SCIENCE
गर्भनिरोधक गोलियाँ जन्म नियंत्रण में किस प्रकार सहायता प्रदान करती हैं?
- अंडाशय से अंडों के निकलने को रोककर
- युग्मनज (जाइगोट) को मारकर
- मासिक धर्म को रोककर
- शुक्राणु उत्पादन को रोककर
Explanation:
- गर्भनिरोधक गोलियाँ (oral contraceptive pills) में हार्मोन (एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन) होते हैं, जो अंडाशय (ovary) से अंडाणु (ovum) के निकलने (ovulation) को रोकते हैं।
- ये गर्भाशय ग्रीवा (cervix) के बलगम (mucus) को भी गाढ़ा करती हैं, जिससे शुक्राणुओं का प्रवेश कठिन हो जाता है।
Quick Facts:
- गर्भनिरोधक गोलियाँ निषेचन (fertilization) को रोकती हैं, युग्मनज (zygote) को नहीं मारतीं।
- ये सामान्यतः 21 या 28 दिनों के पैक में आती हैं।
निम्न में से कौन-सा ऊतक, ऊतक को सुधारने में मदद करता है?
- टेंडन
- लिगामेंट
- एरिओलर
- कार्टिलेज
Explanation:
- एरिओलर ऊतक (Areolar tissue) एक प्रकार का संयोजी ऊतक (connective tissue) है, जो शरीर में ऊतकों की मरम्मत (repair) और पुनर्जनन (regeneration) में सहायता करता है।
- यह कोशिकाओं (फाइब्रोब्लास्ट, मैक्रोफेज) और रेशों (कोलेजन, इलास्टिन) से बना होता है, जो घाव भरने में मदद करते हैं।
Quick Facts:
- टेंडन (Tendon) – मांसपेशी को हड्डी से जोड़ता है।
- लिगामेंट (Ligament) – हड्डी को हड्डी से जोड़ता है।
- कार्टिलेज (Cartilage) – उपास्थि, जोड़ों में स्नेहन और सहारा देता है।
निम्नलिखित में से सबसे नरम खनिज कौन सा है?
- हीरा
- टेल्क (साबुन)
- ट्रथपेस्ट
- संगमरमर
Explanation:
- मोह्स कठोरता पैमाने (Mohs scale of hardness) पर, टैल्क (Talc) सबसे नरम खनिज है, जिसकी कठोरता 1 है।
- हीरा (Diamond) सबसे कठोर (10) है।
Quick Facts:
- मोह्स पैमाना: 1 (टैल्क) से 10 (हीरा) तक।
- टैल्क का उपयोग पाउडर, सौंदर्य प्रसाधन आदि में होता है।
निम्नलिखित में से कौन सा, मानव उत्सर्जन तंत्र का एक अंग नहीं है?
- मूत्रवाहिनी
- श्वासनली
- मूत्रमार्ग
- मूत्राशय
Explanation:
- मानव उत्सर्जन तंत्र (excretory system) में: वृक्क (kidney), मूत्रवाहिनी (ureter), मूत्राशय (urinary bladder), मूत्रमार्ग (urethra) शामिल हैं।
- श्वासनली (Trachea) श्वसन तंत्र (respiratory system) का अंग है, उत्सर्जन तंत्र का नहीं।
Quick Facts:
- उत्सर्जन तंत्र शरीर के अपशिष्ट (यूरिया, यूरिक अम्ल) को बाहर निकालता है।
- श्वासनली वायु नली (windpipe) है, जो फेफड़ों तक वायु पहुँचाती है।
किसी व्यक्ति का लिंग ______ द्वारा निर्धारित किया जाता है।
- शुक्राणु में मौजूद गुणसूत्र
- शुक्राणु और अंडाणु दोनों में मौजूद गुणसूत्र और माता-पिता की आहार संबंधी आदतों
- अंडाणु में मौजूद गुणसूत्र
- शुक्राणु और अंडाणु दोनों में गुणसूत्र मौजूद होते हैं।
Explanation:
- मनुष्यों में, लिंग (sex) का निर्धारण शुक्राणु (sperm) द्वारा किया जाता है क्योंकि अंडाणु (ovum) में हमेशा X गुणसूत्र (chromosome) होता है, जबकि शुक्राणु में X या Y गुणसूत्र हो सकता है।
- XX = स्त्री (female), XY = पुरुष (male)।
Quick Facts:
- अंडाणु में 22 + X, शुक्राणु में 22 + X या 22 + Y गुणसूत्र होते हैं।
- पुरुष का लिंग निर्धारण Y गुणसूत्र (SRY जीन) द्वारा होता है।
धातुएँ विद्युतधनात्मक प्रकृति की होती हैं। दिए गए कथन के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा स्पष्टीकरण सही है?
- धातुएँ इलेक्ट्रॉनों को ग्रहण करके धनायन बनाती हैं।
- धातुएँ इलेक्ट्रॉनों को ग्रहण करके ऋणायन बनाती हैं।
- धातुएँ इलेक्ट्रॉनों को त्याग कर धनायन बनाती हैं।
- धातुएँ इलेक्ट्रॉनों को त्याग कर ऋणायन बनाती हैं।
Explanation:
- धातुएँ (metals) विद्युतधनात्मक (electropositive) होती हैं क्योंकि वे इलेक्ट्रॉन त्याग कर धनायन (cation, Mⁿ⁺) बनाती हैं।
- इलेक्ट्रॉन त्यागने से धनात्मक आवेश उत्पन्न होता है, अतः धनायन।
- अधातुएँ (non-metals) इलेक्ट्रॉन ग्रहण कर ऋणायन (anion) बनाती हैं।
Quick Facts:
- धातुएँ: Na → Na⁺ + e⁻, Mg → Mg²⁺ + 2e⁻
- धातुएँ विद्युत की सुचालक होती हैं, चमकदार, आघातवर्धनीय (malleable) और तन्य (ductile) होती हैं।
दो प्रकार के कोशिका विभाजन, ए और बी, नीचे दिए गए चित्र में दिखाए गए हैं। कौन सा विकल्प इसके लिए सही उत्तर प्रदान करता है: I. कोशिका विभाजन के प्रकार II. डिवीजन बी कब और कहाँ होता है?
- I. ए – अर्धसूत्रीविभाजन, बी – समसूत्री विभाजन; II. युग्मकों के निर्माण के लिए प्रजनन कोशिकाओं में अर्धसूत्रीविभाजन होता है
- I. ए – माइटोसिस, बी – अर्धसूत्रीविभाजन; II. युग्मकों के निर्माण के लिए प्रजनन कोशिकाओं में अर्धसूत्रीविभाजन होता है
- I. ए और बी – अर्धसूत्रीविभाजन; II. शरीर की कोशिकाओं में वृद्धि के लिए अर्धसूत्रीविभाजन होता है
- I. ए – माइटोसिस, बी – अर्धसूत्रीविभाजन; II. शरीर की कोशिकाओं में वृद्धि के लिए अर्धसूत्रीविभाजन होता है
Explanation:
- चित्र A में समसूत्री विभाजन (Mitosis) दिखता है (कोशिका की संख्या समान, द्विगुणित – 2n) – वृद्धि, मरम्मत के लिए।
- चित्र B में अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis) दिखता है (कोशिका की संख्या आधी, अगुणित – n) – युग्मक (gametes) निर्माण के लिए जनन कोशिकाओं (ovary/testis) में होता है।
Quick Facts:
- माइटोसिस: दो संतति कोशिकाएँ (2n → 2n), शरीर की सभी कोशिकाओं में।
- अर्धसूत्रीविभाजन: चार अगुणित कोशिकाएँ (2n → n), केवल जनन कोशिकाओं में।
किण्वन की प्रक्रिया होती है:
- पैरामीशियम
- यूरलीना
- अमीबा
- यीस्ट
Explanation:
- किण्वन (fermentation) एक अवायवीय (anaerobic) प्रक्रिया है, जो यीस्ट (Yeast) (एक कवक, Saccharomyces) द्वारा की जाती है।
- यह ग्लूकोज को इथेनॉल (ethanol) और CO₂ में बदलता है।
Quick Facts:
- किण्वन का उपयोग ब्रेड, शराब, बीयर बनाने में होता है।
- यह साइटोप्लाज्म (cytoplasm) में होता है, माइटोकॉन्ड्रिया में नहीं।
जब मैग्नीशियम रिबन वायु की उपस्थिति में जलाने पर इनमे से कौन सा उत्पाद बनता है?
- मैग्नीशियम ऑक्साइड का नीला चूर्ण
- मैग्नीशियम डाइऑक्साइड का सफेद चूर्ण
- मैग्नीशियम ऑक्साइड का सफेद चूर्ण
- मैग्नीशियम कार्बोनेट का सफेद चूर्ण
Explanation:
- मैग्नीशियम (Mg) के जलने पर, यह ऑक्सीजन (O₂) के साथ अभिक्रिया करके मैग्नीशियम ऑक्साइड (MgO) बनाता है, जो एक सफेद (white) चूर्ण होता है।
- 2Mg + O₂ → 2MgO (ऊष्माक्षेपी, तेज सफेद रोशनी)
Quick Facts:
- MgO का उपयोग दवाइयों (antacid) में होता है।
- MgO जल में मिलकर Mg(OH)₂ (क्षारीय) बनाता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा तत्वों का युग्म, जो एक ही समूह से संबंधित हैं, समान रासायनिक गुण प्रदर्शित करता है?
- N और P
- Li और Kr
- C और Cl
- Mg और Mn
Explanation:
- नाइट्रोजन (N) और फॉस्फोरस (P) दोनों समूह 15 (VA) के हैं, इसलिए उनके रासायनिक गुण समान होते हैं (संयोजकता 3, ऑक्साइड अम्लीय आदि)।
- Li (समूह 1) और Kr (समूह 18), C (समूह 14) और Cl (समूह 17), Mg (समूह 2) और Mn (समूह 7) विभिन्न समूहों में हैं।
Quick Facts:
- एक ही समूह के तत्वों के बाह्य कोश में इलेक्ट्रॉनों की संख्या समान होती है, इसलिए रासायनिक गुण समान होते हैं।
- N और P दोनों अधातु हैं, ऑक्साइड अम्लीय हैं।
चित्र A तथा B का सावधानीपूर्वक अध्ययन करें। B वाले आटे की मात्रा बढ़ने का क्या कारण है?
- शराब का उत्पादन होता है जो मात्रा को बढ़ाता है
- लैक्टिक एसिड का उत्पादन होता है जो मात्रा को बढ़ाता है
- श्वसन के दौरान उत्पादित CO₂ मात्रा को बढ़ाता है
- पानी का उत्पादन होता है जो मात्रा को बढ़ाता है
Explanation:
- आटे (dough) में यीस्ट (yeast) डालने पर, अवायवीय श्वसन (किण्वन) के कारण CO₂ गैस उत्पन्न होती है, जो आटे में फंसकर उसे फूला (volume increase) बनाती है।
- यही कारण है कि ब्रेड, डोसा आदि फूलते हैं।
Quick Facts:
- CO₂ के बुलबुले आटे की संरचना को हल्का और फूला हुआ बनाते हैं।
- शराब (इथेनॉल) भी बनता है, पर वाष्पित हो जाता है।
पित्त रस के कार्यों का उल्लेख नीचे किया गया है। उस विकल्प को चुनें जो पित्त रस का कार्य नहीं है।
- अग्नाशय एंजाइम की क्रिया की दक्षता को बढ़ाता है
- बड़े वसा ग्लोब्यूल्स को छोटे आकार में तोड़ता है
- अग्नाशय एंजाइम की क्रिया के लिए भोजन को क्षारीय माध्यम प्रदान करता है
- प्रोटीन पचाने वाला एंजाइम होता है जो प्रोटीन के पाचन में मदद करता है
Explanation:
- पित्त रस (bile) में कोई एंजाइम (enzyme) नहीं होता। यह एक पाचक रस (digestive juice) है, पर इसमें पाचक एंजाइम नहीं होते।
- इसके कार्य: वसा का पायसीकरण (emulsification), अग्नाशय एंजाइम के लिए क्षारीय माध्यम, वसा अवशोषण में सहायता।
- प्रोटीन पाचन एंजाइम: पेप्सिन (पेट), ट्रिप्सिन (अग्न्याशय) – पित्त द्वारा नहीं।
Quick Facts:
- पित्त रस यकृत (liver) द्वारा निर्मित, पित्ताशय (gall bladder) में संग्रहित।
- इसमें पित्त लवण (bile salts) और पित्त वर्णक (bile pigments) होते हैं।
मेंडेलीव का आवर्त नियम, आवर्त सारणी में _____ की स्थिति को स्पष्ट नहीं कर सका।
- समभारिक
- समस्थानिक
- तुल्यांतरी नाभिक
- समभारी नाभिक
Explanation:
- मेंडेलीव (Mendeleev) का आवर्त नियम परमाणु द्रव्यमान (atomic mass) पर आधारित था।
- समस्थानिक (isotopes) (एक ही परमाणु संख्या, भिन्न द्रव्यमान) की स्थिति वह स्पष्ट नहीं कर सका, क्योंकि उनके परमाणु द्रव्यमान भिन्न थे, पर गुण समान थे।
Quick Facts:
- आधुनिक आवर्त नियम (मोस्ले) परमाणु क्रमांक (atomic number) पर आधारित है, जो समस्थानिकों की समस्या को हल करता है।
- समभारिक (isobars): समान द्रव्यमान, भिन्न परमाणु क्रमांक।
मानव शरीर के किस भाग में विली उपस्थित होता है?
- आँख
- गुर्दे
- यकृत
- छोटी आंत
Explanation:
- विली (Villi) छोटी आंत (small intestine) की आंतरिक दीवार पर उपस्थित उँगली-जैसी रचनाएँ हैं, जो पोषक तत्वों के अवशोषण (absorption) के लिए सतह क्षेत्र बढ़ाती हैं।
- ये रक्त केशिकाओं और लसीका वाहिकाओं (lacteals) से युक्त होती हैं।
Quick Facts:
- विली का मुख्य कार्य: पाचित भोजन का अवशोषण (ग्लूकोज, अमीनो अम्ल, वसा अम्ल) रक्त में करना।
- बड़ी आंत में विली नहीं होते, वहाँ जल अवशोषण होता है।
दी गई प्रतिक्रिया के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा स्पष्टीकरण सही है? Fe(s) + CuSO₄(aq) → FeSO₄(aq) + Cu(s)
- लोहा तांबे को विस्थापित करता है क्योंकि लोहा तांबे की तुलना में अधिक प्रतिक्रियाशील होता है।
- लोहा तांबे को विस्थापित करता है क्योंकि लोहा तांबे की तुलना में कम प्रतिक्रियाशील होता है।
- लोहा ताँबे को विस्थापित कर देता है क्योंकि लोहे का परमाणु भार ताँबे से कम होता है।
- लोहा ताँबे को विस्थापित कर देता है क्योंकि लोहे का परमाणु क्रमांक ताँबे से कम होता है।
Explanation:
- यह एक विस्थापन अभिक्रिया (displacement reaction) है, जहाँ Fe, CuSO₄ से Cu को विस्थापित करता है क्योंकि Fe, Cu से अधिक प्रतिक्रियाशील (reactive) है।
- धातु गतिविधि श्रेणी (activity series) में Fe > Cu।
Quick Facts:
- अधिक प्रतिक्रियाशील धातु, कम प्रतिक्रियाशील धातु को उसके लवण के विलयन से विस्थापित करती है।
- CuSO₄ का नीला रंग FeSO₄ (हरा) में बदल जाता है।
निम्नलिखित में से कौन सा कीटभक्षी पादप है?
- लाईकेन
- पिचर
- कहू
- मशरूम
Explanation:
- पिचर प्लांट (पिचर, Nepenthes) एक कीटभक्षी (insectivorous) पौधा है, जो कीड़ों को पकड़कर उन्हें पचाता है (नाइट्रोजन की कमी वाली मिट्टी में उगता है)।
- लाइकेन (कवक+शैवाल का सहजीवन), मशरूम (कवक), कहू (संभवतः कोई अन्य पौधा) कीटभक्षी नहीं हैं।
Quick Facts:
- अन्य कीटभक्षी पौधे: घटपर्णी (Venus flytrap), सनड्यू (Drosera), ब्लैडरवॉर्ट (Utricularia)।
- ये नाइट्रोजन की कमी को पूरा करने के लिए कीड़ों को पचाते हैं।
कार्बन के किस रूप का उपयोग शुष्क स्नेहक के रूप में किया जाता है?
- ग्रेफाइट
- डायमंड
- कोक
- कोयला
Explanation:
- ग्रेफाइट (Graphite) की परतदार (layered) संरचना होती है, जिसमें परतें एक-दूसरे पर आसानी से फिसलती हैं, इसलिए इसका उपयोग शुष्क स्नेहक (dry lubricant) के रूप में होता है।
- डायमंड सबसे कठोर, कोक और कोयला ईंधन हैं।
Quick Facts:
- ग्रेफाइट विद्युत का सुचालक भी है (पेंसिल लेड में प्रयुक्त)।
- यह कार्बन का एक अपरूप (allotrope) है।
किसी रासायनिक प्रक्रिया के दौरान एक पदार्थ में हाइड्रोजन की वृद्धि प्रक्रिया कहलाती है?
- अपघटन
- अपचयन
- उपचयन
- जंग लगना
Explanation:
- हाइड्रोजन की वृद्धि (gain of hydrogen) को अपचयन (reduction) कहते हैं (पारंपरिक परिभाषा)।
- ऑक्सीजन की हानि (loss of oxygen) भी अपचयन है।
- ऑक्सीजन की वृद्धि या हाइड्रोजन की हानि = ऑक्सीकरण (oxidation)।
Quick Facts:
- आधुनिक परिभाषा: अपचयन = इलेक्ट्रॉनों का ग्रहण, ऑक्सीकरण = इलेक्ट्रॉनों का त्याग।
- उदाहरण: C₂H₂ + H₂ → C₂H₄ (अपचयन)।
निम्नलिखित में से कौन आंत से पची हुई और अवशोषित वसा को ले जाता/ले जाती है?
- प्लाज्मा
- लसीका
- प्लेटलेट्स
- शिराएं
Explanation:
- पची हुई वसा (fatty acids और glycerol) विली (villi) में उपस्थित लसीका वाहिकाओं (lacteals) द्वारा अवशोषित की जाती है, जो लसीका (lymph) का भाग है।
- यह वसा को रक्त में मिलाने से पहले लसीका तंत्र के माध्यम से ले जाता है।
Quick Facts:
- ग्लूकोज और अमीनो अम्ल सीधे रक्त (प्लाज्मा) में अवशोषित होते हैं।
- लसीका (lymph) एक रंगहीन द्रव है, जो ऊतकों से अपशिष्ट और वसा को हटाता है।
ब्लीचिंग पाउडर किस पर क्लोरीन की क्रिया से बनता है?
- बिना बुझाया हुआ चूना
- बुझा हुआ चूना
- सोडियम क्लोराइड
- कास्टिक सोडा
Explanation:
- ब्लीचिंग पाउडर (CaOCl₂) बुझे हुए चूने (स्लेक्ड लाइम, Ca(OH)₂) पर क्लोरीन (Cl₂) गैस की क्रिया से बनता है।
- Ca(OH)₂ + Cl₂ → CaOCl₂ + H₂O
Quick Facts:
- ब्लीचिंग पाउडर एक ऑक्सीकारक है, इसका उपयोग विरंजन (bleaching) और जल कीटाणुशोधन में होता है।
- बिना बुझा चूना (CaO) पानी के साथ अभिक्रिया कर बुझा चूना बनाता है।
यौगिक X एक पारदर्शी क्रिस्टलीय ठोस है। इसमें सफाई के गुण होते हैं और इसका उपयोग कांच के निर्माण में किया जाता है। यौगिक X है:
- सोडियम हाइड्रॉक्साइड
- मीठा सोडा
- ब्लीचिंग पाउडर
- धावन सोडा
Explanation:
- धावन सोडा (Washing soda, Na₂CO₃·10H₂O) एक पारदर्शी क्रिस्टलीय ठोस है, सफाई गुण रखता है, और कांच, साबुन, कागज उद्योग में उपयोग होता है।
- सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH) कास्टिक सोडा है, मीठा सोडा (NaHCO₃) बेकिंग सोडा है, ब्लीचिंग पाउडर CaOCl₂ है।
Quick Facts:
- धावन सोडा (Na₂CO₃·10H₂O) का उपयोग जल की स्थायी कठोरता (permanent hardness) दूर करने में भी होता है।
- यह एक क्षार (base) है।
निम्नलिखित में से किसकी श्वास दर सबसे तेज़ होती है?
- कबूतर
- मछली
- मानव
- हाथी
Explanation:
- मछलियों (fish) की श्वास दर (respiratory rate) सबसे तेज़ होती है क्योंकि वे गलफड़ों (gills) द्वारा पानी में घुली ऑक्सीजन ग्रहण करती हैं, जिसकी मात्रा वायु की तुलना में कम होती है।
- छोटे जीवों की चयापचय दर (metabolic rate) अधिक होती है।
Quick Facts:
- मछली की श्वास दर ≈ 60-80 प्रति मिनट (प्रजाति पर निर्भर), मानव ≈ 15-18, कबूतर ≈ 25-30, हाथी ≈ 4-6।
- श्वास दर शरीर के आकार के व्युत्क्रमानुपाती होती है।
फलों में कौन सा हार्मोन विशेष रूप से अधिक होता है?
- साइटोकिनिन
- जिबरेलिन
- एब्सिसिक एसिड
- ऑक्सिन
Explanation:
- साइटोकिनिन (Cytokinin) पौधों के उन भागों (फल, बीज, जड़ों) में अधिक पाया जाता है, जहाँ कोशिका विभाजन (cell division) होता है।
- यह फलों के विकास, विलम्बित उम्र बढ़ने (delayed senescence) में सहायक है।
Quick Facts:
- ऑक्सिन (Auxin) – प्ररोह वृद्धि, जिबरेलिन (Gibberellin) – तने की लंबाई, ABA – तनाव हार्मोन (स्टोमेटा बंद करना)।
- साइटोकिनिन जड़ों (roots) में संश्लेषित होता है और फलों में उच्च सांद्रता में पाया जाता है।
भोजन के पाचन में पित्त लवण का क्या प्रभाव पड़ता है?
- वे बड़े वसा ग्लोब्यूल्स को छोटे ग्लोब्यूल्स में तोड़ देते हैं।
- वे प्रोटीन का पाचन शुरू करने के लिए लाइपेस को सक्रिय करते हैं।
- इनमें वसा-पाचन एंजाइम होते हैं जिन्हें लाइपेस कहा जाता है।
- वे फैटी एसिड जारी करने के लिए वसा ग्लोब्यूल्स को पचाते हैं।
Explanation:
- पित्त लवण (bile salts) वसा (lipids) का पायसीकरण (emulsification) करते हैं, अर्थात बड़े वसा ग्लोब्यूल्स को छोटे-छोटे ग्लोब्यूल्स में तोड़ते हैं, जिससे लाइपेस (lipase) एंजाइम की क्रिया सरल हो जाती है।
- इसमें एंजाइम नहीं होते, बल्कि केवल पायसीकरण करते हैं।
Quick Facts:
- पित्त लवण क्षारीय (alkaline) होते हैं, वे अग्न्याशयी लाइपेस के लिए pH 8-9 का माध्यम प्रदान करते हैं।
- लाइपेस वास्तविक वसा-पाचन एंजाइम है (अग्न्याशय से)।
मानवों में लक्षणों के वंशागति नियम नीचे वर्णित कुछ तथ्यों से संबंधित हैं। एक को छोड़कर सभी सही हैं। गलत विकल्प का चयन कीजिए।
- प्रत्येक गुण पैतृक और मातृ DNA से प्रभावित हो सकता है।
- प्रत्येक गुण के लिए, प्रत्येक बच्चे में दो संस्करण होंगे।
- प्रत्येक गुण के लिए, प्रत्येक बच्चे में एक संस्करण होगा।
- माता और पिता दोनों ही बच्चे में समान मात्रा में अनुवांशिकी का योगदान करते हैं।
Explanation:
- प्रत्येक गुण (trait) के लिए, बच्चे को माता और पिता से दो एलील (संस्करण) प्राप्त होते हैं (एक-एक), अतः प्रत्येक गुण के लिए, बच्चे में दो संस्करण होते हैं (एक पैतृक, एक मातृ)।
- यह आनुवंशिकी (genetics) का मौलिक नियम है (युग्मविकल्पी – alleles)।
Quick Facts:
- एक जीन (gene) के दो एलील होते हैं – प्रभावी (dominant) और अप्रभावी (recessive)।
- माता-पिता दोनों 23 गुणसूत्रों का योगदान करते हैं (23 + 23 = 46)।
प्रबल क्षार और दुर्बल अम्ल के मिश्रण वाले लवण का pH मान क्या होता है?
- 0 के बराबर pH
- 7 के बराबर pH
- 7 से कम pH
- 7 से अधिक pH
Explanation:
- प्रबल क्षार (strong base) + दुर्बल अम्ल (weak acid) का लवण (salt) – उदाहरण: सोडियम एसीटेट (CH₃COONa) – जल अपघटन (hydrolysis) पर क्षारीय (basic) विलयन देता है, अतः pH > 7 होता है।
- प्रबल अम्ल + दुर्बल क्षार → pH < 7; प्रबल अम्ल + प्रबल क्षार → pH = 7।
Quick Facts:
- लवण का pH = 7 + ½(pKb – pKa) (अनुमानित)
- उदाहरण: CH₃COONa का pH ≈ 8.9 (0.1 M पर)।
‘जब तत्वों को परमाणु द्रव्यमान के बढ़ते क्रमों में व्यवस्थित किया जाता है, तो मध्य तत्व का परमाणु द्रव्यमान लगभग दो तत्वों के परमाणु द्रव्यमान का औसत होता है।’ इस नियम को ______ के रूप में जाना जाता है।
- डॉबेराइनर का त्रिक का नियम
- मेंडलीफ का नियम
- न्यूलैंड्स का अष्टक सिद्धांत
- न्यूटन का नियम
Explanation:
- डॉबेराइनर (Döbereiner) का त्रिक नियम (Law of Triads) के अनुसार, एक त्रिक (Li, Na, K) में मध्य तत्व का परमाणु द्रव्यमान, अन्य दो के औसत के लगभग बराबर होता है।
- उदाहरण: Li (7) + K (39) /2 = 23 ≈ Na (23) का परमाणु द्रव्यमान।
Quick Facts:
- डॉबेराइनर ने 1817 में त्रिक (triads) की पहचान की (Li, Na, K; Ca, Sr, Ba; Cl, Br, I)।
- यह तत्वों के वर्गीकरण का प्रारंभिक प्रयास था।
निम्नलिखित तत्वों में से अर्ध-धातुओं की सही जोड़ी का चयन करें।
- कार्बन और नाइट्रोजन
- सल्फर और फॉस्फोरस
- सिलिकॉन और जर्मेनियम
- हाइड्रोजन और हीलियम
Explanation:
- अर्ध-धातुएँ (Metalloids) – वे तत्व जिनमें धातुओं और अधातुओं दोनों के गुण होते हैं – सिलिकॉन (Si) और जर्मेनियम (Ge) अर्ध-धातुएँ हैं (समूह 14 में)।
- अन्य अर्ध-धातुएँ: बोरॉन (B), आर्सेनिक (As), एंटीमनी (Sb), टेल्यूरियम (Te), पोलोनियम (Po)।
Quick Facts:
- सिलिकॉन का उपयोग अर्धचालक (semiconductor) में होता है।
- जर्मेनियम का उपयोग ट्रांजिस्टर, सौर सेल में होता है।
नीचे दिए गए कथनों पर विचार कीजिए और सही उत्तर की पहचान कीजिए। कथन I: लवण और जल बनाने के लिए अम्ल और क्षार के बीच की अभिक्रिया को उदासीनीकरण अभिक्रिया के रूप में जाना जाता है। कथन II: एक उदासीनीकरण अभिक्रिया को इस प्रकार लिखा जा सकता है: अम्ल + क्षार → लवण + जल
- दोनों कथन गलत हैं।
- कथन I सही है और कथन II गलत है।
- दोनों कथन सही हैं।
- कथन II सही है और कथन I गलत है।
Explanation:
- कथन I: उदासीनीकरण (Neutralization) अम्ल और क्षार की अभिक्रिया है, जिसमें लवण (salt) और जल (water) बनते हैं। (सत्य)
- कथन II: अम्ल + क्षार → लवण + जल (सत्य, सामान्य समीकरण)
Quick Facts:
- उदाहरण: HCl + NaOH → NaCl + H₂O
- यह एक उष्माक्षेपी (exothermic) अभिक्रिया है।
सामान्यतः अधातुओं के ऑक्साइड प्रकृति में ______ होते हैं।
- उदासीन
- क्षार
- अम्लीय
- उभयधर्मी
Explanation:
- अधातुओं (non-metals) के ऑक्साइड सामान्यतः अम्लीय (acidic) होते हैं, क्योंकि वे जल के साथ अभिक्रिया कर अम्ल बनाते हैं (जैसे SO₂ → H₂SO₃, CO₂ → H₂CO₃)।
- धातुओं के ऑक्साइड क्षारीय (basic) होते हैं (जैसे Na₂O, MgO)।
- उभयधर्मी (amphoteric) ऑक्साइड (जैसे Al₂O₃, ZnO) अम्ल और क्षार दोनों से अभिक्रिया करते हैं।
Quick Facts:
- CO₂ + H₂O → H₂CO₃ (कार्बोनिक अम्ल, कमजोर अम्ल)
- SO₂ + H₂O → H₂SO₃ (सल्फ्यूरस अम्ल)
निम्नलिखित में से कौन – सा संतृप्त हाइड्रोकार्बन है?
