JharkhandGK
निम्न में से कौन-सा सही मेल नहीं है?
- महुआटांड़ अभ्यारण्य – Latehar
- तोपचांची अभ्यारण्य – धनबाद
- लावालौंग अभ्यारण्य – चतरा
- उधवा पक्षी विहार – कोडरमा
Explanation:
- उधवा पक्षी विहार कोडरमा में नहीं बल्कि साहेबगंज जिले में स्थित है।
- उधवा झील पक्षी विहार – साहेबगंज जिला
- यह प्रवासी पक्षियों (साइबेरिया से) के लिए प्रसिद्ध है।
- सही मेल:
- महुआडांड़ अभ्यारण्य – लातेहार (भेड़िया संरक्षण)
- तोपचांची अभ्यारण्य – धनबाद
- लावालौंग अभ्यारण्य – चतरा
पालकोट आश्रयणी किस जिले में स्थित है?
- रांची
- गुमला
- लोहरदगा
- लातेहार
Explanation:
- पालकोट वन्यजीव अभ्यारण्य गुमला जिले में स्थित है।
- स्थापना – 1990
- क्षेत्रफल – 183.18 वर्ग किमी
किस वन्य प्राणी आश्रयणी की घोषणा झारखंड में 1985 में की गई थी?
- हजारीबाग
- पालकोट
- बेतला
- कोडरमा
Explanation:
- कोडरमा वन्यजीव अभ्यारण्य की स्थापना एवं आधिकारिक घोषणा 1985 में की गई थी।
- क्षेत्रफल – 177.35 वर्ग किमी
- गौतम बुद्ध अभ्यारण्य की स्थापना 1986 में हुई।
- यह भी कोडरमा जिले में स्थित है।
निम्न में कौन सा वन्य जीव अभ्यारण्य झारखंड में स्थित है?
- हजारीबाग वन्यजीव अभ्यारण्य
- कोलेरू वन्यजीव अभ्यारण्य
- कमलांग वन्यजीव अभ्यारण्य
- सोनाई रूपाई वन्यजीव अभ्यारण्य
Explanation:
- हजारीबाग वन्यजीव अभ्यारण्य झारखंड राज्य में स्थित है।
- स्थापना – 1976
- क्षेत्रफल – 186.25 वर्ग किमी
- यह झारखंड का सबसे बड़ा सुरक्षित वन क्षेत्र है।
- अन्य विकल्प:
- कोलेरू – आंध्र प्रदेश
- कमलांग – अरुणाचल प्रदेश
- सोनाई रूपाई – असम
इनमें से कौन-सा झारखंड में है?
- बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान
- बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान
- बेतला राष्ट्रीय उद्यान
- भालूकपोंग राष्ट्रीय उद्यान
Explanation:
- बेतला राष्ट्रीय उद्यान झारखंड में स्थित एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान है।
- स्थान – लातेहार जिला
- स्थापना – 1986
- क्षेत्रफल – 226.33 वर्ग किमी
- BETLA – Bison, Elephant, Tiger, Leopard, Axis-Axis
- अन्य विकल्प:
- बांदीपुर – कर्नाटक
- बांधवगढ़ – मध्य प्रदेश
- भालूकपोंग – मेघालय
लावालौंग वन्यजंतु अभ्यारण्य निम्न के भीतर स्थित है? Excise Constable – 2019
- रामगढ़
- चतरा
- जमशेदपुर
- रांची
Explanation:
- लावालौंग वन्यजीव अभ्यारण्य चतरा जिले में स्थित है।
- स्थापना – 1978
- क्षेत्रफल – 207 वर्ग किमी
- यह भौगोलिक क्षेत्रफल की दृष्टि से झारखंड का सबसे बड़ा अभ्यारण्य है।
बेतला राष्ट्रीय उद्यान झारखंड के निम्नलिखित कौन-से जिले में स्थित है? SI (PT)-2017, TGT-2012
- पलामू
- चतरा
- लातेहार
- रांची
Explanation:
- बेतला राष्ट्रीय उद्यान लातेहार जिले में स्थित है।
- प्रशासनिक सीमाओं के पुनर्गठन के बाद यह मुख्य रूप से लातेहार जिले के अंतर्गत आता है।
- बेतला डाल्टनगंज से 25 किमी, लातेहार से 70 किमी, रांची से 170 किमी दूर स्थित है।
- बेतला राष्ट्रीय उद्यान के बारे में:
- झारखंड का एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान
- स्थापना – 1986
- यहाँ 1932 में विश्व की पहली शेर गणना की गई थी।
- BETLA – Bison, Elephant, Tiger, Leopard, Axis-Axis
झारखंड में “जवाहरलाल नेहरू जैविक उद्यान” कहाँ है? SI (PT) – 2017
- पलामू
- बोकारो
- लातेहार
- रांची
Explanation:
- जवाहरलाल नेहरू जैविक उद्यान बोकारो स्टील सिटी में स्थित है।
- यह वन्यजीवों का बाह्य-स्थाने (ex-situ) संरक्षण हेतु है।
- यहाँ पर्यटन हेतु ट्रॉय ट्रेन की व्यवस्था है।
शहीद निर्मल महतो पार्क जिसे झारखंड के झारपार्क प्रोग्राम में सम्मिलित किया गया, किस जिले में है? 6th JPSC (PT) – 2016
- हजारीबाग
- बोकारो
- पूर्वी सिंहभूम
- रांची
Explanation:
- शहीद निर्मल महतो पार्क हजारीबाग जिले में स्थित है।
- यह झारपार्क कार्यक्रम के तहत विकसित किया गया है।
- झारपार्क – पार्कों एवं बागीचों के प्रबंधन एवं विकास हेतु
- संचालन – झारखंड पार्क प्रबंधन एवं विकास प्राधिकरण (JPMDA) द्वारा
जुबली पार्क किस शहर में स्थित है? SI (PT)-2017
- हजारीबाग
- बोकारो
- पूर्वी सिंहभूम
- रांची
Explanation:
- प्रसिद्ध जुबली पार्क जमशेदपुर (पूर्वी सिंहभूम) में स्थित है।
- यह टाटानगर (जमशेदपुर) का एक प्रमुख पार्क है।
रॉक गार्डन झारखंड के किन शहरों में स्थित है? SI (PT)-2017
- हजारीबाग
- बोकारो
- पूर्वी सिंहभूम
- रांची
Explanation:
- प्रसिद्ध रॉक गार्डन रांची में कांके डैम के पास स्थित है।
- यह रांची के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है।
