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महमूद बेगड़ा किस सल्तनत का प्रसिद्ध सुल्तान था?

  • जौनपुर
  • मालवा
  • गुजरात
  • बंगाल

Explanation:

  • महमूद बेगड़ा (1458-1511 ई.) गुजरात सल्तनत का प्रसिद्ध सुल्तान था।
  • उसने जुनागढ़, गिरनार, पावागढ़ आदि किलों पर विजय प्राप्त की।
  • यह बेगड़ा नाम से प्रसिद्ध हुआ क्योंकि उसने दो गढ़ (जूनागढ़ और गिरनार) जीते थे।
  • उसने चांपानेर को अपनी राजधानी बनाया।
  • अतिरिक्त तथ्य: गुजरात सल्तनत की स्थापना ज़फर खान (मुजफ्फर शाह) ने 1407 ई. में की थी।

भारत में चिश्ती संप्रदाय की स्थापना किसने की थी?

  • मोइनुद्दीन चिश्ती
  • ख्वाजा निजामुद्दीन औलिया
  • ख्वाजा सलीम चिश्ती
  • ख्वाजा कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी

Explanation:

  • भारत में चिश्ती संप्रदाय की स्थापना ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती (1142-1236 ई.) ने की थी।
  • इन्हें गरीब नवाज (गरीबों का दाता) के नाम से भी जाना जाता है।
  • इनकी दरगाह अजमेर (राजस्थान) में स्थित है।
  • इनके प्रमुख शिष्य: ख्वाजा कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी (दिल्ली), शेख हमीदुद्दीन नागौरी (नागौर), शेख फरीदुद्दीन गंजशकर (पाकपट्टन)।
  • अतिरिक्त तथ्य: चिश्ती संप्रदाय सूफीवाद का एक महत्वपूर्ण संप्रदाय है जो प्रेम, भक्ति और मानवता पर जोर देता है। ख्वाजा निजामुद्दीन औलिया इसी संप्रदाय के एक महान संत थे।

प्रसिद्ध किताब ‘किताब-उल-हिंद’ की रचना किसने की?

  • अल बेरुनी
  • अमीर खुसरो
  • अब्दुर रज्जाक
  • इब्ने अरबी

Explanation:

  • ‘किताब-उल-हिंद’ (तहकीक-ए-हिंद) की रचना अल-बेरुनी (973-1048 ई.) ने की थी।
  • यह अरबी भाषा में लिखी गई है।
  • इसमें भारतीय संस्कृति, धर्म, दर्शन, खगोलशास्त्र, गणित, चिकित्सा आदि का वर्णन है।
  • अल-बेरुनी महमूद गज़नी के साथ भारत आया था।
  • अतिरिक्त तथ्य: अल-बेरुनी को “इतिहास का जनक” भी कहा जाता है। अन्य प्रमुख पुस्तकें: “तहकीक-ए-हिंद”, “अल-कानून अल-मसूदी” (खगोलशास्त्र)।

घोड़ों को दागने की प्रथा निम्नलिखित में से किसके द्वारा शुरू की गई थी?

  • बाबर
  • बलबन
  • अकबर
  • अलाउद्दीन खिलजी

Explanation:

  • घोड़ों को दागने (Dagh) की प्रथा अलाउद्दीन खिलजी (1296-1316 ई.) ने शुरू की थी।
  • इस प्रथा में शाही घोड़ों पर राज्य का चिह्न दागा जाता था ताकि उनकी गणना और पहचान की जा सके।
  • यह सैन्य प्रशासन और घोड़ों की संख्या पर नियंत्रण के लिए किया जाता था।
  • इस प्रथा का उद्देश्य घोड़ों की चोरी को रोकना और सेना की मजबूती सुनिश्चित करना था।
  • अतिरिक्त तथ्य: अलाउद्दीन खिलजी ने बाजार नियंत्रण (Market Control Policy) भी लागू की थी, जिसमें वस्तुओं के मूल्य निर्धारित किए गए थे। उसने मंगोल आक्रमणों को भी सफलतापूर्वक रोका।

‘सिलसिला’ शब्द इनमें से किस से संबंधित है?

  • सूफी संप्रदाय
  • सिक्ख संप्रदाय
  • शाही फरमान
  • भक्ति संप्रदाय

Explanation:

  • ‘सिलसिला’ शब्द सूफी संप्रदाय से संबंधित है।
  • यह सूफी संतों की परंपरा और शिष्य परंपरा (spiritual lineage) को दर्शाता है।
  • प्रमुख सूफी सिलसिले: चिश्ती, सुहरवर्दी, कादिरी, नक्शबंदी
  • चिश्ती सिलसिला: मोइनुद्दीन चिश्ती ने स्थापित किया।
  • सुहरवर्दी सिलसिला: बहाउद्दीन ज़कारिया ने स्थापित किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: सूफीवाद इस्लाम का एक रहस्यवादी संप्रदाय है जो ईश्वर से प्रेम और आत्मज्ञान पर जोर देता है। समा (संगीत) और जिक्र (धार्मिक स्मरण) सूफी साधना के प्रमुख अंग हैं।

बहमनी राज्य किसके शासन में सबसे शक्तिशाली था?

  • अलाउद्दीन हसन
  • फिरोज शाह बहमन
  • अहमद शाह
  • महमूद गवन

Explanation:

  • बहमनी राज्य महमूद गवन (1463-1481 ई.) के शासन में सबसे शक्तिशाली था।
  • महमूद गवन एक फारसी व्यापारी था जो बाद में प्रधानमंत्री बना।
  • उसने सैन्य सुधार, प्रशासनिक सुधार और विजयनगर साम्राज्य के खिलाफ सफल अभियान चलाए।
  • उसने महलों, मदरसों और मस्जिदों का निर्माण करवाया।
  • अतिरिक्त तथ्य: बहमनी राज्य की स्थापना अलाउद्दीन हसन (हसन गंगू) ने 1347 ई. में की थी। इसकी राजधानी गुलबर्गा (बाद में बीदर) थी। 1527 ई. में बहमनी राज्य पाँच राज्यों (बीजापुर, अहमदनगर, गोलकुंडा, बीदर, बरार) में विभाजित हो गया।

आमिर तैमूर ने दिल्ली पर किस वर्ष में आक्रमण किया थी?

  • 1396
  • 1395
  • 1397
  • 1398

Explanation:

  • आमिर तैमूर (तैमूरलंग) ने 1398 ई. में दिल्ली पर आक्रमण किया था।
  • यह तुगलक वंश के शासन काल में हुआ, जब नासिरुद्दीन महमूद दिल्ली का सुल्तान था।
  • तैमूर ने दिल्ली को लूटा और भारी विनाश किया।
  • उसने 100,000 से अधिक लोगों को मार डाला और अपार संपत्ति लूटी।
  • अतिरिक्त तथ्य: तैमूर मध्य एशिया (समरकंद) का शासक था। उसने दिल्ली से हाथी, सोना, चाँदी, हीरे आदि लूटकर ले जाए। तैमूर के आक्रमण के बाद दिल्ली सल्तनत कमजोर हो गई और सैय्यद वंश ने शासन संभाला।

निम्नलिखित में से किस भक्ति संत ने “शुद्धाशुद्धाद्वैत” दर्शन का प्रसार किया?

  • वल्लभाचार्य
  • शंकराचार्य
  • माधवाचार्य
  • रामानंद

Explanation:

  • “शुद्धाशुद्धाद्वैत” दर्शन का प्रसार वल्लभाचार्य (1479-1531 ई.) ने किया।
  • इसे “शुद्धाद्वैत” भी कहा जाता है।
  • वल्लभाचार्य कृष्ण भक्ति के प्रमुख संत थे और पुष्टिमार्ग (पोषण का मार्ग) के संस्थापक थे।
  • इनका मानना था कि ब्रह्म और जीव में अंतर नहीं है, बल्कि जीव ब्रह्म का अंश है।
  • अतिरिक्त तथ्य: शंकराचार्य (अद्वैत), माधवाचार्य (द्वैत), रामानुजाचार्य (विशिष्टाद्वैत), रामानंद (राम भक्ति) प्रमुख दार्शनिक थे।

मुगल लघु चित्रकला _____ के शासन के दौरान अपने चरम पर पहुंच गई थी।

  • जहांगीर
  • औरंगजेब
  • शाहजहाँ
  • अकबर

Explanation:

  • मुगल लघु चित्रकला जहांगीर (1605-1627 ई.) के शासन में अपने चरम पर पहुंची।
  • जहांगीर को चित्रकला का संरक्षक कहा जाता है। उसने “तस्वीर” और “शिकार” के दृश्यों को विशेष महत्व दिया।
  • प्रसिद्ध चित्रकार: उस्ताद मंसूर (जहांगीर के दरबार के प्रमुख चित्रकार), अबुल हसन, बिचित्र
  • अतिरिक्त तथ्य: अकबर ने चित्रकला को प्रोत्साहन दिया और हमज़ानामा चित्रों का निर्माण करवाया। शाहजहाँ ने चित्रकला की उपेक्षा की और वास्तुकला पर जोर दिया। औरंगजेब ने चित्रकला को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया।

निम्नलिखित में से कौन अलाउद्दीन खिलजी का प्रसिद्ध दास था?

  • उलूम खान
  • अमीर खुसरो
  • मलिक काफूर
  • ज़फर खान

Explanation:

  • मलिक काफूर अलाउद्दीन खिलजी का प्रसिद्ध दास और सेनापति था।
  • उसे “हज़ार दिनार” के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि उसे 1,000 दीनार में खरीदा गया था।
  • मलिक काफूर ने दक्षिण भारत (देवगिरि, वारंगल, होयसल, पांड्य) पर सफल अभियान चलाए।
  • अलाउद्दीन खिलजी की मृत्यु के बाद उसने सत्ता पर कब्जा करने का प्रयास किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: उलूम खान (अलाउद्दीन का भतीजा), अमीर खुसरो (प्रसिद्ध कवि और संगीतकार), ज़फर खान (फिरोजशाह तुगलक का सेनापति)।

निम्न में से वेनिस के प्रसिद्ध यात्री कौन थे?

  • मार्को पोलो
  • फ्रांस्वा बर्नियर
  • दुअर्ते बारबोसा
  • निकितिन

Explanation:

  • मार्को पोलो (1254-1324) वेनिस (इटली) का प्रसिद्ध यात्री था।
  • उसने 1271-1295 ई. के बीच भारत, चीन, जावा, सुमात्रा आदि की यात्रा की।
  • उसने अपनी यात्राओं का वर्णन “द बुक ऑफ मार्को पोलो” (Il Milione) में किया।
  • भारत में उसने कोरोमंडल तट, मलाबार तट के क्षेत्रों का भ्रमण किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: फ्रांस्वा बर्नियर (फ्रांसीसी चिकित्सक, 1656-1668 – भारत यात्रा), दुअर्ते बारबोसा (पुर्तगाली, 1516 – भारत यात्रा), अफानासी निकितिन (रूसी, 1468-1474 – भारत यात्रा)।

इनमें से किसने अपने हमलों में अन्य मंदिरों के साथ 17 बार सोमनाथ मंदिर को लूटा और नष्ट किया है?

  • कुतुबुद्दीन ऐबक
  • महमूद गज़नी
  • तैमूरलंग
  • मोहम्मद गोरी

Explanation:

  • महमूद गज़नी (971-1030 ई.) ने गुजरात के सोमनाथ मंदिर पर 1025 ई. में आक्रमण किया और उसे लूटा
  • उसने 17 बार भारत पर आक्रमण किए और सोमनाथ मंदिर को नष्ट किया।
  • मंदिर की अमूल्य संपत्ति (सोना, हीरे, मोती) लूटकर गज़नी ले गया।
  • उसने मथुरा, कन्नौज, सोमनाथ के मंदिरों पर हमले किए।
  • अतिरिक्त तथ्य: महमूद गज़नी गज़नी (अफगानिस्तान) का शासक था। उसके आक्रमणों का मुख्य उद्देश्य धन लूटना था। अल-बेरुनी उसके दरबार में रहा। सोमनाथ मंदिर (प्रभास पाटन, गुजरात) भगवान शिव को समर्पित है।

प्रसिद्ध बोरोबुदुर मंदिर _______ को समर्पित है।

  • शक्ति
  • विष्णु
  • शिव
  • बुद्ध

Explanation:

  • बोरोबुदुर मंदिर बुद्ध को समर्पित है।
  • यह इंडोनेशिया के जावा द्वीप पर स्थित है।
  • इसे शैलेन्द्र वंश ने 8वीं-9वीं शताब्दी में बनवाया था।
  • यह यूनेस्को विश्व विरासत स्थल है।
  • बोरोबुदुर दुनिया का सबसे बड़ा बौद्ध मंदिर है।
  • अतिरिक्त तथ्य: मंदिर स्तूप के आकार में बना है और इसमें 2,672 राहत पैनल और 504 बुद्ध प्रतिमाएँ हैं।

फिरोज शाह तुगलक ने किस प्रसिद्ध शहर का गठन किया था?

  • महमूदाबाद
  • बीदर
  • आगरा
  • हिसार

Explanation:

  • फिरोज शाह तुगलक (1351-1388 ई.) ने हिसार (हरियाणा) शहर की स्थापना की थी।
  • उसने फिरोजाबाद, जौनपुर, फतेहाबाद, हिसार आदि शहरों की स्थापना की।
  • फिरोज शाह ने नहरों का निर्माण करवाया और कृषि को प्रोत्साहित किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: फिरोज शाह तुगलक ने तुगलकाबाद, फिरोजाबाद (दिल्ली) शहर भी बसाए। उसने 5,000 नहरें बनवाईं। वह मुस्लिम कानून का पालन करता था और उलेमा का सम्मान करता था।

निम्नलिखित में से किसने सिखों को एक सैन्य संप्रदाय में बदल दिया?

  • गुरु गोबिंद सिंह
  • गुरु तेग बहादुर
  • गुरु अर्जन देव
  • बांदा बहादुर

Explanation:

  • गुरु गोबिंद सिंह (1666-1708) ने 1699 ई. में खालसा पंथ की स्थापना कर सिखों को एक सैन्य संप्रदाय में बदल दिया।
  • उन्होंने पंज प्यारे (5 प्रिय) की स्थापना की और अमृत संस्कार शुरू किया।
  • उन्होंने सिखों के लिए 5 के (केश, कंघा, कड़ा, कृपाण, कच्छा) अनिवार्य किए।
  • अतिरिक्त तथ्य: गुरु अर्जन देव (5वें गुरु) ने आदि ग्रंथ (गुरु ग्रंथ साहिब) का संकलन किया। गुरु तेग बहादुर (9वें गुरु) ने हिंदू धर्म की रक्षा के लिए बलिदान दिया। बांदा बहादुर (सिख योद्धा) ने 1710 में सरहिंद पर कब्जा किया।

पानीपत की तीसरी लड़ाई में मराठों को किसने हराया?

  • अहमद शाह अब्दाली
  • अब्दुल्ला अब्दुल्ला
  • नादिर शाह
  • मुजुम खान

Explanation:

  • पानीपत की तीसरी लड़ाई (14 जनवरी 1761) में मराठों को अहमद शाह अब्दाली ने हराया था।
  • अहमद शाह अब्दाली अफगानिस्तान (दुर्रानी साम्राज्य) का शासक था।
  • मराठा सेना का नेतृत्व सदाशिवराव भाऊ ने किया था।
  • इस युद्ध को “भारत का सबसे बड़ा युद्ध” माना जाता है।
  • अतिरिक्त तथ्य: पानीपत की प्रथम लड़ाई (1526) बाबर और इब्राहिम लोदी के बीच, द्वितीय लड़ाई (1556) अकबर और हेमू के बीच। नादिर शाह ने 1739 में दिल्ली पर आक्रमण किया और कोहिनूर हीरा लूटा।

दिल्ली के प्रसिद्ध शासक फ़रीद को किस नाम से जाना जाता था?

  • अकबर
  • शेरशाह
  • इस्माईली शाह
  • आदिल शाह

Explanation:

  • फ़रीद (1486-1545) को शेरशाह सूरी के नाम से जाना जाता है।
  • उसने शेर खान की उपाधि बिहार के शासक के रूप में प्राप्त की, बाद में शेरशाह बना।
  • उसने 1540 ई. में हुमायूँ को हराकर सूरी वंश की स्थापना की।
  • उसने रुपया (चाँदी का सिक्का) चलाया और डाक व्यवस्था में सुधार किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: शेरशाह ने ग्रैंड ट्रंक रोड (सड़क) का निर्माण करवाया, जो कलकत्ता से पेशावर तक जाती है। उसने प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार किया जिसे बाद में अकबर ने अपनाया।

हरिहर और बुक्का ने कौन-सा प्रसिद्ध साम्राज्य स्थापित किया था?

  • गोलकुंडा
  • चालुक्य
  • बीदर
  • विजयनगर

Explanation:

  • हरिहर और बुक्का ने 1336 ई. में विजयनगर साम्राज्य की स्थापना की थी।
  • ये संगम वंश के संस्थापक थे।
  • इन्हें हक्का और बुक्का के नाम से भी जाना जाता है।
  • विजयनगर साम्राज्य की राजधानी विजयनगर (आधुनिक हम्पी, कर्नाटक) थी।
  • अतिरिक्त तथ्य: विजयनगर साम्राज्य तुंगभद्रा नदी के तट पर स्थित था। कृष्णदेव राय (तुलुव वंश) इस साम्राज्य का सबसे महान शासक था। हम्पी यूनेस्को विश्व विरासत स्थल है।

निम्नलिखित में से कौन पाल साम्राज्य का संस्थापक था?

  • ध्रुव
  • गोपाल
  • महिपाल
  • महेंद्रपाल

Explanation:

  • गोपाल (750-770 ई.) पाल साम्राज्य का संस्थापक था।
  • पाल साम्राज्य बंगाल (पूर्वी भारत) में स्थापित हुआ।
  • यह वंश बौद्ध धर्म का अनुयायी था।
  • गोपाल के बाद उसका पुत्र धर्मपाल और फिर देवपाल शासक बने।
  • अतिरिक्त तथ्य: देवपाल पाल वंश का सबसे शक्तिशाली शासक था। नालंदा विश्वविद्यालय को पाल शासकों ने संरक्षण दिया। पाल वंश के बाद सेन वंश ने बंगाल पर शासन किया।

निम्नलिखित में से कौन-सा प्रसिद्ध शासक तुलुव वंश से संबंधित है?

  • तेनाली रमन
  • कृष्णदेव राय
  • देवराय प्रथम
  • बुक्काराय

Explanation:

  • कृष्णदेव राय (1509-1529 ई.) तुलुव वंश से संबंधित था।
  • वह विजयनगर साम्राज्य का सबसे महान शासक था।
  • उसे कन्नड़ राज्य राम राम भी कहा जाता है।
  • उसने तेलुगु साहित्य को बहुत प्रोत्साहित किया और अष्टदिग्गज (8 कवि) को संरक्षण दिया।
  • अतिरिक्त तथ्य: तेनाली रमन कृष्णदेव राय के दरबार के प्रसिद्ध विदूषक थे। देवराय प्रथम और बुक्काराय संगम वंश के शासक थे। कृष्णदेव राय ने कालिंग, गोलकुंडा, बीजापुर पर विजय प्राप्त की।

इल्तुतमिश ने किसे अपना उत्तराधिकारी घोषित करने के लिए चुना?

  • बलबन
  • रजिया
  • मुआज़म खान
  • नसीरुद्दीन

Explanation:

  • इल्तुतमिश (1211-1236 ई.) ने अपनी पुत्री रजिया को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया था।
  • इल्तुतमिश ने रजिया को “सुल्तान” की उपाधि दी और उसे अपना वारिस बनाया।
  • इल्तुतमिश के पुत्र रुकनुद्दीन फिरोज को सिंहासन मिला, लेकिन वह अयोग्य था।
  • रजिया सुल्तान 1236-1240 ई. तक दिल्ली सल्तनत की एकमात्र महिला शासक रही।
  • अतिरिक्त तथ्य: रजिया सुल्तान ने पुरुषों जैसा वस्त्र पहना और खुली सवारी की। उसे अमीरों ने विद्रोह करके गद्दी से हटा दिया। बलबन बाद में दिल्ली सल्तनत का शक्तिशाली शासक बना।

दिल्ली के निम्नलिखित सुल्तानों में से कौन अपनी बाजार नियंत्रण नीति के लिए जाना जाता है?

  • कुतुबुद्दीन ऐबक
  • फिरोजशाह तुगलक
  • मुहम्मद बिन तुगलक
  • अलाउद्दीन खिलजी

Explanation:

  • अलाउद्दीन खिलजी (1296-1316 ई.) अपनी बाजार नियंत्रण नीति (Market Control Policy) के लिए प्रसिद्ध है।
  • उसने दाल, अनाज, कपड़ा, चीनी, घी आदि की कीमतें निर्धारित कीं।
  • इस नीति का मुख्य उद्देश्य सेना को सस्ती वस्तुएँ उपलब्ध कराना और व्यापारियों पर नियंत्रण रखना था।
  • उसने दिवान-ए-रियासत (बाजार नियंत्रण विभाग) की स्थापना की।
  • अतिरिक्त तथ्य: अलाउद्दीन खिलजी ने घोड़ों को दागने की प्रथा, भूमि राजस्व (50%) और मंगोल आक्रमणों को रोकने के लिए स्थायी सेना की स्थापना की। अमीर खुसरो उसके दरबारी कवि थे।

तराइन का दूसरा युद्ध कब लड़ा गया था?

  • 1192
  • 1195
  • 1194
  • 1199

Explanation:

  • तराइन का दूसरा युद्ध 1192 ई. में लड़ा गया था।
  • यह युद्ध मुहम्मद गोरी और पृथ्वीराज चौहान के बीच हुआ था।
  • इस युद्ध में पृथ्वीराज चौहान को हार का सामना करना पड़ा।
  • तराइन का प्रथम युद्ध 1191 ई. में हुआ था, जिसमें पृथ्वीराज ने गोरी को हराया था।
  • अतिरिक्त तथ्य: मुहम्मद गोरी ने कुतुबुद्दीन ऐबक को भारत का प्रशासक नियुक्त किया। पृथ्वीराज चौहान ने चंदबरदाई द्वारा रचित “पृथ्वीराज रासो” में वर्णन किया गया है।

राष्ट्रकूट का शाही प्रतीक क्या था?

  • बाघ
  • हाथी
  • शेर
  • सुनहरा बाज़

Explanation:

  • राष्ट्रकूट वंश का शाही प्रतीक सुनहरा बाज़ (Golden Falcon) था।
  • राष्ट्रकूट वंश ने 8वीं-10वीं शताब्दी में दक्षिण भारत (मान्यखेट) पर शासन किया।
  • इस वंश के प्रमुख शासक: दंतिदुर्ग, कृष्ण प्रथम, अमोघवर्ष
  • अतिरिक्त तथ्य: कृष्ण प्रथम ने एलोरा के कैलाश मंदिर (शिव मंदिर) का निर्माण करवाया। यह यूनेस्को विश्व विरासत स्थल है। राष्ट्रकूट कन्नड़ साहित्य के संरक्षक थे। अमोघवर्ष ने “कविराजमार्ग” (कन्नड़ का पहला महाकाव्य) की रचना की।

निम्नलिखित में से कौन सा स्मारक शाहजहाँ द्वारा नहीं बनाया गया है?

  • ताज महल
  • मयूर सिंहासन
  • लाल किला
  • पंच महल

Explanation:

  • पंच महल शाहजहाँ द्वारा नहीं बनाया गया है।
  • पंच महल फतेहपुर सीकरी (आगरा) में स्थित है और इसे अकबर ने बनवाया था।
  • शाहजहाँ (1628-1658) द्वारा निर्मित स्मारक:
    • ताज महल (आगरा) – अपनी पत्नी मुमताज महल की याद में
    • लाल किला (दिल्ली) – शाहजहाँनाबाद की राजधानी
    • मयूर सिंहासन (तख्त-ए-ताउस) – सोना और रत्नजड़ित सिंहासन
    • जामा मस्जिद (दिल्ली)
    • मोती मस्जिद (आगरा)
  • अतिरिक्त तथ्य: शाहजहाँ को “इमारतों का सुल्तान” कहा जाता है। ताज महल यूनेस्को विश्व विरासत स्थल है और इसे “दुनिया के 7 अजूबों” में शामिल किया गया है।

मनसबदारी प्रथा किस मुगल शासक ने लागू की थी?

  • अकबर
  • हुमायूं
  • बाबर
  • दारा चिकोह

Explanation:

  • मनसबदारी प्रथा को अकबर (1556-1605 ई.) ने लागू किया था।
  • यह सैन्य-प्रशासनिक व्यवस्था थी जिसमें प्रत्येक अधिकारी को मनसब (पद/रैंक) दिया जाता था।
  • मनसब दो प्रकार के होते थे: ज़ात (व्यक्तिगत वेतन) और सवार (घुड़सवारों की संख्या)।
  • मनसबदारों को नकद वेतन या जागीर दी जाती थी।
  • अतिरिक्त तथ्य: अकबर ने धर्म-ए-इलाही, सुलह-ए-कुल की नीति अपनाई। उसने बीरबल, टोडरमल, अबुल फजल, फैजी को अपने दरबार में स्थान दिया। अबुल फजल ने “अकबरनामा” की रचना की।

हैदराबाद में चारमीनार स्मारक किसके शासन में बनाया गया था?

  • जहांगीर
  • अकबर
  • मुहम्मद कुली कुतुब शाह
  • कुतुब-उद-दीन ऐबक

Explanation:

  • चारमीनार (हैदराबाद) का निर्माण मुहम्मद कुली कुतुब शाह (1580-1612) ने 1591 ई. में करवाया था।
  • यह कुतुब शाही वंश की राजधानी गोलकुंडा के विस्तार के रूप में बनाया गया था।
  • चारमीनार 4 मीनारों से युक्त है जो मुस्लिम वास्तुकला का उत्कृष्ट नमूना है।
  • अतिरिक्त तथ्य: गोलकुंडा किला भी कुतुब शाही वंश द्वारा बनाया गया था। मक्का मस्जिद (हैदराबाद) का निर्माण औरंगजेब ने पूरा करवाया था। कुतुब शाही वंश फारसी संस्कृति के प्रेमी थे।

खानवा का युद्ध ________ के बीच लड़ा गया था।

  • हुमायूँ और नसीरुद्दीन नसरत शाह
  • बाबर और राणा साँगा
  • अकबर और राणा साँगा
  • हुमायूँ और शेरशाह सूरी

Explanation:

  • खानवा का युद्ध (1527 ई.) बाबर और राणा साँगा (मेवाड़) के बीच लड़ा गया था।
  • यह युद्ध राजस्थान के खानवा (भरतपुर के पास) में हुआ था।
  • इस युद्ध में बाबर ने राणा साँगा को हराया।
  • बाबर ने इस युद्ध को “जिहाद” घोषित किया और शराब पीना छोड़ दिया।
  • अतिरिक्त तथ्य: पानीपत का प्रथम युद्ध (1526) बाबर और इब्राहिम लोदी के बीच, चंदेरी का युद्ध (1528) बाबर और मेदिनी राय के बीच हुआ। राणा साँगा (मेवाड़) सिसोदिया वंश का महान शासक था।

किस मुगल सम्राट ने फतेहपुर सीकरी को अपनी राजधानी के रूप में स्थापित किया था?

  • औरंगजेब
  • बाबर
  • अकबर
  • हुमायूँ

Explanation:

  • अकबर ने 1571 ई. में फतेहपुर सीकरी को अपनी राजधानी बनाया था।
  • यह शहर आगरा से 40 किमी दूर स्थित है।
  • अकबर ने इसे सूफी संत सलीम चिश्ती की याद में बसाया, क्योंकि संत ने उसे पुत्र (सलीम/जहांगीर) की प्राप्ति का आशीर्वाद दिया था।
  • फतेहपुर सीकरी में स्थित प्रमुख स्मारक: बुलंद दरवाजा, पंच महल, दीवान-ए-खास, दीवान-ए-आम, सलीम चिश्ती की दरगाह, इबादतखाना
  • अतिरिक्त तथ्य: बुलंद दरवाजा दुनिया का सबसे ऊँचा दरवाजा (54 मीटर) है। अकबर ने 1585 में राजधानी लाहौर स्थानांतरित की और 1598 में आगरा वापस ले गया।

निम्नलिखित में से कौन गुलाम वंश से संबंधित नहीं था?

  • इल्तुतमिश
  • हम्मीर
  • कैकाबाद
  • बलबन

Explanation:

  • हम्मीर गुलाम वंश (मामलुक वंश) से संबंधित नहीं था।
  • हम्मीर राणा हम्मीर (राजस्थान) का संदर्भ है, जो गुहिल वंश (मेवाड़) के शासक थे।
  • गुलाम वंश (1206-1290 ई.) के शासक:
    • कुतुबुद्दीन ऐबक (संस्थापक, 1206-1210)
    • इल्तुतमिश (1211-1236) – वास्तविक संस्थापक
    • रजिया सुल्तान (1236-1240)
    • बलबन (1266-1287)
    • कैकाबाद (1287-1290) – अंतिम शासक
  • अतिरिक्त तथ्य: गुलाम वंश के शासक तुर्क मूल के थे। इल्तुतमिश ने दिल्ली सल्तनत को मजबूत किया और चालीसा (40 तुर्क अमीर) की स्थापना की।

भारतीय इतिहास में, किसे आलमगीर के नाम से भी जाना जाता था?

  • अकबर
  • जहाँगीर
  • औरंगजेब
  • बाबर

Explanation:

  • औरंगजेब (1658-1707) को “आलमगीर” (संसार का विजेता) के नाम से भी जाना जाता है।
  • उसने सल्तनत-ए-आलमगीरी की उपाधि धारण की।
  • औरंगजेब को “जिंदा पीर” (जीवित संत) भी कहा जाता था।
  • उसने पूरे भारत पर विजय प्राप्त की और मुगल साम्राज्य को अपने सबसे बड़े विस्तार तक पहुँचाया।
  • अतिरिक्त तथ्य: औरंगजेब ने हिंदू मंदिरों को नष्ट करने की नीति अपनाई। उसने जज़िया कर (गैर-मुस्लिमों पर कर) को फिर से लागू किया। उसने अपने पिता शाहजहाँ को कैद कर लिया था। औरंगजेब के बाद मुगल साम्राज्य कमजोर होना शुरू हो गया।

पानीपत का पहला युद्ध कब लड़ा गया था?

  • 1556
  • 1661
  • 1761
  • 1526

Explanation:

  • पानीपत का प्रथम युद्ध 1526 ई. में बाबर और इब्राहिम लोदी के बीच लड़ा गया था।
  • इस युद्ध में बाबर ने विजय प्राप्त की और मुगल साम्राज्य की नींव रखी।
  • बाबर ने तोपखाने और गोला-बारूद का प्रभावी उपयोग किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: पानीपत का द्वितीय युद्ध (1556) अकबर और हेमू के बीच, तृतीय युद्ध (1761) अहमद शाह अब्दाली और मराठों के बीच। बाबर ने “तुजुक-ए-बाबरी” (आत्मकथा) लिखी।

दिल्ली सल्तनत की एकमात्र महिला शासक कौन थी?

  • चांद बीबी
  • रजिया सुल्तान
  • नूरजहाँ
  • मुमताज महल

Explanation:

  • दिल्ली सल्तनत की एकमात्र महिला शासक रजिया सुल्तान (1236-1240 ई.) थी।
  • वह इल्तुतमिश की बेटी थी, जिसने उसे अपना उत्तराधिकारी घोषित किया था।
  • उसने पुरुषों के कपड़े पहने और शासन किया।
  • उसे उसके गुलाम (ख्वाजा मुहजुद्दीन) ने हराया और मार डाला।
  • अतिरिक्त तथ्य: चांद बीबी (अहमदनगर की शासक), नूरजहाँ (जहांगीर की पत्नी), मुमताज महल (शाहजहाँ की पत्नी)। रजिया सुल्तान महिला शासन का प्रतीक है।

मुहम्मद बिन तुगलक ने अपनी राजधानी दिल्ली से कहाँ स्थानांतरित की थी?

  • औरंगाबाद
  • सहारनपुर
  • दौलताबाद
  • इलाहाबाद

Explanation:

  • मुहम्मद बिन तुगलक (1325-1351) ने अपनी राजधानी दिल्ली से दौलताबाद (देवगिरि, महाराष्ट्र) स्थानांतरित की थी।
  • यह 1327 ई. में हुआ था।
  • इसका मुख्य कारण दक्षिण भारत पर बेहतर नियंत्रण स्थापित करना था।
  • हालांकि, उसे 2 वर्षों के भीतर राजधानी वापस दिल्ली लानी पड़ी।
  • अतिरिक्त तथ्य: मुहम्मद बिन तुगलक ने टोकन मुद्रा (कांसे के सिक्के) चलाए जो असफल रहे। वह “खूनी सुल्तान” के नाम से भी जाना जाता है।

अंग्रेजों से लड़ते हुए रानी लक्ष्मीबाई की मृत्यु कहाँ हुई थी?

  • ग्वालियर
  • मोरार
  • झांसी
  • वाराणसी

Explanation:

  • रानी लक्ष्मीबाई (झांसी की रानी) की मृत्यु 17 जून 1858 को ग्वालियर (मध्य प्रदेश) के पास फूल बाग में हुई थी।
  • वह 1857 की क्रांति की प्रमुख नायिका थीं।
  • उन्होंने ह्यूरोज़ और अन्य अंग्रेज़ अधिकारियों के खिलाफ ग्वालियर में लड़ाई लड़ी।
  • वह वीरांगना के रूप में प्रसिद्ध हैं और उन्हें “भारत की जोन ऑफ आर्क” कहा जाता है।
  • अतिरिक्त तथ्य: उनका जन्म वाराणसी (1828) में हुआ था। उनकी समाधि ग्वालियर में स्थित है।

_______ भारत का तीसरा मुगल बादशाह था।

  • अकबर
  • हुमायूं
  • जहांगीर
  • औरंगजेब

Explanation:

  • अकबर (1542-1605) भारत का तीसरा मुगल बादशाह था।
  • उसने 1556 से 1605 तक शासन किया।
  • मुगल बादशाहों का क्रम: बाबर (प्रथम, 1526-1530), हुमायूँ (द्वितीय, 1530-1540, 1555-1556), अकबर (तृतीय, 1556-1605), जहाँगीर (चतुर्थ, 1605-1627), शाहजहाँ (पंचम, 1628-1658), औरंगजेब (षष्ठ, 1658-1707)।
  • अतिरिक्त तथ्य: अकबर ने दीन-ए-इलाही (नया धर्म), मनसबदारी प्रथा, सुलह-ए-कुल (सभी के लिए शांति) की नीति अपनाई।

गोलकुंडा किला ______ के दौरान बनाया गया था।

  • विजयनगर साम्राज्य
  • होयसल राजवंश
  • सातवाहन राजवंश
  • कुतुब शाही राजवंश

Explanation:

  • गोलकुंडा किला कुतुब शाही राजवंश के दौरान बनाया गया था।
  • इसका निर्माण कुतुब शाही वंश के शासकों ने 16वीं-17वीं शताब्दी में करवाया था।
  • यह तेलंगाना (हैदराबाद) में स्थित है।
  • यह किला अपनी ध्वनिकी (ताली बजाने पर बार-बार गूंज) के लिए प्रसिद्ध है।
  • अतिरिक्त तथ्य: गोलकुंडा हीरों (कोहिनूर, होप डायमंड) के व्यापार के लिए प्रसिद्ध था। कुतुब शाही वंश बहमनी राज्य के विभाजन के बाद बना।

मक्का मस्जिद, हैदराबाद किसके द्वारा पूरा किया गया?

  • कुतुब शाही
  • जहांगीर
  • औरंगजेब
  • मुहम्मद कुली कुतुब शाह

Explanation:

  • मक्का मस्जिद, हैदराबाद को औरंगजेब (मुगल बादशाह) ने पूरा किया था।
  • इसका निर्माण मुहम्मद कुली कुतुब शाह ने 1614 ई. में शुरू किया था, लेकिन औरंगजेब ने 1687 ई. में गोलकुंडा पर विजय के बाद इसे पूरा किया।
  • यह भारत की सबसे बड़ी मस्जिदों में से एक है।
  • इसका नाम इसलिए पड़ा क्योंकि इसके ईंटें मक्का से लाई गई थीं।
  • अतिरिक्त तथ्य: मस्जिद के सामने हजरत मुहम्मद के बाल रखे गए हैं।

पल्लव राजाओं द्वारा स्थापित “यूनेस्को विश्व विरासत स्थल” में से एक महाबलीपुरम में स्मारकों का समूह _______ जिले में _______ में है।

  • तंजावुर, तमिलनाडु
  • सिलगिरिस, तमिलनाडु
  • कांचीपुरम, तमिलनाडु
  • शिवगंगा, तमिलनाडु

Explanation:

  • महाबलीपुरम (मामल्लापुरम) के स्मारक कांचीपुरम जिले, तमिलनाडु में स्थित हैं।
  • इन्हें पल्लव राजाओं (7वीं-8वीं शताब्दी) ने बनवाया था।
  • यह यूनेस्को विश्व विरासत स्थल (1984) है।
  • इसमें शोर मंदिर, अर्जुन की तपस्या, पाँच रथ, गुफा मंदिर शामिल हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य: पल्लव राजाओं के प्रमुख शासक: महेंद्रवर्मन प्रथम, नरसिंहवर्मन प्रथम। पल्लवों की राजधानी कांचीपुरम थी।

गुलगुनाबाद की लड़ाई का नेतृत्व महमूद होतकी ने किया और वह वर्ष _____ में लड़ी गई।

  • 1770
  • 1722
  • 1702
  • 1712

Explanation:

  • गुलगुनाबाद की लड़ाई 1722 ई. में लड़ी गई थी।
  • इसका नेतृत्व महमूद होतकी (अफगान होतकी वंश) ने किया था।
  • इस लड़ाई में महमूद होतकी ने सफाविद वंश (फारस) को हराया।
  • इस विजय के बाद उसने ईरान पर कब्जा कर लिया।
  • अतिरिक्त तथ्य: होतकी वंश अफगानिस्तान का एक राजवंश था। महमूद होतकी ने इस्फहान (ईरान की राजधानी) पर अधिकार कर लिया।

______________ भारत के सबसे बड़े महलों में से एक है, जिसे ‘अम्बा विला’ के नाम से भी जाना जाता है और यह वोडेयार साम्राज्य का निवास स्थान था।

  • मैसूर महल
  • मट्टनचेरी महल
  • हम्पी
  • लेह महल

Explanation:

  • मैसूर महल (कर्नाटक) भारत के सबसे बड़े महलों में से एक है।
  • इसे ‘अम्बा विला’ के नाम से भी जाना जाता है।
  • यह वोडेयार साम्राज्य (मैसूर राज्य) का निवास स्थान था।
  • इसका निर्माण 1912 ई. में पूरा हुआ।
  • अतिरिक्त तथ्य: महल दसहरा उत्सव के लिए प्रसिद्ध है। मट्टनचेरी महल (केरल, कोच्चि), हम्पी (विजयनगर साम्राज्य की राजधानी), लेह महल (लद्दाख)।

दिल्ली सल्तनत के संस्थापक ______ के आदेशों के तहत, कुतुब मीनार का निर्माण, विश्व की सबसे ऊंची ईंट मीनार 1193 में शुरू हुई।

  • फिरोज शाह तुगलक
  • कुली कुतुब शाह
  • कुतुब-उद-दीन ऐबक
  • इल्तुतमिश

Explanation:

  • कुतुब मीनार का निर्माण 1193 ई. में कुतुब-उद-दीन ऐबक (दिल्ली सल्तनत के संस्थापक) के आदेशों पर शुरू हुआ।
  • इसे बाद में इल्तुतमिश और फिरोज शाह तुगलक ने पूरा किया।
  • यह दिल्ली (मेहरौली) में स्थित है और दुनिया की सबसे ऊंची ईंट मीनार (73 मीटर) है।
  • यह यूनेस्को विश्व विरासत स्थल है।
  • अतिरिक्त तथ्य: कुतुब मीनार कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद परिसर का हिस्सा है। इस पर फारसी और अरबी शिलालेख हैं।

किस सिख गुरु के निमंत्रण पर सूफी संत हजरत मियां मीर ने अमृतसर में स्वर्ण मंदिर (हरमंदिर साहिब) की आधारशिला रखी थी?

  • श्री गुरु अर्जन देव जी
  • श्री गुरु तेग बहादुर जी
  • श्री गुरु हर राय जी
  • श्री गुरु हर गोविंद जी

Explanation:

  • गुरु अर्जन देव (5वें सिख गुरु) के निमंत्रण पर सूफी संत हजरत मियां मीर ने 1589 ई. में स्वर्ण मंदिर (हरमंदिर साहिब, अमृतसर) की आधारशिला रखी थी।
  • गुरु अर्जन देव ने स्वर्ण मंदिर का निर्माण करवाया।
  • इसमें सभी धर्मों के लिए चार द्वार हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य: गुरु अर्जन देव ने आदि ग्रंथ (गुरु ग्रंथ साहिब) का संकलन किया। उन्होंने तारा भाई में बैसाखी मनाई। उन्हें जहाँगीर ने कैद किया और शहीद कर दिया।

1857 में, मुगल वंश के अंतिम शासक _______ को अंग्रेजों ने परास्त किया था।

  • बहादुर शाह ज़फ़र
  • नसीरुद्दीन हुमायूँ
  • जलालुद्दीन अकबर
  • ज़हीरुद्दीन बाबर

Explanation:

  • मुगल वंश के अंतिम शासक बहादुर शाह ज़फ़र (1775-1862) को 1857 में अंग्रेजों ने परास्त किया था।
  • 1857 की क्रांति के बाद, उन्हें ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने रंगून (बर्मा) निर्वासित कर दिया था।
  • वह 20वें और अंतिम मुगल बादशाह थे।
  • अतिरिक्त तथ्य: बहादुर शाह ज़फ़र एक शायर (कवि) भी थे। उनकी मृत्यु 1862 में रंगून में हुई। उनका मकबरा रंगून (म्यांमार) में है।

शाहजहाँ की बेटी _______ ने नई राजधानी शाहजहाँनाबाद (दिल्ली) की कई स्थापत्य परियोजनाओं में भाग लिया।

  • गुलबदन बेगम
  • रोशनआरा
  • जहाँआरा
  • बेगम इशरत

Explanation:

  • शाहजहाँ की बेटी जहाँआरा बेगम ने शाहजहाँनाबाद (दिल्ली) की कई स्थापत्य परियोजनाओं में भाग लिया।
  • उसने चाँदनी चौक (दिल्ली) का निर्माण भी करवाया।
  • वह शाहजहाँ की सबसे बड़ी बेटी थी।
  • अतिरिक्त तथ्य: गुलबदन बेगम (बाबर की बेटी, “हुमायूँनामा” की लेखिका), रोशनआरा (शाहजहाँ की बेटी, औरंगजेब की सहयोगी)। जहाँआरा ने भाई-बहनों के बीच सुलह की कोशिश की।

श्री गुरु नानक देव जी का जन्म राय भोई की तलवंडी (वर्तमान ननकाना साहिब) में कब हुआ था?

  • 1539
  • 1465
  • 1456
  • 1469

Explanation:

  • गुरु नानक देव (प्रथम सिख गुरु) का जन्म 1469 ई. में राय भोई की तलवंडी (वर्तमान ननकाना साहिब, पाकिस्तान) में हुआ था।
  • वह सिख धर्म के संस्थापक थे।
  • उनके पिता का नाम मेहता कालू और माता का नाम तृप्ता देवी था।
  • उन्होंने “एक ओंकार” (ईश्वर एक है) का संदेश दिया।
  • अतिरिक्त तथ्य: गुरु नानक के 5 उदासी (यात्राएँ) हुईं। उनकी मृत्यु 1539 में करतारपुर (पाकिस्तान) में हुई। उनके बाद गुरु अंगद दूसरे गुरु बने।

नादिर शाह ने भारत पर कब आक्रमण किया और दिल्ली को लूटा?

  • 1739
  • 1765
  • 1750
  • 1754

Explanation:

  • नादिर शाह (फारस का शासक) ने 1739 ई. में भारत पर आक्रमण किया और दिल्ली को लूटा था।
  • उसने मुगल बादशाह मुहम्मद शाह को हराया।
  • उसने कोहिनूर हीरा और मयूर सिंहासन (तख्त-ए-तावूस) लूटकर फारस ले गया।
  • दिल्ली की लूट में 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति लूटी गई।
  • अतिरिक्त तथ्य: नादिर शाह ने करनाल (हरियाणा) में मुगल सेना को हराया। उसके आक्रमण ने मुगल साम्राज्य को कमजोर कर दिया।

फतेहपुर सीकरी में स्थित बुलंद दरवाजा किसने बनवाया था?

  • बाबर
  • अकबर
  • नूरजहां
  • शाहजहां

Explanation:

  • बुलंद दरवाजा (फतेहपुर सीकरी, उत्तर प्रदेश) को अकबर ने 1601 ई. में बनवाया था।
  • इसे गुजरात पर विजय की उपलक्ष्य में बनवाया गया था।
  • यह 53 मीटर ऊंचा है और भारत का सबसे ऊंचा प्रवेश द्वार है।
  • इसे “गेट ऑफ मैग्निफिसेंस” (शान का द्वार) भी कहा जाता है।
  • अतिरिक्त तथ्य: फतेहपुर सीकरी अकबर की राजधानी थी (1571-1585)। बुलंद दरवाजा पर फारसी शिलालेख हैं।

‘हुमायूंनामा’ मुगलों की दुनिया में एक झलक प्रदान करता है। यह पुस्तक किसने लिखी?

  • जहाँआरा बेगम
  • गुलबदन बेगम
  • अबुल फ़ज़्ल
  • नादिरा

Explanation:

  • ‘हुमायूँनामा’ पुस्तक गुलबदन बेगम (बाबर की बेटी, हुमायूँ की बहन) ने लिखी थी।
  • यह फारसी भाषा में लिखी गई है।
  • इसमें हुमायूँ के जीवन और मुगल साम्राज्य के बारे में जानकारी दी गई है।
  • अतिरिक्त तथ्य: अबुल फ़ज़्ल ने “अकबरनामा” लिखी। जहाँआरा बेगम ने “मुनिस उल-अरवाह” और “साहिबियाह” लिखी।

गुजरात पर अपनी जीत के उपलक्ष्य में, अकबर ने फतेहपुर सीकरी में भारत का सबसे ऊंचा प्रवेश द्वार ‘गेट ऑफ मैग्निफिसेंस’ बनाया। इस प्रवेश द्वार का दूसरा नाम क्या है?

  • कश्मीरी गेट
  • बुलंद दरवाजा
  • इंडिया गेट
  • गेटवे ऑफ इंडिया

Explanation:

  • ‘गेट ऑफ मैग्निफिसेंस’ का दूसरा नाम बुलंद दरवाजा है।
  • इसे अकबर ने गुजरात पर विजय (1601) के उपलक्ष्य में फतेहपुर सीकरी में बनवाया था।
  • यह 53 मीटर ऊँचा है और लाल बलुआ पत्थर से बना है।
  • अतिरिक्त तथ्य: कश्मीरी गेट (दिल्ली), इंडिया गेट (नई दिल्ली, 1931), गेटवे ऑफ इंडिया (मुंबई, 1911)। बुलंद दरवाजा पर फारसी में शिलालेख है: “ईश्वर की इच्छा से इस जगह को नाम मिला“।

अल-बरूनी, फारसी विद्वान, किस आक्रमणकारी के साथ अफगानिस्तान और भारत आया था?

  • सिकंदर
  • अलाउद्दीन खिलजी
  • महमूद गजनी
  • मुहम्मद गौरी

Explanation:

  • अल-बरूनी (973-1048 ई.) एक फारसी विद्वान, गणितज्ञ, खगोलशास्त्री और इतिहासकार थे।
  • वह महमूद गजनी (971-1030 ई.) के साथ अफगानिस्तान और भारत आया था।
  • उसने 1017-1030 ई. के बीच भारत की यात्रा की।
  • उसने प्रसिद्ध पुस्तक “किताब-उल-हिंद” (तहकीक-ए-हिंद) की रचना की, जो अरबी भाषा में है।
  • इसमें भारतीय संस्कृति, धर्म, दर्शन, खगोलशास्त्र, गणित, चिकित्सा आदि का विस्तृत वर्णन है।
  • अतिरिक्त तथ्य: अल-बरूनी को “इतिहास का जनक” भी कहा जाता है। उसने भारतीय ज्योतिष और गणित पर गहन अध्ययन किया। महमूद गजनी ने 17 बार भारत पर आक्रमण किए और सोमनाथ मंदिर को लूटा।

आगरा के लाल किले की स्थापना किस मुगल सम्राट ने की थी?

  • जहाँगीर
  • बहादुरशाह ज़फ़र
  • शाहजहाँ
  • अकबर

Explanation:

  • आगरा के लाल किले (आगरा फोर्ट) की स्थापना मुगल सम्राट अकबर ने 1565 ई. में की थी।
  • इसका निर्माण लाल बलुआ पत्थर से किया गया है।
  • इसे 1994 ई. में यूनेस्को विश्व विरासत स्थल घोषित किया गया।
  • अतिरिक्त तथ्य: शाहजहाँ ने दिल्ली का लाल किला (लाल किला) 1639-1648 ई. के बीच बनवाया था। आगरा का लाल किला जहांगीर महल, शीश महल, मुसम्मन बुर्ज, दीवान-ए-आम, दीवान-ए-खास के लिए प्रसिद्ध है।

निम्नलिखित में से किसने काकतीय राजवंश के शासन को समाप्त किया?

  • दिल्ली सल्तनत
  • गुप्त
  • चालुक्य
  • चोल

Explanation:

  • काकतीय राजवंश का शासन दिल्ली सल्तनत के अलाउद्दीन खिलजी ने 1310-1311 ई. में समाप्त किया था।
  • काकतीय राजवंश की राजधानी वारंगल (तेलंगाना) थी।
  • उस समय काकतीय शासक प्रतापरुद्र देव था।
  • अलाउद्दीन खिलजी के सेनापति मलिक काफूर ने वारंगल पर आक्रमण किया और काकतीय राज्य को दिल्ली सल्तनत में मिला लिया।
  • अतिरिक्त तथ्य: काकतीय राजवंश (1000-1323 ई.) दक्षिण भारत का एक प्रमुख राजवंश था। इसके प्रसिद्ध शासक गणपतिदेव, रुद्रदेव, प्रतापरुद्र देव थे। वारंगल का रामप्पा मंदिर काकतीय वास्तुकला का बेहतरीन उदाहरण है।

कौन सा शासक कुतुब मीनार के पास अलाई मीनार बनाना चाहता था, लेकिन उसे पूरा नहीं कर सका?

  • रज़िया सुल्तान
  • नसीर-उद-दीन महमूद
  • इल्तुतमिश
  • अलाउद्दीन खिलजी

Explanation:

  • अलाउद्दीन खिलजी कुतुब मीनार के पास अलाई मीनार बनवाना चाहता था।
  • उसका उद्देश्य कुतुब मीनार से दोगुना ऊँचा मीनार बनवाना था।
  • लेकिन अलाई मीनार का निर्माण अधूरा रह गया (केवल 24.5 मीटर ऊँचा बना)।
  • अतिरिक्त तथ्य: कुतुब मीनार का निर्माण कुतुबुद्दीन ऐबक ने 1193 ई. में शुरू किया और इल्तुतमिश ने 1220 ई. में पूरा किया। कुतुब मीनार विश्व की सबसे ऊँची ईंट की मीनार (72.5 मीटर) है और यूनेस्को विश्व विरासत स्थल है।

कौन सी मस्जिद, जो दिल्ली में बनी पहली मस्जिद मानी जाती है, कुतुब मीनार के पास स्थित है?

  • शाही अटाला मस्जिद
  • अदीना मस्जिद
  • नखोदा मस्जिद
  • कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद

Explanation:

  • दिल्ली की पहली मस्जिद “कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद” (इस्लाम की शक्ति) है।
  • यह कुतुब मीनार के पास स्थित है।
  • इसका निर्माण कुतुबुद्दीन ऐबक ने 1192-1198 ई. के बीच करवाया था।
  • इसे 27 हिन्दू और जैन मंदिरों को तोड़कर बनाया गया था।
  • अतिरिक्त तथ्य: अदीना मस्जिद (पांडुआ, बंगाल) भारत की सबसे बड़ी मस्जिद है। शाही अटाला मस्जिद (बिहार) शेरशाह सूरी ने बनवाई। नखोदा मस्जिद (कोलकाता) 19वीं शताब्दी में बनी।

प्रशासन द्वारा निर्धारित कीमतों पर बेचे जाने वाले निर्मित और निर्यातित सामानों के लिए दिल्ली में एक विशेष बाजार सराए-ए-अदल की स्थापना किसने की?

  • मुहम्मद बिन तुगलक
  • शेरशाह सूरी
  • अलाउद्दीन खिलजी
  • कुतुबुद्दीन मुबारक शाह

Explanation:

  • अलाउद्दीन खिलजी ने दिल्ली में सराए-ए-अदल नामक विशेष बाजार की स्थापना की थी।
  • यहाँ निर्मित और निर्यातित सामानों को सरकार द्वारा निर्धारित मूल्यों पर बेचा जाता था।
  • यह उसकी बाजार नियंत्रण नीति (Market Control Policy) का हिस्सा था।
  • उसने वस्तुओं की कीमतें (अनाज, कपड़ा, मसाले, घोड़े आदि) निर्धारित कीं और मूल्य नियंत्रण के लिए मुहतसिब (निरीक्षक) नियुक्त किए।
  • अतिरिक्त तथ्य: इस नीति से सैनिकों को कम वेतन में भी गुजारा करने में सुविधा हुई। अलाउद्दीन खिलजी ने घोड़ों को दागने (दाग) की प्रथा भी शुरू की।

आदि ग्रंथ किस समुदाय की पवित्र पुस्तक है?

  • बौद्ध
  • जैन
  • यहूदी
  • सिख

Explanation:

  • “आदि ग्रंथ” सिख समुदाय की पवित्र पुस्तक है।
  • इसे गुरु ग्रंथ साहिब भी कहा जाता है।
  • इसका संकलन पाँचवें सिख गुरु, गुरु अर्जन देव ने 1604 ई. में किया था।
  • इसमें सिख गुरुओं, सूफी संतों और भक्ति संतों (जैसे कबीर, नामदेव, रविदास, तुलसीदास) की बानी शामिल है।
  • अतिरिक्त तथ्य: दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह ने 1708 ई. में इसे सिखों का अंतिम और शाश्वत गुरु घोषित किया। बौद्ध धर्म की पवित्र पुस्तक “त्रिपिटक” है। जैन धर्म की पवित्र पुस्तक “आगम” है। यहूदी धर्म की पवित्र पुस्तक “तनाख” है।

अहमदनगर की किस रानी ने सम्राट अकबर के विरुद्ध लड़ाई लड़ी थी?

