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एक भारतीय महिला समाज सुधारक, _____________ को 1910 में ‘भारत स्त्री मंडल’ की स्थापना का श्रेय दिया जाता है।
- सावित्री बाई फुले
- सरला बाला देवी चौधरानी
- उषा मेहता
- सरोजिनी नायडू
Explanation:
- सरला बाला देवी चौधरानी (1872-1945) ने 1910 में “भारत स्त्री मंडल” (Bharat Stree Mandal) की स्थापना की।
- यह संगठन महिलाओं के शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक अधिकारों के लिए कार्य करता था।
- वह रवीन्द्रनाथ टैगोर की भतीजी थीं।
- उन्होंने “लिटिल क्लब” की भी स्थापना की।
- सावित्री बाई फुले – भारत की पहली महिला शिक्षिका, पुणे में पहली बालिका विद्यालय की स्थापना (1848)।
- उषा मेहता – स्वतंत्रता सेनानी, भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय।
- सरोजिनी नायडू – “भारत कोकिला”, कांग्रेस की पहली भारतीय महिला अध्यक्ष (1925)।
खिलाफत आंदोलन (समूह) निम्नलिखित में से किसके विरोध में शुरू किया गया था?
- जलियांवाला बाग नरसंहार
- बंगाल का विभाजन
- रोलेट अधिनियम
- ऑटोमन साम्राज्य का विघटन
Explanation:
- खिलाफत आंदोलन (1919-24) प्रथम विश्व युद्ध के बाद ऑटोमन साम्राज्य (तुर्की) के विघटन और खलीफा की स्थिति के विरोध में शुरू किया गया था।
- इसका नेतृत्व मौलाना मुहम्मद अली, शौकत अली और मौलाना अबुल कलाम आज़ाद ने किया।
- यह असहयोग आंदोलन (1920-22) के साथ मिलकर चला।
- इसका उद्देश्य तुर्की के खलीफा की सुरक्षा करना था।
- गलत विकल्प:
- जलियांवाला बाग – 1919 (रौलेट एक्ट के विरोध में)
- बंगाल का विभाजन – 1905 (स्वदेशी आंदोलन का कारण)
- रौलेट अधिनियम – 1919
निम्नलिखित में से किसने बंगाल केमिकल स्वदेशी स्टोर्स की स्थापना की थी?
- दादाभाई नौरोजी
- सुरेन्द्रनाथ बनर्जी
- बी.जी. तिलक
- आचार्य पी.सी. राय
Explanation:
- आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय (1861-1944) ने 1892 में “बंगाल केमिकल स्वदेशी स्टोर्स” (Bengal Chemicals & Swadeshi Stores) की स्थापना की।
- यह स्वदेशी आंदोलन का हिस्सा था।
- उन्हें “भारतीय रसायन विज्ञान के पिता” कहा जाता है।
- उन्होंने “स्वदेशी” को बढ़ावा देने के लिए यह कंपनी स्थापित की।
- यह भारत की पहली रासायनिक कंपनी थी।
भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के दौरान उग्रवादियों का मुख्य उद्देश्य क्या था?
- पूर्ण स्वतंत्रता (स्वराज्य) प्राप्त करना
- सामाजिक सुधार लाना
- भारत में ब्रिटिश माल को बढ़ावा देना
- विधान परिषदों का विस्तार करना
Explanation:
- उग्रवादियों (गरम दल) का मुख्य उद्देश्य पूर्ण स्वतंत्रता (स्वराज्य) प्राप्त करना था।
- प्रमुख उग्रवादी नेता: बाल गंगाधर तिलक, बिपिन चंद्र पाल, लाला लाजपत राय (“लाल-बाल-पाल”)।
- उन्होंने स्वदेशी, बहिष्कार और राष्ट्रीय शिक्षा पर जोर दिया।
- उनका मानना था कि संवैधानिक तरीके पर्याप्त नहीं हैं।
- गलत विकल्प:
- सामाजिक सुधार – नरमपंथियों (उदारवादियों) का उद्देश्य
- ब्रिटिश माल को बढ़ावा – ब्रिटिश समर्थक
- विधान परिषदों का विस्तार – नरमपंथियों की मांग
भोलानाथ सिंह निम्नलिखित में से किस विद्रोह के नेता थे?
- तामार विद्रोह
- वहाबी आंदोलन
- संथाल विद्रोह
- फराजी आंदोलन
Explanation:
- भोलानाथ सिंह तामार विद्रोह (1855-56) के नेता थे।
- तामार विद्रोह झारखंड के राँची क्षेत्र में हुआ।
- यह भूमिज और तामार जनजातियों का विद्रोह था।
- यह ब्रिटिश शासन और जमींदारों के अत्याचारों के खिलाफ था।
- अन्य विद्रोह:
- संथाल विद्रोह (1855-56) – सिद्धू-कान्हू मुर्मू
- वहाबी आंदोलन – सैयद अहमद बरेलवी
- फराजी आंदोलन – हाजी शरियतुल्लाह (बंगाल)
साधारण किसानों और वंशावली अनुगत श्रमिकों की आर्थिक शिकायतों के परिणामस्वरूप उभरा हुआ चुआड़ विद्रोह, निम्नलिखित में से किस वर्ष के दौरान अपने चरम पर पहुँचा?
- 1901-02
- 1710-11
- 1857-58
- 1798-99
Explanation:
- चुआड़ विद्रोह अपने चरम पर 1798-99 के दौरान पहुँचा।
- यह जंगल महल (वर्तमान पश्चिम बंगाल और झारखंड क्षेत्र) में हुआ।
- इसका नेतृत्व भूमिज और मुण्डा जनजातियों ने किया।
- यह ब्रिटिश भूमि नीति और जमींदारों के शोषण के खिलाफ था।
- चुआड़ विद्रोह का नेतृत्व रानी शिरोमणि (जंगल महल की रानी) ने किया।
ब्रिटिशों के खिलाफ पहला सशस्त्र आदिवासी विद्रोह किस वर्ष हुआ माना जाता है?
- 1795
- 1800
- 1768
- 1784
Explanation:
- ब्रिटिशों के खिलाफ पहला सशस्त्र आदिवासी विद्रोह 1784 में छोटानागपुर में हुआ माना जाता है।
- यह मुण्डा विद्रोह की शुरुआत थी।
- इस विद्रोह का नेतृत्व सालीन मुण्डा ने किया।
- यह ब्रिटिश भूमि नीति और जमींदारों के विरुद्ध था।
- अन्य आदिवासी विद्रोह:
- संथाल विद्रोह (1855-56) – झारखंड
- मुण्डा विद्रोह (1899-1900) – बिरसा मुण्डा
भारत छोड़ो आंदोलन के बाद, पहली समानांतर सरकार किस शहर में स्थापित हुई थी?
- बलिया
- तालचर
- सतारा
- बनारस
Explanation:
- भारत छोड़ो आंदोलन (1942) के बाद पहली समानांतर सरकार बलिया (उत्तर प्रदेश) में चित्तू पांडेय के नेतृत्व में स्थापित हुई।
- यह 1942 में स्थापित हुई।
- इसने ब्रिटिश शासन के खिलाफ प्रशासन चलाया।
- सतारा (महाराष्ट्र) में भी समानांतर सरकार स्थापित हुई (1942-45)।
किस घटना ने ब्रिटिश अधिग्रहण नीति के अंतिम पतन को चिह्नित किया?
- बंगाल का विभाजन
- भारत छोड़ो आंदोलन
- भारत सरकार अधिनियम, 1935
- 1857 का विद्रोह
Explanation:
- 1857 का विद्रोह ने ब्रिटिश अधिग्रहण नीति (विलय नीति) के अंतिम पतन को चिह्नित किया।
- इस विद्रोह के कारण ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन समाप्त हुआ।
- 1858 में ब्रिटिश क्राउन ने सीधे शासन लिया।
- लॉर्ड डलहौजी की व्यपगत सिद्धांत (Doctrine of Lapse) नीति ने विद्रोह को बढ़ावा दिया।
सामाजिक सुधार, साहित्यिक कार्यों और अटूट देशभक्ति में योगदान के कारण ‘भारतीय पुनर्जागरण के जनक’ के रूप में किसे जाना जाता है?
- दयानंद सरस्वती
- स्वामी विवेकानंद
- राजा राम मोहन राय
- आत्माराम पांडुरंग
Explanation:
- राजा राम मोहन राय (1772-1833) को “भारतीय पुनर्जागरण के जनक” कहा जाता है।
- उन्होंने 1828 में ब्रह्म समाज की स्थापना की।
- उन्होंने सती प्रथा (1829) के उन्मूलन में योगदान दिया।
- उन्होंने मूर्ति पूजा और जातिवाद का विरोध किया।
- उन्होंने अंग्रेजी शिक्षा को बढ़ावा दिया।
- अन्य विकल्प:
- दयानंद सरस्वती – आर्य समाज (1875)
- स्वामी विवेकानंद – रामकृष्ण मिशन (1897)
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के गठन के संबंध में ‘सुरक्षा वाल्व’ सिद्धांत से सबसे अधिक कौन सम्बंधित है?
- लॉर्ड डफरिन
- ए.ओ. ह्यूम
- डब्ल्यू. सी. बनर्जी
- दादाभाई नौरोजी
Explanation:
- ए.ओ. ह्यूम (Allan Octavian Hume) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के संस्थापक (1885) और “सुरक्षा वाल्व” (Safety Valve) सिद्धांत से जुड़े हैं।
- इस सिद्धांत के अनुसार, INC ब्रिटिश सरकार के लिए एक सुरक्षा कवच था, जो जनता के असंतोष को शांतिपूर्ण तरीके से व्यक्त करता था।
- ह्यूम एक ब्रिटिश अधिकारी थे।
- INC का पहला अधिवेशन 1885 में बॉम्बे में हुआ।
वी.ओ. चिदंबरम पिल्लई निम्नलिखित में से किस क्षेत्र में क्रांतिकारी आंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल थे?
- दिल्ली
- मद्रास
- बॉम्बे
- कलकत्ता
Explanation:
- वी.ओ. चिदंबरम पिल्लई (1872-1936) मद्रास (तमिलनाडु) में क्रांतिकारी आंदोलन में सक्रिय थे।
- उन्होंने 1906 में “स्वदेशी स्टीम नेविगेशन कंपनी” की स्थापना की।
- उन्होंने ब्रिटिश के विरुद्ध स्वदेशी को बढ़ावा दिया।
- उन्हें “कपालोट्टियम वल्लल” (साहसी नाविक) के नाम से भी जाना जाता है।
- उनके कार्यों ने दक्षिण भारत में स्वतंत्रता आंदोलन को प्रेरित किया।
वर्ष 1945 में वारली जनजाति का किसान आंदोलन भारत के निम्नलिखित में से किस राज्य में हुआ था?
- गुजरात
- मिजोरम
- महाराष्ट्र
- केरल
Explanation:
- वारली जनजाति का किसान आंदोलन 1945 में महाराष्ट्र (विशेष रूप से ठाणे जिले) में हुआ।
- यह आदिवासी किसानों का भूमि अधिकारों के लिए आंदोलन था।
- इसका नेतृत्व ब्रिटिश विरोधी भावना ने किया।
- वारली जनजाति महाराष्ट्र और गुजरात में पाई जाती है।
निम्नलिखित में से किस विद्रोह की जड़ें इस तथ्य में निहित थीं कि अंग्रेजों ने आदिवासियों को ताड़ी के पेड़ों पर उनके पारंपरिक अधिकारों से वंचित कर दिया था?
- खासी विद्रोह
- तेलांगा खारिया विद्रोह
- कोया विद्रोह
- मांझी विद्रोह
Explanation:
- कोया विद्रोह (1879-80) की जड़ें अंग्रेजों द्वारा आदिवासियों को ताड़ी के पेड़ों पर उनके पारंपरिक अधिकारों से वंचित करने में निहित थीं।
- यह विद्रोह आंध्र प्रदेश के गोदावरी क्षेत्र में हुआ।
- इसमें कोया और रेड्डी जनजातियों ने भाग लिया।
- यह वन नीति के विरुद्ध था।
1640 के दशक में चेन्नई में किले सेंट जॉर्ज का निर्माण किस कंपनी ने किया और बाद में 1684 में मद्रास प्रेसीडेंसी की स्थापना की?
- जेनोईस ईस्ट इंडिया कंपनी
- ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी
- पुर्तगाली ईस्ट इंडिया कंपनी
- स्पेनिश ईस्ट इंडिया कंपनी
Explanation:
- फोर्ट सेंट जॉर्ज (चेन्नई) का निर्माण 1640 में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने किया।
- यह भारत में पहला ब्रिटिश किला था।
- 1684 में मद्रास प्रेसीडेंसी की स्थापना हुई।
- यह ब्रिटिश शासन का एक प्रमुख केंद्र था।
- ब्रिटिश किले:
- फोर्ट सेंट जॉर्ज (1640) – चेन्नई
- फोर्ट विलियम (1696) – कलकत्ता
- फोर्ट सेंट जॉर्ज (1640) – मुंबई
1857 के विद्रोह के दौरान बिहार के एक वृद्ध ज़मींदार कौन थे जिन्होंने विद्रोही सिपाहियों का साथ दिया और कई महीनों तक अंग्रेजों से युद्ध किया?
- कुँवर सिंह
- बख्त खान
- तात्या टोपे
- अहमदुल्लाह शाह
Explanation:
- कुँवर सिंह (1777-1858) बिहार के जगदीशपुर के एक वृद्ध जमींदार थे, जिन्होंने 1857 के विद्रोह में सिपाहियों का नेतृत्व किया।
- वे 80 वर्ष की आयु में विद्रोह में शामिल हुए।
- उन्होंने अंग्रेजों से कई महीनों तक युद्ध किया।
- उन्होंने आरा में ब्रिटिश सेना को हराया।
- उन्हें 1858 में युद्ध के दौरान चोट लगी और उनकी मृत्यु हो गई।
- वे बिहार के वीर के रूप में पूजे जाते हैं।
- अन्य विकल्प:
- बख्त खान – दिल्ली में विद्रोह के सेनापति
- तात्या टोपे – नाना साहेब के सेनापति
- अहमदुल्लाह शाह – अवध विद्रोह के नेता
निम्नलिखित में से कौन-सा आदिवासी विद्रोह नहीं था?
- फराजी आंदोलन
- खेरवार आंदोलन
- तमार विद्रोह
- संथाल विद्रोह
Explanation:
- फराजी आंदोलन (1830-60) आदिवासी विद्रोह नहीं था, बल्कि एक धार्मिक-सामाजिक सुधार आंदोलन था।
- इसकी शुरुआत हाजी शरियतुल्लाह (1781-1840) ने बंगाल में की।
- इसका उद्देश्य इस्लाम की शुद्धता पर जोर देना था।
- यह ब्रिटिश और हिंदू जमींदारों के खिलाफ था।
- आदिवासी विद्रोह:
- खेरवार आंदोलन (1830) – झारखंड
- तमार विद्रोह (1855-56) – झारखंड
- संथाल विद्रोह (1855-56) – झारखंड
सिंह सभा आंदोलन किस समुदाय से जुड़ा है?
- हिंदू
- सिख
- पारसी
- मुस्लिम
Explanation:
- सिंह सभा आंदोलन 1873 में अमृतसर में शुरू हुआ और सिख समुदाय से जुड़ा है।
- इसका उद्देश्य सिख धर्म को सुधारना और ईसाई मिशनरियों के प्रभाव का मुकाबला करना था।
- इसने सिख शिक्षा और साहित्य को बढ़ावा दिया।
- इसका सिख समुदाय में राष्ट्रीय जागरूकता पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा।
- अन्य विकल्प:
- ब्रह्म समाज – हिंदू
- आर्य समाज – हिंदू
- अलीगढ़ आंदोलन – मुस्लिम
अंग्रेजों ने शिक्षा को किस उपकरण के रूप में प्रयोग किया?
- भारतीय व्यापार का विस्तार करना
- औपनिवेशिक शासन को मजबूत करना
- भारतीय समाज में सुधार करना
- महिला सशक्तिकरण का समर्थन करना
Explanation:
- अंग्रेजों ने शिक्षा को औपनिवेशिक शासन को मजबूत करने के उपकरण के रूप में प्रयोग किया।
- उन्होंने 1835 में लॉर्ड मैकाले के मैकाले मिनट्स के माध्यम से अंग्रेजी शिक्षा को बढ़ावा दिया।
- इसका उद्देश्य भारतीयों को अंग्रेजी और पश्चिमी संस्कृति से परिचित कराना था।
- यह भारतीय समाज में एक शिक्षित वर्ग का निर्माण करने के लिए था, जो ब्रिटिश हितों का समर्थन करे।
1918 में खेड़ा सत्याग्रह के दौरान महात्मा गांधी ने किस नेता के साथ सहयोग किया था?
- राजकुमार शुक्ला
- सरदार वल्लभभाई पटेल
- सुभाष चंद्र बोस
- लाला लाजपत राय
Explanation:
- 1918 के खेड़ा सत्याग्रह (गुजरात) में महात्मा गांधी ने सरदार वल्लभभाई पटेल के साथ सहयोग किया।
- यह आंदोलन किसानों के लगान (कर) के विरुद्ध था।
- यह गांधी के गुजरात में पहले बड़े सत्याग्रह में से एक था।
- इसके परिणामस्वरूप किसानों को लगान में राहत मिली।
- इसने पटेल को गांधीवादी के रूप में स्थापित किया।
- अन्य विकल्प:
- राजकुमार शुक्ला – चंपारण (1917)
- सुभाष चंद्र बोस – कांग्रेस के अध्यक्ष (1938)
1663 में, कोच्चि के राजा को पुर्तगालियों को उनके राज्य से बाहर निकालने में निम्नलिखित में से किस कंपनी ने सहायता की थी?
- फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी
- डच ईस्ट इंडिया कंपनी
- ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी
- स्पेनिश ईस्ट इंडिया कंपनी
Explanation:
- 1663 में कोच्चि के राजा ने डच ईस्ट इंडिया कंपनी की मदद से पुर्तगालियों को उनके राज्य से बाहर निकाला।
- इस घटना ने डच को केरल में शक्तिशाली बनाया।
- यह पुर्तगाली के पतन का एक कारण था।
ब्रिटिश सामाजिक सुधारों का एक महत्वपूर्ण परिणाम ______ था।
- सार्वजनिक जीवन में महिलाओं का उदय
- जातिगत कठोरता में वृद्धि
- धार्मिक कट्टरवाद का प्रसार
- शिक्षा में गिरावट
Explanation:
- ब्रिटिश सामाजिक सुधारों का एक महत्वपूर्ण परिणाम सार्वजनिक जीवन में महिलाओं का उदय था।
- सुधारों के कारण महिलाओं के शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक अधिकारों पर जोर दिया गया।
- सती प्रथा (1829) के उन्मूलन ने महिलाओं के जीवन में सुधार किया।
- महिलाओं ने स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भाग लेना शुरू किया।
- राजा राम मोहन राय और ईश्वर चंद्र विद्यासागर ने महिला सुधारों का नेतृत्व किया।
सिंगफो विद्रोह वर्तमान भारत के किस क्षेत्र से जुड़ा है?
- अरुणाचल प्रदेश
- असम
- त्रिपुरा
- मणिपुर
Explanation:
- सिंगफो विद्रोह (1830-40) असम क्षेत्र से जुड़ा है।
- यह सिंगफो जनजाति का ब्रिटिश के खिलाफ विद्रोह था।
- यह असम के सादिया क्षेत्र में हुआ।
- यह ब्रिटिश विस्तारवाद के खिलाफ था।
“स्वदेश सेवक होम” निम्नलिखित में से किस राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन से संबंधित है?
- गदर आंदोलन
- स्वदेशी आंदोलन
- असहयोग आंदोलन
- होम रूल आंदोलन
Explanation:
- “स्वदेश सेवक होम” गदर आंदोलन (1913) से संबंधित है।
- यह सैन फ्रांसिस्को में गदर पार्टी द्वारा स्थापित किया गया था।
- इसका उद्देश्य क्रांतिकारी तरीकों से ब्रिटिश शासन को उखाड़ फेंकना था।
- गदर पार्टी के नेता लाला हरदयाल थे।
निम्नलिखित में से किसने ब्रिटिश नील उत्पादकों के विरुद्ध प्रसिद्ध ‘बारासात विद्रोह’ नामक सक्रिय असहयोग आंदोलन का नेतृत्व किया था?
- दुदू मियां
- सिधु मुर्मु
- हाजी शरियतुल्लाह
- टीटू मीर
Explanation:
- टीटू मीर (मिर्जा नसीरुद्दीन) ने ब्रिटिश नील उत्पादकों के विरुद्ध ‘बारासात विद्रोह’ (1831) का नेतृत्व किया।
- यह पश्चिम बंगाल के बारासात क्षेत्र में हुआ।
- इस विद्रोह ने ब्रिटिश और हिंदू जमींदारों के खिलाफ किसानों को संगठित किया।
- टीटू मीर ने बांस के किले (बांस की किल्लत) का निर्माण किया।
- वे सैयद अहमद बरेलवी के अनुयायी थे।
- अन्य विकल्प:
- दुदू मियां – फराजी आंदोलन
- सिधु मुर्मु – संथाल विद्रोह (1855-56)
- हाजी शरियतुल्लाह – फराजी आंदोलन के संस्थापक
सुभाष चंद्र बोस के नेतृत्व संभालने से पहले ‘आज़ाद हिंद फ़ौज’ के नेता कौन थे?
- ज़िया उर रहमान
- मोहन सिंह
- शाह नवाज खान
- प्राण नाथ ठापर
Explanation:
- मोहन सिंह सुभाष चंद्र बोस के नेतृत्व संभालने से पहले आज़ाद हिंद फौज (INA) के नेता थे।
- उन्होंने 1942 में सिंगापुर में INA की स्थापना की।
- बाद में 1943 में सुभाष चंद्र बोस ने इसका पुनर्गठन किया।
- बोस ने “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा” का नारा दिया।
निम्नलिखित में से कौन सा 1857 के विद्रोह का एक महत्वपूर्ण कारण नहीं माना जाता है?
- सती प्रथा, कन्या भ्रूण हत्या और विधवा पुनर्विवाह को बढ़ावा देने वाली ब्रिटिश नीतियों
- ग्रीसयुक्त कारतूस का परिचय
- शासक और शासित के बीच संपर्क का अभाव
- व्यपगत सिद्धांत की नीति
Explanation:
- सती प्रथा, कन्या भ्रूण हत्या और विधवा पुनर्विवाह को बढ़ावा देने वाली ब्रिटिश नीतियों 1857 के विद्रोह का महत्वपूर्ण कारण नहीं हैं।
- वास्तव में, ब्रिटिश ने सती प्रथा (1829) को समाप्त कर दिया था और विधवा पुनर्विवाह (1856) को वैध बनाया था।
- ये सामाजिक सुधार थे, विद्रोह का कारण नहीं।
- 1857 के विद्रोह के कारण:
- ग्रीसयुक्त कारतूस – धार्मिक भावनाओं को आहत किया।
- शासक और शासित के बीच संपर्क का अभाव – अंग्रेजों का अलगाव।
- व्यपगत सिद्धांत – लॉर्ड डलहौजी की विलय नीति।
भारत में सहकारी आंदोलन की जांच करने के लिए 1915 की समिति का नेतृत्व किसने किया था?
- लॉर्ड कर्जन
- सर एडवर्ड मैक्लेगन
- लॉर्ड इरविन
- सर जॉन साइमन
Explanation:
- सहकारी आंदोलन की जांच के लिए 1915 की समिति का नेतृत्व सर एडवर्ड मैक्लेगन ने किया।
- यह समिति भारत में सहकारी आंदोलन की स्थिति पर रिपोर्ट करने के लिए बनाई गई थी।
- इसके परिणामस्वरूप सहकारी समितियों के विकास को बढ़ावा मिला।
- भारत में सहकारी आंदोलन की शुरुआत 1904 में हुई।
1932 के पूना समझौते पर महात्मा गांधी की ओर से किसने हस्ताक्षर किए थे, क्योंकि उस समय वे जेल में थे?
- जवाहरलाल नेहरू
- सरदार वल्लभभाई पटेल
- डॉ. राजेंद्र प्रसाद
- पं. मदन मोहन मालवीय
Explanation:
- 1932 के पूना समझौते पर महात्मा गांधी की ओर से पं. मदन मोहन मालवीय ने हस्ताक्षर किए थे।
- यह समझौता डॉ. बी.आर. अंबेडकर और गांधी के बीच हुआ।
- यह सांप्रदायिक पंचाट (Communal Award) के विरोध में हुआ।
- इस समझौते के तहत दलितों के लिए अलग निर्वाचन क्षेत्र के स्थान पर आरक्षित सीटें प्रदान की गईं।
- गांधी जेल में थे, इसलिए मालवीय ने हस्ताक्षर किए।
ब्रिटिश शासन के दौरान भारत के आर्थिक शोषण को उजागर करने वाले ‘ड्रेन ऑफ़ वेल्थ’ सिद्धांत का प्रमुख रूप से किसने समर्थन किया था?
- गोपाल कृष्ण गोखले
- बिपिन चंद्र पाल
- लाला लाजपत राय
- दादाभाई नौरोजी
Explanation:
- “ड्रेन ऑफ वेल्थ” (धन निष्कासन) सिद्धांत का प्रमुख रूप से दादाभाई नौरोजी ने समर्थन किया था।
- उन्होंने 1867 में इस सिद्धांत को प्रस्तुत किया।
- उनके अनुसार, ब्रिटिश भारत के धन को इंग्लैंड ले जा रहे थे।
- उन्होंने “पोवर्टी एंड अन-ब्रिटिश रूल इन इंडिया” (1901) पुस्तक लिखी।
- इस सिद्धांत ने भारतीय राष्ट्रवाद को आर्थिक आधार प्रदान किया।
ब्रिटिश भारत में सती प्रथा का आधिकारिक रूप से उन्मूलन किसके शासनकाल में हुआ था?
- लॉर्ड डलहौजी
- लॉर्ड विलियम बेंटिक
- लॉर्ड कार्नवालिस
- लॉर्ड कैनिंग
Explanation:
- सती प्रथा का आधिकारिक रूप से उन्मूलन लॉर्ड विलियम बेंटिक (1828-1835) के शासनकाल में 1829 में हुआ।
- इस कानून ने सती (विधवा का पति के साथ जलना) को अपराध घोषित किया।
- इसमें राजा राम मोहन राय का महत्वपूर्ण योगदान था।
- यह ब्रिटिश सामाजिक सुधारों का एक महत्वपूर्ण कदम था।
ओडिशा में खोंड विद्रोह के संदर्भ में ‘यंग राजा’ कौन था?
- यूतिरोत सिंह
- मगन लाल भुखन
- जेठा माधवजी
- चक्र बिसोई
Explanation:
- चक्र बिसोई को ओडिशा में खोंड विद्रोह (1855-56) के संदर्भ में ‘यंग राजा’ (Young Raja) कहा जाता था।
- उन्होंने खोंड जनजाति का नेतृत्व किया।
- यह विद्रोह ब्रिटिश के खिलाफ था।
- खोंड जनजाति में नरबलि (मरियाह) की प्रथा थी, जिसे अंग्रेजों ने समाप्त करने की कोशिश की।
उत्तर-पश्चिम सीमा प्रांत में लाल कुर्ती आंदोलन, जिसे खुदाई खिदमतगार के नाम से भी जाना जाता है, इसका नेतृत्व किस भारतीय स्वतंत्रता सेनानी ने किया था?
- खान अब्दुल गफ्फार खान
- सुभाष चंद्र बोस
- मौलाना अबुल कलाम आज़ाद
- मदन मोहन मालवीय
Explanation:
- लाल कुर्ती आंदोलन (खुदाई खिदमतगार – अल्लाह के सेवक) का नेतृत्व खान अब्दुल गफ्फार खान ने किया था।
- यह उत्तर-पश्चिम सीमा प्रांत (NWFP) में 1930 के दशक में शुरू हुआ।
- इसके सदस्य लाल कुर्ती (लाल शर्ट) पहनते थे।
- उन्हें “फ्रंटियर गांधी” (सीमांत गांधी) कहा जाता था।
- उन्होंने अहिंसा का पालन किया।
1886 में कलकत्ता में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सत्र में, इंग्लैंड और भारत में एक साथ भारतीय सिविल सेवा परीक्षाओं की एक प्रमुख मांग उठाई गई थी। इस सत्र की अध्यक्षता किसने की थी?
- बदरुद्दीन तैयबजी
- दादाभाई नौरोजी
- डब्ल्यूसी बनर्जी
- सुरेन्द्रनाथ बनर्जी
Explanation:
- 1886 में कलकत्ता में INC के सत्र की अध्यक्षता दादाभाई नौरोजी ने की।
- इस सत्र में भारतीय सिविल सेवा परीक्षा को इंग्लैंड और भारत में एक साथ आयोजित करने की मांग उठाई गई।
- यह नरमपंथी नेताओं की एक प्रमुख मांग थी।
- INC अध्यक्ष:
- 1885 – डब्ल्यू. सी. बनर्जी (बॉम्बे)
- 1886 – दादाभाई नौरोजी (कलकत्ता)
- 1887 – बदरुद्दीन तैयबजी (मद्रास)
भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में अपनी अग्रणी भूमिका और विदेश में भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के पहले संस्करण को फहराने के लिए ‘भारतीय क्रांति की जननी’ के रूप में किसे जाना जाता है?
- विजयलक्ष्मी पंडित
- मैडम भीकाजी कामा
- एनी बेसेंट
- सरोजिनी नायडू
Explanation:
- मैडम भीकाजी कामा (1861-1936) को “भारतीय क्रांति की जननी” कहा जाता है।
- उन्होंने 1907 में जर्मनी (स्टटगार्ट) में भारतीय राष्ट्रीय ध्वज का पहला संस्करण फहराया।
- वह पारसी स्वतंत्रता सेनानी थीं।
- उन्होंने “वंदे मातरम्” पत्रिका प्रकाशित की।
निम्नलिखित में से किस INC सत्र ने आर्म्स एक्ट और वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट का विरोध करने वाला प्रस्ताव पारित किया था?
- 1887 मद्रास
- 1895 पूना
- 1888 इलाहाबाद
- 1885 बॉम्बे
Explanation:
- 1885 के बॉम्बे सत्र (INC का पहला सत्र) में आर्म्स एक्ट और वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट के विरोध में प्रस्ताव पारित किया गया था।
- वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट (1878) – लॉर्ड लिटन द्वारा पारित, भारतीय भाषा के अखबारों पर प्रतिबंध।
- आर्म्स एक्ट (1878) – भारतीयों को हथियार रखने से रोकता था।
- INC के प्रारंभिक सत्रों में ब्रिटिश नीतियों का विरोध किया गया।
निम्नलिखित में से किसका गठन 1600 में एक चार्टर के माध्यम से किया गया था जिसने इसे 15 वर्षों के लिए केप ऑफ गुड होप के पूर्व क्षेत्र के साथ व्यापार करने का विशेष विशेषाधिकार दिया था?
- ऑस्ट्रियाई ईस्ट इंडिया कंपनी
- डेनिश ईस्ट इंडिया कंपनी
- स्पेनिश ईस्ट इंडिया कंपनी
- इंग्लिश ईस्ट इंडिया कंपनी
Explanation:
- इंग्लिश ईस्ट इंडिया कंपनी का गठन 31 दिसंबर, 1600 को चार्टर के माध्यम से किया गया था।
- इसे 15 वर्षों के लिए केप ऑफ गुड होप के पूर्व क्षेत्र के साथ व्यापार करने का विशेष विशेषाधिकार दिया गया था।
- यह भारत में पहली ब्रिटिश कंपनी थी।
- इसके अध्यक्ष सर टॉमस स्मिथ थे।
निम्नलिखित में से कौन-सा आदिवासी विद्रोह 20वीं सदी में नहीं हुआ था?
- कुकी विद्रोह
- नागा विद्रोह
- लुशाई विद्रोह
- बस्तर विद्रोह
Explanation:
- लुशाई विद्रोह 19वीं सदी (1840-50) में हुआ, 20वीं सदी में नहीं।
- यह मिजोरम (तब लुशाई पहाड़ियाँ) में ब्रिटिश के खिलाफ था।
- यह लुशाई (मिजो) जनजाति का विद्रोह था।
- इसका नेतृत्व लालबुरा ने किया।
- 20वीं सदी के आदिवासी विद्रोह:
- कुकी विद्रोह (1917-19) – मणिपुर
- नागा विद्रोह (1917-18) – नागालैंड
- बस्तर विद्रोह (1910) – छत्तीसगढ़
भारत के प्रारंभिक आदिवासी विद्रोहों को भड़काने में ‘दिक्कू’ की क्या भूमिका थी?
- उन्हें जंगलों के देवता माना जाता था
- वे बाहरी लोग थे जैसे जमींदार, साहूकार और अधिकारी आदिवासी समुदाय का शोषण कर रहे थे
- वे आदिवासी क्षेत्रों में तैनात ब्रिटिश अधिकारी थे
- वे आदिवासी पुरोहित थे जो आदिवासी विद्रोह को प्रोत्साहित कर रहे थे
Explanation:
- “दिक्कू” (Dikus) बाहरी लोग थे, जैसे जमींदार, साहूकार और अधिकारी, जो आदिवासी समुदायों का शोषण कर रहे थे।
- इसने आदिवासी विद्रोहों को भड़काने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- आदिवासी अपनी जमीन, वन और स्वायत्तता खो रहे थे।
- यह शब्द संथाल विद्रोह (1855-56) में प्रमुखता से उभरा।
नागर विद्रोह, मैसूर साम्राज्य के नागर प्रांत (वर्तमान शिवमोग्गा जिला) में हुआ एक महत्वपूर्ण किसान विद्रोह था:
- 1856-57
- 1710-11
- 1798-99
- 1830-31
Explanation:
- नागर विद्रोह 1830-31 में मैसूर साम्राज्य के नागर प्रांत (वर्तमान शिवमोग्गा जिला, कर्नाटक) में हुआ।
- यह किसान विद्रोह था।
- इसका नेतृत्व नागर किसानों ने किया।
- यह ब्रिटिश और मैसूर दोनों शासकों के खिलाफ था।
ब्रिटिश शासन द्वारा भारत में औपचारिक रूप से अंग्रेजी शिक्षा कब शुरू की गई थी?
- 1813
- 1854
- 1829
- 1835
Explanation:
- 1835 में लॉर्ड मैकाले के “मैकाले मिनट्स” के आधार पर ब्रिटिश शासन ने अंग्रेजी शिक्षा को औपचारिक रूप से शुरू किया।
- उन्होंने शिक्षा का उद्देश्य भारतीयों को अंग्रेजी और पश्चिमी ज्ञान से परिचित कराना बताया।
- यह भारत में आधुनिक शिक्षा की शुरुआत थी।
- लॉर्ड विलियम बेंटिक (1828-35) ने इसे लागू किया।
1928 में हुए बड़ौदा सत्याग्रह का नेतृत्व किस प्रमुख भारतीय नेता ने किया था, जो बढ़े हुए भूमि कर के विरुद्ध एक प्रमुख सविनय अवज्ञा आंदोलन था?
- महात्मा गांधी
- वल्लभभाई पटेल
- बाल गंगाधर तिलक
- जवाहरलाल नेहरू
Explanation:
- 1928 का बड़ौदा सत्याग्रह सविनय अवज्ञा आंदोलन था, जिसका नेतृत्व सरदार वल्लभभाई पटेल ने किया।
- यह बढ़े हुए भूमि कर के विरुद्ध था।
- यह गुजरात (बड़ौदा रियासत) में हुआ।
- पटेल ने किसानों को संगठित किया।
- यह खेड़ा सत्याग्रह (1918) के बाद पटेल का एक और सफल आंदोलन था।
निम्नलिखित में से किस सुधार संगठन और उसके संस्थापक के युग्म का सही मिलान किया गया है?
- ब्रह्म समाज – दयानंद सरस्वती
- बहुजन समाज – बी.आर. अम्बेडकर
- सत्य शोधक समाज – ज्योतिबा फुले
- आर्य समाज – राजा राम मोहन राय
Explanation:
- सत्य शोधक समाज (Truth Seeker Society) की स्थापना 1873 में ज्योतिबा फुले ने पुणे में की।
- इसका उद्देश्य जातिवाद और छुआछूत का विरोध करना था।
- यह शूद्रों और अतिशूद्रों (दलितों) के उत्थान के लिए था।
- फुले ने 1848 में पुणे में पहली बालिका विद्यालय की स्थापना की।
- सही युग्म:
- ब्रह्म समाज – राजा राम मोहन राय (1828)
- आर्य समाज – दयानंद सरस्वती (1875)
- बहुजन समाज – बी.आर. अम्बेडकर (1940)
1913 में सैन फ्रांसिस्को में स्थापित गदर पार्टी का उद्देश्य क्रांतिकारी तरीकों से भारत में ब्रिटिश शासन को उखाड़ फेंकना था। गदर पार्टी के प्रमुख संस्थापक और वैचारिक नेता कौन थे?
- लाला हरदयाल
- वी.डी. सावरकर
- सचिंद्रनाथ सान्याल
- लाला लाजपत राय
Explanation:
- गदर पार्टी (1913) के प्रमुख संस्थापक और वैचारिक नेता लाला हरदयाल (1884-1939) थे।
- यह पार्टी सैन फ्रांसिस्को में स्थापित हुई।
- इसका उद्देश्य क्रांतिकारी तरीकों से ब्रिटिश शासन को उखाड़ फेंकना था।
- पार्टी का प्रमुख नारा “गदर” (विद्रोह) था।
- हरदयाल ने “गदर” पत्रिका प्रकाशित की।
किस रियासत पर निजाम का व्यक्तिगत शासन था और जिसके पास ‘सरफ खास’ संपत्ति थी?
- मैसूर
- हैदराबाद
- कश्मीर
- ग्वालियर
Explanation:
- हैदराबाद रियासत पर निजाम का व्यक्तिगत शासन था और इसके पास ‘सरफ खास’ (शाही) संपत्ति थी।
- यह भारत की सबसे बड़ी रियासत थी।
- इसके अंतिम निजाम मीर उस्मान अली खान (1911-48) थे।
- 1948 में ऑपरेशन पोलो के तहत इसे भारत में मिला लिया गया।
- अन्य रियासतें:
- मैसूर – वाडियार
- कश्मीर – हरि सिंह
- ग्वालियर – सिंधिया
भारत में गवर्नर जनरल का पद वायसराय या क्राउन के प्रतिनिधि के रूप में कब पदोन्नत किया गया था?
- सन् 1857
- सन् 1935
- सन् 1833
- सन् 1858
Explanation:
- 1858 में भारत सरकार अधिनियम के तहत गवर्नर-जनरल का पद वायसराय (Crown का प्रतिनिधि) के रूप में पदोन्नत किया गया।
- लॉर्ड कैनिंग भारत के पहले वायसराय बने (1858-62)।
- इससे पहले वे गवर्नर-जनरल (1856-58) थे।
- यह परिवर्तन 1857 के विद्रोह के कारण हुआ।
ब्रिटिश भूमि राजस्व नीतियाँ अत्यंत शोषक थीं। किस व्यवस्था के अंतर्गत जमींदारों को फसल उत्पादन की परवाह किए बिना एक निश्चित राजस्व का भुगतान करना आवश्यक था?
- महालवाड़ी
- जमींदारी
- रैयतवाड़ी
- भारतीय राजस्व व्यवस्था
Explanation:
- जमींदारी व्यवस्था (स्थायी बंदोबस्त, 1793) के अंतर्गत जमींदारों को फसल उत्पादन की परवाह किए बिना एक निश्चित राजस्व का भुगतान करना आवश्यक था।
- यह लॉर्ड कार्नवालिस द्वारा बंगाल में लागू की गई।
- इस व्यवस्था से किसान शोषण का शिकार हुए।
- जमींदार ब्रिटिश के वफादार बन गए।
- अन्य व्यवस्थाएँ:
- रैयतवाड़ी – किसानों से सीधा कर (कैप्टन रीड, मुनरो)
- महालवाड़ी – गाँवों से कर (होल्ट मैकेंज़ी)
मांडले जेल, बर्मा में किस प्रमुख भारतीय स्वतंत्रता सेनानी को कैद किया गया था?
