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Khortha
खोरठा कोन परिवार के भासा है ?
- आर्य
- द्रविड़
- ऑष्ट्रिक
- बर्मी
खोरठा कोन लिपि में उखरवल (लिखल) जाहे ?
खोरठे एकंवचन से बहुवचन बनवे खातिर कोन ‘प्रत्यय’ के लगवल जाहे ?
खोरठें कहावत के कहल जाहे
कठिन पहेली के खोरठें कहल जाहे
- सुन कहनी
- बुझ कहनी
- फाँकी
- परतुर
कुल्थी, चना, धान आर जौ बुनल डाला के कहल जाहे
- जावा डाला
- पूजा डाला
- डाला
- सूप
करमइतिन कोन फूल के लोरहे जा हथ ?
- धान फूल
- बेलंदरी
- काशी फूल
- कादो फूल
सरहुल में कोन गाछेक पूजा हेवे हे ?
पीठा परब के कहल जाहे –
- पीठा
- बांउड़ी
- बांका पीठा परब
- बांउड़ी मेला
‘कउआ नहान’ मुहावरा के अरथ हे
- चांडे नहाएक
- खुब कम पानी में नहाइक
- मुंडे पानी उझलेक
- गमछें पोछेक
खोरठांञ् बचन माने हेवे हे (बेयाकरन के अनुसार –
- गिनती
- बोली
- भासा
- डांट-फटकार
‘हाम घार जा ही।’ ई वाइक में सरबनाम के चिन्हा-
कोन वाइक सही हे ?
- छगरियइन चरइत हथिन
- छगरियइन चरइत हइ
- छगरी चरइत हथिन
- ई तीनों सही हइ।
उल्टा अरथ के लेताइरे कोन गलत हे ?
- सादा चरक
- चिकन-खसर
- हेंठ-ऊँच
- दिन-राइत।
कोन गलत है ?
- जे खांची में एक काठ धान आंटे हे – कठाही
- धान के बिहीन करेवाला ठाव – बिनाठी
- दुपहरिया बेरा खाय वाला खाना – बियारी
- साइंझ होवल पाछुक बेरा – मइछंधार
एगो तलबीच करा (फरक करा)-
‘सोंटा’ के अरथ हे –
- पइना
- गात हँसतेक
- बढ़नी से पानी टारेक
- ई सोब
कोन सही जोड़ा हे ?
- तेली – तेलिन
- साँद – साँदिन
- माहतो – महतवाइन
- ई सोब सही है
‘मैं पढ़ता हूँ’ एकर, खोरठा होतइ-
- हाम पढ़-ही
- हाम पढ़इत ही
- हाम पढ़व
- हाम पढ़ली
‘चेपटनकी गुन्हा करे चइरगोड़ी माइर खाय’ बुझवइल के बुझा की है-
- सदी
- उड़ीस आर खाटी
- ताली, चाभी
- मांदर आर दोल
‘ठेप चेंरयाँ मुडे मास’ बुझवइल की लागे ?
‘बइल’ सबद के परियावाची है-‘
‘काटेक’ सबद के अरथ हे –
- पांगेक
- टोंगेक
- पानेक
- ई सोब
आइग टाँगेक मोहाबराक अरथ है-
- आफती करेक
- आइग टांइग के धुइर भुलेक
- बोरसी टांगेक
- आइग डुड़कावेक
‘मुड़ माइर के चुमा’ लोकोक्ति के अरथ है-
- बड़ी बड़ गुन्हा कइर के फुसलावेक जिगिस्ता (प्रयास)
- दुसर के सम्पइत पर हक जतावेक
- दु नजरी करेक
- सोब दिन एक लखे नाञ
‘तुरी मोरे आपन लुरी’ लोकोक्ति के अरथ बतावा –
- तुरी एगो लड़ाकू जाइत लागे
- आपने लछन से बाझेक
- तुरी एगो बोका जाइत लागे
- ई तीनों ।
उतरी छोटानागपुर आर संथाल परगनांय आदिवासी आर गैर आदिवासीक (सदानेक) बीच के सम्पर्क भाखा की हे ?
- नागपुरी
- खोरठा
- कुडुख
- पंचपरगनिया
रामू एगो सुसिल चेंगा है। ‘ऊ’ रोज इसकूल जा है। हियो ‘ऊ’ की हय ?
- संइगा (संज्ञा)
- सरबनाम (सर्वनाम)
- बिसेसन (विशेषण)
- क्रिया
गरूक ‘गोठ’ बोने-झारे चरे लागल हत। हिंया ‘गोठ’ सबद हय-
- बेगति वाचक संइगा
- भाववाचक संइगा
- समुह वाचक संइगा
- पदार्थ वाचक संइगा।
खोरठा भाखा लिखे “खातिर” देवनागरी लिपि अपनावल गेल हय। इ बाइकें ‘खातिर सबद हय ।
- कर्म कारक
- कर्त्ता कारक
- अधिकरण कारक
- सम्प्रदान कारक