CDP

बुद्धि है–

  • एक स्वाभाविक मानसिक योग्यता
  • अंगीकार करने की एक क्षमता
  • सीखने की एक क्षमता
  • ये सभी

Explanation :

  • उत्तर: ये सभी
  • बुद्धि (Intelligence) वह शक्ति है जिसके द्वारा नवीन परिस्थितियों में व्यक्ति खुद को अनुकूलित कर सकता है, समस्याओं को हल कर सकता है और कुछ नया सीख सकता है।
    • बुद्धि एक स्वाभाविक मानसिक योग्यता (Natural Mental Ability) है, जो व्यक्ति को जन्म से प्राप्त होती है।
    • यह अंगीकार करने (Adaptation) की क्षमता है, जिससे व्यक्ति नई परिस्थितियों में खुद को ढाल सकता है।
    • यह सीखने (Learning) की क्षमता है, जिससे व्यक्ति नए ज्ञान और कौशल अर्जित कर सकता है।
    • अतः बुद्धि के सभी परिभाषात्मक पहलू एक साथ सही हैं।

मनोविज्ञान का आधुनिक अर्थ क्या है?

  • मन का अध्ययन
  • चेतना का अध्ययन
  • आत्मा का अध्ययन
  • व्यवहार का अध्ययन

Explanation :

  • उत्तर: व्यवहार का अध्ययन
  • 20वीं शताब्दी के आरम्भ में व्यवहारवादी मनोवैज्ञानिक प्रो. वाटसन (J.B. Watson) ने मनोविज्ञान को ‘व्यवहार का विज्ञान’ (Science of Behavior) कहा।
    • व्यवहारवादियों के अनुसार मनोविज्ञान की विषयवस्तु वस्तुनिष्ठ (Objective) होनी चाहिए, अर्थात जिसे देखा या सुना जा सके।
    • व्यवहार को देखा-परखा तथा अनुभव किया जा सकता है, इसमें वस्तुनिष्ठता होती है।
    • इसलिए मनोविज्ञान का आधुनिक अर्थ ‘व्यवहार का अध्ययन’ है, न कि आत्मा, मन या चेतना का।

प्रभावी शिक्षण के लिए कार्यक्रम को व्यवस्थित करने का अंतिम कदम है?

  • नियत कार्य
  • मूल्यांकन
  • अनुवर्तन
  • समय-सारणी को व्यवस्थित करना

Explanation :

  • उत्तर: मूल्यांकन
  • प्रभावी शिक्षण के लिए कार्यक्रम को व्यवस्थित करने का अंतिम कदम मूल्यांकन (Evaluation) है।
    • मूल्यांकन से अभिप्राय छात्रों के अधिगम की सफलता व असफलता का अध्ययन करना है।
    • इसके द्वारा छात्रों की अधिगम त्रुटियों (Learning Errors) की पहचान की जाती है, छात्रों का वर्गीकरण किया जाता है तथा कक्षा-क्षमता का कार्य किया जाता है।
    • मूल्यांकन अध्यापन-अधिगम (Teaching-Learning) प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण अंग है।
    • यह मूल्य निर्धारण, शैक्षिक स्तर तथा विद्यार्थियों की उपलब्धियों को जानने में सहायक होता है।

डिस्लेक्सिया है एक प्रकार का :

  • सोच अवरोधक
  • मानसिक अवरोधक
  • शारीरिक अवरोधक
  • भाषा अवरोधक

Explanation :

  • उत्तर: भाषा अवरोधक
  • डिस्लेक्सिया (Dyslexia) एक प्रकार का भाषा अवरोधक (Language Disorder) है, जो सीखने और पढ़ने से संबंधित समस्या है।
    • इसमें अक्षरों के लिखित रूप और उनके उच्चारण के सम्बन्ध में भ्रम रहता है, जिससे अक्षरों को पढ़ने में समस्या होती है।
    • डिस्लेक्सिया में पढ़ना, लिखना और शब्द विन्यास करना मुश्किल हो जाता है, क्योंकि भाषिक शब्द या अक्षर मिलते-जुलते प्रतीत होते हैं।
    • डिस्लेक्सिया से ग्रस्त बच्चे अक्सर वर्तनी (Spelling) और लिखित शब्दों को याद नहीं रख पाते हैं, जिससे वे अच्छी तरह से पढ़ने में सक्षम नहीं हो पाते और कई चीजें समझ नहीं पाते हैं।

प्रेरणा निम्नलिखित में किसकी एक कला है?

