अम्बेडकर नगर
- इस जिले का नाम डॉ. भीमराव अम्बेडकर के नाम पर रखा गया है।
- तोंस नदी के किनारे बसा हुआ है।
- यहाँ का प्रसिद्ध “शिवबाड़ी मंदिर” एक प्रमुख तीर्थ स्थल है।
- अम्बेडकर नगर जिले से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य जो SSC CGL और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी हैं:
- स्थापना: 29 सितंबर 1995 (तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती द्वारा फैजाबाद, अब अयोध्या, से अलग कर बनाया गया)।
- नामकरण: संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर के सम्मान में।
- मुख्यालय: अकबरपुर (Akbarpur)।
- प्रशासनिक मंडल: अयोध्या मंडल (Ayodhya Division)।
- तहसील (5): अकबरपुर, टांडा, जलालपुर, आलापुर और भीटी।
- प्रमुख नदियां: सरयू (घाघरा), तमसा (टोंस), बिसुई और मझुई।
- पौराणिक महत्व: श्रवण क्षेत्र धाम (तमसा और बिसुई का संगम) – यहीं राजा दशरथ द्वारा श्रवण कुमार को शब्दभेदी बाण लगा था।
- प्रमुख व्यक्तित्व: प्रसिद्ध समाजवादी नेता डॉ. राम मनोहर लोहिया की जन्मस्थली (अकबरपुर)।
- विश्व रिकॉर्ड: माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली पहली दिव्यांग महिला अरुणिमा सिन्हा इसी जिले से हैं।
- एक जनपद एक उत्पाद (ODOP): वस्त्र उत्पाद (Textile Products) – विशेष रूप से टांडा के पावरलूम और टेरीकॉट के लिए प्रसिद्ध।
- प्रमुख उद्योग: एनटीपीसी (NTPC) टांडा, जेपी सीमेंट प्लांट और चीनी मिल।
- धार्मिक स्थल: किछौछा शरीफ दरगाह (सूफी संत मखदूम अशरफ जहांगीर सिमनानी), गोविंद साहब धाम (अम्बेडकर नगर-आजमगढ़ सीमा पर)।
- प्रमुख मेले: गोविंद साहब मेला (एक माह तक चलने वाला प्रसिद्ध मेला)।
- शैक्षिक संस्थान: राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज (अकबरपुर) और महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज (सदरपुर)।
संत कबीर नगर
- इस जिले का नाम संत कबीर दास के नाम पर रखा गया है।
- यहाँ संत कबीर की समाधि स्थित है।
- मगहर शहर इस जिले में आता है।
कौशाम्बी
- प्राचीन काल में यह वत्स महाजनपद की राजधानी थी।
- यह बौद्ध और जैन धर्म से संबंधित ऐतिहासिक स्थलों के लिए प्रसिद्ध है।
- यमुना नदी के किनारे स्थित है।
- स्थापना: 4 अप्रैल 1997 (प्रयागराज/इलाहाबाद जिले से अलग होकर)।
- मुख्यालय: मंझनपुर।
- मंडल: प्रयागराज।
- प्राचीन नाम: वत्स महाजनपद की राजधानी।
- सीमाएं: उत्तर में प्रतापगढ़, दक्षिण में चित्रकूट, पूर्व में प्रयागराज और पश्चिम में फतेहपुर।
- नदियाँ: गंगा और यमुना मुख्य नदियाँ हैं।
- ओडीओपी (ODOP): केला (Banana) एवं केला फाइबर उत्पाद।
- ऐतिहासिक शासक: राजा उदयन (वत्स नरेश) की कर्मभूमि।
- धार्मिक महत्व: बौद्ध और जैन दोनों धर्मों का प्रसिद्ध केंद्र।
- बौद्ध धर्म: गौतम बुद्ध ने अपने संन्यास के 6वें और 9वें वर्ष यहाँ बिताए थे।