- जवाहरलाल नेहरू
- सुभाष चंद्र बोस
- बाल गंगाधर तिलक
- महात्मा गांधी
Explanation:
- बाल गंगाधर तिलक को 1897-98 और 1908-14 में मांडले जेल (बर्मा) में कैद किया गया था।
- उन्हें 1908 में “केसरी” अखबार में लेखों के लिए 6 वर्ष की सजा हुई।
- उन्होंने जेल में “गीता रहस्य” (Gita Rahasya) पुस्तक लिखी।
- जेल से रिहा होने के बाद उन्होंने होम रूल लीग (1916) की स्थापना की।
जंगल महल क्षेत्र में हुए चुआड़ विद्रोह में निम्नलिखित में से कौन सा आदिवासी समुदाय मुख्य रूप से शामिल था?
- भील
- खासी
- भूमिज
- कोल
Explanation:
- जंगल महल क्षेत्र (वर्तमान पश्चिम बंगाल-झारखंड सीमा) में चुआड़ विद्रोह में भूमिज समुदाय मुख्य रूप से शामिल था।
- यह विद्रोह 1768-1834 के बीच कई बार हुआ।
- इसका नेतृत्व रानी शिरोमणि और गंगा नारायण ने किया।
- यह ब्रिटिश और जमींदारों के खिलाफ था।
1929 के सविनय अवज्ञा आंदोलन का क्या उद्देश्य था?
- ब्रिटिश सरकार के आदेशों की पूर्ण अवज्ञा।
- चौरी चौरा घटना का विरोध।
- ब्रिटिश सरकार के आदेशों का आंशिक अवज्ञा।
- यह सुनिश्चित करना कि नागरिकों के सभी अधिकार सरकार द्वारा प्रदान किए गए हैं।
Explanation:
- 1929 के सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930 में शुरू हुआ) का उद्देश्य ब्रिटिश सरकार के आदेशों की पूर्ण अवज्ञा करना था।
- इसकी शुरुआत 12 मार्च, 1930 को दांडी यात्रा के साथ हुई।
- इसका लक्ष्य पूर्ण स्वराज प्राप्त करना था।
- इसमें कर न देने, विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार और नमक कानून तोड़ना शामिल था।
- यह आंदोलन गांधी-इरविन समझौते (1931) के साथ समाप्त हुआ।
निम्नलिखित में से कौन सा विद्रोह ब्रिटिश शासकों के द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के खिलाफ नहीं था?
- फकीर और संन्यासी विद्रोह
- नील विद्रोह
- संथाल विद्रोह
- नक्सलबाड़ी विद्रोह
Explanation:
- नक्सलबाड़ी विद्रोह (1967) ब्रिटिश शासकों के खिलाफ नहीं था, बल्कि स्वतंत्र भारत में भूमि सुधारों और सामंती व्यवस्था के खिलाफ था।
- यह पश्चिम बंगाल के नक्सलबाड़ी में चारु मजुमदार के नेतृत्व में शुरू हुआ।
- यह किसानों का सशस्त्र संघर्ष था।
- इसे नक्सलवाद के नाम से जाना जाता है।
- ब्रिटिश शासन के खिलाफ विद्रोह:
- फकीर-संन्यासी विद्रोह (1760-1800) – बंगाल
- नील विद्रोह (1859-60) – बंगाल
- संथाल विद्रोह (1855-56) – झारखंड
भारतीय स्वतंत्रता के लिए संघर्ष में मदद के लिए निम्नलिखित में से किस संगठनों का गठन भारत से बाहर नहीं हुआ था?
- इंडिया हाउस
- गदर पार्टी
- हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन
- बर्लिन समिति
Explanation:
- हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA) का गठन भारत में 1928 में फिरोजशाह कोटला (दिल्ली) में हुआ था।
- इसकी स्थापना भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद और सुखदेव ने की।
- यह हिन्दुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन (HRA) के पुनर्गठन के रूप में बना।
- इसका उद्देश्य ब्रिटिश शासन का सशस्त्र संघर्ष के माध्यम से उखाड़ फेंकना था।
- भारत से बाहर गठित संगठन:
- इंडिया हाउस (1905) – लंदन
- गदर पार्टी (1913) – सैन फ्रांसिस्को
- बर्लिन समिति (1915) – जर्मनी
स्वतंत्रता से पहले, पहली भारतीय जूट मिल की स्थापना कहाँ हुई थी?
- गुजरात
- बंगाल
- ओडिशा
- महाराष्ट्र
Explanation:
- पहली भारतीय जूट मिल की स्थापना बंगाल (वर्तमान पश्चिम बंगाल) में 1855 में रिशरा (हुगली) में हुई थी।
- इस मिल की स्थापना जॉर्ज एकलैंड ने की थी।
- यह भारत में पहली यांत्रिक जूट मिल थी।
- बाद में बंगाल जूट उत्पादन का प्रमुख केंद्र बन गया।
ईस्ट इंडिया कंपनी की समेकित शक्ति से पहले भी, भारत किन वस्तुओं से बने वस्त्रों का निर्यात करता था:
- केवल कपास
- केवल रेशम
- केवल नायलॉन
- कपास और रेशम
Explanation:
- ईस्ट इंडिया कंपनी की शक्ति से पहले, भारत कपास और रेशम से बने वस्त्रों का निर्यात करता था।
- भारत अपने सूती और रेशमी कपड़ों के लिए विश्व प्रसिद्ध था।
- यह मसालों और वस्त्रों के व्यापार के लिए जाना जाता था।
- ब्रिटिश नीति ने बाद में भारतीय वस्त्र उद्योग को नष्ट कर दिया।
निम्नलिखित में से किसने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना की? (RRB JE CBT-II (Electronics) (31/08/2019) Shift 1)
- मदन मोहन मालवीय
- गोपाल कृष्ण गोखले
- लाला लाजपत राय
- जवाहरलाल नेहरू
Explanation:
- बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) की स्थापना 1916 में मदन मोहन मालवीय ने की थी।
- इसका उद्घाटन 1916 में हुआ था।
- यह एशिया का सबसे बड़ा आवासीय विश्वविद्यालय है।
- इसके उद्घाटन के अवसर पर महात्मा गांधी ने अपनी पहली बड़ी सार्वजनिक उपस्थिति दर्ज की।
- मालवीय को “महामना” के नाम से भी जाना जाता है।
प्रार्थना समाज के संस्थापक कौन थे?
- स्वामी दयानंद सरस्वती
- राजा राम मोहन राय
- आत्माराम पांडुरंग
- स्वामी विवेकानंद
Explanation:
- प्रार्थना समाज की स्थापना 1867 में बॉम्बे में आत्माराम पांडुरंग ने की थी।
- यह ब्रह्म समाज से प्रेरित था।
- इसका उद्देश्य एकेश्वरवाद, मूर्ति पूजा का विरोध और सामाजिक सुधार था।
- इसने जातिवाद और छुआछूत का विरोध किया।
- महादेव गोविंद रानाडे और रामकृष्ण गोपाल भंडारकर इसके प्रमुख नेताओं में से थे।
महात्मा गांधी ने साबरमती से दांडी तक प्रसिद्ध ‘नमक मार्च’ की शुरुआत की। दांडी, गुजरात के किस जिले में है?
- सूरत
- नवसारी
- पोरबंदर
- कच्छ
Explanation:
- दांडी गुजरात के नवसारी जिले में स्थित है।
- यहाँ 6 अप्रैल, 1930 को महात्मा गांधी ने नमक कानून तोड़ा।
- यह दांडी मार्च (12 मार्च – 6 अप्रैल, 1930) का अंतिम बिंदु था।
- यह मार्च साबरमती आश्रम (अहमदाबाद) से शुरू हुआ और 385 किमी की दूरी तय की।
महात्मा गांधी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन की अध्यक्षता ________ पर की थी।
- कराची
- बेलगाम
- कानपूर
- मद्रास
Explanation:
- महात्मा गांधी ने 1924 में बेलगाम (कर्नाटक) में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन की अध्यक्षता की थी।
- यह INC का 39वाँ अधिवेशन था।
- इस अधिवेशन में अहिंसा और सविनय अवज्ञा पर जोर दिया गया।
- गांधी ने अध्यक्षता केवल एक बार (1924) की।
भारत में खिलाफत आंदोलन के बारे में क्या सही है?
- यह पाकिस्तान की मांग में एक आंदोलन था
- यह तुर्की सुल्तान के समर्थन में एक आंदोलन था
- यह भारत में मुगल शाही परिवार को बहाल करने के लिए एक आंदोलन था
- यह जलियांवाला बाग हत्याकांड के खिलाफ एक आंदोलन था
Explanation:
- खिलाफत आंदोलन (1919-24) तुर्की सुल्तान (खलीफा) के समर्थन में एक आंदोलन था।
- यह प्रथम विश्व युद्ध के बाद ऑटोमन साम्राज्य के विघटन के विरोध में था।
- इसका नेतृत्व मौलाना मुहम्मद अली, शौकत अली और मौलाना अबुल कलाम आज़ाद ने किया।
- यह असहयोग आंदोलन (1920-22) के साथ मिलकर चला।
- गलत विकल्प: यह पाकिस्तान की मांग नहीं थी (पाकिस्तान की मांग बाद में 1940 में उठी)।
निम्नलिखित में से कौन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का राष्ट्रवादी चरमपंथी नेता नहीं है?
- बाल गंगाधर तिलक
- बिपिन चंद्र पाल
- सुरेंद्र नाथ बनर्जी
- श्री अरबिंदो घोष
Explanation:
- सुरेंद्र नाथ बनर्जी (1848-1925) चरमपंथी (उग्रवादी) नेता नहीं थे, वे नरमपंथी (उदारवादी) नेता थे।
- वे INC के शुरुआती नेताओं में से थे।
- उन्हें “भारत के दादा” (Grand Old Man of India) कहा जाता है।
- उन्होंने 1885 में इंडियन एसोसिएशन की स्थापना की।
- चरमपंथी नेता:
- बाल गंगाधर तिलक – “लोकमान्य”
- बिपिन चंद्र पाल – “लाल-बाल-पाल” में से एक
- श्री अरबिंदो घोष – “राष्ट्रवाद के पैगंबर”
लंदन में आयोजित दूसरे गोलमेज सम्मेलन में कांग्रेस का प्रतिनिधित्व किसने किया था?
- महात्मा गांधी
- लाल बहादुर शास्त्री
- वल्लभभाई पटेल
- जवाहरलाल नेहरू
Explanation:
- दूसरे गोलमेज सम्मेलन (1931, लंदन) में महात्मा गांधी ने कांग्रेस का प्रतिनिधित्व किया।
- यह सम्मेलन गांधी-इरविन समझौते (5 मार्च, 1931) के बाद आयोजित किया गया था।
- यहाँ गांधी ने भारत को पूर्ण स्वराज की मांग रखी।
- यह सम्मेलन असफल रहा।
- पहला गोलमेज (1930) – कांग्रेस अनुपस्थित
- तीसरा गोलमेज (1932) – कांग्रेस अनुपस्थित
ब्रिटिश शासन के दौरान, ________ को रोकने के लिए 1929 में शारदा अधिनियम पारित किया गया था।
- सती प्रथा
- शिशु हत्या
- बाल विवाह
- बहुविवाह
Explanation:
- शारदा अधिनियम (Child Marriage Restraint Act) 1929 में पारित किया गया था, जिसका उद्देश्य बाल विवाह को रोकना था।
- यह अधिनियम हरबिलास शारदा ने प्रस्तुत किया था।
- इसके अनुसार, लड़कियों के लिए विवाह की न्यूनतम आयु 14 वर्ष और लड़कों के लिए 18 वर्ष निर्धारित की गई।
- बाद में 1949 में इसे संशोधित किया गया।
- अन्य विकल्प:
- सती प्रथा – 1829 (लॉर्ड विलियम बेंटिक)
- शिशु हत्या – 1870 (ब्रिटिश अधिनियम)
1857 में शाहमल ने किस स्थान पर विद्रोह का नेतृत्व किया था?
- बड़ौत
- हिसार
- रोहतक
- भिवानी
Explanation:
- शाहमल ने 1857 में बड़ौत (उत्तर प्रदेश) में विद्रोह का नेतृत्व किया।
- वे जाट जमींदार थे।
- उन्होंने ब्रिटिश के खिलाफ आंदोलन किया।
- उन्होंने मेरठ और दिल्ली के विद्रोहियों की सहायता की।
- उन्हें 1857 में अंग्रेजों ने पराजित किया।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम महासचिव कौन थे?
- गोपाल कृष्ण गोखले
- महात्मा गांधी
- ए.ओ. ह्यूम
- डब्ल्यूसी बनर्जी
Explanation:
- ए.ओ. ह्यूम (Allan Octavian Hume) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम महासचिव (1885-1892) थे।
- वे INC के संस्थापक भी थे।
- वे एक ब्रिटिश अधिकारी थे।
- वे “सुरक्षा वाल्व” सिद्धांत से जुड़े हैं।
1982 में भारत के पहले अंटार्कटिक अभियान का नेतृत्व किसने किया था?
- डॉ. परमजीत सिंह
- डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम
- डॉ. ज़हूर क़ासिम
- डॉ. एस. ज़ेड. क़ासिम
Explanation:
- 1982 में भारत के पहले अंटार्कटिक अभियान का नेतृत्व डॉ. एस. ज़ेड. क़ासिम ने किया।
- इस अभियान ने अंटार्कटिका में दक्षिण गंगोत्री स्टेशन की स्थापना की।
- बाद में मैत्री (1989) और भारती (2012) स्टेशन स्थापित किए गए।
निम्नलिखित में से कौन स्वतंत्रता सेनानी मोतीलाल नेहरू के साथ स्वराज पार्टी के सह-संस्थापक थे?
- अंबिका चरण मजूमदार
- चित्तरंजन दास
- भूपेंद्र नाथ बोस
- रशबिहारी घोष
Explanation:
- स्वराज पार्टी की स्थापना 1923 में मोतीलाल नेहरू और चित्तरंजन दास (सी.आर. दास) ने की थी।
- इसका उद्देश्य विधान परिषदों में प्रवेश करना था।
- सी.आर. दास को “देशबंधु” कहा जाता था।
‘प्रार्थना समाज’ की स्थापना किसने की थी?
- आत्माराम पांडुरंग
- स्वामी विवेकानंद
- स्वामी दयानंद सरस्वती
- महात्मा गांधी
Explanation:
- प्रार्थना समाज की स्थापना आत्माराम पांडुरंग ने 1867 में बॉम्बे में की थी।
- यह ब्रह्म समाज से प्रेरित था।
- इसका उद्देश्य एकेश्वरवाद और सामाजिक सुधार था।
AICC (अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी) ने भारत छोड़ो प्रस्ताव कब पारित किया था?
- 8th जनवरी, 1942
- 18th जुलाई, 1942
- 8th अगस्त, 1942
- 15th अगस्त, 1942
Explanation:
- 8 अगस्त, 1942 को बॉम्बे में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने “भारत छोड़ो” प्रस्ताव पारित किया।
- इसकी अध्यक्षता महात्मा गांधी ने की।
- गांधी ने “करो या मरो” का नारा दिया।
- इसके बाद अंग्रेजों ने गांधी और कांग्रेस नेताओं को गिरफ्तार कर लिया।
भारत का पहला स्वतंत्रता संग्राम 10 मई 1857 को कहाँ शुरू हुआ था?
- लखनऊ
- बरेली
- इलाहाबाद
- मेरठ
Explanation:
- 10 मई, 1857 को मेरठ (उत्तर प्रदेश) से भारत का पहला स्वतंत्रता संग्राम (1857 का विद्रोह) शुरू हुआ।
- यह ग्रीसयुक्त कारतूस के कारण शुरू हुआ।
- इससे पहले 29 मार्च, 1857 को मंगल पांडे ने बैरकपुर में विद्रोह किया था।
- मेरठ के विद्रोही फिर दिल्ली पहुँचे और बहादुर शाह जफर को अपना नेता बनाया।
निम्नलिखित में से किस आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी ने ‘करो या मरो’ का नारा दिया था?
- असहयोग आंदोलन
- भारत छोड़ो आंदोलन
- गदर आंदोलन
- होम रूल आंदोलन
Explanation:
- “करो या मरो” (Do or Die) का नारा महात्मा गांधी ने 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान दिया।
- यह नारा गांधी ने 8 अगस्त, 1942 को बॉम्बे में दिया।
- इस नारे ने स्वतंत्रता संग्राम को एक नई दिशा दी।
सत्याग्रह सभा की स्थापना फरवरी 1919 में निम्नलिखित द्वारा की गई थी:
- अब्दुल गफ्फार खान
- मोहनदास करमचंद गांधी
- सुभाष चंद्र बोस
- मोतीलाल नेहरू
Explanation:
- सत्याग्रह सभा की स्थापना फरवरी 1919 में महात्मा गांधी (मोहनदास करमचंद गांधी) ने की थी।
- इसका उद्देश्य रौलेट एक्ट (1919) का विरोध करना था।
- गांधी ने इसके माध्यम से अहिंसक विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया।
नारा ‘आराम हराम है’ किसने दिया था?
- सुभाष चंद्र बोस
- भगत सिंह
- जवाहरलाल नेहरू
- दयानंद सरस्वती
Explanation:
- “आराम हराम है” (Rest is forbidden) का नारा जवाहरलाल नेहरू ने दिया था।
- इसका अर्थ है कि आलस्य और विश्राम हानिकारक है।
- यह कड़ी मेहनत और सतत प्रयास का संदेश देता है।
बंगाल में स्वदेशी आंदोलन के दौरान, एक तिरंगा झंडा डिजाइन किया गया था जिसमें कौन से रंग थे?
- नारंगी, सफेद और हरा
- लाल, हरा और सफेद
- लाल, हरा और पीला
- हरा, सफेद और पीला
Explanation:
- 1905 में बंगाल में स्वदेशी आंदोलन के दौरान लाल, हरा और पीला (या गेरुआ) रंगों वाला एक तिरंगा झंडा डिजाइन किया गया था।
- इसे बंगाल का स्वदेशी झंडा कहा जाता था।
- यह स्वदेशी और बहिष्कार के प्रतीक के रूप में था।
- बाद में 1931 में INC ने नारंगी, सफेद और हरा झंडा अपनाया।
इनमें से किसने “सिपाही विद्रोह और 1857 के विद्रोह” को “न तो पहला, न ही राष्ट्रीय, न ही स्वतंत्रता संग्राम” कहकर संदर्भित किया था?
- वीर सावरकर
- जवाहरलाल नेहरू
- आर.सी. मजूमदार
- एस.एन. सेन
Explanation:
- आर.सी. मजूमदार (R.C. Majumdar) ने 1857 के विद्रोह को “न तो पहला, न ही राष्ट्रीय, न ही स्वतंत्रता संग्राम” कहा।
- उन्होंने इसे “सिपाही विद्रोह” माना।
- उन्होंने “स्वतंत्रता आंदोलन” पुस्तक लिखी।
- वीर सावरकर ने इसे “भारतीय स्वतंत्रता का प्रथम संग्राम” कहा।
22 जुलाई 1947 का क्या महत्व है?
- राष्ट्रीय गीत को अपनाया गया
- वर्तमान राष्ट्रीय ध्वज को अपनाया गया
- राष्ट्रगान के चयन के लिए नेताओं की चर्चा
- स्वतंत्रता पूर्व सत्र
Explanation:
- 22 जुलाई, 1947 को भारतीय संविधान सभा ने वर्तमान राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) को अपनाया।
- इसे पिंगली वेंकैया ने डिजाइन किया था।
- इसमें केसरिया (साहस), सफेद (शांति) और हरा (उर्वरता) रंग हैं।
- बीच में अशोक चक्र (24 तीलियाँ) है।
भारतीय आधिकारिक रहस्य अधिनियम, जो प्रेस की स्वतंत्रता को प्रतिबंधित करता था, कब पारित किया गया था?
- 1904
- 1903
- 1907
- 1905
Explanation:
- भारतीय आधिकारिक रहस्य अधिनियम (Official Secrets Act) 1904 में पारित किया गया था।
- इसका उद्देश्य प्रेस की स्वतंत्रता को प्रतिबंधित करना था।
- यह ब्रिटिश सरकार के खिलाफ समाचार पत्रों को रोकने के लिए था।
- बाद में 1923 में इसे फिर से पारित किया गया।
किसने कहा, “भारत की एकमात्र आशा जनता से है। उच्च वर्ग शारीरिक और नैतिक रूप से मृत हैं।”
- स्वामी विवेकानंद
- ऑरोबिंदो घोष
- बाल गंगाधर तिलक
- बिपिन चंद्र पाल
Explanation:
- स्वामी विवेकानंद (1863-1902) ने यह कथन दिया था।
- उन्होंने जनता को भारत की आशा बताया।
- उन्होंने उच्च वर्ग की आलोचना की।
- उन्होंने 1893 में शिकागो विश्व धर्म संसद में भाषण दिया।
- उन्होंने 1897 में रामकृष्ण मिशन की स्थापना की।
भारतीय सेवक समाज (सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसायटी) की स्थापना किसने की थी?
- गोपाल कृष्ण गोखले
- स्वामी दयानंद सरस्वती
- बाल गंगाधर तिलक
- ज्योतिबा फुले
Explanation:
- सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसायटी (भारतीय सेवक समाज) की स्थापना 1905 में गोपाल कृष्ण गोखले ने पुणे में की।
- इसका उद्देश्य शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुधार करना था।
- यह ब्रिटिश से स्वतंत्र एक संगठन था।
- महात्मा गांधी गोखले को अपना राजनीतिक गुरु मानते थे।
नस्लीय भेदभाव के खिलाफ लड़ने के लिए नटाल इंडियन कांग्रेस की स्थापना किसने की?
- वल्लभभाई पटेल
- सुभाष चंद्र बोस
- जवाहरलाल नेहरू
- महात्मा गांधी
Explanation:
- नटाल इंडियन कांग्रेस (NIC) की स्थापना 1894 में महात्मा गांधी ने दक्षिण अफ्रीका में की थी।
- इसका उद्देश्य नस्लीय भेदभाव के खिलाफ लड़ना था।
- यह दक्षिण अफ्रीका में भारतीयों के अधिकारों की रक्षा के लिए था।
- यह गांधी का पहला राजनीतिक संगठन था।
सर विलियम जोन्स ने “एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बंगाल” की स्थापना किस वर्ष की थी?
- 1884
- 1784
- 1848
- 1748
Explanation:
- सर विलियम जोन्स ने 15 जनवरी, 1784 को कलकत्ता में एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बंगाल की स्थापना की।
- इसका उद्देश्य एशिया के साहित्य, विज्ञान, कला आदि का अध्ययन था।
- इसे बाद में एशियाटिक सोसाइटी के नाम से जाना गया।
गांधी जी ने किस अधिनियम के विरोध में सत्याग्रह शुरू करने का फैसला किया था?
- रोलेट एक्ट (1919)
- वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट (1878)
- भारत सरकार अधिनियम (1858)
- रेगुलेटिंग एक्ट (1773)
Explanation:
- महात्मा गांधी ने 1919 के रोलेट एक्ट के विरोध में सत्याग्रह शुरू करने का फैसला किया।
- इस अधिनियम ने ब्रिटिश को बिना मुकदमा किसी को भी गिरफ्तार करने का अधिकार दिया।
- गांधी ने 6 अप्रैल, 1919 को सत्याग्रह दिवस मनाया।
- इसके विरोध में जलियांवाला बाग हत्याकांड (13 अप्रैल, 1919) हुआ।
ब्रिटिश भारत में सिविल सेवाओं के जनक के रूप में किसे जाना जाता है?
- डलहौजी
- वेलस्ली
- वारेन हेस्टिंग्स
- चार्ल्स कॉर्नवालिस
Explanation:
- चार्ल्स कॉर्नवालिस (लॉर्ड कॉर्नवालिस) को “भारत में सिविल सेवाओं का जनक” कहा जाता है।
- उन्होंने 1793 में स्थायी बंदोबस्त प्रणाली लागू की।
- उन्होंने भारतीय नागरिक सेवा को कुशल और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने का प्रयास किया।
- उन्होंने न्यायिक सुधार भी किए।
- वारेन हेस्टिंग्स को भी कुछ स्रोतों में सिविल सेवाओं का जनक कहा जाता है।
राजा राममोहन राय ने किस बांग्ला अखबार की स्थापना और संपादन किया था?
- केसरी
- संवाद कौमुदी
- युगान्तर
- मराठा
Explanation:
- राजा राम मोहन राय ने 1821 में “संवाद कौमुदी” नामक बांग्ला अखबार की स्थापना और संपादन किया।
- यह ब्राह्मणवाद और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ था।
- उन्होंने 1822 में “मिरात-उल-अखबार” (फारसी) भी प्रकाशित किया।
- केसरी – बाल गंगाधर तिलक
- युगान्तर – क्रांतिकारी समाचार पत्र
- मराठा – बाल गंगाधर तिलक (अंग्रेजी)
निम्नलिखित में से कौन सा आंदोलन मेरठ में सैन्य सिपाहियों के विद्रोह से शुरू हुआ, जो जल्द ही व्यापक हो गया और ब्रिटिश शासन के लिए गंभीर चुनौती बन गया?
- पानीपत की लड़ाई (1761)
- भारतीय विद्रोह (1857)
- भारत छोड़ो आंदोलन (1942)
- प्लासी का युद्ध (1757)
Explanation:
- 10 मई, 1857 को मेरठ में सैन्य सिपाहियों के विद्रोह से 1857 का भारतीय विद्रोह शुरू हुआ।
- यह जल्द ही व्यापक हो गया और ब्रिटिश शासन के लिए गंभीर चुनौती बन गया।
- इसने दिल्ली, लखनऊ, कानपुर, झांसी आदि क्षेत्रों को प्रभावित किया।
- यह भारत का पहला स्वतंत्रता संग्राम कहा जाता है।
चंपारण आंदोलन किसके विरोध में था?
- ब्रिटिश सरकार द्वारा वित्तीय अत्याचार
- नील की जबरन खेती
- रॉलेट एक्ट, 1919
- भूस्वामियों द्वारा अतिरिक्त कराधान
Explanation:
- चंपारण सत्याग्रह (1917) नील (Indigo) की जबरन खेती के विरोध में था।
- यह बिहार के चंपारण में हुआ।
- यह महात्मा गांधी का भारत में पहला सत्याग्रह था।
- गांधी को वहाँ राज कुमार शुक्ल ने बुलाया था।
- इस आंदोलन ने किसानों को जबरन नील खेती से मुक्ति दिलाई।
जब गांधी जी ने दांडी मार्च का नेतृत्व किया तो निम्नलिखित में से कौन भारत का वायसराय था?
- लॉर्ड वेवेल
- लॉर्ड इरविन
- लॉर्ड विलिंग्डन
- लॉर्ड रीडिंग
Explanation:
- 1930 में दांडी मार्च (नमक सत्याग्रह) के समय भारत के वायसराय लॉर्ड इरविन (1926-1931) थे।
- बाद में उन्होंने 5 मार्च, 1931 को गांधी-इरविन समझौते पर हस्ताक्षर किए।
- लॉर्ड वेवेल (1943-1947) – भारत के अंतिम वायसराय (लॉर्ड माउंटबेटन से पहले)
- लॉर्ड विलिंग्डन (1931-1936) – गांधी-इरविन समझौते के बाद
- लॉर्ड रीडिंग (1921-1926) – चौरी चौरा (1922) के समय
15 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता दिवस के जश्न के दौरान महात्मा गांधी कहाँ थे?
- कोलकाता
- दिल्ली (बिरला हाउस)
- वाराणसी
- अहमदाबाद (सबरमती)
Explanation:
- 15 अगस्त, 1947 को स्वतंत्रता दिवस के जश्न के दौरान महात्मा गांधी कोलकाता में थे।
- उन्होंने दिल्ली में समारोह में भाग नहीं लिया।
- वे हिंदू-मुस्लिम दंगों को शांत करने के लिए कोलकाता गए थे।
- उन्होंने वहाँ उपवास किया और शांति बहाल करने का प्रयास किया।
- अन्य विकल्प:
- दिल्ली – नेहरू ने लाल किले पर झंडा फहराया
- अहमदाबाद – गांधी का आश्रम
राम मोहन राय के विचारों के प्रचार हेतु तत्वबोधिनी सभा की स्थापना किसने की?
- देबेन्द्रनाथ टैगोर
- आनंद मोहन बोस
- के.सी. सेन
- रवीन्द्रनाथ टैगोर
Explanation:
- तत्वबोधिनी सभा (Truth Seekers Society) की स्थापना 1839 में देबेन्द्रनाथ टैगोर ने की थी।
- इसका उद्देश्य राजा राम मोहन राय के ब्रह्म समाज और एकेश्वरवाद के विचारों का प्रचार करना था।
- देबेन्द्रनाथ टैगोर रवीन्द्रनाथ टैगोर के पिता थे।
- वे ब्रह्म समाज के सुधारक थे।
- अन्य विकल्प:
- आनंद मोहन बोस – कांग्रेस के संस्थापक सदस्य
- केशव चंद्र सेन – ब्रह्म समाज के नेता
1848 और 1856 के बीच भारत का गवर्नर जनरल कौन था?
- लॉर्ड विलियम बेंटिक
- लॉर्ड मिंटो
- लॉर्ड डलहौजी
- लॉर्ड वारेन हेस्टिंग्स
Explanation:
- लॉर्ड डलहौजी (1848-1856) 1848 से 1856 के बीच भारत के गवर्नर-जनरल थे।
- उन्होंने व्यपगत सिद्धांत (Doctrine of Lapse) लागू किया।
- उन्होंने 1853 में पहली रेलवे (बॉम्बे-थाणे) और टेलीग्राफ की शुरुआत की।
- उन्होंने अवध (1856) का विलय किया।
- अन्य विकल्प:
- लॉर्ड विलियम बेंटिक (1828-35) – सती प्रथा समाप्त
- लॉर्ड मिंटो (1905-10) – मॉर्ले-मिंटो सुधार
बंगाल की पहली अंग्रेजी फैक्ट्री 1651 में _______ नदी के तट पर स्थापित की गई थी।
- सोन
- दामोदर
- हुगली
- स्वर्णरेखा
Explanation:
- 1651 में बंगाल की पहली अंग्रेजी फैक्ट्री हुगली नदी के तट पर स्थापित की गई थी।
- यह ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा स्थापित की गई थी।
- बाद में 1690 में कलकत्ता (फोर्ट विलियम) की स्थापना हुई।
- हुगली नदी पर बंगाल की कई ब्रिटिश फैक्ट्रियाँ स्थापित हुईं।
निम्नलिखित में से किस वायसराय ने 1929 में भारत के लिए ‘डोमिनियन स्टेटस’ का अस्पष्ट प्रस्ताव दिया था?
- लॉर्ड कार्नवालिस
- लॉर्ड इरविन
- लॉर्ड कैनिंग
- लॉर्ड रिपन
Explanation:
- लॉर्ड इरविन (वायसराय 1926-31) ने 1929 में भारत के लिए ‘डोमिनियन स्टेटस’ का अस्पष्ट प्रस्ताव दिया।
- यह प्रस्ताव कांग्रेस के लाहौर अधिवेशन (1929) से पहले दिया गया था।
- इस प्रस्ताव ने गांधी-इरविन समझौते (1931) का मार्ग प्रशस्त किया।
- इसने पूर्ण स्वराज की मांग को पूरा नहीं किया।
- अन्य विकल्प:
- लॉर्ड रिपन – इल्बर्ट बिल (1883)
- लॉर्ड कैनिंग – पोर्टफोलियो प्रणाली (1858)
निम्नलिखित में से कौन सा तथ्य ‘दांडी मार्च’ के बारे में सही नहीं है?
- यह मार्च 24 दिनों तक चला।
- इसका नेतृत्व महात्मा गांधी ने किया था।
- स्वयंसेवक प्रति दिन 25 मील की यात्रा करते थे।
- यह 78 स्वयंसेवकों के साथ शुरू हुआ।
Explanation:
- दांडी मार्च (12 मार्च – 6 अप्रैल, 1930) 24 दिनों तक चला।
- स्वयंसेवक 10-12 मील प्रति दिन यात्रा करते थे, 25 मील नहीं।
- यह 78 स्वयंसेवकों के साथ शुरू हुआ।
- यात्रा 385 किमी (241 मील) थी।
- गलत तथ्य: “स्वयंसेवक प्रति दिन 25 मील की यात्रा करते थे” सही नहीं है।
किसकी मृत्यु पर जवाहरलाल नेहरू ने कहा था, “हमारे जीवन से प्रकाश चला गया है”?
- सरदार वल्लभभाई पटेल
- रबीन्द्रनाथ टैगोर
- सुभाष चन्द्र बोस
- महात्मा गांधी
Explanation:
- 30 जनवरी, 1948 को महात्मा गांधी की मृत्यु पर जवाहरलाल नेहरू ने कहा, “हमारे जीवन से प्रकाश चला गया है” (The light has gone out of our lives”)।
- यह भाषण राष्ट्र को संबोधित करते हुए रेडियो पर दिया गया था।
- इससे राष्ट्र का दुःख व्यक्त किया गया।
1907 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष कौन थे?
- वोमेश चंद्र बनर्जी
- दादाभाई नौरोजी
- रासबिहारी घोष
- लाला लाजपत राय
Explanation:
- 1907 में INC (सूरत अधिवेशन) के अध्यक्ष रासबिहारी घोष (Rash Behari Ghosh) थे।
- यह अधिवेशन उग्रवादी और नरमपंथी के बीच विभाजन के लिए प्रसिद्ध है।
- तिलक को नरमपंथी और उग्रवादी के बीच मतभेदों के कारण हटा दिया गया।
- अन्य विकल्प:
- दादाभाई नौरोजी – 1886, 1893, 1906
- लाला लाजपत राय – 1920 (कलकत्ता विशेष सत्र)
प्लासी का युद्ध किस वर्ष लड़ा गया था?
- 1763
- 1757
- 1766
- 1756
Explanation:
- प्लासी का युद्ध 23 जून, 1757 को लड़ा गया था।
- यह रॉबर्ट क्लाइव और सिराजुद्दौला के बीच लड़ा गया।
- इस युद्ध में मीर जाफर ने विश्वासघात किया।
- इसने भारत में ब्रिटिश शासन की नींव रखी।
1828 में ब्रह्मो समाज की स्थापना किसने की?
- दयानंद सरस्वती
- राजा राम मोहन राय
- रामकृष्ण परमहंस
- स्वामी विवेकानंद
Explanation:
- ब्रह्मो समाज (Brahmo Samaj) की स्थापना 1828 में राजा राम मोहन राय ने कलकत्ता में की।
- इसका उद्देश्य एकेश्वरवाद और सामाजिक सुधार था।
- इसने मूर्ति पूजा और जातिवाद का विरोध किया।
- बाद में देबेन्द्रनाथ टैगोर और केशव चंद्र सेन ने इसका नेतृत्व किया।
- अन्य विकल्प:
- दयानंद सरस्वती – आर्य समाज (1875)
- स्वामी विवेकानंद – रामकृष्ण मिशन (1897)
वाडियार राजवंश का उदय किस क्षेत्र में हुआ?
- त्रावणकोर
- साहस
- हैदराबाद
- मैसूर
Explanation:
- वाडियार राजवंश (Wadiyar Dynasty) का उदय मैसूर क्षेत्र में हुआ।
- उन्होंने 1399 से 1950 तक मैसूर पर शासन किया।
- उनका शासन टीपू सुल्तान (1761-99) के कारण बाधित हुआ।
- मैसूर का महल उनका प्रसिद्ध निवास है।
बंगाल में दोहरी शासन नीति किसने लागू की?
- रॉबर्ट क्लाइव
- लॉर्ड डलहौजी
- लॉर्ड कार्नवालिस
- वॉरेन हेस्टिंग्स
Explanation:
- बंगाल में दोहरी शासन नीति (Dual System of Government) 1765 में रॉबर्ट क्लाइव ने लागू की।
- इसके तहत कंपनी के पास दीवानी (राजस्व) अधिकार और नवाब के पास निजामत (प्रशासन) अधिकार थे।
- इस व्यवस्था ने कंपनी को नवाब की जिम्मेदारी के बिना लाभ प्राप्त करने की अनुमति दी।
- इसे 1772 में वारेन हेस्टिंग्स ने समाप्त किया।
पेरियार ई.वी. रामास्वामी ने कौन सा आंदोलन शुरू किया?
- न्याय आंदोलन
- श्री नारायण धर्म परिपालन योगम
- आत्म-सम्मान आंदोलन
- वोक्कालिंगरा संघ
Explanation:
- ई.वी. रामास्वामी (पेरियार) ने 1925 में तमिलनाडु में “आत्म-सम्मान आंदोलन” (Self-Respect Movement) शुरू किया।
- इसका उद्देश्य ब्राह्मणवाद और जातिवाद का विरोध करना था।
- यह नास्तिकता और तर्कवाद पर जोर देता था।
- इसने महिलाओं और दलितों के अधिकारों का समर्थन किया।
- अन्य विकल्प:
- श्री नारायण धर्म परिपालन योगम – केरल (श्री नारायण गुरु)
- न्याय आंदोलन – मद्रास
व्यपगत सिद्धांत किस गवर्नर जनरल द्वारा लागू की गई थी?
- लॉर्ड कार्नवालिस
- लॉर्ड डलहौजी
- लॉर्ड वेल्लाज़्ले
- लॉर्ड एल्गिन
Explanation:
- व्यपगत सिद्धांत (Doctrine of Lapse) 1848-56 के बीच लॉर्ड डलहौजी द्वारा लागू की गई थी।
- इसके अनुसार, पुरुष उत्तराधिकारी के बिना मरने वाले राज्यों का ब्रिटिश द्वारा विलय कर लिया जाता था।
- इस नीति के तहत सतारा, झाँसी, नागपुर, अवध आदि का विलय हुआ।
- यह 1857 के विद्रोह का एक महत्वपूर्ण कारण था।
उर्दू का प्रसिद्ध गीत ‘सारे जहाँ से अच्छा’ किसने लिखा था?
- अब्दुल हामिद लाहौरी
- मुहम्मद इकबाल
- अबुल फ़ज़ल
- मिर्ज़ा ग़ालिब
Explanation:
- “सारे जहाँ से अच्छा” (Sare Jahan Se Achcha) मुहम्मद इकबाल (1877-1938) द्वारा 1904 में लिखा गया था।
- इसे “तराना-ए-हिंद” (भारत का गीत) भी कहा जाता है।
- इकबाल को “पाकिस्तान के राष्ट्रीय कवि” के रूप में भी जाना जाता है।
- यह गीत भारत के लिए एक प्रेम गीत है।
हेनरी विवियन दारियोजी किस आंदोलन से संबंधित है?
- थियोसोफिकल आंदोलन
- रामकृष्ण आंदोलन
- युवा बंगाल आंदोलन
- प्रार्थना सोसाइटी
Explanation:
- हेनरी विवियन दारियोजी (Henry Vivian Derozio) युवा बंगाल आंदोलन (Young Bengal Movement) से संबंधित हैं।
- यह आंदोलन 1830 के दशक में कोलकाता में शुरू हुआ।
- उन्होंने हिंदू कॉलेज (कोलकाता) में पढ़ाया।
- इस आंदोलन ने तर्कवाद, स्वतंत्र विचार और सामाजिक सुधार को बढ़ावा दिया।
अखिल भारतीय मुस्लिम लीग की शुरुआत किस वर्ष हुई?
- 1905
- 1907
- 1904
- 1906
Explanation:
- अखिल भारतीय मुस्लिम लीग (All India Muslim League) की स्थापना 1906 में ढाका में हुई।
- इसके पहले अध्यक्ष सर आगा खान थे।
- इसका उद्देश्य मुसलमानों के राजनीतिक अधिकारों की रक्षा करना था।
- इसने 1916 में कांग्रेस के साथ लखनऊ समझौता किया।
काकोरी षड्यंत्र में कौन सा क्रांतिकारी समूह शामिल था?
- हिन्दुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन
- ग़दर पार्टी
- अभिनव भारत
- भारत स्वतंत्रता लीग
Explanation:
- काकोरी षड्यंत्र (1925) में हिन्दुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन (HRA) शामिल था।
- इसका नेतृत्व राम प्रसाद बिस्मिल और अशफाक उल्ला खान ने किया।
- इसमें चंद्रशेखर आजाद भी शामिल थे।
- यह 9 अगस्त, 1925 को काकोरी रेलवे स्टेशन पर हुआ।
1765 में अंग्रेजों ने किस राज्य को ब्रिटिश राज में शामिल कर दिया था?