  • कार्य योजना
  • रुचि पैदा करना
  • मस्तिष्क को नियंत्रित करना
  • सिलेबस के अनुसार पढ़ाना

Explanation :

  • उत्तर: रुचि पैदा करना
  • शिक्षा में प्रेरणा (Motivation) छात्र में रुचि उत्पन्न करने की कला है।
    • शांमसन महोदय (Samson) के अनुसार, “प्रेरणा छात्र में रुचि उत्पन्न करने की कला है।”
    • शिक्षक आंतरिक प्रेरणा (Intrinsic Motivation) का प्रयोग करके बालक में पढ़ने के प्रति रुचि जागृत कर सकता है।
    • प्रेरणा द्वारा छात्रों में स्वयं पढ़ने की इच्छा उत्पन्न होती है, जिससे अध्ययन कार्य सरल हो जाता है।

संज्ञानात्मक क्षेत्र का निम्नतम स्तर है—

  • प्रयोग
  • परिज्ञान
  • मूल्यांकन
  • ज्ञान

Explanation :

  • उत्तर: ज्ञान
  • बेंजामिन ब्लूम (Benjamin Bloom) ने 1956 में शिक्षण के उद्देश्यों को तीन क्षेत्रों (संज्ञानात्मक, भावात्मक, मनोगत्यात्मक) में विभाजित किया।
    • संज्ञानात्मक क्षेत्र (Cognitive Domain) का श्रेणीबद्ध वर्गीकरण निम्न से उच्च क्रम में इस प्रकार है:
      1. ज्ञान (Knowledge) – निम्नतम स्तर
      2. अवबोध (Comprehension)
      3. अनुप्रयोग (Application)
      4. विश्लेषण (Analysis)
      5. संश्लेषण (Synthesis)
      6. मूल्यांकन (Evaluation) – उच्चतम स्तर

निम्नलिखित में से कौन मूल्यांकन से संबंधित नहीं है?

  • शिक्षक की डायरी
  • उद्देश्य
  • ज्ञानात्मक अनुभव
  • मूल्यांकन कार्ड

Explanation :

  • उत्तर: शिक्षक की डायरी
  • मूल्यांकन (Evaluation) शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण अंग है।
    • मूल्यांकन से यह ज्ञात होता है कि शिक्षार्थी ने क्या प्राप्त किया और वह कहाँ तक लाभान्वित हुआ है।
    • मूल्यांकन के उद्देश्य: छात्रों का वर्गीकरण, व्यक्तिगत/शैक्षिक/व्यावसायिक निर्देशन, आत्म-मूल्यांकन का अवसर, छात्रों की विशिष्ट योग्यताओं/कमजोरियों का ज्ञान।
    • शिक्षक की डायरी (Teacher’s Diary) एक अभिलेखन उपकरण है, जो मूल्यांकन का सीधा साधन नहीं है।

प्रभावी शिक्षक वह है जो—

  • छात्रों को प्रोत्साहित करता है कैसे पढ़ना है।
  • सीमित अवधि में अधिक जानकारी प्रदान कर सकता है।
  • नियत कार्य को ध्यानपूर्वक संशोधित करता है।
  • कक्षा पर नियंत्रण रखता है।

Explanation :

