JharkhandGK
झारखण्ड राज्य का प्रथम जनजातीय विद्रोह है
- संथाल विद्रोह
- ढाल विद्रोह
- मुण्डा विद्रोह
- चुआर विद्रोह
Explanation:
- संथाल विद्रोह (हूल) → 1855–1856 ई. → सिद्धू मुर्मू, कान्हू मुर्मू, चाँद मुर्मू एवं भैरव मुर्मू
- क्षेत्र → संथाल परगना, विशेषकर भोगनाडीह
- मुख्य कारण → महाजनों, जमींदारों और ब्रिटिश शासन का शोषण।
- ढाल विद्रोह → 1767–1777 ई. → जगन्नाथ ढाल
- क्षेत्र → धालभूम
- विशेषता → झारखण्ड में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के विरुद्ध प्रथम जनजातीय विद्रोह माना जाता है।
- परिणाम → 1777 ई. में अंग्रेजों ने जगन्नाथ ढाल को पुनः धालभूम का शासक बनाया।
- मुण्डा विद्रोह (उलगुलान) → 1899–1900 ई. → बिरसा मुंडा
- क्षेत्र → छोटानागपुर क्षेत्र, विशेषकर राँची एवं आसपास
- उद्देश्य → मुण्डाओं के पारंपरिक भूमि-अधिकारों की रक्षा एवं ब्रिटिश शासन/शोषण का विरोध।
- उलगुलान का अर्थ → महान हलचल (Great Tumult)।
- चुआर विद्रोह → 1767–1800 के दशक → विभिन्न चरणों में विभिन्न नेता
- प्रमुख नेता → जगन्नाथ सिंह/जगन्नाथ ढाल, दुर्जन सिंह, रानी शिरोमणि आदि।
- क्षेत्र → धालभूम, मानभूम, जंगलमहल एवं आसपास के क्षेत्र।
- मुख्य कारण → ब्रिटिश भू-राजस्व व्यवस्था, जमींदारी शोषण एवं भूमि संबंधी हस्तक्षेप।
झारखण्ड राज्य के प्रथम निर्दलीय मुख्यमंत्री का नाम क्या है?
- बाबुलाल मरांडी
- एम. रामा. जोइस
- मधु कोड़ा
- हेमंत सोरेन
Explanation:
- नाम → मधु कोड़ा (Madhu Koda)
- कार्यकाल → 14 सितंबर 2006 से 23 अगस्त 2008
- विशेषता → झारखण्ड के प्रथम निर्दलीय मुख्यमंत्री।
- दल → निर्दलीय (Independent)
- मुख्यमंत्री बनने के समय → विधानसभा के निर्दलीय विधायक थे।
- वह जगन्नाथपुर विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय विधायक चुने गए थे और यूपीए (UPA) गठबंधन के समर्थन से राज्य के मुख्यमंत्री बने थे।
झारखण्ड राज्य की प्रथम महिला मंत्री का का नाम है
- जोबा मांझी
- नीरा यादव
- अनपूर्णा देवी
- बेबी देवी
Explanation:
- नाम → जोबा माझी (Joba Majhi)
- विशेषता → झारखण्ड राज्य की प्रथम महिला मंत्री।
- विधानसभा क्षेत्र → मनोहरपुर
- जिला → पश्चिमी सिंहभूम
- राजनीतिक दल → जनता दल (यूनाइटेड) से राजनीतिक जीवन की शुरुआत; बाद में झारखण्ड मुक्ति मोर्चा से जुड़ीं।
- जोबा माझी ने झारखण्ड के पहले मंत्रिमंडल (बाबूलाल मरांडी सरकार) में बतौर महिला मंत्री शपथ ली थी।
- विभाग → पर्यटन, महिला एवं बाल कल्याण
झारखण्ड राज्य के प्रथम महाधिवक्ता का नाम है
- विजय शंकर दुबे
- मंगलमय बनर्जी
- अनिल कुमार सिन्हा
- इनमें से कोई नहीं
Explanation:
- झारखण्ड राज्य के प्रथम महाधिवक्ता नाम → मंगलमय बनर्जी (M. M. Banerjee / Mangalmay Banerjee)
- वर्तमान महाधिवक्ता/2026 → रोहितश्य रॉय (Rohitashya Roy)
- पदभार/नियुक्ति → 14 जून 2026
- नियुक्ति → झारखण्ड राज्य के महाधिवक्ता के रूप में
- योग्यता → स्नातक एवं LL.B.
