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पलामू किला किस नदी के किनारे है ?
- औरंगा नदी
- उत्तरी कोयल नदी
- बूढ़ा नदी
- अमानत नदी
Explanation:
- पलामू किला औरंगा नदी के तट पर स्थित है। यह किला लातेहार जिले में स्थित है और बेतला राष्ट्रीय उद्यान से लगभग 5 किमी. दूर है।
- निर्माण: इस किले का निर्माण चेरोवंशी शासकों द्वारा 1619 ई. में प्रारंभ किया गया था।
- दो किले: यहाँ पुराना किला (निर्माता: प्रताप राय, जो शाहजहाँ के समकालीन थे) और नया किला (निर्माता: मेदिनी राय, जो औरंगजेब के समकालीन थे) स्थित हैं।
- प्रमुख विशेषताएँ:
- नागपुरी दरवाजा: 40 फीट ऊँचा व 15 फीट चौड़ा है।
- तीन गुंबदों वाला मस्जिद: इसका निर्माण दाउद खाँ ने 1661 ई. में कराया था।
- महत्वपूर्ण तथ्य:
- चैनपुर का किला (मेदिनीनगर, पलामू) कोयल नदी के तट पर स्थित है तथा यहाँ चैनपुर बंगला स्मारक स्थित है।
- जपला का किला (पलामू) सोन नदी के किनारे बसा है और मध्यकालीन खरवार शासक प्रताप धवल की राजधानी थी।
पलामू में स्थित रोहिल्लों का किला का निर्माण किसने कराया था?
- शआदत खाँ
- पूरनमल
- मुजफ्फर खाँ
- गोमुखी
Explanation:
- रोहिल्लों का किला (अलीनगर, जपला, पलामू) का निर्माण रोहिल्ला सरदार मुजफ्फर खाँ ने कराया था।
- यह किला त्रिभुजाकार आकार का है तथा पलामू जिले में स्थित है।
- महत्वपूर्ण तथ्य:
- विश्रामपुर का किला (पलामू) का निर्माण चेरोवंशी शासक राजा तड़वन ने कराया था।
- शाहपुर का किला (पलामू) का निर्माण गोपाल राय ने 1772 ई. में कराया था।
- चैनपुर का किला (मेदिनीनगर, पलामू) का निर्माण पूरनमल के वंशजों ने कराया था।
किसे ‘बंगाल का प्रवेश द्वार’ भी कहा जाता है?
- चैनपूर का किला
- पलामू का किला
- तेलियागढ़ का किला
- पंचकोट का किला
Explanation:
- तेलियागढ़ किला को ‘बंगाल का प्रवेश द्वार’ (गेटवे ऑफ बंगाल) भी कहा जाता है।
- यह किला राजमहल पहाड़ी, साहेबगंज में स्थित है तथा इसका निर्माण तेली राजा ने मुगल काल में कराया था।
- विभिन्न यात्रियों द्वारा उल्लेख:
- चीनी यात्री ह्वेनसांग की यात्रा वृत्तांत
- ईरानी यात्री अब्दुल लतीफ की यात्रा वृत्तांत
- फ्रांसिस बुकानन व कनिंघम की यात्रा वृत्तांत
- ‘आइन-ए-अकबरी’ तथा ‘जहाँगीरनामा’ में भी इसका उल्लेख है।
- महत्वपूर्ण: मेगस्थनीज ने अपनी पुस्तक ‘इंडिका’ में गंगा नदी से सटे पहाड़ी पर बड़े बौद्ध विहार का उल्लेख किया है, जिसका संबंध तेलियागढ़ी क्षेत्र से ही है।
तेलियागढ़ का किला कहाँ अवस्थित है?
- नेतरहाट, लातेहार
- राजमहल पहाड़ी
- लोहरदगा
- चतरा
Explanation:
- तेलियागढ़ किला राजमहल पहाड़ी, साहेबगंज में अवस्थित है।
- इसे ‘बंगाल का प्रवेश द्वार’ (गेटवे ऑफ बंगाल) भी कहा जाता है तथा इसका निर्माण तेली राजा ने मुगल काल में कराया था।
- महत्वपूर्ण तथ्य:
- राजमहल किला (साहेबगंज) का निर्माण 15वीं शताब्दी में अकबर के सेनापति मानसिंह ने कराया था।
- मानसिंह ने राजमहल को बंगाल की राजधानी भी बनाया था तथा किले के भीतर जामा मस्जिद का निर्माण भी कराया था।
पंचकोट का किला कहाँ अवस्थित है?
- नेतरहाट, लातेहार
- धनबाद
- लोहरदगा
- चतरा
Explanation:
- पंचकोट का किला पंचेत पहाड़, धनबाद में अवस्थित है।
- इसका निर्माण गोवंशी शासक गोमुखी ने 1600 ई. में कराया था।
- धनबाद जिले के प्रमुख किले:
- कतरासगढ़ का किला – 18वीं शताब्दी में कतरास के शासकों द्वारा, कटनी (कतरी) नदी के तट पर स्थित।
- झरियागढ़ महल – मूल रूप से झरिया में स्थित था, बाद में कतरासगढ़ स्थानांतरित कर दिया गया।
पलामू किला कहाँ अवस्थित है?
- लातेहार
- पलामू
- लोहरदगा
- चतरा
Explanation:
- पलामू किला लातेहार जिले में अवस्थित है। यह औरंगा नदी के तट पर स्थित है तथा बेतला राष्ट्रीय उद्यान से लगभग 5 किमी. दूर है।
- निर्माण: इस किले का निर्माण चेरोवंशी शासकों द्वारा 1619 ई. में प्रारंभ किया गया था।
- दो किले:
- पुराना किला – प्रताप राय (शाहजहाँ का समकालीन)
- नया किला – मेदिनी राय (औरंगजेब का समकालीन)
- प्रमुख विशेषताएँ: नागपुरी दरवाजा (40 फीट ऊँचा व 15 फीट चौड़ा) तथा तीन गुंबदों वाला मस्जिद (दाउद खाँ द्वारा 1661 ई. में निर्मित)।
नारायणपुर किला कहाँ अवस्थित है?
- लातेहार
- धनबाद
- लोहरदगा
- चतरा
Explanation:
- नारायणपुर किला (नावागढ़) लातेहार जिले में अवस्थित है।
- इसका निर्माण चेरोवंशी शासक भागवत राय के लेखपाल जाज दास ने कराया था।
- महत्वपूर्ण तथ्य: लातेहार जिले में पलामू किला तथा नारायणपुर किला दो प्रमुख किले स्थित हैं।
विश्रामपुर का किला कहाँ अवस्थित है?
