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किसे ‘झारखण्डी सुल्तान’ के नाम से जाना जाता है?

  • फिरोजशाह तुगलक
  • मुहम्मद बिन तुगलक
  • आदिलशाह द्वितीय
  • शेरशाह सूरी

Explanation:

  • खानदेश का शासक आदिलशाह द्वितीय (आदिल खान द्वितीय) को ‘झारखंडी सुल्तान’ के नाम से जाना जाता है।
    • उसने अपने सैन्य दल को झारखंड भेजा था।
    • उसे झारखंडी सुल्तान के नाम से भी जाना जाता है।

झारखण्ड क्षेत्र में वैष्णव मत का प्रचार-प्रसार किसने किया?

  • मीराबाई
  • कालिदास
  • चैतन्य महाप्रभु
  • तीनों मिलकर

Explanation:

  • चैतन्य महाप्रभु ने झारखंड क्षेत्र में वैष्णव मत का प्रचार-प्रसार किया।
    • चैतन्य महाप्रभु का सीधे तौर पर वैष्णव मत प्रचार के लिए उल्लेख नहीं है, लेकिन झारखंड क्षेत्र में नागपुरी भाषा में वैष्णव भक्ति का चित्रण मिलता है।
    • पंचपरगनिया साहित्य में वैष्णव भक्ति की झलक दिखाई पड़ती है।

उड़ीसा के किस शासक ने झारखण्ड के एक बड़े भूभाग पर आक्रमण किया तथा उस पर अधिकार किया?

  • नरसिंहदेव
  • राजराजेन्द्र
  • कपिलेन्द्र गजपति
  • जयदेव

Explanation:

  • कपिलेन्द्र गजपति (गजपति वंश का संस्थापक) ने संथाल परगना तथा हजारीबाग को छोड़कर नागवंशी राज्य के बहुत बड़े भू-भाग पर अपना प्रभाव स्थापित कर लिया।
    • यह लोदी वंश के काल में हुआ।
    • इस समय छोटानागपुर पर शासन करने वाले नागवंशी राजा प्रताप कर्ण, छत्रकर्ण एवं विराटकर्ण थे।

इल्तुतमिश तथा बलबन के समय झारखण्ड इनके प्रभाव से मुक्त था क्योंकि यहाँ नागवंश के एक शक्तिशाली राजा का शासन था। वह राजा कौन था?

  • अर्जुनकर्ण
  • राजराजेन्द्र
  • कपिलेन्द्र गजपति
  • हरिकर्ण

Explanation:

  • इल्तुतमिश तथा बलबन के समय झारखंड गुलाम वंश के प्रभाव से मुक्त था।
    • इस समय झारखंड में नागवंशी राजा हरि कर्ण का शासन था।
    • वह एक शक्तिशाली राजा था।

अलाउद्दीन खिलजी ने किस सेनापति को नागवंशी राज्य पर विजय प्राप्त करने हेतु झारखण्ड भेजा था?

  • सैफुद्दीन
  • छज्जू मलिक
  • कपिलेन्द्र
  • मलिक बया

Explanation:

  • अलाउद्दीन खिलजी ने 1301 ई. में अपने सेनापति छज्जू मलिक को नागवंशी राज्य पर विजय प्राप्त करने हेतु भेजा।
    • छज्जू मलिक ने नागवंशी शासक को कर देने के लिए विवश किया।
    • नागवंशी राजा फणी मुकुट रायबेणु कर्ण ने अलाउद्दीन खिलजी की अधीनता स्वीकार की।

अकबर ने 1585 ई. में शाहबाज खाँ के नेतृत्व में किस नागवंशी शासक के विरूद्ध विजय प्राप्त करने हेतु अपनी सेना भेजी थी?

  • अर्जुनकर्ण
  • ऐनी शाह
  • मधुकर शाह
  • हरिकर्ण

Explanation:

  • अकबर ने 1585 ई. में शाहबाज खाँ को झारखंड पर विजय प्राप्त करने हेतु भेजा।
    • इस युद्ध में नागवंशी शासक मधुकरण शाह की पराजय हुई।
    • मधुकरण शाह ने वार्षिक मालगुजारी देना स्वीकार किया।
  • अकबर के शासनकाल के उत्तरार्द्ध (1576-1605 ई.) में क्षेत्रीय राजवंशों पर शासन स्थापित किया गया।
    • छोटानागपुर खास का नागवंश – मधुकरण शाह
    • पलामू का चेरो वंश – भागवत राय
    • सिंहभूम का सिंह वंश – रणजीत सिंह

किसके आक्रमण के परिणामस्वरूप झारखण्ड से मुगल प्रभाव का अंत हो गया?

  • मराठा
  • अंग्रेज
  • पुर्तगाली
  • फ्रांसीसी

Explanation:

  • मराठा आक्रमण के परिणामस्वरूप झारखंड पर से मुगलों का प्रभाव समाप्त हो गया।
    • मराठों ने 18वीं शताब्दी में झारखंड क्षेत्र में प्रवेश किया।
    • इसके बाद अंग्रेजों का उदय हुआ।

पलामू में औरंगा नदी के समीप किस वर्ष मुगलों एवं चेरों के बीच हुए भीषण संघर्ष हुआ था?

  • 1660 ई.
  • 1661 ई.
  • 1662 ई.
  • 1663 ई.

Explanation:

  • औरंगा नदी के तट पर स्थित नये किले के समीप 1660 ई. में मुगलों की सेना तथा मेदिनी राय के बीच भीषण युद्ध हुआ।
    • इसमें मुगलों की सेना भारी पड़ी।
    • मेदिनी राय की सेना कमजोर पड़ने लगी।
    • मेदिनी राय जंगल की ओर भाग गया।
  • मेदिनी राय (1658-74 ई.) सर्वाधिक शक्तिशाली चेरोवंशी शासक था।
    • उसने मुगलों को कर देने से मना कर दिया था।
    • उसे ‘न्यासी राजा’ की संज्ञा दी जाती है।
    • उसके शासनकाल को ‘चेरो शासन का स्वर्ण युग’ कहा जाता है।

औरंगजेब के सूबेदार दाऊद खाँ ने किस वर्ष पलामू के पुराना किला में एक मस्जिद का निर्माण कराया?

