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Khortha
करम पर्व कखन मनवल जाहे ?
- भादो इंजोरिया एकादसी
- भादो कृष्ण पक्ष
- भादो इंजोरिया द्वादसी
- सावन इंजोरिया तिरोदसी
संइगा (संज्ञा) कहल जाहे
- कोनो नाम के
- काम के
- गुण के
- सेवा के
खोरठें मुहाबरा के कहल जाहे
- पटतइर
- मोहाबरा
- लोकबाइन
- आहना
सहज पहेली / बुझवल के खोरठें कहल जाहे-
- परतुर
- उलखन
- हियाँली
- बुझा-बुझी
जहाँ करम डाइर गाडल जाहे ओकरा कहल जाहे-
- अखरा
- देवी थान
- जाहेरइरा
- मंडप
करम डाइर कोन काटे हे ?
- गाँवक जुवान
- पाण्डे पुरोहित
- गविक पाहन
- करमइतिन
खोरठा छेतरे पसु अराधना के परब के कहल जाहे-
- दिवाली
- बाँदना
- सोहराय
- गोरु परब
टूसू परब कखन मनवल जाहे ?
- मकर संक्रांति के अवसर पर
- बसंत मेलाक समय
- पुस महीना में
- साल भइर
परतिअइ कहल जाहे –
- जे सबदेक अरथ फुरछावे है
- जे सबदेक आखरी जुटे हे
- आधा अक्षर जुटे हैं।
- जोड्इल सबवेक अंश
स्त्रीलिंग के अरथ हवे हे
- जे जनी के चिन्हे
- जोन सबद स जनी कर बोध हवे
- जनी के सम्मान दियेक
- जनी सोब के परीक्षा लेवेक
‘किसान’ कोन सइंगा लागे ?
- बेक्तिवाचक
- भाव वाचक
- जातिवाचक
- द्रइव वाचक
द्यकेकर में एकबचन और बहुवचन के मेल गलत है ?
- गाछ – गछवइन
- छगरी छरिवदन
- गीदर – गीवर गुला
- गड़-छोड़ो
कोन पटतइर (उधारन) गलत है ?
- अधपुरवा परतिअय
- अधियाअल-परक्य
- करवझ्या परतिअय
- छाँटलय उपसरन
कोन उल्टा अरथ संग हे ?
- सोटा पहना
- मोहड़ा -मुठान
- बारेक-छोडेक
- मोट -पातर
कोन सही हे ?
- जे ठावे झुमइर लाग है-झुमराहा
- जे नाञ बाद हे – दिदा
- जेकर माय बाप मोइर गेल हे-टुवर
- जेकर दांत टूटगेलहे खरगा
एगो के फरक करा –
स्त्रीलिंग आर पुल्लिंग में मेल नाञ हे –
- गाय – गरु
- जनी- मरद
- बहिन – भाय
- आजी- मामा
गलत जोड़ा बतावा —
- मोसा – मोसी
- दादा – दादी
- काका – काकी
- आजा – आजी
‘वह गया’ एकर खोरठा होतई
- ऊ गेल हतइ
- ऊ गेलइ
- ऊ गेलथिन
- ओखिन गेल
बुझवइल में मेल नाञ हे.
- लाल मयाँ डाइरं तर मेरचाय
- बड़की दीदी काँखे छउआ – जिनोर
- सात रुखना सात बइसला तेउ नात्र छुटे आसनेक बोकला छाँहुर
- एक थारी बरी गिनोहों नाञ पारी चाउर ।
‘गुटका’ के परियावांची संबद लागे
‘पिपल’ के कोन परियावादी सबद नाज लागे ?
‘अंगना कादा करेक’ मोहाबराक सही अरथ बतावा –
- अंगना निषेक
- अंगने पानी गिरावेक
- तिहां करेक
- घुइर – घुइर मांगे आवेक
‘डाँड़ा सोझ करेक’ मोहाबराक अरथ है-
- कठुवाएक
- संथाएक
- भैंसावेक
- टिडवाएक
‘हरदिक रंग आर परदेसिक संग लोकोक्ति के अरथ है
- अस्थायी दोस्ती
- आयाँ समइ के बादे काम करेक
- असुरक्षित जध-ऽ उत्तरग
- पीयर रंग रांगेक
झारखण्डे कते भाषा परिवारे भाषा बोलल जा हय?
खोरठा भाषाक विकासे परभाव पड़ल हे –
- प्राकृत के
- मागधी अपभ्रंश के
- जनजातीय भाषा गुलाक
- सभेक
‘करिया बोने रहो ही-लाल पानी पियो ही’ बुझवल के अरथ की हथ ?
‘काडा’ संइगा सबदेक स्त्रीलिंग रूप हय –
- काड़ी
- मेक्सी
- भइस
- येखिन में कोई नांय
झारखंडी लोक खूब मेहनती हवो हत। ई वाइक क्रिया विशेषण सबद हे-