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‘हिन्दी प्रदीप’ के सम्पादक कौन थे-
- बालकृष्ण भट्ट
- प्रतापनारायण मिश्र
- निराला
- पन्त
Explanation:
- ‘हिन्दी प्रदीप’ के सम्पादक बालकृष्ण भट्ट थे।
‘सरस्वती’ पत्रिका के यशस्वी सम्पादक कौन थे –
- प्रेमचन्द
- महावीर प्रसाद द्विवेदी
- रामचन्द्र शुक्ल
- भारतेन्दु हरिश्चन्द्र
Explanation:
- ‘सरस्वती’ पत्रिका के यशस्वी सम्पादक महावीर प्रसाद द्विवेदी थे।
‘कल्याण’ किस प्रकार की पत्रिका है –
- सामाजिक
- धार्मिक
- आर्थिक
- राजनीतिक
Explanation:
- ‘कल्याण’ एक धार्मिक पत्रिका है, जो गीता प्रेस, गोरखपुर से प्रकाशित होती है।
‘माधुरी’ पत्रिका का प्रकाशन कहाँ से होता था –
- आगरा
- इलाहाबाद
- कानपुर
- लखनऊ
Explanation:
- ‘माधुरी’ पत्रिका का प्रकाशन लखनऊ से होता था।
‘हिन्दी नवजीवन’ के सम्पादक कौन थे –
- बाबू राजेन्द्र प्रसाद
- काका कालेलकर
- गाँधी जी
- नेहरू जी
Explanation:
- ‘हिन्दी नवजीवन’ के सम्पादक महात्मा गाँधी थे।
पं. प्रतापनारायण मिश्र किस जातीय पत्र के सम्पादक थे –
- ब्राह्मण
- प्रदीप
- प्रताप
- क्षत्रिय
Explanation:
- प्रतापनारायण मिश्र ‘ब्राह्मण’ पत्रिका के सम्पादक थे।
हरि नारायण किस कहानी पत्रिका के सम्पादक रहे हैं –
- कादम्बिनी
- सारिका
- कथान्तर
- कथादेश
Explanation:
- हरि नारायण ‘सारिका’ पत्रिका के सम्पादक रहे हैं।
‘आलोचना’ पत्रिका के सम्पादक कौन हैं –
- रामविलास शर्मा
- नामवर सिंह
- नरेन्द्र मोहन
- महीप सिंह
Explanation:
- ‘आलोचना’ पत्रिका के सम्पादक नामवर सिंह हैं।
‘बैचारिकी’ पत्रिका के सम्पादक का नाम बताइए –
- मणिका मोहिनी
- उषा प्रियवदा
- मन्नु भण्डारी
- कृष्ण सोबती
Explanation:
- ‘बैचारिकी’ पत्रिका की सम्पादक मणिका मोहिनी हैं।
‘चिन्तामणि’ किस लेखक की कृति है –
- बाबू गुलाबराय
- हजारी प्रसाद द्विवेदी
- डॉ. नगेन्द्र
- आचार्य रामचन्द्र शुक्ल
Explanation:
- ‘चिन्तामणि’ आचार्य रामचन्द्र शुक्ल का निबन्ध संग्रह है।
‘नासिकेतोपाख्यान’ के रचयिता कौन थे –
- ईशा अल्ला खां
- सदल मिश्र
- लल्लूलाल
- सदासुखलाल
Explanation:
- ‘नासिकेतोपाख्यान’ के रचयिता सदल मिश्र हैं।
इनमें से महादेवी जी की रचना कौन-सी नहीं है –
- पंचरत्न
- पथ के साथी
- अतीत के चलचित्र
- मेरा परिवार
Explanation:
- ‘पंचरत्न’ महादेवी वर्मा की रचना नहीं है।
‘चन्द्रकान्ता’ उपन्यास के लेखक कौन हैं –
- देवकीनन्दन खत्री
- शरतचन्द्र
- गोपालराम गहमरी
- कौशिक
Explanation:
- ‘चन्द्रकान्ता’ उपन्यास के लेखक देवकीनन्दन खत्री हैं।
‘चन्द्रकान्ता सन्तति’ किस प्रकार का उपन्यास है –
- जासूसी
- सामाजिक
- तिलस्मी-ऐयारी
- मनोवैज्ञानिक
Explanation:
- ‘चन्द्रकान्ता सन्तति’ तिलस्मी-ऐयारी (रोमांचक) उपन्यास है।
हिन्दी में जासूसी उपन्यासों के प्रसिद्ध लेखक रहे हैं –
