SCIENCE
एक व्यक्ति जमीन से 20 kg का सामान उठाता है और जमीन से 2 m ऊपर अपने सिर पर रखता है। उसके द्वारा किए गए कार्य की गणना कीजिए। (g = 10 ms⁻²)
- 20 J
- 400 J
- 200 J
- 40 J
Equation: W = mgh = 20 × 10 × 2 = 400 J
Explanation:
- कार्य (Work) = बल × विस्थापन = भार × ऊँचाई = mgh
- यहाँ m = 20 kg, g = 10 m/s², h = 2 m
- W = 20 × 10 × 2 = 400 J
Quick Facts:
- कार्य की SI इकाई: जूल (J) = N·m
- गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध किया गया कार्य स्थितिज ऊर्जा (PE) के रूप में संग्रहीत होता है।
यदि पृथ्वी और चंद्रमा के बीच की दूरी स्थिर रखते हुए चंद्रमा का द्रव्यमान दोगुना कर दिया जाए, तो पृथ्वी और चंद्रमा के बीच गुरुत्वाकर्षण बल ______।
- आधा रह जाएगा
- समान रहेगा
- दोगुना हो जाएगा
- शून्य हो जाएगा
Explanation:
- गुरुत्वाकर्षण बल F = G × (M × m) / r²
- यहाँ M = पृथ्वी, m = चंद्रमा, r = दूरी
- यदि m (चंद्रमा) दोगुना हो जाए, तो F भी दोगुना हो जाता है (r और M स्थिर होने पर)
Quick Facts:
- गुरुत्वाकर्षण बल ∝ द्रव्यमानों का गुणनफल
- गुरुत्वाकर्षण बल ∝ 1/r² (दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती)
एक वस्तु पर 125 N का बल कार्यरत है। उस वस्तु को बल की दिशा में 5 m तक विस्थापित किया जाता है। बल द्वारा किया गया कार्य ______ होगा।
- 625 W
- 625 Pa
- 625 N
- 625 J
Equation: W = F × s = 125 × 5 = 625 J
Explanation:
- कार्य (W) = बल (F) × विस्थापन (s) (जब बल और विस्थापन एक ही दिशा में हों)
- W = 125 × 5 = 625 J
- विकल्पों में J (जूल) कार्य की इकाई है, W (वाट) शक्ति की, Pa (पास्कल) दाब की, N (न्यूटन) बल की।
Quick Facts:
- 1 J = 1 N·m
- कार्य एक अदिश (scalar) राशि है।
गतिमान गोली में किस प्रकार की ऊर्जा होती है?
- स्थितिज ऊर्जा
- गतिज ऊर्जा
- प्रकाश ऊर्जा
- विद्युत ऊर्जा
Explanation:
- गतिमान (moving) वस्तु में गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) होती है, क्योंकि यह गति के कारण ऊर्जा रखती है।
- KE = ½mv²
Quick Facts:
- गतिज ऊर्जा वेग (v) के वर्ग के समानुपाती होती है।
- यदि वेग दोगुना हो, तो गतिज ऊर्जा चार गुनी हो जाती है।
निम्नलिखित में क्या समान है?
- A. एक तीव्र गति से आता कंकड़ किसी व्यक्ति को चोट पहुँचा सकता है या खिड़की का काँच तोड़ सकता है।
- B. किसी गतिशील वाहन की ऊर्जा।
- C. तेजी से चलती हवा कई घरों को नुकसान पहुँचा सकती है।
- D. हवा पवन चक्की के फलकों को चला सकती है।
- गतिज ऊर्जा
- अति तीव्र गति
- गुरुत्वीय खिंचाव
- घर्षण बल
Explanation:
- उपर्युक्त सभी उदाहरण (A, B, C, D) गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) के उदाहरण हैं, क्योंकि इन सभी में वस्तुएँ गतिमान हैं और गति के कारण ऊर्जा रखती हैं।
Quick Facts:
- गतिज ऊर्जा = गति में होने के कारण ऊर्जा
- हवा, पानी, गतिशील वाहन – सभी में गतिज ऊर्जा होती है।
द्रव्यमान m और एकसमान वेग v से गतिमान किसी वस्तु द्वारा धारित गतिज ऊर्जा ______ है।
- ½mv²
- ⅓mv²
- mv⁻²
- mv²
Explanation:
- गतिज ऊर्जा (KE) = ½ × द्रव्यमान × वेग²
- KE = ½ mv² (यह मानक सूत्र है)
Quick Facts:
- गतिज ऊर्जा की SI इकाई: जूल (J)
- KE ∝ m और KE ∝ v²
निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य नहीं है?
- रूपांतरण से पहले और बाद में कुल ऊर्जा हमेशा स्थिर रहती है।
- ऊर्जा न तो उत्पन्न की जा सकती है और न ही नष्ट की जा सकती है।
- रूपांतरण से पहले और बाद में कुल ऊर्जा स्थिर नहीं है।
- ऊर्जा को केवल एक रूप से दूसरे रूप में बदला जा सकता है।
Explanation:
- ऊर्जा संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Energy): ऊर्जा को न तो उत्पन्न किया जा सकता है और न ही नष्ट, इसे केवल एक रूप से दूसरे रूप में बदला जा सकता है।
- इस नियम के अनुसार, रूपांतरण से पहले और बाद में कुल ऊर्जा स्थिर (constant) रहती है।
- अतः कथन “रूपांतरण से पहले और बाद में कुल ऊर्जा स्थिर नहीं है” सत्य नहीं है (असत्य है)।
Quick Facts:
- ऊर्जा संरक्षण नियम: E_initial = E_final
- यह नियम ब्रह्मांड में सर्वत्र लागू होता है।
1 kWh = ?
- 360000 जूल
- 3600 जूल
- 36000 जूल
- 3600000 जूल
Equation: 1 kWh = 3.6 × 10⁶ J
Explanation:
- 1 kWh = 1 kilowatt × 1 hour = 1000 W × 3600 s = 3,600,000 J
- 3.6 × 10⁶ J = 36,00,000 J (तीस लाख साठ हजार जूल)
Quick Facts:
- 1 kWh = 1 यूनिट (विद्युत बिल में)
- यह ऊर्जा (energy) की व्यावसायिक (commercial) इकाई है।
एक लड़की एक ठेले को नियत बल F से s दूरी तक धकेलती है, किया गया कार्य होगा:
- F × s
- F + s
- F/s
- F – s
Explanation:
- कार्य (W) = बल (F) × विस्थापन (s) (जब बल और विस्थापन एक ही दिशा में हों)
- W = F × s
Quick Facts:
- कार्य का सूत्र W = F × s × cos θ (सामान्य सूत्र)
- यहाँ θ = 0° (बल और विस्थापन एक ही दिशा में), cos 0° = 1
शक्ति (Power) ज्ञात करने का सूत्र है-
- कार्य/समय
- समय/क्षेत्रफल
- कार्य × समय
- समय/कार्य
Explanation:
- शक्ति (Power) = कार्य (Work) / समय (Time)
- P = W/t
Quick Facts:
- शक्ति की SI इकाई: वाट (W) = J/s
- 1 अश्वशक्ति (HP) = 746 W
14 किग्रा द्रव्यमान की एक वस्तु को भूमि से एक निश्चित ऊँचाई पर रखा गया है। यदि वस्तु की स्थितिज ऊर्जा 560 जूल है, तो भूमि के संदर्भ में वस्तु की ऊँचाई ज्ञात कीजिए। (मान लीजिए g = 10 ms⁻²)
- 3 मीटर
- 4 मीटर
- 4.5 मीटर
- 5 मीटर
Equation: PE = mgh → 560 = 14 × 10 × h → h = 4 m
Explanation:
- स्थितिज ऊर्जा (PE) = mgh
- 560 = 14 × 10 × h ⇒ 560 = 140h ⇒ h = 560/140 = 4 m
Quick Facts:
- स्थितिज ऊर्जा (PE) = mgh (गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा)
- ऊँचाई बढ़ने पर स्थितिज ऊर्जा बढ़ती है।
______ ऊर्जा की वाणिज्यिक इकाई है।
- किलोवाट
- वाट घंटा
- किलोवाट घंटा
- जूल
Explanation:
- ऊर्जा की वाणिज्यिक (commercial) इकाई किलोवाट घंटा (kWh) है, जिसे ‘यूनिट’ (unit) भी कहते हैं।
- 1 kWh = 3.6 × 10⁶ J
- किलोवाट (kW) शक्ति (power) की इकाई है, ऊर्जा की नहीं।
Quick Facts:
- ऊर्जा की SI इकाई जूल (J) है, पर बड़ी मात्रा में kWh का उपयोग किया जाता है।
- विद्युत बिल में ‘यूनिट’ का अर्थ kWh ही होता है।
m द्रव्यमान की एक वस्तु को पृथ्वी स्तर से 4h ऊँचाई पर उठाया जाता है। वस्तु की स्थितिज ऊर्जा ज्ञात कीजिए।
- 8 mgh
- ¼ mgh
- 4 mgh
- 0.4 mgh
Equation: PE = mgh = mg(4h) = 4mgh
Explanation:
- स्थितिज ऊर्जा (PE) = m × g × h
- यहाँ ऊँचाई = 4h है, इसलिए PE = m × g × (4h) = 4 mgh
Quick Facts:
- PE ∝ h (ऊँचाई के अनुक्रमानुपाती)
- यदि ऊँचाई 4 गुनी हो, तो PE 4 गुनी हो जाती है (यदि m और g स्थिर हों)।
कार्य के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है?
- कार्य धनात्मक, ऋणात्मक या शून्य हो सकता है।
- कार्य सभी बलों के लिए पथ-स्वतंत्र राशि है।
- कार्य परिमाण में ऊर्जा है।
- कार्य का मात्रक ऊर्जा के मात्रक के समान होता है।
Explanation:
- कार्य (Work) पथ-निर्भर (path-dependent) राशि है (असंरक्षी बलों के लिए), न कि पथ-स्वतंत्र (path-independent)।
- पथ-स्वतंत्र राशियाँ: स्थितिज ऊर्जा, विद्युत विभव, आदि (संरक्षी बलों के लिए) – कार्य पथ-निर्भर है (घर्षण बल के कार्य की तरह)।
- कार्य धनात्मक, ऋणात्मक या शून्य हो सकता है (यह सत्य है)।
- कार्य और ऊर्जा की इकाई जूल (J) समान है (सत्य)।
Quick Facts:
- कार्य = बल × विस्थापन (W = F·s)
- रूढ़िवादी बल (conservative force) के लिए कार्य पथ-स्वतंत्र होता है (जैसे गुरुत्वाकर्षण)।
- अरूढ़िवादी बल (non-conservative force) के लिए कार्य पथ-निर्भर होता है (जैसे घर्षण)।
कमाली परीक्षाओं की तैयारी में बहुत समय बिताती है, जिसमें किताबें पढ़ना और विचारों को व्यवस्थित करना भी शामिल है। एक वैज्ञानिक यह क्यों कहेगा कि इस ‘कड़ी मेहनत’ में वैज्ञानिक दृष्टि से बहुत कम ‘कार्य’ शामिल है?
- क्योंकि मानसिक प्रयास में बल का प्रयोग नहीं होता।
- क्योंकि विस्थापन आवश्यक है, और अध्ययन में शरीर का शून्य या न्यूनतम भौतिक विस्थापन शामिल होता है।
- चूंकि ऊर्जा संरक्षित है, इसलिए किया गया कार्य शून्य होगा।
- क्योंकि इस गतिविधि को उपयोगी शारीरिक श्रम माना जाता है।
Explanation:
- वैज्ञानिक दृष्टि से, कार्य (Work) तभी होता है जब कोई बल किसी वस्तु पर कार्य करता है और वह वस्तु बल की दिशा में विस्थापित होती है।
- अध्ययन (पढ़ना) में शरीर का कोई महत्वपूर्ण भौतिक विस्थापन नहीं होता, अतः वैज्ञानिक दृष्टि से इसमें बहुत कम या शून्य कार्य होता है (हालाँकि मानसिक प्रयास होता है, पर यह भौतिकी का कार्य नहीं है)।
Quick Facts:
- भौतिकी में कार्य: W = F × s × cos θ
- यदि विस्थापन (s) = 0, तो W = 0 (चाहे बल कितना भी लगे)।
एक वस्तु 200 मीटर की ऊँचाई से गिर रही है। 100 मीटर गिरने के बाद, वस्तु में कौन सी ऊर्जा उपस्थित होगी?
- कम गतिज ऊर्जा और अधिक स्थितिज ऊर्जा
- शून्य स्थितिज ऊर्जा और आधी गतिज ऊर्जा
- अधिक गतिज ऊर्जा और कम स्थितिज ऊर्जा
- आधी स्थितिज ऊर्जा और आधी गतिज ऊर्जा
Explanation:
- जब वस्तु ऊँचाई से गिरती है, तो उसकी स्थितिज ऊर्जा (PE) घटती है और गतिज ऊर्जा (KE) बढ़ती है (ऊर्जा संरक्षण के कारण)।
- 200 m से 100 m गिरने पर, वह 100 m की ऊँचाई पर है – इसलिए उसके पास अधिक KE (गति के कारण) और कम PE (कम ऊँचाई के कारण) होती है, पर PE शून्य नहीं है (क्योंकि वह अभी भी जमीन से 100 m ऊपर है)।
Quick Facts:
- मुक्त पतन (free fall) में: PE (ऊपर) → KE (नीचे)
- कुल यांत्रिक ऊर्जा (PE + KE) स्थिर रहती है (यदि वायु प्रतिरोध नगण्य हो)।
विद्युत ऊर्जा की व्यावसायिक इकाई क्या है?
- प्रति घंटा 100 वाट
- 300 वाट
- 1 kWh
- 1500 वाट
Explanation:
- विद्युत ऊर्जा की व्यावसायिक इकाई किलोवाट घंटा (kWh) है, जिसे विद्युत बिल में ‘यूनिट’ (unit) भी कहा जाता है।
- वाट (W) शक्ति (Power) की इकाई है, ऊर्जा की नहीं।
Quick Facts:
- 1 kWh = 1000 W × 3600 s = 3.6 × 10⁶ J
- 1 यूनिट = 1 kWh
रॉकेट, ______ के संरक्षण के सिद्धांत पर कार्य करते हैं।
- द्रव्यमान
- ऊर्जा
- संवेग
- चाल
Explanation:
- रॉकेट संवेग संरक्षण (Conservation of Momentum) के सिद्धांत पर कार्य करता है।
- जब रॉकेट गैसों को पीछे (नीचे) धकेलता है, तो गैसें रॉकेट को आगे (ऊपर) धकेलती हैं – यह क्रिया-प्रतिक्रिया (न्यूटन का तीसरा नियम) और संवेग संरक्षण का परिणाम है।
Quick Facts:
- संवेग संरक्षण: बाह्य बल की अनुपस्थिति में, कुल संवेग स्थिर रहता है।
- रॉकेट का प्रणोदन (thrust) = द्रव्यमान × त्वरण (न्यूटन का दूसरा नियम) और संवेग परिवर्तन पर आधारित है।
एक वस्तु भूमि से 2 m की ऊँचाई पर स्थित एक शेल्फ पर रखी है। यदि शेल्फ की ऊँचाई बढ़ाकर 4 m कर दी जाए, तो वस्तु की स्थितिज ऊर्जा में क्या परिवर्तन होगा?
- स्थितिज ऊर्जा दोगुनी हो जाएगी
- स्थितिज ऊर्जा अपरिवर्तित रहेगी
- स्थितिज ऊर्जा आधी हो जाएगी
- स्थितिज ऊर्जा तीन गुना हो जाएगी
Explanation:
- PE = mgh (m और g स्थिर हैं)
- h 2 m से 4 m हो जाता है (दोगुना)
- इसलिए PE भी दोगुनी (2 गुना) हो जाएगी।
Quick Facts:
- PE ∝ h (ऊँचाई के समानुपाती)
- यदि ऊँचाई 2 गुनी हो जाए, तो PE भी 2 गुनी हो जाती है।
20 m की ऊंचाई पर रखे गए 30 kg द्रव्यमान के ब्लॉक की स्थितिज ऊर्जा कितनी होगी? (g का मान = 10 m/s² लीजिए)
- 60 J
- 6000 J
- 6 J
- 600 J
Equation: PE = mgh = 30 × 10 × 20 = 6000 J
Explanation:
- PE = mgh = 30 × 10 × 20 = 6000 J
Quick Facts:
- स्थितिज ऊर्जा (PE) की SI इकाई: जूल (J)
- यहाँ m = 30 kg, g = 10 m/s², h = 20 m
20 kW इंजन द्वारा 10 s में किए गए कार्य की अधिकतम मात्रा क्या है?
- 20 KJ
- 200 KJ
- 25 KJ
- 2 KJ
Equation: Work = Power × Time = 20 × 10³ × 10 = 200,000 J = 200 kJ
Explanation:
- शक्ति (Power) = कार्य (Work) / समय (Time) ⇒ कार्य = शक्ति × समय
- P = 20 kW = 20,000 W, t = 10 s
- W = 20,000 × 10 = 200,000 J = 200 kJ
Quick Facts:
- 1 kW = 1000 W
- 1 J = 1 W·s
एक वस्तु को ऊर्ध्वाधर रूप से ऊपर की ओर फेंका जाता है और अपनी उडान के दौरान यह जमीन से अधिकतम ऊँचाई ‘h’ तक पहुँचती है, ऊँचाई ‘h’ के ¾ तक पहुँचने पर, वस्तु क्या प्राप्त करेगी?
- कम P.E और अधिक K.E
- समान P.E और K.E
- अधिक P.E और कम K.E
- केवल K.E
Explanation:
- अधिकतम ऊँचाई h पर, PE अधिकतम और KE = 0 होती है।
- ऊँचाई ¾ h पर, PE = mg(¾h) = ¾ mgh (उच्च PE), और KE = कुल ऊर्जा – PE = mgh – ¾ mgh = ¼ mgh (कम KE)।
- अतः अधिक PE और कम KE होगी (नोट: PE > KE इस स्थिति में)।
Quick Facts:
- ऊपर जाते समय: KE → PE (KE घटती है, PE बढ़ती है)।
- नीचे गिरते समय: PE → KE (PE घटती है, KE बढ़ती है)।
शक्ति को किस रूप में परिभाषित किया गया है?
- कार्य करने की दर या ऊर्जा के स्थानांतरण की दर
- एक मिनट में किया गया कार्य
- वजन बढ़ाने के लिए लगाया गया बल
- ऊर्जा के हस्तांतरण में किया गया कार्य
Explanation:
- शक्ति (Power) = कार्य करने की दर (rate of doing work) या ऊर्जा स्थानांतरण की दर (rate of energy transfer)।
- P = W/t (कार्य/समय)
Quick Facts:
- शक्ति की SI इकाई: वाट (W) = J/s
- 1 अश्वशक्ति (HP) ≈ 746 W
यदि कोई व्यक्ति 1 kg भार को जमीन से 2.5 m की ऊँचाई तक उठाता है, तो गुरुत्वीय त्वरण 10 मानते हुए, व्यक्ति द्वारा किए गए कार्य का परिमाण ______ है।
- 0.25 जूल
- 25 जूल
- 2.5 जूल
- 4 जूल
Equation: W = mgh = 1 × 10 × 2.5 = 25 J
Explanation:
- W = mgh = 1 × 10 × 2.5 = 25 J
Quick Facts:
- यहाँ ‘भार’ (weight) शब्द का अर्थ द्रव्यमान (mass) 1 kg है (भार को kg में नहीं मापते, पर यहाँ प्रचलित भाषा में 1 kg भार का अर्थ 1 kg द्रव्यमान है)।
- वास्तविक भार = mg = 1 × 10 = 10 N होगा।
किसी परिवार ने एक महीने में 9 × 10⁸ जूल ऊर्जा की खपत की है। यूनिट में ऊर्जा ज्ञात कीजिए?
- 250 यूनिट
- 2500 यूनिट
- 25 यूनिट
- 0.25 यूनिट
Equation: 1 unit = 3.6 × 10⁶ J → 9 × 10⁸ / 3.6 × 10⁶ = 250 units
Explanation:
- 1 यूनिट (kWh) = 3.6 × 10⁶ J
- खपत ऊर्जा = 9 × 10⁸ J
- यूनिट = (9 × 10⁸) / (3.6 × 10⁶) = (9/3.6) × 10² = 2.5 × 100 = 250 यूनिट
Quick Facts:
- 1 kWh = 3.6 × 10⁶ J
- विद्युत बिल में ‘यूनिट’ का अर्थ kWh ही होता है।
किसी वस्तु के मुक्त पतन के दौरान उसके मार्ग में एक बिंदु पर निम्नलिखित में से कौन सी ऊर्जा बढ़ती है?
- गतिज ऊर्जा
- रासायनिक ऊर्जा
- स्थितिज ऊर्जा
- यांत्रिक ऊर्जा
Explanation:
- मुक्त पतन (free fall) में, जैसे-जैसे वस्तु नीचे गिरती है, उसकी गतिज ऊर्जा (KE) बढ़ती है (क्योंकि वेग बढ़ता है) और स्थितिज ऊर्जा (PE) घटती है।
- कुल यांत्रिक ऊर्जा (ME = KE + PE) स्थिर रहती है (यदि वायु प्रतिरोध नगण्य हो)।
Quick Facts:
- KE = ½mv², v बढ़ने पर KE बढ़ती है।
- PE = mgh, h घटने पर PE घटती है।
तापमान में वृद्धि के साथ निम्नलिखित में से क्या नहीं होता है?
- पदार्थ की अवस्था में परिवर्तन
- गतिज ऊर्जा में वृद्धि
- कण गति में वृद्धि
- अंतरकण अंतराल में कमी
Explanation:
- तापमान बढ़ने पर कणों की गतिज ऊर्जा बढ़ती है, कणों की गति बढ़ती है, और अंतरकण अंतराल (inter-particle spacing) बढ़ता है, घटता नहीं।
- अंतरकण अंतराल में वृद्धि के कारण ही पदार्थ का आयतन बढ़ता है (तापीय प्रसार) और अवस्था परिवर्तन (ठोस→द्रव→गैस) होता है।
Quick Facts:
- तापमान ↑ ⇒ कणों की KE ↑ ⇒ अंतरकण अंतराल ↑ ⇒ पदार्थ फैलता है।
- ठोस→द्रव→गैस: अंतरकण अंतराल बढ़ता है।
वस्तु का संवेग दोगुना होने पर गतिज ऊर्जा ______ हो जाएगी।
- दो गुनी
- चार गुनी
- अपरिवर्तित
- आधी
Equation: KE = p²/2m → KE ∝ p² → p दोगुना → KE चार गुना
Explanation:
- गतिज ऊर्जा और संवेग के बीच संबंध: KE = p² / (2m)
- यदि p (संवेग) दोगुना हो जाए, तो KE ∝ p² के अनुसार KE 4 गुनी हो जाती है (क्योंकि (2p)² = 4p²)।
Quick Facts:
- KE = ½mv², p = mv ⇒ KE = p²/2m
- यदि वेग (v) दोगुना हो, तो KE 4 गुनी होती है (क्योंकि KE ∝ v²)।
कार्य की SI इकाई ______ है।
- जूल
- न्यूटन
- पास्कल
- वाट
Explanation:
- कार्य (Work) की SI इकाई जूल (J) है।
- 1 J = 1 N·m = 1 kg·m²/s²
- न्यूटन (N) = बल, पास्कल (Pa) = दाब, वाट (W) = शक्ति (power)
Quick Facts:
- जूल का नाम जेम्स प्रेस्कॉट जूल (James Prescott Joule) के नाम पर रखा गया है।
- ऊर्जा की भी SI इकाई जूल (J) ही है।
एक विद्युत मोटर विद्युत ऊर्जा को किस में परिवर्तित करती है?
- इलेक्ट्रॉन ऊर्जा
- चुंबकीय ऊर्जा
- यांत्रिक ऊर्जा
- नाभिकीय ऊर्जा
Explanation:
- एक विद्युत मोटर (electric motor) विद्युत ऊर्जा (electrical energy) को यांत्रिक ऊर्जा (mechanical energy) में परिवर्तित करती है (घूर्णी गति के रूप में)।
- यह विद्युत चुंबकत्व (electromagnetism) के सिद्धांत पर कार्य करती है।
Quick Facts:
- विद्युत जनरेटर (generator) यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करता है (यह मोटर का विपरीत है)।
- विद्युत मोटर: विद्युत → यांत्रिक
______ का योगफल, यांत्रिक ऊर्जा होता है।
- स्थितिज ऊर्जा और गतिज ऊर्जा
- विद्युत ऊर्जा और प्रकाश ऊर्जा
- ऊष्मीय ऊर्जा और रासायनिक ऊर्जा
- रासायनिक ऊर्जा और विद्युत ऊर्जा
Explanation:
- यांत्रिक ऊर्जा (Mechanical Energy) = स्थितिज ऊर्जा (PE) + गतिज ऊर्जा (KE)
- ME = PE + KE
Quick Facts:
- यांत्रिक ऊर्जा संरक्षण का नियम: यदि केवल संरक्षी बल (conservative forces) कार्य कर रहे हों, तो ME स्थिर रहती है।
- उदाहरण: झूला, गिरती हुई वस्तु (वायु प्रतिरोध को नजरअंदाज करने पर)।
यदि बल लगाए जाने के बावजूद विस्थापन शून्य हो जाता है तो किए गए कार्य का क्या होगा?
- किए गए कार्य में कमी होगी।
- किए गए कार्य में वृद्धि होगी।
- किया गया कार्य शून्य होगा।
- किया गया कार्य नियत रहेगा।
Explanation:
- कार्य (W) = बल (F) × विस्थापन (s) × cos θ
- यदि विस्थापन (s) = 0 है, तो W = 0 (चाहे बल कितना भी लगे, जैसे दीवार पर बल लगाना)।
Quick Facts:
- किसी वस्तु को स्थिर रखकर बल लगाने पर कोई कार्य नहीं होता (जैसे भारी बोक्सा उठाकर खड़े रहना – यहाँ विस्थापन शून्य है, इसलिए कार्य शून्य है)।
- कार्य तभी होता है जब बल के कारण विस्थापन हो।
यदि किया गया कार्य शून्य है, तब बल और विस्थापन के बीच का कोण कितना होगा?
- 45 डिग्री
- 180 डिग्री
- 0 डिग्री
- 90 डिग्री
Explanation:
- W = F × s × cos θ
- कार्य शून्य (W = 0) तब होता है जब cos θ = 0, अर्थात θ = 90° (बल और विस्थापन परस्पर लंबवत होते हैं)।
- उदाहरण: वृत्तीय गति में अभिकेन्द्रीय बल (केंद्र की ओर) और विस्थापन (स्पर्शरेखीय) – θ = 90°, W = 0
Quick Facts:
- θ = 0° ⇒ W = F × s (अधिकतम धनात्मक कार्य)
- θ = 180° ⇒ W = -F × s (अधिकतम ऋणात्मक कार्य)
- θ = 90° ⇒ W = 0 (शून्य कार्य)
उस भौतिक राशि का नाम बताइए, जो बल और वेग के गुणनफल के बराबर होती है।
- ऊर्जा
- त्वरण
- कार्य
- शक्ति
Equation: Power = Force × Velocity
Explanation:
- शक्ति (Power) = कार्य/समय = (बल × विस्थापन)/समय = बल × (विस्थापन/समय) = बल × वेग
- P = F × v
Quick Facts:
- यह सूत्र तब लागू होता है जब बल और वेग एक ही दिशा में हों।
- P = F · v (डॉट गुणन) = Fv cos θ
जब किसी वस्तु को एक निश्चित ऊंचाई से स्वतंत्र रूप से छोड़ा जाता है, तो उसकी ऊर्जा पर क्या प्रभाव पड़ता है?
- ऊर्जा में कोई परिवर्तन नहीं होता
- घर्षण की ऊर्जा कम होती है
- स्थितिज ऊर्जा घटती है तथा गतिज ऊर्जा बढ़ती है
- स्थितिज ऊर्जा बढ़ती है
Explanation:
- स्वतंत्र रूप से गिरती वस्तु में: स्थितिज ऊर्जा (PE) घटती है (ऊँचाई कम होने पर) और गतिज ऊर्जा (KE) बढ़ती है (वेग बढ़ने पर)।
- यह ऊर्जा संरक्षण (PE → KE) का उदाहरण है।
Quick Facts:
- मुक्त पतन में: PE (ऊपर) → KE (नीचे)
- कुल यांत्रिक ऊर्जा (ME = PE + KE) स्थिर रहती है (यदि वायु प्रतिरोध न हो)।
पवनचक्की के ब्लेड निम्नलिखित में से किसके कारण घूर्णन करते हैं?
- प्रकाश ऊर्जा
- पवन की गतिज ऊर्जा
- ध्वनि ऊर्जा
- प्रत्यास्थ ऊर्जा
Explanation:
- पवनचक्की (windmill) के ब्लेड पवन (हवा) की गतिज ऊर्जा (kinetic energy) के कारण घूर्णन करते हैं।
- हवा की गति के कारण उसमें गतिज ऊर्जा होती है, जो ब्लेड को घुमाती है, और फिर विद्युत ऊर्जा (generator के माध्यम से) में परिवर्तित होती है।
Quick Facts:
- पवन ऊर्जा (wind energy) एक नवीकरणीय (renewable) ऊर्जा स्रोत है।
- KE = ½mv² (हवा के द्रव्यमान और वेग के कारण)
निम्नलिखित में से कौन-सा, गैस पर दाब बढ़ाने का परिणाम है?
- गतिज ऊर्जा में वृद्धि
- गैस का वाष्पन
- अंतरकण स्थान में कमी
- अंतरकण स्थान में वृद्धि
Explanation:
- गैस पर दाब (pressure) बढ़ाने पर, कणों के बीच की दूरी (अंतरकण स्थान) कम हो जाती है (गैस संपीडित होती है)।
- गतिज ऊर्जा दाब पर नहीं, तापमान पर निर्भर करती है।
- वाष्पन (evaporation) तापमान बढ़ने पर होता है।
Quick Facts:
- गैसें संपीड्य (compressible) होती हैं क्योंकि उनमें अंतरकण स्थान अधिक होता है।
- दाब बढ़ाने पर गैस का आयतन घटता है (बॉयल का नियम: PV = स्थिर, ताप स्थिर होने पर)।
एक व्यक्ति 22 kg द्रव्यमान के एक पत्थर को 4 m की ऊर्ध्वाधर ऊँचाई तक उठाता है। उसके द्वारा किए गए कार्य की गणना कीजिए। (g = 10 m/s² लीजिए)
- 880 J
- 220 J
- 400 J
- 55 J
Equation: W = mgh = 22 × 10 × 4 = 880 J
Explanation:
- W = mgh = 22 × 10 × 4 = 880 J
Quick Facts:
- यह गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध किया गया कार्य है, जो वस्तु की स्थितिज ऊर्जा (PE) के रूप में संग्रहीत होता है।
यदि द्रव्यमान 10 किग्रा की एक साइकिल 20 मी/सेक की चाल से चलती है तो साइकिल की गतिज ऊर्जा है:
- 2000 J
- 400 J
- 4000 J
- 200 J
Equation: KE = ½mv² = ½ × 10 × 20² = 2000 J
Explanation:
- KE = ½ × 10 × (20)² = ½ × 10 × 400 = 2000 J
Quick Facts:
- गतिज ऊर्जा (KE) = ½mv²
- KE ∝ v² (वेग के वर्ग के समानुपाती)
किसी वस्तु पर 7 N का बल कार्यरत है और वह बल की दिशा में 8 m विस्थापित हो जाती है। इस स्थिति में किया गया कार्य कितना है?
- 7 J
- 56 N
- 15 Nm
- 56 J
Equation: W = F × s = 7 × 8 = 56 J
Explanation:
- W = F × s = 7 × 8 = 56 J (1 J = 1 N·m)
Quick Facts:
- कार्य की SI इकाई: जूल (J)
- यदि बल और विस्थापन एक ही दिशा में हैं, तो W = F × s
निम्नलिखित में से क्या ऊर्जा के रूपांतरण के संबंध में गलत है?
- विद्युत बैटरी के प्रयोग से रासायनिक ऊर्जा, विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित होती है।
- विद्युत मोटर के प्रयोग से विद्युत ऊर्जा, यांत्रिक ऊर्जा में परिवर्तित होती है।
- विद्युत हीटर के प्रयोग से विद्युत ऊर्जा, यांत्रिक ऊर्जा में परिवर्तित होती है।
- विद्युत बल्ब के प्रयोग से विद्युत ऊर्जा, प्रकाश में परिवर्तित होती है।
Explanation:
- विद्युत हीटर (electric heater) विद्युत ऊर्जा को ऊष्मीय ऊर्जा (heat energy) में परिवर्तित करता है, यांत्रिक ऊर्जा में नहीं।
- अन्य सभी विकल्प सही हैं: बैटरी (रासायनिक → विद्युत), मोटर (विद्युत → यांत्रिक), बल्ब (विद्युत → प्रकाश/ऊष्मा)
Quick Facts:
- विद्युत हीटर: विद्युत ऊर्जा → ऊष्मा ऊर्जा (जूल तापन)
- उर्जा रूपांतरण: एक रूप से दूसरे रूप में
निम्नलिखित में से किसमें स्थितिज ऊर्जा होती है?
- बांध का पानी
- उड़ता हुआ वायुयान
- गिरता हुआ वायुयान
- दौड़ता हुआ धावक
Explanation:
- बांध का पानी (water in a dam) ऊँचाई पर होने के कारण स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy) रखता है।
- उड़ता हुआ वायुयान: गति के कारण KE और ऊँचाई के कारण PE दोनों होती हैं, पर विकल्पों में ‘बांध का पानी’ सबसे स्पष्ट PE का उदाहरण है।
- गिरता हुआ वायुयान/दौड़ता धावक – मुख्यतः गतिज ऊर्जा (KE)।
Quick Facts:
- स्थितिज ऊर्जा (PE) = mgh (ऊँचाई के कारण)
- बांध का पानी: PE → KE (टरबाइन घुमाने के लिए) → विद्युत ऊर्जा
440 N भार की एक लड़की 20 s में एक रस्सी पर 7 m की ऊँचाई तक चढ़ जाती है। लड़की द्वारा व्यय की गई शक्ति है:
- 154 W
- 15.4 W
- 72 W
- 36 W
Equation: P = Work/Time = (mg × h)/t = (440 × 7)/20 = 154 W
Explanation:
- भार (Weight) = mg = 440 N (दिया गया है)
- कार्य (W) = बल × विस्थापन = 440 × 7 = 3080 J
- शक्ति (P) = कार्य/समय = 3080/20 = 154 W
Quick Facts:
- शक्ति (P) = W/t
- यदि भार (mg) दिया है, तो सीधे P = (mg × h)/t
10 N का बल किसी वस्तु पर कार्य कर रहा है। बल की दिशा में 5 m के माध्यम से वस्तु को विस्थापित किया जाता है। तब किया गया कार्य है:
- -50 J
- 50 वाट
- -50 N
- 50 Nm
Equation: W = F × s = 10 × 5 = 50 Nm = 50 J
Explanation:
- W = F × s = 10 × 5 = 50 N·m = 50 J
- Nm (न्यूटन-मीटर) कार्य की SI इकाई है, जिसे जूल (J) भी कहते हैं।
Quick Facts:
- 1 Nm = 1 J
- कार्य धनात्मक है (बल और विस्थापन एक ही दिशा में)।
15 kg की एक वस्तु जब धरातल से 5 m की ऊँचाई पर हो, तब इसमें निहित ऊर्जा कितनी होती है? यदि g = 9.8 ms⁻² दिया गया है।
- 520 जूल
- 528 जूल
- 738 जूल
- 735 जूल
Equation: PE = mgh = 15 × 9.8 × 5 = 735 J
Explanation:
- PE = mgh = 15 × 9.8 × 5 = 735 J
Quick Facts:
- यहाँ g = 9.8 m/s² (पृथ्वी की सतह पर वास्तविक मान)
- स्थितिज ऊर्जा (PE) की SI इकाई: जूल (J)
किसी पिंड पर कार्यरत 10 न्यूटन बल द्वारा किया गया कार्य, जिसके परिणामस्वरूप बल की दिशा में 2 मीटर का विस्थापन होता है, ___ है।
- 10 जूल
- 0 जूल
- 20 जूल
- 0.2 जूल
Equation: W = F × s = 10 × 2 = 20 J
Explanation:
- W = F × s = 10 × 2 = 20 J
Quick Facts:
- यह सरल कार्य गणना का उदाहरण है।
3 kg द्रव्यमान की एक गेंद को 6 m की ऊँचाई तक उठाया जाता है। इसकी स्थितिज ऊर्जा ______ है। g = 10 m/s² लीजिए।
- 200 J
- 1.8
- 180 J
- 20 J
Equation: PE = mgh = 3 × 10 × 6 = 180 J
Explanation:
- PE = mgh = 3 × 10 × 6 = 180 J
Quick Facts:
- स्थितिज ऊर्जा (PE) = mgh
यदि कोई पिंड किसी ऊंचाई से स्वतंत्र रूप से गिरता है, तो उसकी स्थितिज ऊर्जा में परिवर्तित हो जाती है।
- गतिज ऊर्जा
- रासायनिक ऊर्जा
- ध्वनि ऊर्जा
- तापीय ऊर्जा
Explanation:
- मुक्त पतन (free fall) में, स्थितिज ऊर्जा (PE) गतिज ऊर्जा (KE) में परिवर्तित हो जाती है (PE → KE)।
- यह ऊर्जा संरक्षण का उदाहरण है।
Quick Facts:
- जब वस्तु जमीन से टकराती है, तो KE ऊष्मा/ध्वनि में परिवर्तित हो सकती है।
300 वाट निर्धारित एक वायु कूलर, प्रतिदिन 12 घंटे चलने पर 30 दिनों में कुल कितनी ऊर्जा की खपत करता है?
