JharkhandGK
झारखण्ड राज्य में कितने पॉलिटेक्निक संस्थान हैं?
- 44
- 34
- 20
- 21
Explanation:
- झारखण्ड राज्य में कुल 44 पॉलिटेक्निक संस्थान हैं।
- इनका विवरण:
- सरकारी – 17
- PPP मोड – 7
- निजी – 17
- गैर-इंजीनियरिंग – 3
- इन संस्थानों में डिप्लोमा इन इंजीनियरिंग की पढ़ाई कराई जाती है।
झारखण्ड राज्य में ‘डीम्ड-टू-बी विश्वविद्यालय’ सहित कितने विश्वविद्यालय हैं?
- 32
- 34
- 20
- 21
Explanation:
- झारखण्ड राज्य में ‘डीम्ड-टू-बी विश्वविद्यालय’ सहित कुल 32 विश्वविद्यालय हैं।
- विश्वविद्यालयों का वर्गीकरण:
- केंद्रीय विश्वविद्यालय – 1
- राज्य विश्वविद्यालय – 11
- डीम्ड-टू-बी विश्वविद्यालय – 1
- निजी विश्वविद्यालय – 15
- राष्ट्रीय महत्व के संस्थान – 4
- कुल: 1 + 11 + 1 + 15 + 4 = 32
झारखण्ड में वर्षा आश्रित चावल अनुसंधान केन्द्र कहाँ अवस्थित है?
- हजारीबाग
- दुमका
- राँची
- कोडरमा
Explanation:
- झारखण्ड में वर्षा आश्रित चावल अनुसंधान केन्द्र हजारीबाग में अवस्थित है।
- हजारीबाग जिले के अन्य महत्वपूर्ण संस्थान:
- विनोबा भावे विश्वविद्यालय – 1992
- राजेंद्र विधि महाविद्यालय – 1977
- पुलिस प्रशिक्षण केंद्र – 1912
- सीमा सुरक्षा बल प्रशिक्षण केंद्र एवं स्कूल – 1966 (मेरू)
- इंदिरा गांधी आवासीय विद्यालय – 1984
- मृदा शोध एवं अनुसंधान संस्थान
झारखण्ड शिक्षा परियोजना परिषद् (Jharkhand Education Project Council) को कब पंजीकृत किया गया था?
- 16 मार्च, 2007
- 5 फरवरी, 2011
- 12 अप्रैल, 2001
- 24 जनवरी, 2003
Explanation:
- झारखण्ड शिक्षा परियोजना परिषद् (JEPC) को 12 अप्रैल, 2001 को पंजीकृत किया गया था।
- इसके अंतर्गत प्राथमिक शिक्षा निदेशालय, माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, उच्च शिक्षा निदेशालय तथा झारखण्ड शिक्षा परियोजना परिषद् की स्थापना वर्ष 2001 में की गई थी।
- JEPC की ओर से राज्य के प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक तथा शिक्षिकाओं के लिए उजाला I तथा उजाला II के नाम से एकदिवसीय प्रशिक्षण प्रारंभ किया गया है।
झारखण्ड में कितने विश्वविद्यालय हैं?
- 32
- 34
- 20
- 21
Explanation:
- झारखण्ड में कुल 32 विश्वविद्यालय हैं।
- विश्वविद्यालयों का वर्गीकरण:
- केंद्रीय विश्वविद्यालय – 1 (केंद्रीय विश्वविद्यालय, ब्राम्बे, राँची)
- राज्य विश्वविद्यालय – 11
- डीम्ड-टू-बी विश्वविद्यालय – 1 (BIT मेसरा)
- निजी विश्वविद्यालय – 15
- राष्ट्रीय महत्व के संस्थान – 4
इनमें से कौन-सा विश्वविद्यालय एक डीम्ड विश्वविद्यालय है?
