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नागवंशी राजा ने सर्वप्रथम नवरत्न नामक पंचमंजिला भवन का निर्माण कहाँ करवाया था?

  • पालकोट
  • रातु
  • दोयसा
  • नागफेनी

Explanation:

  • नवरत्न नामक पंचमंजिला भवन → दोयसा (डोईसागढ़/नवरत्नगढ़) में बनवाया गया था।
  • स्थान → सिसई प्रखंड, गुमला जिला, झारखंड।
  • निर्माता → नागवंशी राजा दुर्जनशाल (दुर्जन शाह)।
  • दोयसा को नवरत्नगढ़/डोईसागढ़ के नाम से भी जाना जाता है।

नागवंशी परिवार का मुख्यालय दोयसा से स्थानांतरित हुआ JPSC Assistant – 2007

  • दोयसा को अभिशप्त घोषित किया गया
  • जल की कमी थी
  • दोयसा में युद्ध में पराजित हुए
  • जंगली जानवरों का डर था

Explanation:

  • नागवंशी परिवार का मुख्यालय दोयसा (नवरत्नगढ़)  → पालकोट में नागवंशी राजवंश की राजधानी/मुख्यालय स्थानांतरित हुआ।
  • नागवंशी राजा यदुनाथ शाह के शासनकाल (1717-1724 ई.) में मुगलों (सरबुलंद खान) ने दोयसा (नवरतनगढ़) पर आक्रमण किया था। इस युद्ध और लगातार बाहरी आक्रमणों से सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राजधानी को दोयसा से पालकोट स्थानांतरित कर दिया गया।
  • स्थानांतरणकर्ता → राजा यदुनाथ शाह।
  • समय → 18वीं शताब्दी के प्रारंभ में (लगभग 1719–1724 ई.)।
  • पालकोट → गुमला जिला, झारखंड।
  • बाद में 1870 ई. में पालकोट से राँची के रतु (Ratu) में राजधानी स्थानांतरित हुई।
  • नागवंशी राजाओं की राजधानी — क्रमवार
    • 1. सुतियाम्बे → प्रथम राजधानी → संस्थापक: फणी मुकुट राय
    • 2. चुटिया → संस्थापक: प्रताप राय
    • 3. खुखरा → 1122 ई. में राजधानी → संस्थापक: भीम कर्ण
    • 4. दोइसा/डोइसा (नवरत्नगढ़) → संस्थापक: दुर्जन शाह
    • 5. पालकोट → संस्थापक: यदुनाथ शाह
    • 6. पालकोट भौंरों → संस्थापक: जगन्नाथ शाह
    • 7. रातूगढ़ → अंतिम राजधानी → संस्थापक: उदयनाथ शाह
  • याद रखने का क्रम:
    सुतियाम्बे → चुटिया → खुखरा → दोइसा → पालकोट → पालकोट भौंरों → रातूगढ़

रामगढ़ के राजा की मूल राजधानी थी:

  • रामगढ़
  • पद्मा
  • इचाक
  • सिसिया

Explanation:

  • रामगढ़ राज्य की राजधानियों का क्रम
    • 1. सिसिया → प्रथम राजधानी → संस्थापक: बाघदेव सिंह
    • 2. उरदा → संस्थापक: बाघदेव सिंह
    • 3. बादम → संस्थापक: हेमन्त सिंह
    • 4. रामगढ़ → संस्थापक: दलेल सिंह
    • 5. इचाक → संस्थापक: तेज सिंह
    • 6. पद्मा → अंतिम राजधानी → संस्थापक: ब्रह्मदेव नारायण सिंह
  • याद रखने का क्रम:
    • सिसिया → उरदा → बादम → रामगढ़ → इचाक → पद्मा
  • नागवंशी राजाओं की राजधानी — क्रमवार
    • 1. सुतियाम्बे → प्रथम राजधानी → संस्थापक: फणी मुकुट राय
    • 2. चुटिया → संस्थापक: प्रताप राय
    • 3. खुखरा → 1122 ई. में राजधानी → संस्थापक: भीम कर्ण
    • 4. दोइसा/डोइसा (नवरत्नगढ़) → संस्थापक: दुर्जन शाह
    • 5. पालकोट → संस्थापक: यदुनाथ शाह
    • 6. पालकोट भौंरों → संस्थापक: जगन्नाथ शाह
    • 7. रातूगढ़ → अंतिम राजधानी → संस्थापक: उदयनाथ शाह
  • याद रखने का क्रम:
    सुतियाम्बे → चुटिया → खुखरा → दोइसा → पालकोट → पालकोट भौंरों → रातूगढ़

किस जनजाति के लोगों द्वारा सबसे पहले झारखण्ड राज्य निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गयी थी?

  • संथाल
  • उराँव
  • हो
  • मुण्डा

Explanation:

  • झारखण्ड की जनजातियों में सर्वप्रथम राज्य निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ –  मुण्डाओं ने
  • झारखण्ड में राज्य निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने का श्रेय – रिता मुण्डा/ऋषा मुण्डा 
  • मुण्डाओं का प्रथम शासक – सुतिया पाहन 
    • सुतिया पाहन के नाम पर झारखण्ड का नाम सुतिया नागखण्ड पड़ा। 
  • सुतिया नागखण्ड राज्य में गढ़ों की संख्या – सात 
    • सात गढ़ों के नाम इस प्रकार हैं:
      • 1. पालुनगढ़-पलामू 
      • 2. हजारीबाग-हजारीबाग
      • 3. मानगढ़-मानभूम
      • 4. सिंहगढ़ – सिंहभूम 
      • 5. सुरगुमगढ़ – सुरगुजा
      • 6. लोहागढ़- लोहरदगा
      • 7. केसलगढ़-केसलगढ़ 
  • सुतिया नागखण्ड राज्य में परगना की संख्या – 21 
  •  सुतिया नागखण्ड राज्य का अंतिम राजा  – मदरा मुण्डा 

किसने सबसे पहले झारखण्ड राज्य निर्माण की प्रक्रिया शुरू की थी?

  • गया मुण्डा
  • बिरसा मुण्डा
  • सुतिया पाहन
  • रिता मुण्डा

Explanation:

  • झारखण्ड की जनजातियों में सर्वप्रथम राज्य निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ –  मुण्डाओं ने
  • झारखण्ड में राज्य निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने का श्रेय – रिता मुण्डा/ऋषा मुण्डा 
  • मुण्डाओं का प्रथम शासक – सुतिया पाहन 
    • सुतिया पाहन के नाम पर झारखण्ड का नाम सुतिया नागखण्ड पड़ा। 
  • सुतिया नागखण्ड राज्य में गढ़ों की संख्या – सात 
    • सात गढ़ों के नाम इस प्रकार हैं:
      • 1. पालुनगढ़-पलामू 
      • 2. हजारीबाग-हजारीबाग
      • 3. मानगढ़-मानभूम
      • 4. सिंहगढ़ – सिंहभूम 
      • 5. सुरगुमगढ़ – सुरगुजा
      • 6. लोहागढ़- लोहरदगा
      • 7. केसलगढ़-केसलगढ़ 
  • सुतिया नागखण्ड राज्य में परगना की संख्या – 21 
  •  सुतिया नागखण्ड राज्य का अंतिम राजा  – मदरा मुण्डा 

रिता मुण्डा द्वारा मुण्डाओं का शासक चुना गया?