  • उत्तर: छात्रों को प्रोत्साहित करता है कैसे पढ़ना है।
  • प्रभावी शिक्षक (Effective Teacher) वह है जो छात्रों को अधिगम के लिए प्रोत्साहित करता है और उन्हें सीखने का सही तरीका बताता है।
    • बच्चे कोमल स्वभाव के होते हैं लेकिन साथ ही बहुत संवेदनशील (Sensitive) भी होते हैं।
    • एक प्रभावी शिक्षक बच्चों की गलतियों पर उन्हें डाँटता नहीं, बल्कि प्यार से समझाता है, जिससे बच्चों में सकारात्मक विचारों का विकास होता है।
    • वह छात्रों को ‘कैसे पढ़ना है’ सिखाता है, न कि केवल ‘क्या पढ़ना है’।

मूल्यांकन का प्रमुख उद्देश्य क्या होता है?

  • सम्पूर्ण विकास का मूल्यांकन करना
  • आंशिक विकास का मूल्यांकन करना
  • विशिष्ट विकास का मूल्यांकन करना
  • मानसिक विकास का मूल्यांकन करना

Explanation :

  • उत्तर: सम्पूर्ण विकास का मूल्यांकन करना
  • रेमर्स एवं गेज (Remmers & Gage) के अनुसार, मूल्यांकन में व्यक्तित्व के सभी पक्षों का ध्यान रखा जाता है।
    • मूल्यांकन का प्रमुख उद्देश्य बच्चे के सम्पूर्ण विकास (समग्र विकास) का मूल्यांकन करना है।
    • इसमें बुद्धि, उपलब्धि, अभिक्षमता, रुचि आदि की जाँच विभिन्न प्रविधियों द्वारा की जाती है।
    • इसके द्वारा बच्चे ने क्या सीखा, सीखने में कठिनाइयाँ क्या हैं, का पता चलता है और अधिगम प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में सहायता मिलती है।

सजा का उद्देश्य होता है—

  • सम्पूर्ण विकास का मूल्यांकन करना
  • कड़ाई दर्शाना
  • छात्रों को यातना देना
  • छात्रों को असफल होने के बारे में सचेत करना

Explanation :

  • उत्तर: छात्रों को असफल होने के बारे में सचेत करना
  • सजा (Punishment) का उद्देश्य छात्रों को उनकी गलतियों के बारे में सचेत करना है, न कि गलती करने पर दंड देना।
    • बालक गलतियों के माध्यम से सीखता है (Learning through errors)।
    • गलती पर सजा देने से बच्चे में डर पैदा हो जाता है और वह अधिगम सुचारु रूप से नहीं कर पाता।
    • सजा के स्थान पर प्यार से समझाना अधिक प्रभावी है, जिससे बालक स्वयं सुधरने का प्रयास करता है।

एक बच्चे को शुरूआत में किससे लिखना सिखाया जाता है?

  • स्केच पेन
  • चॉक
  • पेन
  • पेंसिल

Explanation :

  • उत्तर: चॉक
  • बच्चे को शुरूआत में चॉक (Chalk) से लिखना सिखाया जाता है।
    • चॉक एक चिकनी, सफेद एवं सछिद्र अवसादी शैल है, जो खनिज केल्साइट से बनी होती है।
    • स्केच पेन, पेन तथा पेंसिल की अपेक्षा चॉक बच्चों को पकड़ने और लिखने में आसान होती है।
    • यह बच्चे के हाथ की मांसपेशियों पर कम दबाव डालती है और बड़े आकार में लिखने में सहायक होती है।

किशोरावस्था/टीन की उम्र किसके बीच होती है?

  • 11-18 वर्ष
  • 13-18 वर्ष
  • 13-16 वर्ष
  • 17-20 वर्ष

Explanation :

  • उत्तर: 13-18 वर्ष
  • मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, अध्ययन की सुविधा एवं सरलता के लिए किशोरावस्था (Adolescence) 12-13 वर्ष की आयु से 18-19 वर्ष की आयु तक मानी जाती है।
    • इंग्लैंड के हैडो कमेटी रिपोर्ट (Hadow Committee Report) के अनुसार, 11 या 12 वर्ष की आयु में बालक में किशोरावस्था आरम्भ हो जाती है।
    • इस अवस्था में शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं भावनात्मक परिवर्तन तीव्र गति से होते हैं।
    • इसे ‘तूफान और तनाव’ (Storm and Stress) की अवस्था भी कहा जाता है।

