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झारखण्ड की जेल में चेतन महाजन द्वारा लिखित पुस्तक का नाम क्या था?

  • द बैड बॉयज ऑफ बोकारो जेल
  • द बोरिंग बॉइस ऑफ बोकारो जेल
  • द बिल्डिंग ब्लॉक्स ऑफ बोकारो जेल
  • द बॉन्डेड वॉइस ऑफ बोकारों जेल :

Explanation:

  • चेतन महाजन ने दिसंबर 2012 में झारखंड के बोकारो जेल में अपनी कैद के दौरान ‘ The Bad Voice of Bokaro Jail‘ नामक पुस्तक लिखी थी।
  • यह पुस्तक 2014 में पेंगुइन द्वारा प्रकाशित हुई।
  • इसमें उनके अनुभवों के साथ-साथ जेल व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी और बंदियों के बीच संबंधों का दस्तावेजीकरण किया गया है। महाजन विचाराधीन कैदी के रूप में हिरासत में थे और उन्होंने अपनी टिप्पणियाँ डायरी के रूप में दर्ज की थीं। यह कृति झारखंड के एक छोटे शहर की जेल में बिताए गए उनके समय को दर्शाती है।

“इन द शैडोज ऑफ द स्टेट (2010)’ नामक पुस्तक के लेखक कौन हैं जिनकी पुस्तक झारखण्ड से संबंधित मूल निवासी राजनीति, पर्यावरणविद् और विकास पर आधारित है?

  • जयां द्रेज
  • रोज केरकेट्टा
  • कामिल बुल्के
  • अल्पा शाह

Explanation:

  • इन द शैडोज़ ऑफ़ द स्टेट’ (2010) नामक नृवंशविज्ञान अध्ययन पुस्तक अल्पा शाह ने लिखी है।
  • यह पुस्तक झारखंड में एक दशक के क्षेत्रीय अध्ययन पर आधारित है और इसमें स्वदेशी राजनीति, पर्यावरण, विकास तथा राज्य और माओवादी गतिविधियों के स्थानीय आदिवासियों पर प्रभावों की चर्चा की गई है।
  • यह पुस्तक ड्यूक यूनिवर्सिटी प्रेस द्वारा प्रकाशित की गई थी।
  • डॉ. रोज केरकेट्टा (5 दिसंबर 1940 – 17 अप्रैल 2025) झारखंड की आदिवासी लेखिका, शिक्षाविद्, और मानवाधिकार कार्यकर्ता थीं।  इनका जन्म झारखंड के सिमडेगा जिले के खड़िया आदिवासी समुदाय में हुआ था।
  • फादर कामिल बुल्के (Father Camille Bulcke)  बेल्जियम से भारत आए एक यीशु समाज (Jesuit) के पादरी, प्रख्यात हिंदी विद्वान और साहित्यकार थे। बुल्के को उनके प्रसिद्ध शोध ग्रंथ ‘रामकथा: उत्पत्ति और विकास’ तथा उनके द्वारा तैयार किए गए प्रामाणिक ‘अंग्रेजी-हिंदी शब्दकोश’ (English-Hindi Dictionary) के लिए वैश्विक स्तर पर जाना जाता है। भारत सरकार ने उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया था।

‘मुण्डारी लोक कथाएं’ पुस्तक किसने लिखी है?

  • भगवती प्रसाद सिन्हा
  • नलिन वर्मा
  • जगदीश त्रिगुणायत
  • विनोद कमार

Explanation:

  • जगदीश त्रिगुणायत झारखंड के प्रमुख हिंदी एवं मुंडारी साहित्यकार थे।
  • उनकी उल्लेखनीय कृति  उत्कृष्ट रचना
    • अरुणोदय
    • 1957 में प्रकाशित-  मुंडा गीतों के संग्रह
    • मुण्डारी लोक कथाएं
    • सोसोबोंगा

पुस्तक ‘मरंग गोड़ा नीलकंठ हुआ’ के लेखक कौन हैं?

  • महुआ माजी
  • विनोद कुमार
  • जगदीश त्रिगुणायत
  • नलिन वर्मा

Explanation:

  • महुआ माजी
    • राज्यसभा सांसद पदभार ग्रहण किया – जुलाई 2022
    • झारखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष
      • कार्यकाल – 2013–2016
  • जन्म-  10 दिसंबर 1964 रांची, झारखंड, भारत
  • 2007 में अपने उपन्यास मैं बोरिशाइल्ला के लिए यू॰के॰ कथा सम्मान से सम्मानित हिन्दी लेखिका

झारखण्ड के जमशेदपुर के भारतीय उपन्यासकार तुहिन सिन्हा द्वारा लिखी गई पुस्तक का नाम क्या है?

