Hindi
‘सदाचार’ में उपसर्ग है।
- सत्
- आ
- अव
- अचार
Explanation:
- ‘सदाचार’ = सत् (उपसर्ग) + आचार (मूल शब्द)। ‘सत्’ का अर्थ ‘अच्छा’ है।
‘अत्युक्ति’ में उपसर्ग है।
- अधि
- दुर
- अति
- ऊन
Explanation:
- ‘अत्युक्ति’ = अति (उपसर्ग) + उक्ति (मूल शब्द)। ‘अति’ का अर्थ ‘अधिक’ है।
‘समादर’ व ‘संरक्षण’ में उपसर्ग है।
- सम्
- प्रति
- वि
- उत्तर
Explanation:
- ‘समादर’ = सम् + आदर; ‘संरक्षण’ = सम् + रक्षण। दोनों में ‘सम्’ उपसर्ग है।
‘प्रत्युपकार, प्रतिदिन व प्रत्युपदेश’ में कौन उपसर्ग निहित है?
- वि
- प्रति
- नि
- उत्तर
Explanation:
- इन सभी शब्दों में ‘प्रति’ उपसर्ग है। ‘प्रति’ का अर्थ ‘हर एक’ या ‘उल्टा’ होता है।
‘अध्यक्ष’ व ‘अधिष्ठाता’ में उपसर्ग है।
- अधि
- अति
- अध
- प्रति
Explanation:
- दोनों शब्दों में ‘अधि’ उपसर्ग है। ‘अधि’ का अर्थ ‘ऊपर’ या ‘प्रधान’ होता है।
निम्नलिखित शब्दों में उपसर्ग पहचानिए : अभ्यास, अभिमुख, अभियान।
- अप
- अध
- अन
- अभि
Explanation:
- इन सभी शब्दों में ‘अभि’ उपसर्ग है। ‘अभि’ का अर्थ ‘समीप’ या ‘सामने’ होता है।
‘नि, परि, ऊन’ उपसर्ग से संबंधित शब्द पहचानिए।
- निर्बंध, परिजन, उनतीस
- संरक्षण, दुर्जन, दुकाल
- प्रख्यात, संहार, अल्पज्ञ
- इनमें से कोई नहीं
Explanation:
- निर्बंध = नि + बंध; परिजन = परि + जन; उनतीस = ऊन + तीस।
‘अति’ उपसर्ग का अर्थ है।
- अधिक (बाहुल्य)
- सामीप्य
- पीछे
- ओर
Explanation:
- ‘अति’ उपसर्ग का अर्थ ‘अधिक’ या ‘बहुत’ होता है, जैसे – अत्यधिक, अत्युक्ति।
निम्नलिखित में कौन-सा शब्द अरबी-फारसी उपसर्ग युक्त नहीं है?
- समवाय
- नाकाम
- हमसफर
- बेतहक
Explanation:
- ‘समवाय’ संस्कृत ‘सम्’ उपसर्ग से बना है, जबकि अन्य शब्दों में अरबी-फारसी उपसर्ग हैं।
हिंदी उपसर्ग युक्त शब्द नहीं है।
- अवान
- उनचास
- कंपूत
- उपमा
Explanation:
- ‘उपमा’ संस्कृत का शब्द है, हिंदी उपसर्ग से नहीं बना।
संस्कृत उपसर्ग युक्त शब्द नहीं है।
- अनुजीवी
- अपशब्द
- लाचार
- प्रकर्ष
Explanation:
- ‘लाचार’ फारसी उपसर्ग ‘ला’ से बना है, संस्कृत से नहीं।
निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द हिंदी उपसर्ग युक्त है?
- कपूत
- सुशासन
- संगम
- आमरण
Explanation:
- ‘कपूत’ में हिंदी उपसर्ग ‘क’ (बुरा) है। अन्य शब्दों में संस्कृत उपसर्ग हैं।
छलिया, पठनीय व कहानी में कौन-सा प्रत्यय निहित है?
- इत, ल, आवट
- इला, वाला, ईला
- ईला, वाला, इक
- इया, ईय, आनी
Explanation:
- छल + इया, पठन + ईय, कह + आनी।
चमत्कार, प्रभाकर में कौन-सा प्रत्यय निहित है?
