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‘मधुआ’ कहानी के कहानीकार कौन हैं?
- प्रेमचंद
- फणीश्वर नाथ ‘रेणु’
- जयशंकर प्रसाद
- श्रीलाल शुक्ल
Explanation:
- ‘मधुआ’ के कहानीकार जयशंकर प्रसाद हैं।
- प्रसाद हिंदी साहित्य में कवि, नाटककार, कथाकार और उपन्यासकार के रूप में प्रसिद्ध हैं।
‘मधुआ’ कहानी किस कहानी-संग्रह में संकलित है?
- प्रतिध्वनि
- आकाशदीप
- इंद्रजाल
- आंधी
Explanation:
- ‘मधुआ’ कहानी जयशंकर प्रसाद के कहानी-संग्रह ‘इंद्रजाल’ में संकलित है।
- ‘इंद्रजाल’ का प्रकाशन 1936 ई. से संबंधित है।
‘मधुआ’ कहानी की मूल संवेदना क्या है?
- राजनीतिक संघर्ष
- ऐतिहासिक युद्ध
- हृदय-परिवर्तन और मानवीय करुणा
- औद्योगिक विकास
Explanation:
- कहानी का केंद्र हृदय-परिवर्तन, करुणा और मानवीय संवेदना है।
- एक शराबी व्यक्ति के भीतर छिपी दया और सहृदयता बालक मधुआ के संपर्क में आने पर सामने आती है।
‘मधुआ’ कहानी का केंद्रीय पात्र कौन है?
- मधुआ
- ठाकुर सरदार सिंह
- लल्लू
- शराबी
Explanation:
- शराबी कहानी का केंद्रीय पात्र है।
- उसके चरित्र के माध्यम से बाहरी कठोरता और आंतरिक करुणा के विरोधाभास को प्रस्तुत किया गया है।
कहानी का शराबी अपना जीवन-यापन मुख्यतः कैसे करता था?
- खेती करके
- दुकान चलाकर
- अमीरों को गप्पें और झूठी कहानियाँ सुनाकर
- मजदूरी करके
Explanation:
- शराबी अमीर लोगों को गप्पें और झूठी कहानियाँ सुनाकर उनसे पैसे प्राप्त करता था।
- इन पैसों का उपयोग वह शराब पीने में करता था।
‘मधुआ’ में शराबी बाहर से कैसा दिखाई देता है?
- अत्यंत प्रसन्न और उत्साही
- धार्मिक और तपस्वी
- कठोर और नशेड़ी
- विद्वान और आदर्शवादी
Explanation:
- शराबी का बाहरी व्यक्तित्व कठोर और नशेड़ी दिखाई देता है।
- लेकिन उसके भीतर दया, संवेदना और सहृदयता छिपी हुई है।
मधुआ कौन है?
- ठाकुर सरदार सिंह का पुत्र
- शराबी का पुत्र
- एक अनाथ और शोषित बालक
- लल्लू का भाई
Explanation:
- मधुआ एक अनाथ बालक है।
- वह ठाकुर सरदार सिंह के यहाँ काम करता है और भूख तथा अत्याचार से पीड़ित है।
मधुआ किसके यहाँ काम करता था?
- शराबी के यहाँ
- लल्लू के यहाँ
- ठाकुर सरदार सिंह के यहाँ
- किसी व्यापारी के यहाँ
Explanation:
- मधुआ ठाकुर सरदार सिंह के यहाँ काम करने वाला बालक है।
- वह वहां शोषण और अत्याचार का सामना करता है।
मधुआ की प्रमुख स्थिति कैसी थी?
- संपन्न और सुखी
- शिक्षित और स्वतंत्र
- भूख और अत्याचार से पीड़ित
- राजकीय संरक्षण में
Explanation:
- मधुआ गरीब, असहाय और शोषित बालक है।
- भूख तथा अत्याचार उसके जीवन की प्रमुख समस्याएं हैं।
ठाकुर सरदार सिंह का चरित्र किस वर्ग का प्रतिनिधित्व करता है?
- मजदूर वर्ग
- मध्यवर्ग
- सामंती/शोषक वर्ग
- किसान वर्ग
Explanation:
- ठाकुर सरदार सिंह एक रईस और सामंती स्वभाव का व्यक्ति है।
- वह शोषक वर्ग का प्रतिनिधि पात्र है और अपनी मौज-मस्ती के लिए शराबी से कहानियाँ सुनता है।
ठाकुर सरदार सिंह शराबी से क्या करवाता था?
