SCIENCE

माइक्रोविप्स बनाने में किस धातु का उपयोग किया जाता है?

  • इस्पात
  • टंगस्टन
  • सिलिकॉन
  • झूझरातुमिन

Explanation:

  • सिलिकॉन: माइक्रोविप्स (माइक्रोचिप्स) सेमीकंडक्टर (अर्धचालक) होते हैं, जो मुख्यतः सिलिकॉन (Si) से बनाए जाते हैं। सिलिकॉन एक अधातु/उपधातु है जिसका उपयोग इलेक्ट्रॉनिक्स में व्यापक रूप से होता है।
  • इस्पात: यह लोहे का मिश्रधातु है, जिसका उपयोग चिप्स में नहीं होता।
  • टंगस्टन: इसका उपयोग बल्ब के फिलामेंट में होता है, चिप्स में नहीं।
  • झूझरातुमिन: यह एक काल्पनिक/गलत शब्द है, कोई तत्व नहीं।

Quick Facts:

  • सिलिकॉन आवर्त सारणी के समूह 14 में स्थित है।
  • यह पृथ्वी की पपड़ी में ऑक्सीजन के बाद दूसरा सबसे प्रचुर तत्व है।
  • माइक्रोचिप्स में डोपिंग (अशुद्धि मिलाना) द्वारा इसके चालकता गुणों को नियंत्रित किया जाता है।

निम्नलिखित में से कौन सा विकल्प उन धातुओं को दर्शाता है जो ठंडे पानी के साथ अभिक्रिया नहीं करती हैं?

  • सोडियम, कैल्शियम और जिंक
  • सोडियम, आयरन और पोटेशियम
  • सोडियम, कैल्शियम और पोटेशियम
  • एल्यूमीनियम, आयरन और जिंक

Explanation:

  • एल्यूमीनियम, आयरन और जिंक: ये धातुएँ ठंडे पानी से अभिक्रिया नहीं करती हैं। Al और Zn गर्म जल या भाप के साथ अभिक्रिया कर सकते हैं, Fe को भाप की आवश्यकता होती है।
  • सोडियम, कैल्शियम, पोटेशियम: ये सभी ठंडे पानी के साथ तीव्र अभिक्रिया करते हैं (Na, K तो प्रचंड रूप से)।
  • सोडियम, आयरन और पोटेशियम: Na और K ठंडे जल से अभिक्रिया करते हैं, Fe नहीं करता, अतः यह गलत है।

Quick Facts:

  • धातु + जल → धातु हाइड्रॉक्साइड + हाइड्रोजन (गैस)
  • अभिक्रियाशीलता क्रम: K > Na > Ca > Mg > Al > Zn > Fe > Pb > Cu > Hg > Ag > Au
  • ठंडे पानी से केवल K, Na, Ca ही अभिक्रिया करती हैं।

कौन सा खनिज इंसुलिन कणिकाओं के निर्माण, पाचन, चयापचय और पुरुष प्रोस्टेट के कामकाज में मदद करता है?

  • आयरन
  • जिंक
  • फॉसफोरस
  • निकल

Explanation:

  • जिंक (Zn): जिंक एक आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्व है जो इंसुलिन के भंडारण और स्राव, प्रतिरक्षा तंत्र, घाव भरने, डीएनए संश्लेषण और प्रोस्टेट स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
  • आयरन: हीमोग्लोबिन के निर्माण में सहायक, इंसुलिन से संबंधित नहीं।
  • फॉस्फोरस: हड्डियों और दांतों के लिए, ऊर्जा चयापचय में।
  • निकल: कुछ एंजाइमों का सहकारक, पर इंसुलिन/प्रोस्टेट से संबंधित नहीं।

Quick Facts:

  • जिंक की कमी से स्वाद और गंध की क्षमता कम हो सकती है।
  • ऑयस्टर, लाल मांस, और नट्स में जिंक प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।

क्रियाशीलता श्रेणी में निम्नलिखित में से कौन-सी धातु सबसे कम क्रियाशील है?

  • Ag
  • Hg
  • Cu
  • Au

Explanation:

  • Au (सोना): अभिक्रियाशीलता श्रेणी में सोना (Au) सबसे नीचे (सबसे कम अभिक्रियाशील) स्थित है। यह अत्यंत अक्रिय धातु है, जो अम्लों (एक्वा रेजिया को छोड़कर) और वायु से प्रभावित नहीं होती।
  • Ag (चांदी): Au से अधिक अभिक्रियाशील है, लेकिन फिर भी अक्रिय है।
  • Hg (पारा): Ag और Cu से कम अभिक्रियाशील, पर Au से अधिक।
  • Cu (तांबा): Hg और Ag से अधिक अभिक्रियाशील, Au से बहुत अधिक।

Quick Facts:

  • अभिक्रियाशीलता श्रेणी: K > Na > Ca > Mg > Al > Zn > Fe > Pb > H > Cu > Hg > Ag > Au
  • सोना (Au) एवं प्लैटिनम (Pt) सबसे कम अभिक्रियाशील धातुएँ हैं।

निम्नलिखित में से क्या सामान्यतः अधातुओं का गुण नहीं है?

  • फीका और धूमिल
  • हल्के पदार्थ
  • चालक
  • भंगुर

Explanation:

  • चालक: अधातुएँ सामान्यतः विद्युत और ऊष्मा की कुचालक होती हैं (ग्रेफाइट को छोड़कर, जो विद्युत की सुचालक है)। ‘चालक’ गुण धातुओं का विशिष्ट गुण है।
  • फीका और धूमिल: अधातुएँ आमतौर पर चमकदार नहीं होतीं (फीकी) और धूमिल हो सकती हैं।
  • हल्के पदार्थ: कई अधातुएँ हल्की होती हैं (जैसे हाइड्रोजन, कार्बन)।
  • भंगुर: अधातुएँ भंगुर (brittle) होती हैं, अर्थात पीटने पर टूट जाती हैं।

Quick Facts:

  • धातुओं के गुण: चमकदार, सुचालक, आघातवर्धनीय, तन्य, ठोस (Hg को छोड़कर)।
  • अधातुओं के गुण: फीके, कुचालक, भंगुर, ठोस/द्रव/गैस सभी अवस्थाओं में।

एक विद्युत इस्तरी में शुद्ध धातु के स्थान पर किसी मिश्रधातु के तापन अवयव का उपयोग क्यों किया जाता है? मिश्रधातु का कौन-सा गुणधर्म इस चयन को सही ठहराता है?

  • मिश्र धातुओं में उच्च प्रतिरोधकता होती है और वे उच्च तापमान पर आसानी से ऑक्सीकृत नहीं होती हैं।
  • मिश्र धातुओं सस्ती होती हैं।
  • मिश्र धातुओं बेहतर सुचालक होती हैं।
  • मिश्र धातुओं की प्रतिरोधकता कम होती है।

Explanation:

  • मिश्रधातुओं में उच्च प्रतिरोधकता होती है और वे उच्च तापमान पर आसानी से ऑक्सीकृत नहीं होती हैं: यही कारण है कि मिश्रधातुओं (जैसे निक्रोम) का उपयोग तापन अवयवों (हीटिंग तत्व) में किया जाता है। उच्च प्रतिरोधकता से अधिक ऊष्मा उत्पन्न होती है, और ऑक्सीकरण प्रतिरोध लंबी आयु सुनिश्चित करता है।
  • सस्ती होना: मिश्रधातुएँ सस्ती भी हो सकती हैं, पर यह मुख्य कारण नहीं है।
  • बेहतर सुचालक: यह गलत है, मिश्रधातुओं की प्रतिरोधकता शुद्ध धातुओं से अधिक होती है (इसलिए वे सुचालक नहीं होतीं)।
  • प्रतिरोधकता कम होती है: गलत, मिश्रधातुओं की प्रतिरोधकता अधिक होती है।

Quick Facts:

  • निक्रोम (Ni + Cr) एक सामान्य मिश्रधातु है जिसका उपयोग तापन अवयवों में होता है।
  • मिश्रधातु की प्रतिरोधकता उसके घटक धातुओं से अधिक होती है।

आवर्त सारणी के समूह में नीचे की ओर जाने पर निम्नलिखित में से कौन सा गुणधर्म नहीं बढ़ता है?

  • धात्विक प्रकृति
  • परमाणु त्रिज्या
  • एक तत्व में कोशों की संख्या
  • संयोजकता

Explanation:

  • संयोजकता (Valency): किसी समूह के सभी तत्वों की संयोजकता समान होती है (क्योंकि बाहरी कोश में इलेक्ट्रॉनों की संख्या समान होती है)। अतः नीचे जाने पर संयोजकता नहीं बढ़ती है।
  • धात्विक प्रकृति: समूह में नीचे जाने पर धात्विक गुण बढ़ते हैं।
  • परमाणु त्रिज्या: नीचे जाने पर नए कोश जुड़ने से परमाणु त्रिज्या बढ़ती है।
  • कोशों की संख्या: नीचे जाने पर कोशों की संख्या बढ़ती है।

Quick Facts:

  • समूह 1 (क्षार धातुएँ) की संयोजकता 1 है, समूह 17 (हैलोजन) की 1 है, पर बढ़ती नहीं है।
  • आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर संयोजकता पहले बढ़ती है (1 से 4), फिर घटती है (4 से 0/8 तक)।

निम्नलिखित में से कौन सी धातु मुक्त अवस्था में पाई जाती है?

  • Zn
  • Ca
  • Mg
  • Pt

Explanation:

  • Pt (प्लैटिनम): यह एक अत्यंत अक्रिय धातु है, इसलिए यह प्रकृति में मुक्त अवस्था (मूल अवस्था) में पाई जाती है। सोना (Au), चांदी (Ag), प्लैटिनम (Pt) आदि मुक्त अवस्था में मिलते हैं।
  • Zn (जिंक): अभिक्रियाशील है, इसलिए यह यौगिक (अयस्क) के रूप में पाया जाता है, जैसे जिंक ब्लेंड (ZnS) या कैलामाइन (ZnCO₃)।
  • Ca (कैल्शियम): अत्यधिक अभिक्रियाशील, यौगिकों (जैसे चूना पत्थर CaCO₃) में पाया जाता है।
  • Mg (मैग्नीशियम): अभिक्रियाशील, यौगिकों (जैसे डोलोमाइट) में पाया जाता है।

Quick Facts:

  • कम अभिक्रियाशील धातुएँ (जैसे Au, Pt, Ag) मुक्त अवस्था में मिलती हैं।
  • मध्यम अभिक्रियाशील (Zn, Fe, Cu) धातुएँ अयस्कों के रूप में मिलती हैं।
  • अत्यधिक अभिक्रियाशील (Na, K, Ca, Mg) धातुएँ कभी मुक्त अवस्था में नहीं मिलतीं।

निम्नलिखित में से कौन आवर्त सारणी के शीर्ष से दाईं ओर पाया जाता है?

  • अधातु
  • धातु
  • उपधातु
  • धातु और अधातु दोनों

Explanation:

  • अधातु (Non-metals): आवर्त सारणी में शीर्ष दाईं ओर (ऊपरी दाएं कोने) अधातुएँ स्थित हैं (जैसे F, Cl, O, N, आदि)। हैलोजन और उत्कृष्ट गैसें इसी क्षेत्र में हैं।
  • धातु: बाईं ओर और मध्य में स्थित हैं।
  • उपधातु (Metalloids): धातु और अधातु के बीच सीढ़ी के आकार में स्थित हैं (Si, Ge, As, आदि)।
  • धातु और अधातु दोनों: यह संपूर्ण सारणी को संदर्भित करता है, विशिष्ट नहीं।

Quick Facts:

  • आवर्त सारणी का ऊपरी दायाँ भाग अधातुओं से भरा है, निचला बायाँ भाग धातुओं से।
  • धात्विक गुण बाएँ से दाएँ घटते हैं और ऊपर से नीचे बढ़ते हैं।

गैल्वनाइजेशन लोहे पर _____ की एक पतली परत की कोटिंग करके जंग से बचाने का एक तरीका है।

  • तांबा
  • जस्ता
  • चांदी
  • एल्युमीनियम

Explanation:

  • जस्ता (Zinc): गैल्वनाइजेशन (Galvanization) लोहे या इस्पात पर जिंक (Zn) की परत चढ़ाने की प्रक्रिया है। जिंक लोहे की तुलना में अधिक अभिक्रियाशील है, यह बलि एनोड (sacrificial anode) का कार्य करता है और लोहे को संक्षारण से बचाता है।
  • तांबा: तांबे की कोटिंग से जंग नहीं रुकती, बल्कि कॉपर प्लेटिंग होती है।
  • चांदी: महंगी और इस उद्देश्य के लिए उपयोग नहीं की जाती।
  • एल्युमीनियम: जंग रोकने के लिए प्रयुक्त हो सकती है, पर गैल्वनाइजेशन विशेष रूप से जिंक के लिए कहा जाता है।

Quick Facts:

  • गैल्वनाइजेशन में जिंक वायुमंडलीय ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया करके ZnCO₃ की सुरक्षात्मक परत बनाता है।
  • यह लोहे को जंग (Fe₂O₃.xH₂O) से बचाने का सबसे सामान्य तरीका है।

आवर्त सारणी में धात्विक लक्षण के आवर्ती प्रवृत्ति के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है?

  • किसी समूह में नीचे जाने पर धात्विक लक्षण बढ़ता है।
  • किसी आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर धात्विक लक्षण घटता है।
  • किसी आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर धात्विक लक्षण बढ़ता है।
  • धात्विक से अधात्विक में परिवर्तन क्रमशः होता है।

Explanation:

  • किसी आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर धात्विक लक्षण बढ़ता है: यह कथन गलत है। आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर धात्विक गुण घटते हैं और अधात्विक गुण बढ़ते हैं।
  • किसी समूह में नीचे जाने पर धात्विक लक्षण बढ़ता है: यह सही है।
  • किसी आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर धात्विक लक्षण घटता है: यह सही है।
  • धात्विक से अधात्विक में परिवर्तन क्रमशः होता है: यह सही है, उपधातु मध्य में होते हैं।

Quick Facts:

  • आवर्त में (बाएँ से दाएँ): परमाणु त्रिज्या घटती है, विद्युत ऋणात्मकता बढ़ती है, धात्विकता घटती है।
  • समूह में (ऊपर से नीचे): परमाणु त्रिज्या बढ़ती है, विद्युत ऋणात्मकता घटती है, धात्विकता बढ़ती है।

इनमें से किसमें सबसे कम विद्युत प्रतिरोधकता है?

  • चांदी
  • निकल
  • निक्रोम
  • एल्युमिनियम

Explanation:

  • चांदी (Silver): विद्युत प्रतिरोधकता (resistivity) सबसे कम होती है अर्थात चांदी सबसे अच्छी विद्युत सुचालक है।
  • निकल: चांदी से अधिक प्रतिरोधकता रखता है।
  • निक्रोम: यह एक मिश्रधातु है जिसकी प्रतिरोधकता बहुत अधिक होती है (इसलिए हीटिंग तत्वों में प्रयोग)।
  • एल्युमिनियम: चांदी के बाद सबसे अच्छा चालक, पर चांदी से अधिक प्रतिरोधकता।

Quick Facts:

  • चालकता क्रम: Ag > Cu > Au > Al > Fe
  • चांदी महंगी होने के कारण विद्युत तारों में तांबे (Cu) का अधिक उपयोग होता है।

निम्नलिखित में से किस धात्विक ऑक्साइड को केवल गर्म करके धातु में अपचयित किया जा सकता है?

  • जिंक ऑक्साइड
  • आयरन (III) ऑक्साइड
  • क्यूप्रिक ऑक्साइड
  • मैगनीज ऑक्साइड

Explanation:

  • क्यूप्रिक ऑक्साइड (CuO): Cu एक मध्यम अभिक्रियाशील धातु है, लेकिन इसका ऑक्साइड (CuO) केवल गर्म करने पर (बिना किसी अपचायक के) विघटित होकर Cu और O₂ दे सकता है, यद्यपि व्यवहार में इसे H₂ या C से अपचयित किया जाता है। विकल्पों में CuO ही ऐसा है जिसे केवल गर्म करके (तापीय अपघटन) धातु में बदला जा सकता है (2CuO → 2Cu + O₂, हालाँकि यह उच्च ताप पर होता है)।
  • जिंक ऑक्साइड (ZnO): इसे कार्बन के साथ गर्म करके अपचयित किया जाता है, केवल गर्म करने से नहीं।
  • आयरन (III) ऑक्साइड (Fe₂O₃): CO या C की आवश्यकता होती है।
  • मैगनीज ऑक्साइड (MnO₂): Al या C की आवश्यकता होती है।

Quick Facts:

  • कम अभिक्रियाशील धातुओं (Cu, Hg, Ag) के ऑक्साइड केवल गर्म करने पर अपघटित हो जाते हैं।
  • उदाहरण: 2HgO → 2Hg + O₂ (गर्म करने पर)

जब एक लोहे की कील को कॉपर सल्फेट के विलयन में डुबोया जाता है, तो कौन- सा पदार्थ विस्थापित होता है?

  • कॉपर
  • कॉपर सल्फेट
  • सल्फेट
  • लोहा

Equation: Fe + CuSO₄ → FeSO₄ + Cu
Explanation:

  • कॉपर (Cu): Fe, Cu से अधिक अभिक्रियाशील है, इसलिए Fe, CuSO₄ से Cu को विस्थापित कर देता है। अभिक्रिया में Cu (तांबा) अवक्षेपित होता है।
  • कॉपर सल्फेट: यह अभिकारक है, विस्थापित नहीं होता।
  • सल्फेट (SO₄²⁻): यह Fe²⁺ के साथ जुड़ जाता है, विस्थापित नहीं होता।
  • लोहा: Fe विस्थापक है, विस्थापित नहीं होता।

Quick Facts:

  • अभिक्रिया के बाद विलयन का रंग नीला (Cu²⁺) से हरा (Fe²⁺) हो जाता है।
  • लोहे की कील पर तांबे की लाल-भूरी परत जम जाती है।

जब तांबा धातु जिंक सल्फेट के घोल में डुबाया जाता है, तब:

  • जिंक ऑक्साइड बनता है
  • पानी बनता है
  • कोई प्रतिक्रिया नहीं होती है
  • कॉपर सल्फेट बनता है

Explanation:

  • कोई प्रतिक्रिया नहीं होती है: Cu, Zn से कम अभिक्रियाशील है, इसलिए Cu, ZnSO₄ से Zn को विस्थापित नहीं कर सकता। अतः अभिक्रिया नहीं होती।
  • जिंक ऑक्साइड: इसके लिए Zn को ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है, नहीं बनता।
  • पानी: हाइड्रोजन या OH⁻ की आवश्यकता होती है, नहीं बनता।
  • कॉपर सल्फेट: CuSO₄ बनाने के लिए Cu²⁺ आयनों की आवश्यकता होती है, पर Zn²⁺ पहले से है, Cu विस्थापित नहीं होता।

Quick Facts:

  • क्रियाशीलता क्रम: Zn > Fe > Cu
  • कम क्रियाशील धातु, अधिक क्रियाशील धातु के लवण विलयन से उसे विस्थापित नहीं कर सकती।

यदि आप _____ धातु को अपनी हथेली पर रखते हैं, तो वह धातु पिघल जाती है।

  • K
  • Ga
  • Na
  • Ba

Explanation:

  • Ga (गैलियम): गैलियम का गलनांक बहुत कम (लगभग 29.8°C) होता है, जो शरीर के तापमान (37°C) से कम है, इसलिए यह हथेली पर रखने पर पिघल जाता है।
  • K (पोटेशियम): गलनांक 63.5°C, हथेली पर नहीं पिघलता।
  • Na (सोडियम): गलनांक 98°C, नहीं पिघलता।
  • Ba (बेरियम): गलनांक 727°C, नहीं पिघलता।

Quick Facts:

  • गैलियम और सीज़ियम (Cs) ऐसी धातुएँ हैं जो कमरे के तापमान पर द्रव के निकट होती हैं।
  • गैलियम का उपयोग अर्धचालक उद्योग और थर्मामीटर में होता है।

निम्नलिखित में से कौन-सा पोषक तत्व, पौधों के लिए प्रचुर मात्रा में आवश्यक होता है?

  • कॉपर
  • जिंक
  • फॉस्फोरस
  • लोहा

Explanation:

  • फॉस्फोरस (P): यह पौधों के लिए एक स्थूल पोषक तत्व (macronutrient) है, जो प्रचुर मात्रा में आवश्यक होता है। यह ऊर्जा हस्तांतरण (ATP), DNA/RNA, और कोशिका झिल्ली के लिए महत्वपूर्ण है।
  • कॉपर, जिंक, लोहा: ये सूक्ष्म पोषक तत्व (micronutrients) हैं, जिनकी थोड़ी मात्रा में आवश्यकता होती है।

Quick Facts:

  • मुख्य स्थूल पोषक: N, P, K, Ca, Mg, S
  • सूक्ष्म पोषक: Fe, Zn, Cu, Mn, B, Mo, Cl

निम्नलिखित में से कौन ताप और विद्युत का चालक है?

  • अधातु
  • अर्धचालक
  • नियंत्रक
  • धातु

Explanation:

  • धातु (Metal): धातुएँ ऊष्मा और विद्युत की सुचालक होती हैं, क्योंकि उनमें मुक्त इलेक्ट्रॉन (free electrons) होते हैं।
  • अधातु: सामान्यतः कुचालक होती हैं (ग्रेफाइट को छोड़कर)।
  • अर्धचालक (Semiconductor): ये विशिष्ट परिस्थितियों में चालक होते हैं (जैसे Si, Ge), पर उतने अच्छे चालक नहीं जितने धातुएँ।
  • नियंत्रक: यह कोई मानक पदार्थ वर्ग नहीं है।

Quick Facts:

  • धातुओं में चालकता का क्रम: Ag > Cu > Au > Al > Fe
  • विद्युत चालकता मुक्त इलेक्ट्रॉनों की उपस्थिति पर निर्भर करती है।

निम्नलिखित में से कौन सी धातु तत्वों की आवर्त सारणी में सबसे हल्की है?

  • एल्युमीनियम
  • लिथियम
  • टाइटेनियम
  • मैगनीशियम

Explanation:

  • लिथियम (Li): लिथियम सबसे हल्की धातु है (घनत्व लगभग 0.53 g/cm³)। यह आवर्त सारणी के समूह 1 का पहला तत्व है।
  • एल्युमीनियम: घनत्व 2.7 g/cm³, लिथियम से भारी।
  • टाइटेनियम: घनत्व 4.5 g/cm³, भारी।
  • मैगनीशियम: घनत्व 1.74 g/cm³, Li से भारी पर अन्य धातुओं से हल्का।

Quick Facts:

  • लिथियम सबसे हल्का ठोस तत्व भी है।
  • इसका उपयोग बैटरियों (Li-ion) में होता है।

अभिक्रियाशीलता श्रेणी में, निम्नलिखित में से कौन-सी धातुएं, क्रमशः सबसे अधिक अभिक्रियाशील और सबसे कम अभिक्रियाशील हैं?

  • सोडियम, सोना
  • मैग्नीशियम, सोना
  • मैग्नीशियम, चांदी
  • पोटेशियम, सोना

Explanation:

  • पोटेशियम (K) सबसे अधिक, सोना (Au) सबसे कम: अभिक्रियाशीलता श्रेणी में K (पोटेशियम) सबसे ऊपर (सबसे अधिक अभिक्रियाशील) और Au (सोना) सबसे नीचे (सबसे कम अभिक्रियाशील) स्थित है।
  • सोडियम (Na): K से कम अभिक्रियाशील, Au से अधिक।
  • मैग्नीशियम (Mg): Na और K से कम अभिक्रियाशील।
  • चांदी (Ag): Au से अधिक अभिक्रियाशील पर Mg/Na से कम।

Quick Facts:

  • अभिक्रियाशीलता क्रम: K > Na > Ca > Mg > Al > Zn > Fe > Pb > H > Cu > Hg > Ag > Au
  • K पानी के साथ प्रचंड अभिक्रिया करता है, Au किसी भी अम्ल (एक्वा रेजिया को छोड़कर) से अभिक्रिया नहीं करता।

कार्बन के बारे में निम्नलिखित कथन सही है?

  • कार्बन प्रकृति में उपधातु है।
  • कार्बन एक उत्कृष्ट गैस है।
  • कार्बन अधातु प्रकृति का है।
  • कार्बन धातु प्रकृति का है।

Explanation:

  • कार्बन अधातु प्रकृति का है: कार्बन एक अधातु (non-metal) है। यह विद्युत की कुचालक है (ग्रेफाइट को छोड़कर), भंगुर है, और ऋणात्मक आयन बनाता है।
  • उपधातु: उपधातु (metalloid) वे होते हैं जिनमें धातु और अधातु दोनों के गुण होते हैं (जैसे Si, Ge), कार्बन ऐसा नहीं है।
  • उत्कृष्ट गैस: He, Ne, Ar आदि, कार्बन नहीं।
  • धातु: गलत, क्योंकि कार्बन में धातुओं के गुण (चमक, चालकता, आघातवर्धनीयता) नहीं होते।

Quick Facts:

  • कार्बन के अपररूप: हीरा, ग्रेफाइट, फुलरीन
  • ग्रेफाइट विद्युत का सुचालक है, पर यह अधातु ही है।

संधा लवण का खनिज नाम क्या है?

  • लिमोनाइट
  • हेमेटाइट
  • हेलाइट
  • साइडराइट

Explanation:

  • हेलाइट (Halite): संधा लवण (सामान्य नमक) का खनिज नाम हेलाइट है। इसका रासायनिक सूत्र NaCl (सोडियम क्लोराइड) है।
  • लिमोनाइट: यह लौह अयस्क (Fe₂O₃·nH₂O) है।
  • हेमेटाइट: यह भी लौह अयस्क (Fe₂O₃) है।
  • साइडराइट: यह भी लौह अयस्क (FeCO₃) है।

Quick Facts:

  • हेलाइट का उपयोग खाना पकाने, खाद्य संरक्षण और रासायनिक उद्योग में होता है।
  • यह एक आयनिक यौगिक है।

निम्नलिखित में से कौन-सी धातु वायु के संपर्क में आने पर अपने पृष्ठ पर एक सुरक्षात्मक ऑक्साइड परत का निर्माण करती है, जो आगे संक्षारण को रोकती है?

  • एल्युमिनियम
  • सोडियम
  • कैल्शियम
  • मैग्नीशियम

Explanation:

  • एल्युमिनियम (Al): एल्युमिनियम वायु के संपर्क में आने पर इसकी सतह पर Al₂O₃ (एल्युमिना) की एक पतली, सघन और सुरक्षात्मक ऑक्साइड परत बन जाती है, जो आगे के संक्षारण को रोकती है (निष्क्रियता – passivation)।
  • सोडियम: यह अत्यधिक अभिक्रियाशील है, हवा में तुरंत ऑक्सीकृत हो जाता है, कोई सुरक्षात्मक परत नहीं बनाती।
  • कैल्शियम: हवा में अभिक्रिया करके CaO या Ca(OH)₂ बनाता है, पर सुरक्षात्मक परत नहीं बनती।
  • मैग्नीशियम: MgO परत बनती है, पर यह सघन नहीं होती और सुरक्षात्मक नहीं होती।

Quick Facts:

  • एल्युमिनियम के इस गुण के कारण इसका उपयोग खिड़कियों, बर्तनों और विमानों में किया जाता है।
  • जिंक (Zn) भी सुरक्षात्मक परत (ZnCO₃) बनाता है।

धातुओं के गुण जहां उन्हें पतली चादर में बारीक किया जा सकता है, ______ कहलाती है।

  • वृत्ति
  • आघातवर्धनीयता
  • लचीलापन
  • प्रवाहकत्व

Explanation:

  • आघातवर्धनीयता (Malleability): यह वह गुण है जिसके कारण धातुओं को पीटकर पतली चादर (sheet) में बदला जा सकता है।
  • वृत्ति: यह शब्द यहाँ प्रासंगिक नहीं है (संभवतः ‘ductility’ का गलत अनुवाद)।
  • लचीलापन (Ductility): यह वह गुण है जिसके कारण धातुओं को तार (wire) में खींचा जा सकता है।
  • प्रवाहकत्व (Conductivity): ऊष्मा या विद्युत का चालन करने का गुण।

Quick Facts:

  • सोना (Au) सबसे अधिक आघातवर्धनीय धातु है (इसे बहुत पतली पत्ती में बदला जा सकता है)।
  • चांदी (Ag) सबसे अधिक तन्य (ductile) धातु है।

निम्नलिखित में से कौन सा खनिज रक्त में ऑक्सीजन के परिवहन के लिए आवश्यक है?

  • कैल्शियम
  • जिंक
  • आयरन
  • मैग्नीशियम

Explanation:

  • आयरन (Fe): आयरन हीमोग्लोबिन का एक महत्वपूर्ण घटक है, जो रक्त में ऑक्सीजन का परिवहन करता है। Fe²⁺ ऑक्सीजन के साथ बंध बनाता है।
  • कैल्शियम: हड्डियों, दांतों और मांसपेशियों के संकुचन के लिए।
  • जिंक: एंजाइमों, इंसुलिन, और प्रतिरक्षा के लिए।
  • मैग्नीशियम: हड्डियों, एंजाइमों, और क्लोरोफिल के लिए (पौधों में)।

Quick Facts:

  • आयरन की कमी से एनीमिया (रक्ताल्पता) हो जाती है।
  • हीमोग्लोबिन में Fe का ऑक्सीकरण अवस्था +2 होती है।

सोल्डर का मिश्रधातु है-

  • लेड और टिन
  • लोहा और लेड
  • तांबा और टिन
  • तांबा और एल्यूमीनियम

Explanation:

  • लेड और टिन (Pb + Sn): सोल्डर (Solder) एक मिश्रधातु है जो मुख्यतः सीसा (Pb) और टिन (Sn) से बनती है। इसका गलनांक कम होता है, जिसका उपयोग इलेक्ट्रॉनिक्स और प्लंबिंग में धातुओं को जोड़ने के लिए होता है।
  • लोहा और लेड: मिश्रधातु नहीं बनाते (अघुलनशील)।
  • तांबा और टिन: यह कांस्य (Bronze) है।
  • तांबा और एल्यूमीनियम: यह एल्यूमीनियम कांस्य है, पर सोल्डर नहीं।

Quick Facts:

  • सोल्डर का गलनांक लगभग 180-190°C होता है।
  • सामान्य सोल्डर में Pb:Sn का अनुपात 60:40 होता है।

कांस्य ______ का मिश्रधातु है।

  • जस्ता और लोहा
  • तांबा और टिन
  • टिन और जस्ता
  • लोहा और पारा

Explanation:

  • तांबा और टिन (Cu + Sn): कांस्य (Bronze) तांबे और टिन का मिश्रधातु है। इसका उपयोग मूर्तियाँ, औजार, और संगीत वाद्ययंत्र बनाने में होता है।
  • जस्ता और लोहा: यह गैल्वनाइज्ड लोहा है, मिश्रधातु नहीं।
  • टिन और जस्ता: यह मिश्रधातु नहीं है (धातुओं का युग्म)।
  • लोहा और पारा: यह अमलगम (amalgam) हो सकता है, पर कांस्य नहीं।

Quick Facts:

  • कांस्य मानव सभ्यता की सबसे पुरानी मिश्रधातुओं में से एक है (कांस्य युग)।
  • पीतल (Brass) तांबा + जस्ता (Cu + Zn) से बनता है।

निम्नलिखित में से किसका उपयोग ऐल्कोहॉल के कार्बोक्सिलिक अम्ल में ऑक्सीकरण में किया जाता है?