- लातेहार
- धनबाद
- लोहरदगा
- पलामू
Explanation:
- विश्रामपुर का किला पलामू जिले में अवस्थित है।
- इसका निर्माण चेरोवंशी शासक राजा तड़वन ने कराया था।
- पलामू जिले के प्रमुख किले:
- शाहपुर का किला – गोपाल राय (1772 ई.)
- चैनपुर का किला – पूरनमल के वंशज (कोयल नदी के तट पर)
- रोहिल्लों का किला – मुजफ्फर खाँ (त्रिभुजाकार)
- जपला का किला – सोन नदी के किनारे, खरवार शासक प्रताप धवल की राजधानी
रोहिल्लों का किला कहाँ अवस्थित है?
- लातेहार
- धनबाद
- लोहरदगा
- पलामू
Explanation:
- रोहिल्लों का किला (अलीनगर, जपला) पलामू जिले में अवस्थित है।
- इसका निर्माण रोहिल्ला सरदार मुजफ्फर खाँ ने कराया था तथा यह त्रिभुजाकार आकार का है।
- महत्वपूर्ण तथ्य: जपला सोन नदी के किनारे बसा हुआ है तथा यह मध्यकालीन खरवार शासक प्रताप धवल की राजधानी था।
चैनपुर का किला कहाँ अवस्थित है?
- लातेहार
- धनबाद
- लोहरदगा
- पलामू
Explanation:
- चैनपुर का किला (मेदिनीनगर) पलामू जिले में अवस्थित है।
- इसका निर्माण पूरनमल के वंशजों ने कराया था तथा यह कोयल नदी के तट पर अवस्थित है।
- यहाँ चैनपुर बंगला स्मारक भी स्थित है।
- महत्वपूर्ण: कोयल नदी पलामू की प्रमुख नदी है, जबकि औरंगा नदी के तट पर पलामू किला स्थित है।
शाहपुर का किला कहाँ अवस्थित है?
- लातेहार
- धनबाद
- लोहरदगा
- पलामू
Explanation:
- शाहपुर का किला पलामू जिले में अवस्थित है।
- इसका निर्माण गोपाल राय ने 1772 ई. में कराया था।
- पलामू जिले के किले: विश्रामपुर, रोहिल्लों का किला, चैनपुर, जपला तथा शाहपुर के किले पलामू जिले के प्रमुख किले हैं।
जपला का किला कहाँ अवस्थित है?
- लातेहार
- धनबाद
- लोहरदगा
- पलामू
Explanation:
- जपला का किला पलामू जिले में अवस्थित है।
- जपला सोन नदी के किनारे बसा हुआ है तथा यह मध्यकालीन खरवार शासक प्रताप धवल की राजधानी था।
- महत्वपूर्ण तथ्य:
- सोन नदी झारखंड की प्रमुख नदी है।
- खरवार जनजाति झारखंड के प्राचीन निवासियों में से एक है।
कुंडा का किला कहाँ अवस्थित है?
- लातेहार
- चतरा
- लोहरदगा
- पलामू
Explanation:
- कुंडा का किला कुंडा (चतरा) में अवस्थित है।
- इसका निर्माण चेरोवंशी राजा ने 14वीं शताब्दी में कराया था।
- महत्वपूर्ण तथ्य: चेरोवंशी शासकों ने झारखंड में अनेक किलों का निर्माण कराया, जिनमें पलामू किला, कुंडा का किला आदि प्रमुख हैं।
पद्मा का किला कहाँ अवस्थित है?
- हजारीबाग
- चतरा
- लोहरदगा
- पलामू
Explanation:
- पद्मा का किला पद्मा (हजारीबाग) में अवस्थित है।
- यह NH-33 के किनारे अवस्थित है तथा राज्य सरकार द्वारा इसे पुलिस प्रशिक्षण केन्द्र बना दिया गया है।
- हजारीबाग जिले के प्रमुख किले:
- पद्मा का किला – NH-33 के किनारे, वर्तमान में पुलिस प्रशिक्षण केन्द्र
- बादम का किला – निर्माण राजा हेमन्त सिंह ने कराया था, यहाँ 1642 ई. में शिव मंदिर का निर्माण भी कराया गया था।
बादम का किला, कहाँ अवस्थित है?
- हजारीबाग
- चतरा
- लोहरदगा
- पलामू
Explanation:
- बादम का किला हजारीबाग जिले में अवस्थित है।
- इसका निर्माण रामगढ़ के राजा हेमन्त सिंह ने कराया था।
- 1642 ई. में राजा हेमन्त सिंह ने यहाँ एक शिव मंदिर का निर्माण भी कराया था।
- महत्वपूर्ण तथ्य: रामगढ़ के राजा हेमन्त सिंह का गढ़बाँध किला, रामगढ़ के निर्माण से भी संबंध रहा है।
राजमहल किला, कहाँ अवस्थित है?
- हजारीबाग
- चतरा
- साहेबगंज
- पलामू
Explanation:
- राजमहल किला साहेबगंज जिले में अवस्थित है।
- इसका निर्माण 15वीं शताब्दी में अकबर के सेनापति मानसिंह ने कराया था।
- मानसिंह ने राजमहल को बंगाल की राजधानी भी बनाया था तथा किले के भीतर एक जामा मस्जिद का निर्माण भी कराया था।
- महत्वपूर्ण: तेलियागढ़ किला भी साहेबगंज जिले के राजमहल पहाड़ी पर स्थित है, जिसे ‘बंगाल का प्रवेश द्वार’ कहा जाता है।
अलीगंज किला, कहाँ अवस्थित है?
- हजारीबाग
- पाकुड़
- साहेबगंज
- पलामू
Explanation:
- अलीगंज किला पाकुड़ जिले में अवस्थित है।
- इस किले से संथाल विद्रोह की शुरुआत हुई थी, इसलिए यह किला संथाली एकता एवं वीरता का प्रतीक है।
- महत्वपूर्ण: संथाल विद्रोह (1855-56) झारखंड के इतिहास की एक प्रमुख घटना है, जिसका नेतृत्व सिद्धू-कान्हू ने किया था।
कतरासगढ़ का किला, कहाँ अवस्थित है?
- धनबाद
- पाकुड़
- साहेबगंज
- पलामू
Explanation:
- कतरासगढ़ का किला धनबाद जिले में अवस्थित है।
- इसका निर्माण कतरास के शासकों द्वारा 18वीं शताब्दी में कराया गया था तथा यह कटनी (कतरी) नदी के तट पर स्थित है।
- धनबाद जिले के अन्य किले:
- पंचकोट का किला – गोवंशी शासक गोमुखी (1600 ई.)