- कार, कर
- इया, ईय
- वान, आड़ी
- क, तर
Explanation:
- चमत् + कार, प्रभा + कर।
खिलाड़ी, गमनीय शब्द में कौन-सा प्रत्यय प्रयुक्त है?
- आड़ी, ईय
- ता, तर
- वत, हर
- ईला, नी
Explanation:
- खिल + आड़ी, गमन + ईय।
गानेवाला, लघुतर शब्द में कौन-सा प्रत्यय है?
- वत, ईला
- वाला, तर
- आन, इक
- ई, क
Explanation:
- गाने + वाला, लघु + तर।
खंडहर, लुटेरा शब्द में कौन-सा प्रत्यय है?
- हर, ऐरा
- ईला, तर
- आज, क
- वत, तर
Explanation:
- खंड + हर, लुट + ऐरा।
जो प्रत्यय धातुओं के अन्त में लगते हैं, वे प्रत्यय हैं-
- कृत प्रत्यय
- संबंध वाचक तद्धित
- गणनावाचक
- सादृश्यवाचक तद्धित
Explanation:
- कृत प्रत्यय धातु (क्रिया की मूल इकाई) के अंत में लगते हैं, जैसे – पठ् + अन = पठन।
जो प्रत्यय संज्ञा, सर्वनाम व विशेषण में जुड़कर नया शब्द बनाते हैं; वे प्रत्यय हैं-
- कृत प्रत्यय
- तद्धित प्रत्यय
- कृत व तद्धित प्रत्यय
- इनमें से कोई नहीं
Explanation:
- तद्धित प्रत्यय संज्ञा, सर्वनाम और विशेषण के अंत में जुड़कर नए शब्द बनाते हैं, जैसे – मानव + ता = मानवता।
कृदंत प्रत्यय किन शब्दों के साथ जुड़ते हैं?
- संज्ञा
- सर्वनाम
- क्रिया
- अव्यय
Explanation:
- कृदंत प्रत्यय धातु (क्रिया की मूल इकाई) के साथ जुड़ते हैं, जैसे – पढ़ + ई = पढ़ाई।
वे अविकारी शब्द, जो दो शब्दों वाक्यों अथवा वाक्य खण्डों को जोड़ते हैं, कहलाते हैं-
- संज्ञा
- सर्वनाम
- क्रिया
- अव्यय
Explanation:
- अव्यय वे शब्द हैं जिनमें लिंग, वचन, कारक आदि के कारण कोई परिवर्तन नहीं होता और ये समुच्चयबोधक आदि के रूप में काम करते हैं।
‘अलमारी’ किस विदेशी भाषा का शब्द है?
- अंग्रेजी
- फ्रांसीसी
- डच
- पुर्तगाली
Explanation:
- ‘अलमारी’ शब्द पुर्तगाली भाषा (Almario) से हिंदी में आया है।
‘पाण्डव’ शब्द में कैसा प्रत्यय है –
- कृदन्त
- तद्धित
- स्त्री
- प्रत्यय नहीं है
Explanation:
- ‘पाण्डव’ = पाण्डु + अ (तद्धित प्रत्यय) – पाण्डु के वंशज।
‘रिक्शा’ शब्द किस भाषा का है –
- अंग्रेजी
- उर्दू
- तुर्की
- जापानी
Explanation:
- ‘रिक्शा’ मूलतः जापानी भाषा का शब्द है।
निम्नांकित में योगरूढ शब्द है –
- विशालकाय
- पुष्प
- कुमुदिनी
- पंकज
Explanation:
- ‘पंकज’ = पंक (कीचड़) + ज (जन्म) – कीचड़ में जन्म लेने वाला (कमल)। यह योगरूढ़ शब्द है।
निम्नलिखित शब्दों में योगरूढ शब्द कौन-सा है ?
- चक्रपाणी
- पाठशाला
- उपचार
- अभिव्यक्ति
Explanation:
- ‘चक्रपाणी’ = चक्र (सुदर्शन चक्र) + पाणी (हाथ) – जिसके हाथ में चक्र है, अर्थात भगवान विष्णु।
‘ई’ प्रत्यय किस शब्द में नहीं है ?