- देवकीनन्दन खत्री
- गोपालराम गहमरी
- जी.पी. श्रीवास्तव
- सुदर्शन
Explanation:
- गोपालराम गहमरी हिन्दी में जासूसी उपन्यासों के प्रसिद्ध लेखक हैं।
‘शेखर : एक जीवनी’ किस विधा की पुस्तक है –
- आत्मकथा
- जीवनी
- उपन्यास
- नाटक
Explanation:
- ‘शेखर : एक जीवनी’ अज्ञेय का उपन्यास है।
इनमें से कौन-सा उपन्यास अज्ञेय का है –
- कबला
- नदी के द्वीप
- मछली मरी हुई
- राग दरबारी
Explanation:
- ‘नदी के द्वीप’ अज्ञेय का उपन्यास है।
‘अपने-अपने अजनबी’ उपन्यास के लेखक कौन हैं –
- निर्मल वर्मा
- कमलेश्वर
- अज्ञेय
- राजकमल चौधरी
Explanation:
- ‘अपने-अपने अजनबी’ अज्ञेय का उपन्यास है।
‘सेवा सदन’ किसका उपन्यास है –
- राजेन्द्र यादव
- प्रेमचन्द
- प्रसाद
- रांगेय राघव
Explanation:
- ‘सेवा सदन’ प्रेमचन्द का उपन्यास है।
इनमें से कौन-सा उपन्यास प्रेमचन्द का नहीं है –
- निर्मला
- गोदान
- गबन
- निर्मला
Explanation:
- ‘निर्मला’ प्रेमचन्द का उपन्यास है। (प्रश्न में दिए गए विकल्पों में ‘निर्मला’ का उल्लेख दो बार है – यह प्रश्न त्रुटिपूर्ण है।)
प्रेमचन्द के किस उपन्यास में कृषक जीवन की समस्याएँ हैं –
- गबन
- गोदान
- निर्मला
- रंगभूमि
Explanation:
- ‘गोदान’ प्रेमचन्द का वह उपन्यास है, जिसमें कृषक जीवन की समस्याओं को प्रमुखता से दर्शाया गया है।
इनमें से कौन मनोवैज्ञानिक उपन्यासकार नहीं है –
- अज्ञेय
- वृन्दावनलाल वर्मा
- जैनेन्द्र
- इलाचन्द्र जोशी
Explanation:
- वृन्दावनलाल वर्मा मनोवैज्ञानिक उपन्यासकार नहीं हैं, वे ऐतिहासिक उपन्यासकार हैं।
‘ठेठ हिन्दी का ठाठ’ के लेखक कौन हैं –
- बालकृष्ण भट्ट
- प्रेमचन्द
- अयोध्या सिंह उपाध्याय
- किशोरीलाल गोस्वामी
Explanation:
- ‘ठेठ हिन्दी का ठाठ’ अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ की रचना है।
‘चन्द्र हसीनों के ख़तूत’ उपन्यास के लेखक कौन हैं –
- अरक
- अज्ञेय
- उग्र
- रूद्र
Explanation:
- ‘चन्द्र हसीनों के ख़तूत’ (ख़त) उपन्यास के लेखक उग्र हैं।
प्रेमचन्द के उस उपन्यास का नाम बताइए जिसमें दहेज प्रथा की बुराई की गई है –
- गबन
- गोदान
- निर्मला
- सेवा सदन
Explanation:
- ‘निर्मला’ उपन्यास में दहेज प्रथा की बुराई को दर्शाया गया है।
‘भूतनाथ’ के रचयिता कौन हैं –
- गोपालराम गहमरी
- देवकीनन्दन खत्री
- ठाकुर जगमोहन सिंह
- लज्जाराम शर्मा
Explanation:
- ‘भूतनाथ’ देवकीनन्दन खत्री की रचना है।
हिन्दी का पहला उपन्यास किसे माना जाता है –
- चन्द्रकान्ता
- परीक्षागुरु
- त्रिवेणी
- नूतन ब्रह्मचारी
Explanation:
- हिन्दी का पहला उपन्यास ‘परीक्षागुरु’ (लल्लूलाल) को माना जाता है।
‘मृगनयनी’ उपन्यास के लेखक कौन हैं –
- रांगेय राघव
- जयशंकर प्रसाद
- वृन्दावनलाल वर्मा
- भगवती चरण वर्मा
Explanation:
- ‘मृगनयनी’ वृन्दावनलाल वर्मा का उपन्यास है।
इनमें से कौन सा उपन्यास इलाचन्द्र जोशी का नहीं है –
- त्यागपत्र
- मुक्तिपथ
- संन्यासी
- ब्रह्मचक्र
Explanation:
- ‘त्यागपत्र’ इलाचन्द्र जोशी का उपन्यास नहीं है, यह जैनेन्द्र कुमार का है।
‘सुनीता’ उपन्यास के लेखक कौन हैं –
- इलाचन्द्र जोशी
- अज्ञेय
- जैनेन्द्र
- प्रेमचन्द
Explanation:
- ‘सुनीता’ जैनेन्द्र कुमार का उपन्यास है।
‘शेखर: एक जीवनी’ के लेखक का नाम बताइए –
- अज्ञेय
- इलाचन्द्र जोशी
- जैनेन्द्र
- रामकुमार भ्रमर
Explanation:
- ‘शेखर: एक जीवनी’ अज्ञेय की रचना है।
जयशंकर प्रसाद का कौन-सा उपन्यास इनमें है –
- मानस का हंस
- चित्रलेखा
- तितली
- निर्मला
Explanation:
- ‘तितली’ जयशंकर प्रसाद का उपन्यास है।
‘त्यागपत्र’ उपन्यास के लेखक कौन हैं –
- अज्ञेय
- इलाचन्द्र जोशी
- देवराज
- जैनेन्द्र
Explanation:
- ‘त्यागपत्र’ जैनेन्द्र कुमार का उपन्यास है।
‘झूठा-सच’ किसका उपन्यास है –
- उपेन्द्र नाथ अश्क
- यशपाल
- नागार्जुन
- रांगेय राघव
Explanation:
- ‘झूठा-सच’ यशपाल का उपन्यास है।
‘बाणभट्ट की आत्मकथा’ किस विधा की पुस्तक है –
- जीवनी
- आत्मकथा
- रेखाचित्र
- उपन्यास
Explanation:
- ‘बाणभट्ट की आत्मकथा’ हजारी प्रसाद द्विवेदी का उपन्यास है।
इनमें से हजारी प्रसाद द्विवेदी का उपन्यास कौन सा है –
- सुनीता
- तितली
- पुनर्नवा
- संन्यासी
Explanation:
- ‘पुनर्नवा’ हजारी प्रसाद द्विवेदी का उपन्यास है।
‘वैशाली की नगरवधू’ किसका उपन्यास है –
- जैनेन्द्र
- अमृतलाल नागर
- आचार्य चतुरसेन शास्त्री
- भगवतीचरण वर्मा
Explanation:
- ‘वैशाली की नगरवधू’ आचार्य चतुरसेन शास्त्री का उपन्यास है।
हिन्दी के सुप्रसिद्ध आंचलिक उपन्यासकार इनमें से कौन हैं –
- प्रेमचन्द
- रांगेय राघव
- फणीश्वरनाथ रेणु
- अमृतराय
Explanation:
- फणीश्वरनाथ रेणु हिन्दी के प्रमुख आंचलिक उपन्यासकार हैं।
‘मैला आंचल’ के लेखक कौन हैं –
- फणीश्वरनाथ रेणु
- देवराज
- चतुरसेन शास्त्री
- नागार्जुन
Explanation:
- ‘मैला आंचल’ फणीश्वरनाथ रेणु का उपन्यास है।
‘अनामदास का पोथा’ किसका उपन्यास है –
- उपेन्द्र नाथ ‘अश्क’
- मोहन राकेश
- हजारी प्रसाद द्विवेदी
- देवराज
Explanation:
- ‘अनामदास का पोथा’ हजारी प्रसाद द्विवेदी का उपन्यास है।
‘गुनाहों का देवता’ उपन्यास का लेखक कौन है –
- कमलेश्वर
- धर्मवीर भारती
- अमृत राय
- मनोहर श्याम जोशी
Explanation:
- ‘गुनाहों का देवता’ धर्मवीर भारती का उपन्यास है।
‘सारा आकाश’ के लेखक कौन हैं –
- कमलेश्वर
- मोहन राकेश
- राजेन्द्र यादव
- मनू भण्डारी
Explanation:
- ‘सारा आकाश’ राजेन्द्र यादव का उपन्यास है।
इनमें से शिवप्रसाद सिंह का उपन्यास कौन सा है –
- नीला चांद
- डाक बंगला
- औरत
- रागदरबारी
Explanation:
- ‘औरत’ शिवप्रसाद सिंह का उपन्यास है।