  • गया मुण्डा
  • बिरसा मुण्डा
  • सुतिया पाहन
  • रिता मुण्डा

Explanation:

  • झारखण्ड की जनजातियों में सर्वप्रथम राज्य निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ –  मुण्डाओं ने
  • झारखण्ड में राज्य निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने का श्रेय – रिता मुण्डा/ऋषा मुण्डा 
  • मुण्डाओं का प्रथम शासक – सुतिया पाहन 
    • सुतिया पाहन के नाम पर झारखण्ड का नाम सुतिया नागखण्ड पड़ा। 
  • सुतिया नागखण्ड राज्य में गढ़ों की संख्या – सात 
    • सात गढ़ों के नाम इस प्रकार हैं:
      • 1. पालुनगढ़-पलामू 
      • 2. हजारीबाग-हजारीबाग
      • 3. मानगढ़-मानभूम
      • 4. सिंहगढ़ – सिंहभूम 
      • 5. सुरगुमगढ़ – सुरगुजा
      • 6. लोहागढ़- लोहरदगा
      • 7. केसलगढ़-केसलगढ़ 
  • सुतिया नागखण्ड राज्य में परगना की संख्या – 21 
  •  सुतिया नागखण्ड राज्य का अंतिम राजा  – मदरा मुण्डा 

मुण्डाओं का प्रथम शासक कोण था ?

  • गया मुण्डा
  • बिरसा मुण्डा
  • सुतिया पाहन
  • रिता मुण्डा

Explanation:

  • झारखण्ड की जनजातियों में सर्वप्रथम राज्य निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ –  मुण्डाओं ने
  • झारखण्ड में राज्य निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने का श्रेय – रिता मुण्डा/ऋषा मुण्डा 
  • मुण्डाओं का प्रथम शासक – सुतिया पाहन 
    • सुतिया पाहन के नाम पर झारखण्ड का नाम सुतिया नागखण्ड पड़ा। 
  • सुतिया नागखण्ड राज्य में गढ़ों की संख्या – सात 
    • सात गढ़ों के नाम इस प्रकार हैं:
      • 1. पालुनगढ़-पलामू 
      • 2. हजारीबाग-हजारीबाग
      • 3. मानगढ़-मानभूम
      • 4. सिंहगढ़ – सिंहभूम 
      • 5. सुरगुमगढ़ – सुरगुजा
      • 6. लोहागढ़- लोहरदगा
      • 7. केसलगढ़-केसलगढ़ 
  • सुतिया नागखण्ड राज्य में परगना की संख्या – 21 
  •  सुतिया नागखण्ड राज्य का अंतिम राजा  – मदरा मुण्डा 

सुतिया नागखण्ड का प्रथम राजा कौन था?

  • गया मुण्डा
  • बिरसा मुण्डा
  • सुतिया पाहन
  • रिता मुण्डा

Explanation:

  • झारखण्ड की जनजातियों में सर्वप्रथम राज्य निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ –  मुण्डाओं ने
  • झारखण्ड में राज्य निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने का श्रेय – रिता मुण्डा/ऋषा मुण्डा 
  • मुण्डाओं का प्रथम शासक – सुतिया पाहन 
    • सुतिया पाहन के नाम पर झारखण्ड का नाम सुतिया नागखण्ड पड़ा। 
  • सुतिया नागखण्ड राज्य में गढ़ों की संख्या – सात 
    • सात गढ़ों के नाम इस प्रकार हैं:
      • 1. पालुनगढ़-पलामू 
      • 2. हजारीबाग-हजारीबाग
      • 3. मानगढ़-मानभूम
      • 4. सिंहगढ़ – सिंहभूम 
      • 5. सुरगुमगढ़ – सुरगुजा
      • 6. लोहागढ़- लोहरदगा
      • 7. केसलगढ़-केसलगढ़ 
  • सुतिया नागखण्ड राज्य में परगना की संख्या – 21 
  •  सुतिया नागखण्ड राज्य का अंतिम राजा  – मदरा मुण्डा 

सुतिया नागखण्ड का अंतिम राजा कौन था?

  • गया मुण्डा
  • मदरा मुण्डा
  • सुतिया पाहन
  • रिता मुण्डा

Explanation:

  • झारखण्ड की जनजातियों में सर्वप्रथम राज्य निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ –  मुण्डाओं ने
  • झारखण्ड में राज्य निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने का श्रेय – रिता मुण्डा/ऋषा मुण्डा 
  • मुण्डाओं का प्रथम शासक – सुतिया पाहन 
    • सुतिया पाहन के नाम पर झारखण्ड का नाम सुतिया नागखण्ड पड़ा। 
  • सुतिया नागखण्ड राज्य में गढ़ों की संख्या – सात 
    • सात गढ़ों के नाम इस प्रकार हैं:
      • 1. पालुनगढ़-पलामू 
      • 2. हजारीबाग-हजारीबाग
      • 3. मानगढ़-मानभूम
      • 4. सिंहगढ़ – सिंहभूम 
      • 5. सुरगुमगढ़ – सुरगुजा
      • 6. लोहागढ़- लोहरदगा
      • 7. केसलगढ़-केसलगढ़ 
  • सुतिया नागखण्ड राज्य में परगना की संख्या – 21 
  •  सुतिया नागखण्ड राज्य का अंतिम राजा  – मदरा मुण्डा 

नागवंशी राज्य का संस्थापक कौन है ?

  • फणी मुकुट राय
  • मदरा मुण्डा
  • फणी मुकुट पाहन
  • भवराय श्रीवास्तव

Explanation:

  • नागवंशी राज्य की स्थापना – 64 ई. में (10वीं सदी ई. में –  जे. रीड के अनुसार )
    • संस्थापक – फणी मुकुट राय
    • प्रथम राजधानी –  सुतियाम्बे 
  •  नाग वंश का ‘आदि पुरूष’  – फणी मुकुट राय को
  • फणी मुकुट राय का राज्य 66 परगना में विभाजित था।
  • फणी मुकुट राय ने सुतियाम्बे में एक सूर्य मंदिर का निर्माण कराया। 
  • फणी मुकुट राय ने अपने राज्य में गैर-आदिवासियों को भी आश्रय दिया
    • दीवान –  भवराय श्रीवास्तव  (गैर-आदिवासि )  
  • फणी मुकुट राय की हत्या – बाघदेव सिंह ने  
  •  चेरो वंश की स्थापना  – भागवत राय ने ,1572 ई. में 

चेरो वंश का संस्थापक कौन है ?

  • फणी मुकुट राय
  • भागवत राय
  • फणी मुकुट पाहन
  • भवराय श्रीवास्तव

Explanation:

  • नागवंशी राज्य की स्थापना – 64 ई. में (10वीं सदी ई. में –  जे. रीड के अनुसार )
    • संस्थापक – फणी मुकुट राय
    • प्रथम राजधानी –  सुतियाम्बे 
  •  नाग वंश का ‘आदि पुरूष’  – फणी मुकुट राय को
  • फणी मुकुट राय का राज्य 66 परगना में विभाजित था।
  • फणी मुकुट राय ने सुतियाम्बे में एक सूर्य मंदिर का निर्माण कराया। 
  • फणी मुकुट राय ने अपने राज्य में गैर-आदिवासियों को भी आश्रय दिया
    • दीवान –  भवराय श्रीवास्तव  (गैर-आदिवासि )  
  • फणी मुकुट राय की हत्या – बाघदेव सिंह ने  
  •  चेरो वंश की स्थापना  – भागवत राय ने ,1572 ई. में 

सिंह वंश की पहली शाखा का संस्थापक कौन है ?

