CDP

बच्चों की लम्बाई और वजन में वृद्धि किसका उदाहरण है? CTET (I-V) July, 2024

  • मात्रात्मक परिवर्तन
  • संज्ञानात्मक परिवर्तन
  • गुणात्मक परिवर्तन
  • भावात्मक परिवर्तन

अभिकथन (A): जबकि कुछ बच्चे 12 महीने की उम्र में बड़बड़ाना और दो शब्दों का वाक्य बोलना शुरू कर देते हैं, अन्य 20 महीने की उम्र तक ऐसा नहीं करते हैं।
कारण (R): विकासात्मक प्रतिमान केवल सांकेतिक हैं और व्यक्तिगत बच्चों का विकास काफी भिन्न हो सकता है। सही विकल्प चुनें। CTET (I-V) 14/12/2024, July 2024

  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (A) की (R) सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (A) की (R) सही व्याख्या नहीं करता है।
  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।

ऐसे बच्चे जिन्होंने बहुत कम उम्र से गंभीर सामाजिक अभाव का अनुभव किया है, आमतौर पर उनके विकास में देरी या बाधा उत्पन्न होती है और पुनर्वास के बावजूद विकास के कुछ क्षेत्रों में सुधार अधीनस्थ होने की संभावना है। वह अवधि जिसमें विकास पर्यावरणीय समर्थन से महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित होता है, ______ कहलाती है। CTET (I-V) July, 2024

  • संवेदनशील अवधि
  • निगमनात्मक अवधि
  • सहज काल
  • मूल काल

विकास के किस पहलू में तर्क, चिंतन और समस्या समाधान की व्याख्या की जाती है? CTET (I-V) 21/01/2024 (Shift-I)

  • सामाजिक विकास
  • संज्ञानात्मक विकास
  • नैतिक विकास
  • गतिक विकास

अभिकथन (A): बच्चों द्वारा बचपन अलग-अलग संस्कृतियों में अलग-अलग तरह से अनुभव किया जाता है। कारण (R): बच्चों का विकास सार्वभौमिक है। सही विकल्प चुनें। CTET (I-V) 21/01/2024 (Shift-I)

  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (A) की (R) सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (A) की (R) सही व्याख्या नहीं करता है।
  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।

निम्नलिखित में से कौन-सा स्थूल गतिक कौशल है? CTET (I-V) 20/08/2023 (Shift-I)

  • एक कागज पर एक बड़े आयत को रूपरेखा के अनुसार काटना
  • बुनाई
  • तैरना
  • एक कागज पर वृत्त को रूपरेखा के अनुसार काटना

भाषा के विकास के लिए ‘संवेदनशीलकाल’ कौन-सा है? CTET (I-V) 07/02/2023 (Shift-I)

  • आरंभिक बाल्यावस्था
  • माध्यमिक बाल्यावस्था
  • किशोरावस्था
  • प्रसवपूर्व अवस्था

विकास का कौन-सा क्षेत्र स्व-नियमन प्रदर्शन, भावनाओं को समझने और दर्शाने से संबंधित पहलुओं की बात करता है? CTET (I-V) 29/01/2023 (Shift-I)

  • संवेगात्मक
  • नैतिक
  • शारीरिक
  • गत्यात्मक

बचपन के प्रारंभिक सालों में किसके विकास पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए? CTET (I-V) 28/12/2022 (Shift-I)

  • केवल (i) और (ii)
  • केवल (i) और (iii)
  • (i), (ii), (iii) और (iv)
  • (i), (ii), (iii), (iv) और (v)

बचपन से वयस्कता के परिवर्तनकाल का समय कौन-सा है? CTET (I-V) 28/12/2022 (Shift-I)

  • प्रारंभिक बाल्यावस्था
  • माध्यमिक बाल्यावस्था
  • पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था
  • किशोरावस्था

निम्न में से किसके लिए स्थूल गामक कौशल के उपयोग की आवश्यकता होगी? CTET (I-V) 28/12/2022 (Shift-I)

  • ब्रश से पेपर पर पेंटिंग करना
  • पेपर के टुकड़े काटना और चिपकाना
  • सुई में धागा डालना
  • चलना और दौड़ना

निम्नलिखित में से कौन-सा स्थूल गत्यात्मक कौशल का उदाहरण है? CTET (I-V) 29/12/2022 (Shift-I)

  • चित्र बनाने के लिए पेन पकड़ना
  • कागज को आड़ा-टेढ़ा (जिग-जैग) तरीके से काटना
  • धागे में माला पिरोना
  • खेल में फुटबॉल को लात से धकेलना

बाल विकास के क्षेत्र में बाल विकास का सिद्धांत यह सुझावित करते हैं कि विकास प्रभावित होता है: CTET (I-V) 09/01/2023 (Shift-I)

  • केवल आनुवंशिकता से
  • केवल शिक्षा से
  • संस्कृति से
  • आनुवंशिकता, शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक नीतियों से

बाल विकास के क्षेत्र में, ‘मस्तिष्क नमनीयता’ संप्रत्यय क्या सुझावता है? CTET (I-V) 10/01/2023 (Shift-I)

  • बाल्यावस्था और किशोरावस्था का पूरी अवस्था संज्ञानात्मक विकास के लिए संवेदनशील अवस्था है।
  • विकास सभी बालकों में एकसमान दर से होता है।
  • केवल आनुवंशिकता विकास को प्रभावित करती है, वातावरण नहीं।
  • एक क्षेत्र में विकास दूसरे क्षेत्र के विकास को प्रभावित नहीं करता है।

विकास ______ है। CTET (I-V) 12/01/2023 (Shift-I)

  • एक अनिरंतर प्रक्रिया है।
  • एक क्रमिक प्रक्रिया है।
  • व्यक्तिगत कारकों से प्रभावित होता है लेकिन वातावरणीय कारकों से नहीं।
  • वातावरणीय कारकों से प्रभावित होता है लेकिन व्यक्तिगत कारकों से नहीं।

निम्नलिखित में से कौन-सा क्षेत्र बाल विकास का है? CTET (I-V) 13/01/2023 (Shift-I)

  • एकैतिक और अनैतिक
  • निर्धारित और स्थिर
  • अन्तर्विषयात्मक और गतिशील
  • अस्पष्ट और प्राचीन

बाल विकास की अवधि का सही क्रम कौन-सा है? CTET (I-V) 13/01/2023 (Shift-I)

  • शिशुअवस्था, गर्भावस्था, पूर्व बाल्यावस्था, किशोरावस्था, मध्य बाल्यावस्था
  • गर्भावस्था, पूर्व बाल्यावस्था, शिशुअवस्था, मध्य बाल्यावस्था, किशोरावस्था
  • गर्भावस्था, शिशुअवस्था, पूर्व बाल्यावस्था, किशोरावस्था, मध्य बाल्यावस्था
  • गर्भावस्था, शिशुअवस्था, पूर्व बाल्यावस्था, मध्य बाल्यावस्था, किशोरावस्था

बाल्यावस्था का शुरुआती दौर, भावनात्मक विकास के लिए एक ______ काल होता है। CTET (I-V) 18/01/2023 (Shift-I)

  • संवेदनशील
  • सुस्त/धीमा
  • निष्क्रिय
  • पेशानिदायक

अभिकथन (A): शिक्षकों को बाल विकास की गहन समझ होनी चाहिए। तर्क (R): बच्चों के विकास और अधिगम प्रक्रिया के बारे में जानकर, शिक्षक शिक्षा को अर्थपूर्ण और रोचक बना सकते हैं। सही विकल्प चुनें। CTET (I-V) 19/01/2023 (Shift-I)

  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।

निम्नलिखित में से कौन सकल मोटर कौशल का एक उदाहरण है? CTET (I-V) 20/01/2023 (Shift-I)

  • फुटबॉल को किक करना
  • सुई में पिरोना
  • लिखने के लिए पेंसिल पकड़ना
  • ट्रेड में बीड लगाना

बौद्धिक क्षमताएँ जैसे कि कल्पना, समालोचनात्मक चिंतन (सोच) और परामर्श की चर्चा परोक्ष रूप से विकास के ______ क्षेत्र के अंतर्गत की जाती है। CTET (I-V) 23/01/2023 (Shift-I)

  • सामाजिक
  • शारीरिक
  • नैतिक
  • संज्ञानात्मक

क्रांतिक अवस्था के संप्रत्यय की एक अवधारणा है? CTET (I-V) 24/01/2023 (Shift-I)

  • विकास के दौरान अपरिवर्तनीय क्षति।
  • वातावरण का विकास पर कोई प्रभाव न होना।
  • आनुवंशिकता का विकास पर बहुत कम प्रभाव होना।
  • पुरस्कारों का विकास के दौर पर नकारात्मक प्रभाव होना।

______ स्थूल गत्यात्मक कौशल का उदाहरण है। CTET (I-V) 25/01/2023 (Shift-I)

  • भागना
  • पकड़ना
  • आड़ी-तिरछी रेखाएँ खींचना
  • निचोड़ना

एक पेंसिल को पकड़ना ______ कौशल का उदाहरण है जबकि फुटबॉल को धकेलना ______ कौशल का उदाहरण है। CTET (I-V) 27/01/2023 (Shift-I)

  • सूक्ष्म गतिक, सकल गतिक
  • सामाजिक, भावनात्मक
  • सकल गतिक, सूक्ष्म गतिक
  • भावनात्मक, सामाजिक

 कथन (A): अभिभावकों को बाल्यावस्था देखभाल से संबंधित चर्चाओं में शामिल करना चाहिए। तर्क (R): बाल विकास पारिवारिक परिवेश से प्रभावित होता है। सही विकल्प चुनें। CTET (I-V) 28/01/2023 (Shift-I)

  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।

हालांकि विकास के विभिन्न क्षेत्र विद्यार्थियों की योग्यताओं का वर्णन करते हुए पारस्परिकता करते हैं, फिर भी निम्न में से विकास का कौन-सा क्षेत्र मुख्य रूप से व्यक्तियों के अपने और दूसरों के कार्यों और व्यवहारों पर तर्क की प्रवृत्ति का अध्ययन करता है? CTET (I-V) 28/01/2023 (Shift-I)

  • भाषा विकास
  • नैतिक विकास
  • शारीरिक विकास
  • सांस्कृतिक विकास

यद्यपि विकास के क्षेत्रों के कुछ आयामों में परस्पर व्यापकता होती है, तथापि निम्नलिखित में से विकास का कौन-सा क्षेत्र विशेष रूप से स्वयं एवं दूसरों के बारे में ‘भावनाओं’ की प्रगति अनुक्रम का अध्ययन करता है? CTET (I-V) 30/01/2023 (Shift-I)

  • नैतिक विकास
  • भाषा विकास
  • शारीरिक विकास
  • संवेगात्मक विकास

हालांकि विकास के क्षेत्र एक-दूसरे से संबंधित होते हैं फिर भी बौद्धिक क्षमताएँ जैसे कि तार्किक विचार इत्यादि को किस विकास के क्षेत्र के अंतर्गत सोध रूप से पढ़ा जाता है? CTET (I-V) 02/02/2023 (Shift-I)

  • भावनात्मक
  • शारीरिक
  • संज्ञानात्मक
  • सामाजिक

विकास निम्न में से किस पर निर्भर है? (i) आनुवंशिक प्रवृत्तियाँ (ii) सामाजिक-सांस्कृतिक प्रथाएँ (iii) भौतिक वातावरण CTET (I-V) 03/02/2023 (Shift-I)

  • केवल (i)
  • केवल (i) और (ii)
  • केवल (ii) और (iii)
  • (i), (ii) और (iii)

मानवीय क्षमताएँ जैसे कि बुद्धि, समस्या-समाधान और समालोचनात्मक चिंतन का सीधे रूप से विकास के किस क्षेत्र के अंतर्गत अध्ययन किया जाता है? CTET (I-V) 04/02/2023 (Shift-I)

  • शारीरिक
  • संवेगात्मक
  • संज्ञानात्मक
  • नैतिक

अनेक स्थितियों में, विकास के विभिन्न क्षेत्र मानवीय क्षमताओं की व्याख्या करने में परस्पर प्रतिच्छेद करते हैं, तथापि विकास का कौन-सा क्षेत्र प्रत्यक्ष रूप से बौद्धिक योग्यताओं जैसे कि समस्या-समाधान, समालोचनात्मक चिंतन और तार्किकता की स्पष्टतया चर्चा करता है? CTET (I-V) 06/02/2023 (Shift-I)

  • शारीरिक
  • गत्यात्मक
  • सामाजिक
  • संज्ञानात्मक

चालक विकास की दर में व्यक्तिगत विविधताएँ होती हैं, फिर भी चालक विकास का क्रम कम ______ से ______ तक है। CTET (I-V) 07/06/2019

  • अधोगामी, शीर्षगामी
  • अपरिष्कृत (स्थूल) चालक विकास; परिष्कृत (सूक्ष्म) चालक विकास
  • परिष्कृत (सूक्ष्म) चालक विकास; अपरिष्कृत (स्थूल) चालक विकास
  • शीर्षगामी, अधोगामी

वह अवस्था जो वयस्कता के संक्रमण की पहल करती है, उसे क्या कहते हैं? CTET (I-V) 07/06/2019

  • मध्य बाल्यावस्था
  • पूर्व-संक्रियात्मक अवधि
  • बाल्यावस्था की समाप्ति
  • किशोरावस्था

निम्नलिखित में से कौन विकास के व्यापक आयामों की सही पहचान करता है? CTET (I-V) 07/06/2019

  • संवेगात्मक, बौद्धिक, आध्यात्मिक एवं स्व
  • शारीरिक, व्यक्तिगत, आध्यात्मिक एवं संवेगात्मक
  • सामाजिक, शारीरिक, व्यक्तिगत, स्व
  • शारीरिक, संज्ञानात्मक, सामाजिक और संवेगात्मक

जन्म से किशोरावस्था तक बच्चों में विकास किस क्रम में होता है? CTET (I-V) 31/01/2021

  • मूर्त, अमूर्त, सांवेदिक
  • अमूर्त, मूर्त, सांवेदिक
  • सांवेदिक, मूर्त, अमूर्त
  • अमूर्त, सांवेदिक, मूर्त

विकास के संबंध में निम्न में से कौन-सा कथन सही है? CTET (I-V) 31/01/2021

  • विकास केवल बाल्यावस्था के दौरान ही होता है।
  • विकास बहुआयामी होता है।
  • विकास की दर, सभी संस्कृतियों में सभी के लिए समान होती है।
  • विकास केवल विद्यालय में होने वाले अधिगम से ही होता है।

निम्नलिखित अवधियों में से किसमें शारीरिक वृद्धि एवं विकास तीव्रता से घटित होता है? CTET (I-V) 08/12/2019

  • मध्य बाल्यावस्था एवं किशोरावस्था
  • किशोरावस्था एवं वयस्कता
  • शैशवावस्था एवं प्रारंभिक बाल्यावस्था
  • प्रारंभिक बाल्यावस्था एवं मध्य बाल्यावस्था

विकास के संदर्भ में, समय सीमा जिसमें एक व्यक्ति विशिष्ट उद्दीपनों के प्रति परिवर्तित संवेदनशीलता रखता है जिससे कि वह कुशल तरीके से कार्य करने के लिए विशेष कौशल विकसित कर सके, वह विकास की ______ कहलाती है। CTET (1-V) 14/12/2024

  • प्रोत्साहन अवधि
  • उत्कर्ष अवधि
  • चुनौतीपूर्ण अवधि
  • कूटलेखन/एकोडिंग अवधि

अभिकथन (A) : 5-6 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को ‘ठीक से’ और ‘6 रेखाओं के भीतर’ लिखने के लिए दबाव नहीं डालना चाहिए। कारण (R) : बच्चे 5-6 साल के बाद गतिक कौशल का बेहतर नियंत्रण प्राप्त करते हैं। सही विकल्प चुनें। CTET (1-V) 14/12/2024

  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (A) की (R) सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (A) की (R) सही व्याख्या नहीं करता है।

निम्नलिखित में से कौन सा कथन विकास के ‘समीप-दूराभिमुख’ सिद्धांत का प्रतिनिधित्व करता है? CTET (1-V) 14/12/2024

  • विकास बहु-दिशात्मक और बहु-आयामी होता है।
  • अलग-अलग संस्कृतियों में रहने वाले हमशक्ल जुड़वाँ अलग-अलग दरों से विकसित हो सकते हैं।
  • मोतियों को धागे में पिरोने से पहले बच्चे गेंद को पकड़ने की क्षमता विकसित करते हैं।
  • बच्चों में खड़े होने से पहले बैठने की क्षमता का विकास होता है।

विकास के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है? CTET (1-V) July, 2024

  • विकास के विभिन्न पहलू एक-दूसरे से स्वतंत्र होते हैं।
  • विकास एक असतत प्रक्रिया है।
  • विकास चक्रीय तरीके से होता है, रैखिक नहीं।
  • विकास विशिष्ट से सामान्य की ओर बढ़ता है।

विकास के क्रम में, बच्चे सूक्ष्म पेशीय कौशल से पहले सकल पेशीय कौशल विकसित करते हैं। यह दर्शाता है कि विकास : CTET (1-V) 21/01/2024 (Shift-I)

  • अवरोहक
  • शीर्षगामी
  • रेखीय
  • समीप-दूराभिमुख

समीपस्थ सिद्धांत कहता है कि शैशवावस्था में : CTET (1-V) 21/01/2024 (Shift-I)

  • आंग-हाथों और पैरों की तुलना में तेजी से बढ़ते रहते हैं।
  • विकास सिर से पैर तक होता है।
  • भाषा का विकास तेजी से होता है क्योंकि वह विकास के लिए एक संवेदनशील अवधि है।
  • सूक्ष्म गतिक कौशल के विकास के साथ शारीरिक विकास तेजी से होता है।

भौतिक वृद्धि और विकास, विकास के ______ और ______ सिद्धांतों का पालन करते हैं। CTET (1-V) 20/08/2023 (Shift-I)

  • निम्नगामी (सरल से जटिल); एकीकरण (जटिल से सरल)
  • एकीकरण (सरल से जटिल); निम्नगामी (जटिल से सरल)
  • शीर्षगामी (अवरोही); समीपस्थ (आंतरिक से बाहरी)
  • समीपस्थ (अवरोही); शीर्षगामी (आंतरिक से बाहरी)

प्रारंभिक बाल्यावस्था में वृद्धि ______ और सोच ______ है, जबकि मध्य बाल्यावस्था में वृद्धि ______ और सोच ______ है। CTET (1-V) 20/08/2023 (Shift-I)

  • धीमी, तार्किक; स्थिर है, आत्मकेंद्रित
  • धीमी, कुछ हद तक आत्मकेंद्रित; स्थिर है, तार्किक
  • स्थिर है, कुछ हद तक आत्मकेंद्रित; धीमी, तार्किक
  • स्थिर है, तार्किक; धीमी, आत्मकेंद्रित

बच्चों का प्राथमिक वर्षों में विकास का क्रम- CTET (1-V) 07/02/2023 (Shift-I)

  • सरल से जटिल की तरफ होता है
  • अमूर्त से मूर्त की तरफ होता है।
  • वैश्विक से स्थानीय की ओर होता है।
  • विशिष्ट से सामान्य की ओर होता है।

निम्नलिखित में से कौन-सा कथन विकास के बारे में सही है? CTET (1-V) 29/01/2023 (Shift-I)

  • विकास पूरी तरह से अनिश्चित है।
  • विकास अत्यधिक अनिरंतर है।
  • व्यक्तियों की विकास दर में विभिन्नता पाई जाती है।
  • विकास पैर से सिर की तरफ होता है।

 बच्चों का विकास ______ से ______ की ओर बढ़ता है। CTET (1-V) 29/12/2022 (Shift-I)

  • केंद्र, बाह्य
  • पैर, सिर
  • विशिष्ट, सामान्य
  • जटिल, सरल

बच्चों का विकास किस प्रकार से होता है? CTET (1-V) 09/01/2023 (Shift-I)

  • व्यवस्थित रूप से होता है परन्तु स्वाभाविक रूप से वैयक्तिक होता है।
  • अव्यवस्थित रूप में, किसी विशिष्ट पल में अचानक से उभर आता है।
  • पूरे विश्व में सभी बच्चों में एकसमान दर से होता है।
  • केवल विद्यालयीकरण के परिणाम से होता है।

विकास के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है? CTET (1-V) 11/01/2023 (Shift-I)

  • विकास पूर्ण रूप से केवल आनुवंशिकता का ही परिणाम है।
  • विकास का क्रम विशिष्ट से सामान्य की ओर होता है।
  • विकास केंद्र से बाहर की ओर होता है।
  • विकास सिर से पाँव की ओर बढ़ता है।

 विकास का शीर्षगामी सिद्धांत क्या कहता है? CTET (1-V) 17/01/2023 (Shift-I)

  • विकास केंद्र से बाहर की ओर होता है।
  • विकास सिर से पैर की ओर होता है।
  • सभी व्यक्तियों में समान दर से होता है।
  • प्रकृति और वातावरण की मिश्रित क्रिया का परिणाम है।

विकास के संदर्भ में निम्न में से कौन-सा कथन सही नहीं है? CTET (1-V) 18/01/2023 (Shift-I)

  • बच्चे अलग-अलग दर/गति पर विकसित होते हैं।
  • विकास क्रमिक रूप से होता है।
  • विकास अपेक्षाकृत रूप से व्यवस्थित होता है।
  • विकास हमेशा अनिरंतर होता है।

वह सिद्धांत जो विकास को विभिन्न चरणों के तौर पर व्याख्यायित करते हैं, वे मानते हैं कि विकास ______। CTET (1-V) 19/01/2023 (Shift-I)

  • निरंतर होता है।
  • रुक-रुक कर होता है।
  • संस्कृति आधारित होता है।
  • आनुवंशिकता पर आधारित होता है।

विकास का शीर्षगामी सिद्धांत क्या कहता है? CTET (1-V) 20/01/2023 (Shift-I)

  • विकास दर सभी संस्कृतियों में एक समान होती है।
  • विकास अनिरंतर होता है।
  • विकास सिर से पैर की तरफ बढ़ता है।
  • विकास केंद्र से बाहर की तरफ बढ़ता है।

विकास ‘सिर से पैर’ की दिशा में विकसित होता है। निम्न में से कौन-सा सिद्धांत इस कथन को बतलाता है? CTET (1-V) 23/01/2023 (Shift-I)

  • निरंतरता का सिद्धांत
  • आनुवंशिकता का सिद्धांत
  • शीर्षगामी सिद्धांत
  • अधोगामी सिद्धांत

‘विकास की नमनीयता’ में विश्वास रखने वाले सिद्धांतकार निम्न में से किस दृष्टिकोण को मानते हैं? CTET (1-V) 24/01/2023 (Shift-I)

  • केवल स्वभाव ही विकास निर्धारित करता है।
  • पालन-पोषण विकास को प्रभावित करता है।
  • विकास हमेशा निरंतर होता है।
  • विकास हमेशा अनिरंतर होता है।

अधिकांश बच्चे पेन पकड़ना सीखने से पहले गिलास पकड़ना सीख लेते हैं। विकास का कौन-सा सिद्धांत इस विशेष दिशा का वर्णन करता है? CTET (1-V) 25/01/2023 (Shift-I)

  • शीर्षगामी सिद्धांत
  • अधोगामी सिद्धांत
  • पारस्परिकता/संपर्क का सिद्धांत
  • विभेदीकरण का सिद्धांत

विकास के संदर्भ में निम्न में से कौन-सा सही नहीं है? CTET (1-V) 27/01/2023 (Shift-I)

  • विकास एक अनिरंतर तरीके से होता है।
  • बच्चों की विकास दर में विभिन्नताएँ होती हैं।
  • विकास प्रकृति और पालन-पोषण के जटिल संपर्क का परिणाम है।
  • विकास अपेक्षाकृत व्यवस्थित रूप से होता है।

विकास कौन-सा सिद्धांत बताता है कि विकास सिर से पैर तक होता है? CTET (1-V) 28/01/2023 (Shift-I)

  • विकास पूर्वानुमेय है।
  • विकास परिपक्वता और सीखने का एक उत्पाद है।
  • विकास एक विशेष दिशा में आगे बढ़ता है।
  • बच्चों के विकास की दर में विभिन्नताएँ होती हैं।

विकास का कौन-सा सिद्धांत यह निर्दिष्ट करता है कि ‘समग्र निर्माण हेतु कुछ विशिष्ट प्रतिक्रियाएँ विकास के बाद की प्रक्रिया से सम्बन्धित होती हैं’? CTET (1-V) 30/01/2023 (Shift-I)

  • निरंतरता का सिद्धांत
  • एकीकरण का सिद्धांत
  • शीर्षगामी सिद्धांत
  • अधोगामी (समीप-दूराभिमुख) सिद्धांत

एक माँ ने देखा कि उसका जुड़वा बच्चा दूसरे की तुलना में चलना सीखने में अधिक तेजी से प्रगति कर रहा है। सीखने में इस भिन्नता के विकास का कौन-सा सिद्धांत जुड़ा है? CTET (1-V) 03/02/2023 (Shift-I)

  • व्यक्तियों में विकास सिर से पैर तक होता है।
  • हर किसी में विकास चरण-दर-चरण आगे बढ़ता है।
  • अलग-अलग व्यक्तियों में विकास अलग-अलग गति से होता है।
  • हर किसी में विकास सामान्य से विशिष्ट की ओर बढ़ता है।

विकास ______ से ______ की ओर बढ़ता है। CTET (1-V) 06/02/2023 (Shift-II)

  • सिर, पैर
  • विशिष्ट, सामान्य
  • बाह्य, केन्द्र
  • जटिल, सरल

निम्नलिखित में से कौन-सा विकास का सिद्धांत नहीं है? CTET (1-V) 08/12/2019

  • विकास आनुवंशिकता एवं पर्यावरण दोनों के द्वारा प्रभावित होता है।
  • विकास सार्वभौमिक है तथा सांस्कृतिक संदर्भ इसे प्रभावित नहीं करते हैं।
  • विकास जीवनपर्यंत होता है।
  • विकास परिवर्तनशील होता है।

आनुवंशिकता पूरी तरह से एक व्यक्ति के/की ______ का निर्धारण करती है। (i) सेक्स (ii) जेंडर (iii) शैक्षणिक सफलता (iv) सीखने की शैली CTET (1-V) July, 2024

  • (ii), (iii), (iv)
  • (i)
  • (ii)
  • (i), (iii), (iv)

आनुवंशिकता और वातावरण के विकास पर प्रभाव के संदर्भ में निम्न में से कौन-सा कथन सही है? CTET (1-V) 29/01/2023 (Shift-I)

  • आनुवंशिकता और वातावरण का विकास पर प्रभाव निश्चित है और ये बदला नहीं जा सकता।
  • केवल वातावरण ही विकास को प्रभावित करता है, आनुवंशिकता नहीं।
  • केवल आनुवंशिकता ही विकास को प्रभावित करती है, वातावरण नहीं।
  • आनुवंशिकता और वातावरण दोनों ही एक जटिल रूप से विकास को प्रभावित करते हैं।

किसी व्यक्ति की आनुवंशिकता से संबंधित कारक और वातावरणीय परिवेश से संबंधित स्रोत – CTET (1-V) 10/01/2023 (Shift-I)

  • का विकास पर कोई प्रभाव नहीं होता।
  • एक जटिल तरीके की पारस्परिकता द्वारा विकास को रूप देते हैं।
  • कभी पारस्परिकता नहीं करते और न ही विकास को प्रभावित करते हैं।
  • विकास पर बहुत ही कम प्रभाव डालते हैं।

जैवकीय ______ योग्यताएँ जैसे कि चलना ______ के माध्यम से हासिल हो सकती हैं; जैवकीय ______ योग्यताएँ जैसे कि लिखने के लिए ______ की आवश्यकता होती है। CTET (1-V) 11/01/2023 (Shift-I)

  • प्राथमिक; परिवेश के साथ आनंददायी अंतःक्रियाएँ; द्वितीयक; स्पष्ट अनुदेशन
  • द्वितीयक; परिवेश के साथ आनंददायी अंतःक्रियाएँ; प्राथमिक; स्पष्ट अनुदेशन
  • प्राथमिक; स्पष्ट अनुदेशन; द्वितीयक; स्वयं-निर्देशित अभ्यास
  • द्वितीयक; स्पष्ट अनुदेशन की विलगता; प्राथमिक; स्पष्ट अनुदेशन

निम्न में से कौन-सा विकास को प्रभावित करने वाला वातावरणीय कारक है? CTET (1-V) 12/01/2023 (Shift-I)

  • वंशाणु
  • आनुवंशिकता
  • परिपक्वता
  • विद्यालय

विकास प्रकृति एवं पालन-पोषण के ______ का परिणाम है। CTET (1-V) 13/01/2023 (Shift-I)

  • विभाजन
  • वियोजन
  • अंतःक्रिया
  • स्वतंत्र कार्य

 निम्न में से कौन-सा आनुवंशिक कारक है जो विकास को प्रभावित करता है? CTET (1-V) 17/01/2023 (Shift-I)

  • सामाजिक नीतियाँ
  • शैक्षिक संस्थाएँ
  • जैविक परिपक्वता
  • सांस्कृतिक प्रथाएँ

निम्न में से कौन-सा केवल वंशानुगत कारकों से निर्धारित होता है? CTET (1-V) 18/01/2023 (Shift-I)

  • आँखों का रंग
  • समूह का स्तर
  • रुचि
  • भावनात्मक परिपक्वता

निम्न में से कौन-सा घटक सामाजिक-सांस्कृतिक घटकों की श्रेणी में आता है जो विकास प्रभावित करता है? CTET (1-V) 30/01/2023 (Shift-I)

  • स्कूली माहौल
  • तंत्रिका-संबंधी विकार
  • जैविक प्रवृत्तियाँ
  • आनुवंशिक बनावट

अभिकथन (A): स्कूली काल के प्रारंभिक वर्षों में विद्यार्थियों को संसाधन संपन्न वातावरण प्रदान करना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। कारण (R): विकास के कुछ संवेदनशील चरण होते हैं जिसके दौरान बच्चे वातावरणीय प्रभावों से विशेषतः अनुक्रियाशील होते हैं। CTET (1-V) 02/02/2023 (Shift-I)

  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।

विकास के बारे में निम्न में से कौन-सा कथन सही नहीं है? CTET (1-V) 04/02/2023 (Shift-I)

  • बच्चे विभिन्न दरों पर विकसित होते हैं।
  • विकास अपेक्षाकृत क्रमिक होता है।
  • आनुवंशिकता विकास का एक मात्र कारण है।
  • विकास निरंतर रूप से होता है।

बच्चों में प्रतिभाशालिता ______ के कारण हो सकती है। CTET (1-V) 09/12/2018

  • आनुवंशिकता और वातावरण के बीच अंतःक्रिया
  • एक संसाधन-समृद्ध वातावरण
  • सफल माता-पिता
  • एक अनुशासित दिनचर्या

आनुवंशिकता और पर्यावरण की भूमिका के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है? CTET (1-V) 09/12/2018

  • विकास के कुछ पहलू आनुवंशिकता और कुछ अन्य पर्यावरण से अधिक प्रभावित होते हैं।
  • सीखने और प्रदर्शन करने की एक बच्चे की क्षमता जो जन्म से प्राप्त होती है, वह परिवेश से निर्धारित होती है।
  • अच्छी देखभाल और पौष्टिक आहार बच्चे के किसी भी जन्मजात विकास को दूर कर सकते हैं।
  • पर्यावरण केवल बच्चे के भाषा-विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

शैशवावस्था में समाजीकरण की ______ संस्थाएँ प्रमुख रूप से महत्वपूर्ण हैं, जबकि प्रारंभिक बाल्यावस्था में समाजीकरण की ______ संस्थाएँ भी महत्वपूर्ण हो जाती हैं। CTET (1-V) 20/08/2023 (Shift-I)

  • माध्यमिक; तृतीयक
  • तृतीयक; प्राथमिक
  • प्राथमिक; माध्यमिक
  • माध्यमिक; प्राथमिक

 वह प्रक्रिया जिसमें बच्चे समाज में अपनी भूमिका को सीखते हैं, ______ कहलाती है। CTET (1-V) 07/02/2023 (Shift-I)

  • समाजीकरण
  • समायोजन
  • समावेशन
  • अनुकूलन

समाजीकरण की प्रथम संस्था है। CTET (1-V) 28/12/2022 (Shift-I)

  • परिवार
  • स्कूल
  • दोस्त
  • मीडिया

अभिकथन (A): बच्चे का समाजीकरण सर्वप्रथम परिवार में उसके माता-पिता द्वारा होता है। कारण (R): परिवार बच्चों के समाजीकरण का प्राथमिक कारक है। सही विकल्प चुनें। CTET (1-V) 29/12/2022 (Shift-I)

  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।

छोटे बच्चों में समाजीकरण का ______ प्राथमिक कारक/संस्था है और ______ द्वितीयक कारक/संस्था है। CTET (1-V) 09/01/2023 (Shift-I)

  • परिवार; पुस्तकालय
  • अभिभावकों का कार्यस्थल; आस-पड़ोस
  • संचार माध्यम; परिवार
  • कानून; धार्मिक संगठन

एक बालक अपना प्रारंभिक समाजीकरण का पाठ ______ से पढ़ता है। CTET (1-V) 10/01/2023 (Shift-I)

  • विद्यालय
  • मीडिया
  • माता-पिता
  • अखबारों

प्राथमिक कक्षा के बच्चों के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा प्राथमिक समाजीकरण का कारक/संस्था है? CTET (1-V) 11/01/2023 (Shift-I)

  • निकटतम परिवार
  • सांस्कृतिक धारणाएँ
  • धार्मिक संगठन
  • मुद्रित संचार माध्यम

बहुत छोटे बच्चों के लिए निम्न में से कौन-सा समाजीकरण का प्राथमिक कारक और प्रधान कारक है? CTET (1-V) 12/01/2023 (Shift-I)

  • जन संचार
  • सांस्कृतिक प्रचलन
  • विद्यालय
  • परिवार

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत के अनुसार, अधिकतर बच्चे किस चरण में मूर्त समस्याओं के बारे में तार्किक रूप से सोचने में सक्षम हो जाते हैं?

  • मूर्त संक्रियात्मक
  • संवेदीगामक
  • पूर्व-संक्रियात्मक
  • औपचारिक संक्रियात्मक

बहुत छोटे बच्चों के लिए निम्न में से कौन-सी समाजीकरण की प्राथमिक संस्था है?

  • परिवार
  • किताबें
  • सिनेमा
  • माता-पिता का कार्यस्थल

______ समाजीकरण का/की एक प्राथमिक संस्था है जबकि ______ समाजीकरण की/का एक द्वितीयक संस्था है।

  • परिवार, विद्यालय
  • कानून, विद्यालय
  • सामाजिक नीति, संस्कृति
  • पुस्तकालय, आस-पड़ोस

अभिकथन (A): विद्यालय बच्चे के समाजीकरण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कारण (R): धार्मिक संस्थाएँ समाजीकरण की प्राथमिक कारक हैं। सही विकल्प चुनें:

  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है
  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं

प्रारंभिक वर्षों में, निम्न में से कौन-सी संस्थाएँ बच्चों के समाजीकरण में प्राथमिक संस्थाओं की भूमिका निभाती हैं?

  • परिवार और पास-पड़ोस
  • स्कूल और मुद्रक संचार
  • सामाजिक संचार और कानून
  • पास-पड़ोस और सामाजिक नीति

बहुत छोटे बालकों के लिए ________ समाजीकरण की प्राथमिक संस्था है।

  • तत्कालीन परिवार
  • मुद्रक संचार
  • धार्मिक संस्था
  • विद्यालय

बहुत छोटे बच्चों के लिए निम्न में से कौन-सी संस्थाएँ समाजीकरण की प्राथमिक संस्थाएँ हैं?

  • परिवार और आस-पड़ोस
  • आस-पड़ोस और मुद्रक संचार
  • विद्यालय और कानून
  • सामाजिक नीति और धर्म

______ और ______ प्रारंभिक बाल्यावस्था के दौरान बच्चों के प्राथमिक समाजीकरण की संस्थाएँ हैं।

  • परिवार और आस-पड़ोस
  • धार्मिक संस्थाएँ और कानून
  • आस-पड़ोस और सामाजिक नीतियाँ
  • प्रिंट/मुद्रक मीडिया और विद्यालय

बहुत छोटे बच्चों के समाजीकरण के संदर्भ में कौन-सा कथन सही है?

  • परिवार समाजीकरण की प्राथमिक संस्था है।
  • विद्यालय समाजीकरण की प्राथमिक संस्था है।
  • सहपाठी-समूह समाजीकरण की प्राथमिक संस्था है।
  • मुद्रक संचार समाजीकरण की प्राथमिक संस्था है।

प्रारंभिक बाल्यावस्था के दौरान, निम्न में से कौन-सी संस्था बच्चों के समाजीकरण की प्राथमिक संस्था की भूमिका निभाती है?

  • परिवार
  • सामाजिक मीडिया
  • कानून
  • धार्मिक संस्थाएँ

अभिकथन (A): बच्चे केवल औपचारिक स्कूली शिक्षा द्वारा ही कौशल, मूल्य और रीतियाँ ग्रहण करते हैं। कारण (R): बच्चों का समाजीकरण एक सरल व रेखीय प्रक्रिया है। सही विकल्प चुनें:

  • (A) और (R) दोनों गलत हैं
  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है
  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है

प्रारंभिक बाल्यावस्था के दौरान, …….. समाजीकरण का प्राथमिक कारक है और …….. समाजीकरण का द्वितीयक कारक है।

  • परिवार, विद्यालय
  • जनसंचार माध्यम, परिवार
  • विद्यालय, परिवार
  • मुद्रित माध्यम, जनसंचार माध्यम

निम्नलिखित में कौन प्राथमिक समाजीकरण माध्यम है?

  • परिवार
  • विद्यालय
  • सरकार
  • मीडिया

बच्चों के समाजीकरण के संदर्भ में निम्न में से कौन सा कथन सही है?

  • विद्यालय समाजीकरण का एक द्वितीयक कारक है और परिवार समाजीकरण का एक प्राथमिक कारक है।
  • समकक्षी समाजीकरण के प्राथमिक कारक हैं और परिवार समाजीकरण का एक द्वितीयक कारक है।
  • परिवार एवं जन-संचार दोनों समाजीकरण के द्वितीयक कारक हैं।
  • विद्यालय समाजीकरण का प्राथमिक कारक है और समकक्षी समाजीकरण के द्वितीयक कारक हैं।

निम्नलिखित में से कौन सा द्वितीयक समाजीकरण एजेन्सी का उदाहरण है?

  • विद्यालय एवं मीडिया
  • मीडिया एवं पास-पड़ोस
  • परिवार एवं पास-पड़ोस
  • परिवार एवं मीडिया।

पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संवेदी चालक अवस्था के दो महत्वपूर्ण संज्ञानात्मक विकास मील के पत्थर हैं:

  • वस्तु स्थायित्व और अस्थगित अनुसरण
  • जीववाद और परिवर्तन
  • वर्गीकरण और क्रमबद्धता
  • प्रतिवर्ती चिंतन और परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क

अभिकथन (A): शिक्षकों द्वारा प्रदान किया गया आलम्बन बच्चों की सीखने की प्रक्रिया में बाधा डालता है। कारण (R): लेव वायगोत्स्की ने प्रस्तावित किया कि बच्चे स्वतंत्र रूप से पर्यावरण पर कार्य करके और उसमें हेरफेर करके सीखते हैं। सही विकल्प चुनें:

  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।
  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (A) की (R) सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (A) की (R) सही व्याख्या नहीं करता है।

लॉरेंस कोहलबर्ग ने तर्क दिया है कि –

  • नैतिक विकास क्रमिक चरणों में होता है।
  • बच्चों में नैतिक विकास निरंतर रूप से होता है।
  • बच्चों के नैतिक तर्क में सांस्कृतिक अंतर होते हैं।
  • बच्चों के नैतिक तर्क में लिंग भेद होते हैं।

कोहलबर्ग के नैतिक विकास के किस चरण में व्यक्ति का नैतिक व्यवहार मुख्य रूप से इस मानसिकता पर निर्भर करता है कि “लोग मेरे बारे में क्या सोचते हैं”?

  • पारंपरिक
  • उत्तर-पारंपरिक
  • गैर-पारंपरिक
  • पूर्व-पारंपरिक

जीन पियाजे के अनुसार एक बच्चा जो सरल गणितीय उत्क्रमण जैसे \(4+5=9\) और \(9-5=4\) के पीछे के तर्क को समझने में असमर्थ है, इसका कारण है:

  • अपरिवर्तनीयता
  • जीववादी सोच
  • आत्मकेन्द्रियता
  • अवधारणात्मक केंद्रीकरण

पियाजे ने संज्ञानात्मक विकास का किस प्रकार वर्णन किया है?

  • चार गुणात्मक रूप से भिन्न चरण में
  • एक सतत निरंतरता के रूप में
  • चार अतिव्यापी संस्कृति विशिष्ट चरण में
  • तीन प्रगतिशील स्तर में

वायगोत्स्की के सीखने और विकास के सिद्धांत के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन सा आलम्बन का उदाहरण है?

  • किसी कार्य को छोटे चरणों में तोड़ना और आवश्यकतानुसार सहायता प्रदान करना।
  • अभिप्रेरणा के रूप में एक छात्र को उनके काम के लिए एक श्रेणी प्रदान करना।
  • एक छात्र को पढ़ने का कार्य देना और उन्हें स्वतंत्र रूप से सवालों के जवाब देने के लिए कहना।
  • एक छात्र को एक कौशल का प्रदर्शन करना और फिर उन्हें अपने दम पर इसमें महारत हासिल करना।

वायगोत्स्की के अनुसार बच्चे स्वयं से बात करते हैं:

  • विचार और आत्म-नियंत्रण में सहायता के लिए।
  • आत्म-सदृढ़ीकरण प्रदान करने के लिए जब वयस्क उन्हें अनदेखा कर रहे हों।
  • क्योंकि वे आत्मकेंद्रित होते हैं।
  • क्योंकि उनकी सोच अतार्किक होती है।

जीन पियाजे के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन-सी क्षमताएँ पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था की विशेषता है?

  • प्रतीकात्मक खेल और जीववाद
  • वर्गीकरण और क्रमबद्धता
  • संरक्षण और अमूर्त चिंतन
  • नकल और प्रतिवर्तीता

लेव वायगोत्स्की के अनुसार, बच्चे अपने स्वयं के व्यवहार को किस प्रकार नियमित करते हैं?

  • आत्म वाक् के प्रयोग द्वारा
  • खुद को पुनर्बलन के उपयोग द्वारा
  • अनुकूलन की प्रक्रियाएँ द्वारा
  • संतुलीकरण की प्रक्रिया द्वारा

कक्षा पाँचवी के बच्चों को तैरने और डूबने की अवधारणाओं को पढ़ाने के लिए संरचनावाद में दृढ़ विश्वास रखने वाले शिक्षकों द्वारा कौन-सा शैक्षणिक दृष्टिकोण अपनाया जाएगा?

  • निर्देशित खोज
  • व्याख्यान विधि
  • वीडियो दिखाना
  • पावर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण दिखाना

लेव वायगोत्स्की के सिद्धांत के अनुसार, छात्रों के सीखने के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा एक अनुशंसित दृष्टिकोण है?

  • छात्रों के वर्तमान स्तर पर आधारित उनको उचित समर्थन और मार्गदर्शन के साथ काम प्रदान करना।
  • छात्रों को ऐसा काम प्रदान करना जिसे वे वयक्तिगत रूप से प्रबंधित और पूरा कर सकें।
  • छात्रों को ऐसा काम प्रदान करना जो उनकी समझ के वर्तमान स्तर से पूरी तरह से असंबंधित हो।
  • छात्रों को कोई सहायता नहीं देना और उन्हें अपने दम पर संघर्ष करने के लिए छोड़ देना।

हेंज की दुविधा को पेश किए जाने पर, अरुणिमा तर्क देती हैं : “कानून इन परिस्थितियों के लिए स्थापित नहीं किया गया था। इस स्थिति में दवा लेना वास्तव में सही नहीं है, लेकिन यह उचित है” लॉरेंस कोहलबर्ग के सिद्धांत के अनुसार अरुणिमा नैतिक विकास की कौन-सी अवस्था है?

  • नैतिकता का विरोधाभास, व्यक्तिगत अधिकार व लोकतांत्रिकता
  • यांत्रिक उद्देश्य व विनिमय
  • सामाजिक सरोकार और विवेक
  • दंड की ओर उन्मुखीकरण और आज्ञाकारिता स्वीकृत कानून

जागृति को पता चल गया है कि उसका कुत्ता रस्टी एक गोल्डन रिट्रीवर है। जब वह एक और कुत्ते को देखती है जो रस्टी जैसा दिखता है लेकिन एक अलग नस्ल का है, तो वह उसे भी कुत्ता ही समझती है। जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार यह किस अवधारणा को प्रदर्शित करता है?

  • समायोजन
  • अहंकेन्द्रिता
  • वस्तु स्थायित्व
  • संरक्षण

सामाजिक रचनावादियों के अनुसार अधिगम की प्रक्रिया के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • अधिगम अर्थ निर्माण की एक सामाजिक प्रक्रिया है।
  • अधिगम एक व्यक्तिवादी प्रक्रिया है जो अलगाव में होता है।
  • अधिगम केवल कक्षा या औपचारिक शैक्षिक विन्यास में होता है।
  • अधिगम एक निष्क्रिय है जो केवल अवलोकन के माध्यम से होता है।

रस्सी कूदते समय पैर में रस्सी फँसने के कारण ‘आउट’ होने के बाद अरू कहती है कि उसे रस्सी ने जानबूझकर ‘आउट’ किया है। जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत की किस अवस्था में बच्चे इस तरह के तर्क देते हैं?

  • पूर्व-चालन अवस्था
  • मूर्त संक्रियात्मक अवस्था
  • औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था
  • संवेदी चालक अवस्था

सीखने के सामाजिक-संरचनावादी विचार इस बात की वकालत करते हैं कि-

  • शिक्षार्थी सक्रिय रूप से ज्ञान का निर्माण करते हैं।
  • शिक्षार्थी दूसरों से निष्क्रिय रूप से ज्ञान प्राप्त करते हैं।
  • व्याख्यान देने और समझाने से प्रभावी शिक्षण सक्रिय होता है।
  • प्रत्याहार और दोहराव की चिंतन प्रक्रिया से प्रभावी शिक्षण होती है।

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन-सी क्षमता मूर्त-संक्रियात्मक सोच को पूर्व-संक्रियात्मक सोच से अलग करती है?

  • विकेन्द्रण
  • इंद्रियों का समन्वय
  • परिकल्पित तार्किकता
  • वस्तु स्थायित्व

निम्न में से कौन-सा आलम्बन के उदाहरण हैं? (A) बोल कर सोचो (B) संकेत और इशारें (C) प्रश्न (D) आधा हल किया हुआ उदाहरण (E) रटकर दोहराव

  • (A), (B), (C), (D)
  • (A), (B)
  • (A), (B), (C)
  • (A), (B), (C), (D), (E)

कोहलबर्ग के नैतिक विकास सिद्धान्त के अनुसार किस स्तर पर बच्चे आत्मकेन्द्रित होते हैं और किसी कार्य को करने में अपना ही लाभ देखते हैं?

  • पहले स्तर के दूसरे चरण में
  • पहले स्तर के पहले चरण में
  • दूसरे स्तर के तीसरे चरण में
  • तीसरे स्तर के पाँचवें चरण में

अभिकथन (A) : लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास सिद्धान्त में बच्चे कार्यों को उनके परिणाम के आधार पर अच्छा या बुरा समझने से, इस समझ पर पहुँचते हैं कि नियम और कानून नम्य हैं और बदले जा सकते हैं। कारण (R) : लॉरेंस कोहलबर्ग का तर्क है कि नैतिक विकास क्रमिक रूप से चरणों में होता है। सही विकल्प चुनें :

  • (A) और (R) दोनों सत्य हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सत्य हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
  • (A) सत्य है लेकिन (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।

लेव वायगोत्स्की प्रस्तावित करते हैं कि ________ बच्चों में स्व-नियमन के लिए महत्वपूर्ण हैं।

  • निजी वाक्
  • असंतुलन
  • अनुकूलन
  • संगठन

कैरल गिलिगन ने कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धान्त की आलोचना की है :

  • नारीवादी दृष्टिकोण से।
  • केस अध्ययन को अनुसंधान पद्धति के रूप में उपयोग करने के लिए।
  • सामाजिक संज्ञानात्मक दृष्टिकोण से।
  • आनुवंशिक कारकों को पर्याप्त महत्व न देने पर।

जीन पियाजे के अनुसार पूर्व-संक्रियात्मक चिंतन की मुख्य विशेषताओं में से एक ________ है जो किसी स्थिति के एक पहलू पर ध्यान केंद्रित करने और दूसरों की उपेक्षा करने की प्रवृत्ति को संदर्भित करता है।

  • केंद्रीयन
  • पारगमन
  • कारण-परिणाम का विश्लेषण (कारण कार्य संबंध)
  • विकेंद्रीयन

लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक तर्क के किस स्तर पर, बच्चे आमतौर पर मानते हैं कि लोगों को समाज की अपेक्षाओं पर खरा उतरना चाहिए और “अच्छे” तरीकों से व्यवहार करना चाहिए?