‘अंधेरे बन्द कमरे’ किसका उपन्यास है –
- प्रसाद
- कमलेश्वर
- मोहन राकेश
- इलाचन्द्र जोशी
Explanation:
- ‘अंधेरे बन्द कमरे’ मोहन राकेश का उपन्यास है।
इनमें से राजकमल चौधरी का उपन्यास चुनिए –
- मछली मरी हुई
- एक पति के नोट्स
- परख
- मन वृन्दावन
Explanation:
- ‘मछली मरी हुई’ राजकमल चौधरी का उपन्यास है।
‘आधा गांव’ उपन्यास के लेखक कौन हैं –
- उदयशंकर भट्ट
- राही मासूम रजा
- नागार्जुन
- राजेन्द्र यादव
Explanation:
- ‘आधा गांव’ राही मासूम रजा का उपन्यास है।
‘मानस का हंस’ किसके जीवन पर आधारित उपन्यास है –
- सूर
- कबीर
- तुलसी
- रसखान
Explanation:
- ‘मानस का हंस’ अमृतलाल नागर का उपन्यास है, जो तुलसीदास के जीवन पर आधारित है।
‘तमस’ उपन्यास के लेखक कौन हैं –
- कमलेश्वर
- भीष्म साहनी
- रमेश वक्षी
- निर्मल वर्मा
Explanation:
- ‘तमस’ भीष्म साहनी का उपन्यास है।
‘लाल टीन की छत’ किसका उपन्यास है –
- कमलेश्वर
- धर्मवीर भारती
- निर्मल वर्मा
- कृष्णा सोबती
Explanation:
- ‘लाल टीन की छत’ निर्मल वर्मा का उपन्यास है।
‘महाभोज’ उपन्यास की लेखिका कौन है –
- उषा प्रियंवदा
- मृदुला गर्ग
- कृष्णा सोबती
- मनू भण्डारी
Explanation:
- ‘महाभोज’ मनू भण्डारी का उपन्यास है।
हिन्दी का प्रथम महाकाव्य किसे माना जाता है –
- पद्मावत
- रामचरितमानस
- पृथ्वीराजरासो
- कोई नहीं
Explanation:
- हिन्दी का प्रथम महाकाव्य ‘पृथ्वीराजरासो’ (चन्दबरदाई) को माना जाता है।
महाकवि कालिदास की ‘अभिज्ञान शाकुन्तलम्’ का हिन्दी अनुवाद किसने किया?
- सदासुख लाल
- गोस्वामी विद्दलनाथ
- राजा शिव प्रसाद
- राजा लक्ष्मण सिंह
Explanation:
- ‘अभिज्ञान शाकुन्तलम्’ का हिन्दी अनुवाद राजा लक्ष्मण सिंह ने किया था।
किस काल को स्वर्णकाल कहा जाता है?
- रीति काल
- चंद्र काल
- आदि काल
- आधुनिक काल
Explanation:
- चंद्र काल (भक्तिकाल) को ‘स्वर्णकाल’ कहा जाता है।
सूरदास के गुरु कौन थे?
- रामानंद
- मध्याचार्य
- रामदास
- वल्लभाचार्य
Explanation:
- सूरदास के गुरु वल्लभाचार्य थे।
‘कामायनी’ किस प्रकार का ग्रंथ है?
- खण्ड काव्य
- मुक्तक काव्य
- महाकाव्य
- चम्पू काव्य
Explanation:
- ‘कामायनी’ जयशंकर प्रसाद का महाकाव्य है।
‘गागर में सागर’ भरने का कार्य किस कवि ने किया है?
- बिहारी
- रसखान
- घनानंद
- सूरदास
Explanation:
- बिहारी ने ‘बिहारी सतसई’ में सात सौ दोहों में ‘गागर में सागर’ भरने का कार्य किया है।
‘वापसी’ किस विधा में रचित है?
- आत्मकथा
- कहानी
- संस्मरण
- यात्रा वृत्त
Explanation:
- ‘वापसी’ प्रेमचन्द की एक कहानी है।
फणीश्वरनाथ ‘रेणु’ से संबद्ध सही प्रदेश का नाम चुनिए –
- महाराष्ट्र
- बिहार
- हिमाचल
- उत्तरांचल
Explanation:
- फणीश्वरनाथ ‘रेणु’ का संबंध बिहार प्रदेश से है।
विद्यापति की ‘पदावली’ की भाषा क्या है?