तस्वीरें उपयोगी होती हैं पढ़ने में—

  • रुचि को बढ़ाने में
  • गुणवत्ता को बढ़ाने में
  • पदार्थ को बढ़ाने में
  • कौशल को बढ़ाने में

Explanation :

  • उत्तर: रुचि को बढ़ाने में
  • तस्वीरें (Pictures/Charts) पठन में रुचि (Interest) को बढ़ाने में अत्यधिक उपयोगी होती हैं।
    • चित्रों/तस्वीरों की सहायता से विषयवस्तु को रोचक बनाकर छात्रों का ध्यान आकर्षित किया जा सकता है।
    • इनसे बच्चों की कल्पना शक्ति (Imagination) का भी विकास होता है।
    • शिक्षण में चित्रों का उपयोग नवीन पाठ की प्रस्तावना, कठिन शब्दों का अर्थ स्पष्ट करने, तथा पाठ के विकास में किया जाता है।

निम्नलिखित में से कौन सा अभिभ्रमता परीक्षा (Aptitude test) का उद्देश्य नहीं है?

  • विश्वास बढ़ाना
  • सरल रचना
  • कल्पना की जाँच करना
  • शारीरिक आयु की जाँच करना

Explanation :

  • उत्तर: शारीरिक आयु की जाँच करना
  • अभिभ्रमता (Aptitude) व्यक्ति की उस रुचि/योग्यता को कहते हैं, जो किसी विशिष्ट कार्य, पाठ्यक्रम या व्यवसाय में सफलता प्राप्त करने के लिए आवश्यक होती है।
    • प्रीमैन (Freeman) के अनुसार, “अभिभ्रमता प्रशिक्षण द्वारा कुछ विशेष ज्ञान, योग्यता या प्रतिक्रियाओं का समूह अर्जित करने की योग्यता की ओर संकेत करने वाली दशा है।”
    • अभिभ्रमता परीक्षा (Aptitude Test) के उद्देश्य: विश्वास बढ़ाना, सरल रचना (रचनात्मकता), कल्पना की जाँच करना आदि।
    • शारीरिक आयु (Physical Age) की जाँच करना अभिभ्रमता परीक्षा का उद्देश्य नहीं है, यह शारीरिक परीक्षण से संबंधित है।

यदि एक नवयुवक शिक्षार्थी किसी विषय में रुचि कम दर्शाता दिखाई देता है, तो शिक्षक को करना चाहिए—

  • उस विषय पर एक रोचक क्रियाकलाप करना
  • उसे खेलने देना
  • उसे कुछ देर के लिए सो जाने को कहना
  • उसे शान्तिपूर्वक बैठने को कहना

Explanation :

  • उत्तर: उस विषय पर एक रोचक क्रियाकलाप करना
  • जब कोई शिक्षार्थी किसी विषय में रुचि नहीं दिखाता, तो शिक्षक को उस विषय पर एक रोचक क्रियाकलाप (Interesting Activity) कराना चाहिए।
    • रोचक क्रियाकलाप (जैसे खेल, समूह चर्चा, प्रोजेक्ट, भूमिका निभाना) से बालक सक्रिय हो जाते हैं।
    • सक्रिय अधिगम (Active Learning) से बालक विषय में रुचि लेने लगता है और अधिगम कार्य अच्छे से करता है।

गहन पढ़ाई से छात्रों के किस प्रकार के शब्द-संग्रह में बढ़ोत्तरी होती है?