- तेली
- रंगीला
- माली
- अलबेली
Explanation:
- ‘रंगीला’ में ‘ईला’ प्रत्यय है, ‘ई’ नहीं।
‘संस्कार’ शब्द में किस उपसर्ग का प्रयोग हुआ है ?
- सम्
- सन
- सम
- सन्स
Explanation:
- ‘संस्कार’ = सम् (उपसर्ग) + कार (मूल शब्द)।
‘रेलगाड़ी’ शब्द है –
- तद्भव
- विदेशी
- देशज
- संकर
Explanation:
- ‘रेलगाड़ी’ = ‘रेल’ (अंग्रेजी) + ‘गाड़ी’ (हिंदी) – दो भाषाओं के शब्दों से मिलकर बना, अतः संकर है।
‘बकील’ किस भाषा का शब्द है ?
- फारसी का
- अरबी का
- तुर्की का
- पुर्तगाली का
Explanation:
- ‘बकील’ अरबी भाषा का शब्द है, जिसका अर्थ ‘वकील’ होता है।
‘संकर’ शब्द का अर्थ है –
- तत्सम शब्द
- तद्भव शब्द
- विदेशी शब्द
- दो भाषाओं के शब्दों से मिलकर बना शब्द
Explanation:
- संकर शब्द दो भिन्न भाषाओं के मूल शब्दों के योग से बनते हैं।
जिन शब्दों की व्युत्पत्ति का पता नहीं चलता, उन्हें कहा जाता है –
- तत्सम
- तद्भव
- देशज
- संकर
Explanation:
- देशज शब्दों की व्युत्पत्ति (मूल स्रोत) का पता नहीं चलता, ये देशी शब्द होते हैं।
निम्नलिखित शब्द-युग्मों में कौन-सा असंगत है
- अफसोस-फारसी
- कैंची-तुर्की
- गमला-पुर्तगाली
- कारतूस-अंग्रेजी
Explanation:
- ‘कारतूस’ अंग्रेजी (Cartridge) से नहीं, बल्कि फ्रांसीसी (Cartouche) या अरबी (Kartus) से आया है।
योगरूढ शब्द कौन है
- योद्धा
- दशानन
- राक्षस
- सुर
Explanation:
- ‘दशानन’ = दश (दस) + आनन (मुख) – जिसके दस मुख हैं, अर्थात रावण।
‘लौकिक’ शब्द में प्रत्यय है
- लोइक
- किक
- अक
- इक
Explanation:
- ‘लौकिक’ = लोक + इक (प्रत्यय)।
निम्नलिखित में योगरूढ शब्द चुनिए-
- पीला
- चक्रपाणि
- दूधवाला
- नैन
Explanation:
- ‘चक्रपाणि’ (चक्र + पाणि) योगरूढ़ शब्द है, जो भगवान विष्णु का बोध कराता है।
‘घर’ किस प्रकार का शब्द है?
- रूढ शब्द
- योगरूढ शब्द
- यौगिक शब्द
- निरर्थक शब्द
Explanation:
- ‘घर’ में ‘गृह’ का अर्थ समाहित है, यह यौगिक शब्द है।
‘अजायबघर’ है-
- देशी शब्द
- तत्सम शब्द
- विदेशी शब्द
- संकर शब्द
Explanation:
- ‘अजायबघर’ = ‘अजायब’ (अरबी/फारसी) + ‘घर’ (हिंदी) – संकर शब्द है।
वर्णों के उस समूह को, जिससे कोई निश्चित अर्थ निकलता हो, कहा जाता है-
- शब्द
- वर्ण
- वर्ण-समूह
- वक्तव्य
Explanation:
- सार्थक वर्ण-समूह को ‘शब्द’ कहते हैं।
‘सुत्’ शब्द को स्त्रीवाचक बनाने के लिए किस प्रत्यय का प्रयोग होगा?
- ईया
- ई
- इक
- अ
Explanation:
- ‘सुत’ + ई = ‘सुती’ (पुत्री)। ‘ई’ प्रत्यय से स्त्रीलिंग बनता है।
‘लेखक’ शब्द के अन्त में कौन-सा प्रत्यय लगा हुआ है?
