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हो जनजाति की पारंपरिक शासन व्यवस्था ‘मानकी मुंडा शासन व्यवस्था’ को किस नाम से भी जाना जाता है और इसे भारत की कौन-सी व्यवस्था के रूप में देखा जाता है?
- प्रथम गणतांत्रिक शासन व्यवस्था
- प्रथम राजतांत्रिक शासन व्यवस्था
- संसदीय शासन व्यवस्था
- अध्यक्षीय शासन व्यवस्था
Explanation:
- हो जनजाति की मानकी-मुंडा शासन व्यवस्था को भारत की प्रथम गणतांत्रिक शासन व्यवस्था के रूप में देखा जाता है ।
- यह व्यवस्था हो जनजाति की पारंपरिक एवं लोकतांत्रिक शासन प्रणाली का एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत करती है ।
मानकी मुंडा शासन व्यवस्था को किस ब्रिटिश अधिकारी द्वारा कानूनी मान्यता/मंजूरी प्रदान की गई थी?
- कैप्टन थॉमस विल्किंसन (Thomas Wilkinson)
- जॉर्ज यूल (George Yule)
- लॉर्ड कॉर्नवालिस
- कर्नल डाल्टन
Explanation:
- कोल्हान क्षेत्र में हो जनजाति के विद्रोह और उनकी स्वायत्तता को देखते हुए 1837 में कैप्टन थॉमस विल्किंसन ने विल्किंसन रूल के तहत इस पारंपरिक शासन व्यवस्था को आधिकारिक मान्यता दी थी ।
हो जनजाति की मानकी-मुंडा शासन व्यवस्था मुख्य रूप से कितने प्रशासनिक स्तरों में विभाजित है?
- दो स्तर (ग्राम पंचायत स्तर एवं परहा/पट्टी स्तर)
- तीन स्तर (ग्राम, अनुमंडल एवं जिला)
- चार स्तर (ग्राम, पीर, परगना एवं दिशुम)
- केवल एक स्तर (ग्राम स्तर)
Explanation:
- यह शासन व्यवस्था मुख्य रूप से दो स्तरों में विभाजित है: पहला ग्रामीण स्तर पर ‘ग्राम पंचायत’ और दूसरा 15-20 गाँवों के समूह स्तर पर ‘परहा/पट्टी पंचायत’ ।
हो जनजाति के ग्रामीण स्तर पर गाँव का प्रशासनिक, न्यायिक तथा लगान एकत्र करने वाला मुख्य प्रधान कौन होता है?
- मुण्डा
- मानकी
- डाकुआ
- तहसीलदार
Explanation:
- हो शासन व्यवस्था में गाँव का प्रमुख मुण्डा कहलाता है ।
- यह प्रशासनिक और न्यायिक कार्यों के संचालन के साथ-साथ गाँव से लगान एकत्र करने के लिए भी उत्तरदायी होता है ।
हो गाँव में मुण्डा का सहयोगी जो उसके निर्णयों एवं आदेशों को ग्रामीणों तक पहुँचाने (संदेशवाहक) का कार्य करता है, उसे क्या कहा जाता है?
- डाकुआ
- माँझी
- गुडैत
- कोतवार
Explanation:
- मुण्डा का सहयोगी और गाँव का संदेशवाहक डाकुआ कहलाता है ।
- डाकुआ का मुख्य काम मुण्डा द्वारा लिए गए निर्णयों और पंचायती आदेशों की जानकारी गाँव के लोगों तक पहुँचाना है ।
हो शासन व्यवस्था में गाँव के राजस्व अधिकारी के रूप में कौन कार्य करता है, जिसका मुख्य दायित्व लगान वसूली करना है?
- तहसीलदार
- पाण्डेय
- प्रमाणिक
- दीवान
Explanation:
- हो गाँव में तहसीलदार राजस्व अधिकारी के रूप में कार्य करता है जो वित्तीय एवं लगान वसूली से संबंधित कार्यों को देखता है ।
हो जनजाति में गाँव के धार्मिक प्रधान को क्या कहा जाता है, जो पूजा-पाठ एवं धार्मिक विवादों का निपटारा करता है?
- दिउरी
- पाहन
- नायके
- बैगा
Explanation:
- हो समाज में गाँव का धार्मिक प्रमुख दिउरी कहलाता है ।
- यह गाँव के सभी पर्व-त्योहारों, अनुष्ठानों और धार्मिक मामलों के समाधान के लिए जिम्मेदार होता है ।
हो गाँव के धार्मिक प्रमुख ‘दिउरी’ के सहयोगी को किस नाम से जाना जाता है?