- 108 KWh
- 108 जूल-सेकंड
- 108 जूल
- 108 Wh
Equation: Energy = Power × Time = 0.3 kW × (12 × 30) = 0.3 × 360 = 108 kWh
Explanation:
- शक्ति (P) = 300 W = 0.3 kW
- कुल समय = 12 घंटे/दिन × 30 दिन = 360 घंटे
- ऊर्जा (kWh) = 0.3 kW × 360 h = 108 kWh
Quick Facts:
- 1 kWh = 1 यूनिट (विद्युत बिल)
- ऊर्जा = शक्ति × समय (E = P × t)
दो वस्तुएं A और B एक ही वेग से आगे बढ़ रही हैं। वस्तु A का द्रव्यमान B से दोगुना है। A और B (KA/KB) की गतिज ऊर्जा का अनुपात ____ होगा।
- 4
- 2
- 1
- ½
Equation: KE = ½mv² → KE ∝ m → KA/KB = mA/mB = 2
Explanation:
- KE = ½mv², चूँकि v समान है, KE ∝ m
- mA = 2mB ⇒ KEA/KEB = mA/mB = 2
Quick Facts:
- KE ∝ द्रव्यमान (m) (यदि वेग समान हो)
- KE ∝ v² (यदि द्रव्यमान समान हो)
10 kg की वस्तु 5 m/s की चाल से गतिमान है। वस्तु की गतिज ऊर्जा _____ होगी।
- 2 J
- 25 J
- 50 J
- 125 J
Equation: KE = ½mv² = ½ × 10 × 5² = 125 J
Explanation:
- KE = ½ × 10 × 25 = 125 J
Quick Facts:
- KE = ½mv² (गतिज ऊर्जा का मानक सूत्र)
एक बक्से को 25 N बल की दिशा में 3 m की दूरी तक ले जाने के लिए कितना कार्य करना होगा?
- 25.0 J
- 75.0 J
- 0 J
- 750.0 J
Equation: W = F × s = 25 × 3 = 75 J
Explanation:
- W = F × s = 25 × 3 = 75 J
Quick Facts:
- कार्य (W) = बल × विस्थापन (जब बल और विस्थापन एक ही दिशा में हों)
1 किग्रा की वस्तु 30 मीटर की ऊंचाई से जमीन पर गिरती है। गुरुत्वाकर्षण बल द्वारा किया जाने वाला कार्य _____ होगा। (g = 10 m/s² मानें)
- 10 J
- 300 J
- 30 J
- 0.33 J
Equation: W = mgh = 1 × 10 × 30 = 300 J
Explanation:
- गुरुत्वाकर्षण बल द्वारा किया गया कार्य = mgh (वस्तु के गिरने पर)
- W = 1 × 10 × 30 = 300 J
Quick Facts:
- गुरुत्वाकर्षण द्वारा किया गया कार्य = स्थितिज ऊर्जा में कमी
- यह कार्य धनात्मक (positive) है क्योंकि बल और विस्थापन एक ही दिशा (नीचे) में हैं।
40 kg द्रव्यमान की एक लड़की मेधा एक रस्सी पर 16 s में 6 m की ऊँचाई तक चढ़ जाती है। उसके द्वारा व्यय की गई शक्ति _____ है। (g = 10 m/s² लीजिए।)
- 150 W
- 40 W
- 240 W
- 210 W
Equation: P = (mgh)/t = (40 × 10 × 6)/16 = 2400/16 = 150 W
Explanation:
- कार्य (W) = mgh = 40 × 10 × 6 = 2400 J
- शक्ति (P) = कार्य/समय = 2400/16 = 150 W
Quick Facts:
- P = W/t
- यहाँ समय (t) = 16 s
11 किग्रा के द्रव्यमान वाली वस्तु की ऊर्जा का पता लगाएं जब वह जमीन से 7 मीटर की ऊँचाई पर हो। दिया गया है g = 9.8 मी/से²
- 528 जूल
- 754.6 जूल
- 588 जूल
- 520 जूल
Equation: PE = mgh = 11 × 9.8 × 7 = 754.6 J
Explanation:
- PE = 11 × 9.8 × 7 = 754.6 J
Quick Facts:
- स्थितिज ऊर्जा (PE) = mgh
- g = 9.8 m/s² (पृथ्वी पर)
एक अधिक शक्तिशाली इंजन कम समय में अधिक कार्य कर सकता है। जैसे एक हवाई जहाज, कार की तुलना में कम समय में अधिक दूरी तय करता है। अतः हवाई जहाज, कार से अधिक शक्तिशाली है। यह निम्न में से किसका उदाहरण है?
- निष्पादित कार्य
- शक्ति
- ऊर्जा
- तरंग
Explanation:
- शक्ति (Power) = कार्य करने की दर (rate of doing work) – अधिक शक्तिशाली इंजन कम समय में अधिक कार्य करता है (या अधिक दूरी तय करता है, जिसका अर्थ है अधिक कार्य दर)।
- हवाई जहाज (airplane) की शक्ति (power) कार (car) से अधिक होती है (हालाँकि यह ऊर्जा/कार्य का मामला भी है, पर यहाँ ‘शक्ति’ (power) सबसे उपयुक्त है क्योंकि समय कम है)।
Quick Facts:
- शक्ति = कार्य/समय (P = W/t)
- अधिक शक्ति → कम समय में अधिक कार्य
निम्नलिखित में से कौन-से स्थितिज ऊर्जा के उदाहरण हैं?
- A. घर की छत पर रखी एक ईंट
- B. घड़ी की स्प्रिंग जब लपेटी जाती है
- C. संपीडित स्प्रिंग
- D. जल आपूर्ति प्रणाली के तहत ऊँचे जलाशय में संग्रहीत पानी
- A, D
- C, D
- A, B और C
- A, B, C, D
Explanation:
- स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy) ऊर्जा का वह रूप है जो वस्तु की स्थिति या विन्यास (configuration) के कारण होती है।
- A: छत पर ईंट – गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा (mgh)
- B: लपेटी गई स्प्रिंग – प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा
- C: संपीडित स्प्रिंग – प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा
- D: ऊँचे जलाशय में पानी – गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा
- इन सभी में स्थितिज ऊर्जा है, अतः सही विकल्प A, B, C, D है।
Quick Facts:
- स्थितिज ऊर्जा के प्रकार: गुरुत्वीय (PE = mgh), प्रत्यास्थ (PE = ½kx²), विद्युत, रासायनिक, आदि।
- स्थितिज ऊर्जा = संग्रहीत (stored) ऊर्जा
किसी वस्तु पर स्थिर बल द्वारा किया गया कार्य कब अधिकतम होता है?
- जब बल विस्थापन के लंबवत होता है
- जब बल विस्थापन की दिशा में होता है
- जब बल विस्थापन के विपरीत होता है
- जब बल विस्थापन के साथ 45° का कोण बनाता है
Explanation:
- W = F × s × cos θ
- W अधिकतम होता है जब cos θ अधिकतम (1) होता है, अर्थात θ = 0° (बल और विस्थापन एक ही दिशा में हों)।
- θ = 90° पर W = 0 (लंबवत), θ = 180° पर W = -Fs (ऋणात्मक), θ = 45° पर W = Fs/√2 (मध्यम)।
Quick Facts:
- अधिकतम कार्य: θ = 0° (cos 0° = 1)
- शून्य कार्य: θ = 90° (cos 90° = 0)
यदि कोई कारक, एक कार्य ‘W’ को समय, ‘t’ में करता है, तब शक्ति _____ द्वारा दी जाती है।
- W/t
- t/W
- W × t
- W + t
Explanation:
- शक्ति (Power) = कार्य (Work) / समय (Time) = W/t
- P = W/t
Quick Facts:
- शक्ति की SI इकाई: वाट (W) = J/s
- 1 W = 1 J/s
निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सत्य है/हैं?
- A. घनत्व: किसी पदार्थ के प्रति इकाई आयतन में निहित द्रव्यमान घनत्व कहलाता है।
- B. गतिज ऊर्जा: यह वस्तु में उपस्थित ऊर्जा का एक प्रकार है, जब वह गति के अंतर्गत होता है क्योंकि उस वस्तु/पदार्थ के कण सतत गति कर रहे होते हैं इसीलिए पदार्थ में गतिज ऊर्जा होती है।
- केवल B ही सत्य है।
- A और B दोनों सत्य हैं।
- केवल A ही सत्य है।
- A और B दोनों असत्य हैं।
Explanation:
- A: घनत्व (Density) = द्रव्यमान/आयतन (ρ = m/V) – यह सही है।
- B: गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) = गति के कारण ऊर्जा – यह सही है (पदार्थ के कण निरंतर गतिमान रहते हैं, इसलिए उनमें KE होती है)।
- अतः A और B दोनों सत्य हैं।
Quick Facts:
- घनत्व की SI इकाई: kg/m³
- गतिज ऊर्जा: KE = ½mv² (स्थूल वस्तुओं के लिए)
एक विद्युत पंखा 220 V जनरेटर से जुड़ा है। धारा 0.50 A है। पंखे द्वारा उपयोग की जाने वाली शक्ति क्या है?
- 11 वाट
- 440 वाट
- 220 वाट
- 110 वाट
Equation: P = VI = 220 × 0.50 = 110 W
Explanation:
- विद्युत शक्ति (Power) = वोल्टेज (V) × धारा (I)
- P = 220 V × 0.50 A = 110 W
Quick Facts:
- विद्युत शक्ति की SI इकाई: वाट (W)
- P = V × I (ओम के नियम के अनुसार V = IR, इसलिए P = I²R = V²/R भी)
निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प पिंड पर कार्यरत बल (F) के संदर्भ में, किए गए कार्य (W) और बल की दिशा में पिंड के विस्थापन (S) के बीच सही संबंध को निरूपित करता है?
- W = F/S
- W = F – S
- W = F × S
- W = F + S
Explanation:
- कार्य (W) = बल (F) × विस्थापन (S) (जब F और S एक ही दिशा में हों)
- W = F × S
Quick Facts:
- यह कार्य की परिभाषा है (जब बल स्थिर और विस्थापन के समानांतर हो)।
यदि कोई बल्ब 100 J की ऊर्जा का उपयोग करता है और 20 सेकंड तक चालू रहता है, तो बल्ब द्वारा उपभुक्त शक्ति _____ है।
- 20W
- 0.2W
- 1W
- 5W
Equation: P = E/t = 100/20 = 5 W
Explanation:
- शक्ति (P) = ऊर्जा (E) / समय (t)
- P = 100 J / 20 s = 5 W
Quick Facts:
- 1 W = 1 J/s
- बल्ब की शक्ति = 5 W (बहुत कम, संभवतः LED बल्ब)
पदार्थ के कण निरंतर गतिमान रहते हैं, इसके कारण हैं:
- नाभिकीय ऊर्जा
- गतिज ऊर्जा
- रासायनिक ऊर्जा
- यांत्रिक ऊर्जा
Explanation:
- पदार्थ के कणों की निरंतर गति (continuous motion) उनकी गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) के कारण होती है (तापमान के साथ KE बढ़ती है)।
- यही कारण है कि ठोस (कम KE) → द्रव (मध्यम KE) → गैस (उच्च KE) में कणों की गति बढ़ती है।
Quick Facts:
- पदार्थ की अवस्था (state) उसके कणों की KE और अंतर-आण्विक बलों पर निर्भर करती है।
- गतिज ऊर्जा तापमान के समानुपाती होती है (KE ∝ T) – तापमान बढ़ने पर कणों की गति बढ़ती है।
13 kg द्रव्यमान वाली एक वस्तु 5 ms⁻¹ के एकसमान वेग के साथ चलती है। तो वस्तु द्वारा निहित गतिज ऊर्जा क्या है?
- 187.5 J
- 17.5 J
- 162.5 J
- 162.5 ms
Equation: KE = ½mv² = ½ × 13 × 5² = 162.5 J
Explanation:
- KE = ½ × 13 × 5² = ½ × 13 × 25 = 162.5 J
Quick Facts:
- KE का सूत्र: KE = ½mv²
- इकाई: जूल (J)
यदि अभिकारकों की कुल ऊर्जा अभिक्रिया के उत्पादों से अधिक है, तो ऊष्मा मुक्त होती है और अभिक्रिया को एक ___ अभिक्रिया कहा जाता है।
- ऊष्माक्षेपी
- विभव
- ऊष्माशोषी
- कार्य
Explanation:
- जब अभिकारकों की ऊर्जा उत्पादों से अधिक होती है, तो अतिरिक्त ऊर्जा ऊष्मा (या प्रकाश) के रूप में मुक्त होती है – इसे ऊष्माक्षेपी (exothermic) अभिक्रिया कहते हैं।
- यदि उत्पादों की ऊर्जा अधिक होती है, तो ऊर्जा अवशोषित होती है – ऊष्माशोषी (endothermic)।
Quick Facts:
- ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया: ΔH = -ve (ऊष्मा निकलती है)
- उदाहरण: दहन (combustion), न्यूट्रलाइजेशन (neutralization)
तांबे का एक 50 ग्राम टुकड़ा को 20°C से 60°C तक गरम किया जाता है। कितना ताप टुकड़े में स्थानांतरित किया जाता है (तांबे का विशिष्ट ताप 386 Jkg⁻¹ K⁻¹)
- 320 J
- 772 J
- 852 J
- 572 J
Equation: Q = mcΔT = 0.05 × 386 × 40 = 772 J
Explanation:
- ऊष्मा (Q) = m × c × ΔT (जहाँ m = द्रव्यमान (kg), c = विशिष्ट ऊष्मा, ΔT = तापमान परिवर्तन)
- m = 50 g = 0.05 kg, c = 386 J/(kg·K), ΔT = 60 – 20 = 40 K
- Q = 0.05 × 386 × 40 = 772 J
Quick Facts:
- विशिष्ट ऊष्मा (Specific heat) = 1 kg पदार्थ का ताप 1°C (या 1 K) बढ़ाने के लिए आवश्यक ऊष्मा।
- SI इकाई: J/(kg·K)
निम्नलिखित में से किस वस्तु में स्थितिज ऊर्जा होगी?
- उठाया गया हथौड़ा
- बहती हवा
- गिरता हुआ पत्थर
- चलती हुई गोली
Explanation:
- स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy) किसी वस्तु की स्थिति या विन्यास (configuration) के कारण होती है।
- उठाया गया हथौड़ा (raised hammer) – पृथ्वी के सापेक्ष ऊँचाई (h) के कारण इसमें गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा (mgh) होती है।
- बहती हवा, गिरता पत्थर, चलती गोली – ये सभी गति में हैं, इसलिए इनमें गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) होती है, स्थितिज नहीं (हालाँकि गिरते पत्थर में ऊँचाई कम होने के कारण स्थितिज घट रही है, पर मुख्यतः गतिज प्रबल है)।
Quick Facts:
- स्थितिज ऊर्जा = mgh (गुरुत्वीय), ½kx² (स्प्रिंग)
- गतिज ऊर्जा = ½mv² (गति के कारण)
बल और विस्थापन के गुणनफल को ___ कहा जाता है।
- कार्य
- भार
- त्वरण
- संवेग
Explanation:
- कार्य (Work) = बल (F) × विस्थापन (s) × cos θ (जब बल और विस्थापन के बीच कोण θ हो)
- यदि बल और विस्थापन एक ही दिशा में हों (θ = 0°), तो W = F × s
- भार = mg, त्वरण = a, संवेग = mv – ये सभी अलग-अलग राशियाँ हैं।
Quick Facts:
- कार्य की SI इकाई: जूल (J) = N·m
- यदि θ = 90°, तो कार्य शून्य होता है (जैसे वृत्तीय गति में अभिकेन्द्रीय बल द्वारा कार्य शून्य)।
एक कुली जमीन से 20 kg का सामान उठाता है और जमीन से 2 मीटर ऊपर अपने सिर पर रखता है। सामान पर उसके द्वारा किए गए कार्य की गणना कीजिए। (g = 10ms⁻² लीजिए।)
- 400 J
- 200 J
- 350 J
- 150 J
Equation: W = mgh = 20 × 10 × 2 = 400 J
Explanation:
- यहाँ कुली सामान को विरामावस्था से ऊपर उठाता है, इसलिए किया गया कार्य सामान की स्थितिज ऊर्जा में वृद्धि के बराबर है (W = mgh)।
- m = 20 kg, g = 10 m/s², h = 2 m ⇒ W = 20 × 10 × 2 = 400 J
Quick Facts:
- यदि सामान को सिर पर रखने के बाद क्षैतिज रूप से चलता है, तो उस विस्थापन में कार्य शून्य होगा (बल और विस्थापन लंबवत)।
निम्नलिखित में से कौन विद्युत ऊर्जा के यांत्रिक ऊर्जा के रूपांतरण का एक उदाहरण है?
- लोहे का बक्सा
- टेलीविजन
- टॉर्च
- विद्युत पंखा
Explanation:
- विद्युत पंखा (electric fan) विद्युत ऊर्जा (electrical energy) को यांत्रिक ऊर्जा (mechanical energy – पंखे की घूर्णन गति) में परिवर्तित करता है।
- टेलीविजन → विद्युत → प्रकाश + ध्वनि, टॉर्च → विद्युत → प्रकाश, लोहे का बक्सा → कोई रूपांतरण नहीं।
Quick Facts:
- विद्युत मोटर (electric motor) विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में बदलती है (पंखा, मिक्सी, पंप आदि)।
- विद्युत जनरेटर (generator) यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदलता है (विपरीत प्रक्रिया)।
एक वस्तु को जमीन से ऊपर एक निश्चित ऊँचाई से छोड़ा जाता है। जिस समय यह जमीन को छूएगी, उस समय इसमें ___ ऊर्जा होगी।
- ऊष्मा ऊर्जा
- रासायनिक ऊर्जा
- गतिज ऊर्जा
- स्थितिज ऊर्जा
Explanation:
- जब वस्तु को ऊँचाई से छोड़ा जाता है, तो उसकी स्थितिज ऊर्जा (mgh) गतिज ऊर्जा (½mv²) में परिवर्तित होती रहती है।
- जमीन पर पहुँचने से ठीक पहले (h ≈ 0), स्थितिज लगभग शून्य हो जाती है और ऊर्जा पूर्णतः गतिज ऊर्जा के रूप में होती है (ऊर्जा संरक्षण के अनुसार, यदि वायु प्रतिरोध न हो)।
Quick Facts:
- जमीन से टकराने के बाद, ऊर्जा का कुछ भाग ऊष्मा, ध्वनि आदि में बदल जाता है।
- गतिज ऊर्जा अधिकतम तब होती है जब वस्तु जमीन पर होती है (यदि वायु प्रतिरोध नगण्य हो)।
एक बल्ब की शक्ति 40 W है। तब 100 सेकंड में इसके द्वारा उपभोग की गई ऊर्जा SI इकाइयों में है:
- 40 J
- 400 J
- 40000 J
- 4000 J
Equation: Energy = Power × Time = 40 × 100 = 4000 J
Explanation:
- ऊर्जा (Energy) = शक्ति (Power) × समय (Time)
- 40 W = 40 J/s, 100 s में ऊर्जा = 40 × 100 = 4000 J
- SI मात्रक: जूल (J) – यही सही है।
Quick Facts:
- व्यावहारिक इकाई: 1 kWh = 3.6 × 10⁶ J
- 40 W बल्ब 100 s में 4000 J (या 4000/3600 ≈ 1.11 Wh) ऊर्जा खपत करता है।
20 kg द्रव्यमान की एक वस्तु 8 ms⁻¹ के एकसमान वेग से गति कर रही है। वस्तु की गतिज ऊर्जा है:
- 640 ms⁻¹
- 640 Pa
- 640 N
- 640 J
Equation: KE = ½mv² = ½ × 20 × 8² = 640 J
Explanation:
- गतिज ऊर्जा (KE) = ½ × द्रव्यमान × (वेग)² = 0.5 × 20 × 64 = 640 J
- J (जूल) ऊर्जा की SI इकाई है – अन्य विकल्प (ms⁻¹, Pa, N) भिन्न राशियों (वेग, दाब, बल) की इकाइयाँ हैं।
Quick Facts:
- KE ∝ v² – यदि वेग दोगुना हो, तो KE चार गुना हो जाती है।
- KE अदिश (scalar) राशि है (दिशा नहीं होती)।
किसी गतिमान पिंड द्वारा अपनी गति के कारण प्राप्त की गयी ऊर्जा ___ कहलाती है।
- रासायनिक ऊर्जा
- स्थितिज ऊर्जा
- तापीय ऊर्जा
- गतिज ऊर्जा
Explanation:
- गति (motion) के कारण उत्पन्न ऊर्जा को ‘गतिज ऊर्जा’ (Kinetic Energy) कहते हैं।
- KE = ½mv² – यह वेग (v) पर निर्भर करती है।
- स्थितिज ऊर्जा = स्थिति/विन्यास के कारण, रासायनिक = रासायनिक बंधों में, तापीय = तापमान के कारण।
Quick Facts:
- गतिज ऊर्जा सदैव धनात्मक (+ve) होती है (क्योंकि v² धनात्मक, m धनात्मक)।
- यह अदिश राशि है।
यदि किसी वस्तु का द्रव्यमान 12 kg है तथा यह 8 m/s की नियत चाल से चल रही है, इसकी गतिज ऊर्जा ज्ञात कीजिए।
- 256 J
- 768 J
- 512 J
- 384 J
Equation: KE = ½mv² = ½ × 12 × 8² = 384 J
Explanation:
- KE = 0.5 × 12 × 64 = 6 × 64 = 384 J
Quick Facts:
- यदि द्रव्यमान kg में और वेग m/s में हो, तो KE की इकाई जूल (J) होगी।
- वेग को वर्ग (square) करना याद रखें (v²)।
किसी वस्तु की गतिज ऊर्जा में वृद्धि किसके साथ होती है?
- ऊंचाई
- वेग
- विस्थापन
- दूरी
Explanation:
- गतिज ऊर्जा KE = ½mv² – यह वेग (v) के वर्ग के समानुपाती होती है, अतः वेग बढ़ने पर KE बढ़ती है।
- ऊँचाई (h) स्थितिज ऊर्जा (PE = mgh) से संबंधित है, KE से नहीं।
Quick Facts:
- यदि वेग दोगुना कर दिया जाए, तो KE चार गुनी हो जाती है (v² के कारण)।
- विस्थापन या दूरी – केवल तभी KE बदलती है जब बल द्वारा कार्य किया जाता है (कार्य-ऊर्जा प्रमेय)।
11 kg की एक वस्तु जब भूमि से 8 m की ऊंचाई पर हो, तब इसमें निहित ऊर्जा कितनी होती है? (दिया गया है g = 9.8 ms⁻²)
- 520 J
- 539 J
- 588 J
- 862.4 J
Equation: PE = mgh = 11 × 9.8 × 8 = 862.4 J
Explanation:
- ऊँचाई पर रखी वस्तु में स्थितिज ऊर्जा (PE) होती है: PE = mgh
- PE = 11 × 9.8 × 8 = 862.4 J
Quick Facts:
- यदि g = 10 m/s² लें, तो PE = 11 × 10 × 8 = 880 J (लगभग 862.4 J के करीब)।
- यह ऊर्जा वस्तु की स्थिति (ऊँचाई) के कारण है।
एक इलेक्ट्रिक मोटर परिवर्तित करती है –
- यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में।
- ऊष्मीय ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में।
- विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में।
- दीप्तिमान ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में।
Explanation:
- विद्युत मोटर (Electric motor) विद्युत ऊर्जा (electrical energy) को यांत्रिक ऊर्जा (mechanical energy) में परिवर्तित करता है (घूर्णन गति, पंखे, मिक्सी, पंप आदि)।
- विद्युत जनरेटर (generator) यांत्रिक → विद्युत (विपरीत प्रक्रिया) करता है।
Quick Facts:
- मोटर में फ्लेमिंग का बायाँ हाथ नियम (left-hand rule) लागू होता है (बल, धारा, चुंबकीय क्षेत्र)।
15 kg द्रव्यमान वाली एक वस्तु को ग्राउंड से 8 m ऊपर रखा गया है। वस्तु की स्थितिज ऊर्जा कितनी है? (g = 9.8 m/s² का उपयोग कीजिए)
- 1500 J
- 784 J
- 1176 J
- 980 J
Equation: PE = mgh = 15 × 9.8 × 8 = 1176 J
Explanation:
- PE = 15 × 9.8 × 8 = 1176 J
Quick Facts:
- स्थितिज ऊर्जा का मान संदर्भ (reference) पर निर्भर करता है – यहाँ जमीन (ground) को संदर्भ (h = 0) माना गया है।
एक कुली 10 किग्रा का सामान जमीन से उठाता है और उसे अपने सिर पर रखता है, जो जमीन से 2.5 मीटर ऊपर है। उसके द्वारा सामान पर किया गया कार्य ज्ञात कीजिए। (g = 10 मीटर/सेकंड⁻² लें)
- 200 जूल
- 100 जूल
- 250 जूल
- 250 न्यूटन
Equation: W = mgh = 10 × 10 × 2.5 = 250 J
Explanation:
- W = mgh = 10 × 10 × 2.5 = 250 J (जूल)
- न्यूटन (N) बल की इकाई है – यहाँ कार्य J में होगा।
Quick Facts:
- 1 जूल (J) = 1 न्यूटन × 1 मीटर (N·m)
- यदि सामान को सिर पर रखने के बाद क्षैतिज रूप से चलता है, तो उस विस्थापन में कार्य शून्य होगा (बल और विस्थापन के बीच 90°)।
किसी वस्तु की कुल यांत्रिक ऊर्जा किन दो प्रकार की ऊर्जाओं से मिलकर बनती है?
- स्थितिज और गतिज ऊर्जा
- विद्युत और रासायनिक ऊर्जा
- ऊष्मीय और प्रकाश ऊर्जा
- ध्वनि और चुंबकीय ऊर्जा
Explanation:
- यांत्रिक ऊर्जा (Mechanical Energy) = स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy) + गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy)
- यह किसी वस्तु की स्थिति और गति के कारण ऊर्जा को दर्शाता है।
- अन्य विकल्प ऊर्जा के अन्य रूप हैं (विद्युत, रासायनिक, ऊष्मीय, प्रकाश, ध्वनि, चुंबकीय)।
Quick Facts:
- यांत्रिक ऊर्जा संरक्षण (Conservation of Mechanical Energy) – गुरुत्वाकर्षण के अंतर्गत, यदि घर्षण न हो, तो कुल यांत्रिक ऊर्जा स्थिर रहती है।
‘जूल’ में क्या मापा जाता है?
- ऊर्जा
- शक्ति
- बल
- वेग
Explanation:
- जूल (J) – ऊर्जा (Energy) और कार्य (Work) की SI इकाई है।
- 1 J = 1 N·m = 1 kg·m²/s²
- शक्ति (Power) की SI इकाई: वाट (W) = J/s, बल (Force): न्यूटन (N), वेग (Velocity): m/s
Quick Facts:
- जूल का नाम अंग्रेजी भौतिक विज्ञानी जेम्स प्रेस्कॉट जूल (James Prescott Joule) के नाम पर रखा गया है।
एक इलेक्ट्रिक वॉटर हीटर विद्युत ऊर्जा को _____ में बदलता है।
- पवन ऊर्जा
- प्रकाश ऊर्जा
- ऊष्मा ऊर्जा
- यांत्रिक ऊर्जा
Explanation:
- विद्युत वॉटर हीटर (electric water heater) विद्युत ऊर्जा को ऊष्मा ऊर्जा (heat energy) में परिवर्तित करता है (जूल तापन, I²Rt के कारण)।
- यह विद्युत ऊर्जा का ऊष्मा में रूपांतरण है (जूल का तापन प्रभाव, Joule heating effect)।
Quick Facts:
- इसे ‘जूल तापन’ (Joule heating) भी कहते हैं: H = I²Rt (ऊष्मा = धारा² × प्रतिरोध × समय)।
- विद्युत केतली, इस्त्री, हीटर – सभी इसी सिद्धांत पर कार्य करते हैं।
भूमि से 6 m की ऊँचाई पर स्थित 10 kg द्रव्यमान की एक वस्तु की ऊर्जा की गणना करें। दिया है, g = 9.8 ms⁻²
- 578 J
- 588 J
- 578 W
- 588 W
Equation: PE = mgh = 10 × 9.8 × 6 = 588 J
Explanation:
- यहाँ ‘ऊर्जा’ का अर्थ स्थितिज ऊर्जा (PE) है (क्योंकि वस्तु स्थिर है) – PE = mgh
- PE = 10 × 9.8 × 6 = 588 J (जूल)
- वाट (W) शक्ति (Power) की इकाई है, जूल (J) ऊर्जा की।
Quick Facts:
- यदि वस्तु गतिमान होती, तो गतिज ऊर्जा भी होती, पर यहाँ ‘ऊँचाई पर स्थित’ – अतः PE।
एक 100 ग्राम की गेंद को 70 m ऊँचाई की एक इमारत के शीर्ष पर रखा जाता है। गेंद की स्थितिज ऊर्जा ज्ञात कीजिये (मान लीजिये g = 10 m/s²) ।
- 70 J
- 80 J
- 50 J
- 60 J
Equation: PE = mgh = 0.1 × 10 × 70 = 70 J
Explanation:
- द्रव्यमान m = 100 g = 0.1 kg (kg में बदलना आवश्यक है)
- PE = 0.1 × 10 × 70 = 70 J
Quick Facts:
- g = 10 m/s² (लगभग) – पृथ्वी की सतह पर
- ग्राम (g) को किलोग्राम (kg) में बदलना: 1 kg = 1000 g
एक निकाय को ऊर्ध्वाधर रूप से ऊपर की ओर फेंका जाता है। इसके ऊपर उठने के दौरान स्थितिज ऊर्जा ______ है और गतिज ऊर्जा ______ है।
- घटती, घटती
- बढ़ती, घटती
- समान रहती, समान रहती
- घटती, बढ़ती
Explanation:
- ऊपर की ओर फेंकने पर, ऊँचाई (h) बढ़ती है → स्थितिज ऊर्जा (PE = mgh) बढ़ती है।
- गति (वेग) कम होता जाता है (गुरुत्वाकर्षण के कारण मंदन) → गतिज ऊर्जा (KE = ½mv²) घटती है।
- यह ऊर्जा संरक्षण का नियम दिखाता है: PE बढ़ती है, KE घटती है (यांत्रिक ऊर्जा स्थिर यदि घर्षण न हो)।
Quick Facts:
- अधिकतम ऊँचाई पर: PE अधिकतम, KE शून्य (वेग = 0)।
- नीचे गिरते समय: PE घटती, KE बढ़ती है।
एक कुली भूमि से 20 kg का सामान उठाता है और उसे भूमि से 2 m ऊपर अपने सिर पर रखता है। उसके द्वारा सामान पर किए गए कार्य की गणना कीजिए: (दिया गया है: g = 10 ms⁻²)
- 400 W
- 400 J
- 200 W
- 200 J
Equation: W = mgh = 20 × 10 × 2 = 400 J
Explanation:
- W = 20 × 10 × 2 = 400 J (जूल) – कार्य की इकाई
- वाट (W) शक्ति (Power) की इकाई है – यहाँ कार्य (Work) पूछा गया है, इसलिए J सही है।
Quick Facts:
- शक्ति = कार्य/समय – यदि समय दिया होता, तो W की गणना होती।
यदि किसी पिंड पर 2 न्यूटन का एक नियत बल इस प्रकार लगाया जाता है कि बल की दिशा में पिंड का विस्थापन शून्य है, तो बल द्वारा किया गया कार्य ______ है।
- 2 जूल
- 0
- 20 जूल
- 1 जूल
Explanation:
- कार्य W = F × s × cos θ – यदि विस्थापन s = 0, तो W = 0 (चाहे बल कितना भी हो)।
- उदाहरण: दीवार पर जोर से धकेलना (बल लगा, पर विस्थापन नहीं) – कार्य शून्य।
Quick Facts:
- यदि बल और विस्थापन के बीच कोण 90° हो, तो भी कार्य शून्य होता है (cos 90° = 0)।
किसी 0.5 kg की गेंद की गति को 4 m/s से 8 m/s तक बढ़ाने के लिए किया जानेवाला कार्य क्या है?
- 8 J
- 12 J
- 16 J
- 4 J
Equation: W = ΔKE = ½m(v₂² – v₁²) = ½ × 0.5 × (8² – 4²) = 0.25 × 48 = 12 J
Explanation:
- कार्य-ऊर्जा प्रमेय (Work-Energy Theorem): किया गया कार्य = गतिज ऊर्जा में परिवर्तन (ΔKE)
- ΔKE = ½ × 0.5 × (64 – 16) = 0.25 × 48 = 12 J
Quick Facts:
- यदि गति को 4 m/s से 8 m/s करना है, तो केवल गतिज ऊर्जा में परिवर्तन पर ध्यान दें (ऊँचाई में कोई परिवर्तन नहीं)।
2 kg द्रव्यमान के एक पिंड की गतिज ऊर्जा, जो स्थिर वेग 5 m/sec से गतिमान है, ______ है।
- 100 जूल
- 25 जूल
- 10 जूल
- 50 जूल
Equation: KE = ½mv² = ½ × 2 × 5² = 25 J
Explanation:
- KE = 0.5 × 2 × 25 = 25 J
Quick Facts:
- KE सदैव धनात्मक होती है (जब वेग शून्य हो तब KE = 0)।
कार्य करने की दर या ऊर्जा के स्थानांतरण की दर को ______ कहा जाता है।
- बल
- किया गया कार्य
- गति
- शक्ति
Explanation:
- शक्ति (Power) = कार्य की दर (rate of doing work) या ऊर्जा स्थानांतरण की दर।
- P = W/t, SI मात्रक: वाट (W) = J/s
Quick Facts:
- 1 अश्वशक्ति (HP) = 746 W
- 1 kWh = 3.6 × 10⁶ J (ऊर्जा की व्यावहारिक इकाई)
किसी निश्चित ऊँचाई पर गतिमान किसी वस्तु के वेग को चार गुना बढ़ा दिया जाये तो उस वस्तु की स्थितिज ऊर्जा में क्या परिवर्तन होगा?
- स्थितिज ऊर्जा नियत रहेगी।
- स्थितिज ऊर्जा अपने मूल मान की आधी हो जाएगी।
- स्थितिज ऊर्जा दो गुनी हो जाएगी।
- स्थितिज ऊर्जा अपने मूल मान की चार गुनी हो जाएगी।
Explanation:
- स्थितिज ऊर्जा PE = mgh – यह वेग (v) पर निर्भर नहीं करती है, केवल ऊँचाई (h), द्रव्यमान (m), और g पर निर्भर करती है।
- यदि वेग बदलता है, तो गतिज ऊर्जा (KE) बदलेगी, PE नहीं (जब तक कि ऊँचाई न बदले)।
Quick Facts:
- यदि वेग चार गुना हो जाता है, तो KE 16 गुनी हो जाती है (v² के कारण)।
- PE केवल ऊँचाई बदलने पर बदलती है।
1 kW शक्ति किसके बराबर है? (KW किलोवाट के लिए है।)
- 1000 J/s
- 10 J/s
- 100 J/s
- 1 J/s
Explanation:
- 1 kW (किलोवाट) = 1000 W (वाट)
- 1 W = 1 J/s, इसलिए 1 kW = 1000 J/s
Quick Facts:
- व्यावहारिक रूप से, 1 kWh (किलोवाट-घंटा) = 1000 × 3600 = 3.6 × 10⁶ J (ऊर्जा की इकाई)।
साइकिल चलाते समय ऊर्जा का किस प्रकार रूपान्तरण होता?
- स्थितिज ऊर्जा पेशीय ऊर्जा में रूपांतरित होती है।
- रासायनिक ऊर्जा पेशीय ऊर्जा में और फिर गतिज ऊर्जा में रूपांतरित होती है।
- रासायनिक ऊर्जा यांत्रिक ऊर्जा में रूपांतरित होती है।
- यांत्रिक ऊर्जा गतिज ऊर्जा में रूपांतरित होती है।
Explanation:
- साइकिल चलाते समय, मानव शरीर में भोजन की रासायनिक ऊर्जा → पेशीय ऊर्जा (मांसपेशियाँ संकुचित होती हैं) → गतिज ऊर्जा (साइकिल गति करती है) में परिवर्तित होती है।
- यह ऊर्जा रूपांतरण की एक श्रृंखला है।
Quick Facts:
- यह ऊर्जा संरक्षण का एक उदाहरण है: ऊर्जा नष्ट नहीं होती, बल्कि एक रूप से दूसरे रूप में बदल जाती है।
- कुछ ऊर्जा ऊष्मा (गर्मी) के रूप में भी नष्ट हो जाती है।
1 kg की गेंद की चाल को 2 m/s से बढ़ाकर 4 m/s करने के लिए कितना कार्य करना पड़ता है?