झारखंड के किस जिले में गौतम बुद्ध वन्यजीवन अभयारण्य स्थित है? DY. Collector – 2013
- हजारीबाग
- बोकारो
- कोडरमा
- रांची
Explanation:
- गौतम बुद्ध वन्यजीव अभ्यारण्य मुख्य रूप से कोडरमा जिले में स्थित है।
- स्थापना – 1986
- क्षेत्रफल – 121.14 वर्ग किमी
- यह बिहार की सीमा पर भी विस्तृत है।
तोपचांची वन्य जीव अभयारण्य कहाँ अवस्थित है? PGT – 2012, TGT – 2012
- हजारीबाग
- धनबाद
- कोडरमा
- रांची
Explanation:
- तोपचांची वन्यजीव अभ्यारण्य धनबाद जिले में स्थित है।
- स्थापना – 1978
- क्षेत्रफल – 8.75 वर्ग किमी
- इसके बीच में ‘हरी पहाड़ी’ नामक झील स्थित है।
पालकोट वन्यजीव अभयारण्य (आश्रयणी) किस जिले में स्थित है? SI (PT)-2017, JPSC Assistant – 2007
- गुमला
- धनबाद
- कोडरमा
- रांची
Explanation:
- पालकोट वन्यजीव अभ्यारण्य गुमला जिले में स्थित है।
- स्थापना – 1990
- क्षेत्रफल – 183.18 वर्ग किमी
झारखंड में बिरसा जूलॉजिकल पार्क निम्नलिखित स्थानों में से कौन-से स्थान पर स्थित है? Constable – 2016
- गुमला
- धनबाद
- कोडरमा
- रांची
Explanation:
- भगवान बिरसा जैविक पार्क (Birsa Zoological Park) रांची के ओरमांझी में स्थित है।
- स्थापना – 1954
- यह सपही नदी के तट पर स्थित है।
- इसे बिरसा भगवान जैविक उद्यान के नाम से भी जाना जाता है।
2001 में प्रोजेक्ट एलीफैंट के अंतर्गत भारत का प्रथम हाथी रिजर्व कहाँ बनाया गया? SI (PT)-2017
- गुमला
- सिंहभूम
- कोडरमा
- रांची
Explanation:
- भारत का प्रथम हाथी रिजर्व (Elephant Reserve) 2001 में सिंहभूम क्षेत्र में स्थापित किया गया था।
- स्थापना तिथि – 26 सितंबर, 2001
- विस्तार – 13,440 वर्ग किमी
- यह पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम तथा सरायकेला-खरसावां जिलों में फैला है।
- हाथी परियोजना (Project Elephant) की शुरुआत 1992 में दालमा वन्यजीव अभ्यारण्य से हुई।
झारखंड के किस जिले में दालमा अभयारण्य है? SI (PT)-2017
- गुमला
- पूर्वी सिंहभूम
- कोडरमा
- रांची
Explanation:
- दालमा वन्यजीव अभयारण्य पूर्वी सिंहभूम जिले में स्थित है।
- उद्घाटन – 1975
- अधिसूचना – 1976
- क्षेत्रफल – 193.22 (195) वर्ग किमी
- यह दालमा पहाड़ियों से घिरा हुआ है।
- यह जमशेदपुर से 10-20 किमी की दूरी पर स्थित है।
झारखंड में एलिफेंट रिजर्व कहाँ है? SI (Mains) – 2017
- गुमला
- सिंहभूम
- कोडरमा
- रांची
Explanation:
- भारत का पहला हाथी रिजर्व सिंहभूम (पूर्वी एवं पश्चिमी सिंहभूम) क्षेत्र में स्थापित किया गया था।
- स्थापना – 26 सितंबर, 2001
- विस्तार – 13,440 वर्ग किमी
झारखंड में दालमा वन्यजीव अभयारण्य निम्नलिखित में से कौन-से स्थान से 10 से 20 किमी की दूरी के भीतर स्थित है? IRB-2017
- गुमला
- हजारीबाग
- जमशेदपुर
- रांची
Explanation:
- दालमा वन्यजीव अभयारण्य जमशेदपुर शहर से 10-20 किमी की दूरी पर स्थित है।
- यह पूर्वी सिंहभूम जिले में स्थित है।
महुआडांड़ भेड़िया अभयारण्य झारखंड के निम्नलिखित जिलों में से किस जिले में स्थित है? SI (PT) – 2017, 6th JPSC (PT) – 2016
- गुमला
- हजारीबाग
- लातेहार
- रांची
Explanation:
- महुआडांड़ भेड़िया अभयारण्य लातेहार जिले में स्थित है।
- स्थापना – 1976
- क्षेत्रफल – 63.25 वर्ग किमी
- यह भेड़िया प्रजाति के संरक्षण हेतु प्रसिद्ध है।
झारखंड में निम्न में से कौन-सा संरक्षित स्थान सबसे बड़ा है? SI (PT) – 2017
- पलामू
- पारसनाथ
- लावालौंग
- पालकोट
Explanation:
- झारखंड में स्थित संरक्षित क्षेत्रों में पलामू अभयारण्य क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा है।
- पलामू वन्यजीव अभ्यारण्य – 753 वर्ग किमी
- बेतला राष्ट्रीय उद्यान – 226.33 वर्ग किमी
- लावालौंग अभ्यारण्य – 207 वर्ग किमी
झारखंड में वन्यजीव अभयारण्यों की संख्या कितनी है? SI (PT)-2017
- 1
- 11
- 8
- 9
Explanation:
- झारखंड राज्य में कुल 11 वन्यजीव अभयारण्य हैं।
- पलामू अभ्यारण्य (1976) – 794.33 वर्ग किमी
- हजारीबाग अभ्यारण्य (1976) – 186.25 वर्ग किमी
- महुआडांड़ अभ्यारण्य (1976) – 63.25 वर्ग किमी
- दालमा अभ्यारण्य (1976) – 193.22 वर्ग किमी
- तोपचांची अभ्यारण्य (1978) – 8.75 वर्ग किमी
- लावालौंग अभ्यारण्य (1978) – 207 वर्ग किमी
- पारसनाथ अभ्यारण्य (1981) – 43.33 वर्ग किमी
- कोडरमा अभ्यारण्य (1985) – 177.35 वर्ग किमी
- गौतम बुद्ध अभ्यारण्य (1986) – 121.14 वर्ग किमी
- पालकोट अभ्यारण्य (1990) – 183.18 वर्ग किमी
- उधवा झील पक्षी विहार (1991) – 5.65 वर्ग किमी
झारखंड में राष्ट्रीय उद्यान की संख्या कितनी है?
