JharkhandGK

झारखंड का क्षेत्रफल भारत के क्षेत्रफल का कितना है?

  • 2.42 %
  • 2.92 %
  • 1.42 %
  • 2.22 %

Explanation:

  • झारखंड का कुल क्षेत्रफल 79,714 वर्ग किमी है, जो संपूर्ण भारत के क्षेत्रफल (32,87,263 वर्ग किमी) का लगभग 2.42 प्रतिशत है।

झारखंड भारत का कौन-सा राज्य है?

  • 24वां
  • 29वां
  • 14वां
  • 28वां

Explanation:

  • बिहार राज्य के पुनर्गठन के पश्चात 15 नवंबर 2000 को अस्तित्व में आया झारखंड भारत का 28वां राज्य बना था।

झारखंड का गठन बिहार के कितना % भूभाग को अलग करके बनाया गया?

  • 34%
  • 59%
  • 44%
  • 45.80%

Explanation:

  • बिहार के कुल भूभाग का लगभग 45.80% (या 45.35%) हिस्सा अलग करके झारखंड राज्य का निर्माण किया गया था।

झारखंड का गठन बिहार के कितने जिलों को अलग करके बनाया गया?

  • 13
  • 19
  • 14
  • 18

Explanation:

  • राज्य गठन के समय बिहार के दक्षिण हिस्से के कुल 18 जिलों को काटकर झारखंड राज्य बनाया गया था (वर्तमान में जिलों की संख्या 24 है)।

झारखंड का अक्षांशीय विस्तार है?

  • 13°58` 10“ से 25° 19` 15“ उत्तरी अक्षांश
  • 21°58` 10“ से 25° 19` 15“ उत्तरी अक्षांश
  • 21°58` 10“ से 25° 19` 15“ दक्षिणी अक्षांश
  • 18°58` 10“ से 25° 19` 15“ उत्तरी अक्षांश

Explanation:

  • झारखंड की भौगोलिक स्थिति का अक्षांशीय विस्तार 21°58′ 10″ से 25° 19′ 15″ उत्तरी अक्षांश के बीच है।

झारखंड का देशांतरीय विस्तार है?

  • 13°58` 10“ से 25° 19` 15“ उत्तरी अक्षांश
  • 21°58` 10“ से 25° 19` 15“ पूर्वी देशांतर
  • 83° 19` 50“ से 87° 57` पूर्वी देशांतर
  • 83° 19` 50“ से 87° 57` पश्चिमी अक्षांश

Explanation:

  • झारखंड राज्य का देशांतरीय विस्तार 83° 19′ 50″ से 87° 57′ पूर्वी देशांतर के मध्य अवस्थित है।

झारखंड का उत्तर से दक्षिण की लंबाई विस्तार है?

  • 580 किलोमीटर
  • 380 किलोमीटर
  • 280 किलोमीटर
  • 463 किलोमीटर

Explanation:

  • झारखंड राज्य की उत्तर से दक्षिण की कुल लंबाई लगभग 380 किलोमीटर है।

झारखंड का पूर्व से पश्चिम की लंबाई विस्तार है?

  • 580 किलोमीटर
  • 380 किलोमीटर
  • 280 किलोमीटर
  • 463 किलोमीटर

Explanation:

  • झारखंड राज्य की पूर्व से पश्चिम की कुल चौड़ाई/लंबाई लगभग 463 किलोमीटर है।

झारखंड की सीमा कितने राज्यों से सटी हुई है?

  • 8
  • 5
  • 2
  • 6

Explanation:

  • झारखंड की सीमा कुल 5 राज्यों (उत्तर में बिहार, दक्षिण में ओडिशा, पूर्व में पश्चिम बंगाल, पश्चिम में छत्तीसगढ़ और उत्तर-पश्चिम में उत्तर प्रदेश) को स्पर्श करती है।

झारखंड का क्षेत्रफल है?

  • 89,714 वर्ग किलोमीटर
  • 59,714 वर्ग किलोमीटर
  • 29,714 वर्ग किलोमीटर
  • 79,714 वर्ग किलोमीटर

Explanation:

  • झारखंड राज्य का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 79,714 वर्ग किलोमीटर है।

क्षेत्रफल की दृष्टि से झारखंड ……. बड़ा राज्य है?