- 8 J
- 10 J
- 6 J
- 12 J
Equation: W = ΔKE = ½ × 1 × (4² – 2²) = 0.5 × 12 = 6 J
Explanation:
- W = ΔKE = ½ × 1 × (16 – 4) = 0.5 × 12 = 6 J
Quick Facts:
- कार्य-ऊर्जा प्रमेय: W = ΔKE = KE_final – KE_initial
निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प, किए गए कार्य के समीकरण को निरूपित करता है?
- किया गया कार्य = बल / विस्थापन
- किया गया कार्य = बल × विस्थापन
- किया गया कार्य = बल + विस्थापन
- किया गया कार्य = बल – विस्थापन
Explanation:
- कार्य (Work) = बल (Force) × विस्थापन (Displacement) (जब बल और विस्थापन की दिशा समान हो)
- सामान्य सूत्र: W = F × s × cos θ
Quick Facts:
- यदि बल और विस्थापन के बीच कोण θ है, तो W = F·s·cos θ
- यह अदिश (scalar) गुणन है – परिणाम एक अदिश राशि (जूल) है।
किसी गतिशील पिंड को विरामावस्था में लाने के लिए बाह्य बल द्वारा आवश्यक कार्य ______ के बराबर होता है।
- इसके भार
- इसके संवेग
- इसकी स्थितिज ऊर्जा
- इसकी गतिज ऊर्जा
Explanation:
- कार्य-ऊर्जा प्रमेय: किसी पिंड को विराम (v = 0) पर लाने के लिए, बाह्य बल को उसकी गतिज ऊर्जा (KE) के बराबर कार्य करना होता है (W = ΔKE = KE_final – KE_initial = 0 – KE = –KE, परिमाण KE के बराबर)।
- यह ऋणात्मक कार्य (negative work) है (बल गति के विपरीत दिशा में)।
Quick Facts:
- उदाहरण: चलती हुई कार को ब्रेक द्वारा रोकने में घर्षण बल द्वारा किया गया कार्य = कार की गतिज ऊर्जा के बराबर (ऊष्मा में परिवर्तित)।
एक मशीन ‘t’ सेकंड में ‘W’ जूल कार्य करती है। मशीन की शक्ति ‘P’ वाट निम्नलिखित में से किस संबंध द्वारा सही रूप से दी गई है?
- P = W²/t
- P = W²t
- P = W/t
- P = W × t
Explanation:
- शक्ति (Power) = कार्य (Work) / समय (Time) ⇒ P = W/t
- SI मात्रक: वाट (W) = J/s
Quick Facts:
- यदि समय बढ़ता है (W स्थिर), तो P घटता है (व्युत्क्रमानुपाती)।
800 kg की कार के वेग को 5 m/s से 10 m/s तक बढ़ाने के लिए किया गया कार्य क्या है?
- 30 kJ
- 10 kJ
- 40 J
- 20 kJ
Equation: W = ΔKE = ½ × 800 × (10² – 5²) = 400 × 75 = 30000 J = 30 kJ
Explanation:
- W = 0.5 × 800 × (100 – 25) = 400 × 75 = 30000 J = 30 kJ (किलोजूल)
- 1 kJ = 1000 J
Quick Facts:
- इंजन द्वारा किया गया कार्य = KE में वृद्धि (घर्षण को छोड़कर)।
जब किसी दी गई मात्रा में कार्य पूरा करने में लिया गया समय बढ़ता है, तो –
- ऊर्जा बढ़ती है।
- ऊर्जा कम होती है।
- शक्ति बढ़ती है।
- शक्ति कम होती है।
Explanation:
- शक्ति P = W/t – यदि कार्य (W) स्थिर है और समय (t) बढ़ता है, तो P घटता है (व्युत्क्रमानुपाती)।
- उदाहरण: एक निश्चित कार्य को धीरे-धीरे करने पर शक्ति कम होती है, जल्दी करने पर शक्ति अधिक होती है।
Quick Facts:
- शक्ति = कार्य करने की ‘दर’ (rate) है – जितना कम समय, उतनी अधिक शक्ति।
12 किलोग्राम द्रव्यमान की एक वस्तु जमीन से एक निश्चित ऊँचाई पर है। यदि वस्तु की स्थितिज ऊर्जा 480 जूल है, तब जमीन से वस्तु की ऊँचाई ज्ञात कीजिए। दिया गया है, g = 10 मी से⁻² है।
- 5 मीटर
- 8 मीटर
- 4 मीटर
- 6 मीटर
Equation: PE = mgh → 480 = 12 × 10 × h → h = 4 m
Explanation:
- PE = mgh ⇒ h = PE/(mg) = 480/(12 × 10) = 480/120 = 4 m
Quick Facts:
- यदि g = 9.8 लें, तो h = 480/(12 × 9.8) ≈ 4.08 m (लगभग 4 m)।
5 m/s के वेग से गतिमान m द्रव्यमान की एक वस्तु की गतिज ऊर्जा 25 J है। यदि इसका वेग दोगुना करके 10 m/s कर दिया जाए, तो इसकी गतिज ऊर्जा कितनी होगी?
- 50 J
- 100 J
- 125 J
- 200 J
Equation: KE ∝ v² → v दोगुना → KE 4 गुना = 25 × 4 = 100 J
Explanation:
- KE = ½mv² – यदि v दोगुना (2v) हो, तो KE’ = ½m(2v)² = 4 × (½mv²) = 4 × KE
- 25 J × 4 = 100 J
Quick Facts:
- वेग दोगुना → KE चार गुना (v² के कारण)।
- यह KE की वर्ग निर्भरता (quadratic dependence) को दर्शाता है।
शक्ति (Power) ……….. का मापन करती है।
- किसी वस्तु की ऊँचाई
- किसी वस्तु में संग्रहीत ऊर्जा
- किए गए कुल कार्य
- कार्य कितनी तेजी या धीमी गति से किया गया
Explanation:
- शक्ति (Power) = कार्य करने की दर (rate of doing work) या ऊर्जा स्थानांतरण की दर।
- यह बताती है कि कार्य कितनी ‘तेजी’ या ‘धीमी’ गति से किया गया है (P = W/t)।
- कुल कार्य (W) ऊर्जा है, शक्ति समय के साथ उसकी दर है।
Quick Facts:
- SI मात्रक: वाट (W), 1 W = 1 J/s
- शक्ति अदिश राशि है।
एक बल 1.0 kg वस्तु की चाल को 4 m/s से 8 m/s तक बढ़ा देता है। बल द्वारा किया गया कार्य ______ होगा।
- 8 J
- 32 J
- 24 J
- 16 J
Equation: W = ΔKE = ½ × 1 × (8² – 4²) = 0.5 × 48 = 24 J
Explanation:
- W = 0.5 × 1 × (64 – 16) = 0.5 × 48 = 24 J
Quick Facts:
- कार्य-ऊर्जा प्रमेय: W = ΔKE
‘m’ kg द्रव्यमान का एक पिंड पृथ्वी की सतह से ‘h’ m की ऊंचाई पर रखा गया है। इस पिंड की स्थितिज ऊर्जा क्या होगी?
- mh/g
- mgh
- m²gh
- hg/m
Explanation:
- गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा (Gravitational Potential Energy) = mgh
- यहाँ m = द्रव्यमान (kg), g = गुरुत्वीय त्वरण (9.8 m/s²), h = ऊँचाई (m)
Quick Facts:
- यह सूत्र पृथ्वी की सतह के निकट (h << R) के लिए मान्य है।
- उच्च ऊँचाई (h ≈ R) पर, PE = -GMm/r (अधिक सटीक सूत्र) का उपयोग किया जाता है।
1 अश्वशक्ति का मान है:
- 74.6 J/s
- 746 J
- 746 W
- 746 kW
Explanation:
- 1 अश्वशक्ति (Horsepower, HP) = 746 W (वाट) (लगभग)
- यह शक्ति (Power) की एक व्यावहारिक इकाई है, SI इकाई वाट (W) है।
- J (जूल) ऊर्जा की इकाई है, W (वाट) शक्ति की।
Quick Facts:
- 1 HP = 746 W (कुछ देशों में 735.5 W – मीट्रिक HP)
- इसका उपयोग मोटर, इंजन की शक्ति मापने में होता है।
एक कार 50 N के नियत बल के साथ 100 m की दूरी तय करती है। तब कार द्वारा किया गया कार्य है:
- 50 J
- 500 J
- 5000 J
- 50000 J
Equation: W = F × s = 50 × 100 = 5000 J
Explanation:
- W = F × s = 50 N × 100 m = 5000 J (जूल)
Quick Facts:
- यदि बल और विस्थापन एक ही दिशा में हैं (θ = 0°), तो W = F × s।
कोई कुली 25 kg द्रव्यमान के सामान को भूमि से 2.0 m की ऊंचाई तक उठाता है। सामान पर उसके द्वारा किया गया कार्य कितना है? (g = 10 ms⁻² लीजिए)
- 250 J
- 500 J
- 100 J
- 50 J
Equation: W = mgh = 25 × 10 × 2 = 500 J
Explanation:
- W = 25 × 10 × 2 = 500 J
Quick Facts:
- कुली द्वारा सामान पर किया गया कार्य = सामान की स्थितिज ऊर्जा में वृद्धि (mgh)।
निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा सही है?
- कार्य, बल के बिना किया जा सकता है।
- कार्य, विस्थापन से स्वतंत्र होता है।
- कार्य, विस्थापन के बिना किया जा सकता है।
- कार्य के लिए बल और विस्थापन दोनों की आवश्यकता होती है।
Explanation:
- कार्य (Work) = बल × विस्थापन × cos θ – यदि बल या विस्थापन में से कोई भी शून्य हो, तो कार्य शून्य होता है।
- इसलिए कार्य के लिए बल और विस्थापन दोनों आवश्यक हैं (जब तक θ ≠ 90°, जिस स्थिति में भी कार्य शून्य हो जाता है)।
Quick Facts:
- कार्य एक अदिश (scalar) राशि है, जबकि बल और विस्थापन सदिश (vector) हैं।
यदि कोई कारक W कार्य को t समय में करता है, तो शक्ति दिया गया है?
- समय/कार्य
- समय × कार्य
- समय – कार्य
- कार्य/समय
Explanation:
- शक्ति (P) = कार्य (W) / समय (t) ⇒ P = W/t
Quick Facts:
- यदि कार्य W = 100 J, समय t = 5 s, तो P = 20 W
निम्नलिखित में से कौन-सी ऊर्जा सदैव धनात्मक होती है?
- स्थितिक ऊर्जा
- गतिज ऊर्जा
- स्थितिज ऊर्जा
- गुरुत्वाकर्षण ऊर्जा
Explanation:
- गतिज ऊर्जा (KE) = ½mv² – चूँकि m (द्रव्यमान) धनात्मक और v² (वेग का वर्ग) सदैव धनात्मक होता है, KE हमेशा ≥ 0 होती है (शून्य या धनात्मक)।
- स्थितिज ऊर्जा (PE) = mgh – ऋणात्मक भी हो सकती है (यदि संदर्भ बिंदु से नीचे हो), गुरुत्वाकर्षण ऊर्जा भी ऋणात्मक हो सकती है (अनंत पर शून्य मानने पर)।
Quick Facts:
- KE कभी ऋणात्मक नहीं होती (यह अदिश धनात्मक राशि है)।
यदि उत्पादक स्तर पर 5000 J ऊर्जा से खाद्य श्रृंखला प्रारंभ होती है, तो तृतीयक उपभोक्ता को कितनी ऊर्जा उपलब्ध होगी?
- 0.5 J
- 500 J
- 5 J
- 50 J
Equation: 10% नियम: 5000 → 500 → 50 → 5 J
Explanation:
- 10% नियम (Lindeman): प्रत्येक पोषी स्तर (trophic level) पर केवल 10% ऊर्जा अगले स्तर पर स्थानांतरित होती है।
- उत्पादक → प्राथमिक उपभोक्ता → द्वितीयक → तृतीयक
- 5000 J → 500 J → 50 J → 5 J (तीन स्थानांतरण)
Quick Facts:
- शेष 90% ऊष्मा, श्वसन, अपशिष्ट आदि में नष्ट हो जाती है।
- यही कारण है कि खाद्य श्रृंखलाएँ लंबी नहीं होतीं (ऊर्जा क्षय)।
10 kg द्रव्यमान की एक वस्तु 3 m/s के प्रारंभिक वेग से गतिमान है और इसका अंतिम वेग 5 m/s हो जाता है। तब इसकी गतिज ऊर्जा में परिवर्तन है:
- 160 J
- 40 J
- 80 J
- 50 J
Equation: ΔKE = ½ × 10 × (5² – 3²) = 5 × 16 = 80 J
Explanation:
- ΔKE = ½ × 10 × (25 – 9) = 5 × 16 = 80 J
Quick Facts:
- यही कार्य-ऊर्जा प्रमेय का अनुप्रयोग है (W = ΔKE)।
एक विद्युत बल्ब 240 V जनरेटर से जुड़ा है और 0.25 A धारा कर्षित करता है। बल्ब द्वारा खपत की गई शक्ति कितनी है?
- 960 J
- 60 J
- 60 W
- 960 W
Equation: P = VI = 240 × 0.25 = 60 W
Explanation:
- विद्युत शक्ति (P) = वोल्टेज (V) × धारा (I) = 240 × 0.25 = 60 W (वाट)
- J (जूल) ऊर्जा की इकाई है – यदि समय दिया होता, तो ऊर्जा की गणना होती (E = P × t)।
Quick Facts:
- P = VI = I²R = V²/R (ओम के नियम के अनुसार)
10 kg द्रव्यमान वाले किसी पिंड को 10 m/s के वेग के साथ ऊर्ध्वाधर दिशा में ऊपर की ओर फेंका जाता है। जब वह अधिकतम ऊँचाई तक पहुँच जाएगा तो उस पिंड की स्थितिज ऊर्जा कितनी होगी? (g = 10 m/s² लीजिए)
- 500 J
- 25 J
- 2.5 J
- 250 J
Equation: PE at max height = initial KE = ½ × 10 × 10² = 500 J
Explanation:
- ऊर्जा संरक्षण: अधिकतम ऊँचाई पर, वेग = 0 ⇒ KE = 0, इसलिए PE = प्रारंभिक KE (घर्षण न होने पर)
- PE = ½ × 10 × 10² = 500 J
Quick Facts:
- अधिकतम ऊँचाई h = v²/(2g) = 100/(20) = 5 m – PE = mgh = 10 × 10 × 5 = 500 J
एक दुकान ने एक महीने में 250 यूनिट ऊर्जा की खपत की। जूल में कितनी ऊर्जा की खपत होती थी?
- 9 × 10⁻⁸ J
- 9 × 10⁻⁷ J
- 9 × 10⁸ J
- 9 × 10⁷ J
Equation: 250 × 3.6 × 10⁶ = 9 × 10⁸ J
Explanation:
- 1 यूनिट (Unit) = 1 kWh (किलोवाट-घंटा) = 3.6 × 10⁶ J
- 250 यूनिट = 250 × 3.6 × 10⁶ = 900 × 10⁶ = 9 × 10⁸ J
Quick Facts:
- यह विद्युत बिलों में प्रयुक्त व्यावहारिक इकाई है।
- 1 यूनिट = 1 kWh = 1000 W × 3600 s = 3.6 × 10⁶ J
10N के नियत बल के प्रयोग से एक पिंड 2m का विस्थापन करता है; किया गया कार्य होगा:
- 10 J
- 20 J
- 2 J
- 0 J
Equation: W = F × s = 10 × 2 = 20 J
Explanation:
- W = 10 N × 2 m = 20 J
Quick Facts:
- यदि बल और विस्थापन एक ही दिशा में हैं, तो W = F × s।
यदि 200 N के निश्चित बल के साथ एक लिफ्ट द्वारा किया गया कार्य 1000 J है, तो लिफ्ट द्वारा तय की गई दूरी है:
- 0.2 m
- 2 m
- 1 m
- 5 m
Equation: s = W/F = 1000/200 = 5 m
Explanation:
- W = F × s ⇒ s = W/F = 1000/200 = 5 m
Quick Facts:
- यदि बल और विस्थापन एक ही दिशा में हैं, तो दूरी = विस्थापन।
1 किलोवाट घंटा (kWh), जूल में कितना होता है?
- 1 kWh = 3.6 × 10⁶ जूल
- 1 kWh = 3.6 × 10³ जूल
- 1 kWh = 360 जूल
- 1 kWh = 36 × 10⁻⁶ जूल
Explanation:
- 1 kWh = 1000 W × 3600 s = 3.6 × 10⁶ J
- यह विद्युत ऊर्जा की व्यावहारिक इकाई है।
Quick Facts:
- 1 kWh को 1 यूनिट (Unit) भी कहते हैं (विद्युत बिलों में)।
15 किग्रा द्रव्यमान की एक वस्तु 2 ms⁻¹ के एकसमान वेग से गति कर रही है। वस्तु की गतिज ऊर्जा क्या है?
- 187.5 J
- 30 J
- 17.5 J
- 187.5 ms
Equation: KE = ½mv² = ½ × 15 × 2² = 30 J
Explanation:
- KE = 0.5 × 15 × 4 = 30 J
Quick Facts:
- ms (मीटर-सेकंड?) – गलत इकाई, सही इकाई J (जूल) है।
50 kg का एक लड़का 9 s में 45 सीढ़ियों की सीढ़ी पर चढ़ता है। यदि प्रत्येक सीढ़ी की ऊंचाई 15 cm है, तो उसकी शक्ति ज्ञात कीजिए। दिया गया है, g = 10 ms⁻²
- 375 W
- 275 W
- 275 J
- 375 J
Equation: h = 45 × 0.15 = 6.75 m, P = mgh/t = 50 × 10 × 6.75/9 = 375 W
Explanation:
- कुल ऊँचाई h = 45 × 0.15 = 6.75 m
- कार्य W = mgh = 50 × 10 × 6.75 = 3375 J
- शक्ति P = W/t = 3375/9 = 375 W
Quick Facts:
- शक्ति की SI इकाई वाट (W) है, जूल (J) ऊर्जा/कार्य की इकाई है।
एक राज्य में विद्युत की दर रु.5.00 प्रति इकाई है। मई के पूरे महीने में प्रतिदिन 10 घंटे तक 100 W के पंखे को चलाने की लागत कितने रुपये होगी?
- 300
- 155
- 150
- 200
Equation: Energy = 0.1 kW × 10 h × 31 = 31 kWh, Cost = 31 × 5 = 155 रु.
Explanation:
- पंखे की शक्ति = 100 W = 0.1 kW
- प्रतिदिन उपयोग = 10 घंटे, मई में दिन = 31
- कुल ऊर्जा = 0.1 × 10 × 31 = 31 kWh (यूनिट)
- लागत = 31 × 5 = ₹155
Quick Facts:
- 1 यूनिट = 1 kWh = 3.6 × 10⁶ J
- विद्युत बिल में ‘यूनिट’ का अर्थ kWh (किलोवाट-घंटा) है।
शहरी क्षेत्रों में रहने वाले व्यक्ति के लिए न्यूनतम कैलोरी की आवश्यकता होती है-
- 1800 कैलोरी
- 2400 कैलोरी
- 3000 कैलोरी
- 2100 कैलोरी
Explanation:
- भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में रहने वाले एक औसत व्यक्ति (गतिहीन/मध्यम कार्य) के लिए अनुशंसित न्यूनतम कैलोरी आवश्यकता लगभग 2100 किलोकैलोरी (kcal) प्रति दिन है।
- ग्रामीण क्षेत्रों में (अधिक शारीरिक श्रम के कारण) यह लगभग 2400 kcal होती है।
Quick Facts:
- कैलोरी ऊर्जा की एक इकाई है, जो भोजन से प्राप्त होती है।
- 1 किलोकैलोरी (kcal) = 1000 कैलोरी = 4184 J
90 W का इलेक्ट्रिक बल्ब 10 सेकंड में कितना कार्य करता है?
- 900 J
- 9 J
- 90 J
- 9000 J
Equation: W = P × t = 90 × 10 = 900 J
Explanation:
- शक्ति (Power) = कार्य/समय ⇒ कार्य (W) = शक्ति (P) × समय (t)
- W = 90 W × 10 s = 900 J (जूल)
Quick Facts:
- 1 J = 1 W·s (वाट-सेकंड)
- बल्ब की शक्ति जितनी अधिक, उतनी ही अधिक ऊर्जा खपत।
एक कुली 10 kg का सामान जमीन से उठाकर 2.5 m की ऊंचाई पर अपने सिर पर रखता है। कुली द्वारा सामान पर किया गया कार्य ज्ञात कीजिए। (g = 10 m/s² का उपयोग कीजिए)
- 25 J
- 500 J
- 100 J
- 250 J
Equation: W = mgh = 10 × 10 × 2.5 = 250 J
Explanation:
- गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध किया गया कार्य = स्थितिज ऊर्जा में वृद्धि = mgh
- W = 10 × 10 × 2.5 = 250 J
Quick Facts:
- कार्य की SI इकाई जूल (J) है, जो N·m के बराबर है।
- यहाँ ‘g’ का मान 10 m/s² लिया गया है।
किसी डिवाइस में 75 Ω का प्रतिरोध है और 4 A की धारा वहन करता है। क्षयित (dissipated) शक्ति ______ है।
- 1400 W
- 1200 W
- 300 W
- 18.75 W
Equation: P = I²R = 4² × 75 = 16 × 75 = 1200 W
Explanation:
- ओम के नियम के अनुसार, शक्ति P = I²R (जहाँ I = धारा, R = प्रतिरोध)
- P = 4² × 75 = 16 × 75 = 1200 W
Quick Facts:
- विद्युत शक्ति के सूत्र: P = VI = I²R = V²/R
- शक्ति की SI इकाई वाट (W) है।
100 gm द्रव्यमान की एक वस्तु त्रिज्या r के वृत्ताकार पथ पर नियत वेग से घूर्णन कर रही है। 1 पूर्ण चक्कर में किया गया कार्य ______ होगा।
- शून्य
- (100/r) J
- 100 r J
- (r/100) J
Explanation:
- वृत्तीय गति (uniform circular motion) में, अभिकेन्द्रीय बल (centripetal force) हमेशा विस्थापन के लंबवत (perpendicular) होता है (क्योंकि बल केंद्र की ओर और विस्थापन स्पर्शरेखीय (tangential) होता है)।
- कार्य W = F × s × cos θ, यहाँ θ = 90° ⇒ cos 90° = 0 ⇒ W = 0
- अतः 1 पूर्ण चक्कर में किया गया कार्य शून्य होता है।
Quick Facts:
- अभिकेन्द्रीय बल कार्य नहीं करता (क्योंकि यह विस्थापन के लंबवत है)।
- इसी कारण, वृत्तीय गति में गतिज ऊर्जा स्थिर रहती है।
जब हम किसी स्प्रिंग को खींचते हैं, तो स्प्रिंग में संचित ऊर्जा का रूप ______ होता है।
- गतिज ऊर्जा
- गुरुत्वीय ऊर्जा
- स्थितिज ऊर्जा
- विद्युत ऊर्जा
Explanation:
- खिंची हुई (या संकुचित) स्प्रिंग में प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा (elastic potential energy) संचित होती है, जो स्प्रिंग के विरूपण (deformation) के कारण होती है।
- यह ऊर्जा स्प्रिंग को छोड़ने पर गतिज ऊर्जा में बदल सकती है।
Quick Facts:
- प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा = ½ kx² (k = स्प्रिंग नियतांक, x = विस्तार/संपीड़न)
- यह एक प्रकार की स्थितिज ऊर्जा है।
बांध में संग्रहित जल में कौन सी ऊर्जा होती है?
- विद्युत उर्जा
- स्थितिज उर्जा
- गुरुत्वाकर्षण ऊर्जा
- गतिज उर्जा
Explanation:
- बाँध में ऊँचाई पर संग्रहित जल में गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा (gravitational potential energy) होती है, क्योंकि यह पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध ऊँचाई पर स्थित है।
- इस ऊर्जा का उपयोग टरबाइन घुमाकर विद्युत उत्पादन में किया जाता है।
Quick Facts:
- जल विद्युत (hydroelectric power) संयंत्र, स्थितिज ऊर्जा को गतिज ऊर्जा में, फिर यांत्रिक, फिर विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करते हैं।
12 kg द्रव्यमान की एक वस्तु जमीन से एक निश्चित ऊंचाई पर है। यदि वस्तु की स्थितिज ऊर्जा 600 J है, तो जमीन के सापेक्ष वस्तु की ऊंचाई ज्ञात कीजिए। (दिया गया है g = 10 ms⁻²)
- 5 m
- 5 ms⁻²
- 5 ms⁻²
- -5 m
Equation: PE = mgh → 600 = 12 × 10 × h → h = 5 m
Explanation:
- PE = mgh ⇒ h = PE/(mg) = 600/(12 × 10) = 600/120 = 5 m
- ऊँचाई 5 मीटर है (धनात्मक, क्योंकि जमीन से ऊपर)
Quick Facts:
- स्थितिज ऊर्जा = mgh (जहाँ h = संदर्भ स्तर से ऊँचाई)
- SI मात्रक: जूल (J)
औद्योगिक व्यवस्था में ऊर्जा दक्ष मशीनरी का उपयोग मुख्य रूप से में सहायता करता है।
- ऊर्जा की खपत और उसके परिणामस्वरूप उत्पाद की लागत में वृद्धि करने
- औद्योगिक ऊर्जा की आवश्यकता में कमी और उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार करने
- प्रचालन दक्षता में कमी करने
- पुराने उपकरणों का जीवनकाल बढ़ाने
Explanation:
- ऊर्जा-दक्ष (energy-efficient) मशीनरी कम ऊर्जा में अधिक कार्य करती है, जिससे ऊर्जा की खपत घटती है और उत्पादन लागत कम होती है, जिससे उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता (competitiveness) बढ़ती है।
Quick Facts:
- ऊर्जा दक्षता का अर्थ है कम ऊर्जा इनपुट पर अधिक आउटपुट प्राप्त करना।
- यह पर्यावरण और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए लाभकारी है।
निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा सही है?
- किया गया कार्य बल की दिशा के आधार पर धनात्मक या ऋणात्मक हो सकता है।
- किया गया कार्य केवल धनात्मक ही हो सकता है।
- किया गया कार्य बल या विस्थापन पर निर्भर नहीं करता है।
- किया गया कार्य केवल ऋणात्मक ही हो सकता है।
Explanation:
- कार्य W = F × s × cos θ, जहाँ θ = बल और विस्थापन के बीच कोण।
- यदि θ < 90° (तीव्र कोण) ⇒ W धनात्मक (positive)
- यदि θ = 90° ⇒ W = 0 (शून्य)
- यदि θ > 90° (अधिक कोण) ⇒ W ऋणात्मक (negative)
- इसलिए कार्य धनात्मक या ऋणात्मक हो सकता है।
Quick Facts:
- धनात्मक कार्य: बल और विस्थापन एक ही दिशा में (जैसे गिरता हुआ पिंड)
- ऋणात्मक कार्य: बल और विस्थापन विपरीत दिशा में (जैसे घर्षण बल)
15 सेमी की मोटाई की एक ठोस दीवार का आंतरिक तापमान 25°C और बाहरी तापमान 5°C होता है। दीवार के प्रति वर्ग मीटर (तापीय चालकता 0.81 J/(s m K)) के माध्यम से ऊष्मा के नुकसान की दर कितनी है?
- 54 जूल/सेकंड
- 163 जूल/सेकंड
- 120 जूल/सेकंड
- 108 जूल/सेकंड
Equation: Q/t = kA(ΔT)/L = 0.81 × 1 × 20/0.15 = 108 J/s
Explanation:
- ऊष्मा चालन का नियम (फूरिये का नियम): Q/t = kA(ΔT)/L
- यहाँ k = 0.81 J/(s·m·K), A = 1 m², ΔT = 25 – 5 = 20 K, L = 0.15 m
- Q/t = 0.81 × 1 × 20 / 0.15 = 16.2 / 0.15 = 108 J/s (या W)
Quick Facts:
- तापीय चालकता (k) की SI इकाई W·m⁻¹·K⁻¹ है।
- यह ऊष्मा स्थानांतरण की दर को दर्शाता है।
जब एक उत्थित हथौड़ा किसी कील पर आघात करता है और उसे लकड़ी में प्रविष्ट कर देता है, तो हथौड़े के बल द्वारा कील पर किया गया कार्य धनात्मक होता है। इसी परिदृश्य में, कौन-सा कथन ऋणात्मक कार्य का वर्णन करेगा?
- हथौड़े पर कील द्वारा लगाए गए बल द्वारा किया गया कार्य।
- हथौड़े में संचित स्थितिज ऊर्जा द्वारा किया गया कार्य।
- हथौड़े के आघात करते समय उस पर लगने वाले गुरुत्वीय बल द्वारा किया गया कार्य।
- लकड़ी में कील के प्रवेश करते समय उस पर लगने वाले गुरुत्वीय बल द्वारा किया गया कार्य।
Explanation:
- कील हथौड़े पर हथौड़े की गति के विपरीत दिशा में बल लगाती है (जब कील लकड़ी में प्रवेश करती है, तो हथौड़ा रुकता है)।
- इस स्थिति में, हथौड़े पर बल (कील द्वारा) और हथौड़े का विस्थापन विपरीत दिशा में होता है, इसलिए कार्य ऋणात्मक (negative) होता है।
- गुरुत्वीय बल और स्थितिज ऊर्जा के संदर्भ में कार्य धनात्मक या शून्य हो सकता है, पर यहाँ विशेष रूप से ऋणात्मक कार्य कील द्वारा हथौड़े पर लगाए गए बल का है (न्यूटन के तीसरे नियम के अनुसार क्रिया-प्रतिक्रिया, पर कार्य की दृष्टि से ऋणात्मक)।
Quick Facts:
- ऋणात्मक कार्य: जब बल विस्थापन के विपरीत दिशा में कार्य करता है (cos 180° = -1)।
- धनात्मक कार्य: जब बल विस्थापन की दिशा में होता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन स्थितिज ऊर्जा के बारे में सत्य है?
- यह केवल द्रव्यमान पर निर्भर करती है।
- इसे गतिज ऊर्जा में परिवर्तित नहीं किया जा सकता।
- भूमितल पर यह सदैव शून्य होती है।
- यह संदर्भ बिंदु के आधार पर ऋणात्मक हो सकती है।
Explanation:
- स्थितिज ऊर्जा (PE) = mgh, जहाँ h = संदर्भ बिंदु (reference point) से ऊँचाई।
- यदि हम संदर्भ बिंदु के नीचे (अर्थात ऋणात्मक h) लें, तो PE ऋणात्मक हो सकती है।
- PE द्रव्यमान और ऊँचाई (दोनों) पर निर्भर करती है, केवल द्रव्यमान पर नहीं।
- PE को गतिज ऊर्जा में परिवर्तित किया जा सकता है (जैसे गिरती हुई वस्तु)।
- भूमितल पर PE सदैव शून्य नहीं होती; यह संदर्भ बिंदु पर निर्भर करती है (हम चाहें तो भूमितल पर PE = 0 मान सकते हैं, पर यह अनिवार्य नहीं है)।
Quick Facts:
- PE = mgh (गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा)
- PE ऋणात्मक हो सकती है, जैसे गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र में (अनंत से दूर) – यह खगोल भौतिकी में सामान्य है।
किसी कार्य को करने की क्षमता रखने वाली वस्तु में _______ होती है।
- जड़त्व
- बल
- दाब
- ऊर्जा
Explanation:
- ऊर्जा (Energy) को कार्य करने की क्षमता (capacity to do work) के रूप में परिभाषित किया जाता है।
- जड़त्व (Inertia) गति के प्रतिरोध से संबंधित है, बल (Force) कार्य का कारण है, दाब (Pressure) बल/क्षेत्रफल है – ये कार्य करने की क्षमता नहीं हैं।
Quick Facts:
- ऊर्जा की SI इकाई जूल (J) है।
- ऊर्जा के विभिन्न रूप: गतिज, स्थितिज, ऊष्मीय, रासायनिक, विद्युत, आदि।
___________ गति के कारण किसी वस्तु में निहित ऊर्जा को संदर्भित करता है।
- स्थिर वैद्युत ऊर्जा
- रासायनिक ऊर्जा
- गुरुत्वाकर्षण ऊर्जा
- गतिज ऊर्जा
Explanation:
- गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) किसी वस्तु में उसकी गति (motion) के कारण निहित ऊर्जा है।
- KE = ½ mv² (जहाँ m = द्रव्यमान, v = वेग)
Quick Facts:
- गतिज ऊर्जा = ½ mv²
- यह वेग (v) के वर्ग के समानुपाती होती है – इसलिए वेग दोगुना करने पर KE चार गुनी हो जाती है।
जल पंप में ऊर्जा रूपांतरण ________ से ________ ऊर्जा में होता है।
- प्रकाश, विद्युत
- विद्युत, ऊष्मा
- विद्युत, यांत्रिक
- यांत्रिक, विद्युत
Explanation:
- जल पंप (water pump) विद्युत मोटर द्वारा संचालित होता है, जो विद्युत ऊर्जा (electrical energy) को यांत्रिक ऊर्जा (mechanical energy) में परिवर्तित करता है (पंप इम्पेलर को घुमाने के लिए)।
- यांत्रिक ऊर्जा का उपयोग जल को ऊपर उठाने या स्थानांतरित करने के लिए किया जाता है।
Quick Facts:
- मोटर: विद्युत → यांत्रिक
- जनरेटर: यांत्रिक → विद्युत
किसी निकाय की गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा (ΔPEg) में परिवर्तन, गुरुत्वाकर्षण बल द्वारा किए गए कार्य (Wg) से किस प्रकार संबंधित है?
- Wg = ΔPEg
- दोनों असंबंधित हैं
- Wg = −ΔPEg
- Wg = 0
Explanation:
- गुरुत्वाकर्षण बल द्वारा किया गया कार्य (Wg) = -ΔPEg (स्थितिज ऊर्जा में परिवर्तन का ऋणात्मक)
- यह ‘कार्य-ऊर्जा प्रमेय’ और ‘संरक्षी बलों’ (conservative forces) के लिए सामान्य संबंध है: W = -ΔU (जहाँ U = स्थितिज ऊर्जा)
- उदाहरण: जब कोई वस्तु गिरती है (गुरुत्वाकर्षण धनात्मक कार्य करता है), तो उसकी स्थितिज ऊर्जा घटती है (ΔPE ऋणात्मक), इसलिए W = -ΔPE = -(-) = धनात्मक।
Quick Facts:
- संरक्षी बल: W = -ΔU (जहाँ U = स्थितिज ऊर्जा)
- यह ऊर्जा संरक्षण का परिणाम है।
यदि विस्थापन, s = 0 इसलिए, किया गया कार्य, W = ?
- –1 J
- 0 J
- 1 J
- 2 J
Explanation:
- कार्य W = F × s × cos θ
- यदि विस्थापन s = 0, तो W = F × 0 × cos θ = 0 J
- इसका अर्थ है कि यदि वस्तु गतिमान नहीं होती, तो बल द्वारा कोई कार्य नहीं किया जाता (भले ही बल लग रहा हो, जैसे दीवार पर बल लगाना)।
Quick Facts:
- कार्य होने के लिए, बल और विस्थापन दोनों आवश्यक हैं।
- यदि विस्थापन शून्य है, तो कार्य शून्य है।
50 ओम प्रतिरोध का एक इलेक्ट्रिक हीटर 3 एम्पीयर की धारा का उपयोग करता है। 20 सेकंड में उत्पन्न ऊष्मा निर्धारित करें।
- 5000 जूल
- 1000 जूल
- 9000 जूल
- 60 जूल
Equation: H = I²Rt = 3² × 50 × 20 = 9 × 1000 = 9000 J
Explanation:
- जूल के ऊष्मा सूत्र (Joule’s law of heating): H = I²Rt
- यहाँ I = 3 A, R = 50 Ω, t = 20 s
- H = 3² × 50 × 20 = 9 × 1000 = 9000 J
Quick Facts:
- जूल का ऊष्मीय प्रभाव: H = I²Rt = VIt = V²t/R
- ऊष्मा की SI इकाई जूल (J) है, जो कैलोरी से संबंधित है (1 cal = 4.184 J)।
विभवांतर को स्थिर रखते हुए, एक परिपथ का प्रतिरोध दोगुना कर दिया जाए। तो धारा पर क्या प्रभाव होगा?