- बंगाल, बिहार और ओडिशा
- केरल, तमिलनाडु और आंध्र
- कर्नाटक, बंगाल और आंध्र
- बंगाल, आंध्र और मध्य प्रदेश
Explanation:
- 1765 में बंगाल, बिहार और ओडिशा को ब्रिटिश राज में शामिल किया गया।
- मुगल सम्राट शाह आलम II ने दीवानी अधिकार ईस्ट इंडिया कंपनी को दिए।
- यह बक्सर के युद्ध (1764) के बाद हुआ।
- इसने कंपनी को बंगाल के राजस्व का नियंत्रण दिया।
वास्को डी गामा भारत कब आया?
- 1488
- 1489
- 1487
- 1498
Explanation:
- वास्को डी गामा 1498 में भारत (कालीकट, केरल) आया।
- वह एक पुर्तगाली खोजकर्ता था।
- उसने समुद्री मार्ग से भारत की खोज की।
- उसके आगमन ने यूरोप-भारत के व्यापार को बदल दिया।
नील विद्रोह 1859-1860 के दौरान _______ में हुआ था।
- पंजाब
- मद्रास
- बॉम्बे
- बंगाल
Explanation:
- नील विद्रोह (1859-60) बंगाल में हुआ।
- यह नील (Indigo) की जबरन खेती के खिलाफ था।
- इसमें किसानों ने ब्रिटिश और जमींदारों के खिलाफ विरोध किया।
- यह दीनबंधु मित्र के नाटक “नील दर्पण” के लिए प्रसिद्ध है।
महात्मा गांधी ने अपने प्रसिद्ध ‘नमक मार्च’ की शुरुआत अपने कितने विश्वसनीय स्वयंसेवकों के साथ की थी?
- 39
- 94
- 78
- 51
Explanation:
- 12 मार्च, 1930 को महात्मा गांधी ने 78 विश्वसनीय स्वयंसेवकों के साथ साबरमती आश्रम से नमक मार्च (दांडी यात्रा) शुरू की।
- यह 385 किमी (241 मील) की यात्रा थी।
- यह 24 दिनों (12 मार्च – 6 अप्रैल) तक चली।
- यह नमक कानून का विरोध करने के लिए थी।
निम्नलिखित में से किस युद्ध के बाद भारत में ब्रिटिश कंपनी का शासन औपचारिक रूप से शुरू हुआ?
- बक्सर का युद्ध
- दूसरा कर्नाटक युद्ध
- पानीपत की तीसरी लड़ाई
- प्लासी का युद्ध
Explanation:
- प्लासी का युद्ध (1757) के बाद भारत में ब्रिटिश कंपनी का शासन औपचारिक रूप से शुरू हुआ।
- इसने कंपनी को बंगाल में राजनीतिक शक्ति दी।
- इसके बाद 1765 में दीवानी अधिकार प्राप्त हुए।
- बक्सर का युद्ध (1764) ने ब्रिटिश सत्ता को मजबूत किया।
कानपुर में 1857 के विद्रोह को किस के नेतृत्व में ब्रिटिश सेना ने दबा दिया था?
- जॉन निकोलसन
- जनरल ह्यू रोज़
- कर्नल ओन्सेल
- सर कॉलिन कैम्पबेल
Explanation:
- 1857 के विद्रोह में कानपुर में विद्रोह को सर कॉलिन कैम्पबेल के नेतृत्व में ब्रिटिश सेना ने दबा दिया था।
- वे ब्रिटिश सेना के कमांडर-इन-चीफ थे।
- उन्होंने कानपुर (दिसंबर 1857) और लखनऊ (मार्च 1858) को फिर से जीता।
- बाद में वे गवर्नर-जनरल (1858) बने।
- अन्य विकल्प:
- जनरल ह्यू रोज़ – झाँसी (1858)
- जॉन निकोलसन – दिल्ली (1857)
निम्नलिखित में से किसने गुप्त कांग्रेस रेडियो की स्थापना की, जिसने स्वतंत्रता और ब्रिटिश विरोधी प्रचार के संदेश प्रसारित किए और स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण योगदान दिया?
- अरुणा रॉय
- कल्पना दत्ता
- सुनीता कृष्णन
- उषा मेहता
Explanation:
- उषा मेहता (1920-2000) ने 1942 में “कांग्रेस रेडियो” (गुप्त रेडियो) की स्थापना की।
- इसने स्वतंत्रता और ब्रिटिश विरोधी प्रचार के संदेश प्रसारित किए।
- वह भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय थीं।
- बाद में वह राज्यसभा की सदस्य बनीं।
- अन्य विकल्प:
- अरुणा आसफ अली – भारत छोड़ो आंदोलन में झंडा फहराया
- कल्पना दत्ता – चटगांव शस्त्रागार छापा (1930)
1857 का विद्रोह कब शुरू हुआ?
- 11 जून 1857
- 11 मई 1857
- 10 मई 1857
- 10 जून 1857
Explanation:
- 1857 का विद्रोह 10 मई, 1857 को मेरठ में शुरू हुआ।
- इस दिन 85 सैनिकों ने विद्रोह किया।
- इसके बाद विद्रोही दिल्ली पहुँचे।
- इससे पहले 29 मार्च, 1857 को बैरकपुर में मंगल पांडे ने विद्रोह किया था।
निम्नलिखित में से किसने 1906 के कलकत्ता अधिवेशन में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के लक्ष्य के रूप में स्वराज, या स्व-शासन की मांग की?
- सुभाष चंद्र बोस
- बाल गंगाधर तिलक
- ए ओ ह्यूम
- दादाभाई नौरोजी
Explanation:
- 1906 के कलकत्ता अधिवेशन में दादाभाई नौरोजी (INC अध्यक्ष) ने “स्वराज” (स्व-शासन) को INC का लक्ष्य घोषित किया।
- इस अधिवेशन ने उग्रवादी और नरमपंथी के बीच विभाजन को कम किया।
- यह स्वदेशी, बहिष्कार और राष्ट्रीय शिक्षा का समर्थन करता था।
- अन्य विकल्प:
- बाल गंगाधर तिलक – उग्रवादी नेता
- ए. ओ. ह्यूम – INC के संस्थापक (1885)
भवानी पाठक और देवी चौधरानी किससे संबंधित प्रसिद्ध नेता थे?
- नील विद्रोह
- मुंडा विद्रोह
- चुआड़ विद्रोह
- फकीर और संन्यासी विद्रोह
Explanation:
- भवानी पाठक और देवी चौधरानी फकीर और संन्यासी विद्रोह (1760-1800) के प्रसिद्ध नेता थे।
- यह विद्रोह बंगाल में हुआ।
- इसमें फकीरों और संन्यासियों ने ब्रिटिश के खिलाफ लड़ाई लड़ी।
- यह ब्रिटिश और जमींदारों के खिलाफ था।
निम्नलिखित में से किसे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में उदारवादी नेता नहीं माना जाता है?
- फिरोजशाह मेहता
- दादाभाई नौरोजी
- अरबिंदो घोष
- गोपाल कृष्ण गोखले
Explanation:
- अरबिंदो घोष (1872-1950) उदारवादी (नरमपंथी) नेता नहीं थे, बल्कि उग्रवादी (गरम दल) नेता थे।
- उन्होंने 1906 के कलकत्ता अधिवेशन में स्वराज का समर्थन किया।
- वे राष्ट्रवादी और अध्यात्मवादी थे।
- बाद में वे पांडिचेरी में आश्रम में रहे।
- उदारवादी नेता:
- फिरोजशाह मेहता, दादाभाई नौरोजी, गोपाल कृष्ण गोखले
भारत में प्रिवी पर्स (privy purses) आधिकारिक तौर पर कब समाप्त कर दिया गया?
- 1956
- 1969
- 1971
- 1980
Explanation:
- प्रिवी पर्स (Privy Purses) आधिकारिक तौर पर 1971 में 26वें संविधान संशोधन के माध्यम से समाप्त कर दिया गया।
- यह प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व में किया गया।
- प्रिवी पर्स राजाओं को उनके राज्यों के विलय के बाद दी जाने वाली पेंशन थी।
- इसे समाप्त करने से राजाओं के विशेषाधिकार समाप्त हो गए।
1928 में साइमन कमीशन के विरोध का मुख्य कारण क्या था?
- नए कानूनों का परिचय
- भारतीय प्रतिनिधित्व का अभाव
- उच्च कर
- अल्पसंख्यकों के खिलाफ भेदभाव
Explanation:
- 1928 में साइमन कमीशन के विरोध का मुख्य कारण भारतीय प्रतिनिधित्व का अभाव था।
- यह 7 सदस्यीय ब्रिटिश आयोग था, जिसमें कोई भारतीय नहीं था।
- इसके भारत आने पर “साइमन कमीशन वापस जाओ” के नारे लगे।
- इसके विरोध में लाला लाजपत राय की मृत्यु (1928) हुई।
भील नेताओं जैसे काजी सिंह और भीमानायक के नेतृत्व में भील विद्रोह किस वर्ष शुरू हुआ था?
- 1868
- 1803
- 1845
- 1818
Explanation:
- भील विद्रोह 1818 में काजी सिंह और भीमानायक के नेतृत्व में मध्य भारत (राजस्थान, मध्य प्रदेश) में शुरू हुआ।
- यह ब्रिटिश के खिलाफ आदिवासी विद्रोह था।
- भील मध्य भारत के आदिवासी हैं।
- यह विद्रोह ब्रिटिश और जमींदारों के खिलाफ था।
किस प्रेसीडेंसी में पोलिगारों ने अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह किया था, जब अंग्रेजों ने उनके सैन्य और भूमि अधिकारों को छीनने का प्रयास किया था?
- मद्रास प्रेसीडेंसी
- आगरा प्रेसीडेंसी
- बॉम्बे प्रेसीडेंसी
- बंगाल प्रेसीडेंसी
Explanation:
- पोलिगार विद्रोह 1790-1805 के बीच मद्रास प्रेसीडेंसी (तमिलनाडु) में हुआ।
- पोलिगार स्थानीय जमींदार थे।
- अंग्रेजों ने उनके सैन्य और भूमि अधिकारों को छीनने का प्रयास किया।
- इस विद्रोह को ब्रिटिश ने दबा दिया।
1905 में ब्रिटिश द्वारा शुरू में लागू किए गए बंगाल के विभाजन को आधिकारिक तौर पर किस वर्ष रद्द कर दिया गया था?
- 1909
- 1910
- 1916
- 1911
Explanation:
- बंगाल का विभाजन (1905) को 1911 में आधिकारिक रूप से रद्द कर दिया गया।
- यह लॉर्ड हार्डिंग (वायसराय 1910-16) के कार्यकाल में किया गया।
- इसका कारण स्वदेशी आंदोलन और विरोध था।
- इस रद्दीकरण ने भारतीय की जीत को प्रदर्शित किया।
किस सुधारक ने ‘एक ईश्वर, एक जाति’ का नारा दिया?
- दयानंद सरस्वती
- ज्योतिबा फुले
- केशव चंद्र सेन
- नारायण गुरु
Explanation:
- नारायण गुरु (1856-1928) ने “एक ईश्वर, एक जाति” (One God, One Caste) का नारा दिया।
- वे केरल के सामाजिक सुधारक थे।
- उन्होंने जातिवाद और छुआछूत का विरोध किया।
- उन्होंने “श्री नारायण धर्म परिपालन योगम” (1903) की स्थापना की।
1602 में स्थापित निम्नलिखित में से कौन सी कंपनी ‘वेरेनिगडे ओस्टिन्डिशे कॉम्पैग्नी (VOC)’ के नाम से भी जानी जाती है?
- डच ईस्ट इंडिया कंपनी
- ऑस्ट्रियाई ईस्ट इंडिया कंपनी
- पुर्तगाली ईस्ट इंडिया कंपनी
- जर्मन ईस्ट इंडिया कंपनी
Explanation:
- डच ईस्ट इंडिया कंपनी (Dutch East India Company) की स्थापना 1602 में हुई और इसे “VOC” (Verenigde Oostindische Compagnie) के नाम से भी जाना जाता है।
- यह दुनिया की पहली बहुराष्ट्रीय कंपनी थी।
- इसने भारत में पुलिकट (1610), नागपट्टनम आदि में कारखाने स्थापित किए।
- यह स्पाइस ट्रेड (मसाला व्यापार) के लिए प्रसिद्ध थी।
निम्नलिखित में से कौन 1857 के संबलपुर विद्रोह का नेता था?
- वीर सुरेन्द्र साईं
- बुधु भगत
- अल्लूरी सीताराम राजू
- गोविंद गुरु
Explanation:
- वीर सुरेन्द्र साईं 1857 के संबलपुर (ओडिशा) विद्रोह के नेता थे।
- उन्होंने लॉर्ड डलहौजी के व्यपगत सिद्धांत का विरोध किया।
- वे संबलपुर के राजा थे।
- उन्होंने ब्रिटिश के खिलाफ लड़ाई लड़ी।
- अन्य विकल्प:
- अल्लूरी सीताराम राजू – रामपा विद्रोह (1922-24)
- बुधु भगत – छोटानागपुर विद्रोह
नागा विद्रोही नेता गाइदिन्ल्यू पामेई को ‘रानी गाइदिन्ल्यू’ की उपाधि किस राजनीतिक नेता द्वारा दी गई थी?
- जवाहरलाल नेहरू
- सरोजिनी नायडू
- महात्मा गांधी
- सरदार वल्लभभाई पटेल
Explanation:
- गाइदिन्ल्यू पामेई (1915-93) को जवाहरलाल नेहरू ने “रानी गाइदिन्ल्यू” की उपाधि दी थी।
- वह नागा जनजाति की स्वतंत्रता सेनानी थीं।
- उन्होंने 1932 में ब्रिटिश के खिलाफ विद्रोह का नेतृत्व किया।
- वह नागालैंड की एक प्रमुख नेता थीं।
किस रियासत में 1881 से ही प्रतिनिधि सभा थी?
- मैसूर
- पटियाला
- हैदराबाद
- ग्वालियर
Explanation:
- मैसूर रियासत में 1881 से ही प्रतिनिधि सभा (Representative Assembly) थी।
- यह भारत में पहली रियासत थी जिसने प्रतिनिधि सभा की स्थापना की।
- इसका उद्देश्य जनता की भागीदारी को बढ़ावा देना था।
- यह वाडियार राजवंश के तहत स्थापित किया गया था।
विनायक दामोदर सावरकर द्वारा स्थापित किस गुप्त समाज ने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध सशस्त्र क्रांति को बढ़ावा दिया?
- हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन
- अभिनव भारत
- अनुशीलन समिति
- गदर पार्टी
Explanation:
- अभिनव भारत (Abhinav Bharat) की स्थापना 1904 में विनायक दामोदर सावरकर ने पुणे में की।
- यह एक गुप्त समाज था।
- इसने ब्रिटिश शासन के खिलाफ सशस्त्र क्रांति को बढ़ावा दिया।
- यह महाराष्ट्र में सक्रिय था।
- अन्य विकल्प:
- अनुशीलन समिति (1902) – कलकत्ता (बंगाल)
- हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (1928) – भगत सिंह
‘प्रिवी पर्स’ क्या थे?
- ब्रिटिश सरकार से ऋण
- एकीकरण के बाद राजकुमारों को दी जाने वाली पेंशन
- शाही परिवारों के लिए यात्रा भत्ता
- शाही कर
Explanation:
- प्रिवी पर्स (Privy Purses) एकीकरण (1947-50) के बाद राजाओं (राजकुमारों) को दी जाने वाली पेंशन थी।
- यह भारत सरकार द्वारा भुगतान किया जाता था।
- यह राजाओं के विशेषाधिकार का हिस्सा था।
- 1971 में इसे समाप्त कर दिया गया।
महालवाड़ी व्यवस्था उत्तरी और मध्य भारत के कुछ क्षेत्रों में प्रचलित थी। महालवाड़ी व्यवस्था के अंतर्गत भूमि राजस्व किससे वसूला जाता था?
- धार्मिक संस्थान
- ग्राम प्रधान
- जमींदार
- व्यक्तिगत किसान
Explanation:
- महालवाड़ी व्यवस्था (Mahalwari System) के अंतर्गत भूमि राजस्व ग्राम प्रधान (गाँवों) से वसूला जाता था।
- यह 1822 में होल्ट मैकेंज़ी द्वारा उत्तर प्रदेश में लागू की गई।
- इसमें गाँव (महल) को इकाई माना जाता था।
- यह जमींदारी और रैयतवाड़ी का मिश्रण था।
1857 के विद्रोह के निम्नलिखित प्रमुख केंद्रों में से किस पर सितंबर 1857 में विद्रोही बलों से फिर से कब्जा कर लिया गया था?
- बॉम्बे
- दिल्ली
- सूरत
- मद्रास
Explanation:
- सितंबर 1857 में दिल्ली पर विद्रोही बलों से ब्रिटिश ने पुनः कब्जा कर लिया।
- यह 14 सितंबर, 1857 को कश्मीरी गेट पर हमले के बाद हुआ।
- ब्रिटिश सेना का नेतृत्व जनरल जॉन निकोलसन ने किया।
- बहादुर शाह जफर को 20 सितंबर, 1857 को गिरफ्तार किया गया।
1857 का विद्रोह 10 मई को निम्नलिखित में से किस स्थान पर शुरू हुआ, जब सिपाहियों ने विद्रोह कर बहादुर शाह द्वितीय को गद्दी पर पुनः बिठाने के लिए दिल्ली की ओर कूच किया?
- अवध
- मेरठ
- कानपुर
- मैसूर
Explanation:
- 1857 का विद्रोह 10 मई, 1857 को मेरठ में शुरू हुआ।
- सिपाहियों ने विद्रोह कर दिल्ली की ओर कूच किया।
- उन्होंने बहादुर शाह जफर को गद्दी पर पुनः बिठाने की घोषणा की।
- वे 11 मई, 1857 को दिल्ली पहुँचे।
औपनिवेशिक काल के दौरान, भारत का औद्योगिक विकास ब्रिटिश नीतियों का परिणाम था। स्वतंत्रता की पूर्व संध्या पर भारत में औद्योगिक विकास की प्रकृति का सबसे अच्छा वर्णन करने वाला निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प है?
- भारी उद्योगों का संतुलित क्षेत्रीय वितरण
- सभी प्रांतों में मजबूत घरेलू पूंजीगत वस्तु उद्योग
- ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में व्यापक औद्योगिक विकास
- सीमित औद्योगिक गतिविधि, मुख्य रूप से कलकत्ता और बॉम्बे जैसे कुछ शहरों में केंद्रित
Explanation:
- औपनिवेशिक काल के दौरान, भारत का औद्योगिक विकास सीमित था और मुख्य रूप से कलकत्ता और बॉम्बे जैसे कुछ शहरों में केंद्रित था।
- ब्रिटिश नीतियाँ भारत को कच्चे माल का निर्यातक और तैयार माल का आयातक बनाने की थीं।
- भारी उद्योग सीमित थे।
- औद्योगिक विकास असंतुलित था।
हैदराबाद के निजाम ने अपने शासन को किस रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया?
- दक्षिण में एक मुस्लिम संप्रभुता
- एक ब्रिटिश संरक्षित राज्य
- एक हिंदू राजशाही
- एक धर्मनिरपेक्ष गणराज्य
Explanation:
- हैदराबाद के निजाम ने अपने शासन को “दक्षिण में एक मुस्लिम संप्रभुता” के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया।
- यह रियासत 1948 तक अस्तित्व में थी।
- हैदराबाद भारत की सबसे बड़ी रियासत थी।
- 1948 में ऑपरेशन पोलो के तहत इसे भारत में शामिल किया गया।
निम्नलिखित में से कौन-सा सही ढंग से सुमेलित नहीं है?
- रामोशी विद्रोह – महाराष्ट्र
- लुशाई विद्रोह – असम
- हेराका आंदोलन – पश्चिम बंगाल
- कोल विद्रोह – झारखंड
Explanation:
- हेराका आंदोलन (Heraka Movement) पश्चिम बंगाल नहीं, बल्कि नागालैंड में हुआ।
- यह 1920-30 के दशक में जदोनांग द्वारा शुरू किया गया था।
- यह नागा जनजाति का धार्मिक-राष्ट्रवादी आंदोलन था।
- सही मेल:
- रामोशी विद्रोह (1822) – महाराष्ट्र
- लुशाई विद्रोह (1840-50) – असम (मिजोरम)
- कोल विद्रोह (1831-32) – झारखंड
प्रमुख उग्रवादी नेता बाल गंगाधर तिलक ने ‘मराठा’ नामक समाचार पत्र किस भाषा में लिखा था?
- बांग्ला
- हिंदी
- अंग्रेजी
- मराठी
Explanation:
- बाल गंगाधर तिलक (1856-1920) ने 1881 में दो समाचार पत्र शुरू किए:
- “केसरी” – मराठी भाषा में (पुणे)
- “मराठा” – अंग्रेजी भाषा में (पुणे)
- इन अखबारों ने राष्ट्रवादी विचार फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- उन्हें “लोकमान्य” और “स्वराज्य के जनक” कहा जाता है।
1946 में महात्मा गांधी नोआखली क्यों गए थे?
- बंगाल के अकाल पीड़ितों का समर्थन करने के लिए
- भारत छोड़ो आंदोलन का आयोजन करने के लिए
- ब्रिटिश शासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने के लिए
- धार्मिक हिंसा के बाद सांप्रदायिक सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए
Explanation:
- 1946 में नोआखली (बंगाल, वर्तमान बांग्लादेश) में हिंदू-मुस्लिम दंगे हुए।
- गांधीजी अक्टूबर 1946 में सांप्रदायिक सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए नोआखली गए।
- उन्होंने भारत विभाजन और सांप्रदायिक हिंसा के खिलाफ काम किया।
- उन्होंने अहिंसा और एकता का संदेश दिया।
1820-21 में, झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के रूप में अब जाने जाने वाले क्षेत्र में किस आदिवासी समूह ने अधिकारियों के खिलाफ विद्रोह किया था, जिसे बाद में अंग्रेजों ने दमन कर दिया था?
- मुंडा जनजाति
- संथाल जनजाति
- हो जनजाति
- खासी जनजाति
Explanation:
- 1820-21 में हो जनजाति ने पश्चिमी सिंहभूम क्षेत्र (तब कोल्हान) में विद्रोह किया।
- यह विद्रोह ब्रिटिश अधिकारियों और जमींदारों के खिलाफ था।
- इसे अंग्रेजों ने दमन कर दिया।
- हो जनजाति झारखंड की प्रमुख जनजातियों में से एक है।
- यह कोल्हान प्रमंडल में निवास करती है।
चौरी-चौरा की हिंसक घटना के बाद महात्मा गांधी ने असहयोग आंदोलन वापस ले लिया था। चौरी-चौरा वर्तमान में किस राज्य में स्थित है?
- राजस्थान
- उत्तर प्रदेश
- मध्य प्रदेश
- बिहार
Explanation:
- चौरी-चौरा उत्तर प्रदेश (गोरखपुर जिले) में स्थित है।
- 5 फरवरी, 1922 को यहाँ हिंसक घटना हुई, जिसमें विद्रोही भीड़ ने 22 पुलिसकर्मियों को जला दिया।
- इस घटना के बाद 12 फरवरी, 1922 को गांधी ने असहयोग आंदोलन वापस ले लिया।
- उन्होंने इसे अहिंसा के सिद्धांत के खिलाफ माना।
परमहंस सभा की स्थापना किस वर्ष हुई थी?
- 1875
- 1849
- 1857
- 1865
Explanation:
- परमहंस सभा की स्थापना 1849 में महाराष्ट्र में हुई।
- इसके संस्थापक दादोबा पांडुरंग और आत्माराम पांडुरंग थे।
- इसने जातिवाद और छुआछूत का विरोध किया।
- इसने महिला शिक्षा और विधवा पुनर्विवाह को बढ़ावा दिया।
- यह ब्रह्म समाज की तरह एक सुधारवादी संगठन था।
औपनिवेशिक शासन के दौरान खाद्य फसलों पर व्यावसायिक फसलों को प्राथमिकता दी गई थी। निम्नलिखित में से कौन सा ब्रिटिश द्वारा प्रचारित एक व्यावसायिक फसल का उदाहरण है?
- नील
- बाजरा
- गेहूँ
- चावल
Explanation:
- नील (Indigo) ब्रिटिश द्वारा प्रचारित एक व्यावसायिक (नकदी) फसल थी।
- इसका उपयोग रंग बनाने में किया जाता था।
- ब्रिटिशों ने भारतीय किसानों को नील की जबरन खेती करने के लिए मजबूर किया।
- इसके कारण नील विद्रोह (1859-60) बंगाल में हुआ।
- बाजरा, गेहूँ, चावल – ये खाद्य फसलें हैं।
पाइका किस राज्य का प्रसिद्ध लोक नृत्य है?
- गुजरात
- झारखंड
- पंजाब
- राजस्थान
Explanation:
- पाइका झारखंड का प्रसिद्ध युद्ध/मार्शल नृत्य है।
- यह मुण्डा जनजाति में सर्वाधिक प्रचलित है।
- इसमें नर्तक तलवार और ढाल लेकर नृत्य करते हैं।
- यह पुरुष प्रधान नृत्य है।
- यह त्योहारों और शादियों जैसे अवसरों पर किया जाता है।
- इसका मंचन रूस में भी किया गया है।
किस वर्ष के विद्रोह के बाद ब्रिटिशों ने ऐसे उपाय लागू किए जिनसे सेना में भारतीय सैनिकों का अनुपात कम हुआ और यूरोपीय सैनिकों की संख्या बढ़ी?
- 1874
- 1857
- 1841
- 1806
Explanation:
- 1857 के विद्रोह के बाद अंग्रेजों ने सेना में भारतीय सैनिकों का अनुपात कम किया और यूरोपीय सैनिकों की संख्या बढ़ाई।
- 1861 के भारतीय सेना अधिनियम के तहत ये परिवर्तन किए गए।
- भारतीय सैनिकों को तोपखाने से वंचित कर दिया गया।
- सेना में भारतीय अधिकारियों को सीमित कर दिया गया।
मुफ्ती मुहम्मद ऐवाज के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में कौन सा विद्रोह 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से पहले भारत में ब्रिटिश शासन के खिलाफ सबसे महत्वपूर्ण विद्रोहों में से एक था?
- कोल विद्रोह
- बरेली विद्रोह
- संथाल विद्रोह
- चुआड़ विद्रोह
Explanation:
- बरेली विद्रोह (1857) उत्तर प्रदेश के बरेली में मुफ्ती मुहम्मद ऐवाज के नेतृत्व में हुआ।
- यह 1857 के विद्रोह के दौरान हुआ, लेकिन विकल्पों में सबसे महत्वपूर्ण पूर्व-1857 विद्रोहों में बरेली विद्रोह की गणना होती है।
- विद्रोही सैनिकों ने बरेली में अंग्रेजों को पराजित किया।
- मुफ्ती ऐवाज ने 1857 के विद्रोह में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
किस ब्रिटिश वायसराय ने कांग्रेस को भारतीय जनसंख्या के केवल ‘सूक्ष्म अल्पसंख्यक’ का प्रतिनिधित्व करने वाला बताया, जिससे इसकी राजनीतिक प्रासंगिकता को खारिज कर दिया गया?
- लॉर्ड डफरिन
- लॉर्ड रिपन
- लॉर्ड लिटन
- लॉर्ड कर्जन
Explanation:
- लॉर्ड डफरिन (1884-88) ने कांग्रेस को भारतीय जनसंख्या के केवल “सूक्ष्म अल्पसंख्यक” का प्रतिनिधित्व करने वाला बताया।
- उन्होंने इसकी राजनीतिक प्रासंगिकता को खारिज कर दिया।
- यह टिप्पणी 1888 में INC के इलाहाबाद अधिवेशन के संदर्भ में हुई।
- INC की स्थापना 1885 में ए.ओ. ह्यूम ने की थी।
- लॉर्ड डफरिन ने INC का विरोध किया।
किस भारतीय स्वतंत्रता सेनानी ने सबसे पहले मार्क्सवादी और कम्युनिस्ट विचारधाराओं का खुलकर समर्थन किया और श्रमिक आंदोलन और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के गठन में अग्रणी भूमिका निभाई?
- पुलिन दास
- पुरुषोत्तमदास
- चिदंबरम पिल्लई
- एम. एन. रॉय
Explanation:
- एम. एन. रॉय (मानवेंद्र नाथ राय, 1887-1954) ने सबसे पहले मार्क्सवादी और कम्युनिस्ट विचारधाराओं का खुलकर समर्थन किया।
- उन्होंने 1920 में ताशकंद में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की स्थापना की।
- वे श्रमिक आंदोलन के अग्रणी नेता थे।
- बाद में वे रेडिकल डेमोक्रेटिक पार्टी (1940) से जुड़े।
- उन्होंने 1936 में “मैं एक क्रांतिकारी क्यों हूँ” पुस्तक लिखी।
निम्नलिखित जनजातीय विद्रोहों में से कौन-सा 1857 के विद्रोह के दौरान नहीं हुआ था?
- संबलपुर का विद्रोह
- नाइकडा आंदोलन
- बिरसा मुंडा विद्रोह
- संथाल विद्रोह
Explanation:
- बिरसा मुंडा विद्रोह (उलगुलान) 1899-1900 में हुआ, 1857 के विद्रोह के दौरान नहीं।
- इसका नेतृत्व बिरसा मुंडा ने किया।
- यह छोटानागपुर (झारखंड) में हुआ।
- संथाल विद्रोह (1855-56) – 1857 से पहले हुआ
- संबलपुर का विद्रोह (1857-58) – ओडिशा
- नाइकडा आंदोलन (1858-60) – छोटानागपुर में
भोलानाथ सिंह निम्नलिखित में से किस विद्रोह के नेता थे?
- संथाल विद्रोह
- तमार विद्रोह
- फराज़ी आंदोलन
- वहाबी आंदोलन
Explanation:
- भोलानाथ सिंह तमार विद्रोह (1855-56) के नेता थे।
- यह झारखंड के राँची क्षेत्र में हुआ।
- इसमें तामार और भूमिज जनजातियों ने भाग लिया।
- यह ब्रिटिश और जमींदारों के खिलाफ था।
- अन्य विकल्प:
- संथाल विद्रोह (1855-56) – सिद्धू-कान्हू मुर्मू
- फराजी आंदोलन (1830-60) – हाजी शरियतुल्लाह/दुदू मियां
- वहाबी आंदोलन – सैयद अहमद बरेलवी
भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में अपनी साहसिक भूमिका के लिए ‘असम केसरी’ की उपाधि से किसे सम्मानित किया गया था?
- तरुण राम फुकन
- गोपीनाथ बोरदोलोई
- चंद्रप्रभा सैकिया नी
- अम्बिका गिरिराय चौधरी
Explanation:
- अम्बिका गिरिराय चौधरी (1892-1970) को “असम केसरी” (असम के शेर) की उपाधि से सम्मानित किया गया।
- वे असम के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी थे।
- उन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई।
- वे कांग्रेस के सदस्य थे।
- उन्हें 1962 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।
किस वर्ष में अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी ने एक नया कानून पारित किया जिसके अनुसार कंपनी की सेना में नौकरी करने वाले प्रत्येक नए व्यक्ति को आवश्यकता पड़ने पर विदेश में सेवा करनी होगी?
- 1840
- 1850
- 1856
- 1860
Explanation:
- 1856 में ईस्ट इंडिया कंपनी ने एक नया कानून पारित किया, जिसके अनुसार नए भर्ती सैनिकों को विदेश में सेवा करने का वचन देना आवश्यक था।
- इससे सैनिकों में असंतोष फैला।
- उन्हें धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचने का डर था (समुद्र पार करना)।
- यह 1857 के विद्रोह का एक कारण था।
1908 का अलीपुर बम कांड किस भारतीय क्रांतिकारी से जुड़ा है?
- अरविंद घोष
- जतिन दास
- खुदीराम बोस
- भगत सिंह
Explanation:
- 1908 का अलीपुर बम कांड अरविंद घोष (1872-1950) से जुड़ा है।
- यह कलकत्ता के अलीपुर में हुआ।
- इसमें क्रांतिकारियों पर ब्रिटिश जज की हत्या की साजिश का आरोप लगा।
- अरविंद घोष को गिरफ्तार किया गया, लेकिन बाद में बरी कर दिया गया।
- इस मामले में चित्तरंजन दास ने उनकी पैरवी की।
प्रार्थना समाज की स्थापना किसने की थी?
- नारायण महादेव परमानंद
- आत्माराम पांडुरंग
- गोपाल हरि देशमुख
- विष्णुशास्त्री पंडित
Explanation:
- प्रार्थना समाज (Prarthana Samaj) की स्थापना 1867 में आत्माराम पांडुरंग ने बॉम्बे में की।
- इसने एकेश्वरवाद, जातिवाद और छुआछूत का विरोध किया।
- इसने महिला शिक्षा और विधवा पुनर्विवाह को बढ़ावा दिया।
- यह ब्रह्म समाज से प्रेरित था।
- महादेव गोविंद रानाडे और आर. जी. भंडारकर इसके प्रमुख सदस्य थे।
होम रूल आंदोलन की मुख्य मांग क्या थी?
- ब्रिटिश शासन से पूर्ण स्वतंत्रता
- भारत में सभी पश्चिमी शिक्षा पर प्रतिबंध
- करों का उन्मूलन
- ब्रिटिश साम्राज्य के भीतर स्वशासन
Explanation:
- होम रूल आंदोलन (1916-18) की मुख्य मांग ब्रिटिश साम्राज्य के भीतर स्वशासन (Home Rule) थी।
- इसकी शुरुआत एनी बेसेंट और बाल गंगाधर तिलक ने की।
- उन्होंने 1916 में होम रूल लीग की स्थापना की।
- यह आंदोलन आयरिश होम रूल से प्रेरित था।
- इसने भारतीय राष्ट्रवाद को मजबूत किया।
1741 में कोलाचेल के युद्ध में किस शक्ति को मालाबार क्षेत्र में निर्णायक पराजय का सामना करना पड़ा?
- ऑस्ट्रियाई ईस्ट इंडिया कंपनी
- अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी
- डच ईस्ट इंडिया कंपनी
- स्पेनिश ईस्ट इंडिया कंपनी
Explanation:
- 1741 में कोलाचेल का युद्ध डच ईस्ट इंडिया कंपनी और त्रावणकोर (राजा मार्तण्ड वर्मा) के बीच हुआ।
- इसमें डचों को निर्णायक पराजय का सामना करना पड़ा।
- यह केरल के मालाबार क्षेत्र में हुआ।
- इस जीत ने त्रावणकोर को क्षेत्रीय शक्ति बना दिया।
1857 के विद्रोह के लिए सिपाहियों की भावनाओं को भड़काने वाले कारकों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा विकल्प गलत है?
- वह अधिनियम जिसके अनुसार प्रत्येक नए भर्ती को विदेश में सेवा करने का वचन देना आवश्यक था
- जबरदस्ती धर्मांतरण
- सेना द्वारा राज्य के खर्च पर पादरी रखना और सिपाहियों के बीच ईसाई धर्म का प्रचार करना
- सिपाहियों पर अपने जाति चिह्न पहनने और अपनी जाति का पालन करने का दबाव
Explanation:
- सिपाहियों पर अपने जाति चिह्न पहनने और अपनी जाति का पालन करने का दबाव – यह गलत है, क्योंकि वास्तव में ब्रिटिश ने सिपाहियों को जाति के आधार पर अलग-अलग रखा, लेकिन जाति चिह्न पहनने पर दबाव नहीं था।
- वास्तविक कारणों में ग्रीसयुक्त कारतूस, विदेशी सेवा, धार्मिक हस्तक्षेप और सामाजिक सुधार शामिल थे।
- सिपाहियों को अपनी जाति का पालन करने की अनुमति थी।
भूख हड़ताल को हथियार के रूप में पहली बार महात्मा गांधी ने किस आंदोलन के दौरान प्रयोग किया था?
- चंपारण सत्याग्रह
- असहयोग आंदोलन
- अहमदाबाद मिल मजदूर संघर्ष
- खेड़ा सत्याग्रह
Explanation:
- भूख हड़ताल (अनशन) को हथियार के रूप में पहली बार महात्मा गांधी ने 1918 के अहमदाबाद मिल मजदूर संघर्ष के दौरान प्रयोग किया।
- यह अहमदाबाद की कपड़ा मिलों के मजदूरों के लिए था।
- उन्होंने मजदूरों को हड़ताल के लिए प्रेरित किया।
- गांधी ने स्वयं तीन दिन का उपवास किया।
- इस संघर्ष में अनुसूइया बेन ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भारत में विधवा पुनर्विवाह की अनुमति किस कानून ने दी?
- महिला संरक्षण अधिनियम, 1862
- समानता कानून अधिनियम, 1870
- हिंदू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम, 1856
- महिला अधिकार अधिनियम, 1859
Explanation:
- हिंदू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम, 1856 (Hindu Widow Remarriage Act) ने विधवा पुनर्विवाह को वैध बनाया।
- यह लॉर्ड डलहौजी के कार्यकाल में पारित हुआ।
- इसे ईश्वर चंद्र विद्यासागर के प्रयासों से लागू किया गया।
- इसने हिंदू समाज में महिलाओं की स्थिति में सुधार किया।
निष्कासित नवाब वाजिद अली शाह के पुत्र बिरजिस कदर को किस स्थान पर एक रियासत का नया नवाब घोषित किया गया था?
- लखनऊ
- दिल्ली
- मैसूर
- मद्रास
Explanation:
- 1857 के विद्रोह के दौरान बिरजिस कदर (वाजिद अली शाह के पुत्र) को लखनऊ में अवध का नया नवाब घोषित किया गया था।
- वाजिद अली शाह 1856 में अवध से निर्वासित हो गए थे।
- बिरजिस कदर को अवध का शासक घोषित किया गया।
- उनकी माँ बेगम हजरत महल ने विद्रोह में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
निम्नलिखित में से कौन सा रॉलेट एक्ट का प्रावधान नहीं था, जिसे ब्रिटिश सरकार ने भारत में राजनीतिक असंतोष को रोकने के लिए पेश किया था?
- प्रेस का सेंसरशिप
- अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध
- वारंट के बिना राजनीतिक नेताओं की गिरफ्तारी
- बिना मुकदमे के गिरफ्तारी
Explanation:
- अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध रॉलेट एक्ट का प्रावधान नहीं था।
- रॉलेट एक्ट (1919) के प्रमुख प्रावधान:
- वारंट के बिना गिरफ्तारी
- बिना मुकदमे के कैद
- प्रेस की सेंसरशिप
- हबियस कॉर्पस का निलंबन
- इस अधिनियम ने स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाया, लेकिन अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सीधा उल्लेख नहीं था।
- रॉलेट एक्ट (1919) के प्रमुख प्रावधान:
भारत में प्रथम विश्व युद्ध के दौरान शुरू किए गए होम रूल आंदोलन का उद्देश्य ब्रिटिश साम्राज्य के भीतर स्वशासन प्राप्त करना था। इस आंदोलन को शुरू करने में किन दो प्रमुख नेताओं का संबंध था?
- एनी बेसेंट और बाल गंगाधर तिलक
- महात्मा गांधी और गोपाल कृष्ण गोखले
- लाला लाजपत राय और बिपिन चंद्र पाल
- जवाहरलाल नेहरू और सुभाष चंद्र बोस
Explanation:
- होम रूल आंदोलन (1916-18) को एनी बेसेंट और बाल गंगाधर तिलक ने शुरू किया।
- एनी बेसेंट ने सितंबर 1916 में मद्रास में होम रूल लीग की स्थापना की।
- बाल गंगाधर तिलक ने अप्रैल 1916 में पुणे में होम रूल लीग की स्थापना की।
- यह आंदोलन आयरिश होम रूल से प्रेरित था।
- इसने 1916 के लखनऊ समझौते को भी प्रभावित किया।
अलीगढ़ आंदोलन का मुख्य फोकस क्या था?