- परीक्षा हेतु → झारखण्ड के वर्तमान महाधिवक्ता = रोहितश्य रॉय
- संवैधानिक आधार → भारतीय संविधान का अनुच्छेद 165।
झारखण्ड राज्य महिला आयोग की प्रथम अध्यक्ष का नाम क्या है?
- लक्ष्मी सिंह
- नीरा यादव
- हेमलता मोहन
- लुइस मरांडी
Explanation:
- झारखण्ड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष — सूची
- प्रथम अध्यक्ष → लक्ष्मी सिंह
- डॉ. हेमलता एस. मोहन → अध्यक्ष
- डॉ. महुआ माजी → अध्यक्ष → 2013–2016
- कल्याणी शरण → अध्यक्ष → 2017–2020
- डॉ. हेमलता एस. मोहन
- सीमा शर्मा → नवंबर 2025 में अध्यक्ष नियुक्त
झारखण्ड राज्य में प्रथम परमवीर चक्र प्राप्त करने वाले व्यक्ति कौन हैं?
- जुएल लकड़ा
- अल्बर्ट एक्का
- बुद्धू भगत
- रंधीर वर्मा
Explanation:
- झारखण्ड राज्य के प्रथम परमवीर चक्र प्राप्तकर्ता
- नाम → लांस नायक अल्बर्ट एक्का (Albert Ekka)
- जन्म → 27 दिसंबर 1942
- जन्मस्थान → जारी गाँव, गुमला जिला
- सेना → 14 गार्ड्स, ब्रिगेड ऑफ द गार्ड्स
- युद्ध → भारत-पाकिस्तान युद्ध, 1971
- परमवीर चक्र → मरणोपरांत प्रदान किया गया
- शहादत → 3 दिसंबर 1971
झारखण्ड राज्य में अशोक चक्र प्राप्त करने वाले प्रथम व्यक्ति का नाम है?
- जुएल लकड़ा
- अल्बर्ट एक्का
- बुद्धू भगत
- रंधीर वर्मा
Explanation:
- झारखण्ड राज्य में प्रथम अशोक चक्र प्राप्तकर्ता
- नाम → रणधीर वर्मा (Randhir Verma)
- पद → पुलिस अधीक्षक (SP), धनबाद
- अशोक चक्र → मरणोपरांत
- वर्ष → 1991
- शहादत → 3 जनवरी 1991
- स्थान → बैंक ऑफ इंडिया, हीरापुर, धनबाद
- वीरता → सशस्त्र अपराधियों का मुकाबला करते हुए शहीद हुए।
झारखण्ड राज्य में प्रथम आदिवासी जिसे पद्मश्री का सम्मान प्राप्त हुआ
- जुएल लकड़ा
- अल्बर्ट एक्का
- बुद्धू भगत
- रंधीर वर्मा
Explanation:
- झारखण्ड के प्रथम आदिवासी पद्मश्री प्राप्तकर्ता
- नाम → जुएल लकड़ा (Jual Lakra)
- सम्मान का वर्ष: उन्हें वर्ष 1963 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।
- सामाजिक योगदान: उन्होंने वर्ष 1915 में छोटा नागपुर उन्नति समाज की स्थापना और पुनर्गठन में अहम भूमिका निभाई थी।
- रेव. जोएल के. लकड़ा (Rev. Joel K. Lakra) → पद्मश्री → 1963 ई.
