोकारो जिलों को भी मिलता है

झारखण्ड का तेनुघाट थर्मल पॉवर स्टेशन कहां स्थित है?

  • हजारीबाग
  • धनबाद
  • बोकारो
  • प० सिंहभूम

Explanation:

  • तेनुघाट थर्मल पावर स्टेशन
  • स्थान: ललपनिया, बोकारो जिला, झारखंड।
  • परियोजना का नाम: Tenughat Vidyut Nigam Limited (TVNL)।
  • प्रकार: ताप विद्युत (Thermal Power) परियोजना।
  • ईंधन: कोयला।

BHEL ( भेल) ने जुलाई 2016 में बोकारो के थर्मल पॉवर इकाई के लिए कितने मेगावाट की थर्मल पॉवर इकाई की शुरुआत की थी?

  • 100
  • 500
  • 600
  • 400

Explanation:

  • BHEL (भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड) ने बोकारो थर्मल पावर स्टेशन-A में 500 मेगावाट (MW) की कोयला आधारित ताप विद्युत इकाई स्थापित/कमीशन की थी।
  • यह परियोजना Damodar Valley Corporation (DVC) की थी।
  • इकाई: 500 MW
  • स्थान: बोकारो थर्मल, झारखंड।
  • कमीशनिंग: 22 मार्च 2016; BHEL की आधिकारिक घोषणा 6 मई 2016 को प्रकाशित हुई थी।

झारखण्ड सरकार ने राज्य में अल्ट्रा मेगा पावर प्रोजेक्ट्स (यूएमपीपी) की स्थापना के लिए दो स्थानों का चयन किया है। निम्न में से कौन-सा सही विकल्प है ?

  • तिलैया और पतरातू
  • देवघर और गढ़वा
  • तिलैया और देवघर
  • गढ़वा और बोकारों

Explanation:

  • झारखण्ड में अल्ट्रा मेगा पावर प्रोजेक्ट्स (UMPP) के लिए प्रमुख रूप से दो स्थान चिन्हित किए गए थे:
    • तिलैया (Tilaiya UMPP) — हजारीबाग एवं कोडरमा जिले के निकट।
    • हुसैनाबाद, देवघर (Deoghar UMPP) — देवघर जिले में।
  • तिलैया UMPP की क्षमता: 4,000 MW।
  • हुसैनाबाद UMPP को झारखण्ड का दूसरा UMPP प्रस्तावित किया गया था।

कोयलकारो जल विद्युत परियोजना किस राज्य में है?

  • उत्तर प्रदेश
  • झारखण्ड
  • बिहार
  • मध्य प्रदेश

Explanation:

  • कोयलकारो जल विद्युत परियोजना
  • स्थान: पश्चिमी सिंहभूम जिला, झारखंड।
  • यह परियोजना दक्षिणी कोयल (South Koel) और कारो (Karo) नदियों पर आधारित है।
  • परियोजना की प्रस्तावित क्षमता: लगभग 710 मेगावाट (MW)।

तेनुघाट ऊर्जा संयंत्र सम्बन्धित है :

  • प्राकृतिक गैस
  • जल विद्युत
  • आण्विक शक्ति
  • ताप विद्युत

Explanation:

  • तेनुघाट ऊर्जा संयंत्र (Tenughat Vidyut Nigam Limited – TVNL) ताप विद्युत (Thermal Power) से संबंधित है।
  • स्थान: ललपनिया, बोकारो जिला, झारखंड।
  • ईंधन: कोयला।
  • नदी: दामोदर नदी के निकट स्थित।

अय्यर जल विद्युत परियोजना किस नदी से सम्बंधित है ?

  • बराकर
  • कोनार
  • दामोदर
  • स्वर्णरेखा

Explanation:

  • अय्यर (Aiyar) जल विद्युत परियोजना दामोदर नदी से संबंधित है।
  • स्थान: बोकारो जिला, झारखंड।
  • क्षमता: लगभग 45,000 किलोवाट (45 MW)।
  • यह दामोदर घाटी निगम (DVC) की परियोजनाओं से संबंधित है।

अय्यर बांध ……. पर बनाया गया है।

  • स्वर्णरेखा
  • दामोदर
  • बैतरनी
  • ब्राह्मणी

Explanation:

  • अय्यर (Aiyar) जल विद्युत परियोजना दामोदर नदी से संबंधित है।
  • स्थान: बोकारो जिला, झारखंड।
  • क्षमता: लगभग 45,000 किलोवाट (45 MW)।
  • यह दामोदर घाटी निगम (DVC) की परियोजनाओं से संबंधित है।
  • इसे बर्मा बांध (Burma Dam) भी कहा जाता है।

चांडिल डैम किस नदी पर है?