- महिलाओं के अधिकार
- मुसलमानों के बीच आधुनिक शिक्षा
- हिंदू पुनरुत्थानवाद
- सती प्रथा का उन्मूलन
Explanation:
- अलीगढ़ आंदोलन (1875-1920) का मुख्य फोकस मुसलमानों के बीच आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देना था।
- इसकी शुरुआत सैयद अहमद खान ने की।
- उन्होंने 1875 में अलीगढ़ में मोहम्मडन एंग्लो-ओरिएंटल कॉलेज की स्थापना की।
- यह बाद में 1920 में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) बना।
- इसका उद्देश्य मुसलमानों को आधुनिक शिक्षा प्रदान करना और ब्रिटिश के प्रति उनके रवैये में सुधार करना था।
किस वर्ष गोवा भारत में पुर्तगाली व्यापारिक साम्राज्य की राजधानी बना?
- 1530
- 1390
- 1659
- 1410
Explanation:
- 1530 में गोवा पुर्तगाली व्यापारिक साम्राज्य की राजधानी बना।
- पुर्तगालियों ने 1510 में गोवा पर अल्फोंसो डी अल्बुकर्क के नेतृत्व में कब्जा किया।
- 1530 में कोच्चि से राजधानी को गोवा स्थानांतरित किया गया।
- यह पुर्तगाली के लिए एशिया का प्रमुख केंद्र बना।
निम्नलिखित में से कौन सा आंदोलन, जो शुरू में धार्मिक प्रकृति का था, बाद में हाजी शरियतउल्लाह के पुत्र दुदू मियां के नेतृत्व में एक किसान आंदोलन में विकसित हुआ?
- भील विद्रोह
- वहाबी आंदोलन
- फ़ाराज़ी आंदोलन
- माप्पिला विद्रोह
Explanation:
- फराजी आंदोलन (1830-60) शुरू में धार्मिक प्रकृति का था, लेकिन बाद में हाजी शरियतुल्लाह के पुत्र दुदू मियां के नेतृत्व में किसान आंदोलन में विकसित हुआ।
- इसकी शुरुआत हाजी शरियतुल्लाह (1781-1840) ने बंगाल में की।
- इसका उद्देश्य इस्लाम की शुद्धता पर जोर देना था।
- दुदू मियां (1819-60) ने इसे किसान विद्रोह में बदल दिया।
- इसने ब्रिटिश और हिंदू जमींदारों के खिलाफ संघर्ष किया।
1930 से 1932 के बीच आयोजित गोलमेज सम्मेलनों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (a) गोलमेज सम्मेलन संवैधानिक सुधारों और ब्रिटिश शासन के अधीन भारत की भविष्य की सरकार पर चर्चा करने के लिए आयोजित किए गए थे। (b) महात्मा गांधी ने केवल 1931 में दूसरे गोलमेज सम्मेलन में भाग लिया था।
- केवल (a)
- न तो (a) और न ही (b)
- केवल (b)
- (a) और (b) दोनों
Explanation:
- (a) सही – गोलमेज सम्मेलन संवैधानिक सुधारों और भविष्य की सरकार पर चर्चा के लिए आयोजित किए गए थे।
- (b) सही – महात्मा गांधी ने केवल 1931 में दूसरे गोलमेज सम्मेलन में भाग लिया (पहले और तीसरे में नहीं)।
- प्रथम (1930) – कांग्रेस अनुपस्थित
- द्वितीय (1931) – गांधी ने भाग लिया
- तृतीय (1932) – कांग्रेस अनुपस्थित
अंग्रेजों ने गांधी जी को क्या शीर्षक दिया, जिसे उन्होंने त्याग दिया था?
- राय बहादुर
- राय साहिब
- हिन्द केसरी
- कैसर-ए-हिन्द
Explanation:
- अंग्रेजों ने महात्मा गांधी को “कैसर-ए-हिन्द” (Kaiser-i-Hind) की उपाधि दी थी।
- उन्होंने 1919 के जलियांवाला बाग हत्याकांड के विरोध में यह उपाधि त्याग कर दी।
- यह उपाधि ब्रिटिश द्वारा सार्वजनिक सेवा के लिए दी जाती थी।
- रवीन्द्रनाथ टैगोर ने भी नाइटहुड वापस किया।
- अन्य विकल्प:
- राय बहादुर – जमींदारों/अधिकारियों को
- राय साहिब – छोटे पदाधिकारियों को
व्यपगत के सिद्धान्त की नीति किसने तैयार की?
- लार्ड कर्जों
- लार्ड मौंटबेटन
- लार्ड डलहौज़ी
- रोबर्ट क्लीव
Explanation:
- व्यपगत का सिद्धांत (Doctrine of Lapse) लॉर्ड डलहौजी (1848-1856) ने तैयार किया।
- इसके अनुसार, यदि किसी रियासत के शासक का कोई प्राकृतिक उत्तराधिकारी नहीं था, तो रियासत ब्रिटिश को मिल जाएगी।
- इस नीति के तहत सतारा (1848), झाँसी (1853), अवध (1856) आदि का विलय हुआ।
- यह 1857 के विद्रोह का एक प्रमुख कारण था।
चिल्लाँवाला की लड़ाई कब लड़ी गई?
- 1865
- 1892
- 1849
- 1856
Explanation:
- चिल्लाँवाला की लड़ाई 1849 में दूसरे आंग्ल-सिख युद्ध के दौरान लड़ी गई थी।
- यह युद्ध अंग्रेजों और सिखों के बीच चिल्लाँवाला (पंजाब) में हुआ।
- यह अनिर्णायक था।
- इसके बाद 1849 में गुजरात की लड़ाई में अंग्रेजों ने सिखों को हराया।
- पंजाब पर अंग्रेजों का कब्जा हो गया।
1857 के विद्रोह के दौरान भारत में ब्रिटिश महिलाओं को समर्पित पेंटिंग “इन मेमोरियम” किसने चित्रित किया था?
- थॉमस जोन्स बार्कर
- जॉन टेनियल
- जोसेफ नोएल पैटन
- फेलिस बीटो
Explanation:
- “इन मेमोरियम” (In Memoriam) पेंटिंग जोसेफ नोएल पैटन (1821-1901) ने चित्रित की थी।
- यह पेंटिंग 1857 के विद्रोह के दौरान मारी गई ब्रिटिश महिलाओं को समर्पित थी।
- यह ब्रिटिश दृष्टिकोण को दर्शाती है।
- इसमें अंग्रेजों की पीड़ा और सिपाहियों की क्रूरता को दिखाया गया है।
बारदोली से किस प्रसिद्ध व्यक्ति का संबंध है?
- महावीर
- सरदार वल्लभ भाई पटेल
- गुरु नानक
- अरबिंदो घोष
Explanation:
- सरदार वल्लभभाई पटेल (1875-1950) बारदोली (गुजरात) से जुड़े हैं।
- उन्होंने 1928 में बारदोली सत्याग्रह का नेतृत्व किया।
- यह कर (लगान) वृद्धि के खिलाफ था।
- इस सत्याग्रह में सफलता के बाद उन्हें “सरदार” की उपाधि मिली।
- वे भारत के पहले गृह मंत्री और “एकता के प्रतीक” थे।
1912 में जब सिविल सेवा पर रॉयल कमीशन का गठन किया गया था तब वायसराय कौन था?
- लॉर्ड इरविन
- लॉर्ड डफरिन
- लॉर्ड कर्जन
- लॉर्ड हार्डिंग
Explanation:
- 1912 में सिविल सेवा पर रॉयल कमीशन के गठन के समय वायसराय लॉर्ड हार्डिंग (1910-1916) थे।
- उन्होंने 1911 में दिल्ली दरबार के दौरान बंगाल विभाजन को वापस लिया।
- उनके कार्यकाल में 1912 में दिल्ली को राजधानी बनाया गया।
- उन्होंने सिविल सेवा में सुधार के लिए कमीशन बनाया।
यह किसने कहा, “स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूँगा”?
- भगत सिंह
- बाल गंगाधर तिलक
- गोपाल कृष्ण गोखले
- चंद्रशेखर आज़ाद
Explanation:
- “स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूँगा” यह वाक्य बाल गंगाधर तिलक (1856-1920) ने कहा था।
- उन्होंने यह नारा 1906 में दिया।
- यह उग्रवादी आंदोलन का प्रतीक बना।
- उन्हें “लोकमान्य” कहा जाता है।
- उन्होंने गणेश उत्सव (1893) और शिवाजी उत्सव (1895) शुरू किए।
कैबिनेट मिशन वर्ष _____ में भारत आया था?
- 1940
- 1943
- 1946
- 1941
Explanation:
- कैबिनेट मिशन 1946 में (मार्च-जून) भारत आया था।
- इसके सदस्य: लॉर्ड पेथिक-लॉरेंस, सर स्टैफोर्ड क्रिप्स और ए. वी. अलेक्जेंडर।
- इसका उद्देश्य भारत के संविधान पर चर्चा करना था।
- इसने कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच भारत विभाजन को रोकने की कोशिश की।
1857 के विद्रोह को अंग्रेजों ने कब पूरी तरह दबा दिया था?
- 1859
- 1861
- 1860
- 1857
Explanation:
- 1857 का विद्रोह 1859 तक अंग्रेजों ने पूरी तरह दबा दिया था।
- विद्रोह 10 मई, 1857 को मेरठ में शुरू हुआ।
- 1858 तक अधिकांश विद्रोह समाप्त हो गया।
- 1859 में तात्या टोपे की फाँसी के साथ विद्रोह पूरी तरह समाप्त हुआ।
भारत के निम्नलिखित स्वतंत्रता सेनानियों में से किसे ‘सीमांत गांधी’ के नाम से जाना जाता है?
- मौलाना अबुल कलाम आज़ादी
- खान अब्दुल गफ्फार खान
- बदरुद्दीन तैयबजी
- मुख्तार अहमद अंसारी
Explanation:
- खान अब्दुल गफ्फार खान (1890-1988) को “सीमांत गांधी” (Frontier Gandhi) कहा जाता है।
- वे उत्तर-पश्चिम सीमा प्रांत (NWFP) के थे।
- उन्होंने खुदाई खिदमतगार (लाल कुर्ती) आंदोलन शुरू किया।
- वे अहिंसा के समर्थक थे।
- उन्हें 1987 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया।
गवर्नर जनरल लॉर्ड डलहौजी ने किस राज्य को “एक चेरी” कहा था?
- विजयनगर साम्राज्य
- झांसी का साम्राज्य
- ग्वालियर का साम्राज्य
- अवध का साम्राज्य
Explanation:
- लॉर्ड डलहौजी ने अवध को “एक चेरी” (अंग्रेजी: “a cherry that will fall into our mouth one day”) कहा था।
- उन्होंने 1856 में अवध पर विलय कर लिया।
- यह 1857 के विद्रोह का एक प्रमुख कारण था।
- अवध के नवाब वाजिद अली शाह को हटाकर अवध को ब्रिटिश साम्राज्य में मिला लिया गया।
________ भारत के लिए समुद्री मार्ग की खोज करने वाले पहले व्यक्ति थे।
- अंग्रेज़
- फ्रांसीसी
- डच
- पुर्तगाली
Explanation:
- पुर्तगाली भारत के लिए समुद्री मार्ग की खोज करने वाले पहले यूरोपीय थे।
- 1498 में वास्को डी गामा कालीकट (केरल) पहुँचे।
- यह मार्ग यूरोप और एशिया के बीच व्यापार का नया रास्ता बना।
- 1500 में पेड्रो अल्वारेज कैब्राल भी भारत आए।
औपनिवेशिक शासन को सर्वप्रथम कहाँ स्थापित किया गया था?
- बंगाल
- सूरत
- दिल्ली
- बॉम्बे
Explanation:
- औपनिवेशिक शासन को सर्वप्रथम बंगाल में स्थापित किया गया था।
- 1757 में प्लासी का युद्ध के बाद अंग्रेजों ने बंगाल में राजनीतिक शक्ति प्राप्त की।
- 1765 में दीवानी अधिकार मिले।
- यहीं से ब्रिटिश साम्राज्य का विस्तार शुरू हुआ।
सिपाही विद्रोह के समय गवर्नर जनरल कौन था?
- लॉर्ड हेस्टिंग्स
- लॉर्ड डलहौजी
- लॉर्ड कैनिंग
- लॉर्ड कार्नवालिस
Explanation:
- 1857 के सिपाही विद्रोह के समय गवर्नर-जनरल लॉर्ड कैनिंग (1856-1862) थे।
- वे भारत के अंतिम गवर्नर-जनरल और प्रथम वायसराय (1858) थे।
- उन्होंने 1857 के विद्रोह को दबाया।
- उन्होंने 1858 में “पोर्टफोलियो प्रणाली” लागू की।
झाँसी की रानी लक्ष्मी बाई की मृत्यु किस युद्ध में हुई थी?
- 1858
- 1835
- 1885
- 1853
Explanation:
- झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई की मृत्यु 17 जून, 1858 को ग्वालियर के पास कोटा-की-सराय में 1857 के विद्रोह के दौरान हुई थी।
- वे 1857 के विद्रोह की प्रमुख नेताओं में से एक थीं।
- उन्होंने झाँसी की रक्षा की, लेकिन अंग्रेजों ने झाँसी पर कब्जा कर लिया।
- बाद में वे ग्वालियर गईं, जहाँ वे युद्ध में वीरगति को प्राप्त हुईं।
निम्नलिखित में से किस संगठन से राम प्रसाद बिस्मिल, चंद्रशेखर आजाद और भगत सिंह जुड़े थे?
- नौजवान भारत सभा
- आजाद हिंद फौज
- हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन
- हिंद सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन
Explanation:
- हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA) से राम प्रसाद बिस्मिल, चंद्रशेखर आजाद और भगत सिंह जुड़े थे।
- HSRA का गठन 1928 में दिल्ली के फिरोजशाह कोटला में हुआ।
- इसकी स्थापना हिन्दुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन (HRA) के पुनर्गठन के रूप में हुई।
- इसका उद्देश्य ब्रिटिश शासन का सशस्त्र क्रांति के माध्यम से उखाड़ फेंकना था।
- राम प्रसाद बिस्मिल – HRA के संस्थापक सदस्य, काकोरी डकैती (1925) में शामिल।
- चंद्रशेखर आजाद – HSRA के प्रमुख नेता, 1931 में इलाहाबाद के अल्फ्रेड पार्क में शहीद।
- भगत सिंह – HSRA के प्रमुख नेता, दिल्ली बम कांड (1929), 1931 में फाँसी।
- अन्य विकल्प:
- नौजवान भारत सभा – भगत सिंह ने 1926 में स्थापित की।
- आजाद हिंद फौज – सुभाष चंद्र बोस (1943) से संबंधित।
यह प्रसिद्ध उद्धरण किसका है? “अगर आप रोते हैं क्योंकि सूरज आपके जीवन से निकल गया है, तो आपके आँसू आपको सितारों को देखने से रोकेंगे।”
- अमृता प्रीतम
- श्री अरविंदो
- सुमित्रानंदन पंत
- रवींद्रनाथ टैगोर
Explanation:
- यह प्रसिद्ध उद्धरण रवींद्रनाथ टैगोर का है।
- टैगोर को “गुरुदेव” और “विश्वकवि” कहा जाता है।
- उन्होंने 1913 में नोबेल पुरस्कार (गीतांजलि) प्राप्त किया।
- उन्होंने 1921 में शांतिनिकेतन में विश्वभारती विश्वविद्यालय की स्थापना की।
- उन्होंने जलियांवाला बाग हत्याकांड (1919) के विरोध में नाइटहुड लौटाया।
- अन्य विकल्प:
- अमृता प्रीतम – पंजाबी कवयित्री
- श्री अरविंदो – दार्शनिक, क्रांतिकारी
- सुमित्रानंदन पंत – हिंदी कवि (छायावाद)
स्वदेशी आंदोलन कब शुरू हुआ?
- 1847
- 1881
- 1921
- 1905
Explanation:
- स्वदेशी आंदोलन 1905 में बंगाल विभाजन के विरोध में शुरू हुआ।
- इसका उद्देश्य ब्रिटिश वस्तुओं का बहिष्कार और भारतीय वस्तुओं का उपयोग को बढ़ावा देना था।
- यह आंदोलन बंगाल से शुरू होकर पूरे देश में फैल गया।
- इसका नेतृत्व उग्रवादी नेताओं (तिलक, बिपिन चंद्र पाल, लाला लाजपत राय) ने किया।
- 1908 में तिलक की गिरफ्तारी के बाद यह आंदोलन कमजोर पड़ गया।
- अन्य विकल्प:
- 1921 – असहयोग आंदोलन की शुरुआत
- 1881 – वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट (1878) के बाद
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा पूर्ण स्वराज, अर्थात ब्रिटिश राज से पूर्ण स्वतंत्रता की घोषणा कब की गई थी?
- 15th अगस्त 1930
- 19th दिसंबर 1930
- 26th जनवरी 1930
- 15th अगस्त 1922
Explanation:
- 26 जनवरी, 1930 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने “पूर्ण स्वराज” (पूर्ण स्वतंत्रता) की घोषणा की।
- यह निर्णय 1929 के लाहौर अधिवेशन (अध्यक्ष – जवाहरलाल नेहरू) में लिया गया था।
- 26 जनवरी को प्रथम स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया गया।
- बाद में 26 जनवरी, 1950 को गणतंत्र दिवस के रूप में अपनाया गया।
सविनय अवज्ञा आंदोलन किस कार्रवाई से शुरू हुआ?
- जवाहरलाल नेहरू और अब्दुल गफ्फार खान की गिरफ्तारी
- दांडी मार्च
- भगत सिंह का फांसी
- चौरी-चौरा घटना
Explanation:
- सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930) की शुरुआत दांडी मार्च (नमक सत्याग्रह) से हुई।
- यह 12 मार्च, 1930 को साबरमती आश्रम से दांडी तक 385 किमी की यात्रा थी।
- 6 अप्रैल, 1930 को दांडी में नमक कानून तोड़ा गया।
- इस आंदोलन ने पूरे देश को सविनय अवज्ञा के लिए प्रेरित किया।
- अन्य विकल्प:
- चौरी-चौरा (1922) – असहयोग आंदोलन वापसी का कारण
- भगत सिंह की फाँसी (1931) – आंदोलन के दौरान
जलियांवाला बाग हत्याकांड के विरोध में गांधी जी ने कौन-सा सम्मान लौटाया था?
- नूर-ए-हिंद
- कैसर-ए-हिंद
- ज्वेल ऑफ द कॉमनवेल्थ
- शेर-ए-हिंद
Explanation:
- महात्मा गांधी ने जलियांवाला बाग हत्याकांड (1919) के विरोध में “कैसर-ए-हिंद” (Kaiser-e-Hind) सम्मान लौटाया था।
- यह सम्मान उन्हें ब्रिटिश सरकार ने 1915 में दक्षिण अफ्रीका में कार्यों के लिए दिया था।
- गांधी ने रवींद्रनाथ टैगोर के साथ मिलकर विरोध किया।
- टैगोर ने नाइटहुड वापस किया।
- अन्य विकल्प:
- नूर-ए-हिंद – लॉर्ड मेयो द्वारा दिया गया
- शेर-ए-हिंद – लाला लाजपत राय को कहा जाता था
दादाभाई नौरोजी किस वर्ष यूनाइटेड किंगडम में हाउस ऑफ कॉमन्स के पहले भारतीय सदस्य बने?
- 1893
- 1891
- 1892
- 1896
Explanation:
- दादाभाई नौरोजी 1892 में यूनाइटेड किंगडम के हाउस ऑफ कॉमन्स के पहले भारतीय सदस्य बने।
- वे लिबरल पार्टी से सेंट्रल फिन्सबरी निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते थे।
- उन्हें “ग्रैंड ओल्ड मैन ऑफ इंडिया” कहा जाता है।
- उन्होंने “पोवर्टी एंड अन-ब्रिटिश रूल इन इंडिया” (1901) पुस्तक लिखी।
- वे INC के तीन बार अध्यक्ष (1886, 1893, 1906) रहे।
भारत का सबसे पुराना समाचार पत्र कौन सा है जो अभी भी प्रकाशन में है?
- बॉम्बे समाचार
- उदंत मार्तंड
- समाचार दर्पण
- अमृत बाजार पत्रिका
Explanation:
- “बॉम्बे समाचार” (Bombay Samachar) भारत का सबसे पुराना समाचार पत्र है, जो अभी भी प्रकाशन में है।
- इसकी स्थापना फरदूंजी मरज़बान ने 1822 में गुजराती भाषा में की थी।
- यह मुंबई से प्रकाशित होता है।
- उदंत मार्तंड (1826) – हिंदी का पहला समाचार पत्र (बंद हो गया)।
- समाचार दर्पण (1818) – बंगाली का पहला समाचार पत्र।
- अमृत बाजार पत्रिका (1868) – अंग्रेजी/बंगाली (अभी प्रकाशन में)।
बंगाल में किस क्रांतिकारी संगठन की स्थापना बरीन्द्र कुमार घोष ने की थी?
- ब्राती समिति (Brati Samiti)
- अनुशीलन समिति (Anushilan Samiti)
- स्वदेश बांधव समिति (Swadesh Bandhab Samiti)
- साधना समाज (Sadhana Samaj)
Explanation:
- बरीन्द्र कुमार घोष (1880-1959) ने बंगाल में अनुशीलन समिति (Anushilan Samiti) की स्थापना की।
- यह 1902 में कलकत्ता में स्थापित हुई।
- यह बंगाल का सबसे महत्वपूर्ण क्रांतिकारी संगठन था।
- इसने ब्रिटिश शासन के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष को बढ़ावा दिया।
- बरीन्द्र घोष अरबिंदो घोष के भाई थे।
- उन्होंने “युगान्तर” पत्रिका भी प्रकाशित की।
- अन्य विकल्प:
- ब्राती समिति – बंगाल का एक संगठन
- स्वदेश बांधव समिति – अश्विनी कुमार दत्त (1905)
किस कांग्रेस अधिवेशन में महात्मा गांधी ने अन्य नेताओं को खिलाफत और स्वराज के समर्थन में असहयोग आंदोलन आरम्भ करने के लिए राजी किया था?
- लखनऊ अधिवेशन
- बॉम्बे अधिवेशन
- नागपुर अधिवेशन
- कलकत्ता अधिवेशन
Explanation:
- 1920 के कलकत्ता अधिवेशन (विशेष सत्र) में महात्मा गांधी ने खिलाफत और स्वराज के समर्थन में असहयोग आंदोलन शुरू करने के लिए अन्य नेताओं को राजी किया।
- बाद में 1920 के नागपुर अधिवेशन में इस प्रस्ताव को पारित किया गया।
- असहयोग आंदोलन 1920-22 तक चला।
- इसमें सरकारी स्कूलों, कॉलेजों, अदालतों का बहिष्कार शामिल था।
किसने कहा था, “राजनीतिक स्वतंत्रता एक राष्ट्र की जीवन श्वास है।”
- रवींद्रनाथ टैगोर
- अरबिंदो घोष
- गोपाल कृष्ण गोखले
- महात्मा गांधी
Explanation:
- “राजनीतिक स्वतंत्रता एक राष्ट्र की जीवन श्वास है” उद्धरण अरबिंदो घोष (1872-1950) का है।
- वे एक क्रांतिकारी, दार्शनिक और योगी थे।
- उन्होंने 1905-10 के बीच राष्ट्रवादी आंदोलन में सक्रिय भाग लिया।
- बाद में वे पांडिचेरी में श्री अरबिंदो आश्रम में रहे।
- उन्होंने “द लाइफ डिवाइन”, “सावित्री” जैसी पुस्तकें लिखीं।
निम्नलिखित में से कौन भारतीय स्वतंत्रता के क्रांतिकारी आंदोलन का हिस्सा नहीं था?
- अनुशीलन समिति
- युगान्तर
- अभिनव भारत
- यंग पार्टी
Explanation:
- यंग पार्टी (Young Party) भारतीय स्वतंत्रता के क्रांतिकारी आंदोलन का हिस्सा नहीं थी।
- अनुशीलन समिति (1902) – बंगाल
- युगान्तर (1906) – बंगाल
- अभिनव भारत (1904) – महाराष्ट्र (वी.डी. सावरकर)
भारत में पहला समाचार पत्र किसने शुरू किया था?
- डर्क सॉयर
- जॉन कैंपबेल
- एडवर्ड मैलेट
- जेम्स ए. हिकी
Explanation:
- जेम्स ऑगस्टस हिकी ने 1780 में कलकत्ता से “हिकीज़ बंगाल गजट” (Hicky’s Bengal Gazette) नामक भारत का पहला समाचार पत्र शुरू किया।
- यह साप्ताहिक था।
- इसमें सरकारी और सामाजिक मुद्दों पर समाचार प्रकाशित होते थे।
- इसे 1782 में बंद कर दिया गया।
- अन्य विकल्प:
- डर्क सॉयर – डेनिश प्रिंटर
- जॉन कैंपबेल – अमेरिकी समाचार पत्र
गांधी जी को चंपारण की समस्याओं के बारे में किस शहर में बताया गया था और उन्हें वहां जाने के लिए आमंत्रित किया गया था?
- लखनऊ
- दिल्ली
- पटना
- अहमदाबाद
Explanation:
- 1917 में गांधी जी को चंपारण की समस्याओं के बारे में लखनऊ में राज कुमार शुक्ल ने बताया और उन्हें वहाँ जाने के लिए आमंत्रित किया।
- यह गांधी का भारत में पहला सत्याग्रह था।
- यह आंदोलन नील (Indigo) की जबरन खेती के खिलाफ था।
लखनऊ में 1857 के विद्रोह का नेतृत्व किसने किया था?
- वीर सावरकर
- तात्या टोपे
- कुंवर सिंह
- बेगम हजरत महल
Explanation:
- लखनऊ में 1857 के विद्रोह का नेतृत्व बेगम हजरत महल ने किया।
- वह अवध के नवाब वाजिद अली शाह की बेगम थीं।
- उन्होंने अपने 12 वर्षीय पुत्र (बिरजिस कद्र) को शासक घोषित किया।
- वह महारानी विक्टोरिया के घोषणापत्र (1858) को स्वीकार करने से इनकार करने वाली थीं।
- बाद में उन्होंने नेपाल में शरण ली।
- अन्य विकल्प:
- तात्या टोपे – झाँसी/कानपुर
- कुंवर सिंह – बिहार (आरा)
वुड्स डिस्पैच निम्नलिखित में से किस सुधार से संबंधित था?
- रेलवे
- शिक्षा
- सिंचाई
- उद्योग
Explanation:
- वुड्स डिस्पैच (1854) शिक्षा सुधार से संबंधित था।
- इसे सर चार्ल्स वुड (ब्रिटिश बोर्ड ऑफ कंट्रोल के अध्यक्ष) ने प्रस्तुत किया।
- इसे “मैग्ना कार्टा ऑफ इंग्लिश एजुकेशन इन इंडिया” कहा जाता है।
- इसमें विश्वविद्यालयों (कलकत्ता, बॉम्बे, मद्रास, 1857) की स्थापना की सिफारिश की गई।
- इसमें शिक्षा विभाग की स्थापना की बात कही गई।
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है?
- 1857 के विद्रोह को प्रथम स्वतंत्रता संग्राम माना जाता है।
- शेख़ मुजीबुर रहमान ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- साइमन कमीशन 1928 में बंबई पहुँचा।
- भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को मार्च 1931 में फाँसी दी गई।
Explanation:
- शेख मुजीबुर रहमान ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका नहीं निभाई।
- वे पूर्वी पाकिस्तान (बांग्लादेश) के नेता थे।
- उन्होंने 1971 में बांग्लादेश की स्वतंत्रता का नेतृत्व किया।
- सही कथन:
- साइमन कमीशन 1928 में बॉम्बे पहुँचा (सविनय अवज्ञा के विरोध के साथ)।
- भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु को 23 मार्च, 1931 को फाँसी दी गई।
जलियांवाला बाग हत्याकांड के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है?
- जलियांवाला बाग हत्याकांड मार्च 1919 के रॉलेट एक्ट का परिणाम था, जिसने सरकार को बिना मुकदमे के कैद करने का अधिकार दिया था।
- यह घटना 13 अप्रैल 1919 को हुई, जब जनता एक एजेंडे के साथ जलियांवाला बाग में इकट्ठी हुई थी।
- जलियांवाला बाग की घटना चौरी चौरा की घटना के बाद हुई थी, जिसमें प्रदर्शनकारियों का एक बड़ा समूह पुलिस के साथ भिड़ गया था।
- ब्रिगेडियर-जनरल डायर ने बिना किसी सूचना के इकट्ठे हुए लोगों पर गोलियां चलवा दीं।
Explanation:
- जलियांवाला बाग (1919) चौरी चौरा (1922) के बाद नहीं, पहले हुई थी।
- जलियांवाला बाग – 13 अप्रैल, 1919, अमृतसर
- चौरी चौरा – 5 फरवरी, 1922, उत्तर प्रदेश
- सही कथन:
- जलियांवाला बाग रौलेट एक्ट (1919) का परिणाम था।
- यह 13 अप्रैल (बैसाखी) को हुआ।
- जनरल डायर ने गोलियाँ चलवाईं।
भारत के किस शहर में राजा राममोहन रॉय ने ‘ब्रह्मो सभा’ (बाद में ‘ब्रह्मो समाज’ के रूप में जाना गया) नामक सुधार संघ की स्थापना की थी?
- कलकत्ता
- बर्दवान
- बरकपुर
- मुर्शिदाबाद
Explanation:
- राजा राम मोहन राय ने 1828 में कलकत्ता में “ब्रह्मो सभा” (बाद में “ब्रह्मो समाज”) की स्थापना की।
- यह हिंदू धर्म में सुधार के लिए एक संगठन था।
- इसने मूर्ति पूजा, जातिवाद और छुआछूत का विरोध किया।
- राम मोहन राय ने सती प्रथा (1829) के उन्मूलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- उन्हें “भारतीय पुनर्जागरण के जनक” कहा जाता है।
निम्नलिखित में से किसने भारत में अंग्रेजी शिक्षा को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी?
- जेम्स मिल
- थॉमस बैबिंगटन मैकाले
- चार्ल्स वुड
- विलियम कैरी
Explanation:
- थॉमस बैबिंगटन मैकाले (1800-1859) ने भारत में अंग्रेजी शिक्षा को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- उन्होंने 1835 में “मैकाले मिनट्स” प्रस्तुत किए।
- उनके अनुसार, शिक्षा का उद्देश्य भारतीयों को अंग्रेजी और पश्चिमी ज्ञान से परिचित कराना था।
- इसने 1854 के वुड्स डिस्पैच का मार्ग प्रशस्त किया।
- उन्होंने भारतीय दंड संहिता (IPC) को भी तैयार किया।
- अन्य विकल्प:
- चार्ल्स वुड – वुड्स डिस्पैच (1854)
- विलियम कैरी – मिशनरी, शिक्षा प्रचारक
जलियांवाला बाग हत्याकांड के लिए जिम्मेदार जनरल डायर को किसने मारा?
- चंद्रशेखर आजाद
- सरदार उधम सिंह
- भगत सिंह
- सूर्य सेन
Explanation:
- सरदार उधम सिंह (1899-1940) ने 13 मार्च, 1940 को लंदन में जनरल डायर की हत्या कर दी।
- उन्होंने जलियांवाला बाग हत्याकांड (1919) का बदला लिया।
- उन्हें 31 जुलाई, 1940 को लंदन में पेंटनविले जेल में फाँसी दी गई।
- उनके अवशेष 1974 में भारत लाए गए।
- अन्य विकल्प:
- भगत सिंह – जॉन सॉन्डर्स की हत्या (1928)
- सूर्य सेन – चटगांव शस्त्रागार छापा (1930)
बंगाल का विभाजन किस वर्ष से प्रभावी हुआ था?
- 1905
- 1904
- 1902
- 1903
Explanation:
- बंगाल का विभाजन 16 अक्टूबर, 1905 से प्रभावी हुआ था।
- इसे लॉर्ड कर्जन (वायसराय 1899-1905) ने लागू किया।
- बंगाल को पूर्वी बंगाल (ढाका) और पश्चिमी बंगाल (कलकत्ता) में विभाजित किया गया।
- इस विभाजन ने स्वदेशी आंदोलन को जन्म दिया।
- इसे 1911 में वापस ले लिया गया (राजधानी दिल्ली स्थानांतरित की गई)।
“स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूँगा।” यह प्रसिद्ध कथन किसका है?
- भगत सिंह
- सरदार वल्लभ भाई पटेल
- बाल गंगाधर तिलक
- महात्मा गांधी
Explanation:
- “स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूँगा” प्रसिद्ध कथन बाल गंगाधर तिलक (1856-1920) का है।
- उन्हें “लोकमान्य” कहा जाता था।
- वे उग्रवादी (गरम दल) नेता थे।
- उन्होंने गणेश उत्सव (1893) और शिवाजी उत्सव (1895) शुरू किए।
- उन्होंने “केसरी” (मराठी) और “मराठा” (अंग्रेजी) समाचार पत्र प्रकाशित किए।
3 जून 1947 की योजना की घोषणा किस गवर्नर जनरल ने की थी?
- लॉर्ड इरविन
- लॉर्ड माउंटबेटन
- लॉर्ड वेवेल
- लॉर्ड लिनलिथगो
Explanation:
- 3 जून, 1947 की योजना (माउंटबेटन योजना) की घोषणा लॉर्ड माउंटबेटन (वायसराय 1947) ने की थी।
- इस योजना में भारत और पाकिस्तान के विभाजन की बात थी।
- इसे कांग्रेस और मुस्लिम लीग ने स्वीकार किया।
- 15 अगस्त, 1947 को भारत स्वतंत्र हुआ।
- माउंटबेटन स्वतंत्र भारत के पहले गवर्नर-जनरल (1947-48) बने।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम मुस्लिम अध्यक्ष कौन थे?
- बदरुद्दीन तैयबजी
- दादाभाई नौरोजी
- नवाब सैयद मुहम्मद बहादुर
- अबुल कलाम आज़ाद
Explanation:
- बदरुद्दीन तैयबजी (1844-1906) INC के प्रथम मुस्लिम अध्यक्ष (1887, मद्रास) थे।
- वे एक बॉम्बे के प्रसिद्ध वकील थे।
- उन्होंने 1885 में INC की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- वे 1895 में कलकत्ता में भी अध्यक्ष रहे।
- बाद में मुहम्मद अली जिन्ना (1910) और अबुल कलाम आज़ाद (1940) भी अध्यक्ष बने।
निम्नलिखित में से किसे भारत में ‘सिविल सेवाओं का जनक’ कहा जाता है?
- महात्मा गांधी
- रॉबर्ट क्लाइव
- वारेन हेस्टिंग्स
- चार्ल्स कॉर्नवॉलिस
Explanation:
- चार्ल्स कॉर्नवॉलिस (1786-93) को “भारत में सिविल सेवाओं का जनक” कहा जाता है।
- उन्होंने 1786 में सिविल सेवा में सुधार किए।
- उन्होंने 1793 में स्थायी बंदोबस्त (जमींदारी) लागू किया।
- उन्होंने यूरोपीय और भारतीय अधिकारियों के वेतन में अंतर कम किया।
- वारेन हेस्टिंग्स को भी कभी-कभी “सिविल सेवाओं का जनक” कहा जाता है।
जनरल माइकल ओ’डायर को किस स्वतंत्रता सेनानी ने गोली मारी थी?
- सुखदेव
- चंद्रशेखर आजाद
- भगत सिंह
- ऊधम सिंह
Explanation:
- जनरल माइकल ओ’डायर (जलियांवाला बाग के जिम्मेदार) को ऊधम सिंह (उधम सिंह) ने 13 मार्च, 1940 को लंदन में गोली मारी थी।
- ऊधम सिंह ने 1919 के जलियांवाला बाग हत्याकांड का बदला लिया।
- उन्हें 31 जुलाई, 1940 को फाँसी दी गई।
- उनके अवशेष 1974 में भारत लाए गए।
खिलाफत समिति का गठन बॉम्बे में, खलीफा की लौकिक शक्तियों की रक्षा के लिए, _________ में किया गया था।
- जुलाई 1919
- जून 1919
- मार्च 1919
- जनवरी 1919
Explanation:
- खिलाफत समिति का गठन मार्च 1919 में बॉम्बे में किया गया था।
- इसका उद्देश्य तुर्की के खलीफा की लौकिक शक्तियों की रक्षा करना था।
- इसका नेतृत्व मौलाना मुहम्मद अली, शौकत अली और मौलाना अबुल कलाम आज़ाद ने किया।
- यह असहयोग आंदोलन (1920-22) के साथ मिलकर चला।
1921 का मोपला विद्रोह निम्नलिखित में से किस क्षेत्र में हुआ था?
- असम
- केरल
- पंजाब
- बंगाल
Explanation:
- 1921 का मोपला विद्रोह (मालाबार विद्रोह) केरल (मालाबार क्षेत्र) में हुआ।
- यह मोपला (मुस्लिम) किसानों का विद्रोह था।
- यह हिंदू जमींदारों और ब्रिटिश के खिलाफ था।
- यह खिलाफत आंदोलन से प्रेरित था।
- इस विद्रोह को कठोरता से दबाया गया।
हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA) की स्थापना 1928 में निम्नलिखित में से किस शहर में हुई थी?
- पुणे
- कलकत्ता
- लाहौर
- दिल्ली
Explanation:
- HSRA की स्थापना 1928 में दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में हुई थी।
- यह हिन्दुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन (HRA) का पुनर्गठन था।
- इसके प्रमुख नेता भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद और सुखदेव थे।
- इसका उद्देश्य ब्रिटिश शासन को सशस्त्र क्रांति से उखाड़ फेंकना था।
निम्नलिखित में से किस महिला ने 1917 में महिला भारतीय संघ की शुरुआत की थी?
- सरोजिनी नायडू
- एनी बेसेंट
- मैडम भीकाजी कामा
- उषा मेहता
Explanation:
- एनी बेसेंट (1847-1933) ने 1917 में महिला भारतीय संघ (Women’s Indian Association) की शुरुआत की।
- यह महिलाओं के अधिकारों और स्वतंत्रता के लिए था।
- वह INC की पहली महिला अध्यक्ष (1917, कलकत्ता) थीं।
- उन्होंने 1916 में होम रूल लीग की स्थापना की।
अवध को औपचारिक रूप से ब्रिटिश साम्राज्य में किस वर्ष मिलाया गया था?
- 1860
- 1852
- 1856
- 1854
Explanation:
- अवध (Oudh) को 1856 में लॉर्ड डलहौजी ने विलय (Doctrine of Lapse) के माध्यम से ब्रिटिश साम्राज्य में मिलाया।
- यह 1857 के विद्रोह का एक महत्वपूर्ण कारण था।
- अवध के अंतिम नवाब वाजिद अली शाह थे।
- इस विलय ने सिपाहियों और जनता में असंतोष पैदा किया।
1857 के विद्रोह के दौरान निम्नलिखित में से किस घटना के परिणामस्वरूप भारतीय विद्रोहियों का सामूहिक नरसंहार हुआ?
- दिल्ली पर कब्ज़ा
- आगरा में विद्रोह
- मंगल पांडे को फांसी
- मेरठ में विद्रोह
Explanation:
- 1857 के विद्रोह के दौरान दिल्ली पर कब्जा (सितंबर 1857) के परिणामस्वरूप भारतीय विद्रोहियों का सामूहिक नरसंहार हुआ।
- अंग्रेजों ने दिल्ली पर पुनः कब्जा करने के बाद बड़े पैमाने पर नरसंहार किया।
- इस घटना ने विद्रोह को कमजोर किया।
- अंतिम मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर को पकड़ लिया गया और बर्मा भेज दिया गया।
भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के दौरान गरमपंथियों का मुख्य उद्देश्य क्या था?
- पूर्ण स्वतंत्रता (स्वराज्य) प्राप्त करना
- भारत में ब्रिटिश वस्तुओं को बढ़ावा देना
- विधान परिषदों का विस्तार करना
- सामाजिक सुधार लाना
Explanation:
- गरमपंथियों (उग्रवादियों) का मुख्य उद्देश्य पूर्ण स्वतंत्रता (स्वराज्य) प्राप्त करना था।
- वे संवैधानिक तरीकों पर विश्वास नहीं करते थे।
- उन्होंने स्वदेशी, बहिष्कार और राष्ट्रीय शिक्षा पर जोर दिया।
- प्रमुख गरमपंथी नेता: तिलक, बिपिन चंद्र पाल, लाला लाजपत राय (“लाल-बाल-पाल”)।
- नरमपंथियों का उद्देश्य विधान परिषदों का विस्तार और सामाजिक सुधार था।
निम्नलिखित में से कौन विधायन के माध्यम से अंतर-जातीय और अंतर-धार्मिक विवाहों को बढ़ावा देने के लिए जाना जाता था?