  • पारंपरिक स्तर
  • पूर्व-संक्रियात्मक स्तर
  • उत्तर-संक्रियात्मक स्तर
  • पूर्व-पारंपरिक स्तर

निम्नलिखित कथनों को पढ़िए तथा सही विकल्प का चयन कीजिए : अभिकथन (A) : शिक्षकों और साथियों जैसे अधिक जानकार अन्य लोगों के साथ बातचीत, शिक्षार्थियों को उनकी समझ और कौशल विकसित करने में मदद करने के लिए आवश्यक समर्थन और मार्गदर्शन प्रदान कर सकती है। कारण (R) : सामाजिक संपर्क सीखने और विकास का एक प्रमुख घटक है।

  • (A) और (R) दोनों सही हैं तथा (R), (A) की सही व्याख्या है।
  • (A) सही है, परन्तु (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं तथा (R), (A) की सही व्याख्या है।

लेव वायगोत्स्की के अनुसार, ______ बच्चों के संकल्पनात्मक योग्यताओं के विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

  • सहकर्मी सहयोग
  • मानकीकृत पाठ्यक्रम
  • मूर्त पुरस्कार
  • सामाजिक अलगाव

चार वर्ष की अपर्णा कहती है कि एक बटन जिंदा है क्योंकि यह उसकी शर्ट को एक साथ बाँधने में मदद करता है। जीन पियाजे के अनुसार, उसकी सोच की विशेषता है :

  • जीववादी चिंतन
  • परिकल्पित-निगमनात्मक चिंतन
  • पारगमनात्मक तर्क
  • केंद्रीयन

लेव वायगोत्स्की के सिद्धांत के अनुसार, आंतरिक वाक्:

  • बच्चों के लिए अपनी सोच को नियंत्रित करने का एक तरीका है।
  • बच्चों के लिए एक काल्पनिक दोस्त के साथ संप्रेषण करने का एक तरीका है।
  • संज्ञानात्मक अपरिपक्वता का प्रतीक है।
  • विकासात्मक देरी का संकेत है।

संज्ञानात्मक विकास के किस चरण में बच्चे अनुकरण करने लगते हैं व उनमें वस्तु-स्थायित्व की योग्यता आ जाती है?

  • संवेदी-चालक
  • पूर्व-संक्रियात्मक
  • मूर्त संक्रियात्मक
  • औपचारिक संक्रियात्मक

जीन पियाजे के सिद्धांत के अनुसार वह बच्ची जो सूरज को सजीव मानती है क्योंकि वो रोशनी देता है अपनी सोच में क्या दर्शाती है?

  • जीववादी चिंतन
  • केन्द्रीकरण
  • अप्रतिवर्तिता
  • वस्तु स्थायित्व

निम्न में से कौन-सी संकल्पना लेव वायगोत्स्की द्वारा प्रतिपादित नहीं है?

  • स्कीमा
  • समीपस्थ विकास का क्षेत्र
  • पाड़
  • सामाजिक अंतःक्रिया

लेव वायगोत्स्की के सिद्धान्तों के निहितार्थ के अनुसार कौन-सा कथन शैक्षिक प्रणाली के लिए सही है?

  • उपयुक्त इशारे व संकेत प्रदान कर विद्यार्थियों को पाड़/आलम्बन देना
  • विद्यार्थियों में सहयोग के बजाए प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करना
  • वांछनीय व्यवहार को इनाम द्वारा बढ़ावा देना व अवांछनीय व्यवहार को सजा द्वारा घटाना
  • उद्दीपन व प्रतिक्रिया के बीच अनुबंधन को प्रोत्साहित करना

कोहलबर्ग के अनुसार नैतिक विकास की प्रथम अवस्था की क्या विशेषता है?

  • नियमों को निश्चित और निरपेक्ष रूप में देखना
  • दूसरों का स्नेह और अनुमोदन बनाए रखना
  • कानूनों और नियमों को बनाए रखने के कर्तव्य का पालन करना
  • अमूर्त सार्वभौमिक सिद्धान्तों को अपनाना जो सभी मानवता के लिए मान्य हैं

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धान्त के अनुसार विकास का पहला चरण क्या है?

  • संवेदी-गामक
  • पूर्व-संक्रियात्मक
  • औपचारिक संक्रियात्मक
  • मूर्त-संक्रियात्मक

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, निम्न में से कौन-सा कथन सही है?

  • मूर्त संक्रियात्मक चरण में बच्चे वर्गीकरण और क्रमबद्धता समझ पाते हैं।
  • भाषा, संज्ञानात्मक विकास को सुषाधित करती है।
  • जैविक परिपक्वता का विकास पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।
  • पूर्व-संक्रियात्मक चरण में बच्चे परिकल्पनात्मक निगमनात्मक तर्क करने में सक्षम होते हैं।

अनिल अपनी गतिविधियों को इस तरह निर्देशित करता है जिससे कि वह अपने माता-पिता से पुरस्कार पा सके। लॉरेंस कोहलबर्ग के सिद्धांत के अनुसार, वह नैतिक तर्क के किस स्तर पर है?

  • पूर्व-परंपरागत
  • परम्परागत
  • उत्तर-परम्परागत
  • औपचारिक परम्परागत

लेव वायगोत्स्की ने बच्चों के विचारों के विकास में निम्न में से किसकी भूमिका को महत्वपूर्ण माना है?

  • सामाजिक अंतःक्रियाएँ
  • आनुवंशिक परिपक्वता
  • व्यवहार का शास्त्रीय अनुकूलन
  • पुनरावृत्ति एवं अभ्यास

निम्न में से कौन-सा कथन लेव वायगोत्स्की के सिद्धान्त के अनुसार सही नहीं है?

  • संकेत और इशारे अधिगम को बढ़ावा देते हैं।
  • चर्चा और वैचारिक बहस अधिगम में बाधक हैं।
  • निजी वाक् बच्चों की आत्म-केन्द्रीयता का प्रतीक है।
  • अधिगम एक व्यक्तिगत निष्क्रिय प्रक्रिया है।

अपने स्कूल की प्रथाओं को व्यवहारवादी विचारधारा से बदलकर संरचनावादी विचारधारा पर आधारित करने के लिए आप निम्न में से कौन-सा बदलाव चुनेंगे?

  • कंठस्थ स्मरण की बजाय खोजी अधिगम को अपनाएँगे।
  • लचीले पाठ्यक्रम की बजाय मानकीकृत पाठ्यक्रम अपनाएँगे।
  • अध्यापक-केन्द्रित शिक्षाशास्त्र की बजाय परीक्षा-केन्द्रित शिक्षाशास्त्र अपनाएँगे।
  • रचनात्मक आकलन की बजाय योगात्मक आकलन को अपनाएँगे।

संकेतों व अन्य तरीकों द्वारा बच्चों को जरूरत पड़ने पर मदद करना किसका उदाहरण है?

  • पाड़
  • पुनर्बलन
  • अनुबंधन
  • संज्ञानात्मक द्वंद्व

बच्चों की शिक्षा के लिए वायगोत्स्की के सिद्धांत का अनुप्रयोग प्रस्तावित करता है

  • सहयोगात्मक अधिगम
  • क्रियाप्रसूत अधिगम
  • रटन्त अधिगम
  • निष्क्रिय अधिगम

कोहलबर्ग के नैतिक विकास के किस चरण में व्यक्ति अपने व्यवहार के परिणाम के बजाए दूसरों की अपेक्षानुसार कार्य करता है?

  • परंपरागत चरण
  • पूर्व-संक्रियात्मक चरण
  • पूर्व-परंपरागत चरण
  • पश्च-परंपरागत चरण

यह मान्यता कि भौतिक वस्तुएँ जैसे गुड़िया, कार में सजीव गुण होते हैं क्या कहलाती है?

  • जीववादी सोच
  • पदानुक्रमित सोच
  • केंद्रीकरण
  • वर्गीकरण

अभिकथन (A): चार वर्षीय रिया लम्बे और चौड़े दो बर्तन में एक ही समय में समान मात्रा में पानी डालते समय बर्तनों की ऊँचाई और चौड़ाई को एक ही समय में ध्यान में नहीं रख पाती है। कारण (R): जीन पियाजे के अनुसार रिया संज्ञानात्मक विकास के पूर्व- संक्रियात्मक चरण में है। सही विकल्प चुनें।

  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, अधिकांश बच्चे किस अवस्था में वस्तुओं को श्रेणियों में व्यवस्थित करने में सक्षम होते हैं?

  • मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था
  • संवेदी-गामक अवस्था
  • पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था
  • औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था

________ का प्रयोग जीन पियाजे द्वारा संज्ञानात्मक मानसिक अवधारणाओं के वर्णन के लिए किया गया था।

  • स्कीमा
  • पाड़
  • वस्तु स्थायित्व
  • समीपवर्ती विकास का क्षेत्र

रजनी अपने दोस्तों के कार्यों को “जैसे को तैसा” मानसिकता के आधार पर जाँचती है। लारेंस कोहलबर्ग के सिद्धांत के अनुसार, वर्तमान में रजनी संज्ञानात्मक नैतिक विकास के किस स्तर पर है?

  • पूर्व-परंपरागत
  • परंपरागत
  • उत्तर-परंपरागत
  • औपचारिक परंपरागत

जब विद्यार्थी किसी प्रश्न का हल खोजने के दौरान समस्या का सामना करते हैं, तो अध्यापक विद्यार्थियों को किस तरह पाड़ प्रदान कर सकते हैं?

  • उन्हें प्रश्न का आधा समाधान प्रस्तुत करके
  • उनमें असफलता का भय पैदा करके
  • प्रश्न में कुछ विकर्षण जोड़कर
  • उन्हें अपने विचारों की शाब्दिक अभिव्यक्ति करने के लिए निरुत्साहित करके

सिद्धान्तवादी और उनके द्वारा प्रतिदिन विचार का सही युग्म चुनिए:

  • लेव वायगोत्स्की – सांस्कृतिक उपकरण
  • हावर्ड गार्डनर – ‘g’ घटक बुद्धि
  • जीन पियाजे – पाड़
  • लारेंस कोहलबर्ग – संवेगात्मक परिपक्वता

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धान्त के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन-सी अवधारणा 3-6 वर्ष की आयु वाले बच्चों को सिखानी चाहिए?

  • सांकेतिक प्रतिनिधिकरण
  • संरक्षण
  • अनुक्रमता
  • तार्किक अनुप्रयोग

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धान्त के अनुसार, अधिकांश बच्चे किस अवस्था में बीते हुए समय, वर्तमान और भविष्य के बारे में स्पष्ट रूप से समझ बना लेते हैं?

  • मूर्त संक्रियात्मक
  • संवेदी-गत्यात्मक
  • पूर्व-संक्रियात्मक
  • औपचारिक संक्रियात्मक

जीन पियाजे के सिद्धांत में, चिन्तन की बुनियादी निर्मितियों को किस रूप में जाना जाता है?

  • स्कीमा
  • सहज क्रियाएँ
  • संकेत
  • अवधारणाएँ

लेव वायगोत्स्की के सिद्धान्त के अनुसार, ________ विकास को ________ आकार देता/देते है/हैं।

  • संज्ञानात्मक; संस्कृति
  • सामाजिक; आनुवंशिक कारक
  • भावात्मक; प्राकृतिक कारक
  • शारीरिक; संवेग

लेव वायगोत्स्की ने संज्ञानात्मक विकास की प्रक्रिया में किसकी भूमिका पर बल दिया है?

  • भाषा
  • संज्ञानात्मक द्वंद्व
  • सहज क्रियाएँ
  • स्कीमा

नैतिक विकास का सिद्धान्त लारेंस कोहलबर्ग के साथ-साथ और किसके द्वारा प्रतिपादित किया गया है?

  • जीन पियाजे
  • लेव वायगोत्स्की
  • जिरोम ब्रूनर
  • बी. एफ. स्किनर

जीन पियाजे के अनुसार, मस्तिष्क में ज्ञान की व्यवस्थित संरचनाएँ क्या कहलाती हैं?

  • स्कीमा
  • संचालन
  • अनैच्छिक (सहज) क्रियाएँ
  • संप्रत्यय

‘समीपस्थ विकास का क्षेत्र’ अधिगम में संप्रत्यय की चर्चा निम्न में से किसने की है?

  • लेव वायगोत्स्की
  • लॉरेंस कोहलबर्ग
  • जीन पियाजे
  • हावर्ड गार्डनर

चिंतन प्रक्रिया का वर्णन करते हुए, लेव वायगोत्स्की स्पष्ट रूप से ________ की महत्वता पर जोर देते हैं।

  • संस्कृति
  • परिपक्वता
  • नकारात्मक प्रतिपुष्टि
  • पुनर्बलन

निम्न में से किसने बच्चों और वयस्कों में नैतिक तार्किकता का वर्णन करने के लिए विकास चरणों का एक क्रम सुझाया था?

  • लॉरेंस कोहलबर्ग
  • बी.एफ. स्किनर
  • हावर्ड गार्डनर
  • लेव वायगोत्स्की

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, निम्न में से किस चरण पर बच्चे वस्तुओं को वर्णित करने के लिए संकेतों का इस्तेमाल करने लगते हैं?

  • पूर्व-संक्रियात्मक
  • संवेदी-गत्यात्मक
  • मूर्त संक्रियात्मक
  • औपचारिक संक्रियात्मक

निम्नलिखित में से कौन-सा सिद्धांत सीखने की प्रक्रिया में चर्चा और वाद-विवाद को बहुत महत्व देता है?

  • लेव वायगोत्स्की का सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत
  • बी.एफ. स्किनर द्वारा प्रतिपादित व्यवहारवाद का सिद्धांत
  • लॉरेंस कोहलबर्ग द्वारा नैतिक विकास का सिद्धांत
  • सिगमन्ड फ्रायड का मनोविश्लेषण सिद्धांत

एक विद्यार्थी को किसी सवाल से जुझते देखकर, उसकी अध्यापिका उस सवाल की भाषा को सरल करने और कुछ संकेत देने का निर्णय लेती है। लेव वायगोत्स्की के सिद्धांत में, इसे क्या कहा गया है?

  • पाड़
  • अनुकरण
  • अनुकूलन
  • आत्मसात्करण

लॉरेंस कोहलबर्ग ने बच्चों एवं वयस्कों में नैतिक तर्क का मूल्यांकन के लिए किसका उपयोग किया?

  • परिकल्पित स्थितियों
  • कागज-कलम आधारित परीक्षा
  • चित्रकला
  • रिपोर्ट कार्ड्स

रचनावाद का समर्थन करने वाले किस महत्त्व देते हैं?

  • बाल-केंद्रित पाठ्यचर्या को
  • सांस्कृतिक रूप से अनुत्तरदायी शिक्षण शास्त्रीय प्रविधियों को
  • व्यक्तिगत भिन्नताओं को अनदेखा करने को
  • चिन्तन के अभिसारी तरीकों को

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धान्त के अनुसार, बच्चे किस अवस्था में ‘चिंतन को मानसिक रूप से प्रतिवर्तित’ कर सकते हैं?

  • मूर्त संक्रियात्मक
  • संवदी-गत्यात्मक
  • पूर्व-संक्रियात्मक
  • औपचारिक संक्रियात्मक

जीन पियाजे के अनुसार, हमारे मौजूदा स्कीमा में अनुभवों को लगातार सम्मिलित करने की प्रक्रिया को ______ कहा जाता है।

  • समानेशन
  • समायोजन
  • वर्गीकरण
  • संकल्पना निर्माण

जीन पियाजे के अनुसार, नई जानकारी की समझ बनाने के लिए मौजूदा स्कीमा में बदलाव की प्रक्रिया क्या कहलाती है?

  • समायोजन
  • समानयन
  • असंतुलनीकरण
  • संवेदन

‘समीपस्थ विकास का क्षेत्र’ संप्रत्यय निम्न में से किसने प्रतिपादित किया था?

  • लेव वायगोत्स्की
  • जिरोम ब्रूनर
  • बी.एफ. स्किनर
  • हॉवर्ड गार्डनर

लेव वायगोत्स्की ने विकास को ______ से ______ में बदलाव के रूप में परिकल्पित किया है।

  • सामाजिक स्तर पर सहभागी क्रियाओं, अनुग्रहीत प्रक्रियाओं
  • स्कीमा, संप्रत्यय
  • अनैच्छिक क्रियाओं, स्कीमा
  • व्यक्तिगत क्रियाओं से, बाह्य प्रक्रियाओं

लारेंस कोहलबर्ग ने बच्चों और वयस्कों में नैतिक तर्क की व्याख्या करते हुए ______ चरणों का क्रम प्रतिपादित किया था।

  • 6
  • 4
  • 8
  • 10

संरचनावादी उपागम के अनुसार, निम्न में से कौन-से घटक को विद्यार्थियों में नहीं, बढ़ाना चाहिए?

  • कंठस्थ स्मरण
  • समस्या समाधान
  • निर्देशित खोज
  • सहयोगी अनुमान

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धान्त के अनुसार, किस चरण पर अनैच्छिक क्रियाएँ अधिगम का प्रधान और प्राथमिक माध्यम होती हैं?

  • संवेदी गामक
  • पूर्व-संक्रियात्मक
  • मूर्त-संक्रियात्मक
  • औपचारिक संक्रियात्मक

रीमा ने अभी हाल ही में तार्किक रूप से और बेहतर संयोजित रूप से अपनी प्रतिक्रिया की तार्किकता को स्पष्ट करते हुए प्रश्नों के उत्तर देने आरंभ किए हैं। जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के अनुसार, उसने किस चरण में प्रवेश किया है ?

  • मूर्त संक्रियात्मक
  • संवेदी-गत्यात्मक
  • पूर्व-संक्रियात्मक
  • औपचारिक संक्रियात्मक

बच्चे अधिक समझ व ज्ञान रखने वालों के साथ अन्तः क्रिया करके सीखते हैं। अधिगम का यह सिद्धान्त …….. द्वारा दिए गए……… सिद्धान्त के दृष्टिकोण से सही है।

  • लेव वायगोत्स्की: सामाजिक-सांस्कृतिक
  • जीन पियाजे: सामाजिक-सांस्कृतिक
  • सिगमन्ड फ्रायड : मनोगतिशीलात्मक
  • बी.एफ. स्किनर: व्यवहारवादिक

लेव वायगोत्स्की के संज्ञानात्मक विकास के दृष्टिकोण के अनुसार, एक अध्यापक को क्या करना चाहिए?

  • विद्यार्थियों को उसके अभीष्टतम गुणों को प्राप्त करने में सहयोग देना चाहिए।
  • विद्यार्थियों को अंतःक्रिया करने के कम-से-कम अवसर देने चाहिए।
  • सांस्कृतिक दृष्टान्तों का उपयोग बाधित करना चाहिए।
  • अधिगम को समुन्नत करने के लिए पुरस्कार और दण्ड का प्रावधान करना चाहिए।

जीन पियाजे और लॉरेन्स कोहलबर्ग द्वारा प्रतिपादित सिद्धान्तों के बारे में कौन-सा कथन सही है?

  • दोनों सिद्धान्त अवस्थाओं को प्रतिपादित करते हैं।
  • दोनों ने ही वयस्कों में संज्ञानात्मक विकास के सिद्धान्तों का प्रतिपादन किया है।
  • दोनों के ही सिद्धान्तों में विकास के 8 प्रतिरूप हैं।
  • दोनों के ही सिद्धान्त विकास के मध्य बाल्यावस्था चरण तक सीमित हैं।

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धान्त के अनुसार अधिकांश बच्चे संतुलन, क्रमबद्धकरण और वर्गीकरण किस चरण में समझ लेते हैं?

  • मूर्त संक्रियात्मक
  • संवेदी-गत्यात्मक
  • पूर्व-संक्रियात्मक
  • औपचारिक संक्रियात्मक

लेव वायगोत्स्की के सिद्धान्त में वह योजना ‘जिसमें अध्यापिका विद्यार्थियों के लिए सवालों का सरलीकरण करती है, उन्हें संकेत देती है और सवाल को हल करने के प्राथमिक चरण बताती है ताकि वे दी गई समस्या के समाधान को खोजने में आने वाली बाधाओं को पार कर सके’ क्या कहलाती है?

  • पाड़
  • अनुरूपक
  • परिपक्वता
  • समाजीकरण

लारेंस कोहलबर्ग ने बच्चों और वयस्कों से संबंधित किस विषय की जाँच की थी?

  • नैतिक तर्क का विकास
  • प्रशंसा का संवेगों पर प्रभाव
  • शारीरिक विकास को प्रभावित करने वाले कारक
  • संवेगात्मक विकास का क्रम

एक अध्यापिका को अपने विद्यार्थियों में निम्न में से किस पहलू को बढ़ावा देना चाहिए?

  • ज्ञान निर्माण
  • निष्क्रिय नकल
  • कंठस्थ स्मरण
  • उच्च प्रतिस्पर्धा

जीन पियाजे के अनुसार, व्यवहारों और विचारों का संयोजन, व्यवस्थिकरण, पुनर्संयोजन और पुनर्व्यवस्थिकरण करके सुसंगत प्रणाली में लाना क्या कहलाता है?

  • संगठन
  • असंतुलनीकरण
  • संकल्पना
  • मिथ्या धारण

लेव वायगोत्स्की के अनुसार …….. चिंतन और अधिगम विकास प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

  • सांस्कृतिक उपकरण
  • पुरस्कार और दण्ड
  • समान योग्यता-समूह निर्माण
  • अग्रिम आयोजक

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, बच्चे किस चरण में संक्रियाओं को एक दिशीय तार्किक क्रम से सोचना शुरू कर देते हैं?

  • मूर्त संक्रियात्मक
  • संवेदी-गामक
  • पूर्व-संक्रियात्मक
  • औपचारिक संक्रियात्मक

जीन पियाजे के सिद्धांत के अनुसार, अपने वातावरण से अनुकूलन की प्रक्रिया में क्या शामिल होता है?

  • समावेशन और समायोजन दोनों
  • केवल समावेशन
  • केवल समायोजन
  • न तो समावेशन और न ही समायोजन

निम्न में से किस सिद्धांत के अनुसार, संज्ञानात्मक विकास और अधिगम में संस्कृति की अहम् महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है?

  • लेव वायगोत्स्की का सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत
  • जीन पियाजे का संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत
  • लॉरेंस कोहलबर्ग का नैतिक विकास सिद्धांत
  • एरिक एरिक्सन का मनोवैज्ञानिक-सामाजिक सिद्धांत

लेव वायगोत्स्की ने संज्ञानात्मक विकास प्रक्रिया में किसकी अहम् भूमिका मानी है?

  • सामाजिक संपर्कता
  • कंठस्थ स्मरण
  • विलंबित नकल
  • जैविक परिपक्वता

लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक तर्क सिद्धांत के अनुसार, बच्चे किस चरण में विशेष रूप से और जान-बूझकर इस तरीके से व्यवहार करते हैं जिससे माता-पिता और अध्यापक सकारात्मक रूप से प्रभावित हों?

  • अच्छा लड़का-अच्छी लड़की अभिविन्यास
  • सामाजिक अनुबंध अभिविन्यास
  • कानून और व्यवस्था अभिविन्यास
  • दण्ड-आज्ञाकारिता अभिविन्यास

एक संरचनावाद आधारित कक्षा उपागम में क्या शामिल होना चाहिए?

  • संसाधनयुक्त और मुद्रक संपन्न वातावरण होना।
  • उच्च अध्यापक-शिक्षार्थी अनुपात होना।
  • विद्यार्थियों के बीच प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना।
  • चर्चा और वाद-विवाद पर प्रतिबंध लगाना।

प्रतीकवाद की अवधारणा जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धान्त के किस चरण पर चिह्नित की जाती है?

  • पूर्व-संक्रियात्मक
  • संवेदी-गत्यात्मक
  • मूर्त संक्रियात्मक
  • औपचारिक संक्रियात्मक

निकटस्थ विकास के क्षेत्र की चर्चा किस सिद्धान्त में की गई है ?

  • लेव वायगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धान्त
  • जीन पियाजे के संज्ञानात्मक सिद्धान्त
  • एरिक इरिक्सन के मनो-सामाजिक सिद्धान्त
  • सिगमंड फ्रॉयड के मनो-लैंगिक सिद्धान्त

लेव वायगोत्स्की के सिद्धान्त के अनुसार, एक अध्यापिका को

  • विद्यार्थियों को पाड़ प्रदान करना चाहिए ताकि वे अपनी सर्वोत्तम योग्यता को प्राप्त कर सकें।
  • विद्यार्थियों को मिश्रित-योग्यता समूहों में काम करने से हतोत्साहित करना चाहिए।
  • अधिगम प्रक्रिया के दौरान सांस्कृतिक उपकरणों जैसे किताबों, कैल्कुलेटर, इत्यादि के इस्तेमाल को प्रतिबंधित करना चाहिए।
  • विद्यार्थियों को सर्वोत्तम अंक पाने हेतु एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा करने के लिए बढ़ावा देना चाहिए।

सामुदायिक कल्याण के प्रजातांत्रिक रूप से स्वीकृत कानून और लोक प्रथाओं के अनुसार व्यवहार करने की नैतिकता की अवस्था कोहलबर्ग के नैतिक विकास के किस अवस्था में परिलक्षित होती है ?

  • स्तर III – उत्तर-परंपरागत चरण
  • स्तर I – पूर्व-परंपरागत चरण
  • स्तर II – परंपरागत चरण
  • स्तर II और स्तर III दोनों ही

जीन पियाजे के अनुसार, उस प्रक्रिया को क्या कहते हैं जिसमें मौजूदा स्कीमा या संरचनाओं को रूपांतरित किया जाता है ताकि सीधे सपाट तरीके से समझने में आने वाली बाधा को दूर किया जा सके ?

  • समायोजन
  • समावेशन
  • जैविक परिपक्वता
  • संक्रियात्मक अवस्था

बच्चे जब नई जानकारी से सामना करते हैं, तो वे अपनी मानसिक संरचनाओं (स्कीमा) का संशोधन कर लेते है। जीन पियाजे की शब्दावली में यह प्रक्रिया क्या कहलाती है?

  • समायोजन
  • अनुसरण
  • समावेशन
  • मौखिकीकरण

लेव वायगोत्स्की के सिद्धान्तों के अनुसार ‘व्यक्तिगत वाक्’-

  • बच्चे को अपनी सोच नियमित करने में मदद करता है।
  • बच्चे की सोच में रूकावट पैदा करता है।
  • बच्चे की आत्म केंद्रियता दर्शाता है
  • बच्चे को चुनौतीपूर्ण कार्य दिए जाने पर घटता जाता है।

लेव वायगोत्स्की के अनुसार, ________ हमारी संज्ञानात्मक संरचनाओं और चिंतन प्रक्रिया के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

  • सामाजिक संपर्कता
  • स्कीमा
  • आनुवांशिक प्रवृत्तियाँ
  • अनैच्छिक (सहज) क्रियाएँ

लारेंस कोहलबर्ग के अनुसार नैतिक विकास के स्तरों का सही क्रम क्या है?

  • पूर्व-पारंपरिक, पारंपरिक, उत्तर-पारंपरिक
  • पूर्व-पारंपरिक, गैर-पारंपरिक, उत्तर-पारंपरिक
  • उत्तर-पारंपरिक, पारंपरिक, पूर्व-पारंपरिक
  • पारंपरिक, पूर्व-पारंपरिक, उत्तर-पारंपरिक

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक सिद्धान्त के अनुसार, किस चरण पर बच्चे जटिल समस्याओं के समाधान में तर्क का इस्तेमाल करने में सक्षम हो जाते हैं?

  • औपचारिक संक्रियात्मक
  • संवेदी-गामक
  • पूर्व-संक्रियात्मक
  • मूर्त संक्रियात्मक

जीन पियाजें के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धान्त के अनुसार, किस चरण पर ज्यादातर बच्चे संरक्षण संप्रत्य से सम्बन्धित कार्य कर लेते हैं?

  • मूर्त संक्रियात्मक
  • संवेदी-गामक
  • पूर्व-संक्रियात्मक
  • औपचारिक संक्रियात्मक

जीन पियाजे के सिद्धांत के अनुसार, संज्ञानात्मक चिंतन में प्रमुख बदलाव किस प्रक्रिया द्वारा होते हैं?

  • संतुलनीकरण द्वारा
  • अप्रतिलौमिक चिंतन द्वारा
  • रटकर स्मरण द्वारा
  • विलंबित नकल द्वारा

निम्नलिखित में से किसने प्रस्तावित किया कि ‘हमारी विशेष मानसिक संरचनाओं और प्रक्रियाओं को हमारी दूसरों से होने वाली पारस्परिकता में ढूँढ़ा जा सकता है’?

  • लेव वायगोत्स्की
  • हॉवर्ड गार्डनर
  • लारेंस कोहलबर्ग
  • जीन पियाजे

लेव वायगोत्स्की ने निम्न में से किसे अधिगम के सुसाध्य में महत्वपूर्ण माना है?

  • सांस्कृतिक उपकरणों को
  • सामाजिक अलगाव
  • ईनाम और दण्ड
  • पुनरावृत्ति और अभ्यास

लारेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास सिद्धान्त के अनुसार, बच्चे किस चरण पर स्वयं एवम् दूसरों के कार्यों को आँकते समय ‘जैसे को तैसा’ तर्क का इस्तेमाल करते हैं?

  • यान्त्रिक-उद्देश्य अभिनवीकरण
  • अच्छा लड़का- अच्छी लड़की अभिनवीकरण
  • सामाजिक-व्यवस्था निर्वाहन अभिनवीकरण
  • सामाजिक-समझौता अभिनवीकरण

एक संरचनावादी कक्षा में, विद्यार्थियों को किस लिए प्रेरित किया जाता है?

  • अन्वेषण द्वारा सीखने के लिए
  • बाह्य पुरस्कार पाने हेतु सीखने के लिए
  • निष्क्रिय पुरस्कार पाने हेतु सीखने के लिए
  • रट कर याद करके सीखने के लिए

जीन पियाजे के विचार में, बच्चों की ‘निजी वाक’ क्या दर्शाती है?

  • उनकी अपनी सोच को विनियमित करने की अक्षमता
  • उनकी अग्रवर्ती सोच
  • उनकी समस्या समाधान युक्तियाँ
  • उनका परासंज्ञानात्मक कौशल

जीन पियाजे के सिद्धांत में, क्रियाओं और विचारों की संगठित प्रणाली जो व्यक्तियों को उनके जीवन से संबंधित वस्तुओं और घटनाओं को मानसिक रूप से प्रस्तुत करने और सोचने की स्वीकृति देती है, क्या कहलाती है?

  • स्कीम
  • उन्नत आयोजक
  • संहिता
  • उपकरण

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, किस चरण पर अधिकतर बच्चे दूसरों के दृष्टिकोण को समझने में विशेषतः कठिनाई महसूस करते हैं?

  • पूर्व-संक्रियात्मक
  • उत्तर-पारंपरिक
  • मूर्त संक्रियात्मक
  • औपचारिक संक्रियात्मक

लेव वायगोत्स्की के अनुसार, संज्ञानात्मक विकास ______ का उत्पाद है।

  • सामाजिक संपर्कता
  • आनुवंशिक स्वभाव
  • केवल अवलोकन और अनुकरण
  • अस्मिता निर्माण

निम्न में से किसका मानना है कि ‘मानवीय गतिविधियाँ सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य में विकसित होती हैं और उन परिप्रेक्ष्यों से हटकर उन्हें समझा नहीं जा सकता है’?

  • लेव वायगोत्स्की
  • जीरोम ब्रूनर
  • डेविड आसुबेल
  • जीन पियाजे

किस चरण पर बच्चों के नैतिक तर्क ‘दण्ड से बचने हेतु आज्ञाकारी’ होने पर आधारित होते हैं?

  • पूर्व-परंपरागत स्तर
  • परंपरागत स्तर
  • उत्तर-परंपरागत स्तर
  • औपचारिक परंपरागत स्तर

निम्न में से कौन-सी एक संरचनावादी अध्यापक की विशेषता है?

  • ऐसी गतिविधियाँ आयोजित करना जिससे विद्यार्थियों की अवधारणाओं को चुनौती मिले।
  • बहुत अमूर्त विचारों पर आधारित पाठ तैयार करना।
  • अकेले हल करने के लिए बहुत सारी समस्याएं देना।
  • अधिगम का मूल्यांकन अर्धकालीन परीक्षाओं के आधार पर करना।

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत के अनुसार, बच्चे किस चरण में निगमनात्मक रूप से सोच सकते हैं?

  • औपचारिक संक्रियात्मक
  • संवेदी-गामक
  • पूर्व-संक्रियात्मक
  • मूर्त संक्रियात्मक

पाँच वर्षीय रीना को दो पारदर्शी समरूप गिलास दिखाए गए, दोनों ही आकार में छोटे और चौड़े थे। दोनों में बराबर मात्रा में दूध डाला गया जिसे दिखाने पर रीना ने बराबर होने की सहमति जताई। फिर एक गिलास के दूध को किसी अन्य गिलास में डाला गया जो अपेक्षाकृत लम्बा और संकीर्ण था। अब रीना का मानना है कि लम्बे गिलास में छोटे गिलास की अपेक्षा दूध ज्यादा है। जीन पियाजे के सिद्धांत के अनुसार यह क्या दर्शाता है?

  • विकेंद्रीकरण में कठिनाई
  • जीववादी सोच
  • लाक्षणिक प्रकार
  • काल्पनिक-निगमनात्मक तर्क

अनु का तर्क है ‘केवल समाज ही तय कर सकता है कि क्या सही है, व्यक्तिगत रूप नहीं।’ लारेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास सिद्धांत के अनुसार यह उदाहरण किस चरण को दर्शाता है?

  • अधिकारिता एवम् सामाजिक-क्रम व्यवस्था अभिविन्यास
  • आज्ञापालन एवम् दण्ड अभिविन्यास
  • अच्छा लड़का-अच्छी लड़की अभिविन्यास
  • सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास

लेव वायगोत्स्की के विचारों के अनुसार, निम्न में से विद्यार्थियों के अधिगम को पाड़ प्रदान करने का कौन-सा तरीका सही है?

  • जरूरत पड़ने पर संकेत और इशारे देना।
  • उद्दीपन के द्वारा प्रतिक्रिया को अनुकूलित करना।
  • सही जवाबों के लिए पुरस्कार देना।
  • बिना चर्चा के सीधा जबाब बता देना।

लेव वायगोत्स्की ने निम्न में से किसे बढ़ावा दिया?

  • सहयोगात्मक अधिगम
  • कंठस्थ स्मरण पर अत्यधिक जोर
  • परीक्षा-केन्द्रित शिक्षाशास्त्र
  • मानकीकृत माठयक्रम

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, अधिकतर बच्चे किस स्तर पर सामाजिक मुद्दों और न्याय के प्रति समझ स्थापित कर लेते हैं?

  • औपचारिक संक्रियात्मक
  • संवेदी-गामक
  • पूर्व-संक्रियात्मक
  • मूर्त संक्रियात्मक

एक विद्यार्थी निरीक्षण करता है कि छड़ A, छड़ B से लम्बी है तथा छड़ B, छड़ C से लम्बी है। इस निरीक्षण के आधार पर विद्यार्थी यह निष्कर्ष निकालता है कि छड़ A छड़ C से लम्बी है, परन्तु जब यही समस्या उससे मौखिक रूप से पूछी जाती है, तो वह सही निष्कर्ष नहीं निकाल पाता। पियाजे के सिद्धांत के अनुसार, विद्यार्थी संज्ञानात्मक विकास की किस अवस्था में है?

  • मूर्त संक्रियात्मक अवस्था
  • औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था
  • संवेदी-गामी अवस्था
  • पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था

निम्न में से किसे लॉरेंस कोहलबर्ग द्वारा वर्णित किया गया है?

  • सामाजिक अनुबंध अभिविन्यास
  • निकटवर्ती विकास का क्षेत्र
  • आंतरिक वाक्
  • आत्मकेंद्रित वाक्

राजेश, तीसरी कक्षा का विद्यार्थी, एक समस्या का समाधान खोजने में जूझ रहा था। यह देखकर उसकी अध्यापिका ने उसे कुछ संकेत दिए, जिसके आधार पर वह समस्या का समाधान कर पाया। लेव वायगोत्स्की की शब्दावली में अध्यापिका ने पाड़ प्रदान करके राजेश को __________ पाने में मदद की है।

  • समीपस्थ विकास का क्षेत्र
  • स्व-केन्द्रीयता
  • अपरिवर्तनीय सोच
  • जैविक परिपक्वता

निम्नलिखित में से किस सिद्धांतकारी ने अधिगम के संदर्भ में सामाजिक संरचनावाद पर जोर दिया है?

  • लेव वायगोत्स्की
  • बी.एफ.स्किनर
  • लॉरेंस कोहलबर्ग
  • सिगमण्ड फ्रॉयड

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत के अनुसार, वर्ग समावेशन की अवधारणा बच्चों द्वारा किस चरण के दौरान प्राप्त की जाती है?

  • मूर्त संक्रियात्मक
  • संवेदी गामक
  • पूर्व-संक्रियात्मक
  • औपचारिक संक्रियात्मक

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत के अनुसार, किस चरण पर अधिकतर बच्चे परिकल्पनात्मक रूप से सोचने लगते हैं?

  • औपचारिक संक्रियात्मक
  • संवेदीगामक
  • पूर्व-संक्रियात्मक
  • मूर्त संक्रियात्मक

लेव वायगोत्स्की के विचारों के अनुसार, विद्यार्थियों के समीपस्थ विकास का क्षेत्र पाने में मदद करने के लिए एक अध्यापिका को क्या देना चाहिए?

  • पाड़
  • दण्ड
  • पुरस्कार
  • नकारात्मक प्रतिपुष्टि

लेव वायगोत्स्की ने ________ विकास में वृद्धि हेतु ________ के इस्तेमाल पर बल दिया है।

  • संज्ञानात्मक, सांस्कृतिक उपकरणों
  • शारीरिक, पारस्परिकता
  • नैतिक, पुरस्कारों
  • सामाजिक, स्मृति-सहायक विधियों

निम्नलिखित में से किसने बच्चों में नैतिक विकास के सिद्धांत का प्रस्ताव रखा?

  • लॉरेंस कोहलबर्ग
  • कोनार्ड लोरेंज
  • सिगमंड फ्रायड
  • एरिक एरिकसन

लेव वायगोत्स्की के विचारों के अनुसार, निम्न में से कौन-सा कथन भाषा और संज्ञान के बीच के संबंध को सही रूप से दर्शाता है?

  • बच्चों की निजी वाक् उनकी मौखिक सोच के आंतरिक स्तर को दर्शाती है।
  • भाषा की विचारों के स्व-नियमन में कोई भूमिका नहीं है।
  • बच्चों की स्व-निर्देशित बातें उनकी आत्म-केन्द्रीयता को दर्शाती है।
  • विचारों का मौखिकीकरण बच्चों के समस्या-समाधान कौशलों में बाधक बनता है।

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, किस अवस्था में अधिकांश बच्चे अमूर्त समस्याओं को तार्किक ढंग से हल करने में सक्षम हो जाते हैं?

  • औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था
  • संवेदी-गामक अवस्था
  • पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था
  • मूर्त संक्रियात्मक अवस्था

इस तर्क ‘हमारे समाज के प्रति कुछ दायित्व है और उस दायित्व के लिए हमें नियमों का पालन करना चाहिए’ के आधार पर अपनी क्रियाओं का निर्णय लेती है। लॉरेन्स कोहलबर्ग के अनुसार, नूरी इस समय नैतिक तार्किकता की किस अवस्था में है?

  • अभिसामयिक
  • पूर्व-अभिसामयिक
  • अभिसामयिक-पश्चात्
  • औपचारिक-अभिसामयिक

एक अध्यापिका विद्यार्थियों को ऐसा प्रदत्त कार्य देती है, जिसमें परिवार के सदस्यों के साथ चर्चा करना महत्वपूर्ण रूप से शामिल है। लेव वायगोत्स्की के सिद्धांत के अनुसार उस अध्यापिका का मत है कि बच्चों के संज्ञानात्मक विकास में __________ की महत्वपूर्ण भूमिका है।

  • सामाजिक अंतः क्रियाएँ
  • अनुकरण
  • जैवकीय परिपक्वता
  • पदानुक्रम

लेव वायगोत्स्की के विचारों से सहमति रखने वाली अध्यापिका को निम्न में से क्या करना चाहिए?

  • विद्यार्थियों के बीच चर्चा और वैचारिक बहस को बढ़ावा देना चाहिए।
  • किसी भी परिस्थिति में विद्यार्थियों को संकेत या इशारे देने से बचना चाहिए।
  • किसी समस्या पर काम करते हुए अपने विचारों के मौखिकीकरण करने पर विद्यार्थियों को हतोत्साहित करना चाहिए।
  • अधिगम को विद्यार्थियों के सामाजिक-सांस्कृतिक परिवेश से अलग देखना चाहिए।

लेव वायगोत्स्की का मत है कि उच्चतर-क्रम की मानसिक प्रक्रियाएँ _____ के द्वारा समामेलित होती हैं।

  • मनोवैज्ञानिक उपकरण
  • पुरस्कार एवं दण्ड
  • अनुकूलन
  • कंठस्थीकरण

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, एक अध्यापिका 7-11 वर्ष की अवस्था वाले विद्यार्थियों को स्वतंत्र रूप से कार्य करने के लिए ऐसा कार्य देती है जिसमें __________ की आवश्यकता है।

  • प्रतिवर्ती चिंतन (पलटवाँ)
  • परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक तार्किकता
  • निष्क्रिय अनुसरण
  • वस्तु स्थायित्व

जीन पियाजे के सिद्धांत में, किसी वस्तु के सामने ना होने की स्थिति में चिह्नों द्वारा उसे दर्शा कर काम करने की योग्यता क्या कहलाती है ?

  • लाक्षणिक प्रकार्यता
  • समावेशन
  • प्रतिवर्ती सोच
  • संरक्षण

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, बच्चे किस चरण पर यह समझने लगते हैं कि वस्तुओं के आँखों से ओझल हो जाने से उनका अस्तित्व खत्म नहीं हो जाता ?

  • संवेदी – गामक
  • पूर्व – संक्रियात्मक
  • मूर्त संक्रियात्मक
  • औपचारिक संक्रियात्मक

कंकड़ों से खेलते हुए, एक बच्चा यह खोजता है कि दो कंकड़ों के दो समूह मिलाकर 4 कंकड़ों का एक समूह बनाते हैं। बच्चे द्वारा किया गया यह अनुभव क्या दर्शाता है ?

  • संरक्षण
  • केंद्रीकरण
  • आत्म-केंद्रीयता
  • वस्तु स्थायित्व

निशा अपना गृहकार्य पूरा करना सुनिश्चित करती है ताकि गृहकार्य पूरा ना होने के कारण अध्यापिका द्वारा शर्मिंदा किए जाने से बच सके। लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार, इस तरह का तर्क __________ चरण को दर्शाता है।

  • परंपरागत
  • पूर्व – परंपरागत
  • उत्तर – परंपरागत
  • औपचारिक परंपरागत

लेव वायगोत्स्की का सिद्धांत मुख्यतः ______ के ______ विकास पर पड़ने वाले प्रभाव की व्याख्या करता है।

  • सांस्कृतिक उपकरणों, संज्ञानात्मक
  • जैविक परिपक्वता, संवेगात्मक
  • आरोपण प्रतिरूप, नैतिक
  • पुरस्कार और दण्ड, व्यवहारात्मक

लेव वायगोत्स्की के सिद्धांत के अनुसार, एक अध्यापिका को क्या करना चाहिए ?

  • संकेत और इशारे देकर विद्यार्थियों को उपयुक्त पाड़ प्रदान करनी चाहिए।
  • विद्यार्थियों के बीच सहभागिता और चर्चाओं पर प्रतिबंध लगाना चाहिए।
  • विद्यार्थियों की अधिगम प्रक्रिया में वयस्कों के पूर्ण अहस्तक्षेप की प्रणाली अपनानी चाहिए।
  • विद्यार्थियों के व्यवहार को अनुकूलित करने के लिए बारंबार नकारात्मक पुनर्बलन देना चाहिए।

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत के अनुसार, किस चरण पर बच्चे घटनाओं को भूत, वर्तमान और भविष्यकाल के सही क्रम में याद रखना शुरू कर देते हैं ?

  • मूर्त संक्रियात्मक
  • संवेदीगामक
  • पूर्व-संक्रियात्मक
  • औपचारिक संक्रियात्मक

लारेंस कोहलबर्ग के अनुसार, व्यक्ति किस स्तर पर अपने और दूसरों के व्यवहार को जरूरत और इच्छाओं के संदर्भ में जाँचते हैं ?

  • यांत्रिक सापेक्षिक अभिविन्यास।
  • अनुपाल और दण्ड अभिविन्यास।
  • अच्छा लड़का – अच्छी लड़की अभिविन्यास।
  • कानून और व्यवस्था अभिविन्यास।

लेव वायगोत्स्की ने संज्ञानात्मक विकास की प्रक्रिया में ______ और ______ की महत्ता पर बल दिया है।

  • सामाजिक पारस्परिकता और चर्चाओं।
  • सांस्कृतिक उपकरण और दण्ड।
  • मनोवैज्ञानिक उपकरण तथा पुरस्कारों।
  • जैविक परिपक्वता और प्रतिस्पर्धा।

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, किस चरण पर बच्चे दूसरों का अनुसरण/नकल करना शुरू कर देते हैं ?

  • संवेदीगामक
  • पूर्व-संक्रियात्मक
  • मूर्त संक्रियात्मक
  • औपचारिक संक्रियात्मक

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धान्त के अनुसार, अध्यापक को किस अवस्था में ‘क्रमबद्धता’ से संबंधित प्रश्न हल करने के लिए देना चाहिए?

  • मूर्त संक्रियात्मक
  • संवेदी-गामक
  • पूर्व-संक्रियात्मक
  • औपचारिक संक्रियात्मक

जीन पियाजे के सिद्धान्त के अनुसार, व्यक्ति आत्मसात्करण और समजन के माध्यम से किस स्थिति को प्राप्त करने का प्रयास करते हैं?

  • संतुलन
  • असंतुलन
  • प्रत्यक्ष अववबोधन
  • भ्रम

छह-वर्षीय लड़का मनीष दुनिया और दूसरों के अनुभवों को केवल अपने ही दृष्टिकोण से देखता है और दूसरों के दृष्टिकोण समझने में असफल रहता है। यह किसका प्रतिनिधित्व करता है?

  • आत्मकेंद्रीयता
  • संरक्षण
  • प्रतिवर्ती चिंतन
  • वैज्ञानिक तार्किकता

लारेन्स कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धान्त के अनुसार एक व्यक्ति जो नैतिक विकास की कानून एवम् व्यवस्था चरण में है, उसका मत होगा

  • कानून तथा अधिकारियों की आज्ञा का पालन करना चाहिए जिससे सामाजिक प्रणाली सुगम बनी रहती है।
  • कानूनों तथा नियमों का पालन अन्य व्यक्तियों को प्रसन्न रखने के लिये करना चाहिए।
  • कानून तथा नियमों का पालन दण्ड से बचने के लिये करना चाहिए।
  • कानून तथा नियमों का पालन तभी करना चाहिए जब वे हमारी आवश्यकताओं की पूर्ति करें।

लेव वायगोत्स्की ने निम्न में से कौन-सा सिद्धान्त दिया है?

  • संज्ञानात्मक विकास का सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धान्त।
  • नैतिक विकास का संज्ञानात्मक सिद्धान्त।
  • व्यक्तित्व विकास का मनोवेगीय सिद्धान्त।
  • लगाव का विकासात्मक सिद्धान्त।

एक विद्यार्थी दिए गए प्रश्न को हल करने में चुनौती महसूस कर रहा है। लेव वायगोत्स्की के अनुसार, इस स्थिति में एक अध्यापिका को क्या करना चाहिए?

  • विद्यार्थी को अगले कदम हेतु संकेत और इशारे देने चाहिए।
  • विद्यार्थी को अनदेखा कर देना चाहिए और उसे अकेले संघर्ष करते रहने देना चाहिए।
  • सीधे तौर पर सही जवाब बता देना चाहिए।
  • सवाल को हल ना कर पाने के लिए विद्यार्थी को दण्डित करना चाहिए।

जीन पियाजे के अनुसार, व्यक्ति किस अवस्था को प्राप्त करने के लिए समाधान की निरंतर खोज करने में लगा रहता है?

  • संतुलन
  • असंतुलन
  • आत्मसात्करण
  • समंजन

परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक तर्क किस चरण की विशिष्ट विशेषता है?