  • स्वर्णरेखा – खरकई
  • दामोदर
  • बैतरनी
  • ब्राह्मणी

Explanation:

  • दामोदर नदी घाटी परियोजना (DVC) के अंतर्गत बाँध
    1. तिलैया बाँध → बराकर नदी (कोडरमा जिला) – प्रारंभ: 21-02-1953
    2. मैथन बाँध → बराकर नदी (धनबाद जिला) – प्रारंभ: 27-09-1957
    3. बाल पहाड़ी बाँध → बराकर नदी (गिरिडीह जिला)
    4. पंचेत बाँध → दामोदर नदी (धनबाद जिला) – प्रारंभ: 06-12-1959
    5. अय्यर बाँध → दामोदर नदी, बोकारो
    6. बेरमो बाँध → दामोदर नदी, बोकारो
    7. बोकारो बाँध → बोकारो नदी (दामोदर की सहायक)
    8. कोनार बाँध → कोनार नदी (हजारीबाग जिला) – प्रारंभ: 15-10-1955
    9. दुर्गापुर बाँध → दामोदर नदी (अवरोधक बाँध, पश्चिम बंगाल)
  • स्वर्णरेखा नदी परियोजना के अंतर्गत बाँध
    • पालना बाँध → स्वर्णरेखा नदी (सरायकेला-खरसावाँ)
    • चांडिल बाँध → स्वर्णरेखा नदी (सरायकेला-खरसावाँ)
    • गोलूडीह बाँध → स्वर्णरेखा नदी (पूर्वी सिंहभूम)
    • ईचा बाँध → खरकई नदी (पश्चिमी सिंहभूम)
    • गजिया बाँध → खरकई नदी (पूर्वी सिंहभूम)
  • मयूराक्षी परियोजना के अंतर्गत बाँध
    • मसानजोर बाँध (कनाडा बाँध) → मयूराक्षी नदी (दुमका) – निर्माण: 1955, कनाडा के सहयोग से
  • उत्तरी कोयल परियोजना के अंतर्गत बाँध
    • मंडल डेम → उत्तरी कोयल नदी (गढ़वा) – प्रारंभ: 1972, 1993 में रोक, 2019 में पुनः शुरू
    • कुटकू बाँध → उत्तरी कोयल नदी (गढ़वा) – विद्युत गृह सहित
  • कोयल-कारो परियोजना के अंतर्गत बाँध
    • बसिया बाँध → दक्षिणी कोयल नदी (गुमला) – प्रारंभ: 1973-74, 2003 में बंद
    • तोरपा बाँध → कारो नदी (गुमला) – प्रारंभ: 1973-74, 2003 में बंद
  • अन्य बाँध/जलाशय (CWC द्वारा निगरानी)
    • तेनुघाट बाँध (Tenughat) → दामोदर नदी (बोकारो)
    • गेतलसुड़ बाँध (Getalsud) → (राँची)

तिलैया बाँध यह नदी पर निर्मित है- Primary Teacher – 2008,

  • स्वर्णरेखा – खरकई
  • दामोदर
  • बराकर
  • ब्राह्मणी

Explanation:

  • दामोदर नदी घाटी परियोजना (DVC) के अंतर्गत बाँध
    1. तिलैया बाँध → बराकर नदी (कोडरमा जिला) – प्रारंभ: 21-02-1953
    2. मैथन बाँध → बराकर नदी (धनबाद जिला) – प्रारंभ: 27-09-1957
    3. बाल पहाड़ी बाँध → बराकर नदी (गिरिडीह जिला)
    4. पंचेत बाँध → दामोदर नदी (धनबाद जिला) – प्रारंभ: 06-12-1959
    5. अय्यर बाँध → दामोदर नदी, बोकारो
    6. बेरमो बाँध → दामोदर नदी, बोकारो
    7. बोकारो बाँध → बोकारो नदी (दामोदर की सहायक)
    8. कोनार बाँध → कोनार नदी (हजारीबाग जिला) – प्रारंभ: 15-10-1955
    9. दुर्गापुर बाँध → दामोदर नदी (अवरोधक बाँध, पश्चिम बंगाल)
  • स्वर्णरेखा नदी परियोजना के अंतर्गत बाँध
    • पालना बाँध → स्वर्णरेखा नदी (सरायकेला-खरसावाँ)
    • चांडिल बाँध → स्वर्णरेखा नदी (सरायकेला-खरसावाँ)
    • गोलूडीह बाँध → स्वर्णरेखा नदी (पूर्वी सिंहभूम)
    • ईचा बाँध → खरकई नदी (पश्चिमी सिंहभूम)
    • गजिया बाँध → खरकई नदी (पूर्वी सिंहभूम)
  • मयूराक्षी परियोजना के अंतर्गत बाँध
    • मसानजोर बाँध (कनाडा बाँध) → मयूराक्षी नदी (दुमका) – निर्माण: 1955, कनाडा के सहयोग से
  • उत्तरी कोयल परियोजना के अंतर्गत बाँध
    • मंडल डेम → उत्तरी कोयल नदी (गढ़वा) – प्रारंभ: 1972, 1993 में रोक, 2019 में पुनः शुरू
    • कुटकू बाँध → उत्तरी कोयल नदी (गढ़वा) – विद्युत गृह सहित
  • कोयल-कारो परियोजना के अंतर्गत बाँध
    • बसिया बाँध → दक्षिणी कोयल नदी (गुमला) – प्रारंभ: 1973-74, 2003 में बंद
    • तोरपा बाँध → कारो नदी (गुमला) – प्रारंभ: 1973-74, 2003 में बंद
  • अन्य बाँध/जलाशय (CWC द्वारा निगरानी)
    • तेनुघाट बाँध (Tenughat) → दामोदर नदी (बोकारो)
    • गेतलसुड़ बाँध (Getalsud) → (राँची)

मैथन बाँध किस नदी पर बना है?