- एक चौथाई हो जाएगी
- दोगुनी हो जायेगी
- चार गुनी हो जाएगी
- आधी हो जाएगी
Equation: I = V/R → R दोगुना → I आधा
Explanation:
- ओम के नियम के अनुसार: I = V/R
- यदि V स्थिर है और R → 2R, तो I’ = V/(2R) = I/2
- अतः धारा आधी हो जाएगी।
Quick Facts:
- प्रतिरोध बढ़ने पर धारा घटती है (यदि वोल्टेज स्थिर हो)।
- यही कारण है कि प्रतिरोध को ‘धारा का अवरोधक’ (opposition to current) कहा जाता है।
______ में परिवर्तन होने पर कार्य किया जाता है।
- शक्ति
- ऊर्जा
- बल
- घर्षण
Explanation:
- कार्य (Work) करने का अर्थ है ऊर्जा (Energy) का एक रूप से दूसरे रूप में स्थानांतरण या परिवर्तन।
- जब कार्य किया जाता है, तो वस्तु की ऊर्जा में परिवर्तन होता है (जैसे स्थितिज ऊर्जा बढ़ती है या गतिज ऊर्जा घटती/बढ़ती है)।
- शक्ति (Power) कार्य करने की दर है, बल (Force) कार्य का कारण है, घर्षण (Friction) एक प्रकार का बल है।
Quick Facts:
- कार्य-ऊर्जा प्रमेय: किया गया कुल कार्य = गतिज ऊर्जा में परिवर्तन (W_net = ΔKE)
- कार्य = ऊर्जा स्थानांतरण का माध्यम है।
1 जूल / सेकंड = ?
- 1 वाट
- 1 ओम
- 1 एम्पीयर
- 1 कूलाम
Explanation:
- शक्ति (Power) = कार्य (या ऊर्जा) / समय = J/s
- 1 J/s = 1 वाट (W) – यह SI मात्रक है।
- ओम (Ω) = प्रतिरोध, एम्पीयर (A) = धारा, कूलॉम (C) = आवेश
Quick Facts:
- 1 वाट = 1 जूल/सेकंड
- विद्युत उपकरणों पर अंकित ‘W’ शक्ति (वाट) को दर्शाता है।
20 V के विभव अंतर वाले दो बिंदुओं पर 10 C का चार्ज ले जाने में कितना काम होता है?
- 10 J
- 200 J
- 2 J
- 0.5 J
Equation: W = QV = 10 × 20 = 200 J
Explanation:
- कार्य (W) = आवेश (Q) × विभवांतर (V) = 10 C × 20 V = 200 J
- यह सूत्र W = QV (विद्युत कार्य) पर आधारित है।
Quick Facts:
- 1 V = 1 J/C (जूल प्रति कूलॉम)
- यह विद्युत क्षेत्र में आवेश को स्थानांतरित करने में किए गए कार्य को दर्शाता है।
एक पिंड पर 5 N का नियत बल लगाने पर उसमें बल की दिशा में 5 m का विस्थापन होता है। इस बल के कारण कितना कार्य किया जाएगा?
- 1 J
- 25 J
- 1/5 J
- 5 J
Equation: W = F × s = 5 × 5 = 25 J
Explanation:
- W = F × s (जब बल और विस्थापन एक ही दिशा में हों, θ = 0° ⇒ cos 0° = 1)
- W = 5 N × 5 m = 25 J
Quick Facts:
- 1 J = 1 N·m (न्यूटन-मीटर)
- यदि बल और विस्थापन की दिशा भिन्न हो, तो W = F × s × cos θ का उपयोग करें।
कार्य-ऊर्जा प्रमेय के अनुसार किसी पिंड पर किया गया कुल कार्य, ____________ के बराबर होता है।
- पिंड के कार्य और ऊर्जा में परिवर्तन
- पिंड की गतिज ऊर्जा में परिवर्तन
- पिंड की स्थैतिक ऊर्जा में परिवर्तन
- पिंड की स्थितिज ऊर्जा में परिवर्तन
Explanation:
- कार्य-ऊर्जा प्रमेय (Work-Energy Theorem): W_net = ΔKE = KE₂ – KE₁
- इसका अर्थ है कि किसी पिंड पर किए गए कुल कार्य का परिणाम उसकी गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) में परिवर्तन के रूप में होता है।
- यह प्रमेय न्यूटन के द्वितीय नियम से व्युत्पन्न है।
Quick Facts:
- W_net = ΔKE = ½ m(v² – u²)
- यदि वस्तु विराम से चलना शुरू करे, तो W = ½ mv² (गतिज ऊर्जा के बराबर)।
किसी वस्तु द्वारा कार्य करने की क्षमता या किसी वस्तु में निहित ऊर्जा, _____ पर निर्भर करती है।
- वस्तु के द्रव्यमान और आयतन
- किसी निश्चित दिशा में वस्तु की गति
- कार्य करने वाली वस्तु की स्थिति और अवस्था
- वस्तु के परिमाण और दिशा
Explanation:
- किसी वस्तु की ऊर्जा (या कार्य करने की क्षमता) उसकी स्थिति (जैसे ऊँचाई – स्थितिज ऊर्जा) और अवस्था (जैसे गति – गतिज ऊर्जा, या विरूपण – प्रत्यास्थ ऊर्जा) पर निर्भर करती है।
- द्रव्यमान और आयतन मात्र भौतिक विशेषताएँ हैं, पर ऊर्जा का निर्धारण स्थिति/अवस्था से होता है।
Quick Facts:
- स्थितिज ऊर्जा = स्थिति (position) पर, गतिज ऊर्जा = गति (motion) पर निर्भर
- ऊर्जा अदिश (scalar) राशि है, दिशा पर निर्भर नहीं करती (जैसे गतिज ऊर्जा v² पर, v की दिशा पर नहीं)।
एक वस्तु पर 6 N का बल लगाया जाता है, जिसके परिणामस्वरूप वह बल की दिशा में 2 m विस्थापित हो जाती है। यदि विस्थापन के दौरान बल स्थिर रहता है, तो इस स्थिति में किया गया कार्य क्या है?
- 25 J
- 12 J
- 3 J
- 10 J
Equation: W = F × s = 6 × 2 = 12 J
Explanation:
- W = F × s (बल और विस्थापन समान दिशा में)
- W = 6 N × 2 m = 12 J
Quick Facts:
- स्थिर बल के लिए कार्य = बल × विस्थापन
- यदि बल परिवर्ती हो, तो कार्य = ∫F·ds (समाकलन द्वारा) होता है।
एक खिंचे हुए रबर बैंड द्वारा किस प्रकार की ऊर्जा अर्जित की जाती है?
- प्रकाश ऊर्जा
- गतिज ऊर्जा
- स्थितिज ऊर्जा
- थर्मल ऊर्जा
Explanation:
- खिंचा हुआ रबर बैंड (stretched rubber band) अपनी विकृत अवस्था (deformed state) के कारण प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा (elastic potential energy) संचित करता है।
- जब इसे छोड़ा जाता है, तो यह ऊर्जा गतिज ऊर्जा में बदल जाती है।
Quick Facts:
- प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा = ½ kx² (k = स्प्रिंग/रबर का बल नियतांक, x = विरूपण)
- यह स्थितिज ऊर्जा का ही एक रूप है।
गतिमान पिंड में उसकी गति के कारण जो ऊर्जा होती है, उसे _______ कहते हैं।
- विद्युत चुम्बकीय ऊर्जा
- नाभिकीय ऊर्जा
- गतिज ऊर्जा
- स्थितिज ऊर्जा
Explanation:
- गतिमान (moving) पिंड में उसकी गति के कारण ऊर्जा को गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) कहते हैं।
- KE = ½ mv²
Quick Facts:
- विरामावस्था में वस्तु की गतिज ऊर्जा शून्य होती है (v = 0)।
- गतिज ऊर्जा, वेग के वर्ग (v²) के समानुपाती होती है।
द्रव्यमान 20 kg की एक वस्तु 5 ms⁻¹ के समान वेग के साथ घूम रही है। इसके पास मौजूद गतिज ऊर्जा क्या है?
- 350 J
- 150 J
- 200 J
- 250 J
Equation: KE = ½ × 20 × 5² = 250 J
Explanation:
- KE = ½ mv² = ½ × 20 × (5)² = 10 × 25 = 250 J
Quick Facts:
- गतिज ऊर्जा की SI इकाई: जूल (J)
- यदि वेग दोगुना हो जाए, तो KE चार गुनी हो जाती है (क्योंकि KE ∝ v²)।
विद्युत मोटर में ऊर्जा का रूपांतरण होता है:
- यांत्रिक ऊर्जा से विद्युत ऊर्जा
- विद्युत ऊर्जा से ताप ऊर्जा
- विद्युत ऊर्जा से यांत्रिक ऊर्जा
- सूर्य के प्रकाश से विद्युत ऊर्जा
Explanation:
- विद्युत मोटर (electric motor) विद्युत ऊर्जा (electrical energy) को यांत्रिक ऊर्जा (mechanical energy – घूर्णन/गति) में परिवर्तित करती है।
- जनरेटर (generator) इसके विपरीत करता है (यांत्रिक → विद्युत)।
Quick Facts:
- मोटर: विद्युत → यांत्रिक (घूर्णन)
- हीटर: विद्युत → ऊष्मा
- सोलर पैनल: प्रकाश → विद्युत
निम्नलिखित में से कौन सी राशि जूल (J) में व्यक्त की जाती है?
- कार्य और जड़त्व
- कार्य और ऊर्जा
- वेग और विस्थापन
- जड़त्व और ऊर्जा
Explanation:
- जूल (J) कार्य (Work) और ऊर्जा (Energy) की SI इकाई है।
- 1 J = 1 N·m = 1 kg·m²/s²
- जड़त्व (Inertia) = kg·m² (या kg, पर J नहीं), वेग (m/s), विस्थापन (m) – इनकी इकाइयाँ भिन्न हैं।
Quick Facts:
- जूल का नाम जेम्स प्रेस्कॉट जूल (James Prescott Joule) के नाम पर रखा गया है।
- ऊष्मा, कार्य, ऊर्जा – तीनों की SI इकाई जूल है।
750 W की एक इलेक्ट्रिक वॉशिंग मशीन का उपयोग प्रति दिन 4 घंटे तक किया जाता है। एक दिन में मशीन द्वारा खपत ऊर्जा ______ होगी।
- 30 यूनिट
- 3 यूनिट
- 3,000 यूनिट
- 300 यूनिट
Equation: Energy = 0.75 kW × 4 h = 3 kWh = 3 units
Explanation:
- शक्ति = 750 W = 0.75 kW
- ऊर्जा (kWh) = शक्ति (kW) × समय (h) = 0.75 × 4 = 3 kWh
- 1 यूनिट = 1 kWh, अतः 3 यूनिट
Quick Facts:
- 1 यूनिट = 1 किलोवाट-घंटा (kWh) = 3.6 × 10⁶ J
- विद्युत बिल यूनिट (kWh) में आता है।
3 kg द्रव्यमान के एक पिंड को 12 m की ऊंचाई तक उत्थापित किया जाता है। दी गई ऊंचाई पर स्थितिज ऊर्जा का मान कितना है? (g = 10 m/s² लीजिए)
- 36.0 J
- 3.0 J
- 360.0 J
- 4.0 J
Equation: PE = mgh = 3 × 10 × 12 = 360 J
Explanation:
- PE = mgh = 3 × 10 × 12 = 360 J
- यहाँ h = 12 m, g = 10 m/s²
Quick Facts:
- स्थितिज ऊर्जा हमेशा संदर्भ स्तर (ground) के सापेक्ष मापी जाती है।
- यदि हम भूमि को संदर्भ स्तर (PE = 0) मानें, तो 12 m पर PE = 360 J है।
एक विद्युत बल्ब 200 V के जनरेटर से जुड़ा है। बल्ब द्वारा ली गई धारा 0.1 A है। बल्ब की शक्ति क्या है?
- 200 W
- 20 W
- 2 W
- 10 W
Equation: P = VI = 200 × 0.1 = 20 W
Explanation:
- विद्युत शक्ति (P) = वोल्टेज (V) × धारा (I) = 200 × 0.1 = 20 W
Quick Facts:
- P = VI (हमेशा प्रयोग करें, जब V और I ज्ञात हों)
- बल्ब 20 W का है – अर्थात यह प्रति सेकंड 20 J ऊर्जा खपत करता है।
एक लड़के द्वारा गुरुत्व के विरुद्ध किए गए उस कार्य की मात्रा कितनी है, जिसमें वह 3 kg वजन वाली साइकिल को समतल सड़क पर 10 m की दूरी तक चलाता है? (g = 9.8 m/sec²)
- 0 J
- 300 J
- 0.3 J
- 30 J
Explanation:
- गुरुत्वाकर्षण बल नीचे की ओर (ऊर्ध्वाधर) कार्य करता है, जबकि साइकिल क्षैतिज (horizontal) दिशा में चलती है।
- बल (गुरुत्व) और विस्थापन (क्षैतिज) के बीच कोण θ = 90° है, इसलिए cos 90° = 0
- W = F × s × cos θ = mg × 10 × 0 = 0 J
- अतः गुरुत्व के विरुद्ध कोई कार्य नहीं किया गया (समतल सड़क पर ऊँचाई में कोई परिवर्तन नहीं)।
Quick Facts:
- गुरुत्व के विरुद्ध कार्य तभी होता है जब वस्तु की ऊँचाई बदले (ऊपर उठाना) – जैसे पहाड़ी पर चढ़ना।
- समतल सड़क पर गुरुत्व के विरुद्ध कार्य शून्य होता है।
बोहर के सिद्धांत में निम्नलिखित में से कौन असतत है?
- रैखिक संवेग
- वेग
- कोणीय संवेग
- ऊर्जा
Explanation:
- बोहर के परमाणु मॉडल (Bohr’s atomic model) में, इलेक्ट्रॉन की ऊर्जा (energy) असतत (discrete/quantized) होती है – अर्थात यह केवल निश्चित मान (स्थिर कक्षाओं) पर ही हो सकती है।
- इलेक्ट्रॉन का कोणीय संवेग (angular momentum) भी क्वांटित है (mvr = nh/2π), पर प्रश्न ‘बोहर के सिद्धांत में असतत’ – ऊर्जा असतत है, जो कक्षाओं में परिवर्तन से संबंधित है। (कोणीय संवेग भी असतत है, पर ऊर्जा अधिक मौलिक है।)
Quick Facts:
- बोहर का पोस्टुलेट: Eₙ = -13.6/n² eV (n = 1, 2, 3…)
- इसी कारण, परमाणु विशिष्ट वर्णक्रम (spectral lines) उत्सर्जित करते हैं।
एक संकुचित स्प्रिंग में ______ होती है।
- विद्युत ऊर्जा
- रासायनिक ऊर्जा
- स्थितिज ऊर्जा
- गतिज ऊर्जा
Explanation:
- संकुचित (compressed) या खिंची (stretched) स्प्रिंग में प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा (elastic potential energy) संचित होती है, जो स्थितिज ऊर्जा का ही एक रूप है।
Quick Facts:
- स्थितिज ऊर्जा = वस्तु की स्थिति या विन्यास (configuration) के कारण संचित ऊर्जा
- स्प्रिंग में PE = ½ kx² (k = स्प्रिंग नियतांक, x = संपीड़न/विस्तार)
20 Ω प्रतिरोध का एक विद्युत हीटर 220 V आपूर्ति से जुड़ने पर 10 मिनट तक प्रचालित होता है। उत्पन्न ऊष्मा ______ है।
- 2.9 × 10⁶ J
- 1.45 × 10⁶ J
- 2.9 × 10⁴ J
- 1.45 × 10⁶ J
Equation: H = V²t/R = 220² × 600/20 = 48400 × 30 = 1,452,000 ≈ 1.45 × 10⁶ J
Explanation:
- समय t = 10 मिनट = 600 सेकंड
- H = V²t/R = (220² × 600) / 20 = (48400 × 600) / 20 = 48400 × 30 = 1,452,000 J ≈ 1.45 × 10⁶ J
Quick Facts:
- जूल के ऊष्मीय सूत्र के रूप: H = VIt = I²Rt = V²t/R
- यह हीटर में उत्पन्न ऊष्मा की मात्रा है।
6 m की ऊंचाई पर और 50 kg के द्रव्यमान के साथ स्थिर वस्तु के पास मौजूद ऊर्जा ज्ञात करें (g = 10 m/s²)
- 3000 J
- 3 × 10⁴ J
- 300 J
- 30 J
Equation: PE = mgh = 50 × 10 × 6 = 3000 J
Explanation:
- वस्तु स्थिर है, इसलिए इसमें गतिज ऊर्जा नहीं है – केवल स्थितिज ऊर्जा है।
- PE = mgh = 50 × 10 × 6 = 3000 J
Quick Facts:
- स्थितिज ऊर्जा = mgh
- यदि वस्तु को नीचे गिराया जाए, तो यह PE गतिज ऊर्जा में बदल जाएगी।
निम्नलिखित में से कौन-सा, यांत्रिक ऊर्जा का एक रूप है?
- रासायनिक ऊर्जा
- ऊष्मा ऊर्जा
- ध्वनि ऊर्जा
- गतिज ऊर्जा
Explanation:
- यांत्रिक ऊर्जा (Mechanical Energy) दो प्रकार की होती है: गतिज ऊर्जा (गति के कारण) और स्थितिज ऊर्जा (स्थिति/विन्यास के कारण)।
- रासायनिक, ऊष्मा, ध्वनि – ये अन्य प्रकार की ऊर्जा हैं, यांत्रिक नहीं।
Quick Facts:
- यांत्रिक ऊर्जा = KE + PE
- यह किसी वस्तु की गति और स्थिति से संबंधित ऊर्जा है।
सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए। 1 KWh = ______
- 3,60,000 J
- 3,600 J
- 36,00,000 J
- 36,000 J
Explanation:
- 1 kWh = 1 × 10³ W × 3600 s = 3.6 × 10⁶ J = 36,00,000 J
- यह विद्युत ऊर्जा की व्यावसायिक इकाई (बिलिंग) है।
Quick Facts:
- 1 kWh = 1 यूनिट = 3.6 × 10⁶ J
- यह 1 kW (1000 W) उपकरण को 1 घंटे चलाने पर खपत ऊर्जा है।
कार्नोट इंजन की दक्षता को किसके द्वारा बढ़ाया जा सकता है:
- कार्य करने वाले पदार्थ की मात्रा को कम करके
- कार्य करने वाले पदार्थ की मात्रा को बढ़ाकर
- सिंक के तापमान को कम करके
- सिंक के तापमान को बढ़ाकर
Explanation:
- कार्नोट इंजन (Carnot engine) की दक्षता: η = 1 – T_c/T_h (जहाँ T_c = सिंक (sink) का तापमान, T_h = स्रोत (source) का तापमान)
- यदि T_c (सिंक का तापमान) कम किया जाए, तो η बढ़ता है (क्योंकि T_c/T_h घटता है)।
- कार्य करने वाले पदार्थ की मात्रा का दक्षता पर प्रभाव नहीं पड़ता (यह केवल ऊष्मा की मात्रा को प्रभावित करता है)।
Quick Facts:
- कार्नोट इंजन सबसे अधिक दक्ष (ideal) ऊष्मा इंजन है (दक्षता हमेशा < 100%)
- इसकी दक्षता केवल तापमानों पर निर्भर करती है (T_h और T_c), पदार्थ पर नहीं।
निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प यांत्रिक ऊर्जा का सर्वोत्तम वर्णन करता है?
- स्थितिज ऊर्जा और गतिज ऊर्जा का योग
- भोजन और ईंधन में संग्रहित ऊर्जा
- सूर्य से प्राप्त ऊर्जा
- प्रकाश ऊर्जा और रासायनिक ऊर्जा का योग
Explanation:
- यांत्रिक ऊर्जा (Mechanical Energy) = स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy) + गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy)
- भोजन/ईंधन = रासायनिक ऊर्जा, सूर्य = प्रकाश/ऊष्मा ऊर्जा, प्रकाश+रासायनिक = अन्य प्रकार।
Quick Facts:
- यांत्रिक ऊर्जा का संरक्षण: यदि केवल संरक्षी बल (जैसे गुरुत्वाकर्षण) कार्य करें, तो KE + PE = स्थिरांक।
- यह ‘ऊर्जा संरक्षण का नियम’ का विशेष रूप है।
किसी वस्तु की स्थितिज ऊर्जा ______ के बराबर होती है।
- वेग में परिवर्तन
- त्वरण में परिवर्तन
- ऊर्जा का स्थानांतरण
- ऊर्जा की हानि
Explanation:
- स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy) = वस्तु की स्थिति/विन्यास के कारण संचित ऊर्जा, जो कार्य करने की क्षमता है – यह अनिवार्य रूप से ऊर्जा का स्थानांतरण (transfer of energy) है जब वस्तु की स्थिति बदलती है।
- गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा (mgh) – यह ऊर्जा है, जो स्थानांतरित हो सकती है (जैसे गतिज ऊर्जा में)।
Quick Facts:
- PE = mgh (गुरुत्वीय), ½ kx² (प्रत्यास्थ)
- ऊर्जा का स्थानांतरण = कार्य द्वारा होता है (जब बल कार्य करता है)।
घर्षण द्वारा किया गया कार्य कभी भी शून्य नहीं होता लेकिन ______ ऊर्जा के रूप में स्थानांतरित हो जाता है।
- रासायनिक
- घर्षणात्मक
- नाभिकीय
- ऊष्मा
Explanation:
- घर्षण (friction) द्वारा किया गया कार्य, ऊष्मा (heat) के रूप में परिवर्तित हो जाता है (घर्षण के कारण ताप उत्पन्न होता है)।
- यह ऊर्जा का अपव्यय (dissipation) है, जो पर्यावरण में फैल जाती है।
Quick Facts:
- घर्षण एक गैर-संरक्षी (non-conservative) बल है – इसके कारण यांत्रिक ऊर्जा संरक्षित नहीं रहती।
- घर्षण द्वारा किया गया कार्य सदैव ऋणात्मक (विरोध) होता है, और ऊष्मा में बदल जाता है।
किसी वस्तु पर 10 N बल कार्य करता है। वस्तु बल की दिशा में 5 m विस्थापित होती है। बल द्वारा किया गया कार्य ___ है।
- 50 Pa
- 50 J
- 50 N
- 50 kg
Equation: W = F × s = 10 × 5 = 50 J
Explanation:
- W = F × s = 10 N × 5 m = 50 J
- Pa (पास्कल) = दाब, N (न्यूटन) = बल, kg (किलोग्राम) = द्रव्यमान – इनमें से केवल J (जूल) कार्य की इकाई है।
Quick Facts:
- कार्य की SI इकाई जूल (J) है, जो N·m के बराबर है।
- यदि बल और विस्थापन एक ही दिशा में हैं, तो W = F × s।
निम्नलिखित में से किसे न तो उत्पन्न किया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है?
- ऊर्जा
- बल
- संवेग
- शक्ति
Explanation:
- ऊर्जा संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Energy): ऊर्जा को न तो उत्पन्न (created) किया जा सकता है और न ही नष्ट (destroyed) किया जा सकता है; यह केवल एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तित (transformed) हो सकती है।
- बल, संवेग, शक्ति – ये संरक्षित राशियाँ नहीं हैं (संवेग संरक्षित हो सकता है, पर बाह्य बल की अनुपस्थिति में; शक्ति संरक्षित नहीं होती)।
Quick Facts:
- ऊर्जा संरक्षण, थर्मोडायनामिक्स का पहला नियम है।
- संवेग संरक्षण भी एक नियम है (बाह्य बल की अनुपस्थिति में), पर ऊर्जा ही मूल रूप से ‘अविनाशी’ है।
एक कामगार 10 किग्रा के चावल के बोरे को जमीन से उठाकर 2 मीटर ऊँचे ट्रक पर रखता है। उसके द्वारा चावल के बोरे पर किया गया कार्य ज्ञात कीजिए। (दिया गया है, g = 10 ms⁻²)
- 100 J
- 59 J
- 153 J
- 200 J
Equation: W = mgh = 10 × 10 × 2 = 200 J
Explanation:
- W = mgh = 10 × 10 × 2 = 200 J
- यह गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध किया गया कार्य है, जो स्थितिज ऊर्जा में वृद्धि के बराबर है।
Quick Facts:
- कार्य = बल × विस्थापन (यहाँ बल = mg, विस्थापन = h)
- 1 J = 1 N·m
एक वस्तु को भूमि स्तर से पहले 5 m तक, फिर 10 m तक और फिर 15 m तक ऊपर उठाया जाता है। किस ऊँचाई पर वस्तु में स्थितिज ऊर्जा अधिकतम होगी?
- 10 m पर
- 15 m पर
- भूमि स्तर पर
- 5 m पर
Explanation:
- स्थितिज ऊर्जा (PE) = mgh, इसलिए PE ∝ h (ऊँचाई के समानुपाती) – जब m और g स्थिर हों।
- अधिकतम ऊँचाई पर (15 m) PE अधिकतम होगी।
Quick Facts:
- भूमि स्तर पर PE = 0 (यदि संदर्भ स्तर भूमि हो), 5m, 10m, 15m पर PE क्रमशः बढ़ती है।
- 15 m पर PE = mg × 15 (अधिकतम)
विद्युत ऊर्जा की 1 व्यावसायिक इकाई कितने जूल होती है?
- 3.6 × 10⁵
- 3.6 × 10⁶
- 3.6 × 10⁷
- 3.6 × 10⁸
Explanation:
- 1 व्यावसायिक इकाई = 1 kWh = 1000 W × 3600 s = 3,600,000 J = 3.6 × 10⁶ J
Quick Facts:
- यह इकाई विद्युत बिल के लिए उपयोग होती है।
- 1 यूनिट = 1 kWh = 3.6 × 10⁶ J
सीसे (लेड) के 100 ग्राम ब्लॉक को 20°C से 50°C तक गर्म किया जाता है। ब्लॉक में स्थानांतरित ऊष्मा की मात्रा की गणना कीजिए (सीसे की विशिष्ट ऊष्मा = 127 J·Kg⁻¹·K⁻¹)
- 381 J
- 127 J
- 321 J
- 230 J
Equation: Q = mcΔT = 0.1 × 127 × 30 = 381 J
Explanation:
- ऊष्मा (Q) = m × c × ΔT
- m = 100 g = 0.1 kg, c = 127 J/kg·K, ΔT = 50 – 20 = 30 K
- Q = 0.1 × 127 × 30 = 381 J
Quick Facts:
- विशिष्ट ऊष्मा (c) = 1 kg पदार्थ का तापमान 1 K बढ़ाने के लिए आवश्यक ऊष्मा।
- इसकी SI इकाई J·kg⁻¹·K⁻¹ है।
एक 0.5 किग्रा की गेंद को 20 मीटर ऊँचे भवन के शिखर से छोड़ा जाता है। जमीन से टकराने से ठीक पहले गेंद की गतिज ऊर्जा ज्ञात कीजिए। (मान लीजिए कि g = 10 m/s² है।)
- 80 J
- 40 J
- 20 J
- 100 J
Equation: KE = mgh = 0.5 × 10 × 20 = 100 J
Explanation:
- ऊर्जा संरक्षण के अनुसार, शिखर पर PE (mgh), जमीन पर पूर्णतः KE में बदल जाती है (वायु प्रतिरोध नगण्य मानने पर)।
- KE = mgh = 0.5 × 10 × 20 = 100 J
Quick Facts:
- KE = ½ mv² = mgh (जब कोई वस्तु ऊँचाई h से गिरती है, और u = 0)
- यह गैलीलियो/न्यूटन के नियमों पर आधारित है।
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गतिज ऊर्जा का सर्वोत्तम रूप से वर्णन करता है?
- यह वह ऊर्जा है जो किसी पिंड के विरामावस्था में होने के कारण होती है।
- यह वह ऊर्जा है जो पिंड की चाल बढ़ने पर घटती है।
- यह वह संचित ऊर्जा है जो किसी पिंड में उसके आकार के कारण होती है।
- यह वह ऊर्जा है जो किसी पिंड में उसकी गति के कारण होती है, और यह पिंड की चाल बढ़ने पर बढ़ती है।
Explanation:
- गतिज ऊर्जा (KE) = ½ mv², यह गति (velocity) के कारण होती है, और KE ∝ v² (चाल बढ़ने पर बढ़ती है)।
- पहला विकल्प: विराम में → KE = 0, तीसरा: आकार के कारण → प्रत्यास्थ PE, दूसरा: चाल बढ़ने पर KE घटती नहीं, बढ़ती है।
Quick Facts:
- गतिज ऊर्जा = ½ mv²
- यह अदिश (scalar) राशि है, दिशा पर निर्भर नहीं करती।
एक ऐसे ग्रह पर विचार करें जिसका द्रव्यमान और त्रिज्या दोनों ही पृथ्वी के आधे हैं। पृथ्वी पर W भार की वस्तु का भार उस ग्रह पर ______ होगा।
- W/4
- W
- W/2
- 2W
Equation: g ∝ M/R² → g’ = (½)/(¼) × g = 2g → Weight = 2W
Explanation:
- g = GM/R², अतः g ∝ M/R²
- यदि M’ = M/2, R’ = R/2, तो g’ = G(M/2)/(R/2)² = G(M/2)/(R²/4) = G × (M/2) × (4/R²) = 2 × GM/R² = 2g
- भार = mg’ = m × 2g = 2 × mg = 2W
Quick Facts:
- गुरुत्वीय त्वरण (g) ∝ M और ∝ 1/R²
- इस ग्रह पर भार दोगुना हो जाता है (2W)।
50 किलोग्राम द्रव्यमान वाला एक लड़का 10 सेकंड में 40 सीढ़ियाँ चढ़ता है, जिनमें से प्रत्येक की ऊँचाई 16 cm की है। उसकी शक्ति की गणना कीजिए। (g = 10 m/s² लीजिए)
- 480 W
- 320 W
- 120 W
- 80 W
Equation: h = 40 × 0.16 = 6.4 m, P = mgh/t = 50 × 10 × 6.4/10 = 320 W
Explanation:
- कुल ऊँचाई h = 40 × 0.16 = 6.4 m
- कार्य W = mgh = 50 × 10 × 6.4 = 3200 J
- शक्ति P = W/t = 3200 / 10 = 320 W
Quick Facts:
- शक्ति = कार्य/समय
- SI इकाई: वाट (W) = J/s
एक माइक्रोफोन परिवर्तित करता है:
- यांत्रिक ऊर्जा को ध्वनि ऊर्जा में
- विद्युत ऊर्जा को ध्वनि ऊर्जा में
- ध्वनि ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में
- ध्वनि ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में
Explanation:
- माइक्रोफोन (microphone) ध्वनि ऊर्जा (sound energy) को विद्युत ऊर्जा (electrical energy) में परिवर्तित करता है (यह एक ट्रांसड्यूसर है)।
- लाउडस्पीकर (speaker) इसके विपरीत करता है (विद्युत → ध्वनि)।
Quick Facts:
- माइक्रोफोन: ध्वनि → विद्युत (सिग्नल)
- लाउडस्पीकर: विद्युत → ध्वनि
वेग v से गतिमान m द्रव्यमान की किसी वस्तु की गतिज ऊर्जा 25 J है। जब इसका वेग बढ़ाकर तीन गुना (3v) कर दिया जाए तो इसकी गतिज ऊर्जा कितनी होगी?
- 75 J
- 225 J
- 150 J
- 125 J
Equation: KE ∝ v² → v 3 गुना → KE 9 गुना = 25 × 9 = 225 J
Explanation:
- KE = ½ mv², अतः KE ∝ v²
- यदि v → 3v, तो KE’ ∝ (3v)² = 9v² ⇒ KE’ = 9 × KE = 9 × 25 = 225 J
Quick Facts:
- गतिज ऊर्जा, वेग के वर्ग (v²) के समानुपाती होती है।
- यदि वेग दोगुना हो, तो KE चार गुना; तिगुना → नौ गुना।
पृथ्वी की सतह से ऊँचाई ‘h’ तक उठाई गई ‘m’ द्रव्यमान की वस्तु की गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा ______ द्वारा दी जाती है।
- ma
- mav
- mgh
- mgv
Explanation:
- गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा = mgh
- जहाँ m = द्रव्यमान, g = गुरुत्वीय त्वरण, h = ऊँचाई
- ma = बल (यदि a = त्वरण), mav = संवेग/बल×वेग, mgv = शक्ति (mg × v, जो शक्ति है, PE नहीं)
Quick Facts:
- PE = mgh (गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा)
- यह वस्तु की स्थिति (ऊँचाई) के कारण होती है।
एक बांध में, पानी की स्थितिज ऊर्जा ______ में बदल जाती है, जो टरबाइन को घुमाता है।
- गतिज ऊर्जा
- ऊष्मीय ऊर्जा
- विद्युत ऊर्जा
- यांत्रिक ऊर्जा
Explanation:
- बाँध में ऊँचाई पर संग्रहित जल की स्थितिज ऊर्जा (PE) पहले गतिज ऊर्जा (KE) में बदलती है (जब यह नीचे गिरता है/बहता है), फिर यह गतिज ऊर्जा टरबाइन को घुमाती है (यांत्रिक ऊर्जा), और फिर जनरेटर विद्युत ऊर्जा उत्पन्न करता है।
Quick Facts:
- PE → KE → यांत्रिक (टरबाइन) → विद्युत (जनरेटर)
- जल विद्युत संयंत्र में यह क्रम होता है।
यदि 10 N का एक नियत बल किसी वस्तु को बल की दिशा में 5 m गतिमान करता है, तो किया गया कार्य ज्ञात कीजिए।
- 2 J
- 5 J
- 15 J
- 50 J
Equation: W = F × s = 10 × 5 = 50 J
Explanation:
- W = F × s × cos θ, यहाँ θ = 0° ⇒ cos 0° = 1, इसलिए W = 10 × 5 = 50 J
Quick Facts:
- नियत बल के लिए कार्य = बल × विस्थापन (जब दिशा समान हो)।
- यदि बल और विस्थापन विपरीत हों, तो कार्य ऋणात्मक होगा।
नियत बल की क्रिया के तहत एक द्रव्यमान (m) द्वारा विराम स्थिति से एक दूरी तय करने में अर्जित गतिज ऊर्जा किसके समानुपातिक है?
- 1/m
- m⁰
- m
- 1/m
Explanation:
- नियत बल F के तहत, त्वरण a = F/m (स्थिर), विस्थापन s = ½ at², अंतिम वेग v² = 2as = 2(F/m)s
- KE = ½ mv² = ½ m × (2Fs/m) = F × s
- अतः KE, द्रव्यमान (m) पर निर्भर नहीं करती है (यह केवल F और s पर निर्भर करती है)।
- इसलिए KE ∝ m⁰ (m की घात 0, अर्थात स्वतंत्र)।
Quick Facts:
- कार्य-ऊर्जा प्रमेय: W = F·s = ΔKE
- यदि F और s स्थिर हैं, तो अर्जित KE द्रव्यमान पर निर्भर नहीं करती (गैलीलियो का नियम – सभी वस्तुएँ समान त्वरण से गिरती हैं, यहाँ भी समान KE प्राप्त होती है?) – यह प्रश्न क्वांटिटेटिव है, KE = F·s, इसलिए m स्वतंत्र है।
निम्नलिखित स्थितियों में से किसमें, कोई कार्य नहीं किया जाता है?
- पवन चक्की कुएँ से पानी निकाल रही है।
- एक आदमी अपनी पीठ पर वजन लेकर चल रहा है।
- एक महिला एक पूल में तैर रही है।
- एक इंजन ट्रेन को खींच रहा है।
Explanation:
- जब कोई व्यक्ति अपनी पीठ पर वजन लेकर समतल सड़क पर चलता है, तो वह बल (भार) नीचे की ओर लगाता है, जबकि विस्थापन क्षैतिज (horizontal) होता है।
- बल और विस्थापन के बीच कोण θ = 90° है, cos 90° = 0, इसलिए W = F × s × cos 90° = 0 J (कोई कार्य नहीं)।
- अन्य सभी में बल और विस्थापन की दिशा में कुछ अंश (cos θ > 0) है, इसलिए कार्य होता है।
Quick Facts:
- यदि बल विस्थापन के लंबवत (perpendicular) हो, तो कार्य शून्य होता है (जैसे वृत्तीय गति में अभिकेन्द्रीय बल, या क्षैतिज चलते समय भार)।
किसी वस्तु की गतिज ऊर्जा और स्थितिज ऊर्जा के योग को ______ कहा जाता है।
- कुल रासायनिक ऊर्जा
- कुल यांत्रिक ऊर्जा
- कुल गुरुत्वाकर्षण ऊर्जा
- कुल परमाणु ऊर्जा
Explanation:
- गतिज ऊर्जा (KE) + स्थितिज ऊर्जा (PE) = कुल यांत्रिक ऊर्जा (Total Mechanical Energy)
- यह संरक्षी बलों (जैसे गुरुत्वाकर्षण) के अधीन निकाय के लिए संरक्षित रहती है (यदि गैर-संरक्षी बल न हों)।
Quick Facts:
- यांत्रिक ऊर्जा = KE + PE
- इसे ‘ME’ (Mechanical Energy) से व्यक्त करते हैं।
जब प्रयुक्त बल की दिशा और वस्तु के गतिशील होने की दिशा परस्पर लंबवत हों, तो ______
- शक्ति का प्रयोग किया जाता है।
- कोई कार्य नहीं होता है।
- शक्ति का प्रयोग नहीं किया जाता है।
- कार्य होता है।
Explanation:
- कार्य (Work) का सूत्र: W = F × s × cos θ, जहाँ θ = बल और विस्थापन के बीच का कोण।
- यदि θ = 90° (लंबवत), तो cos 90° = 0, इसलिए W = 0 (कोई कार्य नहीं)।
- उदाहरण: एक व्यक्ति सिर पर भार रखकर क्षैतिज चलता है (गुरुत्वाकर्षण बल (नीचे) और विस्थापन (क्षैतिज) लंबवत हैं) – किया गया कार्य शून्य है।
Quick Facts:
- कार्य की SI इकाई: जूल (J)
- यदि बल और विस्थापन एक ही दिशा में (θ = 0°), तो कार्य अधिकतम (धनात्मक) होता है।
- यदि θ = 180° (विपरीत), तो कार्य ऋणात्मक होता है (जैसे घर्षण बल)।
यदि तापमान में वृद्धि की जाए तो ठोस के कणों की गतिज ऊर्जा में क्या परिवर्तन होगा?