- झरियागढ़ महल – मूल रूप से झरिया में, बाद में कतरासगढ़ स्थानांतरित
पंचकोट का किला, कहाँ अवस्थित है?
- धनबाद
- पाकुड़
- साहेबगंज
- पलामू
Explanation:
- पंचकोट का किला पंचेत पहाड़, धनबाद में अवस्थित है।
- इसका निर्माण गोवंशी शासक गोमुखी ने 1600 ई. में कराया था।
- महत्वपूर्ण: धनबाद झारखंड का कोयला खनन क्षेत्र है, जहाँ कतरासगढ़, पंचकोट तथा झरिया के किले स्थित हैं।
झरियागढ़ महल, कहाँ अवस्थित है?
- धनबाद
- पाकुड़
- साहेबगंज
- पलामू
Explanation:
- झरियागढ़ महल धनबाद जिले में अवस्थित है।
- मूल रूप से यह धनबाद जिले के झरिया में स्थित था, लेकिन बाद में इसे कतरासगढ़ स्थानांतरित कर दिया गया था।
- महत्वपूर्ण: झरिया झारखंड के प्रमुख कोयला क्षेत्रों में से एक है।
रामगढ़ का किला, कहाँ अवस्थित है?
- धनबाद
- हजारीबाग
- रामगढ़
- पलामू
Explanation:
- रामगढ़ का किला रामगढ़ जिले में अवस्थित है।
- इसका निर्माण राजा सबल राय ने कराया था।
- रामगढ़ जिले के प्रमुख किले:
- इचाक का किला – तेज सिंह
- गढ़बाँध किला – राजा हेमंत सिंह (1670 ई., दामोदर नदी किनारे)
इचाक का किला, कहाँ अवस्थित है?
- धनबाद
- हजारीबाग
- रामगढ़
- पलामू
Explanation:
- इचाक का किला रामगढ़ जिले में अवस्थित है।
- इसका निर्माण तेज सिंह ने कराया था।
- महत्वपूर्ण: रामगढ़ जिला झारखंड के उत्तरी भाग में स्थित है, जहाँ रामगढ़, इचाक तथा गढ़बाँध के किले स्थित हैं।
गढ़बाँध किला, कहाँ अवस्थित है?
- धनबाद
- हजारीबाग
- रामगढ़
- पलामू
Explanation:
- गढ़बाँध किला रामगढ़ जिले में अवस्थित है।
- इसका निर्माण राजा हेमंत सिंह ने 1670 ई. में दामोदर नदी के किनारे कराया था, जब उन्होंने राजधानी बादम से रामगढ़ स्थानांतरित की थी।
- यह किला 1805 ई. में राजाराम मोहन राय की रामगढ़ यात्रा का गवाह भी बना।
- महत्वपूर्ण:
- दामोदर नदी झारखंड की प्रमुख नदी है, जिसे ‘बंगाल का शोक’ भी कहा जाता है।
- राजाराम मोहन राय को ‘भारतीय पुनर्जागरण का जनक’ कहा जाता है।
रातू का किला, कहाँ अवस्थित है?
- धनबाद
- हजारीबाग
- रामगढ़
- राँची
Explanation:
- रातू का किला रातू (राँची) में अवस्थित है।
- इसका निर्माण नागवंशी राजा उदयनाथ शाहदेव ने 1870 ई. में कराया था।
- महत्वपूर्ण तथ्य:
- शत्रु किला भी रातू, राँची में स्थित है, जिसका निर्माण नागवंशी राजाओं ने कराया था।
- नागवंशी राजा झारखंड के प्रमुख शासक वंशों में से एक थे, जिन्होंने रातू, खूटी, गुमला आदि क्षेत्रों में शासन किया।
शत्रु किला, कहाँ अवस्थित है?
- धनबाद
- हजारीबाग
- रामगढ़
- राँची
Explanation:
- शत्रु किला रातू, राँची में अवस्थित है।
- इसका निर्माण नागवंशी राजाओं ने कराया था।
- महत्वपूर्ण: रातू का किला तथा शत्रु किला दोनों राँची जिले के रातू क्षेत्र में स्थित हैं, जिनका निर्माण नागवंशी राजाओं द्वारा कराया गया था।
तिलमी का किला, कहाँ अवस्थित है?
- धनबाद
- हजारीबाग
- खूटी
- राँची
Explanation:
- तिलमी का किला कर्रा (खूटी) में अवस्थित है।
- इसका निर्माण अकबर नामक एक नागवंशी ठाकुर ने 1737 ई. में कराया था।
- महत्वपूर्ण:
- खूटी झारखंड का एक जिला है, जो राँची के निकट स्थित है।
- नागवंशी ठाकुर नागवंशी राजाओं के सामंत या जागीरदार होते थे।
जैतगढ़ का किला, कहाँ अवस्थित है?
- पश्चिमी सिंहभूम
- हजारीबाग
- खूटी
- राँची
Explanation:
- जैतगढ़ का किला पश्चिमी सिंहभूम जिले में अवस्थित है।
- यह बैतरणी नदी के किनारे स्थित है।
- इसका निर्माण पोरहाट नरेश काला अर्जुन सिंह ने कराया था।
- महत्वपूर्ण: बैतरणी नदी झारखंड की प्रमुख नदी है, जो पश्चिमी सिंहभूम से होकर बहती है।
जगन्नाथ का किला, कहाँ अवस्थित है?
- पश्चिमी सिंहभूम
- हजारीबाग
- खूटी
- राँची
Explanation:
- जगन्नाथ का किला पश्चिमी सिंहभूम जिले में अवस्थित है।
- इसे पोराहाट का किला भी कहा जाता है।
- इसका निर्माण पोराहाट वंश के राजा जगन्नाथ सिंह ने कराया था।
- महत्वपूर्ण: पोराहाट पश्चिमी सिंहभूम का एक प्रमुख ऐतिहासिक स्थल है, जो पोरहाट राजवंश की राजधानी रहा है।
पोराहाट का किला, कहाँ अवस्थित है?