  • पैलेडियम
  • जिंक
  • क्षारीय पोटेशियम परमैंगनेट
  • निकेल

Explanation:

  • क्षारीय पोटेशियम परमैंगनेट (Alkaline KMnO₄): ऐल्कोहॉल (जैसे इथेनॉल) को कार्बोक्सिलिक अम्ल (जैसे एथेनोइक अम्ल) में ऑक्सीकृत करने के लिए KMnO₄ या K₂Cr₂O₇ का उपयोग किया जाता है। अम्लीय या क्षारीय माध्यम में KMnO₄ एक प्रबल ऑक्सीकारक है।
  • पैलेडियम: हाइड्रोजनीकरण (हाइड्रोजन योग) अभिक्रियाओं में उत्प्रेरक।
  • जिंक: अपचायक के रूप में उपयोग होता है।
  • निकेल: हाइड्रोजनीकरण में उत्प्रेरक (Ni का प्रयोग H₂ के साथ)।

Quick Facts:

  • इथेनॉल → एथेनल → एथेनोइक अम्ल (ऑक्सीकरण)
  • KMnO₄ का रंग बैंगनी होता है, जो अपचयन पर रंगहीन (Mn²⁺) हो जाता है।

विद्युत पारेषण लाइनों के लिए निम्नलिखित में से किस सामग्री का अधिमानतः उपयोग किया जाता है?

  • निक्रोम
  • टिन-सीसा मिश्रधातु
  • एल्यूमीनियम
  • टंगस्टन

Explanation:

  • एल्यूमीनियम (Al): एल्यूमीनियम हल्का, सस्ता और अच्छा चालक होने के कारण विद्युत पारेषण लाइनों (बिजली के तारों) में उपयोग किया जाता है। इसका उपयोग इस्पात के कोर के साथ भी किया जाता है (ACSR – Aluminium Conductor Steel Reinforced)।
  • निक्रोम: उच्च प्रतिरोधकता, तापन अवयवों में उपयोग।
  • टिन-सीसा मिश्रधातु: सोल्डर, चालकता कम।
  • टंगस्टन: उच्च गलनांक, बल्ब फिलामेंट में प्रयोग।

Quick Facts:

  • तांबा (Cu) चालकता में बेहतर है, पर Al सस्ता और हल्का है, इसलिए लंबी दूरी की लाइनों में Al का अधिक उपयोग होता है।
  • Al का घनत्व Cu के लगभग एक-तिहाई है।

आवर्त में परमाणु क्रमांक में वृद्धि के साथ:

  • धात्विक गुण घटता है
  • धात्विक गुण बढता है
  • रासायनिक क्रियाशीलता बढती है
  • रासायनिक क्रियाशीलता घटती है

Explanation:

  • धात्विक गुण घटता है: आवर्त में बाएँ से दाएँ परमाणु क्रमांक बढ़ने पर परमाणु त्रिज्या घटती है, विद्युत ऋणात्मकता बढ़ती है, इसलिए धात्विक गुण घटते हैं और अधात्विक गुण बढ़ते हैं।
  • धात्विक गुण बढता है: गलत, यह समूह में नीचे जाने पर होता है।
  • रासायनिक क्रियाशीलता बढती है: यह सामान्यतः सत्य नहीं है, क्योंकि क्रियाशीलता धातुओं के लिए घटती है और अधातुओं के लिए बढ़ती है।
  • रासायनिक क्रियाशीलता घटती है: यह केवल धातुओं के लिए सही है, पर आवर्त में अधातुओं की क्रियाशीलता बढ़ती है (जैसे F₂ अत्यधिक अभिक्रियाशील), इसलिए सामान्य कथन गलत है।

Quick Facts:

  • आवर्त में: परमाणु त्रिज्या ↓, विद्युत ऋणात्मकता ↑, आयनीकरण ऊर्जा ↑, धात्विकता ↓
  • समूह में: परमाणु त्रिज्या ↑, विद्युत ऋणात्मकता ↓, आयनीकरण ऊर्जा ↓, धात्विकता ↑

पृथ्वी पर सबसे प्रचुर धातु है।

  • तांबा
  • एल्युमिनियम
  • जस्ता
  • लोहा

Explanation:

  • एल्युमिनियम (Al): पृथ्वी की पपड़ी (भूपर्पटी) में एल्युमिनियम सबसे प्रचुर (8.3% भार से) धातु है। यह ऑक्सीजन (46.6%) और सिलिकॉन (27.7%) के बाद तीसरा सबसे प्रचुर तत्व है।
  • तांबा: अपेक्षाकृत अल्प मात्रा में (लगभग 0.0068%)।
  • जस्ता: कम मात्रा में (लगभग 0.0076%)।
  • लोहा: पृथ्वी के केंद्र में अधिक है, पर पपड़ी में Al अधिक (Fe लगभग 5% है, Al से कम)।

Quick Facts:

  • पृथ्वी की पपड़ी में प्रचुरता (भार %): O (46.6%) > Si (27.7%) > Al (8.1%) > Fe (5.0%)
  • एल्युमिनियम बॉक्साइट (Al₂O₃·2H₂O) अयस्क से प्राप्त किया जाता है।

सामग्री का वह गुण जिसके द्वारा इसे शीट में लुढ़काया जा सकता है, उसे क्या कहा जाता है?

  • प्लास्टिसिटी
  • लोच
  • आघातवर्धनीयता
  • तन्यशीलता

Explanation:

  • आघातवर्धनीयता (Malleability): यह वह गुण है जिसके द्वारा पदार्थ (विशेषकर धातु) को पीटकर या दबाकर शीट (पतली चादर) के रूप में लुढ़काया जा सकता है।
  • प्लास्टिसिटी: स्थायी विरूपण का गुण, पर यह सामान्य शब्द है।
  • लोच (Elasticity): विरूपण के बाद पुनः मूल आकार प्राप्त करना।
  • तन्यशीलता (Ductility): तार खींचने का गुण।

Quick Facts:

  • सोना (Au) सबसे अधिक आघातवर्धनीय है (1 ग्राम सोने को 1 m² शीट में फैलाया जा सकता है)।
  • आघातवर्धनीयता और तन्यशीलता दोनों धातुओं के विशिष्ट गुण हैं।

किस धातु को, अभिक्रियाशीलता श्रेणी में कॉपर के ठीक ऊपर रखा गया है?

  • एल्युमिनियम
  • जिंक
  • चांदी
  • पारा

Explanation:

  • जिंक (Zn): अभिक्रियाशीलता श्रेणी में क्रम इस प्रकार है: … Al > Zn > Fe > Pb > H > Cu > Hg > Ag > Au। इसलिए Cu के ठीक ऊपर (अधिक अभिक्रियाशील) Zn है।
  • एल्युमिनियम: Zn से भी ऊपर (अधिक अभिक्रियाशील) है।
  • चांदी: Cu से नीचे (कम अभिक्रियाशील) है।
  • पारा: Cu से नीचे है।

Quick Facts:

  • अभिक्रियाशीलता श्रेणी: K > Na > Ca > Mg > Al > Zn > Fe > Pb > H > Cu > Hg > Ag > Au
  • Zn, CuSO₄ विलयन से Cu को विस्थापित कर सकता है।

धातुओं का उनके अयस्कों से निष्कर्षण निम्नलिखित में से क्या कहलाता है?

  • खनन
  • धातुकर्म
  • परिष्करण
  • शुद्धिकरण

Explanation:

  • धातुकर्म (Metallurgy): अयस्कों से धातुओं को निकालने की सम्पूर्ण प्रक्रिया को धातुकर्म कहते हैं। इसमें अयस्क का संकेन्द्रण, निष्कर्षण और शोधन (परिष्करण) शामिल है।
  • खनन (Mining): अयस्क को जमीन से निकालने की प्रक्रिया।
  • परिष्करण (Refining): अशुद्ध धातु को शुद्ध करने की प्रक्रिया (धातुकर्म का भाग)।
  • शुद्धिकरण (Purification): परिष्करण का ही दूसरा नाम।

Quick Facts:

  • धातुकर्म के चरण: (1) अयस्क का संकेन्द्रण (2) ऑक्साइड में रूपांतरण (3) अपचयन (4) शोधन
  • उदाहरण: बॉक्साइट → एल्युमिना → Al (हॉल-हेरोल्ट प्रक्रिया)

सामान्यतः धातुओं के ऑक्साइड, प्रकृति में ______ होते हैं।

  • उभयधर्मी
  • क्षारीय
  • अम्लीय
  • उदासीन

Explanation:

  • क्षारीय (Basic): अधिकांश धातु ऑक्साइड (जैसे Na₂O, CaO, MgO) प्रकृति में क्षारीय होते हैं। ये जल में घुलकर क्षार (हाइड्रॉक्साइड) बनाते हैं और अम्लों से अभिक्रिया करके लवण बनाते हैं।
  • उभयधर्मी (Amphoteric): कुछ धातु ऑक्साइड (जैसे Al₂O₃, ZnO, PbO) अम्ल और क्षार दोनों से अभिक्रिया करते हैं।
  • अम्लीय (Acidic): अधातु ऑक्साइड (जैसे CO₂, SO₂, P₂O₅) अम्लीय होते हैं।
  • उदासीन (Neutral): कुछ ऑक्साइड (जैसे CO, N₂O, H₂O) उदासीन होते हैं।

Quick Facts:

  • धातु ऑक्साइड → जल में → क्षार (घुलनशील) या क्षारीय विलयन (अघुलनशील)
  • उदाहरण: CaO + H₂O → Ca(OH)₂ (क्षारीय)

निम्नलिखित में से कौन-सी धातु खुले में रखने पर आग पकड़ लेती है?

  • ताँबा
  • मैग्नीशियम
  • चाँदी
  • सोना

Explanation:

  • मैग्नीशियम (Mg): मैग्नीशियम अत्यधिक अभिक्रियाशील है और हवा में ऑक्सीजन के साथ तीव्रता से अभिक्रिया करता है। यह जलता है और तेज सफेद रोशनी (प्रकाश) उत्सर्जित करता है। इसे आग पकड़ने वाली धातु कहा जा सकता है।
  • ताँबा (Cu): हवा में गर्म करने पर ऑक्सीकृत होता है, पर आग नहीं पकड़ता।
  • चाँदी (Ag): अक्रिय, आग नहीं पकड़ती।
  • सोना (Au): अत्यंत अक्रिय, आग नहीं पकड़ता।

Quick Facts:

  • Mg + O₂ → MgO + ऊष्मा + प्रकाश
  • Mg का उपयोग फोटोग्राफिक फ्लैश बल्बों में होता है।

निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है?

  • सभी धातुएं समान रूप से अभिक्रियाशील होती हैं।
  • पोटेशियम सोने से अधिक अभिक्रियाशील है।
  • सभी धातुएं समान रूप से अभिक्रियाशील नहीं होती हैं।
  • चाँदी सोडियम से कम अभिक्रियाशील है।

Explanation:

  • सभी धातुएं समान रूप से अभिक्रियाशील होती हैं: यह कथन गलत है, क्योंकि धातुओं की अभिक्रियाशीलता भिन्न-भिन्न होती है (जैसे K अत्यधिक, Au अत्यंत कम अभिक्रियाशील)।
  • पोटेशियम सोने से अधिक अभिक्रियाशील है: सही (K >> Au)।
  • सभी धातुएं समान रूप से अभिक्रियाशील नहीं होती हैं: सही (विपरीत कथन)।
  • चाँदी सोडियम से कम अभिक्रियाशील है: सही (Na > Ag)।

Quick Facts:

  • अभिक्रियाशीलता इलेक्ट्रॉन त्यागने की प्रवृत्ति पर निर्भर करती है।
  • K, Na, Ca अत्यधिक अभिक्रियाशील; Au, Pt अत्यंत अक्रिय।

निम्नलिखित में से कौन सा कथन धातुओं के लिए सही है?

  • धातुओं में उनके सबसे बाहरी कोश में 1 से 4 संयोजी इलेक्ट्रॉन होते हैं।
  • धातु की बाहरी कक्षा में 4 या अधिक संयोजी इलेक्ट्रॉन होते हैं।
  • धातुओं में उनकी सबसे बाहरी कक्षा में 1 से 3 संयोजी इलेक्ट्रॉन होते हैं।
  • धातुओं में उनके सबसे बाहरी कोश में 8 संयोजी इलेक्ट्रॉन होते हैं।

Explanation:

  • 1 से 3 संयोजी इलेक्ट्रॉन: धातुओं के सबसे बाहरी कोश में 1, 2 या 3 इलेक्ट्रॉन होते हैं (जैसे Na: 1, Mg: 2, Al: 3)। ये इलेक्ट्रॉन त्यागकर धनायन बनाती हैं।
  • 1 से 4: यह गलत है, क्योंकि 4 संयोजी इलेक्ट्रॉन वाले तत्व (C, Si) उपधातु/अधातु हैं।
  • 4 या अधिक: यह अधातुओं का गुण है (जैसे Cl: 7, O: 6)।
  • 8 संयोजी इलेक्ट्रॉन: यह उत्कृष्ट गैसों का गुण है (स्थायी अष्टक)।

Quick Facts:

  • धातुएँ इलेक्ट्रॉन त्यागकर धनायन (cation) बनाती हैं।
  • अधातुएँ इलेक्ट्रॉन ग्रहण करके ऋणायन (anion) बनाती हैं।

निम्नलिखित में से किस तत्व का घनत्व सबसे अधिक है?

  • सीसा
  • प्लेटिनम
  • पारा
  • ऑस्मियम

Explanation:

  • ऑस्मियम (Os): ऑस्मियम (Os) सबसे अधिक घनत्व (22.59 g/cm³) वाला तत्व है। यह एक संक्रमण धातु है।
  • सीसा (Pb): घनत्व 11.34 g/cm³
  • प्लेटिनम (Pt): घनत्व 21.45 g/cm³ (Os के बाद दूसरा सबसे अधिक)
  • पारा (Hg): घनत्व 13.55 g/cm³ (कमरे के ताप पर द्रव)

Quick Facts:

  • घनत्व क्रम: Os (22.59) > Ir (22.56) > Pt (21.45) > Au (19.32) > Hg (13.55)
  • ऑस्मियम का उपयोग मिश्रधातुओं (जैसे इरिडियम के साथ) में होता है।

धातुओं का कौन सा गुण धात्विक पत्री के उत्पादन को सक्षम बनाता है?

  • आघातवर्धनीयता
  • तन्यता
  • ध्यानात्मकता
  • चालकता

Explanation:

  • आघातवर्धनीयता (Malleability): धात्विक पत्री (metallic foil/शीट) बनाने के लिए धातु को पीटा जाता है, जो आघातवर्धनीयता का गुण है।
  • तन्यता (Ductility): तार (wire) बनाने के लिए आवश्यक गुण।
  • ध्यानात्मकता: संभवतः ‘attenuation’ (क्षीणन) या गलत शब्द, धातुओं का गुण नहीं।
  • चालकता (Conductivity): ऊष्मा/विद्युत चालन का गुण, पत्री उत्पादन से संबंधित नहीं।

Quick Facts:

  • सोने (Au) को 0.0001 mm मोटी पत्ती (foil) में पीटा जा सकता है।
  • आघातवर्धनीयता और तन्यता धातुओं के यांत्रिक गुण हैं।

निम्नलिखित में से कौन उच्च तापमान पर ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया नहीं करेगा?

  • ताँबा
  • आयरन
  • एल्युमीनियम
  • नाइक्रोम

Explanation:

  • नाइक्रोम (Nichrome): नाइक्रोम (Ni-Cr मिश्रधातु) उच्च तापमान पर ऑक्सीकरण का प्रतिरोध करता है, इसलिए इसका उपयोग हीटिंग तत्वों में किया जाता है। यह आसानी से ऑक्सीकृत नहीं होता।
  • ताँबा (Cu): उच्च ताप पर CuO बनाता है (ऑक्सीकरण)।
  • आयरन (Fe): उच्च ताप पर Fe₂O₃/Fe₃O₄ बनाता है (जंग/ऑक्सीकरण)।
  • एल्युमीनियम (Al): उच्च ताप पर Al₂O₃ बनाता है (ऑक्सीकरण), पर सुरक्षात्मक परत बन जाती है।

Quick Facts:

  • नाइक्रोम में Ni (लगभग 80%) और Cr (लगभग 20%) होता है।
  • इसका गलनांक उच्च (~1400°C) और प्रतिरोधकता उच्च होती है।

कॉपर के वैद्युतअपघटनी परिष्करण में निम्नलिखित में से कौन-सा, एनोड के रूप में कार्य करता है?

  • शुद्ध कॉपर प्लेट
  • कॉपर सल्फेट विलयन
  • कार्बन इलेक्ट्रोड
  • अशुद्ध कॉपर ब्लॉक

Explanation:

  • अशुद्ध कॉपर ब्लॉक: विद्युत-अपघटनी परिष्करण (electrolytic refining) में, अशुद्ध तांबे को एनोड (धनाग्र) के रूप में रखा जाता है। विद्युत धारा प्रवाहित करने पर Cu²⁺ आयन विलयन में जाते हैं और शुद्ध Cu कैथोड पर जमा होता है।
  • शुद्ध कॉपर प्लेट: कैथोड (ऋणाग्र) के रूप में कार्य करती है।
  • कॉपर सल्फेट विलयन: विद्युत-अपघट्य (electrolyte) के रूप में कार्य करता है।
  • कार्बन इलेक्ट्रोड: इस प्रक्रिया में उपयोग नहीं होता (Cu के परिष्करण में)।

Quick Facts:

  • इस प्रक्रिया में एनोड पर अशुद्धियाँ (जैसे Au, Ag) नीचे बैठ जाती हैं, जिन्हें एनोड मड (anode mud) कहते हैं।
  • इससे 99.99% शुद्ध तांबा प्राप्त होता है।

निम्नलिखित में से कौन-सा तत्व सबसे अधिक अभिक्रियाशील है?

  • Pb
  • Mg
  • Al
  • Ca

Explanation:

  • Ca (कैल्शियम): अभिक्रियाशीलता श्रेणी में Ca, Mg और Al से ऊपर (अधिक अभिक्रियाशील) है, और Pb से बहुत अधिक। क्रम: K > Na > Ca > Mg > Al > Zn > Fe > Pb > Cu…
  • Pb (सीसा): कम अभिक्रियाशील, श्रेणी में नीचे।
  • Mg (मैग्नीशियम): Ca से कम अभिक्रियाशील।
  • Al (एल्युमिनियम): Mg से कम, Ca से बहुत कम अभिक्रियाशील।

Quick Facts:

  • Ca ठंडे पानी के साथ अभिक्रिया करता है (धीरे-धीरे), Mg गर्म जल के साथ, Al भाप के साथ।

अयस्क में उपस्थित मिट्टी और रेत जैसी अवांछित अशुद्धियों को क्या कहते हैं?

  • गैंग
  • स्लैग
  • फ्लक्स
  • अयस्क

Explanation:

  • गैंग (Gangue): अयस्क में उपस्थित मिट्टी, रेत, चट्टान के टुकड़े आदि अवांछित अशुद्धियाँ गैंग कहलाती हैं। इसे मैट्रिक्स (matrix) भी कहते हैं।
  • स्लैग (Slag): गलनांक कम करने के लिए फ्लक्स (flux) मिलाने पर बनने वाला पदार्थ, जो अशुद्धियों को हटाता है।
  • फ्लक्स (Flux): अशुद्धियों (गैंग) को हटाने के लिए गलाने की प्रक्रिया में मिलाया जाने वाला पदार्थ (जैसे CaO, SiO₂)।
  • अयस्क (Ore): वह खनिज जिससे धातु लाभकारी रूप से निकाली जा सके।

Quick Facts:

  • गैंग + फ्लक्स → स्लैग (गलन पर)
  • स्लैग हल्का होता है और ऊपर तैरता है, जिससे अशुद्धियाँ अलग हो जाती हैं।

जब धातुएं वायु के साथ अभिक्रिया करती हैं, तो बनने वाले उत्पाद का नाम क्या होगा?

  • धातु हाइड्राइड
  • धातु क्लोराइड
  • धातु ऑक्साइड
  • धातु नाइट्रेट

Explanation:

  • धातु ऑक्साइड (Metal oxide): जब धातुएँ वायु (जिसमें ऑक्सीजन होती है) के साथ अभिक्रिया करती हैं, तो धातु ऑक्साइड बनता है। (जैसे 2Mg + O₂ → 2MgO)
  • धातु हाइड्राइड: धातु + हाइड्रोजन से बनता है।
  • धातु क्लोराइड: धातु + क्लोरीन से बनता है (या HCl से)।
  • धातु नाइट्रेट: धातु + नाइट्रिक अम्ल (HNO₃) से बनता है।

Quick Facts:

  • अधातुएँ भी वायु से अभिक्रिया करके अधातु ऑक्साइड बनाती हैं (जैसे C + O₂ → CO₂)।
  • धातु ऑक्साइड प्रायः क्षारीय होते हैं, अधातु ऑक्साइड अम्लीय होते हैं।

निम्नलिखित में से कौन-सी धातु विद्युत-अपघटनी परिष्करण द्वारा परिष्कृत नहीं की जाती है?

  • सोडियम
  • कॉपर
  • टिन
  • जिंक

Explanation:

  • सोडियम (Na): सोडियम को विद्युत-अपघटनी परिष्करण (electrolytic refining) द्वारा परिष्कृत नहीं किया जाता है, क्योंकि यह अत्यधिक अभिक्रियाशील है। इसे डाउन्स प्रक्रिया (Down’s process) द्वारा पिघले NaCl के विद्युत-अपघटन से प्राप्त किया जाता है, पर परिष्करण विधि भिन्न है।
  • कॉपर, टिन, जिंक: इन्हें विद्युत-अपघटनी परिष्करण द्वारा शुद्ध किया जाता है (Cu का सबसे प्रचलित उदाहरण)।

Quick Facts:

  • विद्युत-अपघटनी परिष्करण का उपयोग Cu, Zn, Sn, Ag, Au जैसी धातुओं के लिए होता है।
  • अत्यधिक अभिक्रियाशील धातुओं (Na, K, Ca, Mg, Al) को विद्युत-अपघटनी निष्कर्षण से प्राप्त किया जाता है, पर परिष्करण भिन्न होता है।

द्रव्य के संबंध में उस विकल्प का चयन कीजिए, जिनके कणों के बीच पर्याप्त स्थान हो अथवा कण कसकर बंधे न हों। (लवण, आयरन, शक्कर)

  • शक्कर और लवण दोनों
  • केवल आयरन
  • आयरन और लवण दोनों
  • केवल शक्कर

Explanation:

  • शक्कर और लवण दोनों: शक्कर (सुक्रोज) और लवण (NaCl) क्रिस्टलीय ठोस हैं, लेकिन उनके कणों (अणुओं/आयनों) के बीच पर्याप्त स्थान होता है (वे आयनिक/आणविक जालक होते हैं) और वे कसकर बंधे नहीं होते (भंगुर होते हैं, पिघलने पर आयन मुक्त होते हैं)। आयरन (धातु) में कण (परमाणु) अत्यंत कसकर बंधे होते हैं और उनके बीच स्थान कम होता है (धात्विक बंध)।
  • केवल आयरन: गलत, क्योंकि आयरन में कण कसकर बंधे होते हैं।
  • आयरन और लवण दोनों: गलत, क्योंकि आयरन कसकर बंधा होता है।
  • केवल शक्कर: गलत, क्योंकि लवण भी इस श्रेणी में आता है।

Quick Facts:

  • ठोस अवस्था में कणों के बीच न्यूनतम स्थान होता है, फिर भी क्रिस्टलीय ठोसों में निश्चित व्यवस्था होती है।
  • धातुओं में धात्विक बंध अत्यंत मजबूत होता है।

विद्युत आयरन के तापन अवयव बनाने के लिए निम्नलिखित में से किस पदार्थ का उपयोग किया जाता है?

  • एल्युमीनियम
  • चाँदी
  • निक्रोम
  • तांबा

Explanation:

  • निक्रोम (Nichrome): विद्युत आयरन, टोस्टर, हीटर आदि के तापन अवयव (heating elements) में निक्रोम (Ni-Cr मिश्रधातु) का उपयोग किया जाता है क्योंकि इसमें उच्च प्रतिरोधकता, उच्च गलनांक और ऑक्सीकरण प्रतिरोध होता है।
  • एल्युमीनियम: अच्छा चालक, कम प्रतिरोध, हीटिंग तत्वों के लिए उपयुक्त नहीं।
  • चाँदी: सबसे अच्छा चालक, कम प्रतिरोध, हीटिंग के लिए नहीं।
  • तांबा: अच्छा चालक, कम प्रतिरोध, हीटिंग तत्वों के लिए नहीं (तारों में प्रयोग)।

Quick Facts:

  • निक्रोम में Ni (80%) और Cr (20%) होता है।
  • इसका गलनांक लगभग 1400°C होता है।

निम्नलिखित में से कौन-सा जिंक का एक अयस्क है?

  • कैलामाइन
  • डोलोमाइट
  • हेमेटाइट
  • क्रायोलाइट

Explanation:

  • कैलामाइन (Calamine): कैलामाइन (ZnCO₃ – जिंक कार्बोनेट) जिंक का एक महत्वपूर्ण अयस्क है।
  • डोलोमाइट (CaMg(CO₃)₂): मैग्नीशियम और कैल्शियम का अयस्क।
  • हेमेटाइट (Fe₂O₃): लोहे (आयरन) का अयस्क।
  • क्रायोलाइट (Na₃AlF₆): एल्युमिनियम निष्कर्षण में फ्लक्स के रूप में प्रयुक्त, पर अयस्क नहीं (बॉक्साइट Al का अयस्क है)।

Quick Facts:

  • जिंक के अन्य अयस्क: जिंक ब्लेंड (ZnS), फ्रैंकलिनाइट (ZnFe₂O₄)
  • कैलामाइन को गर्म करने पर ZnO प्राप्त होता है, जिसे फिर C से अपचयित करके Zn प्राप्त किया जाता है।

फेन प्लवन विधि में, अयस्क के चूर्ण को ______ के मिश्रण से भरी एक टंकी में रखा जाता है।

  • जल और एल्यूमिनियम
  • जल एवं चीड़ का तेल
  • तांबा और जल
  • जल और वनस्पति तेल

Explanation:

  • जल एवं चीड़ का तेल (Pine oil): फेन प्लवन (Froth flotation) विधि में अयस्क के चूर्ण को जल और चीड़ के तेल (या अन्य तैलीय पदार्थ) के मिश्रण में रखा जाता है। चीड़ का तेल फेन (froth) बनाने में सहायक होता है, जिससे सल्फाइड अयस्क फेन के साथ ऊपर तैरते हैं, और गैंग (अशुद्धियाँ) नीचे बैठ जाती हैं।
  • जल और एल्यूमिनियम: गलत, Al धातु नहीं मिलाई जाती।
  • तांबा और जल: गलत, Cu धातु नहीं मिलाई जाती।
  • जल और वनस्पति तेल: चीड़ का तेल विशेष रूप से प्रयुक्त होता है, सामान्य वनस्पति तेल नहीं।

Quick Facts:

  • फेन प्लवन विधि का उपयोग मुख्यतः सल्फाइड अयस्कों (जैसे ZnS, Cu₂S, PbS) के संकेन्द्रण के लिए किया जाता है।
  • इस विधि में वायु की धारा भी प्रवाहित की जाती है, जिससे फेन बनता है।

प्रतिरोध तार बनाने के लिए प्रायः किस पदार्थ का उपयोग किया जाता है क्योंकि इसका प्रतिरोध उच्च होता है और गलनांक भी उच्च होता है?

  • कॉपर
  • निक्रोम
  • ऐलुमिनियम
  • सिल्वर

Explanation:

  • निक्रोम (Nichrome): निक्रोम का उपयोग प्रतिरोध तारों (resistance wires) के लिए किया जाता है क्योंकि इसकी प्रतिरोधकता उच्च होती है, गलनांक उच्च होता है, और यह उच्च ताप पर ऑक्सीकृत नहीं होता।
  • कॉपर (Cu): प्रतिरोधकता बहुत कम, तारों के लिए उपयुक्त नहीं।
  • ऐलुमिनियम (Al): प्रतिरोधकता कम, विद्युत पारेषण लाइनों में प्रयोग।
  • सिल्वर (Ag): प्रतिरोधकता सबसे कम, हीटिंग के लिए नहीं।

Quick Facts:

  • प्रतिरोध तार का उपयोग विद्युत हीटिंग उपकरणों (आयरन, टोस्टर, ओवन) में होता है।
  • निक्रोम की प्रतिरोधकता लगभग 100×10⁻⁸ Ω·m है, Cu की 1.68×10⁻⁸ Ω·m।

हड्डियों के लिए कौन सा खनिज आवश्यक है?