- 2000 → परशु राम मिश्रा → विज्ञान एवं अभियांत्रिकी
- 2005 → केदार नाथ साहू → कला/शास्त्रीय नृत्य
- 2006 → वसुंधरा कोमकली → कला/शास्त्रीय संगीत
- 2006 → श्यामा चरण पति → कला/छऊ नृत्य
- 2008 → मंगला प्रसाद महंती → कला
- 2009 → महेंद्र सिंह धोनी → खेल/क्रिकेट
- 2010 → राम दयाल मुंडा → साहित्य एवं शिक्षा/कला
- 2011 → मकर ध्वज दरोगा → कला/छऊ नृत्य
- 2012 → पंडित गोपाल प्रसाद दुबे → कला/छऊ नृत्य
- 2013 → प्रेमलता अग्रवाल → खेल/पर्वतारोहण
- 2015 → अशोक भगत → सामाजिक कार्य
- 2016 → दीपिका कुमारी → खेल/तीरंदाजी
- 2016 → सिमोन उराँव → सामाजिक कार्य
- 2017 → बलबीर दत्त → साहित्य एवं शिक्षा/पत्रकारिता
- 2017 → मुकुंद नायक → कला/लोक संगीत
- 2018 → दिगंबर हांसदा → साहित्य एवं शिक्षा
- 2019 → बुलु इमाम → सामाजिक कार्य
- 2019 → जमुना टुडू → सामाजिक कार्य/पर्यावरण संरक्षण
- 2020 → शशाधर आचार्य → कला/छऊ नृत्य
- 2020 → मधु मंसूरी हसमुख → कला/नागपुरी लोक संगीत
- 2021 → छुटनी देवी (छुटनी महतो) → सामाजिक कार्य
- 2022 → डॉ. गिरिधारी राम गोंझू → साहित्य एवं शिक्षा, मरणोपरांत
- 2023 → डॉ. जयनुम सिंह सोय → साहित्य एवं शिक्षा/हो भाषा
- 2024 → चामी मुर्मू → सामाजिक कार्य/वन संरक्षण
- 2025 → महाबीर नायक → कला/नागपुरी लोक संगीत
झारखण्ड राज्य की प्रथम अंतर्राष्ट्रीय आदिवासी महिला हॉकी खिलाड़ी का नाम क्या है?
- आश्रिता लकड़ा
- सावित्री पुर्ती
- सीमा मुण्डा
- लक्ष्मी सिंह
Explanation:
- सावित्री पूर्ती → हॉकी खिलाड़ी
- विशेषता → झारखण्ड की प्रथम अंतरराष्ट्रीय आदिवासी महिला हॉकी खिलाड़ी।
- जन्मस्थान → खूंटी, झारखण्ड
- भारतीय महिला हॉकी टीम → 1983–1986 के दौरान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलीं।
- 1983 → अविभाजित बिहार से भारतीय राष्ट्रीय महिला हॉकी टीम में स्थान पाने वाली पहली महिला।
- बाद में → झारखण्ड महिला हॉकी संघ की महासचिव भी रहीं।
झारखण्ड राज्य का प्रथम हिन्दी मासिक पत्रिका का नाम क्या है?
- घरबंधू
- राष्ट्रीय भाषा
- आर्यावर्त
- डेली प्रेस
Explanation:
- झारखण्ड राज्य की प्रथम हिन्दी मासिक पत्रिका → घर बंधु (Ghar Bandhu), प्रकाशन प्रारम्भ → 1880 ई.
- स्थान → राँची
- भाषा → हिन्दी
- प्रकाशक → जी. ई. एल. चर्च (G.E.L. Church)
- आर्यावर्त (Aryavart) → हिन्दी पत्र-पत्रिका
- आदिवासी → राँची
- झारखण्ड दर्शन → झारखण्ड के इतिहास, संस्कृति एवं सामाजिक विषयों पर केंद्रित।
- अबुआ झारखण्ड → झारखण्ड की क्षेत्रीय पहचान एवं आंदोलन से संबंधित प्रकाशन।
- छोटानागपुर संदेश → झारखण्ड/छोटानागपुर के सामाजिक, सांस्कृतिक एवं राजनीतिक विषयों से संबंधित।
- देश-प्राण → झारखण्ड के क्षेत्रीय पत्रकारिता इतिहास में उल्लेखनीय।
- प्रभात खबर → 1984, राँची → झारखण्ड का प्रमुख हिन्दी दैनिक समाचार पत्र।
- राँची एक्सप्रेस → राँची से प्रकाशित प्रमुख हिन्दी दैनिक।
- उदितवाणी → जमशेदपुर से प्रकाशित हिन्दी दैनिक।
झारखण्ड राज्य का प्रथम हिन्दी दैनिक पत्रिका का नाम क्या है?
- घरबंधू
- राष्ट्रीय भाषा
- आर्यावर्त
- डेली प्रेस
Explanation:
- झारखण्ड राज्य का प्रथम हिन्दी दैनिक पत्र → राष्ट्रीय भाषा , राँची
- प्रथम हिन्दी मासिक पत्रिका → घर बंधु (Ghar Bandhu –1880 )
झारखण्ड राज्य का प्रथम हिन्दी सप्ताहिक पत्रिका का नाम क्या है?