  • वृहद
  • निश्चेष
  • सक्रिय
  • थोड़ा

Explanation :

  • उत्तर: सक्रिय
  • गहन पढ़ाई (Intensive Reading/Deep Study) से छात्रों के सक्रिय शब्द-संग्रह (Active Vocabulary) में बढ़ोत्तरी होती है।
    • गहन अध्ययन में बालक सक्रिय रूप से अन्वेषण करता है और एक शब्द के कई अर्थों का संग्रह करता है।
    • बिना गहन अध्ययन के बच्चे का मानसिक एवं बौद्धिक विकास नहीं हो पाता।
    • सक्रिय शब्द-संग्रह में वे शब्द शामिल होते हैं जिन्हें बालक समझता है और बोलचाल तथा लेखन में प्रयोग कर सकता है।

बच्चे के विकास के किस चरण के दौरान सृजनात्मकता और कल्पना शक्ति अत्यधिक प्रबल होती है?

  • शैशवावस्था (0-2)
  • प्रारम्भिक बचपन (2-6)
  • मध्य बचपन (6-10)
  • प्रारंभिक किशोरावस्था (14-18)

Explanation :

  • उत्तर: प्रारंभिक किशोरावस्था (14-18)
  • प्रारंभिक किशोरावस्था (Early Adolescence) के दौरान सृजनात्मकता (Creativity) और कल्पना शक्ति (Imagination) अत्यधिक प्रबल होती है।
    • इस अवस्था में किशोर अत्यधिक कल्पनाशील होते हैं और अपनी अभिलाषाओं की पूर्ति कल्पना जगत में करते हैं।
    • कल्पना की प्रबलता के कारण इस आयु में बालकों में दिवास्वप्न (Daydreaming) देखने की प्रवृत्ति होती है।
    • यह वह अवस्था है जब बालक नए विचारों, कल्पनाओं और रचनात्मक गतिविधियों में अधिक रुचि लेता है।

एफ.जी. फ्रेंच मेथड का प्रयोग निम्नलिखित किसकी शिक्षा देने के लिए किया जाता है?

  • बुनियादी गतिविधियाँ
  • पढ़ना
  • लिखना
  • सीधा-सपाट पत्र

Explanation :

  • उत्तर: लिखना
  • एफ.जी. फ्रेंच मेथड (F.G. French Method) का प्रयोग लिखने (Writing) की शिक्षा देने के लिए किया जाता है।
    • लेखन, भाषा के वास्तविक ज्ञान की परीक्षा का सबसे अच्छा माध्यम है, क्योंकि विचारों को लिखित रूप में व्यक्त करने की क्षमता ही भाषा की सच्ची परीक्षा है।
    • इस विधि में शुरूआत में अक्षरों को लम्बवत् (Vertical) शैली में लिखना सिखाया जाता है।
    • बड़े अक्षरों (Capital Letters) के बाद पहले छोटे अक्षरों (Small Letters) को पढ़ाया जाता है।

कौन सी तथ्योक्ति गेस्टाल्ट सिद्धांत पर आधारित है?

  • सम्पूर्ण से अंश की तरफ बढ़ना
  • निश्चित से अनिश्चित की तरफ बढ़ना
  • मनोवैज्ञानिक से तार्किक की तरफ बढ़ना
  • प्रेरण से निगमन की तरफ बढ़ना

Explanation :

  • उत्तर: सम्पूर्ण से अंश की तरफ बढ़ना
  • गेस्टाल्ट सिद्धांत (Gestalt Theory) का मुख्य आधार ‘सम्पूर्ण से अंश की ओर बढ़ना’ है।
    • गेस्टाल्ट मनोविज्ञान के अनुसार, प्रत्यक्षीकरण (Perception) की प्रक्रिया पूर्ण (Whole) से अंश (Part) की ओर होती है।
    • अर्थात, पहले किसी वस्तु का समग्र चित्र व्यक्ति के मस्तिष्क पर अंकित होता है, तत्पश्चात उसका ध्यान वस्तु के विभिन्न अंशों की ओर जाता है।
    • उदाहरण- वृक्ष का अध्ययन कराते समय पहले सम्पूर्ण वृक्ष का चित्र दिखाकर फिर उसके अंगों (तना, टहनी, पत्ते, जड़) के बारे में बताना चाहिए।

एक स्कूल का वातावरण कैसा होना चाहिए?

