JharkhandGK

झारखंड के वर्तमान राजभवन का निर्माण किस वर्ष में हुआ था?

  • मार्च 1935
  • मार्च 1934
  • मार्च 1931
  • मार्च 1947

Explanation:

  • झारखंड के राजभवन के वास्तुकार: सैडलो बैलर्ड (Sadlow Ballerd) थे।
  • राजभवन रांची में स्थित है।
  • राजभवन का निर्माण कार्य 1930 में शुरू हुआ था।
  • इसका निर्माण मार्च 1931 में पूरा हुआ।
  • निर्माण की अनुमानित लागत लगभग ₹7 लाख थी।
  • भवन की वास्तुकला मुख्यतः ब्रिटिश शैली (British Design) पर आधारित है।
  • छत पर गर्मी से बचाव के लिए डबल रानीगंज टाइल्स (Double Raniganj Tiles) का प्रयोग किया गया है।
  • राजभवन परिसर लगभग 62 एकड़ में फैला है।
  • परिसर में ऑड्रे हाउस (Audrey House) भी स्थित है, जो अब हेरिटेज हाउस के रूप में जाना जाता है।
  • ऑड्रे हाउस का निर्माण कैप्टन हैनिंग्टन (Captain Hannyngton) ने कराया था; वे 1850–1856 के दौरान छोटानागपुर के उपायुक्त थे।
  • 2025 में झारखंड राजभवन का नाम बदलकर “लोक भवन (Lok Bhavan)” किया गया।

झारखंड के राजभवन के आर्किटेक्ट कौन थे?

  • सैडलो बैलाई 
  • रिचर्ड ब्रॉडमन
  • एंड्र्यू बर्नार्ड
  • जॉर्ज मैथ्यू

Explanation:

  • झारखंड के राजभवन के वास्तुकार: सैडलो बैलर्ड (Sadlow Ballerd) थे।
  • राजभवन रांची में स्थित है।
  • राजभवन का निर्माण कार्य 1930 में शुरू हुआ था।
  • इसका निर्माण मार्च 1931 में पूरा हुआ।
  • निर्माण की अनुमानित लागत लगभग ₹7 लाख थी।
  • भवन की वास्तुकला मुख्यतः ब्रिटिश शैली (British Design) पर आधारित है।
  • छत पर गर्मी से बचाव के लिए डबल रानीगंज टाइल्स (Double Raniganj Tiles) का प्रयोग किया गया है।
  • राजभवन परिसर लगभग 62 एकड़ में फैला है।
  • परिसर में ऑड्रे हाउस (Audrey House) भी स्थित है, जो अब हेरिटेज हाउस के रूप में जाना जाता है।
  • ऑड्रे हाउस का निर्माण कैप्टन हैनिंग्टन (Captain Hannyngton) ने कराया था; वे 1850–1856 के दौरान छोटानागपुर के उपायुक्त थे।
  • 2025 में झारखंड राजभवन का नाम बदलकर “लोक भवन (Lok Bhavan)” किया गया।

वर्ष 2000 में झारखंड राज्य बनने के बाद कितने लोगों ने झारखंड के राज्यपाल के रूप में सेवा की है?

  • 12
  • 10
  • 8
  • 4

Explanation:

    • 15 नवंबर 2000 को झारखंड राज्य के गठन के बाद से अब तक 12 व्यक्तियों ने झारखंड के राज्यपाल के रूप में सेवा की/पद संभाला है। (2026 Data Based)
    • झारखंड के प्रथम राज्यपाल — प्रभात कुमार थे।
    • वर्तमान राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार हैं, जिन्होंने 31 जुलाई 2024 को पदभार ग्रहण किया।
    • झारखंड की पहली महिला राज्यपाल — द्रौपदी मुर्मू थीं।
    • द्रौपदी मुर्मू ने 18 मई 2015 से 13 जुलाई 2021 तक राज्यपाल के रूप में कार्य किया और वे झारखंड की सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाली राज्यपाल रही हैं।
    • राज्यपालों का क्रम:
      • 1. प्रभात कुमार (Prabhat Kumar)
        • कार्यकाल: 15 नवंबर 2000 – 3 फरवरी 2002
      • 2. विनोद चंद्र पांडे (V. C. Pandey)
        • कार्यकाल: 4 फरवरी 2002 – 14 जुलाई 2002
      • 3. न्यायमूर्ति एम. रामा जोइस (Justice M. Rama Jois)
        • कार्यकाल: 15 जुलाई 2002 – 11 जून 2003
      • 4. वेद प्रकाश मारवाह (Ved Prakash Marwah)
        • कार्यकाल: 12 जून 2003 – 9 दिसंबर 2004
      • 5. सैयद सिब्ते रज़ी (Syed Sibtey Razi)
        • कार्यकाल: 10 दिसंबर 2004 – 23 जुलाई 2009
      • 6. के. शंकरनारायणन (K. Sankaranarayanan)
        • कार्यकाल: 26 जुलाई 2009 – 21 जनवरी 2010
      • 7. एम. ओ. एच. फारूक (M. O. H. Farook)
        • कार्यकाल: 22 जनवरी 2010 – 3 सितंबर 2011
      • 8. सैयद अहमद (Syed Ahmed)
        • कार्यकाल: 4 सितंबर 2011 – 17 मई 2015
      • 9. द्रौपदी मुर्मू (Droupadi Murmu)
        • कार्यकाल: 18 मई 2015 – 13 जुलाई 2021
      • 10. रमेश बैस (Ramesh Bais)
        • कार्यकाल: 14 जुलाई 2021 – 17 फरवरी 2023
      • 11. सी. पी. राधाकृष्णन (C. P. Radhakrishnan)
        • कार्यकाल: 18 फरवरी 2023 – 30 जुलाई 2024
      • 12. संतोष कुमार गंगवार (Santosh Kumar Gangwar)
        • कार्यकाल: 31 जुलाई 2024 – वर्तमान (2026)
        • वे झारखंड के 12वें राज्यपाल हैं।

भाजपा, झारखंड की सरकार में किस दल के साथ गठबंधन में है?

  • निर्दलीय
  • जेडयू
  • एलजेपी
  • एजेएसयू 

Explanation:

  • वर्तमान में (2026) झारखंड में भाजपा सरकार में नहीं है।
  • झारखंड में वर्तमान सरकार झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेतृत्व में है और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन हैं।
  • भाजपा विपक्ष में है और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का नेतृत्व करती है।
  • झारखंड में भाजपा के प्रमुख NDA सहयोगी दल हैं:
    • ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (AJSU)
    • जनता दल (यूनाइटेड) [JD(U)]
    • लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) [LJP(RV)]
  • झारखंड राज्य गठन 15 नवंबर 2000 के बाद भाजपा के 3 अलग-अलग नेताओं ने मुख्यमंत्री पद संभाला है।
  • बाबूलाल मरांडी
    • झारखंड के प्रथम मुख्यमंत्री।
    • दल: भारतीय जनता पार्टी (BJP)
    • कार्यकाल: 15 नवंबर 2000 – 18 मार्च 2003
    • झारखंड के गठन के साथ ही मुख्यमंत्री बने।
  • अर्जुन मुंडा
    • दल: भारतीय जनता पार्टी (BJP)
    • मुख्यमंत्री के रूप में 3 बार कार्य किया:
    • 18 मार्च 2003 – 2 मार्च 2005
    • 12 मार्च 2005 – 19 सितंबर 2006
    • 11 सितंबर 2010 – 18 जनवरी 2013
  • रघुवर दास
    • दल: भारतीय जनता पार्टी (BJP)
    • कार्यकाल: 28 दिसंबर 2014 – 29 दिसंबर 2019
    • झारखंड के पहले गैर-आदिवासी मुख्यमंत्री और पूर्ण 5 वर्ष का कार्यकाल पूरा करने वाले पहले मुख्यमंत्री माने जाते हैं।
  • भाजपा के झारखंड में मुख्यमंत्री: 3 व्यक्ति
  • भाजपा के सबसे पहले मुख्यमंत्री: बाबूलाल मरांडी
  • भाजपा के सबसे अधिक बार मुख्यमंत्री: अर्जुन मुंडा — 3 बार
  • भाजपा के सबसे लंबे लगातार कार्यकाल वाले मुख्यमंत्री: रघुवर दास — लगभग 5 वर्ष
  • वर्तमान (2026): झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (JMM) हैं; भाजपा सत्ता में नहीं है।

झारखंड के इनमें से कौन-से राजनेता ने मध्य प्रदेश के राज्यपाल के रूप में काम किया है?