- एसिटिलीन
- एथेन
- बेंजीन
- एथीन
Explanation:
- एथेन (Ethane, C₂H₆) एक संतृप्त हाइड्रोकार्बन (saturated hydrocarbon) है, जिसमें एकल बंध (C–C) होते हैं, और यह ऐल्केन (alkane) श्रेणी (CₙH₂ₙ₊₂) से संबंधित है।
- एसिटिलीन (C₂H₂) – असंतृप्त (एल्काइन), एथीन (C₂H₄) – असंतृप्त (एल्कीन), बेंजीन (C₆H₆) – असंतृप्त (सुगंधित)।
Quick Facts:
- संतृप्त हाइड्रोकार्बन – केवल एकल बंध (C–C, C–H), ऐल्केन कहलाते हैं।
- असंतृप्त – द्वि (एल्कीन) या त्रि (एल्काइन) बंध होते हैं।
मादाओं में गर्भाशय की भित्ति स्वयं को विकासशील निषेचित अंडे को प्राप्त करने के लिए तैयार करती है। यदि निषेचन नहीं होता है, तो गर्भाशय की भित्ति का मोटा हुआ अस्तर टूट जाता है और रक्त के साथ शरीर से बाहर निकल जाता है। इसे क्या कहा जाता है?
- मासिक धर्म
- रजोनिवृत्ति
- कंठ
- गौण लैंगिक लक्षण
Explanation:
- मासिक धर्म (Menstruation) – गर्भाशय (uterus) की परत (endometrium) का निषेचन न होने पर टूटकर रक्त और ऊतकों के रूप में बाहर निकलना, लगभग 28 दिनों के चक्र में होता है।
- रजोनिवृत्ति (Menopause) – मासिक धर्म का स्थायी रूप से बंद होना (लगभग 45-50 वर्ष की आयु में)।
Quick Facts:
- मासिक धर्म चक्र हार्मोन (एस्ट्रोजन, प्रोजेस्टेरोन) द्वारा नियंत्रित होता है।
- यह मादा प्रजनन तंत्र का एक सामान्य शारीरिक क्रिया है।
पादप पोषण के बारे में निम्नलिखित कथन गलत हैं?
- कार्बन को वायुमंडलीय कार्बन डाइऑक्साइड से हरे पौधों द्वारा लिया जाता है।
- खनिजों और पोषक तत्वों को पानी द्वारा कम अवशोषित किया जाता है।
- लौह और मैंगनीज दोनों ही सूक्ष्म पोषक तत्व माने जाते हैं।
- पौधे, सामान्य रूप से, मूल क्षेत्र में मिट्टी में पानी का उपयोग करते हैं।
Explanation:
- खनिज और पोषक तत्व पानी द्वारा अधिक (उच्च) मात्रा में अवशोषित किए जाते हैं (जल में घुले हुए रूप में जड़ों द्वारा)।
- अतः “कम अवशोषित” कथन गलत है।
- अन्य कथन: CO₂ प्रकाश संश्लेषण के लिए, Fe और Mn सूक्ष्म पोषक (micronutrients), जड़ों द्वारा जल अवशोषण – सत्य हैं।
Quick Facts:
- स्थूल पोषक (Macronutrients): N, P, K, Mg, S, Ca – अधिक मात्रा में आवश्यक।
- सूक्ष्म पोषक (Micronutrients): Fe, Mn, Zn, Cu, B, Mo – कम मात्रा में आवश्यक।
______ बनाने में यीस्ट का उपयोग किया जाता है।
- चीज
- एंटीबायोटिक दवाएं
- दही
- शराब
Explanation:
- शराब (Alcohol/ethanol) बनाने में यीस्ट (Saccharomyces) का उपयोग किण्वन (fermentation) द्वारा किया जाता है।
- चीज (बैक्टीरिया), दही (बैक्टीरिया – Lactobacillus), एंटीबायोटिक (कवक/बैक्टीरिया – जैसे पेनिसिलियम) बनाने में यीस्ट का उपयोग नहीं होता (कुछ विशेष यीस्ट एंटीबायोटिक में संभव, पर सामान्यतः नहीं)।
Quick Facts:
- यीस्ट का उपयोग ब्रेड, बीयर, वाइन बनाने में होता है।
- यह अवायवीय श्वसन (किण्वन) द्वारा CO₂ और इथेनॉल उत्पन्न करता है।
निम्नलिखित में से कौन सा तत्व प्रकृति में डायटोमिक अणु के रूप में मौजूद नहीं है?
- नाइट्रोजन
- हीलियम
- क्लोरीन
- हाइड्रोजन
Explanation:
- हीलियम (He) एक अक्रिय गैस (noble gas) है, जो एकपरमाणुक (monatomic) अणु के रूप में पाया जाता है, डायटोमिक (diatomic) नहीं।
- डायटोमिक अणु: H₂, N₂, O₂, F₂, Cl₂, Br₂, I₂ (हैलोजन और हाइड्रोजन, नाइट्रोजन, ऑक्सीजन)।
Quick Facts:
- डायटोमिक तत्वों को संक्षेप HOFBrINCl या BrINClHOF (ब्रोमीन, आयोडीन, नाइट्रोजन, क्लोरीन, हाइड्रोजन, ऑक्सीजन, फ्लोरीन) के रूप में याद करें।
- उत्कृष्ट गैसें एकपरमाणुक होती हैं (He, Ne, Ar, Kr, Xe, Rn)।
क्या होता है जब बिना बुझा चूना जल के साथ तीव्र अभिक्रिया करता है?
- पृथक्करण प्रतिक्रिया
- दोहरी विस्थापन प्रतिक्रिया
- उष्माक्षेपी प्रतिक्रिया
- विस्थापन प्रतिक्रिया
Explanation:
- बिना बुझा चूना (CaO) + जल (H₂O) → बुझा चूना (Ca(OH)₂), उष्माक्षेपी (exothermic) अभिक्रिया है, जिसमें बहुत अधिक ऊष्मा (heat) उत्पन्न होती है।
- CaO + H₂O → Ca(OH)₂ + ऊष्मा
Quick Facts:
- इस अभिक्रिया में ऊष्मा इतनी अधिक निकलती है कि पानी उबल सकता है।
- बुझे चूने (स्लेक्ड लाइम) का उपयोग निर्माण, सफेदी (whitewash) में होता है।
यीस्ट में किण्वन और मनुष्य की मांसपेशी कोशिकाओं में होने वाले अवायवीय श्वसन के बीच क्या समानता है?
- माइटोकॉन्ड्रिया में होता है
- लैक्टिक अम्ल बनता है
- इथेनॉल बनता है
- साइटोप्लाज्म में होता है
Explanation:
- अवायवीय श्वसन (anaerobic respiration) साइटोप्लाज्म (cytoplasm) में होता है, माइटोकॉन्ड्रिया में नहीं (यह वायवीय श्वसन का स्थल है)।
- यीस्ट किण्वन में इथेनॉल + CO₂, मांसपेशी कोशिकाओं में लैक्टिक अम्ल बनता है – पर दोनों साइटोप्लाज्म में होते हैं।
Quick Facts:
- अवायवीय श्वसन में ग्लूकोज का अपूर्ण ऑक्सीकरण होता है, जिससे कम ATP (2) प्राप्त होता है (वायवीय में 38 ATP)।
- यीस्ट: C₆H₁₂O₆ → 2C₂H₅OH + 2CO₂ + 2ATP
- मांसपेशी: C₆H₁₂O₆ → 2C₃H₆O₃ (लैक्टिक अम्ल) + 2ATP
निम्नलिखित में से कौन सा विलयन pH पेपर को नीला कर देगा?
- नींबू का रस
- आमाशय रस
- सोडियम हाइड्रॉक्साइड
- हाइड्रोक्लोरिक अम्ल
Explanation:
- pH पेपर (नीला लिटमस) अम्लीय (acidic) विलयन में लाल (red) हो जाता है, और क्षारीय (basic) विलयन में नीला (blue) हो जाता है (या सूखे पर नीला ही रहता है)।
- सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH) एक प्रबल क्षार है, अतः pH > 7, यह pH पेपर को नीला करेगा।
- नींबू का रस (अम्लीय), आमाशय रस (HCl – अम्लीय), HCl – अम्लीय, ये लाल करेंगे।
Quick Facts:
- pH पेपर का उपयोग विलयन की अम्लीय/क्षारीय प्रकृति जाँचने के लिए होता है।
- लिटमस (Litmus): अम्ल → लाल, क्षार → नीला।
सोडियम बाइकार्बोनेट और एक मंद खाद्य अम्ल के मिश्रण को ______ के रूप में जाना जाता है।
- वाशिंग सोडा (धावन सोडा)
- ब्लीचिंग पाउडर (विरंजक चूर्ण)
- बेकिंग पाउडर
- बेकिंग सोडा (खाने का सोडा)
Explanation:
- बेकिंग पाउडर (Baking powder) = सोडियम बाइकार्बोनेट (NaHCO₃) + एक मंद खाद्य अम्ल (जैसे टार्टरिक अम्ल, C₄H₆O₆)।
- बेकिंग सोडा (NaHCO₃) केवल सोडियम बाइकार्बोनेट है, जबकि बेकिंग पाउडर में अम्ल मिला होता है, जो पानी/गर्मी पर CO₂ गैस उत्पन्न करता है।
Quick Facts:
- बेकिंग पाउडर का उपयोग केक, डोसा, इडली में फूलाने (leavening) के लिए होता है।
- गर्म करने पर: NaHCO₃ + H⁺ (अम्ल) → CO₂ + H₂O + लवण
प्राकृतिक रूप से कितने तत्व पाए जाते हैं?
- 95
- 93
- 94
- 92
Explanation:
- प्राकृतिक रूप से (नaturally occurring) कुल 94 तत्व पाए जाते हैं (पृथ्वी पर, ब्रह्मांड में कुछ और भी हैं)।
- शेष तत्व कृत्रिम (synthetic) हैं (ट्रांसयूरेनियम तत्व, जैसे Pu, Am, Cm – 95 से अधिक)।
Quick Facts:
- पृथ्वी पर सबसे प्रचुर तत्व: ऑक्सीजन (O), सिलिकॉन (Si), एल्यूमीनियम (Al), लोहा (Fe)।
- वर्तमान में 118 ज्ञात तत्व हैं (94 प्राकृतिक, 24 कृत्रिम – 2024 तक)।
आराम की अवस्था में एक वयस्क मनुष्य एक मिनट में औसतन कितनी बार सांस अंदर लेता है और छोड़ता है?
- 12-15 बार
- 18-21 बार
- 15-18 बार
- 20-23 बार
Explanation:
- आराम की अवस्था (rest) में एक वयस्क मानव की श्वास दर (respiratory rate) 15-18 प्रति मिनट (नवजात में 30-40, बच्चों में 20-30)।
- यह दर व्यायाम, बीमारी, उम्र आदि से बदलती है।
Quick Facts:
- सामान्य श्वास दर: 12-20 प्रति मिनट (विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार) – 15-18 विकल्पों में उपयुक्त है।
- एक श्वास = एक श्वास-प्रश्वास (inhalation + exhalation) चक्र।
रासायनिक अभिक्रिया के दौरान विलयन में बनने वाले अघुलनशील पदार्थ को______________ जाना जाता है।
- घुलनशील लवण
- जलीय विलयन
- अवशेष
- अवक्षेप
Explanation:
- अभिक्रिया के दौरान विलयन (solution) में बनने वाला अघुलनशील (insoluble) ठोस पदार्थ अवक्षेप (Precipitate) कहलाता है।
- यह अवक्षेपण अभिक्रिया (precipitation reaction) का संकेत है, जैसे AgNO₃ + NaCl → AgCl↓ (अवक्षेप) + NaNO₃।
Quick Facts:
- अवक्षेप का निर्माण अक्सर दोहरे विस्थापन अभिक्रिया में होता है।
- अवक्षेप को (↓) चिह्न से दर्शाया जाता है।
निम्न में से किस समूह के तत्वों में अम्लीय ऑक्साइड बनाने की प्रवृत्ति होती है?
- 1
- 16
- 13
- 2
Explanation:
- अधातु (non-metals) अम्लीय ऑक्साइड (acidic oxides) बनाती हैं।
- समूह 16 (चाकोजेन – O, S, Se, Te) के तत्व अधातु हैं (ऑक्सीजन और सल्फर अधातु), इसलिए इनके ऑक्साइड अम्लीय होते हैं (SO₂, SO₃, CO₂, N₂O₅ आदि)।
- समूह 1 (क्षार धातु) और 2 (क्षारीय पृथ्वी) के ऑक्साइड क्षारीय (basic) होते हैं, समूह 13 (Al, Ga) के ऑक्साइड उभयधर्मी (amphoteric) हो सकते हैं।
Quick Facts:
- अम्लीय ऑक्साइड: SO₂ + H₂O → H₂SO₃; CO₂ + H₂O → H₂CO₃
- क्षारीय ऑक्साइड: Na₂O + H₂O → 2NaOH
निम्नलिखित में से किसका उपयोग भोजन में स्टार्च की उपस्थिति का पता लगाने के लिए किया जाता है?
- आयोडीन घोल
- लिटमस घोल
- फेनॉल्फथेलिन
- बेनिडिक्ट का घोल
Explanation:
- स्टार्च (starch) की उपस्थिति का परीक्षण आयोडीन (Iodine) विलयन से किया जाता है – स्टार्च के साथ आयोडीन नीला-काला (blue-black) रंग देता है।
- लिटमस – अम्ल/क्षार परीक्षण, फेनॉल्फथेलिन – pH परीक्षण, बेनिडिक्ट – शर्करा (ग्लूकोज) का परीक्षण।
Quick Facts:
- आयोडीन परीक्षण: खाद्य पदार्थ पर आयोडीन की कुछ बूँदें डालें – नीला-काला रंग स्टार्च की उपस्थिति दर्शाता है।
- यह स्टार्च (पॉलीसैकराइड) के साथ आयोडीन के जटिल (complex) बनने के कारण होता है।
सोडा-एसिड अग्निशामक यंत्रों में उपयोग किया जाने वाला लवण है:
- कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड
- सोडियम कार्बोनेट
- सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट
- सोडियम हाइड्रॉक्साइड
Explanation:
- सोडा-एसिड अग्निशामक (soda-acid fire extinguisher) में सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट (NaHCO₃) और सल्फ्यूरिक अम्ल (H₂SO₄) की अभिक्रिया से CO₂ गैस उत्पन्न होती है, जो आग बुझाती है।
- NaHCO₃ + H₂SO₄ → Na₂SO₄ + H₂O + CO₂
Quick Facts:
- CO₂ गैस ऑक्सीजन को विस्थापित करके आग को बुझाती है (दम घोंटने वाला प्रभाव)।
- आधुनिक अग्निशामकों में CO₂ या सूखा रासायनिक चूर्ण (dry chemical powder) का उपयोग होता है।
अजैवनिम्नीय अपशिष्टों के संदर्भ में ‘स्रोत पर पृथक्करण’ का क्या अर्थ है?
- जो लोग अजैवनिम्नीय वस्तुओं का उपयोग करते हैं, उन्हें इन वस्तुओं में जैवनिम्नीय वस्तुएँ नहीं डालनी चाहिए।
- नगर पालिकाओं के पास अजैवनिम्नीय और जैवनिम्नीय कचरे के लिए अलग-अलग निपटान स्थल होने चाहिए।
- घरों में अजैवनिम्नीय वस्तुओं को जैवनिम्नीय वस्तुओं से अलग कूड़ेदान में अलग करना चाहिए।
- अजैवनिम्नीय उपभोक्ता वस्तुओं का उत्पादन करने वाले कारखानों को उन्हें जैवनिम्नीय सामग्री के साथ नहीं मिलाना चाहिए।
Explanation:
- ‘स्रोत पर पृथक्करण’ (Segregation at source) का अर्थ है कि कचरे को उसके उत्पन्न होने के स्थान (घर, कार्यालय, स्कूल) पर ही जैवनिम्नीय (biodegradable) और अजैवनिम्नीय (non-biodegradable) में अलग करना।
- यह पुनर्चक्रण (recycling) और प्रबंधन को आसान बनाता है।
Quick Facts:
- जैवनिम्नीय कचरा: रसोई का कचरा, पत्ते, कागज (सड़ने योग्य)
- अजैवनिम्नीय कचरा: प्लास्टिक, कांच, धातु (सड़ने योग्य नहीं)
बबूल के पेड़ जैसे विभिन्न प्रकार के पेड़ों द्वारा उत्पादित गोंद _______ है।
- संचित भोजन का एक रूप
- एक कीट-विकर्षक पदार्थ
- खराब स्वास्थ्य/संक्रमण का संकेत
- इन पौधों का एक अपशिष्ट उत्पाद
Explanation:
- पेड़ों (जैसे बबूल, गोंद) द्वारा उत्पादित गोंद (gum) अपशिष्ट उत्पाद (waste product) है, जो पौधे के चयापचय (metabolism) के कारण निकलता है (अक्सर तने में चोट लगने पर स्रावित होता है)।
- यह पौधे की रक्षा प्रणाली (defense) का भी हिस्सा हो सकता है, पर मुख्यतः अपशिष्ट उत्पाद है।
Quick Facts:
- गोंद का उपयोग खाद्य उद्योग, दवाइयों, कागज निर्माण में होता है।
- अरबी गोंद (Gum arabic) बबूल के पेड़ से प्राप्त होता है।
मनुष्यों में अलिंगसूत्र (autosomes) के ______ युग्म पाए जाते हैं।
- 22
- 23
- 46
- 2
Explanation:
- मनुष्यों में कुल 46 गुणसूत्र (23 जोड़े) होते हैं – इनमें 22 जोड़े अलिंगसूत्र (autosomes) और 1 जोड़ा लिंग गुणसूत्र (sex chromosomes – XX/XY) होता है।
- ऑटोसोम शरीर के सामान्य लक्षणों (आँखों का रंग, ऊँचाई आदि) को नियंत्रित करते हैं।
Quick Facts:
- अलिंगसूत्र = गैर-लिंग गुणसूत्र (non-sex chromosomes)
- मनुष्य के कैरियोटाइप (karyotype) में 44 ऑटोसोम + 2 सेक्स क्रोमोसोम
एक सजातीय श्रृंखला के निम्नलिखित यौगिकों में से किसका क्वथनांक सबसे कम है?
- C₄H₁₀O
- C₃H₈O
- C₂H₆O
- CH₄O
Explanation:
- सजातीय श्रृंखला (homologous series) में, क्वथनांक (boiling point) आण्विक द्रव्यमान (molecular mass) के बढ़ने के साथ बढ़ता है।
- CH₄O (मेथेनॉल) का आण्विक द्रव्यमान सबसे कम है, अतः इसका क्वथनांक सबसे कम होगा।
- क्रम: CH₄O < C₂H₆O < C₃H₈O < C₄H₁₀O (आण्विक द्रव्यमान बढ़ने पर क्वथनांक बढ़ता है)।
Quick Facts:
- सजातीय श्रृंखला – समान कार्यात्मक समूह, समान रासायनिक गुण, लगातार CH₂ समूह का अंतर।
- उदाहरण: ऐल्कोहॉल श्रृंखला (CH₃OH, C₂H₅OH, C₃H₇OH…)
कोशिका के केन्द्रक के अलावा, किन दो कोशिकांगों का अपना DNA और राइबोसोम होते हैं?
- प्लास्टिड्स और माइटोकॉन्ड्रिया
- प्लास्टिड्स और गॉल्जीकाय
- माइटोकॉन्ड्रिया और लाइसोसोम
- माइटोकॉन्ड्रिया और गॉल्जीकाय
Explanation:
- माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria) और प्लास्टिड्स (Plastids – क्लोरोप्लास्ट) अर्ध-स्वायत्त (semi-autonomous) कोशिकांग हैं, जिनका अपना DNA, RNA और राइबोसोम होते हैं, जिससे वे अपने कुछ प्रोटीन स्वयं संश्लेषित कर सकते हैं।
- यह एंडोसिम्बायोसिस सिद्धांत (endosymbiosis theory) का आधार है।
Quick Facts:
- माइटोकॉन्ड्रिया – कोशिका का पावरहाउस (ATP उत्पादन)।
- क्लोरोप्लास्ट – प्रकाश संश्लेषण (पौधों में)।
- गॉल्जीकाय, लाइसोसोम में DNA नहीं होता।
जनवरी 2022 में, Jio ने 6G तकनीक में अनुसंधान और मानकीकरण संबंधी गतिविधियाँ शुरू करने के लिए किस विश्वविद्यालय के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए?
- बार्सिलोना इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी
- औलू विश्वविद्यालय, फ़िनलैंड
- भारतीय विज्ञान संस्थान बेंगलुरु
- कनाडाई स्वास्थ्य अनुसंधान संस्थान
Explanation:
- जनवरी 2022 में, Jio ने 6G अनुसंधान (6G research) और मानकीकरण (standardization) के लिए औलू विश्वविद्यालय (University of Oulu), फिनलैंड के साथ समझौता किया।
- यह Jio की 6G तकनीक में वैश्विक सहयोग की पहल है।
Quick Facts:
- 6G – छठी पीढ़ी (sixth generation) की मोबाइल संचार तकनीक (2030 तक अपेक्षित)।
- औलू विश्वविद्यालय 6G Flagship कार्यक्रम के लिए जाना जाता है।
यदि मरकरी के 92.6 ग्राम की ऑक्सीजन के 7.4 ग्राम के साथ प्रतिक्रिया होती है, मर्क्यूरिक ऑक्साइड का द्रव्यमान क्या होगा?
- 100 ग्राम
- 85.2 ग्राम
- 92.5 ग्राम
- 7.4 ग्राम
Explanation:
- द्रव्यमान संरक्षण (Law of conservation of mass) के अनुसार, अभिकारकों (reactants) का कुल द्रव्यमान = उत्पादों (products) का कुल द्रव्यमान।
- मरकरी (Hg) + ऑक्सीजन (O₂) → मर्क्यूरिक ऑक्साइड (HgO)
- उत्पाद का द्रव्यमान = 92.6 + 7.4 = 100 ग्राम
Quick Facts:
- लैवाज़ियर (Lavoisier) का द्रव्यमान संरक्षण नियम: पदार्थ न तो नष्ट होता है, न ही सृजित होता है।
- 2Hg + O₂ → 2HgO
आप निम्नलिखित चित्र में दिखाई गई कोशिकाओं के प्रकार को कहाँ से प्राप्त कर सकते हैं?
- पत्ते और प्ररोह
- तने और जड़ें
- जड़ें और पुष्प
- पुष्प और पत्ते
Explanation:
- चित्र में पादप कोशिका (plant cell) दिख रही है, जिसमें कोशिका भित्ति (cell wall), बड़ी रिक्तिका (vacuole), क्लोरोप्लास्ट (chloroplast) दिख रहे हैं।
- ऐसी कोशिकाएँ पत्तियों (leaves) और प्ररोह (shoots) के हरे भागों (photosynthetic tissues) से प्राप्त की जा सकती हैं।
- जड़ों में क्लोरोप्लास्ट नहीं होते, पुष्पों में भिन्न प्रकार की कोशिकाएँ होती हैं।
Quick Facts:
- पादप कोशिका की विशेषताएँ: कोशिका भित्ति (सेल्यूलोज), क्लोरोप्लास्ट, बड़ी रिक्तिका, प्लास्टिड्स।
- जंतु कोशिका में कोशिका भित्ति नहीं होती, रिक्तिका छोटी होती है।
आधुनिक आवर्त सारणी में क्रमशः हैलोजन और कार्बन परिवार की वर्ग संख्याएँ क्या हैं?
- वर्ग 16 और वर्ग 17
- वर्ग 17 और वर्ग 14
- वर्ग 16 और वर्ग 14
- वर्ग 18 और वर्ग 14
Explanation:
- आधुनिक आवर्त सारणी में, हैलोजन (Halogens) समूह 17 (F, Cl, Br, I, At) में स्थित हैं।
- कार्बन परिवार (Carbon family) समूह 14 (C, Si, Ge, Sn, Pb) में स्थित है।
- समूह 16 – चाकोजेन (O, S, Se, Te, Po), समूह 18 – उत्कृष्ट गैसें।
Quick Facts:
- हैलोजन: बाह्य कोश में 7 इलेक्ट्रॉन, संयोजकता 1, ऋणविद्युत (electronegative)।
- कार्बन परिवार: बाह्य कोश में 4 इलेक्ट्रॉन, संयोजकता 4।
डोबेराइनर ने तत्वों के वर्गीकरण की अपनी प्रणाली में कितने त्रिक (ट्रायड) की पहचान की थी?
- छह
- पाँच
- चार
- तीन
Explanation:
- डॉबेराइनर (Döbereiner) ने अपने त्रिक नियम (Law of Triads) में तीन (3) त्रिक (triads) की पहचान की थी।
- त्रिक: (Li, Na, K), (Ca, Sr, Ba), (Cl, Br, I)
Quick Facts:
- डॉबेराइनर का कार्य 1817 में प्रकाशित हुआ था।
- इस नियम ने मेंडेलीव और आधुनिक आवर्त सारणी का मार्ग प्रशस्त किया।
निम्नलिखित में से कौन-सा महिला प्रजनन तंत्र का भाग नहीं है?
- डिंबवाही नलिका
- अंडवाहिनी
- शुक्रवाहक नलिका
- अंडाशय
Explanation:
- शुक्रवाहक नलिका (Vas deferens) पुरुष प्रजनन तंत्र (male reproductive system) का अंग है, जो शुक्राणुओं को वृषण (testis) से मूत्रमार्ग तक ले जाती है।
- महिला तंत्र: अंडाशय (ovary), अंडवाहिनी (fallopian tube), गर्भाशय (uterus), योनि (vagina) – इनमें डिंबवाहिनी नलिका (oviduct) भी शामिल है (पर्यायवाची)।
Quick Facts:
- महिला प्रजनन तंत्र – अंडाणु उत्पादन, निषेचन, गर्भधारण।
- पुरुष तंत्र – शुक्राणु उत्पादन, निषेचन के लिए वाहक।
कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और वसा के पूर्ण पाचन का स्थान है:
- पेट
- छोटी आंत
- मलाशय
- बड़ी आंत
Explanation:
- कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और वसा का पूर्ण पाचन (complete digestion) छोटी आंत (small intestine) में होता है, जहाँ अग्नाशयी रस (pancreatic juice) और आंतों का रस (intestinal juice) एंजाइमों (एमाइलेज, ट्रिप्सिन, लाइपेस) द्वारा पाचन पूरा करते हैं।
- पेट में प्रोटीन का आंशिक पाचन (पेप्सिन) होता है, कार्बोहाइड्रेट का मुँह में (एमाइलेज), वसा का छोटी आंत में (लाइपेस) पूरा होता है।
Quick Facts:
- छोटी आंत (duodenum, jejunum, ileum) में पाचन एंजाइमों की पूरी श्रृंखला होती है।
- बड़ी आंत में केवल जल और खनिज अवशोषण होता है, पाचन नहीं।
निम्नलिखित में से द्विविस्थापन अभिक्रिया कौन-सी है?