  • काशीनाथ सिंह
  • भागवत राय
  • फणी मुकुट पाहन
  • भवराय श्रीवास्तव

Explanation:

  • नागवंशी राज्य की स्थापना – 64 ई. में (10वीं सदी ई. में –  जे. रीड के अनुसार )
    • संस्थापक – फणी मुकुट राय
    • प्रथम राजधानी –  सुतियाम्बे 
  •  नाग वंश का ‘आदि पुरूष’  – फणी मुकुट राय को
  • फणी मुकुट राय का राज्य 66 परगना में विभाजित था।
  • फणी मुकुट राय ने सुतियाम्बे में एक सूर्य मंदिर का निर्माण कराया। 
  • फणी मुकुट राय ने अपने राज्य में गैर-आदिवासियों को भी आश्रय दिया
    • दीवान –  भवराय श्रीवास्तव  (गैर-आदिवासि )  
  • फणी मुकुट राय की हत्या – बाघदेव सिंह ने  
  •  चेरो वंश की स्थापना  – भागवत राय ने ,1572 ई. में 
  • सिंह वंश की पहली शाखा की स्थापना – 8वीं सदी ई. के आरंभ में  
    •  सिंह वंश की पहली शाखा का संस्थापक  – काशीनाथ सिंह  
  • सिंह वंश की दूसरी शाखा की स्थापना – 1205 ई. में
    • सिंह वंश की दूसरी शाखा का संस्थापक  –  दर्प नारायण सिंह (1205-62 ई.) ने

सिंह वंश की दूसरी शाखा का संस्थापक कौन है ?

  • काशीनाथ सिंह
  • दर्प नारायण सिंह
  • फणी मुकुट सिंह
  • भवराय श्रीवास्तव सिंह

Explanation:

  • नागवंशी राज्य की स्थापना – 64 ई. में (10वीं सदी ई. में –  जे. रीड के अनुसार )
    • संस्थापक – फणी मुकुट राय
    • प्रथम राजधानी –  सुतियाम्बे 
  •  नाग वंश का ‘आदि पुरूष’  – फणी मुकुट राय को
  • फणी मुकुट राय का राज्य 66 परगना में विभाजित था।
  • फणी मुकुट राय ने सुतियाम्बे में एक सूर्य मंदिर का निर्माण कराया। 
  • फणी मुकुट राय ने अपने राज्य में गैर-आदिवासियों को भी आश्रय दिया
    • दीवान –  भवराय श्रीवास्तव  (गैर-आदिवासि )  
  • फणी मुकुट राय की हत्या – बाघदेव सिंह ने  
  •  चेरो वंश की स्थापना  – भागवत राय ने ,1572 ई. में 
  • सिंह वंश की पहली शाखा की स्थापना – 8वीं सदी ई. के आरंभ में  
    •  सिंह वंश की पहली शाखा का संस्थापक  – काशीनाथ सिंह  
  • सिंह वंश की दूसरी शाखा की स्थापना – 1205 ई. में
    • सिंह वंश की दूसरी शाखा का संस्थापक  –  दर्प नारायण सिंह (1205-62 ई.) ने

रामगढ़ राज्य का संस्थापक कौन है ?

  • काशीनाथ सिंह
  • दर्प नारायण सिंह
  • फणी मुकुट सिंह
  • बाघदेव सिंह

Explanation:

  • नागवंशी राज्य की स्थापना – 64 ई. में (10वीं सदी ई. में –  जे. रीड के अनुसार )
    • संस्थापक – फणी मुकुट राय
    • प्रथम राजधानी –  सुतियाम्बे 
  •  नाग वंश का ‘आदि पुरूष’  – फणी मुकुट राय को
  • फणी मुकुट राय का राज्य 66 परगना में विभाजित था।
  • फणी मुकुट राय ने सुतियाम्बे में एक सूर्य मंदिर का निर्माण कराया। 
  • फणी मुकुट राय ने अपने राज्य में गैर-आदिवासियों को भी आश्रय दिया
    • दीवान –  भवराय श्रीवास्तव  (गैर-आदिवासि )  
  • फणी मुकुट राय की हत्या – बाघदेव सिंह ने  
  •  चेरो वंश की स्थापना  – भागवत राय ने ,1572 ई. में 
  • सिंह वंश की पहली शाखा की स्थापना – 8वीं सदी ई. के आरंभ में  
    •  सिंह वंश की पहली शाखा का संस्थापक  – काशीनाथ सिंह  
  • सिंह वंश की दूसरी शाखा की स्थापना – 1205 ई. में
    • सिंह वंश की दूसरी शाखा का संस्थापक  –  दर्प नारायण सिंह (1205-62 ई.) ने
  • बाघदेव सिंह – रामगढ़ राज्य के संस्थापक 

खड़गडीहा राज्य का संस्थापक कौन है ?

  • काशीनाथ सिंह
  • दर्प नारायण सिंह
  • हंसराज देव
  • बाघदेव सिंह

Explanation:

  • नागवंशी राज्य की स्थापना – 64 ई. में (10वीं सदी ई. में –  जे. रीड के अनुसार )
    • संस्थापक – फणी मुकुट राय
    • प्रथम राजधानी –  सुतियाम्बे 
  •  नाग वंश का ‘आदि पुरूष’  – फणी मुकुट राय को
  • फणी मुकुट राय का राज्य 66 परगना में विभाजित था।
  • फणी मुकुट राय ने सुतियाम्बे में एक सूर्य मंदिर का निर्माण कराया। 
  • फणी मुकुट राय ने अपने राज्य में गैर-आदिवासियों को भी आश्रय दिया
    • दीवान –  भवराय श्रीवास्तव  (गैर-आदिवासि )  
  • फणी मुकुट राय की हत्या – बाघदेव सिंह ने  
  •  चेरो वंश की स्थापना  – भागवत राय ने ,1572 ई. में 
  • सिंह वंश की पहली शाखा की स्थापना – 8वीं सदी ई. के आरंभ में  
    •  सिंह वंश की पहली शाखा का संस्थापक  – काशीनाथ सिंह  
  • सिंह वंश की दूसरी शाखा की स्थापना – 1205 ई. में
    • सिंह वंश की दूसरी शाखा का संस्थापक  –  दर्प नारायण सिंह (1205-62 ई.) ने
  • बाघदेव सिंह – रामगढ़ राज्य के संस्थापक 
  •  खड़गडीहा राज्य  की स्थापना – हंसराज देव ने ,15वीं सदी में 

प्रथम नागवंशी राजा कौन था?