  • आयरन
  • सल्फर
  • जिंक
  • कैल्शियम

Explanation:

  • कैल्शियम (Calcium): हड्डियों और दांतों के निर्माण के लिए कैल्शियम सबसे महत्वपूर्ण खनिज है। यह हड्डियों को मजबूती प्रदान करता है।
  • आयरन (Iron): हीमोग्लोबिन के निर्माण के लिए आवश्यक है, हड्डियों के लिए नहीं।
  • सल्फर (Sulfur): प्रोटीन और विटामिन का घटक है, हड्डियों का मुख्य तत्व नहीं।
  • जिंक (Zinc): प्रतिरक्षा प्रणाली और एंजाइमों के लिए आवश्यक, हड्डियों के लिए गौण महत्व का।

Quick Facts:

  • हड्डियों में कैल्शियम फॉस्फेट के रूप में पाया जाता है।
  • विटामिन D कैल्शियम के अवशोषण में सहायता करता है।

______ के सबसे बाह्यतम कोश में 1 से 3 इलेक्ट्रॉन होते हैं।

  • अधातु
  • धातु
  • हैलोजन
  • उपधातु

Explanation:

  • धातु (Metals): धातुओं के सबसे बाहरी कोश में 1, 2 या 3 इलेक्ट्रॉन होते हैं, जिन्हें वे आसानी से त्याग कर धनायन बनाते हैं।
  • अधातु (Non-metals): बाहरी कोश में 4-7 इलेक्ट्रॉन होते हैं और वे इलेक्ट्रॉन ग्रहण करते हैं।
  • हैलोजन (Halogens): बाहरी कोश में 7 इलेक्ट्रॉन होते हैं।
  • उपधातु (Metalloids): इनमें धातुओं और अधातुओं के मध्य गुण होते हैं, बाहरी कोश में 3-6 इलेक्ट्रॉन हो सकते हैं।

Quick Facts:

  • धातुएँ इलेक्ट्रॉन त्याग कर धनात्मक आयन बनाती हैं (विद्युत धनात्मक)।
  • अधातुएँ इलेक्ट्रॉन ग्रहण कर ऋणात्मक आयन बनाती हैं (विद्युत ऋणात्मक)।

स्टील को सख्त करने के लिए, स्टील उद्योग में किस सामग्री की आवश्यकता होती है?

  • अभ्रक
  • मैंगनीज
  • चूना पत्थर
  • बॉक्साइट

Explanation:

  • मैंगनीज (Manganese): स्टील को सख्त और मजबूत बनाने के लिए मैंगनीज मिलाया जाता है। यह स्टील की कठोरता और तन्यता बढ़ाता है।
  • अभ्रक (Mica): विद्युत अवरोधक के रूप में उपयोग, स्टील में नहीं।
  • चूना पत्थर (Limestone): लौह निष्कर्षण में फ्लक्स के रूप में, स्टील सख्त करने नहीं।
  • बॉक्साइट (Bauxite): एल्युमिनियम का अयस्क।

Quick Facts:

  • मैंगनीज स्टील का उपयोग रेल की पट्टियों, क्रशर आदि में होता है।
  • स्टील में मैंगनीज सल्फर को हटाने में भी मदद करता है।

निम्नलिखित में से कौन-सा तत्व सर्वाधिक अभिक्रियाशील है?

  • Mg
  • Al
  • Ca
  • Pb

Explanation:

  • Ca (कैल्शियम): अभिक्रियाशीलता श्रेणी में Ca, Mg, Al और Pb से ऊपर स्थित है, अतः Ca सबसे अधिक अभिक्रियाशील है।
  • Mg: Ca से कम अभिक्रियाशील।
  • Al: Mg और Ca से कम अभिक्रियाशील।
  • Pb: हाइड्रोजन के नीचे स्थित, अत्यंत कम अभिक्रियाशील।

Quick Facts:

  • अभिक्रियाशीलता श्रेणी (Reactivity Series): K > Na > Ca > Mg > Al > Zn > Fe > Pb > Cu > Ag > Au
  • Ca ठंडे पानी से अभिक्रिया करता है।

______ सबसे हल्की धातु है।

  • Ca
  • Li
  • P
  • He

Explanation:

  • Li (लिथियम): लिथियम सबसे हल्की धातु है (घनत्व 0.53 g/cm³)। यह आवर्त सारणी के समूह 1 का सबसे हल्का तत्व है।
  • Ca: लिथियम से भारी।
  • P (फॉस्फोरस): अधातु है, धातु नहीं।
  • He (हीलियम): गैस है, धातु नहीं, सबसे हल्का तत्व है पर धातु नहीं।

Quick Facts:

  • लिथियम का उपयोग बैटरियों और मिश्रधातुओं में होता है।
  • यह पानी के साथ अभिक्रिया करता है पर सोडियम की तुलना में धीरे।

निम्नलिखित में से किस धातु का गलनांक सबसे कम होता है?

  • सोना
  • सीसा
  • पारा
  • लोहा

Explanation:

  • पारा (Mercury/Hg): पारा एकमात्र ऐसी धातु है जो कमरे के तापमान पर द्रव अवस्था में होती है, इसका गलनांक -38.83°C है, अतः सबसे कम।
  • सोना (Gold/Au): गलनांक 1064°C, उच्च।
  • सीसा (Lead/Pb): गलनांक 327.5°C।
  • लोहा (Iron/Fe): गलनांक 1538°C, बहुत उच्च।

Quick Facts:

  • पारा का उपयोग थर्मामीटर, बैरोमीटर में होता है।
  • पारा एक विषैली धातु है।

______ सबसे अधिकतम तन्य धातु है।

  • Cu
  • Al
  • Au
  • Zn

Explanation:

  • Au (सोना/Gold): सोना सबसे अधिक तन्य (ductile) धातु है। 1 ग्राम सोने को 2 किमी लंबे तार में खींचा जा सकता है।
  • Cu (तांबा): तन्य है, पर सोने से कम।
  • Al (एल्युमिनियम): तन्य है, पर सोने से कम।
  • Zn (जस्ता): भंगुर होता है, कम तन्य।

Quick Facts:

  • तन्यता का अर्थ है खींचकर तार बनाने की क्षमता।
  • सोना सबसे आघातवर्धनीय (malleable) धातु भी है।

विस्थापन अभिक्रिया में, यदि अधिक अभिक्रियाशील धातु कम अभिक्रियाशील धातु को उसके लवण विलयन से विस्थापित करती है, तो परिणाम क्या होता है?

  • कम अभिक्रियाशील धातु विस्थापित हो जाती है और अधिक अभिक्रियाशील धातु यौगिक का भाग बन जाती है
  • अघुलनशील लवण का निर्माण
  • कम अभिक्रियाशील धातु विस्थापित हो जाती है और जम जाती है
  • अधिक अभिक्रियाशील धातु अपरिवर्तित रहती है

Explanation:

  • सही विकल्प: अधिक अभिक्रियाशील धातु (जैसे Zn) कम अभिक्रियाशील धातु (जैसे Cu) को उसके लवण (CuSO₄) से विस्थापित कर देती है। अधिक अभिक्रियाशील धातु स्वयं लवण (ZnSO₄) का भाग बन जाती है और Cu निकल जाता है।
  • अघुलनशील लवण: यह अवक्षेपण अभिक्रिया में होता है, विस्थापन में नहीं।
  • कम अभिक्रियाशील धातु विस्थापित हो जाती है और जम जाती है: यह सही है परंतु अधूरा है; अधिक अभिक्रियाशील धातु यौगिक में जाती है, इसलिए पहला विकल्प पूर्ण सही है।

Quick Facts:

  • Zn + CuSO₄ → ZnSO₄ + Cu (Zn अधिक अभिक्रियाशील, Cu कम)
  • यह अभिक्रिया धातुओं की अभिक्रियाशीलता श्रेणी पर आधारित है।

जस्ती लोहा क्या है?

  • स्टील का एक रूप
  • जस्ता लेपित लोहा
  • कच्चा लोहा
  • लौह अयस्क

Explanation:

  • जस्ता लेपित लोहा (Zinc-coated iron): जस्ती लोहा (Galvanized iron) वह लोहा है जिस पर जंग से बचाने के लिए जस्ता (Zinc) की परत चढ़ाई जाती है। इस प्रक्रिया को गैल्वनीकरण (Galvanization) कहते हैं।
  • स्टील का एक रूप: गलत, स्टील कार्बन युक्त लोहा है।
  • कच्चा लोहा: गलत, कच्चा लोहा कार्बन अधिक वाला लोहा है।
  • लौह अयस्क: गलत, यह अयस्क नहीं बल्कि उत्पाद है।

Quick Facts:

  • गैल्वनीकरण में Zn की परत चढ़ाने से जंग (Fe₂O₃) नहीं लगती क्योंकि Zn, Fe से पहले ऑक्सीकृत होता है (सक्रिय संरक्षण)।
  • जस्ती लोहे का उपयोग छतों, बाल्टियों, पाइपों में होता है।

______ एक विषमांगी मिश्रण है, जिसके कण इतने छोटे होते हैं कि उन्हें नग्न आँखों से नहीं देखा जा सकता लेकिन वे इतने बड़े होते हैं कि वे प्रकाश का प्रकीर्णन कर सकते हैं।

  • धातुएँ
  • तत्व
  • अणु
  • कोलॉइड

Explanation:

  • कोलॉइड (Colloid): कोलॉइड एक विषमांगी मिश्रण है जिसके कणों का आकार 1 nm से 1000 nm के मध्य होता है। ये कण नग्न आँखों से अदृश्य होते हैं पर प्रकाश का प्रकीर्णन (टिंडल प्रभाव) करते हैं।
  • धातुएँ: तत्व या मिश्रण हो सकती हैं, कोलॉइड नहीं।
  • तत्व: शुद्ध पदार्थ, मिश्रण नहीं।
  • अणु: सूक्ष्मतम कण, प्रकाश प्रकीर्णन नहीं करते।

Quick Facts:

  • कोलॉइड के उदाहरण: दूध, धुआं, फोम, जैल, इमल्शन।
  • टिंडल प्रभाव: कोलॉइड के कणों द्वारा प्रकाश का प्रकीर्णन।

______ तुलनात्मक रूप से ऊष्मा के खराब संवाहक होते हैं।

  • Cu और Al
  • Cu और Fe
  • Au और Ag
  • Pb और Hg

Explanation:

  • Pb (सीसा) और Hg (पारा): सीसा और पारा अन्य धातुओं की तुलना में ऊष्मा के खराब संवाहक हैं। इनकी तापीय चालकता कम होती है।
  • Cu और Al: ये ऊष्मा के उत्कृष्ट संवाहक हैं।
  • Cu और Fe: Cu उत्कृष्ट, Fe मध्यम चालक है।
  • Au और Ag: Au और Ag ऊष्मा के अत्यंत उत्कृष्ट संवाहक हैं।

Quick Facts:

  • ऊष्मा चालकता का क्रम: Ag > Cu > Au > Al > Fe > Pb > Hg
  • Pb और Hg का उपयोग उन मामलों में होता है जहाँ कम चालकता वांछित हो (जैसे मिश्रधातु, शीतलक) पर इनका अधिक उपयोग नहीं है।

विद्युत बल्बों में तंतु बनाने के लिए निम्नलिखित में से कौन सी सामग्री सबसे उपयुक्त है?

  • तांबा
  • निक्रोम
  • निकल
  • टंगस्टन

Explanation:

  • टंगस्टन (Tungsten/W): टंगस्टन का गलनांक बहुत उच्च (3422°C) होता है, जिससे यह बल्ब के तंतु के लिए उपयुक्त है। यह उच्च ताप पर प्रकाश उत्सर्जित करता है और पिघलता नहीं।
  • तांबा (Copper): गलनांक कम (1085°C), बल्ब में नहीं क्योंकि पिघल जाएगा।
  • निक्रोम (Nichrome): गर्म करने के लिए, परंतु टंगस्टन की तुलना में कम गलनांक (1400°C), बल्ब में नहीं।
  • निकल (Nickel): गलनांक 1455°C, टंगस्टन से कम।

Quick Facts:

  • टंगस्टन की प्रतिरोधकता भी अधिक होती है, जिससे यह गर्म होकर प्रकाश देता है।
  • टंगस्टन का प्रतीक W (Wolfram) है।

निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन गलत है/हैं?

  • A) धातुओं के ऑक्साइड क्षारीय होते हैं और अधातुओं के ऑक्साइड अम्लीय प्रकृति के होते हैं।
  • B) धातुओं के ऑक्साइड अम्लीय होते हैं और अधातुओं के ऑक्साइड क्षारीय प्रकृति के होते हैं।
  • C) अधातुएँ ऋणात्मक प्रकृति की होती हैं जबकि धातुएँ धनात्मक प्रकृति की होती हैं।
  • केवल B

Explanation:

  • कथन A: धातु ऑक्साइड क्षारीय (जैसे Na₂O, CaO) और अधातु ऑक्साइड अम्लीय (जैसे CO₂, SO₂) होते हैं, अतः A सही है।
  • कथन B: यह कथन A के विपरीत है, अतः B गलत है।
  • कथन C: धातुएँ विद्युत धनात्मक (इलेक्ट्रॉन त्यागती हैं) और अधातुएँ विद्युत ऋणात्मक (इलेक्ट्रॉन ग्रहण) होती हैं, अतः C सही है।
  • इसलिए केवल B गलत है।

Quick Facts:

  • उभयधर्मी ऑक्साइड (Amphoteric) जैसे Al₂O₃, ZnO दोनों अम्ल और क्षार के साथ अभिक्रिया करते हैं।
  • धातु ऑक्साइड जल में घुलकर क्षार बनाते हैं।

तत्व ‘A’ क्लोरीन के साथ अभिक्रिया करके उच्च गलनांक वाला यौगिक ACl बनाता है। यह यौगिक पानी में भी घुलनशील है। तत्व ‘A’ संभवतः निम्न में से कौन सा है:

  • सोडियम
  • लोहा
  • कार्बन
  • सिलिकॉन

Explanation:

  • सोडियम (Na): Na, Cl₂ के साथ अभिक्रिया करके NaCl (सोडियम क्लोराइड) बनाता है, जो एक आयनिक यौगिक है। NaCl का गलनांक उच्च (801°C) होता है और यह जल में घुलनशील है।
  • लोहा (Fe): FeCl₂ या FeCl₃ बनाता है, पर ये भी घुलनशील हैं, पर सूत्र ACl (जहाँ A एक संयोजकता वाला) के लिए Na उपयुक्त है क्योंकि Na की संयोजकता 1 है।
  • कार्बन (C): CCl₄ बनता है, जो सहसंयोजक, कम गलनांक वाला और जल में अघुलनशील।
  • सिलिकॉन (Si): SiCl₄ सहसंयोजक, जल में अघुलनशील, कम गलनांक।

Quick Facts:

  • सोडियम क्लोराइड (NaCl) सामान्य नमक है।
  • आयनिक यौगिकों के गलनांक उच्च होते हैं क्योंकि आयनों के मध्य प्रबल विद्युतस्थैतिक बल होते हैं।

नीचे दिए गए कथनों पर विचार करें और सही उत्तर की पहचान करें।

  • कथन-I: अभिक्रियाशीलता श्रृंखला में उच्च धातुएं अभिक्रियाशील नहीं हैं।
  • कथन-II: अभिक्रियाशीलता श्रृंखला में उच्च धातुओं को कार्बन के साथ गर्म करके उनके यौगिकों से प्राप्त किया जा सकता है।
  • दोनों ही कथन सत्य हैं।
  • कथन-II सत्य है और कथन-I असत्य है।
  • कथन-I सत्य है और कथन-II असत्य है।
  • दोनों ही कथन असत्य है।

Explanation:

  • कथन-I: अभिक्रियाशीलता श्रेणी में ऊपर की धातुएँ (जैसे K, Na, Ca) अत्यधिक अभिक्रियाशील होती हैं, अतः कथन-I असत्य है।
  • कथन-II: उच्च अभिक्रियाशील धातुओं (K, Na, Ca, Mg, Al) को कार्बन द्वारा अपचयित नहीं किया जा सकता क्योंकि ये कार्बन से अधिक अभिक्रियाशील हैं। इन्हें विद्युतअपघटन द्वारा निकाला जाता है। अतः कथन-II असत्य है।
  • इसलिए दोनों कथन असत्य हैं।

Quick Facts:

  • Zn, Fe, Pb, Cu जैसी मध्यम अभिक्रियाशील धातुओं को कार्बन (C) द्वारा अपचयित किया जा सकता है।
  • उच्च अभिक्रियाशील धातुओं का निष्कर्षण विद्युतअपघटनी अपचयन से होता है।

निम्नलिखित में से कौन मैंगनीज के बारे में सही नहीं है?

  • इसका उपयोग बिजली के लोहा, टोस्टर आदि के ताप तत्वों में किया जाता है।
  • मैंगनीज एक विद्युत ऋणात्मक तत्व है।
  • तापमान उच्च स्तर पर इसके प्रतिरोध को प्रभावित करता है।
  • यह आसानी से ऑक्सीकृत नहीं होता है।

Explanation:

  • मैंगनीज (Mn) का उपयोग मिश्रधातुओं में होता है, परंतु बिजली के लोहा, टोस्टर आदि के ताप तत्वों में मुख्यतः निक्रोम (Ni-Cr) या कंथल का उपयोग होता है। यह कथन सामान्यतः गलत है, लेकिन प्रश्न में ‘सही नहीं’ पूछा है, अतः इस विकल्प पर ध्यान दें।
  • मैंगनीज एक विद्युत ऋणात्मक तत्व है: Mn की विद्युत ऋणात्मकता 1.55 है, यह सही है (हालाँकि यह धातु है, फिर भी विद्युत ऋणात्मकता होती है)।
  • तापमान उच्च स्तर पर इसके प्रतिरोध को प्रभावित करता है: यह सभी धातुओं के लिए सही है, परंतु यह मैंगनीज की विशिष्ट बात नहीं है, और प्रश्न में ‘सही नहीं’ का अर्थ है कि यह कथन किसी विशेष गुण को सही नहीं दर्शाता। वास्तव में मैंगनीज के प्रतिरोध पर तापमान का प्रभाव पड़ता है, अतः यह सही है, इसलिए यह ‘सही नहीं’ नहीं है। परंतु विकल्पों में ‘सही नहीं’ के लिए सबसे उचित विकल्प है ‘यह आसानी से ऑक्सीकृत नहीं होता’ क्योंकि Mn ऑक्सीकृत होता है।
  • वास्तव में, Mn आसानी से ऑक्सीकृत हो जाता है, इसलिए ‘यह आसानी से ऑक्सीकृत नहीं होता’ कथन गलत है। परंतु प्रश्न में चिह्नित उत्तर ‘तापमान उच्च स्तर पर इसके प्रतिरोध को प्रभावित करता है’ है, जो कि वैसे तो सही है, परंतु इसे ‘सही नहीं’ माना गया है (शायद क्योंकि यह सामान्य गुण है, विशिष्ट नहीं)।

Quick Facts:

  • मैंगनीज का उपयोग स्टील निर्माण, बैटरी, मिश्रधातु (फेरोमैंगनीज) में होता है।
  • Mn की ऑक्सीकरण अवस्थाएँ +2 से +7 तक होती हैं।

अभिक्रियाशीलता श्रेणी में सबसे ऊपर कौन-सी धातु रखी जाती है?

  • ताँबा
  • लोहा
  • चाँदी
  • पोटेशियम

Explanation:

  • पोटेशियम (Potassium/K): अभिक्रियाशीलता श्रेणी में K (पोटेशियम) सबसे ऊपर है, इसके बाद Na, Ca, Mg आदि आते हैं। K अत्यंत अभिक्रियाशील है।
  • ताँबा (Cu): श्रेणी में नीचे (H के नीचे), कम अभिक्रियाशील।
  • लोहा (Fe): मध्यम अभिक्रियाशील।
  • चाँदी (Ag): श्रेणी में बहुत नीचे, अभिक्रियाशीलता बहुत कम।

Quick Facts:

  • अभिक्रियाशीलता श्रेणी: K > Na > Ca > Mg > Al > Zn > Fe > Pb > H > Cu > Hg > Ag > Au
  • K और Na को केरोसिन में रखा जाता है क्योंकि ये वायु व जल से अभिक्रिया करते हैं।

निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है/हैं?

  • A. 124 तत्वों में से, 22 अधातु हैं, और अन्य धातु हैं।
  • B. हर अयस्क एक खनिज है लेकिन हर खनिज एक अयस्क नहीं है।
  • केवल B सत्य है
  • A और B दोनों सत्य हैं
  • केवल A सत्य है
  • A और B दोनों असत्य हैं

Explanation:

  • कथन A: 118 ज्ञात तत्व हैं (आधुनिक आवर्त सारणी में 118), जिनमें से लगभग 22 अधातु, 7 उपधातु और शेष 91 धातुएँ हैं। परंतु 124 तत्वों की संख्या गलत है, इसलिए A असत्य है।
  • कथन B: अयस्क (Ore) वह खनिज है जिससे धातु का लाभकारी निष्कर्षण किया जा सकता है। सभी अयस्क खनिज हैं, परंतु सभी खनिज अयस्क नहीं (क्योंकि कुछ खनिजों से धातु निकालना लाभकारी नहीं होता)। अतः B सत्य है।
  • इसलिए केवल B सत्य है।

Quick Facts:

  • उदाहरण: बॉक्साइट (Al₂O₃) अयस्क है (एल्युमिनियम का), परंतु कॉरंडम (Al₂O₃ का रूप) खनिज है पर अयस्क नहीं।
  • खनिज प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला ठोस पदार्थ है।

______ प्रकाश बल्ब का फिलामेंट बनाने के लिए उपयोग की जाने वाली धातु है।

  • तांबा
  • निक्रोम
  • निकल
  • टंगस्टन

Explanation:

  • टंगस्टन (Tungsten/W): उच्च गलनांक (3422°C) के कारण टंगस्टन का उपयोग प्रकाश बल्ब के फिलामेंट (तंतु) में होता है।
  • तांबा: कम गलनांक, विद्युत तारों के लिए।
  • निक्रोम: हीटर के तंतु में (गलनांक 1400°C)।
  • निकल: मिश्रधातुओं और बैटरी में।

Quick Facts:

  • टंगस्टन का प्रतीक W (Wolfram) है।
  • यह बहुत कम विद्युत अपव्यय पर प्रकाश देता है।

निम्नलिखित में से किस धातु को केरोसिन में संग्रहित किया जाता है?

  • पोटेशियम (K) और सोडियम (Na)
  • सोना (Au) और चांदी (Ag)
  • सिलिकॉन (Si) और पारा (Hg)
  • एल्यूमिनियम (Al) और कैल्शियम (Ca)

Explanation:

  • K और Na: पोटेशियम और सोडियम अत्यधिक अभिक्रियाशील हैं, ये हवा की नमी व ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया करते हैं, इसलिए इन्हें केरोसिन (जो हाइड्रोकार्बन है) में डुबोकर रखा जाता है ताकि नमी से संपर्क न हो।
  • Au और Ag: अक्रिय, बिना किसी विशेष माध्यम के रखे जाते हैं।
  • Si और Hg: Si अर्धचालक, Hg द्रव धातु, इन्हें केरोसिन में नहीं रखा।
  • Al और Ca: Al पर ऑक्साइड परत होती है, Ca अभिक्रियाशील है पर केरोसिन में नहीं (Ca को तेल या शुष्क हवा में रखते हैं)।

Quick Facts:

  • सोडियम पानी के साथ जोरदार अभिक्रिया करता है, जिससे H₂ गैस निकलती है, जो ज्वलनशील है।
  • केरोसिन में ये धातुएँ अक्रिय रहती हैं।

ऐलुमिनियम के नीचे स्थित अज्ञात तत्व को क्या कहा जाता था?

  • नियो-ऐलुमिनियम
  • प्रोटो-ऐलुमिनियम
  • एका-ऐलुमिनियम
  • मेटा-ऐलुमिनियम

Explanation:

  • एका-ऐलुमिनियम (Eka-Aluminium): मेंडेलीव ने अपनी आवर्त सारणी में अज्ञात तत्वों के लिए ‘एका’ उपसर्ग का उपयोग किया। एल्युमिनियम के नीचे आने वाले तत्व को ‘एका-ऐलुमिनियम’ नाम दिया था, जिसे बाद में गैलियम (Gallium) के रूप में खोजा गया।
  • नियो-ऐलुमिनियम, प्रोटो-ऐलुमिनियम, मेटा-ऐलुमिनियम: ये मान्य नाम नहीं हैं।

Quick Facts:

  • मेंडेलीव ने एका-बोरॉन (स्कैंडियम), एका-ऐलुमिनियम (गैलियम), एका-सिलिकॉन (जर्मेनियम) की भविष्यवाणी की थी।
  • गैलियम का गलनांक 29.76°C है, यह हथेली की गर्मी से पिघल जाता है।

हीटर का मूल तत्व किस पदार्थ का बना होता है?

  • निक्रोम
  • इस्पात
  • टाइटेनियम
  • लोहा

Explanation:

  • निक्रोम (Nichrome): निक्रोम निकल (Ni) और क्रोमियम (Cr) की मिश्रधातु है, जिसका प्रतिरोध उच्च और गलनांक ~1400°C होता है, जिससे यह हीटर तत्वों (टोस्टर, बिजली के लोहे, हीटर) के लिए उपयुक्त है।
  • इस्पात (Steel): चालकता अधिक, गर्म करने पर जल्दी ऑक्सीकृत हो जाता है।
  • टाइटेनियम (Titanium): महंगा, हीटर तत्वों में प्रयोग कम।
  • लोहा (Iron): जंग खाता है, प्रतिरोधकता कम।

Quick Facts:

  • निक्रोम में 80% Ni और 20% Cr होता है।
  • यह ऑक्सीकरण प्रतिरोधी है।

गैल्वेनीकरण, धातु पर _______ के लेपन की प्रक्रिया है।

  • इनेमल
  • टिन
  • रेड ऑक्साइड
  • जिंक

Explanation:

  • जिंक (Zinc/Zn): गैल्वनीकरण (Galvanization) लोहे या स्टील पर जिंक की परत चढ़ाने की प्रक्रिया है, जिससे जंग (संक्षारण) से बचाव होता है।
  • इनेमल: कांच का लेप, सिरेमिक उत्पादों में।
  • टिन: टिन के लेप को ‘टिनिंग’ कहते हैं, जैसे टिन के डिब्बे (जंग रोकने के लिए)।
  • रेड ऑक्साइड: पेंट में प्रयुक्त, गैल्वनीकरण नहीं।

Quick Facts:

  • Zn, Fe से अधिक अभिक्रियाशील है, इसलिए यह पहले ऑक्सीकृत होता है और Fe की सुरक्षा करता है (सक्रिय संरक्षण)।
  • गैल्वनीकृत लोहे का उपयोग छत, पाइप, बाल्टी में होता है।

निम्नलिखित में से कौन सी धातु ठंडे पानी के साथ अभिक्रिया करती है?

  • एल्यूमीनियम
  • जिंक
  • आयरन
  • सोडियम

Explanation:

  • सोडियम (Na): सोडियम ठंडे पानी के साथ तीव्र अभिक्रिया करता है, जिससे सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH) और हाइड्रोजन गैस बनती है। अभिक्रिया इतनी तीव्र होती है कि H₂ जल जाती है।
  • एल्यूमीनियम (Al): ठंडे पानी से अभिक्रिया नहीं करता (सुरक्षात्मक Al₂O₃ परत के कारण), गर्म पानी से करता है।
  • जिंक (Zn): गर्म पानी या भाप से अभिक्रिया करता है, ठंडे से नहीं।
  • आयरन (Fe): जलवाष्प से अभिक्रिया करता है (लाल तप्त पर), ठंडे पानी से नहीं।

Quick Facts:

  • 2Na + 2H₂O → 2NaOH + H₂↑
  • K और Na ठंडे पानी के साथ अभिक्रिया करते हैं, Ca भी परंतु धीमी गति से।

निम्नलिखित धातुओं में से कौन सा समूह कार्बन का उपयोग करके अपचयन द्वारा प्राप्त किया जाता है?

  • Na, Zn, Ca, Pb
  • Zn, Fe, Cu
  • Ca, Pb, Mg
  • Fe, Al, Cu, Ag

Explanation:

  • Zn, Fe, Cu: ये मध्यम अभिक्रियाशील धातुएँ हैं, जिन्हें कार्बन (कोक) का उपयोग करके उनके ऑक्साइड से अपचयित किया जा सकता है।
  • Na, Ca, Mg, Al: ये उच्च अभिक्रियाशील हैं, कार्बन द्वारा अपचयित नहीं किए जा सकते, विद्युतअपघटन आवश्यक है।
  • Pb: कार्बन द्वारा अपचयित किया जा सकता है, पर समूह में शामिल नहीं है (Na, Ca के साथ दिया है)।
  • Ag, Au: मुक्त अवस्था में पाए जाते हैं, कार्बन द्वारा निष्कर्षण नहीं।

Quick Facts:

  • ZnO + C → Zn + CO, Fe₂O₃ + 3C → 2Fe + 3CO, 2CuO + C → 2Cu + CO₂
  • कार्बन ऑक्सीकारक के रूप में कार्य करता है और धातु ऑक्साइड को अपचयित करता है।

निम्नलिखित में से कौन सा तत्व कॉपर से अधिक अभिक्रियाशील है?

  • जिंक
  • प्लेटिनम
  • सिल्वर
  • गोल्ड

Explanation:

  • जिंक (Zn): अभिक्रियाशीलता श्रेणी में Zn, Cu के ऊपर स्थित है, इसलिए Zn, Cu से अधिक अभिक्रियाशील है।
  • प्लेटिनम (Pt), सिल्वर (Ag), गोल्ड (Au): ये सभी Cu के नीचे स्थित हैं, इसलिए Cu से कम अभिक्रियाशील हैं।

Quick Facts:

  • श्रेणी: … > Zn > Fe > Pb > H > Cu > Ag > Au
  • Zn CuSO₄ विलयन से Cu को विस्थापित कर सकता है।

एल्युमिनियम धातु का निष्कर्षण केवल इसके द्वारा होता है:

  • विद्युतअपघटन
  • निस्तापन
  • अपचयन
  • उपचयन

Explanation:

  • विद्युतअपघटन (Electrolysis): एल्युमिनियम (Al) अत्यधिक अभिक्रियाशील है, इसलिए इसे विद्युतअपघटनी अपचयन द्वारा पिघले हुए बॉक्साइट (Al₂O₃) से निकाला जाता है (हॉल-हेरॉल्ट प्रक्रिया)।
  • निस्तापन (Calcination): अयस्क को गर्म करके नमी/अशुद्धियाँ हटाना, निष्कर्षण विधि नहीं।
  • अपचयन (Reduction): कार्बन द्वारा अपचयन संभव नहीं क्योंकि Al, C से अधिक अभिक्रियाशील है।
  • उपचयन (Oxidation): यह विपरीत प्रक्रिया है।

Quick Facts:

  • हॉल-हेरॉल्ट प्रक्रिया में Al₂O₃ को क्रायोलाइट (Na₃AlF₆) में घोलकर पिघलाया जाता है और विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है।
  • Al का उपयोग हल्की मिश्रधातुओं (हवाई जहाज) में होता है।

निम्नलिखित में से कौन-सी धातु, सामान्य परिस्थितियों में तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ अभिक्रिया नहीं करती है?

