SCIENCE

सुनील ने चावल के आटे का पेस्ट बनाया और उसमें आयोडीन विलयन की एक बूंद मिलाई। उसे क्या दिखाई देगा?

  • चावल का आटा भूरे रंग का धुआं उत्सर्जित करता है
  • पेस्ट नीले-काले रंग का हो जाता है
  • पेस्ट आसमानी नीले रंग का हो जाता है
  • छोटे बुलबुले (झाग) का निर्माण

Explanation:

  • चावल के आटे में प्रचुर मात्रा में स्टार्च (Starch/मंड) पाया जाता है।
  • जब आयोडीन विलयन (Iodine Solution) स्टार्च के संपर्क में आता है, तो यह नीला-काला (Blue-Black) रंग बनाता है।
  • यह आयोडीन परीक्षण खाद्य पदार्थों में स्टार्च की उपस्थिति की जांच करने के लिए एक मानक प्रयोग है।
  • अन्य महत्वपूर्ण तथ्य –
    • स्टार्च एक पॉलीसैकेराइड कार्बोहाइड्रेट (Polysaccharide) है।
    • पौधे अपने भोजन को मुख्य रूप से स्टार्च के रूप में ही संग्रहित करते हैं।

उदासीन लिटमस विलयन का रंग ______ है।

  • नीला
  • जामुनी
  • काला
  • बैंगनी

Explanation:

  • जब लिटमस विलयन न तो अम्लीय होता है और न ही क्षारीय (अर्थात pH = 7 पर उदासीन), तो इसका रंग बैंगनी (Purple) होता है।
  • लिटमस एक प्राकृतिक सूचक (Natural Indicator) है जिसे लाइकेन (Lichen) नामक पौधे से निष्कर्षित किया जाता है।
  • लिटमस का रंग परिवर्तन:
    • अम्लीय माध्यम (Acidic): नीले लिटमस को लाल कर देता है।
    • क्षारीय माध्यम (Basic): लाल लिटमस को नीला कर देता है।

NO₂ के धुएं का रंग ________ होता है।

  • पीला
  • भूरा
  • हल्का पीला
  • लाल

Explanation:

  • नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (NO₂) गैस का धुआं भूरे (Brown) रंग का होता है।
  • जब लेड नाइट्रेट [Pb(NO₃)₂] या तांबे के छर्रों को सांद्र HNO₃ के साथ गर्म किया जाता है, तो NO₂ के तीक्ष्ण भूरे रंग के धुएं उत्सर्जित होते हैं।
  • अभिक्रिया: 2Pb(NO₃)₂ $\xrightarrow{\Delta}$ 2PbO + 4NO₂↑ (भूरा धुआं) + O₂↑
  • NO₂ एक विषैली वायु प्रदूषक गैस है जो अम्लीय वर्षा (Acid Rain) के निर्माण में योगदान देती है।

भ्रूण के विकास की निगरानी करने के लिए, _____ की नवीनतम तकनीक का उपयोग किया जाता है।

  • कीमोथेरेपी
  • पराश्रव्य
  • CAT स्कैन
  • गैस परिमापन

Explanation:

  • गर्भाशय में भ्रूण (Fetus) के विकास, स्वास्थ्य और स्थिति की निगरानी के लिए पराश्रव्य (Ultrasound / Ultrasonography) तकनीक का उपयोग किया जाता है।
  • अल्ट्रासाउंड तरंगों की आवृत्ति 20,000 Hz (20 kHz) से अधिक होती है। ये तरंगें विकिरण (Radiation) से मुक्त होती हैं, इसलिए यह तकनीक सुरक्षित मानी जाती है।
  • अन्य विकल्प –
    • कीमोथेरेपी: कैंसर के इलाज के लिए प्रयुक्त दवा उपचार।
    • CAT स्कैन: एक्स-रे का उपयोग करके आंतरिक अंगों का विस्तृत 3D दृश्य प्राप्त करना।

निम्न में से कौन तृतीय श्रेणी के उत्तोलक का उदाहरण है?