  • काशीनाथ सिंह
  • फणी मुकुट राय
  • हंसराज देव
  • बाघदेव सिंह

Explanation:

  • नागवंशी राज्य की स्थापना – 64 ई. में (10वीं सदी ई. में –  जे. रीड के अनुसार )
    • संस्थापक – फणी मुकुट राय
    • प्रथम राजधानी –  सुतियाम्बे 
  •  नाग वंश का ‘आदि पुरूष’  – फणी मुकुट राय को
  • फणी मुकुट राय का राज्य 66 परगना में विभाजित था।
  • फणी मुकुट राय ने सुतियाम्बे में एक सूर्य मंदिर का निर्माण कराया। 
  • फणी मुकुट राय ने अपने राज्य में गैर-आदिवासियों को भी आश्रय दिया
    • दीवान –  भवराय श्रीवास्तव  (गैर-आदिवासि )  
  • फणी मुकुट राय की हत्या – बाघदेव सिंह ने  
  •  चेरो वंश की स्थापना  – भागवत राय ने ,1572 ई. में 
  • सिंह वंश की पहली शाखा की स्थापना – 8वीं सदी ई. के आरंभ में  
    •  सिंह वंश की पहली शाखा का संस्थापक  – काशीनाथ सिंह  
  • सिंह वंश की दूसरी शाखा की स्थापना – 1205 ई. में
    • सिंह वंश की दूसरी शाखा का संस्थापक  –  दर्प नारायण सिंह (1205-62 ई.) ने
  • बाघदेव सिंह – रामगढ़ राज्य के संस्थापक 
  •  खड़गडीहा राज्य  की स्थापना – हंसराज देव ने ,15वीं सदी में

नागवंशी शासक फणी मुकुट राय की राजधानी थी

  • सुतियाम्बे
  • खोखरा
  • दोइसा
  • चुटिया

Explanation:

  • नागवंशी राज्य की स्थापना – 64 ई. में (10वीं सदी ई. में –  जे. रीड के अनुसार )
    • संस्थापक – फणी मुकुट राय
    • प्रथम राजधानी –  सुतियाम्बे 
  •  नाग वंश का ‘आदि पुरूष’  – फणी मुकुट राय को
  • फणी मुकुट राय का राज्य 66 परगना में विभाजित था।
  • फणी मुकुट राय ने सुतियाम्बे में एक सूर्य मंदिर का निर्माण कराया। 
  • फणी मुकुट राय ने अपने राज्य में गैर-आदिवासियों को भी आश्रय दिया
    • दीवान –  भवराय श्रीवास्तव  (गैर-आदिवासि )  
  • फणी मुकुट राय की हत्या – बाघदेव सिंह ने  
  •  चेरो वंश की स्थापना  – भागवत राय ने ,1572 ई. में 
  • सिंह वंश की पहली शाखा की स्थापना – 8वीं सदी ई. के आरंभ में  
    •  सिंह वंश की पहली शाखा का संस्थापक  – काशीनाथ सिंह  
  • सिंह वंश की दूसरी शाखा की स्थापना – 1205 ई. में
    • सिंह वंश की दूसरी शाखा का संस्थापक  –  दर्प नारायण सिंह (1205-62 ई.) ने
  • बाघदेव सिंह – रामगढ़ राज्य के संस्थापक 
  •  खड़गडीहा राज्य  की स्थापना – हंसराज देव ने ,15वीं सदी में

नागवंशी राज्य की प्रथम राजधानी कहाँ थी?

  • सुतियाम्बे
  • खोखरा
  • दोइसा
  • चुटिया

Explanation:

  • रामगढ़ राज्य की राजधानियों का क्रम
    • 1. सिसिया → प्रथम राजधानी → संस्थापक: बाघदेव सिंह
    • 2. उरदा → संस्थापक: बाघदेव सिंह
    • 3. बादम → संस्थापक: हेमन्त सिंह
    • 4. रामगढ़ → संस्थापक: दलेल सिंह
    • 5. इचाक → संस्थापक: तेज सिंह
    • 6. पद्मा → अंतिम राजधानी → संस्थापक: ब्रह्मदेव नारायण सिंह
  • याद रखने का क्रम:
    • सिसिया → उरदा → बादम → रामगढ़ → इचाक → पद्मा
  • नागवंशी राजाओं की राजधानी — क्रमवार
    • 1. सुतियाम्बे → प्रथम राजधानी → संस्थापक: फणी मुकुट राय
    • 2. चुटिया → संस्थापक: प्रताप राय
    • 3. खुखरा → 1122 ई. में राजधानी → संस्थापक: भीम कर्ण
    • 4. दोइसा/डोइसा (नवरत्नगढ़) → संस्थापक: दुर्जन शाह
    • 5. पालकोट → संस्थापक: यदुनाथ शाह
    • 6. पालकोट भौंरों → संस्थापक: जगन्नाथ शाह
    • 7. रातूगढ़ → अंतिम राजधानी → संस्थापक: उदयनाथ शाह
  • याद रखने का क्रम:
    सुतियाम्बे → चुटिया → खुखरा → दोइसा → पालकोट → पालकोट भौंरों → रातूगढ़

किस नागवंशी शासक ने अपनी राजधानी सुतियाम्बे से चुटिया कर दी?

  • प्रताप राय
  • भीम कर्ण
  • फणी मुकुट राय
  • दुर्जन शाह

Explanation:

  • रामगढ़ राज्य की राजधानियों का क्रम
    • 1. सिसिया → प्रथम राजधानी → संस्थापक: बाघदेव सिंह
    • 2. उरदा → संस्थापक: बाघदेव सिंह
    • 3. बादम → संस्थापक: हेमन्त सिंह
    • 4. रामगढ़ → संस्थापक: दलेल सिंह
    • 5. इचाक → संस्थापक: तेज सिंह
    • 6. पद्मा → अंतिम राजधानी → संस्थापक: ब्रह्मदेव नारायण सिंह
  • याद रखने का क्रम:
    • सिसिया → उरदा → बादम → रामगढ़ → इचाक → पद्मा
  • नागवंशी राजाओं की राजधानी — क्रमवार
    • 1. सुतियाम्बे → प्रथम राजधानी → संस्थापक: फणी मुकुट राय
    • 2. चुटिया → संस्थापक: प्रताप राय
    • 3. खुखरा → 1122 ई. में राजधानी → संस्थापक: भीम कर्ण
    • 4. दोइसा/डोइसा (नवरत्नगढ़) → संस्थापक: दुर्जन शाह
    • 5. पालकोट → संस्थापक: यदुनाथ शाह
    • 6. पालकोट भौंरों → संस्थापक: जगन्नाथ शाह
    • 7. रातूगढ़ → अंतिम राजधानी → संस्थापक: उदयनाथ शाह
  • याद रखने का क्रम:
    सुतियाम्बे → चुटिया → खुखरा → दोइसा → पालकोट → पालकोट भौंरों → रातूगढ़

किस नागवंशी शासक ने अपनी राजधानी चुटिया से खुखरा कर दी?