  • 1660 ई.
  • 1661 ई.
  • 1662 ई.
  • 1663 ई.

Explanation:

  • दाउद खाँ ने पलामू विजय स्मृति में 1662 ई. में पलामू किला में एक मस्जिद का निर्माण कराया।
    • दाउद खाँ औरंगजेब का सूबेदार था।
    • उसे 1660 ई. में पलामू पर आक्रमण करने व मेदिनी राय से कर वसूलने हेतु भेजा गया था।
  • अभियान की सफलता पर औरंगजेब ने दाउद खाँ को 50,000 रूपये की मोतियों की माला दी।

शाइस्ता खाँ ने किस वर्ष पलामू के चेरो राजाओं पर आक्रमण किया था?

  • 1641 ई.
  • 1661 ई.
  • 1662 ई.
  • 1663 ई.

Explanation:

  • शाइस्ता खाँ ने 1641 ई. में पलामू के चेरो राज्य पर आक्रमण किया।
    • शाहजहाँ ने शाइस्ता खाँ को बिहार का नया सूबेदार नियुक्त किया।
    • उसे पलामू पर अधिकार करने का आदेश दिया।
    • इस समय पलामू का शासक प्रताप राय था।
  • प्रताप राय ने संधि करते हुए 80,000 रूपये देने व पटना में हाजिरी लगाना स्वीकार किया।
    • बाद में शाहजहाँ ने प्रताप राय को 1,000 मनसब प्रदान किया तथा 1 करोड़ रूपये की सालाना मालगुजारी तय कर दी।

इब्राहिम खाँ ने नागवंशी शासक दुर्जनशाह को पराजित कर किस वर्ष शंख नदी पर अधिकार किया?

  • 1641 ई.
  • 1661 ई.
  • 1617 ई.
  • 1663 ई.

Explanation:

  • जहाँगीर ने 1615 ई. में इब्राहिम खाँ को बिहार का सूबेदार नियुक्त किया तथा कोकरह (झारखण्ड) पर विजय प्राप्त करने हेतु भेजा।
    • इस दौरान इब्राहिम खाँ ने इस क्षेत्र पर 1617 ई. में विजय प्राप्त कर ली।
    • उसने हीरों के लिए प्रसिद्ध ‘शंख नदी’ को अपने अधिकार में ले लिया।
    • इब्राहिम खाँ ने नागवंशी राजा दुर्जनशाल को मुगलों की अधीनता स्वीकार करने का आदेश दिया।
    • दुर्जनशाल को 1615-27 तक ग्वालियर के किले में बंदी बनाकर रखा गया।
  • इब्राहिम खाँ को ‘फाथ जंग’ की उपाधि प्रदान की गई तथा चार हजारी मनसबदार बनाया गया।

किस वर्ष सिंहभूम के पोरहाट वंश ने मुगलों की अधीनता स्वीकार कर ली?

  • 1541 ई.
  • 1592 ई.
  • 1517 ई.
  • 1563 ई.

Explanation:

  • 1592 ई. में उड़ीसा अभियान हेतु जाते समय मानसिंह सिंहभूम क्षेत्र से होकर गुजरा।
    • इस समय सिंहभूम के पोरहाट में सिंहवंशी राजा रणजीत सिंह का शासन था।
    • मानसिंह ने रणजीत सिंह को मुगलों की अधीनता स्वीकारने हेतु विवश कर दिया।
    • उसे अपने अंगरक्षक दल में शामिल कर लिया।
  • इसी वर्ष 1592 ई. में मानसिंह ने राजमहल (साहेबगंज) को बंगाल की राजधानी बनाया।

राजा मानसिंह किस वर्ष बिहार-झारखण्ड का सूबेदार नियुक्त किया गया?

  • 1541 ई.
  • 1592 ई.
  • 1589 ई.
  • 1563 ई.

Explanation:

  • 1589 ई. में राजा मानसिंह को अकबर ने बिहार-झारखण्ड का सूबेदार नियुक्त किया।
    • मानसिंह ने 1590 ई. में पलामू के चेरो राजा भागवत राय को पराजित कर मुगलों की अधीनता स्वीकारने हेतु विवश कर दिया।
    • उसने 1590-91 ई. में मिदनापुर के अभियान पर जाते समय मानभूम से गुजरा।
    • उसने परा तथा तेलकुप्पी के मंदिरों का जीर्णोद्धार करवाया।

अलाउद्दीन खिलजी ने सेनापति मलिक छज्जु को झारखण्ड में नागवंशी राज्य पर विजय प्राप्त करने हेतु भेजा था?

  • 1311 ई.
  • 1310 ई.
  • 1319 ई.
  • 1313 ई.

Explanation:

  • अलाउद्दीन खिलजी ने 1301 ई. (लगभग 1310 ई.) में अपने सेनापति छज्जू मलिक को नागवंशी राज्य पर विजय प्राप्त करने हेतु झारखंड भेजा था।
    • छज्जू मलिक ने नागवंशी शासक को कर देने के लिए विवश किया।
    • नागवंशी राजा फणी मुकुट रायबेणु कर्ण ने अलाउद्दीन खिलजी की अधीनता स्वीकार की।

औरंगजेब के समय कुंदा के किस शासक ने इस्लाम धर्म स्वीकार कर लिया था?

  • चुनराय
  • प्रताप राय
  • अनंत राय
  • मुकुट राय

Explanation:

  • औरंगजेब के समय कुंडा के शासक चुनराय ने इस्लाम धर्म स्वीकार कर लिया था।
    • दाउद खाँ ने कुंडा के किले पर 3 जून, 1660 को अधिकार कर लिया।
    • चुनराय ने पराजित होने के बाद इस्लाम धर्म स्वीकार कर लिया।
    • इससे नाराज होकर मेदिनी राय के कहने पर सुरवर राय (चुनराय के भाई) ने चुनराय की हत्या कर दी।

मुगल शासक जहाँगीर ने किस वर्ष इब्राहिम खाँ को खोखरा विजय के लिए भेजा?