- राजा राम मोहन रॉय
- सर सैयद अहमद खान
- पंडिता रमाबाई
- एनी बेसेंट
Explanation:
- राजा राम मोहन राय ने विधायन (कानून) के माध्यम से अंतर-जातीय और अंतर-धार्मिक विवाहों को बढ़ावा दिया।
- उन्होंने सती प्रथा (1829) को समाप्त करवाया।
- उन्होंने विधवा पुनर्विवाह का समर्थन किया।
- उन्होंने ब्रह्म समाज (1828) की स्थापना की।
- उन्होंने मूर्ति पूजा का विरोध किया।
निम्नलिखित में से किसने भारतीय और पाश्चात्य दोनों प्रकार की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कलकत्ता में वेदांत कॉलेज की स्थापना की?
- राममोहन राय
- ईश्वर चंद्र विद्यासागर
- स्वामी विवेकानंद
- देबेन्द्रनाथ टैगोर
Explanation:
- राजा राम मोहन राय ने 1825 में कलकत्ता में वेदांत कॉलेज (Vedanta College) की स्थापना की।
- इसका उद्देश्य भारतीय और पाश्चात्य दोनों प्रकार की शिक्षा को बढ़ावा देना था।
- इसमें हिंदू धर्म के साथ-साथ पश्चिमी विज्ञान पढ़ाया जाता था।
- उन्होंने 1817 में हिंदू कॉलेज (बाद में प्रेसीडेंसी कॉलेज) की स्थापना में भी योगदान दिया।
- अन्य विकल्प:
- ईश्वर चंद्र विद्यासागर – विधवा पुनर्विवाह (1856)
- स्वामी विवेकानंद – रामकृष्ण मिशन (1897)
ब्रिटिश शासन के दौरान इंडियन पीपुल्स थिएटर एसोसिएशन (IPTA) ने क्या भूमिका निभाई?
- ब्रिटिश शिक्षा नीति को प्रोत्साहित किया
- कला के माध्यम से असहमति व्यक्त की
- शास्त्रीय नृत्य को बढ़ावा दिया
- ब्रिटिश युद्ध प्रयासों का समर्थन किया
Explanation:
- इंडियन पीपुल्स थिएटर एसोसिएशन (IPTA) ने कला के माध्यम से असहमति (प्रतिरोध) व्यक्त की।
- यह 1942 में स्थापित हुआ।
- इसने नाटकों और गीतों के माध्यम से राष्ट्रवादी संदेश दिए।
- इसके सदस्यों में प्रेमचंद (प्रेमचंद) भी शामिल थे।
- इसने भारत छोड़ो आंदोलन का समर्थन किया।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 1929 के लाहौर अधिवेशन की अध्यक्षता किस नेता ने की थी, जहाँ ‘पूर्ण स्वराज’ के प्रस्ताव को पारित किया गया था?
- लाला लाजपत राय
- सी.आर. दास
- सुभाष चंद्र बोस
- जवाहरलाल नेहरू
Explanation:
- 1929 के लाहौर अधिवेशन की अध्यक्षता जवाहरलाल नेहरू ने की थी।
- इस अधिवेशन में “पूर्ण स्वराज” (पूर्ण स्वतंत्रता) का प्रस्ताव पारित किया गया।
- 26 जनवरी, 1930 को प्रथम स्वतंत्रता दिवस मनाने का निर्णय लिया गया।
- नेहरू भारत के पहले प्रधानमंत्री (1947-64) थे।
‘रामोशी विद्रोह’ के लिए काम करने वाले रामोशी किस समुदाय के किलों की रक्षा करने वाले रात्रि रक्षक थे?
- मुगल
- सिख
- राजपूत
- मराठा
Explanation:
- रामोशी मराठा समुदाय के किलों की रक्षा करने वाले रात्रि रक्षक (Night Guards) थे।
- उन्होंने 1822-1829 में रामोशी विद्रोह का नेतृत्व किया।
- यह विद्रोह ब्रिटिश शासन के खिलाफ था।
- इसका नेतृत्व उमाजी नाइक ने किया।
- वे महाराष्ट्र के पुणे और सतारा क्षेत्रों में सक्रिय थे।
1905 से 1917 तक की अवधि को भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में “चरमपंथी चरण” के रूप में जाना जाता है। निम्नलिखित में से कौन सा नेता इस दौरान उग्रवादी विचारधारा से जुड़ा नहीं था?
- लाला लाजपत राय
- बिपिन चंद्र पाल
- बाल गंगाधर तिलक
- गोपाल कृष्ण गोखले
Explanation:
- गोपाल कृष्ण गोखले (1866-1915) उग्रवादी (गरम दल) से जुड़े नहीं थे।
- वे नरमपंथी (उदारवादी) नेता थे।
- उन्होंने संवैधानिक और क्रमिक तरीकों में विश्वास किया।
- उन्होंने 1905 में सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी की स्थापना की।
- वे महात्मा गांधी के राजनीतिक गुरु थे।
1857 में ब्रिटिशों के विरुद्ध विद्रोह के लिए देशी राजाओं का समर्थन जुटाने के लिए बिठूर, कालपी, दिल्ली और लखनऊ किसने यात्रा की थी?
- तात्या टोपे
- बहादुर शाह ज़फ़र
- नाना साहब
- झाँसी की रानी
Explanation:
- नाना साहब (दोंडु पंत) ने 1857 के विद्रोह के दौरान देशी राजाओं का समर्थन जुटाने के लिए बिठूर, कालपी, दिल्ली और लखनऊ की यात्रा की।
- वह पेशवा बाजीराव द्वितीय के दत्तक पुत्र थे।
- उन्होंने कानपुर में विद्रोह का नेतृत्व किया।
- बाद में वे नेपाल भाग गए और 1859 में उनकी मृत्यु हो गई।
- अन्य विकल्प:
- तात्या टोपे – नाना साहेब के सेनापति
- बहादुर शाह जफर – दिल्ली में विद्रोह के मुखिया
1930 के दांडी मार्च के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? (a) यह मार्च साबरमती आश्रम से शुरू हुआ और दांडी में समाप्त हुआ, जिसमें 240 मील की दूरी तय की गई। (b) दांडी मार्च के कारण पूना पैक्ट पर हस्ताक्षर हुए।
- केवल (a)
- केवल (b)
- न तो (a) और न ही (b)
- (a) और (b) दोनों
Explanation:
- केवल (a) सही है।
- (a) सही – दांडी मार्च साबरमती आश्रम (अहमदाबाद) से दांडी (गुजरात) तक 240 मील (385 किमी) की दूरी तय की गई।
- (b) गलत – पूना पैक्ट (1932) दांडी मार्च से संबंधित नहीं है।
- पूना पैक्ट गांधी और अंबेडकर के बीच सांप्रदायिक पंचाट के विरोध में हुआ।
रियासतों में एंग्लो-भारतीय नौकरशाहों के लिए क्या शब्द प्रयोग किया जाता था?
- जागीरदार
- गैर-मुल्की
- मुल्की
- जमींदार
Explanation:
- गैर-मुल्की (Non-Mulki) शब्द रियासतों (विशेष रूप से हैदराबाद में) में एंग्लो-भारतीय नौकरशाहों के लिए प्रयोग किया जाता था।
- ये वे लोग थे जो रियासत के मूल निवासी नहीं थे।
- उन्हें उच्च प्रशासनिक पदों पर रखा जाता था।
- इस प्रणाली ने आंध्र प्रदेश में मुल्की आंदोलन (1952) को जन्म दिया।
1921 का मोपला विद्रोह (जिसे मैपिलर विद्रोह भी कहा जाता है), जो ब्रिटिश शासन और हिंदू जमींदारों के खिलाफ था, निम्नलिखित में से किस स्थान पर हुआ था?
- केरल
- उत्तर प्रदेश
- बंगाल
- बॉम्बे
Explanation:
- 1921 का मोपला विद्रोह (मैपिलर विद्रोह) केरल (मालाबार क्षेत्र) में हुआ।
- यह ब्रिटिश और हिंदू जमींदारों के खिलाफ था।
- यह खिलाफत आंदोलन से प्रेरित था।
- विद्रोहियों ने “खिलाफत” का नारा दिया।
ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के अधीन भारत की व्यापार संरचना को ब्रिटेन के आर्थिक हितों की पूर्ति के लिए ढाला गया था। स्वतंत्रता की पूर्व संध्या पर भारत की व्यापार संरचना का सबसे अच्छा वर्णन निम्नलिखित में से कौन-सा करता है?
- पूँजी का निर्यात, श्रम का आयात
- कच्चे माल का निर्यात, निर्मित वस्तुओं का आयात
- औद्योगिक वस्तुओं का निर्यात, खाद्य का आयात
- केवल यूरोप के साथ संतुलित द्विदिशीय व्यापार
Explanation:
- स्वतंत्रता की पूर्व संध्या पर भारत की व्यापार संरचना “कच्चे माल का निर्यात, निर्मित वस्तुओं का आयात” थी।
- भारत कपास, जूट, चाय और इंडिगो जैसे कच्चे माल का निर्यात करता था।
- भारत ब्रिटेन से निर्मित वस्तुओं (कपड़ा, मशीनरी) का आयात करता था।
- यह औपनिवेशिक शोषण का एक महत्वपूर्ण पहलू था।
- दादाभाई नौरोजी ने “ड्रेन ऑफ वेल्थ” सिद्धांत के माध्यम से इस शोषण को उजागर किया।
निम्न में से भारत के कौनसा प्रसिद्ध पर्यटक स्थल 1911 में राजा जॉर्ज वी और रानी मैरी के दौरे का स्मरण कराते हैं?
- इंडिया गेट
- गेटवे ऑफ़ इंडिया
- वीन / प्रिंस ऑफ वील्स संग्रहालय
- विक्टोरिया टर्मिनस
Explanation:
- गेटवे ऑफ इंडिया (मुंबई) का निर्माण 1911 में किंग जॉर्ज पंचम और क्वीन मैरी के भारत दौरे की स्मृति में किया गया था।
- इसका डिज़ाइन जॉर्ज विटेट ने इंडो-सारसेनिक शैली में बनाया।
- इसका निर्माण 1915-1924 के बीच हुआ।
- यह मुंबई के अपोलो बंदर पर स्थित है।
- अन्य विकल्प:
- इंडिया गेट – प्रथम विश्व युद्ध के सैनिकों की याद में (1931)
- विक्टोरिया टर्मिनस – रानी विक्टोरिया की स्मृति में (1887)
कौन बादशाह खान के नाम से जाना जाता था?
- मोहम्मद अली जिन्ना
- अब्दुल कलाम आजाद
- खान अब्दुल गफ्फार खान
- खान अब्दुल वली खान
Explanation:
- खान अब्दुल गफ्फार खान (1890-1988) को “बादशाह खान” के नाम से जाना जाता था।
- उन्हें “फ्रंटियर गांधी” भी कहा जाता है।
- उन्होंने खुदाई खिदमतगार (लाल कुर्ती आंदोलन) की स्थापना की।
- वे अहिंसा के समर्थक थे।
- उन्हें 1987 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया।
1928 में बारडोली सत्याग्रह अंततः ______ के नेतृत्व में किया गया था।
- लोकमान्य तिलक
- वल्लभ भाई पटेल
- महात्मा गाँधी
- गोपाल कृष्ण गोखले
Explanation:
- 1928 का बारडोली सत्याग्रह (गुजरात) सरदार वल्लभभाई पटेल के नेतृत्व में किया गया था।
- यह बढ़े हुए भूमि कर के विरुद्ध था।
- इस सत्याग्रह में महिलाओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
- इसकी सफलता के बाद पटेल को “सरदार” की उपाधि मिली।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का गठन किसने किया था?
- डब्ल्यू.सी. बनर्जी
- ए.ओ. ह्यूम
- फिरोजशाह मेहता
- दादाभाई नौरोजी
Explanation:
- ए.ओ. ह्यूम (Allan Octavian Hume) ने 1885 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) की स्थापना की।
- INC का पहला अधिवेशन 28-31 दिसंबर, 1885 को बॉम्बे में हुआ।
- इसकी अध्यक्षता डब्ल्यू.सी. बनर्जी ने की।
- ह्यूम को “भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के जनक” के रूप में जाना जाता है।
भारत के निम्नलिखित में से किस वायसराय ने निर्वाचित स्थानीय सरकारी निकाय बनाने की पहल की थी?
- लॉर्ड रिपन
- लॉर्ड इरविन
- लॉर्ड वेवेल
- लॉर्ड रीडिंग
Explanation:
- लॉर्ड रिपन (1880-84) ने 1882 में स्थानीय स्वशासन (निर्वाचित स्थानीय सरकारी निकाय) की स्थापना की पहल की।
- उन्हें “भारत में स्थानीय स्वशासन का जनक” कहा जाता है।
- उन्होंने इल्बर्ट बिल (1883) भी पेश किया।
- वे उदारवादी नीतियों के लिए जाने जाते हैं।
- गलत विकल्प:
- लॉर्ड इरविन – गांधी-इरविन समझौता (1931)
- लॉर्ड वेवेल – वेवेल योजना (1945)
विदेशी धरती पर फहराया जाने वाला पहला भारतीय ध्वज 1907 में भीकाजी कामा द्वारा _______ में फहराया गया था।
- जर्मनी
- फ्रांस
- इंग्लैंड
- रूस
Explanation:
- मैडम भीकाजी कामा ने 22 अगस्त, 1907 को स्टटगार्ट (जर्मनी) में अंतर्राष्ट्रीय समाजवादी सम्मेलन में पहला भारतीय राष्ट्रीय ध्वज फहराया।
- इस ध्वज में हरा, पीला और लाल रंग थे।
- इस पर “वंदे मातरम्” लिखा था।
- उन्हें “भारतीय क्रांति की जननी” कहा जाता है।
निम्नलिखित में से किस नेता ने ताशकंद समझौते पर हस्ताक्षर किए?
- वल्लभ भाई पटेल और जिन्ना
- जवाहरलाल नेहरू और अयूब खान
- लाल बहादुर शास्त्री और अयूब खान
- जवाहरलाल नेहरू और जिन्ना
Explanation:
- ताशकंद समझौता 10 जनवरी, 1966 को प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री और पाकिस्तानी राष्ट्रपति अयूब खान के बीच हस्ताक्षरित हुआ।
- यह 1965 के भारत-पाक युद्ध के बाद हुआ।
- इस समझौते के बाद लाल बहादुर शास्त्री की ताशकंद में मृत्यु हो गई (11 जनवरी, 1966)।
- उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न (1966) मिला।
महात्मा गांधी द्वारा ब्रिटिश नमक एकाधिकार के विरुद्ध आयोजित अहिंसक विरोध, दांडी मार्च, किस दिन समाप्त हुआ?
- 7 अप्रैल 1930
- 4 अप्रैल 1930
- 5 अप्रैल 1930
- 6 अप्रैल 1930
Explanation:
- दांडी मार्च (नमक सत्याग्रह) 6 अप्रैल, 1930 को दांडी (गुजरात) में समाप्त हुआ।
- यह 12 मार्च, 1930 को साबरमती आश्रम से शुरू हुआ था।
- गांधी ने दांडी में नमक कानून तोड़ा।
- यह 385 किमी (240 मील) की यात्रा थी।
कांग्रेस के एक अधिवेशन में वंदेमातरम् गाने वाली पहली मुस्लिम महिला कौन थी?
- बेगम हजरत महल
- रायहाना तैयबजी
- रजिया खातून
- अशगरी बेगम
Explanation:
- रायहाना तैयबजी (1879-1960) कांग्रेस के अधिवेशन में “वंदे मातरम्” गाने वाली पहली मुस्लिम महिला थीं।
- वह बदरुद्दीन तैयबजी (INC के पहले मुस्लिम अध्यक्ष) की बेटी थीं।
- उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भाग लिया।
फॉरवर्ड ब्लॉक पार्टी के संस्थापक कौन थे?
- बिपिन चंद्र पाल
- सुभाष चंद्र बोस
- महात्मा गांधी
- सरदार वल्लभभाई पटेल
Explanation:
- ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक की स्थापना 1939 में सुभाष चंद्र बोस ने की थी।
- यह कांग्रेस के त्रिपुरी अधिवेशन (1939) के बाद स्थापित हुआ।
- इसका उद्देश्य ब्रिटिश शासन के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष करना था।
- बोस को “नेता जी” कहा जाता है।
1793 में बंगाल का स्थायी बन्दोबस्त किस वायसराय के अधीन लागू किया गया था?
- चार्ल्स कॉर्नवालिस
- जॉन शोर
- लॉर्ड डलहौजी
- फिलिप फ्रांसिस
Explanation:
- स्थायी बंदोबस्त (Permanent Settlement) 1793 में लॉर्ड कार्नवालिस (चार्ल्स कॉर्नवालिस) के अधीन बंगाल में लागू किया गया था।
- यह जमींदारी प्रणाली थी।
- इसके तहत जमींदार ब्रिटिश को निश्चित राजस्व देते थे।
- यह ब्रिटिश शासन की राजस्व व्यवस्था का आधार बना।
वर्ष 1856 में लॉर्ड कैनिंग के कार्यकाल के दौरान कौन सा सुधार/कानून पारित किया गया था?
- व्यपगत का सिद्धांत
- मॉर्ले-मिंटो सुधार
- सती का निषेध
- विधवा पुनर्विवाह
Explanation:
- विधवा पुनर्विवाह अधिनियम 1856 में लॉर्ड कैनिंग के कार्यकाल में पारित किया गया था।
- इसे ईश्वर चंद्र विद्यासागर के प्रयासों से पारित किया गया।
- इस अधिनियम ने हिंदू विधवाओं के पुनर्विवाह को वैध बनाया।
- यह एक महत्वपूर्ण सामाजिक सुधार था।
- गलत विकल्प:
- व्यपगत सिद्धांत – लॉर्ड डलहौजी
- सती निषेध – लॉर्ड विलियम बेंटिक (1829)
निम्नलिखित वाक्य किसने कहा था: ‘भारतीय राष्ट्रवाद एक अभिजात वर्ग की घटना है, वकीलों, डॉक्टरों और जमींदारों की रचना है।’
- सरदार वल्लभभाई पटेल
- महात्मा गांधी
- राजेंद्र प्रसाद
- पंडित जवाहरलाल नेहरू
Explanation:
- महात्मा गांधी ने यह कथन कहा था।
- उन्होंने INC को मध्यम वर्गीय संगठन बताया।
- उन्होंने जनता को संगठित करने पर जोर दिया।
- उनका मानना था कि राष्ट्रवाद को जन-आधारित होना चाहिए।
निम्नलिखित में से किस वर्ष में भारत छोड़ो आंदोलन शुरू हुआ था?
- 1943
- 1940
- 1941
- 1942
Explanation:
- भारत छोड़ो आंदोलन (Quit India Movement) 8 अगस्त, 1942 को बॉम्बे में शुरू हुआ।
- महात्मा गांधी ने “करो या मरो” (Do or Die) का नारा दिया।
- यह आंदोलन ब्रिटिश को भारत छोड़ने की मांग थी।
- गांधी और कांग्रेस नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया।
भारत के स्वतंत्रता संग्राम में भारत छोड़ो आंदोलन महत्वपूर्ण था। निम्नलिखित में से कौन सी घटना इस आंदोलन के बाद हुई?
- रोलेट बिल
- दांडी मार्च
- ब्रिटेन में लेबर सरकार ने भारत में कैबिनेट मिशन भेजा
- ब्रिटिश भारत में अखिल भारतीय मुस्लिम लीग की स्थापना हुई
Explanation:
- 1946 में ब्रिटेन की लेबर सरकार (एटली) ने कैबिनेट मिशन को भारत भेजा।
- यह 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के बाद हुआ।
- कैबिनेट मिशन का उद्देश्य भारत को स्वतंत्रता हस्तांतरित करना था।
- इस मिशन ने 1946 में अंतरिम सरकार का गठन किया।
- गलत विकल्प:
- रोलेट बिल – 1919
- दांडी मार्च – 1930
- मुस्लिम लीग – 1906
निम्नलिखित में से किस स्वतंत्रता सेनानी ने ‘नौजवान भारत सभा’ की स्थापना की थी?
- भगत सिंह
- वीर सावरकर
- दादाभाई नौरोजी
- अशफाकउल्ला खान
Explanation:
- भगत सिंह ने 1926 में नौजवान भारत सभा (Naujawan Bharat Sabha) की स्थापना की।
- इसका उद्देश्य युवाओं को क्रांतिकारी विचारों से जोड़ना था।
- यह सामाजिक और राजनीतिक सुधारों के लिए कार्य करता था।
- भगत सिंह ने 1928 में HSRA (हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन) की स्थापना भी की।
उस विकल्प को पहचानिए जिसमें दी गई घटनाएँ सही कालानुक्रमिक क्रम में हैं। Ⅰ. असहयोग आंदोलन Ⅱ. नमक (दांडी) मार्च Ⅲ. भारत छोड़ो आंदोलन Ⅳ. महात्मा गांधी का दक्षिण अफ्रीका से वापस लौटना
- Ⅳ, Ⅰ, Ⅱ, Ⅲ
- Ⅱ, Ⅰ, Ⅲ, Ⅳ
- Ⅳ, Ⅱ, Ⅲ, Ⅰ
- Ⅰ, Ⅱ, Ⅲ, Ⅳ
Explanation:
- सही कालानुक्रमिक क्रम:
- Ⅳ. महात्मा गांधी का दक्षिण अफ्रीका से वापस लौटना – 1915
- Ⅰ. असहयोग आंदोलन – 1920-22
- Ⅱ. नमक (दांडी) मार्च – 1930
- Ⅲ. भारत छोड़ो आंदोलन – 1942
निम्नलिखित में से कौन सा असहयोग आंदोलन की विशेषता नहीं है?
- नमक मार्च
- सरकार द्वारा प्रदान की गई उपाधियों का त्याग
- सिविल सेवाओं का बहिष्कार
- विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार
Explanation:
- नमक मार्च असहयोग आंदोलन (1920-22) की विशेषता नहीं है।
- नमक मार्च 1930 में सविनय अवज्ञा आंदोलन का हिस्सा था।
- असहयोग आंदोलन की विशेषताएँ:
- उपाधियों का त्याग
- सिविल सेवाओं का बहिष्कार
- विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार
- सरकारी स्कूलों/कॉलेजों का बहिष्कार
साइमन कमीशन के बहिष्कार का मुख्य कारण क्या था?
- अध्यक्ष सर जॉन साइमन थे।
- कमीशन के सभी सदस्य ब्रिटिश थे।
- कमीशन के सभी सदस्य अनुभवहीन थे।
- लाला लाजपत राय कमीशन से संबंधित लाठी चार्ज में गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
Explanation:
- साइमन कमीशन (1927) के बहिष्कार का मुख्य कारण यह था कि इसके सभी सदस्य ब्रिटिश थे और कोई भारतीय सदस्य नहीं था।
- इसके भारत आने पर “साइमन कमीशन वापस जाओ” के नारे लगे।
- इसके विरोध में लाला लाजपत राय की मृत्यु (1928) हुई।
- कांग्रेस ने इसका बहिष्कार किया।
दूसरा गोलमेज सम्मेलन कब आयोजित हुआ?
- 1929
- 1940
- 1950
- 1931
Explanation:
- दूसरा गोलमेज सम्मेलन 1931 में लंदन में आयोजित हुआ।
- इसमें महात्मा गांधी ने भाग लिया।
- यह गांधी-इरविन समझौते (1931) के बाद हुआ।
- यह सम्मेलन असफल रहा।
- प्रथम गोलमेज (1930) – कांग्रेस अनुपस्थित
- तृतीय गोलमेज (1932) – कांग्रेस अनुपस्थित
‘करो या मरो’ यह नारा किसने दिया था?
- लाला लाजपत राय
- महात्मा गांधी
- सरदार वल्लभ भाई पटेल
- जवाहरलाल नेहरू
Explanation:
- “करो या मरो” (Do or Die) का नारा महात्मा गांधी ने 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में दिया।
- यह नारा गांधी की पहचान है।
- उन्होंने 8 अगस्त, 1942 को बॉम्बे के गोवालिया टैंक मैदान पर यह नारा दिया।
- इस आंदोलन ने भारत को स्वतंत्रता की ओर अग्रसर किया।
चिपको आंदोलन किसके विरुद्ध था?
- वनों की कटाई
- औद्योगिक विकास
- खुदाई
- भवन निर्माण
Explanation:
- चिपको आंदोलन 1973 में वनों की कटाई के विरुद्ध शुरू हुआ।
- इसे सुंदरलाल बहुगुणा ने उत्तराखंड (तब उत्तर प्रदेश) में शुरू किया।
- ग्रामीणों ने पेड़ों को गले लगाकर (चिपकना) उनकी कटाई रोकी।
- यह पर्यावरण आंदोलन का एक प्रमुख उदाहरण है।
- अन्य विकल्प:
- नर्मदा बचाओ आंदोलन – बांधों के विरुद्ध
- अप्पिको आंदोलन – उत्तर कन्नड़ (कर्नाटक) में वन रक्षा
गांधी जी को ब्रिटिश भारत की यात्रा करने, भूमि और उसके लोगों को जानने की सलाह किसने दी थी?
- गोपाल कृष्ण गोखले
- बिपिन चंद्र पाल
- बाल गंगाधर तिलक
- वोमेश चंद्र बनर्जी
Explanation:
- गोपाल कृष्ण गोखले ने गांधी को ब्रिटिश भारत की यात्रा करने और भूमि तथा लोगों को जानने की सलाह दी।
- गांधी 1915 में दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे।
- गोखले गांधी के राजनीतिक गुरु थे।
- गांधी ने 1915-17 के बीच भारत भ्रमण किया।
सहायक संधि प्रणाली को स्वीकार करने वाला पहला भारतीय शासक कौन था?
- बारोडा के गायकवाड़
- पंजाब के दलीप सिंह
- हैदराबाद के निजाम
- ग्वालियर के सिंधिया
Explanation:
- हैदराबाद के निजाम (निजाम अली खान) ने 1798 में सहायक संधि (Subsidiary Alliance) को स्वीकार करने वाले पहले भारतीय शासक बने।
- यह संधि लॉर्ड वेलेजली द्वारा प्रस्तावित की गई थी।
- इसके तहत निजाम ने अपनी सेना को ब्रिटिश के अधीन कर दिया।
भारत में स्वदेशी आंदोलन किसके दौरान शुरू हुआ था?
- गांधी जी का चंपारण सत्याग्रह
- रौलेट एक्ट के खिलाफ विरोध प्रदर्शन
- 1919-22 का पहला असहयोग आंदोलन
- बंगाल विभाजन विरोधी आंदोलन
Explanation:
- स्वदेशी आंदोलन 1905 में बंगाल विभाजन (लॉर्ड कर्जन) के विरोध में शुरू हुआ।
- इस आंदोलन ने भारतीय वस्तुओं को बढ़ावा दिया और विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार किया।
- इसके नेता उग्रवादी (तिलक, बिपिन चंद्र पाल, लाला लाजपत राय) थे।
- बंगाल विभाजन को 1911 में वापस ले लिया गया।
निम्नलिखित में से किसने गांधी जी को नमक मार्च के विरोध को केवल पुरुषों तक सीमित न रखने के लिए राजी किया?
- कस्तूरबा गांधी
- सरोजिनी नायडू
- कमला नेहरू
- कमला देवी चट्टोपाध्याय
Explanation:
- कमला देवी चट्टोपाध्याय ने गांधी को नमक मार्च (1930) में महिलाओं को शामिल करने के लिए राजी किया।
- उन्होंने तर्क दिया कि सत्याग्रह में महिलाएँ भी पुरुषों की तरह योगदान दे सकती हैं।
- गांधी ने इस सलाह को स्वीकार किया।
- नमक सत्याग्रह में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया।
निम्नलिखित राष्ट्रवादी नेताओं में से कौन मराठी समाचार पत्र ‘केसरी’ के संस्थापक और संपादक थे?
- भीमराव अंबेडकर
- विनायक दामोदर सावरकर
- विष्णुशास्त्री चिपलूनकर
- बाल गंगाधर तिलक
Explanation:
- बाल गंगाधर तिलक ने 1881 में मराठी समाचार पत्र “केसरी” की स्थापना की।
- उन्होंने “मराठा” (अंग्रेजी) समाचार पत्र भी शुरू किया।
- इन अखबारों ने राष्ट्रवादी विचार फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- तिलक को “लोकमान्य” कहा जाता है।
1784 ई. में यूरोपीय लोगों द्वारा भारत में पुरातात्विक कार्य प्रारम्भ करने के साथ ही एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बंगाल का गठन किया गया। इसके संस्थापक कौन थे?
- जेम्स प्रिंसेप
- जॉर्ज टर्नूर
- विलियम जोन्स
- अलेक्जेंडर कनिंघम
Explanation:
- सर विलियम जोन्स ने 15 जनवरी, 1784 को कलकत्ता में एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बंगाल (Asiatic Society of Bengal) की स्थापना की।
- इसका उद्देश्य एशिया के साहित्य, विज्ञान, कला आदि का अध्ययन था।
- बाद में इसे एशियाटिक सोसाइटी के नाम से जाना गया।
- अलेक्जेंडर कनिंघम – भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के संस्थापक (1861)
निम्नलिखित में से किस सुधार संगठन ने एनी बेसेंट के मार्गदर्शन में प्राचीन भारतीय धर्मों, दर्शनों और सिद्धांतों के अध्ययन को बढ़ावा दिया?
- रामकृष्ण मिशन
- थियोसोफिकल सोसाइटी
- ब्रह्म समाज
- आर्य समाज
Explanation:
- थियोसोफिकल सोसाइटी (1875, न्यूयॉर्क) ने एनी बेसेंट के मार्गदर्शन में प्राचीन भारतीय धर्मों, दर्शनों और सिद्धांतों के अध्ययन को बढ़ावा दिया।
- इसकी स्थापना मैडम एच.पी. ब्लावात्स्की और कर्नल ओलकॉट ने की।
- एनी बेसेंट 1893 में इससे जुड़ीं।
- उन्होंने बनारस में सेंट्रल हिन्दू कॉलेज की स्थापना भी की।
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान गुप्त संगठन के रूप में अभिनव भारत मंदिर (यंग इंडिया सोसाइटी) की स्थापना _____________ और उनके भाई ने की थी।
- माधव गोविंद रानडे
- वीर सावरकर
- दामादर हरि चापेकर
- सरदार वल्लभभाई पटेल
Explanation:
- विनायक दामोदर सावरकर (वीर सावरकर) और उनके भाई गणेश दामोदर सावरकर ने 1904 में “अभिनव भारत” (यंग इंडिया सोसाइटी) की स्थापना की।
- यह एक गुप्त क्रांतिकारी संगठन था।
- इसका उद्देश्य ब्रिटिश शासन का सशस्त्र उखाड़ फेंकना था।
- सावरकर ने “The Indian War of Independence, 1857” पुस्तक लिखी।
निम्नलिखित राष्ट्रीय नेताओं में से किसने 1939 में फॉरवर्ड ब्लॉक की स्थापना की थी?
- सुभाष चंद्र बोस
- अबुल कलाम आज़ाद
- पंडित गोविंद वल्लभ पंत
- जवाहरलाल नेहरू
Explanation:
- सुभाष चंद्र बोस ने 1939 में कांग्रेस के त्रिपुरी अधिवेशन के बाद फॉरवर्ड ब्लॉक की स्थापना की।
- यह कांग्रेस के भीतर एक समाजवादी गुट था।
- इसका उद्देश्य ब्रिटिश शासन के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष करना था।
- बोस को “नेता जी” कहा जाता है।
फोर्ट विलियम कॉलेज की स्थापना भारत में सिविल सेवाओं के युवा ब्रिटिश रंगरूटों को प्रशिक्षित करने के लिए ____________ ने की थी।
- वारेन हेस्टिंग्स
- लॉर्ड वेलेस्ले
- लॉर्ड मेयो
- लॉर्ड डलहौजी
Explanation:
- लॉर्ड वेलेजली (वेलेस्ले) ने 1800 में फोर्ट विलियम कॉलेज (कोलकाता) की स्थापना की।
- इसका उद्देश्य सिविल सेवाओं के ब्रिटिश रंगरूटों को प्रशिक्षित करना था।
- इसमें भारतीय भाषाओं और संस्कृति की शिक्षा दी जाती थी।
- बाद में यह 1813 में बंद हो गया।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का पहला अधिवेशन निम्नलिखित में से किस स्थान पर हुआ था?
- लाहौर
- बॉम्बे
- कलकत्ता
- इलाहाबाद
Explanation:
- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) का पहला अधिवेशन 28-31 दिसंबर, 1885 को बॉम्बे (वर्तमान मुंबई) में हुआ।
- इसकी अध्यक्षता डब्ल्यू.सी. बनर्जी ने की।
- इसमें 72 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
- INC की स्थापना ए.ओ. ह्यूम ने की थी।
ब्रिटिश साम्राज्य में विलय के समय, 1856 में निम्नलिखित में से अवध का नवाब कौन था?
- वज़ीर अली
- वाजिद अली शाह
- शुजा-उद-दौला
- अमजद अली शाह
Explanation:
- वाजिद अली शाह 1856 में अवध के अंतिम नवाब थे, जब लॉर्ड डलहौजी ने अवध का विलय कर लिया।
- उन्हें कोलकाता में निर्वासित कर दिया गया।
- वह शायरी और संगीत के शौकीन थे।
- अवध का विलय 1857 के विद्रोह का एक प्रमुख कारण था।
स्वदेशी आंदोलन, जो बंगाल के विभाजन का विरोध करने और भारतीय वस्तुओं को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया था, किस वर्ष शुरू हुआ था?
- 1905
- 1906
- 1904
- 1907
Explanation:
- स्वदेशी आंदोलन 1905 में बंगाल के विभाजन (लॉर्ड कर्जन) के विरोध में शुरू हुआ।
- इसने भारतीय वस्तुओं को बढ़ावा दिया और विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार किया।
- यह उग्रवादी राष्ट्रवाद की शुरुआत थी।
- बंगाल विभाजन को 1911 में वापस ले लिया गया।
निम्नलिखित में से कौन सा/से आदिवासी विद्रोह के नेता विद्रोह के दौरान मारे नहीं गए थे, बल्कि किसी अन्य देश में निर्वासित कर दिए गए थे?
- तिरोत सिंह
- नीलांबर और पीतांबर
- तिलका मांझी
- सिधु और कान्हू मुर्मू
Explanation:
- तिरोत सिंह (खोंड विद्रोह के नेता) विद्रोह के दौरान मारे नहीं गए, बल्कि बर्मा में निर्वासित कर दिए गए।
- अन्य नेताओं की स्थिति:
- नीलांबर-पीतांबर – फाँसी (1859)
- तिलका मांझी – फाँसी (1785)
- सिधु-कान्हू – युद्ध में मारे गए (1855)
- अन्य नेताओं की स्थिति:
निम्नलिखित में से कौन सा कथन 1858 के नायकदास विद्रोह, संखेड़ा के संबंध में सही नहीं है?
- उन्होंने गुरिल्ला युद्ध नीति का सहारा लिया, ब्रिटिश सैनिकों को परेशान किया और ब्रिटिश थानों पर हमला किया
- यह विद्रोह गुजरात के छोटा उदेपुर जिले के आसपास हुआ था।
- नेता रूपा ने 1860 में ब्रिटिशों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।
- संखेड़ा के नायकदास ने रूपा नाइक और केनाइक दोनों नेताओं के नेतृत्व में हथियार उठाए
Explanation:
- नेता रूपा ने 1860 में आत्मसमर्पण नहीं किया; बल्कि उन्होंने ब्रिटिश के खिलाफ अपना संघर्ष जारी रखा।
- यह विद्रोह 1858 में गुजरात के छोटा उदेपुर (संखेड़ा) में हुआ।
- इसका नेतृत्व रूपा नाइक और केनाइक ने किया।
- विद्रोहियों ने गुरिल्ला युद्ध का सहारा लिया।
1793 में शुरू की गई कॉर्नवालिस संहिता, _______ के लिए जानी जाती है।
- एक समान पुलिस और न्यायिक सुधार स्थापित करना
- ज़मींदारी प्रथा को समाप्त करना
- न्यायपालिका में मूल भारतीयों को बढ़ावा देना
- अंग्रेजी को अदालती भाषा के रूप में लागू करना
Explanation:
- कॉर्नवालिस संहिता (1793) एक समान पुलिस और न्यायिक सुधार स्थापित करने के लिए जानी जाती है।
- इसके तहत न्यायपालिका और कार्यपालिका को अलग किया गया।
- इसने सिविल और फौजदारी अदालतों की स्थापना की।
- यह भारत में आधुनिक न्यायिक प्रणाली का आधार बना।
भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में अपनी सक्रिय भूमिका के लिए लोकप्रिय रूप से ‘भारतीय अशांति के जनक’ के रूप में किसे जाना जाता है?
- सुभाष चंद्र बोस
- जवाहरलाल नेहरू
- महात्मा गांधी
- बाल गंगाधर तिलक
Explanation:
- बाल गंगाधर तिलक (1856-1920) को “भारतीय अशांति के जनक” (Father of Indian Unrest) के रूप में जाना जाता है।
- उन्होंने उग्रवादी राष्ट्रवाद का नेतृत्व किया।
- उन्होंने “स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है” का नारा दिया।
- उन्हें “लोकमान्य” कहा जाता है।
- ब्रिटिश सरकार ने उन्हें “भारतीय अशांति का जनक” कहा।
1610 में, डच ने निम्नलिखित में से किस स्थान पर एक कारखाना स्थापित किया, जो बाद में कोरोमंडल क्षेत्र के लिए डच निदेशालय का मुख्यालय बन गया?
- पुलिकट
- सूरत
- बॉम्बे
- कोचीन
Explanation:
- 1610 में डच ने पुलिकट (आंध्र प्रदेश) में एक कारखाना स्थापित किया।
- यह कोरोमंडल क्षेत्र के लिए डच निदेशालय (Dutch Directorat) का मुख्यालय बना।
- डच ने भारत में 1602 में प्रवेश किया।
- उन्होंने सूरत, कोचीन, चिनसुरा आदि में भी कारखाने स्थापित किए।
रामकृष्ण मिशन की शुरुआत किसने की थी?
- रामकृष्ण परमहंस
- स्वामी विवेकानंद
- गोपाल गणेश अगरकर
- केशव चंद्र सेन
Explanation:
- रामकृष्ण मिशन की स्थापना 1897 में स्वामी विवेकानंद ने कोलकाता में की।
- यह रामकृष्ण परमहंस (1836-86) के विचारों पर आधारित है।
- इसका उद्देश्य आध्यात्मिक और सामाजिक सेवा है।
- विवेकानंद ने 1893 में शिकागो में धर्म संसद में भाषण दिया।
साइमन कमीशन भारत में कब आया?
- 1931
- 1928
- 1927
- 1930
Explanation:
- साइमन कमीशन 3 फरवरी, 1928 को भारत आया।
- इसका अध्यक्ष सर जॉन साइमन था।
- इसमें कोई भारतीय सदस्य नहीं था।
- इसके भारत आने पर “साइमन कमीशन वापस जाओ” के नारे लगे।
- इसके विरोध में लाला लाजपत राय की मृत्यु (1928) हुई।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का प्रथम अधिवेशन कब हुआ था?
- जून 1885
- दिसम्बर 1889
- नवंबर 1889
- दिसम्बर 1885
Explanation:
- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का प्रथम अधिवेशन 28-31 दिसंबर, 1885 को बॉम्बे में हुआ।
- इसकी अध्यक्षता डब्ल्यू.सी. बनर्जी ने की।
- इसमें 72 प्रतिनिधि शामिल हुए।
- INC की स्थापना ए.ओ. ह्यूम ने की।
निम्नलिखित में से कौन लंदन में पहले गोलमेज सम्मेलन में शामिल नहीं हुआ था?
- भारतीय रियासतें
- हिंदू महासभा
- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
- मुस्लिम लीग
Explanation:
- प्रथम गोलमेज सम्मेलन (1930, लंदन) में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) ने भाग नहीं लिया।
- INC ने सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930) के कारण बहिष्कार किया।
- इसमें भारतीय रियासतें, मुस्लिम लीग, हिंदू महासभा आदि ने भाग लिया।
- द्वितीय गोलमेज (1931) में गांधी ने भाग लिया।
चिपको आंदोलन की तरह निम्नलिखित में से किसका उद्देश्य उत्तर कन्नड़ जिले में वनों की रक्षा करना है?