- राँची विश्वविद्यालय
- सिदो-कान्हू विश्वविद्यालय
- बिरसा कृषि विश्वविद्यालय
- बी. आई. टी. मेसरा
Explanation:
- बी. आई. टी. मेसरा (Birla Institute of Technology, Mesra) झारखण्ड का एकमात्र डीम्ड-टू-बी विश्वविद्यालय है।
- इसे 28 अगस्त, 1986 को डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा प्राप्त हुआ।
- इसकी स्थापना 1955 में बी.एम. बिड़ला के द्वारा की गई थी।
- अन्य विकल्प:
- राँची विश्वविद्यालय – राज्य विश्वविद्यालय (1960)
- सिदो-कान्हू विश्वविद्यालय – राज्य विश्वविद्यालय (1992, दुमका)
- बिरसा कृषि विश्वविद्यालय – राज्य विश्वविद्यालय (1981, काँके, राँची)
निम्नलिखित में से कौन-सा कॉलेज जमशेदपुर में स्थित है?
- एम.जी.एम. मेडिकल कॉलेज
- राजेन्द्र मेडिकल कॉलेज
- पाटलिपुत्र मेडिकल कॉलेज
- सूर्यमुखी दिनेश आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज
Explanation:
- एम.जी.एम. मेडिकल कॉलेज (MGM Medical College) जमशेदपुर में स्थित है।
- इसकी स्थापना 1964 में हुई थी।
- अन्य विकल्प:
- राजेन्द्र मेडिकल कॉलेज (रिम्स) – राँची में स्थित है (1960)
- पाटलिपुत्र मेडिकल कॉलेज (PMCH) – धनबाद में स्थित है (1974)
- सूर्यमुखी दिनेश आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज – Ranchi में स्थित है
केन्द्रीय खनन एवं ईंधन अनुसंधान संस्थान झारखण्ड में कहाँ स्थित है?
- धनबाद
- राँची
- बोकारो
- जमशेदपुर
Explanation:
- केन्द्रीय खनन एवं ईंधन अनुसंधान संस्थान (CSIR-Central Institute of Mining and Fuel Research – CIMFR) धनबाद में स्थित है।
- यह 2007 में Central Fuel Research Institute (CFRI) एवं Central Mining Research Institute (CMRI) के विलय से बना था।
- धनबाद के अन्य महत्वपूर्ण संस्थान:
- इंडियन स्कूल ऑफ माइंस – 1926 (2016 में IIT)
- बिरसा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी – 1949 (सिंदरी)
- Central Fuel Research Institute (CFRI) – 1946 (जालगोड़ा)
- Central Mining Research Institute (CMRI) – 1956
बिरला तकनीकी संस्थान झारखण्ड के किस शहर में स्थित है?
- धनबाद
- बोकारो
- राँची
- हजारीबाग
Explanation:
- बिरला तकनीकी संस्थान (BIT, Mesra) राँची में स्थित है।
- इसकी स्थापना 1955 में बी.एम. बिड़ला के द्वारा की गई थी।
- इसे 28 अगस्त, 1986 को डीम्ड-टू-बी विश्वविद्यालय का दर्जा प्राप्त हुआ।
- BIT का एक्सटेंशन सेंटर देवघर में भी स्थित है।
‘भारतीय खान संस्थान’ झारखण्ड में कहां स्थित है?
- धनबाद
- बोकारो
- गढ़वा
- हजारीबाग
Explanation:
- ‘भारतीय खान संस्थान’ (Indian School of Mines – ISM) धनबाद में स्थित है।
- इसकी स्थापना 9 दिसंबर, 1926 को वायसराय लॉर्ड इरविन के द्वारा की गई थी।
- यह भारत का तीसरा सबसे पुराना विश्वविद्यालय है।
- 2016 में इसे IIT (Indian Institute of Technology-ISM) का दर्जा प्राप्त हुआ।
- यह राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों में से एक है।
एक्सएलआरआई निम्नलिखित शहर में से किस में स्थित है?
- धनबाद
- बोकारो
- गढ़वा
- जमशेदपुर
Explanation:
- एक्सएलआरआई (XLRI – Xavier Labour Research Institute) जमशेदपुर में स्थित है।
- इसकी स्थापना 1949 में सोसाइटी ऑफ जेसस के द्वारा की गई थी।
- यह भारत का सबसे पुराना बिजनेस मैनेजमेंट स्कूल है।
- जमशेदपुर के अन्य महत्वपूर्ण संस्थान:
- NIT जमशेदपुर – 1960
- राष्ट्रीय धातु विज्ञान प्रयोगशाला – 1950
- MGM चिकित्सा महाविद्यालय – 1964
- जमशेदपुर वूमंस यूनिवर्सिटी
जेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल सर्विस (एक्सआईएसएस) निम्नलिखित शहर में से किस में स्थित है?
