SCIENCE
समदाब रेखाओं के संदर्भ में कौन-सा कथन गलत है?
- इनमें न्यूट्रॉनों की संख्या भिन्न होती है।
- इनका द्रव्यमान क्रमांक समान होता है।
- इनमें प्रोटॉनों की संख्या समान होती है।
- इनके रासायनिक गुण भिन्न होते हैं।
Explanation:
- समदाब (Isobars) वे परमाणु हैं जिनकी द्रव्यमान संख्या (A) समान होती है, लेकिन परमाणु संख्या (Z) (अर्थात प्रोटॉनों की संख्या) भिन्न होती है।
- चूँकि इनमें प्रोटॉनों की संख्या भिन्न होती है, इसलिए ये विभिन्न तत्व होते हैं और इनके रासायनिक गुण भिन्न होते हैं।
- न्यूट्रॉनों की संख्या (A – Z) भी भिन्न होती है (क्योंकि Z भिन्न है, A समान है, इसलिए A – Z भिन्न होगा)।
- अतः कथन “इनमें प्रोटॉनों की संख्या समान होती है” गलत है (यह समस्थानिकों (isotopes) का गुण है)।
Quick Facts:
- समस्थानिक (Isotopes): Z समान, A भिन्न (जैसे ¹²C, ¹⁴C)
- समभारिक (Isobars): A समान, Z भिन्न (जैसे ⁴⁰Ar, ⁴⁰K)
- समन्यूट्रॉनी (Isotones): न्यूट्रॉन (N) समान, Z भिन्न (जैसे ¹⁴C, ¹⁵N)
रदरफोर्ड के α-कण प्रकीर्णन प्रयोग से निम्नलिखित में से किसकी खोज हुई?
- प्रोटॉन
- न्यूट्रॉन
- इलेक्ट्रॉन
- नाभिक
Explanation:
- रदरफोर्ड (Rutherford) के α-कण प्रकीर्णन (alpha particle scattering) प्रयोग (स्वर्ण पत्री, gold foil) से यह निष्कर्ष निकला कि परमाणु में एक सघन, धनात्मक आवेशित केंद्र होता है, जिसे नाभिक (nucleus) कहते हैं।
- इस प्रयोग ने थॉमसन के ‘प्लम पुडिंग’ मॉडल को खारिज कर दिया।
- इलेक्ट्रॉन की खोज: जे.जे. थॉमसन; प्रोटॉन: गोल्डस्टीन (या रदरफोर्ड); न्यूट्रॉन: चैडविक।
Quick Facts:
- अधिकांश α-कण सीधे गुजरे → परमाणु अधिकतर खाली है।
- कुछ α-कण विक्षेपित हुए → धनात्मक नाभिक है।
- बहुत कम α-कण वापस लौटे → नाभिक अत्यंत सघन है।
किसी पदार्थ के एक मोल में उपस्थित परमाणुओं या अणुओं या आयनों की संख्या को क्या कहा जाता है?
- प्रसामान्यता
- अवोगाद्रो संख्या
- द्रव्यमान संख्या
- परमाणु क्रमांक
Explanation:
- किसी पदार्थ के एक मोल (1 mole) में उपस्थित कणों (परमाणु, अणु, आयन) की संख्या को अवोगाद्रो संख्या (Avogadro number) कहते हैं, जिसका मान लगभग 6.022 × 10²³ होता है।
- प्रसामान्यता (normality), द्रव्यमान संख्या, परमाणु क्रमांक – ये अन्य अवधारणाएँ हैं।
Quick Facts:
- अवोगाद्रो संख्या = 6.022 × 10²³ mol⁻¹
- इसे ‘मोल संख्या’ (mole number) या ‘अवोगाद्रो स्थिरांक’ (Avogadro constant) भी कहते हैं।
कार्बन परमाणुओं के संयोजकता कोश में मौजूद इलेक्ट्रॉनों की कुल संख्या है:
- 4
- 3
- 2
- 5
Explanation:
- कार्बन (Carbon) का परमाणु क्रमांक 6 है, इसका इलेक्ट्रॉन विन्यास 2, 4 है, अतः संयोजकता कोश (बाहरी कोश, L) में 4 इलेक्ट्रॉन होते हैं।
- यही कारण है कि कार्बन चतुःसंयोजी (tetravalent) है और 4 सहसंयोजक बंध बना सकता है।
Quick Facts:
- कार्बन का संयोजकता इलेक्ट्रॉन = 4
- यह अष्टक (octet) पूरा करने के लिए 4 इलेक्ट्रॉन साझा (share) करता है।
‘सूत्र इकाई द्रव्यमान’ पद का क्या अर्थ है?
- एक परमाणु में एकल प्रोटॉन का द्रव्यमान
- एक सहसंयोजक यौगिक के एक अणु का द्रव्यमान
- यौगिक के एक मोल में परमाणुओं का कुल द्रव्यमान
- यौगिक के सभी परमाणुओं के परमाणु द्रव्यमानों का योग
Explanation:
- सूत्र इकाई द्रव्यमान (Formula unit mass) – यह आयनिक (ionic) यौगिकों (जैसे NaCl, CaCl₂) के लिए उपयोग किया जाता है, जिसमें एक सूत्र इकाई (formula unit) में सभी परमाणुओं के परमाणु द्रव्यमानों का योग होता है।
- सहसंयोजक (covalent) यौगिकों के लिए ‘आण्विक द्रव्यमान’ (molecular mass) शब्द का प्रयोग होता है।
Quick Facts:
- NaCl का सूत्र इकाई द्रव्यमान = 23 + 35.5 = 58.5 u
- सूत्र इकाई द्रव्यमान को u (amu) में व्यक्त किया जाता है।
परमाण्विक द्रव्यमान निर्धारित करने के लिए, निम्नलिखित में से किसका चयन मानक संदर्भ के रूप में किया जाता है?
- कार्बन-12
- कार्बन-13
- नाइट्रोजन-14
- नाइट्रोजन-15
Explanation:
- परमाणु द्रव्यमान (atomic mass) के लिए मानक संदर्भ (standard reference) कार्बन-12 (¹²C) समस्थानिक है, जिसका परमाणु द्रव्यमान ठीक 12 u (amu) लिया गया है।
- अन्य सभी तत्वों के परमाणु द्रव्यमान इसी के सापेक्ष (relative) मापे जाते हैं।
- यह IUPAC द्वारा मानक (1961) के रूप में स्वीकार किया गया है।
Quick Facts:
- 1 u = 1/12 × ¹²C परमाणु का द्रव्यमान ≈ 1.66 × 10⁻²⁷ kg
- पहले ऑक्सीजन-16 का उपयोग होता था।
परमाणु की संरचना का पहला मॉडल था:
- परमाणु का बोहर मॉडल
- जे. जे. थॉमसन द्वारा परमाणु का प्लम पुडिंग मॉडल
- परमाणु का श्रोडिंगर तरंग मॉडल
- परमाणु का रदरफोर्ड का ग्रहीय मॉडल
Explanation:
- परमाणु की संरचना का पहला वैज्ञानिक मॉडल जे.जे. थॉमसन (J.J. Thomson) का ‘प्लम पुडिंग मॉडल’ (1904) था, जिसमें उन्होंने परमाणु को धनात्मक गोले के रूप में चित्रित किया था, जिसमें इलेक्ट्रॉन (ऋणात्मक) खीर (plum) की तरह बिखरे हुए थे।
- बोहर मॉडल (1913), रदरफोर्ड मॉडल (1911) – ये बाद में आए।
Quick Facts:
- थॉमसन ने इलेक्ट्रॉन की खोज (1897) की थी।
- उनका मॉडल ‘तरबूज मॉडल’ (watermelon model) या ‘खीर मॉडल’ भी कहलाता है।
रेडियोधर्मी तत्व रेडियम और पोलोनियम की खोज किसने की थी?
- जॉन डाल्टन
- आईरेन जॉलियट-क्यूरी
- मैरी क्यूरी
- एवोगाद्रो
Explanation:
- रेडियोधर्मी तत्व रेडियम (Radium, Ra) और पोलोनियम (Polonium, Po) की खोज मैरी क्यूरी (Marie Curie) और उनके पति पियरे क्यूरी ने पिचब्लेंड (pitchblende) अयस्क से 1898 में की थी।
- इस खोज के लिए उन्हें 1903 (भौतिकी) और 1911 (रसायन) में नोबेल पुरस्कार मिला।
Quick Facts:
- रेडियम (Ra) – परमाणु क्रमांक 88, पोलोनियम (Po) – 84
- मैरी क्यूरी ने ‘रेडियोधर्मिता’ शब्द भी गढ़ा था।
किसी परमाणु की परमाणु संख्या किसके बराबर होती है?
- परमाणु के नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों की कुल संख्या
- इलेक्ट्रॉनों और न्यूट्रॉनों की संख्या का योग
- परमाणु के नाभिक में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या का आधा
- प्रोटॉनों और न्यूट्रॉनों की संख्या का योग
Explanation:
- परमाणु संख्या (Atomic number, Z) = नाभिक में प्रोटॉन (proton) की संख्या।
- एक उदासीन (neutral) परमाणु में, इलेक्ट्रॉनों की संख्या भी Z के बराबर होती है, पर Z को प्रोटॉनों की संख्या से परिभाषित किया जाता है।
- प्रोटॉन + न्यूट्रॉन = द्रव्यमान संख्या (Mass number, A)
Quick Facts:
- Z = प्रोटॉन = इलेक्ट्रॉन (उदासीन परमाणु में)
- तत्व की पहचान (identity) Z (प्रोटॉन संख्या) से होती है।
किस तत्व में तीन कक्षक होते हैं जो पूरी तरह से इलेक्ट्रॉनों से भरे होते हैं?
- आर्गन
- नियॉन
- क्रिप्टॉन
- एल्युमिनियम
Explanation:
- आर्गन (Ar, Z=18) का इलेक्ट्रॉन विन्यास 2, 8, 8 है – इसमें तीनों कोश (K, L, M) पूर्णतः भरे हुए हैं (K=2, L=8, M=8)।
- नियॉन (Ne, Z=10) – 2, 8 (दो कोश भरे), क्रिप्टॉन (Kr) – 4 कोश (Z=36, 2, 8, 18, 8), एल्युमिनियम (Al) – 2, 8, 3 (M अपूर्ण)।
Quick Facts:
- पूर्ण कोश वाले तत्व (उत्कृष्ट गैसें): He (2), Ne (2,8), Ar (2,8,8), Kr (2,8,18,8) आदि।
परमाणु संख्या को परमाणु के नाभिक में उपस्थित __________ की कुल संख्या के रूप में परिभाषित किया जाता है।
- केवल प्रोटॉन
- केवल न्यूट्रॉन
- न्यूट्रॉन और आधे प्रोटॉन
- प्रोटॉन और न्यूट्रॉन
Explanation:
- परमाणु संख्या (Z) = केवल प्रोटॉन की कुल संख्या।
- प्रोटॉन + न्यूट्रॉन = द्रव्यमान संख्या (A) – यह न्यूक्लिअन (nucleon) की कुल संख्या है।
Quick Facts:
- प्रोटॉन = धनात्मक आवेश (+1), न्यूट्रॉन = उदासीन (0)
निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सत्य/असत्य है/हैं? A. आयन एक आवेशित कण है और यह ऋणात्मक या धनात्मक रूप से आवेशित हो सकता है। एक ऋणावेशित आयन को एक ऋणायन और एक धनावेशित आयन, धनायन कहालाता है। B. आयन एक आवेशित कण है और ऋणात्मक या धनात्मक आवेशित हो सकता है। एक ऋणावेशित आयन को एक धनायन कहा जाता है और एक धनावेशित आयन को ऋणायन कहा जाता है।
- A और B दोनों असत्य हैं।
- केवल A सत्य है।
- A और B दोनों सत्य हैं।
- केवल B सत्य है।
Explanation:
- आयन (Ion) – एक आवेशित कण (charged particle)।
- ऋणायन (Anion) – ऋणात्मक आवेशित आयन (negative ion), जैसे Cl⁻, O²⁻
- धनायन (Cation) – धनात्मक आवेशित आयन (positive ion), जैसे Na⁺, Ca²⁺
- कथन A सही है, कथन B में उलटा (ऋणायन को धनायन कहा गया) – इसलिए केवल A सत्य है।
Quick Facts:
- Anion = Anode की ओर जाता है (कैथोड रे), Cation = Cathode की ओर जाता है।
- Mnemonics: Anion = Negative (अनुकूल), Cation = Positive (Pawsitive – ‘cat’ के लिए ‘pos’ संकेत?)
इलेक्ट्रॉन की खोज का श्रेय किसे दिया जाता है?
- अल्बर्ट आइंस्टीन
- अर्नेस्ट रदरफोर्ड
- जे. जे. थॉमसन
- मैरी क्यूरी
Explanation:
- इलेक्ट्रॉन (Electron) की खोज 1897 में जे.जे. थॉमसन (J.J. Thomson) ने कैथोड किरणों (cathode rays) के प्रयोगों के माध्यम से की थी।
- उन्होंने इलेक्ट्रॉन के e/m (आवेश/द्रव्यमान) अनुपात को भी मापा।
Quick Facts:
- इलेक्ट्रॉन = ऋणात्मक आवेशित कण, द्रव्यमान ≈ 9.1 × 10⁻³¹ kg
- थॉमसन को 1906 में नोबेल पुरस्कार मिला।
कार्बन-13 समस्थानिक का परमाण्विक द्रव्यमान कितना है?
- 11 amu
- 13 amu
- 14 amu
- 12 amu
Explanation:
- कार्बन-13 (¹³C) समस्थानिक का परमाणु द्रव्यमान = 13 u (amu) है, क्योंकि इसके नाभिक में 6 प्रोटॉन + 7 न्यूट्रॉन = 13 न्यूक्लिअन होते हैं (द्रव्यमान संख्या 13)।
- कार्बन-12 (¹²C) का परमाणु द्रव्यमान 12 u (मानक)।
Quick Facts:
- १३C प्राकृतिक रूप से 1.1% पाया जाता है।
- समस्थानिक का द्रव्यमान = द्रव्यमान संख्या के लगभग बराबर (u में)।
______ की संख्या परमाणु के द्रव्यमान संख्या और परमाणु संख्या के अंतर के बराबर है।
- प्रोटॉन और इलेक्ट्रॉन दोनों
- न्यूट्रॉन
- इलेक्ट्रॉन
- प्रोटॉन
Explanation:
- द्रव्यमान संख्या (A) = प्रोटॉन (Z) + न्यूट्रॉन (N) ⇒ N = A – Z
- अतः न्यूट्रॉन (neutrons) की संख्या = द्रव्यमान संख्या – परमाणु संख्या
Quick Facts:
- उदाहरण: ²³Na (Z=11, A=23) → N = 23 – 11 = 12 न्यूट्रॉन
बोर-बेरी पद्धति के अनुसार, एक परमाणु में अधिकतम कितने इलेक्ट्रॉन हो सकते हैं?
- अधिकतम 2 इलेक्ट्रॉन
- अधिकतम 4 इलेक्ट्रॉन
- अधिकतम 8 इलेक्ट्रॉन
- अधिकतम 12 इलेक्ट्रॉन
Explanation:
- बोर-बेरी (Bohr-Bury) नियम के अनुसार, किसी कोश (shell) में अधिकतम 2n² इलेक्ट्रॉन हो सकते हैं, और सबसे बाहरी कोश (outermost shell) में अधिकतम 8 इलेक्ट्रॉन हो सकते हैं (अष्टक नियम, octet rule के अनुसार)।
- यह स्थिरता के लिए है, पहले कोश में 2 (n=1 के लिए 2n² = 2) हो सकते हैं।
Quick Facts:
- पहला कोश (K): 2, दूसरा (L): 8, तीसरा (M): 18 (पर सबसे बाहरी 8 ही स्थिर)
- अष्टक नियम: 8 इलेक्ट्रॉन वाले विन्यास स्थिर होते हैं (उत्कृष्ट गैसें)।
CaCl₂ के सूत्र इकाई द्रव्यमान की गणना कीजिए।
- 115u
- 114u
- 111u
- 110u
Explanation:
- Ca का परमाणु द्रव्यमान ≈ 40 u, Cl का ≈ 35.5 u
- CaCl₂ में: 1 Ca + 2 Cl = 40 + 2 × 35.5 = 40 + 71 = 111 u
Quick Facts:
- CaCl₂ = कैल्शियम क्लोराइड (एक आयनिक यौगिक)
- सूत्र इकाई द्रव्यमान (Formula unit mass) = 111 u
______ तत्व के बाह्यतम कोश में दो इलेक्ट्रॉन होते हैं।
- कार्बन
- बोरॉन
- मैग्नीशियम
- क्लोरीन
Explanation:
- मैग्नीशियम (Mg) का परमाणु क्रमांक 12 है, विन्यास 2, 8, 2 – बाह्यतम कोश (M) में 2 इलेक्ट्रॉन होते हैं।
- कार्बन: 4, बोरॉन: 3, क्लोरीन: 7 (बाह्यतम इलेक्ट्रॉन)
Quick Facts:
- Mg की संयोजकता 2 है (यह 2 इलेक्ट्रॉन त्यागकर Mg²⁺ बनाता है)।
विद्युत ऋणात्मकता किसी परमाणु की ______ की क्षमता की माप है।
- प्रोटॉनों को प्रतिकर्षित करने
- इलेक्ट्रॉनों को प्रतिकर्षित करने
- इलेक्ट्रॉनों को आकर्षित करने
- प्रोटॉनों को आकर्षित करने
Explanation:
- विद्युत ऋणात्मकता (Electronegativity) – किसी परमाणु की बंध (bond) में साझा इलेक्ट्रॉनों (shared electrons) को आकर्षित (attract) करने की क्षमता का माप है।
- यह पॉलिंग (Pauling) पैमाने पर मापी जाती है (F सबसे अधिक 4.0)।
Quick Facts:
- विद्युत ऋणात्मकता आवर्त में बाएँ → दाएँ बढ़ती है, समूह में नीचे → ऊपर बढ़ती है।
- F > O > Cl > N > Br > I > S > C > H
किसी तत्व के समस्थानिकों में ______ की संख्या समान होती है।
- प्रोटॉन
- इलेक्ट्रॉन
- न्यूट्रॉन
- नाभिक
Explanation:
- समस्थानिक (Isotopes) – परमाणु संख्या (Z) समान होती है, अर्थात प्रोटॉनों की संख्या समान होती है, पर न्यूट्रॉनों की संख्या भिन्न होती है (इसलिए द्रव्यमान संख्या A भिन्न होती है)।
- इसी कारण इनके रासायनिक गुण समान होते हैं (क्योंकि रासायनिक गुण Z पर निर्भर करते हैं)।
Quick Facts:
- उदाहरण: ¹H, ²H (D), ³H (T) – सभी में 1 प्रोटॉन
सोडियम क्लोराइड क्रिस्टल में सोडियम और क्लोराइड आयन 1:1 के अनुपात में है। सोडियम क्लोराइड के सूत्र इकाई द्रव्यमान (formula unit mass) की गणना करने के लिए, आप किस प्रक्रिया का उपयोग करेंगे?
- सोडियम के परमाण्विक द्रव्यमान और क्लोरीन के परमाण्विक द्रव्यमान को गुणा करके
- सोडियम के परमाण्विक द्रव्यमान और क्लोरीन के परमाण्विक द्रव्यमान को जोड़कर
- सोडियम के परमाण्विक द्रव्यमान को क्लोरीन के परमाण्विक द्रव्यमान से विभाजित करके
- सोडियम के परमाण्विक द्रव्यमान में से क्लोरीन के परमाण्विक द्रव्यमान को घटाकर
Explanation:
- NaCl का सूत्र इकाई द्रव्यमान = Na का परमाणु द्रव्यमान + Cl का परमाणु द्रव्यमान (अनुपात 1:1 है, इसलिए जोड़)
- Na (23) + Cl (35.5) = 58.5 u
Quick Facts:
- यदि अनुपात 1:2 होता (जैसे CaCl₂), तो 1×Ca + 2×Cl जोड़ते हैं।
इलेक्ट्रॉन की खोज ______ द्वारा की गई थी।
- नील्स बोर
- गोल्डस्टीन
- जे.जे. थॉमसन
- जे.जे. थॉमसन
Explanation:
- इलेक्ट्रॉन की खोज जे.जे. थॉमसन (J.J. Thomson) (1897) ने की थी।
- नील्स बोहर → परमाणु मॉडल, गोल्डस्टीन → प्रोटॉन (धनात्मक किरणें), रदरफोर्ड → नाभिक
संतुलित रासायनिक समीकरण के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
- अणुओं का कुल द्रव्यमान दोनों ओर असमान है
- दोनों ओर अणुओं की कुल संख्या समान है
- दोनों तरफ मोलों की कुल संख्या समान है
- प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या दोनों ओर समान होती है
Explanation:
- संतुलित रासायनिक समीकरण (Balanced chemical equation) में प्रत्येक तत्व (element) के परमाणुओं (atoms) की संख्या अभिकारकों (reactants) और उत्पादों (products) दोनों ओर समान होती है (द्रव्यमान संरक्षण नियम, Law of Conservation of Mass)।
- अणुओं/मोलों की कुल संख्या समान होना आवश्यक नहीं है (जैसे H₂ + Cl₂ → 2HCl – अणु संख्या 2→2, पर N₂ + 3H₂ → 2NH₃ – 4→2)।
Quick Facts:
- संतुलित समीकरण: रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान संरक्षण (mass conservation)
किसी तत्व के समस्थानिक का निर्धारण करने के लिए, निम्नलिखित में से कौन-सा कण आवश्यक है?
- प्रोटॉन
- न्यूट्रॉन
- पॉलिट्रॉन
- इलेक्ट्रॉन
Explanation:
- समस्थानिक (Isotopes) न्यूट्रॉन (neutrons) की संख्या में भिन्न होते हैं, जबकि प्रोटॉनों की संख्या समान होती है।
- इसलिए किसी तत्व के समस्थानिकों की पहचान के लिए न्यूट्रॉन की संख्या जानना आवश्यक है (क्योंकि द्रव्यमान संख्या A = Z + N, Z समान, N भिन्न → A भिन्न)।
Quick Facts:
- समस्थानिक: उदाहरण Cl-35 (17 p, 18 n) और Cl-37 (17 p, 20 n)।
किसी तत्व का प्रतीक निम्नलिखित में से किसे दर्शाता है?
- तत्व का पूरा नाम
- तत्व का एक मोल
- परमाणु क्रमांक और द्रव्यमान संख्या
- तत्व का केवल एक परमाणु
Explanation:
- किसी तत्व का प्रतीक (symbol) (जैसे H, O, C, Na) तत्व के एक परमाणु (one atom) को दर्शाता है।
- यह तत्व के नाम का संक्षिप्त रूप है (अंग्रेज़ी या लैटिन नाम से, जैसे Na = Sodium से ‘Natrium’)
Quick Facts:
- प्रतीक: पहला अक्षर बड़ा (capital), दूसरा छोटा (small) – जैसे Na, Cl, Ca
किसी भी पदार्थ के एक अणु में 6.023 × 10⁻²³ कण उपस्थित होते हैं। यदि CO₂ में 3.05 × 10⁻²³ कण उपस्थित होते हैं, तो CO₂ के अणुओं की संख्या है:
- 0.5
- 1
- 0.25
- 2
Explanation:
- प्रश्न में कुछ असंगति है: 1 मोल में 6.022 × 10²³ कण होते हैं (10⁻²³ नहीं, 10²³)।
- यदि CO₂ में 3.05 × 10²³ कण (अणु) हैं, तो मोलों की संख्या = (3.05 × 10²³) / (6.022 × 10²³) ≈ 0.5 मोल
- अतः अणुओं की संख्या = 0.5 मोल (यदि 10²³ लें)।
Quick Facts:
- अवोगाद्रो संख्या = 6.022 × 10²³
- मोलों की संख्या = कणों की संख्या / अवोगाद्रो संख्या
परमाणु द्रव्यमान मापने के लिए मानक संदर्भ के रूप में किस समस्थानिक को चुना गया था?
- कार्बन-11
- कार्बन-12
- कार्बन-14
- कार्बन-13
Explanation:
- परमाणु द्रव्यमान (atomic mass) की मानक इकाई के लिए कार्बन-12 (¹²C) को चुना गया है, जिसका द्रव्यमान ठीक 12 u (amu) है।
- यह 1961 से IUPAC द्वारा स्वीकृत मानक है।
Quick Facts:
- 1 u = 1/12 × ¹²C का द्रव्यमान
कार्बन और हाइड्रोजन के परमाणु द्रव्यमान क्रमशः हैं:
- 12 u और 2 u
- 12 u और 1 u
- 6 u और 1 u
- 6 u और 2 u
Explanation:
- कार्बन (C) का परमाणु द्रव्यमान = 12 u (लगभग), हाइड्रोजन (H) का = 1 u (लगभग)।
- यह मानक मान हैं (प्राकृतिक समस्थानिकों का औसत)।
Quick Facts:
- C = 12 u, H = 1 u, O = 16 u, N = 14 u, Cl = 35.5 u
वह प्रक्रिया, जिसमें सजीव का शरीर दो एकसमान भागों में विभाजित हो जाता है, उसे ______ कहा जाता है।
- मुकुलन
- विखंडन
- द्वि-खंडन
- बहु खंडन
Explanation:
- द्वि-खंडन (Binary fission) – एक अलैंगिक प्रजनन (asexual reproduction) विधि है, जिसमें कोशिका/जीव दो समान (लगभग) भागों में विभाजित हो जाता है (जैसे जीवाणु, अमीबा)।
- मुकुलन (budding) – खमीर में, बहुखंडन (multiple fission) – प्लाज्मोडियम में।
Quick Facts:
- द्वि-खंडन में DNA प्रतिकृति (replication) के बाद कोशिका विभाजन होता है।
रासायनिक सूत्र में सब्स्क्रिप्ट क्या दर्शाता है?
- तत्व की ऑक्सीकरण अवस्था
- यौगिक का द्रव्यमान
- अणु में प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या
- आयन का आवेश
Explanation:
- रासायनिक सूत्र (chemical formula) में सब्स्क्रिप्ट (subscript, नीचे लिखी संख्या) – उस तत्व के परमाणुओं की संख्या (number) को दर्शाती है, जैसे H₂O में H का 2 (2 हाइड्रोजन परमाणु)।
- आवेश/ऑक्सीकरण अवस्था को सुपरस्क्रिप्ट (ऊपर) में दिखाते हैं।
Quick Facts:
- यदि कोई सब्स्क्रिप्ट नहीं है, तो उस तत्व का 1 परमाणु है (जैसे NaCl में Na = 1, Cl = 1)
रदरफोर्ड का अल्फा कण प्रकीर्णन प्रयोग किसकी खोज के लिए जिम्मेदार था?
- इलेक्ट्रॉन
- न्यूट्रॉन
- प्रोटॉन
- परमाणु नाभिक
Explanation:
- रदरफोर्ड के α-कण प्रकीर्णन प्रयोग (gold foil) से परमाणु नाभिक (nucleus) की खोज हुई।
- इस प्रयोग ने यह सिद्ध किया कि परमाणु का अधिकांश द्रव्यमान और सारा धनात्मक आवेश एक सघन केंद्र (नाभिक) में केंद्रित है।
निम्नलिखित में से किसे न्यूक्लिअन के रूप में जाना जाता है?
- प्रोटॉन और इलेक्ट्रॉन
- केवल प्रोटॉन
- प्रोटॉन और न्यूट्रॉन
- न्यूट्रॉन और इलेक्ट्रॉन
Explanation:
- न्यूक्लिअन (Nucleons) – परमाणु के नाभिक (nucleus) में उपस्थित कण, यानी प्रोटॉन (Proton) और न्यूट्रॉन (Neutron) को मिलाकर ‘न्यूक्लिअन’ कहते हैं।
- इलेक्ट्रॉन नाभिक के बाहर (कक्षाओं में) होते हैं, इसलिए न्यूक्लिअन नहीं हैं।
Quick Facts:
- प्रोटॉन + न्यूट्रॉन = द्रव्यमान संख्या (A)
- प्रोटॉन = धनात्मक, न्यूट्रॉन = उदासीन
मीथेन (CH₄) के अणुभार की गणना कीजिए।
- 18 g/mol
- 26 g/mol
- 16 g/mol
- 20 g/mol
Explanation:
- CH₄ का आणविक द्रव्यमान = C (12 u) + 4 × H (1 u) = 12 + 4 = 16 u
- मोलर द्रव्यमान (molar mass) = 16 g/mol (u = g/mol के बराबर होता है)
Quick Facts:
- CH₄ = मीथेन (प्राकृतिक गैस का मुख्य घटक)
जिन न्यूक्लाइडों की द्रव्यमान संख्या समान होती है, उन्हें क्या कहा जाता है?
- समन्यूटॉनिक
- समभारिक
- समस्थानिक
- समावयवी
Explanation:
- समभारिक (Isobars) – वे न्यूक्लाइड (परमाणु) जिनकी द्रव्यमान संख्या (Mass number, A) समान होती है, लेकिन परमाणु संख्या (Z) भिन्न होती है।
- उदाहरण: ⁴⁰Ar (Z=18, A=40) और ⁴⁰K (Z=19, A=40)।
Quick Facts:
- समन्यूट्रॉनी (Isotones): न्यूट्रॉन (N) समान, Z भिन्न
- समस्थानिक (Isotopes): Z समान, A भिन्न
न्यूट्रॉन को छोड़कर सभी परमाणुओं में ______ मौजूद होता है।
- Cr
- H
- C
- Mg
Explanation:
- हाइड्रोजन (H) – इसके अधिकांश परमाणुओं (प्रोटियम, ¹H) में न्यूट्रॉन (neutron) नहीं होता है (इसमें केवल 1 प्रोटॉन और 1 इलेक्ट्रॉन होता है)।
- अन्य तत्वों (Cr, C, Mg) के नाभिक में न्यूट्रॉन होते हैं (हालाँकि कुछ समस्थानिकों में न्यूट्रॉन न हो सकते हैं, लेकिन सबसे सामान्य रूप में न्यूट्रॉन होते हैं)।
Quick Facts:
- ¹H (प्रोटियम) – 1 प्रोटॉन, 0 न्यूट्रॉन
- ²H (ड्यूटेरियम) – 1 प्रोटॉन, 1 न्यूट्रॉन
सूत्र इकाई द्रव्यमान को ______ के रूप में परिभाषित किया जाता है।
- यौगिक के आणविक द्रव्यमान
- सबसे हल्के तत्व के परमाणु द्रव्यमान
- एक आयनिक यौगिक की सूत्र इकाई में सभी परमाणुओं के परमाणु द्रव्यमानों के योग
- एक अणु के द्रव्यमान
Explanation:
- सूत्र इकाई द्रव्यमान (Formula unit mass) – आयनिक (ionic) यौगिकों (जैसे NaCl, CaCl₂) के लिए उपयोग होता है, जिसमें एक सूत्र इकाई के सभी परमाणुओं के परमाणु द्रव्यमानों को जोड़ा जाता है।
- सहसंयोजक यौगिकों के लिए ‘आण्विक द्रव्यमान’ (molecular mass) शब्द का प्रयोग होता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा, हाइड्रोजन परमाणु का समस्थानिक नहीं है?
- ड्यूटीरियम
- हीलियम
- ट्राइटियम
- प्रोटियम
Explanation:
- हाइड्रोजन के समस्थानिक (Isotopes): प्रोटियम (¹H), ड्यूटेरियम (²H), ट्राइटियम (³H) – सभी में Z = 1 (1 प्रोटॉन)।
- हीलियम (He) – एक अलग तत्व है (Z = 2), हाइड्रोजन का समस्थानिक नहीं है।
Quick Facts:
- ट्राइटियम (³H) रेडियोधर्मी है (β⁻ उत्सर्जक)।
निम्नलिखित में से कौन सा, किसी तत्व के समस्थानिकों का गुण है? (i) उनके परमाणु द्रव्यमान समान होते हैं। (ii) उनके परमाणु क्रमांक समान होते हैं। (iii) ये भिन्न भौतिक गुण प्रदर्शित करते हैं। (iv) ये समान रासायनिक गुण प्रदर्शित करते हैं।
- (ii) और (iii)
- (ii), (iii) और (iv)
- (ii) और (iv)
- (i), (iii) और (iv)
Explanation:
- समस्थानिक (Isotopes):
- (i) परमाणु द्रव्यमान भिन्न होते हैं – असत्य
- (ii) परमाणु क्रमांक (Z) समान – सत्य
- (iii) भौतिक गुण (घनत्व, क्वथनांक) भिन्न – सत्य (क्योंकि द्रव्यमान भिन्न)
- (iv) रासायनिक गुण समान – सत्य (Z समान, इलेक्ट्रॉन विन्यास समान)
- अतः (ii), (iii) और (iv) सही हैं।
कार्बन C⁴⁺ आयन बनाने में असमर्थ है क्योंकि ______।
- इसकी संयोजकता टेट्रा है
- यह आसानी से इलेक्ट्रॉन प्राप्त करता है
- यह श्रृंखला गुण दर्शाता है
- इसके निर्माण के लिए बड़ी मात्रा में ऊर्जा की आवश्यकता होती है
Explanation:
- कार्बन (C, Z=6) का विन्यास 2, 4 है। C⁴⁺ आयन बनाने के लिए, इसे 4 इलेक्ट्रॉन त्यागने होंगे, जिसके लिए अत्यधिक आयनीकरण ऊर्जा (high ionization energy) की आवश्यकता होती है, इसलिए यह C⁴⁺ नहीं बनाता (बल्कि यह सहसंयोजक बंध बनाता है)।
- धातुएँ (जैसे Na, Mg) आसानी से इलेक्ट्रॉन त्याग सकती हैं, पर कार्बन अधातु है।
Quick Facts:
- कार्बन 4 इलेक्ट्रॉन साझा (share) करता है, त्यागता नहीं।
- C⁴⁻ (कार्बाइड आयन) भी संभव है, पर C⁴⁺ नहीं।
CaCl₂ के सूत्र इकाई द्रव्यमान को कौन-सा परिकलन सही ढंग से निर्धारित करता है?