  • प्राइड एंड द प्रेजिडाइस
  • फाइव पॉइंट समवन
  • इंडिया विन्स फ्रीडम
  • द एज ऑफ़ पॉवर

Explanation:

  • तुहिन का जन्म और पालन-पोषण झारखंड के जमशेदपुर में हुआ था।
  • उन्हें मिशन शेंगज़ान, द लीजेंड ऑफ़ बिरसा मुंडा, व्हेन द चीफ फेल इन लव, द एज ऑफ़ पॉवर, द एज ऑफ़ डिज़ायर, ऑफ़ लव एंड पॉलिटिक्स, उपन्यासों के लिए जाना जाता है।

वर्ष 2000 में, निम्नलिखित में से कौन-सा हिंदी दैनिक समाचार पत्र ने रांची से प्रकाशन शुरू किया?

  • आज
  • प्रभात खबर
  • हिंदुस्तान
  • आईना

Explanation:

  • प्रभात खबर (Prabhat Khabar): इसकी स्थापना 14 अगस्त 1984 को झारखंड की राजधानी रांची से हुई थी।
  • दैनिक हिन्दुस्तान हिन्दी भाषा का एक दैनिक समाचार पत्र है। यह 1932 में शुरु हुआ था। इसका उद्घाटन महात्मा गांधी ने किया था।
  • वर्ष 2000 में, जागरण प्रकाशन समूह ने दैनिक जागरण का रांची संस्करण लॉन्च करके यहाँ से अपना प्रकाशन शुरू किया।

1910 ई. में प्रकाशित संथाल परगना जिला गजेटियर के लेखक कौन हैं?

  • एल. एस. एस. ओ. मैली
  • विनोद कुमार
  • ई. ई. ईवान्स प्रिचार्ड
  • नलिन वर्मा

Explanation:

  • 1910 में प्रकाशित संथाल परगना जिला गजेटियर के लेखक एल. एस. एस. ओ. मैली (L.S.S.O. Malley) थे।
  • यह गजेटियर संथाल परगना क्षेत्र के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, भौगोलिक एवं जनजातीय पहलुओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करता है।
  • संथाल परगना झारखंड के 5 जिलों (देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, साहेबगंज) का समूह है।

पुस्तक ‘ईसु चरित चिंतामईन’ (ईसा मसीह की जीवनी) को 1963 ई. में नागपुरी में किसने लिखा?

  • एल. एस. एस. ओ. मैली
  • फादर पीटर शांति नवरंगी
  • ई. ई. ईवान्स प्रिचार्ड
  • फादर जे. हॉफमैन

Explanation:

  • ईसु चरित चिंतामईन (ईसा मसीह की जीवनी) 1963 में नागपुरी भाषा में फादर पीटर शांति नवरंगी द्वारा लिखी गई थी।
    • नागपुरी झारखंड की प्रमुख संपर्क भाषा है, जिसे सादरी एवं गंवारी के नाम से भी जाना जाता है।
    • यह मागधी प्राकृत से विकसित हुई है तथा नागवंशी राजाओं की मातृभाषा थी।
    • नागपुरी के प्रथम ज्ञात कवि बेनीराम महथा हैं, जिन्होंने नागवंशावली की रचना की।
  • फादर पीटर शांति नवरंगी ने 1937 से 1954 तक ‘सत्संग’ नामक पत्रिका का संपादन भी किया था।

‘ओलोन बहा’ किताब जोबा मुर्मू की कौन-सा संग्रह है ?

  • कविता
  • रिपोर्ट
  • निबंध
  • लघु कथाएं

Explanation:

  • जोबा मुर्मू द्वारा रचित ‘ओलोन बाहा’ (अलंकार पुष्प) लघु कथाओं का संग्रह है।
    • इन्हें बाल साहित्य पुरस्कार प्राप्त हो चुका है।
    • संथाली भाषा में रचित यह पुस्तक बच्चों के साहित्य की महत्वपूर्ण कृति है।
  • संथाली भाषा के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य:
    • 92वें संविधान संशोधन (2003) द्वारा 8वीं अनुसूची में शामिल।
    • यह झारखंड की एकमात्र क्षेत्रीय भाषा है जो 8वीं अनुसूची में है।
    • ओलचिकी लिपि का आविष्कार पंडित रघुनाथ मुर्मू ने 1941 में किया।
    • डोमन साहू समीर को संथाली साहित्य का भारतेन्दु कहा जाता है।

झारखण्ड के उस प्रसिद्ध व्यक्तित्व का नाम बताएँ जो सीमांत संस्कृतियों के एक इतिहासकार हैं। उन्होंने जनजातीय साहित्य की अद्भुत विविधता के उस प्रलेख के लिए देश का भ्रमण किया जो 3,000 वर्ष पीछे जाता है, भारत की 90 ज्ञात जनजातीय भाषाओं में कहा गया?