  • स्वर्णरेखा – खरकई
  • दामोदर
  • बराकर
  • ब्राह्मणी

Explanation:

  • दामोदर नदी घाटी परियोजना (DVC) के अंतर्गत बाँध
    1. तिलैया बाँध → बराकर नदी (कोडरमा जिला) – प्रारंभ: 21-02-1953
    2. मैथन बाँध → बराकर नदी (धनबाद जिला) – प्रारंभ: 27-09-1957
    3. बाल पहाड़ी बाँध → बराकर नदी (गिरिडीह जिला)
    4. पंचेत बाँध → दामोदर नदी (धनबाद जिला) – प्रारंभ: 06-12-1959
    5. अय्यर बाँध → दामोदर नदी, बोकारो
    6. बेरमो बाँध → दामोदर नदी, बोकारो
    7. बोकारो बाँध → बोकारो नदी (दामोदर की सहायक)
    8. कोनार बाँध → कोनार नदी (हजारीबाग जिला) – प्रारंभ: 15-10-1955
    9. दुर्गापुर बाँध → दामोदर नदी (अवरोधक बाँध, पश्चिम बंगाल)
  • स्वर्णरेखा नदी परियोजना के अंतर्गत बाँध
    • पालना बाँध → स्वर्णरेखा नदी (सरायकेला-खरसावाँ)
    • चांडिल बाँध → स्वर्णरेखा नदी (सरायकेला-खरसावाँ)
    • गोलूडीह बाँध → स्वर्णरेखा नदी (पूर्वी सिंहभूम)
    • ईचा बाँध → खरकई नदी (पश्चिमी सिंहभूम)
    • गजिया बाँध → खरकई नदी (पूर्वी सिंहभूम)
  • मयूराक्षी परियोजना के अंतर्गत बाँध
    • मसानजोर बाँध (कनाडा बाँध) → मयूराक्षी नदी (दुमका) – निर्माण: 1955, कनाडा के सहयोग से
  • उत्तरी कोयल परियोजना के अंतर्गत बाँध
    • मंडल डेम → उत्तरी कोयल नदी (गढ़वा) – प्रारंभ: 1972, 1993 में रोक, 2019 में पुनः शुरू
    • कुटकू बाँध → उत्तरी कोयल नदी (गढ़वा) – विद्युत गृह सहित
  • कोयल-कारो परियोजना के अंतर्गत बाँध
    • बसिया बाँध → दक्षिणी कोयल नदी (गुमला) – प्रारंभ: 1973-74, 2003 में बंद
    • तोरपा बाँध → कारो नदी (गुमला) – प्रारंभ: 1973-74, 2003 में बंद
  • अन्य बाँध/जलाशय (CWC द्वारा निगरानी)
    • तेनुघाट बाँध (Tenughat) → दामोदर नदी (बोकारो)
    • गेतलसुड़ बाँध (Getalsud) → (राँची)

मैथन डैम निम्न में से किस जिले में स्थित है?

  • हजारीबाग
  • धनबाद
  • बोकारो
  • प० सिंहभूम

Explanation:

  • दामोदर नदी घाटी परियोजना (DVC) के अंतर्गत बाँध
    1. तिलैया बाँध → बराकर नदी (कोडरमा जिला) – प्रारंभ: 21-02-1953
    2. मैथन बाँध → बराकर नदी (धनबाद जिला) – प्रारंभ: 27-09-1957
    3. बाल पहाड़ी बाँध → बराकर नदी (गिरिडीह जिला)
    4. पंचेत बाँध → दामोदर नदी (धनबाद जिला) – प्रारंभ: 06-12-1959
    5. अय्यर बाँध → दामोदर नदी, बोकारो
    6. बेरमो बाँध → दामोदर नदी, बोकारो
    7. बोकारो बाँध → बोकारो नदी (दामोदर की सहायक)
    8. कोनार बाँध → कोनार नदी (हजारीबाग जिला) – प्रारंभ: 15-10-1955
    9. दुर्गापुर बाँध → दामोदर नदी (अवरोधक बाँध, पश्चिम बंगाल)
  • स्वर्णरेखा नदी परियोजना के अंतर्गत बाँध
    • पालना बाँध → स्वर्णरेखा नदी (सरायकेला-खरसावाँ)
    • चांडिल बाँध → स्वर्णरेखा नदी (सरायकेला-खरसावाँ)
    • गोलूडीह बाँध → स्वर्णरेखा नदी (पूर्वी सिंहभूम)
    • ईचा बाँध → खरकई नदी (पश्चिमी सिंहभूम)
    • गजिया बाँध → खरकई नदी (पूर्वी सिंहभूम)
  • मयूराक्षी परियोजना के अंतर्गत बाँध
    • मसानजोर बाँध (कनाडा बाँध) → मयूराक्षी नदी (दुमका) – निर्माण: 1955, कनाडा के सहयोग से
  • उत्तरी कोयल परियोजना के अंतर्गत बाँध
    • मंडल डेम → उत्तरी कोयल नदी (गढ़वा) – प्रारंभ: 1972, 1993 में रोक, 2019 में पुनः शुरू
    • कुटकू बाँध → उत्तरी कोयल नदी (गढ़वा) – विद्युत गृह सहित
  • कोयल-कारो परियोजना के अंतर्गत बाँध
    • बसिया बाँध → दक्षिणी कोयल नदी (गुमला) – प्रारंभ: 1973-74, 2003 में बंद
    • तोरपा बाँध → कारो नदी (गुमला) – प्रारंभ: 1973-74, 2003 में बंद
  • अन्य बाँध/जलाशय (CWC द्वारा निगरानी)
    • तेनुघाट बाँध (Tenughat) → दामोदर नदी (बोकारो)
    • गेतलसुड़ बाँध (Getalsud) → (राँची)