- Pb(s) + CuCl₂(aq) → PbCl₂(aq) + Cu(s)
- CuSO₄(aq) + H₂S(g) → CuS(s) + H₂SO₄(aq)
- Fe(s) + CuSO₄(aq) → FeSO₄(aq) + Cu(s)
- Zn(s) + CuSO₄(aq) → ZnSO₄(aq) + Cu(s)
Explanation:
- द्विविस्थापन (Double displacement) अभिक्रिया में दो यौगिक अपने आयनों (ions) का आदान-प्रदान करते हैं।
- CuSO₄ + H₂S → CuS (अवक्षेप) + H₂SO₄ – यहाँ Cu²⁺, S²⁻, SO₄²⁻, H⁺ का आदान-प्रदान हुआ है।
- अन्य अभिक्रियाएँ विस्थापन (displacement) हैं (एक धातु दूसरी को विस्थापित करती है)।
Quick Facts:
- द्विविस्थापन अभिक्रिया: AB + CD → AD + CB
- इसमें अक्सर अवक्षेप (precipitate) या गैस बनती है।
किस तत्व में गैर-धातु गुण पाए जाते हैं?
- Na
- Cl
- Li
- K
Explanation:
- क्लोरीन (Cl) एक अधातु (non-metal) है, जो हैलोजन समूह (17) से संबंधित है।
- Na, Li, K सभी क्षार धातुएँ (alkali metals) हैं (धातु गुण – विद्युतधनात्मक, आघातवर्धनीय, चालक)।
Quick Facts:
- अधातुएँ: विद्युतऋणात्मक, कुचालक (अपवाद ग्रेफाइट), भंगुर (brittle)।
- Cl₂ गैस (पीली-हरी), हैलोजन, ऑक्सीकारक गुण।
फ्रेडरिक वोहलर द्वारा यूरिया की तैयारी के लिए निम्नलिखित में से किस यौगिक का उपयोग किया गया था?
- अमोनियम साइनेट
- कार्बन मोनोऑक्साइड
- मीथेन नाइट्राइल
- अमोनिया
Explanation:
- 1828 में, फ्रेडरिक वोहलर (Friedrich Wöhler) ने अमोनियम साइनेट (NH₄OCN) को गर्म करके यूरिया (NH₂CONH₂) बनाया, जो कार्बनिक यौगिक का पहला कृत्रिम संश्लेषण था।
- वोहलर ने अमोनिया (NH₃) और साइनिक अम्ल (HCNO) से अमोनियम साइनेट बनाया और उसे यूरिया में बदला।
- विकल्पों में ‘अमोनिया’ सबसे उपयुक्त है, क्योंकि यह अमोनियम साइनेट का स्रोत था।
Quick Facts:
- यूरिया (NH₂CONH₂) – मूत्र का मुख्य नाइट्रोजनी अपशिष्ट, उर्वरक के रूप में उपयोगी।
- यह अभिक्रिया ‘वोहलर संश्लेषण’ (Wöhler synthesis) कहलाती है, जिसने महत्वपूर्ण बल (vital force) सिद्धांत को खारिज कर दिया।
नीचे दिए गए कथनों पर विचार कीजिए, और सही उत्तर का चयन कीजिए। कथन-I: मानव आमाशय, नाइट्रिक अम्ल का उत्पादन करता है। कथन-II: हाइड्रोक्लोरिक अम्ल, आमाशय को क्षति पहुँचाए बिना भोजन के पाचन में मदद करता है।
- दोनों कथन सही हैं। कथन II, कथन I की सही व्याख्या है।
- केवल कथन I सही है।
- दोनों कथन सही हैं। कथन I, कथन II की सही व्याख्या है।
- केवल कथन II सही है।
Explanation:
- कथन I: मानव आमाशय (stomach) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) उत्पन्न करता है, नाइट्रिक अम्ल (HNO₃) नहीं। अतः कथन I गलत है।
- कथन II: HCl आमाशय में भोजन के पाचन में सहायता करता है (पेप्सिनोजन को पेप्सिन में सक्रिय करना, जीवाणुओं को मारना), और आमाशय की भित्ति (mucous) उसे क्षति से बचाती है। यह कथन सही है (आमाशय को क्षति नहीं पहुँचाता, भोजन पाचन में मदद करता है)।
Quick Facts:
- आमाशय का pH ≈ 1.5-3.5 (HCl के कारण अम्लीय)।
- HCl प्रोटीन पाचन (पेप्सिन) के लिए आवश्यक अम्लीय माध्यम प्रदान करता है।
नीचे दिए गए कथनों पर विचार करें और सही उत्तर पहचानें। कथन-I: बेकिंग सोडा का रासायनिक सूत्र CaSO₄·½H₂O है। कथन-II: बेकिंग सोडा का उपयोग खिलौने, सजावट की सामग्री और सतहों को चिकना बनाने के लिए किया जाता है।
- दोनों कथन सत्य हैं।
- कथन-II सत्य है, और कथन-I गलत है।
- दोनों ही कथन गलत हैं.
- कथन-I सत्य है, और कथन-II असत्य है।
Explanation:
- कथन I: बेकिंग सोडा (baking soda) का रासायनिक सूत्र NaHCO₃ (सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट) है। CaSO₄·½H₂O प्लास्टर ऑफ पेरिस (Plaster of Paris) है। अतः कथन I गलत है।
- कथन II: बेकिंग सोडा का उपयोग खिलौने, सजावट, सतहों को चिकना बनाने में नहीं होता (यह प्लास्टर ऑफ पेरिस का उपयोग है)। बेकिंग सोडा का उपयोग खाना पकाने, antacid, सफाई में होता है। अतः कथन II गलत है।
Quick Facts:
- बेकिंग सोडा – NaHCO₃ (खाने योग्य, फूलाने वाला एजेंट)
- प्लास्टर ऑफ पेरिस – CaSO₄·½H₂O (मूर्तियाँ, फ्रैक्चर कास्टिंग)
जब कॉपर ऑक्साइड को तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल में मिलाया जाता है, तो ___ के निर्माण के कारण अम्ल का रंग नीला-हरा हो जाता है।
- जल
- हाइड्रोजन गैस
- कॉपर (II) क्लोराइड
- कॉपर (I) क्लोराइड
Explanation:
- CuO (काला) + 2HCl (तनु) → CuCl₂ + H₂O
- कॉपर (II) क्लोराइड (CuCl₂) का विलयन नीला-हरा (blue-green) रंग का होता है, जिससे अम्ल का रंग बदल जाता है।
- कॉपर (I) क्लोराइड (CuCl) सफेद/हल्का होता है, यहाँ नहीं बनता।
Quick Facts:
- CuO (कॉपर ऑक्साइड) – एक क्षारीय ऑक्साइड (basic oxide) है, जो अम्ल से अभिक्रिया कर लवण और जल बनाता है।
- CuCl₂ का उपयोग रंजक, कीटनाशक में होता है।
फूल के किस प्रजनन भाग में विषाणु कोशिकाएँ होती हैं?
- बाह्यदल और पुंकेसर
- पुंकेसर और स्त्रीकेसर
- परागकोष और बाह्यदल
- पंखुड़ियाँ और शैली
Explanation:
- फूल के प्रजनन भाग (reproductive parts) – पुंकेसर (Stamen – नर) और स्त्रीकेसर (Pistil/Carpel – मादा) में विषाणु कोशिकाएँ (gametes) होती हैं।
- पुंकेसर में परागकोष (anther) – परागकण (नर युग्मक), स्त्रीकेसर में अंडाशय (ovary) – अंडाणु (मादा युग्मक)।
Quick Facts:
- बाह्यदल (sepals) और पंखुड़ियाँ (petals) – सहायक (accessory) भाग, प्रजनन में प्रत्यक्ष भूमिका नहीं।
- फूल का पूरा प्रजनन तंत्र – पुंकेसर (नर) और स्त्रीकेसर (मादा)।
दुनिया भर में ऐसे रेफ्रिजरेटर का निर्माण अनिवार्य कर दिया गया है जो क्लोरोफ्लोरोकार्बन उत्सर्जित नहीं करते। इससे ओजोन क्षरण को रोकने में कैसे मदद मिलेगी?
- इससे CFC का उत्सर्जन कम हो जाएगा जो ओजोन अणुओं के साथ प्रतिक्रिया करते हैं।
- यह ऑक्सीजन अणुओं को ओजोन में परिवर्तित करने में मदद करेगा।
- CFC ओजोन अणुओं में परिवर्तित हो जायेंगे।
- इससे ऑक्सीजन अणुओं से CFC का उत्पादन कम हो जाएगा।
Explanation:
- CFC (क्लोरोफ्लोरोकार्बन) ओजोन (O₃) अणुओं के साथ अभिक्रिया करके उन्हें नष्ट कर देते हैं (ओजोन क्षरण – ozone depletion)।
- CFC रेफ्रिजरेटर में उत्सर्जन कम करने से ओजोन परत का संरक्षण होगा।
- CFC से क्लोरीन मुक्त होता है, जो ओजोन के साथ अभिक्रिया कर O₂ में बदल देता है (Cl + O₃ → ClO + O₂)।
Quick Facts:
- मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल (1987) – CFC उत्सर्जन को कम करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय समझौता।
- CFC को HFC (हाइड्रोफ्लोरोकार्बन) से प्रतिस्थापित किया जा रहा है, जो ओजोन-अनुकूल (ozone-friendly) हैं।
श्वेत AgCl किसकी उपस्थिति में धूसर हो जाता है?
- CO₂
- O₂
- जल
- सूर्य का प्रकाश
Explanation:
- श्वेत AgCl (सिल्वर क्लोराइड) सूर्य के प्रकाश (sunlight) की उपस्थिति में अपघटित (decomposes) होकर धूसर (grey) सिल्वर (Ag) में बदल जाता है।
- 2AgCl (श्वेत) → 2Ag (धूसर) + Cl₂ (प्रकाश पर)
- यह एक प्रकाश रासायनिक (photochemical) अपघटन अभिक्रिया है, जिसका उपयोग ब्लैक-एंड-व्हाइट फोटोग्राफी में होता है।
Quick Facts:
- AgCl का उपयोग फोटोग्राफिक फिल्म में होता है।
- AgBr भी प्रकाश पर धूसर होता है (AgBr → Ag + Br₂)।
एक फूल के प्रजनन भाग हैं:
- पुंकेसर और स्त्रीकेसर
- पुंकेसर और पंखुड़ी
- बाह्यदल और पंखुड़ियाँ
- स्त्रीकेसर और बाह्यदल
Explanation:
- फूल के प्रजनन भाग (reproductive parts) – पुंकेसर (Androecium – नर) और स्त्रीकेसर (Gynoecium – मादा) हैं।
- पुंकेसर पराग उत्पादन, स्त्रीकेसर अंडाणु उत्पादन और निषेचन के लिए उत्तरदायी है।
Quick Facts:
- बाह्यदल और पंखुड़ियाँ – सहायक (accessory) भाग (सुरक्षा, आकर्षण)
- पूर्ण फूल (complete flower) – सभी चारों भाग (बाह्यदल, पंखुड़ी, पुंकेसर, स्त्रीकेसर) होते हैं।
निम्नलिखित में से हाइड्रोकार्बन का कौन सा समूह CₙH₂ₙ के सामान्य सूत्र का अनुसरण करता है?
- एल्कीन
- एल्काइल
- एल्केन
- एल्काइन
Explanation:
- एल्कीन (Alkenes) का सामान्य सूत्र CₙH₂ₙ है (जहाँ n ≥ 2) – इसमें एक द्विबंध (C=C) होता है, असंतृप्त हाइड्रोकार्बन।
- एल्केन (Alkanes) – CₙH₂ₙ₊₂, एल्काइन (Alkynes) – CₙH₂ₙ₋₂, एल्काइल (Alkyl) – CₙH₂ₙ₊₁ (मूलक)।
Quick Facts:
- एल्कीन शृंखला: C₂H₄ (एथीन), C₃H₆ (प्रोपीन) …
- सजातीय श्रृंखला में प्रत्येक अगले सदस्य में CH₂ का अंतर होता है।
एक तत्व A जल के साथ अभिक्रिया करके एक विलयन बनाता है, जो फेनॉल्फथेलिन के विलयन को गुलाबी कर देता है। तत्व A के ______ होने की सर्वाधिक संभावना है।
- S
- Mg
- Ag
- C
Explanation:
- फेनॉल्फथेलिन (phenolphthalein) क्षारीय (basic) विलयन में गुलाबी (pink) हो जाता है।
- Mg (मैग्नीशियम) जल के साथ अभिक्रिया कर Mg(OH)₂ (क्षार) बनाता है, जिससे विलयन क्षारीय हो जाता है और फेनॉल्फथेलिन गुलाबी हो जाता है।
- S (अधातु) – अम्लीय ऑक्साइड (SO₂, SO₃) बनाता है, Ag (धातु) – जल से अभिक्रिया नहीं करता, C (अधातु) – अम्लीय ऑक्साइड (CO₂) बनाता है।
Quick Facts:
- Mg + 2H₂O → Mg(OH)₂ + H₂ (धीमी अभिक्रिया, गर्म जल पर तीव्र)।
- क्षारीय ऑक्साइड/हाइड्रॉक्साइड फेनॉल्फथेलिन को गुलाबी करते हैं (pH > 8.2)।
धारावाही एक लंबे, सीधे परिनालिका के अंदर चुंबकीय क्षेत्र ________ होता है।
- शून्य
- एकसमान और परिनालिका के अक्ष के समानांतर
- धारा के व्युत्क्रमानुपाती
- सिरों के पास अधिक प्रबल
Explanation:
- एक लंबी परिनालिका (solenoid) के अंदर चुंबकीय क्षेत्र एकसमान (uniform) होता है और इसकी दिशा अक्ष के समानांतर होती है।
- बाहर चुंबकीय क्षेत्र लगभग शून्य होता है।
- यह क्षेत्र धारा के समानुपाती होता है (व्युत्क्रमानुपाती नहीं)।
Quick Facts:
- परिनालिका के अंदर B = μ₀ n I, जहाँ n = प्रति मीटर फेरों की संख्या, I = धारा।
- परिनालिका का उपयोग विद्युत चुंबक बनाने में होता है।
जन्तुओं की तुलना में पौधे उत्सर्जन के लिए पूर्णतः अलग प्रक्रिया का उपयोग करते हैं। पौधों द्वारा उत्सर्जन के लिए निम्नलिखित में से कौन सी प्रक्रिया का पालन नहीं किया जाता है?
- अपशिष्ट उत्पादों को रिक्तिकाओं में संग्रहित करना।
- पत्तियों के माध्यम से अविष पदार्थों को निस्तंदन करना।
- कुछ अपशिष्ट को मृदा में उत्सर्जित करना।
- वाष्पोत्सर्जन द्वारा अतिरिक्त जल बाहर निकाल दिया जाता है।
Explanation:
- पौधे अपशिष्ट को रिक्तिकाओं (vacuoles) में संग्रहित करते हैं, पत्तियों के माध्यम से (जैसे रेजिन, गोंद) या वाष्पोत्सर्जन (transpiration) द्वारा जल निकालते हैं।
- पौधे अपशिष्ट को मृदा में ‘उत्सर्जित’ नहीं करते (जड़ों द्वारा कुछ पदार्थ मृदा में छोड़े जा सकते हैं, पर यह मुख्य उत्सर्जन विधि नहीं है)।
Quick Facts:
- पौधों में उत्सर्जन: वाष्पोत्सर्जन, रिक्तिका भंडारण, पत्तियों का गिरना (abscission), जड़ों द्वारा स्राव।
- जंतुओं में मुख्य उत्सर्जी पदार्थ: अमोनिया, यूरिया, यूरिक अम्ल।
निम्नलिखित में से कौन सी रासायनिक प्रतिक्रियाएँ संयोजन अभिक्रियाओं के उदाहरण हैं। i) 3Fe(s) + 4H₂O(g) → Fe₃O₄(s) + 4H₂(g) ii) CO(g) + H₂(g) → CH₃OH(l) iii) 2Mg(s) + O₂(g) → 2MgO(s) iv) Zn(s) + 2AgNO₃(aq) → Zn(NO₃)₂(aq) + 2Ag(s)
- i और ii
- iii और iv
- ii और iii
- i और iv
Explanation:
- संयोजन अभिक्रिया (Combination reaction): दो या अधिक अभिकारक मिलकर एक उत्पाद बनाते हैं।
- ii: CO + H₂ → CH₃OH (संयोजन)
- iii: 2Mg + O₂ → 2MgO (संयोजन)
- i: यह विस्थापन (जल अपचयन) है, संयोजन नहीं (दो उत्पाद हैं)।
- iv: यह विस्थापन अभिक्रिया है (Zn, Ag को विस्थापित करता है)।
Quick Facts:
- संयोजन अभिक्रिया: A + B → AB
- उदाहरण: 2H₂ + O₂ → 2H₂O, CaO + H₂O → Ca(OH)₂
आधुनिक आवर्त सारणी में फॉस्फोरस को ______ में रखा गया है।
- 14वें समूह और दूसरे आवर्त
- 15वें समूह और तीसरे आवर्त
- 14वें समूह और तीसरे आवर्त
- 15वें समूह और दूसरे आवर्त
Explanation:
- फॉस्फोरस (P) का परमाणु क्रमांक 15 है।
- इलेक्ट्रॉन विन्यास: 2, 8, 5 ⇒ आवर्त = 3 (3 कोश), समूह = 15 (संयोजी इलेक्ट्रॉन 5, 10+5=15)
Quick Facts:
- फॉस्फोरस समूह 15 (नाइट्रोजन परिवार) में स्थित है।
- इसके अपरूप: श्वेत P, लाल P, काला P
क्लोरीन गैस पोटेशियम आयोडाइड विलयन से अभिक्रिया कर पोटेशियम क्लोराइड और आयोडीन बनाती है। यह किस अभिक्रिया का उदाहरण है?
- संयोजन अभिक्रिया
- द्विविस्थापन अभिक्रिया
- विस्थापन अभिक्रिया
- अपघटन अभिक्रिया
Explanation:
- अभिक्रिया: Cl₂ + 2KI → 2KCl + I₂
- यहाँ Cl, I को विस्थापित करता है (Cl अधिक क्रियाशील है), अतः यह विस्थापन अभिक्रिया (displacement reaction) है।
Quick Facts:
- हैलोजनों की क्रियाशीलता: F₂ > Cl₂ > Br₂ > I₂
- अधिक क्रियाशील हैलोजन कम क्रियाशील को उसके लवण से विस्थापित करता है।
वह रासायनिक अभिक्रिया जिसमें दो अभिकारक अपने आयनों का आदान-प्रदान करके दो नए यौगिक बनाते हैं, उसे क्या कहते हैं?
- द्विविस्थापन अभिक्रिया
- संयोजन अभिक्रिया
- विस्थापन अभिक्रिया
- अपघटन अभिक्रिया
Explanation:
- द्विविस्थापन अभिक्रिया (Double displacement reaction) में दो यौगिक अपने आयनों का आदान-प्रदान करते हैं: AB + CD → AD + CB
- उदाहरण: NaCl + AgNO₃ → AgCl↓ + NaNO₃
Quick Facts:
- द्विविस्थापन अभिक्रिया में प्रायः अवक्षेप (precipitate) बनता है या जल/गैस निकलती है।
- इसे ‘मेटाथेसिस’ (metathesis) भी कहते हैं।
निम्नलिखित में से किस यौगिक के निर्माण में धावन सोडा का प्रयोग किया जाता है?
- बोरेक्स
- हरा थोथा
- विरंजन चूर्ण
- नीला थोथा
Explanation:
- धावन सोडा (Washing soda, Na₂CO₃·10H₂O) का उपयोग बोरेक्स (Borax, Na₂B₄O₇·10H₂O) के निर्माण में होता है।
- हरा थोथा (CuSO₄·5H₂O), नीला थोथा (CuSO₄), विरंजन चूर्ण (Bleaching powder, CaOCl₂) अन्य यौगिक हैं।
Quick Facts:
- धावन सोडा: Na₂CO₃·10H₂O, सोडियम कार्बोनेट का क्रिस्टलीय रूप।
- इसका उपयोग कांच, साबुन, कागज उद्योग में होता है।
नीचे दिए गए कथनों पर विचार करें और सही उत्तर पहचानें। कथन-I: किसी धातु से गैर-धातु में इलेक्ट्रॉनों के स्थानांतरण से बनने वाले यौगिकों को विद्युतसंयोजी यौगिक के रूप में जाना जाता है। कथन-II: विद्युतसंयोजी यौगिक आम तौर पर जल में विलेय होते हैं और विलायक में अविलेय होते हैं जैसे केरोसिन, पेट्रोल आदि।
- दोनों कथन सत्य हैं।
- दोनों कथन गलत हैं।
- कथन-I सत्य है, और कथन-II गलत है।
- कथन-I सत्य है, और कथन-II असत्य है।
Explanation:
- कथन-I: विद्युतसंयोजी (आयनिक) यौगिक धातु और अधातु के बीच इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण से बनते हैं। सत्य।
- कथन-II: आयनिक यौगिक जल में विलेय (ध्रुवीय) होते हैं, पर केरोसिन/पेट्रोल (अध्रुवीय) में अविलेय। सत्य।
Quick Facts:
- उदाहरण: NaCl, KCl, CaO (आयनिक यौगिक)।
- आयनिक यौगिकों का गलनांक/क्वथनांक उच्च होता है, ये जलीय विलयन में विद्युत चालक होते हैं।
निम्नलिखित में से कौन सा पौधा परजीवी है?
- आम
- घटपर्णी पौधा
- कैक्टस
- अमरबेल
Explanation:
- अमरबेल (Cuscuta) एक पूर्ण परजीवी (total parasite) पौधा है, जो अपने पोषण के लिए दूसरे पौधे (होस्ट) पर निर्भर करता है।
- घटपर्णी (Venus flytrap) मांसाहारी है (कीटभक्षी), परजीवी नहीं।
Quick Facts:
- परजीवी पौधे: अमरबेल, रैफ्लेशिया (Rafflesia) – सबसे बड़ा फूल।
- मांसाहारी पौधे: घटपर्णी, सुन्दरी (Drosera), नेपेंथेस (Nepenthes)।
निम्नलिखित में से कौनसा मानव शरीर की गति के लिए मुख्य रूप से उत्तरदायी है?
- तंत्रिका तथा संयोजी ऊतकों का संयोजन
- तंत्रिका और उपकला ऊतकों का संयोजन
- पेशी और संयोजी ऊतकों का संयोजन
- तंत्रिका और पेशी ऊतकों का संयोजन
Explanation:
- गति (movement) के लिए तंत्रिका तंत्र (मस्तिष्क → संकेत) और पेशी तंत्र (मांसपेशियाँ सिकुड़ती हैं) का समन्वय आवश्यक है।
- संयोजी ऊतक (हड्डी, कंडरा) सहायक भूमिका निभाते हैं, पर मुख्य भूमिका तंत्रिका + पेशी की है।
Quick Facts:
- तंत्रिका तंत्र नियंत्रण (control), पेशी तंत्र क्रियान्वयन (execution)।
- कंकाल तंत्र (हड्डियाँ) गति के लिए लीवर (lever) का कार्य करता है।
किस तत्व का सबसे कठोर प्राकृतिक अपरूप है?
- Pb
- S
- Sn
- C
Explanation:
- कार्बन (C) का अपरूप ‘हीरा’ (diamond) सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ है।
- Pb = लेड, S = सल्फर, Sn = टिन (ये कठोर अपरूप नहीं बनाते)।
Quick Facts:
- कार्बन के अपरूप: हीरा, ग्रेफाइट, फुलेरीन (C₆₀), ग्राफीन।
- हीरा का उपयोग काटने और चमकाने में होता है।
क्या लंबी नलिकाकार संरचना के रूप में नेफ्रॉन की संरचना का कोई लाभ है?
- नहीं, लंबी ट्यूबलर संरचना का कोई फायदा नहीं है क्योंकि निस्पंदन कप के आकार के स्तर पर होता है।
- हां, वृक्क को मजबूती देने के लिए लंबी ट्यूबों को कुंडलित किया जा सकता है और उच्च घनत्व पर पैक किया जा सकता है।
- नहीं, सभी नेफ्रॉन लंबे नहीं होते – कुछ छोटे होते हैं और अन्य लंबे होते हैं, लेकिन सभी कार्यात्मक होते हैं।
- हां, लंबी ट्यूब प्रारंभिक निस्पंद से अतिरिक्त जल के पुनः अवशोषण के लिए समय और स्थान देती है।
Explanation:
- नेफ्रॉन की लंबी नलिका (विशेषकर हेनले लूप) जल और लवणों के पुनः अवशोषण के लिए अधिक सतह क्षेत्र और समय प्रदान करती है, जिससे शरीर में परासरण संतुलन बना रहता है।
Quick Facts:
- नेफ्रॉन = वृक्क की कार्यात्मक इकाई, इसमें बोमैन कैप्सूल, PCT, हेनले लूप, DCT, संग्रहण नलिका होती है।
- पुनःअवशोषण (reabsorption) मुख्यतः PCT और हेनले लूप में होता है।
एक जलीय विलयन X है, जिसका pH मान 2.6 है। यह प्रदर्शित करता है कि विलयन ______ है।
- प्रकृति में दुर्बल क्षारकीय
- प्रकृति में प्रबल अम्लीय
- प्रकृति में प्रबल क्षारीय
- प्रकृति में उदासीन
Explanation:
- pH पैमाना: 0-14, pH < 7 अम्लीय, pH = 7 उदासीन, pH > 7 क्षारीय।
- pH 2.6 बहुत कम है, अतः विलयन प्रबल अम्लीय (strongly acidic) है।
Quick Facts:
- pH = -log[H⁺] (हाइड्रोजन आयन सांद्रता)
- pH 2.6 का अर्थ है [H⁺] ≈ 2.5 × 10⁻³ M, जो उच्च अम्लता दर्शाता है।
निम्नलिखित कथनों में से कौन सही है?
- प्रत्येक प्रोटीन के लिए एक विशिष्ट जीन होता है।
- प्रत्येक प्रोटीन के लिए एक विशिष्ट RNA होता है।
- प्रत्येक हार्मोन के लिए एक विशिष्ट गुणसूत्र होता है।
- प्रत्येक हार्मोन के लिए एक विशिष्ट प्रोटीन होता है।
Explanation:
- जीन (gene) DNA का एक खंड है, जो एक विशिष्ट प्रोटीन के लिए कोड करता है (एक जीन-एक प्रोटीन परिकल्पना, बीडल-टेटम)।
- RNA प्रोटीन संश्लेषण में मध्यस्थ है, पर प्रत्येक प्रोटीन के लिए विशिष्ट RNA नहीं (mRNA, tRNA, rRNA)।
Quick Facts:
- जीन → mRNA (ट्रांसक्रिप्शन) → प्रोटीन (ट्रांसलेशन) – यह ‘सेंट्रल डोग्मा’ है।
- एक जीन कई प्रोटीन बना सकता है (स्प्लाइसिंग के कारण), पर सामान्यतः प्रत्येक प्रोटीन के लिए एक जीन होता है।
नीचे दिए गए कथनों पर विचार कीजिए और सही उत्तर की पहचान कीजिए। कथन-I: आधुनिक आवर्त सारणी में 18 ऊर्ध्वाधर स्तंभ हैं, जिन्हें समूहों के रूप में जाना जाता है। कथन-II: आधुनिक आवर्त सारणी में 7 क्षैतिज पंक्तियाँ होती हैं, जिन्हें आवर्त कहा जाता है।
- दोनों कथन गलत हैं।
- दोनों कथन सही हैं।
- कथन II सही है, कथन I गलत है।
- कथन I सही है, कथन II गलत है।
Explanation:
- आधुनिक आवर्त सारणी में 18 समूह (ऊर्ध्वाधर) और 7 आवर्त (क्षैतिज) हैं (लैंथेनाइड्स/एक्टिनाइड्स को छोड़कर)।
- अतः दोनों कथन सत्य हैं।
Quick Facts:
- आधुनिक आवर्त सारणी परमाणु क्रमांक पर आधारित है (मोस्ले, 1913)।
- आवर्त 1-7, समूह 1-18 (IUPAC nomenclature)
मानव वृक्क द्वारा शरीर में उत्पन्न कौन-सा नाइट्रोजनी अपशिष्ट बाहर निकाला जाता है?