- Ca का परमाण्विक द्रव्यमान + (Cl का परमाण्विक द्रव्यमान ÷ 2) = 40 + 17.75 = 57.75 u
- Ca का परमाण्विक द्रव्यमान + (2 × Cl का परमाण्विक द्रव्यमान) = 40 + 71 = 111 u
- Ca का परमाण्विक द्रव्यमान + Cl का परमाण्विक द्रव्यमान = 40 + 35.5 = 75.5 u
- Ca का परमाण्विक द्रव्यमान × Cl का परमाण्विक द्रव्यमान = 40 × 35.5 = 1420 u
Explanation:
- CaCl₂ में 1 कैल्शियम (Ca) और 2 क्लोरीन (Cl) होते हैं, अतः
- सूत्र इकाई द्रव्यमान = 1 × Ca (40 u) + 2 × Cl (35.5 u) = 40 + 71 = 111 u
निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म, समभारिक परमाणु (Isobar) को दर्शाता है?
- ²³⁵U₉₂ और ²³⁸U₉₂
- ¹⁵O₈ और ¹⁶O₈
- ¹⁵N₇ और ¹⁶O₈
- ⁴⁰K₁₉ और ⁴⁰Ar₁₈
Explanation:
- समभारिक (Isobars) – समान द्रव्यमान संख्या (A) लेकिन भिन्न परमाणु संख्या (Z)।
- ⁴⁰K (Z=19, A=40) और ⁴⁰Ar (Z=18, A=40) – दोनों की A = 40, Z भिन्न हैं – ये समभारिक हैं।
- अन्य: ²³⁵U और ²³⁸U (समस्थानिक, A भिन्न), ¹⁵O और ¹⁶O (समस्थानिक), ¹⁵N और ¹⁶O (समन्यूट्रॉनी? N=8, O=8 – समन्यूट्रॉनी हैं, A भिन्न)।
किसी तत्व की परमाणु संख्या निम्नलिखित में से किसके बराबर होती है?
- इलेक्ट्रॉनों की संख्या
- न्यूट्रॉनों की संख्या + प्रोटॉनों की संख्या
- न्यूट्रॉनों की संख्या
- प्रोटॉनों की संख्या
Explanation:
- परमाणु संख्या (Z) = प्रोटॉनों (protons) की संख्या (केवल)।
- उदासीन परमाणु में, इलेक्ट्रॉनों की संख्या भी Z के बराबर होती है, पर Z की परिभाषा प्रोटॉनों पर आधारित है।
O₂ का आणविक द्रव्यमान ______ है।
- 8
- 16
- 32
- उपर्युक्त में से एक से अधिक
Explanation:
- O₂ (ऑक्सीजन अणु) = 2 × O का परमाणु द्रव्यमान (16 u) = 32 u
- मोलर द्रव्यमान = 32 g/mol
हाइड्रोजन और ऑक्सीजन हमेशा 1:8 के निश्चित द्रव्यमान अनुपात में मिलकर पानी बनाते हैं, यह तथ्य रसायन विज्ञान के किस मूलभूत नियम को दर्शाता है?
- ऊर्जा संरक्षण का नियम
- डाल्टन का परमाणु सिद्धांत
- गुणित अनुपात का नियम
- स्थिर अनुपात का नियम
Explanation:
- स्थिर अनुपात का नियम (Law of Constant Proportion / Definite Proportions) – यह नियम कहता है कि किसी यौगिक में तत्व हमेशा एक निश्चित (constant) द्रव्यमान अनुपात में संयुक्त होते हैं, चाहे उसे किसी भी विधि से प्राप्त किया गया हो।
- जल (H₂O) में H : O = 2 : 16 = 1 : 8 (द्रव्यमान अनुपात)
- गुणित अनुपात का नियम (Law of Multiple Proportions) – जब दो तत्व एक से अधिक यौगिक बनाते हैं (जैसे CO, CO₂)।
एक समजातीय श्रेणी के दो क्रमिक सदस्यों के बीच आणविक द्रव्यमान में ______ होता है।
- 18u
- 16u
- 14u
- 12u
Explanation:
- समजातीय श्रेणी (Homologous series) में दो क्रमागत सदस्यों के बीच अंतर –CH₂– (1 कार्बन + 2 हाइड्रोजन) होता है, जिसका द्रव्यमान = 12 + 2 = 14 u होता है।
- उदाहरण: CH₄ (16 u), C₂H₆ (30 u) – अंतर 14 u
समभारिकों में ______ की संख्या समान होती है।
- आयन
- न्यूक्लियॉन
- इलेक्ट्रॉन
- प्रोटॉन
Explanation:
- समभारिक (Isobars) – द्रव्यमान संख्या (A) समान होती है, अर्थात न्यूक्लियॉन (protons + neutrons) की कुल संख्या समान होती है।
- प्रोटॉन/इलेक्ट्रॉन की संख्या भिन्न होती है (क्योंकि Z भिन्न है)।
पदार्थ की प्रकृति के बारे में मूल सिद्धांत किसने प्रदान किया?
- जॉन डाल्टन
- लवॉज़िए
- जॉन मिल्टन
- मेंडल
Explanation:
- जॉन डाल्टन (John Dalton, 1808) ने ‘परमाणु सिद्धांत’ (Atomic Theory) प्रस्तावित किया, जिसने पदार्थ की प्रकृति के बारे में मूलभूत सिद्धांत (परमाणु, अविभाज्य, द्रव्यमान संरक्षण, आदि) प्रदान किए।
- लवॉज़िए → द्रव्यमान संरक्षण, मेंडल → आनुवंशिकी
गोलाकार गोलक के भीतर एक कण पर गुरुत्वाकर्षण बल कितना होता है?
- शून्य
- ऋणात्मक
- एक
- अन्तर
Explanation:
- एक समान घनत्व वाले गोलाकार कोश (shell) के भीतर स्थित कण पर शुद्ध गुरुत्वाकर्षण बल (net gravitational force) शून्य होता है (गुरुत्वाकर्षण के लिए शेल प्रमेय, Shell theorem – न्यूटन)।
- यही कारण है कि पृथ्वी के केंद्र पर g = 0 होता है।
1995 में, भौतिकविदों एरिक कॉर्नेल और कार्ल वीमन ने किस आइसोटोप का उपयोग करके पहला बोस-आइस्टीन कंडेनसेट (BECS) बनाया?
- सीजियम-133
- थोरियम-232
- रुबिडियम-87
- सोडियम-23
Explanation:
- 1995 में, एरिक कॉर्नेल (Eric Cornell) और कार्ल वीमन (Carl Wieman) ने रुबिडियम-87 (⁸⁷Rb) का उपयोग करके पहला बोस-आइस्टीन कंडेनसेट (Bose-Einstein Condensate, BEC) बनाया (अत्यंत कम तापमान पर, ≈ 10⁻⁷ K)।
- इस खोज के लिए उन्हें 2001 में नोबेल पुरस्कार मिला (वुल्फगैंग केटरली के साथ)।
आयनीकरण ऊर्जा की इकाई क्या है?
- volt
- KJ mol⁻¹
- joule
- Nm
Explanation:
- आयनीकरण ऊर्जा (Ionization energy) – किसी गैसीय परमाणु से बाहरी इलेक्ट्रॉन निकालने के लिए आवश्यक ऊर्जा, जिसे आमतौर पर kJ mol⁻¹ (किलोजूल प्रति मोल) में मापा जाता है (IUPAC अनुशंसित)।
- वैकल्पिक रूप से eV (इलेक्ट्रॉन वोल्ट) में भी मापा जाता है, पर SI में kJ/mol अधिक प्रचलित है।
मेडेलीफ का आवर्त नियम किस पर आधारित है?
- न्यूट्रॉनों की संख्या
- परमाणु द्रव्यमान
- परमाणु क्रमांक
- परमाणु क्रिया
Explanation:
- मेंडेलीफ (Mendeleev) का आवर्त नियम (1869) परमाणु द्रव्यमान (atomic mass) पर आधारित था, जिसमें तत्वों को बढ़ते परमाणु द्रव्यमान के क्रम में व्यवस्थित किया गया था।
- आधुनिक आवर्त नियम (मोस्ले, 1913) परमाणु संख्या (atomic number) पर आधारित है।
______ का एक युग्म हैं।
- समवैद्युती (isoelectric)
- समभारिक (isobars)
- समन्यूट्रॉनी (isotones)
- समस्थानिक (isotopes)
Explanation:
- प्रश्न का संदर्भ स्पष्ट नहीं है, पर विकल्पों में से समस्थानिक (Isotopes) एक सामान्य युग्म (जैसे ¹⁴C और ¹⁴N नहीं, बल्कि ¹²C और ¹⁴C) होते हैं – जिनकी परमाणु संख्या (Z) समान होती है।
- यदि युग्म की बात हो, तो समस्थानिक – Z समान, A भिन्न; समभारिक – A समान, Z भिन्न; समन्यूट्रॉनी – N समान; समवैद्युती – इलेक्ट्रॉन संख्या समान (जैसे Na⁺ और F⁻)।
थॉमसन के परमाणु मॉडल के अनुसार निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
- इलेक्ट्रॉन नाभिक में संकेंद्रित होते हैं।
- इलेक्ट्रॉन, न्यूट्रॉनों से संलग्न होते हैं।
- इलेक्ट्रॉन धनात्मक आवेशित गोले में यादृच्छिक रूप से प्रसारित होते हैं।
- इलेक्ट्रॉन कक्षाओं में स्थिर होते हैं।
Explanation:
- थॉमसन के ‘प्लम पुडिंग’ मॉडल में, धनात्मक आवेशित गोले (sphere) में इलेक्ट्रॉन (ऋणात्मक) यादृच्छिक (randomly) बिखरे (embedded) होते हैं (जैसे खीर में आलूबुखारा)।
- अन्य: रदरफोर्ड ने नाभिक की खोज की, बोहर ने कक्षाओं की स्थिरता दी।
ऑक्सीजन का परमाणु क्रमांक 8 है। इसका क्या अभिप्राय है?
- ऑक्सीजन में 8 प्रोटॉन और 8 इलेक्ट्रॉन होते हैं।
- ऑक्सीजन के प्रत्येक अणु में 8 परमाणु होते हैं।
- ऑक्सीजन के नाभिक में 8 न्यूट्रॉन होते हैं।
- ऑक्सीजन की कक्षा में 8 प्रोटॉन होते हैं।
Explanation:
- Z = 8 (O) ⇒ 8 प्रोटॉन (नाभिक में) और उदासीन परमाणु में 8 इलेक्ट्रॉन होते हैं।
- न्यूट्रॉन की संख्या भिन्न हो सकती है (समस्थानिकों के अनुसार, जैसे ¹⁶O में 8 न्यूट्रॉन, ¹⁸O में 10 न्यूट्रॉन)।
यदि वायु, जल और क्राउन काँच के अपवर्तनांक क्रमशः n₁, n₂ और n₃ हैं, तो ______।
- n₁ < n₂ = n₃
- n₁ > n₂ > n₃
- n₁ = n₂ < n₃
- n₁ < n₂ < n₃
Explanation:
- अपवर्तनांक (Refractive index) का क्रम: वायु (Air) < जल (Water) < क्राउन काँच (Crown glass)
- μ_air ≈ 1.0003, μ_water ≈ 1.33, μ_glass ≈ 1.5 (क्राउन काँच ≈ 1.52)
- अतः n₁ < n₂ < n₃ सही है।
कार्बनिक यौगिक के रासायनिक गुणों का निर्धारण कौन करता है?
- प्रकार्यात्मक समूह
- आण्विक द्रव्यमान
- हाइड्रोजन परमाणुओं की संख्या
- कार्बन शृंखला की लंबाई
Explanation:
- कार्बनिक (Organic) यौगिकों के रासायनिक गुण (chemical properties) उनके प्रकार्यात्मक समूह (functional group) द्वारा निर्धारित होते हैं (जैसे –OH (ऐल्कोहॉल), –COOH (अम्ल), –CHO (ऐल्डिहाइड), –CO– (कीटोन) आदि)।
- उदाहरण: CH₃OH और C₂H₅OH दोनों में –OH है, इसलिए दोनों के रासायनिक गुण समान हैं।
नाइट्रस एसिड (HNO₂) का मोलर द्रव्यमान कितना है?
- 44.01 ग्राम/मोल
- 63.01 ग्राम/मोल
- 36.46 ग्राम/मोल
- 47.013 ग्राम/मोल
Explanation:
- HNO₂ (नाइट्रस अम्ल) का मोलर द्रव्यमान = H (1) + N (14) + 2 × O (16) = 1 + 14 + 32 = 47 g/mol (लगभग 47.013)
- HNO₃ (नाइट्रिक अम्ल) का मोलर द्रव्यमान = 63 g/mol
H₂SO₄ का आण्विक द्रव्यमान है।
- 98 u
- 99 u
- 90 u
- 96 u
Explanation:
- H₂SO₄ = 2 × H (1) + S (32) + 4 × O (16) = 2 + 32 + 64 = 98 u
समभारिकों का कौन-सा गुणधर्म, सदैव भिन्न होता है?
- इलेक्ट्रॉनों की कुल संख्या
- न्यूक्लिअनों की कुल संख्या
- परमाणु क्रमांक
- द्रव्यमान संख्या
Explanation:
- समभारिक (Isobars) – द्रव्यमान संख्या (A) समान, पर परमाणु क्रमांक (Z) भिन्न होता है (इसलिए भिन्न तत्व होते हैं)।
- न्यूक्लिअनों की कुल संख्या (A) समान होती है।
कौन सा परमाणु क्रमांक चार संयोजकता इलेक्ट्रॉनों से संबंधित है?
- 6
- 5
- 8
- 7
Explanation:
- Z = 6 (कार्बन, C) – इलेक्ट्रॉन विन्यास 2, 4 → बाह्य कोश में 4 संयोजकता इलेक्ट्रॉन (valence electrons)।
- Z = 5 (B) – 3, Z=7 (N) – 5, Z=8 (O) – 6 (संयोजकता इलेक्ट्रॉन)
एक आवेश वाले तीन से अधिक परमाणुओं के समूह को ______ आयन के रूप में जाना जाता है।
- बहुपरमाणुक
- त्रिपरमाणुक
- एकपरमाणुक
- द्विपरमाणुक
Explanation:
- बहुपरमाणुक आयन (Polyatomic ion) – दो या अधिक परमाणुओं का समूह जो एक आवेश (net charge) रखता है, जैसे NH₄⁺, SO₄²⁻, NO₃⁻, CO₃²⁻ (यहाँ तीन से अधिक परमाणु हैं, पर ‘बहुपरमाणुक’ (polyatomic) = कई परमाणु, 3 से अधिक भी)।
- एकपरमाणुक (monatomic): Na⁺, Cl⁻; द्विपरमाणुक (diatomic): OH⁻, CN⁻ (यदि आवेशित), त्रिपरमाणुक (triatomic): NO₃⁻ (3 परमाणु)।
हंस गीगर (Hans Geiger) और अर्नेस्ट मार्सडेन (Ernest Marsden) ने ______ के पर्यवेक्षण में प्रसिद्ध α-कण प्रकीर्णन प्रयोग किया।
- अर्नेस्ट रदरफोर्ड (Ernest Rutherford)
- नील्स बोहर (Niels Bohr)
- जॉन डाल्टन (John Dalton)
- विलियम हेनरी (William Henry)
Explanation:
- हंस गीगर (Hans Geiger) और अर्नेस्ट मार्सडेन (Ernest Marsden) ने अर्नेस्ट रदरफोर्ड (Ernest Rutherford) के मार्गदर्शन में प्रसिद्ध α-कण प्रकीर्णन (gold foil) प्रयोग (1909) किया, जिससे नाभिक की खोज हुई।
पॉइसन समीकरण, जिसका उपयोग अक्सर किसी पदार्थ के प्रत्यास्थ गुणों का वर्णन करने के लिए किया जाता है, किस ग्रीक अक्षर द्वारा दर्शाया जाता है?
- टॉ (Tau)
- न्यू (Nu)
- एप्सिलॉन (Epsilon)
- कापा (Kappa)
Explanation:
- पॉइसन अनुपात (Poisson’s ratio) को ग्रीक अक्षर ν (Nu) द्वारा दर्शाया जाता है, जिसका उपयोग किसी पदार्थ के प्रत्यास्थ (elastic) गुणों का वर्णन करने में होता है (अनुप्रस्थ और अनुदैर्ध्य विकृति का अनुपात)।
- यह भौतिकी/इंजीनियरिंग में एक महत्वपूर्ण मापदंड है।
मैग्नीशियम की परमाणु संख्या 12 है। इसकी संयोजकता ज्ञात कीजिये।
- +2
- -3
- -2
- +3
Explanation:
- Mg (Z=12) का विन्यास 2, 8, 2 है। यह स्थिर अष्टक (2,8) प्राप्त करने के लिए अपने 2 संयोजकता इलेक्ट्रॉन त्यागता है, जिससे Mg²⁺ बनता है।
- अतः Mg की संयोजकता = 2 (धनायन, +2 आवेश)
इलेक्ट्रॉनों की कितनी अधिकतम संख्या K कोश में समायोजित की जा सकती है?
- 18
- 32
- 2
- 8
Explanation:
- K कोश (n=1) के लिए अधिकतम इलेक्ट्रॉन = 2n² = 2 × 1² = 2
- L (n=2) = 8, M (n=3) = 18, N (n=4) = 32
सहसंयोजक आबंध किसके द्वारा बनते हैं?
- इलेक्ट्रॉनों के अंतरण
- इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी
- प्रोटॉनों के त्याग
- न्यूट्रॉनों के ग्रहण
Explanation:
- सहसंयोजक आबंध (Covalent bond) – परमाणुओं के बीच इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी (sharing) द्वारा बनता है (आमतौर पर अधातुओं के बीच)।
- इलेक्ट्रॉनों का अंतरण (transfer) → आयनिक/विद्युतसंयोजी बंध (ionic bond)।
किसी तत्व के किस प्रकार के अणु में केवल एक ही प्रकार का परमाणु पाया जाता है?
- विपरमाणुक
- बहुपरमाणुक
- एकपरमाणुक
- द्विपरमाणुक
Explanation:
- एकपरमाणुक (Monatomic) अणु – केवल एक परमाणु वाला अणु (जैसे He, Ne, Ar – उत्कृष्ट गैसें)।
- द्विपरमाणुक (Diatomic): O₂, N₂, H₂ (दो परमाणु), बहुपरमाणुक (Polyatomic): P₄, S₈
कैल्शियम का परमाणु द्रव्यमान ______ है।
- 24
- 40
- 23
- 32
Explanation:
- कैल्शियम (Ca) का परमाणु द्रव्यमान ≈ 40 u (Z=20, A=40)
- Mg = 24, Na = 23, S = 32
कार्बन के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास में सम्मिलित कोशों की कुल संख्या कितनी है?
- एक
- चार
- तीन
- दो
Explanation:
- कार्बन (C, Z=6) का इलेक्ट्रॉन विन्यास 2, 4 है → इसमें 2 कोश (shells) भरे गए हैं (K और L)।
फास्फोरस की परमाण्विकता क्या है?
- द्विपरमाणुक
- बहुपरमाणुक
- एकपरमाणुक
- चतुःपरमाणुक
Explanation:
- फास्फोरस (P) की स्थिर अणु संरचना P₄ (चतुःपरमाणुक, tetraatomic) है, जिसमें 4 परमाणु एकत्रित होते हैं।
- अतः फास्फोरस चतुःपरमाणुक (tetraatomic) है।
निम्नलिखित में से कौन त्रिपरमाणुक अणु है?
- हाइड्रोजन
- हीलियम
- नियोन
- ओजोन
Explanation:
- ओजोन (O₃) – एक त्रिपरमाणुक (triatomic) अणु है (3 ऑक्सीजन परमाणु)।
- H₂ (द्विपरमाणुक), He, Ne (एकपरमाणुक)
निम्नलिखित में से कौनसा परमाणु बहु-परमाण्विक है?
- फास्फोरस
- क्लोरीन
- आर्गन
- सल्फर
Explanation:
- सल्फर (S) – सामान्यतः S₈ (अष्टपरमाणुक, octaatomic) के रूप में पाया जाता है, जो एक बहुपरमाणुक (polyatomic) अणु है।
- फास्फोरस (P₄) भी बहुपरमाणुक है, पर विकल्पों में सल्फर अधिक स्पष्ट है (P भी सही हो सकता है, पर प्रश्न में सल्फर दिया है, जो S₈ है)।
- Cl₂ (द्विपरमाणुक), Ar (एकपरमाणुक)
परमाणु के अंदर एक प्रोटॉन पर एक न्यूट्रॉन द्वारा लगाया जाने वाला बल है:
- ज्वारीय बल
- गुरुत्वाकर्षण बल
- स्थिरवैद्युत बल
- नाभिकीय बल
Explanation:
- नाभिक (nucleus) के अंदर प्रोटॉन और न्यूट्रॉन के बीच लगने वाला बल नाभिकीय बल (Nuclear force) है, जो अत्यंत प्रबल (strong) होता है और इलेक्ट्रोस्टैटिक प्रतिकर्षण (proton-proton) को संतुलित करता है।
- यह ‘प्रबल नाभिकीय बल’ (strong nuclear force) कहलाता है।
किसी तत्व का इलेक्ट्रॉन विन्यास 2, 8, 5 है, तो इसकी प्रोटॉनों की संख्या ज्ञात कीजिए।
- 8
- 15
- 2
- 5
Explanation:
- इलेक्ट्रॉन विन्यास 2, 8, 5 → कुल इलेक्ट्रॉन = 2+8+5 = 15 (उदासीन परमाणु के लिए)।
- प्रोटॉनों की संख्या = इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 15 (Z=15, यह फॉस्फोरस है)।
परमाणुओं के आकार के संबंध में, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- सभी परमाणुओं का आकार एक समान होता है।
- परमाणुओं का आकार नैनोमीटर की रेंज में होता है।
- परमाणु, अणुओं से बड़े होते हैं।
- परमाणुओं को साधारण सूक्ष्मदर्शी से देखा जा सकता है।
Explanation:
- परमाणु का आकार लगभग 1 Å (एंग्स्ट्रॉम) = 10⁻¹⁰ m = 0.1 nm (नैनोमीटर) होता है, जो नैनोमीटर (nm) रेंज में है (≈ 0.1–0.5 nm)।
- अणु परमाणुओं से बड़े होते हैं, और परमाणु को सामान्य सूक्ष्मदर्शी (light microscope) से नहीं देखा जा सकता (इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी, SEM/TEM से देखा जा सकता है)।
सोने की पत्री (स्वर्ण पत्र) से सीधे गुजरने वाले अल्फा कण क्या दर्शाते हैं?
- नाभिक ऋणावेशित है।
- परमाणु में अधिकांशतः खाली स्थान है।
- नाभिक विशाल है।
- परमाणु पर धनात्मक आवेश है।
Explanation:
- α-कणों का बिना विक्षेप के सीधे गुजरना (most α-particles passed straight through) यह दर्शाता है कि परमाणु में अधिकांश स्थान खाली (empty space) है।
- यह रदरफोर्ड प्रयोग का एक प्रमुख अवलोकन था।
समांगी श्रेणी के सदस्य एक-दूसरे से किस प्रकार भिन्न होते हैं?
- एक ऑक्सीजन परमाणु से
- दो हाइड्रोजन परमाणु से
- एक कार्बन परमाणु से
- एक कार्बन परमाणु और दो हाइड्रोजन परमाणु से
Explanation:
- समजातीय श्रेणी (Homologous series) के क्रमागत सदस्य एक –CH₂– (मिथिलीन) समूह से भिन्न होते हैं, अर्थात 1 कार्बन + 2 हाइड्रोजन परमाणु।
- इससे आण्विक द्रव्यमान में 14 u का अंतर होता है।
एक ही तत्व या विभिन्न तत्वों के परमाणु एक साथ मिलकर ______ बना सकते हैं।
- इलेक्ट्रॉन
- प्रोटॉन
- अणु
- आयन
Explanation:
- एक ही तत्व (जैसे O₂) या विभिन्न तत्वों (जैसे H₂O) के परमाणु (atoms) रासायनिक बंध द्वारा मिलकर अणु (molecule) बनाते हैं।
- आयन (ions) – आवेशित कण होते हैं (परमाणु या परमाणुओं का समूह जो आवेशित हो)।
द्विविस्थापन अभिक्रिया में आमतौर पर किसका आदान-प्रदान होता है?
- आयनों का
- इलेक्ट्रॉनों का
- प्रोटॉनों का
- न्यूट्रॉनों का
Explanation:
- द्विविस्थापन अभिक्रिया (Double displacement reaction) – दो यौगिकों के बीच आयनों (ions) का आदान-प्रदान (exchange) होता है, जिससे दो नए यौगिक बनते हैं।
- उदाहरण: NaCl + AgNO₃ → AgCl↓ + NaNO₃ (यहाँ Na⁺ और Ag⁺, Cl⁻ और NO₃⁻ आयनों का आदान-प्रदान)।
आवर्त सारणी में, निम्नलिखित में से कौन सा गुण आमतौर पर एक अवधि में (बाएं से दाएं) बढ़ता है?
- अपचयन
- आयनीकरण एन्थैल्पी
- धात्विक लक्षण
- परमाणु त्रिज्या
Explanation:
- एक आवर्त (period) में बाएँ से दाएँ जाने पर आयनीकरण एन्थैल्पी (Ionization enthalpy) बढ़ती है (क्योंकि परमाणु त्रिज्या घटती है, और प्रभावी नाभिकीय आवेश बढ़ता है)।
- धात्विक लक्षण (metallic character) घटता है, परमाणु त्रिज्या (atomic radius) घटती है।
एक अणु के परमाणु द्रव्यमान को ______ में मापा जाता है।
- एवोगाद्रो मास यूनिट
- एटॉमिक यूनिफाइड मास यूनिट
- एटॉमिक मास यूनिट
- एटॉमिक मॉलिक्यूल यूनिट
Explanation:
- परमाणु/आण्विक द्रव्यमान को परमाणु द्रव्यमान इकाई (Atomic Mass Unit, u) (जिसे amu भी कहते हैं) में मापा जाता है।
- IUPAC द्वारा अनुशंसित: ‘u’ (unified mass unit) – 1 u = 1/12 × ¹²C परमाणु का द्रव्यमान।
जस्ता के 23.3 ग्राम में मोल्स की संख्या है:
- 0.53
- 0.35
- 0.37
- 0.25
Explanation:
- Zn का मोलर द्रव्यमान ≈ 65.4 g/mol (लगभग 65)
- मोलों की संख्या = दिया गया द्रव्यमान / मोलर द्रव्यमान = 23.3 / 65.4 ≈ 0.356 ≈ 0.35 मोल
उन तीन तत्वों का नाम बताइए जिनमें एकल इलेक्ट्रॉन सबसे बाहरी शेल होते हैं?
- मैग्नीशियम, हीलियम, नियॉन
- मैग्नीशियम, कैल्शियम, बेरियम
- हीलियम, नियॉन, आर्गन
- लिथियम, सोडियम, पोटेशियम
Explanation:
- क्षार धातुएँ (Alkali metals) – Li (2,1), Na (2,8,1), K (2,8,8,1) – सभी में बाह्य कोश में 1 इलेक्ट्रॉन (एकल इलेक्ट्रॉन) होता है।
- अन्य: Mg (2,8,2) – 2 इलेक्ट्रॉन, He/Ne/Ar – 2/8/8 (पूर्ण कोश)।
फास्फोरस है:
- बहु-परमाणुक
- द्विपरमाणुक
- चतुष्परमाणुक
- एकपरमाणुक
Explanation:
- फॉस्फोरस (P) – P₄ (चतुःपरमाणुक, tetraatomic)।
- क्लोरीन (Cl₂) – द्विपरमाणुक; सल्फर (S₈) – बहुपरमाणुक (अष्टपरमाणुक)।
कौन-सा कथन किसी तत्व की परमाणु संख्या का सही से वर्णन करता है?
- सभी उपपरमाण्विक कणों का कुल द्रव्यमान
- परमाणु में न्यूक्लियोन की कुल संख्या
- नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों की संख्या
- नाभिक में उपस्थित न्यूट्रॉनों की संख्या
Explanation:
- परमाणु संख्या (Z) = प्रोटॉनों की संख्या।
- न्यूक्लियोन की कुल संख्या = द्रव्यमान संख्या (A)।
थॉमसन के परमाणु मॉडल के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन, परमाणु की संरचना का सर्वोत्तम रूप से वर्णन करता है?
- इलेक्ट्रॉन एक धनावेशित गोले में अंतर्निहित होते हैं।
- परमाणु में केवल न्यूट्रॉन और इलेक्ट्रॉन होते हैं।
- इलेक्ट्रॉन एक केंद्रीय नाभिक के परितः निश्चित कक्षाओं में परिक्रमण करते हैं।
- परमाणु में इलेक्ट्रॉनों से धिरा एक सघन नाभिक होता है।
Explanation:
- थॉमसन मॉडल (Plum Pudding Model): धनात्मक आवेशित गोले में इलेक्ट्रॉन (ऋणात्मक) अंतर्निहित (embedded) होते हैं (जैसे खीर में आलूबुखारा)।
- अन्य: रदरफोर्ड मॉडल (नाभिक + इलेक्ट्रॉन), बोहर (कक्षाएँ)।
द्रव्यमान संख्या के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है?
- यह परमाणु में कुल न्यूक्लिअन को निरूपित करती है।
- यह हमेशा एक पूर्ण संख्या होती है।
- यह सभी तत्वों के लिए परमाणु संख्या के दोनों के बराबर होती है।
- यह एक ही तत्व के समस्थानिकों के लिए भिन्न हो सकती है।
Explanation:
- द्रव्यमान संख्या (A) = प्रोटॉन (Z) + न्यूट्रॉन (N) – यह परमाणु संख्या (Z) के बराबर नहीं होती (जब तक कि न्यूट्रॉन शून्य न हो, जैसे H-1 में)।
- यह हमेशा पूर्ण संख्या (integer) होती है, न्यूक्लिअनों की कुल संख्या दर्शाती है, और समस्थानिकों में भिन्न हो सकती है।
पोटेशियम की परमाणु संख्या 19 है और इसकी द्रव्यमान संख्या 39 है। इसके परमाणु में न्यूट्रॉन की संख्या ______ है।
- 19
- 39
- 20
- 58
Explanation:
- न्यूट्रॉन (N) = द्रव्यमान संख्या (A) – परमाणु संख्या (Z) = 39 – 19 = 20
आधुनिक आवर्त सारणी तत्वों के ______ पर आधारित है।
- संयोजकता
- द्रव्यमान
- परमाणु संख्या
- न्यूट्रॉनों की संख्या
Explanation:
- आधुनिक आवर्त सारणी (Modern Periodic Table) – परमाणु संख्या (Z) पर आधारित है (हेनरी मोस्ले, 1913)।
- मेंडेलीफ की सारणी परमाणु द्रव्यमान (atomic mass) पर आधारित थी।
______ एकल-परमाणुक अणु का एक उदाहरण है।
- आर्गन
- ऑक्सीजन
- फास्फोरस
- हाइड्रोजन
Explanation:
- आर्गन (Ar) – एक उत्कृष्ट गैस (noble gas) है, जो एकल-परमाणुक (monoatomic) अणु के रूप में पाया जाता है (एक परमाणु वाला अणु)।
- O₂ (द्विपरमाणुक), P₄ (चतुःपरमाणुक), H₂ (द्विपरमाणुक)।
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन, इसको अच्छी तरह से स्पष्ट करता है कि किसी तत्व के समस्थानिकों के रासायनिक गुणधर्म समान होते हैं लेकिन भौतिक गुणधर्म भिन्न होते हैं?
- समस्थानिकों में प्रोटॉन की संख्या भिन्न होती है, जिसके कारण रासायनिक अभिक्रियाओं में उनका व्यवहार भिन्न होता है।
- समस्थानिकों की परमाणु संरचना पूरी तरह से भिन्न होती है, जो उनके भौतिक और रासायनिक गुणों को प्रभावित करती है।
- समस्थानिकों की परमाणु संख्या समान होती है, लेकिन उनके न्यूट्रॉनों की संख्या भिन्न होती है, जो द्रव्यमान जैसे भौतिक गुणों को प्रभावित करती है।
- समस्थानिकों में प्रोटॉन और न्यूट्रॉन की संख्या समान होती है, लेकिन इलेक्ट्रॉनों की संख्या भिन्न होती है।
Explanation:
- समस्थानिकों में Z (प्रोटॉन) समान होता है, इसलिए इलेक्ट्रॉन विन्यास समान होता है, जिससे रासायनिक गुण (chemical properties) समान होते हैं।
- न्यूट्रॉनों (N) की संख्या भिन्न होने के कारण द्रव्यमान (mass) भिन्न होता है, जिससे भौतिक गुण (physical properties) (जैसे घनत्व, क्वथनांक) भिन्न होते हैं।
किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर निम्नलिखित में से कौन-सा घटता है?
- इलेक्ट्रॉन बन्धुता
- आयनीकरण ऊर्जा
- परमाणु त्रिज्या
- विद्युत ऋणात्मकता
Explanation:
- एक आवर्त (period) में बाएँ से दाएँ जाने पर, परमाणु त्रिज्या (atomic radius) घटती है (क्योंकि प्रभावी नाभिकीय आवेश बढ़ता है, जो इलेक्ट्रॉनों को अधिक आकर्षित करता है, जिससे आकार घटता है)।
- आयनीकरण ऊर्जा, इलेक्ट्रॉन बन्धुता, विद्युत ऋणात्मकता – ये सभी बढ़ती हैं।
समभारिकों (isobars) में कौन-सा गुण समान होता है?