  • तांबा
  • जिंक
  • ऐलुमिनियम
  • लोहा

Explanation:

  • तांबा (Cu): Cu हाइड्रोजन के नीचे स्थित है, इसलिए तनु HCl के साथ अभिक्रिया नहीं करता (Cu + HCl → अभिक्रिया नहीं)।
  • जिंक (Zn): Zn + 2HCl → ZnCl₂ + H₂
  • ऐलुमिनियम (Al): 2Al + 6HCl → 2AlCl₃ + 3H₂ (पर Al पर ऑक्साइड परत हो सकती है, पर सामान्यतः अभिक्रिया करता है)।
  • लोहा (Fe): Fe + 2HCl → FeCl₂ + H₂

Quick Facts:

  • धातुएँ जो H से अधिक अभिक्रियाशील हैं, वे तनु अम्लों से H₂ गैस विस्थापित करती हैं।
  • Cu, Ag, Au H से कम अभिक्रियाशील हैं, इसलिए तनु अम्लों से अभिक्रिया नहीं करतीं।

स्थायी चुंबक के निर्माण में प्रयुक्त मिश्रधातु है:

  • ज़माक
  • अलनिको
  • सिलुमिन
  • ड्यूरालुमिन

Explanation:

  • अलनिको (Alnico): Alnico, एल्युमिनियम (Al), निकल (Ni), कोबाल्ट (Co) और लोहा (Fe) की मिश्रधातु है, जिसका उपयोग स्थायी (permanent) चुंबक बनाने में होता है।
  • ज़माक (Zamak): जिंक, एल्युमिनियम, मैग्नीशियम, तांबा की मिश्रधातु, डाई-कास्टिंग में।
  • सिलुमिन (Silumin): एल्युमिनियम-सिलिकॉन मिश्रधातु।
  • ड्यूरालुमिन (Duralumin): एल्युमिनियम, तांबा, मैग्नीशियम, मैंगनीज की मिश्रधातु, हवाई जहाजों में।

Quick Facts:

  • अलनिको में उच्च चुंबकीय क्षेत्र बनाए रखने की क्षमता होती है।
  • इसका उपयोग लाउडस्पीकर, माइक्रोफोन, विद्युत उपकरणों में होता है।

निम्नलिखित में से कौन सा ऊष्मा का अच्छा सुचालक नहीं है?

  • फर (रोम)
  • तांबा
  • लोहा
  • एल्युमिनियम

Explanation:

  • फर (Fur/Rom): फर एक अचालक (insulator) है, ऊष्मा का खराब संवाहक। यह ऊष्मा को रोकता है, इसलिए ठंडे क्षेत्रों में कपड़े के रूप में प्रयुक्त होता है।
  • तांबा, लोहा, एल्युमिनियम: ये सभी धातुएँ ऊष्मा की अच्छी संवाहक होती हैं।

Quick Facts:

  • धातुएँ ऊष्मा और विद्युत की अच्छी संवाहक होती हैं (मुक्त इलेक्ट्रॉनों के कारण)।
  • अधातुएँ सामान्यतः ऊष्मा की कुचालक होती हैं।

क्लिक एंड क्याइट फोटोग्राफी में निम्नलिखित धातुओं में से किन धातुओं के यौगिकों का उपयोग किया जाता है?

  • Ag
  • Cu
  • Au
  • Al

Explanation:

  • Ag (सिल्वर): फोटोग्राफी में सिल्वर हैलाइड (AgBr, AgCl) का उपयोग होता है, जो प्रकाश के प्रति संवेदनशील होते हैं। यह ‘क्लिक एंड क्याइट’ (Click and Shoot) फोटोग्राफी फिल्मों में मुख्य घटक है।
  • Cu, Au, Al: इनके यौगिक फोटोग्राफी में मुख्य रूप से उपयोग नहीं होते।

Quick Facts:

  • सिल्वर ब्रोमाइड (AgBr) प्रकाश के संपर्क में आने पर अपघटित होकर सिल्वर धातु देता है, जिससे छवि बनती है।
  • डिजिटल युग से पहले फोटोग्राफिक फिल्मों में इसका उपयोग होता था।

सोडियम धातु को _____ में संग्रहित किया जाता है।

  • केरोसिन
  • पानी
  • ईंधन
  • अल्कोहल

Explanation:

  • केरोसिन (Kerosene): सोडियम (Na) अत्यधिक अभिक्रियाशील है, यह हवा की नमी, ऑक्सीजन और पानी से अभिक्रिया करता है। इसलिए इसे केरोसिन में डुबोकर रखा जाता है, जो अक्रिय हाइड्रोकार्बन है।
  • पानी: Na पानी के साथ जोरदार अभिक्रिया करता है (2Na + 2H₂O → 2NaOH + H₂↑), इसलिए नहीं।
  • ईंधन: अस्पष्ट, केरोसिन भी ईंधन है पर विशेष रूप से केरोसिन ही सही है।
  • अल्कोहल: Na अल्कोहल (इथेनॉल) के साथ अभिक्रिया करके सोडियम एथॉक्साइड बनाता है, इसलिए नहीं।

Quick Facts:

  • पोटेशियम (K) और सोडियम (Na) को केरोसिन में रखा जाता है।
  • लिथियम (Li) को पेट्रोलियम जेली (Vaseline) में रखा जाता है।

अयस्कों से धातुओं के निष्कर्षण के दौरान, गैग को हटाना एक महत्वपूर्ण प्रारंभिक चरण है। निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इसकी सबसे सटीक रूप से व्याख्या करता है कि विभिन्न अयस्कों के लिए विभिन्न सांद्रण विधियों (जैसे जल धावन, फेन प्लवन और चुंबकीय पृथकन) का उपयोग क्यों किया जाता है?

  • क्योंकि गैग के कण रासायनिक रूप से अभिक्रियाशील होते हैं और निष्कर्षण से पहले उन्हें ऑक्सीकरण द्वारा हटाना आवश्यक है।
  • क्योंकि सभी अयस्कों के भौतिक गुणधर्म समान होते हैं, लेकिन रासायनिक संघटन भिन्न होता है।
  • क्योंकि प्रत्येक विधि अयस्क और गैग के बीच भौतिक और रासायनिक गुणधर्मों में विशिष्ट अंतरों का उपयोग करती है।
  • क्योंकि सांद्रण विधि का चयन अयस्क और गैग के गलनांक पर निर्भर करता है।

Explanation:

  • सही विकल्प: विभिन्न अयस्कों में गैग (अशुद्धियाँ) के गुण भिन्न होते हैं। जल धावन (घनत्व अंतर), फेन प्लवन (पृष्ठ गुण), चुंबकीय पृथकन (चुंबकीय गुण) – ये सभी अयस्क और गैग के बीच भौतिक/रासायनिक गुण अंतर पर आधारित हैं।
  • गैग के कण रासायनिक रूप से अभिक्रियाशील नहीं होते, बल्कि अक्रिय होते हैं, इसलिए पहला विकल्प गलत है।
  • सभी अयस्कों के गुण समान नहीं होते, इसलिए दूसरा गलत है।
  • गलनांक पर चयन निर्भर नहीं करता, यह धातु निष्कर्षण के बाद के चरणों में आता है।

Quick Facts:

  • जल धावन (Hydraulic washing): घनत्व के अंतर पर (जैसे बॉक्साइट)।
  • फेन प्लवन (Froth flotation): सल्फाइड अयस्कों के लिए (जैसे Cu₂S, ZnS)।
  • चुंबकीय पृथकन (Magnetic separation): चुंबकीय अयस्कों (जैसे Fe₃O₄) के लिए।

वे पदार्थ जो जैविक प्रक्रियाओं द्वारा विघटित हो जाते हैं, उन्हें क्या कहा जाता है?

  • सिंथेटिक
  • जैवनिम्नीकरणीय
  • अजैवनिम्नीकरणीय
  • धात्विक

Explanation:

  • जैवनिम्नीकरणीय (Biodegradable): वे पदार्थ जो सूक्ष्मजीवों (जीवाणु, कवक) द्वारा विघटित हो जाते हैं, जैवनिम्नीकरणीय कहलाते हैं। उदाहरण: कागज, खाद्य अपशिष्ट।
  • सिंथेटिक: कृत्रिम रूप से बने, सभी जैवनिम्नीकरणीय नहीं।
  • अजैवनिम्नीकरणीय (Non-biodegradable): जो विघटित नहीं होते (जैसे प्लास्टिक, धातुएँ)।
  • धात्विक: धातुएँ, अजैवनिम्नीकरणीय होती हैं।

Quick Facts:

  • जैवनिम्नीकरणीय पदार्थ पर्यावरण के लिए कम हानिकारक हैं।
  • अजैवनिम्नीकरणीय पदार्थ प्रदूषण बढ़ाते हैं।

आयतन विस्तार के उच्चतम गुणांक वाली सामग्री को पहचानें।

  • पीतल
  • कठोर रबर
  • पारा
  • लोहा

Explanation:

  • कठोर रबर (Hard rubber): रबर (पॉलिमर) का आयतन प्रसार गुणांक (coefficient of volumetric expansion) धातुओं की तुलना में बहुत अधिक होता है। कठोर रबर में यह अत्यधिक होता है।
  • पीतल (Brass): धातु मिश्रधातु, कम गुणांक।
  • पारा (Hg): द्रव धातु, रबर से कम।
  • लोहा (Fe): बहुत कम गुणांक।

Quick Facts:

  • गुणांक क्रम: पॉलिमर > द्रव > धातु
  • रबर में गर्मी पर बहुत अधिक विस्तार होता है, इसलिए इसका उपयोग थर्मोस्टेट में किया जा सकता है।

निम्नलिखित में से कौन-सी धातु Al से कम अभिक्रियाशील है?

  • Zn
  • Mg
  • Na
  • Ca

Explanation:

  • Zn (जिंक): अभिक्रियाशीलता श्रेणी में Zn, Al के नीचे है, इसलिए Zn, Al से कम अभिक्रियाशील है।
  • Mg: Al से अधिक अभिक्रियाशील (Mg > Al)।
  • Na: Al से बहुत अधिक अभिक्रियाशील (Na > Al)।
  • Ca: Al से अधिक अभिक्रियाशील (Ca > Al)।

Quick Facts:

  • श्रेणी: K > Na > Ca > Mg > Al > Zn > Fe > Pb > Cu
  • Al, Zn से अधिक अभिक्रियाशील है क्योंकि Al का इलेक्ट्रोड विभव अधिक ऋणात्मक है।

अयस्क में मौजूद बड़ी मात्रा में अशुद्धियों, जैसे रेत, मिट्टी आदि को क्या कहा जाता है?

  • गैग
  • पिटवाँ
  • स्पंजी
  • अयस्क की कठोरता

Explanation:

  • गैग (Gangue): अयस्क में मौजूद अवांछित अशुद्धियाँ (जैसे रेत, मिट्टी, पत्थर) को ‘गैग’ कहते हैं। इसे धातु निष्कर्षण से पहले हटाया जाता है।
  • पिटवाँ: धातु ढलाई में प्रयुक्त साँचा, अशुद्धि नहीं।
  • स्पंजी: झरझरा धातु, अशुद्धि नहीं।
  • कठोरता: अयस्क का गुण, अशुद्धि नहीं।

Quick Facts:

  • गैग को हटाने की प्रक्रिया ‘सांद्रण’ (Concentration) या ‘उत्सादन’ (Dressing) कहलाती है।
  • गैग हटाने के बाद प्राप्त पदार्थ ‘सांद्रित अयस्क’ कहलाता है।

अभिक्रियाशीलता के सही क्रम में निम्नलिखित धातुओं की व्यवस्था करें। K, Al, Fe, Au, Pb

  • K > Al > Pb > Fe > Au
  • K > Al > Fe > Pb > Au
  • K > Al > Fe > Au > Pb
  • K > Fe > Al > Pb > Au

Explanation:

  • K > Al > Fe > Pb > Au: अभिक्रियाशीलता श्रेणी के अनुसार: K (सबसे अधिक) > Al > Fe > Pb > Au (सबसे कम)।
  • Pb, Fe से कम अभिक्रियाशील है, इसलिए Fe > Pb होगा।
  • Au सबसे कम अभिक्रियाशील है, इसलिए अंत में।

Quick Facts:

  • अभिक्रियाशीलता श्रेणी: K > Na > Ca > Mg > Al > Zn > Fe > Pb > H > Cu > Hg > Ag > Pt > Au
  • Al, Fe और Pb से अधिक अभिक्रियाशील है।

निम्नलिखित में से कौन सी धातु विद्युत-अपघटन द्वारा प्राप्त की जाती है? Na, Zn, Au, Ag, Mg, Al, Cu

  • Mg, Al, Cu
  • Au, Ag, Mg
  • Na, Zn, Au
  • Na, Mg, Al

Explanation:

  • Na, Mg, Al: ये अत्यधिक अभिक्रियाशील धातुएँ हैं, जिन्हें विद्युतअपघटनी अपचयन द्वारा उनके पिघले हुए लवणों या ऑक्साइडों से निकाला जाता है।
  • Zn, Fe, Cu, Pb: मध्यम अभिक्रियाशील, कार्बन द्वारा अपचयित की जाती हैं।
  • Au, Ag: मुक्त अवस्था में पाई जाती हैं या रासायनिक विधियों (जैकेट) द्वारा निकाली जाती हैं।

Quick Facts:

  • Na: डाउन्स सेल (पिघला हुआ NaCl), Mg: पिघला हुआ MgCl₂, Al: हॉल-हेरॉल्ट (पिघला Al₂O₃)
  • विद्युतअपघटन सबसे महंगी निष्कर्षण विधि है।

सक्रियता श्रेणी में मैग्नीशियम और आयरन के बीच कौन-सी धातु पायी जाती है?

  • जिंक
  • सिल्वर
  • कॉपर
  • पोटेशियम

Explanation:

  • जिंक (Zn): अभिक्रियाशीलता श्रेणी में Mg और Fe के बीच Zn आता है। क्रम: Mg > Al > Zn > Fe
  • सिल्वर (Ag): Fe के नीचे, बहुत नीचे।
  • कॉपर (Cu): Fe के नीचे।
  • पोटेशियम (K): Mg से भी ऊपर (सबसे ऊपर)।

Quick Facts:

  • श्रेणी: K > Na > Ca > Mg > Al > Zn > Fe > Pb > Cu > Ag > Au
  • Zn, Mg और Fe के मध्य स्थित है।

जस्ता तांबा सल्फेट विलयन से तांबा को विस्थापित कर सकता है क्योंकि जस्ता है।

  • तांबे की तुलना में अधिक अभिक्रियाशील
  • तांबे की तुलना में कम अभिक्रियाशील
  • तांबे की तुलना में अधिक ऑक्सीकृत
  • तांबे की तुलना में कम ऑक्सीकृत

Explanation:

  • अधिक अभिक्रियाशील: Zn, Cu से अधिक अभिक्रियाशील है, इसलिए यह CuSO₄ से Cu को विस्थापित करता है (Zn + CuSO₄ → ZnSO₄ + Cu)।
  • कम अभिक्रियाशील: तो विस्थापन नहीं होता।
  • अधिक ऑक्सीकृत: यह स्थिति नहीं है, Zn ऑक्सीकृत होता है (Zn → Zn²⁺ + 2e⁻)।

Quick Facts:

  • यह अभिक्रिया विस्थापन अभिक्रिया का उदाहरण है।
  • Zn की अभिक्रियाशीलता Cu से अधिक है, इसलिए यह Cu को विस्थापित करता है।

निम्नलिखित धातुओं में से, कौन विस्थापन अभिक्रिया के प्रति सबसे कम अभिक्रियाशील है? ताँबा, लोहा, जस्ता और सीसा

  • लोहा
  • लोहा और जस्ता
  • सीसा
  • ताँबा

Explanation:

  • ताँबा (Cu): दी गई धातुओं में Cu सबसे कम अभिक्रियाशील है। श्रेणी: Zn > Fe > Pb > Cu (पर Pb, Cu से अधिक अभिक्रियाशील है, लेकिन Zn और Fe से कम)।
  • लोहा (Fe): Zn से कम, Cu से अधिक।
  • जस्ता (Zn): सबसे अधिक अभिक्रियाशील (दिए गए में)।
  • सीसा (Pb): Fe से कम, Cu से अधिक।

Quick Facts:

  • विस्थापन अभिक्रिया में अधिक अभिक्रियाशील धातु कम अभिक्रियाशील को विस्थापित करती है।
  • Cu, Ag, Au जैसी धातुएँ विस्थापन के प्रति कम अभिक्रियाशील होती हैं।

परमाणु संख्या 14 वाला तत्व कठोर होता है और अम्लीय ऑक्साइड और सहसंयोजक हेलाइड बनाता है। यह तत्व निम्नलिखित में से किस श्रेणी से संबंधित है?

  • निष्क्रिय धातु
  • धातु
  • धातु के रूप-रंग का एक अधातु पदार्थ
  • गैर-धातु

Explanation:

  • धातु के रूप-रंग का एक अधातु पदार्थ (Metalloid): परमाणु संख्या 14 सिलिकॉन (Si) है। Si एक उपधातु (metalloid) है, जो दिखने में धातु जैसा (चमकदार) पर रासायनिक गुण अधातु जैसा (अम्लीय ऑक्साइड SiO₂, सहसंयोजक SiCl₄) रखता है।
  • निष्क्रिय धातु: जैसे Au, Pt (अक्रिय)।
  • धातु: सामान्य धातु (जैसे Na, Fe) क्षारीय ऑक्साइड बनाती हैं।
  • अधातु: कार्बन (C) या सल्फर (S) जैसे, कठोर नहीं (C हीरा कठोर हो सकता है, पर सामान्यतः)।

Quick Facts:

  • सिलिकॉन (Si) अर्धचालक है, इलेक्ट्रॉनिक्स में उपयोगी।
  • SiO₂ अम्लीय ऑक्साइड है (जैसे रेत, क्वार्ट्ज)।

निम्न में किसे धातुकर्म कहा जाता है?

  • अयस्कों से अपअयस्क निकालना
  • सल्फाइड अयस्क को हवा की अधिकता में गर्म करना
  • लोहे को जंग से बचाना
  • धातुओं की उनके अयस्कों से शुद्ध रूप में निकालना

Explanation:

  • धातुओं की उनके अयस्कों से शुद्ध रूप में निकालना: धातुकर्म (Metallurgy) वह विज्ञान है जिसमें अयस्कों से धातुओं को शुद्ध रूप में निकाला जाता है। इसमें विभिन्न भौतिक और रासायनिक प्रक्रियाएँ शामिल हैं।
  • अयस्कों से अपअयस्क निकालना: यह एक हिस्सा है (गैग हटाना), पर पूर्ण धातुकर्म नहीं।
  • सल्फाइड अयस्क को हवा में गर्म करना: यह ‘भर्जन’ (Roasting) है, धातुकर्म का एक चरण।
  • लोहे को जंग से बचाना: यह संक्षारण रोधी (Corrosion prevention) है, धातुकर्म नहीं।

Quick Facts:

  • धातुकर्म चरण: अयस्क का सांद्रण, अयस्क का निष्कर्षण (अपचयन), परिष्करण (शुद्धीकरण)।
  • प्रक्रियाएँ: भर्जन, निस्तापन, गलाना (smelting), विद्युतअपघटन, आसवन, आदि।

निम्नलिखित में से कौन सा पदार्थ, चमकदार दिखाई देता है?

  • एल्यूमीनियम
  • सल्फर
  • कोयला
  • कार्बन

Explanation:

  • एल्यूमीनियम (Aluminium): Al एक धातु है, इसलिए इसमें धात्विक चमक (metallic lustre) होती है। यह चमकदार दिखता है।
  • सल्फर (Sulfur): अधातु, पीले रंग का, चमक नहीं।
  • कोयला (Coal): कार्बन का रूप, चमक नहीं (कच्चा) या मंद।
  • कार्बन (Carbon): अधातु, चमक नहीं (सिवाय हीरे के, पर सामान्य कार्बन नहीं)।

Quick Facts:

  • धातुओं में मुक्त इलेक्ट्रॉन होते हैं जो प्रकाश को परावर्तित करते हैं, जिससे चमक आती है।
  • सल्फर, फॉस्फोरस आदि अधातुएँ चमकदार नहीं होतीं।

क्रियाशीलता श्रेणी में निम्नलिखित में से कौन सी धातु सबसे अधिक क्रियाशील है?

  • सोना
  • जस्ता
  • पोटेशियम
  • सोडियम

Explanation:

  • पोटेशियम (K): अभिक्रियाशीलता श्रेणी में K सबसे अधिक अभिक्रियाशील है। K > Na > Zn > Au
  • सोडियम (Na): K से कम, पर Zn और Au से अधिक।
  • जस्ता (Zn): मध्यम।
  • सोना (Au): सबसे कम अभिक्रियाशील।

Quick Facts:

  • K को हवा में रखने पर स्वतः प्रज्वलित (autoignition) हो सकता है।
  • K पानी के साथ विस्फोटक अभिक्रिया करता है।

लोहे के संक्षारण को रोकने के लिए सामान्यतः किस विधि का उपयोग किया जाता है?

  • धातु को नियमित रूप से जल से ठंडा करना
  • धातु को अम्ल में घोलना
  • धातु का बार-बार तापन करना
  • धातु पर पेंट या तेल का लेप

Explanation:

  • पेंट या तेल का लेप: लोहे पर पेंट, तेल, या ग्रीस की परत चढ़ाने से नमी और ऑक्सीजन का संपर्क रुक जाता है, जिससे जंग (संक्षारण) नहीं लगती।
  • जल से ठंडा करना: संक्षारण रोकने में मदद नहीं करता, बल्कि नमी बढ़ा सकता है।
  • अम्ल में घोलना: तो लोहा घुल जाता है, संक्षारण रोकने का तरीका नहीं।
  • तापन: ऑक्सीकरण बढ़ता है, जंग लगने में मदद मिलती है।

Quick Facts:

  • अन्य विधियाँ: गैल्वनीकरण (Zn लेप), टिनिंग (Sn लेप), क्रोम लेपन, मिश्रधातु बनाना (स्टेनलेस स्टील), तेल लगाना।
  • जंग (Fe₂O₃.xH₂O) एक ऑक्सीकरण प्रक्रिया है।

कौन सा धातु ऑक्साइड एक उभयधर्मी ऑक्साइड है?

  • आयरन
  • एल्यूमीनियम
  • सोडियम
  • पोटैशियम

Explanation:

  • एल्यूमीनियम ऑक्साइड (Al₂O₃): Al₂O₃ एक उभयधर्मी (amphoteric) ऑक्साइड है, जो अम्ल और क्षार दोनों के साथ अभिक्रिया करता है।
  • आयरन ऑक्साइड (Fe₂O₃): मूल रूप से क्षारीय, उभयधर्मी नहीं।
  • सोडियम ऑक्साइड (Na₂O): क्षारीय (प्रबल)।
  • पोटैशियम ऑक्साइड (K₂O): क्षारीय (प्रबल)।

Quick Facts:

  • उभयधर्मी ऑक्साइड: ZnO, Al₂O₃, PbO, SnO₂, आदि।
  • Al₂O₃ + 6HCl → 2AlCl₃ + 3H₂O, Al₂O₃ + 2NaOH → 2NaAlO₂ + H₂O (सोडियम एल्युमिनेट)

निम्नलिखित में से कौन-सी धातु कॉपर सल्फेट विलयन से कॉपर को विस्थापित करेगी?

  • प्लेटिनम
  • लोहा
  • सोना
  • चाँदी

Equation: Fe + CuSO₄ → FeSO₄ + Cu
Explanation:

  • लोहा (Fe): Fe, Cu से अधिक अभिक्रियाशील है, इसलिए Fe, CuSO₄ विलयन से Cu को विस्थापित करता है।
  • प्लेटिनम (Pt): Cu से कम अभिक्रियाशील, विस्थापन नहीं।
  • सोना (Au): Cu से कम अभिक्रियाशील।
  • चाँदी (Ag): Cu से कम अभिक्रियाशील।

Quick Facts:

  • Fe + CuSO₄ → FeSO₄ + Cu (नीला रंग FeSO₄ के हरा/हल्का हरा हो जाता है और Cu की लाल-भूरी परत जमती है)।
  • यह विस्थापन अभिक्रिया का उदाहरण है।

तापदीप तंब में फिलामेंट ______ से बना होता है।

  • टंगस्टन तार
  • निक्रोम तार
  • तांबे के तार
  • प्लैटिनम तार

Explanation:

  • टंगस्टन तार (Tungsten wire): विद्युत बल्ब (तापदीप्त दीपक) में फिलामेंट टंगस्टन का बना होता है क्योंकि इसका गलनांक बहुत उच्च है।
  • निक्रोम तार: हीटरों में, बल्ब में नहीं (गलनांक कम 1400°C)।
  • तांबे के तार: विद्युत संचरण में, बल्ब में नहीं (कम प्रतिरोध, कम गलनांक)।
  • प्लैटिनम तार: महंगा, प्रयोगशाला में उपयोग, बल्ब में नहीं।

Quick Facts:

  • टंगस्टन का गलनांक 3422°C है, जो सभी धातुओं में सर्वोच्च है।
  • बल्ब में निष्क्रिय गैस (आर्गन/नाइट्रोजन) भरी होती है ताकि टंगस्टन ऑक्सीकृत न हो।

गैल्वनीकरण में लोहे के लेप (coat) के लिए किस धातु का उपयोग किया जाता है?

  • लेड
  • कॉपर
  • जिंक
  • एल्युमीनियम

Explanation:

  • जिंक (Zinc/Zn): गैल्वनीकरण में लोहे पर जिंक की परत चढ़ाई जाती है।
  • लेड (Pb): जंग रोकता है पर विषैला, गैल्वनीकरण में नहीं।
  • कॉपर (Cu): तांबा लेपन, गैल्वनीकरण नहीं।
  • एल्युमीनियम (Al): भी जंग रोकता है, पर गैल्वनीकरण शब्द Zn के लिए विशिष्ट है।

Quick Facts:

  • गैल्वनीकरण Zn की परत चढ़ाने की प्रक्रिया है।
  • Zn, Fe से अधिक अभिक्रियाशील होने के कारण सक्रिय संरक्षण प्रदान करता है।

जब किसी अधिक अभिक्रियाशील धातु को किसी कम अभिक्रियाशील धातु के लवण विलयन में रखा जाता है, तो वह ______।

  • अपचयित हो जाती है
  • ऑक्सीकृत हो जाती है
  • अभिक्रिया नहीं करती है
  • कम अभिक्रियाशील धातु को विस्थापित कर देती है

Explanation:

  • कम अभिक्रियाशील धातु को विस्थापित कर देती है: अधिक अभिक्रियाशील धातु (जैसे Zn), कम अभिक्रियाशील धातु (जैसे Cu) के लवण (CuSO₄) को विस्थापित कर देती है।
  • अपचयित: अधिक अभिक्रियाशील धातु ऑक्सीकृत होती है, अपचयित नहीं।
  • ऑक्सीकृत: यह अधिक अभिक्रियाशील धातु होती है (जैसे Zn → Zn²⁺), पर विकल्प “कम अभिक्रियाशील धातु को विस्थापित” अधिक सटीक है।

Quick Facts:

  • उदाहरण: Zn + CuSO₄ → ZnSO₄ + Cu (Zn विस्थापित करता है Cu को)
  • यह अभिक्रिया अभिक्रियाशीलता श्रेणी पर निर्भर है।

______ सिलिकेट खनिजों का एक समूह है जिसमें परिपूर्ण दरार होती है, जिससे वे पतली प्लेटों में आसानी से विभाजित हो जाते हैं।

  • जिप्सम
  • क्वार्ट्ज
  • अभ्रक
  • स्फतीय

Explanation:

  • अभ्रक (Mica): अभ्रक एक सिलिकेट खनिज है जिसमें एक दिशा में परिपूर्ण दरार (perfect cleavage) होती है, जिससे यह पतली, लचीली प्लेटों में विभाजित हो जाता है।
  • जिप्सम (Gypsum): कैल्शियम सल्फेट, दरार होती है पर प्लेट नहीं।
  • क्वार्ट्ज (Quartz): SiO₂, दरार नहीं (असममित भंग)।
  • स्फतीय (Feldspar): सिलिकेट, पर दरार दो दिशाओं में, अभ्रक जैसी प्लेट नहीं।

Quick Facts:

  • अभ्रक का उपयोग विद्युत अवरोधक (insulator) और ऊष्मा अवरोधक के रूप में होता है।
  • यह विद्युत उपकरणों, पेंट, प्लास्टिक में प्रयुक्त होता है।

वैद्युतअपघटनी परिष्करण के दौरान एनोड के रूप में किसको प्रयुक्त किया जाता है?

  • शुद्ध धातु की एक पट्टी जिसे परिष्कृत किया जाना है
  • एक अक्रिय इलेक्ट्रोड
  • प्रेगभूट की एक छड़
  • अशुद्ध धातु की एक पट्टी जिसे परिष्कृत किया जाना है

Explanation:

  • अशुद्ध धातु की पट्टी (Anode): विद्युतअपघटनी परिष्करण (Electrolytic refining) में एनोड पर अशुद्ध धातु (जिसे शुद्ध करना है) और कैथोड पर शुद्ध धातु की पट्टी रखी जाती है। विद्युत धारा प्रवाहित करने पर अशुद्ध धातु एनोड पर घुल जाती है और शुद्ध धातु कैथोड पर जमा हो जाती है।
  • शुद्ध धातु: कैथोड के रूप में प्रयुक्त होती है।
  • अक्रिय इलेक्ट्रोड: विद्युतअपघटन में कभी, परिष्करण में नहीं।
  • प्रेगभूट: गलत शब्द है।

Quick Facts:

  • उदाहरण: तांबे का विद्युतअपघटनी परिष्करण (CuSO₄ + H₂SO₄ विलयन में)।
  • अशुद्धियाँ एनोड पर नीचे गिर जाती हैं (एनोड मड) में।

निम्नलिखित में से कौन-सी धातु आसवन द्वारा शुद्ध की जाती है?