  • चांद बीबी
  • रजिया सुल्तान
  • दुर्गावती
  • रूपमती

Explanation:

  • अहमदनगर की रानी चांद बीबी (1550-1600 ई.) ने मुगल सम्राट अकबर के विरुद्ध युद्ध लड़ा था।
  • उसने 1595-1600 ई. के बीच अहमदनगर की रक्षा के लिए मुगल सेना का सामना किया।
  • उसने अहमदनगर के किले की रक्षा में वीरता दिखाई।
  • बाद में 1600 ई. में उसे उसके ही सेनापति ने मार डाला।
  • अतिरिक्त तथ्य: रजिया सुल्तान दिल्ली सल्तनत की एकमात्र महिला शासक थी। रानी दुर्गावती गोंडवाना (मध्य प्रदेश) की रानी थी जिन्होंने अकबर के खिलाफ संघर्ष किया। रूपमती मालवा की रानी थी।

किस काल में सल्तनत शासक गयासुद्दीन बलबन ने दिल्ली की गद्दी संभाली और उस पर शासन किया?

  • 1206-1223
  • 1290-1322
  • 1266-1287
  • 1321-1334

Explanation:

  • गयासुद्दीन बलबन (1216-1287) ने 1266 से 1287 ई. तक दिल्ली सल्तनत पर शासन किया।
  • बलबन गुलाम वंश (मामलुक वंश) का 9वाँ शासक था।
  • उसने सल्तनत की सीमाओं का विस्तार किया और मंगोल आक्रमणों को रोका।
  • उसने “न्याय का सिद्धांत” (जुल्म-ए-इलाही) और “सिजदा” (प्रणाम) की प्रथा शुरू की।
  • उसने सेना को मजबूत किया और गुप्तचर व्यवस्था में सुधार किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: बलबन का मूल नाम बहाउद्दीन था। वह इल्तुतमिश का दास था और बाद में उसका दामाद बना। उसने “बलबन” उपनाम धारण किया।

हैदराबाद के चारमीनार का निर्माण किसने करवाया था?

  • आसफ जाह
  • मुहम्मद कुली कुतुब शाह
  • अलाउद्दीन खिलजी
  • मुहम्मद बिन तुगलक

Explanation:

  • हैदराबाद का चारमीनार मुहम्मद कुली कुतुब शाह (1580-1611) ने 1591 ई. में बनवाया था।
  • यह कुतुब शाही वंश की वास्तुकला का उत्कृष्ट नमूना है।
  • इसे प्लेग (महामारी) के अंत की याद में बनवाया गया था।
  • इसमें 4 मीनारें हैं, जो 48.7 मीटर ऊँची हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य: गोलकुंडा किला और मक्का मस्जिद भी कुतुब शाही वंश की देन हैं। आसफ जाह ने 1724 ई. में हैदराबाद रियासत की स्थापना की।

लाहौर और कश्मीर में स्थित शालीमार गार्डन ________ कालीन वास्तुकला हैं।

  • ब्रिटिश
  • दिल्ली सल्तनत
  • सिख
  • मुगल

Explanation:

  • शालीमार गार्डन (लाहौर और कश्मीर में) मुगल कालीन वास्तुकला के उत्कृष्ट उदाहरण हैं।
  • कश्मीर में शालीमार गार्डन का निर्माण मुगल सम्राट जहाँगीर ने 1619 ई. में करवाया था।
  • लाहौर का शालीमार गार्डन शाहजहाँ ने 1641-1642 ई. में बनवाया था।
  • ये बाग फारसी शैली (चारबाग) में बने हैं, जिसमें नहरें, फव्वारे, छायादार वृक्ष हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य: मुगल बागों में निशात बाग, चश्मे-शाही, शालीमार प्रसिद्ध हैं। ताज महल भी चारबाग शैली में बना है।

अकबर द्वारा निर्मित पंच महल ________ में स्थित है।

  • आगरा
  • दिल्ली
  • फतेहपुर सीकरी
  • अजमेर

Explanation:

  • पंच महल फतेहपुर सीकरी (उत्तर प्रदेश) में स्थित है।
  • इसका निर्माण मुगल सम्राट अकबर ने 1571-1585 ई. के बीच करवाया था।
  • यह 5 मंजिला इमारत है, जो हिन्दू और इस्लामिक वास्तुकला का अनूठा संगम है।
  • यह बुलंद दरवाजा, जामा मस्जिद, सलीम चिश्ती की दरगाह के साथ फतेहपुर सीकरी परिसर का हिस्सा है।
  • अतिरिक्त तथ्य: फतेहपुर सीकरी को अकबर ने अपनी राजधानी बनाया था, लेकिन जल संकट के कारण 1585 में इसे छोड़ दिया गया। बुलंद दरवाजा गुजरात विजय की याद में बनवाया गया था।

मोरक्को का प्रसिद्ध यात्री इब्न बतूता किस काल में भारत आया था?

  • ब्रिटिश
  • चन्द्रगुप्त मौर्य
  • दिल्ली सल्तनत
  • मुगल

Explanation:

  • इब्न बतूता (1304-1369) मोरक्को का प्रसिद्ध यात्री था।
  • वह 1333-1347 ई. के बीच भारत आया, जो दिल्ली सल्तनत का काल था।
  • उसने मुहम्मद बिन तुगलक (1325-1351) के दरबार में काजी (न्यायाधीश) के रूप में सेवा की।
  • उसने अपनी यात्राओं का वर्णन “रिहला” (The Travels of Ibn Battuta) में किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: उसने 30 वर्षों में 44 देशों की यात्रा की। वह भारत, चीन, अफ्रीका, यूरोप, मध्य पूर्व गया। उसने भारत के बाजारों, डाक व्यवस्था, अनाज का राशन आदि का वर्णन किया।

निम्नलिखित में से किस राजा को औरंगजेब ने छत्रपति शिवाजी महाराज के विरुद्ध भेजा था?

  • आदिल शाह
  • बहादुरशाह जफर
  • जय सिंह
  • मान सिंह

Explanation:

  • औरंगजेब ने राजा जय सिंह (आमेर के कछवाहा राजपूत) को छत्रपति शिवाजी महाराज के विरुद्ध 1665 ई. में भेजा था।
  • राजा जय सिंह ने पुरंदर की संधि (1665) के तहत शिवाजी को आगरा में औरंगजेब से मिलने के लिए राजी किया।
  • आगरा में शिवाजी को नजरबंद किया गया, लेकिन वह चतुराई से भाग निकले।
  • अतिरिक्त तथ्य: मान सिंह अकबर के प्रसिद्ध सेनापति थे। आदिल शाह बीजापुर का शासक था। राजा जय सिंह ने जयपुर शहर (आमेर) की स्थापना की थी।

तज़ुक-ए-बाबरी/बाबरनामा मूल रूप से किस भाषा में लिखा गया था?

  • फ़ारसी
  • उर्दू
  • चगताई
  • हिंदी

Explanation:

  • “तज़ुक-ए-बाबरी” (बाबरनामा) मूल रूप से चगताई (तुर्की) भाषा में लिखा गया था।
  • यह मुगल सम्राट बाबर (1483-1530) की आत्मकथा है।
  • इसे बाबर ने फारसी नहीं बल्कि चगताई तुर्की में लिखा, क्योंकि यह उनकी मातृभाषा थी।
  • बाद में अकबर के समय इसे अब्दुल रहीम खान-ए-खाना ने फारसी में अनुवादित किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: बाबरनामा में भारत का भूगोल, वनस्पति, जीव-जंतु, संस्कृति, राजनीति का विस्तृत वर्णन है। यह मुगल काल का पहला ऐतिहासिक साहित्य माना जाता है।

बुलंद दरवाजा किस शहर में स्थित है?

  • चित्तौड़गढ़
  • हैदराबाद
  • दिल्ली
  • फतेहपुर सीकरी

Explanation:

  • बुलंद दरवाजा फतेहपुर सीकरी (उत्तर प्रदेश) में स्थित है।
  • इसका निर्माण मुगल सम्राट अकबर ने 1576 ई. में गुजरात विजय की याद में करवाया था।
  • यह 54 मीटर ऊँचा है और विश्व का सबसे ऊँचा दरवाजा है।
  • इसमें फारसी शिलालेख है: “ईसा (यीशु) ने कहा: यह संसार एक पुल है, उस पर से गुजरो, उस पर मकान मत बनाओ”
  • अतिरिक्त तथ्य: फतेहपुर सीकरी में जामा मस्जिद, सलीम चिश्ती की दरगाह, दीवान-ए-खास, पंच महल भी स्थित हैं। बुलंद दरवाजा यूनेस्को विश्व विरासत स्थल का हिस्सा है।

चार शब्द-युग्म दिए गए हैं, जिनमें से तीन किसी तरह से समान हैं और एक भिन्न है। अयुग्म का चयन कीजिए।

  • हुमायूं: मुगल
  • जैन धर्म: महावीर
  • सिख धर्म: श्री गुरु नानक देव जी
  • बौद्ध धर्म: गौतम बुद्ध

Explanation:

  • अयुग्म: हुमायूं: मुगल
  • कारण: शेष तीन युग्म धर्म और उसके संस्थापक को दर्शाते हैं –
  • जैन धर्म – भगवान महावीर (संस्थापक/24वें तीर्थंकर)
  • सिख धर्म – श्री गुरु नानक देव जी (संस्थापक)
  • बौद्ध धर्म – गौतम बुद्ध (संस्थापक)
  • जबकि हुमायूं: मुगल में हुमायूं एक मुगल शासक है, न कि मुगल वंश के संस्थापक। मुगल वंश के संस्थापक बाबर हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य: हुमायूं (1530-1540, 1555-1556) मुगल वंश का दूसरा शासक था। वह शेरशाह सूरी से हार गया था।

रबिया-उद-दौरानी के नाम से भी किसे जाना जाता था?

  • अस्मत बेगम
  • नूरजहाँ
  • जगत गोसाईं
  • दिलरास बानू बेगम

Explanation:

  • रबिया-उद-दौरानी के नाम से दिलरास बानू बेगम को जाना जाता था।
  • यह औरंगजेब की दूसरी पत्नी थी।
  • इसका मकबरा औरंगाबाद (महाराष्ट्र) में स्थित है, जिसे “बीबी का मकबरा” कहा जाता है।
  • बीबी का मकबरा ताज महल की प्रतिकृति है, इसलिए इसे “दक्कन का ताज” भी कहा जाता है।
  • अतिरिक्त तथ्य: औरंगजेब ने इसका निर्माण 1678-1681 के बीच करवाया था। नूरजहाँ जहांगीर की पत्नी थी। जगत गोसाईं शाहजहाँ की पत्नी थी (मुमताज महल)।

बहमनी साम्राज्य की स्थापना किसने की?

  • फ़िरोज़शाह बहमनी
  • अलाउद्दीन बहमन शाह (उर्फ हसन गंगू)
  • मोहम्मद बिन तुगलक
  • मीर जफर

Explanation:

  • बहमनी साम्राज्य की स्थापना अलाउद्दीन बहमन शाह (उर्फ हसन गंगू) ने 1347 ई. में की थी।
  • उसने मुहम्मद बिन तुगलक के विरुद्ध विद्रोह कर दक्षिण भारत में स्वतंत्र राज्य की स्थापना की।
  • इसकी राजधानी गुलबर्गा (शुरुआत में), बाद में बीदर बनाई गई।
  • बहमनी साम्राज्य 146 साल तक चला (1347-1493 ई.)।
  • अतिरिक्त तथ्य: बहमनी साम्राज्य के पाँच प्रमुख शासक: अलाउद्दीन बहमन शाह, मुहम्मद शाह I, फिरोज शाह बहमनी, अहमद शाह, महमूद गवन। 1493 ई. के बाद यह 5 राज्यों (बीजापुर, अहमदनगर, गोलकुंडा, बीदर, बरार) में विभाजित हो गया।

कुतुब मीनार का निर्माण किसने पूरा कराया?

  • फ़िरोज़ शाह तुगलक
  • नासिर-उद-दीन मुहम्मद
  • मुही उद्दीन मुहम्मद
  • कुतुबुद्दीन ऐबक

Explanation:

  • कुतुब मीनार का निर्माण फ़िरोज़ शाह तुगलक ने पूरा कराया था।
  • इसका निर्माण कुतुबुद्दीन ऐबक ने 1193 ई. में शुरू किया था (पहली मंजिल)।
  • इल्तुतमिश ने दूसरी, तीसरी और चौथी मंजिल बनवाई।
  • फ़िरोज़ शाह तुगलक ने 1368 ई. में पाँचवीं मंजिल का निर्माण कर कुतुब मीनार पूरा किया।
  • कुतुब मीनार दिल्ली में स्थित है और यूनेस्को विश्व विरासत स्थल है।
  • अतिरिक्त तथ्य: कुतुब मीनार की ऊँचाई 73 मीटर है। यह विश्व की सबसे ऊँची ईंट मीनार है। इसके आसपास लौह स्तंभ भी स्थित है।

निम्नलिखित में से किसने अजमेर में “अढ़ाई दिन का झोपड़ा” बनवाया था?

  • अलाउद्दीन खिलजी
  • कुतुबुद्दीन ऐबक
  • रजिया सुल्तान
  • नूरजहाँ

Explanation:

  • अजमेर में “अढ़ाई दिन का झोपड़ा” (Adhai Din Ka Jhonpra) का निर्माण कुतुबुद्दीन ऐबक ने 1199-1205 के बीच करवाया था।
  • इसे सैकड़ों स्तंभों वाली मस्जिद (Mosque of the Pillars) भी कहा जाता है।
  • इस स्थल पर पहले संस्कृत कॉलेज था, जिसे तोड़कर मस्जिद बनाई गई।
  • “अढ़ाई दिन” नाम दो दिन के मेले (एक त्योहार) के कारण पड़ा है।
  • अतिरिक्त तथ्य: कुतुबुद्दीन ऐबक गुलाम वंश का संस्थापक और मोहम्मद गोरी का सेनापति था। उसने दिल्ली में कुतुब मीनार और कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद भी बनवाई।

भारत के निम्नलिखित मुगल शासकों में से किसने अंग्रेजों को सूरत में अपना पहला कारखाना स्थापित करने की अनुमति दी थी?

  • शाहजहाँ
  • जहांगीर
  • बहादुरशाह जफर
  • औरंगजेब

Explanation:

  • जहांगीर (1605-1627) ने अंग्रेजों को सूरत (गुजरात) में अपना पहला कारखाना स्थापित करने की अनुमति दी थी।
  • अंग्रेजों का पहला भारतीय प्रतिनिधि सर विलियम हॉकिन्स (1608) था, जो जहांगीर के दरबार में आया।
  • बाद में सर थॉमस रो (1615) ने जहांगीर से फार्मान प्राप्त किया।
  • सूरत में पहली ब्रिटिश फैक्ट्री 1613 में स्थापित हुई।
  • अतिरिक्त तथ्य: शाहजहाँ ने अंग्रेजों को बंगाल में व्यापार की अनुमति दी। औरंगजेब के समय वाणिज्य कर को लेकर अंग्रेजों से संघर्ष हुआ।

अमीर खुसरो का जन्म उत्तर प्रदेश में ________ में हुआ था।

  • पटियाली
  • आगरा
  • गाज़ियाबाद
  • कानपुर

Explanation:

  • अमीर खुसरो (1253-1325) का जन्म उत्तर प्रदेश के पटियाली (एटा जिला) में हुआ था।
  • उनके पिता अमीर सैफुद्दीन महमूद (तुर्की) और माता राजा रामदेव की पुत्री थीं।
  • खुसरो को “तुतिये-ए-हिंद” (भारत की तोता), “स्पष्टवादी” कहा जाता है।
  • वे ख्वाजा निजामुद्दीन औलिया के शिष्य थे।
  • अतिरिक्त तथ्य: अमीर खुसरो ने तराना, कव्वाली, तराई (संगीत शैलियाँ) विकसित कीं। उनकी प्रमुख रचनाएँ: “खजाइन-उल-फतुह”, “तुगलकनामा”, “असीका”। वे फारसी, तुर्की, अरबी, हिंदी भाषाओं के ज्ञाता थे।

वह युद्ध जिसमें बाबर ने इब्राहिम लोदी को हराया था:

  • पानीपत की लड़ाई
  • खानवा का युद्ध
  • चौसा का युद्ध
  • चंदेरी का युद्ध

Explanation:

  • बाबर ने इब्राहिम लोदी को पानीपत की लड़ाई (21 अप्रैल 1526) में हराया था।
  • यह भारत में मुगल साम्राज्य की स्थापना का प्रारंभ था।
  • खानवा का युद्ध (1527) बाबर और राणा साँगा के बीच।
  • चौसा का युद्ध (1539) हुमायूँ और शेरशाह सूरी के बीच।
  • चंदेरी का युद्ध (1528) बाबर और मेदिनी राय के बीच।
  • अतिरिक्त तथ्य: पानीपत की प्रथम लड़ाई में बाबर ने तुगलकुमा (आग्नेयास्त्र) और तुलुग्मा (फ्लैंकिंग रणनीति) का उपयोग किया।

अजमेर का संबंध किस सूफी संत से है?

  • ख्वाजा निजामुद्दीन औलिया
  • बंदनवाज़ गिसुदराज़
  • बाबा फरीद
  • ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती

Explanation:

  • अजमेर (राजस्थान) का संबंध ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती से है।
  • उनकी दरगाह अजमेर में स्थित है, जिसे “गरीब नवाज” कहा जाता है।
  • वे भारत में चिश्ती संप्रदाय के संस्थापक थे।
  • ख्वाजा निजामुद्दीन औलिया दिल्ली से संबंधित थे (उनकी दरगाह दिल्ली में है)।
  • बाबा फरीद (फरीदुद्दीन गंजशकर) पाकपट्टन (पाकिस्तान) से संबंधित थे।
  • अतिरिक्त तथ्य: अजमेर दरगाह पर हर साल उर्स (6-7 रज्जब) मनाया जाता है। अकबर ने अजमेर दरगाह की यात्रा की थी।

11वीं शताब्दी में उज्बेकिस्तान का कौन-सा यात्री भारत आया था?

  • अलबरूनी
  • सेदी अली रीस
  • इब्न बतूता
  • महमूद वली बल्खी

Explanation:

  • 11वीं शताब्दी में उज्बेकिस्तान (ख्वारज़्म) का यात्री अल-बेरुनी (अलबरूनी) भारत आया था।
  • यह 973-1048 के बीच हुआ, जब वह महमूद गज़नी के साथ भारत आया।
  • उसने “किताब-उल-हिंद” नामक पुस्तक लिखी।
  • सेदी अली रीस (16वीं शताब्दी, तुर्की नाविक), इब्न बतूता (14वीं शताब्दी, मोरक्को), महमूद वली बल्खी (17वीं शताब्दी)।
  • अतिरिक्त तथ्य: अल-बेरुनी ने भारतीय दर्शन, खगोलशास्त्र, गणित, चिकित्सा पर गहन अध्ययन किया। उन्होंने भारत में जाति व्यवस्था, वर्ण व्यवस्था का भी वर्णन किया।

सिख धर्म के अंतिम भौतिक गुरु (मानव रूप में गुरु) कौन थे?

  • गुरु हर राय
  • गुरु हर किशन
  • गुरु हरगोबिंद
  • गुरु गोबिंद सिंह

Explanation:

  • सिख धर्म के अंतिम भौतिक गुरु (मानव रूप में) गुरु गोबिंद सिंह (10वें गुरु) थे।
  • उन्होंने 1699 ई. में खालसा पंथ की स्थापना की।
  • उन्होंने सिखों को “सिंह” (शेर) और सिख महिलाओं को “कौर” (राजकुमारी) उपनाम धारण करने का आदेश दिया।
  • उन्होंने गुरु ग्रंथ साहिब को गुरु घोषित किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: गुरु हरगोबिंद (6वें गुरु) ने मीरी-पीरी (तलवार और आध्यात्मिकता) का सिद्धांत दिया। गुरु हर किशन (8वें गुरु) सबसे कम उम्र (8 वर्ष) के गुरु थे।

निम्नलिखित में से किस विदेशी यात्री ने तेलुगु भाषा को “पूर्व का इतालवी” कहा था?

  • निकोलो कोंटी
  • विलियम हॉकिन्स
  • डुआर्टे बारबोसा
  • ह्वेनसांग

Explanation:

  • तेलुगु भाषा को “पूर्व का इतालवी” (Italian of the East) निकोलो कोंटी ने कहा था।
  • निकोलो कोंटी (1395-1469) वेनिस (इटली) का यात्री था।
  • उसने 1420-1444 के बीच भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया, चीन की यात्रा की।
  • उसने विजयनगर साम्राज्य और तेलुगु भाषा का वर्णन किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: विलियम हॉकिन्स (1608) – पहला ब्रिटिश राजदूत (जहांगीर के दरबार में)। डुआर्टे बारबोसा (1516) – पुर्तगाली यात्री। ह्वेनसांग (7वीं शताब्दी) – चीनी यात्री (हर्षवर्धन के दरबार में)।

भारतीय इतिहास में किसे “बादशाह खान” कहा गया?

  • खान अब्दुल गफ्फार खान
  • अबुल कलाम आज़ाद
  • औरंगजेब
  • बहादुर शाह

Explanation:

  • खान अब्दुल गफ्फार खान (1890-1988) को “बादशाह खान” और “सीमांत गांधी” (Frontier Gandhi) के नाम से जाना जाता है।
  • वे पश्तून स्वतंत्रता सेनानी और महात्मा गांधी के करीबी सहयोगी थे।
  • उन्होंने ख़ुदाई खिदमतगार (ईश्वर के सेवक) नामक संगठन की स्थापना की, जो अहिंसा पर आधारित था।
  • अतिरिक्त तथ्य: उन्हें भारत रत्न (1987) से सम्मानित किया गया था। वे पाकिस्तान में पेशावर के निवासी थे और अफगानिस्तान में भी उनकी कब्र है। अबुल कलाम आज़ाद को “मौलाना आज़ाद” कहा जाता था और वे भारत के पहले शिक्षा मंत्री थे।

निम्नलिखित में से किस राजवंश को महाबलीपुरम में पंच रथों के निर्माण का श्रेय दिया जाता है?

  • चोल
  • कलभ्रस
  • पांड्या
  • पल्लव

Explanation:

  • महाबलीपुरम (मामल्लपुरम) में पंच रथ (पाँच रथ) का निर्माण पल्लव राजवंश ने करवाया था।
  • ये रथ नरसिंहवर्मन प्रथम (मामल्ल) के शासनकाल (7वीं शताब्दी) में बनाए गए थे।
  • पाँच रथ: धर्मराज रथ, भीम रथ, अर्जुन रथ, नकुल-सहदेव रथ, द्रौपदी रथ
  • ये मोनोलिथिक (एक ही चट्टान से निर्मित) हैं और यूनेस्को विश्व विरासत स्थल का हिस्सा हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य: पल्लव राजवंश की राजधानी कांचीपुरम थी। महाबलीपुरम में समुद्रतट मंदिर का निर्माण नरसिंहवर्मन द्वितीय ने करवाया।

मयूर सिंहासन (फ्रेम्स टॉस) किसके शासनकाल के दौरान बनाया गया था?

  • शाहजहाँ
  • औरंगजेब
  • अकबर
  • जहांगीर

Explanation:

  • मयूर सिंहासन (तख्त-ए-तावूस) का निर्माण शाहजहाँ (1628-1658) के शासनकाल में 1635 ई. में किया गया था।
  • यह सोने, चाँदी, रत्नों, मोतियों से जड़ा हुआ था और इस पर मोर की आकृति बनी थी।
  • इसका निर्माण फ्रांसीसी आभूषणकार ऑस्टिन बोर्डोइस ने किया था।
  • 1739 ई. में नादिर शाह ने इसे दिल्ली से लूटकर ईरान ले गया।
  • अतिरिक्त तथ्य: शाहजहाँ को “बादशाह-ए-गाजी” भी कहा जाता था। उसके शासन को “मुगल वास्तुकला का स्वर्ण युग” माना जाता है। ताज महल, लाल किला, जामा मस्जिद उसी की देन हैं।

प्रथम तमिल संगम कहाँ आयोजित किया गया था?

  • कन्याकुमारी
  • गंगकोण चोलपुरम
  • प्रेयर
  • मदुरै

Explanation:

  • प्रथम तमिल संगम (तमिल साहित्यिक सम्मेलन) मदुरै में आयोजित किया गया था।
  • तमिल संगम की कुल तीन सभाएँ हुईं।
  • प्रथम संगम: मदुरै (मध्य), द्वितीय संगम: कपाटपुरम, तृतीय संगम: मदुरै (उत्तरी)
  • संगम साहित्य का सबसे पुराना रचना तोलकाप्पियम (व्याकरण) है।
  • अतिरिक्त तथ्य: संगम साहित्य तीन राजवंशों (चेर, चोल, पांड्य) की जानकारी देता है। शिलप्पदिकारम और मणिमेखलै दो महाकाव्य हैं। तमिल संगम का प्रायोजन पांड्य राजाओं ने किया था।

सिख धर्म के संस्थापक कौन थे?

  • मुख्तार गोशाल
  • महावीर
  • गौतम बुद्ध
  • गुरु नानक

Explanation:

  • सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव (1469-1539) थे।
  • उनका जन्म पाकिस्तान के ननकाना साहिब (पंजाब) में हुआ था।
  • उन्होंने “नाम जपो, कीरत करो, वंड छको” (ईश्वर का स्मरण करो, मेहनत करो, बाँट करो) का उपदेश दिया।
  • सिख धर्म के 10 गुरु हुए, जिनमें अंतिम गुरु गोबिंद सिंह थे।
  • अतिरिक्त तथ्य: महावीर (जैन धर्म), गौतम बुद्ध (बौद्ध धर्म) के संस्थापक थे। मुख्तार गोशाल आजीवक संप्रदाय के संस्थापक थे।

निम्नलिखित में से किस शासक ने दिल्ली में जामा मस्जिद का निर्माण कराया?

  • बाबर
  • हुमायूं
  • शाहजहाँ
  • औरंगजेब

Explanation:

  • दिल्ली की जामा मस्जिद का निर्माण शाहजहाँ ने 1650-1656 ई. के बीच करवाया था।
  • यह लाल पत्थर और संगमरमर से बनी है और भारत की सबसे बड़ी मस्जिदों में से एक है।
  • इसके तीन द्वार, चार मीनारें और विशाल प्रांगण है।
  • इसका निर्माण 5,000 मजदूरों ने किया था।
  • अतिरिक्त तथ्य: शाहजहाँ ने दिल्ली के लाल किले (शाहजहाँनाबाद) का भी निर्माण करवाया। मुगल बादशाह द्वारा बनवाई गई जामा मस्जिद फतेहपुर सीकरी (अकबर) और आगरा (शाहजहाँ) में भी है।

जहाँगीर के शासनकाल के दौरान निम्नलिखित में से कौन एक प्रसिद्ध चित्रकार था?

  • उस्ताद मंसूर
  • नन्दलाल बोस
  • राजा रवि वर्मा
  • एम.एफ. हुसैन

Explanation:

  • जहाँगीर (1605-1627) के शासनकाल में उस्ताद मंसूर एक प्रसिद्ध चित्रकार था।
  • उसे “नादिर-उल-अस्र” (युग का अनोखा) की उपाधि दी गई थी।
  • उसने पक्षियों, जानवरों और पौधों के यथार्थवादी चित्र बनाने में महारत हासिल की।
  • उसकी प्रसिद्ध कृतियाँ: “साइबेरियन क्रेन”, “जामुरात” (तुर्की चितकबरा), “डोडो पक्षी”
  • अतिरिक्त तथ्य: नन्दलाल बोस (बंगाल स्कूल), राजा रवि वर्मा (केरल, 19वीं सदी), एम.एफ. हुसैन (आधुनिक भारतीय चित्रकार)। जहाँगीर ने अपनी आत्मकथा “तुजुक-ए-जहाँगीरी” लिखी।

प्रसिद्ध शहर जापनहा का निर्माण किसने कराया?

  • बाबर
  • हुमायूं
  • मुहम्मद बिन तुगलक
  • अकबर

Explanation:

  • जापनहा (या जहाँपनाह) शहर का निर्माण मुहम्मद बिन तुगलक (1325-1351) ने करवाया था।
  • यह दिल्ली का चौथा शहर था, जो सिरी और तुगलकाबाद के बीच स्थित था।
  • मुहम्मद बिन तुगलक ने राजधानी दिल्ली से दौलताबाद स्थानांतरित की और फिर वापस दिल्ली लाई।
  • अतिरिक्त तथ्य: मुहम्मद बिन तुगलक को “विचारों का विलक्षण व्यक्ति” कहा जाता है। उसने टोकन मुद्रा (चाँदी के सिक्कों की जगह ताँबे के सिक्के) चलाई, जो विफल रही। उसने दौलताबाद को देवगिरि का नाम बदलकर बनाया।

उदयगिरि गुफाओं में हाथी गुम्फा शिलालेख किस शासक के सैन्य अभियानों के बारे में जानकारी देता है?

  • राजा खरावील
  • देवराय द्वितीय
  • हरिहर
  • राजा राजराज चोल

Explanation:

  • उदयगिरि गुफाओं (ओडिशा) में हाथी गुम्फा शिलालेख राजा खरावील के सैन्य अभियानों की जानकारी देता है।
  • खरावील कलिंग (आधुनिक ओडिशा) का महामेघवाहन वंश का शासक था (दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व)।
  • शिलालेख प्राकृत भाषा (ब्राह्मी लिपि) में लिखा है।
  • इसमें उसके मगध, अंग, राजगृह आदि पर विजय का वर्णन है।
  • अतिरिक्त तथ्य: खरावील जैन धर्म का अनुयायी था। उसने कलिंग नरेश की उपाधि धारण की। हाथी गुम्फा में हाथी की आकृति उकेरी गई है, इसलिए इसे यह नाम दिया गया।

दिल्ली के जंतर मंतर में आकाशीय वेधशाला का निर्माण किसने कराया?

  • महाराणा प्रताप सिंह
  • जय सिंह द्वितीय
  • अकबर
  • शाहजहाँ

Explanation:

  • दिल्ली के जंतर मंतर की आकाशीय वेधशाला का निर्माण सवाई जय सिंह द्वितीय (1700-1743) ने 1724 ई. में करवाया था।
  • जय सिंह जयपुर (आमेर) के राजपूत शासक और मुगल सम्राट मुहम्मद शाह के सलाहकार थे।
  • उन्होंने पाँच जंतर मंतर बनवाए: दिल्ली, जयपुर, मथुरा, उज्जैन, वाराणसी
  • इसमें सूर्य घड़ी, ग्रहों की स्थिति मापने के लिए यंत्र हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य: जय सिंह खगोलशास्त्री थे और उन्होंने “जीज जी” नामक ग्रंथ लिखा। जयपुर शहर की स्थापना भी उन्होंने की थी।

निम्नलिखित में से दिल्ली के किस लोकप्रिय सुल्तान ने अलाई दरवाजा का निर्माण कराया था?

  • फिरोजशाह तुगलक
  • अलाउद्दीन खिलजी
  • मुहम्मद बिन तुगलक
  • बलबन

Explanation:

  • अलाई दरवाजा का निर्माण अलाउद्दीन खिलजी (1296-1316) ने 1311 ई. में करवाया था।
  • यह दिल्ली के कुतुब मीनार परिसर में स्थित है और कुतुब मीनार का मुख्य द्वार है।
  • यह लाल बलुआ पत्थर और संगमरमर से बना है और सरसेनिक शैली (हिंदू-मुस्लिम वास्तुकला) का उत्कृष्ट उदाहरण है।
  • अतिरिक्त तथ्य: अलाउद्दीन खिलजी ने सिरी शहर (दिल्ली का दूसरा शहर) भी बसाया। उसने हजार सुतुन महल और जामात खाना मस्जिद भी बनवाई।

महाबलीपुरम के प्रसिद्ध समुद्रतट का निर्माण किसने कराया?

  • नरसिंहवर्मन प्रथम
  • राजेंद्र चोल
  • आदित्य करिकालन
  • नरसिंहवर्मन द्वितीय

Explanation:

  • महाबलीपुरम के प्रसिद्ध समुद्रतट मंदिर (शोर टेम्पल) का निर्माण नरसिंहवर्मन द्वितीय (राजसिम्हा) ने 8वीं शताब्दी में करवाया था।
  • यह पल्लव वास्तुकला का उत्कृष्ट नमूना है और बंगाल की खाड़ी के किनारे स्थित है।
  • यह मंदिर शिव और विष्णु दोनों को समर्पित है।
  • अतिरिक्त तथ्य: नरसिंहवर्मन प्रथम ने महाबलीपुरम शहर की स्थापना की और पंच रथ बनवाए। राजेंद्र चोल (चोल वंश) ने गंगईकोंडाचोलपुरम बसाया। आदित्य करिकालन प्राचीन चोल राजा थे।

निम्नलिखित में से किस राजवंश ने वेसेरियन शैली की मंदिर वास्तुकला की शुरुआत की?

  • चोल
  • चालुक्य
  • काकतीय
  • गुप्त

Explanation:

  • वेसेरियन (वेसरा) शैली की मंदिर वास्तुकला की शुरुआत चालुक्य राजवंश (6वीं-12वीं शताब्दी) ने की थी।
  • यह शैली उत्तर भारतीय (नागरा) और दक्षिण भारतीय (द्रविड़) शैलियों का मिश्रण है।
  • इस शैली के प्रमुख उदाहरण: ऐहोल, बादामी, पट्टडकल के मंदिर (कर्नाटक)।
  • अतिरिक्त तथ्य: चोल (द्रविड़ शैली), गुप्त (नागर शैली के प्रारंभिक रूप), काकतीय (रामप्पा मंदिर, तेलंगाना)। पट्टडकल के मंदिर यूनेस्को विश्व विरासत स्थल हैं।

पाल साम्राज्य का संस्थापक कौन था?

  • शशांक
  • दंतिदुर्ग
  • सिमुका
  • गोपाल

Explanation:

  • पाल साम्राज्य (बंगाल) का संस्थापक गोपाल (750-770 ई.) था।
  • उसने 8वीं शताब्दी में बंगाल में पाल वंश की स्थापना की।
  • पाल वंश बौद्ध धर्म का संरक्षक था।
  • प्रसिद्ध पाल शासक: धर्मपाल, देवपाल, महिपाल
  • अतिरिक्त तथ्य: शशांक (गौड़ वंश), दंतिदुर्ग (राष्ट्रकूट वंश), सिमुका (सातवाहन वंश)। पाल साम्राज्य ने नालंदा विश्वविद्यालय को संरक्षण दिया।

अमृतसर में प्रसिद्ध स्वर्ण मंदिर का निर्माण किस सिख गुरु द्वारा पूरा किया गया था?

  • गुरु अंगद
  • गुरु गोबिंद सिंह
  • गुरु रामदास
  • गुरु अर्जुन देव

Explanation:

  • अमृतसर का स्वर्ण मंदिर (हरमंदिर साहिब) का निर्माण गुरु अर्जुन देव (5वें सिख गुरु) ने 1604 ई. में पूरा किया था।
  • इसकी आधारशिला सूफी संत हजरत मियाँ मीर ने रखी थी।
  • इस मंदिर में गुरु ग्रंथ साहिब (आदि ग्रंथ) की स्थापना की गई।
  • इसका निर्माण कार्य गुरु रामदास (4थे गुरु) ने शुरू किया था, लेकिन गुरु अर्जुन देव ने पूरा किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: गुरु अंगद (दूसरे गुरु) ने गुरुमुखी लिपि विकसित की। गुरु गोबिंद सिंह (दसवें गुरु) ने खालसा पंथ की स्थापना की।

निम्नलिखित में से कौन तमिल साहित्य का महाकाव्य है?

  • शिलप्पदिकारम
  • नालाडियार
  • तोलाकाप्पियम्
  • अट्टूगाई

Explanation:

  • शिलप्पदिकारम (या सिलप्पदिकारम्) तमिल साहित्य का महाकाव्य है।
  • इसकी रचना इलंगो अडिगल ने 5वीं-6वीं शताब्दी में की थी।
  • यह कन्नगी और कोवलन की प्रेम कथा है।
  • तमिल के पाँच महाकाव्य: शिलप्पदिकारम, मणिमेखलै, जीवक चिंतामणि, वलयापति, कुंडलकेशी
  • अतिरिक्त तथ्य: तोलाकाप्पियम् तमिल व्याकरण का प्राचीनतम ग्रंथ है। नालाडियार नीतिशास्त्र (दोहा) है। अट्टूगाई (एट्टुतोगई) संगम साहित्य का संग्रह है।

निम्नलिखित में से किस मुगल शासक ने दीनपनाह की नींव रखी, लेकिन इसे पूरा नहीं कर सका?

  • हुमायूं
  • बाबर
  • जहांगीर
  • अकबर

Explanation:

  • हुमायूं (1530-1540, 1555-1556) ने दीनपनाह (दिल्ली का छठा शहर) की नींव रखी, लेकिन इसे पूरा नहीं कर सका।
  • हुमायूं को 1540 में शेरशाह सूरी ने हराकर निर्वासित कर दिया।
  • दीनपनाह का निर्माण बाद में अकबर ने पूरा करवाया।
  • अतिरिक्त तथ्य: दीनपनाह (दीन का आश्रय) पुराना किला (ओल्ड फोर्ट) के नाम से भी जाना जाता है। हुमायूं का मकबरा दिल्ली में पहला मुगल उद्यान-मकबरा है, जिसे उनकी विधवा हाजी बेगम ने बनवाया।

दूसरा तमिल संगम कहाँ आयोजित किया गया था?

  • प्रार्थना
  • कपाटपुरम
  • गंगईकोंडा चोलापुरम
  • कन्याकूमारी

Explanation:

  • दूसरा तमिल संगम (तमिल साहित्यिक सम्मेलन) कपाटपुरम में आयोजित किया गया था।
  • तमिल संगम की कुल तीन सभाएँ हुईं:
  • प्रथम संगम: मदुरै (मध्य), द्वितीय संगम: कपाटपुरम (दक्षिण), तृतीय संगम: मदुरै (उत्तरी)
  • संगम साहित्य पांड्य राजाओं के संरक्षण में फला-फूला।
  • अतिरिक्त तथ्य: कपाटपुरम वर्तमान तमिलनाडु के तटीय क्षेत्र में स्थित था (अब जलमग्न)। गंगईकोंडाचोलापुरम राजेंद्र चोल द्वारा बसाया गया शहर था।

पानीपत का दूसरा युद्ध कब हुआ था?

  • 1825 ई.
  • 1500 ई.
  • 1600 ई.
  • 1556 ई.

Explanation:

  • पानीपत का दूसरा युद्ध 1556 ई. में अकबर और हेमू (विक्रमादित्य) के बीच लड़ा गया था।
  • इस युद्ध में अकबर की सेना ने हेमू को हराया।
  • हेमू आगरा और दिल्ली का शासक बन गया था, लेकिन युद्ध में बैरम खान (अकबर के संरक्षक) ने उसे पराजित किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: पानीपत की प्रथम लड़ाई (1526) बाबर और इब्राहिम लोदी के बीच, तृतीय लड़ाई (1761) अहमद शाह अब्दाली और मराठों के बीच। अकबर उस समय 14 वर्ष का था।

हुमायूँनामा किसके द्वारा रचित है?

  • अमीर खुसरो
  • अकबर
  • गुलबदन बेगम
  • हुमायूं

Explanation:

  • हुमायूँनामा की रचना गुलबदन बेगम (1523-1603) ने की थी।
  • वह बाबर की बेटी और हुमायूँ की बहन थीं।
  • इस पुस्तक में बाबर और हुमायूँ के जीवन का वर्णन है।
  • यह फ़ारसी भाषा में लिखी गई है।
  • अतिरिक्त तथ्य: अमीर खुसरो (कवि, संगीतकार) ने “तारीख-ए-अलाई” (अलाउद्दीन खिलजी) लिखी। अकबर ने “अकबरनामा” (अबुल फजल द्वारा) लिखवाई। हुमायूँ ने स्वयं आत्मकथा नहीं लिखी।

निम्नलिखित में से कौन सा शहर सातवाहन वंश की राजधानी था?

  • तक्षशिला
  • पैठन
  • पाटलिपुत्र
  • उज्जैन

Explanation:

  • सातवाहन वंश की राजधानी पैठन (वर्तमान महाराष्ट्र) थी।
  • सातवाहन राजवंश दक्कन क्षेत्र का पहला बड़ा साम्राज्य था (तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व – तीसरी शताब्दी ईस्वी)।
  • इसके प्रमुख शासक: सिमुका (संस्थापक), गौतमीपुत्र सातकर्णी, वशिष्ठीपुत्र पुलुमावी
  • अतिरिक्त तथ्य: तक्षशिला (गांधार – पाकिस्तान), पाटलिपुत्र (मगध – मौर्य, गुप्त), उज्जैन (मालवा – अश्वमेध यज्ञ)। सातवाहनों ने बौद्ध धर्म और ब्राह्मण धर्म दोनों को संरक्षण दिया।

नटराज की प्रसिद्ध कांस्य प्रतिमा निम्नलिखित में से किस साम्राज्य से संबंधित है?

  • चेर
  • चोल
  • पांड्य
  • पाल्लव

Explanation:

  • नटराज (नृत्य करते शिव) की प्रसिद्ध कांस्य प्रतिमा चोल साम्राज्य (9वीं-13वीं शताब्दी) से संबंधित है।
  • चोल काल में कांस्य मूर्तिकला अपने चरम पर थी।
  • नटराज की मूर्ति में शिव को तांडव नृत्य (ब्रह्मांडीय नृत्य) करते हुए दिखाया गया है।
  • प्रसिद्ध नटराज प्रतिमा तंजावुर (बृहदेश्वर मंदिर) में है।
  • अतिरिक्त तथ्य: चोल राजवंश के प्रसिद्ध शासक: राजराज प्रथम, राजेंद्र प्रथमचेर, पांड्य, पल्लव अन्य तमिल राजवंश हैं। नटराज को “कुथु” भी कहा जाता है।

निम्नलिखित में से किस मुगल शासक के शासनकाल में मुगल चित्रकला अपने चरम पर थी?

  • औरंगजेब
  • शाहजहाँ
  • जहाँगीर
  • अकबर

Explanation:

  • जहाँगीर (1605-1627) के शासनकाल में मुगल चित्रकला अपने चरम पर थी।
  • जहाँगीर को “चित्रकला का संरक्षक” कहा जाता है। उसने “तस्वीर” को विशेष महत्व दिया।
  • उसके समय के प्रसिद्ध चित्रकार: उस्ताद मंसूर, अबुल हसन, बिचित्र, दौलत
  • उसने अपनी आत्मकथा “तुजुक-ए-जहाँगीरी” में चित्रकला की प्रशंसा की है।
  • अतिरिक्त तथ्य: अकबर ने चित्रकला को प्रोत्साहन दिया (हमज़ानामा), शाहजहाँ ने वास्तुकला पर जोर दिया, औरंगजेब ने चित्रकला को प्रतिबंधित कर दिया।

निम्नलिखित में से कौन दसवाँ सिख गुरु था?

  • गुरु अर्जुन देव
  • गुरु नानक
  • गुरु गोबिंद सिंह
  • गुरु तेग बहादुर

Explanation:

  • गुरु गोबिंद सिंह (1666-1708) सिखों के दसवें और अंतिम गुरु थे।
  • उन्होंने 1699 ई. में खालसा पंथ की स्थापना की और सिखों को एक सैन्य संप्रदाय में बदल दिया।
  • उन्होंने पंज प्यारे (5 प्रिय) और 5 के (केश, कंघा, कड़ा, कृपाण, कच्छा) अनिवार्य किए।
  • अतिरिक्त तथ्य: गुरु नानक (प्रथम गुरु), गुरु अर्जुन देव (पाँचवें गुरु) ने आदि ग्रंथ का संकलन किया, गुरु तेग बहादुर (नौवें गुरु) ने हिंदू धर्म की रक्षा के लिए बलिदान दिया।

राष्ट्रकूट वंश के संस्थापक कौन थे?

  • पुलच्चेन
  • दंतीदुर्ग
  • संस्कारिणी
  • अमंग वर्षा

Explanation:

  • राष्ट्रकूट वंश के संस्थापक दंतीदुर्ग (735-756 ई.) थे।
  • इस वंश ने दक्कन क्षेत्र (वर्तमान कर्नाटक) में 8वीं-10वीं शताब्दी तक शासन किया।
  • राष्ट्रकूटों की राजधानी मान्यखेत (वर्तमान मालखेड, कर्नाटक) थी।
  • प्रमुख शासक: अमोघवर्ष प्रथम, गोविंद तृतीय
  • अतिरिक्त तथ्य: राष्ट्रकूटों ने एलोरा के कैलाशनाथ मंदिर (शिव मंदिर) का निर्माण करवाया। पुलच्चेन (चालुक्य), अमोघवर्ष ने “कविराज मार्ग” (कन्नड़ ग्रंथ) लिखा।

दूसरा तमिल संगम कहाँ हुआ था?

  • तिरुनावली
  • मदुरै
  • कपासपुरम
  • दक्षिण मदुरै

Explanation:

  • दूसरा तमिल संगम (तमिल साहित्यिक सम्मेलन) कपासपुरम (या कपाटपुरम) में हुआ था।
  • तमिल संगम की कुल तीन सभाएँ हुईं:
  • प्रथम संगम: मदुरै (मध्य), द्वितीय संगम: कपाटपुरम (दक्षिण), तृतीय संगम: मदुरै (उत्तरी)
  • संगम साहित्य तमिल भाषा का प्राचीनतम साहित्य है।
  • अतिरिक्त तथ्य: तिरुनावली (तमिलनाडु का एक शहर), मदुरै (पांड्यों की राजधानी), दक्षिण मदुरै (वर्तमान में नहीं है)।

‘गुरु ग्रंथ साहिब’ ______ का पवित्र ग्रंथ है।

  • हिंदू
  • जैन
  • सिख
  • बौद्ध

Explanation:

  • गुरु ग्रंथ साहिब सिख धर्म का पवित्र ग्रंथ है।
  • इसे आदि ग्रंथ के नाम से भी जाना जाता है।
  • इसका संकलन गुरु अर्जुन देव (5वें गुरु) ने 1604 ई. में किया था।
  • इसमें सिख गुरुओं, सूफी संतों और भक्ति संतों की बानियाँ हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य: गुरु गोबिंद सिंह ने इसे गुरु ग्रंथ साहिब (11वें गुरु) का दर्जा दिया। इसमें 1430 पृष्ठ (अंग) हैं। हिंदू (वेद, गीता), जैन (आगम), बौद्ध (त्रिपिटक) के पवित्र ग्रंथ हैं।

1724 में निजाम-उल-मुल्क असफ़जाह ने किस प्रांत की स्थापना की थी?

  • अवध
  • बंगाल
  • हैदराबाद
  • मैसूर

Explanation:

  • 1724 ई. में निजाम-उल-मुल्क असफ़जाह (चिन कुलिच खान) ने हैदराबाद प्रांत (रियासत) की स्थापना की थी।
  • वह मुगल सम्राट मुहम्मद शाह का वज़ीर था।
  • उसने दक्कन में स्वतंत्र शासन स्थापित किया और आसफ़ जाही वंश की नींव रखी।
  • हैदराबाद 1948 में भारत में विलय हो गया।
  • अतिरिक्त तथ्य: अवध (1722 – सआदत अली खान), बंगाल (1717 – मुर्शिद कुली खान), मैसूर (हैदर अली ने 1761 में सत्ता संभाली)।

संस्कृत पुस्तक ‘जम्बवती कल्याणम’ के लेखक कौन थे?

  • नंदी तेयना
  • तेनाली राम
  • कृष्णदेवराय
  • अलासानी पेडना

Explanation:

  • ‘जम्बवती कल्याणम’ संस्कृत पुस्तक के लेखक कृष्णदेवराय (1509-1529 ई.) थे।
  • कृष्णदेवराय विजयनगर साम्राज्य के सबसे महान शासक थे।
  • इन्होंने तेलुगु में ‘आमुक्तमाल्यदा’ और संस्कृत में ‘जम्बवती कल्याणम’ की रचना की।
  • इन्हें “आंध्र भोज” और “कविराज” की उपाधि मिली थी।
  • इनके दरबार में अष्टदिग्गज (8 कवि) थे – अलासानी पेडना, नंदी तेयना, तेनाली राम, मुक्कू तिम्मन्ना आदि।
  • अतिरिक्त तथ्य: कृष्णदेवराय ने तुंगभद्रा नदी पर अनंतशयन मंदिर का निर्माण करवाया। उन्होंने बीजापुर, गोलकुंडा, उड़ीसा पर विजय प्राप्त की।

दीन-ए-इलाही नामक नए धर्म को किसने स्थापित किया था?

  • हुमायूँ
  • अकबर
  • औरंगज़ेब
  • बाबर

Explanation:

  • दीन-ए-इलाही नामक नए धर्म की स्थापना अकबर (1556-1605 ई.) ने 1582 ई. में की थी।
  • इसका अर्थ “ईश्वरीय धर्म” (Divine Faith) है।
  • इस धर्म में इस्लाम, हिंदू, जैन, पारसी धर्मों के अच्छे पहलुओं को सम्मिलित किया गया था।
  • इसके मुख्य सिद्धांत: सर्वधर्म समभाव, अहिंसा, एक ईश्वर में विश्वास, सूर्य पूजा
  • इस धर्म को अपनाने वाले मुख्य लोग: बीरबल, अबुल फज़ल, फैजी, तानसेन आदि।
  • अतिरिक्त तथ्य: अकबर ने इबादतखाना (धार्मिक चर्चा केंद्र) की स्थापना 1575 ई. में फतेहपुर सीकरी में की। उसने जज़िया कर (गैर-मुस्लिमों पर लगने वाला कर) को समाप्त कर दिया।

निम्नलिखित में से कौन सा पेशवा “नानासाहेब” के नाम से जाना जाता था?

  • बालाजी बाजीराव
  • बाजीराव
  • बालाजी विश्वनाथ
  • तातिया टोपे

Explanation:

  • बालाजी बाजीराव (1740-1761) को “नानासाहेब” के नाम से जाना जाता था।
  • वह मराठा साम्राज्य के 8वें पेशवा थे।
  • उनके शासन में ही पानीपत की तीसरी लड़ाई (1761) लड़ी गई, जिसमें मराठों की हार हुई।
  • उनके शासन में मराठा साम्राज्य अपने चरम पर था।
  • अतिरिक्त तथ्य: बालाजी विश्वनाथ (पहले पेशवा), बाजीराव प्रथम (सबसे महान पेशवा), तातिया टोपे (1857 के विद्रोह के नेता)। नानासाहेब 1857 के विद्रोह के महत्वपूर्ण नेता भी थे (बालाजी बाजीराव के दत्तक पुत्र)।

ताजमहल का निर्माण किसकी स्मृति में किया गया था?

  • नूर जहां
  • गुलबदन बेगम
  • मुमताज
  • जोधा

Explanation:

  • ताजमहल का निर्माण मुमताज महल (अर्जुमंद बानो बेगम) की स्मृति में किया गया था।
  • इसे शाहजहाँ ने 1631-1653 ई. के बीच आगरा (उत्तर प्रदेश) में बनवाया था।
  • मुमताज महल शाहजहाँ की तीसरी पत्नी थी, जिनकी मृत्यु 1631 में बच्चे के जन्म के दौरान हुई थी।
  • ताजमहल का मुख्य वास्तुकार उस्ताद अहमद लाहौरी था।
  • यह यूनेस्को विश्व विरासत स्थल है और “सात अजूबों” में से एक है।
  • अतिरिक्त तथ्य: नूर जहाँ (जहांगीर की पत्नी), गुलबदन बेगम (बाबर की बेटी, ‘हुमायूँनामा’ की लेखिका), जोधा बाई (अकबर की पत्नी)।

निम्नलिखित में से कौन सा साहित्य व्याकरण और कविता से संबंधित है?

  • मणिमेखलाई
  • शिलप्पदिकारम
  • तोलकाप्पियम
  • जीविक चिंतामणि

Explanation:

  • ‘तोलकाप्पियम’ तमिल भाषा का सबसे पुराना व्याकरण और काव्यशास्त्र ग्रंथ है।
  • इसके रचयिता तोलकाप्पियार थे।
  • इसे तमिल साहित्य का “प्राचीनतम ग्रंथ” माना जाता है (लगभग 3,000 साल पुराना)।
  • इसमें तमिल व्याकरण, काव्यशास्त्र, अलंकारशास्त्र का विस्तृत वर्णन है।
  • अतिरिक्त तथ्य: शिलप्पदिकारम (इलंगो अधिगल द्वारा रचित तमिल महाकाव्य), मणिमेखलाई (बौद्ध महाकाव्य), जीवक चिंतामणि (जैन महाकाव्य) – ये सभी तमिल पंचमहाकाव्य हैं।

मुगलों के खिलाफ हल्दी घाटी का युद्ध किसने लड़ा था?

  • महाराणा प्रताप
  • तेली राणा
  • राजा जयसिंह
  • राणा कुम्भा

Explanation:

  • हल्दी घाटी का युद्ध (18 जून 1576) महाराणा प्रताप और अकबर की सेना के बीच लड़ा गया था।
  • महाराणा प्रताप मेवाड़ (राजस्थान) के शासक थे।
  • अकबर की सेना का नेतृत्व राजा मान सिंह (आमेर के) और आसफ खान ने किया था।
  • इस युद्ध में महाराणा प्रताप की हार हुई, लेकिन उन्होंने आत्मसमर्पण नहीं किया।
  • उनका प्रसिद्ध घोड़ा चेतक इस युद्ध में वीरगति को प्राप्त हुआ।
  • अतिरिक्त तथ्य: राणा कुम्भा (मेवाड़ के महान शासक, 15वीं शताब्दी), राजा जयसिंह (आमेर के, अकबर के सेनापति), तेली राणा (बघेलखंड के शासक)।

बीरबल किस मुगल सम्राट के दरबार का सदस्य था?

  • अकबर
  • शाहजहाँ
  • बाबर
  • हुमायूं

Explanation:

  • बीरबल (1528-1586) अकबर के दरबार का प्रमुख सदस्य था।
  • उसका मूल नाम महेश दास था। वह एक ब्राह्मण था।
  • वह अकबर के नवरत्नों (9 रत्न) में से एक था।
  • वह अपनी बुद्धि, हास्य-व्यंग्य और अकबर के साथ संवाद के लिए प्रसिद्ध था।
  • उसने अफगानिस्तान के विद्रोह को दबाने के दौरान 1586 में मृत्यु प्राप्त की।
  • अतिरिक्त तथ्य: अकबर के नवरत्न थे: अबुल फज़ल, फैजी, तानसेन, बीरबल, राजा टोडर मल, मुल्ला दो प्याजा, अब्दुल रहीम खान-ए-खाना, राजा मान सिंह, बाबर अली (कुछ स्रोतों में भिन्नता है)।

किस राजवंश ने 10वीं और 11वीं शताब्दी में प्रसिद्ध खजुराहो मंदिरों का निर्माण कराया था?