  • प्रताप राय
  • भीम कर्ण
  • फणी मुकुट राय
  • दुर्जन शाह

Explanation:

  • रामगढ़ राज्य की राजधानियों का क्रम
    • 1. सिसिया → प्रथम राजधानी → संस्थापक: बाघदेव सिंह
    • 2. उरदा → संस्थापक: बाघदेव सिंह
    • 3. बादम → संस्थापक: हेमन्त सिंह
    • 4. रामगढ़ → संस्थापक: दलेल सिंह
    • 5. इचाक → संस्थापक: तेज सिंह
    • 6. पद्मा → अंतिम राजधानी → संस्थापक: ब्रह्मदेव नारायण सिंह
  • याद रखने का क्रम:
    • सिसिया → उरदा → बादम → रामगढ़ → इचाक → पद्मा
  • नागवंशी राजाओं की राजधानी — क्रमवार
    • 1. सुतियाम्बे → प्रथम राजधानी → संस्थापक: फणी मुकुट राय
    • 2. चुटिया → संस्थापक: प्रताप राय
    • 3. खुखरा → 1122 ई. में राजधानी → संस्थापक: भीम कर्ण
    • 4. दोइसा/डोइसा (नवरत्नगढ़) → संस्थापक: दुर्जन शाह
    • 5. पालकोट → संस्थापक: यदुनाथ शाह
    • 6. पालकोट भौंरों → संस्थापक: जगन्नाथ शाह
    • 7. रातूगढ़ → अंतिम राजधानी → संस्थापक: उदयनाथ शाह
  • याद रखने का क्रम:
    सुतियाम्बे → चुटिया → खुखरा → दोइसा → पालकोट → पालकोट भौंरों → रातूगढ़

किस नागवंशी शासक ने अपनी राजधानी दोइसा / डोइसा से पालकोट कर दी?

  • यदुनाथ शाह
  • भीम कर्ण
  • फणी मुकुट राय
  • दुर्जन शाह

Explanation:

  • रामगढ़ राज्य की राजधानियों का क्रम
    • 1. सिसिया → प्रथम राजधानी → संस्थापक: बाघदेव सिंह
    • 2. उरदा → संस्थापक: बाघदेव सिंह
    • 3. बादम → संस्थापक: हेमन्त सिंह
    • 4. रामगढ़ → संस्थापक: दलेल सिंह
    • 5. इचाक → संस्थापक: तेज सिंह
    • 6. पद्मा → अंतिम राजधानी → संस्थापक: ब्रह्मदेव नारायण सिंह
  • याद रखने का क्रम:
    • सिसिया → उरदा → बादम → रामगढ़ → इचाक → पद्मा
  • नागवंशी राजाओं की राजधानी — क्रमवार
    • 1. सुतियाम्बे → प्रथम राजधानी → संस्थापक: फणी मुकुट राय
    • 2. चुटिया → संस्थापक: प्रताप राय
    • 3. खुखरा → 1122 ई. में राजधानी → संस्थापक: भीम कर्ण
    • 4. दोइसा/डोइसा (नवरत्नगढ़) → संस्थापक: दुर्जन शाह
    • 5. पालकोट → संस्थापक: यदुनाथ शाह
    • 6. पालकोट भौंरों → संस्थापक: जगन्नाथ शाह
    • 7. रातूगढ़ → अंतिम राजधानी → संस्थापक: उदयनाथ शाह
  • याद रखने का क्रम:
    सुतियाम्बे → चुटिया → खुखरा → दोइसा → पालकोट → पालकोट भौंरों → रातूगढ़

किस नागवंशी शासक ने अपनी राजधानी पालकोट से पालकोट भौंरों कर दी?

  • यदुनाथ शाह
  • भीम कर्ण
  • जगन्नाथ शाह
  • दुर्जन शाह

Explanation:

  • रामगढ़ राज्य की राजधानियों का क्रम
    • 1. सिसिया → प्रथम राजधानी → संस्थापक: बाघदेव सिंह
    • 2. उरदा → संस्थापक: बाघदेव सिंह
    • 3. बादम → संस्थापक: हेमन्त सिंह
    • 4. रामगढ़ → संस्थापक: दलेल सिंह
    • 5. इचाक → संस्थापक: तेज सिंह
    • 6. पद्मा → अंतिम राजधानी → संस्थापक: ब्रह्मदेव नारायण सिंह
  • याद रखने का क्रम:
    • सिसिया → उरदा → बादम → रामगढ़ → इचाक → पद्मा
  • नागवंशी राजाओं की राजधानी — क्रमवार
    • 1. सुतियाम्बे → प्रथम राजधानी → संस्थापक: फणी मुकुट राय
    • 2. चुटिया → संस्थापक: प्रताप राय
    • 3. खुखरा → 1122 ई. में राजधानी → संस्थापक: भीम कर्ण
    • 4. दोइसा/डोइसा (नवरत्नगढ़) → संस्थापक: दुर्जन शाह
    • 5. पालकोट → संस्थापक: यदुनाथ शाह
    • 6. पालकोट भौंरों → संस्थापक: जगन्नाथ शाह
    • 7. रातूगढ़ → अंतिम राजधानी → संस्थापक: उदयनाथ शाह
  • याद रखने का क्रम:
    सुतियाम्बे → चुटिया → खुखरा → दोइसा → पालकोट → पालकोट भौंरों → रातूगढ़

किस नागवंशी शासक ने अपनी राजधानी पालकोट भौंरों से रातूगढ़ कर दी?

  • यदुनाथ शाह
  • उदयनाथ शाह
  • जगन्नाथ शाह
  • दुर्जन शाह

Explanation:

  • रामगढ़ राज्य की राजधानियों का क्रम
    • 1. सिसिया → प्रथम राजधानी → संस्थापक: बाघदेव सिंह
    • 2. उरदा → संस्थापक: बाघदेव सिंह
    • 3. बादम → संस्थापक: हेमन्त सिंह
    • 4. रामगढ़ → संस्थापक: दलेल सिंह
    • 5. इचाक → संस्थापक: तेज सिंह
    • 6. पद्मा → अंतिम राजधानी → संस्थापक: ब्रह्मदेव नारायण सिंह
  • याद रखने का क्रम:
    • सिसिया → उरदा → बादम → रामगढ़ → इचाक → पद्मा
  • नागवंशी राजाओं की राजधानी — क्रमवार
    • 1. सुतियाम्बे → प्रथम राजधानी → संस्थापक: फणी मुकुट राय
    • 2. चुटिया → संस्थापक: प्रताप राय
    • 3. खुखरा → 1122 ई. में राजधानी → संस्थापक: भीम कर्ण
    • 4. दोइसा/डोइसा (नवरत्नगढ़) → संस्थापक: दुर्जन शाह
    • 5. पालकोट → संस्थापक: यदुनाथ शाह
    • 6. पालकोट भौंरों → संस्थापक: जगन्नाथ शाह
    • 7. रातूगढ़ → अंतिम राजधानी → संस्थापक: उदयनाथ शाह
  • याद रखने का क्रम:
    सुतियाम्बे → चुटिया → खुखरा → दोइसा → पालकोट → पालकोट भौंरों → रातूगढ़

किस नागवंशी शासक ने अपनी राजधानी सतरंजी को बनाया ?

