SCIENCE
अनुप्रस्थ तरंगें क्या होती हैं?
- ये वे तरंगें हैं जिन्हें अपने संचरण के लिए माध्यम की आवश्यकता नहीं होती है।
- ये अनुदैर्ध्य यांत्रिक तरंगें हैं।
- इन तरंगों में, माध्यम के कण तरंगों के संचरण की दिशा के समानांतर कंपन करते हैं।
- इन तरंगों में, माध्यम के कण तरंगों के संचरण की दिशा के लंबवत कंपन करते हैं।
Explanation:
- अनुप्रस्थ तरंगों (Transverse Waves) में, माध्यम के कण तरंगों के संचरण की दिशा के लंबवत (Perpendicular) कंपन करते हैं।
- इन तरंगों में श्रृंग (Crests – ऊपरी भाग) और गर्त (Troughs – निचले भाग) बनते हैं।
- उदाहरण: प्रकाश तरंगें, जल की तरंगें, डोरी पर तरंगें (Light waves, Water waves, Waves on a string)।
- अतिरिक्त तथ्य: अनुदैर्ध्य तरंगों (Longitudinal Waves) में कण संचरण की दिशा के समानांतर (Parallel) कंपन करते हैं (उदाहरण: ध्वनि तरंगें)।
यदि किसी ध्वनि तरंग का आवर्तकाल 0.04 सेकंड है, तो उसकी आवृत्ति ज्ञात कीजिए।
- 25 Hz
- 500 Hz
- 50 Hz
- 22 Hz
Explanation:
- आवर्तकाल (Time Period – T) और आवृत्ति (Frequency – f) में संबंध: f = 1/T
- दिया गया: T = 0.04 s
- f = 1/0.04 = 25 Hz
- अतिरिक्त तथ्य: Hz (हर्ट्ज) – आवृत्ति का SI मात्रक, 1 Hz = 1 चक्र/सेकंड (Cycle/second) ।
आवृत्ति और कालावधि में क्या संबंध है?
- T = 1 + u
- T = u
- T = 1/u
- T = 1 × u
Explanation:
- आवृत्ति (Frequency – f) और कालावधि (Time Period – T) में संबंध: T = 1/f
- या f = 1/T
- यदि आवृत्ति अधिक होती है, तो कालावधि कम होती है और इसके विपरीत।
- अतिरिक्त तथ्य: कालावधि – एक पूर्ण दोलन (Complete Oscillation) में लगा समय, आवृत्ति – एक सेकंड में दोलनों की संख्या।
मनुष्यों के लिए श्रव्य आवृत्ति परास कितनी है?
- 200 Hz से 200,000 Hz
- 20 kHz से 200 kHz
- 2 Hz से 200 Hz
- 20 Hz से 20,000 Hz
Explanation:
- मनुष्यों के लिए श्रव्य आवृत्ति परास (Audible Frequency Range) 20 Hz से 20,000 Hz (20 kHz) है।
- 20 Hz से कम आवृत्ति की ध्वनियाँ इन्फ्रासाउंड (Infrasound) कहलाती हैं।
- 20,000 Hz से अधिक आवृत्ति की ध्वनियाँ अल्ट्रासाउंड (Ultrasound) कहलाती हैं।
- अतिरिक्त तथ्य: कुत्ते (Dogs) – 40,000 Hz तक सुन सकते हैं, चमगादड़ (Bats) – 100,000 Hz तक सुन सकते हैं।
किसी मेज पर मंद आघात करने पर उत्पन्न ध्वनि के मृदु होने का क्या कारण है?
- कंपन का आयाम छोटा होता है
- कंपन की आवृत्ति निम्न होती है
- ध्वनि की चाल कम हो जाती है
- तरंगदैर्ध्य लघु हो जाती है
Explanation:
- मेज पर मंद आघात (Soft Tap) करने पर उत्पन्न ध्वनि के मृदु (Soft/Low Loudness) होने का कारण “कंपन का आयाम छोटा होता है” (Small Amplitude of vibration) है।
- ध्वनि की प्रबलता (Loudness) आयाम (Amplitude) के वर्ग (Square) के अनुक्रमानुपाती (Directly Proportional) होती है: \(L \propto A^2\)
- अधिक आयाम = तेज (Louder) ध्वनि, कम आयाम = मृदु (Softer) ध्वनि।
- अतिरिक्त तथ्य: आवृत्ति (Frequency) – तीक्ष्णता (Pitch) निर्धारित करती है, आयाम – प्रबलता (Loudness) निर्धारित करता है।
एक माध्यम में तरंग की चाल 600 मीटर/सेकेंड है। यदि 600 तरंगें 1 मिनट में माध्यम के एक स्थान से गुजरती है, तो तरंगदैर्ध्य क्या है?
- 60 मीटर
- 100 मीटर
- 10 मीटर
- 20 मीटर
Explanation:
- चाल \(v = 600\) m/s
- 600 तरंगें 1 मिनट (60 सेकंड) में गुजरती हैं, इसलिए आवृत्ति: \(f = 600/60 = 10\) Hz
- सूत्र: \(v = f \times \lambda\)
- \(\lambda = v/f = 600/10 = 60\) मीटर
- अतिरिक्त तथ्य: तरंग की चाल \(v = f\lambda\) (आवृत्ति × तरंगदैर्ध्य), जिसे तरंग समीकरण (Wave Equation) कहा जाता है।
एक अदृश्य दरार या एक छिद्र का पता लगाने के लिए एक धातु खंड के अंदर भेजी गई पराश्रव्य तरंगों को ___ का उपयोग करके प्राप्त किया जाता है।
- अवशोषक
- परावर्तक
- संचरित तरंगों का पता लगाने वाले संसूचक
- तरंग उत्पादक
Explanation:
- एक अदृश्य दरार (Invisible Crack) या छिद्र का पता लगाने के लिए धातु खंड के अंदर भेजी गई पराश्रव्य तरंगें (Ultrasonic Waves) को “परावर्तक” (Reflector) का उपयोग करके प्राप्त किया जाता है।
- इस विधि को अल्ट्रासोनिक परीक्षण (Ultrasonic Testing – NDT) कहा जाता है।
- तरंगें दरार/छिद्र से परावर्तित (Reflect) होकर वापस आती हैं, जिससे दोष का पता चलता है।
- अतिरिक्त तथ्य: सोनार (Sonar) – पानी के अंदर वस्तुओं का पता लगाने के लिए पराश्रव्य तरंगों का उपयोग।
अनुदैर्ध्य तरंग में क्या होता है?
- तरंग के गुजरने पर कण पूरी तरह स्थिर रहते हैं
- कण अपनी विराम स्थिति के चारों ओर वृत्ताकार गति करते हैं
- कण अपनी विराम स्थिति के इधर-उधर आगे-पीछे दोलन करते हैं
- कण अपनी माध्य स्थिति के इधर-उधर ऊपर-नीचे दोलन करते हैं
Explanation:
- अनुदैर्ध्य तरंग (Longitudinal Wave) में, कण अपनी विराम स्थिति के इधर-उधर आगे-पीछे (Back and Forth) दोलन करते हैं।
- यह संचरण की दिशा के समानांतर (Parallel to direction of propagation) होता है।
- इसमें संपीडन (Compression – कणों का घना होना) और विरलन (Rarefaction – कणों का विरल होना) बनते हैं।
- अतिरिक्त तथ्य: अनुप्रस्थ तरंग (Transverse Wave) में कण ऊपर-नीचे (Up and Down) दोलन करते हैं (संचरण दिशा के लंबवत)।
निम्नलिखित में से कौन सा अनुदैर्ध्य तरंग का एक उदाहरण है?
- विद्युतचुम्बकीय तरंग
- ध्वनि तरंग
- प्रकाश तरंग
- रेडियो तरंग
Explanation:
- “ध्वनि तरंग” (Sound Wave) अनुदैर्ध्य तरंग (Longitudinal Wave) का एक उदाहरण है।
- ध्वनि तरंगें यांत्रिक तरंगें (Mechanical Waves) हैं, जिन्हें संचरण के लिए माध्यम (Medium) की आवश्यकता होती है।
- विद्युतचुम्बकीय तरंगें (EM Waves – प्रकाश, रेडियो, X-ray) अनुप्रस्थ (Transverse) होती हैं और इन्हें माध्यम की आवश्यकता नहीं होती।
- अतिरिक्त तथ्य: ध्वनि निर्वात (Vacuum) में नहीं चल सकती (क्योंकि माध्यम नहीं है)।
निम्नलिखित में से कौन ध्वनि की प्रबलता या मृदुता निर्धारित करता है?