- गतिज ऊर्जा में वृद्धि होती है।
- गतिज ऊर्जा में कमी होती है।
- गतिज ऊर्जा शून्य हो जाती है।
- गतिज ऊर्जा अपरिवर्तित रहती है।
Explanation:
- तापमान (Temperature) कणों की औसत गतिज ऊर्जा (average kinetic energy) का माप है।
- तापमान बढ़ने पर, कणों की गति बढ़ती है, इसलिए उनकी गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) बढ़ती है।
- ठोस में, कण अपनी स्थिर स्थितियों के चारों ओर अधिक कंपन (vibrate) करते हैं, जिससे उनकी KE बढ़ती है।
Quick Facts:
- निरपेक्ष शून्य (0 K) पर, कणों की गतिज ऊर्जा सैद्धांतिक रूप से न्यूनतम (शून्य के करीब) होती है।
- तापमान ∝ औसत KE (अनुवादीय गति) – गैसों के लिए KE = (3/2)kT
यदि किसी तार की लंबाई को उसकी अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल में परिवर्तन किए बिना तीन गुना कर दिया जाए, तो उसकी प्रतिरोधकता पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
- यह समान रहेगी।
- यह दोगुनी हो जाएगी।
- यह आधी हो जाएगी।
- यह चौगुनी हो जाएगी।
Explanation:
- प्रतिरोधकता (Resistivity, ρ) एक पदार्थ का अंतर्निहित (intrinsic) गुण है, जो तार की लंबाई (L) या अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल (A) पर निर्भर नहीं करती है, बल्कि तापमान और पदार्थ के प्रकार पर निर्भर करती है।
- प्रतिरोध (R) = ρ × L / A, लंबाई बदलने पर R बदलता है, पर ρ समान रहता है।
Quick Facts:
- प्रतिरोधकता की SI इकाई: ओम-मीटर (Ω·m)
- धातुओं की प्रतिरोधकता बढ़ते तापमान के साथ बढ़ती है (धनात्मक ताप गुणांक)।
इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर कक्षाओं में घूमता है, जिनमें ______ होती है।
- अनंत ऊर्जा
- अलग-अलग ऊर्जा
- स्थिर ऊर्जा
- कोई ऊर्जा नहीं होती है।
Explanation:
- बोहर के परमाणु मॉडल (Bohr’s Model) के अनुसार, इलेक्ट्रॉन निश्चित (स्थिर) ऊर्जा वाली कक्षाओं (stationary orbits) में घूमते हैं, जिन्हें ‘ऊर्जा स्तर’ (energy levels) कहते हैं।
- इन कक्षाओं में, इलेक्ट्रॉन ऊर्जा का उत्सर्जन/अवशोषण नहीं करते (वे ‘अनुमत’ कक्षाएँ हैं, जिनमें ऊर्जा क्वांटीकृत (quantized) होती है – परिमित/स्थिर)।
Quick Facts:
- प्रत्येक कक्षा में ऊर्जा Eₙ = -13.6/n² eV (हाइड्रोजन के लिए)
- ऊर्जा का उत्सर्जन/अवशोषण तभी होता है, जब इलेक्ट्रॉन एक कक्षा से दूसरी कक्षा में जाता है (संक्रमण, transition)।
1 kWh = ______ J
- 3.6 × 10⁻⁸
- 3.6 × 10⁻⁶
- 3.6 × 10⁸
- 3.6 × 10⁶
Explanation:
- 1 kWh (किलोवाट-घंटा) ऊर्जा की एक व्यावहारिक इकाई है, जो विद्युत ऊर्जा (बिजली बिल) में उपयोग होती है।
- 1 kWh = 1000 W × 1 h = 1000 J/s × 3600 s = 3.6 × 10⁶ J
Quick Facts:
- 1 kWh = 1 यूनिट (विद्युत बिल में)
- 1 kWh = 3.6 × 10⁶ J = 3.6 MJ (मेगाजूल)
किसी पिंड के मुक्त पतन के समय भूमि से टकराने के ठीक पूर्व उसकी ऊर्जा पर क्या प्रभाव पड़ता है?
- इसकी स्थितिज ऊर्जा उच्चतम होती है, तथा गतिज ऊर्जा न्यूनतम हो जाती है।
- इसमें स्थितिज तथा गतिज ऊर्जा बराबर मात्रा में होती है।
- इसकी गतिज ऊर्जा उच्चतम हो जाती है, तथा स्थितिज ऊर्जा न्यूनतम हो जाती है।
- इसकी गतिज और स्थितिज ऊर्जा दोनों शून्य हो जाती हैं।
Explanation:
- मुक्त पतन (free fall) में, ऊर्जा संरक्षण (conservation of energy) के अनुसार, PE + KE = स्थिर (constant) (घर्षण की अनुपस्थिति में)।
- जमीन से टकराने से ठीक पहले, ऊँचाई (h) लगभग 0 होती है, इसलिए PE = mgh ≈ 0 (न्यूनतम)।
- चूँकि कुल ऊर्जा स्थिर है, KE अधिकतम हो जाती है (सभी PE, KE में बदल जाती है)।
Quick Facts:
- शीर्ष बिंदु (प्रारंभिक स्थिति) पर: PE अधिकतम, KE = 0 (यदि विराम से गिराया गया हो)।
- गिरने के मध्य बिंदु पर: PE = KE (यदि प्रारंभिक ऊँचाई से गिराया गया हो)।
एक गेंद को एक टॉवर की चोटी से गिराया जाता है। गेंद की गति के मध्य बिंदु पर, गेंद के पास कौन-सी ऊर्जा होती है?
- स्थितिज ऊर्जा
- ध्वनि ऊर्जा
- स्थितिज और गतिज ऊर्जा दोनों
- गतिज ऊर्जा
Explanation:
- ऊर्जा संरक्षण के अनुसार, गिरने के मध्य बिंदु (halfway) पर, कुल ऊर्जा का आधा (50%) स्थितिज ऊर्जा (PE) और आधा (50%) गतिज ऊर्जा (KE) के रूप में होता है (यदि प्रारंभिक वेग शून्य हो)।
- इस बिंदु पर, h = H/2, इसलिए PE = mg(H/2) = (1/2)mgH, और KE = (1/2)mv² = (1/2)mgH (ऊर्जा संरक्षण से)।
Quick Facts:
- शीर्ष पर: PE = कुल, KE = 0
- मध्य बिंदु पर: PE = KE = कुल/2
- नीचे (जमीन पर): PE = 0, KE = कुल
विभवांतर को स्थिर रखते हुए, एक परिपथ का प्रतिरोध आधा हो जाता है। धारा का क्या होता है?
- यह दोगुना हो जाती है
- यह चार गुना हो जाती है
- यह एक-चौथाई हो जाती है
- यह आधी हो जाती है
Equation: I = V/R → R आधा → I दोगुना
Explanation:
- ओम के नियम (Ohm’s law) के अनुसार: V = I × R ⇒ I = V/R
- यदि V स्थिर है और R → R/2, तो I’ = V/(R/2) = 2V/R = 2I ⇒ धारा दोगुनी हो जाती है।
Quick Facts:
- यह ओम के नियम का सीधा अनुप्रयोग है।
- प्रतिरोध कम होने पर धारा बढ़ती है (वोल्टेज स्थिर रहने पर)।
शक्ति की SI इकाई ______ है।
- अर्ग
- किलोवाट
- जूल
- वाट
Explanation:
- शक्ति (Power) की SI इकाई वाट (Watt, W) है, जो जूल प्रति सेकंड (J/s) के बराबर है।
- 1 W = 1 J/s
- अर्ग (erg) = CGS इकाई (10⁻⁷ J), किलोवाट (kW) = 1000 W, जूल (J) = ऊर्जा/कार्य की इकाई (W = J/s से, P = J/s, पर J स्वयं शक्ति नहीं है)।
Quick Facts:
- 1 अश्वशक्ति (HP) = 746 W
- व्यावहारिक रूप से: 1 kW = 1000 W (बिजली बिल में)
एक किलोवाट घंटा ______ के बराबर है।
- 3.6 × 10⁹ जूल
- 3.6 × 10⁷ जूल
- 3.6 × 10⁶ जूल
- 3.6 × 10⁸ जूल
Explanation:
- 1 kWh = 1000 W × 3600 s = 3,600,000 J = 3.6 × 10⁶ J
Quick Facts:
- 1 kWh को विद्युत ऊर्जा का ‘1 यूनिट’ भी कहते हैं।
- ऊर्जा की SI इकाई जूल है, पर kWh बड़ी मात्राओं के लिए व्यावहारिक है (जैसे बिजली बिल में)।
चंद्रमा पर किसी वस्तु का भार Wm है और पृथ्वी पर उसका भार We है। निम्नलिखित में से कौन सा सूत्र सही है?
- Wm = (1/6) × We
- Wm = 6 × We
- Wm = (1/3) × We
- Wm = 3 × We
Explanation:
- चंद्रमा पर गुरुत्वीय त्वरण (g_moon) ≈ पृथ्वी के g (g_earth) का 1/6 है।
- भार (W) = m × g, इसलिए W_moon = m × (g_earth/6) = W_earth / 6
- अतः Wm = (1/6) × We
Quick Facts:
- द्रव्यमान (m) स्थिर रहता है, केवल भार बदलता है।
- यदि पृथ्वी पर भार 60 N है, तो चंद्रमा पर 10 N होगा।
5 m.s⁻¹ के एकसमान वेग से गतिमान 10 kg द्रव्यमान वाले पिंड की गतिज ऊर्जा ज्ञात कीजिए।
- 120 J
- 125 J
- 50 J
- 25 J
Equation: KE = ½ × 10 × 5² = 125 J
Explanation:
- गतिज ऊर्जा (KE) = ½ m v² = 0.5 × 10 × 5² = 5 × 25 = 125 J
Quick Facts:
- गतिज ऊर्जा की SI इकाई: जूल (J)
- गतिज ऊर्जा वेग के वर्ग (v²) के समानुपाती होती है।
20 N का बल किसी वस्तु पर कार्यरत होता है। वस्तु बल की दिशा में 4 m के माध्यम से विस्थापित होती है, तो किया गया कार्य है:
- 80 W
- 80 Pa
- 80 N
- 80 J
Equation: W = F × s = 20 × 4 = 80 J
Explanation:
- कार्य (W) = बल × विस्थापन (जब बल और विस्थापन एक ही दिशा में हों) = 20 × 4 = 80 J
- J (जूल) = कार्य/ऊर्जा की इकाई, W (वाट) = शक्ति, Pa (पास्कल) = दाब, N (न्यूटन) = बल
Quick Facts:
- यदि बल और विस्थापन एक ही दिशा में हैं, तो θ = 0° ⇒ cos θ = 1, W = F × s
v m/s वेग से गतिमान m द्रव्यमान के एक पिंड की गतिज ऊर्जा ‘X’ है। यदि पिंड का वेग 4v m/s में परिवर्तित हो जाए, तो गतिज ऊर्जा का मान कितना होगा?
- 16X J
- 8X J
- 4X J
- 2X J
Equation: KE ∝ v² → v 4 गुना → KE 16 गुना
Explanation:
- KE = ½ m v², इसलिए KE ∝ v²
- यदि v → 4v, तो KE’ = ½ m (4v)² = ½ m × 16v² = 16 × (½mv²) = 16X
Quick Facts:
- वेग दोगुना → KE चार गुना; तिगुना → नौ गुना; n गुना → n² गुना
m द्रव्यमान की एक वस्तु को h ऊंचाई से स्वतंत्र रूप से गिराया जाता है। जैसे-जैसे वस्तु गिरती रहती है, उसकी ऊर्जा का क्या होगा?
- गतिज ऊर्जा और स्थितिज ऊर्जा में कोई बदलाव नहीं होगा।
- स्थितिज ऊर्जा घटेगी जबकि गतिज ऊर्जा बढ़ेगी।
- स्थितिज ऊर्जा बढ़ेगी जबकि गतिज ऊर्जा घटेगी।
- स्थितिज ऊर्जा और गतिज ऊर्जा दोनों बढ़ेगी।
Explanation:
- जैसे-जैसे वस्तु नीचे गिरती है, उसकी ऊँचाई (h) घटती है, इसलिए PE = mgh घटती है (क्योंकि h ↓)।
- ऊर्जा संरक्षण के कारण, घटती PE, KE (गतिज ऊर्जा = ½mv²) में बदल जाती है, इसलिए KE बढ़ती है (v ↑)।
Quick Facts:
- कुल यांत्रिक ऊर्जा (PE + KE) स्थिर रहती है (घर्षण/वायु प्रतिरोध की अनुपस्थिति में)।
एक साइकिल चालक 10 m में फिसलते हुए है। इस प्रक्रिया के दौरान, सड़क के कारण साइकिल पर बल 200 N है और गति का सीधा विरोध करता है। सड़क पर साइकिल द्वारा किया गया कार्य क्या है?
- शून्य
- -2000 J
- 1 J
- 2000 J
Explanation:
- यहाँ ‘साइकिल द्वारा सड़क पर किया गया कार्य’ पूछा गया है, न कि सड़क द्वारा साइकिल पर किया गया कार्य।
- सड़क स्थिर है (विस्थापन = 0), इसलिए साइकिल द्वारा सड़क पर किया गया कार्य = बल × सड़क का विस्थापन = 200 × 0 = 0 J
- यदि ‘सड़क द्वारा साइकिल पर किया गया कार्य’ पूछा जाता, तो W = F × s × cos 180° = 200 × 10 × (-1) = -2000 J (ऋणात्मक कार्य) होता।
Quick Facts:
- कार्य तभी होता है जब विस्थापन हो (क्रिया और प्रतिक्रिया बल के लिए भी, कार्य तभी होता है जब बिंदु विस्थापित हो)।
600 N भार का एक लड़का 10 मीटर की ऊँचाई पर एक रस्सी पर चढ़ता है। उसे यह कार्य पूरा करने में 20 सेकंड लगते हैं। उसके द्वारा व्यय की गई शक्ति क्या है?
- 150 W
- 300 W
- 200 W
- 100 W
Equation: P = (Weight × h)/t = (600 × 10)/20 = 300 W
Explanation:
- कार्य (W) = बल × दूरी = भार × ऊँचाई = 600 × 10 = 6000 J
- शक्ति (P) = कार्य / समय = 6000 / 20 = 300 W
Quick Facts:
- यहाँ भार (600 N) ही बल है, जो गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध कार्य करता है।
- शक्ति = कार्य की दर (Rate of doing work)
एक कार चलते समय विपरीत दिशा से बहने वाली हवा का सामना कर रही है। कार पर हवा द्वारा किया गया कार्य ______ होगा।
- अंत
- धनात्मक
- शून्य
- ऋणात्मक
Explanation:
- हवा कार की गति के विपरीत दिशा में बल लगाती है (θ = 180°).
- कार्य W = F × s × cos 180° = F × s × (-1) = – (F × s) → ऋणात्मक कार्य (negative work).
- इस प्रकार का कार्य वस्तु की ऊर्जा को कम करता है (जैसे घर्षण/वायु प्रतिरोध)।
Quick Facts:
- धनात्मक कार्य: बल और विस्थापन एक ही दिशा में (ऊर्जा बढ़ती है)
- ऋणात्मक कार्य: बल और विस्थापन विपरीत दिशा में (ऊर्जा घटती है)
किसी पिंड पर कार्य तभी होता है, जब:
- बल इस पर कार्य करते हैं।
- यह एक यांत्रिक प्रभाव के माध्यम से ऊर्जा-वर्धन करता है।
- इसमें विस्थापन होता है।
- यह किसी निश्चित दूरी से आगे बढ़ता है।
Explanation:
- कार्य (Work) होने के लिए, बल लगना चाहिए (F) और वस्तु का विस्थापन (s) होना चाहिए (बल की दिशा में या उसके घटक में)।
- W = F × s × cos θ – यदि s = 0, तो W = 0 (भले ही बल लग रहा हो, जैसे दीवार को धकेलना)।
Quick Facts:
- ‘दूरी’ (distance) के स्थान पर ‘विस्थापन’ (displacement) शब्द का उपयोग होता है, क्योंकि कार्य एक सदिश गुणन है।
- कार्य की SI इकाई: जूल (J)
10 kg द्रव्यमान की एक वस्तु 5 ms⁻¹ के एकसमान वेग से गति कर रही है। उस वस्तु ने कितनी गतिज ऊर्जा धारण की है?
- 180.5 J
- 125 J
- 187.5 J
- 187.5 ms
Equation: KE = ½ × 10 × 5² = 125 J
Explanation:
- KE = ½ m v² = 0.5 × 10 × 25 = 125 J
Quick Facts:
- गतिज ऊर्जा (KE) वस्तु की गति के कारण ऊर्जा है।
- एकसमान वेग (uniform velocity) का अर्थ है त्वरण शून्य, पर KE विद्यमान है क्योंकि v ≠ 0
बल × विस्थापन ______ के बराबर है।
- कार्य
- ऊर्जा
- दबाव
- जोर
Explanation:
- भौतिकी में, कार्य (Work) = बल (F) × विस्थापन (s) × cos θ (जब बल और विस्थापन एक ही दिशा में, cos 0° = 1, तो W = F × s)।
- ऊर्जा (Energy) कार्य करने की क्षमता है (कार्य और ऊर्जा की इकाई समान है, जूल)।
- दबाव (Pressure) = बल/क्षेत्रफल, जोर (Thrust) = लंबवत बल
Quick Facts:
- यह कार्य की मूल परिभाषा है (W = F · s – डॉट गुणन, scalar product)।
जब कोई व्यक्ति दीवार को धक्का देता है लेकिन दीवार नहीं हिलती है, तो व्यक्ति द्वारा दीवार पर किया गया कार्य क्या है?
- शून्य कार्य किया गया क्योंकि दीवार का कोई विस्थापन नहीं हुआ।
- ऋणात्मक कार्य किया गया क्योंकि दीवार धक्के का प्रतिरोध करती है।
- बल लगाने के कारण धनात्मक कार्य किया गया।
- अधिकतम कार्य किया गया क्योंकि व्यक्ति पूरी ताकत का उपयोग करता है।
Explanation:
- कार्य (W) = बल × विस्थापन × cos θ
- यहाँ विस्थापन (s) = 0, इसलिए W = 0 (भले ही बल लग रहा हो)।
- यह ‘शून्य कार्य’ का एक सामान्य उदाहरण है (वैज्ञानिक अर्थ में कोई कार्य नहीं हुआ, हालाँकि शारीरिक रूप से व्यक्ति को थकान महसूस होती है – जैविक ऊर्जा खर्च होती है, पर भौतिक कार्य = 0)।
Quick Facts:
- विज्ञान में, कार्य का तात्पर्य ‘यांत्रिक कार्य’ (mechanical work) से है, जिसके लिए विस्थापन अनिवार्य है।
यदि एक वस्तु का संवेग 20% से बढ़ता है, तो उसकी गतिज ऊर्जा ______ से बढ़ेगी।
- 66%
- 77%
- 44%
- 55%
Equation: KE ∝ p² → (1.2)² = 1.44 → 44% increase
Explanation:
- संवेग (p) = mv, और KE = p²/(2m)
- यदि p 20% बढ़ता है (p’ = 1.2 p), तो KE’ ∝ (1.2p)² = 1.44 p² = 1.44 × KE
- प्रतिशत वृद्धि = (1.44 – 1) × 100 = 44%
Quick Facts:
- KE ∝ p² (जब द्रव्यमान स्थिर हो)
- यदि p 10% बढ़ता है, तो KE 21% बढ़ती है; 20% → 44%
एक व्यक्ति 2 सेकंड में 1,000 J का कुछ कार्य करता है। उसकी शक्ति ______ होगी।
- 1000 W
- 25 W
- 500 W
- 50 W
Equation: P = W/t = 1000/2 = 500 W
Explanation:
- शक्ति (Power) = किया गया कार्य / लिया गया समय = 1000 / 2 = 500 W
Quick Facts:
- शक्ति की SI इकाई: वाट (W) = J/s
- औसत शक्ति (average power) = कुल कार्य / कुल समय
किसी वस्तु में उसकी गति के कारण निहित ऊर्जा को ______ के रूप में जाना जाता है।
- गतिज ऊर्जा
- स्थितिज ऊर्जा
- ऊष्मा ऊर्जा
- प्रकाश ऊर्जा
Explanation:
- गति (गतिशीलता) के कारण उत्पन्न ऊर्जा को गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) कहते हैं।
- KE = ½mv², जहाँ m = द्रव्यमान, v = वेग
- स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy) = स्थिति/विन्यास के कारण, ऊष्मा/प्रकाश ऊर्जा – अन्य रूप
Quick Facts:
- गतिज ऊर्जा एक अदिश राशि है (हालाँकि वेग सदिश है, पर v² अदिश है)।
- गतिज ऊर्जा हमेशा धनात्मक होती है (या शून्य)।
निम्नलिखित में से कौन-सी ऊर्जा किसी पिंड में उसकी स्थिति, आकार और विन्यास के आधार पर होती है?
- स्थितिज ऊर्जा
- गतिज ऊर्जा
- ऊष्मीय ऊर्जा
- पेशीय ऊर्जा
Explanation:
- स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy) वस्तु की स्थिति (ऊँचाई), आकार (विकृत स्प्रिंग), या विन्यास (आवेशों की व्यवस्था) के कारण संग्रहीत ऊर्जा है।
- उदाहरण: गुरुत्वीय PE = mgh, प्रत्यास्थ PE = ½kx²
- गतिज ऊर्जा गति के कारण, ऊष्मीय ऊर्जा ताप के कारण, पेशीय ऊर्जा मांसपेशियों के संकुचन के कारण
Quick Facts:
- स्थितिज ऊर्जा के प्रकार: गुरुत्वीय, प्रत्यास्थ, रासायनिक, विद्युत, आदि।
किसी पिंड की स्थिति या विन्यास के कारण उसमें मौजूद ऊर्जा को ______ कहा जाता है।
- तापीय ऊर्जा
- गतिज ऊर्जा
- रासायनिक ऊर्जा
- विभव ऊर्जा
Explanation:
- स्थिति या विन्यास के कारण संग्रहीत ऊर्जा को ‘स्थितिज ऊर्जा’ (Potential Energy) कहते हैं (हिंदी में ‘विभव ऊर्जा’ भी कहते हैं)।
- गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा (mgh) और प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा (½kx²) इसके उदाहरण हैं।
Quick Facts:
- ‘विभव’ (potential) शब्द ‘संभावित कार्य’ (potential to do work) को दर्शाता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस बात का सटीक वर्णन करता है कि गुरुत्वाकर्षण के अधीन किसी वस्तु के मुक्त पतन के दौरान ऊर्जा किस प्रकार रूपांतरित होती है?
- स्थितिज और गतिज दोनों ऊर्जा अचर रहती हैं।
- स्थितिज ऊर्जा और गतिज ऊर्जा दोनों घटती हैं।
- पतन के दौरान स्थितिज ऊर्जा, ऊष्मा ऊर्जा में परिवर्तित हो जाती है।
- स्थितिज ऊर्जा घटती है जबकि गतिज ऊर्जा बढ़ती है, जो कुल यांत्रिक ऊर्जा को अचर बनाए रखती है।
Explanation:
- मुक्त पतन (free fall) में, कुल यांत्रिक ऊर्जा (PE + KE) संरक्षित (conserved) रहती है (घर्षण की अनुपस्थिति में)।
- जैसे-जैसे वस्तु गिरती है, ऊँचाई घटती है, इसलिए PE घटती है, और वेग बढ़ता है, इसलिए KE बढ़ती है।
Quick Facts:
- यह ऊर्जा संरक्षण के नियम (Law of Conservation of Energy) का उदाहरण है: PE → KE
4ms⁻¹ के एक समान वेग के साथ चलती हुई किसी वस्तु में 120 J की गतिज ऊर्जा है। उस वस्तु का द्रव्यमान ज्ञात कीजिए।
- 15 N
- 15 W
- 15 kg
- 15 Pa
Equation: m = 2KE/v² = 2 × 120/4² = 240/16 = 15 kg
Explanation:
- KE = ½mv² ⇒ m = 2KE/v² = 2 × 120 / 4² = 240 / 16 = 15 kg
- द्रव्यमान की SI इकाई: kg (N = बल, W = शक्ति, Pa = दाब)
Quick Facts:
- गतिज ऊर्जा सूत्र का उल्टा उपयोग: द्रव्यमान = 2KE / v²
एक जनित्र (जनरेटर) ______ बदलता है।
- यांत्रिक ऊर्जा को विद्युतीय ऊर्जा में
- विद्युतीय ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में
- ऊष्मीय ऊर्जा को विद्युतीय ऊर्जा में
- विद्युतीय ऊर्जा को प्रकाश ऊर्जा में
Explanation:
- जनित्र (Generator) यांत्रिक ऊर्जा (Mechanical energy) को विद्युत ऊर्जा (Electrical energy) में परिवर्तित करता है, जो विद्युत चुंबकीय प्रेरण (electromagnetic induction) के सिद्धांत पर कार्य करता है।
- मोटर (Motor) इसका विपरीत करता है (विद्युत → यांत्रिक)।
Quick Facts:
- विद्युत ऊर्जा → रासायनिक: बैटरी (चार्जिंग)
- विद्युत ऊर्जा → प्रकाश: बल्ब (इलेक्ट्रिक बल्ब)
- ऊष्मा → विद्युत: थर्मोकपल (thermocouple)
यदि 420 N वजन वाली एक लड़की 6 m की ऊँचाई तक रस्सी पर चढ़ती है तथा उसे ऐसा करने में 20 सेकंड लगते हैं, तो उसका शक्ति आउटपुट (power output) ज्ञात कीजिए।
- 126 W
- 105 W
- 155 W
- 90 W
Equation: P = (Weight × h)/t = (420 × 6)/20 = 126 W
Explanation:
- कार्य = बल × दूरी = 420 × 6 = 2520 J
- शक्ति = कार्य/समय = 2520 / 20 = 126 W
Quick Facts:
- लड़की का भार (420 N) ही बल है (g = 9.8, m ≈ 42.86 kg)
10 किलोग्राम द्रव्यमान की एक वस्तु द्वारा प्राप्त ऊर्जा की गणना करें जब इसे जमीन से 5 मीटर की ऊँचाई तक उठाया जाता है। दिया गया है: g = 9.8 m s⁻²
- 500 J
- 450 J
- 490 J
- 400 J
Equation: PE = mgh = 10 × 9.8 × 5 = 490 J
Explanation:
- वस्तु द्वारा प्राप्त ऊर्जा = स्थितिज ऊर्जा (PE) = mgh = 10 × 9.8 × 5 = 490 J
- यदि g = 10 लें, तो 500 J आता, पर यहाँ 9.8 दिया है, इसलिए 490 J सही है।
Quick Facts:
- g = 9.8 m/s² (पृथ्वी की सतह पर मानक मान)
यदि एक हवाई जहाज 4000 m की दूरी तय करता है और किया गया कार्य 20000 J है, तो लागू किया गया बल ज्ञात कीजिए।
- 50 N
- 0.2 N
- 10 N
- 5 N
Equation: F = W/s = 20000/4000 = 5 N
Explanation:
- W = F × s ⇒ F = W/s = 20000 / 4000 = 5 N
Quick Facts:
- यदि बल और विस्थापन एक ही दिशा में हों (अन्यथा cos θ का गुणनखंड जोड़ना होगा)।
जब 50 kg द्रव्यमान की वस्तु को क्षैतिज रेखा के अनुदिश एक बिंदु से अन्य बिंदु तक ले जाया जाता है, तो वस्तु पर गुरुत्वाकर्षण बल द्वारा किया गया कार्य कितना है? (g = 10m/s²)
- शून्य
- 50 J
- 500 J
- -500 J
Explanation:
- गुरुत्वाकर्षण बल (mg) नीचे की ओर कार्य करता है (ऊर्ध्वाधर), जबकि विस्थापन क्षैतिज है – इसलिए बल और विस्थापन एक दूसरे के लंबवत (90°) हैं।
- W = F × s × cos 90° = F × s × 0 = 0 J
Quick Facts:
- यदि विस्थापन ऊर्ध्वाधर होता, तो W = ±mgh (ऊपर जाने पर -ve, नीचे जाने पर +ve)
चार 100 Ω के प्रतिरोध समानांतर में जुड़े हुए हैं और यह संयोजन 100 V आपूर्ति वोल्टता से जुड़ा है। प्रत्येक प्रतिरोध में शक्ति अपव्यय ज्ञात कीजिए।
- 100 W
- 200 W
- 400 W
- 300 W
Equation: P = V²/R = 100²/100 = 100 W
Explanation:
- समानांतर (parallel) संयोजन में, प्रत्येक प्रतिरोध पर वोल्टेज समान (V = 100 V) होता है।
- शक्ति (Power) = V²/R = 100²/100 = 100 W (प्रत्येक प्रतिरोध के लिए)।
- कुल शक्ति = 4 × 100 = 400 W (पर प्रश्न प्रत्येक प्रतिरोध में शक्ति पूछ रहा है)।
Quick Facts:
- समान्तर में: कुल प्रतिरोध 1/R_eq = 1/100 + 1/100 + 1/100 + 1/100 = 4/100 ⇒ R_eq = 25 Ω
150 kg द्रव्यमान वाली एक कार 36 km/hr की चाल से चल रही है। इसकी चाल को 72 km/hr तक बढ़ाने के लिए आवश्यक कार्य की मात्रा कितनी होगी?
- 37,500 J
- 7500 J
- 22,500 J
- 30,000 J
Equation: v₁ = 36×5/18 = 10 m/s, v₂ = 72×5/18 = 20 m/s, W = ½×150×(20²-10²) = 75×300 = 22500 J
Explanation:
- कार्य-ऊर्जा प्रमेय (Work-Energy Theorem): किया गया कार्य = गतिज ऊर्जा में परिवर्तन = ½m(v₂² – v₁²)
- v₁ = 36 km/h = 10 m/s, v₂ = 72 km/h = 20 m/s
- W = 0.5 × 150 × (400 – 100) = 75 × 300 = 22,500 J
Quick Facts:
- कार्य-ऊर्जा प्रमेय: W = ΔKE (net work = change in kinetic energy)
- गति की सामान्य इकाई: m/s में बदलना आवश्यक है (km/h × 5/18 = m/s)
किसी वस्तु में उसकी स्थिति या विन्यास के कारण संग्रहित ऊर्जा को क्या कहते हैं?
- ध्वनि ऊर्जा
- स्थितिज ऊर्जा
- गतिज ऊर्जा
- प्रकाश ऊर्जा
Explanation:
- स्थिति या विन्यास के कारण संग्रहीत ऊर्जा को ‘स्थितिज ऊर्जा’ (Potential Energy) कहते हैं।
- यह ऊर्जा ‘विभव’ (potential) रूप में होती है और कार्य करने की क्षमता रखती है।
Quick Facts:
- स्थितिज ऊर्जा के उदाहरण: गुरुत्वीय (mgh), प्रत्यास्थ (½kx²), रासायनिक, विद्युत, आदि।
रामू 1 N बल लगाकर एक विशाल पत्थर को धक्का देने की बहुत कोशिश कर रहा है, लेकिन पत्थर बिल्कुल भी नहीं हिलता है। रामू द्वारा किया गया कुल कार्य है:
- +1 J
- 0 J
- -1 J
- 1000 J
Explanation:
- भले ही बल लग रहा है, पर विस्थापन (s) = 0, इसलिए कार्य W = F × 0 = 0 J
- यह ‘शून्य कार्य’ (zero work) का उदाहरण है।
Quick Facts:
- भौतिकी में, कार्य तभी होता है जब बल के कारण विस्थापन हो।
जब एक संपीडित स्प्रिंग को मुक्त किया जाता है, तब इसकी स्थितिज ऊर्जा में बदल जाती है।
- यांत्रिक ऊर्जा
- प्रकाश ऊर्जा
- प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा
- गतिज ऊर्जा
Explanation:
- संपीडित स्प्रिंग में प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा (Elastic Potential Energy) संग्रहीत होती है (PE = ½kx²)।
- जब इसे मुक्त किया जाता है, तो यह स्थितिज ऊर्जा, गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) में परिवर्तित हो जाती है (स्प्रिंग की गति/संलग्न वस्तु की गति)।
Quick Facts:
- यह ऊर्जा संरक्षण का उदाहरण है: PE (प्रत्यास्थ) → KE
लोहे के 200 g ब्लॉक को 30°C से 60°C तक तप्त किया जाता है। ब्लॉक में कितनी ऊर्जा स्थानांतरित की जाती है? (लोहे की विशिष्ट ऊष्मा 450 J/kg⁻¹ K⁻¹ है।)
- 6000 J
- 27 J
- 2700 J
- 270 J
Equation: Q = mcΔT = 0.2 × 450 × 30 = 2700 J
Explanation:
- ऊष्मा (Heat energy) Q = m × c × ΔT (m = द्रव्यमान kg में, c = विशिष्ट ऊष्मा, ΔT = तापमान परिवर्तन)
- m = 200 g = 0.2 kg, c = 450 J/kg·K, ΔT = 60 – 30 = 30 K
- Q = 0.2 × 450 × 30 = 2700 J
Quick Facts:
- विशिष्ट ऊष्मा (Specific heat capacity): 1 kg पदार्थ का तापमान 1 K बढ़ाने के लिए आवश्यक ऊष्मा।
- SI इकाई: J/kg·K
1 kW के बराबर शक्ति कितनी होती है?
- 1000 वाट
- 100 वाट
- 10000 वाट
- 10 वाट
Explanation:
- 1 kW (किलोवाट) = 1000 W (वाट)
- k = किलो = 1000 (SI उपसर्ग)
Quick Facts:
- 1 kW = 1000 J/s
- 1 MW = 10⁶ W, 1 GW = 10⁹ W
ऊर्जा न तो उत्पन्न की जा सकती है और न ही नष्ट की जा सकती है, लेकिन इसे एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तित किया जा सकता है। इसे ______ कहा जाता है।
- सतत ऊर्जा का नियम
- ऊर्जा-संरक्षण का नियम
- पास्कल का नियम
- द्रव्यमान-संरक्षण का नियम
Explanation:
- ऊर्जा संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Energy): ऊर्जा को न तो उत्पन्न किया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है, यह केवल एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तित हो सकती है।
- यह भौतिकी का एक मूलभूत नियम है।
Quick Facts:
- उदाहरण: स्थितिज ऊर्जा → गतिज ऊर्जा (गिरती हुई वस्तु), रासायनिक ऊर्जा → ऊष्मा/प्रकाश (दहन)
यदि किसी वस्तु पर 5 N का बल लगाने से वह अपनी प्रारंभिक स्थिति से 3 m विस्थापित हो जाती है, तो बल द्वारा किया गया कार्य क्या है?
- 5/3 J
- 15 J
- 50 J
- 20 J
Equation: W = F × s = 5 × 3 = 15 J
Explanation:
- W = 5 N × 3 m = 15 J (जब बल और विस्थापन एक ही दिशा में हों)
Quick Facts:
- कार्य की इकाई: जूल = N·m
एक उपकरण 220 वोल्ट के विभवांतर और 2 एम्पियर की विद्युत धारा पर 5 घंटे तक कार्य करता है। इसके द्वारा उपभुक्त विद्युत ऊर्जा का मान किलोवाट-घंटा (kWh) में ज्ञात कीजिए।
- 2.2 kWh
- 0.22 kWh
- 5 kWh
- 1.1 kWh
Equation: P = VI = 220 × 2 = 440 W = 0.44 kW, Energy = 0.44 × 5 = 2.2 kWh
Explanation:
- शक्ति (P) = V × I = 220 × 2 = 440 W = 0.44 kW
- ऊर्जा (E) = P × t = 0.44 kW × 5 h = 2.2 kWh
Quick Facts:
- 1 kWh = 3.6 × 10⁶ J (बिजली बिल में 1 यूनिट)
यदि 20 N का एक नियत बल (F) किसी पिंड को समान दिशा में 5 m के विस्थापन (d) तक गतिमान करता है, तो किया गया कार्य (W) क्या होगा?
