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हिंदी वर्णमाला में ऊष्म व्यंजन कौन से हैं?
- त , थ , द , ध
- श, ष, स, ह
- ट, ठ, ड, ढ
- च,छ, ज, झ
Explanation:
- ऊष्म व्यंजन वे होते हैं जिनके उच्चारण में हवा का संघर्ष होता है। श, ष, स, ह ऊष्म व्यंजन हैं।
हिंदी के जिन वर्णों का उच्चारण करते समय केवल श्वास का प्रयोग किया जाए उन वर्णों को कहते हैं-
- अघोष
- सघोष
- अल्पप्राण
- महाप्राण
Explanation:
- अघोष ध्वनियों के उच्चारण में केवल श्वास का प्रयोग होता है, कंठ से आवाज नहीं निकलती।
य, र, ल, व व्यंजनों को कहते हैं?
- स्पर्श व्यंजन
- अन्तःस्थ व्यंजन
- ऊष्म व्यंजन
- उपर्युक्त में से कोई नहीं
Explanation:
- य, र, ल, व अन्तःस्थ व्यंजन कहलाते हैं। ये स्पर्श और ऊष्म व्यंजनों के बीच के होते हैं।
निम्नलिखित में से कौन-सा घोष वर्ण है?
- ख
- च
- म
- छ
Explanation:
- घोष वर्णों के उच्चारण में कंठ से आवाज निकलती है। ‘म’ एक घोष वर्ण है, जबकि ख, च, छ अघोष हैं।
निम्नलिखित में से एक वर्ण व्यंजन नहीं है-
- उ
- ख
- र
- य
Explanation:
- ‘उ’ एक स्वर है, जबकि ख, र, य व्यंजन हैं।
निम्नलिखित में से कौन सी ध्वनि ओष्ठ्य नहीं है?
- प
- ब
- म
- त
Explanation:
- ‘त’ दन्त्य ध्वनि है, जबकि प, ब, म ओष्ठ्य (होंठों से उच्चरित) हैं।
हिन्दी-भाषा में मूलतः वर्णों की संख्या कितनी मानी गयी है?
- 50
- 51
- 52
- 53
Explanation:
- हिंदी वर्णमाला में मूलतः 52 वर्ण माने गए हैं (11 स्वर + 41 व्यंजन)।
निम्नलिखित में से ‘नासिक्य’ व्यंजन कौन-सा है?
- ष
- ञ
- ग
- ज
Explanation:
- नासिक्य व्यंजन वे हैं जिनके उच्चारण में नाक से भी ध्वनि निकलती है।
‘ए’, ‘ऐ’ वर्ण क्या कहलाते हैं?
- नासिक्य
- मूर्धन्य
- ओष्ठ्य
- कण्ठ्य-तालव्य
Explanation:
- ‘ए’ और ‘ऐ’ कण्ठ्य-तालव्य स्वर हैं क्योंकि इनके उच्चारण में कंठ और तालु दोनों स्थानों का प्रयोग होता है।
निम्नलिखित में से किसे हिन्दी की मानक वर्णमाला में स्थान नहीं दिया गया है?
- छ
- कृ
- श्री
- इ
Explanation:
- ‘श्री’ को हिंदी वर्णमाला में स्थान नहीं दिया गया है, यह एक संयुक्त अक्षर है।
निम्नलिखित शब्दों में किस शब्द के द्वित्व व्यंजन हैं?
- पुनः
- इलाहाबाद
- दिल्ली
- उत्साह
Explanation:
- दिल्ली में ‘ल्ली’ द्वित्व व्यंजन (दो बार ‘ल’) है।
‘श’, ‘घ’, ‘स’, ‘ह’ कौन से व्यंजन कहलाते हैं?
- प्रकर्मी व्यंजन
- स्पर्शी व्यंजन
- स्पर्शी व्यंजन
- ऊष्म-संघर्षी व्यंजन
Explanation:
- श, स, ह (और ष) ऊष्म व्यंजन हैं, जबकि ‘घ’ स्पर्श व्यंजन है। यहाँ विकल्प (d) को सही माना गया है।
‘क्ष’ ध्वनि किस स्वर के अन्तर्गत आती है?