  • 1615-16
  • 1620-21
  • 1625-26
  • 610-11

Explanation:

  • जहाँगीर ने 1615 ई. में इब्राहिम खाँ को बिहार का सूबेदार नियुक्त किया तथा उसे कोकरह (झारखण्ड) पर विजय प्राप्त करने हेतु भेजा।
    • इस दौरान इब्राहिम खाँ ने इस क्षेत्र पर 1615-16 ई. में विजय प्राप्त कर ली।
    • उसने हीरों के लिए प्रसिद्ध ‘शंख नदी’ को अपने अधिकार में ले लिया।
    • दुर्जनशाल को 1615-27 तक ग्वालियर के किले में बंदी बनाकर रखा गया।

औरंगजेब के समय रामगढ़ का राजा कौन था?

  • तेज सिंह
  • बाघदेव सिंह
  • दलेल सिंह
  • रघुनाथ सिंह

Explanation:

  • औरंगजेब के समय रामगढ़ का राजा दलेल सिंह (1667-1724 तक) था।
    • 1670 ई. में दलेल सिंह ने बादम से हटाकर रामगढ़ में अपनी राजधानी स्थापित कर दी।
    • यह परिवर्तन मुस्लिम आक्रमणकारियों के डर से किया गया।
    • दलेल सिंह ने चाय के शासक मगर खान को पराजित कर उसकी हत्या कर दी थी।
  • औरंगजेब के शासनकाल में हजारीबाग क्षेत्र में पाँच प्रमुख राज्य:
    • रामगढ़ – दलेल सिंह
    • कुंडा – राम सिंह
    • छै (केंदी के पूर्व में)
    • केंदी (वर्तमान चतरा जिले में)
    • खड़गडीहा (रामगढ़ राज्य के उत्तर-पूर्वी भाग में)

औरंगजेब के समय नागवंशी शासक कौन था?

  • रघुनाथ राय
  • छत्र कर्ण
  • गजघण्ट राय
  • रघुनाथ सिंह

Explanation:

  • औरंगजेब के शासनकाल में नागवंशी शासक रघुनाथ शाह (1640-90 ई.) और रामशाह (1690-1715 ई.) थे।
    • रघुनाथ शाह अत्यंत धार्मिक प्रवृत्ति और दानी स्वभाव का था।
    • उसके शासनकाल में लक्ष्मीनारायण तिवारी ने मदन मोहन मंदिर (बोड़ेया, राँची) का निर्माण कराया।
    • हरि ब्रह्मचारी ने राँची के चुटिया नामक स्थान पर राम-सीता मंदिर का निर्माण कराया।
  • रामशाह ने 1692 ई. में औरंगजेब को 9,705 रूपये मालगुजारी के रूप में प्रदान किया।

औरंगजेब द्वारा पलामू का फौजदार किसे नियुक्त किया गया था?

  • दाऊद खाँ
  • सलीम खाँ
  • बख्तियार खाँ
  • मनकली खाँ

Explanation:

  • दाउद खाँ ने पलामू पर विजय प्राप्त करने के बाद यहाँ प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित करके मनकली खाँ को यहाँ का फौजदार नियुक्त कर दिया।
    • 22 अगस्त, 1666 को पलामू को बिहार के सूबेदार के अधीन करते हुए मनकली खाँ को स्थानांतरित कर दिया गया।
    • मनकली खाँ के जाने के बाद मेदिनी राय सरगुजा से पुनः पलामू लौट गया।

औरंगजेब द्वारा किस सूबेदार को पलामू पर आक्रमण करने हेतु भेजा गया था?

  • दाऊद खाँ
  • सलीम खाँ
  • बख्तियार खाँ
  • मनकली खाँ

Explanation:

  • औरंगजेब ने अपने सूबेदार दाउद खाँ को 1660 ई. में पलामू पर आक्रमण करने व मेदिनी राय से कर वसूलने हेतु भेजा।
    • 23 अप्रैल, 1660 को दाउद खाँ पटना से चला।
    • उसने 5 मई, 1660 को कोठी के किले तथा 3 जून, 1660 को कुंडा के किले पर अधिकार कर लिया।
    • 25 अक्टूबर, 1660 को दाउद खाँ चेरो राज्य की राजधानी की ओर आक्रमण हेतु बढ़ा।
    • 3 नवंबर, 1660 को तरहसी पहुँचा।

शाहजहाँ ने पलामू के चेरो राजा को पराजित करने हेतु किस सूबेदार को भेजा था?

  • दाऊद खाँ
  • सलीम खाँ
  • शाइस्ता खाँ
  • मनकली खाँ

Explanation:

  • शाहजहाँ ने शाइस्ता खाँ को बिहार का नया सूबेदार नियुक्त किया तथा 1641 ई. में पलामू पर अधिकार करने का आदेश दिया।
    • शाइस्ता खाँ ने 1641 में पलामू के चेरो राज्य पर आक्रमण किया।
    • इस समय पलामू का शासक प्रताप राय था।
    • प्रताप राय ने संधि करते हुए 80,000 रूपये देने व पटना में हाजिरी लगाना स्वीकार किया।

अकबर ने किसे झारखण्ड पर विजय प्राप्त करने हेतु भेजा?

  • शाहबाज खाँ
  • सलीम खाँ
  • शाइस्ता खाँ
  • मनकली खाँ

Explanation:

  • अकबर ने 1585 ई. में शाहबाज खाँ को झारखंड पर विजय प्राप्त करने हेतु भेजा।
    • इस युद्ध में नागवंशी शासक मधुकरण शाह की पराजय हुई।
    • मधुकरण शाह ने वार्षिक मालगुजारी देना स्वीकार किया।
  • अकबर ने 1592 ई. में राजा मानसिंह को उड़ीसा अभियान हेतु सिंहभूम क्षेत्र से होकर भेजा।
    • मानसिंह ने सिंहवंशी राजा रणजीत सिंह को मुगलों की अधीनता स्वीकारने हेतु विवश कर दिया।

अलाउद्दीन खिलजी का कौन-सा सेनापति दक्षिण भारत पर विजय अभियान जाते समय झारखण्ड से गुजरा था?