- आवृत्ति
- तरंग वेग
- आयाम
- दोलन
Explanation:
- “आयाम” (Amplitude) ध्वनि की प्रबलता (Loudness) या मृदुता (Softness) निर्धारित करता है।
- ध्वनि की प्रबलता आयाम के वर्ग (Square) के अनुक्रमानुपाती होती है: \(L \propto A^2\)
- आवृत्ति (Frequency) – तीक्ष्णता (Pitch) निर्धारित करती है (उच्च आवृत्ति = तीखी ध्वनि)।
- तरंग वेग (Wave Velocity) – माध्यम पर निर्भर करता है।
- अतिरिक्त तथ्य: ध्वनि की प्रबलता डेसिबल (dB) में मापी जाती है।
एक इन्फ्रासाउंड माइक्रोफोन विमान के वेक वोर्टेक्स, स्पष्ट वायु अशांति, बवंडर और भूकंपीय घटनाओं का दूरस्थ पता लगाने में सक्षम बनाता है, जो निम्नलिखित आवृत्तियों से नीचे होता है:
- 30 हर्ट्ज
- 10 हर्ट्ज
- 5 हर्ट्ज
- 20 हर्ट्ज
Explanation:
- इन्फ्रासाउंड (Infrasound) 20 Hz से नीचे की आवृत्ति वाली ध्वनि होती है।
- इन्फ्रासाउंड माइक्रोफोन विमान के वेक वोर्टेक्स, वायु अशांति, बवंडर, भूकंपीय घटनाओं का दूरस्थ पता लगाने में सक्षम बनाता है।
- अतिरिक्त तथ्य: इन्फ्रासाउंड – प्राकृतिक घटनाओं (ज्वालामुखी, भूकंप, सुनामी) से उत्पन्न होता है। हाथी (Elephants) इन्फ्रासाउंड का उपयोग संचार के लिए करते हैं।
बार-बार परावर्तन के कारण होने वाले कई प्रतिध्वनियों की घटना को कहा जाता है।
- अनुगद
- अनुरणन
- अपवर्तन
- विश्लेषण
Explanation:
- बार-बार परावर्तन (Multiple Reflections) के कारण होने वाले कई प्रतिध्वनियों (Multiple Echoes) की घटना को “अनुरणन” (Reverberation) कहा जाता है।
- यह बंद स्थानों (Enclosed Spaces) जैसे सभागारों, हॉलों, गुफाओं में होता है।
- अनुरणन को कम करने के लिए ध्वनि अवशोषक पदार्थ (Sound Absorbing Materials) का उपयोग किया जाता है (जैसे: कॉर्क, फोम, पर्दे)।
- अतिरिक्त तथ्य: प्रतिध्वनि (Echo) – एक ही परावर्तन, अनुरणन – कई परावर्तनों का मिश्रण।
ध्वनि तरंगों को यांत्रिक तरंगों के रूप में क्यों वर्गीकृत किया जाता है?
- ये प्रकाश दोलन उत्पन्न करती हैं
- ये तरंग संचरण के लंबवत दोलन करती हैं
- ये माध्यम में कणों की गति द्वारा अभिलक्षित होती हैं
- इन्हें यात्रा करने के लिए किसी माध्यम की आवश्यकता नहीं होती है
Explanation:
- ध्वनि तरंगों को यांत्रिक तरंगों (Mechanical Waves) के रूप में वर्गीकृत किया जाता है क्योंकि “ये माध्यम में कणों की गति द्वारा अभिलक्षित होती हैं” (They are characterized by the motion of particles in the medium)।
- यांत्रिक तरंगों को संचरण के लिए माध्यम (Medium for propagation) की आवश्यकता होती है।
- ध्वनि तरंगें ठोस, द्रव और गैसों (Solids, Liquids and Gases) में चल सकती हैं, लेकिन निर्वात (Vacuum) में नहीं।
- अतिरिक्त तथ्य: विद्युतचुम्बकीय तरंगें (प्रकाश, रेडियो) – अयांत्रिक (Non-Mechanical), इन्हें माध्यम की आवश्यकता नहीं होती।
जब किसी तनी हुई डोरी को झटका दिया जाता है या विस्थापित किया जाता है, तो मुख्य रूप से किस प्रकार की तरंग बनती है?
- ऐंठन तरंग
- विद्युतचुंबकीय तरंग
- अनुप्रस्थ तरंग
- सतही तरंग
Explanation:
- जब किसी तनी हुई डोरी (Stretched String) को झटका दिया जाता है या विस्थापित किया जाता है, तो मुख्य रूप से “अनुप्रस्थ तरंग” (Transverse Wave) बनती है।
- डोरी के कण ऊपर-नीचे (Up and Down) कंपन करते हैं, जबकि तरंग डोरी के अनुदिश (Along the string) चलती है।
- यह गिटार, सितार, वायलिन (Guitar, Sitar, Violin) जैसे तार वाद्यों (String Instruments) का कार्य सिद्धांत है।
- अतिरिक्त तथ्य: ऐंठन तरंग (Torsional Wave) – मरोड़ (Twist) के कारण, सतही तरंग (Surface Wave) – जल की सतह पर (अनुप्रस्थ + अनुदैर्ध्य दोनों)।
ध्वनि एक माध्यम में ___ के रूप में यात्रा करती है।
- सीधी रेखा
- संपीडन और विरलीकरण की श्रृंखला
- बीम
- कण
Explanation:
- ध्वनि एक माध्यम में “संपीडन और विरलीकरण की श्रृंखला” (Series of compressions and rarefactions) के रूप में यात्रा करती है।
- ध्वनि अनुदैर्ध्य तरंग (Longitudinal Wave) है, जिसमें कण आगे-पीछे (Back and Forth) दोलन करते हैं।
- संपीडन (Compression) – कणों का घना होना (उच्च दाब क्षेत्र), विरलीकरण (Rarefaction) – कणों का विरल होना (निम्न दाब क्षेत्र)।
- अतिरिक्त तथ्य: प्रकाश (Light) सीधी रेखा (Straight Line) में यात्रा करता है (किरण) ।
2GHz सिग्नल किस आवृत्ति बैंड में होता है?
- VHF
- HF
- UHF
- EHF
Explanation:
- 2 GHz (2 गीगाहर्ट्ज) सिग्नल “UHF” (Ultra High Frequency) आवृत्ति बैंड में होता है।
- आवृत्ति बैंड की श्रेणियाँ:
- HF (High Frequency) – 3 से 30 MHz
- VHF (Very High Frequency) – 30 से 300 MHz
- UHF (Ultra High Frequency) – 300 से 3000 MHz (3 GHz)
- EHF (Extremely High Frequency) – 30 से 300 GHz
- अतिरिक्त तथ्य: 2 GHz – माइक्रोवेव, मोबाइल संचार (4G/5G), रडार, उपग्रह संचार में उपयोग।
निम्नलिखित में से आवृत्ति और आवर्तकाल का कौन-सा युग्म ठीक प्रकार से संबंधित है?
- 1 Hz और 2 s
- 2 Hz और 0.2 s
- 10 Hz और 0.1 s
- 5 Hz और 5 s
Explanation:
- आवृत्ति (f) और आवर्तकाल (T) में संबंध: T = 1/f
- विकल्पों की जाँच:
- 1 Hz → T = 1 s (2 s नहीं)
- 2 Hz → T = 0.5 s (0.2 s नहीं)
- 10 Hz → T = 0.1 s ✅
- 5 Hz → T = 0.2 s (5 s नहीं)
- अतिरिक्त तथ्य: Hz = 1/सेकंड (चक्र/सेकंड), आवर्तकाल सेकंड में मापा जाता है।
दो क्रमागत संकुचन या दो संतत विरलताओं की सफलता के बीच की दूरी क्या है?
- दोलन
- आवृत्ति
- तरंग दैर्घ्य
- बीता हुआ कल
Explanation:
- दो क्रमागत संपीडनों (Compressions) या दो क्रमागत विरलनों (Rarefactions) के बीच की दूरी “तरंग दैर्घ्य” (Wavelength – λ) कहलाती है।
- तरंगदैर्घ्य को λ (lambda) से दर्शाया जाता है और इसे मीटर (m) में मापा जाता है।
- सूत्र: \(v = f \times \lambda\) (चाल = आवृत्ति × तरंगदैर्घ्य)
- अतिरिक्त तथ्य: अनुप्रस्थ तरंग में तरंगदैर्घ्य दो क्रमागत श्रृंगों (Crests) या गर्तों (Troughs) के बीच की दूरी होती है।
दो सतहें जो एक दूसरे के संपर्क में होती हैं, के बीच ___ की उपस्थिति घर्षण का कारण बनती है।
- व्यवधान
- बाधा
- रुकावट
- अनियमितताओं
Explanation:
- दो सतहें जो एक दूसरे के संपर्क में होती हैं, के बीच “अनियमितताओं” (Irregularities) की उपस्थिति घर्षण (Friction) का कारण बनती है।
- सभी सतहें सूक्ष्मदर्शी स्तर (Microscopic Level) पर खुरदरी (Rough) होती हैं, जो घर्षण बल उत्पन्न करती हैं।
- अतिरिक्त तथ्य: घर्षण के प्रकार: स्थैतिक, गतिज, लोटनिक (Static, Kinetic, Rolling) । स्नेहक (Lubricants) अनियमितताओं को कम करके घर्षण को कम करते हैं।
ध्वनि की प्रबलता के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
- प्रबलता तरंगदैर्घ्य पर निर्भर करती है।
- प्रबलता आवृत्ति पर निर्भर करती है।
- प्रबलता आयाम पर निर्भर करती है।
- प्रबलता तरंग की गति पर निर्भर करती है।
Explanation:
- “प्रबलता” (Loudness) आयाम (Amplitude) पर निर्भर करती है।
- प्रबलता \(\propto\) (आयाम)²
- अधिक आयाम → अधिक प्रबल (Louder) ध्वनि, कम आयाम → कम प्रबल (Softer) ध्वनि।
- आवृत्ति (Frequency) – तीक्ष्णता (Pitch) निर्धारित करती है। तरंगदैर्घ्य और चाल प्रबलता को प्रभावित नहीं करते।
- अतिरिक्त तथ्य: प्रबलता को डेसिबल (dB) में मापा जाता है।
___ वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा हवा में उपस्थित जल वाष्प को द्रव जल में परिवर्तित किया जाता है।
- वर्षण
- संघनन
- वाष्पन
- कंपन
Explanation:
- “संघनन” (Condensation) वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा हवा में उपस्थित जल वाष्प (Water Vapour in Air) को द्रव जल (Liquid Water) में परिवर्तित किया जाता है।
- यह वाष्पीकरण (Evaporation) के विपरीत प्रक्रिया है।
- उदाहरण: बादलों का निर्माण (Cloud Formation), ओस (Dew), कोहरा (Fog) ।
- अतिरिक्त तथ्य: वर्षण (Precipitation) – वर्षा, बर्फ, ओले। वाष्पन (Vaporization) – द्रव से गैस में परिवर्तन।
निम्नलिखित में से सही कथन का चयन कीजिए।
- विकल्पों में से सभी
- तरंग की आवृत्ति हर्ट्ज (Hz) में मापी जाती है।
- आवृत्ति, एक सेकंड में एक निश्चित बिंदु से गुजरने वाली तरंग श्रृंगों की संख्या होती है।
- तरंग का आयाम, मध्य बिंदु से इसके श्रृंग की ऊंचाई होती है।
Explanation:
- “विकल्पों में से सभी” सही हैं, क्योंकि:
- आवृत्ति का SI मात्रक Hz (हर्ट्ज) है।
- आवृत्ति = एक सेकंड में एक निश्चित बिंदु से गुजरने वाली तरंग श्रृंगों (Crests) की संख्या।
- आयाम = मध्य बिंदु (Mean Position) से श्रृंग (Crest) की ऊँचाई (अधिकतम विस्थापन) ।
- अतिरिक्त तथ्य: तरंगदैर्घ्य (Wavelength) – दो क्रमागत श्रृंगों/गर्तों के बीच की दूरी।
अनुदैर्घ्य तरंग में, कण की गति ___ होती है।
- यादृच्छिक
- वृत्तीय
- तरंग गति के लंबवत
- तरंग दिशा के समानांतर
Explanation:
- अनुदैर्घ्य तरंग (Longitudinal Wave) में, कण की गति “तरंग दिशा के समानांतर” (Parallel to the wave direction) होती है।
- कण आगे-पीछे (Back and Forth) दोलन करते हैं, जिससे संपीडन (Compression) और विरलन (Rarefaction) बनते हैं।
- अतिरिक्त तथ्य: अनुप्रस्थ तरंग (Transverse Wave) में कण तरंग दिशा के लंबवत (Perpendicular) गति करते हैं।
हवा में ध्वनि की गति क्या होती है?