- मूल स्वर
- घोष वर्ण
- संयुक्त वर्ण
- तालव्य
Explanation:
- ‘क्ष’ एक संयुक्त व्यंजन है जो ‘क्’ और ‘ष’ के मेल से बना है।
हिन्दी-शब्दकोश में ‘क्ष’ का क्रम किस वर्ण के बाद आता है?
- क
- छ
- व
- ज
Explanation:
- हिंदी शब्दकोशों में ‘क्ष’ को ‘क’ वर्ग में ही रखा जाता है, इसलिए यह ‘क’ के बाद आता है।
‘ज’ वर्ण किन वर्णों के संयोग से बना है?
- ज + ज
- ‘ज् + ञ
- ज + घ
- ज + न्य
Explanation:
निम्नलिखित में से अघोष वर्ण कौन-सा है?
- ब
- ज
- ह
- स
Explanation:
- अघोष वर्णों में कंठ से आवाज नहीं निकलती। ‘स’ अघोष है, जबकि ब, ज, ह घोष हैं।
‘घ’ का उच्चारण स्थान कौन-सा है?
- मूर्दा
- कण्ठ
- तालु
- दन्त्य
Explanation:
- ‘घ’ कण्ठ्य व्यंजन है, इसका उच्चारण कंठ से होता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा वर्ण उच्चारण की दृष्टि से दन्त्य नहीं है?
- त
- न
- द
- ट
Explanation:
- ‘ट’ मूर्धन्य ध्वनि है, जबकि त, न, द दन्त्य हैं।
कौन-सा अमानक वर्ण है?
- ख
- घ
- घ
Explanation:
‘क्ष’ वर्ण किसके योग से बनता है?
- क् + श
- क् + च
- क् + छ
- क् + ष
Explanation:
- ‘क्ष’ वर्ण ‘क्’ और ‘ष’ के मेल से बना है।
हिन्दी-वर्णमाला के स्वरों की कुल संख्या कितनी है?
- 10
- 11
- 12
- 13
Explanation:
- हिंदी वर्णमाला में 11 स्वर माने गए हैं (अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ, ए, ऐ, ओ, औ)।
निम्नलिखित में से कौन-सा स्वर नहीं है?
- अ
- उ
- ए
- ज
Explanation:
- ‘ज’ एक व्यंजन है, जबकि अ, उ, ए स्वर हैं।
हिन्दी-वर्णमाला में व्यंजनों की संख्या कितनी है?
- 32
- 33
- 34
- 35
Explanation:
- हिंदी वर्णमाला में 33 व्यंजन माने गए हैं (क से ह तक)।
निम्नलिखित में से कौन-सा पश्च स्वर है?
- आ
- ब
- ज
- ढ
Explanation:
- ‘आ’ एक पश्च स्वर है, जबकि ब, ज, ढ व्यंजन हैं।
खड़ी पाई वाले व्यंजनों का संयुक्त रूप कैसे बनाया जाना चाहिए?
- विसर्ग लगाकर
- खड़ी चौपाई को हटाकर
- दो खड़ी पाई लगाकर
- दो स्वर लगाकर
Explanation:
- संयुक्त व्यंजन बनाने के लिए पहले व्यंजन की खड़ी पाई (हलंत) हटा दी जाती है।
विसर्ग से बना शब्द कौन-सा है?
- अध!
- निःसृह
- द्वित्व
- थोड़ा-सा
Explanation:
- ‘निःसृह’ में विसर्ग (ः) का प्रयोग हुआ है।
इनमें से कौन-सा वर्ण स्वर है?
- ऐ
- ल
- क
- ल
Explanation:
- ‘ऐ’ एक स्वर है, जबकि ल और क व्यंजन हैं।
निम्नलिखित में से अन्तःस्थ व्यंजन कौन-सा है?
- ड
- य
- स
- ट
Explanation:
- य, र, ल, व अन्तःस्थ व्यंजन हैं।
इनमें से ‘ओ’ का उच्चारण-स्थल कौन-सा है?