- यूरिया और यूरिक एसिड
- केवल अमोनिया
- केवल यूरिया
- यूरिया और अमोनिया
Explanation:
- मानव वृक्क मुख्यतः यूरिया (urea), यूरिक अम्ल (uric acid) और क्रिएटिनिन (creatinine) को उत्सर्जित करता है।
- अमोनिया (ammonia) अत्यधिक विषैला होता है, मनुष्य इसे यूरिया में बदलकर बाहर निकालते हैं (यूरियोटेलिक)।
Quick Facts:
- उत्सर्जी पदार्थ: अमोनिया (जलीय जीव), यूरिया (स्तनधारी), यूरिक अम्ल (पक्षी, सरीसृप)।
- मानव में यूरिया लीवर में यूरिया चक्र द्वारा बनता है।
ओजोन परत की मोटाई बढ़ाने के लिए निम्नलिखित में से सबसे अच्छा उपाय कौन सा है?
- क्लोरीन-आधारित रेफ्रिजरेंट्स का उपयोग कम करना
- हमारे वायुमंडल में ऑक्सीजन के प्रतिशत में वृद्धि करना
- कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन को कम करना
- ओजोन से भरे गुब्बारों को छोड़ना जो उच्च ऊँचाई पर फट जाएँगे
Explanation:
- ओजोन परत क्षति (ozone depletion) का मुख्य कारण CFCs (क्लोरोफ्लोरोकार्बन) हैं, जो रेफ्रिजरेंट्स, एयरोसोल आदि में उपयोग होते हैं।
- CFCs के उपयोग को कम करना (मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल) सबसे प्रभावी उपाय है।
Quick Facts:
- CFC से Cl मुक्त होता है, जो O₃ (ओजोन) को O₂ में बदल देता है।
- ओजोन परत UV-B और UV-C विकिरण को अवशोषित करती है।
एक आवर्त में, तत्वों को व्यवस्थित किया जाता है-
- नाभिक में समान आवेश
- नाभिक में स्थिर आवेश
- नाभिक में घटते हुए आवेश
- नाभिक में बढ़ते हुए आवेश
Explanation:
- एक आवर्त (period) में बाएँ से दाएँ जाने पर परमाणु क्रमांक (नाभिकीय आवेश) बढ़ता है।
- इससे संयोजी इलेक्ट्रॉन समान कोश में जुड़ते हैं और परमाणु त्रिज्या घटती है।
Quick Facts:
- आवर्त में: परमाणु त्रिज्या घटती है, आयनन एन्थैल्पी बढ़ती है, विद्युत ऋणात्मकता बढ़ती है।
- समूह में: परमाणु त्रिज्या बढ़ती है, आयनन एन्थैल्पी घटती है।
5 पोषी स्तरों की एक सरल खाद्य श्रृंखला नीचे दिखाई गई है। यदि चौथे उष्णकटिबंधीय स्तर पर मौजूद साँप को 10 किलोजूल ऊर्जा मिलती है, तो उत्पादकों के पास कितनी ऊर्जा उपलब्ध है?
- 100 किलोजूल
- 1,00,00,000 किलोजूल
- 1,000 किलोजूल
- 10,000 किलोजूल
Explanation:
- खाद्य श्रृंखला में ऊर्जा स्थानांतरण 10% नियम (Lindeman) का पालन करता है।
- यदि चौथे पोषी स्तर (साँप) को 10 kJ मिलता है, तो तीसरे को 100 kJ, दूसरे को 1000 kJ, पहले (उत्पादक) को 10,000 kJ होगी।
- इसलिए उत्पादकों के पास 10,000 kJ ऊर्जा उपलब्ध है।
Quick Facts:
- 10% नियम: प्रत्येक पोषी स्तर पर केवल 10% ऊर्जा अगले स्तर को हस्तांतरित होती है।
- शेष 90% ऊष्मा, श्वसन, अपशिष्ट आदि में नष्ट हो जाती है।
किसी समजात श्रृंखला के अगले सदस्य में एक कार्बन परमाणु के साथ कितने हाइड्रोजन परमाणु जोड़े जायेंगे?
- 1
- 3
- 2
- 4
Explanation:
- समजात श्रृंखला (homologous series) में अगला सदस्य –CH₂– समूह से बढ़ता है, अर्थात 1 कार्बन और 2 हाइड्रोजन परमाणु जुड़ते हैं।
- उदाहरण: CH₄ (मीथेन), C₂H₆ (एथेन) – अंतर CH₂ है।
Quick Facts:
- समजात श्रृंखला: ऐल्केन, ऐल्कीन, ऐल्काइन, ऐल्कोहॉल आदि की श्रृंखलाएँ।
- प्रत्येक क्रमागत सदस्य के आण्विक द्रव्यमान में 14 u का अंतर होता है (CH₂ = 12+2 = 14 u)।
आधुनिक आवर्त सारणी में ______ समूह और ______ आवर्त है।
- 18, 6
- 18, 7
- 17, 8
- 18, 5
Explanation:
- आधुनिक आवर्त सारणी में 18 समूह (groups) और 7 आवर्त (periods) हैं।
- आवर्त 6 और 7 में लैंथेनाइड्स/एक्टिनाइड्स (28 तत्व) अलग रखे गए हैं।
Quick Facts:
- पहला आवर्त: 2 तत्व (H, He)
- दूसरा और तीसरा: 8-8 तत्व, चौथा और पाँचवाँ: 18-18, छठा और सातवाँ: 32-32 (f-ब्लॉक सहित)।
दी गई अभिक्रिया के लिए निम्नलिखित में से कौन सा संतुलित समीकरण सही है? कैल्शियम क्लोराइड + सल्फ्यूरिक अम्ल → कैल्शियम सल्फेट + हाइड्रोजन क्लोराइड
- 2CaCl₂ + H₂SO₄ → 2CaSO₄ + 2HCl
- CaCl₂ + 2H₂SO₄ → CaSO₄ + 2HCl
- CaCl₂ + H₂SO₄ → CaSO₄ + HCl
- CaCl₂ + H₂SO₄ → CaSO₄ + 2HCl
Explanation:
- अभिक्रिया: CaCl₂ + H₂SO₄ → CaSO₄ + 2HCl
- परमाणु संतुलन: Ca = 1, Cl = 2, H = 2, S = 1, O = 4 (दोनों ओर)
- अतः CaCl₂ + H₂SO₄ → CaSO₄ + 2HCl सही है।
Quick Facts:
- यह एक द्विविस्थापन अभिक्रिया है, जिसमें CaSO₄ (अवक्षेप) बनता है।
- संतुलित समीकरण में परमाणुओं की संख्या दोनों ओर समान होनी चाहिए।
जन्म नियंत्रण के लिए उपयोग की जाने वाली मौखिक गोलियाँ शरीर के हार्मोनल संतुलन को बदल देती हैं। ये गर्भधारण को कैसे रोकते हैं? सही विकल्प चुनिए।
- अंडे निकलते हैं लेकिन निषेचन नहीं होता है।
- अंडे नहीं निकलते और निषेचन नहीं होता है।
- अंडे का निर्माण नहीं होता है।
- गर्भाशय की परत टूट जाती है।
Explanation:
- मौखिक गर्भनिरोधक गोलियाँ (OCPs) में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन होते हैं, जो ovulation (अंडोत्सर्ग) को रोकते हैं (अंडे नहीं निकलते)।
- यह गर्भाशय ग्रीवा के बलगम को भी गाढ़ा करते हैं, जिससे शुक्राणु का प्रवेश मुश्किल हो जाता है, और गर्भाशय की परत को भी बदलते हैं।
Quick Facts:
- गोलियाँ हार्मोनल संतुलन को बदलकर अंडाशय को अंडा मुक्त करने से रोकती हैं।
- ये विधि प्रतिवर्ती (reversible) है।
गाय का दूध से वही संबंध है जो वृक्ष का ______ से है।
- तने
- फल
- लकड़ी
- छाया
Explanation:
- गाय → दूध (उत्पाद) उत्पादन करती है, वृक्ष → फल (उत्पाद) उत्पादन करता है।
- तना, लकड़ी, छाया वृक्ष के भाग/विशेषताएँ हैं, पर उत्पाद नहीं (फल वृक्ष का उत्पाद है)।
Quick Facts:
- समानता: गाय और वृक्ष दोनों जीवित जीव हैं, जो उत्पाद (दूध/फल) देते हैं।
- यह एक उपमा (analogy) पर आधारित प्रश्न है।
सजातीय श्रेणी के दो क्रमागत सदस्यों के आण्विक द्रव्यमान में क्या अंतर है?
- 8 u
- 12 u
- 6 u
- 14 u
Explanation:
- समजात श्रृंखला में प्रत्येक क्रमागत सदस्य –CH₂– (1 कार्बन + 2 हाइड्रोजन) से भिन्न होता है।
- आण्विक द्रव्यमान अंतर = 12 (C) + 2 × 1 (H) = 14 u
Quick Facts:
- उदाहरण: CH₄ (16 u), C₂H₆ (30 u) – अंतर 14 u
- यह अंतर सभी समजात श्रृंखलाओं (ऐल्केन, ऐल्कीन आदि) में समान होता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प ठोसों के लक्षण का प्रतिनिधित्व नहीं करता है?
- ठोसों में नगण्य संपीड्यता होती है।
- ठोसों का एक निश्चित आकार होता है।
- ठोसों का आयतन निश्चित होता है।
- ठोसों की सीमाएँ अस्पष्ट होती हैं।
Explanation:
- ठोसों की सीमाएँ स्पष्ट (definite) होती हैं, अस्पष्ट नहीं (गैसों की सीमाएँ अस्पष्ट होती हैं)।
- ठोसों में निश्चित आकार, आयतन, अत्यल्प संपीड्यता (compressibility) होती है।
Quick Facts:
- ठोस → द्रव → गैस (बढ़ती संपीड्यता, घटती सुव्यवस्था)
- ठोस: कण नियमित व्यवस्था में, कंपन करते हैं।
पैरेन्काइमा ऊतक पौधों में सबसे आम सरल स्थायी ऊतक है। कुछ पौधों में इसे क्लोरेन्काइमा और एरेन्काइमा के नाम से क्यों जाना जाता है?
- क्लोरेन्काइमा – इसमें वायु क्षेत्र (जलीय पौधे) होते हैं और उन्हें तैरने में सहायता मिलती है; एरेन्काइमा – यांत्रिक सहायता प्रदान करता है
- क्लोरेन्काइमा – पौधे को सहारा देता है; एरेन्काइमा – इसमें प्रकाश संश्लेषण के लिए क्लोरोफिल होता है
- क्लोरेन्काइमा – इसमें क्लोरोफिल प्रकाश संश्लेषण होता है (पत्तियाँ); एरेन्काइमा – इसमें वायु क्षेत्र (जलीय पौधे) होते हैं और उन्हें तैरने में सहायता मिलती है
- क्लोरेन्काइमा – इसमें वायु क्षेत्र होते हैं; एरेन्काइमा – क्लोरोफिल होता है
Explanation:
- क्लोरेन्काइमा (Chlorenchyma): पैरेन्काइमा जिसमें क्लोरोफिल होता है, प्रकाश संश्लेषण करता है (पत्तियों का मीसोफिल)।
- एरेन्काइमा (Aerenchyma): वायु रिक्तियाँ (air spaces) युक्त पैरेन्काइमा, जलीय पौधों में तैरने (buoyancy) और गैस विनिमय में सहायक।
Quick Facts:
- पैरेन्काइमा: जीवित, पतली दीवार वाली कोशिकाएँ, भंडारण और पोषण के लिए।
- क्लोरेन्काइमा (पत्तियाँ) और एरेन्काइमा (जलीय पौधे) पैरेन्काइमा के विशेष रूप हैं।
एक संतुलित रासायनिक समीकरण में, अभिकारक को सदैव तीर के निशान के ______ लिखा जाता है।
- ऊपर
- दाईं ओर
- बाईं ओर
- नीचे
Explanation:
- रासायनिक समीकरण में: अभिकारक (Reactants) → तीर → उत्पाद (Products)
- अभिकारक को सदैव तीर के बाईं ओर (left side) लिखा जाता है।
Quick Facts:
- संतुलित समीकरण में परमाणुओं की संख्या दोनों ओर समान होती है।
- तीर ‘→’ अभिक्रिया की दिशा दिखाता है (अभिकारक → उत्पाद)
मेंडेलीव की आवर्त सारणी के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है?
- उस समय नोबल गैसों की खोज नहीं हुई थी।
- क्षार धातुओं की तरह, हाइड्रोजन समान सूत्रों वाले यौगिक बनाने के लिए हैलोजन, ऑक्सीजन और सल्फर के साथ प्रतिक्रिया करता है।
- मेंडेलीव की आवर्त सारणी में समस्थानिकों को कोई निश्चित स्थान नहीं दिया गया था।
- मेंडेलीव की आवर्त सारणी में हाइड्रोजन को एक निश्चित स्थान दिया गया था।
Explanation:
- मेंडेलीव की सारणी में हाइड्रोजन (H) को कोई निश्चित स्थान नहीं दिया गया था, क्योंकि यह क्षार धातुओं और हैलोजन दोनों से मिलता-जुलता है।
- अन्य कथन सत्य हैं: नोबल गैसें बाद में खोजी गईं, समस्थानिकों के लिए स्थान नहीं था (परमाणु द्रव्यमान पर आधारित था), H द्वि-स्थिति वाला था।
Quick Facts:
- मेंडेलीव ने तत्वों को बढ़ते परमाणु द्रव्यमान के क्रम में व्यवस्थित किया (1869)।
- उन्होंने कुछ तत्वों के लिए खाली स्थान छोड़े (जैसे Ga, Sc, Ge) और उनके गुणों की भविष्यवाणी की।
निम्नलिखित में से किस रासायनिक यौगिक को संगमरमर के रूप में जाना जाता है?
- कैल्शियम कार्बोनेट
- कैल्शियम ऑक्साइड
- कैल्शियम बाइकार्बोनेट
- कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड
Explanation:
- संगमरमर (Marble) रासायनिक रूप से कैल्शियम कार्बोनेट (CaCO₃) है।
- चूना पत्थर (Limestone), संगमरमर, खड़िया (chalk) सभी CaCO₃ के रूप हैं।
Quick Facts:
- CaCO₃ → CaO + CO₂ (गर्म करने पर, क्विक लाइम बनता है)
- CaO + H₂O → Ca(OH)₂ (स्लेक्ड लाइम)
नीचे दिए गए विकल्पों से, उस जीव को चुनें जिसमें तीन-कक्षीय हृदय हो।
- कबूतर
- मछली
- गिरगिट
- चीता
Explanation:
- गिरगिट (Chameleon) एक सरीसृप (reptile) है, जिसका हृदय तीन-कक्षीय (2 अलिंद + 1 निलय) होता है (मगरमच्छ को छोड़कर सभी सरीसृपों में)।
- कबूतर (पक्षी) और चीता (स्तनधारी) का हृदय चार-कक्षीय (2 अलिंद + 2 निलय) होता है।
- मछली का हृदय दो-कक्षीय (1 अलिंद + 1 निलय) होता है।
Quick Facts:
- तीन-कक्षीय हृदय: उभयचर (मेंढक) और सरीसृप (गिरगिट, साँप, छिपकली) – मगरमच्छ को छोड़कर।
- चार-कक्षीय: पक्षी, स्तनधारी, मगरमच्छ।
मानव हृदय के अनुप्रस्थ काट पर आधारित दो प्रश्न नीचे दिए गए हैं। उस विकल्प का पता लगाएँ जो दोनों प्रश्नों के सही उत्तर देता है। प्रश्न: ‘A’ से चिह्नित भाग की दीवारें मोटी क्यों होती हैं? प्रश्न: ‘B’ से चिह्नित भाग का क्या कार्य है?
- A – क्योंकि यह रक्त को बाएँ आलिंद में पंप करता है; B – रक्त को आगे नहीं बहने देता
- A – क्योंकि यह रक्त को शरीर के विभिन्न भागों में पंप करता है; B – रक्त के प्रतिगमन को रोकता है
- A – क्योंकि यह रक्त को फुफ्फुसीय धमनी में पंप करता है; B – रक्त को महाधमनी में पंप करता है
- A – क्योंकि यह रक्त को दाएँ आलिंद में पंप करता है; B – रक्त के प्रतिगमन को रोकता है
Explanation:
- ‘A’ बायाँ निलय (Left Ventricle) है, जो रक्त को पूरे शरीर में पंप करता है, इसलिए इसकी दीवारें मोटी होती हैं (उच्च दबाव सहने के लिए)।
- ‘B’ हृदय कपाट (valve) है, जो रक्त के पश्चगामी प्रवाह (backflow) को रोकता है।
Quick Facts:
- बायाँ निलय → महाधमनी (aorta) → पूरा शरीर
- कपाट: द्विकपाटी (mitral), त्रिकपाटी (tricuspid), अर्धचंद्राकार (semilunar) – रक्त प्रतिगमन रोकते हैं।
निम्नलिखित में से क्या रक्त के प्लाज्मा के समान है लेकिन रंगहीन है और इसमें कम प्रोटीन होता है?
- लाल रक्त कोशिका (RBC)
- श्वेत रक्त कोशिका (WBC)
- लसीका
- प्लेटलेट
Explanation:
- लसीका (Lymph) रक्त प्लाज्मा के समान होता है, परंतु रंगहीन (colourless) होता है और इसमें प्लाज्मा की तुलना में कम प्रोटीन होता है।
- यह ऊतक द्रव (tissue fluid) से बनता है, जो लसीका वाहिकाओं में बहता है।
Quick Facts:
- लसीका में लिम्फोसाइट्स (WBC) होते हैं, जो प्रतिरक्षा में सहायक हैं।
- इसे ‘सफेद रक्त’ (white blood) भी कहते हैं।
अधिकांश जानवरों में गति निम्नलिखित में से किस तंत्र/प्रणाली की समन्वित गतिविधि है?
- केवल पेशीय तंत्र
- केवल कंकाल और तंत्रिका तंत्र
- केवल तंत्रिका तंत्र
- मांसपेशी, कंकाल और तंत्रिका तंत्र
Explanation:
- गति (movement) के लिए तंत्रिका तंत्र (संकेत), मांसपेशी (संकुचन) और कंकाल (आधार/लीवर) तीनों का समन्वय आवश्यक है।
- एकाकी कोई भी तंत्र गति उत्पन्न नहीं कर सकता।
Quick Facts:
- तंत्रिका → पेशी → कंकाल (गति का क्रम)
- मानव में गति के लिए कंकालीय पेशियाँ (voluntary) उत्तरदायी होती हैं।
पहचाना जाने वाला पहला फुलेरीन ______ था।
- C-60
- C-600
- C-660
- C-160
Explanation:
- पहचाना जाने वाला पहला फुलेरीन (fullerene) C₆₀ (बकमिन्स्टरफुलेरीन) था, जिसे 1985 में क्रोटो, स्मॉली और कर्ल ने खोजा था।
- इसकी संरचना फुटबॉल (बकीबॉल) के समान होती है (60 कार्बन, 12 पंचकोण, 20 षट्कोण)।
Quick Facts:
- फुलेरीन कार्बन का अपरूप है (शून्य-आयामी, 0D) – अन्य: हीरा (3D), ग्रेफाइट (2D), ग्राफीन (2D), CNT (1D)।
- C₆₀ का नाम बकमिन्स्टरफुलेरीन (Buckminsterfullerene) है।
SO₄²⁻ और Ba²⁺ की अभिक्रिया से बनने वाले BaSO₄ की प्रकृति क्या है?
- जल में अविलेय
- काला क्रिस्टल
- लाल पाउडर
- जल में विलेय
Explanation:
- BaSO₄ (बेरियम सल्फेट) जल में अत्यंत अविलेय (insoluble) होता है, जो एक सफेद अवक्षेप (white precipitate) बनाता है।
- इसका उपयोग सल्फेट आयनों के परीक्षण (test) में होता है।
Quick Facts:
- BaSO₄ का उपयोग पेट के एक्स-रे (बेरियम मील) में होता है क्योंकि यह विकिरण को अवशोषित करता है और अविलेय है (सुरक्षित)।
- अन्य सल्फेट (जैसे Na₂SO₄, MgSO₄) विलेय होते हैं।
Na₂SO₄(aq) + BaCl₂(aq) → BaSO₄(s) + 2NaCl(aq) दी गई अभिक्रिया में, कौन सा उत्पाद विलयन में रहता है?
- NaCl
- Na₂SO₄
- BaSO₄
- BaCl₂
Explanation:
- अभिक्रिया में BaSO₄ अविलेय (अवक्षेप) है, जबकि NaCl जल में विलेय है, अतः यह विलयन में रहता है (aqueous state)।
- NaCl (सोडियम क्लोराइड) एक विलेय लवण है।
Quick Facts:
- NaCl सभी सोडियम लवणों की तरह विलेय होता है (अपवाद: कुछ)।
- BaSO₄ (s) अवक्षेप है, जो अभिक्रिया को पूर्णता की ओर ले जाता है।
इलेक्ट्रॉन के लिए e/m अनुपात, किसके द्वारा निर्धारित किया गया?
- अल्बर्ट आइंस्टीन (Albert Einstein)
- नील्स बोहर (Niels Bohr)
- आइजैक न्यूटन (Isaac Newton)
- जे. थॉमसन (J.J. Thomson)
Explanation:
- J.J. Thomson ने 1897 में कैथोड किरणों के प्रयोग से इलेक्ट्रॉन के e/m (आवेश/द्रव्यमान) अनुपात को मापा।
- e/m = 1.758 × 10¹¹ C/kg
Quick Facts:
- Thomson ने इलेक्ट्रॉन की खोज की और ‘प्लम पुडिंग’ मॉडल दिया।
- Millikan ने तेल-बूंद प्रयोग (oil-drop experiment) द्वारा इलेक्ट्रॉन का आवेश (e) मापा।
निम्नलिखित में से कौन सा यौन संचारित रोग हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को प्रभावित करता है?
- गोनोरिया
- सिफलिस
- HIV-AIDS
- मस्से
Explanation:
- HIV (Human Immunodeficiency Virus) प्रतिरक्षा प्रणाली (विशेषतः CD4+ T कोशिकाओं) को प्रभावित करता है, जिससे AIDS (Acquired ImmunoDeficiency Syndrome) होता है।
- गोनोरिया, सिफलिस, मस्से (HPV) अन्य STDs हैं, पर ये प्रतिरक्षा प्रणाली को सीधे क्षति नहीं पहुँचाते (मस्से HPV के कारण, गोनोरिया/सिफलिस जीवाणु जनित)।
Quick Facts:
- STD (Sexually Transmitted Diseases) के उदाहरण: HIV, गोनोरिया, सिफलिस, HPV, हर्पीज, क्लैमाइडिया।
- HIV एक रेट्रोवायरस है, जो CD4+ कोशिकाओं को नष्ट करता है।
क्लोर-क्षार प्रक्रिया में, क्लोर क्लोरीन गैस का प्रतिनिधित्व करता है और क्षार का प्रतिनिधित्व करता है:
- NaOH
- Ca(OH)₂
- ZnO
- CaCO₃
Explanation:
- क्लोर-क्षार (Chlor-alkali) प्रक्रिया में, विद्युत अपघटन द्वारा NaCl (ब्राइन) के जलीय विलयन से Cl₂ गैस (क्लोर) और NaOH (क्षार) बनते हैं।
- 2NaCl + 2H₂O → 2NaOH + Cl₂ + H₂
Quick Facts:
- इस प्रक्रिया में Na+ → NaOH (कैथोड पर), Cl⁻ → Cl₂ (एनोड पर) बनते हैं।
- ऊर्जा की खपत अधिक होती है, इसका उपयोग औद्योगिक स्तर पर NaOH बनाने में होता है।
दूसरे आवर्त के तत्वों के लिए कौन सा कथन सही है?
- उनमें संयोजी इलेक्ट्रॉनों की संख्या समान नहीं होती है, लेकिन कोशों की संख्या समान होती है।
- उनमें संयोजी इलेक्ट्रॉनों की संख्या समान होती है, लेकिन कोशों की संख्या समान नहीं होती है।
- उनमें संयोजी इलेक्ट्रॉनों की संख्या समान नहीं होती और कोशों की संख्या भी समान नहीं होती।
- उनमें संयोजी इलेक्ट्रॉनों की संख्या समान होती है और कोशों की संख्या भी समान होती है।
Explanation:
- एक आवर्त (period) में सभी तत्वों में कोश (shells) की संख्या समान होती है (दूसरे आवर्त में 2 कोश: K, L)।
- संयोजी इलेक्ट्रॉनों की संख्या बाएँ से दाएँ बढ़ती है (1 से 8 तक), अतः समान नहीं होती।
Quick Facts:
- दूसरा आवर्त: Li (2,1), Be (2,2), B (2,3), C (2,4), N (2,5), O (2,6), F (2,7), Ne (2,8)
- संयोजी इलेक्ट्रॉन = बाहरी कोश में इलेक्ट्रॉन
मेंडल के प्रयोगों में, पीले रंग के मटर वाले मटर के पौधे को हरे रंग के मटर वाले पौधे के साथ संकरण करने से ऐसे पौधे मिले जिनमें पीले रंग के मटर थे। यदि इन पौधों को स्व-परागण करने दिया जाए और उनसे 500 मटर एकत्र किए जाएं, तो कितने हरे रंग के होंगे?
- लगभग 220
- लगभग 440
- लगभग 330
- लगभग 110
Explanation:
- पीला (Y) प्रभावी (dominant), हरा (y) अप्रभावी (recessive) है।
- F₁: सभी Yy (पीला), F₂: YY : Yy : yy = 1:2:1 (फेनोटाइप: 3 पीला : 1 हरा)
- 500 मटर में हरे = 500 × 1/4 = 125 ≈ 110 (निकटतम 110)
Quick Facts:
- मेंडल के मोनोहाइब्रिड क्रॉस का फेनोटाइप अनुपात 3:1, जीनोटाइप अनुपात 1:2:1 होता है।
- F₂ में अप्रभावी लक्षण पुनः प्रकट होता है।
मटर के पौधों पर मेंडल के कार्य के कुछ निष्कर्ष नीचे दिए गए हैं। उनमें से एक को छोड़कर सभी सही हैं। गलत निष्कर्ष चुनिए।
- जीन अलग-अलग इकाइयों के रूप में आनुवंशिक होते हैं।
- प्रत्येक युग्मक में एक ही जीन की दो प्रतियाँ होती हैं।
- युग्मकों के निर्माण के दौरान जीनों का विसंयोजन होता है।
- जीन जोड़े में होते हैं।
Explanation:
- मेंडल के अनुसार, प्रत्येक युग्मक (gamete) में जीन की केवल एक प्रति (copy) होती है (क्योंकि युग्मकों के निर्माण में अर्धसूत्रीविभाजन (meiosis) होता है, जिससे गुणसूत्रों की संख्या आधी हो जाती है)।
- अतः “प्रत्येक युग्मक में एक ही जीन की दो प्रतियाँ होती हैं” गलत है (दो प्रतियाँ द्विगुणित (diploid) कोशिकाओं में होती हैं, युग्मक अगुणित (haploid) होते हैं)।
Quick Facts:
- मेंडल का पृथक्करण नियम (Law of Segregation): युग्मक निर्माण में जीन के दो एलील अलग हो जाते हैं।
- युग्मक अगुणित (n) होते हैं, द्विगुणित (2n) युग्मनज बनने पर पुनः दो प्रतियाँ होती हैं।
निम्नलिखित में से कौन सा भूतापीय ऊर्जा का स्रोत नहीं है/हैं?
- गीजर
- लावा प्रवाह
- जैव ईंधन
- वातिमुख
Explanation:
- भूतापीय ऊर्जा (geothermal energy) पृथ्वी के आंतरिक ऊष्मा से प्राप्त होती है, जिसके स्रोत: गीजर (geyser), लावा प्रवाह (lava flow), वातिमुख (fumarole), गर्म झरने (hot springs) आदि हैं।
- जैव ईंधन (biofuel) जैविक पदार्थों से बनता है, यह भूतापीय नहीं है।
Quick Facts:
- भूतापीय ऊर्जा एक नवीकरणीय (renewable) स्रोत है।
- इसका उपयोग विद्युत उत्पादन और तापन में होता है (जैसे न्यूजीलैंड, आइसलैंड)।
कौन सी अभिक्रिया द्विविस्थापन अभिक्रिया का उदाहरण है?
- Fe(s) + CuSO₄(aq) → FeSO₄(aq) + Cu(s)
- Zn(s) + CuSO₄(aq) → ZnSO₄(aq) + Cu(s)
- Na₂SO₄(aq) + BaCl₂(aq) → BaSO₄(s) + 2NaCl(aq)
- Pb(s) + CuCl₂(aq) → PbCl₂(aq) + Cu(s)
Explanation:
- द्विविस्थापन (double displacement) अभिक्रिया में आयनों का आदान-प्रदान होता है: Na₂SO₄ + BaCl₂ → BaSO₄↓ + 2NaCl
- अन्य अभिक्रियाएँ विस्थापन (single displacement) हैं (धातु Cu को विस्थापित करती है)।
Quick Facts:
- द्विविस्थापन = AB + CD → AD + CB
- विस्थापन = A + BC → AC + B
नीचे दिया गया चित्र F₂ पीढ़ी तक के दो पौधों के बीच संकरण को दर्शाता है। इस संकर से जो कुछ निष्कर्ष निकाले जा सकते हैं, वे नीचे दिए गए हैं। कौन सा विकल्प गलत निष्कर्ष देता है?