- 50 J
- 25 J
- 200 J
- 100 J
Equation: W = F × s = 20 × 5 = 100 J
Explanation:
- W = 20 N × 5 m = 100 J
Quick Facts:
- यदि बल और विस्थापन एक ही दिशा में हों (cos 0° = 1), तो W = F × s
द्रव्यमान 10 kg का गुटका 20 s में विरामावस्था से 2 m/s की चाल तक एकसमान रूप से त्वरित होता है। 0 से 20 सेकंड के समयांतराल में विकसित औसत शक्ति कितनी होती है?
- 1.5 W
- 0.5 W
- 2 W
- 1 W
Equation: a = 2/20 = 0.1 m/s², s = ½ × 0.1 × 400 = 20 m, Work = F × s = ma × s = 10 × 0.1 × 20 = 20 J, Power = 20/20 = 1 W
Explanation:
- त्वरण a = (v – u)/t = (2 – 0)/20 = 0.1 m/s²
- दूरी s = ut + ½at² = 0 + 0.5 × 0.1 × 400 = 20 m
- बल F = ma = 10 × 0.1 = 1 N
- कार्य W = F × s = 1 × 20 = 20 J
- औसत शक्ति P = W/t = 20/20 = 1 W
Quick Facts:
- औसत शक्ति = कुल कार्य / कुल समय
यदि तार के आकार के एक प्रतिरोधक की लंबाई दोगुनी कर दी जाए, तो प्रतिरोधकता:
- आधी हो जाती है।
- समान रहती है।
- दोगुनी हो जाती है।
- चौगुनी हो जाती है।
Explanation:
- प्रतिरोधकता (Resistivity, ρ) पदार्थ का गुण है, जो आकार (लंबाई/क्षेत्रफल) पर निर्भर नहीं करती।
- प्रतिरोध (R) बदलता है (R = ρL/A), पर ρ स्थिर रहता है (तापमान स्थिर रहने पर)।
Quick Facts:
- लंबाई दोगुनी → प्रतिरोध दोगुना (यदि क्षेत्रफल स्थिर रहे)।
- क्षेत्रफल दोगुना → प्रतिरोध आधा।
जब 10 किग्रा द्रव्यमान की एक वस्तु भूमि से 8 मीटर की ऊंचाई पर हो तो उसके द्वारा प्राप्त ऊर्जा ज्ञात कीजिये। दिया गया है कि g = 9.8 ms⁻²
- 784 जूल
- 588 जूल
- 520 जूल
- 528 जूल
Equation: PE = mgh = 10 × 9.8 × 8 = 784 J
Explanation:
- प्राप्त ऊर्जा = स्थितिज ऊर्जा = 10 × 9.8 × 8 = 784 J
Quick Facts:
- यहाँ वस्तु को जमीन से ऊपर उठाने पर उसे स्थितिज ऊर्जा प्राप्त होती है।
राम और श्याम का वजन 55 kg है। राम को सीढ़ियाँ चढ़ने में 5 मिनट लगते हैं जबकि श्याम को वही सीढ़ियाँ चढ़ने में 3 मिनट लगते हैं। कौन अधिक कार्य करता है?
- राम और श्याम बराबर कार्य करते हैं।
- राम, श्याम की तुलना में अधिक कार्य करता है।
- श्याम, राम की तुलना में अधिक कार्य करता है।
- राम और श्याम कोई कार्य नहीं करते हैं।
Explanation:
- कार्य (Work) = बल × विस्थापन = भार × ऊँचाई (ऊर्ध्वाधर विस्थापन)
- दोनों का भार समान है और वे समान ऊँचाई चढ़ते हैं, इसलिए किया गया कार्य बराबर है।
- समय का अंतर शक्ति (Power = Work/Time) को प्रभावित करता है, कार्य को नहीं।
Quick Facts:
- श्याम की शक्ति अधिक है (कम समय में समान कार्य) – P_ram = W/300 s, P_shyam = W/180 s
यदि लड़की A को रस्सी पर चढ़ने में 20 s और लड़की B को 50 s लगते हैं, और दोनों मिलकर 3200 J कार्य करती हैं, तो उनके प्रदर्शन में अंतर किस भौतिक संकल्पना द्वारा अभिलक्षित किया जाता है?
- शक्ति
- गुरुत्वीय बल
- कुल ऊर्जा खपत
- कुल विस्थापन
Explanation:
- दोनों समान कार्य (3200 J) करते हैं, पर समय अलग-अलग है – इसलिए उनकी शक्ति (Power) अलग-अलग होगी (P = W/t)।
- लड़की A की शक्ति = 3200/20 = 160 W, लड़की B की = 3200/50 = 64 W (A अधिक शक्तिशाली है)।
Quick Facts:
- शक्ति = कार्य करने की दर (rate of doing work)
धरती से टकराने से तुरंत पहले यदि 2 kg द्रव्यमान की वस्तु की गतिज ऊर्जा 400 J है, तो इसे किस ऊँचाई से गिराया गया था? (g = 10 m/s², घर्षण नगण्य है।)
- 10 m
- 15 m
- 20 m
- 25 m
Equation: KE = mgh → 400 = 2 × 10 × h → h = 20 m
Explanation:
- ऊर्जा संरक्षण: जमीन से टकराने से ठीक पहले KE = प्रारंभिक PE (mgh)
- 400 = 2 × 10 × h ⇒ h = 20 m
Quick Facts:
- यदि वायु प्रतिरोध न हो (नगण्य), तो सभी PE → KE में बदल जाती है।
यदि कोई वस्तु 1 N का बल लगाकर निर्दिष्ट दिशा में 1 m की दूरी तय करती है, तो किया गया कार्य होगा?
- 1 N
- 1 J
- 1 kW
- 1 ohm
Equation: W = F × s = 1 × 1 = 1 J
Explanation:
- W = 1 N × 1 m = 1 N·m = 1 J
Quick Facts:
- 1 J = 1 न्यूटन-मीटर = 1 kg·m²/s²
1250 वाट का एक विद्युत इस्त्री प्रति दिन 3 घंटे के लिए उपयोग किया जाता है। विद्युत इस्त्री द्वारा एक दिन में उपभुक्त ऊर्जा ______ यूनिट है।
- .375
- 37.5
- 3.75
- 375
Equation: Energy = 1.25 kW × 3 h = 3.75 kWh = 3.75 units
Explanation:
- शक्ति = 1250 W = 1.25 kW
- ऊर्जा (kWh) = शक्ति (kW) × समय (h) = 1.25 × 3 = 3.75 kWh = 3.75 यूनिट
- 1 यूनिट = 1 kWh
Quick Facts:
- बिजली बिल में खपत को ‘यूनिट’ (kWh) में मापा जाता है।
20 किग्रा द्रव्यमान की एक वस्तु जमीन से 8 मीटर की ऊंचाई पर है। तो वस्तु की स्थितिज ऊर्जा है: [दिया गया है g = 9.8 ms⁻²]
- 1568 J
- 1568 C
- 1568 W
- 1568 N
Equation: PE = mgh = 20 × 9.8 × 8 = 1568 J
Explanation:
- PE = 20 × 9.8 × 8 = 1568 J (जूल = J)
- C = कूलॉम (आवेश), W = वाट (शक्ति), N = न्यूटन (बल)
Quick Facts:
- स्थितिज ऊर्जा की SI इकाई: जूल (J)
रॉकेट, ______ के संरक्षण के सिद्धांत पर कार्य करता है।
- संवेग
- योग
- द्रव्यमान
- ऊर्जा
Explanation:
- रॉकेट संवेग संरक्षण (Conservation of Momentum) के सिद्धांत पर कार्य करता है – जब रॉकेट गैसों को नीचे (पीछे) धकेलता है, तो गैसें रॉकेट को ऊपर (आगे) धकेलती हैं (न्यूटन का तीसरा नियम, पर मूलतः संवेग संरक्षण)।
- ऊर्जा संरक्षण भी लागू होता है, पर रॉकेट प्रणोदन (propulsion) का मूल सिद्धांत संवेग संरक्षण है।
Quick Facts:
- रॉकेट का कार्य: दहन से उत्पन्न गैसें बाहर निकलती हैं (क्रिया) → रॉकेट ऊपर उठता है (प्रतिक्रिया)।
किसी पिंड की यांत्रिक ऊर्जा में ______ शामिल होता है।
- केवल स्थितिज ऊर्जा
- केवल ऊष्मा ऊर्जा
- स्थितिज ऊर्जा और गतिज ऊर्जा दोनों
- केवल गतिज ऊर्जा
Explanation:
- यांत्रिक ऊर्जा (Mechanical Energy) = स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy) + गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy)
- यह किसी वस्तु की कुल यांत्रिक ऊर्जा है (घर्षण/गैर-संरक्षी बलों को छोड़कर संरक्षित रहती है)।
Quick Facts:
- यांत्रिक ऊर्जा का SI मात्रक: जूल (J)
- मुक्त पतन में, यांत्रिक ऊर्जा स्थिर रहती है (PE + KE = const.)
30 kg के द्रव्यमान वाली एक वस्तु 5 m/s के वेग के साथ चलती है। वस्तु के पास गतिज ऊर्जा क्या है?
- 375 N
- 375 kg m/s
- 375 J
- 375 Pa
Equation: KE = ½ × 30 × 5² = 375 J
Explanation:
- KE = 0.5 × 30 × 25 = 375 J
- N = बल, kg·m/s = संवेग, Pa = दाब – सभी गलत इकाइयाँ हैं।
Quick Facts:
- गतिज ऊर्जा की SI इकाई: जूल (J) = kg·m²/s²
किसी परिपथ में, यदि प्रतिरोध आधा कर दिया जाए और वोल्टेज समान रहे, तो शक्ति में क्या परिवर्तन होगा?
- शक्ति चार गुना हो जाएगी।
- शक्ति दोगुनी हो जाएगी।
- शक्ति समान रहेगी।
- शक्ति आधी हो जाएगी।
Equation: P = V²/R → R आधा → P दोगुना
Explanation:
- P = V²/R (जब V स्थिर हो)
- यदि R → R/2, तो P’ = V²/(R/2) = 2 V²/R = 2P ⇒ शक्ति दोगुनी हो जाती है।
Quick Facts:
- यदि R दोगुना हो, तो P आधी हो जाती है (V स्थिर रहने पर)।
10 कूलॉम आवेश को 5 वोल्ट के विभवांतर के सिरों पर ले जाने में किया गया कार्य ______ है।
- 20 जूल
- 2 जूल
- 50 जूल
- 5 जूल
Equation: W = QV = 10 × 5 = 50 J
Explanation:
- कार्य (W) = आवेश (Q) × विभवांतर (V) = 10 C × 5 V = 50 J
- 1 V = 1 J/C, इसलिए J = C × V
Quick Facts:
- विभवांतर = कार्य/आवेश (V = W/Q)
एक गेंद मेज़ के किनारे पर रखी है और उसे अछूता (बिना हिलाए) छोड़ दिया गया है। अपनी स्थिति के कारण प्रारंभिक रूप से गेंद में मुख्य रूप से किस प्रकार की ऊर्जा निहित है, और यदि इसे मेज़ से नीचे धकेल दिया जाए तो क्या होगा?
- गेंद में रासायनिक ऊर्जा निहित है और गिरने पर यह इसे मुक्त करेगी।
- इसकी आकृति के कारण गेंद में लोचदार स्थितिज ऊर्जा होगी।
- गेंद में स्थितिज ऊर्जा होती है और नीचे गिरने पर यह गतिज ऊर्जा में परिवर्तित हो जाएगी।
- गेंद में गतिज ऊर्जा होती है और जब तक कोई बल उस पर कार्य नहीं करता, वह स्थिर रहेगी।
Explanation:
- मेज के किनारे पर रखी गेंद में उसकी ऊँचाई के कारण गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा (PE = mgh) होती है।
- जब इसे धकेला जाता है (गिराया जाता है), तो यह PE, गतिज ऊर्जा (KE) में परिवर्तित हो जाती है (ऊर्जा संरक्षण)।
Quick Facts:
- यह ऊर्जा रूपांतरण (PE → KE) का एक सरल उदाहरण है।
सौर पैनल में, ऊर्जा रूपांतरण ______ से ______ तक होता है।
- सौर, विद्युत
- ऊष्मा, प्रकाश
- विद्युत, प्रकाश
- विद्युत, चुम्बकीय
Explanation:
- सौर पैनल (Solar panel) सौर ऊर्जा (Solar energy) को विद्युत ऊर्जा (Electrical energy) में परिवर्तित करता है (फोटोवोल्टिक प्रभाव, photovoltaic effect)।
- बल्ब: विद्युत → प्रकाश, इलेक्ट्रिक हीटर: विद्युत → ऊष्मा
Quick Facts:
- सौर सेल (Solar cell) अर्धचालक (Si) से बना होता है।
वर्षा के दौरान किस प्रकार का ऊर्जा परिवर्तन होता है?
- यांत्रिक ऊर्जा, गतिज ऊर्जा में परिवर्तित हो जाती है।
- पेशीय ऊर्जा, यांत्रिक ऊर्जा में परिवर्तित हो जाती है।
- रासायनिक ऊर्जा, गतिज ऊर्जा में परिवर्तित हो जाती है।
- स्थितिज ऊर्जा, गतिज ऊर्जा में परिवर्तित हो जाती है।
Explanation:
- वर्षा की बूँदें बादलों में ऊँचाई पर होती हैं, इसलिए उनमें स्थितिज ऊर्जा (PE = mgh) होती है।
- जब वे गिरती हैं, तो यह PE गतिज ऊर्जा (KE = ½mv²) में परिवर्तित हो जाती है (ऊर्जा संरक्षण)।
- यह PE → KE का एक प्राकृतिक उदाहरण है।
Quick Facts:
- यही कारण है कि वर्षा की बूँदों का वेग बढ़ता है (जब तक वायु प्रतिरोध उन्हें सीमित न कर दे)।
एक विकृत निकाय की प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा क्या होती है?
- प्रतिबल/विकृति
- प्रतिबल × विकृति / आयतन
- प्रतिबल × विकृति
- ½ × प्रतिबल × विकृति × आयतन
Explanation:
- प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा (Elastic Potential Energy) प्रति इकाई आयतन = ½ × प्रतिबल (stress) × विकृति (strain)
- कुल ऊर्जा = ½ × प्रतिबल × विकृति × आयतन (Volume)
- हूक के नियम (Hooke’s Law) के अंतर्गत, यह ½kx² (स्प्रिंग) के समतुल्य है (जहाँ k = बल नियतांक, x = विस्थापन)
Quick Facts:
- प्रतिबल (Stress) = बल/क्षेत्रफल (N/m²), विकृति (Strain) = विरूपण/मूल लंबाई (विमाहीन)
- प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा की SI इकाई: जूल (J)
पदार्थ के कण ______ के कारण निरंतर गतिमान रहते हैं।
- स्थितिज ऊर्जा
- कणों के आकार
- गतिज ऊर्जा
- कणों के आपसी मिश्रण
Explanation:
- पदार्थ के कण (अणु/परमाणु) निरंतर गति करते हैं, क्योंकि उनमें गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) होती है, जो उनकी गति (गतिशीलता) का कारण है।
- तापमान बढ़ने पर इस गतिज ऊर्जा में वृद्धि होती है, जिससे कणों की गति तीव्र हो जाती है।
- स्थितिज ऊर्जा कणों की स्थिति/विन्यास के कारण होती है, गति के कारण नहीं।
Quick Facts:
- तापमान = कणों की औसत गतिज ऊर्जा का माप (निरपेक्ष तापमान पर KE ∝ T)
- गतिज ऊर्जा के कारण ही विसरण (diffusion), ब्राउनियन गति (Brownian motion) आदि होती हैं।
ऊष्मागतिकी के खुले निकाय के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- निकाय एवं परिवेश के बीच ऊर्जा और द्रव्य का विनिमय होता है।
- निकाय एवं परिवेश के बीच ऊर्जा का विनिमय नहीं होता, लेकिन द्रव्य का विनिमय संभव है।
- निकाय एवं परिवेश के बीच ऊर्जा या द्रव्य का विनिमय नहीं होता है।
- निकाय एवं परिवेश के बीच द्रव्य का विनिमय नहीं होता, लेकिन ऊर्जा का विनिमय संभव है।
Explanation:
- ऊष्मागतिकी में, खुला निकाय (Open System) वह है जो अपने परिवेश (surroundings) के साथ ऊर्जा और द्रव्य (पदार्थ) दोनों का विनिमय (exchange) कर सकता है।
- बंद निकाय (Closed System): केवल ऊर्जा का विनिमय (द्रव्य नहीं), पृथक निकाय (Isolated System): न तो ऊर्जा और न ही द्रव्य का विनिमय।
Quick Facts:
- उदाहरण: खुला निकाय – एक बर्तन में उबलता पानी (भाप (द्रव्य) और ऊष्मा (ऊर्जा) का आदान-प्रदान)।
- बंद निकाय: एक सीलबंद पानी की बोतल (ऊष्मा का आदान-प्रदान हो सकता है, पर द्रव्य नहीं)।
किसी वस्तु की गतिज ऊर्जा और स्थितिज ऊर्जा का योग ______ कहलाता है।
- यांत्रिक ऊर्जा
- गुप्त ऊर्जा
- रासायनिक ऊर्जा
- पेशीय ऊर्जा
Explanation:
- किसी वस्तु की कुल यांत्रिक ऊर्जा (Mechanical Energy) = उसकी गतिज ऊर्जा (KE) + स्थितिज ऊर्जा (PE) का योग होती है।
- यह ऊर्जा संरक्षी बलों (conservative forces) के अधीन संरक्षित रहती है (जब घर्षण जैसे अपव्ययी बल न हों)।
Quick Facts:
- यांत्रिक ऊर्जा की SI इकाई: जूल (J)
- गुरुत्वाकर्षण के अधीन मुक्त पतन में, यांत्रिक ऊर्जा स्थिर रहती है (PE + KE = constant)।
10 N का एक क्षैतिज बल, बल की दिशा में 2 m की दूरी के माध्यम से 5 kg की वस्तु को विस्थापित करता है। बल द्वारा किया गया कार्य ______ होगा।
- 20 J
- 10 J
- 5 J
- 50 J
Equation: W = F × s = 10 × 2 = 20 J
Explanation:
- कार्य (W) = बल × विस्थापन (जब बल और विस्थापन एक ही दिशा में हों) = 10 N × 2 m = 20 J
- 5 kg द्रव्यमान (m) का यहाँ कोई उपयोग नहीं है, क्योंकि कार्य केवल बल और विस्थापन पर निर्भर करता है (घर्षण/त्वरण से संबंधित नहीं)।
Quick Facts:
- कार्य की SI इकाई: जूल (J) = N·m
- वस्तु का द्रव्यमान (5 kg) केवल त्वरण या बल के अन्य पहलुओं (जैसे घर्षण) के लिए प्रासंगिक होता, पर यहाँ नहीं।
यदि दो वस्तुओं का द्रव्यमान आधा कर दिया जाए तथा उनके बीच की दूरी भी आधी कर दी जाए, तो गुरूत्वीय बल ______।
- दोगुना हो जाएगा
- एक चौथाई हो जाएगा
- आधा हो जाएगा
- अपरिवर्तित रहेगा
Equation: F = G(m₁m₂)/r² → (½ × ½)/(½)² = ¼/¼ = 1 → अपरिवर्तित
Explanation:
- गुरुत्वाकर्षण बल F = G(m₁m₂)/r²
- यदि दोनों द्रव्यमान (m₁, m₂) आधे हो जाएँ ⇒ m₁m₂ → (1/2)(1/2) = 1/4
- यदि दूरी (r) आधी हो जाए ⇒ r² → (1/2)² = 1/4
- अतः F’ = G × (¼) / (¼) = G × 1 = F (अपरिवर्तित)
Quick Facts:
- यह दर्शाता है कि द्रव्यमान और दूरी में परिवर्तन एक-दूसरे को संतुलित कर सकते हैं (व्युत्क्रम वर्ग नियम)।
यदि k स्प्रिंग का बल नियतांक है और x स्प्रिंग की अप्रसारित स्थिति से विस्थापन है, तो स्प्रिंग की स्थितिज ऊर्जा (V) है:
- V = kx/2
- V = kx²/2
- V = x²/2k
- V = kx²
Explanation:
- स्प्रिंग की प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा (Elastic Potential Energy) का सूत्र: V = ½ k x²
- यह स्प्रिंग को खींचने/संपीड़ित करने में किए गए कार्य (W = ½kx²) के बराबर होती है (हूक के नियम, F = kx के अंतर्गत)।
Quick Facts:
- k = स्प्रिंग नियतांक (N/m), x = विस्थापन (m)
- यह ऊर्जा स्प्रिंग में ‘प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा’ (elastic PE) के रूप में संग्रहीत होती है।
यदि कोई बल (F) किसी वस्तु पर विस्थापन (S) की दिशा में कार्य कर रहा है, तो कार्य (W) का समीकरण क्या होगा?
- F – s
- F × s
- F/s
- S/F
Explanation:
- जब बल (F) और विस्थापन (s) एक ही दिशा में हों (θ = 0°), तो W = F × s (cos 0° = 1)।
- सामान्य सूत्र: W = F × s × cos θ (θ = बल और विस्थापन के बीच कोण)।
Quick Facts:
- यदि θ = 0° (समान दिशा): W = Fs (धनात्मक कार्य)
- यदि θ = 180° (विपरीत दिशा): W = -Fs (ऋणात्मक कार्य)
- यदि θ = 90° (लंबवत): W = 0 (शून्य कार्य)
एक कार तीव्र चाल से गतिमान रही है। इसमें कौन सी ऊर्जा निहित है?
- स्थितिज ऊर्जा
- घर्षण ऊर्जा
- गुरुत्वाकर्षण बल
- गतिज ऊर्जा
Explanation:
- गतिशील (गतिमान) वस्तु में गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) होती है, क्योंकि उसमें वेग (गति) है (KE = ½mv²)।
- स्थितिज ऊर्जा (PE) स्थिति/ऊँचाई के कारण, घर्षण ऊर्जा (ऊष्मा) गति के विरोध के कारण, गुरुत्वाकर्षण बल एक बल है, ऊर्जा नहीं।
Quick Facts:
- गतिज ऊर्जा = ½ × द्रव्यमान × (वेग)²
- कार की गतिज ऊर्जा उसकी चाल पर निर्भर करती है (v² के समानुपाती)।
जब वह जमीन से 5 मीटर की ऊँचाई पर हो, तो द्रव्यमान 13 किलोग्राम की वस्तु से प्राप्त ऊर्जा ज्ञात कीजिये। दिया गया है g = 9.8 मीसेक⁻²
- 539 J
- 588 J
- 528 J
- 637 J
Equation: PE = mgh = 13 × 9.8 × 5 = 637 J
Explanation:
- प्राप्त ऊर्जा = स्थितिज ऊर्जा (PE) = mgh = 13 × 9.8 × 5 = 637 J
Quick Facts:
- स्थितिज ऊर्जा (PE) = mgh (गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा)
- यदि g = 10 लें, तो PE = 13 × 10 × 5 = 650 J (पर yahाँ 9.8 दिया है, इसलिए 637 J)
एक पीतल की छड़ का अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल 0.04 m² और लंबाई 20 cm है, जिसकी ऊष्मीय चालकता 109 J/s m K है। यदि छड़ के दोनों सिरों को 200°C के तापमान अंतर पर बनाए रखा जाता है, तो छड़ के माध्यम से ऊष्मा प्रवाह की दर ______ होती है।
- 3.42 kJ/s
- 2.32 kJ/s
- 4.36 kJ/s
- 5.80 kJ/s
Equation: Q/t = kA(ΔT)/L = 109 × 0.04 × 200/0.2 = 4360 J/s = 4.36 kJ/s
Explanation:
- ऊष्मा प्रवाह की दर (Rate of heat flow) = k A (ΔT) / L (फूरियर का नियम, Fourier’s Law)
- k = 109 J/(s·m·K), A = 0.04 m², ΔT = 200 K, L = 0.2 m
- Q/t = 109 × 0.04 × 200 / 0.2 = 4360 J/s = 4.36 kJ/s
Quick Facts:
- फूरियर का नियम: ऊष्मा प्रवाह दर = kA(ΔT)/L
- k (तापीय चालकता) पदार्थ का गुण है, SI इकाई: W·m⁻¹·K⁻¹
जब आप एक रबड़ बैंड को खींचते है, तो स्थानांतरित ऊर्जा ______ के रूप में संग्रहित हो जाती है।
- स्थितिज ऊर्जा
- पेशीय ऊर्जा
- यांत्रिक ऊर्जा
- गतिज ऊर्जा
Explanation:
- रबर बैंड को खींचने पर उसमें प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा (Elastic Potential Energy) संग्रहीत होती है (PE = ½kx²)।
- यह ऊर्जा रबर बैंड के विरूपण (विकृति) के कारण होती है, जो उसे अपने मूल आकार में लौटने की क्षमता देती है।
Quick Facts:
- यह ‘प्रत्यास्थ’ (elastic) ऊर्जा है, जो गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा (mgh) से भिन्न है, पर दोनों स्थितिज ऊर्जा के प्रकार हैं।
द्रव्यमान m और 9m के दो पिंड समान गतिज ऊर्जा से गति कर रहे हैं। उनके रैखिक संवेग का अनुपात ______ होगा।
- 1 : 3
- 1 : 4
- 4 : 1
- 3 : 1
Equation: p = √(2mKE) → p₁:p₂ = √m₁:√m₂ = 1:3
Explanation:
- KE = p²/(2m) ⇒ p = √(2m × KE)
- यदि KE समान है, तो p ∝ √m (द्रव्यमान के वर्गमूल के समानुपाती)
- p₁ : p₂ = √m : √9m = 1 : 3
Quick Facts:
- संवेग (p) = mv, गतिज ऊर्जा (KE) = ½mv², संबंध: KE = p²/2m
- यदि KE समान है, तो भारी वस्तु का संवेग अधिक होता है (क्योंकि p ∝ √m)।
किसी धातु की सतह से एक इलेक्ट्रॉन को अनंत तक हटाने के लिए आवश्यक ऊर्जा की न्यूनतम मात्रा क्या है?
- कार्य-फलन
- बल
- प्रज्वलन ऊर्जा
- कार्य ऊर्जा
Explanation:
- धातु की सतह से एक इलेक्ट्रॉन को निकालने (अनंत तक हटाने) के लिए आवश्यक न्यूनतम ऊर्जा को कार्य-फलन (Work function, φ) कहते हैं, जो प्रकाश विद्युत प्रभाव (photoelectric effect) में महत्वपूर्ण है।
- φ = hν₀ (जहाँ ν₀ = देहली आवृत्ति, threshold frequency)
Quick Facts:
- कार्य-फलन की SI इकाई: जूल (J), पर व्यावहारिक रूप में eV (इलेक्ट्रॉन-वोल्ट) में मापा जाता है (1 eV = 1.6 × 10⁻¹⁹ J)।
- आइंस्टीन के प्रकाश विद्युत समीकरण: K.E. = hν – φ
एक वस्तु की ________ के साथ इसकी स्थितिज ऊर्जा में वृद्धि होती है।
- वेग
- ऊँचाई
- विस्थापन
- दूरी
Explanation:
- गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा (PE) = mgh, अतः PE ∝ h (ऊँचाई) – ऊँचाई बढ़ने पर PE बढ़ती है।
- वेग (v) से गतिज ऊर्जा (KE) बढ़ती है, स्थितिज ऊर्जा नहीं (KE = ½mv²)।
- विस्थापन/दूरी – यह कार्य (W = F·s) से संबंधित है, स्थितिज ऊर्जा से सीधे नहीं (जब तक ऊँचाई में परिवर्तन न हो)।
Quick Facts:
- ऊँचाई (h) पृथ्वी की सतह से मापी जाती है (PE = mgh के लिए, संदर्भ स्तर (reference level) पर PE = 0)।
निम्नलिखित में से कौन सी ऊर्जा गति के साथ बढ़ती है?
- रासायनिक ऊर्जा
- स्थितिज ऊर्जा
- गतिज ऊर्जा
- विद्युत ऊर्जा
Explanation:
- गतिज ऊर्जा (KE) = ½mv², अतः गति (वेग, v) बढ़ने पर KE बढ़ती है (v² के समानुपाती)।
- रासायनिक ऊर्जा – बंधों में, स्थितिज ऊर्जा – स्थिति/ऊँचाई के साथ (गति से नहीं), विद्युत ऊर्जा – आवेशों के प्रवाह से।
Quick Facts:
- गतिज ऊर्जा = गति की ऊर्जा (energy of motion)
- यदि वेग दोगुना कर दिया जाए, तो KE चार गुनी हो जाती है (∵ KE ∝ v²)।
मशीन द्वारा निरंतर ऊर्जा प्रदान किए जाने पर एक वस्तु सीधी रेखा में आगे बढ़ती है। वस्तु द्वारा समय t में तय की गई दूरी ______ के आनुपातिक होगी।
- t³/⁴
- t¹/²
- t³/²
- t¹/⁴
Explanation:
- निरंतर ऊर्जा (constant power, P) का अर्थ है P = dW/dt = F × v = स्थिर
- F = m × a, और P = m × a × v (स्थिर)
- a × v = स्थिर ⇒ (dv/dt) × v = स्थिर ⇒ v² ∝ t ⇒ v ∝ t^(1/2)
- दूरी s = ∫v dt ∝ t^(3/2) (क्योंकि ∫t^(1/2) dt = (2/3)t^(3/2))
Quick Facts:
- यह एक मानक परिणाम है: निरंतर शक्ति के अंतर्गत, s ∝ t^(3/2)
- उदाहरण: इंजन द्वारा निरंतर शक्ति प्रदान करने पर कार/रॉकेट की गति (चाल में वृद्धि धीरे-धीरे होती है)।
एक कुली जमीन से 12 kg का सामान उठाता है और जमीन से 1.5 m ऊपर अपने सिर पर रखता है। सामान पर उसके द्वारा किए गए कार्य की गणना कीजिए। (g = 10ms⁻²)
- 140 J
- 180 J
- 150 J
- 155 J
Equation: W = mgh = 12 × 10 × 1.5 = 180 J
Explanation:
- कार्य (W) = बल × विस्थापन = भार × ऊँचाई (गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध) = 12 × 10 × 1.5 = 180 J
Quick Facts:
- यह ‘गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा’ (PE) में वृद्धि के बराबर है (PE = mgh)।
निम्नलिखित में से पारंपरिक ऊर्जा स्रोत का चयन करें:
- नाभिकीय ऊर्जा
- बायोमास ऊर्जा
- सौर ऊर्जा
- ज्वारीय ऊर्जा
Explanation:
- पारंपरिक (परंपरागत) ऊर्जा स्रोत (Conventional sources) वे हैं जो सीमित (non-renewable) हैं और लंबे समय से उपयोग में हैं – जैसे नाभिकीय ऊर्जा (Nuclear energy), जीवाश्म ईंधन (कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस) – पर नाभिकीय ऊर्जा भी non-renewable है (यूरेनियम)।
- बायोमास, सौर, ज्वारीय – ये नवीकरणीय (renewable) और गैर-पारंपरिक ऊर्जा स्रोत हैं।
Quick Facts:
- पारंपरिक स्रोत: कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, नाभिकीय ईंधन (U-235)
- गैर-पारंपरिक: सौर, पवन, ज्वारीय, भू-तापीय, बायोमास, जलविद्युत
किसी वस्तु की गतिज और स्थितिज ऊर्जा का योग क्या होता है?
- कुल यांत्रिक ऊर्जा
- कुल घर्षण ऊर्जा
- कुल ऊष्मीय ऊर्जा
- कुल स्थितिज ऊर्जा
Explanation:
- कुल यांत्रिक ऊर्जा (Total Mechanical Energy) = गतिज ऊर्जा (KE) + स्थितिज ऊर्जा (PE)
- यह ऊर्जा का वह भाग है जो यांत्रिक कार्य (mechanical work) से संबंधित है।
Quick Facts:
- संरक्षी बलों (जैसे गुरुत्वाकर्षण) के अधीन, कुल यांत्रिक ऊर्जा संरक्षित (conserved) रहती है।
यदि 50 Ω के प्रतिरोधक से 8 मिनट तक 4 A धारा प्रवाहित की जाए, तो उत्पन्न ऊष्मा ______ है।
- 2.08 × 10⁵ J
- 1.56 × 10⁵ J
- 6.25 × 10⁵ J
- 4.68 × 10⁵ J
Equation: H = I²Rt = 4² × 50 × 480 = 16 × 50 × 480 = 384,000 ≈ 3.84 × 10⁵ J (Note: Check calculation)
Explanation:
- जूल का तापन नियम (Joule’s law of heating): H = I² R t
- I = 4 A, R = 50 Ω, t = 8 min = 480 s
- H = 4² × 50 × 480 = 16 × 50 × 480 = 384,000 J = 3.84 × 10⁵ J
- Note: दिए गए विकल्पों में 3.84 × 10⁵ J नहीं है, निकटतम 3.84 × 10⁵ J (या 3.84 × 10⁵) है। 2.08 × 10⁵ J गलत है, 3.84 × 10⁵ J सही होना चाहिए (शायद प्रश्न में विकल्प त्रुटिपूर्ण है, पर सही मान 3.84 × 10⁵ J है)।
Quick Facts:
- जूल का तापन नियम: H = I²Rt (ऊष्मा = धारा² × प्रतिरोध × समय)
- उत्पन्न ऊष्मा की SI इकाई: जूल (J)
10 किग्रा की वस्तु 4 मीटर की दूरी पर गिरती है। इस पर काम करने वाले गुरुत्वाकर्षण बल द्वारा किया गया कार्य है (g = 10 m/s²):
- 200 J
- 100 J
- 300 J
- 400 J
Equation: W = mgh = 10 × 10 × 4 = 400 J
Explanation:
- गुरुत्वाकर्षण बल द्वारा किया गया कार्य = mgh = 10 × 10 × 4 = 400 J
Quick Facts:
- जब वस्तु गिरती है, गुरुत्वाकर्षण बल और विस्थापन एक ही दिशा (नीचे) में होते हैं, इसलिए कार्य धनात्मक (+ve) होता है।
निम्नलिखित में से कौन-सी राशि उस निकाय के लिए संरक्षित रहती है जो एक संरक्षी बल के अधीन है?
- कुल स्थितिज ऊर्जा
- कुल गतिज ऊर्जा
- कुल रेखीय संवेग
- कुल यांत्रिक ऊर्जा
Explanation:
- संरक्षी बल (conservative force) के अधीन, कुल यांत्रिक ऊर्जा (ME = KE + PE) संरक्षित (conserved) रहती है।
- गुरुत्वाकर्षण, प्रत्यास्थ बल, स्थिरवैद्युत बल – संरक्षी बलों के उदाहरण हैं।
- कुल स्थितिज/गतिज ऊर्जा अलग-अलग संरक्षित नहीं होती (वे एक-दूसरे में परिवर्तित हो सकती हैं), संवेग तब संरक्षित होता है जब बाह्य बल शून्य हो (पर यहाँ बल संरक्षी है, बाह्य नहीं)।
Quick Facts:
- संरक्षी बल: किया गया कार्य पथ पर निर्भर नहीं करता, केवल प्रारंभिक और अंतिम स्थिति पर (जैसे गुरुत्वाकर्षण)।
किए गए ऋणात्मक कार्य के संबंध में, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- किया गया कार्य ऋणात्मक नहीं हो सकता।
- जब बल, विस्थापन के लंबवत होता है, तो किया गया कार्य ऋणात्मक होता है।
- जब बल, विस्थापन की दिशा के विपरीत कार्य करता है, तो किया गया कार्य ऋणात्मक होता है।
- जब बल और विस्थापन एक ही दिशा में हों, तो किया गया कार्य ऋणात्मक होता है।
Explanation:
- कार्य W = F × s × cos θ।
- यदि बल और विस्थापन विपरीत दिशा में (θ = 180°), तो cos 180° = -1, इसलिए W ऋणात्मक होता है।
- जब बल और विस्थापन एक ही दिशा में (θ = 0°), तो W धनात्मक होता है, लंबवत (θ = 90°) पर W = 0।
Quick Facts:
- ऋणात्मक कार्य का अर्थ है कि बल, वस्तु की ऊर्जा को कम कर रहा है (जैसे घर्षण, ब्रेक लगाना)।
द्रव्यमान m और वेग v वाली वस्तु A की गतिज ऊर्जा 100 J है। तब द्रव्यमान 2m और वेग v वाली वस्तु B की गतिज ऊर्जा क्या होगी?