- 434 मीटर प्रति सेकंड
- 343 मीटर प्रति सेकंड
- 383 मीटर प्रति सेकंड
- 373 मीटर प्रति सेकंड
Explanation:
- हवा में ध्वनि की गति “343 मीटर प्रति सेकंड” (लगभग) होती है (20°C पर)।
- ध्वनि की चाल तापमान पर निर्भर करती है: \(v = 331 + 0.6T\) m/s (जहाँ T = तापमान °C में)
- 20°C पर: \(v = 331 + 0.6 \times 20 = 343\) m/s
- अतिरिक्त तथ्य: ध्वनि की चाल ठोस > द्रव > गैस में होती है। निर्वात में ध्वनि चलती नहीं है।
उस सिद्धांत का नाम क्या है जो बताता है कि एक तरंग के प्रत्येक बिंदु माध्यमिक तरंगिकाओं के स्रोत के रूप में कार्य करते हैं जो सभी दिशाओं में फैलते हैं और एक नया तरंगाग्र बनाते हैं?
- डॉलर का सिद्धांत
- हाइगेन्स का सिद्धांत
- फर्मेंट का सिद्धांत
- अध्यारोपण का सिद्धांत
Explanation:
- यह सिद्धांत “हाइगेन्स का सिद्धांत” (Huygens’ Principle) है, जो क्रिस्टियान हाइगेन्स (Christian Huygens) द्वारा प्रतिपादित किया गया था।
- इसके अनुसार, तरंगाग्र (Wavefront) पर प्रत्येक बिंदु माध्यमिक तरंगिकाओं (Secondary Wavelets) का स्रोत होता है, जो सभी दिशाओं में (All Directions) फैलती हैं और नया तरंगाग्र (New Wavefront) बनाती हैं।
- यह प्रकाश (Light) और ध्वनि (Sound) दोनों के लिए लागू होता है।
- अतिरिक्त तथ्य: फर्मेंट का सिद्धांत (Fermat’s Principle) – प्रकाश न्यूनतम समय का पथ अपनाता है। अध्यारोपण सिद्धांत (Superposition Principle) – तरंगों का संयोजन।
आवर्तकाल सूत्र क्या है?
- आवृत्ति/2
- 2/आवृत्ति
- आवृत्ति/4
- 1/आवृत्ति
Explanation:
- आवर्तकाल (Time Period – T) का सूत्र: T = 1/आवृत्ति (T = 1/f)
- आवर्तकाल = एक पूर्ण दोलन (Complete Oscillation) में लगा समय।
- आवृत्ति (f) = 1 सेकंड में दोलनों की संख्या।
- अतिरिक्त तथ्य: आवर्तकाल का SI मात्रक सेकंड (s) है।
ध्वनि की तीव्रता उसके ___ द्वारा निर्धारित होती है।
- मध्यान्तर
- कंपन
- तरीका
- आयाम
Explanation:
- ध्वनि की “तीव्रता” (Intensity) उसके “आयाम” (Amplitude) द्वारा निर्धारित होती है।
- तीव्रता आयाम के वर्ग (Square) के समानुपाती होती है: \(I \propto A^2\)
- तीव्रता (Intensity) = प्रति इकाई क्षेत्रफल प्रति सेकंड ऊर्जा (W/m²)।
- अतिरिक्त तथ्य: ध्वनि की प्रबलता (Loudness) भी आयाम पर निर्भर करती है, लेकिन तीव्रता भौतिक (Physical) माप है, जबकि प्रबलता श्रवण (Perceptual) माप है।
ध्वनि की इनमें से कौन-सी विशेषता, हमें समान पिच और तीव्रता वाली ध्वनियों को अलग करने में सक्षम बनाती है?
- आवर्तकाल
- टिम्ब्रे या ध्वनि की गुणवत्ता
- तरंग का वेग
- आवृत्ति
Explanation:
- “टिम्ब्रे” (Timbre) या “ध्वनि की गुणवत्ता” (Quality of Sound) हमें समान पिच (Same Pitch) और तीव्रता (Same Intensity) वाली ध्वनियों को अलग करने में सक्षम बनाती है।
- उदाहरण: एक ही नोट (Same Note) पर गिटार (Guitar) और वायलिन (Violin) की ध्वनि अलग-अलग होती है – यह टिम्ब्रे (Timbre) के कारण है।
- यह अधिस्वरकों (Overtones/Harmonics) के मिश्रण पर निर्भर करता है।
- अतिरिक्त तथ्य: आवृत्ति (Frequency) – पिच (Pitch), आयाम (Amplitude) – तीव्रता (Intensity) ।
एकसमान चाल से गतिमान किसी वस्तु के लिए दूरी-समय ग्राफ कैसा होगा?
- इसका ग्राफ नहीं बनाया जा सकता।
- ग्राफ एक सीधी रेखा है।
- ग्राफ साइन वेव जैसा दिखता है।
- ग्राफ एक टेढ़ी-मेढ़ी रेखा है।
Explanation:
- एकसमान चाल (Uniform Speed) से गतिमान वस्तु के लिए दूरी-समय (Distance-Time) ग्राफ “एक सीधी रेखा” (Straight Line) होता है।
- इसका ढलान (Slope) = चाल (Speed) = स्थिर (Constant) होता है।
- समीकरण: \(d = vt\) (दूरी = चाल × समय)
- अतिरिक्त तथ्य: त्वरित गति (Accelerated Motion) में दूरी-समय ग्राफ वक्र (Curve) होता है (परवलय – Parabola)।
निम्न में से कौन माध्यम के घनत्व में एक ध्वनि तरंग के पूर्ण दोलन के लिए लिया गया समय है?
- आयाम
- तरंग दैर्घ्य
- आवृत्ति
- समय अवधि
Explanation:
- माध्यम के घनत्व (Density) में एक ध्वनि तरंग के पूर्ण दोलन (Complete Oscillation) के लिए लिया गया समय “समय अवधि” (Time Period – T) है।
- यह एक संपीडन (Compression) और एक विरलन (Rarefaction) से गुजरने का समय है।
- आवर्तकाल \(T = 1/f\)
- अतिरिक्त तथ्य: आयाम (Amplitude) – अधिकतम विस्थापन, तरंगदैर्घ्य (Wavelength) – दो क्रमागत संपीडनों/विरलनों के बीच की दूरी।
जब दोलक पर प्रेरित प्रेरक बल दोलक की वास्तविक आवृत्ति के बराबर हो जाता है, तो दोलक के आयाम में वृद्धि को कहते हैं –
- प्रेरित आवृत्ति
- गूंज
- निशुल्क आयाम
- प्रेरित आयाम
Explanation:
- जब दोलक पर प्रेरित बल (Driving Force) की आवृत्ति दोलक की वास्तविक आवृत्ति (Natural Frequency) के बराबर हो जाती है, तो दोलक के आयाम में वृद्धि को “गूंज” (Resonance) कहते हैं।
- अनुनाद (Resonance) – आयाम में अधिकतम वृद्धि की स्थिति।
- उदाहरण: झूला (Swing), गिटार की डोरी (Guitar String), ट्यूनिंग फोर्क (Tuning Fork) ।
- अतिरिक्त तथ्य: गूंज के कारण तार का टूटना (Breaking of glass by sound), सैनिकों की मार्च (Soldiers’ march) – पुल पर गूंज से बचना।
उच्च-पिच और निम्न-पिच ध्वनि में क्रमशः ______ होता है।
- निम्न आवृत्ति और उच्च आवृत्ति
- निम्न आयाम और उच्च आवृत्ति
- उच्च आयाम और कम आवृत्ति
- उच्च आवृत्ति और निम्न आवृत्ति
Explanation:
- उच्च-पिच (High Pitch) ध्वनि में उच्च आवृत्ति (High Frequency) होती है (उदाहरण: मच्छर की भिनभिनाहट – ~300 Hz)।
- निम्न-पिच (Low Pitch) ध्वनि में निम्न आवृत्ति (Low Frequency) होती है (उदाहरण: ढोल की ध्वनि – ~50-100 Hz)।
- पिच (Pitch) → आवृत्ति (Frequency) पर निर्भर करता है।
- अतिरिक्त तथ्य: आयाम (Amplitude) → प्रबलता (Loudness) पर निर्भर करता है।
प्रति सेकंड कंपनों की संख्या को क्या कहते हैं?