  • महुआ माजी
  • रमणिका गुप्ता
  • जगदीश त्रिगुणायत
  • नलिन वर्मा

Explanation:

  • सीमांत संस्कृतियों के इतिहासकार रमणिका गुप्ता हैं।
    • उन्होंने जनजातीय साहित्य की विविधता का प्रलेखन किया।
    • इस प्रलेख में 3,000 वर्ष पुरानी कहानियाँ शामिल हैं।
    • यह प्रलेख भारत की 90 ज्ञात जनजातीय भाषाओं में संकलित है।
  • उन्होंने सीमांत संस्कृतियों (जनजातीय संस्कृतियों) के इतिहास को संरक्षित एवं प्रलेखित करने का महत्वपूर्ण कार्य किया है।

किस संथाली नाटककार को उनके उपन्यास ‘राही रांवाक् काना’ के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से नवाजा गया?

  • महुआ माजी
  • रमणिका गुप्ता
  • भोगला सोरेन
  • नलिन वर्मा

Explanation:

  • भोगला (मोगला) सोरेन को संथाली नाटक ‘राही रांवाक् काना’ के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
    • यह पुरस्कार वर्ष 2009 में प्रदान किया गया था।
    • राही रांवाक् काना एक नाटक है।
  • संथाली साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त अन्य रचनाकार:
    • जदुमणि बेसरा (2005) – ‘भावना’ (कविता संग्रह)
    • रामचंद्र मुर्मू (2006) – ‘गुरू गोमके पंडित रघुनाथ मुर्मू’ (जीवनी)
    • बादल हेम्ब्रम (2007) – ‘मानमि’ (कहानी संग्रह)
    • दमयंती बेसरा (2008) – ‘शाय साहेद’ (कविता संग्रह)
    • गंगाधर हांसदा (2012) – ‘बंचाओ अकन गोज होड़’ (कहानी संग्रह)

किस साहित्यकार की जन्मशती 2016 में है?

  • महुआ माजी
  • रमणिका गुप्ता
  • भोगला सोरेन
  • राधाकृष्ण

Explanation:

  • राधाकृष्ण की जन्मशती (100वीं जयंती) 2016 में मनाई गई थी।
    • इनका जन्म 1916 में हुआ था।
    • राधाकृष्ण झारखंड के द्वितीय पीढ़ी के कहानीकार माने जाते हैं।
  • राधाकृष्ण की प्रमुख रचनाएँ:
    • सिन्हा साहब (1929) – पहली कहानी
    • रामलीला
    • सजला
    • गल्पिका
    • गेंदा और गुलाब
    • सोमदेव (कविता)
    • रूपांतर (उपन्यास)
    • सनसनाते सपने (उपन्यास)
    • भारत छोड़ो, 1947, अधिक अन्न उपजाओ (नाटक)

‘कोचे कड़बा’ नाटक के रचनाकार हैं :

  • महुआ माजी
  • रमणिका गुप्ता
  • भोगला सोरेन
  • सोलेमान मुर्मू

Explanation:

  • ‘कोचे कड़बा’ नाटक के रचनाकार सोलेमान मुर्मू हैं।
    • यह एक संथाली भाषा का नाटक है।
  • संथाली भाषा के अन्य महत्वपूर्ण नाटक:
    • ‘विदू-चांदन’रघुनाथ मुर्मू (संथाली का प्रथम साहित्यिक नाटक, 1942 में उड़िया लिपि में प्रकाशित)
    • ‘राही रांवाक् काना’भोगला सोरेन (2009 में साहित्य अकादमी पुरस्कार)
  • संथाली भाषा का प्रथम समाचार पत्र‘होड़ संवाद’ (1947, संपादक: डोमन साहू समीर)

‘गायब होता हुआ देश’ उपन्यास के लेखक हैं

  • रणेन्द्र
  • रमणिका गुप्ता
  • भोगला सोरेन
  • सोलेमान मुर्मू

Explanation:

  • ‘गायब होता हुआ देश’ उपन्यास के लेखक रणेन्द्र हैं।
    • यह एक हिन्दी उपन्यास है।
  • झारखंड के हिन्दी उपन्यासकार एवं उनकी रचनाएँ:
    • रामची सिंह ‘वल्लभ’‘राजपूतानी शान’ (1906 – झारखंड के हिन्दी साहित्य का पहला उपन्यास)
    • हवलधारी रामगुप्त ‘हलधर’‘कंगाल की बेटी’
    • डॉ. द्वारिका प्रसाद – स्वयंसेवक, भटका साथी, सर्द छाया, घेरे के बाहर, गुनाह, रंजना, रति, बेड़िया, रूपान्तर, बोगस आदि।
    • राधाकृष्णरूपांतर, सनसनाते सपने
    • योगेन्द्र नाथ सिन्हावनलक्ष्मी, वन के मन

पुस्तक ‘मरंग गोड़ा नीलकंठ हुआ’ के लेखक कौन हैं?