- घरबंधू
- राष्ट्रीय भाषा
- आर्यावर्त
- डेली प्रेस
Explanation:
- झारखण्ड राज्य का प्रथम हिन्दी दैनिक पत्र → राष्ट्रीय भाषा , राँची
- प्रथम हिन्दी मासिक पत्रिका → घर बंधु (Ghar Bandhu –1880 )
- झारखण्ड का प्रथम हिन्दी साप्ताहिक पत्र = आर्यावर्त, राँची
झारखण्ड राज्य का प्रथम अंग्रेजी दैनिक पत्रिका का नाम क्या है?
- घरबंधू
- राष्ट्रीय भाषा
- आर्यावर्त
- डेली प्रेस
Explanation:
- झारखण्ड राज्य का प्रथम हिन्दी दैनिक पत्र → राष्ट्रीय भाषा , राँची
- प्रथम हिन्दी मासिक पत्रिका → घर बंधु (Ghar Bandhu –1880 )
- झारखण्ड का प्रथम हिन्दी साप्ताहिक पत्र = आर्यावर्त, राँची
- झारखण्ड का प्रथम अंग्रेजी दैनिक समाचार पत्र = डेली प्रेस (Daily Press)।
झारखण्ड राज्य का प्रथम विश्वविद्यालय है
- विनोबा भावे विश्वविद्यालय
- राँची विश्वविद्यालय
- नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय
- कोल्हान विश्वविद्यालय
Explanation:
- झारखण्ड का प्रथम विश्वविद्यालय = राँची विश्वविद्यालय
- स्थापना → 12 जुलाई 1960
एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने वाली प्रथम आदिवासी महिला का नाम क्या है?
- विनीता सोरेन
- सावित्री पुर्ती
- सीमा सोरेन
- अरूणिमा लकड़ा
Explanation:
- एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने वाली प्रथम आदिवासी महिला = विनीता सोरेन।
- नाम → विनीता सोरेन (Binita/Vinita Soren)
- निवास → केसोरसोरा गाँव, सरायकेला-खरसावाँ, झारखण्ड।
- उपलब्धि → माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाली भारत की प्रथम आदिवासी महिला।
- वर्ष → 2012 ई.
- एवरेस्ट शिखर पर पहुँचने की तिथि → 26 मई 2012।
- तिरंगा फहराने का समय → सुबह लगभग 6:50 बजे।
- अभियान → Eco Everest Spring 2012।
- प्रशिक्षक → बछेंद्री पाल।
झारखण्ड में एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने वाली प्रथम महिला का नाम क्या है?
- विनीता सोरेन
- सावित्री पुर्ती
- सीमा सोरेन
- प्रेमलता अग्रवाल
Explanation:
- झारखण्ड की प्रथम महिला एवरेस्ट विजेता = प्रेमलता अग्रवाल।
- उपलब्धि → झारखण्ड से माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली प्रथम महिला।
- एवरेस्ट फतह → 20 मई 2011
- स्थान → जमशेदपुर, झारखण्ड
- महत्वपूर्ण अंतर → विनीता सोरेन 2012 में एवरेस्ट फतह करने वाली पहली आदिवासी महिला बनीं।
- प्रथम झारखण्ड महिला → प्रेमलता अग्रवाल (2011)
- प्रथम आदिवासी महिला → विनीता सोरेन (2012)
झारखण्ड राज्य निर्माण हेतु प्रथम प्रयास कब प्रारंभ किया गया था?
- 1900 ई.
- 1928 ई.
- 1939 ई.
- 1919 ई.
Explanation:
- झारखण्ड राज्य निर्माण हेतु प्रथम प्रयास → 1915 ई.
- 1939 ई. → आदिवासी महासभा के गठन के बाद अलग झारखण्ड राज्य की मांग को अधिक संगठित रूप मिला।
- प्रयासकर्ता → जयपाल सिंह मुंडा के नेतृत्व में आदिवासी क्षेत्र को अलग राज्य बनाने की मांग को संगठित रूप मिला।
निम्न में से कौन झारखण्ड की प्रथम अंतर्राष्ट्रीय महिला एथलीट हैं?