- तरंग दैर्घ्य
- आवर्तकाल
- आयाम
- आवृत्ति
Explanation:
- प्रति सेकंड कंपनों की संख्या (Number of Vibrations per second) को “आवृत्ति” (Frequency) कहते हैं।
- आवृत्ति का SI मात्रक हर्ट्ज (Hz) है।
- 1 Hz = 1 कंपन/सेकंड (1 Vibration/second)
- अतिरिक्त तथ्य: आवर्तकाल (Time Period) – 1 कंपन में लगा समय (T = 1/f), आयाम (Amplitude) – अधिकतम विस्थापन, तरंगदैर्घ्य (Wavelength) – दो क्रमागत शिखरों के बीच की दूरी।
जब एक ध्वनि तरंग वायु से जल में प्रवेश करती है, तो सीमा पार करते समय उसकी आवृत्ति, चाल और तरंगदैर्घ्य में क्या परिवर्तन होता है?
- इसकी आवृत्ति बढ़ती है, चाल समान रहती है और तरंगदैर्घ्य कम हो जाती है।
- इसकी आवृत्ति कम होती है, चाल कम होती है और तरंगदैर्घ्य बढ़ जाती है।
- इसकी आवृत्ति स्थिर रहती है, चाल कम होती है और तरंग दैर्घ्य कम हो जाती है।
- इसकी आवृत्ति स्थिर रहती है, चाल और तरंगदैर्घ्य बढ़ती है।
Explanation:
- जब ध्वनि तरंग वायु (Air) से जल (Water) में प्रवेश करती है:
- आवृत्ति (f) स्थिर (Constant) रहती है (क्योंकि यह स्रोत की विशेषता है)।
- चाल (Speed – v) बढ़ती है (जल में ध्वनि की चाल वायु से अधिक होती है: हवा में ~343 m/s, जल में ~1480 m/s)।
- तरंगदैर्घ्य (λ) बढ़ती है (v = fλ, f स्थिर, v बढ़ा → λ बढ़ा)।
- अतिरिक्त तथ्य: जब प्रकाश वायु से जल में प्रवेश करता है, तो आवृत्ति स्थिर, चाल और तरंगदैर्घ्य कम होते हैं।
निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प, तरंग के आयाम को सटीक रूप से परिभाषित करता है?
- दो क्रमागत शिखरों के बीच की दूरी
- कण का अपनी माध्य स्थिति से अधिकतम विस्थापन
- वह चाल जिससे तरंग गमन करती है
- प्रति सेकंड कंपनों की संख्या
Explanation:
- “आयाम” (Amplitude) को “कण का अपनी माध्य स्थिति से अधिकतम विस्थापन” (Maximum displacement of a particle from its mean position) के रूप में परिभाषित किया जाता है।
- इसे A से दर्शाया जाता है और इसे मीटर (m) में मापा जाता है।
- तरंगदैर्घ्य (Wavelength) – दो क्रमागत शिखरों/गर्तों के बीच की दूरी।
- अतिरिक्त तथ्य: आयाम ऊर्जा (Energy) और तीव्रता (Intensity) का माप है – \(E \propto A^2\)।
ध्वनि की गुणवत्ता उसके ______ द्वारा निर्धारित होती है।
- तरंग लंबाई
- तरंग अवधि
- आवृत्ति
- आयाम
Explanation:
- ध्वनि की “गुणवत्ता” (Quality/Timbre) उसके “आवृत्ति” (Frequency) द्वारा निर्धारित होती है (विशेष रूप से अधिस्वरकों – Overtones की संख्या और सापेक्ष तीव्रता से)।
- गुणवत्ता = टिम्ब्रे (Timbre) – यह हमें एक ही पिच की ध्वनियों को अलग करने में सक्षम बनाती है।
- आयाम (Amplitude) – प्रबलता (Loudness) निर्धारित करता है।
- अतिरिक्त तथ्य: हार्मोनिक्स (Harmonics) – मूल आवृत्ति के गुणज, जो टिम्ब्रे का निर्माण करते हैं।
ध्वनि तरंग में, माध्यम के कण:
- अपनी माध्य स्थिति के चारों ओर दोलन करते हैं
- तरंग के साथ यात्रा करते हैं
- स्थिर रहते हैं
- संपीडन और विरलन बनाते हैं
Explanation:
- ध्वनि तरंग में, माध्यम के कण “संपीडन और विरलन बनाते हैं” (Create compressions and rarefactions)।
- ध्वनि एक अनुदैर्ध्य तरंग (Longitudinal Wave) है, इसलिए कण आगे-पीछे (Back and Forth) दोलन करते हैं और संपीडन (घना क्षेत्र) और विरलन (विरल क्षेत्र) बनाते हैं।
- कण तरंग के साथ यात्रा नहीं करते (वे अपनी माध्य स्थिति के चारों ओर दोलन करते हैं)।
- अतिरिक्त तथ्य: ऊर्जा (Energy) तरंग के साथ यात्रा करती है, कण नहीं।
एक मृदु ध्वनि की तुलना में, समान आवृत्ति की एक तेज ध्वनि तरंग की क्या विशेषता होती है?
- उच्च आवृत्ति
- लंबी तरंगदैर्घ्य
- बड़ा आयाम
- उच्च गति
Explanation:
- एक मृदु ध्वनि (Soft Sound) की तुलना में, समान आवृत्ति (Same Frequency) की एक तेज ध्वनि (Loud Sound) तरंग में “बड़ा आयाम” (Larger Amplitude) होता है।
- ध्वनि की प्रबलता (Loudness) आयाम के वर्ग (Square) के समानुपाती होती है: \(L \propto A^2\)
- समान आवृत्ति का अर्थ है समान पिच (Same Pitch), लेकिन बड़ा आयाम = अधिक प्रबल (Louder) ध्वनि।
- अतिरिक्त तथ्य: आयाम (Amplitude) – माध्य स्थिति से अधिकतम विस्थापन, आवृत्ति (Frequency) – पिच (Pitch) निर्धारित करती है।
निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प, वायु में ध्वनि की चाल के सबसे निकट है?
- 12000 m/s
- 3400 km/s
- 340 m/s
- 3 × 10⁸ m/s
Explanation:
- वायु में ध्वनि की चाल 340 m/s (लगभग 20°C पर) होती है।
- ध्वनि की चाल का सूत्र: \(v = 331 + 0.6T\) m/s (T = तापमान °C में)
- 20°C पर: \(v = 331 + 0.6 \times 20 = 343\) m/s ≈ 340 m/s
- अतिरिक्त तथ्य: प्रकाश की चाल \(3 \times 10^8\) m/s है। ध्वनि ठोस > द्रव > गैस में सबसे तेज चलती है।
एक सभागार में ध्वनि की निरंतरता ध्वनि के बार-बार परावर्तन का परिणाम है और इसे ______ कहा जाता है।
- तीव्रता
- कंपन
- परासन
- अनुरणन
Explanation:
- एक सभागार (Auditorium) में ध्वनि की निरंतरता (Persistence) ध्वनि के बार-बार परावर्तन (Multiple Reflections) का परिणाम है और इसे “अनुरणन” (Reverberation) कहा जाता है।
- अनुरणन को कम करने के लिए ध्वनि अवशोषक पदार्थ (Sound Absorbing Materials – जैसे कॉर्क, फोम, पर्दे) का उपयोग किया जाता है।
- अतिरिक्त तथ्य: प्रतिध्वनि (Echo) – एक ही परावर्तन, अनुरणन (Reverberation) – कई परावर्तनों का मिश्रण।
तरंग का आयाम बढ़ने पर निम्नलिखित में से किसमें वृद्धि होती है?
- तरंगदैर्घ्य
- चाल
- तरंग की ऊर्जा
- आवृत्ति
Explanation:
- तरंग का आयाम (Amplitude) बढ़ने पर “तरंग की ऊर्जा” (Energy of the wave) में वृद्धि होती है।
- ऊर्जा \(\propto\) (आयाम)²: \(E \propto A^2\)
- आयाम बढ़ने से तीव्रता (Intensity) भी बढ़ती है: \(I \propto A^2\)
- अतिरिक्त तथ्य: आवृत्ति (Frequency) – स्रोत पर निर्भर, चाल (Speed) – माध्यम पर निर्भर, तरंगदैर्घ्य – आवृत्ति और चाल पर निर्भर।
वायु में ध्वनि तरंग किस प्रकार की तरंग है?
- अनुदैर्ध्य
- अनुप्रस्थ
- अवरोधी
- विद्युतचुंबकीय
Explanation:
- वायु में ध्वनि तरंग “अनुदैर्ध्य” (Longitudinal) तरंग है।
- इसमें कण आगे-पीछे (Back and Forth) दोलन करते हैं, जो तरंग संचरण की दिशा के समानांतर (Parallel) होता है।
- ध्वनि यांत्रिक तरंग (Mechanical Wave) है और इसे संचरण के लिए माध्यम की आवश्यकता होती है।
- अतिरिक्त तथ्य: अनुप्रस्थ तरंग (Transverse) – प्रकाश/रेडियो तरंगें (विद्युतचुंबकीय) ।
सर्पिल ट्यूब, विशेष आकृति वाले पुर्जे, इलेक्ट्रॉनिक घटकों आदि के अंदरूनी कठिन पहुँच वाले स्थानों की सफाई के लिए किन तरंगों का उपयोग किया जाता है?