  • पिछड़ा
  • प्रणामी
  • खुशहाल
  • आनंददायी

Explanation :

  • उत्तर: आनंददायी
  • एक स्कूल (विद्यालय) का वातावरण आनंददायी (Joyful) होना चाहिए।
    • विद्यालय वह स्थान है जहाँ बालकों को सोद्देश्य अधिगम (Purposeful Learning) के लिए तैयार किया जाता है।
    • जीन द्युती (Jean Dewey) के शब्दों में, “विद्यालय एक ऐसी विशिष्ट वातावरण है, जहाँ जीवन के कुछ गुणों और कुछ विशेष प्रकार की क्रियाओं तथा व्यवसायों की शिक्षा दी जाती है।”
    • आनंददायी वातावरण में बालक स्वतंत्र रूप से सीखता है, रुचि लेता है और उसका समग्र विकास होता है।

एक समावेशी कक्षा में सम्बद्ध मूल्य है—

  • प्रतियोगिता
  • अलगाव
  • सहयोग
  • दबाव

Explanation :

  • उत्तर: सहयोग
  • एक समावेशी कक्षा (Inclusive Classroom) में सहयोग (Cooperation) प्रमुख मूल्य है।
    • मेरिल और एल्डुल (Merrill & Eldul) के अनुसार, “सहयोग सामाजिक अंत:क्रिया का वह रूप है, जिसमें दो या दो से अधिक व्यक्ति सामान्य उद्देश्य की पूर्ति के लिए एक साथ मिलकर काम करते हैं।”
    • सहयोगी शिक्षण गतिविधियों (Cooperative Learning Activities) के माध्यम से छात्र एक-दूसरे के साथ जुड़कर अच्छे से सीखते हैं।
    • सहयोग से मित्रता, सद्भाव, संप्रेषण तथा एकता की भावना का विकास होता है।

एक पाठ योजना है एक—

  • विस्तृत कक्षा शिक्षण योजना
  • सभी पाठों का विवेचनात्मक मूल्यांकन
  • कठिनाई स्तर योजना
  • छात्रों के लिए एक कम्प्यूटर एप्लिकेशन

Explanation :

  • उत्तर: विस्तृत कक्षा शिक्षण योजना
  • पाठ योजना (Lesson Plan) एक विस्तृत कक्षा शिक्षण योजना है, जो अध्यापक कक्षा में जाने से पूर्व बनाता है।
    • यह बच्चों के पूर्व ज्ञान (Previous Knowledge) पर आधारित होती है और शिक्षण सामग्री को व्यवस्थित करती है।
    • शिक्षक के लिए पाठ योजना निर्माण उतना ही आवश्यक है, जितना कि एक अभियंता (Engineer) के लिए भवन निर्माण का ब्लूप्रिंट (Blueprint) होना आवश्यक है।
    • कक्षा में सफल एवं प्रभावी शिक्षण हेतु पाठ योजना अत्यंत आवश्यक है।

शिक्षा प्राप्त करने के किस चरण में एक बच्चा भावपूर्ण समस्याओं और बहुल परिकल्पनाओं को उत्पन्न करने में समर्थ हो जाता है?

  • टोस क्रियाएँ
  • संवेदी क्रियाकलाप अवधि
  • पूर्व परिचालनात्मक अवधि
  • औपचारिक क्रियाएँ

Explanation :

  • उत्तर: औपचारिक क्रियाएँ
  • पियाजे (Piaget) के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत के अनुसार, औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (Formal Operational Stage – 11 से 15 वर्ष) में बालक भावपूर्ण समस्याओं और बहुल परिकल्पनाओं को उत्पन्न करने में समर्थ हो जाता है।
    • इस अवस्था में बालक अमूर्त (Abstract) स्तर पर चिंतन करने लगता है।
    • वह अपने स्तर पर सही और गलत के बीच तार्किक रूप से सोचने लगता है।
    • वह परिकल्पनाएँ (Hypotheses) बना सकता है और समस्याओं के समाधान के लिए संभावित विकल्पों का मूल्यांकन कर सकता है।

परीक्षा पास करने की पहल को किससे प्रोत्साहित किया जाना चाहिए?