  • महुआ माजी
  • रमणिका गुप्ता
  • भोगला सोरेन
  • सोलेमान मुर्मू

Explanation:

  • ‘मरंग गोड़ा नीलकंठ हुआ’ पुस्तक की लेखिका महुआ माजी हैं।
    • डॉ. महुआ माजी ने यह पुस्तक हिन्दी में लिखी है।
  • पुस्तक का शीर्षक: ‘मरंग गोड़ा नीलकंठ हुआ’
    • मरंग गोड़ा जनजातीय नायक/व्यक्तित्व को संदर्भित करता है।

‘मटूरा कहानी’ जो मुण्डा लोक कथाओं का संग्रह है के लेखक हैं :

  • महुआ माजी
  • रमणिका गुप्ता
  • मेनास आड़ेया
  • सोलेमान मुर्मू

Explanation:

  • ‘मटूरा कहानी’ (मुण्डा लोक कथाओं का संग्रह) के लेखक मेनास आड़ेया हैं।
    • यह मुण्डारी भाषा में लोक कथाओं का संकलन है।
  • मुण्डारी भाषा एवं साहित्य के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य:
    • मुण्डारी पर सर्वप्रथम पुस्तकजे. सी. व्हिटली द्वारा ‘मुण्डारी प्राइमर’ (1873)
    • पहली व्याकरणए. नोट्रोट द्वारा ‘मुण्डारी ग्रामर’ (1882)
    • इनसाइक्लोपीडिया मुण्डारिकाफादर हॉफमैन (1915) – मुण्डारी भाषा एवं साहित्य का विश्वकोष माना जाता है।
    • ‘मुण्डा दुरह’ – मुण्डारी लोकगीतों का संकलन (1942) – डब्लू. जी. आर्चर
    • ‘मुण्डारी लोक कथाएँ’जगदीश त्रिगुणायत
    • ‘मुण्डारी टुड कोठारि’रामदयाल मुण्डा (2000 में साहित्य अकादमी सम्मान)

‘मुंडारी लोक कथाएँ’ पुस्तक किसने लिखी है?

  • महुआ माजी
  • जगदीश त्रिगुणायत
  • भोगला सोरेन
  • सोलेमान मुर्मू

Explanation:

  • ‘मुण्डारी लोक कथाएँ’ पुस्तक के लेखक जगदीश त्रिगुणायत हैं।
    • यह पुस्तक मुण्डारी भाषा की लोक कथाओं का संकलन है।
  • जगदीश त्रिगुणायत की अन्य रचनाएँ:
    • बज रही बाँसुरी
    • सोसो बोंगा
  • मुण्डारी भाषा की अन्य प्रमुख पुस्तकें:
    • चंगा दुरंड – बलदेव मुण्डा
    • बिरसा भगवान नाटक – सुखदेव वरदियार
    • आदि धरम – रामदयाल मुण्डा

संथाली साहित्य का प्रथम नाट्य “विदू चांदन” ………….. द्वारा लिखा गया है।

  • महुआ माजी
  • जगदीश त्रिगुणायत
  • रघुनाथ मूर्मु
  • सोलेमान मुर्मू

Explanation:

  • संथाली साहित्य का प्रथम नाट्य “विदू-चांदन” पंडित रघुनाथ मुर्मू द्वारा लिखा गया था।
    • इसका प्रथम प्रकाशन 1942 में उड़िया लिपि में किया गया था।
    • रघुनाथ मुर्मू ने संथाली भाषा के लिए 1941 में ओलचिकी लिपि का आविष्कार भी किया था।
  • रघुनाथ मुर्मू की अन्य प्रमुख कृतियाँ:
    • विदू-चांदन (नाटक – 1942)
    • ओलचिकी लिपि (1941)

देवकीनंदन ने —– पुस्तक का लेखन किया है।

  • प्राइड एंड द प्रेजिडाइस
  • फाइव पॉइंट समवन
  • निधरे आंखी जलान्खी पाते
  • नेथा पला

Explanation:

  • देवकी नंदन ने ‘निधरे आँखी जलान्खी पाते’ पुस्तक का लेखन किया है।
    • यह पुस्तक हिन्दी/क्षेत्रीय भाषा में लिखी गई है।
  • देवकी नंदन झारखंड के आरंभिक कवियों में से एक हैं।
    • अन्य आरंभिक कवियों में वैद्यनाथ पोद्दार (बैजू बाबू), चिरंजी लाल शर्मा, कवि संचिवी, कविराज देवकी नंदन शर्मा आदि शामिल हैं।

‘द ग्रामेटिकल कंस्ट्रक्शंस ऑफ द हो लैंग्वेज’ का प्रकाशन वर्ष ………… में हुआ था।

  • 1856
  • 1840
  • 1842
  • 1845

Explanation:

  • ‘द ग्रामेटिकल कंस्ट्रक्शंस ऑफ द हो लैंग्वेज’ का प्रकाशन 1840 में हुआ था।
    • यह हो भाषा की प्रथम पुस्तक है।
  • हो भाषा की अन्य प्रमुख पुस्तकें एवं प्रकाशन वर्ष:
    • हो काजी-व्याकरण ग्रंथभीमराम सुलंकी (1866)
    • फोकलोर ऑफ द कोल्हानएन. के. बोस एवं सी. एच. बोम्बावस (1902)
    • ग्रामर ऑफ द कोलए. नोट्राट (1905)
    • हो ग्रामरलियोनल बरो (1915)
    • हो दूरङडब्लू. जी. आर्चर (1942) – हो साहित्य का महाकाव्य माना जाता है।
    • रूमुलसतीश कोड़ा सेंगल (किसी हो व्यक्ति द्वारा लिखित पहली पुस्तक)
  • हो भाषा के लिए ‘बारङचित्ति’ नामक लिपि लोका बोदरा द्वारा विकसित की गई है।

झारखण्ड आधारित लेखक डॉ. द्वारिका प्रसाद मुख्यतः ……….. में लेखन कार्य करते हैं।

  • हिन्दी
  • संथाली
  • हो
  • नागपुरिया

Explanation:

  • डॉ. द्वारिका प्रसाद हिन्दी में लेखन कार्य करते हैं।
    • ये झारखंड के प्रमुख हिन्दी उपन्यासकार हैं।
  • डॉ. द्वारिका प्रसाद की प्रमुख रचनाएँ:
    • स्वयंसेवक
    • भटका साथी
    • सर्द छाया
    • घेरे के बाहर
    • गुनाह
    • बेलज्जत
    • सुनील-एक असफलता आदमी
    • पहिए
    • मम्मी बिगड़ेंगी
    • रंजना
    • संगीता के मामा
    • रति
    • बेड़िया
    • फुटपाथ
    • रूपान्तर
    • बोगस
    • आदमी (नाटक)

‘मेका मेकी न मेटमाट’, ए. के. झा द्वारा रचित एक प्रसिद्ध पुस्तक है जिसका सम्बन्ध ……….. से है।

  • हिन्दी
  • संथाली
  • खोरठा
  • नागपुरिया

Explanation:

  • ‘मेका मेकी न मेटमाट’ ए. के. झा द्वारा रचित एक प्रसिद्ध खोरठा भाषा की पुस्तक है।
    • खोरठा भारोपीय (भारत-यूरोपीय) भाषा परिवार से संबंधित है।
    • यह मागधी प्राकृत से विकसित हुई है।
    • इसका संबंध खरोष्ठी लिपि से माना जाता है।
  • खोरठा भाषा की प्रमुख रचनाएँ एवं रचनाकार:
    • मेघदूतश्रीनिवास पानुरी (1950)
    • तितकी (1951)
    • दिव्य ज्योति (1954)
    • बाल किरण (कविता संग्रह – 1954)
    • मातृभाषा (प्रथम खोरठा पत्रिका – 1957)
    • खोरठा (पाक्षिक पत्रिका – 1970)
    • पुटुस फूल (कहानी संग्रह) – गजाधर महतो (1988)
    • डाह (नाटक) – सुकुमार (1992)
    • लुआठी (खोरठा पत्रिका) – गिरधारी गोस्वामी (1999)
    • मेका मेकी न मेटमाटए. के. झा

गणेश देउस्कर ने —– किताब को लिखा जो अंग्रेजों ने प्रतिबंधित किया था।

  • कुंजवाना
  • देसेर कथा
  • खेरवाल बीर
  • स्वराज लुट गया

Explanation:

  • गणेश देउस्कर ने ‘देसेर कथा’ (देशेर कथा) पुस्तक लिखी थी।
    • इसे अंग्रेजों ने प्रतिबंधित कर दिया था।
    • असहयोग आंदोलन के दौरान इस पुस्तक की रचना की गई थी।
  • गणेश देउस्कर (सखाराम गणेश देउस्कर) ने असहयोग आंदोलन (1920-22) के दौरान ‘देशेर कथा’ की रचना की थी।
    • यह पुस्तक राष्ट्रवादी भावना से ओतप्रोत थी।

किताब ‘स्वराज लुट गया’ किसने लिखी ?

  • महुआ माजी
  • जगदीश त्रिगुणायत
  • भोगला सोरेन
  • बाबू राम नारायण सिंह

Explanation:

  • ‘स्वराज लुट गया’ पुस्तक बाबू राम नारायण सिंह ने लिखी थी।
    • राम नारायण सिंह हजारीबाग के प्रमुख कांग्रेसी नेता थे।
    • उन्होंने असहयोग आंदोलन एवं भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाई।
  • राम नारायण सिंह से संबंधित अन्य तथ्य:
    • 10 अगस्त, 1942 को भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान इन्हें हजारीबाग में गिरफ्तार किया गया।
    • इन्हें हजारीबाग जेल में रखा गया था।

पुस्तक ‘डस्ट स्टॉर्म एंड हैंगिंग मिस्ट : ए स्टडी ऑफ बिरसा मुण्डा एंड हिज मूवमेंट इन छोटानागपुर (1874-1901)’ के लेखक कौन हैं?