- पश्चिमी सिंहभूम
- हजारीबाग
- खूटी
- राँची
Explanation:
- पोराहाट का किला पश्चिमी सिंहभूम जिले में अवस्थित है।
- इसे जगन्नाथ का किला भी कहा जाता है।
- इसका निर्माण पोराहाट वंश के राजा जगन्नाथ सिंह ने कराया था।
- पश्चिमी सिंहभूम के प्रमुख किले:
- जैतगढ़ का किला – काला अर्जुन सिंह (बैतरणी नदी के किनारे)
- जगन्नाथ का किला / पोराहाट का किला – राजा जगन्नाथ सिंह
- केसानगढ़ का किला – चाईबासा में स्थित
- चक्रधरपुर की राजवाड़ी – नरपति सिंह (1910-20 ई.)
चक्रधरपुर की राजवाड़ी, कहाँ अवस्थित है?
- पश्चिमी सिंहभूम
- हजारीबाग
- खूटी
- राँची
Explanation:
- चक्रधरपुर की राजवाड़ी चक्रधरपुर (पश्चिमी सिंहभूम) में अवस्थित है।
- इसका निर्माण राजा अर्जुन सिंह के पुत्र नरपति (नागपति) सिंह ने 1910-20 ई. के बीच कराया था।
- बाद में, राजा की पुत्री शशांक मंजरी ने इस किले को विक्रय कर दिया था।
- महत्वपूर्ण: चक्रधरपुर पश्चिमी सिंहभूम का एक प्रमुख शहर है, जो रेलवे जंक्शन के लिए जाना जाता है।
केसानगढ़ का किला, कहाँ अवस्थित है?
- पश्चिमी सिंहभूम
- हजारीबाग
- खूटी
- राँची
Explanation:
- केसानगढ़ का किला चाईबासा (पश्चिमी सिंहभूम) में अवस्थित है।
- इसका निर्माण केसना ने कराया था।
- महत्वपूर्ण: चाईबासा पश्चिमी सिंहभूम जिले का मुख्यालय है।
बहरागोड़ा भवन, कहाँ अवस्थित है?
- पश्चिमी सिंहभूम
- पूर्वी सिंहभूम
- खूटी
- राँची
Explanation:
- बहरागोड़ा भवन पूर्वी सिंहभूम जिले में अवस्थित है।
- इन भवनों का प्रयोग ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा नील बनाने हेतु किया जाता था।
- महत्वपूर्ण:
- नील (Indigo) एक प्राकृतिक रंग है, जिसका उत्पादन भारत में अंग्रेजों द्वारा किया जाता था।
- नील विद्रोह (1859-60) बंगाल में हुआ था, लेकिन झारखंड में भी नील उत्पादन के केंद्र थे।
धालभूमगढ़ किला, कहाँ अवस्थित है?
- पश्चिमी सिंहभूम
- पूर्वी सिंहभूम
- खूटी
- राँची
Explanation:
- धालभूमगढ़ किला पूर्वी सिंहभूम जिले में अवस्थित है।
- जगन्नाथ ढाल ने धालभूम तथा घाटशिला दोनों स्थानों पर एक-एक किले का निर्माण कराया था।
- बाद में, अंग्रेज अधिकारी फर्ग्यूसन ने धालभूम पर आक्रमण के दौरान इन किलों का विध्वंस कर दिया था।
जगन्नाथपुर का किला, कहाँ अवस्थित है?
- पश्चिमी सिंहभूम
- पूर्वी सिंहभूम
- खूटी
- राँची
Explanation:
- जगन्नाथपुर का किला पूर्वी सिंहभूम जिले में अवस्थित है।
- इसे मिट्टी का किला भी कहा जाता है।
- महत्वपूर्ण: जगन्नाथपुर पूर्वी सिंहभूम का एक ऐतिहासिक स्थल है, जो जगन्नाथ मंदिर के लिए भी जाना जाता है।
नवरतनगढ़ महल, कहाँ अवस्थित है?
- पश्चिमी सिंहभूम
- पूर्वी सिंहभूम
- खूटी
- गुमला
Explanation:
- नवरतनगढ़ महल (जिसे दोयसा का किला भी कहा जाता है) गुमला जिले में अवस्थित है।
- इसका निर्माण नागवंशी राजा दुर्जनशाल ने 1585 ई. में कराया था।
- यह एक पंचमंजिला भवन था, लेकिन वर्तमान में तीन मंजिल शेष हैं।
- इसे ‘झारखण्ड का हम्पी’ भी कहा जाता है तथा इसे संरक्षित स्मारक घोषित किया गया है।
- इस महल से मुगल परंपरा के तर्ज पर झरोखा दर्शन दिया जाता था।
दोयसा का किला, कहाँ अवस्थित है?
- पश्चिमी सिंहभूम
- पूर्वी सिंहभूम
- खूटी
- गुमला
Explanation:
- दोयसा का किला (जिसे नवरतनगढ़ महल भी कहा जाता है) गुमला जिले में अवस्थित है।
- इसका निर्माण नागवंशी राजा दुर्जनशाल ने 1585 ई. में कराया था।
- नागवंशी राजा दुर्जन साल जहांगीर की कैद से रिहा (1615-1627) होने के बाद अपनी राजधानी कोकरह से दोयसा बनाई और यहीं पर 5 मंजिला भवन बनाया।
- इसे ‘झारखण्ड का हम्पी’ भी कहा जाता है।
पालकोट का राजमहल, कहाँ अवस्थित है?
- पश्चिमी सिंहभूम
- पूर्वी सिंहभूम
- खूटी
- गुमला
Explanation:
- पालकोट का राजमहल गुमला जिले में अवस्थित है।
- इसका निर्माण यदुनाथ शाह ने कराया था।
- जब यदुनाथ साह ने दोईसा की जगह पालकोट को राजधानी बनाई, तभी इस भवन का निर्माण हुआ था।
- महत्वपूर्ण: यह किला NH-23 पर स्थित है।
नागफनी का राजमहल, कहाँ अवस्थित है?
- पश्चिमी सिंहभूम
- पूर्वी सिंहभूम
- खूटी
- गुमला
Explanation:
- नागफनी का राजमहल सिसई (गुमला) में अवस्थित है।
- इसका निर्माण 1704 ई. में कराया गया था।
- गुमला जिले के प्रमुख किले/महल:
- नवरतनगढ़ महल / दोयसा का किला – दुर्जनशाल (1585 ई.), ‘झारखण्ड का हम्पी’
- पालकोट का राजमहल – यदुनाथ शाह (NH-23 पर)
- नागफनी का राजमहल – 1704 ई. (सिसई)
रामगढ़ का किला किसने निर्मित कराया था?