मैथन डैम कब एवं किस नदी पर बना?

  • दामोदर – 1953
  • बोकारो- 1955
  • पंचेत – 1956
  • बराकर 1958

Explanation:

  • दामोदर नदी घाटी परियोजना (DVC) के अंतर्गत बाँध
    1. तिलैया बाँध → बराकर नदी (कोडरमा जिला) – प्रारंभ: 21-02-1953
    2. मैथन बाँध → बराकर नदी (धनबाद जिला) – प्रारंभ: 27-09-1957
    3. बाल पहाड़ी बाँध → बराकर नदी (गिरिडीह जिला)
    4. पंचेत बाँध → दामोदर नदी (धनबाद जिला) – प्रारंभ: 06-12-1959
    5. अय्यर बाँध → दामोदर नदी, बोकारो
    6. बेरमो बाँध → दामोदर नदी, बोकारो
    7. बोकारो बाँध → बोकारो नदी (दामोदर की सहायक)
    8. कोनार बाँध → कोनार नदी (हजारीबाग जिला) – प्रारंभ: 15-10-1955
    9. दुर्गापुर बाँध → दामोदर नदी (अवरोधक बाँध, पश्चिम बंगाल)
  • स्वर्णरेखा नदी परियोजना के अंतर्गत बाँध
    • पालना बाँध → स्वर्णरेखा नदी (सरायकेला-खरसावाँ)
    • चांडिल बाँध → स्वर्णरेखा नदी (सरायकेला-खरसावाँ)
    • गोलूडीह बाँध → स्वर्णरेखा नदी (पूर्वी सिंहभूम)
    • ईचा बाँध → खरकई नदी (पश्चिमी सिंहभूम)
    • गजिया बाँध → खरकई नदी (पूर्वी सिंहभूम)
  • मयूराक्षी परियोजना के अंतर्गत बाँध
    • मसानजोर बाँध (कनाडा बाँध) → मयूराक्षी नदी (दुमका) – निर्माण: 1955, कनाडा के सहयोग से
  • उत्तरी कोयल परियोजना के अंतर्गत बाँध
    • मंडल डेम → उत्तरी कोयल नदी (गढ़वा) – प्रारंभ: 1972, 1993 में रोक, 2019 में पुनः शुरू
    • कुटकू बाँध → उत्तरी कोयल नदी (गढ़वा) – विद्युत गृह सहित
  • कोयल-कारो परियोजना के अंतर्गत बाँध
    • बसिया बाँध → दक्षिणी कोयल नदी (गुमला) – प्रारंभ: 1973-74, 2003 में बंद
    • तोरपा बाँध → कारो नदी (गुमला) – प्रारंभ: 1973-74, 2003 में बंद
  • अन्य बाँध/जलाशय (CWC द्वारा निगरानी)
    • तेनुघाट बाँध (Tenughat) → दामोदर नदी (बोकारो)
    • गेतलसुड़ बाँध (Getalsud) → (राँची)

दामोदर घाटी निगम ……… को अस्तित्व में आया। ,

  • 14 जुलाई, 1948
  • 7 जुलाई, 1948
  • 7 जुलाई, 1949
  • 14 जुलाई, 1949

Explanation:

  • दामोदर घाटी निगम (Damodar Valley Corporation – DVC) 7 जुलाई 1948 को अस्तित्व में आया।
  • इसका गठन दामोदर घाटी निगम अधिनियम, 1948 (Act No. XIV of 1948) के तहत हुआ।
  • यह स्वतंत्र भारत की पहली बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजना मानी जाती है।
  • मुख्यालय: कोलकाता, पश्चिम बंगाल।

दामोदर घाटी परियोजना में बांधों की कुल संख्या ……… है। ,

  • 8
  • 9
  • 7
  • 4

Explanation:

  • दामोदर नदी घाटी परियोजना (DVC) के अंतर्गत बाँध
    1. तिलैया बाँध → बराकर नदी (कोडरमा जिला) – प्रारंभ: 21-02-1953
    2. मैथन बाँध → बराकर नदी (धनबाद जिला) – प्रारंभ: 27-09-1957
    3. बाल पहाड़ी बाँध → बराकर नदी (गिरिडीह जिला)
    4. पंचेत बाँध → दामोदर नदी (धनबाद जिला) – प्रारंभ: 06-12-1959
    5. अय्यर बाँध → दामोदर नदी, बोकारो
    6. बेरमो बाँध → दामोदर नदी, बोकारो
    7. बोकारो बाँध → बोकारो नदी (दामोदर की सहायक)
    8. कोनार बाँध → कोनार नदी (हजारीबाग जिला) – प्रारंभ: 15-10-1955
    9. दुर्गापुर बाँध → दामोदर नदी (अवरोधक बाँध, पश्चिम बंगाल)
  • स्वर्णरेखा नदी परियोजना के अंतर्गत बाँध
    • पालना बाँध → स्वर्णरेखा नदी (सरायकेला-खरसावाँ)
    • चांडिल बाँध → स्वर्णरेखा नदी (सरायकेला-खरसावाँ)
    • गोलूडीह बाँध → स्वर्णरेखा नदी (पूर्वी सिंहभूम)
    • ईचा बाँध → खरकई नदी (पश्चिमी सिंहभूम)
    • गजिया बाँध → खरकई नदी (पूर्वी सिंहभूम)
  • मयूराक्षी परियोजना के अंतर्गत बाँध
    • मसानजोर बाँध (कनाडा बाँध) → मयूराक्षी नदी (दुमका) – निर्माण: 1955, कनाडा के सहयोग से
  • उत्तरी कोयल परियोजना के अंतर्गत बाँध
    • मंडल डेम → उत्तरी कोयल नदी (गढ़वा) – प्रारंभ: 1972, 1993 में रोक, 2019 में पुनः शुरू
    • कुटकू बाँध → उत्तरी कोयल नदी (गढ़वा) – विद्युत गृह सहित
  • कोयल-कारो परियोजना के अंतर्गत बाँध
    • बसिया बाँध → दक्षिणी कोयल नदी (गुमला) – प्रारंभ: 1973-74, 2003 में बंद
    • तोरपा बाँध → कारो नदी (गुमला) – प्रारंभ: 1973-74, 2003 में बंद
  • अन्य बाँध/जलाशय (CWC द्वारा निगरानी)
    • तेनुघाट बाँध (Tenughat) → दामोदर नदी (बोकारो)
    • गेतलसुड़ बाँध (Getalsud) → (राँची)

जल संसाधन विभाग झारखंड सरकारके अनुसार , झारखण्ड राज्य में 2026 में कितनी वृहत् सिंचाई परियोजनाएं हैं?

  • 8
  • 9
  • 7
  • 4

Explanation:

  • झारखण्ड में 7 वृहत् (Major) सिंचाई परियोजनाएँ बताई जाती हैं।
  • वृहत् सिंचाई परियोजना — सामान्यतः 10,000 हेक्टेयर से अधिक सिंचाई क्षमता वाली परियोजना को कहा जाता है।
    • 1. स्वर्णरेखा बहुउद्देशीय परियोजना (Subernarekha Multipurpose Project)
      • जिले/राज्य: पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावाँ, ओडिशा एवं पश्चिम बंगाल
      • मुख्य घटक:
        • (i) चांडिल बाँध, मुख्य नहर एवं इसकी वितरिकाएँ
        • (ii) ईचा बाँध, मुख्य नहर एवं वितरिकाएँ
        • (iii) गलुडीह बराज एवं दायाँ मुख्य नहर
        • (iv) खरकई बराज, मुख्य नहर एवं वितरिकाएँ
    • 2. अजय बराज परियोजना (Ajay Barrage Project)
      • जिले: देवघर एवं जामताड़ा
    • 3. गुमानी बराज परियोजना (Gumani Barrage Project)
      • जिले: साहिबगंज एवं पाकुड़
    • 4. पुनासी जलाशय परियोजना (Punasi Reservoir Project)
      • जिला: देवघर
    • 5. अमानत बराज परियोजना (Amanat Barrage Project)
      • जिला: मेदिनीनगर (पलामू)
    • 6. कोनार जलाशय परियोजना (Konar Reservoir Project)
      • जिला: गिरिडीह
    • 7. उत्तरी कोयल जलाशय परियोजना (North Koel Reservoir Project)
      • जिला: पलामू

तिलैया बांध, झारखण्ड के कोडरमा और हजारीबाग जिलों के निकट स्थित पहला बाँध और जल विद्युत केन्द्र है। ये जिले किसके लिए प्रसिद्ध हैं?