- 1
- 11
- 8
- 9
Explanation:
- झारखंड में 1 राष्ट्रीय उद्यान है – बेतला राष्ट्रीय उद्यान।
- स्थान – लातेहार जिला
- स्थापना – 1986
- क्षेत्रफल – 226.33 वर्ग किमी
- झारखंड राज्य में कुल 11 वन्यजीव अभयारण्य हैं।
- पलामू अभ्यारण्य (1976) – 794.33 वर्ग किमी
- हजारीबाग अभ्यारण्य (1976) – 186.25 वर्ग किमी
- महुआडांड़ अभ्यारण्य (1976) – 63.25 वर्ग किमी
- दालमा अभ्यारण्य (1976) – 193.22 वर्ग किमी
- तोपचांची अभ्यारण्य (1978) – 8.75 वर्ग किमी
- लावालौंग अभ्यारण्य (1978) – 207 वर्ग किमी
- पारसनाथ अभ्यारण्य (1981) – 43.33 वर्ग किमी
- कोडरमा अभ्यारण्य (1985) – 177.35 वर्ग किमी
- गौतम बुद्ध अभ्यारण्य (1986) – 121.14 वर्ग किमी
- पालकोट अभ्यारण्य (1990) – 183.18 वर्ग किमी
- उधवा झील पक्षी विहार (1991) – 5.65 वर्ग किमी
- झारखंड राज्य में बाघों के संरक्षण के लिए 1 टाइगर रिजर्व है – पलामू टाइगर रिजर्व।
- स्थापना – 1974
- क्षेत्रफल – 1,026 वर्ग किमी
- यह भारत के शुरुआती बाघ अभयारण्यों में से एक है।
झारखंड में टाइगर रिजर्व की संख्या कितनी है? SI (PT)-2017
- 1
- 11
- 8
- 9
Explanation:
- झारखंड राज्य में बाघों के संरक्षण के लिए 1 टाइगर रिजर्व है – पलामू टाइगर रिजर्व।
- स्थापना – 1974
- क्षेत्रफल – 1,026 वर्ग किमी
- यह भारत के शुरुआती बाघ अभयारण्यों में से एक है।
बेतला (BETLA) राष्ट्रीय उद्यान भारत के शुरुआती बाघ अभयारण्यों में से एक है। BETLA निम्न में से किसका संक्षिप्त रूप है? IRB-2017
- बफ़ेलो, ईगल, टाइगर, लंगूर, एक्सिस – एक्सिस
- बेर, एलिफेंट, टॉरटोइस, लेपर्ड, अलीगेटर
- बस्टर्ड, ईल, टर्टिल, लिज़ार्ड, एनाकोंडा
- बायसन, एलीफैंट, टाइगर, लेपर्ड, एक्सिस – एक्सिस (Bison, Elephant, Tiger, Leopard, Axis-Axis)
Explanation:
- बेतला (BETLA) नाम यहाँ पाए जाने वाले प्रमुख वन्यजीवों के अंग्रेजी नामों के शुरुआती अक्षरों से मिलकर बना है:
- B – Bison (गौर/जंगली भैंसा)
- E – Elephant (हाथी)
- T – Tiger (बाघ)
- L – Leopard (तेंदुआ)
- A – Axis-Axis (चीतल/स्पॉटेड डियर)
झारखंड में निम्नलिखित में से कौन से पार्क / अभयारण्यों में चेरो राजाओं के समय के ऐतिहासिक स्मारक और किले हैं? SI (PT)-2017
- दालमा
- कोडरमा
- बेतला (राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र)
- हजारीबाग
Explanation:
- बेतला राष्ट्रीय उद्यान के अंतर्गत प्रसिद्ध पलामू के ऐतिहासिक किले (पुराने और नए किले) स्थित हैं।
- इन किलों का संबंध चेरो राजाओं से रहा है।
- पलामू किला – पुराना किला (प्रताप राय द्वारा निर्मित) एवं नया किला (मेदिनी राय द्वारा निर्मित)
झारखंड के लातेहार जिले में स्थित निम्नलिखित राष्ट्रीय उद्यान का नाम क्या है? SI (PT) – 2017
- मनिका राष्ट्रीय उद्यान
- चंदवा राष्ट्रीय उद्यान
- बेतला राष्ट्रीय उद्यान
- गारू नेशनल पार्क
Explanation:
- लातेहार जिले में स्थित प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान बेतला राष्ट्रीय उद्यान है।
- झारखंड का एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान।
निम्नलिखित में से किस वर्ष में बेतला राष्ट्रीय उद्यान को राष्ट्रीय उद्यान के रूप में अधिसूचित किया गया था? SI (PT)-2017
- 1983
- 1992
- 1991
- 1986
Explanation:
- बेतला को 1986 में आधिकारिक रूप से राष्ट्रीय उद्यान के रूप में अधिसूचित किया गया था।
- यह 1973-74 में टाइगर रिजर्व के रूप में भी चयनित हुआ था।
दालमा वन्यजीव अभयारण्य का किस वर्ष उद्घाटन हुआ था? SI (PT)-2017
- 1983
- 1975
- 1991
- 1986
Explanation:
- दालमा वन्यजीव अभयारण्य का उद्घाटन 1975 में किया गया था।
- इसे आधिकारिक रूप से 1976 में अधिसूचित किया गया।
निम्न में से किस वर्ष में दालमा वन्यजीव अभयारण्य को वन्यजीव अभयारण्य के रूप में अधिसूचित किया गया था? SI (PT) – 2017
- 1983
- 1975
- 1991
- 1976
Explanation:
- दालमा वन्यजीव अभयारण्य को आधिकारिक रूप से 1976 में अधिसूचित किया गया था।
- उद्घाटन 1975 में हुआ था।
झारखंड में निम्नलिखित में से कौन-सा स्थान कैद में हिरणों के प्रजनन के लिए एक प्राकृतिक आवास प्रदान करता है? IRB-2017
- भगवान बिरसा जैविक पार्क
- मुरी तुंगरी पार्क
- बेतला राष्ट्रीय उद्यान
- बिरसा मृग विहार (कलमाटी, ओरमांझी)
Explanation:
- बिरसा मृग विहार कालमाटी (ओरमांझी) में स्थित है।
- यह हिरणों के संरक्षण और उनके प्राकृतिक प्रजनन के लिए प्रमुख रूप से जाना जाता है।
- यहाँ सांभर व चीतल का संरक्षण किया जाता है।
निम्न में से कौन वन्यजीव अभयारण्य झारखंड में स्थित नहीं है? Revenue Staff (Mains) – 2017
- कोडरमा
- लावालौंग
- भीमबंद
- हजारीबाग
Explanation:
- भीमबंद वन्यजीव अभयारण्य झारखंड में नहीं बल्कि पड़ोसी राज्य बिहार के मुंगेर जिले में स्थित है।
- कोडरमा, लावालौंग, हजारीबाग – ये सभी झारखंड में स्थित हैं।
निम्न में से कौन-सा वन्यजीव अभयारण्य झारखंड में स्थित है? Kakshapal (PT) – 2016
- हजारीबाग वन्यजीव अभयारण्य
- कोलेरू वन्यजीव अभयारण्य
- कमलांग वन्यजीव अभयारण्य
- सोनाई रूपायी वन्यजीव अभयारण्य
Explanation:
- दिए गए विकल्पों में से हजारीबाग वन्यजीव अभयारण्य झारखंड राज्य में स्थित है।
- कोलेरू – आंध्र प्रदेश
- कमलांग – अरुणाचल प्रदेश
- सोनाई रूपायी – असम
भौगोलिक क्षेत्रफल की दृष्टि से, झारखंड में सबसे बड़ा वन्यजीव अभयारण्य निम्न में से कौन-सा है? SI (PT)-2017
- हजारीबाग वन्यजीव अभयारण्य
- लावालौंग वन्यजीव अभयारण्य
- महुआडांड वन्यजीव अभयारण्य
- दालमा वन्यजीव अभयारण्य
Explanation:
- झारखंड के अभयारण्यों में क्षेत्रफल के आधार पर लावालौंग वन्यजीव अभयारण्य (चतरा) 207 वर्ग किमी के साथ सबसे बड़ा है।
- पलामू अभ्यारण्य (794.33 वर्ग किमी) सबसे बड़ा कुल मिलाकर है, लेकिन यह अभयारण्य है न कि राष्ट्रीय उद्यान।
- लावालौंग (207 वर्ग किमी) विकल्पों में सबसे बड़ा है।
रांची में स्थित चिड़ियाघर का क्या नाम है? SI (PT) – 2017
- बिरसा मुंडा प्राणी उद्यान
- भगवान बिरसा प्राणी उद्यान
- वीर मुंडा प्राणी उद्यान
- इनमें से कोई नहीं
Explanation:
- रांची के ओरमांझी में स्थित प्रमुख चिड़ियाघर का आधिकारिक नाम ‘भगवान बिरसा प्राणी उद्यान’ है।
- स्थापना – 1954
- यह सपही नदी के तट पर स्थित है।
झारखंड में बहिर्जात या बाह्य स्थान (Ex-situ) संरक्षण का उदाहरण है? 7th-10th JPSC (PT) – 2021
- बेतला नेशनल पार्क
- भगवान बिरसा प्राणी उद्यान
- पलामू सैंक्चुरी
- पालकोट सैंक्चुरी
Explanation:
- प्राणी उद्यान (Zoo) कृत्रिम या संरक्षित बाह्य वातावरण के अंतर्गत आते हैं।
- Ex-situ (बाह्य स्थान) संरक्षण – वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास से बाहर संरक्षित किया जाता है।
- In-situ (स्थानीय) संरक्षण – वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में ही संरक्षित किया जाता है (बेतला, पलामू, पालकोट)।
- भगवान बिरसा प्राणी उद्यान Ex-situ संरक्षण का सटीक उदाहरण है।
झारखंड के किस जिले में बाघों के लिये संरक्षित वन स्थित है? JSSC-CGL (PT) – 2012
- लातेहार
- रांची
- पलामू
- गुमला
Explanation:
- पलामू टाइगर रिजर्व का मुख्य भूभाग लातेहार और पलामू जिलों में स्थित है।
- बेतला राष्ट्रीय उद्यान लातेहार में है।
- पलामू टाइगर रिजर्व की स्थापना 1974 में हुई।
इनमें से कौन-सा झारखंड में है? PGT – 2012
- बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान
- बेतला राष्ट्रीय उद्यान
- बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान
- भालूकपोंग राष्ट्रीय उद्यान
Explanation:
- बेतला राष्ट्रीय उद्यान झारखंड राज्य का एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान है।
- यह लातेहार जिले में स्थित है।
बेतला राष्ट्रीय उद्यान किसके लिए आरक्षित है? PGT – 2017
- शेर
- हिरन
- हाथी
- बाघ
Explanation:
- बेतला राष्ट्रीय उद्यान को देश के शुरुआती बाघ अभयारण्यों में शामिल किया गया था।
- यह मुख्य रूप से बाघों के संरक्षण के लिए प्रोजेक्ट टाइगर के तहत आरक्षित है।
झारखंड में कौन-सा ‘टाइगर रिजर्व’ स्थित है? SI (PT)-2017
- सुनबेड़ा
- रातापानी
- गुरु घासीदास
- पलामू
Explanation:
- झारखंड राज्य का एकमात्र प्रमुख टाइगर रिजर्व पलामू टाइगर रिजर्व है।
- यह लातेहार और पलामू जिलों में स्थित है।
- इसकी गिनती भारत के शुरुआती बाघ अभयारण्यों में की जाती है।
- स्थापना – 1974
- अन्य विकल्प:
- सुनबेड़ा – छत्तीसगढ़
- रातापानी – मध्य प्रदेश
- गुरु घासीदास – छत्तीसगढ़
भौगोलिक क्षेत्रफल की दृष्टि से, झारखंड में सबसे बड़ा वन्यजीव अभयारण्य निम्न में से कौन-सा है? SI (PT)-2017