  • औपचारिक संक्रियात्मक चरण
  • संवेदी-गत्यात्मक चरण
  • पूर्व-संक्रियात्मक चरण
  • मूर्त संक्रियात्मक चरण

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धान्त के अनुसार, किस अवस्था में बच्चे अनैच्छिक (सहज) क्रियाओं से ऐच्छिक क्रियाओं की ओर बढ़ना आरंभ करते हैं?

  • संवेदी-गत्यात्मक
  • पूर्व-संक्रियात्मक
  • मूर्त संक्रियात्मक
  • औपचारिक संक्रियात्मक

‘हेन्ज दुविधा’ को सुनने के बाद 8-वर्षीय गुरप्रीत कहता है कि हेन्ज को पैसा चुरा लेना चाहिए क्योंकि उसे इसकी जरूरत है। नैतिक तर्क के किस स्तर पर बच्चे सही और गलत का फैसला व्यक्तिगत जरूरतों और चाहतों के आधार पर करते हैं?

  • यांत्रिक सापेक्षिक अभिमुखता
  • दंड और आज्ञापालन अभिमुखता
  • अच्छा लड़का-अच्छी लड़की अभिमुखता
  • कानून और व्यवस्था अभिमुखता

लेव वायगोत्स्की के सिद्धांत को किस तरह का सिद्धांत माना गया है?

  • सामाजिक-सांस्कृतिक
  • मनोविश्लेषणात्मक
  • व्यवहारवादी
  • सूचना प्रसंस्करण

लेव वायगोत्स्की के अनुसार, बच्चों में संज्ञानात्मक प्रक्रियाओं को किसके माध्यम से सुगमता दी जाती है?

  • भाषा
  • नकारात्मक पुनर्बलन
  • प्रतियोगिता
  • आनुवंशिक विन्यास

लेव वायगोत्स्की के विचारों के अनुसार निम्न में से कौन-सा कथन सही है?

  • सांस्कृतिक उपकरण अधिगम की प्रक्रिया में योगदान देते हैं।
  • सामाजिक पृथक्करण अधिगम में योगदान देता है।
  • बच्चे दूसरों के सहयोग के बिना सर्वाधिक अच्छी तरह से सीखते हैं।
  • संकेत और मदद अधिगम की गति में अवरोध पैदा करते हैं।

लेव वायगोत्स्की के अनुसार, शिक्षण-अधिगम की निम्न में से कौन-सी विधि अधिगम को समृद्ध करती है?

  • सहभागी अधिगम
  • निष्क्रिय अनुकरण
  • व्याख्यात्मक शिक्षण
  • उद्दीपन-प्रतिक्रिया अनुकूलन

रमन के सम्मुख ‘हेन्ज की दुविधा’ प्रस्तुत की गई। उसने प्रतिक्रिया व्यक्त की कि हेन्ज को पैसा नहीं चुराना चाहिए क्योंकि चोरी करना अपराध है और ऐसा करने से समाज में अव्यवस्था पैदा होगी। वर्तमान में रमन नैतिक विकास की किस अवस्था में है?

  • कानून एवं व्यवस्था अभिविन्यास।
  • आज्ञाकारिता और दण्ड अभिविन्यास।
  • यांत्रीय उद्देश्य अभिविन्यास।
  • अच्छा लड़का-अच्छी लड़की अभिविन्यास।

जीन पियाजे के अनुसार, अगर एक स्कीम संतुष्ट परिणाम नहीं देता है, तो ……. उत्पन्न होता है।

  • असंतुलन
  • अनुकरण
  • संरक्षण
  • विकास का समीपस्थ क्षेत्र

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, बच्चे किस अवस्था से वस्तु स्थायित्व समझना आरंभ कर देते हैं?

  • संवेदी-गामक
  • पूर्व-संक्रियात्मक
  • मूर्त-संक्रियात्मक
  • औपचारिक संक्रियात्मक

एक बच्चा तर्क प्रस्तुत करता है कि हिंज को दवाई की चोरी नहीं करनी चाहिए (वह दवाई जो उसकी पत्नी की जान बचाने के लिए जरूरी है), क्योंकि यदि वह ऐसा करता है तो उसे पकड़ा जाएगा और जेल भेज दिया जाएगा। कोलबर्ग के अनुसार वह बच्चा नैतिक समझ की किस अवस्था के अंतर्गत आता है?

  • दण्ड एवं आज्ञापालन अभिविन्यास।
  • सामाजिक-क्रम नियंत्रक अभिविन्यास।
  • सार्वभौम नैतिक सिद्धांत।
  • यंत्रीय उद्देश्य अभिविन्यास।

जीन पियाजे के अनुसार, बच्चे–

  • ज्ञान को सक्रिय रूप से संरचित करते हैं, जैसे-जैसे वे दुनिया में व्यवहार कौशल का प्रयोग करते हैं तथा अन्वेषण करते हैं।
  • प्रेक्षणात्मक अधिगम की प्रक्रिया का अनुसरण करते हुए दूसरों का अवलोकन करके सीखते हैं।
  • को उद्दीपन-अनुक्रिया संबंधों के सावधानीपूर्ण नियंत्रण के द्वारा एक विशेष तरीके से व्यवहार करने के लिए अनुबंधित किया जा सकता है।
  • को पुरस्कार एवं दण्ड के सिद्धांतों का प्रयोग करते हुए विशिष्ट तरीके से व्यवहार करना एवं सीखना सिखाया जा सकता है।

मौखिक संवाद जो बच्चे अपने आप से करते हैं, उन्हें लेव वायगोत्सकी क्या कहते हैं–

  • व्यक्तिगत वार्ता।
  • भ्रांत वार्ता।
  • समस्यात्मक वार्ता।
  • अहंकेंद्रित वार्ता।

निम्नलिखित में से कौन सा पूर्व क्रियात्मक अवस्था काल के बच्चे को विशेषित करता है?

  • विचारों की अनुत्क्रमणीयता।
  • लक्ष्य-निर्देशित व्यवहार।
  • विलंबित अनुकरण।
  • वर्तुल प्रतिक्रिया।

लेव वायगोत्स्की के अनुसार अधिगम–

  • एक सामाजिक गतिविधि है।
  • एक व्यक्तिगत गतिविधि है।
  • एक निष्क्रिय गतिविधि है।
  • एक अनुबंधित गतिविधि है।

जीन पियाजे के सिद्धांत का प्रमुख प्रस्ताव है कि–

  • बच्चों की सोच गुणात्मक रूप में वयस्कों से भिन्न होती है।
  • बच्चों की सोच वयस्कों से बेहतर होती है।
  • बच्चों की सोच मात्रात्मक रूप में वयस्कों से भिन्न होती है।
  • बच्चों की सोच वयस्कों से निम्न होती है।

संरचनात्मक दृष्टिकोण के अनुसार, अधिगम …….. है–

  • एक सक्रिय एवं सामाजिक प्रक्रिया
  • एक निष्क्रिय एवं व्यक्तिपरक प्रक्रिया
  • जानकारी के अर्जन की प्रक्रिया
  • अनुभव के परिणाम के रूप में व्यवहार में एक परिवर्तन होने की प्रक्रिया

राष्ट्रीय पाठ्यचर्या फ्रेमवर्क 2005 ने अपनी समझ ………. से प्राप्त की है।

  • रचनावाद
  • मानवतावाद
  • व्यवहारवाद
  • संज्ञानात्मक सिद्धांत

एक तीन साल का बच्चा बताता है कि दूध बूथ पर एक मशीन द्वारा दूध का उत्पादन होता है। निम्नलिखित में से कौन-सा बच्चे की समझ का सबसे अच्छा स्पष्टीकरण प्रदान करता है?

  • बच्चे का जवाब दूध बूथ से दूध खरीदने के अपने अनुभव पर आधारित है।
  • बच्चे को दुनिया का बहुत सीमित अनावरण/ज्ञान है।
  • बच्चे ने गायों को कभी नहीं देखा है।
  • बच्चे का परिवार बच्चे को प्रेरक वातावरण प्रदान नहीं करता।

निकटवर्ती विकास का क्षेत्र संदर्भित करता है–

  • एक संदर्भ को, जिसमें बच्चे सहयोग के सही स्तर के साथ कोई कार्य लगभग स्वयं कर सकते हैं।
  • उस चरण को, जब अधिकतम विकास संभव है
  • उस विकासात्मक चरण को, जब बच्चा सीखने की पूरी ज़िम्मेदारी लेता है
  • उस सीखने के बिन्दु को, जब सहयोग वापस लिया जा सकता है।

कोहलबर्ग के सिद्धांत के योगदान के रूप में निम्नलिखित में से किसे माना जा सकता है?

  • उनके सिद्धांत ने संज्ञानात्मक परिपक्वता और नैतिक परिपक्वता के बीच एक सहयोग का समर्थन किया है।
  • इस सिद्धांत में विस्तृत परीक्षण प्रक्रियाएँ हैं।
  • यह नैतिक तर्क और कार्यवाही के बीच एक स्पष्ट संबंध स्थापित करता है।
  • उनका विश्वास है कि बच्चे नैतिक दार्शनिक हैं।

निम्नलिखित में से कौन-सा कथन पियाजे के सिद्धांत के अनुसार कहा नहीं जा सकता?

  • निरंतर अभ्यास से अधिगम होता है।
  • विकास गुणात्मक चरणों में होता है।
  • बच्चे अपनी दुनिया के बारे में ज्ञान का निर्माण और उपयोग करते हैं।
  • बच्चे अपने पर्यावरण पर क्रिया करते हैं।

निम्नलिखित में से कौन-सी पूर्व-संक्रियात्मक विचार की एक सीमा नहीं है?

  • प्रतीकात्मक विचार का विकास।
  • ध्यान-केन्द्रित करने की प्रवृत्ति।
  • अहंमन्यता।
  • अनुत्क्रमणीयता।

………… के अलावा, निम्नलिखित कारणों से खेल युवा बच्चों के विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है :

  • यह समय बिताने का एक सुखद तरीका है।
  • वे अपने शरीर पर निपुणता प्राप्त करते हैं।
  • यह उनकी इंद्रियों को उत्तेजित करता है।
  • वे नए कौशल हासिल करते हैं और सीखते हैं कि उन्हें कब उपयोग किया जाए।

लेव वायगोत्स्की का सामाजिक-सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य, अधिगम प्रक्रिया में ………… के महत्त्व पर जोर देता है।

  • सांस्कृतिक उपकरणों
  • अभिप्रेरण
  • संतुलीकरण
  • गुणारोपण

जीन पियाजे अपने संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत में, संज्ञानात्मक संरचनाओं को …………… के रूप में वर्णित करते हैं।

  • स्कीमा/ मनोबंध।
  • विकास का समीपस्थ क्षेत्र।
  • मनोवैज्ञानिक उपकरणों।
  • उद्दीपक-अनुक्रिया संबंध।

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत में, पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था में विकास का मुख्य गुण क्या होता है?

  • विचार/सोच में केंद्रीकरण।
  • परिकल्पित-निगमनात्मक सोच।
  • संरक्षण और पदार्थों को क्रमबद्ध करने की क्षमता।
  • अमूर्त सोच का विकास।

लॉरेंस कोहलबर्ग के सिद्धांत के अनुसार, “किसी कार्य को इसीलिए करना, क्योंकि दूसरे इसे स्वीकृति देते हैं”, नैतिक विकास के ………….. चरण को दर्शाता है।

  • प्रथागत
  • उत्तर-प्रथागत
  • अमूर्त संक्रियात्मक
  • प्रथा-पूर्व

एक गतिविधि के दौरान, छात्रों को संघर्ष करते देख, एक अध्यापिका बच्चों को संकेत और इशारे जैसे- ‘क्या, क्यों, कैसे’ प्रदान करने का फैसला लेती है। लेव वायगोत्स्की के सिद्धांत के अनुसार, अध्यापिका की यह योजना—

  • अधिगम के लिए पाड़/आधारभूत संरचना का काम करेगी।
  • छात्रों में प्रत्याहार/निकास प्रवृत्तियाँ पैदा करेगी।
  • अधिगम की प्रक्रिया में अर्थहीन होगी।
  • बच्चों को अधिगम के लिए अनुत्प्रेरित/निषेरित करेगी।

एक कार्य के दौरान, सायना स्वयं से बात कर रही है कि वह कार्य पर किस प्रकार प्रगति कर सकती है। लेव वायगोत्स्की के भाषा और चिंतन/सोच के बारे में दिए गए विचारों के अनुसार, इस तरह का ‘व्यक्तिगत वाक’ क्या दर्शाता है?

  • स्वः नियमन
  • आत्म-केन्द्रिता
  • मनोवैज्ञानिक विकार
  • संज्ञानात्मक अपरिपक्वता

बच्चों के संज्ञानात्मक विकास के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सी पियाजे की संरचना है?

  • स्कीमा
  • अनुबंधन
  • प्रबलन
  • अवलोकन अधिगम

जिग-सॉ पहेली को करते समय 5 वर्ष की नज़्ना स्वयं से कहती है, “नीला टुकड़ा कहाँ है? नहीं, यह वाला नहीं, गाढ़े रंग वाला जिससे यह जूता पूरा बन जाएगा” इस प्रकार की वार्ता को वायगोट्स्की किस तरह संबोधित करते हैं?

  • व्यक्तिगत वार्ता
  • पाड़ (ढाँचा)
  • आत्मकेन्द्रित वार्ता
  • जोर से बोलना

बच्चों को संकेत देना तथा आवश्यकता पड़ने पर सहयोग प्रदान करना, निम्नलिखित में से किसका उदाहरण है?

  • पाड़ (ढाँचा)
  • माॅडलिंग
  • प्रबलन
  • अनुबंधन

निम्नलिखित में से कौन सी लॉरेंस कोहलबर्ग के द्वारा प्रस्तावित नैतिक विकास की एक अवस्था है?

  • सामाजिक अनुबंध अभिविन्यास।
  • मूर्त संक्रियात्मक अवस्था।
  • उद्योग बनाम अधीनता अवस्था।
  • प्रसुप्ति अवस्था।

निम्नलिखित में से कौन सा जीन पियाजे के द्वारा प्रस्तावित ‘मूर्त संक्रियात्मक अवस्था’ को विशेषित करता है?

  • संरक्षण, कक्षा समावेशन।
  • आस्थगित अनुकरण, पदार्थ स्थायित्व।
  • प्रतीकात्मक खेल, विचारों की अनुत्क्रमणीयता।
  • परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क; साध्यात्मक विचार।

निम्नलिखित में से किस मनोवैज्ञानिक ने बच्चों को ज्ञान के सक्रिय जिज्ञासु के रूप में देखते हुए उनके चिंतन पर सामाजिक एवं सांस्कृतिक विषय वस्तुओं के प्रभाव को महत्व दिया?

  • लेव वायगोत्स्की
  • जीन पियाजे
  • लॉरेंस कोहलबर्ग
  • जॉन बी. वाट्सन

संरचनावादी सिद्धांतों के अनुसार अधिगम के बारे में निम्नलिखित कथनों में से कौन सा सही है?

  • अधिगम सक्रिय विनियोजन के द्वारा ज्ञान की संरचना की प्रक्रिया है।
  • अधिगम आवृत्तीय संबंध के द्वारा व्यवहारों का अनुबंधन है।
  • अधिगम पुनरुत्पादन एवं स्मरण की प्रक्रिया है।
  • अधिगम यंत्रवत् याद करने की प्रक्रिया है।

अनेक घटनाओं के बारे में बच्चों के द्वारा बनाए गए ‘सहजानुभूत सिद्धांतों’ के संदर्भ में एक शिक्षिका को क्या करना चाहिए?

  • प्रतिकूल प्रमाण एवं उदाहरणों को प्रस्तुत करके बच्चों के इन सिद्धांतों को चुनौती देनी चाहिए।
  • बार-बार याद करने के द्वारा एक सही सिद्धांत से ‘बदल’ देना चाहिए।
  • बच्चों के इन सिद्धांतों को अनदेखा करना चाहिए।
  • बच्चों को दंडित करना चाहिए।

निम्नलिखित में से कौन-सा कथन प्रगतिशील शिक्षा में शिक्षक की भूमिका का सबसे अच्छा वर्णन करता है?

  • शिक्षक एक सुविधाप्रदाता के रूप में कार्य करते हैं।
  • शिक्षक बच्चों को स्वतंत्र रूप से कार्य करने के लिए उनके हाल पर छोड़ना।
  • शिक्षक ज्ञान का प्राथमिक स्रोत होते हैं।
  • शिक्षक निर्धारित पाठ्यक्रम को ‘ज्यों का त्यों’ लागू करते हैं।

अभिकथन (A) : शिक्षकों को कक्षा में प्रश्न पूछने पर ध्यान देना चाहिए और निर्देश देने के बजाय उन्हें प्रश्न पूछने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। कारण (R) : बाल-केंद्रित शिक्षाशास्त्र का अर्थ है कक्षा में बच्चों की आवाज को महत्व देना और प्रतिभागिता को सुनिश्चित करना। सही विकल्प चुनें।

  • (A) और (R) दोनो सही हैं और (A) की (R) सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (A) की (R) सही व्याख्या नहीं करता है।
  • (A) सही हैं लेकिन (R) गलत हैं।

निम्नलिखित में से कौन आंतरिक अभिप्रेरणा का सही वर्णन करता है?

  • अभिप्रेरणा जो कार्य के व्यक्तिगत-आनंद से आती है।
  • अभिप्रेरणा जो बाहरी पुरस्कारों से आती है।
  • अभिप्रेरणा जो दूसरों के साथ प्रतिस्पर्धा से आती है।
  • अभिप्रेरणा जो दंड के भय से आती है।

निम्नलिखित में से कौन-सा प्रगतिशील शिक्षा का एक प्रमुख सिद्धान्त है?

  • सीखना प्रामाणिक कार्यों पर आधारित होना चाहिए।
  • छात्रों के सीखने को मापने के लिए मानकीकृत परीक्षण सबसे अच्छा तरीका है।
  • छात्रों को अपने शिक्षकों से ज्ञान का निष्क्रिय प्राप्तकर्ता होना चाहिए।
  • पाठ्यचर्या पूर्व निर्धारित और सार्वभौमिक होनी चाहिए।

एक प्रगतिशील कक्षा-कक्ष में

  • बच्चे उन गतिविधियों में संलग्न होते हैं जिससे वह अपनी क्षमताओं को पा लेते हैं।
  • बच्चों को निश्चित पाठ्यक्रम के अनुसार सीखने के लिए बाध्य किया जाता है।
  • बच्चों की योग्यता के अनुसार उनका नामीकरण व पृथक्करण किया जाता है।
  • बच्चे इनाम को पाने के लिए व सजा से बचने के लिए कार्य करते हैं।

एक प्रगतिशील कक्षा

  • विद्यार्थी-केन्द्रित होती है
  • परीक्षा-केन्द्रित होती है
  • पाठ्यपुस्तक-केन्द्रित होती है
  • शिक्षक-केन्द्रित होती है

एक प्रगतिशील कक्षा किसे समुन्नत करती है?

  • ज्ञान सृजन की चाह।
  • विद्यार्थियों में परस्पर विमुखता का भाव।
  • सामाजिक संदर्भों से अलगाव।
  • विषय-वस्तु का कंठस्थीकरण।

एक अध्यापक को अपनी शिक्षणशास्त्रीय प्रविधियों के बारे में किस प्रकृति का होना चाहिए?

  • लचीला (सुनम्य)
  • दृढ़ (जड़)
  • गैर-लचीला
  • अनजान

प्रबल रूप से ________ शिक्षाशास्त्र, विद्यार्थियों द्वारा ज्ञान के ________ में सहायक है।

  • बाल-केन्द्रित, सर्जन।
  • अध्यापक-केन्द्रित, सर्जन।
  • बाल-केन्द्रित, केवल पुनरुत्पादन।
  • अध्यापक-केन्द्रित, भंजन।

अभिकथन (A) : एक अध्यापक को कक्षा में कई प्रकार की अध्यापन-अधिगम सामग्री और शैक्षिक संसाधन प्रदान करने चाहिए और विद्यार्थियों को उन्हें जाँचने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। तर्क (R) : एक सहायक माहौल में विद्यार्थी ज्ञान निर्माण करने में सक्षम होते हैं। सही विकल्प चुनिए :

  • (A) और (R) दोनों सही है और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही है लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  • (A) सही है (R)गलत है।
  • (A) और (R) दोनों गलत है

शिक्षार्थियों द्वारा ज्ञान के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए, एक विद्यालय को ________ शिक्षणशास्त्रीय प्रविधियों को बढ़ावा देना चाहिए।

  • बाल-केंद्रित
  • परीक्षा-केंद्रित
  • शिक्षक-केंद्रित
  • पाठ्यपुस्तक-केंद्रित

एक ऐसी कक्षा, जहाँ विद्यार्थियों को जोड़ीदार प्रदत्तकार्य, समूह कार्य और चर्चाओं में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, उन कक्षाओं की क्या विशिष्टता है?

  • सहयोगात्मक अधिगम
  • निष्क्रिय अधिगम
  • कंठस्थीकरण आधारित अधिगम
  • निर्देशन आधारित अधिगम

एक प्रगतिशील कक्षा-कक्ष मुख्यतः ________ केन्द्रित होना चाहिए।

  • अधिगमकर्ता (शिक्षार्थी)
  • पाठ्यपुस्तक
  • परीक्षा
  • अध्यापक

प्रगतिशील शिक्षा सुझाती है कि ________ शैक्षिक नियोजन का केंद्र होने/नी चाहिए।

  • विद्यार्थी
  • परीक्षाएँ
  • अध्यापक
  • माता-पिता

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (2020) किस प्रकार के शिक्षाशास्त्रों का प्रस्ताव रखती है?

  • अधिगमकर्ता-केन्द्रित
  • परीक्षा-केन्द्रित
  • अध्यापक-केन्द्रित
  • बहिष्कार-केन्द्रित

एक प्रगतिशील कक्षा में, अधिगमकर्ताओं को किस तरह समझा जाता है?

  • ज्ञान निर्माण में सक्रिय भागीदार के रूप में।
  • ज्ञान के निष्क्रिय ग्रहणकर्ता के रूप में।
  • केवल व्याख्यान विधि से सीखने में सक्षम।
  • स्वतंत्र रूप से सूचना प्रसंस्करण में असक्षम।

कथन (A): क्रिया-आधारित शिक्षण-अधिगम को बाल-केन्द्रित माना जाता है। तर्क (R): शिक्षक शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में कोई भूमिका नहीं निभाता। सही विकल्प चुनें:

  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।

एक प्रगतिशील कक्षा निम्न में से किसे प्रधानता देती है?

  • विद्यार्थियों के मतों और अनुभवों को
  • अध्यापिका द्वारा चयनित पढ़ाने के तरीके को।
  • पाठ्यक्रम का काम पूरा करने को
  • परीक्षा-केन्द्रित शिक्षाशास्त्रों को

अर्थपूर्ण अधिगम को बढ़ावा देने के लिए, एक अध्यापिका को ________ की भूमिका निभानी चाहिए और विद्यार्थियों को ________ के अवसर देने चाहिए।

  • सुसाधक, ज्ञान सर्जन में सक्रिय भागीदार बनने।
  • आदेशक, जानकारी के निष्क्रिय ग्रहणकर्ता।
  • जानकारी संभरक ज्ञान के वशवर्ती ग्रहणकर्ता।
  • अनुदेशक, अनुकरणकर्ता।

प्रगतिशील शिक्षा निम्न में से किसका समर्थन करती है?

  • अधिगमकर्ता द्वारा स्व-मूल्यांकन।
  • अध्यापक – केंद्रित शिक्षाशास्त्र।
  • मानकीकृत पाठ्यचर्या।
  • व्यवहार का अनुकूलन।

एक प्रगतिशील कक्षा अध्यापकों को ________ रूप में तथा शिक्षार्थियों को ________ रूप में अपेक्षित करती है।

  • सुसाधक, ज्ञान के सृजन में सक्रिय प्रतिभागी।
  • ज्ञान का प्रदाता, ज्ञान का निष्क्रिय ग्रहणकर्ता।
  • जानकारी का प्रभुत्वधारी स्रोत, अधीनस्थ प्रतिभागी।
  • तानाशाह, आज्ञाधीन जीव।

एक प्रगतिशील कक्षा में, विद्यार्थी को किस ओर केंद्रित होना चाहिए?

  • सक्रिय भागीदारी द्वारा ज्ञान सर्जन की ओर।
  • अपने सहपाठियों से प्रतिस्पर्धा की ओर।
  • जितना हो सके उतना कंठस्थीकरण करने हेतु।
  • मूर्त पुरस्कार जैसे ट्रॉफी जीतने की ओर।

शिक्षा को बाल-केंद्रित बनाने के लिए निम्न में से क्या बदलाव जरूरी है?

  • कंठस्थ स्मरण से क्रिया-आधारित अधिगम की ओर।
  • रचनात्मक मूल्यांकन से योगात्मक मूल्यांकन की ओर।
  • खोजी अधिगम से व्याख्यान विधि की ओर।
  • लचीले पाठ्यक्रम से मानकीकृत पाठ्यक्रम की ओर।

बाल-केंद्रित शिक्षा किसकी अनुशंसा करती है?

  • वैयक्तिक भिन्नताओं पर ध्यान देना।
  • मानकीकृत पाठ्यचर्या।
  • पुरस्कार और दण्ड का इस्तेमाल।
  • योग्यता के सत्तावादी मत का विकास करना।

प्रगतिशील शिक्षा में बच्चों को किस तरह से देखा जाता है?

  • सक्रिय अन्वेषकों के रूप में।
  • निष्क्रिय अनुकारकों के रूप में।
  • खाली स्लेटों के रूप में।
  • छोटे वयस्कों के रूप में।

वह विधियाँ जिनके प्रयोग में विद्यार्थियों की स्व पहल व प्रयास शामिल हैं, निम्न में से किसका उदाहरण हैं?

  • अधिगमकर्ता केंद्रित विधि।
  • निगमनात्मक विधि।
  • परम्परागत विधि।
  • अन्तर्वैयक्तिक बुद्धि।

निम्नलिखित में से कौन-सी कक्षा समृद्ध शिक्षा को प्रोत्साहित करती है?

  • वह कक्षा जिसमें खुली गतिविधि कोनें में हों और विभिन्न प्रकार के बाल साहित्य खुली ताक (शेल्फ) में रखें हों, जो दिन के किसी भी समय प्राप्त किया जा सके।
  • वह कक्षा जिसमें प्रदर्शित विभिन्न प्रकार की सामग्री बच्चों की पहुँच से परे हो ताकि सामग्री लंबे समय तक चलती रहे।
  • अलमारी में अच्छी तरह संगठित सामग्री वाली कक्षा, जहाँ सामग्री को सप्ताह में एक बार मुक्त खेल के लिए बाहर लाया जाता हो।
  • पाठ्यपुस्तक सामग्री द्वारा संचालित संरचित और योजनाबद्ध अधिगम वाली कक्षा।

निम्नलिखित में से कौन-सा कक्षा में पाठ्यपुस्तकों की भूमिका का सबसे अच्छा वर्णन करता है?

  • वे कक्षा में उपलब्ध संसाधन और संदर्भ सामग्री में से एक हैं।
  • वे एक राज्य या राष्ट्र में अधिगम में एकरूपता बनाए रखते हैं।
  • वे अध्ययन के पाठ्यक्रम के बारे में शिक्षकों और माता-पिता को मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
  • वे संसाधन-रहित संदर्भ में सबसे आवश्यक अधिगम संसाधन बनाते हैं।

प्रगतिशील शिक्षा के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन बताता है– शिक्षा स्वयं ही जीवन है?

  • स्कूलों में शिक्षा सामाजिक और प्राकृतिक दुनिया को प्रतिबिंबित करे।
  • स्कूल शिक्षा को यथासंभव लंबे समय तक जारी रखना चाहिए।
  • स्कूलों की आवश्यकता नहीं है, बच्चे अपने जीवन के अनुभवों से सीख सकते हैं।
  • जीवन सच्चा शिक्षक है।

निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प प्रगतिशील शिक्षा का सबसे अच्छा वर्णन करता है?

  • कर के सीखना, परियोजना विधि, सहयोग से सीखना।
  • विर्मेटिक इकाइयाँ, नियमित इकाई परीक्षण, रैंकिंग।
  • व्यक्तिगत अधिगम, क्षमता समूह बनाना, छात्रों की लेबलिंग।
  • परियोजना विधि, क्षमता समूह बनाना, रैंकिंग।

एक प्रगतिशील कक्षा में–

  • ज्ञान की संरचना के लिए प्रचुर मौके प्रदान करने चाहिए।
  • विद्यार्थियों को उनके अकादमिक अंकों के आधार पर नामांकित करना चाहिए।
  • अध्यापक को अटल पाठ्यक्रम का पालन करना चाहिए।
  • विद्यार्थियों में प्रतिस्पर्धा पर बल देना चाहिए।

छात्र केन्द्रित शिक्षाशास्त्र की क्या विशेषता है?

  • बच्चों के अनुभवों को प्रमुखता देना।
  • यंत्रवत् याद करना।
  • योग्यता के आधार पर विद्यार्थियों को नामांकित तथा वर्गीकरण करना।
  • केवल पाठ्यपुस्तकों पर निर्भर होना।

हॉवर्ड गार्डनर की दी गई बुद्धि की अवधारणा का निहितार्थ है कि :

  • अलग-अलग आयामों में लोगों की अलग-अलग योग्यताएँ होती हैं।
  • बुद्धि केवल प्रयोगात्मक अधिगम से संबंधित है।
  • सभी लोग दुनिया को समान रूप से समझते और संसाधित करते हैं।
  • बुद्धि का केवल एक ही आयाम होता है।

बुद्धि लब्धि (IQ) परीक्षणों की आलोचना प्रायः क्यों की जाती है?

  • प्रत्यक्ष रूप से पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव से ग्रसित।
  • कौशलों की विस्तृत श्रृंखला को मापने की उनकी क्षमता।
  • बुद्धि पर सामाजिक प्रभाव का अवबोधन।
  • संज्ञान पर भावनाओं के प्रभाव का अतिशय प्राक्कलन।

बुद्धि लब्धि (IQ) परीक्षणों की आलोचना करने का आधार क्या है ?

  • पक्षपाती मानदंड।
  • गुणात्मक आकलन का प्रयोग।
  • सांस्कृतिक संवेदनशीलता को ध्यान में रखना।
  • बच्चे के सामाजिक परिप्रेक्ष्य को शामिल करना।

बुद्धि लब्धि (IQ) परीक्षणों की आलोचना इसलिए की जाती है क्योंकि वे

  • परीक्षण निष्पादन पर पर्यावरणीय कारकों के प्रभाव को नजर-अंदाज करते हैं।
  • सांस्कृतिक विविधता को ध्यान में रखते हैं।
  • बुद्धि को विभिन्न क्षमताओं के एक समूह के रूप में मानते हैं।
  • स्मृति, तर्क और मौखिक कौशलों के मापन में सामाजिक कारकों को ध्यान में रखते हैं।

बुद्धि लब्धि (IQ) परीक्षणों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • बुद्धि लब्धि परीक्षणों में मापने की एक निश्चित प्रकार की त्रुटि है।
  • वे बहुत व्यापक तरीके से बुद्धि को मापते हैं।
  • बुद्धि लब्धि परीक्षण किसी भी प्रकार के सांस्कृतिक पूर्वाग्रह से मुक्त है।
  • बुद्धि लब्धि परीक्षण हमेशा अत्यधिक विश्वसनीय होते हैं।

बुद्धि के समकालीन संप्रत्ययों के अनुसार, बुद्धि लब्धि परीक्षण किसी व्यक्ति की बुद्धिमत्ता को जाँचने के लिए उपयुक्त नहीं है क्योंकि वे अकसर …….. होते हैं।

  • सांस्कृतिक रूप से पूर्वाग्रहित
  • वैध
  • विश्वसनीय
  • व्यापक

गतिशीलात्मक बुद्धि से क्या तात्पर्य है ?

  • दृढ़ शारीरिक योग्यताओं एवं समन्वयन होना।
  • भाषा को प्रभावशाली तरीके से इस्तेमाल करने की योग्यता।
  • समस्याओं का तार्किक रूप से विश्लेषण करने की क्षमता।
  • शाब्दिकता के स्थान पर चित्रात्मक रूप से चिन्तन करना।

बुद्धि के बारे में निम्नलिखित कथनों में से कौन सा सही है?

  • बुद्धि बहु-आयामी है जिसमें बुद्धि परीक्षणों के द्वारा पूर्ण रूप से परिमेय न की जाने वाली कई योग्यताएँ शामिल हैं।
  • बुद्धि अनुभव के परिणाम के रूप में व्यवहार में एक अपेक्षाकृत स्थायी परिवर्तन है।
  • बुद्धि एक आनुवंशिक विशेषक है जिसमें मानसिक गतिविधियाँ जैसे स्मरण एवं तर्क शामिल होती हैं।
  • बुद्धि अभिसारी रूप से सोचने की योग्यता है।

निम्नलिखित कथनों में से कौन सा बुद्धि के बारे में सही है?

  • बुद्धि बहु-आयामी है तथा जटिल योग्यताओं का एक समूह है।
  • बुद्धि एक एकात्मक कारक तथा एक एकाकी विशेषक है।
  • बुद्धि एक निश्चित योग्यता है जो जन्म के समय ही निर्धारित होती है।
  • बुद्धि को मानकीकृत परीक्षणों के प्रयोग से सटीक रूप से मापा एवं निर्धारित किया जा सकता है।

हॉवर्ड गार्डनर के अनुसार एक वैज्ञानिक ________ बुद्धि का उच्च प्रदर्शन जबकि एक मूर्तिकार ________ बुद्धि की उच्च बुद्धिमत्ता होगा।

  • तार्किक – गणितीय; गतिसंवेदी
  • प्रकृतिवादी; स्थानिक
  • ट्रांसडक्टिव; स्थानिक
  • स्थानिक; गतिसंवेदी

हॉवर्ड गार्डनर की दी गई बुद्धि की अवधारणा का निहितार्थ है कि :

  • अलग-अलग आयामों में लोगों की अलग-अलग योग्यताएँ होती हैं।
  • बुद्धि केवल प्रयोगात्मक अधिगम से संबंधित है।
  • सभी लोग दुनिया को समान रूप से समझते और संसाधित करते हैं।
  • बुद्धि का केवल एक ही आयाम होता है।

हॉवर्ड गार्डनर के बहुबुद्धि के सिद्धान्त के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन-सा सेट बुद्धि और उसके संबंधित विशेषताओं के सही मेल का प्रतिनिधित्व करता है?

  • संगीतमय : प्रदर्शन या रचना करने के कौशल।
  • अंतर्वैयक्तिक : दूसरों को समझने और उनके साथ संबंध स्थापित करने के कौशल।
  • तार्किक-गणितीय : नृत्य या क्रीड़ा-संबंधी क्षमताएँ।
  • स्थानिक : प्राकृतिक वातावरण की सराहना करने के कौशल।

हॉवर्ड गार्डनर के अनुसार, एक दर्शनशास्त्री के पास ________ प्रकार की बुद्धि और मूर्तिकार के पास ________ प्रकार की बुद्धि की मात्रा अधिक होती है।

  • अंतःव्यक्ति; दिक्स्थान
  • अंतर्वैयक्तिक; भाषिक
  • भाषिक; अंतर्वैयक्तिक
  • दिक्स्थान; अंतःव्यक्ति

निम्न में से किस प्रकार की बुद्धि का वर्णन हॉवर्ड गार्डनर द्वारा किया गया था?

  • भाषाई बुद्धि
  • सामान्य बुद्धि
  • भौतिक बुद्धि
  • विशिष्ट बुद्धि

एक विद्यार्थी अपने सहपाठियों के इरादों, प्रेरणा स्तर तथा मनोदशा को उचित प्रकार से समझने में सक्षम है। गार्डनर के बहु-बुद्धि सिद्धांत के अनुसार, विद्यार्थी में किस प्रकार की बुद्धि है?

  • अंतर्वैयक्तिक
  • प्राकृतिक
  • तार्किक
  • आध्यात्मिक

रेनू एक विद्यालय में परामर्शदाता है। हॉवर्ड गार्डनर के सिद्धान्त के अनुसार प्रभावी परामर्शदाता के रूप में उसके पास कौन-सी बुद्धि होनी चाहिए?

  • पारस्परिक (अंतर्वैयक्तिक)
  • भाषाई
  • स्थानिक
  • अंतः वैयक्तिक

मधुलिका नृत्य और योग कला में निपुण है। हावर्ड गार्डनर के अनुसार, उसके पास किस प्रकार की बुद्धि उच्च-स्तरीय है?

  • शारीरिक गति संवेदी
  • अंतः वैयक्तिक
  • अंतर्वैयक्तिक
  • संगीतात्मक

दूसरों की मनोदशा, प्रेरणा और इच्छाओं की पहचान करना और समुचित रूप से उनके प्रति प्रतिक्रिया करना किस बुद्धिमत्ता की विशेषता है?

  • अन्तर्वैयक्तिक
  • अन्तः वैयक्तिक
  • गति शीलात्मक
  • प्रकृतिवादी

हॉवर्ड गार्डनर के बहुबुद्धि सिद्धांत के अनुसार, दूसरों के संवेगों, भावनाओं और मनोदशा को समझने की योग्यता प्रत्यक्ष रूप से _____ बुद्धि से संबंधित है।

  • अंतर्वैयक्तिक
  • अंतः-वैयक्तिक
  • संगीतीय
  • भाषाई

हॉवर्ड गार्डनर के अनुसार, एक अच्छा कवि और लेखक होने के लिए एक व्यक्ति में किस प्रकार की बुद्धि होनी चाहिए?

  • भाषायी
  • अंतः वैयक्तिक
  • शारीरिक गति संवेदी
  • दिशायी

समकालीन सिद्धान्त, बुद्धि को किस प्रकार अवधारित करते हैं?

  • बहुदिशायी क्षमता जिसके विभिन्न अलग-अलग आयाम हैं।
  • एक-दिशायी सामान्य क्षमता।
  • आनुवांशिकता से ना प्रभावित होने वाली क्षमता।
  • वातावरणीय कारकों से ना प्रभावित होने वाली क्षमता।

हॉवर्ड गार्डनर ने अपने बहुबुद्धि सिद्धांत में निम्न में से किस बुद्धि प्रकार को शामिल नहीं किया है?

  • बोधन बुद्धि
  • प्राकृतिक बुद्धि
  • स्थानीय बुद्धि
  • अंतर्वैयक्तिक बुद्धि

रजनी देखी गई वस्तुओं के मानसिक चित्रण और परिवर्तन में बहुत कुशल है। हॉवर्ड गार्डनर के बहुबुद्धि सिद्धांत के अनुसार, वह किस प्रकार की बुद्धि दर्शाती है?

  • स्थानिक
  • भाषायी
  • संगीतीय
  • अंतर्वैयक्तिक

राधिका एक खिलाड़ी होने के साथ-साथ एक अच्छी नृत्यांगना भी है। हॉवर्ड गार्डनर के अनुसार उसके पास ________ प्रकार की बुद्धि है।

  • शारीरिक गतिक-संवेदी
  • अंतःवैयक्तिक
  • भाषाई
  • संगीतात्मक

बहु-बुद्धि सिद्धांत कहलाता है कि :

  • बुद्धि विभिन्न प्रकार की हो सकती है।
  • बुद्धि को तेज नहीं किया जा सकता है।
  • बुद्धि को सटीक रूप से मापा जा सकता है।
  • सभी व्यक्तियों में बुद्धि स्तर एक समान है।

हॉवर्ड गार्डनर के सिद्धांत के अनुसार, जो विद्यार्थी दूसरों की भावनाओं, मनोदशाओं और इरादों को अच्छी तरह से समझ पाते हैं, उनमें किस प्रकार की बुद्धि का उच्च स्तर होता है?

  • अंतरवैयक्तिक
  • स्थानिक
  • संगीतात्मक
  • अंतरा-नैयक्तिक

हॉवर्ड गार्डनर के बुद्धि संकल्पना के अनुसार निम्न में से कौन-सा कथन सही है?

  • व्यक्तियों में विभिन्न प्रकार की बुद्धियों के विभिन्न स्तर पाए जाते हैं।
  • बुद्धि लब्धि किसी व्यक्ति के भविष्य में सफल होने की संभावना का सबसे सटीक अनुमान है।
  • बुद्धि वातावरणीय कारकों द्वारा प्रभावित नहीं होती है।
  • बुद्धि के सामूहिक परीक्षण विद्यार्थियों के बुद्धि स्तर मापने का सर्वोत्तम जरिया है।

अनीता वैचारिक कौशल जैसे कि कारण – प्रभाव संबंध का इस्तेमाल होने वाली पहेलियों और समस्याओं को काफी अच्छी तरह सुलझाती है। हॉवर्ड गार्डनर के बहु – बुद्धि सिद्धांत के अनुसार, अनीता के पास उच्च स्तर की _____ बुद्धि है।

  • तार्किक-गणितीय
  • संगीतीय
  • शारीरिक-गति संवेगी
  • अंतर्वैयक्तिक

हॉवर्ड गार्डनर द्वारा प्रतिपादित बहु-बुद्धियों में निम्नलिखित में से कौन-सी शामिल नहीं है?

  • भावनात्मक बुद्धि
  • भाषाई बुद्धि
  • स्थानिक बुद्धि
  • संगीत बुद्धि

हॉवर्ड गार्डनर के बुद्धि के बारे में विचारों के अनुसार

  • हर व्यक्ति अपने आप में विभिन्न प्रकार की बुद्धियों के विविध स्तर निहित करता है।
  • तार्किक-गणितीय बुद्धि, बुद्धि का सर्वोत्तम प्रकार है।
  • दूसरों की भावनाओं को समझने की क्षमता संगीतीय बुद्धि कहलाती है।
  • बुद्धि के तीन प्रकार हैं : विश्लेषणात्मक, सृजनात्मक और व्यावहारिक।

हॉवर्ड गार्डनर के बुद्धि के सिद्धांत के अनुसार, बुद्धि

  • कई प्रकार की होती है और व्यक्तियों के पास विभिन्न प्रकार की बुद्धि के विभिन्न स्तर होते हैं।
  • के सभी बच्चों में एकसमान स्तर होते हैं।
  • एक ‘सामान्य’ योग्यता है जिसका कोई जैविकीय आधार नहीं है।
  • जन्म से ही स्थिर है और इस पर परिवेशीय कारकों का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।

एकाधिक बुद्धिमानी का सिद्धांत कहता है कि–

  • बुद्धि कई प्रकार की हो सकती है।
  • बुद्धि तेजी से बढ़ाई जा सकती है।
  • पेपर-पेंसिल परीक्षण सहायक नहीं हैं।
  • प्रभावी अध्ययन के द्वारा बुद्धि बढ़ाई जा सकती है।

बहु-बुद्धि का सिद्धांत जोर देता है कि–

  • बुद्धिमत्ता की विभिन्न दशाएँ हैं।
  • बुद्धिमत्ता में कोई व्यक्तिगत विभिन्नताएँ नहीं होती हैं।
  • बुद्धि-लब्धि केवल वस्तुनिष्ठ परीक्षणों द्वारा ही मापी जा सकती है।
  • एक आयाम में बुद्धिमत्ता, अन्य सभी आयामों में बुद्धिमत्ता निर्धारित करती है।

बच्चे जब ________ अनुभव करते हैं तो बेहतर रूप से सीखते हैं।

  • सीखने के लिए मध्यम स्तर का उत्साह
  • गतिविधि के दौरान निम्न स्तर की सतर्कता
  • प्रदर्शन करने के लिए उच्च स्तर पर चिंता
  • अधिक विवशता

आलोचनात्मक सोच वाले प्रश्न पूछने का प्राथमिक उद्देश्य क्या है?

  • उच्च स्तरीय सोच और समस्या समाधान कौशल को बढ़ावा देना।
  • छात्रों को जानकारी याद रखने के लिए प्रोत्साहित करना।
  • छात्रों को प्रक्रियात्मक ज्ञान विकसित करने में सक्षम बनाना।
  • छात्रों के ज्ञान और समझ कौशल का आकलन करने के लिए।

निम्नलिखित में से कौन-सा एक अच्छी तरह से तैयार किए गए आलोचनात्मक सोच वाले प्रश्न की विशेषता नहीं है?

  • यह मुख्य रूप से तथ्यात्मक जानकारी पर आधारित है।
  • यह उच्च स्तरीय सोच और समस्या समाधान कौशल को बढ़ावा देता है।
  • यह खुला प्रश्न है और कई स्तरों को प्रस्तुत करने की अनुमति देता है।
  • इसमें सूचना के विश्लेषण और मूल्यांकन की आवश्यकता होती है।

प्राथमिक कक्षाओं में भाषा का विकास किस प्रकार संसाधित होता है?

  • जब शिक्षक अमूर्त अवधारणाओं को संदर्भित करने के लिए ठोस उदाहरणों का उपयोग करते हैं।
  • जब शिक्षक औपचारिक भाषा के प्रयोग पर जोर देते हैं और उसे लागू करते हैं।
  • जब शिक्षक बच्चों की मातृभाषा की अवहेलना और उपेक्षा करते हैं।
  • जब शिक्षक मूर्त वस्तुओं के बजाय संकेतों और प्रतीकों से शुरू करते हैं।

अपसारी चिंतन____जबकि अभिसारी चिंतन ____।

  • कई उत्तरों को प्रोत्साहित करता है; एक सही समाधान पर स्थिर है।
  • एक सही समाधान पर स्थिर है; कई उत्तरों को प्रोत्साहित करता है।
  • गणितीय क्षमताओं को बढ़ावा देता है; मौखिक क्षमताओं को बढ़ावा देता है।
  • मौखिक क्षमताओं को बढ़ावा देता है; गणितीय क्षमताओं को बढ़ावा देता है।

किस आयु में बच्चे शब्दों के खेल में शामिल हो सकते हैं और ऐसे चुटकुलों और पहेलियों को पसंद कर सकते हैं? जिनमें शब्दों का खेल शामिल हो?

  • सात वर्ष
  • बारह वर्ष
  • एक वर्ष
  • तीन वर्ष

लेव वायगोत्स्की के अनुसारः

  • भाषा विकास, संज्ञानात्मक विकास को सुगम बनाता है।
  • सामाजिक कारक भाषा विकास को प्रभावित करते हैं, परंतु संज्ञानात्मक विकास को नहीं।
  • संज्ञानात्मक विकास, भाषा विकास को सुगम बनाता है।
  • भाषा विकास और संज्ञानात्मक विकास एक-दूसरे से स्वतंत्र रूप से विकसित होते हैं।

एक प्राथमिक कक्षा-कक्ष में शिक्षिकाओं को ‘व्यक्तिगत वाक्’ – खुद से बातचीत जो हमारी सोच और व्यवहार का मार्गदर्शन करती है

  • प्रोत्साहित करना चाहिए।
  • हतोत्साहित करना चाहिए।
  • नकारना चाहिए।
  • के इस्तेमाल के लिए बच्चों को दंडित करना चाहिए।

जीन पियाजे के अनुसार, वे क्रियाएँ जिन्हें मानसिक स्तर पर निष्पादित और प्रतिलोमित किया जाता है,……………… कहलाती हैं।

  • संक्रियाएँ
  • प्रकार्य
  • संतुलनीकरण
  • आत्म-केन्द्रीयता

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार, एक शिक्षक को शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया के दौरान प्राइमरी स्कूल के बच्चों से संप्रेषण के लिए किस भाषा का प्रयोग करना चाहिए?

  • बच्चों की मातृभाषा का
  • केवल क्षेत्रीय भाषा का
  • केवल हिंदी भाषा का
  • केवल अंग्रेजी भाषा का

अभिकथन (A): जब कोई विद्यार्थी किसी दिए गए प्रश्न का हल ढूँढ़ने की प्रक्रिया से जूझ रहा है, तो अध्यापक को उसे अपने विचार मौखिक तौर पर अभिव्यक्त करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। तर्क (R): अधिगम तब अधिक प्रभावशाली होता है जब अध्यापक विद्यार्थियों से सफलता की कम-से-कम अपेक्षा रखते हैं। सही विकल्प चुनिए:

  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है
  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं

लेव वायगोत्स्की के अनुसार, भाषा

  • चिंतन को सुसाधित करती है।
  • चिंतन में बाधक है।
  • चिंतन को सुसाधित करने में कोई भूमिका नहीं निभाती है।
  • का चिंतन पर बहुत कम प्रभाव होता है।

भाषा और विचार के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • लेव वायगोत्स्की ने प्रस्तावित किया है कि भाषा चिंतन को सुसाधित करती है।
  • जीन पियाजे ने प्रस्तावित किया है कि भाषा संज्ञान में सहायक होती है।
  • लेव वायगोत्स्की ने प्रस्तावित किया है कि भाषा का चिंतन पर कोई प्रभाव नहीं होता है।
  • जीन पियाजे ने प्रस्तावित किया है कि चिंतन करना भाषा को सीखने पर निर्भर करता है।

सिद्धान्तवादी भाषा और विचार के मध्य संबंध की अवधारणात्मक समझ के बारे में मतभेद रखते हैं। जबकि जीन पियाजे का मानना है कि ________, ________ को प्रभावित करता है; लेव वायगोत्स्की का सुझाव है कि ________, ________ के निर्देशित करता/करती है।

  • संज्ञान, भाषा; भाषा, विचार।
  • भाषा, संज्ञान; विचार, भाषा।
  • वातावरण, भाषा; आनुवंशिकता, विचार।
  • विचार, आनुवंशिकता; भाषा, वातावरण।

भाषा और विचार के बारे में क्या सही है?