- राजा मेदिनीराय
- राजा विराट कर्ण
- राजा तेजराय
- राजा सबल राय
Explanation:
- रामगढ़ का किला का निर्माण राजा सबल राय ने कराया था।
- रामगढ़ जिले के अन्य किले:
- इचाक का किला – तेज सिंह
- गढ़बाँध किला – राजा हेमंत सिंह (1670 ई., दामोदर नदी किनारे)
- महत्वपूर्ण: रामगढ़ झारखंड का एक ऐतिहासिक जिला है, जो अपने किलों के लिए जाना जाता है। गढ़बाँध किला 1805 ई. में राजाराम मोहन राय की रामगढ़ यात्रा का गवाह भी बना था।
राज्य के किस किले को सरकार द्वारा पुलिस प्रशिक्षण केन्द्र के रूप में परिणत कर दिया गया है?
- पालकोट का किला, राँची
- पद्मा का किला, हजारीबाग
- पोराहाट का किला, प. सिंहभूम
- जैतगढ़ का किला, प. सिंहभूम
Explanation:
- पद्मा का किला (हजारीबाग) को राज्य सरकार द्वारा पुलिस प्रशिक्षण केन्द्र के रूप में परिणत कर दिया गया है।
- यह किला NH-33 के किनारे अवस्थित है।
- महत्वपूर्ण:
- हजारीबाग जिले में पद्मा का किला तथा बादम का किला दो प्रमुख किले स्थित हैं।
- बादम का किला का निर्माण रामगढ़ के राजा हेमन्त सिंह ने कराया था तथा 1642 ई. में यहाँ शिव मंदिर का निर्माण भी कराया गया था।
पालकोट का राजमहल, गुमला किसने निर्मित कराया था?
- यदुनाथ शाह
- राजा विराट कर्ण
- राजा तेजराय
- राजा सबल राय
Explanation:
- पालकोट का राजमहल (गुमला) का निर्माण यदुनाथ शाह ने कराया था।
- जब यदुनाथ साह ने दोईसा की जगह पालकोट को राजधानी बनाई, तभी इस भवन का निर्माण हुआ था।
- यह किला NH-23 पर स्थित है।
- महत्वपूर्ण: गुमला जिले के प्रमुख किले/महल:
- नवरतनगढ़ महल / दोयसा का किला – दुर्जनशाल (1585 ई.), ‘झारखण्ड का हम्पी’
- पालकोट का राजमहल – यदुनाथ शाह
- नागफनी का राजमहल – 1704 ई. (सिसई)
नवरतनगढ़ महल किसने निर्मित कराया था?
- यदुनाथ शाह
- दुर्जनशाल
- राजा तेजराय
- राजा सबल राय
Explanation:
- नवरतनगढ़ महल (जिसे दोयसा का किला भी कहा जाता है) का निर्माण नागवंशी राजा दुर्जनशाल ने 1585 ई. में कराया था।
- यह एक पंचमंजिला भवन था, लेकिन वर्तमान में तीन मंजिल शेष हैं।
- इसे ‘झारखण्ड का हम्पी’ भी कहा जाता है तथा इसे संरक्षित स्मारक घोषित किया गया है।
- नागवंशी राजा दुर्जन साल जहांगीर की कैद से रिहा (1615-1627) होने के बाद अपनी राजधानी कोकरह से दोयसा बनाई और यहीं पर 5 मंजिला भवन बनाया।
- इस महल से मुगल परंपरा के तर्ज पर झरोखा दर्शन दिया जाता था।
दोयसा का किला किसने निर्मित कराया था?
- यदुनाथ शाह
- दुर्जनशाल
- राजा तेजराय
- राजा सबल राय
Explanation:
- दोयसा का किला (जिसे नवरतनगढ़ महल भी कहा जाता है) का निर्माण नागवंशी राजा दुर्जनशाल ने 1585 ई. में कराया था।
- नागवंशी राजा दुर्जन साल जहांगीर की कैद से रिहा (1615-1627) होने के बाद अपनी राजधानी कोकरह से दोयसा बनाई।
- इसे ‘झारखण्ड का हम्पी’ भी कहा जाता है तथा यह संरक्षित स्मारक है।
चक्रधरपुर की राजवाड़ी किसने निर्मित कराया था?
- यदुनाथ शाह
- दुर्जनशाल
- नरपति सिंह
- अर्जुन सिंह
Explanation:
- चक्रधरपुर की राजवाड़ी (पश्चिमी सिंहभूम) का निर्माण राजा अर्जुन सिंह के पुत्र नरपति (नागपति) सिंह ने 1910-20 ई. के बीच कराया था।
- बाद में, राजा की पुत्री शशांक मंजरी ने इस किले को विक्रय कर दिया था।
- महत्वपूर्ण: चक्रधरपुर पश्चिमी सिंहभूम का एक प्रमुख शहर है, जो रेलवे जंक्शन के लिए जाना जाता है।
जगन्नाथ का किला किसने निर्मित कराया था?
- यदुनाथ शाह
- जगन्नाथ सिंह
- नरपति सिंह
- अर्जुन सिंह
Explanation:
- जगन्नाथ का किला (जिसे पोराहाट का किला भी कहा जाता है) का निर्माण पोराहाट वंश के राजा जगन्नाथ सिंह ने कराया था।
- यह पश्चिमी सिंहभूम जिले में स्थित है।
- पश्चिमी सिंहभूम के प्रमुख किले:
- जैतगढ़ का किला – काला अर्जुन सिंह (बैतरणी नदी के किनारे)
- जगन्नाथ का किला / पोराहाट का किला – राजा जगन्नाथ सिंह
- केसानगढ़ का किला – चाईबासा में स्थित
- चक्रधरपुर की राजवाड़ी – नरपति सिंह (1910-20 ई.)
पोराहाट का किला किसने निर्मित कराया था?
- यदुनाथ शाह
- जगन्नाथ सिंह
- नरपति सिंह
- अर्जुन सिंह
Explanation:
- पोराहाट का किला (जिसे जगन्नाथ का किला भी कहा जाता है) का निर्माण पोराहाट वंश के राजा जगन्नाथ सिंह ने कराया था।
- यह पश्चिमी सिंहभूम जिले में स्थित है।
- पोराहाट पश्चिमी सिंहभूम का एक प्रमुख ऐतिहासिक स्थल है, जो पोरहाट राजवंश की राजधानी रहा है।
जैतगढ़ का किला किसने निर्मित कराया था?