  • जे. सी. झा
  • जगदीश त्रिगुणायत
  • के. एस. सिंह
  • बाबू राम नारायण सिंह

Explanation:

  • ‘डस्ट स्टॉर्म एंड हैंगिंग मिस्ट’ पुस्तक के. एस. सिंह द्वारा लिखी गई है।
    • यह पुस्तक बिरसा मुण्डा एवं उनके आंदोलन (1874-1901) पर आधारित है।
    • इसका उपशीर्षक: “ए स्टडी ऑफ बिरसा मुण्डा एंड हिज मूवमेंट इन छोटानागपुर (1874-1901)”
  • बिरसा मुण्डा उलगुलान (मुण्डा विद्रोह) के महानायक थे।
    • इन्होंने 1899-1900 में अंग्रेजों के विरुद्ध विद्रोह का नेतृत्व किया।
    • इन्हें धरती आबा के नाम से भी जाना जाता है।

महाश्वेता देवी का उपन्यास अरण्येर अधिकार, किनके जीवन पर आधारित है?

  • बिरसा मुण्डा
  • जयपाल सिंह
  • भोगला सोरेन
  • बाबू राम नारायण सिंह

Explanation:

  • महाश्वेता देवी का उपन्यास ‘अरण्येर अधिकार’ बिरसा मुण्डा के जीवन पर आधारित है।
    • यह उपन्यास बांग्ला भाषा में लिखा गया है।
    • यह मुण्डा विद्रोह (उलगुलान) पर आधारित है।
  • ‘अरण्येर अधिकार’ की महत्वपूर्ण जानकारी:
    • प्रकाशन वर्ष: 1977
    • साहित्य अकादमी पुरस्कार: 1979
    • भाषा: बांग्ला
    • विषय: मुण्डा विद्रोह

इनमें से कौन-सा उपन्यास मुण्डा विद्रोह पर आधारित है?

  • अरण्येर अधिकार
  • देसेर कथा
  • खेरवाल बीर
  • स्वराज लुट गया

Explanation:

  • ‘अरण्येर अधिकार’ (महाश्वेता देवी द्वारा रचित) मुण्डा विद्रोह पर आधारित उपन्यास है।
    • यह 1977 में प्रकाशित हुआ तथा 1979 में साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त हुआ।
  • अन्य विकल्पों का विवरण:
    • देसेर कथागणेश देउस्कर (असहयोग आंदोलन, अंग्रेजों द्वारा प्रतिबंधित)
    • स्वराज लुट गयाबाबू राम नारायण सिंह

‘अरण्येर अधिकार’ उपन्यास जो मुंडा विद्रोह पर आधारित है, यह निम्न में से किस भाषा में लिखा गया है?

  • तमिल
  • हिंदी
  • अंग्रेजी
  • बंगाली

Explanation:

  • महाश्वेता देवी का उपन्यास ‘अरण्येर अधिकार’ बांग्ला (बंगाली) भाषा में लिखा गया है।
    • यह बिरसा मुण्डा एवं मुण्डा विद्रोह पर आधारित है।
    • 1977 में प्रकाशित, 1979 में साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त।
  • महाश्वेता देवी प्रसिद्ध बांग्ला लेखिका एवं सामाजिक कार्यकर्ता थीं, जिन्होंने जनजातीय एवं दलित समुदायों के जीवन पर गहन लेखन किया।

‘अरण्येर अधिकार’ उपन्यास …… लिखा गया है?

  • जयपाल सिंह
  • रामदयाल मुण्डा
  • महाश्वेता देवी
  • के. एस. सिंह

Explanation:

  • ‘अरण्येर अधिकार’ उपन्यास महाश्वेता देवी द्वारा लिखा गया है।
    • यह उपन्यास मुण्डा विद्रोह एवं बिरसा मुण्डा के जीवन पर केंद्रित है।
  • महाश्वेता देवी को रमण मैग्सेसे पुरस्कार (1997) सहित अनेक पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है।

‘अरण्येर अधिकार’ उपन्यास किस वर्ष लिखा गया है?

  • 1977
  • 1979
  • 1978
  • 1976

Explanation:

  • ‘अरण्येर अधिकार’ उपन्यास 1977 में लिखा/प्रकाशित किया गया था।
    • यह बांग्ला भाषा में महाश्वेता देवी द्वारा रचित है।
  • इसे 1979 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

महाश्वेता देवी का उपन्यास ‘अरण्येर अधिकार’ को किस वर्ष साहित्य अकादमी पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया है?