- पराश्रव्य तरंगें
- अपश्रव्य तरंगें
- सबसोनिक तरंगें
- सुपरसोनिक तरंगें
Explanation:
- सर्पिल ट्यूब (Spiral Tubes), विशेष आकृति वाले पुर्जे, इलेक्ट्रॉनिक घटकों के अंदरूनी कठिन पहुँच वाले स्थानों की सफाई के लिए “पराश्रव्य तरंगें” (Ultrasonic Waves) का उपयोग किया जाता है।
- इसे अल्ट्रासोनिक सफाई (Ultrasonic Cleaning) कहा जाता है।
- पराश्रव्य तरंगें > 20,000 Hz (>20 kHz) आवृत्ति की होती हैं।
- अतिरिक्त तथ्य: पराश्रव्य तरंगों का उपयोग चिकित्सा (अल्ट्रासाउंड), NDT (गैर-विनाशकारी परीक्षण) में भी किया जाता है।
गर्म भोजन की गंध दूर तक पहुँचती है, क्योंकि ______
- तापमान भोजन के भार में वृद्धि करता है
- प्रकाश ऊर्जा सुगंध कणों का प्रसार करती हैं
- कण निरंतर गतिमान रहते हैं
- ध्वनि तरंगें भोजन की गंध का परिवहन करती हैं
Explanation:
- गर्म भोजन की गंध दूर तक पहुँचती है, क्योंकि “कण निरंतर गतिमान रहते हैं” (Particles are in continuous motion)।
- गर्म करने पर गंध के कण (Odour Particles) की गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) बढ़ जाती है, जिससे वे तेजी से (Faster) फैलते हैं।
- यह विसरण (Diffusion) की प्रक्रिया है।
- अतिरिक्त तथ्य: गर्म भोजन की गंध ठंडे भोजन की तुलना में अधिक तेजी से फैलती है (तापमान का प्रभाव)।
यदि प्रकाश की तरंगदैर्घ्य 600 nm है और उसकी चाल 3 × 10⁸ m/s है, तो आवृत्ति लगभग ______ होगी।
- 2 × 10¹² Hz
- 3 × 10⁸ Hz
- 5 × 10¹⁴ Hz
- 6 × 10¹⁰ Hz
Explanation:
- तरंग समीकरण: \(v = f \lambda\) या \(f = v/\lambda\)
- दिया गया: \(v = 3 \times 10^8\) m/s, \(\lambda = 600\) nm = \(600 \times 10^{-9}\) m
- \(f = (3 \times 10^8)/(600 \times 10^{-9}) = (3 \times 10^8)/(6 \times 10^{-7}) = 0.5 \times 10^{15} = 5 \times 10^{14}\) Hz
- अतिरिक्त तथ्य: 600 nm (नैनोमीटर) – नारंगी-लाल (Orange-Red) प्रकाश की तरंगदैर्घ्य है।
बोर मॉडल के अनुसार, विद्युत-चुम्बकीय विकिरणों में द्वैत प्रकाश-लक्षण (dual character) होते हैं, जिस कारण ______ दोनों की तरह व्यवहार करते हैं।
- तरंगों और कणों
- तरंगों और इलेक्ट्रॉनों
- द्रव्यमान और चुंबकीय प्रभाव
- ध्वनि और तरंगों
Explanation:
- बोर मॉडल (Bohr Model) के अनुसार, विद्युत-चुम्बकीय विकिरणों में “द्वैत प्रकाश-लक्षण” (Dual Character) होते हैं, जिस कारण वे “तरंगों और कणों” (Waves and Particles) दोनों की तरह व्यवहार करते हैं।
- इसे “तरंग-कण द्वैतता” (Wave-Particle Duality) कहा जाता है।
- यह अवधारणा क्वांटम यांत्रिकी (Quantum Mechanics) का आधार है।
- अतिरिक्त तथ्य: डी-ब्रोगली (De Broglie) ने सभी पदार्थों के लिए तरंग-कण द्वैतता का प्रस्ताव दिया: \(\lambda = h/p\) (h = प्लांक स्थिरांक, p = संवेग)।
एक ध्वनि तरंग की चाल 320 m/s है। यदि तरंग की तरंगदैर्घ्य 0.4 m है, तो इस तरंग की आवृत्ति कितनी है?
- 1280 Hz
- 800 Hz
- 80 Hz
- 128 Hz
Explanation:
- तरंग समीकरण: \(v = f \lambda\) या \(f = v/\lambda\)
- दिया गया: \(v = 320\) m/s, \(\lambda = 0.4\) m
- \(f = 320/0.4 = 800\) Hz
- अतिरिक्त तथ्य: मानव श्रव्य सीमा 20 Hz – 20,000 Hz है। 800 Hz इस सीमा के अंदर है।
माध्य मान के दोनों ओर माध्यम में अधिकतम विस्थापन के परिमाण को क्या कहते हैं?
- दोलन
- आयाम
- आवृत्ति
- तरंगदैर्घ्य
Explanation:
- माध्य मान (Mean Position) के दोनों ओर माध्यम (Medium) में अधिकतम विस्थापन (Maximum Displacement) के परिमाण को “आयाम” (Amplitude – A) कहते हैं।
- आयाम धनात्मक (Positive) परिमाण है और इसे मीटर (m) में मापा जाता है।
- आयाम तरंग की ऊर्जा (Energy) और तीव्रता (Intensity) का माप है: \(E \propto A^2\)
- अतिरिक्त तथ्य: आवृत्ति – प्रति सेकंड दोलनों की संख्या, तरंगदैर्घ्य – दो क्रमागत शिखरों के बीच की दूरी।
मिस्लेक्ट उत्सर्जित ध्वनि की आवृत्ति की व्याख्या करता है जिसे ______ कहा जाता है।
- तरंग वेग
- तारत्व
- तरंगदैर्घ्य
- दोलन
Explanation:
- “मिस्लेक्ट” (Musical Note) उत्सर्जित ध्वनि की आवृत्ति (Frequency) की व्याख्या “तारत्व” (Pitch) कहलाती है।
- तारत्व (Pitch) – ध्वनि की तीक्ष्णता (Sharpness) या मधुरता (Melodiousness), जो आवृत्ति पर निर्भर करती है।
- उच्च आवृत्ति = उच्च तारत्व (High Pitch), निम्न आवृत्ति = निम्न तारत्व (Low Pitch)।
- अतिरिक्त तथ्य: संगीत (Music) में तारत्व = स्वर (Note) का माप। श्रुति (Shruti) – भारतीय संगीत में तारत्व की इकाई।
व्यतिकरण पैटर्न के केंद्र में सबसे चमकीला और सबसे बड़ा फ्रिंज किस रूप में जाना जाता है?
- विनाशकारी व्यतिकरण
- संगति
- केंद्रीय उच्चिष्ठ
- अपवर्तन
Explanation:
- व्यतिकरण पैटर्न (Interference Pattern) के केंद्र में सबसे चमकीला और सबसे बड़ा फ्रिंज “केंद्रीय उच्चिष्ठ” (Central Maximum) के रूप में जाना जाता है।
- यह रचनात्मक व्यतिकरण (Constructive Interference) का परिणाम है, जहाँ दोनों तरंगें समान कला (Same Phase) में मिलती हैं।
- यह यंग के द्वि-झिरी प्रयोग (Young’s Double Slit Experiment) में देखा जाता है।
- अतिरिक्त तथ्य: केंद्रीय उच्चिष्ठ अन्य उच्चिष्ठों की तुलना में चौड़ा (Wider) और चमकीला (Brighter) होता है।
निम्नलिखित में से कौन-सी ध्वनि आवृत्ति मनुष्य के लिए अश्रव्य है?
- 50 Hz
- 25,000 Hz
- 5000 Hz
- 2000 Hz
Explanation:
- मनुष्य की श्रव्य आवृत्ति परास (Audible Range) 20 Hz से 20,000 Hz (20 kHz) है।
- 25,000 Hz (25 kHz) इस परास से अधिक (Above) है, इसलिए यह मनुष्य के लिए अश्रव्य (Inaudible) है।
- 20,000 Hz से अधिक – पराश्रव्य (Ultrasonic), 20 Hz से कम – अपश्रव्य (Infrasonic) ।
- अतिरिक्त तथ्य: कुत्ते (Dogs) 40,000 Hz तक, चमगादड़ (Bats) 100,000 Hz तक सुन सकते हैं।
निम्नलिखित में से कौन अनुदैर्घ्य तरंग का एक उदाहरण है?
- सतह पर पानी की लहर
- निर्वात में प्रकाश तरंग
- हवा में ध्वनि तरंग
- संचरण के दौरान रेडियो तरंग
Explanation:
- “हवा में ध्वनि तरंग” (Sound Wave in Air) अनुदैर्ध्य तरंग (Longitudinal Wave) का एक उदाहरण है।
- अनुदैर्ध्य तरंगों में कण संचरण दिशा के समानांतर (Parallel) दोलन करते हैं।
- अतिरिक्त तथ्य: सतह पर पानी की लहर – अनुप्रस्थ + अनुदैर्ध्य (संयुक्त), प्रकाश/रेडियो तरंगें – अनुप्रस्थ (विद्युतचुंबकीय) ।
एक कंपायमान वस्तु की समयावधि 0.04 s है, तो तरंग की आवृत्ति ______ है।
- 25 Hz
- 20 Hz
- 250 Hz
- 200 Hz
Explanation:
- समयावधि (Time Period – T) = 0.04 s
- आवृत्ति (Frequency – f) = 1/T = 1/0.04 = 25 Hz
- अतिरिक्त तथ्य: आवृत्ति का SI मात्रक हर्ट्ज (Hz) है, 1 Hz = 1 चक्र/सेकंड।
यदि कोई वस्तु ध्वनि की गति से चार गुना तेजी से ऊपर की ओर बढ़ती है, तो उसे क्या कहा जाता है?