  • यदुनाथ शाह
  • भीम कर्ण
  • जगन्नाथ शाह
  • एनी शाह

Explanation:

  • रामगढ़ राज्य की राजधानियों का क्रम
    • 1. सिसिया → प्रथम राजधानी → संस्थापक: बाघदेव सिंह
    • 2. उरदा → संस्थापक: बाघदेव सिंह
    • 3. बादम → संस्थापक: हेमन्त सिंह
    • 4. रामगढ़ → संस्थापक: दलेल सिंह
    • 5. इचाक → संस्थापक: तेज सिंह
    • 6. पद्मा → अंतिम राजधानी → संस्थापक: ब्रह्मदेव नारायण सिंह
  • याद रखने का क्रम:
    • सिसिया → उरदा → बादम → रामगढ़ → इचाक → पद्मा
  • नागवंशी राजाओं की राजधानी — क्रमवार
    • 1. सुतियाम्बे → प्रथम राजधानी → संस्थापक: फणी मुकुट राय
    • 2. चुटिया → संस्थापक: प्रताप राय
    • 3. खुखरा → 1122 ई. में राजधानी → संस्थापक: भीम कर्ण
    • 4. दोइसा/डोइसा (नवरत्नगढ़) → संस्थापक: दुर्जन शाह
    • 5. पालकोट → संस्थापक: यदुनाथ शाह
    • 6. पालकोट भौंरों → संस्थापक: जगन्नाथ शाह
    • 7. रातूगढ़ → अंतिम राजधानी → संस्थापक: उदयनाथ शाह
  • याद रखने का क्रम:
    सुतियाम्बे → चुटिया → खुखरा → दोइसा → पालकोट → पालकोट भौंरों → रातूगढ़

  • नागवंशी शासक अनी नाथ शाहदेव (अनी शाह) ने स्वर्णरेखा नदी के तट के पास स्थित सतरंजी को अपनी राजधानी बनाया था।
  •  सतरंजी ( रांची,) इन्होने ही 1691 में सतरंजी (बड़कागढ़ रियासत) में प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर का निर्माण कराया था।

किस शासक ने पोरहाट को नयी राजधानी बनाया ?

  • यदुनाथ सिंह
  • भीम सिंह
  • काशीराम सिंह
  • एनी सिंह

Explanation:

  • कांशी राम सिंह (काशी राम सिंह) ने पोरहाट को नई राजधानी बनाया था।
  • धर्मनारायण सिंह ने फाल्गुन द्वादशी 1262 विक्रम सम्वत् (1205 ई०) को सिंहभूम राज्य की स्थापना की थी।
  • 1272 सम्वत् को पोराहाट किले का निर्माण काशीराम सिंह ने करवाया था और पौड़ी देवी की मूर्ति मँगवाई थी।
  • अच्युत सिंह ने पौड़ी देवी को राजलक्ष्मी के रूप में स्थापित करवाया था।
  • वंश प्रभा लेखना के अनुसार प्रारम्भ से आध्ुानिक काल तक के सिंह राजाओं की वंशवली प्राप्त होती है।
  • चक्रधरपुर में इस वंश की राजधानी रही जिसे पोराहाट राज्य भी कहा जाता था।
  • संजय नदी के तट पर चक्रधरपुर बसा हुआ है।
  • इस राज्य के अन्तर्गत कई पाषाण कालीन अस्त्र-शस्त्र मिले हैं।
  • जैन श्रमणों द्वारा निर्मित कई तालाबों को आज भी सरक तालाब के नाम से जाना जाता है।

रामगढ़ राज्य की प्रथम राजधानी है ?

  • सिसिया
  • उरदा
  • बादम
  • रामगढ़

Explanation:

  • रामगढ़ राज्य की राजधानियों का क्रम
    • 1. सिसिया → प्रथम राजधानी → संस्थापक: बाघदेव सिंह
    • 2. उरदा → संस्थापक: बाघदेव सिंह
    • 3. बादम → संस्थापक: हेमन्त सिंह
    • 4. रामगढ़ → संस्थापक: दलेल सिंह
    • 5. इचाक → संस्थापक: तेज सिंह
    • 6. पद्मा → अंतिम राजधानी → संस्थापक: ब्रह्मदेव नारायण सिंह
  • याद रखने का क्रम:
    • सिसिया → उरदा → बादम → रामगढ़ → इचाक → पद्मा

किस शासक ने सिसिया को नयी राजधानी बनाया ?

  • हेमन्त सिंह
  • बाघदेव सिंह
  • दलेल सिंह
  • तेज सिंह

Explanation:

  • रामगढ़ राज्य की राजधानियों का क्रम
    • 1. सिसिया → प्रथम राजधानी → संस्थापक: बाघदेव सिंह
    • 2. उरदा → संस्थापक: बाघदेव सिंह
    • 3. बादम → संस्थापक: हेमन्त सिंह
    • 4. रामगढ़ → संस्थापक: दलेल सिंह
    • 5. इचाक → संस्थापक: तेज सिंह
    • 6. पद्मा → अंतिम राजधानी → संस्थापक: ब्रह्मदेव नारायण सिंह
  • याद रखने का क्रम:
    • सिसिया → उरदा → बादम → रामगढ़ → इचाक → पद्मा

किस शासक ने उरदा को नयी राजधानी बनाया ?

  • हेमन्त सिंह
  • बाघदेव सिंह
  • दलेल सिंह
  • तेज सिंह

Explanation:

  • रामगढ़ राज्य की राजधानियों का क्रम
    • 1. सिसिया → प्रथम राजधानी → संस्थापक: बाघदेव सिंह
    • 2. उरदा → संस्थापक: बाघदेव सिंह
    • 3. बादम → संस्थापक: हेमन्त सिंह
    • 4. रामगढ़ → संस्थापक: दलेल सिंह
    • 5. इचाक → संस्थापक: तेज सिंह
    • 6. पद्मा → अंतिम राजधानी → संस्थापक: ब्रह्मदेव नारायण सिंह
  • याद रखने का क्रम:
    • सिसिया → उरदा → बादम → रामगढ़ → इचाक → पद्मा

किस शासक ने बादम को नयी राजधानी बनाया ?

  • हेमन्त सिंह
  • बाघदेव सिंह
  • दलेल सिंह
  • तेज सिंह

Explanation:

  • रामगढ़ राज्य की राजधानियों का क्रम
    • 1. सिसिया → प्रथम राजधानी → संस्थापक: बाघदेव सिंह
    • 2. उरदा → संस्थापक: बाघदेव सिंह
    • 3. बादम → संस्थापक: हेमन्त सिंह
    • 4. रामगढ़ → संस्थापक: दलेल सिंह
    • 5. इचाक → संस्थापक: तेज सिंह
    • 6. पद्मा → अंतिम राजधानी → संस्थापक: ब्रह्मदेव नारायण सिंह
  • याद रखने का क्रम:
    • सिसिया → उरदा → बादम → रामगढ़ → इचाक → पद्मा

किस शासक ने रामगढ़ को नयी राजधानी बनाया ?

  • हेमन्त सिंह
  • बाघदेव सिंह
  • दलेल सिंह
  • तेज सिंह

Explanation:

  • रामगढ़ राज्य की राजधानियों का क्रम
    • 1. सिसिया → प्रथम राजधानी → संस्थापक: बाघदेव सिंह
    • 2. उरदा → संस्थापक: बाघदेव सिंह
    • 3. बादम → संस्थापक: हेमन्त सिंह
    • 4. रामगढ़ → संस्थापक: दलेल सिंह
    • 5. इचाक → संस्थापक: तेज सिंह
    • 6. पद्मा → अंतिम राजधानी → संस्थापक: ब्रह्मदेव नारायण सिंह
  • याद रखने का क्रम:
    • सिसिया → उरदा → बादम → रामगढ़ → इचाक → पद्मा

किस शासक ने इचाक को नयी राजधानी बनाया ?