  • यह एक-दूसरे को प्रभावित करने के लिए असंख्य तरीकों से अंतः क्रिया करते हैं।
  • यह एक-दूसरे से स्वतंत्र रहकर विकसित होते हैं।
  • शिक्षार्थी के सामाजिक संदर्भों द्वारा प्रभावित नहीं होते हैं।
  • दोनों ही वंशानुक्रम से नहीं परन्तु परिवेशीय कारकों से प्रभावित होते हैं।

भाषा और विचार

  • कई महत्वपूर्ण रूपों से अंतःक्रिया करते हैं।
  • एक-दूसरे से स्वतंत्र रूप से विकसित होते हैं।
  • किसी व्यक्ति के विकास को प्रभावित नहीं करते हैं।
  • एक स्थिर और एक रूप तरीके से ही अंतः क्रिया करते हैं।

अभिकथन (A): एक अध्यापिका को कक्षा में विभिन्न प्रकार की पठन सामग्री प्रदान करके एक मुद्रक/प्रिंट-समृद्ध वातावरण सृजित करना चाहिए। तर्क (R) : भाषा विकास वातावरणीय कारकों से प्रभावित नहीं होता है। सही विकल्प का चयन कीजिए।

  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है
  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं

लेव वायगोत्स्की के अनुसार, भाषा ______।

  • बच्चों की सोच को बढ़ावा देने में मदद करती है।
  • बच्चों के भावनात्मक विकास की द्योतक है।
  • बच्चों के क्रियाकलापों और सोच में बाधा पैदा करती है।
  • का बच्चों के संज्ञानात्मक विकास पर कोई प्रभाव नहीं होता है।

अभिकथन (A): एक अध्यापिका को अपने विद्यार्थियों को दी गई समस्या पर काम करते हुए अपने विचारों का मौखिकीकरण करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।
कारण (R): भाषा और सोच का विकास एक-दूसरे से स्वतंत्र रूप से होता है।

  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।

अभिकथन (A): जब शुरुआत में कोई विद्यार्थी किसी समस्या को हल नहीं कर पा रहा हो, तो अध्यापिका को उसे बोल-बोल कर सोचने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।
कारण (R): मौखिकीकरण और बोल-बोल कर सोचना विचारों को क्रमित करता है और दी गई समस्या का हल ढूँढ़ने में मदद करता है।

  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।

अपने विचारों का मौखिकीकरण जेम्स को दिए गए सवालों का जवाब ढूँढ़ने में अक्सर मदद करता है। यह कथन क्या सुझाता है?

  • भाषा संज्ञान को सुसाधित करती है।
  • भाषा और संज्ञान संबंधित नहीं हैं।
  • जैविक परिपक्वता भाषा विकास के लिए जिम्मेदार है।
  • भाषाई अभिव्यक्ति के हस्तक्षेप से संज्ञान में देरी आ जाती है।

अभिकथन (A): एक अध्यापिका को कक्षा में विद्यार्थियों के बीच सहभागिता, बातचीत और वैचारिक बहस को बढ़ावा देना चाहिए।
कारण (R): बच्चे सामाजिक अन्तःक्रिया द्वारा अपने वातावरण के बारे में अर्थ सृजन में सक्षम होते हैं।

  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार, प्राथमिक स्तर तक के बच्चों की शिक्षा के लिए __________ को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

  • मातृभाषा
  • विदेशी भाषा
  • अंग्रेजी भाषा
  • केवल संकेतात्मक भाषा

अंग्रेजी विषय की एक शिक्षिका, सरिता ने यह देखा कि कक्षा में जो पढ़ाती है उसे सीखने के स्तर पर विद्यार्थी विभिन्नताएँ दिखाते हैं। इसलिए सरिता को चाहिए कि वह:

  • सीखने में सुधार के लिए अपने शिक्षण में विभिन्न प्रकार के अनुभवों को शामिल करे।
  • शिक्षण के एक समान तरीके का पालन करे ताकि सीखने में व्यक्तिगत अंतर कम हो।
  • छात्रों के पालन के लिए बहुत सख्त नियम बनाए।
  • इन मतभेदों के बारे में ध्यान ना दे।

लेव वायगोत्स्की भाषा को किस प्रकार देखते हैं?

  • भाषा एक सांस्कृतिक उपकरण है जो अधिगम को सुसाधित करती है।
  • भाषा अधिगम प्रक्रिया में बाधक है।
  • भाषा चिंतन प्रक्रिया में अर्थहीन है।
  • भाषा जैविक परिपक्वता का एक नगण्य अंश है।

अभिकथन (A): एक कक्षा में अध्यापक को विद्यार्थियों को अपने विचारों के मौखिकीकरण, चर्चा और वैचारिक बहस करने के लिए बढ़ावा देना चाहिए।
कारण (R): भाषा विकास और संज्ञानात्मक विकास किसी भी तरह से एक-दूसरे से संबंधित नहीं है।

  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।

अभिकथन (A): एक अध्यापिका को अपने विद्यार्थियों को किसी कार्य पर काम करते समय अपने विचारों और चिंतन प्रक्रिया के मौखिकीकरण हेतु प्रोत्साहित करना चाहिए।
कारण (R): निजी वाक् विद्यार्थियों में उच्चतर – श्रेणी के संज्ञानात्मक कौशलों के विकास में बाधक होता है।

  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।

रेयान ने कुछ दिन पहले ही जाना है कि अंग्रेजी के किसी शब्द के पीछे ‘ed’ लगाने से उस शब्द का रूप वर्तमान से भूतकाल में बदल जाता है। इस जानकारी को पाने के बाद रेयान हर शब्द का भूतकाल रूप दर्शाने के लिए यह तरीका अपना रहा है। बच्चों द्वारा किसी नियम को हर दशा में निरूपित करने का यह रुझान उनकी अपनी सोच को ______ की प्रवृत्ति दर्शाता है।

  • अतिनियमित
  • कमतर आँकने
  • प्रतिबंधित
  • द्विभाषिक

अभिकथन (A): राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार पाँचवी तक के सभी बच्चों को उनकी मातृभाषा में शिक्षा दी जानी चाहिए।
कारण (R): छोटे बच्चे अपनी मातृभाषा में सार्थक अवधारणाओं को अधिक तेजी से सीखते व समझते हैं।

  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।

बच्चे समय की एक विशिष्ट अवधि तक बहुत सरलता के साथ भाषा सीखते हैं क्योंकि उस अवधि में वे पर्यावरणीय प्रभावों के साथ प्रतिक्रिया करते हैं। इस अवधि को विकास की किस अवधि के रूप में जाना जाएगा?

  • संवेदनशील
  • क्षेत्रीय
  • विशिष्ट (असामान्य)
  • अ–प्रतिक्रियात्मक

विद्यार्थियों में समीक्षात्मक चिंतन को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है कि निम्नलिखित हेतु प्रचुर अवसर प्रदान किए जाएँ:
(i) विषयवस्तु का कंठस्थीकरण।
(ii) अध्यापिका के निष्क्रिय अनुसरण हेतु।
(iii) विविध जानकारियों की पुष्टि करने हेतु।
(iv) किसी समस्या पर अपसारी चिंतन करना।

  • (iii) और (iv)
  • (i) और (ii)
  • (i) और (iii)
  • (ii) और (iii)

अभिकथन (A): एक अध्यापिका को विद्यार्थियों को किसी समस्या पर कार्य करते समय अपने विचारों के मौखिकीकरण के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।
कारण (R): निजी वाक् बच्चों के संज्ञानात्मक विकास को सुसाधित करता है।

  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।

अभिकथन (A): अधिगम का सामाजिक-रचनावादी सिद्धांत अधिगम प्रक्रिया को सहज-सुगम बनाने के लिए कक्षा में मुद्रित-समृद्ध परिवेश के सृजन पर बल देता है।
तर्क (R): भाषा विकास में विद्यालय के परिवेश की कोई भूमिका नहीं है और भाषा विकास पूरी तरह से जैवकीय परिपक्वता पर निर्भर होता है।

  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।

निम्नलिखित में से कौन-सा शिक्षक की भूमिका का सबसे अच्छा वर्णन करता है?

  • आराम के लिए जगह बनाना, जहाँ बच्चे संवाद और पूछताछ के माध्यम से सीखते हैं।
  • कक्षा में शिक्षक की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका अनुशासन को बनाए रखना है।
  • एक शिक्षक को निर्धारित पाठ्यपुस्तक का पालन करना चाहिए।
  • पाठ्यक्रम का समय पर पूरा करने के साथ-साथ दोहराने के लिए पर्याप्त समय देना महत्वपूर्ण है।

भाषा के अर्जन एवं विकास के लिए सर्वाधिक संवेदनशील अवधि कौन सी है?

  • प्रारंभिक बाल्यावस्था
  • मध्य बाल्यावस्था
  • किशोरावस्था
  • जन्म पूर्व अवधि

विद्यालय में खेलने के समय, ऋषभ, एक 7 वर्षीय लड़के ने खेलने के लिए एक गुड़िया उठाई। उसके कुछ साथियों ने उसकी इस पसंद के खिलौने के लिए उसका मजाक उड़ाया। एक शिक्षक जो अपने विद्यार्थियों में लैंगिक भूमिका के संदर्भ में लचीलापन विकसित करना चाहता है, को इस स्थिति में निम्नलिखित में से कौन-सी प्रतिक्रिया देनी चाहिए?

  • ऋषभ को गुड़िया के साथ खेलने देना चाहिए और दूसरे बच्चों को कहना चाहिए कि वे भी अपनी पसंद का कोई खिलौना चुन सकते हैं।
  • ऋषभ से बात करनी चाहिए कि गुड़िया लड़कियों के लिए उपयुक्त है और लड़कों को गुड़िया के साथ नहीं खेलना चाहिए।
  • ऋषभ से कहना चाहिए कि वह किसी और खिलौने के साथ खेले क्योंकि उसके दोस्तों को यह मंजूर नहीं है कि वह गुड़िया के साथ खेले।
  • बिना कुछ कहे गुड़िया को हटा देना चाहिए और ऋषभ को खेलने के लिए कार दे देनी चाहिए।

अभिकथन (A): शिक्षिका को अपनी कक्षा के लड़कों को खेलों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए जबकि लड़कियों को कला अलंकरण के कार्य देने चाहिए।
कारण (R): बच्चे मुख्य रूप से अंतर्निहित जैविक भिन्नताओं के कारण जेंडर भूमिकाएं ग्रहण करते हैं।

  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।
  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (A) की (R) सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (A) की (R) सही व्याख्या नहीं करता है।

विभिन्न जेंडर के व्यवहार के बारे में पूर्वकल्पित सामान्यीकरण क्या कहलाता है?

  • जेंडर रूढ़िवादिता
  • जेंडर प्रारूप
  • जेंडर भेदभाव
  • जेंडर पहचान

निम्नलिखित कथनों को पढ़िए तथा सही विकल्प का चयन कीजिए:
अभिकथन (A): बहुत कम उम्र में, दुनिया भर में अधिकांश संस्कृतियों में लड़कियाँ गुड़िया को खिलौने के रूप में चुनती हैं, जबकि लड़के कारों के साथ खेलना पसंद करते हैं।
कारण (R): बच्चे किसी विशेष संस्कृति की अपेक्षाओं के आधार पर एक लड़के के बारे में जानकारी व्यवस्थित करते हैं और उसके अनुसार व्यवहार करते हैं।

  • (A) और (R) दोनों सही हैं तथा (R), (A) सही व्याख्या है।
  • (A) सही है, परन्तु (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं, परन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।

मोहन ने घर व समाज में लड़कों की भूमिका को देखते हुए स्कूल में आयोजित एक कार्यक्रम में लड़की की भूमिका को यह कहकर निभाने से इंकार कर दिया कि वह एक लड़का है, इसलिए वह एक लड़की की ड्रेस नहीं पहनेगा। यह क्या दर्शाता है?

  • जेंडर प्रारूप
  • जेंडर भूमिका में लचीलापन
  • जेंडर समानता
  • जेंडर गतिशीलता

‘लड़के हमेशा यंत्रविज्ञान में अच्छे होते हैं और लड़कियाँ कढ़ाई करने में’ यह कथन क्या दर्शाता है?

  • जेंडर रूढ़िवादिता
  • जेंडर समता
  • जेंडर समानता
  • जेंडर अनुरूपता

पाँच साल की वैशाली ने अपनी माँ से कहा, “माँ, मुझे अमित की तरह फुटबॉल चाहिए।” वैशाली को जवाब देते हुए उसकी माँ ने कहा, “फुटबॉल से तो केवल लड़के खेलते हैं, मैं तुम्हारे लिए एक छोटी सी प्यारी गुड़िया लाऊँगी।” माँ का जवाब क्या दिखाता है?

  • लिंग रूढ़िवादिता
  • जेंडर भूमिका में लचीलापन
  • लिंग समता
  • लिंग प्रासंगिकता

एक प्रश्न-उत्तर सत्र के दौरान, एक अध्यापक केवल लड़कों को ही अपने भ्रम व प्रश्न पूछने के अवसर दे रहा है। यह सीधे प्रतिनिधित्व करता है-

  • जेंडर पक्षपात
  • जेंडर सशक्तीकरण
  • जेंडर समानता
  • जेंडर समतुल्यता

जेंडर ______ निर्मित है जबकि लिंग ______ निर्मित है।

  • सामाजिक, जैविक
  • सामाजिक, नैतिक
  • नैतिक, सामाजिक
  • जैविक, सामाजिक

वैकल्पिक विषयों के चुनाव में लड़कियों के लिए ‘गृह विज्ञान’ और लड़कों के लिए ‘शारीरिक शिक्षा’ के विषय को सीमित कर देने की प्रथा किस पर आधारित है?

  • जेंडर रूढ़िवादिता
  • समावेशी उपागम
  • जेंडर समानता
  • खोजी उपागम

Gender is dominantly a/an ______ construct.
जेंडर प्रमुख रूप से एक ______ निर्मिति है।

  • सामाजिक
  • जैविक
  • चिकित्सीय
  • यादृच्छिक

पाठ्यपुस्तकों में महिलाओं की तुलना में पुरुषों का अधिक प्रतिनिधित्व होना किसका उदाहरण है?

  • जेंडर पूर्वाग्रह
  • जेंडर समता
  • जेंडर समानता
  • जेंडर निष्पक्षता

प्रवीण के माता-पिता जान-बूझकर घरेलू कार्यों में अप्रतिनिधिक स्वरूपों में संलग्न रहते हैं, जैसे कि पिता भोजन पकाने का कार्य करते हैं, और माता घर के खराब हो गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मरम्मत करती है। इस प्रकार के परिवेश में प्रवीण की क्या प्रवृत्ति होगी?

  • जेंडर रूढ़िबद्ध धारणाओं पर प्रश्न करेगा।
  • जेंडर रूढ़िबद्ध निषेधीकरण का समर्थन करेगा।
  • जेंडर स्कीमा को सुदृढ़ करेगा।
  • जेंडर नामीकरण के अनुकूल व्यवहार करेगा।

लगभग किस उम्र के आस-पास, प्रायः बच्चों में जेंडर भूमिका की प्रारंभिक समझ आ जाती है?

  • 4 वर्ष
  • 10 वर्ष
  • 14 वर्ष
  • 18 वर्ष

जेंडर एक ______ संप्रत्यय है जबकि लिंग ______ है।

  • सामाजिक, जैविक
  • जैविक, सामाजिक
  • जैविक, शारीरिक
  • शारीरिक, जैविक

अक्सर गुलाबी रंग को लड़कियों से और नीले रंग को लड़कों से जोड़ना, निम्न में से किसे दर्शाता है?

  • जेंडर रूढ़िवादिता
  • जेंडर विविधता
  • जेंडर सकारात्मकता
  • जेंडर समानता

विद्यार्थियों में पनपी रूढ़िबद्ध धारणाओं को चुनौती देने के लिए क्या महत्त्वपूर्ण है?

  • इस तरह के उदाहरण प्रस्तुत करना जो उस प्रकार की रूढ़िबद्ध धारणाओं को नकारते हैं।
  • इस प्रकार की रूढ़िबद्ध धारणाओं को पोषित करने वाली पुस्तकों तथा फिल्मों का प्रावधान करना।
  • प्रभावशाली समूहों से आने वाले विद्यार्थियों के दृष्टिकोण को ही महत्त्व देना।
  • विविधता और वैयक्तिक भिन्नताओं से संबंधित चर्चाओं से बचना।

आपकी कक्षा में जब भी कोई लड़का रोता है, तो दूसरे विद्यार्थी उसे यह कह कर चिढ़ाते हैं कि ‘लड़कियों की तरह व्यवहार मत करो, लड़के नहीं रोते हैं’। उनका यह कथन क्या दर्शाता है?

  • लैंगिक रूढ़िवादिता
  • लैंगिक समता
  • लैंगिक समानता
  • लैंगिक स्थिरता

एक अध्यापक अक्सर कहता है कि ‘लड़कियाँ नृत्य में कुशल होती हैं और लड़के विज्ञान में।’ यह कथन किसका उदाहरण है?

  • जेंडर रूढ़िवादिता
  • जेंडर पक्षपात
  • जेंडर समता
  • जेंडर सशक्तीकरण

कक्षा में जेंडर रूढ़िवादिता को रोकने के लिए, यह महत्त्वपूर्ण है कि

  • ऐसे उदाहरण प्रस्तुत किए जाएँ जो उन रूढ़ियों को चुनौती दे।
  • अंतर-जेंडर पारस्परिकता को प्रतिबंधित किया जाए।
  • जेंडर भेद-भाव चर्चा करने से बचा जाए।
  • रोजमर्रा की गतिविधियों द्वारा जेंडर पक्षपात किया जाए।

जेन्डर ______

  • एक ऐसी अस्मिता है जो सामाजिक संरचनाओं द्वारा आकृति पाती है।
  • गर्भधारण के समय से ही पूर्व-निर्धारित होता है।
  • एक जन्मजात जैविक गुण है।
  • समाजीकरण की संस्थाओं से प्रभावित नहीं होता है।

निम्नलिखित में से कौन-सा कथन लिंग रूढ़िवादिता को दर्शाता है?

  • लड़कियाँ हमेशा अच्छा व्यवहार करने वाली, कोमल और भावुक होती हैं।
  • लड़कियाँ लड़कों की तरह ही शैक्षिक क्षेत्र में सक्षम हैं।
  • लड़के और लड़कियाँ दोनों खेलों में अच्छा करने की सक्षमता है।
  • लड़कियाँ लड़कों की ही तरह शिक्षा और परिवार दोनों को संभाल सकती हैं।

लड़कों के लिए नीले रंग के कपड़े और लड़कियों के लिए गुलाबी रंग के कपड़े खरीदना किसे बढ़ावा देता है?

  • लिंग रूढ़िबद्धता
  • लड़के और लड़कियों के आनुवंशिक लक्षण
  • लिंग तरलता
  • लिंग चयन

‘लड़के हमेशा विज्ञान में अच्छे होते हैं और लड़कियाँ गायन में’, यह कथन क्या दर्शाता है?

  • जेंडर रूढ़िवादिता
  • जेंडर समता
  • जेंडर अनुरूपता
  • जेंडर अस्मिता

जेंडर ______

  • सामाजिक संरचनाओं द्वारा निर्मित होता है।
  • पूरी तरह वंशागत कारकों द्वारा निर्धारित होता है।
  • आनुवंशिक लक्षणों द्वारा पूर्व-निर्धारित होता है।
  • एक जन्मजात प्रवृत्ति है।

एक अध्यापक को विद्यार्थियों में प्रचलित जेंडर रूढ़ियों से किस प्रकार निपटना चाहिए?

  • वास्तविक-जीवन से संबंधित ऐसे उदाहरण प्रस्तुत करने चाहिए जो रूढ़ियों को चुनौती दें।
  • विद्यार्थियों में जेंडर-विशिष्ट भूमिकाओं को बढ़ावा देना चाहिए।
  • विद्यार्थियों के एक समान जेंडर-आधारित समूह बनाने चाहिए।
  • कक्षा में जेंडर आधारित मुद्दों पर बात नहीं करनी चाहिए।

एक अध्यापिका प्रचलित सामाजिक जेंडर संबंधी रूढ़िबद्धताओं को कैसे प्रभावहीन बना सकती है?

  • सभी जेंडरों को संगीत, नृत्य व पाककला प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए कहना।
  • यह सुनिश्चित करके कि खेल सत्र में लड़कियाँ सिर्फ बैडमिंटन खेलें और लड़के सिर्फ फुटबाल।
  • यह सुनिश्चित करके कि लड़कियों को अध्यापक के रजिस्टर पर काम करने और उनकी मदद करने के अवसर मिलें।
  • फर्नीचर इधर से उधर रखवाने में केवल लड़कों की सहायता लेना।

लड़के बहुत शक्तिशाली और कठोर होते हैं तथा लड़कियाँ नरम और संवेदनशील होती हैं। इस तरह के कथन …….. को बढ़ावा देते हैं।

  • जेंडर रूढ़िवादिता
  • जेंडर समानता
  • जेंडर समता
  • जेन्डर सशक्तीकरण

खिलौने, पहनावे की वस्तुएँ, घरेलू सामग्रियों, व्यवसायों एवं रंगों का विशिष्ट लिंग के साथ संबंधित करना क्या प्रदर्शित करता है?

  • जेंडर रूढ़िवादिता
  • जेंडर सिद्धांत
  • जेंडर प्रासंगिकता
  • विकसित जेंडर पहचान

जेंडर–

  • एक सामाजिक संरचना है
  • एक मनोवैज्ञानिक सत्ता है
  • एक आर्थिक अवधारणा है
  • एक जैविक निर्धारक है

एक उभयलिंगी व्यक्तित्व–

  • में आमतौर पर माने गए मर्दाना और स्त्री गुणों का समायोजन होता है।
  • स्त्री लक्षणों वाले पुरुषों को संदर्भित करता है।
  • में दृढ़ और अहंकारी होने की आदत है।
  • समाज में प्रचलित रूढ़िवादी लिंग भूमिकाओं का पालन करता है।

बच्चे ……… को छोड़कर अन्य सभी के द्वारा लिंग भूमिकाएं ग्रहण करते हैं।

  • ट्यूशन
  • मीडिया
  • समाजीकरण
  • संस्कृति

एक खेल क्रिया के दौरान चोट लगने पर रोहन रोने लगा। यह देखकर उसके पिता ने कहा, “लड़कियों की तरह व्यवहार न करो; लड़के रोते नहीं हैं।” पिता का यह कथन–

  • लैंगिक रूढ़िवादिताओं को दर्शाता है।
  • लैंगिक भेदभाव को कम करता है।
  • लैंगिक समानता को बढ़ावा देता है।
  • लैंगिक रूढ़िवादिताओं को चुनौती देता है।

कक्षा में परिचर्चा के दौरान एक शिक्षक प्रायः लड़कियों की तुलना में लड़कों पर अधिक ध्यान देता है। यह किसका उदाहरण है?

  • जेंडर पक्षपात
  • जेंडर संबद्धता
  • जेंडर समरूपता
  • जेंडर पहचान

बच्चों में जेंडर रूढ़िवादिता एवं जेंडर-भूमिका अनुरूपता को कम करने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सी पद्धति प्रभावशाली है?

  • जेंडर-पक्षपात के बारे में परिचर्चा करना।
  • जेंडर-पृथक खेल समूह बनाना।
  • जेंडर-पृथक बैठने की व्यवस्था करना।
  • जेंडर-विशिष्ट भूमिकाओं को महत्त्व देना।

अभिकथन (A): विविध सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से छात्रों की जरूरतों को पूरा करने के लिए कक्षा शिक्षण को सांस्कृतिक रूप से उत्तरदायी होना चाहिए।
कारण (R): कक्षा में समता केवल मानकीकृत पाठ्यचर्या व आकलन के द्वारा सुनिश्चित की जा सकती है।

  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (A) की (R) सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (A) की (R) सही व्याख्या नहीं करता है।

अभिकथन (A): विद्यालयी पाठ्यक्रम को विद्यार्थियों के सांस्कृतिक ज्ञान को उचित स्थान और मूल्य देना चाहिए।
कारण (R): विद्यार्थियों को उनकी सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने के लिए समर्थन प्रदान करना, सीखने की प्रक्रिया को सुगम बनाता है।

  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (A) की (R) सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (A) की (R) सही व्याख्या नहीं करता है।
  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।

कक्षा में खेल प्रतियोगिता में हिस्सा लेते समय तनुज अपने दोस्त से कहता है कि वह भाला फेंकने में हिस्सा लेगा और रस्सी कूदने में उसकी बहन हिस्सा ले सकती है क्योंकि वह एक लड़की है और लड़कियाँ भाला नहीं फेंक सकती। यह ______ को प्रदर्शित करता है।

  • जेंडर रूढ़िवादिता
  • जेंडर संबंधता
  • जेंडर समानता
  • जेंडर समता

एक ही कक्षा में अलग-अलग क्षमताओं वाले विद्यार्थियों के सीखने-सिखाने की प्रक्रिया क्या कहलाती है?

  • विभेदित निर्देश
  • मानकीकृत निर्देश
  • उद्दीपन
  • अनुबंधन

अधिगम वरीयताओं में व्यक्तिगत विभिन्नताओं के बारे में निम्न में से क्या सही है?

  • अध्यापक-केन्द्रित शिक्षाशास्त्र विद्यार्थियों की अधिगम वरीयताओं की व्यक्तिगत विभिन्नताओं की पूर्ति नहीं करता है।
  • सभी अभिगमकर्ता एक ही तरह से कौशल ग्रहण करना पसंद करते हैं।
  • अधिगम वरीयताएँ सामाजिक-सांस्कृतिक कारकों से प्रभावित नहीं होती हैं।
  • मानकीकृत पाठ्यचर्या अधिगम वरीयताओं में व्यक्तिगत विभिन्नताओं को व्यापक रूप से शामिल करता है।

बच्चों का नामीकरण व उन्हें वर्गों में बाँटना

  • बच्चों के समूह में हीनता और सीखने की लाचारी को जन्म देगा।
  • अर्थपूर्ण सीखने को बढ़ावा देगा व सुसाधित करेगा।
  • सभी बच्चों के अधिगम की जरूरतों को पूरा करने के लिए एक सकारात्मक रणनीति है।
  • बच्चों के आत्म-सम्मान और प्रदर्शन पर कोई प्रभाव नहीं डालेगा।

अधिगम दर में व्यक्तिगत विभिन्नताएँ किसका परिणाम हैं?

  • आनुवंशिकता व पर्यावरण दोनों का
  • केवल आनुवंशिकता का
  • केवल पर्यावरण का
  • न तो आनुवंशिकता और न ही पर्यावरण का

एक अध्यापक को सभी के लिए अधिगम सहज-सुगम बनाने के लिए अधिगम प्राथमिकताओं में वैयक्तिक भिन्नताओं के प्रति क्या करना चाहिए?

  • उन्हें महत्वपूर्ण मानना चाहिए।
  • उनको अनदेखा करना चाहिए।
  • उनको मिटा देना चाहिए।
  • दमन करना चाहिए।

कक्षा में विविधता अध्यापन-अधिगम प्रक्रिया में ______ है।

  • संसाधन
  • समस्या
  • रूकावट
  • बाधा

एक शिक्षक/शिक्षिका को

  • पढ़ाने के दौरान विद्यार्थियों के सीखने की गति पर ध्यान देना चाहिए।
  • पढ़ाने के दौरान विद्यार्थियों के सीखने की गति को अनदेखा कर देना चाहिए।
  • केवल अच्छा निष्पादन करने वाले विद्यार्थी की गति पर ध्यान देना चाहिए।
  • विद्यार्थियों के सीखने की गति में व्यक्तिगत भिन्नताओं की अनदेखी करनी चाहिए।

कक्षा में विद्यार्थियों की विविधता को किस रूप में लेना चाहिए?

  • अधिगम के लिए एक सकारात्मक गुण के रूप में लेना चाहिए।
  • अधिगम के लिए एक बाधा के रूप में देखना चाहिए।
  • अध्यापक द्वारा इसकी अनदेखी करनी चाहिए।
  • सभी के लिए समता सृजित करने हेतु इसे सीमित करना चाहिए।

शिक्षा में समावेशन को बढ़ावा देने के लिए, एक अध्यापक को ऐसा कक्षा वातावरण पैदा करना चाहिए जो

  • विविधता के प्रतिग्रहण को पोषित करें।
  • रूढ़िवादों और नामीकरणों को बढ़ावा दे।
  • योग्यता के बारे में सख्त धारणा को पोषित करें।
  • विद्यार्थियों में प्रतिस्पर्धा की भावना को बढ़ावा दें।

एक सांस्कृतिक विविधता वाले स्कूल में चौथी कक्षा के विद्यार्थी राज्य दिवस पर बिहु नृत्य प्रस्तुत करने की तैयारी कर रहे हैं। क्या यह क्षेत्रीय पक्षपात घटाने में मददगार होगा? क्यों?
(i) हाँ, दूसरे जातीय/क्षेत्रीय समूहों के लोगों से संबंध और सहयोग द्वारा।
(ii) हाँ, अंतर्वैयक्तिक समझ और दृष्टिकोण की समझ बढ़ने से।
(iii) नहीं, यह विद्यार्थियों के दिमाग में भेद इंगित करेगा।
(iv) नहीं, यह अपने और दूसरे समूह के प्रति प्रतिनिपात्रता को बढ़ावा देगा।

  • (i) और (ii)
  • केवल (i)
  • केवल (iv)
  • (iii) और (iv)

विद्यार्थियों की अधिगम शैली चयन में व्यक्तिगत विभिन्नताओं को किस नजरिये से देखना चाहिए?

  • विकास प्रक्रिया के एक प्राकृतिक और स्वाभाविक रूप में।
  • अध्यापन-अधिगम प्रक्रिया में बाधा के रूप में।
  • एक प्रकार के ‘असामान्य व्यवहार’ के रूप में।
  • अभिसारी चिंतन के नतीजे के रूप में।

विद्यार्थियों की सामाजिक और सांस्कृतिक आयामों से संबंधित व्यक्तिगत भिन्नताओं को संबोधित करने के लिए, निम्न में से क्या महत्त्वपूर्ण है?

  • बाल-केन्द्रित शिक्षाशास्त्र को अपनाना।
  • एक कठोर एवम् मानकीकृत पाठ्यचर्या का पालन करना।
  • मूल्यांकन के योगात्मक तरीकों को लागू करना।
  • विद्यार्थियों को उनकी सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान के आधार पर अलग-अलग समूहों में बाँटना।

एक अध्यापक के तौर पर आप अपनी कक्षा में मौजूद व्यक्तिगत विभिन्नताओं को अपनाने के लिए निम्न में से क्या करोगे?
I. मिश्रित-योग्यता समूह बनाना
II. पाठ्यक्रम को समृद्ध करना
III. अध्यापन के बाल-केंद्रित तरीके अपनाना
IV. विद्यार्थियों का नामकरण करना

  • केवल (I), (II) और (III)
  • केवल (I), (II)
  • केवल (II), (III) और (IV)
  • केवल (II) और (IV)

एक कक्षा में विद्यार्थियों के सामाजिक-सांस्कृतिक संदर्भों के परिप्रेक्ष्य में विविधता ______।

  • को एक गुण के रूप में लेना चाहिए और अवधारणाओं के शिक्षण में इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
  • को विद्यार्थियों को उनके संदर्भों के आधार पर समूहों में बाँटकर बहिर्वेशन करने के लिए इस्तेमाल करना चाहिए।
  • को अनदेखा करना चाहिए और मानकीकृत पाठ्यचर्या का क्रियान्वयन करना चाहिए।
  • को विद्यार्थियों का नामीकरण और रूढ़िबद्ध धारणाओं को पुख्ता करने के लिए इस्तेमाल करना चाहिए।

सभी विद्यार्थियों में अपनेपन/संबद्धता की भावना विकसित करने के लिए, एक अध्यापिका को क्या करना चाहिए?

  • विविधता और व्यक्तिगत विभिन्नताओं के प्रति सम्मान पैदा करें।
  • ऐसे उदाहरण देने चाहिए जो रूढ़िवादों को सक्रिय करें।
  • केवल प्रभुत्व संस्कृतियों के त्योहार ही मनाएँ।
  • गौण समझे जाने वाले समूहों से आने वाले विद्यार्थियों के अनुभवों को अनदेखा करें।

अधिगम स्तरों में व्यक्तिगत विभिन्नताएँ किस वजह से होती हैं?

  • व्यक्तिगत और वातावरणीय कारकों की जटिल अंतःक्रिया की वजह से
  • केवल अधिगमकर्ताओं से संबंधित व्यक्तिगत कारकों की वजह से
  • केवल वातावरण से संबंधित सांस्कृतिक कारकों की वजह से
  • ना ही व्यक्तिगत और ना ही वातावरण कारकों की वजह से

एक कक्षा में विद्यार्थियों के चयनित अधिगम शैलियों में व्यक्तिगत अंतरों को अध्यापिका द्वारा किस प्रकार संबोधित किया जाना चाहिए?

  • उनकी मान्यता रखते हुए बाल-केन्द्रित शिक्षाशास्त्र को अपनाना चाहिए ताकि उनकी व्यक्तिगत जरूरतें पूरी हों।
  • अध्यापन-अधिगम प्रक्रिया में बाधा के रूप में।
  • नकारात्मक पुनर्बलन द्वारा मिटाए जाने चाहिए।
  • संज्ञानात्मक ‘असामान्यता’ के परिणाम के रूप में देखना चाहिए।

एक बहुसांस्कृतिक कक्षा में, अध्यापक को क्या करना चाहिए?

  • विद्यार्थियों के सामाजिक-सांस्कृतिक अनुभवों के संदर्भ में उनकी वैयक्तिक भिन्नताओं का सम्मान करना चाहिए।
  • केवल प्रबल समूह की सांस्कृतिक प्रथाओं को प्रधानता देनी चाहिए।
  • केवल सुविधा वंचित समूहों की सांस्कृतिक प्रथाओं को प्रधानता देनी चाहिए।
  • प्रबल समूह की सांस्कृतिक प्रथाओं की नकारात्मक प्रस्तुति करनी चाहिए।

बच्चों की स्वीकृत अधिगम शैलियों में वैयक्तिक भिन्नताओं को किस प्रकार से संबोधित नहीं किया जाना चाहिए?

  • उनका बहुविध तरीकों से नामीकरण (लेबलिंग) व पृथक्कीरण करके।
  • उन्हें बहुविध तरीकों से जानकारियाँ प्रस्तुत करके।
  • उन्हें बहुविध तरीकों से जानकारियों पर काम करने के अवसर देकर।
  • उन्हें बहुविध तरीकों से काम में शामिल होने के अवसर देकर।

एक शिक्षक को चाहिए कि–

  • वह यह सम्प्रेषित करे कि वह कक्षाकक्ष में सभी संस्कृतियों का सम्मान करती है एवं महत्व देती है।
  • वह विशेष संस्कृतियों/समुदायों के बच्चों को बढ़ावा दे।
  • वह विद्यार्थियों के बीच सांस्कृतिक विभिन्नताओं तथा विविधता की अनदेखी करें।
  • वह विद्यार्थियों के बीच तुलना को अधिकतम करें।

एक प्रगतिशील कक्षा में व्यक्तिगत विभिन्नताओं को किस प्रकार देखा जाना चाहिए?

  • अध्यापन-अधिगम की प्रक्रिया की परियोजना के लिए महत्वपूर्ण।
  • योग्यता-आधारित समूह बनाने का मापदंड।
  • अधिगम की प्रक्रिया में बाधा।
  • अध्यापक के पक्ष पर असफलता।

बच्चों के विकास की व्यक्तिगत विभिन्नताओं को किस पर प्रतिरोपित किया जा सकता है?

  • आनुवंशिकता एवं पर्यावरण की पारस्परिकता पर
  • ना आनुवंशिकता पर ना पर्यावरण पर।
  • केवल आनुवंशिकता पर।
  • केवल पर्यावरण पर।

वैयक्तिक विभिन्नताओं का प्राथमिक कारण क्या है?

  • आनुवंशिकता एवं पर्यावरण के बीच जटिल पारस्परिक क्रिया।
  • पर्यावरणीय प्रभाव
  • लोगों द्वारा माता-पिता से प्राप्त आनुवंशिक संकेत पद्धति (कोड)
  • जन्मजात विशेषताएँ।

निम्नलिखित में से कौन-सा निरंतर और व्यापक मूल्यांकन का समर्थन करेगा?

  • वृद्धि और अधिगम प्रगति पोर्टफोलियो।
  • मानकीकृत बुद्धि परीक्षण।
  • मानकीकृत उपलब्धि परीक्षण।

निम्नलिखित में से किसे रचनात्मक मूल्यांकन नहीं माना जाएगा?

  • एक मूल्यांकन कार्य जो मानदंड के एक मानक पैमाने के अनुसार छात्रों की तुलना करने में सहायक होता है।
  • छात्रों के पूर्व ज्ञान को निर्धारित करने के लिए एक नई अवधारणा की शुरुआत में दिया गया आकलन।
  • छात्रों और शिक्षकों को अग्रगामी प्रतिपुष्टि प्रदान करने के लिए कक्षा के दौरान दिया गया मूल्यांकन।
  • एक आकलन एक छात्र के सीखने में गलत धारणाओं की पहचान करने के लिए प्रयोग किया जाता है।

निम्नलिखित में से उपयोगी प्रतिपुष्टि की एक विशेषता कौन-सी है?

  • यह सामयिक और विशिष्ट होती है।
  • यह केवल कार्य के अंत में ही दी जाती है।
  • यह व्यापक और सामान्य होती है।
  • यह केवल परिणामों पर केंद्रित होती है।

‘अधिगम के लिए आकलन’ का मुख्य लक्ष्य क्या है?

  • विद्यार्थियों को प्रतिपुष्टि प्रदान करना जिसका उपयोग उनके अधिगम में सुधार के लिए किया जा सकता है।
  • विद्यार्थी के प्रदर्शन की तुलना एक मानक या तय पैमाने से करना।
  • उन विद्यार्थियों की पहचान करना जिन्हें ‘धीमें सीखने वालों’ के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है।
  • विद्यार्थी के प्रदर्शन का मूल्यांकन करना और ग्रेड देना।

सामाजिक-रचनावादी कक्षाकक्ष में मूल्यांकन का प्रमुख तरीका क्या होता है?

  • सहयोगात्मक परियोजनाएँ
  • वस्तुनिष्ठ प्रत्याह्वान-आधारित परीक्षाएँ
  • मानकीकृत परीक्षाएँ
  • मानक-संदर्भित परीक्षाएँ

शिक्षार्थियों के आकलन का सबसे महत्त्वपूर्ण उद्देश्य है

  • अध्यापन की प्रभावशीलता पर विचार करना और सीखने को बढ़ाने के लिए इसे संशोधित करना।
  • शिक्षकों को सौंपे गए कार्यों में से एक कार्य को पूरा करना।
  • रिकॉर्ड और रजिस्टरों को पूरा करना।
  • कक्षा में समान योग्यता वाले समूह बनाने के लिए।

इरम एक प्राथमिक स्कूल में अध्यापिका है। वह विद्यार्थियों की प्रगति को जांचने के लिए पूरे सत्र के दौरान प्रोजेक्ट, समूह कार्यपत्रक, लिखित कार्यपत्रक और खुली किताब परीक्षाओं का प्रयोग करती है। इस तरह से इरम ______ मूल्यांकन का अभ्यास करती है।

  • संरचनात्मक
  • संकलनात्मक/योगात्मक
  • अनम्य
  • अनिरन्तर

प्रभावी शिक्षक कक्षा में शिक्षण-अधिगम की प्रक्रिया में अक्सर जाँच करने वाले प्रश्नों का प्रयोग करते हैं। इससे शिक्षक को किस प्रकार का मूल्यांकन करने में मदद मिलेगी?

  • रचनात्मक मूल्यांकन
  • योगात्मक मूल्यांकन
  • मानकीकृत मूल्यांकन
  • मानक-संदर्भित मूल्यांकन

सतत व समग्र मूल्यांकन के क्या मायने हैं?

  • बच्चे के व्यापक विकास से जुड़ी सभी स्कूली गतिविधियों के आकलन के सभी पहलुओं को शामिल करना।
  • विद्यार्थियों की एक-दूसरे से तुलना करना।
  • केवल शैक्षिक गतिविधियों के आधार पर बच्चों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करना।
  • साल के अंत में बच्चों का मूल्यांकन करना उनकी अगली कक्षा में पदोन्नति का निर्णय लेने के लिए मूल्यांकन।

आकलन के संदर्भ में निम्नलिखित में से क्या सही है?

  • ‘अधिगम के लिए आकलन’ विद्यार्थियों द्वारा स्व-आकलन को भी शामिल करता है।
  • आकलन मानकीकृत परीक्षणों द्वारा किया जाना चाहिए।
  • रचनात्मक आकलन केवल निर्देशन के अंत में होता है।
  • मानदंड–संदर्भित परीक्षण ‘मानकों’ को निष्पादन तुलना का सामान्य स्तर मानकर इस्तेमाल करते हैं।

आकलन का मुख्य उद्देश्य क्या होना चाहिए?

  • विद्यार्थियों के सीखने की प्रगति के प्रति समझ बनाना।
  • विद्यार्थियों के अंकों की व्यापकता का पता लगाना।
  • संभाव्य असफल और सफल विद्यार्थियों की पहचान करना।
  • विद्यार्थियों को ग्रेड मान देना।

निम्न में से किस प्रकार का मूल्यांकन, विद्यार्थियों के लिए ‘अधिगम का रूप’ बन जाता है?

  • विद्यार्थियों द्वारा किया गया स्व-मूल्यांकन।
  • सत्र के अंत में अध्यापक द्वारा किया गया मूल्यांकन।
  • सत्र से पहले विशिष्ट शिक्षक द्वारा किया गया मूल्यांकन।
  • मानकीकृत परीक्षाओं द्वारा किया गया मूल्यांकन।

रचनात्मक आकलन

  • समूची शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया के दौरान किया जाता है।
  • सत्र के अंत में किया जाता है।
  • केवल मानकीकृत परीक्षणों के माध्यम द्वारा किया जाता है।
  • केवल एक विशिष्ट शिक्षक द्वारा किया जाता है।

सीखने के उद्देश्य हेतु आकलन का उपयोग करने के लिए, एक शिक्षक को चाहिए कि वह

  • चल-रही गतिविधि में बच्चे की भागीदारी के आधार पर आकलन करे।
  • सत्र के अंत में परीक्षा का आयोजन करे।
  • केवल मानकीकृत परीक्षणों का उपयोग करे।
  • सभी के लिए अर्ध-वार्षिक परीक्षा अनिवार्य करे।

मूल्यांकन को ‘अधिगम के लिए मूल्यांकन’ रूप में इस्तेमाल करने के लिए क्या करना चाहिए?

  • मूल्यांकन एक निरंतर प्रक्रिया के रूप में करें।
  • मुख्यतः आधा पाठ्यक्रम पूरा होने के बाद मूल्यांकन करें।
  • सत्र के अंत में ही मूल्यांकन करें।
  • सत्र के शुरू में ही मूल्यांकन करें।

अधिगम का सामाजिक-संरचनात्मक उपागम, निम्न में से किस आधार पर मूल्यांकन को बढ़ावा देता है?

  • सहयोगात्मक प्रोजेक्ट कार्यों द्वारा।
  • मुख्यतः प्रत्यास्मरण आधारित परीक्षाओं द्वारा।
  • एक शब्द के जवाब वाले सवालों द्वारा।
  • मानकीकृत परीक्षाओं द्वारा।

एक अध्यापिका (कक्षा सत्र खत्म हो जाने के बाद) अपने विद्यार्थियों को अपनी कक्षा के सर्वाधिक भ्रमित करने वाले पहलुओं या सर्वाधिक महत्वपूर्ण बिन्दुओं के बारे में लिखने के लिए कहती है जिससे कि वह ये समझ सके कि विद्यार्थियों ने क्या ग्रहण किया है और वह अपने अध्यापन के अगले चरण के बारे में विचार कर सकें। अध्यापिका द्वारा यहाँ किस प्रकार के आकलन का इस्तेमाल किया जा रहा है ?

  • रचनात्मक आकलन
  • योगात्मक आकलन
  • असतत आकलन
  • रूब्रिक्स

‘अधिगम हेतु मूल्यांकन’ के संदर्भ में निम्न में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

  • मूल्यांकन मानकीकृत परीक्षणों द्वारा करना चाहिए।
  • मूल्यांकन व्यापक होना चाहिए।
  • मूल्यांकन सतत होना चाहिए।
  • विद्यार्थियों द्वारा स्व-मूल्यांकन अधिगम हेतु मूल्यांकन का हिस्सा होना चाहिए।

मूल्यांकन का मुख्य उद्देश्य क्या है?

  • अधिगम प्रक्रिया में विद्यार्थियों की प्रगति और चुनौतियों को समझना।
  • विद्यार्थियों में प्रतिस्पर्धा की भावना पैदा करना।
  • विद्यार्थियों में असफलता का डर पैदा करना।
  • विद्यार्थियों को ‘असफल’ के रूप में वर्गीकृत करना।

‘अधिगम के लिए’ मूल्यांकन किस प्रकार का होना चाहिए?

  • संदर्भित
  • मानकीकृत
  • मानदंड-संदर्भित
  • अध्यापक-अभिमुखी

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 ने किस पर जोर दिया है?

  • बहुविषयकता शिक्षा
  • कठोर पाठ्यक्रम
  • योगात्मक आकलन
  • परीक्षा-केंद्रित शिक्षाशास्त्र

मूल्यांकन का मुख्य उद्देश्य क्या होना चाहिए?

  • विद्यार्थी की अधिगम प्रगति को समझना
  • विद्यार्थी का नामीकरण।
  • समान योग्यता-आधारित विद्यार्थियों का समूहीकरण।
  • कम अंक पाने वाले विद्यार्थियों का अवरोधन।

मूल्यांकन की प्रक्रिया में विद्यार्थियों को शामिल करके मूल्यांकन की प्रकृति में किस प्रकार का बदलाव आता है?

  • ‘अधिगम का मूल्यांकन’, ‘अधिगम के लिए’ मूल्यांकन हो जाता है।
  • रचनात्मक मूल्यांकन, योगात्मक मूल्यांकन में बदल जाता है
  • व्यापक मूल्यांकन, अव्यापक मूल्यांकन में बदल जाता है
  • सतत मूल्यांकन, असतत मूल्यांकन के बदल जाता है

रचनात्मक आकलन किस प्रकार किया जाना चाहिए?

  • नियमित रूप से विद्यार्थियों में सहयोग के साथ।
  • मानकीकृत परीक्षणों के समूह का उपयोग करके।
  • एक विशेष शिक्षक द्वारा,न कि एक सामान्य शिक्षक द्वारा।
  • केवल सत्र शुरुआत और अंत में ही करना चाहिए।

रचनात्मक मूल्यांकन निम्न में से किस लिए प्रभावी होता है?

  • विद्यार्थियों की अधिगम प्रगति को समझने में ताकि उन्हें तदानुसार सहायता प्रदान की जा सके।
  • विद्यार्थियों में असफलता का निरंतर भय पैदा करने में।
  • विद्यार्थियों के प्रदर्शन की एक-दूसरे से तुलना करने में।
  • विद्यार्थियों के नामीकरण, वर्गीकरण और विशेष विद्यालय के लिए निर्दिष्ट करने के लिए।

एक अध्यापिका अपने विद्यार्थियों की अधिगम प्रगति को बिना एक-दूसरे की तुलना किए निरंतर रूप से समझना चाहती है। उसे ______ का इस्तेमाल करना चाहिए।

  • रचनात्मक मूल्यांकन
  • योगात्मक मूल्यांकन
  • मूल्यांकन के अनिरंतर रूप
  • मानक-संदर्भित मूल्यांकन

जब आकलन विद्यार्थियों के किसी कौशल संबंधी बोध और समझ या पाठ के अधिगम और शिक्षण प्रक्रिया के दौरान किया जाता है, तब इसे क्या कहा जाता है?

  • अधिगम के लिए आकलन
  • अधिगम का आकलन
  • असतत मूल्यांकन
  • योगात्मक मूल्यांकन

अध्यापकों को विद्यार्थियों के अधिगम युक्तियों के अर्जन को सुगम-सहज करना चाहिए। निम्नलिखित में से कौन-से तरीके का इस्तेमाल शिक्षार्थियों को अधिक कौशलीभूत बनाने के लिए किया जा सकता है?

