Updated on 13/04/26 by Mananjay MahatoShare on WhatsApp

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निम्न में से कौन से कथन इलेक्ट्रोलाइट (Electrolyte) के संदर्भ में असत्य हैं ?

  • इलेक्ट्रोलाइट वे पदार्थ होते हैं जो जल में घुलकर आयनों (ions) में विघटित हो जाते हैं और विद्युत का संचालन करते हैं।
  • सभी इलेक्ट्रोलाइट केवल जलीय विलयन (aqueous solution) में ही विद्युत का संचालन करते हैं, पिघली अवस्था (molten state) में नहीं।
  • मजबूत इलेक्ट्रोलाइट (Strong Electrolyte) पूर्णतः आयनों में विघटित हो जाते हैं।
  • कमजोर इलेक्ट्रोलाइट (Weak Electrolyte) आंशिक रूप से आयनों में विघटित होते हैं।

Explanation :

  • इलेक्ट्रोलाइट (Electrolyte) वे पदार्थ हैं जो जल में घुलकर या पिघली अवस्था में आयनों में टूट जाते हैं और विद्युत का संचालन करते हैं।
  • दूसरा कथन असत्य है क्योंकि इलेक्ट्रोलाइट जलीय विलयन (aqueous solution) के साथ-साथ पिघली अवस्था (molten state) में भी विद्युत का संचालन करते हैं।
  • मजबूत इलेक्ट्रोलाइट (Strong Electrolyte) जैसे HCl, NaOH आदि पूर्णतः आयनों में विघटित होते हैं, इसलिए ये अच्छे चालक होते हैं।
  • कमजोर इलेक्ट्रोलाइट (Weak Electrolyte) जैसे CH₃COOH आंशिक रूप से आयनों में विघटित होते हैं, इसलिए इनकी चालकता कम होती है।

विद्युत सेल (Electric Cell) क्या है?

  • एक उपकरण जो रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदलता है
  • केवल यांत्रिक ऊर्जा उत्पन्न करता है (Only mechanical energy)
  • केवल प्रकाश ऊर्जा देता है (Only light energy)
  • ऊष्मा ऊर्जा को संग्रहित करता है (Stores heat energy)

Explanation::

  • विद्युत सेल (Electric Cell) एक ऐसा यंत्र है जो रासायनिक अभिक्रिया (Chemical reaction) द्वारा विद्युत धारा (Electric current) उत्पन्न करता है।
  • इसमें दो इलेक्ट्रोड (Electrodes) होते हैं: एनोड (Anode) और कैथोड (Cathode)।
  • इलेक्ट्रोलाइट (Electrolyte) के माध्यम से आयन (Ions) का प्रवाह होता है।

प्राथमिक सेल (Primary Cell) का उदाहरण कौन सा है?

  • ड्राई सेल (Dry Cell)
  • लीड-एसिड बैटरी (Lead Acid Battery)
  • लिथियम आयन बैटरी (Lithium Ion Battery)
  • निकल-कैडमियम बैटरी (Nickel Cadmium Battery)

Explanation::

  • प्राथमिक सेल (Primary Cell) वे सेल होते हैं जिन्हें एक बार उपयोग के बाद पुनः चार्ज (Recharge) नहीं किया जा सकता।
  • ड्राई सेल (Dry Cell) सबसे सामान्य प्राथमिक सेल है, जो टॉर्च, रिमोट आदि में उपयोग होता है।
  • इसमें जिंक (Zinc) एनोड और कार्बन रॉड कैथोड होता है।

द्वितीयक सेल (Secondary Cell) की विशेषता क्या है?