- धनबाद
- राँची
- गढ़वा
- जमशेदपुर
Explanation:
- जेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल सर्विस (XISS) राँची में स्थित है।
- इसके संस्थापक फादर माइकल विंडे (संत जेवियर्स कॉलेज, राँची के इतिहास विभाग के व्याख्याता) थे।
- स्थापना वर्ष – 1955।
- राँची के अन्य महत्वपूर्ण संस्थान:
- संत जेवियर्स कॉलेज – 7 जुलाई, 1944 (पढ़ाई 1948 से)
- राँची विश्वविद्यालय – 1960
- बिरसा कृषि विश्वविद्यालय – 1981
- IIM राँची – 2010
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ नेचुरल रेजिन एंड गम्स निम्नलिखित शहर में से किस में स्थित है?
- धनबाद
- राँची
- गढ़वा
- जमशेदपुर
Explanation:
- इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ नेचुरल रेजिन एंड गम्स (IINRG) नामकुम, राँची में स्थित है।
- इसे पहले भारतीय लाह अनुसंधान संस्थान (ILRI – Indian Lac Research Institute) के नाम से जाना जाता था।
- ILRI की स्थापना 20 सितंबर, 1924 को हुई थी।
- 20 सितंबर, 2007 को इसका नाम बदलकर IINRG किया गया।
- 2022 में इसका नाम बदलकर राष्ट्रीय द्वितीयक कृषि संस्थान (National Institute of Secondary Agriculture – NISA) कर दिया गया।
- लाख (Lac) के सामरिक महत्व को समझते हुए तत्कालीन BRITISH सरकार ने 1920 में लिंडसे-हार्लो समिति का गठन किया था।
केन्द्रीय खनन और ईंधन अनुसंधान संस्थान, स्थित हैं : , , V.L.W.-2012
- धनबाद
- राँची
- गढ़वा
- जमशेदपुर
Explanation:
- केन्द्रीय खनन और ईंधन अनुसंधान संस्थान (CSIR-CIMFR) धनबाद में स्थित है।
- इसका गठन 2007 में CFRI (1946) एवं CMRI (1956) के विलय से हुआ था।
- यह CSIR (Council of Scientific & Industrial Research) का एक प्रमुख संस्थान है।
- धनबाद कोयला खनन के लिए प्रसिद्ध है, इसलिए यह संस्थान यहाँ स्थित है।
केन्द्रीय ईंधन शोध संस्थान जो प्रमुख शोध संस्थानों में से एक है, की स्थापना वर्ष 1945 में किस स्थान पर हुई थी?
- धनबाद
- राँची
- गढ़वा
- जमशेदपुर
Explanation:
- केन्द्रीय ईंधन शोध संस्थान (Central Fuel Research Institute – CFRI) की स्थापना 1946 में धनबाद के जालगोड़ा में हुई थी।
- यह कोयला एवं ईंधन पर शोध करने वाला प्रमुख संस्थान है।
- बाद में 2007 में इसका CMRI के साथ विलय कर CIMFR बनाया गया।
लघु स्तरीय अनुसंधान संस्थान की स्थापना ………..में की गई है।
- आसनसोल
- राँची
- गढ़वा
- सिंदरी
Explanation:
- लघु स्तरीय अनुसंधान संस्थान (बिरसा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) की स्थापना 1949 में सिंदरी, धनबाद में की गई थी।
- बिरसा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (BIT Sindri) झारखण्ड का एक प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थान है।
- सिंदरी धनबाद जिले का एक प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र है।
परमाणु ऊर्जा केंद्रीय विद्यालय ……….. में स्थित है।
- पूर्वी सिंहभूम
- राँची
- गढ़वा
- सिंदरी
Explanation:
- परमाणु ऊर्जा केंद्रीय विद्यालय तुरामडीह, पूर्वी सिंहभूम में स्थित है।
- इसका संचालन Atomic Energy Education Society, मुंबई (परमाणु ऊर्जा विभाग के अंतर्गत स्वायत्त संस्था) द्वारा किया जाता है।
- स्थापना वर्ष – 2006।
झारखण्ड निवेश केन्द्र —– में स्थित है।
- पूर्वी सिंहभूम
- राँची
- नई दिल्ली
- सिंदरी
Explanation:
- झारखण्ड निवेश केन्द्र (Jharkhand Investment Centre) नई दिल्ली में स्थित है।
- इसका उद्देश्य झारखण्ड राज्य में निवेश को बढ़ावा देना है।
- यह राज्य सरकार द्वारा स्थापित एक प्रमुख संस्थान है।
गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड का डीजल इंजन संयंत्र, अवस्थित है : 6th JPSC (PT) – 2016
- पूर्वी सिंहभूम
- राँची
- नई दिल्ली
- सिंदरी
Explanation:
- गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (GRSE) का डीजल इंजन संयंत्र राँची में अवस्थित है।
- GRSE भारत सरकार का एक प्रमुख रक्षा उत्पादन संस्थान है, जो मुख्यतः जहाज निर्माण के लिए जाना जाता है।
- राँची में इसका इंजन प्लांट स्थित है।
झारखण्ड में वर्षा आश्रित चावल अनुसंधान केन्द्र कहां अवस्थित है?