  • विद्यार्थियों में स्वयं से प्रश्न करना और स्व-आकलन समुन्नत करके।
  • विद्यार्थियों को चिंतन के अभिसारी तरीकों के अवसर देकर।
  • विद्यार्थियों को अवास्तविक उद्देश्य और समय-तालिका बनाने में मदद करके।
  • जो प्रासंगिक नहीं है, उस पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रोत्साहित करके।

एक संरचनावादी कक्षा में, अध्यापिका किस पर जोर देती है ?

  • रचनात्मक मूल्यांकन
  • मानकीकृत मूल्यांकन
  • मानक-संदर्भित मूल्यांकन
  • योगात्मक मूल्यांकन

समावेशी शिक्षा ______ के विविध जरियों के निष्कासन पर बल देती है।

  • भेदभाव
  • प्रस्तुतीकरण
  • अभिव्यक्ति
  • संलग्नता

आकलन करने का मुख्य कारण क्या है?

  • अधिगम को अनुकूलतम बनाने के लिए विद्यार्थियों की खूबियों और चुनौतियों की पहचान करना।
  • विद्यार्थियों में परीक्षा के प्रति भय पैदा करना।
  • विद्यार्थियों के निष्पादन के अनुसार उन्हें आगे की कक्षा में प्रोन्नत करना या रोक लेना।
  • विद्यार्थियों को श्रेणी देना और वरीयताओं में वर्गीकृत करना।

मूल्यांकन को–

  • शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया का एक भाग होना चाहिए।
  • केवल नम्बरों के संदर्भ में करना चाहिए।
  • वस्तुनिष्ठ प्रकार के लिखित कार्यों पर आधारित होना चाहिए।
  • एक अलग गतिविधि के रूप में लेना चाहिए।

निम्नलिखित में से कौन-सा सतत और व्यापक मूल्यांकन से संबंधित नहीं है?

  • यह बच्चों को धीमे, खराब या बुद्धिमान के रूप में चिह्नित करने में उपयोगी होता है।
  • इसे भारत के शिक्षा के अधिकार अधिनियम द्वारा अनिवार्य किया गया है।
  • यह शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया का एक अभिन्न अंग है।
  • यह विभिन्न शिक्षा-क्षेत्रों में बच्चे की उपलब्धि पर केंद्रित है।

शिक्षक सीखने के लिए मूल्यांकन और सीखने के मूल्यांकन दोनों का उपयोग कर सकते हैं–

  • बच्चों की प्रगति और उपलब्धि स्तर को जानने में।
  • बच्चे की सीखने की जरूरतों को जानने में और तदनुसार शिक्षण रणनीति का चयन करने में।
  • आवधिक अंतरालों पर बच्चे के प्रदर्शन का आकलन करने और उसके प्रदर्शन को प्रमाणित करने में।
  • बच्चों की प्रगति की निगरानी करने और उनके सीखने के अंतराल को भरने के लिए उचित लक्ष्य निर्धारित करने में।

मानकीकृत परीक्षणों की आलोचनाओं में से एक यह है कि

  • वे मुख्य रूप से मुख्यधारा की संस्कृति का प्रतिनिधित्व करते हैं और इसलिए पक्षपाती हैं।
  • उनकी भाषा को समझना मुश्किल है।
  • परीक्षण बड़ी आबादी पर लागू नहीं किए जा सकते हैं।
  • वे बच्चे की क्षमता की स्पष्ट तस्वीर नहीं देते हैं।

मूल्यांकन पद्धतियों का लक्ष्य होना चाहिए–

  • विद्यार्थियों की जरूरतों एवं आवश्यकताओं की पहचान करना।
  • पुरस्कार-वितरण हेतु उच्च-अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की पहचान करना।
  • विद्यार्थियों को नामांकित करना।
  • योग्यता-आधारित समूहों में विद्यार्थियों को विभाजित करना।

आकलन का प्राथमिक उद्देश्य क्या होना चाहिए?

  • संबंधित अवधारणाओं के बारे में बच्चों की स्पष्टता तथा भ्रांतियों को समझना।
  • विद्यार्थियों के प्राप्तांकों के आधार पर उनको नामांकित करना।
  • रिपोर्ट कार्ड में उत्तीर्ण या अनुत्तीर्ण अंकित करना।
  • विद्यार्थियों के लिए श्रेणी निश्चित करना।

निम्न में से किस प्रकार के प्रश्न एक छात्र की जानकारी का गंभीर रूप से मूल्यांकन करने की योग्यता का आकलन करने में मदद करता है?

  • वे प्रश्न जो छात्र की व्यक्तिगत राय पूछते हैं।
  • वे प्रश्न जो शब्द की सरल परिभाषा के लिए पूछते हैं।
  • वे प्रश्न जो पाठ को मान्य करने वाले उदाहरणों के लिए पूछते हैं।
  • वे प्रश्न जो किसी पाठ का सारांश माँगते हैं।

निम्नलिखित में से कौन-सा एक ऐसे प्रश्न का उदाहरण है जिसमें विद्यार्थियों को अपनी सोच पर विचार करने की आवश्यकता होती है?

  • कक्षा की शुरुआत से क्रियाओं के उपयोग के बारे में आपकी समझ कैसे बदली है?
  • वाक्य में संज्ञा और क्रिया के बीच क्या संबंध है?
  • क्रिया की परिभाषा क्या है?
  • आप क्रिया को वर्तमान काल में कैसे बदल सकते हैं?

विद्यार्थियों में समालोचनात्मक चिंतन को बढ़ावा देने के लिए, एक अध्यापिका को ऐसा अधिगम माहौल बनाना चाहिए जहाँ :

  • विद्यार्थी संभाव्य परिकल्पनाएँ निरूपित कर सकें।
  • अभिसारी चिंतन को बढ़ावा मिले।
  • प्रश्न पूछने की प्रवृत्ति को नकारात्मक रूप से पुनर्बलित किया जाए।
  • कंठस्थ स्मरण को प्रयोगकार्य से ज्यादा अधिमानित किया जाए।

विद्यार्थियों में समालोचनात्मक चिंतन का आकलन करने के लिए अध्यापक को निम्नलिखित में से किसका चयन करना चाहिए?

  • खुले अंत वाले वे प्रश्न जिनमें अपसारी चिन्तन शामिल है।
  • वे प्रश्न जिनका उत्तर ‘हाँ’या ‘ना’ में है।
  • एक शब्द के जवाब वाले प्रश्न।
  • वे प्रश्न जिनमें केवल घोषणात्मक ज्ञान का प्रत्यास्मरण शामिल है।

निम्नलिखित में से कौन-सी प्रविधि विद्यार्थियों में समालोचनात्मक चिन्तन को प्रोत्साहित कर सकती है?

  • विद्यार्थियों को विमर्श हेतु समय देना।
  • प्रश्न का तुरंत उत्तर देने के लिए कहना।
  • विद्यार्थियों से बंद-अंत वाले प्रश्न पूछना।
  • विद्यार्थियों में परस्पर अन्तःक्रिया को निरुत्साहित करना।

अभिकथन (A) : किसी नए संप्रत्यय को सीखने के समय अध्यापिका द्वारा विद्यार्थियों को सवाल पूछने और अपने सन्देहों को स्पष्ट करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। तर्क (R) : सवाल पूछना समालोचनात्मक चिंतन के विकास में बाधा पैदा करता है। सही विकल्प चुनिए :

  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों सही है और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही है लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  • (A) और (R) दोनों गलत है।

निम्नलिखित में से कौन-से उपागम के द्वारा विद्यार्थियों में समालोचनात्मक चिन्तन को बढ़ावा देने की संभावना है?

  • परिकल्पनाओं को विकसित करने में विद्यार्थी को सहयोग देना।
  • बंद-अंत तय आधारित प्रश्न पूछना।
  • अभिसारी चिंतन को बढ़ावा देना।
  • केवल पाठ्यपुस्तकों द्वारा पढ़ाना।

निम्नलिखित में से किसके द्वारा विद्यार्थियों में समालोचनात्मक चिंतन में बाधा पड़ने की संभावना है?

  • रटकर याद करने (कंठस्थीकरण) को प्रोत्साहित करने से।
  • अनुरूपकों के प्रयोग को बढ़ावा देने से।
  • खुले अंत वाले प्रश्न पूछने से।
  • गहन चिंतन के लिए समय प्रदान करने से।

शिक्षार्थियों में समालोचनात्मक चिंतन को समुन्नत करने के लिए क्या महत्वपूर्ण है?

  • विद्यार्थियों को ज्ञान सृजन के प्रचुर अवसर मिलने चाहिए।
  • अध्यापक को विद्यार्थियों से बहुत ही आसान प्रश्न पूछने चाहिए।
  • अध्यापक को पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए गैर-लचीली समयरेखा का पालन करना चाहिए।
  • विद्यार्थियों को एक समान योग्यता वाले समूहों में वर्गीकृत करना चाहिए।

निम्न में से कौन-सा सवाल विद्यार्थियों में आलोचनात्मक चिंतन को बढ़ाने में मददगार है?

  • हम किस तरह भविष्य में जल संकट को टाल सकते हैं?
  • (अ+ब)² का सूत्र क्या है?
  • भारत का पहला राष्ट्रपति कौन था?
  • बाल दिवस किस तारीख पर मनाया जाता है।

समालोचनात्मक सोच के संदर्भ में निम्न में से कौन-सा कथन सही है?

  • विद्यार्थियों को चिंतन हेतु समय देकर समालोचनात्मक सोच को बढ़ाया जा सकता है।
  • समालोचनात्मक सोच मुख्यतः रटकर याद करने से विकसित होता है।
  • अधिगम प्रक्रिया में समालोचनात्मक सोच अर्थहीन है।
  • समालोचनात्मक सोच संज्ञानात्मक विकास में बाधक है।

शिक्षार्थियों में समालोचनात्मक चिन्तन को समुन्नत करने के लिए अध्यापक को विद्यार्थियों को किस बात के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए ?

  • अपने सहपाठियों द्वारा साझा किए गए बहुविध दृष्टिकोणों पर विमर्श करने के लिए।
  • तथ्यों को कंठस्थ करने के लिए।
  • श्यामपट्ट पर लिखे गए उत्तरों को ज्यों का त्यों नकल करके लिखने के लिए।
  • अपने विचारों को दूसरों से साझा न करने और अलग होकर काम करने के लिए।

शिक्षक द्वारा पूछे गए निम्नलिखित में ‘से कौन-सा प्रश्न बच्चों में रचनात्मकता और समस्या समाधान दृष्टिकोण को बढ़ावा देता है?

  • आप अपने शहर में प्रदूषण कैसे कम कर सकते हों?
  • आपका नाम क्या है?
  • आप कहाँ रहते हैं?
  • भारत को आजादी कब मिली?

कथन (A) : एक अध्यापिका द्वारा विद्यार्थियों को कक्षा में सवाल पूछने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। तर्क (R) : सवाल पूछना समालोचनात्मक चिंतन के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सही विकल्प चुनिए:

  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।

एक अध्यापिका द्वारा अपनाई गई कौन-सी युक्ति विद्यार्थियों में सृजनात्मक सोच को बढ़ावा देगी?

  • ऐसी समस्याएँ प्रस्तुत करना जिनके लिए नवचारी समाधान खोजने की जरूरत हो
  • बड़े-बड़े गद्य कंठस्थ याद करने के लिए देना
  • किसी समस्या को दर्शाने के अभिसारी तरीके को प्रोत्साहित करना
  • प्रकार्यात्मक स्थिरता को पुरस्कृत करना

विद्यार्थियों में समालोचनात्मक चिन्तन को समुन्नत करने के लिए, अध्यापक को ______ जिनमें ______ शामिल है, प्रस्तुत करने चाहिए।

  • खुले अन्त वाले (मुक्तोत्तर) प्रश्न; अपसारी चिन्तन ।
  • बंद अन्त वाले प्रश्न; अभिसारी चिन्तन।
  • वास्तविक जीवन संदर्भ की चुनौतियाँ; अभिसारी चिन्तन।
  • संदर्भ-रहित परिदृश्य; घेषणात्मक ज्ञान का अनुप्रयोग।

राधिका अपने विद्यार्थियों को किसी परिस्थिति को विविध रूप से प्रस्तुत करने, समझने, मूल्यांकन करने और प्रतिबिंबित करने के लिए प्रोत्साहित करती है। ऐसा करके वह अपने विद्यार्थियों में ______ चिंतन के विकास को सुसाधित कर रही है।

  • अपसारी
  • अभिसारी
  • बाह्य रूप से अनुकूलित
  • अतार्किक

विद्यार्थियों में समालोचनात्मक चिंतन के विकास हेतु निम्न में से क्या सहायक नहीं है ?

  • विचारों की अनन्यता
  • परासंज्ञान
  • स्व-पूछताछ और स्व – आकलन
  • सुझाए समाधानों का मूल्यांकन

ब्रेनस्टॉर्मिंग (विचारावेश) को एक तकनीक के रूप में बच्चों में ______ विकसित करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

  • अपसारी सोच
  • अभिसारी सोच
  • प्रकार्यात्मक स्थिरता
  • अनुक्रिया समुच्चय

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 सुझाती है कि शिक्षा

  • समालोचनात्मक चिंतन के विकास पर केन्द्रित होनी चाहिए।
  • पाठ्यपुस्तक की विषय-वस्तु तक सीमित होनी चाहिए।
  • तथ्यों के कंठस्थीकरण पर आधारित होनी चाहिए।
  • विद्यार्थियों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ाने की तरफ उन्मुख होनी चाहिए।

आप अपने विद्यार्थियों में समालोचनात्मक चिन्तन को समुन्नत करना चाहते हैं। ऐसा करने के लिए आप निम्न में से किन कौशलों का संवर्धन करना चाहेंगे?

  • स्व-चिंतन/प्रतिबिम्बन
  • अभिसारी चिंतन
  • कंठस्थीकरण
  • निष्क्रिय अनुकरण

बच्चों को कक्षा में प्रश्न–

  • पूछने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
  • पूछने के लिए हतोत्साहित करना चाहिए।
  • पूछने की अनुमति नहीं देनी चाहिए।
  • पूछने से रोकना चाहिए

निम्नलिखित में से कौन-सा प्रश्न बच्चों को गंभीर रूप से सोचने के लिए आमंत्रित करता है?

  • विभिन्न तरीकों से हम इसे कैसे हल कर सकते हैं?
  • क्या आप इसका उत्तर जानते हैं?
  • सही जवाब क्या है?
  • क्या आप इसी तरह की स्थिति के बारे में सोच सकते हैं?

रूही हमेशा समस्या के एकाधिक समाधानों के बारे में सोचती है। इनमें से काफी समाधान मौलिक होते हैं। रूही किन गुणों का प्रदर्शन कर रही है?

  • सृजनात्मक विचारक
  • अनम्य विचारक
  • आत्म-केन्द्रित विचारक
  • अभिसारिक विचारक

समावेशन को बढ़ावा देने के लिए क्या आवश्यक है? (i) लचीला पाठ्यक्रम (ii) सहयोगात्मक अधिगम (iii) पृथक्करण और नामीकरण (iv) सुगम्य इमारतें

  • (i) (ii) (iv)
  • (ii) (iii) (iv)
  • (i) (ii) (iii) (iv)
  • (i) (ii) (iii)

अभिकथन (A) : एक समावेशी कक्षा में छात्रों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए शिक्षकों को बहुसंवेदी सामग्री का उपयोग करना चाहिए। कारण (R) : समावेशी कक्षाओं को पाठ्यचर्या सामग्री के मानकीकरण के साथ-साथ मूल्यांकन रणनीतियों के मानकीकरण को अपनाना चाहिए। सही विकल्प चुनें :

  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (A) की (R) सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (A) की (R) सही व्याख्या नहीं करता है।

एक समावेशी कक्षा में :

  • सभी बच्चों की कक्षा की गतिविधियों तक पहुँच है और वे कक्षा की क्रिया में शामिल हैं।
  • सभी बच्चे समान पाठ्यचर्या का पालन करते हैं और सभी शिक्षार्थियों के लिए समान शिक्षाशास्त्र अपनाया जाता है।
  • ‘विशेष बच्चे’ हमेशा अपने पाठ्यचर्या पर काम करते हैं।
  • ‘विशेष बच्चों को जरूरतमंद और आश्रित के रूप में देखा जाता है।

वंचित वर्गों से संबंधित विद्यार्थियों के समावेशन के लिए :

  • विविध परम्पराओं के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता को बढ़ावा देना चाहिए।
  • पहचान-आधारित रूढ़ियों को प्रमाणित और प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
  • सामाजिक संबद्धता के आधार पर कक्षा में अलगाव करना चाहिए।
  • समान क्षमताओं के आधार पर विद्यार्थियों को समूहों में विभाजित करना चाहिए।

निम्नलिखित में से कौन-सा कथन समावेशी शिक्षा के बारे में सही नहीं है?

  • “निश्चित पाठ्यचर्या और मानक मूल्यांकन” के आसपास ही एक समावेशी कक्षा का केन्द्र होता है।
  • समावेशी शिक्षण का अर्थ है “ऐसे तरीकों से शिक्षण जो बहिष्कृत न करें”।
  • समावेशी शिक्षण का अर्थ है “उस शिक्षाशास्त्र को अपनाना जो सभी शिक्षार्थियों की आवश्यकताओं का समर्थन करता है”।
  • एक समावेशी कक्षा “भाषा शैली में अंतर को समायोजित करती है और सहयोग को बढ़ावा देती है।”

शिक्षक जो समावेशी कक्षाओं की दिशा में काम कर रहे हैं, उन्हें चाहिए कि वे : (i) पाठ्यचर्या में अनुकूलन करें (ii) विविध दृष्टिकोणों को शामिल करें (iii) अपने स्वयं के अंतर्निहित पूर्वाग्रहों की जाँच करें (iv) विविधता को एक बाधा के रूप में देखें उपर्युक्त में से कौन-से सही हैं?

  • (i), (ii), (iii)
  • (ii), (iii), (iv)
  • (i), (ii), (iii), (iv)
  • (i), (iii), (iv)

विद्यार्थियों को उनकी अभिरुचि, जरूरतों व परिवेश की विभिन्नताओं को ध्यान में रखकर उन्हें विविध प्रकार की गतिविधियों व अनुभवों के विकल्प देना किस सिद्धान्त का पालन करता है?

  • समावेशन
  • नामीकरण व पृथक्करण
  • प्रतिस्पर्धा
  • बहिष्करण

निम्न में से क्या कक्षाकक्ष में सांस्कृतिक संवेदनशीलता को बढ़ावा नहीं देता है?

  • केवल प्रभावी संस्कृति के त्योहार मनाना
  • विभिन्न संस्कृतियों के अनुकूल गतिविधियों का आयोजन करना
  • विद्यार्थियों को उनकी संस्कृति के अनुभवों को साझा करने को बढ़ावा देना
  • हर विद्यार्थी की विविध पृष्ठभूमि को स्वीकारना व सम्मान देना

एक समावेशी कक्षा में शिक्षिका की क्या भूमिका है?

  • बच्चों की विविध जरूरतों का पता लगाना व उनका ख्याल रखना
  • केवल कुछ खास विद्यार्थियों पर ध्यान देना
  • बच्चों को उनकी अकादमिक क्षमता के आधार पर पहचानना व उनका पृथक्करण करना
  • खास जरूरतों वाले बच्चों को विशेषज्ञ के पास भेजना व सुनिश्चित करना कि उन्हें अलग संकाय में पढ़ाया जाए

विविध समूह के विद्यार्थियों के शिक्षण के दौरान एक शिक्षक को क्या ध्यान में रखना चाहिए? (i) सभी विद्यार्थी को स्वीकारना व सम्मान देना (ii) सांस्कृतिक विभिन्नताओं को अनदेखा करना (iii) सुसंगत संप्रेषण बनाए रखना (iv) अप्रत्यक्ष निर्देश देना (v) विद्यार्थियों को स्वायत्तता व लचीलापन देना

  • (i) (iii) (v)
  • (i) (ii) (iii)
  • (ii) (iii) (iv)
  • (iii) (iv) (v)

समावेशी शिक्षा में किसकी आवश्यकता है?

  • विविधता को स्वीकृति
  • मानकीकृत पाठ्यचर्या
  • रूढ़िबद्धताओं को बढ़ावा
  • अगम्य इमारती ढाँचा

अभिकथन (A) : सुविधावंचित समूह से आने वाले विद्यार्थियों की आवश्यकताओं को संबोधित करने के लिए अध्यापक को उनके सामाजिक-सांस्कृतिक संदर्भों को जानना चाहिए। कारण (R) : पाठ्यचर्या की अभिकल्पना ‘औसत’ विद्यार्थियों को ध्यान में रखकर करनी चाहिए। सही विकल्प चुनें।

  • (A) सही है, लेकिन (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।

सुविधा वंचित समूहों से संबंध रखने वाले विद्यार्थियों के समावेशन में निम्नलिखित में से किसके द्वारा अवरोध उत्पन्न होता है?

  • रूढ़िबद्ध और स्थापित धारणाएँ
  • बाल-केन्द्रित उपागम
  • रचनात्मक आकलन
  • वैयक्तिक भिन्नताओं का ध्यान रखना

वंचित समूहों से संबंधित विद्यार्थियों के सफल समायोजन हेतु, निम्न में से क्या बाधा बन जाती है ?

  • विभिन्न प्रथाओं में अंतरों को प्रकाशित करना और उनमें पदानुक्रमता स्थापित करना
  • सांस्कृतिक और धार्मिक विविधता का समारोह
  • उनके सामाजिक समूहों से संबंधित प्रेरणास्रोतों की अभिस्वीकृति
  • एक साझी राष्ट्रीय अस्मिता मनोगत करना और संबद्धता के भाव को बढ़ावा देना

अनुसूचित जनजाति (ST) के विद्यार्थियों के समावेशन को सफल बनाने के लिए यह महत्त्वपूर्ण है कि

  • उनकी अपनी स्थानीय भाषा में बनाई गई शैक्षिक सामग्रियों को उपलब्ध करवाया जाए
  • प्रमुख समूह द्वारा पसंद की जाने वाली भाषा में पढ़ाया जाए।
  • उनके सांस्कृतिक ज्ञान और अनुभवों की अनदेखी की जाए।
  • विद्यालय और उनके समुदाय के बीच सामाजिक दूरी कायम रखी जाए।

अभिकथन (A) : विविध सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि वाले विद्यार्थियों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एक शिक्षक को मानकीकृत पाठ्यचर्या अपनानी चाहिए। तर्क (R) : मानकीकृत पाठ्यचर्या सभी प्रकार की व्यक्तिगत भिन्नताओं को ध्यान में रखती है। सही विकल्प चुनिए:

  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।

निम्न सामाजिक-आर्थिक समूहों से संबंध रखने वाले विद्यार्थियों के सफल समावेशन हेतु कौन-सी बात महत्त्वपूर्ण है?

  • पारस्परिकता के बोध का विकास करने वाली विद्यालयी संस्कृति को समुन्नत करना।
  • मानकीकृत पाठ्यचर्या द्वारा शिक्षण।
  • उनके सामाजिक-सांस्कृतिक परिवेश की अनदेखी करना।
  • केवल प्रभुत्ववादी संस्कृतियों में प्रचलित प्रथाओं का क्रियान्वयन करना।

समावेशन को समुन्नत करने के लिए अध्यापक को क्या करना चाहिए?

  • अधिगम के सार्वभौमिक अभिकल्प (डिजाइन) को क्रियान्वित करना चाहिए।
  • प्रतियोगिताओं को प्रोत्साहित करना चाहिए।
  • अध्यापक-केन्द्रित शिक्षणशास्त्र विधियों को क्रियान्वित करना चाहिए।
  • वैयक्तिक भिन्नताओं की अनदेखी करनी चाहिए।

अभिकथन (A) : वंचित समूहों के विद्यार्थियों के समावेशन को सफल बनाने के लिए, यह महत्वपूर्ण है कि उनकी संस्कृति के पहलुओं को विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से शामिल किया जाए। तर्क (R) : अपनेपन का बोध सीखने के लिए अभिप्रेरित करता है। सही विकल्प चुनिए :

  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R) (A) की सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R) (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।

पिछड़े वर्ग में आने वाले विद्यार्थियों के सफल समावेशन हेतु महत्वपूर्ण है कि :

  • उनमें अपनेपन की भावना को बढ़ावा दिया जाए।
  • उन्हें केवल अलग संकाय में पढ़ाया जाए।
  • उन विद्यार्थियों के सामाजिक-सांस्कृतिक संदर्भ को अनदेखा किया जाए।
  • उनके लिए विद्यालय पश्चात् ट्यूशन लेना अनिवार्य किया जाए।

एक मुख्यधारा वाले कक्षाकक्ष में विशिष्ट जरूरतों वाले विद्यार्थियों के समावेशन के लिए क्या जरूरी है?

  • सामर्थ्य निर्माण और संवेदीकरण।
  • योग्यता आधारित अलगाव।
  • विद्यार्थियों में प्रतिस्पर्धा पर अधिक बल।
  • अधिगम के बजाय पाठ्यक्रम पूर्ण करने पर बल।

वंचित समूहों से जुड़े विद्यार्थियों के सफल समावेशन हेतु, यह महत्वपूर्ण है कि :

  • सभी विद्यार्थियों में जुड़ाव की भावना विकसित की जाए।
  • विविधता को अधिगम प्रक्रिया में बाधा माना जाए।
  • इन विद्यार्थियों को एक अलग समूह में पढ़ाया जाए।
  • सभी विद्यार्थियों को सामाजिक-सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य को अनदेखा किया जाए।

अभिकथन (A) : किसी संप्रत्यय पर चर्चा करते समय अध्यापिका को विभिन्न परिवेशों से सम्बन्धित उदाहरण देने चाहिए। तर्क (R) : अधिगमकर्ता शिक्षा के साथ एक जुड़ाव की भावना विकसित कर पाते हैं अगर उनके सामाजिक-सांस्कृतिक परिवेश से सम्बन्धित उदाहरणों और अनुभवों को चर्चा में शामिल किया जाता है।

  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R),(A) की सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R),(A) की सही व्याख्या नहीं है।
  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।

शिक्षा में समावेशन को किस प्रकार से समुन्नत किया जा सकता है ?

  • अधिगम के सार्वभौमिक अभिकल्प (डिज़ाइन) के क्रियान्वयन द्वारा।
  • अधिगम के लिए व्यवहारवादी उपागम का उपयोग करके।
  • अगम्य (पहुँच से बाहर) आधारभूत ढाँचा अभिकल्पित करके।
  • सहयोग और सम्प्रेषण को निरुत्साहित करके।

हाशिये पर स्थित समूहों से आने वाले विद्यार्थियों के सामाजिक-सांस्कृतिक ज्ञान के प्रति किस तरह का दृष्टिकोण होना चाहिए?

  • उसे मान देना चाहिए और अध्यापन-अधिगम प्रक्रिया में शामिल करना चाहिए।
  • उसे अध्यापन-अधिगम प्रक्रिया में अर्थहीन मानना चाहिए।
  • उसे नकार देना चाहिए और अध्यापन-अधिगम प्रक्रिया में शामिल करने से बचना चाहिए।
  • उसे दूसरे समूहों के विद्यार्थियों द्वारा ग्रहण सामाजिक-सांस्कृतिक ज्ञान से ‘कमत्तर’ समझना चाहिए।

अभिकथन (A) : वंचित वर्गों से संबंधित विद्यार्थियों के सफल समावेशन हेतु मानकीकृत पाठ्यक्रम को लागू करना बहुत महत्वपूर्ण है। तर्क (R) : मानकीकृत पाठ्यक्रम अधिगमकर्ताओं की सभी प्रकार की व्यक्तिगत विविधताओं को समाहित कर लेता है। सही विकल्प चुनिए:

  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनो सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।

निम्न में से कौन-सा कारक शिक्षा में समावेशन में बाधक है?

  • विद्यार्थियों में प्रतिस्पर्धा
  • बहुसंवेगी उपागम
  • आधारभूत संरचना सुगम्यता
  • बाल-केंद्रित शिक्षाशास्त्र

विभिन्न संजातीय समूहों से संबंधित विद्यार्थियों से युक्त कक्षा में एक अध्यापिका को क्या करना चाहिए?

  • ऐसी चर्चाएँ सुसाधित करनी चाहिए जिनसे विविधता के प्रति स्वीकृति और सम्मान पैदा हो।
  • विद्यार्थियों को समान संजातियों के आधार पर वर्गीकृत कर देना चाहिए।
  • प्रभुत्ववादी संस्कृति पर आधारित मानकीकृत पाठ्यक्रम के आधार पर पढ़ाना चाहिए।
  • विद्यार्थियों के बीच व्यक्तिगत विभिन्नताओं पर कोई ध्यान नहीं देना चाहिए।

वंचित वर्गों से संबंधित विद्यार्थियों के सफल समावेशन हेतु निम्न में से क्या जरूरी है?

  • उचित समायोजन
  • अनम्य पाठ्यक्रम
  • परीक्षा-केंद्रित शिक्षाशास्त्र
  • अगम्य/दुर्गम इमारती संरचना

निम्न में से किस सिद्धांत पर समावेशन की विचारधारा आधारित है?

  • समता
  • समानता
  • अलगाव
  • पक्षपात

“विभिन्न सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के बच्चों से युक्त कक्षा में विविध पाठ्यक्रम होने से सभी छात्रों के सीखने के अनुभव समृद्ध होते हैं।” यह कथन:

  • सही है, क्योंकि बच्चे अपने साथियों से कई कौशल सीखते हैं।
  • सही है, क्योंकि यह कक्षा को अधिक श्रेणीबद्ध बनाता है।
  • गलत है, क्योंकि इससे अनावश्यक प्रतिस्पर्धा होती है।
  • गलत है, क्योंकि यह बच्चों को भ्रमित कर सकता है और वे खोया हुआ महसूस कर सकते हैं।

एक विविधता वाली कक्षा में एक शिक्षक को क्या करना चाहिए?

  • विद्यार्थियों की आवश्यकता के अनुसार विभिन्न शिक्षण-अधिगम और मूल्यांकन विधियों का उपयोग करना चाहिए।
  • अन्य बच्चों की उपलब्धि बढ़ाने के लिए कुछ छात्रों की उपेक्षा करनी चाहिए।
  • विद्यार्थियों के सीखने के स्तर को कोई महत्व नहीं देना चाहिए।
  • कक्षा में एक भयभीत वातावरण बनाना चाहिए।

समावेशी शिक्षा का क्या मतलब है?

  • एक ऐसी स्कूली व्यवस्था स्थापित करना जहाँ सभी विद्यार्थियों की जरूरतों की पूर्ति हों।
  • विविध जरूरतों वाले विद्यार्थियों को अलग-अलग स्कूल में पढ़ाना।
  • विद्यार्थियों को उनके प्रदर्शन के आधार पर अलग-अलग समूहों में बाँटना।
  • विद्यार्थी को स्कूल में दाखिला देकर उस पर स्कूली व्यवस्था में समायोजित होने का भार डालना।

अभिकथन (A) : एक ऐसी कक्षा जिसमें विविध सामाजिक-आर्थिक परिप्रेक्ष्यों से संबंधित विद्यार्थी हैं, वहाँ अध्यापिका को मानकीकृत पाठ्यक्रम के इस्तेमाल से बचना चाहिए। कारण (R): बच्चे बहुत अच्छे से सीखते हैं जब वे बाह्य रूप से अभिप्रेरित हों । सही विकल्प चुनें ।

  • (A) सही है लेकिन (R) गलत हैं।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं हैं।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।

वंचित समूहों से आने वाले बच्चों की सहायता के लिए स्कूल में निम्नलिखित में से कौन-सी सुविधा प्रदान करने की आवश्यकता है?

  • विषयों के चयन में लचीलापन प्रदान करना।
  • कक्षा के सभी बच्चों के लिए समान शैक्षिक कार्यक्रम लागू करना।
  • उन्हें किसी विशेष स्कूल में प्रवेश लेने के लिए बाध्य करना।
  • उन्हें उसी स्कूल के एक अलग सेक्शन में पढ़ाना।

हाशिये पर स्थित (वंचित) वर्ग से आने वाले विद्यार्थियों के समावेशन में मदद करने के लिए एक अध्यापिका को क्या करना चाहिए?

  • सभी छात्रों के बीच अपनेपन की भावना को बढ़ावा देना चाहिए।
  • कक्षा के सामने उनकी कमजोरी को उजागर करना चाहिए।
  • उन्हें एक अलग सेक्शन में पढ़ाना चाहिए।
  • सभी छात्रों के लिए मानकीकृत पाठ्यक्रम का प्रयोग करना चाहिए।

समावेशी शिक्षा के अनुसार, सभी विद्यार्थी अपनी सर्वोत्तम क्षमताओं को प्राप्त कर सकें, यह सुनिश्चित करने के लिए किन सिद्धांतों का पालन करना चाहिए?

  • समता
  • समानता
  • पक्षपात
  • पृथक्करण

विकास किससे प्रभावित होता है? (i) विद्यार्थी के व्यक्तिगत कारकों से (ii) स्कूली माहौल से (iii) सामाजिक – पारिवारिक प्रभावों से

  • (i), (ii) और (iii)
  • केवल (i)
  • केवल (i) और (ii)
  • केवल (ii) और (iii)

अभिकथन (A): अभिभावकों और अध्यापकों को सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी विद्यार्थियों के बाल्यावस्था अनुभव सकारात्मक हों। कारण (R): बाल्यावस्था विकास के लिए एक संवेदनशील चरण है, खासकर संज्ञानात्मक और संवेगात्मक विकास के लिए। सही विकल्प चुनें:

  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।

समावेशी शिक्षा निम्न में से किनकी जरूरतों को पूरा करती है ? (i) विकलांगता से जूझते विद्यार्थी (ii) भावनात्मक मुश्किलों से जूझते विद्यार्थी (iii) वो विद्यार्थी जो प्रतिभासंपन्न हैं। (iv) निम्न सामाजिक-आर्थिक स्तर से आने वाले विद्यार्थी

  • (i), (ii), (iii), (iv)
  • केवल (i)
  • केवल (i), (ii)
  • केवल (i), (ii), (iii)

वंचित पृष्ठभूमि के बच्चों को संबोधित करने के लिए, एक शिक्षक को चाहिए

  • उनके संदर्भ के बारे में और जानने का प्रयास करें और उन्हें कक्षा चर्चा में शामिल करें।
  • उन्हें ढेर सारा लिखित काम दें
  • उन्हें कक्षा में अलग से बैठाएँ।
  • उन्हें अनदेखा करें क्योंकि वे अन्य छात्रों के साथ अंतः क्रिया नहीं कर सकते हैं।

सभी विद्यार्थियों को उनकी योग्यताओं में भिन्नता होने के बावजूद उनके संभाव्य गुणों की प्राप्ति के लिए अवसर प्रदान करना किस प्रकार की कक्षा का मुख्य उद्देश्य है?

  • समावेशी
  • एकीकृत
  • विशेष शिक्षा
  • अप्रगतिशील

एक ऐसी कक्षा में जिसमें विविध सामाजिक-आर्थिक परिवेशों से विद्यार्थी आते हैं, एक अध्यापिका को क्या करना चाहिए?

  • समावेशी भाषा जैसे कि ‘हमारा विद्यालय’, ‘हमारी कक्षा’ का इस्तेमाल करना।
  • अधीनस्थ समूहों से संबंधित विद्यार्थियों के लिए कमत्तर अपेक्षाएँ बनाना और कायम रखना।
  • प्रबल समूहों से संबंधित विद्यार्थियों में अलगाव की भावना को बढ़ावा देना।
  • अधीनस्थ समूहों से संबंधित विद्यार्थियों के बारे में रूढ़िवादों को बढ़ावा देना और रूढ़िवाद भय पैदा करना।

विद्यालयों में सुविधावंचित पृष्ठभूमि से आने वाले बच्चों का निम्न-स्तरीय निष्पादन किस ओर संकेत करता है?

  • विद्यालय सभी बच्चों की आवश्यकताओं एवं योग्यताओं को संबोधित नहीं कर पाते।
  • विद्यालय सभी विद्यार्थियों की आवश्यकताओं की ओर ध्यान देता है।
  • उनके माता-पिता शिक्षा का महत्त्व नहीं समझते हैं।
  • बच्चों का सामाजिक परिवेश बच्चों के अधिगम के लिए पूरी तरह से उत्तरदायी है।

निम्नलिखित संरचनाओं में से शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 किसकी वकालत करता है?

  • समावेशी शिक्षा
  • पृथक्करण
  • मुख्यधारा शिक्षण
  • एकीकृत शिक्षा

………यह विचारधारा है कि सभी बच्चों को एक नियमित विद्यालय व्यवस्था में समान शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार हो।

  • समावेशी शिक्षा
  • मुख्यधारा शिक्षा
  • विशेष शिक्षा
  • बहुल-सांस्कृतिक शिक्षा

सामाजिक-आर्थिक रूप से वंचित पृष्ठभूमि से आने वाले बच्चों को कक्षा के माहौल की आवश्यकता होती है, जो–

  • उनके सांस्कृतिक और भाषाई ज्ञान को महत्व देता है तथा उनका उपयोग करता है।
  • उन्हें अच्छा व्यवहार सिखाता है।
  • उनके भाषा के उपयोग को हतोत्साहित करता है ताकि वे मुख्यधारा की भाषा सीख सकें।
  • बच्चों को उनकी क्षमताओं के आधार पर वर्गीकृत करता है।

एक समावेशी कक्षा में………पर जोर होना चाहिए।

  • हर बच्चे के सामर्थ्य को अधिकतम करने के लिए अवसर प्रदान करने।
  • सामाजिक पहचान के आधार पर छात्रों के अलगाव।
  • प्रदर्शन-अभिमुखी लक्ष्यों।
  • अविभेदी/समरूपी निर्देशों।

विविध पृष्ठभूमियों के अधिगमकर्ताओं को संबोधित करने हेतु, एक अध्यापक को–

  • विविध विन्यासों से उदाहरण लेने चाहिए।
  • सभी के लिए मानकीकृत आकलनों का इस्तेमाल करना चाहिए।
  • ऐसे कथनों का इस्तेमाल करना चाहिए जो नकारात्मक रूढ़िबद्ध धारणाओं को मजबूत करें।
  • विविधता संबंधी मुद्दों पर बातचीत टालनी चाहिए।

शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 में उल्लेख की गई ‘समावेशी शिक्षा’ की अवधारणा निम्नलिखित में किस पर आधारित है?

  • अधिकार-आधारित मानवतावादी परिप्रेक्ष्य
  • मुख्यतः व्यावसायिक शिक्षा उपलब्ध करा करके अशक्त बच्चों को मुख्यधारा में शामिल करना।
  • व्यवहारवादी सिद्धांत
  • अशक्त बच्चों के प्रति एक सहानुभूति अभिवृत्ति

शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में, वंचित समूह से संबंधित विद्यार्थियों के द्वारा सहभागिता कम होने की स्थिति में एक शिक्षक को क्या करना चाहिए?

  • अपनी शिक्षण पद्धति पर विचार करना चाहिए तथा बच्चों की सहभागिता में सुधार करने के लिए नए तरीके ढूँढने चाहिए।
  • इन विद्यार्थियों से अपनी अपेक्षाओं को कम करना चाहिए।
  • बच्चों को विद्यालय छोड़ने के लिए कहना चाहिए।
  • इस स्थिति को जैसी है, स्वीकार कर लेना चाहिए।

एक समावेशी कक्षा में, एक शिक्षक को विशिष्ट शैक्षिक योजनाओं को

  • सक्रिय रूप से तैयार करना चाहिए।
  • तैयार करने के लिए हतोत्साहित होना चाहिए।
  • तैयार नहीं करना चाहिए।
  • कभी-कभी तैयार करना चाहिए।

शिक्षकों को ध्यान न्यूनता अतिक्रियाशीलता विकार से जूझ रहे छात्रों की आवश्यकताओं का ध्यान रखते समय ______ से बचना चाहिए।

  • विकर्षण और शोर करने
  • पाठ्यक्रम सामग्री और निर्देशों में लचीलापन
  • कार्य को छोटे आसानी से प्रबंधनीय भागों में तोड़ने
  • बहु-संवेदी सामग्री का उपयोग करने

गतिसंवेदी शिक्षार्थी ______ माध्यम से सीखना पसंद करते हैं।

  • करने और चलने-फिरने
  • देखने
  • छूने
  • सुनने

लेखन वैकल्य की विशेषता है:

  • लिखित कार्य में चुनौती
  • विलंबित गतिक कौशल
  • पढ़ने के प्रवाह में कमी
  • दोहरावदार व्यवहार

सामाजिक संचार में चुनौतियाँ किसमें स्पष्ट होती हैं?

  • स्वलीन क्रम विकार में
  • ध्यान न्यूनता अतिक्रियाशीलता विकार में
  • मस्तिष्क पक्षाघात में
  • अधिगमात्मक विकलांगता में

आमतौर पर ‘सीखने की अक्षमता/कठिनाइयों’ वाले बच्चों में:

  • एक जैसे दिखने वाले अक्षर और वर्ण को लेकर भ्रम होता है।
  • मानक बुद्धि परीक्षणों के माध्यम से निदानित बहुत कम बुद्धि लब्धि होती है।
  • नजर कमजोर होने के कारण पढ़ने में परेशानी होती है।
  • अपनी भावनाओं को नियंत्रित करने में समस्या होती है।

दोहराव व बारम्बार किए जाने वाला व्यवहार किसकी विशिष्ट पहचान है?

  • स्वलीन क्रम विकार की
  • मस्तिष्क पक्षाघात की
  • अधिगमात्मक विकलांगता की
  • ध्यान न्यूनता अतिक्रियाशीलता विकार की

बाधिता एक______ स्थिति है, जबकि अक्षमता एक ______ स्थिति है।

  • जैविक, कार्यात्मक
  • कार्यात्मक, जैविक
  • क्रियात्मक, शारीरिक
  • सामाजिक, मनोवैज्ञानिक

निम्नलिखित में से पठन वैकल्य की एक विशिष्ट विशेषता कौन-सी है?

  • ध्वन्यात्मक प्रसंस्करण में कठिनाई
  • रचनात्मक समस्या समाधान में कठिनाई
  • शारीरिक समन्वय में कठिनाई
  • स्थानिक समझ/जानकारी में कठिनाई

निम्नलिखित में से स्वलीनता वाले विद्यार्थियों की विशिष्ट विशेषता कौन-सी है?

  • बार-बार दोहराव और आवर्ती व्यवहार
  • संवाद कौशलों का उच्च स्तर
  • कल्पना को तथ्य से अलग करने की श्रेष्ठ क्षमता
  • उन्नत सामाजिक-भावनात्मक पारस्परिकता

डिस्प्राफिया:

  • एक तंत्रिकीय विकार है जिसकी विशेषता अक्षरों और आकारों को बनाने में कठिनाई है।
  • एक मनोवैज्ञानिक विकार है जिसकी विशेषता ध्यान का अभाव और आवेगशील व्यवहार है।
  • एक भाषण विकार है जिसकी विशेषता हकलाना और उच्चारण में त्रुटियाँ करना है।
  • एक गतियुक्त विकार है जिसकी विशेषता स्थूल पेशीय बाधित है।

पाठ पढ़ने व लंबे अंशों को समझने में उन विद्यार्थियों को कठिनाई होती है जो……….से जूझ रहे हैं।

  • पठनवैकल्य
  • गुणजवैकल्य
  • श्रवण बाधित
  • लेखनवैकल्य

गतिसमन्वयनवैकल्प सापेक्ष रूप से किस क्षेत्र को प्रभावित करता है?

  • शारीरिक सामंजस्य
  • सामाजिक पारस्परिकता
  • भावनात्मक नियमन
  • सूचना संग्रहण

एक समावेशित कक्षा में दृष्टिबाधिता से जूझते विद्यार्थियों के समावेशन को बढ़ावा देने के लिए किससे बचना चाहिए?

  • फर्नीचर तथा अन्य भौतिक वस्तुओं के स्थानों में और कक्षा व्यवस्था में जल्दी-जल्दी परिवर्तन करना।
  • स्वर की स्पष्टता के लिए माइक्रोफोन का प्रयोग करना।
  • मल्टीमीडिया शिक्षण का प्रयोग करना।
  • स्पर्शनीय सहायक सामग्री का प्रयोग करना।

स्वलीनता से जूझते विद्यार्थी के बारे में कौन-सा कथन सही है?

  • उनमें संवेदिक सूचना के प्रति उच्च स्तरीय संवेदनशीलता होती है।
  • उनके सम्प्रेषण कौशल अग्रिम स्तर के होते हैं।
  • उनके सामाजिक रिश्ते अद्भुत रूप से अच्छे होते हैं।
  • उनमें अपनी दिनचर्या में निरंतर बदलाव की इच्छा होती है।

सामाजिक अंतः क्रिया और मौखिक संप्रेषण में चुनौती किसका विशिष्ट अभिलक्षण है?

  • स्वलीनता
  • अवधान न्यूनता अतिक्रियाशीलता विकार
  • पठनवैकल्य
  • गुणजवैकल्य

एक विद्यार्थी जिसे दृष्टिबाधिता है, की विशिष्ट जरूरतों के लिए एक शिक्षक को –

  • कई प्रकार की स्पर्शनीय और हस्तकौशल सामग्री का उपयोग करना चाहिए
  • विभिन्न तरह के दृश्यमक प्रस्तुतीकरण पर ध्यान देना चाहिए
  • बहुत सी मूक फिल्में दिखानी चाहिए
  • बहुत सी संरचित वर्कशीट जिसमें चित्र हो देनी चाहिए

पठनवैकल्य किस प्रकार की विकलांगता है?

  • अधिगम विशिष्ट
  • संवेदी
  • व्यवहारात्मक
  • गत्यात्मक

निम्नलिखित में से कौन-सा स्वलीनता विकार का विशिष्ट लक्षण है?

  • बाधित सम्प्रेषण
  • दिनचर्या में परिवर्तन के लिए आग्रह
  • उच्च-स्तरीय शब्द भंडार
  • परिवेश में परिवर्तन के लिए प्रतिरोध

पठनवैकल्य प्रत्यक्ष रूप से किस कौशल में चुनौती का कारण बनता है/देता है?

  • स्केच बनाना
  • वाचन
  • देखना
  • सुनना

दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को सहजता के साथ शामिल करने के लिए अध्यापक को क्या करना चाहिए?

  • लिखित सूचनाओं को मौखिक रूप से सम्प्रेषित करना चाहिए
  • जितनी अधिक संभव हो सके, अधिक से अधिक सूचनाएँ श्यामपट्ट पर लिखनी चाहिए
  • कक्षा में समर्थक उपकरणों का प्रयोग बाधित करना चाहिए
  • इन विद्यार्थियों को केवल बहुत ही सरल से कार्य देने चाहिए

स्वलीनता विकार से जूझते विद्यार्थियों की प्रतिनिधिक पहचान विशेषता निम्नलिखित में से क्या है?

  • अवरूद्ध सम्प्रेषण कौशल
  • उच्च रूप से विकसित सामाजिक कौशल
  • आवेगशीलता
  • औसत से ऊपर बुद्धि लब्धि स्तर

अधिगम कठिनाई महसूस करने वाले विद्यार्थी अपनी शैक्षिक सामर्थ्य और चुनौतियों में

  • विद्यार्थी अपनी शैक्षिक सामर्थ्य और चुनौतियों में अलग-अलग हो सकते हैं।
  • सभी विद्यार्थी अपनी शैक्षिक विशेषताओं में एक जैसे होते हैं।
  • विद्यार्थियों को विशिष्ट विद्यालय में पढ़ाना चाहिए।
  • विद्यार्थी हमेशा अतिक्रियाशील होते हैं।

कमतर दृष्टि से जूझते विद्यार्थियों के सफल समावेशन हेतु, यह महत्वपूर्ण है कि –

  • कक्षा में उपयुक्त सहायक उपकरण मौजूद हों
  • इन विद्यार्थियों का पृथक्कीरण किया जाए
  • बोर्ड से काफी दूर उनकी सीट स्थिर कर दी जाए
  • केवल दृश्य प्रस्तुतीकरण द्वारा ही पाठ पढ़ाया जाए

अवधान न्यूनता अतिक्रियाशीलता विकार (ADHD) से जूझते विद्यार्थियों के बारे में निम्न में से क्या सही है?

  • वे आवेगशीलता के निरंतर स्वरूप दर्शाते हैं।
  • वे काफी देर तक निर्धारित सीट पर बैठ सकते हैं।
  • उनमें सभी को सुनने की अति सहनशीलता होती है।
  • वे अपनी क्रियाओं को व्यवस्थित रूप से करते हैं।

डिस्लेक्सिया से ग्रसित विद्यार्थी-

  • पढ़ने के लिए अनिच्छुक होते हैं।
  • लंबे निबंध लिखने के लिए बहुत उत्सुक होते हैं।
  • बहुत विकसित शब्दावली का प्रयोग करते हैं।
  • पठन-सामग्री को बहुत आसानी से समझते हैं।

निम्नलिखित में से दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के समावेशन में कौन एक बाधक बनता है?

