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झारखंड में ‘पेसा अधिनियम’ (PESA Act) के नियम (PESA Rules) किस वर्ष अधिसूचित/लागू किए गए?
- वर्ष 2023
- वर्ष 1996
- वर्ष 2000
- वर्ष 2018
Explanation:
- केंद्रीय PESA अधिनियम 1996 में पारित हुआ था, लेकिन झारखंड सरकार ने इसके नियमों (Jharkhand PESA Rules) को वर्ष 2023 में अधिसूचित और लागू किया ।
- इसके तहत अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को स्वायत्त अधिकार प्रदान किए गए ।
PESA (पेसा) का पूर्ण रूप (Full Form) क्या है?
- Panchayats (Extension to the Scheduled Areas) Act
- Panchayat Extension and Social Administration Act
- People Extension to Scheduled Areas Act
- Provisional Extension for Tribal Areas Act
Explanation:
- PESA का विस्तृत रूप Panchayats (Extension to the Scheduled Areas) Act है ।
- इसे हिंदी में ‘पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम’ कहा जाता है ।
झारखंड PESA नियमावली के तहत ‘ग्राम सभा’ का अध्यक्ष किसे चुना जाता है?
- गाँव का पारंपरिक प्रधान/मांझी/मुंडा या ग्राम सभा द्वारा सर्वसम्मति से चुना गया व्यक्ति (जो गैर-सरपंच/मुखिया हो)
- क्षेत्र का पंचायत सेवक
- क्षेत्र का अंचलाधिकारी (CO)
- केवल क्षेत्र का विधायक
Explanation:
- PESA के तहत ग्राम सभा का नेतृत्व पारंपरिक ग्राम प्रधान (जैसे मुंडा, मानकी, मांझी आदि) या ग्राम सभा के सदस्यों द्वारा चुना गया प्रतिनिधि करता है ।
- यह व्यवस्था त्रिस्तरीय पंचायती राज के निर्वाचित मुखिया/सरपंच से अलग ग्राम सभा की स्वायत्तता बनाए रखती है ।
झारखंड PESA नियमावली के अनुसार लघु वन उपज (Minor Forest Produce – MFP) के प्रबंधन और स्वामित्व का अधिकार किसे प्राप्त है?
- ग्राम सभा को
- राज्य वन विभाग को
- केवल निजी ठेकेदारों को
- जिला प्रशासन (DC) को
Explanation:
- PESA अधिनियम का एक प्रमुख प्रावधान यह है कि अनुसूचित क्षेत्रों में लघु वन उपज (MFP) का स्वामित्व, एकत्रण और मूल्य निर्धारण का अधिकार सीधे ग्राम सभा को दिया गया है ।
PESA अधिनियम के तहत अनुसूचित क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) के संदर्भ में कौन-सा नियम अनिवार्य है?
- भूमि अधिग्रहण से पूर्व संबंधित ग्राम सभा से परामर्श (Consultation) करना अनिवार्य है
- ग्राम सभा की अनुमति के बिना राज्य सरकार सीधे भूमि अधिग्रहीत कर सकती है
- केवल केंद्र सरकार की मंजूरी आवश्यक है, ग्राम सभा की नहीं
- केवल निजी कंपनियों की सहमति आवश्यक है
Explanation:
- PESA के तहत विकास परियोजनाओं या खनन के लिए भूमि अधिग्रहण से पहले ग्राम सभा की पूर्व सलाह और परामर्श अनिवार्य बनाया गया है ताकि आदिवासियों के भूमि अधिकारों की रक्षा हो सके ।
झारखंड के कितने जिलों को पूर्ण या आंशिक रूप से संविधान की ‘पांचवीं अनुसूची’ (Fifth Schedule) के तहत PESA के दायरे में रखा गया है?
- 13 जिले
- 24 जिले
- 5 जिले
- 18 जिले
Explanation:
- झारखंड के 24 जिलों में से 13 जिले (जैसे रांची, खूंटी, गुमला, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, दुमका आदि) पांचवीं अनुसूची के तहत अनुसूचित क्षेत्र में शामिल हैं, जहाँ PESA लागू होता है ।
PESA नियमावली के अंतर्गत लघु खनिज (Minor Minerals) के खनन पट्टे (Mining Lease) की सिफारिश करने का अधिकार किसे दिया गया है?
- ग्राम सभा को
- राज्य खनन निगम को
- केवल प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) को
- पर्यावरण मंत्रालय को
Explanation:
- अनुसूचित क्षेत्रों में बालू, गिट्टी, पत्थर जैसे लघु खनिजों की नीलामी या खनन पट्टा जारी करने से पहले ग्राम सभा की सिफारिश/सहमति आवश्यक होती है ।
PESA अधिनियम का प्राथमिक उद्देश्य निम्नलिखित में से क्या है?
- अनुसूचित क्षेत्रों में पारंपरिक स्वशासन (Customary Governance) और ग्राम सभा को सशक्त बनाना
- अनुसूचित क्षेत्रों में पंचायती व्यवस्था को समाप्त करना
- केवल शहरी निकायों का विस्तार करना
- ग्राम सभा के अधिकारों को राज्य सरकार के अधीन पूरी तरह नियंत्रित करना
Explanation:
- PESA का मुख्य उद्देश्य जनजातीय समुदायों की रूढ़िवादी परंपराओं, सांस्कृतिक पहचान और स्वशासन प्रणालियों को मान्यता देते हुए ग्राम सभा को निर्णय लेने की सर्वोच्च शक्ति देना है ।
झारखंड PESA नियमों के अनुसार ग्राम सभा की बैठकों के लिए आवश्यक गणपूर्ति (Quorum) के संदर्भ में कौन-सा कथन सत्य है?
- कुल सदस्यों की एक निश्चित उपस्थिति आवश्यक है, जिसमें महिला सदस्यों की न्यूनतम उपस्थिति (कम से कम 33%) होना अनिवार्य है
- बैठक के लिए महिलाओं की उपस्थिति अनिवार्य नहीं है
- केवल गाँव के वृद्ध नागरिक ही कोरम पूरा कर सकते हैं
- बिना किसी न्यूनतम उपस्थिति के भी निर्णय वैध माने जाते हैं
Explanation:
- PESA के तहत ग्राम सभा की बैठकों को वैध बनाने के लिए महिला सदस्यों की पर्याप्त भागीदारी (कम से कम एक-तिहाई) और कुल सदस्यों का कोरम पूरा होना आवश्यक नियम है ।
केंद्रीय स्तर पर ‘पेसा अधिनियम, 1996’ (PESA Act) किस समिति की सिफारिशों के आधार पर तैयार किया गया था?
- दिलीप सिंह भूरिया समिति (Bhuria Committee)
- बलवंत राय मेहता समिति
- अशोक मेहता समिति
- संथानम समिति
Explanation:
- अनुसूचित क्षेत्रों में पंचायतों के विस्तार के लिए खाका तैयार करने हेतु गठित भूरिया समिति (1994-95) की सिफारिशों के आधार पर संसद ने 1996 में PESA कानून पारित किया था ।
