Updated on 17/08/23 by Maananjay MahatoShare on WhatsApp

ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव(THAKUR VISWANATH SHAHDEV)

  • ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव का जन्म – 12 अगस्त 1817,बड़कागढ़ की राजधानी सतरंजी में
  • पिता का नाम – रघुनाथ शाहदेव (एनी शाह के वंसज )
  • माँता का नाम – वाणेश्वरी कुंवर 
  • 12 अगस्त 2023 को ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव की 206वी जयंती मनाया गया।
  • ये नागवंश के वंसज थे  और बड़कागढ़ रियासत के राजा थे। 1840 में गद्दी पर बैठे थे।    
  • 1857 के विद्रोह में ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव ने हजारीबाग के विद्रोहियों का नेतृत्व किया था।
  • 1857 की क्रांति में हजारीबाग और डोरंडा के सैनिकों का नेतृत्व इन्होंने किया था, जिसमें पांडे गणपत राय भी शामिल थे, उन्हें सेनापति चुना गया था।
  • इनके नेतृत्व में विद्रोही सेना ने रांची में अंग्रेजों के किले और अधिकारियों को लूट कर मार भगाया था। बाद में इनकी सेना चतरा की ओर रवाना हुई, जहां पर भीषण युद्ध हुआ और कई अंग्रेज अधिकारी और विद्रोही सैनिक मारे गए थे।
  • बाद में विश्वनाथ दुबे, जगतपाल सिंह और महीपनारायण साही (महेश नारायण शाही) के विश्वासघात के कारण अंग्रेजों ने ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव को गिरफ्तार कर लिया। 
  • अंग्रेज सरकार द्वारा फाँसी  : 16 अप्रैल, 1858 को राँची के कमिश्नर कंपाउंड में एक कदम पेड़ पर ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव को फाँसी दे दी गई। जहां पर उन्हें फांसी दिया गया था वर्तमान में हुआ शहीद चौक के नाम से जाना जाता है। 
ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव (THAKUR VISWANATH SHAHDEV)