  • इसे पुनः चार्ज किया जा सकता है (Rechargeable)
  • इसे केवल एक बार उपयोग किया जा सकता है
  • यह केवल प्रकाश उत्पन्न करता है
  • यह केवल ऊष्मा उत्पन्न करता है

Explanation::

  • द्वितीयक सेल (Secondary Cell) ऐसे सेल होते हैं जिन्हें बार-बार चार्ज और डिस्चार्ज (Charge/Discharge) किया जा सकता है।
  • उदाहरण: लेड-एसिड बैटरी (Lead Acid Battery), लिथियम-आयन बैटरी (Lithium-ion Battery)।
  • ये मोबाइल फोन, इन्वर्टर और इलेक्ट्रिक वाहनों में उपयोग होते हैं।

बैटरी (Battery) क्या होती है?

  • एक या अधिक विद्युत सेल का संयोजन
  • केवल एक सेल वाला उपकरण
  • केवल AC धारा उत्पन्न करने वाला उपकरण
  • केवल प्रकाश देने वाला उपकरण

Explanation::

  • बैटरी (Battery) कई विद्युत सेल (Electric Cells) का संयोजन होती है।
  • यह DC (Direct Current) विद्युत धारा प्रदान करती है।
  • इसे पोर्टेबल ऊर्जा स्रोत (Portable energy source) के रूप में उपयोग किया जाता है।

एनोड (Anode) और कैथोड (Cathode) में कौन सा कथन सही है?

  • एनोड पर ऑक्सीकरण (Oxidation) होता है और कैथोड पर अपचयन (Reduction)
  • कैथोड पर ऑक्सीकरण होता है
  • दोनों पर ऑक्सीकरण होता है
  • दोनों पर अपचयन होता है

Explanation::

  • एनोड (Anode): वह इलेक्ट्रोड जहाँ ऑक्सीकरण (Oxidation) होता है।
  • कैथोड (Cathode): वह इलेक्ट्रोड जहाँ अपचयन (Reduction) होता है।
  • इलेक्ट्रॉनों (Electrons) का प्रवाह एनोड से कैथोड की ओर होता है।

विद्युत वाहक बल (EMF) क्या है?

  • यह किसी स्रोत द्वारा प्रति इकाई आवेश को दी गई अधिकतम ऊर्जा है
  • यह परिपथ में बहने वाली धारा है
  • यह केवल प्रतिरोध के कारण उत्पन्न होता है
  • यह विभवांतर (Potential Difference) के बराबर होता है

Explanation::

  • EMF (Electromotive Force / विद्युत वाहक बल) को स्रोत का ओपन सर्किट वोल्टेज भी कहा जाता है।
  • यह बैटरी या सेल द्वारा प्रति कूलॉम आवेश को दी जाने वाली ऊर्जा होती है।
  • EMF को E द्वारा दर्शाया जाता है और इसकी इकाई वोल्ट (Volt) होती है।
  • यह तब भी मौजूद रहता है जब परिपथ में धारा नहीं बह रही हो।

विभवांतर (Potential Difference) क्या है?

  • किसी परिपथ के दो बिंदुओं के बीच प्रति इकाई आवेश ऊर्जा का अंतर
  • स्रोत द्वारा उत्पन्न कुल ऊर्जा
  • केवल धारा का प्रवाह
  • चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता

Explanation::

  • विभवांतर (Potential Difference / वोल्टेज) को V द्वारा दर्शाया जाता है।
  • यह किसी दो बिंदुओं के बीच आवेश को स्थानांतरित करने में खर्च ऊर्जा को दर्शाता है।
  • इसे सूत्र V = W / Q से व्यक्त किया जाता है।
  • जब परिपथ में धारा बहती है, तब ही विभवांतर उत्पन्न होता है।

EMF और विभवांतर में मुख्य अंतर क्या है?