  • हेमन्त सिंह
  • बाघदेव सिंह
  • दलेल सिंह
  • तेज सिंह

Explanation:

  • रामगढ़ राज्य की राजधानियों का क्रम
    • 1. सिसिया → प्रथम राजधानी → संस्थापक: बाघदेव सिंह
    • 2. उरदा → संस्थापक: बाघदेव सिंह
    • 3. बादम → संस्थापक: हेमन्त सिंह
    • 4. रामगढ़ → संस्थापक: दलेल सिंह
    • 5. इचाक → संस्थापक: तेज सिंह
    • 6. पद्मा → अंतिम राजधानी → संस्थापक: ब्रह्मदेव नारायण सिंह
  • याद रखने का क्रम:
    • सिसिया → उरदा → बादम → रामगढ़ → इचाक → पद्मा

किस शासक ने पद्मा को नयी राजधानी बनाया ?

  • हेमन्त सिंह
  • ब्रह्मदेव नारायण सिंह
  • दलेल सिंह
  • तेज सिंह

Explanation:

  • रामगढ़ राज्य की राजधानियों का क्रम
    • 1. सिसिया → प्रथम राजधानी → संस्थापक: बाघदेव सिंह
    • 2. उरदा → संस्थापक: बाघदेव सिंह
    • 3. बादम → संस्थापक: हेमन्त सिंह
    • 4. रामगढ़ → संस्थापक: दलेल सिंह
    • 5. इचाक → संस्थापक: तेज सिंह
    • 6. पद्मा → अंतिम राजधानी → संस्थापक: ब्रह्मदेव नारायण सिंह
  • याद रखने का क्रम:
    • सिसिया → उरदा → बादम → रामगढ़ → इचाक → पद्मा

रामगढ़ राज्य की अंतिम राजधानी है ?

  • सिसिया
  • उरदा
  • पद्मा
  • रामगढ़

Explanation:

  • रामगढ़ राज्य की राजधानियों का क्रम
    • 1. सिसिया → प्रथम राजधानी → संस्थापक: बाघदेव सिंह
    • 2. उरदा → संस्थापक: बाघदेव सिंह
    • 3. बादम → संस्थापक: हेमन्त सिंह
    • 4. रामगढ़ → संस्थापक: दलेल सिंह
    • 5. इचाक → संस्थापक: तेज सिंह
    • 6. पद्मा → अंतिम राजधानी → संस्थापक: ब्रह्मदेव नारायण सिंह
  • याद रखने का क्रम:
    • सिसिया → उरदा → बादम → रामगढ़ → इचाक → पद्मा

फणी मुकुट राय का राज्य कितने परगनों में विभाजित था?

  • 55
  • 44
  • 66
  • 77

Explanation:

  • फणी मुकुट राय 
    • नागवंशी राज्य की स्थापना – 64 ई. में (10वीं सदी ई. में –  जे. रीड के अनुसार )
      • संस्थापक – फणी मुकुट राय
      • प्रथम राजधानी –  सुतियाम्बे 
    •  नाग वंश का ‘आदि पुरूष’  – फणी मुकुट राय को
    • फणी मुकुट राय का राज्य 66 परगना में विभाजित था।
    • फणी मुकुट राय ने सुतियाम्बे में एक सूर्य मंदिर का निर्माण कराया। 
    • फणी मुकुट राय ने अपने राज्य में गैर-आदिवासियों को भी आश्रय दिया
      • दीवान –  भवराय श्रीवास्तव  (गैर-आदिवासि )  
    • फणी मुकुट राय की हत्या – बाघदेव सिंह ने  

नागवंश का आदिपुरूष माना जाता है?

  • यदुनाथ शाह
  • भीम कर्ण
  • फणी मुकुट राय
  • एनी शाह

Explanation:

  • फणी मुकुट राय 
    • नागवंशी राज्य की स्थापना – 64 ई. में (10वीं सदी ई. में –  जे. रीड के अनुसार )
      • संस्थापक – फणी मुकुट राय
      • प्रथम राजधानी –  सुतियाम्बे 
    •  नाग वंश का ‘आदि पुरूष’  – फणी मुकुट राय को
    • फणी मुकुट राय का राज्य 66 परगना में विभाजित था।
    • फणी मुकुट राय ने सुतियाम्बे में एक सूर्य मंदिर का निर्माण कराया। 
    • फणी मुकुट राय ने अपने राज्य में गैर-आदिवासियों को भी आश्रय दिया
      • दीवान –  भवराय श्रीवास्तव  (गैर-आदिवासि )  
    • फणी मुकुट राय की हत्या – बाघदेव सिंह ने  

किसने सुतियाम्बे में एक सूर्य मंदिर का निर्माण कराया।

  • यदुनाथ शाह
  • भीम कर्ण
  • फणी मुकुट राय
  • एनी शाह

Explanation:

  • फणी मुकुट राय 
    • नागवंशी राज्य की स्थापना – 64 ई. में (10वीं सदी ई. में –  जे. रीड के अनुसार )
      • संस्थापक – फणी मुकुट राय
      • प्रथम राजधानी –  सुतियाम्बे 
    •  नाग वंश का ‘आदि पुरूष’  – फणी मुकुट राय को
    • फणी मुकुट राय का राज्य 66 परगना में विभाजित था।
    • फणी मुकुट राय ने सुतियाम्बे में एक सूर्य मंदिर का निर्माण कराया। 
    • फणी मुकुट राय ने अपने राज्य में गैर-आदिवासियों को भी आश्रय दिया
      • दीवान –  भवराय श्रीवास्तव  (गैर-आदिवासि )  
    • फणी मुकुट राय की हत्या – बाघदेव सिंह ने  

किसने अपने राज्य में गैर-आदिवासियों को भी आश्रय दिया

  • यदुनाथ शाह
  • भीम कर्ण
  • फणी मुकुट राय
  • एनी शाह

Explanation:

  • फणी मुकुट राय 
    • नागवंशी राज्य की स्थापना – 64 ई. में (10वीं सदी ई. में –  जे. रीड के अनुसार )
      • संस्थापक – फणी मुकुट राय
      • प्रथम राजधानी –  सुतियाम्बे 
    •  नाग वंश का ‘आदि पुरूष’  – फणी मुकुट राय को
    • फणी मुकुट राय का राज्य 66 परगना में विभाजित था।
    • फणी मुकुट राय ने सुतियाम्बे में एक सूर्य मंदिर का निर्माण कराया। 
    • फणी मुकुट राय ने अपने राज्य में गैर-आदिवासियों को भी आश्रय दिया
      • दीवान –  भवराय श्रीवास्तव  (गैर-आदिवासि )  
    • फणी मुकुट राय की हत्या – बाघदेव सिंह ने  

कौन नागवंशी शासक फणी मुकुट राय का दीवान था?

  • यदुनाथ श्रीवास्तव
  • भवराय श्रीवास्तव
  • राजराय श्रीवास्तव
  • चंदराय श्रीवास्तव

Explanation:

  • फणी मुकुट राय 
    • नागवंशी राज्य की स्थापना – 64 ई. में (10वीं सदी ई. में –  जे. रीड के अनुसार )
      • संस्थापक – फणी मुकुट राय
      • प्रथम राजधानी –  सुतियाम्बे 
    •  नाग वंश का ‘आदि पुरूष’  – फणी मुकुट राय को
    • फणी मुकुट राय का राज्य 66 परगना में विभाजित था।
    • फणी मुकुट राय ने सुतियाम्बे में एक सूर्य मंदिर का निर्माण कराया। 
    • फणी मुकुट राय ने अपने राज्य में गैर-आदिवासियों को भी आश्रय दिया
      • दीवान –  भवराय श्रीवास्तव  (गैर-आदिवासि )  
    • फणी मुकुट राय की हत्या – बाघदेव सिंह ने  

फणी मुकुट राय की हत्या किसने की ?