- मैथिली
- ब्रजभाषा
- भोजपुरी
- मगही
Explanation:
- विद्यापति की ‘पदावली’ की भाषा मैथिली है।
………को ‘उग्र’ कहते हैं?
- रामेश्वर लाल दूबे
- पाण्डेय बेचन शर्मा
- नरेश मेहता
- अज्ञेय
Explanation:
- पाण्डेय बेचन शर्मा ‘उग्र’ नाम से जाने जाते हैं।
बिहारी किस राजा के दरबारी कवि थे ?
- महाराणा प्रताप
- शिवाजी
- जय सिंह
- तेजसिंह
Explanation:
- बिहारी राजा जय सिंह (आमेर) के दरबारी कवि थे।
‘शेष कादम्बरी’ के रचयिता हैं?
- नरेश मेहता
- हजारी प्रसाद द्विवेदी
- बाणभट्ट
- अलका सरावगी
Explanation:
- ‘शेष कादम्बरी’ अलका सरावगी की रचना है।
‘राग दरबारी’ (उपन्यास) के रचयिता हैं ?
- राही मासूम रजा
- श्रीलाल शुक्ल
- हरिशंकर परसाई
- शरद जोशी
Explanation:
- ‘राग दरबारी’ श्रीलाल शुक्ल का उपन्यास है।
‘पूस की रात’ (कहानी) के रचनाकार हैं –
- प्रेमचन्द
- शिवपूजन सहाय
- निराला
- प्रसाद
Explanation:
- ‘पूस की रात’ प्रेमचन्द की कहानी है।
‘ध्रुव स्वामिनी’ (नाटक) के रचयिता हैं –
- राम कुमार वर्मा
- राम कृष्ण बेनीपुरी
- जयशंकर प्रसाद
- भारतेन्दु हरिश्चन्द्र
Explanation:
- ‘ध्रुव स्वामिनी’ जयशंकर प्रसाद का नाटक है।
‘कविता क्या है’ (निबन्ध) के रचनाकार हैं-
- महावीर प्रसाद द्विवेदी
- बालकृष्ण
- रामचन्द्र शुक्ल
- अजित कुमार
Explanation:
- ‘कविता क्या है’ आचार्य रामचन्द्र शुक्ल का निबन्ध है।
‘गंगा छवि वर्णन’ (कविता) के रचनाकार हैं –
- जयशंकर प्रसाद
- मैथिलीशरण गुप्त
- भारतेन्दु हरिश्चन्द्र
- हरिऔध
Explanation:
- ‘गंगा छवि वर्णन’ हरिऔध (अयोध्या सिंह उपाध्याय) की कविता है।
‘अनामदास का पोथा’ (उपन्यास) के रचयिता हैं –
- माखन लाल चतुर्वेदी
- सोहन लाल द्विवेदी
- हजारी प्रसाद द्विवेदी
- महावीर प्रसाद द्विवेदी
Explanation:
- ‘अनामदास का पोथा’ हजारी प्रसाद द्विवेदी का उपन्यास है।
‘भिधुक’ (कविता) के रचयिता हैं –
- प्रसाद
- पंत
- महादेवी वर्मा
- निराला
Explanation:
- ‘भिधुक’ निराला की कविता है।
‘पल्लव’ के रचयिता हैं –
- सुमित्रानंदन पंत
- निराला
- जयशंकर
- महादेवी वर्मा
Explanation:
- ‘पल्लव’ सुमित्रानंदन पंत का कविता संग्रह है।
‘चित्तामणि’ के रचयिता हैं –
- जयशंकर प्रसाद
- महावीर प्रसाद द्विवेदी
- रामचन्द्र शुक्ल
- हरिऔध
Explanation:
- ‘चिन्तामणि’ आचार्य रामचन्द्र शुक्ल की रचना है। (प्रश्न में ‘चित्तामणि’ मुद्रण दोष है)
‘जनमेजय का नागयज्ञ’ किसकी कृति है?
