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झारखंड में वन्यजीव संरक्षण हेतु स्थापित देश के पहले बाघ अभयारण्य (Project Tiger) ‘बेतला राष्ट्रीय उद्यान’ के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
- वर्ष 1932 में यहाँ विश्व की पहली बाघ गणना (Tiger Census) कराई गई थी तथा इसे 1986 में राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा दिया गया
- यह उद्यान झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में स्थित है
- यह भारत का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान है जहाँ एशियाई शेरों का संरक्षण किया जाता है
- इस उद्यान की स्थापना 1947 में भारत की आजादी के ठीक बाद की गई थी
Explanation:
- बेतला राष्ट्रीय उद्यान लातेहार (तत्कालीन पलामू) जिले में स्थित है ।
- यहाँ 1932 में विश्व की पहली बाघ गणना संपन्न हुई थी तथा 1973-74 में प्रोजेक्ट टाइगर के तहत पलामू टाइगर रिजर्व की शुरुआत की गई ।
झारखंड राज्य में वनों के प्रशासनिक प्रबंधन एवं संरक्षण की दृष्टि से वनों को तीन मुख्य वर्गों (संरक्षित, आरक्षित एवं अवगीकृत) में विभाजित किया गया है । इस संदर्भ में सर्वाधिक क्षेत्रफल पर किस प्रकार के वन पाए जाते हैं?
- संरक्षित वन (Protected Forests) – जहाँ बिना अनुमति के मानवीय गतिविधियों और पशु चराने पर प्रतिबंध होता है
- आरक्षित वन (Reserved Forests)
- अवर्गीकृत वन (Unclassed Forests)
- निजी वन (Private Forests)
Explanation:
- झारखंड के कुल वन क्षेत्र में सर्वाधिक हिस्सा संरक्षित वनों (लगभग 75% से अधिक) का है ।
- इन वनों में सरकार द्वारा तय नियमों के तहत सीमित छूट दी जाती है, जबकि पूरी तरह बिना अनुमति प्रवेश और कटाई प्रतिबंधित होती है ।
झारखंड के दलमा वन्यजीव अभयारण्य (Dalma Wildlife Sanctuary) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए तथा सत्य कूट का चयन कीजिए:
1.यह अभयारण्य मुख्य रूप से एशियाई हाथियों (Elephants) के संरक्षण हेतु प्रसिद्ध है ।
2.वर्ष 2001 में देश का पहला ‘गज आरक्ष्य’ (Gaj Reserve / Elephant Reserve) इसी क्षेत्र को घोषित किया गया था ।
3.यह अभयारण्य पलामू और गढ़वा जिले की सीमा पर स्थित है ।
- केवल 1 और 2
- केवल 2 और 3
- केवल 1 और 3
- 1, 2 और 3 सभी
Explanation:
- कथन 1 और 2 सत्य हैं; पूर्वी सिंहभूम/सरायकेला-खरसावां क्षेत्र में स्थित दलमा अभयारण्य देश का पहला एलिफेंट रिजर्व (2001) बना था ।
- कथन 3 असत्य है क्योंकि यह पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) के निकट स्थित है, न कि पलामू और गढ़वा में ।
झारखंड राज्य में वन्यजीवों के संरक्षण हेतु राज्य सरकार द्वारा स्थापित प्रमुख अभयारण्यों और उनके जिलों का कौन-सा युग्म सुमेलित नहीं है?
- तोपचांची वन्यजीव अभयारण्य – कोडरमा
- महुआडांड़ भेड़िया अभयारण्य – लातेहार
- गौतम बुद्ध अभयारण्य – कोडरमा
- पालकोट अभयारण्य – गुमला
Explanation:
- तोपचांची वन्यजीव अभयारण्य धनबाद जिले में स्थित है (कोडरमा में नहीं) ।
- लातेहार का महुआडांड़ अभयारण्य विशेष रूप से सफेद भेड़िये (Wolf Sanctuary) के संरक्षण हेतु प्रसिद्ध है ।
झारखंड में प्रवासी पक्षियों के संरक्षण और जैव विविधता संवर्धन हेतु प्रसिद्ध ‘उधवा झील पक्षी विहार’ (Udhwa Lake Bird Sanctuary) किस जिले में स्थित है?