- दीपिका कुमारी
- आश्रिता लकड़ा
- विजय निलमणि खलखो
- निक्की प्रधान
Explanation:
- प्रथम अंतर्राष्ट्रीय महिला एथलीट = विजय नीलमणि खलखो।
- उपलब्धि → झारखण्ड की प्रथम अंतर्राष्ट्रीय महिला एथलीट।
- खेल → एथलेटिक्स (Athletics)
- ध्यान दें: इसे सावित्री पूर्ति से भ्रमित न करें—सावित्री पूर्ति झारखण्ड की प्रथम अंतर्राष्ट्रीय आदिवासी महिला हॉकी खिलाड़ी हैं।
स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2025 के परिणामों में पूर्वी क्षेत्र के राज्यों में झारखंड को भारत में ……स्थान मिला है?
- प्रथम
- द्वितीय
- तृतीय
- पंचम
Explanation:
- स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2025 के परिणामों में पूर्वी क्षेत्र के राज्यों में झारखंड को तीसरा स्थान मिला था।
UDISE+ 2025-26 की रिपोर्ट के अनुसार झारखण्ड का ग्रॉस एनरोलमेंट अनुपात (GER) कितना है?
- 84.8%
- 60 .4%
- 75 .4%
- 129.4%
Explanation:
- DISE 2017-18 के अनुसार सर्वाधिक GER वाला जिला- चतरा (Chatra)
- Gross Enrolment Ratio (GER) → 129.4%
- स्तर → प्राथमिक स्तर (Primary Level)
- झारखण्ड में 2017-18 में प्राथमिक स्तर पर सर्वाधिक GER → चतरा
- सबसे कम GER → पूर्वी सिंहभूम → 76.6%
- DISE 2017-18 में सर्वाधिक GER = चतरा (129.4%)।
- अब DISE की जगह UDISE+ (Unified District Information System for Education Plus) का उपयोग होता है।
- सबसे नवीन उपलब्ध रिपोर्ट → UDISE+ 2025-26
- जारी करने वाला मंत्रालय → शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार
- इसमें स्कूल, विद्यार्थी, शिक्षक, नामांकन, GER, ड्रॉपआउट, ट्रांजिशन रेट आदि के आँकड़े शामिल हैं।
- UDISE+ 2025-26 की आधिकारिक रिपोर्ट में झारखण्ड का GER:
- Gross Enrollment Ratio
- Middle- 84.8%
- Secondary- 65.4%
- Gross Enrollment Ratio
लाल कॉरीडोर वो जिले हैं जो काफी अनुभव करते हैं। SI (Mains) – 2017
- नक्सली, माओवादी, उग्रवाद
- कुपोषण
- गरीबी
- उपजाऊ मिट्टी
Explanation:
- लाल कॉरीडोर (Red Corridor) भारत का वह क्षेत्र है जो लंबे समय तक वामपंथी उग्रवाद (Left Wing Extremism–LWE) से प्रभावित रहा है।
- इसका संबंध मुख्य रूप से नक्सलवादी/माओवादी गतिविधियों से है।
- प्रमुख प्रभावित क्षेत्र → मध्य एवं पूर्वी भारत के वन एवं आदिवासी बहुल क्षेत्र।
- झारखण्ड → लाल कॉरीडोर का एक प्रमुख राज्य रहा है।
- झारखण्ड में चतरा, लातेहार, पलामू, गढ़वा, पश्चिमी सिंहभूम, गिरिडीह आदि जिले लंबे समय तक नक्सल प्रभावित रहे हैं।
- प्रमुख संगठन → MCC (Maoist Communist Centre) और CPI (Maoist)।
- 2004 → MCC और People’s War के विलय से CPI (Maoist) का गठन हुआ।
- परीक्षा तथ्य → लाल कॉरीडोर का संबंध नक्सलवाद/वामपंथी उग्रवाद से है।
- याद रखें → लाल कॉरीडोर = नक्सल प्रभावित क्षेत्र।
झारखण्ड का कौन-सा जिला M. C. C. नामक प्रतिबंधित नक्सली संगठन द्वारा उग्रवादियों की हिंसा का एक बहुत गंभीर दौर से गुजर रहा है । (माओवादी कम्युनिस्ट सेंटर ) ?
- बोकारो
- रांची
- चतरा
- लातेहार
Explanation:
- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) [CPI (Maoist)]
- संगठन → प्रतिबंधित नक्सली/वामपंथी उग्रवादी संगठन
- क्षेत्र → चतरा एवं झारखण्ड के अन्य नक्सल प्रभावित क्षेत्र
- MCC (Maoist Communist Centre)
- पूरा नाम → माओवादी कम्युनिस्ट सेंटर
- विशेषता → यह एक प्रतिबंधित नक्सली संगठन था।
- 2004 ई. → MCC का CPI (Maoist) में विलय हो गया।
चतरा जिला उग्रवादियों की हिंसा के एक बहुत गंभीर दौर से गुजर रहा है, इनमें से किस प्रतिबंधित नक्सली संगठन द्वारा?