- सेठ गोविन्द दास
- जयशंकर प्रसाद
- लक्ष्मी नारायण
- गोविन्द वल्लभ पंत
Explanation:
- ‘जनमेजय का नागयज्ञ’ जयशंकर प्रसाद का नाटक है।
‘हम दीवानों की क्या हस्ती, हैं आज यहाँ कल वहाँ चले। मस्ती का आलम साथ चला, हम धूल उड़ाते जहाँ चले।’ प्रस्तुत पंक्तियों के रचयिता हैं –
- सियारामशरण गुप्त
- भगवती चरण वर्मा
- सुभद्रा कुमारी चौहान
- रामधारी सिंह ‘दिनकर’
Explanation:
- यह पंक्ति भगवती चरण वर्मा की है।
भूषण की कविता का प्रधान स्वर हैं –
- व्यंग्यात्मक
- प्रशस्तिपरक
- शृंगारिक
- काशिक
Explanation:
- भूषण की कविता का प्रधान स्वर ‘प्रशस्तिपरक’ (प्रशंसात्मक) है।
अपभ्रंश में कृष्ण काव्य के प्रणेता हैं –
- पुष्पदंत
- शालिभद्र सूरि
- स्वयंभू
- हरिभद्र सूरि
Explanation:
- अपभ्रंश में कृष्ण काव्य के प्रणेता पुष्पदंत हैं।
प्रथम सूची प्रेमाख्यानक काव्य के रचयिता हैं –
- नूर मुहम्मद
- जायसी
- मुल्ला दाऊद
- कुतबन
Explanation:
- प्रथम सूची (चंदायन) प्रेमाख्यानक काव्य के रचयिता मुल्ला दाऊद हैं।
हिन्दी के प्रथम गद्यकार हैं –
- राजा शिवप्रसाद ‘सिताहिंद’
- लल्लू लाल
- भारतेन्दु हरिश्चन्द्र
- बालकृष्ण भट्ट
Explanation:
- हिन्दी के प्रथम गद्यकार लल्लू लाल माने जाते हैं।
हिन्दी के सर्वप्रथम प्रकाशित पत्र का नाम है –
- सम्मलन पत्रिका
- उदन्त मार्तण्ड
- सरस्वती
- नागरी प्रचारिणी पत्रिका
Explanation:
- हिन्दी का सर्वप्रथम प्रकाशित पत्र ‘उदन्त मार्तण्ड’ (1826) है।
छायावाद के प्रवर्तक का नाम है-
- सुमित्रानंदन पंत
- श्रीधर पाठक
- मुकुटधर पाण्डेय
- जयशंकर प्रसाद
Explanation:
- छायावाद के प्रवर्तक जयशंकर प्रसाद को माना जाता है।
रामधारी सिंह ‘दिनकर’ को भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार प्राप्त हुआ था –
- ‘रश्मिरथी’ पर
- ‘परशुराम की प्रतीक्षा’ पर
- ‘कुरूक्षेत्र’ पर
- ‘उर्वशी’ पर
Explanation:
- दिनकर को ‘उर्वशी’ पर ज्ञानपीठ पुरस्कार (1972) मिला था।
हिन्दी साहित्य के इतिहास के सर्वप्रथम लेखक का नाम है –
- जार्ज ग्रियर्सन
- शिवसिंह सेंगर
- आचार्य रामचन्द्र शुक्ल
- गार्सा द तासी
Explanation:
- हिन्दी साहित्य के इतिहास के सर्वप्रथम लेखक गार्सा द तासी हैं।
‘पद्मावत’ किसकी रचना है?
- नाभादास
- केशव दास
- तुलसीदास
- जायसी
Explanation:
- ‘पद्मावत’ मलिक मुहम्मद जायसी की रचना है।
‘बैताल पचीसी’ के रचनाकार हैं –
- लल्लूलाल
- सदल मिश्र
- नाभा दास
- सूरति मिश्र
Explanation:
- ‘बैताल पचीसी’ के रचनाकार सूरति मिश्र हैं।
‘सुहाग के नूपुर’ के रचयिता हैं –
- निराला
- मोहन राकेश
- अमृतलाल नागर
- प्रेमचन्द
Explanation:
- ‘सुहाग के नूपुर’ अमृतलाल नागर का उपन्यास है।
‘संस्कृति के चार अध्याय’ किसकी रचना है?