- क
- इक
- आक
- अक
Explanation:
- ‘लेखक’ = लिख् (धातु) + अक (कृत प्रत्यय)।
‘अभिशाप’ शब्द में उपसर्ग चुनिए-
- अति
- अधि
- आ
- अभि
Explanation:
- ‘अभिशाप’ = अभि (उपसर्ग) + शाप।
‘दुस्साहस’ शब्द का उपसर्ग चुनिए-
- दुस्
- दुः
- दु
- स
Explanation:
- ‘दुस्साहस’ में ‘दुस्’ उपसर्ग है (साहस = साहस, दुस् + साहस)।
‘सजावट’ शब्द का प्रत्यय बताइए-
- आव
- आवट
- आहट
- टा
Explanation:
- ‘सजावट’ = सजा (धातु) + आवट (प्रत्यय)।
धातु में प्रत्यय जोड़ने से बने शब्द कहलाते हैं-
- विशेषण
- कृदन्त
- क्रिया
- तद्वितांत
Explanation:
- धातु में कृत प्रत्यय जोड़ने से बने शब्द ‘कृदन्त’ कहलाते हैं।
सामान्यतः शब्द के कितने प्रकार होते हैं?
- 4
- 2
- 5
- 3
Explanation:
- सामान्यतः शब्द दो प्रकार के होते हैं – विकारी और अविकारी।
बनावट के आधार पर शब्दों के कितने भेद होते हैं?
- 3
- 2
- 5
- 6
Explanation:
- बनावट के आधार पर शब्दों के तीन भेद हैं – रूढ़, योगरूढ़ और यौगिक।
उत्पत्ति के आधार पर शब्दों के भेद नहीं है?
- तत्सम/तद्भव
- देशज/विदेशज
- संज्ञा
- इनमें से कोई नहीं
Explanation:
- संज्ञा शब्दों का वर्गीकरण है, उत्पत्ति के आधार पर नहीं।
आगत शब्द से संबंधित है-
- विदेशी शब्द
- देशी शब्द
- तत्सम शब्द
- तद्भव
Explanation:
- ‘आगत’ शब्द का अर्थ ‘बाहर से आया हुआ’ है, अतः यह विदेशी शब्दों से संबंधित है।
शब्दांश कितने प्रकार के होते हैं?
- 1
- 2
- 3
- 4
Explanation:
- शब्दांश दो प्रकार के होते हैं – सार्थक शब्दांश और निरर्थक शब्दांश।
रचना के आधार पर रूढ़ शब्द नहीं है-
- दिन
- आँख
- विज्ञान
- घोड़ा
Explanation:
- ‘विज्ञान’ यौगिक शब्द है (वि + ज्ञान), जबकि अन्य रूढ़ शब्द हैं।
योगरूढ़ शब्दों की पहचान करें।
- घर
- पूँह
- पीताम्बर
- सामाजिक
Explanation:
- ‘पीताम्बर’ = पीत (पीला) + अम्बर (वस्त्र) – पीले वस्त्र वाला, अर्थात विष्णु।
विकल्प में दिए हुए शब्दों में से किस शब्द का तद्भवीकरण नहीं हुआ है-
- अफसर
- लालटेन
- कप्तान
- हॉस्पिटल
Explanation:
- ‘हॉस्पिटल’ अंग्रेजी का शब्द है, जो अपने मूल रूप में ही प्रयुक्त होता है (तद्भवीकरण नहीं हुआ)।
कौन-सा शब्द अरबी नहीं है-
- इजलास
- किस्मत
- कातिल
- कमीना
Explanation:
- ‘कमीना’ फारसी का शब्द है, अरबी का नहीं।
कौन-सा शब्द फारसी नहीं है-
- खामोश
- कबूतर
- चिराग
- हक
Explanation:
- ‘हक’ अरबी का शब्द है, फारसी का नहीं।
तुर्की शब्द नहीं है-
- कालीन
- चकमक
- आमदनी
- अजब
Explanation:
- ‘अजब’ अरबी का शब्द है, तुर्की का नहीं।
शब्द-शक्ति के प्रकार नहीं है-
- अभिधा
- तत्सम
- लक्षणा
- व्यंजना
Explanation:
- शब्द-शक्ति के तीन प्रकार हैं – अभिधा, लक्षणा, व्यंजना। ‘तत्सम’ शब्दों का वर्गीकरण है।
चार विकारी शब्द से संबंधित भेद नहीं है-
- संज्ञा
- सर्वनाम
- क्रिया
- समुच्चयबोधक
Explanation:
- समुच्चयबोधक अव्यय (अविकारी) है, विकारी शब्द नहीं।
निम्नलिखित में पुनरुक्त/द्विरुक्त शब्द कौन-सा है?