  • पांड्य
  • चोल
  • चालुक्य
  • चंदेल

Explanation:

  • खजुराहो मंदिरों का निर्माण चंदेल राजवंश (9वीं-13वीं शताब्दी) ने करवाया था।
  • यह मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित हैं।
  • इन मंदिरों का निर्माण 950-1050 ई. के बीच हुआ था।
  • यहाँ कुल 85 मंदिर थे, अब 25 शेष हैं।
  • प्रमुख मंदिर: कंदारिया महादेव, लक्ष्मण मंदिर, विश्वनाथ मंदिर, चतुर्भुज मंदिर
  • यह यूनेस्को विश्व विरासत स्थल है।
  • अतिरिक्त तथ्य: चंदेल वंश के प्रमुख शासक: यशोवर्मन, धंग, कीर्तिवर्मनचोल (दक्षिण भारत), पांड्य (तमिलनाडु), चालुक्य (कर्नाटक)।

भारत में कर्नाटक का _______ शहर विजयनगर साम्राज्य की महानता के स्मारक के रूप में खड़ा है।

  • पट्टाडकल
  • हम्पी
  • गोकक
  • बसवकल्याण

Explanation:

  • हम्पी (कर्नाटक) विजयनगर साम्राज्य की महानता का स्मारक है।
  • यह विजयनगर साम्राज्य की राजधानी थी (1336-1565 ई.)।
  • यहाँ विरुपाक्ष मंदिर, विट्ठल मंदिर, स्टोन चैरियट, प्रसिद्ध बाजार आदि स्थित हैं।
  • यह यूनेस्को विश्व विरासत स्थल है।
  • 1565 की तालीकोटा की लड़ाई में विजयनगर साम्राज्य का पतन हुआ।
  • अतिरिक्त तथ्य: पट्टाडकल (कर्नाटक, चालुक्य वंश के मंदिर), गोकक (कर्नाटक, जल प्रपात), बसवकल्याण (कर्नाटक, बसवेश्वर का जन्म स्थान)।

पानीपत की तीसरी लड़ाई कब हुई थी?

  • 1623
  • 1561
  • 1761
  • 1671

Explanation:

  • पानीपत की तीसरी लड़ाई 14 जनवरी 1761 को हुई थी।
  • यह मराठों और अहमद शाह अब्दाली (अफगान) के बीच लड़ी गई थी।
  • मराठा सेना का नेतृत्व सदाशिवराव भाऊ ने किया।
  • इस युद्ध में मराठों की हार हुई और मराठा साम्राज्य कमजोर हो गया।
  • इसे “भारत का सबसे बड़ा युद्ध” माना जाता है।
  • अतिरिक्त तथ्य: प्रथम पानीपत युद्ध (1526) – बाबर ने इब्राहिम लोदी को हराया। द्वितीय पानीपत युद्ध (1556) – अकबर ने हेमू को हराया। चौथा पानीपत युद्ध नहीं हुआ था।

भारत के दिल्ली सल्तनत पर शासन करने वाला अंतिम वंश कौन सा था?

  • खिलजी वंश
  • सैयद वंश
  • तुगलक वंश
  • लोदी वंश

Explanation:

  • दिल्ली सल्तनत पर शासन करने वाला अंतिम वंश लोदी वंश (1451-1526 ई.) था।
  • इसकी स्थापना बहलूल लोदी ने की थी।
  • अंतिम शासक इब्राहिम लोदी (1517-1526) था।
  • 1526 में पानीपत की प्रथम लड़ाई में बाबर ने इब्राहिम लोदी को हराकर मुगल साम्राज्य की स्थापना की।
  • अतिरिक्त तथ्य: दिल्ली सल्तनत के क्रम: गुलाम वंश (1206-1290) → खिलजी (1290-1320) → तुगलक (1320-1414) → सैयद (1414-1451) → लोदी (1451-1526)

निम्नलिखित में से किस सम्राट ने ताजमहल का निर्माण करवाया था?

  • अकबर
  • बाबर
  • शाहजहाँ
  • औरंगजेब

Explanation:

  • ताजमहल का निर्माण शाहजहाँ (1628-1658) ने करवाया था।
  • इसका निर्माण 1631-1653 के बीच आगरा में हुआ।
  • इसे मुमताज महल की याद में बनवाया गया था।
  • इसकी वास्तुकला फारसी, भारतीय, इस्लामी शैली का मिश्रण है।
  • अतिरिक्त तथ्य: शाहजहाँ ने लाल किला (दिल्ली), जामा मस्जिद (दिल्ली), मोती मस्जिद (आगरा), शाहजहाँनाबाद का निर्माण भी करवाया। वह “बादशाह-ए-गाजी” और “शाहजहाँ” (विश्व के राजा) के नाम से जाने जाते थे।

मुगल वंश के संस्थापक कौन थे?

  • हुमायूँ
  • बाबर
  • जहांगीर
  • शाहजहाँ

Explanation:

  • मुगल वंश के संस्थापक बाबर (1526-1530) थे।
  • उसने 1526 में पानीपत की प्रथम लड़ाई में इब्राहिम लोदी को हराकर मुगल साम्राज्य की स्थापना की।
  • उसका पूरा नाम ज़हीरुद्दीन मुहम्मद बाबर था।
  • वह तैमूर (मातृ पक्ष) और चंगेज़ खान (पितृ पक्ष) का वंशज था।
  • उसने बाबरनामा (आत्मकथा) लिखी, जो तुर्की भाषा में है।
  • अतिरिक्त तथ्य: बाबर फरगना (मध्य एशिया) का शासक था। उसके बाद हुमायूँ (1530-1540, 1555-1556), अकबर (1556-1605), जहांगीर (1605-1627), शाहजहाँ (1628-1658), औरंगजेब (1658-1707) शासक थे।

पल्लव वंश के संस्थापक कौन थे?

  • सिंहविष्णु
  • कृष्ण
  • नंदी वर्मन
  • महेन्द्र वर्मन

Explanation:

  • पल्लव वंश के संस्थापक सिंहविष्णु (लगभग 575-590 ई.) थे।
  • इन्होंने पल्लव साम्राज्य को एक मजबूत राज्य का रूप दिया।
  • पल्लवों की राजधानी कांचीपुरम (तमिलनाडु) थी।
  • प्रमुख शासक: महेन्द्रवर्मन I, नरसिंहवर्मन I (मामल्ला), नंदीवर्मन
  • उन्होंने महाबलीपुरम के मंदिरों (रथ मंदिर, शोर मंदिर) का निर्माण करवाया।
  • अतिरिक्त तथ्य: पल्लवों ने चोल, पांड्य, चालुक्य के साथ संघर्ष किया। नरसिंहवर्मन I ने वातापी (चालुक्यों की राजधानी) पर कब्जा किया। अपराजितवर्मन पल्लव वंश का अंतिम शासक था (9वीं शताब्दी)।

खजुराहो में पाया गया प्रसिद्ध लक्ष्मण मंदिर किसके द्वारा बनवाया गया?

  • चंदेलों द्वारा
  • राष्ट्रकूटों द्वारा
  • पल्लवों द्वारा
  • चालुक्यों द्वारा

Explanation:

  • खजुराहो में लक्ष्मण मंदिर का निर्माण चंदेल राजवंश ने करवाया था।
  • इसका निर्माण यशोवर्मन (चंदेल शासक) ने 930-950 ई. के बीच करवाया था।
  • यह भगवान विष्णु (लक्ष्मण) को समर्पित है।
  • मंदिर का निर्माण नागर शैली में किया गया है।
  • अतिरिक्त तथ्य: चंदेल राजवंश ने मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र पर शासन किया। कंदारिया महादेव मंदिर उनका सबसे बड़ा मंदिर है। राष्ट्रकूट (एलोरा के कैलाश मंदिर), पल्लव (महाबलीपुरम), चालुक्य (पट्टाडकल) प्रसिद्ध हैं।

नानासाहेब के सेनापति कौन थे?

  • मीर कासिम
  • शाह नज़म
  • सिराजुद्दौला
  • तात्या टोपे

Explanation:

  • तात्या टोपे (1814-1859) नानासाहेब के सेनापति थे।
  • वह 1857 के विद्रोह के प्रमुख नेताओं में से एक थे।
  • उन्होंने कानपुर, ग्वालियर, झांसी में अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी।
  • अप्रैल 1859 में उन्हें पकड़कर फाँसी दे दी गई।
  • अतिरिक्त तथ्य: नानासाहेब (बालाजी बाजीराव के दत्तक पुत्र) 1857 के विद्रोह के प्रमुख नेता थे। मीर कासिम (बंगाल के नवाब), सिराजुद्दौला (बंगाल के नवाब, प्लासी युद्ध 1757) ।

1577 में अमृतसर में श्री दरबार साहिब (स्वर्ण मंदिर) की नींव किस चौथे सिख गुरु ने रखी थी?

  • गुरु अमरदास जी
  • गुरु हर कृष्ण देव जी
  • गुरु रामदास जी
  • गुरु अर्जन देव जी

Explanation:

  • श्री दरबार साहिब (स्वर्ण मंदिर) की नींव 1577 में गुरु रामदास जी (चौथे सिख गुरु) ने रखी थी।
  • मंदिर का निर्माण गुरु अर्जन देव जी (5वें गुरु) ने पूरा किया (1588-1604) ।
  • इसकी नींव सूफी संत हजरत मियाँ मीर ने रखी थी।
  • यह अमृतसर (पंजाब) में स्थित है।
  • अतिरिक्त तथ्य: गुरु अमरदास जी (तीसरे गुरु) ने मंजी प्रथा की शुरुआत की। गुरु हर कृष्ण देव जी (8वें गुरु) सबसे युवा गुरु थे। गुरु अर्जन देव ने आदि ग्रंथ (गुरु ग्रंथ साहिब) का संकलन किया।

1414 ईस्वी में दिल्ली का बादशाह कौन बना था?

  • अलाउद्दीन खिलजी
  • बहलूल खान
  • खिज्र खान
  • रजिया सुल्ताना

Explanation:

  • 1414 ई. में दिल्ली का बादशाह खिज्र खान (1414-1421) बना था।
  • उसने सैयद वंश की स्थापना की थी।
  • वह तैमूर का प्रतिनिधि था और उसने दिल्ली पर नियंत्रण स्थापित किया।
  • सैयद वंश ने 1414-1451 तक शासन किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: अलाउद्दीन खिलजी (1296-1316), बहलूल लोदी (1451-1489, लोदी वंश के संस्थापक), रजिया सुल्ताना (1236-1240, दिल्ली सल्तनत की एकमात्र महिला शासक) ।

1706 में, सिखों के पवित्र ग्रंथ, गुरु ग्रंथ साहिब के संकलन को निम्नलिखित में से किसने प्रमाणित किया था?

  • गुरु गोबिंद सिंह
  • गुरु अर्जन देव
  • गुरु अंगद देव
  • गुरु नानक देव

Explanation:

  • गुरु ग्रंथ साहिब के संकलन को 1706 में गुरु गोबिंद सिंह (10वें सिख गुरु) ने प्रमाणित किया था।
  • उन्होंने दमदमा साहिब में गुरु ग्रंथ साहिब का अंतिम स्वरूप तैयार किया।
  • इसमें गुरु तेग बहादुर (9वें गुरु) के श्लोक भी सम्मिलित किए गए।
  • गुरु गोबिंद सिंह ने इसे “गुरु” घोषित किया और कहा कि अब इसके बाद कोई “जीवित गुरु” नहीं होगा।
  • अतिरिक्त तथ्य: गुरु अर्जन देव (5वें गुरु) ने 1604 में हरमंदिर साहिब में पहली बार आदि ग्रंथ का संकलन किया था। गुरु अंगद देव (2वें गुरु) ने गुरुमुखी लिपि विकसित की।

पल्लव वंश का अंतिम सम्राट कौन था?

  • नरसिंहवर्मन I
  • अपराजितवर्मन
  • सिंहविष्णु
  • महेन्द्रवर्मन I

Explanation:

  • पल्लव वंश का अंतिम सम्राट अपराजितवर्मन (लगभग 880-897 ई.) था।
  • उसे चोल राजा आदित्य प्रथम ने 897 में पराजित किया।
  • इसके बाद चोल साम्राज्य दक्षिण भारत में शक्तिशाली हुआ।
  • पल्लव राजवंश का शासन लगभग 575 ई. से 897 ई. तक रहा।
  • अतिरिक्त तथ्य: सिंहविष्णु (पल्लव वंश के संस्थापक), महेन्द्रवर्मन I (600-630), नरसिंहवर्मन I (630-668, जिसने वातापी पर कब्जा किया), नंदीवर्मन (731-796) ।

एलोरा के कैलाश के शैल मंदिर का निर्माण किसने करवाया था?

  • आदित्य प्रथम
  • परान्तक प्रथम
  • विजयालय
  • कृष्ण प्रथम

Explanation:

  • एलोरा के कैलाश मंदिर (शैल मंदिर) का निर्माण कृष्ण प्रथम (राष्ट्रकूट शासक, 756-773 ई.) ने करवाया था।
  • यह महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में स्थित है।
  • यह भगवान शिव (कैलाश) को समर्पित है।
  • मंदिर को एकल चट्टान से काटकर बनाया गया है।
  • यह यूनेस्को विश्व विरासत स्थल है।
  • अतिरिक्त तथ्य: राष्ट्रकूट वंश के प्रमुख शासक: दंतिदुर्ग (संस्थापक), कृष्ण प्रथम, गोविंद तृतीय, अमोघवर्षआदित्य प्रथम, परान्तक प्रथम, विजयालय चोल वंश के शासक थे।

हिंदू कैलेंडर के अनुसार कार्तिक महीने की पूर्णिमा के दिन सिख समुदाय का कौन सा त्योहार मनाया जाता है?

  • लोहड़ी
  • होला मोहल्ला
  • बैसाखी
  • गुरु नानक जयंती

Explanation:

  • गुरु नानक जयंती हिंदू कैलेंडर के कार्तिक महीने की पूर्णिमा को मनाई जाती है।
  • यह सिखों का सबसे महत्वपूर्ण त्योहार है।
  • गुरु नानक देव (1469-1539) सिख धर्म के प्रथम गुरु थे।
  • अतिरिक्त तथ्य: लोहड़ी (मकर संक्रांति से पहले मनाया जाने वाला पंजाबी त्योहार), होला मोहल्ला (फाल्गुन महीने में, सिखों का सैन्य उत्सव), बैसाखी (वैशाख महीने में, सिख नव वर्ष, 1699 में खालसा पंथ की स्थापना)।

निम्नलिखित में से किसे सितार के आविष्कार का श्रेय आमतौर पर दिया जाता है?

  • अमीर खुसरो
  • रज़ा खान
  • मासीत खान
  • उस्ताद युसुफ अली खान

Explanation:

  • सितार के आविष्कार का श्रेय आमतौर पर अमीर खुसरो (1253-1325) को दिया जाता है।
  • अमीर खुसरो एक सूफी कवि, संगीतकार, लेखक और दरबारी कवि थे।
  • वह अलाउद्दीन खिलजी के दरबार के प्रमुख कवि थे।
  • उन्हें “हिंदुस्तान का तोता” (तूती-ए-हिंद) और “भारत का खयाल” भी कहा जाता है।
  • अतिरिक्त तथ्य: अमीर खुसरो ने खयाल, तराना, कव्वाली जैसी संगीत शैलियों को विकसित करने में योगदान दिया। मासीत खान (सितार वादक, मासीतखानी गायकी), उस्ताद युसुफ अली खान (शास्त्रीय गायक), रज़ा खान (सितार वादक) ।

मुगल काल के दौरान ‘महाभारत’ का ‘रज्मनामा’ नामक फारसी भाषा में अनुवाद किसने किया था?

  • दारा सिकोह
  • फैजी
  • अब्दुल रहीम खान
  • अबुल फ़ज़ल

Explanation:

  • ‘महाभारत’ का ‘रज्मनामा’ नामक फारसी अनुवाद अबुल फ़ज़ल ने किया था।
  • यह अकबर के आदेश पर किया गया था (1582-1586) ।
  • अबुल फ़ज़ल ने अकबरनामा (अकबर की जीवनी) और आईन-ए-अकबरी (अकबर के शासन का प्रशासनिक विवरण) भी लिखा।
  • वह अकबर के नवरत्नों में से एक था।
  • अतिरिक्त तथ्य: दारा सिकोह (शाहजहाँ का बेटा, उपनिषदों का फारसी अनुवाद – ‘सर्रे-अकबर’), फैजी (अबुल फज़ल का भाई, कवि), अब्दुल रहीम खान-ए-खाना (अकबर के नवरत्न, कवि, ‘रहीम’ के नाम से प्रसिद्ध)।

निम्नलिखित में से किसे भारतीय उपमहाद्वीप का पहला बगीचा-मकबरा माना जाता है?

  • ईसाई खान का मकबरा
  • हुमायूँ का मकबरा
  • सफदरजंग का मकबरा
  • सिकंदर लोदी का मकबरा

Explanation:

  • हुमायूँ का मकबरा (दिल्ली) को भारतीय उपमहाद्वीप का पहला बगीचा-मकबरा (गार्डन-टॉम्ब) माना जाता है।
  • इसका निर्माण हुमायूँ की विधवा हाजी बेगम (बीगा बेगम) ने 1569-1572 के बीच करवाया था।
  • इसका वास्तुकार मिराक मिर्जा गियास था।
  • यह फारसी वास्तुकला शैली में बना है और चारबाग (चार भागों वाला बगीचा) शैली में है।
  • अतिरिक्त तथ्य: ताजमहल भी बगीचा-मकबरा है, लेकिन हुमायूँ का मकबरा पहला था। ईसाई खान का मकबरा (मुगल-पूर्व), सफदरजंग का मकबरा (18वीं शताब्दी), सिकंदर लोदी का मकबरा (लोदी वंश, दिल्ली में) ।

अकबर के राजस्व मंत्री कौन थे?

  • बीरबल
  • अबुल फजल
  • राजा मान सिंह
  • राजा टोडरमल

Explanation:

  • राजा टोडरमल (मृत्यु 1589) अकबर के राजस्व मंत्री थे।
  • उन्होंने अकबर की भू-राजस्व व्यवस्था (धसाला प्रणाली) को विकसित किया।
  • इस प्रणाली में फसलों का वर्गीकरण, माप, भूमि का सर्वेक्षण किया गया।
  • वह अकबर के नवरत्नों में से एक थे।
  • अतिरिक्त तथ्य: अकबर के अन्य प्रमुख मंत्री: अबुल फजल (प्रधानमंत्री/सलाहकार), राजा मान सिंह (सेनापति), बीरबल (विश्वासपात्र)। राजा टोडरमल ने बंदोबस्त (भूमि व्यवस्था) में सुधार किए।

निम्नलिखित में से किसने अकबरनामा लिखा था?

  • अबुल फजल
  • बीरबल
  • बाबर
  • बरनी

Explanation:

  • ‘अकबरनामा’ की रचना अबुल फजल (1551-1602) ने की थी।
  • यह फारसी भाषा में लिखी गई है।
  • इसमें अकबर के शासनकाल (1556-1605) का विस्तृत इतिहास वर्णित है।
  • यह तीन भागों में विभाजित है: प्रथम भाग (अकबर के पूर्वजों का इतिहास), द्वितीय भाग (अकबर के शासन की घटनाएँ), तृतीय भाग (आईन-ए-अकबरी – प्रशासनिक व्यवस्था)।
  • अतिरिक्त तथ्य: अबुल फजल अकबर के नवरत्नों में से एक थे। उन्होंने ‘आईन-ए-अकबरी’ और ‘रुकात-ए-अबुल फजल’ भी लिखा। उनकी हत्या 1602 में बीरबल के पुत्र ने कर दी थी। बरनी ने ‘तारीख-ए-फिरोजशाही’ लिखी।

मुग़ल किस वंश के वंशज थे?

  • मंगोल
  • तुर्क
  • अफ़गान
  • चागताई तुर्क मंगोल

Explanation:

  • मुगल वंश चागताई तुर्क मंगोल के वंशज थे।
  • वे तैमूर (मातृ पक्ष) और चंगेज़ खान (पितृ पक्ष) के वंशज थे।
  • चागताई चंगेज़ खान का दूसरा पुत्र था, जिसने मध्य एशिया पर शासन किया।
  • मुगल शब्द “मंगोल” का अपभ्रंश है।
  • अतिरिक्त तथ्य: बाबर फरगना (मध्य एशिया) का शासक था। तैमूर समरकंद का शासक था। चंगेज़ खान मंगोल साम्राज्य का संस्थापक था।

अलाई दरवाजा किस मुग़ल वास्तुकला स्मारक का हिस्सा है?

  • लाल किला, दिल्ली
  • लाल किला, आगरा
  • ताजमहल, आगरा
  • क़ुतुब मीनार, दिल्ली

Explanation:

  • अलाई दरवाजा क़ुतुब मीनार (दिल्ली) का हिस्सा है।
  • इसका निर्माण अलाउद्दीन खिलजी ने 1311 में करवाया था।
  • यह दिल्ली के कुतुब मीनार परिसर के प्रवेश द्वार के रूप में बनाया गया था।
  • इस पर इस्लामी-भारतीय शैली की उत्कृष्ट नक्काशी है।
  • अतिरिक्त तथ्य: कुतुब मीनार का निर्माण कुतुबुद्दीन ऐबक ने 1193 में शुरू किया और इल्तुतमिश ने पूरा किया। लाल किला (दिल्ली) शाहजहाँ ने 1639-1648 में बनवाया। ताजमहल शाहजहाँ ने 1631-1653 में बनवाया।

प्रकाश पर्व किस सिख गुरु के जन्म दिवस पर मनाया जाता है?

  • गुरु नानक देव
  • गुरु गोबिंद सिंह
  • गुरु हरगोबिंद सिंह
  • गुरु तेग बहादुर

Explanation:

  • प्रकाश पर्व गुरु नानक देव (पहले सिख गुरु) के जन्म दिवस पर मनाया जाता है।
  • यह कार्तिक महीने की पूर्णिमा को मनाया जाता है।
  • गुरु नानक देव का जन्म 1469 में ननकाना साहिब (अब पाकिस्तान में) में हुआ था।
  • इसे “गुरु पर्व” या “गुरु नानक जयंती” भी कहा जाता है।
  • अतिरिक्त तथ्य: गुरु गोबिंद सिंह (10वें गुरु, खालसा पंथ के संस्थापक), गुरु हरगोबिंद सिंह (6वें गुरु, मीरी-पीरी प्रथा), गुरु तेग बहादुर (9वें गुरु, हिंदू धर्म की रक्षा के लिए बलिदान)।

अकबरनामा के पहले खंड में _______ का इतिहास बताया गया है।

  • अकबर के पूर्वजों का
  • अकबर की सेना और राजस्व का
  • अकबर के प्रशासन का
  • अकबर के शासनकाल की घटनाओं का

Explanation:

  • अकबरनामा के पहले खंड में अकबर के पूर्वजों का इतिहास बताया गया है।
  • इसमें तैमूर, चंगेज़ खान और बाबर तथा हुमायूँ का वर्णन है।
  • दूसरे खंड में अकबर के शासनकाल की घटनाएँ हैं।
  • तीसरे खंड में अकबर के प्रशासन और राजस्व व्यवस्था का वर्णन है (जिसे ‘आईन-ए-अकबरी’ कहते हैं)।
  • अतिरिक्त तथ्य: अकबरनामा फारसी में लिखी गई है। यह 3 खंडों में विभाजित है। इसका अनुवाद हेनरी बेवरिज ने अंग्रेजी में किया।

संगम काल की निम्नलिखित साहित्यिक कृतियों में से किसको सबसे पुरानी जीवित तमिल कविता का संग्रह माना गया है?

  • पतिणेमेलकणक्कु
  • एट्टुथोकै
  • पट्टुप्पट्टु
  • मणिमैखलाई

Explanation:

  • पतिणेमेलकणक्कु (18 नैतिक ग्रंथ) को सबसे पुरानी जीवित तमिल कविता का संग्रह माना जाता है।
  • यह संगम काल (लगभग 300 ई.पू. – 300 ई.) की रचना है।
  • इसके तिरुवल्लुवर द्वारा रचित ‘तिरुक्कुरल’ को विशेष महत्व है।
  • अतिरिक्त तथ्य: एट्टुथोकै (8 संग्रह), पट्टुप्पट्टु (10 गीत), मणिमैखलाई (बौद्ध महाकाव्य) – ये सभी संगम साहित्य के भाग हैं। संगम का अर्थ तमिल विद्वानों की साहित्यिक सभा है।

वह प्राचीन भाषा कौन सी है जिसमें प्राचीन व्याकरण पुस्तक तोलकापियम् लिखी गई थी?

  • तमिल
  • संस्कृत
  • ओडिया
  • प्राकृत

Explanation:

  • ‘तोलकापियम्’ तमिल भाषा में लिखी गई थी।
  • यह तमिल व्याकरण की सबसे पुरानी पुस्तक है।
  • इसके रचयिता तोलकापियार थे।
  • यह संगम काल (लगभग 3,000 साल पुरानी) की रचना है।
  • अतिरिक्त तथ्य: तमिल भारत की शास्त्रीय भाषाओं में से एक है। संस्कृत (आर्य भाषा), प्राकृत (बौद्ध-जैन साहित्य), ओडिया (ओडिशा की भाषा) ।

भारत में मुग़ल साम्राज्य की स्थापना किसने की थी?

  • शेर शाह
  • अकबर
  • बाबर
  • तैमूर

Explanation:

  • बाबर (1526-1530) ने 1526 में पानीपत की प्रथम लड़ाई जीतकर भारत में मुगल साम्राज्य की स्थापना की।
  • उसने इब्राहिम लोदी को हराकर दिल्ली और आगरा पर कब्जा किया।
  • उसका पूरा नाम ज़हीरुद्दीन मुहम्मद बाबर था।
  • अतिरिक्त तथ्य: शेर शाह (1540-1545, सूरी वंश), अकबर (मुगल साम्राज्य का सबसे महान शासक), तैमूर (1398 में दिल्ली पर आक्रमण किया, मुगल वंश नहीं)।

कानौज का युद्ध कब लड़ा गया था?

  • 1556
  • 1526
  • 1540
  • 1567

Explanation:

  • कानौज का युद्ध 17 मई 1540 को लड़ा गया था।
  • यह हुमायूँ और शेरशाह सूरी के बीच लड़ा गया था।
  • शेरशाह ने इस युद्ध में हुमायूँ को हराया।
  • इस युद्ध के बाद हुमायूँ को भारत छोड़ना पड़ा और शेरशाह ने सूरी वंश की स्थापना की।
  • अतिरिक्त तथ्य: पानीपत की प्रथम लड़ाई (1526) बाबर और इब्राहिम लोदी के बीच। चौसा का युद्ध (1539) भी हुमायूँ और शेरशाह के बीच हुआ था, जिसमें शेरशाह ने जीत हासिल की थी।

सैय्यद वंश का अंतिम शासक कौन था?

  • खिज्र खान
  • मुबारक शाह
  • अलाउद्दीन आलम शाह
  • मुहम्मद शाह

Explanation:

  • सैय्यद वंश (1414-1451) का अंतिम शासक अलाउद्दीन आलम शाह (1445-1451) था।
  • उसने 1451 में अपना राज्य बहलूल लोदी को सौंप दिया।
  • इसके बाद लोदी वंश की शुरुआत हुई।
  • अतिरिक्त तथ्य: खिज्र खान (सैय्यद वंश के संस्थापक, 1414-1421), मुबारक शाह (1421-1434), मुहम्मद शाह (1434-1445) । सैय्यद वंश तैमूर के उत्तराधिकारियों द्वारा स्थापित किया गया था।

पानीपत का दूसरा युद्ध _______ की सेनाओं के बीच लड़ा गया था।

  • अकबर और हेमू
  • हुमायूँ और राणा साँगा
  • बाबर और राणा साँगा
  • अकबर और शेर शाह

Explanation:

  • पानीपत का दूसरा युद्ध 5 नवंबर 1556 को अकबर और हेमू के बीच लड़ा गया था।
  • अकबर की सेना का नेतृत्व बैरम खान ने किया था (क्योंकि अकबर युवा था)।
  • हेमू (हीमू) एक हिंदू साम्राज्यवादी था जिसने मुगलों के खिलाफ युद्ध किया।
  • अकबर की सेना ने हेमू को हराया और उसे बंदी बना लिया।
  • अतिरिक्त तथ्य: प्रथम पानीपत युद्ध (1526) – बाबर बनाम इब्राहिम लोदी। तृतीय पानीपत युद्ध (1761) – मराठा बनाम अहमद शाह अब्दाली।

दिल्ली सल्तनत के पहले आधिकारिक इतिहास माने जाने वाले पुस्तक तजुलमासिर के लेखक का नाम बताइए।

  • इब्न बतूता
  • अब्दुर रज्जाक
  • हसन निजामी
  • अबुल फजल

Explanation:

  • ‘तजुलमासिर’ (ताज-उल-मासिर) दिल्ली सल्तनत का पहला आधिकारिक इतिहास माना जाता है।
  • इसके लेखक हसन निजामी थे।
  • यह फारसी भाषा में लिखी गई है।
  • इसमें गुलाम वंश (1206-1210) के शासन का वर्णन है।
  • अतिरिक्त तथ्य: इब्न बतूता (मोरक्कन यात्री, ‘रिहला’ के लेखक), अब्दुर रज्जाक (फारसी यात्री, विजयनगर साम्राज्य का वर्णन), अबुल फजल (अकबरनामा के लेखक)।

निम्नलिखित में से किसने ‘वेदों की ओर लौटो’ का आदर्श वाक्य प्रचारित किया?

  • स्वामी दयानंद सरस्वती
  • ज्योतिराव गोविंदराव फुले
  • राजा राम मोहन राय
  • स्वामी विवेकानंद

Explanation:

  • स्वामी दयानंद सरस्वती (1824-1883) ने ‘वेदों की ओर लौटो’ (Back to the Vedas) का आदर्श वाक्य प्रचारित किया।
  • उन्होंने 1875 में आर्य समाज की स्थापना की।
  • उन्होंने ‘सत्यार्थ प्रकाश’ नामक पुस्तक लिखी।
  • उन्होंने मूर्तिपूजा, अवतारवाद, बहुदेववाद का विरोध किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: राजा राम मोहन राय (ब्रह्म समाज के संस्थापक), स्वामी विवेकानंद (रामकृष्ण मिशन के संस्थापक), ज्योतिराव फुले (सत्यशोधक समाज के संस्थापक)।

जुलाई 2024 में, भारत का पहला जलमग्न संग्रहालय किस स्थान पर उद्घाटित किया गया था?

  • हुमायूँ का मकबरा परिसर, दिल्ली
  • कुतुब मीनार, दिल्ली
  • लाल किला, दिल्ली
  • इंडिया गेट, दिल्ली

Explanation:

  • जुलाई 2024 में, भारत का पहला जलमग्न संग्रहालय हुमायूँ के मकबरे के परिसर (दिल्ली) में उद्घाटित किया गया था।
  • यह संग्रहालय हुमायूँ के मकबरे के नीचे स्थित है।
  • यह भारत के पहले जलमग्न संग्रहालय के रूप में जाना जाता है।
  • अतिरिक्त तथ्य: हुमायूँ का मकबरा (1569-1572) भारतीय उपमहाद्वीप का पहला बगीचा-मकबरा है। यह यूनेस्को विश्व विरासत स्थल है। इसे हाजी बेगम ने बनवाया था।

अकबर दिल्ली का बादशाह कब बना?

  • 1540
  • 1568
  • 1566
  • 1556

Explanation:

  • अकबर 1556 में 14 वर्ष की आयु में दिल्ली का बादशाह बना था।
  • उसके पिता हुमायूँ की मृत्यु 1556 में हुई थी।
  • उसका राज्याभिषेक कलानौर (पंजाब) में हुआ था।
  • उसके शासनकाल की शुरुआत में बैरम खान उसका संरक्षक (मुख्य सेनापति) था।
  • अतिरिक्त तथ्य: अकबर का शासनकाल 1556-1605 तक रहा। उसने पानीपत का दूसरा युद्ध (1556) हेमू को हराकर जीता।

तुज़ुक-ए-बाबरी किस भाषा में लिखी गई थी?

  • तुर्की
  • उर्दू
  • हिंदी
  • संस्कृत

Explanation:

  • ‘तुज़ुक-ए-बाबरी’ (बाबरनामा) तुर्की (चागताई तुर्की) भाषा में लिखी गई थी।
  • यह बाबर (1483-1530) की आत्मकथा है।
  • इसका अनुवाद फारसी में अब्दुर रहीम खान-ए-खाना ने किया।
  • अंग्रेजी अनुवाद जॉन लेडेन और विलियम एरस्किन ने किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: बाबरनामा में भारत, अफगानिस्तान, मध्य एशिया के राजनीतिक और सामाजिक जीवन का वर्णन है। यह तुर्की साहित्य की एक उत्कृष्ट कृति है।

बाबर के आक्रमण के समय दिल्ली का शासक कौन था?

  • महमूद लोदी
  • इब्राहिम लोदी
  • सिकंदर लोदी
  • दौलत खान लोदी

Explanation:

  • बाबर के आक्रमण (1526) के समय दिल्ली का शासक इब्राहिम लोदी (1517-1526) था।
  • इब्राहिम लोदी लोदी वंश का अंतिम शासक था।
  • उसकी हार पानीपत की प्रथम लड़ाई (1526) में हुई।
  • उसे उसके क्रूर शासन के कारण अपने कई सरदारों का विरोध भी झेलना पड़ा।
  • अतिरिक्त तथ्य: सिकंदर लोदी (1489-1517), बहलूल लोदी (1451-1489, लोदी वंश के संस्थापक), दौलत खान लोदी (पंजाब का शासक जिसने बाबर को भारत आने के लिए आमंत्रित किया)।

खानवा का युद्ध _______ के बीच लड़ा गया था।

  • बाबर और अली मिर्जा
  • हुमायूँ और राणा साँगा
  • अकबर और अली मिर्जा
  • बाबर और राणा साँगा

Explanation:

  • खानवा का युद्ध 16 मार्च 1527 को बाबर और राणा साँगा के बीच लड़ा गया था।
  • यह युद्ध राजस्थान के खानवा (भरतपुर के पास) में हुआ था।
  • बाबर ने इस युद्ध में राणा साँगा को हराया।
  • इस युद्ध ने भारत में मुगल साम्राज्य की नींव को मजबूत किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: राणा साँगा मेवाड़ के राजपूत शासक थे। बाबर ने इस युद्ध में धार्मिक युद्ध (जिहाद) की घोषणा की और अल्कोहल का त्याग किया। अली मिर्जा (मालवा का शासक, एक अन्य युद्ध)।

‘संगम’ शब्द निम्नलिखित में से किसे संदर्भित करता है?

  • एक तमिल राजवंश
  • तमिल विद्वानों की एक साहित्यिक सभा
  • एक प्रकार की तमिल कविता
  • दक्षिण भारतीय धार्मिक ग्रंथ

Explanation:

  • ‘संगम’ शब्द तमिल विद्वानों की एक साहित्यिक सभा को संदर्भित करता है।
  • यह तमिल साहित्यिक सम्मेलन था जो पांड्य राजाओं के संरक्षण में आयोजित किया जाता था।
  • संगम काल (लगभग 300 ई.पू. – 300 ई.) में 3 संगम हुए।
  • प्रथम संगम (मदुरै), द्वितीय संगम (कपाटपुरम), तृतीय संगम (मदुरै)।
  • अतिरिक्त तथ्य: संगम साहित्य में एट्टुथोकै, पट्टुप्पट्टु, पतिणेमेलकणक्कु प्रमुख हैं। यह तमिल भाषा का स्वर्ण युग माना जाता है।

इब्न बतूता के अनुसार, दिल्ली सल्तनत के दौरान भारत की यात्रा करने वाले एक मोरक्कन यात्री, डाक प्रणाली की वह विधि जिसमें शाही घोड़ों का उपयोग पैकेज स्थानांतरित करने के लिए किया जाता था, कहलाती है:

  • दवा
  • उलूक
  • मनसबदारी
  • इक्ता

Explanation:

  • इब्न बतूता (मोरक्कन यात्री, 1304-1369) ने दिल्ली सल्तनत के दौरान उलूक नामक डाक प्रणाली का वर्णन किया।
  • इसमें शाही घोड़ों का उपयोग पैकेजों को स्थानांतरित करने के लिए किया जाता था।
  • यह प्रणाली तेज और कुशल थी।
  • अतिरिक्त तथ्य: दवा (मनसबदारी प्रणाली में घोड़ों की संख्या), मनसबदारी (मुगलों की सैन्य-प्रशासनिक व्यवस्था), इक्ता (दिल्ली सल्तनत की भूमि-राजस्व व्यवस्था)। इब्न बतूता ने ‘रिहला’ नामक पुस्तक लिखी।

निम्नलिखित में से किस मुगल शासक के शासनकाल में सुन्नियों और शियाओं ने एक मस्जिद में और ईसाइयों और यहूदियों ने एक चर्च में प्रार्थना करने के लिए मुलाकात की, इस प्रकार ‘सार्वभौमिक शांति’ (सुल्ह-ए-कुल) के सिद्धांत का पालन किया?

  • जहाँगीर
  • बाबर
  • हुमायूँ
  • अकबर

Explanation:

  • अकबर (1556-1605) ने ‘सुल्ह-ए-कुल’ (सार्वभौमिक शांति) के सिद्धांत का पालन किया।
  • उसने सुन्नियों, शियाओं को एक साथ मस्जिद में और ईसाइयों, यहूदियों को एक साथ चर्च में प्रार्थना करने की अनुमति दी।
  • उसने इबादतखाना की स्थापना की, जहाँ सभी धर्मों के विद्वान चर्चा कर सकते थे।
  • उसने जज़िया कर (गैर-मुस्लिमों पर लगने वाला कर) को समाप्त कर दिया।
  • अतिरिक्त तथ्य: जहाँगीर (1605-1627), बाबर (1526-1530), हुमायूँ (1530-1540, 1555-1556) । अकबर ने दीन-ए-इलाही (धार्मिक समन्वय) भी स्थापित किया।

1761 में पानीपत की तीसरी लड़ाई अहमद शाह अब्दाली और किस भारतीय शक्ति के बीच लड़ी गई थी?

  • मुगल
  • राजपूत
  • ब्रिटिश
  • मराठा

Explanation:

  • पानीपत की तीसरी लड़ाई (14 जनवरी 1761) अहमद शाह अब्दाली (अफगान) और मराठों के बीच लड़ी गई थी।
  • मराठा सेना का नेतृत्व सदाशिवराव भाऊ ने किया था।
  • अहमद शाह अब्दाली अफगानिस्तान (दुर्रानी साम्राज्य) का शासक था।
  • इस युद्ध में मराठों की हार हुई, जिसने मराठा साम्राज्य को कमजोर किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: इस युद्ध में लगभग 1 लाख मराठा सैनिक मारे गए। इस युद्ध के बाद ईस्ट इंडिया कंपनी को भारत में अपने पैर फैलाने का अवसर मिला। प्रथम पानीपत युद्ध (1526), द्वितीय पानीपत युद्ध (1556) ।

पल्लव प्रशासन में, स्थानीय स्व-शासी सभाओं द्वारा सीधे प्रबंधित सबसे छोटी प्रशासनिक इकाई कौन सी थी?

  • नाडु
  • मंडल
  • उर
  • कोट्टम

Explanation:

  • पल्लव प्रशासन में सबसे छोटी प्रशासनिक इकाई “उर” थी, जिसे स्थानीय स्व-शासी सभाओं द्वारा सीधे प्रबंधित किया जाता था।
  • उर एक गाँव या ग्राम सभा को दर्शाता था जहाँ स्थानीय लोग अपने मामलों का प्रबंधन स्वयं करते थे।
  • प्रशासनिक इकाइयों का क्रम: राष्ट्र (प्रांत) → कोट्टम (जिला) → नाडु → उर (गाँव)
  • पल्लवों में सभा (ब्राह्मणों की सभा) और उर (गैर-ब्राह्मणों की सभा) दो प्रकार की ग्राम सभाएँ थीं।
  • अतिरिक्त तथ्य: नाडु एक बड़ी प्रशासनिक इकाई थी, मंडल (मध्यकालीन प्रशासन), कोट्टम (पल्लवों में जिला स्तर की इकाई)। चोल प्रशासन में नाडु सबसे महत्वपूर्ण इकाई थी, जबकि पल्लव में उर सबसे छोटी इकाई थी।

11वीं से 18वीं शताब्दी तक, मध्यकालीन भारत में किस प्रकार का साहित्य सबसे प्रमुख था?

  • नाटकीय ऐतिहासिक प्रदर्शन
  • भक्ति कविता
  • विस्तृत दार्शनिक चर्चाएँ
  • विशेषीकृत वैज्ञानिक लेखन

Explanation:

  • मध्यकालीन भारत (11वीं-18वीं शताब्दी) में भक्ति कविता सबसे प्रमुख साहित्यिक विधा थी।
  • भक्ति आंदोलन ने हिंदी, मराठी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, बांग्ला आदि क्षेत्रीय भाषाओं में कविताओं को जन्म दिया।
  • प्रमुख भक्ति कवि: तुलसीदास (रामचरितमानस), सूरदास (सूरसागर), मीराबाई (पदावली), कबीर, रैदास, गुरु नानक, ज्ञानेश्वर, तुकाराम, चैतन्य महाप्रभु
  • इस काल में निर्गुण भक्ति (निराकार ईश्वर) और सगुण भक्ति (साकार ईश्वर) दोनों शैलियाँ प्रचलित थीं।
  • अतिरिक्त तथ्य: नाटकीय ऐतिहासिक प्रदर्शन (संगीत नाटक), विस्तृत दार्शनिक चर्चाएँ (शंकराचार्य, माधवाचार्य, रामानुजाचार्य – प्राचीन काल), वैज्ञानिक लेखन (आर्यभट्ट, ब्रह्मगुप्त, वराहमिहिर – प्राचीन काल)।

सातवाहन साम्राज्य के दौरान, ‘आहार’ या ‘राष्ट्र’ शब्द का तात्पर्य था:

  • मंदिर भूमि
  • कर अधिकारी
  • राजधानी
  • जिला

Explanation:

  • सातवाहन साम्राज्य (लगभग 230 ईसा पूर्व – 220 ईस्वी) में “आहार” या “राष्ट्र” शब्द का तात्पर्य जिला (प्रशासनिक इकाई) से था।
  • सातवाहनों का शासन दक्कन (मध्य और दक्षिण भारत) में था।
  • प्रशासनिक इकाइयाँ: राज्य (साम्राज्य) → राष्ट्र/आहार (जिला) → ग्राम (गाँव)
  • प्रत्येक आहार का प्रशासन “अमात्य” (मंत्री) करता था।
  • अतिरिक्त तथ्य: सातवाहनों के प्रमुख शासक: सिमुक (संस्थापक), गौतमीपुत्र सातकर्णी, वशिष्ठीपुत्र पुलुमावी। उन्होंने प्राकृत भाषा को संरक्षण दिया और गौतमीपुत्र सातकर्णी ने शक (क्षत्रप) शासकों को पराजित किया।

अलाउद्दीन खिलजी के शासनकाल के दौरान निम्नलिखित में से कौन सा एक सैन्य विभाग था?

  • दीवान-ए-इंशा
  • दीवान-ए-अर्ज
  • दीवान-ए-विजारत
  • दीवान-ए-रिसालत

Explanation:

  • अलाउद्दीन खिलजी (1296-1316) के शासनकाल में दीवान-ए-अर्ज सैन्य विभाग था।
  • इस विभाग का प्रमुख “अरीज़-ए-मुमालिक” (सेना प्रमुख) होता था।
  • यह विभाग सेना के संगठन, भर्ती, वेतन, प्रशिक्षण और शस्त्रों की व्यवस्था करता था।
  • अतिरिक्त तथ्य: दीवान-ए-इंशा (राजस्व और शाही पत्राचार), दीवान-ए-विजारत (वित्त विभाग), दीवान-ए-रिसालत (धार्मिक एवं न्यायिक विभाग)। अलाउद्दीन खिलजी ने सैन्य सुधार किए, जिसमें घोड़ों को दागने (Dagh) और सेना का वेतन निर्धारण शामिल था।

पानीपत की पहली लड़ाई 1526 में हुई थी, जिसमें लोदी वंश को हटाकर भारत में मुगल शासन की स्थापना हुई थी। यह लड़ाई इब्राहिम लोदी और _____ के बीच लड़ी गई थी।

  • शाहजहां
  • अकबर
  • औरंगजेब
  • बाबर

Explanation:

  • पानीपत की पहली लड़ाई (21 अप्रैल 1526) इब्राहिम लोदी (दिल्ली सल्तनत के अंतिम शासक) और बाबर (मुगल शासक) के बीच लड़ी गई थी।
  • इस युद्ध में बाबर की विजय हुई और मुगल साम्राज्य की स्थापना हुई।
  • बाबर ने इस युद्ध में तोपखाने (आग्नेयास्त्र) और तुगलमा युद्धनीति (पार्श्व आक्रमण) का उपयोग किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: दूसरा पानीपत युद्ध (1556) – अकबर ने हेमू को हराया। तीसरा पानीपत युद्ध (1761) – अहमद शाह अब्दाली ने मराठों को हराया। बाबर ने खानवा का युद्ध (1527) राणा साँगा के खिलाफ भी लड़ा।

निम्नलिखित में से कौन सी प्रशासनिक विशेषता पल्लव और पांड्य दोनों राज्यों में समान थी?

  • निर्वाचित सम्राटों द्वारा शासन
  • राज्य का मंडलम और नाडु में विभाजन
  • भू-राजस्व करों का उन्मूलन
  • ग्राम सभाओं को सभा और उर कहा जाता था

Explanation:

  • पल्लव और पांड्य दोनों राज्यों में ग्राम सभाओं को “सभा” और “उर” कहा जाता था।
  • सभा ब्राह्मणों की सभा थी (गाँव के ब्राह्मण निवासी), जो स्थानीय प्रशासन, दान, मंदिरों और शैक्षिक मामलों का प्रबंधन करती थी।
  • उर गैर-ब्राह्मणों की सभा थी, जो गाँव के अन्य वर्गों के लोगों द्वारा बनाई जाती थी।
  • अतिरिक्त तथ्य: चोल राज्य में ग्राम सभाएँ अधिक संगठित थीं, जिसमें उर, सभा, नगरम् तीन प्रकार की सभाएँ थीं। पल्लव (तमिलनाडु, 6वीं-9वीं शताब्दी), पांड्य (तमिलनाडु, प्राचीन काल से 16वीं शताब्दी)। मंडलम और नाडु चोल प्रशासन की इकाइयाँ थीं, पल्लव-पांड्य की नहीं।

दिल्ली में लाल किला निम्नलिखित में से किस मुगल सम्राट के शासनकाल में बनवाया गया था?

  • बाबर
  • शाहजहां
  • औरंगजेब
  • अकबर

Explanation:

  • दिल्ली का लाल किला शाहजहाँ (1628-1658) के शासनकाल में बनवाया गया था।
  • इसका निर्माण 1639-1648 के बीच हुआ था।
  • इसका वास्तुकार उस्ताद अहमद लाहौरी था (जिसने ताजमहल भी बनाया)।
  • शाहजहाँ ने अपनी राजधानी आगरा से दिल्ली (शाहजहाँनाबाद) स्थानांतरित की थी।
  • अतिरिक्त तथ्य: लाल किला यूनेस्को विश्व विरासत स्थल है। इसे “किला-ए-मुबारक” भी कहा जाता था। शाहजहाँ ने ताजमहल, जामा मस्जिद (दिल्ली), मोती मस्जिद (आगरा), शाहजहाँनाबाद का निर्माण भी करवाया।

मुगल काल के दौरान, आइन-ए-दहसाला प्रणाली _____ द्वारा शुरू की गई थी।

  • बाबर
  • शाहजहां
  • अकबर
  • औरंगजेब

Explanation:

  • आइन-ए-दहसाला (बंटवारा प्रणाली) अकबर (1556-1605) द्वारा शुरू की गई थी।
  • यह भू-राजस्व सुधार था जिसे राजा टोडर मल (अकबर के वित्त मंत्री) ने 1580 में लागू किया था।
  • इसके तहत, भूमि को 10 वर्षों के औसत उत्पादन के आधार पर कर निर्धारित किया जाता था।
  • कर का भुगतान नकद (रुपया) में किया जाता था।
  • अतिरिक्त तथ्य: अकबर ने मनसबदारी प्रणाली (सैन्य और नागरिक पद), सुलह-ए-कुल (सर्वधर्म समभाव) और दीन-ए-इलाही (धार्मिक सुधार) भी शुरू किए। राजा टोडर मल अकबर के नवरत्नों में से एक थे।

दिल्ली सल्तनत का कौन सा विभाग साम्राज्य की सेना के सैन्य संगठन और प्रशासन के लिए जिम्मेदार था?

  • दीवान-ए-इंशा
  • दीवान-ए-रियासत
  • दीवान-ए-रिसालत
  • दीवान-ए-अर्ज़

Explanation:

  • दीवान-ए-अर्ज़ दिल्ली सल्तनत का सैन्य विभाग था, जो सेना के संगठन और प्रशासन के लिए जिम्मेदार था।
  • इस विभाग का प्रमुख “अरीज़-ए-मुमालिक” (सेनापति) होता था।
  • यह सैनिकों की भर्ती, वेतन, प्रशिक्षण, शस्त्र-शस्त्रों की व्यवस्था करता था।
  • अतिरिक्त तथ्य: दीवान-ए-इंशा (राजस्व और शाही पत्राचार), दीवान-ए-रियासत (बाजार नियंत्रण और व्यापार), दीवान-ए-रिसालत (धार्मिक एवं न्यायिक विभाग), दीवान-ए-विजारत (वित्त विभाग)। अलाउद्दीन खिलजी ने दीवान-ए-अर्ज़ को विशेष रूप से मजबूत किया।

दिल्ली सल्तनत के दौरान दबीर-ए-खास के नेतृत्व में कौन सा विभाग शाही पत्रव्यवहार और आधिकारिक संचार का काम संभालता था?

  • दीवान-ए-रियासत
  • दीवान-ए-अर्ज़
  • दीवान-ए-इंशा
  • बरीद-ए-मुमालिक

Explanation:

  • दीवान-ए-इंशा शाही पत्रव्यवहार और आधिकारिक संचार के लिए जिम्मेदार विभाग था।
  • इस विभाग का प्रमुख “दबीर-ए-खास” (शाही सचिव) कहलाता था।
  • यह राजा के आदेश, शाही फरमान, संधियाँ, राज्यों को पत्र आदि तैयार करता था।
  • अतिरिक्त तथ्य: बरीद-ए-मुमालिक गुप्तचर विभाग (खुफिया/जासूसी) का प्रमुख था। दीवान-ए-रियासत (बाजार नियंत्रण), दीवान-ए-अर्ज़ (सैन्य विभाग), दीवान-ए-रिसालत (धार्मिक एवं न्यायिक विभाग)। बलबन ने गुप्तचर व्यवस्था (बरीद) को मजबूत किया।

मध्य प्रदेश, भारत में खजुराहो में स्थित कंदरिया महादेव मंदिर के निर्माण का श्रेय किस चंदेल शासक को दिया जाता है?

  • यशोवर्मन
  • कीर्तिवर्मन
  • धंग
  • विद्याधर

Explanation:

  • खजुराहो का कंदरिया महादेव मंदिर चंदेल शासक विद्याधर (लगभग 1017-1029 ई.) ने बनवाया था।
  • यह मंदिर भगवान शिव (महादेव) को समर्पित है।
  • इसका निर्माण 11वीं शताब्दी (लगभग 1030 ई.) में हुआ था।
  • यह खजुराहो (छतरपुर, मध्य प्रदेश) के सबसे बड़े और सबसे सुंदर मंदिरों में से एक है।
  • अतिरिक्त तथ्य: यशोवर्मन (चंदेल शासक, लक्ष्मण मंदिर के निर्माता), धंग (विश्वनाथ मंदिर के निर्माता), कीर्तिवर्मन (चंदेल शासक)। खजुराहो के मंदिर यूनेस्को विश्व विरासत स्थल हैं।

निम्नलिखित में से पाल वंश का संस्थापक कौन है?

  • भोज
  • धर्मपाल
  • गोपाल
  • ध्रुव

Explanation:

  • पाल वंश के संस्थापक गोपाल (लगभग 750-770 ई.) थे।
  • इन्होंने बंगाल और बिहार में पाल साम्राज्य की स्थापना की थी।
  • इनका शासन गौड़ (बांग्लादेश) से शुरू हुआ था।
  • गोपाल के बाद धर्मपाल (770-810) और देवपाल (810-850) प्रमुख शासक थे।
  • अतिरिक्त तथ्य: पाल वंश बौद्ध धर्म के समर्थक थे। इन्होंने नालंदा, विक्रमशिला, उद्दंडपुरा जैसे महान बौद्ध विश्वविद्यालयों को संरक्षण दिया। भोज (परमार वंश), ध्रुव (राष्ट्रकूट वंश) ।

अलाउद्दीन खिलजी के अधीन बाजार नियंत्रण का मुख्य उद्देश्य ________ था।

  • कारीगर संघों को संरक्षण देना
  • विदेशी व्यापार को प्रोत्साहित करना
  • विलासिता शिल्प और वस्तुओं को बढ़ावा देना
  • सेना के प्रावधानों के लिए मूल्य मुद्रास्फीति की जाँच करना

Explanation:

  • अलाउद्दीन खिलजी (1296-1316) के बाजार नियंत्रण का मुख्य उद्देश्य सेना के प्रावधानों के लिए मूल्य मुद्रास्फीति पर नियंत्रण था।
  • उसने विभिन्न वस्तुओं (अनाज, कपड़ा, चीनी, घी, मांस आदि) के मूल्य निर्धारित किए।
  • इसके लिए उसने बाजार अधीक्षक (शहना-ए-मंडी) की नियुक्ति की और दीवान-ए-रियासत विभाग बनाया।
  • उसने व्यापारियों को पंजीकृत किया और उन्हें सरकारी गोदामों से सामान बेचने का निर्देश दिया।
  • अतिरिक्त तथ्य: अलाउद्दीन खिलजी ने सेना का आकार लगभग 4.75 लाख घुड़सवारों तक बढ़ाया। बाजार नियंत्रण ने मंगोल आक्रमणों से लड़ने के लिए सेना को सस्ते दामों पर खाद्य आपूर्ति सुनिश्चित की।

1857 के विद्रोह के दौरान विद्रोही सिपाहियों द्वारा किसे भारत का सम्राट घोषित किया गया था?

  • अकबर द्वितीय
  • शाह आलम द्वितीय
  • बहादुर शाह द्वितीय
  • औरंगजेब

Explanation:

  • 1857 के विद्रोह के दौरान विद्रोही सिपाहियों ने बहादुर शाह द्वितीय (जफर) को भारत का सम्राट घोषित किया था।
  • वह मुगल वंश के अंतिम शासक थे (1837-1857) ।
  • विद्रोही सिपाही मई 1857 में दिल्ली पहुँचे और बहादुर शाह से समर्थन माँगा, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया।
  • विद्रोह विफल होने पर अंग्रेजों ने उन्हें पकड़ लिया और रंगून (म्यांमार) में निर्वासित कर दिया, जहाँ 1862 में उनकी मृत्यु हो गई।
  • अतिरिक्त तथ्य: अकबर द्वितीय (1806-1837), शाह आलम द्वितीय (1760-1806) (जिसने 1765 में इलाहाबाद की संधि पर हस्ताक्षर किए), औरंगजेब (1658-1707 – अंतिम शक्तिशाली मुगल शासक) ।

पाल और प्रतिहार साम्राज्य में एक प्रांत (भुक्ति) के राज्यपाल को क्या कहा जाता था?