- लक्षण वंशागति में प्राप्त होते हैं परंतु व्यक्त नहीं होते हैं।
- लाल और हरा दोनों ही प्रभावी हैं, यद्यपि कम संख्या में हरा रंग उत्पन्न किया जाता है।
- लाल रंग ही प्रभावी है।
- हरा रंग अप्रभावी है।
Explanation:
- F₂ में 3:1 अनुपात (लाल:हरा) प्रभावी-अप्रभावी (dominant-recessive) संबंध दर्शाता है।
- यहाँ लाल प्रभावी (dominant) और हरा अप्रभावी (recessive) है, अतः “लाल और हरा दोनों प्रभावी हैं” गलत है।
Quick Facts:
- मेंडल के मोनोहाइब्रिड क्रॉस में F₂ में 3:1 फेनोटाइप अनुपात होता है।
- अप्रभावी लक्षण F₁ में दब जाता है, पर F₂ में पुनः प्रकट होता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा प्रोटीन-विभाजन एंजाइम है?
- एमाइलेस
- लाइपेज
- ट्रिप्सिन
- पेप्सिन
Explanation:
- पेप्सिन (Pepsin) एक प्रोटीयोलाइटिक (proteolytic) एंजाइम है, जो प्रोटीन को पेप्टाइड्स में विभाजित करता है। यह आमाशय (stomach) में स्रावित होता है।
- एमाइलेस (Amylase) → स्टार्च (कार्बोहाइड्रेट), लाइपेज (Lipase) → वसा (lipid), ट्रिप्सिन (Trypsin) → प्रोटीन (पर पेप्सिन सबसे विशिष्ट प्रोटीन-विभाजन एंजाइम है, ट्रिप्सिन भी प्रोटीन को तोड़ता है पर पेप्सिन अधिक प्रमुख है)।
Quick Facts:
- पेप्सिन प्रोटीन → पेप्टोन (peptones)
- ट्रिप्सिन (अग्न्याशय से) प्रोटीन → पॉलीपेप्टाइड्स
विद्युत अपघटनी विधि द्वारा NaOH बनाने में किस विलयन का प्रयोग किया जाता है?
- चूने का जल
- लवण-जल (ब्राइन)
- ब्रोमीन जल
- क्लोरीन का जल
Explanation:
- NaOH (सोडियम हाइड्रॉक्साइड) विद्युत अपघटन द्वारा NaCl (ब्राइन, brine) के जलीय विलयन से बनाया जाता है (क्लोर-क्षार प्रक्रिया)।
- ब्राइन = संतृप्त NaCl विलयन (≈ 26% w/w)
Quick Facts:
- अभिक्रिया: 2NaCl + 2H₂O → 2NaOH + Cl₂ + H₂ (विद्युत अपघटन)
- इस प्रक्रिया में सोडियम कार्बोनेट (धावन सोडा) भी बनता है (Na₂CO₃ उद्योग में)।
तत्व जिनकी परमाणु संख्या क्रमशः 15, 16, 17 और 18 है, हैं
- Ar, Cl, S और P
- S, P, Cl और Ar
- P, S, Cl और Ar
- Cl, P, S और Ar
Explanation:
- परमाणु क्रमांक 15 = P (फॉस्फोरस), 16 = S (सल्फर), 17 = Cl (क्लोरीन), 18 = Ar (आर्गन)
- अतः क्रम: P, S, Cl, Ar
Quick Facts:
- ये सभी तीसरे आवर्त के तत्व हैं (P, S, Cl, Ar) – समूह 15, 16, 17, 18
- Ar एक उत्कृष्ट गैस है (अक्रिय)।
नीचे दिए गए चित्र में प्रजनन के दौर से गुजर रहे एक जीव और मामूली अंतर वाली संतति को दिखाया गया है। भिन्नता का कारण क्या हो सकता है?
- RNA गठन में त्रुटियाँ
- DNA की प्रति निर्माण में त्रुटियाँ
- प्रोटीन निर्माण में त्रुटियाँ
- जीन का निष्क्रिय होना
Explanation:
- आनुवंशिक भिन्नता (variation) का मुख्य कारण DNA प्रतिकृति (replication) में त्रुटियाँ हैं, जो उत्परिवर्तन (mutation) का कारण बनती हैं।
- RNA गठन और प्रोटीन निर्माण में त्रुटियाँ अस्थायी होती हैं, पर DNA में त्रुटि आनुवंशिक होती है।
Quick Facts:
- उत्परिवर्तन = DNA अनुक्रम में स्थायी परिवर्तन
- भिन्नता विकास (evolution) का आधार है।
धारीदार और चिकनी मांसपेशी कोशिकाओं के बीच क्या अंतर है?
- चिकनी मांसपेशियों की तुलना में सभी धारीदार मांसपेशियां प्रतिवर्ती क्रिया द्वारा कार्य करती हैं।
- धारीदार मांसपेशियों में केन्द्रक की कमी होती है जबकि चिकनी मांसपेशियां द्विकेन्द्रकीय होती हैं।
- चिकनी मांसपेशियां तंत्रिकाओं से जुड़ी नहीं होती हैं जबकि धारीदार मांसपेशियां जुड़ी होती हैं।
- चिकनी मांसपेशियां इच्छानुसार सिकुड़ नहीं सकतीं, जबकि स्वैच्छिक मांसपेशियां इच्छानुसार सिकुड़ती हैं।
Explanation:
- धारीदार (striated) मांसपेशियाँ = कंकालीय (skeletal) मांसपेशियाँ, जो स्वैच्छिक (voluntary) होती हैं (इच्छानुसार सिकुड़ती हैं)।
- चिकनी (smooth) मांसपेशियाँ अनैच्छिक (involuntary) होती हैं (जैसे आंत, रक्त वाहिकाएँ)।
Quick Facts:
- हृदय की मांसपेशी (cardiac) धारीदार पर अनैच्छिक (विशेष प्रकार) होती है।
- धारीदार → बहुकेन्द्रकीय (multinucleated), चिकनी → एककेन्द्रकीय (uninucleated)।
एक लंबा वृक्ष अपने अपशिष्ट उत्पादों को कहाँ संचित कर सकता है?
- छाल के ऊतक में
- पुरानी जड़ों में
- अंतरा कोशिका स्थानों में
- पुराने जाइलम (अंत:काड़) में
Explanation:
- पौधे अपने अपशिष्ट उत्पादों (जैसे रेजिन, गोंद, टैनिन) को पुराने जाइलम (xylem) ऊतक (अंत:काड़, heartwood) में संचित करते हैं, जो मृत होता है और परिवहन में भाग नहीं लेता।
- छाल, जड़ें भी संचय कर सकती हैं, पर मुख्यतः पुराना जाइलम ही स्थायी भंडारण स्थल है।
Quick Facts:
- पौधों में उत्सर्जन: रिक्तिकाएँ, पुराने जाइलम, पत्तियों का गिरना, वाष्पोत्सर्जन
- रेजिन, गोंद, अल्कलॉइड, टैनिन आदि अपशिष्ट उत्पाद हैं।
निम्नलिखित में से कौन सा यौगिक बनता है जब लेड नाइट्रेट को पोटेशियम आयोडाइड के साथ मिलाया जाता है?
- लेड कार्बाइड
- लेड आयोडाइड
- लेड नाइट्राइड
- लेड ऑक्साइड
Explanation:
- अभिक्रिया: Pb(NO₃)₂ + 2KI → PbI₂↓ + 2KNO₃
- PbI₂ (लेड आयोडाइड) एक पीला (yellow) अवक्षेप (precipitate) बनाता है।
Quick Facts:
- यह एक द्विविस्थापन अभिक्रिया है, जिसमें PbI₂ (अविलेय) बनता है।
- PbI₂ का रंग पीला होता है, कभी-कभी सुनहरा (golden yellow) भी दिखता है।
पौधों की परिवहन प्रणाली द्वारा पत्तों और जड़ों से कौन-सा उत्पाद प्रवाहित किया जाता है?
- केवल जल
- कार्बोहाइड्रेट और खनिज
- ऊर्जा भंडार और कच्चे माल
- केवल कार्बोहाइड्रेट
Explanation:
- पौधे परिवहन (transport) करते हैं: जल और खनिज (जड़ों से पत्तियों तक – जाइलम) और कार्बोहाइड्रेट (पत्तियों से अन्य भागों तक – फ्लोएम)।
- इसमें ऊर्जा भंडार (सुक्रोज) और कच्चे माल (जल, खनिज) शामिल हैं, अतः ‘ऊर्जा भंडार और कच्चे माल’ सही वर्णन है।
Quick Facts:
- जाइलम (Xylem): जल + खनिज (एकदिशीय, root → shoot)
- फ्लोएम (Phloem): कार्बोहाइड्रेट (द्विदिशीय, source → sink)
मेंडेलीव की आवर्त सारणी की मुख्य सीमा क्या है?
- मेंडेलीव की आवर्त सारणी में ऊर्ध्वाधर स्तंभ होते हैं जिन्हें समूह कहा जाता है और क्षैतिज पंक्तियाँ जिन्हें अवधि कहा जाता है।
- मेंडेलीव ने हाइड्रोजन और ऑक्सीजन का चयन किया क्योंकि वे बहुत प्रतिक्रियाशील हैं और अधिकांश तत्वों के साथ यौगिक बनाते हैं।
- आवर्त सारणी में हाइड्रोजन को कोई निश्चित स्थान नहीं दिया जा सकता है।
- अक्रिय गैसों को मौजूदा क्रम को छेड़े बिना एक नए समूह में रखा जा सकता है।
Explanation:
- मेंडेलीव की सारणी की मुख्य सीमा: हाइड्रोजन की स्थिति अनिश्चित थी (यह क्षार धातुओं और हैलोजन दोनों से मिलता है)।
- अन्य सीमाएँ: समस्थानिकों के लिए कोई स्थान नहीं, परमाणु द्रव्यमान के क्रम में विसंगतियाँ (Co, Ni आदि)।
Quick Facts:
- मेंडेलीव ने 63 तत्वों को व्यवस्थित किया (1869)।
- उन्होंने 3 खाली स्थान छोड़े (eka-Al, eka-Si, eka-B) – बाद में Ga, Ge, Sc खोजे गए।
मटर के पौधों के साथ मेंडल के प्रयोगों के अनुसार, लंबाई को छोटी होने की तुलना में एक ‘प्रमुख’ लक्षण कहा गया क्योंकि
- एक पौधे की लंबाई इस बात की परवाह किए बिना काफी लंबी थी कि उसमें एक जीन (एलील) या दो जीन (एलील) थे।
- मटर सहित सभी जीवों में, लंबे व्यक्ति छोटे व्यक्तियों की तुलना में अधिक आम हैं।
- लम्बेपन के लिए जीन का प्रतीक ‘T’ था, जबकि लघुता के लिए जीन का प्रतीक ‘t’ था।
- छोटे पौधों की तुलना में बड़े पौधे अधिक सामान्य हैं।
Explanation:
- प्रभावी (dominant) लक्षण वह है जो F₁ पीढ़ी में व्यक्त होता है, चाहे उसकी जीनोटाइप होमोजाइगस (TT) या हेटेरोजाइगस (Tt) हो।
- यहाँ लंबाई (T) प्रभावी है क्योंकि Tt (एक प्रति) भी लंबा होता है (अप्रभावी tt ही छोटा होता है)।
Quick Facts:
- प्रभावी एलील (T) अप्रभावी एलील (t) को मास्क (mask) कर देता है।
- F₂ में 3:1 अनुपात (लंबा:छोटा) प्रभावी-अप्रभावी संबंध को दर्शाता है।
पौधे अतिरिक्त जल को एक प्रक्रिया के माध्यम से छोड़ते हैं जिसे कहते हैं:
- वाष्पीकरण
- वाष्पोत्सर्जन
- परिवहन
- स्थानांतरण
Explanation:
- पौधे अतिरिक्त जल को वाष्पोत्सर्जन (transpiration) द्वारा रंध्रों (stomata) के माध्यम से जलवाष्प के रूप में बाहर निकालते हैं।
- वाष्पीकरण (evaporation) सामान्य भौतिक प्रक्रिया है, पर पौधों में इसे वाष्पोत्सर्जन कहते हैं।
Quick Facts:
- वाष्पोत्सर्जन जाइलम में जल के ऊपर उठने का प्रमुख कारण है (प्रकाष्ठ बल, transpiration pull)।
- यह दिन में अधिक होता है (रंध्र खुले होते हैं)।
पौधों में परिसंचरण या परिवहन की कुछ विशेषताएँ नीचे दी गई हैं। कौन सा विकल्प गलत विशेषता दर्शाता है?
- पौधों में परिवहन हमेशा निष्क्रिय होता है, कोई ऊर्जा व्यय नहीं होता है।
- जल की गति साधारण भौतिक बल द्वारा होती है; खाद्य संचलन के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है।
- जाइलम जल का तथा प्लोएम भोजन का परिवहन करता है।
- वाहिकाएँ और वाहिनिकाएँ मृत कोशिकाएँ होती हैं और चालनी नलिकाएँ जीवित होती हैं।
Explanation:
- पौधों में परिवहन सदैव निष्क्रिय (passive) नहीं होता; फ्लोएम में भोजन का संचलन (source → sink) ऊर्जा-खपत (active) है (ट्रांसलोकेशन, जिसमें ATP का उपयोग होता है)।
- जाइलम में जल का संचलन मुख्यतः निष्क्रिय (भौतिक बलों, जैसे वाष्पोत्सर्जन खिंचाव) द्वारा होता है।
Quick Facts:
- फ्लोएम परिवहन (फ्लोएम लोडिंग/अनलोडिंग) सक्रिय है (ATP की आवश्यकता)।
- जाइलम: मृत कोशिकाएँ, फ्लोएम: जीवित (चालनी नलिकाएँ + सहचर कोशिकाएँ)।
निम्नलिखित में से कौन सा जलीय विलयन विद्युत अपघटन से सोडियम हाइड्रॉक्साइड बनाता है?
- Na₂SO₄
- NaCl
- Na₂O
- NaHCO₃
Explanation:
- सोडियम क्लोराइड (NaCl) का जलीय विलयन (ब्राइन) विद्युत अपघटन पर NaOH, Cl₂ और H₂ देता है (क्लोर-क्षार प्रक्रिया)।
- Na₂SO₄, Na₂O, NaHCO₃ से NaOH इस प्रकार नहीं बनता (अलग-अलग विधियाँ हैं)।
Quick Facts:
- 2NaCl + 2H₂O → 2NaOH + Cl₂ + H₂ (विद्युत अपघटन)
- NaOH को ‘कास्टिक सोडा’ (caustic soda) भी कहते हैं।
क्या होता है जब चूने के पानी से CO₂ गैस गुजरती है?
- कोई बदलाव नहीं
- हरा रंग दिखाई देता है
- घोल दूधिया हो जाता है।
- एक काला अवक्षेप बनता है
Explanation:
- चूने का पानी (Ca(OH)₂) CO₂ के साथ अभिक्रिया करके कैल्शियम कार्बोनेट (CaCO₃) बनाता है, जो दूधिया (milky) अवक्षेप है।
- Ca(OH)₂ + CO₂ → CaCO₃↓ + H₂O
- अधिक CO₂ प्रवाहित करने पर CaCO₃, Ca(HCO₃)₂ में बदल जाता है, जो विलेय है, और दूधियापन गायब हो जाता है।
Quick Facts:
- इस अभिक्रिया का उपयोग CO₂ गैस की पहचान (test) में होता है।
- दूधियापन (milkyness) CaCO₃ अवक्षेप के कारण होता है।
निम्नलिखित में से कौन सी गैस जीवन के सभी वायवीय रूपों के लिए आवश्यक है?
- CO₂
- CO
- O₃
- O₂
Explanation:
- ऑक्सीजन (O₂) सभी वायवीय (aerobic) जीवों के लिए श्वसन हेतु आवश्यक है।
- CO₂ (कार्बन डाइऑक्साइड) प्रकाश संश्लेषण के लिए आवश्यक है, पर श्वसन के लिए नहीं।
- CO (कार्बन मोनोऑक्साइड) विषैला है, O₃ (ओजोन) श्वसन के लिए नहीं (विषैला है)।
Quick Facts:
- वायु में O₂ ≈ 21%, N₂ ≈ 78% (आयतन से)
- O₂ का उपयोग कोशिकीय श्वसन (cellular respiration) में होता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा गुण विरंजन चूर्ण (ब्लीचिंग पाउडर) द्वारा नहीं दर्शाया जाता है?
- अपचायक
- जल शोधन में
- कपास के रेशों के विरंजन के लिए
- ऑक्सीकारक
Explanation:
- ब्लीचिंग पाउडर (CaOCl₂) एक ऑक्सीकारक (oxidizing agent) है, अपचायक (reducing agent) नहीं।
- इसका उपयोग जल शोधन (water disinfection), विरंजन (bleaching) में होता है।
Quick Facts:
- ब्लीचिंग पाउडर: CaOCl₂, यह क्लोरीन मुक्त करके विरंजन करता है (ऑक्सीकरण द्वारा)।
- अपचायक (reducing agent) वह है जो दूसरों को अपचयित करता है (स्वयं ऑक्सीकृत होता है), पर ब्लीचिंग पाउडर ऐसा नहीं है।
मानव में यौन प्रजनन में महिला की योनि में शुक्राणु की शुरूआत शामिल है। निषेचन कहां होता है?
- गर्भाशय में
- योनि में
- फैलोपियन ट्यूब में
- अंडाशय में
Explanation:
- निषेचन (fertilization) मादा में फैलोपियन ट्यूब (डिंबवाहिनी) के ऐम्पुला (ampulla) भाग में होता है, जहाँ शुक्राणु और अंडाणु मिलते हैं।
- गर्भाशय (uterus) में भ्रूण का प्रत्यारोपण (implantation) होता है।
Quick Facts:
- फैलोपियन ट्यूब को ‘अंडवाहिनी’ (oviduct) भी कहते हैं।
- निषेचन के बाद युग्मनज (zygote) बनता है, जो गर्भाशय में पहुँचकर प्रत्यारोपित होता है।
मेंडेलीव ने अपनी आवर्त सारणी में तत्वों को व्यवस्थित करने के लिए किस मौलिक गुण का उपयोग किया था?
- ठोस प्रकृति
- परमाणु द्रव्यमान
- द्रव प्रकृति
- गैस प्रकृति
Explanation:
- मेंडेलीव ने तत्वों को बढ़ते परमाणु द्रव्यमान (atomic mass) के क्रम में व्यवस्थित किया (जो उनकी आवर्त सारणी का आधार था)।
- आधुनिक आवर्त सारणी परमाणु क्रमांक (atomic number) पर आधारित है (मोस्ले, 1913)।
Quick Facts:
- मेंडेलीव ने परमाणु द्रव्यमान और गुणों की आवर्तता (periodicity) का उपयोग किया।
- उन्होंने 63 तत्वों को व्यवस्थित किया और 3 तत्वों की भविष्यवाणी की (eka-Al, eka-Si, eka-B)।
असंतृप्त कार्बन यौगिक से कौन सा सूत्र संबंधित है?
- C₃H₈
- C₂H₆
- C₄H₁₀
- C₂H₄
Explanation:
- असंतृप्त (unsaturated) यौगिकों में द्विबंध (C=C) या त्रिबंध (C≡C) होता है।
- C₂H₄ (एथीन) में द्विबंध है, इसलिए असंतृप्त है।
- अन्य: C₃H₈ (प्रोपेन), C₂H₆ (एथेन), C₄H₁₀ (ब्यूटेन) – ये सभी संतृप्त (ऐल्केन) हैं (CₙH₂ₙ₊₂)।
Quick Facts:
- ऐल्केन (संतृप्त): CₙH₂ₙ₊₂, ऐल्कीन (असंतृप्त): CₙH₂ₙ, ऐल्काइन (असंतृप्त): CₙH₂ₙ₋₂
- C₂H₄ एक ऐल्कीन है (एथीन/इथिलीन)।
वे हाइड्रोकार्बन जिनमें दो कार्बन परमाणुओं के बीच द्विबंध होता है, कहलाते हैं:
- अकार्बनिक यौगिक
- संतृप्त यौगिक
- असंतृप्त यौगिक
- संतृप्त हाइड्रोकार्बन
Explanation:
- द्विबंध (C=C) या त्रिबंध (C≡C) वाले हाइड्रोकार्बन असंतृप्त (unsaturated) होते हैं (जैसे ऐल्कीन, ऐल्काइन)।
- संतृप्त (saturated) में केवल एकल बंध (C–C) होते हैं (ऐल्केन)।
Quick Facts:
- ऐल्कीन: CₙH₂ₙ (एथीन C₂H₄, प्रोपीन C₃H₆)
- ऐल्काइन: CₙH₂ₙ₋₂ (एथाइन C₂H₂, प्रोपाइन C₃H₄)
गुर्दे मनुष्यों में उत्सर्जन और परासरण नियमन का अंग है। गुर्दे किन दो पदार्थों का नियमन करते हैं?
- CO₂ और प्रोटीन
- शर्करा और लवण
- जल और लवण
- जल और O₂
Explanation:
- गुर्दे (kidneys) जल (water) और लवण (salts, विशेषतः NaCl, KCl, Ca²⁺ आदि) के संतुलन का नियमन (osmoregulation) करते हैं।
- इसके अलावा, वे नाइट्रोजनी अपशिष्ट (यूरिया, यूरिक अम्ल) और pH को भी नियंत्रित करते हैं।
Quick Facts:
- वृक्क की कार्यात्मक इकाई = नेफ्रॉन (अल्ट्राफिल्ट्रेशन, पुनःअवशोषण, स्राव)
- ADH (antidiuretic hormone) गुर्दे द्वारा जल पुनःअवशोषण को नियंत्रित करता है।
निम्नलिखित में से कौन भ्रूण बनने के लिए अंगों का विकास और वृद्धि करता रहता है?
- भ्रूण
- युग्मनज
- अपरा
- अंडा
Explanation:
- भ्रूण (foetus/embryo) का विकास और वृद्धि होती रहती है जब तक कि यह पूर्ण रूप से विकसित न हो जाए (गर्भावस्था के दौरान अंगों का विभेदन और वृद्धि)।
- युग्मनज (zygote) कोशिका विभाजन की प्रारंभिक अवस्था है, अंडा (ovum) अगुणित, अपरा (placenta) पोषण और गैस विनिमय के लिए।
Quick Facts:
- भ्रूण (embryo) प्रारंभिक चरण (8 सप्ताह तक), फिर उसे ‘गर्भस्थ शिशु’ (foetus) कहते हैं।
- विकास: युग्मनज → ब्लास्टोसिस्ट → भ्रूण → फीटस
निम्नलिखित में से कौन सा सोडियम कार्बोनेट का हाइड्रेट है, जिसमें क्रिस्टलीकरण के पानी के दस अणु होते हैं?
- मीठा सोडा
- ब्लीचिंग पाउडर
- बेकिंग पाउडर
- धावन सोडा
Explanation:
- धावन सोडा (Washing soda) = Na₂CO₃·10H₂O (सोडियम कार्बोनेट डेकाहाइड्रेट) – इसमें क्रिस्टलीकरण के 10 जल अणु होते हैं।
- बेकिंग सोडा (NaHCO₃) – सोडियम बाइकार्बोनेट, ब्लीचिंग पाउडर (CaOCl₂), मीठा सोडा (Na₂CO₃·? – सोडियम कार्बोनेट)।
Quick Facts:
- धावन सोडा: Na₂CO₃·10H₂O, 10 जल अणुओं के साथ क्रिस्टलीकृत होता है।
- इसका उपयोग कपड़े धोने, कांच उद्योग, जल मृदुकरण में होता है।
नीचे दिया गया चित्र मानव मादा प्रजनन प्रणाली का अनुभागीय दृश्य दिखाता है। लेबल वाले भागों A और B के सही कार्यों को बताने वाले विकल्प को पहचानें।
- A – भ्रूण का प्रत्यारोपण और विकास, B – अंडे का निषेचन
- A – अंडे का निषेचन, B – भ्रूण का प्रत्यारोपण और विकास
- A – अंडे का निर्माण, B – अंडे का निषेचन
- A – अंडे का निषेचन, B – अंडे का निर्माण
Explanation:
- चित्र में A = फैलोपियन ट्यूब (डिंबवाहिनी) – यहाँ अंडे का निषेचन (fertilization) होता है।
- B = गर्भाशय (uterus) – यहाँ भ्रूण का प्रत्यारोपण (implantation) और विकास होता है।
Quick Facts:
- फैलोपियन ट्यूब: अंडा (ओवम) और शुक्राणु (स्पर्म) मिलते हैं।
- गर्भाशय: भ्रूण (embryo) प्रत्यारोपित होता है और प्लेसेंटा बनता है।
निम्नलिखित में से कौन सा कथन पौधों में वाष्पोत्सर्जन का सही वर्णन करता है?
- मूलों का दाब, ऐसी प्रक्रिया है जो दिन के दौरान जाइलम में जल की मुख्य प्रेरक बल है।
- वह प्रक्रिया वाष्पोत्सर्जन कहलाती है, जिसमें रंध्रों द्वारा जलवाष्प के रूप में जल की हानि होती है।
- रंध्रों से जल हानि की प्रक्रिया में ATP के रूप में ऊर्जा की आवश्यकता होती है।
- वह प्रक्रिया स्थानांतरण कहलाती है, जिसके द्वारा मूलों की जाइलम कोशिकाओं से पत्तियों में जल खींचा जाता है।
Explanation:
- वाष्पोत्सर्जन (Transpiration) = रंध्रों (stomata) के माध्यम से पौधे द्वारा जलवाष्प के रूप में जल की हानि।
- यह मुख्यतः दिन में होता है (रंध्र खुले होते हैं) और यह एक निष्क्रिय (passive) प्रक्रिया है (ATP की आवश्यकता नहीं)।
- मूल दाब (root pressure) रात में महत्वपूर्ण है, दिन में वाष्पोत्सर्जन खिंचाव मुख्य है।
Quick Facts:
- वाष्पोत्सर्जन जाइलम में जल के ऊपर उठने का प्रमुख कारण है (कोहेशन-टेंशन सिद्धांत)।
- रंध्रों का खुलना बंद होना रंध्र कोशिकाओं (guard cells) द्वारा नियंत्रित होता है।
निम्नलिखित अभिक्रिया में अपचयन होने वाले पदार्थ की पहचान कीजिए। ZnO + C → Zn + CO
- O
- Zn
- C
- ZnO
Explanation:
- ZnO में Zn (+2) → Zn (0) हो जाता है (ऑक्सीकरण अवस्था घटती है), अतः ZnO अपचयित (reduced) होता है।
- C (0) → CO में C (+2) होता है (ऑक्सीकरण), इसलिए C ऑक्सीकृत होता है (अपचायक है)।
Quick Facts:
- अपचयन: ऑक्सीकरण अवस्था में कमी (इलेक्ट्रॉन ग्रहण)
- ऑक्सीकरण: ऑक्सीकरण अवस्था में वृद्धि (इलेक्ट्रॉन त्याग)
यदि कोई प्रतिक्रियाशील प्रतिक्रिया में ऑक्सीजन प्राप्त करता है, तो कहा जाता है कि वह इससे गुजर रहा है:
- विघोजन
- कटौती
- ऑक्सीकरण
- रेडॉक्स प्रक्रिया
Explanation:
- ऑक्सीजन प्राप्त करना = ऑक्सीकरण (oxidation) की पारंपरिक परिभाषा है।
- अपचयन (reduction) = ऑक्सीजन खोना या हाइड्रोजन प्राप्त करना।
Quick Facts:
- आधुनिक परिभाषा: ऑक्सीकरण = इलेक्ट्रॉन खोना, अपचयन = इलेक्ट्रॉन प्राप्त करना
- उदाहरण: 2Mg + O₂ → 2MgO (Mg ऑक्सीकृत, O₂ अपचयित)
जब लेड (II) नाइट्रेट और पोटेशियम आयोडाइड को एक साथ मिलाया जाता है तो निम्नलिखित में से कौन से रंग का अवक्षेप बनता है?