- रामधारी सिंह ‘दिनकर’
- भगवती चरण वर्मा
- माखनलाल चतुर्वेदी
- सुभद्रा कुमारी चौहान
Explanation:
- ‘संस्कृति के चार अध्याय’ रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की रचना है।
‘अशोक के फूल’ (निबन्ध-संग्रह) के रचनाकार हैं –
- कुबेरनाथ राय
- गुलाब राय
- रामचन्द्र शुक्ल
- हजारी प्रसाद द्विवेदी
Explanation:
- ‘अशोक के फूल’ हजारी प्रसाद द्विवेदी का निबन्ध संग्रह है।
‘झरना’ (काव्य संग्रह) के रचयिता हैं –
- सोहन लाल द्विवेदी
- महादेवी वर्मा
- जयशंकर प्रसाद
- सुभद्रा कुमारी चौहान
Explanation:
- ‘झरना’ जयशंकर प्रसाद का काव्य संग्रह है।
‘भारत भारती’ (काव्य) के रचनाकार हैं –
- गोपालशरण सिंह ‘नेपाली’
- नरेश मेहता
- मैथिलीशरण गुप्त
- धर्मवीर भारती
Explanation:
- ‘भारत भारती’ मैथिलीशरण गुप्त का काव्य है।
‘दोहाकोश’ के रचयिता हैं –
- लुइपा
- जोइन्डु
- सरहपा
- कण्हपा
Explanation:
- ‘दोहाकोश’ सरहपा (सरोह) की रचना है।
‘प्रेमसागर’ के रचनाकार हैं –
- सदल मिश्र
- उसमान
- लल्लूलाल
- सुन्दर दास
Explanation:
- ‘प्रेमसागर’ लल्लूलाल की रचना है।
‘पंच परमेश्वर’ (कहानी) के लेखक हैं –
- रामधारी सिंह दिनकर
- प्रेमचन्द
- मैथिलीशरण गुप्त
- सुमित्रानंदन पंत
Explanation:
- ‘पंच परमेश्वर’ प्रेमचन्द की कहानी है।
‘तोड़ती पत्थर’ (कविता) के कवि हैं –
- सुभद्रा कुमारी चौहान
- महादेवी वर्मा
- सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’
- माखन लाल चतुर्वेदी
Explanation:
- ‘तोड़ती पत्थर’ निराला की कविता है।
‘हार की जीत’ (कहानी) के कहानीकार हैं –
- सुदर्शन
- यादवेन्द्र शर्मा ‘चन्द्र
- कमलेश्वर
- रांगेय राघव
Explanation:
- ‘हार की जीत’ सुदर्शन की कहानी है।
‘रानी केतकी की कहानी’ के रचयिता हैं –
- वृन्दावन लाल वर्मा
- किशोरी लाल गोस्वामी
- माधव राव सप्रे
- ईशा अल्ला खां
Explanation:
- ‘रानी केतकी की कहानी’ ईशा अल्ला खां की रचना है।
‘रसिक प्रिया’ के रचयिता हैं –
- मलूक दास
- बिहारी लाल
- दादू दयाल
- केशवदास
Explanation:
- ‘रसिक प्रिया’ केशवदास की रचना है।
ज्ञानपीठ पुरस्कार पाने वाले हिन्दी के प्रथम साहित्यकार हैं-
- सुमित्रानंदन पंत
- रामधारी सिंह ‘दिनकर’
- अज्ञेय
- महादेवी वर्मा
Explanation:
- ज्ञानपीठ पुरस्कार पाने वाले हिन्दी के प्रथम साहित्यकार सुमित्रानंदन पंत (1968) हैं।
‘विनयपत्रिका’ के रचयिता का नाम है –
- सूरदास
- कबीरदास
- तुलसीदास
- केशवदास
Explanation:
- ‘विनयपत्रिका’ तुलसीदास की रचना है।
‘मानस का हंस’ के लेखक का नाम –
- जयशंकर प्रसाद
- प्रेमचंद
- महावीर प्रसाद द्विवेदी
- अमृत लाल नागर
Explanation:
- ‘मानस का हंस’ अमृत लाल नागर का उपन्यास है।
‘मजदूरी और प्रेम’ (निबन्ध) के रचनाकार हैं –
- सरदार पूर्ण सिंह
- बालकृष्ण भट्ट
- प्रताप नारायण मिश्र
- रामचन्द्र शुक्ल
Explanation:
- ‘मजदूरी और प्रेम’ सरदार पूर्ण सिंह का निबन्ध है।
‘कलम का सिपाही’ क्या है?
- आत्मकथा
- रेखाचित्र
- संस्मरण
- जीवनी
Explanation:
- ‘कलम का सिपाही’ अमृतराय द्वारा लिखी गई प्रेमचन्द की जीवनी है। (प्रश्न में विकल्प त्रुटिपूर्ण है – यह जीवनी है)
‘दुःख ही जीवन की कथा रही क्या कहूँ आज जो नहीं कहीं।’ प्रस्तुत पंक्तियों के रचयिता का नाम है-
- महादेवी वर्मा
- जयशंकर प्रसाद
- सुमित्रानंदन पंत
- सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’
Explanation:
- यह पंक्ति निराला की है।
हिन्दी की पहली कहानी लेखिका का नाम है-
- बंग महिला
- सत्यवती
- चन्द्र किरन
- चन्द्रकांता
Explanation:
- हिन्दी की पहली कहानी लेखिका ‘बंग महिला’ मानी जाती हैं।
खड़ी बोली के सर्वप्रथम लोकप्रिय कवि कौन माने जाते हैं ?