- सबसोनिक
- हाइपरसोनिक
- सुपरसोनिक
- ट्रांसोनिक
Explanation:
- यदि कोई वस्तु ध्वनि की गति (Speed of Sound) से चार गुना (4 गुना) तेजी से ऊपर की ओर बढ़ती है, तो उसे “हाइपरसोनिक” (Hypersonic) कहा जाता है।
- गति वर्गीकरण:
- सबसोनिक (Subsonic) – ध्वनि की गति से कम (<1 Mach)
- ट्रांसोनिक (Transonic) – लगभग ध्वनि की गति (~1 Mach)
- सुपरसोनिक (Supersonic) – ध्वनि की गति से अधिक (1-5 Mach)
- हाइपरसोनिक (Hypersonic) – 5 Mach से अधिक
- अतिरिक्त तथ्य: 1 Mach = ध्वनि की गति (~343 m/s हवा में) ।
यह आंकड़ा स्लिंकी (वसंत के आकार का खिलौना) में संपीड़न और विरलता प्रदर्शित करता है। डार्क बैंड किसे कहा जाता है?
- तरंगदैर्घ्य
- आयाम
- विरलता
- संपीडन
Explanation:
- स्लिंकी (Slinky) में डार्क बैंड (Dark Bands) “संपीडन” (Compression) कहलाते हैं।
- संपीडन (Compression) – कणों का घना (Dense) क्षेत्र (उच्च दाब), जहाँ कण आपस में पास होते हैं।
- विरलन (Rarefaction) – कणों का विरल (Less Dense) क्षेत्र (निम्न दाब), जहाँ कण दूर होते हैं।
- अतिरिक्त तथ्य: अनुदैर्ध्य तरंग में संपीडन और विरलन बारी-बारी से बनते हैं।
यदि दो क्रमिक पर्वतों की चौड़ियों के बीच की दूरी L है, तो तरंग दैर्घ्य द्वारा दिया जाता है।
- L
- L/2
- 2L
- 4L
Explanation:
- दो क्रमिक “पर्वतों” (Crests – शिखरों) के बीच की दूरी L है, तो तरंगदैर्घ्य (Wavelength – λ) = L होता है।
- तरंगदैर्घ्य = दो क्रमागत श्रृंगों (Crests) या दो क्रमागत गर्तों (Troughs) के बीच की दूरी।
- अतिरिक्त तथ्य: एक पूर्ण तरंग (Complete Wave) = 1 श्रृंग + 1 गर्त, λ = Crest से Crest या Trough से Trough की दूरी।
निम्नलिखित में से कौन-सा ध्वनि तरंगों का गुण नहीं है?
- वे ठोस पदार्थों में तरल पदार्थों की अपेक्षा गैसों में अधिक तेजी से यात्रा करते हैं।
- वे परावर्तन, संचरण, विवर्तन आदि की घटनाएँ दर्शाती हैं।
- वे निर्वात में से होकर नहीं जा सकती हैं, इसलिए निर्वात में उनका वेग शून्य है।
- ध्वनि तरंगें अनुप्रस्थ यांत्रिक तरंगें हैं।
Explanation:
- गलत कथन: “ध्वनि तरंगें अनुप्रस्थ यांत्रिक तरंगें हैं” (Sound waves are transverse mechanical waves) – यह सही नहीं है, क्योंकि ध्वनि तरंगें अनुदैर्ध्य यांत्रिक तरंगें (Longitudinal Mechanical Waves) हैं।
- सही कथन: ध्वनि ठोस में सबसे तेज (गैसों में सबसे धीमी), परावर्तन/संचरण/विवर्तन दर्शाती है, निर्वात में नहीं चलती।
- अतिरिक्त तथ्य: अनुप्रस्थ तरंगें (Transverse) – प्रकाश/रेडियो तरंगें।
यदि एक तरंग 2.5 s में 20 कंपन पूरा करती है, तो इसकी आवृत्ति ___________ है।
- 4 Hz
- 1 Hz
- 2 Hz
- 8 Hz
Explanation:
- आवृत्ति (f) = कंपनों की संख्या / समय (सेकंड में)
- f = 20/2.5 = 8 Hz
- अतिरिक्त तथ्य: आवर्तकाल (T) = 1/f = 1/8 = 0.125 s
दोलायमान गति में, प्रति सेकंड दोलनों की संख्या को कहा जाता है।
- समय सीमा
- आयाम
- आवृत्ति
- तरंगदैर्घ्य
Explanation:
- दोलायमान गति (Oscillatory Motion) में, प्रति सेकंड दोलनों की संख्या को “आवृत्ति” (Frequency) कहा जाता है।
- आवृत्ति का SI मात्रक हर्ट्ज (Hz) है।
- अतिरिक्त तथ्य: समय सीमा (Time Period) – 1 दोलन में लगा समय, आयाम (Amplitude) – अधिकतम विस्थापन, तरंगदैर्घ्य (Wavelength) – दो क्रमागत शिखरों के बीच की दूरी।
500 ms⁻¹ की गति से यात्रा करने वाली तरंग का तरंग दैर्घ्य 20 m है। समयांतराल ______ होगा।
- 4 s
- 25 s
- 0.05 s
- 0.04 s
Explanation:
- तरंग समीकरण: \(v = f \lambda\)
- \(f = v/\lambda = 500/20 = 25\) Hz
- समयांतराल (Time Period – T) = 1/f = 1/25 = 0.04 s
- अतिरिक्त तथ्य: समयांतराल = एक पूर्ण दोलन में लगा समय।
0.01 सेकंड आवर्तकाल वाली ध्वनि तरंग की आवृत्ति क्या होगी?
- 0.1 Hz
- 10 Hz
- 100 Hz
- 1000 Hz
Explanation:
- आवर्तकाल (T) = 0.01 s
- आवृत्ति (f) = 1/T = 1/0.01 = 100 Hz
- अतिरिक्त तथ्य: 100 Hz मानव श्रव्य सीमा (20 Hz – 20,000 Hz) के अंदर है।
ध्वनि तरंग की उत्पत्ति के लिए क्या आवश्यक है?
- केवल वायु के अणु
- केवल विद्युत चुम्बकीय वाहक तरंग
- कंपन और एक प्रत्यास्थ माध्यम
- केवल निर्वात
Explanation:
- ध्वनि तरंग की उत्पत्ति के लिए “कंपन और एक प्रत्यास्थ माध्यम” (Vibration and an elastic medium) आवश्यक है।
- ध्वनि कंपन (Vibration) द्वारा उत्पन्न होती है और प्रत्यास्थ माध्यम (Elastic Medium) के माध्यम से संचरित होती है।
- ध्वनि निर्वात (Vacuum) में नहीं चल सकती।
- अतिरिक्त तथ्य: ध्वनि ठोस, द्रव, गैस में चलती है, लेकिन ठोस में सबसे तेज।
चूँकि ध्वनि तरंग एक विक्षोभ है, जो माध्यम में पड़ोसी कणों को गतिमान करके चलती है, तो उन्हें किस तरंग श्रेणी में वर्गीकृत किया जाता है?
- माइक्रोवेव
- रेडियो तरंगें
- यांत्रिक तरंगें
- विद्युत चुम्बकीय तरंगें
Explanation:
- ध्वनि तरंग एक विक्षोभ (Disturbance) है, जो माध्यम में पड़ोसी कणों को गतिमान करके चलती है, इसलिए इन्हें “यांत्रिक तरंगें” (Mechanical Waves) में वर्गीकृत किया जाता है।
- यांत्रिक तरंगों को संचरण के लिए माध्यम (Medium) की आवश्यकता होती है।
- विद्युतचुंबकीय तरंगें (प्रकाश, रेडियो, माइक्रोवेव) – इन्हें माध्यम की आवश्यकता नहीं होती।
- अतिरिक्त तथ्य: ध्वनि अनुदैर्ध्य यांत्रिक तरंग है।
जब कोई कंपायमान वस्तु पश्चगामी गति करती है, तो बनने वाले निम्न-दाब क्षेत्र को हम क्या कहते हैं?
- विरलन
- संपीडन
- परावर्तन
- तरंगदैर्घ्य
Explanation:
- जब कोई कंपायमान वस्तु (Vibrating Object) पश्चगामी गति (Backward Motion) करती है, तो बनने वाले निम्न-दाब (Low Pressure) क्षेत्र को “विरलन” (Rarefaction) कहते हैं।
- संपीडन (Compression) – अग्रगामी गति (Forward Motion) में बनता है (उच्च-दाब क्षेत्र)।
- विरलन (Rarefaction) – पश्चगामी गति में बनता है (निम्न-दाब क्षेत्र)।
- अतिरिक्त तथ्य: अनुदैर्ध्य तरंग में संपीडन (Compression) और विरलन (Rarefaction) बारी-बारी से बनते हैं।
वे क्षेत्र हैं, जहाँ दाब और साथ ही घनत्व अधिक होता है।
- विरलन
- संपीडन
- विमा
- आरोहण
Explanation:
- “संपीडन” (Compression) वे क्षेत्र हैं, जहाँ दाब (Pressure) और साथ ही घनत्व (Density) अधिक (Higher) होता है।
- संपीडन में कण आपस में पास (Close) होते हैं, जिससे दाब और घनत्व बढ़ जाता है।
- विरलन (Rarefaction) – दाब और घनत्व कम (Lower) होता है।
- अतिरिक्त तथ्य: संपीडन और विरलन अनुदैर्ध्य तरंग (Longitudinal Wave) के दो भाग हैं।
अवश्रव्य ध्वनि के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
- आवृत्ति < 20 Hz
- 20 Hz और 20 kHz के बीच आवृत्ति
- आवृत्ति > 20 kHz
- वायु में गति नहीं कर सकती है
Explanation:
- “अवश्रव्य ध्वनि” (Infrasonic Sound) – आवृत्ति < 20 Hz (20 Hz से कम) होती है।
- अवश्रव्य ध्वनि मनुष्यों के लिए अश्रव्य (Inaudible) है।
- उदाहरण: भूकंप (Earthquake), ज्वालामुखी (Volcano), हाथी (Elephants) द्वारा संचार।
- अतिरिक्त तथ्य: पराश्रव्य (Ultrasonic) – आवृत्ति > 20 kHz, श्रव्य (Audible) – 20 Hz से 20 kHz के बीच।
निम्नलिखित में से किसका विमीय सूत्र [M⁰L⁰T⁻²] है?