- बैगनी
- हरा
- पीला
- काला
Explanation:
- Pb(NO₃)₂ + 2KI → PbI₂↓ + 2KNO₃
- PbI₂ (लेड आयोडाइड) पीला (yellow) अवक्षेप है, जो सुनहरा-पीला (golden yellow) भी हो सकता है।
Quick Facts:
- यह एक द्विविस्थापन अभिक्रिया है, जिससे अविलेय PbI₂ बनता है।
- PbI₂ को ‘लेड आयोडाइड’ कहते हैं, यह कमरे के ताप पर पीला, गर्म करने पर नारंगी होता है।
निम्नलिखित में से कौन सा उत्सर्जन उत्पाद पौधों के पुराने जाइलम में संग्रहित होता है?
- कार्बन डाइऑक्साइड
- रेजिन
- साइट्रिक एसिड
- मॉर्फिन
Explanation:
- पौधों के पुराने जाइलम (अंत:काड़, heartwood) में रेजिन (resin), गोंद (gum), टैनिन (tannin), अल्कलॉइड (alkaloids) जैसे अपशिष्ट संचित होते हैं।
- रेजिन एक स्रावी उत्पाद है, जो अपशिष्ट के रूप में जमा होता है।
- CO₂, साइट्रिक एसिड, मॉर्फिन उत्सर्जन उत्पाद नहीं (मॉर्फिन अल्कलॉइड है, पर रेजिन अधिक सामान्य)।
Quick Facts:
- रेजिन का उपयोग वार्निश, इंक आदि में होता है।
- गोंद (gum), रेजिन, टैनिन पौधों के उपापचयी अपशिष्ट हैं।
दी गई विस्थापन अभिक्रिया में क्रमशः p और q के स्थान पर क्या आएगा? Ag – p + NaCl → Ag – q + NaNO₃
- NO₃ और Cl
- Cl और Cl
- Cl और NO₃
- NO₃ और NO₃
Explanation:
- अभिक्रिया: AgNO₃ + NaCl → AgCl + NaNO₃
- यहाँ Ag, NO₃ (p) और Cl (q) से जुड़ता है, अतः AgNO₃ + NaCl → AgCl + NaNO₃
- अतः p = NO₃, q = Cl
Quick Facts:
- यह एक द्विविस्थापन अभिक्रिया है (AgNO₃ + NaCl → AgCl↓ + NaNO₃)
- AgCl एक सफेद अवक्षेप (white precipitate) है।
जो अल्प अधिक H⁺ आयन देते हैं उन्हें ____ कहा जाता है, जबकि जो कम H⁺ आयन देते हैं उन्हें ____ कहा जाती है।
- दुर्बल अम्ल, प्रबल अम्ल
- प्रबल अम्ल, दुर्बल अम्ल
- प्रबल अम्ल, दुर्बल क्षारक
- प्रबल अम्ल, प्रबल क्षारक
Explanation:
- प्रबल अम्ल (strong acid) जल में पूर्णतः आयनित (ionise) होते हैं, इसलिए अधिक H⁺ आयन देते हैं (जैसे HCl, H₂SO₄, HNO₃)।
- दुर्बल अम्ल (weak acid) आंशिक रूप से आयनित होते हैं, कम H⁺ आयन देते हैं (जैसे CH₃COOH, H₂CO₃)।
Quick Facts:
- pH = -log[H⁺], प्रबल अम्ल का pH कम (≈ 1-2), दुर्बल अम्ल का pH अधिक (≈ 3-5) होता है।
- उदाहरण: HCl (प्रबल अम्ल), CH₃COOH (दुर्बल अम्ल)
जब किसी पादप कोशिका को उस माध्यम में रखा जाता है जिसमें कोशिका की तुलना में पानी की मात्रा अधिक होती है, तो क्या होगा?
- यह फूल सकती है
- इसमें कोई परिवर्तन नहीं दिखाई देगा
- यह सिकुड़ सकती है
- यह फट जाएगी
Explanation:
- जब पादप कोशिका को परासरणी (hypotonic) विलयन (बाहर जल की मात्रा अधिक) में रखा जाता है, तो जल कोशिका के अंदर प्रवेश करता है (endosmosis), जिससे कोशिका फूल जाती है (turgid) और कोशिका भित्ति के कारण फटती नहीं है।
- यह ‘फूल सकती है’ (स्फीत हो जाती है) सही है; जंतु कोशिका फट सकती है (lysis) क्योंकि उसमें कोशिका भित्ति नहीं होती।
Quick Facts:
- परासरण (Osmosis): जल का अर्धपारगम्य झिल्ली के आर-पार निम्न परासरण दाब से उच्च परासरण दाब की ओर प्रवाह।
- पादप कोशिका स्फीति (turgidity) कोशिका भित्ति के कारण होती है, जो अतिरिक्त दाब सहन कर लेती है।
सही विकल्प चुनते हुए अल्कोहल की समजातीय श्रृंखला को पूरा करें। CH₃OH, C₂H₅OH, ____, C₄H₉OH
- C₅H₇OH
- C₅H₁₂OH
- C₅H₁₀OH
- C₃H₇OH
Explanation:
- ऐल्कोहॉल (अल्कोहल) की समजातीय श्रृंखला का सामान्य सूत्र CₙH₂ₙ₊₁OH है।
- CH₃OH (n=1), C₂H₅OH (n=2), C₃H₇OH (n=3), C₄H₉OH (n=4) – प्रत्येक सदस्य में –CH₂– (14 u) का अंतर होता है।
Quick Facts:
- मेथनॉल (CH₃OH), एथनॉल (C₂H₅OH), प्रोपनॉल (C₃H₇OH), ब्यूटनॉल (C₄H₉OH) क्रमशः सदस्य हैं।
- प्रोपनॉल के दो समावयवी: प्रोपेन-1-ऑल और प्रोपेन-2-ऑल (आइसोप्रोपिल अल्कोहल)।
जब कोई पदार्थ O₂ के साथ जुड़ता है, तो उसे मिलता है:
- ऑक्सीकृत
- कम किया हुआ
- चमक वापस
- हवा में घुल गया
Explanation:
- ऑक्सीजन के साथ संयोग (addition) होने पर पदार्थ ऑक्सीकृत (oxidised) होता है।
- यह ऑक्सीकरण (oxidation) की पारंपरिक परिभाषा है: O₂ का योग या H₂ का ह्रास।
Quick Facts:
- उदाहरण: 2Mg + O₂ → 2MgO (मैग्नीशियम ऑक्सीकृत होता है)।
- अपचयन (reduction): O₂ का ह्रास या H₂ का योग।
आधुनिक आवर्त सारणी में निम्नलिखित विशेषताओं का मिलान कीजिए: i. न्यूनतम परमाणु आकार – a. सीजियम; ii. उपधातु – b. फ्लोरीन; iii. सर्वाधिक धात्विक प्राकृतिक तत्व – c. सिलिकॉन; iv. सर्वाधिक विद्युत ऋणात्मक – d. आयोडीन; v. न्यूनतम विद्युत ऋणात्मक – e. लिथियम
- i – a, ii – d, iii – b, iv – e, v – c
- i – e, ii – c, iii – a, iv – b, v – d
- i – a, ii – b, iii – c, iv – d, v – e
- i – e, ii – c, iii – a, iv – d, v – b
Explanation:
- i. न्यूनतम परमाणु आकार → e. लिथियम (दूसरे आवर्त में सबसे छोटा, पर फ्लोरियम वास्तव में दूसरे आवर्त में सबसे छोटा है, पर विकल्पों के अनुसार e लिथियम दिया गया है – यह त्रुटिपूर्ण हो सकता है, परंतु दिए गए विकल्पों में i-e सही है)
- ii. उपधातु → c. सिलिकॉन (Si एक उपधातु है, metalloid)
- iii. सर्वाधिक धात्विक → a. सीजियम (Cs, सबसे अधिक धात्विक तत्व)
- iv. सर्वाधिक विद्युत ऋणात्मक → b. फ्लोरीन (F, सबसे अधिक विद्युत ऋणात्मक)
- v. न्यूनतम विद्युत ऋणात्मक → d. आयोडीन (हैलोजनों में सबसे कम, पर Cs/Fr सबसे कम होते हैं, पर विकल्पों के अनुसार d)
Quick Facts:
- उपधातु (Metalloids): B, Si, Ge, As, Sb, Te (कुछ परिभाषाओं में Po, At)
- विद्युत ऋणात्मकता: F > O > Cl > N > Br > I > S > C > H
जब कविता ने तांबा सल्फेट का जलीय घोल निकाला और एल्युमीनियम के कुछ कण जोड़े तो समाधान का रंग बदल गया। इसका कारण है:
- CuO
- Al(OH)₃
- Al₂O₃
- Al₂(SO₄)₃
Explanation:
- अभिक्रिया: 2Al + 3CuSO₄ → Al₂(SO₄)₃ + 3Cu
- CuSO₄ का नीला रंग Cu²⁺ आयनों के कारण होता है, जो Cu (लाल-भूरा) में बदल जाते हैं, और विलयन में Al₂(SO₄)₃ (रंगहीन) बनता है, इसलिए रंग फीका पड़ जाता है/बदल जाता है।
Quick Facts:
- यह एक विस्थापन अभिक्रिया है: Al (अधिक क्रियाशील) Cu को विस्थापित करता है।
- CuSO₄ (नीला) → Al₂(SO₄)₃ (रंगहीन) + Cu (लाल-भूरा अवक्षेप)
श्वसन के दौरान बनने वाले तीन-कार्बन अणु निम्नलिखित में से कौन से हैं?
- पाइरूवेट और इथेनॉल
- लैक्टिक अम्ल और पाइरूवेट
- इथेनॉल और लैक्टिक अम्ल
- इथेनॉल और मैलिक अम्ल
Explanation:
- ग्लाइकोलिसिस (glycolysis) में ग्लूकोज (C₆) → 2 पाइरूवेट (C₃) में टूटता है।
- अवायवीय श्वसन में पाइरूवेट → लैक्टिक अम्ल (C₃) या इथेनॉल (C₂) + CO₂ (C₁) में बदलता है।
- इस प्रकार तीन-कार्बन अणु: पाइरूवेट और लैक्टिक अम्ल (इथेनॉल दो-कार्बन है)।
Quick Facts:
- पाइरूवेट: C₃H₃O₃⁻, लैक्टिक अम्ल: C₃H₆O₃
- इथेनॉल: C₂H₅OH (दो-कार्बन), मैलिक अम्ल: C₄H₆O₅ (चार-कार्बन)।
निश्चित अनुपात का नियम ______ द्वारा दिया गया था।
- डेमोक्रिटस
- लावोइसिएर
- प्राउस्ट
- जॉन डाल्टन
Explanation:
- निश्चित अनुपात का नियम (Law of Definite Proportions) जोसेफ प्राउस्ट (Joseph Proust) द्वारा दिया गया था (1799)।
- इसके अनुसार, किसी यौगिक में तत्व हमेशा एक निश्चित द्रव्यमान अनुपात में होते हैं (जैसे H₂O में H:O = 1:8 द्रव्यमान से)।
Quick Facts:
- डाल्टन: परमाणु सिद्धांत, लावोइसिएर: द्रव्यमान संरक्षण नियम, डेमोक्रिटस: परमाणु का प्रारंभिक विचार।
- प्राउस्ट का नियम ‘स्थिर अनुपात का नियम’ भी कहलाता है।
कार्बन मोनोऑक्साइड वायु प्रदूषक क्यों है?
- क्योंकि यह कार्बन डाइऑक्साइड में परिवर्तित हो गया है
- क्योंकि यह वाहन निर्वात में मौजूद है
- क्योंकि यह लाल रक्त कोशिकाओं को मार सकता है
- क्योंकि यह रक्त की ऑक्सीजन ले जाने की क्षमता को कम करता है
Explanation:
- CO हीमोग्लोबिन (Hb) से O₂ की तुलना में लगभग 250 गुना अधिक बंधता है, जिससे कार्बोक्सीहीमोग्लोबिन (HbCO) बनता है, जिससे रक्त की O₂ वहन क्षमता घट जाती है, और ऊतकों तक O₂ नहीं पहुँच पाती है।
- यह एक गंभीर वायु प्रदूषक है, विशेषकर अपूर्ण दहन से उत्पन्न होता है।
Quick Facts:
- CO एक रंगहीन, गंधहीन, विषैली गैस है।
- इसे ‘साइलेंट किलर’ (silent killer) भी कहा जाता है।
निम्नलिखित में से कौन सा महिला प्रजनन प्रणाली का भाग नहीं है?
- बच्चेदानी
- मूत्रमार्ग
- अंडाशय
- फैलोपियन ट्यूब्स
Explanation:
- मूत्रमार्ग (urethra) मूत्र प्रणाली (urinary system) का भाग है, प्रजनन प्रणाली का नहीं।
- महिला प्रजनन प्रणाली: अंडाशय (ovaries), फैलोपियन ट्यूब (oviducts), गर्भाशय (uterus), योनि (vagina) आदि।
Quick Facts:
- मूत्रमार्ग मूत्राशय (urinary bladder) से मूत्र को बाहर निकालता है।
- पुरुषों में मूत्रमार्ग प्रजनन नली (seminal duct) भी होती है, पर महिलाओं में नहीं।
चयनात्मक पारगम्य झिल्ली वे हैं, जो ______ प्रवेश की अनुमति नहीं देते हैं।
- केवल विलायक के अणुओं को लेकिन विलेय के अणुओं को
- केवल विलेय अणुओं को लेकिन विलायक अणुओं को
- न तो विलायक अणुओं न ही विलेय अणुओं को
- विलायक और विलेय अणुओं दोनों
Explanation:
- चयनात्मक पारगम्य झिल्ली (selectively permeable membrane) छोटे अणुओं (विलायक, जैसे जल) को तो प्रवेश देती है, पर बड़े विलेय अणुओं (जैसे शर्करा, प्रोटीन) को नहीं।
- यह ‘अर्धपारगम्य’ (semipermeable) भी कहलाती है; परासरण इसी पर आधारित है।
Quick Facts:
- उदाहरण: कोशिका झिल्ली, आंत्र (dialysis) झिल्ली।
- विलायक (solvent): विलेय (solute) को घोलने वाला माध्यम (जैसे जल)।
प्लास्टर ऑफ पेरिस को सीलबंद कंटेनरों में संग्रहित किया जाना चाहिए। निम्नलिखित में से कौन सा दिए गए दावे के लिए सही स्पष्टीकरण है?
- यह वायु में उपस्थित नमी से अभिक्रिया करके कठोर ठोस में परिवर्तित हो जाता है।
- यह सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में विघटित हो जाता है।
- यह ऑक्सीजन की उपस्थिति में विघटित हो जाता है।
- यह हवा में मौजूद ऑक्सीजन से प्रतिक्रिया करके कठोर ठोस में बदल जाता है।
Explanation:
- प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP, CaSO₄·½H₂O) वायु की नमी (जल) के साथ अभिक्रिया करके जिप्सम (CaSO₄·2H₂O) में बदल जाता है, जो कठोर ठोस होता है।
- इसलिए इसे सीलबंद (moisture-proof) कंटेनरों में रखना चाहिए ताकि नमी अवशोषित न हो और समय से पहले कठोर न हो जाए।
Quick Facts:
- CaSO₄·½H₂O + 1½ H₂O → CaSO₄·2H₂O (जिप्सम, कठोर)
- POP का उपयोग फ्रैक्चर (हड्डी) के स्थिरीकरण, मूर्तियों, निर्माण में होता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा रसायन वायुमंडल में ओजोन परत को नष्ट करने के लिए जाना जाता है?
- NO₂
- SO₂
- CO
- CFCs
Explanation:
- CFCs (क्लोरोफ्लोरोकार्बन) ओजोन परत को नष्ट करने के लिए प्रमुख रूप से जिम्मेदार हैं, क्योंकि ये UV विकिरण से Cl मुक्त करते हैं, जो O₃ (ओजोन) को O₂ में बदल देता है।
- NO₂, SO₂, CO भी प्रदूषक हैं, पर ओजोन क्षति में CFCs प्रमुख हैं (मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल द्वारा प्रतिबंधित)।
Quick Facts:
- CFC का उपयोग रेफ्रिजरेंट्स, एयरोसोल प्रणोदक, फोम विस्तारक में होता था।
- ओजोन क्षति का मुख्य कारण Cl मुक्त होना है: Cl + O₃ → ClO + O₂, ClO + O → Cl + O₂ (उत्प्रेरक चक्र)
नीचे दिए गए कथनों पर विचार कीजिए और सही उत्तर की पहचान करिए। कथन I: रासायनिक गुणों में, मेंडेलीव ने कार्बन और हाइड्रोजन वाले तत्वों द्वारा गठित यौगिकों पर ध्यान केंद्रित किया। कथन II: उन्होंने इन तत्वों का चयन किया क्योंकि वे कम अभिक्रियाशील होते हैं और कुछ तत्वों के साथ यौगिक बनाते हैं।
- कथन I सही है, कथन II गलत है।
- दोनों कथन गलत हैं।
- दोनों कथन सही हैं।
- कथन II सही है, कथन I गलत है।
Explanation:
- कथन I: मेंडेलीव ने तत्वों की तुलना के लिए उनके ऑक्साइड (O के साथ) और हाइड्राइड (H के साथ) के सूत्रों का उपयोग किया (कार्बन/हाइड्रोजन से यौगिक नहीं, बल्कि ऑक्साइड/हाइड्राइड)। अतः यह कथन संशोधित रूप में सही माना जाता है (C और H वाले यौगिकों पर नहीं, ऑक्साइड/हाइड्राइड पर)।
- कथन II: मेंडेलीव ने O₂ और H₂ का चयन किया क्योंकि वे अधिक अभिक्रियाशील (reactive) थे, कम नहीं। अतः यह गलत है।
Quick Facts:
- मेंडेलीव ने तत्वों के ऑक्साइड (RO, R₂O₃, RO₂ आदि) और हाइड्राइड (RH, RH₂, RH₃, RH₄) के सूत्रों का उपयोग किया।
- उन्होंने H और O को आधार माना क्योंकि वे अधिकांश तत्वों के साथ यौगिक बनाते हैं।
अल्कोहल सोडियम के साथ प्रतिक्रिया करके निम्नलिखित में से किस गैस का निर्माण करता है?
- कार्बन डाइऑक्साइड
- गैस का कोई विकास नहीं
- ऑक्सीजन
- हाइड्रोजन
Explanation:
- अल्कोहल (R-OH) सोडियम धातु (Na) के साथ अभिक्रिया करके सोडियम एल्कॉक्साइड (R-ONa) और हाइड्रोजन गैस (H₂) बनाता है।
- 2R-OH + 2Na → 2R-ONa + H₂↑
Quick Facts:
- उदाहरण: 2C₂H₅OH + 2Na → 2C₂H₅ONa + H₂ (सोडियम एथॉक्साइड + हाइड्रोजन)
- यह अभिक्रिया अल्कोहल में OH समूह (हाइड्रोक्सिल) की उपस्थिति का परीक्षण करती है।
निम्नलिखित में से किस प्रकार के उपकला ऊतक फेफड़ों के कूपिका की परत बनाते हैं?
- स्तंभकार
- पक्ष्माभी स्तंभकार
- शल्की
- घनाकार
Explanation:
- फेफड़ों की कूपिका (alveoli) की परत शल्की उपकला (squamous epithelium) द्वारा बनी होती है, जो पतली (एककोशिकीय) होती है, जिससे गैसों (O₂/CO₂) का विसरण आसानी से हो सकता है।
- यह ‘साधारण शल्की उपकला’ (simple squamous epithelium) कहलाती है।
Quick Facts:
- शल्की (squamous): चपटी कोशिकाएँ, पतली, विसरण के लिए अनुकूल।
- स्तंभकार (columnar): लंबी कोशिकाएँ (आंत, गर्भाशय), घनाकार (cuboidal): घन जैसी (ग्रंथियाँ, वृक्क नलिका), पक्ष्माभी (ciliated): श्वास नली में।
रंगहीन लवक क्या कहलाते हैं?
- क्लोरोप्लास्ट
- ल्यूकोप्लास्ट
- क्रोमोप्लास्ट
- एपिकोप्लास्ट
Explanation:
- ल्यूकोप्लास्ट (Leucoplast) रंगहीन (colourless) प्लास्टिड होते हैं, जो भोजन (शर्करा, तेल, प्रोटीन) संग्रहित करते हैं।
- क्लोरोप्लास्ट (हरा, प्रकाश संश्लेषण), क्रोमोप्लास्ट (रंगीन, वर्णक), ल्यूकोप्लास्ट (रंगहीन, भंडारण) प्लास्टिड के प्रकार हैं।
Quick Facts:
- ल्यूकोप्लास्ट पौधों की जड़ों, बीजों, और भंडारण अंगों (जैसे आलू) में पाए जाते हैं।
- ये एमाइलोप्लास्ट (स्टार्च), एलायोप्लास्ट (वसा), प्रोटीनोप्लास्ट (प्रोटीन) में विभाजित हो सकते हैं।
निम्नलिखित आरेखों में से कौन सा मानव उत्सर्जन प्रणाली में मूत्रवाहिनी (नीली रेखाओं के रूप में दिखाया गया है) और मूत्राशय की स्थिति को दर्शाता है?
- चित्र 4
- चित्र 3
- चित्र 2
- चित्र 1
Explanation:
- मानव उत्सर्जन प्रणाली में: वृक्क (kidney) → मूत्रवाहिनी (ureter) → मूत्राशय (urinary bladder) → मूत्रमार्ग (urethra) का क्रम होता है।
- मूत्रवाहिनी (नीली रेखाएँ) वृक्क से मूत्राशय तक जाती हैं, और मूत्राशय नीचे (पेल्विक क्षेत्र) में स्थित होता है।
- चित्र 1 इस व्यवस्था को सही दर्शाता है (मूत्रवाहिनी नीचे आकर मूत्राशय में मिलती है)।
Quick Facts:
- मूत्रवाहिनी (ureter): लगभग 25-30 cm लंबी, मूत्र को वृक्क से मूत्राशय तक ले जाती है (क्रमाकुंचन द्वारा)।
- मूत्राशय (bladder): मूत्र का अस्थायी भंडारण, औसतन 400-600 ml क्षमता।
एक मछली के निम्नलिखित चित्र में गलफड़े कहाँ स्थित हैं?
- स्थिति 1
- स्थिति 2
- स्थिति 3
- स्थिति 4
Explanation:
- मछली के गलफड़े (gills) सिर के पीछे, पार्श्व (lateral) स्थान पर स्थित होते हैं (स्थिति 1)।
- गलफड़े जल से O₂ का अवशोषण और CO₂ का उत्सर्जन करते हैं, और ऑपरकुलम (opercular flap) द्वारा सुरक्षित होते हैं।
Quick Facts:
- गलफड़ों में गिल फिलामेंट्स (शाखापुट) और लैमेला (lamellae) होते हैं, जो सतह क्षेत्र बढ़ाते हैं।
- मछली जल को मुँह से अंदर लेती है और गलफड़ों से बाहर निकालती है (प्रतिधारा प्रवाह, countercurrent flow)।
ATP का पूरा नाम है।
- एडेनोसिन टेट्राफॉस्फेट
- एडेनोसिन ट्राइफॉस्फेट
- एडेनिन टेट्राफॉस्फेट
- एडेनिन ट्राइफॉस्फेट
Explanation:
- ATP = Adenosine Triphosphate (एडेनोसिन ट्राइफॉस्फेट) – यह कोशिका की ऊर्जा मुद्रा (energy currency) है।
- इसमें एडेनोसिन (एडेनिन + राइबोज) और तीन फॉस्फेट समूह (triphosphate) होते हैं।
Quick Facts:
- ATP → ADP + Pi + ऊर्जा (हाइड्रोलिसिस द्वारा)
- ADP = Adenosine Diphosphate, AMP = Adenosine Monophosphate
निम्नलिखित कथनों में से कौन सही है?
- प्लास्टिक और कागज बायोडिग्रेडेबल हैं।
- कागज बायोडिग्रेडेबल है।
- प्लास्टिक को रिसाइकिल नहीं किया जा सकता।
- कागज को रिसाइकल नहीं किया जा सकता।
Explanation:
- कागज (paper) बायोडिग्रेडेबल (biodegradable) है, क्योंकि यह सूक्ष्मजीवों द्वारा विघटित हो सकता है।
- प्लास्टिक (अधिकांश) गैर-बायोडिग्रेडेबल (non-biodegradable) है, पर इसे रिसाइकिल (recycle) किया जा सकता है (कुछ प्रकार, जैसे PET, HDPE)।
Quick Facts:
- बायोडिग्रेडेबल: प्राकृतिक रूप से विघटित होने वाले (जैविक अपशिष्ट, कागज, लकड़ी)।
- गैर-बायोडिग्रेडेबल: विघटित नहीं होते (प्लास्टिक, धातु, काँच, CFCs)।
द्विविस्थापन अभिक्रिया पूर्ण करें। 2NaOH + CuSO₄ → X + Na₂SO₄, यहाँ X होगा।
- CuCl₂
- Cu(OH)₂
- Ca(OH)₂
- CaCl₂
Explanation:
- 2NaOH + CuSO₄ → Cu(OH)₂↓ + Na₂SO₄
- Cu(OH)₂ (कॉपर हाइड्रॉक्साइड) एक नीला अवक्षेप (precipitate) है, जो जल में अविलेय है।
Quick Facts:
- यह एक द्विविस्थापन अभिक्रिया है, जिसमें Cu²⁺ और Na⁺ आयनों का आदान-प्रदान होता है।
- Cu(OH)₂ गर्म करने पर CuO (काला) और H₂O में विघटित हो जाता है।
निम्न में से कौन-सा विकल्प धमनियों की विशेषताओं का सही वर्णन करता है?
- मोटी भित्तियां, रक्त निम्न दाब में बहता है, शरीर के विभिन्न भागों से रक्त एकत्र करता है
- मोटी भित्तियां, वाल्व नहीं होता है, रक्त उच्च दाब में बहता है, रक्त को शरीर के विभिन्न भागों में ले जाता है
- वाल्व वाली पतली भित्तियां, रक्त निम्न दाब में बहता है, शरीर के विभिन्न भागों से रक्त एकत्र करता है
- वाल्व वाली पतली भित्तियां, रक्त उच्च दाब में बहता है, रक्त को शरीर के विभिन्न भागों में ले जाता है
Explanation:
- धमनियाँ (arteries): हृदय से रक्त को शरीर के विभिन्न भागों में ले जाती हैं, इनकी दीवारें मोटी और लोचदार होती हैं, रक्त उच्च दाब में बहता है, और इनमें वाल्व (valves) नहीं होते हैं (महाधमनी के अलावा)।
- शिराएँ (veins): पतली दीवारें, वाल्व होते हैं, निम्न दाब, रक्त को अंगों से हृदय तक ले जाती हैं।
Quick Facts:
- धमनियाँ: O₂ युक्त रक्त ले जाती हैं (फुफ्फुसीय धमनी को छोड़कर, जो O₂ रहित रक्त ले जाती है)।
- शिराएँ: O₂ रहित रक्त ले जाती हैं (फुफ्फुसीय शिरा को छोड़कर, जो O₂ युक्त रक्त ले जाती है)।
मस्से किसके कारण होते हैं?
- शैवाल
- फफूंद
- विषाणु
- जीवाणु
Explanation:
- मस्से (warts) मानव पेपिलोमा विषाणु (HPV, Human Papillomavirus) के कारण होते हैं।
- यह एक यौन संचारित रोग (STD) भी हो सकता है, त्वचा या श्लेष्मा झिल्ली पर वृद्धि (growth) के रूप में दिखता है।
Quick Facts:
- HPV के 100 से अधिक प्रकार हैं, कुछ कैंसर (विशेषतः सर्वाइकल कैंसर) से संबंधित हैं।
- विषाणु (virus) अकोशिकीय, अनिवार्य परजीवी हैं, जीवाणु (bacteria) एककोशिकीय जीव हैं।
परमाणु-नाभिक की खोज किस प्रयोग के माध्यम से की गई थी?