  • अभ्रक भंडार
  • युरेनियम भंडार
  • बॉक्साइट भंडार
  • सोना भंडार

Explanation:

मैथन पावर लिमिटेड, दामोदर वैली कॉर्पोरेशन (DVC) और टाटा पावर की संयुक्त उद्यम कंपनी है, यह झारखण्ड में निम्नलिखित में से किस स्थान पर स्थित है ?

  • हजारीबाग
  • धनबाद
  • बोकारो
  • प० सिंहभूम

Explanation:

कोनार कुंड प्रोजेक्ट किस जिले में स्थित है?

  • गिरिडीह
  • धनबाद
  • बोकारो
  • प० सिंहभूम

Explanation:

  • कोनार सिंचाई परियोजना की आधारशिला: सितंबर 1978 में रखी गई थी।
  • आधारशिला अविभाजित बिहार के तत्कालीन राज्यपाल जगन्नाथ कौशल (Jagannath Kaushal) ने रखी थी।
  • परियोजना की प्रारंभिक अनुमानित लागत लगभग ₹11.43 करोड़ थी।
  • यह परियोजना हजारीबाग, गिरिडीह और बोकारो जिलों में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई थी।
  • कोनार नदी (दामोदर की सहायक)
  • कोनार Dam

    • प्रारंभ की तिथि-15-10-1955
    • संबंधित नदी – कोनार
    • संबंधित जिला- हजारीबाग
    • जलग्रहण क्षेत्र- 997 Sq Km
  • कोनार सिंचाई परियोजना का उद्घाटन: 28 अगस्त 2019 को किया गया था।
    • उद्घाटनकर्ता: तत्कालीन झारखंड मुख्यमंत्री रघुवर दास।
    • स्थान: बनासो, विष्णुगढ़ प्रखंड, हजारीबाग।
  • कोनार सिंचाई/कुंड (या कोनार बांध) परियोजना मुख्य रूप से झारखंड के हजारीबाग जिले में स्थित है, हालांकि इसका लाभ गिरिडीह और बोकारो जिलों को भी मिलता है

मयूराक्षी नदी पर बने मसानजोर बाँध का अन्य नाम ….. है।

  • कनाडा बाँध
  • अमेरिका बाँध
  • इंग्लैंड बाँध
  • ऑस्ट्रेलिया बाँध

Explanation:

निम्नलिखित में से कौन-सा बांध झारखण्ड के राँची जिले में, ओरमांझी टाउन में छोटानागपुर पठार के उत्तर-पूर्वी किनारे पर स्थित है?

  • कनाडा बाँध
  • चारोवा बांध
  • गेतलसूद बांध
  • तिलैया बांध

Explanation:

कोनार सिंचाई परियोजना मुख्यतः ……… जिले को प्रभावित करती है।

  • हजारीबाग
  • साहेबगंज
  • देवघर
  • इनमें से कोई नहीं

Explanation:

  • कोनार सिंचाई परियोजना की आधारशिला: सितंबर 1978 में रखी गई थी।
  • आधारशिला अविभाजित बिहार के तत्कालीन राज्यपाल जगन्नाथ कौशल (Jagannath Kaushal) ने रखी थी।
  • परियोजना की प्रारंभिक अनुमानित लागत लगभग ₹11.43 करोड़ थी।
  • यह परियोजना हजारीबाग, गिरिडीह और बोकारो जिलों में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई थी।
  • कोनार नदी (दामोदर की सहायक)
  • कोनार Dam

    • प्रारंभ की तिथि-15-10-1955
    • संबंधित नदी – कोनार
    • संबंधित जिला- हजारीबाग
    • जलग्रहण क्षेत्र- 997 Sq Km
  • कोनार सिंचाई परियोजना का उद्घाटन: 28 अगस्त 2019 को किया गया था।
    • उद्घाटनकर्ता: तत्कालीन झारखंड मुख्यमंत्री रघुवर दास।
    • स्थान: बनासो, विष्णुगढ़ प्रखंड, हजारीबाग।

उत्तर कोयल सिंचाई परियोजना किस राज्य / राज्यों से संबंधित है?

  • झारखण्ड, पश्चिम बंगाल
  • झारखण्ड, बिहार
  • झारखण्ड
  • झारखण्ड, ओडिशा

Explanation:

  • उत्तरी कोयल परियोजना उत्तरी कोयल नदी पर स्थित है।
  • उत्तरी कोयल नदी झारखंड के पलामू और गढ़वा जिलों से होकर बहती है और बिहार में सोन नदी में मिल जाती है। चूंकि यह झारखंड की एक अंतर-राज्यीय नदी है जो बिहार को जल प्रदान करती है, इसलिए यह परियोजना झारखण्ड और बिहार से संबंधित है।

झारखण्ड के किस क्षेत्र में नलकूप के द्वारा सर्वाधिक सिंचाई की जाती है?