  • EMF स्रोत द्वारा दिया गया अधिकतम वोल्टेज है जबकि विभवांतर परिपथ में उपयोग होने वाला वोल्टेज है
  • दोनों हमेशा समान होते हैं
  • EMF केवल प्रतिरोध पर निर्भर करता है
  • विभवांतर धारा के बिना भी रहता है

Explanation::

  • EMF तब मापा जाता है जब धारा शून्य होती है (open circuit condition)।
  • विभवांतर तब मापा जाता है जब धारा प्रवाहित हो रही हो।
  • बैटरी के अंदर आंतरिक प्रतिरोध (internal resistance) के कारण EMF > विभवांतर होता है।
  • सूत्र: V = E − Ir, जहाँ I = धारा (current), r = आंतरिक प्रतिरोध।

आंतरिक प्रतिरोध (Internal Resistance) का प्रभाव क्या है?

  • धारा प्रवाहित होने पर विभवांतर EMF से कम हो जाता है
  • धारा बढ़ने पर EMF बढ़ जाता है
  • प्रतिरोध कम होने पर EMF शून्य हो जाता है
  • विभवांतर हमेशा EMF से अधिक होता है

Explanation::

  • जब बैटरी में आंतरिक प्रतिरोध r होता है, तो ऊर्जा का कुछ भाग अंदर ही नष्ट हो जाता है।
  • इस कारण टर्मिनल वोल्टेज (Terminal Voltage) कम हो जाता है।
  • सूत्र: V = E − Ir
  • यदि I = 0 हो तो V = E (कोई धारा नहीं होने पर दोनों बराबर)।

वोल्ट (Volt) की सही परिभाषा क्या है?

  • 1 वोल्ट = 1 जूल प्रति कूलॉम (1 J/C)
  • 1 वोल्ट = 1 कूलॉम प्रति जूल
  • 1 वोल्ट = 1 एम्पियर प्रति सेकंड
  • 1 वोल्ट = 1 ओम प्रति कूलॉम

Explanation::

  • वोल्ट (Volt) विद्युत विभवांतर और EMF की SI इकाई है।
  • यह दर्शाता है कि 1 कूलॉम आवेश को स्थानांतरित करने में कितनी ऊर्जा (जूल) लगती है।
  • सूत्र: V = W / Q
  • जहाँ W = कार्य (Work), Q = आवेश (Charge)

किर्चॉफ का धारा नियम (Kirchhoff’s Current Law – KCL) के अनुसार निम्न में से कौन सा कथन सही है?

  • किसी बंद परिपथ में वोल्टेज का योग शून्य होता है
  • किसी जंक्शन (Node) पर आने वाली कुल धारा = जाने वाली कुल धारा
  • धारा हमेशा वोल्टेज के समान होती है
  • प्रतिरोध हमेशा स्थिर रहता है

Explanation::

  • KCL (Kirchhoff’s Current Law / किर्चॉफ का धारा नियम) के अनुसार किसी भी इलेक्ट्रिकल जंक्शन पर चार्ज संरक्षण (Conservation of Charge) लागू होता है।
  • गणितीय रूप: ΣI incoming = ΣI outgoing
  • यह नियम DC और AC दोनों सर्किट में लागू होता है।
  • सही विकल्प: किसी जंक्शन पर आने वाली कुल धारा = जाने वाली कुल धारा

किर्चॉफ का वोल्टेज नियम (Kirchhoff’s Voltage Law – KVL) क्या बताता है?

  • धारा का योग हमेशा स्थिर होता है
  • शक्ति हमेशा संरक्षित रहती है
  • किसी बंद लूप (Closed Loop) में सभी वोल्टेज का बीजगणितीय योग शून्य होता है
  • प्रतिरोध बदलता नहीं है

Explanation::

  • KVL (Kirchhoff’s Voltage Law / किर्चॉफ का वोल्टेज नियम) ऊर्जा संरक्षण (Conservation of Energy) पर आधारित है।
  • गणितीय रूप: ΣV = 0
  • लूप में सभी voltage rise और drop का योग शून्य होता है।
  • सही विकल्प: बंद लूप में सभी वोल्टेज का योग शून्य होता है

KCL का उपयोग किस सिद्धांत पर आधारित है?