  • 15वां
  • 14वां
  • 21वां
  • 7वां

Explanation:

  • वर्तमान में क्षेत्रफल (Area-wise) की दृष्टि से भारत में झारखंड 15वां सबसे बड़ा राज्य है (तेलंगाना गठन के बाद से)।

जनसंख्या की दृष्टि से झारखंड ……. बड़ा राज्य है?

  • 15वां
  • 14वां
  • 21वां
  • 7वां

Explanation:

  • 2011 की जनगणना के अनुसार जनसंख्या की दृष्टि से झारखंड भारत का 14वां सबसे बड़ा राज्य है।

झारखंड का नगरीय क्षेत्रफल है?

  • 1592 वर्ग किलोमीटर
  • 1792 वर्ग किलोमीटर
  • 2192 वर्ग किलोमीटर
  • 792 वर्ग किलोमीटर

Explanation:

  • झारखंड राज्य के अंतर्गत कुल नगरीय (Urban) क्षेत्रफल लगभग 1792 वर्ग किलोमीटर है।

झारखंड का ग्रामीण क्षेत्रफल है?

  • 71,592 वर्ग किलोमीटर
  • 71,792 वर्ग किलोमीटर
  • 77,922 वर्ग किलोमीटर
  • 77,792 वर्ग किलोमीटर

Explanation:

  • झारखंड के कुल 79,714 वर्ग किमी क्षेत्रफल में से नगरीय क्षेत्रफल घटाने के बाद लगभग 77,922 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र ग्रामीण क्षेत्र के अंतर्गत आता है। (लगभग 77,922 वर्ग किमी / कुल क्षेत्रफल का ~97.75%)

छोटा नागपुर पठार का सबसे ऊँचा स्थान ……. कहलाता है?

  • पाट
  • दीप
  • टांड
  • द्रोणी

Explanation:

  • छोटा नागपुर पठार के पश्चिमी भाग (विशेषकर लातेहार और गुमला क्षेत्र) की सबसे ऊंची और समतल पठारी भूमि को स्थानीय भाषा में ‘पाट’ क्षेत्र कहा जाता है।

झारखंड की सबसे ऊंची चोटी है?

  • पारसनाथ (सम्मेद शिखर)
  • गुलपुलनाथ
  • नेतरहाट
  • पाट

Explanation:

  • जैन धर्म के प्रमुख तीर्थ स्थल के रूप में विख्यात पारसनाथ पर्वत झारखंड राज्य की सबसे ऊंची चोटी है।

झारखंड की दूसरी सबसे ऊंची चोटी है?

  • पारसनाथ
  • गुलपुलनाथ
  • नेतरहाट
  • पाट

Explanation:

  • झारखंड में पारसनाथ के बाद दूसरी सबसे ऊंची चोटी के रूप में गुगुलपुलनाथ पहाड़ी को मान्यता दी जाती है।

झारखंड की दूसरी सबसे ऊंची चोटी की ऊँचाई है?

  • 4,478 फीट
  • 3,819 फीट
  • 3,478 फीट
  • 4,378 फीट

Explanation:

  • झारखंड की दूसरी सबसे ऊंची चोटी की कुल ऊँचाई लगभग 3,819 फीट (या 1,164 मीटर) है।

झारखंड की सबसे ऊंची चोटी की ऊँचाई है?

  • 4,478 फीट 
  • 3,819 फीट
  • 3,478 फीट
  • 4,378 फीट

Explanation:

  • पारसनाथ पहाड़ी की कुल ऊँचाई समुद्र तल से 1,365 मीटर यानी करीब 4,478 फीट है।

झारखंड की सबसे ऊंची चोटी किस जिले में है?

  • गिरिडीह
  • गढ़वा
  • रांची
  • लातेहार

Explanation:

  • पारसनाथ चोटी झारखंड के गिरिडीह जिले में स्थित है, जो जैन धर्मावलंबियों का महान पवित्र क्षेत्र भी है।

झारखंड की दूसरी सबसे ऊंची चोटी किस जिले में है?