  • शिबू सोरेन
  • नारायण सिंह
  • रामेश्वर ठाकुर
  • भीष्म नारायण सिंह

Explanation:

  • श्री रामेश्वर ठाकुर (Rameshwar Thakur) ने मध्य प्रदेश के राज्यपाल के रूप में कार्य किया था।
  • उनका कार्यकाल: 30 जून 2009 से 7 सितंबर 2011 तक।
  • जन्म: 28 जुलाई 1927, ठाकुर गंगटी गाँव, गोड्डा जिला, झारखंड।
  • निधन: 15 जनवरी 2015।
  • राज्यपाल कार्यकाल:
    • उड़ीसा (2004–2006)
    • आंध्र प्रदेश (2006–2007)
    • कर्नाटक (2007–2009)
    • मध्य प्रदेश (2009–2011)

जनवरी 2010 से सितंबर 2011 तक झारखंड राज्य में एम.ओ. हसन फारूक मेरीकर ने निम्नलिखित में से कौन-सा पद धारण किया था?

  • मुख्यमंत्री
  • वित्त मंत्री
  • राज्यपाल
  • चीफ जस्टिस

Explanation:

  • पूरा नाम: एम. ओ. एच. फारूक (M. O. H. Farook)
  • जनवरी 2010 से सितंबर 2011 तक उन्होंने झारखंड के राज्यपाल (Governor of Jharkhand) का पद धारण किया।
  •  कार्यकाल: 22 जनवरी 2010 – 3 सितंबर 2011।
  • वे झारखंड के सातवें राज्यपाल थे।
  • वे पुडुचेरी के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्र में मंत्री भी रह चुके थे।
  • उनके बाद डॉ. सैयद अहमद ने झारखंड के राज्यपाल का पद संभाला।

दिसंबर 2004 से जुलाई 2009 तक झारखंड में सबसे लंबे समय तक पद पर बने रहने वाले राज्यपाल कौन थे?

  • वेद मारवाह
  • सैयद सिब्ते रजी
  • कतीकल शंकरनारायणन
  • एम. रमा जोयस

Explanation:

  • दिसंबर 2004 से जुलाई 2009 तक झारखंड के राज्यपाल सैयद सिब्ते रज़ी (Syed Sibtey Razi)।
  • उन्होंने 10 दिसंबर 2004 से 25 जुलाई 2009 तक झारखंड के राज्यपाल के रूप में कार्य किया।
  • उनका कार्यकाल लगभग 4 वर्ष 7 महीने रहा।
  • वे झारखंड के चौथे राज्यपाल थे।
  • उनके पूर्व वेद प्रकाश मारवाह और उनके बाद के. शंकरनारायणन झारखंड के राज्यपाल बने।

किसी राज्य के राज्यपाल की न्यूनतम आयु होनी चाहिए?

  • 35 साल
  • 30 साल
  • 25 साल
  • 32 साल

Explanation:

  • राज्यपाल बनने के लिए न्यूनतम आयु: 35 वर्ष
  • इसका प्रावधान भारतीय संविधान के अनुच्छेद 157 में है।
  • राज्यपाल बनने के लिए व्यक्ति का भारत का नागरिक होना आवश्यक है।
  • राज्यपाल की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।
  • राज्यपाल का सामान्य कार्यकाल 5 वर्ष होता है, लेकिन वह राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद पर रहता है।

……. के केंद्र में मौजूद राष्ट्रपति के समान कार्य होते हैं?