- घोषिताराम विहार: कौशाम्बी में स्थित प्रसिद्ध बौद्ध मठ/विहार।
- जैन धर्म: 6वें तीर्थंकर पद्मप्रभु की जन्मस्थली।
- अशोक स्तंभ: कौशाम्बी में स्थित था, जिसे बाद में अकबर ने प्रयागराज के किले में स्थापित करवाया।
- प्रमुख स्थल: कड़ा धाम (माँ शीतला शक्तिपीठ), संत मलूकदास की जन्मस्थली, प्रभाषगिरी (पभोसा)।
- कड़ा का महत्व: अलाउद्दीन खिलजी के समय दिल्ली सल्तनत की महत्वपूर्ण उप-राजधानी।
- जनसांख्यिकी (2011): लिंगानुपात 908, साक्षरता दर लगभग 61.3% (UP Special डेटा)।
- साहित्यिक संदर्भ: कालिदास की ‘मेघदूत’ और भास की ‘स्वप्नवासवदत्ता’ में कौशाम्बी का वर्णन।
कन्नौज
- प्राचीन काल में यह हर्षवर्धन की राजधानी थी।
- इसे “इत्र नगरी” के नाम से जाना जाता है।
- गंगा नदी के किनारे बसा हुआ है।
- प्राचीन नाम: ‘कान्यकुब्ज’ और ‘महोदय श्री’ के नाम से प्रसिद्ध।
- उपनाम: ‘इत्र नगरी’ (Perfume City) और ‘भारत का ग्रास’ (Grasse of India)।
- स्थापना: 18 सितंबर 1997 को फर्रुखाबाद से अलग होकर जिला बना।
- प्रशासनिक मंडल: कानपुर मंडल (Kanpur Division) के अंतर्गत।
- नदियाँ: मुख्य रूप से गंगा, काली और ईशान नदियाँ यहाँ से बहती हैं।
- हर्षवर्धन काल: 7वीं शताब्दी में राजा हर्षवर्धन ने इसे अपनी राजधानी बनाया और यह उत्तर भारत का राजनीतिक केंद्र बना।
- त्रिपक्षीय संघर्ष (Tripartite Struggle): कन्नौज पर नियंत्रण के लिए पाल, प्रतिहार और राष्ट्रकूट राजवंशों के बीच लगभग 200 वर्षों तक युद्ध चला।
- गुर्जर-प्रतिहार: नागभट्ट द्वितीय ने अंततः इसे जीतकर अपनी राजधानी बनाया।
- कन्नौज का युद्ध (1540): शेरशाह सूरी ने हुमायूँ को पराजित किया, जिसके बाद हुमायूँ को भारत छोड़ना पड़ा।
- चंदावर का युद्ध (1194): मोहम्मद गोरी ने कन्नौज के राजा जयचंद को पराजित किया।
- ODOP (एक जिला एक उत्पाद): कन्नौज का मुख्य उत्पाद ‘इत्र’ (Perfume) है।
- लाख बहोसी पक्षी अभयारण्य (Lakh Bahosi Bird Sanctuary): यह उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा पक्षी अभयारण्य है।
- धार्मिक स्थल: अन्नपूर्णा मंदिर, गौरी शंकर मंदिर और क्षेमकली देवी मंदिर यहाँ के प्रसिद्ध स्थल हैं।
- ऐतिहासिक व्यक्तित्व: महाकवि बाणभट्ट, भवभूति और राजशेखर कन्नौज के दरबार से जुड़े थे।
- प्रमुख संस्थान: सुगंध एवं स्वाद विकास केंद्र (FFDC – Fragrance and Flavour Development Centre) यहाँ स्थित है।
- पुरातत्व: यहाँ का राजकीय संग्रहालय (Government Museum) मौर्य और कुषाण काल की कलाकृतियों के लिए प्रसिद्ध है।
हरदोई
- यह गोमती और सई नदियों के मध्य स्थित है।
- कृषि प्रधान जिला है, गन्ने की खेती यहाँ बड़े पैमाने पर होती है।
- यहाँ कई प्राचीन मंदिर स्थित हैं।
इटावा
- यह यमुना और चंबल नदियों के संगम पर स्थित है।
- इसे “सोनखरचुआ नगर” के नाम से भी जाना जाता है।