  • राष्ट्रपति
  • ऊपरिका
  • विषयपति
  • कोष्ठापाल

Explanation:

  • पाल और प्रतिहार साम्राज्य में एक प्रांत (भुक्ति) के राज्यपाल को “ऊपरिका” कहा जाता था।
  • भुक्ति सबसे बड़ी प्रशासनिक इकाई थी, जो कई विषयों (जिलों) में विभाजित थी।
  • ऊपरिका का मुख्य कार्य कर संग्रह, न्याय, सुरक्षा और प्रशासनिक पर्यवेक्षण था।
  • अतिरिक्त तथ्य: विषयपति जिला (विषय) का प्रशासक था। कोष्ठापाल खजाना का अधिकारी था। राष्ट्रपति सातवाहन प्रशासन में प्रांत का प्रमुख था। पाल वंश (बंगाल, 8वीं-12वीं शताब्दी), प्रतिहार वंश (मध्य भारत, 8वीं-11वीं शताब्दी) ।

अकबरनामा के निम्नलिखित अनुभागों में से किसमें अबुल फजल अकबर के प्रशासन, घर, सेना, राजस्व और उसके साम्राज्य के भूगोल पर चर्चा करते हैं?

  • केवल पहले अनुभाग में।
  • दूसरे और तीसरे दोनों अनुभागों में।
  • केवल तीसरे अनुभाग में
  • पहले और दूसरे दोनों अनुभागों में।

Explanation:

  • अकबरनामा (अबुल फज़ल द्वारा रचित) के तीसरे अनुभाग में अकबर के प्रशासन, घर, सेना, राजस्व और साम्राज्य के भूगोल पर चर्चा की गई है।
  • अकबरनामा तीन भागों में विभाजित है:
    • पहला भाग – अकबर के पूर्वजों (बाबर, हुमायूँ) का इतिहास।
    • दूसरा भाग – अकबर के शासन की घटनाओं का वर्णन (1556-1602) ।
    • तीसरा भागआईन-ए-अकबरी (अकबर का प्रशासन, राजस्व, सेना, भूगोल, समाज, संस्कृति)।
  • अतिरिक्त तथ्य: अबुल फज़ल अकबर के नवरत्नों में से एक थे। आईन-ए-अकबरी भारत के सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक जीवन का महत्वपूर्ण दस्तावेज़ है।

निम्नलिखित में से किसने 13वीं शताब्दी में मृग-पासी-शास्त्र का संकलन किया, जिसमें शिकार के पशुओं और पक्षियों का विवरण दिया गया था?

  • अकबर
  • जहाँगीर
  • हंसदेव
  • मंसूर

Explanation:

  • “मृग-पासी-शास्त्र” (शिकारी पशुओं का शास्त्र) का संकलन 13वीं शताब्दी में हंसदेव ने किया था।
  • इस पुस्तक में शिकार के पशुओं और पक्षियों का विस्तृत विवरण दिया गया है।
  • हंसदेव गहड़वाल वंश (कन्नौज) के शासक जयचंद के दरबारी कवि थे।
  • अतिरिक्त तथ्य: जहाँगीर (मुगल शासक) भी शिकार और जीव-जंतुओं में रुचि रखते थे, उन्होंने “तुजुक-ए-जहाँगीरी” (आत्मकथा) में जीव-जंतुओं का वर्णन किया। मंसूर (जहाँगीर के दरबारी चित्रकार) ने जीवों के चित्र बनाए। अकबर ने भी शिकार को महत्व दिया।

प्लासी का युद्ध 1757 ब्रिटिश सेनाओं, जिसका नेतृत्व रॉबर्ट क्लाइव ने किया था, और बंगाल के नवाब _____ के बीच लड़ा गया था।

  • शाह आलम द्वितीय
  • अली वर्दी खान
  • सरफराज खान
  • सिराज-उद-दौला

Explanation:

  • प्लासी का युद्ध (23 जून 1757) ब्रिटिश सेना (रॉबर्ट क्लाइव) और बंगाल के नवाब सिराज-उद-दौला के बीच लड़ा गया था।
  • यह युद्ध प्लासी (बंगाल, अब पश्चिम बंगाल) में हुआ था।
  • इसमें ब्रिटिशों की विजय हुई, जिसने भारत में ब्रिटिश साम्राज्य की नींव रखी।
  • इस युद्ध में मीर जाफर (सिराज-उद-दौला के सेनापति) ने अंग्रेजों के साथ विश्वासघात किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: अली वर्दी खान (सिराज-उद-दौला के पूर्ववर्ती नवाब), सरफराज खान (अली वर्दी खान से पहले), शाह आलम द्वितीय (मुगल सम्राट, 1760-1806, बक्सर युद्ध 1764 में अंग्रेजों से हारा)। बक्सर का युद्ध (1764) भारत में ब्रिटिश प्रभुत्व की वास्तविक नींव थी।

अकबर के अधीन, पूरे मुगल साम्राज्य में राजस्व और वित्तीय पर्यवेक्षण के लिए कौन जिम्मेदार था?

  • वकील
  • सूबेदार
  • मीर बख्शी
  • दीवान-ए-कुल

Explanation:

  • अकबर के अधीन दीवान-ए-कुल (मुख्य वित्त मंत्री) पूरे मुगल साम्राज्य में राजस्व और वित्तीय पर्यवेक्षण के लिए जिम्मेदार था।
  • इस पद को “वज़ीर” या “मुख्य दीवान” भी कहा जाता था।
  • अकबर के समय में राजा टोडर मल एक प्रसिद्ध दीवान-ए-कुल थे।
  • अतिरिक्त तथ्य: सूबेदार (प्रांत का प्रशासक), मीर बख्शी (सेना प्रमुख), वकील (प्रधानमंत्री, मुख्य सलाहकार)। अकबर ने अपने साम्राज्य को 15 सूबों (प्रांतों) में विभाजित किया था। राजा टोडर मल ने आइन-ए-दहसाला राजस्व प्रणाली भी लागू की।

8वीं शताब्दी ईस्वी में मालवा में गुर्जर-प्रतिहार वंश की स्थापना किस राजपूत शासक ने की थी?

  • नागभट्ट प्रथम
  • मिहिर भोज
  • वत्सराज
  • ध्रुव

Explanation:

  • गुर्जर-प्रतिहार वंश की स्थापना 8वीं शताब्दी में नागभट्ट प्रथम (730-760 ई.) ने मालवा में की थी।
  • उन्होंने अरब आक्रमणकारियों (सिंध के अरब शासकों) को पराजित किया।
  • प्रतिहारों की राजधानी अवन्ति (उज्जैन) और बाद में कन्नौज थी।
  • अतिरिक्त तथ्य: मिहिर भोज (9वीं शताब्दी – सबसे शक्तिशाली प्रतिहार शासक), वत्सराज (8वीं शताब्दी), ध्रुव (राष्ट्रकूट शासक, जिसने वत्सराज को हराया)। त्रिपक्षीय संघर्ष (गुर्जर-प्रतिहार, पाल, राष्ट्रकूट) कन्नौज पर नियंत्रण के लिए हुआ था।

त्रिपक्षीय संघर्ष गुर्जर-प्रतिहार, पाल और किस दक्षिण भारतीय राजवंश के बीच एक लम्बा संघर्ष था?

  • राष्ट्रकूट
  • चोल
  • सातवाहन
  • पल्लव

Explanation:

  • त्रिपक्षीय संघर्ष गुर्जर-प्रतिहार, पाल और राष्ट्रकूट राजवंशों के बीच 8वीं-10वीं शताब्दी में कन्नौज पर नियंत्रण के लिए लड़ा गया था।
  • यह संघर्ष लगभग 200 वर्षों (8वीं-10वीं शताब्दी) तक चला।
  • अंततः गुर्जर-प्रतिहार को कन्नौज पर नियंत्रण मिला।
  • अतिरिक्त तथ्य: प्रतिहार शासक – नागभट्ट प्रथम, वत्सराज, मिहिर भोज; पाल शासक – गोपाल, धर्मपाल, देवपाल; राष्ट्रकूट शासक – दंतिदुर्ग, कृष्ण प्रथम, गोविंद तृतीय। राष्ट्रकूट का शासन दक्कन (कर्नाटक-महाराष्ट्र) में था।

काकतीय साम्राज्य के पतन के बाद किस दिल्ली सुल्तान ने बुक्का और हरिहर को बंदी बनाया था?

  • फिरोज शाह तुगलक
  • बलबन
  • मुहम्मद बिन तुगलक
  • अलाउद्दीन खिलजी

Explanation:

  • काकतीय साम्राज्य के पतन के बाद मुहम्मद बिन तुगलक (1325-1351) ने बुक्का और हरिहर को बंदी बनाया था।
  • बुक्का और हरिहर विजयनगर साम्राज्य के संस्थापक (1336) थे।
  • मुहम्मद बिन तुगलक ने काकतीय साम्राज्य (वारंगल) को 1323 में पराजित किया था।
  • बाद में मुहम्मद बिन तुगलक ने बुक्का और हरिहर को दक्षिण भारत में एक नए राज्य की स्थापना की अनुमति दी, जिससे विजयनगर साम्राज्य का जन्म हुआ।
  • अतिरिक्त तथ्य: काकतीय वंश के प्रमुख शासक गणपतिदेव, रुद्रदेव, प्रतापरुद्र थे। अलाउद्दीन खिलजी ने मलिक काफूर को दक्षिण भारत में भेजा था। फिरोज शाह तुगलक ने बंगाल, उड़ीसा पर आक्रमण किए। बलबन (1266-1287) ने गुप्तचर व्यवस्था को मजबूत किया।

एलोरा में कैलाश मंदिर का निर्माण निम्नलिखित में से किस राजवंश के दौरान किया गया था?

  • चोल
  • चालुक्य
  • पल्लव
  • राष्ट्रकूट

Explanation:

  • एलोरा के कैलाश मंदिर का निर्माण राष्ट्रकूट वंश (753-982 ई.) के दौरान किया गया था।
  • इसे राष्ट्रकूट शासक कृष्ण प्रथम (756-773 ई.) ने बनवाया था।
  • यह मंदिर एकल चट्टान को काटकर बनाया गया है (मोनोलिथिक रॉक-कट) ।
  • यह भगवान शिव (कैलाश पर्वत) को समर्पित है।
  • एलोरा महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में स्थित है।
  • अतिरिक्त तथ्य: एलोरा में 34 मंदिर हैं (12 बौद्ध, 17 हिंदू, 5 जैन)। यह यूनेस्को विश्व विरासत स्थल है। राष्ट्रकूट वंश की राजधानी मान्यखेत (कर्नाटक) थी। अमोघवर्ष राष्ट्रकूट वंश का सबसे महान शासक था।

शेरशाह के प्रशासन के दौरान निम्नलिखित में से कौन सा अधिकारी गाँव में कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिम्मेदार था?

  • क़ाज़ी
  • मुक़द्दम
  • शिक़्क़दार
  • फ़ोतेदार

Explanation:

  • शेरशाह (1540-1545) के प्रशासन में गाँव में कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुक़द्दम (ग्राम प्रधान) जिम्मेदार था।
  • शेरशाह ने अपने साम्राज्य को 4 प्रांतों (सरकार) में विभाजित किया।
  • प्रत्येक सरकार को परगनों में और परगनों को गाँवों में विभाजित किया गया।
  • शिक़्क़दार (फौजदार) प्रशासनिक और सैन्य अधिकारी था।
  • फ़ोतेदार राजस्व अधिकारी था।
  • क़ाज़ी न्यायिक अधिकारी था।
  • अतिरिक्त तथ्य: शेरशाह ने रुपया (चाँदी का सिक्का) चलाया, डाक व्यवस्था (घोड़ों की डाक) की स्थापना की और ग्रैंड ट्रंक रोड (कलकत्ता-पेशावर) का निर्माण करवाया।

पल्लवों के अधीन ब्रह्मदेय गांवों में, स्थानीय सभा असेंबली का प्रबंधन मुख्य रूप से किस जाति द्वारा किया जाता था?

  • वैश्य
  • शूद्र
  • ब्राह्मण
  • क्षत्रिय

Explanation:

  • पल्लवों के अधीन ब्रह्मदेय गाँवों (ब्राह्मणों को दान में दिए गए गाँव) में स्थानीय सभा का प्रबंधन मुख्य रूप से ब्राह्मण जाति द्वारा किया जाता था।
  • ब्रह्मदेय गाँव कर-मुक्त होते थे और इन्हें धार्मिक एवं शैक्षणिक गतिविधियों के लिए दान किया जाता था।
  • इन गाँवों में सभा (असेंबली) ग्राम प्रशासन चलाती थी।
  • अतिरिक्त तथ्य: पल्लवों की राजधानी कांचीपुरम थी। पल्लवों ने महाबलीपुरम (मामल्लपुरम) के मंदिरों (रथ मंदिर, शोर मंदिर) का निर्माण करवाया। पल्लव शासन (575-897 ई.) दक्षिण भारत का एक महत्वपूर्ण काल था।

पट्टदकल का प्रसिद्ध विरुपाक्ष मंदिर, 8वीं शताब्दी में किसके द्वारा बनवाया गया था?

  • चालुक्य
  • वर्धन
  • वाकाटक
  • पल्लव

Explanation:

  • पट्टदकल का विरुपाक्ष मंदिर 8वीं शताब्दी में चालुक्य वंश (543-753 ई.) द्वारा बनवाया गया था।
  • इसका निर्माण चालुक्य शासक विक्रमादित्य द्वितीय (733-746 ई.) ने करवाया था।
  • यह मंदिर भगवान शिव (विरुपाक्ष) को समर्पित है।
  • पट्टदकल कर्नाटक में स्थित है और यूनेस्को विश्व विरासत स्थल है।
  • अतिरिक्त तथ्य: पट्टदकल में 10 मंदिर हैं (द्रविड़ और नागर शैली का मिश्रण)। चालुक्य वंश की राजधानी बादामी (वातापी) थी। प्रमुख शासक: पुलकेशिन प्रथम, पुलकेशिन द्वितीय, विक्रमादित्य प्रथम

शेरशाह ने अपने साम्राज्य को शिक्कों में विभाजित किया, जो मुगलों के अधीन किस प्रशासनिक प्रभाग के बराबर था?

  • सूबा
  • परगना
  • मंडल
  • सरकार

Explanation:

  • शेरशाह ने अपने साम्राज्य को शिक्कों (सरकार) में विभाजित किया, जो मुगलों के अधीन सरकार (प्रांत) के बराबर था।
  • शेरशाह के प्रशासनिक ढाँचे: साम्राज्य → सरकार (शिक्का) → परगना → गाँव
  • मुगलों के अधीन: साम्राज्य → सूबा → सरकार → परगना → गाँव
  • अतिरिक्त तथ्य: शेरशाह का पूरा नाम फ़रीद खान था। उसने 1540 में हुमायूँ को हराकर सूरी वंश की स्थापना की। उसके प्रशासनिक सुधारों को बाद में अकबर ने अपनाया।

बहादुर शाह जफर और उनकी पत्नी बेगम ज़ीनत महल को रंगून में कब कैद में भेजा गया था?

  • अप्रैल 1857
  • अक्टूबर 1858
  • जनवरी 1859
  • अक्टूबर 1857

Explanation:

  • बहादुर शाह जफर (अंतिम मुगल सम्राट) और उनकी पत्नी बेगम ज़ीनत महल को अक्टूबर 1858 में रंगून (म्यांमार) में कैद में भेजा गया था।
  • 1857 के विद्रोह के बाद अंग्रेजों ने उन्हें दिल्ली से पकड़ा और मुकदमा चलाकर निर्वासित कर दिया।
  • बहादुर शाह जफर की मृत्यु 1862 में रंगून में हुई।
  • अतिरिक्त तथ्य: बहादुर शाह जफर एक उर्दू कवि भी थे। उनका दरबार कवियों का केंद्र था। 1857 के विद्रोह को वे अपना आखिरी संघर्ष मानते थे। अंग्रेजों ने उनके दोनों बेटों को गोली मार दी थी।

प्रारंभिक तमिल साहित्य में एक उल्लेखनीय कृति मणिमेकलई को किस प्रकार की साहित्यिक रचना के रूप में वर्गीकृत किया गया है?

  • एक महाकाव्य
  • एक आत्मकथा
  • एक ग्रंथ
  • एक संस्मरण

Explanation:

  • मणिमेकलई प्रारंभिक तमिल साहित्य की एक महाकाव्य (Epic) रचना है।
  • इसके रचयिता सीतलाई सात्तनार थे, जो एक बौद्ध कवि थे।
  • यह शिलप्पदिकारम का पूरक (उत्तर कथा) है।
  • इसमें बौद्ध धर्म के सिद्धांतों का वर्णन है।
  • मणिमेकलई कोवलन और माधवी की पुत्री है।
  • अतिरिक्त तथ्य: तमिल के पंच महाकाव्य हैं: शिलप्पदिकारम, मणिमेकलई, जीवक चिंतामणि, वलयापति, कुंडलकेसीशिलप्पदिकारम के रचयिता इलंगो अधिगल (जैन) थे।

अमीर खुसरो को किन दो भाषाओं में योगदान के लिए जाना जाता है?

  • संस्कृत और तमिल
  • बंगाली और पंजाबी
  • मराठी और गुजराती
  • फारसी और हिंदवी

Explanation:

  • अमीर खुसरो (1253-1325) को फारसी और हिंदवी (प्रारंभिक हिंदी/उर्दू) भाषाओं में योगदान के लिए जाना जाता है।
  • उन्होंने फारसी में कविता और हिंदवी में लोकगीत (गीत) लिखे।
  • उन्हें “हिंदुस्तान का तोता” (तूती-ए-हिंद) कहा जाता है।
  • वह अलाउद्दीन खिलजी के दरबार के प्रमुख कवि थे।
  • अतिरिक्त तथ्य: अमीर खुसरो ने खयाल, तराना, कव्वाली संगीत शैलियों को विकसित किया। उन्हें सितार का आविष्कारक भी माना जाता है। प्रमुख रचनाएँ: खजाइन-उल-फुतूह, तुगलकनामा, नुह सिपिह्र, मिफ्ताह-उल-फुतूह

निम्नलिखित में से किस दिल्ली सुल्तान की मृत्यु 1210 में पोलो खेलते समय दुर्घटना में हुई थी?

  • कुतुबुद्दीन ऐबक
  • जलालुद्दीन खिलजी
  • फिरोज शाह तुगलक
  • इब्राहिम लोदी

Explanation:

  • कुतुबुद्दीन ऐबक (1206-1210) की मृत्यु 1210 में चौगान (पोलो) खेलते समय घोड़े से गिरकर दुर्घटना में हुई थी।
  • वह दिल्ली सल्तनत का प्रथम सुल्तान और गुलाम वंश का संस्थापक था।
  • उसने कुतुब मीनार का निर्माण शुरू करवाया था (बाद में इल्तुतमिश ने पूरा किया)।
  • वह मुहम्मद गोरी का गुलाम और सेनापति था।
  • अतिरिक्त तथ्य: जलालुद्दीन खिलजी (1290-1296) की हत्या अलाउद्दीन खिलजी ने की थी। फिरोज शाह तुगलक (1351-1388) की मृत्यु स्वाभाविक थी। इब्राहिम लोदी (1517-1526) की मृत्यु पानीपत की प्रथम लड़ाई में हुई थी।

निम्नलिखित में से कौन सा दक्षिण भारतीय साम्राज्य उत्तर में गंगा नदी को पार करने वाली विजय के लिए जाना जाता है?

  • पांड्य
  • पल्लव
  • चालुक्य
  • चोल

Explanation:

  • चोल साम्राज्य (300 ई.पू.-1279 ई.) उत्तर में गंगा नदी को पार करने वाली विजय के लिए जाना जाता है।
  • राजेन्द्र चोल प्रथम (1014-1044) ने 1021-1022 में गंगा अभियान चलाकर गंगा को पार किया और गंगईकोण्ड चोलपुरम नामक नई राजधानी बसाई।
  • उसने श्रीलंका, मालदीव, दक्षिण-पूर्व एशिया पर भी विजय प्राप्त की।
  • राजाराज चोल प्रथम (985-1014) ने चोल साम्राज्य का विस्तार किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: चोल वंश के प्रमुख शासक: विजयालय (संस्थापक), राजाराज प्रथम, राजेन्द्र प्रथम, कुलोत्तुंग प्रथम। उन्होंने ब्रह्मदेश (श्रीलंका) पर कब्जा किया और भारतीय व्यापार को बढ़ावा दिया।

चोल शासन के दौरान, निम्नलिखित में से कौन सी भूमि जैन संस्थानों को दान की गई थी?

  • पल्लिच्छंदम
  • तिरुनामट्टुक्कानी
  • शालभोग
  • वेल्लनवगाई

Explanation:

  • चोल शासन के दौरान पल्लिच्छंदम भूमि जैन संस्थानों को दान की गई थी।
  • चोलों ने विभिन्न प्रकार की भूमि का वर्गीकरण किया था:
  • पल्लिच्छंदम – जैन मंदिरों/संस्थानों को दान
  • शालभोग – स्कूलों/शिक्षण संस्थानों को दान
  • तिरुनामट्टुक्कानी – देवता/मंदिरों को दान
  • वेल्लनवगाई – किसानों (वेल्लालों) की भूमि
  • ब्रह्मदेय – ब्राह्मणों को दान
  • अतिरिक्त तथ्य: चोल शासन में भूमि राजस्व आय का मुख्य स्रोत था। उन्होंने सिंचाई (कावेरी नदी पर बाँध) को बढ़ावा दिया।

अलाउद्दीन खिलजी ने सेना को नियंत्रित करने के लिए दाग और हुलिया प्रणाली शुरू की। हुलिया किससे संबंधित था?

  • सैनिक का वेतन
  • सैनिक का विवरण
  • भू राजस्व
  • घोड़े की ब्रांडिंग

Explanation:

  • अलाउद्दीन खिलजी (1296-1316) ने सेना को नियंत्रित करने के लिए दाग और हुलिया प्रणाली शुरू की।
  • हुलिया का संबंध सैनिक के विवरण (व्यक्तिगत पहचान पत्र) से था।
  • इसमें सैनिक का नाम, पता, पहचान चिह्न, रूप-रंग आदि का विवरण दर्ज किया जाता था।
  • दाग का संबंध घोड़ों की ब्रांडिंग (चिह्नित करने) से था।
  • इस प्रणाली का उद्देश्य नकली सैनिकों और घोड़ों की चोरी को रोकना था।
  • अतिरिक्त तथ्य: अलाउद्दीन खिलजी ने बाजार नियंत्रण (मूल्य निर्धारण) भी लागू किया। उसने मंगोल आक्रमणों को सफलतापूर्वक रोका। उसके सैन्य सुधारों ने दिल्ली सल्तनत को मजबूत किया।

किस इंडो-ग्रीक शासक के राजदूत हेलियोडोरस ने विदिशा में एक स्तंभ स्थापित किया और भगवान कृष्ण के भक्त थे?

  • डियोडोटस
  • डेमेट्रियस
  • एंटियालकिडस
  • मेनांडर

Explanation:

  • हेलियोडोरस (इंडो-ग्रीक शासक एंटियालकिडस का राजदूत) ने विदिशा (मध्य प्रदेश, भेसनगर) में गरुड़ स्तंभ स्थापित किया था।
  • वह भगवान कृष्ण (वासुदेव) का भक्त था।
  • स्तंभ पर ब्राह्मी लिपि में एक अभिलेख है, जिसमें उसे “भागवत” (कृष्ण भक्त) कहा गया है।
  • यह स्तंभ 110 ई.पू. का माना जाता है।
  • अतिरिक्त तथ्य: मेनांडर (मिलिंद) एक प्रसिद्ध इंडो-ग्रीक शासक था जिसने मिलिंद पन्हो (बौद्ध ग्रंथ) में संवाद किया। डियोडोटस (बैक्ट्रिया का पहला शासक), डेमेट्रियस (भारत पर आक्रमण करने वाला पहला ग्रीक)।

शाहजहां के शासनकाल के दौरान, 8000 मनसबदारों में से कितने उच्च पद वाले मनसबदार थे, जिन्हें साम्राज्य के कुल अनुमानित राजस्व का 61.5% अपने और अपने सैनिकों के वेतन के रूप में प्राप्त हुआ?

  • 445
  • 545
  • 245
  • 345

Explanation:

  • शाहजहाँ (1628-1658) के शासनकाल में 8000 मनसबदारों में से 445 उच्च पद वाले (3,000 एवं उससे ऊपर के मनसब) मनसबदार थे।
  • इन 445 मनसबदारों को साम्राज्य के कुल अनुमानित राजस्व का 61.5% अपने और अपने सैनिकों के वेतन के रूप में प्राप्त हुआ।
  • मनसबदारी प्रणाली को अकबर ने लागू किया था।
  • यह सैन्य-प्रशासनिक व्यवस्था थी, जिसमें प्रत्येक मनसबदार को जागीर (भूमि) दी जाती थी।
  • अतिरिक्त तथ्य: मनसबदारों को ज़ात (व्यक्तिगत पद) और सवार (घुड़सवारों की संख्या) में वर्गीकृत किया गया था। शाहजहाँ ने मनसबदारी प्रणाली को सुधारा और सैनिकों की गणना पर जोर दिया।

मालवा क्षेत्र में नागभट्ट प्रथम द्वारा गुर्जर प्रतिहार राजवंश की स्थापना कब की गई थी?

  • छठी शताब्दी
  • 10वीं शताब्दी
  • 12वीं शताब्दी
  • 8वीं शताब्दी

Explanation:

  • गुर्जर-प्रतिहार राजवंश की स्थापना नागभट्ट प्रथम ने 8वीं शताब्दी (लगभग 730-760 ई.) में मालवा क्षेत्र में की थी।
  • गुर्जर-प्रतिहारों की राजधानी अवंती (उज्जैन) थी, बाद में कन्नौज हुई।
  • इन्होंने अरब आक्रमणकारियों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
  • प्रमुख शासक: नागभट्ट प्रथम, वत्सराज, नागभट्ट द्वितीय, मिहिर भोज, महेन्द्रपाल
  • अतिरिक्त तथ्य: गुर्जर-प्रतिहार, पाल (बंगाल) और राष्ट्रकूट (दक्षिण) के बीच त्रिपक्षीय संघर्ष (8वीं-9वीं शताब्दी) हुआ। मिहिर भोज (836-885) प्रतिहार वंश का सबसे महान शासक था।

8वीं और 9वीं शताब्दी के दौरान निम्नलिखित में से किन शक्तियों के बीच ‘त्रिपक्षीय संघर्ष’ हुआ था?

  • चोल, चालुक्य और सातवाहन
  • पांड्य, पल्लव और चोल
  • राष्ट्रकूट, चोल और वर्धन
  • पाल, प्रतिहार और राष्ट्रकूट

Explanation:

  • 8वीं और 9वीं शताब्दी के दौरान त्रिपक्षीय संघर्ष पाल, प्रतिहार और राष्ट्रकूट शक्तियों के बीच हुआ था।
  • इस संघर्ष का मुख्य कारण कन्नौज (उत्तर भारत का समृद्ध शहर) के नियंत्रण को लेकर था।
  • पाल (बंगाल), प्रतिहार (गुजरात-मालवा) और राष्ट्रकूट (दक्षिण भारत) थे।
  • अंततः प्रतिहार (मिहिर भोज) ने कन्नौज पर कब्जा कर लिया।
  • अतिरिक्त तथ्य: पाल वंश के संस्थापक गोपाल थे। धर्मपाल और देवपाल पाल वंश के महान शासक थे। राष्ट्रकूट के शासक गोविंद तृतीय ने उत्तर भारत पर आक्रमण किया था।

निम्नलिखित में से कौन सा राजवंश उत्तरी भारत में समृद्ध शहर कन्नौज के नियंत्रण के लिए संघर्ष में शामिल नहीं था?

  • प्रतिहार
  • पल्लव
  • पाल
  • राष्ट्रकूट

Explanation:

  • पल्लव राजवंश उत्तरी भारत के कन्नौज शहर के नियंत्रण के लिए संघर्ष में शामिल नहीं था।
  • पल्लवों ने दक्षिण भारत (तमिलनाडु, कांचीपुरम) पर शासन किया।
  • कन्नौज के लिए त्रिपक्षीय संघर्ष प्रतिहार, पाल और राष्ट्रकूट के बीच हुआ था।
  • अतिरिक्त तथ्य: प्रतिहार (गुजरात/मालवा), पाल (बंगाल/बिहार), राष्ट्रकूट (कर्नाटक/महाराष्ट्र) थे। पल्लवों का संघर्ष चोल, पांड्य, चालुक्य के साथ हुआ।

रोहिला प्रमुख, नजीब-उद-दौला ने ____ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

  • पानीपत की तीसरी लड़ाई
  • मैसूर युद्ध
  • आंग्ल-मराठा युद्ध
  • बंगाल का पतन

Explanation:

  • नजीब-उद-दौला (रोहिला प्रमुख) ने पानीपत की तीसरी लड़ाई (14 जनवरी 1761) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
  • उसने अहमद शाह अब्दाली का सहयोग किया और मराठों के खिलाफ लड़ाई लड़ी।
  • नजीब-उद-दौला रोहिलखंड (उत्तर प्रदेश) का शासक था।
  • उसने अहमद शाह अब्दाली को मराठा समस्या से निपटने के लिए भारत बुलाया।
  • अतिरिक्त तथ्य: मैसूर युद्ध (टीपू सुल्तान और अंग्रेजों के बीच), आंग्ल-मराठा युद्ध (मराठों और अंग्रेजों के बीच), बंगाल का पतन (प्लासी युद्ध 1757)।

इस स्वतंत्रता सेनानी ने 1857 के विद्रोह के दौरान खुद को पेशवा घोषित किया और सशस्त्र बलों को इकट्ठा किया और शहर से ब्रिटिश गैरीसन को निष्कासित कर दिया। वह दिवंगत पेशवा बाजीराव के दत्तक पुत्र थे। प्रश्न में नेता हैं:

  • कुंवर सिंह
  • मंगल पांडे
  • तांतिया टोपे
  • नानासाहेब

Explanation:

  • नानासाहेब (दिवंगत पेशवा बाजीराव के दत्तक पुत्र) ने 1857 के विद्रोह के दौरान खुद को पेशवा घोषित किया।
  • उन्होंने कानपुर में सशस्त्र बलों को इकट्ठा किया और ब्रिटिश गैरीसन को शहर से निष्कासित कर दिया।
  • बाद में अंग्रेजों ने कानपुर पर पुनः कब्जा कर लिया और नानासाहेब नेपाल भाग गए।
  • उनके सेनापति तात्या टोपे थे।
  • अतिरिक्त तथ्य: कुंवर सिंह (बिहार के नेता), मंगल पांडे (बैरकपुर में विद्रोह शुरू करने वाले पहले सिपाही), तात्या टोपे (नानासाहेब के सेनापति, 1859 में फाँसी)।

अबुल फजल निम्नलिखित में से किस शासक के दरबारी इतिहासकार थे?

  • अकबर
  • बाबर
  • अलाउद्दीन खिलजी
  • औरंगजेब

Explanation:

  • अबुल फज़ल (1551-1602) अकबर (1556-1605) के दरबारी इतिहासकार और मंत्री थे।
  • वह अकबर के नवरत्नों (9 रत्न) में से एक थे।
  • उन्होंने अकबरनामा (अकबर की जीवनी, 3 भागों में) और आईन-ए-अकबरी (अकबर के शासन का प्रशासनिक विवरण) लिखा।
  • उन्होंने ‘महाभारत’ का फारसी अनुवाद ‘रज्मनामा’ भी किया।
  • 1602 में बीरबल की मृत्यु के बाद उनकी हत्या कर दी गई थी।
  • अतिरिक्त तथ्य: उनके भाई फैजी (कवि) भी अकबर के दरबार में थे। बाबर के दरबारी इतिहासकार बाबर स्वयं (बाबरनामा) थे। जियाउद्दीन बरनी ने खिलजी के बारे में लिखा। औरंगजेब के दरबारी इतिहासकार सादिक खान थे।

पल्लव साम्राज्य के लिए राजस्व का मुख्य स्रोत क्या था, जिसका उपयोग उनकी सेना और प्रशासनिक खर्चों को बनाए रखने के लिए किया जाता था?

  • व्यापार कर
  • टोल टैक्स
  • नमक कर
  • भूमि कर

Explanation:

  • पल्लव साम्राज्य के लिए राजस्व का मुख्य स्रोत भूमि कर (Land Revenue) था।
  • इस कर का उपयोग सेना और प्रशासनिक खर्चों को बनाए रखने के लिए किया जाता था।
  • पल्लवों ने भूमि की उर्वरता के अनुसार कर निर्धारित किया था।
  • अन्य कर: व्यापार कर, टोल टैक्स, नमक कर भी लगाए जाते थे लेकिन मुख्य स्रोत भूमि कर था।
  • अतिरिक्त तथ्य: पल्लवों ने सिंचाई को बढ़ावा दिया और कृषि को प्रोत्साहित किया। ब्रह्मदेय गाँवों को कर-मुक्त किया जाता था।

पल्लव राजाओं ने धर्मशास्त्रों के सिद्धांतों द्वारा निर्देशित अपने शासन को दर्शाने के लिए कौन सी उपाधि अपनाई?

  • महाराजाधिराज
  • चक्रवर्ती
  • धर्म-महाराज
  • राजाधिराज

Explanation:

  • पल्लव राजाओं ने धर्मशास्त्रों के सिद्धांतों द्वारा निर्देशित अपने शासन को दर्शाने के लिए धर्म-महाराज (Dharma-Maharaja) की उपाधि अपनाई।
  • यह उपाधि धार्मिक और नैतिक शासन पर जोर देती थी।
  • महाराजाधिराज (महान राजाओं का राजा), चक्रवर्ती (सार्वभौमिक सम्राट), राजाधिराज (राजाओं का राजा) भी प्रचलित उपाधियाँ थीं।
  • अतिरिक्त तथ्य: पल्लवों ने ब्राह्मणवादी परंपराओं को बढ़ावा दिया और वेदों का सम्मान किया। उन्होंने महाबलीपुरम में धर्मराज रथ का निर्माण करवाया।

निम्नलिखित में से किस राजवंश की पाँच ग्राम समितियाँ (वरियम) जैसे नीर्निलाई वरियम और निधि वरियम एक अद्वितीय प्रशासनिक विशेषता थीं?

  • पांड्य
  • गुप्त
  • सातवाहन
  • मौर्य

Explanation:

  • पांड्य राजवंश की पाँच ग्राम समितियाँ (वरियम) जैसे नीर्निलाई वरियम (सिंचाई समिति) और निधि वरियम (वित्त समिति) एक अद्वितीय प्रशासनिक विशेषता थीं।
  • पांड्यों की राजधानी मदुरै थी।
  • वे तमिल भाषा और संगम साहित्य के संरक्षक थे।
  • प्रमुख शासक: नेडुंजेलियन, राजसिंह, वरगुण
  • अतिरिक्त तथ्य: पांड्यों का उल्लेख मेगस्थनीज और प्लिनी के लेखों में मिलता है। वे रोम के साथ मसालों और मोतियों के व्यापार के लिए प्रसिद्ध थे।

निम्नलिखित में से कौन सा आधुनिक तमिलनाडु पर आधारित राज्य नहीं था?

  • राष्ट्रकूट
  • चोल
  • चेर
  • पांड्य

Explanation:

  • राष्ट्रकूट राज्य आधुनिक तमिलनाडु पर आधारित नहीं था।
  • राष्ट्रकूटों ने दक्कन (महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना) क्षेत्र पर शासन किया।
  • उनकी राजधानी मान्यखेत (आधुनिक कर्नाटक) थी।
  • चोल, चेर, पांड्य तीनों आधुनिक तमिलनाडु पर आधारित राज्य थे (प्राचीन तमिलकम)।
  • अतिरिक्त तथ्य: चोल (कावेरी डेल्टा), पांड्य (मदुरै), चेर (केरल/पश्चिमी तट) थे। राष्ट्रकूट (दक्षिण भारत के कर्नाटक/महाराष्ट्र क्षेत्र) ।

दीवान-ए-अर्ज का प्रमुख कौन था और सैनिकों के प्रबंधन, घोड़ों पर मुहर लगाने और युद्ध प्रावधानों के प्रशासन के लिए जिम्मेदार था?

  • नाइब
  • अमीर-ए-दाद
  • आरिज-ए-मुमालिक
  • दबीर-ए-खास

Explanation:

  • दीवान-ए-अर्ज (सैन्य विभाग) का प्रमुख आरिज-ए-मुमालिक (या अरीज-ए-मुमालिक) था।
  • वह सैनिकों के प्रबंधन, घोड़ों पर मुहर (दाग) लगाने और युद्ध प्रावधानों के प्रशासन के लिए जिम्मेदार था।
  • यह पद दिल्ली सल्तनत (विशेषकर अलाउद्दीन खिलजी के शासन) में महत्वपूर्ण था।
  • नाइब (उप-सुल्तान), अमीर-ए-दाद (न्यायिक अधिकारी), दबीर-ए-खास (राजस्व अधिकारी) थे।
  • अतिरिक्त तथ्य: दिल्ली सल्तनत के मंत्रालय: दीवान-ए-विजारत (राजस्व/वित्त), दीवान-ए-रिसालत (विदेश मामले), दीवान-ए-इंशा (राज्य पत्र), दीवान-ए-अर्ज (सैन्य) ।

गुर्जर-प्रतिहार वंश के विस्तार के दौरान, निम्नलिखित में से कौन-सा नगर वत्सराज की राजधानी बना?

  • उज्जैन
  • मथुरा
  • कन्नौज
  • मालवा

Explanation:

  • गुर्जर-प्रतिहार वंश के विस्तार के दौरान वत्सराज (778-805 ई.) की राजधानी उज्जैन थी।
  • वत्सराज ने पाल शासक धर्मपाल को हराकर कन्नौज पर कब्जा किया, लेकिन बाद में राष्ट्रकूट शासक ध्रुव ने उसे पराजित किया।
  • उज्जैन (अवंती) गुर्जर-प्रतिहारों की प्रारंभिक राजधानी थी, बाद में कन्नौज राजधानी बना।
  • अतिरिक्त तथ्य: गुर्जर-प्रतिहार वंश के प्रमुख शासक: नागभट्ट प्रथम, वत्सराज, नागभट्ट द्वितीय, मिहिर भोज, महेन्द्रपालमिहिर भोज (836-885) सबसे शक्तिशाली शासक था।

प्रथम मुगल शासक बाबर, मध्यकालीन विश्व के दो सबसे बड़े विजेताओं से संबंधित था। यदि वह मातृपक्ष में मंगोल विजेता चंगेज खान से संबंधित था, तो पितृपक्ष में वह किससे संबंधित था?

  • मोहम्मद गौरी
  • महमूद गजनी
  • तैमूर
  • इब्राहिम लोदी

Explanation:

  • बाबर (प्रथम मुगल शासक) मातृपक्ष में चंगेज़ खान (मंगोल विजेता) से और पितृपक्ष में तैमूर (तैमूरलंग, मध्य एशियाई विजेता) से संबंधित था।
  • बाबर तैमूर के वंशज (पितृ पक्ष) और चंगेज़ खान के वंशज (मातृ पक्ष) था।
  • तैमूर ने 1398 में दिल्ली पर आक्रमण किया था।
  • बाबर ने 1526 में पानीपत की प्रथम लड़ाई में इब्राहिम लोदी को हराया।
  • अतिरिक्त तथ्य: मोहम्मद गौरी (1192 में तराइन की लड़ाई, प्रिथ्वीराज चौहान को हराया), महमूद गज़नी (1025 में सोमनाथ मंदिर पर आक्रमण), इब्राहिम लोदी (अंतिम लोदी शासक) ।

राजेंद्र चोल प्रथम को किसके पुनर्जीवित श्रीविजय साम्राज्य पर नौसैनिक अभियानों के लिए जाना जाता है:

  • इंडोनेशिया
  • म्यांमार
  • श्रीलंका
  • कंबोडिया

Explanation:

  • राजेंद्र चोल प्रथम (1014-1044 ई.) को इंडोनेशिया के पुनर्जीवित श्रीविजय साम्राज्य पर नौसैनिक अभियानों के लिए जाना जाता है।
  • उसने 1025 ई. में श्रीविजय साम्राज्य (दक्षिण पूर्व एशिया) पर आक्रमण किया और उसे पराजित किया।
  • उसकी सेना ने केदाह, मलाया, सुमात्रा आदि पर विजय प्राप्त की।
  • उसने अपनी राजधानी तंजावुर में “गंगाईकोंड चोलपुरम” नामक नई राजधानी बसाई।
  • अतिरिक्त तथ्य: राजेंद्र चोल प्रथम चोल वंश के सबसे महान सम्राटों में से एक थे। उनके पिता राजराज चोल प्रथम थे। उन्होंने गंगा नदी से जल लाकर अपनी नई राजधानी में एक कृत्रिम तालाब बनवाया।

किस विदेशी शासक ने 1739 में भारत पर आक्रमण किया, जिसके कारण दिल्ली का नरसंहार हुआ और मुगल साम्राज्य और कमजोर हो गया?

  • शेर शाह
  • अहमद शाह अब्दाली
  • नादिर शाह
  • बाबर

Explanation:

  • नादिर शाह (ईरान का शासक) ने 1739 में भारत पर आक्रमण किया।
  • उसने करनाल के युद्ध (13 फरवरी 1739) में मुगल सम्राट मुहम्मद शाह को हराया।
  • उसने दिल्ली में नरसंहार किया और अपार संपत्ति लूटी।
  • वह “कोहिनूर हीरा” और “मोर सिंहासन” लूटकर ईरान ले गया।
  • अतिरिक्त तथ्य: नादिर शाह के आक्रमण के बाद मुगल साम्राज्य बहुत कमजोर हो गया और उसका पतन शुरू हो गया। अहमद शाह अब्दाली ने 1761 में पानीपत की तीसरी लड़ाई लड़ी। शेरशाह ने 1540 में हुमायूँ को हराया। बाबर ने 1526 में पानीपत की प्रथम लड़ाई लड़ी।

18वीं शताब्दी में सिराज-उद-दौला, मीर जाफर और मीर कासिम ने भारत के निम्नलिखित में से किस राज्य पर शासन किया था?

  • बंगाल
  • आंध्र
  • गुजरात
  • केरल

Explanation:

  • सिराज-उद-दौला, मीर जाफर और मीर कासिम ने बंगाल राज्य पर शासन किया था।
  • सिराज-उद-दौला (1756-1757) – बंगाल का अंतिम स्वतंत्र नवाब।
  • मीर जाफर (1757-1760, 1763-1765) – अंग्रेजों द्वारा स्थापित कठपुतली नवाब।
  • मीर कासिम (1760-1763) – मीर जाफर के दामाद, ने अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: प्लासी का युद्ध (1757) सिराज-उद-दौला और ईस्ट इंडिया कंपनी के बीच लड़ा गया। बक्सर का युद्ध (1764) मीर कासिम, शुजाउद्दौला और शाह आलम द्वितीय के बीच लड़ा गया।

निम्नलिखित में से किस दिल्ली सुल्तान ने भोजन; घोड़े, टट्टू, मवेशी और गुलाम; कपड़ा और फल; और घरेलू खपत और व्यक्तिगत उपयोग की वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित किया?

  • अलाउद्दीन खिलजी
  • गियासुद्दीन तुगलक
  • गियासुद्दीन बलबन
  • खिज्र खान

Explanation:

  • अलाउद्दीन खिलजी (1296-1316 ई.) ने बाजार नियंत्रण नीति (Market Control Policy) लागू की।
  • उसने खाद्य पदार्थों, घोड़ों, मवेशियों, कपड़ों, फलों, गुलामों आदि की कीमतों को नियंत्रित किया।
  • उसने दीवान-ए-रियासत (बाजार नियंत्रण विभाग) की स्थापना की।
  • उसने व्यापारियों को मुनाफे की निश्चित दर पर व्यापार करने का आदेश दिया।
  • अतिरिक्त तथ्य: अलाउद्दीन खिलजी ने मंगोल आक्रमणों को सफलतापूर्वक रोका। उसने दाग (घोड़ों को दागने) की प्रथा शुरू की। उसने दक्षिण भारत (देवगिरि, वारंगल, मदुरै) पर विजय प्राप्त की। गियासुद्दीन तुगलक ने तुगलक वंश की स्थापना की। गियासुद्दीन बलबन ने कठोर न्याय प्रणाली लागू की।

13वी सदी में बख्तियार खिलजी ने बंगाल के किस राजा को पराजित किया था?

  • शशांक
  • महीपाल
  • लक्ष्मणसेन
  • गृहवर्मन

Explanation:

  • बख्तियार खिलजी ने 13वीं शताब्दी (1202 ई.) में बंगाल के राजा लक्ष्मणसेन को पराजित किया था।
  • लक्ष्मणसेन सेन वंश का अंतिम हिंदू शासक था।
  • बख्तियार खिलजी कुतुबुद्दीन ऐबक का सेनापति था।
  • उसने नवद्वीप पर अधिकार किया और बंगाल में मुस्लिम शासन की नींव रखी।
  • अतिरिक्त तथ्य: बख्तियार खिलजी ने तिब्बत पर भी आक्रमण किया लेकिन असफल रहा। शशांक (गौड़ राज्य, 7वीं शताब्दी), महीपाल (पाल वंश, 10वीं-11वीं शताब्दी), गृहवर्मन (मौखरी वंश)।

चोल राजवंश के अंतिम शासक कौन थे?

  • राजराज चोल तृतीय
  • राजेंद्र चोल तृतीय
  • विजयालय चोल
  • कोलूथुंगा चोल तृतीय

Explanation:

  • चोल राजवंश के अंतिम शासक राजेंद्र चोल तृतीय (1246-1279 ई.) थे।
  • उनके शासन में चोल साम्राज्य कमजोर हो गया और 1279 में पांड्य शासकों द्वारा समाप्त कर दिया गया।
  • चोल वंश की स्थापना विजयालय (9वीं शताब्दी) ने की थी।
  • चोल साम्राज्य के महान शासक: राजराज चोल प्रथम, राजेंद्र चोल प्रथम, कोलूथुंगा चोल प्रथम
  • अतिरिक्त तथ्य: चोल वंश का शासन तमिलनाडु और दक्षिण भारत में लगभग 4 शताब्दियों तक रहा। उन्होंने तंजावुर में बृहदेश्वर मंदिर का निर्माण करवाया।

प्लासी का युद्ध ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ किसने लड़ा?

  • मीर जाफ़र
  • सिराज-उद-दौला
  • अली वर्दी खान
  • टीपू सुल्तान

Explanation:

  • प्लासी का युद्ध (23 जून 1757) सिराज-उद-दौला और ईस्ट इंडिया कंपनी के बीच लड़ा गया था।
  • यह युद्ध बंगाल के प्लासी (मुर्शिदाबाद) में लड़ा गया।
  • ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना का नेतृत्व रॉबर्ट क्लाइव ने किया।
  • इस युद्ध में मीर जाफर (सिराज-उद-दौला का सेनापति) ने विश्वासघात किया।
  • इस युद्ध के बाद ईस्ट इंडिया कंपनी बंगाल की राजनीति में प्रभावशाली हो गई।
  • अतिरिक्त तथ्य: अली वर्दी खान (सिराज-उद-दौला के पूर्ववर्ती नवाब), टीपू सुल्तान (मैसूर के शासक, एंग्लो-मैसूर युद्ध)।

प्रसिद्ध गोल गुम्बज अवस्थित है:

  • राजस्थान
  • कर्नाटक
  • पंजाब
  • गुजरात

Explanation:

  • गोल गुम्बज कर्नाटक राज्य के बीजापुर (विजयपुरा) में स्थित है।
  • इसका निर्माण आदिल शाही वंश के शासक मुहम्मद आदिल शाह ने 1656 में करवाया था।
  • यह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गुम्बद (गोलाकार छत) है।
  • इसमें “फुसफुसाने वाली गैलरी” (विस्परिंग गैलरी) है, जहाँ आवाज 37 बार गूंजती है।
  • अतिरिक्त तथ्य: इसमें मुहम्मद आदिल शाह की मकबरा है। यह इस्लामी वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण है। बीजापुर बहमनी राज्य के बाद आदिल शाही राज्य की राजधानी थी।

फतेहपुर सीकरी में बुलंद दरवाजा अकबर द्वारा ______ की अपनी विजय का जश्न मनाने के लिए बनाया गया था।

  • गुजरात
  • बंगाल
  • मेवाड़
  • कश्मीर

Explanation:

  • बुलंद दरवाजा अकबर द्वारा गुजरात पर विजय का जश्न मनाने के लिए 1576 में बनवाया गया था।
  • यह फतेहपुर सीकरी (उत्तर प्रदेश) में स्थित है।
  • यह दुनिया का सबसे ऊँचा प्रवेश द्वार है (53.6 मीटर)।
  • यह पर्शियन (फारसी) और मुगल वास्तुकला का अद्भुत मिश्रण है।
  • अतिरिक्त तथ्य: अकबर ने 1571-1585 के बीच फतेहपुर सीकरी को अपनी राजधानी बनाया। उसने यह शहर सूफी संत शेख सलीम चिश्ती की याद में बसाया था। बुलंद दरवाजे पर एक फारसी शिलालेख है – “ईसा (यीशु) ने कहा, दुनिया एक पुल है”

निम्नलिखित में से किसने कांची में कैलाशनाथ मंदिर का निर्माण कराया था?

  • नरसिंहवर्मन द्वितीय
  • महेन्द्रवर्मन
  • भास्करवर्मन
  • नरसिम्हावर्मन प्रथम

Explanation:

  • कांची (तमिलनाडु) में कैलाशनाथ मंदिर का निर्माण नरसिंहवर्मन द्वितीय (पल्लव राजा, 685-705 ई.) ने करवाया था।
  • यह मंदिर भगवान शिव (कैलाश) को समर्पित है।
  • यह द्रविड़ वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण है।
  • अतिरिक्त तथ्य: नरसिंहवर्मन प्रथम (630-668) ने महाबलीपुरम के रथ मंदिरों का निर्माण करवाया। महेन्द्रवर्मन प्रथम (600-630) पल्लव वंश के महान शासक थे। भास्करवर्मन (कामरूप/असम के शासक)।

आगरा शहर की स्थापना किसने की?

  • आलम शाह
  • इब्राहिम लोधी
  • बहलोल लोधी
  • सिकंदर लोधी

Explanation:

  • आगरा शहर की स्थापना सिकंदर लोधी (1489-1517 ई.) ने की थी।
  • वह लोदी वंश का दूसरा शासक था।
  • उसने 1489 में आगरा को अपनी राजधानी बनाया।
  • बाद में मुगल शासकों (अकबर, शाहजहाँ) ने आगरा को और विकसित किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: बहलोल लोधी (लोदी वंश के संस्थापक), इब्राहिम लोधी (अंतिम लोदी शासक, 1517-1526), आलम शाह (सैयद वंश के अंतिम शासक)। आगरा ताजमहल, आगरा फोर्ट, फतेहपुर सीकरी के लिए प्रसिद्ध है।

किस सम्राट ने अपनी राजधानी दिल्ली से दौलताबाद स्थानांतरित की?

  • मुहम्मद बिन तुगलक
  • फ़िरोज़ शाह तुगलक
  • मुहम्मद गौरी
  • अलाउद्दीन

Explanation:

  • मुहम्मद बिन तुगलक (1325-1351 ई.) ने 1327 में अपनी राजधानी दिल्ली से दौलताबाद (देवगिरि, महाराष्ट्र) स्थानांतरित की।
  • इसका मुख्य कारण दक्षिण भारत पर नियंत्रण स्थापित करना था।
  • लेकिन यह निर्णय असफल रहा क्योंकि लोग दौलताबाद जाने को तैयार नहीं थे।
  • बाद में उसने 1335 में राजधानी वापस दिल्ली स्थानांतरित कर दी।
  • अतिरिक्त तथ्य: मुहम्मद बिन तुगलक को “बुद्धिमान पागल” (वाइज फ़ूल) कहा जाता था। उसने टोकन मुद्रा (संकेत मुद्रा) भी चलाई, जो असफल रही। फिरोज शाह तुगलक ने नहरों का निर्माण करवाया। अलाउद्दीन खिलजी ने बाजार नियंत्रण लागू किया।

होयसल साम्राज्य की राजधानी क्या थी?

  • मैसूर
  • देवगिरी
  • कल्याणी
  • द्वारसमुद्र

Explanation:

  • होयसल साम्राज्य की राजधानी द्वारसमुद्र (वर्तमान हलेबीडु, कर्नाटक) थी।
  • होयसल वंश ने 10वीं-14वीं शताब्दी में कर्नाटक पर शासन किया।
  • प्रमुख शासक: विष्णुवर्धन, वीर बल्लाल प्रथम, वीर बल्लाल तृतीय
  • उन्होंने बेलूर, हलेबीडु में होयसल वास्तुकला के अद्भुत मंदिरों का निर्माण करवाया।
  • अतिरिक्त तथ्य: चेन्नकेशव मंदिर (बेलूर) और होयसलेश्वर मंदिर (हलेबीडु) प्रसिद्ध हैं। मैसूर (वोडेयार वंश), देवगिरी (यादव वंश), कल्याणी (पश्चिमी चालुक्य)।

भारत का अंतिम मुगल सम्राट कौन था?

  • आलमगीर द्वितीय
  • बहादुर शाह द्वितीय
  • औरंगजेब
  • अहमद शाह बहादुर

Explanation:

  • भारत का अंतिम मुगल सम्राट बहादुर शाह द्वितीय (1837-1857) था।
  • उसे बहादुर शाह ज़फ़र के नाम से भी जाना जाता है।
  • वह 1857 के विद्रोह के नेताओं में से एक था।
  • अंग्रेजों ने 1858 में उसे रंगून (म्यांमार) में निर्वासित कर दिया, जहाँ 1862 में उसकी मृत्यु हो गई।
  • अतिरिक्त तथ्य: औरंगजेब (1658-1707) मुगल वंश का अंतिम शक्तिशाली शासक था। आलमगीर द्वितीय (1754-1759), अहमद शाह बहादुर (1748-1754) – कमजोर मुगल शासक।

मुगलों द्वारा ईस्ट इंडिया कंपनी को किस वर्ष ‘दीवानी अधिकार’ (बंगाल, बिहार और उड़ीसा के राजस्व एकत्र करने और दीवानी मामलों का फैसला करने का अधिकार) प्रदान किया गया था?

  • 1715
  • 1765
  • 1800
  • 1680

Explanation:

  • दीवानी अधिकार (बंगाल, बिहार, उड़ीसा के राजस्व एकत्र करने का अधिकार) 1765 में मुगल सम्राट शाह आलम द्वितीय ने ईस्ट इंडिया कंपनी को प्रदान किया था।
  • यह इलाहाबाद की संधि (16 अगस्त 1765) के माध्यम से किया गया था।
  • इस संधि पर रॉबर्ट क्लाइव और शाह आलम द्वितीय के बीच हस्ताक्षर हुए।
  • इसके तहत कंपनी को बंगाल, बिहार, उड़ीसा का दीवानी अधिकार (राजस्व संग्रहण और न्यायिक अधिकार) मिला।
  • अतिरिक्त तथ्य: इसके बाद ईस्ट इंडिया कंपनी भारत की वास्तविक शासक बन गई। बक्सर का युद्ध (1764) इस संधि से पहले लड़ा गया था।

1838 में दोस्त मुहम्मद खान के खिलाफ हुई त्रिपक्षीय संधि पर हस्ताक्षर करने वाले कौन थे?