- हजारीबाग वन्यजीव अभयारण्य
- लावालौंग वन्यजीव अभयारण्य
- महुआडांड वन्यजीव अभयारण्य
- पलामू सैंक्चुअरी
Explanation:
- क्षेत्रफल के दृष्टिकोण से झारखंड में स्थित वन्यजीव अभयारण्यों में पलामू अभयारण्य सबसे बड़ा संरक्षित क्षेत्र है।
- पलामू अभ्यारण्य – 753 (794.33) वर्ग किमी
- लावालौंग – 207 वर्ग किमी
- हजारीबाग – 186.25 वर्ग किमी
स्थापना के दृष्टिकोण से झारखंड के किस सैंक्चुअरी की स्थापना सबसे पहले हुई है? 7th-10th JPSC (PT) – 2021
- उधवा झील पक्षी सैंक्चुअरी, साहेबगंज
- गौतम बुद्ध सैंक्चुअरी, कोडरमा
- तोपचांची सैंक्चुअरी, धनबाद
- पलामू सैंक्चुअरी
Explanation:
- झारखंड के वन्यजीव अभयारण्यों में पलामू अभ्यारण्य की स्थापना सबसे पहले (1976) की गई थी।
- पलामू अभ्यारण्य – 1976
- हजारीबाग अभ्यारण्य – 1976
- तोपचांची – 1978
- कोडरमा – 1985
- गौतम बुद्ध – 1986
- उधवा झील – 1991
दालमा वन्यजीव अभयारण्य कितने क्षेत्र में फैला हुआ है? SI (PT)-2017
- 187 वर्ग किमी
- 207 वर्ग किमी
- 177 वर्ग किमी
- 195 वर्ग किमी
Explanation:
- दालमा वन्यजीव अभयारण्य का कुल भौगोलिक विस्तार लगभग 195 (193.22) वर्ग किमी है।
- यह पूर्वी सिंहभूम जिले में स्थित है।
- यह दालमा पहाड़ियों से घिरा हुआ है।
दालमा वन्यजीव अभयारण्य के चारों ओर निम्नलिखित पहाड़ियों में से कौन-सी है? SI (PT) – 2017
- दालमा हिल्स
- चेरू
- हिमालय
- मन्नार
Explanation:
- दालमा अभयारण्य मुख्य रूप से स्वर्णरेखा नदी के पास स्थित दालमा पहाड़ियों (Dalma Hills) से घिरा हुआ है।
- यह हाथियों के प्राकृतिक वास के लिए प्रसिद्ध है।
झारखंड सरकार ने राज्य के विभिन्न वन्यजीव अभयारण्यों में ……. वर्ष की अवधि के लिए वन्यजीव प्रबंधन योजना शुरू की है? 6th JPSC (PT) – 2016
- 5 वर्ष
- 15 वर्ष
- 10 वर्ष
- 8 वर्ष
Explanation:
- वन्यजीवों के संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और उनकी सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए झारखंड सरकार द्वारा 10 वर्ष की दीर्घकालिक प्रबंधन योजना लागू की गई है।
- यह योजना राज्य के सभी वन्यजीव अभयारण्यों पर लागू है।
झारखंड में कौन-सा अरण्य प्रभाग का वृहत्तम संरक्षित अरण्य क्षेत्र है? TGT – 2012
- धालभूम
- कोल्हान
- सारंडा
- डालटनगंज दक्षिण
Explanation:
- पश्चिमी सिंहभूम जिले में स्थित सारंडा वन एशिया के सबसे बड़े साल (सखुआ) वनों में से एक है।
- यह राज्य का वृहत्तम संरक्षित अरण्य क्षेत्र है।
निम्न में से कौन-सा सही मेल नहीं है? 1st JPSC (PT) – 2003
- महुआडांड़ अभयारण्य – लातेहार
- तोपचांची अभयारण्य – धनबाद
- उधवा पक्षी विहार – कोडरमा
- लावालौंग अभयारण्य – चतरा
Explanation:
- यह विकल्प सही मेल नहीं है क्योंकि उधवा पक्षी विहार कोडरमा में नहीं बल्कि साहेबगंज जिले में स्थित है।
- सही मेल:
- महुआडांड़ अभयारण्य – लातेहार
- तोपचांची अभयारण्य – धनबाद
- लावालौंग अभयारण्य – चतरा
- उधवा पक्षी विहार – साहेबगंज
- सही मेल:
झारखंड के किस जिले में सर्वाधिक वन क्षेत्र हैं?
- चतरा
- पलामू
- हजारीबाग
- रांची
Explanation:
- वनों के घनत्व और क्षेत्रफल के अनुपात को देखते हुए चतरा जिले को सर्वाधिक वनाच्छादित जिलों में गिना जाता है।
- चतरा का वन प्रतिशत – 48.40%
- वनाच्छादन क्षेत्रफल – 1,799.39 वर्ग किमी
- क्षेत्रफल की दृष्टि से सर्वाधिक वन क्षेत्र:
- पश्चिमी सिंहभूम – 3,377.69 वर्ग किमी (सर्वाधिक क्षेत्रफल)
- लातेहार – 2,383.20 वर्ग किमी (द्वितीय)
- चतरा – 1,799.39 वर्ग किमी (तृतीय)
- प्रतिशत की दृष्टि से सर्वाधिक वन क्षेत्र:
- लातेहार – 55.54% (प्रथम)
- चतरा – 48.40% (द्वितीय)
- पश्चिमी सिंहभूम – 46.76% (तृतीय)
झारखंड में वन क्षेत्र का प्रतिशत इसके कुल क्षेत्र का कितना है?
- 29.76%
- 29%
- 28.76%
- 29.02%
Explanation:
- भारतीय वन स्थिति रिपोर्ट (ISFR) 2021 के आंकड़ों के अनुसार झारखंड के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का लगभग 29.76% हिस्सा वनों से आच्छादित है।
- वन क्षेत्रफल – 23,765.78 वर्ग किमी
- कुल क्षेत्रफल – 79,716 वर्ग किमी
- यह राष्ट्रीय वन नीति के लक्ष्य (33%) से कम है।
- यह राष्ट्रीय औसत (21.71%) से अधिक है।
झारखंड में निम्न में से कौन सर्वाधिक वनाच्छादित है?