- खेती
- व्यापार
- कहानियाँ सुनता था
- नौकरी करवाता था
Explanation:
- ठाकुर सरदार सिंह अपनी मौज-मस्ती के लिए शराबी से गप्पें और कहानियाँ सुनता था।
- इससे ठाकुर के रईसी और मनोरंजनप्रिय स्वभाव का पता चलता है।
लल्लू कौन था?
- मधुआ का पिता
- शराबी का मित्र
- ठाकुर सरदार सिंह का जमादार
- गांव का मुखिया
Explanation:
- लल्लू ठाकुर सरदार सिंह का जमादार अर्थात नौकर/कारिंदा था।
- वह मधुआ पर अत्याचार करता था और उसे पीटता था।
लल्लू मधुआ के साथ कैसा व्यवहार करता था?
- सहानुभूतिपूर्ण
- मित्रवत
- अत्याचारी और कठोर
- स्नेहपूर्ण
Explanation:
- लल्लू मधुआ पर अत्याचार करता था और उसे पीटता था।
- उसके व्यवहार से बाल-शोषण और सामंती व्यवस्था की क्रूरता सामने आती है।
‘मधुआ’ कहानी में बाल-सहानुभूति किस पात्र के माध्यम से प्रमुख रूप से उभरती है?
- ठाकुर सरदार सिंह
- लल्लू
- शराबी
- अमीर व्यक्ति
Explanation:
- मधुआ की दयनीय स्थिति देखकर शराबी के भीतर छिपी मानवीय संवेदना जागती है।
- बालक के प्रति उसकी सहानुभूति उसके चरित्र में हृदय-परिवर्तन का आधार बनती है।
‘मधुआ’ कहानी का प्रमुख संदेश क्या है?
- धन ही जीवन का लक्ष्य है
- शक्ति का प्रयोग आवश्यक है
- मानवीय करुणा से व्यक्ति का हृदय-परिवर्तन संभव है
- शराब जीवन की आवश्यकता है
Explanation:
- कहानी यह दिखाती है कि कठोर दिखाई देने वाले व्यक्ति के भीतर भी मानवीय संवेदना मौजूद हो सकती है।
- मधुआ के प्रति सहानुभूति शराबी के भीतर सोई हुई करुणा को जगाती है।
‘मधुआ’ कहानी किस प्रकार की पृष्ठभूमि पर आधारित है?
- केवल पौराणिक
- केवल ऐतिहासिक
- यथार्थवादी
- काल्पनिक राजदरबारी
Explanation:
- ‘मधुआ’ की पृष्ठभूमि यथार्थवादी है।
- इसमें गरीब, अनाथ और शोषित बालक की स्थिति तथा सामंती शोषण का चित्रण मिलता है।
‘मधुआ’ कहानी में कौन-सी मानवीय भावना विशेष रूप से उभरती है?
- प्रतिशोध
- ईर्ष्या
- निस्वार्थ प्रेम और करुणा
- घृणा
Explanation:
- कहानी का केंद्र निस्वार्थ प्रेम, करुणा और बाल-सहानुभूति है।
- इन भावनाओं के कारण शराबी के व्यक्तित्व का सकारात्मक पक्ष सामने आता है।
‘मधुआ’ कहानी में शराबी के चरित्र का सबसे महत्वपूर्ण परिवर्तन क्या है?
- वह अमीर बन जाता है
- वह राजनीतिज्ञ बन जाता है
- उसके भीतर मानवीय करुणा और कर्तव्य-बोध जागता है
- वह गांव छोड़ देता है
Explanation:
- कहानी में शराबी के भीतर छिपी मानवीय संवेदना जागती है।
- मधुआ की पीड़ा उसके हृदय को प्रभावित करती है और उसके भीतर करुणा तथा कर्तव्य-बोध उत्पन्न होता है।
‘मधुआ’ कहानी की प्रमुख विशेषताओं का सही संयोजन कौन-सा है?
- युद्ध, वीरता और राजदरबार
- प्रकृति-वर्णन, हास्य और रोमांस
- हृदय-परिवर्तन, मानवीय करुणा, निस्वार्थ प्रेम और बाल-सहानुभूति
- राजनीतिक षड्यंत्र और सत्ता संघर्ष
Explanation:
- ‘मधुआ’ जयशंकर प्रसाद की भावुक और मनोवैज्ञानिक कहानी है।
- कहानी का केंद्र हृदय-परिवर्तन, मानवीय करुणा, निस्वार्थ प्रेम, बाल-सहानुभूति और कर्तव्य-बोध है।
- शराबी और मधुआ के संबंध के माध्यम से कहानी मानवीय संवेदना की शक्ति को सामने लाती है।