  • नट क्रैकर
  • आरा
  • बर्फ चिमटा
  • पहिया ठेला

Explanation:

  • तृतीय श्रेणी के उत्तोलक (Class III Lever) में प्रयास/आयाम (Effort) सदैव आलंब (Fulcrum) और भार (Load) के बीच में स्थित होता है।
  • बर्फ का चिमटा (Tongs), मनुष्य का हाथ, और चिमटी (Tweezers) तृतीय श्रेणी के उत्तोलक के उदाहरण हैं।
  • उत्तोलक के प्रकार –
    • प्रथम श्रेणी: आलंब (F) बीच में (जैसे कैंची, सी-सॉ)।
    • द्वितीय श्रेणी: भार (L) बीच में (जैसे पहिया ठेला, सरोता/नट क्रैकर)।
    • तृतीय श्रेणी: प्रयास (E) बीच में (जैसे चिमटा, मनुष्य का हाथ)।

एक्वा रेजिया ________ अनुपात में संकेन्द्रित HNO₃ और संकेन्द्रित HCl का मिश्रण है।

  • 3 : 1
  • 2 : 3
  • 1 : 2
  • 1 : 3

Explanation:

  • एक्वा रेजिया (अम्लराज / Royal Water) सांद्र नाइट्रिक अम्ल (HNO₃) और सांद्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) का आयतन के अनुसार 1 : 3 के ताजा अनुपात में मिश्रण होता है।
  • आयतन अनुपात: 1 भाग HNO₃ : 3 भाग HCl
  • यह एक अत्यधिक क्षयकारी और तीव्र अम्ल मिश्रण है जो सोना (Gold – Au) और प्लैटिनम (Platinum – Pt) जैसी उत्कृष्ट धातुओं को भी घोलने में सक्षम है।
  • यह अभिक्रिया के दौरान नवजात क्लोरीन (Nascent Chlorine) उत्पन्न करता है।

विनिर्माण में टेट्राक्लोरोमेथेन का मुख्यतः किस लिए उपयोग किया जाता है?

  • ऊनी कपड़ों की वस्त्र रंगाई और रंगाई
  • उर्वरक उत्पादन और कीटनाशक शोधन
  • रेफ्रिजरेंट और एरोसोल प्रणोदक का उत्पादन
  • काँच निर्माण और सिरेमिक उपचार

Explanation:

  • टेट्राक्लोरोमेथेन (Carbon Tetrachloride – CCl₄) का मुख्य औद्योगिक उपयोग क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFCs), रेफ्रिजरेंट (शीतलक) और एरोसोल प्रणोदक (Aerosol Propellants) के निर्माण में किया जाता था।
  • रासायनिक सूत्र: CCl₄
  • इसका उपयोग ड्राई क्लीनिंग और विलायक (Solvent) के रूप में भी किया जाता है।
  • नोट: ओजोन परत को नुकसान पहुँचाने के कारण मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल के तहत इसके व्यावसायिक उत्पादन को सीमित कर दिया गया है।

CuCl₂ विलयन का रंग कैसा होता है?

  • लाल-हरा
  • नीला-लाल
  • नीला-हरा
  • पीला-हरा

Explanation:

  • कॉपर (II) क्लोराइड (CuCl₂) का जलीय विलयन नीला-हरा (Blue-Green) रंग प्रदर्शित करता है।
  • शुष्क अवस्था में CuCl₂ भूरे-पीले रंग का ठोस होता है, लेकिन पानी में घुलने पर यह जलयोजित कॉपर आयनों [Cu(H₂O)₆]²⁺ के कारण हरा-नीला रंग ग्रहण कर लेता है।
  • अन्य कॉपर यौगिकों के रंग:
    • CuSO₄·5H₂O (तुतिया/ब्लू विट्रियोल): गहरा नीला
    • CuCO₃: हरा

निम्नलिखित में से कौन-सा अल्ट्रासाउंड का अनुप्रयोग नहीं है?

  • धातु ब्लॉकों में दरारों का पता लगाना
  • आंतरिक अंगों की इमेजिंग
  • नाजुक मशीनरी भागों की सफाई
  • खाना पकाना

Explanation:

  • खाना पकाना (Cooking food) अल्ट्रासाउंड तरंगों का अनुप्रयोग नहीं है। खाना पकाने के लिए मुख्य रूप से तापीय ऊर्जा, माइक्रोवेव (Microwaves), या इन्फ्रारेड तरंगों का उपयोग किया जाता है।
  • अल्ट्रासाउंड के मुख्य अनुप्रयोग –
    • धातु के बड़े ब्लॉकों/संरचनाओं के भीतर की दरारों या दोषों का पता लगाना।
    • चिकित्सा क्षेत्र में सोनोग्राफी और आंतरिक अंगों (जैसे गुर्दे की पथरी, भ्रूण) का चित्रांकन।
    • जटिल या नाजुक पूर्जों की सफाई (Ultrasonic Cleaning)।
    • समुद्र की गहराई और पनडुब्बियों का पता लगाने के लिए SONAR में।

सोडियम क्लोराइड से अमोनियम क्लोराइड को अलग करने के लिए आप निम्नलिखित में से किस प्रक्रिया का उपयोग करेंगे?