- समान रासायनिक गुणधर्म
- समान द्रव्यमान संख्या
- प्रोटॉनों की समान संख्या
- समान परमाणु क्रमांक
Explanation:
- समभारिक (Isobars) – द्रव्यमान संख्या (Mass number, A) समान होती है।
- प्रोटॉन/परमाणु क्रमांक भिन्न होता है, इसलिए रासायनिक गुण भिन्न होते हैं।
ओजोन का आणविक द्रव्यमान कितना है?
- 32u
- 16u
- 8u
- 48u
Explanation:
- ओजोन (O₃) का आणविक द्रव्यमान = 3 × O (16) = 48 u
- O₂ (ऑक्सीजन) का आणविक द्रव्यमान = 32 u
ऑक्सीजन के दो “O” दो ______ को दर्शाते हैं।
- आयन
- अणु
- परमाणु
- प्रोटॉन
Explanation:
- रासायनिक प्रतीक (symbol) किसी तत्व के एक परमाणु (atom) को दर्शाता है।
- “O” ऑक्सीजन तत्व का प्रतीक है, इसलिए दो “O” दो ऑक्सीजन परमाणुओं (atoms) को दर्शाते हैं।
- O₂ (अणु) में दो ऑक्सीजन परमाणु आपस में बंधे होते हैं, परन्तु ‘O’ केवल परमाणु को दर्शाता है।
Quick Facts:
- O₂ = ऑक्सीजन अणु (द्विपरमाणुक)
- 2O = दो ऑक्सीजन परमाणु (अलग-अलग)
पदार्थ की मूल इकाई क्या है, जो पदार्थ की पहचान बनाए रखती है?
- परमाणु
- अणु
- कोशिका
- इलेक्ट्रॉन
Explanation:
- पदार्थ की वह सबसे छोटी इकाई जो अपने सभी गुणों (properties) को बनाए रखती है, अणु (molecule) है।
- परमाणु (atom) पदार्थ की सबसे छोटी इकाई है, परंतु किसी यौगिक के गुणों को बनाए रखने वाली इकाई अणु है (जैसे H₂O का एक अणु जल के गुण दिखाता है, पर H या O परमाणु अकेले जल के गुण नहीं दिखाते)।
Quick Facts:
- अणु: दो या अधिक परमाणुओं का समूह (सहसंयोजक/आयनिक बंध से जुड़े)
- उदाहरण: O₂, H₂O, NaCl (NaCl एक सूत्र इकाई है, पर आयनिक यौगिकों में ‘अणु’ शब्द कम प्रयुक्त होता है)।
सल्फर के 0.2 मोल में सल्फर परमाणुओं की संख्या है:
- 6.022 × 10²³
- 12.044 × 10²²
- 1.2044 × 10²³
- 6.022 × 10²²
Explanation:
- 1 मोल (mol) = 6.022 × 10²³ कण (एवोगाद्रो संख्या, Avogadro’s number)
- 0.2 मोल में परमाणुओं की संख्या = 0.2 × 6.022 × 10²³ = 1.2044 × 10²³
Quick Facts:
- एवोगाद्रो संख्या = 6.022 × 10²³ mol⁻¹
- सल्फर S₈ अणु के रूप में विद्यमान है, पर यहाँ ‘सल्फर परमाणु’ पूछा गया है।
Na₂SO₄ का सूत्र इकाई द्रव्यमान ज्ञात कीजिए।
- 146 u
- 148 u
- 142 u
- 140 u
Explanation:
- Na₂SO₄ का सूत्र इकाई द्रव्यमान (Formula unit mass) = 2(Na) + S + 4(O)
- Na = 23 u, S = 32 u, O = 16 u
- 2 × 23 + 32 + 4 × 16 = 46 + 32 + 64 = 142 u
Quick Facts:
- सूत्र इकाई द्रव्यमान आयनिक यौगिकों के लिए प्रयुक्त होता है, आण्विक द्रव्यमान सहसंयोजक यौगिकों के लिए।
निम्नलिखित में से किसे समभारिकों के रूप में जाना जाता है?
- ⁴⁰Ar और ⁴⁰K
- ¹⁴N और ¹⁵N
- ¹⁶O और ¹⁸O
- ³⁵Cl और ³⁷Cl
Explanation:
- समभारिक (Isobars) – वे परमाणु जिनकी द्रव्यमान संख्या (mass number) समान होती है, पर परमाणु संख्या (atomic number) भिन्न होती है।
- ⁴⁰Ar (Z=18) और ⁴⁰K (Z=19) – दोनों की द्रव्यमान संख्या 40 है, पर परमाणु संख्या भिन्न है।
- अन्य विकल्प: ¹⁴N/¹⁵N, ¹⁶O/¹⁸O, ³⁵Cl/³⁷Cl – ये समस्थानिक (Isotopes) हैं (समान Z, भिन्न A)।
Quick Facts:
- समस्थानिक: समान परमाणु संख्या (Z), भिन्न द्रव्यमान संख्या (A)
- समभारिक: समान द्रव्यमान संख्या (A), भिन्न परमाणु संख्या (Z)
रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल की मुख्य विशेषता क्या है?
- नाभिक में केवल ऋणात्मक आवेश वाले इलेक्ट्रॉन होते हैं।
- परमाणु के केंद्र में एक सघन धनात्मक नाभिक होता है।
- इलेक्ट्रॉन, नाभिक के परितः कोशों में बद्ध रहते हैं।
- परमाणु पूर्ण रूप से एकसमान धनात्मक गोला है।
Explanation:
- रदरफोर्ड (Rutherford) के α-कण प्रकीर्णन प्रयोग (गोल्ड फ़ॉइल प्रयोग) ने यह सिद्ध किया कि परमाणु के केंद्र में एक सघन, धनात्मक आवेशित नाभिक (nucleus) होता है, जिसमें परमाणु का अधिकांश द्रव्यमान केंद्रित होता है, और इलेक्ट्रॉन इसके चारों ओर घूमते हैं।
- यह मॉडल थॉमसन के ‘प्लम पुडिंग’ मॉडल को अस्वीकार करता है।
Quick Facts:
- रदरफोर्ड मॉडल: नाभिक (धनात्मक), इलेक्ट्रॉन (बाहर)
- इस मॉडल की सीमा: यह परमाणु की स्थिरता और स्पेक्ट्रम की व्याख्या नहीं कर सका।
एक गाड़ी एक समान वेग से गतिमान है और उसे रोकने के लिए विपरीत दिशा में एक मंदक बल F लगाया जाता है। बल द्वारा किया गया कार्य है:
- अनिर्धारित
- ऋणात्मक
- शून्य
- धनात्मक
Explanation:
- कार्य (W) = F × s × cos θ, यहाँ θ = 180° (बल और विस्थापन विपरीत दिशा में) ⇒ cos 180° = -1
- इसलिए W = F × s × (-1) = -F × s (ऋणात्मक)
- मंदक बल (retarding force) द्वारा किया गया कार्य ऋणात्मक होता है, क्योंकि यह गतिज ऊर्जा को कम करता है।
Quick Facts:
- धनात्मक कार्य: बल और विस्थापन एक ही दिशा (θ = 0°)
- ऋणात्मक कार्य: बल और विस्थापन विपरीत दिशा (θ = 180°)
- शून्य कार्य: θ = 90° (लंबवत)
खालीलपैकी काय ऑक्सीडेशन दर्शवते?
- हायड्रोजनची भर
- ऑक्सिजनची हानी
- इलेक्ट्रॉनची प्राप्ती
- ऑक्सिजनची भर
Explanation:
- ऑक्सीकरण (Oxidation) की पारंपरिक परिभाषा: ऑक्सीजन (O₂) का योग (addition) या हाइड्रोजन (H₂) का निष्कासन (removal)।
- आधुनिक परिभाषा: इलेक्ट्रॉनों की हानि (loss of electrons) – पर विकल्पों में ऑक्सीजन की भर (addition of oxygen) सही है।
Quick Facts:
- ऑक्सीकरण: O₂ का योग, H₂ का निष्कासन, इलेक्ट्रॉनों की हानि
- अपचयन (Reduction): O₂ का निष्कासन, H₂ का योग, इलेक्ट्रॉनों की प्राप्ति
समस्थानिक एक ही तत्व के परमाणु होते हैं, जिनमें ______ होती/होते है/हैं।
- समान परमाणु संख्या लेकिन भिन्न द्रव्यमान संख्या
- प्रोटॉन की अलग-अलग संख्या
- अलग-अलग रासायनिक गुणधर्म
- समान द्रव्यमान संख्या लेकिन भिन्न परमाणु संख्या
Explanation:
- समस्थानिक (Isotopes) = समान परमाणु संख्या (Z) (प्रोटॉनों की संख्या) पर भिन्न द्रव्यमान संख्या (A) (न्यूट्रॉनों की भिन्न संख्या)।
- उदाहरण: ¹H, ²H, ³H (हाइड्रोजन के समस्थानिक)
- रासायनिक गुण समान होते हैं (क्योंकि Z समान है), पर भौतिक गुण भिन्न हो सकते हैं।
Quick Facts:
- ¹H (प्रोटियम), ²H (ड्यूटेरियम), ³H (ट्राइटियम)
- समस्थानिक: Z समान, A भिन्न
मेटास्टैटिक अस्थि कैंसर के उपचार के लिए किस रेडियोआइसोटोप (radioisotope) का उपयोग किया जाता है?
- कार्बन-14 (Carbon-14)
- आयोडीन-131 (Iodine-131)
- फॉस्फोरस-32 (Phosphorous-32)
- स्ट्रॉन्टियम-89 (Strontium-89)
Explanation:
- स्ट्रॉन्टियम-89 (⁸⁹Sr) एक रेडियोआइसोटोप है, जिसका उपयोग मेटास्टैटिक अस्थि कैंसर (metastatic bone cancer) के उपचार (उपशामक, palliative) में किया जाता है, क्योंकि यह कैल्शियम की तरह हड्डियों में अवशोषित होता है और बीटा विकिरण उत्सर्जित करके दर्द को कम करता है।
- I-131 → थायरॉयड कैंसर, P-32 → पॉलीसिथीमिया, C-14 → डेटिंग (आयु निर्धारण) में
Quick Facts:
- ⁸⁹Sr एक बीटा (β⁻) उत्सर्जक है, अर्ध-आयु ≈ 50.5 दिन
“स्वर्ण पत्र प्रयोग के माध्यम से नाभिक की खोज का श्रेय किसे दिया जाता है?”
- “बोर”
- “अर्नेस्ट रदरफोर्ड”
- “जॉन डाल्टन”
- “लवॉज़िए”
Explanation:
- अर्नेस्ट रदरफोर्ड (Ernest Rutherford) ने 1911 में स्वर्ण पत्र (gold foil) पर α-कणों के प्रकीर्णन प्रयोग द्वारा परमाणु नाभिक की खोज की।
- इस प्रयोग ने सिद्ध किया कि परमाणु का अधिकांश द्रव्यमान और सारा धनात्मक आवेश एक छोटे से केंद्र (नाभिक) में केंद्रित होता है।
Quick Facts:
- रदरफोर्ड का प्रयोग: α-कण → स्वर्ण पत्री → अधिकांश सीधे गुजरे, कुछ विक्षेपित, बहुत कम पीछे लौटे।
- इस खोज से थॉमसन का मॉडल निरस्त हुआ।
समान द्रव्यमान संख्या वाले न्यूक्लाइड्स ______ कहलाते हैं।
- समन्यूट्रॉनिक
- समस्थानिक
- समावयवी
- समभारिक
Explanation:
- समभारिक (Isobars) = समान द्रव्यमान संख्या (A) वाले न्यूक्लाइड (परमाणु), पर भिन्न परमाणु संख्या (Z)।
- समन्यूट्रॉनिक (Isotones) = समान न्यूट्रॉन संख्या वाले न्यूक्लाइड
- समस्थानिक (Isotopes) = समान Z, भिन्न A
Quick Facts:
- ⁴⁰Ar (Z=18) और ⁴⁰K (Z=19) – समभारिक (A = 40)
निश्चित अनुपात का नियम किसके द्वारा दिया गया था?
- एंटोयन लेवोज़ियर
- जोन्स जैकब बर्ज़ीलियस
- जोसेफ एल. प्राउस्ट
- जॉन डाल्टन
Explanation:
- निश्चित अनुपात का नियम (Law of Definite Proportions) – जोसेफ एल. प्राउस्ट (Joseph L. Proust) (1799) ने दिया था, जिसके अनुसार किसी यौगिक में तत्व हमेशा एक निश्चित द्रव्यमान अनुपात में संयुक्त होते हैं (जैसे H₂O में H:O = 1:8 द्रव्यमान अनुपात)।
- डाल्टन → परमाणु सिद्धांत, लेवोज़ियर → द्रव्यमान संरक्षण नियम, बर्ज़ीलियस → परमाणु द्रव्यमान।
Quick Facts:
- प्राउस्ट का नियम: एक यौगिक में तत्वों का द्रव्यमान अनुपात स्थिर होता है (चाहे स्रोत कोई भी हो)।
गंधक का परमाणु द्रव्यमान 32 u है, और गंधक S₈ अणुओं के रूप में विद्यमान है। गंधक का आण्विक द्रव्यमान क्या है?
- 256 u
- 32 u
- 64 u
- 128 u
Explanation:
- सल्फर (सल्फर) S₈ अणु के रूप में विद्यमान है, इसलिए आण्विक द्रव्यमान (Molecular mass) = 8 × परमाणु द्रव्यमान
- 8 × 32 = 256 u
- परमाणु द्रव्यमान = 32 u (एक S परमाणु का), आण्विक द्रव्यमान = S₈ का (8 S परमाणु)।
Quick Facts:
- सल्फर (S₈) का आण्विक द्रव्यमान = 256 u
- O₂ (ऑक्सीजन) = 32 u, H₂O = 18 u
मेडेलीव के आवर्त नियम के अनुसार, तत्वों को ______ के क्रम में आवर्त सारणी में व्यवस्थित किया गया था।
- बढ़ते परमाणु द्रव्यमान
- घटते परमाणु द्रव्यमान
- घटती परमाणु संख्या
- बढ़ती परमाणु संख्या
Explanation:
- मेंडेलीव (Mendeleev) ने अपनी आवर्त सारणी (1869) में तत्वों को बढ़ते परमाणु द्रव्यमान (atomic mass) के क्रम में व्यवस्थित किया था।
- आधुनिक आवर्त सारणी (मोस्ले, 1913) बढ़ती परमाणु संख्या (atomic number) पर आधारित है।
Quick Facts:
- मेंडेलीव ने 63 तत्वों को व्यवस्थित किया, और कुछ तत्वों की भविष्यवाणी की (eka-Al, eka-Si)।
- मेंडेलीव की सारणी में समस्थानिकों के लिए कोई स्थान नहीं था (क्योंकि वे परमाणु द्रव्यमान पर आधारित थी)।
रदरफोर्ड स्वर्ण पत्री प्रयोग ने ______ की उपस्थिति स्थापित की।
- न्यूट्रॉन
- इलेक्ट्रॉन
- नाभिक
- प्रोटॉन
Explanation:
- रदरफोर्ड का स्वर्ण पत्री (gold foil) प्रयोग (α-कण प्रकीर्णन) ने परमाणु नाभिक (nucleus) की उपस्थिति स्थापित की – एक सघन, धनात्मक आवेशित केंद्र जिसमें परमाणु का अधिकांश द्रव्यमान होता है।
- इस प्रयोग ने थॉमसन के ‘प्लम पुडिंग’ मॉडल को खारिज कर दिया।
Quick Facts:
- न्यूट्रॉन की खोज: चैडविक (1932)
- इलेक्ट्रॉन: थॉमसन (1897), प्रोटॉन: गोल्डस्टीन (1886)
किसी तत्व के समस्थानिक की द्रव्यमान संख्या 298 है। यदि उसके नाभिक में 189 न्यूट्रॉन हैं, तो उसकी परमाणु संख्या क्या होगी?
- 487.0
- 189.0
- 109.0
- 298.0
Explanation:
- द्रव्यमान संख्या (A) = प्रोटॉन (Z) + न्यूट्रॉन (N)
- Z = A – N = 298 – 189 = 109
- परमाणु संख्या = प्रोटॉनों की संख्या = 109
Quick Facts:
- यह तत्व संभवतः Mt (मीटनेरियम) या कोई अन्य सुपरहेवी तत्व है (Z = 109, Mt, मीटनेरियम)।
किस उपपरमाण्विक कण की खोज ने थॉमसन के मॉडल का विकास किया?
- प्रोटॉन
- पॉजिट्रॉन
- इलेक्ट्रॉन
- न्यूट्रॉन
Explanation:
- जे.जे. थॉमसन (J.J. Thomson) ने 1897 में इलेक्ट्रॉन (electron) की खोज की, जो एक ऋणात्मक आवेशित कण है।
- इस खोज के आधार पर थॉमसन ने ‘प्लम पुडिंग मॉडल’ (सुल्ताना पुडिंग मॉडल) प्रस्तावित किया, जिसमें इलेक्ट्रॉन धनात्मक गोले में अंतःस्थापित थे।
Quick Facts:
- प्रोटॉन: गोल्डस्टीन (1886), न्यूट्रॉन: चैडविक (1932), पॉजिट्रॉन: एंडरसन (1932)
ऑक्सीकरण को किस रूप में परिभाषित किया जाता है?
- प्रोटॉनों की हानि
- इलेक्ट्रॉनों के लाभ
- इलेक्ट्रॉनों की हानि
- न्यूट्रॉनों के लाभ
Explanation:
- आधुनिक परिभाषा (इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण के संदर्भ में): ऑक्सीकरण = इलेक्ट्रॉनों की हानि (loss of electrons)
- अपचयन (Reduction) = इलेक्ट्रॉनों का लाभ (gain of electrons)
- ऑक्सीकरण अवस्था (oxidation state) में वृद्धि होती है (जैसे Na → Na⁺ + e⁻)।
Quick Facts:
- OIL RIG: Oxidation Is Loss (of electrons), Reduction Is Gain (of electrons)
जब बल और विस्थापन एक ही दिशा में हों, तो किया गया कार्य होगा:
- शून्य
- सकारात्मक
- सकारात्मक या नकारात्मक
- नकारात्मक
Explanation:
- कार्य W = F × s × cos θ, यदि θ = 0° (बल और विस्थापन एक ही दिशा) ⇒ cos 0° = 1, इसलिए W = F × s (धनात्मक, positive)।
- इस स्थिति में बल, विस्थापन की दिशा में कार्य करता है, जिससे वस्तु की ऊर्जा बढ़ती है।
Quick Facts:
- θ = 0° → W = +F·s (धनात्मक, अधिकतम)
- θ = 180° → W = -F·s (ऋणात्मक)
- θ = 90° → W = 0 (शून्य)
किसी तत्व की परमाणु संख्या क्या दर्शाती है?
- परमाणु में न्यूट्रॉन्स की संख्या
- इलेक्ट्रॉनों और प्रोटॉनों की कुल संख्या
- परमाणु की द्रव्यमान संख्या
- परमाणु में प्रोटॉन की संख्या
Explanation:
- परमाणु संख्या (Atomic number, Z) = नाभिक में प्रोटॉनों (protons) की संख्या है।
- उदासीन (neutral) परमाणु में, इलेक्ट्रॉनों की संख्या = प्रोटॉनों की संख्या (Z) होती है।
- यह किसी तत्व की पहचान (identity) को निर्धारित करती है।
Quick Facts:
- Z = प्रोटॉनों की संख्या
- द्रव्यमान संख्या (A) = Z + N (न्यूट्रॉन)
सल्फर डाइऑक्साइड [SO₂] का सापेक्ष आण्विक द्रव्यमान क्या है?
- 6.4 u
- 65 u
- 64 u
- 6.5 u
Explanation:
- SO₂ का आण्विक द्रव्यमान = S + 2(O) = 32 + 2 × 16 = 32 + 32 = 64 u
- S = 32 u, O = 16 u (परमाणु द्रव्यमान)
Quick Facts:
- SO₂ = सल्फर डाइऑक्साइड (एक अम्लीय ऑक्साइड)
- इसका उपयोग परिरक्षक, विरंजक में होता है।
निम्नलिखित में से सोडियम का सही परमाणु द्रव्यमान इकाई क्या है?
- 18 u
- 20 u
- 23 u
- 11 u
Explanation:
- सोडियम (Na) का परमाणु द्रव्यमान ≈ 23 u (परमाणु संख्या Z=11, न्यूट्रॉन = 12, A = 23)
- 11 u परमाणु संख्या है (प्रोटॉनों की संख्या), द्रव्यमान संख्या 23 है।
Quick Facts:
- Na (Z=11, A=23) – सोडियम का सबसे आम समस्थानिक
- परमाणु द्रव्यमान = 23 u
निम्नलिखित में से कौन-सा कारक, मुख्य रूप से परमाणु के आमाप को निर्धारित करता है?
- प्रोटॉनों की संख्या
- इलेक्ट्रॉनों की संख्या
- नाभिक का द्रव्यमान
- न्यूट्रॉनों की संख्या
Explanation:
- परमाणु का आमाप (size) मुख्यतः इलेक्ट्रॉनों की संख्या और उनके कोशों (shells) द्वारा निर्धारित होता है (इलेक्ट्रॉन बादल का आकार)।
- प्रोटॉन/न्यूट्रॉन नाभिक में होते हैं, जो अत्यंत छोटा होता है (≈ 10⁻¹⁵ m), जबकि परमाणु का आकार ≈ 10⁻¹⁰ m (इलेक्ट्रॉन कोशों द्वारा निर्धारित)।
- आवर्त सारणी में, आवर्त में बाएँ से दाएँ परमाणु त्रिज्या घटती है (इलेक्ट्रॉनों के कोश समान रहते हैं, पर नाभिकीय आवेश बढ़ता है, जिससे इलेक्ट्रॉन आकर्षित होते हैं और आकार घटता है)।
Quick Facts:
- परमाणु त्रिज्या मुख्यतः इलेक्ट्रॉन कोशों (shells) पर निर्भर करती है।
- नाभिक का आकार परमाणु के आकार की तुलना में बहुत छोटा होता है (~10⁵ गुना छोटा)।
निम्नलिखित में से कौन सा कारक किसी परमाणु की संयोजकता के निर्धारण में निर्णायक भूमिका निभाता है?
- सबसे बाहरी कोश में इलेक्ट्रॉनों की संख्या
- L कोश में इलेक्ट्रॉनों की संख्या
- सबसे भीतरी कोश में इलेक्ट्रॉनों की संख्या
- K कोश में इलेक्ट्रॉनों की संख्या
Explanation:
- संयोजकता (Valency) किसी परमाणु की रासायनिक बंध बनाने की क्षमता है, जो सबसे बाहरी कोश (valence shell) में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों (संयोजी इलेक्ट्रॉनों, valence electrons) की संख्या पर निर्भर करती है।
- अष्टक नियम (octet rule) के अनुसार, परमाणु बाहरी कोश में 8 इलेक्ट्रॉन प्राप्त करने का प्रयास करते हैं, और संयोजकता इलेक्ट्रॉनों की संख्या इस प्रक्रिया को निर्धारित करती है।
Quick Facts:
- Na (Z=11) – बाहरी कोश में 1 इलेक्ट्रॉन → संयोजकता 1
- O (Z=8) – बाहरी कोश में 6 इलेक्ट्रॉन → संयोजकता 2 (8-6 = 2)
प्रोटॉन के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- एक प्रोटॉन ऋणात्मक रूप से आवेशित होता है और इसका द्रव्यमान बहुत कम होता है।
- एक प्रोटॉन धनात्मक रूप से आवेशित होता है और इसके द्रव्यमान को एक इकाई के रूप में माना जाता है।
- एक प्रोटॉन धनात्मक रूप से आवेशित होता है और इसका द्रव्यमान हाइड्रोजन परमाणु के द्रव्यमान का 1/2000 होता है।
- एक प्रोटॉन आवेश में उदासीन होता है और इसका द्रव्यमान एक इलेक्ट्रॉन के बराबर होता है।
Explanation:
- प्रोटॉन (Proton) – धनात्मक (+1) आवेशित कण, द्रव्यमान ≈ 1.67 × 10⁻²⁷ kg (≈ 1 u, परमाणु द्रव्यमान इकाई)।
- इलेक्ट्रॉन ऋणात्मक और बहुत हल्का (~1/1836 प्रोटॉन) होता है, न्यूट्रॉन उदासीन (neutral) होता है।
- हाइड्रोजन परमाणु के द्रव्यमान का 1/2000 → इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान लगभग।
Quick Facts:
- प्रोटॉन: +1 आवेश, 1 u द्रव्यमान, नाभिक में स्थित
- इलेक्ट्रॉन: -1 आवेश, ~1/1836 u, नाभिक के बाहर
- न्यूट्रॉन: 0 आवेश, ~1 u, नाभिक में
CO₂ के 20 g को मोल में कैसे व्यक्त करेंगे। (परमाणु द्रव्यमान C = 12, O = 16)
- 4 मोल
- 2 मोल
- 1 मोल
- 0.45 मोल
Explanation:
- CO₂ का मोलर द्रव्यमान (M) = 12 + 2 × 16 = 44 g/mol
- मोलों की संख्या (n) = दिया गया द्रव्यमान (m) / मोलर द्रव्यमान (M) = 20 / 44 ≈ 0.4545 मोल ≈ 0.45 मोल
Quick Facts:
- 1 मोल CO₂ = 44 g
- n = m/M (m = द्रव्यमान, M = मोलर द्रव्यमान)
जब दो या दो से अधिक यौगिकों का आणविक सूत्र समान होता है, लेकिन उनके भौतिक या रासायनिक गुण अलग-अलग होते हैं, तो इस घटना को क्या कहते हैं?
- समस्थानिक
- समरूपता
- समावयवता
- बहुलकीकरण
Explanation:
- समावयवता (Isomerism) – वह घटना जिसमें दो या अधिक यौगिकों का आणविक सूत्र (molecular formula) समान होता है, पर उनकी संरचना (structure) और इस प्रकार गुण (physical/chemical) भिन्न होते हैं।
- उदाहरण: C₂H₆O – एथेनॉल (C₂H₅OH) और डाइमिथाइल ईथर (CH₃OCH₃) – समावयवी (isomers) हैं।
- समस्थानिक (Isotopes) – परमाणुओं के लिए, समरूपता (Isomorphism) – क्रिस्टल संरचना, बहुलकीकरण – पॉलिमर बनना।
Quick Facts:
- समावयवता के प्रकार: संरचनात्मक (structural), स्थानिक (stereo) – ज्यामितीय (geometrical), प्रकाशीय (optical)।
निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प, आयन को सर्वोत्तम रूप से परिभाषित करता है?
- प्रोटॉनों की तुलना में न्यूट्रॉनों की अधिक संख्या वाला एक अणु
- परमाणुओं के संयोजन से बना एक उदासीन कण
- एक परमाणु या परमाणुओं का समूह जिसमें धनात्मक या ऋणात्मक आवेश होता है
- प्रोटॉनों और इलेक्ट्रॉनों की समान संख्या वाला एक परमाणु
Explanation:
- आयन (Ion) = एक परमाणु या परमाणुओं का समूह (जो इलेक्ट्रॉनों के लाभ/हानि के कारण) धनात्मक (+ve) या ऋणात्मक (-ve) आवेश प्राप्त कर लेता है।
- धनायन (cation) = +ve आवेश (इलेक्ट्रॉन हानि), ऋणायन (anion) = -ve आवेश (इलेक्ट्रॉन लाभ)
- उदासीन परमाणु में प्रोटॉन = इलेक्ट्रॉन, आयन में यह असमान होता है।
Quick Facts:
- Na⁺ (सोडियम आयन), Cl⁻ (क्लोराइड आयन)
- आयनों का निर्माण इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण (electron transfer) से होता है।
धनात्मक आवेशित आयन को क्या कहते हैं?
- अणु
- धनायन
- ऋणायन
- परिवर्तित आयन
Explanation:
- धनायन (Cation) – धनात्मक (+ve) आवेशित आयन, जो एक या अधिक इलेक्ट्रॉन खोने (loss) से बनता है।
- ऋणायन (Anion) – ऋणात्मक (-ve) आवेशित आयन, जो इलेक्ट्रॉन प्राप्त करने (gain) से बनता है।
- उदाहरण: Na⁺ (सोडियम धनायन), Cl⁻ (क्लोराइड ऋणायन)।
Quick Facts:
- धनायन → धन (positive) + आयन
- धातुएँ सामान्यतः धनायन बनाती हैं, अधातुएँ ऋणायन।
सभी अक्रिय गैस अणु ______ होते हैं।
- द्विपरमाणुक
- एकपरमाणुक
- बहुपरमाणुक
- त्रिपरमाणुक
Explanation:
- अक्रिय गैसें (Noble gases) – He, Ne, Ar, Kr, Xe, Rn – सभी एकपरमाणुक (monoatomic) होते हैं, क्योंकि उनके परमाणु स्वयं स्थिर हैं (बाह्य कोश पूर्ण) और उन्हें अन्य परमाणुओं के साथ बंध बनाने की आवश्यकता नहीं होती।
- द्विपरमाणुक (diatomic): H₂, O₂, N₂, Cl₂ आदि (अक्रिय गैसें नहीं)
Quick Facts:
- अक्रिय गैसें: समूह 18 के तत्व, अत्यंत स्थिर
- अणु: He (एक परमाणु), Ne (एक परमाणु) – अणु और परमाणु एक ही होते हैं।
इलेक्ट्रॉन मूलभूत कण हैं जो पदार्थ बनाते हैं। निम्नलिखित में से किसे इस खोज का श्रेय दिया जाता है?
- नील्स बोहर
- जे.जे. थॉमसन
- अर्नेस्ट रदरफोर्ड
- मैरी क्यूरी
Explanation:
- जे.जे. थॉमसन (J.J. Thomson) ने 1897 में कैथोड किरणों (cathode rays) के प्रयोग द्वारा इलेक्ट्रॉन (electron) की खोज की और इसके आवेश/द्रव्यमान अनुपात (e/m) को मापा।
- इस खोज के लिए उन्हें 1906 में नोबेल पुरस्कार मिला।
Quick Facts:
- थॉमसन का मॉडल: ‘प्लम पुडिंग मॉडल’ (इलेक्ट्रॉन धनात्मक गोले में अंतःस्थापित)
- इलेक्ट्रॉन का आवेश: मिलिकन (तैल-बूंद प्रयोग) द्वारा मापा गया।
जब सोडियम का एक परमाणु क्लोरीन के एक परमाणु के साथ मिलकर सोडियम क्लोराइड बनाता है, तो प्रत्येक सोडियम परमाणु ___________।
- एक प्रोटॉन प्राप्त करता है
- एक प्रोटॉन खो देता है
- एक इलेक्ट्रॉन खो देता है
- एक इलेक्ट्रॉन प्राप्त करता है
Explanation:
- NaCl (सोडियम क्लोराइड) एक आयनिक (ionic) यौगिक है।
- सोडियम (Na, Z=11) – बाहरी कोश में 1 इलेक्ट्रॉन (2,8,1) – यह एक इलेक्ट्रॉन खोकर (loses) Na⁺ (धनायन) बन जाता है (स्थिर अष्टक, 2,8)।
- क्लोरीन (Cl, Z=17) – बाहरी कोश में 7 इलेक्ट्रॉन (2,8,7) – यह एक इलेक्ट्रॉन प्राप्त करके Cl⁻ (ऋणायन) बन जाता है।
Quick Facts:
- Na → Na⁺ + e⁻ (इलेक्ट्रॉन हानि)
- Cl + e⁻ → Cl⁻ (इलेक्ट्रॉन लाभ)
कौन-सी गणना नाइट्रिक अम्ल (HNO₃) के आणविक द्रव्यमान को सही से बताती है?
- 1 + 14 + 48
- 1 + 14 + 3
- 2 + 14 + 48
- 1 + 14 + 16
Explanation:
- HNO₃ का आण्विक द्रव्यमान = H (1) + N (14) + 3 × O (16) = 1 + 14 + 48 = 63 u
- विकल्प 1 + 14 + 48 = 63 u (सही)
- 1 + 14 + 16 = 31 (गलत, यह HNO₂ के लिए होगा), 1 + 14 + 3 = 18 (गलत), 2 + 14 + 48 = 64 (गलत)
Quick Facts:
- HNO₃ = नाइट्रिक अम्ल (एक प्रबल अम्ल और ऑक्सीकारक)
- आण्विक द्रव्यमान = 63 u
दो तत्वों को समभारिक के रूप में क्या परिभाषित करता है?
- इलेक्ट्रॉनों की समान संख्या
- न्यूट्रॉन की समान संख्या
- समान परमाणु क्रमांक
- समान द्रव्यमान संख्या लेकिन विभिन्न परमाणु क्रमांक
Explanation:
- समभारिक (Isobars) – परमाणु जिनकी द्रव्यमान संख्या (mass number, A) समान होती है, पर परमाणु संख्या (atomic number, Z) भिन्न होती है।
- उदाहरण: ⁴⁰Ar (Z=18, A=40) और ⁴⁰K (Z=19, A=40) – समभारिक
Quick Facts:
- समभारिक: A समान, Z भिन्न
- समस्थानिक: Z समान, A भिन्न
- समन्यूट्रॉनिक: N (न्यूट्रॉन संख्या) समान
चार तत्व P, Q, R और S हैं और उनकी परमाणु संख्या क्रमशः 2, 6, 13 और 18 है। निम्नलिखित में से किस युग्म में तत्वों की संयोजकता समान है?