  • मुख्यमंत्री
  • मुख्य सचिव
  • राज्यपाल
  • चीफ जस्टिस

Explanation:

  • सही वाक्य: “राज्यपाल राज्य में राष्ट्रपति के समान कार्य करता है।”
  • राष्ट्रपति → केंद्र स्तर पर संवैधानिक प्रमुख
  • राज्यपाल → राज्य स्तर पर संवैधानिक प्रमुख
  • राज्यपाल को अक्सर राज्य का संवैधानिक प्रमुख कहा जाता है।
  • राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।
  • राज्यपाल से संबंधित प्रमुख संवैधानिक अनुच्छेद 153 से 162 हैं।

राज्यपाल की योग्यता संबंधित अनुच्छेद ……. है?

  • 170
  • 157
  • 150
  • 257

Explanation:

  • राज्यपाल की योग्यता से संबंधित अनुच्छेद: अनुच्छेद 157
  • राज्यपाल बनने के लिए व्यक्ति:
    • भारत का नागरिक होना चाहिए।
    • उसकी आयु कम से कम 35 वर्ष होनी चाहिए।

सैयद अहमद, जो झारखंड के 8वें राज्यपाल थे, को 2014 में निम्नलिखित राज्यों में से किस राज्य के लिए राज्यपाल बनाया गया था?

  • असम
  • नागालैंड
  • सिक्किम
  • झारखंड

Explanation:

  • सैयद अहमद (Syed Ahmed) झारखंड के 8वें राज्यपाल थे।
  • उन्होंने 4 सितंबर 2011 से 17 सितंबर 2013 तक झारखंड के राज्यपाल के रूप में कार्य किया।
  • वे महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भी रहे।
  • वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) से जुड़े राजनेता थे।
  • उनका जन्म 6 मार्च 1945 को महाराष्ट्र में हुआ था।
  • उनका निधन 27 सितंबर 2015 को हुआ।

द्रौपदी मुर्मू 9वें राज्यपाल के रूप में निम्नलिखित में से किसके स्थान पर पदस्थापित हुई हैं?

  • सैयद अहमद
  • सैयद सिब्ते रजी
  • प्रभात कुमार
  • बिरसा मुंडा

Explanation:

  • द्रौपदी मुर्मू झारखंड की 9वीं राज्यपाल बनी थीं और उन्होंने सैयद अहमद के कार्यकाल के पश्चात यह पद संभाला था। सैयद अहमद झारखंड के 8वें राज्यपाल थे।
  • सैयद अहमद (Syed Ahmed) झारखंड के 8वें राज्यपाल थे।
  • उन्होंने 4 सितंबर 2011 से 17 सितंबर 2013 तक झारखंड के राज्यपाल के रूप में कार्य किया।
  • वे महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भी रहे।
  • वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) से जुड़े राजनेता थे।
  • उनका जन्म 6 मार्च 1945 को महाराष्ट्र में हुआ था।
  • उनका निधन 27 सितंबर 2015 को हुआ।

झारखंड उच्च न्यायालय के निम्नलिखित मुख्य न्यायाधीशों में से किसने झारखंड के राज्यपाल के रूप में द्रौपदी मुर्मू को शपथ दिलाई है?

  • राजेंद्र सिंह
  • रविंद्र सिंह
  • वीरेंद्र सिंह
  • बिरसा मुंडा

Explanation:

  • मई 2015 में जब द्रौपदी मुर्मू ने झारखंड की पहली महिला राज्यपाल के रूप में शपथ ली थी, तब झारखंड उच्च न्यायालय के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति वीरेंद्र सिंह ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई थी।
  • उन्होंने 18 मई 2015 से 13 जुलाई 2021 तक झारखंड के 9th राज्यपाल के रूप में कार्य किया।
  • वे झारखंड की पहली महिला राज्यपाल थीं।
  • वे झारखंड की पहली आदिवासी महिला राज्यपाल भी थीं।
  • वे झारखंड की सबसे लंबे समय तक कार्य करने वाली राज्यपालों में से एक हैं।
  • वर्ष 2022 में वे भारत की 15वीं राष्ट्रपति निर्वाचित हुईं।
  • वे भारत की पहली आदिवासी राष्ट्रपति हैं।
  • वे भारत की दूसरी महिला राष्ट्रपति हैं।
  • उनका जन्म 20 जून 1958 को उपरबेड़ा, मयूरभंज, ओडिशा में हुआ था।
  • राष्ट्रपति बनने से पहले वे ओडिशा की विधायक और झारखंड की राज्यपाल रह चुकी थीं।

झारखंड के वर्तमान राज्यपाल (2026) कौन हैं?