  • यदुनाथ सिंह
  • भवराय सिंह
  • बाघदेव श्रीवास्तव
  • बाघदेव सिंह

Explanation:

  • फणी मुकुट राय 
    • नागवंशी राज्य की स्थापना – 64 ई. में (10वीं सदी ई. में –  जे. रीड के अनुसार )
      • संस्थापक – फणी मुकुट राय
      • प्रथम राजधानी –  सुतियाम्बे 
    •  नाग वंश का ‘आदि पुरूष’  – फणी मुकुट राय को
    • फणी मुकुट राय का राज्य 66 परगना में विभाजित था।
    • फणी मुकुट राय ने सुतियाम्बे में एक सूर्य मंदिर का निर्माण कराया। 
    • फणी मुकुट राय ने अपने राज्य में गैर-आदिवासियों को भी आश्रय दिया
      • दीवान –  भवराय श्रीवास्तव  (गैर-आदिवासि )  
    • फणी मुकुट राय की हत्या – बाघदेव सिंह ने  

किसके शासनकाल में पलामू किला का निर्माण कराया गया था।

  • यदुनाथ श्रीवास्तव
  • भवराय
  • प्रताप राय
  • चंदराय श्रीवास्तव

Explanation:

  • पलामू का ऐतिहासिक किला चेरो वंश के राजाओं—प्रताप राय और मेदनी राय के शासनकाल में बनवाया गया था।
  • पुराना किला: इसका निर्माण चेरोवंशी शासक प्रताप राय के शासनकाल (1628–1658 ईस्वी) में हुआ था।
  • नया किला: इसका निर्माण प्रताप राय के उत्तराधिकारी और महान चेरो राजा मेदनी राय के शासनकाल (1658–1674 ईस्वी) में कराया गया था।
  • यह जुड़वां किला झारखंड के लातेहार जिले में औरंगा नदी के तट पर स्थित है।

कर्ण की उपाधि धारण करनेवाला प्रथम नागवंशी शासक था ?

  • भीम कर्ण
  • भवराय कर्ण
  • प्रताप कर्ण
  • चंदराय कर्ण

Explanation:

  • कर्ण की उपाधि धारण करनेवाला प्रथम नागवंशी शासक भीम कर्ण (Bhim Karna) था।
  • भीम कर्ण ने ही पहली बार नागवंशी राजाओं की पारंपरिक उपाधि ‘राय’ को बदलकर ‘कर्ण’ किया था।
  • कारण: इतिहासकारों के अनुसार, यह बदलाव कलचुरी राजवंश (त्रिपुरी के कलचुरी राजा लक्ष्मीकर्ण) के प्रभाव या उनके साथ हुए गठबंधन के कारण हुआ था, जो एक ‘क्षत्रिय’ योद्धा के रूप में उनकी स्थिति को दर्शाता था।
  • राजधानी परिवर्तन: भीम कर्ण ने सुरक्षा कारणों से अपनी राजधानी को चुटिया से खुखरागढ़ स्थानांतरित किया था।
  • ऐतिहासिक विजय: इन्होंने पलामू के रखसेल राजपूतों को ‘बरवा की लड़ाई’ में पराजित किया था।

‘बरवा की लड़ाई’ में सरगुजा के रक्सेल राजा को किसने पराजित किया था?

  • भीम कर्ण
  • भवराय कर्ण
  • प्रताप कर्ण
  • चंदराय कर्ण

Explanation:

  • कर्ण की उपाधि धारण करनेवाला प्रथम नागवंशी शासक भीम कर्ण (Bhim Karna) था।
  • भीम कर्ण ने ही पहली बार नागवंशी राजाओं की पारंपरिक उपाधि ‘राय’ को बदलकर ‘कर्ण’ किया था।
  • कारण: इतिहासकारों के अनुसार, यह बदलाव कलचुरी राजवंश (त्रिपुरी के कलचुरी राजा लक्ष्मीकर्ण) के प्रभाव या उनके साथ हुए गठबंधन के कारण हुआ था, जो एक ‘क्षत्रिय’ योद्धा के रूप में उनकी स्थिति को दर्शाता था।
  • राजधानी परिवर्तन: भीम कर्ण ने सुरक्षा कारणों से अपनी राजधानी को चुटिया से खुखरागढ़ स्थानांतरित किया था।
  • ऐतिहासिक विजय: इन्होंने पलामू के रखसेल राजपूतों को ‘बरवा की लड़ाई’ में पराजित किया था।

निम्नलिखित में सरायकेला रियासत का आखिरी शासक कौन था?

  • एच. एच. महाराजा उदित नारायण सिंह देव
  • एच. एच. राजा आदित्य प्रताप सिंह देव
  • एच महाराजा सर राजेन्द्र
  • नारायण सिंह देव

Explanation:

  • सरायकेला राज्य का निर्माण 
    •  विक्रम सिंह ने अन्य क्षेत्रों को ‘सिंहभूम पीर’ में मिलाकर सरायकेला राज्य बनाया
      • इसकी राजधानी सरायकेला को बनाया।  
      • सरायकेला राज्य की स्थापना → 1620 ई.
      • संस्थापक → कुंवर विक्रम सिंह प्रथम (Bikram Singh I)
      • वंश → राठौर राजपूत वंश
      • विक्रम सिंह प्रथम → पोड़ाहाट के राजा जगन्नाथ सिंह तृतीय के पुत्र थे।
      • वर्तमान क्षेत्र → सरायकेला-खरसावाँ जिला, झारखंड।
    • अंतिम शासक → आदित्य प्रताप सिंह देव (Aditya Pratap Singh Deo)
    • राजवंश → सिंह देव राजवंश
    • सरायकेला रियासत का भारत में विलय → 1948 ई.

वर्ष 1620 में, तृतीय महाराजा जगन्नाथ सिंह कुमार बिक्रम सिंह I ने ……… राज्य की स्थापना की ?

  • देवघर
  • सरायकेला
  • बोकारो
  • जामताड़ा

Explanation:

  • सरायकेला राज्य का निर्माण 
    •  विक्रम सिंह ने अन्य क्षेत्रों को ‘सिंहभूम पीर’ में मिलाकर सरायकेला राज्य बनाया
      • इसकी राजधानी सरायकेला को बनाया।  
      • सरायकेला राज्य की स्थापना → 1620 ई.
      • संस्थापक → कुंवर विक्रम सिंह प्रथम (Bikram Singh I)
      • वंश → राठौर राजपूत वंश
      • विक्रम सिंह प्रथम → पोड़ाहाट के राजा जगन्नाथ सिंह तृतीय के पुत्र थे।
      • वर्तमान क्षेत्र → सरायकेला-खरसावाँ जिला, झारखंड।
    • अंतिम शासक → आदित्य प्रताप सिंह देव (Aditya Pratap Singh Deo)
    • राजवंश → सिंह देव राजवंश
    • सरायकेला रियासत का भारत में विलय → 1948 ई.
झारखण्ड के क्षेत्रीय राजवंश