- सीसीसी संगठन
- टीएलसी संगठन
- एमसीसी संगठन
- आर. वी. सी. संगठन
Explanation:
- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) [CPI (Maoist)]
- संगठन → प्रतिबंधित नक्सली/वामपंथी उग्रवादी संगठन
- क्षेत्र → चतरा एवं झारखण्ड के अन्य नक्सल प्रभावित क्षेत्र
- MCC (Maoist Communist Centre)
- पूरा नाम → माओवादी कम्युनिस्ट सेंटर
- विशेषता → यह एक प्रतिबंधित नक्सली संगठन था।
- 2004 ई. → MCC का CPI (Maoist) में विलय हो गया।
झारखण्ड के विशेष माओवादी विरोधी बल का क्या नाम है?
- झारखण्ड जगुआर
- झारखण्ड बाघ
- झारखण्ड शेर
- झारखण्ड चीता
Explanation:
- झारखंड सरकार द्वारा ‘झारखंड जगुआर’ (Jharkhand Jaguar – JJ) को स्पेशल टास्क फोर्स (Special Task Force – STF)/विशेष सशस्त्र पुलिस बल (Special Armed Police Force) का विशिष्ट नाम दिया गया है।
- राज्य में नक्सलवाद और वामपंथी उग्रवाद से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए 19 फरवरी 2008 को गृह विभाग की अधिसूचना के तहत इस विशेष बल का गठन किया गया था।
- मुख्यालय → टेंडरग्राम, राँची।
झारखण्ड के विशेष माओवादी विरोधी बल ‘झारखण्ड जगुआर ‘ का मुख्यालय कहाँ है?
- कांके में टेंडरग्राम
- राँची में करम टोली
- पलामू में मेदिनीनगर
- इनमें से कोई नहीं
Explanation:
- झारखंड सरकार द्वारा ‘झारखंड जगुआर’ (Jharkhand Jaguar – JJ) को स्पेशल टास्क फोर्स (Special Task Force – STF)/विशेष सशस्त्र पुलिस बल (Special Armed Police Force) का विशिष्ट नाम दिया गया है।
- राज्य में नक्सलवाद और वामपंथी उग्रवाद से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए 19 फरवरी 2008 को गृह विभाग की अधिसूचना के तहत इस विशेष बल का गठन किया गया था।
- मुख्यालय → टेंडरग्राम, राँची।
झारखण्ड जगुआर को सरकार द्वारा निम्नलिखित में से किस शक्ति का नाम दिया गया है?
- विरोधी आपराधिक बल
- विशेष विरोधी नम बल
- विरोधी आतंकवादी बल
- विरोधी सरकार बल
Explanation:
- झारखंड सरकार द्वारा ‘झारखंड जगुआर’ (Jharkhand Jaguar – JJ) को स्पेशल टास्क फोर्स (Special Task Force – STF)/विशेष सशस्त्र पुलिस बल (Special Armed Police Force) का विशिष्ट नाम दिया गया है।
- राज्य में नक्सलवाद और वामपंथी उग्रवाद से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए 19 फरवरी 2008 को गृह विभाग की अधिसूचना के तहत इस विशेष बल का गठन किया गया था।
- मुख्यालय → टेंडरग्राम, राँची।
JAPCC द्वारा जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय योजना कब जारी की गई?
- 30 जून, 2006
- 30 जून, 2009
- 30 जून, 2007
- 30 जून, 2008
Explanation:
- JAPCC → Jharkhand Action Plan on Climate Change
- हिंदी → झारखण्ड जलवायु परिवर्तन कार्य योजना
- JAPCC का उद्देश्य → झारखण्ड में जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने के लिए अनुकूलन (Adaptation) एवं शमन (Mitigation) की रणनीति तैयार करना।
- राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन कार्य योजना (NAPCC) → 30 जून 2008 को जारी की गई।
- NAPCC → National Action Plan on Climate Change
- इसमें 8 राष्ट्रीय मिशन शामिल हैं।
- झारखंड की जलवायु परिवर्तन कार्य योजना आर्थिक विकास को प्राप्त करने, गरीबी को कम करने और आजीविका के अवसरों को बढ़ाने के उद्देश्य से विकसित की गई थी।
- इसे यूएनडीपी द्वारा समर्थित किया गया था और मई 2011 में राज्य सलाहकार समूह और राज्य संचालन समिति के गठन की योजना शुरू की गई थी। योजना को जनवरी 2014 में विकसित और साझा किया गया था।
इनमें से किस वर्ष, झारखण्ड राज्य वर्षा की कमी के कारण गंभीर सूखे का अनुभव किया?