  • राजेंद्र सिंह
  • सीपी राधाकृष्णन
  • संतोष कुमार गंगवार
  • द्रौपदी मुर्मू

Explanation:

  • वर्तमान राज्यपाल: श्री संतोष कुमार गंगवार (Santosh Kumar Gangwar)
  • वे झारखंड के 12वें राज्यपाल हैं।
  • उन्होंने 31 जुलाई 2024 को झारखंड के राज्यपाल के रूप में पदभार ग्रहण किया।
  • जन्म: 1 नवंबर 1948
  • जन्म स्थान: बरेली, उत्तर प्रदेश।
  • वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रहे हैं।
  • राजभवन, रांची राज्यपाल का आधिकारिक निवास है।

झारखंड के राज्यपाल बनने से पहले द्रौपदी मुर्मू ओडिशा के किस निर्वाचन क्षेत्र से विधायक रही हैं?

  • भुवनेश्वर
  • राजगिरी
  • कालाहांडी
  • रायरंगपुर

Explanation:

  • द्रौपदी मुर्मू झारखंड की 9th राज्यपाल बनने से पहले ओडिशा विधानसभा की रायरंगपुर (ST) निर्वाचन क्षेत्र से विधायक रही थीं।
  • निर्वाचन क्षेत्र: रायरंगपुर (Rairangpur) विधानसभा क्षेत्र
  • जिला: मयूरभंज, ओडिशा
  • उन्होंने 2000 और 2004 में रायरंगपुर से विधानसभा चुनाव जीता और 2000–2009 तक दो कार्यकाल विधायक रहीं।
  • विधायक रहते हुए उन्होंने ओडिशा सरकार में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में भी कार्य किया।
  • 2007 में उन्हें ओडिशा विधानसभा का पंडित नीलकंठ दास — सर्वश्रेष्ठ विधायक पुरस्कार मिला।

झारखंड के मौजूदा राज्यपाल किस राज्य से हैं?

  • बिहार
  • उत्तर प्रदेश
  • ओडिशा
  • तमिलनाडु

Explanation:

  • वर्तमान राज्यपाल: श्री संतोष कुमार गंगवार (Santosh Kumar Gangwar)
  • वे झारखंड के 12वें राज्यपाल हैं।
  • उन्होंने 31 जुलाई 2024 को झारखंड के राज्यपाल के रूप में पदभार ग्रहण किया।
  • जन्म: 1 नवंबर 1948
  • जन्म स्थान: बरेली, उत्तर प्रदेश।
  • वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रहे हैं।
  • राजभवन, रांची राज्यपाल का आधिकारिक निवास है।

न्यूनतम अवधि के लिए झारखंड के राज्यपाल के रूप में निम्न में से किसने सेवा की है?

  • सैयद सिब्ते रजी
  • सीपी राधाकृष्णन
  • विनोद चंद्र पांडेय
  • द्रौपदी मुर्मू

Explanation:

  • वी.सी. पांडेय (बिहार के राज्यपाल रहते हुए) ने झारखंड में कुछ समय के लिए अतिरिक्त प्रभार के रूप में सबसे न्यूनतम/अल्प अवधि के लिए राज्यपाल की जिम्मेदारी संभाली थी।
  • झारखंड के सबसे कम अवधि वाले राज्यपालविनोद चंद्र पांडे (V. C. Pandey)
    • उन्होंने झारखंड के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार (Additional Charge) संभाला था।
    • कार्यकाल: 4 फरवरी 2002 से 14 जुलाई 2002
    • कुल कार्यकाल लगभग 160 दिन (5 महीने 10 दिन) था।
    • वे उस समय बिहार के राज्यपाल भी थे और झारखंड का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे।

झारखंड की पहली महिला राज्यपाल का नाम क्या है?