  • शाहबाज खाँ
  • सलीम खाँ
  • मलिक काफूर
  • मनकली खाँ

Explanation:

  • अलाउद्दीन खिलजी का सेनापति मलिक काफूर दक्षिण भारत के विजय अभियान पर जाते समय झारखंड से गुजरा था।
    • मलिक काफूर अलाउद्दीन खिलजी का प्रमुख सेनापति था।
    • उसने दक्षिण भारत में देवगिरि, वारंगल, मदुरा आदि पर आक्रमण किया।

किसके शासन काल को ‘चेरो शासन का स्वर्ण’ युग की संज्ञा दी जाती है?

  • मेदिनी राय
  • देव राय
  • दलेल राय
  • रघुनाथ राय

Explanation:

  • मेदिनी राय के शासनकाल को ‘चेरो शासन का स्वर्ण युग’ की संज्ञा दी जाती है।
    • मेदिनी राय (1658-74 ई.) सर्वाधिक शक्तिशाली चेरोवंशी शासक था।
    • उसे ‘न्यासी राजा’ की संज्ञा दी जाती है।
    • उसने मुगलों की अधीनता स्वीकार करने तथा उन्हें कर देने से मना कर दिया था।
    • उसने अपनी बुद्धिमतापूर्ण नीति के द्वारा पलामू राज्य की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया।
    • 1674 ई. में मेदिनी राय की मृत्यु हो गयी।

औरंगजेब के समय पलामू में किस चेरो राजा का शासन था?

  • मेदिनी राय
  • देव राय
  • प्रताप राय
  • रघुनाथ राय

Explanation:

  • औरंगजेब के शासन के प्रारंभिक काल में पलामू में चेरो राजा मेदिनी राय (1658-74 ई.) का शासन था।
    • मेदिनी राय सर्वाधिक शक्तिशाली चेरोवंशी शासक था।
    • उसने मुगलों को कर देने से मना कर दिया था।
    • उसने सीमावर्ती मुगल राज्यों पर आक्रमण कर लूटपाट भी की।
    • 1660 ई. में औरंगजेब ने दाउद खाँ को पलामू पर आक्रमण करने भेजा।
  • मेदिनी राय की मृत्यु के बाद पलामू पर क्रमशः:
    • रूद्र राय (1674-80 ई.)
    • दिकपाल राय (1680-97 ई.)
    • साहेब राय (1697-1716 ई.) का शासन रहा।

किस चेरो राजा को ‘न्यासी राजा’ की संज्ञा दी जाती है?

  • मेदिनी राय
  • देव राय
  • प्रताप राय
  • रघुनाथ राय

Explanation:

  • मेदिनी राय को ‘न्यासी राजा’ की संज्ञा दी जाती है।
    • मेदिनी राय (1658-74 ई.) सर्वाधिक शक्तिशाली चेरोवंशी शासक था।
    • उसके शासनकाल को ‘चेरो शासन का स्वर्ण युग’ कहा जाता है।
    • उसने अपनी बुद्धिमतापूर्ण नीति के द्वारा पलामू राज्य की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया।
    • उसने मुगलों को कर देने से मना कर दिया था।

किस चेरो राजा ने दोइसा पर आक्रमण कर उसे तहस-नहस कर दिया था?

  • मेदिनी राय
  • देव राय
  • प्रताप राय
  • रघुनाथ राय

Explanation:

  • मेदिनी राय ने दोइसा पर आक्रमण कर व्यापक लूटपाट किया।
    • दोइसा नागवंशी शासक की राजधानी थी।
    • रघुनाथ शाह के शासनकाल में मेदिनी राय ने यह आक्रमण किया।
    • इस लूटपाट में मेदिनी राय को पत्थर का एक विशाल फाटक प्राप्त हुआ।
    • इस फाटक को नागपुर दरवाजा कहा जाता है।

किस चेरो राजा ने नवरत्नगढ़ का प्रसिद्ध नागपुर दरवाजा पलामू के किले में लगवाया था?

  • मेदिनी राय
  • देव राय
  • प्रताप राय
  • रघुनाथ राय

Explanation:

  • मेदिनी राय ने नवरत्नगढ़ का प्रसिद्ध नागपुर दरवाजा पलामू के किले में लगवाया था।
    • नागपुर दरवाजा दोइसा से प्राप्त पत्थर का विशाल फाटक है।
    • मेदिनी राय ने पलामू के पुराने किले के समीप एक पहाड़ पर नया किला का निर्माण कराया।
    • इस नए किले में दोइसा से प्राप्त पत्थर का विशाल फाटक लगवाया।

मुगलों द्वारा किस चेरो राजा को मनसबदारी प्रदान की गयी थी?

  • मेदिनी राय
  • देव राय
  • प्रताप राय
  • रघुनाथ राय

Explanation:

  • शाहजहाँ ने शाइस्ता खाँ की सिफारिश पर प्रताप राय को 1644 ई. में 1,000 मनसब प्रदान किया।
    • प्रताप राय पलामू का शक्तिशाली एवं समृद्ध शासक था।
    • उसने शाइस्ता खाँ को 80,000 रूपये नजराना दिया।
    • बाद में उसने 1 लाख रूपये1 हाथी देने का प्रस्ताव भी रखा।

किस चेरो राजा की मृत्यु मुगलों द्वारा दिल्ली में शेर के साथ लड़वाने के कारण हो गयी थी?

  • मेदिनी राय
  • देव राय
  • प्रताप राय
  • सहवल राय

Explanation:

  • जहाँगीर ने अपने मनोरंजन हेतु सहबल राय को एक बाघ से लड़ने का आदेश दिया।
    • इस लड़ाई में सहबल राय की मृत्यु हो गयी।
    • सहबल राय पलामू का चेरो शासक था।
    • उसने अपने राज्य का विस्तार सड़क-ए-आजम (जी.टी. रोड) पर चौपारण (हजारीबाग) तक कर लिया था।
    • वह बंगाल की ओर जाने वाले मुगल काफिलों को लूट लिया करता था।

कौन-से चेरो राजा जहाँगीर के समकालीन थे?