- Q और S
- R और S
- P और S
- P और Q
Explanation:
- P: Z=2 → He (इलेक्ट्रॉन विन्यास: 2) → संयोजकता 0 (अक्रिय, बाह्य कोश पूर्ण)
- Q: Z=6 → C (2,4) → संयोजकता 4
- R: Z=13 → Al (2,8,3) → संयोजकता 3
- S: Z=18 → Ar (2,8,8) → संयोजकता 0 (अक्रिय)
- P (Z=2) और S (Z=18) – दोनों अक्रिय गैसें हैं, इसलिए दोनों की संयोजकता 0 है (समान)।
Quick Facts:
- अक्रिय गैसों (He, Ne, Ar…) की संयोजकता = 0
- C (Z=6) की संयोजकता = 4, Al (Z=13) = 3
निम्नलिखित का मिलान करें।
- I – C, II – A, III – D, IV – B
- I – B, II – A, III – D, IV – C
- I – C, II – D, III – A, IV – B
- I – A, II – C, III – D, IV – B
Explanation:
- यह एक मिलान (matching) प्रश्न है, परंतु सूची (सूची-I और सूची-II) प्रश्न में नहीं दी गई है।
- सामान्यतः इस प्रकार के प्रश्न अम्ल, क्षार, लवण, सूचक, परमाणु मॉडल, या रासायनिक यौगिकों के मिलान पर आधारित होते हैं।
- दिए गए विकल्पों में I – C, II – A, III – D, IV – B सही माना जा सकता है (परंतु सूची के बिना सटीक पुष्टि संभव नहीं है)।
Quick Facts:
- मिलान प्रश्नों में, सही युग्मन के लिए दोनों सूचियों (सूची-I और सूची-II) को ध्यान से पढ़ना चाहिए।
समदाबीय (Isobars), वे परमाणु होते हैं जिनका ___________।
- गलनांक समान होता है परन्तु अपवर्तनांक भिन्न होता है
- परमाणु क्रमांक समान होता है लेकिन द्रव्यमान संख्या भिन्न होता है
- द्रव्यमान संख्या समान होता है लेकिन परमाणु क्रमांक भिन्न होता है
- अपवर्तनांक समान होता है लेकिन गलनांक भिन्न होता है
Explanation:
- समभारिक (Isobars) – परमाणु जिनकी द्रव्यमान संख्या (A) समान होती है, पर परमाणु संख्या (Z) भिन्न होती है।
- उदाहरण: ⁴⁰Ar (Z=18, A=40) और ⁴⁰K (Z=19, A=40)
- अन्य विकल्प: समान Z, भिन्न A = समस्थानिक (Isotopes)।
Quick Facts:
- समभारिक: समान द्रव्यमान संख्या (A)
- समस्थानिक: समान परमाणु संख्या (Z)
CaO का सूत्र इकाई द्रव्यमान हैं-
- 56 u
- 40 u
- 72 u
- 16 u
Explanation:
- CaO (कैल्शियम ऑक्साइड) का सूत्र इकाई द्रव्यमान = Ca (40 u) + O (16 u) = 56 u
- Ca = 40 u, O = 16 u (परमाणु द्रव्यमान)
Quick Facts:
- CaO = क्विक लाइम (quick lime)
- इसका उपयोग सीमेंट, चूना निर्माण में होता है।
डाल्टन के परमाणु सिद्धांत का कौन सा अभिधारणा द्रव्यमान संरक्षण के नियम को दर्शाता है?
- रासायनिक अभिक्रिया में परमाणुओं को बनाया या नष्ट नहीं किया जा सकता है।
- विभिन्न तत्वों के परमाणुओं के द्रव्यमान और गुण अलग-अलग होते हैं।
- परमाणु सरल पूर्ण-संख्या अनुपात में मिलकर यौगिक बनाते हैं।
- सभी पदार्थ अविभाज्य कणों से बने होते हैं जिन्हें परमाणु कहा जाता है।
Explanation:
- डाल्टन (Dalton) का परमाणु सिद्धांत – ‘परमाणु अविभाज्य होते हैं और रासायनिक अभिक्रिया में न तो बनाए जा सकते हैं और न ही नष्ट किए जा सकते हैं (cannot be created or destroyed)।’
- यह अभिधारणा (postulate) द्रव्यमान संरक्षण के नियम (Law of Conservation of Mass) को दर्शाती है (लेवोज़ियर, 1774)।
- परमाणु अविभाज्य हैं → यह अब अप्रचलित है (परमाणु विभाज्य हैं – उपपरमाण्विक कण, नाभिकीय अभिक्रियाएँ), पर रासायनिक अभिक्रियाओं के लिए यह सत्य है।
Quick Facts:
- द्रव्यमान संरक्षण: अभिक्रिया में कुल द्रव्यमान स्थिर रहता है।
- डाल्टन के सिद्धांत की सीमाएँ: समस्थानिक, समभारिक, परमाणु विभाज्यता, आदि को स्पष्ट नहीं करता।
0.6 मोल हाइड्रोजन परमाणु का द्रव्यमान क्या होगा?
- 6.0 ग्राम
- 0.6 ग्राम
- 2.0 ग्राम
- 0.5 ग्राम
Explanation:
- H (हाइड्रोजन) का मोलर द्रव्यमान = 1 g/mol (परमाणु के लिए)
- 0.6 मोल H का द्रव्यमान = 0.6 × 1 = 0.6 g
- यदि H₂ (अणु) होता, तो मोलर द्रव्यमान = 2 g/mol होता, पर यहाँ ‘हाइड्रोजन परमाणु’ पूछा है।
Quick Facts:
- H₂ अणु का मोलर द्रव्यमान = 2 g/mol
- 1 मोल H परमाणु = 1 g
______ तत्व में दो कक्षायें हैं जो पूरी तरह से भरी हुई हैं।
- He
- Ar
- Kr
- Ne
Explanation:
- Ne (नियॉन, Z=10) – इलेक्ट्रॉन विन्यास: 2, 8 (K और L कोश पूर्णतः भरे हुए हैं)।
- He (Z=2) – केवल 1 कोश (K) भरा है (2 इलेक्ट्रॉन) – इसलिए ‘दो कक्षाएँ’ नहीं हैं।
- Ar (Z=18) – 2, 8, 8 (तीन कोश, तीसरा पूर्ण)
- Kr (Z=36) – 2, 8, 18, 8 (चार कोश)
Quick Facts:
- Ne: Z=10, विन्यास 2, 8
- दो पूर्ण कोश (K और L) – Ne उत्कृष्ट गैस है।
किस उपपरमाणुक कण पर ऋणात्मक आवेश होता है, लेकिन द्रव्यमान नगण्य होता है?
- इलेक्ट्रॉन
- प्रोटॉन
- न्यूट्रॉन
- पॉजिट्रॉन
Explanation:
- इलेक्ट्रॉन (Electron) – ऋणात्मक (-1) आवेश, द्रव्यमान ≈ 9.1 × 10⁻³¹ kg (≈ 1/1836 प्रोटॉन) – अत्यंत नगण्य (हल्का)।
- प्रोटॉन – धनात्मक (+1), न्यूट्रॉन – उदासीन (0), पॉजिट्रॉन – धनात्मक (+1, विरोधी कण)।
Quick Facts:
- इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान ≈ 9.11 × 10⁻³¹ kg
- इलेक्ट्रॉन की खोज: थॉमसन (1897)
परमाणु के नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों की कुल संख्या को क्या कहते हैं?
- परमाणु संख्या
- द्रव्यमान संख्या
- समावयवी संख्या
- आण्विक संख्या
Explanation:
- परमाणु संख्या (Atomic number, Z) = नाभिक में प्रोटॉनों की संख्या है।
- यह तत्व की पहचान (identity) है और आधुनिक आवर्त सारणी का आधार है।
- द्रव्यमान संख्या (A) = प्रोटॉन + न्यूट्रॉन
Quick Facts:
- Z = प्रोटॉनों की संख्या
- उदासीन परमाणु में, Z = इलेक्ट्रॉनों की संख्या
आवर्त सारणी के एक ही समूह से संबंधित तत्वों में समान है-
- न्यूट्रॉन की संख्या
- सबसे बाहरी कोश में इलेक्ट्रॉनों की संख्या
- प्रोटॉनों की संख्या
- इलेक्ट्रॉनों की संख्या
Explanation:
- एक ही समूह (group) के तत्वों में संयोजी इलेक्ट्रॉनों (valence electrons) की संख्या समान होती है (यह उनके रासायनिक गुणों की समानता का कारण है)।
- उदाहरण: समूह 1 (Li, Na, K) – सभी के बाहरी कोश में 1 इलेक्ट्रॉन
- प्रोटॉन/इलेक्ट्रॉनों की संख्या समूह में भिन्न होती है (Z बढ़ता है)।
Quick Facts:
- समूह (Vertical column): समान संयोजी इलेक्ट्रॉन
- आवर्त (Horizontal row): समान कोश (shells) की संख्या
अमोनियम सल्फेट ((NH₄)₂SO₄) का सूत्र इकाई द्रव्यमान क्या है?
- 146 u
- 114 u
- 132 u
- 98 u
Explanation:
- (NH₄)₂SO₄ का सूत्र इकाई द्रव्यमान = 2 × (N + 4H) + S + 4O
- N = 14, H = 1, S = 32, O = 16
- = 2 × (14 + 4) + 32 + 64 = 2 × 18 + 96 = 36 + 96 = 132 u
Quick Facts:
- अमोनियम सल्फेट एक उर्वरक (फर्टिलाइजर) है, जिसमें N और S होते हैं।
मुक्त अवस्था में बिंदुओं के बीच सामान्य त्रिविम विभाजन क्या है?
- केंद्रीय जालक
- ब्रिज जालक
- क्रिस्टल जालक
- प्राइमिटिव जालक
Explanation:
- क्रिस्टल जालक (Crystal lattice) – एक त्रि-आयामी (3D) व्यवस्था जिसमें कण (परमाणु/आयन/अणु) नियमित रूप से (periodic) बिंदुओं (लैटिस पॉइंट्स) पर व्यवस्थित होते हैं।
- यह ठोस अवस्था में क्रिस्टलीय पदार्थों की मूल संरचना है।
Quick Facts:
- जालक (Lattice) = बिंदुओं का नियमित व्यवस्था
- आद्य (Primitive) = सरलतम जालक, केंद्रित (Centred) = FCC/BCC
खालीलपैकी कोणते थॉमसनच्या अणू प्रारुपाचे उत्तम वर्णन आहे?
- अणूत एक धन प्रभाराचे केंद्रक असते आणि त्याच्या बाहेर इलेक्ट्रॉन्स असतात.
- केंद्रकाभोवती इलेक्ट्रॉन्स स्थिर कक्षेत भ्रमण करत असतात.
- अणू हा बहुतांश सघन केंद्रक असलेली विरळ जागा असते.
- अणू हा धन प्रभाराचा एक गोल असतो, त्यात कलिंगडाच्या बियांप्रमाणे इलेक्ट्रॉन्स अंतःस्थापित असतात
Explanation:
- थॉमसन (Thomson) का परमाणु मॉडल (1898) – ‘प्लम पुडिंग मॉडल’ – परमाणु एक धनात्मक आवेशित गोला है, जिसमें इलेक्ट्रॉन (ऋणात्मक) खीर (pudding) में आलूबुखारे (plums) की तरह अंतःस्थापित (embedded) होते हैं।
- अन्य विकल्प: रदरफोर्ड (नाभिकीय मॉडल), बोहर (स्थिर कक्षाएँ) के वर्णन हैं।
Quick Facts:
- थॉमसन का मॉडल: परमाणु आवेश में उदासीन (neutral), इलेक्ट्रॉन धनात्मक गोले में बिखरे हुए
- बाद में रदरफोर्ड ने इसे खारिज कर दिया।
द्रव्यमान संख्या किस रूप में ज्ञात की जाती है?
- अकलन के रूप में परमाणु संख्या को 3 से गुणा करके
- परमाणु के नाभिक में प्रोटॉनों और न्यूट्रॉनों को जोड़कर
- परमाणु में कुल इलेक्ट्रॉनों और न्यूक्लिअनों को जोड़कर
- परमाणु में कुल प्रोटॉनों और इलेक्ट्रॉनों को जोड़कर
Explanation:
- द्रव्यमान संख्या (Mass number, A) = प्रोटॉनों (Z) + न्यूट्रॉनों (N) की कुल संख्या, जो नाभिक में होते हैं।
- इसे A = Z + N के रूप में व्यक्त किया जाता है।
- इलेक्ट्रॉनों का द्रव्यमान नगण्य (negligible) होता है, इसलिए उन्हें नहीं जोड़ा जाता।
Quick Facts:
- न्यूक्लिअन (Nucleon) = प्रोटॉन + न्यूट्रॉन
- A = प्रोटॉन + न्यूट्रॉन
कौन-सा कथन, एक परमाणु में प्रोटॉन के अभिलक्षणों का सटीक वर्णन करता है?
- वे एक परमाणु के नाभिक में स्थित होते हैं।
- वे ऋणावेशित कण हैं।
- इलेक्ट्रॉनों की तुलना में उनका द्रव्यमान नगण्य होता है।
- वे नाभिक के चारों ओर निश्चित कक्षाओं में परिक्रमण करते हैं।
Explanation:
- प्रोटॉन (Proton) – धनात्मक (+1) आवेशित कण, नाभिक (nucleus) में स्थित होते हैं।
- इनका द्रव्यमान ≈ 1 u (≈ 1.67 × 10⁻²⁷ kg), जो इलेक्ट्रॉन से लगभग 1836 गुना अधिक है (इसलिए द्रव्यमान नगण्य नहीं है)।
- इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर घूमते हैं, प्रोटॉन नहीं।
Quick Facts:
- प्रोटॉन: +1 आवेश, 1 u द्रव्यमान, नाभिक में
- प्रोटॉनों की संख्या = परमाणु संख्या (Z)
सहसंयोजक आबंध वाले यौगिकों का क्वथनांक कम क्यों होता है?
- अणुओं के अंदर प्रबल सहसंयोजक आबंध लेकिन दुर्बल अंतराआण्विक बल होते हैं।
- अणुओं के अंदर दुर्बल सहसंयोजक आबंध लेकिन दुर्बल अंतराआण्विक बल होते हैं।
- अणुओं के अंदर प्रबल सहसंयोजक आबंध और प्रबल अंतराआण्विक बल दोनों होते हैं।
- अणुओं के अंदर प्रबल अंतराआण्विक बल लेकिन दुर्बल सहसंयोजक आबंध होते हैं।
Explanation:
- सहसंयोजक (covalent) यौगिकों (जैसे H₂O, CH₄) में अणु के अंदर आबंध (intramolecular bonds) प्रबल होते हैं, पर अणुओं के बीच (intermolecular forces) – जैसे वैन डेर वाल्स बल, हाइड्रोजन बंध (H₂O में अपवाद) – दुर्बल होते हैं, इसलिए उन्हें उबालने (boil) के लिए कम ऊर्जा की आवश्यकता होती है → क्वथनांक कम होता है।
- आयनिक यौगिकों (जैसे NaCl) में प्रबल आयनिक बंध → उच्च क्वथनांक।
Quick Facts:
- सहसंयोजक यौगिक: कम क्वथनांक, कम गलनांक (सामान्यतः)
- अपवाद: H₂O में H-बंध के कारण क्वथनांक अपेक्षाकृत अधिक है।
यदि कोई तत्व –2 आवेश वाले आयन का निर्माण करता है, तो यह उसकी संयोजकता के बारे में क्या संकेत देता है?
- तत्व ने 2 इलेक्ट्रॉन खो दिए हैं।
- तत्व ने 2 इलेक्ट्रॉन प्राप्त किए हैं।
- तत्व के नाभिक में 2 इलेक्ट्रॉन हैं।
- तत्व ने 2 प्रोटॉन प्राप्त किए हैं।
Explanation:
- –2 आवेश का अर्थ है कि परमाणु ने 2 इलेक्ट्रॉन प्राप्त (gain) किए हैं, जिससे उस पर 2 इकाई ऋणात्मक आवेश आ गया है (जैसे O²⁻, S²⁻)।
- यह तत्व की संयोजकता (valency) = 2 है (क्योंकि यह 2 इलेक्ट्रॉन प्राप्त करके अष्टक (octet) पूरा करता है)।
- धनायन (+ve) → इलेक्ट्रॉन हानि, ऋणायन (-ve) → इलेक्ट्रॉन लाभ।
Quick Facts:
- O²⁻: ऑक्साइड आयन (ऑक्सीजन ने 2 e⁻ प्राप्त किए)
- संयोजकता = 2 (या 8 – 6 = 2, क्योंकि O के बाहरी कोश में 6 e⁻ हैं)
जाली के अंदर संकुलित किये गए घटक कणों द्वारा संपूरित स्थान के प्रतिशत के रूप को क्या कहा जाता है?
- संकुलन क्षमता
- संरचनात्मक प्रकायवाद
- लेटी प्रकायवाद
- ठोस प्रकायवाद
Explanation:
- संकुलन क्षमता (Packing efficiency) – क्रिस्टल जालक (crystal lattice) में घटक कणों (परमाणुओं/आयनों) द्वारा आयतन का वह प्रतिशत जो भरा (occupied) होता है।
- उदाहरण: SCC (सरल घनीय) में ≈ 52.4%, BCC में ≈ 68%, FCC/HCP में ≈ 74% संकुलन क्षमता होती है।
Quick Facts:
- संकुलन क्षमता = (कणों का आयतन / इकाई कोशिका का आयतन) × 100
- FCC (चेहरा-केंद्रित घनीय) में संकुलन क्षमता सबसे अधिक (74%) है।
______ किसी परमाणु का एक उप-परमाणु कण नहीं है।
- न्यूट्रॉन
- इलेक्ट्रॉन
- जॉनॉन
- प्रोटॉन
Explanation:
- उप-परमाण्विक कण (Subatomic particles): प्रोटॉन (proton), न्यूट्रॉन (neutron), इलेक्ट्रॉन (electron) – ये परमाणु बनाते हैं।
- जॉनॉन (Jonon) – कोई मान्य उप-परमाणु कण नहीं है (यह एक काल्पनिक या गलत शब्द है)।
Quick Facts:
- मूलभूत कण: क्वार्क, इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन (क्वार्क से बना), न्यूट्रॉन (क्वार्क से बना)
किसी तत्व की परमाणु संख्या किससे निर्धारित होती है?
- द्रव्यमान और आवेश के बीच के अंतर
- सभी कोशों में इलेक्ट्रॉनों की संख्या
- नाभिक में प्रोटॉनों की कुल संख्या
- समस्थानिक में न्यूट्रॉनों की संख्या
Explanation:
- परमाणु संख्या (Atomic number, Z) = नाभिक में प्रोटॉनों की संख्या है।
- यह किसी तत्व की मूल पहचान है, और आवर्त सारणी में तत्वों को Z के क्रम में व्यवस्थित किया गया है (मोस्ले का नियम)।
Quick Facts:
- Z = प्रोटॉनों की संख्या
- उदासीन परमाणु में, Z = इलेक्ट्रॉनों की संख्या भी
______ कोशिका में एक गहरी, गोलाकार संरचना है, जो पदार्थ विभिन्न के लिए छिद्रों वाली ______ झिल्ली से घिरी होती है/घिरा होता है।
- केन्द्रकाभ; दोहरी
- रसधानी; एकल
- माइटोकॉन्ड्रिया; दोहरी
- गॉल्जी; एकल
Explanation:
- केन्द्रकाभ (Nucleus) – कोशिका में एक बड़ी, गोलाकार (गहरी) संरचना है, जो दोहरी (double) झिल्ली (परमाणु आवरण, nuclear envelope) से घिरी होती है, जिसमें छिद्र (pores) होते हैं, जो पदार्थों (mRNA, प्रोटीन) के आदान-प्रदान की अनुमति देते हैं।
- रसधानी (vacuole) – एकल झिल्ली, माइटोकॉन्ड्रिया – दोहरी झिल्ली (पर गोलाकार नहीं, बल्कि दीर्घवृत्ताकार), गॉल्जी – एकल झिल्ली।
Quick Facts:
- केन्द्रकाभ: आनुवंशिक पदार्थ (DNA) युक्त, कोशिका का नियंत्रण केंद्र
- दोहरी झिल्ली: बाहरी और भीतरी (परमाणु झिल्ली)
निम्नलिखित में से उच्चतम संयोजकता वाले तत्व का चयन करें।
- Ca
- N
- Al
- Li
Explanation:
- N (नाइट्रोजन, Z=7) – इलेक्ट्रॉन विन्यास 2, 5 – बाहरी कोश में 5 इलेक्ट्रॉन, अतः संयोजकता = 3 (8 – 5 = 3) (या अधिकतम संयोजकता 3)
- Li (Z=3) – 2, 1 → संयोजकता 1
- Ca (Z=20) – 2, 8, 8, 2 → संयोजकता 2
- Al (Z=13) – 2, 8, 3 → संयोजकता 3
- N (3) और Al (3) – दोनों की संयोजकता 3 है, पर N में ऋणात्मक/धनात्मक दोनों संभव हैं (संयोजकता 3 या 5, पर स्थिर 3)।
Quick Facts:
- N की अधिकतम संयोजकता 4 हो सकती है (जैसे NH₄⁺), पर सामान्य संयोजकता 3 है।
- Al की संयोजकता 3 है (धनात्मक), Ca की 2, Li की 1
रदरफोर्ड के अल्फा कण प्रकीर्णन प्रयोग के परिणामस्वरूप ______ की खोज हुई।
- परमाणु में नाभिक
- इलेक्ट्रॉन
- न्यूट्रॉन
- प्रोटॉन
Explanation:
- रदरफोर्ड (Rutherford) के α-कण प्रकीर्णन (alpha particle scattering) प्रयोग (1911) ने परमाणु नाभिक (nucleus) की खोज की – एक सघन, धनात्मक आवेशित केंद्र, जिसमें परमाणु का अधिकांश द्रव्यमान होता है।
- इस प्रयोग ने यह भी स्थापित किया कि परमाणु अधिकांशतः रिक्त (empty) है।
Quick Facts:
- न्यूट्रॉन: चैडविक (1932), इलेक्ट्रॉन: थॉमसन (1897), प्रोटॉन: गोल्डस्टीन (1886)
- रदरफोर्ड ने प्रोटॉन की खोज भी की, पर यह उनके दूसरे प्रयोग (1919) में थी।
ओजोन परत किससे बनी है?
- डाई-ऑक्सीजन
- टेट्रा-ऑक्सीजन
- ट्राई-ऑक्सीजन
- मोनो-ऑक्सीजन
Explanation:
- ओजोन (Ozone) O₃ है – ट्राई-ऑक्सीजन (trioxygen), जो ऑक्सीजन (O₂) का एक अपरूप (allotrope) है।
- यह समताप मंडल (stratosphere) में पाई जाती है और UV विकिरण को अवशोषित करती है।
- O₂ (डाईऑक्सीजन) – सामान्य ऑक्सीजन गैस, O₃ – ओजोन।
Quick Facts:
- ओजोन = O₃ (तीन ऑक्सीजन परमाणु)
- ओजोन परत UV-B और UV-C को अवशोषित करती है।
किसी परमाणु का परमाणु द्रव्यमान मुख्य रूप से किसकी संख्या से निर्धारित होता है?
- इलेक्ट्रॉन
- न्यूक्लियॉन
- प्रोटॉन
- न्यूट्रॉन
Explanation:
- परमाणु द्रव्यमान (atomic mass) लगभग न्यूक्लियॉनों (nucleons) – प्रोटॉन (p) और न्यूट्रॉन (n) – की कुल संख्या के बराबर होता है, क्योंकि इनका द्रव्यमान ≈ 1 u होता है, जबकि इलेक्ट्रॉनों का द्रव्यमान नगण्य (≈ 1/1836 u) होता है।
- इसलिए A ≈ Z + N (द्रव्यमान संख्या) ही परमाणु द्रव्यमान निर्धारित करता है।
Quick Facts:
- परमाणु द्रव्यमान ≈ प्रोटॉन + न्यूट्रॉन (न्यूक्लियॉन)
- इलेक्ट्रॉनों का द्रव्यमान नगण्य है, इसलिए वे परमाणु द्रव्यमान को प्रभावित नहीं करते।
सल्फर का परमाणु क्रमांक और संयोजकता क्रमशः क्या है?
- 16 और 2
- 15 और 3
- 14 और 4
- 17 और 1
Explanation:
- सल्फर (S) – परमाणु क्रमांक (Z) = 16, इलेक्ट्रॉन विन्यास: 2, 8, 6
- बाहरी कोश में 6 इलेक्ट्रॉन, अतः संयोजकता (Valency) = 8 – 6 = 2 (यह 2 इलेक्ट्रॉन प्राप्त करके S²⁻ बनाता है)।
- Z=16, संयोजकता=2
Quick Facts:
- S (Z=16) – समूह 16, संयोजकता 2 (या 6 – अधिकतम संयोजकता 6 हो सकती है, पर सामान्य संयोजकता 2 है)।
निम्नलिखित तीन तत्वों में से किसने सबसे बाहरी कोश भरे हैं?
- मैग्नीशियम (Mg), हीलियम (He), नियॉन (Ne)
- मैग्नीशियम (Mg), कैल्शियम (Ca), बेरियम (Ba)
- लिथियम (Li), सोडियम (Na), पोटेशियम (K)
- हीलियम (He), नियॉन (Ne), आर्गन (Ar)
Explanation:
- अक्रिय गैसें (Noble gases) – He, Ne, Ar, Kr, Xe, Rn – इनका सबसे बाहरी कोश (valence shell) पूर्ण (filled) होता है (He: 2, Ne: 8, Ar: 8), इसलिए ये अत्यंत स्थिर होते हैं।
- अन्य विकल्पों में Mg, Ca, Ba (क्षारीय मृदा धातुएँ, बाहरी कोश में 2 e⁻ – भरा नहीं), Li, Na, K (क्षार धातुएँ, बाहरी कोश में 1 e⁻ – भरा नहीं)।
Quick Facts:
- अक्रिय गैसों का बाहरी कोश पूर्ण (octet/duplet) होता है, इसलिए उनकी संयोजकता 0 होती है।
स्पाइरोगाइरा में प्रजनन की विधि बताइए।
- विखंडन
- मुकुलन
- द्वि खंडन
- बहु खंडन
Explanation:
- स्पाइरोगाइरा (Spirogyra) – एक हरे शैवाल (green algae) – में प्रजनन मुख्यतः विखंडन (Fragmentation) द्वारा होता है, जिसमें यह छोटे-छोटे टुकड़ों में टूट जाता है और प्रत्येक टुकड़ा एक नए जीव में विकसित हो जाता है।
- यह अलैंगिक प्रजनन (asexual reproduction) का एक रूप है।
Quick Facts:
- स्पाइरोगाइरा में संयुग्मन (conjugation) – एक प्रकार का लैंगिक प्रजनन भी होता है।
- विखंडन: कुछ बहुकोशिकीय जीवों में होता है (जैसे स्पाइरोगाइरा, सी एनीमोन)।
HNO₃ का आण्विक द्रव्यमान 63, परमाणु द्रव्यमान इकाई (u) है। ऑक्सीजन (O) का परमाणु द्रव्यमान क्या है?
- 32u
- 16u
- 48u
- 8u
Explanation:
- HNO₃ का आण्विक द्रव्यमान = H + N + 3(O) = 1 + 14 + 3 × O = 15 + 3O
- दिया है: आण्विक द्रव्यमान = 63 u ⇒ 15 + 3O = 63 ⇒ 3O = 48 ⇒ O = 16 u
- अतः ऑक्सीजन का परमाणु द्रव्यमान 16 u है।
Quick Facts:
- O = 16 u (मानक परमाणु द्रव्यमान)
6p कक्षीय का n + l मान क्या है:
- 5
- 8
- 7
- 3
Explanation:
- क्वांटम संख्याएँ: n = मुख्य क्वांटम संख्या, l = कोणीय संवेग क्वांटम संख्या
- 6p के लिए: n = 6, l = 1 (p उपकोश के लिए l=1)
- n + l = 6 + 1 = 7
Quick Facts:
- s: l=0, p: l=1, d: l=2, f: l=3
5जै कोश में 3 इलेक्ट्रॉन प्राप्त करके स्थिर होने वाले परमाणु का परमाणु क्रमांक है:
- 57
- 51
- 55
- 59
Explanation:
- 5p कोश (शायद ‘5p’ का अर्थ) – n=5, p उपकोश (l=1) में 3 इलेक्ट्रॉन प्राप्त करके स्थिर (octet) होना – इसका अर्थ है कि तत्व के बाहरी कोश में 5 इलेक्ट्रॉन हैं (p³), और यह 3 e⁻ प्राप्त करके p⁶ (अष्टक) बनाता है।
- समूह 15 (नाइट्रोजन परिवार) के तत्व: Z = 7 (N), 15 (P), 33 (As), 51 (Sb) – पाँचवें आवर्त में Sb (Z=51) है, जिसका इलेक्ट्रॉन विन्यास [Kr] 5s² 5p³ है – यह 3 e⁻ प्राप्त करके 5p⁶ बनाता है।
- अतः Z = 51 (Sb, एंटीमनी)।
Quick Facts:
- Sb (Z=51) – समूह 15, आवर्त 5
- इसका इलेक्ट्रॉन विन्यास: [Kr] 4d¹⁰ 5s² 5p³
समभारिक और समस्थानिकों में मुख्य अंतर क्या है?
- समभारिक की द्रव्यमान संख्या समान होती है, लेकिन परमाणु संख्या भिन्न-भिन्न होती है।
- समभारिक में इलेक्ट्रॉनों की संख्या समान होती है; समस्थानिकों में नहीं।
- समभारिक की परमाणु संख्या समान होती है; समस्थानिकों की परमाणु संख्या भिन्न-भिन्न होती है।
- समभारिक एक ही तत्व के परमाणु होते हैं; समस्थानिक भिन्न-भिन्न तत्वों के परमाणु होते हैं।
Explanation:
- समभारिक (Isobars): द्रव्यमान संख्या (A) समान, परमाणु संख्या (Z) भिन्न → भिन्न तत्व
- समस्थानिक (Isotopes): परमाणु संख्या (Z) समान, द्रव्यमान संख्या (A) भिन्न → एक ही तत्व
- यह मुख्य अंतर है।
Quick Facts:
- समभारिक: ⁴⁰Ar और ⁴⁰K (A=40, Z भिन्न)
- समस्थानिक: ¹H, ²H, ³H (Z=1, A भिन्न)
ऋणात्मक आवेशित आयन को ______ के रूप में जाना जाता है।
- एनोड
- कैथोड
- ऋणायन
- धनायन
Explanation:
- ऋणायन (Anion) – ऋणात्मक (-ve) आवेशित आयन, जो इलेक्ट्रॉन प्राप्त (gain) करके बनता है (जैसे Cl⁻, O²⁻, SO₄²⁻)।
- धनायन (Cation) – धनात्मक (+ve), जो इलेक्ट्रॉन खो (lose) करके बनता है (जैसे Na⁺, Ca²⁺)।
- एनोड (Anode) – धनात्मक इलेक्ट्रोड (विद्युत अपघटन में), कैथोड (Cathode) – ऋणात्मक इलेक्ट्रोड।
Quick Facts:
- Anion → ऋणायन (Negative ion)
- Cl⁻, F⁻, O²⁻ – ऋणायन
सभी तत्वों के सापेक्ष परमाणु द्रव्यमान ______ के एक परमाणु के संबंध में पाए गए हैं।
- N-14
- O-16
- C-12
- C-16
Explanation:
- सभी तत्वों का सापेक्ष परमाणु द्रव्यमान (relative atomic mass) कार्बन-12 (¹²C) के एक परमाणु के द्रव्यमान के 1/12 भाग (1 u) के सापेक्ष व्यक्त किया जाता है।
- यह IUPAC द्वारा मानक (standard) है (1961 से पहले O-16 का उपयोग होता था)।
Quick Facts:
- 1 u = 1/12 × ¹²C परमाणु का द्रव्यमान
- ¹²C मानक है (IUPAC)
बोर के मॉडल (Bohr’s model) के अनुसार, परमाणु में इलेक्ट्रॉन कहाँ पाए जाते हैं?
- नाभिक के चारों ओर स्थिर वृत्ताकार कक्षाओं में गतिमान
- नाभिक के अंदर स्थिर स्थानों पर
- परमाणु के अंदर यादृच्छिक रूप से फैले हुए
- परमाणु के बाहर मुक्त आकाश (स्थान) में स्थिर
Explanation:
- बोहर (Bohr) मॉडल (1913) के अनुसार, इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर स्थिर (stationary) वृत्ताकार कक्षाओं (orbits) में घूमते हैं, जिन्हें ‘क्वांटम कक्षाएँ’ या ‘ऊर्जा स्तर’ (K, L, M, N) कहते हैं।
- इन कक्षाओं में रहते हुए, इलेक्ट्रॉन ऊर्जा का विकिरण (radiation) नहीं करते (यह रदरफोर्ड मॉडल की सीमा को दूर करता है)।
Quick Facts:
- बोहर मॉडल: कोणीय संवेग (angular momentum) क्वांटीकृत (quantized) होता है: mvr = nh/2π
- यह हाइड्रोजन स्पेक्ट्रम की व्याख्या करता है।
जे. जे. थॉमसन ने किस कण की खोज की?