  • लॉर्ड ऑकलैंड, महाराजा रणजीत सिंह, शूजा उद्-दौला
  • लॉर्ड एलेनबरो, महाराजा रणजीत सिंह, शूजा उद्-दौला
  • लॉर्ड ऑकलैंड, महाराजा रणजीत सिंह, शाह शूजा
  • चार्ल्स मेटकैल्फ, महाराजा रणजीत सिंह, शाह शूजा

Explanation:

  • त्रिपक्षीय संधि (1838) पर लॉर्ड ऑकलैंड (गवर्नर-जनरल), महाराजा रणजीत सिंह (सिख साम्राज्य) और शाह शूजा (अफगानिस्तान) ने हस्ताक्षर किए थे।
  • इस संधि का उद्देश्य दोस्त मुहम्मद खान (अफगानिस्तान के अमीर) को हटाना था।
  • इसके परिणामस्वरूप प्रथम एंग्लो-अफगान युद्ध (1839-1842) शुरू हुआ।
  • अतिरिक्त तथ्य: लॉर्ड ऑकलैंड (1836-1842) गवर्नर-जनरल थे। महाराजा रणजीत सिंह (1780-1839) सिख साम्राज्य के संस्थापक और महान शासक थे। लॉर्ड एलेनबरो (1842-1844) गवर्नर-जनरल थे।

भारत से मोर सिंहासन किसने ले गया था?

  • नादिर शाह
  • चंगेज खान
  • मोहम्मद बिन तुगलक
  • अहमद शाह

Explanation:

  • मोर सिंहासन (Peacock Throne) को नादिर शाह ने 1739 में भारत से लूटकर ईरान ले गया था।
  • इसका निर्माण शाहजहाँ ने करवाया था।
  • यह सिंहासन सोने, चाँदी, रत्नों, मोतियों से जड़ा हुआ था।
  • इस पर दो मोर (पीतल के) बने हुए थे, इसलिए इसका नाम “मोर सिंहासन” पड़ा।
  • अतिरिक्त तथ्य: नादिर शाह कोहिनूर हीरा भी लूटकर ले गया। मोर सिंहासन का वर्णन फ्रांकोइस बर्नियर और जीन-बैप्टिस्ट टैवर्नियर ने किया है। चंगेज खान (मंगोल नेता), अहमद शाह अब्दाली (अफगान शासक)।

प्रसिद्ध यात्री और लेखक मुहम्मद इब्न बतूता, जिन्होंने 14वीं शताब्दी में भारत सहित कई देशों की यात्रा की, निम्नलिखित में से किस देश से संबंधित थे?

  • मोरक्को
  • लीबिया
  • घाना
  • अल्जीरिया

Explanation:

  • मुहम्मद इब्न बतूता (1304-1369) मोरक्को (उत्तरी अफ्रीका) के प्रसिद्ध यात्री और लेखक थे।
  • उन्होंने 14वीं शताब्दी (1333-1347) में भारत की यात्रा की।
  • उन्होंने अपनी यात्रा का वर्णन “रिहला” (Travels of Ibn Battuta) नामक पुस्तक में किया।
  • भारत में वह मुहम्मद बिन तुगलक के दरबार में न्यायाधीश (काजी) रहे।
  • अतिरिक्त तथ्य: इब्न बतूता ने चीन, अफ्रीका, मध्य पूर्व, भारत, मालदीव आदि लगभग 44 देशों की यात्रा की। उनकी यात्रा 30 वर्षों से अधिक समय तक चली।

16वीं शताब्दी में विजयनगर साम्राज्य का शासक कौन था?

  • कृष्णदेव राय
  • पुलाकेशिन द्वितीय
  • राजराज चोल
  • आदि शंकरा

Explanation:

  • 16वीं शताब्दी (1509-1529) में विजयनगर साम्राज्य का शासक कृष्णदेव राय था।
  • वह विजयनगर साम्राज्य के सबसे महान शासक थे।
  • उन्होंने तुलुव वंश से संबंध रखा।
  • उन्होंने बीजापुर, गोलकुंडा, उड़ीसा पर विजय प्राप्त की।
  • अतिरिक्त तथ्य: पुलाकेशिन द्वितीय (चालुक्य वंश, 7वीं शताब्दी), राजराज चोल (चोल वंश, 10वीं-11वीं शताब्दी), आदि शंकराचार्य (दार्शनिक, 8वीं शताब्दी)।

ऐतिहासिक ग्रैंड ट्रंक रोड को कई शासकों ने विकसित किया था। मौर्यों के शासनकाल में इसे क्या कहा जाता था?

  • उत्तरपथ
  • बादशाही सड़क
  • राजपथ
  • पूर्वी पथ

Explanation:

  • ग्रैंड ट्रंक रोड को मौर्यों के शासनकाल में “उत्तरपथ” कहा जाता था।
  • यह मार्ग पूर्वी भारत को पश्चिमी भारत और मध्य एशिया से जोड़ता था।
  • ग्रैंड ट्रंक रोड को शेरशाह सूरी ने 16वीं शताब्दी में पुनर्निर्मित किया और इसे “बादशाही सड़क” (सड़क-ए-आजम) कहा।
  • यह सड़क कलकत्ता से पेशावर तक जाती है (लगभग 2,500 किमी)।
  • अतिरिक्त तथ्य: मौर्य काल में उत्तरपथ व्यापार के लिए महत्वपूर्ण था। ग्रैंड ट्रंक रोड को बाद में ब्रिटिश शासन में भी विकसित किया गया। राजपथ (शाही मार्ग), पूर्वी पथ (वैकल्पिक नाम)।

तख्त-ए-अकबरी, वह मंच जिस पर अकबर को सम्राट के रूप में ताज पहनाया गया था, ________ राज्य में स्थित है।

  • राजस्थान
  • पंजाब
  • उत्तर प्रदेश
  • हरयाणा

Explanation:

  • तख्त-ए-अकबरी (ताज पहनाने का मंच) पंजाब राज्य में स्थित है।
  • यह कलानौर (गुरदासपुर जिला, पंजाब) में स्थित है।
  • 1556 में अकबर को इसी मंच पर सम्राट के रूप में ताज पहनाया गया था।
  • अकबर की ताजपोशी 14 वर्ष की आयु में हुई थी।
  • अतिरिक्त तथ्य: अकबर का जन्म 1542 में अमरकोट (सिंध, पाकिस्तान) में हुआ था। उसके बाद बैरम खान ने उसे सम्राट घोषित किया। दूसरी पानीपत की लड़ाई (1556) अकबर और बैरम खान की जीत के रूप में समाप्त हुई।

हुमायूँ और शेरशाह सूरी के बीच चौसा का युद्ध किस वर्ष लड़ा गया था?

  • 1542
  • 1529
  • 1540
  • 1539

Explanation:

  • हुमायूँ और शेरशाह सूरी के बीच चौसा का युद्ध 1539 में लड़ा गया था।
  • यह युद्ध बिहार के चौसा (बक्सर के पास) में लड़ा गया।
  • इस युद्ध में हुमायूँ को शेरशाह ने हराया था।
  • हुमायूँ ने गंगा नदी में तैरकर अपनी जान बचाई।
  • 1540 में कन्नौज का युद्ध (बिलग्राम) भी शेरशाह ने जीता और हुमायूँ को भारत से भागना पड़ा।
  • अतिरिक्त तथ्य: शेरशाह सूरी ने 1540-1545 तक शासन किया। उसने रुपया, डाक व्यवस्था, ग्रैंड ट्रंक रोड का निर्माण करवाया। 1529 का युद्ध बाबर और अफगानों के बीच (घाघरा का युद्ध) था।

हल्दी घाटी का युद्ध कब लड़ा गया था?

  • 1568
  • 1584
  • 1576
  • 1552

Explanation:

  • हल्दी घाटी का युद्ध 18 जून 1576 को लड़ा गया था।
  • यह महाराणा प्रताप और अकबर की सेना के बीच लड़ा गया।
  • अकबर की सेना का नेतृत्व राजा मान सिंह (आमेर) और आसफ खान ने किया था।
  • इस युद्ध में महाराणा प्रताप की हार हुई, लेकिन उन्होंने आत्मसमर्पण नहीं किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: महाराणा प्रताप ने चेतक (घोड़ा) पर युद्ध लड़ा। चेतक इस युद्ध में वीरगति को प्राप्त हुआ। राणा प्रताप ने जंगलों में रहकर अकबर का विरोध किया। 1568 – चित्तौड़गढ़ पर अकबर का आक्रमण।

तुलुगमा _______ है।

  • अकबर द्वारा प्रयुक्त जल संरक्षण विधि
  • जहाँगीर द्वारा अपराधियों को दी जाने वाली सजा
  • बाबर द्वारा प्रयुक्त सैन्य रणनीति
  • जहाँगीर द्वारा लगाया गया कर

Explanation:

  • तुलुगमा बाबर द्वारा प्रयुक्त सैन्य रणनीति (युद्ध-नीति) थी।
  • यह एक युद्ध-कला थी जिसमें घुड़सवार सेना को दो विंगों (बाएँ और दाएँ) में विभाजित किया जाता था।
  • इस रणनीति में केंद्र को कमजोर रखा जाता था और पार्श्व (विंग) को मजबूत।
  • इस रणनीति का उपयोग 1526 के पानीपत की प्रथम लड़ाई में किया गया था।
  • अतिरिक्त तथ्य: बाबर ने तुर्की/मंगोल युद्ध-कला का उपयोग किया। उसने तोपों (आग्नेयास्त्रों) का प्रभावी उपयोग भी किया। अकबर ने मनसबदारी प्रथा लागू की, जहाँगीर ने चित्रकला को प्रोत्साहित किया।

अकबर के दरबार में निम्नलिखित में से कौन सर्वश्रेष्ठ सुलेखकों में से एक था, जिसे ‘ज़र्रीन कलम’ (सुनहरे कलम) की उपाधि से सम्मानित किया गया था?

  • अबुल फ़ज़ल
  • मुहम्मद हुसैन
  • दासवंत
  • बसावन

Explanation:

  • मुहम्मद हुसैन अकबर के दरबार के सर्वश्रेष्ठ सुलेखकों में से एक थे, जिन्हें “ज़र्रीन कलम” (सुनहरे कलम) की उपाधि से सम्मानित किया गया था।
  • वे फारसी सुलेखन (ख़ुशनवीसी) के महान कलाकार थे।
  • उन्होंने हमज़ानामा जैसी पांडुलिपियों का सुलेखन किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: अबुल फ़ज़ल (अकबरनामा के लेखक, नवरत्न), दासवंत और बसावन (अकबर के दरबार के प्रसिद्ध चित्रकार)। “ज़र्रीन कलम” का शाब्दिक अर्थ “सुनहरा कलम” है।

पूर्वी गंगा वंश के राजा नरसिंहदेव प्रथम द्वारा कौन-सा विश्व धरोहर स्थल बनवाया गया था?

  • सूर्य मंदिर
  • हम्पी
  • सारनाथ
  • लेपाल पक्षी

Explanation:

  • पूर्वी गंगा वंश के राजा नरसिंहदेव प्रथम (1238-1264 ई.) ने कोणार्क (उड़ीसा) में सूर्य मंदिर का निर्माण करवाया था।
  • इसे “ब्लैक पैगोडा” भी कहा जाता है।
  • यह मंदिर 13वीं शताब्दी में बना था।
  • यह यूनेस्को विश्व विरासत स्थल है।
  • अतिरिक्त तथ्य: मंदिर रथ (सारथि) के आकार में बना है, जिसमें 7 घोड़े और 24 पहिए हैं। यह भगवान सूर्य को समर्पित है। हम्पी (विजयनगर साम्राज्य), सारनाथ (बौद्ध तीर्थ, उत्तर प्रदेश)।

सूफी रहस्यवादी शेख फ़रीदुद्दीन गंजशकर की दरगाह कहाँ स्थित है?

  • पाकपट्टन (पाकिस्तान)
  • दिल्ली
  • लखनऊ
  • अजमेर (राजस्थान)

Explanation:

  • शेख फ़रीदुद्दीन गंजशकर (1173-1266) की दरगाह पाकपट्टन (वर्तमान पाकिस्तान) में स्थित है।
  • वह चिश्ती सिलसिला के महान सूफी संत थे।
  • उन्हें “गंजशकर” (खजाना-भंडार) कहा जाता था क्योंकि वह गरीबों को दान देते थे।
  • अतिरिक्त तथ्य: ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह अजमेर (राजस्थान) में है। ख्वाजा निजामुद्दीन औलिया की दरगाह दिल्ली में है। शेख फ़रीद के शिष्य ख्वाजा निजामुद्दीन औलिया थे।

नौवीं और ग्यारहवीं शताब्दी के बीच बंगाल (बांग्लादेश सहित) और बिहार में मूर्तियों के लिए _________ शैली का उपयोग किया गया था।

  • आर्यन
  • मुगल
  • गुप्ता
  • पाला

Explanation:

  • 9वीं से 11वीं शताब्दी के बीच बंगाल (बांग्लादेश सहित) और बिहार में मूर्तियों के लिए पाला शैली का उपयोग किया गया था।
  • पाल वंश (8वीं-12वीं शताब्दी) बंगाल और बिहार का महत्वपूर्ण राजवंश था।
  • इस शैली में बुद्ध, बोधिसत्व, हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियाँ बनाई गईं।
  • नालंदा, विक्रमशिला, ओदंतपुरी (बिहार) इस शैली के प्रमुख केंद्र थे।
  • अतिरिक्त तथ्य: गुप्ता शैली (4-6 शताब्दी), मुगल शैली (16-17 शताब्दी), आर्यन (वैदिक काल)। पाल वंश के शासक गोपाल, धर्मपाल, देवपाल, महीपाल थे।

बाबर का असली नाम क्या था?

  • खुर्रम
  • नसरुद्दीन
  • सलीम
  • ज़हीरुद्दीन

Explanation:

  • बाबर का असली नाम ज़हीरुद्दीन मुहम्मद था।
  • उसने बाबर (शेर/बाघ) की उपाधि धारण की।
  • वह तैमूर (मातृ पक्ष) और चंगेज़ खान (पितृ पक्ष) का वंशज था।
  • अतिरिक्त तथ्य: खुर्रम (शाहजहाँ का जन्म नाम), सलीम (जहांगीर का जन्म नाम), नसरुद्दीन (हुमायूँ का पूरा नाम: नसीरुद्दीन मुहम्मद हुमायूँ)। बाबर ने “बाबरनामा” (तुर्की में आत्मकथा) लिखी।

विजयनगर साम्राज्य की स्थापना किस शताब्दी में हुई थी?

  • 14वीं शताब्दी
  • 13वीं शताब्दी
  • 15वीं शताब्दी
  • 16वीं शताब्दी

Explanation:

  • विजयनगर साम्राज्य की स्थापना 14वीं शताब्दी (1336 ई.) में हुई थी।
  • इसकी स्थापना हरिहर और बुक्का (संगम वंश) ने की थी।
  • उन्होंने विद्यारण्य (स्वामी) के मार्गदर्शन में साम्राज्य की स्थापना की।
  • राजधानी विजयनगर (वर्तमान हम्पी, कर्नाटक) थी।
  • अतिरिक्त तथ्य: विजयनगर साम्राज्य 1565 की तालीकोटा की लड़ाई (राक्षसी-तंगड़ी) में हार गया। साम्राज्य पर संगम, सालुव, तुलुव, अरविडु वंशों ने शासन किया। कृष्णदेव राय (तुलुव वंश) सबसे महान शासक थे।

हैदर अली किसका शासक था?

  • हैदराबाद
  • कित्तूर
  • मैसूर
  • अवध

Explanation:

  • हैदर अली (1721-1782) मैसूर का शासक था।
  • उसने 1761 में मैसूर की गद्दी संभाली।
  • उसने एंग्लो-मैसूर युद्धों (प्रथम और द्वितीय) में अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी।
  • उसके बाद उसका पुत्र टीपू सुल्तान (1750-1799) शासक बना।
  • अतिरिक्त तथ्य: हैदराबाद (आसफ जाही वंश), कित्तूर (रानी चेन्नम्मा), अवध (नवाबों का राज्य, लखनऊ)। हैदर अली ने फ्रांसीसियों की मदद से अपनी सेना को आधुनिक बनाया।

निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सही ढंग से सुमेलित नहीं है (भारत यात्रा के समय महत्वपूर्ण विदेशी यात्रियों का शासक के शासनकाल या राजवंश से संबंध)?

  • जॉन जर्डन – शाहजहाँ
  • मार्को पोलो – पांड्य साम्राज्य
  • अब्दुर रज्जाक – देवराय द्वितीय
  • राल्फ फिच – अकबर

Explanation:

  • जॉन जर्डन (1321-1330) शाहजहाँ (1628-1658) के काल में नहीं आया – यह गलत सुमेलित है।
  • जॉन जर्डन 14वीं शताब्दी (1321) में भारत आया, जो तुगलक वंश (1320-1414) का समय था।
  • मार्को पोलो (1254-1324) ने पांड्य साम्राज्य (दक्षिण भारत) का दौरा किया – सही
  • अब्दुर रज्जाक (15वीं शताब्दी) ने देवराय द्वितीय (विजयनगर) का दौरा किया – सही
  • राल्फ फिच (16वीं शताब्दी) ने अकबर (1556-1605) का दौरा किया – सही

रुद्रेश्वर मंदिर या वेयिस्थां बालागुड़ी (हजार स्तंभों वाला मंदिर) का निर्माण रुद्रदेव ने करवाया था। रुद्रदेव किस वंश से संबंधित थे?

  • काकतीय
  • चोल
  • चालुक्य
  • पल्लव

Explanation:

  • रुद्रेश्वर मंदिर (हजार स्तंभों वाला मंदिर) तेलंगाना के हनुमकोंडा (वारंगल) में स्थित है।
  • इसका निर्माण काकतीय वंश के राजा रुद्रदेव ने 12वीं शताब्दी (1163 ई.) में करवाया था।
  • काकतीय वंश ने तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कुछ भागों पर शासन किया (10वीं-14वीं शताब्दी)।
  • अतिरिक्त तथ्य: काकतीय वंश के महान शासक: गणपतिदेव, रुद्रमादेवी (रानी), प्रतापरुद्रवारंगल किला (गोलकुंडा) भी काकतीयों ने बनवाया। चोल, चालुक्य, पल्लव दक्षिण भारत के अन्य प्रमुख वंश हैं।

पुलकेशिन द्वितीय किस राजवंश का सबसे प्रसिद्ध शासक था?

  • होयसल
  • चालुक्य
  • काकतीय
  • पांड्य

Explanation:

  • पुलकेशिन द्वितीय (610-642 ई.) चालुक्य वंश का सबसे प्रसिद्ध शासक था।
  • उसने बादामी (वातापी) में चालुक्य साम्राज्य की नींव रखी।
  • उसने हर्षवर्धन (उत्तर भारत के महान शासक) को नर्मदा नदी के तट पर हराया।
  • उसने पल्लवों से संघर्ष किया और कांची पर अधिकार किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: उसे ह्वेन त्सांग (चीनी यात्री) ने भारत यात्रा के दौरान देखा था। होयसल (12-14वीं शताब्दी), काकतीय (12-14वीं शताब्दी), पांड्य (6-14वीं शताब्दी) – दक्षिण भारत के वंश।

चौगान खेलते समय किसकी मृत्यु हो गई थी?

  • इल्तुतमिश
  • कुतुबुद्दीन ऐबक
  • अलाउद्दीन खिलजी
  • फिरोज तुगलक

Explanation:

  • कुतुबुद्दीन ऐबक (1206-1210) की मृत्यु चौगान (पोलो) खेलते समय घोड़े से गिरकर हुई थी।
  • वह दिल्ली सल्तनत (गुलाम वंश) का प्रथम शासक था।
  • उसने कुतुब मीनार का निर्माण शुरू करवाया था (बाद में इल्तुतमिश ने पूरा किया)।
  • अतिरिक्त तथ्य: कुतुतबुद्दीन ऐबक मुहम्मद गौरी का दास और सेनापति था। इल्तुतमिश (1211-1236), अलाउद्दीन खिलजी (1296-1316), फिरोज तुगलक (1351-1388) अन्य शासक हैं।

लखनऊ में बड़ा इमामबाड़ा किस अवध के नवाब ने बनवाया था?

  • यामीन-उद-दौला
  • आसफ-उद-दौला
  • आसिफ जाह मिर्जा
  • शुजा-उद-दौला

Explanation:

  • बड़ा इमामबाड़ा (लखनऊ) का निर्माण अवध के नवाब आसफ-उद-दौला (1775-1797) ने 1784 में करवाया था।
  • इसका निर्माण अकाल राहत (रोज़गार) के लिए करवाया गया था।
  • इसे “आसफी इमामबाड़ा” भी कहा जाता है।
  • इसमें भूलभुलैया (लैबिरिंथ) और अफगानिस्तान से लाए गए घड़े हैं जो गूंज पैदा करते हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य: शुजा-उद-दौला (अवध के नवाब, 1754-1775), यामीन-उद-दौला (प्रशासक), आसिफ जाह मिर्जा (हैदराबाद के आसिफ जाह वंश)।

चौदहवीं शताब्दी में भारत में किसने सोने और चांदी के नियमित मुद्राओं के स्थान पर सस्ती धातुओं की टोकन मुद्रा का प्रयोग किया था?

  • अलाउद्दीन खिलजी
  • जलालुद्दीन खिलजी
  • फिरोज शाह तुगलक
  • मुहम्मद बिन तुगलक

Explanation:

  • मुहम्मद बिन तुगलक (1325-1351) ने 1329-30 में सस्ती धातुओं (तांबा और पीतल) की टोकन मुद्रा (Token Currency) चलाई थी।
  • उसने सोने और चांदी के सिक्कों के स्थान पर तांबे के सिक्के चलाए, जिनका मूल्य चांदी के सिक्के के बराबर था।
  • यह प्रयोग असफल रहा क्योंकि लोगों ने नकली सिक्के बनाने शुरू कर दिए।
  • अंततः उसे टोकन मुद्रा वापस लेनी पड़ी और लोगों को चांदी के सिक्के वापस देने पड़े।
  • अतिरिक्त तथ्य: मुहम्मद बिन तुगलक अपनी पाँच महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए प्रसिद्ध है: टोकन मुद्रा, राजधानी स्थानांतरण (दिल्ली से दौलताबाद), दोआब कर, खुरासान अभियान, सिंध अभियान

दिल्ली सल्तनत में इक्ता प्रणाली किसने संस्थागत रूप से शुरू की थी?

  • गयासुद्दीन बलबन
  • इल्तुतमिश
  • आराम शाह
  • कुतुबुद्दीन ऐबक

Explanation:

  • दिल्ली सल्तनत में इक्ता प्रणाली को संस्थागत रूप से इल्तुतमिश (1211-1236) ने शुरू किया था।
  • इक्ता भूमि का वह टुकड़ा था जो सुल्तान द्वारा सैन्य अधिकारियों (इक्तादारों) को उनके सैन्य सेवाओं के बदले दिया जाता था।
  • इक्तादार अपने क्षेत्र से राजस्व एकत्र करता था और इसके बदले सुल्तान को सैन्य सहायता प्रदान करता था।
  • अतिरिक्त तथ्य: यह प्रणाली अरब (उमय्यद और अब्बासिद) से भारत में आई। बलबन ने इस प्रणाली में सुधार किया और इक्तादारों पर कड़ी निगरानी रखी। अलाउद्दीन खिलजी ने इक्ता प्रणाली को पूरी तरह समाप्त कर दिया।

शासक पुलकेशिन I और पुलकेशिन II निम्नलिखित में से किस राजवंश से संबंधित थे?

  • चोल वंश
  • मगध वंश
  • कुषाण वंश
  • चालुक्य वंश

Explanation:

  • पुलकेशिन I और पुलकेशिन II चालुक्य वंश (543-753 ई.) से संबंधित थे।
  • पुलकेशिन I (543-566 ई.) चालुक्य वंश के संस्थापक थे। उन्होंने बादामी (कर्नाटक) को अपनी राजधानी बनाया।
  • पुलकेशिन II (610-642 ई.) चालुक्य वंश का सबसे महान शासक था।
  • उसने हर्षवर्धन (नर्मदा के तट पर) को पराजित किया और दक्षिण भारत में अपना साम्राज्य फैलाया।
  • उसके शासन में ह्वेन त्सांग ने भारत का दौरा किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: चालुक्य वंश ने बादामी, ऐहोल, पट्टाडकल में प्रसिद्ध मंदिरों का निर्माण करवाया। ऐहोल को “भारत के मंदिर वास्तुकला का उद्गम स्थल” कहा जाता है।

1717 में किस मुगल सम्राट ने ईस्ट इंडिया कंपनी को निरीक्षण आदेश जारी किया था?

  • बहादुर शाह प्रथम
  • औरंगजेब
  • अकबर द्वितीय
  • फर्रुखशियार

Explanation:

  • 1717 में मुगल सम्राट फर्रुखशियार (1713-1719) ने ईस्ट इंडिया कंपनी को निरीक्षण आदेश (Firman) जारी किया था।
  • इस आदेश ने ईस्ट इंडिया कंपनी को बंगाल में मुफ्त व्यापार की अनुमति दी।
  • इस आदेश ने कंपनी को रियासतों से सीमा शुल्क से छूट भी दी।
  • इस आदेश के बाद ईस्ट इंडिया कंपनी भारत में और अधिक शक्तिशाली हो गई।
  • अतिरिक्त तथ्य: फर्रुखशियार मुगल शासक बहादुर शाह प्रथम का पुत्र था। बहादुर शाह प्रथम (1707-1712) मुगल साम्राज्य के अंतिम महान शासक थे। अकबर द्वितीय (1806-1837) बहादुर शाह ज़फर से पहले के शासक थे।

ताजमहल का निर्माण किस शासक ने करवाया?

  • बाबर
  • शाहजहाँ
  • औरंगजेब
  • हुमायूं

Explanation:

  • ताजमहल का निर्माण शाहजहाँ (1628-1658) ने करवाया था।
  • इसका निर्माण 1631-1653 के बीच आगरा (उत्तर प्रदेश) में हुआ।
  • इसे मुमताज महल (अर्जुमंद बानो बेगम) की याद में बनवाया गया था।
  • इसका मुख्य वास्तुकार उस्ताद अहमद लाहौरी था।
  • यह फारसी, इस्लामी और भारतीय वास्तुकला का अद्भुत मिश्रण है।
  • अतिरिक्त तथ्य: शाहजहाँ को “निर्माता सम्राट” कहा जाता है। उसने दिल्ली का लाल किला, जामा मस्जिद, मोती मस्जिद, शाहजहाँनाबाद और ताजमहल का निर्माण करवाया।

प्रसिद्ध यात्री निकोलो कोंटी किस देश से थे?

  • ईरान
  • चीन
  • रूस
  • इटली

Explanation:

  • निकोलो कोंटी (1395-1469) इटली (वेनिस) के एक प्रसिद्ध यात्री थे।
  • उसने 1419-1444 के बीच भारत, चीन, जावा, सुमात्रा, अरब आदि की यात्रा की।
  • भारत में उसने विजयनगर साम्राज्य और दक्षिण भारत के क्षेत्रों का भ्रमण किया।
  • उसने अपनी यात्राओं का वर्णन “ट्रैवल्स ऑफ निकोलो कोंटी” में किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: मार्को पोलो (इटली), अल-बेरुनी (ईरान/उज़्बेकिस्तान), इब्न-बतूता (मोरक्को) अन्य प्रसिद्ध यात्री थे। निकोलो कोंटी ने हिंदू कैलेंडर और भारतीय व्यापार के बारे में भी लिखा।

पानीपत का दूसरा युद्ध किस वर्ष हुआ था?

  • 1526
  • 1761
  • 1504
  • 1556

Explanation:

  • पानीपत का दूसरा युद्ध 5 नवंबर 1556 को हुआ था।
  • यह अकबर (मुगल) और हेमू (विक्रमादित्य) के बीच लड़ा गया था।
  • हेमू आदिल शाह सूरी का सेनापति था और उसने आगरा, दिल्ली पर कब्जा कर लिया था।
  • इस युद्ध में अकबर की सेना का नेतृत्व बैरम खान ने किया था।
  • हेमू को तीर लगने से बंदी बना लिया गया और फिर मार दिया गया।
  • अतिरिक्त तथ्य: पानीपत की प्रथम लड़ाई (1526) – बाबर ने इब्राहिम लोदी को हराया। पानीपत की तीसरी लड़ाई (1761) – अहमद शाह अब्दाली ने मराठों को हराया।

इब्न-बतूता का जन्म ________ में हुआ था।

  • मोरक्को
  • चीन
  • यूनान
  • पर्शिया

Explanation:

  • इब्न-बतूता (1304-1369) का जन्म मोरक्को के तांगियर शहर में हुआ था।
  • वह एक मुस्लिम यात्री और इतिहासकार था।
  • उसने 1325-1354 के बीच लगभग 75,000 मील की यात्रा की और 44 देशों का भ्रमण किया।
  • वह 1333-1347 में भारत आया और मुहम्मद बिन तुगलक के दरबार में काजी (न्यायाधीश) नियुक्त हुआ।
  • उसने अपनी यात्राओं का वर्णन “रिहला” (The Travels) पुस्तक में किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: इब्न-बतूता ने अफ्रीका, मध्य पूर्व, भारत, चीन, मंगोलिया आदि का दौरा किया। उसे “मुस्लिम दुनिया का सबसे महान यात्री” माना जाता है।

________ में जीतने के बाद बाबर को ‘गाजी’ मान लिया गया था।

  • पानीपत के युद्ध
  • खानवा के युद्ध
  • काबुल के युद्ध
  • घाघरा के युद्ध

Explanation:

  • खानवा का युद्ध (17 मार्च 1527) में जीतने के बाद बाबर को ‘गाजी’ मान लिया गया था।
  • यह युद्ध बाबर और राणा साँगा (मेवाड़) के बीच लड़ा गया था।
  • बाबर ने इस्लाम के लिए जिहाद का नारा देकर यह युद्ध लड़ा था।
  • ‘गाजी’ की उपाधि इस्लाम की रक्षा के लिए लड़ने वाले योद्धा को दी जाती है।
  • अतिरिक्त तथ्य: पानीपत का युद्ध (1526) – बाबर ने इब्राहिम लोदी को हराया। खानवा का युद्ध (1527) – बाबर ने राणा साँगा को हराया। घाघरा का युद्ध (1529) – बाबर ने अफगानों को हराया।

किस मुगल सम्राट को सलीम के नाम से भी जाना जाता था?

  • शाहजहाँ
  • जहाँगीर
  • अकबर
  • औरंगजेब

Explanation:

  • जहाँगीर (1605-1627) को “सलीम” के नाम से भी जाना जाता था।
  • उसका पूरा नाम नूरुद्दीन मुहम्मद सलीम जहाँगीर था।
  • वह अकबर का पुत्र था और मुगल साम्राज्य का चौथा शासक था।
  • उसने “जहाँगीर” (विश्व पर कब्जा करने वाला) की उपाधि ग्रहण की।
  • वह चित्रकला का बहुत बड़ा संरक्षक था।
  • अतिरिक्त तथ्य: जहाँगीर की सबसे प्रसिद्ध पत्नी नूर जहाँ थी। उसने ह्वेन त्सांग और शिकार के दृश्यों पर आधारित कई चित्र बनवाए। उसने “तुजुक-ए-जहाँगीरी” (आत्मकथा) लिखी।

दिल्ली सल्तनत काल में राजधानी को लाहौर से दिल्ली कौन वापस लाया?

  • इल्तुतमिश
  • कुतुबुद्दीन ऐबक
  • चंगेज खान
  • नसीरुद्दीन कुबाचा

Explanation:

  • इल्तुतमिश (1211-1236) ने दिल्ली सल्तनत की राजधानी लाहौर से दिल्ली वापस लाई थी।
  • कुतुबुद्दीन ऐबक (1206-1210) ने राजधानी लाहौर बनाई थी।
  • इल्तुतमिश ने दिल्ली को राजधानी बनाकर दिल्ली सल्तनत को मजबूत किया।
  • उसने दिल्ली में इक्ता प्रणाली को संस्थागत रूप दिया और मंगोल आक्रमणों को रोका।
  • अतिरिक्त तथ्य: कुतुबुद्दीन ऐबक ने कुतुब मीनार का निर्माण शुरू किया था। इल्तुतमिश ने रजिया सुल्ताना को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया। चंगेज खान ने 1221 में मंगोल आक्रमण किया था।

कुलोत्तुंग I किस राजवंश के राजा थे?

  • चोल
  • पांड्य
  • राष्ट्रकूट
  • गुर्जर-प्रतिहार

Explanation:

  • कुलोत्तुंग I (1070-1120) चोल वंश के राजा थे।
  • वह चोल वंश के सबसे महान शासकों में से एक थे।
  • उसने श्रीलंका, कलिंग, कदम्ब और चालुक्यों पर विजय प्राप्त की।
  • उसने तमिल, संस्कृत और तेलुगु भाषाओं को प्रोत्साहित किया।
  • उसने “विक्रम चोल” और “कुलोत्तुंग” की उपाधि धारण की।
  • अतिरिक्त तथ्य: चोल वंश के अन्य महान शासक: राजराजा चोल (985-1014), राजेंद्र चोल I (1014-1044), आदित्य I, परांतक I। चोलों ने दक्षिण पूर्व एशिया तक अपने साम्राज्य का विस्तार किया।

निम्नलिखित में से किस स्थान को दंतिदुर्ग ने राष्ट्रकूटों की राजधानी बनाया था?

  • कन्नौज
  • कांची
  • पाटलिपुत्र
  • मण्यखेट

Explanation:

  • दंतिदुर्ग (735-756) ने मण्यखेट (वर्तमान में मालखेड, कर्नाटक) को राष्ट्रकूटों की राजधानी बनाया था।
  • दंतिदुर्ग राष्ट्रकूट वंश के संस्थापक थे।
  • उन्होंने चालुक्यों को पराजित कर राष्ट्रकूट साम्राज्य की स्थापना की।
  • राष्ट्रकूट वंश के सबसे महान शासक अमोघवर्ष (814-878) थे।
  • उन्होंने एलोरा के कैलाश मंदिर (कृष्ण प्रथम द्वारा) का निर्माण करवाया।
  • अतिरिक्त तथ्य: राष्ट्रकूटों का शासन 753-973 ई. तक रहा। प्रमुख शासक: दंतिदुर्ग, कृष्ण प्रथम, गोविंद तृतीय, अमोघवर्षकन्नौज (गुर्जर-प्रतिहार), कांची (पल्लव), पाटलिपुत्र (मौर्य/गुप्त)।

निम्नलिखित में से किसने त्रिपक्षीय संघर्ष में कन्नौज जीतने के बाद गुर्जर-प्रतिहार वंश की स्थापना की?

  • रामपाल
  • नागभट्ट प्रथम
  • वत्सराज
  • मीहिर भोज

Explanation:

  • नागभट्ट प्रथम (730-760) ने गुर्जर-प्रतिहार वंश की स्थापना की थी।
  • उसने त्रिपक्षीय संघर्ष (राष्ट्रकूट, पाल, गुर्जर-प्रतिहार) में कन्नौज पर कब्जा किया।
  • त्रिपक्षीय संघर्ष 8वीं-10वीं शताब्दी में कन्नौज पर नियंत्रण के लिए लड़ा गया था।
  • गुर्जर-प्रतिहार वंश के सबसे महान शासक मीहिर भोज (836-885) थे।
  • अतिरिक्त तथ्य: त्रिपक्षीय संघर्ष के तीन राजवंश: राष्ट्रकूट (दक्षिण), पाल (पूर्व), गुर्जर-प्रतिहार (पश्चिम)रामपाल पाल वंश, वत्सराज गुर्जर-प्रतिहार, धर्मपाल पाल वंश के थे।

निम्नलिखित में से किस गुर्जर-प्रतिहार राजा की अरब विद्वान सुलेमान ने अपने साम्राज्य को लुटेरों से सुरक्षित रखने के लिए अत्यधिक प्रशंसा की थी?

  • वत्सराज
  • रामभद्र
  • मिहिर भोज
  • नागभट्ट द्वितीय

Explanation:

  • मिहिर भोज (836-885 ई.) गुर्जर-प्रतिहार वंश के सबसे महान शासक थे।
  • अरब विद्वान सुलेमान ने उनके साम्राज्य को लुटेरों से सुरक्षित रखने के लिए अत्यधिक प्रशंसा की थी।
  • सुलेमान ने “मिहिर भोज” को न्यायप्रिय, शक्तिशाली और दयालु शासक बताया।
  • मिहिर भोज ने कन्नौज को अपनी राजधानी बनाया और अफगानिस्तान तक अपना साम्राज्य फैलाया।
  • अतिरिक्त तथ्य: मिहिर भोज ने मुसलमानों के खिलाफ कई युद्ध लड़े। उन्होंने गुर्जर-प्रतिहार साम्राज्य को अपने चरम पर पहुँचाया। नागभट्ट द्वितीय ने राष्ट्रकूट गोविंद तृतीय को पराजित किया।

8वीं शताब्दी ईस्वी में दक्षिण पूर्व एशिया में स्थापित शैलेंद्र साम्राज्य का निम्नलिखित में से कौन सा भाग नहीं था?

  • सुमात्रा
  • जावा
  • श्रीलंका
  • मलाया

Explanation:

  • शैलेंद्र साम्राज्य (8वीं-13वीं शताब्दी) दक्षिण पूर्व एशिया का एक प्रमुख साम्राज्य था।
  • इसमें सुमात्रा, जावा, मलाया और बोर्नियो के कुछ भाग शामिल थे।
  • श्रीलंका शैलेंद्र साम्राज्य का भाग नहीं था।
  • शैलेंद्र साम्राज्य बौद्ध धर्म का केंद्र था और इन्होंने बोरोबुदुर मंदिर (इंडोनेशिया) का निर्माण करवाया।
  • अतिरिक्त तथ्य: शैलेंद्र वंश श्रीविजय (सुमात्रा) के साथ प्रतिद्वंद्वी था। बाद में मजापहित साम्राज्य ने शैलेंद्र को पराजित किया। श्रीलंका पर चोल वंश और पांड्य का शासन रहा।

निम्नलिखित में से किसके राज्यों में से एक बनारस में स्थित था?

  • पाल
  • गहड़वाल
  • परमार
  • चाहमान

Explanation:

  • गहड़वाल वंश (11वीं-12वीं शताब्दी) का एक राज्य बनारस (वाराणसी) में स्थित था।
  • इस वंश की स्थापना चंद्रदेव ने 1089-1090 में की थी।
  • इस वंश के सबसे महान शासक गोविंद चंद्र और जयचंद्र थे।
  • जयचंद्र ने 1194 में चंदावर के युद्ध में मुहम्मद गोरी से पराजय प्राप्त की।
  • अतिरिक्त तथ्य: पाल वंश (बिहार/बंगाल), परमार वंश (मालवा, धार नगर), चाहमान वंश (अजमेर/दिल्ली)। गहड़वाल ने कन्नौज को भी अपनी राजधानी बनाया।

निम्नलिखित में से किस राजवंश के राजाओं ने मलय, जावा और सुमात्रा के राजाओं को पराजित किया?

  • पाण्ड्य
  • राष्ट्रकूट
  • चोल
  • चेर

Explanation:

  • चोल वंश के राजाओं (विशेष रूप से राजराजा चोल और राजेंद्र चोल I) ने मलय, जावा, सुमात्रा और श्रीलंका के राजाओं को पराजित किया।
  • राजेंद्र चोल I (1014-1044) ने 1025 में श्रीविजय साम्राज्य (सुमात्रा) पर आक्रमण किया और उसे पराजित किया।
  • चोलों ने दक्षिण पूर्व एशिया में अपनी नौसेना भेजी और व्यापार मार्गों को नियंत्रित किया।
  • चोलों ने ब्रह्मदेश, कंबोडिया तक अपना प्रभाव बढ़ाया।
  • अतिरिक्त तथ्य: चोल वंश के प्रमुख शासक: विजयालय (संस्थापक), आदित्य I, परांतक I, राजराजा I, राजेंद्र I, कुलोत्तुंग I। चोलों की नौसेना दुनिया की सबसे शक्तिशाली नौसेनाओं में से एक थी।

निम्नलिखित में से किस मुग़ल राजकुमार ने मलिक अंबर के साथ मिलकर अपने पिता के विरुद्ध विद्रोह किया था?

  • शाहजहाँ
  • जहाँगीर
  • अकबर
  • औरंगज़ेब

Explanation:

  • शाहजहाँ (1628-1658) ने मलिक अंबर (अहमदनगर का शासक) के साथ मिलकर अपने पिता जहाँगीर के विरुद्ध विद्रोह किया था।
  • यह विद्रोह 1622-1625 के बीच हुआ था।
  • इस विद्रोह का मुख्य कारण शाहजहाँ का दक्षिण भारत पर नियंत्रण पाने का प्रयास था।
  • जहाँगीर ने इस विद्रोह को दबा दिया और शाहजहाँ को माफ कर दिया।
  • अतिरिक्त तथ्य: मलिक अंबर एक अफगान सैन्य नेता था जो अहमदनगर सल्तनत का प्रधानमंत्री था। शाहजहाँ ने बाद में 1628 में जहाँगीर की मृत्यु के बाद गद्दी संभाली। औरंगज़ेब ने भी अपने पिता शाहजहाँ के विरुद्ध विद्रोह किया।

निम्नलिखित में से किस वर्ष में बन्नीहट्टी का युद्ध लड़ा गया था?

  • 1558
  • 1556
  • 1565
  • 1560

Explanation:

  • बन्नीहट्टी का युद्ध (Battle of Bannihatti) 1565 में विजयनगर साम्राज्य और बीजापुर के बीच लड़ा गया था।
  • यह युद्ध तालीकोटा की लड़ाई (1565) का ही एक भाग था।
  • बन्नीहट्टी कर्नाटक के बेलगावी जिले में स्थित है।
  • अतिरिक्त तथ्य: तालीकोटा की लड़ाई में विजयनगर साम्राज्य की हार हुई थी। इस युद्ध में रामराय की मृत्यु हुई और हम्पी को लूटा गया। दक्कन सल्तनत (बीजापुर, अहमदनगर, गोलकुंडा, बीदर, बरार) ने मिलकर विजयनगर पर आक्रमण किया था।

सूरी वंश के संस्थापक शेरशाह सूरी का मूल नाम निम्नलिखित में से कौन सा था?

  • अदहम खान
  • फरीद खान
  • उलूग खान
  • मुर्तजा खान

Explanation:

  • शेरशाह सूरी (1486-1545) का मूल नाम फरीद खान था।
  • उसने 1540 में हुमायूँ को कन्नौज के युद्ध (बिलग्राम) में हराकर सूरी वंश (1540-1555) की स्थापना की।
  • उसे “शेर खान” की उपाधि बिहार के शासक के रूप में मिली, जब उसने एक शेर को मारा था।
  • अतिरिक्त तथ्य: शेरशाह ने रुपया (चाँदी का सिक्का) चलाया, ग्रैंड ट्रंक रोड (कलकत्ता से पेशावर) का निर्माण करवाया, डाक व्यवस्था में सुधार किया और प्रशासनिक सुधार किए। उसकी नीतियों को बाद में अकबर ने अपनाया।

निम्नलिखित में से किस विजयनगर साम्राज्य के राजा ने ‘यावनराज्य स्थापनाचार्य’ की उपाधि धारण की थी?

  • रामराय
  • अच्युत देव राय
  • कृष्णदेवराय
  • सदाशिव राय

Explanation:

  • कृष्णदेवराय (1509-1529) ने ‘यावनराज्य स्थापनाचार्य’ (यवनों/मुसलमानों के राज्य का विनाश करने वाला) की उपाधि धारण की थी।
  • उन्होंने बीजापुर, गोलकुंडा, उड़ीसा पर विजय प्राप्त की।
  • वह विजयनगर साम्राज्य के तुलुव वंश से संबंधित थे।
  • उनके दरबार में अष्टदिग्गज (8 कवि) थे।
  • अतिरिक्त तथ्य: कृष्णदेवराय ने ‘आमुक्तमाल्यदा’ (तेलुगु) और ‘जम्बवती कल्याणम’ (संस्कृत) की रचना की। उन्हें “आंध्र भोज” और “कविराज” कहा जाता था। रामराय (तालीकोटा युद्ध में पराजित), अच्युत देव राय (कृष्णदेवराय के भाई और उत्तराधिकारी), सदाशिव राय (अंतिम शासक)।

पाल वंश के निम्नलिखित शासकों को कालानुक्रमिक क्रम में व्यवस्थित कीजिए:

  • महीपाल < धर्मपाल < देवपाल < नयपाल
  • धर्मपाल < देवपाल < महीपाल < नयपाल
  • महीपाल < धर्मपाल < नयपाल < देवपाल
  • देवपाल < धर्मपाल < महीपाल < नयपाल

Explanation:

  • पाल वंश (8वीं-12वीं शताब्दी) ने बंगाल और बिहार पर शासन किया।
  • सही कालानुक्रमिक क्रम: धर्मपाल (770-810) → देवपाल (810-850) → महीपाल (988-1038) → नयपाल (1038-1055)
  • गोपाल पाल वंश के संस्थापक थे (750-770) ।
  • धर्मपाल ने बौद्ध मठ (विक्रमशिला) का निर्माण करवाया।
  • देवपाल पाल वंश का सबसे शक्तिशाली शासक था।
  • अतिरिक्त तथ्य: पाल वंश बौद्ध धर्म के संरक्षक थे। उन्होंने नालंदा, विक्रमशिला, ओदंतपुरी विश्वविद्यालयों को संरक्षण दिया। महीपाल को महिपाल प्रथम भी कहा जाता है।

दिल्ली सल्तनत, जिसकी राजधानी दिल्ली थी, भारत पर किस समुदाय के शासन को दर्शाती है?

  • तुर्की
  • अफ़्रीकी
  • फ़ारसी
  • अरबी

Explanation:

  • दिल्ली सल्तनत भारत पर तुर्की समुदाय के शासन को दर्शाती है।
  • इसकी स्थापना 1206 में कुतुबुद्दीन ऐबक (तुर्की मूल) ने की थी।
  • सभी प्रमुख वंश (गुलाम, खिलजी, तुगलक, सैयद, लोदी) तुर्की/अफगान मूल के थे।
  • अतिरिक्त तथ्य: अरबी शासकों ने सिंध (712 ई., मुहम्मद बिन कासिम) पर शासन किया। फ़ारसी (ईरानी) भाषा और संस्कृति का प्रभाव रहा। अफ़्रीकी (हब्शी) दास/सैनिक थे।

विजयनगर प्रशासन की अमात्य-नायक प्रणाली के अंतर्गत नायकों की क्या भूमिका थी?

  • सेनापति
  • राजस्व संग्राहक
  • जासूसों का प्रमुख
  • ग्राम प्रमुख

Explanation:

  • अमात्य-नायक प्रणाली में नायकों की भूमिका सेनापति (सैन्य कमांडर) थी।
  • यह विजयनगर साम्राज्य (1336-1565) की प्रशासनिक प्रणाली थी।
  • अमात्य = मंत्री/प्रशासक, नायक = सेनापति/सामंत।
  • नायकों को सैन्य शासन के लिए जागीरें (अमरम) दी जाती थीं।
  • अतिरिक्त तथ्य: विजयनगर की प्रशासनिक इकाइयाँ: मंडलम (प्रांत) → नाडु (जिला) → स्थल (उप-जिला) → ग्रामराय (राजा), महाप्रधान (प्रधानमंत्री), संधिविग्रही (विदेश मंत्री) प्रमुख पद थे।

1567 में अकबर द्वारा चित्तौड़ पर आक्रमण के बाद चित्तौड़ का गवर्नर किसे नियुक्त किया गया था?

  • अधम खाँ
  • मान सिंह
  • बैरम खान
  • आसफ खान

Explanation:

  • 1567 में अकबर ने चित्तौड़ पर आक्रमण किया और उसे जीत लिया।
  • चित्तौड़ का गवर्नर आसफ खान को नियुक्त किया गया।
  • अकबर ने चित्तौड़ को “फतेहाबाद” नाम दिया था (जो बाद में बदल दिया गया)।
  • अतिरिक्त तथ्य: अधम खाँ (अकबर का सेनापति, जिसने अकबर के खिलाफ विद्रोह किया), मान सिंह (आमेर के राजा, अकबर के सेनापति), बैरम खान (अकबर का संरक्षक और सेनापति)। चित्तौड़ मेवाड़ की राजधानी थी और महाराणा उदय सिंह ने इस लड़ाई के बाद उदयपुर की स्थापना की।

निम्नलिखित में से किस दिल्ली के सुल्तान ने ‘रक्त और लोहे’ की नीति अपनाई?

  • शम्सुद्दीन इल्तुतमिश
  • ग़ियासुद्दीन बलबन
  • मुबारक शाह
  • अलाउद्दीन खिलजी

Explanation:

  • ग़ियासुद्दीन बलबन (1266-1287) ने ‘रक्त और लोहे’ (Blood and Iron) की नीति अपनाई।
  • इस नीति का उद्देश्य विद्रोहों को क्रूरता से दबाना और मंगोल आक्रमणों का सामना करना था।
  • उसने “ज़िल-ए-इलाही” (ईश्वर की छाया) की उपाधि धारण की।
  • उसने निजाम-उल-मुल्की (राजशाही) सिद्धांत को अपनाया और सैन्य व्यवस्था को मजबूत किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: बलबन ने मंगोलों को भारत से बाहर रखा। उसने जासूसी व्यवस्था को सुदृढ़ किया। इल्तुतमिश (गुलाम वंश के तीसरे शासक), अलाउद्दीन खिलजी (बाजार नियंत्रण नीति), मुबारक शाह (खिलजी वंश के शासक) ।

भारत में शुद्ध अरबी सिक्के जारी करने वाला पहला तुर्की शासक कौन था?

  • कुतुबुद्दीन ऐबक
  • बलबन
  • अलाउद्दीन खिलजी
  • इल्तुतमिश

Explanation:

  • इल्तुतमिश (1211-1236) भारत में शुद्ध अरबी सिक्के (Pure Arabic coins) जारी करने वाला पहला तुर्की शासक था।
  • उसने चाँदी का सिक्का ‘टंका’ और ताँबे का सिक्का ‘जीतल’ चलाया।
  • उसने सिक्कों पर कलीमा (इस्लामिक धर्म सिद्धांत) और अपनी उपाधि अंकित करवाई।
  • उसने दिल्ली सल्तनत को खलीफा (बगदाद) की अधीनता से मुक्त किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: कुतुबुद्दीन ऐबक (गुलाम वंश के संस्थापक), बलबन (सिक्का सुधार), अलाउद्दीन खिलजी (सिक्कों पर ‘खलीफा’ का नाम) ।

निम्नलिखित में से किसने खिलजी वंश की स्थापना की थी?

  • जलालुद्दीन खिलजी
  • मुबारक शाह खिलजी
  • अलाउद्दीन खिलजी
  • अर्केली खान

Explanation:

  • खिलजी वंश (1290-1320) की स्थापना जलालुद्दीन खिलजी ने की थी।
  • उसने 1290 में गुलाम वंश (कैकाबाद) को समाप्त कर खिलजी वंश की स्थापना की।
  • वह अपनी उदारता और न्यायप्रियता के लिए जाना जाता था।
  • अतिरिक्त तथ्य: अलाउद्दीन खिलजी (1296-1316, सबसे महान खिलजी शासक, बाजार नियंत्रण, दक्षिण अभियान), मुबारक शाह खिलजी (अलाउद्दीन का पुत्र), अर्केली खान (खिलजी सेनापति) ।

ओडिशा के जाजंगर के शासक भानुदेव द्वितीय ने वारंगल के राय रुद्रदेव को दिल्ली के किस सुल्तान के खिलाफ लड़ाई में सहायता की थी?

  • फिरोज शाह तुगलक
  • सिकंदर लोदी
  • बहलोल लोदी
  • गियासुद्दीन तुगलक

Explanation:

  • भानुदेव द्वितीय (जाजंगर/ओडिशा) ने राय रुद्रदेव (वारंगल) को गियासुद्दीन तुगलक के खिलाफ लड़ाई में सहायता की थी।
  • गियासुद्दीन तुगलक (1320-1325) तुगलक वंश के संस्थापक थे।
  • उसने वारंगल (काकतीय साम्राज्य) पर आक्रमण किया था।
  • अतिरिक्त तथ्य: फिरोज शाह तुगलक (1351-1388, नहर निर्माण), सिकंदर लोदी (1489-1517, लोदी वंश), बहलोल लोदी (1451-1489, लोदी वंश के संस्थापक) । गियासुद्दीन तुगलक की मृत्यु 1325 में बादशाहपुर के समीप हुई।

कुतुब-उल-इस्लाम मस्जिद निम्नलिखित में से किस ऐतिहासिक स्मारक के सबसे निकट स्थित है?

  • हुमायूँ का मकबरा
  • कुतुब मीनार
  • तुग़लक़ाबाद का किला
  • जामा मस्जिद

Explanation:

  • कुतुब-उल-इस्लाम मस्जिद कुतुब मीनार के सबसे निकट स्थित है।
  • दोनों दिल्ली के मेहरौली क्षेत्र में स्थित हैं।
  • कुतुब-उल-इस्लाम मस्जिद (इस्लाम की शक्ति की मस्जिद) कुतुबुद्दीन ऐबक ने 1193 में बनवाई थी।
  • यह भारत की सबसे पुरानी मस्जिदों में से एक है।
  • अतिरिक्त तथ्य: कुतुब मीनार 1193 में कुतुबुद्दीन ऐबक ने शुरू की और इल्तुतमिश ने पूरी की। हुमायूँ का मकबरा (दिल्ली, निजामुद्दीन पूर्व), तुगलकाबाद का किला (गियासुद्दीन तुगलक द्वारा), जामा मस्जिद (शाहजहाँ द्वारा 1656 में) ।

कुतुबुद्दीन ऐबक को निम्नलिखित में से किस बाहरी खेल का शौक था?

  • कुश्ती
  • हॉकी
  • कबड्डी
  • पोलो

Explanation:

  • कुतुबुद्दीन ऐबक (1206-1210) को पोलो (चौगान) खेल का विशेष शौक था।
  • यह एक घुड़सवारी का खेल था, जिसमें घोड़े पर बैठकर गेंद को मारा जाता है।
  • पोलो मध्य एशिया (तुर्की/मंगोल) का पारंपरिक खेल था।
  • कुतुबुद्दीन ऐबक की मृत्यु 1210 में पोलो खेलते समय घोड़े से गिरने के कारण हुई थी।
  • अतिरिक्त तथ्य: वह गुलाम वंश के संस्थापक थे। उन्हें “लखबख्श” (दानी) कहा जाता था। उन्होंने कुतुब मीनार और कुतुब-उल-इस्लाम मस्जिद का निर्माण शुरू किया था।

1309 में, किसने काकतीय साम्राज्य पर आक्रमण किया था?