  • ऊर्जा संरक्षण (Conservation of Energy)
  • आवेश संरक्षण (Conservation of Charge)
  • द्रव्यमान संरक्षण
  • गति संरक्षण

Explanation::

  • KCL का आधारभूत सिद्धांत Conservation of Charge है।
  • जंक्शन पर आवेश न तो उत्पन्न होता है और न ही नष्ट होता है।
  • इसलिए आने वाली धारा = जाने वाली धारा होती है।
  • सही विकल्प: आवेश संरक्षण

KVL किस भौतिक नियम पर आधारित है?

  • आवेश संरक्षण
  • न्यूटन का नियम
  • ऊर्जा संरक्षण (Conservation of Energy)
  • ऊष्मा संरक्षण

Explanation::

  • KVL ऊर्जा संरक्षण सिद्धांत पर आधारित है।
  • एक बंद लूप में ऊर्जा का कुल परिवर्तन शून्य होता है।
  • गणितीय रूप: ΣV = 0
  • सही विकल्प: ऊर्जा संरक्षण

यदि किसी नोड पर 3A, 2A धारा प्रवेश कर रही है और 4A बाहर जा रही है, तो अज्ञात धारा कितनी होगी?

  • 1A बाहर
  • 1A अंदर
  • 1A बाहर (संतुलन के अनुसार)
  • 0A

Explanation::

  • KCL के अनुसार: ΣI incoming = ΣI outgoing
  • incoming = 3A + 2A = 5A
  • outgoing = 4A + x
  • 5 = 4 + x ⇒ x = 1A
  • सही विकल्प: 1A बाहर

किर्चॉफ के नियम किस प्रकार के सर्किट में लागू होते हैं?

  • केवल DC सर्किट
  • केवल AC सर्किट
  • DC और AC दोनों सर्किट
  • केवल ओपन सर्किट

Explanation::

  • KCL और KVL दोनों नियम DC (Direct Current) और AC (Alternating Current) सर्किट में लागू होते हैं।
  • ये नियम किसी भी जटिल नेटवर्क एनालिसिस में उपयोग किए जाते हैं।
  • सही विकल्प: DC और AC दोनों सर्किट

व्हीटस्टोन ब्रिज (Wheatstone Bridge) का मुख्य उपयोग क्या है?

  • विद्युत धारा (Electric Current) मापने में
  • अज्ञात प्रतिरोध (Unknown Resistance) मापने में
  • शक्ति (Power) मापने में
  • आवृत्ति (Frequency) मापने में

Explanation::

  • व्हीटस्टोन ब्रिज एक विद्युत परिपथ (Electrical Circuit) है जिसका उपयोग अज्ञात प्रतिरोध ज्ञात करने के लिए किया जाता है।
  • जब ब्रिज संतुलित (Balanced Condition) होता है तब गैल्वेनोमीटर (Galvanometer) में धारा शून्य हो जाती है।
  • संतुलन की शर्त: R₁/R₂ = R₃/R₄
  • इस सिद्धांत का उपयोग प्रयोगशाला (Laboratory) में सटीक मापन के लिए किया जाता है।

व्हीटस्टोन ब्रिज की संतुलन स्थिति (Balanced Condition) क्या होती है?

  • गैल्वेनोमीटर में अधिकतम धारा प्रवाहित होती है
  • सर्किट टूट जाता है
  • गैल्वेनोमीटर में कोई धारा नहीं होती
  • बैटरी समाप्त हो जाती है

Explanation::

  • संतुलित अवस्था में Wheatstone Bridge में गैल्वेनोमीटर (Galvanometer) से कोई धारा प्रवाहित नहीं होती।
  • इस स्थिति में बिंदु समान विभव (Equal Potential) पर होते हैं।
  • इसका उपयोग अज्ञात प्रतिरोध की गणना के लिए किया जाता है।
  • यह स्थिति समीकरण R₁/R₂ = R₃/R₄ को संतुष्ट करती है।

व्हीटस्टोन ब्रिज में उपयोग होने वाला उपकरण कौन सा है?