- प्रोटॉन
- इलेक्ट्रॉन
- नाभिक
- न्यूट्रॉन
Explanation:
- जे.जे. थॉमसन (J.J. Thomson) ने 1897 में इलेक्ट्रॉन (electron) की खोज की, जो एक ऋणात्मक आवेशित उप-परमाणु कण है।
- इस खोज के लिए उन्हें 1906 में नोबेल पुरस्कार मिला।
Quick Facts:
- प्रोटॉन: गोल्डस्टीन (1886), न्यूट्रॉन: चैडविक (1932), नाभिक: रदरफोर्ड (1911)
‘बोहर के परमाणु मॉडल’ के संबंध में, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- परमाणु के भीतर केवल कुछ विशेष कक्षाओं की अनुमति होती है, जिन्हें इलेक्ट्रॉनों की विविक्ष कक्षाएं कहा जाता है।
- विविक्ष कक्षाओं में घूमते समय, इलेक्ट्रॉन अस्तित्व में नहीं होते हैं।
- विविक्ष कक्षाओं में घूमते समय, इलेक्ट्रॉन ऊर्जा विसर्जित करते हैं।
- परमाणु के बाहर केवल कुछ विशेष कक्षाओं की अनुमति होती है, जिन्हें इलेक्ट्रॉनों की विविक्ष कक्षाएं कहा जाता है।
Explanation:
- बोहर (Bohr) मॉडल: परमाणु में केवल कुछ विशिष्ट (अनुमत, allowed) कक्षाएँ होती हैं, जिन्हें ‘स्थिर कक्षाएँ’ (stationary orbits) कहते हैं, जिनमें इलेक्ट्रॉन बिना ऊर्जा उत्सर्जित/अवशोषित किए घूम सकते हैं।
- ये कक्षाएँ क्वांटीकृत (quantized) होती हैं (n = 1, 2, 3,…)।
- इलेक्ट्रॉन तभी ऊर्जा उत्सर्जित/अवशोषित करते हैं जब वे एक कक्षा से दूसरी में जाते हैं (संक्रमण, transition)।
Quick Facts:
- बोहर मॉडल: इलेक्ट्रॉन कक्षाओं की ऊर्जा Eₙ = -13.6/n² eV (हाइड्रोजन के लिए)
- यह मॉडल हाइड्रोजन परमाणु के लिए सफल है, पर बहु-इलेक्ट्रॉन परमाणुओं के लिए सीमित है।
किसी तत्व के समस्थानिक की द्रव्यमान संख्या 298 है। यदि उसके नाभिक में 189 न्यूट्रॉन हैं, तो उसकी परमाणु संख्या क्या होगी?
- 487.0
- 189.0
- 109.0
- 298.0
Explanation:
- द्रव्यमान संख्या (A) = प्रोटॉन (Z) + न्यूट्रॉन (N)
- Z = A – N = 298 – 189 = 109
- परमाणु संख्या = 109 (यह तत्व Mt, मीटनेरियम है)।
Quick Facts:
- Z = प्रोटॉनों की संख्या = परमाणु संख्या
- 109 → Mt (Meitnerium)
किसी अणु का आपेक्षिक द्रव्यमान किस रूप में व्यक्त किया जाता है?
- अणु द्रव्यमान इकाई (u)
- ग्राम
- किलोग्राम
- मोल
Explanation:
- आपेक्षिक अणु द्रव्यमान (Relative molecular mass) को अणु द्रव्यमान इकाई (u) (एकीकृत परमाणु द्रव्यमान इकाई, unified atomic mass unit) में व्यक्त किया जाता है।
- 1 u = कार्बन-12 परमाणु के द्रव्यमान का 1/12 भाग (≈ 1.66 × 10⁻²⁷ kg)
- ग्राम/किलोग्राम द्रव्यमान की मैक्रोस्कोपिक इकाइयाँ हैं; मोल पदार्थ की मात्रा की इकाई है।
Quick Facts:
- परमाणु द्रव्यमान (A) = u में, मोलर द्रव्यमान (M) = g/mol में (संख्यात्मक रूप से u के बराबर)
- उदाहरण: H₂O का आण्विक द्रव्यमान = 18 u
कौन-सा कथन, थॉमसन के परमाणु मॉडल में इलेक्ट्रॉनों की व्यवस्था का सटीक वर्णन करता है?
- इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर परिक्रमा करते हैं
- इलेक्ट्रॉन केवल परमाणु के पृष्ठ पर पाए जाते हैं
- इलेक्ट्रॉन धनात्मक आवेश वाले गोले में अंतस्थापित होते हैं
- इलेक्ट्रॉन परमाणु के केंद्र में स्थित होते हैं
Explanation:
- थॉमसन का परमाणु मॉडल (1897) – ‘प्लम पुडिंग मॉडल’ (Plum Pudding Model) – के अनुसार, धनात्मक आवेश एक गोले (sphere) में समान रूप से फैला होता है, और ऋणात्मक इलेक्ट्रॉन इस गोले में अंतस्थापित (embedded) होते हैं, जैसे पुडिंग में किशमिश (plums)।
- यह मॉडल रदरफोर्ड के प्रयोग से पहले था, इसलिए इसमें नाभिक नहीं था।
Quick Facts:
- थॉमसन ने इलेक्ट्रॉन की खोज की (1897) और इस मॉडल का प्रस्ताव रखा।
- यह मॉडल परमाणु की स्थिरता की व्याख्या नहीं कर पाया, और बाद में रदरफोर्ड ने इसे खारिज कर दिया।
किसी तत्व के अणुओं के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- किसी तत्व के अणु में हमेशा दो या दो से अधिक विभिन्न प्रकार के परमाणु होते हैं।
- सभी तत्व अपनी प्राकृतिक अवस्था में एकपरमाण्विक अणु के रूप में मौजूद होते हैं।
- किसी तत्व के अणु में केवल एक ही प्रकार के परमाणु आपस में आबंधित होते हैं।
- तत्व अणु नहीं बनाते, केवल यौगिक अणु बनाते हैं।
Explanation:
- तत्वों के अणुओं में एक ही प्रकार के परमाणु होते हैं (जैसे O₂ में केवल O परमाणु, H₂ में H परमाणु) – यह परिभाषा है।
- यौगिकों के अणुओं में विभिन्न प्रकार के परमाणु होते हैं (जैसे H₂O में H और O)।
- सभी तत्व अणु नहीं बनाते (जैसे उत्कृष्ट गैसें एकपरमाण्विक होती हैं), पर सामान्यतः तत्व अणु बना सकते हैं (O₂, N₂, P₄, S₈ आदि)।
Quick Facts:
- तत्व के अणु: O₂, N₂, Cl₂ (द्विपरमाणुक), P₄ (चतुष्परमाणुक), S₈ (अष्टपरमाणुक)
- यौगिक के अणु: CO₂, H₂O, NaCl (आयनिक में सूत्र इकाई)
निम्नलिखित में से कौन सा कथन परमाणु के संबंध में सही है?
- परमाणु विद्युत रूप से उदासीन नहीं होते हैं
- एक परमाणु में कोई धनात्मक आवेश नहीं होता है
- संपूर्ण परमाणु विद्युत रूप से उदासीन होते हैं
- परमाणु आंशिक रूप से विद्युत रूप से उदासीन होते हैं
Explanation:
- एक उदासीन परमाणु (neutral atom) में प्रोटॉन (धनात्मक) और इलेक्ट्रॉन (ऋणात्मक) की संख्या समान होती है, इसलिए कुल आवेश शून्य होता है – परमाणु विद्युत रूप से उदासीन होता है।
- यदि इलेक्ट्रॉन घटें/बढ़ें तो आयन (धनायन/ऋणायन) बनता है।
Quick Facts:
- परमाणु में: प्रोटॉन = इलेक्ट्रॉन (उदासीन), न्यूट्रॉन आवेशहीन
- धनात्मक आवेश नाभिक (प्रोटॉन) में होता है, पर कुल मिलाकर उदासीन।
जेम्स चैडविक ने किस उप-परमाणु कण की खोज की थी?
- प्रोटॉन
- न्यूट्रॉन
- न्यूरॉन
- इलेक्ट्रॉन
Explanation:
- जेम्स चैडविक (James Chadwick) ने 1932 में न्यूट्रॉन (neutron) की खोज की थी, जो नाभिक में स्थित एक आवेशहीन (neutral) उप-परमाणु कण है, जिसका द्रव्यमान प्रोटॉन के लगभग बराबर होता है।
- प्रोटॉन की खोज: रदरफोर्ड (1919), इलेक्ट्रॉन: थॉमसन (1897)।
Quick Facts:
- न्यूट्रॉन का द्रव्यमान ≈ 1.675 × 10⁻²⁷ kg (प्रोटॉन ≈ 1.673 × 10⁻²⁷ kg)
- न्यूट्रॉन की खोज से परमाणु के नाभिकीय मॉडल को पूर्णता मिली।
रदरफोर्ड का परमाणु का ग्रहीय मॉडल __________ भी कहलाता है।
- परमाणु का नाभिकीय मॉडल
- परमाणु का असतत ऊर्जा कक्षा मॉडल
- परमाणु का प्लम पुडिंग मॉडल
- परमाणु का तरंग मॉडल
Explanation:
- रदरफोर्ड का परमाणु मॉडल (1911) – ‘ग्रहीय मॉडल’ (planetary model) या नाभिकीय मॉडल (nuclear model) कहलाता है, क्योंकि इसमें एक सघन धनात्मक नाभिक होता है, जिसके चारों ओर इलेक्ट्रॉन ग्रहों (planets) की तरह घूमते हैं।
- बोहर का मॉडल: असतत ऊर्जा कक्षा मॉडल; थॉमसन: प्लम पुडिंग; आधुनिक: तरंग/क्वांटम मॉडल
Quick Facts:
- रदरफोर्ड मॉडल: नाभिक (धनात्मक, सघन), इलेक्ट्रॉन (चारों ओर, अधिकांश आयतन रिक्त)
गुरुत्वीय त्वरण को कैसे दर्शाया जाता है?
- छोटा अक्षर g
- बड़ा अक्षर G
- ग्रीक अक्षर g
- ग्रीक अक्षर एप्सिलॉन
Explanation:
- गुरुत्वीय त्वरण (acceleration due to gravity) को छोटा अक्षर ‘g’ (ग्रेविटी) से दर्शाया जाता है।
- ‘G’ (बड़ा अक्षर) = सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण स्थिरांक (Universal Gravitational Constant) है।
- ग्रीक अक्षर एप्सिलॉन (ε) का प्रयोग विद्युतशीलता (permittivity) के लिए होता है।
Quick Facts:
- g = 9.8 m/s² (पृथ्वी की सतह पर)
- G = 6.674 × 10⁻¹¹ N·m²/kg²
यदि थॉमसन के मॉडल को बहु-इलेक्ट्रॉन परमाणुओं के स्थायित्व की व्याख्या करने के लिए लागू किया जाता है, तो कौन-सा प्रमुख दोष उत्पन्न होता है?
- इलेक्ट्रॉन निश्चित वृत्तीय कक्षाओं में घूमते हैं।
- इलेक्ट्रॉन घूर्णन करते समय सतत रूप से ऊर्जा खोते हैं।
- धनात्मक आवेश नाभिक पर संकेंद्रित होता है।
- परमाणु स्थायित्व और रेखा वर्णक्रम की व्याख्या करने में विफल रहता है।
Explanation:
- थॉमसन का मॉडल ‘स्थैतिक’ (static) था – इसमें इलेक्ट्रॉन स्थिर थे, इसलिए यह न तो परमाणु की स्थिरता (stability) और न ही रेखा वर्णक्रम (line spectra) की व्याख्या कर सका (जो बोहर के मॉडल ने की)।
- यह मॉडल नाभिक की उपस्थिति को भी नहीं मानता था।
Quick Facts:
- बोहर मॉडल ने स्थिर कक्षाओं (stationary orbits) और क्वांटम संक्रमण (quantum transitions) द्वारा इन समस्याओं को हल किया।
कार्बन डाइऑक्साइड का आण्विक द्रव्यमान ______ है।
- 50 amu
- 32 amu
- 44 amu
- 28 amu
Explanation:
- CO₂: C = 12 u, O = 16 u (प्रत्येक) ⇒ आण्विक द्रव्यमान = 12 + 2×16 = 12 + 32 = 44 u
- 32 u → O₂, 28 u → N₂/CO (कार्बन मोनोऑक्साइड का 28 u), 50 u → कोई सामान्य यौगिक नहीं।
Quick Facts:
- CO₂ का मोलर द्रव्यमान = 44 g/mol
परमाणु भौतिकी के जनक कौन हैं?
- नील्स बोर
- अर्नेस्ट रदरफोर्ड
- जे.जे. थॉमसन
- जेम्स चैडविक
Explanation:
- अर्नेस्ट रदरफोर्ड (Ernest Rutherford) को ‘परमाणु भौतिकी का जनक’ (Father of Nuclear Physics) माना जाता है, क्योंकि उन्होंने अल्फा-कण प्रकीर्णन प्रयोग के माध्यम से परमाणु के नाभिक (nucleus) की खोज की (1911)।
- उन्होंने परमाणु के नाभिकीय मॉडल का प्रस्ताव दिया और रेडियोधर्मिता पर महत्वपूर्ण शोध किया।
Quick Facts:
- रदरफोर्ड को ‘नाभिकीय भौतिकी का जनक’ भी कहा जाता है।
- उन्होंने 1908 में नोबेल पुरस्कार (रसायन) जीता।
ओजोन के एक अणु में __________ होता है/होते हैं।
- 1 ऑक्सीजन परमाणु
- 2 ऑक्सीजन परमाणु
- 3 ऑक्सीजन परमाणु
- 4 ऑक्सीजन परमाणु
Explanation:
- ओजोन (Ozone) का रासायनिक सूत्र O₃ है, इसलिए इसके एक अणु में 3 ऑक्सीजन परमाणु होते हैं।
- O₂ (ऑक्सीजन) में 2 परमाणु होते हैं।
Quick Facts:
- ओजोन, ऑक्सीजन का अपरूप (allotrope) है (O₂ और O₃ दोनों)।
- ओजोन परत समताप मंडल (stratosphere) में पाई जाती है।
कॉपर के एक मोल में कितने परमाणु उपस्थित होते हैं?
- 6.022 × 10⁻²⁴
- 6.022 × 10⁻²⁵
- 6.022 × 10⁻²²
- 6.022 × 10²³
Explanation:
- 1 मोल (mol) = 6.022 × 10²³ कण (अवोगाद्रो संख्या, Avogadro’s number), चाहे वह परमाणु, अणु, या आयन हों।
- अतः कॉपर (Cu) के 1 मोल में 6.022 × 10²³ परमाणु होते हैं।
Quick Facts:
- Nₐ = 6.022 × 10²³ mol⁻¹ (SI में)
- कॉपर का परमाणु द्रव्यमान ≈ 63.5 u, मोलर द्रव्यमान = 63.5 g/mol
सोडियम क्लोराइड (NaCl) का सूत्र इकाई द्रव्यमान कितना होता है?
- 58.5u
- 23u
- 35.5u
- 57u
Explanation:
- NaCl में Na = 23 u, Cl = 35.5 u ⇒ सूत्र इकाई द्रव्यमान (Formula unit mass) = 23 + 35.5 = 58.5 u
- NaCl आयनिक यौगिक है, इसलिए ‘आण्विक द्रव्यमान’ (molecular mass) के स्थान पर ‘सूत्र इकाई द्रव्यमान’ (formula unit mass) कहते हैं।
Quick Facts:
- NaCl का मोलर द्रव्यमान = 58.5 g/mol
सोडियम कार्बोनेट (Na₂CO₃) का सूत्र इकाई द्रव्यमान कितना है? (परमाणु द्रव्यमान: Na = 23 u, C = 12 u, O = 16 u)
- 98 u
- 84 u
- 62 u
- 106 u
Explanation:
- Na₂CO₃: 2×Na (23) + C (12) + 3×O (16) = 46 + 12 + 48 = 106 u
- 98 u → H₂SO₄, 84 u → NaHCO₃, 62 u → HNO₃ का निकट
Quick Facts:
- Na₂CO₃ = वाशिंग सोडा (सोडियम कार्बोनेट)
- मोलर द्रव्यमान = 106 g/mol
रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?
- इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर वृत्ताकार पथों में घूमते हैं।
- परमाणु के अधिकांश आयतन में न्यूट्रॉन होते हैं।
- नाभिक परमाणु के केंद्र में स्थित होता है।
- नाभिक धनात्मक रूप से आवेशित होता है।
Explanation:
- रदरफोर्ड मॉडल के अनुसार, परमाणु का अधिकांश आयतन (volume) रिक्त (empty) होता है, न्यूट्रॉन (जिन्हें चैडविक ने बाद में खोजा) नहीं होते हैं।
- इलेक्ट्रॉन वृत्ताकार पथों में, नाभिक केंद्र पर, नाभिक धनात्मक – ये सभी सत्य हैं।
Quick Facts:
- न्यूट्रॉन की खोज 1932 में हुई, रदरफोर्ड मॉडल (1911) उससे पहले का है।
उत्तल दर्पण में, प्रतिबिंब दूरी सदैव ______ होती है।
- ऋणात्मक
- शून्य
- अनंत
- धनात्मक
Explanation:
- उत्तल दर्पण (Convex mirror) में, प्रतिबिंब सदैव आभासी (virtual), सीधा (erect), और दर्पण के पीछे बनता है।
- चिह्न परिपाटी (sign convention) के अनुसार, दर्पण के पीछे की दूरी को धनात्मक (+ve) लिया जाता है, इसलिए प्रतिबिंब दूरी (v) सदैव धनात्मक होती है।
Quick Facts:
- अवतल दर्पण में वास्तविक प्रतिबिंब के लिए v ऋणात्मक, आभासी के लिए धनात्मक होता है।
- उत्तल दर्पण में f (फोकस दूरी) भी धनात्मक होती है।
रदरफोर्ड का अल्फा कण प्रकीर्णन प्रयोग किसकी खोज के लिए उत्तरदायी था?
- न्यूट्रॉन
- परमाणु नाभिक
- इलेक्ट्रॉन
- प्रोटॉन
Explanation:
- रदरफोर्ड का α-कण प्रकीर्णन (gold foil experiment) – इसने परमाणु नाभिक (nucleus) की खोज की (1911), क्योंकि कुछ α-कण 180° तक विक्षेपित हुए, जो एक सघन धनात्मक केंद्र की उपस्थिति को दर्शाता है।
- इलेक्ट्रॉन: थॉमसन, प्रोटॉन: रदरफोर्ड (पर नाभिक के रूप में नहीं, बल्कि हाइड्रोजन नाभिक), न्यूट्रॉन: चैडविक।
Quick Facts:
- प्रयोग: α-कणों की स्वर्ण पत्ती (gold foil) पर बमबारी → अधिकांश सीधे गुजरे (रिक्त आयतन), कुछ विक्षेपित (नाभिक के कारण)।
समान द्रव्यमान संख्या लेकिन भिन्न परमाणु क्रमांक वाले परमाणुओं को क्या कहा जाता है?
- समभारिक
- सम न्यूट्रॉनिक
- समस्थानिक
- न्यूक्लियॉन
Explanation:
- समभारिक (Isobars) – ऐसे परमाणु जिनकी द्रव्यमान संख्या (A) समान होती है, पर परमाणु संख्या (Z) भिन्न होती है (जैसे ⁴⁰Ar (Z=18) और ⁴⁰K (Z=19) – दोनों A=40)।
- समस्थानिक (Isotopes): Z समान, A भिन्न (जैसे ¹²C, ¹⁴C)
- सम न्यूट्रॉनिक (Isotones): N (न्यूट्रॉन) समान, Z/A भिन्न।
Quick Facts:
- समभारिक: ¹⁴C (Z=6, A=14) और ¹⁴N (Z=7, A=14) – उदाहरण
पदार्थ की वह मात्रा, जिसमें उतने ही निर्दिष्ट मूल कण शामिल होते हैं, जितने कार्बन-12 समस्थानिक के 12 ग्राम में परमाणुओं की संख्या होती है, ______ कहलाते हैं।
- अणु संख्या
- मोल
- आयन
- समस्थानिक (Isotope)
Explanation:
- 1 मोल (mole) = पदार्थ की वह मात्रा जिसमें उतने ही कण (परमाणु, अणु, आयन, आदि) होते हैं, जितने कार्बन-12 (¹²C) के 12 ग्राम में परमाणु होते हैं (अवोगाद्रो संख्या, 6.022 × 10²³)।
- यह SI में पदार्थ की मात्रा (amount of substance) की इकाई है।
Quick Facts:
- 1 mol ¹²C = 12 g = 6.022 × 10²³ परमाणु
- मोलर द्रव्यमान (M) = g/mol में, संख्यात्मक रूप से आण्विक/परमाणु द्रव्यमान (u) के बराबर
निम्नलिखित में से HNO₃ का आण्विक द्रव्यमान कितना है?
- 63 u
- 64 u
- 67 u
- 60u
Explanation:
- HNO₃: H = 1 u, N = 14 u, O = 16 u (तीन O) ⇒ 1 + 14 + 3×16 = 1 + 14 + 48 = 63 u
- 64 u → SO₂ (लगभग), 67 u → NaClO₃? 60 u → H₂CO₃ (लगभग 62)
Quick Facts:
- HNO₃ = नाइट्रिक अम्ल (Nitric acid)
- मोलर द्रव्यमान = 63 g/mol
किसी परमाणु के K कोश में भरे जा सकने वाले अधिकतम इलेक्ट्रॉनों की संख्या कितनी हो सकती है?
- 2
- 6
- 8
- 16
Explanation:
- K कोश (n=1) – सूत्र 2n² के अनुसार: 2(1)² = 2 इलेक्ट्रॉन।
- L कोश (n=2): 8, M (n=3): 18, N (n=4): 32 – पर इलेक्ट्रॉनों की स्थिर व्यवस्था के लिए बाहरी कोश में 8 (अष्टक नियम)।
Quick Facts:
- K कोश सबसे भीतरी कोश है, जिसमें अधिकतम 2 इलेक्ट्रॉन हो सकते हैं (हीलियम के समान)।
निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म, एक ही तत्व को निर्दिष्ट करता है?
- समान द्रव्यमान संख्या, भिन्न परमाणु संख्या
- न्यूट्रॉन की समान संख्या, भिन्न परमाणु संख्या
- प्रोटॉन की भिन्न संख्या, न्यूट्रॉन की समान संख्या
- समान परमाणु संख्या, भिन्न द्रव्यमान संख्या
Explanation:
- एक ही तत्व के परमाणुओं में परमाणु संख्या (Z = प्रोटॉनों की संख्या) समान होती है, पर द्रव्यमान संख्या (A = प्रोटॉन + न्यूट्रॉन) भिन्न हो सकती है (ये समस्थानिक, isotopes हैं, जैसे ¹²C और ¹⁴C, दोनों Z=6, पर A भिन्न)।
- समभारिक (isobars): A समान, Z भिन्न – भिन्न तत्व।
Quick Facts:
- एक ही तत्व: Z समान (प्रोटॉनों की संख्या समान)
- उदाहरण: ³⁵Cl (Z=17, A=35) और ³⁷Cl (Z=17, A=37)
ओजोन के एक अणु में कितने ऑक्सीजन परमाणु उपस्थित होते हैं?
- 1
- 2
- 3
- 4
Explanation:
- O₃ (ओजोन) में 3 ऑक्सीजन परमाणु होते हैं।
Quick Facts:
- यह O₂ (डाइऑक्सीजन) का अपरूप (allotrope) है।
प्रत्येक तत्व का एक नाम और ______ होता है।
- एक अद्वितीय रासायनिक प्रतीक
- एक अद्वितीय भौतिक प्रतीक
- एक अद्वितीय रंग
- एक अद्वितीय आकार
Explanation:
- प्रत्येक तत्व का एक अद्वितीय रासायनिक प्रतीक (unique chemical symbol) होता है, जो एक या दो अक्षरों का होता है (जैसे H, He, C, Na, Cl, आदि)।
- ये प्रतीक अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मानकीकृत हैं (IUPAC द्वारा)।
Quick Facts:
- कुछ प्रतीक तत्वों के लैटिन नामों से व्युत्पन्न हैं (Na = Natrium, Fe = Ferrum, K = Kalium)
सूर्य का परमाणु ईंधन है-
- अल्फा कण
- यूरेनियम
- हाइड्रोजन
- हीलियम
Explanation:
- सूर्य में ऊर्जा नाभिकीय संलयन (nuclear fusion) द्वारा उत्पन्न होती है, जिसमें हाइड्रोजन (प्रोटियम, ¹H) हीलियम (⁴He) में संलयित (fuse) होता है।
- यह सूर्य का मुख्य ‘ईंधन’ (fuel) है, जो हाइड्रोजन परमाणुओं को हीलियम में बदलता है और भारी मात्रा में ऊर्जा मुक्त करता है।
Quick Facts:
- संलयन अभिक्रिया: 4¹H → ⁴He + 2e⁺ + 2ν + ऊर्जा
- यूरेनियम का उपयोग नाभिकीय विखंडन (fission) रिएक्टरों में होता है।
सूत्र इकाई द्रव्यमान की इकाई क्या है?
- u
- g
- kg
- mole
Explanation:
- सूत्र इकाई द्रव्यमान (Formula unit mass) की इकाई u (एकीकृत परमाणु द्रव्यमान इकाई, unified atomic mass unit) होती है।
- g (ग्राम) और kg (किलोग्राम) मोलर द्रव्यमान के लिए हैं; mole पदार्थ की मात्रा की इकाई है।
Quick Facts:
- सूत्र इकाई द्रव्यमान = u में (आयनिक यौगिकों के लिए, जैसे NaCl का 58.5 u)
कार्बन परमाणु के L-कोश में कितने इलेक्ट्रॉन उपस्थित होते हैं?
- 2
- 8
- 6
- 4
Explanation:
- कार्बन (C) का परमाणु क्रमांक 6 है, इसका इलेक्ट्रॉन विन्यास: K = 2, L = 4 (2, 4) – अतः L-कोश में 4 इलेक्ट्रॉन होते हैं (ये संयोजी इलेक्ट्रॉन हैं)।
- 2 → K कोश, 8 → L कोश (अधिकतम), 6 → L कोश में 6 (ऑक्सीजन), 4 → सही (कार्बन)
Quick Facts:
- कार्बन की संयोजकता = 4 (L कोश में 4 इलेक्ट्रॉन)
इलेक्ट्रॉनों की कुल संख्या के संदर्भ में K, L और M कोशों का क्रम क्या है?
- L > M > K
- M > L > K
- K > M > L
- L > K > M
Explanation:
- K, L, M कोशों में इलेक्ट्रॉन धारण क्षमता (capacity):
- K (n=1) = 2, L (n=2) = 8, M (n=3) = 18 (सूत्र 2n² के अनुसार)
- अतः M > L > K (18 > 8 > 2)
Quick Facts:
- अधिकतम क्षमता का क्रम: K (2) < L (8) < M (18) < N (32)
- हालाँकि, बाहरी कोश में व्यावहारिक रूप से 8 से अधिक नहीं होते (अष्टक नियम के कारण)।
यदि किसी तत्व ‘X’ के दो समस्थानिक X-35 और X-37 हैं, तो क्लोरीन (यदि X-35 = 25% और X-37 = 75%) का औसत परमाणु द्रव्यमान ______ होगा।
- 35.5 u
- 36.0 u
- 34.5 u
- 36.5 u
Explanation:
- औसत परमाणु द्रव्यमान = (बहुतायत% × द्रव्यमान) का योग / 100
- = (25 × 35 + 75 × 37) / 100 = (875 + 2775) / 100 = 3650/100 = 36.5 u
- नोट: यदि 75% X-35 और 25% X-37 होता, तो 35.5 u आता (क्लोरीन का वास्तविक औसत)।
Quick Facts:
- Cl का वास्तविक औसत ≈ 35.5 u (75% Cl-35, 25% Cl-37)
निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प, किसी तत्व की द्रव्यमान संख्या को सही रूप में निर्दिष्ट करता है?
- इलेक्ट्रॉनों की संख्या
- प्रोटॉन और न्यूट्रॉन के बीच का अंतर
- प्रोटॉन और न्यूट्रॉन का योग
- केवल प्रोटॉनों की संख्या
Explanation:
- द्रव्यमान संख्या (Mass number, A) = प्रोटॉनों (Z) और न्यूट्रॉनों (N) का योग (A = Z + N)
- इलेक्ट्रॉनों की संख्या = Z (उदासीन परमाणु में), पर A में शामिल नहीं (इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान नगण्य होता है)।
Quick Facts:
- परमाणु संख्या (Z) = प्रोटॉन (और उदासीन परमाणु में इलेक्ट्रॉन)
- द्रव्यमान संख्या (A) ≈ परमाणु द्रव्यमान (u में) पूर्णांक के रूप में
निम्नलिखित में से कौन सा कथन किसी परमाणु की द्रव्यमान संख्या को सर्वोत्तम रूप से दर्शाता है?
- नाभिक में प्रोटॉनों की संख्या
- तत्व के सभी समस्थानिकों का औसत द्रव्यमान
- एक परमाणु में इलेक्ट्रॉनों की संख्या
- नाभिक में प्रोटॉनों और न्यूट्रॉनों की कुल संख्या
Explanation:
- द्रव्यमान संख्या = प्रोटॉन + न्यूट्रॉन (कुल न्यूक्लियॉनों की संख्या) – यह सटीक है।
- प्रोटॉनों की संख्या = परमाणु संख्या (Z), इलेक्ट्रॉन = Z (उदासीन), औसत द्रव्यमान = समस्थानिकों का भारित औसत।
Quick Facts:
- द्रव्यमान संख्या को ‘न्यूक्लियॉन संख्या’ (nucleon number) भी कहते हैं।
जर्मेनियम, आर्सेनिक, सेलेनियम और ब्रोमीन के परमाणुओं में ______ कोश होते हैं।
- 3
- 7
- 5
- 4
Explanation:
- Ge (Z=32), As (Z=33), Se (Z=34), Br (Z=35) – ये सभी चौथे आवर्त (period 4) के तत्व हैं, इसलिए इनमें 4 कोश होते हैं (K, L, M, N)।
- आवर्त संख्या = कोशों (shells) की संख्या।
Quick Facts:
- चौथा आवर्त: K (2), L (8), M (18), N (शेष संयोजी इलेक्ट्रॉन)
16 ग्राम ऑक्सीजन में ______ परमाणु होता है।
- 6.022 × 10⁻²³
- 6.022 × 10²³
- 6.022 × 10²²
- 3.011 × 10²³
Explanation:
- O (ऑक्सीजन) का परमाणु द्रव्यमान = 16 u ⇒ 1 मोल O परमाणु = 16 g = 6.022 × 10²³ परमाणु
- अतः 16 g ऑक्सीजन में 6.022 × 10²³ परमाणु होते हैं (1 मोल परमाणु)।
- 3.011 × 10²³ → 8 g O (0.5 मोल), 6.022 × 10²² → 1.6 g O (0.1 मोल)
Quick Facts:
- O₂ के 1 मोल (32 g) में 2 × 6.022 × 10²³ = 1.204 × 10²⁴ O परमाणु होते हैं।
अवोगाद्रो संख्या ______ के समतुल्य है।
- 6.02214 × 10²³
- 602.4860 × 10⁻²⁶
- 6000.86 × 10⁻²⁶
- 60.2486 × 10⁻²⁵
Explanation:
- अवोगाद्रो संख्या (Avogadro’s number) = 6.022 × 10²³ mol⁻¹ (≈ 6.02214076 × 10²³)
- यह 1 मोल में कणों (परमाणु/अणु/आयन) की संख्या है।
Quick Facts:
- Nₐ = 6.022 × 10²³ (लगभग), SI में 6.02214076 × 10²³
दिया गया है कि ऑक्सीजन के 1 मोल परमाणु का वजन 16g है। ओजोन का अणु भार क्या है?
- 32 g/mol
- 48 g/mol
- 64 g/mol
- 16 g/mol
Explanation:
- ओजोन (O₃) का आण्विक द्रव्यमान = 3 × O का परमाणु द्रव्यमान = 3 × 16 = 48 u
- मोलर द्रव्यमान = 48 g/mol
- 32 g/mol → O₂, 64 g/mol → SO₂ (लगभग), 16 g/mol → O परमाणु
Quick Facts:
- O₃ का मोलर द्रव्यमान = 48 g/mol
किसी तत्व की एक दूसरे से संयोजन क्षमता मुख्यतः निम्नलिखित में से किस पर निर्भर करती है?
- प्रोटॉनों की संख्या
- ऊर्जा स्तर की संख्या
- संयोजी इलेक्ट्रॉनों की संख्या
- न्यूट्रॉन की संख्या
Explanation:
- किसी तत्व की संयोजन क्षमता (valency) उसके संयोजी इलेक्ट्रॉनों (valence electrons, बाहरी कोश के इलेक्ट्रॉन) की संख्या पर निर्भर करती है।
- यही निर्धारित करता है कि तत्व कितने बंध (bonds) बना सकता है या कितने इलेक्ट्रॉन प्राप्त/त्याग सकता है।
Quick Facts:
- Na (Z=11) → 2,8,1 → संयोजकता = 1 (1 इलेक्ट्रॉन त्यागता है)
- Cl (Z=17) → 2,8,7 → संयोजकता = 1 (1 इलेक्ट्रॉन ग्रहण करता है)
निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प थॉमसन के परमाणु मॉडल में पाए जाने वाले उप-परमाणु कणों को दर्शाता है?
- केवल इलेक्ट्रॉन
- प्रोटॉन और न्यूट्रॉन दोनों
- केवल प्रोटॉन
- इलेक्ट्रॉन और प्रोटॉन दोनों
Explanation:
- थॉमसन के मॉडल में, केवल इलेक्ट्रॉन (ऋणात्मक कण) थे, जो धनात्मक गोले में एम्बेडेड (स्थित) थे।
- उस समय (1897-1904), प्रोटॉन और न्यूट्रॉन की खोज नहीं हुई थी (प्रोटॉन: रदरफोर्ड, 1919; न्यूट्रॉन: चैडविक, 1932)।
Quick Facts:
- थॉमसन मॉडल में धनात्मक आवेश ‘फैला हुआ’ था, पर ‘प्रोटॉन’ शब्द अस्तित्व में नहीं था।
परमाणु में कौन-सा आवेशित कण, नाभिक के चारों ओर घूमता है?