- नर्मदा बचाओ आंदोलन
- अल बेधा परियोजना
- अप्पिको आंदोलन
- दिल्ली चलो आंदोलन
Explanation:
- अप्पिको आंदोलन (Appiko Movement) उत्तर कन्नड़ (कर्नाटक) में वनों की रक्षा के लिए 1983 में शुरू हुआ।
- यह चिपको आंदोलन से प्रेरित था।
- इसका उद्देश्य वृक्षों को कटने से बचाना था।
- इसका नेतृत्व पांडुरंग हेगड़े ने किया।
ब्रिटिश भारत में पहला राष्ट्रवादी क्रांतिकारी आंदोलन ____ से उभरा था।
- महाराष्ट्र
- बंगाल
- तमिलनाडु
- पंजाब
Explanation:
- ब्रिटिश भारत में पहला राष्ट्रवादी क्रांतिकारी आंदोलन बंगाल से उभरा।
- 1905 के बंगाल विभाजन ने क्रांतिकारी गतिविधियों को बढ़ावा दिया।
- अनुशीलन समिति (1902) – कलकत्ता
- युगांतर समूह – कलकत्ता
- बंगाल राष्ट्रवादी आंदोलन का प्रारंभिक केंद्र था।
1942-44 के बीच महात्मा गांधी और सरोजिनी नायडू को किस स्थान पर कैद किया गया था?
- बिरला हाउस
- सबरमती आश्रम
- रायगढ़ किला
- आगा खान पैलेस
Explanation:
- 1942-44 के बीच महात्मा गांधी और सरोजिनी नायडू को पुणे के आगा खान पैलेस में कैद किया गया था।
- यह भारत छोड़ो आंदोलन (1942) के बाद हुआ।
- गांधी ने यहाँ कस्तूरबा की मृत्यु (1944) देखी।
- सरोजिनी नायडू को 1944 में रिहा किया गया।
निम्नलिखित में से किसने ‘संवाद कौमुदी’ नामक समाचार पत्र शुरू किया था?
- राजा राम मोहन राय
- ईश्वर चंद्र विद्यासागर
- रास बिहारी बोस
- सिसिर कुमार घोष
Explanation:
- राजा राम मोहन राय ने 1821 में बंगाली समाचार पत्र “संवाद कौमुदी” (Samvad Kaumudi) शुरू किया।
- यह भारत का पहला बंगाली समाचार पत्र था।
- इसका उद्देश्य सामाजिक सुधार और जागरूकता फैलाना था।
- उन्होंने फारसी में “मिरात-उल-अखबार” भी प्रकाशित किया।
महात्मा गांधी के नेतृत्व में असहयोग आंदोलन किस वर्ष से आरम्भ हुआ था?
- 1918 से 1920
- 1920 से 1922
- 1930 से 1935
- 1915 से 1919
Explanation:
- असहयोग आंदोलन 1920 से 1922 तक महात्मा गांधी के नेतृत्व में चला।
- यह आंदोलन खिलाफत आंदोलन के साथ मिलकर चला।
- इसे 1922 में चौरी चौरा घटना के बाद वापस ले लिया गया।
- गांधी ने सत्याग्रह और अहिंसा का प्रयोग किया।
दांडी मार्च गुजरात में नमक खदानों तक पैदल _______ मील (लगभग) की यात्रा थी।
- 280
- 240
- 250
- 300
Explanation:
- दांडी मार्च 240 मील (लगभग 385 किमी) की पैदल यात्रा थी।
- यह 12 मार्च, 1930 को साबरमती आश्रम से शुरू हुई।
- यह 6 अप्रैल, 1930 को दांडी (गुजरात) में समाप्त हुई।
- गांधी ने 78 अनुयायियों के साथ यह यात्रा की।
भारत छोड़ो आंदोलन महात्मा गांधी द्वारा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के बॉम्बे अधिवेशन में ____ 1942 में शुरू किया गया था।
- सितंबर
- अगस्त
- दिसंबर
- नवंबर
Explanation:
- भारत छोड़ो आंदोलन 8 अगस्त, 1942 को बॉम्बे में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अधिवेशन में शुरू किया गया।
- इस अधिवेशन में “भारत छोड़ो” प्रस्ताव पारित किया गया।
- गांधी ने “करो या मरो” का नारा दिया।
- इसके बाद गांधी और कांग्रेस नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया।
भारत में ‘सती’ प्रथा के उन्मूलन का सबसे बड़ा सामाजिक सुधार गवर्नर-जनरल ______ द्वारा किया गया था।
- लॉर्ड मैकाले
- लॉर्ड कार्नवालिस
- लॉर्ड विलियम बेंटिक
- सर चार्ल्स मेटकैल्फ
Explanation:
- सती प्रथा के उन्मूलन का सबसे बड़ा सामाजिक सुधार लॉर्ड विलियम बेंटिक (1828-1835) ने 1829 में किया।
- इस कानून ने सती को अपराध घोषित किया।
- राजा राम मोहन राय ने इसमें महत्वपूर्ण योगदान दिया।
- यह ब्रिटिश सामाजिक सुधारों का एक प्रमुख उदाहरण है।
रायबरेली के सैयद अहमद निम्नलिखित में से किस आंदोलन से जुड़े थे?
- मोपला विद्रोह
- एक आंदोलन
- वहाबी आंदोलन
- कूका आंदोलन
Explanation:
- रायबरेली के सैयद अहमद वहाबी आंदोलन (1830-40) से जुड़े थे।
- वहाबी आंदोलन के संस्थापक सैयद अहमद बरेलवी (1786-1831) थे।
- इस आंदोलन ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष किया।
- इसने इस्लाम के शुद्धिकरण पर जोर दिया।
अंतिम मुगल शासक कौन था?
- आलमगीर द्वितीय
- बहादुर शाह द्वितीय
- अकबर द्वितीय
- अहमद शाह
Explanation:
- बहादुर शाह द्वितीय (1775-1862) मुगल साम्राज्य के अंतिम शासक थे।
- वे 1857 के विद्रोह के प्रतीक बने।
- उन्हें 1858 में ब्रिटिश ने बर्मा (रंगून) निर्वासित कर दिया।
- वे एक कवि थे, जिन्होंने “जफर” उपनाम से शायरी लिखी।
श्रीरंगपट्टनम में हस्ताक्षरित प्रसिद्ध शांति संधि द्वारा कौन सा युद्ध समाप्त हुआ था?
- प्रथम आंग्ल-मैसूर युद्ध
- तृतीय आंग्ल-मैसूर युद्ध
- चौथा एंग्लो-मैसूर युद्ध
- द्वितीय आंग्ल-मैसूर युद्ध
Explanation:
- श्रीरंगपट्टनम की संधि (1792) ने तृतीय आंग्ल-मैसूर युद्ध (1790-92) को समाप्त किया।
- इस संधि के तहत टीपू सुल्तान को अपना आधा राज्य छोड़ना पड़ा।
- उन्होंने युद्ध क्षतिपूर्ति के रूप में 3.3 करोड़ रुपये भी दिए।
- टीपू ने अपने दो पुत्रों को अंग्रेजों के पास बंधक के रूप में भेजा।
निम्नलिखित में से कौन सा गवर्नर जनरल सहायक गठबंधन से संबंधित है?
- लॉर्ड डलहौजी
- लॉर्ड कार्नवालिस
- लॉर्ड हेस्टिंग्स
- लॉर्ड वैलेस्ली
Explanation:
- लॉर्ड वेलेजली (वैलेस्ली) (1798-1805) सहायक गठबंधन (Subsidiary Alliance) से संबंधित हैं।
- उन्होंने 1798 में यह नीति शुरू की।
- इसके तहत भारतीय राजाओं को ब्रिटिश सेना रखनी पड़ती थी।
- इस नीति को स्वीकार करने वाले पहले शासक हैदराबाद के निजाम थे।
बनारस में सेंट्रल हिन्दू कॉलेज की नींव किसने रखी?
- सरोजिनी नायडू
- मैडम एच.पी. ब्लावात्स्की
- मदन मोहन मालवीय
- एनी बेसेंट
Explanation:
- एनी बेसेंट ने 1898 में बनारस में सेंट्रल हिन्दू कॉलेज (Central Hindu College) की नींव रखी।
- बाद में यह 1916 में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) का हिस्सा बना।
- BHU की स्थापना मदन मोहन मालवीय ने की।
- एनी बेसेंट थियोसोफिकल सोसाइटी से जुड़ी थीं।
महारानी विक्टोरिया द्वारा भारतीय सरकार का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की घोषणा कब की गई थी?
- 1947
- 1957
- 1951
- 1858
Explanation:
- 1858 में महारानी विक्टोरिया ने भारत सरकार अधिनियम 1858 के तहत ईस्ट इंडिया कंपनी से भारत का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की घोषणा की।
- इस घोषणा को “विक्टोरिया की घोषणा” (Queen’s Proclamation) कहा जाता है।
- यह घोषणा 1 नवंबर, 1858 को इलाहाबाद में लॉर्ड कैनिंग द्वारा पढ़ी गई।
- इसने भारतीय राजाओं को संधियों और सम्मान का आश्वासन दिया।
- लॉर्ड कैनिंग भारत के पहले वायसराय बने।
सिपाही विद्रोह किस वर्ष हुआ था?
- 1757
- 1859
- 1857
- 1858
Explanation:
- सिपाही विद्रोह (1857 का विद्रोह) 1857 में हुआ था।
- यह 10 मई, 1857 को मेरठ से शुरू हुआ।
- इसे भारत का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम कहा जाता है।
- इसके मुख्य कारण: ग्रीसयुक्त कारतूस, व्यपगत सिद्धांत, सामाजिक-धार्मिक सुधार।
- मुख्य नेता: बहादुर शाह जफर, रानी लक्ष्मीबाई, नाना साहेब, तात्या टोपे, कुँवर सिंह।
1939 में त्रिपुरी अधिवेशन में गांधी जी के उम्मीदवार को हराकर सुभाष चंद्र बोस INC के अध्यक्ष के रूप में फिर से चुने गए थे:
- एस राधाकृष्णन
- पट्टाभि सीतारमैया
- लाल बहादुर शास्त्री
- सरदार वल्लभभाई पटेल
Explanation:
- 1939 के त्रिपुरी (मध्य प्रदेश) अधिवेशन में सुभाष चंद्र बोस ने गांधी के उम्मीदवार पट्टाभि सीतारमैया को हराकर INC के अध्यक्ष पद पर पुनः चुने गए।
- बोस को 1,580 वोट मिले, जबकि सीतारमैया को 1,377 वोट मिले।
- इस अधिवेशन के बाद गांधी और बोस के बीच मतभेद बढ़े।
- बोस ने बाद में फॉरवर्ड ब्लॉक (1939) की स्थापना की।
ब्रिटिश भारत में साधारण ब्रह्म समाज की स्थापना कब हुई थी?
- 1830
- 1878
- 1868
- 1875
Explanation:
- साधारण ब्रह्म समाज (Sadharan Brahmo Samaj) की स्थापना 1878 में कलकत्ता में हुई।
- इसकी स्थापना आनंद मोहन बोस, शिवनाथ शास्त्री और उमेश चंद्र बनर्जी ने की।
- यह ब्रह्म समाज के विभाजन के परिणामस्वरूप बना।
- इसका उद्देश्य ब्रह्म समाज को सरल और जन-उन्मुख बनाना था।
- ब्रह्म समाज की स्थापना 1828 में राजा राम मोहन राय ने की थी।
प्रार्थना समाज की स्थापना निम्नलिखित में से किस स्थान पर हुई थी?
- नागपुर
- बॉम्बे
- इलाहाबाद
- कलकत्ता
Explanation:
- प्रार्थना समाज (Prarthana Samaj) की स्थापना 1867 में बॉम्बे (मुंबई) में हुई।
- इसके संस्थापक डॉ. आत्माराम पांडुरंग और महादेव गोविंद रानाडे थे।
- यह ब्रह्म समाज से प्रेरित था।
- इसका उद्देश्य मूर्ति पूजा का विरोध और सामाजिक सुधार (जातिवाद, बाल विवाह, विधवा पुनर्विवाह) करना था।
2011 में प्रकाशित ‘द ग्रेट इंडियन नॉवेल’ के लेखक कौन हैं?
- किरण नागरकर
- शशि थरूर
- विक्रम सेठ
- अरुंधति रॉय
Explanation:
- ‘द ग्रेट इंडियन नॉवेल’ (The Great Indian Novel) शशि थरूर द्वारा 1989 में लिखी गई (2011 में पुनः प्रकाशित)।
- यह एक व्यंग्यात्मक उपन्यास है।
- यह भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को महाभारत की कथा के माध्यम से प्रस्तुत करता है।
- शशि थरूर एक भारतीय लेखक और राजनीतिज्ञ हैं।
बंगाल का पहला विभाजन _____ में हुआ था।
- 1885
- 1898
- 1905
- 1907
Explanation:
- बंगाल का पहला विभाजन 1905 में लॉर्ड कर्जन द्वारा किया गया।
- इस विभाजन ने बंगाल को पूर्वी बंगाल (राजधानी: ढाका) और पश्चिमी बंगाल (राजधानी: कलकत्ता) में बाँटा।
- यह “फूट डालो और राज करो” नीति का हिस्सा था।
- इसके विरोध में स्वदेशी आंदोलन (1905) शुरू हुआ।
- इस विभाजन को 1911 में वापस ले लिया गया।
1937 में प्रस्तावित बुनियादी शिक्षा की वर्धा योजना से कौन-सा आंदोलन या विचार संबंधित है?
- नई तालीम या बुनियादी शिक्षा
- अंग्रेजी के माध्यम से शिक्षा
- वयस्क साक्षरता मिशन
- मुफ्त उच्च शिक्षा
Explanation:
- 1937 में प्रस्तावित बुनियादी शिक्षा की वर्धा योजना “नई तालीम” (Nai Talim) या बुनियादी शिक्षा (Basic Education) से संबंधित है।
- इसे महात्मा गांधी ने प्रस्तावित किया।
- इसका उद्देश्य भारतीय संस्कृति और हस्तकला पर आधारित शिक्षा देना था।
- इसमें बुनियादी कौशल (जैसे बुनाई, खेती) को शिक्षा का हिस्सा बनाया गया।
- इस समिति की अध्यक्षता डॉ. जाकिर हुसैन ने की।
भारतीय प्रशासनिक सेवाओं सहित उच्च प्रशासनिक सेवाओं के भारतीयकरण की मांग सबसे पहले किस प्रारंभिक INC सत्र में उठाई गई थी?
- इलाहाबाद अधिवेशन, 1890
- कलकत्ता अधिवेशन, 1886
- मद्रास अधिवेशन, 1887
- बॉम्बे अधिवेशन, 1885
Explanation:
- उच्च प्रशासनिक सेवाओं (ICS) के भारतीयकरण की मांग 1885 के बॉम्बे सत्र (INC का पहला सत्र) में उठाई गई।
- यह नरमपंथी नेताओं की एक प्रमुख मांग थी।
- उन्होंने भारत और इंग्लैंड में एक साथ ICS परीक्षा आयोजित करने की मांग की।
- यह मांग 1886 के कलकत्ता सत्र में भी दोहराई गई।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के किस अधिवेशन में पूर्ण स्वराज (पूर्ण स्वतंत्रता) का प्रस्ताव पारित किया गया था?
- काराची अधिवेशन, 1931
- लखनऊ अधिवेशन, 1916
- लाहौर अधिवेशन, 1929
- कलकत्ता अधिवेशन, 1920
Explanation:
- 1929 के लाहौर अधिवेशन में “पूर्ण स्वराज” (पूर्ण स्वतंत्रता) का प्रस्ताव जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में पारित किया गया।
- इस अधिवेशन में 26 जनवरी, 1930 को प्रथम स्वतंत्रता दिवस मनाने का निर्णय लिया गया।
- बाद में 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस (1950) के रूप में चुना गया।
- अन्य विकल्प:
- काराची (1931) – मौलिक अधिकारों पर प्रस्ताव
- लखनऊ (1916) – कांग्रेस-मुस्लिम लीग समझौता
- कलकत्ता (1920) – असहयोग आंदोलन की शुरुआत
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अध्यक्ष कौन थे?
- व्योमेश चन्द्र बनर्जी
- बाल गंगाधर तिलक
- अल्लन ओक्टावियन हुम
- दादाभाई नोरोजी
Explanation:
- व्योमेश चंद्र बनर्जी (डब्ल्यू. सी. बनर्जी) 1885 में INC के प्रथम अध्यक्ष चुने गए।
- INC का पहला सत्र 28-31 दिसंबर, 1885 को बॉम्बे में हुआ।
- इसमें 72 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
- INC के संस्थापक ए.ओ. ह्यूम थे।
हिन्दुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन की स्थापना कब हुई थी?
- 1920
- 1922
- 1924
- 1926
Explanation:
- हिन्दुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन (HRA) की स्थापना 1924 में कानपुर में हुई।
- इसके संस्थापक राम प्रसाद बिस्मिल, जोगेश चंद्र चटर्जी और सचिंद्रनाथ सान्याल थे।
- इसका उद्देश्य सशस्त्र क्रांति के माध्यम से ब्रिटिश शासन को समाप्त करना था।
- 1925 में काकोरी ट्रेन डकैती इसी संगठन ने की।
- 1928 में इसका नाम HSRA (हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन) कर दिया गया।
अंग्रेजों ने मैसूर के साथ कितने युद्ध लड़े?
- 6
- 4
- 5
- 3
Explanation:
- अंग्रेजों ने मैसूर के साथ 4 युद्ध (1767-1799) लड़े।
- प्रथम मैसूर युद्ध (1767-69) – हैदर अली vs ब्रिटिश
- द्वितीय मैसूर युद्ध (1780-84) – हैदर अली/टीपू vs ब्रिटिश
- तृतीय मैसूर युद्ध (1790-92) – टीपू सुल्तान vs ब्रिटिश
- चतुर्थ मैसूर युद्ध (1799) – टीपू सुल्तान की मृत्यु, मैसूर पर ब्रिटिश अधिकार
ग़दर पार्टी के सह-संस्थापक कौन थे?
- लाला लाजपत राय
- गोपाल कृष्ण गोखले
- हरदयाल
- दादाभाई नरोजी
Explanation:
- लाला हरदयाल (1884-1939) गदर पार्टी के सह-संस्थापक और वैचारिक नेता थे।
- गदर पार्टी की स्थापना 1913 में सैन फ्रांसिस्को में हुई।
- इसका उद्देश्य क्रांतिकारी तरीकों से ब्रिटिश शासन को उखाड़ फेंकना था।
- हरदयाल ने “गदर” पत्रिका प्रकाशित की।
‘गरीबी हटाओ’ किस राजनीतिक नेता का नारा था?
- मोरारजी देसाई
- के. कामराज
- कर्पूरी ठाकुर
- इंदिरा गांधी
Explanation:
- “गरीबी हटाओ” (Garibi Hatao) का नारा इंदिरा गांधी ने 1971 के लोकसभा चुनाव के दौरान दिया।
- यह नारा गरीबी उन्मूलन पर केंद्रित था।
- इस नारे ने उन्हें चुनावी सफलता दिलाई।
- उन्होंने बैंकों का राष्ट्रीयकरण (1969) और निजी संपत्ति पर प्रतिबंध जैसी नीतियाँ अपनाईं।
1974 में रेलवे हड़ताल का नेतृत्व किसने किया?
- जॉर्ज फर्नांडीस
- जे.पी. नारायण
- एस. पी. मुखर्जी
- मोरारजी देसाई
Explanation:
- 1974 की रेलवे हड़ताल का नेतृत्व जॉर्ज फर्नांडीस ने किया।
- यह भारत की सबसे बड़ी रेलवे हड़ताल थी (8 मई से 27 मई, 1974)।
- इसमें 17 लाख कर्मचारियों ने भाग लिया।
- इसे इंदिरा गांधी सरकार ने कड़ाई से दबाया।
- जॉर्ज फर्नांडीस समाजवादी नेता और जे.पी. आंदोलन से जुड़े थे।
बर्दवान का राजा कौन था जब स्थायी बंदोबस्त लागू किया गया था?
- तेजचंद
- मेहता ब चंद
- संगम राय
- अबू राय
Explanation:
- बर्दवान के राजा तेजचंद (तेजा चंद) स्थायी बंदोबस्त (1793) के समय थे।
- स्थायी बंदोबस्त लॉर्ड कार्नवालिस द्वारा 1793 में बंगाल में लागू किया गया।
- तेजचंद ने ब्रिटिश का समर्थन किया और जमींदारी को अपनाया।
- बर्दवान पश्चिम बंगाल का एक प्रमुख जिला है।
खिलाफत आंदोलन का नेतृत्व किसने किया?
- महात्मा गांधी
- अली बंधु
- मुहम्मद अली जिन्ना
- इनमें से कोई नहीं
Explanation:
- खिलाफत आंदोलन (1919-24) का नेतृत्व अली बंधु (मौलाना मुहम्मद अली और शौकत अली) ने किया।
- इसमें मौलाना अबुल कलाम आज़ाद भी शामिल थे।
- यह आंदोलन तुर्की के खलीफा की सुरक्षा के लिए था।
- यह असहयोग आंदोलन (1920-22) के साथ मिलकर चला।
- महात्मा गांधी ने इस आंदोलन का समर्थन किया।
रोलेट अधिनियम 1919 में निम्नलिखित में से क्या शामिल था?
- प्रेस की सुनवाई और सेंसरशिप के बिना अनिश्चितकालीन हिरासत
- भारतीयों पर खुली गोलियाँ और लाठी चार्ज
- भारतीय वस्तुओं पर प्रतिबंध
- भारी कर लगाना
Explanation:
- रोलेट अधिनियम (1919) ने प्रेस की सुनवाई और सेंसरशिप के बिना अनिश्चितकालीन हिरासत की अनुमति दी।
- इसे “ब्लैक एक्ट” (काला कानून) कहा जाता था।
- यह सिडनी रोलेट की सिफारिशों पर आधारित था।
- इसके विरोध में जलियांवाला बाग (1919) हत्याकांड हुआ।
- इसे गांधी और INC ने कड़े शब्दों में विरोध किया।
ब्रह्म समाज की उत्पत्ति कहाँ हुई थी?
- गुजरात
- महाराष्ट्र
- बंगाल
- बिहार
Explanation:
- ब्रह्म समाज की उत्पत्ति 1828 में बंगाल (कलकत्ता) में हुई।
- इसके संस्थापक राजा राम मोहन राय थे।
- इसने हिंदू धर्म में सुधार और मूर्ति पूजा का विरोध किया।
- इसने ईश्वर को एक माना और वेदों को महत्व दिया।
- यह भारतीय पुनर्जागरण का प्रतीक है।
सुभाष चंद्र बोस द्वारा कांग्रेस पार्टी छोड़ने के बाद बनाई गई राजनीतिक पार्टी का नाम क्या था?
- ऑल इंडिया प्रोग्रेसिव ब्लॉक
- ऑल इंडिया सोशलिस्ट ब्लॉक
- इंडियन नेशनल आर्मी
- ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक
Explanation:
- 1939 में त्रिपुरी अधिवेशन के बाद सुभाष चंद्र बोस ने कांग्रेस छोड़कर “ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक” (AIFB) की स्थापना की।
- यह एक समाजवादी राजनीतिक पार्टी थी।
- इसका उद्देश्य ब्रिटिश शासन का सशस्त्र संघर्ष के माध्यम से उखाड़ फेंकना था।
- बोस ने बाद में आज़ाद हिंद फौज (INA) का नेतृत्व किया।
निम्नलिखित में से कौन प्रसिद्ध ‘सेहगल-ढिल्लों-शाह नवाज’ मुकदमों के बचाव पक्ष के वकीलों में से एक था?
- राजेंद्र प्रसाद
- जवाहरलाल नेहरू
- आगा खान
- पट्टाभि सीतारमैया
Explanation:
- सेहगल-ढिल्लों-शाह नवाज मुकदमे 1945-46 में आज़ाद हिंद फौज (INA) के अधिकारियों के खिलाफ चले।
- जवाहरलाल नेहरू ने बचाव पक्ष के वकील के रूप में कार्य किया।
- उनके साथ बुलाभाई देसाई और आसफ अली भी थे।
- इस मुकदमे ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को तेज किया।
स्वतंत्र श्रम पार्टी और अनुसूचित जाति महासंघ का आयोजन किसने किया था?
- डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर
- डॉ. राजेंद्र प्रसाद
- चंद्रशेखर आजाद
- डॉ. जाकिर हुसैन
Explanation:
- डॉ. बी.आर. अंबेडकर ने स्वतंत्र श्रम पार्टी (1936) और अनुसूचित जाति महासंघ (1942) का आयोजन किया।
- स्वतंत्र श्रम पार्टी – मजदूरों और दलितों के अधिकारों के लिए
- अनुसूचित जाति महासंघ (Scheduled Caste Federation) – दलितों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व के लिए
- अंबेडकर ने 1932 में पूना समझौते पर हस्ताक्षर किए।
- वे भारतीय संविधान के प्रमुख शिल्पकार थे।
भारत में ‘सांप्रदायिक निर्वाचन मंडल के जनक’ के रूप में किसे जाना जाता है?
- लॉर्ड मिंटो
- लॉर्ड हार्डिंग
- लॉर्ड कर्जन
- लॉर्ड मॉर्ले
Explanation:
- लॉर्ड मिंटो (वायसराय 1905-10) को “सांप्रदायिक निर्वाचन मंडल के जनक” के रूप में जाना जाता है।
- उन्होंने 1909 में मॉर्ले-मिंटो सुधार लागू किए।
- इस सुधार ने मुसलमानों के लिए अलग निर्वाचन क्षेत्र (separate electorate) की शुरुआत की।
- यह “फूट डालो और राज करो” नीति का हिस्सा था।
निम्नलिखित में से किस वर्ष गोवा को पुर्तगाल से स्वतंत्रता मिली?
- 1961
- 1960
- 1962
- 1963
Explanation:
- गोवा को पुर्तगाल से 19 दिसंबर, 1961 को स्वतंत्रता मिली।
- इसे “ऑपरेशन विजय” (Operation Vijay) के नाम से जाना जाता है।
- भारतीय सेना ने पुर्तगाली शासन को समाप्त किया।
- गोवा 1961 में भारत का हिस्सा बना।
- यह 1510 से पुर्तगाली शासन में था।
10 मई 1857 को मेरठ में बंगाल की सेना के सिपाहियों के विद्रोह के समय निम्नलिखित में से कौन मुगल बादशाह था?
- बहादुर शाह ज़फ़र
- सआदत अली खान
- सिराजुद्दौला
- बुरहानुल मुल्क
Explanation:
- 1857 के विद्रोह के समय मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर (1837-1858) थे।
- वे अंतिम मुगल सम्राट थे।
- उन्हें विद्रोहियों ने दिल्ली में अपना नेता चुना।
- विद्रोह के बाद उन्हें बर्मा (रंगून) निर्वासित कर दिया गया।
प्लासी के युद्ध के बाद ब्रिटिशों ने भारत में राजनीतिक सत्ता प्राप्त की। यह युद्ध किस वर्ष लड़ा गया था?
- 1857
- 1756
- 1858
- 1757
Explanation:
- प्लासी का युद्ध 23 जून, 1757 को रॉबर्ट क्लाइव और सिराजुद्दौला के बीच लड़ा गया।
- इस युद्ध में ब्रिटिश की जीत हुई।
- इसने भारत में ब्रिटिश सत्ता की नींव रखी।
- यह ईस्ट इंडिया कंपनी की पहली बड़ी जीत थी।
दिसंबर 1920 में हुए कांग्रेस अधिवेशन में, जहाँ असहयोग आंदोलन को अपनाया गया था, वह कहाँ हुआ था?
- नासिक
- औरंगाबाद
- नागपुर
- सूरत
Explanation:
- दिसंबर 1920 में INC का नागपुर अधिवेशन हुआ।
- इसकी अध्यक्षता सी. विजयराघवाचार्य ने की।
- इस अधिवेशन में असहयोग आंदोलन को अपनाया गया।
- यह गांधी के नेतृत्व में INC का पहला बड़ा अधिवेशन था।
लॉर्ड लिनलिथगो द्वारा अगस्त प्रस्ताव निम्नलिखित में से किस वर्ष लाया गया था?
- 1939
- 1940
- 1946
- 1942
Explanation:
- लॉर्ड लिनलिथगो (वायसराय 1936-43) ने अगस्त 1940 में “अगस्त प्रस्ताव” (August Offer) लाया।
- इसने भारत को डोमिनियन स्टेटस (Dominion Status) का वादा किया।
- इसने युद्ध के बाद संविधान सभा के गठन का प्रस्ताव रखा।
- इसे INC ने अस्वीकार कर दिया।
भारत में वहाबी आंदोलन के नेता निम्नलिखित में से कौन थे?
- जमाल अहमद खान
- शाह वली उल्लाह
- सर सैयद अहमद खान
- सैयद अहमद बरेलवी
Explanation:
- वहाबी आंदोलन (Wahhabi Movement) के नेता सैयद अहमद बरेलवी (1786-1831) थे।
- यह आंदोलन सुधारवादी और शुद्धिवादी था।
- इसका उद्देश्य इस्लाम को शुद्ध करना और ब्रिटिश के खिलाफ संघर्ष करना था।
- इसने 1830-31 में बालाकोट में युद्ध लड़ा।
1927 में महाराष्ट्र में डॉ. बी.आर. अंबेडकर के नेतृत्व में जल स्रोतों, मंदिरों और स्कूलों जैसे सार्वजनिक संसाधनों तक पहुँच प्राप्त करने के लिए शुरू किया गया आंदोलन का क्या नाम था?
- शहादा आंदोलन
- बॉम्बे किसान विद्रोह
- खेड़ा सत्याग्रह
- महाड़ सत्याग्रह
Explanation:
- 1927 में डॉ. बी.आर. अंबेडकर के नेतृत्व में महाड़ सत्याग्रह (Mahad Satyagraha) शुरू हुआ।
- यह महाराष्ट्र के महाड़ में हुआ।
- इसका उद्देश्य दलितों को सार्वजनिक जल स्रोतों (चावड़ार तालाब) तक पहुँच दिलाना था।
- अंबेडकर ने “मनुस्मृति” को जलाकर विरोध प्रदर्शन किया।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अध्यक्ष कौन थे?
- रास बिहारी बोस
- गोपाल कृष्ण गोखले
- दादाभाई नौरोजी
- व्योमेश चंद्र बनर्जी
Explanation:
- 1885 में INC के प्रथम अध्यक्ष व्योमेश चंद्र बनर्जी (डब्ल्यू. सी. बनर्जी) चुने गए।
- INC का पहला सत्र 28-31 दिसंबर, 1885 को बॉम्बे में हुआ।
‘तुहफत-उल-मुवह्हिदीन’ किसके द्वारा लिखी गई थी?
- सैय्यद अहमद खान
- राममोहन राय
- अक्षय कुमार दत्त
- केशव चंद्र सेन
Explanation:
- “तुहफत-उल-मुवह्हिदीन” (Tuhfat-ul-Muwahhidin) 1803 में राजा राम मोहन राय द्वारा फारसी में लिखी गई।
- यह एक धार्मिक ग्रंथ है।
- इसमें उन्होंने ईश्वर की एकता पर जोर दिया।
- यह ब्रह्म समाज के विचारों का आधार है।
1905 में बनारस अधिवेशन में, बंगाल के विभाजन की घोषणा के तुरंत बाद, INC में किस मुख्य मुद्दे पर बहस हुई थी?
- ऑल इंडिया मुस्लिम लीग का गठन
- बंगाल में ब्रिटिश प्रशासकों का तत्काल त्यागपत्र
- स्वदेशी और बहिष्कार का प्रयोग
- स्वराज की मांग
Explanation:
- 1905 के बनारस अधिवेशन (INC का 21वाँ अधिवेशन) में बंगाल विभाजन की घोषणा के बाद स्वदेशी और बहिष्कार पर बहस हुई।
- इसकी अध्यक्षता गोपाल कृष्ण गोखले ने की।
- इस अधिवेशन ने स्वदेशी आंदोलन को बढ़ावा दिया।
- यह उग्रवादियों (तिलक, पाल, लाजपत) और नरमपंथियों (गोखले) के बीच विभाजन को दर्शाता है।
कौन से उदारवादी नेता, जिन्हें अक्सर ‘भारत का ग्रैंड ओल्ड मैन’ कहा जाता है, ब्रिटिश हाउस ऑफ कॉमन्स के लिए चुने गए पहले भारतीय बने और जिन्होंने प्रारंभिक राष्ट्रवादी आंदोलन को आकार देने में मदद की?
- रास बिहारी घोष
- गोपाल कृष्ण गोखले
- दादाभाई नौरोजी
- फिरोजशाह मेहता
Explanation:
- दादाभाई नौरोजी (1825-1917) को “भारत का ग्रैंड ओल्ड मैन” कहा जाता था।
- वे 1892 में ब्रिटिश हाउस ऑफ कॉमन्स के लिए पहले भारतीय सदस्य चुने गए।
- उन्होंने “ड्रेन ऑफ वेल्थ” (धन निष्कासन) सिद्धांत का समर्थन किया।
- वे INC के पहले (1886, कलकत्ता) और तीसरे (1893, लाहौर) अध्यक्ष बने।
निम्नलिखित में से कौन से सुधारक ब्रिटिश भारत से संबंधित नहीं थे?
- राजा राम मोहन रॉय
- आर्यभट्ट
- बाल गंगाधर तिलक
- स्वामी विवेकानंद
Explanation:
- आर्यभट्ट (5वीं-6वीं शताब्दी) ब्रिटिश भारत से संबंधित नहीं थे।
- वे एक प्राचीन भारतीय गणितज्ञ और खगोलशास्त्री थे।
- उन्होंने “आर्यभट्टीय” नामक ग्रंथ लिखा।
- वे ब्रिटिश काल से लगभग 1300 वर्ष पहले थे।
- ब्रिटिश भारत से संबंधित सुधारक:
- राजा राम मोहन राय (1772-1833)
- बाल गंगाधर तिलक (1856-1920)
- स्वामी विवेकानंद (1863-1902)
1893 में विश्व की धर्मसंधीय संसद में भारत का प्रतिनिधित्व किसने किया था?
- भक्ति विनोदा ठाकुर
- उपासनी महाराज
- स्वामी विवेकानंद
- लेखराज खूबचंद कृपलानी
Explanation:
- 1893 में शिकागो में आयोजित “विश्व धर्म संसद” (Parliament of the World’s Religions) में स्वामी विवेकानंद ने भारत का प्रतिनिधित्व किया।
- उन्होंने 11 सितंबर, 1893 को अपना प्रसिद्ध “अमेरिकन बहनो और भाइयो” भाषण दिया।
- यह भाषण हिंदू धर्म और भारत को विश्व स्तर पर प्रसिद्ध किया।
किस राज्य के शासक के निर्वासन को “शरीर से प्राण निकल गया” कहा गया था?
- पंजाब
- मराठा भूमि
- बंगाल
- अवध
Explanation:
- अवध के नवाब वाजिद अली शाह के निर्वासन को “शरीर से प्राण निकल गया” कहा गया था।
- उन्हें 1856 में लॉर्ड डलहौजी ने कुशासन के बहाने निर्वासित कर दिया।
- यह व्यपगत सिद्धांत का हिस्सा था।
- इस निर्वासन ने 1857 के विद्रोह को बढ़ावा दिया।
कांग्रेस के किस अधिवेशन में स्वराज की प्राप्ति का आह्वान किया गया?
- 1909
- 1906
- 1904
- 1902
Explanation:
- 1906 के कलकत्ता अधिवेशन (INC का 22वाँ अधिवेशन) में “स्वराज” की प्राप्ति का आह्वान किया गया।
- इसकी अध्यक्षता दादाभाई नौरोजी ने की।
- इस अधिवेशन में “स्वराज” शब्द का प्रयोग पहली बार INC के लक्ष्य के रूप में किया गया।
- इसने स्वदेशी और बहिष्कार को भी अपनाया।
व्यपगत के सिद्धांत की नीति किसने प्रतिपादित की थी?
- लॉर्ड डलहौजी
- जनरल डायर
- लॉर्ड हेस्टिंग्स
- लॉर्ड क्लाइव
Explanation:
- “व्यपगत का सिद्धांत” (Doctrine of Lapse) लॉर्ड डलहौजी (1848-1856) द्वारा प्रतिपादित किया गया।
- इसके अनुसार, प्राकृतिक उत्तराधिकारी के बिना कोई राज्य ब्रिटिश में विलय हो जाएगा।
- इस नीति ने सतारा, झाँसी, नागपुर, अवध आदि राज्यों को अधिग्रहित किया।
- यह 1857 के विद्रोह का एक प्रमुख कारण थी।
कहा जाता है कि भारत का पहला राष्ट्रीय ध्वज 1906 में _______ पर फहराया गया था।
- पटना
- कोलकाता
- नई दिल्ली
- अहमदाबाद
Explanation:
- भारत का पहला राष्ट्रीय ध्वज 1906 में कोलकाता (कलकत्ता) के पारसी बागान (Parsee Bagan) पर फहराया गया।
- यह ध्वज तीन रंगों (लाल, पीला, हरा) का था।
- इसे सुकिंदर ने डिजाइन किया था।
- यह स्वदेशी आंदोलन का प्रतीक था।
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय का शिलान्यास करते समय निम्नलिखित में से किसने कहा था कि “भारत का उद्धार तब तक सम्भव नहीं है जब तक कि आप अपने गहनों को उतार न डालें और भारतवासियों की भलाई के लिए एक ट्रस्ट में न रख दें।”
- मुहम्मद अली जिन्ना
- एनी बेसेंट
- गोपाल कृष्ण गोखले
- महात्मा गांधी
Explanation:
- 1916 में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के शिलान्यास के अवसर पर महात्मा गांधी ने यह कहा था।
- यह गांधी की भारत में पहली बड़ी सार्वजनिक उपस्थिति थी।
- उन्होंने धन और सेवा के महत्व पर जोर दिया।
- BHU की स्थापना मदन मोहन मालवीय ने 1916 में की।
नारा “पूर्ण क्रांति” किसने दिया था?
- महात्मा गांधी
- नरेंद्र मोदी
- राम मनोहर लोहिया
- जयप्रकाश नारायण
Explanation:
- “पूर्ण क्रांति” (Total Revolution) का नारा जयप्रकाश नारायण (जे.पी.) ने 1974 में दिया।
- यह बिहार आंदोलन (1974) का हिस्सा था।
- इसमें राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक क्रांति शामिल थी।
- इस आंदोलन ने 1975 में आपातकाल (Emergency) लागू करने में भूमिका निभाई।
- अन्य विकल्प:
- महात्मा गांधी – “करो या मरो”
- राम मनोहर लोहिया – समाजवादी नेता
निम्नलिखित में से कौन संथाल विद्रोह का भागीदार नहीं था?
- चांद
- कान्हू
- भैरव
- ताना भगत
Explanation:
- ताना भगत संथाल विद्रोह (1855-56) का भागीदार नहीं था।
- संथाल विद्रोह का नेतृत्व सिद्धू और कान्हू मुर्मू ने किया।
- चांद और भैरव भी संथाल विद्रोह के नेता थे।
- ताना भगत गांधीवादी आदिवासी आंदोलन से जुड़े थे, जो बाद में (1920-21) सक्रिय हुए।
1510 में, अल्फोंसो डी अल्बुकर्क ने बीजापुर के सुल्तान से कौन सा स्थान जीता और उसे पुर्तगाली पूर्वी साम्राज्य की राजधानी बनाया?
- गोवा
- कालीकट
- कोचीन
- सूरत
Explanation:
- 1510 में अल्फोंसो डी अल्बुकर्क ने बीजापुर के सुल्तान से गोवा जीता।
- इसे पुर्तगाली पूर्वी साम्राज्य की राजधानी बनाया गया।
- अल्बुकर्क को “पुर्तगाली भारत का वास्तविक संस्थापक” कहा जाता है।
- पुर्तगालियों का गोवा पर 1961 तक शासन रहा।
ब्रिटिश की किस नीति ने आदिवासी भूमि-धारण पैटर्न को बहुत प्रभावित किया और जनजातियों के बीच व्यापक असंतोष पैदा किया, जिससे विद्रोह भड़क उठे?