  • लिखित या मुद्रित सामग्री
  • रिकार्ड की गई श्रव्य सामग्री
  • ब्रेल लिपि वाली पुस्तकें
  • दृश्यात्मक सहायक-सामग्री के मौखिक विवरण

निम्नलिखित में से क्या ‘ध्यानाभाव एवं अतिसक्रियता विकार’ से संबंधित है?

  • दृढ़ आवेगशीलता
  • उच्च अवधान अवधि
  • निम्न स्तरीय क्रियाशीलता
  • सुनने के लिए विस्तारित धैर्य

गलत शब्द जोड़ना, शब्दों को अनियमित रूप से बदलना और छोड़ देना, वाक्यों में शब्दों के क्रम को इधर-उधर कर देना, यह सभी किसके स्पष्ट संकेत हैं?

  • अधिगम अक्षमता
  • स्वलीनता (ऑटिज्म)
  • ध्यानाभाव एवं अतिसक्रियता विकार (ADHD)
  • श्रवण बाधित

दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के समावेशन को सफल बनाने के लिए, निम्नलिखित में से कौन-सा कारक एक बाधक बन सकता है?

  • लिखित विवरण और आरेख।
  • इलेक्ट्रॉनिक रूप से अभिरूपित व्याख्यान टिप्पणियाँ (नोट)।
  • रिकॉर्ड किए गए श्रव्य व्याख्यान।
  • चित्रात्मक सामग्रियों के स्पर्शनीय (मॉडल)।

स्वलीनता ग्रसित विद्यार्थी विशिष्ट रूप से किस व्यवहार को प्रदर्शित करते हैं?

  • पुनरावृत्तीय आचरण/व्यवहार
  • उत्कृष्ट मौखिक सम्प्रेषण कौशल
  • अतिक्रियाशीलता
  • सामाजिक अंतर्क्रियाओं के लिए उत्साह

स्वलीनता विकार से जूझ रहे (ऑटिज़्म) विद्यार्थियों की प्रायः कौन-सी दृढ़ समार्थ्यता है?

  • विवरणों के प्रति सजगता/ध्यान देना
  • अपनी भावनाओं की अभिव्यक्ति
  • प्रखर सम्प्रेषणात्मक कौशल
  • एक कार्य से दूसरे कार्य की ओर आसानी से जाना

प्रकाशिक सहायक सामग्री और अनुकूलन, जैसे कि फान्ट का बड़ा आकार (शब्दों का बड़ा आकार), आवर्धक सामग्री, आदि कौन-से विद्यार्थियों के समावेशन के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं?

  • दृष्टि की आंशिक क्षति
  • श्रवण बाधित
  • संवेदी बाधित
  • दृष्टि की समग्र (कुल) क्षति

गुणज वैफल्य से जूझने वाले विद्यार्थी अक्सर किस क्षेत्र में चुनौती महसूस करते हैं?

  • गणित
  • गायन
  • दौड़
  • चित्रण

निम्न में से कौन-सा प्रावधान दृष्टिबाधिता से जूझने वाले विद्यार्थियों के समावेशन में बाधक बन जाता है?

  • लिखित परीक्षाएँ
  • ब्रेल किताबें
  • स्पर्शनीय मानचित्र
  • लिपिक की मदद लेना

निम्न में से कौन-सा गुण प्रायः स्वलीनता ग्रसित विद्यार्थियों में देखा जाता है?

  • पुनरावृत्तीय व्यवहार
  • संज्ञानात्मक नम्यता
  • उच्च-स्तरीय संप्रेषण कौशल
  • दिनचर्या में बारंबार बदलाव की चाह

अंकों और आकृतियों के स्थानिक विभेदन में कठिनाई निम्न में से किससे प्रत्यक्ष रूप से संबंधित है?

  • गुणजवैकल्य
  • अवधान न्यूनता अतिक्रियाशीलता विकार
  • संवेदनात्मक बाधिता
  • श्रवण बाधिता

दृष्टिबाधिता से जूझते विद्यार्थियों के सफल समावेशन हेतु, एक अध्यापक को क्या करना चाहिए?

  • मानचित्रों और आरेखों के स्पर्शनीय प्रारूप उपलब्ध करवाना चाहिए।
  • विद्यार्थी को श्यामपट्ट पर सवाल हल करने को कहना चाहिए।
  • विद्यार्थी को हस्तलिखित नोट्स देना चाहिए।
  • अध्ययन उद्देश्य हेतु लैपटॉप और मोबाइल के इस्तेमाल पर रोक लगानी चाहिए।

अवधान न्यूनता अतिक्रियाशीलता विकार से जूझते विद्यार्थियों के सफल समावेशन हेतु एक अध्यापिका को क्या करना चाहिए?

  • कार्यपत्र को छोटे-छोटे प्रबंधनीय खण्डों में बाँटकर देना चाहिए।
  • लम्बी अवधि वाली फिल्में दिखानी चाहिए।
  • एक गतिविधि से दूसरी पर जाने के दौरान बदलाव-अंतराल अवधि नहीं देनी चाहिए।
  • एक ही समय पर कई कार्य करने को देने चाहिए।

निम्नलिखित में से कौन-सी विकलांगता मुख्य रूप से ‘सामाजिक अन्तःक्रियाओं और सम्प्रेषण’ में कठिनाई से संबंधित है ?

  • स्वलीनता
  • अवधान न्यूनता अतिक्रियाशीलता विकार (ADHD)
  • पठनवैकल्य
  • गुणजवैकल्य

आपकी कक्षा में एक दृष्टिबाधित विद्यार्थी है। अनुदेशनात्मक अनुकूलन के रूप में आप किस उपागम को अपनाएँगे ?

  • विभिन्न प्रकार की स्पर्श करने वाली सामग्री का इस्तेमाल करना।
  • विभिन्न प्रकार की दृश्यात्मक प्रस्तुतीकरण पर बल देना।
  • अनुदेशन के समय विद्यार्थी से बहुत दूर खड़े होना।
  • स्वतंत्र रूप से पढ़ने और समझने के लिए मुद्रित सामग्री देना।

निम्नलिखित में से किससे विद्यार्थी की अक्षरों और शब्दों को पढ़ने, उनकी व्याख्या करने और उन्हें समझने की क्षमता सीधे प्रभावित होती है?

  • वाचन वैकल्य
  • गुणज वैकल्य
  • लेखन वैकल्य
  • गति-समन्वय वैकल्य

दृष्टिबाधित से जूझने वाले विद्यार्थियों के समावेशन में निम्न में से कौन-सा कारक बाधा बन जाता है?

  • हस्तलिखित नोट्स
  • स्पर्शनीय चित्र
  • ऑडियो टेप के व्याख्यान
  • ब्रैल (उभारशील) किताबें

अवधान न्यूनता अतिक्रियाशीलता विकार (ADHD) से जूझने वाले विद्यार्थी निम्न में से किस गुण को अक्सर दर्शाते हैं?

  • कार्यक्षेत्र में व्यवस्थित/संगठन
  • उच्च एकाग्रता
  • आवेगशीलता
  • लम्बे समय तक स्थिर रहने की योग्यता

हालाँकि स्वलीनता से जूझने वाले विद्यार्थी विशिष्ट क्षेत्रों में चुनौती महसूस करते हैं, फिर भी उनमें सामान्यतः ______ का सामर्थ्य होता है।

  • बारीक जानकारी पर ध्यान देने
  • प्रभावशाली संप्रेषण
  • संज्ञानात्मक नम्यता
  • सामाजिक परिस्थितियों को सटीक रूप से समझने

आवेगशीलता, ध्यान ना दे पाना और अव्यवस्थित रहना निम्न में से किस विकार के सापेक्ष पहचान के लक्षण हैं?

  • अवधान न्यूनता अतिक्रियाशीलता विकार
  • स्वलीनता
  • पठनवैकल्य
  • दृष्टिबाधित

निम्न में से कौन-सा विद्यार्थियों की विशिष्ट अधिगम कठिनाइयों को पहचानने का व्यापक तरीका है?

  • केस अध्ययन
  • मानकीकृत बुद्धि-लब्धि (IQ) परीक्षण
  • बहु-विकल्प वाले सवालों पर आधारित परीक्षण
  • साल के अंत में परीक्षाएँ

पठनवैकल्य से जूझते विद्यार्थियों के संदर्भ में निम्न में से कौन-सा कथन सही है?

  • उन्हें अक्सर लेख-बोध में कठिनाई आती है।
  • वे हमेशा सुस्त होते हैं।
  • वे किसी क्षेत्र में प्रतिभावान या कुशल नहीं हो सकते।
  • उनका बुद्धि-स्तर हमेशा सामान्य से ऊपर होता है।

आपका स्कूल विभिन्न सुविधाओं की पहुँच पाने के लिए सीढ़ियों, दरवाजों और दूसरे वास्तुकला संबंधित स्वरूपों द्वारा पैदा की गई बाधाओं को दूर करने के लिए अपनी आधारभूत संरचनाओं में सुधार कर रहा है। ऐसा करके स्कूल प्रोत्साहित कर रहा है:

  • समावेशन
  • मुख्यधारा
  • बहिष्करण
  • एकीकरण/समाकलन

क्षीण दृष्टि से जूझने वाले विद्यार्थियों के समायोजन हेतु, एक अध्यापक को क्या देने से बचना चाहिए?

  • दृश्य अव्यवस्थित नोट्स
  • आवर्धक लेंस
  • बड़े आकार में छपी पाठ्य पुस्तकें
  • स्पर्शनीय मानचित्र और आलेख

अवधान न्यूनता अतिक्रियाशीलता विकार से जूझने वाले विद्यार्थियों के संदर्भ में निम्न में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

  • उनकी काफी लंबी और स्थिर अवधान अवधि होती है।
  • उन्हें किसी एक कार्य में लम्बे समय तक एकाग्र रहने में अक्सर मुश्किलें होती हैं।
  • वे अक्सर वस्तुओं को कुलबुलाते रहते हैं और बेचैन दिखते हैं।
  • वे किसी कार्य पर काम करते हुए आसानी से विचलित हो जाते हैं।

स्वलीनता कई प्रकार के क्षेत्रों में चुनौती पैदा करती है। फिर भी स्वलीनता से जूझने वाले विद्यार्थियों में निम्न में से कौन-सा सामर्थ्य होता है जिसका अध्यापिका सदुपयोग कर सकती है?

  • व्यापक तथ्यात्मक जानकारी का प्रतिधारण
  • सामाजिक परिस्थितियों का सही विवेचन
  • संज्ञानात्मक नम्यता
  • अपनी भावनाओं का सटीक संप्रेषण

अवधान-न्यूनता-अतिक्रियाशीलता विकार से जूझते विद्यार्थियों में निम्न में से कौन-सा अभिलक्षण अकसर पाया जाता है?

  • आकुल होना।
  • उच्च स्तरीय तौर से व्यवस्थित होना।
  • बहुत सचेत होना।
  • लंबे निर्देशों को सुनते समय धैर्यवान रहना।

दृष्टिबाधिता से जूझते विद्यार्थियों के सफल समावेशन हेतु, एक अध्यापिका को क्या करना चाहिए?

  • जानकारी को प्रस्तुत करने के लिए मौखिक तरीके अपनाने चाहिए
  • जितनी हो सके उतनी जानकारी लिखित स्वरूप में प्रदान करनी चाहिए
  • महत्त्वपूर्ण जानकारी को रंगीन लेखनियों द्वारा इंगित करना चाहिए
  • संप्रत्ययों की व्याख्या करने के लिए श्यामपट्ट पर आरेख बनाने चाहिए

पठनवैकल्य से जूझने वाले विद्यार्थी ______ में और गुणजवैकल्य से जूझने वाले विद्यार्थी ______ में सापेक्ष रूप से चुनौती महसूस करते हैं।

  • वाचन और लिखने, अंकों के हेरफेर
  • अंकों के हेरफेर, शब्द वर्तनी
  • शब्द वर्तनी, शारीरिक समन्वयता
  • शारीरिक समन्वयता, कहानी लेखन

कक्षा में एक दृष्टिबाधिता से जूझने वाले शिक्षार्थी के समावेशन को बढ़ावा देने के लिए, एक अध्यापिका को क्या करना चाहिए?

  • जानकारी का मौखिक वितरण देना चाहिए।
  • संप्रत्यय के वितरण हेतु चार्ट दिखाना चाहिए।
  • सांकेतिक भाषा का प्रयोग करना चाहिए।
  • उनकी तरफ बार-बार देखना चाहिए।

एक विशिष्ट अधिगम असमर्थता ‘पठनवैकल्य’ की क्या विशेषता है?

  • लेख के बोध में कठिनाई
  • चलने में कठिनाई
  • मौखिक संप्रेषण में कठिनाई
  • खाने में कठिनाई

यद्यपि ऑटिज्म की स्थिति यथेष्ट रूप से भिन्न-भिन्न होती है, तथापि ऑटिज्म ग्रसित विद्यार्थी प्रायः किसमें अच्छे होते हैं?

  • विस्तृत तथ्यात्मक जानकारी को याद रख पाने में
  • लंबे समय तक आँख से सम्पर्क बनाए रखने में
  • अपरिचितों के साथ सम्प्रेषण में
  • दिनचर्या में बार-बार आने वाले परिवर्तनों के प्रति समंजन में

गति समन्वय वैकल्य प्रत्यक्ष रूप से किन कठिनाइयों से संबंधित है?

  • शारीरिक अंगों के समन्वयन से
  • पाठ/विषय-वस्तु पढ़ने से
  • तथ्यों को याद रखने से
  • अंकों के प्रकलन से

अभिकथन (A): सभी विद्यार्थियों के समावेशन को सुनिश्चित करने के लिए कक्षा में ज्ञान के प्रतिनिधित्व के विविध प्रकारों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
तर्क (R): समावेशन की अवधारणा में अधिगम अक्षमता वाले बच्चे तो शामिल हैं परंतु इसमें भावात्मक कठिनाई से जूझ रहे बच्चे शामिल नहीं हैं।

  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।

एक समावेशी कक्षा में स्वलीनता से जूझने वाले विद्यार्थियों की जरूरतों को पूरा करने के लिए निम्न में से क्या प्रभावी होगा?

  • अधिगम उपागम में निरन्तरता रखना।
  • कक्षा स्थिति में विभिन्नताएँ और लगातार बदलाव करते रहना।
  • उन्हें स्वयं को बड़े समूहों के सामने व्यक्त करने को कहना।
  • उन्हें विशिष्ट संकाय में ही पढ़ाना।

निम्न में से कौन-सा अवधान न्यूनता अतिक्रियाशीलता विकार (ADHD) का प्रारूपिक लक्षण है?

  • आवेगशीलता
  • लम्बी अवधि के लिए केंद्रित रहना
  • धीमा क्रियाशीलता स्तर
  • कार्य व्यवस्था के उच्च स्तर

निम्न में से कौन-सा कथन अधिगम अशक्तताओं जैसे कि पठनवैकल्य, गुणजवैकल्य, इत्यादि के संदर्भ में सही है?

  • अधिगम अशक्तता, तंत्रिका संबंध और वातावरणीय दोनों तरह के कारकों से प्रभावित होती है।
  • अधिगम अशक्तता से जूझते सभी विद्यार्थी एक जैसे होते हैं।
  • अधिगम अशक्तता से जूझते विद्यार्थियों के अधिगम आकलन के लिए मानकीकृत परीक्षण सबसे बेहतर होते हैं।
  • अध्यापक-केन्द्रित शिक्षाशास्त्र, अधिगम अशक्तता से जूझते विद्यार्थियों के संज्ञानात्मक विकास को सुसाधित करने के लिए सर्वोत्तम होते हैं।

श्रवणबाधिता से जूझते विद्यार्थियों के लिए निम्न में से अधिगम का कौन-सा तरीका प्रभावशाली नहीं होगा?

  • क्रिया-आधारित
  • दृश्य-गतिज
  • व्याख्यान
  • बहु-संवेदी

श्रवण बाधिता से जूझते विद्यार्थियों के सफल समावेशन में निम्न में से कौन-सी पद्धति सहायक होगी?

  • संप्रेषण के मौखिक रूप को दृश्य रूप से परिपूर्ण करना
  • चलचित्र और वीडियो को बिना उपशीर्षकों के दिखाना
  • मौखिक रूप को मूल्यांकन के प्रधान रूप में इस्तेमाल करना
  • जानकारी प्रस्तुत करने के लिए अधिकतर व्याख्यान विधि का प्रयोग करना

विषय-वस्तु को पढ़ते समय अक्षरों और शब्दों को हटा देना, जोड़ देना और उनमें फेर बदल कर देना निम्न में से किससे सापेक्ष रूप से संबंधित है?

  • पठनवैकल्य
  • प्रमस्तिष्क पक्षाघात
  • स्वलीनता
  • गतिमान अक्षमता

स्वलीनता सापेक्ष और नकारात्मक रूप से निम्न में से किसे प्रभावित करती है?

  • सामाजिक और संप्रेषण कौशल
  • दृष्टि
  • एकाग्रता की क्षमता
  • शारीरिक समन्वय

स्वलीनता (ऑटिज्म) से जूझने वाले विद्यार्थियों की पहचान हेतु किन विशिष्ट गुण होने की संभावना रहती है?

  • सम्प्रेषण में कठिनाई
  • सभी के साथ अन्तः क्रिया करने की इच्छा
  • बुद्धि लब्धि का बहुत कम स्तर
  • उच्च स्तरीय सामाजिक कौशल

निम्नलिखित में से कौन-सी अधिगम अशक्तता किसी व्यक्ति के संतुलन, शारीरिक निपुणता और हाथ-आँख सामंजस्य की क्षमता को प्रभावित करती है?

  • गतिसमन्वय वैकल्य
  • पठनवैकल्य
  • गुणजवैकल्य
  • भाषावैकल्य

ध्यानाभाव एवं अतिसक्रियता विकार (ADHD) ग्रसित विद्यार्थियों के सफल समावेशन के लिए अध्यापक को क्या करना चाहिए?

  • विद्यार्थियों को समय प्रबंधन और संगठनात्मक आदतों के विकास में सहायता करनी चाहिए
  • परिवेश में व्यवधानों को अधिक कर देना चाहिए
  • लंबे और जटिल प्रदत्त कार्य देने चाहिए
  • गैर-लचीली विधि और दिनचर्या का इस्तेमाल करते हुए शिक्षण करना चाहिए

‘पठनवैकल्य’ सापेक्ष रूप से किस क्षेत्र में चुनौती पैदा करता है?

  • लिखित विषयसामग्री के बोध में
  • शारीरिक गतिविधियों के समन्वयन में
  • दूसरों की भावनाओं को समझने में
  • चित्र बनाने में

दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के सफल समावेशन के लिए अध्यापक को क्या करना चाहिए?

  • सभी प्रकार की लिखित सामग्रियों को मौखिक रूप से प्रस्तुत करना चाहिए।
  • अवधारणा की व्याख्या के लिए चित्रों का प्रयोग करना चाहिए।
  • विद्यार्थी से बात करते समय हाथों का खूब इस्तेमाल करना चाहिए।
  • दिखाए जा रहे वीडियो के उपशीर्षक देना चाहिए।

निम्नलिखित में से कौन-सा प्रावधान ‘अटेंशन डैफिसिट हाइपरऐक्टिविटी डिसऑर्डर’ वाले विद्यार्थी के लिए चुनौती प्रस्तुत करेगा?

  • बिना किसी अंतराल के लंबी अवधि वाले व्याख्यान
  • लिखित प्रदत्त कार्यों के लिए सहायक प्रौद्योगिकी तक सुगम्य पहुँच
  • विभिन्न संवेदों का उद्दीपन
  • प्रदत्त कार्यों को छोटे-छोटे प्रबंधनीय समूहों में प्रस्तुत करना

श्रवण बाधित वाले विद्यार्थियों के सफल समावेशन को सुनिश्चित करने के लिए अध्यापक को क्या करना चाहिए?

  • यह सुनिश्चित करना कि मौखिक सम्प्रेषण दृश्यात्मक प्रस्तुतीकरण के साथ पूरित हो।
  • जानकारी प्रस्तुत करने के लिए व्याख्यान विधि का अतिशय रूप से प्रयोग।
  • अधिगम के आकलन के लिए मौखिक परीक्षणों का प्रयोग।
  • कक्षा में सांकेतिक भाषा के प्रयोग का निषेध।

विकलांगता वैयक्तिक और सामाजिक कारकों के बीच बाधित अन्तःक्रियाओं का परिणाम है। विकलांगता का कौन-सा प्रतिमान इस दृष्टिकोण को समर्थन देता है?

  • सामाजिक
  • चिकित्सीय
  • दानशीलता
  • मानवीय अधिकार

अतिसंवेदनशील बच्चों को सीखने में मदद करने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा तरीका उपयुक्त तरीका नहीं है?

  • बेचैन होने पर अक्सर उन्हें फटकार लगाना
  • एक कार्य को छोटे-छोटे प्रबंधनीय खंडों में तोड़ना
  • अधिगम के वैकल्पिक तरीकों की पेशकश
  • उनके दैनिक कार्यक्रम में शारीरिक गतिविधि का समावेश

दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम (2016) के अनुसार, निम्न में से किस शब्दावली का प्रयोग उपयुक्त है।

  • छात्र जिसे शारीरिक दिव्यांगता है।
  • छात्र जिसका अशक्त शरीर है।
  • मंदित छात्र
  • विकलांग छात्र

अधिगम कठिनाइयों से जूझने वाले छात्रों की जरूरतों को संबोधित करने के लिए, एक अध्यापक को क्या नहीं करना चाहिए?

  • शिक्षाशास्त्र और आकलन की जटिल संरचनाओं का प्रयोग।
  • व्यक्तिगत शैक्षिक योजना बनाना।
  • दृश्य-श्रव्य सामग्रियों का इस्तेमाल।
  • संरचनात्मक शिक्षाशास्त्रीय उपागमों का इस्तेमाल।

‘पठनवैकल्य’ बच्चों के प्राथमिक लक्षण क्या हैं?

  • धाराप्रवाह पढ़ने की असक्षमता
  • एक ही गतिविषयक कार्य को बार-बार दोहराना।
  • न्यून-अवधान विकार
  • अपसारी चिंतन; पढ़ने में धारा प्रवाहिता।

प्रतिभाशाली बच्चों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा सही है?

  • प्रतिभाशाली छात्र अन्य छात्रों की तुलना में अपेक्षाकृत उन्नत गति से सीखते हैं।
  • प्रतिभाशाली बच्चे सीखने की अक्षमता के जोखिम से मुक्त होते हैं।
  • प्रतिभाशाली बच्चे निश्चित रूप से शैक्षणिक, सामाजिक और भावनात्मक सभी क्षेत्रों में उत्कृष्टता प्राप्त करते हैं।
  • प्रतिभाशाली छात्र हमेशा खुश, लोकप्रिय और अच्छी तरह से समायोजित होते हैं।

प्रतिभावान बच्चों को शिक्षित करने का उपाय जो उन्हें असामान्य रूप से तीव्र गति से पाठ्यचर्या के माध्यम से आगे बढ़ाता है, क्या कहलाता है?

  • त्वरण (गतिवर्द्धन)
  • विसर्जन
  • विभेदित निर्देशन
  • संवर्धन

एक शिक्षिका को अपनी कक्षा में सृजनात्मक बच्चों की पहचान करने के लिए किस प्रकार के प्रश्न पूछने चाहिए?

  • खुले जवाब वाले (मुक्तोत्तर) प्रश्न
  • रिक्त स्थान पूर्ति वाले प्रश्न
  • सही मिलान करने वाले प्रश्न
  • सही और गलत उत्तर विकल्प वाले प्रश्न

निम्नलिखित में से कौन-सी एक प्रतिभावान विद्यार्थी की विशेषता है?

  • सोच में सटीकता की ओर झुकाव
  • आसान कार्यों को चुनने की प्रवृत्ति
  • धीमी समझ
  • जिज्ञासा की कमी

शिक्षिका बच्चों को विभिन्न रंगों वाली चिकनी मिट्टी देकर कहती है कि उनके मन में जो आता है, वह बनाएँ। इसके माध्यम से, वह बच्चों में ______ को बढ़ावा देना चाहती है।

  • सृजनात्मकता
  • रटना
  • असहयोग
  • अनुशासनहीनता

कक्षा में विभिन्न योग्यताओं वाले शिक्षार्थियों की आवश्यकताओं की पूर्ति कैसे की जा सकती है?

  • श्रेणीबद्ध कठिनाई के कार्य देकर
  • मानकीकृत निर्देश देकर
  • केवल सामान्य शिक्षार्थियों की आवश्यकताओं को संबोधित करके
  • विभिन्न आवश्यकताओं वाले शिक्षार्थियों की उपेक्षा करके

बच्चों में प्रतिभाशीलता किस प्रकार से परिलक्षित होती है?

  • बोधगम्यता का उच्च स्तर
  • बुद्धि का निम्न स्तर
  • बच्चों को आसानी से छोड़ देना
  • छोटे-छोटे कार्यों को ध्यान केंद्रित करके कर पाने की अक्षमता

निम्न में से कौन-सी युक्ति प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की जरूरतों को पूरा करने की एक प्रभावी रणनीति है?

  • स्व-चयनित उच्च क्रम चिंतन कार्य सौंपना
  • जानकारी को समझने हेतु अतिरिक्त समय देना
  • बहुत आसान और सरल सवाल पूछना
  • उनसे सफलता की निम्न उम्मीद रखना

‘प्रतिभाशाली’ बच्चों की एक प्रमुख विशेषता है

  • उच्च स्तर की बौद्धिक क्षमता
  • रचनात्मकता की कमी
  • बाधित सम्प्रेषण कौशल
  • दूसरों के विचारों की नकल करने की प्रवृत्ति

प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा सही है?

  • उनकी औसत से अधिक क्षमता होती है।
  • वे अत्यधिक प्रयासों द्वारा सीखते हैं।
  • वे जानकारी को समझने में अधिक समय लेते हैं।
  • उनके विचारों में सृजनात्मकता और मौलिकता की कमी होती है।

कक्षा में जब भी सवाल प्रस्तुत किया जाता है, राखी उस सवाल के लिए अनेक नवाचारी समाधान प्रस्तुत करती है। यह राखी के किस पक्ष की ओर संकेत करता है?

  • विशेष प्रतिभा वाली विद्यार्थी
  • औसत समझ वाली विद्यार्थी
  • अवधारणात्मक मान्यता की कमी
  • अतिशय रूप से निरुत्साह

रेशमा 3 साल की उम्र से ही स्वतंत्र रूप से पढ़ने लगी और उसने अपनी पहुँच की हर किताब पढ़ ली। रेशमा किस तरह की विशेषता दिखा रही है?

  • प्रतिभाशीलता
  • स्वलीनता
  • पठनवैकल्य
  • मानसिक विकलांगता

रियान ने तीन वर्ष की अवस्था में ही बिना किसी औपचारिक प्रशिक्षण और सहयोग के कविताएँ एवं गीत रचना आरंभ कर दिया तथा वह बिना किसी बाह्य अभिप्रेरणा के इनका आनन्द भी लेता है। यह विशिष्ट रूप से किसका द्योतक है?

  • प्रतिभाशाली होना
  • औसत बुद्धि लब्धि होना
  • पठनवैकल्य
  • स्वलीनता

एक स्कूल में एक प्रतिभावान विद्यार्थी को कुछ श्रेणियों को छोड़कर सीधे उच्च श्रेणी में पदोन्नत कर दिया जाता है। प्रतिभावान विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए इस स्कूल में किस उपागम का इस्तेमाल किया गया है?

  • त्वरण
  • समृद्धिकरण
  • प्रोत्साहन
  • संश्लेषण

सृजनात्मक विद्यार्थी के बारे में निम्न में से क्या सही है?

  • वे नवीन और मूल विचार सुझाते हैं।
  • वे कार्य को समझने में काफी समय लेते हैं।
  • वे अपने सहपाठियों के मुकाबले संज्ञानात्मक विकास में पिछड़े होते हैं।
  • उन्हें विषय-वस्तु को समझने में काफी मेहनत लगती है।

प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के संदर्भ में निम्न में से क्या सही है?

  • वे मानसिक क्रियाओं में परिवर्तनशीलता और लचीलापन दिखाते हैं।
  • वे अभिसारी और परम्परागत तरीके से सोचते हैं।
  • उनमें सीखने के प्रति कम ग्रहणशीलता होती है।
  • वे नए क्रियाकलापों को करने का जोखिम टालते हैं।

रचनात्मक बच्चों की एक पहचान विशेषता यह है कि

  • वे स्वतंत्र रूप से सोचते हैं।
  • वे मानदंडों के अनुरूप ही कार्य करते हैं।
  • वे दूसरे की नकल करना पसंद करते हैं।
  • उनकी ध्यान अवधि कम होती है।

प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की जरूरतों को पूरा करने के लिए निम्न में से कौन-सा कदम नहीं अपनाना चाहिए?

  • मानकीकृत पाठ्यचर्या को लागू करना।
  • उत्तेजक संवर्धन गतिविधियाँ प्रदान करना।
  • विद्यार्थियों को स्वतंत्र परियोजनाएँ करने की अनुमति देना।
  • पाठ्यचर्या-त्वरण के लिए लचीलापन रखना।

प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के संदर्भ में निम्न में से कौन-सा सही है?

  • वो अभिव्यक्ति में प्रवाह और विवर्धन दर्शाते हैं।
  • उन्हें कभी भी अधिगम अशक्तता नहीं हो सकती।
  • उनमें मानसिक क्रियाओं की उत्क्रमणीयता की कमी होती है।
  • उनमें जिज्ञासा की भावना बहुत क्षीण होती है।

निम्नलिखित में से कौन-सी ‘सृजनात्मक’ विद्यार्थी की पहचान करने वाली विशेषता नहीं है?

  • अभिसारी सोच
  • जिज्ञासा की प्रबल भावना
  • उच्च-स्तरीय समस्या समाधान कौशल
  • नवाचारी अनूठे विचार

मेधावी/प्रतिभाशाली बच्चों में किस तरह की संभावना है?

  • समाधान खोजने के प्रति इच्छा व्यक्त करते हैं
  • उनमें मूल बातों की सहज समझ का अभाव होता है
  • अपने सहपाठियों की तुलना में काफी धीमी गति से प्रतिक्रिया देते हैं
  • यदि कार्य चुनौती भरा है, तो उस काम को तुरन्त छोड़ देते हैं

निम्नलिखित में से कौन-सा स्तम्भ-क के बच्चों को स्तम्भ-ख में उनकी प्राथमिक विशेषताओं के सही मिलान को प्रस्तुत करता है?
स्तम्भ-क: I. प्रतिभाशाली; II. अधिगम अशक्तता; III. सृजनात्मक; IV. अवधान कमी अतिसक्रियता व्यतिक्रम (ADHD)
स्तम्भ-ख: A. धाराप्रवाह पढ़ने में कमी है। B. मूल समाधानों के बारे में सोच सकता है। C. आसानी से विचलित होने की आदत है। D. शीघ्रता से एवं स्वतंत्र रूप से सीखने की योग्यता।

  • I-D, II-A, III-B, IV-C
  • I-D, II-C, III-A, IV-B
  • I-A, II-B, III-D, IV-C
  • I-D, II-C, III-B, IV-A

अलग-अलग सोच वाले पैटर्न उन बच्चों की पहचान करते हैं, जो–

  • सृजनात्मक हैं
  • विकलांग हैं
  • डिस्लेक्सिक हैं
  • प्रत्यास्थी हैं

कक्षा में सृजनात्मक और प्रतिभाशाली बच्चों के लिए आवश्यक हस्तक्षेप निर्भर करता है–

  • शिक्षक द्वारा अनुकूलित और प्रेरक निर्देशन तरीकों के उपयोग पर
  • उन्हें अतिरिक्त समय दिए जाने पर
  • उनके प्रति स्नेही होने के नाते पर
  • उन्हें अन्य बच्चों को पढ़ाने की ज़िम्मेदारी देने पर

सर्जनात्मकता की पहचान का प्रमुख लक्षण क्या है?

  • अपसारी चिंतन
  • अतिसक्रियता
  • असतर्कता
  • कम परिज्ञानता/बोधगम्यता

महारत उन्मुख शिक्षार्थी आमतौर पर सफलता का श्रेय ________ को देते हैं और असफलता को ________।

  • योग्यता और कोशिश; अपर्याप्त कोशिश
  • योग्यता और अच्छी किस्मत; कार्य कठिनाई
  • योग्यता और कोशिश; खराब किस्मत
  • योग्यता और अच्छी किस्मत; निम्न योग्यता

गणित में अपने खराब अंकों के बारे में बात करते हुए अवि कहता है, “मुझे अंकों की समझ नहीं है”। अवि अपने प्रदर्शन का कारण किसको ठहरा रहा है?

  • योग्यता का अभाव
  • किस्मत
  • कार्य कठिनाई
  • कोशिश की कमी

निम्नलिखित में से कौन-सा विफलता के लिए आंतरिक आरोपण का एक उदाहरण है?

  • मैं परीक्षा में फेल हो गया क्योंकि मैंने पर्याप्त पढ़ाई नहीं की।
  • मैं परीक्षा में फेल हो गया क्योंकि मेरे दोस्त मेरा ध्यान भटका रहे थे।
  • मुझे निम्न ग्रेड प्राप्त हुआ क्योंकि शिक्षक कठोर तरीके से आंकते हैं।
  • शिक्षक के पक्षपाती होने के कारण मुझे अच्छे अंक नहीं मिले।

यह महत्त्वपूर्ण है कि बच्चा अपने साथ जो अनुभव स्कूल में लाता है

  • उन्हें आगे बढ़ाया जाए
  • उन्हें नजरअंदाज किया जाए
  • उन्हें नकारा जाए
  • उनकी उपेक्षा की जाए

बच्चे कैसे सीखते हैं?
A. चीजों को बनाकर व कार्य करके
B. पढ़कर व लिखकर
C. बोलकर व सुनकर
D. सोचकर व मनन करके

  • A B C D
  • A D
  • C D
  • A C D

किस कक्षाकक्ष में विद्यार्थी बेहतर ढंग से सीखेंगे?

  • शिक्षक बच्चों को उनकी गति के अनुसार सीखने की अनुमति देता है।
  • शिक्षक ज्ञान के निष्क्रिय स्थानांतरीकरण पर बल देता है।
  • शिक्षक मानता है कि केवल उच्च बुद्धि लब्धि वाले बच्चे ही शैक्षिक कार्य में अच्छा कर सकते हैं।
  • शिक्षक सभी बच्चों के लिए मानकीकृत पाठ्यचर्या का पालन करता है।

एक विद्यार्थी अपनी असफलता का कारण अपनी योग्यता की कमी को मानता है। वह योग्यता को स्थायी मानता है और मानता है कि योग्यता प्रयासों द्वारा प्रभावित नहीं होती है। यह विचारदशा किस स्थिति को जन्म दे सकती है?

  • अधिगम असहायता
  • मस्तिष्क सुघटनशीलता
  • उच्च-स्तरीय स्व-अस्मिता
  • सम्बद्धता का भाव

अभिकथन (A): विद्यालयों को नवीन ज्ञान के सृजन की ओर लक्षित पाठ्यचर्या पर बल देना चाहिए।
तर्क (R): बच्चों में अध्यापक के सहयोग से नवीन ज्ञान के सृजन और उसकी व्याख्या करने की क्षमता होती है।

  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।

विद्यालयों को किस पर बल देना चाहिए?

  • रचनात्मक अधिगम
  • सीखी गई सामग्रियों को ज्यों का त्यों कह देना
  • पाठ्यपुस्तक से सीखना
  • संदर्भरहित अधिगम

विद्यार्थी सर्वाधिक बेहतर तरीके से किस प्रकार सीखते हैं?

  • अपने आस-पड़ोस से पारस्परिकता द्वारा
  • केवल पाठ्य-पुस्तकों द्वारा
  • केवल अध्यापक द्वारा कहे शब्दों को दोहरा कर
  • निष्क्रिय नकल द्वारा

अभिकथन (A): विद्यालय आने से पूर्व छोटे बच्चों में अपने परिवेश की समझ बनाने के ‘सहज’ सिद्धान्त मौजूद होते हैं।
तर्क (R): इस प्रकार की समझ पूरी तरह से अतार्किक है और इसकी अनदेखी करनी चाहिए।

  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।

अभिकथन (A): एक शिक्षक को विषय-वस्तु को पढ़ाने के लिए उसे सम्बद्ध एवं संगठित तरीके से प्रस्तुत करना चाहिए।
तर्क (R): सीखना एक निष्क्रिय प्रक्रिया है।

  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।

अभिकथन (A): प्राथमिक कक्षाओं में विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए शिक्षक को प्रमुख रूप से व्याख्यान पद्धति का उपयोग करना चाहिए।
तर्क (R): सीखने की प्रक्रिया सबसे ज्यादा तब प्रभावी होती है जब वह निष्क्रिय श्रवण के माध्यम द्वारा की जाती है।

  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।

अभिकथन (A): अध्यापक को ऐसी शिक्षणशास्त्रीय प्रविधियों और विषय-वस्तु का चयन करना चाहिए जो विद्यार्थियों में नवीन ज्ञान के सृजन और उच्च-क्रमणी कौशलों को समुन्नत करने का कार्य करती है।
तर्क (R): बच्चों में नवीन ज्ञान के सृजन और उसकी व्याख्या करने की योग्यता होती है।

  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।

बच्चे सबसे बेहतर ……. द्वारा सीखते हैं।

  • खोजी अधिगम
  • पुनरावृत्ति और अभ्यास
  • निष्क्रिय नकल
  • कंठस्थ स्मरण

एक अध्यापिका द्वारा विद्यार्थियों को किस लिए अभिप्रेरित करना चाहिए?

  • पढ़ाई गई विषयवस्तु को समझने और अर्थग्रहण करने हेतु।
  • दी गई जानकारी को ज्यों की त्यों रट कर याद करने हेतु।
  • श्यामपट्ट से विषयवस्तु की निष्क्रिय भाव से नकल उतारने हेतु।
  • एक अटल तरीके से ही समस्याओं के हल ढूँढ़ने हेतु।

अवलोकन द्वारा अधिगम को सुसाध्य करने हेतु, एक अध्यापक को अधिगमकर्ताओं को सबसे पहले क्या करने का सुझाव देना चाहिए?

  • प्रतिमान की क्रियाओं को ध्यान करना।
  • उनके द्वारा अनुकरण की गई क्रियाओं का आकलन।
  • प्रतिमान की क्रियाओं को याद करना।
  • प्रतिमान की क्रियाओं का अनुसरण और अभ्यास करना।

निम्नलिखित में से कौन-सा कारक शैक्षणिक उपलब्धियों में विद्यार्थियों की विफलता में योगदान देता है?

  • गैर-प्रासंगिक पाठ्यक्रम
  • अनुभवात्मक शिक्षा
  • समावेशी दर्शन
  • शिक्षार्थी-केंद्रित शिक्षाशास्त्र

अभिकथन (A): सार्थक सीखने के लिए, ज्ञान का निर्माण हेतु, छात्रों को सक्रिय रूप से पर्याप्त अवसर एवं उदाहरण प्रदान किया जाना चाहिए।
तर्क (R): सीखना ज्ञान के निष्क्रिय अधिग्रहण की एक प्रक्रिया है।

  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।

बच्चे किस तरह से प्रभावशाली ढंग से सीखते हैं?

  • अपने आस-पास की वस्तुओं और व्यक्तियों से पारस्परिकता द्वारा।
  • विषय-वस्तु को रट कर याद करने से।
  • दण्ड के भय से।
  • अध्यापिका को निष्क्रिय रूप से सुन कर।

निम्न में से कौन-सा विद्यार्थियों का अधिगम में लगाव को बढ़ावा देता है?

  • विद्यार्थियों द्वारा स्व-नियमन।
  • विद्यार्थियों का योग्यता के प्रति सत्त्व/स्थिर दृष्टिकोण बनाना।
  • अध्यापक की विद्यार्थियों के प्रति निम्न अपेक्षाएँ होना।
  • उनके संदर्भ से नियोजित विषय-वस्तु प्रस्तुत करना।

विद्यालयों को:

  • विद्यार्थियों की भावनात्मक स्थिति के प्रति विचारशील होना चाहिए और नए ज्ञान के निर्माण पर ध्यान देना चाहिए।
  • विद्यार्थियों की भावनात्मक स्थिति को अनदेखा करना चाहिए और पहले से सीखे ज्ञान को पुनरुत्पादित करने पर ध्यान देना चाहिए।
  • विद्यार्थियों के सामाजिक संदर्भ को अनदेखा करना चाहिए और पहले से सीखे ज्ञान को पुनरुत्पादित करना चाहिए।
  • विद्यार्थियों के सामाजिक संदर्भ के प्रति विचारशील होना चाहिए और नए ज्ञान के निर्माण को अनदेखा करना चाहिए।

अधिगम असहायता से जूझते विद्यार्थी योग्यता का ऐसा दृष्टिकोण रखते हैं जिसमें मेहनत करके योग्यता में बढ़ावा नहीं किया जा सकता। योग्यता के प्रति ऐसा दृष्टिकोण क्या कहलाता है?

  • एकल/सत्त्व दृष्टिकोण
  • वार्धिक दृष्टिकोण
  • प्रवीणता-उन्मुखी दृष्टिकोण
  • अधिगम आशावादी दृष्टिकोण

विद्यार्थियों में प्रभावशाली एवम् अर्थपूर्ण अधिगम को बढ़ावा देने के लिए, एक अध्यापिका को किस पर बल देना चाहिए?

  • पाठ्यसामग्री को वास्तविक-जीवन संदर्भ से जोड़ने के लिए।
  • दी गई जानकारी को कंठस्थ/स्मरण करने के लिए।
  • विद्यार्थियों में प्रतिस्पर्धा की भावना को बढ़ाने के लिए।
  • व्यवहार के अनुकूलन के लिए।

एक विद्यार्थी बार-बार मिलने वाली असफलताओं का कारण उसकी योग्यता की कमी को मानता है, उसमें कौन-सा भाव पैदा हो सकता है?

  • अधिगम निस्सहायता
  • उच्च आत्म-सम्मान
  • सकारात्मक आत्म-अवधारणा
  • आत्म-प्रभावकारिता में वृद्धि

यदि ट्वींकल अपने बाएँ हाथ से लिखती है, तो उसकी शिक्षिका को क्या करना चाहिए?

  • उसे अपनी पसंद का प्रयोग करने दें।
  • उसे बाएँ हाथ का उपयोग करने के लिए हतोत्साहित करें।
  • इसकी रिपोर्ट स्कूल काउंसिलर को दें।
  • उसे दाहिने हाथ का उपयोग करने के लिए मजबूर करें।

बच्चों के सम्मुख विचार बिन्दु प्रस्तुत करते समय सही क्रम ______ से ______ की ओर होना चाहिए।

  • सामान्य से विशिष्ट
  • जटिल से सरल
  • अमूर्त से मूर्त
  • सांकेतिक से अनुप्रतीकात्मक

विद्यालय में बच्चों की सफलता में निम्न में से कौन-सा कारक बाधा उत्पन्न करता है?

  • कठोर पाठ्यचर्या
  • लचीली समय-सारणी
  • संरचनात्मक शिक्षाशास्त्र
  • अधिगम हेतु मूल्यांकन

सायमा अपनी असफलता के लिए योग्यता में कमी को उत्तरदायी ठहराती है और योग्यता को एक स्थिर रूप की तरह मानती है। बार-बार असफलताओं का होना उसमें किस प्रकार की भावना का विकास करेगा?

  • असहायता का सीखा हुआ भाव
  • जिज्ञासा
  • गर्व
  • आशा

एक प्रारंभिक कक्षाकक्ष में एक बच्ची अपने साथ जो अनुभव लाती है–

  • उन्हें शामिल कर उनका संचय करना चाहिए।
  • उसकी उपेक्षा करनी चाहिए।
  • उन पर ध्यान नहीं देना चाहिए।
  • उन्हें अस्वीकार करना चाहिए।

अधिगम के लिए निम्न में से कौन-सी धारणा उपयुक्त है?

  • योग्यता सुधार्य है।
  • प्रयासों से कोई फर्क नहीं पड़ता।
  • असफलता अनियंत्रित है।
  • योग्यता अटल है।

बच्चे –

  • उस सामाजिक सांस्कृतिक संदर्भ से बहुत प्रभावित होते हैं जिसमें वे बड़े होते हैं।
  • अनियंत्रित पैदा होते हैं और उन्हें सामाजिक होने की आवश्यकता होती है।
  • इस दुनिया में आनुवंशिक कोड के साथ आते हैं जो उनकी नियति तय करते हैं।
  • इस संसार में ‘खाली स्लेट’ या ‘कोरी पट्टी’ के रूप में आते हैं।

रचनावादी दृष्टिकोण से :

  • सीखना वर्तमान समझ का विस्तार और परिवर्तन है।
  • व्यक्ति पर्यावरणीय घटनाओं से निष्क्रिय रूप से प्रभावित होते हैं।
  • व्यक्तियों को नए व्यवहार सीखने के लिए अनुकूलित किया जाता है।
  • सीखना बस हमारे दिमाग की कोरी स्लेट पर संघों को लिखना है।

अभिकथन (A): प्रभावी शिक्षक खुद को शिक्षार्थियों के दैनिक जीवन और सामाजिक-सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से परिचित कराते हैं।
कारण (R): सीखना एक सामाजिक संदर्भ में होता है।

  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (A) की (R) सही व्याख्या करता है।
  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (A) की (R) सही व्याख्या नहीं करता है।

शिक्षार्थी अधिगम प्रक्रिया में व्यस्त और सक्रिय रूप से शामिल महसूस करते हैं जब:

  • गतिविधियाँ उनके संदर्भ से संबंधित होती हैं।
  • उनके पूर्व ज्ञान को पुष्पक किया जाता है और नकारा जाता है।
  • अधिगम का बल दोहराव और रटने पर होता है।
  • शिक्षार्थियों की सामाजिक-भावनात्मक आवश्यकताओं की उपेक्षा की जाती है।

निम्नलिखित में से कौन सा कथन अधिगम के बारे में सही नहीं है?

  • अधिगम एक प्रक्रिया नहीं अपितु एक उत्पाद है।
  • अधिगम शिक्षार्थी के पूर्व ज्ञान पर निर्भर करता है।
  • अधिगम का तात्पर्य पूर्व वैचारिक स्कीम्स के पुनर्गठन से है।
  • अधिगम सामाजिक क्रिया द्वारा संसाधित होती है।

अभिकथन (A): शिक्षार्थी जो पहले से जानते हैं उसके आधार पर अपने ज्ञान का निर्माण करते हैं।
कारण (R): पैटर्न ढूँढ़ना और पिछले ज्ञान के साथ जुड़ाव बनाने से शिक्षार्थियों को जानकारी को सार्थक रूप से संसाधित करने में मदद मिलती है।

  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (A) की (R) सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (A) की (R) सही व्याख्या नहीं करता है।
  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।

विद्यार्थियों की सीखने की शैलियों में विविधता:

  • को महत्व दिया जाना चाहिए और मानव विविधता के प्रतिबिंब के रूप में देखा जाना चाहिए।
  • को शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में बाधा और अवरोध के रूप में देखा जाना चाहिए।
  • की उपेक्षा की जानी चाहिए और सीखने की शैलियों में एकरूपता लाने का प्रयास किया जाना चाहिए।
  • को शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया के दौरान ध्यान में नहीं रखा जाना चाहिए।

निम्नलिखित में से कौन-सी प्रक्रिया अधिगम के दौरान योगदान नहीं देती है?

  • गैर-प्रासंगीकरण
  • संगठन
  • वर्गीकरण
  • वैचारिकता

अनुभवात्मक अधिगम किस पर बल देता है?

  • आलोचनात्मक प्रतिबिंब के महत्व पर
  • एक प्रक्रिया के बजाए अधिगम को एक उत्पाद के रूप में देखने पर
  • बच्चों के अधिगम पर शिक्षक के नियंत्रण पर
  • सीखने में पुनर्बलन की भूमिका पर

जब शिक्षक बच्चों के अनुभवों को कक्षा में शामिल करते हुए उनके सामाजिक-सांस्कृतिक संदर्भ में उदाहरण देता है तब वह बच्चों में किस भावना को प्रोत्साहित करता है?

  • अपनापन
  • हीनता
  • क्रोध
  • अलगाव

अधिगम हेतु एक सहायक माहौल बनाने के लिए, एक अध्यापिका को क्या करना चाहिए?