- काला अर्जुन सिंह
- जगन्नाथ सिंह
- नरपति सिंह
- अर्जुन सिंह
Explanation:
- जैतगढ़ का किला (पश्चिमी सिंहभूम) का निर्माण पोरहाट नरेश काला अर्जुन सिंह ने कराया था।
- यह बैतरणी नदी के किनारे स्थित है।
- महत्वपूर्ण: बैतरणी नदी झारखंड की प्रमुख नदी है, जो पश्चिमी सिंहभूम से होकर बहती है।
तिलमी का किला किसने निर्मित कराया था?
- काला अर्जुन सिंह
- जगन्नाथ सिंह
- अकबर नामक एक नागवंशी ठाकुर
- अर्जुन सिंह
Explanation:
- तिलमी का किला (कर्रा, खूटी) का निर्माण अकबर नामक एक नागवंशी ठाकुर ने 1737 ई. में कराया था।
- नागवंशी ठाकुर नागवंशी राजाओं के सामंत या जागीरदार होते थे।
- महत्वपूर्ण: खूटी झारखंड का एक जिला है, जो राँची के निकट स्थित है।
रातू का किला किसने निर्मित कराया था?
- काला अर्जुन सिंह
- जगन्नाथ सिंह
- उदयनाथ शाहदेव
- अर्जुन सिंह
Explanation:
- रातू का किला (राँची) का निर्माण नागवंशी राजा उदयनाथ शाहदेव ने 1870 ई. में कराया था।
- शत्रु किला भी रातू, राँची में स्थित है, जिसका निर्माण नागवंशी राजाओं ने कराया था।
- महत्वपूर्ण: राँची जिले के रातू क्षेत्र में रातू का किला तथा शत्रु किला दोनों स्थित हैं।
गढ़बाँध किला किसने निर्मित कराया था?
- हेमंत सिंह
- जगन्नाथ सिंह
- उदयनाथ शाहदेव
- अर्जुन सिंह
Explanation:
- गढ़बाँध किला (रामगढ़) का निर्माण राजा हेमंत सिंह ने 1670 ई. में दामोदर नदी के किनारे कराया था, जब उन्होंने राजधानी बादम से रामगढ़ स्थानांतरित की थी।
- यह किला 1805 ई. में राजाराम मोहन राय की रामगढ़ यात्रा का गवाह भी बना।
- महत्वपूर्ण: राजा हेमंत सिंह ने बादम का किला (हजारीबाग) का भी निर्माण कराया था तथा 1642 ई. में वहाँ शिव मंदिर का निर्माण भी कराया था।
इचाक का किला किसने निर्मित कराया था?
- हेमंत सिंह
- जगन्नाथ सिंह
- तेज सिंह
- अर्जुन सिंह
Explanation:
- इचाक का किला (रामगढ़) का निर्माण तेज सिंह ने कराया था।
- रामगढ़ जिले के प्रमुख किले:
- रामगढ़ का किला – राजा सबल राय
- इचाक का किला – तेज सिंह
- गढ़बाँध किला – राजा हेमंत सिंह (1670 ई.)
पंचकोट का किला किसने निर्मित कराया था?
- हेमंत सिंह ने
- जगन्नाथ सिंह ने
- गोवंशी शासक गोमुखी ने
- अर्जुन सिंह ने
Explanation:
- पंचकोट का किला (पंचेत पहाड़, धनबाद) का निर्माण गोवंशी शासक गोमुखी ने 1600 ई. में कराया था।
- धनबाद जिले के प्रमुख किले:
- कतरासगढ़ का किला – 18वीं शताब्दी में कतरास के शासकों द्वारा, कटनी (कतरी) नदी के तट पर
- पंचकोट का किला – गोवंशी शासक गोमुखी (1600 ई.)
- झरियागढ़ महल – मूल रूप से झरिया में, बाद में कतरासगढ़ स्थानांतरित
तेलियागढ़ किला किसने निर्मित कराया था?
- तेली राजा ने
- जगन्नाथ सिंह ने
- गोवंशी शासक गोमुखी ने
- अर्जुन सिंह ने
Explanation:
- तेलियागढ़ किला (राजमहल पहाड़ी, साहेबगंज) का निर्माण तेली राजा ने मुगल काल में कराया था।
- इसे ‘बंगाल का प्रवेश द्वार’ (गेटवे ऑफ बंगाल) भी कहा जाता है।
- विभिन्न यात्रियों द्वारा उल्लेख:
- चीनी यात्री ह्वेनसांग की यात्रा वृत्तांत
- ईरानी यात्री अब्दुल लतीफ की यात्रा वृत्तांत
- फ्रांसिस बुकानन व कनिंघम की यात्रा वृत्तांत
- ‘आइन-ए-अकबरी’ तथा ‘जहाँगीरनामा’ में भी इसका उल्लेख है।
राजमहल किला, साहेबगंज किसने निर्मित कराया था?
- तेली राजा ने
- सेनापति मानसिंह ने
- गोवंशी शासक गोमुखी ने
- अर्जुन सिंह ने
Explanation:
- राजमहल किला (साहेबगंज) का निर्माण 15वीं शताब्दी में अकबर के सेनापति मानसिंह ने कराया था।
- मानसिंह ने राजमहल को बंगाल की राजधानी भी बनाया था तथा किले के भीतर एक जामा मस्जिद का निर्माण भी कराया था।
- महत्वपूर्ण: तेलियागढ़ किला भी साहेबगंज जिले के राजमहल पहाड़ी पर स्थित है।
शाहपुर का किला, पलामू किसने निर्मित कराया था?
- तेली राजा ने
- सेनापति मानसिंह ने
- गोपाल राय ने
- अर्जुन सिंह ने
Explanation:
- शाहपुर का किला (पलामू) का निर्माण गोपाल राय ने 1772 ई. में कराया था।
- पलामू जिले के प्रमुख किले:
- विश्रामपुर का किला – चेरोवंशी शासक राजा तड़वन
- शाहपुर का किला – गोपाल राय (1772 ई.)
- चैनपुर का किला – पूरनमल के वंशज (कोयल नदी के तट पर)
- रोहिल्लों का किला – मुजफ्फर खाँ (त्रिभुजाकार)
- जपला का किला – सोन नदी के किनारे, खरवार शासक प्रताप धवल की राजधानी
चैनपुर का किला किसने निर्मित कराया था?
- तेली राजा ने
- सेनापति मानसिंह ने
- गोपाल राय ने
- पूरनमल के वंशजो ने
Explanation:
- चैनपुर का किला (मेदिनीनगर, पलामू) का निर्माण पूरनमल के वंशजों ने कराया था।
- यह कोयल नदी के तट पर अवस्थित है तथा यहाँ चैनपुर बंगला स्मारक भी स्थित है।
- महत्वपूर्ण: कोयल नदी पलामू की प्रमुख नदी है, जबकि औरंगा नदी के तट पर पलामू किला स्थित है (लातेहार जिले में)।
रोहिल्लों का किला किसने निर्मित कराया था?