- चतरा
- हजारीबाग
- घाटशिला
- रांची
Explanation:
- दिए गए विकल्पों में से चतरा जिला अपने भौगोलिक क्षेत्रफल के अनुपात में सर्वाधिक प्रतिशत वनाच्छादन वाला प्रमुख जिला है।
- चतरा – 48.40% वन
- हजारीबाग – 10.84% वन
- रांची – 22.38% वन
- नोट: घाटशिला एक शहर है, जिला नहीं।
झारक्राफ्ट द्वारा स्थापित होने वाले चार रेशम पार्कों में से एक, झारखंड के निम्नलिखित जिलों में से एक है? SI (PT) – 2017
- सिमडेगा
- दुमका
- चाईबासा
- गिरिडीह
Explanation:
- झारक्राफ्ट (JHARCRAFT) द्वारा स्थापित चार रेशम पार्कों में से एक गिरिडीह जिले में स्थित है।
- झारक्राफ्ट – Jharkhand Silk Textile & Handicraft Development Corporation Ltd
- गठन – 2006 में राज्य सरकार द्वारा
- चार रेशम पार्क:
- रांची (इरबा मार्ग)
- गिरिडीह
- जसीडीह (देवघर)
- खरसावां (सरायकेला-खरसावां)
झारक्राफ्ट द्वारा स्थापित होने वाले चार रेशम पार्कों में से एक, झारखंड के निम्नलिखित जिलों में से एक है? SI (PT) – 2017
- सिमडेगा
- दुमका
- चाईबासा
- रांची
Explanation:
- रेशम उद्योग के विकास हेतु झारक्राफ्ट द्वारा स्थापित रेशम पार्कों में राजधानी रांची भी एक प्रमुख केंद्र है।
- रांची में रेशम पार्क इरबा मार्ग पर स्थित है।
झारक्राफ्ट द्वारा स्थापित होने वाले चार रेशम पार्कों में से एक, झारखंड के निम्नलिखित जिलों में से एक है? SI (PT) – 2017
- सिमडेगा
- दुमका
- चाईबासा
- जसीडीह (देवघर)
Explanation:
- रेशम उद्योग के विस्तार के लिए झारक्राफ्ट द्वारा स्थापित चार प्रमुख पार्कों में से एक देवघर जिले के अंतर्गत जसीडीह में स्थित है।
- जसीडीह में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क भी स्थित है।
झारक्राफ्ट द्वारा स्थापित होने वाली चार रेशम पार्कों में से एक, झारखंड के निम्नलिखित जिलों में से एक है? SI (PT) – 2017
- सिमडेगा
- दुमका
- चाईबासा
- सरायकेला खरसावाँ
Explanation:
- झारक्राफ्ट (JHARCRAFT) द्वारा तसर सिल्क और रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए स्थापित चार मुख्य रेशम पार्कों में सरायकेला-खरसावां जिला भी शामिल है।
- यहाँ खरसावां में रेशम पार्क स्थित है।
भारतीय वन रिपोर्ट 2021 के अनुसार, झारखंड का कितना प्रतिशत भू-भाग वन क्षेत्र में है?
- 29.76%
- 12.7%
- 9.45%
- 17.89%
Explanation:
- भारतीय वन स्थिति रिपोर्ट (ISFR) 2021 के अनुसार झारखंड राज्य का कुल वन आवरण राज्य के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का 29.76% है।
- वन क्षेत्रफल – 23,765.78 वर्ग किमी
- कुल क्षेत्रफल – 79,716 वर्ग किमी
- वन क्षेत्र में वृद्धि – 44.64 वर्ग किमी (2021-23)
- वन क्षेत्र में % वृद्धि – 0.05%
वन रिपोर्ट 2021 के अनुसार, झारखंड के कुल भौगोलिक क्षेत्र का कुल कितना प्रतिशत जंगल के अंतर्गत आता है? SI (PT)-2017, JSSC-CGL (PT) – 2012, Market Supervisor – 2007
- 33.2%
- 29.76%
- 29.62%
- 17.89%
Explanation:
- आधिकारिक वन सर्वेक्षण रिपोर्ट (ISFR) 2021 के आंकड़ों के मुताबिक, झारखंड में कुल वनाच्छादन का प्रतिशत 29.76% दर्ज किया गया है।
- ISFR 2023 के अनुसार भी यह आंकड़ा 29.81% है।
- राज्य का वन क्षेत्र भारत के कुल वन क्षेत्र का 3.32% है।
झारखंड में प्रतिव्यक्ति वन एवं पेड़ों का आच्छादन है? 6th JPSC (PT) – 2016, 7th-10th JPSC (PT) – 2021
- 0.08 हेक्टेयर
- 2.9 हेक्टेयर
- 1.08 हेक्टेयर
- 2.08 हेक्टेयर
Explanation:
- जनसंख्या और कुल वन व वृक्ष आच्छादन के अनुपात के अनुसार झारखंड राज्य में प्रति व्यक्ति वन एवं पेड़ों का औसत आच्छादन लगभग 0.08 हेक्टेयर है।
- यह राष्ट्रीय औसत से कम है।
- राज्य की जनसंख्या – 3,29,88,134
- वन क्षेत्रफल – 23,765.78 वर्ग किमी
प्रतिशतता की दृष्टि से, झारखंड के किस जिले में सर्वाधिक वन क्षेत्र है? L.D. DY. Collector – 2006
- लातेहार
- हजारीबाग
- पलामू
- रांची
Explanation:
- अपने कुल भौगोलिक क्षेत्रफल के मुकाबले सबसे अधिक प्रतिशत में वनों का विस्तार रखने वाला अग्रणी जिला लातेहार है।
- लातेहार – 55.54% वन
- चतरा – 48.40% वन
- पश्चिमी सिंहभूम – 46.76% वन
अभिलिखित वन क्षेत्र झारखंड के ……. भौगोलिक क्षेत्र का निर्माण करता है? Excise Constable – 2019
- 33.2%
- 29.76%
- 29.62%
- 17.89%
Explanation:
- राज्य में सरकार द्वारा अभिलिखित (Recorded Forest Area) कुल वन क्षेत्र झारखंड के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का 29.76% हिस्सा बनाता है।
- रिकार्डेड वन – 25,118 वर्ग किमी (31.51%)
- रक्षित/आरक्षित वन – 4,500 वर्ग किमी
- सुरक्षित वन – 18,922 वर्ग किमी
- अवर्गीकृत वन – 1,696 वर्ग किमी
क्षेत्रफल की दृष्टि से, झारखंड के किस जिले में सर्वाधिक वन क्षेत्र है? L.D. DY. Collector – 2006
- लातेहार
- हजारीबाग
- पश्चिमी सिंहभूम
- रांची
Explanation:
- यदि कुल क्षेत्रफल (वर्ग किलोमीटर) के आधार पर देखा जाए, तो झारखंड में सबसे अधिक वनाच्छादित क्षेत्रफल वाला जिला पश्चिमी सिंहभूम है।
- पश्चिमी सिंहभूम – 3,377.69 वर्ग किमी (सर्वाधिक)
- लातेहार – 2,383.20 वर्ग किमी
- चतरा – 1,799.39 वर्ग किमी
क्षेत्रफल की दृष्टि से, झारखंड के किस जिले में सबसे कम वन क्षेत्र / क्षेत्रफल है?