- 300 J
- 200 J
- 50 J
- 400 J
Equation: KE ∝ m → m दोगुना → KE दोगुना = 200 J
Explanation:
- KE = ½mv², इसलिए KE ∝ m (जब v स्थिर हो)।
- यदि m → 2m (द्रव्यमान दोगुना) और v समान रहे, तो KE → 2 × KE = 2 × 100 = 200 J
Quick Facts:
- गतिज ऊर्जा द्रव्यमान (m) के अनुक्रमानुपाती होती है (यदि वेग स्थिर हो)।
15 V विभवांतर वाले दो बिंदुओं के बीच 3 C के आवेश को स्थानांतरित करने के लिए कितने कार्य की आवश्यकता होती है?
- 21 J
- 45 J
- 14 J
- 5 J
Equation: W = QV = 3 × 15 = 45 J
Explanation:
- कार्य (W) = आवेश (Q) × विभवांतर (V) = 3 C × 15 V = 45 J
Quick Facts:
- 1 V = 1 J/C, इसलिए W = QV
एक जनित्र वह उपकरण है, जो ______ परिवर्तित करता है।
- यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में
- विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में
- ऊष्मा ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में
- विद्युत ऊर्जा को ऊष्मा ऊर्जा में
Explanation:
- जनित्र (Generator) यांत्रिक ऊर्जा (Mechanical Energy) को विद्युत ऊर्जा (Electrical Energy) में परिवर्तित करता है (विद्युत चुंबकीय प्रेरण, electromagnetic induction के सिद्धांत पर)।
- मोटर (Motor) विद्युत → यांत्रिक करता है, यह विपरीत है।
Quick Facts:
- जनित्र: टरबाइन (जल/भाप/पवन) द्वारा यांत्रिक ऊर्जा दी जाती है → विद्युत ऊर्जा
ऊर्जा रूपों का कौन-सा युग्म किसी वस्तु की कुल यांत्रिक ऊर्जा का गठन करता है?
- नाभिकीय ऊर्जा और ध्वनि ऊर्जा
- विद्युत ऊर्जा और प्रकाश ऊर्जा
- ऊष्मा ऊर्जा और रासायनिक ऊर्जा
- स्थितिज ऊर्जा और गतिज ऊर्जा
Explanation:
- यांत्रिक ऊर्जा (Mechanical Energy) = स्थितिज ऊर्जा (PE) + गतिज ऊर्जा (KE)
- यह वस्तु की यांत्रिक गति/स्थिति से संबंधित ऊर्जा है।
Quick Facts:
- अन्य ऊर्जा रूप: ऊष्मा, प्रकाश, ध्वनि, रासायनिक, विद्युत, नाभिकीय – ये यांत्रिक ऊर्जा के भाग नहीं हैं।
2 kg द्रव्यमान का एक पिंड 3 m/s की चाल से गतिमान है। इसकी गतिज ऊर्जा ______ है।
- 6 J
- 9 J
- 3 J
- 18 J
Equation: KE = ½ × 2 × 3² = 9 J
Explanation:
- KE = 0.5 × 2 × 9 = 9 J
Quick Facts:
- गतिज ऊर्जा = ½mv², इकाई: जूल (J)
विद्युत ऊर्जा का व्यापारिक मात्रक किलोवाट घंटा (kWh) है। निम्नलिखित में से कौन-सा, 1 kWh का सही मान है?
- 3.6 × 10⁶ जूल
- 1.6 × 10⁶ जूल
- 1.9 × 10⁶ जूल
- 3.0 × 10⁶ जूल
Explanation:
- 1 kWh = 1000 W × 3600 s = 3.6 × 10⁶ J
Quick Facts:
- 1 kWh = 1 यूनिट (बिजली बिल में)
सीसे की विशिष्ट ऊष्मा धारिता 125 Jkg⁻¹ K⁻¹ है। यदि 5 kJ ऊष्मा अवशोषित करने पर 250 g सीसे के खंड का तापमान 10°C बढ़ जाता है, तो इसकी ऊष्मा क्षमता ज्ञात कीजिए।
- 250 Jkg⁻¹ K⁻¹
- 200 JK⁻¹
- 325 Jkg⁻¹ K⁻¹
- 500 JK⁻¹
Equation: Heat capacity = Q/ΔT = 5000/10 = 500 JK⁻¹
Explanation:
- ऊष्मा क्षमता (Heat capacity) = Q / ΔT (ऊष्मा अवशोषित / तापमान परिवर्तन)
- Q = 5 kJ = 5000 J, ΔT = 10 K
- C = 5000 / 10 = 500 J/K (JK⁻¹)
- विशिष्ट ऊष्मा (c) और द्रव्यमान (m) का गुणन = mc = 0.25 × 125 = 31.25 J/K (पर यहाँ ऊष्मा क्षमता = Q/ΔT = 500 J/K)
Quick Facts:
- ऊष्मा क्षमता (Heat capacity) की SI इकाई: J/K (जूल प्रति केल्विन)
- विशिष्ट ऊष्मा (Specific heat) = J/kg·K
एक व्यक्ति 3 मिनट में 600 J कार्य करता है। औसत शक्ति क्या है?
- 3.33 W
- 20 W
- 330 W
- 200 W
Equation: P = 600/180 = 3.33 W
Explanation:
- शक्ति (Power) = कार्य / समय = 600 J / 180 s = 3.33 W
Quick Facts:
- शक्ति की SI इकाई: वाट (W) = J/s
निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है/हैं?
- A. घनत्व: किसी पदार्थ के प्रति इकाई आयतन में निहित द्रव्यमान घनत्व कहलाता है।
- B. गतिज ऊर्जा: यह किसी वस्तु में मौजूद ऊर्जा की तरह है, जब उस वस्तु/पदार्थ के कण निरंतर गतिमान रहते हैं तो वह गतिमान होती है, यही कारण है कि पदार्थ में गतिज ऊर्जा होती है।
- केवल A सत्य है
- केवल B सत्य है
- A और B दोनों गलत हैं
- A और B दोनों सत्य हैं
Explanation:
- कथन A: घनत्व (Density) = द्रव्यमान / आयतन (m/V) – यह सही है।
- कथन B: गतिज ऊर्जा (KE) कणों की गति (गतिशीलता) के कारण होती है – यह भी सही है।
- दोनों कथन सत्य हैं, अतः “A और B दोनों सत्य हैं” सही होना चाहिए। (प्रश्न में विकल्पों के अनुसार, “केवल B सत्य है” दिया है, पर वास्तव में दोनों सत्य हैं।)
Quick Facts:
- घनत्व (ρ) = m/V (SI इकाई: kg/m³)
- गतिज ऊर्जा = ½mv² (गति के कारण ऊर्जा)
निम्नलिखित में से कौन-सी ऊर्जा एक वस्तु की ऊँचाई के साथ परिवर्तित होती है?
- परमाणु ऊर्जा
- गतिज ऊर्जा
- रासायनिक ऊर्जा
- स्थितिज ऊर्जा
Explanation:
- स्थितिज ऊर्जा (PE) = mgh, अतः यह सीधे ऊँचाई (h) के साथ परिवर्तित होती है (h बढ़ने पर PE बढ़ती है, घटने पर PE घटती है)।
- गतिज ऊर्जा (KE) वेग (v) के साथ बदलती है, ऊँचाई के साथ नहीं (हालाँकि गिरने पर KE बढ़ती है, पर यह ऊँचाई में परिवर्तन का परिणाम है, सीधे नहीं)।
Quick Facts:
- PE ∝ h (गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा)
5N के नियत बल के कारण एक पिंड का उसी दिशा में 50 m विस्थापन होता है जिस दिशा में बल लगाया जाता है। ज्ञात कीजिए कि इस बल के कारण कितना कार्य किया गया?
- +25 J
- -250 J
- -25 J
- +250 J
Equation: W = F × s = 5 × 50 = 250 J
Explanation:
- बल और विस्थापन एक ही दिशा में (θ = 0°), इसलिए कार्य धनात्मक (+250 J) है।
Quick Facts:
- धनात्मक कार्य: बल, वस्तु की गति को बढ़ावा देता है (ऊर्जा बढ़ती है)।
जब एक हीटर द्वारा 1 मिनट और 20 सेकंड में 60 KJ ऊष्मा उत्पन्न होती है, तो उसकी शक्ति है:
- 7.5 kW
- 150 W
- 1.5 kW
- 750 W
Equation: Time = 80 s, Power = 60000/80 = 750 W
Explanation:
- समय = 1 min 20 s = 80 s, ऊष्मा = 60 kJ = 60000 J
- शक्ति = ऊष्मा/समय = 60000/80 = 750 W
Quick Facts:
- शक्ति = ऊर्जा/समय, W = J/s
2 सेमी मोटाई और 0.1 वर्ग मीटर क्षेत्रफल वाली स्टायरोपोम की एक शीट की आंतरिक और बाहरी सतहों के बीच तापमान का अंतर 30 डिग्री सेल्सियस है। तापीय चालकता को 0.01 J/sm K मानते हुए, शीट के माध्यम से ऊष्मा प्रवाह की दर कितनी है?
- 3.0 J/s
- 2.0 J/s
- 1.0 J/s
- 1.5 J/s
Equation: Q/t = kA(ΔT)/L = 0.01 × 0.1 × 30/0.02 = 1.5 J/s
Explanation:
- L = 2 cm = 0.02 m, k = 0.01 J/(s·m·K), A = 0.1 m², ΔT = 30 K
- Q/t = 0.01 × 0.1 × 30 / 0.02 = 0.03 / 0.02 = 1.5 J/s (वाट)
Quick Facts:
- तापीय चालकता (k) की SI इकाई: W·m⁻¹·K⁻¹
यदि बल और विस्थापन के बीच कोण ______ है, तो किया गया कार्य ऋणात्मक होता है।
- 45°
- 0
- 90°
- 180°
Explanation:
- W = F × s × cos θ
- cos 180° = -1, इसलिए W ऋणात्मक होता है।
- 45° (cos = +ve, धनात्मक), 0° (cos = 1, धनात्मक), 90° (cos = 0, शून्य)
Quick Facts:
- θ = 180° का अर्थ है बल, विस्थापन की विपरीत दिशा में (जैसे घर्षण, मंदक बल)।
द्रव्यमान 15 किग्रा की एक वस्तु 5 मीसेक⁻¹ के समान वेग के साथ घूम रही है। वस्तु के पास गतिज ऊर्जा कितनी है?
- 187.5 ms
- 187.5 J
- 180.5 J
- 17.5 J
Equation: KE = ½ × 15 × 5² = 187.5 J
Explanation:
- KE = 0.5 × 15 × 25 = 187.5 J
Quick Facts:
- गतिज ऊर्जा की इकाई: जूल (J), ms = मीटर-सेकंड (गलत इकाई)
10 g द्रव्यमान की एक गोली 1000 m/s के आरंभिक वेग से निकलती है और पृथ्वी पर समान स्तर पर 500 m/s के वेग से टकराती है। वायु के प्रतिरोध का सामना करके (जल में) किया गया कार्य कितना होगा?
- 500
- 5000
- 375
- 3750
Equation: W = ΔKE = ½ × 0.01 × (1000² – 500²) = 0.005 × 750000 = 3750 J
Explanation:
- कार्य-ऊर्जा प्रमेय: वायु प्रतिरोध द्वारा किया गया कार्य = गतिज ऊर्जा में कमी = ½m(v₁² – v₂²)
- m = 10 g = 0.01 kg, v₁ = 1000 m/s, v₂ = 500 m/s
- W = 0.5 × 0.01 × (1000² – 500²) = 0.005 × (1,000,000 – 250,000) = 0.005 × 750,000 = 3750 J
Quick Facts:
- यह ‘कार्य-ऊर्जा प्रमेय’ (Work-Energy Theorem) का अनुप्रयोग है: W_net = ΔKE
200 W का एक विद्युत बल्ब प्रति दिन 5 घंटे के लिए उपयोग किया जाता है। बल्ब द्वारा एक सप्ताह में उपभोग की गयी ऊर्जा की गणना करें।
- 0.1 इकाई
- 0.7 इकाई
- 7 इकाई
- 1 इकाई
Equation: Energy = 0.2 kW × 5 h × 7 = 7 kWh = 7 units
Explanation:
- शक्ति = 200 W = 0.2 kW
- प्रतिदिन उपभोग = 0.2 × 5 = 1 kWh (1 यूनिट)
- 1 सप्ताह (7 दिन) = 1 × 7 = 7 kWh = 7 यूनिट
Quick Facts:
- 1 यूनिट = 1 kWh = 3.6 × 10⁶ J
एक सेकंड में उपभुक्त विद्युत ऊर्जा को ______ के रूप में जाना जाता है।
- कार्य
- स्थितिज ऊर्जा
- विद्युत धारा
- सामर्थ्य
Explanation:
- प्रति सेकंड उपभुक्त (या स्थानांतरित) ऊर्जा = शक्ति (Power) – यह ऊर्जा खपत/स्थानांतरण की दर है (P = E/t)।
- SI इकाई: वाट (W) = J/s
- ‘सामर्थ्य’ शक्ति का ही पर्याय है (व्यावहारिक/भौतिकी में power को ‘शक्ति’ कहते हैं, जिसे ‘सामर्थ्य’ भी कहा जाता है)।
Quick Facts:
- शक्ति = कार्य/समय = ऊर्जा/समय
- एक सेकंड में 1 J ऊर्जा खपत = 1 W
यदि किसी पिंड पर 6 N का बल लगाया जाता है, जो बल की दिशा में 2m विस्थापित होता है, तो किया गया कार्य ज्ञात कीजिए।
- 3
- 12
- 4
- 10
Equation: W = F × s = 6 × 2 = 12 J
Explanation:
- W = 6 N × 2 m = 12 J
Quick Facts:
- कार्य की SI इकाई: जूल (J), पर विकल्पों में इकाई नहीं दी है, केवल संख्या (12) दी है।
एक घर में, 350 W के रूप में रेटेड एक रेफ्रिजरेटर सेट को 8 घंटे/दिन के लिए संचालित किया जाता है, 150 W के रूप में रेटेड एक टीवी सेट को 5 घंटे/दिन के लिए संचालित किया जाता है, और एक इलेक्ट्रिक हीटर जिसे 1500 W के रूप में दर्जा दिया जाता है 30 मिनट/दिन के लिए संचालित किया जाता है। यदि प्रति यूनिट ऊर्जा लागत रु. 5.00 है तो फिर टीवी सेट, रेफ्रिजरेटर और इलेक्ट्रिक हीटर के लिए 10 दिनों के लिए उस घर का कुल खर्च होगा:
- रु. 220/-
- रु. 230/-
- रु. 215/-
- रु. 225/-
Equation: Ref: 0.35×8 = 2.8 kWh/day, TV: 0.15×5 = 0.75, Heater: 1.5×0.5 = 0.75, Total/day = 4.3 kWh, 10 days = 43 units, Cost = 43×5 = 215
Explanation:
- Refrigerator: 350 W = 0.35 kW × 8 h = 2.8 kWh/day
- TV: 150 W = 0.15 kW × 5 h = 0.75 kWh/day
- Heater: 1500 W = 1.5 kW × 0.5 h = 0.75 kWh/day
- Total per day = 2.8 + 0.75 + 0.75 = 4.3 kWh
- 10 days = 43 kWh = 43 units, Cost = 43 × 5 = ₹215
Quick Facts:
- 1 kWh = 1 यूनिट (बिजली बिल में)
- लागत = यूनिट × प्रति यूनिट दर
स्थितिज ऊर्जा, ऊर्जा की निम्नलिखित में से किस श्रेणी में आती है?
- ऊर्ध्वाधर ऊर्जा
- प्रकाश ऊर्जा
- रासायनिक ऊर्जा
- यांत्रिक ऊर्जा
Explanation:
- स्थितिज ऊर्जा (PE) और गतिज ऊर्जा (KE) दोनों यांत्रिक ऊर्जा (Mechanical Energy) की श्रेणी में आती हैं (ये यांत्रिक कार्य से संबंधित हैं)।
- रासायनिक ऊर्जा – रासायनिक बंधों में, प्रकाश ऊर्जा – विद्युत चुम्बकीय विकिरण, ‘ऊर्ध्वाधर ऊर्जा’ – कोई मानक शब्द नहीं है।
Quick Facts:
- यांत्रिक ऊर्जा = PE + KE
0.5 kg द्रव्यमान की एक गेंद 6 m/s के एक समान वेग से गतिमान है। गेंद की गतिज ऊर्जा है:
- 9
- 12
- 6
- 15
Equation: KE = ½ × 0.5 × 6² = 9 J
Explanation:
- KE = 0.5 × 0.5 × 36 = 0.25 × 36 = 9 J
Quick Facts:
- गतिज ऊर्जा = ½mv², इकाई: जूल (J)
एक 5 ओम के प्रतिरोधक में 2 मिनट में उत्पन्न ऊर्जा कितनी होगी, जब इसमें से 2A की धारा प्रवाहित होती है?
- 2400 जूल
- 500 जूल
- 1000 जूल
- 40 जूल
Equation: H = I²Rt = 2² × 5 × 120 = 4 × 5 × 120 = 2400 J
Explanation:
- जूल का तापन नियम: H = I² R t
- I = 2 A, R = 5 Ω, t = 2 min = 120 s
- H = 4 × 5 × 120 = 2400 J
Quick Facts:
- उत्पन्न ऊष्मा (H) की SI इकाई: जूल (J)
किसी खाद्य तेल का तापमान 20°C बढ़ाने के लिए 100 ग्राम खाद्य तेल में कितनी ऊर्जा स्थानांतरित की जानी चाहिए? (तेल की विशिष्ट ऊर्जा 1965 Jkg⁻¹ K⁻¹)
- 4.31 kJ
- 2.70 kJ
- 1.32 kJ
- 3.93 kJ
Equation: Q = mcΔT = 0.1 × 1965 × 20 = 3930 J = 3.93 kJ
Explanation:
- Q = m × c × ΔT = 0.1 kg × 1965 J/kg·K × 20 K = 3930 J = 3.93 kJ
Quick Facts:
- यहाँ ‘विशिष्ट ऊर्जा’ का अर्थ ‘विशिष्ट ऊष्मा’ (Specific heat) है।
किसी वस्तु के नीचे गिरने के दौरान, उसके रास्ते में निम्नलिखित में से कौन सी मात्रा बढ़ जाती है?
- यांत्रिक ऊर्जा
- रासायनिक ऊर्जा
- स्थितिज ऊर्जा
- गतिज ऊर्जा
Explanation:
- जैसे-जैसे वस्तु नीचे गिरती है, उसका वेग (v) बढ़ता है, इसलिए गतिज ऊर्जा (KE = ½mv²) बढ़ती है।
- स्थितिज ऊर्जा (PE) घटती है (क्योंकि h घटता है), यांत्रिक ऊर्जा (PE + KE) संरक्षित (स्थिर) रहती है (घर्षण की अनुपस्थिति में)।
Quick Facts:
- यह PE → KE का रूपांतरण है (ऊर्जा संरक्षण का उदाहरण)।
500 g द्रव्यमान का एक पत्थर जमीन से 20 m की ऊँचाई तक उठाया जाता है। इसकी स्थितिज ऊर्जा में वृद्धि क्या है? (g=10 m/s² लीजिए)
- 200 J
- 50 J
- 100 J
- 150 J
Equation: PE = mgh = 0.5 × 10 × 20 = 100 J
Explanation:
- m = 500 g = 0.5 kg, h = 20 m, g = 10 m/s²
- PE = 0.5 × 10 × 20 = 100 J
Quick Facts:
- स्थितिज ऊर्जा में वृद्धि = किए गए कार्य के बराबर (W = mgh)।
एक पिंड 2.5 N के एक नियत बल की क्रिया के अंतर्गत, बल की दिशा के विपरीत दिशा में 10 m का विस्थापन करता है। इस बल की क्रिया के अंतर्गत किया गया कार्य कितना होगा?
- +25 J
- -25 J
- -2.5 J
- +2.5 J
Equation: W = F × s × cos180° = 2.5 × 10 × (-1) = -25 J
Explanation:
- बल और विस्थापन विपरीत दिशा में (θ = 180°), इसलिए कार्य ऋणात्मक (-25 J) है।
Quick Facts:
- ऋणात्मक कार्य: बल वस्तु की गति का विरोध कर रहा है (जैसे घर्षण)।
जब आप एक कुंडली के स्प्रिंग को संपीडित करते हैं, तो आप उस पर कार्य करते हैं। स्प्रिंग की स्थितिज ऊर्जा ______ है।
- शून्य
- घटती
- अपरिवर्तित
- बढ़ती
Explanation:
- स्प्रिंग को संपीड़ित/खींचने पर, उस पर कार्य किया जाता है, जो प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा (PE = ½kx²) के रूप में संग्रहीत होती है – इसलिए PE बढ़ती है।
Quick Facts:
- संपीड़न (x) बढ़ने पर PE ∝ x², इसलिए PE बढ़ती है।
एल्युमिनियम के 100 g ब्लॉक (900 J kg⁻¹ K⁻¹ विशिष्ट ऊष्मा) में कितनी ऊष्मा स्थानांतरित की जानी चाहिए, ताकि उसका तापमान 10°C बढ़ जाए?
- 90 J
- 900 J
- 9 J
- 9000 J
Equation: Q = mcΔT = 0.1 × 900 × 10 = 900 J
Explanation:
- Q = 0.1 kg × 900 J/kg·K × 10 K = 900 J
Quick Facts:
- विशिष्ट ऊष्मा (c) की SI इकाई: J/kg·K
निम्नलिखित में से कौन-सा, ऊर्जा संरक्षण के नियम का परिणाम नहीं है?
- एक संवृत प्रणाली की कुल ऊर्जा बढ़ाने के लिए ऊर्जा का सृजन किया जा सकता है
- ऊर्जा को एक रूप से दूसरे रूप में रूपांतरित किया जा सकता है
- गतिज ऊर्जा को स्थितिज ऊर्जा में रूपांतरित किया जा सकता है
- एक संवृत प्रणाली में कुल ऊर्जा स्थिर रहती है
Explanation:
- ऊर्जा संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Energy): ऊर्जा को न तो उत्पन्न (created) किया जा सकता है और न ही नष्ट (destroyed) – केवल रूपांतरित (transformed) किया जा सकता है।
- अतः “संवृत प्रणाली की कुल ऊर्जा बढ़ाने के लिए ऊर्जा का सृजन किया जा सकता है” – यह गलत है (यह नियम का उल्लंघन है)।
Quick Facts:
- ऊर्जा संरक्षण: कुल ऊर्जा (विभिन्न रूपों में) स्थिर रहती है (ऊर्जा सृजन/विनाश नहीं होता)।
50 kg द्रव्यमान का एक लड़का 41 सीढ़ियाँ 10 सेकंड में चढ़ता है। यदि प्रत्येक सीढ़ी की ऊँचाई 15 cm है, तो उसकी शक्ति ज्ञात कीजिए। (दिया गया है g = 10 ms⁻²)
- 307.5 ms
- 307.5 W
- 307.5 J
- 387.5 W
Equation: h = 41 × 0.15 = 6.15 m, P = mgh/t = 50 × 10 × 6.15/10 = 307.5 W
Explanation:
- कुल ऊँचाई h = 41 × 0.15 = 6.15 m
- कार्य W = mgh = 50 × 10 × 6.15 = 3075 J
- शक्ति P = W/t = 3075 / 10 = 307.5 W
Quick Facts:
- शक्ति की SI इकाई: वाट (W) = J/s
एक कुली जमीन से 14 kg का सामान उठाता है और सामान को जमीन से 1.5 m ऊपर अपने सिर पर रखता है। सामान पर उसके द्वारा किए गए कार्य की गणना कीजिए।
- 140 J
- 155 J
- 210 N
- 210 J
Equation: W = mgh = 14 × 10 × 1.5 = 210 J
Explanation:
- W = 14 × 10 × 1.5 = 210 J
Quick Facts:
- कार्य की इकाई: जूल (J), न्यूटन (N) बल की इकाई है।
यदि किसी चालक का प्रतिरोध दोगुना कर दिया जाए जबकि धारा समान रहे, तो प्रति इकाई समय में उत्पन्न ऊष्मा में क्या परिवर्तन होगा?
- यह चौगुना हो जाएगा।
- यह आधा हो जाएगा।
- यह समान रहेगा।
- यह दोगुना हो जाएगा।
Equation: H = I²Rt → R दोगुना → H दोगुना
Explanation:
- जूल का तापन नियम: ऊष्मा/समय (Power) = I²R (यदि I स्थिर है, तो P ∝ R)
- अतः R दोगुना होने पर, ऊष्मा उत्पादन दर (शक्ति) दोगुनी हो जाती है।
Quick Facts:
- P = I²R (विद्युत शक्ति), ऊष्मा = शक्ति × समय
ओलंपिक खेलों में एक एथलीट 10 s में 100 m की दूरी तय करता है। उसकी गतिज ऊर्जा की सीमा का अनुमान लगाया जा सकता है:
- 200 J – 500 J
- 200000 J – 500000 J
- 20000 J – 50000 J
- 2000 J – 5000 J
Explanation:
- औसत चाल = 100/10 = 10 m/s
- एथलीट का द्रव्यमान ≈ 50–80 kg मानने पर, KE = ½mv² ≈ 0.5 × 70 × 100 = 3500 J (लगभग 2000–5000 J की सीमा में)।
- अतः सही विकल्प: 2000 J – 5000 J
Quick Facts:
- यह अनुमान (estimation) पर आधारित प्रश्न है, जिसमें एथलीट के द्रव्यमान का अनुमान लगाना होता है।
क्या होता है जब एक पेंडुलम बॉब अपनी औसत स्थिति से चरम स्थिति तक झूलता है?
- कुल ऊर्जा घटती है
- गतिज और स्थितिज ऊर्जा दोनों बढ़ती है
- स्थितिज ऊर्जा घटती है, गतिज ऊर्जा बढ़ती है
- स्थितिज ऊर्जा बढ़ती है, गतिज ऊर्जा घटती है
Explanation:
- पेंडुलम की औसत स्थिति (mean position) पर KE अधिकतम और PE न्यूनतम (h = 0) होती है।
- चरम स्थिति (extreme position) पर, बॉब उच्चतम बिंदु पर होता है, इसलिए PE अधिकतम (mgh) और KE = 0 (v = 0) होती है।
- अतः औसत से चरम तक जाने पर, PE बढ़ती है और KE घटती है (ऊर्जा संरक्षण के अनुसार)।
Quick Facts:
- पेंडुलम में, कुल यांत्रिक ऊर्जा (ME) स्थिर रहती है (घर्षण की अनुपस्थिति में)।
- औसत स्थिति: KE अधिकतम, PE न्यूनतम; चरम स्थिति: KE न्यूनतम, PE अधिकतम
बंदूक से चली गोली लक्ष्य के भीतर गहराई से चली जाती है, क्योंकि इसमें ______ होती है।
- ऊष्मा ऊर्जा
- गतिज ऊर्जा
- रासायनिक ऊर्जा
- स्थितिज ऊर्जा
Explanation:
- गोली में उसकी गति (उच्च वेग) के कारण गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) होती है, जो उसे लक्ष्य में घुसने (penetrate) की क्षमता देती है।
- KE = ½mv², इसलिए अधिक वेग = अधिक KE = अधिक भेदन क्षमता।
- ऊष्मा, रासायनिक, स्थितिज ऊर्जा – ये गति के कारण नहीं हैं।
Quick Facts:
- गतिज ऊर्जा किसी वस्तु की गति (velocity) के कारण होती है।
- बंदूक में रासायनिक ऊर्जा (बारूद) → गतिज ऊर्जा (गोली) में बदलती है।
यदि एक इलेक्ट्रिक हीटर 1000 W बिजली की खपत करता है, तो यह 1 घंटे में कितनी विद्युत ऊर्जा का उपयोग करेगा?
- 3600 J
- 1 kWh
- 1000 kWh
- 1000 J
Equation: Energy = 1 kW × 1 h = 1 kWh
Explanation:
- शक्ति (P) = 1000 W = 1 kW, समय (t) = 1 h
- ऊर्जा (E) = P × t = 1 kW × 1 h = 1 kWh
- 1 kWh = 3.6 × 10⁶ J, पर विकल्पों में kWh सही है।
Quick Facts:
- 1 kWh = 1 यूनिट (बिजली बिल में)
- यह ऊर्जा की व्यावहारिक इकाई है।
2Ω और 6Ω के दो प्रतिरोध श्रेणी में जुड़े हुए हैं और यह संयोजन 12 V बैटरी से जुड़ा है। बैटरी द्वारा आपूर्ति की गई शक्ति का पता लगाएं।
- 10 W
- 12 W
- 18 W
- 16 W
Equation: R = 2+6 = 8Ω, P = V²/R = 144/8 = 18 W
Explanation:
- श्रेणी (series) में कुल प्रतिरोध R = R₁ + R₂ = 2 + 6 = 8 Ω
- शक्ति P = V²/R = 12²/8 = 144/8 = 18 W
Quick Facts:
- श्रेणी में प्रतिरोध जुड़ते हैं (R = R₁ + R₂ + …)
- समान्तर में 1/R = 1/R₁ + 1/R₂
3 kg द्रव्यमान की एक गेंद को ज़मीन से 2 m ऊपर एक शेल्फ पर रखा गया है। गेंद की गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा ……………….. है। (g = 10 m/s² लीजिए)
- 6 J
- 30 J
- 60 J
- 600 J
Equation: PE = mgh = 3 × 10 × 2 = 60 J
Explanation:
- स्थितिज ऊर्जा (PE) = mgh = 3 × 10 × 2 = 60 J
Quick Facts:
- स्थितिज ऊर्जा की SI इकाई: जूल (J)
- यहाँ g = 10 m/s² दिया गया है (पृथ्वी पर मानक मान के करीब)
15 किग्रा द्रव्यमान की एक वस्तु 6 ms⁻¹ के एकसमान वेग से गति कर रही है। उस वस्तु ने कितनी गतिज ऊर्जा धारण की है?
- 270 J
- 187.5 J
- 17.5 J
- 187.5 ms
Equation: KE = ½ × 15 × 6² = 270 J
Explanation:
- KE = ½mv² = 0.5 × 15 × 36 = 270 J
Quick Facts:
- गतिज ऊर्जा की SI इकाई: जूल (J)
- वेग m/s में, द्रव्यमान kg में होना चाहिए
भूमि से 8 m की ऊँचाई पर 20 kg द्रव्यमान के पिंड में निहित ऊर्जा कितनी होगी? (दिया है ‘g’ = 10 ms⁻²)
- 16 J
- 16000 J
- 1600 J
- 320 J
Equation: PE = mgh = 20 × 10 × 8 = 1600 J
Explanation:
- PE = 20 × 10 × 8 = 1600 J
Quick Facts:
- ऊँचाई (h) भूमि (reference) से मापी जाती है
एक छात्र एक कमरे के फर्श से एक भारी पुस्तक, 2 m की ऊँचाई पर बुकशेल्फ में रखने के लिए उठाता है। इस प्रक्रिया के लिए, छात्र को 5 sec लगते हैं। छात्र द्वारा किया गया कार्य ______ पर निर्भर करेगा।
- बुकशेल्फ की ऊंचाई और लिए गए समय
- पुस्तक के द्रव्यमान, बुकशेल्फ की ऊंचाई और लिए गए समय
- पुस्तक के द्रव्यमान और लिए गए समय
- पुस्तक के वजन और बुकशेल्फ की ऊंचाई
Explanation:
- कार्य (Work) = बल × विस्थापन = भार (mg) × ऊँचाई (h)
- यहाँ कार्य पुस्तक के भार (mg) और ऊँचाई (h) पर निर्भर करता है, समय पर नहीं (समय शक्ति को प्रभावित करता है, कार्य को नहीं)।
Quick Facts:
- कार्य = बल × विस्थापन (W = F × s)
- शक्ति = कार्य / समय (P = W/t) – समय शक्ति को प्रभावित करता है
जब बल की दिशा में 10 m की दूरी पर 10 N के बल के अंतर्गत एक वस्तु स्थानांतरित होती है, तो कार्य की मात्रा कितनी होती है?
- 1 J
- 10 J
- 100 J
- 0.01 J
Equation: W = F × s = 10 × 10 = 100 J
Explanation:
- W = 10 N × 10 m = 100 J
Quick Facts:
- जब बल और विस्थापन एक ही दिशा में हों (cos 0° = 1)
एकसमान वेग ‘V’ से गतिमान द्रव्यमान ‘m’ वाले पिंड में ऊर्जा का निम्नलिखित में से कौन-सा रूप होगा?
- गतिज ऊर्जा
- ध्वनि ऊर्जा
- ऊष्मीय ऊर्जा
- स्थितिज ऊर्जा
Explanation:
- गति (एकसमान वेग) के कारण ऊर्जा = गतिज ऊर्जा (KE = ½mv²)
Quick Facts:
- एकसमान वेग (v) = त्वरण = 0, पर KE विद्यमान है क्योंकि v ≠ 0
किसी पिंड के द्वारा अपनी स्थिति या विन्यास के कारण धारित ऊर्जा ______ होती है।
- स्थितिज ऊर्जा
- नाभिकीय ऊर्जा
- विद्युतचुम्बकीय ऊर्जा
- गतिज ऊर्जा
Explanation:
- स्थिति (ऊँचाई) या विन्यास (संपीडित स्प्रिंग) के कारण ऊर्जा = स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy)
Quick Facts:
- PE = mgh (गुरुत्वीय), PE = ½kx² (प्रत्यास्थ)
इनमें से किस वस्तु में गतिज ऊर्जा नहीं होती है?
- बहती पवन
- उठा हुआ हथौड़ा
- लुढकता हुआ पत्थर
- गतिमान गोली
Explanation:
- गतिज ऊर्जा = गति (velocity) के कारण होती है।
- उठा हुआ हथौड़ा (स्थिर) = स्थितिज ऊर्जा (PE), गतिज नहीं (क्योंकि v = 0)
- बहती हवा, लुढ़कता पत्थर, गतिमान गोली – ये सभी गतिमान हैं, इसलिए KE रखते हैं।
Quick Facts:
- गतिज ऊर्जा = ½mv², केवल गतिशील वस्तुओं में होती है।
किसी वस्तु को भूमि से ऊपर उठाने पर किस प्रकार की ऊर्जा संग्रहित होती है?
- विद्युत ऊर्जा
- ऊष्मा ऊर्जा
- स्थितिज ऊर्जा
- गतिज ऊर्जा
Explanation:
- भूमि से ऊपर उठाने पर, वस्तु को ऊँचाई (h) प्राप्त होती है, इसलिए गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा (PE = mgh) संग्रहित होती है।
Quick Facts:
- यह PE = mgh (जमीन के सापेक्ष)
किसी खींचे हुए रबर बैंड में किस प्रकार की ऊर्जा होती है?
- स्थितिज ऊर्जा
- ऊष्मीय ऊर्जा
- गतिज ऊर्जा
- रासायनिक ऊर्जा
Explanation:
- खिंचा हुआ रबर बैंड अपनी विकृति (विन्यास) के कारण प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा (Elastic Potential Energy) संग्रहित करता है।
Quick Facts:
- PE = ½kx² (जहाँ k = स्प्रिंग/प्रत्यास्थता स्थिरांक, x = विस्तार/संपीड़न)
विद्युत ऊर्जा, शक्ति और समय के बीच क्या संबंध होता है?
- ऊर्जा = समय – शक्ति
- ऊर्जा = शक्ति + समय
- ऊर्जा = शक्ति × समय
- ऊर्जा = शक्ति × समय
Explanation:
- ऊर्जा (E) = शक्ति (P) × समय (t) – यह विद्युत ऊर्जा का मूल सूत्र है (E = P × t)
Quick Facts:
- SI मात्रक: E → जूल (J), P → वाट (W), t → सेकंड (s)
- व्यावहारिक रूप: kWh = kW × h
एक बल्ब को 10 V की बैटरी से 20 सेकंड के लिए जोड़ा गया है। यदि इससे 2 A की धारा प्रवाहित होती है, तो बल्ब द्वारा उत्पन्न ऊष्मा ऊर्जा की गणना कीजिए।
- 400 J
- 200 J
- 100 J
- 120 J
Equation: H = VIt = 10 × 2 × 20 = 400 J
Explanation:
- उत्पन्न ऊष्मा (Heat) = V × I × t = 10 × 2 × 20 = 400 J (जूल का तापन नियम, H = I²Rt = VIt)
Quick Facts:
- जूल का तापन नियम: H = I²Rt = VIt
50 ग्राम द्रव्यमान की एक गेंद 15 मीटर/सेकंड के वेग से गतिमान है। इसकी गतिज ऊर्जा क्या है?