- साहिबगंज जिले में
- पाकुड़ जिले में
- देवघर जिले में
- रांची जिले में
Explanation:
- साहिबगंज जिले में स्थित उधवा पक्षी विहार (लगभग 5.65 वर्ग किमी) झारखंड का एकमात्र मान्यता प्राप्त पक्षी अभयारण्य है जहाँ सर्दियों में साइबेरिया और मध्य एशिया से प्रवासी पक्षी आते हैं ।
झारखंड सरकार द्वारा वनों के संरक्षण, विकास और स्थानीय समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु किस संस्था/समिति का गठन ग्राम स्तर पर किया जाता है?
- संयुक्त वन प्रबंधन समिति (Joint Forest Management Committee – JFMC)
- वन विकास निगम परिषद
- पर्यावरण संरक्षण आयोग
- ग्राम ईको-डेवलपमेंट ट्रस्ट
Explanation:
- झारखंड वन नीति के तहत वनों की रक्षा और अवैध कटाई रोकने के लिए ग्राम स्तर पर संयुक्त वन प्रबंधन समितियों (JFMC) का गठन किया गया है, जिसमें वनों से सटे ग्रामीण समुदायों को सीधा लाभ और अधिकार दिए जाते हैं ।
भगवान बिरसा जैविक उद्यान (Birsa Biological Park) और मगरमच्छ प्रजनन केंद्र (Crocodile Breeding Centre) झारखंड के किस जिले में स्थित हैं?
- रांची (ओरमांझी एवं मुटा क्षेत्र)
- हजारीबाग
- जमशेदपुर
- बोकारो
Explanation:
- भगवान बिरसा जैविक उद्यान ओरमांझी (रांची) में स्थित है ।
- इसके निकट मुटा (ओरमांझी) में आईयूसीएन (IUCN) के सहयोग से मगरमच्छ प्रजनन केंद्र संचालित किया जा रहा है ।
झारखंड राज्य जैव विविधता परिषद (Jharkhand State Biodiversity Board) की स्थापना किस वर्ष की गई थी ताकि राज्य के जैविक संसाधनों का संरक्षण एवं सतत उपयोग सुनिश्चित किया जा सके?
- वर्ष 2007 में
- वर्ष 2000 में
- वर्ष 2012 में
- वर्ष 2015 में
Explanation:
- जैविक विविधता अधिनियम, 2002 के प्रावधानों के तहत झारखंड में पर्यावरण और जैविक विविधता के संरक्षण के लिए वर्ष 2007 में ‘झारखंड राज्य जैव विविधता परिषद’ का गठन किया गया था ।
झारखंड के किस वन्यजीव अभयारण्य में तेंदुओं, चीतल और सांभर के संरक्षण के साथ-साथ ‘राजगीर-नेतरहाट पाट क्षेत्र’ के पारिस्थितिक संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान है?
- हजारीबाग अभयारण्य एवं लावाभॉंग अभयारण्य (चतरा)
- पारसनाथ अभयारण्य
- कोडरमा अभयारण्य
- इचागढ़ पक्षी विहार
Explanation:
- हजारीबाग वन्यजीव अभयारण्य (स्थापना 1955) झारखंड के सबसे पुराने अभयारण्यों में से एक है जो राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित है और यहाँ विभिन्न प्रकार के शाकाहारी एवं मांसाहारी जीवों का प्राकृतिक वास है ।
झारखंड में पर्यावरण संतुलन और वनावरण बढ़ाने हेतु ‘कैम्पा’ (CAMPA – Compensatory Afforestation Fund Management and Planning Authority) का गठन किस मुख्य उद्देश्य से किया गया है?
- गैर-वन्य गतिविधियों/विकास परियोजनाओं के लिए उपयोग की गई वन भूमि के बदले क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण एवं वन प्रबंधन हेतु
- केवल विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने हेतु
- लकड़ी के व्यापार को बढ़ावा देने हेतु
- निजी कंपनियों को जंगल बेचने हेतु
Explanation:
- झारखंड में कैम्पा (CAMPA) का मुख्य कार्य औद्योगिक या विकास कार्यों में अधिगृहीत वन भूमि के नुकसान की भरपाई के लिए क्षतिपूरक वनीकरण (Compensatory Afforestation) एवं वन्यजीव आवासों का विकास करना है ।