- दन्त
- मूर्दा
- दन्त
- कण्ठ-ओष्ठ
Explanation:
- ‘ओ’ का उच्चारण कंठ और ओष्ठ (होंठ) दोनों से होता है।
‘च’ और ‘छ’ वर्ण का उच्चारण-स्थान कौन-सा है?
- तालु
- मूर्दा
- ओष्ठ
- कण्ठ
Explanation:
- ‘च’ और ‘छ’ तालव्य व्यंजन हैं, इनका उच्चारण तालु (मुँह की छत) से होता है।
‘क’, ‘ग’, ‘ज’, ‘फ’ ध्वनियाँ किसकी हैं?
- संस्कृत की
- अरबी-फारसी की
- अंग्रेजी की
- दक्षिणी भाषाओं की
Explanation:
- ये ध्वनियाँ मूल हिंदी में नहीं हैं, बल्कि अरबी-फारसी से आई हैं।
तालव्य व्यंजन है-
- द, ट, ड, ढ
- च, छ, ज, झ
- त, थ, द, थ
- म, फ, ज, भ
Explanation:
- च, छ, ज, झ तालव्य व्यंजन हैं।
कौन वर्ग घोष नहीं है?
- र
- ल
- त
- ड
Explanation:
- ‘त’ अघोष है, जबकि र, ल, ड घोष हैं।
किस शब्द में ‘ऋ’ स्वर नहीं है?
- कृपा
- कृण
- दृष्टि
- आज
Explanation:
- ‘आज’ में ‘ऋ’ स्वर नहीं है, जबकि कृपा, कृण, दृष्टि में है।
किन ध्वनियों को ‘अनुस्वार’ कहा जाता है?
- स्वर के बाद में आने वाली नासिक्य ध्वनियाँ
- स्वतंत्र रूप से उच्चरित ध्वनियाँ
- स्वर के साथ आने वाली ध्वनियाँ
- व्यंजन के बाद में आने वाली ध्वनियाँ
Explanation:
- अनुस्वार स्वर के बाद आने वाली नासिक्य ध्वनि है।
‘ओ’, ‘औ’ किस प्रकार के वर्ग हैं?
- तालव्य
- मूर्धन्य
- दन्तोष्ट्य
- कंठोष्ट्य
Explanation:
- ‘ओ’ और ‘औ’ कंठोष्ट्य स्वर हैं, इनके उच्चारण में कंठ और ओष्ठ दोनों स्थान प्रयुक्त होते हैं।
हिन्दी वर्णमाला में वर्ण हैं:
- 50
- 52
- 54
- 55
Explanation:
- हिंदी वर्णमाला में 52 वर्ण हैं (11 स्वर + 41 व्यंजन)।
‘स्वर ध्वनि’ के प्रकार हैं?
- दीर्घ
- प्लुत
- हस्व
- उपर्युक्त तीनों
Explanation:
- स्वर तीन प्रकार के होते हैं – हस्व, दीर्घ और प्लुत।
आधुनिक व्याकरण की दृष्टि से ‘ब’ वर्ग का वैशिष्ट्य है –
- ओष्ट्य, स्पर्श, अल्पप्राण, अधोष, निरनुनासिक
- द्वयोष्ट्य, स्पर्श, अल्पप्राण, घोष, निरनुनासिक
- द्वयोष्ट्य, स्पर्श-संघर्षा, अल्पप्राण, अधोष निरनुनासिक
- ओष्ट्य, स्पर्श, महाप्राण, सधोष, निरनुनासिक
Explanation:
- ‘ब’ द्वयोष्ट्य (दोनों होठों से), स्पर्श, अल्पप्राण, घोष और निरनुनासिक है।
निम्न में अर्धस्वर कहलाता है-
- य
- प
- र
- ल
Explanation:
- य, र, ल, व अर्धस्वर (अन्तःस्थ) कहलाते हैं।
महाप्राण ध्वनियाँ व्यंजन-वर्ग में किससे संबंधित हैं?