- रैयतवाड़ी प्रणाली
- वन कानून और भूमि बस्तियाँ
- स्थायी बंदोबस्त
- लैप्स का सिद्धांत
Explanation:
- वन कानून और भूमि बस्तियाँ (Land Settlements) ने आदिवासी भूमि-धारण पैटर्न को प्रभावित किया।
- ब्रिटिशों ने जंगलों को रिजर्व घोषित किया।
- आदिवासियों के पारंपरिक अधिकार समाप्त किए गए।
- इससे आदिवासी विद्रोह भड़के (संथाल, मुण्डा, चुआड़ आदि)।
चिश्ती सिलसिला के सबसे महत्वपूर्ण शिक्षकों में से एक, शेख मोइनुद्दीन चिश्ती दरगाह _______ में स्थित है।
- फतेहपुर सीकरी
- कश्मीर
- अजमेर
- दिल्ली
Explanation:
- शेख मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह अजमेर (राजस्थान) में स्थित है।
- वे चिश्ती सिलसिला के सबसे महत्वपूर्ण शिक्षक थे।
- उन्होंने 1192 में अजमेर में निवास किया।
- उनकी दरगाह सभी धर्मों के लोगों के लिए महत्वपूर्ण है।
निम्नलिखित में से कौन ब्रिटिश संसद के पहले भारतीय सदस्य थे?
- लोकमान्य तिलक
- डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन
- दादाभाई नौरोजी
- डॉ. राजेंद्र प्रसाद
Explanation:
- दादाभाई नौरोजी 1892 में ब्रिटिश संसद (हाउस ऑफ कॉमन्स) के पहले भारतीय सदस्य बने।
- वे लिबरल पार्टी के उम्मीदवार थे।
- उन्होंने 1906 में भी संसद में प्रवेश किया।
स्वतंत्र भारत के प्रथम भारतीय गवर्नर जनरल कौन थे?
- सी. राजगोपालाचारी
- लॉर्ड वेवेल
- लॉर्ड माउंटबेटन
- डॉ. राजेंद्र प्रसाद
Explanation:
- सी. राजगोपालाचारी (राजाजी) स्वतंत्र भारत के पहले भारतीय गवर्नर-जनरल (1948-50) थे।
- वे लॉर्ड माउंटबेटन के उत्तराधिकारी बने।
- वे 1954 में भारत रत्न के पहले प्राप्तकर्ता थे।
- वे स्वतंत्र पार्टी (1959) के संस्थापक थे।
स्वतंत्र भारत के प्रथम गवर्नर जनरल कौन थे?
- लॉर्ड लिनलिथगो
- लॉर्ड माउंटबेटन
- लॉर्ड वेवेल
- लॉर्ड मेयो
Explanation:
- लॉर्ड माउंटबेटन स्वतंत्र भारत के पहले गवर्नर-जनरल (1947-48) थे।
- वे भारत के अंतिम वायसराय (1947) भी थे।
- उनके कार्यकाल में भारत-पाक विभाजन हुआ।
- बाद में सी. राजगोपालाचारी पहले भारतीय गवर्नर-जनरल बने।
निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के संबंध में सही है/हैं? a) INC की स्थापना 1885 में एलन ऑक्टेवियन ह्यूम ने की थी। b) INC का पहला अधिवेशन पुणे में डब्ल्यू.सी. बनर्जी की अध्यक्षता में आयोजित किया गया था।
- केवल b
- केवल a
- न तो a और न ही b
- a और b दोनों
Explanation:
- कथन a: INC की स्थापना 1885 में ए.ओ. ह्यूम ने की थी – सही
- कथन b: INC का पहला अधिवेशन पुणे में हुआ – गलत (यह बॉम्बे में हुआ था)
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के पहले अधिवेशन के दौरान पहले अध्यक्ष के रूप में किसे चुना गया था?
- व्योमेश चंद्र बनर्जी
- सुरेंद्रनाथ बनर्जी
- बिपिन चंद्र पाल
- फिरोजशाह मेहता
Explanation:
- 1885 में INC के पहले अधिवेशन के पहले अध्यक्ष व्योमेश चंद्र बनर्जी (डब्ल्यू. सी. बनर्जी) थे।
- INC का पहला सत्र 28-31 दिसंबर, 1885 को बॉम्बे में हुआ।
ब्रिटिश भूमि राजस्व नीति के विरोध में पाइका विद्रोह का नेतृत्व बख्शी जगबंधु ने किस वर्ष किया था?
- 1817
- 1717
- 1785
- 1806
Explanation:
- पाइका विद्रोह (Paika Rebellion) का नेतृत्व बख्शी जगबंधु ने 1817 में उड़ीसा में किया।
- यह ब्रिटिश भूमि राजस्व नीति के विरोध में था।
- यह 1857 से पहले का एक महत्वपूर्ण विद्रोह था।
- इसे भारत का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम भी कहा जाता है (कुछ इतिहासकारों के अनुसार)।
कानपुर में 1857 के विद्रोह के दौरान नाना साहब की सेना का नेतृत्व करने में सबसे महत्वपूर्ण सैन्य भूमिका किसने निभाई थी?
- अज़ीमुल्लाह, जो राजनीतिक प्रचार में निपुण थे
- बहादुर शाह, जिन्होंने नाना साहब को अपना गवर्नर नियुक्त किया था
- बाजी राव द्वितीय, अंतिम पेशवा और नाना साहब के पिता
- तात्या टोपे, जो अपने गुरिल्ला युद्ध और देशभक्तिपूर्ण प्रतिरोध के लिए जाने जाते थे
Explanation:
- 1857 के विद्रोह में नाना साहेब की सेना का नेतृत्व तात्या टोपे (रामचंद्र पांडुरंग) ने किया।
- वे गुरिल्ला युद्ध में निपुण थे।
- उन्होंने झाँसी की रानी (लक्ष्मीबाई) को भी सहायता दी।
- उन्हें 1859 में शिवपुरी में फाँसी दी गई।
भारत में “ब्लू वाटर पॉलिसी (Blue Water Policy)” लागू करने वाले पहले पुर्तगाली गवर्नर कौन थे?
- अल्फोंसो डी अल्बुकर्क (Alfonso de Albuquerque)
- वास्को डी गामा (Vasco da Gama)
- फ्रांसिस्को डी अल्मेडा (Francisco de Almeida)
- पेड्रो अल्वारेस कैब्रल (Pedro Álvares Cabral)
Explanation:
- फ्रांसिस्को डी अल्मेडा (1505-1509) “ब्लू वाटर पॉलिसी” (Blue Water Policy) को लागू करने वाले पहले पुर्तगाली गवर्नर थे।
- इस नीति के अनुसार, पुर्तगाली समुद्र पर नियंत्रण चाहते थे, भूमि पर नहीं।
- उन्होंने कोचीन में अपना मुख्यालय स्थापित किया।
- अल्मेडा ने जहाजों और समुद्री शक्ति पर ध्यान केंद्रित किया।
वांडिवाश की लड़ाई किनके के बीच लड़ी गई थी?
- पुर्तगाली और फ्रांसीसी
- ब्रिटिश और पुर्तगाली
- ब्रिटिश और फ्रांसीसी
- डच और पुर्तगाली
Explanation:
- वांडिवाश की लड़ाई (Battle of Wandiwash) 1760 में ब्रिटिश और फ्रांसीसी के बीच लड़ी गई।
- यह तीसरा कर्नाटक युद्ध (1756-63) का हिस्सा था।
- ब्रिटिश सेना का नेतृत्व जनरल आयर कूट ने किया।
- इस युद्ध ने भारत में फ्रांसीसी शक्ति को समाप्त कर दिया।
स्वतंत्रता-पूर्व काल में भारत में सबसे अंत में आने वाली और सबसे अंत में जाने वाली यूरोपीय शक्ति कौन-सी थी?
- पुर्तगाली
- अमेरिकी
- फ़्रांसीसी
- डच
Explanation:
- पुर्तगाली भारत में सबसे अंत में आने वाली (1498) और सबसे अंत में जाने वाली (1961) यूरोपीय शक्ति थी।
- पुर्तगाली 1498 में वास्को डी गामा के साथ आए।
- उनका गोवा पर 1961 तक शासन रहा।
- अन्य यूरोपीय शक्तियाँ:
- डच – 1602
- ब्रिटिश – 1600 (ईस्ट इंडिया कंपनी)
- फ्रांसीसी – 1664
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए। 1. वित्तीय विकेंद्रीकरण पर लॉर्ड मेयो (Lord Mayo) के 1870 के प्रस्ताव में स्थानीय स्वशासन संस्थाओं के विकास की परिकल्पना की गई थी। 2. हॉबहाउस (Hobhouse), विकेंद्रीकरण पर रॉयल कमीशन के अध्यक्ष थे। 3.1919 के भारत सरकार अधिनियम के अंतर्गत, स्थानीय स्वशासन एक आरक्षित विषय बन गया। उपरोक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
- 1, 2 और 3
- केवल 1 और 3
- केवल 1 और 2
- केवल 2 और 3
Explanation:
- कथन 1: लॉर्ड मेयो के 1870 के प्रस्ताव में स्थानीय स्वशासन की परिकल्पना की गई – सही
- कथन 2: हॉबहाउस (होबहाउस) विकेंद्रीकरण पर रॉयल कमीशन (1907-09) के अध्यक्ष थे – सही
- कथन 3: 1919 के भारत सरकार अधिनियम के अंतर्गत, स्थानीय स्वशासन हस्तांतरित (हस्तांतरित सूची) विषय था, आरक्षित नहीं – गलत
प्रफुल्ल चाकी और खुदीराम बोस को किस ब्रिटिश अधिकारी की हत्या के प्रयास के लिए जाना जाता है?
- लॉर्ड कर्जन
- लॉर्ड मिंटो
- जॉन मॉर्ले
- डगलस किंग्सफोर्ड
Explanation:
- प्रफुल्ल चाकी और खुदीराम बोस 1908 में डगलस किंग्सफोर्ड की हत्या के प्रयास के लिए जाने जाते हैं।
- किंग्सफोर्ड एक ब्रिटिश न्यायाधीश थे।
- इस मामले को “अलीपुर बम कांड” (1908) कहा जाता है।
- खुदीराम बोस को 1908 में फाँसी दी गई।
गदर पार्टी के मुख्यालय का नाम क्या था?
- भारत आश्रम
- हिन्दुस्तान आश्रम
- युगान्तर आश्रम
- आजाद आश्रम
Explanation:
- गदर पार्टी का मुख्यालय सैन फ्रांसिस्को में “युगान्तर आश्रम” (Yugantar Ashram) था।
- यह 1913 में स्थापित हुआ।
- यहाँ क्रांतिकारी गतिविधियों का संचालन किया जाता था।
- गदर पार्टी ने “गदर” पत्रिका प्रकाशित की।
तेज बहादुर सप्रू के विषय में निम्नलिखित में से कौन-सा सही है? I. उन्होंने एनी बेसेंट को बनारस में सेंट्रल हिंदू कॉलेज की स्थापना करने में सहायता की थी। II. उन्होंने होम रूल आंदोलन के दौरान राजनीति में प्रवेश किया था। III. उन्होंने 1930 और 1932 के बीच लंदन में आयोजित गोलमेज सम्मेलनों में भाग लिया था।
- केवल I
- केवल II
- I, II और III सभी
- केवल II और III
Explanation:
- तेज बहादुर सप्रू (1875-1949):
- I: उन्होंने एनी बेसेंट को बनारस में सेंट्रल हिंदू कॉलेज (जो बाद में BHU का हिस्सा बना) की स्थापना में सहायता की – सही
- II: उन्होंने होम रूल आंदोलन (1916) के दौरान राजनीति में प्रवेश किया – सही
- III: उन्होंने 1930 और 1932 के बीच लंदन में आयोजित गोलमेज सम्मेलनों में भाग लिया – सही
मद्रास में इंडियन होम रूल लीग (Indian Home Rule League) की स्थापना ______ द्वारा की गई थी।
- सुभाष चंद्र बोस
- एनी बेसेंट
- महात्मा गांधी
- बाल गंगाधर तिलक
Explanation:
- मद्रास में इंडियन होम रूल लीग (Indian Home Rule League) की स्थापना 1916 में एनी बेसेंट ने की।
- बाल गंगाधर तिलक ने 1916 में पूना में दूसरी होम रूल लीग की स्थापना की।
- इस आंदोलन का उद्देश्य भारत में स्वशासन प्राप्त करना था।
- यह गांधी के सत्याग्रह के लिए आधार बना।
खेड़ा सत्याग्रह आंदोलन के दौरान किन शख्सियतों ने महात्मा गांधी का सक्रिय रूप से समर्थन किया था?
- अंबालाल साराभाई और अनसूया बेन
- राज कुमार शुक्ला और राजेंद्र प्रसाद
- वल्लभभाई पटेल और इंदुलाल याज्ञनिक
- वल्लभभाई पटेल और राजेंद्र प्रसाद
Explanation:
- 1918 के खेड़ा सत्याग्रह (गुजरात) के दौरान वल्लभभाई पटेल और इंदुलाल याज्ञनिक ने गांधी का सक्रिय समर्थन किया।
- यह आंदोलन किसानों के लगान (कर) के विरुद्ध था।
- इसने पटेल को गांधीवादी नेता के रूप में स्थापित किया।
- अंबालाल साराभाई और अनसूया बेन – अहमदाबाद मिल हड़ताल (1918)
- राज कुमार शुक्ला – चंपारण (1917)
______ भारत में महात्मा गाँधी का पहला सफल सत्याग्रह था।
- खेड़ा
- बारडोली
- दांडी मार्च
- चंपारण
Explanation:
- चंपारण सत्याग्रह (1917) भारत में महात्मा गांधी का पहला सफल सत्याग्रह था।
- यह बिहार के चंपारण में नील (Indigo) की जबरन खेती के विरुद्ध था।
- इसने गांधी को राष्ट्रीय नेता के रूप में स्थापित किया।
- इसके बाद खेड़ा (1918) और अहमदाबाद (1918) सत्याग्रह हुए।
निम्नलिखित में से कौन सा मेल नहीं खाता है?
- स्वराज दल- सी.आर.दास
- वेद समाज- घारालु नायडू
- वैज्ञानिक सोसायटी – सैयद अहमद खान
- भूदान आंदोलन- विनोबा भावे
Explanation:
- वेद समाज (Veda Samaj) की स्थापना 1864 में के. शेषाद्री अय्यर और राजा राम मोहन राय के अनुयायियों ने मद्रास में की।
- घारालु नायडू द्रविड़ आंदोलन और स्वाभिमान आंदोलन से जुड़े थे।
- सही मेल:
- स्वराज दल – सी.आर. दास
- वैज्ञानिक सोसायटी – सैयद अहमद खान (1864)
- भूदान आंदोलन – विनोबा भावे (1951)
1757 में प्लासी के युद्ध के दौरान ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना का नेतृत्व किसने किया था?
- रॉबर्ट क्लाइव
- विलियम बैबिंगटन
- रॉबर्ट बाउल्स
- चार्ल्स बॉयज़
Explanation:
- 1757 के प्लासी युद्ध के दौरान ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना का नेतृत्व रॉबर्ट क्लाइव ने किया।
- उन्होंने सिराजुद्दौला को हराया।
- इस जीत ने भारत में ब्रिटिश सत्ता की नींव रखी।
- रॉबर्ट क्लाइव को “बंगाल का विजेता” कहा जाता है।
निम्नलिखित में से किसे संन्यासी विद्रोह का तात्कालिक कारण माना जा सकता है?
- 1908 के छोटानागपुर का श्तकारी अधिनियम का क्रियान्वयन
- भारतीय राष्ट्रवाद के व्यापक दृष्टिकोण का विकास
- मद्रास क्षेत्र पर ब्रिटिश कब्ज़ा और उनके नए भूमि कानून तथा जमींदारों के अत्याचार
- हिंदुओं और मुसलमानों दोनों के पवित्र स्थानों पर जाने वाले तीर्थयात्रियों पर ब्रिटिश द्वारा लगाए गए प्रतिबंध
Explanation:
- संन्यासी विद्रोह (1760-1800) का तात्कालिक कारण हिंदू और मुस्लिम तीर्थयात्रियों पर ब्रिटिश द्वारा लगाए गए प्रतिबंध थे।
- यह विद्रोह फकीरों और संन्यासियों ने किया।
- यह बंगाल क्षेत्र में हुआ।
- इसके नेता मजनू शाह और भवानी पाठक थे।
लॉर्ड डलहौजी की कौन-सी नीति 1857 के विद्रोह का एक महत्वपूर्ण राजनीतिक कारण थी?
- द्वैध शासन
- राज्य-अपहरण नीति
- वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट
- रैयतवाड़ी व्यवस्था
Explanation:
- लॉर्ड डलहौजी की “व्यपगत का सिद्धांत” (राज्य-अपहरण नीति) 1857 के विद्रोह का एक महत्वपूर्ण राजनीतिक कारण थी।
- इस नीति ने सतारा (1848), झाँसी (1854), नागपुर (1854), अवध (1856) आदि का विलय किया।
- इससे भारतीय राजाओं में असंतोष पैदा हुआ।
1932 के पूना पैक्ट (पूना समझौता) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य नहीं है?
- विधानमंडलों में दलित वर्गों के लिए आरक्षित सीटों में वृद्धि हुई।
- अंबेडकर ने समझौते पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया।
- सरकार द्वारा इसे स्वीकार कर लिया गया।
- इसमें दलित वर्गों के लिए पृथक निर्वाचन क्षेत्र के विचार को त्याग दिया गया।
Explanation:
- पूना पैक्ट (1932) पर अंबेडकर ने हस्ताक्षर किए थे।
- यह समझौता गांधी और अंबेडकर के बीच हुआ।
- गांधी की ओर से मदन मोहन मालवीय ने हस्ताक्षर किए।
- कथन “अंबेडकर ने समझौते पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया” सत्य नहीं है।
- इस समझौते ने दलितों के लिए अलग निर्वाचन क्षेत्र के विचार को त्याग दिया।
- इसमें आरक्षित सीटों की संख्या बढ़ाई गई।
प्रथम विश्व युद्ध के दौरान गदर पार्टी का क्रांतिकारी प्रयास काफी हद तक असफल क्यों रहा?
- अंतर्राष्ट्रीय सहयोगियों से समर्थन का अभाव
- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का कड़ा विरोध
- सशस्त्र क्रांति के प्रति लोक उदासीनता
- ब्रिटिश खुफिया तंत्र द्वारा पकड़े जाना और आंतरिक विश्वासघात
Explanation:
- गदर पार्टी (1913) का क्रांतिकारी प्रयास प्रथम विश्व युद्ध (1914-18) के दौरान काफी हद तक असफल रहा, क्योंकि सशस्त्र क्रांति के प्रति लोक उदासीनता थी।
- गदर पार्टी ने 1915 में भारत में विद्रोह की योजना बनाई।
- यह योजना ब्रिटिश खुफिया द्वारा विफल कर दी गई।
- कई नेताओं को गिरफ्तार किया गया।
- भारतीय जनता में क्रांति के प्रति उत्साह की कमी थी।
बाल गंगाधर तिलक को ब्रिटिश अधिकारियों द्वारा अखबार ‘केसरी (Kesari)’ में राजद्रोहपूर्ण लेख (seditious article) लिखने के आरोप में किस वर्ष गिरफ्तार किया गया था?
- 1907
- 1908
- 1909
- 1910
Explanation:
- बाल गंगाधर तिलक को 1908 में ‘केसरी’ (Kesari) अखबार में राजद्रोहपूर्ण लेख लिखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
- उन पर ब्रिटिश शासन के खिलाफ उग्र भाषा का उपयोग करने का आरोप लगा।
- उन्हें 1908 में 6 वर्ष की कैद की सजा हुई और मांडले (बर्मा) जेल भेज दिया गया।
- जेल में उन्होंने “गीता रहस्य” (Gita Rahasya) पुस्तक लिखी।
- तिलक ने 1881 में “केसरी” (मराठी) और “मराठा” (अंग्रेजी) अखबार शुरू किए।
19वीं शताब्दी में किस सुधारक ने भारतीय और पश्चिमी (पाश्चात्य) धार्मिक विचारों के समन्वय का प्रयास किया?
- केशव चंद्र सेन
- स्वामी विवेकानंद
- सर सैयद अहमद खान
- राजा राम मोहन राय
Explanation:
- राजा राम मोहन राय (1772-1833) ने भारतीय और पश्चिमी (पाश्चात्य) धार्मिक विचारों के समन्वय का प्रयास किया।
- उन्होंने हिंदू धर्म में ईश्वर की एकता (एकेश्वरवाद) पर जोर दिया।
- उन्होंने मूर्ति पूजा का विरोध किया और वेदों को महत्व दिया।
- उन्होंने 1828 में ब्रह्म समाज (Brahmo Samaj) की स्थापना की।
- वे भारतीय पुनर्जागरण के जनक कहे जाते हैं।
भारतीय सिपाहियों के बीच 1857 के विद्रोह का तात्कालिक कारण क्या था?
- एनफील्ड राइफलों में चर्बी वाले कारतूसों का उपयोग
- भारी कराधान
- स्थानीय शासकों का विघटन
- लखनऊ पर ब्रिटिश सेना का हमला
Explanation:
- 1857 के विद्रोह का तात्कालिक कारण एनफील्ड राइफलों में चर्बी वाले कारतूसों का उपयोग था।
- कारतूसों में गाय और सुअर की चर्बी का उपयोग किया गया था।
- इससे हिंदू (गाय पवित्र) और मुस्लिम (सुअर हराम) सैनिकों की धार्मिक भावनाएँ आहत हुईं।
- सैनिकों को कारतूस मुँह से काटने के लिए मजबूर किया गया।
- यह घटना मंगल पांडे और मेरठ में विद्रोह का कारण बनी।
महिलाओं की शिक्षा और अधिकारों के क्षेत्र में अपने अग्रणी कार्यों के लिए किसे “भारतीय नारीवाद की जननी” के रूप में जाना जाता था?
- रुखमाबाई
- पंडिता रमाबाई
- एनी बेसेंट
- सावित्रीबाई फुले
Explanation:
- सावित्रीबाई फुले (1831-1897) को “भारतीय नारीवाद की जननी” के रूप में जाना जाता है।
- उन्होंने 1848 में पुणे में भारत की पहली बालिका विद्यालय की स्थापना की।
- उन्होंने जातिवाद और छुआछूत का विरोध किया।
- उन्होंने विधवा पुनर्विवाह को बढ़ावा दिया।
- उनके पति ज्योतिबा फुले ने सत्यशोधक समाज (1873) की स्थापना की।
चरमपंथी चरण के दौरान किसे ‘पंजाब के शेर’ के रूप में जाना जाता था?
- राजगुरु
- भगत सिंह
- लाला लाजपत राय
- बाल गंगाधर तिलक
Explanation:
- लाला लाजपत राय (1865-1928) को “पंजाब के शेर” (Lion of Punjab) के रूप में जाना जाता था।
- वे उग्रवादी (गरम दल) नेता थे।
- उन्होंने साइमन कमीशन (1927) के विरोध में आंदोलन किया।
- 30 अक्टूबर, 1928 को लाहौर में पुलिस लाठीचार्ज में चोट लगने से उनकी मृत्यु हो गई।
- वे “लाल-बाल-पाल” (लाला लाजपत राय, बाल गंगाधर तिलक, बिपिन चंद्र पाल) तिकड़ी में शामिल थे।
निम्नलिखित में से किस संस्थान की स्थापना स्वदेशी आंदोलन के दौरान की गई थी?
- बेथुन स्कूल
- बंगाल नेशनल कॉलेज
- बनारस हिंदू विश्वविद्यालय
- शांतिनिकेतन
Explanation:
- बंगाल नेशनल कॉलेज (Bengal National College) की स्थापना 1905 में स्वदेशी आंदोलन के दौरान कोलकाता में की गई।
- इसकी स्थापना स्वदेशी और बहिष्कार आंदोलनों के संदर्भ में हुई।
- इसके पहले प्राचार्य अरबिंदो घोष थे।
- इसका उद्देश्य ब्रिटिश शिक्षा प्रणाली का बहिष्कार करना और राष्ट्रीय शिक्षा को बढ़ावा देना था।
- अन्य विकल्प:
- बेथुन स्कूल (1849) – महिला शिक्षा (ईश्वर चंद्र विद्यासागर)
- बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (1916) – मदन मोहन मालवीय
- शांतिनिकेतन (1901) – रवीन्द्रनाथ टैगोर
निम्नलिखित में से किस राष्ट्रवादी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से मतभेद होने के बाद कांग्रेस-खिलाफत स्वराज पार्टी की सह-स्थापना की और उसके अध्यक्ष बने?
- मुख्तार अहमद अंसारी
- अजमल खान
- मोतीलाल नेहरू
- चित्तरंजन दास
Explanation:
- चित्तरंजन दास (सी.आर. दास) ने 1923 में मोतीलाल नेहरू के साथ मिलकर स्वराज पार्टी (कांग्रेस-खिलाफत स्वराज पार्टी) की सह-स्थापना की और इसके अध्यक्ष बने।
- यह पार्टी कांग्रेस के भीतर एक गुट थी।
- इसका उद्देश्य विधान परिषदों में प्रवेश करना था।
- सी.आर. दास को “देशबंधु” कहा जाता था।
निम्नलिखित में से किस समाज सुधारक ने वर्ष 1924 में ‘बहिष्कृत हितकारिणी सभा’ की स्थापना की थी?
- बाबा आमटे
- जवाहरलाल नेहरू
- ज्योतिराव फुले
- बी.आर. अंबेडकर
Explanation:
- डॉ. बी.आर. अंबेडकर ने 1924 में “बहिष्कृत हितकारिणी सभा” (Bahishkrit Hitakarini Sabha) की स्थापना की।
- इसका उद्देश्य दलितों (अस्पृश्यों) के सामाजिक और शैक्षणिक उत्थान के लिए कार्य करना था।
- अंबेडकर ने 1927 में महाड़ सत्याग्रह का नेतृत्व किया।
- वे भारतीय संविधान के प्रमुख शिल्पकार थे।
निम्नलिखित में से किस स्वतंत्रता सेनानी ने वर्ष 1927 में महाड़ सत्याग्रह का नेतृत्व किया था?
- ज्योतिराव फुले
- ई.वी. रामास्वामी नायकर
- बी.आर. अंबेडकर
- के. केलप्पन
Explanation:
- 1927 में महाड़ सत्याग्रह का नेतृत्व डॉ. बी.आर. अंबेडकर ने किया।
- यह महाराष्ट्र के महाड़ में हुआ।
- इसका उद्देश्य दलितों को सार्वजनिक जल स्रोतों (चावड़ार तालाब) तक पहुँच दिलाना था।
- अंबेडकर ने “मनुस्मृति” को जलाकर विरोध प्रदर्शन किया।
निम्नलिखित में से किस समाज सुधारक ने महिलाओं के हित के लिए आर्य महिला समाज की स्थापना की?
- मेहरबाई टाटा
- सरला देवी चौधरी
- पंडिता रमाबाई
- ताराबाई प्रेमचंद
Explanation:
- पंडिता रमाबाई (1858-1922) ने 1882 में “आर्य महिला समाज” (Arya Mahila Samaj) की स्थापना की।
- इसका उद्देश्य महिलाओं की शिक्षा और सशक्तिकरण था।
- उन्होंने सती प्रथा और बाल विवाह का विरोध किया।
- उन्होंने “हाई कास्ट हिंदू वीमेन” पुस्तक लिखी।
पारसी समाज सुधारक बेहरामजी मेरवानजी मालाबारी को निम्नलिखित में से किस सामाजिक कुरीति से संबंधित विधायी अधिनियमन के लिए श्रेय दिया जाता है?
- बाल विवाह
- अस्पृश्यता
- बालिका शिशु हत्या
- विधवा को जलाने या सती
Explanation:
- बेहरामजी मेरवानजी मालाबारी (1853-1912) को बाल विवाह के खिलाफ विधायी अधिनियमन (विधेयक) के लिए श्रेय दिया जाता है।
- उन्होंने 1891 में बाल विवाह अधिनियम (Age of Consent Act) पारित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- इस अधिनियम ने लड़कियों की विवाह योग्य आयु को 12 वर्ष से बढ़ाकर 14 वर्ष कर दिया।
- वे एक पारसी समाज सुधारक थे।
केशव चंद्र सेन भारत में निम्नलिखित में से किस सुधार आंदोलन के प्रमुख नेता थे?
- प्रार्थना समाज
- ब्रह्म समाज
- आर्य समाज
- रामकृष्ण मिशन
Explanation:
- केशव चंद्र सेन (1838-1884) ब्रह्म समाज के प्रमुख नेता थे।
- वे 1858 में ब्रह्म समाज में शामिल हुए।
- उन्होंने 1866 में ब्रह्म समाज को दो भागों (आदि ब्रह्म समाज और भारतवर्षीय ब्रह्म समाज) में विभाजित किया।
- उन्होंने सामाजिक सुधार और अंतरधार्मिक संवाद पर जोर दिया।
साप्ताहिक पत्रिका यंग इंडिया निम्नलिखित में से किससे संबंधित थी?
- बाल गंगाधर तिलक
- महात्मा गांधी
- जवाहरलाल नेहरू
- गोपाल कृष्ण गोखले
Explanation:
- “यंग इंडिया” (Young India) साप्ताहिक पत्रिका महात्मा गांधी से संबंधित थी।
- गांधी ने 1919 से 1931 तक यह पत्रिका प्रकाशित की।
- यह गुजराती और अंग्रेजी में प्रकाशित होती थी।
- इसने अहिंसा, सत्याग्रह और स्वराज के विचारों को फैलाया।
- गांधी ने 1933 में “हरिजन” पत्रिका भी शुरू की।
पोलिगर विद्रोह भारत के किस क्षेत्र में हुआ था?
- तमिलनाडु
- महाराष्ट्र
- बंगाल
- पंजाब
Explanation:
- पोलिगर विद्रोह (Poligar Rebellion) तमिलनाडु में हुआ था।
- यह 1799-1805 के बीच मद्रास प्रेसीडेंसी में हुआ।
- इसका नेतृत्व पोलिगरों (मद्रास के सैन्य नेताओं) ने किया।
- यह ब्रिटिश के खिलाफ एक सशस्त्र विद्रोह था।
- यह वेल्लोर विद्रोह (1806) से पहले का महत्वपूर्ण विद्रोह था।
1757 में हुए निम्नलिखित युद्धों में से कौन-सा युद्ध भारत में ब्रिटिश राजनीतिक नियंत्रण की शुरुआत का प्रतीक था?
- बक्सर का युद्ध
- कोलाचेल का युद्ध
- श्रीरंगपट्टनम का युद्ध
- प्लासी का युद्ध
Explanation:
- 1757 का प्लासी का युद्ध भारत में ब्रिटिश राजनीतिक नियंत्रण की शुरुआत का प्रतीक था।
- इस युद्ध में रॉबर्ट क्लाइव ने सिराजुद्दौला को हराया।
- इसने ईस्ट इंडिया कंपनी को बंगाल में राजनीतिक शक्ति प्रदान की।
- यह भारत में ब्रिटिश शासन की नींव थी।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के किस अधिवेशन में पार्टी औपचारिक रूप से नरमपंथी और उग्रपंथी गुटों में विभाजित हुई?
- दिल्ली अधिवेशन 1912
- कलकत्ता अधिवेशन 1906
- बॉम्बे अधिवेशन 1910
- सूरत अधिवेशन 1907
Explanation:
- 1907 के सूरत अधिवेशन में INC औपचारिक रूप से नरमपंथी (उदारवादी) और उग्रपंथी (गरम दल) गुटों में विभाजित हो गई।
- इस अधिवेशन की अध्यक्षता रास बिहारी घोष ने की।
- विभाजन का मुख्य मुद्दा स्वदेशी आंदोलन और उग्रवादी तरीकों पर असहमति थी।
- यह 1916 के लखनऊ अधिवेशन में पुनः एकजुट हुई।
निम्नलिखित में से कौन 1855-1856 के संथाल विद्रोह के प्रमुख नेता थे?
- तिलका मांझी और सिदो कान्हू
- बिरसा मुंडा और रघुनाथ मुर्मू
- लालू प्रसाद और सिद्धू कान्हू
- सिद्धू मुर्मू और कान्हू मुर्मू
Explanation:
- 1855-1856 के संथाल विद्रोह के प्रमुख नेता सिद्धू मुर्मू और कान्हू मुर्मू (मुर्मू बंधु) थे।
- यह विद्रोह झारखंड के संथाल परगना में हुआ।
- यह ब्रिटिश और जमींदारों के खिलाफ था।
- सिद्धू और कान्हू ने 10,000 से अधिक संथालों को संगठित किया।
- विद्रोह को अंग्रेजों ने क्रूरता से कुचल दिया।
निम्नलिखित में से किस नारे को बाल गंगाधर तिलक ने लोकप्रिय बनाया था?
- स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा
- तुम मुझे खून दो और मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा
- स्वतंत्रता हमारा लक्ष्य है और हम इसे हासिल करेंगे
- स्वतंत्रता हमारा सपना है और हमें इसे प्राप्त करना होगा
Explanation:
- बाल गंगाधर तिलक ने “स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा” नारे को लोकप्रिय बनाया।
- यह नारा उग्रवादी चरण (1905-1916) का प्रतीक है।
- तिलक ने केसरी अखबार के माध्यम से इस नारे को फैलाया।
- इसने भारतीय राष्ट्रवाद को जन-आंदोलन बनाया।
भारत और पूर्वी एवं दक्षिणपूर्वी एशिया के साथ व्यापार करने के लिए ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना किस वर्ष हुई थी?
- 1610
- 1605
- 1600
- 1615
Explanation:
- ईस्ट इंडिया कंपनी (British East India Company) की स्थापना 31 दिसंबर, 1600 को हुई थी।
- इसे क्वीन एलिजाबेथ I ने चार्टर प्रदान किया।
- इसने भारत और पूर्वी एशिया के साथ व्यापार का विशेष अधिकार प्राप्त किया।
- यह 1858 तक भारत में शासन करती रही।
निम्नलिखित में से कौन-सा शहर, 18वीं शताब्दी के अंत में ब्रिटिश भारत की राजधानी बना?
- दिल्ली
- बॉम्बे
- कोलकाता
- मद्रास
Explanation:
- कोलकाता (कलकत्ता) 18वीं शताब्दी के अंत (1773) में ब्रिटिश भारत की राजधानी बनी।
- यह 1773 के रेगुलेटिंग एक्ट के तहत बंगाल प्रेसीडेंसी की राजधानी थी।
- 1911 में राजधानी को दिल्ली स्थानांतरित कर दिया गया।
- कोलकाता में फोर्ट विलियम स्थित है।
ब्रिटिश शासन और जमींदारी उत्पीड़न के विरुद्ध निम्नलिखित में से किसने संथाल विद्रोह का नेतृत्व किया था?
- मुर्मू ब्रदर्स
- बिरसा मुंडा
- चापेकर ब्रदर्स
- तांतिया भील
Explanation:
- मुर्मू ब्रदर्स (सिद्धू और कान्हू मुर्मू) ने संथाल विद्रोह (1855-56) का नेतृत्व किया।
- यह विद्रोह ब्रिटिश शासन और जमींदारी उत्पीड़न के खिलाफ था।
- विद्रोही संथाल क्षेत्र में स्वतंत्र शासन स्थापित करना चाहते थे।
34वीं बंगाल नेटिव इन्फैंट्री के सिपाही के रूप में मंगल पांडे के आंदोलन का कारण कौन-सा नया हथियार था?
- ब्राउन बेस मस्केट (Brown Bess musket)
- मैचलॉक गन (Matchlock gun)
- एनफील्ड राइफल (Enfield rifle)
- स्नाइडर राइफल (Snider rifle)
Explanation:
- मंगल पांडे के आंदोलन का कारण एनफील्ड राइफल (Enfield rifle) था।
- इस राइफल के कारतूसों में गाय और सुअर की चर्बी का उपयोग किया गया था।
- सिपाहियों को कारतूस मुँह से काटने के लिए मजबूर किया गया।
- इसी कारण 29 मार्च, 1857 को बैरकपुर में मंगल पांडे ने विद्रोह किया।
- इसने 1857 के विद्रोह की शुरुआत की।
वेल्लोर विद्रोह (Vellore Mutiny) किस वर्ष हुआ था?
- 1817 ईस्वी
- 1857 ईस्वी
- 1799 ईस्वी
- 1806 ईस्वी
Explanation:
- वेल्लोर विद्रोह (Vellore Mutiny) 1806 में हुआ था।
- यह 1857 के विद्रोह से पहले का एक महत्वपूर्ण सैन्य विद्रोह था।
- यह तमिलनाडु के वेल्लोर में हुआ।
- इसका कारण सैनिकों पर नए ड्रेस कोड (टोपी) और धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले नियम थे।
- यह मैसूर के राजा (टीपू सुल्तान के बेटों) से भी जुड़ा था।
महात्मा गांधी ने किस वर्ष दांडी में नमक अधिनियम (Salt Act) तोड़ा था?
- 1928
- 1931
- 1930
- 1929
Explanation:
- महात्मा गांधी ने 6 अप्रैल, 1930 को दांडी में नमक अधिनियम (Salt Act) तोड़ा।
- यह दांडी यात्रा (12 मार्च – 6 अप्रैल, 1930) का समापन था।
- यह सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930-31) की शुरुआत थी।
- इसके साथ ही उन्होंने नमक कानून को तोड़ा।
मार्च 1931 के गांधी-इरविन समझौते के तहत भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस किस प्रमुख जन आंदोलन से पीछे हटने पर सहमत हुई थी?
- स्वदेशी आंदोलन
- सविनय अवज्ञा आंदोलन
- असहयोग आंदोलन
- भारत छोड़ो आंदोलन
Explanation:
- गांधी-इरविन समझौते (5 मार्च, 1931) के तहत INC सविनय अवज्ञा आंदोलन से पीछे हटने पर सहमत हुई।
- यह समझौता गांधी और वायसराय लॉर्ड इरविन के बीच हुआ।
- इसमें राजनीतिक कैदियों को रिहा करने का वादा किया गया।
- गांधी ने दूसरे गोलमेज सम्मेलन (1931) में भाग लेने का वादा किया।
ज्योतिबा फुले ने 1873 में, निम्नलिखित में से किस वर्तमान स्थल पर सत्यशोधक समाज की स्थापना की थी?
- पुणे
- नासिक
- सतारा
- नागपुर
Explanation:
- ज्योतिबा फुले ने 1873 में पुणे में सत्यशोधक समाज (Satya Shodhak Samaj) की स्थापना की।
- इसका उद्देश्य जातिवाद और छुआछूत का विरोध करना था।
- यह शूद्रों और अतिशूद्रों (दलितों) के उत्थान के लिए था।
- फुले ने 1848 में पुणे में पहली बालिका विद्यालय भी खोला।
निम्नलिखित में से किस नीति के अंतर्गत भारतीय शासकों को अपने सशस्त्र बलों को भंग करने और अपने क्षेत्रों में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी को स्वीकार करने तथा उन बलों को बनाए रखने की लागत वहन करने की आवश्यकता थी?
- वाणिज्यवाद की नीति
- तटस्थता की नीति
- सर्वोपरिता की नीति
- सहायक संधि
Explanation:
- सहायक संधि (Subsidiary Alliance) 1798 में लॉर्ड वेलेजली द्वारा शुरू की गई।
- इसके अंतर्गत भारतीय शासकों को अपने सशस्त्र बल भंग करने थे।
- उन्हें ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना को स्वीकार करना था और उसके रखरखाव की लागत वहन करनी थी।
- इस नीति ने कई राज्यों (हैदराबाद, मैसूर, अवध, पेशवा) को कंपनी के अधीन कर दिया।
निम्नलिखित में से किस घटना के कारण असहयोग आंदोलन वापस ले लिया गया था?
- जलियांवाला बाग हत्याकांड
- चौरी चौरा की घटना
- दांडी मार्च
- साइमन कमीशन का आगमन
Explanation:
- चौरी चौरा घटना (5 फरवरी, 1922) के कारण महात्मा गांधी ने असहयोग आंदोलन (1920-22) को वापस ले लिया।
- इस घटना में उत्तर प्रदेश के चौरी चौरा में 22 पुलिसकर्मी जले हुए थे।
- गांधी ने इसे अहिंसा के खिलाफ माना।
- इस निर्णय ने कांग्रेस के भीतर असंतोष पैदा किया।
1510 में पुर्तगालियों ने किस बंदरगाह पर कब्जा कर लिया था और उसे भारत में अपनी उपनिवेश की राजधानी बना दिया था?