- 2012
- 2010
- 2018
- 2019
Explanation:
- झारखण्ड में गंभीर सूखा
- वर्ष → 2010 ई.
- कारण → वर्षा में भारी कमी
- प्रभाव → राज्य के सभी 24 जिलों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया था।
झारखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (JSDMA) वर्ष में गठित की गई है :
- 2012
- 2010
- 2018
- 2019
Explanation:
- झारखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (JSDMA)
- गठन → 28 मई 2010
- आधार → आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 14(1)
- अध्यक्ष → झारखण्ड के मुख्यमंत्री
जलवायु परिवर्तन पर झारखण्ड कार्य योजना किस वर्ष प्रकाशित हुई ?
- 2012
- 2010
- 2018
- 2014
Explanation:
- झारखंड की जलवायु परिवर्तन कार्य योजना आर्थिक विकास को प्राप्त करने, गरीबी को कम करने और आजीविका के अवसरों को बढ़ाने के उद्देश्य से विकसित की गई थी।
- इसे यूएनडीपी द्वारा समर्थित किया गया था और मई 2011 में राज्य सलाहकार समूह और राज्य संचालन समिति के गठन की योजना शुरू की गई थी। योजना को जनवरी 2014 में विकसित और साझा किया गया था।
किसके सहयोग से झारखण्ड राज्य जलवायु केंद्र स्थापित कर दिया गया है?
- विश्व व्यापार संघटन – WTO
- अम्नेस्टी इंटरनेशनल
- संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम -UNDP
- इनमें से कोई नहीं
Explanation:
- झारखंड की जलवायु परिवर्तन कार्य योजना आर्थिक विकास को प्राप्त करने, गरीबी को कम करने और आजीविका के अवसरों को बढ़ाने के उद्देश्य से विकसित की गई थी।
- इसे UNDP द्वारा समर्थित किया गया था और मई 2011 में राज्य सलाहकार समूह और राज्य संचालन समिति के गठन की योजना शुरू की गई थी। योजना को जनवरी 2014 में विकसित और साझा किया गया था।
झारखण्ड जलवायु परिवर्तन कार्य योजना रिपोर्ट (2014) के अनुसार सबसे संवेदनशील जिला कौन है?
- पूर्वी सिंहभूम
- सरायकेला-खरसावां
- राँची
- बोकारो
Explanation:
-
झारखण्ड जलवायु परिवर्तन कार्य योजना रिपोर्ट (2014)
- सबसे संवेदनशील जिला → सरायकेला-खरसावाँ
- Vulnerability/Sensitivity Score → 0.78
- रिपोर्ट → Jharkhand Action Plan on Climate Change (JAPCC), 2014
जलवायु के प्रमुख घटक, जो झारखण्ड राज्य के वन के क्षेत्र के जलवायु को प्रभावित कर रहे हैं
- आधारभूत संरचना के विकास की कमी
- जंगल की आग
- सिंचाई की कमी
- इनमें से कोई नहीं
Explanation:
झारखण्ड राज्य में जंगलों के ‘सुरक्षित वन’ के रूप में वर्गीकृत करने का उद्देश्य है :
- बिना अनुमति सभी गतिविधियों पर प्रतिबंध
- सभी गतिविधियों की छूट
- सभी गतिविधियों पर प्रतिबंध
- इनमें से कोई नहीं
Explanation:
- झारखण्ड में ‘सुरक्षित वन’ (Reserved Forest) वर्गीकरण का उद्देश्य
- उद्देश्य → बिना अनुमति के सभी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाना।
- Reserved Forest में → सभी गतिविधियाँ सामान्यतः निषिद्ध होती हैं, जब तक सक्षम प्राधिकारी द्वारा अनुमति न दी जाए।
- कानूनी आधार → भारतीय वन अधिनियम, 1927 (Indian Forest Act, 1927)।
NIDM रिपोर्ट के अनुसार झारखण्ड राज्य में कितने प्रकार के जलवायु क्षेत्र मौजूद हैं?