  • वोल्टमीटर (Voltmeter)
  • एमीटर (Ammeter)
  • गैल्वेनोमीटर (Galvanometer)
  • टैकोमीटर (Tachometer)

Explanation::

  • गैल्वेनोमीटर एक अत्यंत संवेदनशील उपकरण है जो बहुत कम धारा को भी पहचान सकता है।
  • यह ब्रिज की संतुलन स्थिति का पता लगाने में मदद करता है।
  • जब धारा शून्य होती है तो ब्रिज संतुलित माना जाता है।

व्हीटस्टोन ब्रिज का मूल सिद्धांत (Principle) क्या है?

  • ओम का नियम (Ohm’s Law)
  • किरचॉफ का नियम (Kirchhoff’s Law) और संतुलन सिद्धांत
  • फैराडे का नियम
  • पास्कल का नियम

Explanation::

  • व्हीटस्टोन ब्रिज Kirchhoff’s Circuit Laws पर आधारित होता है।
  • संतुलन स्थिति में धारा वितरण ऐसा होता है कि गैल्वेनोमीटर में धारा शून्य हो जाती है।
  • इसका उपयोग सटीक प्रतिरोध (Precise Resistance Measurement) में किया जाता है।

व्हीटस्टोन ब्रिज का संतुलन सूत्र (Balance Formula) क्या है?

  • R₁ + R₂ = R₃ + R₄
  • R₁ × R₂ = R₃ × R₄
  • R₁/R₂ = R₃/R₄
  • R₁ – R₂ = R₃ – R₄

Explanation::

  • व्हीटस्टोन ब्रिज में संतुलन की स्थिति में प्रतिरोधों का अनुपात समान होता है।
  • यह सूत्र अज्ञात प्रतिरोध (Unknown Resistance) निकालने के लिए उपयोग किया जाता है।
  • यदि तीन प्रतिरोध ज्ञात हों, तो चौथा आसानी से निकाला जा सकता है।

व्हीटस्टोन ब्रिज में शून्य विक्षेपण (Null Deflection) का क्या अर्थ है?

  • बैटरी खत्म हो जाना
  • धारा का अधिकतम होना
  • गैल्वेनोमीटर में धारा शून्य होना
  • प्रतिरोध का अनंत होना

Explanation::

  • Null Deflection का अर्थ है गैल्वेनोमीटर में कोई धारा प्रवाहित नहीं होना।
  • यह स्थिति तब आती है जब ब्रिज संतुलित होता है।
  • इस स्थिति में दोनों शाखाओं के विभव (Potential) समान होते हैं।
  • यह स्थिति मापन की उच्च सटीकता (High Accuracy) सुनिश्चित करती है।

मीटर ब्रिज (Meter Bridge) का सिद्धांत किस पर आधारित है?

  • व्हीटस्टोन ब्रिज (Wheatstone Bridge) के सिद्धांत पर
  • ओम के नियम पर
  • किरचॉफ के नियम पर
  • जूल के नियम पर

Explanation::

  • मीटर ब्रिज, व्हीटस्टोन ब्रिज का ही व्यावहारिक रूप (Practical form) है।
  • इसमें 1 मीटर लंबा समान प्रतिरोध तार (Uniform Resistance Wire) उपयोग किया जाता है।
  • संतुलन बिंदु (Balancing Point) पर गैल्वेनोमीटर (Galvanometer) शून्य विचलन दिखाता है।
  • सिद्धांत: R₁/R₂ = L₁/L₂ (लंबाई अनुपात = प्रतिरोध अनुपात)।

पोटेंशियोमीटर (Potentiometer) का मुख्य उपयोग क्या है?