- खूंटी
- पाकुड़
- लोहरदगा
- जामताड़ा
Explanation:
- क्षेत्रफल की दृष्टि से झारखंड के जिलों में न्यूनतम वन क्षेत्रफल वाला जिला जामताड़ा है।
- जामताड़ा – 107.49 वर्ग किमी (न्यूनतम)
- देवघर – 205.66 वर्ग किमी
- धनबाद – 221.20 वर्ग किमी
- प्रतिशत की दृष्टि से न्यूनतम:
- जामताड़ा – 5.94% (न्यूनतम)
- देवघर – 8.30%
- धनबाद – 10.84%
झारखंड में किस जिले में न्यूनतम प्रतिशत क्षेत्र वनों के अंतर्गत है? 7th-10th JPSC (PT) – 2021
- खूंटी
- पाकुड़
- लोहरदगा
- जामताड़ा
Explanation:
- भारतीय वन स्थिति रिपोर्ट के अनुसार झारखंड के जिलों में जामताड़ा जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल के अनुपात में न्यूनतम वनाच्छादित प्रतिशत दर्ज किया गया है।
- जामताड़ा – 5.94%
- देवघर – 8.30%
- धनबाद – 10.84%
भारत में झारखंड को वन क्षेत्र के अंतर्गत क्षेत्र के अनुसार स्थान दिया गया है? SI (PT)-2017
- 12वां
- 25वां
- 11वां
- 10वां
Explanation:
- कुल वनाच्छादित क्षेत्रफल (क्षेत्र के अनुसार) की दृष्टि से भारत के सभी राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों में झारखंड को 11वां स्थान प्राप्त है।
- वन क्षेत्रफल – 23,765.78 वर्ग किमी
- यह राज्य के कुल क्षेत्रफल का 29.81% है।
भारत में झारखंड को वन क्षेत्र के अंतर्गत प्रतिशत के अनुसार स्थान दिया गया है? SI (PT)-2017
- 14वां
- 25वां
- 11वां
- 10वां
Explanation:
- अपने कुल भौगोलिक क्षेत्रफल के मुकाबले वन प्रतिशत के दृष्टिकोण से राज्यों की सूची में झारखंड का स्थान 14वां है।
- वन प्रतिशत – 29.76%
- यह राष्ट्रीय औसत (21.71%) से अधिक है।
निम्नलिखित में से किस अधिनियम के अंतर्गत आदिवासी गांवों के वन क्षेत्रों को संरक्षित वन के रूप में बदला गया था, जिससे वे वन उत्पादों पर अपने पारंपरिक अधिकारों से वंचित हो गए? IRB – 2017, TGT – 2017
- भारतीय वन अधिनियम (Indian Forest Act)
- भारतीय ग्राम अधिनियम
- भारतीय आदिवासी अधिनियम
- भारतीय परंपरा अधिनियम
Explanation:
- ब्रिटिश काल में लाए गए भारतीय वन अधिनियम (Indian Forest Act) के तहत स्थानीय आदिवासी समुदायों के वनों पर पारंपरिक अधिकारों को सीमित कर दिया गया और उन्हें सरकारी संरक्षित वन घोषित कर दिया गया।
- इस अधिनियम ने आदिवासियों को वन उत्पादों पर उनके पारंपरिक अधिकारों से वंचित कर दिया।
- बाद में वन अधिकार अधिनियम, 2006 को लागू किया गया।
JASCOLAMPF झारखंड सरकार द्वारा प्रायोजित एक शीर्ष सहकारी संस्था है। यह विशेष रूप से झारखंड में निम्नलिखित में से किस उत्पाद को बढ़ावा देने के लिए है? IRB – 2017, TGT – 2017
- लाह (Lac)
- तसर सिल्क
- चमड़ा
- टेराकोटा
Explanation:
- JASCOLAMPF (Jharkhand State Cooperative Lamps Federation Limited) मुख्य रूप से राज्य में लघु वनोपज, विशेषकर लाह (Lac) के व्यापार, विपणन और उसके उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कार्य करती है।
- लाह – झारखंड का प्रमुख गौण वनोत्पाद
- झारखंड भारत के कुल लाह उत्पादन का 60% (लगभग 50%) उत्पादन करता है।
- उत्पादन की दृष्टि से झारखंड का प्रथम स्थान है।
- लाह की चार किस्में:
- वैशाखी लाह – 82% (सर्वाधिक)
- जेठवी लाह
- कतकी लाह
- अगहनी लाह
साल (सखुआ) के बीज किसके लिए महत्वपूर्ण हैं? SI (PT)-2017
- औषधीय तेल
- खाद्य तेल
- डाइंग उद्देश्य
- औषधीय और खाद्य दोनों
Explanation:
- साल (सखुआ) झारखंड का राजकीय वृक्ष है।
- वैज्ञानिक नाम – Shorea robusta
- कुल – Dipterocarpaceae
- इसे “पर्णपाती वनों का राजा” कहा जाता है।
- साल के बीजों से प्राप्त तेल:
- पारंपरिक रूप से औषधीय उद्देश्यों में प्रयोग
- कई क्षेत्रों में खाद्य तेल (Edible Oil) के रूप में भी उपयोग
- बीजों को “कुजरी” भी कहा जाता है।
झारखंड के किस जिले में लाह का सबसे अधिक उत्पादन होता है? 6th JPSC (PT) – 2016
- खूंटी
- रांची
- सिमडेगा
- जामताड़ा
Explanation:
- लाह उत्पादन की दृष्टि से रांची (खूटी) का प्रथम स्थान है।
- पलामू प्रमण्डल लाह उत्पादन की दृष्टि से प्रथम स्थान पर है।
- इसके बाद क्रमशः राँची व पश्चिमी जिले का स्थान है।
- टोरी (लातेहार) का लाह निर्यात की दृष्टि से विश्व में प्रथम स्थान है।
झारखंड का दूसरा सबसे ज्यादा लाह का उत्पादन करने वाला जिला कौन सा है?