  • आसवन
  • उर्ध्वपातन
  • क्रिस्टलीकरण
  • निस्यंदन

Explanation:

  • अमोनियम क्लोराइड (NH₄Cl) एक ऊर्ध्वपातज (Sublimable) पदार्थ है जो गर्म करने पर बिना द्रव में बदले सीधे गैस में परिवर्तित हो जाता है, जबकि सोडियम क्लोराइड (NaCl) ऊर्ध्वपातित नहीं होता।
  • इस अंतर के कारण इन दोनों के मिश्रण को उर्ध्वपातन (Sublimation) विधि द्वारा आसानी से पृथक किया जा सकता है।
  • प्रमुख ऊर्ध्वपातज पदार्थ (Sublimable Substances): कपूर (Camphor), नेफ्थलीन, एंथरासीन, आयोडीन और अमोनियम क्लोराइड (NH₄Cl)।

निम्नलिखित में से कौन-सा इलेक्ट्रोप्लेटिंग का व्युत्क्रम है?

  • लैपिंग
  • इलेक्ट्रोपॉलिशिंग
  • सुपरफिनिशिंग
  • होनिंग

Explanation:

  • इलेक्ट्रोपॉलिशिंग (Electropolishing) को विद्युत-लेपन (Electroplating) की रिवर्स/व्युत्क्रम प्रक्रिया माना जाता है।
  • विद्युत लेपन (Electroplating) में धातु की एक परत वस्तु पर जमा (Add) की जाती है, जबकि इलेक्ट्रोपॉलिशिंग में विद्युत-रासायनिक प्रक्रिया द्वारा धातु की ऊपरी पतली सतह को हटाकर (Remove) उसे चिकना और चमकदार बनाया जाता है।
  • इलेक्ट्रोपॉलिशिंग में कार्यखंड (Workpiece) को एनोड (Anode) बनाया जाता है।

फ्रांसीसी भौतिक विज्ञानी साडी कार्नोट ने किस वर्ष में कार्नोट इंजन बनाया, जो एक आदर्श ऊष्मा इंजन के रूप में कार्य करने के लिए ऊष्मप्रवैगिकी सिद्धांतों का उपयोग करता है?

  • 1830
  • 1820
  • 1824
  • 1813

Explanation:

  • फ्रांसीसी इंजीनियर और भौतिक विज्ञानी निकोलस लियोनार्ड साडी कार्नोट (Sadi Carnot) ने वर्ष 1824 में एक सैद्धांतिक आदर्श ऊष्मा इंजन की अवधारणा प्रस्तुत की जिसे कार्नोट इंजन (Carnot Engine) कहा जाता है।
  • इसे “ऊष्मागतिकी का पिता” (Father of Thermodynamics) भी कहा जाता है।
  • कार्नोट चक्र की दक्षता का सूत्र: $\eta = 1 – \frac{T_2}{T_1}$ (जहाँ $T_1$ स्रोत का ताप और $T_2$ सिंक का ताप है)।
  • यह एक काल्पनिक उत्क्रमणीय चक्र (Reversible Cycle) है जिसकी दक्षता सर्वाधिक होती है।

निम्नलिखित में से कौन सी विधि लोहे को जंग लगने से रोकने के लिए उपयोग नहीं की जाती है?

  • क्रोम प्लेटिंग
  • पेंटिंग
  • गैल्वनाइजिंग
  • हीटिंग

Explanation:

  • लोहे को गर्म करना (Heating) जंग रोकने की कोई विधि नहीं है; इसके विपरीत, गर्म करने से उच्च तापमान पर लोहे का ऑक्सीकरण तेज हो सकता है।
  • क्रोम प्लेटिंग, पेंटिंग और गैल्वनाइजिंग लोहे को वायुमंडल की नमी और हवा से दूर रखकर संक्षारण से बचाते हैं।
  • अन्य रोधी विधियाँ: तेल/ग्रीस लगाना, ऐनोडीकरण, एनिलिंग नहीं बल्कि एलोइंग (मिश्रधातु बनाना)।

कॉलॉइडी कणों के पृथक्करण के लिए कौन-सी तकनीक उपयोगी है?