- पीताम्बर
- हनुमान
- साथ-साथ
- जीवन-मरण
Explanation:
- ‘साथ-साथ’ पुनरुक्त (द्विरुक्त) शब्द है।
‘अर्जुन ने कर्ण को मारा’ में उद्देश्य की पहचान करें।
- कर्ण को
- मारा
- अर्जुन ने
- इनमें से कोई नहीं
Explanation:
- वाक्य में जिसके बारे में बताया जाए, वह ‘उद्देश्य’ होता है – यहाँ ‘अर्जुन ने’ उद्देश्य है।
‘मैंने उसे पीटा’ इस वाक्य में विधेय की पहचान करें।
- मैंने
- उसे
- उसे पीटा
- उपरोक्त सभी
Explanation:
- विधेय वाक्य का वह भाग है जो उद्देश्य के बारे में बताता है – यहाँ ‘उसे पीटा’ विधेय है।
रचना के आधार पर वाक्य के भेद नहीं है।
- साधारण वाक्य
- संयुक्त वाक्य
- मिश्रित वाक्य
- उद्देश्य
Explanation:
- उद्देश्य वाक्य का एक अंग है, वाक्य का भेद नहीं।
वाक्य के कितने अंग होते हैं?
- उद्देश्य
- विधेय
- उद्देश्य व विधेय
- इनमें से कोई नहीं
Explanation:
- वाक्य के दो मुख्य अंग होते हैं – उद्देश्य और विधेय।
जिस वाक्य में केवल एक ही उद्देश्य व एक ही विधेय होता है, वह है-
- सरल वाक्य/साधारण वाक्य
- संयुक्त वाक्य
- मिश्रित वाक्य
- इनमें से कोई नहीं
Explanation:
- सरल वाक्य में एक ही उद्देश्य और एक ही विधेय होता है।
‘राकेश पढ़ता है।’ यह कैसा वाक्य है?
- साधारण वाक्य
- संयुक्त वाक्य
- मिश्रित वाक्य
- इनमें से कोई नहीं
Explanation:
- इसमें एक उद्देश्य (राकेश) और एक विधेय (पढ़ता है) है, अतः सरल/साधारण वाक्य है।
संयुक्त वाक्य को पहचानिए-
- राम पुस्तक पढ़ रहा है।
- शिल्पी पत्र लिखती है।
- धर्मेन्द्र ने भोजन किया।
- वह सुबह गया और शाम को लौट आया।
Explanation:
- इसमें ‘और’ से जुड़े दो स्वतंत्र वाक्य हैं, अतः संयुक्त वाक्य है।
यदि परिश्रम करोगे तो, उत्तीर्ण हो जाओगे।’ किस प्रकार का वाक्य है?
- सरल वाक्य/साधारण वाक्य
- संयुक्त वाक्य
- मिश्रित/मिश्र वाक्य
- इनमें से कोई नहीं
Explanation:
- इसमें एक मुख्य वाक्य (उत्तीर्ण हो जाओगे) और एक आश्रित उपवाक्य (यदि परिश्रम करोगे) है, अतः मिश्रित वाक्य है।
आश्रित उपवाक्य कितने प्रकार के होते हैं?
- 2
- 4
- 3
- 1
Explanation:
- आश्रित उपवाक्य तीन प्रकार के होते हैं – संज्ञा उपवाक्य, विशेषण उपवाक्य, क्रियाविशेषण उपवाक्य।
जब आश्रित उपवाक्य किसी संज्ञा अथवा सर्वनाम के स्थान पर आता है तब वह कौन सा उपवाक्य कहलाता है?
- संज्ञा उपवाक्य
- विशेषण उपवाक्य
- क्रियाविशेषण उपवाक्य
- इनमें से कोई नहीं
Explanation:
- जब आश्रित उपवाक्य संज्ञा या सर्वनाम का काम करता है, तो संज्ञा उपवाक्य कहलाता है।
‘मैंने दूध पिया।’ किस प्रकार का वाक्य है?