- खूंटी
- रांची
- सिमडेगा
- जामताड़ा
Explanation:
- लाह उत्पादन में सिमडेगा दूसरे स्थान पर है।
- प्रथम – राँची (खूटी)
- द्वितीय – सिमडेगा
- तृतीय – खूटी
- लाह उत्पादन के लिए चयनित जिले:
- राँची, खूटी, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, गुमला, लातेहार, पलामू आदि
झारखंड का तीसरा सबसे ज्यादा लाह का उत्पादन करने वाला जिला कौन सा है?
- खूटी
- रांची
- सिमडेगा
- जामताड़ा
Explanation:
- लाह उत्पादन में खूटी तीसरे स्थान पर है।
- प्रथम – राँची
- द्वितीय – सिमडेगा
- तृतीय – खूटी
- टोरी (लातेहार) का विश्व में प्रथम स्थान लाह निर्यात की दृष्टि से है।
राष्ट्रीय हरित मिशन, भारत निम्नलिखित में से किस राज्य में मौजूदा वनों के घनत्व में सुधार करने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा शुरू की गई है? 6th JPSC (PT) – 2016
- झारखंड
- मध्य प्रदेश
- दोनों राज्यों में
- इनमें से कोई नहीं
Explanation:
- राष्ट्रीय हरित मिशन (National Mission for a Green India) के तहत झारखंड जैसे राज्यों में जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने और वनों के घनत्व व गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए विशेष पहल की गई है।
- यह राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन कार्य योजना (NAPCC) का हिस्सा है।
- झारखंड का वन क्षेत्र 29.76% है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है।
‘Lac’ शब्द की उत्पत्ति संस्कृत के किस शब्द से हुई है? 5th JPSC (PT) – 2013
- यक्ष
- तक्ष
- लक्ष
- दक्ष
Explanation:
- अंग्रेजी शब्द ‘Lac’ (लाह) की उत्पत्ति संस्कृत भाषा के शब्द ‘लक्ष’ से हुई है।
- इसका संबंध बड़ी संख्या में कीड़ों (लाख कीट) के एक साथ समूह में रहने से है।
- लाह – लाख कीट (Kerria lacca) द्वारा स्रावित एक राल।
झारखंड की वन कोटियां हैं? Excise Constable – 2019
- उष्णकटिबंधीय आर्द्र पतझड़ी
- उष्णकटिबंधीय शुष्क पतझड़ी
- उप-उष्णकटिबंधीय विस्तृत पर्वतीय वन
- ये सभी
Explanation:
- भौगोलिक स्थिति और जलवायु के आधार पर झारखंड के वनों को विभिन्न कोटियों में वर्गीकृत किया गया है:
- उष्णकटिबंधीय आर्द्र पर्णपाती वन (120 सेमी से अधिक वर्षा) – 2.66% क्षेत्र
- उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन (120 सेमी से कम वर्षा) – 93.25% क्षेत्र
- उप-उष्णकटिबंधीय विस्तृत पर्वतीय वन
झारखंड वन विभाग ने एक हर्बल डेमोनस्ट्रेशन नर्सरी की स्थापना की है जो प्रदर्शन, प्रशिक्षण एवं विस्तार गतिविधियों को बढ़ावा देती है। 7th-10th JPSC (PT) – 2021
- लाल खटंगा, रांची
- देवीपुर, देवघर
- बड़कागांव, हजारीबाग
- पेटरवार, बोकारो
Explanation:
- वन विभाग द्वारा औषधीय पौधों के संरक्षण और प्रदर्शन हेतु बोकारो जिले के पेटरवार में हर्बल डेमोनस्ट्रेशन नर्सरी स्थापित की गई है।
- यह प्रदर्शन, प्रशिक्षण एवं विस्तार गतिविधियों को बढ़ावा देती है।
- राज्य में औषधीय पौधों के संरक्षण हेतु महत्वपूर्ण पहल।
ब्रिटिश काल में सिंहभूम के किसानों से कुसुम और आसन आदि पेड़ों पर रेशम और लाख उगाहने के लिए एक विशेष कर लिया जाता था। इस कर का क्या नाम था? 7th-10th JPSC (PT) – 2021
- दालकट्टी
- रसद
- जमाबंदी
- चराई
Explanation:
- ब्रिटिश शासन के दौरान सिंहभूम क्षेत्र में पेड़ों (जैसे कुसुम और आसन) पर लाख और रेशम कीट पालने के एवज में आदिवासियों से ‘दालकट्टी’ नामक कर वसूला जाता था।
- यह वन उत्पादों पर लगाया गया एक विशेष कर था।
- इस कर ने आदिवासियों को आर्थिक रूप से प्रभावित किया।
सारंडा वन मुख्यतः झारखंड के किस जिले में स्थित है? Constable – 2016
- पश्चिमी सिंहभूम
- गुमला
- गिरिडीह
- सिमडेगा
Explanation:
- सारंडा वन पश्चिमी सिंहभूम जिले में स्थित है।
- यह एशिया के सबसे बड़े साल (सखुआ) वनों में से एक है।
- यह राज्य का वृहत्तम संरक्षित अरण्य क्षेत्र है।
- सारंडा अपनी जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध है।