  • शकुन्तला मुर्मू
  • लैला मुर्मू
  • केतकी मुर्मू
  • द्रौपदी मुर्मू

Explanation:

  • द्रौपदी मुर्मू झारखंड राज्य की पहली महिला राज्यपाल थीं, जिन्होंने 2015 से 2021 तक अपना कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा किया।
  • द्रौपदी मुर्मू झारखंड की 9th राज्यपाल बनने से पहले ओडिशा विधानसभा की रायरंगपुर (ST) निर्वाचन क्षेत्र से विधायक रही थीं।
  • निर्वाचन क्षेत्र: रायरंगपुर (Rairangpur) विधानसभा क्षेत्र
  • जिला: मयूरभंज, ओडिशा
  • उन्होंने 2000 और 2004 में रायरंगपुर से विधानसभा चुनाव जीता और 2000–2009 तक दो कार्यकाल विधायक रहीं।
  • विधायक रहते हुए उन्होंने ओडिशा सरकार में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में भी कार्य किया।
  • 2007 में उन्हें ओडिशा विधानसभा का पंडित नीलकंठ दास — सर्वश्रेष्ठ विधायक पुरस्कार मिला।

झारखंड के प्रथम राज्यपाल कौन थे?

  • सैयद सिब्ते रजी
  • प्रभात कुमार
  • वी.सी. पांडेय
  • सैयद अहमद

Explanation:

  • झारखंड राज्य के गठन (15 नवंबर 2000) के पश्चात नियुक्त होने वाले राज्य के प्रथम राज्यपाल प्रभात कुमार थे।
  • झारखंड के प्रथम राज्यपाल: श्री प्रभात कुमार (Prabhat Kumar)
  • उन्होंने 15 नवंबर 2000 को झारखंड के राज्यपाल के रूप में पदभार ग्रहण किया।
  • उनका कार्यकाल 15 नवंबर 2000 से 3 फरवरी 2002 तक रहा।
  • वे झारखंड राज्य के गठन के समय पहले राज्यपाल नियुक्त किए गए थे।
  • इससे पहले वे भारत के कैबिनेट सचिव (Cabinet Secretary) के पद पर कार्य कर चुके थे।
  • वे 1963 बैच के IAS अधिकारी थे।

सन 2000 में झारखंड गठन के बाद निम्नलिखित में से किसने राज्यपाल के रूप में अपनी सेवाएं दीं?

  • रघुबर दास
  • प्रभात कुमार
  • शिबू सोरेन
  • प्रभात कुमार

Explanation:

  • नवंबर 2000 में जब झारखंड एक स्वतंत्र राज्य के रूप में अस्तित्व में आया, तब प्रशासनिक व्यवस्था को संभालने के लिए प्रभात कुमार को पहले राज्यपाल के रूप में नियुक्त किया गया था।
  • झारखंड के प्रथम राज्यपाल: श्री प्रभात कुमार (Prabhat Kumar)
  • उन्होंने 15 नवंबर 2000 को झारखंड के राज्यपाल के रूप में पदभार ग्रहण किया।
  • उनका कार्यकाल 15 नवंबर 2000 से 3 फरवरी 2002 तक रहा।
  • वे झारखंड राज्य के गठन के समय पहले राज्यपाल नियुक्त किए गए थे।
  • इससे पहले वे भारत के कैबिनेट सचिव (Cabinet Secretary) के पद पर कार्य कर चुके थे।
  • वे 1963 बैच के IAS अधिकारी थे।

झारखंड में राष्ट्रपति शासन कितनी बार लगाया गया है?