  • गिरिडीह
  • गढ़वा
  • रांची
  • लातेहार

Explanation:

  • राज्य की दूसरी सबसे ऊंची चोटी (गुलरू पहाड़ी) झारखंड के गढ़वा जिले के अंतर्गत अवस्थित है।

क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा जिला है?

  • पश्चिमी सिंहभूम
  • गढ़वा
  • रांची
  • लातेहार

Explanation:

  • क्षेत्रफल (Area-wise) के दृष्टिकोण से पश्चिमी सिंहभूम झारखंड का सबसे बड़ा जिला है, जिसका कुल क्षेत्रफल लगभग 5,351 वर्ग किलोमीटर है।

क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे छोटा जिला है?

  • पाकुड़
  • लोहरदगा
  • खूंटी
  • रामगढ़

Explanation:

  • क्षेत्रफल की दृष्टि से रामगढ़ झारखंड का सबसे छोटा जिला है (लगभग 1,341 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल के साथ)।

राज्य के …….% भूभाग पर आग्नेय व रूपांतरित चट्टानों का विस्तार है।

  • 85%
  • 90%
  • 60%
  • 70%

Explanation:

  • झारखंड के कुल भू-भाग का लगभग 85 प्रतिशत हिस्सा आग्नेय (Igneous) और रूपांतरित (Metamorphic) चट्टानों से आच्छादित है।

राज्य के …….% भूभाग पर आर्कियनकालीन चट्टानों का विस्तार है।

  • 85%
  • 90% (अथवा व्यापक रूप से प्राचीन संरचना का प्रमुख भाग)
  • 60%
  • 70%

Explanation:

  • झारखंड की भूगर्भिक संरचना में प्राचीनतम आर्कियन युग की चट्टानों का विस्तार राज्य के लगभग 90 प्रतिशत भू-भाग पर पाया जाता है।

किसे कोल्हान क्रम की चट्टान भी कहा जाता है?

  • आर्कियन क्रम की चट्टानें
  • धारवाड़ क्रम की चट्टानें
  • विन्ध्यन क्रम की चट्टानें
  • गोंडवाना क्रम की चट्टानें

Explanation:

  • धारवाड़ क्रम की चट्टानों को उनकी भौगोलिक स्थिति के आधार पर स्थानीय रूप से कोल्हान क्रम की चट्टान भी कहा जाता है।

किसे ‘लौह-अयस्क की श्रृंखला’ (Iron-Ore Series) की चट्टान भी कहा जाता है?

  • आर्कियन क्रम की चट्टानें
  • धारवाड़ क्रम की चट्टानें
  • विन्ध्यन क्रम की चट्टानें
  • गोंडवाना क्रम की चट्टानें

Explanation:

  • इन चट्टानों में लौह-अयस्क के अपार भंडार मिलने के कारण धारवाड़ क्रम की चट्टानों को ‘लौह-अयस्क की श्रृंखला’ कहा जाता है।

किन चट्टानों का विस्तार पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम तथा सरायकेला-खरसावां जिले में हुआ है?

  • आर्कियन क्रम की चट्टानें
  • धारवाड़ क्रम की चट्टानें
  • विन्ध्यन क्रम की चट्टानें
  • गोंडवाना क्रम की चट्टानें

Explanation:

  • कोल्हान क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों में मुख्य रूप से धारवाड़ क्रम की चट्टानें पाई जाती हैं।

किस प्रकार की चट्टानें झारखंड के उत्तर-पश्चिमी भाग में सोन नदी क्षेत्र (विशेष रूप से गढ़वा) में पायी जाती हैं?

  • आर्कियन क्रम की चट्टानें
  • धारवाड़ क्रम की चट्टानें
  • विन्ध्यन क्रम की चट्टानें
  • गोंडवाना क्रम की चट्टानें

Explanation:

  • झारखंड के उत्तर-पश्चिम छोर पर सोन नदी घाटी के पास (विशेषकर गढ़वा जिले में) विन्ध्यन क्रम की चट्टानों का विस्तार देखने को मिलता है।

किस प्रकार की चट्टानें मूलतः रोहतास पठार का दक्षिणी हिस्सा हैं?