- विधानवाचक
- निषेधवाचक
- आज्ञावाचक
- प्रश्नवाचक
Explanation:
- इसमें किसी कार्य के होने का बोध है (विधान), अतः विधानवाचक वाक्य है।
‘गौरव तुम बैठ कर पढ़ो।’ किस प्रकार का वाक्य है?
- निषेधवाचक
- विधानवाचक
- प्रश्नवाचक
- आज्ञावाचक
Explanation:
- इसमें आज्ञा/आदेश का भाव है, अतः आज्ञावाचक वाक्य है।
निम्नलिखित में से कौन सा वाक्य निषेधवाचक नहीं है?
- मैंने दूध पिया।
- मैंने दूध नहीं पिया।
- मैंने खाना नहीं खाया।
- तुम मत लिखो।
Explanation:
- विकल्प (a) विधानवाचक है, जबकि अन्य तीनों में निषेध/मनाही का भाव है।
विधानार्थक वाक्य किसे कहते हैं?
- जिस वाक्य से किसी बात के न होने का बोध हो।
- जिस वाक्य से आज्ञा देने का बोध हो।
- जिस वाक्य में किसी बात का होना पाया जाय।
- इनमें से कोई नहीं
Explanation:
- विधानार्थक वाक्य में किसी कार्य के होने/घटित होने का बोध होता है।
इच्छार्थक वाक्य किसे कहते हैं?
- जिस वाक्य से आशीष के भाव का बोध हो।
- जिस वाक्य से संकेत का बोध हो।
- जिस वाक्य से संदेह का बोध हो।
- जिस वाक्य से प्रश्नवाचक भाव प्रकट हो।
Explanation:
- इच्छार्थक वाक्य से इच्छा, आशीर्वाद या आशा का बोध होता है।
अर्थानुसार वाक्य के भेद हैं।
- 2
- 5
- 8
- 10
Explanation:
- अर्थ के आधार पर वाक्य के 8 भेद हैं – विधानवाचक, निषेधवाचक, प्रश्नवाचक, आज्ञावाचक, विस्मयादिबोधक, संदेहवाचक, इच्छावाचक, संकेतवाचक।
‘भगवान तुम्हें लम्बी उम्र दें।’ किस प्रकार का वाक्य है?
- प्रश्नार्थक वाक्य
- इच्छार्थक वाक्य
- संकेतार्थक वाक्य
- विस्मयादिवोधक वाक्य
Explanation:
- इसमें आशीर्वाद/इच्छा का भाव है, अतः इच्छार्थक वाक्य है।
व्याकरणिक दृष्टि से भाषा की सबसे बड़ी इकाई है।
- वर्ण
- वाक्य
- स्वर
- व्यंजन
Explanation:
- व्याकरणिक दृष्टि से भाषा की सबसे बड़ी इकाई वाक्य है।
वाक्य में मुख्य आधार या वाक्य की आवश्यकताएँ कौन मानी जाती हैं?
- आकांक्षा, योग्यता, आसक्ति, पद क्रम
- साधारण वाक्य, मिश्रित वाक्य
- कर्ता, क्रिया, कर्म
- इनमें से कोई नहीं
Explanation:
- वाक्य की चार मुख्य आवश्यकताएँ हैं – आकांक्षा, योग्यता, आसक्ति (आश्रय) और पद क्रम।
हिन्दी वाक्य में साधारणतः संरचना क्रम की प्रवृत्ति मिलती है।
- कर्ता-क्रिया-कर्म
- कर्ता-कर्म-क्रिया
- कर्म-कर्ता-क्रिया
- क्रिया-कर्म-कर्ता
Explanation:
- हिंदी वाक्य में सामान्यतः कर्ता-कर्म-क्रिया का क्रम होता है, जैसे – राम (कर्ता) फल (कर्म) खाता है (क्रिया)।
‘उच्चारण’ शब्द में उपसर्ग है-
- उ
- उच्
- उत्
- उच्च
Explanation:
- ‘उच्चारण’ = उत् (उपसर्ग) + चारण (मूल शब्द)। ‘उत्’ का अर्थ ‘उपर’ या ‘अधिक’ होता है।
‘रिपोताि’ किस भाषा का शब्द है?