- रामधारी सिंह ‘दिनकर’
- सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’
- मैथिली शरण गुप्त
- अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’
Explanation:
- खड़ी बोली के सर्वप्रथम लोकप्रिय कवि ‘हरिऔध’ (अयोध्या सिंह उपाध्याय) माने जाते हैं।
फणीश्वर नाथ ‘रेणु’ किसके लेखक हैं –
- गबन
- गीतांजलि
- मैला आँचल
- कामायनी
Explanation:
- फणीश्वर नाथ ‘रेणु’ ‘मैला आँचल’ के लेखक हैं।
‘गोदान’ किसकी कृति है?
- फणीश्वर नाथ ‘रेणु’
- प्रेमचंद
- अज्ञेय
- जयशंकर प्रसाद
Explanation:
- ‘गोदान’ प्रेमचन्द का उपन्यास है।
ज्ञानमार्गी शाखा के कवियों को किस नाम से पुकारा जाता है?
- सिद्ध कवि
- नाथपंथी कवि
- भक्त कवि
- संत कवि
Explanation:
- ज्ञानमार्गी शाखा के कवियों को ‘संत कवि’ कहा जाता है।
‘इन मुसलमान हरिजनन पर कोटिक हिन्दुन वारिए।’ यह कथन किसका है?
- रसखान का
- भारतेन्दु हरिश्चन्द्र का
- परशुराम चतुर्वेदी का
- निराला का
Explanation:
- यह कथन भारतेन्दु हरिश्चन्द्र का है।
‘अपभ्रंश का वाल्मीकि’ किसे कहा जाता है?
- पुष्पदंत को
- ध्रुनपाल को
- शालिभद्र सूरि को
- स्वयंभू को
Explanation:
- स्वयंभू को ‘अपभ्रंश का वाल्मीकि’ कहा जाता है।
चन्दबरदाई किसके दरबारी कवि थे?
- महाराज हम्मीर के
- महाराज बीसल देव के
- महाराणा प्रताप के
- पृथ्वीराज चौहान के
Explanation:
- चन्दबरदाई पृथ्वीराज चौहान के दरबारी कवि थे।
‘कठिन काव्य का प्रेत’ किस कवि को कहा जाता है?
- सेनापति को
- चिन्तामणि को
- मतिराम को
- केशवदास को
Explanation:
- केशवदास को ‘कठिन काव्य का प्रेत’ कहा जाता है।
‘द्विवेदी युग’ का नामकरण किसके नाम पर हुआ है?
- शांतिप्रिय द्विवेदी
- महावीर प्रसाद द्विवेदी
- हजारी प्रसाद द्विवेदी
- राम अवध द्विवेदी
Explanation:
- ‘द्विवेदी युग’ का नामकरण महावीर प्रसाद द्विवेदी के नाम पर हुआ है।
‘हिन्दी प्रदीप’ के यशस्वी संपादक का नाम है-
- राधा कृष्ण गोस्वामी
- बालकृष्ण भट्ट
- अभिका दत्त व्यास
- लाला भगवानदीन
Explanation:
- ‘हिन्दी प्रदीप’ के यशस्वी संपादक बालकृष्ण भट्ट हैं।
‘उसने कहा था’ के मुख्य पात्र का नाम है –
- खालसा सिंह
- करतार सिंह
- लहना सिंह
- परमिंदर सिंह
Explanation:
- ‘उसने कहा था’ चन्द्रधर शर्मा ‘गुलेरी’ की कहानी का मुख्य पात्र लहना सिंह है।
निम्नलिखित में से कौन सा नाटक प्रसाद का नहीं हैं?
- जनमेजय का नागयज्ञ
- स्कंदगुप्त
- ध्रुवस्वामिनी
- सिन्दूर की होली
Explanation:
- ‘सिन्दूर की होली’ प्रसाद का नाटक नहीं है।
हिन्दी साहित्य के प्रयोगवाद के प्रवर्तक का नाम है –
- निराला
- अज्ञेय
- पंत
- जयशंकर प्रसाद
Explanation:
- हिन्दी साहित्य में प्रयोगवाद के प्रवर्तक अज्ञेय हैं।