  • ऊर्ध्वपातन तकनीक
  • अपकेंद्रण तकनीक
  • निस्यंदन तकनीक
  • पुनः क्रिस्टलीकरण तकनीक

Explanation:

  • कॉलॉइडी विलयन (Colloidal Solution) के कण इतने सूक्ष्म होते हैं कि वे साधारण फिल्टर पेपर से बाहर निकल जाते हैं, इसलिए निस्यंदन (Filtration) से अलग नहीं होते।
  • इन्हें पृथक करने के लिए अपकेंद्रण तकनीक (Centrifugation) का उपयोग किया जाता है, जिसमें घोल को उच्च गति से घुमाया जाता है, जिससे सघन कण नीचे बैठ जाते हैं।
  • अनुप्रयोग: दूध से मक्खन निकालना, रक्त परीक्षण प्रयोगशालाओं में प्लाज्मा और कोशिकाओं को अलग करना।

दी गई रासायनिक अभिक्रिया में फेरस सल्फेट का रंग क्या है? 2FeSO₄(s) → Fe₂O₃(s) + SO₂(g) + SO₃(g)

  • लाल
  • नीला
  • हरा
  • पीला

Explanation:

  • फेरस सल्फेट क्रिस्टल (FeSO₄·7H₂O) का रंग हरा (Green) होता है। इसे ‘हरा कसीस’ (Green Vitriol) भी कहा जाता है।
  • जब इसे गर्म किया जाता है, तो यह निर्जलित होकर विघटित हो जाता है और भूरे रंग का फेरिक ऑक्साइड (Fe₂O₃) तथा तीखी गंध वाली SO₂ और SO₃ गैसें बनाता है।
  • यह एक ऊष्मीय अपघटन अभिक्रिया (Thermal Decomposition Reaction) का उदाहरण है।

अल्कोहल को नीले रंग का बनाने के लिए उसमें रंगों को मिलाया जाता है ताकि वह आसानी से पहचाना जा सके। इस अल्कोहल को ______ अल्कोहल कहा जाता है।

  • परिपक्व
  • गैर-जहरीला
  • जहरीला (विकृत)
  • प्राकृतिक

Explanation:

  • औद्योगिक उपयोग के लिए इथेनॉल का दुरुपयोग (पीने के लिए) रोकने के लिए इसमें मेथेनॉल, पिरिडीन जैसी जहरीली वस्तुएं और नीले रंग की डाई (जैसे कॉपर सल्फेट) मिला दी जाती है।
  • इस प्रक्रिया को अल्कोहल का विकृतीकरण (Denaturation) कहा जाता है और प्राप्त अल्कोहल को विकृत/जहरीला अल्कोहल (Denatured Alcohol) कहते हैं।
  • नीला रंग यह चेतावनी देने के लिए होता है कि यह पीने योग्य नहीं है।

लिटमस विलयन के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • लिटमस विलयन एक बैंगनी रंग का डाई है, जिसे मॉस से निकाला जाता है।
  • लिटमस विलयन एक नारंगी रंग का डाई है, जिसे लाइकेन से निकाला जाता है।
  • लिटमस विलयन एक बैंगनी रंग का डाई है, जिसे लाइकेन से निकाला जाता है।
  • लिटमस विलयन एक नारंगी रंग का डाई है, जिसे मॉस से निकाला जाता है।

Explanation:

  • लिटमस विलयन एक बैंगनी (Purple) रंग का रंजक/डाई होता है, जिसे थैलोफाइटा (Thallophyta) समूह के लाइकेन (Lichen) पौधे से प्राप्त किया जाता है।
  • उदासीन स्थिति में इसका प्राकृतिक रंग बैंगनी ही रहता है।
  • लाइकेन कवक (Fungus) और शैवाल (Algae) के बीच एक सहजीवी (Symbiotic) संबंध का उदाहरण है।

निम्नलिखित में से किसमें CFC का उपयोग नहीं किया जाता है?