  • आर्कियन क्रम की चट्टानें
  • धारवाड़ क्रम की चट्टानें
  • विन्ध्यन क्रम की चट्टानें
  • गोंडवाना क्रम की चट्टानें

Explanation:

  • बिहार के रोहतास पठार का जो दक्षिणी विस्तार झारखंड की सीमा में प्रवेश करता है, वह मूलतः विन्ध्यन क्रम की चट्टानों के अंतर्गत आता है।

किस प्रकार की चट्टानें बलुआ पत्थर एवं चूना पत्थर से युक्त परतदार चट्टानें हैं?

  • आर्कियन क्रम की चट्टानें
  • धारवाड़ क्रम की चट्टानें
  • विन्ध्यन क्रम की चट्टानें
  • गोंडवाना क्रम की चट्टानें

Explanation:

  • विन्ध्यन क्रम की चट्टानें परतदार (Sedimentary) होती हैं, जिनमें मुख्य रूप से बलुआ पत्थर (Sandstone) और चूना पत्थर (Limestone) की प्रधानता होती है।

किस प्रकार की चट्टानों में कोयले के भंडार पाए जाते हैं?

  • आर्कियन क्रम की चट्टानें
  • धारवाड़ क्रम की चट्टानें
  • विन्ध्यन क्रम की चट्टानें
  • गोंडवाना क्रम की चट्टानें

Explanation:

  • भारत और झारखंड में कोयले के विशाल और प्रमुख भंडार मुख्य रूप से गोंडवाना क्रम की चट्टानों में ही निक्षेपित हैं।

किस प्रकार की चट्टानों का विस्तार गिरिडीह, राजमहल की पहाड़ियों तथा उत्तरी कोयल नदी की घाटी क्षेत्रों में है?

  • आर्कियन क्रम की चट्टानें
  • धारवाड़ क्रम की चट्टानें
  • विन्ध्यन क्रम की चट्टानें
  • गोंडवाना क्रम की चट्टानें

Explanation:

  • झारखंड में गिरिडीह कोयला क्षेत्र, राजमहल की पहाड़ियों के बेसिन और उत्तरी कोयल घाटी क्षेत्रों में गोंडवाना क्रम की चट्टानों का ही विस्तार पाया जाता है।

किस काल में पाट क्षेत्र रांची-हजारीबाग पठार से लगभग 1000 फीट ऊपर उठ गया?

  • मायोसीन काल
  • प्लायोसीन काल
  • प्लीस्टोसीन काल
  • इनमें से नहीं

Explanation:

  • भूगर्भीय उत्थान के क्रम में प्लायोसीन काल के दौरान पाट क्षेत्र रांची-हजारीबाग पठार की तुलना में लगभग 1000 फीट ऊपर उठ गया था।

किस काल में रांची-हजारीबाग पठार का लगभग 1000 फीट उत्थान हुआ?

  • मायोसीन काल
  • प्लायोसीन काल
  • प्लीस्टोसीन काल
  • इनमें से नहीं

Explanation:

  • भौगोलिक उथल-पुथल के तहत प्लायोसीन काल में रांची-हजारीबाग पठार का लगभग 1000 फीट तक उत्थान (Elevation) हुआ था।

किस काल में पाट क्षेत्र लगभग 2000 फीट ऊपर उठ गया?

  • मायोसीन काल
  • प्लायोसीन काल
  • प्लीस्टोसीन काल
  • इनमें से नहीं

Explanation:

  • विवर्तनिक हलचलों के परिणामस्वरूप प्लायोसीन काल के दौरान पाट क्षेत्र का कुल उत्थान लगभग 2000 फीट ऊपर तक हो गया था।

किस काल में रांची-हजारीबाग पठार का लगभग 2000 फीट उत्थान हुआ?

  • मायोसीन काल
  • प्लायोसीन काल
  • प्लीस्टोसीन काल
  • इनमें से नहीं

Explanation:

  • भू-आकृतिक विकास के दूसरे चरण यानी प्लीस्टोसीन काल में रांची-हजारीबाग पठार का लगभग 2000 फीट का उत्थान दर्ज किया गया।

किस काल में पाट क्षेत्र लगभग 3000-3600 फीट ऊपर उठ गया?