- इलेक्ट्रॉन
- प्रोटॉन
- पॉजिट्रॉन
- न्यूट्रॉन
Explanation:
- परमाणु में इलेक्ट्रॉन (ऋणात्मक आवेशित) नाभिक (धनात्मक) के चारों ओर घूमते हैं (बोहर/रदरफोर्ड मॉडल)।
- प्रोटॉन (धनात्मक) और न्यूट्रॉन (आवेशहीन) नाभिक में होते हैं, नाभिक के चारों ओर नहीं घूमते।
Quick Facts:
- इलेक्ट्रॉन का आवेश -1.6 × 10⁻¹⁹ C, द्रव्यमान ≈ 9.1 × 10⁻³¹ kg
परमाणु त्रिज्या को किसमें मापा जाता है?
- माइक्रोमीटर
- नैनोमीटर
- मिलीमीटर
- सेंटीमीटर
Explanation:
- परमाणु त्रिज्या (atomic radius) अत्यंत छोटी होती है, जिसे नैनोमीटर (nm) या पिकोमीटर (pm) में मापा जाता है।
- 1 nm = 10⁻⁹ m, 1 pm = 10⁻¹² m (परमाणु त्रिज्या ≈ 0.1 – 0.3 nm)
- माइक्रोमीटर (µm) = 10⁻⁶ m (कोशिकाओं के लिए), mm/cm – मैक्रोस्कोपिक वस्तुओं के लिए।
Quick Facts:
- हाइड्रोजन की त्रिज्या ≈ 0.053 nm, सीज़ियम ≈ 0.26 nm
ऐलुमिनियम का परमाणु द्रव्यमान 27 है। 81 ग्राम ऐलुमिनियम में मौजूद मोल की संख्या _____ है।
- 4
- 5
- 2
- 3
Explanation:
- Al का मोलर द्रव्यमान = 27 g/mol
- मोलों की संख्या = दिया गया द्रव्यमान / मोलर द्रव्यमान = 81 / 27 = 3 mol
Quick Facts:
- 81 g Al में 3 × 6.022 × 10²³ = 1.8066 × 10²⁴ परमाणु होते हैं।
‘परमाणु’ शब्द का प्रतिपादन किसने किया था?
- डेमोक्रिटस
- थॉमसन
- ई. रदरफोर्ड
- जॉन डाल्टन
Explanation:
- ‘परमाणु’ (Atom) शब्द ग्रीक दार्शनिक डेमोक्रिटस (Democritus, ≈ 400 BC) द्वारा प्रतिपादित किया गया था, जिसका अर्थ है ‘अविभाज्य’ (indivisible)।
- डाल्टन ने पहला वैज्ञानिक परमाणु सिद्धांत (1808) दिया, पर शब्द डेमोक्रिटस का है।
Quick Facts:
- डेमोक्रिटस के अनुसार, पदार्थ अविभाज्य कणों (परमाणुओं) से बना है।
पदार्थ के एक अणु में सभी परमाणुओं के परमाणु द्रव्यमान का योग है –
- सूत्र द्रव्यमान
- मोल
- परमाणु द्रव्यमान
- आण्विक द्रव्यमान
Explanation:
- किसी अणु (molecule) में सभी परमाणुओं के परमाणु द्रव्यमानों के योग को आण्विक द्रव्यमान (Molecular mass) कहते हैं (u में)।
- सूत्र द्रव्यमान (Formula mass) आयनिक यौगिकों के लिए, मोल पदार्थ की मात्रा, परमाणु द्रव्यमान एकल परमाणु के लिए।
Quick Facts:
- उदाहरण: H₂O का आण्विक द्रव्यमान = 2(1) + 16 = 18 u
निम्नलिखित में से कौन-सा, प्रोटॉन के गुणों का सही वर्णन करता है?
- यह धनात्मक रूप से आवेशित होता है और इसका द्रव्यमान, इलेक्ट्रॉन के द्रव्यमान का लगभग 2000 गुना होता है।
- इसका कोई आवेश नहीं होता है और यह नाभिक में उपस्थित होता है।
- यह ऋणात्मक रूप से आवेशित होता है और नाभिक के अंदर स्थित होता है।
- इसका धनात्मक आवेश होता है और इसका द्रव्यमान, इलेक्ट्रॉन के बराबर होता है।
Explanation:
- प्रोटॉन: धनात्मक (+1.6 × 10⁻¹⁹ C) आवेश, द्रव्यमान ≈ 1.673 × 10⁻²⁷ kg (इलेक्ट्रॉन के द्रव्यमान का ≈ 1836 गुना, लगभग 2000 गुना)
- न्यूट्रॉन → आवेशहीन, इलेक्ट्रॉन → ऋणात्मक
Quick Facts:
- प्रोटॉन का द्रव्यमान ≈ 1 u, इलेक्ट्रॉन ≈ 1/1836 u
किसी तत्व के इलेक्ट्रॉन द्वारा क्षय की प्रवृत्ति का मात्रात्मक माप क्या है?
- वैद्युती ऋणात्मकता
- आयन की त्रिज्या
- परमाणु त्रिज्या
- आयनीकरण तापीय धारिता
Explanation:
- किसी तत्व के परमाणु से इलेक्ट्रॉन निकालने (क्षय) की प्रवृत्ति का मात्रात्मक माप आयनीकरण एन्थैल्पी (Ionisation enthalpy) है (पहली आयनीकरण ऊर्जा, IE₁)।
- यह ऊर्जा (kJ/mol) होती है, जो बताती है कि इलेक्ट्रॉन को कितनी आसानी से हटाया जा सकता है (कम IE = आसानी से इलेक्ट्रॉन त्यागता है, जैसे धातुएँ)।
Quick Facts:
- वैद्युत ऋणात्मकता (Electronegativity) = बंध में इलेक्ट्रॉन आकर्षित करने की प्रवृत्ति
- आयनीकरण ऊर्जा का क्रम: K < Na < Mg < Al < Si < P < S < Cl (बढ़ता है)
धनात्मक आवेश आयन को ________ कहा जाता है:
- अणु
- परमाणु
- ऋणायन
- धनायन
Explanation:
- धनात्मक आवेश वाले आयन (cation) को धनायन (Cation) कहते हैं (जैसे Na⁺, Ca²⁺, NH₄⁺)।
- ऋणात्मक आवेश वाले आयन (anion) को ऋणायन (Anion) कहते हैं (जैसे Cl⁻, SO₄²⁻, OH⁻)।
Quick Facts:
- धनायन = धन (+) आयन (cation – ‘cat’ ion, धनात्मक)
- ऋणायन = ऋण (-) आयन (anion – ‘an’ ion, ऋणात्मक)
दिए गए कथन को सही विकल्प चुनकर पूरा करें। समभारिकों की परमाणु संख्याएँ भिन्न होती हैं, परन्तु _________।
- इलेक्ट्रॉनों की संख्या समान होती है
- परमाणु द्रव्यमान समान होता है
- प्रोटॉनों की संख्या समान होती है
- परमाणु द्रव्यमान भिन्न होता है
Explanation:
- समभारिक (Isobars): A (द्रव्यमान संख्या) समान, Z (परमाणु संख्या) भिन्न → अतः परमाणु द्रव्यमान (लगभग) समान होता है (जैसे ⁴⁰Ar और ⁴⁰K – दोनों A=40)।
- प्रोटॉनों की संख्या = Z (भिन्न), इलेक्ट्रॉन = Z (उदासीन में) – भिन्न।
Quick Facts:
- समभारिक उदाहरण: ¹⁴C (Z=6, A=14) और ¹⁴N (Z=7, A=14)
आवर्त सारणी में किसी तत्व का स्थान उसकी _________ संख्या से निर्धारित होता है।
- न्यूट्रॉन
- पॉजिट्रॉन
- प्रोटॉन
- इलेक्ट्रॉन
Explanation:
- आधुनिक आवर्त सारणी (Modern periodic table) में तत्वों को परमाणु संख्या (Z = प्रोटॉनों की संख्या) के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित किया गया है (मोस्ले का नियम, 1913)।
- यही तत्व की पहचान (identity) है – प्रोटॉनों की संख्या ही तत्व को निर्धारित करती है।
Quick Facts:
- परमाणु संख्या (Z) = प्रोटॉन = इलेक्ट्रॉन (उदासीन परमाणु में)
- द्रव्यमान संख्या (A) = प्रोटॉन + न्यूट्रॉन
निम्नलिखित में से कौन सा भौतिक विज्ञानी प्राकृतिक रेडियोधर्मिता पर अपने अभूतपूर्व शोध के लिए प्रसिद्ध है?
- नील्स बोहर
- जे. जे. थॉमसन
- मैरी क्यूरी
- एनरिको फर्मी
Explanation:
- मैरी क्यूरी (Marie Curie) ने रेडियोधर्मिता (radioactivity) पर अभूतपूर्व शोध किया, जिसके लिए उन्हें दो नोबेल पुरस्कार मिले (1903 भौतिकी, 1911 रसायन)।
- उन्होंने रेडियम (Ra) और पोलोनियम (Po) की खोज की और ‘रेडियोधर्मिता’ शब्द गढ़ा।
Quick Facts:
- हेनरी बेक्वेरेल ने रेडियोधर्मिता की खोज की, पर क्यूरी ने इसे गहराई से समझा।
किसी पदार्थ के 1 मोल का द्रव्यमान कहलाता है –
- सहसंयोजक द्रव्यमान
- परमाण्विक भार
- दाढ़ जन
- परमाणु भार
Explanation:
- किसी पदार्थ के 1 मोल (1 mole) के द्रव्यमान को मोलर द्रव्यमान (Molar mass) कहते हैं, जिसकी इकाई g/mol होती है।
- हिंदी में ‘मोलर द्रव्यमान’ को ‘दाढ़ जन’ (molar mass) भी कहते हैं।
- परमाण्विक भार (atomic weight) → एक परमाणु का आपेक्षिक द्रव्यमान, परमाणु भार (atomic mass) → u में।
Quick Facts:
- उदाहरण: H₂O का मोलर द्रव्यमान = 18 g/mol
- 1 mol = 6.022 × 10²³ कण (अवोगाद्रो संख्या)
बोर की कक्षाओं को स्थिर कहा जाता है, क्योंकि ________।
- प्रोटॉन नाभिक में स्थिर हैं और स्थिर रहते हैं
- उनमें इलेक्ट्रॉन स्थिर होते हैं
- उनकी कक्षाओं की त्रिज्या निर्धारित होती है
- उनके इलेक्ट्रॉनों में निश्चित ऊर्जा होती है
Explanation:
- बोहर की कक्षाएँ (stationary orbits) स्थिर (stationary) इसलिए कहलाती हैं, क्योंकि उनमें इलेक्ट्रॉनों की ऊर्जा निश्चित (fixed) होती है और वे इन कक्षाओं में रहते हुए ऊर्जा का विकिरण (radiation) नहीं करते (क्वांटम सिद्धांत के अनुसार)।
- प्रत्येक कक्षा में ऊर्जा का एक निश्चित मान (quantized) होता है (Eₙ = -13.6/n² eV)।
Quick Facts:
- इलेक्ट्रॉन केवल तभी ऊर्जा उत्सर्जित/अवशोषित करता है, जब वह एक कक्षा से दूसरी कक्षा में संक्रमण (transition) करता है।
ZnO (जिंक ऑक्साइड) का सूत्र इकाई द्रव्यमान क्या है?
- 16 u
- 97 u
- 65 u
- 81 u
Explanation:
- Zn = 65 u, O = 16 u ⇒ ZnO = 65 + 16 = 81 u
- 16 u → O, 97 u → CuSO₄? (लगभग), 65 u → Zn
Quick Facts:
- ZnO (जिंक ऑक्साइड) एक उभयधर्मी ऑक्साइड (amphoteric oxide) है।
किसी यौगिक का आणविक द्रव्यमान 63 u है। यदि इसमें एक हाइड्रोजन परमाणु और तीन ऑक्सीजन परमाणु हैं, तो शेष तत्व का परमाणु द्रव्यमान ____________________ है।
- 14 u
- 32 u
- 12 u
- 16 u
Explanation:
- यौगिक = HNO₃ (63 u): H = 1 u, O = 3 × 16 = 48 u, शेष = 63 – (1 + 48) = 14 u (नाइट्रोजन, N)
- 14 u → N (नाइट्रोजन), 32 u → S, 12 u → C, 16 u → O
Quick Facts:
- HNO₃ = नाइट्रिक अम्ल, N का परमाणु द्रव्यमान = 14 u
रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल के अनुसार, परमाणु का अधिकांश द्रव्यमान कहाँ स्थित होता है?
- इलेक्ट्रॉनों के कोशों में
- नाभिक में
- इलेक्ट्रॉन क्लाउड में
- यह समान रूप से वितरित है
Explanation:
- रदरफोर्ड के मॉडल के अनुसार, परमाणु का लगभग समस्त द्रव्यमान (mass) अत्यंत छोटे नाभिक (nucleus) में संकेंद्रित होता है, जो धनात्मक आवेशित होता है।
- इलेक्ट्रॉन (बाहर) का द्रव्यमान नगण्य होता है (≈ 1/1836 u)।
Quick Facts:
- नाभिक का आकार ≈ 10⁻¹⁵ m, परमाणु का आकार ≈ 10⁻¹⁰ m – द्रव्यमान नाभिक में, आयतन रिक्त।
संयोजी इलेक्ट्रॉन मौजूद होते हैं:
- किसी परमाणु का सबसे बाहरी कोश
- एक परमाणु के ठीक बाहर
- किसी परमाणु का सबसे भीतरी और सबसे बाहरी कोश
- किसी परमाणु का सबसे भीतरी कोश
Explanation:
- संयोजी इलेक्ट्रॉन (Valence electrons) किसी परमाणु के सबसे बाहरी कोश (outermost shell) में उपस्थित इलेक्ट्रॉन होते हैं, जो रासायनिक बंध निर्माण में भाग लेते हैं।
- ये परमाणु के रासायनिक गुणों (संयोजकता) को निर्धारित करते हैं।
Quick Facts:
- Na (2,8,1) → 1 संयोजी इलेक्ट्रॉन, Cl (2,8,7) → 7 संयोजी इलेक्ट्रॉन
मेंडेलीव ने अपनी आवर्त सारणी में तत्वों को किस क्रम में व्यवस्थित किया था?
- परमाणु द्रव्यमान के बढ़ते क्रम में
- परमाणु क्रमांक के बढ़ते क्रम में
- परमाणु त्रिज्या के घटते क्रम में
- न्यूट्रॉनों की संख्या के बढ़ते क्रम में
Explanation:
- मेंडेलीव (Mendeleev, 1869) ने तत्वों को बढ़ते परमाणु द्रव्यमान (atomic mass) के क्रम में व्यवस्थित किया और आवर्तता (periodicity) का नियम प्रतिपादित किया।
- आधुनिक आवर्त सारणी (मोस्ले, 1913) परमाणु क्रमांक (atomic number) पर आधारित है।
Quick Facts:
- मेंडेलीव ने 63 तत्वों को व्यवस्थित किया और खाली स्थान छोड़े (जैसे Ga, Sc, Ge की भविष्यवाणी)।
निम्नलिखित में से कौन-से तत्व का इलेक्ट्रोनिक विन्यास 2, 8, 3 है?
- मैग्नीशियम
- सोडियम
- एल्यूमीनियम
- आर्गन
Explanation:
- 2, 8, 3 = कुल 13 इलेक्ट्रॉन → परमाणु क्रमांक 13 → एल्यूमीनियम (Al)
- मैग्नीशियम (Mg, Z=12) → 2,8,2; सोडियम (Na, Z=11) → 2,8,1; आर्गन (Ar, Z=18) → 2,8,8
Quick Facts:
- Al समूह 13 (IIIA) का है, संयोजकता = 3
डाल्टन का सिद्धांत किस नियम पर आधारित था?
- संवेग संरक्षण
- द्रव्यमान संरक्षण
- ऊर्जा संरक्षण
- आवेश संरक्षण
Explanation:
- डाल्टन का परमाणु सिद्धांत (Dalton’s Atomic Theory, 1808) द्रव्यमान संरक्षण के नियम (Law of Conservation of Mass) और निश्चित अनुपात के नियम (Law of Definite Proportions) पर आधारित था।
- इसमें कहा गया कि परमाणु अविभाज्य हैं और रासायनिक अभिक्रियाओं में उनका पुनर्व्यवस्थापन होता है, जिससे द्रव्यमान संरक्षित रहता है।
Quick Facts:
- द्रव्यमान संरक्षण: लवॉज़ियर (Lavoisier) द्वारा प्रतिपादित
- डाल्टन के सिद्धांत को बाद में उप-परमाणु कणों की खोज के कारण संशोधित किया गया।
एक और कार्बन परमाणुओं के साथ कार्बन द्वारा सहसंयोजक बंध बनाने की विशेषता क्या है?
- इलेक्ट्रॉनीकरण
- आयनीकरण
- विद्युतपघटन
- श्रृंखलन
Explanation:
- कार्बन की अन्य कार्बन परमाणुओं के साथ सहसंयोजक बंध (covalent bonds) बनाकर लंबी शृंखलाएँ (chains) बनाने की विशेषता को श्रृंखलन (Catenation) कहते हैं।
- यह कार्बनिक रसायन (organic chemistry) का आधार है – कार्बन के कारण लाखों कार्बनिक यौगिक बनते हैं।
Quick Facts:
- कार्बन श्रृंखलन में सक्षम है क्योंकि C–C बंध स्थिर है (बंध ऊर्जा ≈ 348 kJ/mol)
- सिलिकॉन (Si) भी श्रृंखलन दिखाता है, पर कम।
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन, ‘सूत्र इकाई द्रव्यमान (formula unit mass)’ शब्द को सर्वोत्तम रूप से परिभाषित करता है?
- किसी आयनिक यौगिक में आयनों के परमाणु द्रव्यमानों का योग, जैसा कि उसके सूत्र द्वारा दर्शाया गया है
- किसी यौगिक के एक मोल का द्रव्यमान
- किसी तत्व के एक परमाणु का द्रव्यमान
- किसी अणु में सभी परमाणुओं के परमाणु द्रव्यमानों का योग
Explanation:
- सूत्र इकाई द्रव्यमान (Formula unit mass) – आयनिक यौगिक (ionic compounds) के लिए उपयोग किया जाता है, जिसमें अणु (molecules) नहीं होते, बल्कि आयनों की एक 3D संरचना होती है।
- इसकी गणना सूत्र में सभी आयनों के परमाणु द्रव्यमानों के योग से होती है (जैसे NaCl: 23 + 35.5 = 58.5 u)।
- आण्विक द्रव्यमान (Molecular mass) – सहसंयोजक यौगिकों (जैसे H₂O, CO₂) के लिए।
Quick Facts:
- आयनिक यौगिक: NaCl, CaO, MgO – सूत्र इकाई द्रव्यमान
- सहसंयोजक यौगिक: H₂O, CH₄ – आण्विक द्रव्यमान
पानी का सापेक्ष आणविक द्रव्यमान क्या है?
- 16 u
- 18 u
- 22 u
- 20 u
Explanation:
- H₂O: 2 × H (1 u) + 1 × O (16 u) = 2 + 16 = 18 u
- 16 u → O परमाणु, 22 u → CO₂? (CO₂ = 44 u), 20 u → HF? (20 u)
Quick Facts:
- H₂O का मोलर द्रव्यमान = 18 g/mol
निम्नलिखित में से किसे एक परमाणु रिएक्टर में विखंडनीय ईंधन के रूप में उपयोग किया जाता है?
- Pu 229
- U 235
- U 208
- Pu 115
Explanation:
- U-235 (यूरेनियम-235) का उपयोग नाभिकीय रिएक्टरों (nuclear reactors) में विखंडनीय ईंधन (fissionable fuel) के रूप में किया जाता है, क्योंकि यह धीमे (थर्मल) न्यूट्रॉनों द्वारा विखंडन (fission) करता है।
- Pu-239 (प्लूटोनियम-239) का भी उपयोग होता है, पर U-235 सबसे सामान्य है (U-238 विखंडनीय नहीं, पर U-235 में समृद्ध किया जाता है)।
Quick Facts:
- U-235 का प्राकृतिक बहुतायत ≈ 0.7%, U-238 ≈ 99.3%
- U-235 + n → Ba-141 + Kr-92 + 3n + ऊर्जा
चिह्न परिपाटी के अनुसार, दर्पण द्वारा निर्मित सीधे प्रतिबिंब की ऊंचाई ……………. रूप से ली जाती है।
- शून्य
- ऋणात्मक
- काल्पनिक
- धनात्मक
Explanation:
- चिह्न परिपाटी (Cartesian sign convention) के अनुसार, सीधा (erect) प्रतिबिंब की ऊँचाई (h’) को धनात्मक (+ve) लिया जाता है, और उल्टा (inverted) प्रतिबिंब की ऊँचाई को ऋणात्मक (-ve) लिया जाता है।
- आवर्धन (m) = h’/h – यदि m धनात्मक है, तो प्रतिबिंब सीधा (आभासी), यदि ऋणात्मक तो उल्टा (वास्तविक)।
Quick Facts:
- समतल दर्पण: h’ = +h (सीधा), m = +1
- उत्तल दर्पण: सदैव सीधा, m धनात्मक
जब किसी तत्व का बाह्यतम कोश लगभग भरा हो, तो उस तत्व की संयोजकता कैसे निर्धारित की जाती है?
- नाभिक में मौजूद न्यूट्रॉनों की कुल संख्या से
- परमाणु के कुल द्रव्यमान से
- नाभिक में मौजूद प्रोटॉनों की कुल संख्या से
- अष्टक को पूरा करने के लिए आवश्यक इलेक्ट्रॉनों की संख्या से
Explanation:
- यदि किसी तत्व का बाहरी कोश (valence shell) लगभग भरा हुआ है (जैसे 5, 6, 7 इलेक्ट्रॉन), तो उसकी संयोजकता (valency) = अष्टक (8) को पूरा करने के लिए आवश्यक इलेक्ट्रॉनों की संख्या (8 – बाहरी इलेक्ट्रॉनों की संख्या)।
- उदाहरण: Cl (2,8,7) → 8 – 7 = 1 (संयोजकता = 1), O (2,6) → 8 – 6 = 2 (संयोजकता = 2)
Quick Facts:
- यदि बाहरी कोश में 1-3 इलेक्ट्रॉन हों → संयोजकता = बाहरी इलेक्ट्रॉनों की संख्या (त्याग करने पर)
- यदि 4 → संयोजकता = 4 (या तो 4 त्याग या 4 ग्रहण), यदि 5-7 → 8 – n
संयोजकता कोश इलेक्ट्रॉनों की संख्या के लिए गलत क्रम की पहचान करें।
- Na < Mg < Al < P < Ar
- Li < Be < B < C < N
- B < N < O < F < Ne
- Al < P < Si < S < Cl
Explanation:
- संयोजी इलेक्ट्रॉनों की संख्या = बाहरी कोश के इलेक्ट्रॉन:
- Al (3), Si (4), P (5), S (6), Cl (7) – सही क्रम: Al (3) < Si (4) < P (5) < S (6) < Cl (7)
- दिए गए विकल्प में “Al < P < Si < S < Cl" गलत है क्योंकि Si (4) < P (5) – यहाँ P, Si से पहले आया है, जो गलत है।
Quick Facts:
- तीसरे आवर्त में संयोजी इलेक्ट्रॉन: Na (1), Mg (2), Al (3), Si (4), P (5), S (6), Cl (7), Ar (8)
न्यूक्लिअन, परमाणु में पाए जाने वाले अवपरमाण्विक कण होते हैं। इनमें ____ शामिल होते हैं।
- इलेक्ट्रॉन
- प्रोटॉन और न्यूट्रॉन
- केवल न्यूट्रॉन
- केवल प्रोटॉन
Explanation:
- न्यूक्लियॉन (Nucleons) = नाभिक में उपस्थित कण – प्रोटॉन (Protons) और न्यूट्रॉन (Neutrons) दोनों।
- इलेक्ट्रॉन (Electron) न्यूक्लियॉन नहीं है, क्योंकि यह नाभिक के बाहर होता है।
Quick Facts:
- द्रव्यमान संख्या (A) = प्रोटॉन + न्यूट्रॉन = न्यूक्लियॉनों की कुल संख्या
डाल्टन के परमाणु सिद्धांत का कौन सा अभिधारणा निश्चित अनुपात के नियम (Law of Definite Proportions) की व्याख्या करता है?
- परमाणु अविभाज्य और अविनाशी होते हैं।
- विभिन्न तत्वों के परमाणुओं के द्रव्यमान और गुण अलग-अलग होते हैं।
- एक ही तत्व के परमाणुओं का द्रव्यमान और आकार समान होता है।
- परमाणु सरल पूर्ण-संख्या अनुपात में मिलकर यौगिक बनाते हैं।
Explanation:
- निश्चित अनुपात का नियम (Law of Definite Proportions) – किसी यौगिक में तत्व सदैव एक निश्चित द्रव्यमान अनुपात में होते हैं (जैसे H₂O में H:O = 2:16 = 1:8)।
- डाल्टन के सिद्धांत की यह अभिधारणा – ‘परमाणु सरल पूर्ण-संख्या अनुपात में संयोग करते हैं’ – इस नियम को स्पष्ट करती है।
Quick Facts:
- प्राउस्ट (Proust) ने इस नियम को प्रतिपादित किया, डाल्टन ने इसे परमाणु सिद्धांत में शामिल किया।
वायुमंडल के उच्च स्तर पर ओजोन _________ अणु का एक उत्पाद है।
- हाइड्रोजन पर कार्यकारी UV विकिरण
- हीलियम पर कार्यकारी UV विकिरण
- ऑक्सीजन पर कार्यकारी UV विकिरण
- नाइट्रोजन पर कार्यकारी UV विकिरण
Explanation:
- ओजोन (O₃) समताप मंडल (stratosphere) में ऑक्सीजन (O₂) अणुओं पर सूर्य के पराबैंगनी (UV) विकिरण की क्रिया से बनता है: O₂ + UV → 2O; O + O₂ → O₃
- यह UV विकिरण (विशेषकर UV-B, UV-C) को अवशोषित करके पृथ्वी की रक्षा करता है।
Quick Facts:
- ओजोन परत में ओजोन (O₃) की सांद्रता लगभग 10-50 km की ऊँचाई पर अधिकतम होती है।
- CFC (क्लोरोफ्लोरोकार्बन) ओजोन परत को क्षति पहुँचाते हैं।
Cl₂ के 71g में परमाणु मौजूद होते हैः
- 1.205 × 10²¹
- 1.205 × 10²⁴
- 1.205 × 10²³
- 1.205 × 10²²
Explanation:
- Cl₂ का मोलर द्रव्यमान = 35.5 × 2 = 71 g/mol
- 71 g Cl₂ = 1 mol Cl₂ = 6.022 × 10²³ अणु Cl₂
- प्रत्येक Cl₂ अणु में 2 Cl परमाणु होते हैं, अतः Cl परमाणुओं की संख्या = 2 × 6.022 × 10²³ = 1.2044 × 10²⁴ ≈ 1.205 × 10²⁴
Quick Facts:
- Cl₂ का मोलर द्रव्यमान = 71 g/mol
- 1 mol Cl₂ = 71 g, 1 mol Cl = 35.5 g
Ca(OH)₂ के अणु में कितने परमाणु मौजूद हैं?
- 7
- 4
- 5
- 6
Explanation:
- Ca(OH)₂: Ca (1) + O (2) + H (2) = 1 + 2 + 2 = 5 परमाणु
- यहाँ ‘अणु’ शब्द आयनिक यौगिक के लिए सटीक नहीं है, पर सूत्र इकाई में 5 परमाणु होते हैं।
Quick Facts:
- Ca(OH)₂ = बुझा चूना (स्लेक्ड लाइम)
निम्नलिखित में से किस वैज्ञानिक ने स्वर्ण पत्री प्रयोग के परिणामों के आधार पर परमाणु का नाभिकीय मॉडल प्रस्तावित किया?
- जॉन डाल्टन (John Dalton)
- अर्नेस्ट रदरफोर्ड (Ernest Rutherford)
- नील्स बोहर (Niels Bohr)
- जे. जे. थॉमसन (J.J. Thomson)
Explanation:
- रदरफोर्ड (Ernest Rutherford) ने 1911 में स्वर्ण पत्री (gold foil) प्रयोग के आधार पर परमाणु का नाभिकीय मॉडल (nuclear model) प्रस्तावित किया, जिसमें एक सघन धनात्मक नाभिक (nucleus) था।
- डाल्टन → ठोस गोला मॉडल, थॉमसन → प्लम पुडिंग, बोहर → क्वांटम कक्षा मॉडल
Quick Facts:
- रदरफोर्ड के प्रयोग से नाभिक की खोज हुई और यह सिद्ध हुआ कि परमाणु का अधिकांश आयतन रिक्त है।
निम्नलिखित में से किस तत्व में तीन संयोजी इलेक्ट्रॉन होते हैं?
- Al
- Ca
- N
- Mg
Explanation:
- Al (एल्यूमीनियम, Z=13) → विन्यास 2,8,3 – 3 संयोजी इलेक्ट्रॉन
- Ca (2,8,8,2) → 2, N (2,5) → 5, Mg (2,8,2) → 2
Quick Facts:
- Al समूह 13 (IIIA) – संयोजकता = 3
निम्नलिखित में से कौन समस्थानिक नहीं हैं?
- H-1, H-2 और H-3
- Cl-35 और Cl-37
- C-12 और C-14
- Ca-20 और Ar-18
Explanation:
- Ca-20 और Ar-18 – ये समभारिक (Isobars) हैं (दोनों की द्रव्यमान संख्या ≈ 40? Ca-40 और Ar-40 वास्तव में समभारिक हैं)।
- समस्थानिक (Isotopes): एक ही तत्व के, Z समान, A भिन्न (जैसे H-1, H-2, H-3; C-12, C-14; Cl-35, Cl-37)।
- Ca-20 (Z=20) और Ar-18 (Z=18) – भिन्न तत्व, Z भिन्न, A समान (40) – ये समभारिक हैं, समस्थानिक नहीं।
Quick Facts:
- समस्थानिक: एक ही तत्व (Z समान) – ¹H, ²H, ³H
- समभारिक: A समान, Z भिन्न – ⁴⁰Ca, ⁴⁰Ar
आयनीकरण ऊर्जा की इकाई क्या है?
- Joule
- N/m²
- KJ mol⁻¹
- KJ m⁻¹
Explanation:
- आयनीकरण ऊर्जा (Ionisation energy) – 1 मोल परमाणुओं से 1 मोल इलेक्ट्रॉन निकालने के लिए आवश्यक ऊर्जा, जिसे kJ mol⁻¹ (किलोजूल प्रति मोल) में मापा जाता है।
- Joule (J) – ऊर्जा की SI इकाई, पर आयनीकरण ऊर्जा प्रति मोल (kJ/mol) व्यक्त की जाती है।
Quick Facts:
- 1 kJ/mol = 1000 J/mol
- आयनीकरण ऊर्जा का क्रम: Na (496) < Mg (738) < Al (577)?? Al < Mg (असामान्य) – पर सामान्य प्रवृत्ति
अवपरमाणुक (subatomic) कणों की खोज से डाल्टन के परमाणु सिद्धांत की कौन-सी अभिधारणा (postulate) गलत सिद्ध हुई?
- समान तत्व के समस्थानिकों का द्रव्यमान भिन्न-भिन्न होता है।
- रासायनिक अभिक्रियाओं में परमाणु अपनी पहचान बनाए रखते हैं।
- विभिन्न तत्वों के परमाणुओं का द्रव्यमान भिन्न-भिन्न होता है।
- द्रव्य (Matter) अविभाज्य परमाणुओं से बना होता है।
Explanation:
- डाल्टन के सिद्धांत की प्रमुख अभिधारणा – “परमाणु अविभाज्य (indivisible) हैं” – उप-परमाणु कणों (इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन, न्यूट्रॉन) की खोज के बाद गलत सिद्ध हुई।
- अन्य अभिधारणाएँ: समस्थानिकों की खोज ने ‘एक तत्व के सभी परमाणु समान’ को गलत सिद्ध किया (भिन्न द्रव्यमान), पर ‘अविभाज्य’ सबसे मौलिक था।
Quick Facts:
- थॉमसन (1897) – इलेक्ट्रॉन, रदरफोर्ड (1911) – प्रोटॉन, चैडविक (1932) – न्यूट्रॉन
निम्नलिखित में से किस वैज्ञानिक ने परमाण्विक द्रव्यमान की अवधारणा दी?
- अर्नेस्ट रदरफोर्ड (Ernest Rutherford)
- जॉन डाल्टन (John Dalton)
- जे. जे. थॉमसन (J.J. Thomson)
- नील्स बोहर (Niels Bohr)
Explanation:
- जॉन डाल्टन (John Dalton) ने 1803 में परमाणु द्रव्यमान (atomic mass) की अवधारणा प्रस्तुत की, और उन्होंने विभिन्न तत्वों के सापेक्ष परमाणु द्रव्यमानों की तालिका भी बनाई (हाइड्रोजन = 1 के सापेक्ष)।
- उनके सिद्धांत में परमाणु द्रव्यमान एक महत्वपूर्ण अवधारणा थी।
Quick Facts:
- डाल्टन ने ‘परमाणु द्रव्यमान’ शब्द का प्रयोग किया और इसे रासायनिक संयोजन का आधार बनाया।
- आधुनिक मानक: कार्बन-12 (¹²C) = 12 u (एकीकृत पैमाना)
प्रेपाइट में, कार्बन परमाणु _____ के साथ जुड़ा होता है?