  • जस्ता
  • चाँदी
  • ताँबा
  • लोहा

Explanation:

  • जस्ता (Zinc/Zn): जस्ता का गलनांक (419°C) और क्वथनांक (907°C) होता है, अशुद्धियों से अलग करने के लिए आसवन (distillation) द्वारा शुद्ध किया जाता है।
  • चाँदी (Ag), ताँबा (Cu), लोहा (Fe): इन्हें विद्युतअपघटनी या तापीय विधियों से शुद्ध किया जाता है, आसवन द्वारा नहीं क्योंकि इनके क्वथनांक बहुत उच्च होते हैं।

Quick Facts:

  • आसवन का उपयोग उन धातुओं के लिए होता है जो वाष्पशील होती हैं (जैसे Zn, Hg, Cd)।
  • Hg (पारा) भी आसवन द्वारा शुद्ध किया जाता है।

विद्युत संचरण के लिए बनने वाले तार के लिए विशेष रूप से उपयोग किये जाने वाले दो पदार्थ कौन से हैं?

  • नाइक्रोम और कॉन्स्टेन्टन
  • मैंगनीन और कॉन्स्टेन्टन
  • तांबा और एल्यूमीनियम
  • टंगस्टन और मैंगनीन

Explanation:

  • तांबा (Cu) और एल्यूमीनियम (Al): ये दोनों विद्युत की अच्छी संवाहक (conductor) हैं और अपेक्षाकृत सस्ते हैं, इसलिए विद्युत तारों (पावर ट्रांसमिशन) में उपयोग किए जाते हैं।
  • नाइक्रोम, कॉन्स्टेन्टन, मैंगनीन: इनकी प्रतिरोधकता अधिक होती है, हीटर तत्वों, प्रतिरोधकों में प्रयोग, तारों के लिए नहीं।
  • टंगस्टन: बल्ब फिलामेंट में, तारों में नहीं (महंगा, कम चालकता) .

Quick Facts:

  • तांबा और एल्यूमीनियम की विद्युत चालकता बहुत उच्च है।
  • Al, Cu से हल्का (घनत्व कम) होता है, इसलिए लंबी दूरी की लाइनों में प्रयुक्त होता है।

निम्नलिखित में से कौन-सी धातु, अपने लवण विलयन से लेड को विस्थापित नहीं करेंगी?

  • ऐलुमिनियम
  • कॉपर
  • मैग्नीशियम
  • कैल्शियम

Explanation:

  • कॉपर: कॉपर, लेड (Pb) की तुलना में कम अभिक्रियाशील है, इसलिए यह Pb²⁺ आयनों को विस्थापित नहीं कर सकता।
  • ऐलुमिनियम, मैग्नीशियम और कैल्शियम सभी Pb से अधिक अभिक्रियाशील हैं, इसलिए वे Pb²⁺ को विस्थापित कर सकते हैं।

Quick Facts:

  • अभिक्रियाशीलता श्रेणी: K > Na > Ca > Mg > Al > Zn > Fe > Pb > H > Cu > Ag > Au
  • अधिक अभिक्रियाशील धातु, कम अभिक्रियाशील धातु के लवण विलयन से उसे विस्थापित कर सकती है।

सिल्वर पर संक्षारण होने पर बनने वाली काली परत (dark layer) क्या होती है?

  • सिल्वर सल्फाइड
  • जिंक ऑक्साइड
  • आयरन ऑक्साइड
  • कॉपर ऑक्साइड

Equation: 4Ag + 2H₂S + O₂ → 2Ag₂S + 2H₂O
Explanation:

  • सिल्वर सल्फाइड (Ag₂S): चांदी वायु में H₂S के साथ अभिक्रिया करके काली परत (Ag₂S) बनाती है, जिसे संक्षारण (tarnishing) कहते हैं।
  • जिंक ऑक्साइड (ZnO) सफेद रंग का होता है, काला नहीं।
  • आयरन ऑक्साइड (Fe₂O₃) लाल-भूरा (जंग) होता है।
  • कॉपर ऑक्साइड (CuO) काला होता है, पर यह चांदी पर नहीं बनता।

Quick Facts:

  • Ag₂S (सिल्वर सल्फाइड) का रंग काला होता है।
  • चांदी पर काली परत को ‘टार्निशिंग’ (tarnishing) कहते हैं।

निम्नलिखित में से कौन-सी धातुएं लोहे में मिलाकर स्टेनलेस स्टील बनाती हैं?

  • निकेल और टिन
  • निकेल और जस्ता
  • निकेल और ताँबा
  • निकेल और क्रोमियम

Explanation:

  • निकेल और क्रोमियम: स्टेनलेस स्टील, लोहे (Fe) में क्रोमियम (Cr) और निकेल (Ni) मिलाकर बनाया जाता है, जो इसे जंग रोधी बनाता है।
  • निकेल और टिन: टिन को ‘टिन प्लेटिंग’ में उपयोग करते हैं, स्टेनलेस स्टील में नहीं।
  • निकेल और जस्ता: जस्ता का उपयोग गैल्वनीकरण में होता है।
  • निकेल और ताँबा: यह ‘मोनेल’ मिश्र धातु है, स्टेनलेस स्टील नहीं।

Quick Facts:

  • स्टेनलेस स्टील में न्यूनतम 10.5% क्रोमियम होता है।
  • यह संक्षारण प्रतिरोधी होता है।

निम्नलिखित में से कौन सा एक धातु का उदाहरण है जिसे तेल के अन्दर संग्रहीत करने की आवश्यकता है?

  • लोहा
  • सोना
  • चांदी
  • पोटेशियम

Explanation:

  • पोटेशियम (K): पोटेशियम अत्यधिक अभिक्रियाशील है, यह हवा में ऑक्सीजन और नमी से तीव्रता से अभिक्रिया करता है, इसलिए इसे तेल (केरोसिन) में रखा जाता है।
  • लोहा, सोना, चांदी इतनी अभिक्रियाशील नहीं हैं, इन्हें तेल में रखने की आवश्यकता नहीं है।

Quick Facts:

  • सोडियम और पोटेशियम को केरोसिन में रखा जाता है।
  • ये धातुएँ जल से भी तीव्र अभिक्रिया करती हैं।

निम्नलिखित में से कौन एक अधातु है?

  • नाइट्रोजन
  • एल्युमीनियम
  • लौह
  • जस्ता

Explanation:

  • नाइट्रोजन (N₂): यह गैसीय अधातु है।
  • एल्युमीनियम (Al), लौह (Fe), जस्ता (Zn) सभी धातुएँ हैं।

Quick Facts:

  • अधातुएँ ठोस, द्रव या गैस हो सकती हैं (जैसे ब्रोमीन द्रव, नाइट्रोजन गैस)।
  • अधातुएँ विद्युत की कुचालक होती हैं (ग्रेफाइट को छोड़कर)।

नाइक्रोम निम्नलिखित में से किसका मिश्र धातु है?

  • Ni, Cr, Mn और Fe
  • Ni, Cr, Mg और Fe
  • Ni, Cu, Mn और Fe
  • Ni, Cr, Mn और Al

Explanation:

  • Ni, Cr, Mn और Fe: नाइक्रोम (Nichrome) निकेल (Ni), क्रोमियम (Cr), मैंगनीज (Mn) और आयरन (Fe) का मिश्र धातु है।
  • इसका उपयोग विद्युत तापन अवयवों (heating elements) में होता है।

Quick Facts:

  • नाइक्रोम का प्रतिरोध उच्च होता है और यह ऑक्सीकरण प्रतिरोधी है।
  • सामान्य संरचना: Ni (60%), Cr (20%), Fe (20%)।

निम्नलिखित में से धातुओं के कौन से युग्म मुक्त अवस्था में पाए जाते हैं?

  • सोडियम और पोटेशियम
  • चांदी और पोटेशियम
  • सोना और चांदी
  • सोना और सोडियम

Explanation:

  • सोना और चांदी: ये अत्यंत अभिक्रियाशील नहीं हैं, इसलिए ये प्रकृति में मुक्त अवस्था (मूल रूप) में पाए जाते हैं।
  • सोडियम, पोटेशियम अत्यधिक अभिक्रियाशील हैं, ये यौगिकों में पाए जाते हैं।

Quick Facts:

  • निष्क्रिय धातुएँ (जैसे Au, Ag, Pt) मुक्त अवस्था में मिलती हैं।
  • सोना अधिकांशतः मुक्त अवस्था में पाया जाता है।

सक्रियता श्रेणी के अनुसार, निम्नलिखित धातुओं में से कौन-सी धातु सर्वाधिक अभिक्रियाशील है?

  • तांबा
  • जिंक
  • लोहा
  • पोटेशियम

Explanation:

  • पोटेशियम (K): सक्रियता श्रेणी में K सबसे ऊपर है, अतः यह सर्वाधिक अभिक्रियाशील है।
  • तांबा, जिंक, लोहा K की तुलना में कम अभिक्रियाशील हैं।

Quick Facts:

  • अभिक्रियाशीलता क्रम: K > Na > Ca > Mg > Al > Zn > Fe > Pb > Cu
  • सबसे अभिक्रियाशील धातुएँ K, Na, Ca हैं।

टंगस्टन का गलनांक ______ होता है।

  • 3,830 °C
  • 3,308 °C
  • 3,083 °C
  • 3,380 °C

Explanation:

  • 3,380 °C: टंगस्टन (W) का गलनांक लगभग 3,380 °C होता है, जो सभी धातुओं में सबसे अधिक है।
  • अन्य विकल्प गलत हैं।

Quick Facts:

  • टंगस्टन का उपयोग बल्ब के फिलामेंट में होता है क्योंकि इसका गलनांक उच्च होता है।
  • इसका घनत्व भी अधिक होता है।

निम्नलिखित में से कौन-सी धातु, ठंडे जल के साथ अत्यधिक तीव्रता से अभिक्रिया करती है?

  • कोबाल्ट
  • तांबा
  • सोडियम
  • लोहा

Explanation:

  • सोडियम (Na): सोडियम ठंडे जल के साथ तीव्रता से अभिक्रिया करके NaOH और H₂ गैस बनाता है, जो जलती है।
  • कोबाल्ट, तांबा, लोहा ठंडे जल से अभिक्रिया नहीं करते (या बहुत धीरे करते हैं)।

Quick Facts:

  • 2Na + 2H₂O → 2NaOH + H₂
  • सोडियम जल पर तैरता है क्योंकि इसका घनत्व जल से कम होता है।

धातुओं के विद्युत अपघटनी परिष्करण प्रक्रिया में, विद्युत अपघट्य किससे बना होता है?

  • शुद्ध धातु और धातु लवण का संयोजन
  • धातु लवण
  • शुद्ध धातु
  • अशुद्ध धातु

Explanation:

  • धातु लवण: विद्युत अपघटनी परिष्करण में विद्युत अपघट्य (electrolyte) शुद्ध धातु का लवण (जैसे CuSO₄) होता है, जो आयन प्रदान करता है।
  • शुद्ध धातु का उपयोग कैथोड के रूप में होता है, अशुद्ध धातु का एनोड के रूप में।

Quick Facts:

  • इस प्रक्रिया में अशुद्ध धातु एनोड पर घुलती है और शुद्ध धातु कैथोड पर जमा होती है।
  • उदाहरण: CuSO₄ विलयन का उपयोग तांबे के परिष्करण में होता है।

निम्नलिखित में से किस धातु में सबसे कम अभिक्रियाशीलता होती है?

  • सोडियम
  • मैग्नीशियम
  • सोना
  • कैल्शियम

Explanation:

  • सोना (Au): सोना सबसे कम अभिक्रियाशील धातुओं में से एक है, यह अधिकांश अम्लों से अप्रभावित रहता है।
  • सोडियम, मैग्नीशियम, कैल्शियम अत्यधिक अभिक्रियाशील हैं।

Quick Facts:

  • सोना केवल ‘एक्वा रेजिया’ (Aqua Regia) में घुलता है।
  • इसका उपयोग आभूषणों में होता है।

निम्नलिखित में से कौन-सी धातु अपनी निम्न अभिक्रियाशीलता के कारण प्रकृति में मुक्त अवस्था में पाए जाने की सबसे अधिक संभावना रखती है?

  • सोना
  • जिंक
  • कैल्शियम
  • सोडियम

Explanation:

  • सोना (Au): निम्न अभिक्रियाशीलता के कारण, सोना प्रकृति में मुक्त अवस्था (मूल) में पाया जाता है।
  • जिंक, कैल्शियम, सोडियम अभिक्रियाशील हैं, इसलिए यौगिकों में मिलते हैं।

Quick Facts:

  • मुक्त अवस्था में पाई जाने वाली धातुएँ: Au, Ag, Pt, Hg (कभी-कभी)।
  • इन्हें ‘नोबल धातुएँ’ (noble metals) भी कहते हैं।

निम्नलिखित में से कौन-सी सामग्री ऊष्मारोधी के रूप में कार्य करती है?

  • एल्युमीनियम
  • प्लास्टिक
  • कॉपर
  • आयरन

Explanation:

  • प्लास्टिक: प्लास्टिक ऊष्मा का कुचालक है, इसलिए इसका उपयोग ऊष्मारोधी (thermal insulator) के रूप में होता है।
  • एल्युमीनियम, कॉपर, आयरन ऊष्मा के सुचालक हैं।

Quick Facts:

  • ऊष्मा के कुचालक: प्लास्टिक, लकड़ी, रबर, कांच।
  • धातुएँ प्रायः ऊष्मा की सुचालक होती हैं।

निम्नलिखित धातुओं की अभिक्रियाशीलता का सही क्रम क्या है? K, Mg, Al, Zn

  • Zn > Mg > Al > K
  • K > Mg > Al > Zn
  • Mg > K > Zn > Al
  • Al > K > Zn > Mg

Explanation:

  • K > Mg > Al > Zn: सक्रियता श्रेणी के अनुसार सही क्रम K (सबसे अधिक) > Mg > Al > Zn (सबसे कम) है।
  • अन्य विकल्प गलत क्रम दर्शाते हैं।

Quick Facts:

  • सक्रियता श्रेणी (Reactivity series) धातुओं को उनकी अभिक्रियाशीलता के घटते क्रम में व्यवस्थित करती है।
  • K > Na > Ca > Mg > Al > Zn > Fe > Sn > Pb > H > Cu > Hg > Ag > Au

निम्नलिखित में से कौन-सा पोषक तत्व एक बृहत्पोषक (macronutrient) है?

  • कॉपर
  • आयरन
  • पोटेशियम
  • जिंक

Explanation:

  • पोटेशियम (K): बृहत्पोषक (macronutrient) वे तत्व हैं जिनकी पौधों को अधिक मात्रा में आवश्यकता होती है, जैसे N, P, K, Ca, Mg, S।
  • कॉपर, आयरन, जिंक सूक्ष्मपोषक (micronutrients) हैं।

Quick Facts:

  • बृहत्पोषक: NPK (नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटेशियम) प्रमुख हैं।
  • सूक्ष्मपोषक: Fe, Zn, Cu, Mn, Mo, B, Cl, Ni।

24 केरेट सोना ______ कहलाता है।

  • अशुद्ध सोना
  • शुद्ध सोना
  • सर्वोजी सोना
  • गढ़ा हुआ सोना

Explanation:

  • शुद्ध सोना: 24 केरेट सोना 100% शुद्ध सोना होता है, इसमें कोई अन्य धातु नहीं मिली होती।
  • 22 केरेट सोना 91.6% शुद्ध होता है (आभूषणों में प्रयुक्त)।

Quick Facts:

  • सोने की शुद्धता केरेट (K) में मापी जाती है।
  • 24 K = 99.9% शुद्धता, 22 K = 91.6% शुद्धता।

धातु का वह गुण कौन सा है जिसके कारण उसे तार के रूप में ढाला जा सकता है?

  • चालकता
  • संरंधता
  • तन्यता
  • आघातवर्धनीयता

Explanation:

  • तन्यता (Ductility): धातुओं का वह गुण जिसके कारण उन्हें पतले तारों में खींचा जा सकता है, तन्यता कहलाता है।
  • आघातवर्धनीयता (Malleability): पतली चादरों में पीटा जा सकना।
  • चालकता: ऊष्मा/विद्युत संचालन।

Quick Facts:

  • सोना सबसे अधिक तन्य धातु है (1g सोने से 2 km तार बनाया जा सकता है)।
  • तन्यता और आघातवर्धनीयता धातुओं के विशिष्ट गुण हैं।

वह चुनें जो नीचे के समूह से संबंधित नहीं है।

  • A. एल्युमीनियम
  • B. लोहा
  • C. बैकलाइट
  • D. पीतल

Explanation:

  • C. बैकलाइट: बैकलाइट एक प्लास्टिक (अधातु) है, जबकि एल्युमीनियम, लोहा, पीतल (मिश्र धातु) सभी धातु या धात्विक पदार्थ हैं।

Quick Facts:

  • बैकलाइट एक थर्मोसेटिंग बहुलक (polymer) है।
  • इसका उपयोग विद्युत स्विच, सॉकेट आदि में होता है।

सोडियम हाइड्रॉक्साइड, बेकिंग सोडा, वाशिंग सोडा में निम्न में से किस लवण का उपयोग किया जाता है?

  • सोडियम कार्बोनेट
  • मैग्नीशियम क्लोराइड
  • पोटेशियम क्लोराइड
  • सोडियम क्लोराइड

Explanation:

  • सोडियम क्लोराइड (NaCl): सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH), बेकिंग सोडा (NaHCO₃), वाशिंग सोडा (Na₂CO₃·10H₂O) सभी सोडियम यौगिक हैं, जिन्हें NaCl (सामान्य नमक) से बनाया जाता है।
  • NaCl एक कच्चा माल है।

Quick Facts:

  • NaCl का उपयोग क्लोर-क्षार (chlor-alkali) प्रक्रिया में NaOH, Cl₂, H₂ बनाने के लिए होता है।
  • वाशिंग सोडा (Na₂CO₃·10H₂O) और बेकिंग सोडा (NaHCO₃) NaCl से निर्मित होते हैं।

सबसे आघातवर्धनीय धातु कौन सी है?

  • ताँबा
  • एल्युमिनियम
  • चाँदी
  • सोना

Explanation:

  • सोना (Au): सोना सबसे अधिक आघातवर्धनीय (malleable) धातु है। इसकी 0.0001 मिमी मोटी चादर बनाई जा सकती है।
  • चांदी, एल्युमिनियम, तांबा भी आघातवर्धनीय हैं, पर सोना सबसे अधिक।

Quick Facts:

  • आघातवर्धनीयता: धातु को पीटकर पतली चादर बनाने का गुण।
  • सोना (Au) > चांदी (Ag) > तांबा (Cu) > एल्युमिनियम (Al)।

हमारे आहार में हरी और पीली सब्जियाँ हमें भोजन के रूप में अधिकांशतः कौन- सा तत्त्व प्रदान करती हैं?

  • ताँबा
  • सोडियम
  • जिंक
  • पोटेशियम

Explanation:

  • पोटेशियम (K): हरी पत्तेदार और पीली सब्जियाँ (जैसे पालक, केला) पोटेशियम के अच्छे स्रोत हैं।
  • तांबा, सोडियम, जिंक भी मौजूद होते हैं, पर पोटेशियम प्रमुख रूप से मिलता है।

Quick Facts:

  • पोटेशियम शरीर के लिए एक आवश्यक मैक्रोमिनरल है।
  • यह तंत्रिका तंत्र और मांसपेशियों के कार्य में सहायक है।

निम्नलिखित पदार्थों में से किसमें कक्ष तापमान पर सबसे अधिक विद्युत प्रतिरोधकता होती है?

  • मैंगनीज
  • क्रोमियम
  • लोहा
  • पारा

Explanation:

  • मैंगनीज (Mn): मैंगनीज में कक्ष तापमान पर प्रतिरोधकता सबसे अधिक होती है (लगभग 1.44 × 10⁻⁶ Ω·m)।
  • क्रोमियम (12.9 × 10⁻⁸), लोहा (9.7 × 10⁻⁸), पारा (9.6 × 10⁻⁷) की तुलना में Mn अधिक है।

Quick Facts:

  • प्रतिरोधकता (Resistivity) धातु की विद्युत चालन विरोध करने की क्षमता है।
  • तांबा और एल्युमिनियम की प्रतिरोधकता कम होती है।

निम्नलिखित में से किसमें निम्न घनत्व और निम्न गलनांक होता है?

  • Na
  • Fe
  • Cu
  • Au

Explanation:

  • Na (सोडियम): सोडियम का घनत्व (0.97 g/cm³) और गलनांक (98 °C) दोनों ही कम हैं।
  • Fe (7.8 g/cm³, 1538 °C), Cu (8.9, 1085 °C), Au (19.3, 1064 °C) सभी अधिक घनत्व/गलनांक वाले हैं।

Quick Facts:

  • सोडियम जल पर तैरता है क्योंकि इसका घनत्व जल से कम है।
  • क्षार धातुओं (Li, Na, K) का घनत्व और गलनांक निम्न होता है।

निम्नलिखित में से कौन सा निकल के निष्कर्षण के लिए उपयोग किया जाने वाला प्राथमिक अयस्क है?

  • पेंटलैंडाइट
  • बॉक्साइट
  • गैलेना
  • हेमेटाइट

Explanation:

  • पेंटलैंडाइट (Pentlandite): यह निकेल (Ni) का प्रमुख अयस्क है, जिसका सूत्र (Fe,Ni)₉S₈ है।
  • बॉक्साइट (Al), गैलेना (Pb), हेमेटाइट (Fe) अन्य धातुओं के अयस्क हैं।

Quick Facts:

  • निकल के अन्य अयस्क: मिलराइट (NiS), गार्निएराइट ((Ni,Mg)₆Si₄O₁₀(OH)₈)।
  • निकल का उपयोग स्टेनलेस स्टील और मिश्र धातुओं में होता है।

इनमें से कौन सा सर्वाधिक इस्तेमाल किया जाने वाला वैद्युत चालक है?

  • तांबा
  • टिन
  • पीतल
  • लेड

Explanation:

  • तांबा (Cu): तांबा सर्वाधिक उपयोग किया जाने वाला विद्युत चालक है क्योंकि इसकी चालकता उच्च और लागत अपेक्षाकृत कम है।
  • टिन, पीतल, लेड की चालकता तांबे से कम होती है।

Quick Facts:

  • चांदी सबसे अधिक चालक है, परंतु महँगी होने के कारण तांबे का अधिक उपयोग होता है।
  • तांबे का उपयोग विद्युत तारों, मोटरों आदि में होता है।

निम्नलिखित में से कौन-सा अधातुओं का विशिष्ट भौतिक गुण है?

  • वे आघातवर्धनीय और ध्वनिक होते हैं।
  • वे भंगुर होते हैं और बिजली के खराब सुचालक होते हैं।
  • वे धातुओं की तरह तन्य और चमकदार होते हैं।
  • वे गर्मी और बिजली का अच्छा चालन करते हैं।

Explanation:

  • अधातुएँ भंगुर (brittle) होती हैं और विद्युत की कुचालक होती हैं (ग्रेफाइट को छोड़कर)।
  • आघातवर्धनीय, तन्य, चमकदार, सुचालक – ये धातुओं के गुण हैं।

Quick Facts:

  • अधातुओं के उदाहरण: C, S, P, N₂, O₂, Cl₂, Br₂ (द्रव)।
  • अपवाद: ग्रेफाइट (C) विद्युत का चालक है, और हीरा (C) अत्यंत कठोर है।

निम्न में से कौन सी धातु ठंडे या गर्म जल के साथ अभिक्रिया नहीं करती है?

  • पोटेशियम
  • सोडियम
  • जिंक
  • मैग्नीशियम

Explanation:

  • जिंक (Zn): जिंक ठंडे जल से अभिक्रिया नहीं करता, और गर्म जल के साथ भी बहुत धीरे अभिक्रिया करता है।
  • पोटेशियम, सोडियम ठंडे जल से तीव्र, मैग्नीशियम गर्म जल से अभिक्रिया करता है।

Quick Facts:

  • धातुओं की जल से अभिक्रियाशीलता: K > Na > Ca > Mg > Al > Zn > Fe > Cu
  • Zn भाप के साथ अभिक्रिया करता है: Zn + H₂O → ZnO + H₂

आर्द्रता वाले वातावरण में धातु की वस्तु में जंग लगने लगती है। जंग को रोकने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सी विधि सबसे प्रभावी और लंबे समय तक चलने वाली होगी?

  • पेंट का एक कोट लगाना
  • जिंक जैसी अधिक क्रियाशील धातु से लेपन करना
  • नमी के संपर्क में आने से रोकने के लिए धातु को सूखे कपड़े में लपेटना
  • समय-समय पर पृष्ठ को तेल से पोंछना

Explanation:

  • जिंक से लेपन (गैल्वनीकरण): जिंक अधिक अभिक्रियाशील है, यह बलि एनोड (sacrificial anode) के रूप में कार्य करता है, जिससे लोहे का क्षरण रुक जाता है। यह सबसे प्रभावी दीर्घकालिक विधि है।
  • पेंट, तेल, सूखा कपड़ा अस्थायी उपाय हैं।

Quick Facts:

  • गैल्वनीकरण में लोहे पर जस्ते की परत चढ़ाई जाती है।
  • जस्ता, लोहे की तुलना में अधिक अभिक्रियाशील है, इसलिए यह पहले क्षरित होता है।

निम्नलिखित में से कौन-सा, अधातु का अभिलक्षणिक गुणधर्म है?

  • ध्वनिक
  • तन्यता
  • विद्युत कुचालक
  • उच्च गलनांक

Explanation:

  • विद्युत कुचालक: अधातुएँ सामान्यतः विद्युत की कुचालक होती हैं (ग्रेफाइट को छोड़कर)।
  • ध्वनिक, तन्य, उच्च गलनांक – ये धातुओं के गुण हैं।

Quick Facts:

  • अधातुएँ ऊष्मा की भी कुचालक होती हैं।
  • अधातुएँ भंगुर (brittle) होती हैं और इन्हें तार/चादर नहीं बनाया जा सकता।

निम्नलिखित में से कौन सी धातु सबसे अधिक अभिक्रियाशील है?

  • Mg
  • Zn
  • Cu
  • Fe

Explanation:

  • Mg (मैग्नीशियम): सक्रियता श्रेणी में Mg, Zn, Fe, Cu से पहले आता है, अतः Mg सबसे अधिक अभिक्रियाशील है।
  • क्रम: Mg > Zn > Fe > Cu

Quick Facts:

  • मैग्नीशियम गर्म जल से अभिक्रिया करता है और अम्लों से तीव्रता से अभिक्रिया करता है।
  • इसका उपयोग मिश्र धातुओं और फ्लैश फोटोग्राफी में होता है।

कमरे के तापमान पर निम्नलिखित में से किस पदार्थ का प्रतिरोध सबसे कम होगा?

  • निक्रोम
  • एल्यूमीनियम
  • लोहा
  • तांबा

Explanation:

  • तांबा (Cu): तांबे की विद्युत प्रतिरोधकता बहुत कम होती है, इसलिए इसका प्रतिरोध सबसे कम होगा।
  • निक्रोम (उच्च प्रतिरोध), एल्युमीनियम और लोहा तांबे की तुलना में अधिक प्रतिरोधी हैं।

Quick Facts:

  • प्रतिरोधकता (Ω·m): Cu (1.68×10⁻⁸), Al (2.65×10⁻⁸), Fe (9.7×10⁻⁸), Nichrome (1.1×10⁻⁶)।
  • कम प्रतिरोध = अधिक चालकता।

धातुओं की सक्रियता श्रेणी क्या दर्शाती है?

  • धातुओं के उनके गलनांक के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित सूची।
  • धातुओं के उनके गलनांक के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित सूची।
  • धातुओं की उनकी क्रियाशीलता के घटते क्रम में व्यवस्थित सूची।
  • आयन निर्माण की उनकी क्षमता के अनुसार व्यवस्थित अधातुओं की सूची।

Explanation:

  • अभिक्रियाशीलता के घटते क्रम में: सक्रियता श्रेणी (reactivity series) धातुओं को उनकी अभिक्रियाशीलता के घटते क्रम में व्यवस्थित करती है (सबसे अधिक से सबसे कम)।
  • यह गलनांक या अधातुओं से संबंधित नहीं है।

Quick Facts:

  • सक्रियता श्रेणी: K > Na > Ca > Mg > Al > Zn > Fe > Sn > Pb > H > Cu > Hg > Ag > Au
  • इसका उपयोग विस्थापन अभिक्रियाओं को समझने में होता है।

धातुओं के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?

  • धातुएँ ऊष्मा की अच्छी चालक होती हैं।
  • धातुओं को पतले तारों में खींचा जा सकता है।
  • सीसा और पारा तुलनात्मक रूप से ऊष्मा के अच्छे चालक हैं।
  • शुद्ध अवस्था में धातुओं की सतह चमकदार होती है।

Explanation:

  • सीसा (Pb) और पारा (Hg) ऊष्मा के अच्छे चालक नहीं हैं, बल्कि अपेक्षाकृत खराब चालक हैं।
  • अन्य सभी कथन धातुओं के गुणों के बारे में सही हैं।

Quick Facts:

  • सीसा (Pb) ऊष्मा का खराब चालक है, इसका उपयोग ऊष्मा रोधक के रूप में होता है।
  • पारा (Hg) द्रव धातु है, इसकी चालकता अन्य धातुओं की तुलना में कम है।

निम्नलिखित में से कौन सा इलेक्ट्रोलाइट कॉपर के विद्युत अपघटनी परिष्करण में प्रयुक्त होता है?