  • मेदिनी राय
  • अनन्त राय
  • प्रताप राय
  • सहवल राय

Explanation:

  • अनंत राय जहाँगीर के समकालीन चेरो राजा थे।
    • 1607 ई. में अफजल खाँ (अबुल फजल के पुत्र) ने अनंत राय के विरुद्ध आक्रमण किया।
    • परन्तु आक्रमण के दो सप्ताह के भीतर ही बीमारी से अफजल खाँ की मृत्यु हो गयी।
    • यह अभियान असफल हो गया।

पलामू के किस चेरो राजा को अकबर के सेनापति मानसिंह से पराजित होने के बाद मुगलों की अधीनता स्वीकार करनी पड़ी?

  • भागवत राय
  • अनन्त राय
  • प्रताप राय
  • सहवल राय

Explanation:

  • मानसिंह ने 1590 ई. में पलामू के चेरो राजा भागवत राय को पराजित किया।
    • भागवत राय ने मुगलों की अधीनता स्वीकारने हेतु विवश होना पड़ा।
    • मानसिंह को 1589 ई. में अकबर ने बिहार-झारखण्ड का सूबेदार नियुक्त किया था।
    • 1605 ई. में अकबर की मृत्यु के बाद चेरों ने मुगलों की सेना को मार भगाया तथा पलामू पर पुनः अपनी सत्ता स्थापित कर ली।

पलामू के किस चेरो राजा को चंदेरी के युद्ध में पराजय का सामना करना पड़ा?

  • भागवत राय
  • अनन्त राय
  • प्रताप राय
  • सहवल राय

Explanation:

  • भागवत राय को चंदेरी के युद्ध में पराजय का सामना करना पड़ा।
    • चंदेरी का युद्ध बाबर एवं राजपूतों के बीच 1528 में हुआ था।
    • हालाँकि भागवत राय के संदर्भ में यह मानसिंह (1590) के अभियान से संबंधित हो सकता है।

शेरशाह के सेनापति खवास खाँ ने किस चेरो शासक को पराजित करके श्याम सुंदर नामक हाथी प्राप्त किया था?

  • भागवत राय
  • अनन्त राय
  • महारत चेरो
  • सहवल राय

Explanation:

  • 1538 ई. में शेरशाह के सेनापति खवास खाँ ने दरिया खाँ के साथ मिलकर चेरो महाराजा महारथ चेरो को परास्त किया।
    • इस विजय के बाद उन्हें श्याम सुंदर नामक एक हाथी प्राप्त हुआ।
    • यह घटना शेरशाह के बंगाल अभियान के दौरान हुई थी।

जहाँगीर के पुत्र शाहशुजा ने झारखण्ड के किस क्षेत्र को अपनी राजधानी बनाया था?

  • हजारीबाग
  • राजमहल
  • पलामू
  • जमशेदपुर

Explanation:

  • शाह शुजा (शाहजहाँ का पुत्र) ने राजमहल को अपनी राजधानी बनाया था।
    • शाह शुजा बंगाल और उड़ीसा का गवर्नर था।
    • मानसिंह ने 1592 ई. में राजमहल को बंगाल की राजधानी बनाया था।
    • औरंगजेब के शासनकाल में बंगाल की राजधानी को राजमहल से ढाका स्थानांतरित कर दिया गया।

पलामू के चेरो राजा प्रताप राय ने शाइस्ता खाँ को नजराना के रूप में कितने रूपये प्रदान किए थे?

  • 50,000 रू
  • 80,000 रू.
  • 1 लाख रू.
  • 1,20,000 रू.

Explanation:

  • प्रताप राय ने शाइस्ता खाँ को 80,000 रूपये नजराना दिया तथा पटना में हाजिरी लगाना स्वीकार किया।
    • शाइस्ता खाँ ने 1641 ई. में पलामू के चेरो राज्य पर आक्रमण किया था।
    • प्रताप राय ने इसके बाद संधि कर ली।
    • इसके बाद भी 1642 ई. में प्रताप राय ने मुगल शासक को वार्षिक मालगुजारी नहीं दी।

मुगल काल में शंख नदी किसके लिए प्रसिद्ध था?

  • तांगा
  • हीरा
  • स्वर्ण
  • कोयला

Explanation:

  • मुगल काल में शंख नदी हीरों के लिए प्रसिद्ध थी।
    • जहाँगीर ने अपनी आत्मकथा ‘तुजुक-ए-जहाँगीरी’ में शंख नदी से हीरे प्राप्त करने के तरीकों का वर्णन किया है।
    • इब्राहिम खाँ ने शंख नदी को अपने अधिकार में ले लिया था।
    • जहाँगीर इस क्षेत्र की नदियों में मिलने वाले हीरों के कारण इन पर अधिकार करना चाहता था।

कौन-सा नागवंशी राजा हीरों का पारखी था?

  • एनी शाह
  • रघुनाथ शाह
  • मधुकर शाह
  • दुर्जनशाह

Explanation:

  • दुर्जनशाल हीरों का पारखी था।
    • 1627 ई. में जहाँगीर के दरबार में एक हीरे की असलियत को लेकर विवाद हो गया।
    • इन हीरों को परखने हेतु दुर्जनशाल को ग्वालियर से शाही दरबार में बुला लिया गया।
    • दुर्जनशाल द्वारा हीरे की पहचान कर लेने के बाद जहाँगीर ने खुश होकर दुर्जनशाल को शाह की पदवी प्रदान करते हुए मुक्त कर दिया।

मानसिंह ने जब उड़ीसा के अफगान शासक कुतलुग खाँ के विरूद्ध अभियान छेड़ा, तो झारखण्ड के किस राजा ने मानसिंह का साथ दिया था?

  • एनी शाह
  • मधु सिंह
  • मधुकर शाह
  • दुर्जन सिं

Explanation:

  • मधुकरण शाह (मधु सिंह) ने मानसिंह के उड़ीसा अभियान (1590-92 ई.) में मुगलों का साथ दिया।
    • मधुकरण शाह नागवंशी शासक था।
    • उसने अकबर को वार्षिक मालगुजारी देना स्वीकार किया था।
    • मानसिंह उड़ीसा के शासक कुतुल खाँ एवं उसके पुत्र निसार खाँ के विरूद्ध अभियान पर था।

शाहबाज खाँ ने किस नागवंशी शासक को युद्ध में पराजित किया?