- यहाँ प्रसिद्ध “मैनपुरी झील” स्थित है।
मैनपुरी
- यहाँ का प्रसिद्ध “कुशफर्ना झील” एक प्रमुख पर्यटन स्थल है।
- 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में रानी लक्ष्मी बाई ने यहाँ विजय प्राप्त की थी।
- कृषि प्रधान जिला है।
एटा
- यह गंगा और यमुना नदियों के दोआब क्षेत्र में स्थित है।
- यहाँ कई ऐतिहासिक किले और मंदिर स्थित हैं।
- कृषि और छोटे उद्योग यहाँ की मुख्य आजीविका हैं।
बदायूं
- प्राचीन काल में यह पांडवों की राजधानी थी।
- सूफी संत बख्तियार काकी का जन्मस्थान।
- गंगा और यमुना नदियों के मध्य स्थित है।
- स्थापना: प्राचीन नाम वेदामऊ, इसे ‘पीर-ओ-बावड़ी’ (सूफियों का शहर) कहा जाता है।
- इतिहास: दिल्ली सल्तनत के सुल्तान इल्तुतमिश दिल्ली का राजा बनने से पहले यहाँ का गवर्नर था।
- वास्तुकला: जामा मस्जिद (शम्सी लाट) भारत की सबसे बड़ी और पुरानी मस्जिदों में से एक, इल्तुतमिश द्वारा निर्मित।
- नदियाँ: गंगा, रामगंगा, अरिल और सोत नदी।
- भूगोल: रोहिलखंड क्षेत्र का हिस्सा, इसकी सीमा बरेली, शाहजहाँपुर और कासगंज से लगती है।
- धार्मिक स्थल: छोटे सरकार और बड़े सरकार की दरगाह, गौरी शंकर मंदिर।
- प्रसिद्ध व्यक्तित्व: महान इतिहासकार अब्दुल कादिर बदायूँनी (अकबर के दरबारी) यहीं से थे।
- साहित्य: प्रसिद्ध शायर शकील बदायूँनी की जन्मस्थली।
- ODOP (एक जिला एक उत्पाद): जरी-जरदोजी का काम।
- कृषि: गेहूं, गन्ना और मेंथा (पुदीना) तेल उत्पादन में अग्रणी।
- प्रशासन: बरेली मंडल (Division) के अंतर्गत आता है।
- पर्यटन: कछला घाट (गंगा तट) एक महत्वपूर्ण धार्मिक पर्यटन केंद्र है।
शाहजहांपुर
- इसकी स्थापना मुगल बादशाह शाहजहां के शासनकाल में हुई थी।
- 1857 के स्वतंत्रता संग्राम का एक प्रमुख केंद्र।
- कृषि प्रधान जिला है, गन्ना मुख्य नकदी फसल है।
पीलीभीत
- यह तराई क्षेत्र में स्थित है।
- पीलीभीत टाइगर रिजर्व यहाँ स्थित है।
- शारदा नदी यहाँ से बहती है।
- स्थापना: 1879 में जिला बना (पहले बरेली का हिस्सा था)।
- मंडल: बरेली मंडल।
- भौगोलिक स्थिति: नेपाल सीमा पर स्थित, तराई क्षेत्र का हिस्सा।
- पड़ोसी: उत्तर में नेपाल व उत्तराखंड (ऊधम सिंह नगर), दक्षिण में शाहजहाँपुर, पूर्व में लखीमपुर खीरी, पश्चिम में बरेली।
- प्रमुख नदियाँ: गोमती (उद्गम यहीं से), शारदा, देवहा और खकरा।
- गोमती उद्गम: पीलीभीत की फुल्हर झील (माधोटांडा) से।
- पीलीभीत टाइगर रिजर्व (PTR): 2014 में अधिसूचित; 2020 में बाघों की संख्या दोगुनी करने के लिए TX2 अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार जीता।
- चूका बीच: टाइगर रिजर्व के अंदर शारदा सागर बांध के किनारे स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल।
- एक जनपद एक उत्पाद (ODOP): बांसुरी (Flute); भारत की लगभग 95% बांसुरी यहीं बनती है।