  • अग्निशामक यंत्र
  • ग्राइंडर
  • एरोसोल स्प्रे
  • रेफ्रिजरेटर

Explanation:

  • ग्राइंडर (Grinder) एक यांत्रिक उपकरण है जिसका उपयोग काटने या पीसने के लिए किया जाता है, इसमें किसी भी प्रकार की गैस या प्रशीतक का उपयोग नहीं होता।
  • क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFCs): इसका उपयोग रेफ्रिजरेटर, एरोसोल स्प्रे और अग्निशामक यंत्रों में प्रशीतक और प्रणोदक के रूप में किया जाता रहा है।
  • यह गैस ओजोन परत के क्षरण (Ozone Layer Depletion) का एक मुख्य कारण है।

आजकल खाद्य पदार्थों में नाइट्रोजन और प्रोटीन की मात्रा निर्धारित करने के लिए निम्नलिखित में से किस विधि का सबसे अधिक उपयोग किया जाता है?

  • केल्डाल विधि
  • पराडकर विधि
  • बारफोड विधि
  • नेस्लर विधि

Explanation:

  • खाद्य पदार्थों, अनाज और जैविक नमूनों में कुल नाइट्रोजन और क्रूड प्रोटीन (Crude Protein) की मात्रा का आकलन करने के लिए केल्डाल विधि (Kjeldahl Method) सबसे प्रमाणिक और व्यापक रूप से उपयोग की जाने वाली विधि है।
  • इस विधि की खोज 1883 में जोहान केल्डाल ने की थी।
  • इसमें नमूने को सांद्र H₂SO₄ के साथ पचाया जाता है, जिससे नाइट्रोजन अमोनियम सल्फेट में बदल जाता है।

पेट्रोलियम से पेट्रोल, पेट्रोलियम गैस, डीजल, केरोसीन और ईंधन तेल प्राप्त करने के लिए किस प्रक्रम का उपयोग किया जाता है?

  • निर्वात आसवन
  • आंधलिक आसवन
  • आंशिक आसवन
  • सरल आसवन

Explanation:

  • क्रूड ऑयल (पेट्रोलियम) से उसके विभिन्न घटकों को उनके क्वथनांक (Boiling Point) के अंतर के आधार पर अलग करने के लिए आंशिक आसवन (Fractional Distillation) विधि का उपयोग किया जाता है।
  • यह प्रक्रिया तब उपयोग की जाती है जब दो या दो से अधिक परस्पर घुलनशील द्रवों के क्वथनांक का अंतर 25 K से कम होता है।
  • इसके विभिन्न प्रभाग (Fractions) अलग-अलग तापमान पर संघनित होकर पेट्रोल, डीजल, केरोसिन, एलपीजी आदि के रूप में प्राप्त होते हैं।

विज्ञान प्रयोगशाला में एक गतिविधि करते समय एक छात्र के शर्ट पर दाग लग गया। दाग हटाने के लिए उसे किस पदार्थ का उपयोग करना चाहिए?

  • सोडियम कार्बोनेट
  • सोडियम हाइड्रॉक्साइड
  • सोडियम क्लोराइड
  • सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट

Explanation:

  • सोडियम कार्बोनेट (Na₂CO₃·10H₂O), जिसे ‘धावन सोडा’ (Washing Soda) भी कहा जाता है, का उपयोग कपड़ों से जिद्दी दाग और ग्रीस हटाने तथा सफाई एजेंट के रूप में किया जाता है।
  • यह एक क्षारीय लवण है जो पानी की कठोरता (Hardness of Water) को दूर करने में भी मदद करता है।

धातुओं से अयस्क काढून टाकण्यासाठी वापरल्या जाणाऱ्या प्रक्रियेला त्यांच्या रासायनिक किंवा भौतिक गुणधर्मातील फरकाच्या आधारावर कार्य केले जाते आणि त्याला धातुकर्माचे ____ म्हणतात.