- पूर्वी सिंहभूम
- राँची
- हजारीबाग
- सिंदरी
Explanation:
- झारखण्ड में वर्षा आश्रित चावल अनुसंधान केन्द्र हजारीबाग में अवस्थित है।
- यहाँ चावल अनुसंधान एवं मृदा शोध कार्य किए जाते हैं।
- हजारीबाग के अन्य महत्वपूर्ण संस्थान:
- चावल अनुसंधान केंद्र
- मृदा शोध एवं अनुसंधान संस्थान
- भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान – बरही (आधारशिला: 28 जून, 2015, नरेंद्र मोदी द्वारा)
झारखण्ड राज्य में कितने सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थान हैं?
- 10
- 9
- 8
- 17
Explanation:
- झारखण्ड राज्य में 17 सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थान हैं।
- पॉलिटेक्निक संस्थानों का कुल विवरण:
- सरकारी – 17
- PPP मोड – 7
- निजी – 17
- गैर-इंजीनियरिंग – 3
- कुल – 44 पॉलिटेक्निक संस्थान।
झारखण्ड में कितने केंद्रीय विश्वविद्यालय हैं?
- 1
- 4
- 2
- 3
Explanation:
- झारखण्ड में 1 केंद्रीय विश्वविद्यालय है – केंद्रीय विश्वविद्यालय, ब्राम्बे, राँची।
- इसकी स्थापना केंद्रीय विश्वविद्यालय अधिनियम, 2009 के द्वारा की गई थी।
- यह राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों में शामिल है।
झारखण्ड राज्य में डीम्ड-टू-बी विश्वविद्यालय सहित कितने विश्वविद्यालय हैं?
- 21
- 40
- 25
- 36
Explanation:
- झारखण्ड राज्य में डीम्ड-टू-बी विश्वविद्यालय सहित 36 विश्वविद्यालय हैं।
- विश्वविद्यालयों का वर्गीकरण (पुराना आंकड़ा):
- केंद्रीय विश्वविद्यालय – 1
- राज्य विश्वविद्यालय – 11
- डीम्ड-टू-बी विश्वविद्यालय – 1
- निजी विश्वविद्यालय – 15
- राष्ट्रीय महत्व के संस्थान – 4
- कुल – 1 + 11 + 1 + 15 + 4 = 32 (नवीनतम आंकड़ा), जबकि पुराने आंकड़े में 36 थे।
झारखण्ड में कितने (डीम्ड विश्वविद्यालय छोड़कर) सार्वजनिक विश्वविद्यालय हैं?
- 21
- 40
- 25
- 12
Explanation:
- झारखण्ड में डीम्ड विश्वविद्यालय छोड़कर 12 सार्वजनिक विश्वविद्यालय हैं।
- सार्वजनिक विश्वविद्यालयों में शामिल:
- केंद्रीय विश्वविद्यालय – 1
- राज्य विश्वविद्यालय – 11
- राज्य विश्वविद्यालयों की सूची:
- राँची विश्वविद्यालय – 1960
- विनोबा भावे विश्वविद्यालय – 1993 (हजारीबाग)
- नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय – 2007 (मेदिनीनगर, पलामू)
- सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय – 1992 (दुमका)
- राष्ट्रीय विधि अध्ययन एवं अनुसंधान विश्वविद्यालय – कांके, राँची
- कोल्हान विश्वविद्यालय – 2007 (पश्चिमी सिंहभूम)
- झारखण्ड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय – 2015 (नामकुम, राँची)
- झारखण्ड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय – 2016 (खूंटी)
- डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय – 2017 (राँची)
- बिरसा कृषि विश्वविद्यालय – 1980 (काँके, राँची)
- बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय – 2017 (धनबाद)
इनमें से कौन-सा विश्वविद्यालय एक डीम्ड विश्वविद्यालय है?