  • मायोसीन काल
  • प्लायोसीन काल
  • प्लीस्टोसीन काल
  • इनमें से नहीं

Explanation:

  • प्लीस्टोसीन काल के दौरान निरंतर उत्थान के प्रभाव से पश्चिमी पठारी पाट क्षेत्र की ऊंचाई लगभग 3000 से 3600 फीट तक ऊपर उठ गई।

रांची पठार लगभग ……… फीट ऊँचा है?

  • 600 मीटर से कम (लगभग 2000 फीट / 600 मीटर)
  • 500 से 800 मीटर
  • 900 से 1100 मीटर
  • इनमें से नहीं

Explanation:

  • झारखंड का रांची पठार क्षेत्र औसतन लगभग 600 मीटर (या करीब 2000 फीट) की ऊँचाई पर समतल रूप में फैला हुआ है।

किस युग में लावा के बहाव से राजमहल ट्रैप का निर्माण हुआ है? SI (PT) – 2017

  • मायोसीन युग में
  • प्लायोसीन युग में
  • जुरासिक युग में
  • इनमें से नहीं

Explanation:

  • मेसोजोइक महाकल्प के अंतर्गत जुरासिक युग में हुए अत्यधिक बेसिक लावा के उदगार और बहाव से राजमहल ट्रैप का निर्माण हुआ था।

राजमहल ट्रैप का निर्माण कैसे हुआ है?

  • लावा के बहाव से (ज्वालामुखी उदगार / लावा प्रवाह)
  • लावा के प्रवाह से
  • दोनों (विकल्पानुसार लावा का बहाव/प्रवाह)
  • इनमें से नहीं

Explanation:

  • राजमहल ट्रैप की संरचना मुख्य रूप से धरती के भीतर से निकले बेसाल्टिक लावा के बहाव और प्रवाह के निक्षेपण से हुई है।

राजमहल ट्रैप का मूल विस्तार झारखंड के किस भाग में है?

  • उत्तर-पूर्वी भाग में
  • दक्षिणी भाग में
  • पश्चिमी भाग में
  • इनमें से नहीं

Explanation:

  • भौगोलिक रूप से राजमहल ट्रैप क्षेत्र झारखंड राज्य के उत्तर-पूर्वी भाग (संथाल परगना क्षेत्र) में मुख्य रूप से विस्तृत है।

मॉनेडनॉक क्या हैं?

  • मिट्टी से निर्मित उच्च भूभाग
  • बालू से निर्मित उच्च भूभाग
  • ग्रेनाइट से निर्मित उच्च भूभाग (अपक्षय प्रतिरोधी कठोर अवशेष पहाड़ी)
  • इनमें से नहीं

Explanation:

  • पठारी क्षेत्रों में लंबे समय तक अपरदन के बाद बचे हुए कठोर चट्टानी या ग्रेनाइट से निर्मित उच्च भूभाग या पहाड़ियों को ‘मॉनेडनॉक’ (Monadnock) कहा जाता है।

पाट क्षेत्र के ऊपरी भाग किस नाम से जाने जाते हैं?

  • टांड़
  • दोन
  • बागड़
  • इनमें से नहीं

Explanation:

  • पाट क्षेत्र के समतल या ऊँचे ऊपरी हिस्सों को स्थानीय रूप से ‘टांड़’ (या उच्च भूमि) कहा जाता है।

पाट क्षेत्र का निचला भाग किस नाम से जाना जाता है?

  • टांड़
  • दोन (या घाटी / निचली उपजाऊ भूमि)
  • बागड़
  • इनमें से नहीं

Explanation:

  • पाट क्षेत्रों या पठारी घाटियों के निचले तथा अपेक्षाकृत समतल भाग को ‘दोन’ के नाम से जाना जाता है, जहाँ आमतौर पर कृषि की जाती है।

नेतरहाट की ऊँचाई है?