- यात्रा दिउरी
- कुडाम नायके
- पुजार
- पनभरा
Explanation:
- धार्मिक अनुष्ठानों एवं पूजा-पाठ के संचालन में दिउरी की सहायता करने वाले सहयोगी को यात्रा दिउरी कहा जाता है ।
लगभग 15 से 20 गाँवों को मिलाकर बनने वाले समूह को ‘पड़हा’ कहा जाता है, इस पड़हा का प्रमुख कौन कहलाता है?
- मानकी (परहा राजा)
- परगनैत
- देशमाँझी
- पड़हा दीवान
Explanation:
- 15-20 गाँवों को मिलाकर बनी अंतर्ग्रामीण पंचायत (पड़हा) का सर्वोच्च प्रमुख मानकी (या परहा राजा) कहलाता है ।
- अंतर-ग्रामीण विवादों का समाधान मानकी द्वारा आयोजित सभाओं में सर्वसम्मति से किया जाता है ।
हो जनजाति की पड़हा/पट्टी पंचायत व्यवस्था के अंतर्गत ‘न्यायिक प्रधान’ (Judicial Head) को क्या कहा जाता है?
- पीरपंच
- पड़हा दीवान
- मानकी
- दीवान
Explanation:
- पड़हा स्तर पर गठित संस्था का न्यायिक प्रमुख पीरपंच कहलाता है, जो न्याय प्रक्रिया और कानून संबंधी मामलों की अध्यक्षता करता है ।
मानकी द्वारा आयोजित की जाने वाली पड़हा सभा में किनका उपस्थित होना अनिवार्य होता है?
- सभी संबंधित गाँवों के मुण्डा और डाकुआ
- केवल गाँव के दिउरी और यात्रा दिउरी
- केवल ब्रिटिश अधिकारी
- केवल गाँव के युवा
Explanation:
- मानकी द्वारा बुलाई गई सभा में पड़हा के अंतर्गत आने वाले सभी गाँवों के मुण्डा (गाँव प्रधान) तथा डाकुआ (संदेशवाहक) उपस्थित रहते हैं और सर्वसम्मति से विवादों का समाधान करते हैं ।
हो जनजाति को किस प्रमुख जनजाति समूह की एक उपशाखा (Branch) के रूप में माना जाता है?
- मुण्डा जनजाति
- संथाल जनजाति
- उराँव जनजाति
- खरवार जनजाति
Explanation:
- भाषाई और सांस्कृतिक दृष्टि से हो जनजाति को मुण्डा समाज की ही एक उपशाखा माना जाता है, इसलिए इनकी शासन व्यवस्था भी मुण्डा प्रणाली से काफी प्रेरित है ।
हो शासन व्यवस्था के विभिन्न अधिकारियों को उनके सही पदों से सुमेलित कीजिए:
सूची-I (पद): (A) मुण्डा, (B) डाकुआ, (C) दिउरी, (D) मानकी
सूची-II (दायित्व): (1) गाँव का प्रमुख, (2) मुण्डा का संदेशवाहक, (3) धार्मिक प्रधान, (4) पड़हा का प्रमुख
- A-1, B-2, C-3, D-4
- A-2, B-1, C-4, D-3
- A-4, B-3, C-2, D-1
- A-1, B-3, C-2, D-4
Explanation:
- सही सुमेलित रूप है: मुण्डा (गाँव प्रमुख), डाकुआ (संदेशवाहक), दिउरी (धार्मिक प्रमुख) तथा मानकी (15-20 गाँवों के पड़हा का प्रमुख) ।
मानकी मुंडा शासन व्यवस्था में अंतर-ग्रामीण विवादों (दो या अधिक गाँवों के बीच के झगड़ों) का निपटारा कहाँ किया जाता है?
- पड़हा / पट्टी पंचायत में
- केवल ग्राम सभा में
- केवल दिउरी के निवास पर
- दिशुम परगना में
Explanation:
- जब दो या दो से अधिक गाँवों के बीच कोई सीमा या सामाजिक विवाद होता है, तो उसका समाधान 15-20 गाँवों की पड़हा/पट्टी पंचायत में मानकी की अध्यक्षता में होता है ।
कैप्टन थॉमस विल्किंसन द्वारा 1837 में लागू किए गए ‘विल्किंसन नियम’ (Wilkinson’s Rule) का कोल्हान क्षेत्र पर क्या प्रभाव पड़ा?