- उपनाम: बांसुरी नगरी (Land of Flutes)।
- अर्थव्यवस्था: कृषि आधारित; मुख्य फसल गन्ना (4 चीनी मिलें स्थित)।
- ऐतिहासिक स्थल: गौरी शंकर मंदिर (250 साल पुराना), राजा वेणु का किला, और जामा मस्जिद (हाफिज रहमत खान द्वारा निर्मित)।
- धार्मिक महत्व: सिखों का प्रसिद्ध छठवीं पातशाही गुरुद्वारा (पकड़िया मोहल्ला)।
- वन क्षेत्र: जिले का लगभग 21% हिस्सा वनों से ढका है (उत्तर प्रदेश के वन-समृद्ध जिलों में शामिल)।
- राजनीति: मेनका गांधी का लंबे समय तक संसदीय क्षेत्र रहा है।
- प्रशासनिक इकाइयाँ: 5 तहसीलें (पीलीभीत सदर, बीसलपुर, पूरनपुर, कलीनगर, अमरिया)।
लखीमपुर खीरी
- यह उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा जिला (क्षेत्रफल की दृष्टि से) है।
- दुधवा नेशनल पार्क यहाँ स्थित है।
- शारदा नदी के किनारे बसा हुआ है।
सीतापुर
- पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान राम की पत्नी सीता का जन्मस्थान।
- गोमती और सरयू नदियों के मध्य स्थित है।
- कृषि प्रधान जिला है।
महोबा
- चंदेल वंश की राजधानी रह चुका है।
- यहाँ प्रसिद्ध “कालिंजर का किला” स्थित है।
- झाँसी डिवीजन का हिस्सा है।
बांदा
- बुंदेलखंड क्षेत्र में स्थित है।
- यहाँ प्रसिद्ध “कालिंजर का किला” स्थित है।
- केन नदी के किनारे बसा हुआ है।
चित्रकूट
- भगवान राम ने वनवास का अधिकांश समय यहाँ बिताया था।
- मंदाकिनी नदी के किनारे बसा हुआ है।
- स्थापना: 6 मई 1997 को बांदा जिले से अलग होकर नया जिला बना।
- पुराना नाम: स्थापना के समय इसका नाम छत्रपति शाहूजी महाराज नगर था (4 सितंबर 1998 को बदलकर चित्रकूट किया गया)।
- उपनाम: इसे ‘वनवास नगर’ और ‘मंदरांचल’ के नाम से भी जाना जाता है।
- भौगोलिक स्थिति: यह जिला उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा पर विंध्य पर्वतमाला में स्थित है।
- नदी: यह मंदाकिनी (पयस्विनी) नदी के तट पर स्थित है।
- धार्मिक महत्व: मान्यताओं के अनुसार भगवान राम ने अपने 14 वर्ष के वनवास में से लगभग 11.5 वर्ष यहीं बिताए थे।
- प्रमुख व्यक्तित्व: रामचरितमानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास का जन्म चित्रकूट के राजापुर गांव में हुआ था।
- प्रशासनिक विभाजन: चित्रकूट मंडल का मुख्यालय है। इसकी प्रमुख तहसीलें कर्वी, मऊ, राजापुर और मानिकपुर हैं।
- गणेश बाग: इसे ‘मिनी खजुराहो’ कहा जाता है (विनायक राव पेशवा द्वारा निर्मित)।
- जगतगुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय: यह विश्व का पहला निजी दिव्यांग विश्वविद्यालय है, जो यहीं स्थित है।
- ODOP (एक जिला एक उत्पाद): चित्रकूट लकड़ी के खिलौनों (Wooden Toys) के लिए प्रसिद्ध है।
- प्रमुख दार्शनिक स्थल:
- कामदगिरि पर्वत: श्रद्धालु इसकी 5 किमी की परिक्रमा करते हैं।
- रामघाट: मंदाकिनी नदी का मुख्य घाट जहाँ आरती होती है।