  • बल्लाल देव
  • वीर पांड्य
  • मलिक काफूर
  • सुंदर पांड्य

Explanation:

  • 1309 में मलिक काफूर (अलाउद्दीन खिलजी का सेनापति) ने काकतीय साम्राज्य (वारंगल) पर आक्रमण किया था।
  • उसने 1310 में प्रतापरुद्र देव (काकतीय शासक) को पराजित किया।
  • मलिक काफूर ने दक्षिण भारत (देवगिरि, वारंगल, होयसल, पांड्य) पर सफल अभियान चलाए।
  • अतिरिक्त तथ्य: मलिक काफूर एक हब्शी (अफ्रीकी) दास था। उसे “हज़ार दिनार” कहा जाता था। काकतीय वंश (वारंगल, तेलंगाना) का संस्थापक बेतराज प्रथम था। प्रतापरुद्र देव काकतीय वंश का अंतिम शासक था।

भारत में मुहम्मद गौरी का वायसराय और सेना का समग्र कमांडर किसे माना जाता था?

  • कुतुबुद्दीन ऐबक
  • बख्तियार खिलजी
  • नसीरुद्दीन क़बाचा
  • ताज अल-दीन यिल्डिज़

Explanation:

  • कुतुबुद्दीन ऐबक को मुहम्मद गौरी का वायसराय और सेना का समग्र कमांडर माना जाता था।
  • उसने 1192 में तराइन के द्वितीय युद्ध के बाद भारत में गौरी का प्रतिनिधित्व किया।
  • उसने दिल्ली, अजमेर, बनारस पर कब्जा किया।
  • मुहम्मद गौरी की मृत्यु (1206) के बाद उसने गुलाम वंश की स्थापना की।
  • अतिरिक्त तथ्य: बख्तियार खिलजी ने बिहार/बंगाल पर विजय प्राप्त की। नसीरुद्दीन क़बाचा (मुल्तान के शासक), ताज अल-दीन यिल्डिज़ (गज़नी के शासक) – दोनों ने कुतुबुद्दीन ऐबक के खिलाफ विद्रोह किया।

निम्नलिखित में से कौन सी लड़ाई 1191 ईस्वी में लड़ी गई थी?

  • चंदावर का युद्ध
  • तराइन का प्रथम युद्ध
  • कसहराड़ा का युद्ध
  • पानीपत का प्रथम युद्ध

Explanation:

  • तराइन का प्रथम युद्ध 1191 में पृथ्वीराज चौहान और मुहम्मद गौरी के बीच लड़ा गया था।
  • इस युद्ध में पृथ्वीराज चौहान ने मुहम्मद गौरी को हराया था।
  • मुहम्मद गौरी को वापस गज़नी जाना पड़ा।
  • अतिरिक्त तथ्य: तराइन का द्वितीय युद्ध (1192) में मुहम्मद गौरी ने पृथ्वीराज चौहान को हरायाचंदावर का युद्ध (1194) – मुहम्मद गौरी ने जयचंद को हराया। कसहराड़ा का युद्ध – 1234 में इल्तुतमिश ने लड़ा। पानीपत का प्रथम युद्ध – 1526 में बाबर और इब्राहिम लोदी के बीच।

निम्नलिखित में से कौन अंतिम पल्लव शासक था?

  • आदित्यवर्मन
  • नरिपतुंगा
  • नंदी वर्मन
  • अपराजितवर्मन

Explanation:

  • अपराजितवर्मन (लगभग 880-897 ई.) पल्लव वंश का अंतिम शासक था।
  • उसे 897 में चोल राजा आदित्य प्रथम ने पराजित किया।
  • इसके बाद चोल साम्राज्य दक्षिण भारत में शक्तिशाली हुआ।
  • पल्लव वंश ने 575 से 897 तक शासन किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: पल्लव वंश के संस्थापक सिंहविष्णु थे। प्रमुख शासक: महेन्द्रवर्मन I, नरसिंहवर्मन I (मामल्ला), नंदीवर्मन। पल्लवों ने महाबलीपुरम के मंदिरों का निर्माण करवाया। आदित्यवर्मन (चोल शासक), नरिपतुंगा (पल्लव शासक), नंदी वर्मन (पल्लव शासक) ।

शर्की वंश के निम्नलिखित शासकों को कालानुक्रमिक क्रम में व्यवस्थित करें।

  • हुसैन शाह < इब्राहिम शाह < मुबारक शाह < महमूद शाह
  • महमूद शाह < हुसैन शाह < मुबारक शाह < इब्राहिम शाह
  • हुसैन शाह < मुबारक शाह < इब्राहिम शाह < महमूद शाह
  • मुबारक शाह < इब्राहिम शाह < महमूद शाह < हुसैन शाह

Explanation:

  • शर्की वंश (1394-1479) ने जौनपुर पर शासन किया।
  • सही कालानुक्रमिक क्रम: मुबारक शाह (1394-1402) → इब्राहिम शाह (1402-1440) → महमूद शाह (1440-1457) → हुसैन शाह (1458-1479)
  • शर्की वंश की स्थापना मुबारक शाह ने की थी।
  • हुसैन शाह शर्की वंश का अंतिम शासक था, जिसे बहलोल लोदी ने हराया।
  • अतिरिक्त तथ्य: शर्की वंश ने जौनपुर को “शर्की” (पूर्व) कहा, क्योंकि वे दिल्ली के पूर्व में थे। इब्राहिम शाह को जौनपुर का अकबर कहा जाता था।

निम्नलिखित में से किस मुग़ल बादशाह के शासनकाल में बहादुर शाह ने चित्तौड़ पर आक्रमण किया था?

  • औरंगज़ेब
  • शाहजहाँ
  • हुमायूँ
  • बाबर

Explanation:

  • बहादुर शाह (गुजरात सल्तनत के शासक) ने हुमायूँ (1530-1540, 1555-1556) के शासनकाल में 1534 में चित्तौड़ पर आक्रमण किया था।
  • यह मेवाड़ के खिलाफ गुजरात सल्तनत का अभियान था।
  • बाद में 1535 में हुमायूँ ने बहादुर शाह को मांडू में हराया।
  • अतिरिक्त तथ्य: बहादुर शाह गुजरात सल्तनत का महत्वपूर्ण शासक था। चित्तौड़ पर अकबर ने 1567 में आक्रमण किया। औरंगज़ेब (1658-1707), शाहजहाँ (1628-1658), बाबर (1526-1530) – इनके शासन में चित्तौड़ पर बहादुर शाह ने आक्रमण नहीं किया।

निम्नलिखित शासकों का उनके सही उपाधियों से मिलान कीजिए।

  • a -3; b – 4; c – 2; d – 1
  • a – 3; b – 4; c – 1; d – 2
  • a – 4; b – 3; c – 2; d – 1
  • a – 2; b – 3; c – 4; d – 1

Explanation:

  • सही मिलान: a → 3; b → 4; c → 1; d → 2 (विकल्प 2)
  • शासक-उपाधि मिलान:
  • a. अलाउद्दीन खिलजी3. सिकंदर-ए-सानी (दूसरा सिकंदर)
  • b. बलबन4. जिल-ए-इलाही (ईश्वर की छाया)
  • c. इल्तुतमिश1. अमीर-उल-मुमिनीन (विश्वासियों का कमांडर)
  • d. अकबर2. जलालुद्दीन (धर्म की महिमा)
  • अतिरिक्त तथ्य: अलाउद्दीन खिलजी ने “यमीन-उल-खिलाफत” की उपाधि भी धारण की। बलबन ने “सुल्तान-ए-आज़म” भी कहलाया। इल्तुतमिश को “नसीर-ए-अमीर-उल-मुमिनीन” भी कहा जाता था।

जहाँगीर की माता एक कच्छवाहा राजकुमारी थीं, जो ___________ के राजपूत शासक की पुत्री थीं।

  • मारवाड़
  • आमेर
  • मेवाड़
  • बरार

Explanation:

  • जहाँगीर (1605-1627) की माता एक कच्छवाहा राजकुमारी थीं, जो आमेर (जयपुर) के राजपूत शासक राजा भारमल की पुत्री थीं।
  • उनका नाम मरियम-उज़-ज़मानी (जोधा बाई/हरखा बाई) था।
  • यह विवाह अकबर का राजपूतों के साथ गठबंधन का हिस्सा था (1562) ।
  • अतिरिक्त तथ्य: मारवाड़ (जोधपुर) – राठौर वंश, मेवाड़ (उदयपुर) – सिसोदिया वंश (अकबर के खिलाफ), आमेर (जयपुर) – कच्छवाहा वंश (अकबर के साथ संधि), बरार (दक्कन सल्तनत) ।

दिल्ली सल्तनत में सुल्तान इल्तुतमिश के उत्तराधिकारी कौन थे?

  • अलाउद्दीन खिलजी
  • फिरोज तुगलक
  • अलप्तकीन
  • रज़िया

Explanation:

  • सुल्तान इल्तुतमिश (1211-1236) के बाद उनकी बेटी रज़िया (1236-1240) दिल्ली सल्तनत की शासक बनी।
  • वह दिल्ली सल्तनत की एकमात्र महिला शासक थी।
  • इल्तुतमिश ने अपने बेटों की अयोग्यता के कारण रज़िया को उत्तराधिकारी चुना था।
  • अतिरिक्त तथ्य: अलाउद्दीन खिलजी (1296-1316, खिलजी वंश), फिरोज तुगलक (1351-1388, तुगलक वंश), अलप्तकीन (गज़नी का शासक, 10वीं शताब्दी) । रज़िया को 1240 में पदच्युत कर मार डाला गया।

12वीं शताब्दी में काम्बुजा (कंबोडिया) के राजा __________ द्वारा विष्णु भगवान को समर्पित अंगकोर वाट मंदिर का निर्माण करवाया गया था।

  • इंद्रवर्मन प्रथम
  • यशोवर्मन प्रथम
  • जयवर्मन द्वितीय
  • सूर्यवर्मन द्वितीय

Explanation:

  • अंगकोर वाट मंदिर का निर्माण सूर्यवर्मन द्वितीय (1113-1150) ने कंबोडिया में करवाया था।
  • यह मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है।
  • यह दुनिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर है और यूनेस्को विश्व विरासत स्थल है।
  • इसे खमेर साम्राज्य ने बनवाया था।
  • अतिरिक्त तथ्य: जयवर्मन द्वितीय (खमेर साम्राज्य के संस्थापक), यशोवर्मन प्रथम (यशोधरपुर की स्थापना), इंद्रवर्मन प्रथम (बैरॉन मंदिर) ।

रायगढ़ किले के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

  • केवल 2 और 3
  • केवल 1 और 2
  • केवल 1 और 3
  • 1, 2 और 3

Explanation:

  • रायगढ़ किला (महाराष्ट्र) छत्रपति शिवाजी महाराज की राजधानी थी।
  • कथन 1: यह 2024-25 के लिए “भारत के मराठा सैन्य परिदृश्य” शीर्षक के अंतर्गत यूनेस्को विश्व धरोहर के लिए नामांकित 12 किलों का हिस्सा है। → सही
  • कथन 2: यह छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा पोषित राजधानी थी। → सही
  • कथन 3: काल और गांधारी नदियों द्वारा आकारित घाटियों से घिरा रायगढ़, पड़ोसी पहाड़ियों से बिना किसी संपर्क के एक अलग पर्वतीय भाग के रूप में खड़ा है। → सही
  • अतिरिक्त तथ्य: रायगढ़ किला सह्याद्रि पहाड़ियों में स्थित है। 1674 में शिवाजी का राज्याभिषेक इसी किले में हुआ था। 1858 में अंग्रेजों ने इस किले पर कब्जा किया।

अपने एक प्रसिद्ध ग्रंथ में, याह्या बिन अहमद सरहिंदी दावा करते हैं कि _____ के संस्थापक पैगंबर के वंशज थे।

  • ग़ज़नवी वंश
  • तुग़लक़ वंश
  • सैय्यद वंश
  • ग़ुरीद वंश

Explanation:

  • याह्या बिन अहमद सरहिंदी ने अपने ग्रंथ ‘तारीख-ए-मुबारकशाही’ में दावा किया कि सैय्यद वंश के संस्थापक खिज्र खान पैगंबर मुहम्मद के वंशज (सैय्यद) थे।
  • सैय्यद वंश ने 1414-1451 तक दिल्ली सल्तनत पर शासन किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: ग़ज़नवी वंश (अलप्तकीन, महमूद गज़नी), तुगलक वंश (गियासुद्दीन तुगलक), ग़ुरीद वंश (मुहम्मद गौरी) ।

बादामी के चालुक्यों की स्थापना किसने की थी?

  • कीर्तिवर्मन प्रथम
  • विक्रमादित्य प्रथम
  • मंगलेश
  • पुलकेशिन प्रथम

Explanation:

  • बादामी के चालुक्यों (चालुक्य वंश) की स्थापना पुलकेशिन प्रथम (543-566 ई.) ने की थी।
  • उनकी राजधानी बादामी (वातापी, कर्नाटक) थी।
  • चालुक्य वंश ने 6वीं-8वीं शताब्दी में दक्षिण भारत पर शासन किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: पुलकेशिन द्वितीय (610-642) चालुक्य वंश का सबसे महान शासक था। उसने हर्षवर्धन (नर्मदा नदी) को हराया। कीर्तिवर्मन प्रथम, मंगलेश, विक्रमादित्य प्रथम चालुक्य शासक थे।

तख्त-ए-बाहि शिलालेख किस क्षेत्र से संबंधित है?

  • गुजरात
  • आगरा
  • कन्नौज
  • गांधार

Explanation:

  • तख्त-ए-बाहि शिलालेख गांधार क्षेत्र (वर्तमान पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत) से संबंधित है।
  • तख्त-ए-बाहि बौद्ध मठ (लगभग 1वीं शताब्दी) का स्थल है।
  • यह यूनेस्को विश्व विरासत स्थल है।
  • यहाँ के शिलालेख खरोष्ठी और ब्राह्मी लिपि में हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य: गांधार क्षेत्र तक्षशिला, पेशावर, मिंगोरा का हिस्सा था। यह बौद्ध कला और संस्कृति का केंद्र था। कन्नौज (उत्तर प्रदेश), गुजरात (पश्चिम भारत), आगरा (उत्तर प्रदेश) ।

निम्नलिखित में से किस वास्तुकला को ‘चारबाग’ शैली में बनाया गया है?

  • ताजमहल
  • बीजापुर का गुंबज
  • क़ुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद
  • क़ुतुब मीनार

Explanation:

  • ताजमहल (चारबाग शैली) में बनाया गया है।
  • चारबाग (चार भागों वाला बगीचा) फारसी वास्तुकला की शैली है, जिसमें बगीचे को चार भागों में विभाजित किया जाता है।
  • ताजमहल के सामने चारबाग का बगीचा है, जो नहरों द्वारा विभाजित है।
  • अतिरिक्त तथ्य: हुमायूँ का मकबरा (दिल्ली) भी चारबाग शैली में बना है – यह पहला बगीचा-मकबरा है। बीजापुर का गुंबज (गोल गुंबज – दक्कन शैली), क़ुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद (इस्लामी शैली), क़ुतुब मीनार (इंडो-इस्लामी) ।

कायस्थ समुदाय का मुखिया कौन था?

  • प्रथमा कुलिका
  • उपरिका
  • पुस्तपाल
  • प्रथमकायस्थ

Explanation:

  • कायस्थ समुदाय का मुखिया प्रथमकायस्थ कहलाता था।
  • कायस्थ भारत के एक लेखन/रिकॉर्ड रखने वाले समुदाय हैं।
  • वे बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश आदि राज्यों में पाए जाते हैं।
  • उनका पारंपरिक कार्य लिपिकीय, प्रशासनिक, शाही रिकॉर्ड रखना था।
  • अतिरिक्त तथ्य: कायस्थ समुदाय ब्राह्मण या क्षत्रिय मूल का माना जाता है। उपरिका, प्रथमा कुलिका, पुस्तपाल प्रशासनिक पद थे।

बाजार सुधारों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए निम्नलिखित में से किसने एक अधीक्षक (शहना-ए-मंडी) नियुक्त किया?

  • उलूग खान
  • मोहम्मद घोरी
  • रज़िया सुल्ताना
  • अलाउद्दीन खिलजी

Explanation:

  • अलाउद्दीन खिलजी (1296-1316) ने बाजार सुधारों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए शहना-ए-मंडी (बाजार अधीक्षक) की नियुक्ति की थी।
  • उसने बाजार नियंत्रण नीति (Market Control Policy) लागू की।
  • उसने अनाज, कपड़ा, चीनी, घी, मांस आदि के मूल्य निर्धारित किए।
  • उसने दीवान-ए-रियासत (बाजार नियंत्रण विभाग) की स्थापना की।
  • अतिरिक्त तथ्य: उलूग खान (अलाउद्दीन का भतीजा), मोहम्मद घोरी (12वीं शताब्दी), रज़िया सुल्ताना (दिल्ली सल्तनत की महिला शासक) ।

मुहम्मद तुग़लक़ ने कृषि के विकास के लिए कौन-सा नया विभाग खोला था?

  • दीवान-ए-कोही
  • दीवान-ए-विज़ारत
  • दीवान-ए-रिसालत
  • दीवान-ए-काज़ा

Explanation:

  • मुहम्मद तुगलक (1325-1351) ने कृषि के विकास के लिए दीवान-ए-कोही (कृषि विभाग) की स्थापना की थी।
  • उसने उन्नत बीज, सिंचाई, फसल चक्र को बढ़ावा दिया।
  • उसने किसानों को ऋण (तकावी) भी प्रदान किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: दीवान-ए-विज़ारत (वित्त विभाग), दीवान-ए-रिसालत (विदेश मामले/राजदूत), दीवान-ए-काज़ा (न्याय विभाग)। मुहम्मद तुगलक ने राजधानी दिल्ली से दौलताबाद स्थानांतरित की और टोकन मुद्रा चलाई।

अजमेर में स्थित ‘अढ़ाई दिन का झोंपड़ा’ किस वंश के शासनकाल में बनाया गया था?

  • लोदी वंश
  • तुगलक वंश
  • गुलाम वंश
  • खिलजी वंश

Explanation:

  • ‘अढ़ाई दिन का झोंपड़ा’ (अढ़ाई दिन का झोपड़ा) अजमेर में गुलाम वंश के शासनकाल में बनाया गया था।
  • इसका निर्माण कुतुबुद्दीन ऐबक (1193) ने करवाया था।
  • यह मूल रूप से एक संस्कृत कॉलेज था, जिसे मस्जिद में परिवर्तित कर दिया गया।
  • इसके नाम का अर्थ “2.5 दिन की झोपड़ी” है – यह 2.5 दिनों में बनकर तैयार होने वाले एक मेले के कारण प्रसिद्ध हुआ।
  • अतिरिक्त तथ्य: यह अजमेर (राजस्थान) में स्थित है। इसे “कुतुबुद्दीन ऐबक की मस्जिद” भी कहा जाता है। लोदी, तुगलक, खिलजी वंश – इन्होंने भी वास्तुकला का योगदान दिया, लेकिन अढ़ाई दिन का झोंपड़ा गुलाम वंश का है।

प्रसिद्ध इमारत ‘कुतुब मीनार’ किस शैली की वास्तुकला के अंतर्गत बनाई गई है?

  • शर्की शैली
  • मामलुक शैली
  • मुगल शैली
  • सेल्जुक शैली

Explanation:

  • कुतुब मीनार मामलुक शैली (गुलाम वंश की वास्तुकला) के अंतर्गत बनाई गई है।
  • इसका निर्माण कुतुबुद्दीन ऐबक ने 1193 में शुरू किया और इल्तुतमिश ने 1220 में पूरा किया।
  • यह दिल्ली के मेहरौली क्षेत्र में स्थित है।
  • इसकी ऊँचाई 72.5 मीटर है और यह दुनिया की सबसे ऊँची ईंट मीनार है।
  • अतिरिक्त तथ्य: शर्की शैली (जौनपुर), मुगल शैली (ताजमहल, हुमायूँ का मकबरा), सेल्जुक शैली (मध्य एशिया) । कुतुब मीनार यूनेस्को विश्व विरासत स्थल है।

15 वीं सदी में, बाबर ने ______ खेल को भारत में लोकप्रिय बनाया।

  • गोल्फ
  • पोलो
  • कबड्डी
  • कराटे

Explanation:

  • बाबर ने 15वीं सदी में पोलो (चौगान) खेल को भारत में लोकप्रिय बनाया।
  • पोलो एक घुड़सवारी का खेल है, जो मध्य एशिया से भारत आया।
  • बाबर को पोलो का बहुत शौक था।
  • उसने आगरा और दिल्ली में पोलो के मैदान बनवाए।
  • अतिरिक्त तथ्य: कुतुबुद्दीन ऐबक की मृत्यु भी पोलो खेलते समय हुई थी। गोल्फ (स्कॉटिश खेल), कबड्डी (भारतीय पारंपरिक खेल), कराटे (जापानी खेल) ।

निम्न में से कौन फतेहपुर सीकरी में एक ऐतिहासिक स्मारक नहीं है?

  • बुलंद दरवाजा
  • इबादत खाना
  • गोल गुम्बज
  • पंच महल

Explanation:

  • गोल गुम्बज फतेहपुर सीकरी में स्थित नहीं है, यह बीजापुर (कर्नाटक) में स्थित है।
  • गोल गुम्बज आदिल शाही वंश (बीजापुर) का प्रसिद्ध मकबरा है, जो 1672 में बना था।
  • फतेहपुर सीकरी में स्थित स्मारक: बुलंद दरवाजा, इबादत खाना, पंच महल, जामा मस्जिद, दीवान-ए-खास, दीवान-ए-आम, सलीम चिश्ती की दरगाह
  • अतिरिक्त तथ्य: फतेहपुर सीकरी अकबर ने 1571-1585 के बीच बनवाई थी, बाद में पानी की कमी के कारण छोड़ दी गई।

किस मुगल सम्राट का मूल नाम जहीर-उद-दीन मुहम्मद था?

  • हुमायूं
  • अकबर
  • बाबर
  • औरंगज़ेब

Explanation:

  • बाबर (1526-1530) का मूल नाम जहीर-उद-दीन मुहम्मद था।
  • वह मुगल वंश के संस्थापक थे।
  • उसने 1526 में पानीपत की प्रथम लड़ाई में इब्राहिम लोदी को हराया।
  • उसने बाबरनामा (आत्मकथा) तुर्की भाषा में लिखी।
  • अतिरिक्त तथ्य: हुमायूँ (नसीरुद्दीन मुहम्मद), अकबर (जलालुद्दीन मुहम्मद), औरंगज़ेब (मुहीउद्दीन मुहम्मद) । बाबर तैमूर और चंगेज़ खान का वंशज था।

पानीपत का द्वितीय युद्ध अकबर और हेमू के बीच किस वर्ष हुआ था?

  • 1556
  • 1576
  • 1536
  • 1526

Explanation:

  • पानीपत का द्वितीय युद्ध 5 नवंबर 1556 को अकबर (बैरम खान के नेतृत्व) और हेमू (विक्रमादित्य) के बीच लड़ा गया था।
  • इस युद्ध में अकबर ने हेमू को हराया
  • हेमू एक हिंदू शासक था, जिसने दिल्ली पर कब्जा कर विक्रमादित्य की उपाधि धारण की थी।
  • अतिरिक्त तथ्य: प्रथम पानीपत (1526) – बाबर ने इब्राहिम लोदी को हराया। तृतीय पानीपत (1761) – अहमद शाह अब्दाली ने मराठों को हराया।

निम्नलिखित में से कौन-सा स्मारक दिल्ली में स्थित नहीं है?

  • हुमायूँ का मकबरा
  • इंडिया गेट
  • बुलंद दरवाज़ा
  • अलाई दरवाज़ा

Explanation:

  • बुलंद दरवाज़ा फतेहपुर सीकरी (उत्तर प्रदेश) में स्थित है, दिल्ली में नहीं।
  • इसका निर्माण अकबर ने 1575 में गुजरात विजय की स्मृति में करवाया था।
  • दिल्ली में स्थित स्मारक: हुमायूँ का मकबरा, इंडिया गेट, अलाई दरवाज़ा, कुतुब मीनार, लाल किला, जामा मस्जिद, सफदरजंग का मकबरा
  • अतिरिक्त तथ्य: अलाई दरवाज़ा अलाउद्दीन खिलजी ने 1311 में बनवाया था। यह कुतुब मीनार परिसर में स्थित है।

खालसा पंथ की स्थापना कौन से सिख गुरु ने की थी?

  • श्री गुरु नानक जी
  • श्री गुरु हर गोबिंद जी
  • श्री गुरु तेग बहादुर जी
  • श्री गुरु गोविंद सिंह जी

Explanation:

  • खालसा पंथ की स्थापना श्री गुरु गोबिंद सिंह जी (10वें सिख गुरु) ने 1699 में बैसाखी के दिन आनंदपुर साहिब में की थी।
  • इस दिन पंज प्यारे (5 प्रिय) की स्थापना की गई।
  • उन्होंने सिखों के लिए 5 के (केश, कंघा, कड़ा, कृपाण, कच्छा) अनिवार्य किए।
  • अतिरिक्त तथ्य: गुरु नानक (सिख धर्म के संस्थापक), गुरु हर गोबिंद (6वें गुरु, जिन्होंने दो तलवारें धारण की – मीरी और पीरी), गुरु तेग बहादुर (9वें गुरु, हिंदू धर्म की रक्षा के लिए बलिदान)।

हुमायूँ-नामा _____ द्वारा लिखा गया था।

  • गुलबदन बेगम
  • बाबर
  • नूर जहाँ
  • अकबर

Explanation:

  • हुमायूँ-नामा गुलबदन बेगम (बाबर की बेटी और हुमायूँ की बहन) द्वारा लिखा गया था।
  • यह फारसी भाषा में लिखा गया है।
  • इसमें बाबर और हुमायूँ के जीवन और शासन का विवरण है।
  • यह मुगल काल के दौरान एक महिला द्वारा लिखी गई एकमात्र आत्मकथा है।
  • अतिरिक्त तथ्य: बाबर ने बाबरनामा (तुर्की), अकबर के आदेश पर अबुल फज़ल ने अकबरनामा (फारसी) लिखा। नूर जहाँ (जहांगीर की पत्नी) ।

प्रसिद्ध यात्री इब्न बतूता ________ के मूल निवासी थे।

  • इटली
  • ग्रीस
  • चीन
  • मोरक्को

Explanation:

  • इब्न बतूता (1304-1369) मोरक्को (तंजियर) के मूल निवासी थे।
  • वह एक मुस्लिम यात्री और भूगोलवेत्ता थे।
  • उन्होंने 1333-1347 के बीच भारत की यात्रा की और मुहम्मद बिन तुगलक के दरबार में काजी (न्यायाधीश) के रूप में सेवा की।
  • उन्होंने अपनी यात्राओं का वर्णन ‘रिहला’ (यात्रा वृत्तांत) में किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: मार्को पोलो (इटली), फ्रांस्वा बर्नियर (फ्रांस), अल बेरुनी (ईरान/उज़्बेकिस्तान), अब्दुर रज्जाक (ईरान)।

‘गुलाम वंश’ की स्थापना किसने की?

  • नसीर-उद-दीन महमूद
  • रजिया सुल्तान
  • कुतुब-उद-दीन ऐबक
  • गयासुद्दीन बलबन

Explanation:

  • गुलाम वंश (1206-1290) की स्थापना कुतुब-उद-दीन ऐबक ने 1206 में की थी।
  • वह मुहम्मद गौरी का गुलाम (दास) और सेनापति था।
  • गुलाम वंश को ‘मामलुक वंश’ भी कहा जाता है।
  • अतिरिक्त तथ्य: गुलाम वंश के प्रमुख शासक: कुतुबुद्दीन ऐबक, इल्तुतमिश, रजिया, बलबननसीर-उद-दीन महमूद (गुलाम वंश के शासक), रजिया सुल्तान (इल्तुतमिश की बेटी), गयासुद्दीन बलबन (गुलाम वंश के महान शासक) ।

दिए गए विकल्पों में से किस राजवंश ने दक्षिण पूर्व एशिया में शिपिंग उद्यम विकसित किया?

  • चेर राजवंश
  • चोल राजवंश
  • चालुक्य वंश
  • गुप्त राजवंश

Explanation:

  • चोल राजवंश ने दक्षिण पूर्व एशिया (इंडोनेशिया, मलय प्रायद्वीप) में शिपिंग उद्यम विकसित किया।
  • चोलों ने श्रीलंका, मालदीव, सुमात्रा, जावा पर आक्रमण किए।
  • उनके पास मजबूत नौसेना (शिपिंग) थी।
  • राजेंद्र प्रथम (11वीं शताब्दी) ने श्रीविजय (इंडोनेशिया) पर आक्रमण किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: चेर (केरल, नौसेना व्यापार), चालुक्य (दक्कन, स्थलीय सेना), गुप्त (उत्तर भारत, नौसेना प्रमुख नहीं)।

खालसा सेना के सैन्य कमांडर बंडा सिंह बहादुर को किस वर्ष मृत्युदंड दिया गया था?

  • 1717
  • 1716
  • 1718
  • 1715

Explanation:

  • बंडा सिंह बहादुर (1670-1716) को 1716 में मृत्युदंड (फाँसी) दिया गया था।
  • वह गुरु गोबिंद सिंह के सेनापति थे।
  • उसने 1710 में सरहिंद पर कब्जा किया और मुगल शासन के खिलाफ विद्रोह किया।
  • उसे फर्रुख सियार (मुगल बादशाह) ने पकड़वाया और 1716 में फाँसी दे दी।
  • अतिरिक्त तथ्य: बंडा सिंह बहादुर का जन्म जम्मू में लखपत राय के रूप में हुआ था। वह सिख संघ के पहले सैन्य नेता थे।

सम्राट अकबर के राजस्व मंत्री कौन थे?

  • अब्दुल फजल
  • नूरजहां
  • तोड़रमल
  • वाजिर खान

Explanation:

  • राजा तोड़रमल अकबर के राजस्व मंत्री (वित्त मंत्री) थे।
  • वह अकबर के नवरत्नों में से एक थे।
  • उन्होंने राजस्व प्रणाली में भूमि का मापन और बंदोबस्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
  • उनके द्वारा विकसित आईन-ए-दहसाला (दशसाला प्रणाली) राजस्व व्यवस्था को अबुल फज़ल ने आईन-ए-अकबरी में वर्णित किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: अब्दुल फज़ल (अकबरनामा के लेखक), नूरजहां (जहांगीर की पत्नी), वाजिर खान (मुगल सेनापति)।

सम्राट अकबर का मकबरा किस शहर में स्थित है?

  • चेन्नई
  • चंडीगढ़
  • वाराणसी
  • आगरा

Explanation:

  • सम्राट अकबर (1556-1605) का मकबरा आगरा (उत्तर प्रदेश) के सिकंदरा क्षेत्र में स्थित है।
  • इसका निर्माण अकबर ने स्वयं 1605 में शुरू करवाया था और जहांगीर ने 1613 में पूरा करवाया।
  • इसमें हिंदू और इस्लामी वास्तुकला का मिश्रण है।
  • अतिरिक्त तथ्य: ताजमहल (आगरा, शाहजहाँ द्वारा), हुमायूँ का मकबरा (दिल्ली), बाबर का मकबरा (काबुल, अफगानिस्तान) ।

अकबर ने किस वर्ष “इबादत-खाना (प्रार्थना घर) का निर्माण करवाया था?

  • 1679
  • 1675
  • 1575
  • 1579

Explanation:

  • अकबर ने इबादत-खाना (प्रार्थना घर) का निर्माण 1575 में फतेहपुर सीकरी में करवाया था।
  • यहाँ धार्मिक विद्वानों (हिंदू, मुस्लिम, जैन, पारसी, ईसाई) के बीच धार्मिक चर्चा होती थी।
  • इन चर्चाओं का प्रभाव अकबर पर पड़ा और उसने दीन-ए-इलाही (1582) की स्थापना की।
  • अतिरिक्त तथ्य: 1579 में महज़रनामा (धार्मिक आदेश) जारी किया गया। 1675/1679 – औरंगज़ेब के शासनकाल की घटनाएँ (जज़िया कर) ।

औरंगजेब के बाद मुगल साम्राज्य का अगला उत्तराधिकारी कौन था?

  • अकबर
  • जहांगीर
  • बहादुर शाह प्रथम
  • शाहजहाँ

Explanation:

  • औरंगजेब (1658-1707) के बाद बहादुर शाह प्रथम (1707-1712) मुगल साम्राज्य का उत्तराधिकारी बना।
  • उसे ‘शाह आलम’ और ‘शाह बहादुर’ के नाम से भी जाना जाता है।
  • वह औरंगजेब का दूसरा पुत्र था।
  • अतिरिक्त तथ्य: बहादुर शाह प्रथम के बाद मुगल सम्राट: जहांदार शाह, फर्रुख सियार, मुहम्मद शाह, अहमद शाह, आलमगीर द्वितीय, शाह आलम द्वितीय, अकबर द्वितीय, बहादुर शाह जफर (अंतिम मुगल सम्राट, 1857) ।

कन्नौज का युद्ध किसके बीच लड़ा गया था?

  • मुगल और बहादुर शाह
  • मुग़ल और इलियास शाह
  • मुगल और हेमू
  • मुगल और शेरशाह

Explanation:

  • कन्नौज का युद्ध (बिलग्राम का युद्ध) 1540 में हुमायूँ (मुगल) और शेरशाह सूरी के बीच लड़ा गया था।
  • इस युद्ध में शेरशाह ने हुमायूँ को हराया
  • इसके बाद शेरशाह ने सूरी वंश (1540-1555) की स्थापना की और हुमायूँ को ईरान भागना पड़ा।
  • अतिरिक्त तथ्य: चौसा का युद्ध (1539) भी हुमायूँ और शेरशाह के बीच लड़ा गया, जिसमें शेरशाह ने हुमायूँ को हराया। बहादुर शाह (गुजरात), इलियास शाह (बंगाल), हेमू (पानीपत द्वितीय 1556) ।

ज़ैन-उल-आबिदीन अपने सहिष्णु विचारों के लिए जाने जाते थे। वह किस साम्राज्य का सुल्तान था?

  • मालवा
  • गुजरात
  • कश्मीर
  • बंगाल

Explanation:

  • ज़ैन-उल-आबिदीन (1420-1470) कश्मीर सल्तनत का सुल्तान था।
  • उसे “बुद-शाह” (बौद्धों का राजा) भी कहा जाता था।
  • वह अपने सहिष्णु विचारों के लिए जाना जाता था, उसने हिंदुओं और मुसलमानों को समान अधिकार दिए।
  • उसने संस्कृत ग्रंथों का फारसी में अनुवाद करवाया।
  • अतिरिक्त तथ्य: उसने जज़िया कर को समाप्त किया और हिंदू मंदिरों के निर्माण की अनुमति दी। मालवा (महमूद खिलजी), गुजरात (महमूद बेगड़ा), बंगाल (हुसैन शाह) ।

ढलानदार या बल्लभ दीवारें किस सल्तनत की वास्तुकला की मुख्य विशेषताएं हैं?

  • गुलाम
  • लोदी
  • तुगलक
  • गेम्स

Explanation:

  • ढलानदार (बल्लभ) दीवारें तुगलक वंश की वास्तुकला की मुख्य विशेषताएँ थीं।
  • तुगलक वंश ने 1320-1414 तक शासन किया।
  • इसकी स्थापना गियासुद्दीन तुगलक ने की।
  • ढलानदार दीवारों को ‘बल्लभ’ कहा जाता था, जो मजबूती और सुरक्षा के लिए बनाई जाती थीं।
  • अतिरिक्त तथ्य: तुगलक वास्तुकला की अन्य विशेषताएँ: मोटी दीवारें, खिड़कियाँ, गुम्बद। उदाहरण: तुगलकाबाद का किला, फिरोजशाह कोटला, हौज़-ए-खास

पानीपत के प्रथम युद्ध में बाबर ने किस शासक को पराजित किया था?

  • इब्राहीम लोदी
  • सिकंदर लोदी
  • बहलोल लोदी
  • हेमू

Explanation:

  • पानीपत की प्रथम लड़ाई (1526) में बाबर ने इब्राहिम लोदी (दिल्ली सल्तनत के अंतिम शासक) को पराजित किया।
  • इस युद्ध में बाबर ने तैमूर की रणनीति (तुलुगमा – घेराबंदी) का उपयोग किया।
  • इब्राहिम लोदी इस युद्ध में मारा गया
  • अतिरिक्त तथ्य: सिकंदर लोदी (1489-1517, इब्राहिम के पिता), बहलोल लोदी (लोदी वंश के संस्थापक), हेमू (पानीपत द्वितीय 1556) ।

मध्यकालीन भारत में ग्रांड ट्रंक रोड का निर्माण किसके द्वारा किया गया था?

  • अकबर
  • बाबर
  • शेरशाह
  • हुमायूं

Explanation:

  • ग्रांड ट्रंक रोड (सड़क) का निर्माण शेरशाह सूरी ने करवाया था।
  • यह सड़क कलकत्ता (बंगाल) से पेशावर (उत्तर-पश्चिम) तक जाती है।
  • शेरशाह ने इस सड़क के किनारे सराय (विश्राम गृह) और कुएँ बनवाए।
  • इसे “सड़क-ए-आज़म” (ग्रैंड रोड) भी कहा जाता है।
  • अतिरिक्त तथ्य: इस सड़क को बाद में अकबर ने मरम्मत करवाया और अंग्रेजों ने आधुनिकीकरण किया। यह भारत की सबसे पुरानी और सबसे लंबी सड़क है।

दीन-ए-इलाही की शुरुआत किस मुगल शासक ने की थी?

  • अकबर
  • जहांगीर
  • शाहजहाँ
  • हुमायूं

Explanation:

  • दीन-ए-इलाही (ईश्वरीय धर्म) की शुरुआत अकबर ने 1582 में की थी।
  • इसमें इस्लाम, हिंदू, जैन, पारसी, ईसाई धर्मों के अच्छे पहलुओं को शामिल किया गया।
  • इसका मुख्य सिद्धांत सर्वधर्म समभाव, अहिंसा, एक ईश्वर में विश्वास था।
  • अतिरिक्त तथ्य: दीन-ए-इलाही को अकबर के समय में कुछ लोगों ने अपनाया, बाद में यह समाप्त हो गया। बीरबल, अबुल फज़ल, फैजी इसके अनुयायी थे।

विजयनगर साम्राज्य का संस्थापक कौन था?

  • कृष्णदेव राय और नरसिंह
  • अच्युत राम राय और कृष्णदेव राय
  • हरिहर और बुक्का
  • वीर नरसिंह और अच्युत रामराय

Explanation:

  • विजयनगर साम्राज्य (1336-1565) के संस्थापक हरिहर और बुक्का (संगम वंश) थे।
  • इन्होंने 1336 में तुंगभद्रा नदी के किनारे विजयनगर की स्थापना की।
  • वे विद्यारण्य (संत) के शिष्य थे।
  • अतिरिक्त तथ्य: विजयनगर साम्राज्य के प्रमुख वंश: संगम (हरिहर-बुक्का), सालुव, तुलुव (कृष्णदेव राय), अराविदुकृष्णदेव राय तुलुव वंश के सबसे महान शासक थे।

निम्नलिखित में से कौन सा यात्री कृष्णदेवराय के दरबार में आया था?

  • निकोलो डे कोंटी
  • विलियम हॉकिन्स
  • डोमिंगो पेस
  • अब्दुर रज्जाक

Explanation:

  • डोमिंगो पेस (पुर्तगाली यात्री) 1520-1522 के बीच कृष्णदेवराय के दरबार में आया था।
  • उसने विजयनगर साम्राज्य का विस्तृत विवरण अपनी यात्रा वृत्तांत में दिया।
  • अतिरिक्त तथ्य: निकोलो डे कोंटी (इतालवी, 15वीं शताब्दी), विलियम हॉकिन्स (अंग्रेज, जहांगीर के दरबार), अब्दुर रज्जाक (ईरानी, देवराय द्वितीय के दरबार में 1443) ।

भक्ति की किस शाखा के अंतर्गत ईश्वर के निराकार रूप की परिकल्पना की गई है?

  • वैष्णव
  • निर्गुण
  • सगुण
  • शैव

Explanation:

  • निर्गुण भक्ति में ईश्वर के निराकार (बिना रूप, गुण, आकार) रूप की परिकल्पना की गई है।
  • इसके प्रमुख संत: कबीर, रैदास, गुरु नानक, दादू दयाल
  • सगुण भक्ति में ईश्वर के साकार (राम, कृष्ण, शिव) रूप की पूजा होती है।
  • अतिरिक्त तथ्य: वैष्णव (विष्णु/कृष्ण उपासक), शैव (शिव उपासक), निर्गुण (निराकार) – ये भक्ति आंदोलन की तीन प्रमुख शाखाएँ हैं।

प्रसिद्ध शहर सिरी की स्थापना किसने की थी?

  • पृथ्वीराज चौहान
  • मुहम्मद बिन तुगलक
  • अलाउद्दीन खिलजी
  • फिरोज शाह तुगलक

Explanation:

  • शहर सिरी (Siri) की स्थापना अलाउद्दीन खिलजी (1296-1316) ने 1303 में की थी।
  • यह दिल्ली का दूसरा शहर था (पहला लाल कोट – पृथ्वीराज चौहान द्वारा)।
  • अलाउद्दीन ने इसे मंगोल आक्रमणों से बचाव के लिए और अपनी नई राजधानी के रूप में बसाया।
  • अतिरिक्त तथ्य: दिल्ली के सात शहर: लाल कोट (पृथ्वीराज), सिरी (अलाउद्दीन), तुगलकाबाद (गियासुद्दीन तुगलक), जहाँपनाह (मुहम्मद बिन तुगलक), फिरोजाबाद (फिरोज शाह तुगलक), शेरगढ़ (शेरशाह), शाहजहाँनाबाद (शाहजहाँ)

प्रसिद्ध उत्तरमारम् शिलालेख किस राजवंश से संबंधित है?

  • पंड्या
  • चोल
  • पल्लव
  • चालुक्य

Explanation:

  • उत्तरमारम् शिलालेख चोल राजवंश से संबंधित है।
  • यह 10वीं शताब्दी का शिलालेख है, जो तमिलनाडु के उत्तरमारम् मंदिर में स्थित है।
  • इसमें राजराजा प्रथम (985-1014) के शासनकाल का उल्लेख है।
  • अतिरिक्त तथ्य: चोल वंश के प्रमुख शासक: विजयालय (संस्थापक), परांतक प्रथम, राजराजा प्रथम, राजेंद्र प्रथम। चोल राजवंश ने 11वीं-12वीं शताब्दी में दक्षिण भारत पर शासन किया।

मध्यकालीन भारत में ‘फैक्ट्री’ शब्द का क्या अर्थ था?

  • रथ रखना
  • पेंटिंग गैलरी
  • शस्त्रागार
  • शाही कार्यशाला

Explanation:

  • मध्यकालीन भारत में ‘फैक्ट्री’ शब्द का अर्थ शाही कार्यशाला (Royal Workshop) था।
  • यहाँ हथियार, वस्त्र, आभूषण, कागज, शीशा आदि का निर्माण होता था।
  • इसे ‘करखाना’ भी कहा जाता था।
  • अतिरिक्त तथ्य: मुगल काल में शाहजहाँ के समय बड़े पैमाने पर करखाने थे, जहाँ हजारों कारीगर काम करते थे। यूरोपीय कंपनियों ने भी भारत में ‘फैक्ट्रियाँ’ (कोठियाँ) स्थापित कीं।

तुगलक वंश की स्थापना किसने की?

  • मुबारक तुगलक
  • मुहम्मद बिन तुगलक
  • गयासुद्दीन तुगलक
  • फिरोजशाह तुगलक

Explanation:

  • तुगलक वंश (1320-1414) की स्थापना गियासुद्दीन तुगलक (1320-1325) ने की थी।
  • उसने 1320 में खिलजी वंश को समाप्त कर तुगलक वंश की स्थापना की।
  • उसने तुगलकाबाद शहर की स्थापना की और तुगलकाबाद का किला बनवाया।
  • अतिरिक्त तथ्य: तुगलक वंश के प्रमुख शासक: गियासुद्दीन, मुहम्मद बिन तुगलक, फिरोज शाह तुगलकमुबारक तुगलक (खिलजी वंश के शासक), फिरोजशाह तुगलक (तुगलक वंश के महान शासक) ।

दिल्ली के किस सुल्तान ने कुतुब मीनार का निर्माण सर्वप्रथम शुरू करवाया था?

  • बलबन
  • अलाउद्दीन खिलजी
  • इल्तुतमिश
  • कुतुबुद्दीन ऐबक

Explanation:

  • कुतुब मीनार का निर्माण सर्वप्रथम कुतुबुद्दीन ऐबक ने 1193 में शुरू करवाया था।
  • उसने पहली मंजिल तक का निर्माण करवाया।
  • इसके बाद इल्तुतमिश ने 1220 में तीन मंजिल और बढ़वाईं।
  • अलाउद्दीन खिलजी ने अलाई मीनार (अधूरी) का निर्माण शुरू करवाया, जो कुतुब मीनार से दोगुनी ऊँची होनी थी।
  • अतिरिक्त तथ्य: बलबन ने कुतुब मीनार की मरम्मत करवाई। कुतुब मीनार पर इल्तुतमिश का शिलालेख मौजूद है।

सुल्तान मुहम्मद बिन तुगलक ने अपनी राजधानी दिल्ली से कहां स्थानांतरित करने का निर्णय लिया?

  • देवगिरी
  • आगरा
  • लाहौर
  • हैदराबाद

Explanation:

  • मुहम्मद बिन तुगलक (1325-1351) ने अपनी राजधानी दिल्ली से देवगिरी (दौलताबाद) स्थानांतरित करने का निर्णय लिया।
  • यह स्थानांतरण 1327 में हुआ था।
  • उसने देवगिरी का नाम “दौलताबाद” रखा।
  • इस निर्णय का उद्देश्य दक्षिण भारत पर बेहतर नियंत्रण और मंगोल आक्रमणों से बचाव था।
  • अतिरिक्त तथ्य: यह निर्णय असफल रहा और उसे 1335 में राजधानी वापस दिल्ली लानी पड़ी। देवगिरी (महाराष्ट्र, औरंगाबाद के पास) यादव वंश की राजधानी थी।

दिल्ली की पहली महिला शासक कौन थी?

  • चाँद बीबी
  • रानी रूपमती
  • मणिकर्णिका
  • रज़िया सुल्ताना

Explanation:

  • दिल्ली सल्तनत की पहली महिला शासक रज़िया सुल्ताना (1236-1240) थीं।
  • वह इल्तुतमिश की बेटी थीं।
  • उन्होंने सुल्तान की उपाधि धारण की और पुरुष वस्त्र पहने।
  • अतिरिक्त तथ्य: चाँद बीबी (अहमदनगर की शासक, 16वीं शताब्दी), रानी रूपमती (गोंडवाना की रानी), मणिकर्णिका (झांसी की रानी, 1857) । रज़िया सुल्ताना को 1240 में पदच्युत कर मार डाला गया।

कृष्णदेवराय _______ साम्राज्य के शासक थे।

  • चोल
  • पंड्या
  • चेर
  • विजयनगर

Explanation:

  • कृष्णदेवराय (1509-1529) विजयनगर साम्राज्य के तुलुव वंश के सबसे महान शासक थे।
  • उन्होंने बीजापुर, गोलकुंडा, उड़ीसा पर विजय प्राप्त की।
  • उन्हें “आंध्र भोज” और “कविराज” कहा जाता था।
  • अतिरिक्त तथ्य: चोल (राजराजा, राजेंद्र), पंड्या (मारवर्मन सुंदर पांड्य), चेर (सेरामन पेरुमल) – ये सभी दक्षिण भारतीय राजवंश थे। विजयनगर साम्राज्य की स्थापना 1336 में हरिहर और बुक्का ने की थी।

मुगल साम्राज्य का संस्थापक कौन है?

  • अकबर
  • बाबर
  • इब्राहिम लोदी
  • शेरशाह सूरी

Explanation:

  • मुगल साम्राज्य के संस्थापक बाबर (1526-1530) थे।
  • उसने 1526 में पानीपत की प्रथम लड़ाई में इब्राहिम लोदी को हराकर मुगल साम्राज्य की स्थापना की।
  • उसका पूरा नाम ज़हीरुद्दीन मुहम्मद बाबर था।
  • वह तैमूर (मातृ पक्ष) और चंगेज़ खान (पितृ पक्ष) का वंशज था।
  • उसने ‘बाबरनामा’ (तुर्की भाषा में आत्मकथा) लिखी।
  • अतिरिक्त तथ्य: बाबर फरगना (मध्य एशिया) का शासक था। अकबर (1556-1605) मुगल साम्राज्य का सबसे महान शासक था। इब्राहिम लोदी दिल्ली सल्तनत का अंतिम शासक था। शेरशाह सूरी (1540-1545) ने सूरी वंश की स्थापना की और हुमायूँ को हराया।

बंगाल के पाल राजा धर्मपाल को निम्नलिखित में से किस राष्ट्रकूट राजा ने पराजित किया था?

  • कृष्ण प्रथम
  • इंद्र तृतीय
  • गोविंद तृतीय
  • ध्रुव धारावर्ष

Explanation:

  • बंगाल के पाल राजा धर्मपाल (770-810) को राष्ट्रकूट राजा ध्रुव धारावर्ष (780-793) ने पराजित किया था।
  • यह कन्नौज के त्रिपक्षीय संघर्ष का हिस्सा था, जिसमें पाल, गुर्जर-प्रतिहार और राष्ट्रकूट शामिल थे।
  • ध्रुव ने उत्तर भारत पर आक्रमण किया और धर्मपाल को हराया।
  • अतिरिक्त तथ्य: कृष्ण प्रथम (राष्ट्रकूट) ने एलोरा के कैलाश मंदिर का निर्माण करवाया। गोविंद तृतीय (राष्ट्रकूट) ने उत्तर भारत पर आक्रमण किया। इंद्र तृतीय ने कन्नौज पर कब्जा किया।

कन्नौज पर त्रिपक्षीय संघर्ष में निम्नलिखित में से किस राजवंश ने भाग नहीं लिया?

  • पाल
  • चोल
  • गुर्जर-प्रतिहार
  • राष्ट्रकूट

Explanation:

  • कन्नौज का त्रिपक्षीय संघर्ष (8वीं-10वीं शताब्दी) पाल, गुर्जर-प्रतिहार और राष्ट्रकूट राजवंशों के बीच हुआ था।
  • चोल राजवंश ने इस संघर्ष में भाग नहीं लिया था।
  • चोल वंश दक्षिण भारत (तमिलनाडु) का शासक था।
  • अतिरिक्त तथ्य: त्रिपक्षीय संघर्ष कन्नौज (उत्तर प्रदेश) पर नियंत्रण के लिए था। गुर्जर-प्रतिहार (मध्य भारत), पाल (बंगाल/बिहार), राष्ट्रकूट (दक्षिण भारत) । चोल वंश के प्रमुख शासक: राजराज प्रथम, राजेंद्र प्रथम

दिल्ली सल्तनत के अंतर्गत उस राज्य के कानून का क्या नाम था जो राजशाही के अधीन विकसित हुआ, भले ही उसने शरिया का उल्लंघन किया हो?

  • फरमान
  • इक्ता
  • जवाबित
  • फतवा

Explanation:

  • जवाबित (Zawabit) राज्य के कानून थे, जो शरिया (इस्लामी कानून) का उल्लंघन करते हुए भी राजशाही के अधीन विकसित हुए।
  • इन्हें सुल्तान द्वारा प्रशासनिक और राज्य के हित में लागू किया गया था।
  • अतिरिक्त तथ्य: फरमान (शाही आदेश), इक्ता (भूमि/राजस्व की सैन्य इकाई), फतवा (इस्लामी विद्वानों का कानूनी मत) ।

किस राजवंश के दौरान कुतुलुग ख्वाजा के नेतृत्व में मंगोलों ने दिल्ली की घेराबंदी की और काफी नुकसान पहुँचाया?

  • खिलजी वंश
  • सैय्यद वंश
  • सूर वंश
  • मुगल वंश

Explanation:

  • कुतुलुग ख्वाजा के नेतृत्व में मंगोलों ने खिलजी वंश (1290-1320) के दौरान 1296-1297 में दिल्ली की घेराबंदी की थी।
  • यह अलाउद्दीन खिलजी (1296-1316) के शासनकाल की शुरुआत में हुआ था।
  • अलाउद्दीन खिलजी ने मंगोल आक्रमणों को सफलतापूर्वक रोका और उन्हें पीछे खदेड़ दिया।
  • अतिरिक्त तथ्य: अलाउद्दीन खिलजी ने दिल्ली के पास सिरी नामक शहर की स्थापना की। मंगोलों (चंगेज़ खान के वंशज) ने 1221 में इल्तुतमिश के शासन में भी हमला किया था। सैय्यद, सूर, मुगल वंश बाद में आए।

गुप्तों के बाद राष्ट्रकूटों ने भारत के किस भाग पर शासन किया?

  • मध्य भारत
  • दक्षिण
  • बंगाल
  • ओडिशा

Explanation:

  • गुप्तों (320-550 ई.) के बाद राष्ट्रकूटों (6वीं-10वीं शताब्दी) ने दक्षिण भारत के दक्कन क्षेत्र पर शासन किया।
  • राष्ट्रकूट साम्राज्य की राजधानी मान्यखेत (वर्तमान कर्नाटक) थी।
  • उन्होंने 8वीं-10वीं शताब्दी में शासन किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: राष्ट्रकूटों के प्रमुख शासक: दंतिदुर्ग (संस्थापक), कृष्ण प्रथम, गोविंद तृतीय, अमोघवर्ष। उन्होंने एलोरा के कैलाश मंदिर का निर्माण करवाया। मध्य भारत (गुर्जर-प्रतिहार), बंगाल (पाल), ओडिशा (गंग/सोमवंशी) ।

इस्लामी शासकों के शासनकाल में, निम्नलिखित में से कौन-सी इमारत निजी होती थी?

  • सराय
  • पुल
  • कतरा
  • दीवान-ए-खास

Explanation:

  • दीवान-ए-खास (निजी दरबार) निजी इमारत होती थी, जहाँ केवल शाही परिवार और विशेष अतिथि प्रवेश कर सकते थे।
  • सराय (सार्वजनिक सराय/विश्राम गृह), पुल (सार्वजनिक), कतरा (बाजार/व्यापारिक केंद्र) – ये सभी सार्वजनिक इमारतें थीं।
  • अतिरिक्त तथ्य: मुगल शासन में दीवान-ए-आम (सार्वजनिक दरबार) और दीवान-ए-खास (निजी दरबार) दोनों थे। ताजमहल परिसर में दीवान-ए-खास भी था।

अपने एक प्रसिद्ध ग्रंथ में, याह्या बिन अहमद सरहिंदी दावा करते हैं कि _____ के संस्थापक पैगंबर मुहम्मद के वंशज थे।

  • ग़ज़नवी वंश
  • सैय्यद वंश
  • ग़ुरीद वंश
  • तुग़लक़ वंश

Explanation:

  • याह्या बिन अहमद सरहिंदी ने अपने ग्रंथ ‘तारीख-ए-मुबारकशाही’ में दावा किया कि सैय्यद वंश के संस्थापक खिज्र खान पैगंबर मुहम्मद के वंशज (सैय्यद) थे।
  • सैय्यद वंश ने 1414-1451 तक दिल्ली सल्तनत पर शासन किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: ग़ज़नवी वंश (अलप्तकीन, महमूद गज़नी), ग़ुरीद वंश (मुहम्मद गौरी), तुगलक वंश (गियासुद्दीन तुगलक) । सैय्यद का अर्थ पैगंबर के वंशज होता है।

कन्नौज के लिए त्रिपक्षीय संघर्ष इनमें से किसके बीच हुआ था?