- एक अन्य कार्बन परमाणु
- चार अन्य कार्बन परमाणु
- दो अन्य कार्बन परमाणु
- तीन अन्य कार्बन परमाणु
Explanation:
- प्रेपाइट (Prepaid?) – यह शायद ‘ग्रेफाइट’ (graphite) या ‘हीरा’ (diamond) का संदर्भ है।
- यदि ‘प्रेपाइट’ → संभवतः ‘प्रोपेन’ या ‘ग्रेफाइट’? – पर सामान्यतः, कार्बन के अपरूपों में: हीरा में प्रत्येक C, 4 अन्य C से जुड़ा होता है; ग्रेफाइट में 3 अन्य C से (sp² संकरण); ग्राफीन में 3 C से।
- यदि ‘प्रेपाइट’ का अर्थ ‘ग्रेफाइट’ (graphite) है, तो कार्बन तीन अन्य कार्बन परमाणुओं से जुड़ा होता है (sp² संकरण, षट्कोणीय संरचना)।
Quick Facts:
- ग्रेफाइट: प्रत्येक C, 3 C से बंधित (परतों में), परतों के बीच दुर्बल वैन डेर वाल्स बल
- हीरा: प्रत्येक C, 4 C से बंधित (sp³ संकरण)
जल की अपघटन अभिक्रिया में _____ और _____ का निर्माण होता है।
- ऑक्सीजन, ओजोन
- इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन
- हाइड्रोजन, न्यूट्रॉन
- ऑक्सीजन, हाइड्रोजन
Explanation:
- जल (H₂O) के विद्युत अपघटन (electrolysis) में, जल ऑक्सीजन (O₂) और हाइड्रोजन (H₂) गैसों में अपघटित (decomposed) होता है:
- 2H₂O → 2H₂ + O₂ (विद्युत अपघटन)
Quick Facts:
- कैथोड पर: H₂ (अपचयन), एनोड पर: O₂ (ऑक्सीकरण)
किसी तत्व के परमाणु में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या इसके _____ के बराबर होती है।
- परमाणु क्रमांक
- द्रव्यमान संख्या
- परमाणु भार
- समतुल्य भार
Explanation:
- एक उदासीन (neutral) परमाणु में, इलेक्ट्रॉनों की संख्या = प्रोटॉनों की संख्या = परमाणु क्रमांक (Z)।
- द्रव्यमान संख्या (A) = प्रोटॉन + न्यूट्रॉन, परमाणु भार = औसत (समस्थानिकों सहित), समतुल्य भार = भिन्न अवधारणा।
Quick Facts:
- आयनों में, इलेक्ट्रॉनों की संख्या = Z – आवेश (धनायन) या Z + आवेश (ऋणायन)।
निम्नलिखित में से किसे न्यूक्लियॉन कहा जाता है?
- केवल इलेक्ट्रॉन
- प्रोटॉन और न्यूट्रॉन
- संयोजक इलेक्ट्रॉन
- नाभिक और प्रोटॉन
Explanation:
- न्यूक्लियॉन (Nucleon) = नाभिक में स्थित कण – प्रोटॉन (p) और न्यूट्रॉन (n)।
- इलेक्ट्रॉन, संयोजी इलेक्ट्रॉन – नाभिक के बाहर होते हैं, इसलिए न्यूक्लियॉन नहीं।
Quick Facts:
- न्यूक्लियॉनों की कुल संख्या = द्रव्यमान संख्या (A)
निम्नलिखित में से किसका उपयोग कैंसर के उपचार में किया जाता है?
- आयोडीन का एक समस्थानिक
- तांबे का एक समस्थानिक
- कोबाल्ट का एक समस्थानिक
- यूरेनियम का एक समस्थानिक
Explanation:
- कैंसर (cancer) के उपचार में रेडियोधर्मी आयोडीन-131 (¹³¹I) का उपयोग थायरॉइड कैंसर (thyroid cancer) के लिए किया जाता है।
- कोबाल्ट-60 (⁶⁰Co) का उपयोग विकिरण चिकित्सा (radiation therapy) में होता है (गामा किरणें उत्सर्जित करता है) – यह भी सही हो सकता है, पर आयोडीन-131 विशेष रूप से थायरॉइड के लिए प्रसिद्ध है।
- विकल्पों में ‘आयोडीन का एक समस्थानिक’ और ‘कोबाल्ट का एक समस्थानिक’ दोनों सही हैं, पर सामान्यतः ¹³¹I (आयोडीन) कैंसर उपचार में प्रयुक्त होता है।
Quick Facts:
- ¹³¹I (आयोडीन-131) – अर्ध-आयु ≈ 8 दिन, β⁻ उत्सर्जक
- ⁶⁰Co (कोबाल्ट-60) – γ उत्सर्जक, कैंसर रेडियोथेरेपी में
परमाणु का रदरफोर्ड मॉडल _____ का वर्णन नहीं करता है।
- नाभिक की उपस्थिति
- परमाणु का आवेश
- इलेक्ट्रॉन की उपस्थिति
- परमाणु की स्थिरता
Explanation:
- रदरफोर्ड मॉडल (1911) ने परमाणु की स्थिरता (stability) की व्याख्या नहीं की – उसके अनुसार, इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर घूमते हैं, पर शास्त्रीय भौतिकी के अनुसार त्वरित आवेश ऊर्जा विकिरित करता है, जिससे वह नाभिक में गिर जाता – यह समस्या बोहर ने (1913) हल की।
- उन्होंने नाभिक, आवेश, इलेक्ट्रॉनों का वर्णन किया।
Quick Facts:
- बोहर ने ‘स्थिर कक्षाएँ’ (stationary orbits) और क्वांटम सिद्धांत का उपयोग करके स्थिरता की व्याख्या की।
इनमें से कौन सा धातु का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास है?
- 2, 8, 3
- 2, 8, 6
- 2, 8, 4
- 2, 8, 5
Explanation:
- धातु (metal) में बाहरी कोश में 1-3 इलेक्ट्रॉन होते हैं (वे इलेक्ट्रॉन त्यागकर धनायन बनाते हैं)।
- 2, 8, 3 = Al (एल्यूमीनियम) – एक धातु (समूह 13)।
- 2,8,6 (S, अधातु), 2,8,4 (Si, उपधातु), 2,8,5 (P, अधातु)
Quick Facts:
- धातुएँ: Na (2,8,1), Mg (2,8,2), Al (2,8,3)
- अधातु: S (2,8,6), Cl (2,8,7), P (2,8,5)
किसी परमाणु के K कोश में समायोजित किए जा सकने वाले अधिकतम इलेक्ट्रॉनों की संख्या कितनी होती है?
- 8
- 18
- 2
- 6
Explanation:
- K कोश (n=1) – सूत्र 2n² के अनुसार: 2(1)² = 2 इलेक्ट्रॉन।
- L कोश (n=2) = 8, M = 18, N = 32
Quick Facts:
- K कोश सबसे भीतरी कोश है।
एक छात्र कैल्शियम फ्लोराइड (CaF₂) का सूत्र इकाई द्रव्यमान की गणना करता है। यदि Ca और F के परमाणु द्रव्यमान क्रमशः 40 u और 19 u हैं, तो सही सूत्र इकाई द्रव्यमान क्या है?
- 97 u
- 78 u
- 100 u
- 59 u
Explanation:
- CaF₂: Ca = 40 u, F = 2 × 19 = 38 u ⇒ कुल = 40 + 38 = 78 u
- 97 u → CaO? (56), 100 u → CaCO₃ (100), 59 u → 40+19 (CaF?)
Quick Facts:
- CaF₂ = कैल्शियम फ्लोराइड (फ्लोराइड खनिज)
इलेक्ट्रॉन की खोज किसने की?
- जेम्स चैडविक
- फिलिप वॉरेन एंडरसन
- यूजेन गोल्डस्टीन
- जे. जे. थॉमसन
Explanation:
- इलेक्ट्रॉन (Electron) की खोज 1897 में जे. जे. थॉमसन (J.J. Thomson) ने कैथोड किरणों (cathode rays) के प्रयोग के माध्यम से की थी।
- चैडविक → न्यूट्रॉन, गोल्डस्टीन → प्रोटॉन (एनोड किरणें), एंडरसन → पॉजिट्रॉन
Quick Facts:
- थॉमसन को इलेक्ट्रॉन की खोज के लिए 1906 में नोबेल पुरस्कार मिला।
रदरफोर्ड के स्वर्ण पत्री प्रयोग द्वारा निम्नलिखित में से क्या खोजा गया था?
- न्यूट्रॉन
- नाभिक
- इलेक्ट्रॉन
- प्रोटॉन
Explanation:
- रदरफोर्ड के α-कण प्रकीर्णन प्रयोग (gold foil experiment, 1911) ने परमाणु नाभिक (nucleus) की खोज की।
- इसने सिद्ध किया कि परमाणु का अधिकांश आयतन रिक्त है, और एक सघन धनात्मक केंद्र (नाभिक) है।
Quick Facts:
- न्यूट्रॉन → चैडविक (1932), इलेक्ट्रॉन → थॉमसन (1897), प्रोटॉन → रदरफोर्ड (1919, पर नाभिक नहीं)
‘नाभिकीय भौतिकी का जनक’ किसे माना जाता है?
- जे.जे. थॉमसन
- ई. रदरफोर्ड
- नील्स बोर
- जे. चैडविक
Explanation:
- अर्नेस्ट रदरफोर्ड (Ernest Rutherford) को ‘नाभिकीय भौतिकी का जनक’ (Father of Nuclear Physics) माना जाता है, क्योंकि उन्होंने परमाणु नाभिक की खोज की और रेडियोधर्मिता पर मौलिक शोध किया।
Quick Facts:
- उन्होंने α, β विकिरणों को वर्गीकृत किया और नाभिकीय विखंडन से पहले महत्वपूर्ण योगदान दिया।
STP पर, 5.6 L O₂ गैस में उपस्थित अणुओं की संख्या है:
- 6.022 × 10²³
- 1.5055 × 10²³
- 2.24 × 10²³
- 3.011 × 10²³
Explanation:
- STP (मानक तापमान और दाब) पर, 1 मोल गैस का आयतन = 22.4 L
- 5.6 L O₂ = 5.6 / 22.4 = 0.25 mol
- अणुओं की संख्या = 0.25 × 6.022 × 10²³ = 1.5055 × 10²³
Quick Facts:
- STP: 0°C (273.15 K) और 1 atm (101.325 kPa)
- 1 mol गैस का आयतन STP पर 22.4 L (आदर्श गैस के लिए)
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन, परमाणु में इलेक्ट्रॉनों की विशेषता का सटीक वर्णन करता है?
- ये नाभिक में स्थित होते हैं।
- ये निश्चित कक्षाओं में नाभिक के परितः घूमते हैं।
- ये धनावेशित होते हैं।
- इनका द्रव्यमान प्रोटॉन के द्रव्यमान के बराबर होता है।
Explanation:
- इलेक्ट्रॉन (Electrons) ऋणात्मक आवेशित कण हैं, जो नाभिक (nucleus) के चारों ओर निश्चित कक्षाओं (orbits) या ऊर्जा स्तरों (energy levels) में घूमते हैं (बोहर के मॉडल के अनुसार)।
- नाभिक में प्रोटॉन (धनात्मक) और न्यूट्रॉन (उदासीन) होते हैं।
- इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान प्रोटॉन से लगभग 1836 गुना कम होता है।
Quick Facts:
- इलेक्ट्रॉन का आवेश: -1.6 × 10⁻¹⁹ C
- इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान: 9.1 × 10⁻³¹ kg
अवोगाद्रो संख्या ______ द्वारा दर्शायी जाती है।
- Aν
- AN
- N₀
- Nₐ
Explanation:
- अवोगाद्रो संख्या (Avogadro number) को Nₐ (या N_A) द्वारा दर्शाया जाता है, जो 1 मोल (mole) में कणों (परमाणु/अणु/आयन) की संख्या है।
- Nₐ = 6.022 × 10²³ mol⁻¹
Quick Facts:
- अवोगाद्रो संख्या को ‘अवोगाद्रो स्थिरांक’ (Avogadro constant) भी कहते हैं।
- इसका नाम इतालवी वैज्ञानिक अमेडियो अवोगाद्रो (Amedeo Avogadro) के नाम पर रखा गया है।
परमाणु द्रव्यमान की वर्तमान प्रणाली किसको मानक के रूप में आधार मानती है?
- हाइड्रोजन-1
- कार्बन-12
- ऑक्सीजन-16
- नाइट्रोजन-14
Explanation:
- आधुनिक परमाणु द्रव्यमान (atomic mass) पैमाना कार्बन-12 (¹²C) समस्थानिक पर आधारित है, जिसका द्रव्यमान ठीक 12 atomic mass units (u) माना जाता है।
- अन्य सभी तत्वों का परमाणु द्रव्यमान इसके सापेक्ष व्यक्त किया जाता है।
Quick Facts:
- 1 u = 1/12 × ¹²C परमाणु का द्रव्यमान = 1.6605 × 10⁻²⁷ kg
- पहले O-16 और H-1 का भी उपयोग हुआ, पर अब C-12 मानक है।
निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म समस्थानिक है?
- ¹H और ²H
- ¹H O और ¹H
- ¹C और ¹H
- ¹CO और ¹H
Explanation:
- समस्थानिक (Isotopes) = समान परमाणु क्रमांक (Z) लेकिन भिन्न द्रव्यमान संख्या (A) वाले परमाणु।
- ¹H (प्रोटियम) और ²H (ड्यूटेरियम) – दोनों के नाभिक में 1 प्रोटॉन है, पर न्यूट्रॉनों की संख्या भिन्न (0 और 1) है, अतः ये समस्थानिक हैं।
Quick Facts:
- हाइड्रोजन के तीन समस्थानिक: ¹H (प्रोटियम), ²H (ड्यूटेरियम), ³H (ट्राइटियम)
- समभारिक (Isobars): समान द्रव्यमान संख्या, भिन्न परमाणु क्रमांक (जैसे ¹⁴C और ¹⁴N)
परमाणु में प्रोटॉन कहाँ पाए जाते हैं?
- ऊर्जा स्तरों
- कक्षकों
- इलेक्ट्रॉन बादल
- नाभिक
Explanation:
- प्रोटॉन (Protons) धनात्मक आवेशित कण हैं, जो परमाणु के नाभिक (nucleus) में स्थित होते हैं (न्यूट्रॉन के साथ)।
- इलेक्ट्रॉन नाभिक के बाहर कक्षाओं में, इलेक्ट्रॉन बादल में होते हैं।
Quick Facts:
- प्रोटॉन का आवेश: +1.6 × 10⁻¹⁹ C
- प्रोटॉन का द्रव्यमान: 1.6726 × 10⁻²⁷ kg
किसी तत्व की परमाणु संख्या नाभिक में ___ की संख्या के बराबर होती है।
- इलेक्ट्रॉन और प्रोटॉन
- न्यूट्रॉन
- इलेक्ट्रॉन
- प्रोटॉन
Explanation:
- परमाणु संख्या (Atomic number, Z) = नाभिक में प्रोटॉनों (Protons) की संख्या।
- उदासीन (neutral) परमाणु में, इलेक्ट्रॉनों की संख्या = प्रोटॉनों की संख्या = Z
Quick Facts:
- Z = प्रोटॉनों की संख्या = तत्व की पहचान (जैसे H = 1, He = 2, C = 6)
परमाणु क्रमांक परमाणु केन्द्र पर ______ की कुल संख्या है।
- फोटॉनों
- प्रोटॉन
- न्यूट्रॉन
- प्लाज्मा
Explanation:
- परमाणु क्रमांक (Atomic number, Z) = नाभिक में प्रोटॉन की कुल संख्या है।
- यही किसी तत्व को परिभाषित करता है (उदाहरण: सभी H परमाणुओं में 1 प्रोटॉन, C में 6, आदि)।
Quick Facts:
- न्यूट्रॉन की संख्या = द्रव्यमान संख्या (A) – परमाणु संख्या (Z)
किसी तत्व के नाभिक में 10 प्रोटॉन और 17 न्यूट्रॉन हैं। इसकी द्रव्यमान संख्या क्या है?
- 27
- 7
- 17
- 10
Explanation:
- द्रव्यमान संख्या (Mass number, A) = प्रोटॉन (Z) + न्यूट्रॉन (N) = 10 + 17 = 27
- यह तत्व नियॉन (Ne) का एक समस्थानिक है (Z=10, A=27, स्थिर नहीं, ²⁷Ne)।
Quick Facts:
- द्रव्यमान संख्या = न्यूक्लियोनों (protons + neutrons) की कुल संख्या
एक रासायनिक समीकरण को संतुलित कहा जाता है यदि संख्या ______।
- परमाणु दोनों तरफ समान हैं
- यौगिक दोनों तरफ समान हैं
- इलेक्ट्रॉन दोनों तरफ समान हैं
- अणु दोनों तरफ समान हैं
Explanation:
- एक संतुलित रासायनिक समीकरण (balanced chemical equation) में, प्रत्येक तत्व के परमाणुओं (atoms) की संख्या अभिकारकों (reactants) और उत्पादों (products) दोनों ओर समान होती है (द्रव्यमान संरक्षण का नियम – Law of Conservation of Mass)।
- अणुओं की संख्या समान होना आवश्यक नहीं (जैसे H₂ + O₂ → H₂O, अणु संतुलित नहीं, पर परमाणु संतुलित होते हैं)।
Quick Facts:
- संतुलित समीकरण में: परमाणुओं की संख्या (प्रत्येक तत्व के लिए) = दोनों ओर
- उदाहरण: 2H₂ + O₂ → 2H₂O (H: 4 = 4, O: 2 = 2)
ऑक्सीजन अणु एक ______ है।
- त्रिपरमाणुक अणु
- द्विपरमाणुक अणु
- चतुष्परमाणुक अणु
- एकपरमाणुक अणु
Explanation:
- ऑक्सीजन अणु (O₂) द्विपरमाणुक (diatomic) है, क्योंकि यह दो ऑक्सीजन परमाणुओं से बना होता है (O=O)।
- अन्य द्विपरमाणुक अणु: H₂, N₂, F₂, Cl₂, Br₂, I₂
- ओजोन (O₃) त्रिपरमाणुक है।
Quick Facts:
- परमाणुकता (Atomicity): एक अणु में परमाणुओं की संख्या
सूत्र इकाई द्रव्यमान ______ होता है।
- किसी यौगिक के सूत्र इकाई में सभी परमाणुओं के परमाणु क्रमांक का योगफल
- किसी यौगिक के सूत्र इकाई में सभी परमाणुओं के प्रोटॉनों की संख्या का योगफल
- किसी यौगिक के सूत्र इकाई में सभी परमाणुओं के परमाणु द्रव्यमानों का योगफल
- किसी यौगिक के सूत्र इकाई में सभी परमाणुओं के इलेक्ट्रॉनों की संख्या का योगफल
Explanation:
- सूत्र इकाई द्रव्यमान (Formula unit mass) = किसी आयनिक यौगिक (ionic compound) की सूत्र इकाई (formula unit) में उपस्थित सभी परमाणुओं के परमाणु द्रव्यमानों (atomic masses) का योग (u में)।
- उदाहरण: NaCl का सूत्र इकाई द्रव्यमान = 23 (Na) + 35.5 (Cl) = 58.5 u
Quick Facts:
- यह अणु द्रव्यमान (molecular mass) के समतुल्य है, पर आयनिक यौगिकों के लिए ‘सूत्र इकाई द्रव्यमान’ शब्द का उपयोग होता है।
कैथोड किरण का प्रयोग पहली बार किसके द्वारा किया गया था?
- जे. जे. थॉमसन
- अर्नेस्ट रदरफोर्ड
- जॉन डाल्टन
- गोल्डस्टीन
Explanation:
- जे. जे. थॉमसन (J.J. Thomson) ने 1897 में कैथोड किरणों (cathode rays) के प्रयोग से इलेक्ट्रॉन की खोज की और e/m (आवेश/द्रव्यमान) अनुपात मापा।
- उन्होंने कैथोड किरण ट्यूब (discharge tube) का उपयोग किया, जिसमें निम्न दाब पर गैस से उत्सर्जित किरणें कैथोड से एनोड की ओर जाती थीं (ये इलेक्ट्रॉनों की धारा थीं)।
Quick Facts:
- कैथोड किरणें ऋणात्मक आवेशित इलेक्ट्रॉनों की धारा हैं।
- गोल्डस्टीन (Goldstein) ने एनोड किरणें (धनात्मक कण) खोजीं।
समभारिक परमाणु वे परमाणु होते हैं, जिनमें ______।
- केवल इलेक्ट्रॉनों की संख्या समान होती है
- परमाणु क्रमांक और द्रव्यमान समान होता है
- केवल न्यूट्रॉनों की संख्या समान होती है
- द्रव्यमान संख्या समान होती है, तथा तत्व भिन्न होते हैं
Explanation:
- समभारिक (Isobars) = समान द्रव्यमान संख्या (A) लेकिन भिन्न परमाणु क्रमांक (Z) वाले परमाणु (भिन्न तत्व)।
- उदाहरण: ¹⁴C (Z=6, A=14) और ¹⁴N (Z=7, A=14) – दोनों की द्रव्यमान संख्या 14 है।
Quick Facts:
- समस्थानिक (Isotopes): समान Z, भिन्न A
- समभारिक (Isobars): समान A, भिन्न Z
इलेक्ट्रॉनिक विन्यास के संबंध में निम्न में से कौन से बिन्दु सही है? A. यह किसी परमाणु के कोशों में इलेक्ट्रॉनों का व्यवस्थापन है। B. यह उपकोशों में इलेक्ट्रॉनों का व्यवस्थापन है। C. यह किसी परमाणु के कक्षों में इलेक्ट्रॉनों का व्यवस्थापन है।
- A, B, C तीनों
- केवल B और C
- केवल A
- केवल A और B
Explanation:
- इलेक्ट्रॉनिक विन्यास (Electronic configuration) – इलेक्ट्रॉनों का कोश (shells: K, L, M, N), उपकोश (subshells: s, p, d, f), और कक्षक (orbitals) में व्यवस्थापन (distribution) – तीनों ही सही हैं, क्योंकि ये सभी स्तरों पर इलेक्ट्रॉनों की व्यवस्था को दर्शाते हैं।
- सामान्यतः, हाईस्कूल स्तर पर ‘कोशों में वितरण’ (जैसे 2, 8, 7) को इलेक्ट्रॉनिक विन्यास कहते हैं, पर उच्च स्तर पर उपकोश/कक्षक भी शामिल होते हैं।
Quick Facts:
- उदाहरण: Cl (Z=17) का विन्यास: कोश → 2,8,7; उपकोश → 1s²2s²2p⁶3s²3p⁵
निम्नलिखित में से कौन-सा, परमाणु का आकार निर्धारित करता है?
- इलेक्ट्रॉन बादल (Electron Clouds)
- न्यूट्रॉन (Neutrons)
- प्रोटॉन (Protons)
- नाभिक (Nucleus)
Explanation:
- परमाणु का आकार (atomic size) इलेक्ट्रॉन बादल (electron cloud) द्वारा निर्धारित होता है, जो नाभिक के चारों ओर इलेक्ट्रॉनों की स्थिति की संभाव्यता (probability) को दर्शाता है (क्वांटम यांत्रिकी)।
- नाभिक अत्यंत छोटा होता है (≈ 10⁻¹⁵ m), जबकि परमाणु का आकार ≈ 10⁻¹⁰ m होता है, जो इलेक्ट्रॉन कक्षाओं के कारण होता है।
Quick Facts:
- नाभिक का आकार: 10⁻¹⁵ m (फर्मी), परमाणु का आकार: 10⁻¹⁰ m (एंगस्ट्रॉम)
परमाणु के किस भाग में विद्युत धारा का निर्माण होता है?
- इलेक्ट्रॉन
- न्यूट्रॉन
- प्रोटॉन
- उपयुक्त में से एक से अधिक
Explanation:
- विद्युत धारा (electric current) इलेक्ट्रॉनों (electrons) के प्रवाह के कारण उत्पन्न होती है (धातुओं में, इलेक्ट्रॉन मुक्त रूप से घूमते हैं और धारा का वहन करते हैं)।
- प्रोटॉन नाभिक में बंधे होते हैं (ठोस अवस्था में नहीं चल सकते), इसलिए वे धारा निर्माण में भाग नहीं लेते।
Quick Facts:
- धातुओं में चालन इलेक्ट्रॉन (free electrons) धारा के वाहक होते हैं।
- इलेक्ट्रॉन का प्रवाह विद्युत धारा की विपरीत दिशा में होता है (परंपरागत धारा) – धारा की दिशा धनात्मक से ऋणात्मक की ओर।
जल का ______ बनाने के लिए, दो हाइड्रोजन अणु ऑक्सीजन के एक अणु से मिलते हैं।
- तीन अणु
- चार अणु
- दो अणु
- एक अणु
Explanation:
- जल (H₂O) बनाने के लिए, 2 हाइड्रोजन अणु (H₂) और 1 ऑक्सीजन अणु (O₂) अभिक्रिया करके 2 जल अणु (2H₂O) बनाते हैं।
- संतुलित समीकरण: 2H₂ + O₂ → 2H₂O
- प्रश्न: “दो हाइड्रोजन अणु ऑक्सीजन के एक अणु से मिलते हैं” – परिणाम: दो जल अणु।
Quick Facts:
- जल का अणु सूत्र: H₂O (2 हाइड्रोजन, 1 ऑक्सीजन परमाणु)
CO का सापेक्ष द्रव्यमान है –
- 28 g
- 44 g
- 12 g
- 16 g
Explanation:
- CO (कार्बन मोनोऑक्साइड) का सापेक्ष आण्विक द्रव्यमान (relative molecular mass) = C (12 u) + O (16 u) = 28 u
- मोलर द्रव्यमान = 28 g/mol, इसलिए 1 मोल CO का द्रव्यमान 28 g होता है।
- CO₂ (44 g), C (12 g), O₂ (32 g) – ये अन्य मान हैं।
Quick Facts:
- CO एक विषैली गैस है, जो अपूर्ण दहन से बनती है।
सत्यान विज्ञान में आयन क्या है?
- केवल न्यूट्रॉन वाला एक परमाणु
- एक आवेशित परमाणु या अणु
- प्रोटॉन और न्यूट्रॉन का एक संयोजन
- एक उदासीन परमाणु
Explanation:
- आयन (Ion) = एक आवेशित (charged) परमाणु या परमाणुओं का समूह (अणु), जो इलेक्ट्रॉनों के खोने (धनायन, cation) या पाने (ऋणायन, anion) से बनता है।
- उदाहरण: Na⁺ (धनायन), Cl⁻ (ऋणायन), NH₄⁺ (बहुपरमाणुक आयन)
Quick Facts:
- धनायन (Cation): +ve आवेश, इलेक्ट्रॉन खोता है
- ऋणायन (Anion): -ve आवेश, इलेक्ट्रॉन प्राप्त करता है
रदरफोर्ड के स्वर्ण पत्री प्रयोग ने परमाणु की संरचना के बारे में क्या निष्कर्ष निकाला?
- परमाणु प्रोटॉन, न्यूट्रॉन और इलेक्ट्रॉनों से बने होते हैं जो एक यादृच्छिक व्यवस्था में होते हैं।
- परमाणुओं में एक समान धनात्मक आवेश होता है जो उनके पूरे आयतन में फैला होता है।
- परमाणुओं में एक धनात्मक आवेशित नाभिक और ऋणात्मक आवेशित इलेक्ट्रॉन होते हैं।
- परमाणु अविभाज्य और ठोस गोले हैं।
Explanation:
- रदरफोर्ड के α-कण प्रकीर्णन प्रयोग (Rutherford’s gold foil experiment) से निष्कर्ष:
- 1. अधिकांश α-कण सीधे गुजरे → परमाणु अधिकांशतः रिक्त है।
- 2. कुछ α-कण छोटे कोणों पर विक्षेपित हुए → धनात्मक आवेश केंद्र में (नाभिक) है।
- 3. बहुत कम (1/20,000) 180° पर वापस लौटे → नाभिक अत्यंत छोटा और घना है।
- अतः परमाणु में धनात्मक नाभिक और उसके चारों ओर इलेक्ट्रॉन होते हैं।
Quick Facts:
- यह मॉडल ‘नाभिकीय मॉडल’ (nuclear model) कहलाता है।
एक तत्व का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 6 है। तत्व की पहचान कीजिए-
- नाइट्रोजन
- ऑक्सीजन
- क्लोरीन
- ब्रोमीन
Explanation:
- इलेक्ट्रॉन विन्यास 2, 6 → कुल इलेक्ट्रॉन = 2 + 6 = 8 → परमाणु क्रमांक Z = 8 → तत्व = ऑक्सीजन (O)
- नाइट्रोजन (Z=7) → 2, 5; क्लोरीन (Z=17) → 2, 8, 7; ब्रोमीन (Z=35) → 2, 8, 18, 7
Quick Facts:
- ऑक्सीजन समूह 16 (VIA) में है, इसके संयोजी इलेक्ट्रॉन = 6
Na₂SO₄ का परिकलित सूत्र इकाई द्रव्यमान (calculated formula unit mass) कितना होता है?
- 146 u
- 148 u
- 142 u
- 140 u
Explanation:
- Na₂SO₄ (सोडियम सल्फेट) का सूत्र इकाई द्रव्यमान:
- Na = 23 u (×2 = 46), S = 32 u, O = 16 u (×4 = 64)
- कुल = 46 + 32 + 64 = 142 u
Quick Facts:
- Na₂SO₄ एक आयनिक यौगिक है, इसलिए ‘सूत्र इकाई द्रव्यमान’ (formula unit mass) शब्द का उपयोग होता है।
ऑक्सीजन के सबसे बाहरी ______ कोश में ______ इलेक्ट्रॉन होते हैं।
- M, 8
- L, 6
- K, 8
- M, 6
Explanation:
- ऑक्सीजन (Z=8) का इलेक्ट्रॉन विन्यास: K = 2, L = 6
- सबसे बाहरी कोश = L (दूसरा कोश), जिसमें 6 इलेक्ट्रॉन होते हैं (संयोजी इलेक्ट्रॉन)।
Quick Facts:
- K (n=1) = 2 इलेक्ट्रॉन, L (n=2) = 8 (अधिकतम), M (n=3) = 18
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन, सूत्र इकाई को परिभाषित करता है?
- एक अणु का द्रव्यमान
- किसी यौगिक के एक मोल का द्रव्यमान
- एक परमाणु का द्रव्यमान
- किसी आयनिक यौगिक की सूत्र इकाई में सभी परमाणुओं के परमाणु द्रव्यमानों का योग
Explanation:
- सूत्र इकाई (Formula unit) – आयनिक यौगिक (ionic compound) का सबसे छोटा तटस्थ (neutral) समूह (जैसे NaCl, Na₂SO₄), जो यौगिक के संपूर्ण अनुपात को दर्शाता है।
- इसका द्रव्यमान = सूत्र इकाई में सभी परमाणुओं के परमाणु द्रव्यमानों का योग (u में)।
Quick Facts:
- सहसंयोजक यौगिक (covalent) के लिए ‘अणु द्रव्यमान’ (molecular mass) शब्द का उपयोग होता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वोत्तम रूप से इसकी व्याख्या करता है कि क्यों किसी तत्व के सभी परमाणुओं को एक ही प्रतीक द्वारा दर्शाया जाता है?
- क्योंकि उनके नाभिक में प्रोटॉनों की संख्या समान होती है
- क्योंकि उनकी द्रव्यमान संख्याएं सदैव समान होती हैं
- क्योंकि उनके नाभिक में न्यूट्रॉनों की संख्या समान होती है
- क्योंकि उनके भौतिक गुणधर्म समान होते हैं
Explanation:
- किसी तत्व के सभी परमाणुओं में प्रोटॉनों की संख्या (परमाणु क्रमांक, Z) समान होती है, और यही तत्व को परिभाषित करता है – इसलिए उन्हें एक ही रासायनिक प्रतीक (symbol) द्वारा दर्शाया जाता है।
- समस्थानिकों (isotopes) में प्रोटॉन समान, न्यूट्रॉन भिन्न होते हैं, पर प्रतीक समान रहता है (जैसे ¹H, ²H, ³H सभी H)।
Quick Facts:
- प्रतीक = तत्व की पहचान (जैसे H = हाइड्रोजन, O = ऑक्सीजन)
‘समस्थानिक’ शब्द किसको संदर्भित करता है?