  • एनी शाह
  • रघुनाथ शाह
  • मधुकर शाह
  • दुर्जनशाह

Explanation:

  • शाहबाज खाँ ने 1585 ई. में मधुकरण शाह को युद्ध में पराजित किया।
    • अकबर ने शाहबाज खाँ को 1585 ई. में झारखंड पर विजय प्राप्त करने हेतु भेजा था।
    • मधुकरण शाह ने वार्षिक मालगुजारी देना स्वीकार किया।

अकबर ने 1585 ई. में शाहबाज खाँ के नेतृत्व में किस नागवंशी शासक के विरूद्ध विजय प्राप्त करने हेतु अपनी सेना भेजी थी?

  • एनी शाह
  • रघुनाथ शाह
  • मधुकर शाह
  • दुर्जनशाह

Explanation:

  • यह पिछले प्रश्न की पुनरावृत्ति है।
    • 1585 ई. में अकबर ने शाहबाज खाँ को नागवंशी शासक मधुकरण शाह के विरूद्ध भेजा।
    • मधुकरण शाह की पराजय हुई।
    • उसने वार्षिक मालगुजारी देना स्वीकार किया।

कौन लोदी वंश के समकालीन झारखण्ड में नागवंश के शासक थे?

  • एनी शाह
  • प्रतापकर्ण
  • मधुकर शाह
  • दुर्जनशाह

Explanation:

  • लोदी वंश के समकालीन छोटानागपुर पर शासन करने वाले नागवंशी राजा प्रताप कर्ण, छत्रकर्ण एवं विराटकर्ण थे।
    • लोदी वंश के सुल्तानों के प्रभाव से झारखंड लगभग मुक्त था।
    • कपिलेन्द्र गजपति (गजपति वंश का संस्थापक) ने संथाल परगना तथा हजारीबाग को छोड़कर नागवंशी राज्य के बहुत बड़े भू-भाग पर अपना प्रभाव स्थापित कर लिया।
    • 1494 ई. में सिकंदर लोदी के भय से जौनपुर के शासक हुसैन शाह शर्की ने झारखंड के साहेबगंज में शरण ली थी।

कौन लोदी वंश के समकालीन झारखण्ड में नागवंश के शासक थे?

  • विराटकर्ण
  • प्रतापकर्ण
  • छत्रकर्ण
  • उपरोक्त तीनों

Explanation:

  • लोदी वंश के शासनकाल में छोटानागपुर पर शासन करने वाले नागवंशी राजा प्रताप कर्ण, छत्रकर्ण एवं विराटकर्ण थे।
    • लोदी वंश के सुल्तानों के प्रभाव से झारखंड लगभग मुक्त था।
    • कपिलेन्द्र गजपति (गजपति वंश का संस्थापक) ने संथाल परगना तथा हजारीबाग को छोड़कर नागवंशी राज्य के बहुत बड़े भू-भाग पर अपना प्रभाव स्थापित कर लिया।

लोदी वंश के शासन के दौरान इनमें से किस ने झारखण्ड पर शासन नहीं किया?

  • विराटकर्ण
  • प्रतापकर्ण
  • छत्रकर्ण
  • हरिकर्ण

Explanation:

  • हरिकर्ण गुलाम वंश (इल्तुतमिश एवं बलबन) के समकालीन नागवंशी राजा थे।
    • हरिकर्ण लोदी वंश के समकालीन नहीं थे।
    • प्रताप कर्ण, छत्रकर्ण एवं विराटकर्ण – ये तीनों लोदी वंश के समकालीन थे।

दुर्जनशाह को कितने वर्षों तक ग्वालियर के किले में कैद रखा गया था?

  • 8 वर्ष
  • 10 वर्ष
  • 12 वर्ष
  • 14 वर्ष

Explanation:

  • दुर्जनशाल को 12 वर्षों तक (1615-27) ग्वालियर के किले में बंदी बनाकर रखा गया था।
    • जहाँगीर ने 1615 ई. में इब्राहिम खाँ को कोकरह (झारखण्ड) पर विजय प्राप्त करने हेतु भेजा।
    • इब्राहिम खाँ ने नागवंशी राजा दुर्जनशाल को मुगलों की अधीनता स्वीकार करने का आदेश दिया।
    • इससे मना करने पर दुर्जनशाल को ग्वालियर के किले में बंदी बनाकर रखा गया।
    • 1627 ई. में जहाँगीर ने दुर्जनशाल को मुक्त कर दिया।

दुर्जनशाल का जहाँगीर द्वारा कौन-सी उपाधि प्रदान की गयी थी?

  • राय
  • कर्ण
  • शाह
  • सिंह

Explanation:

  • जहाँगीर ने दुर्जनशाल को शाह की पदवी प्रदान की थी।
    • 1627 ई. में जहाँगीर के दरबार में एक हीरे की असलियत को लेकर विवाद हो गया।
    • इन हीरों को परखने हेतु दुर्जनशाल को ग्वालियर से शाही दरबार में बुला लिया गया।
    • दुर्जनशाल द्वारा हीरे की पहचान कर लेने के बाद जहाँगीर ने खुश होकर दुर्जनशाल को शाह की पदवी प्रदान की।

जहाँगीर के समय कौन झारखण्ड का राज्यपाल था?

  • शाइस्ता खाँ
  • बख्तियार खाँ
  • दाउद खाँ
  • इब्राहिम खाँ

Explanation:

  • जहाँगीर के समय इब्राहिम खाँ बिहार का सूबेदार था।
    • 1615 ई. में जहाँगीर ने इब्राहिम खाँ को बिहार का सूबेदार नियुक्त किया।
    • उसे कोकरह (झारखण्ड) पर विजय प्राप्त करने हेतु भेजा गया।
    • इब्राहिम खाँ ने शंख नदी पर अधिकार कर लिया।
    • उसे ‘फाथ जंग’ की उपाधि प्रदान की गई।

झारखण्ड के किस वंश के राजा को ‘जमींदार-ए-खाँ-अलामा’ अर्थात् हीरे के खान का मालिक कहा गया है?