  • चालुक्य, पाल और राष्ट्रकूट
  • चोल, पांड्य और चेर
  • गुप्त, हूण और पाल
  • पाल, गुर्जर-प्रतिहार और राष्ट्रकूट

Explanation:

  • कन्नौज के लिए त्रिपक्षीय संघर्ष (8वीं-10वीं शताब्दी) पाल (बंगाल), गुर्जर-प्रतिहार (मध्य भारत) और राष्ट्रकूट (दक्षिण) राजवंशों के बीच हुआ था।
  • यह संघर्ष कन्नौज (उत्तर प्रदेश) पर नियंत्रण के लिए था।
  • गुर्जर-प्रतिहार ने कन्नौज पर विजय प्राप्त की।
  • अतिरिक्त तथ्य: चालुक्य (दक्षिण भारत), चोल, पांड्य, चेर (दक्षिण भारत), गुप्त (4वीं-6वीं शताब्दी), हूण (5वीं-6वीं शताब्दी) ।

1292 ईस्वी में भिलसा (विदिशा) के अभियान से कौन सा दिल्ली सल्तनत शासक जुड़ा था?

  • अलाउद्दीन खिलजी
  • इल्तुतमिश
  • गाजी मलिक
  • उलूग खान

Explanation:

  • 1292 में भिलसा (विदिशा) के अभियान से अलाउद्दीन खिलजी जुड़े थे (जब वह जलालुद्दीन खिलजी के भतीजे थे)।
  • अलाउद्दीन खिलजी ने मालवा पर आक्रमण किया और विशाल धन लूटा।
  • इस अभियान से उसे सैन्य अनुभव और धन प्राप्त हुआ।
  • अतिरिक्त तथ्य: अलाउद्दीन खिलजी ने 1296 में देवगिरि पर भी आक्रमण किया। इल्तुतमिश (1211-1236), गाजी मलिक (तुगलक वंश), उलूग खान (अलाउद्दीन का भतीजा) ।

कर्नाटक में स्थित बादामी गुफाओं का निर्माण निम्नलिखित में से किस शासक ने करवाया था?

  • मौर्य
  • पल्लव
  • पांड्य
  • चालुक्य

Explanation:

  • बादामी गुफाओं (बादामी, कर्नाटक) का निर्माण चालुक्य शासकों ने 6वीं-7वीं शताब्दी में करवाया था।
  • ये गुफाएँ हिंदू, जैन और बौद्ध धर्मों से जुड़ी हैं।
  • बादामी चालुक्यों की राजधानी (वातापी) थी।
  • अतिरिक्त तथ्य: चालुक्य वंश के प्रमुख शासक: पुलकेशिन प्रथम (संस्थापक), पुलकेशिन द्वितीय (सबसे महान)मौर्य (4थी-2ठी शताब्दी ई.पू.), पल्लव (महाबलीपुरम), पांड्य (मदुरै) ।

गुर्जर-प्रतिहार राजवंश के संस्थापक कौन थे?

  • वत्सराज
  • गोपाल
  • भोज
  • नागभट्ट प्रथम

Explanation:

  • गुर्जर-प्रतिहार राजवंश के संस्थापक नागभट्ट प्रथम (730-760 ई.) थे।
  • उन्होंने मालवा क्षेत्र में शासन स्थापित किया।
  • बाद में वत्सराज (780-800), नागभट्ट द्वितीय, मिहिर भोज आए।
  • मिहिर भोज (836-885) इस वंश का सबसे महान शासक था।
  • अतिरिक्त तथ्य: गोपाल (पाल वंश के संस्थापक), वत्सराज (गुर्जर-प्रतिहार शासक), भोज (गुर्जर-प्रतिहार शासक) । उन्होंने कन्नौज पर नियंत्रण स्थापित किया।

प्रसिद्ध गोलकुंडा किला किस राज्य में स्थित है?

  • मध्यप्रदेश
  • तेलंगाना
  • कर्नाटक
  • बिहार

Explanation:

  • गोलकुंडा किला तेलंगाना राज्य के हैदराबाद शहर में स्थित है।
  • इसका निर्माण कुतुब शाही राजवंश (15वीं-16वीं शताब्दी) ने करवाया था।
  • यह अपने ध्वनिकीय गुणों (ताली की आवाज) के लिए प्रसिद्ध है।
  • अतिरिक्त तथ्य: गोलकुंडा किले के निकट कुतुब शाही मकबरे हैं। चारमीनार भी हैदराबाद में 1591 में मुहम्मद कुली कुतुब शाह ने बनवाया था।

ताजमहल परिसर का निर्माण किस वर्ष के आसपास शुरू हुआ था?

  • 1632 ई.
  • 1641 ई.
  • 1621 ई.
  • 1651 ई.

Explanation:

  • ताजमहल का निर्माण 1632 में शाहजहाँ द्वारा शुरू किया गया था।
  • इसका निर्माण 1653 में पूरा हुआ।
  • इसे मुमताज महल (शाहजहाँ की पत्नी) की स्मृति में बनवाया गया था।
  • अतिरिक्त तथ्य: ताजमहल का मुख्य वास्तुकार उस्ताद अहमद लाहौरी था। यह यूनेस्को विश्व विरासत स्थल (1983) है और सात अजूबों में से एक है।

अकबर कब सम्राट बना था?

  • 1552 ई
  • 1550 ई
  • 1560 ई
  • 1556 ई

Explanation:

  • अकबर 1556 में 14 वर्ष की आयु में मुगल सम्राट बना था।
  • उसका राज्याभिषेक कलानौर (पंजाब) में हुआ था।
  • उसके प्रारंभिक वर्षों में बैरम खान ने उसका संरक्षण किया।
  • 1556 में ही पानीपत का द्वितीय युद्ध लड़ा गया, जिसमें अकबर ने हेमू को हराया।
  • अतिरिक्त तथ्य: अकबर ने 1556-1605 तक शासन किया। वह मुगल साम्राज्य का सबसे महान शासक था।

श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने ‘खालसा पंथ’ की स्थापना किस वर्ष की थी?

  • 1699
  • 1701
  • 1697
  • 1705

Explanation:

  • गुरु गोबिंद सिंह ने 1699 (13 अप्रैल, बैसाखी) में खालसा पंथ की स्थापना की थी।
  • उन्होंने पंज प्यारे (5 प्रिय) की स्थापना की और अमृत संस्कार शुरू किया।
  • उन्होंने सिखों के लिए 5 के (केश, कंघा, कड़ा, कृपाण, कच्छा) अनिवार्य किए।
  • अतिरिक्त तथ्य: गुरु गोबिंद सिंह (1666-1708) 10वें सिख गुरु थे। उन्होंने गुरु ग्रंथ साहिब को अंतिम गुरु घोषित किया।

निम्नलिखित ऐतिहासिक घटनाओं को उनके कालानुक्रमिक क्रम में व्यवस्थित कीजिए।

  • C, D, A, B
  • C, A, B, D
  • C, A, D, B
  • A, D, B, C

Explanation:

  • सही कालानुक्रमिक क्रम: C → A → D → B
  • C. हुमायूँ ने खोए हुए क्षेत्रों को पुनः प्राप्त किया1555 (पुनः कब्जा)
  • A. नादिर शाह ने भारत पर आक्रमण किया1739
  • D. अहमद शाह अब्दाली ने पानीपत के तीसरे युद्ध में मराठों को हराया1761
  • B. बंगाल की दीवानी ईस्ट इंडिया कंपनी को हस्तांतरित की गई1765
  • अतिरिक्त तथ्य: हुमायूँ (1530-1540, 1555-1556), नादिर शाह (फारसी शासक, कोहिनूर लूटा), अब्दाली (अफगान), ईस्ट इंडिया कंपनी (ब्रिटिश) ।

प्राचीन भारत में निम्नलिखित में से किस राजवंश के संस्थापक तिरुमाला राय थे?

  • तुलुवा
  • सालुवा
  • अराविडु
  • संगम

Explanation:

  • अराविडु राजवंश के संस्थापक तिरुमाला राय (1570-1572) थे।
  • यह विजयनगर साम्राज्य (1336-1646) के चौथे और अंतिम राजवंश थे।
  • अतिरिक्त तथ्य: विजयनगर के चार राजवंश: संगम (1336-1485), सालुवा (1485-1505), तुलुव (1505-1570), अराविडु (1570-1646)तिरुमाला राय ने तालीकोटा की लड़ाई (1565) के बाद शासन संभाला।

हल्दी घाटी का युद्ध किस वर्ष लड़ा गया था?

  • 1764 ईस्वी
  • 1576 ईस्वी
  • 1756 ईस्वी
  • 1761 ईस्वी

Explanation:

  • हल्दी घाटी का युद्ध 1576 (18 जून) को महाराणा प्रताप और अकबर की सेना के बीच लड़ा गया था।
  • अकबर की सेना का नेतृत्व राजा मान सिंह (आमेर) ने किया।
  • इस युद्ध में महाराणा प्रताप को हार का सामना करना पड़ा।
  • अतिरिक्त तथ्य: महाराणा प्रताप का प्रसिद्ध घोड़ा चेतक इस युद्ध में शहीद हुआ। पानीपत का तीसरा युद्ध (1761) – अब्दाली बनाम मराठे। बक्सर का युद्ध (1764) – अंग्रेज बनाम मीर कासिम/शुजाउद्दौला/शाह आलम ।

शेरशाह सूरी का मकबरा कहाँ स्थित है?

  • सासाराम
  • फतेहपुर सीकरी
  • दिल्ली
  • आगरा

Explanation:

  • शेरशाह सूरी का मकबरा सासाराम (बिहार) में स्थित है।
  • इसका निर्माण शेरशाह ने स्वयं 1540-1545 के बीच करवाया था।
  • यह एक झील के बीच में बना है और भारत-इस्लामी वास्तुकला का अद्भुत उदाहरण है।
  • अतिरिक्त तथ्य: फतेहपुर सीकरी (अकबर द्वारा स्थापित), दिल्ली (बहुत से सुल्तानों/मुगलों की राजधानी), आगरा (ताजमहल, आगरा का किला) ।

निम्नलिखित शासकों का सही कालक्रम कौन सा है?

  • D, B, C, A
  • B, D, A, C
  • B, D, C, A
  • B, C, D, A

Explanation:

  • सही कालक्रम: B → D → C → A
  • B. महमूद ग़ज़नवी (971-1030) – 17 बार भारत पर आक्रमण
  • D. मुहम्मद गौरी (1173-1206) – तराइन के युद्ध (1191, 1192)
  • C. चंगेज खान (1162-1227) – मंगोल साम्राज्य के संस्थापक
  • A. तैमूर (1336-1405) – 1398 में दिल्ली पर आक्रमण
  • अतिरिक्त तथ्य: महमूद गज़नी ने सोमनाथ (1025) पर आक्रमण किया। मुहम्मद गौरी ने कुतुबुद्दीन ऐबक को भारत में अपना प्रतिनिधि बनाया। चंगेज खान का जन्म मंगोलिया में हुआ। तैमूर ने दिल्ली को लूटा।

हैदराबाद में स्थित चारमीनार के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है?

  • यह उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम की ओर मुख करने वाले चार विशाल मेहराबों पर बना है।
  • यह 1591 में मोहम्मद कुली कुतुब शाह द्वारा बनवाया गया था।
  • यह शहर में प्लेग के अंत का प्रतीक था।
  • मेहराब कमरों की चार मंजिलों और मेहराबों की एक गैलरी का समर्थन करते हैं।

Explanation:

  • चारमीनार के बारे में गलत कथन: “मेहराब कमरों की चार मंजिलों और मेहराबों की एक गैलरी का समर्थन करते हैं।”
  • सही तथ्य: चारमीनार में दो मंजिलें हैं, चार नहीं।
  • चारमीनार हैदराबाद (तेलंगाना) में 1591 में मुहम्मद कुली कुतुब शाह ने बनवाया था।
  • यह प्लेग (बीमारी) के अंत के प्रतीक के रूप में बनाया गया था।
  • अतिरिक्त तथ्य: चारमीनार चार (4) मीनारों वाला स्मारक है। यह इंडो-इस्लामी वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण है।

प्रसिद्ध फ़ारसी त्योहार ‘नौरोज़’ किसने प्रारंभ किया?

  • शम्सुद्दीन कायूमर्स
  • ग़ियासुद्दीन बलबन
  • नसीरुद्दीन महमूद
  • बुघबुरा ख़ान

Explanation:

  • फ़ारसी त्योहार ‘नौरोज़’ (नया दिन) को ग़ियासुद्दीन बलबन (1266-1287) ने प्रारंभ किया था।
  • यह ईरानी नव वर्ष का त्योहार है, जो 21 मार्च को मनाया जाता है।
  • बलबन ने फ़ारसी संस्कृति और रिवाजों को दिल्ली सल्तनत में प्रोत्साहित किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: नसीरुद्दीन महमूद (1246-1266), बुघबुरा खान (बलबन का पुत्र) । बलबन ने ‘ज़िल-ए-इलाही’ (ईश्वर की छाया) की उपाधि धारण की।

अकबर का सुल्ह-ए-कुल का विचार क्या था?

  • धार्मिक समानता
  • सार्वभौमिक शांति
  • लैंगिक न्याय
  • आक्रमणकारियों के प्रति असहिष्णुता

Explanation:

  • ‘सुल्ह-ए-कुल’ का अर्थ सार्वभौमिक शांति (Absolute Peace) है।
  • यह अकबर द्वारा अपनाई गई धार्मिक सहिष्णुता और सर्वधर्म समभाव की नीति थी।
  • इसका उद्देश्य सभी धर्मों (हिंदू, मुस्लिम, जैन, पारसी, ईसाई) के बीच शांति और सद्भाव स्थापित करना था।
  • अतिरिक्त तथ्य: अकबर ने दीन-ए-इलाही (1582) की स्थापना की। उसने जज़िया कर को समाप्त किया और इबादतखाना (धार्मिक चर्चा केंद्र) स्थापित किया।

निम्नलिखित में से कौन सा शाहजहाँ द्वारा नहीं बनवाया गया था?

  • बुलंद दरवाजा
  • शालीमार बाग
  • लाल किला (दिल्ली)
  • जमा मस्जिद (दिल्ली)

Explanation:

  • बुलंद दरवाजा शाहजहाँ द्वारा नहीं बनवाया गया था।
  • बुलंद दरवाजा अकबर ने 1576 में गुजरात विजय की स्मृति में फतेहपुर सीकरी में बनवाया था।
  • शाहजहाँ द्वारा बनवाए गए स्मारक: ताजमहल, लाल किला (दिल्ली), जमा मस्जिद (दिल्ली), मोती मस्जिद (आगरा), शालीमार बाग (लाहौर)
  • अतिरिक्त तथ्य: बुलंद दरवाजा दुनिया का सबसे ऊँचा दरवाजा (54 मीटर) है।

कांची _________ की राजधानी थी।

  • चोल
  • चालुक्य
  • राष्ट्रकूट
  • पल्लव

Explanation:

  • कांची (कांचीपुरम) पल्लव राजवंश की राजधानी थी।
  • यह तमिलनाडु राज्य में स्थित है।
  • पल्लवों ने 6वीं-9वीं शताब्दी में शासन किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: चोल की राजधानी तंजावुर/गंगईकोंडचोलपुरम, चालुक्य की राजधानी बादामी (वातापी), राष्ट्रकूट की राजधानी मान्यखेत थी। कांचीपुरम अपने मंदिरों और रेशम के लिए प्रसिद्ध है।

किसके शासनकाल के दौरान मोरक्को का पर्यटक इब्न बतूता भारत आया था?

  • बलबन
  • मुहम्मद बिन तुगलक
  • फिरोज शाह तुगलक
  • अलाउद्दीन खिलजी

Explanation:

  • इब्न बतूता (मोरक्को का यात्री) 1333-1347 के दौरान मुहम्मद बिन तुगलक के शासनकाल में भारत आया था।
  • उसे दिल्ली का काजी (न्यायाधीश) नियुक्त किया गया।
  • उसने अपनी यात्रा का वर्णन ‘रिहला’ (Travelogue) नामक पुस्तक में किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: इब्न बतूता ने 30 वर्षों में 44 देशों की यात्रा की। मुहम्मद बिन तुगलक (1325-1351) ने राजधानी दौलताबाद स्थानांतरित की और टोकन मुद्रा चलाई।

तुगलकाबाद शहर का संस्थापक कौन था?

  • फिरोज शाह तुगलक
  • गयासुद्दीन तुगलक़
  • मुहम्मद बिन तुगलक
  • महमूद तुगलक

Explanation:

  • तुगलकाबाद शहर (दिल्ली) का संस्थापक गियासुद्दीन तुगलक (1320-1325) था।
  • उसने 1321-1325 के बीच तुगलकाबाद किला का निर्माण करवाया।
  • वह तुगलक वंश (1320-1414) का संस्थापक था।
  • अतिरिक्त तथ्य: फिरोज शाह तुगलक (1351-1388) ने फिरोजाबाद, हिसार, जौनपुर की स्थापना की। मुहम्मद बिन तुगलक ने जहाँपनाह (दिल्ली) का निर्माण करवाया।

हम्पी, __________ साम्राज्य की राजधानी थी।

  • चोल
  • विजयनगर
  • परमार
  • राष्ट्रकूट

Explanation:

  • हम्पी विजयनगर साम्राज्य (1336-1565) की राजधानी थी।
  • यह कर्नाटक राज्य में स्थित है।
  • इसकी स्थापना हरिहर और बुक्का ने 1336 में की थी।
  • यह यूनेस्को विश्व विरासत स्थल है।
  • अतिरिक्त तथ्य: 1565 में तालीकोटा की लड़ाई के बाद विजयनगर साम्राज्य का पतन हुआ। चोल (तंजावुर), परमार (धार, मालवा), राष्ट्रकूट (मान्यखेत) ।

आठवीं शताब्दी ईस्वी में निम्नलिखित में से किस राजवंश की राजधानी मान्यखेत थी?

  • राष्ट्रकूट
  • प्रतिहार
  • चेर
  • पाल

Explanation:

  • मान्यखेत (वर्तमान मानखेड़, कर्नाटक) राष्ट्रकूट राजवंश की राजधानी थी।
  • राष्ट्रकूट वंश ने 8वीं-10वीं शताब्दी में शासन किया।
  • उनके प्रमुख शासक: दंतिदुर्ग, कृष्ण प्रथम, गोविंद तृतीय, अमोघवर्ष
  • अतिरिक्त तथ्य: प्रतिहार (कन्नौज), चेर (दक्षिण भारत), पाल (बंगाल/बिहार) – क्रमशः अपनी-अपनी राजधानियों में थे। मान्यखेत राष्ट्रकूटों का प्रशासनिक केंद्र था।

दिल्ली सल्तनत में, ‘इक़्ता’ के धारक, जो अपने ‘इक़्ता’ के प्रशासनिक प्रमुख के रूप में भी कार्य करते थे, को ________ के रूप में नामित किया गया था।

  • मुक्ती
  • काज़ी
  • आरिज़
  • वज़ीर

Explanation:

  • दिल्ली सल्तनत में ‘इक़्ता’ के धारक, जो अपने इक़्ता के प्रशासनिक प्रमुख के रूप में कार्य करते थे, को ‘मुक्ती’ (Muqti) कहा जाता था।
  • इक़्ता प्रणाली दिल्ली सल्तनत की भू-राजस्व प्रणाली थी, जिसमें सैनिकों और अधिकारियों को उनकी सेवाओं के बदले भूमि दी जाती थी।
  • मुक्ती का कार्य राजस्व संग्रह, न्याय, सैन्य व्यवस्था बनाए रखना था।
  • अतिरिक्त तथ्य: काज़ी (न्यायाधीश), आरिज़ (सेना प्रमुख), वज़ीर (प्रधानमंत्री/वित्त मंत्री) । इक़्ता प्रणाली शम्सुद्दीन इल्तुतमिश के समय व्यवस्थित हुई।

1532 में जब हुमायूँ ने गुजरात पर आक्रमण किया था, उस समय गुजरात का शासक कौन था?

  • बहादुर शाह
  • सिकंदर शाह
  • मुजफ्फर शाह द्वितीय
  • जफर खान मुजफ्फर

Explanation:

  • 1532 में जब हुमायूँ ने गुजरात पर आक्रमण किया, उस समय गुजरात का शासक बहादुर शाह (1526-1537) था।
  • बहादुर शाह गुजरात सल्तनत का सबसे महत्वपूर्ण शासक था।
  • उसने मांडू, चित्तौड़ और दिल्ली पर आक्रमण किए।
  • हुमायूँ ने 1535 में बहादुर शाह को मांडू में हराया था।
  • अतिरिक्त तथ्य: मुजफ्फर शाह द्वितीय (1511-1526), जफर खान मुजफ्फर (गुजरात सल्तनत के संस्थापक, 1407), सिकंदर शाह (दिल्ली/बंगाल के शासक) ।

बृहदेश्वर मंदिर निम्नलिखित में से किस राजवंश द्वारा बनवाया गया था?

  • गुप्त
  • पांड्य
  • मौर्य
  • चोल

Explanation:

  • बृहदेश्वर मंदिर (तंजौर, तमिलनाडु) का निर्माण चोल राजवंश के राजा राजराज प्रथम ने 1010 में करवाया था।
  • यह भगवान शिव को समर्पित है और द्रविड़ शैली में बना है।
  • इसे “राजराजेश्वरम मंदिर” भी कहा जाता है।
  • यह यूनेस्को विश्व विरासत स्थल (“महान जीवित चोल मंदिर”) का हिस्सा है।
  • अतिरिक्त तथ्य: राजराज प्रथम (985-1014) चोल वंश का सबसे महान शासक था। राजेंद्र प्रथम ने गंगईकोंडचोलपुरम में मंदिर बनवाया। गुप्त, मौर्य, पांड्य अन्य राजवंश थे।

निम्न में से कौनसा स्मारक मुहम्मद कुली कुतुब शाह द्वारा प्लेग निवारण की स्मृति हेतु बनवाया गया था?

  • अली मीनार
  • चारमीनार
  • फतेह भुज
  • कुतुबमीनार

Explanation:

  • चारमीनार (हैदराबाद) का निर्माण मुहम्मद कुली कुतुब शाह ने 1591 में प्लेग (महामारी) के निवारण की स्मृति में करवाया था।
  • यह कुतुब शाही वंश (गोलकुंडा) का प्रसिद्ध स्मारक है।
  • इसकी वास्तुकला फारसी-इंडो-इस्लामी शैली में है।
  • अतिरिक्त तथ्य: कुतुब मीनार (कुतुबुद्दीन ऐबक/इल्तुतमिश), अली मीनार (अहमदनगर), फतेह भुज (विजयनगर) । चारमीनार के चारों ओर चार मीनारें हैं, इसलिए इसे चारमीनार कहा जाता है।

प्रारंभिक चोल राजाओं में महानतम कौन माना जाता है?

  • पुलकेशी II
  • राजसिम्हा
  • करिकाल
  • नंदिवर्मन

Explanation:

  • करिकाल (लगभग 190-230 ई.) को प्रारंभिक चोल राजाओं में महानतम माना जाता है।
  • उसने वेंनी का युद्ध जीता और कावेरी नदी के तट पर कल्लानई (बांध) का निर्माण करवाया।
  • उसके शासन का वर्णन संगम साहित्य (पट्टिनप्पालई) में मिलता है।
  • उसने श्रीलंका पर भी विजय प्राप्त की।
  • अतिरिक्त तथ्य: पुलकेशी II (चालुक्य), राजसिम्हा (पल्लव), नंदिवर्मन (पल्लव) । उत्तरकालीन चोल राजाओं में राजराज प्रथम और राजेंद्र प्रथम महान थे।

लिंगराज मंदिर का निर्माण किसने करवाया था?

  • राजपूत चंदेल वंश के शासक
  • मुगल सम्राट शाहजहाँ
  • राजा अनंतवर्मन चोडगंगा देव
  • सोमवंशी राजा ययाति केशरी

Explanation:

  • लिंगराज मंदिर (भुवनेश्वर, ओडिशा) का निर्माण सोमवंशी राजा ययाति केशरी ने 11वीं शताब्दी में करवाया था।
  • यह भगवान शिव (लिंगराज) को समर्पित है।
  • यह मंदिर खारवेल (कलिंग) शैली में बना है।
  • यह भुवनेश्वर का सबसे बड़ा मंदिर है।
  • अतिरिक्त तथ्य: राजा अनंतवर्मन चोडगंगा देव (गंग वंश) ने जगन्नाथ मंदिर (पुरी) का पुनर्निर्माण करवाया। चंदेल (खजुराहो), शाहजहाँ (ताजमहल) ।

_____ बैरम खान का पुत्र था, जो अकबर के दरबार में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति बन गया।

  • अमीर खुसरो
  • अब्दुल रहीम खान-ए-खानान
  • बीरबल
  • अबुल फजल

Explanation:

  • अब्दुल रहीम खान-ए-खानान (1556-1627) बैरम खान का पुत्र था, जो अकबर के दरबार में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति बना।
  • वह अकबर के नवरत्नों में से एक था।
  • वह एक महान कवि था और उसने “रहीम” के नाम से दोहे लिखे।
  • उसने बाबरनामा का फारसी अनुवाद भी किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: बैरम खान अकबर का संरक्षक (शिक्षक) और सेनापति था। अमीर खुसरो (अलाउद्दीन खिलजी के दरबार के कवि), बीरबल (अकबर के नवरत्न), अबुल फजल (अकबरनामा के लेखक) ।

निम्नलिखित में से किस शहर में शेख सलीम चिश्ती का मकबरा स्थित है?

  • फतेहपुर सीकरी
  • गोलकुंडा
  • जुनागढ़
  • दिल्ली

Explanation:

  • शेख सलीम चिश्ती का मकबरा फतेहपुर सीकरी (उत्तर प्रदेश) में स्थित है।
  • यह अकबर द्वारा बनवाया गया था (1580-1581) ।
  • शेख सलीम चिश्ती एक सूफी संत थे, जिन्होंने अकबर को बेटा (सलीम/जहांगीर) होने का आशीर्वाद दिया था।
  • अकबर ने उनके सम्मान में फतेहपुर सीकरी बसाई थी।
  • अतिरिक्त तथ्य: मकबरा सफेद संगमरमर से बना है और जालीदार खिड़कियां हैं। गोलकुंडा (हैदराबाद), जुनागढ़ (गुजरात), दिल्ली (निजामुद्दीन औलिया का मकबरा) ।

‘अमीर-अल-खैल’ एक अरबी उपाधि है जिसका अनुवाद आमतौर पर ‘विश्वासियों का सेनापति’ या ‘विश्वासियों का नेता’ किया जाता है। निम्नलिखित में से किसे यह पदवी दी गई थी?

  • मलिक इख्तियार-उद-दीन अल्तुनिया
  • मुइज़ उद्दीन बहराम
  • नसीरुद्दीन मोहम्मद
  • जमाल-उद-दीन याकूत

Explanation:

  • ‘अमीर-अल-खैल’ (विश्वासियों का सेनापति/नेता) की पदवी जमाल-उद-दीन याकूत को दी गई थी।
  • याकूत एक हब्शी (अफ्रीकी) दास था, जो रज़िया सुल्ताना (1236-1240) का प्रिय दास और अश्वारोही सेना का प्रमुख था।
  • उसकी निकटता के कारण रज़िया के खिलाफ विद्रोह हुआ।
  • अतिरिक्त तथ्य: मलिक इख्तियार-उद-दीन अल्तुनिया (बठिंडा के गवर्नर, जिसने रज़िया को बंदी बनाया), मुइज़ उद्दीन बहराम (रज़िया का भाई/शासक), नसीरुद्दीन मोहम्मद (गुलाम वंश के शासक) ।

निम्नलिखित में से कौन पाँच सिख तख्तों की सूची में नहीं है?

  • श्री दमदमा साहिब, तलवंडी साबो, बठिंडा
  • श्री केशगढ़ साहिब, आनंदपुर
  • श्री रकाबगंज साहिब, नई दिल्ली
  • श्री पटना साहिब, पटना

Explanation:

  • श्री रकाबगंज साहिब, नई दिल्ली पाँच सिख तख्तों (Five Takhts) की सूची में नहीं है।
  • यह दिल्ली में स्थित एक महत्वपूर्ण गुरुद्वारा है, लेकिन यह तख्त नहीं है।
  • पाँच सिख तख्त हैं:
    • श्री अकाल तख्त साहिब – अमृतसर (सबसे प्रमुख)
    • श्री केशगढ़ साहिब – आनंदपुर
    • श्री पटना साहिब – पटना
    • श्री दमदमा साहिब – तलवंडी साबो, बठिंडा
    • श्री हजूर साहिब – नांदेड़, महाराष्ट्र
  • अतिरिक्त तथ्य: श्री रकाबगंज साहिब का निर्माण गुरु अर्जन देव के सम्मान में किया गया था। गुरु तेग बहादुर का स्मारक भी यहाँ है।

निम्नलिखित में से कौन दसवें सिख गुरु थे?

  • गुरु नानक
  • गुरु अर्जन देव
  • गुरु रामदास
  • गुरु गोबिंद सिंह

Explanation:

  • गुरु गोबिंद सिंह (1666-1708) दसवें और अंतिम सिख गुरु थे।
  • उन्होंने 1699 में खालसा पंथ की स्थापना की और सिखों को सैन्य संप्रदाय में बदल दिया।
  • उन्होंने गुरु ग्रंथ साहिब को “गुरु” घोषित किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: गुरु नानक (प्रथम गुरु), गुरु अर्जन देव (5वें गुरु, आदि ग्रंथ के संकलनकर्ता), गुरु रामदास (चौथे गुरु, स्वर्ण मंदिर की नींव)। दस गुरुओं में गुरु गोबिंद सिंह अंतिम थे।

निम्नलिखित में से किस साम्राज्य का कोरकी में अपना प्राचीन बंदरगाह था?

  • पंड्या
  • पल्लव
  • चोल
  • चेरा

Explanation:

  • चेरा साम्राज्य का कोरकी (Korkai) में अपना प्राचीन बंदरगाह था।
  • कोरकी तमिलनाडु (तूथुकुडी जिले) में स्थित है।
  • यह पांड्य साम्राज्य के साथ मोती (Pearl) व्यापार के लिए प्रसिद्ध था।
  • चेरा साम्राज्य कलिंग, रोम, ग्रीस के साथ व्यापार करता था।
  • अतिरिक्त तथ्य: चेरा (केरल/तमिलनाडु), पांड्य (मदुरै), चोल (तंजौर/उरैयूर), पल्लव (कांचीपुरम) । कोरकी का उल्लेख संगम साहित्य में मिलता है।

राष्ट्रकूट वंश की स्थापना किसने की?

  • दंतिदुर्ग
  • पुलकेशिन
  • राजराज चोल
  • अग्निपुत्र

Explanation:

  • राष्ट्रकूट वंश की स्थापना दंतिदुर्ग (735-756 ई.) ने की थी।
  • उसने बादामी के चालुक्यों को हराकर राष्ट्रकूट साम्राज्य (753-982) की स्थापना की।
  • राष्ट्रकूटों की राजधानी मान्यखेत (कर्नाटक) थी।
  • उन्होंने एलोरा के कैलाश मंदिर (कृष्ण प्रथम) का निर्माण करवाया।
  • अतिरिक्त तथ्य: पुलकेशिन (चालुक्य), राजराज चोल (चोल), अग्निपुत्र (प्रतिहार वंश की उत्पत्ति का पौराणिक आधार)। अमोघवर्ष राष्ट्रकूट वंश का सबसे महान शासक था।

कुतुबुद्दीन ऐबक की मृत्यु किस खेल में हुई थी?

  • चौगान
  • शिकार
  • हाथियों की लड़ाई
  • शतरंज

Explanation:

  • कुतुबुद्दीन ऐबक (1206-1210) की मृत्यु 1210 में चौगान (पोलो) खेलते समय घोड़े से गिरने के कारण हुई थी।
  • चौगान पोलो का प्राचीन नाम है, जो तुर्की/मंगोल पारंपरिक खेल था।
  • वह गुलाम वंश के संस्थापक थे।
  • अतिरिक्त तथ्य: उन्हें “लखबख्श” (दानी) कहा जाता था। उन्होंने कुतुब मीनार और कुतुब-उल-इस्लाम मस्जिद का निर्माण शुरू किया था।

मध्यकालीन भारत में दीवान-ए-अर्ज़ किसे कहा जाता था?

  • जासूसी विभाग
  • सैन्य विभाग
  • वित्त विभाग
  • सामाजिक कार्य विभाग

Explanation:

  • मध्यकालीन भारत में दीवान-ए-अर्ज़ को सैन्य विभाग (Military Department) कहा जाता था।
  • इसका प्रमुख आरिज़-ए-मुमालिक (सेना प्रमुख) होता था।
  • यह सेना की भर्ती, वेतन, उपकरण और घोड़ों का प्रबंधन करता था।
  • अतिरिक्त तथ्य: दीवान-ए-विज़ारत (वित्त विभाग), दीवान-ए-इंशा (राजकीय पत्राचार), दीवान-ए-रिसालत (विदेश मामले), दीवान-ए-काज़ा (न्याय विभाग) ।

प्रसिद्ध जामा मस्जिद का निर्माण किस शासक ने करवाया था?

  • जहांगीर
  • शाहजहाँ
  • औरंगजेब
  • दारा चिकोह

Explanation:

  • जामा मस्जिद (दिल्ली) का निर्माण शाहजहाँ (1628-1658) ने 1656 में करवाया था।
  • यह दिल्ली के शाहजहाँनाबाद क्षेत्र में स्थित है।
  • इसकी वास्तुकला फारसी-इंडो-इस्लामी शैली में है।
  • इसमें 3 दरवाजे, 4 मीनारें, 2 मीनारें हैं और यह भारत की सबसे बड़ी मस्जिदों में से एक है।
  • अतिरिक्त तथ्य: शाहजहाँ ने ताजमहल, लाल किला, मोती मस्जिद का भी निर्माण करवाया। जहांगीर (चित्रकला), औरंगजेब (बीबी-का-मकबरा), दारा सिकोह (उपनिषदों का अनुवाद) ।

निम्नलिखित में से कौन-सा शहर चालुक्य की राजधानी था?

  • तंजौर
  • बादामी
  • कांचीपुरम
  • मदुरै

Explanation:

  • बादामी (बादामी के चालुक्य) चालुक्य वंश (6वीं-8वीं शताब्दी) की राजधानी थी।
  • इसे वातापी भी कहा जाता है और यह कर्नाटक में स्थित है।
  • चालुक्य वंश के प्रमुख शासक: पुलकेशिन प्रथम (संस्थापक), पुलकेशिन द्वितीय (सबसे महान)
  • अतिरिक्त तथ्य: तंजौर (चोल वंश की राजधानी), कांचीपुरम (पल्लव वंश की राजधानी), मदुरै (पांड्य वंश की राजधानी) ।

दिल्ली के किस सुल्तान ने ‘टका’ और ‘जिंटाल’ सिक्कों को लोकप्रिय बनाया?

  • बलबन
  • अलाउद्दीन खिलजी
  • मुहम्मद बिन तुगलक
  • इल्तुतमिश

Explanation:

  • इल्तुतमिश (1211-1236) ने ‘टका’ (चाँदी का सिक्का) और ‘जिंटाल’ (ताँबे का सिक्का) को लोकप्रिय बनाया।
  • उसने शुद्ध अरबी सिक्के जारी किए और खलीफा (बगदाद) की अधीनता से मुक्त हुआ।
  • ‘टका’ शब्द आज भी पैसे के लिए प्रयोग होता है।
  • अतिरिक्त तथ्य: बलबन (सिक्का सुधार), अलाउद्दीन खिलजी (सिक्कों पर ‘खलीफा’ का नाम), मुहम्मद बिन तुगलक (टोकन मुद्रा – ताँबे के सिक्के) ।

प्रसिद्ध रचना ‘तूतीनामा’ की रचना _____________ के शासनकाल के दौरान की गई थी।

  • बाबर
  • अकबर
  • औरंगजेब
  • हुमायूं

Explanation:

  • ‘तूतीनामा’ (तोते की कहानियाँ) की रचना अकबर (1556-1605) के शासनकाल में की गई थी।
  • यह फारसी साहित्य का एक प्रसिद्ध ग्रंथ है।
  • इसका अनुवाद अकबर के दरबार में किया गया था।
  • अतिरिक्त तथ्य: अकबर के दरबार में कई ग्रंथों का फारसी में अनुवाद हुआ – महाभारत (रज्मनामा), रामायण, बाबरनामाबाबर (बाबरनामा), हुमायूँ (हुमायूँनामा), औरंगजेब (फतवा-ए-आलमगीरी) ।

निम्नलिखित में से किस दिल्ली के सुल्तान ने कृषि के विकास के लिए दीवान-ए-कोही नामक एक नया विभाग शुरू किया?

  • शम्सुद्दीन इल्तुतमिश
  • गिय्यासुद्दीन बलबन
  • अलाउद्दीन खिलजी
  • मुहम्मद-बिन-तुग़लक़

Explanation:

  • मुहम्मद-बिन-तुगलक (1325-1351) ने कृषि के विकास के लिए दीवान-ए-कोही (कृषि विभाग) की स्थापना की थी।
  • उसने किसानों को उन्नत बीज, सिंचाई, ऋण (तकावी) प्रदान किए।
  • उसने फसल चक्र और नई फसलें (जैसे जौ, गेहूं) को बढ़ावा दिया।
  • अतिरिक्त तथ्य: उसने राजधानी दिल्ली से दौलताबाद स्थानांतरित की, टोकन मुद्रा चलाई। इल्तुतमिश (इक़्ता प्रणाली), बलबन (रक्त और लोहे की नीति), अलाउद्दीन खिलजी (बाजार नियंत्रण) ।

पाल शासक मुख्य रूप से किस धर्म/संप्रदाय के महान संरक्षक थे?

  • जैन धर्म
  • वैष्णव धर्म
  • शैव धर्म
  • बौद्ध धर्म

Explanation:

  • पाल शासक (8वीं-12वीं शताब्दी) मुख्य रूप से बौद्ध धर्म के महान संरक्षक थे।
  • उन्होंने नालंदा, विक्रमशिला, ओदंतपुरी जैसे बौद्ध विश्वविद्यालयों को संरक्षण दिया।
  • धर्मपाल ने विक्रमशिला विश्वविद्यालय की स्थापना की।
  • देवपाल ने बौद्ध मठों को अनुदान दिया।
  • अतिरिक्त तथ्य: पाल वंश के संस्थापक गोपाल (750-770) थे। उन्होंने बंगाल और बिहार पर शासन किया। जैन, वैष्णव, शैव अन्य धर्म/संप्रदाय थे जिन्हें अन्य राजवंशों ने संरक्षण दिया।

विजयनगर और ________ के बीच रायचूर दोआब के नियंत्रण को लेकर लगातार संघर्ष होते रहे, जो कृष्णा और तुंगभद्रा नदियों के बीच की भूमि थी।

  • बीदर
  • बहमनी
  • अहमदनगर
  • गोलकुंडा

Explanation:

  • विजयनगर साम्राज्य और बहमनी साम्राज्य के बीच रायचूर दोआब (कृष्णा और तुंगभद्रा नदियों के बीच की भूमि) के नियंत्रण को लेकर लगातार संघर्ष होते रहे।
  • यह उपजाऊ भूमि थी और दोनों साम्राज्यों के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण थी।
  • रायचूर का युद्ध कृष्णदेवराय (विजयनगर) ने जीता था।
  • अतिरिक्त तथ्य: बहमनी साम्राज्य (1347-1527) दक्कन क्षेत्र का प्रमुख साम्राज्य था। बीदर, अहमदनगर, गोलकुंडा बहमनी राज्य के विभाजन के बाद बने पाँच दक्कन सल्तनत में से थे।

शेरशाह का मकबरा निम्नलिखित में से किस स्थान पर स्थित है?

  • पटना
  • लाहौर
  • आगरा
  • सासाराम

Explanation:

  • शेरशाह सूरी (1545) का मकबरा सासाराम (बिहार) में स्थित है।
  • इसका निर्माण 1545-1548 के बीच उसके पुत्र इस्लाम शाह ने करवाया था।
  • यह मकबरा झील (तालाब) के मध्य में बना है और इसकी वास्तुकला इंडो-इस्लामी शैली में है।
  • यह बिहार का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है।
  • अतिरिक्त तथ्य: शेरशाह ने 1540 में सूरी वंश की स्थापना की। पटना (गोलघर), लाहौर (पाकिस्तान), आगरा (ताजमहल, लाल किला, इतिमाद-उद-दौला) ।

क़ुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद निम्नलिखित में से किस शहर में स्थित है?

  • हैदराबाद
  • नई दिल्ली
  • सीकर
  • अजमेर

Explanation:

  • क़ुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद नई दिल्ली (मेहरौली) में स्थित है।
  • इसका निर्माण कुतुबुद्दीन ऐबक ने 1193 में करवाया था।
  • यह भारत की सबसे पुरानी मस्जिदों में से एक है।
  • यह कुतुब मीनार के सबसे निकट स्थित है।
  • अतिरिक्त तथ्य: इस मस्जिद के निर्माण में हिंदू-जैन मंदिरों के खंभों का उपयोग किया गया था। हैदराबाद (चारमीनार, मक्का मस्जिद), सीकर (राजस्थान), अजमेर (अढ़ाई दिन का झोंपड़ा) ।

प्रतिहार राजवंश के प्रसिद्ध शासक मिहिर भोज ने कौन-सी उपाधि धारण की थी?

  • आदि वराह
  • विक्रमादित्य
  • परमेश्वर
  • आदित्यवर्धन

Explanation:

  • मिहिर भोज (836-885 ई.) प्रतिहार राजवंश के प्रसिद्ध शासक थे।
  • उन्होंने “आदि वराह” (प्रथम वराह – भगवान विष्णु का अवतार) की उपाधि धारण की।
  • उन्होंने कन्नौज को अपनी राजधानी बनाया।
  • उन्होंने पाल, राष्ट्रकूट राजवंशों के खिलाफ संघर्ष किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: प्रतिहार वंश की स्थापना नागभट्ट प्रथम ने की थी। विक्रमादित्य (चालुक्य), परमेश्वर (राष्ट्रकूट), आदित्यवर्धन (प्रतिहार/पाल) ।

निम्नलिखित में से कौन सी वास्तुकला औरंगजेब द्वारा निर्मित की गई थी?

  • बीबी-का-मकबरा
  • कुतुब मीनार
  • ताजमहल
  • हुमायूँ का मकबरा

Explanation:

  • बीबी-का-मकबरा (औरंगाबाद, महाराष्ट्र) का निर्माण औरंगजेब (1658-1707) ने अपनी पत्नी दिलरास बानो बेगम की स्मृति में 1678 में करवाया था।
  • इसे “दक्कन का ताज” (ताजमहल की प्रति) भी कहा जाता है।
  • इसका वास्तुकार अता-उल्लाह था।
  • अतिरिक्त तथ्य: कुतुब मीनार (कुतुबुद्दीन ऐबक/इल्तुतमिश), ताजमहल (शाहजहाँ), हुमायूँ का मकबरा (हाजी बेगम) । औरंगजेब ने मोती मस्जिद (दिल्ली) और जामा मस्जिद (लाहौर) का भी निर्माण करवाया था।

मुगल शासन की स्थापना किसने की थी?

  • बाबर
  • हुमायूं
  • अकबर
  • शाहजहाँ

Explanation:

  • मुगल शासन की स्थापना बाबर (1526-1530) ने की थी।
  • उसने 1526 में पानीपत की प्रथम लड़ाई में इब्राहिम लोदी को हराकर मुगल साम्राज्य की स्थापना की।
  • वह तैमूर और चंगेज़ खान का वंशज था।
  • उसने ‘बाबरनामा’ (तुर्की में आत्मकथा) लिखी।
  • अतिरिक्त तथ्य: हुमायूँ (बाबर का पुत्र), अकबर (सबसे महान मुगल), शाहजहाँ (ताजमहल के निर्माता) । बाबर ने 1527 में खानवा की लड़ाई में राणा साँगा को हराया।

वर्तमान समय का ________ विजयनगर साम्राज्य की राजधानी हुआ करता था।

  • मैसूर
  • श्रीरंगपट्टणम
  • हम्पी
  • बेलूर

Explanation:

  • वर्तमान समय का हम्पी (कर्नाटक) विजयनगर साम्राज्य की राजधानी हुआ करता था।
  • यह 1336-1565 तक विजयनगर साम्राज्य की राजधानी थी।
  • हम्पी तुंगभद्रा नदी के तट पर स्थित है।
  • यह यूनेस्को विश्व विरासत स्थल है।
  • अतिरिक्त तथ्य: मैसूर (वोडेयार वंश की राजधानी), श्रीरंगपट्टणम (टीपू सुल्तान की राजधानी), बेलूर (होयसल साम्राज्य की राजधानी) ।

मुगल साम्राज्य के शासनकाल के दौरान गैर-मुस्लिम विषयों पर लगाए जाने वाले कर को किस शब्द से जाना जाता था?

  • शरिया
  • शाफ़ई
  • जिज़्या
  • जाहिलिय्या

Explanation:

  • मुगल साम्राज्य के शासनकाल के दौरान गैर-मुस्लिम विषयों पर लगाए जाने वाले कर को ‘जिज़्या’ कहा जाता था।
  • यह इस्लामिक कानून (शरिया) के अनुसार गैर-मुस्लिमों (जिम्मी) पर लगाया जाने वाला कर था।
  • अकबर ने 1564 में जिज़्या को समाप्त कर दिया था।
  • औरंगजेब ने 1679 में इसे पुनः लागू किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: शरिया (इस्लामिक कानून), शाफ़ई (इस्लामिक संप्रदाय), जाहिलिय्या (इस्लाम-पूर्व अरबी युग) ।

मामलुक वंश का तीसरा शासक कौन था?

  • कुतुबुद्दीन ऐबक
  • इल्तुतमिश
  • बलबन
  • रजिया सुल्तान

Explanation:

  • मामलुक वंश (गुलाम वंश) का तीसरा शासक इल्तुतमिश (1211-1236) था।
  • पहले शासक: कुतुबुद्दीन ऐबक (1206-1210)
  • दूसरे शासक: आराम शाह (1210-1211)
  • तीसरे शासक: इल्तुतमिश (1211-1236) – गुलाम वंश का सबसे महान शासक।
  • अतिरिक्त तथ्य: बलबन (1266-1287) – गुलाम वंश का 9वाँ शासक, रज़िया सुल्ताना (1236-1240) – गुलाम वंश की 4थी शासक (एकमात्र महिला) ।

राजा सिम्हाविष्णु किस वंश से संबंधित थे?

  • पाल
  • चोल
  • चालुक्य
  • पल्लव

Explanation:

  • राजा सिम्हाविष्णु (लगभग 575-590 ई.) पल्लव वंश से संबंधित थे।
  • वह पल्लव वंश के संस्थापक थे (या पहले महान शासक)।
  • उनकी राजधानी कांचीपुरम थी।
  • उन्होंने पल्लव साम्राज्य को एक मजबूत राज्य का रूप दिया।
  • अतिरिक्त तथ्य: पाल (बंगाल-बिहार), चोल (तंजौर), चालुक्य (बादामी) । सिम्हाविष्णु के पुत्र महेन्द्रवर्मन I ने चालुक्यों के खिलाफ लड़ाई लड़ी।

प्रसिद्ध असफ़न जाही राजवंश किस क्षेत्रीय साम्राज्य से संबंधित है?

  • हैदराबाद
  • त्रावणकोर
  • मैसूर
  • बंगाल

Explanation:

  • असफ़न जाही राजवंश (आसफ जाही वंश) हैदराबाद (दक्कन) के क्षेत्रीय साम्राज्य से संबंधित है।
  • इसकी स्थापना आसफ जाह प्रथम (चिन किलिच खान) ने 1724 में की थी।
  • उसने मुगल साम्राज्य से स्वतंत्र होकर हैदराबाद रियासत की स्थापना की।
  • हैदराबाद भारत के सबसे बड़े रियासतों में से एक था।
  • अतिरिक्त तथ्य: त्रावणकोर (केरल), मैसूर (कर्नाटक), बंगाल (पश्चिम बंगाल/बांग्लादेश) । निजाम-उल-मुल्क ने भी हैदराबाद पर शासन किया।

दिल्ली का कौन सा सुल्तान अपने शासन के दौरान साहसिक निर्णय लेने के लिए जाना जाता है?

  • मुहम्मद बिन तुगलक
  • कुतुबुद्दीन अबक
  • फिरोज शाह तुगलक
  • अलाउद्दीन खिलजी

Explanation:

  • मुहम्मद बिन तुगलक (1325-1351) अपने शासन के दौरान साहसिक निर्णय लेने के लिए जाना जाता है।
  • उनके प्रमुख साहसिक निर्णय: राजधानी दिल्ली से दौलताबाद स्थानांतरित करना, टोकन मुद्रा (ताँबे के सिक्के) चलाना, दीवान-ए-कोही (कृषि विभाग) की स्थापना।
  • इनमें से अधिकांश असफल रहे, इसलिए उन्हें “विचित्र/अधूरी योजनाओं का सुल्तान” भी कहा जाता है।
  • अतिरिक्त तथ्य: फिरोज शाह तुगलक (नहर निर्माण, उदारवादी), अलाउद्दीन खिलजी (बाजार नियंत्रण, दक्षिण भारत विजय), कुतुबुद्दीन ऐबक (गुलाम वंश के संस्थापक) ।

विश्व प्रसिद्ध स्वर्ण मंदिर (गोल्डन टेंपल) की आधारशिला किसने रखी थी?

  • मुहम्मद इकबाल
  • महमूद-उल-हसन
  • अशरफ अली ठांवी
  • हजरत मियां मीर जी

Explanation:

  • स्वर्ण मंदिर (हरमंदिर साहिब, अमृतसर) की आधारशिला हजरत मियां मीर जी (सूफी संत) ने 1588 में रखी थी।
  • उन्हें गुरु अर्जन देव जी (5वें सिख गुरु) ने आमंत्रित किया था।
  • हजरत मियां मीर जी लाहौर के एक प्रसिद्ध सूफी संत थे।
  • अतिरिक्त तथ्य: मंदिर का निर्माण गुरु अर्जन देव ने 1588-1604 के बीच करवाया था। गुरु रामदास ने 1577 में नींव रखी थी (कुछ स्रोतों के अनुसार)। गोल्डन टेंपल की ऊपरी मंजिल का स्वर्ण महाराजा रणजीत सिंह ने करवाया था।

गुलाम वंश के निम्नलिखित शासकों को कालानुक्रमिक क्रम में व्यवस्थित कीजिए।

  • रुक्नुद्दीन फिरोजशाह < बहरामशाह < अलाउद्दीन मसूद शाह < नसीरुद्दीन महमूद
  • बहरामशाह < रुक्नुद्दीन फिरोजशाह < नसीरुद्दीन महमूद < अलाउद्दीन मसूद शाह
  • नसीरुद्दीन महमूद < बहरामशाह < रुक्नुद्दीन फिरोजशाह < अलाउद्दीन मसूद शाह
  • बहरामशाह < अलाउद्दीन मसूद शाह < नसीरुद्दीन महमूद < रुक्नुद्दीन फिरोजशाह

Explanation:

  • गुलाम वंश (1206-1290) के शासकों का सही कालानुक्रमिक क्रम: रुक्नुद्दीन फिरोजशाह (1236) → बहरामशाह (1240-1242) → अलाउद्दीन मसूद शाह (1242-1246) → नसीरुद्दीन महमूद (1246-1266)
  • रुक्नुद्दीन फिरोजशाह (1236) – इल्तुतमिश का पुत्र, 6 महीने शासन किया, रज़िया द्वारा हटाया गया।
  • बहरामशाह (1240-1242) – रज़िया का भाई, उसकी हत्या के बाद शासक बना, बाद में मारा गया।
  • अलाउद्दीन मसूद शाह (1242-1246) – रुक्नुद्दीन का पुत्र, अयोग्य शासक, सेना ने हटाया।
  • नसीरुद्दीन महमूद (1246-1266) – इल्तुतमिश का पुत्र, बलबन का दामाद, उसके बाद बलबन शासक बना।
  • अतिरिक्त तथ्य: गुलाम वंश के संस्थापक कुतुबुद्दीन ऐबक (1206-1210), उसके बाद आरामशाह (1210-1211), फिर इल्तुतमिश (1211-1236) आए। रज़िया (1236-1240) इल्तुतमिश की बेटी और दिल्ली सल्तनत की एकमात्र महिला शासक थी।

महमूद गवान को “मुख्य व्यापारी” या मलिक-उत-तुज्जार की उपाधि ________ ने प्रदान की थी।

  • अहमद तृतीय
  • बहमन शाह
  • हुमायूँ शाह
  • मुहम्मद शाह

Explanation:

  • महमूद गवान (1411-1481) को “मुख्य व्यापारी” या “मलिक-उत-तुज्जार” की उपाधि हुमायूँ शाह (बहमनी सल्तनत के शासक) ने प्रदान की थी।
  • महमूद गवान एक फारसी व्यापारी था, जो बाद में बहमनी राज्य का प्रधानमंत्री/वज़ीर बना।
  • उसने सैन्य सुधार, प्रशासनिक सुधार किए और विजयनगर साम्राज्य के खिलाफ सफल अभियान चलाए।
  • अतिरिक्त तथ्य: बहमनी राज्य की स्थापना अलाउद्दीन हसन (1347) ने की। महमूद गवान ने बीदर में एक मदरसा बनवाया। 1481 में उसे मुहम्मद शाह तृतीय ने फाँसी दी। अहमद तृतीय, बहमन शाह, मुहम्मद शाह बहमनी शासक थे।

किस शासक ने शेरशाह सूरी के उत्तराधिकारियों को हराकर 1555 तक अपना खोया हुआ राज्य पुनः प्राप्त कर लिया, जिससे द्वितीय अफगान साम्राज्य का अंत हो गया?

  • औरंगज़ेब
  • मुहम्मद बिन तुग़लक़
  • बाबर
  • हुमायूँ

Explanation:

  • हुमायूँ (1530-1540, 1555-1556) ने शेरशाह सूरी के उत्तराधिकारियों को हराकर 1555 तक अपना खोया हुआ राज्य पुनः प्राप्त किया।
  • उसने 1555 में सरहिंद की लड़ाई में सिकंदर शाह सूरी को हराया और दिल्ली पर पुनः अधिकार कर लिया।
  • इससे द्वितीय अफगान साम्राज्य (सूरी वंश) का अंत हो गया और मुगल साम्राज्य की पुनः स्थापना हुई।
  • अतिरिक्त तथ्य: हुमायूँ बाबर का पुत्र था। उसे 1540 में शेरशाह ने कन्नौज के युद्ध में हराया था, जिसके बाद वह ईरान भाग गया। 1556 में उसकी मृत्यु दिल्ली में हुई। औरंगज़ेब (1658-1707), मुहम्मद बिन तुगलक (1325-1351), बाबर (1526-1530) ।

किस रियासत के शासक ने सिख समुदाय और संस्थाओं को संरक्षण दिया?