- मुजफ्फर खाँ ने
- सेनापति मानसिंह ने
- गोपाल राय ने
- पूरनमल के वंशजो ने
Explanation:
- रोहिल्लों का किला (अलीनगर, जपला, पलामू) का निर्माण रोहिल्ला सरदार मुजफ्फर खाँ ने कराया था।
- यह किला त्रिभुजाकार आकार का है तथा पलामू जिले में स्थित है।
- महत्वपूर्ण तथ्य: जपला सोन नदी के किनारे बसा हुआ है तथा यह मध्यकालीन खरवार शासक प्रताप धवल की राजधानी था।
विश्रामपुर का किला, पलामू किसने निर्मित कराया था?
- मुजफ्फर खाँ ने
- सेनापति मानसिंह ने
- राजा तड़वन ने
- पूरनमल के वंशजो ने
Explanation:
- विश्रामपुर का किला (पलामू) का निर्माण चेरोवंशी शासक राजा तड़वन ने कराया था।
- पलामू जिले के प्रमुख किले:
- विश्रामपुर का किला – राजा तड़वन
- शाहपुर का किला – गोपाल राय (1772 ई.)
- चैनपुर का किला – पूरनमल के वंशज (कोयल नदी के तट पर)
- रोहिल्लों का किला – मुजफ्फर खाँ (त्रिभुजाकार)
- जपला का किला – सोन नदी के किनारे, खरवार शासक प्रताप धवल की राजधानी
नारायणपुर किला किसने निर्मित कराया था?
- मुजफ्फर खाँ ने
- जाज दास ने
- राजा तड़वन ने
- पूरनमल के वंशजो ने
Explanation:
- नारायणपुर किला (नावागढ़, लातेहार) का निर्माण चेरोवंशी शासक भागवत राय के लेखपाल जाज दास ने कराया था।
- लातेहार जिले के प्रमुख किले:
- पलामू किला – चेरोवंशी शासकों द्वारा (1619 ई. में प्रारंभ)
- नारायणपुर किला – जाज दास
- महत्वपूर्ण: पलामू किला औरंगा नदी के तट पर स्थित है तथा बेतला राष्ट्रीय उद्यान से लगभग 5 किमी. दूर है।
पुराना पलामू किला किसने निर्मित कराया था?
- मुजफ्फर खाँ ने
- जाज दास ने
- प्रताप राय ने
- पूरनमल के वंशजो ने
Explanation:
- पुराना पलामू किला (लातेहार) का निर्माण चेरोवंशी शासक प्रताप राय ने कराया था।
- प्रताप राय शाहजहाँ के समकालीन थे।
- पलामू किला औरंगा नदी के तट पर स्थित है तथा बेतला राष्ट्रीय उद्यान से लगभग 5 किमी. दूर है।
- महत्वपूर्ण: पलामू किले का निर्माण 1619 ई. में प्रारंभ हुआ था।
नया पलामू किला किसने निर्मित कराया था?
- मुजफ्फर खाँ ने
- मेदिनी राय ने
- प्रताप राय ने
- पूरनमल के वंशजो ने
Explanation:
- नया पलामू किला (लातेहार) का निर्माण चेरो राजा मेदिनी राय ने कराया था।
- मेदिनी राय औरंगजेब के समकालीन थे।
- पलामू किले में पुराना किला (प्रताप राय) तथा नया किला (मेदिनी राय) दोनों स्थित हैं।
पलामू किला के अधीन तीन गुंबदों वाला मस्जिद किसने निर्मित कराया था?
- दाउद खाँ ने
- मेदिनी राय ने
- प्रताप राय ने
- पूरनमल के वंशजो ने
Explanation:
- पलामू किले के अधीन तीन गुंबदों वाला मस्जिद का निर्माण दाउद खाँ ने 1661 ई. में कराया था।
- पलामू किले की प्रमुख विशेषताएँ:
- नागपुरी दरवाजा – 40 फीट ऊँचा व 15 फीट चौड़ा
- तीन गुंबदों वाला मस्जिद – दाउद खाँ द्वारा 1661 ई. में निर्मित
पलामू किला के अधीन तीन गुंबदों वाला मस्जिद कब निर्मित कराया गया था?
- 1661 ई. में
- 1772 ई. में
- 1600 ई. में
- 1670 ई. में
Explanation:
- पलामू किले के अधीन तीन गुंबदों वाला मस्जिद का निर्माण 1661 ई. में दाउद खाँ ने कराया था।
- महत्वपूर्ण: यह मस्जिद पलामू किले की प्रमुख ऐतिहासिक विशेषताओं में से एक है।
शाहपुर का किला, पलामू कब निर्मित कराया गया था?
- 1661 ई. में
- 1772 ई. में
- 1600 ई. में
- 1670 ई. में
Explanation:
- शाहपुर का किला (पलामू) का निर्माण गोपाल राय ने 1772 ई. में कराया था।
- पलामू जिले के किलों के निर्माण काल:
- पलामू किला – 1619 ई. में प्रारंभ
- शाहपुर का किला – 1772 ई.
- चैनपुर का किला – निर्माण काल उल्लिखित नहीं (पूरनमल के वंशजों द्वारा)
पंचकोट का किला कब निर्मित कराया गया था?
- 1661 ई. में
- 1772 ई. में
- 1600 ई. में
- 1670 ई. में
Explanation:
- पंचकोट का किला (पंचेत पहाड़, धनबाद) का निर्माण गोवंशी शासक गोमुखी ने 1600 ई. में कराया था।
- धनबाद जिले के प्रमुख किले:
- कतरासगढ़ का किला – 18वीं शताब्दी में कतरास के शासकों द्वारा
- पंचकोट का किला – गोवंशी शासक गोमुखी (1600 ई.)
- झरियागढ़ महल – मूल रूप से झरिया में, बाद में कतरासगढ़ स्थानांतरित
गढ़बाँध किला कब निर्मित कराया गया था?
- 1661 ई. में
- 1772 ई. में
- 1600 ई. में
- 1670 ई. में
Explanation:
- गढ़बाँध किला (रामगढ़) का निर्माण राजा हेमंत सिंह ने 1670 ई. में दामोदर नदी के किनारे कराया था।
- यह किला 1805 ई. में राजाराम मोहन राय की रामगढ़ यात्रा का गवाह भी बना।
- महत्वपूर्ण: राजा हेमंत सिंह ने बादम का किला (हजारीबाग) का भी निर्माण कराया था तथा 1642 ई. में वहाँ शिव मंदिर का निर्माण भी कराया था।
रातू का किला कब निर्मित कराया गया था?