- पहला, दूसरा
- दूसरा, चौथा
- दूसरा, चौथा
- पहला, चौथा
Explanation:
- प्रत्येक वर्ग का दूसरा और चौथा व्यंजन महाप्राण होता है (जैसे ख, घ, छ, झ, आदि)।
भाषा की सार्थक लघुत्तम इकाई है
- शब्द
- पद
- ध्वनि
- वाक्य
Explanation:
- भाषा की सार्थक लघुत्तम इकाई ‘ध्वनि’ होती है।
निम्न में से कौन व्यंजन अल्पप्राण है?
- ख
- थ
- च
- फ
Explanation:
- अल्पप्राण व्यंजनों में कम श्वास निकलती है। ‘च’ अल्पप्राण है, जबकि ख, थ, फ महाप्राण हैं।
निम्न में से कौन सा वर्ण स्पर्श व्यंजन नहीं है?
- क
- च
- ट
- य
Explanation:
- य, र, ल, व अन्तःस्थ व्यंजन हैं, स्पर्श नहीं।
निम्नलिखित में कौन-सी कद्योतिनियाँ हैं?
- क, ख
- य, र
- च, ज
- ट, ण
Explanation:
- ‘क’ और ‘ख’ कण्ठ्य व्यंजन हैं।
वर्ण माला किसे कहेंगे ?
- शब्द-समूह को
- वर्णों के संकलन को
- शब्द-गणना को
- वर्णों के व्यवस्थित समूह को।
Explanation:
- वर्णमाला वर्णों का व्यवस्थित समूह है।
हिंदी की ‘श’ ध्वनि है-
- मूर्धन्य
- तालव्य
- दन्त्य
- ओष्ठ्य
Explanation:
- ‘श’ तालव्य व्यंजन है।
कौन वर्ण ओष्ठ्य नहीं है?
- म
- ब
- ऊ
- आ
Explanation:
- ‘आ’ कण्ठ्य स्वर है, जबकि म, ब, ओष्ठ्य (होंठों से उच्चरित) हैं।
अल्पप्राण ध्वनियों का समूह कौन है?
- क, ख, ग
- च, ज,
- त, थ, न
- ट, ठ, ण
Explanation:
- ‘च’ और ‘ज’ अल्पप्राण हैं,
‘वर्ण’ शब्द का अर्थ नहीं होता है-
- रंग
- आकाश
- जाति
- अक्षर
Explanation:
- ‘वर्ण’ के अर्थ हैं – रंग, जाति, अक्षर, लेकिन ‘आकाश’ नहीं।
कौन वर्ण घोष नहीं है?
- र
- त
- स
- ड
Explanation:
- ‘त’ अघोष है, जबकि र, स (वास्तव में स घोष है), ड घोष हैं।
किन ध्वनियों को ‘अनुस्वार’ कहा जाता है?
- स्वर के बाद आने वाली नासिक्य ध्वनियाँ
- स्वतंत्र रूप से उच्चरित ध्वनियाँ
- स्वर के साथ आने वाली ध्वनियाँ
- व्यंजन के बाद में आने वाली ध्वनियाँ
Explanation:
- अनुस्वार स्वर के बाद आने वाली नासिक्य ध्वनि है।
किस शब्द में ‘ऋ’ स्वर नहीं है?
- कृपा
- कृशा
- दृष्टि
- रिवाज
Explanation:
- ‘रिवाज’ में ‘ऋ’ स्वर नहीं है, जबकि कृपा, कृशा, दृष्टि में है।
निम्नलिखित में से ‘दन्त्य’ वर्ण है-
- य
- च
- त
- उ
Explanation:
- ‘त’ दन्त्य व्यंजन है, जबकि य तालव्य, च तालव्य, उ स्वर है।
‘घ’ का उच्चारण-स्थान कौन-सा है?
- मूर्दा
- कण्ठ
- तालु
- दन्त
Explanation:
- ‘घ’ कण्ठ्य व्यंजन है।
हिंदी शब्दकोश के अनुसार संतान, सकल, सचल, सफल शब्दों का सही क्रम है?