- विकृति
- कोणीय वेग
- कोणीय त्वरण
- आवृत्ति
Explanation:
- कोणीय त्वरण (Angular Acceleration – α) का विमीय सूत्र [M⁰L⁰T⁻²] है।
- कोणीय त्वरण = (कोणीय वेग में परिवर्तन)/समय = (T⁻¹)/T = T⁻²
- विकृति (Strain) – विमाहीन [M⁰L⁰T⁰], कोणीय वेग (Angular Velocity) – [M⁰L⁰T⁻¹], आवृत्ति (Frequency) – [M⁰L⁰T⁻¹] ।
- अतिरिक्त तथ्य: त्वरण (Linear Acceleration) – [M⁰L¹T⁻²] ।
विपरीत दिशाओं में गतिमान दो समान तरंगों के व्यतिकरण (interference) से कौन-सी तरंगें उत्पन्न होती हैं?
- आपतित तरंगें
- अप्रगामी तरंगें
- अनुप्रस्थ तरंगें
- अनुदैर्घ्य तरंगें
Explanation:
- विपरीत दिशाओं में गतिमान दो समान तरंगों के व्यतिकरण (Interference) से “अप्रगामी तरंगें” (Standing/Stationary Waves) उत्पन्न होती हैं।
- इन्हें “स्थायी तरंगें” (Standing Waves) भी कहा जाता है।
- इनमें निस्पंद (Nodes – स्थिर बिंदु) और अपनिस्पंद (Antinodes – अधिकतम विस्थापन) बनते हैं।
- अतिरिक्त तथ्य: स्थायी तरंगें तार वाद्ययंत्रों (String Instruments) में उत्पन्न होती हैं।
ध्वनि की आवृत्ति f, तरंगदैर्घ्य λ तथा चाल v के बीच क्या संबंध है?
- f = v/λ
- f = λv
- f = λ/v
- f = λv²
Explanation:
- ध्वनि की आवृत्ति (f), तरंगदैर्घ्य (λ) तथा चाल (v) के बीच संबंध: f = v/λ
- तरंग समीकरण: \(v = f \times \lambda\)
- इसलिए, \(f = v/\lambda\) और \(\lambda = v/f\)
- अतिरिक्त तथ्य: आवृत्ति का SI मात्रक हर्ट्ज (Hz), तरंगदैर्घ्य का SI मात्रक मीटर (m), चाल का SI मात्रक m/s है।
कंपित पिंड की समयावधि 0.05 सेकेंड है। इसके द्वारा प्रसारित तरंगों की आवृत्ति कितनी होगी?
- 200 हर्ट्ज
- 20 हर्ट्ज
- 2 हर्ट्ज
- 5 हर्ट्ज
Explanation:
- समयावधि (Time Period – T) = 0.05 s
- आवृत्ति (f) = 1/T = 1/0.05 = 20 Hz
- अतिरिक्त तथ्य: 20 Hz मानव श्रव्य सीमा (20 Hz – 20 kHz) का न्यूनतम (Minimum) मान है।
ध्वनि की चाल (v), इसकी तरंगदैर्घ्य (λ) और आवर्तकाल (T) के बीच क्या संबंध है?
- v = λ/T
- v = λ/T
- v = λ + T
- v = λ × T
Explanation:
- ध्वनि की चाल (v), तरंगदैर्घ्य (λ) और आवर्तकाल (T) के बीच संबंध: v = λ/T
- क्योंकि \(v = f \times \lambda\) और \(f = 1/T\), इसलिए \(v = \lambda/T\)
- अतिरिक्त तथ्य: यह संबंध सभी प्रकार की तरंगों (ध्वनि, प्रकाश, जल) के लिए सत्य है।
ध्वनि की चाल (v) की गणना किन दो तरंग गुणधर्मों का गुणा करके की जाती है?
- तरंग दैर्ध्य और आवृत्ति
- तरंग दैर्ध्य और आयाम
- आयाम और समय अवधि
- आयाम और आवृत्ति
Explanation:
- ध्वनि की चाल (v) की गणना “तरंग दैर्ध्य” (Wavelength – λ) और “आवृत्ति” (Frequency – f) का गुणा (Multiplication) करके की जाती है: \(v = f \times \lambda\)
- आयाम (Amplitude) – प्रबलता (Loudness) निर्धारित करता है, चाल को प्रभावित नहीं करता।
- अतिरिक्त तथ्य: चाल माध्यम (Medium) के गुणों पर निर्भर करती है।
जब ध्वनि, वायु के माध्यम से संचरित होती है, तो कंपमान स्रोत द्वारा वायु को आगे धकेलने से निर्मित उच्च दाब वाले क्षेत्र को क्या कहा जाता है?
- माध्यम सीमा
- अनुप्रस्थ तरंग
- विरलन
- संपीडन
Explanation:
- जब ध्वनि वायु के माध्यम से संचरित होती है, तो कंपमान स्रोत (Vibrating Source) द्वारा वायु को आगे धकेलने (Pushing forward) से निर्मित उच्च दाब (High Pressure) वाले क्षेत्र को “संपीडन” (Compression) कहा जाता है।
- संपीडन में कण पास (Close) होते हैं और घनत्व (Density) अधिक होता है।
- अतिरिक्त तथ्य: विरलन (Rarefaction) – पीछे हटने (Pulling back) पर बनता है (निम्न दाब क्षेत्र)।
अलग-अलग पिच की ध्वनि तरंगें उत्पन्न करने के लिए, अलग-अलग आकार और स्थितियों की वस्तुओं को अलग-अलग _____ पर कंपन कराया जाता है।
- गुणवत्ता
- प्रकार
- समय
- आवृत्तियाँ
Explanation:
- अलग-अलग पिच (Pitch) की ध्वनि तरंगें उत्पन्न करने के लिए, अलग-अलग आकार और स्थितियों की वस्तुओं को अलग-अलग “आवृत्तियाँ” (Frequencies) पर कंपन कराया जाता है।
- पिच (Pitch) \(\propto\) आवृत्ति (Frequency)
- उच्च आवृत्ति → उच्च पिच (High Pitch), निम्न आवृत्ति → निम्न पिच (Low Pitch)।
- अतिरिक्त तथ्य: संगीत वाद्ययंत्र (Musical Instruments) अलग-अलग आवृत्तियों पर कंपन करके विभिन्न स्वर (Notes) उत्पन्न करते हैं।
बार-बार परावर्तन के कारण होने वाले कई प्रतिध्वनियों की घटना को _____ कहा जाता है।
- अनुनाद
- अपवर्तन
- विशेषण
- अनुरणन
Explanation:
- बार-बार परावर्तन (Multiple Reflections) के कारण होने वाले कई प्रतिध्वनियों (Multiple Echoes) की घटना को “अनुरणन” (Reverberation) कहा जाता है।
- यह बंद स्थानों (Enclosed Spaces) जैसे सभागारों, हॉलों में होता है।
- अनुरणन को कम करने के लिए ध्वनि अवशोषक पदार्थ (Sound Absorbing Materials) का उपयोग किया जाता है।
- अतिरिक्त तथ्य: अनुनाद (Resonance) – आयाम में वृद्धि, अपवर्तन (Refraction) – तरंग का दिशा परिवर्तन।
निम्नलिखित में से किस प्रकार की तरंग में, माध्यम के कण तरंग संचरण की दिशा के समानांतर गति करते हैं?
- अनुदैर्ध्य तरंग
- अनुप्रस्थ तरंग
- वैद्युतचुंबकीय तरंग
- पृष्ठीय तरंग
Explanation:
- “अनुदैर्ध्य तरंग” (Longitudinal Wave) में, माध्यम के कण तरंग संचरण की दिशा के समानांतर (Parallel) गति करते हैं।
- यह संपीडन (Compression) और विरलन (Rarefaction) बनाता है।
- उदाहरण: ध्वनि तरंगें (Sound Waves) ।
- अतिरिक्त तथ्य: अनुप्रस्थ तरंग (Transverse) – कण संचरण दिशा के लंबवत (Perpendicular) गति करते हैं।
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन ध्वनि तरंगों और प्रकाश तरंगों के विषय में सही है?
- ध्वनि तरंगें अनुदैर्घ्य होती हैं और प्रकाश तरंगें अनुप्रस्थ होती हैं।
- दोनों तरंगें अनुप्रस्थ होती हैं और प्रकाश तरंगें अनुदैर्घ्य होती हैं।
- ध्वनि तरंगें अनुप्रस्थ होती हैं और प्रकाश तरंगें अनुदैर्घ्य होती हैं।
- दोनों तरंगें अनुप्रस्थ तरंगें होती हैं।
Explanation:
- सही कथन: “ध्वनि तरंगें अनुदैर्घ्य होती हैं और प्रकाश तरंगें अनुप्रस्थ होती हैं।”
- ध्वनि तरंगें (Sound Waves) – अनुदैर्घ्य (Longitudinal) यांत्रिक तरंगें (माध्यम की आवश्यकता)।
- प्रकाश तरंगें (Light Waves) – अनुप्रस्थ (Transverse) विद्युतचुंबकीय तरंगें (माध्यम की आवश्यकता नहीं)।
- अतिरिक्त तथ्य: दोनों परावर्तन, अपवर्तन, विवर्तन, व्यतिकरण दर्शाती हैं।
कौन-सी तरंग विशेषता ध्वनि की प्रबलता निर्धारित करती है?