  • विद्युत वाहक बल (EMF) और विभवांतर (Potential Difference) मापना
  • धारा मापना
  • प्रतिरोध बढ़ाना
  • शक्ति मापना

Explanation::

  • पोटेंशियोमीटर एक Null Deflection Instrument है, अर्थात इसमें शून्य विचलन विधि का उपयोग होता है।
  • यह किसी सेल का EMF बिना धारा खींचे माप सकता है, इसलिए यह अधिक सटीक (Accurate) होता है।
  • EMF ∝ संतुलन लंबाई (Balancing Length) होता है।
  • यह तुलना विधि (Comparison Method) पर आधारित उपकरण है।

मीटर ब्रिज में संतुलन की स्थिति कब प्राप्त होती है?

  • जब गैल्वेनोमीटर में धारा शून्य हो जाती है
  • जब धारा अधिकतम होती है
  • जब वोल्टेज अधिकतम होता है
  • जब प्रतिरोध शून्य होता है

Explanation::

  • संतुलन बिंदु (Balance Point) पर गैल्वेनोमीटर (G) में कोई धारा प्रवाहित नहीं होती।
  • इस स्थिति में Wheatstone Bridge संतुलित होता है।
  • सूत्र: R₁/R₂ = L₁/L₂ (जहाँ L₁ और L₂ तार की लंबाई हैं)।
  • इस विधि से अज्ञात प्रतिरोध (Unknown Resistance) ज्ञात किया जाता है।

पोटेंशियोमीटर में विभव प्रवणता (Potential Gradient) क्या होती है?

  • प्रति इकाई लंबाई पर विभव का गिरावट (Fall of potential per unit length)
  • धारा का प्रवाह
  • प्रतिरोध का योग
  • ऊर्जा का उत्पादन

Explanation::

  • विभव प्रवणता (k) = V/L
  • यह दर्शाती है कि प्रति इकाई लंबाई पर विभव कितना कम हो रहा है।
  • कम प्रवणता होने पर अधिक सटीक मापन संभव होता है।
  • यह पोटेंशियोमीटर की संवेदनशीलता (Sensitivity) को प्रभावित करती है।

मीटर ब्रिज में प्रयुक्त तार की प्रकृति कैसी होती है?

  • समान प्रतिरोध और समान अनुप्रस्थ क्षेत्र वाला तार
  • असमान प्रतिरोध वाला तार
  • अतिचालक तार
  • अत्यधिक मोटा तार

Explanation::

  • मीटर ब्रिज में उपयोग होने वाला तार मैंगनिन (Manganin) या कॉन्स्टेंटन (Constantan) का होता है।
  • इनका ताप गुणांक (Temperature Coefficient) बहुत कम होता है।
  • इससे प्रतिरोध स्थिर रहता है और त्रुटि कम होती है।
  • तार की लंबाई 100 cm (1 मीटर) होती है।

पोटेंशियोमीटर और वोल्टमीटर में मुख्य अंतर क्या है?

  • पोटेंशियोमीटर शून्य धारा विधि से मापता है, वोल्टमीटर धारा खींचकर मापता है
  • दोनों समान हैं
  • वोल्टमीटर अधिक सटीक होता है
  • पोटेंशियोमीटर केवल धारा मापता है

Explanation::

  • पोटेंशियोमीटर Null Method पर कार्य करता है, इसलिए यह EMF का वास्तविक मान देता है।
  • वोल्टमीटर हमेशा कुछ धारा खींचता है, जिससे त्रुटि उत्पन्न होती है।
  • पोटेंशियोमीटर अधिक संवेदनशील (Sensitive) और सटीक (Accurate) होता है।
  • यह मानक सेल (Standard Cell) के साथ तुलना करके कार्य करता है।

विद्युत शक्ति (Electric Power) का सही सूत्र कौन सा है?