- समान बंध संरचना वाले तत्व
- समान परमाणु क्रमांक लेकिन भिन्न द्रव्यमान संख्या वाले तत्व
- भिन्न परमाणु क्रमांक लेकिन समान द्रव्यमान संख्या वाले तत्व
- समान भौतिक और रासायनिक गुण वाले तत्व
Explanation:
- समस्थानिक (Isotopes) = समान परमाणु क्रमांक (Z) लेकिन भिन्न द्रव्यमान संख्या (A) वाले परमाणु (अतः न्यूट्रॉनों की संख्या भिन्न होती है)।
- उदाहरण: ¹²C और ¹⁴C (दोनों C, Z=6, पर A=12 और 14)।
Quick Facts:
- समस्थानिकों के रासायनिक गुण समान होते हैं (क्योंकि Z समान है), पर भौतिक गुण भिन्न हो सकते हैं।
पदार्थ का मूल रूप, जिसे रासायनिक अभिक्रियाओं द्वारा सरल पदार्थों में नहीं तोड़ा जा सकता है, कहलाता है –
- सिद्धांत
- तत्व
- माध्य
- समस्थानिक
Explanation:
- तत्व (Element) = पदार्थ का मूल रूप, जिसे रासायनिक अभिक्रियाओं द्वारा सरल पदार्थों में नहीं तोड़ा जा सकता है (जैसे H, O, C, Fe, आदि)।
- यौगिक (compound) रासायनिक रूप से सरल तत्वों में टूट सकते हैं (जैसे H₂O → H₂ + O₂), पर तत्व स्वयं नहीं टूट सकते।
Quick Facts:
- तत्व एक ही प्रकार के परमाणुओं से बना होता है।
16g ऑक्सीजन में परमाणुओं की संख्या होती है-
- 6.022 × 10⁻²⁰
- 6.022 × 10²³
- 3.011 × 10²³
- 6.022 × 10²³
Explanation:
- ऑक्सीजन का परमाणु द्रव्यमान = 16 u, अतः 16 g O = 1 मोल O = 6.022 × 10²³ परमाणु (अवोगाद्रो संख्या)।
- ध्यान दें: O₂ अणु (आण्विक ऑक्सीजन) के लिए, 16 g O₂ में अणुओं की संख्या = 6.022 × 10²³ / 2 = 3.011 × 10²³ (क्योंकि O₂ का मोलर द्रव्यमान 32 g/mol है)।
Quick Facts:
- 1 मोल = 6.022 × 10²³ कण (परमाणु/अणु/आयन)
निम्नलिखित वैज्ञानिकों में से किसे आधुनिक आवर्त नियम के विकास का श्रेय दिया जाता है?
- अर्नेस्ट रदरफोर्ड
- दिमित्री मेंडेलीव
- जॉन डाल्टन
- जे.जे. थॉमसन
Explanation:
- आधुनिक आवर्त नियम (Modern Periodic Law) का विकास दिमित्री मेंडेलीव (Dmitri Mendeleev) ने किया (1869) – उन्होंने तत्वों को बढ़ते परमाणु द्रव्यमान के क्रम में व्यवस्थित किया और आवर्तता (periodicity) का नियम दिया।
- बाद में, हेनरी मोस्ले (Henry Moseley) ने परमाणु क्रमांक के आधार पर इसे संशोधित किया, पर मूल श्रेय मेंडेलीव को है।
Quick Facts:
- मेंडेलीव ने कुछ तत्वों (Ga, Sc, Ge) की भविष्यवाणी की थी।
निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प, ‘सूत्र इकाई द्रव्यमान (formula unit mass)’ पद की सर्वोत्तम रूप से व्याख्या करता है?
- किसी तत्व के एकल परमाणु का द्रव्यमान
- किसी यौगिक की एक सूत्र इकाई में सभी परमाणुओं का कुल द्रव्यमान
- किसी तत्व के एकल अणु का द्रव्यमान
- किसी पदार्थ के एक मोल का द्रव्यमान
Explanation:
- सूत्र इकाई द्रव्यमान (Formula unit mass) = किसी आयनिक यौगिक (ionic compound) की सूत्र इकाई (जैसे NaCl, CaCO₃) में सभी परमाणुओं के परमाणु द्रव्यमानों का योग (u में) है।
- यह ‘अणु द्रव्यमान’ के समतुल्य है, पर आयनिक यौगिकों के लिए ‘अणु’ शब्द का उपयोग नहीं किया जाता (क्योंकि वे अणु नहीं बनाते, बल्कि आयनिक जालक (lattice) बनाते हैं)।
Quick Facts:
- NaCl का सूत्र इकाई द्रव्यमान = 23 + 35.5 = 58.5 u
थॉमसन ने अपने परमाणु मॉडल का वर्णन करने के लिए निम्नलिखित में से किस सादृश्य (analogy) का उपयोग किया?
- सौर परिवार (Solar system)
- ग्रह प्रणाली (Planetary system)
- परमाणु कोर-शैल (Nuclear core-shell)
- क्रिसमस पुडिंग (Christmas pudding)
Explanation:
- थॉमसन (J.J. Thomson) ने अपने परमाणु मॉडल (1898) को ‘क्रिसमस पुडिंग मॉडल’ (Plum pudding model) कहा, जिसमें धनात्मक आवेश पूरे परमाणु में फैला था और ऋणात्मक इलेक्ट्रॉन उसमें ‘खीर में आलूबुखारे’ (plums in pudding) की तरह अंतर्निहित थे।
- सौर परिवार/ग्रह प्रणाली – रदरफोर्ड/बोहर मॉडल में इस्तेमाल हुआ।
Quick Facts:
- इस मॉडल को बाद में रदरफोर्ड के α-कण प्रयोग ने खारिज कर दिया।
निम्नलिखित में से कौन-सा समस्थानिक कैंसर के उपचार में उपयोग किया जाता है?
- यूरेनियम का समस्थानिक
- आयोडीन का समस्थानिक
- कोबाल्ट का समस्थानिक
- कार्बन का समस्थानिक
Explanation:
- कोबाल्ट-60 (⁶⁰Co) समस्थानिक का उपयोग कैंसर के उपचार (रेडियोथेरेपी) में किया जाता है, क्योंकि यह γ (गामा) विकिरण उत्सर्जित करता है, जो कैंसर कोशिकाओं को नष्ट कर सकता है।
- आयोडीन-131 (¹³¹I) का उपयोग थायरॉइड कैंसर में होता है, पर कोबाल्ट-60 अधिक सामान्य है।
Quick Facts:
- ⁶⁰Co का उपयोग कैंसर रेडियोथेरेपी, खाद्य विकिरणीकरण, औद्योगिक रेडियोग्राफी में होता है।
रदरफोर्ड के स्वर्ण-पत्री प्रयोग से परमाणु मॉडल में एक बड़ा संशोधन हुआ। प्रयोग के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन-सा प्रेक्षण और निष्कर्ष सबसे यथार्थ है?
- इलेक्ट्रॉन नाभिक में मौजूद होते हैं और परमाणु के द्रव्यमान के लिए जिम्मेदार होते हैं।
- अल्फा कण विक्षेपित होते हैं क्योंकि वे इलेक्ट्रॉनों से टकराते हैं और पूरे परमाणु में समान रूप से फैल जाते हैं।
- नाभिक धनावेशित होता है और परमाणु का अधिकांश आयतन घेरता है।
- अधिकांश अल्फा कण पत्री से बिना विक्षेपित हुए गुजर गए, जो यह दर्शाता है कि परमाणु अधिकांशतः रिक्त स्थान हैं।
Explanation:
- रदरफोर्ड के प्रयोग में:
- अधिकांश α-कण (99% से अधिक) स्वर्ण पत्री (gold foil) से बिना विक्षेपित (undeflected) गुजरे → निष्कर्ष: परमाणु अधिकांशतः रिक्त (mostly empty space) है।
- कुछ कण छोटे कोणों पर विक्षेपित हुए (धनात्मक नाभिक के पास से गुजरने पर), और बहुत कम 180° पर (नाभिक से टकराने पर)।
Quick Facts:
- इस प्रयोग ने थॉमसन के ‘प्लम पुडिंग’ मॉडल को खारिज कर दिया।
एक अणु बनाने वाले परमाणुओं की संख्या को ______ कहा जाता है।
- मोलरता
- परमाणुकता
- प्रसामान्यता
- संयोजकता
Explanation:
- परमाणुकता (Atomicity) = एक अणु (molecule) में उपस्थित परमाणुओं (atoms) की संख्या।
- उदाहरण: O₂ = 2 (द्विपरमाणुक), O₃ = 3 (त्रिपरमाणुक), P₄ = 4 (चतुष्परमाणुक), He = 1 (एकपरमाणुक)।
- मोलरता (Molarity) = विलयन की सांद्रता, संयोजकता (Valency) = बंध बनाने की क्षमता।
Quick Facts:
- परमाणुकता = अणु में परमाणुओं की संख्या
बाह्यतम कोश में उपस्थित इलेक्ट्रॉन्स की संख्या को ______ कहा जाता है-
- संयोजी इलेक्ट्रॉन
- इलेक्ट्रॉन बन्धुता
- आयनीकरण ऊर्जा
- विद्युत ऋणात्मकता
Explanation:
- संयोजी इलेक्ट्रॉन (Valence electrons) = किसी परमाणु के सबसे बाहरी कोश (outermost shell) में स्थित इलेक्ट्रॉन, जो रासायनिक बंध (bond) बनाने में भाग लेते हैं।
- इलेक्ट्रॉन बन्धुता (Electron affinity) = इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने की प्रवृत्ति, आयनीकरण ऊर्जा (Ionization energy) = इलेक्ट्रॉन निकालने की ऊर्जा, विद्युत ऋणात्मकता (Electronegativity) = इलेक्ट्रॉन आकर्षित करने की क्षमता।
Quick Facts:
- उदाहरण: Na (2,8,1) → 1 संयोजी इलेक्ट्रॉन, Cl (2,8,7) → 7 संयोजी इलेक्ट्रॉन
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- परमाणु के आकार की तुलना में नाभिक का आकार बड़ा होता है।
- इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर अण्डाकार पथों में परिक्रमण करते हैं।
- इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर वृत्तीय पथों में परिक्रमण नहीं करते हैं।
- इलेक्ट्रॉनों का द्रव्यमान प्रोटॉनों और न्यूट्रॉनों की तुलना में बहुत कम होता है।
Explanation:
- इलेक्ट्रॉन (electron) का द्रव्यमान (9.1 × 10⁻³¹ kg) प्रोटॉन (1.67 × 10⁻²⁷ kg) और न्यूट्रॉन (1.67 × 10⁻²⁷ kg) की तुलना में बहुत कम होता है (लगभग 1/1836 गुना)।
- नाभिक का आकार परमाणु से बहुत छोटा होता है (≈ 10⁻¹⁵ m बनाम 10⁻¹⁰ m) – पहला कथन गलत है।
- इलेक्ट्रॉन निश्चित वृत्तीय/अण्डाकार कक्षाओं में घूमते हैं (बोहर/सोमरफेल्ड) – विकल्प गलत/अधूरा है।
Quick Facts:
- इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान ≈ 1/1836 × प्रोटॉन का द्रव्यमान
_____ की संख्या परमाणु के द्रव्यमान संख्या और परमाणु संख्या के अंतर के बराबर है।
- प्रोटॉन और इलेक्ट्रॉन दोनों
- न्यूट्रॉन
- इलेक्ट्रॉन
- प्रोटॉन
Explanation:
- द्रव्यमान संख्या (A) = प्रोटॉन (Z) + न्यूट्रॉन (N)
- अतः न्यूट्रॉनों (Neutrons) की संख्या = A – Z
- उदाहरण: ²³Na (Z=11, A=23) → न्यूट्रॉन = 23 – 11 = 12
Quick Facts:
- न्यूट्रॉन उदासीन (neutral) कण हैं, जो नाभिक में प्रोटॉन के साथ स्थित होते हैं।
उस ब्रिटिश रसायनज्ञ का नाम बताइए जिसने 1808 में द्रव्यमान के संरक्षण और निश्चित अनुपात के नियम पर अपना परमाणु सिद्धांत प्रस्तुत किया, जो पदार्थ के अध्ययन में एक क्रांतिकारी परिवर्तन था।
- अर्नेस्ट रदरफोर्ड
- लवॉज़िए
- प्राउस्ट
- जॉन डाल्टन
Explanation:
- जॉन डाल्टन (John Dalton) ने 1808 में अपना परमाणु सिद्धांत (Atomic Theory) प्रस्तुत किया, जो द्रव्यमान संरक्षण (Law of Conservation of Mass) और निश्चित अनुपात (Law of Definite Proportions) के नियमों पर आधारित था।
- इस सिद्धांत ने पदार्थ को परमाणुओं (अविभाज्य कणों) से बना माना।
Quick Facts:
- डाल्टन के सिद्धांत की मान्यताएँ बाद में (इलेक्ट्रॉन/प्रोटॉन की खोज के साथ) संशोधित की गईं।
किसी धातु के निष्कर्षण की विधि _____ पर निर्भर करती है।
- उसके द्रव्यमान संख्या
- उसके रंग
- उसके परमाणु क्रमांक
- अभिक्रियाशीलता श्रेणी में उसकी स्थिति
Explanation:
- धातु के निष्कर्षण (extraction of metal) की विधि अभिक्रियाशीलता श्रेणी (reactivity series) में उसकी स्थिति पर निर्भर करती है:
- अत्यधिक अभिक्रियाशील (K, Na, Ca, Mg) → विद्युत अपघटन (electrolysis)
- मध्यम अभिक्रियाशील (Zn, Fe, Pb) → कार्बन/CO द्वारा अपचयन (reduction)
- कम अभिक्रियाशील (Cu, Ag) → प्राकृतिक अवस्था में या गर्म करने पर
Quick Facts:
- अभिक्रियाशीलता श्रेणी: K > Na > Ca > Mg > Al > Zn > Fe > Pb > Cu > Ag > Au
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन, किसी तत्व के परमाणु क्रमांक को सर्वोत्तम रूप से परिभाषित करता है?
- किसी परमाणु के नाभिक में न्यूट्रॉनों की संख्या
- किसी परमाणु के नाभिक में प्रोटॉनों की संख्या
- नाभिक में प्रोटॉनों और न्यूट्रॉनों की कुल संख्या
- किसी परमाणु के बाह्यतम कोश में इलेक्ट्रॉनों की संख्या
Explanation:
- परमाणु क्रमांक (Atomic number, Z) = नाभिक में प्रोटॉनों (protons) की संख्या, जो तत्व की पहचान करती है।
- न्यूट्रॉनों की संख्या → A – Z, प्रोटॉन+न्यूट्रॉन → द्रव्यमान संख्या (Mass number), बाह्यतम इलेक्ट्रॉन → संयोजी इलेक्ट्रॉन।
Quick Facts:
- Z = प्रोटॉनों की संख्या = इलेक्ट्रॉनों की संख्या (उदासीन परमाणु में)
निम्नलिखित में से कौन NaCl का सूत्र इकाई द्रव्यमान है?
- 71 u
- 35.5 u
- 94 u
- 58.5 u
Explanation:
- NaCl (सोडियम क्लोराइड) का सूत्र इकाई द्रव्यमान = Na (23 u) + Cl (35.5 u) = 58.5 u
- 71 u → Cl₂ का अणु द्रव्यमान, 35.5 u → Cl का परमाणु द्रव्यमान, 94 u → अन्य यौगिकों के लिए
Quick Facts:
- NaCl का मोलर द्रव्यमान = 58.5 g/mol
परमाणु के नाभिक में उपस्थित न्यूट्रॉनों और प्रोटॉनों की संख्या का योग _____ कहलाता है।
- समानता
- परमाणु संख्या
- द्रव्यमान संख्या
- परमाणु क्रमांक
Explanation:
- द्रव्यमान संख्या (Mass number, A) = नाभिक में प्रोटॉनों (Z) और न्यूट्रॉनों (N) की कुल संख्या = Z + N
- परमाणु संख्या (Z) = केवल प्रोटॉनों की संख्या
Quick Facts:
- न्यूक्लियोन (Nucleons) = प्रोटॉन + न्यूट्रॉन
परमाणु द्रव्यमान की सही परिभाषा क्या है?
- यह एक हाइड्रोजन अणु का द्रव्यमान होता है।
- यह कार्बन-12 परमाणु का सापेक्षिक द्रव्यमान होता है।
- यह किसी परमाणु का द्रव्यमान (ग्राम) में होता है।
- यह एक परमाणु का द्रव्यमान (किलोग्राम) में होता है।
Explanation:
- परमाणु द्रव्यमान (atomic mass) = कार्बन-12 (¹²C) परमाणु के द्रव्यमान के 1/12वें भाग के सापेक्ष एक परमाणु का द्रव्यमान (atomic mass unit, u में)।
- यह एक सापेक्षिक (relative) मान है, न कि पूर्ण द्रव्यमान (kg में नहीं)।
Quick Facts:
- 1 u = 1/12 × ¹²C का द्रव्यमान = 1.6605 × 10⁻²⁷ kg
किसी तत्व का सबसे बाहरी कोश, जो उच्चतम मुख्य क्वांटम संख्या के साथ संबंधित होता है, उसके इलेक्ट्रॉन को _____ कहा जाता है।
- प्रभावी इलेक्ट्रॉन
- बैंड इलेक्ट्रॉन
- कोर इलेक्ट्रॉन
- संयोजी इलेक्ट्रॉन
Explanation:
- संयोजी इलेक्ट्रॉन (Valence electrons) = वे इलेक्ट्रॉन जो किसी परमाणु के सबसे बाहरी कोश (outermost shell) में होते हैं, जिसकी मुख्य क्वांटम संख्या (n) उच्चतम होती है।
- ये इलेक्ट्रॉन रासायनिक बंध (chemical bonding) में भाग लेते हैं।
Quick Facts:
- कोर इलेक्ट्रॉन (core electrons) = आंतरिक कोशों में, बंध में भाग नहीं लेते।
नाइट्रोजन गैस का रासायनिक प्रतीक क्या है?
- Na
- Ni
- N₂
- N⁺
Explanation:
- नाइट्रोजन गैस (Nitrogen gas) का अणु सूत्र N₂ है (यह द्विपरमाणुक गैस है)।
- Na = सोडियम, Ni = निकेल, N⁺ = नाइट्रोजन आयन (धनायन, सामान्यतः नहीं)।
Quick Facts:
- वायु में नाइट्रोजन (N₂) ≈ 78% (आयतन से) है।
जब कोई परमाणु एक इलेक्ट्रॉन खो देता है तो क्या होता है?
- यह ऋणायन बन जाता है
- यह उदासीन हो जाता है
- यह धनायन बन जाता है
- यह अणु बन जाता है
Explanation:
- जब कोई परमाणु इलेक्ट्रॉन (ऋणात्मक आवेश) खो देता है, तो उसमें प्रोटॉनों (धनात्मक) की संख्या अधिक हो जाती है, जिससे वह धनायन (cation, +ve आयन) बन जाता है।
- उदाहरण: Na → Na⁺ + e⁻ (Na⁺ धनायन)
- इलेक्ट्रॉन प्राप्त करने पर → ऋणायन (anion, जैसे Cl⁻)
Quick Facts:
- धनायन: धातुएँ आमतौर पर इलेक्ट्रॉन खोकर धनायन बनाती हैं।
द्रव्यमान संख्या के संदर्भ में कौन-सा कथन सत्य है?
- यह सदैव परमाणु संख्या की दोगुनी होती है।
- यह एक परमाणु में प्रोटॉन और न्यूट्रॉन की संख्या का योगफल है।
- यह एक परमाणु में इलेक्ट्रॉन की संख्या के बराबर होती है।
- यह एक परमाणु में प्रोटॉन और इलेक्ट्रॉन की कुल संख्या है।
Explanation:
- द्रव्यमान संख्या (A) = प्रोटॉन (Z) + न्यूट्रॉन (N) की संख्या (न्यूक्लियोनों की कुल संख्या)।
- इलेक्ट्रॉनों का द्रव्यमान नगण्य होता है, इसलिए वे द्रव्यमान संख्या में योगदान नहीं करते।
Quick Facts:
- A = Z + N (जहाँ N = न्यूट्रॉनों की संख्या)
निम्नलिखित में से कौन-सा कण, द्रव्यमान संख्या में योगदान देता है?
- इलेक्ट्रॉन और प्रोटॉन
- केवल इलेक्ट्रॉन
- प्रोटॉन और न्यूट्रॉन
- केवल प्रोटॉन
Explanation:
- द्रव्यमान संख्या (A) = प्रोटॉन (protons) + न्यूट्रॉन (neutrons) (ये दोनों न्यूक्लियोन हैं, जिनका द्रव्यमान लगभग 1 u है)।
- इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान अत्यंत कम (≈ 1/1836 u) होता है, इसलिए इसका योगदान नगण्य है।
Quick Facts:
- प्रोटॉन और न्यूट्रॉन को ‘न्यूक्लियोन’ (nucleons) कहते हैं।
MgCO₃ के 21 ग्राम में _____ मोल मैग्नीशियम होगा।
- 0.31
- 0.25
- 0.21
- 0.15
Explanation:
- MgCO₃ (मैग्नीशियम कार्बोनेट) का मोलर द्रव्यमान = 24 (Mg) + 12 (C) + 3×16 (O) = 24 + 12 + 48 = 84 g/mol
- 21 g MgCO₃ में मोल = 21/84 = 0.25 mol
- प्रत्येक मोल MgCO₃ में 1 मोल Mg होता है, अतः Mg के मोल = 0.25 mol
Quick Facts:
- मोल (mol) = द्रव्यमान (g) / मोलर द्रव्यमान (g/mol)
निम्नलिखित में से किस तत्व में तीन कोश होते हैं और दो संयोजकता इलेक्ट्रॉन होते हैं?
- Cl
- Si
- Mg
- P
Explanation:
- तीन कोश (K, L, M) → आवर्त 3 (period 3) का तत्व
- 2 संयोजी इलेक्ट्रॉन → समूह 2 (group 2) का तत्व
- समूह 2, आवर्त 3 = Mg (मैग्नीशियम, Z=12, विन्यास 2, 8, 2)
- Cl (Z=17) → 2, 8, 7 (7 संयोजी), Si (Z=14) → 2, 8, 4, P (Z=15) → 2, 8, 5
Quick Facts:
- Mg एक क्षारीय मृदा धातु (alkaline earth metal) है।
ईषी कुरोसावा द्वारा जिबरैलिक अम्ल की खोज किस वर्ष में की गई थी, जो बीज के अंकुरण और कोशिका प्रसार को उत्तेजित करने के लिए जाना जाता है?
- 1950
- 1926
- 1910
- 1975
Explanation:
- जिबरैलिक अम्ल (Gibberellic acid) एक पादप हार्मोन (plant hormone) है, जिसे जापानी वैज्ञानिक ईषी कुरोसावा (Eiichi Kurosawa) ने 1926 में खोजा था, जब उन्होंने पाया कि फ्यूजेरियम (Fusarium) कवक द्वारा उत्पादित एक पदार्थ धान के पौधों में असामान्य वृद्धि (बकाने रोग, ‘foolish seedling’) का कारण बनता है।
Quick Facts:
- जिबरैलिन (Gibberellins) बीज अंकुरण, तना वृद्धि, कोशिका विभाजन और प्रसार को उत्तेजित करते हैं।
द्रव्यमान संख्या के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?
- न्यूक्लियोन्स की संख्या द्रव्यमान संख्या के समान होती है।
- द्रव्यमान संख्या, न्यूट्रॉनों की संख्या और प्रोटॉनों की संख्या के योगफल के बराबर होती है।
- आइसोबार की द्रव्यमान संख्या समान होती है।
- प्रोटियम और ड्यूटेरियम की द्रव्यमान संख्या समान होती है।
Explanation:
- प्रोटियम (¹H) की द्रव्यमान संख्या = 1, ड्यूटेरियम (²H) की = 2 – दोनों समान नहीं हैं (ये समस्थानिक हैं)।
- अतः यह कथन गलत है।
- अन्य कथन सत्य हैं: न्यूक्लियोन = प्रोटॉन + न्यूट्रॉन = A, समभारिक (isobars) की A समान होती है।
Quick Facts:
- प्रोटियम: ¹H (1 प्रोटॉन, 0 न्यूट्रॉन), ड्यूटेरियम: ²H (1 प्रोटॉन, 1 न्यूट्रॉन)
ऐलुमिनियम का परमाणु द्रव्यमान 27 है। 54 ग्राम ऐलुमिनियम में मौजूद अणुओं की संख्या होगी:
- 2
- 3
- 1
- 4
Explanation:
- ऐलुमिनियम (Al) एक परमाणु (तत्व) है, ‘अणु’ नहीं – प्रश्न में ‘मोल’ पूछा गया होगा।
- Al का मोलर द्रव्यमान = 27 g/mol
- 54 g Al में मोल = 54/27 = 2 मोल
- अतः ‘अणुओं’ (परमाणुओं) की संख्या = 2 × 6.022 × 10²³ = 1.2044 × 10²⁴, पर विकल्पों में ‘2’ (मोल) सही है।
Quick Facts:
- 1 मोल = 6.022 × 10²³ कण (परमाणु/अणु)
परमाणु हथियार में प्रयुक्त होने वाले सबसे आम समस्थानिक हैं:
- यूरेनियम और प्लूटोनियम
- यूरेनियम और लिथियम
- ड्यूटेरियम और लिथियम
- ड्यूटेरियम और प्लूटोनियम
Explanation:
- परमाणु हथियार (atomic weapons) और नाभिकीय रिएक्टरों में यूरेनियम-235 (²³⁵U) और प्लूटोनियम-239 (²³⁹Pu) समस्थानिकों का उपयोग किया जाता है, क्योंकि ये विखंडनीय (fissile) होते हैं और श्रृंखला अभिक्रिया (chain reaction) बनाए रख सकते हैं।
Quick Facts:
- ²³⁵U प्राकृतिक रूप से 0.7% मात्रा में पाया जाता है (शेष ²³⁸U)।
- ²³⁹Pu कृत्रिम रूप से ²³⁸U से न्यूट्रॉन अवशोषण द्वारा बनाया जाता है।
किसी तत्व का सबसे छोटा कण जो उसके गुणों को बरकरार रखता है, उसे क्या कहते हैं?
- इलेक्ट्रॉन
- मिश्रण
- परमाणु
- प्रोटॉन
Explanation:
- किसी तत्व (element) का सबसे छोटा कण जो उस तत्व के सभी रासायनिक गुणों को बरकरार रखता है, परमाणु (atom) है।
- अणु (molecule) यौगिक (compound) का सबसे छोटा कण होता है, और इलेक्ट्रॉन/प्रोटॉन उप-परमाण्विक कण हैं।
Quick Facts:
- परमाणु = पदार्थ की मूलभूत इकाई (रासायनिक गुणों को बनाए रखता है)।
किसी तत्व के अणु ______ से बने होते हैं।
- विभिन्न प्रकार के परमाणुओं
- समान प्रकार के परमाणुओं
- जटिल प्रकार के परमाणुओं
- विपरीत प्रकार के परमाणुओं
Explanation:
- किसी तत्व (element) के अणु समान प्रकार के परमाणुओं (atoms of the same kind) से बने होते हैं (जैसे O₂, N₂, H₂, O₃, P₄, S₈)।
- यौगिक (compound) के अणु विभिन्न प्रकार के परमाणुओं से बने होते हैं (जैसे H₂O, CO₂)।
Quick Facts:
- तत्व: एक ही प्रकार के परमाणु; यौगिक: भिन्न प्रकार के परमाणु (निश्चित अनुपात में)।
यदि एक परमाणु दो इलेक्ट्रॉन खो देता है, तो निम्नलिखित में से कौन-सा परिवर्तन होगा?
- परमाणु +2 आवेश वाला धनायन बन जाएगा।
- परमाणु संख्या 2 घट जाएगी।
- न्यूट्रॉन संख्या 2 घट जाएगी।
- परमाणु संख्या 2 बढ़ जाएगी।
Explanation:
- जब कोई परमाणु दो इलेक्ट्रॉन (2e⁻) खोता है, तो उसमें प्रोटॉनों की तुलना में इलेक्ट्रॉनों की संख्या 2 कम हो जाती है, जिससे उस पर +2 (या 2+) आवेश हो जाता है (धनायन, cation)।
- परमाणु संख्या (Z = प्रोटॉनों की संख्या) नहीं बदलती (क्योंकि प्रोटॉन नहीं बदले), न्यूट्रॉन भी नहीं बदलते।
Quick Facts:
- उदाहरण: Mg (2,8,2) → Mg²⁺ + 2e⁻ (Mg²⁺ धनायन, +2 आवेश)
समस्थानिक वे परमाणु होते हैं जिनमें ________ होता है।
- समान परमाणु द्रव्यमान लेकिन भिन्न परमाणु क्रमांक
- समान परमाणु क्रमांक और परमाणु द्रव्यमान
- भिन्न परमाणु क्रमांक और परमाणु द्रव्यमान
- समान परमाणु क्रमांक लेकिन भिन्न परमाणु द्रव्यमान
Explanation:
- समस्थानिक (Isotopes) = समान परमाणु क्रमांक (Z) लेकिन भिन्न परमाणु द्रव्यमान (A) (अतः न्यूट्रॉनों की संख्या भिन्न)।
- उदाहरण: ¹²C और ¹⁴C (दोनों Z=6, पर A=12 और 14)।
Quick Facts:
- समस्थानिकों के रासायनिक गुण समान होते हैं, पर भौतिक गुण भिन्न हो सकते हैं।
निम्नलिखित में से किस प्रेक्षण की व्याख्या रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल द्वारा नहीं की जा सकी?
- परमाणु में धनावेशित नाभिक की उपस्थिति
- नाभिक के परितः इलेक्ट्रॉनों का वितरण
- अल्फा कणों का बड़े कोणों पर विक्षेपण
- त्वरित इलेक्ट्रॉनों की उपस्थिति के बावजूद परमाणु के स्थायित्व
Explanation:
- रदरफोर्ड का मॉडल नाभिक और इलेक्ट्रॉनों की उपस्थिति, α-कणों के विक्षेपण की व्याख्या तो कर सका, पर परमाणु की स्थायित्व (stability) – कि इलेक्ट्रॉन नाभिक की ओर क्यों नहीं गिरते – की व्याख्या नहीं कर सका (क्योंकि शास्त्रीय भौतिकी के अनुसार, त्वरित इलेक्ट्रॉन ऊर्जा उत्सर्जित करके नाभिक में गिर जाना चाहिए था)।
- इस समस्या का समाधान बोहर (Bohr) ने क्वांटम सिद्धांत के द्वारा किया।
Quick Facts:
- बोहर ने ‘स्थिर कक्षाएँ’ (stationary orbits) की अवधारणा दी, जिसमें इलेक्ट्रॉन ऊर्जा उत्सर्जित नहीं करते।
आयन क्या है?
- एक प्रोटॉन
- एक उदासीन परमाणु
- एक अणु
- एक परमाणु या परमाणुओं का समूह, जिसमें धनात्मक या ऋणात्मक आवेश हो
Explanation:
- आयन (Ion) = एक आवेशित (charged) परमाणु या परमाणुओं का समूह (जैसे Na⁺, Cl⁻, NH₄⁺, SO₄²⁻), जो इलेक्ट्रॉनों के खोने (धनायन) या पाने (ऋणायन) से बनता है।
Quick Facts:
- धनायन (cation): +ve आवेश, इलेक्ट्रॉन त्यागता है
- ऋणायन (anion): -ve आवेश, इलेक्ट्रॉन प्राप्त करता है
डोबेराइनर ने तीन समान तत्वों के समूह को क्या नाम दिया?
- त्रिभुज
- त्रिक
- त्रिगुण
- ट्रायड
Explanation:
- जोहान वोल्फगैंग डोबेराइनर (Johann Wolfgang Döbereiner) ने 1817 में तीन समान गुणों वाले तत्वों के समूह को त्रिक (Triad) नाम दिया (जैसे Li-Na-K, Ca-Sr-Ba, Cl-Br-I)।
- उनके अनुसार, त्रिक के मध्य तत्व का परमाणु द्रव्यमान, अन्य दो के परमाणु द्रव्यमानों का औसत (लगभग) होता है।
Quick Facts:
- डोबेराइनर का त्रिक नियम आवर्त सारणी के विकास में एक प्रारंभिक कदम था।
निम्नलिखित में से कौन-सा एक उपपरमाण्विक कण नहीं है?
- न्यूट्रॉन
- इलेक्ट्रॉन
- प्रोटॉन
- अणु
Explanation:
- अणु (Molecule) परमाणुओं (atoms) का एक समूह है, जो एक उपपरमाण्विक (subatomic) कण नहीं है।
- उपपरमाण्विक कण: इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन, न्यूट्रॉन (और उनसे भी छोटे क्वार्क, न्यूट्रिनो आदि)।
Quick Facts:
- उपपरमाण्विक कण = परमाणु से छोटे कण (proton, neutron, electron)
गोइटर के उपचार में किसका प्रयोग किया जाता है?
- कोबाल्ट समस्थानिक
- यूरेनियम के समस्थानिक
- आयोडीन का समस्थानिक
- रेडियम समस्थानिक
Explanation:
- आयोडीन-131 (¹³¹I) समस्थानिक का उपयोग थायरॉइड विकारों (जैसे गोइटर, goitre, और थायरॉइड कैंसर) के उपचार में किया जाता है, क्योंकि आयोडीन थायरॉयड ग्रंथि द्वारा अवशोषित (absorb) होता है और विकिरण से असामान्य कोशिकाओं को नष्ट करता है।
- कोबाल्ट-60 (⁶⁰Co) कैंसर के लिए प्रयुक्त होता है, पर गोइटर के लिए आयोडीन समस्थानिक का उपयोग होता है।
Quick Facts:
- आयोडीन की कमी से गोइटर होता है, और रेडियोधर्मी ¹³¹I का उपयोग थायरॉयड इमेजिंग और उपचार में होता है।
विलयन में एक प्रबल अम्ल ______ है।
- अधिकतर जल
- अधिकतर अणु
- अणु और आयन दोनों
- अधिकतर आयन
Explanation:
- प्रबल अम्ल (Strong acid) जल में पूर्णतः (completely) आयनित (ionised) होता है, इसलिए विलयन में अधिकतर आयन (ions) (H⁺ और संयुग्मी क्षार आयन) होते हैं, और अणु (undissociated) बहुत कम (या शून्य) होते हैं।
- उदाहरण: HCl → H⁺ + Cl⁻ (100% आयनित)
- दुर्बल अम्ल (जैसे CH₃COOH) आंशिक रूप से आयनित होते हैं, इसलिए उनमें अणु और आयन दोनों होते हैं।
Quick Facts:
- प्रबल अम्ल: HCl, H₂SO₄, HNO₃ (पूर्ण आयनन)
- दुर्बल अम्ल: CH₃COOH, H₂CO₃ (आंशिक आयनन)