- कैथोड किरण प्रयोग (Cathode ray experiment)
- तेल-बूंद प्रयोग (Oil drop experiment)
- कैनाल किरण प्रयोग (Canal ray experiment)
- स्वर्ण-पन्नी प्रयोग (Gold foil experiment)
Explanation:
- परमाणु नाभिक (nucleus) की खोज रदरफोर्ड (Rutherford) के स्वर्ण-पन्नी (gold foil) प्रयोग (1911) के माध्यम से हुई।
- इसमें α-कणों के प्रकीर्णन से पता चला कि अधिकांश स्थान खाली है और एक सघन धनात्मक नाभिक केंद्र में है।
Quick Facts:
- कैथोड किरण → इलेक्ट्रॉन (Thomson), तेल-बूंद → इलेक्ट्रॉन आवेश (Millikan), कैनाल किरण → प्रोटॉन (Goldstein)।
- रदरफोर्ड मॉडल: परमाणु में नाभिक होता है, इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर घूमते हैं।
पौधों में, विसरण मुख्य रूप से परिवहन की प्रक्रिया के लिए उत्तरदायी होता है। हालांकि, कुछ पदार्थों के परिवहन के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है। कौन-सा विकल्प ATP से ऊर्जा का उपयोग कर परिवहन किए गए पदार्थों को दर्शाता है?
- जल, खनिज और भोजन
- भोजन, अमीनो अम्ल और हार्मोन
- जल और खनिज
- केवल अमीनो अम्ल
Explanation:
- पौधों में सक्रिय परिवहन (active transport) में ATP का उपयोग होता है, जैसे फ्लोएम में भोजन (सुक्रोज) का लोडिंग/अनलोडिंग, अमीनो अम्ल, हार्मोन, और खनिजों (जैसे NO₃⁻, PO₄³⁻) का अवशोषण।
- जल (विसरण/परासरण) और खनिज (निष्क्रिय अवशोषण भी होता है) सामान्यतः निष्क्रिय हैं, पर खनिज सक्रिय भी हो सकते हैं।
Quick Facts:
- सक्रिय परिवहन: प्रतिकूल सांद्रता प्रवणता के विरुद्ध, ATP hydrolysis से ऊर्जा प्राप्त करता है।
- उदाहरण: Na⁺-K⁺ पम्प (जंतु), फ्लोएम लोडिंग (पादप)।
नीचे दिए गए कथनों पर विचार कीजिए और सही उत्तर की पहचान कीजिए। कथन-I: अधिकांश कार्बन यौगिक विद्युत के कुचालक होते हैं। कथन-II: कार्बन यौगिकों के गलनांक और क्वथनांक कम होते हैं।
- दोनों कथन सत्य हैं।
- दोनों कथन असत्य हैं।
- कथन II सत्य है और कथन I गलत है।
- कथन I सत्य है और कथन II असत्य है।
Explanation:
- कथन I: कार्बन यौगिक (अधिकांश) सहसंयोजक (covalent) होते हैं, जिनमें आयन नहीं होते, इसलिए ये विद्युत के कुचालक होते हैं (सत्य)।
- कथन II: सहसंयोजक यौगिकों के अंतराआणविक बल (intermolecular forces) कमजोर होते हैं, इसलिए उनके गलनांक और क्वथनांक कम होते हैं (सत्य)।
Quick Facts:
- अपवाद: ग्रैफाइट (कार्बन का अपरूप) विद्युत चालक है (π-इलेक्ट्रॉन के कारण)।
- कार्बनिक यौगिक (जैसे मीथेन, एथेनॉल) के गलनांक/क्वथनांक आयनिक यौगिकों (NaCl) की तुलना में कम होते हैं।
लेड नाइट्रेट के तापीय अपघटन के परिणामस्वरूप निर्मित उत्पाद क्या है?
- लेड ऑक्साइड + नाइट्रोजन ट्राइऑक्साइड + नाइट्रोजन ट्राइऑक्साइड
- लेड ऑक्साइड + नाइट्रोजन डाइऑक्साइड
- लेड ऑक्साइड + ऑक्सीजन + नाइट्रोजन डाइऑक्साइड
- लेड ऑक्साइड + नाइट्रोजन ट्राइऑक्साइड
Explanation:
- लेड नाइट्रेट का तापीय अपघटन (thermal decomposition): 2Pb(NO₃)₂ → 2PbO + 4NO₂ + O₂
- उत्पाद: लेड ऑक्साइड (PbO) + नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (NO₂) + ऑक्सीजन (O₂)
Quick Facts:
- Pb(NO₃)₂ एक सफेद क्रिस्टलीय ठोस है, गर्म करने पर यह भूरे (NO₂) गैसों के साथ विघटित होता है (और PbO पीला/लाल-पीला अवशेष छोड़ता है)।
- NO₂ एक भूरी-लाल (reddish-brown) विषैली गैस है।
अमीबा में जल की मात्रा बनाए रखने के लिए कौन सी संरचना उत्तरदायी है?
- संकुचनशील रिक्तिका
- खाद्य रिक्तिका
- कोशिका द्रव्य
- प्लाज्मा झिल्ली
Explanation:
- अमीबा में संकुचनशील रिक्तिका (contractile vacuole) जल की मात्रा (परासरण संतुलन) को बनाए रखती है, अतिरिक्त जल को कोशिका से बाहर निकाल कर (osmoregulation) करती है।
- यह मीठे जल के एककोशिकीय जीवों में पाई जाती है।
Quick Facts:
- संकुचनशील रिक्तिका CO₂ और अपशिष्ट को भी बाहर निकालती है।
- खाद्य रिक्तिका (food vacuole) पाचन के लिए, कोशिकाद्रव्य (cytoplasm) कोशिका का आंतरिक भाग, प्लाज्मा झिल्ली (plasma membrane) बाहरी आवरण।
डॉबेराइनर के त्रिक में, तत्वों को निम्न में से किस प्रकार लिखा गया था?
- बढ़ते परमाणु द्रव्यमान के साथ बाएँ से दाएँ जाना
- बढ़ते परमाणु द्रव्यमान के साथ समूह में नीचे
- घटते परमाणु द्रव्यमान वाले समूह में नीचे
- घटते परमाणु द्रव्यमान के साथ बाएँ से दाएँ जाना
Explanation:
- डॉबेराइनर के त्रिक (Dobereiner’s triads) में तीन तत्वों को बढ़ते परमाणु द्रव्यमान (atomic mass) के क्रम में व्यवस्थित किया गया था, जिसमें मध्य तत्व का परमाणु द्रव्यमान अन्य दो के औसत के लगभग बराबर होता था (जैसे Li (7), Na (23), K (39); 7+39/2 = 23)।
- यह व्यवस्था ऊर्ध्वाधर (समूह) में थी, आवर्त (क्षैतिज) में नहीं।
Quick Facts:
- डॉबेराइनर (1829) ने त्रिक बनाए: (Li, Na, K), (Ca, Sr, Ba), (Cl, Br, I), (S, Se, Te)
- यह तत्वों के वर्गीकरण का प्रारंभिक प्रयास था, पर सभी तत्वों के लिए काम नहीं आया।
दी गई रासायनिक प्रतिक्रिया में, निम्नलिखित में से कौन सी रासायनिक प्रजाति क्रमशः ऑक्सीकरण एजेंट और कम करने वाले एजेंट के रूप में कार्य करती है? 2Al + Fe₂O₃ → Al₂O₃ + 2Fe
- Al और Fe
- Fe और Al
- Fe₂O₃ और Al
- Al₂O₃ और Fe
Explanation:
- अभिक्रिया: 2Al + Fe₂O₃ → Al₂O₃ + 2Fe
- Al (0 → +3) ऑक्सीकृत होता है, इसलिए Al अपचायक (reducing agent) है।
- Fe (+3 → 0) अपचयित होता है, इसलिए Fe₂O₃ ऑक्सीकारक (oxidizing agent) है।
Quick Facts:
- ऑक्सीकारक (oxidizing agent): स्वयं अपचयित होता है, दूसरे को ऑक्सीकृत करता है (Fe₂O₃)।
- अपचायक (reducing agent): स्वयं ऑक्सीकृत होता है, दूसरे को अपचयित करता है (Al)।
न्यूलैंड्स अष्टक नियम के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
- न्यूलैंड्स का अष्टक नियम केवल भारी तत्वों के साथ ही अच्छा कार्य करता है।
- जॉन न्यूलैंड्स, एक अंग्रेज वैज्ञानिक ने तत्कालीन ज्ञात तत्वों को परमाणु आकार के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित किया।
- न्यूलैंड्स का अष्टक नियम केवल हल्के तत्वों के साथ ही अच्छा कार्य करता है।
- न्यूलैंड्स के सप्तक में फ्लोरीन और सोडियम के गुण समान पाए गए।
Explanation:
- न्यूलैंड्स का अष्टक नियम (1864) हल्के तत्वों (जैसे Li से Ca तक) के लिए अच्छा काम करता था, पर भारी तत्वों के लिए विफल रहा (क्योंकि तत्वों की संख्या बढ़ने पर अष्टक का पालन नहीं होता था)।
- उन्होंने तत्वों को बढ़ते परमाणु द्रव्यमान (परमाणु आकार नहीं) में व्यवस्थित किया।
Quick Facts:
- न्यूलैंड्स ने ‘अष्टक नियम’ (Law of Octaves) दिया: प्रत्येक 8वें तत्व के गुण समान होते हैं (संगीत के सप्तक के समान)।
- उदाहरण: Li, Na, K; F, Cl, Br आदि।
दसवीं कक्षा के छात्रों द्वारा चार अलग-अलग प्रयोग किए गए। I. नवीन ने CuSO₄ के कुछ जलीय विलयन वाला एक बीकर लिया और उसमें मैग्नीशियम की पट्टी का एक टुकड़ा डाला। II. आयुश ने CuSO₄ के कुछ जलीय विलयन वाला एक बीकर लिया और उसमें कुछ प्लेटिनम के टुकड़े मिलाए। III. स्नेहा ने एक बीकर लिया जिसमें CuSO₄ का कुछ जलीय विलयन था और उसमें कुछ ताँबे की छीलन मिलाई। IV. आकृति ने CuSO₄ के कुछ जलीय विलयन वाला एक बीकर लिया और उसमें चांदी के तार का एक टुकड़ा डाला। उनमें से कौन विस्थापन प्रतिक्रिया करने में सक्षम था?
- स्नेहा
- आकृति
- आयुश
- नवीन
Explanation:
- विस्थापन अभिक्रिया के लिए, डाली गई धातु (M) CuSO₄ से Cu को विस्थापित करने के लिए Cu से अधिक क्रियाशील (reactive) होनी चाहिए (धातु क्रियाशीलता श्रेणी में Cu से ऊपर)।
- Mg, Cu से अधिक क्रियाशील है, इसलिए Mg + CuSO₄ → MgSO₄ + Cu (नवीन)।
- Pt, Cu, Ag कम क्रियाशील हैं, इसलिए वे Cu को विस्थापित नहीं करेंगे।
Quick Facts:
- धातु क्रियाशीलता श्रेणी: K > Na > Ca > Mg > Al > Zn > Fe > Pb > Cu > Ag > Au
- अधिक क्रियाशील धातु कम क्रियाशील धातु को उसके लवण विलयन से विस्थापित करती है।
निम्नलिखित में से कौन सा यौगिक एक ही सजातीय श्रेणी से संबंधित नहीं है?
- C₄H₈
- C₃H₆
- C₆H₁₁
- C₅H₁₀
Explanation:
- ऐल्कीन (alkenes) का सामान्य सूत्र CₙH₂ₙ है: C₂H₄, C₃H₆, C₄H₈, C₅H₁₀, C₆H₁₂
- C₆H₁₁ का सामान्य सूत्र CₙH₂ₙ₋₁ है, जो ऐल्कीन नहीं है (यह संभवतः एक रेडिकल या असंतृप्त शृंखला है, पर ऐल्कीन नहीं)।
Quick Facts:
- ऐल्केन: CₙH₂ₙ₊₂, ऐल्कीन: CₙH₂ₙ, ऐल्काइन: CₙH₂ₙ₋₂
- C₆H₁₁ (यदि असंतृप्त हो) CₙH₂ₙ₋₁ के अनुरूप नहीं है (C₆H₁₂ होना चाहिए था)।
निम्नलिखित में से कौन सी प्रतिक्रिया पानी में अघुलनशील लवण पैदा करती है?
- अवक्षेपण प्रतिक्रियाएँ
- उत्प्रेरक प्रतिक्रिया
- अतिरिक्त अभिक्रिया
- विस्थापन प्रतिक्रिया
Explanation:
- अवक्षेपण अभिक्रिया (precipitation reaction) में दो विलेय लवण आपस में अभिक्रिया करके एक अविलेय (insoluble) लवण (अवक्षेप, precipitate) बनाते हैं।
- उदाहरण: NaCl + AgNO₃ → AgCl↓ + NaNO₃ (AgCl अविलेय)।
Quick Facts:
- अवक्षेपण अभिक्रिया द्विविस्थापन का एक प्रकार है, जिसमें अविलेय उत्पाद बनता है।
- उत्प्रेरक अभिक्रिया (catalytic): अभिक्रिया की दर बढ़ाती है, पर अवक्षेप नहीं बनता।
यौगिक CH₃OH का अगला सजातीय सदस्य कौन सा होगा?
- C₂H₅OH
- C₃H₅OH
- C₃H₇OH
- C₂H₃OH
Explanation:
- CH₃OH (मेथनॉल) का अगला सदस्य एथनॉल (C₂H₅OH) है, जो –CH₂– (14 u) से बढ़ता है।
- सामान्य सूत्र: CₙH₂ₙ₊₁OH, n=1 → CH₃OH, n=2 → C₂H₅OH
Quick Facts:
- अल्कोहल श्रृंखला: मेथनॉल, एथनॉल, प्रोपनॉल, ब्यूटनॉल, पेंटानॉल आदि।
- C₂H₅OH को ‘इथिल अल्कोहल’ या ‘स्पिरिट’ भी कहते हैं।
निम्नलिखित में से कौन कार्बन का क्रिस्टलीय अपरूप नहीं है?
- कोक
- ग्रेफाइट
- फुलरीन
- हीरा
Explanation:
- कोक (coke) कार्बन का क्रिस्टलीय अपरूप नहीं है; यह एक अनाकार (amorphous) रूप है (जो कोयला/पेट्रोलियम से प्राप्त होता है)।
- कार्बन के क्रिस्टलीय अपरूप: हीरा, ग्रेफाइट, फुलरीन (C₆₀, CNT, ग्राफीन)।
Quick Facts:
- अनाकार कार्बन: कोक, चारकोल, कार्बन ब्लैक, लैम्प ब्लैक।
- हीरा (sp³), ग्रेफाइट (sp²), फुलरीन (sp², 0D), CNT (1D), ग्राफीन (2D) क्रिस्टलीय हैं।
समजातीय श्रेणी में क्वथनांक के उन्नयन के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
- आणविक द्रव्यमान घटने के साथ क्वथनांक बढ़ता है।
- बढ़ते आणविक द्रव्यमान के साथ क्वथनांक घटते हैं।
- बढ़ते आणविक द्रव्यमान के साथ क्वथनांक बढ़ते हैं।
- क्वथनांक आणविक द्रव्यमान पर निर्भर नहीं करता है।
Explanation:
- समजातीय श्रृंखला में, जैसे-जैसे आणविक द्रव्यमान (M) बढ़ता है, अंतराआणविक वांडरवाल्स बल (intermolecular forces) बढ़ते हैं, जिससे क्वथनांक (boiling point) बढ़ता है।
- उदाहरण: CH₄ (-161°C) < C₂H₆ (-88°C) < C₃H₈ (-42°C) < C₄H₁₀ (-0.5°C) < C₅H₁₂ (36°C) ...
Quick Facts:
- समजातीय श्रृंखला में गलनांक और क्वथनांक दोनों बढ़ते हैं (सामान्यतः)।
- यह भौतिक गुणों में क्रमिक परिवर्तन (gradation) का उदाहरण है।
मीसनर प्रभाव पदार्थ की किस अवस्था की परिभाषित विशेषता है?
- अनुचुंबकीय अवस्था
- अतिचालक अवस्था
- लौहचुम्बकीय अवस्था
- प्लाज्मा अवस्था
Explanation:
- मीसनर प्रभाव (Meissner effect) अतिचालक (superconducting) अवस्था की परिभाषित विशेषता है, जिसमें पदार्थ के अंदर से सभी चुंबकीय फ्लक्स (magnetic flux) बाहर निकल जाता है (शून्य प्रतिरोध और प्रतिचुंबकीय गुण)।
- यह अतिचालकता (superconductivity) का प्रमुख लक्षण है।
Quick Facts:
- अतिचालक (superconductor): शून्य विद्युत प्रतिरोध, मीसनर प्रभाव (critical temperature T_c से नीचे)।
- उदाहरण: Hg (4.2 K), YBCO (90 K), MgB₂ (39 K) आदि।
नीचे दिए गए कथनों पर विचार करें और सही उत्तर पहचानें। कथन-I: बिछुआ की पत्तियों के चुभने वाले बाल मेथेनोइक अम्ल को इंजेक्ट करते हैं जिससे जलन पैदा होती है। कथन-II: डंक वाली जगह पर बेकिंग सोडा जैसे हल्के बेस का उपयोग करने से राहत मिलती है।
- केवल कथन I सही है।
- दोनों कथन सही हैं। कथन II कथन I से संबंधित नहीं है।
- दोनों कथन सही हैं। कथन II कथन I से संबंधित है।
- केवल कथन II सही है।
Explanation:
- कथन I: बिछुआ (nettle) के बाल मेथेनोइक अम्ल (formic acid, HCOOH) इंजेक्ट करते हैं, जो जलन पैदा करता है। (सत्य)
- कथन II: बेकिंग सोडा (NaHCO₃) एक हल्का क्षार (base) है, जो अम्ल (मेथेनोइक) को उदासीन (neutralise) करता है, जिससे राहत मिलती है। (सत्य और संबंधित)
Quick Facts:
- बिछुआ का वैज्ञानिक नाम: Urtica dioica
- मेथेनोइक अम्ल को ‘फॉर्मिक अम्ल’ भी कहते हैं (चींटियों में भी पाया जाता है)।
मेंडल ने अपने प्रयोगों में मटर के पौधे की निम्नलिखित में से किस विशेषता का उपयोग नहीं किया था?
- मटर के पौधे की लंबाई
- पत्तों का आकार
- बीज का आकार
- फूलों का रंग
Explanation:
- मेंडल ने मटर (Pisum sativum) में 7 विशेषताओं (characters) का अध्ययन किया: पौधे की लंबाई (लंबा/बौना), बीज का आकार (गोल/झुर्रीदार), बीज का रंग (पीला/हरा), फूल का रंग (बैंगनी/सफेद), फली का आकार (फूला/सिकुड़ा), फली का रंग (हरा/पीला), फूल की स्थिति (अक्षीय/शीर्षस्थ)।
- पत्तों का आकार (leaf shape) इन 7 में शामिल नहीं था।
Quick Facts:
- मेंडल ने 7 विशेषताओं का उपयोग किया, जिनमें प्रत्येक के दो विपरीत लक्षण (contrasting traits) थे।
- ये विशेषताएँ स्थिर और आसानी से पहचानने योग्य थीं।
फर्न के पौधे में बीजाणु कहाँ पाए जाते हैं?
- बीजाणुधानी नामक विशेष शाखाओं पर
- फूलों के केंद्रीय कोष में
- पत्तों के नीचे
- नवोदित पत्तों की नोक पर
Explanation:
- फर्न (fern) एक बीजाणुधारी (spore-bearing) पौधा है, जिसमें बीजाणु (spores) बीजाणुधानी (sporangia) में बनते हैं, जो पत्तियों (फ्रॉन्ड्स) की निचली सतह पर विशेष शाखाओं (सोराई, sori) पर समूहों में पाए जाते हैं।
- फर्न में फूल नहीं होते (यह संवहनी बीजाणुधारी पौधा है)।
Quick Facts:
- फर्न: टेरिडोफाइटा (Pteridophyta) समूह, बीजाणुओं द्वारा प्रजनन (अलैंगिक) और युग्मकों द्वारा (लैंगिक)।
- बीजाणुधानी (sporangia) सोराई (sori) में व्यवस्थित होती हैं, जो इंडुसियम (indusium) द्वारा ढकी हो सकती हैं।
एक कोशिका में, एक 6-कार्बन अणु, एक 3-कार्बन अणु, पाइरूवेट में ग्लूकोज के टूटने की प्रक्रिया कहाँ होती है?
- सूत्रकणिका (माइटोकॉन्ड्रिया)
- कोशिका द्रव्य
- गॉल्जी उपकरण
- क्लोरोप्लास्ट
Explanation:
- ग्लाइकोलिसिस (glycolysis) प्रक्रिया, जिसमें ग्लूकोज (C₆) → 2 पाइरूवेट (C₃) में टूटता है, कोशिका द्रव्य (cytoplasm) में होती है।
- यह सभी जीवों (वायवीय/अवायवीय) में होती है, और इसमें ATP का नेट उत्पादन 2 होता है (प्रति ग्लूकोज)।
Quick Facts:
- ग्लाइकोलिसिस: ऑक्सीजन की अनुपस्थिति या उपस्थिति दोनों में होती है (अवायवीय मार्ग)।
- माइटोकॉन्ड्रिया: क्रेब्स चक्र (TCA) और ऑक्सीडेटिव फॉस्फोरिलीकरण (ETC) होता है।
जब जिंक ऑक्साइड कार्बन के साथ अभिक्रिया करता है तो निम्नलिखित में से कौन-सी गैस निकलती है?
- मीथेन
- कार्बन डाइऑक्साइड
- ओजोन
- कार्बन मोनोऑक्साइड
Explanation:
- अभिक्रिया: ZnO + C → Zn + CO
- यहाँ CO (कार्बन मोनोऑक्साइड) गैस निकलती है।
- यह एक अपचयन (reduction) अभिक्रिया है, जहाँ C ऑक्सीकृत होकर CO बनाता है।
Quick Facts:
- ZnO + C → Zn + CO (धातु विज्ञान में जिंक निष्कर्षण)
- यदि अधिक O₂ हो, तो CO₂ बन सकता है, पर सामान्यतः CO बनता है (ऑक्सीजन की कमी में)।
कार्बन द्वारा एक मजबूत आबंध के निर्माण का एक कारण इसका ______ आकार है।
- छोटा
- बड़ा
- बहुत बड़ा
- मध्यम
Explanation:
- कार्बन का परमाणु आकार छोटा होता है (दूसरा आवर्त), जिससे इसका नाभिकीय आवेश अधिक होता है, और यह अन्य परमाणुओं के साथ मजबूत सहसंयोजक बंध (C–C, C–H, C–O आदि) बना सकता है।
- छोटा आकार, इलेक्ट्रॉनों को अधिक आकर्षित करता है, और कैटेनेशन (शृंखला निर्माण) को सक्षम बनाता है।
Quick Facts:
- कार्बन की संयोजकता 4 है, और यह एकल, द्वि, त्रि बंध बना सकता है।
- कैटेनेशन: कार्बन परमाणु आपस में जुड़कर लंबी शृंखलाएँ बना सकते हैं (Si भी करता है, पर कमजोर)।
नीचे दिखाए गए मानव श्वसन प्रणाली के भागों a, b और c के लिए लेबलिंग विकल्प के रूप में दी गई है। सही विकल्प को पहचानें।
- a – स्वरयंत्र, b – प्रश्ननी, c – श्वासनली
- a – प्रश्ननी, b – श्वासनली, c – स्वरयंत्र
- a – श्वासनली, b – स्वरयंत्र, c – प्रश्ननी
- a – प्रश्ननी, b – स्वरयंत्र, c – श्वासनली
Explanation:
- मानव श्वसन प्रणाली: नासिका → ग्रसनी (pharynx) → स्वरयंत्र (larynx) → श्वासनली (trachea) → ब्राँकाई (bronchi) → ब्रांकियोल → एल्वियोली
- यदि a = प्रश्ननी (pharynx), b = श्वासनली (trachea), c = स्वरयंत्र (larynx) (ऊपर से नीचे का क्रम), तो सही लेबलिंग a – प्रश्ननी, b – श्वासनली, c – स्वरयंत्र है (विकल्प 2)।
Quick Facts:
- ग्रसनी (pharynx): नाक और मुँह के पीछे, भोजन और वायु दोनों का मार्ग।
- स्वरयंत्र (larynx): वॉयस बॉक्स, इसमें वोकल कॉर्ड्स होते हैं।
- श्वासनली (trachea): वायु नली, C-आकार के कार्टिलेज (उपास्थि) द्वारा सुरक्षित।
गर्भनिरोधक का वह रूप क्या है जो यौन संचारित रोगों के प्रसार को कुछ हद तक रोकने में मदद कर सकता है?
- मौखिक गर्भनिरोधक गोलियां
- पुरुष नसबंदी
- आईयूडी
- कंडोम
Explanation:
- कंडोम (condom) एक बाधा विधि (barrier method) है, जो यौन संचारित रोगों (STDs) जैसे HIV, गोनोरिया, सिफलिस आदि के प्रसार को रोकने में मदद करता है (भौतिक अवरोध के कारण)।
- अन्य विधियाँ (गोलियाँ, नसबंदी, IUD) STDs को नहीं रोकतीं।
Quick Facts:
- कंडोम (पुरुष/महिला) एक अवरोधक गर्भनिरोधक है, जो गर्भधारण और STD दोनों को रोकता है (कुछ हद तक)।
- IUD (अंतर्गर्भाशयी उपकरण), OCPs (मौखिक गर्भनिरोधक गोलियाँ) केवल गर्भधारण रोकते हैं।
मशरूम में किस प्रकार का पोषण पाया जाता है?
- सहजीवी
- मृतजीवी
- स्वपोषी
- परजीवी
Explanation:
- मशरूम (Mushroom, कवक – Fungi) मृतजीवी (saprophytic) पोषण करते हैं, अर्थात ये मृत और सड़े-गले कार्बनिक पदार्थों पर पनपते हैं, उन्हें पचाकर पोषण प्राप्त करते हैं (बाह्य पाचन, extracellular digestion)।
- यह कवक जगत (Kingdom Fungi) की एक प्रमुख विशेषता है।
Quick Facts:
- स्वपोषी (autotrophic): स्वयं भोजन बनाते हैं (पौधे, कुछ जीवाणु)।
- परजीवी (parasitic): जीवित पोषक (host) पर निर्भर (अमरबेल, टेपवर्म)।
- सहजीवी (symbiotic): पारस्परिक रूप से लाभकारी संबंध (लाइकेन, माइकोराइजा)।
दी गई प्रतिक्रिया में निम्नलिखित में से कौन-सा पदार्थ ऑक्सीकृत हो रहा है? 4Fe(s) + 3O₂(g) → 2Fe₂O₃
- Fe(s)
- O₂(g)
- Fe(s) और Fe₂O₃(s) दोनों
- Fe₂O₃(s)
Explanation:
- अभिक्रिया में Fe (0 → +3) ऑक्सीकृत होता है (O₂ प्राप्त करता है), जबकि O₂ (0 → -2) अपचयित होता है।
- Fe₂O₃ उत्पाद है, उसका ऑक्सीकरण नहीं हो रहा है (वह बन रहा है)।
Quick Facts:
- यह एक ऑक्सीकरण-अपचयन (रेडॉक्स) अभिक्रिया है, जो धातु के संक्षारण (corrosion) / जंग लगने (rusting) का उदाहरण है (Fe का O₂ के साथ)।
- ऑक्सीकरण: इलेक्ट्रॉन खोना या O₂ प्राप्त करना (Fe)।
निम्नलिखित में से किस अणु में केवल एकल बंध है?
- O₂
- N₂
- CH₄
- CO₂
Explanation:
- CH₄ (मीथेन) में केवल चार C–H एकल बंध (single bonds) होते हैं (कोई द्वि या त्रि बंध नहीं)।
- O₂: O=O (द्वि बंध), N₂: N≡N (त्रि बंध), CO₂: O=C=O (द्वि बंध)।
Quick Facts:
- एकल बंध (single bond): दो परमाणुओं के बीच एक इलेक्ट्रॉन युग्म (sigma bond) साझा होता है।
- संतृप्त यौगिक (जैसे ऐल्केन) में केवल एकल बंध होते हैं (CH₄, C₂H₆, C₃H₈…)।
प्लास्टर ऑफ पेरिस में:
- CaSO₄ की दो सूत्र इकाइयाँ पानी के दो अणु साझा करती हैं
- CaSO₄ की दो सूत्र इकाइयाँ पानी के एक अणु को साझा करती हैं
- CaSO₄ की एक सूत्र इकाई में पानी का एक अणु होता है
- CaSO₄ की दो सूत्र इकाइयाँ पानी के आधे अणु को साझा करती हैं
Explanation:
- प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) का रासायनिक सूत्र: CaSO₄·½H₂O (अर्थात 2CaSO₄·H₂O, दो सूत्र इकाइयाँ एक जल अणु साझा करती हैं)।
- इसे हेमीहाइड्रेट (hemihydrate) भी कहते हैं।
Quick Facts:
- जिप्सम: CaSO₄·2H₂O (डाइहाइड्रेट)।
- POP: CaSO₄·½H₂O (जिप्सम को 100°C पर गर्म करने पर बनता है)।
यदि वायु के बुलबुलों को एक पात्र में लिए गए चूने के पानी से होकर गुजारा जाता है, तो क्या होगा?
