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मुण्डा भाषा एवं संस्कृति में ‘मुण्डा’ शब्द का शाब्दिक अर्थ क्या होता है?
- विशिष्ट व्यक्ति (गांव का राजनीतिक प्रमुख)
- धार्मिक प्रधान
- संदेशवाहक
- परिवार का प्रमुख
Explanation:
- मुण्डा शासन व्यवस्था में ‘मुण्डा’ शब्द का सामान्य अर्थ विशिष्ट व्यक्ति होता है, जो गाँव के राजनीतिक प्रमुख के रूप में कार्य करता है ।
- मुण्डा गाँव का प्रधान होता है तथा इसका पद वंशानुगत होता है, जिसका मुख्य कार्य ग्रामीणों से लगान वसूलना और गाँव की विधि-व्यवस्था बनाए रखना है ।
मुण्डा जनजाति में मुण्डाओं द्वारा जंगलों को साफ कर निर्मित किए गए खेतों/भूमि को किस नाम से जाना जाता है?
- खूँटकट्टी भूमि
- डाली-कटारी भूमि
- भूत खेता
- मझियस भूमि
Explanation:
- मुण्डाओं द्वारा तैयार किए गए खेत या भूमि को खूँटकट्टी भूमि तथा भूमि का निर्माण करने वाले व्यक्ति को ‘खूँटकट्टीदार’ कहा जाता है ।
- यहाँ ‘खूँट’ का शाब्दिक अर्थ परिवार होता है ।
मुण्डा ग्राम पंचायत को किस नाम से जाना जाता है तथा इसके प्रधान को क्या कहते हैं?
- हातू / हातू मुण्डा
- पड़हा / पड़हा राजा
- अखड़ा / मानकी
- अखड़ा / पाहन
Explanation:
- मुण्डा जनजाति में ग्राम पंचायत को ‘हातू’ कहा जाता है ।
- हातू (ग्राम पंचायत) के प्रमुख या प्रधान को हातू मुण्डा कहा जाता है, जो गाँव के आपसी विवादों को सुलझाता है ।
मुण्डा शासन व्यवस्था में कई गाँवों को मिलाकर बनी अंतर्ग्रामीण पंचायत को ‘पड़हा/परहा’ कहा जाता है, इसका सर्वोच्च अधिकारी कौन होता है?
- पड़हा राजा
- मानकी
- ठाकुर
- दीवान
Explanation:
- कई गाँवों से मिलकर बनी अंतर्ग्रामीण पंचायत को पड़हा कहा जाता है, जो सर्वोच्च न्यायपालिका, कार्यपालिका तथा विधायिका के रूप में कार्य करती है ।
- पड़हा पंचायत का सर्वोच्च अधिकारी पड़हा राजा होता है, जो दो या अधिक गाँवों के बीच के विवादों का निपटारा करता है ।
पड़हा पंचायत के प्रधान को ‘मानकी’ कहा जाता है, इनका पद किस प्रकार का होता है?
- वंशानुगत
- मनोनीत
- निर्वाचित
- अस्थाई
Explanation:
- पड़हा पंचायत के प्रधान मानकी होते हैं ।
- मुण्डा शासन व्यवस्था में मुण्डा और मानकी दोनों के पद वंशानुगत (Hereditary) होते हैं ।
मुण्डा प्रशासनिक व्यवस्था के अंतर्गत पड़हा राजा के ‘मंत्री’ के रूप में कौन कार्य करता है?
- दीवान
- ठाकुर
- पाण्डेय
- लाल
Explanation:
- पड़हा राजा को शासन संचालन में सहयोग देने हेतु विभिन्न अधिकारी होते हैं, जिनमें दीवान राजा का मंत्री होता है ।
- इसके अतिरिक्त ठाकुर (सहायक), पाण्डेय (दस्तावेजों का रखरखावकर्ता) तथा लाल (सभा का वकील) के रूप में कार्य करते हैं ।
पड़हा पंचायत में दस्तावेजों एवं कागजातों का रखरखाव करने वाले अधिकारी को क्या कहा जाता है?
- पाण्डेय
- बरकंदाज
- दारोगा
- कोतवार
Explanation:
- पड़हा सभा में पाण्डेय नामक अधिकारी का मुख्य कार्य दस्तावेजों और कागजातों का सही रखरखाव करना होता है ।
- वहीं दारोगा सभा की कार्यवाही को नियंत्रित करता है और बरकंदाज गाँव के सिपाही के रूप में कार्य करता है ।
मुण्डा गाँव के धार्मिक प्रधान को ‘पाहन’ कहा जाता है, पूजा-पाठ एवं बलि संचालन हेतु पाहन को दी जाने वाली लगान-मुक्त भूमि क्या कहलाती है?
- डाली-कटारी भूमि
- भूत खेता
- खूँटकट्टी भूमि
- पहनाई भूमि
Explanation:
- गाँव में धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-पाठ तथा बलि चढ़ाने का कार्य करने वाले पाहन को सेवा के बदले लगान-मुक्त भूमि दी जाती है, जिसे डाली-कटारी भूमि कहते हैं ।
- गाँव को भूत-प्रेत के प्रकोप से बचाने हेतु दी जाने वाली अतिरिक्त भूमि को भूत खेता कहा जाता है ।
मुण्डा शासन व्यवस्था में पाहन का वह सहायक जो गाँव में संदेशवाहक का कार्य करता है, उसे क्या कहा जाता है?
- महतो
- पुजार
- पनभरा
- कोतवार
Explanation:
- महतो पाहन का मुख्य सहायक होता है, जो मुख्य रूप से ग्रामीणों तक सूचनाएँ पहुँचाने तथा संदेशवाहक का कार्य करता है ।
- इसके अलावा ‘पुजार’ या ‘पनभरा’ भी पाहन के सहयोगी के रूप में कार्य करते हैं ।
मुण्डा जनजाति में सांस्कृतिक केंद्र एवं पड़हा पंचायत के बैठक स्थल को किस नाम से जाना जाता है?
- अखड़ा
- हातू
- सरना
- शासन
Explanation:
- अखड़ा मुण्डा गाँव का सांस्कृतिक केंद्र होता है जहाँ नृत्य-संगीत के साथ-साथ पड़हा पंचायत की बैठकें और न्याय प्रक्रिया आयोजित की जाती है ।
- पारंपरिक मुण्डा प्रशासन व्यवस्था में महिलाओं को उच्च पदों पर स्थान प्रदान नहीं किया जाता है ।