  • ज्ञानात्मक
  • प्रेरणा
  • बढ़ावा
  • कर

Explanation :

  • उत्तर: प्रेरणा
  • परीक्षा पास करने की पहल (Initiative) को प्रेरणा (Motivation) द्वारा प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
    • प्रेरणा एक मनोवैज्ञानिक स्थिति (Psychological State) है, जो प्राणी को किसी विशिष्ट प्रकार के कार्य के लिए बाध्य करती है।
    • प्रेरणा पाकर बच्चे पढ़ाई में रुचि लेने लगते हैं, जिससे ज्ञानात्मक की गति भी तीव्र हो जाती है।
    • प्रेरणा एक आंतरिक शक्ति (Internal Force) है, जो छात्रों में परीक्षा की तैयारी के लिए उत्साह और दृढ़ संकल्प उत्पन्न करती है।

अभिजात समूह कब तैयार होते हैं?

  • शैशवकाल में
  • उत्तर-बचपन में
  • किशोरावस्था में
  • प्रारम्भिक बचपन में

Explanation :

  • उत्तर: प्रारम्भिक बचपन में
  • अभिजात समूह (Peer Groups/Reference Groups) प्रारम्भिक बचपन (Early Childhood – 2 से 6 वर्ष) में तैयार होते हैं।
    • इस काल में बालकों में समूह में रहने की प्रवृत्ति (Group Living Tendency) प्रबल होती है।
    • वह बालकों या मित्रों के साथ मिलना-जुलना और उनके साथ कार्य करना अधिक पसंद करता है तथा इससे प्रसन्न भी रहता है।
    • सामूहिक प्रवृत्ति के विकास के लिए उन्हें बाल सभा का सदस्य बनने, सामाजिक कार्यों में भाग लेने, स्काउट आदि का अवसर प्रदान करना चाहिए।

क्या करना चाहिए जब एक छात्र कक्षा में ध्यान नहीं देता?

  • कक्षा में विषय के बारे में कुछ रोचक बातें बताना
  • उसे कक्षा से बाहर चले जाने को कहना
  • उसे चेतावनी देना
  • उसे पढ़ने को बाध्य करना

  • उत्तर: कक्षा में विषय के बारे में कुछ रोचक बातें बताना
  • जब कोई छात्र कक्षा में ध्यान नहीं देता है, तो शिक्षक को उसे डाँटने या दंड देने के बजाय विषय से संबंधित रोचक तथ्य या कहानी बतानी चाहिए।
    • इससे बालक की रुचि (Interest) विषय में जागृत होती है और वह ध्यानपूर्वक अध्ययन करने लगता है।
    • बालक को बाहर निकालना, चेतावनी देना या बाध्य करना नकारात्मक दृष्टिकोण है, जो उसे और अधिक विचलित कर सकता है।
    • एक प्रभावी शिक्षक बालक के ध्यान भटकने के कारण को समझता है और उसे रचनात्मक तरीके से पुनः कक्षा-गतिविधि से जोड़ता है।

बातों को निम्न में से किस रूप में जाना जाता है?

  • अभ्यासी का पुलिंदा
  • प्रतिक्रियाओं का पुलिंदा
  • तथ्यों से अनावरण
  • इनमें से कोई नहीं

  • उत्तर: प्रतिक्रियाओं का पुलिंदा
  • बालक जन्म से ही अपने माता-पिता, पड़ोसियों आदि के व्यवहार का अवलोकन (Observation) करता है और बाद में उन व्यवहारों का अनुकरण (Imitation) अपने व्यवहार में करने लगता है।
    • अतः बालक की ‘बातें’ (व्यवहार) उसके आस-पास के वातावरण से प्राप्त प्रतिक्रियाओं (Responses) का संग्रह (पुलिंदा) होती हैं।
    • इसलिए बालकों के सामने आदर्शात्मक (Ideal) व्यवहार करना चाहिए और उसके आस-पास का वातावरण भी आदर्शात्मक होना चाहिए।
    • व्यवहार का अनुकरण किसी विशेष वर्ग या संबंध से सीमित नहीं होता, बल्कि बालक अपने आस-पास की हर चीज से सीखता है।

शिक्षण की कौन सी विधि ज्ञान के अधिकतम प्रयोग को प्रोत्साहित करती है?