  • गोड्डा
  • पलामू
  • राँची
  • लोहरदगा

Explanation:

  • लोहरदगा जिले में नलकूपों (ट्यूबवेल) के माध्यम से सिंचाई का प्रतिशत सबसे अधिक है, क्योंकि यहाँ भूजल स्तर अपेक्षाकृत अधिक सुलभ है तथा सिंचाई के अन्य साधनों (नहरों) की कमी है।

झारखण्ड के किस क्षेत्र में कुँआ के द्वारा सर्वाधिक सिंचाई की जाती है?

  • गोड्डा
  • गुमला
  • राँची
  • लोहरदगा

Explanation:

  • झारखंड के गुमला जिले में पारंपरिक सिंचाई के साधन के रूप में कुओं (वेल्स) का उपयोग सबसे अधिक किया जाता है। यह क्षेत्र वर्षा पर निर्भर है और यहाँ नहरों का जाल नहीं फैला है, इसलिए किसान कुओं पर निर्भर हैं।

झारखण्ड के किस क्षेत्र में तालाब के द्वारा सर्वाधिक सिंचाई की जाती है?

  • देवघर
  • गुमला
  • राँची
  • लोहरदगा

Explanation:

  • देवघर में रानीबहल जलकुण्ड, झुमका/भुमका जलकुण्ड और तपातपानी जलकुण्ड जैसे कई जलकुंड मयूराक्षी (मोर) नदी के तट पर स्थित हैं। इन जलकुंडों/तालाबों की उपस्थिति के कारण, देवघर में तालाबों के माध्यम से सर्वाधिक सिंचाई की जाती है।

झारखण्ड के किस क्षेत्र में नहरों के द्वारा सर्वाधिक सिंचाई की जाती है?

  • देवघर
  • गुमला
  • सिंहभूम
  • लोहरदगा

Explanation:

  • स्वर्णरेखा नदी परियोजना (जिसमें चांडिल, पालना, गोलूडीह, ईचा, गजिया बाँध शामिल हैं) एवं खरकई बाँध सिंहभूम क्षेत्र (पूर्वी एवं पश्चिमी सिंहभूम) में स्थित हैं।
  •  सिंहभूम में नहरों के द्वारा सर्वाधिक सिंचाई की जाती है।

झारखण्ड में किस के द्वारा सर्वाधिक सिंचाई की जाती है?

  • कुँआ
  • तालाब
  • नहर
  • तालाब

Explanation:

  • झारखंड एक पहाड़ी इलाका है, जिसके कारण नहर सिंचाई बहुत कम विकसित है।
  • दामोदर, स्वर्णरेखा आदि बहुउद्देशीय परियोजनाओं का राज्य में अधिकांश क्षेत्र वर्षा पर निर्भर है।
  • झारखंड में सिंचाई का सबसे बड़ा स्रोत कुँआ (Well) है, क्योंकि भूमिगत जल ही सिंचाई का सबसे सुलभ एवं प्रचलित साधन है।

झारखण्ड नहर सिंचाई के मामले में बुरी तरह से पिछड़ा है क्योंकि :

  • पहाड़ी इलाका है।
  • जंगल इलाका है।
  • पर्याप्त वर्षा है।
  • किसान शुष्क खेती करते हैं।

Explanation:

  • झारखंड की अधिकांश नदियाँ बरसाती हैं और गर्मी में सूख जाती हैं।
  • “झारखण्ड नहर सिंचाई के मामले में बुरी तरह से पिछड़ा है क्योंकि : पहाड़ी इलाका है।” का स्पष्ट उल्लेख है। छोटानागपुर पठार और पहाड़ी इलाका होने के कारण यहाँ नहरों का निर्माण एवं जल वितरण कठिन है, जिसके कारण नहर सिंचाई का विकास नहीं हो पाया है।

झारखण्ड में सिंचित कृषि भूमि का प्रतिशत लगभग ……. है।

  • 12.1%
  • 22.4%
  • 10.2%
  • 38%

Explanation:

  •  झारखंड राज्य का जलीय क्षेत्र 1.59 लाख हेक्टेयर (कुल भूभाग का लगभग 2%) है।
  • राज्य में कुल जल संसाधन में सिंचाई के लिए आवश्यकता 3,813 मिलियन घनमीटर आँकी गई है।
  •  झारखंड में सिंचित कृषि भूमि का प्रतिशत लगभग 12.1% है जो इसे देश के पिछड़े राज्यों में रखता है।

झारखण्ड राज्य का सिंचित क्षेत्र है ( सर्वोत्तम उत्तर का चयन करें )?