- राँची विश्वविद्यालय
- सिदो कान्हू विश्वविद्यालय
- बिरसा कृषि विश्वविद्यालय
- बी. आई. टी. मेसरा
Explanation:
- बी. आई. टी. मेसरा (Birla Institute of Technology, Mesra) झारखण्ड का एकमात्र डीम्ड-टू-बी विश्वविद्यालय है।
- इसे 28 अगस्त, 1986 को डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा प्राप्त हुआ।
- इसकी स्थापना 1955 में बी.एम. बिड़ला के द्वारा की गई थी।
- अन्य विकल्प:
- राँची विश्वविद्यालय – राज्य विश्वविद्यालय (1960)
- सिदो कान्हू विश्वविद्यालय – राज्य विश्वविद्यालय (1992, दुमका)
- बिरसा कृषि विश्वविद्यालय – राज्य विश्वविद्यालय (1981, काँके, राँची)
इनमें से कौन-सा झारखण्ड का पहला कृषि विश्वविद्यालय है?
- राँची विश्वविद्यालय
- सिदो कान्हू विश्वविद्यालय
- बिरसा कृषि विश्वविद्यालय
- बी. आई. टी. मेसरा
Explanation:
- बिरसा कृषि विश्वविद्यालय झारखण्ड का पहला कृषि विश्वविद्यालय है।
- इसकी स्थापना 1956 में हुई थी तथा 26 जून, 1981 को इसे विश्वविद्यालय का दर्जा प्राप्त हुआ।
- यह काँके, राँची में स्थित है।
- यह राज्य का अकेला कृषि विश्वविद्यालय है।
- इसके द्वारा राज्य के किसानों को कृषि, वानिकी, पशुपालन एवं पशु चिकित्सा की जानकारी पूरे साल दी जाती है।
कांके (Kanke) में बिरसा कृषि विश्वविद्यालय में निम्न संकाय उपलब्ध है : (सही उत्तर को चिह्नित करें) 7th-10th JPSC (PT) – 2021
- कृषि और पशु चिकित्सा विज्ञान
- कृषि और वानिकी
- कृषि
- कृषि, पशु चिकित्सा और वानिकी
Explanation:
- बिरसा कृषि विश्वविद्यालय, काँके में कृषि, पशु चिकित्सा और वानिकी तीनों संकाय उपलब्ध हैं।
- इसके अधीन कुल 12 कार्यरत कॉलेज हैं:
- Faculty of Agriculture, Ranchi
- Faculty of Veterinary Science & Animal Husbandry, Ranchi
- Faculty of Forestry, Ranchi
- College of Bio-Technology, Ranchi
- Center of Agribusiness Management, Ranchi
- College of Agricultural Engineering, Ranchi
- Rabindra Nath Tagore Agriculture College, Deoghar
- Phulo-Jhano Murmu College of Dairy Technology, Dumka
- Tilka Manjhi Agriculture College, Godda
- College of Horticulture, West Singhbhum
- College of Fisheries Science, Gumla
- Agriculture College, Garhwa
सही उत्तर को चिह्नित करें 7th-10th JPSC (PT)-2021 फूलो झानो मुर्मू मेडिकल कॉलेज सम्बद्ध है
- राँची विश्वविद्यालय
- सिदो कान्हू विश्वविद्यालय
- बिरसा कृषि विश्वविद्यालय
- सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय
Explanation:
- फूलो झानो मुर्मू मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल दुमका में स्थित है।
- यह सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका से सम्बद्ध है।
- 4 मेडिकल कॉलेजों के नाम परिवर्तन:
- धनबाद – शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल
- हजारीबाग – शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल
- पलामू – मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल
- दुमका – फूलो-झानो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल
पूर्व में तिलका मांझी विश्वविद्यालय का हिस्सा क्या था?