- फ्रांसीसी
- अंग्रेजी
- पुर्तगाली
- जापानी
Explanation:
- यह शब्द फ्रांसीसी भाषा (Rapportage) से लिया गया है।
‘कारतूस’ किस भाषा का शब्द है –
- अरबी
- फारसी
- फ्रेंच
- तुर्की
Explanation:
- ‘कारतूस’ (Cartouche) मूलतः फ्रांसीसी भाषा का शब्द है।
निम्नलिखित में से किस शब्द में ‘उपसर्ग’ है ?
- लालिमा
- पराजय
- दशक
- कारीगर
Explanation:
- ‘पराजय’ = परा (उपसर्ग) + जय। अन्य विकल्पों में प्रत्यय हैं, उपसर्ग नहीं।
‘आलपीन’ और ‘गमला’ किस विदेशी भाषा के शब्द हैं?
- फ्रेंच
- पुर्तगाली
- अंग्रेजी
- जापानी
Explanation:
- ‘आलपीन’ (Alfinete) और ‘गमला’ (Gamela) दोनों पुर्तगाली भाषा के शब्द हैं।
रचना के आधार पर वाक्य के भेद हैं
- 6
- 3
- 8
- 4
Explanation:
- रचना के आधार पर वाक्य के 3 भेद हैं – सरल, संयुक्त और मिश्रित वाक्य।
अभिधा शब्द शक्ति में-
- वाच्यार्थ प्रकट होता है
- लक्ष्यार्थ प्रकट होता है
- व्यंग्यार्थ प्रकट होता है
Explanation:
- अभिधा शब्द-शक्ति में शब्द का सीधा/मुख्य अर्थ (वाच्यार्थ) प्रकट होता है।
दो भिन्न भाषाओं के मेल से बना शब्द कहलाता है-
- तद्भव
- देशज
- विदेशज
- संकर
Explanation:
- दो भिन्न भाषाओं के शब्दों के योग से बने शब्द ‘संकर’ कहलाते हैं, जैसे – रेलगाड़ी (रेल + गाड़ी)।
निम्नांकित में किस शब्द का निर्माण उपसर्ग से नहीं हुआ है?
- अवसाद
- उन्नति
- सज्जन
- प्रहार
Explanation:
- ‘सज्जन’ में ‘सत्’ (उपसर्ग) + ‘जन’ माना जाता है, लेकिन ‘सज्जन’ व्याकरणिक दृष्टि से संधि (सत् + जन = सज्जन) से बना है, उपसर्ग से नहीं। अन्य विकल्पों में उपसर्ग विद्यमान है।
निम्नलिखित में प्रत्यय युक्त शब्द नहीं है-
- बोली
- भाषा
- पिपासा
- अंकुर
Explanation:
- ‘अंकुर’ मूल शब्द है, इसमें कोई प्रत्यय नहीं जुड़ा है। अन्य शब्दों में प्रत्यय हैं – बोली (बोल + ई), भाषा (भाष + आ), पिपासा (पा + आसा)।
निम्नलिखित में प्रत्यय युक्त शब्द नहीं है-
- सादर
- सावधान
- स्वभाव
- समझदार
Explanation:
- ‘सादर’ = स + आदर (उपसर्ग से बना), प्रत्यय से नहीं। अन्य विकल्पों में प्रत्यय हैं – सावधान (स + अवधान), स्वभाव (सु + आ + भाव), समझदार (समझ + दार)।
‘इक’ उपसर्ग के प्रयोग से बना शब्द है-
- अनन्त
- अन्तेक्षण
- अवैतनिक
- अपेक्षा
Explanation:
- ‘अवैतनिक’ = अ (उपसर्ग) + वैतनिक – इसमें ‘इक’ उपसर्ग का प्रयोग हुआ है।
किसी के सामने…मेरी आदत नहीं है।
- हाथ फैलाना
- अंगारों पर पैर रखना
- नाकों चने चबाना
- पत्थर की लकीर खींचना
Explanation:
- वाक्य में ‘हाथ फैलाना’ मुहावरा प्रयुक्त होगा – “किसी के सामने हाथ फैलाना” (माँगना/भीख माँगना) मेरी आदत नहीं है।
वाक्य में प्रयुक्त शब्द को कहते हैं-
- लिपि
- पद
- शब्दांश
- भाषा
Explanation:
- वाक्य में प्रयुक्त शब्द को ‘पद’ कहते हैं।
……बोलो, कोई सुन लेगा’ वाक्य में रिक्त स्थानों पर आएगा
- जोर से
- गाकर
- चीखकर
- धीरे
Explanation:
- वाक्य का अर्थ है – “धीरे बोलो, कोई सुन लेगा” (चुपके से बोलो ताकि कोई सुन न ले)।
वाक्य में शब्दों का क्रम निर्धारित होता है-
- पदक्रम से
- भाषा से
- छंद से
- अलंकार से
Explanation:
- वाक्य में शब्दों का क्रम (कर्ता-कर्म-क्रिया) ‘पदक्रम’ से निर्धारित होता है।
‘उद्देश्य’ और ‘विधेय’ किसके अंग है?