  • P = VI (वोल्टेज × करंट)
  • P = VI (विद्युत शक्ति = विभवांतर × धारा)
  • P = I²R²
  • P = V/I²

Explanation::

  • विद्युत शक्ति (Electric Power) को ऊर्जा के उपभोग की दर कहा जाता है।
  • सही सूत्र P = VI है जहाँ P = Power (शक्ति), V = Voltage (वोल्टेज), I = Current (धारा)
  • अन्य सही रूप: P = I²R और P = V²/R भी होते हैं।
  • यह सूत्र ओम के नियम (Ohm’s Law) पर आधारित है।

जूल का तापन नियम (Joule’s Heating Law) का सही सूत्र क्या है?

  • H = VIt
  • H = IRt
  • H = I²Rt
  • H = V²It

Explanation::

  • जूल तापन प्रभाव (Joule Heating Effect) में विद्युत धारा के कारण ऊष्मा उत्पन्न होती है।
  • सही सूत्र H = I²Rt है जहाँ H = Heat (ऊष्मा), I = Current (धारा), R = Resistance (प्रतिरोध), t = Time (समय)
  • ऊष्मा धारा के वर्ग के समानुपाती होती है।
  • यह प्रभाव इलेक्ट्रिक हीटर और बल्ब में देखा जाता है।

यदि किसी चालक में 2 A धारा 5 Ω प्रतिरोध में 10 सेकंड तक प्रवाहित होती है, तो उत्पन्न ऊष्मा कितनी होगी?

  • 50 J
  • 100 J
  • 200 J
  • 250 J

Explanation::

  • सूत्र: H = I²Rt
  • I = 2 A, R = 5 Ω, t = 10 s
  • H = 2² × 5 × 10
  • H = 4 × 5 × 10 = 200 J
  • अतः सही उत्तर 200 जूल है।

विद्युत शक्ति की SI इकाई क्या है?

  • जूल (Joule)
  • वाट (Watt)
  • वाट (Watt)
  • ओम (Ohm)

Explanation::

  • विद्युत शक्ति (Electric Power) की SI इकाई वाट (Watt) होती है।
  • 1 वाट = 1 जूल प्रति सेकंड (1 W = 1 J/s)
  • यह ऊर्जा के स्थानांतरण की दर को दर्शाता है।
  • इसे James Watt के नाम पर रखा गया है।

यदि किसी बल्ब पर 220 V वोल्टेज और 0.5 A धारा प्रवाहित हो रही है, तो शक्ति कितनी होगी?

  • 110 W
  • 440 W
  • 110 W
  • 220 W

Explanation::

  • सूत्र: P = VI
  • V = 220 V, I = 0.5 A
  • P = 220 × 0.5
  • P = 110 W
  • अतः बल्ब की शक्ति 110 वाट होगी।

जूल तापन प्रभाव (Joule Heating Effect) किस पर निर्भर करता है?

  • केवल वोल्टेज पर
  • केवल प्रतिरोध पर
  • धारा, प्रतिरोध और समय पर
  • केवल तापमान पर

Explanation::

  • सूत्र H = I²Rt से स्पष्ट है कि ऊष्मा तीन कारकों पर निर्भर करती है:
  • धारा (Current I)
  • प्रतिरोध (Resistance R)
  • समय (Time t)
  • इसलिए जितनी अधिक धारा या प्रतिरोध, उतनी अधिक ऊष्मा उत्पन्न होती है।

यदि किसी तार का प्रतिरोध 10 Ω है और उसमें 3 A धारा 20 सेकंड तक प्रवाहित होती है, तो उत्पन्न ऊष्मा कितनी होगी?

  • 1800 J
  • 1200 J
  • 1800 J
  • 900 J

Explanation::

  • सूत्र: H = I²Rt
  • I = 3 A, R = 10 Ω, t = 20 s
  • H = 3² × 10 × 20
  • H = 9 × 10 × 20 = 1800 J
  • अतः सही उत्तर 1800 जूल है।
Physics-Electrostatics – Electric Cell/Battery Questions