  • विद्यार्थियों के सामाजिक-सांस्कृतिक परिवेशों को जानना चाहिए और उनके प्रति सम्मान रखना चाहिए।
  • कठोरता से समय सारणी का पालन करना चाहिए और दिनचर्या में लचीलेपन को टालना चाहिए।
  • विद्यार्थियों को अपने विचार व्यक्त करने की स्वतंत्रता और आजादी देने से बचना चाहिए।
  • संप्रत्यय की समझ के बजाय व्यवहार के अनुकूलन पर बल देना चाहिए।

अधिगम के बारे में निम्न में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

  • सामाजिक पारस्परिकता का अधिगम प्रक्रिया में कोई महत्व नहीं है।
  • अधिगम ज्ञान सर्जन की एक सक्रिय प्रक्रिया है।
  • अधिगम हेतु, विद्यार्थियों में कुछ स्तर की तत्परता होनी आवश्यक है।
  • अधिगम प्रभावशाली होता है अगर वह अधिगमकर्ता की सक्रिय भागीदारी द्वारा ग्रहण किया जाता है।

निम्न में से किस उपागम का मानना है कि अधिगमकर्ता सक्रिय प्राणी है जो अन्वेषण और अपने आस-पास से अंतःक्रियाओं द्वारा नए ज्ञान के सर्जन में सक्षम होते हैं?

  • संरचनावादी
  • मनोविश्लेषणवादी
  • व्यवहारवादी
  • प्रकार्यवादी

निम्न में से कौन-सी युक्ति अधिगम को सुसाधित नहीं करती है?

  • प्रकार्यात्मक स्थिरता
  • अनुमान लगाना
  • संप्रत्यय प्रतिचित्रण
  • गैर-उदाहरण निर्मित करना

विद्यार्थियों की अधिगम में संलग्नता को बढ़ावा देने हेतु, निम्न में से किसे महत्त्व नहीं देना चाहिए?

  • विद्यार्थियों के बीच प्रतिस्पर्धा
  • विषयवस्तु की प्रासंगिकता
  • सहपाठी सहभागिता
  • जानकारी का संदर्भीकरण

अभिकथन (A): एक शिक्षिका कक्षा से संवादात्मक बनाने के लिए बच्चों के आसपास के पर्यावरण से उदाहरण शामिल करती है।
तर्क (R): सामाजिक-सांस्कृतिक संदर्भ की सीखने में महत्त्वपूर्ण भूमिका है।

  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों गलत है।

रचनावादी कक्षा में, अर्थपूर्ण सीखना

  • अन्वेषण व अंतःक्रिया के द्वारा खोज की प्रक्रिया है।
  • जानकारी के भंडारण व उपयोजन से होता है।
  • इनाम व सजा के प्रयोग से होता है।
  • बारंबार वेधन तथा अभ्यास से होता है।

रमेश विज्ञान विषयों को पढ़ाते समय अन्वेषण, प्रयोग, विभिन्न व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को नया ज्ञान व समझ बनाने के अवसर प्रदान करता है। वह ______ को बढ़ावा देना चाहता है।
(i) वैज्ञानिक तर्क
(ii) तार्किक चिंतन
(iii) कंठस्थीकरण
(iv) अनुकरण

  • केवल (i) और (ii)
  • केवल (i) और (iii)
  • केवल (i) और (iv)
  • केवल (iii) और (iv)

निम्नलिखित में से अध्यापक द्वारा अपनाई गई कौन-सी विधि अधिगम प्रक्रिया में विद्यार्थियों की सक्रिय भूमिका को कम महत्त्व देती है?

  • व्याख्यान
  • पूछताछ
  • चर्चाएँ
  • खोज/अन्वेषण

अधिगम तब अधिक अर्थपूर्ण होता है जब विषयवस्तु को ______ रूप में प्रस्तुत किया जाता है।

  • संयोजित
  • संदर्भ से हटकर
  • अप्रासंगिक
  • बहुत ही अमूर्त

प्रेरक अधिगम परिवेश सृजित करने के लिए क्या महत्त्वपूर्ण है?

  • स्व-आकलन हेतु अवसर देना
  • स्व-अधिगम के लिए अवसरों को कम कर देना
  • विद्यार्थियों में प्रतियोगी भावना को बढ़ावा देना
  • मानकीकृत पाठ्यचर्या का अनुसरण करना

औपचारिक शिक्षा में प्रवेश करने से पूर्व ही बच्चे अपने आस-पड़ोस के बारे में, जैसे कि उन वस्तुओं और घटनाओं के बारे में जिनसे वे समागम करते हैं, एक संपन्न समझ विकसित कर लेते हैं। एक अध्यापिका को उनकी इस तरह की समझ को –

  • उनके ज्ञान को अग्रसर करने के लिए महत्त्वपूर्ण समझना चाहिए।
  • पूरी तरह नकार देना चाहिए।
  • मानकीकृत पाठ्यक्रम से बदल देने का प्रयास करना चाहिए।
  • अधिगम के लिए दोषपूर्ण और महत्वहीन मानना चाहिए।

निम्न में से कौन-सा प्रकार विद्यार्थियों की अधिगम प्रक्रिया में संलग्नता में बाधक बन जाता है?

  • ऐसे कार्य देना जो विद्यार्थियों के लिए बहुत आसान हो।
  • विद्यार्थियों के जीवन से आधारित कार्य देना।
  • विद्यार्थियों की रुचि आधारित कार्य देना।
  • ऐसे कार्य देना जो विद्यार्थियों के विचारों के महत्त्व दे।

अधिगम किस प्रकार का होना चाहिए?

  • अर्थपूर्ण और संदर्भित
  • असंदर्भित और अर्थहीन
  • अर्थपूर्ण और असंदर्भित
  • संदर्भित और अर्थहीन

एक अनुकूल (समर्थित) सीखने का वातावरण बनाने के लिए, एक शिक्षक को क्या करना चाहिए?

  • विद्यार्थियों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना चाहिए
  • विद्यार्थियों से बेहद कम अपेक्षाएँ रखनी चाहिए
  • महारत-उन्मुख प्रतिपुष्टि देने से बचना चाहिए
  • विद्यार्थियों को कोई स्वायत्तता नहीं देनी चाहिए

सीखना अधिक प्रभावी होता है जब

  • विषय-वस्तु को वास्तविक-जीवन के अनुभवों के साथ जोड़ा जाए
  • पठन सामग्री बहुत ही अमूर्त एवं जटिल हो
  • विषय-वस्तु को असंबद्ध रूप में टुकड़ों-टुकड़ों में पढ़ाया जाए
  • पूर्व ज्ञान से संबद्धता स्थापित न की जाए

निम्नलिखित में से अधिगम दिशा-निर्देशों के लिए कौन-सा सार्वभौमिक अभिकल्प का हिस्सा नहीं है?

  • भेदभाव के बहुविध तरीके
  • सहभागिता के बहुविध साधन
  • प्रतिनिधित्व के बहुविध साधन
  • अभिव्यक्ति के बहुविध तरीके

वास्तविक दुनिया के संदर्भों से सीखने के लिए मस्तिष्क ______ है, इसलिए विद्यालयों को ______ अधिगम पर जोर देना चाहिए।

  • सक्षम, रचनात्मक
  • असक्षम, अन्वेषण
  • सक्षम, पाठ्यपुस्तक-आधारित
  • असक्षम, गैर-संदर्भित

रचनावाद किसका समर्थन करता है?

  • शिक्षार्थियों द्वारा नए ज्ञान के सृजन का
  • शिक्षकों द्वारा नए ज्ञान की अस्वीकृति का
  • पहले से अर्जित ज्ञान के पुनरुत्पादन का
  • रटकर याद किए गए ज्ञान के प्रदर्शन का

कक्षा में सभी शिक्षार्थियों को शामिल करने के लिए ______ विविध साधन प्रदान करना महत्त्वपूर्ण है।

  • संलग्नता (शामिल करने) के
  • प्रतिस्पर्धा के
  • भेद-भाव करने के
  • अबोधगम्यता के

14 वर्षीय माया एक युवा चित्रकार के वीडियो यूट्यूब पर देखकर पेंटिंग करना सीखती है। वह इस बात में विश्वास करती है कि वह पेंटिंग करने की क्षमता रखती है और सचेतना के साथ प्रक्रियाओं का अनुसरण करती है। माया के अधिगम को क्या संज्ञा दी जा सकती है?

  • अवलोकनात्मक अधिगम
  • सहयोगात्मक अधिगम
  • निष्क्रिय अनुकरण
  • परसंज्ञान

अधिगम अधिक प्रभावशाली रूप से होता है अगर

  • कक्षाकक्ष का वातावरण भय मुक्त हो।
  • अध्यापक विद्यार्थियों के अधिगम संबंधित व्यक्तिगत अंतरों को अनदेखा कर दे।
  • पढ़ाई गई विषय-वस्तु बहुत जटिल और अमूर्त है।
  • विद्यार्थियों के मतों को संप्रत्यय की व्याख्या के दौरान ना अपनाया जाए।

एक अध्यापिका को कैसे अधिगम क्रियाकलाप बनाने और सम्पादित करने चाहिए।

  • जो विद्यार्थियों की रुचि के अनुरूप हो
  • जिनकी प्रकृति अति अमूर्त हो
  • जो विद्यार्थियों के परिवेश से गैर और अन्यदेशीय हो
  • जिनका उद्देश्य सिर्फ पूर्व ज्ञान का पुनरुत्पादन मात्र हो

अधिगम प्रक्रिया में विद्यार्थियों की संलग्नता को अधिकारिक करने के लिए एक अध्यापिका को क्या करना चाहिए?

  • कार्य की सत्यता को अधिकतम कर देना चाहिए
  • विद्यार्थियों की स्वायत्तता को न्यूनतम कर देना चाहिए
  • विकर्षणों को अधिकतम कर देना चाहिए
  • व्यक्तिगत विकल्पों को न्यूनतम कर देना चाहिए

कथन (A): विद्यालयों को केवल सीखी गई सामग्रियों के पुनरुत्पादन पर जोर लेना चाहिए।
तर्क (R): स्मृति ना तो रचनात्मक होती है और न ही निर्वचनात्मक होती है।

  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 निम्न में कौन-सी शिक्षाशास्त्रीय रणनीतियों को बढ़ावा देती है?
(i) वेधन पुनरावृत्ति और बार-बार अभ्यास
(ii) रट कर याद करना
(iii) अन्वेषण-आधारित अधिगम
(iv) चर्चा-आधारित उपागम

  • केवल (iii),(iv)
  • केवल (i),(ii)
  • केवल (i),(iii)
  • केवल (i),(iv)

निम्न में से कौन प्रभावशाली और अर्थपूर्ण अधिगम में मदद करता है?

  • अधिगमकर्ता-केंद्रित शिक्षाशास्त्र
  • मानकीकृत पाठ्यक्रम
  • परीक्षा-केंद्रित उपागम
  • अनम्य समय सारणी

निम्न में से क्या कक्षा में अधिगम सहायक माहौल पैदा करता है?

  • विद्यार्थियों के बीच सहकार्यता को बढ़ावा देना।
  • शिक्षाशास्त्र के प्रति अनम्य/कठोर रवैया अपनाना।
  • प्रदर्शन/निष्पादन-उन्मुखी प्रतिपुष्टियों को बढ़ावा देना।
  • विद्यार्थियों द्वारा स्व-मूल्यांकन और स्व-चिंतन को नकारना

अभिकथन (A): एक अध्यापक द्वारा छोटे बच्चों के उनके परिवेश संबंधित अनुभवों की अनदेखी करनी चाहिए।
तर्क (R): विद्यालयों में अधिगम विद्यार्थियों के सामाजिक-सांस्कृतिक संदर्भ से अलग करके होना चाहिए।

  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।

निम्नलिखित में से कौन-सा कथन अधिगम के बारे में सही नहीं है?

  • अधिगम सामाजिक संदर्भों से हटकर स्वतंत्र रूप से होता है।
  • अधिगम में अपने आस-पास के परिवेश के साथ अंतःक्रियाएँ शामिल होती हैं।
  • अधिगम एक सक्रिय प्रक्रिया है।
  • अधिगम व्यक्तिगत कारकों से प्रभावित होता है।

अधिगम के सामाजिक-संरचनावादी उपागम के अनुसार, निम्न में से कौन-सा तरीका अर्थपूर्ण अधिगम के लिए प्रभावशाली नहीं है?

  • निष्क्रिय अनुसरण
  • स्व-पहल अन्वेषण
  • चर्चाओं में सक्रिय भागीदारी
  • खोजी अधिगम

अधिगम को प्रभावशाली बनाने के लिए विषयवस्तु कैसी होनी चाहिए?

  • विद्यार्थियों के सामाजिक-सांस्कृतिक परिवेश से संबंधित
  • बहुत अमूर्त और जटिल।
  • असंबंधित खण्डों में प्रस्तुति।
  • अति आसान और अत्यधिक सरल।

निम्न में से कौन-सा उपागम विद्यार्थियों के स्वयं पहल करने और अध्यापिका के संतुलित सुसाध्य पर बल देता है?

  • सामाजिक-संरचनावाद
  • व्यवहारवाद
  • अनुकरण अधिगम
  • प्रतिपादक शिक्षण

कथन (A): एक संरचनावादी कक्षा में, यह महत्त्वपूर्ण है कि ऐसे अवसर पैदा किए जाएँ जिससे विद्यार्थियों में समालोचनात्मक सोच और समस्या समाधान कौशलों के विकास में मदद मिले।
तर्क (R): सार्थक अधिगम मुख्य रूप से ज्ञान का ज्यों का त्यों पुनरुत्पादन है।

  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।

अधिगम के लिए एक सहायक वातावरण पैदा करने हेतु, यह महत्त्वपूर्ण है कि:

  • विभिन्न हिस्सेदारों जैसे कि माता-पिता, अध्यापकों और विद्यार्थियों के बीच संप्रेषण पोषित करें।
  • विद्यार्थियों की रुचियों को अनदेखा करें।
  • बहुत सख्त/कठोर एवं सत्तावादी अध्यापकों को नियुक्त करें।
  • पढ़ाने के लिए मानकीकृत पाठ्यक्रम को लागू करें।

निम्न में से कौन-सा कारक विद्यार्थियों के प्रभावशाली और अर्थपूर्ण अधिगम में सहयोग नहीं करता है?

  • मानकीकृत पाठ्यक्रम
  • बाल-केंद्रित शिक्षाशास्त्र
  • अधिगम की सार्वभौमिक रूपरेखा
  • अध्यापन का संरचनावादी उपागम

अधिगम अधिक प्रभावशाली होता है, जब:

  • अधिगम का स्वभाव प्रयोगात्मक हो।
  • विषयवस्तु अत्यधिक जटिल हो।
  • अध्यापक का शिक्षाशास्त्र व्यवहारात्मक हो।
  • अधिगम लक्ष्य परीक्षा-केंद्रित हो।

अर्थपूर्ण अधिगम हेतु, कक्षा में ऐसी संस्कृति विकसित करनी चाहिए, जहाँ विद्यार्थियों को ______ के अत्यधिक अवसर मिलें।

  • ज्ञान का निर्माण करने
  • एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा करने
  • तथ्यों को रट कर याद करने
  • निष्क्रिय होकर सुनने

विद्यार्थियों को ______ बनने के लिए सुसाधित करना चाहिए।

  • स्वतंत्र विचारक
  • आश्रित अधिगमकर्ता
  • निष्क्रिय अनुकरणकर्ता
  • उच्च श्रेणी के प्रतिद्वंद्वी

अधिगम की प्रकृति ______ और ______ है।

  • सक्रिय, सामाजिक
  • निष्क्रिय, सामाजिक
  • सक्रिय, व्यक्तिगत
  • निष्क्रिय, व्यक्तिगत

निम्न में से कौन-सा उपागम विद्यार्थियों के ज्ञान अर्जन की योग्यता को कमतर आँकता है?

  • निष्क्रिय नकल
  • खोजी अधिगम
  • सहयोगात्मक अधिगम
  • सहज अनुमान लगाना

निम्न में से कौन-सा उपागम ज्ञान निर्माण में विद्यार्थियों की सक्रिय भूमिका को कमतर रूप से देखता है?

  • कंठस्थ स्मरण
  • खोजी अधिगम
  • खोजबीन
  • अन्वेषण

‘अधिगम एक सक्रिय प्रक्रिया है जो एक सांस्कृतिक संदर्भ में होती है।’ निम्न में से कौन-सा दृष्टिकोण इस विचार में विश्वास रखता है?

  • सामाजिक-संरचनावाद
  • मनोविश्लेषणवाद
  • व्यवहारवाद
  • नैतिकतावाद

करके सीखना, खोजी अधिगम और सहभागी अधिगम एक ______ कक्षा की विशेषताएँ हैं।

  • प्रगतिशील
  • व्यवहारवादी
  • अध्यापक-केंद्रित
  • निष्क्रिय

कथन (A): एक अध्यापिका द्वारा विद्यार्थियों को समूह में काम करने और सहपाठियों संग चर्चा द्वारा सीखने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
तर्क (R): अधिगम एक सामाजिक प्रक्रिया है।

  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।

अधिगम प्रभावशाली और अर्थपूर्ण हो, इसके लिए क्या महत्त्वपूर्ण है?

  • विद्यालय में हो रहे अधिगम और विद्यालय के बाहर के जीवन के बीच सम्बद्धता स्थापित करना।
  • विषय-सामग्री को इस प्रकार प्रस्तुत करना जिससे कि विद्यार्थी उस ज्ञान को दैनिक जीवन में प्रयोग करने का प्रयास न कर पाएँ।
  • अवधारणाओं को इस तरीके से पढ़ना जिससे कि विभिन्न उप-अवधारणाओं के बीच सम्बद्धता स्थापित न हो सके।
  • ज्ञान के दोहराव पर बल देना चाहिए और समझ के लिए, उत्कंठा को कम-से-कम करना चाहिए।

कक्षा के परिवेश, शिक्षण-शास्त्रीय प्रविधियों और आकलन की विधियों का चयन इस प्रकार करना चाहिए कि वे विद्यार्थियों में …… के उन्नयन को सुनिश्चित कर सकें।

  • जिज्ञासा
  • अरुचि
  • प्रतियोगिता
  • कंठस्थीकरण

एक अध्यापिका विद्यार्थियों द्वारा सृजित ज्ञान की समझ और स्मृति को बल देना चाहती है। इस उद्देश्य के लिए कौन-सी युक्ति प्रभावशाली नहीं होगी?

  • अप्रासंगिक जानकारी को प्रासंगिक जानकारी के साथ सुमेलित करना
  • रूपांतरण का सृजन
  • पहले की जानकारी को नए प्रश्न के लिए प्रयुक्त करना
  • उप-अवधारणाओं के मध्य सम्बद्धता को कार्यान्वित करना

अधिगम को सुसाधित करने हेतु एक अध्यापिका को क्या करना चाहिए?

  • विद्यार्थियों को ज्ञान सृजन के अवसर प्रदान करने चाहिए।
  • विषयवस्तु को विद्यार्थियों के सामाजिक संदर्भ से अलग रखना चाहिए।
  • संप्रत्यय मानचित्रण के इस्तेमाल को हतोत्साहित करना चाहिए।
  • विद्यार्थियों में उच्च स्तरीय प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करना चाहिए।

अधिगम के सामाजिक संज्ञानात्मक मत के अनुसार, विद्यार्थी किस प्रकार सबसे बेहतर सीखते हैं?

  • अपने वातावरण से सक्रिय संलग्नता द्वारा
  • वयस्कों की निष्क्रिय नकल द्वारा
  • व्यवहार के बाह्य अनुकूलन द्वारा
  • असंदर्भित जानकारी के कंठस्थीकरण द्वारा

अधिगम सबसे अधिक प्रभावशाली और अर्थपूर्ण होता है अगर

  • विषय-वस्तु विद्यार्थियों के सामाजिक परिवेश से संबंधित हो।
  • शिक्षाशास्त्र मुख्यतः अध्यापक-केंद्रित हो।
  • अधिगम लक्ष्य प्रदर्शन-अभिमुखी हो।
  • विद्यार्थियों को ज्ञान सर्जन के अवसर न दिए जाएँ।

बच्चे ______ से ______ की ओर सीखते हैं।

  • सरल, जटिल
  • अमूर्त, मूर्त
  • सांकेतिक, चित्रात्मक
  • विशिष्ट, सामान्य

निम्न में से कौन-सी अधिगम युक्ति जानकारी के प्रक्रमण में प्रभावशाली नहीं होगी?

  • निष्क्रिय अनुवाचन करना
  • अधोरेखांकन और चिन्हांकित करना
  • स्मृति-सहायक विधियों का प्रयोग
  • उदाहरण सृजन करना

रचनावादी कक्षा में एक शिक्षक की सबसे महत्त्वपूर्ण भूमिका क्या है?

  • सुनिश्चित करना कि प्रत्येक बच्चा अपनी क्षमता को सर्वोत्तम रूप से प्रकट करे
  • सभी बच्चों को मानक निर्देश देना
  • सभी बच्चों से समान गति से आगे बढ़ने की अपेक्षा करना
  • बच्चों की विविध आवश्यकताओं के प्रति उदासीन रहना

जल के स्रोतों के बारे में चर्चा करते हुए रानी उत्तर देती है कि ‘नल’ और ‘फव्वारा’ पानी के मुख्य स्रोत हैं। उसका उत्तर किसका प्रतिनिधित्व करता है?

  • उसकी समझ जो उसके अनुभवों के आधार पर बनी है
  • उसकी निम्न अंतः वैयक्तिक और अंतर्वैयक्तिक बुद्धि
  • नई अवधारणा सीखने के लिए अभिप्रेरणा की कमी
  • उच्च स्तरीय समस्या-समाधान कौशल

प्रभावशाली और अर्थपूर्ण अधिगम के लिए अध्यापक को किस प्रकार की शिक्षणशास्त्रीय प्रविधियों का इस्तेमाल करना चाहिए?

  • सांस्कृतिक रूप से प्रासंगिक
  • मानकीकृत
  • परीक्षा-केंद्रित
  • व्यवहारवादी

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 अधिगम के कौन-से तरीकों पर बल देती है?
(i) अनुभवात्मक अधिगम
(ii) डिजिटल अधिगम
(iii) वैज्ञानिक अधिगम
(iv) करके सीखना

  • (i), (ii), (iii), (iv)
  • (i), (ii)
  • (iii), (iv)
  • (i), (ii), (iv)

आप अपने विद्यार्थियों को कुछ जानकारी याद करवाना चाहते हैं। इस उद्देश्य के लिए, आप किस युक्ति से बचना चाहेंगे?

  • आप उन्हें निष्क्रिय रूप से कई बार दोहराने के लिए कहेंगे।
  • उनके पूर्व ज्ञान से सम्बद्धता जोड़ेंगे।
  • ज्ञान को वास्तविक जीवन की समस्याओं में लागू करने के अवसर देंगे।
  • उस अवधारणा हेतु उदाहरण और गैर-उदाहरण प्रस्तुत करेंगे।

शिक्षण-अधिगम की निम्न में से कौन-सी विधि ज्ञान के सृजन में विद्यार्थियों की सक्रिय भूमिका को महत्त्व नहीं देती है?

  • व्यवहार अनुकूलन
  • सहपाठी सहभागिता
  • अन्वेषण अधिगम
  • पारस्परिक शिक्षण

विद्यार्थी किसके द्वारा बेहतर और प्रभावशाली तरीके से सीखते हैं?

  • जिज्ञासा और अन्वेषण
  • निष्क्रिय अनुकरण
  • पुरस्कार और दण्ड
  • कंठस्थीकरण

अभिकथन (A): अध्यापक को अपने विद्यार्थियों को सहयोगात्मक अधिगम में सहयोग करने, समूह कार्य करने और सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।
तर्क (R): अधिगम एक सामाजिक गतिविधि है और विद्यार्थियों को सामूहिक रूप से ज्ञान सृजन करना चाहिए।

  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।

निम्नलिखित में से कौन सी एक मुख्य प्रक्रिया नहीं है जिसके द्वारा सार्थक अधिगम घटित होता है?

  • कंठस्थीकरण एवं स्मरण
  • पुनरावृत्ति एवं अभ्यास
  • निर्देश एवं संचालन
  • अन्वेषण एवं पारस्परिक क्रिया

बच्चे प्रभावी रूप से सीखते हैं जब –

  • वे विभिन्न गतिविधियों एवं कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं।
  • वे पाठ्यपुस्तक में दिए गए तथ्यों को याद करते हैं।
  • वे श्यामपट्ट पर अध्यापक के द्वारा लिखे गए उत्तरों की नकल करते हैं।
  • शिक्षक कक्षा में होने वाली सभी घटनाओं व बच्चों को पूर्ण रूप से नियंत्रित करता है।

निम्नलिखित में से कौन-सा बच्चों में अधिगम में सुधार करने के लिए सबसे अधिक उपयुक्त है?

  • शिक्षक को वास्तविक जीवन स्थितियों पर बच्चों को एक-दूसरे के साथ बातचीत करने में मदद करनी चाहिए।
  • नियमित मूल्यांकन परीक्षा आयोजित की जानी चाहिए।
  • शिक्षक को विभिन्न उदाहरणों और चित्रों का उपयोग करके विषय की व्याख्या करनी चाहिए।
  • कक्षा में सभी प्रकार की शिक्षण-सामग्री होनी चाहिए।

अधिगम का संरचनात्मक विचार यह सुझाव देता है कि ज्ञान की संरचना में–

  • बच्चे सक्रिय भूमिका निभाते हैं।
  • बच्चे पूर्ण रूप से पाठ्य-पुस्तकों पर निर्भर रहते हैं।
  • बच्चों की कोई भूमिका नहीं होती है।
  • बच्चे पूर्ण रूप से वयस्कों पर निर्भर रहते हैं।

निम्नलिखित में से कौन सी प्रथाएँ सार्थक अधिगम को बढ़ावा देती हैं?
(i) शारीरिक दंड
(ii) सहयोगात्मक अधिगम पर्यावरण
(iii) सतत् एवं समग्र मूल्यांकन
(iv) निरंतर तुलनात्मक मूल्यांकन

  • (ii), (iii)
  • (i), (ii), (iii)
  • (ii), (iii), (iv)
  • (i), (ii)

संरचनावादी ढाँचे में, अधिगम प्राथमिक रूप से–

  • अवबोधन की प्रक्रिया पर केन्द्रित है।
  • अनुबंधन द्वारा अर्जित है।
  • यंत्रवत् याद करने पर आधारित है।
  • प्रबलन पर केन्द्रित है।

अर्थपूर्ण अधिगम मुख्य रूप से किसके बारे में नहीं है?

  • जानकारी को रटना
  • अवधारणाओं को समझना
  • ज्ञान का निर्माण
  • कौशलों का विकास

अच्छे समस्या समाधानकर्ता बनने में विद्यार्थियों की सहायता करने के लिए, एक शिक्षक को निम्नलिखित में से किस प्रक्रिया पर बल देना चाहिए?

  • बड़ी और जटिल समस्याओं को छोटी प्रबंधनीय समस्याओं में विभाजित करना।
  • ऐसी जानकारी पर ध्यान देना जो पहले से मौजूद विश्वासों और पूर्वाग्रहों की पुष्टि करे।
  • समस्याओं को एक विशिष्ट निर्धारित तरीके से हल करना।
  • समस्या से संबंधित जानकारी के केवल एक ही पहलू पर ध्यान केंद्रित करना।

अभिकथन (A): शिक्षकों को बच्चों के साथ काम करते समय लगातार अपने स्वयं के दृष्टिकोण और पूर्वाग्रहों की जांच करनी चाहिए।
कारण (R): समस्या-समाधान की प्रक्रिया कार्यात्मक स्थिरता से बाधित है।

  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (A) की (R) सही व्याख्या नहीं करता है।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (A) की (R) सही व्याख्या करता है।
  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।

निम्नलिखित में से कौन-सा कारक समस्या समाधान को बढ़ावा देता है?

  • अपसारी चिंतन
  • कार्यात्मक स्थिरता
  • निष्क्रिय अनुसरण
  • प्रतिक्रिया सेट

निम्नलिखित में से अधिगम का प्राथमिक लक्ष्य कौन-सा होना चाहिए?

  • समालोचनात्मक चिंतन का विकास
  • तथ्यों को रटना
  • यंत्रवत् याद करने के पूर्वाभ्यास में उत्कृष्ट बनना
  • समकक्षियों के साथ प्रतिस्पर्धा

निम्नलिखित कथनों को पढ़िए तथा सही विकल्प का चयन कीजिए:
अभिकथन (A): शिक्षार्थियों के बीच समालोचनात्मक चिंतन को सुगम बनाने के लिए, शिक्षकों को उन्हें विविध परिस्थितियों और विभिन्न दृष्टिकोणों से अवगत कराना चाहिए।
कारण (R): जब विद्यार्थी विविध मतभेदों के बीच बातचीत में संलग्न होते हैं तो वे समालोचनात्मक और रचनात्मक रूप से सोचने की अपनी क्षमताओं को सीखते और समृद्ध करते हैं।

  • (A) और (R) दोनों सही हैं, तथा (R), (A) की सही व्याख्या है।
  • (A) सही है, परन्तु (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं तथा (R), (A) की सही व्याख्या है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं, परन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।

बच्चों में समस्या-समाधान कौशल को बढ़ाने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा प्रभावी तरीका है?

  • उन्हें बुद्धि मंथन करने और सहज अनुमान लगाने के अवसर देना
  • स्वतंत्र चिंतन को हतोत्साहित करना और घोषणात्मक ज्ञान पर ध्यान केंद्रित करना
  • कठिन समस्याओं से बचने के लिए उन्हें प्रोत्साहित करना
  • उन्हें समस्याओं का तैयार समाधान उपलब्ध कराना

समस्या-समाधान की प्रक्रिया किससे बेहतर होती है?

  • तार्किक सोच
  • निष्क्रिय अनुसरण
  • प्रतिक्रियात्मक सेट
  • प्रकार्यात्मक स्थिरता

विद्यार्थियों में समस्या समाधान कौशलों को सुसाधित करने के लिए, एक अध्यापक को क्या करना चाहिए?

  • विद्यार्थियों को विभिन्न संभावित समाधानों को खोजने के लिए प्रोत्साहित करे।
  • विद्यार्थियों को अनुमान/स्वतः शोध प्रणाली के इस्तेमाल पर हतोत्साहित करे।
  • जरूरती स्कीमाओं को सक्रिय करने के लिए पाड़ प्रदान ना करे।
  • विद्यार्थियों को अपनी चिंतन प्रक्रिया पर प्रतिबिम्बित करने के अवसर ना प्रदान करे।

निम्न में से क्या बच्चे के समस्या समाधान में बाधा उत्पन्न करेगा?

  • वस्तुओं के इस्तेमाल के पारम्परिक तरीके पर स्थिर रहना
  • समस्या को सही से पहचानना
  • समस्या को स्पष्टता से परिभाषित करना
  • पहले सुलझाई गई मिलती-जुलती समस्याओं के बारे में सोचना

प्रभावशाली समस्या-समाधान में किसके बहिष्करण की आवश्यकता है?

  • कार्यात्मक स्थिरता
  • अपसारी चिन्तन
  • केन्द्रित ध्यान
  • सादृश्यमूलक चिन्तन

निम्नलिखित में से किसके द्वारा समस्या समाधान में अवरोध पैदा होने की संभावना है?

  • कार्यात्मक स्थिरता
  • संज्ञानात्मक सुनम्यता (लचीलापन)
  • अपसारी चिंतन
  • विमर्शात्मक लेखन

अधिगम को सुसाधित किस प्रकार किया जा सकता है?

  • चिंतन/प्रतिबिंब के मौके प्रदान करके
  • योग्यता के सत्त्व दृष्टिकोण को बढ़ावा देकर
  • कार्य के उद्देश्य को विद्यार्थियों से साझा ना करके
  • विद्यार्थियों में प्रतिस्पर्धा बढ़ाकर

हालाँकि समस्या-समाधान प्रक्रिया में अकसर हम चरणों पर फेर-बदल करते हैं, फिर भी औसतन रूप से समस्या-समाधान प्रक्रिया का पहला चरण ______ होता है।

  • समस्या की पहचान
  • उपयुक्त हल ढूँढ़ना
  • समस्या का प्रस्तुतीकरण
  • अपनाए गए समाधान का मूल्यांकन

निम्नलिखित में से किसके द्वारा समस्या समाधान को बढ़ावा दिया जा सकता है?

  • अनुरूपात्मक चिंतन
  • कार्यात्मक स्थिरता
  • प्रतिक्रियाओं के समुच्चय
  • अभिसारी चिंतन

एक समस्या को कई मध्यवर्ती उप-लक्ष्यों में विभाजित करने की युक्ति और फिर प्रत्येक मध्यवर्ती उप-लक्ष्य को हल करने के साधनों का पता लगाना क्या कहलाता है?

  • साधन-अंत विश्लेषण
  • मौखिकीकरण
  • अनुरूपक चिन्तन
  • कार्यात्मक स्थिरता (जड़ता)

निम्नलिखित में से किसे विद्यार्थियों में समुन्नत करना चाहिए?

  • समालोचनात्मक चिन्तन
  • कंठस्थीकरण (रटने की प्रवृत्ति)
  • कार्यात्मक जड़ता
  • अभिसारी चिंतन

वह कौन-सी समस्या-समाधान प्रक्रिया है जिसमें निर्धारित चरण-दर-चरण विधि का अनुसरण किया जाता है?

  • कलन-विधि
  • अनुरूपी सोच
  • अनुमानी
  • प्रयत्न एवं त्रुटि

एक सामान्य युक्ति जो दी गई समस्या के समाधान तक पहुँचने में मददगार हो सकती है, …….. कहलाती है।

  • अनुमानी सोच
  • स्मृति-सहायक तकनीक
  • प्रकार्यात्मक स्थिरता
  • अनुक्रिया समुच्चय

निम्न में से कौन-सा समस्या-समाधान प्रक्रिया में बाधक है?

  • अनुक्रिया समुच्चय
  • अनुरूपकों का इस्तेमाल
  • साधन-लक्ष्य विश्लेषण
  • मौखिकीकरण

जब एक विद्यार्थी, किसी समस्या को एक ही तरीके से प्रस्तुत करने पर अटक जाता है, तब वह किस अवस्था में होता है?

  • प्रतिक्रियाओं का समुच्चय
  • उच्चस्तरीय चिंतन
  • अनुरूपक चिंतन
  • प्रकार्यात्मक स्थिरता

विद्यार्थियों में समस्या-समाधान कौशलों के विकास के लिए, निम्न में से बढ़ावा देना महत्त्वपूर्ण है?

  • अपसारी चिंतन
  • प्रकार्यात्मक स्थिरता
  • अभिसारी चिंतन
  • आत्म-केन्द्रीयता

निम्न अभिलक्षणों का कौन-सा युग्म, विद्यार्थियों की समस्या-समाधान क्षमताओं को सकारात्मक रूप से बढ़ाता है?

  • अपसारी सोच, परासंज्ञान
  • अनुक्रिया समुच्चय, परासंज्ञान
  • समरूपक सोच, प्रकार्यात्मक स्थिरता
  • अनुक्रिया समुच्चय, अभिसारी सोच

संज्ञानात्मक कौशल जैसे कि ध्यान, स्मृति और समस्या समाधान इत्यादि ______।

  • पर व्यक्ति की भावनात्मक स्थिति का गहरा असर पड़ता है
  • पर व्यक्ति की भावनात्मक स्थिति का कोई असर नहीं होता है
  • सकारात्मक भावों द्वारा नकारात्मक रूप से प्रभावित होते हैं
  • नकारात्मक भावों द्वारा सकारात्मक रूप से प्रभावित होते हैं

रीना एक दी गई समस्या के समाधान हेतु उस समस्या से मिलती-जुलती समस्याओं को उद्धृत कर रही है। वह निम्न में से किस समस्या-समाधान युक्ति का इस्तेमाल कर रही है?

  • अनुरूपक सोच
  • निगमन-परीक्षण
  • प्रकार्यात्मक स्थिरता
  • स्मृति सहायक विधियाँ

अभिकथन (A): शुरुआती उम्र से ही, हमारा मस्तिष्क वास्तविक सांसारिक परिवेश में जुड़ी विषयवस्तु को सीखने में सक्षम होता है।
तर्क (R): प्राथमिक स्तर पर, विद्यालयों को अमूर्त विषयवस्तु और पुस्तकीय अधिगम पर बल देना चाहिए।

  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।

निम्न में से कौन-सी युक्तियाँ समस्या-समाधान के लिए प्रभावशाली हैं?
(i) स्मृति-सहायक विधियाँ
(ii) अन्वेषण
(iii) प्रकार्यात्मक स्थिरता
(iv) कलन-विधि

  • (i), (ii), (iv)
  • (i), (ii), (iii)
  • (ii), (iii), (iv)
  • (i), (iii), (iv)

रेणु हमेशा समस्या-समाधान के विभिन्न पहलुओं पर विचार करके अंत में कई सही समाधान ढूँढ लेती है। वह समस्या को हल करने के लिए ______ प्रकार की सोच का प्रयोग कर रही है।

  • अपसारी
  • अभिसारी
  • आत्मकेंद्रित
  • अतार्किक

शिक्षक द्वारा निम्न में से पूछा गया कौन-सा प्रश्न बच्चों में सृजनात्मकता और समस्या समाधान कौशलों को बढ़ावा देता है?

  • अपने शहर में आप प्रदूषण पर नियंत्रण किस प्रकार कर सकते हैं?
  • प्रदूषण क्या होता है?
  • प्रदूषण किन कारणों से हो सकता है?
  • प्रदूषण कितने प्रकार का होता है?

यदि एक शिक्षक विद्यार्थियों में समस्या समाधान क्षमताएँ विकसित करना चाहता है तो उसे निम्न में से किससे बचना चाहिए?

  • विद्यार्थियों को प्रेरित करना कि वे कार्य को जैसे भी हो जल्दी करें।
  • समस्या को ठीक समझने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित करना।
  • विद्यार्थियों को समस्या के विभिन्न पहलू देखने के लिए प्रोत्साहित करना।
  • विद्यार्थियों में व्यवस्थित कार्य करने की आदत विकसित करना।

निम्नलिखित में से क्या प्रभावी समस्या-समाधान कौशलों के विकास में योगदान देती है?
(i) अभिसारी चिंतन
(ii) स्मरणोपकारी विधियाँ
(iii) समझ बनाना (बोध)
(iv) निष्क्रिय अनुकरण

  • (ii) और (iii)
  • (i) और (ii)
  • (i) और (iii)
  • (ii) और (iv)

करण हमेशा किसी भी समस्या का एक से अधिक समाधान सोचता है और अकसर नवचारी समाधानों को सुझाता है। यह किस तरह की सोच का उदाहरण है?

  • अपसारी सोच
  • अभिसरण सोच
  • नकारात्मक सोच
  • तर्कहीन सोच

विद्यार्थी ज्ञान सृजन प्रक्रिया में ______ भूमिका निभाते हैं।

  • सक्रिय
  • निष्क्रिय
  • अधीन
  • नगण्य

आपकी कक्षा में कुछ विद्यार्थी दिए गए सवाल को हल करने में दिक्कत महसूस कर रहे हैं।

  • उन्हें समान तरह की समस्याएँ जो उन्होंने पहले हल की थी, पर चिंतन करने को कहेंगे।
  • दी गई समस्या में और अधिक गैर-जरूरी जोड़ देंगे।
  • उन्हें सामग्री के परंपरागत इस्तेमाल के लिए बाध्य रहने के निर्देश देंगे।
  • उन्हें अपने दोस्त की कॉपी से उत्तर नकल करने को कहेंगे।

अपने विद्यार्थियों में अग्रिम श्रेणी के समस्या-समाधान कौशलों के विकास हेतु एक अध्यापक को उन्हें ______ के इस्तेमाल हेतु प्रोत्साहित करना चाहिए।

  • अनुरूपक चिंतन
  • अनुक्रिया समुच्चय
  • प्रयत्न-त्रुटि विधि
  • कंठस्थीकरण

अभिकथन (A): संज्ञानात्मक विकास के साथ विद्यालयों को विद्यार्थियों की भावात्मक खुशहाली सुनिश्चित करनी चाहिए।
कारण (R): किसी समस्या/प्रश्न को हल करते समय विचारों का मौखिकीकरण समस्या समाधान कौशल में बाधा डालता है।

  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।

निम्नलिखित में से कौन-सा समस्या-समाधान की पद्धति का पहला चरण है?

  • समस्या की पहचान
  • समस्या को परिभाषित करना
  • प्रासंगिक जानकारी की खोज
  • परिकल्पना का निरूपण

प्रभावशाली समस्या-समाधान कारक होने के लिए अध्यापक को शिक्षार्थियों में किसके इस्तेमाल को हतोत्साहित करना चाहिए?

  • अनुक्रिया समुच्चय
  • कलन-विधि
  • अन्वेषण (खोज-बीन)
  • साम्यानुमान

निम्न में से कौन-सा विद्यार्थियों के समस्या-समाधान कौशलों के विकास में बाधक है?

  • प्रकार्यात्मक स्थिरता
  • अनुरूपक चिंतन
  • बहुविध तरीकों से प्रश्नों का प्रस्तुतीकरण
  • प्रासंगिक सूचनाओं पर केंद्रित होना

एक शिक्षक बच्चों को प्रभावी रूप से समस्या का समाधान करने में सक्षम बनने के लिए किस तरह से प्रोत्साहित कर सकती है?

  • बच्चों की समस्या के बारे में सहजानुभूत अनुमान लगाने एवं बहु-विकल्पों को देखने के लिए प्रोत्साहित करके।
  • पाठ्यपुस्तक से एक ही प्रकार के प्रश्नों के उत्तर के अभ्यास के लिए उन्हें पर्याप्त मात्रा में अवसर प्रदान करके।
  • पाठ्यपुस्तक में दी गई सूचनाओं के कंठस्थीकरण पर बल देकर।
  • पाठ्यपुस्तक के सभी प्रश्नों के व्यवस्थित तरीके से समाधान लिखाकर।

निम्नलिखित में से कौन-सा शिक्षक द्वारा कक्षा में बच्चों के लिए समस्या हल करने के तरीके का वर्णन नहीं कर सकता?

  • अभिसरण उत्तरों वाले प्रश्न पूछना
  • किसी विशेष समस्या को हल करने के बारे में अपनी विचार-प्रक्रियाओं पर चर्चा करना
  • कुछ हल करते समय गलतियों को करने के प्रति ईमानदार रहना
  • सोच, विचार, परीक्षण और विभिन्न उत्तरों जैसी शब्दावली का प्रयोग करना

समस्या-समाधान क्षमताओं को किस प्रकार सुसाध्य किया जा सकता है?

  • समरूपों के इस्तेमाल को बढ़ावा देकर।
  • विद्यार्थियों में डर की भावना पैदा कर।
  • लगातार अभ्यास और कार्यान्वयन पर जोर देकर।
  • समस्याओं के हल हेतु अटल प्रक्रिया के इस्तेमाल को बढ़ावा देकर।

एक प्राथमिक विद्यालय की अध्यापिका बच्चों को एक प्रभावशाली समस्या-समाधानकर्ता बनने के लिए किस प्रकार से प्रोत्साहित कर सकती है?

  • बच्चों को सहजानुभूत अनुमान लगाने के लिए प्रोत्साहित करके तथा उसी पर आधारित विचार मंथन करके।
  • ‘गलत उत्तरों’ को अस्वीकार करके एवं दंडित करके।
  • प्रत्येक छोटे कार्य के लिए भौतिक पुरस्कार देकर।
  • केवल प्रक्रियात्मक ज्ञान पर बल/महत्त्व देकर।

बच्चे अक्सर अपने आस-पास की घटनाओं की अपनी व्याख्या लेकर आते हैं। बारिश क्यों होती है, यह पूछे जाने पर सिया कहती है- “भगवान अपने कंधों पर पानी की बाल्टियाँ ढ़ो-ढ़ोकर थक चुके थे।” ऐसी व्याख्याएं-

  • संकेत देती हैं कि बच्चों में अपने सांस्कृतिक परिवेश के अनुकूल ‘सहज’ समझ होती है जिससे वे घटनाओं को समझने की कोशिश करते हैं।
  • चित्रित करती हैं कि बच्चों का एक आत्मकेंद्रित दृष्टिकोण है और वे दूसरे के दृष्टिकोण पर विचार नहीं कर सकते।
  • स्पष्ट करती हैं कि बच्चे तर्क करने में सक्षम नहीं हैं।
  • साबित करती हैं कि बच्चों की सोच वयस्कों की तुलना में ‘मात्रात्मक’ रूप से बहुत कम है।

निम्नलिखित में से कौन सी सार्थक सीखने के लिए एक प्रभावी स्मृति तकनीक नहीं है?

  • रटने व दोहराव
  • विस्तृत दोहराव
  • स्मृति सहायक विधियाँ
  • संकल्पना चित्रण

बच्चे सबसे प्रभावी ढंग से तब सीखते हैं यदि कोई अवधारणा-

  • सामान्य से विशिष्ट की ओर बढ़ती है।
  • तर्कसंगत से अनुभवजन्य की ओर बढ़ती है।
  • अमूर्त से मूर्त की ओर बढ़ती है।
  • जटिल से सरल की ओर बढ़ती है।

बच्चों की भ्रांतियाँ व त्रुटियाँ

  • बच्चों की सोच में झांकने के अर्थपूर्ण मौके देती है।
  • सीखने-सिखाने की प्रक्रिया में बेहद हानिकारक है।
  • बच्चों के अविवेकी चिंतन को दर्शाती है।
  • वयस्कों में से उनकी हीनता को दर्शाती है।

जल के स्रोतों के बारे में पूछे जाने पर, 6 वर्षीय सीमा नल को सबसे बड़ा जल स्रोत मानने पर हठ करती है। जल स्रोत के बारे में उसकी वैकल्पिक धारणा……..।

  • उसके अनुभव के आधार पर बने ‘सरल सिद्धान्त’ को दर्शाती है।
  • निहायत त्रुटिपूर्ण है।
  • का कोई आधार नहीं है और पूरी तरह तर्कहीन है।
  • को अध्यापक द्वारा सीधे रूप से बिना चर्चा के नकार देना चाहिए।

प्राथमिक कक्षाओं में एक संप्रत्यय को पढ़ाते हुए, अध्यापक को अध्यापन-अधिगम सामग्री को प्रस्तुत करने के लिए किस क्रम का चुनाव करना चाहिए?

  • पहले मूर्त वस्तुएँ और फिर वस्तुओं के चित्र प्रस्तुत करना।
  • पहले वस्तुओं के चित्र और फिर मूर्त वस्तुएँ प्रस्तुत करना।
  • पहले चिह्न और फिर वस्तुओं के चित्र प्रस्तुत करना।
  • पहले चिह्न और फिर मूर्त वस्तुएँ प्रस्तुत करना।

अभिकथन (A): विद्यार्थियों द्वारा की गई गलतियों व त्रुटियाँ शिक्षकों व विद्यार्थियों की असफलता को दर्शाती हैं।
तर्क (R): बच्चों में खुद से सोचने की क्षमता नहीं होती तथा उनके सीखने को सुनिश्चित करने के लिए उन्हें लगातार निर्देश देने पड़ते हैं।

  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।

एक शिक्षिका एक बच्ची, जो एक अवधारणा को समझने में असमर्थ है, के साथ मिलकर काम करती है उसे इशारे देते हुए। यह प्रक्रिया क्या कहलाती है?

  • पाड़
  • शिक्षक-केन्द्रित शिक्षाशास्त्र
  • अनरक्षण पूर्वाभ्यास
  • प्रत्यक्ष निर्देश

अवधारणाओं को इस तरह से प्रस्तुत करना चाहिए जो

  • उनके पूर्व-ज्ञान और स्कीमा को क्रियाशील करे।
  • विद्यार्थियों में सफलता के प्रति चिन्ता पैदा करे।
  • उन्हें अप्रासंगिक सूचनाओं के माध्यम से विकर्षित करे।
  • केवल उच्चतर अधिगम योग्यता वाले विद्यार्थियों की मदद करे।

अंतरिक्ष की अवधारणा समझाते समय, एक अध्यापक ने महसूस किया कि विद्यार्थियों में इस विषय को लेकर अनेक भ्रान्तियाँ हैं। अध्यापक की इस स्थिति के प्रति क्या प्रतिक्रिया होनी चाहिए?