- राँची विश्वविद्यालय
- कोल्हान विश्वविद्यालय
- नीलाम्बर – पीतांबर विश्वविद्यालय
- सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय
Explanation:
- सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका पूर्व में तिलका मांझी विश्वविद्यालय, भागलपुर का हिस्सा था।
- इसकी स्थापना 10 जनवरी, 1992 को तिलका माँझी विश्वविद्यालय, भागलपुर को विभाजित कर की गई थी।
- यह संथाल परगना क्षेत्र में स्थित है।
सिंदरी में बिहार इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी का नाम बदल दिया गया है?
- बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी
- बिरसा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी
- प्रौद्योगिकी संस्थान भारत
- इनमें से कोई नहीं
Explanation:
- सिंदरी में बिहार इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी का नाम बदलकर बिरसा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (BIT Sindri) कर दिया गया है।
- इसकी स्थापना 1949 में हुई थी।
- यह धनबाद जिले में स्थित है।
- बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (BIT Mesra) राँची में स्थित है, जो एक डीम्ड विश्वविद्यालय है।
झारखण्ड की सबसे पुरानी संस्थाओं में से एक, जिसे वर्तमान में राज्य ग्रामीण विकास संस्थान कहा जाता है, मूल रूप से कब स्थापित किया गया था?
- 1955
- 1954
- 1944
- 1953
Explanation:
- राज्य ग्रामीण विकास संस्थान (State Rural Development Institute) की स्थापना 1954 में हुई थी।
- यह राँची में स्थित है।
- इसका उद्देश्य ग्रामीण विकास से संबंधित प्रशिक्षण एवं अनुसंधान करना है।
भारतीय खनिज विद्यापीठ, धनबाद कब अस्तित्व में आया?
- 19 दिसम्बर, 1955
- 19 दिसम्बर, 1954
- 19 दिसम्बर, 1926
- 19 दिसम्बर, 1908
Explanation:
- भारतीय खनिज विद्यापीठ (Indian School of Mines – ISM), धनबाद की स्थापना 9 दिसम्बर, 1926 को हुई थी।
- इसकी स्थापना वायसराय लॉर्ड इरविन के द्वारा की गई थी।
- यह भारत का तीसरा सबसे पुराना विश्वविद्यालय है।
- 2016 में इसे IIT (Indian Institute of Technology-ISM) का दर्जा प्राप्त हुआ।
भारत के किस गवर्नर जनरल ने इंडियन स्कूल ऑफ माइन्स की स्थापना की थी?
- लॉर्ड हार्डिंग
- लॉर्ड इरविन
- लॉर्ड कर्जन
- लॉर्ड डलहौजी
Explanation:
- इंडियन स्कूल ऑफ माइन्स (ISM), धनबाद की स्थापना वायसराय लॉर्ड इरविन ने 9 दिसम्बर, 1926 को की थी।
- यह भारत का तीसरा सबसे पुराना विश्वविद्यालय है।
- 2016 में इसे IIT का दर्जा प्राप्त हुआ तथा यह राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों में शामिल है।
- अन्य विकल्प:
- लॉर्ड हार्डिंग – बंगाल विभाजन (1911) से संबंधित
- लॉर्ड कर्जन – बंगाल विभाजन (1905)
- लॉर्ड डलहौजी – विलय नीति, रेलवे, डाक सेवा
XLRI को निम्नलिखित में से किस वर्ष में स्थापित किया गया था?
- 1955
- 1954
- 1944
- 1949
Explanation:
- XLRI (Xavier Labour Relations Institute), जमशेदपुर की स्थापना 1949 में सोसाइटी ऑफ जीसस (Jesuit Society) के द्वारा की गई थी।
- यह भारत का सबसे पुराना बिजनेस मैनेजमेंट स्कूल है।
- इसे XLRI – Xavier School of Management के नाम से भी जाना जाता है।
- जमशेदपुर के अन्य महत्वपूर्ण संस्थान:
- NIT जमशेदपुर – 1960
- राष्ट्रीय धातु विज्ञान प्रयोगशाला – 1950
- MGM चिकित्सा महाविद्यालय – 1964
जेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल सर्विस (XISS) को निम्नलिखित वर्षों में से किस वर्ष में स्थापित किया गया था?