- आयाम
- आवृत्ति
- तरंगदैर्घ्य
- पिच
Explanation:
- “आयाम” (Amplitude) ध्वनि की प्रबलता (Loudness) निर्धारित करती है।
- प्रबलता \(\propto\) (आयाम)² : \(L \propto A^2\)
- आवृत्ति (Frequency) – पिच (Pitch) निर्धारित करती है।
- तरंगदैर्घ्य (Wavelength) – आवृत्ति और चाल पर निर्भर करता है।
- अतिरिक्त तथ्य: प्रबलता को डेसिबल (dB) में मापा जाता है।
गैसों में संचरण करने वाली तरंगें निम्नलिखित में से कौन-सी हैं?
- अनुप्रस्थ तरंगें
- गुरुत्वीय तरंगें
- अनुदैर्घ्य तरंगें
- अप्रगामी तरंगें
Explanation:
- गैसों में संचरण करने वाली तरंगें “अनुदैर्घ्य तरंगें” (Longitudinal Waves) होती हैं।
- गैसों में ध्वनि तरंगें (Sound Waves) अनुदैर्घ्य होती हैं।
- गैसों में अनुप्रस्थ तरंगें (Transverse) संचरण नहीं कर सकतीं क्योंकि गैसों में अपरूपण प्रत्यास्थता (Shear Modulus) नहीं होती।
- अतिरिक्त तथ्य: ठोसों में दोनों प्रकार की तरंगें चल सकती हैं (अनुप्रस्थ + अनुदैर्ध्य)।
आवृत्ति का सूत्र क्या है?
- 1/लिया गया आवर्तकाल
- आवर्ती आवर्तकाल × 2
- आवर्ती आवर्तकाल
- आवर्ती समय/4
Explanation:
- आवृत्ति (Frequency – f) का सूत्र: 1/आवर्तकाल (1/Time Period)
- \(f = 1/T\)
- आवृत्ति = प्रति सेकंड दोलनों की संख्या।
- अतिरिक्त तथ्य: आवृत्ति का SI मात्रक हर्ट्ज (Hz) है।
यदि ध्वनि तरंग की काल-अवधि T है, तो 1/T क्या दर्शाता है?
- चाल
- आयाम
- आवृत्ति
- तरंगदैर्ध्य
Explanation:
- यदि ध्वनि तरंग की काल-अवधि (Time Period) T है, तो 1/T “आवृत्ति” (Frequency – f) को दर्शाता है।
- \(f = 1/T\)
- आवृत्ति = 1 सेकंड में दोलनों की संख्या।
- अतिरिक्त तथ्य: काल-अवधि (Time Period) = 1 पूर्ण दोलन में लगा समय।
यदि किसी ध्वनि तरंग की समयावधि 0.02 s है तो उसकी आवृत्ति कितनी है?
- 50 Hz
- 100 Hz
- 25 Hz
- 500 Hz
Explanation:
- समयावधि (T) = 0.02 s
- आवृत्ति (f) = 1/T = 1/0.02 = 50 Hz
- अतिरिक्त तथ्य: 50 Hz – भारत में AC बिजली (Alternating Current) की आवृत्ति भी 50 Hz है।
निम्नलिखित में से किस सूत्र द्वारा तरंग की चाल दर्शाई जाती है?
- चाल = समय × आवृत्ति
- चाल = आवृत्ति × आयाम
- चाल = आयाम × तरंगदैर्ध्य
- चाल = आवृत्ति × तरंगदैर्ध्य
Explanation:
- तरंग की चाल (Speed – v) का सूत्र: चाल = आवृत्ति × तरंगदैर्ध्य
- \(v = f \times \lambda\)
- यह तरंग समीकरण (Wave Equation) है, जो सभी प्रकार की तरंगों के लिए सत्य है।
- अतिरिक्त तथ्य: चाल माध्यम पर निर्भर करती है, आवृत्ति और तरंगदैर्घ्य माध्यम के अनुसार बदलते हैं।
निम्नलिखित में से कौन सा एक पूर्ण चक्र के दौरान ज्यावक्रीय तरंग सिग्नल के आकार का सबसे अच्छा वर्णन करता है?
- आयताकार तरंग
- त्रिकोणीय तरंग
- वर्गाकार तरंग
- S-आकार की तरंग
Explanation:
- एक पूर्ण चक्र (Complete Cycle) के दौरान ज्यावक्रीय तरंग (Sinusoidal Wave) सिग्नल के आकार का सबसे अच्छा वर्णन “S-आकार की तरंग” (S-shaped wave) द्वारा किया जाता है।
- ज्यावक्रीय तरंग = साइन तरंग (Sine Wave) – जो कि चिकनी, S-आकार की दोलनशील तरंग है।
- उदाहरण: AC बिजली (Alternating Current), ध्वनि तरंगें (Sound Waves) ।
- अतिरिक्त तथ्य: आयताकार, त्रिकोणीय, वर्गाकार – अन्य प्रकार की तरंग आकृतियाँ (Non-sinusoidal) हैं।
एक ध्वनि तरंग की आवृत्ति (f) और आवर्तकाल (T) के बीच क्या संबंध है?
- f = T
- f = 1/T
- f = T/2
- f = 2T
Explanation:
- ध्वनि तरंग की आवृत्ति (f) और आवर्तकाल (T) के बीच संबंध: f = 1/T
- यह व्युत्क्रमानुपाती (Inversely Proportional) संबंध है: जैसे-जैसे T बढ़ता है, f घटता है और इसके विपरीत।
- अतिरिक्त तथ्य: T का SI मात्रक सेकंड (s), f का SI मात्रक हर्ट्ज (Hz) है।
एक ट्यूनिंग फोर्क (tuning fork) को अधिक जोर से मारा जाता है। इसके परिणामस्वरूप निम्नलिखित में से क्या बढ़ता है?
- आवृत्ति और आयाम
- केवल आवृत्ति
- न तो आवृत्ति और न ही आयाम
- केवल आयाम
Explanation:
- एक ट्यूनिंग फोर्क (Tuning Fork) को अधिक जोर से (Harder) मारा जाता है, तो “केवल आयाम” (Amplitude) बढ़ता है।
- आवृत्ति (Frequency) – स्थिर रहती है (यह वस्तु की विशेषता है, जोर पर निर्भर नहीं करती)।
- अधिक जोर → अधिक आयाम → तेज/प्रबल (Louder) ध्वनि।
- अतिरिक्त तथ्य: ट्यूनिंग फोर्क का उपयोग संगीत (Music) और ध्वनि विज्ञान (Acoustics) में किया जाता है।
यदि इकाई में एक या एक से अधिक गतिमान पुर्जे हैं, तब गतिमान पुर्जे की चरम स्थितियों को किसमें दर्शाया जाता है?
- संतत तरंगीय रेखा
- लंबी डैशित दो-बिंदु वाली संकीर्ण रेखा
- संतत मोटी रेखा
- संतत पतली रेखा
Explanation:
- यह प्रश्न इंजीनियरिंग ड्राइंग (Engineering Drawing) से संबंधित है।
- यदि इकाई में एक या एक से अधिक गतिमान पुर्जे (Moving Parts) हैं, तब गतिमान पुर्जे की चरम स्थितियों (Extreme Positions) को “लंबी डैशित दो-बिंदु वाली संकीर्ण रेखा” (Long dashed double-dotted narrow line) में दर्शाया जाता है।
- अतिरिक्त तथ्य: इंजीनियरिंग ड्राइंग में विभिन्न प्रकार की रेखाएँ (Lines) अलग-अलग चीज़ों को दर्शाती हैं: संतत पतली (Continuous Thin) – आयाम, संतत मोटी (Continuous Thick) – दृश्य किनारे।
प्रकाश किरण के रंग घटक के बैंड को _____ कहा जाता है।
- आवृत्ति
- बैंडविड्थ
- तरंगदैर्घ्य
- स्पेक्ट्रम
Explanation:
- प्रकाश किरण (Light Ray) के रंग घटक (Colour Components) के बैंड (Band) को “स्पेक्ट्रम” (Spectrum) कहा जाता है।
- सूर्य का प्रकाश सात रंगों (VIBGYOR – Violet, Indigo, Blue, Green, Yellow, Orange, Red) का स्पेक्ट्रम बनाता है।
- स्पेक्ट्रम का निर्माण परिक्षेपण (Dispersion) द्वारा होता है (प्रिज्म द्वारा)।
- अतिरिक्त तथ्य: बैंडविड्थ (Bandwidth) – आवृत्तियों की सीमा, तरंगदैर्घ्य (Wavelength) – दो क्रमागत शिखरों के बीच की दूरी।
यदि किसी तरंग की आवृत्ति दोगुनी हो जाती है तो उसकी तरंगदैर्घ्य क्या होगी?
- मूल की आधी
- मूल की तिगुनी
- मूल की एक तिहाई
- मूल की दोगुनी
Explanation:
- तरंग समीकरण: \(v = f \times \lambda\)
- चाल (v) स्थिर (Constant) रहने पर, \(\lambda \propto 1/f\)
- यदि आवृत्ति (f) दोगुनी (Double) हो जाती है, तो तरंगदैर्घ्य (λ) मूल की आधी (Half) हो जाती है।
- अतिरिक्त तथ्य: यह व्युत्क्रमानुपाती (Inversely Proportional) संबंध है: \(λ \propto 1/f\)
दो क्रमिक संकुचनों या विरलनों को एक स्थिर बिंदु को पार करने में कितना समय लगता है?
- समय अंतराल
- तरंग दोलन
- तरंग की आवृत्ति
- तरंग के आयाम
Explanation:
- दो क्रमिक संपीडनों (Compressions) या विरलनों (Rarefactions) को एक स्थिर बिंदु (Fixed Point) को पार करने में जितना समय लगता है, उसे “समय अंतराल” (Time Period – T) कहते हैं।
- यह आवर्तकाल (Time Period) के बराबर है: \(T = 1/f\)
- अतिरिक्त तथ्य: तरंग दोलन (Wave Oscillation) – एक पूर्ण चक्र, आवृत्ति (Frequency) – प्रति सेकंड दोलनों की संख्या, आयाम (Amplitude) – अधिकतम विस्थापन।