  • 3,514 फीट (या लगभग 1,071 मीटर)
  • 3,071 फीट
  • 4,351 फीट
  • इनमें से नहीं

Explanation:

  • पाट क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नेतरहाट की कुल समुद्र तल से ऊँचाई लगभग 3,514 फीट है।

झारखंड का सबसे बड़ा पठारी भाग है?

  • रांची का पठार
  • हजारीबाग का पठार
  • गिरिडीह का पठार
  • इनमें से नहीं

Explanation:

  • झारखंड के विभिन्न पठारी प्रदेशों में रांची का पठार क्षेत्रफल और विस्तार की दृष्टि से सबसे बड़ा पठारी भाग है।

निचला हजारीबाग का पठार या बाहरी छोटा नागपुर का पठार किस प्रकार की चट्टान से निर्मित है?

  • धारवाड़
  • पाइरोक्सी ग्रेनाइट (Pyroxene Granite / नाईस व ग्रेनाइट)
  • नीस
  • इनमें से नहीं

Explanation:

  • निचले हजारीबाग के पठार की भूगर्भीय संरचना मुख्य रूप से प्राचीन आर्कियन कालीन पाइरोक्सी ग्रेनाइट और नीस चट्टानों से मिलकर बनी है।

पारसनाथ की पहाड़ी स्थित है?

  • निचला हजारीबाग का पठार (के पूर्वी छोर पर)
  • ऊपरी हजारीबाग का पठार
  • रांची का पठार
  • इनमें से नहीं

Explanation:

  • झारखंड की सबसे ऊंची चोटी पारसनाथ भू-आकृतिक रूप से निचले हजारीबाग के पठार के पूर्वी विस्तार (गिरिडीह क्षेत्र) के अंतर्गत अवस्थित है।

संथाल परगना क्षेत्र की नुकीली पहाड़ियों का स्थानीय नाम है?

  • टांड़
  • टोंगरी
  • बागड़
  • डोंगरी

Explanation:

  • संथाल परगना क्षेत्र में बिखरी हुई छोटी और नुकीली पहाड़ियों को स्थानीय बोलचाल में ‘टोंगरी’ कहा जाता है।

संथाल परगना क्षेत्र की गुंबदनुमा पहाड़ियों का स्थानीय नाम है?

  • टांड़
  • टोंगरी
  • बागड़
  • डोंगरी

Explanation:

  • संथाल परगना क्षेत्र में गुंबद के आकार (Dome-shaped) वाली पहाड़ियों को स्थानीय रूप से ‘डोंगरी’ के नाम से जाना जाता है।

कितने भौगोलिक क्षेत्रों में झारखंड को विभाजित किया गया है? SI (PT)-2017

  • 5
  • 4 (या मुख्य भौतिक विभागों के अनुसार)
  • 3
  • 2

Explanation:

  • धरातलीय व उच्चावच स्वरूप के आधार पर झारखंड राज्य को मुख्य रूप से 4 प्रमुख भौतिक/भौगोलिक क्षेत्रों (पाट क्षेत्र, रांची का पठार, हजारीबाग का पठार, राजमहल ट्रैप/मैदान) में विभाजित किया गया है।

झारखंड में सबसे ऊंचा स्थान कौन-सा है? Kakshapal (Mains) – 2016, PGT – 2017, SI (PT)-2017, SI (Mains) – 2017

  • पारसनाथ शिखर
  • माउंट एटना
  • बोराह शिखर
  • कंचनजंघा

Explanation:

  • झारखंड का सबसे ऊंचा भौगोलिक स्थान और चोटी गिरिडीह जिले में स्थित पारसनाथ शिखर (सम्मेद शिखर) है।

पारसनाथ पहाड़ी की ऊँचाई कितनी है? SI (PT)-2017

  • 4,480 फुट (लगभग 4,478 – 4,480 फीट)
  • 4,580 फुट
  • 5,480 फुट
  • 3,480 फुट

Explanation:

  • विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और आधिकारिक स्रोतों के अनुसार पारसनाथ पहाड़ी की कुल ऊँचाई लगभग 4,480 फुट मानी जाती है।