- 1955
- 1954
- 1944
- 1949
Explanation:
- जेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल सर्विस (XISS) की स्थापना 1955 में हुई थी।
- इसके संस्थापक फादर माइकल विंडे (संत जेवियर्स कॉलेज, राँची के इतिहास विभाग के व्याख्याता) थे।
- यह राँची में स्थित है।
- राँची के अन्य महत्वपूर्ण संस्थान:
- संत जेवियर्स कॉलेज – 7 जुलाई, 1944 (पढ़ाई 1948 से)
- राँची विश्वविद्यालय – 1960
- बिरसा कृषि विश्वविद्यालय – 1981
झारखण्ड अंतरिक्ष अनुप्रयोग केन्द्र, राँची की स्थापना किस वर्ष की गयी थी?
- 2009
- 2005
- 2004
- 2003
Explanation:
- झारखण्ड अंतरिक्ष अनुप्रयोग केन्द्र (Jharkhand Space Application Centre) की स्थापना 2003 में राँची में की गई थी।
- इसका उद्देश्य राज्य में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोग को बढ़ावा देना है।
- यह भू-सूचना विज्ञान एवं उपग्रह आधारित अनुसंधान करता है।
किस स्तर पर, झारखण्ड में सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) काफी कम है?
- प्राथमिक स्तर
- द्वितीयक स्तर
- वरिष्ठ माध्यमिक स्तर
- इनमें से कोई नहीं
Explanation:
- झारखण्ड में सकल नामांकन अनुपात (GER – Gross Enrollment Ratio) वरिष्ठ माध्यमिक (Senior Secondary) स्तर पर काफी कम है।
- इसका अर्थ है कि उच्च माध्यमिक स्तर पर छात्रों की संख्या अपेक्षित स्तर से कम है।
- प्राथमिक एवं माध्यमिक स्तर पर GER अपेक्षाकृत बेहतर है।
माध्यमिक शिक्षा और मदरसा शिक्षा के प्रबंधन के लिए स्थापित किया गया था।
- झारखण्ड शिक्षा परिषद
- झारखण्ड शैक्षणिक परिषद
- झारखण्ड राज्य बोर्ड
- इनमें से कोई नहीं
Explanation:
- झारखण्ड शैक्षणिक परिषद (Jharkhand Academic Council – JAC) की स्थापना माध्यमिक शिक्षा और मदरसा शिक्षा के प्रबंधन के लिए की गई थी।
- यह झारखण्ड राज्य की माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक परीक्षाओं का आयोजन करता है।
- इसका मुख्यालय राँची में स्थित है।
भारतीय प्राकृतिक राल एवं गोंद संस्थान, स्थित है :
- नरवा पहाड़
- नामकूम
- राजरप्पा
- चतरा
Explanation:
- भारतीय प्राकृतिक राल एवं गोंद संस्थान (IINRG) नामकुम, राँची में स्थित है।
- इसे पहले भारतीय लाह अनुसंधान संस्थान (ILRI) के नाम से जाना जाता था।
- ILRI की स्थापना 20 सितंबर, 1924 को हुई थी।
- 20 सितंबर, 2007 को इसका नाम बदलकर IINRG किया गया।
- 2022 में इसका नाम बदलकर राष्ट्रीय द्वितीयक कृषि संस्थान (NISA) कर दिया गया।
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ नेचुरल रेजिन एंड गम्स को पहले के नाम से जाना जाता था।
- केंद्रीय लैक अनुसंधान संस्थान
- बिरसा कृषि विश्वविद्यालय
- केंद्रीय तसर अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान
- केंद्रीय रबर अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान
Explanation:
- इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ नेचुरल रेजिन एंड गम्स (IINRG) को पहले केंद्रीय लैक अनुसंधान संस्थान (Central Lac Research Institute – ILRI) के नाम से जाना जाता था।
- इसकी स्थापना 20 सितंबर, 1924 को हुई थी।
- 20 सितंबर, 2007 को इसका नाम बदलकर IINRG किया गया।
- 2022 में इसका नाम बदलकर राष्ट्रीय द्वितीयक कृषि संस्थान (NISA) कर दिया गया।
- लाख (Lac) के सामरिक महत्व को समझते हुए तत्कालीन ब्रिटिश सरकार ने 1920 में लिंडसे-हार्लो समिति का गठन किया था।