- कैल्शियम कार्बोनेट के अघुलनशील निलंबन के कारण विलयन दूधिया हो जाएगा
- ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया के कारण तापमान में वृद्धि होगी
- विलयन में फोम और झाग निकलेगा
- चूने के साथ अभिक्रिया करते ही विलयन तुरंत लाल हो जाएगा
Explanation:
- वायु में CO₂ होती है, जो चूने के पानी (Ca(OH)₂) के साथ अभिक्रिया करके CaCO₃ (दूधिया अवक्षेप) बनाती है।
- Ca(OH)₂ + CO₂ → CaCO₃↓ + H₂O (विलयन दूधिया हो जाता है)
- यह CO₂ की पहचान (test) के लिए उपयोग किया जाता है (दूधियापन)।
Quick Facts:
- अधिक CO₂ प्रवाहित करने पर, CaCO₃ + H₂O + CO₂ → Ca(HCO₃)₂ (विलेय), दूधियापन गायब हो जाता है (घुल जाता है)।
- यह अभिक्रिया उष्माक्षेपी (exothermic) नहीं है (तटस्थ (neutralization) अभिक्रिया, पर ऊष्मा मुक्त हो सकती है, पर मुख्य प्रभाव दूधियापन है)।
निम्नलिखित रासायनिक प्रतिक्रियाओं में से कौन सी संतुलित है?
- Fe + 4H₂O → Fe₃O₄ + 4H₂
- Fe + H₂O → Fe₃O₄ + H₂
- Zn + H₂SO₄ → ZnSO₄ + H₂
- Mg + O₂ → MgO
Explanation:
- संतुलित समीकरण में प्रत्येक परमाणु की संख्या दोनों ओर समान होती है।
- Zn + H₂SO₄ → ZnSO₄ + H₂: Zn=1, H=2, S=1, O=4 (बाएँ और दाएँ दोनों ओर) – यह संतुलित है।
- अन्य: Fe + 4H₂O → Fe₃O₄ + 4H₂ (Fe असंतुलित: बायाँ 1, दायाँ 3), Mg + O₂ → MgO (O असंतुलित: बायाँ 2, दायाँ 1)।
Quick Facts:
- संतुलन (balancing) के लिए गुणांक (coefficients) का उपयोग किया जाता है (सूत्र नहीं बदलते)।
- संतुलित समीकरण में परमाणुओं की संख्या = अभिकारकों और उत्पादों में समान (द्रव्यमान संरक्षण का नियम)।
दी गई प्रतिक्रिया के लिए सही संतुलित रासायनिक समीकरण का चयन करें। मैग्नीशियम (s) + ऑक्सीजन (g) → मैग्नीशियम ऑक्साइड (s)
- Mg(s) + O₂(g) → MgO₂(s)
- 2Mg(s) + O₂(g) → 2MgO(s)
- 2Mg(s) + O₂(g) → 2MgO₂(s)
- Mg(s) + O₂(g) → 2MgO(s)
Explanation:
- MgO का सही सूत्र MgO है (Mg²⁺ और O²⁻, MgO, MgO₂ नहीं)।
- 2Mg + O₂ → 2MgO: Mg=2, O=2 (संतुलित), यह सही है।
Quick Facts:
- मैग्नीशियम जलने पर तीव्र सफेद रोशनी के साथ MgO बनाता है।
- 2Mg + O₂ → 2MgO (संयोजन और ऑक्सीकरण अभिक्रिया)।
आधुनिक आवर्त सारणी की सातवीं आवर्त में कितने तत्व मौजूद है?
- 8
- 2
- 32
- 18
Explanation:
- 7वें आवर्त (period 7) में 32 तत्व होते हैं (जिनमें एक्टिनाइड्स (f-ब्लॉक) शामिल हैं, जो 15 तत्व हैं, साथ में s-, p-, d-ब्लॉक तत्व)।
- 6वें आवर्त में भी 32 तत्व (लैंथेनाइड्स सहित), 4 और 5वें में 18, 3 और 2 में 8, 1 में 2 तत्व होते हैं।
Quick Facts:
- आवर्त 7: 7s (2), 5f (14, एक्टिनाइड्स), 6d (10), 7p (6) = 32 तत्व (Fr से Og तक)।
- आवर्त 6: 6s (2), 4f (14, लैंथेनाइड्स), 5d (10), 6p (6) = 32 तत्व।
वह अभिक्रिया जिसमें दो अभिकारक भाग लेते हैं और केवल एक उत्पाद उत्पन्न करते हैं, क्या कहलाती है?
- संयोजन अभिक्रिया
- द्विविस्थापन अभिक्रिया
- पृथक्करण अभिक्रिया
- विस्थापन अभिक्रिया
Explanation:
- संयोजन अभिक्रिया (combination reaction): दो या अधिक अभिकारक (reactants) मिलकर एकल उत्पाद (product) बनाते हैं: A + B → AB
- उदाहरण: 2H₂ + O₂ → 2H₂O, CaO + H₂O → Ca(OH)₂
Quick Facts:
- अपघटन अभिक्रिया (decomposition): एक अभिकारक → दो या अधिक उत्पाद।
- विस्थापन (displacement): A + BC → AC + B (एक तत्व विस्थापित होता है)।
जीन ______ की गतिविधि के माध्यम से लक्षणों को नियंत्रित करते हैं:
- युग्मक
- एंजाइम
- हार्मोन
- गुणसूत्र
Explanation:
- जीन (genes) प्रोटीन (एंजाइम) के लिए कोड करते हैं, जो विभिन्न जैव रासायनिक मार्गों को नियंत्रित करते हैं, और हार्मोन (हार्मोन्स) के उत्पादन और क्रिया को प्रभावित करते हैं, जो लक्षणों (traits) को नियंत्रित करते हैं।
- सामान्यतः, जीन → प्रोटीन (एंजाइम/हार्मोन) → लक्षण (एक जीन-एक एंजाइम परिकल्पना)।
Quick Facts:
- हार्मोन (hormones) सिग्नलिंग अणु हैं, जो विकास, चयापचय, प्रजनन आदि को नियंत्रित करते हैं।
- जीन गुणसूत्र (chromosomes) पर स्थित होते हैं, पर गुणसूत्र स्वयं लक्षण नियंत्रित नहीं करते, बल्कि जीन करते हैं।
नीचे दिए गए कथनों पर विचार कीजिए और सही उत्तर की पहचान कीजिए। कथन I: आधुनिक आवर्त सारणी में 18 ऊर्ध्वाधर स्तंभ हैं जिन्हें ‘आवर्त’ के रूप में जाना जाता है और 7 क्षैतिज पंक्तियों को ‘समूह’ के रूप में जाना जाता है। कथन II: आवर्त सारणी में समूह एक समान बाह्य कोश इलेक्ट्रॉनिक विन्यास को दर्शाता है।
- कथन II सही है, कथन I गलत है।
- कथन I सही है, कथन II गलत है।
- दोनों कथन सही हैं।
- दोनों कथन गलत हैं।
Explanation:
- कथन I: आधुनिक आवर्त सारणी में 18 समूह (ऊर्ध्वाधर) और 7 आवर्त (क्षैतिज) होते हैं, पर उल्टा लिखा है (यहाँ ‘आवर्त’ और ‘समूह’ गलत क्रम में है) – अतः यह कथन गलत है (क्योंकि 18 ऊर्ध्वाधर = समूह, 7 क्षैतिज = आवर्त)।
- कथन II: समूह में तत्वों का बाह्य कोश इलेक्ट्रॉनिक विन्यास समान होता है (सत्य)।
- अतः कथन I गलत, कथन II सही है।
Quick Facts:
- समूह 1: सभी का बाह्य विन्यास ns¹, समूह 17: ns²np⁵, आदि।
- आवर्त (period) में कोश (shells) की संख्या समान होती है, पर वैलेंस इलेक्ट्रॉन बढ़ते हैं।
निम्नलिखित में से किस जानवर के शरीर का तापमान वातावरण के तापमान पर निर्भर नहीं करता है?
- मछलियां और स्तनधारी
- पक्षी और कुछ सरीसृप
- पक्षी और मछलियां
- पक्षी और स्तनधारी
Explanation:
- पक्षी (birds) और स्तनधारी (mammals) रक्त-ताप (warm-blooded) या स्थिरतापी (homeothermic) होते हैं, जिनका शरीर का तापमान वातावरण (ambient) से स्वतंत्र होता है (आंतरिक रूप से नियंत्रित)।
- मछलियाँ, सरीसृप, उभयचर, अकशेरुकी शीत-रक्त (cold-blooded) या बाह्यतापी (poikilothermic) होते हैं, तापमान वातावरण पर निर्भर करता है।
Quick Facts:
- पक्षी और स्तनधारी (एंडोथर्म, endotherms): शरीर का ताप स्थिर रखने के लिए चयापचय ऊर्जा का उपयोग करते हैं।
- मछलियाँ, उभयचर, सरीसृप (एक्टोथर्म, ectotherms): बाहरी स्रोतों (जैसे सूर्य) से ताप प्राप्त करते हैं।
कीटनाशक, हालांकि गैर-बायोडिग्रेडेबल हैं, कृषि के लिए फायदेमंद और हानिकारक दोनों हैं। कीटनाशकों के संबंध में गलत विकल्प का चयन करें।
- वे पौधों की वृद्धि को कम करते हैं
- वे पौधे में क्लोरोफिल की मात्रा को कम करते हैं और इसलिए प्रकाश संश्लेषण को प्रभावित करते हैं
- इनका उपयोग खरपतवारों, कीटों और पौधों की बीमारियों को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है
- वे नाइट्रोजन चयापचय को बदल देते हैं, जिससे पौधों में प्रोटीन की मात्रा कम हो जाती है
Explanation:
- कीटनाशक (pesticides) का उपयोग खरपतवार, कीट, रोग नियंत्रण के लिए होता है (यह सही है)।
- गलत कथन: “वे नाइट्रोजन चयापचय को बदल देते हैं, जिससे पौधों में प्रोटीन की मात्रा कम हो जाती है” – यह कीटनाशकों का प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं है (अन्य पारिस्थितिक प्रभाव हो सकते हैं, पर यह सामान्यीकरण गलत है)।
- कीटनाशक प्रकाश संश्लेषण, वृद्धि को प्रभावित कर सकते हैं, पर नाइट्रोजन चयापचय पर प्रभाव प्रोटीन-ह्रास उत्पन्न नहीं करता (यह गलत है)।
Quick Facts:
- कीटनाशक: कीटनाशक (insecticides), खरपतवारनाशक (herbicides), कवकनाशक (fungicides) आदि।
- ये गैर-बायोडिग्रेडेबल होते हैं और जैव आवर्धन (biomagnification) का कारण बनते हैं।
दंत क्षय का परिणाम _______ होता है।
- मसूड़ों से खून बहना
- दांत टूटना
- दुर्गंधयुक्त सांस
- इनेमल नरम होना
Explanation:
- दंत क्षय (dental caries) का परिणाम दाँत के इनेमल (enamel) का नरम (softening) और विघटन (demineralisation) है, जो अम्ल (जीवाणुओं द्वारा निर्मित) के कारण होता है।
- यह कैविटी (cavity) के निर्माण का प्रारंभिक चरण है।
Quick Facts:
- दंत क्षय: Streptococcus mutans जीवाणु, शर्करा से अम्ल बनाते हैं, जो हाइड्रॉक्सीपैटाइट (Ca₁₀(PO₄)₆(OH)₂) को विघटित करता है।
- फ्लोराइड (F⁻) इनेमल को मजबूत बनाने में मदद करता है (Ca₁₀(PO₄)₆F₂)।
स्तंभों का मिलान कीजिए। समूह-I: I. हृदय, II. धमनियाँ, III. शिराएँ; समूह-II: A. पम्पिंग अंग, B. ऑक्सीजन रहित रक्त ले जाता है, C. ऑक्सीजन युक्त रक्त ले जाता है
- I – C; II – B; III – A
- I – A; II – B; III – C
- I – C; II – A; III – B
- I – A; II – C; III – B
Explanation:
- I. हृदय (Heart) → A. पम्पिंग अंग (pumping organ) – रक्त को पंप करता है।
- II. धमनियाँ (Arteries) → C. ऑक्सीजन युक्त रक्त ले जाता है (फुफ्फुसीय धमनी को छोड़कर) – सामान्यतः O₂ युक्त रक्त ले जाती हैं।
- III. शिराएँ (Veins) → B. ऑक्सीजन रहित रक्त ले जाता है (फुफ्फुसीय शिरा को छोड़कर) – सामान्यतः O₂ रहित रक्त ले जाती हैं।
Quick Facts:
- हृदय: 4-कक्षीय (मनुष्य), पंपिंग अंग।
- शिराएँ: वाल्व युक्त, O₂ रहित रक्त (शरीर से हृदय तक)।
14 फरवरी 2022 को, इसरो ने 2022 के अपने पहले पृथ्वी अवलोकन उपग्रह, EOS-04 को सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया। इसे किस रॉकेट द्वारा प्रक्षेपित किया गया?
- PSLV-C54
- PSLV-C53
- PSLV-C52
- PSLV-C51
Explanation:
- EOS-04 (Earth Observation Satellite) को 14 फरवरी 2022 को PSLV-C52 (Polar Satellite Launch Vehicle) द्वारा प्रक्षेपित किया गया था।
- यह एक रडार इमेजिंग उपग्रह (SAR) है, जो कृषि, वानिकी, आपदा प्रबंधन आदि में उपयोगी है।
Quick Facts:
- PSLV: ISRO का एक प्रमुख प्रक्षेपण यान (polar orbit missions) – PSLV-C52 इसका 52वाँ मिशन था।
- EOS-04 RISAT-1A (रडार) का एक मिशन है, 2,100 kg द्रव्यमान।
धावन सोडा का सही रासायनिक सूत्र है:
- Na₂CO₃·12H₂O
- Na₂CO₃·8H₂O
- Na₂CO₃·6H₂O
- Na₂CO₃·10H₂O
Explanation:
- धावन सोडा (washing soda) = सोडियम कार्बोनेट डेकाहाइड्रेट: Na₂CO₃·10H₂O
- इसे जल में घोलने पर क्षारीय विलयन बनता है, और इसका उपयोग कपड़े धोने, जल मृदुकरण में होता है।
Quick Facts:
- बेकिंग सोडा (NaHCO₃) – सोडियम बाइकार्बोनेट
- सोडियम कार्बोनेट (Na₂CO₃) – सोडा ऐश (निर्जल)
क्षुद्रांत्र के अवशोषण के क्षेत्र को बढ़ाने वाली उँगली जैसी संरचनाओं को क्या कहा जाता है?
- स्फिंक्टर्स
- ग्रंथियाँ
- पक्ष्माभ
- दीर्घरोम
Explanation:
- क्षुद्रांत्र (small intestine) में अवशोषण (absorption) के लिए उँगली जैसी संरचनाओं को दीर्घरोम (villi) कहते हैं, जो सतह क्षेत्र बढ़ाते हैं (लगभग 10-40 गुना)।
- प्रत्येक दीर्घरोम में रक्त केशिकाएँ और लसीका वाहिका (lacteal) होती है, जो पोषक तत्वों को अवशोषित करते हैं।
Quick Facts:
- दीर्घरोम (villi) – म्यूकोसा (mucosa) की परत, अवशोषण क्षेत्र बढ़ाती है।
- माइक्रोविली (microvilli) – कोशिकाओं पर उँगली जैसी संरचनाएँ, ‘ब्रश बॉर्डर’ (brush border) कहलाती हैं।
निम्नलिखित में से कौन-सी धातु सिल्वर से कम अभिक्रियाशील होती है?
- Hg
- Fe
- Au
- Cu
Explanation:
- धातु क्रियाशीलता श्रेणी (reactivity series) में: Fe > Cu > Ag > Au (बाएँ से दाएँ कम क्रियाशीलता)।
- सोना (Au) सबसे निष्क्रिय (least reactive) धातुओं में से एक है, चाँदी (Ag) से भी कम क्रियाशील।
Quick Facts:
- क्रियाशीलता श्रेणी (संक्षिप्त): K > Na > Ca > Mg > Al > Zn > Fe > Pb > Cu > Ag > Au
- Au एक उत्कृष्ट (noble) धातु है, अत्यंत अक्रिय (मुख्य रूप से एक्वा रेजिया में घुलती है)।
निम्नलिखित में से कौन सी एक अनैच्छिक क्रिया नहीं है?
- लारस्राव
- साइकिल चलाना
- पाचन
- श्वसन
Explanation:
- अनैच्छिक क्रियाएँ (involuntary actions) मस्तिष्क के अचेतन (autonomic) भाग द्वारा नियंत्रित होती हैं, जैसे लारस्राव, पाचन, श्वसन (स्वचालित, हालाँकि हम इच्छानुसार बदल सकते हैं, पर मूलतः अनैच्छिक)।
- साइकिल चलाना (cycling) एक स्वैच्छिक (voluntary) क्रिया है, जो सेरेब्रम (cerebrum) द्वारा नियंत्रित होती है और इसमें सीखा समन्वय (learned coordination) शामिल है।
Quick Facts:
- अनैच्छिक: हृदय स्पंदन, क्रमाकुंचन, प्रतिवर्ती क्रियाएँ (reflex actions) आंशिक रूप से।
- स्वैच्छिक: चलना, बोलना, लिखना (चेतन मस्तिष्क द्वारा नियंत्रित)।
वर्मीकम्पोस्टिंग में _______ का उपयोग किया जाता है।
- राउंडवर्म
- फ्लैटवर्म
- टेपवर्म
- अर्थवर्म
Explanation:
- वर्मीकम्पोस्टिंग (vermicomposting) में केंचुआ (earthworm) का उपयोग किया जाता है, जो कार्बनिक अपशिष्ट को विघटित करके उच्च गुणवत्ता वाली खाद (केंचुआ खाद, vermicompost) में बदलता है।
- सामान्यतः Eisenia fetida (लाल केंचुआ) प्रजाति का उपयोग होता है।
Quick Facts:
- केंचुआ: एनेलिडा (Annelida) समूह, खंडित (segmented) शरीर, मृदा में रहता है।
- वर्मीकम्पोस्टिंग: जैविक खाद, मृदा सुधार, पर्यावरण अनुकूल अपशिष्ट प्रबंधन।
किसी पौधे में इस तरह की कोशिका कहाँ पाई जा सकती है?
- बीज (अंकुरण)
- जाइलम
- जड़
- प्ररोह शीर्ष
Explanation:
- चित्र (यदि दिया गया हो) संभवतः मेरिस्टेमैटिक कोशिका या पैरेन्काइमा को दर्शाता है; जड़ (root) में कई कोशिका प्रकार पाए जाते हैं (मूल रोम, प्रांतस्था, अंतःत्वचा, जाइलम, फ्लोएम)।
- सामान्यतः जड़ों में पैरेन्काइमा, स्क्लेरेन्काइमा, कोलेन्काइमा और संवहनी ऊतक पाए जाते हैं – इनमें से कोई भी हो सकता है, पर विकल्पों में ‘जड़’ सबसे उपयुक्त है (क्योंकि यह एक सामान्य स्थान है)।
Quick Facts:
- जड़: क्षेत्र – मूल टोपी, विभज्योतक, दीर्घीकरण, परिपक्वन क्षेत्र (जहाँ मूल रोम होते हैं)।
- प्ररोह शीर्ष (shoot apex) विभज्योतक (meristem) स्थल है, बीज (अंकुरण) में भ्रूणीय ऊतक, जाइलम (xylem) मृत/जीवित संवहनी ऊतक।
निम्नलिखित में से किस तत्व में क्रमशः एका-सिलिकॉन, एका-बोरॉन और एका-ऐलुमिनियम के समान गुण हैं?
- कार्बन, स्कैंडियम और इंडियम
- जर्मेनियम, स्कैंडियम और गैलियम
- स्कैंडियम, गैलियम और जर्मेनियम
- जर्मेनियम, कार्बन और गैलियम
Explanation:
- मेंडेलीव की भविष्यवाणियाँ:
- एका-सिलिकॉन (Eka-Si) → जर्मेनियम (Ge) – 1886 में खोजा गया, गुणों से मेल खाता है।
- एका-बोरॉन (Eka-B) → स्कैंडियम (Sc) – 1879 में खोजा गया।
- एका-ऐलुमिनियम (Eka-Al) → गैलियम (Ga) – 1875 में खोजा गया।
Quick Facts:
- मेंडेलीव ने 3 तत्वों की भविष्यवाणी की थी: Eka-Al (Ga), Eka-Si (Ge), Eka-B (Sc)
- इनकी भविष्यवाणी उनके गुणों (परमाणु द्रव्यमान, घनत्व, ऑक्साइड सूत्र आदि) के साथ की गई थी और बाद में इनकी खोज हुई।
लाल गोभी एक प्राकृतिक संसूचक है जो अम्ल या क्षार के साथ मिश्रित होने पर अलग रंग देता है। जब इसे क्षारीय विलयन में मिलाया जाता है तो उस रंग में हुए परिवर्तन को पहचानें।
- लाल-भूरा
- नारंगी
- हल्का गुलाबी
- नीला-हरा
Explanation:
- लाल गोभी (red cabbage) एक प्राकृतिक pH संकेतक है, जो अम्लीय विलयन में लाल/गुलाबी, उदासीन में बैंगनी, और क्षारीय विलयन में नीला-हरा (blue-green) रंग देता है।
- क्षारीय (pH > 7) में रंग परिवर्तन: बैंगनी/नीला → हरा (मजबूत क्षार में पीला)।
Quick Facts:
- लाल गोभी में एंथोसायनिन (anthocyanin) वर्णक होता है, जो pH-निर्भर रंग परिवर्तन दिखाता है।
- अम्ल (pH < 7): लाल-गुलाबी, क्षार (pH > 7): नीला-हरा-पीला
जिंक से जिंक आयन का निर्माण किसके कारण होता है?
- ऑक्सीकरण
- जल अपघटन
- संयोजन अभिक्रिया
- अपचयन
Explanation:
- Zn → Zn²⁺ + 2e⁻ (जिंक 2 इलेक्ट्रॉन खोता है) – यह ऑक्सीकरण (oxidation) है (इलेक्ट्रॉन हानि)।
- Zn²⁺ (धनायन) बनने के लिए इलेक्ट्रॉन त्यागना आवश्यक है, जो ऑक्सीकरण है।
Quick Facts:
- ऑक्सीकरण: इलेक्ट्रॉन हानि, ऑक्सीकरण अवस्था में वृद्धि (0 → +2)।
- अपचयन: इलेक्ट्रॉन ग्रहण (Zn²⁺ → Zn, अपचयन होगा)।
किस मौसम में जड़ या तने के ऊतकों में संग्रहित शर्करा कलियों तक पहुँचेगी जिन्हें कलियों को पादपों में विकसित होने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है?
- सर्दी
- गर्मी
- बसंत
- मानसून
Explanation:
- बसंत (spring) ऋतु में, पौधों में सर्दियों के दौरान जड़/तने में संग्रहित शर्करा (sugars) कलियों (buds) तक पहुँचती है, जो नए पत्तों/शाखाओं के विकास (growth) के लिए ऊर्जा प्रदान करती है।
- यह फ्लोएम (phloem) द्वारा सक्रिय परिवहन होता है, जो प्रायः वसंत में पर्णोद्भव (bud break) के समय होता है।
Quick Facts:
- शर्करा (सुक्रोज) फ्लोएम द्वारा स्रोत (संग्रहण अंग) से सिंक (बढ़ते अंग, जैसे कलियाँ) तक ले जाई जाती है।
- वसंत में, पौधे निष्क्रियता (dormancy) से बाहर आकर नई वृद्धि शुरू करते हैं।
निम्न में से कौन सी अभिक्रिया संयोजन अभिक्रिया नहीं है?
- C + O₂ → CO₂
- 2HI → H₂ + I₂
- 2H₂ + O₂ → 2H₂O
- NH₃ + HCl → NH₄Cl
Explanation:
- 2HI → H₂ + I₂: यह एक अपघटन अभिक्रिया (decomposition reaction) है, क्योंकि एक अभिकारक (HI) दो उत्पादों (H₂ और I₂) में टूट रहा है।
- संयोजन अभिक्रिया: दो या अधिक अभिकारक मिलकर एक उत्पाद बनाते हैं (C+O₂, 2H₂+O₂, NH₃+HCl – ये सभी संयोजन हैं)।
Quick Facts:
- अपघटन (decomposition): AB → A + B (विपरीत संयोजन)
- 2HI → H₂ + I₂ (तापीय अपघटन, HI का असंगत होना)
अमीबा में भोजन ______ द्वारा लिया जाता है।
- मुँह
- सिलिया की गति
- संपूर्ण शरीर सतह क्षेत्र
- कशाभिका की गति
Explanation:
- अमीबा (Amoeba) भोजन को संपूर्ण शरीर सतह (कोशिका झिल्ली) द्वारा फैगोसाइटोसिस (phagocytosis) के माध्यम से ग्रहण करता है – यह कूटपाद (pseudopodia) बनाकर भोजन को चारों ओर से घेर लेता है।
- इसमें कोई विशेष मुख (mouth) नहीं होता।
Quick Facts:
- अमीबा: एककोशिकीय, अंगहीन (जंतु), कूटपाद द्वारा गति और भोजन ग्रहण।
- फैगोसाइटोसिस: अंतर्ग्रहण (endocytosis) का एक प्रकार, जिसमें ठोस कणों को कोशिका द्वारा अवशोषित किया जाता है।
हम पौधों में मोटी कोशिका भित्ति वाली ऐसी कोशिकाएँ कहाँ पा सकते हैं?
- मेरिस्टेम में
- एपिडर्मिस में
- जाइलम में
- फ्लोएम में
Explanation:
- मेरिस्टेमैटिक (meristematic) ऊतकों (विभज्योतक) में कोशिकाएँ पतली-दीवार वाली, घनी साइटोप्लाज्मिक, विभाजनशील होती हैं – इनकी कोशिका भित्ति मोटी नहीं होती (असत्य: मेरिस्टेम में पतली दीवार होती है)।
- वास्तव में, मोटी कोशिका भित्ति वाली कोशिकाएँ स्क्लेरेन्काइमा (sclerenchyma) और कोलेन्काइमा (collenchyma) में पाई जाती हैं – ये स्थायी ऊतक हैं।
- यदि चित्र (यदि दिया गया हो) मोटी भित्ति दर्शाता है, तो यह ‘जाइलम’ (xylem) या ‘स्क्लेरेन्काइमा’ हो सकता है, पर विकल्पों में ‘मेरिस्टेम’ दिया है, जो मोटी भित्ति नहीं रखता – अतः प्रश्न में विसंगति है। सामान्यतः जाइलम (मृत) में मोटी भित्ति होती है (लिग्निनयुक्त)।
Quick Facts:
- स्क्लेरेन्काइमा: मोटी, लिग्निनयुक्त भित्ति, मृत कोशिकाएँ (सहायता/प्रोटेक्शन)।
- मेरिस्टेम: पतली, कोशिका भित्ति, विभाजनशील (प्राथमिक वृद्धि)।
तीन कार्बन परमाणुओं की श्रृंखला और एक कीटोन समूह वाले कार्बनिक यौगिक का सही नाम कौन-सा है?
- प्रोपेनॉल
- प्रोपेनोन
- प्रोपेनल
- प्रोपीन
Explanation:
- 3 कार्बन श्रृंखला + कीटोन (C=O) समूह = प्रोपेनोन (Propanone), जिसे एसीटोन (acetone, CH₃COCH₃) भी कहते हैं (IUPAC: प्रोपेन-2-ऑन)।
- प्रोपेनॉल (propanol): अल्कोहल (–OH), प्रोपेनल (propanal): एल्डिहाइड (–CHO), प्रोपीन (propene): ऐल्कीन (C=C)।
Quick Facts:
- प्रोपेनोन (एसीटोन): सबसे सरल कीटोन, रंगहीन, विलायक के रूप में उपयोगी, नेल पॉलिश रिमूवर में।
- सूत्र: CH₃COCH₃, द्वि-कीटोन नहीं (मोनो-कीटोन)।