पारसनाथ पहाड़ी की ऊँचाई क्या है? 6th JPSC (PT) – 2016

  • 4,480 मीटर
  • 1365 मीटर
  • 1,480 मीटर
  • 3,480 मीटर

Explanation:

  • मीटर इकाई के संदर्भ में पारसनाथ पहाड़ी की समुद्र तल से सटीक ऊँचाई 1365 मीटर है।

पारसनाथ की पहाड़ी किस जिले का हिस्सा है? SI (PT)-2017

  • गिरिडीह
  • गढ़वा
  • रांची
  • लातेहार

Explanation:

  • पारसनाथ की पहाड़ी झारखंड के गिरिडीह जिले के अंतर्गत अवस्थित है।

हिमालय क्षेत्र के पशु निम्न में से कहाँ पाए जाते हैं? SI (Mains) – 2017

  • पारसनाथ पहाड़
  • राजमहल पहाड़ी
  • पोरहाट पहाड़ी
  • इनमें से कोई नहीं

Explanation:

  • अपनी अत्यधिक ऊँचाई और विशिष्ट जलवायु के कारण पारसनाथ पहाड़ पर हिमालयन क्षेत्र से मिलते-जुलते जीव-जंतु और वनस्पतियाँ पाई जाती हैं।

पारसनाथ पहाड़ किस पठार का हिस्सा है? SI (PT)-2017

  • गिरिडीह पठार
  • नोटा पठार
  • रांची पठार
  • कोडरमा पठार

Explanation:

  • भू-आकृतिक संरचना के अनुसार पारसनाथ पहाड़ मुख्य रूप से गिरिडीह पठार क्षेत्र के अंतर्गत आता है।

राजमहल ट्रैप झारखंड के किस भाग में स्थित है? L.D.DY. Collector – 2006

  • उत्तर-पश्चिमी भाग में
  • दक्षिणी-पूर्वी भाग में
  • उत्तरी भाग में
  • उत्तर-पूर्वी भाग में

Explanation:

  • लावा प्रवाह से निर्मित राजमहल ट्रैप झारखंड राज्य के उत्तर-पूर्वी भाग (संथाल परगना क्षेत्र) में स्थित है।

रांची पठार (प्लेटो) छोटानागपुर पठार (प्लेटो) के किस हिस्से में स्थित है? IRB – 2017, TGT – 2017

  • पश्चिम भाग में
  • दक्षिणी भाग में
  • उत्तरी भाग में
  • पूर्वी भाग में

Explanation:

  • विशाल छोटानागपुर पठार के भौगोलिक परिदृश्य में रांची का पठार इसके दक्षिणी भाग में अवस्थित है।

उच्चतर रांची के पठार की औसत समुद्र तल से ऊँचाई कितनी है? SI (PT)-2017

  • 2500-3600 ft (लगभग)
  • 2000-2200 ft
  • 1800-2000 ft
  • 3600-4000 ft

Explanation:

  • पश्चिमी या उच्चतर रांची के पठार (पाट क्षेत्र) की औसत ऊँचाई समुद्र तल से लगभग 2500 से 3600 फीट के बीच है।

छोटा नागपुर पठार निम्नलिखित औद्योगिक बस्तियों में से किसमें स्थित है? SI (PT)-2017

  • भिलाई
  • आसनसोल
  • रांची
  • सिंदरी

Explanation:

  • दिए गए विकल्पों में से रांची शहर प्रत्यक्ष रूप से छोटा नागपुर पठार के मध्य क्षेत्र में स्थित प्रमुख औद्योगिक एवं प्रशासनिक केंद्र है।

झारखंड राज्य मुख्य तौर पर पर स्थित है। SI (PT)-2017

  • पश्चिमी हिमालय
  • छोटानागपुर पठार
  • अरावली पर्वतमाला
  • पश्चिमी घाट

Explanation:

  • संपूर्ण झारखंड राज्य भूगर्भीय रूप से मुख्य तौर पर छोटा नागपुर पठार के भू-भाग पर ही स्थित है।

पूर्वी सिंहभूम जिला निम्नलिखित में से किसका हिस्सा है? SI (PT)-2017

  • पूर्वी पठार
  • छोटानागपुर पठार
  • उत्तरी पठार
  • पश्चिमी घाट

Explanation:

  • झारखंड का पूर्वी सिंहभूम जिला बृहत रूप से छोटा नागपुर पठार के दक्षिणी-पूर्वी भू-भाग का अभिन्न हिस्सा है।

पश्चिमी या उच्चतर रांची के पठार को स्थानीय स्तर पर किस नाम से जाना जाता है? SI (PT)-2017

  • पाट क्षेत्र
  • पलामू क्षेत्र
  • नेतरहाट क्षेत्र
  • हजारीबाग क्षेत्र

Explanation:

  • पश्चिमी और उच्चतर रांची पठारी भाग को स्थानीय स्तर पर ‘पाट क्षेत्र’ कहा जाता है।

a. छोटा नागपुर का पठार एक महाद्वीपीय पठार है। b. दामोदर द्रोणी निम्नलिखित में से किसके बीच द्रोण बनाती है? PGT-2012

  • a.रांची और हजारीबाग का पठार
  • b.मानभूम और सिंहभूम का पठार
  • c. a तथा b दोनों
  • d. इनमें से कोई नहीं

Explanation:

  • दामोदर नदी घाटी या द्रोणी भौगोलिक रूप से उत्तर में हजारीबाग के पठार और दक्षिण में रांची के पठार के बीच भ्रंश द्रोणी का निर्माण करती है।

भौगोलिक दृष्टि से, गिरिडीह जिले को मोटे तौर पर दो प्राकृतिक विभाजनों में विभाजित किया जाता है? SI (PT)-2017

  • केंद्रीय पठार और निचले पठार
  • पश्चिम पठार और उत्तरी पठार
  • दक्षिण पठार और पश्चिम पठार
  • पूर्व पठार और पश्चिम पठार

Explanation:

  • भौगोलिक बनावट के आधार पर गिरिडीह जिले को मुख्य रूप से केंद्रीय पठार और निचले पठार के दो प्राकृतिक भागों में बांटा गया है।

किन चट्टानों को धात्विक खनिज का भंडार कहा जाता है? SI (PT) – 2017, SI (Mains) – 2017

  • धारवाड़ युगीन चट्टानें
  • विन्ध्यन युगीन चट्टानें
  • कुडप्पा युगीन चट्टानें
  • इनमें से कोई नहीं

Explanation:

  • धारवाड़ युगीन चट्टानों में लोहा, तांबा, मैग्नीज जैसे विभिन्न मूल्यवान खनिज प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, इसलिए इन्हें धात्विक खनिजों का प्रमुख भंडार कहा जाता है।

उस पठार का क्या नाम है जो झारखंड में डक्कन जैव भौगोलिक प्रांत का हिस्सा बनता है? SI (PT)-2017

  • बाघेलखंड पठार
  • छोटानागपुर पठार
  • बुंदेलखंड पठार
  • मालवा पठार

Explanation:

  • झारखंड राज्य में स्थित छोटा नागपुर पठार भारत के वृहद डक्कन (दक्कन) जैव-भौगोलिक प्रांत (Deccan Biogeographic Province) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।

झारखंड का मुख्य प्राकृतिक प्रभाग है? Panchayat Secretary-2018

  • बाघेलखंड पठार
  • छोटानागपुर पठार
  • बुंदेलखंड पठार
  • मालवा पठार

Explanation:

  • भौगोलिक दृष्टि से संपूर्ण झारखंड का मुख्य और केंद्रीय प्राकृतिक प्रभाग छोटा नागपुर पठार ही है।

छोटा नागपुर पठार ……. चट्टानों से बना है। Panchayat Secretary-2018

  • सेनोजोइक
  • पेलिओजोइक
  • मेसोजोइक
  • प्रीकैम्ब्रियन

Explanation:

  • छोटा नागपुर पठार की भूगर्भीय संरचना अत्यंत प्राचीन है और यह मुख्य रूप से प्राचीनतम प्रीकैम्ब्रियन  (Precambrian)काल की आग्नेय तथा रूपांतरित चट्टानों से निर्मित है।
झारखण्ड का भौगोलिक परिचय