- संतान, सकल, सचल, सफल
- सकल, संतान, सचल, सफल
- सकल, सचल, संतान, सफल
- संतान, सकल, सफल, सचल
Explanation:
- शब्दकोश में ‘सं’ (संतान) पहले, फिर ‘स’ (सकल), फिर ‘सफल’, फिर ‘सचल’ (क्योंकि ‘फ’ ‘च’ से पहले आता है) – विकल्प (d) सही है।
निम्न में से महाप्राण वर्ण है-
- थ
- क
- व
- च
Explanation:
- ‘थ’ महाप्राण है, जबकि क, व, च अल्पप्राण हैं।
हिंदी शब्द कोश में अं और अः किस वर्ण के साथ आता है?
- औ
- अ
- अः
- आ
Explanation:
- हिंदी शब्दकोशों में ‘अं’ और ‘अः’ ‘अ’ के साथ ही आते हैं।
‘क्ष’ वर्ण किसके योग से बना है?
- क् + ष
- क् + च
- क् + छ
- क् + श
Explanation:
- ‘क्ष’ वर्ण ‘क् + ष’ के मेल से बना है।
निम्न में से कौन-सा शब्द अमात्रिक है?
- कारखाना
- अमिताभ
- कलरव
- चहचहाना
Explanation:
- ‘कलरव’ शब्द में कोई मात्रा नहीं है, अतः यह अमात्रिक है।
प्रयत्न के आधार पर ‘ल’ किस प्रकार की ध्वनि है?
- पार्श्विक
- उत्क्षिप्त
- प्रकंपित
- संघर्षशील
Explanation:
- ‘ल’ पार्श्विक ध्वनि है, क्योंकि इसके उच्चारण में वायु जिह्वा के किनारों से निकलती है।
हिंदी की ‘ब’ ध्वनि है-
- दन्त्य ध्वनि
- ओष्ठ्य ध्वनि
- द्वयोष्ठ्य ध्वनि
- तालव्य ध्वनि
Explanation:
- ‘ब’ दोनों होठों से उच्चरित होती है, अतः यह द्वयोष्ठ्य ध्वनि है।
निम्नलिखित में से दन्त्य ध्वनि है-
- क
- छ
- त
- प
Explanation:
- ‘त’ दन्त्य ध्वनि है, जबकि क कण्ठ्य, छ तालव्य, प ओष्ठ्य है।
निम्नलिखित में कौन सा स्वर संवृत्त है?
- आ
- औ
- इ
- ऐ
Explanation:
- संवृत्त स्वर वे हैं जिनके उच्चारण में मुँह कम खुलता है। ‘इ’ संवृत्त है।
निम्नलिखित ध्वनियों में कौन सी दन्त्यौष्ठ्य है?
- थ
- फ
- म
- व
Explanation:
- ‘व’ दन्त्यौष्ठ्य ध्वनि है, क्योंकि इसके उच्चारण में दाँत और होंठ दोनों का प्रयोग होता है।
निम्नलिखित वर्गों में से कौन सा मूर्धन्य ध्वनियों का है?
- च, छ, ज, झ
- ट, ठ, ड, ढ
- प, फ, व, भ
- त, थ, द, घ
Explanation:
- ट, ठ, ड, ढ मूर्धन्य व्यंजन हैं।
हिन्दी की तालव्य ध्वनियाँ हैं-
- च, छ, ज, झ
- प, फ, व, भ
- त, थ, द, घ
- ट, ठ, ड, ढ
Explanation:
- च, छ, ज, झ तालव्य व्यंजन हैं।
कौन-सी ध्वनि अल्पप्राण है?
- ख
- घ
- थ
- त
Explanation:
- ‘त’ अल्पप्राण है, जबकि ख, घ, थ महाप्राण हैं।
हिन्दी की स्पर्श, घोष, महाप्राण, दन्त्य व्यंजन ध्वनि है?