  • इन भ्रान्तियों के प्रति विद्यार्थियों के तर्क जानने चाहिए।
  • सीधे-सीधे उन भ्रान्तियों को अस्वीकृत करना चाहिए।
  • विद्यार्थियों को सही जानकारी कंठस्थ करने के लिए निर्देश देना चाहिए।
  • नकारात्मक पुनर्बलन का प्रयोग करते हुए इन भ्रान्तियों को मिटा देना चाहिए।

विद्यार्थियों को किसी भी अवधारणा के बारे में समझाते हुए निम्न में से किस बात का ध्यान रखना चाहिए?
(i) विद्यार्थियों में सीखने के लिए तत्परता
(ii) विद्यार्थियों के सामाजिक-सांस्कृतिक संदर्भ
(iii) विद्यार्थियों द्वारा चयनित अधिगम शैलियाँ

  • (i), (ii) और (iii)
  • केवल (i) और (ii)
  • केवल (ii) और (iii)
  • केवल (i) और (iii)

अभिकथन (A): अध्यापकों को चाहिए कि वे विद्यार्थियों की भ्रांतियों की पहचान करें और उनको अनदेखा करने के बजाय उन पर चर्चा करें।
तर्क (R): ये भ्रांतियाँ वैकल्पिक अवधारणाओं के रूप में हैं, जो अक्सर विद्यार्थी अपने परिवेश के साथ अन्तःक्रिया करके आधार बना लेते हैं और ये अधिगम की प्रक्रिया में अर्थपूर्ण हैं।

  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।

अभिकथन (A): अध्यापकों को पढ़ाई जाने वाली अवधारणाओं के बारे में विद्यार्थियों के ‘सहज’ (नाइव) सिद्धांतों के बारे में जानना चाहिए और उसी के आधार पर पाठ आगे बढ़ाना चाहिए।
तर्क (R): विद्यार्थियों के ‘सहज’ सिद्धान्त एक प्रकार की वैकल्पिक अवधारणाएँ होती हैं, और आगे के अधिगम में बहुत मायने रखती हैं।

  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।

निम्नलिखित में से कौन-से कथन अधिगम के लिए आकलन के संबंध में सही है?
(i) भय पैदा करने के लिए कॉपी में सभी त्रुटियों पर लाल स्याही से घेरा बना देना चाहिए।
(ii) विद्यार्थी के अधिगम के बारे में जानने के लिए त्रुटियों को एक अवसर के रूप में लेना चाहिए।
(iii) सहपाठी आकलन का प्रयोग एक-दूसरे को प्रतिपुष्टि देने के लिए किया जा सकता है।
(iv) विद्यार्थियों द्वारा की गई त्रुटियों के प्रतिरूपों के प्रति अध्यापक को सजग होना चाहिए।

  • केवल (ii), (iii) और (iv)
  • केवल (i) और (ii)
  • केवल (i), (ii) और (iii)
  • केवल (iii) और (iv)

कथन (A): एक अध्यापक द्वारा विद्यार्थियों को संप्रत्यय की समझ पाने के लिए अधिगम करने हेतु अभिप्रेरित करना चाहिए।
तर्क (R): अधिगम अधिक प्रभावी और अर्थपूर्ण होता है अगर वो महारत-उन्मुखी हो।

  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।

विद्यार्थियों द्वारा ग्रहित वैकल्पिक अवधारणाएँ

  • विद्यार्थियों के ‘सहज’ सिद्धान्तों/ज्ञान को दर्शाती है।
  • अधिगम प्रक्रिया में कोई भूमिका नहीं निभाती
  • पूरी तरह अतार्किक और अविवेकी होती है।
  • अध्यापक द्वारा सिरे से अनदेखी कर दी जानी चाहिए।

कथन (A): किसी संप्रत्यय के बारे में विद्यार्थियों द्वारा गृहित भ्रांतियों को अध्यापिका द्वारा परोक्ष रूप से नकारने की बजाय सही तरीके से ध्यान देना चाहिए।
तर्क (R): भ्रांतियाँ हमेशा तर्कहीन नहीं होती हैं बल्कि वे विद्यार्थियों द्वारा उनके वातावरण से संपर्क करके बनाए गए ‘सरल’ सिद्धांत का रूप होती हैं।

  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।

अधिगम अधिक प्रभावशाली होगा यदि पढ़ाई जाने वाली विषय-वस्तु:

  • बहुविध विधियों के माध्यम से प्रस्तुत की जाती हो।
  • विद्यार्थियों के सामाजिक-सांस्कृतिक संदर्भों से संबंधित नहीं है।
  • बहुत ही अमूर्त और जटिल है।
  • संबंधित पृथक-खण्डों में प्रस्तुत की जाती हो।

अधिगम की प्रक्रिया में त्रुटियों के बारे में क्या सही है?

  • त्रुटियाँ अर्थपूर्ण हैं और उन पर चर्चा होनी चाहिए।
  • त्रुटियों की कोई भूमिका नहीं है।
  • अध्यापक द्वारा त्रुटियों पर ध्यान नहीं दिया जाना चाहिए।
  • त्रुटियों को नकारात्मक पुनर्बलन द्वारा सम्बोधित किया जाना चाहिए।

विद्यार्थियों द्वारा ग्रहित वैकल्पिक अवधारणाओं से अध्यापकों को किस प्रकार निपटना चाहिए?

  • उन्हें ठीक तरह से समझा जाना चाहिए वे अधिगम प्रक्रिया में महत्त्वपूर्ण होती हैं।
  • उन्हें अनदेखा कर देना चाहिए क्योंकि वे अवधारणाएँ अत्यन्त गलत/त्रुटिपूर्ण होती हैं।
  • उनसे कठोरता से निपटना चाहिए क्योंकि वे अत्यधिक तर्कहीन चिंतन का परिणाम हैं।
  • उन्हें बढ़ावा देना चाहिए क्योंकि वे विद्यार्थियों के नामीकरण के लिए महत्त्वपूर्ण हैं।

विद्यार्थियों को एक नए संप्रत्यय के अधिगम में सहयोग हेतु एक अध्यापक को क्या करना चाहिए?

  • विभिन्न उप-संप्रत्ययों के बीच संबंध स्थापित करना चाहिए।
  • संप्रत्यय को केवल एक ही तरीके से समझाना चाहिए।
  • शब्दावली और चिह्नों/संकेतों को स्पष्ट करने से बचना चाहिए।
  • पूर्व ज्ञान को सक्रिय करने से बचना चाहिए।

त्रुटियाँ:

  • अध्यापक द्वारा अच्छे तरीके से विश्लेषण की जानी चाहिए ताकि अधिगम कमियों को समझा जा सके।
  • अधिगम प्रक्रिया में कोई भूमिका नहीं निभाती।
  • केवल नकारात्मक पुनर्बलन द्वारा दूर की जा सकती है।
  • केवल वो विद्यार्थी करते हैं जिन्हें अधिगम अक्षमता होती है।

अभिकथन (A): एक अध्यापिका को विद्यार्थियों द्वारा की गई त्रुटियों पर कोई ध्यान नहीं देना चाहिए।
तर्क (R): त्रुटियों का अधिगम प्रक्रिया में कोई महत्व नहीं होता है।

  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।

कथन (A): एक अध्यापिका को विद्यार्थियों को अपने विचार साझा करने के लिए प्रेरित करना चाहिए चाहे वो विचार भ्रांतियाँ ही क्यों ना हों।
तर्क (R): भ्रांतियाँ विद्यार्थियों द्वारा गठित ‘सहज’ सिद्धांत होती हैं जो अधिगम प्रक्रिया में महत्वपूर्ण होती हैं।

  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।

कथन (A): किसी नए संप्रत्यय को पढ़ाने के समय एक अध्यापिका को विद्यार्थियों के पूर्व ज्ञान को सक्रिय करना चाहिए।
तर्क (R): अधिगम अधिक प्रभावशाली होता है जब विषय-वस्तु को जानकारी के असंबंधित खण्डों के रूप में प्रस्तुत किया जाता है।

  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।

प्राथमिक कक्षाओं में किसी संप्रत्यय को पढ़ाने के लिए, निम्न में से विषयवस्तु प्रस्तुति का कौन-सा क्रम सर्वाधिक उपयुक्त है?

  • मूर्त सामग्री, चित्र, संकेत
  • संकेत, मूर्त सामग्री, चित्र
  • चित्र, मूर्त सामग्री, संकेत
  • संकेत, चित्र, मूर्त सामग्री

विद्यार्थियों द्वारा की गई त्रुटियों से निपटने का सही तरीका क्या है?

  • अधिगम कमियों का निश्लेषण करना जिनकी वजह से त्रुटि हुई है और विद्यार्थियों को तदानुसार सहायता प्रदान करना।
  • विद्यार्थियों को त्रुटियाँ करने के लिए दण्डित करना।
  • विद्यार्थियों को सीधे सही जवाब बता देना और उन्हें उसे बार-बार कॉपी में लिखने को देना।
  • विद्यार्थियों को अपने सहपाठी का सही जवाब नकल करने को कहना।

निम्न में से कौन-सा एक नए संप्रत्यय के अधिगम को बढ़ावा देता है?

  • नए ज्ञान को विद्यार्थियों के पूर्व ज्ञान से जोड़ना।
  • नए ज्ञान को विद्यार्थियों के सामाजिक-सांस्कृतिक संदर्भ से ना जोड़ना।
  • विद्यार्थियों पर दबाव और असफलता का डर पैदा करना।
  • विद्यार्थियों के बीच पारस्परिक संपर्क और सहभागिता पर रोक लगाना।

विद्यार्थियों की त्रुटियों के सम्बन्ध में, अध्यापिका को:

  • उन अधिगम कमियों को खोजना चाहिए जिनकी वजह से त्रुटियाँ हुई हैं।
  • नकारात्मक पुनर्बलन द्वारा त्रुटियों को कम करना चाहिए।
  • दण्ड द्वारा त्रुटियों को कम करना चाहिए।
  • त्रुटियों की उपेक्षा करनी चाहिए।

प्रभावशाली और अर्थपूर्ण अधिगम को बढ़ावा देने के लिए निम्न में से किनका प्रयोग करना चाहिए?
(i) उदाहरण
(ii) गैर-उदाहरण
(iii) समरूपता
(iv) नकारात्मक पुनर्बलन

  • केवल (i), (ii) और (iii)
  • केवल (i)
  • केवल (i) और (ii)
  • (i), (ii) और (iv)

एक संरचनावादी कक्षा में, अधिगम को किस प्रकार देखा जाना चाहिए?

  • वातावरण से सक्रिय पारस्परिकता/संपर्क का परिणाम।
  • केवल ज्ञान का पुनरुत्पादन।
  • वास्तविक जीवन से वियोजित।
  • शास्त्रीय अनुकूलन के परिणाम।

निम्न में से कौन-सी युक्ति विद्यार्थियों के जानकारी को लम्बे समय तक याद रखने में मदद करेगी?

  • जानकारी से संबंधित दृश्य रूपक और समरूपक बनाना।
  • जानकारी से संबंधित बेमतलब शब्दों का समूह बनाना।
  • जानकारी को अव्यवस्थित रूप में प्रस्तुत करना।
  • जानकारी को बिना किसी संदर्भ के प्रस्तुत करना।

विद्यार्थियों द्वारा की गई त्रुटियों को सुलझाने के लिए निम्नलिखित में से शिक्षक द्वारा अपनाया गया कौन-सा तरीका सही नहीं है?

  • विद्यार्थियों के साथ चर्चा किए बिना सही उत्तर बताना।
  • त्रुटियों में प्रतिरूपों की खोज करना।
  • अधिगम में कमियों के बारे में जानना जिनके कारण त्रुटियाँ होती हैं।
  • विद्यार्थियों की त्रुटियों को सुधारने के लिए सहयोग करना।

अभिकथन (A): एक ऐसा कक्षा माहौल तैयार करना जरूरी है जहाँ विद्यार्थी अपनी भ्रांतियों को व्यक्त कर सकें।
कारण (R): भ्रांतियों पर चर्चा करना अधिगम प्रक्रिया के लिए संगत/महत्त्वपूर्ण है।

  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।

विद्यार्थी उस जानकारी को जल्दी भूल जाते हैं जो

  • असंबंधित खण्डों में प्रस्तुत की जाती है।
  • उनके जीवन से संबंधित होती है।
  • प्रासंगिक संदर्भ में प्रस्तुत की जाती है।
  • उदाहरणों का इस्तेमाल करके विस्तारित की जाती है।

अभिकथन (A): किसी संप्रत्यय को पढ़ाते समय एक अध्यापक को उदाहरण और गैर-उदाहरण दोनों पर ही चर्चा करनी चाहिए।
कारण (R): गैर-उदाहरण विद्यार्थियों को भ्रमित कर देते हैं और किसी संप्रत्यय को पढ़ाने के लिए अप्रासंगिक होते हैं।

  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।

अभिकथन (A): किसी अवधारणा को समझाते समय यह महत्त्वपूर्ण है कि विषयवस्तु का विद्यार्थियों के दिन-प्रतिदिन के जीवन से संबंध बनाया जाए।
कारण (R): अधिगम कंठस्थीकरण के माध्यम से बहुत प्रभावशाली होता है।

  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।

विद्यार्थियों द्वारा गृहित वैकल्पिक अवधारणाएँ अध्यापकों द्वारा किस प्रकार संबोधित की जानी चाहिए?

  • विद्यार्थियों को अपने विचार साझा करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए और इन पर समग्रता से चर्चा करनी चाहिए।
  • वैकल्पिक अवधारणाओं की कोई चर्चा किए बिना अनदेखी की जानी चाहिए।
  • विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की वैकल्पिक अवधारणाएँ साझा करने की अनुमति नहीं देनी चाहिए।
  • विद्यार्थियों को वैकल्पिक अवधारणाओं पर विचार करने के लिए दण्ड मिलना चाहिए।

बच्चों की गलतियाँ–

  • अधिगम का एक भाग हैं तथा उन्हें विचारों में एक अंतर्दृष्टि देती हैं।
  • बार-बार अभ्यास करने के लिए कह कर तुरंत सुधार देनी चाहिए
  • शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में महत्वहीन हैं।
  • प्रदर्शित करती हैं कि बच्चे कितने लापरवाह हैं।

निम्न में से कौन-सी परिपाटी, विद्यार्थियों में संकल्पनात्मक समझ में बढ़ोत्तरी करने में सहायक है?

  • अन्वेषण और संवाद।
  • बारंबार परीक्षाएँ।
  • प्रतिस्पर्धा आधारित प्रतिस्पर्धाएँ।
  • पाठ्य-पुस्तक केन्द्रित शिक्षाशास्त्र।

बच्चों को सीखने में कठिनाई होती है, जब–

  • सूचना अलग-अलग टुकड़ों में प्रस्तुत की जाए।
  • अधिगम सामाजिक संदर्भ में हो।
  • विषय-वस्तु को बहुरूपों में प्रस्तुत किया गया हो।
  • वो आंतरिक रूप से अभिप्रेरित हो।

निम्न में से अध्यापन-अधिगम का सबसे प्रभावशाली माध्यम कौन-सा है?

  • संकल्पनाओं के बीच संबंध खोजना।
  • बिना विश्लेषण के अवलोकन करना।
  • अनुकरण/नकल और दोहराना।
  • विषय वस्तु को यंत्रवत याद करना।

एक अध्यापिका को, दिये गये किसी कार्यकलाप में छात्रों की विभिन्न त्रुटियों का विश्लेषण करना चाहिए, क्योंकि-

  • त्रुटियों की समझ, अध्यापन-अधिगम प्रक्रिया के लिए अर्थपूर्ण है।
  • इसके आधार पर वह ज्यादा त्रुटियाँ करने वाले छात्रों को दूसरे छात्रों से अलग कर सकती है।
  • अधिगम केवल त्रुटियों के शोधन पर निर्भर है।
  • इसके आधार पर वह दंड की मात्रा निर्धारित कर सकती है।

शिक्षक बच्चों की जटिल अवधारणाओं की समझ को किस प्रकार सहज कर सकते हैं?

  • अन्वेषण एवं परिचर्चा के लिए अवसर उपलब्ध करके।
  • बार-बार यांत्रिक अभ्यास के द्वारा
  • एक व्याख्यान देकर के।
  • प्रतियोगितात्मक अवसरों की व्यवस्था करके।

विद्यार्थियों को स्पष्ट उदाहरण एवं गैर-उदाहरण देने के क्या परिणाम हैं?

  • अवधारणात्मक परिवर्तनों को प्रोत्साहित करने के लिए यह एक प्रभावशाली तरीका है।
  • यह अवधारणाओं की समझ में अभाव पैदा करता है।
  • यह अवधारणात्मक समझ के बजाय कार्यविधिक/प्रक्रियात्मक ज्ञान पर ध्यान केंद्रित करता है।
  • यह विद्यार्थियों के दिमाग में भ्रांतियाँ उत्पन्न करता है।

अभिकथन (A): शिक्षकों को कक्षा में प्रभावी संज्ञान सुनिश्चित करने के लिए बच्चों को संवेगात्मक सहारा देना चाहिए।
कारण (R): संवेग व संज्ञान एक दूसरे से जटिल रूप से संबंधित हैं।

  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (A) की (R) सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (A) की (R) व्याख्या नहीं करता है।
  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।

निम्नलिखित में से अवधारणा के निरूपण का कौन-सा क्रम बच्चों की संज्ञानात्मक क्षमताओं के उत्तरोत्तर विकास के अनुसार है?

  • क्रिया-आधारित, छवि-आधारित, संकेत-आधारित
  • संकेत-आधारित, छवि-आधारित, क्रिया-आधारित
  • छवि-आधारित, संकेत-आधारित, क्रिया-आधारित
  • संकेत-आधारित, क्रिया-आधारित, छवि-आधारित

निम्नलिखित में से कौन-सा कथन संज्ञान और भावनाओं के बीच के संबंध को उपयुक्त रूप से परिभाषित करता है?

  • भावनाएँ और संज्ञान आपस में एक-दूसरे पर पारस्परिक रूप से निर्भर करते हैं।
  • संज्ञान और भावनाएँ, दोनों स्वतंत्र प्रणालियाँ हैं।
  • संज्ञान भावनाओं को प्रभावित करता है लेकिन इसका विपरीत सत्य नहीं है।
  • भावनाएँ संज्ञान को प्रभावित करती हैं लेकिन इसका विपरीत सत्य नहीं है।

…………. इस बात का संकेत है कि शैक्षिक गतिविधियाँ बच्चे के लिए यांत्रिक व दोहराव वाली हो गई है तथा उसकी रुचि की नहीं हैं।

  • ऊब
  • आनंद
  • उत्सुकता
  • उत्साह

अभिकथन (A): अध्यापन-अधिगम प्रक्रिया में एक अध्यापिका को विद्यार्थियों की भावनात्मक स्थिति को ध्यान में रखना चाहिए।
कारण (R): भाव, अभिप्रेरणा और संज्ञान से जटिल रूप से जुड़े होते हैं।

  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।

निम्नलिखित में से कौन-सा भाव नहीं है?

  • स्मृति
  • क्रोध
  • प्यार
  • भय

घोषणात्मक ज्ञान

  • मुख्यतः ज्ञान के ‘क्या’ और ‘कौन’ पहलुओं के बारे में जानना है।
  • किसी घटना के घटित होने की प्रक्रिया की व्याख्या करता है।
  • युक्तियों के प्रयोग के बारे में समझ की व्याख्या करता है।
  • की समस्या-समाधान प्रक्रिया में कोई भूमिका नहीं है।

भावनाएँ

  • अधिगम को महत्त्वपूर्ण रूप से प्रभावित करती हैं साथ ही साथ स्मृति को भी।
  • अधिगम को महत्त्वपूर्ण रूप से प्रभावित करती हैं परन्तु स्मृति पर इनका कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।
  • अधिगम पर किसी प्रकार का प्रभाव नहीं डालती लेकिन स्मृति को महत्त्वपूर्ण रूप से प्रभावित करती हैं।
  • न तो अधिगम को प्रभावित करती हैं और न ही स्मृति को प्रभावित करती हैं।

अभिकथन (A): विद्यालयों को अधिगम के संवेगात्मक पहलू को अनदेखा कर देना चाहिए।
तर्क (R): संवेग और संज्ञान एक-दूसरे से संबंधित नहीं है।

  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।

भावनाओं के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

  • भावनाएँ और संज्ञान दोनों अपने-आप में एक-दूसरे से स्वतंत्र हैं।
  • भावनाएँ कौशलों को प्रक्रमित करने वाली सूचना को प्रभावित करती हैं।
  • भावात्मक विकास परिवेशीय कारकों से प्रभावित होता है।
  • भावनाएँ अधिगम के लिए अभिप्रेरणा को प्रभावित करती हैं।

संज्ञान के समकालीन सिद्धांतों के अनुसार, स्मृति

  • निर्माण एवं विवेचना करने दोनों में सक्षम है।
  • निर्माण करने में सक्षम लेकिन विवेचना करने में असक्षम है।
  • विवेचना करने में सक्षम पर निर्माण करने में असक्षम है।
  • न तो निर्माण में और न ही विवेचना करने में सक्षम है।

अभिकथन (A): विद्यालयों को ऐसी शिक्षणशास्त्रीय प्रविधियों को बढ़ावा देना चाहिए जो केवल सीखी गई सामग्री के पुनरुत्पादन पर जोर न दे।
तर्क (R): संवेग और संज्ञान एक दूसरे से पृथक है।

  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।

अभिकथन (A): विद्यालयों में सीखने की प्रक्रिया में भावनात्मक पहलू को ध्यान में रखना और पोषित करना चाहिए।
तर्क (R): भावनाएँ संज्ञान से पृथक नहीं है।

  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।

अपनी स्वयं की संज्ञानात्मक प्रक्रियाओं से अवगत होना क्या कहलाता है?

  • परासंज्ञान
  • स्मृतिकरण
  • समायोजन
  • विलंबित नकल

अधिगम

  • संवेगों से महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित होता है।
  • संवेगों से प्रभावित नहीं होता है।
  • सामाजिक संदर्भ से कभी कभार प्रभावित होता है।
  • सामाजिक संदर्भ से कभी भी प्रभावित नहीं होता है।

संवेगों और संज्ञान के सम्बन्ध में निम्न में कौन-सा कथन सही है?

  • उच्च स्तरीय तनाव अधिगम में बाधक है।
  • रुचि अधिगम में बाधक है।
  • उच्च स्तरीय तनाव अधिगम में सहायक है।
  • अरुचि अधिगम में सहायक है।

विद्यार्थियों की स्वयं के अधिगम पर विमर्शी चिन्तन करने की योग्यता को क्या कहा जाएगा?

  • अधिसंज्ञान
  • ध्यान देना
  • कंठस्थीकरण
  • विस्मरण (भूलना)

विद्यार्थियों में निम्न में से किस कौशल को बढ़ावा नहीं देना चाहिए?

  • अधीनता उन्मुखी
  • अधिसंज्ञान
  • चिंतन
  • सृजनात्मकता

संवेगों और संज्ञान के संदर्भ में निम्न में से कौन-सा कथन सही है?

  • संतुलित उत्साह भागीदारी और अधिगम को बढ़ाता है।
  • उच्च स्तरीय दुश्चिंता समस्या-समाधान कौशलों को बेहतर करती है।
  • निराशा अधिगमकर्ताओं को और अधिक प्रयास करने को अभिप्रेरित करती है।
  • शर्मिंदगी अधिगमकर्ताओं को सामूहिक कार्यों में पहल करने के लिए अभिप्रेरित करती है।

अपनी स्वयं की चिंतन प्रक्रिया को जाँचने, मूल्यांकन करने और तदानुसार परिवर्तित करने की योग्यता क्या कहलाती है?

  • अधिसंज्ञान/परासंज्ञान
  • प्रत्यास्मरण
  • रटना
  • ध्यान

ऐसी स्थिति में जब परिणाम अनिश्चित है लेकिन ध्यान असफलता पर है, विद्यार्थी निम्न में से किस संवेग का अनुभव करेंगे?

  • दुश्चिंता
  • आनंद
  • उम्मीद
  • बोरियत

संज्ञान और भावनाएँ ______ हैं।

  • एक-दूसरे से परस्पर संबंधित
  • एक-दूसरे से स्वतंत्र
  • एक-दूसरे से कभी-कभार ही संबंधित
  • वातावरणीय कारकों द्वारा प्रभावित नहीं होते

भावनाओं और संज्ञान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा सही है?

  • हर्ष और उल्लास की भावना चर्चा में भाग लेने के लिए बढ़ावा देती है।
  • अत्यधिक दबाव समस्याओं को सुलझाने के कौशलों को बढ़ावा देता है।
  • अत्यधिक चिंता, जानकारी के प्रसंस्करण में सुधार लाती है।
  • निराशा की भावना समालोचनात्मक चिंतन में सुधार लाती है।

अभिकथन (A): एक शिक्षक को विद्यार्थियों को अपनी चिंतन प्रक्रियाओं के बारे में और अपने सीखने के तरीकों के बारे में सोचने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।
कारण (R): अधिसंज्ञान उच्च क्रम के संज्ञानात्मक कौशलों के विकास में मदद करता है।

  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।

निम्न में कौन-सा प्रक्रियात्मक ज्ञान का उदाहरण है?

  • पौधारोपण के लिए मिट्टी कैसे तैयार की जाती है?
  • (a + b)² का सूत्र क्या है?
  • भारत को आजादी कब मिली थी?
  • अगला लीप वर्ष कब होगा?

समकालीन सिद्धांतों के अनुसार, किस प्रकार का कक्षा माहौल संज्ञान को सुसाधित करता है?

  • मुद्रक सम्पन्न और संसाधन परिपूर्ण
  • भययुक्त और धमकी भरा
  • अगम्य और बहिष्कारी
  • उपदेशात्मक और पाठ्यपुस्तक-केन्द्रित

जानकारी प्रक्रमण कौशल जैसे कि अनुस्मरण

  • भावनाओं से महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित होते हैं।
  • व्यक्तियों की भावनात्मक स्थिति से संबंधित नहीं है।
  • नकारात्मक भावों जैसे कि उच्च स्तरीय चिंता से सकारात्मक रूप से प्रभावित होते हैं
  • सकारात्मक भावों जैसे कि जिज्ञासा से नकारात्मक रूप से प्रभावित होते हैं।

निम्नलिखित में से कौन–सा अधिसंज्ञानात्मक कौशलों का भाग नहीं है?

  • निष्क्रिय अनुकरण
  • योजना
  • पर्यवेक्षण (मॉनीटरिंग)
  • मूल्यांकन

भावनाओं और संज्ञान के बारे में निम्न में से कौन – सा कथन सही है?

  • जानकारी ग्रहण करने के कौशल मनोदशा द्वारा प्रभावित होते हैं।
  • अधिगम के लिए रुचि और जिज्ञासा परस्पर संबंधित नहीं है।
  • अधिगम तार्किकता के अमूर्त संज्ञान के बारे में है।
  • निराशा का उच्च स्तर संज्ञानात्मक दक्षता को समुन्नत करता है।

अधिगम किसके द्वारा नकारात्मक रूप से प्रभावित होता है?

  • निराशा की भावना
  • अध्यापिका द्वारा प्रदान पाठ
  • विद्यालय का मुद्रित-समृद्ध परिवेश
  • विद्यार्थियों की जरूरत अनुसार वैयक्तिक रूप से दिए रहे अनुदेशन

नीचे लिखी हुई स्थिति किस सिद्धांत को दर्शाती है? “जो विद्यार्थी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं, वे महसूस करते हैं कि वे “पर्याप्त रूप से अच्छे” नहीं हैं और हतोत्साहित महसूस करते हैं। तब उनमें बिना प्रयास के कार्य को आसानी से छोड़ देने की संभावना है।”

  • संज्ञान एवं संवेग अलग नहीं हैं।
  • संज्ञान एवं संवेग संबंधित नहीं हैं।
  • आनुवंशिकता एवं पर्यावरण अलग नहीं हैं।
  • आनुवंशिकता एवं पर्यावरण संबंधित नहीं हैं।

निम्नलिखित में से कौन-सा एक संवेग है?

  • डर
  • स्मृति
  • ध्यान
  • उत्तेजना

अधिगम की सर्वोत्तम अवस्था कौन-सी है?

  • संतुलित उत्तेजना, कोई भय नहीं।
  • कोई उत्तेजना नहीं, कोई भय नहीं।
  • उच्च उत्तेजना, उच्च भय।
  • निम्न उत्तेजना, उच्च भय।

शर्मिंदगी ……………

  • का संज्ञान पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
  • बच्चों को अधिगम हेतु अभिप्रेरित करने के लिए बहुत प्रभावशाली है।
  • के भाव को अध्यापन- अधिगम प्रक्रिया में बारंबार पैदा करना चाहिए।
  • का संज्ञान से कोई संबंध नहीं है।

संवेग एवं संज्ञान एक दूसरे से ______ हैं।

  • सन्निहित
  • संबंधित नहीं
  • पूर्णतया अलग
  • स्वतंत्र

निम्न में से कौन-सा बाहरी अभिप्रेरणा का सही वर्णन करता है?

  • अभिप्रेरणा जो वातावरणीय परिणामों से आती है।
  • अभिप्रेरणा जो व्यक्तिगत संतुष्टि की भावना से आती है।
  • अभिप्रेरणा जो कार्य के व्यक्तिगत आनंद से आती है।
  • अभिप्रेरणा जो आंतरिक कारकों से आती है।

अभिप्रेरणा के आरोपण सिद्धांत के अनुसार निम्नलिखित में से किससे लगातार कोशिश और बेहतर प्रदर्शन की संभावना है?

  • असफलता और सफलता दोनों के लिए आंतरिक आरोपण।
  • सफलता के लिए आंतरिक आरोपण और असफलता के लिए बाहरी आरोपण।
  • सफलता के लिए बाहरी आरोपण और असफलता के लिए आंतरिक आरोपण।
  • असफलता और सफलता दोनों के लिए बाहरी आरोपण।

निम्नलिखित कथनों को पढ़िए तथा सही विकल्प का चयन कीजिए : अभिकथन (A) : शिक्षक को सार्थक वातावरण बनाना चाहिए जिसमें सभी बच्चों की सक्रिय भागीदारी और संलग्नता हो। कारण (R) : सभी बच्चें आंतरिक रूप से सीखने के लिए प्रेरित होते हैं और सीखने में सक्षम होते हैं।

  • (A) और (R) दोनों सही हैं तथा (R), (A) की सही व्याख्या है।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं, परन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।

अभिकथन (A) : बच्चों में सजा का डर पैदा करके सीखने को सुसाध्य किया जाना चाहिए। कारण (R) : ईनाम व सजा अर्थपूर्ण सीखने में बेहद प्रभावशाली हैं। सही विकल्प चुनें-

  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं, लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।

‘अपने सहपाठियों से प्रधानता सिद्ध करने के लिए अधिगम’ किस तरह का लक्ष्य अभिविन्यास दर्शाता है?

  • प्रदर्शन-अभिगमन
  • महारत-अभिगमन
  • महारत-परिहार
  • प्रदर्शन-परिहार

प्राथमिक शिक्षिका अपने विद्यार्थियों में आंतरिक अभिप्रेरणा को बढ़ावा देने के लिए क्या कर सकती है?

  • बच्चों को सीखने में आनंद की अनुभूति को प्रोत्साहित करके
  • हर विद्यार्थी के हर एक प्रयास की प्रशंसा करके
  • अवांछनीय व्यवहार को दंडित करके
  • विद्यार्थियों में प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देकर

बच्चे का समग्र शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य अधिगम ______ ।

  • को सुसाध्य करता है
  • को प्रभावित नहीं करता
  • में बाधा डालता है
  • से संबंधित नहीं है

अभिकथन (A) : आंतरिक अभिप्रेरणा एक बच्चे को स्वेच्छा से अपनी आंतरिक खुशी के लिए काम करने को प्रेरित करती है। कारण (R) : शिक्षक को आंतरिक रूप से अभिप्रेरित करने के स्थान पर विद्यार्थियों को बाह्य रूप से अभिप्रेरित करना चाहिए। सही विकल्प चुनें।

  • (A) सही है, लेकिन (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं, लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं, लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।

विद्यार्थी सीखने के प्रति अभिप्रेरित होते हैं यदि कार्य

  • उनके जीवन से संबंधित हो।
  • अप्रासंगिक हो।
  • बिना किसी चुनौती वाला हो।
  • बहुत ही अमूर्त हो।

अभिकथन (A) : अध्यापक को चाहिए कि वह विद्यार्थियों को योग्यता का सत्त्व संबंधी परिप्रेक्ष्य विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करें। तर्क (R) : योग्यता का अस्तित्व संबंधी परिप्रेक्ष्य विद्यार्थियों को अधिक प्रभावशाली तरीके से सीखने के लिए अभिप्रेरित करता है। सही विकल्प चुनिए

  • (A) और (R) दोनों गलत हैं
  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है
  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है

शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों को ______ के लिए प्रेरित करना होता है।

  • स्वतंत्र चिंतन
  • प्रतिस्पर्धा
  • कंठस्थ स्मरण
  • निष्क्रिय ज्ञान पुनरुत्पादन

गैर-जन्मजात अधिगम जैसे कि बाँसुरी बजाना, शतरंज खेलना सीखने के लिए

  • किसी तरह के बाह्य निर्देशन और आंतरिक अभिप्रेरणा की जरूरत है।
  • किसी भी तरह के बाह्य निर्देशन या अभिप्रेरणा की जरूरत नहीं होती है।
  • बाह्य निर्देशन की जरूरत होती है लेकिन किसी तरह की अभिप्रेरणा की जरूरत नहीं होती है।
  • किसी भी स्रोत से बाह्य निर्देशन की कोई जरूरत नहीं होती है।

निम्नलिखित में से कौन-सा आंतरिक अभिप्रेरणा का उदाहरण नहीं है?

  • पुरस्कार पाने के लिए प्रयास करना
  • जिज्ञासा
  • रुचि
  • स्पष्टता के लिए चाहत

निम्नलिखित में से कौन-सा आंतरिक अभिप्रेरणा का एक उदाहरण है?

  • जिज्ञासावश किसी विषय पर शोध करना
  • नकद पुरस्कार जीतने के लिए पढ़ाई करना।
  • अपने साथियों की प्रशंसा पाने के लिए नृत्य का प्रदर्शन करना।
  • प्रथम स्थान पर आने के लिए दौड़ प्रतियोगिता में भाग लेना।

निम्नलिखित में से कौन-सा कारक अधिगम हेतु आंतरिक अभिप्रेरणा को संचालित करता है/अग्रता प्रदान करता है ?

  • रुचि
  • पुरस्कार
  • दण्ड
  • प्रशंसा

कक्षा में विद्यार्थियों को अधिगम के प्रति अभिप्रेरित करने की कौन-सी युक्तियाँ सही हैं? (i) कक्षा में विद्यार्थियों की अधिकतम सहभागिता को बढ़ावा देना। (ii) अंकों के लिए प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना। (iii) विद्यार्थियों को उनकी रुचि के आधार पर लक्ष्य निर्धारित करने में मदद करना। (iv) विद्यार्थियों को अपने विचार व्यक्त करने की आजादी देना। सही विकल्प चुनिए:

  • (i),(iii) और (iv)
  • (i) और (iv)
  • (ii),(iii) और (iv)
  • (i),(ii) और (iii)

निम्नलिखित में से कौन-सा संवेग विद्यार्थियों को अधिगम के प्रति अभिप्रेरित कर सकता है ?

  • उम्मीद
  • बोरियत
  • उच्च डर
  • गुस्सा

निम्नलिखित में से कौन-सा कथन अभिप्रेरित शिक्षण की पहचान नहीं है ?

  • कक्षा में एकदम सन्नाटा, यहाँ तक कि जब अनुभव साझा करने के लिए कहा जाए, तब भी।
  • विद्यार्थी बहुत से प्रश्न पूछते हैं।
  • शिक्षार्थियों को अपनेपन का बोध हो।
  • विद्यार्थी पूर्व अधिगम और नवीन अधिगम से अंतर कर पाते हैं।

निम्नलिखित में से किसके द्वारा अधिगम में बाधा पहुँचाने की संभावना है ?

  • विशिष्ट पहचानों (अस्मिताओं) के बारे में प्रचलित रूढ़िबद्ध धारणाओं को बढ़ावा देना।
  • योग्यता के संवृद्धिात्मक दृष्टिकोण पर विश्वास।
  • व्यक्तिगत रुचि और स्वतंत्रता को बढ़ावा देना।
  • कक्षा में भय और अवरोधों को कम करना।

निम्न में से कौन-सा आंतरिक अभिप्रेरण का उदाहरण है?

  • ज्ञान प्राप्त करने के लिए चर्चा में भाग लेना।
  • नकद इनाम जीतने के लिए चर्चा में भाग लेना।
  • संहपाठियों को प्रभावित करने के लिए चर्चा में भाग लेना।
  • दण्ड से बचने के लिए चर्चा में भाग लेना।

एक अध्यापिका को अपने अधिगमकर्ताओं में से किस प्रकार के लक्ष्यों को बढ़ावा देना चाहिए?

  • महारत हासिल करने की दिशा में उन्मुख लक्ष्य
  • परिहार-उन्मुखी महारत लक्ष्य
  • प्रदर्शन की दिशा में उन्मुख लक्ष्य
  • परिहार-उन्मुखी प्रदर्शन लक्ष्य

एक अध्यापिका को विद्यार्थियों को सीखने के लिए क्यों अभिप्रेरित करना चाहिए?

  • संप्रत्यों की समझ बढ़ाने के लिए।
  • दूसरों के ऊपर श्रेष्ठता पाने के लिए।
  • मूर्त पुरस्कार जैसे कि नकद इनाम, प्रमाण-पत्र इत्यादि पाने के लिए।
  • अध्यापिका और माता-पिता की प्रशंसा पाने के लिए।

विद्यार्थियों को किस प्रकार के लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।

  • महारत उन्मुखी
  • प्रदर्शन उन्मुखी
  • असफलता स्वीकृत
  • सफलता परिहार

______ अधिगम को सकारात्मक रूप से प्रभावित करता है जबकि ______ नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है।

  • स्कीमा सक्रियता, अधिगम अशक्तता
  • विचारावेश, संकल्पना मानचित्रण
  • निष्क्रिय नकल, अनुसंधान
  • चर्चा, समालोचनात्मक चिंतन

एक अध्यापिका को अपने विद्यार्थियों में …….. और …… को प्रोत्साहित करना चाहिए।

  • योग्यता का वार्धिक मत्त, महारत-अभिमुखी लक्ष्य
  • योग्यता का सत्व मत्त, प्रर्दशन-अभिमुखी लक्ष्य
  • योग्यता का सत्व मत्त, असफलता-परिहारी लक्ष्य
  • योग्यता का वार्धिक मत्त, असफलता-स्वीकार्य लक्ष्य

विद्यार्थी सीखने के लिए आंतरिक रूप से अधिक अभिप्रेरित होंगे अगर वे____के भाव को महसूस करें।

  • खुशी
  • निराशा
  • शर्म
  • कुण्ठा

______ के लिए सीखना बाह्य अभिप्रेरणा का उदाहरण है ।

  • दोस्तों के बीच लोकप्रियता पाने
  • जानने की उत्सुकता की पूर्ति
  • संप्रत्यय को समझने
  • संदेहों को दूर करने

प्राथमिक विद्यालय में छात्रों को प्रेरित करने के लिए, शिक्षक को क्या रणनीति अपनानी चाहिए?

  • बच्चों को उनकी रुचि के अनुसार लक्ष्य निर्धारित करने में मदद करें और उसी दिशा में काम करने में उनका समर्थन करें
  • व्यक्तिगत छात्रों के बीच अंकों के लिए प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करना
  • प्रत्येक गतिविधि के लिए प्रेरक कारकों के रूप में प्रोत्साहन, पुरस्कार और दंड का उपयोग करें
  • पूरी कक्षा के लिए मानक लक्ष्य निर्धारित करें और उन लक्ष्यों की उपलब्धि का आकलन करने के लिए कठोर मानदंड रखें

निम्नलिखित में से कौन-सा बाह्य अभिप्रेरणा का उदाहरण है?

  • नकद पुरस्कार पाने के लिए अधिगम
  • जिज्ञासा को संतुष्ट करने के लिए अधिगम
  • समझ को समुन्नत करने के लिए अधिगम
  • किसी कौशल में निपुणता प्राप्त करने के लिए अधिगम

बच्चों और उनके अधिगम के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन सा सही है?

  • सभी बच्चे सीखने के लिए स्वाभाविक रूप से प्रेरित होते हैं तथा सीखने में सक्षम हैं।
  • बच्चों को सीखने के लिए अभिप्रेरणा तथा सीखने के लिए उनकी सक्षमता केवल आनुवंशिकता के द्वारा पूर्व निर्धारित है।
  • बच्चों की सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि उनकी प्रेरणा एवं अधिगम सक्षमता को निर्धारित व सीमित करती है।
  • बच्चों को अधिगम हेतु प्रेरित करने के लिए उन्हें पुरस्कृत एवं दंडित करना होता है।

जब शिक्षक को विद्यार्थियों एवं उनकी योग्यताओं के बारे में सकारात्मक विश्वास होता है तब विद्यार्थी–

  • सीखने के लिए उत्सुक एवं प्रेरित रहते हैं।
  • निश्चिन्त हो जाते हैं तथा सीखने के लिए किसी भी तरह का प्रयास करना बंद कर देते हैं।
  • का उत्साह भंग हो जाता है तथा वे दबाव में आ जाते हैं।
  • किसी भी रूप में प्रभावित नहीं होते हैं।

कक्षा में बच्चों को प्रेरित समझा जा सकता है यदि

  • वे शिक्षक से स्पष्टीकरण प्राप्त करने के लिए प्रश्न पूछते हैं
  • वे अच्छी तरह से वर्दी पहने स्कूल में आते हैं
  • वे कक्षा में अनुशासन बनाए रखते हैं
  • वे सभी उपस्थिति में नियमित हैं

अधिगम की अभिप्रेरणा को किस प्रकार कायम रखा जा सकता है?

  • प्रवीणता-अभिमुखी लक्ष्यों पर जोर देकर।
  • बच्चों को बहुत आसान क्रियाकलाप देकर।
  • यंत्रनत याद करने पर जोर देकर।
  • बच्चे को दंड देकर।

बच्चों को अधिगम गतिविधियों में भागीदारी करने के लिए लगातार पुरस्कार देना व दंड का प्रयोग करने से क्या प्रभाव पड़ता है?

  • अधिगम में बच्चों की स्वाभाविक अभिरुचि तथा जिज्ञासा कम होती है।
  • यह बच्चों को प्रदर्शन आधारित लक्ष्यों के बजाय निपुणता पर ध्यान देने के लिए प्रोत्साहित करेगा।
  • बाहरी अभिप्रेरणा कम होती है।
  • आंतरिक अभिप्रेरणा बढ़ती है।

अभिकथन (A) : शिक्षकों को छात्रों से दूरी बनाकर रखना चाहिए और अधिगम प्राथमिक जिम्मेदारी उन्हीं पर डालनी चाहिए। कारण (R) : अधिगम एक लोकतांत्रिक वातावरण के बजाय एक एकधिकारवादी वातावरण में प्रभावी ढंग से होता है। सही विकल्प चुनें:

  • (A) और (R) दोनों गलत हैं।
  • (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (A) की (R) सही व्याख्या करता है।
  • (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (A) की (R) सही व्याख्या नहीं करता है।

निम्न में से कौन-सा कारक सीखने को प्रभावित करता है? A. विद्यार्थियों की अभिरुचि B. संकल्पना की कथित प्रासंगिकता C. विद्यार्थियों का विकासात्मक स्तर D. सीखने-सिखाने की पद्धतियाँ

  • A B C D
  • A C
  • A D
  • B C

निम्न में से कौन-सा कथन सीखने की स्थितियों में व्यक्ति, वातावरण व व्यवहार के बीच संबंध को सही दर्शाता हैं?

  • तीनों कारक-व्यक्ति, वातावरण व व्यवहार एक-दूसरे को प्रभावित करते हैं।
  • व्यक्तिगत कारकों का परिवेश के तत्त्वों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।
  • व्यवहार से सामाजिक परिवेश पर शायद ही कभी प्रभाव पड़ता है।
  • वातावरण की प्रतिपुष्टि से व्यक्ति के आत्म-सम्मान पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।

रूही का मानना है कि उसने ठीक से पढ़ाई नहीं की थी जिसके कारण उसके विज्ञान की परीक्षा में अच्छे नम्बर नहीं आए जबकि वह विज्ञान में बहुत अच्छा प्रदर्शन कर सकती है। रूही अपने प्रदर्शन का आरोपण किस कारक को कर रही है?

  • कोशिश की कमी
  • पर्यावरणीय कारक
  • योग्यता की कमी
  • कठिन भाग्य

निम्नलिखित में से किसके द्वारा अधिगम में बाधा उत्पन्न होती है ?

  • विद्यालयी संस्कृति से विमुखता का भाव
  • पहले पढ़ाए गए विषय से ज्ञान को सम्बद्ध करना
  • बहुसंवेदी उपागम का क्रियान्वयन
  • रचनावाद पर आधारित शिक्षणशास्त्रीय प्रविधियाँ

विद्यार्थियों के अधिगम को सहज-सुगम बनाने के लिए अध्यापक को क्या करना चाहिए?

  • विषय से संबंधित शब्द-जाल के प्रयोग से बचना चाहिए
  • विद्यार्थियों के पूर्व ज्ञान को अनदेखा करना चाहिए
  • वाक्य-विन्यास और संरचना स्पष्ट नहीं करनी चाहिए
  • अधिगम के अति सामान्यीकरण और निस्तारण को कम करना चाहिए

निम्नलिखित में से कौन-से कारक सीखने की प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं? (i) कक्षा का परिवेश (ii) संसाधनों की उपलब्धता (iii) शिक्षक की शिक्षणशास्त्रीय विधियाँ (iv) विद्यार्थियों के तत्परता का स्तर

  • (i), (ii), (iii) और (iv)
  • केवल (i)
  • केवल (i), (ii)
  • केवल (i), (ii), (iii)

एक अनुकूल शिक्षण-अधिगम वातावरण के लिए किसकी आवश्यकता है?

  • विकर्षणों (व्यवधान) का न्यूनतम होना
  • अधिक-से-अधिक जोखिम
  • व्यक्तिगत विभिन्नताओं को नजर-अंदाज करना
  • अन्म्य (गैर-लचीली) शैक्षणिक कार्य-प्रणाली

निम्नलिखित में से कौन-सा अधिगम के लिए बाधक बन सकता है ?

  • विद्यार्थियों का एक समान योग्यता के आधार पर समूहीकरण
  • लचीली पाठ्यचर्या
  • अधिगम के लिए बहुसंवेदी उपागम
  • अध्यापक द्वारा रचनावादी शिक्षणशास्त्रीय प्रविधियों का प्रयोग

निम्नलिखित में से कौन-से अधिगम को प्रभावित करने वाले परिवेशीय कारक हैं और व्यक्तिगत कारक नहीं है?

  • शिक्षण-अधिगम सामग्री
  • समझ का स्तर
  • भावात्मक लब्धि
  • सीखने के लिए आन्तरिक अभिप्रेरणा

निम्न में से कौन-सा कारक विद्यार्थियों के अधिगम में बाधक बन जाता है?

  • कठोर और अनम्य पाठ्यक्रम
  • वातावरण से स्वाभाविक/सहज पारस्परिक क्रिया
  • स्व-अभिप्रेरित अभ्यास
  • जानने और खोज करने की चाह

शिक्षा में समान अभिगम्यता/पहुँच एक ______ का विषय है।

  • अधिकार
  • सुविधा
  • बहिष्करण
  • अलाभ

विद्यार्थियों के अधिगम को समर्थन देने के लिए एक अध्यापिका को क्या करना चाहिए?

  • विद्यार्थियों की व्यक्तिगत विभिन्नताओं के प्रति विचारशील रहना चाहिए।
  • योग्यता के इकाई/सत्त्व दृष्टिकोण को बढ़ावा देना चाहिए।
  • विद्यार्थियों की रुचियों को दर-किनार करना चाहिए।
  • विद्यार्थियों को प्रदर्शन-उन्मुखी लक्ष्यों के लिए प्रेरित करना चाहिए।

निम्न में से कौन-सा कारक कक्षा में अधिगम प्रक्रिया में बाधक बन जाता है?

  • बैठने की अनम्य योजना
  • जानकारी प्रस्तुति के विभिन्न तरीके
  • विविधता के प्रति सम्मान
  • संसाधन-संपन्न वातावरण

______ अधिगम को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है।

  • कुपोषण
  • उत्सुकता
  • अभिसंज्ञान
  • महारत उन्मुखी लक्ष्य

निम्न में से कौन अधिगम को सकारात्मक रूप से प्रभावित करते हैं ? (i) कुपोषण (ii) विद्यार्थियों में सहभागिता (iii) दण्ड (iv) अभिसंज्ञान

  • (ii), (iv)
  • (i), (ii)
  • (ii), (iii)
  • (iii), (iv)

निम्न में से कौन-सा कारक अधिगम को सुसाध्य करता है?

  • योग्यता का वार्धिक मत
  • आस – पास में विकर्षण
  • भाषा से अनभिज्ञता
  • तंत्रिका – संबंधी न्यूनता

निम्नलिखित में से कौन-सा अधिगम की प्रक्रिया में सकारात्मक रूप से योगदान नहीं देता है?

  • कुपोषण
  • समकक्षियों के साथ सहयोग
  • अपसारी चिंतन
  • चर्चाएँ

निम्नलिखित में से कौन-सा व्यक्तिगत कारक है जो अधिगम को प्रभावित करता है?

  • आनुवंशिकता
  • स्कूली माहौल
  • सांस्कृतिक संदर्भ
  • अध्यापिका का शिक्षाशास्त्र

अनुशासन, जो अधिगम वातावरण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, किस तरह की मदद करता है?

  • बच्चों को अपनी शिक्षा को विनियमित और मॉनीटर करने के लिए
  • चुप्पी साधे रहने के लिए
  • शिक्षकों को निर्देश देने में
  • बच्चों को उनके पाठ रटकर याद करने में
JTET/CTET CDP Questions SET 04