  • जयपुर के महाराजा
  • त्रावणकोर के राजा
  • पटियाला के भूपिंदर सिंह
  • बारोडा के गायकवाड़

Explanation:

  • पटियाला के भूपिंदर सिंह (1887-1938) ने सिख समुदाय और संस्थाओं को संरक्षण दिया।
  • उन्होंने सिख धर्म के विकास के लिए कई गुरुद्वारे और शैक्षणिक संस्थान बनवाए।
  • पटियाला पंजाब की एक महत्वपूर्ण रियासत थी।
  • अतिरिक्त तथ्य: जयपुर (राजस्थान, कच्छवाहा वंश), त्रावणकोर (केरल, हिंदू राज्य), बारोडा (गुजरात, गायकवाड़ वंश) । पटियाला के शासक सिख थे और उन्होंने सिख संगठनों को वित्तीय सहायता दी।

आगरा किले में स्थित जहांगीरी महल के निर्माण में मुख्य रूप से किस सामग्री का उपयोग किया गया था?

  • कंक्रीट
  • सफेद संगमरमर
  • लाल बलुआ पत्थर
  • सिरेमिक

Explanation:

  • आगरा किले में स्थित जहांगीरी महल के निर्माण में मुख्य रूप से लाल बलुआ पत्थर (Red Sandstone) का उपयोग किया गया था।
  • यह महल अकबर ने 1565-1573 के बीच बनवाया था।
  • इसका उपयोग राजपूत महिलाओं के निवास के लिए किया जाता था।
  • अतिरिक्त तथ्य: आगरा किला यूनेस्को विश्व विरासत स्थल है। ताजमहल (सफेद संगमरमर), लाल किला (दिल्ली, लाल बलुआ पत्थर), बीजापुर का गोल गुंबज (कंक्रीट/ग्रेनाइट) ।

मुहम्मद तुगलक ने कृषि के विकास के लिए कौन-सा नया विभाग खोला था?

  • दीवान-ए-विज़ारत
  • दीवान-ए-कोही
  • दीवान-ए-काज़ा
  • दीवान-ए-रिसालत

Explanation:

  • मुहम्मद तुगलक (1325-1351) ने कृषि के विकास के लिए दीवान-ए-कोही (कृषि विभाग) खोला था।
  • इस विभाग का उद्देश्य उन्नत बीज, सिंचाई, फसल चक्र को बढ़ावा देना और किसानों को ऋण (तकावी) प्रदान करना था।
  • उसने कृषि को प्रोत्साहित करने के लिए किसानों को भूमि अनुदान भी दिए।
  • अतिरिक्त तथ्य: दीवान-ए-विज़ारत (वित्त विभाग), दीवान-ए-रिसालत (विदेश मामले), दीवान-ए-काज़ा (न्याय विभाग) । मुहम्मद तुगलक ने राजधानी दिल्ली से दौलताबाद स्थानांतरित की और टोकन मुद्रा (तांबे के सिक्के) चलाई।

मुगलों द्वारा निर्मित निम्नलिखित में से किस इमारत/कस्बों में सलीम चिश्ती का मकबरा स्थित है?

  • फ़तेहपुर सीकरी
  • ताजमहल
  • लाल किला
  • आगरा का किला

Explanation:

  • सलीम चिश्ती का मकबरा फतेहपुर सीकरी (उत्तर प्रदेश) में स्थित है।
  • इसे अकबर ने 1580 में सूफी संत सलीम चिश्ती (चिश्ती संप्रदाय) के सम्मान में बनवाया था।
  • यह सफेद संगमरमर से बना है और फतेहपुर सीकरी परिसर का हिस्सा है।
  • अतिरिक्त तथ्य: अकबर ने सलीम चिश्ती की दुआ से बेटा (सलीम/जहांगीर) होने के कारण फतेहपुर सीकरी का निर्माण किया। फतेहपुर सीकरी यूनेस्को विश्व विरासत स्थल है। ताजमहल (आगरा), लाल किला (दिल्ली), आगरा का किला (आगरा) ।

निम्नलिखित में से किसके सैन्य/तोपखाने शाखा का सामान्य नाम ’तोप-खाना’ था?

  • विजयनगर साम्राज्य
  • ग़ुरीद वंश
  • दिल्ली सल्तनत
  • मुग़ल वंश

Explanation:

  • मुगल वंश की सैन्य/तोपखाने शाखा का सामान्य नाम ‘तोप-खाना’ था।
  • मुगलों ने तोपखाने को अपनी सेना का महत्वपूर्ण अंग बनाया।
  • बाबर ने पानीपत की प्रथम लड़ाई (1526) में तोपखाने का प्रभावी उपयोग किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: मुगल तोपखाने में उस्ताद अली कुली, मुस्तफा जैसे गनर थे। विजयनगर (तोपों का उपयोग था, लेकिन तोप-खाना शब्द नहीं), ग़ुरीद वंश (तुर्की घुड़सवार सेना), दिल्ली सल्तनत (तोपों का उपयोग किया, लेकिन ‘तोप-खाना’ मुगल काल में प्रसिद्ध हुआ) ।

निम्नलिखित में से कौन-सा कथन औरंगज़ेब के बारे में गलत है?

  • औरंगज़ेब की मृत्यु के कारण 18वीं शताब्दी के मध्य में मुग़ल साम्राज्य का पतन हुआ।
  • वह शाहजहाँ और मुमताज़ महल के दूसरे पुत्र थे।
  • उन्हें आलमगीर के नाम से भी जाना जाता था।
  • सत्ता के लिए अपने संघर्ष में, औरंगज़ेब ने अपने भाई दारा को एक युद्ध में निर्णायक रूप से पराजित किया और अपने पिता को आगरा में उनके अपने महल में कैद कर लिया।

Explanation:

  • गलत कथन: “वह शाहजहाँ और मुमताज़ महल के दूसरे पुत्र थे।” – यह गलत है क्योंकि औरंगज़ेब तीसरे पुत्र थे।
  • शाहजहाँ और मुमताज महल के 6 पुत्र थे, जिनमें पहला – दारा शिकोह, दूसरा – शाह शुजा, तीसरा – औरंगज़ेब, चौथा – मुराद बख्श थे।
  • सही कथन: औरंगज़ेब को “आलमगीर” (विश्व विजेता) के नाम से जाना जाता था।
  • उसने 1658 में दारा शिकोह को सामुगढ़ के युद्ध में हराया और अपने पिता शाहजहाँ को आगरा किले में कैद कर लिया।
  • अतिरिक्त तथ्य: औरंगज़ेब (1658-1707) मुगल साम्राज्य का अंतिम शक्तिशाली शासक था। उसकी मृत्यु (1707) के बाद मुगल साम्राज्य का पतन शुरू हुआ।

खजुराहो का भव्य मंदिर ________ शासकों द्वारा बनवाया गया था।

  • सोलंकी
  • चौहान
  • चंदेल
  • परमार

Explanation:

  • खजुराहो के मंदिर चंदेल शासकों द्वारा बनवाए गए थे (9वीं-13वीं शताब्दी) ।
  • यह मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित है।
  • यहाँ हिंदू और जैन मंदिर हैं, जो नागर शैली में बने हैं।
  • प्रमुख मंदिर: कंदारिया महादेव, लक्ष्मण मंदिर, विश्वनाथ मंदिर, चतुर्भुज मंदिर
  • अतिरिक्त तथ्य: खजुराहो यूनेस्को विश्व विरासत स्थल है। सोलंकी (गुजरात), चौहान (राजस्थान), परमार (मालवा/मध्य प्रदेश) ।

निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन इल्तुतमिश के बारे में सत्य है/हैं? 1. वह कुतुबुद्दीन ऐबक की पुत्री से विवाहित था। 2. वह लाहौर का गवर्नर था। 3. उसने अपनी पुत्री को अपना उत्तराधिकारी नामित किया।

  • केवल 1 और 3
  • केवल 1 और 2
  • 1, 2 और 3 सभी
  • केवल 2 और 3

Explanation:

  • सभी कथन इल्तुतमिश के बारे में सत्य हैं:
  • कथन 1: वह कुतुबुद्दीन ऐबक की पुत्री से विवाहित था – सही (उसकी पत्नी का नाम शाह तुर्कान था) ।
  • कथन 2: वह लाहौर का गवर्नर था – सही (उसे कुतुबुद्दीन ऐबक ने लाहौर का गवर्नर नियुक्त किया था) ।
  • कथन 3: उसने अपनी पुत्री रज़िया को अपना उत्तराधिकारी नामित किया – सही (उसने अपने पुत्रों की अयोग्यता के कारण रज़िया को चुना) ।
  • अतिरिक्त तथ्य: इल्तुतमिश 1211-1236 तक गुलाम वंश का तीसरा शासक था। उसने दिल्ली सल्तनत को खलीफा की अधीनता से मुक्त किया और शुद्ध अरबी सिक्के जारी किए।

दिल्ली सल्तनत का कौन सा शासक 1292 ई. में भिलसा (विदिशा) अभियान से जुड़ा था?

  • गाजी मलिक
  • इल्तुतमिश
  • उलुगलु खान
  • अलाउद्दीन खिलजी

Explanation:

  • 1292 ई. में भिलसा (विदिशा) अभियान अलाउद्दीन खिलजी (तब अली गुरशास्प के नाम से जाने जाते थे) से जुड़ा था।
  • यह अभियान जलालुद्दीन खिलजी (उसके चाचा) के शासनकाल में किया गया था।
  • अलाउद्दीन ने भिलसा (मध्य प्रदेश) और देवगिरि (1296) पर सफल अभियान चलाए।
  • अतिरिक्त तथ्य: अलाउद्दीन खिलजी (1296-1316) दिल्ली सल्तनत का सबसे शक्तिशाली शासक था। गाजी मलिक (गियासुद्दीन तुगलक), उलुगलु खान (मुहम्मद तुगलक का नाम), इल्तुतमिश (1211-1236) ।

महाबलीपुरम के तट मंदिर का निर्माण किस शक्तिशाली पल्लव शासक ने करवाया था?

  • नरसिंहवर्मन द्वितीय
  • नंदी वर्मन
  • सिंहविष्णु
  • महेन्द्रवर्मन प्रथम

Explanation:

  • महाबलीपुरम (मामल्लपुरम) का तट मंदिर नरसिंहवर्मन द्वितीय (700-728 ई.) ने बनवाया था।
  • यह भगवान शिव को समर्पित है।
  • यह द्रविड़ शैली का सबसे पुराना मंदिर है और बंगाल की खाड़ी के किनारे स्थित है।
  • अतिरिक्त तथ्य: महाबलीपुरम यूनेस्को विश्व विरासत स्थल है। नरसिंहवर्मन प्रथम (मामल्ला) ने महाबलीपुरम की रथ मंदिरों का निर्माण शुरू किया। सिंहविष्णु (पल्लव वंश के संस्थापक), महेन्द्रवर्मन प्रथम (गुफा मंदिर), नंदी वर्मन (पल्लव शासक) ।

मुग़ल बादशाहों के कालक्रम को सही क्रम में व्यवस्थित करने वाला विकल्प पहचानें।

  • जहांगीर – शाहजहाँ – अकबर – औरंगज़ेब
  • अकबर – शाहजहाँ – जहांगीर – औरंगज़ेब
  • अकबर – जहांगीर – शाहजहाँ – औरंगज़ेब
  • अकबर – औरंगज़ेब – शाहजहाँ – जहांगीर

Explanation:

  • मुगल बादशाहों का सही कालानुक्रमिक क्रम: अकबर (1556-1605) → जहांगीर (1605-1627) → शाहजहाँ (1628-1658) → औरंगज़ेब (1658-1707)
  • बाबर (1526-1530) मुगल वंश के संस्थापक थे, उसके बाद हुमायूँ (1530-1540, 1555-1556) ।
  • अतिरिक्त तथ्य: मुगलों ने लगभग 331 वर्षों (1526-1857) तक भारत पर शासन किया। अकबर सबसे महान मुगल शासक था, जहांगीर चित्रकला का संरक्षक, शाहजहाँ वास्तुकला का (ताजमहल), औरंगज़ेब अंतिम शक्तिशाली शासक।

दिल्ली में कुतुब मीनार की नींव इनमें से किसने रखी?

  • महमूद ग़ज़नी
  • मोहम्मद गोरी
  • कुतुब-उद-दीन ऐबक
  • इल्तुतमिश

Explanation:

  • कुतुब मीनार की नींव कुतुबुद्दीन ऐबक ने 1193 में रखी थी।
  • इसका निर्माण 1199 में शुरू हुआ और इल्तुतमिश ने 1220 में पूरा किया।
  • यह दिल्ली (मेहरौली) में स्थित है और 73 मीटर ऊँचा है।
  • इसकी पाँच मंजिलों में से पहली तीन (लाल बलुआ पत्थर) कुतुबुद्दीन ने और शेष दो (संगमरमर) इल्तुतमिश ने बनवाईं।
  • अतिरिक्त तथ्य: कुतुब मीनार यूनेस्को विश्व विरासत स्थल है और दुनिया की सबसे ऊँची ईंट/पत्थर की मीनार है। महमूद गज़नी (971-1030), मोहम्मद गौरी (1173-1206) ।

अलाई दरवाजा किसके द्वारा बनवाया गया था?

  • इल्तुतमिश
  • अलाउद्दीन खिलजी
  • फिरोज शाह तुगलक
  • सिकंदर लोदी

Explanation:

  • अलाई दरवाजा अलाउद्दीन खिलजी (1296-1316) ने 1311 में बनवाया था।
  • यह दिल्ली के कुतुब मीनार परिसर में स्थित है।
  • यह लाल बलुआ पत्थर और संगमरमर से बना है।
  • यह भारत-इस्लामी वास्तुकला का एक उत्कृष्ट नमूना है।
  • अतिरिक्त तथ्य: अलाउद्दीन खिलजी ने कुतुब मीनार को भी बढ़ाना चाहा था, लेकिन अधूरा रह गया। इल्तुतमिश (गुलाम वंश), फिरोज शाह तुगलक (तुगलक वंश), सिकंदर लोदी (लोदी वंश) ।

‘ऐन-ए-अकबरी’ किसने लिखी थी? यह 16वीं शताब्दी का एक विस्तृत दस्तावेज है जो मुगल सम्राट अकबर के शासनकाल के प्रशासन को रिकॉर्ड करता है।

  • मुल्ला शाह
  • अबुल फजल
  • अब्दुर रहीम
  • हाजी इब्राहिम

Explanation:

  • ‘ऐन-ए-अकबरी’ (आईन-ए-अकबरी) अबुल फजल ने लिखी थी।
  • यह अकबरनामा का तीसरा भाग है।
  • इसमें अकबर के शासनकाल के प्रशासन, सेना, राजस्व, भूमि, धर्म, जाति व्यवस्था आदि का विस्तृत वर्णन है।
  • अबुल फजल अकबर के नवरत्नों में से एक था।
  • अतिरिक्त तथ्य: अबुल फजल ने अकबरनामा (तीन भाग) और रज्मनामा (महाभारत का फारसी अनुवाद) भी लिखा। 1602 में बीरबल की मृत्यु के बाद उसकी हत्या जहांगीर के आदेश पर हुई।

खिलजी वंश का संस्थापक कौन था?

  • जलालुद्दीन खिलजी
  • अलाउद्दीन खिलजी
  • मलिक काफूर
  • मुबारक शाह खिलजी

Explanation:

  • खिलजी वंश (1290-1320) के संस्थापक जलालुद्दीन खिलजी (1290-1296) थे।
  • उसने 1290 में गुलाम वंश (कैकाबाद) को समाप्त कर खिलजी वंश की स्थापना की।
  • वह अपनी उदारता और न्यायप्रियता के लिए जाना जाता था।
  • अतिरिक्त तथ्य: अलाउद्दीन खिलजी (1296-1316) जलालुद्दीन का भतीजा/दामाद था, जिसने 1296 में उसकी हत्या कर सत्ता पर कब्जा किया। मलिक काफूर (अलाउद्दीन का सेनापति), मुबारक शाह खिलजी (अलाउद्दीन का पुत्र) ।

दिल्ली सल्तनत का पहला शासक कौन था?

  • अलाउद्दीन खिलजी
  • इल्तुतमिश
  • बलबन
  • कुतुबुद्दीन ऐबक

Explanation:

  • दिल्ली सल्तनत का पहला शासक कुतुबुद्दीन ऐबक (1206-1210) था।
  • उसने 1206 में मुहम्मद गौरी की मृत्यु के बाद गुलाम वंश की स्थापना की।
  • उसे “लखबख्श” (दानी) की उपाधि मिली थी।
  • उसने कुतुब मीनार और कुतुब-उल-इस्लाम मस्जिद का निर्माण शुरू किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: कुतुतुद्दीन ऐबक की मृत्यु 1210 में पोलो खेलते समय घोड़े से गिरने के कारण हुई। इल्तुतमिश (1211-1236, तीसरा शासक), बलबन (1266-1287), अलाउद्दीन खिलजी (1296-1316, खिलजी वंश) ।

अहमद शाह अब्दाली भारत में किस एशियाई देश से आया था?

  • तुर्की
  • अफ़ग़ानिस्तान
  • मंगोलिया
  • फ़ारस

Explanation:

  • अहमद शाह अब्दाली अफगानिस्तान (दुर्रानी साम्राज्य) से भारत आया था।
  • उसने 1748-1767 के बीच 8 बार भारत पर आक्रमण किए।
  • सबसे महत्वपूर्ण पानीपत की तीसरी लड़ाई (1761) में उसने मराठों को हराया।
  • अतिरिक्त तथ्य: अहमद शाह अब्दाली दुर्रानी वंश का संस्थापक था। उसने कंधार को अपनी राजधानी बनाया। तुर्की (उस्मानी साम्राज्य), मंगोलिया (चंगेज़ खान), फ़ारस (ईरान, नादिर शाह) ।

निम्नलिखित में से किसे दिल्ली सल्तनत का पहला संप्रभु शासक माना जाता है?

  • कुतुबुद्दीन ऐबक
  • ग़ज़नवी सुल्तान महमूद
  • जलालुद्दीन फिरोज़ खिलजी
  • शम्सउद्दीन इल्तुतमिश

Explanation:

  • शम्सउद्दीन इल्तुतमिश (1211-1236) को दिल्ली सल्तनत का पहला संप्रभु शासक माना जाता है।
  • उसने खलीफा (बगदाद) की अधीनता से दिल्ली सल्तनत को मुक्त किया।
  • उसने 1229 में खलीफा से मान्यता प्राप्त की, जिससे वह एक संप्रभु शासक बन गया।
  • अतिरिक्त तथ्य: कुतुबुद्दीन ऐबक (1206-1210) पहला शासक था, लेकिन वह गौरी का ग़ुलाम/वायसराय था। गज़नवी महमूद (971-1030, गज़नी का शासक), जलालुद्दीन खिलजी (खिलजी वंश के संस्थापक) ।

निम्नलिखित में से कौन-सा, भारत के महाराष्ट्र के दौलताबाद किले के भीतर स्थित एक महत्वपूर्ण स्मारक नहीं है?

  • जामी मस्जिद
  • भारतमाता मंदिर
  • चांद मीनार
  • सिकंदर किला

Explanation:

  • सिकंदर किला दौलताबाद किले के भीतर स्थित नहीं है।
  • दौलताबाद किला (महाराष्ट्र) के भीतर जामी मस्जिद, भारतमाता मंदिर, चांद मीनार स्थित हैं।
  • दौलताबाद किला महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में स्थित है।
  • अतिरिक्त तथ्य: दौलताबाद किला मुहम्मद तुगलक (1327) की राजधानी थी। चांद मीनार 1194 में नागार्जुन ने बनवाई थी। सिकंदर किला (अन्यत्र स्थित है) ।

सल्तनत काल की इमारतों में उपयोग की जाने वाली सजावट का प्रमुख रूप क्या है?

  • तोरण (Toranas)
  • आमलक (Amalaka)
  • बेलबूटाकारी (Arabesque)
  • कलश (Kalasha)

Explanation:

  • सल्तनत काल की इमारतों में सजावट का प्रमुख रूप बेलबूटाकारी (Arabesque/अरेबेस्क) था।
  • अरेबेस्क पौधों, पत्तियों, बेलों, फूलों की ज्यामितीय और नमूना कला है, जिसमें जीव-जंतुओं की आकृतियाँ नहीं होतीं (इस्लामी कला का नियम) ।
  • इस्लामी वास्तुकला में चित्रांकन (मूर्तियाँ/आकृतियाँ) वर्जित था, इसलिए अरेबेस्क, सुलेखन (कैलीग्राफी) और ज्यामितीय पैटर्न का उपयोग किया गया।
  • अतिरिक्त तथ्य: तोरण (हिंदू/बौद्ध द्वार), आमलक (मंदिर शिखर का भाग), कलश (हिंदू मंदिर का कलश) – ये सभी हिंदू वास्तुकला के तत्व हैं।

जलालुद्दीन खिलजी की नीतियों के संबंध में गलत कथन का चयन करें।

  • उन्होंने अपने खिलाफ विद्रोह करने वालों को भी कठोर दंड देने से स्वयं को वर्जित रखा।
  • उन्होंने यह विचार सामने रखा कि राज्य को कभी भी शासितों के स्वैच्छिक समर्थन पर आधारित नहीं होना चाहिए।
  • उन्होंने न केवल अपने खिलाफ विद्रोह करने वालों को माफ कर दिया, बल्कि कभी-कभी उनका समर्थन प्राप्त करने के लिए उन्हें पुरस्कृत भी किया।
  • उन्होंने सहिष्णुता की नीति के द्वारा कुलीन वर्ग की सद्भावना जीतने की कोशिश की।

Explanation:

  • गलत कथन: “उन्होंने यह विचार सामने रखा कि राज्य को कभी भी शासितों के स्वैच्छिक समर्थन पर आधारित नहीं होना चाहिए।” – यह अलाउद्दीन खिलजी का विचार था, जलालुद्दीन का नहीं।
  • जलालुद्दीन खिलजी (1290-1296) अपनी उदारता, सहिष्णुता, माफ़ करने की नीति के लिए जाना जाता था।
  • उसने विद्रोहियों को माफ़ किया और कभी-कभी पुरस्कृत भी किया।
  • अलाउद्दीन खिलजी (1296-1316) ने कठोर नीतियाँ अपनाईं, जिसमें बाजार नियंत्रण और कुलीनों का दमन शामिल था।
  • अतिरिक्त तथ्य: जलालुद्दीन 1296 में अलाउद्दीन द्वारा मारा गया था।

निम्नलिखित में से कौन-सा प्रशासनिक नवाचार अलाउद्दीन खिलजी के शासनकाल से संबंधित है?

  • बाजार की कीमतों और राशन-व्यवस्था का विनियमन
  • सैन्य सुधारों के लिए दीवान-ए-अर्ज की नींव
  • इक्ता व्यवस्था की स्थापना
  • मनसबदारी व्यवस्था का निर्माण

Explanation:

  • बाजार की कीमतों और राशन-व्यवस्था का विनियमन अलाउद्दीन खिलजी (1296-1316) के शासनकाल का प्रमुख प्रशासनिक नवाचार था।
  • उसने बाजार नियंत्रण नीति (Market Control Policy) लागू की, जिसमें अनाज, कपड़ा, मांस, घी, चीनी आदि के मूल्य निर्धारित किए गए।
  • उसने शहना-ए-मंडी (बाजार अधीक्षक) और दीवान-ए-रियासत (बाजार नियंत्रण विभाग) की स्थापना की।
  • अतिरिक्त तथ्य: दीवान-ए-अर्ज (बलबन/अलाउद्दीन द्वारा सैन्य विभाग), इक्ता व्यवस्था (सामंती भूमि प्रणाली, गुलाम वंश), मनसबदारी व्यवस्था (अकबर द्वारा) ।

अलाउद्दीन खिलजी के शासनकाल में दीवान-ए-रियासत क्या थी?

  • धार्मिक धर्मदाय विभाग
  • कृषि विभाग
  • बाजार और मूल्य नियंत्रण विभाग
  • शाही पत्राचार विभाग

Explanation:

  • दीवान-ए-रियासत अलाउद्दीन खिलजी के शासनकाल में बाजार और मूल्य नियंत्रण विभाग था।
  • इस विभाग का प्रमुख दीवान-ए-रियासत या शहना-ए-मंडी कहलाता था।
  • इस विभाग का कार्य बाजारों में वस्तुओं की कीमतों का नियंत्रण और निगरानी करना था।
  • अतिरिक्त तथ्य: धार्मिक धर्मदाय विभाग (दीवान-ए-खैरात), कृषि विभाग (दीवान-ए-कोही – मुहम्मद तुगलक), शाही पत्राचार विभाग (दीवान-ए-इंशा) ।

पुस्तकों और उनके संबंधित लेखकों के गलत संयोजन का चयन कीजिए।

  • पृथ्वीराज रासो – चंदबरदाई
  • तुगलकनामा – अबुल फजल
  • गीत गोविन्द – जयदेव गोस्वामी
  • बाबरनामा – बाबर

Explanation:

  • गलत संयोजन: तुगलकनामा – अबुल फजल (यह गलत है)।
  • तुगलकनामा के लेखक बदरुद्दीन अली या इब्न बतूता (कुछ स्रोतों में) हैं।
  • अबुल फजल ने अकबरनामा, ऐन-ए-अकबरी, रज्मनामा लिखी।
  • सही संयोजन: पृथ्वीराज रासोचंदबरदाई (पृथ्वीराज चौहान की जीवनी), गीत गोविन्दजयदेव (कृष्ण-राधा प्रेम), बाबरनामाबाबर (आत्मकथा, तुर्की भाषा में) ।
  • अतिरिक्त तथ्य: तुगलकनामा फिरोज शाह तुगलक के दरबारी कवि द्वारा लिखी गई थी।

भारत यात्रा करने और भारतीय संस्कृति के बारे में जानने के पश्चात, अल-बरूनी (Al-Biruni) ने कौन-सी पुस्तक लिखी?

  • चाहर मक़ाला (Chahar Maqala)
  • बाबरनामा (Babarnama)
  • किरान-उस-सादेन (Qiran us Sa’dain)
  • किताब-उल-हिंद (Kitab-Ul-Hind)

Explanation:

  • अल-बरूनी (973-1048) ने भारत यात्रा के बाद ‘किताब-उल-हिंद’ (तहकीक-ए-हिंद) की रचना की।
  • यह अरबी भाषा में लिखी गई है और इसमें भारतीय संस्कृति, धर्म, दर्शन, खगोलशास्त्र, गणित, चिकित्सा आदि का वर्णन है।
  • अल-बरूनी महमूद गज़नी के साथ भारत आया था।
  • अतिरिक्त तथ्य: चाहर मक़ाला (निज़ामी अरूज़ी द्वारा), बाबरनामा (बाबर द्वारा), किरान-उस-सादेन (अमीर खुसरो द्वारा) ।

उत्तरी भारत पर नियंत्रण को लेकर गुर्जर-प्रतिहारों, पालों और राष्ट्रकूटों के बीच हुए संघर्ष का वर्णन करने के लिए किस शब्द का उपयोग किया जाता है?

  • त्रिपक्षीय (Tripartite)
  • चक्रवर्तिन् (Chakravartin)
  • धर्मयुद्ध (Dharmayuddha)
  • महासंग्राम (Mahasangram)

Explanation:

  • उत्तरी भारत पर नियंत्रण को लेकर गुर्जर-प्रतिहारों, पालों और राष्ट्रकूटों के बीच संघर्ष को त्रिपक्षीय संघर्ष (Tripartite Struggle) कहा जाता है।
  • यह संघर्ष 8वीं-10वीं शताब्दी के बीच कन्नौज पर नियंत्रण के लिए हुआ।
  • गुर्जर-प्रतिहार (नागभट्ट I/मिहिर भोज), पाल (धर्मपाल/देवपाल), राष्ट्रकूट (ध्रुव/गोविंद तृतीय) – तीनों ने कन्नौज पर नियंत्रण के लिए युद्ध किए।
  • अतिरिक्त तथ्य: गुर्जर-प्रतिहारों ने कन्नौज पर अंतिम नियंत्रण प्राप्त किया। चक्रवर्तिन् (सार्वभौमिक शासक), धर्मयुद्ध (धार्मिक युद्ध), महासंग्राम (बड़ा युद्ध) ।

चालुक्य और राष्ट्रकूट जैसे प्रारंभिक दक्षिण भारतीय राज्यों की सैन्य शासन प्रणाली की एक प्रमुख प्रशासनिक विशेषता क्या थी?

  • सामंती प्रमुखों को सैन्य और प्रशासनिक कर्तव्य सौंपे गए थे।
  • मंदिर के प्राधिकारी प्रत्यक्ष रूप से ग्राम रक्षा के लिए सैनिकों की भर्ती करते थे।
  • शाही फरमान के अनुसार जिला लीडरों का वार्षिक रूप से पदांतरण होता था।
  • शाही परिषद के अधीन सैन्य शासन पूरी तरह से केंद्रीकृत था।

Explanation:

  • चालुक्य और राष्ट्रकूट जैसे प्रारंभिक दक्षिण भारतीय राज्यों की सैन्य शासन प्रणाली की प्रमुख विशेषता यह थी कि सामंती प्रमुखों (फ्यूडल लॉर्ड्स) को सैन्य और प्रशासनिक कर्तव्य सौंपे गए थे।
  • ये सामंत (भूपति/नायक) शासक के प्रति वफादार रहते थे और उन्हें भूमि अनुदान (जागीर) दी जाती थी।
  • वे सेना प्रदान करते थे और राजस्व संग्रह भी करते थे।
  • अतिरिक्त तथ्य: मंदिर (सामाजिक केंद्र थे, सीधे सेना भर्ती नहीं), केंद्रीकृत (चालुक्य/राष्ट्रकूट सामंती व्यवस्था थी), वार्षिक पदांतरण (प्रचलित नहीं) ।

निम्नलिखित में से किस चालुक्य शासक ने नर्मदा के किनारे पर हर्षवर्धन को परास्त किया था?

  • विक्रमादित्य I (Vikramaditya I)
  • मंगलेश (Mangalesha)
  • कीर्तिवर्मन I (Kirttivarman I)
  • पुलकेशिन II (Pulakesin II)

Explanation:

  • पुलकेशिन II (610-642) ने नर्मदा नदी के किनारे हर्षवर्धन (पुष्यभूति वंश) को परास्त किया था।
  • यह युद्ध गंगा-यमुना के मैदान में लड़ा गया था, जिससे हर्षवर्धन की दक्षिण भारत में विजय अभियान रुक गया।
  • पुलकेशिन II बादामी के चालुक्यों का सबसे महान शासक था।
  • अतिरिक्त तथ्य: पुलकेशिन II ने कांचीपुरम (पल्लव) पर भी आक्रमण किया। विक्रमादित्य I (नरसिंहवर्मन I को हराया), मंगलेश (पुलकेशिन II का चाचा), कीर्तिवर्मन I (पुलकेशिन II का पिता) ।

राष्ट्रकूट, मुख्य रूप से किस स्थापत्य कला के लिए प्रसिद्ध थे?

  • एलोरा में कैलाश मंदिर
  • सांची स्तूप
  • बृहदेश्वर मंदिर
  • कोणार्क में कोणार्क सूर्य मंदिर

Explanation:

  • राष्ट्रकूट (753-973) मुख्य रूप से एलोरा (महाराष्ट्र) के कैलाश मंदिर के लिए प्रसिद्ध हैं।
  • यह मंदिर कृष्ण प्रथम (राष्ट्रकूट शासक) ने 756-773 में बनवाया था।
  • यह एकल चट्टान से काटकर बनाया गया है और भगवान शिव को समर्पित है।
  • अतिरिक्त तथ्य: सांची स्तूप (मौर्य/शुंग), बृहदेश्वर मंदिर (चोल-तंजावुर), कोणार्क सूर्य मंदिर (गंग वंश, ओडिशा) – ये सभी अन्य राजवंशों से संबंधित हैं।

त्रिपक्षीय संघर्ष के दौरान कन्नौज पर किस राजवंश ने शासन किया?

  • राष्ट्रकूट
  • चालुक्य
  • पाल-चोल
  • गुर्जर-प्रतिहार

Explanation:

  • त्रिपक्षीय संघर्ष के दौरान कन्नौज पर गुर्जर-प्रतिहार राजवंश (वर्तमान राजस्थान/गुजरात) का शासन था।
  • गुर्जर-प्रतिहारों ने अंततः कन्नौज पर नियंत्रण प्राप्त किया और उसे अपनी राजधानी बनाया।
  • इस संघर्ष में पाल (बंगाल) और राष्ट्रकूट (दक्कन) भी शामिल थे।
  • अतिरिक्त तथ्य: गुर्जर-प्रतिहार के प्रमुख शासक: वत्सराज, नागभट्ट II, मिहिर भोजराष्ट्रकूट (दक्षिण भारत), चालुक्य (कर्नाटक), पाल-चोल (मिश्रित) ।

1193 ईस्वी में निर्मित 13वीं शताब्दी का कौन-सा स्मारक कुतुबुद्दीन ऐबक द्वारा बनवाया गया था?

  • लाल किला
  • जामा मस्जिद
  • कुतुब मीनार
  • क़ुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद

Explanation:

  • 1193 ईस्वी में कुतुबुद्दीन ऐबक ने कुतुब मीनार का निर्माण शुरू किया था।
  • कुतुब मीनार दुनिया की सबसे ऊँची ईंट/पत्थर की मीनार है (73 मीटर) ।
  • क़ुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद भी उसी ने बनवाई, लेकिन यह मस्जिद है, मीनार नहीं।
  • अतिरिक्त तथ्य: लाल किला (1638-1648, शाहजहाँ), जामा मस्जिद (1644, शाहजहाँ) – दोनों 17वीं शताब्दी के स्मारक हैं।

आगरा के निकट 16वीं शताब्दी CE के किस विरासत स्थल को सम्राट अकबर ने एक नियोजित राजधानी शहर के रूप में अधिकृत किया था?

  • अकबर का मकबरा
  • फतेहपुर सीकरी
  • आगरा किला
  • ताजमहल

Explanation:

  • फतेहपुर सीकरी को अकबर ने 1571 में नियोजित राजधानी शहर के रूप में अधिकृत किया था।
  • यह आगरा के निकट स्थित है और यूनेस्को विश्व विरासत स्थल है।
  • यहाँ बुलंद दरवाजा, जामा मस्जिद, सलीम चिश्ती का मकबरा, पंचमहल आदि स्थित हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य: अकबर का मकबरा (सिकंदरा, 1605-1613), आगरा किला (1565, अकबर), ताजमहल (1631-1653, शाहजहाँ) ।

गुर्जर-प्रतिहार राजवंश के निम्नलिखित में से किस शासक को अरब आक्रमणों का प्रभावी रूप से प्रतिरोध करने का श्रेय दिया जाता है?

  • रामभद्र
  • नागभट्ट प्रथम
  • मिहिर भोज
  • यशोवर्मन प्रथम

Explanation:

  • नागभट्ट प्रथम (लगभग 730-760) गुर्जर-प्रतिहार राजवंश के शासक को अरब आक्रमणों का प्रभावी रूप से प्रतिरोध करने का श्रेय दिया जाता है।
  • उसने अरब सेनाओं को सिंध और मालवा की सीमाओं पर रोका।
  • नागभट्ट प्रथम गुर्जर-प्रतिहार वंश का संस्थापक था।
  • अतिरिक्त तथ्य: मिहिर भोज (गुर्जर-प्रतिहार, 836-885, कन्नौज को राजधानी बनाया), रामभद्र (मिहिर भोज का बेटा), यशोवर्मन प्रथम (चंदेल शासक) ।

चोल साम्राज्य का संस्थापक विजयालय, निम्नलिखित में से किस दक्षिण भारतीय शक्ति का सामंत था?

  • चालुक्य
  • वाकाटक
  • पल्लव
  • गंगा

Explanation:

  • चोल साम्राज्य के संस्थापक विजयालय (लगभग 850-870) पल्लव वंश का सामंत था।
  • उसने पल्लवों से तंजावुर (तंजोर) पर विजय प्राप्त की और चोल साम्राज्य की नींव रखी।
  • उसका पुत्र आदित्य प्रथम (870-907) ने पल्लवों को पूरी तरह से हराया और चोल साम्राज्य को स्वतंत्र किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: चालुक्य (कर्नाटक), वाकाटक (दक्कन, 3-6 शताब्दी), गंगा (कर्नाटक, 4-11 शताब्दी) । विजयालय ने चोल राजवंश (848-1279) की स्थापना की।

चोल साम्राज्य में, ब्राह्मणों को दान में दी गई कर-मुक्त भूमि, जहाँ वे बस गए थे, __________ के नाम से जानी जाती थी।

  • महासभा
  • गर्भगृह
  • वलनाडु
  • अग्रहारम

Explanation:

  • चोल साम्राज्य में ब्राह्मणों को दान में दी गई कर-मुक्त भूमि को ‘अग्रहारम’ कहा जाता था।
  • यह भूमि ब्राह्मणों को उनकी शिक्षा, धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों के लिए दी जाती थी।
  • अग्रहारम गाँवों के रूप में विकसित होते थे और ब्राह्मण समुदाय के केंद्र होते थे।
  • अतिरिक्त तथ्य: महासभा (ब्राह्मणों की सभा/ग्राम प्रशासन), गर्भगृह (मंदिर का मुख्य कक्ष), वलनाडु (चोल प्रशासनिक इकाई)। चोल साम्राज्य में उर (ग्राम सभा), सभा (ब्राह्मण ग्राम सभा), नगरम (व्यापारी संगठन) प्रमुख प्रशासनिक इकाइयाँ थीं।

आगरा में शाहजहाँ द्वारा निर्मित 17वीं शताब्दी ईस्वी का कौन-सा स्मारक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है?

  • सफदरजंग मकबरा
  • जामा मस्जिद
  • सिकंदरा मकबरा
  • ताजमहल

Explanation:

  • ताजमहल शाहजहाँ द्वारा आगरा में 17वीं शताब्दी (1631-1653) में निर्मित एक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है।
  • इसे मुमताज महल की स्मृति में बनवाया गया था।
  • इसका वास्तुकार उस्ताद अहमद लाहौरी था।
  • ताजमहल फारसी, भारतीय, इस्लामी वास्तुकला का उत्कृष्ट मिश्रण है।
  • अतिरिक्त तथ्य: सफदरजंग मकबरा (दिल्ली, 18वीं शताब्दी), जामा मस्जिद (शाहजहाँ ने दिल्ली में 1656 में बनवाई), सिकंदरा मकबरा (आगरा, अकबर का मकबरा) ।

दिसंबर 2025 में निम्नलिखित में से किस ऐतिहासिक क्षेत्र में चालूक्य उत्सव (Chalukya Utsava) को पुनर्जीवित किया गया था?

  • एलोरा
  • हम्पी
  • बादामी
  • अजंता

Explanation:

  • दिसंबर 2025 में बादामी (कर्नाटक) में चालूक्य उत्सव (Chalukya Utsava) को पुनर्जीवित किया गया था।
  • बादामी चालुक्य वंश (6वीं-8वीं शताब्दी) की राजधानी थी।
  • यह उत्सव चालुक्य वास्तुकला, संस्कृति और विरासत को समर्पित है।
  • अतिरिक्त तथ्य: बादामी अपनी शैल-कृत मंदिरों (गुफा मंदिर) के लिए प्रसिद्ध है। एलोरा और अजंता (महाराष्ट्र, राष्ट्रकूट/वाकाटक), हम्पी (कर्नाटक, विजयनगर साम्राज्य) ।

किस मुगल दरबार के इतिहासकार ने अकबरनामा लिखा था, जो सम्राट अकबर के शासनकाल का आधिकारिक इतिहास है?

  • फेरिश्ता
  • जिया उद्दीन बरनी
  • अबुल फजल
  • मिन्हाज-ए-सिराज

Explanation:

  • अबुल फजल (1551-1602) ने अकबरनामा लिखा, जो सम्राट अकबर के शासनकाल का आधिकारिक इतिहास है।
  • अबुल फजल अकबर के दरबार के नवरत्नों में से एक था।
  • उसने आईन-ए-अकबरी (अकबर के शासन का प्रशासनिक विवरण) भी लिखा।
  • अकबरनामा में तीन भाग हैं: (1) अकबर के पूर्वज, (2) 1556-1575 तक अकबर का शासन, (3) 1575-1602 तक अकबर का शासन।
  • अतिरिक्त तथ्य: फेरिश्ता (दक्कन इतिहासकार), जिया उद्दीन बरनी (तुगलक/खिलजी इतिहासकार), मिन्हाज-ए-सिराज (तबकात-ए-नासिरी – गुलाम वंश इतिहास) ।

दिल्ली सल्तनत काल के दौरान अमीर खुसरो ने अपनी साहित्यिक रचनाओं में मुख्य रूप से किस भाषा का उपयोग किया था?

  • अपभ्रंश
  • प्राकृत
  • संस्कृत
  • फारसी

Explanation:

  • अमीर खुसरो (1253-1325) ने अपनी साहित्यिक रचनाओं में मुख्य रूप से फारसी भाषा का उपयोग किया था।
  • उन्होंने फारसी, अरबी, हिंदवी (उर्दू) में कविताएँ लिखीं।
  • उन्हें “हिंदुस्तान का तोता” (तूती-ए-हिंद) और “हिंदी का खयाल” कहा जाता है।
  • उनकी प्रसिद्ध रचनाएँ: खजैन-उल-फतुह, तुगलकनामा, अशिका, नौ सिपिहर
  • अतिरिक्त तथ्य: अपभ्रंश (मध्ययुगीन भारतीय भाषा), प्राकृत (प्राचीन भारतीय भाषा), संस्कृत (शास्त्रीय भारतीय भाषा)। अमीर खुसरो खयाल, कव्वाली, तराना जैसी संगीत शैलियों के जनक माने जाते हैं।

मुगल शासन के दौरान निम्नलिखित में से कौन-सा मंत्री, राजा के अधीन संपूर्ण सेना का सेनापति था?

  • मीर सामाँ (Mir Saman)
  • मीर बख्शी (Mir Bakshi)
  • दीवान-ए-इन्शा (Diwan-i-Insha)
  • सद्र-उस-सुदूर (Sadr-us-Sudur)

Explanation:

  • मुगल शासन के दौरान मीर बख्शी राजा के अधीन संपूर्ण सेना का सेनापति (Commander-in-Chief) था।
  • वह सैन्य मामलों, वेतन, भर्ती, हथियारों का प्रभारी था।
  • वह अकबर द्वारा शुरू की गई मनसबदारी व्यवस्था का प्रमुख था।
  • अतिरिक्त तथ्य: मीर सामाँ (शाही घराने का प्रभारी), दीवान-ए-इन्शा (राज्य पत्राचार का प्रभारी), सद्र-उस-सुदूर (धार्मिक मामलों का प्रभारी)। मुगल प्रशासन के अन्य प्रमुख पद: वकील (प्रधानमंत्री), दीवान (राजस्व मंत्री), खान-ए-सामान (राज्य सामग्री का प्रभारी)।

अकबर द्वारा शुरू की गई मनसबदारी व्यवस्था में, मनसब शब्द निम्नलिखित में से किसे संदर्भित करता है?

  • आध्यात्मिक नेतृत्व कार्यक्रम
  • किसी अधिकारी का पद या ओहदा
  • राजस्व संग्रह के लिए कैलेंडर
  • मानकीकृत भू-राजस्व निर्धारण

Explanation:

  • अकबर द्वारा शुरू की गई मनसबदारी व्यवस्था में ‘मनसब’ शब्द किसी अधिकारी का पद या ओहदा (Rank/Position) को संदर्भित करता है।
  • इसे 1575 में लागू किया गया था।
  • प्रत्येक मनसबदार (अधिकारी) को दो रैंक मिलती थी: ज़ात (व्यक्तिगत स्थिति/वेतन) और सवार (घोड़ों की संख्या) ।
  • न्यूनतम 10 से अधिकतम 10,000 रैंक थे।
  • अतिरिक्त तथ्य: यह व्यवस्था सैन्य और प्रशासनिक दोनों उद्देश्यों के लिए थी। मनसबदारों को नकद वेतन या जागीर (प्रांत) दी जाती थी। शाहजहाँ ने इसमें संशोधन किया। औरंगजेब के शासन में इस व्यवस्था में कमियाँ आईं।

बिहार के भागलपुर जिले में स्थित विक्रमशिला विश्वविद्यालय की स्थापना निम्नलिखित में से किस शासक ने की थी?

  • राजा देवपाल
  • राजा महीपाल
  • राजा धर्मपाल
  • राजा गोपाल

Explanation:

  • विक्रमशिला विश्वविद्यालय (बिहार के भागलपुर जिले में) की स्थापना राजा धर्मपाल (पाल वंश, 770-810 ई.) ने की थी।
  • यह बौद्ध शिक्षा का प्रमुख केंद्र था और नालंदा विश्वविद्यालय के समकक्ष था।
  • यहाँ बौद्ध दर्शन, तंत्र, मंत्र, धर्म, संस्कृत, व्याकरण, तर्कशास्त्र की पढ़ाई होती थी।
  • 1200 में बख्तियार खिलजी के आक्रमण में यह विश्वविद्यालय नष्ट हो गया।
  • अतिरिक्त तथ्य: गोपाल (पाल वंश के संस्थापक), देवपाल (पाल वंश का सबसे शक्तिशाली शासक), महीपाल (पाल वंश शासक)। अन्य प्रमुख बौद्ध विश्वविद्यालय: नालंदा, ओदंतपुरी, जगद्दल

निम्नलिखित में से किस शासक ने 1321 में तुगलकाबाद किले का निर्माण करवाया था?

  • मुहम्मद बिन तुगलक
  • फिरोज शाह तुगलक
  • गियासुद्दीन तुगलक
  • अलाउद्दीन खिलजी

Explanation:

  • तुगलकाबाद किला का निर्माण 1321 में गियासुद्दीन तुगलक (1320-1325) ने करवाया था।
  • यह दिल्ली में स्थित है और तुगलक वंश की पहली राजधानी थी।
  • इस किले को खजूरी पहाड़ी पर बनाया गया था।
  • गियासुद्दीन तुगलक तुगलक वंश (1320-1414) के संस्थापक थे।
  • अतिरिक्त तथ्य: मुहम्मद बिन तुगलक (गियासुद्दीन का पुत्र) ने जहाँपनाह (दिल्ली का चौथा शहर) का निर्माण करवाया। फिरोज शाह तुगलक ने फिरोजाबाद (दिल्ली का पाँचवाँ शहर) का निर्माण करवाया। अलाउद्दीन खिलजी ने सिरी (दिल्ली का दूसरा शहर) का निर्माण करवाया।

दिल्ली सल्तनत के प्रशासन में सुल्तान को परामर्श देने और सहायता करने वाले चालीस लोगों के दल (Group of Forty) की स्थापना निम्नलिखित में से किस शासक ने की थी?

  • बलबन
  • कुतुबुद्दीन ऐबक
  • इल्तुतमिश
  • अलाउद्दीन खिलजी

Explanation:

  • ‘चालीस लोगों का दल’ (चिहलगानी/तुर्कान-ए-चिहलगानी) की स्थापना इल्तुतमिश (1211-1236) ने की थी।
  • यह तुर्की अमीरों/रईसों का एक समूह था, जो सुल्तान को परामर्श देते थे।
  • बाद में बलबन ने इस समूह को नष्ट कर दिया और अपनी निरंकुश सत्ता स्थापित की।
  • अतिरिक्त तथ्य: बलबन (1266-1287) ने “रक्त और लोहे” की नीति अपनाई। कुतुबुद्दीन ऐबक (गुलाम वंश के संस्थापक), अलाउद्दीन खिलजी (बाजार नियंत्रण नीति) ।

पल्लव राजवंश की राजधानी निम्नलिखित में से किस स्थान पर थी?

  • कांचीपुरम
  • वातापी
  • बादामी
  • मदुरै

Explanation:

  • पल्लव राजवंश (3वीं-9वीं शताब्दी) की राजधानी कांचीपुरम (तमिलनाडु) थी।
  • पल्लवों ने कांचीपुरम को शिक्षा, धर्म, वास्तुकला का केंद्र बनाया।
  • उन्होंने महाबलीपुरम (मामल्लपुरम) के मंदिरों का निर्माण करवाया।
  • अतिरिक्त तथ्य: वातापी/बादामी (चालुक्य वंश की राजधानी, कर्नाटक), मदुरै (पांड्य वंश की राजधानी, तमिलनाडु)। पल्लव वंश के संस्थापक सिंहविष्णु थे। प्रमुख शासक: महेन्द्रवर्मन I, नरसिंहवर्मन I (मामल्ला) ।

निम्नलिखित में से कौन-सा राजवंश, वारंगल में 12वीं शताब्दी में निर्मित हजार स्तंभ मंदिर (Thousand Pillars Temple) से संबंधित है?

  • काकतीय राजवंश
  • राष्ट्रकूट राजवंश
  • चालुक्य राजवंश
  • होयसाल राजवंश

Explanation:

  • हजार स्तंभ मंदिर (वारंगल, तेलंगाना) का निर्माण 12वीं शताब्दी में काकतीय राजवंश ने करवाया था।
  • इसका निर्माण रुद्रदेव (1163-1195) ने करवाया था।
  • यह मंदिर भगवान शिव, विष्णु, सूर्य को समर्पित है।
  • अतिरिक्त तथ्य: काकतीय वंश (वारंगल, तेलंगाना) का संस्थापक बेतराज प्रथम था। प्रमुख शासक: गणपतिदेव, रुद्रदेव, प्रतापरुद्रराष्ट्रकूट (एलोरा), चालुक्य (बादामी), होयसाल (हलेबिडु, कर्नाटक) ।

निम्नलिखित में से किसका निर्माण सम्राट अकबर ने नहीं करवाया था?

  • आगरा का किला
  • बुलंद दरवाजा
  • दिल्ली की जामा मस्जिद
  • फतेहपुर सीकरी

Explanation:

  • दिल्ली की जामा मस्जिद का निर्माण अकबर ने नहीं करवाया था।
  • इसका निर्माण शाहजहाँ ने 1656 में करवाया था।
  • अकबर द्वारा निर्मित स्मारक: आगरा का किला (1565), बुलंद दरवाजा (1601, गुजरात विजय के उपलक्ष्य में), फतेहपुर सीकरी (1571, राजधानी) ।
  • अतिरिक्त तथ्य: अकबर ने पंच महल, दीवान-ए-खास, दीवान-ए-आम, इबादतखाना, जोधा बाई महल, बीरबल महल का निर्माण फतेहपुर सीकरी में करवाया।

चोल वंश का संस्थापक विजयालय प्रथम सामंत था –

  • उपन्यासों का
  • पंड्या का
  • पल्लवों का
  • राष्ट्रकूटों का

Explanation:

  • चोल वंश के संस्थापक विजयालय प्रथम (850-870 ई.) पल्लवों के सामंत (जागीरदार/अधीनस्थ) थे।
  • उसने 850 ई. में तंजौर पर कब्जा कर चोल साम्राज्य की स्थापना की।
  • चोलों ने पल्लवों की अधीनता से स्वतंत्रता प्राप्त की और एक महान साम्राज्य बनाया।
  • अतिरिक्त तथ्य: चोल साम्राज्य के महान शासक: राजराज प्रथम, राजेंद्र प्रथम, कुलोत्तुंग प्रथम। चोलों ने ब्रह्मदेश, श्रीलंका, मालदीव तक अपना साम्राज्य विस्तारित किया।

14वीं शताब्दी की दूसरी तिमाही के दौरान, दक्षिण भारत में तीन स्वतंत्र राज्य स्थापित हुए थे। निम्नलिखित में से कौन सा इसका भाग नहीं था?

  • माबार
  • विजयनगर
  • दौलताबाद
  • बहमनी

Explanation:

  • 14वीं शताब्दी की दूसरी तिमाही (1330 के दशक) में दक्षिण भारत में तीन स्वतंत्र राज्य स्थापित हुए: विजयनगर (1336), बहमनी (1347), माबार (1335)
  • दौलताबाद मुहम्मद बिन तुगलक द्वारा दिल्ली से स्थानांतरित राजधानी थी (1327), यह एक स्वतंत्र राज्य नहीं था।
  • अतिरिक्त तथ्य: विजयनगर (हरिहर और बुक्का), बहमनी (अलाउद्दीन हसन गंगू), माबार (मदुरै के विद्रोही गवर्नर जलालुद्दीन अहसन शाह) ।

1530 में अपनी मृत्यु के बाद किस शासक ने अपने पीछे एक नया स्थापित साम्राज्य छोड़ा जो उत्तर भारत में विस्तृत था – जो पश्चिम में सिंधु नदी से लेकर पूर्व में बिहार तक और उत्तर में हिमालय से लेकर दक्षिण में ग्वालियर तक विस्तृत था?

  • बाबर
  • अलाउद्दीन खिलजी
  • औरंगज़ेब
  • कुतुबुद्दीन ऐबक

Explanation:

  • 1530 में अपनी मृत्यु के बाद बाबर (1526-1530) ने एक नया स्थापित साम्राज्य छोड़ा जो उत्तर भारत में विस्तृत था – पश्चिम में सिंधु नदी से पूर्व में बिहार तक और उत्तर में हिमालय से दक्षिण में ग्वालियर तक।
  • बाबर ने पानीपत की प्रथम लड़ाई (1526) में इब्राहिम लोदी को हराकर मुगल साम्राज्य की स्थापना की थी।
  • अतिरिक्त तथ्य: अलाउद्दीन खिलजी (1296-1316) ने दक्षिण भारत तक विस्तार किया। औरंगज़ेब (1658-1707) ने लगभग पूरे भारत पर शासन किया। कुतुबुद्दीन ऐबक (1206-1210) ने गुलाम वंश की स्थापना की।

निम्नलिखित में से कौन-सा राष्ट्रकूट वंश की प्रशासनिक इकाइयों का सही आरोही क्रम था?

  • गण > भुक्ति > देश
  • भुक्ति > राष्ट्र > विषय
  • विषय > भुक्ति > राष्ट्र
  • भुक्ति < विषय < राष्ट्र

Explanation:

  • राष्ट्रकूट वंश (6वीं-10वीं शताब्दी) की प्रशासनिक इकाइयों का सही आरोही क्रम (छोटी से बड़ी): भुक्ति < विषय < राष्ट्र
  • भुक्ति = उप-जिला (सबसे छोटी इकाई)
  • विषय = जिला (मध्यम इकाई)
  • राष्ट्र = प्रांत (सबसे बड़ी इकाई)
  • अतिरिक्त तथ्य: राष्ट्रकूट प्रशासन में ग्राम (गाँव) सबसे छोटी इकाई थी। राष्ट्रपति प्रांत का शासक होता था। विषयपति जिले का शासक होता था। राष्ट्रकूटों के प्रमुख शासक: दंतिदुर्ग (संस्थापक), कृष्ण प्रथम, अमोघवर्ष
RRB GK Bank – Medieval History 2