- मानकी और मुंडा के पारंपरिक अधिकारों को स्वीकार कर उन्हें सिविल व आपराधिक मामलों में सीमित अधिकार दिए गए
- मानकी और मुंडा के पदों को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया
- कोल्हान में पूरी तरह से ब्रिटिश पुलिस थाना व्यवस्था लागू की गई
- हो जनजाति को राज्य से बाहर निर्वासित कर दिया गया
Explanation:
- विल्किंसन रूल द्वारा कोल्हान को एक ‘नॉन-रेगुलेशन क्षेत्र’ घोषित किया गया तथा मानकी और मुंडा के पारंपरिक प्रशासनिक एवं न्यायिक अधिकारों को मान्यता दी गई ।
हो शासन व्यवस्था के अंतर्गत ‘तहसीलदार’ और ‘डाकुआ’ के कार्यों का सही अंतर क्या है?
- तहसीलदार लगान (राजस्व) वसूलता है, जबकि डाकुआ मुण्डा के आदेशों की सूचना ग्रामीणों तक पहुँचाता है
- तहसीलदार धार्मिक कार्य करता है, जबकि डाकुआ सेनापति होता है
- तहसीलदार मानकी का सहायक है, जबकि डाकुआ पीरपंच का सहयोगी है
- तहसीलदार बाहरी दुश्मनों से रक्षा करता है, जबकि डाकुआ कर जमा करता है
Explanation:
- तहसीलदार का कार्य लगान वसूली और वित्तीय मामले देखना है, जबकि डाकुआ मुण्डा का सहयोगी एवं संदेशवाहक होता है ।
मानकी मुंडा शासन व्यवस्था में धार्मिक विवादों का अंतिम निवारण ग्राम स्तर पर किसके द्वारा किया जाता है?
- दिउरी द्वारा
- तहसीलदार द्वारा
- डाकुआ द्वारा
- पीरपंच द्वारा
Explanation:
- गाँव के स्तर पर पूजा-पाठ से जुड़े मामलों और धार्मिक विवादों का समाधान गाँव के धार्मिक प्रधान दिउरी द्वारा किया जाता है ।
हो जनजाति की मानकी-मुंडा शासन व्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा कथन असत्य है?
- पड़हा का प्रशासनिक प्रमुख पीरपंच कहलाता है, जबकि मानकी केवल धार्मिक प्रधान होता है
- हो शासन व्यवस्था को थॉमस विल्किंसन द्वारा मान्यता प्रदान की गई थी
- गाँव के प्रधान को मुण्डा कहा जाता है
- दिउरी का सहयोगी ‘यात्रा दिउरी’ कहलाता है
Explanation:
- कथन (A) असत्य है क्योंकि पड़हा का प्रमुख मानकी कहलाता है और पीरपंच पड़हा का न्यायिक प्रधान होता है, न कि मानकी केवल धार्मिक प्रधान होता है ।
कोल्हान क्षेत्र में ‘विल्किंसन रूल’ के तहत मानकी और मुंडा को राजा/सरकार की ओर से मालगुजारी (लगान) एकत्र करने के बदले क्या अधिकार मिला था?
- उन्हें लगान वसूली पर निश्चित कमीशन एवं अपने क्षेत्रों में पुलिस/न्यायिक अधिकार मिले
- उन्हें ब्रिटिश सेना में सीधे कर्नल बना दिया गया
- उन्हें पूरे बंगाल का दीवान नियुक्त किया गया
- उन्हें सभी प्रकार के करों से पूरी तरह मुक्त कर दिया गया
Explanation:
- विल्किंसन प्रणाली के तहत मुंडा और मानकी को अपने-अपने क्षेत्रों से लगान एकत्र कर सरकार को देने की जिम्मेदारी दी गई तथा बदले में उन्हें कमीशन और स्थानीय स्तर पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के अधिकार दिए गए ।
हो शासन व्यवस्था की लोकतांत्रिक भावना का मुख्य आधार क्या माना जाता है?
- मानकी की सभा में मुण्डा एवं डाकुआ की उपस्थिति में सर्वसम्मति से निर्णय लिया जाना
- केवल वंशानुगत आधार पर बिना किसी चर्चा के तानाशाही निर्णय थोपना
- बाहरी जमींदारों द्वारा सीधे आदेश जारी करना
- केवल धार्मिक प्रधान द्वारा अकेले सारे फैसले लेना
Explanation:
- मानकी मुंडा शासन व्यवस्था को गणतांत्रिक इसलिए माना जाता है क्योंकि इसमें मानकी की सभा में सभी गाँवों के मुण्डा और डाकुआ बैठकर आपसी विचार-विमर्श एवं सर्वसम्मति से निर्णय लेते हैं ।