- वाक्य
- रचना
- शब्द
- अर्थ
Explanation:
- उद्देश्य और विधेय वाक्य के दो मुख्य अंग हैं।
‘तेंदुलकर ने एक ओवर में पाँच छक्के लगाएं’ इस वाक्य में उद्देश्य है-
- छक्के
- तेंदुलकर
- ओवर
- पाँच
Explanation:
- वाक्य में जिसके बारे में बताया जाए, वह ‘उद्देश्य’ होता है – यहाँ ‘तेंदुलकर’ उद्देश्य है।
‘वहाँ मोहन के……कोई नहीं था’ वाक्य में रिक्त स्थानों पर प्रयुक्त होगा-
- या
- और
- अलावा
- अथवा
Explanation:
- वाक्य होगा – “वहाँ मोहन के अलावा कोई नहीं था” (मोहन के सिवाय कोई नहीं था)।
‘हमें सफलता मिलने तक प्रयास करना चाहिए’ में कौन-सा अव्यय है?
- समुच्चयबोधक अव्यय
- क्रिया विशेषण
- सम्बन्ध बोधक अव्यय
- विस्मयादिबोधक अव्यय
Explanation:
- ‘तक’ शब्द समय की सीमा का संबंध बता रहा है, अतः सम्बन्धबोधक अव्यय है।
‘सलमा घर जाती है’ किस प्रकार का वाक्य है-
- सरल वाक्य
- निषेधात्मक वाक्य
- आज्ञार्थक वाक्य
- इच्छार्थक वाक्य
Explanation:
- इसमें एक उद्देश्य (सलमा) और एक विधेय (घर जाती है) है, अतः सरल वाक्य है।
‘मेरा मित्र राकेश बहुत अच्छा चित्रकार है’- इस वाक्य में विशेषण है-
- मेरा मित्र
- चित्रकार
- बहुत अच्छा चित्रकार
- बहुत अच्छा
Explanation:
- ‘बहुत अच्छा’ विशेषण है, जो संज्ञा ‘चित्रकार’ की विशेषता बता रहा है।
शब्द होते हैं-
- स्वर एवं व्यंजनों के मेल
- ध्वनियों के मेल से बने सार्थक वर्ण समुदाय
- स्वरों के मेल
- निरर्थक और सार्थक शब्दों के मेल
Explanation:
- शब्द ध्वनियों के मेल से बने सार्थक वर्ण-समूह होते हैं।
शब्द भाषा की कैसी इकाई है?
- स्वतंत्र
- सार्थक
- स्वतंत्र एवं सार्थक इकाई
- इनमें से कोई नहीं
Explanation:
- शब्द भाषा की स्वतंत्र और सार्थक इकाई है।
निश्चित अर्थ को प्रकट करने वाले वर्ण-समूह को क्या कहते हैं?
- वाक्य
- ध्वनि
- स्वर
- शब्द
Explanation:
- निश्चित अर्थ प्रकट करने वाले वर्ण-समूह को ‘शब्द’ कहते हैं।
सामान्यतः शब्द के कितने प्रकार होते हैं?
- 4
- 2
- 5
- 3
Explanation:
- सामान्यतः शब्द दो प्रकार के होते हैं – विकारी और अविकारी।
बनावट के आधार पर शब्दों के कितने भेद होते हैं?
- 3
- 2
- 5
- 6
Explanation:
- बनावट के आधार पर शब्दों के तीन भेद हैं – रूढ़, योगरूढ़ और यौगिक।