  • सिंहवंश
  • रक्सेल वंश
  • नागवंश
  • चेरो वंश

Explanation:

  • कोकरह के नागवंशी शासकों को ‘जमींदार-ए-खाँ-अलामा’ (हीरों के खान का मालिक) कहा गया है।
    • यह उपाधि मुगलकालीन ग्रंथों में मिलती है।
    • नागवंशी शासक हीरों के लिए प्रसिद्ध शंख नदी पर नियंत्रण रखते थे।
    • दुर्जनशाल हीरों का पारखी था।

जिस समय चैतन्य महाप्रभु पंचपरगना क्षेत्र में रुके थे, उस समय इस क्षेत्र में किस वंश का शासन था?

  • सिंहवंश
  • रक्सेल वंश
  • नागवंश
  • चेरो वंश

Explanation:

  • चैतन्य महाप्रभु के समय पंचपरगना क्षेत्र में नागवंश का शासन था।
    • चैतन्य महाप्रभु ने झारखंड क्षेत्र में वैष्णव मत का प्रचार-प्रसार किया।
    • नागवंशी राजाओं ने वैष्णव धर्म को संरक्षण दिया।

झारखण्ड का कौन-सा क्षेत्र मुस्लिम आक्रमण से पूर्णतः बचा रहा था?

  • हजारीबाग
  • पलामू
  • लोहरदगा
  • धनबाद

Explanation:

  • धनबाद एकमात्र ऐसा क्षेत्र था जो मुस्लिम आक्रमणों से पूर्णतः बचा रहा था।
    • धनबाद झारखंड का कोयला क्षेत्र है।
    • यहाँ झरिया कोयला खदानें स्थित हैं।

झारखण्ड में मुस्लिम प्रवेश का मार्ग प्रशस्त करने का श्रेय किसे दिया जाता है?

  • अकबर
  • शाहजहाँ
  • शेरशाह
  • औरंगजेब

Explanation:

  • झारखंड में मुस्लिमों के प्रवेश का मार्ग प्रशस्त करने का श्रेय शेरशाह को जाता है।
    • शेरशाह ने 1534-37 ई. के अपने बंगाल अभियान के दौरान झारखंड से होकर गुजरा था।
    • शेरशाह ने 1538 ई. में राजमहल (झारखण्ड) के रास्ते रोहतासगढ़ पर अधिकार कर लिया।
    • शेरशाह के शासनकाल में झारखंड में शाही सिक्कों का प्रचलन तेज हुआ।

1592 ई. में अकबर के प्रतिनिधि मानसिंह ने झारखण्ड के किस स्थान को बिहार एवं बंगाल की राजधानी बनाया?

  • हजारीबाग
  • राजमहल
  • पलामू
  • जमशेदपुर

Explanation:

  • 1592 ई. में मानसिंह ने राजमहल (साहेबगंज) को बंगाल की राजधानी बनाया।
    • मानसिंह ने परकोटामहल वाले नगरों का संयुक्त रूप से ‘अकबरनगर’ नामकरण किया।
    • शाह शुजा ने भी राजमहल को अपनी राजधानी बनाया।

किस मुगल शासक ने झारखण्ड को सर्वप्रथम अपना करदाता प्रदेश बनाया?

  • अकबर
  • शाहजहाँ
  • शेरशाह
  • जहाँगीर

Explanation:

  • अकबर ने 1576-1605 के बीच क्षेत्रीय राजवंशों पर शासन स्थापित कर झारखंड को सर्वप्रथम अपना करदाता प्रदेश बनाया।
    • 1585 ई. में शाहबाज खाँ ने नागवंशी शासक मधुकरण शाह को पराजित किया।
    • 1590 ई. में मानसिंह ने पलामू के चेरो राजा भागवत राय को पराजित किया।
    • 1592 ई. में मानसिंह ने सिंहभूम के रणजीत सिंह को मुगल अधीनता स्वीकार करवाई।

1494 ई. में सिकंदर लोदी के भय से जौनपुर के शासक हुसैनशाह शर्की ने झारखण्ड के किस क्षेत्र में शरण ली थी?

  • हजारीबाग
  • साहेबगंज
  • पलामू
  • जमशेदपुर

Explanation:

  • 1494 ई. में सिकंदर लोदी के भय से जौनपुर के शासक हुसैन शाह शर्की ने झारखंड के साहेबगंज में शरण ली थी।
    • साहेबगंज संथाल परगना का एक जिला है।
    • यहाँ राजमहल स्थित है, जो मानसिंह की राजधानी बनी।

फिरोजशाह तुगलक ने बंगाल के शासक शम्सीउद्दीन शाह से हजारीबाग के …..क्षेत्र को जीतकर उसे बंगाल की राजधानी बना ली थी?

  • हजारीबाग
  • साहेबगंज
  • पलामू
  • सतगावाँ

Explanation:

  • फिरोजशाह तुगलक ने बंगाल के शासक शम्सीउद्दीन शाह को पराजित कर हजारीबाग के सतगाँवा क्षेत्र पर विजय प्राप्त किया।
    • इसे अपने जीते हुए क्षेत्रों की राजधानी बनाया।
    • तुगलक के काल में नागवंशी राजा हरि कर्ण था।

लोदी वंश के शासन के दौरान उड़ीसा के किस वंश ने झारखण्ड पर आक्रमण किया?

  • वानपति वंश
  • गजपति वंश
  • रमापति वंश
  • महापति वंश

Explanation:

  • लोदी वंश के शासन के दौरान उड़ीसा के गजपति वंश (कपिलेन्द्र गजपति) ने झारखंड पर आक्रमण किया।
    • कपिलेन्द्र गजपति गजपति वंश का संस्थापक था।
    • उसने संथाल परगना तथा हजारीबाग को छोड़कर नागवंशी राज्य के बहुत बड़े भू-भाग पर अपना प्रभाव स्थापित कर लिया।

बिहार के मुगल सूबेदार शाइस्ता खाँ ने पलामू के शासक प्रताप राय के विरुद्ध पलामू किले पर किस वर्ष आक्रमण और संधि की ?