- कालीकट
- गोवा
- सूरत
- बॉम्बे
Explanation:
- 1510 में अल्फोंसो डी अल्बुकर्क ने गोवा पर कब्जा किया और इसे पुर्तगाली उपनिवेश की राजधानी बनाया।
- गोवा 1961 तक पुर्तगाली शासन में रहा।
- अल्बुकर्क को “पुर्तगाली भारत का वास्तविक संस्थापक” कहा जाता है।
- गोवा भारत का सबसे छोटा राज्य है।
1741 में हुए किस युद्ध में एक भारतीय शासक ने डचों को पराजित किया था?
- कर्नाटक युद्ध
- कोलाचेल का युद्ध
- प्लासी का युद्ध
- बक्सर का युद्ध
Explanation:
- 1741 के कोलाचेल का युद्ध (Battle of Colachel) में त्रावणकोर के शासक मार्तंड वर्मा ने डचों को पराजित किया।
- यह भारत में डच शक्ति के पतन की शुरुआत थी।
- त्रावणकोर (वर्तमान केरल) का शासक था।
- इस जीत ने यूरोपीय शक्तियों के खिलाफ भारतीय प्रतिरोध को दिखाया।
भारत में प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के बाद किसे रंगून निर्वासित किया गया था?
- अहमदुल्लाह शाह
- नाना साहब
- बहादुर शाह जफर
- रानी लक्ष्मी बाई
Explanation:
- 1857 के विद्रोह के बाद बहादुर शाह जफर (अंतिम मुगल सम्राट) को रंगून (बर्मा) निर्वासित कर दिया गया।
- उन्हें 1858 में रंगून भेजा गया।
- उनकी 1862 में रंगून में मृत्यु हो गई।
- उनके बेटों को फाँसी दे दी गई।
भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के चरमपंथी चरण के दौरान किस नेता ने प्रसिद्ध रूप से घोषणा की थी, ‘स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा’?
- लाला लाजपत राय
- बिपिन चंद्र पाल
- अरबिंदो घोष
- बाल गंगाधर तिलक
Explanation:
- बाल गंगाधर तिलक ने यह प्रसिद्ध घोषणा की थी।
- यह नारा उग्रवादी चरण (1905-1916) का प्रतीक है।
- तिलक ने स्वराज को भारतीयों का जन्मसिद्ध अधिकार बताया।
- उन्हें “लोकमान्य” के नाम से भी जाना जाता है।
संथाल विद्रोह (1855-57) के संदर्भ में, संथालों के संकेंद्रण के क्षेत्र को क्या कहा जाता था?
- गारो हिल्स (Garo Hills)
- भागलपुर ट्रैक्ट (Bhagalpur Tract)
- काबा-इलिल-वादियान (Qaba-ilil- wadiyan)
- दमन-ए-कोह (Daman-i-Koh)
Explanation:
- संथाल विद्रोह (1855-57) के संदर्भ में, संथालों के संकेंद्रण के क्षेत्र को “दमन-ए-कोह” (Daman-i-Koh) कहा जाता था।
- इसका अर्थ “पहाड़ी अंचल” है।
- यह राजमहल पहाड़ियों के आसपास का क्षेत्र है।
- यह संथाल परगना (झारखंड) का हिस्सा है।
निम्नलिखित में से कौन संस्कृत के विद्वान थे और उन्होंने बंगाल में लगभग 35 बालिका विद्यालयों को खोलने में सहायता की थी?
- राजा राम मोहन राय
- स्वामी दयानंद सरस्वती
- स्वामी विवेकानंद
- ईश्वर चंद्र विद्यासागर
Explanation:
- ईश्वर चंद्र विद्यासागर (1820-1891) संस्कृत के विद्वान थे और उन्होंने बंगाल में लगभग 35 बालिका विद्यालय खोलने में सहायता की।
- उन्होंने विधवा पुनर्विवाह को बढ़ावा दिया।
- उन्होंने बंगाली गद्य को सरल बनाया।
- उन्होंने 1856 का विधवा पुनर्विवाह अधिनियम (हिंदू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम) पारित कराने में मदद की।
भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के निम्नलिखित लीडरों में से कौन हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA) से संबंधित नहीं था?
- महात्मा गांधी
- बटुकेश्वर दत्त
- चंद्रशेखर आजाद
- भगत सिंह
Explanation:
- महात्मा गांधी HSRA (हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन) से संबंधित नहीं थे।
- HSRA एक क्रांतिकारी संगठन था, जबकि गांधी अहिंसा के समर्थक थे।
- HSRA का गठन 1928 में फिरोजशाह कोटला (दिल्ली) में हुआ।
- इसके प्रमुख सदस्य: भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, बटुकेश्वर दत्त, सुखदेव।
यूरोप से पूर्णत: समुद्री मार्ग (all-sea route) की खोज करने के बाद वास्को डी गामा (Vasco da Gama) भारत में सर्वप्रथम निम्नलिखित में से किस शहर पहुंचा?
- कालीकट
- गोवा
- दीव
- सूरत
Explanation:
- 20 मई, 1498 को वास्को डी गामा कालीकट (वर्तमान केरल) पहुँचे।
- उन्होंने यूरोप से भारत का पूर्ण समुद्री मार्ग खोजा।
- यह पुर्तगालियों के आगमन की शुरुआत थी।
- कालीकट के शासक ज़मोरिन ने उनका स्वागत किया।
1857 में अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह करने के बाद सैनिकों ने निम्नलिखित में से किस लीडर को उनका नेतृत्व करने के लिए चुना?
- बहादुर शाह जफर
- मंगल पांडे
- नाना साहेब
- रानी लक्ष्मी बाई
Explanation:
- 1857 में मेरठ से विद्रोह के बाद सैनिक दिल्ली पहुँचे और बहादुर शाह जफर (अंतिम मुगल सम्राट) को अपना नेता चुना।
- उन्होंने बहादुर शाह जफर को भारत का सम्राट घोषित किया।
- यह विद्रोह को राष्ट्रीय चरित्र देने का प्रयास था।
चरमपंथी चरण के दौरान बाल गंगाधर तिलक ने निम्नलिखित में से किस सिद्धांत पर सर्वाधिक जोर दिया था?
- सांप्रदायिक प्रतिनिधित्व के लिए सपोर्ट
- स्वराज प्रत्येक भारतीय का जन्मसिद्ध अधिकार
- आर्थिक सुधारों पर विशेष ध्यान
- ब्रिटिश के विरुद्ध पूर्ण सशस्त्र क्रांति
Explanation:
- बाल गंगाधर तिलक ने चरमपंथी चरण के दौरान “स्वराज” पर सर्वाधिक जोर दिया।
- उन्होंने इसे प्रत्येक भारतीय का जन्मसिद्ध अधिकार बताया।
- उन्होंने स्वदेशी, बहिष्कार और राष्ट्रीय शिक्षा को बढ़ावा दिया।
- उन्होंने ब्रिटिश के खिलाफ उग्र भाषा का उपयोग किया।
निम्नलिखित में से किसे भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के दौरान शिक्षा और सामाजिक सुधारों को बढ़ावा देने के लिए ‘सर्वेन्ट्स ऑफ इंडिया सोसायटी (Servants of India Society)’ की स्थापना का श्रेय दिया जाता है?
- बिपिन चंद्र पाल
- दादाभाई नौरोजी
- लाला लाजपत राय
- गोपाल कृष्ण गोखले
Explanation:
- गोपाल कृष्ण गोखले (1866-1915) ने 1905 में “सर्वेन्ट्स ऑफ इंडिया सोसायटी” (Servants of India Society) की स्थापना की।
- इसका उद्देश्य शिक्षा और सामाजिक सुधारों को बढ़ावा देना था।
- वे नरमपंथी (उदारवादी) नेता थे।
- वे महात्मा गांधी के राजनीतिक गुरु थे।
निम्नलिखित में से कौन-सा नेता ब्रह्म समाज की स्थापना और एकेश्वरवाद तथा सामाजिक सुधार पर इसके बल देने से जुड़ा हुआ है?
- स्वामी दयानंद सरस्वती
- देवेंद्रनाथ टैगोर
- राजा राम मोहन राय
- ईश्वर चंद्र विद्यासागर
Explanation:
- ब्रह्म समाज की स्थापना 1828 में राजा राम मोहन राय ने की।
- इसने एकेश्वरवाद (ईश्वर की एकता) और सामाजिक सुधार पर बल दिया।
- इसने मूर्ति पूजा और जातिवाद का विरोध किया।
- यह भारतीय पुनर्जागरण का प्रतीक है।
सिद्धू और कान्हू को ऐतिहासिक रूप से किस विद्रोह में उनके नेतृत्व के लिए याद किया जाता है?
- बस्तर विद्रोह
- संथाल विद्रोह
- कोई विद्रोह
- परलकोट विद्रोह
Explanation:
- सिद्धू और कान्हू मुर्मू को संथाल विद्रोह (1855-56) में उनके नेतृत्व के लिए याद किया जाता है।
- यह विद्रोह ब्रिटिश शासन और जमींदारों के खिलाफ था।
- उन्हें संथालों का आदर्श माना जाता है।
मराठी भाषा के प्रथम उपन्यास ‘यमुना पर्यटन’ की विषय-वस्तु के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प सही है?
- हिंदू रीति-रिवाजों की प्रशंसा की गई
- यमुना क्षेत्र के राजनीतिक जीवन पर केंद्रित
- विधवाओं के संबंध में हिंदू प्रथाओं की आलोचना की गई
- साहसिक कहानियों पर केंद्रित
Explanation:
- “यमुना पर्यटन” मराठी भाषा का पहला उपन्यास है।
- यह विधवाओं के संबंध में हिंदू प्रथाओं की आलोचना करता है।
- यह सामाजिक सुधार आंदोलन का हिस्सा है।
- यह 19वीं शताब्दी की महत्वपूर्ण रचना है।
किस युद्ध को वह निर्णायक मोड़ माना जाता है जिसके कारण बंगाल में अंग्रेजों का राजनीतिक नियंत्रण स्थापित हुआ और भारत में ब्रिटिश विस्तार का मार्ग प्रशस्त हुआ?
- प्लासी का युद्ध
- तीसरा कर्नाटक युद्ध
- वांडिवाश का युद्ध
- बक्सर का युद्ध
Explanation:
- 1757 का प्लासी का युद्ध वह निर्णायक मोड़ था, जिसके कारण बंगाल में अंग्रेजों का राजनीतिक नियंत्रण स्थापित हुआ।
- इसने ईस्ट इंडिया कंपनी को भारत में ब्रिटिश विस्तार का मार्ग प्रशस्त किया।
- यह ब्रिटिश सत्ता की नींव थी।
किस घटना ने भारत में पुर्तगाली शक्ति के पतन और ब्रिटिश एवं डच प्रभाव के उदय को सर्वोत्तम रूप में चिह्नित किया?
- प्लासी का युद्ध (1757)
- अंग्रेजों द्वारा मद्रास की स्थापना (1639)
- ऐक्स-ला-चैपल की संधि (1748)
- एंग्लो-फ़ारसी द्वारा होर्मुज़ पर कब्ज़ा (1622)
Explanation:
- 1622 में एंग्लो-फ़ारसी (ब्रिटिश-फारसी) ने होर्मुज़ पर कब्जा किया।
- इसने भारत में पुर्तगाली शक्ति के पतन को चिह्नित किया।
- इसके बाद ब्रिटिश और डच प्रभाव का उदय हुआ।
- होर्मुज़ फारस की खाड़ी में एक रणनीतिक बंदरगाह था।
प्रारंभिक आधुनिक काल में भारत में व्यापारिक बस्तियाँ स्थापित करने वाली पहली यूरोपीय शक्ति कौन-सी थी?
- डच
- अंग्रेज़ी
- पुर्तगाली
- फ़्रांसीसी
Explanation:
- पुर्तगाली प्रारंभिक आधुनिक काल (1498) में भारत में व्यापारिक बस्तियाँ स्थापित करने वाली पहली यूरोपीय शक्ति थी।
- 1498 में वास्को डी गामा ने कालीकट में कदम रखा।
- उन्होंने गोवा (1510) में अपनी राजधानी स्थापित की।
- अन्य यूरोपीय शक्तियाँ बाद में आईं (ब्रिटिश 1600, डच 1602, फ्रांसीसी 1664)।
नई राइफल प्रणाली से संबंधित किस कार्रवाई ने भारतीय सिपाहियों की धार्मिक भावनाओं को आहत किया और 1857 में असंतोष का एक प्रमुख कारण बनी?
- सिपाहियों को पशु की चर्बी लगे कारतूसों को मुँह से काटने के लिए मजबूर करना
- मंदिर प्रवेश पर प्रतिबंध लगाना
- सैन्य छावनियों में धार्मिक जुलूसों पर रोक लगाना
- सभी सैनिकों के लिए रविवार को चर्च जाना अनिवार्य करना
Explanation:
- सिपाहियों को पशु की चर्बी लगे कारतूसों को मुँह से काटने के लिए मजबूर करना 1857 में असंतोष का एक प्रमुख कारण बनी।
- इससे हिंदू (गाय) और मुस्लिम (सुअर) सैनिकों की धार्मिक भावनाएँ आहत हुईं।
- यह तात्कालिक कारण था।
1857 के सैन्य विद्रोह के प्रत्युत्तर में अंग्रेजों द्वारा प्रत्यक्ष रूप से कौन-सा प्रशासनिक परिवर्तन लागू किया गया था, जो शासन संरचना में बदलाव का प्रतीक था?
- भारतीय परिषद अधिनियम, 1861 का अधिनियमन
- क्वीन विक्टोरिया की उद्घोषणा जारी करना
- बंगाल में स्थायी बंदोबस्त की शुरुआत
- सत्ता का कंपनी से क्राउन को हस्तांतरण
Explanation:
- 1857 के विद्रोह के बाद 1858 में सत्ता का कंपनी से क्राउन को हस्तांतरण किया गया।
- यह शासन संरचना में एक बड़ा बदलाव था।
- लॉर्ड कैनिंग भारत के पहले वायसराय बने।
- यह भारत सरकार अधिनियम 1858 के माध्यम से हुआ।
ओडिशा के पाइका विद्रोह को इसके प्रतिभागियों की सामाजिक पृष्ठभूमि और पारंपरिक कार्यों के संदर्भ में प्रारंभिक उपनिवेश-विरोधी विद्रोहों के बीच विशिष्ट क्यों माना जाता है?
- यह विदेशी भृतक सैनिकों के समर्थन पर निर्भर था।
- यह मुख्य रूप से शहरी शिल्प संघों और व्यापारियों द्वारा संचालित था।
- इसे राजस्व रियासतें चाहने वाले बड़े ज़मींदारों द्वारा संगठित किया गया था।
- इसका नेतृत्व स्थानीय प्रशासनिक भूमिकाओं वाली वंशागत नागरिक सेना (hereditary militia) द्वारा किया गया था।
Explanation:
- ओडिशा के पाइका विद्रोह (1817) को विशिष्ट माना जाता है क्योंकि इसका नेतृत्व स्थानीय प्रशासनिक भूमिकाओं वाली वंशागत नागरिक सेना (पाइका) ने किया।
- पाइका पारंपरिक सैनिक थे।
- यह ब्रिटिश भूमि राजस्व नीति के खिलाफ था।
- इसके नेता बख्शी जगबंधु थे।
1830 के दशक में ब्रिटिश हस्तक्षेप के विरुद्ध खासी प्रतिरोध का नेतृत्व किसने किया था?
- तिरोत सिंग
- अल्लूरी सीताराम राजू
- सिद्धू मुर्मू
- रानी गाइदिन्ल्यू
Explanation:
- 1830 के दशक में खासी प्रतिरोध का नेतृत्व तिरोत सिंग (Tirot Sing) ने किया।
- यह मेघालय के खासी पहाड़ियों में ब्रिटिश हस्तक्षेप के खिलाफ था।
- खासी स्वतंत्रता और पारंपरिक अधिकारों की रक्षा के लिए लड़े।
- यह 1830-33 तक चला।
1905 में बंगाल के विभाजन की अनुक्रिया में किस प्रकार का राष्ट्रवादी विरोध उभरा जिसने आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक कार्रवाई को एकीकृत किया?
- विधान परिषद् में संवैधानिक आंदोलन (constitutional agitation) को आगे बढ़ाना
- निर्णय वापस लेने के लिए ब्रिटिश संसद में याचिकाएं देना
- ब्रिटिश वस्तुओं का बहिष्कार करना और स्वदेशी उद्योगों को बढ़ावा देना
- औपनिवेशिक प्राधिकारी के विरुद्ध सशस्त्र प्रतिरोध का आयोजन करना
Explanation:
- 1905 में बंगाल विभाजन की अनुक्रिया में “स्वदेशी” और “बहिष्कार” आंदोलन उभरा।
- इसने आर्थिक (स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग), सामाजिक (राष्ट्रीय शिक्षा) और राजनीतिक (ब्रिटिश वस्तुओं का बहिष्कार) कार्रवाई को एकीकृत किया।
- यह उग्रवादी नेताओं (तिलक, पाल, लाजपत) द्वारा संचालित था।
तीव्र राष्ट्रवादी गतिविधि (heightened nationalist activity) के चरण में खेड़ा सत्याग्रह को अहमदाबाद मिल हड़ताल से कौन-सा मुख्य अंतर पृथक करता था?
- संवैधानिक और विधायी मांगों पर जोर
- ग्रामीण किसानों की लामबंदी बनाम शहरी श्रमिकों का संगठन
- औपनिवेशिक प्राधिकारियों से की गई याचिकाओं और अपीलों पर निर्भरता
- समान राष्ट्रवादी व्यक्तित्व के अंतर्गत सामान्य नेतृत्व
Explanation:
- खेड़ा सत्याग्रह (1918) में ग्रामीण किसानों की लामबंदी थी, जबकि अहमदाबाद मिल हड़ताल (1918) शहरी श्रमिकों का संगठन था।
- दोनों का नेतृत्व महात्मा गांधी ने किया।
- खेड़ा में वल्लभभाई पटेल ने गांधी का साथ दिया।
- अहमदाबाद मिल हड़ताल में अंबालाल साराभाई और अनसूया बेन शामिल थे।
अस्पृश्यता पर महात्मा गांधी के विचारों ने गांधीवादी चरण (Gandhian phase) के दौरान भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्राथमिकताओं को कैसे आकार दिया?
- समुदायों के लिए पृथक राजनीतिक निर्वाचन क्षेत्रों का समर्थन करके
- अस्पृश्यता के उन्मूलन को एक केंद्रीय उद्देश्य बनाकर
- कृषि आर्थिक सुधारों की ओर प्राथमिक फोकस करके
- रियासतों के राजनीतिक एकीकरण पर ध्यान केंद्रित करके
Explanation:
- गांधी ने अस्पृश्यता के उन्मूलन को INC की केंद्रीय प्राथमिकता बनाया।
- उन्होंने “हरिजन” (अस्पृश्यों के लिए) नामक पत्रिका शुरू की।
- उन्होंने 1932 में पूना समझौता किया।
- उन्होंने 1940 के दशक में हरिजन सेवक संघ की स्थापना की।
दादाभाई नौरोजी के धन अपवाह के सिद्धांत (Drain of Wealth theory) के अनुसार, ब्रिटिश शासन के अंतर्गत भारत के शोषण को समाप्त करने के लिए किस प्रमुख आर्थिक मुद्दे का समाधान करना आवश्यक था?
- भारतीयों के लिए सीमित प्रशासनिक भागीदारी
- भारत और ब्रिटेन के बीच असमान आर्थिक विनिमय
- किसानों पर लगाया गया अत्यधिक भू-राजस्व
- औपनिवेशिक प्राधिकारियों द्वारा धार्मिक भेदभाव
Explanation:
- दादाभाई नौरोजी के “धन अपवाह” सिद्धांत के अनुसार, ब्रिटिश शासन के अंतर्गत भारत के शोषण का मुख्य कारण भारत और ब्रिटेन के बीच असमान आर्थिक विनिमय था।
- उन्होंने तर्क दिया कि भारत का धन ब्रिटेन को हस्तांतरित हो रहा था।
- इसे समाप्त करने के लिए समान आर्थिक संबंध आवश्यक थे।
Which demand advanced by the Moderate leadership of the Indian National Congress (1885–1905) most clearly reflected their objective of expanding Indian involvement within colonial decision-making structures?
- Curtailment of regressive indirect taxation
- Expansion of legislative councils for Indian representation
- Immediate transfer of political authority to Indian hands
- Preferential allocation of bureaucratic appointments to Indians
Explanation:
- नरमपंथी (Moderate) नेताओं (1885-1905) की प्रमुख मांग विधान परिषदों का विस्तार और भारतीयों के लिए प्रतिनिधित्व थी।
- उन्होंने संवैधानिक तरीकों (याचिका, प्रार्थना, विरोध) का उपयोग किया।
- उन्होंने ICS परीक्षा को भारत में भी आयोजित करने की मांग की।
निम्नलिखित में से किसने हिंद महासागर में पुर्तगाली नौसैनिक शक्ति को मजबूत करने के लिए ब्लू वाटर पॉलिसी (Blue Water Policy) की शुरुआत की थी?
- नूनो डा कुन्हा (Nuno da Cunha)
- अफोंसो डी अल्बुकर्क (Afonso de Albuquerque)
- बारटोलोमीयु डियाज (Bartholomew Diaz)
- फ्रांसिस्को-डी-अल्मेडा (Francisco De Almeida)
Explanation:
- फ्रांसिस्को डी अल्मेडा (1505-1509) ने हिंद महासागर में पुर्तगाली नौसैनिक शक्ति को मजबूत करने के लिए “ब्लू वाटर पॉलिसी” की शुरुआत की।
- इस नीति के अनुसार, पुर्तगाली समुद्र पर नियंत्रण चाहते थे, भूमि पर नहीं।
- उन्होंने नौसैनिक शक्ति पर जोर दिया।
ओडिशा में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के शासन के विरुद्ध एक महत्वपूर्ण प्रारंभिक सशस्त्र प्रतिरोध, ‘1817 के पाइका विद्रोह’ के नेता कौन थे?
- बख्शी जगबंधु
- सिद्धू मुर्मू
- चित्तू सिंह
- अल्लूरी सीताराम राजू
Explanation:
- 1817 के पाइका विद्रोह के नेता बख्शी जगबंधु थे।
- यह ओडिशा में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के शासन के विरुद्ध एक प्रारंभिक सशस्त्र प्रतिरोध था।
- यह भूमि राजस्व नीति के विरोध में था।
1838-1848 के फ़राज़ी आंदोलन के दौरान बंगाल में ब्रिटिश सरकार के विरुद्ध पहले कर-बंदी आंदोलन (no-tax campaign) का संयुक्त नेतृत्व किसने किया था?
- शरियतुल्ला खान और दादू मियां
- सिद्धू मुर्मू और कान्हू मुर्मू
- टीटू मीर और सैयद अहमद बरेलवी
- कुंवर सिंह और अमर सिंह
Explanation:
- फ़राज़ी आंदोलन (1838-1848) के दौरान बंगाल में कर-बंदी आंदोलन (no-tax campaign) का नेतृत्व हाजी शरियतुल्लाह और दादू मियां (दुदू मियां) ने किया।
- यह आंदोलन ब्रिटिश और जमींदारों के खिलाफ था।
- यह इस्लामी सुधार आंदोलन था।
- इसने किसानों को संगठित किया।
निम्नलिखित में से किस प्रमुख नेता ने बारदोली सत्याग्रह (1928) का नेतृत्व किया था?
- गोपालकृष्ण गोखले
- सी. राजगोपालाचारी
- बाल गंगाधर तिलक
- सरदार वल्लभभाई पटेल
Explanation:
- 1928 में बारदोली सत्याग्रह का नेतृत्व सरदार वल्लभभाई पटेल ने किया।
- यह गुजरात के बारदोली में हुआ।
- यह बढ़े हुए भूमि कर के विरुद्ध था।
- इसके बाद पटेल को “सरदार” की उपाधि मिली।
निम्नलिखित में से किसे काकोरी षड्यंत्र मामले (1925) में मृत्युदंड नहीं दिया गया था?
- शचीन्द्र नाथ बख्शी
- रोशन सिंह
- अशफ़ाक़ उल्लाह ख़ाँ
- राजेंद्र लाहिड़ी
Explanation:
- काकोरी षड्यंत्र मामले (1925) में शचीन्द्र नाथ बख्शी को मृत्युदंड नहीं दिया गया था।
- उन्हें आजीवन कारावास की सजा हुई।
- राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, रोशन सिंह, राजेंद्र लाहिड़ी को फाँसी दी गई।
- यह मामला 1925 की काकोरी ट्रेन डकैती से संबंधित था।
भारतीय सामाजिक-राजनीतिक आंदोलनों और उनके नेताओं के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?
- होम रूल लीग की स्थापना अरबिंदो घोष ने की थी।
- पूना सार्वजनिक सभा महादेव गोविंद रानाडे से संबंधित थी।
- आत्मसम्मान आंदोलन की शुरुआत ई.वी. रामासामी ने की थी।
- अभिनव भारत सोसाइटी की स्थापना विनायक दामोदर सावरकर ने की थी।
Explanation:
- होम रूल लीग की स्थापना अरबिंदो घोष ने नहीं, बल्कि एनी बेसेंट (1916) और बाल गंगाधर तिलक (1916) ने की थी।
- अरबिंदो घोष स्वदेशी आंदोलन से जुड़े थे।
- सही कथन:
- पूना सार्वजनिक सभा (1870) – महादेव गोविंद रानाडे
- आत्मसम्मान आंदोलन (1925) – ई.वी. रामासामी (पेरियार)
- अभिनव भारत सोसाइटी (1905) – विनायक दामोदर सावरकर
किन नेताओं ने 1876 में ‘इंडियन नेशनल एसोसिएशन (Indian National Association)’ की स्थापना की थी?
- सुरेंद्रनाथ बनर्जी और आनंद मोहन बोस
- दादाभाई नौरोजी और गोपाल कृष्ण गोखले
- दादाभाई नौरोजी और देबेंद्रनाथ टैगोर
- बाल गंगाधर तिलक और बिपिन चंद्र पाल
Explanation:
- 1876 में “इंडियन नेशनल एसोसिएशन” (Indian National Association) की स्थापना सुरेंद्रनाथ बनर्जी और आनंद मोहन बोस ने कलकत्ता में की।
- यह INC (1885) से पहले का एक महत्वपूर्ण राष्ट्रवादी संगठन था।
- इसने सामाजिक और राजनीतिक सुधारों पर काम किया।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?
- व्योमेश चंद्र बोनर्जी INC के पहले हिंदू अध्यक्ष थे
- बदरुद्दीन तैयबजी INC के पहले जैन अध्यक्ष थे
- जॉर्ज यूल INC के पहले गैर-भारतीय अध्यक्ष थे
- दादाभाई नौरोजी INC के पहले पारसी अध्यक्ष थे
Explanation:
- बदरुद्दीन तैयबजी INC के पहले मुस्लिम अध्यक्ष थे (1887, मद्रास), जैन नहीं।
- INC के पहले जैन अध्यक्ष की कोई पुष्टि नहीं है।
- सही कथन:
- व्योमेश चंद्र बनर्जी – पहले हिंदू अध्यक्ष (1885)
- जॉर्ज यूल – पहले गैर-भारतीय अध्यक्ष (1888, इलाहाबाद)
- दादाभाई नौरोजी – पहले पारसी अध्यक्ष (1886, कलकत्ता)
निम्नलिखित में से कौन प्रत्यक्ष रूप से प्रार्थना समाज से संबंधित नहीं है?
- देवेन्द्रनाथ टैगोर
- महादेव गोविंद रानाडे
- आत्माराम पांडुरंग
- आर.सी. भंडारकर
Explanation:
- देवेन्द्रनाथ टैगोर (1817-1905) ब्रह्म समाज से संबंधित थे, प्रार्थना समाज से नहीं।
- वे रवीन्द्रनाथ टैगोर के पिता थे।
- उन्होंने तत्वबोधिनी सभा (1839) की स्थापना की।
- प्रार्थना समाज (1867) के नेता:
- महादेव गोविंद रानाडे
- आत्माराम पांडुरंग
- आर.सी. भंडारकर
कौन-सा नेता, महात्मा गांधी का करीबी सहयोगी था जिसने सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान मद्रास प्रेसीडेंसी में नमक सत्याग्रह (salt protest) किया था?
- सरोजिनी नायडू
- सरदार वल्लभभाई पटेल
- सी. राजगोपालाचारी
- के. कामराज
Explanation:
- सी. राजगोपालाचारी (राजाजी) ने 1930 में सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान मद्रास प्रेसीडेंसी में नमक सत्याग्रह (वेदारण्यम मार्च) का नेतृत्व किया।
- वे महात्मा गांधी के करीबी सहयोगी थे।
- वे स्वतंत्र भारत के पहले भारतीय गवर्नर-जनरल (1948-50) बने।
निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म गलत सुमेलित है?
- 1928 – बारदोली सत्याग्रह
- 1929 – गांधी-इरविन समझौता।
- 1918 – खेड़ा सत्याग्रह
- 1917– चंपारण सत्याग्रह
Explanation:
- गांधी-इरविन समझौता 1931 (5 मार्च, 1931) में हुआ, 1929 में नहीं।
- 1929 में लाहौर अधिवेशन (INC) हुआ, जिसमें पूर्ण स्वराज का प्रस्ताव पारित किया गया।
- सही युग्म:
- 1928 – बारदोली सत्याग्रह (पटेल)
- 1918 – खेड़ा सत्याग्रह (गांधी/पटेल)
- 1917 – चंपारण सत्याग्रह (गांधी)
निम्नलिखित में से किस घटना ने महात्मा गांधी को असहयोग आंदोलन वापस लेने के लिए प्रेरित किया?
- खिलाफत आंदोलन का प्रत्याहरण
- रॉलेट एक्ट का निलंबन
- चौरी-चौरा घटना
- अलीपुर बम मामला
Explanation:
- 5 फरवरी, 1922 की चौरी-चौरा घटना ने गांधी को असहयोग आंदोलन (1920-22) वापस लेने के लिए प्रेरित किया।
- इस घटना में 22 पुलिसकर्मी जले हुए थे।
- गांधी ने इसे अहिंसा के खिलाफ माना।
आत्मीय सभा के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?
- आत्मीय सभा की स्थापना 1824 में हुई थी
- आत्मीय सभा ने ब्रह्म समाज की नींव रखी
- कलकत्ता में आत्मीय सभा की स्थापना की गई थी
- आत्मीय सभा की स्थापना राजा राम मोहन राय ने की थी
Explanation:
- आत्मीय सभा (Atmiya Sabha) की स्थापना 1814 में राजा राम मोहन राय ने कलकत्ता में की, 1824 में नहीं।
- यह ब्रह्म समाज (1828) की नींव थी।
- इसका उद्देश्य एकेश्वरवाद और सामाजिक सुधार को बढ़ावा देना था।
निम्नलिखित में से कौन-सा, महाराष्ट्र में महार आंदोलन (Mahar Movement) का सटीक वर्णन करता है?
- ब्रिटिश वन कानूनों के खिलाफ एक आदिवासी विद्रोह
- जमींदारी शोषण के खिलाफ एक किसान आंदोलन
- हिंदू अनुष्ठानों को शुद्ध करने के उद्देश्य से चलाया गया एक धार्मिक सुधार आंदोलन
- दलित अधिकारों और सामाजिक समानता के लिए एक सामाजिक-राजनीतिक आंदोलन
Explanation:
- महार आंदोलन (Mahar Movement) महाराष्ट्र में दलित अधिकारों और सामाजिक समानता के लिए एक सामाजिक-राजनीतिक आंदोलन था।
- इसका नेतृत्व डॉ. बी.आर. अंबेडकर ने किया।
- इसने छुआछूत, जातिवाद और अस्पृश्यता का विरोध किया।
भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के प्रारंभिक चरण के दौरान नरमपंथियों द्वारा निम्नलिखित में से कौन-सी पद्धति को विशेष रूप से अपनाया गया था?
- विदेशी वस्तुओं और संस्थानों का बहिष्कार
- स्वदेशी आंदोलन
- वैदिक शिक्षा का प्रचार-प्रसार
- संवैधानिक सुधार
Explanation:
- नरमपंथी (उदारवादी) नेता (1885-1905) संवैधानिक सुधारों पर विश्वास करते थे।
- उन्होंने याचिका, प्रार्थना, विरोध और प्रस्ताव के माध्यम से मांगें कीं।
- उनके नेता: दादाभाई नौरोजी, गोपाल कृष्ण गोखले, सुरेंद्रनाथ बनर्जी।
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन समाचार पत्र “द हितवाद (The Hitavada)” के संबंध में गलत है?
- इसकी स्थापना 1911 में नागपुर में हुई थी।
- यह एक अंग्रेजी दैनिक समाचार पत्र था।
- यह गदर आंदोलन का मुखपत्र था।
- इसकी स्थापना गोपाल कृष्ण गोखले ने की थी।
Explanation:
- “द हितवाद” (The Hitavada) गदर आंदोलन का मुखपत्र नहीं था।
- इसकी स्थापना 1911 में नागपुर में गोपाल कृष्ण गोखले ने की थी।
- यह एक अंग्रेजी दैनिक समाचार पत्र था।
- गदर आंदोलन का मुखपत्र “गदर” (1913) था, जिसे लाला हरदयाल ने प्रकाशित किया।
निम्नलिखित में से नेताओं का कौन-सा युग्म, 1916 के लखनऊ समझौते पर हस्ताक्षर करने से घनिष्ठ रूप से संबंधित था?
- दादाभाई नौरोजी और सुरेंद्रनाथ बनर्जी
- लाला लाजपत राय और बिपिन चंद्र पाल
- गोपाल कृष्ण गोखले और एनी बेसेंट
- बाल गंगाधर तिलक और मुहम्मद अली जिन्ना
Explanation:
- 1916 के लखनऊ समझौते पर बाल गंगाधर तिलक और मुहम्मद अली जिन्ना के प्रयासों से हस्ताक्षर किए गए।
- यह INC और मुस्लिम लीग के बीच हुआ।
- इसने हिंदू-मुस्लिम एकता को बढ़ावा दिया।
- इसमें अलग निर्वाचन क्षेत्र को स्वीकार किया गया।
मजनू शाह का संबंध निम्नलिखित में से किस विद्रोह से है?
- संथाल विद्रोह
- नील विद्रोह
- फकीर-संन्यासी विद्रोह
- कोल विद्रोह
Explanation:
- मजनू शाह फकीर-संन्यासी विद्रोह (1760-1800) से संबंधित थे।
- यह विद्रोह बंगाल में फकीरों और संन्यासियों द्वारा किया गया।
- इसके अन्य नेता: भवानी पाठक और मुशी।
- यह ब्रिटिश और जमींदारों के खिलाफ था।
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन, रम्पा विद्रोह के संबंध में गलत है?
- इसका नेतृत्व अल्लूरी सीताराम राजू ने किया था
- यह वन विधियों और साहूकारों के खिलाफ था
- यह घटना वर्तमान महाराष्ट्र में घटी थी
- इसमें गुरिल्ला युद्ध रणनीति का उपयोग शामिल था
Explanation:
- रम्पा विद्रोह (1922-24) महाराष्ट्र में नहीं, बल्कि आंध्र प्रदेश के गोदावरी क्षेत्र में हुआ।
- इसका नेतृत्व अल्लूरी सीताराम राजू ने किया।
- यह वन विधियों और साहूकारों के खिलाफ था।
- इसमें गुरिल्ला युद्ध रणनीति का उपयोग किया गया।
निम्नलिखित में से किस क्षेत्र में 1842 में बुंदेला विद्रोह हुआ था?
- जबलपुर
- गंजम
- विजयनगरम
- सौराष्ट्र
Explanation:
- 1842 में बुंदेला विद्रोह जबलपुर (वर्तमान मध्य प्रदेश) क्षेत्र में हुआ।
- यह ब्रिटिश के खिलाफ एक स्थानीय विद्रोह था।
- इसका नेतृत्व बुंदेला जमींदारों ने किया।
- यह भूमि राजस्व और ब्रिटिश नीतियों के विरोध में था।
स्वतंत्रता आंदोलन के उग्रवादी चरण के दौरान कौन-सा भारतीय राष्ट्रवादी नेता एक प्रमुख व्यक्ति के रूप में उभरा, जिसने प्रत्यक्ष कार्रवाई और जन लामबंदी पर बल दिया?
- सुरेंद्रनाथ बनर्जी
- दादाभाई नौरोजी
- गोपाल कृष्ण गोखले
- बाल गंगाधर तिलक
Explanation:
- बाल गंगाधर तिलक उग्रवादी चरण (1905-1916) के दौरान एक प्रमुख व्यक्ति के रूप में उभरे, जिन्होंने प्रत्यक्ष कार्रवाई और जन लामबंदी पर बल दिया।
- उन्होंने स्वदेशी, बहिष्कार और राष्ट्रीय शिक्षा को बढ़ावा दिया।
- उन्होंने गणेश उत्सव (1893) और शिवाजी उत्सव (1895) शुरू किए।
निम्नलिखित में से किस समिति की स्थापना अश्विनी कुमार दत्त ने बरिशाल में की थी?
- अनुशीलन समिति (Anushilan Samiti)
- स्वदेश बांधव समिति (Swadesh Bandhab Samiti)
- युगांतर समिति (Jugantar Samiti)
- भारत माता समिति (Bharat Mata Samiti)
Explanation:
- अश्विनी कुमार दत्त ने 1905 में बरिशाल (वर्तमान बांग्लादेश) में “स्वदेश बांधव समिति” (Swadesh Bandhab Samiti) की स्थापना की।
- इसका उद्देश्य स्वदेशी और बहिष्कार आंदोलन को बढ़ावा देना था।
- यह बंगाल विभाजन (1905) के विरोध में था।
निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प उदारवादी चरण के दौरान सांप्रदायिक राजनीति पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के रुख की सर्वोत्तम व्याख्या करता है?
- धार्मिक पहचान के आधार पर राजनीतिक मांगों को स्वीकार किया
- अपने कार्यक्रमों और मांगों में एक पंथनिरपेक्ष दृष्टिकोण बनाए रखा
- स्वयं को विशिष्ट धार्मिक समुदायों के नेताओं के साथ संरेखित किया
- संगठनात्मक भागीदारी को एक ही धार्मिक समुदाय तक सीमित रखा
Explanation:
- उदारवादी चरण (1885-1905) के दौरान INC ने अपने कार्यक्रमों और मांगों में एक पंथनिरपेक्ष दृष्टिकोण बनाए रखा।
- उन्होंने सभी धर्मों के लोगों को शामिल किया।
- उन्होंने सांप्रदायिक मुद्दों से बचने की कोशिश की।
- उन्होंने राजनीतिक और आर्थिक सुधारों पर ध्यान केंद्रित किया।
निम्नलिखित में से किस मुस्लिम नेता ने सबसे पहले ‘दो राष्ट्रों’ के सिद्धांत का प्रतिपादन किया?
- लियाकत अली
- मोहम्मद इकबाल
- मुहम्मद अली जिन्ना
- रहमत अली चौधरी
Explanation:
- मोहम्मद इकबाल ने 1930 में इलाहाबाद में मुस्लिम लीग के अधिवेशन में “दो राष्ट्रों” के सिद्धांत का सबसे पहले प्रतिपादन किया।
- उन्होंने पाकिस्तान का विचार प्रस्तुत किया।
- बाद में जिन्ना ने इस विचार को अपनाया।
- इकबाल को “पाकिस्तान के आध्यात्मिक पिता” कहा जाता है।
भारत में असहयोग आंदोलन किस वर्ष में प्रारंभ हुआ?
- 1930
- 1920
- 1940
- 1910
Explanation:
- असहयोग आंदोलन (Non-Cooperation Movement) 1920 में INC के कलकत्ता (सितंबर) और नागपुर (दिसंबर) अधिवेशनों के बाद शुरू हुआ।
- इसे गांधी ने जालियांवाला बाग और खिलाफत आंदोलन के समर्थन में शुरू किया।
- यह 1922 में चौरी-चौरा घटना के बाद वापस ले लिया गया।