  • 3.007 लाख हेक्टेयर
  • 23.007 लाख हेक्टेयर
  • 10.007 लाख हेक्टेयर
  • 5 .007 लाख हेक्टेयर

Explanation:

कोनार सिंचाई परियोजना की आधारशिला किसने रखी थी।

  • रघुवर दास
  • जगरनाथ कौशल
  • अटल विहारी वाजपेयी
  • इनमें से कोई नहीं

Explanation:

  • कोनार सिंचाई परियोजना की आधारशिला: सितंबर 1978 में रखी गई थी।
  • आधारशिला अविभाजित बिहार के तत्कालीन राज्यपाल जगन्नाथ कौशल (Jagannath Kaushal) ने रखी थी।
  • परियोजना की प्रारंभिक अनुमानित लागत लगभग ₹11.43 करोड़ थी।
  • यह परियोजना हजारीबाग, गिरिडीह और बोकारो जिलों में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई थी।
  • कोनार नदी (दामोदर की सहायक)
  • कोनार Dam

    • प्रारंभ की तिथि-15-10-1955
    • संबंधित नदी – कोनार
    • संबंधित जिला- हजारीबाग
    • जलग्रहण क्षेत्र- 997 Sq Km
  • कोनार सिंचाई परियोजना का उद्घाटन: 28 अगस्त 2019 को किया गया था।
    • उद्घाटनकर्ता: तत्कालीन झारखंड मुख्यमंत्री रघुवर दास।
    • स्थान: बनासो, विष्णुगढ़ प्रखंड, हजारीबाग।

कोनार सिंचाई परियोजना का उद्घाटन किसके द्वारा किया गया था?

  • रघुवर दास
  • जगरनाथ कौशल
  • अटल विहारी वाजपेयी
  • इनमें से कोई नहीं

Explanation:

  • कोनार सिंचाई परियोजना की आधारशिला: सितंबर 1978 में रखी गई थी।
  • आधारशिला अविभाजित बिहार के तत्कालीन राज्यपाल जगन्नाथ कौशल (Jagannath Kaushal) ने रखी थी।
  • परियोजना की प्रारंभिक अनुमानित लागत लगभग ₹11.43 करोड़ थी।
  • यह परियोजना हजारीबाग, गिरिडीह और बोकारो जिलों में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई थी।
  • कोनार नदी (दामोदर की सहायक)
  • कोनार Dam

    • प्रारंभ की तिथि-15-10-1955
    • संबंधित नदी – कोनार
    • संबंधित जिला- हजारीबाग
    • जलग्रहण क्षेत्र- 997 Sq Km
  • कोनार सिंचाई परियोजना का उद्घाटन: 28 अगस्त 2019 को किया गया था।
    • उद्घाटनकर्ता: तत्कालीन झारखंड मुख्यमंत्री रघुवर दास।
    • स्थान: बनासो, विष्णुगढ़ प्रखंड, हजारीबाग।

कोनार सिंचाई परियोजना का उद्घाटन  कब किया गया था??

  • 28 अगस्त, 2019 को
  • 28 अगस्त, 2018 को
  • 28 अगस्त, 2016 को
  • इनमें से कोई नहीं

Explanation:

  • कोनार सिंचाई परियोजना की आधारशिला: सितंबर 1978 में रखी गई थी।
  • आधारशिला अविभाजित बिहार के तत्कालीन राज्यपाल जगन्नाथ कौशल (Jagannath Kaushal) ने रखी थी।
  • परियोजना की प्रारंभिक अनुमानित लागत लगभग ₹11.43 करोड़ थी।
  • यह परियोजना हजारीबाग, गिरिडीह और बोकारो जिलों में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई थी।
  • कोनार नदी (दामोदर की सहायक)
  • कोनार Dam

    • प्रारंभ की तिथि-15-10-1955
    • संबंधित नदी – कोनार
    • संबंधित जिला- हजारीबाग
    • जलग्रहण क्षेत्र- 997 Sq Km
  • कोनार सिंचाई परियोजना का उद्घाटन: 28 अगस्त 2019 को किया गया था।
    • उद्घाटनकर्ता: तत्कालीन झारखंड मुख्यमंत्री रघुवर दास।
    • स्थान: बनासो, विष्णुगढ़ प्रखंड, हजारीबाग।

कोनार सिंचाई परियोजना का आधारशिला कब रखा गया था।

  • सितंबर, 2019 को
  • सितंबर, 1978 में
  • सितंबर, 2016 को
  • सितंबर, 1980 में

Explanation:

  • कोनार सिंचाई परियोजना की आधारशिला: सितंबर 1978 में रखी गई थी।
  • आधारशिला अविभाजित बिहार के तत्कालीन राज्यपाल जगन्नाथ कौशल (Jagannath Kaushal) ने रखी थी।
  • परियोजना की प्रारंभिक अनुमानित लागत लगभग ₹11.43 करोड़ थी।
  • कोनार सिंचाई परियोजना का उद्घाटन: 28 अगस्त 2019 को किया गया था।
    • उद्घाटनकर्ता: तत्कालीन झारखंड मुख्यमंत्री रघुवर दास।
    • स्थान: बनासो, विष्णुगढ़ प्रखंड, हजारीबाग।
  • यह परियोजना हजारीबाग, गिरिडीह और बोकारो जिलों में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई थी।
  • कोनार नदी (दामोदर की सहायक)
  • कोनार Dam

    • प्रारंभ की तिथि-15-10-1955
    • संबंधित नदी – कोनार
    • संबंधित जिला- हजारीबाग
    • जलग्रहण क्षेत्र- 997 Sq Km
नदियाँ, जलप्रपात, गर्म जलकुंड, बहुद्देशीय नदी घाटी, सिंचाई