  • समस्या-समाधान विधि
  • प्रयोगशाला विधि
  • स्वयं अध्ययन विधि
  • दल अध्ययन विधि

  • उत्तर: समस्या-समाधान विधि
  • समस्या-समाधान विधि (Problem-Solving Method) शिक्षण की वह विधि है जो ज्ञान के अधिकतम प्रयोग को प्रोत्साहित करती है।
    • स्किनर (Skinner) के अनुसार, “समस्या समाधान किसी लक्ष्य की प्राप्ति में बाधा डालने वाली कठिनाइयों पर विजय प्राप्त करने की प्रक्रिया है।”
    • इस विधि में अध्यापक विद्यार्थियों के समक्ष समस्याएँ प्रस्तुत करता है और विद्यार्थी सीखे हुए नियमों, सिद्धांतों तथा प्रत्ययों की सहायता से उनका समाधान करते हैं।
    • इससे विद्यार्थियों में परिकल्पना निर्माण (Hypothesis Formation) तथा कल्पनाशीलता (Imagination) में वृद्धि होती है।
    • यह विधि ज्ञान के व्यावहारिक अनुप्रयोग (Application) पर बल देती है।

खराब लिखावट का निम्नलिखित किससे लेना-देना नहीं है?

  • शारीरिक वृद्धि
  • बुद्धि
  • गलत मुद्रा
  • बनावट

  • उत्तर: बुद्धि
  • खराब लिखावट (Poor Handwriting) का बुद्धि (Intelligence) से कोई सीधा संबंध नहीं है।
    • खराब लिखावट निम्न कारणों से हो सकती है:
      • एकाग्रता (Concentration) की कमी
      • गलत मुद्रा (Wrong Posture)
      • बनावट (पेन/पेंसिल पकड़ने का तरीका)
      • शारीरिक वृद्धि (Physical Growth) में कमी
      • अनुवांशिकता (Heredity)
      • अवसाद (Depression) या अभ्यास (Practice) की कमी
    • बुद्धि उच्च होने पर भी लिखावट खराब हो सकती है और कम बुद्धि होने पर भी लिखावट सुंदर हो सकती है, अतः यह बुद्धि पर निर्भर नहीं है।

एक सम्मिलित कक्षा से सम्बन्धित मूल्य हैं-

  • शैक्षिक
  • सहानुभूति
  • सहयोग
  • प्रतिस्पर्धा
  • उत्तर: सहयोग
  • एक समावेशी (सम्मिलित) कक्षा में सहयोग (Cooperation) सबसे महत्वपूर्ण मूल्य है।
    • मेरिल और एल्डुल (Merrill & Eldul) के अनुसार, “सहयोग सामाजिक अंत:क्रिया का वह रूप है, जिसमें दो या दो से अधिक व्यक्ति सामान्य उद्देश्य की पूर्ति के लिए एक साथ मिलकर काम करते हैं।”
    • सहयोगी शिक्षण गतिविधियों (Cooperative Learning Activities) के माध्यम से छात्र एक-दूसरे के साथ जुड़कर अच्छे से सीखते हैं।
    • सहयोग से मित्रता, सद्भाव, संप्रेषण तथा एकता की भावना का विकास होता है।
    • प्रतिस्पर्धा (Competition) के स्थान पर सहयोग (Cooperation) से सामाजिक कौशल (Social Skills), सहानुभूति (Empathy) और आपसी सम्मान का विकास होता है, जो समावेशी कक्षा की आधारशिला है।
JTET 2012 CDP Questions