- 1870 ई. में
- 1772 ई. में
- 1600 ई. में
- 1670 ई. में
Explanation:
- रातू का किला (राँची) का निर्माण नागवंशी राजा उदयनाथ शाहदेव ने 1870 ई. में कराया था।
- शत्रु किला भी रातू, राँची में स्थित है, जिसका निर्माण नागवंशी राजाओं ने कराया था।
- महत्वपूर्ण: राँची जिले के रातू क्षेत्र में रातू का किला तथा शत्रु किला दोनों स्थित हैं।
तिलमी का किला कब निर्मित कराया गया था?
- 1870 ई. में
- 1772 ई. में
- 1737 ई. में
- 1670 ई. में
Explanation:
- तिलमी का किला (कर्रा, खूटी) का निर्माण अकबर नामक एक नागवंशी ठाकुर ने 1737 ई. में कराया था।
- नागवंशी ठाकुर नागवंशी राजाओं के सामंत या जागीरदार होते थे।
- महत्वपूर्ण: खूटी झारखंड का एक जिला है, जो राँची के निकट स्थित है।
नवरतनगढ़ महल / दोयसा का किला, गुमला कब निर्मित कराया गया था?
- 1870 ई. में
- 1772 ई. में
- 1737 ई. में
- 1585 ई. में
Explanation:
- नवरतनगढ़ महल / दोयसा का किला (गुमला) का निर्माण नागवंशी राजा दुर्जनशाल ने 1585 ई. में कराया था।
- यह एक पंचमंजिला भवन था, लेकिन वर्तमान में तीन मंजिल शेष हैं।
- इसे ‘झारखण्ड का हम्पी’ भी कहा जाता है तथा इसे संरक्षित स्मारक घोषित किया गया है।
- नागवंशी राजा दुर्जन साल जहांगीर की कैद से रिहा (1615-1627) होने के बाद अपनी राजधानी कोकरह से दोयसा बनाई।
नागफनी का राजमहल, सिसई (गुमला) कब निर्मित कराया गया था?
- 1870 ई. में
- 1704 ई. में
- 1737 ई. में
- 1585 ई. में
Explanation:
- नागफनी का राजमहल (सिसई, गुमला) का निर्माण 1704 ई. में कराया गया था।
- गुमला जिले के प्रमुख किले/महल एवं निर्माण काल:
- नवरतनगढ़ महल / दोयसा का किला – 1585 ई. (दुर्जनशाल)
- नागफनी का राजमहल – 1704 ई. (सिसई)
- पालकोट का राजमहल – यदुनाथ शाह (NH-23 पर)
जैतगढ़ का किला किस नदी के किनारे है?
- औरंगा नदी
- बैतरणी नदी
- बूढ़ा नदी
- अमानत नदी
Explanation:
- जैतगढ़ का किला (पश्चिमी सिंहभूम) बैतरणी नदी के किनारे अवस्थित है।
- इसका निर्माण पोरहाट नरेश काला अर्जुन सिंह ने कराया था।
- महत्वपूर्ण: बैतरणी नदी झारखंड की प्रमुख नदी है, जो पश्चिमी सिंहभूम से होकर बहती है।
गढ़बाँध किला किस नदी के किनारे है?
- औरंगा नदी
- बैतरणी नदी
- दामोदर नदी
- अमानत नदी
Explanation:
- गढ़बाँध किला (रामगढ़) दामोदर नदी के किनारे अवस्थित है।
- इसका निर्माण राजा हेमंत सिंह ने 1670 ई. में कराया था, जब उन्होंने राजधानी बादम से रामगढ़ स्थानांतरित की थी।
- महत्वपूर्ण: दामोदर नदी को ‘बंगाल का शोक’ भी कहा जाता है।
कतरासगढ़ का किला किस नदी के किनारे है?
- कटनी (कतरी) नदी
- बैतरणी नदी
- दामोदर नदी
- अमानत नदी
Explanation:
- कतरासगढ़ का किला (धनबाद) कटनी (कतरी) नदी के तट पर स्थित है।
- इसका निर्माण कतरास के शासकों द्वारा 18वीं शताब्दी में कराया गया था।
- धनबाद जिले के प्रमुख किले एवं नदियाँ:
- कतरासगढ़ का किला – कटनी (कतरी) नदी
- पंचकोट का किला – पंचेत पहाड़ (नदी उल्लिखित नहीं)
जपला का किला किस नदी के किनारे है?
- सोन नदी
- बैतरणी नदी
- दामोदर नदी
- अमानत नदी
Explanation:
- जपला का किला (पलामू) सोन नदी के किनारे बसा हुआ है।
- जपला मध्यकालीन खरवार शासक प्रताप धवल की राजधानी था।
- महत्वपूर्ण: सोन नदी झारखंड की प्रमुख नदी है, जो पलामू जिले से होकर बहती है।
चैनपुर का किला किस नदी के किनारे है?
- सोन नदी
- कोयल नदी
- दामोदर नदी
- अमानत नदी
Explanation:
- चैनपुर का किला (मेदिनीनगर, पलामू) कोयल नदी के तट पर अवस्थित है।
- इसका निर्माण पूरनमल के वंशजों ने कराया था।
- यहाँ चैनपुर बंगला स्मारक भी स्थित है।
- महत्वपूर्ण: कोयल नदी पलामू की प्रमुख नदी है, जबकि औरंगा नदी के तट पर पलामू किला (लातेहार) स्थित है।
मध्यकालीन खरवार शासक प्रताप धवल की राजधानी कंहा था?
- जपला, पलामू
- पद्मा, हजारीबाग
- अलीगंज, पाकुड़
- कुंडा, चतरा
Explanation:
- मध्यकालीन खरवार शासक प्रताप धवल की राजधानी जपला, पलामू थी।
- जपला सोन नदी के किनारे बसा हुआ है।
- महत्वपूर्ण: खरवार जनजाति झारखंड के प्राचीन निवासियों में से एक है।
- अन्य महत्वपूर्ण राजधानियाँ:
- नागवंशी राजा दुर्जन साल की राजधानी – कोकरह से दोयसा (गुमला)
- यदुनाथ साह की राजधानी – दोईसा से पालकोट (गुमला)
- राजा हेमंत सिंह की राजधानी – बादम से रामगढ़