  • 1674 – 73
  • 1654 – 63
  • 1645 – 78
  • 1641 – 42

Explanation:

  • शाइस्ता खाँ ने 1641 ई. में पलामू के चेरो राज्य पर आक्रमण किया तथा 1642 ई. में संधि की।
    • प्रताप राय ने 80,000 रूपये नजराना दिया तथा पटना में हाजिरी लगाना स्वीकार किया।
    • 1642 ई. में प्रताप राय ने मुगल शासक को वार्षिक मालगुजारी नहीं दी।
    • 1643 ई. में शाहजहाँ ने इतिकाद खाँ को बिहार का सूबेदार नियुक्त किया।
    • 1644 ई. में शाहजहाँ ने प्रताप राय को 1,000 मनसब प्रदान किया।

उड़ीसा के राजा जय सिंह देव ने स्वयं को किस सदी में झारखंड का शासक घोषित किया था ?

  • 11वीं सदी में
  • 12वीं सदी में
  • 13वीं सदी में
  • 10वीं सदी में

Explanation:

  • 12वीं सदी में उड़ीसा के राजा नरसिंहदेव द्वितीय ने स्वयं को झारखंड का राजा घोषित किया था।
    • 13वीं सदी का विकल्प सही है।
    • नरसिंहदेव द्वितीय गंग वंश का शासक था।
    • उसने कोणार्क के सूर्य मंदिर का निर्माण कराया था।

नागवंशी राजा दुर्जनसाल ने 1628 में मुगल सम्राट जहांगीर को वार्षिक कर देना स्वीकार किया था, वार्षिक कर की राशि क्या थी ?

  • ₹6000
  • ₹12000
  • ₹13000
  • ₹10000

Explanation:

  • दुर्जनशाल ने जहाँगीर को 6,000 रूपये वार्षिक कर देने का स्वीकार किया।
    • 1627 ई. में जहाँगीर ने दुर्जनशाल को ग्वालियर से मुक्त कर दिया।
    • जहाँगीर ने दुर्जनशाल को शाह की पदवी प्रदान की।
    • इसके बदले दुर्जनशाल ने 6,000 रूपये वार्षिक कर देना स्वीकार किया।

1616 में कर नहीं देने के कारण किस राजा को जहांगीर ने ग्वालियर के किले में कैद कर रखा था ?

  • एनी शाह
  • रघुनाथ शाह
  • मधुकर शाह
  • दुर्जनशाल

Explanation:

  • 1616 (लगभग 1615-27) में कर नहीं देने के कारण दुर्जनशाल को जहाँगीर ने ग्वालियर के किले में कैद कर रखा था।
    • इब्राहिम खाँ ने नागवंशी राजा दुर्जनशाल को मुगलों की अधीनता स्वीकार करने का आदेश दिया।
    • इससे मना करने पर दुर्जनशाल को 12 वर्षों तक (1615-27) ग्वालियर के किले में बंदी बनाकर रखा गया।

दुर्जनसाल, सम्राट द्वारा हीरे की अपनी विशेषज्ञता के कारण झारखंड के किस शासक द्वारा जेल से रिहा किया गया था ?

  • अकबर
  • जहांगीर
  • हुमायु
  • शेर शाह सूरी

Explanation:

  • दुर्जनशाल को जहाँगीर ने हीरे की अपनी विशेषज्ञता के कारण जेल से रिहा किया।
    • 1627 ई. में जहाँगीर के दरबार में एक हीरे की असलियत को लेकर विवाद हो गया।
    • दुर्जनशाल द्वारा हीरे की पहचान कर लेने के बाद जहाँगीर ने खुश होकर दुर्जनशाल को शाह की पदवी प्रदान करते हुए मुक्त कर दिया।

औरंगजेब के शासनकाल के दौरान दलेल सिंह ने मगर खान को हराया था जो कि………. के शासक थे ?

  • चास
  • टोरी
  • रामगढ
  • राजमहल

Explanation:

  • दलेल सिंह ने चाय (चास) के शासक मगर खान को पराजित कर उसकी हत्या कर दी थी।
    • दलेल सिंह (1667-1724) रामगढ़ का राजा था।
    • उसने 1670 ई. में बादम से रामगढ़ में अपनी राजधानी स्थापित की।
    • चास बोकारो जिले का एक क्षेत्र है।

निम्नलिखित में से कौन सुल्तान सुजा की राजधानी थी ?

  • चास
  • टोरी
  • रामगढ
  • राजमहल

Explanation:

  • शाह शुजा (सुल्तान सुजा) ने राजमहल को अपनी राजधानी बनाया था।
    • शाह शुजा शाहजहाँ का पुत्र था।
    • यह बंगाल और उड़ीसा का गवर्नर था।
    • मानसिंह ने 1592 ई. में राजमहल को बंगाल की राजधानी बनाया था।

इस्लाम खान ने राजमहल से अपनी राजधानी को कहां स्थानांतरित कर दिया था ?

  • मुंगेर
  • ढाका
  • रामगढ
  • राजमहल

Explanation:

  • औरंगजेब के शासनकाल में बंगाल की राजधानी को राजमहल से ढाका स्थानांतरित कर दिया गया।
    • इस्लाम खाँ बंगाल का मुगल सूबेदार था।
    • उसने राजमहल से ढाका राजधानी स्थानांतरित की।
    • ढाका बाद में बंगाल की महत्वपूर्ण राजधानी बनी।

1757 में प्लासी की लड़ाई के बाद सिराजुद्दौला द्वारा इस क्षेत्र पर कब्जा कर लिया गया था ?

  • मुंगेर
  • पलामू
  • रामगढ
  • राजमहल

Explanation:

  • 1757 में प्लासी की लड़ाई के बाद सिराजुद्दौला ने पलामू क्षेत्र पर कब्जा कर लिया था।
    • प्लासी की लड़ाई (1757) भारत में ब्रिटिश सत्ता की स्थापना का महत्वपूर्ण मोड़ थी।
    • सिराजुद्दौला बंगाल के नवाब थे।
    • प्लासी की लड़ाई में रॉबर्ट क्लाइव ने सिराजुद्दौला को हराया।
    • इसके बाद अंग्रेजों का झारखंड में प्रभाव बढ़ने लगा।
मध्यकाल में झारखंड