- 3
- 4
- 5
- 6
Explanation:
- NIDM के अनुसार → झारखण्ड में 3 कृषि-जलवायु क्षेत्र (Agro-Climatic Regions) हैं।
- 1. मध्य एवं उत्तर-पूर्वी पठारी क्षेत्र (Central & North-Eastern Plateau)
- 2. पश्चिमी पठारी क्षेत्र (Western Plateau)
- 3. दक्षिण-पूर्वी पठारी क्षेत्र (South-Eastern Plateau)
- झारखण्ड → कृषि-जलवायु क्षेत्र VII (Eastern Plateau & Hill Region) का हिस्सा है।
आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की कौन धारा…. राज्य को राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) की स्थापना करने की शक्ति प्रदान करता है?
- धारा 14 (1)
- धारा-15
- धारा 16
- इनमें से कोई नहीं
Explanation:
- आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 — SDMA
- धारा → 14 (Section 14)
- प्रावधान → राज्य सरकार प्रत्येक राज्य के लिए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (State Disaster Management Authority–SDMA) का गठन करेगी।
- अध्यक्ष → राज्य का मुख्यमंत्री
- Note :राज्यपाल → धारा 14 के तहत SDMA की स्थापना करने की शक्ति प्रदान करने वाला प्राधिकारी नहीं हैं।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) का नेतृत्व कौन करता है?
- जिला दंडाधिकारी
- जिला समाहर्ता
- इनमें से कोई भी एक
- इनमें से कोई नहीं
Explanation:
- जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA)
- अध्यक्ष/नेतृत्व → जिला मजिस्ट्रेट (District Magistrate – DM) / उपायुक्त (Deputy Commissioner – DC)
- वैकल्पिक व्यवस्था → जहाँ जिला परिषद का अध्यक्ष हो, वहाँ उसे DDMA का सह-अध्यक्ष बनाया जाता है।
- कानूनी आधार → आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 25
आपदा प्रबंधन के ज्ञान-सह-प्रदर्शन केंद्र (सृजन) का मुख्य कार्य है :
- ज्ञान – सह – प्रदर्शन केन्द्र
- जागरुकता फैलाना
- स्थानीय आवश्यकता के आधार पर जानकारी प्रदान करना
- इनमें से सभी
Explanation:
- सृजन केंद्र का मुख्य कार्य = आपदा प्रबंधन संबंधी ज्ञान एवं प्रशिक्षण का प्रदर्शन/प्रसार।
झारखण्ड आपदा प्रबंधन योजना
- समुदाय की अनुकूलन क्षमताओं को सम्बोधित करता है।
- GHG उत्सर्जन नियंत्रित करता है।
- वनीकरण को बढ़ावा देना ।
- बुनियादी ढाँचें की बहाली और मजबूती की परियोजनाएँ शुरू करना।
Explanation:
- झारखण्ड आपदा प्रबंधन योजना बुनियादी ढाँचे की बहाली और मजबूती की परियोजनाएँ शुरू करना।
- समुदाय की अनुकूलन क्षमताओं को संबोधित करना → जलवायु परिवर्तन अनुकूलन से संबंधित।
- GHG उत्सर्जन नियंत्रित करना → जलवायु परिवर्तन शमन (Mitigation) से संबंधित।
- वनीकरण को बढ़ावा देना → जलवायु परिवर्तन शमन/पर्यावरण संरक्षण से संबंधित।
- बुनियादी ढाँचे की बहाली और मजबूती → आपदा प्रबंधन योजना (Disaster Management Plan) का प्रमुख कार्य।
झारखण्ड में देखे गए जलवायु परिवर्तन का कारण है : 7th-10th JPSC (PT) – 2021
- मानवजनित गतिविधियां
- ऊर्जा क्षेत्र
- ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन
- यह सभी
Explanation:
- झारखण्ड में देखे गए जलवायु परिवर्तन का कारण
- मानवजनित गतिविधियाँ → वनों की कटाई, औद्योगीकरण आदि से जलवायु परिवर्तन में योगदान।
- ऊर्जा क्षेत्र → जीवाश्म ईंधन के उपयोग से ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन।
- ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन → वैश्विक तापवृद्धि (Global Warming) और जलवायु परिवर्तन का प्रमुख कारण।