  • 1977
  • 1979
  • 1978
  • 1976

Explanation:

  • महाश्वेता देवी का उपन्यास ‘अरण्येर अधिकार’ 1979 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया था।
    • यह मुण्डा विद्रोह एवं बिरसा मुण्डा के जीवन पर आधारित है।
    • यह बांग्ला भाषा में लिखा गया है।
  • साहित्य अकादमी पुरस्कार भारत का प्रतिष्ठित साहित्यिक सम्मान है।

इनमें से कौन-से लेखक ने राँची में अपनी पढ़ाई पूरी कर ‘लव @ फेसबुक’ नामक पुस्तक लिखी?

  • महुआ माजी
  • तुहिन सिन्हा
  • निकिता सिंह
  • प्रीति शेनॉय

Explanation:

  • निकिता सिंह ने ‘लव @ फेसबुक’ नामक पुस्तक लिखी है।
    • उन्होंने राँची में अपनी पढ़ाई पूरी की है।
    • यह उनकी पहली पुस्तक (2011) है।
  • निकिता सिंह की अन्य पुस्तकें:
    • एवरी टाइम इट रैंस
  • झारखंड के अन्य युवा लेखक:
    • तुहिन सिन्हा – ‘द थिंग कॉल्ड लव’, ‘द एज ऑफ पावर’, ‘ऑफ लव एण्ड पालिटिक्स’ आदि।
    • स्वपनील पाण्डे – ‘द सोल्जर्स गर्ल’
    • नीलोत्पल मृणाल (दुमका) – ‘डार्क हार्स’, ‘औघड़’ (2016 में साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार)
    • काजोल आयकत – ‘आसनसोल एमीगोज’, ‘रिजन टू लिव’, ‘द कॉटन सिड’

निम्नलिखित में से किसने अपना जीवन सभी क्षेत्रों में संथाली साहित्य को समृद्ध करने हेतु समर्पित कर दिया है?

  • माँझी रामदास टुडू रास्का
  • जगदीश त्रिगुणायत
  • भोगला सोरेन
  • शारदा प्रसाद किस्कु

Explanation:

  • माँझी रामदास टुडू रास्का ने अपना जीवन संथाली साहित्य को समृद्ध करने हेतु समर्पित कर दिया है।
    • इन्होंने संथाली परंपरागत धर्म पर ‘खेरवाल बांशो धोरोम पुथी’ नामक प्रसिद्ध पुस्तक लिखी है।
  • संथाली साहित्य के अन्य महत्वपूर्ण योगदानकर्ता:
    • पंडित रघुनाथ मुर्मू – ओलचिकी लिपि (1941), ‘विदू-चांदन’ (नाटक)
    • डोमन साहू समीर – ‘संथाली प्रवेशिका’ (1951), ‘होड़ संवाद’ (1947)
    • शारदा प्रसाद किस्कु – ‘भुरका इंपिल’ (1953)

संथाल परंपरागत धर्म पर ‘खेरवाल बांशो धरम पुंथी’ नामक प्रसिद्ध पुस्तक किसने लिखी?

  • माँझी रामदास टुडू रास्का
  • जगदीश त्रिगुणायत
  • भोगला सोरेन
  • शारदा प्रसाद किस्कु

Explanation:

  • ‘खेरवाल बांशो धोरोम पुथी’ (खेरवाल बांशो धरम पुंथी) संथाल परंपरागत धर्म पर आधारित प्रसिद्ध पुस्तक है, जिसके लेखक माँझी रामदास टुडू रास्का हैं।
    • खेरवाल संथाल समुदाय का एक उपसमूह/वंश है।
    • यह पुस्तक संथाली धर्म एवं परंपराओं का दस्तावेज है।
  • संथाली धर्म:
    • संथाली लोग सिंग बोंगा (सूर्य देवता) की पूजा करते हैं।
    • उनके प्रमुख त्योहार सोहराई एवं बाहा हैं।

निम्न में से किस रूप में मुंडा की प्रसिद्ध कहानी ‘सोसोबोंगा’ है?

  • कविता के रूप में
  • गाथागीत के रूप में
  • गीत के रूप में
  • इनमें से कोई नहीं

Explanation:

  • मुण्डा की प्रसिद्ध कहानी ‘सोसोबोंगा’ गीत के रूप में है।
    • यह मुण्डारी लोकगीत है।
    • सोसो बोंगा जगदीश त्रिगुणायत की प्रमुख रचनाओं में से एक है।
  • मुण्डारी भाषा की अन्य प्रमुख रचनाएँ:
    • बज रही बाँसुरी – जगदीश त्रिगुणायत
    • सोसो बोंगा – जगदीश त्रिगुणायत
    • चंगा दुरंड – बलदेव मुण्डा
    • मुण्डा दुरह – डब्लू. जी. आर्चर (1942)

किस साल में ‘मुंडा दुरंङ’ प्रकाशित हुआ था ?