- भ
- द
- थ
- ह
Explanation:
- ‘थ’ स्पर्श, घोष (वास्तव में ‘थ’ अघोष है, लेकिन विकल्प (c) को सही माना गया), महाप्राण और दन्त्य है।
हिन्दी की स्पर्श घोष, महाप्राण, ओष्ठ्य व्यंजन ध्वनि है-
- भ
- द
- थ
- ह
Explanation:
- ‘भ’ स्पर्श, घोष, महाप्राण और ओष्ठ्य है।
श्री कामता प्रसाद जी के अनुसार विराम चिह्नों की संख्या कितनी है?
- 20
- 18
- 17
- 6
Explanation:
- श्री कामता प्रसाद जी के अनुसार विराम चिह्नों की संख्या 20 है।
अल्प विराम चिन्ह को पहचानिए।
- ,
- ;
- ‘
- “
Explanation:
- अल्प विराम का चिन्ह ‘,’ (कॉमा) है।
आशीष राहुल राजा शुक्ल और वैभव अपने कार्य में संलग्न हैं। इस वाक्य में उचित विराम चिन्ह है।
- ,
- ;
- I
- :
Explanation:
- एक ही प्रकार के कई शब्दों के बीच अल्प विराम (,) का प्रयोग होता है।
‘आनंद घर आया थोड़ी देर रुका और चला गया’ इस वाक्य में उचित विराम होगा ।
- ,
- ;
- :
- ?
Explanation:
- दो से अधिक वाक्यांशों के बीच अल्प विराम (,) का प्रयोग होता है।
‘मैं कृष्ण के घर पहुँचा परन्तु वह नहीं मिला’ इस वाक्य में कौन-सा विराम चिन्ह लगेगा?
- ‘
- :
- ,
- ?
Explanation:
- परन्तु, लेकिन, किन्तु आदि के पहले अल्प विराम (,) लगता है।
समानाधिकरण शब्दों के मध्य में किस विराम चिन्ह का प्रयोग होता है
- ;
- ,
- :
- !
Explanation:
- समानाधिकरण (समान स्थिति वाले) शब्दों के बीच अल्प विराम (,) का प्रयोग होता है।
वाक्य में जब एक ही प्रकार की कई संज्ञाएँ आयें तो उनके बीच किस प्रकार का विराम चिन्ह लगता है?
- ;
- ,
- ‘
- –
Explanation:
- एक ही प्रकार की कई संज्ञाओं के बीच अल्प विराम (,) लगता है।
छंदों में एक चरण की समाप्ति पर किस विराम चिन्ह का प्रयोग होता है?
- ,
- :
- ;
- ,
Explanation:
- छंदों में एक चरण की समाप्ति पर अल्प विराम (,) का प्रयोग होता है।
रामू जो बड़ा अच्छा खिलाड़ी है कल उसकी टाँग टूट गयी – वाक्य में उचित विराम का प्रयोग करें ।
- अल्प विराम (,)
- अर्द्ध विराम (;)
- विवरण चिन्ह (:-)
- लाघव चिन्ह (o)
Explanation:
- उपवाक्य के पूर्व और पश्चात् अल्प विराम (,) लगता है।
‘जाना है तो जल्दी जाओ’ वाक्य में उचित विराम चिन्ह का प्रयोग करें ।
- अल्प विराम
- अर्द्ध विराम
- लाघव चिन्ह
- विवरण चिन्ह
Explanation:
- वाक्य खण्डों के बाद अल्प विराम (,) लगता है।
‘माँ मेरा कल्याण करो’ वाक्य में उचित विराम का प्रयोग करें।
- ,
- ;
- :
- –
Explanation:
- संबोधन कारक के बाद अल्प विराम (,) लगता है।
जब वाक्य में एक समान अधिकरण का प्रयोग होता है तो किस विराम चिन्ह का प्रयोग होता है?
- अल्प विराम
- अर्द्धविराम
- संकेत पिंड
- लाघव चिन्ह
Explanation:
- एक समान अधिकरण के लिए अर्द्धविराम (;) का प्रयोग होता है।
मिश्रित तथा संयुक्त वाक्यों में विरोध का भाव प्रकट करने के लिए किस विराम चिन्ह का प्रयोग किया जाता है?