  • सोडियम सल्फेट
  • क्यूप्रस क्लोराइड
  • कॉपर ऑक्साइड
  • कॉपर सल्फेट

Explanation:

  • कॉपर सल्फेट (CuSO₄): तांबे के विद्युत अपघटनी परिष्करण में CuSO₄ + H₂SO₄ का विलयन विद्युत अपघट्य के रूप में उपयोग किया जाता है।
  • यह Cu²⁺ आयन प्रदान करता है, जो कैथोड पर जमा होते हैं।

Quick Facts:

  • अशुद्ध Cu एनोड, शुद्ध Cu कैथोड, CuSO₄ विलयन इलेक्ट्रोलाइट।
  • इस प्रक्रिया में अशुद्धियाँ एनोड पर जमा हो जाती हैं (एनोड मड)।

धातु, ऑक्साइड बनाने के लिए ______ के साथ अभिक्रिया करती है।

  • पोटेशियम
  • सोडियम
  • कैल्शियम
  • ऑक्सीजन

Explanation:

  • ऑक्सीजन (O₂): धातुएँ ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया करके धातु ऑक्साइड बनाती हैं (जैसे 2Mg + O₂ → 2MgO)।
  • पोटेशियम, सोडियम, कैल्शियम स्वयं धातुएँ हैं, ऑक्सीजन अधातु है।

Quick Facts:

  • धातु + ऑक्सीजन → धातु ऑक्साइड (क्षारीय ऑक्साइड)।
  • अधातु + ऑक्सीजन → अधातु ऑक्साइड (अम्लीय ऑक्साइड)।

निम्नलिखित धातुओं को प्रतिक्रियाशीलता के घटते क्रम में व्यवस्थित करें: K, Na, Zn, Cu, Hg, Ag

  • K > Na > Zn > Cu > Hg > Ag
  • K > Na > Zn > Ag > Hg > Cu
  • K > Na > Zn > Cu > Ag > Hg
  • K > Na > Zn > Hg > Cu > Ag

Explanation:

  • K > Na > Zn > Cu > Hg > Ag: सक्रियता श्रेणी के अनुसार सही घटता क्रम यही है।
  • Ag, Hg से कम अभिक्रियाशील है, Cu से भी कम।

Quick Facts:

  • सक्रियता श्रेणी: K > Na > Ca > Mg > Al > Zn > Fe > Pb > H > Cu > Hg > Ag > Au
  • यह क्रम विस्थापन अभिक्रियाओं को निर्धारित करता है।

जब कोई धातु और सल्फ्यूरिक अम्ल आपस में अभिक्रिया करते हैं, तो धातु हाइड्रोजन को विस्थापित करती है, जो क्रियाशीलता श्रेणी में ऊपर होती है। उस धातु की पहचान करें जिसके लिए हाइड्रोजन गैस का बुलबुला सबसे तेज होगा।

  • मैग्नीशियम
  • लोहा
  • एल्यूमीनियम
  • जिंक

Explanation:

  • मैग्नीशियम (Mg): Mg, Zn, Al, Fe की तुलना में सबसे अधिक अभिक्रियाशील है, इसलिए यह H₂ को सबसे तेज विस्थापित करेगा, जिससे बुलबुले सबसे तेज होंगे।
  • क्रम: Mg > Al > Zn > Fe (अभिक्रियाशीलता)।

Quick Facts:

  • Mg + H₂SO₄ → MgSO₄ + H₂ (तीव्र अभिक्रिया)
  • तनु अम्लों के साथ धातुओं की अभिक्रियाशीलता सक्रियता श्रेणी पर निर्भर करती है।

गैल्वनीकरण प्रक्रिया में, लोहे पर परत चढ़ाने के लिए निम्नलिखित में से किस धातु का उपयोग किया जाता है?

  • जिंक
  • लोहा
  • प्लैटिनम
  • चांदी

Explanation:

  • जिंक (Zn): गैल्वनीकरण में लोहे पर जिंक की परत चढ़ाई जाती है ताकि उसे जंग से बचाया जा सके।
  • जिंक अधिक अभिक्रियाशील है, यह बलि एनोड का कार्य करता है।

Quick Facts:

  • गैल्वनीकरण एक सुरक्षात्मक लेपन विधि है।
  • इसका उपयोग छत की चादरें, पाइप आदि में होता है।

सोडियम धातु को केरोसिन में क्यों रखा जाता है?

  • सोडियम हवा में अदृश्य होता है
  • सोडियम की गंध बहुत तेज होती है
  • इसकी तीव्र प्रतिक्रियाओं से ऑक्सीजन और पानी से बचाने के लिए
  • सोडियम केरोसिन से निकाला जाता है

Explanation:

  • Na को केरोसिन में रखा जाता है क्योंकि यह हवा में O₂ और नमी से तीव्रता से अभिक्रिया करता है, जिससे आग लग सकती है।
  • केरोसिन एक हाइड्रोकार्बन है जो Na से अभिक्रिया नहीं करता।

Quick Facts:

  • सोडियम, पोटेशियम, लिथियम को केरोसिन में रखा जाता है।
  • ये धातुएँ जल से तीव्र अभिक्रिया करके H₂ गैस छोड़ती हैं, जो ज्वलनशील है।

लोहे पर जंग लगने और क्षरण से बचाने के लिए इलेक्ट्रोप्लेटिंग में किस धातु का उपयोग किया जाता है?

  • रोडियम
  • जस्ता
  • क्रोमियम
  • टिन

Explanation:

  • जस्ता (Zn): गैल्वनीकरण में जस्ता का उपयोग किया जाता है, जो लोहे को जंग से बचाता है। इसे इलेक्ट्रोप्लेटिंग द्वारा भी चढ़ाया जाता है।
  • टिन (Tin plating) भी उपयोग होता है (टिन प्लेटिंग), पर जस्ता अधिक सामान्य है।

Quick Facts:

  • इलेक्ट्रोप्लेटिंग में जस्ता, क्रोमियम, निकेल, टिन का उपयोग होता है।
  • जस्ता बलि एनोड के रूप में कार्य करता है।

जिंक सल्फेट टेट्राहाइड्रेट (ZnSO₄·7H₂O) को आम तौर पर ______ के नाम से जाना जाता है।

  • श्वेत तूतिया (white vitriol)
  • नीला तूतिया (blue vitriol)
  • जिप्सम (Gypsum)
  • एप्सम नमक (Epsom salt)

Explanation:

  • श्वेत तूतिया (White vitriol): ZnSO₄·7H₂O को श्वेत तूतिया कहते हैं।
  • नीला तूतिया = CuSO₄·5H₂O, जिप्सम = CaSO₄·2H₂O, एप्सम नमक = MgSO₄·7H₂O।

Quick Facts:

  • तूतिया (Vitriol) सल्फेट लवणों का पुराना नाम है।
  • ZnSO₄·7H₂O का उपयोग औषधि और रंगों में होता है।

फेन प्लवन विधि का उपयोग ______ अयस्क के सांद्रीकरण के लिए किया जाता है।

  • पारा
  • सोडियम
  • सल्फाइड
  • कॉपर

Explanation:

  • सल्फाइड अयस्क: फेन प्लवन (Froth flotation) विधि का उपयोग सल्फाइड अयस्कों (जैसे ZnS, Cu₂S) के सांद्रीकरण के लिए किया जाता है, क्योंकि सल्फाइड अयस्क गैंग (अशुद्धि) से अलग हो जाते हैं।
  • यह विधि अयस्क के पृष्ठीय गुणों पर आधारित है।

Quick Facts:

  • इस विधि में तेल और पानी का उपयोग होता है, अयस्क फेन (फोम) के साथ ऊपर आ जाता है।
  • उदाहरण: गैलेना (PbS), चाल्कोपाइराइट (CuFeS₂) का संवर्धन।

रैखिक प्रसार के न्यूनतम गुणांक वाले पदार्थ की पहचान कीजिए।

  • पीतल
  • लोहा
  • तांबा
  • सीसा

Explanation:

  • लोहा (Fe): लोहे का रैखिक प्रसार गुणांक (α) सबसे कम है (लगभग 12 × 10⁻⁶ /°C), जबकि Pb (29), Cu (17), पीतल (19) से कम है।
  • न्यूनतम गुणांक = ताप परिवर्तन पर सबसे कम विस्तार।

Quick Facts:

  • प्रसार गुणांक क्रम: Pb > Al > Cu > पीतल > Fe > Ni
  • न्यूनतम प्रसार वाले पदार्थ का उपयोग मापक उपकरणों में होता है।

किसी मिश्र धातु को मिश्रण क्यों माना जाता है जबकि उसे भौतिक विधियों से अलग नहीं किया जा सकता?

  • यह केवल अयस्कों द्वारा बनता है।
  • यह अपने घटकों के गुणों को दर्शाता है तथा इसकी संरचना परिवर्तनशील हो सकती है।
  • इसमें वाष्प रूप में केवल एक ही प्रकार का तत्व होता है।
  • मिश्र धातुएं सदैव चुंबकीय होती हैं क्योंकि उनमें निश्चित संरचना वाली धातुएं होती हैं।

Explanation:

  • मिश्र धातु (Alloy) एक मिश्रण है क्योंकि यह दो या अधिक धातुओं (या धातु + अधातु) का समांगी मिश्रण होता है, जिसमें घटकों के गुण विद्यमान रहते हैं और संरचना परिवर्तनशील हो सकती है।
  • इसे भौतिक विधियों से अलग करना कठिन है, पर रासायनिक रूप से यह यौगिक नहीं है।

Quick Facts:

  • मिश्र धातुओं के उदाहरण: पीतल (Cu+Zn), कांस्य (Cu+Sn), स्टेनलेस स्टील (Fe+Cr+Ni)।
  • मिश्र धातुएँ शुद्ध धातुओं की तुलना में अधिक मजबूत और संक्षारण प्रतिरोधी होती हैं।

निम्नलिखित में से कौन पानी में तैरता है?

  • सिक्का
  • कॉर्क
  • लोहे की कील
  • पत्थर

Explanation:

  • कॉर्क (Cork): कॉर्क का घनत्व जल से कम होता है, इसलिए यह पानी पर तैरता है।
  • सिक्का, लोहा, पत्थर सभी का घनत्व जल से अधिक है, इसलिए डूबते हैं।

Quick Facts:

  • प्लवन (Floatation) घनत्व पर निर्भर करता है।
  • कॉर्क एक ऊतक है जो प्रकाश और अभेद्य होता है।

निम्नलिखित में से कौन ऊष्मा का कुचालक है?

  • ऊन
  • स्टील का चम्मच
  • तांबा
  • एल्युमिनियम की छड़

Explanation:

  • ऊन (Wool): ऊन एक रेशेदार पदार्थ है, जो ऊष्मा का कुचालक है, इसलिए इसका उपयोग गर्म कपड़ों में होता है।
  • स्टील, तांबा, एल्युमिनियम ऊष्मा के सुचालक हैं।

Quick Facts:

  • कुचालक पदार्थों में हवा के छिद्र होते हैं, जो ऊष्मा को रोकते हैं।
  • ऊन, फाइबरग्लास, प्लास्टिक, लकड़ी ऊष्मा रोधी हैं।

निम्नलिखित में से कौन-सा प्रतिध्वनि को कम करने के लिए प्रयुक्त ध्वनि-शोषक सामग्री का एक उदाहरण है?

  • सिरेमिक
  • कांच
  • लोहा
  • संपीडित फाइबर बोर्ड

Explanation:

  • संपीडित फाइबर बोर्ड: यह ध्वनि-शोषक सामग्री है, जिसका उपयोग प्रतिध्वनि (echo) कम करने के लिए किया जाता है।
  • सिरेमिक, कांच, लोहा ध्वनि परावर्तक होते हैं।

Quick Facts:

  • ध्वनि-शोषक सामग्री: फाइबर बोर्ड, स्पंज, फोम, पर्दे।
  • इनका उपयोग सभागारों, स्टूडियो में होता है।

निम्नलिखित में से कौन सी धातु एक धातु ऑक्साइड और हाइड्रोजन बनाने के लिए भाप से अभिक्रिया करती है?

  • तांबा
  • चांदी
  • लेड
  • एल्यूमीनियम

Equation: 2Al + 3H₂O → Al₂O₃ + 3H₂
Explanation:

  • एल्यूमीनियम (Al): Al भाप के साथ अभिक्रिया करके Al₂O₃ और H₂ गैस बनाता है।
  • Cu, Ag, Pb जैसी धातुएँ भाप से अभिक्रिया नहीं करतीं (या बहुत कम)।

Quick Facts:

  • Mg, Al, Zn भाप से अभिक्रिया करते हैं: Mg + H₂O → MgO + H₂ (गर्म)
  • Fe भाप के साथ: 3Fe + 4H₂O → Fe₃O₄ + 4H₂ (अत्यधिक गर्म)।

______ धातु को केवल विद्युत अपघटन द्वारा निष्कर्षित किया जाता है।

  • Al
  • Zn
  • Fe
  • Cu

Explanation:

  • Al (एल्युमीनियम): एल्युमीनियम अत्यधिक अभिक्रियाशील है, इसलिए इसे केवल विद्युत अपघटनी अपचयन (electrolytic reduction) द्वारा ही निष्कर्षित किया जा सकता है (हॉल-हिरोल्ट प्रक्रिया)।
  • Zn, Fe, Cu को कार्बन (कोक) द्वारा निष्कर्षित किया जाता है।

Quick Facts:

  • Al का निष्कर्षण bauxite (Al₂O₃) के पिघले हुए क्रायोलाइट में विद्युत अपघटन द्वारा होता है।
  • अत्यधिक अभिक्रियाशील धातुएँ (K, Na, Ca, Mg, Al) विद्युत अपघटन द्वारा निष्कर्षित की जाती हैं।

सफेद फॉस्फोरस इसमें जमा होता है:

  • ऑक्सीजन
  • अल्कोहॉल
  • हाइड्रोजन
  • पानी

Explanation:

  • पानी (H₂O): सफेद फॉस्फोरस (P₄) अत्यधिक अभिक्रियाशील है, यह हवा में स्वतः जल सकता है, इसलिए इसे पानी में रखा जाता है।
  • यह O₂ से बचाने के लिए पानी में जमा किया जाता है।

Quick Facts:

  • सफेद फॉस्फोरस का उपयोग अग्नि-आयुधों में होता है।
  • यह अत्यंत विषैला होता है।

कांस्य के घटक कौन-से हैं?

  • Al + Cu + Mn + Mg
  • Cu + Zn
  • Cu + Sn
  • Pb + Sn

Explanation:

  • Cu + Sn: कांस्य (Bronze) तांबा (Cu) और टिन (Sn) का मिश्र धातु है।
  • Cu + Zn = पीतल (Brass), Pb + Sn = सोल्डर (Solder)।

Quick Facts:

  • कांस्य प्राचीन काल से उपयोग में है, यह संक्षारण प्रतिरोधी है।
  • इसका उपयोग मूर्तियों, घंटियों, बियरिंग्स में होता है।

आर्किमिडीज ने आर्किमिडीज सिद्धांत की खोज के बाद क्या निर्धारित किया था?

  • दूध की शुद्धता
  • राजा के मुकुट में सोने की शुद्धता
  • जहाज की डिजाइन अवधारणा
  • पनडुब्बी की डिजाइन अवधारणा

Explanation:

  • राजा के मुकुट में सोने की शुद्धता: आर्किमिडीज ने यह निर्धारित किया कि मुकुट शुद्ध सोने का नहीं है, क्योंकि उसका घनत्व शुद्ध सोने से कम था (उत्प्लावन बल का उपयोग करके)।
  • यह आर्किमिडीज सिद्धांत (उत्प्लावन) से संबंधित है।

Quick Facts:

  • आर्किमिडीज सिद्धांत: किसी द्रव में डुबोई गई वस्तु पर उत्प्लावन बल लगता है।
  • “यूरेका!” (Eureka) शब्द इसी खोज से जुड़ा है।

धातुकर्म में अयस्कों के संवर्धन प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य क्या है?

  • धातु को अन्य तत्वों के साथ मिलाकर मिश्रधातुएं बनाना।
  • धातु अयस्क को उसके गलित रूप में रूपांतरित करना।
  • निकाली गई धातु को परिष्कृत करके उसकी शुद्धता बढ़ाना।
  • अयस्क से अवांछित अशुद्धियां (गैंग) हटाना।

Explanation:

  • गैंग (Gangue) हटाना: अयस्क के संवर्धन (concentration) का मुख्य उद्देश्य अवांछित अशुद्धियों (मिट्टी, रेत) को हटाना है, जिससे धातु निष्कर्षण सरल हो जाता है।
  • अन्य विकल्प बाद की प्रक्रियाओं (निष्कर्षण, परिष्करण, मिश्र धातु निर्माण) से संबंधित हैं।

Quick Facts:

  • संवर्धन विधियाँ: चुंबकीय पृथक्करण, फेन प्लवन, जल-धोआ (Hydraulic washing)।
  • यह प्रथम चरण है, जिसे ‘अयस्क का सांद्रीकरण’ भी कहते हैं।

निम्नलिखित में से कौन-सी धातु, जल के साथ अत्यधिक तीव्रता से अभिक्रिया करती है?

  • जिंक
  • सीसा
  • लौह
  • सोडियम

Explanation:

  • सोडियम (Na): सोडियम जल के साथ अत्यंत तीव्र अभिक्रिया करता है, जिससे H₂ गैस निकलती है और ऊष्मा उत्पन्न होती है।
  • Zn, Pb, Fe जल से धीरे या बिल्कुल अभिक्रिया नहीं करते।

Quick Facts:

  • 2Na + 2H₂O → 2NaOH + H₂ + ऊष्मा
  • यह अभिक्रिया इतनी तीव्र होती है कि H₂ जल सकती है।

निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?

  • अधातुएं अम्लीय ऑक्साइड बनाते हैं
  • अधातुएं धनायन बनाते हैं
  • अधातुएं ऋणायन बनाते हैं
  • अधातुएं विद्युत के कुचालक होते हैं

Explanation:

  • अधातुएँ धनायन (cation) नहीं बनातीं, वे ऋणायन (anion) बनाती हैं (इलेक्ट्रॉन ग्रहण करके)।
  • अधातुएँ अम्लीय ऑक्साइड बनाती हैं (जैसे CO₂, SO₂), ये विद्युत की कुचालक होती हैं।

Quick Facts:

  • धातुएँ इलेक्ट्रॉन खोकर धनायन (cation) बनाती हैं।
  • अधातुएँ इलेक्ट्रॉन ग्रहण करके ऋणायन (anion) बनाती हैं।

निम्नलिखित में से कौन-सी धातु पृथ्वी की पपड़ी में मुक्त अवस्था में पाई जाती है?

  • जिंक
  • सोडियम
  • सोना
  • एल्यूमीनियम

Explanation:

  • सोना (Au): सोना अभिक्रियाशील नहीं है, इसलिए यह पृथ्वी की पपड़ी में मुक्त अवस्था (मूल) में पाया जाता है।
  • Zn, Na, Al अभिक्रियाशील हैं, ये यौगिकों में मिलते हैं।

Quick Facts:

  • मुक्त अवस्था में पाई जाने वाली धातुएँ: Au, Ag, Pt, Hg (कभी-कभी) ।
  • सोना प्रायः नदी की रेत में पाया जाता है।

निम्नलिखित में से कौन-सा अधात्विक (non-metallic) प्राकृतिक संसाधन है?

  • चूना पत्थर
  • सोना
  • तांबा
  • लौह अयस्क

Explanation:

  • चूना पत्थर (Limestone): यह CaCO₃ है, जो अधात्विक खनिज है (इसमें धातु तो है, परंतु इसे अधात्विक संसाधन कहा जाता है क्योंकि यह अयस्क नहीं है) – वास्तव में इसे ‘अधात्विक खनिज’ (non-metallic mineral) कहते हैं।
  • सोना, तांबा, लौह अयस्क धात्विक संसाधन हैं।

Quick Facts:

  • अधात्विक खनिजों में चूना पत्थर, संगमरमर, मिट्टी, जिप्सम, रेत शामिल हैं।
  • इनका उपयोग सीमेंट, निर्माण सामग्री, उर्वरक आदि में होता है।

पीतल एक ______ है।

  • मिश्रधातु
  • अधातु
  • धातु
  • उपधातु

Explanation:

  • मिश्रधातु (Alloy): पीतल (Brass) तांबा (Cu) और जस्ता (Zn) का मिश्र धातु है।
  • यह शुद्ध धातु नहीं है, न ही अधातु है।

Quick Facts:

  • पीतल का उपयोग संगीत वाद्ययंत्र, सजावटी सामान, पाइप आदि में होता है।
  • यह कांस्य (Cu+Sn) से भिन्न है।

ऐनोडीकरण (Anodising) सामान्यतः किस धातु पर किया जाता है?

  • स्टील
  • कॉपर
  • जिंक
  • ऐलुमिनियम

Explanation:

  • ऐलुमिनियम (Al): ऐनोडीकरण (Anodising) एक ऐलुमिनियम पर ऑक्साइड परत चढ़ाने की प्रक्रिया है, जिससे यह संक्षारण प्रतिरोधी बनता है और रंग भी चढ़ाया जा सकता है।
  • यह एक विद्युत-रासायनिक प्रक्रिया है।

Quick Facts:

  • ऐनोडीकरण में Al को एनोड बनाकर H₂SO₄ में विद्युत अपघटन किया जाता है।
  • यह Al की सतह पर सुरक्षात्मक Al₂O₃ परत बनाता है।

एक विनिर्माण संयंत्र में, इंजीनियरों को एक हल्के और अचालक पदार्थ की आवश्यकता होती है। अधातुओं का कौन-सा गुण उनके चयन के लिए सबसे उपयुक्त होगा?

  • विद्युत कुचालकता
  • उच्च घनत्व
  • उच्च बुद्धि
  • आघातवर्ध्यता

Explanation:

  • विद्युत कुचालकता: अधातुएँ विद्युत की कुचालक होती हैं, इसलिए उनका उपयोग विद्युत रोधी (insulator) सामग्री के रूप में किया जा सकता है।
  • अधातुएँ सामान्यतः हल्की होती हैं (जैसे प्लास्टिक, रबर)।

Quick Facts:

  • अधातुओं के उपयोग: प्लास्टिक (बिजली रोधी), सल्फर (रबर वल्कनीकरण), ग्रेफाइट (स्नेहक)।
  • अधातुओं में आघातवर्धनीयता या तन्यता नहीं होती।

नीचे दिए गए कथनों पर विचार करें और सही उत्तर पहचानें।

  • कथन-I: अभिक्रियाशीलता श्रृंखला में ऊपर की धातुएँ बहुत अभिक्रियाशील होती हैं।
  • कथन-II: अभिक्रियाशीलता श्रृंखला में ऊपर की धातुओं को विद्युत अपघटनी अपचयन द्वारा उनके यौगिकों से प्राप्त किया जा सकता है।
  • दोनों कथन सत्य हैं।
  • कथन-I सत्य है और कथन-II असत्य है।
  • दोनों कथन असत्य हैं।

Explanation:

  • दोनों सत्य हैं: कथन I सत्य है क्योंकि सक्रियता श्रेणी में ऊपर की धातुएँ (K, Na, Ca, Mg, Al) अत्यधिक अभिक्रियाशील होती हैं। कथन II भी सत्य है, क्योंकि इनका कार्बन द्वारा अपचयन संभव नहीं है, इसलिए विद्युत अपघटन का उपयोग होता है।

Quick Facts:

  • उच्च अभिक्रियाशील धातुओं के ऑक्साइड अत्यंत स्थिर होते हैं।
  • इन्हें कार्बन द्वारा अपचयित नहीं किया जा सकता।

निम्नलिखित में से किस पदार्थ में घनत्व सबसे अधिक होता है?

  • सोना
  • पारा
  • तांबा
  • लौह

Explanation:

  • सोना (Au): सोने का घनत्व 19.3 g/cm³ है, जो दिए गए विकल्पों में सबसे अधिक है।
  • पारा (13.6), तांबा (8.9), लौह (7.8) g/cm³।

Quick Facts:

  • ओस्मियम (Os) और इरिडियम (Ir) सबसे अधिक घनत्व वाली धातुएँ हैं (22.6 g/cm³)।
  • सोना अत्यंत भारी धातु है।

निम्नलिखित में से कौन-सी धातु नम हवा में सबसे कम संक्षारित होने की संभावना रखती है?

  • मैग्नीशियम
  • जिंक
  • ताँबा
  • लोहा

Explanation:

  • ताँबा (Cu): तांबा नम हवा में जल्दी संक्षारित नहीं होता, इस पर हरी परत (CuCO₃·Cu(OH)₂) बनती है, जो इसे और अधिक संक्षारण से बचाती है।
  • Mg, Zn, Fe अधिक अभिक्रियाशील हैं, इसलिए जल्दी संक्षारित होते हैं।

Quick Facts:

  • तांबे की हरी परत को ‘पटिना’ (Patina) कहते हैं।
  • यह परत सुरक्षात्मक होती है।

किस पोषक तत्व की कमी का रक्त की ऑक्सीजन-वाही क्षमता में कमी से सीधा संबंध है?

  • आयोडीन
  • आयरन
  • विटामिन A
  • कैल्शियम

Explanation:

  • आयरन (Fe): हीमोग्लोबिन (रक्त में) में आयरन होता है, जो O₂ का वहन करता है। आयरन की कमी से रक्त की O₂ वाही क्षमता घट जाती है, जिससे एनीमिया होता है।
  • आयोडीन थायरॉयड, विटामिन A दृष्टि, कैल्शियम अस्थियों से संबंधित हैं।

Quick Facts:

  • आयरन एक सूक्ष्मपोषक (micronutrient) है।
  • इसकी कमी से थकान, पीलापन होता है।

नीचे दिए गए कथनों पर विचार कीजिए और सही उत्तर पहचानिए।

  • कथन I: धातुएँ प्रकृति में विद्युत धनात्मक होती हैं।
  • कथन II: बंध बनाते समय धातुएँ इलेक्ट्रॉन खो देती हैं।
  • केवल कथन I सही है।
  • दोनों कथन सही हैं एवं कथन I, कथन II की सही व्याख्या है।
  • दोनों कथन सही हैं एवं कथन II कथन I की सही व्याख्या है।
  • केवल कथन II सही है।

Explanation:

  • दोनों सत्य हैं, और कथन II, कथन I की व्याख्या है: धातुएँ इलेक्ट्रॉन खोकर धनायन (cation) बनाती हैं, इसलिए वे विद्युत धनात्मक (electropositive) होती हैं। कथन II इसका कारण बताता है।

Quick Facts:

  • धातुओं की विद्युत धनात्मकता अधिक होती है।
  • यह गुण धातुओं को अभिक्रियाशील बनाता है।

धातुएँ अपनी ______ के अनुसार एक दूसरे को विस्थापित कर सकती हैं।

  • चालकता
  • प्रतिरोधकता
  • परिक्षणता
  • अभिक्रियाशीलता

Explanation:

  • अभिक्रियाशीलता (Reactivity): अधिक अभिक्रियाशील धातु कम अभिक्रियाशील धातु को उसके लवण विलयन से विस्थापित करती है, यह अभिक्रियाशीलता पर निर्भर करता है।
  • चालकता, प्रतिरोधकता विस्थापन से संबंधित नहीं हैं।

Quick Facts:

  • विस्थापन श्रृंखला (Displacement series) सक्रियता श्रेणी पर आधारित है।
  • उदाहरण: Zn + CuSO₄ → ZnSO₄ + Cu (Zn अधिक अभिक्रियाशील)।

अधातु कमरे के तापमान पर तरल है।

  • ब्रोमीन
  • सल्फर
  • मरक्यूरी
  • कैल्शियम

Explanation:

  • ब्रोमीन (Br₂): ब्रोमीन एकमात्र अधातु है जो कमरे के तापमान पर द्रव (तरल) अवस्था में होती है।
  • मरक्यूरी (Hg) एक धातु है जो द्रव है, सल्फर (S) ठोस, कैल्शियम (Ca) ठोस धातु है।

Quick Facts:

  • ब्रोमीन एक लाल-भूरे रंग का तरल है, जो अत्यंत वाष्पशील और विषैला होता है।
  • अधातुएँ सामान्यतः ठोस या गैस होती हैं।

निम्नलिखित में से कौन-सी धातु नहीं है?

  • Pb
  • Sc
  • Ga
  • Si

Explanation:

  • Si (सिलिकॉन): सिलिकॉन एक उपधातु (metalloid) है, जिसमें धातु और अधातु दोनों के गुण होते हैं।
  • Pb (सीसा), Sc (स्कैंडियम), Ga (गैलियम) सभी धातुएँ हैं।

Quick Facts:

  • उपधातुएँ (Metalloids): B, Si, Ge, As, Sb, Te, Po।
  • सिलिकॉन का उपयोग अर्धचालकों में होता है।

निम्नलिखित में से कौन-सा तांबा और जिंक का मिश्र धातु है?

  • सोल्डर
  • पीतल
  • अलनिको
  • काँसा

Explanation:

  • पीतल (Brass): यह तांबा (Cu) और जस्ता (Zn) का मिश्र धातु है।
  • सोल्डर (Pb+Sn), अलनिको (Al+Ni+Co), काँसा (Cu+Sn) हैं।

Quick Facts:

  • पीतल में Cu (60-80%) और Zn (20-40%) होता है।
  • इसका उपयोग सजावटी वस्तुओं, पाइप, संगीत वाद्ययंत्रों में होता है।

धातुओं की विद्युत प्रतिरोधकता का सही क्रम चुनिए।

  • Ag > W > Ni > Hg
  • Hg > Ni > W > Ag
  • Ag > Ni > Hg > W
  • Ag > W > Hg > Ni

Explanation:

  • विद्युत प्रतिरोधकता (resistivity) किसी पदार्थ के विद्युत धारा के प्रवाह का विरोध करने के गुण को मापती है।
  • चांदी (Ag) सबसे अच्छी चालक है, इसलिए इसकी प्रतिरोधकता सबसे कम होती है।
  • पारा (Hg) एक तरल धातु है और इसकी प्रतिरोधकता सबसे अधिक होती है।
  • सही क्रम (बढ़ती प्रतिरोधकता): Ag < W < Ni < Hg, अतः घटता क्रम: Hg > Ni > W > Ag।

Quick Facts:

  • चांदी (Ag) में सबसे कम प्रतिरोधकता (1.59 × 10⁻⁸ Ω·m) होती है।
  • तांबा (Cu) दूसरा सबसे अच्छा चालक है, इसका उपयोग विद्युत तारों में होता है।
  • प्रतिरोधकता का SI मात्रक ओम-मीटर (Ω·m) है।

विद्युत अपघटनी परिष्करण प्रक्रिया में कैथोड निम्नलिखित से बना होता है:

  • अशुद्ध धातु
  • शुद्ध धातु
  • मिश्र धातु
  • धातु लवण

Explanation:

  • विद्युत अपघटनी परिष्करण (electrolytic refining) में, शुद्ध धातु का उपयोग कैथोड (ऋण इलेक्ट्रोड) के रूप में किया जाता है।
  • अशुद्ध धातु को एनोड (धन इलेक्ट्रोड) के रूप में रखा जाता है।
  • विद्युत धारा प्रवाहित करने पर, एनोड से धातु के आयन विलयन में आते हैं और कैथोड पर जमा होते हैं, जिससे शुद्ध धातु प्राप्त होती है।
  • अशुद्धियाँ एनोड पर या विलयन में अवक्षेप के रूप में रह जाती हैं।

Quick Facts:

  • इस प्रक्रिया का उपयोग Cu, Ag, Au, Al आदि के शुद्धिकरण में होता है।
  • इसमें धातु के लवण (जैसे CuSO₄) का विलयन विद्युत अपघट्य (electrolyte) के रूप में उपयोग होता है।

निम्नलिखित में से कौन-सी धातु, तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस उत्पन्न करती है?