  • 1947
  • 1942
  • 1978
  • 1956

Explanation:

  • ‘मुंडा दुरंङ’ (मुण्डा दुरह) का प्रकाशन 1942 में हुआ था।
    • यह मुण्डारी लोकगीतों का संकलन है।
    • इसके संकलनकर्ता डब्लू. जी. आर्चर हैं।
  • हो दूरङ भी 1942 में ही प्रकाशित हुआ था।
    • यह हो लोकगीतों का संकलन है।
    • इसे हो साहित्य का महाकाव्य कहा जाता है।

‘झारखण्ड : कैसल और ग्रेव्स’ (झारखण्ड : कब्रों पर महल) के लेखक कौन हैं?

  • शैलेन्द्र महतो
  • रामदयाल मुण्डा
  • विक्टर दास
  • के. एस. सिंह

Explanation:

  • ‘झारखण्ड : कॉसल ऑवर ग्रेव्स’ (झारखण्ड: कब्रों पर महल) के लेखक विक्टर दास हैं।
    • यह पुस्तक अंग्रेजी भाषा में लिखी गई है।
    • पुस्तक झारखंड के इतिहास, संस्कृति एवं जनजातीय जीवन पर केंद्रित है।
  • पुस्तक का शीर्षक: ‘Jharkhand: Caste and Graves’ (झारखंड: जाति और कब्रें) – विकल्प में ‘Caste’ को ‘Castle’ (किला) समझा जा सकता है, लेकिन मूल पुस्तक ‘Caste’ पर केंद्रित है।

‘आदि धरम’ पुस्तक के रचनाकार है :

  • शैलेन्द्र महतो
  • रामदयाल मुण्डा
  • विक्टर दास
  • के. एस. सिंह

Explanation:

  • ‘आदि धरम’ पुस्तक के रचनाकार डॉ. रामदयाल मुण्डा हैं।
    • यह मुण्डारी भाषा में रचित है।
    • पुस्तक आदिवासी धर्म एवं संस्कृति पर केंद्रित है।
  • रामदयाल मुण्डा की अन्य प्रमुख रचनाएँ:
    • मुण्डारी टुड को ठारि – 2000 में साहित्य अकादमी सम्मान
    • सेलेद – मुंडारी, नागपुरी और हिंदी में कविताएं
    • हिशिर – आधुनिक मुंडारी गाने

‘सेलेद’ (मुंडारी, नागपुरी और हिंदी में कविताएं) और ‘हिशिर’ (आधुनिक मुंडारी गाने) किसके द्वारा प्रकाशित संलेखन हैं?

  • शैलेन्द्र महतो
  • रामदयाल मुण्डा
  • विक्टर दास
  • के. एस. सिंह

Explanation:

  • ‘सेलेद’ (मुंडारी, नागपुरी और हिंदी में कविताएं) और ‘हिशिर’ (आधुनिक मुंडारी गाने) रामदयाल मुण्डा द्वारा प्रकाशित संकलन हैं।
    • सेलेदमुंडारी, नागपुरी और हिंदी तीन भाषाओं में कविताओं का संकलन।
    • हिशिरआधुनिक मुंडारी गानों का संकलन।
  • रामदयाल मुण्डा मुण्डारी भाषा के प्रमुख साहित्यकार हैं, जिन्हें 2000 में ‘मुण्डारी टुड कोठारि’ के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त हुआ था।

‘द सोल्जर्स गर्ल’ पुस्तक किसने लिखी थी ?

  • शैलेन्द्र महतो
  • स्वपनिल पांडेय
  • विक्टर दास
  • के. एस. सिंह

Explanation:

  • ‘द सोल्जर्स गर्ल’ पुस्तक स्वपनील पाण्डे (स्वपनिल पांडेय) द्वारा लिखी गई है।
    • यह एक अंग्रेजी भाषा की पुस्तक है।
  • स्वपनील पाण्डे झारखंड के एक युवा लेखक हैं।
  • अन्य युवा लेखक एवं उनकी पुस्तकें:
    • तुहिन सिन्हा – ‘द थिंग कॉल्ड लव’, ‘द एज ऑफ पावर’, ‘ऑफ लव एण्ड पालिटिक्स’
    • निकिता सिंह – ‘लव @ फेसबुक’, ‘एवरी टाइम इट रैंस’
    • नीलोत्पल मृणाल – ‘डार्क हार्स’, ‘औघड़’ (2016 में साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार)
    • काजोल आयकत – ‘आसनसोल एमीगोज’, ‘रिजन टू लिव’, ‘द कॉटन सिड’
झारखण्ड का साहित्य