- अर्द्ध विराम
- उपविराम
- योजक चिन्ह
- कोष्ठक
Explanation:
- मिश्रित और संयुक्त वाक्यों में विरोध दिखाने के लिए अर्द्धविराम (;) का प्रयोग होता है।
करणवाचक क्रिया विशेषण में किस प्रकार का विराम चिन्ह का प्रयोग होता है?
- उप विराम
- विवरण चिन्ह
- उद्धरण चिन्ह
- अर्द्ध विराम
Explanation:
- करणवाचक क्रिया विशेषण के लिए अर्द्धविराम (;) का प्रयोग होता है।
पूर्ण विराम ( I ) का प्रयोग किया जाता है-
- वाक्य के प्रारंभ में
- वाक्य के अंत में
- वाक्य के मध्य में
- इनमें से कोई नहीं
Explanation:
- पूर्ण विराम (।) का प्रयोग वाक्य के अंत में होता है।
हंस पद किस विराम का एक और नाम है।
- लोप विराम
- अल्प विराम
- पूर्ण विराम
- त्रुटि विराम
Explanation:
- हंस पद (हँसपद) त्रुटि विराम (error mark) का दूसरा नाम है।
तुल्यता सूचक चिन्ह की पहचान करें ।
- 0
- [ ]
- ^
- =
Explanation:
- यहाँ ‘=’ (बराबर) चिन्ह का प्रयोग अर्थ बताने के लिए हुआ है।
पादबिन्दु चिन्ह की पहचान करें ।
- =
- *
- ^
- ÷
Explanation:
- पादबिन्दु (÷) का चिन्ह ‘÷’ है।
समाप्ति सूचक चिन्ह की पहचान करें ।
- -0- या — .
- ^
- ÷
- इनमें से कोई नहीं
Explanation:
- समाप्ति सूचक चिन्ह ‘-0-‘ या ‘—‘ होता है।
किस शब्द में ‘ए’ स्वर नहीं है?
- वैदिक
- ऐक्य
- पैतृक
- स्नेह
Explanation:
- ‘वैदिक’ में ‘ऐ’ स्वर है, ‘ए’ नहीं।
किसी बड़े अंश का संक्षिप्त रूप दिखाने के लिए किस चिह्न का प्रयोग किया जाता है?
- लाघव चिह्न का संक्षेप सूचक चिह्न
- अल्प विराम
- अर्द्ध विराम
- कोडक
Explanation:
- बड़े अंश का संक्षिप्त रूप दिखाने के लिए लाघव चिह्न (o) का प्रयोग होता है।
सही विराम चिह्नों वाला वाक्य कौन है?
- छिः तुमने तो, नाम ही डुबो दिया?
- छिः तुमने! तो नाम ही डुबो दिए
- छिः! तुमने तो नाम ही डुबो दिया
- छिः तुमने तो नाम ही डुबो दिए
Explanation:
- सही वाक्य है – “छिः! तुमने तो नाम ही डुबो दिया।” (विस्मयादिबोधक चिन्ह का सही प्रयोग)
जहाँ योजक चिह्न का प्रयोग नहीं करते हैं, पहचानिए।
- दो संयुक्त क्रियाएं एक साथ प्रयुक्त हों।
- रीतिवाचक और परिमाणवाचक क्रिया विशेषण में प्रयुक्त दो अवयवों में।
- जब क्रिया की मूल धातु के साथ प्रेरणार्थक क्रियाएं आए।
- कर्मधारय समास से बने शब्दों में योजक चिह्न का प्रयोग।
Explanation:
- कर्मधारय समास (जैसे – पीताम्बर, नीलकंठ) में योजक चिह्न (-) का प्रयोग नहीं होता।
किसी कठिन शब्द को समझाने के लिए किस विराम चिह्न का प्रयोग होता है?
- विवरण चिह्न
- निर्देशक
- कोष्ठक
- उप विराम :
Explanation:
- कठिन शब्द को समझाने के लिए कोष्ठक ( ) का प्रयोग होता है।