  • सोना
  • चांदी
  • तांबा
  • जिंक

Equation: Zn + 2HCl → ZnCl₂ + H₂
Explanation:

  • जिंक (Zn) हाइड्रोजन से अधिक क्रियाशील है, इसलिए यह तनु HCl के साथ अभिक्रिया करके ZnCl₂ और H₂ गैस बनाता है।
  • सोना (Au), चांदी (Ag) और तांबा (Cu) हाइड्रोजन से कम क्रियाशील हैं, इसलिए वे तनु अम्लों से H₂ गैस नहीं निकालते हैं।
  • अभिक्रिया: Zn + 2HCl → ZnCl₂ + H₂↑

Quick Facts:

  • धातु + अम्ल → लवण + हाइड्रोजन (जब धातु H से अधिक क्रियाशील हो)।
  • क्रियाशीलता श्रेणी (activity series): K > Na > Ca > Mg > Al > Zn > Fe > Pb > H > Cu > Hg > Ag > Au

निम्नलिखित में से कौन-सी धातु केवल भाप के साथ अभिक्रिया करती है, न कि ठंडे या गर्म पानी के साथ?

  • मैग्नीशियम
  • सोडियम
  • एल्यूमीनियम
  • पोटेशियम

Explanation:

  • एल्यूमीनियम (Al) की सतह पर ऑक्साइड की एक सुरक्षात्मक परत होती है, इसलिए यह सामान्य ताप पर ठंडे या गर्म पानी से अभिक्रिया नहीं करता है।
  • हालाँकि, अत्यधिक गर्म (लाल तप्त) Al, भाप (steam) के साथ अभिक्रिया करके Al₂O₃ और H₂ बनाता है: 2Al + 3H₂O → Al₂O₃ + 3H₂
  • Mg गर्म पानी से अभिक्रिया करता है; Na और K ठंडे पानी से भी तीव्रता से अभिक्रिया करते हैं।

Quick Facts:

  • धातु + जल → धातु ऑक्साइड/हाइड्रॉक्साइड + हाइड्रोजन
  • Al₂O₃ की परत Al को आगे ऑक्सीकरण से बचाती है (निष्क्रियता)।

विद्युत धारा का तापीय प्रभाव निम्नलिखित में से किसमें सबसे कम होता है?

  • नाइक्रोम
  • टंगस्टन
  • तांबा
  • लौह

Explanation:

  • विद्युत धारा का तापीय प्रभाव (Joule heating) \( H = I^2 R t \) के अनुसार, प्रतिरोध (R) पर निर्भर करता है।
  • तांबा (Cu) बहुत अच्छा चालक है, इसलिए इसका प्रतिरोध बहुत कम होता है, जिससे तापीय प्रभाव न्यूनतम होता है।
  • नाइक्रोम (Ni-Cr मिश्र धातु) और टंगस्टन (W) का प्रतिरोध उच्च होता है, इसलिए इनमें तापीय प्रभाव अधिक होता है, और इनका उपयोग तापन तत्वों में होता है।

Quick Facts:

  • तापन तत्वों के लिए उच्च प्रतिरोधकता और उच्च गलनांक वाली सामग्री चुनी जाती है।
  • तांबे का उपयोग विद्युत संचरण लाइनों में किया जाता है क्योंकि इसमें ऊर्जा हानि (ताप के रूप में) कम होती है।

निम्नलिखित में से कौन सी धातु एल्युमीनियम सल्फेट विलयन से एल्युमीनियम को विस्थापित कर सकती है?

  • Mg
  • Hg
  • Fe
  • Cu

Explanation:

  • एक धातु दूसरी धातु को उसके लवण विलयन से तभी विस्थापित कर सकती है, जब वह उससे अधिक क्रियाशील हो।
  • मैग्नीशियम (Mg), एल्युमीनियम (Al) की तुलना में अधिक क्रियाशील है (Mg > Al) इसलिए यह Al₂(SO₄)₃ से Al को विस्थापित कर सकता है: 3Mg + Al₂(SO₄)₃ → 3MgSO₄ + 2Al
  • Hg, Fe, Cu सभी Al से कम क्रियाशील हैं, इसलिए वे Al को विस्थापित नहीं कर सकते।

Quick Facts:

  • अभिक्रियाशीलता श्रेणी में उच्च स्थान वाली धातु, निम्न स्थान वाली धातु को उसके लवण से विस्थापित करती है।
  • विस्थापन अभिक्रिया एक प्रकार की रेडॉक्स अभिक्रिया है।

अमोनिया संश्लेषण के लिए हेबर प्रक्रिया में निम्नलिखित में से कौन सी धातु उत्प्रेरक के रूप में उपयोग की जाती है?

  • प्लैटिनम
  • निकेल
  • कॉपर
  • आयरन

Explanation:

  • हेबर प्रक्रिया (Haber’s process) में नाइट्रोजन और हाइड्रोजन से अमोनिया (NH₃) बनाया जाता है: N₂ + 3H₂ ⇌ 2NH₃
  • इस प्रक्रिया में उत्प्रेरक (catalyst) के रूप में लोहा (Fe) का उपयोग किया जाता है, जिसमें थोड़ा सा मोलिब्डेनम (Mo) या पोटैशियम ऑक्साइड (K₂O) मिलाया जाता है (promoter)।
  • अभिक्रिया 200 atm दाब और 450-500°C ताप पर की जाती है।

Quick Facts:

  • हेबर प्रक्रिया में उत्प्रेरक के रूप में ‘चूर्णित लोहा’ (finely divided iron) का उपयोग होता है।
  • प्लैटिनम (Pt) का उपयोग ओस्टवाल्ड प्रक्रिया (HNO₃ बनाने) में होता है।

अतिरिक्त हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ अभिक्रिया करने पर कौन-सी धातु सबसे अधिक ऊष्मा मुक्त करती है?

  • आयरन
  • निकेल
  • जिंक
  • मैग्नीशियम

Explanation:

  • धातु और अम्ल के बीच अभिक्रिया उष्माक्षेपी (exothermic) होती है।
  • मैग्नीशियम (Mg) सबसे अधिक क्रियाशील धातु है (दिए गए विकल्पों में), इसलिए यह सबसे अधिक ऊष्मा मुक्त करता है।
  • अभिक्रिया: Mg + 2HCl → MgCl₂ + H₂↑ + ऊष्मा

Quick Facts:

  • क्रियाशीलता जितनी अधिक होगी, अभिक्रिया उतनी ही तीव्र होगी और अधिक ऊष्मा मुक्त होगी।
  • Mg की अभिक्रिया HCl के साथ बहुत तीव्र होती है और बहुत सारी ऊष्मा उत्पन्न होती है।

कौन सा तत्व तांबे से अधिक अभिक्रियाशील नहीं है?

  • Ag
  • Pb
  • Fe
  • Zn

Explanation:

  • अभिक्रियाशीलता श्रेणी में, चांदी (Ag) तांबे (Cu) से नीचे स्थित है, इसलिए Ag, Cu से कम अभिक्रियाशील है।
  • Pb, Fe, Zn सभी Cu से अधिक क्रियाशील हैं क्योंकि वे Cu से ऊपर स्थित हैं।

Quick Facts:

  • अभिक्रियाशीलता श्रेणी: Zn > Fe > Pb > H > Cu > Hg > Ag
  • कम क्रियाशील धातुएँ (Cu, Ag, Au) प्रकृति में मुक्त अवस्था में पाई जाती हैं।

कौन-सी धातु आयरन सल्फेट विलयन से आयरन को विस्थापित करेगी?

  • क्रोमियम
  • तांबा
  • चाँदी
  • जिंक

Explanation:

  • जिंक (Zn), लोहा (Fe) से अधिक क्रियाशील है (Zn > Fe), इसलिए यह FeSO₄ से Fe को विस्थापित कर सकता है: Zn + FeSO₄ → ZnSO₄ + Fe
  • Cu और Ag, Fe से कम क्रियाशील हैं, इसलिए वे Fe को विस्थापित नहीं कर सकते।
  • Cr (क्रोमियम) भी Fe से अधिक क्रियाशील है, पर जिंक (Zn) इसका सबसे सामान्य उदाहरण है।

Quick Facts:

  • विस्थापन अभिक्रिया की शर्त: विस्थापित करने वाली धातु, विस्थापित होने वाली धातु से अधिक क्रियाशील होनी चाहिए।

धातुकर्म प्रक्रिया है:

  • लोहे में जंग लगना
  • आसवन
  • अयस्क से धातु निकालना
  • अयस्कों का गैल्वनीकरण

Explanation:

  • धातुकर्म (metallurgy) वह प्रक्रिया है जिसमें अयस्क (ore) से धातु (metal) को निकाला जाता है।
  • इसमें अयस्क का सांद्रण, ऑक्सीकरण, अपचयन और परिष्करण (refining) शामिल है।
  • जंग लगना (rusting), आसवन (distillation) और गैल्वनीकरण (galvanisation) धातुकर्म के भाग नहीं हैं।

Quick Facts:

  • धातुकर्म के मुख्य चरण: 1) अयस्क का सांद्रण, 2) ऑक्साइड में रूपांतरण, 3) धातु का निष्कर्षण, 4) परिष्करण।

_____ अमलगम बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण धातु है।

  • टंगस्टन
  • पारा
  • एल्युमीनियम
  • लोहा

Explanation:

  • अमलगम (amalgam) पारे (Hg) के साथ किसी अन्य धातु का मिश्रण होता है।
  • पारा कमरे के ताप पर द्रव अवस्था में होता है और यह कई धातुओं (जैसे Na, Au, Ag, Zn) के साथ अमलगम बनाता है।
  • इसलिए, अमलगम बनाने के लिए पारा (Mercury) महत्वपूर्ण धातु है।

Quick Facts:

  • दंत चिकित्सा (dentistry) में भराव (filling) के लिए चांदी का अमलगम उपयोग होता है।
  • सोना भी पारे के साथ अमलगम बनाता है, जिसका उपयोग सोने के निष्कर्षण में होता है।

निम्नलिखित में से कौन-सा अणु, ओजोन के निर्माण के लिए उच्च ऊर्जा पराबैंगनी किरणा द्वारा विघटित होता है?

  • ऑक्सीजन
  • सोडियम
  • लोहा
  • जिंक

Explanation:

  • ओजोन (O₃) का निर्माण समताप मंडल (stratosphere) में UV विकिरण द्वारा ऑक्सीजन (O₂) अणु के विघटन से होता है।
  • चरण 1: O₂ + UV → 2O (ऑक्सीजन परमाणु)
  • चरण 2: O + O₂ → O₃ (ओजोन)
  • सोडियम, लोहा, जिंक अणु नहीं हैं (वे तत्व हैं), और इस प्रक्रिया में शामिल नहीं हैं।

Quick Facts:

  • ओजोन परत सूर्य की हानिकारक UV किरणों को रोकती है।
  • CFC (क्लोरोफ्लोरोकार्बन) ओजोन परत को नष्ट करते हैं।

निम्नलिखित में से किन पदार्थों में उच्चतम प्रतिरोधकता है?

  • एबोनाइट
  • ताँबा
  • नाइक्रोम
  • काँच

Explanation:

  • प्रतिरोधकता (resistivity) किसी पदार्थ के विद्युत धारा रोकने के गुण को दर्शाती है।
  • एबोनाइट (ebonite) एक प्रकार का कठोर रबर है, जो एक उत्तम विद्युतरोधी (insulator) है, इसलिए इसकी प्रतिरोधकता सबसे अधिक होती है (~10¹³ Ω·m)।
  • तांबा चालक है, नाइक्रोम मिश्र धातु है, काँच भी विद्युतरोधी है पर एबोनाइट से कम प्रतिरोधकता रखता है।

Quick Facts:

  • चालक (conductors): कम प्रतिरोधकता (Ag, Cu, Al)
  • विद्युतरोधी (insulators): उच्च प्रतिरोधकता (रबर, प्लास्टिक, काँच, एबोनाइट)

खाद्य डिब्बे टिन के साथ लेपित होते हैं और जस्ता से नहीं क्योंकि ______।

  • टिन की तुलना में जस्ता कम अभिक्रियाशील होता है
  • टिन की तुलना में जस्ता में गलनांक अधिक होता है
  • टिन की अपेक्षा जस्ता महंगा होता है
  • टिन की तुलना में जस्ता अधिक अभिक्रियाशील है

Explanation:

  • खाद्य डिब्बे टिन (Sn) से लेपित किए जाते हैं, क्योंकि टिन जस्ता (Zn) की तुलना में कम अभिक्रियाशील है।
  • यदि जस्ता का लेप किया जाए, तो अम्लीय खाद्य पदार्थों के साथ Zn अभिक्रिया कर सकता है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
  • टिन अधिक अक्रिय है और अम्लों के प्रति प्रतिरोधी है, इसलिए इसे ‘टिनन’ (tinning) कहते हैं।

Quick Facts:

  • टिन (Sn) का उपयोग खाद्य डिब्बों में लेपन (coating) के लिए होता है।
  • जस्ता (Zn) का उपयोग लोहे को जंग से बचाने के लिए गैल्वनीकरण (galvanisation) में होता है।

निम्नलिखित में से किस सामग्री का उपयोग विद्युत तापन उपकरणों के ताप तत्वों को बनाने में किया जाता है?

  • टिन-सीसा मिश्र धातु
  • नाइक्रोम
  • टंगस्टन
  • कॉन्स्टेंटन

Explanation:

  • नाइक्रोम (Nichrome) निकेल (Ni) और क्रोमियम (Cr) की मिश्र धातु है, जिसका उपयोग तापन तत्वों (heating elements) में किया जाता है।
  • इसकी प्रतिरोधकता उच्च होती है, गलनांक उच्च होता है, और उच्च ताप पर ऑक्सीकरण प्रतिरोधी होती है।
  • टंगस्टन (W) का उपयोग बल्ब के फिलामेंट में होता है, तापन तत्वों में नहीं।

Quick Facts:

  • नाइक्रोम (Ni-Cr) का प्रतिरोध तापमान के साथ बहुत अधिक नहीं बदलता है।
  • कॉन्स्टेंटन (Cu-Ni) का उपयोग प्रतिरोध तारों और थर्मोकपल (thermocouple) में होता है।

_____ प्रकृति में मुक्त तत्व के रूप में पाया जाता है।

  • Ag
  • Na
  • Ca
  • K

Explanation:

  • चांदी (Ag) एक निष्क्रिय (less reactive) धातु है, यह प्रकृति में मुक्त अवस्था (free state) में पाई जाती है।
  • Na, Ca, K अत्यधिक क्रियाशील धातुएं हैं, इसलिए ये प्रकृति में संयुक्त अवस्था (यौगिकों के रूप में) पाई जाती हैं।
  • सोना (Au) और प्लैटिनम (Pt) भी मुक्त अवस्था में पाए जाते हैं।

Quick Facts:

  • क्रियाशीलता श्रेणी में नीचे स्थित धातुएँ (Cu, Ag, Au, Pt) मुक्त अवस्था में पाई जाती हैं।
  • उच्च क्रियाशील धातुएँ (Na, K, Ca, Mg, Al) संयुक्त अवस्था (ऑक्साइड, क्लोराइड, सल्फाइड) में पाई जाती हैं।

निम्नलिखित में से कौन सा धातु का विशिष्ट भौतिक गुण है?

  • गैर-चमकदार
  • भंगुर
  • बिजली का खराब चालक
  • आघातवर्धनीय

Explanation:

  • आघातवर्धनीयता (malleability) धातुओं का वह गुण है, जिसके कारण उन्हें हथौड़े से पीटकर पतली चादरों (sheets) में बदला जा सकता है।
  • धातुएं चमकदार, आघातवर्धनीय, तन्य, ऊष्मा और विद्युत की सुचालक होती हैं।
  • अधातुएं भंगुर (brittle), गैर-चमकदार और विद्युत की कुचालक होती हैं।

Quick Facts:

  • तन्यता (ductility): धातु को पतले तारों में खींचने का गुण।
  • सोना (Au) सबसे अधिक आघातवर्धनीय और तन्य धातु है।

निम्नलिखित में से कौन-सी, एक अधातु है?

  • जिंक
  • कॉपर
  • क्लोरीन
  • मर्करी

Explanation:

  • क्लोरीन (Cl) एक अधातु (non-metal) है, जो गैस अवस्था में पाया जाता है।
  • जिंक (Zn), कॉपर (Cu) और मर्करी (Hg) सभी धातुएं (metals) हैं।
  • अधातुएं ठोस, द्रव या गैस हो सकती हैं (जैसे Cl₂ गैस, Br₂ द्रव, C ठोस)।

Quick Facts:

  • अधातुओं के उदाहरण: H, C, N, O, S, P, F, Cl, Br, I, He, Ne, Ar, आदि।
  • अधातुएं विद्युत की कुचालक होती हैं (ग्रेफाइट को छोड़कर)।

निम्नलिखित में से कौन-सा कथन, धातुओं के विशिष्ट भौतिक गुणधर्म का सही वर्णन करता है?

  • धातुएं ऊष्मा और विद्युत की कुचालक होती हैं।
  • धातुएं ध्वनिक होती हैं और टकराने पर ध्वनि उत्पन्न करती हैं।
  • धातुओं का गलनांक और क्वथनांक निम्न होता है।
  • धातुएं सामान्यतः भंगुर होती हैं और हथौड़े से पीटने पर आसानी से टूट जाती हैं।

Explanation:

  • धातुओं का एक गुण ‘ध्वनिकता’ (sonorous) है, अर्थात टकराने पर वे ध्वनि (घंटी की तरह) उत्पन्न करती हैं।
  • धातुएं ऊष्मा और विद्युत की सुचालक होती हैं, कुचालक नहीं।
  • धातुओं के गलनांक और क्वथनांक सामान्यतः उच्च होते हैं (Na, K को छोड़कर)।
  • धातुएं आघातवर्धनीय होती हैं, भंगुर नहीं (अधातुएं भंगुर होती हैं)।

Quick Facts:

  • धातुओं के गुण: चमकदार, आघातवर्धनीय, तन्य, ऊष्मा व विद्युत सुचालक, ध्वनिक, उच्च गलनांक और क्वथनांक।

विद्युत बल्ब का फिलामेंट टंगस्टन से क्यों बना होता है?

  • यह सस्ता होता है
  • इसका प्रतिरोध उच्च होता है तथा यह उच्च तापमान सहन कर सकता है
  • इसका गलनांक निम्न होता है
  • यह एक अच्छा चालक है

Explanation:

  • टंगस्टन (W) का गलनांक बहुत उच्च (3410°C) होता है, इसलिए यह बल्ब में उत्पन्न उच्च ताप (लगभग 2700-3000°C) को सहन कर सकता है।
  • इसकी प्रतिरोधकता भी उच्च होती है, जिससे यह प्रकाश उत्पन्न करने के लिए पर्याप्त ऊष्मा उत्पन्न करता है।
  • यह सस्ता नहीं है, पर यह अपने गुणों के कारण उपयुक्त है।
  • यह अच्छा चालक है, पर मुख्य कारण इसका उच्च गलनांक है।

Quick Facts:

  • टंगस्टन का उपयोग ‘फिलामेंट’ (filament) में होता है क्योंकि यह उच्च ताप पर नहीं पिघलता है और ऑक्सीकरण प्रतिरोधी है।
  • बल्बों में नाइट्रोजन या आर्गन भरी जाती है, जिससे फिलामेंट की ऑक्सीकरण रुक जाती है।

निम्नलिखित में से कौन-सी धातु अभिक्रियाशीलता श्रेणी में एल्युमीनियम और जिंक से ऊपर स्थित है?

  • मैग्नीशियम
  • लोहा
  • तांबा
  • कार्बन

Explanation:

  • अभिक्रियाशीलता श्रेणी (reactivity series) में, Mg, Al से ऊपर स्थित है (Mg > Al > Zn > Fe > Pb > Cu > Ag)।
  • इसलिए Mg, Al और Zn दोनों से अधिक क्रियाशील है।
  • Fe, Cu, Mg से नीचे हैं (कम क्रियाशील), और C एक अधातु है (कार्बन का प्रयोग अपचायक के रूप में होता है, पर यह धातु नहीं है)।

Quick Facts:

  • अभिक्रियाशीलता श्रेणी (बड़े से छोटे क्रम): K > Na > Ca > Mg > Al > Zn > Fe > Pb > H > Cu > Hg > Ag > Au

सक्रियता श्रेणी में ऊपर आने वाली धातुओं, जैसे सोडियम और एल्युमीनियम, के निष्कर्षण के लिए विद्युत अपघटन का उपयोग क्यों किया जाता है?

  • क्योंकि ये धातुएं प्राकृतिक अवस्था में पाई जाती हैं।
  • क्योंकि इन धातुओं का गलनांक निम्न होता है।
  • क्योंकि इन धातुओं को कार्बन या हाइड्रोजन द्वारा अपचित नहीं किया जा सकता।
  • क्योंकि ये धातुएं वाष्पशील ऑक्साइड बनाती हैं।

Explanation:

  • उच्च क्रियाशील धातुओं (जैसे Na, K, Ca, Mg, Al) के ऑक्साइड अत्यंत स्थिर होते हैं और इन्हें C, CO या H₂ द्वारा अपचयित (reduce) नहीं किया जा सकता है।
  • इसलिए, इन धातुओं को उनके गलित अयस्कों (molten ores) के विद्युत अपघटन (electrolysis) द्वारा निकाला जाता है।
  • इस प्रक्रिया को ‘विद्युत धातुकर्म’ (electrometallurgy) कहते हैं।

Quick Facts:

  • Al का निष्कर्षण बॉक्साइट (Al₂O₃) से ‘हॉल-हेरॉल्ट प्रक्रिया’ (Hall-Héroult process) द्वारा विद्युत अपघटन से किया जाता है।
  • Na का निष्कर्षण ‘डाउन्स प्रक्रिया’ (Downs process) द्वारा गलित NaCl के विद्युत अपघटन से होता है।

निम्नलिखित में से कौन सी प्रतिक्रिया संभव होगी?

  • CuSO₄ + Ca → CaSO₄ + Cu
  • MgCl₂ + Cu → CuCl₂ + Mg
  • ZnSO₄ + Fe → FeSO₄ + Zn
  • Al₂(SO₄)₃ + Pb → PbSO₄ + Al

Explanation:

  • अधिक क्रियाशील धातु, कम क्रियाशील धातु को उसके लवण से विस्थापित कर सकती है।
  • CuSO₄ + Ca → CaSO₄ + Cu: Ca, Cu से अधिक क्रियाशील है, इसलिए यह संभव है।
  • MgCl₂ + Cu → CuCl₂ + Mg: Cu, Mg से कम क्रियाशील है, इसलिए संभव नहीं।
  • ZnSO₄ + Fe → FeSO₄ + Zn: Fe, Zn से कम क्रियाशील है, इसलिए संभव नहीं।
  • Al₂(SO₄)₃ + Pb → PbSO₄ + Al: Pb, Al से कम क्रियाशील है, इसलिए संभव नहीं।

Quick Facts:

  • विस्थापन अभिक्रिया की शर्त: विस्थापित करने वाली धातु अधिक क्रियाशील होनी चाहिए।
  • अभिक्रियाशीलता क्रम: Ca > Al > Zn > Fe > Cu > Pb

______ वह धातु है जिसका उपयोग विद्युत बल्बों के फिलामेंट बनाने के लिए किया जाता है।

  • लोहा
  • टंगस्टन
  • चांदी
  • निकल

Explanation:

  • टंगस्टन (Tungsten, W) का उपयोग विद्युत बल्बों के फिलामेंट बनाने के लिए किया जाता है।
  • इसका गलनांक 3410°C है, जो सबसे अधिक है, और यह उच्च ताप पर काम कर सकता है।
  • लोहा, चांदी, निकल के गलनांक अपेक्षाकृत कम हैं, इसलिए ये उपयुक्त नहीं हैं।

Quick Facts:

  • टंगस्टन का प्रतीक ‘W’ है (Wolfram से)।
  • यह एक संक्रमण धातु (transition metal) है।

निम्नलिखित में से कौन सा तत्व धातु है?

  • Fe
  • B
  • C
  • Si

Explanation:

  • Fe (लोहा, Iron) एक धातु है।
  • B (बोरॉन, Boron) एक उपधातु (metalloid) है।
  • C (कार्बन, Carbon) एक अधातु (non-metal) है।
  • Si (सिलिकॉन, Silicon) एक उपधातु (metalloid) है।

Quick Facts:

  • धातुएँ आवर्त सारणी के बायीं ओर स्थित होती हैं।
  • उपधातुओं (metalloids) में धातु और अधातु दोनों के गुण होते हैं (B, Si, Ge, As, Sb, Te)।

क्रियाशीलता श्रेणी में कौन-सा युग्म सर्वाधिक और न्यूनतम क्रियाशील धातु युग्मों का प्रतिनिधित्व करता है?

  • पोटेशियम और सोना
  • मैग्नीशियम और सोना
  • कैल्शियम और सोना

Explanation:

  • अभिक्रियाशीलता श्रेणी में, पोटेशियम (K) सबसे अधिक क्रियाशील है, और सोना (Au) सबसे कम क्रियाशील है।
  • इसलिए, K और Au का युग्म सर्वाधिक और न्यूनतम क्रियाशील धातुओं का प्रतिनिधित्व करता है।
  • Mg और Ca, K से कम क्रियाशील हैं, इसलिए वे सर्वाधिक क्रियाशील नहीं हैं।

Quick Facts:

  • अभिक्रियाशीलता क्रम: K > Na > Ba > Ca > Mg > Al > Zn > Fe > Pb > H > Cu > Hg > Ag > Pt > Au

विद्युत प्रतिरोध की अवधारणा के आधार पर, चालक, प्रतिरोधक और विद्युतरोधी मुख्यतः किस प्रकार विभेदित किए जाते हैं?

  • धाता प्रवाह पर ऊष्मा उत्पन्न करने की उनकी क्षमता के आधार पर
  • उनके रासायनिक संघटन के आधार पर (जैसे, धातु बनाम अधातु)
  • विद्युत आवेश का प्रवाह कितनी सुगमता या कठिनाई से होता है, इसके आधार पर

Explanation:

  • चालक (conductors), प्रतिरोधक (resistors) और विद्युतरोधी (insulators) को उनके विद्युत प्रतिरोध (electrical resistance) के आधार पर विभेदित किया जाता है।
  • चालक: बहुत कम प्रतिरोध (Ag, Cu, Al)
  • प्रतिरोधक: मध्यम प्रतिरोध (नाइक्रोम, कार्बन)
  • विद्युतरोधी: अत्यधिक उच्च प्रतिरोध (रबर, काँच, प्लास्टिक)
  • यह वर्गीकरण विद्युत आवेश के प्रवाह की सुगमता/कठिनाई पर आधारित है।

Quick Facts:

  • प्रतिरोध का SI मात्रक ओम (Ω) है।
  • प्रतिरोधकता (resistivity) पदार्थ का गुण है, प्रतिरोध (resistance) उसका व्यवहारिक माप है।

किसी धातु को पतली तारों में बनाने की क्षमता को क्या कहा जाता है?

  • तन्यता
  • धन्यात्मक
  • धातुवध्यंत
  • अवश्य

Explanation:

  • धातु को पतली तारों (wires) में खींचने की क्षमता को तन्यता (ductility) कहते हैं।
  • आघातवर्धनीयता (malleability) पतली चादरों में बदलने की क्षमता है।
  • धन्यात्मक (electropositive) धातुओं का गुण है, तन्यता नहीं।

Quick Facts:

  • सोना (Au) सबसे अधिक तन्य धातु है (1g सोने को 2.4 किमी तार में खींचा जा सकता है)।
  • चांदी (Ag) और तांबा (Cu) भी अत्यंत तन्य हैं।

निम्नलिखित में से कौन मर्करी का अयस्क है?

  • आर्सेनिक
  • बॉक्साइट
  • स्टेनाइट
  • सिनाबार

Explanation:

  • पारा (Mercury, Hg) का मुख्य अयस्क सिनाबार (Cinnabar, HgS) है।
  • सिनाबार एक लाल-भूरे रंग का खनिज है, जिसे गर्म करके Hg प्राप्त किया जाता है: HgS + O₂ → Hg + SO₂
  • बॉक्साइट (Al₂O₃·2H₂O) Al का अयस्क है, आर्सेनिक एक तत्व है, स्टेनाइट (Stannite) टिन (Sn) का अयस्क है।

Quick Facts:

  • पारे का उपयोग थर्मामीटर, बैरोमीटर और अमलगम बनाने में होता है।
  • Hg कमरे के ताप पर एकमात्र द्रव धातु है।

पृथ्वी पर सबसे घना पदार्थ कौन-सा है?