  • दो बार
  • एक बार
  • तीन बार
  • इनमें से कोई नहीं

Explanation:

  • झारखंड राज्य के राजनीतिक इतिहास में अब तक कुल तीन बार (वर्ष 2009, 2010 और 2013 में) राष्ट्रपति शासन (President’s Rule) लागू किया जा चुका है।
  • राष्ट्रपति शासन भारतीय संविधान के अनुच्छेद 356 के तहत लगाया जाता है।
  • झारखंड में राष्ट्रपति शासन की तीन अवधियाँ:
    • पहली बार: 19 जनवरी 2009 – 30 दिसंबर 2009 – 345 दिन
    • दूसरी बार: 1 जून 2010 – 11 सितंबर 2010 – 102 दिन
    • तीसरी बार: 18 जनवरी 2013 – 13 जुलाई 2013 – 176 दिन
  • झारखंड में कुल मिलाकर लगभग 645 दिनों तक राष्ट्रपति शासन रहा।
  • 2009 → 2010 → 2013 = 3 बार

झारखंड राज्य के गठन के बाद पहली बार यहाँ राष्ट्रपति शासन कब लगाया गया?

  • जनवरी 2009
  • जनवरी 2010
  • जनवरी 2012
  • जनवरी 2008

Explanation:

  • झारखंड गठन के पश्चात राजनीतिक अस्थिरता के कारण राज्य में पहली बार 19 जनवरी 2009 को राष्ट्रपति शासन लागू किया गया था, जो शिबू सोरेन के मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद आया था।
  • झारखंड राज्य के गठन 15 नवंबर 2000 के बाद पहली बार राष्ट्रपति शासन 19 जनवरी 2009 को लगाया गया था।
  • यह भारतीय संविधान के अनुच्छेद 356 के तहत लगाया गया था।
  • उस समय झारखंड के राज्यपाल सैयद सिब्ते रज़ी थे।
  • राष्ट्रपति शासन लगाने का प्रमुख कारण राजनीतिक अस्थिरता और नई सरकार के गठन में असमर्थता था।
  • उस समय मुख्यमंत्री शिबू सोरेन ने इस्तीफा दिया था।
  • झारखंड विधानसभा को निलंबित अवस्था (Suspended Animation) में रखा गया था।
  • यह राष्ट्रपति शासन 19 जनवरी 2009 से 30 दिसंबर 2009 तक रहा।
    • पहली बार: 19 जनवरी 2009 – 30 दिसंबर 2009 – 345 दिन
    • दूसरी बार: 1 जून 2010 – 11 सितंबर 2010 – 102 दिन
    • तीसरी बार: 18 जनवरी 2013 – 13 जुलाई 2013 – 176 दिन

झारखंड में दूसरी बार राष्ट्रपति शासन किस वर्ष लागू हुआ था?

  • जनवरी 2009
  • जून 2010
  • जनवरी 2012
  • जून 2008

Explanation:

  • झारखंड में दूसरी बार राष्ट्रपति शासन 1 जून 2010 को लागू हुआ था, जो मुख्यमंत्री शिबू सोरेन द्वारा बहुमत साबित न कर पाने या गठबंधन टूटने की स्थिति के बाद लगाया गया था।
  • पहली बार: 19 जनवरी 2009 – 30 दिसंबर 2009 – 345 दिन
  • दूसरी बार: 1 जून 2010 – 11 सितंबर 2010 – 102 दिन
  • तीसरी बार: 18 जनवरी 2013 – 13 जुलाई 2013 – 176 दिन

झारखंड में राष्ट्रपति शासन कितनी बार लगाया गया है?

  • दो बार
  • एक बार
  • तीन बार
  • इनमें से कोई नहीं

Explanation:

  • झारखंड राज्य के राजनीतिक इतिहास में अब तक कुल तीन बार (वर्ष 2009, 2010 और 2013 में) भारतीय संविधान के अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति शासन लागू किया जा चुका है, जो राजनीतिक अस्थिरता और सरकारों के गिरने के कारण लगाया गया था।
  • पहली बार: 19 जनवरी 2009 – 30 दिसंबर 2009 – 345 दिन
  • दूसरी बार: 1 जून 2010 – 11 सितंबर 2010 – 102 दिन
  • तीसरी बार: 18 जनवरी 2013 – 13 जुलाई 2013 – 176 दिन

झारखंड राज्य के गठन के बाद पहली बार यहाँ राष्ट्रपति शासन कब लगाया गया?