- 3.750 J
- 1.875 J
- 5.625 J
- 7.500 J
Equation: KE = ½ × 0.05 × 15² = 0.025 × 225 = 5.625 J
Explanation:
- m = 50 g = 0.05 kg, v = 15 m/s
- KE = 0.5 × 0.05 × 225 = 5.625 J
Quick Facts:
- द्रव्यमान को kg में बदलना आवश्यक है (SI इकाई)।
5 kg द्रव्यमान वाली एक गेंद को जमीन से 5 m ऊपर उठाने पर उसके पास कितनी ऊर्जा होती है (g = 10 m/s² से):
- 250 J
- 10 J
- 2.5 J
- 2 J
Equation: PE = mgh = 5 × 10 × 5 = 250 J
Explanation:
- PE = 5 × 10 × 5 = 250 J
Quick Facts:
- यहाँ g = 10 m/s² दिया गया है (अन्यथा g = 9.8 लेते)।
एक घर में, 150 W का एक टीवी सेट 4 घंटे के लिए चालू रहता है, और 1500 W का एक इलेक्ट्रिक हीटर 25 मिनट के लिए चालू रहता है। टीवी सेट और इलेक्ट्रिक हीटर के लिए प्रतिदिन ऊर्जा खपत के मान हैं:
- क्रमशः 500 W h और 525 W h
- क्रमशः 600 W h और 625 W h
- क्रमशः 525 W h और 500 W h
- क्रमशः 625 W h और 600 W h
Equation: TV: 150×4 = 600 Wh, Heater: 1500×25/60 = 625 Wh
Explanation:
- TV: 150 W × 4 h = 600 Wh
- हीटर: 1500 W × 25/60 h = 1500 × 0.4167 = 625 Wh
Quick Facts:
- Wh = वाट-घंटा (ऊर्जा की इकाई), 1 Wh = 3600 J
g = 10 m/s² मानते हुए, यदि 75 kg द्रव्यमान वाला एक व्यक्ति 25 s में 8 m की सीढ़ी चढ़ जाता है, तो उसकी औसत शक्ति ______ है।
- 120 W
- 150 W
- 24 W
- 240 W
Equation: P = mgh/t = 75 × 10 × 8/25 = 240 W
Explanation:
- कार्य = mgh = 75 × 10 × 8 = 6000 J
- शक्ति = 6000 / 25 = 240 W
Quick Facts:
- शक्ति = कार्य / समय (P = W/t)
24 सेमी की मोटाई वाली एक ईट की दीवार की भीतरी सतह का तापमान 25°C और बाहरी सतह का तापमान 5°C है। दीवार के प्रति वर्ग मीटर के माध्यम से ऊष्मा हानि की दर (तापीय चालकता = 0.15 J/(s·m·K)) है:
- 20.0 J/s
- 18.2 J/s
- 12.5 J/s
- 23.0 J/s
Equation: Q/t = kA(ΔT)/L = 0.15 × 1 × 20/0.24 = 12.5 J/s
Explanation:
- ऊष्मा चालन (Heat conduction) का सूत्र: Q/t = kA(ΔT)/L
- ΔT = 25 – 5 = 20 K, L = 24 cm = 0.24 m, A = 1 m², k = 0.15
- Q/t = 0.15 × 1 × 20 / 0.24 = 3/0.24 = 12.5 J/s (या W)
Quick Facts:
- तापीय चालकता (k) की SI इकाई: W/(m·K) = J/(s·m·K)
निम्नलिखित में से कौन सी राशि किसी मशीन द्वारा किए गए कार्य की दर को निर्धारित करती है?
- कुल ऊर्जा की खपत
- शक्ति
- वेग परिवर्तन की दर
- कुल बल का प्रयोग
Explanation:
- कार्य की दर (Rate of doing work) = शक्ति (Power), P = W/t
Quick Facts:
- शक्ति की SI इकाई: वाट (W) = J/s
यदि अनुप्रयुक्त बल की दिशा और वस्तु की गति की दिशा परस्पर लंबवत हैं, तो:
- कार्य धनात्मक होता है।
- कोई शक्ति निर्मुक्त नहीं होती है।
- कोई ऊर्जा निर्मुक्त नहीं होती है।
- कोई कार्य नहीं किया जाता है।
Explanation:
- W = F × s × cos θ, जब θ = 90°, cos 90° = 0 ⇒ W = 0
Quick Facts:
- उदाहरण: सिर पर भार रखकर क्षैतिज चलना (गुरुत्वाकर्षण बल (नीचे) और विस्थापन (क्षैतिज) लंबवत) – कार्य शून्य
भौतिकी में किए गए कार्य को परिभाषित किया जाता है:
- A. एक बल के रूप में जिसने किसी वस्तु को विस्थापन किए बिना उस पर कार्य किया है।
- B. केवल जब कोई वस्तु विस्थापित होती है।
- C. केवल जब बल ने वस्तु पर कार्य किया हो।
- D. उपरोक्त में से कोई नहीं।
- B और C सही हैं।
- A और B सही हैं।
- A और C सही हैं।
- इनमें से कोई नहीं
Explanation:
- कार्य (Work) = बल × विस्थापन × cos θ, अतः कार्य के लिए बल (C) और विस्थापन (B) दोनों आवश्यक हैं।
- A गलत है (विस्थापन के बिना कार्य नहीं होता)।
- अतः B और C सही हैं – पर विकल्प में “B और C सही हैं” मौजूद है, अतः “इनमें से कोई नहीं” गलत है। वास्तविक सही उत्तर “B और C सही हैं” है। (प्रश्न में संभवतः त्रुटि है, पर सैद्धांतिक रूप से B और C सही हैं।)
Quick Facts:
- कार्य = F × s × cos θ
किसी दी गई तरंग के लिए, यदि गति तीन गुना और तरंगदैर्घ्य तीन गुना हो जाए, तो आवृत्ति _____।
- समान रहती है
- एक-तिहाई हो जाती है
- तीन गुना हो जाती है
- नौ गुना हो जाती है
Equation: v = fλ → f = v/λ → दोनों तीन गुना → f समान
Explanation:
- तरंग वेग (v) = आवृत्ति (f) × तरंगदैर्घ्य (λ) ⇒ f = v/λ
- यदि v → 3v और λ → 3λ, तो f’ = (3v)/(3λ) = v/λ = f ⇒ आवृत्ति समान रहती है।
Quick Facts:
- आवृत्ति (f) तरंग की एक मूलभूत विशेषता है, जो स्रोत पर निर्भर करती है, न कि माध्यम पर (माध्यम बदलने पर v और λ बदलते हैं, f नहीं)।
यदि कोई मशीन 4 सेकंड में 500 J कार्य करती है, तो उसकी शक्ति उत्पादन क्या है?
- 125 वाट
- 2000 वाट
- 8000 वाट
- 250 वाट
Equation: P = W/t = 500/4 = 125 W
Explanation:
- P = 500 J / 4 s = 125 W
Quick Facts:
- शक्ति = कार्य / समय (P = W/t)
किसी पिंड की यांत्रिक ऊर्जा को _____ के योग के रूप में व्यक्त किया जा सकता है।
- ध्वनि ऊर्जा और प्रकाश ऊर्जा
- स्थितिज ऊर्जा और गतिज ऊर्जा
- ऊष्मा ऊर्जा और प्रकाश ऊर्जा
- रासायनिक ऊर्जा और विद्युत ऊर्जा
Explanation:
- यांत्रिक ऊर्जा (Mechanical Energy) = स्थितिज ऊर्जा (PE) + गतिज ऊर्जा (KE)
Quick Facts:
- यह कुल यांत्रिक ऊर्जा है, जो संरक्षी बलों (conservative forces) के अंतर्गत संरक्षित रहती है।
निम्नलिखित विकल्पों में से गलत कथन का चयन करें।
- गतिज ऊर्जा किसी वस्तु के उसकी स्थिति के कारण प्राप्त ऊर्जा है।
- किसी वस्तु की गतिज ऊर्जा उसके द्रव्यमान में वृद्धि के साथ बढ़ती है।
- गतिज ऊर्जा किसी वस्तु के उसकी गति के कारण प्राप्त ऊर्जा है।
- किसी वस्तु की गतिज ऊर्जा उसके वेग में वृद्धि के साथ बढ़ती है।
Explanation:
- गतिज ऊर्जा (KE) = ½mv² – यह गति (v) के कारण होती है, स्थिति (ऊँचाई) के कारण नहीं।
- स्थिति के कारण ऊर्जा = स्थितिज ऊर्जा (PE)।
- अतः “गतिज ऊर्जा … स्थिति के कारण” – गलत है।
- अन्य कथन सत्य हैं: KE ∝ m, KE ∝ v²
Quick Facts:
- गतिज ऊर्जा = गति (velocity) के कारण, स्थितिज ऊर्जा = स्थिति/विन्यास के कारण।
यदि कोई _____ नहीं होता है, तो किया गया कार्य शून्य होता है।
- शक्ति
- संवेग
- वेग
- विस्थापन
Explanation:
- कार्य (W) = बल (F) × विस्थापन (s) × cos θ
- यदि विस्थापन (s) = 0, तो W = 0 (भले ही बल लग रहा हो, जैसे दीवार को धकेलना)।
Quick Facts:
- कार्य की दूसरी शर्त: बल का विस्थापन की दिशा में घटक होना चाहिए (θ ≠ 90°)।
किसी वृत्ताकार पाश के केंद्र पर चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता किस प्रकार परिवर्तित होती है, यदि पाश में प्रवाहित विद्युत धारा को दोगुना कर दिया जाए?
- यह दोगुनी अधिक हो जाएगी।
- यह चार गुना अधिक हो जाएगी।
- यह आधी रह जाएगी।
- यह अपरिवर्तित रहेगी।
Explanation:
- वृत्ताकार पाश के केंद्र पर चुंबकीय क्षेत्र B = μ₀I/(2R), अतः B ∝ I
- यदि धारा (I) दोगुनी हो जाती है, तो B भी दोगुना हो जाता है।
Quick Facts:
- B ∝ I (धारा के समानुपाती), B ∝ 1/R (त्रिज्या के व्युत्क्रमानुपाती)
किसी बल द्वारा किये गये कार्य की गणना कैसे की जाती है?
- कार्य = विस्थापन ÷ बल
- कार्य = बल ÷ विस्थापन
- कार्य = बल + विस्थापन
- कार्य = बल × विस्थापन
Explanation:
- W = F × s (जब बल और विस्थापन एक ही दिशा में हों)
- सामान्य सूत्र: W = F · s = F × s × cos θ
Quick Facts:
- कार्य की SI इकाई: जूल (J) = N·m
निम्नलिखित में से कौन यांत्रिक ऊर्जा का भाग है?
- स्थितिज ऊर्जा
- केवल प्रकाश ऊर्जा
- केवल रासायनिक ऊर्जा
- केवल ऊष्मा ऊर्जा
Explanation:
- यांत्रिक ऊर्जा = स्थितिज ऊर्जा + गतिज ऊर्जा, इसलिए स्थितिज ऊर्जा यांत्रिक ऊर्जा का एक भाग है।
- अन्य: प्रकाश, रासायनिक, ऊष्मा – ऊर्जा के अन्य रूप हैं।
Quick Facts:
- यांत्रिक ऊर्जा = PE + KE
किसी पिंड पर 10 N का बल (F) लगाया जाता है, जिससे वह बल की दिशा में 5 m गति करता है। किया गया कार्य (W) _____ है।
- 2 J
- 50 J
- 15 J
- 5 J
Equation: W = F × s = 10 × 5 = 50 J
Explanation:
- W = 10 N × 5 m = 50 J
Quick Facts:
- यदि बल और विस्थापन एक ही दिशा में हों।
कार्य करने की दर को _____ के नाम से जाना जाता है।
- शक्ति
- बल
- गतिज ऊर्जा
- स्थितिज ऊर्जा
Explanation:
- शक्ति (Power) = कार्य करने की दर (rate of doing work), P = W/t
Quick Facts:
- शक्ति की SI इकाई: वाट (W)
एक छात्र का दावा है कि समान द्रव्यमान की दो कारें, एक 40 km/h की चाल से और दूसरी 80 km/h की चाल से चलती हैं, यदि उनके इंजन समान शक्ति प्रदान करते हैं तो उनमें समान गतिज ऊर्जा होती है। इस तर्क में क्या त्रुटि है?
- यदि इंजन समान हैं तो कारों में समान ऊर्जा होती है।
- गतिज ऊर्जा चाल के वर्ग पर निर्भर करती है, न कि केवल शक्ति आपूर्ति पर।
- शक्ति आपूर्ति चाल की परवाह किए बिना ऊर्जा निर्धारित करती है।
- दोनों कारों में समान गतिज ऊर्जा होती है क्योंकि दोनों समान दूरी तय करती हैं।
Explanation:
- गतिज ऊर्जा KE = ½mv², इसलिए यह वेग (v) के वर्ग पर निर्भर करती है।
- यदि v₂ = 2v₁, तो KE₂ = 4 KE₁ (80 km/h वाली कार की KE, 40 km/h वाली से 4 गुना अधिक होगी)।
- शक्ति (Power) KE निर्धारित नहीं करती, KE कार्य द्वारा (या ऊर्जा स्थानांतरण द्वारा) निर्धारित होती है।
Quick Facts:
- KE ∝ v² (वेग दोगुना → KE चार गुना)
एक हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर स्टेशन पर बहने वाला जल टरबाइन घुमा सकता है क्योंकि इसमें निहित है-
- विद्युत ऊर्जा
- रासायनिक ऊर्जा
- गतिज ऊर्जा
- स्थितिज ऊर्जा
Explanation:
- बहता हुआ जल (गति में) गतिज ऊर्जा (KE) रखता है, जो टरबाइन को घुमाती है (और फिर विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित होती है)।
- ऊँचाई से गिरने वाला जल स्थितिज ऊर्जा (PE) रखता है, पर ‘बहता हुआ’ (flowing) शब्द गति (KE) को दर्शाता है।
Quick Facts:
- जल विद्युत (hydroelectric) में: PE (ऊँचाई) → KE (गतिमान जल) → यांत्रिक (टरबाइन) → विद्युत
कोई मशीन 5 सेकंड में 1000 J कार्य करती है। इसकी शक्ति ज्ञात कीजिए।
- 500 W
- 100 W
- 50 W
- 200 W
Equation: P = W/t = 1000/5 = 200 W
Explanation:
- P = 1000 J / 5 s = 200 W
Quick Facts:
- शक्ति = कार्य / समय
निम्नलिखित में से कौन-सी ऊर्जाएँ संयुक्त होने पर यांत्रिक ऊर्जा को निरूपित करती हैं?
- स्थितिज ऊर्जा और गतिज ऊर्जा
- रासायनिक ऊर्जा और विद्युत ऊर्जा
- उष्मीय ऊर्जा और प्रकाश ऊर्जा
- प्रकाश ऊर्जा और रासायनिक ऊर्जा
Explanation:
- यांत्रिक ऊर्जा = स्थितिज ऊर्जा (PE) + गतिज ऊर्जा (KE)
Quick Facts:
- अन्य संयोजन: रासायनिक + विद्युत → रासायनिक/विद्युत ऊर्जा, आदि
निम्नलिखित में से किस भौतिक राशि का विमीय सूत्र [M L⁻³] है?
- कार्य
- दाब
- घनत्व
- ऊर्जा
Explanation:
- घनत्व (Density) = द्रव्यमान / आयतन ⇒ विमा: M / L³ = M L⁻³
- कार्य/ऊर्जा: M L² T⁻², दाब: M L⁻¹ T⁻²
Quick Facts:
- घनत्व की SI इकाई: kg/m³
- यह अदिश राशि है
धरातल से 8 m की ऊँचाई पर 5 kg द्रव्यमान वाली वस्तु की ऊर्जा ज्ञात कीजिए। मान लीजिए कि ‘g’ का मान 9.8 m s⁻² है।
- 392 J
- 784 J
- 300 J
- 400 J
Equation: PE = mgh = 5 × 9.8 × 8 = 392 J
Explanation:
- PE = 5 × 9.8 × 8 = 392 J
Quick Facts:
- यहाँ g = 9.8 m/s² (मानक मान) दिया गया है।
यदि कोई व्यक्ति 50 N के बल से ट्रॉली को 10 m दूर ले जाता है, तब किया गया कार्य क्या है?
- 0.2 J
- 5 J
- 20 J
- 500 J
Equation: W = F × s = 50 × 10 = 500 J
Explanation:
- W = 50 N × 10 m = 500 J
Quick Facts:
- कार्य = बल × विस्थापन
15 Ω प्रतिरोध वाली एक विद्युत इस्त्री 220 V प्रदाय से जुड़ी है। एक मिनट में कितनी ऊष्मा उत्पन्न होगी?
- 200 kJ
- 500 kJ
- 194 kJ
- 1.94 kJ
Equation: H = V²t/R = 220² × 60/15 = 48400 × 4 = 193,600 J ≈ 194 kJ
Explanation:
- H = V²t/R = (220² × 60) / 15 = 48400 × 4 = 193600 J = 193.6 kJ ≈ 194 kJ
Quick Facts:
- जूल का तापन नियम: H = I²Rt = V²t/R (जब V स्थिर हो)
- 1 kJ = 1000 J
यदि 0.1 kg द्रव्यमान वाली एक वस्तु 2 ms⁻¹ के एकसमान वेग से गति करती है, तो इसकी गतिज ऊर्जा है:
- 0.2 जूल
- 0.4 जूल
- 0.1 जूल
- 0.05 जूल
Equation: KE = ½ × 0.1 × 2² = 0.2 J
Explanation:
- KE = 0.5 × 0.1 × 4 = 0.2 J
Quick Facts:
- गतिज ऊर्जा की SI इकाई: जूल (J)
जब किसी तीर को धनुष से छोड़ा जाता है, तो उसकी ऊर्जा ________ में बदल जाती है।
- गतिज ऊर्जा से स्थितिज ऊर्जा
- स्थितिज ऊर्जा से विद्युत ऊर्जा
- स्थितिज ऊर्जा से गतिज ऊर्जा
- गतिज ऊर्जा से ऊष्मीय ऊर्जा
Explanation:
- धनुष पर चढ़ाया गया तीर, धनुष की विकृति के कारण प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा (PE) संग्रहित करता है।
- जब तीर छोड़ा जाता है, तो यह PE, गतिज ऊर्जा (KE) में बदल जाती है (तीर गतिमान हो जाता है)।
Quick Facts:
- PE → KE (ऊर्जा संरक्षण)
21 N का एक अचर बल किसी पिंड को अपनी दिशा में 3 m तक गतिमान करता है। किया गया कार्य ______ है।
- 24 J
- 63 J
- 18 J
- 7 J
Equation: W = F × s = 21 × 3 = 63 J
Explanation:
- W = 21 N × 3 m = 63 J
Quick Facts:
- अचर बल (constant force) – बल का परिमाण और दिशा नियत है।
यांत्रिक ऊर्जा ______ है।
- कार्य करने की दर के बराबर
- किसी वस्तु की गतिज ऊर्जा और स्थितिज ऊर्जा का योगफल
- यांत्रिक कार्य के दौरान मुक्त ऊर्जा
- किसी वस्तु की गति के दौरान अवशोषित ऊर्जा
Explanation:
- यांत्रिक ऊर्जा (Mechanical Energy) = स्थितिज ऊर्जा (PE) + गतिज ऊर्जा (KE)
- कार्य करने की दर = शक्ति (Power)
Quick Facts:
- यह संरक्षी बलों (conservative forces) के अंतर्गत संरक्षित रहती है।
12 kg द्रव्यमान की एक वस्तु 5 ms⁻¹ के समान वेग के साथ गतिमान है। वस्तु की गतिज ऊर्जा क्या होगी?
- 187.5 J
- 150 J
- 150 ms
- 17.5 J
Equation: KE = ½ × 12 × 5² = 150 J
Explanation:
- KE = 0.5 × 12 × 25 = 150 J
Quick Facts:
- गतिज ऊर्जा की इकाई: जूल (J) – ms (मीटर-सेकंड) गलत है।
यदि कोई व्यक्ति t समय में W कार्य करता है, तो शक्ति की गणना कैसे की जाएगी?
- शक्ति = कार्य × समय
- शक्ति = कार्य / समय
- शक्ति = समय + कार्य
- शक्ति = कार्य / समय
Explanation:
- शक्ति (P) = कार्य (W) / समय (t) – यह मूल परिभाषा है।
Quick Facts:
- P = W/t (SI: वाट = जूल/सेकंड)
यदि किसी चालक की लंबाई और क्षेत्रफल को आधा कर दिया जाए, और पदार्थ की प्रकृति समान रखी जाए, तो उसका प्रतिरोध ______।
- पूर्ववत रहेगा
- आधा हो जाएगा
- चार गुना हो जाएगा
- दोगुना हो जाएगा
Equation: R = ρL/A → L आधा, A आधा → R समान
Explanation:
- R = ρL/A, यदि L → L/2 और A → A/2, तो R’ = ρ(L/2)/(A/2) = ρL/A = R ⇒ प्रतिरोध पूर्ववत रहेगा।
Quick Facts:
- प्रतिरोधकता (ρ) पदार्थ का गुण है, आकार पर निर्भर नहीं।
10 kg की एक वस्तु 2 m/s की चाल से गतिमान है। वस्तु की गतिज ऊर्जा कितनी है?
- 20 J
- 5 J
- 10 J
- 40 J
Equation: KE = ½ × 10 × 2² = 20 J
Explanation:
- KE = 0.5 × 10 × 4 = 20 J
Quick Facts:
- गतिज ऊर्जा = ½mv²
एक कण नियत परिमाण के बल द्वारा क्रियान्वित होता है, जो सदैव कण के वेग के लंबवत होता है, कण की गति एक समतल सतह में होती है। यह इस प्रकार होता है क्योंकि:
- इसका त्वरण स्थिर होता है।
- इसकी गतिज ऊर्जा स्थिर होती है।
- इसकी दूरी स्थिर होती है
- इसका वेग स्थिर होता है।
Explanation:
- यदि बल सदैव वेग के लंबवत है, तो यह अभिकेन्द्रीय बल (centripetal force) है, जो एकसमान वृत्तीय गति (uniform circular motion) उत्पन्न करता है।
- इस गति में, चाल (speed) स्थिर रहती है (दिशा बदलती है), इसलिए गतिज ऊर्जा (KE = ½mv²) स्थिर रहती है (क्योंकि v (चाल) स्थिर है)।
- वेग (velocity) स्थिर नहीं है (दिशा बदलती है), त्वरण स्थिर नहीं है (दिशा बदलती है, पर परिमाण स्थिर है)।
Quick Facts:
- एकसमान वृत्तीय गति में: KE स्थिर, PE स्थिर (यदि ऊँचाई न बदले), कार्य शून्य (क्योंकि बल ⊥ विस्थापन)
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन किसी वस्तु की गतिज ऊर्जा और स्थितिज ऊर्जा के योग का सही वर्णन करता है?
- कुल तापीय ऊर्जा
- कुल रासायनिक ऊर्जा
- कुल विद्युत ऊर्जा
- कुल यांत्रिक ऊर्जा
Explanation:
- गतिज ऊर्जा + स्थितिज ऊर्जा = कुल यांत्रिक ऊर्जा (Total Mechanical Energy)
Quick Facts:
- यह ऊर्जा संरक्षण के अंतर्गत संरक्षित रहती है (यदि कोई गैर-संरक्षी बल न हो)।
विद्युत गीजर में ______ ऊर्जा को ______ में परिवर्तित किया जाता है।
- विद्युत, ऊष्मा
- यांत्रिक, विद्युत
- विद्युत, चूंबकीय
- विद्युत, प्रकाश
Explanation:
- विद्युत गीजर (electric geyser/water heater) विद्युत ऊर्जा को ऊष्मा ऊर्जा (या तापीय ऊर्जा) में परिवर्तित करता है (जूल के तापन नियम द्वारा)।
Quick Facts:
- विद्युत ऊर्जा → ऊष्मा (जूल तापन) – H = I²Rt
1 kWh = ______ J.
- 36000
- 36000000
- 360000
- 3600000
Explanation:
- 1 kWh = 1000 W × 3600 s = 3,600,000 J = 3.6 × 10⁶ J
- 3600000 = 3.6 × 10⁶
Quick Facts:
- 1 kWh = 3.6 × 10⁶ J (या 3.6 MJ)
1 अर्ग किसके बराबर होता है?
- 10⁻⁷ J
- 4.186 J
- 10⁻⁵ J
- 10⁷ J
Explanation:
- अर्ग (erg) CGS (सेंटीमीटर-ग्राम-सेकंड) प्रणाली में कार्य/ऊर्जा की इकाई है।
- 1 erg = 10⁻⁷ J (जूल = SI इकाई)
- 4.186 J = 1 कैलोरी (cal), 10⁻⁵ J = 1 dyne·cm? नहीं, 1 erg = 1 g·cm²/s² = 10⁻⁷ kg·m²/s²
Quick Facts:
- 1 J = 10⁷ erg
- अर्ग का उपयोग अब बहुत कम होता है (SI में जूल)।
एक मजदूर भूमि से 15 kg का सामान उठाता है और उसे भूमि से 1.0 m ऊपर अपने सिर पर रखता है। उसके द्वारा सामान पर किए गए कार्य की गणना कीजिए। (g = 10 ms⁻²)
- 155 J
- 150 J
- 140 J
- 100 N
Equation: W = mgh = 15 × 10 × 1 = 150 J
Explanation:
- कार्य = बल × विस्थापन = (mg) × h = 15 × 10 × 1 = 150 J
- N (न्यूटन) = बल की इकाई, J (जूल) = कार्य/ऊर्जा की इकाई
Quick Facts:
- यहाँ सामान को स्थिर चाल से उठाया गया (त्वरण = 0) – किया गया कार्य = PE में वृद्धि।
ऊर्जा के किन-किन दो रूपों को सामूहिक रूप से यांत्रिक ऊर्जा के नाम से जाना जाता है?
- विद्युत ऊर्जा और चुंबकीय ऊर्जा
- गतिज और स्थितिज ऊर्जा
- रासायनिक ऊर्जा और नाभिकीय ऊर्जा
- ऊष्मा और प्रकाश ऊर्जा
Explanation:
- यांत्रिक ऊर्जा = गतिज ऊर्जा + स्थितिज ऊर्जा
Quick Facts:
- यह ऊर्जा का वह रूप है जो किसी वस्तु की गति या स्थिति (या विन्यास) से संबंधित है।
यदि दो बिंदुओं के बीच विभवांतर V है और आवेश q उनके बीच संचलन करता है, तो किया गया कार्य ______ होगा।
- W = q/V
- W = V/q
- W = V × q
- W = V²/q
Explanation:
- विभवांतर (V) = कार्य (W) / आवेश (q) ⇒ W = V × q
Quick Facts:
- यह विद्युत विभव (potential difference) की परिभाषा है।
एक प्रतिरोधक जिसका मान R = 10 Ω है, 10 वोल्ट की बैटरी से जुड़ा है। एक मिनट में उत्पन्न शक्ति P और ऊष्मा की मात्रा H क्या होगी?
- P = 10 W, H = 600 J
- P = 1 W, H = 60 J
- P = 100 W, H = 6000 J
- P = 20 W, H = 1200 J
Equation: P = V²/R = 100/10 = 10 W, H = Pt = 10 × 60 = 600 J
Explanation:
- शक्ति P = V²/R = 10²/10 = 10 W
- ऊष्मा (Heat) = शक्ति × समय = 10 × 60 = 600 J
Quick Facts:
- H = V²t/R (जूल का तापन नियम)
निम्नलिखित में से कौन सा किए गए कार्य का उदाहरण नहीं है?
- लड़के का कमरे में दीवार को धक्का देना
- लड़की द्वारा एक ट्रॉली को धक्का देने पर ट्रॉली का आगे बढ़ जाना
- सतह पर पड़े कंकड़ पर दबाव डालना
- किताब को किसी ऊँचाई तक उठाना
Explanation:
- कार्य (Work) = बल × विस्थापन (जब बल और विस्थापन एक ही दिशा में हों)।
- दीवार को धकेलना: बल लगा है, पर विस्थापन = 0 ⇒ कार्य = 0 (शून्य कार्य)।
- अन्य विकल्पों में विस्थापन होता है (ट्रॉली चलती है, कंकड़ पर दबाव डालने से संभवतः विस्थापन हो, किताब उठाना = विस्थापन)।
Quick Facts:
- कार्य होने के लिए बल और विस्थापन दोनों आवश्यक हैं (विस्थापन बल की दिशा में या उसके घटक में)।
एक वस्तु में 20 kg के द्रव्यमान और 10 N kg⁻¹ के गुरुत्व के साथ 400 J की स्थितिज ऊर्जा होती है। वस्तु की ऊँचाई है:
- 0.5 m
- 4 m
- 1 m
- 2 m
Equation: PE = mgh → 400 = 20 × 10 × h → h = 2 m
Explanation:
- गुरुत्वीय त्वरण (g) = 10 N/kg = 10 m/s²
- PE = mgh ⇒ 400 = 20 × 10 × h ⇒ h = 400 / 200 = 2 m
Quick Facts:
- 1 N/kg = 1 m/s² (समतुल्य)
यदि दो वस्तुएं, जिनके द्रव्यमान ‘m’ और ‘9m’ है, बराबर गतिज ऊर्जा के साथ गतिमान हैं, तो उनके रैखिक संवेग का अनुपात ज्ञात कीजिए।
- 1 : 9
- 1 : 3
- 9 : 1
- 3 : 1
Equation: p = √(2mKE) → p₁:p₂ = √m:√9m = 1:3
Explanation:
- गतिज ऊर्जा KE = p²/(2m) ⇒ p = √(2m × KE)
- यदि KE₁ = KE₂, तो p₁/p₂ = √(m₁/m₂) = √(m/9m) = 1/3 ⇒ 1:3
Quick Facts:
- संवेग p = mv, और KE = p²/(2m) – यह दोनों के बीच संबंध है।
एक कुंडली का प्रतिरोध 44 Ω है। यदि इसे 220 V की आपूर्ति से जोड़ा जाए, तो कुंडली द्वारा खपत की गई शक्ति कितनी है?
- 5 W
- 0.2 W
- 1100 W
- 110 W
Equation: P = V²/R = 220²/44 = 48400/44 = 1100 W
Explanation:
- P = V²/R = 220²/44 = 48400 / 44 = 1100 W
Quick Facts:
- P = V²/R (जब वोल्टेज ज्ञात हो)
50 kg द्रव्यमान का एक लड़का 9 sec में 45 सीढ़ियाँ चढ़ता है, प्रत्येक सीढ़ी की ऊंचाई 15 cm है, उसकी शक्ति ज्ञात कीजिए। (g = 10 m/s² लीजिए।):
- 375 W
- 325 W
- 275 W
- 475 W
Equation: h = 45 × 0.15 = 6.75 m, P = mgh/t = 50 × 10 × 6.75/9 = 375 W
Explanation:
- कुल ऊँचाई h = 45 × 0.15 = 6.75 m
- कार्य = mgh = 50 × 10 × 6.75 = 3375 J
- शक्ति = 3375 / 9 = 375 W
Quick Facts:
- सीढ़ियों की ऊँचाई cm → m में बदलना आवश्यक है (15 cm = 0.15 m)।
2A धारावाही 5-ओम के प्रतिरोधक में अपव्ययित शक्ति कितनी है?
- 10 W
- 0.6 W
- 2.5 W
- 20 W
Equation: P = I²R = 2² × 5 = 20 W
Explanation:
- P = I²R = 4 × 5 = 20 W
Quick Facts:
- शक्ति अपव्यय (Power dissipation) = I²R (जूल तापन द्वारा)
40 किलोग्राम की एक लड़की दौड़कर एक विमान की सीढ़ियाँ 4 सेकंड में 5 मीटर चढ़ती है। उसके द्वारा विकसित शक्ति ______ होगी। (g = 10 m/s² ली)
- 100 वाट
- 200 वाट
- 500 वाट
- 2000 वाट
Equation: P = mgh/t = 40 × 10 × 5/4 = 500 W
Explanation:
- P = 40 × 10 × 5 / 4 = 2000 / 4 = 500 W
Quick Facts:
- शक्ति = (द्रव्यमान × g × ऊँचाई) / समय
ऊर्जा रूपांतरण के दौरान, किसी निकाय की कुल ऊर्जा ______।
- सदैव बढ़ जाती है
- अपरिवर्तित रहती है
- सदैव घट जाती है
- पूरी तरह से विलुप्त हो जाती है
Explanation:
- ऊर्जा संरक्षण का नियम: ऊर्जा को न तो उत्पन्न किया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है, वह केवल एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तित होती है।
- अतः कुल ऊर्जा सदैव अपरिवर्तित (conserved) रहती है (यदि निकाय पृथक/बंद हो)।
Quick Facts:
- यह ऊर्जा संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Energy) है।
1 kW का एक पम्प एक मिनट में पानी की कितनी मात्रा को 10 मीटर की ऊँचाई तक पहुँचा सकता है? (मान लीजिए g = 10 मीटर/सेकंड²)
- 1000 किग्रा
- 100 किग्रा
- 500 किग्रा
- 600 किग्रा
Equation: P = mgh/t → 1000 = m × 10 × 10/60 → m = 600 kg
Explanation:
- शक्ति P = 1 kW = 1000 W, h = 10 m, t = 60 s, g = 10 m/s²
- P = mgh/t ⇒ 1000 = m × 10 × 10 / 60 ⇒ 1000 = 100m/60 ⇒ m = 600 kg
Quick Facts:
- यह ऊर्जा/शक्ति से संबंधित गणना है (पंप द्वारा किया गया कार्य = mgh)
यदि दो असमान द्रव्यमानों में समान गतिज ऊर्जा होती है तो भारी द्रव्यमान में ______ होता है।
- समान संवेग
- कम संवेग
- अधिक संवेग
- कह नहीं सकते
Explanation:
- p = √(2mKE) – यदि KE समान है, तो p ∝ √m
- अतः अधिक द्रव्यमान (m) वाली वस्तु का संवेग (p) अधिक होगा।
Quick Facts:
- p = √(2mKE) (जब KE समान हो)
यदि कोई व्यक्ति 10 सेकंड में 50 जूल का कार्य करता है, तो शक्ति का मान क्या है?
- 5 W
- 500 W
- 50 W
- 0.5 W
Equation: P = W/t = 50/10 = 5 W
Explanation:
- P = 50 J / 10 s = 5 W
Quick Facts:
- शक्ति = कार्य / समय
30 किग्रा द्रव्यमान की एक वस्तु को 10 ms⁻¹ एक समान वेग से स्थानांतरित किया जा रहा है। वस्तु की गतिज ऊर्जा है:
- -150 J
- 1500 J
- -1500 J
- 150 J
Equation: KE = ½ × 30 × 10² = 1500 J
Explanation:
- KE = 0.5 × 30 × 100 = 1500 J (गतिज ऊर्जा सदैव धनात्मक होती है, इसलिए -1500 गलत है)
Quick Facts:
- गतिज ऊर्जा हमेशा धनात्मक होती है (या शून्य) – क्योंकि v² हमेशा ≥ 0
5C आवेश (Q) को 15 V विभवान्तर वाले दो बिन्दुओं पर ले जाने में कितना कार्य (W) किया जाता है?
- 1/3 J
- 3 J
- 15 J
- 75 J
Equation: W = QV = 5 × 15 = 75 J
Explanation:
- W = Q × V = 5 C × 15 V = 75 J
Quick Facts:
- 1 V = 1 J/C, इसलिए J = C × V
यदि द्रव्यमान ‘m’ के एक पिंड को पृथ्वी की सतह से ‘h’ ऊँचाई तक ले जाया जाता है, तो किया गया कार्य होगा:
- 2mgh
- mgh
- ½mgh
- mh
Explanation:
- किया गया कार्य = स्थितिज ऊर्जा में वृद्धि = mgh
- यदि वस्तु को धीरे-धीरे (त्वरण शून्य) उठाया जाए, तो लगाया गया बल = mg, और विस्थापन = h ⇒ W = mgh
Quick Facts:
- यह गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध किया गया कार्य है।
यदि द्रव्यमान दोगुना हो जाए और g नियत रहे, तो भार ______।
- आधा हो जाएगा
- चार गुना हो जाएगा
- दोगुना हो जाएगा
- समान रहेगा
Explanation:
- भार (W) = m × g, यदि m → 2m और g स्थिर, तो W → 2W (दोगुना हो जाएगा)
Quick Facts:
- भार = द्रव्यमान × गुरुत्वीय त्वरण (W = mg)
1 अश्वशक्ति (hp) = ______.
- 746 × 10⁻³ MW
- 746 × 10⁻⁶ MW
- 746 × 10⁶ MW
- 746 MW
Explanation:
- 1 hp = 746 W
- 1 MW (मेगावाट) = 10⁶ W, इसलिए 1 hp = 746 / 10⁶ MW = 746 × 10⁻⁶ MW
Quick Facts:
- 1 hp = 746 W (व्यावहारिक रूप से 745.7 W)
रेडियोधर्मी समस्थानिकों के उपयोग से प्राप्त ऊर्जा को ______ कहा जाता है।
- सौर ऊर्जा
- भूतापीय ऊर्जा
- तापीय ऊर्जा
- नाभिकीय ऊर्जा
Explanation:
- रेडियोधर्मी समस्थानिक (radioactive isotopes) से ऊर्जा नाभिकीय विखंडन/क्षय (nuclear fission/decay) द्वारा प्राप्त होती है, जिसे नाभिकीय ऊर्जा (Nuclear Energy) कहते हैं।
Quick Facts:
- नाभिकीय ऊर्जा का उपयोग परमाणु रिएक्टरों, परमाणु बमों में होता है।
5 मीसे⁻¹ के वेग से चलने वाले m द्रव्यमान वाले किसी वस्तु की गतिज ऊर्जा 25 जूल है, इसके वेग को दोगुना करने पर इसकी गतिज ऊर्जा क्या होगी?
- 50 न्यूटन
- 100 जूल
- 50 जूल
- 100 न्यूटन
Equation: KE ∝ v² → v दोगुना → KE 4 गुना = 25 × 4 = 100 J
Explanation:
- KE = ½mv², यदि v → 2v, तो KE’ = ½m(2v)² = 4 × (½mv²) = 4 × KE
- KE = 25 J ⇒ KE’ = 100 J
- न्यूटन (N) बल की इकाई है, जूल (J) ऊर्जा की – अतः 100 J सही है।
Quick Facts:
- वेग दोगुना → गतिज ऊर्जा चार गुना