  • उजाल्य (पॉलिशिंग)
  • रंजक (कलरिंग)
  • स्मूदन (एनरिचमेंट)
  • तोलन (वेईग)

Explanation:

  • खदानों से प्राप्त अयस्क में मिट्टी, रेत, चट्टानों जैसी अशुद्धियाँ (गैंग/Gangue) पाई जाती हैं।
  • धातु निष्कर्षण से पहले इन अशुद्धियों को भौतिक या रासायनिक गुणों के अंतर के आधार पर दूर करने की प्रक्रिया को अयस्क का समृद्धिकरण (Ore Enrichment / Concentration of Ore) कहा जाता है।
  • इसके लिए गुरुत्वीय पृथक्करण, झाग प्लवन विधि और चुंबकीय पृथक्करण जैसी तकनीकों का उपयोग किया जाता है।

______ यौगिक का उपयोग शुष्क करने वाले कारक के रूप में किया जाता है।

  • कैल्शियम ऑक्साइड
  • कैल्शियम कार्बाइड
  • जिप्सम
  • कैल्शियम कार्बोनेट

Explanation:

  • कैल्शियम ऑक्साइड (CaO), जिसे बिना बुझा चूना (Quicklime) भी कहा जाता है, एक बहुत अच्छा **शुष्कीकारक (Drying Agent)** है।
  • यह वातावरण या गैसों से नमी (Moisture) को बहुत तेज़ी से अवशोषित करता है।
  • रसायन विज्ञान में इसका उपयोग मुख्य रूप से अमोनिया गैस को सुखाने के लिए किया जाता है।

निम्नलिखित में से कौन-सा धावन सोडा के एक सामान्य औद्योगिक उपयोग का सबसे अच्छा वर्णन करता है?

  • अल्कोहल निर्माण
  • सीमेंट उत्पादन
  • काँच निर्माण
  • सिरका उत्पादन

Explanation:

  • धावन सोडा (Washing Soda – Na₂CO₃) का औद्योगिक पैमाने पर मुख्य उपयोग काँच, साबुन और कागज उद्योग में किया जाता है।
  • सिलिका (रेत) और कैल्शियम कार्बोनेट के साथ सोडियम कार्बोनेट को पिघलाकर काँच (Glass) बनाया जाता है।
  • इसके अलावा इसका उपयोग बोरेक्स (Borax) जैसे सोडियम यौगिकों के निर्माण में भी होता है।

लिटमस विलयन एक बैंगनी डाई है, जिसे ______ से निकाला जाता है।

  • रिजिस्या
  • हरिता (मॉस)
  • काई (लाइकेन)
  • स्पाइरोगाइरा

Explanation:

  • लिटमस विलयन लाइकेन (Lichen / काई) नामक पौधे से प्राप्त किया जाने वाला एक प्राकृतिक सूचक है।
  • लाइकेन थैलोफाइटा (Thallophyta) समूह से संबंधित है।
  • यह अम्ल-क्षार का पता लगाने के लिए उपयोग किया जाता है (अम्ल में लाल, क्षार में नीला और उदासीन माध्यम में बैंगनी)।

निम्नलिखित में से किन पुर्जों को अल्ट्रासाउंड का उपयोग करके साफ किया जाता है?

  • साधारण पुर्जे
  • कठिन पहुँच वाले पुर्जे
  • बड़े पुर्जे
  • छोटे पुर्जे

Explanation:

  • मशीनरियों के वे जटिल भाग या कठिन पहुँच वाले पुर्जे (Hard to reach parts), जैसे घुमावदार नालियाँ, इलेक्ट्रॉनिक घटक या बारीक गियर, जहाँ हाथ या ब्रश नहीं पहुँच सकता, उन्हें **अल्ट्रासोनिक क्लीनिंग (Ultrasonic Cleaning)** द्वारा साफ किया जाता है।
  • वस्तुओं को सफाई के घोल में रखकर उच्च आवृत्ति वाली पराश्रव्य तरंगें (Ultrasound) भेजी जाती हैं, जिससे धूल और चिकनाई के कण अलग होकर गिर जाते हैं।

यदि गैस बहुत आर्द्र हो तो आपको उत्सर्जित गैस को ______ वाली शुष्क नली के माध्यम से निकालना होगा।

  • Ca(OH)₂
  • NaCl
  • NaOH
  • CaCl₂

Explanation:

  • निर्जल कैल्शियम क्लोराइड (Anhydrous Calcium Chloride – CaCl₂) एक बहुत अच्छा शुष्कीकारक (Drying Agent / Desiccant) है।
  • जब कोई गैस आर्द्र (Moist) होती है, तो उसे CaCl₂ से भरी शुष्क नली (Guard tube / Drying tube) से गुजारा जाता है ताकि वह गैस की सारी नमी को अवशोषित कर ले और शुष्क गैस प्राप्त हो सके।
  • प्रयोगशालाओं में HCl गैस बनाते समय नमी हटाने के लिए इसका व्यापक उपयोग होता है।
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