- हनुमान धारा: पहाड़ के ऊपर स्थित हनुमान मंदिर जहाँ जल की प्राकृतिक धारा गिरती है।
- गुप्त गोदावरी: गुफाओं के अंदर स्थित दो प्राकृतिक जल धाराएं।
- सती अनसुइया आश्रम: महर्षि अत्री और माता अनसुइया का तपोस्थल।
- स्फटिक शिला: जहाँ भगवान राम और सीता के पदचिह्न माने जाते हैं।
- भरतकूप: वह कुआं जहाँ भरत ने सभी तीर्थों का जल एकत्र किया था।
- रामायण मेला: चित्रकूट में प्रतिवर्ष प्रसिद्ध रामायण मेले का आयोजन किया जाता है।
- जनगणना (2011) तथ्य: यह जनसंख्या की दृष्टि से उत्तर प्रदेश का दूसरा सबसे छोटा जिला है (महोबा के बाद)।
- रानीपुर वन्यजीव विहार: इस जिले का प्रमुख वन्यजीव केंद्र (अब टाइगर रिजर्व घोषित)।
फतेहपुर
- गंगा और यमुना नदियों के बीच स्थित है।
- यहाँ प्रसिद्ध ‘खजुआ का मेला’ लगता है।
- ऐतिहासिक रूप से बुन्देलखण्ड और अवध क्षेत्रों के बीच संक्रमण क्षेत्र रहा है।
प्रतापगढ़
- यहाँ का प्रसिद्ध ‘काली माता मंदिर’ एक प्रमुख तीर्थ स्थल है।
- सई नदी के किनारे बसा हुआ है।
- उपनाम: भारत की आंवला नगरी (Amla City of India) और “बेल्हा भवानी की धरती”।
- नदी: मुख्य रूप से सई नदी (Sai River) के तट पर स्थित।
- कृषि: विश्व प्रसिद्ध आंवला उत्पादन (UP का 80% उत्पादन यहीं से)।
- ODOP: ‘एक जनपद एक उत्पाद’ योजना के तहत आंवला उत्पाद चयनित।
- इतिहास: प्राचीन नाम बेल्हा; राजा प्रताप सिंह द्वारा 17वीं सदी में किला बनवाने पर नाम ‘प्रतापगढ़’ पड़ा।
- स्वतंत्रता संग्राम: 1920 में बाबा रामचंद्र के नेतृत्व में प्रसिद्ध ‘किसान आंदोलन’ का केंद्र।
- साहित्य: सुप्रसिद्ध कवि हरिवंश राय बच्चन की जन्मस्थली (बाबू पट्टी गांव)।
- धार्मिक स्थल: बेल्हा भवानी मंदिर, शक्तिपीठ भयहरण नाथ धाम, और घुइसरनाथ धाम।
- पुरातात्विक स्थल: सराय नाहर राय और दमदमा (मध्यपाषाण कालीन स्थल, जहां प्राचीन मानव अस्थिपंजर मिले)।
- पक्षी विहार: डॉ. भीमराव अंबेडकर पक्षी विहार (बेंती झील)।
- पड़ोसी जिले: प्रयागराज, जौनपुर, सुल्तानपुर, अमेठी और रायबरेली।
- जनसांख्यिकी: लिंगानुपात (Sex Ratio) उत्तर प्रदेश के औसत से बेहतर श्रेणियों में गिना जाता है।
कुशीनगर
- भगवान बुद्ध का महापरिनिर्वाण स्थल।
- यह एक प्रमुख बौद्ध तीर्थ स्थल है।
- यहाँ विश्व का सबसे बड़ा रिक्लाइनिंग बुद्ध मूर्ति स्थित है।
देवरिया
- यहाँ प्रसिद्ध ‘देवराहा बाबा आश्रम’ स्थित है।
- गोरखपुर डिवीजन का हिस्सा है।
- कृषि प्रधान जिला है।
आजमगढ़
- इसकी स्थापना आजम खान ने की थी।
- तोंस नदी के किनारे बसा हुआ है।
- यहाँ का प्रसिद्ध ‘शिवपुरी मंदिर’ एक प्रमुख धार्मिक स्थल है।
मऊ
- यह गंगा और घाघरा नदियों के संगम पर स्थित है।
- हथकरघा उद्योग के लिए प्रसिद्ध है।
- कृषि प्रधान जिला है।
बलरामपुर
- नेपाल की सीमा से लगा हुआ जिला है।
- यहाँ प्रसिद्ध ‘देवी पाटन मंदिर’ स्थित है।
- राप्ती नदी यहाँ से बहती है।