  • जनवरी 2009
  • जनवरी 2010
  • जनवरी 2012
  • जनवरी 2008

Explanation:

  • झारखंड में सबसे पहली बार राष्ट्रपति शासन 19 जनवरी 2009 को लागू किया गया था। उस समय राज्य में मुख्यमंत्री पद को लेकर राजनीतिक संकट उत्पन्न हो गया था और उस वक्त राज्यपाल सैयद सिब्ते रजी थे।
  • पहली बार: 19 जनवरी 2009 – 30 दिसंबर 2009 – 345 दिन
  • दूसरी बार: 1 जून 2010 – 11 सितंबर 2010 – 102 दिन
  • तीसरी बार: 18 जनवरी 2013 – 13 जुलाई 2013 – 176 दिन

झारखंड में दूसरी बार राष्ट्रपति शासन किस वर्ष लागू हुआ था?

  • जनवरी 2009
  • जून 2010
  • जनवरी 2012
  • जून 2008

Explanation:

  • झारखंड में दूसरी बार राष्ट्रपति शासन 1 जून 2010 को लगाया गया था। यह स्थिति तब उत्पन्न हुई जब तत्कालीन मुख्यमंत्री शिबू सोरेन द्वारा नेतृत्व वाली सरकार से गठबंधन दल (BJP) ने अपना समर्थन वापस ले लिया था और बहुमत साबित न होने के कारण सरकार गिर गई थी।
  • पहली बार: 19 जनवरी 2009 – 30 दिसंबर 2009 – 345 दिन
  • दूसरी बार: 1 जून 2010 – 11 सितंबर 2010 – 102 दिन
  • तीसरी बार: 18 जनवरी 2013 – 13 जुलाई 2013 – 176 दिन

झारखंड में तीसरी बार किस वर्ष राष्ट्रपति शासन लागू हुआ था?

  • जनवरी 2009
  • जून 2010
  • जनवरी 2012
  • जनवरी 2013

Explanation:

  • राज्य में तीसरी बार राष्ट्रपति शासन 18 जनवरी 2013 को लागू किया गया था। यह तब हुआ जब अर्जुन मुंडा के नेतृत्व वाली सरकार अल्पमत में आ गई थी और उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
  • पहली बार: 19 जनवरी 2009 – 30 दिसंबर 2009 – 345 दिन
  • दूसरी बार: 1 जून 2010 – 11 सितंबर 2010 – 102 दिन
  • तीसरी बार: 18 जनवरी 2013 – 13 जुलाई 2013 – 176 दिन

वर्ष 2013 में जब राष्ट्रपति शासन लगाया गया, उस समय झारखंड के राज्यपाल कौन थे?

  • कतीकल शंकरनारायणन
  • एम.ओ. हसन फारूक मेरीकर
  • सैयद अहमद
  • द्रौपदी मुर्मू

Explanation:

  • वर्ष 2013 में जब झारखंड में तीसरी बार राष्ट्रपति शासन लगाया गया था, उस समयावधि में झारखंड के राज्यपाल के रूप में डॉ. सैयद अहमद अपनी सेवाएं दे रहे थे। उनके कार्यकाल के दौरान ही केंद्रीय शासन के तहत राज्य की प्रशासनिक कमान नियंत्रित की गई थी।
  • पहली बार: 19 जनवरी 2009 – 30 दिसंबर 2009 – 345 दिन
  • दूसरी बार: 1 जून 2010 – 11 सितंबर 2010 – 102 दिन
  • तीसरी बार: 18 जनवरी 2013 – 13 जुलाई 2013 – 176 दिन
  • 2009 → शिबू सोरेन → सैयद सिब्ते रज़ी
  • 2010 → शिबू सोरेन → M.O.H. फारूक
  • 2013 → अर्जुन मुंडा → सैयद अहमद
झारखंड के राज्यपाल