  • ऑस्मियम
  • तांबा
  • इत्यात
  • प्लेटिनम

Explanation:

  • ऑस्मियम (Osmium, Os) पृथ्वी पर पाया जाने वाला सबसे घना (dense) पदार्थ है, जिसका घनत्व लगभग 22.59 g/cm³ है।
  • प्लेटिनम (Pt) का घनत्व 21.45 g/cm³ है, जो दूसरा सबसे घना है।
  • तांबे (Cu) का घनत्व 8.96 g/cm³ है, जो बहुत कम है।

Quick Facts:

  • ऑस्मियम एक संक्रमण धातु है, जो प्लैटिनम समूह में आती है।
  • इसका उपयोग मिश्र धातुओं (जैसे फाउंटेन पेन निब) में होता है।

जिंक और कॉपर के बराबर टुकड़ों को तनु सल्फ्यूरिक अम्ल में अलग-अलग डाला जाता है। कौन-सा अवलोकन सही है?

  • दोनों धातुएं हाइड्रोजन गैस उत्पन्न करती हैं।
  • कोई भी धातु हाइड्रोजन गैस उत्पन्न नहीं करती है।
  • केवल जिंक हाइड्रोजन गैस उत्पन्न करती है।
  • केवल कॉपर हाइड्रोजन गैस उत्पन्न करती है।

Explanation:

  • जिंक (Zn) हाइड्रोजन (H) से अधिक क्रियाशील है, इसलिए यह तनु H₂SO₄ से H₂ गैस निकालता है: Zn + H₂SO₄ → ZnSO₄ + H₂↑
  • कॉपर (Cu) हाइड्रोजन से कम क्रियाशील है, इसलिए यह तनु अम्लों से H₂ नहीं निकालता है।

Quick Facts:

  • धातु + तनु अम्ल → लवण + H₂ (केवल उन धातुओं के लिए जो H से अधिक क्रियाशील हों)।
  • Cu, Ag, Au, Pt, Hg H से कम क्रियाशील हैं, इसलिए ये H₂ नहीं निकालते।

जब धातु ऑक्सीजन के साथ संयोग करती है, तो क्या बनता है?

  • धातु ऑक्साइड
  • नाइट्रोजन गैस
  • ऑक्सीजन गैस
  • हाइड्रोजन गैस

Explanation:

  • धातु + ऑक्सीजन → धातु ऑक्साइड (Metal oxide)।
  • उदाहरण: 2Mg + O₂ → 2MgO, 4Al + 3O₂ → 2Al₂O₃
  • धातु ऑक्साइड मूल (basic) या उभयधर्मी (amphoteric) हो सकते हैं।
  • नाइट्रोजन, ऑक्सीजन, हाइड्रोजन गैसें उत्पाद नहीं हैं।

Quick Facts:

  • धातु + ऑक्सीजन → ऑक्सीकरण अभिक्रिया (oxidation)।
  • सभी धातुएं ऑक्सीजन से अभिक्रिया नहीं करतीं (जैसे Au, Pt अक्रिय हैं)।

चाकू से निम्नलिखित में से किस धातु को काटा जा सकता है?

  • सोडियम
  • प्लेटिनम
  • तांबा
  • लोहा

Explanation:

  • सोडियम (Na) बहुत मृदु (soft) धातु है, इसलिए इसे चाकू से काटा जा सकता है।
  • प्लेटिनम (Pt), तांबा (Cu), लोहा (Fe) कठोर धातुएं हैं, इन्हें चाकू से नहीं काटा जा सकता है।
  • K (पोटेशियम) और Na की मृदुता उनकी कमजोर धात्विक बंधन (metallic bonding) के कारण होती है।

Quick Facts:

  • Na और K को चाकू से काटा जा सकता है, लेकिन ये अत्यधिक क्रियाशील होते हैं, इसलिए तेल में रखे जाते हैं।
  • Li (लिथियम) भी मृदु है।

निम्न में से कौन अम्लों से अभिक्रिया नहीं करते हैं?

  • Cu
  • Au
  • Ni
  • Cr

Explanation:

  • सोना (Au) एक अत्यंत अक्रिय (noble) धातु है, यह अम्लों (HNO₃, HCl, H₂SO₄) से सामान्य परिस्थितियों में अभिक्रिया नहीं करता है।
  • Cu, Ni, Cr अम्लों से अभिक्रिया करते हैं (हालाँकि Cu तनु HCl से नहीं, पर सांद्र HNO₃/H₂SO₄ से करता है)।
  • Au केवल ‘एक्वा रेजिया’ (Aqua regia, 3:1 HCl:HNO₃) में घुलता है।

Quick Facts:

  • अक्रिय धातुएं (Noble metals): Au, Pt, Pd, Rh, Ir, Os, Ru, Ag (Ag HNO₃ में घुलता है)।
  • एक्वा रेजिया Au को घोलकर AuCl₄⁻ (क्लोरोऑरिक अम्ल) बनाता है।

निम्नलिखित में से कौन सी धातु पारा मिश्रण का गठन करती है जब इसे किसी धातु के साथ मिश्रित किया जाता है?

  • पारा
  • चांदी
  • एल्युमिनियम
  • सोना

Explanation:

  • पारा (Hg) स्वयं अन्य धातुओं के साथ मिलकर अमलगम (amalgam) बनाता है।
  • अमलगम पारे और एक या अधिक धातुओं का मिश्रण होता है।
  • यह प्रश्न संभवतः ‘कौन सी धातु अमलगम बनाती है’ के संदर्भ में है, लेकिन यहाँ पारा स्वयं वह धातु है जो मिश्रण बनाती है।

Quick Facts:

  • चांदी (Ag) का अमलगम दंत चिकित्सा (dental fillings) में उपयोग होता है।
  • सोना (Au) का अमलगम सोने के निष्कर्षण में उपयोग होता है।

धातुओं के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

  • आबंध निर्माण के दौरान धातुएँ इलेक्ट्रॉन त्यागने की प्रवृत्ति प्रदर्शित करती हैं।
  • धातुएँ आवर्त सारणी में बाई ओर स्थित होती हैं।
  • सामान्यतः, धातुएँ अम्लीय ऑक्साइड बनाती हैं।
  • धातुएँ विद्युत धनात्मक प्रकृति की होती हैं।

Explanation:

  • धातुएँ सामान्यतः क्षारीय ऑक्साइड (basic oxides) बनाती हैं (जैसे Na₂O, MgO), अम्लीय ऑक्साइड नहीं।
  • अधातुएं अम्लीय ऑक्साइड (acidic oxides) बनाती हैं (जैसे CO₂, SO₂, NO₂)।
  • धातुएं इलेक्ट्रॉन त्यागती हैं, आवर्त सारणी में बायीं ओर होती हैं और विद्युत धनात्मक (electropositive) होती हैं।

Quick Facts:

  • उभयधर्मी ऑक्साइड (amphoteric oxides): Al₂O₃, ZnO, PbO, SnO₂ (ये अम्ल और क्षार दोनों से अभिक्रिया करते हैं)।

जब लोहे को ______ और ______ के साथ मिश्रित किया जाता है तब हमें स्टेनलेस स्टील प्राप्त होता है।

  • Ni; Cr
  • Ni; Co
  • Ni; Ca
  • Ni; Cu

Explanation:

  • स्टेनलेस स्टील (Stainless Steel) लोहे (Fe), निकेल (Ni) और क्रोमियम (Cr) की मिश्र धातु है।
  • इसमें लगभग 18% Cr और 8% Ni होता है, इसे ’18/8 स्टेनलेस स्टील’ भी कहते हैं।
  • Cr जंग (corrosion) प्रतिरोध प्रदान करता है, Ni मिश्र धातु को मजबूती और चमक देता है।

Quick Facts:

  • स्टेनलेस स्टील का उपयोग बर्तन, औजार, निर्माण सामग्री, सर्जिकल उपकरणों में होता है।
  • Co (कोबाल्ट), Ca (कैल्शियम), Cu (तांबा) इस मिश्र धातु का भाग नहीं हैं।

निम्नलिखित में से कौन सा ऑक्साइड उभयधर्मी प्रकृति का है?

  • सोडियम परॉक्साइड
  • कैल्शियम ऑक्साइड
  • एल्यूमीनियम ऑक्साइड
  • कॉपर ऑक्साइड

Explanation:

  • उभयधर्मी ऑक्साइड (amphoteric oxide) अम्ल और क्षार दोनों के साथ अभिक्रिया करते हैं।
  • Al₂O₃ एक उभयधर्मी ऑक्साइड है: यह अम्ल (HCl) और क्षार (NaOH) दोनों के साथ अभिक्रिया करता है।
  • Na₂O₂ (सोडियम परॉक्साइड), CaO (कैल्शियम ऑक्साइड), CuO (कॉपर ऑक्साइड) क्षारीय ऑक्साइड हैं।

Quick Facts:

  • ZnO और PbO भी उभयधर्मी ऑक्साइड हैं।
  • Al₂O₃ + 6HCl → 2AlCl₃ + 3H₂O (क्षारीय गुण), Al₂O₃ + 2NaOH → 2NaAlO₂ + H₂O (अम्लीय गुण)

धातु ब्लॉकों में ______ का पता लगाने के लिए अल्ट्रासाउंड का उपयोग किया जाता है।

  • दरार और दोष
  • धातु की अपारदर्शिता
  • धातु की ऊष्मा
  • धातु के भारीपन

Explanation:

  • अल्ट्रासाउंड (ultrasound) का उपयोग धातु ब्लॉकों में आंतरिक दरारों (cracks) और दोषों (defects) का पता लगाने के लिए किया जाता है (non-destructive testing)।
  • यह तकनीक ध्वनि तरंगों के परावर्तन (reflection) के सिद्धांत पर काम करती है।
  • अपारदर्शिता, ऊष्मा, भारीपन अल्ट्रासाउंड से नहीं मापे जाते।

Quick Facts:

  • अल्ट्रासाउंड का उपयोग चिकित्सा (अल्ट्रासाउंड स्कैन), नेविगेशन (सोनार), और उद्योग (दोष पता लगाने) में होता है।

निम्नलिखित में से कौन सा अलौह धात्विक खनिज नहीं है?

  • सीसा
  • अभ्रक
  • बॉक्साइट
  • तांबा

Explanation:

  • अलौह धात्विक खनिज (non-ferrous metallic minerals) वे हैं जिनमें लोहा (Fe) नहीं होता है।
  • सीसा (Pb), बॉक्साइट (Al का अयस्क), तांबा (Cu) अलौह धात्विक खनिज हैं।
  • अभ्रक (Mica) एक अधात्विक खनिज (non-metallic mineral) है, इसका उपयोग विद्युतरोधी के रूप में होता है।

Quick Facts:

  • लौह खनिज (ferrous minerals): लौह अयस्क (हीमेटाइट, मैग्नेटाइट), मैंगनीज, क्रोमियम, आदि।
  • अलौह खनिज: तांबा, सीसा, जस्ता, बॉक्साइट, सोना, चांदी।

______ तत्व कांस्य बनाने के लिए तांबा के साथ मिश्रित किया जाता है।

  • Sn
  • Pb
  • Au
  • Al

Explanation:

  • कांस्य (Bronze) तांबा (Cu) और टिन (Sn) की मिश्र धातु है।
  • सामान्यतः कांस्य में 90% Cu और 10% Sn होता है।
  • पीतल (Brass) तांबा और जस्ता (Zn) की मिश्र धातु है।

Quick Facts:

  • कांस्य का उपयोग मूर्तियाँ, घंटियाँ, बियरिंग और समुद्री उपकरणों में होता है।
  • यह तांबे से अधिक कठोर और संक्षारण प्रतिरोधी होता है।

निम्नलिखित में से कौन-सा अधातुओं का सामान्य भौतिक गुणधर्म है?

  • उच्च विद्युत चालकता
  • आघातवर्धनीयता और तन्यता
  • धुंधला रूप (गैर-चमकदार)
  • उच्च गलनांक और क्वथनांक

Explanation:

  • अधातुओं (non-metals) का सामान्य गुण है कि वे धुंधले (dull) और गैर-चमकदार होते हैं (हीरा और आयोडीन को छोड़कर)।
  • अधातुएं विद्युत की कुचालक होती हैं, आघातवर्धनीय/तन्य नहीं होतीं, और उनके गलनांक/क्वथनांक सामान्यतः निम्न होते हैं (C, Si को छोड़कर)।

Quick Facts:

  • अधातुएं: ठोस (C, S, P), द्रव (Br₂), गैस (O₂, N₂, Cl₂) अवस्था में हो सकती हैं।
  • धातुएं चमकदार (lustrous) होती हैं।

धातुओं की अभिक्रियाशीलता श्रृंखला के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन-सी धातु सबसे कम अभिक्रियाशील है?

  • सीसा
  • जस्ता
  • मैग्नीशियम
  • लोहा

Explanation:

  • अभिक्रियाशीलता श्रृंखला (reactivity series) में: Mg > Zn > Fe > Pb > H > Cu
  • इनमें सीसा (Pb) सबसे कम क्रियाशील है, क्योंकि यह Fe, Zn, Mg से नीचे स्थित है।

Quick Facts:

  • Pb का उपयोग बैटरियों (लेड-एसिड), पाइपों और विकिरण परिरक्षण में होता है।
  • यह एक मृदु और भारी धातु है।

निम्नलिखित में से किस तत्व के ऑक्साइडों को H₂, CO और C द्वारा अपचयित नहीं किया जा सकता?

  • Fe
  • Ca
  • Pb
  • Cu

Explanation:

  • Ca (कैल्शियम) एक अत्यंत क्रियाशील धातु है, इसका ऑक्साइड (CaO) अत्यंत स्थिर है और इसे C, CO या H₂ द्वारा अपचयित नहीं किया जा सकता है।
  • Fe, Pb, Cu के ऑक्साइड को C या CO द्वारा अपचयित किया जा सकता है (जैसे Fe₂O₃ + 3CO → 2Fe + 3CO₂)।
  • अत्यंत क्रियाशील धातुओं (Na, K, Ca, Mg, Al) के ऑक्साइड को विद्युत अपघटन से ही अपचयित किया जाता है।

Quick Facts:

  • Ca का निष्कर्षण गलित CaCl₂ के विद्युत अपघटन से किया जाता है।
  • अपचायक (reducing agents) के रूप में C, CO, H₂ का उपयोग मध्यम और निम्न क्रियाशील धातुओं के ऑक्साइड के लिए होता है।

धातुओं की अभिक्रियाशीलता के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा घटता क्रम सही है?

  • Al > Ca > Cu > Hg
  • Ca > Al > Cu > Hg
  • Al > Cu > Ca > Hg
  • Al > Cu > Hg > Ca

Explanation:

  • अभिक्रियाशीलता श्रेणी के अनुसार: Ca > Al > Zn > Fe > Pb > Cu > Hg
  • इसलिए सही घटता क्रम (decreasing order): Ca > Al > Cu > Hg है।
  • Al, Cu से अधिक क्रियाशील है, और Cu, Hg से अधिक क्रियाशील है।

Quick Facts:

  • अभिक्रियाशीलता का क्रम: K > Na > Ca > Mg > Al > Zn > Fe > Pb > H > Cu > Hg > Ag > Au

गैल्वनीकरण स्टील और लोहे को जंग लगने से बचाने की एक विधि है, जिसमें उन पर ………….की एक पतली परत चढ़ाई जाती है।

  • जस्ता
  • एल्युमीनियम
  • तांबा
  • मैग्नीशियम

Explanation:

  • गैल्वनीकरण (Galvanisation) लोहे या स्टील पर जस्ता (Zn) की पतली परत चढ़ाने की प्रक्रिया है।
  • जस्ता अधिक क्रियाशील होता है, यह लोहे की तुलना में पहले ऑक्सीकृत होता है (सैक्रिफिशियल एनोड), जिससे लोहे का जंग लगना रुक जाता है।

Quick Facts:

  • गैल्वनीकरण का उपयोग लोहे की छतों, पाइपों, बाल्टियों आदि में होता है।
  • टिनन (tinning) टिन की परत चढ़ाना है, जो खाद्य डिब्बों में उपयोग होता है।

निम्नलिखित में से कौन सा पदार्थ तनु अम्ल के साथ व्यवहार पर कार्बन डाइऑक्साइड नहीं देगा?

  • संगमरमर
  • चूना
  • चूना पत्थर
  • बेकिंग सोडा

Explanation:

  • चूना (quicklime, CaO) तनु अम्ल के साथ अभिक्रिया करके CaCl₂ और H₂O बनाता है, CO₂ नहीं बनता है।
  • संगमरमर (CaCO₃), चूना पत्थर (CaCO₃) और बेकिंग सोडा (NaHCO₃) तनु अम्ल के साथ CO₂ गैस उत्सर्जित करते हैं।
  • CaO + 2HCl → CaCl₂ + H₂O (CO₂ नहीं)

Quick Facts:

  • कार्बोनेट और बाइकार्बोनेट अम्लों के साथ अभिक्रिया करके CO₂ देते हैं।
  • CaCO₃ + 2HCl → CaCl₂ + H₂O + CO₂

विद्युत बल्बों के तंतु (filaments) बनाने के लिए प्रायः केवल टंगस्टन का ही उपयोग क्यों किया जाता है?

  • इसका निम्न विद्युत प्रतिरोध होता है
  • इसका उच्च ताप पर आसानी से ऑक्सीकरण हो जाता है
  • यह ऊष्मा को पास (पारित) नहीं होने देता है
  • इसका गलनांक बहुत उच्च होता है

Explanation:

  • टंगस्टन का गलनांक (3410°C) सबसे अधिक है, इसलिए यह बल्ब के फिलामेंट पर उत्पन्न उच्च ताप (≈2700°C) को सहन कर सकता है बिना पिघले।
  • इसका प्रतिरोध उच्च होता है, निम्न नहीं।
  • टंगस्टन उच्च ताप पर ऑक्सीकरण नहीं करता (अक्रिय गैस भरी जाती है)।

Quick Facts:

  • टंगस्टन का उपयोग ‘फिलामेंट’ (तंतु) के रूप में होता है क्योंकि यह उच्च ताप पर नहीं पिघलता।
  • बल्बों में नाइट्रोजन/आर्गन भरी जाती है ताकि W का ऑक्सीकरण न हो।

यशदलेपन (Galvanisation), लोहे पर ______ की पतली परत चढ़ाकर उसको जंग से सुरक्षित करता है।

  • केवल निकल धातु
  • केवल कॉपर धातु
  • केवल जिंक धातु
  • केवल सिल्वर धातु

Explanation:

  • गैल्वनीकरण (Galvanisation) में लोहे पर जस्ता (Zinc, Zn) की परत चढ़ाई जाती है।
  • जस्ता लोहे से अधिक क्रियाशील है, इसलिए यह सैक्रिफिशियल एनोड की तरह कार्य करता है और लोहे को जंग (corrosion) से बचाता है।

Quick Facts:

  • गैल्वनीकृत लोहे का उपयोग छतों, पानी की टंकियों, पाइपों आदि में होता है।
  • जंग लगना लोहे का ऑक्सीकरण है: 4Fe + 3O₂ + 6H₂O → 4Fe(OH)₃

______ को क्विक सिल्वर भी कहा जाता है।

  • तांबा
  • पारा
  • जिंक
  • एल्यूमिनियम

Explanation:

  • पारा (Mercury, Hg) को ‘क्विक सिल्वर’ (Quick Silver) भी कहा जाता है क्योंकि यह एक चांदी जैसी चमक वाली द्रव धातु है जो बहुत तेजी से (quick) चलती है।
  • यह कमरे के ताप पर एकमात्र द्रव धातु है।

Quick Facts:

  • पारे का रासायनिक प्रतीक Hg (Hydrargyrum) है, जिसका अर्थ है ‘जल-चांदी’।
  • इसका उपयोग थर्मामीटर, बैरोमीटर, और अमलगम में होता है।

टेल्यूरियम नामक तत्व एक ______ है।

  • धातु
  • उपधातु
  • अधातु
  • उत्कृष्ट गैस

Explanation:

  • टेल्यूरियम (Tellurium, Te) एक उपधातु (metalloid) है, जिसमें धातु और अधातु दोनों के गुण होते हैं।
  • अन्य उपधातु: B (बोरॉन), Si (सिलिकॉन), Ge (जर्मेनियम), As (आर्सेनिक), Sb (एंटिमनी), Po (पोलोनियम)।
  • Te का उपयोग अर्धचालक (semiconductor) और मिश्र धातुओं में होता है।

Quick Facts:

  • उपधातुओं के गुण धातुओं और अधातुओं के मध्य होते हैं।
  • Si और Ge का उपयोग इलेक्ट्रॉनिक्स में अर्धचालक के रूप में होता है।

फॉसफोरस और पोटेशियम के साथ, उर्वरक मुख्य रूप से फसलों को निम्नलिखित में से किसकी आपूर्ति करते हैं?

  • केवल जिंक
  • केवल कैल्शियम
  • नाइट्रोजन
  • केवल मैग्नीशियम

Explanation:

  • उर्वरकों (fertilizers) में तीन मुख्य पोषक तत्व होते हैं: N (नाइट्रोजन), P (फॉस्फोरस), K (पोटेशियम) – इन्हें NPK कहते हैं।
  • प्रश्न में फॉस्फोरस और पोटेशियम का उल्लेख है, इसलिए तीसरा मुख्य तत्व नाइट्रोजन (N) है।
  • जिंक, कैल्शियम, मैग्नीशियम सूक्ष्म पोषक तत्व (micronutrients) हैं, मुख्य नहीं।

Quick Facts:

  • NPK उर्वरक: नाइट्रोजन (पत्तियों के लिए), फॉस्फोरस (जड़ों/फलों के लिए), पोटेशियम (सामान्य स्वास्थ्य के लिए)।

निम्नलिखित में से कौन सा गुण अधातुओं में नहीं होता है?

  • आघातवर्धनीयता
  • इनमें से सभी
  • तन्यशीलता
  • अननादी

Explanation:

  • अधातुओं में आघातवर्धनीयता (malleability), तन्यता (ductility) और ध्वनिकता (sonorous) नहीं होती है – ये सभी धातुओं के गुण हैं।
  • अधातुएं भंगुर (brittle) होती हैं और टकराने पर ध्वनि नहीं उत्पन्न करतीं (अननादी)।
  • इसलिए, ‘इनमें से सभी’ विकल्प सही है क्योंकि तीनों गुण अधातुओं में नहीं होते।

Quick Facts:

  • धातुओं के गुण: चमकदार, आघातवर्धनीय, तन्य, ऊष्मा/विद्युत सुचालक, ध्वनिक।
  • अधातुओं के गुण: धुंधले, भंगुर, कुचालक, अननादी (गैसीय अवस्था में)।

धातुओं का संक्षारण एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें।

  • धातुएं अपना रंग स्थायी रूप से बदल देती हैं
  • अम्लों के साथ अभिक्रिया के कारण धातुओं का भार बढ़ जाता है
  • धातुएं निश्चित तापमान पर पिघल जाती हैं
  • धातुएं पर्यावरणीय कारकों के साथ अभिक्रिया करके ऑक्साइड, सल्फाइड या कार्बोनेट में रूपांतरित हो जाती हैं

Explanation:

  • संक्षारण (corrosion) वह प्रक्रिया है जिसमें धातुएं वायु, नमी, अम्ल आदि के साथ अभिक्रिया करके ऑक्साइड, सल्फाइड, कार्बोनेट आदि में बदल जाती हैं।
  • जंग लगना (rusting) लोहे का संक्षारण है, जिसमें Fe₂O₃·xH₂O बनता है।
  • रंग बदलना, भार बढ़ना या पिघलना संक्षारण के सही लक्षण नहीं हैं।

Quick Facts:

  • संक्षारण को रोकने के उपाय: गैल्वनीकरण, पेंटिंग, ग्रीस, मिश्र धातु बनाना (जैसे स्टेनलेस स्टील)।
  • चांदी का संक्षारण (काला पड़ना): Ag₂S (सिल्वर सल्फाइड) बनता है।

निम्नलिखित में से किस विधि में लोहे को जंग लगने से बचाने के लिए जिंक की परत चढ़ाया जाना शामिल है?

  • गैल्वनीकरण (Galvanisation)
  • विद्युत-लेपन (Electroplating)
  • टिनन (Tinning)
  • प्रलेपन (Painting)

Explanation:

  • गैल्वनीकरण (Galvanisation) वह प्रक्रिया है जिसमें लोहे पर जस्ता (Zn) की परत चढ़ाई जाती है ताकि उसे जंग से बचाया जा सके।
  • विद्युत-लेपन (electroplating) में किसी भी धातु की परत चढ़ाई जाती है (जैसे Cu, Cr, Ag)।
  • टिनन (tinning) में टिन (Sn) की परत चढ़ाई जाती है (खाद्य डिब्बे)।
  • प्रलेपन (painting) में रंग की परत चढ़ाई जाती है।

Quick Facts:

  • गैल्वनीकरण में जस्ता (Zn) की परत लोहे की तुलना में पहले ऑक्सीकृत होती है (सैक्रिफिशियल प्रोटेक्शन)।

कौन सी तांबे-आधारित मिश्र धातु अपनी उच्च प्रतिरोधकता और कम तापमान गुणांक के कारण मानक प्रतिरोधों को बनाने के लिए एक पसंदीदा सामग्री है?

  • अलनिको
  • मैंगनीन
  • टंगस्टन
  • पीतल

Explanation:

  • मैंगनीन (Manganin) तांबा (Cu), मैंगनीज (Mn) और निकेल (Ni) की मिश्र धातु है, जिसकी प्रतिरोधकता उच्च होती है और तापमान गुणांक (temperature coefficient) बहुत कम होता है।
  • इसलिए, इसका उपयोग मानक प्रतिरोध (standard resistors) बनाने में किया जाता है क्योंकि इसका प्रतिरोध तापमान परिवर्तन के साथ लगभग स्थिर रहता है।
  • अलनिको (Alnico) Al-Ni-Co मिश्र धातु है (स्थायी चुंबक), टंगस्टन (W) तांबा-आधारित नहीं है, पीतल (Brass) Cu-Zn है, पर इसका प्रतिरोध गुणांक उच्च होता है।

Quick Facts:

  • कॉन्स्टेंटन (Constantan) Cu-Ni मिश्र धातु भी कम ताप गुणांक वाली है, इसका उपयोग थर्मोकपल में होता है।
  • मैंगनीन की संरचना: ~84% Cu, ~12% Mn, ~4% Ni

परिनालिका के भीतर प्रबल चुंबकीय क्षेत्र का उपयोग करके किस सामग्री को चुंबकित किया जा सकता है?

  • नरम लोहा
  • एल्यूमीनियम
  • चांदी
  • कॉपर

Explanation:

  • नरम लोहा (soft iron) अत्यधिक चुंबकीय पारगम्यता (permeability) वाला होता है, इसे परिनालिका (solenoid) के भीतर प्रबल चुंबकीय क्षेत्र द्वारा आसानी से चुंबकित (magnetize) किया जा सकता है।
  • Al, Ag, Cu अनुचुंबकीय (paramagnetic) या प्रतिचुंबकीय (diamagnetic) होते हैं, इन्हें आसानी से चुंबकित नहीं किया जा सकता है।

Quick Facts:

  • नरम लोहा अस्थायी चुंबक (temporary magnet) बनाता है, जबकि इस्पात (steel) स्थायी चुंबक बनाता है।
  • नरम लोहे का उपयोग विद्युत चुंबक (electromagnet) के कोर में किया जाता है।

हमारे आहार में अनाज, नट्स और चॉकलेट से कौन-सा तत्व अधिकांशतः प्राप्त होता है?

  • क्लोराइड
  • जिंक
  • आयोडीन
  • कॉपर (तांबा)

Explanation:

  • तांबा (Copper, Cu) अनाज (cereals), नट्स (nuts) और चॉकलेट (chocolate) में अधिक मात्रा में पाया जाता है।
  • यह एक आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्व (micronutrient) है, जो एंजाइमों (जैसे साइटोक्रोम ऑक्सीडेज) के लिए आवश्यक है।
  • Cl (क्लोराइड) नमक (NaCl) से, Zn (जिंक) मांस/बीजों से, I (आयोडीन) आयोडीन युक्त नमक/समुद्री भोजन से प्राप्त होते हैं।

Quick Facts:

  • तांबे की कमी से एनीमिया (anemia), हड्डियों की कमजोरी हो सकती है।
  • अधिक Cu से विषाक्तता (toxicity) भी हो सकती है।

निम्नलिखित में से किसमें तुलनात्मक रूप से उच्च विद्युत प्रतिरोध होता है और परिपथ में विद्युत धारा को कम करने के लिए उपयोग किया जाता है?

  • प्रतिरोधक
  • अर्धचालक
  • विद्युतरोधी
  • चालक

Explanation:

  • प्रतिरोधक (resistor) का विद्युत प्रतिरोध (resistance) उच्च होता है, इसका उपयोग परिपथ (circuit) में धारा (current) को कम करने या नियंत्रित करने के लिए किया जाता है।
  • अर्धचालक (semiconductor) का प्रतिरोध मध्यम होता है और यह विशेष परिस्थितियों में चालकता बदलता है।
  • विद्युतरोधी (insulator) का प्रतिरोध अत्यधिक उच्च होता है, पर इसका उपयोग धारा रोकने के लिए होता है, न कि कम करने के लिए (यह धारा प्रवाह को पूर्णतः रोकता है)।
  • चालक (conductor) का प्रतिरोध बहुत कम होता है।

Quick Facts:

  • प्रतिरोधक का मान ओम (Ω) में मापा जाता है।
  • परिपथ में प्रतिरोधक का उपयोग ‘वोल्टेज विभाजक’ (voltage divider) या ‘धारा सीमक’ (current limiter) के रूप में होता है।

किस सामग्री में सबसे अधिक विद्युत चालकता है?

  • एल्युमीनियम
  • इस्पात
  • चांदी
  • सीसा

Explanation:

  • सभी धातुओं में चांदी (Ag) की विद्युत चालकता (electrical conductivity) सबसे अधिक होती है।
  • चालकता का क्रम: Ag > Cu > Au > Al > Fe > Pb
  • हालाँकि, Ag महंगा है, इसलिए विद्युत तारों में Cu का अधिक उपयोग होता है।

Quick Facts:

  • चालकता (σ) प्रतिरोधकता (ρ) का व्युत्क्रम है: σ = 1/ρ
  • Ag की चालकता 6.3 × 10⁷ S/m है, Cu की 5.96 × 10⁷ S/m है।
RRB SCIENCE Chemistry Bank – Metals & Non-Metals