उत्तर प्रदेश | Uttar Pradesh
- राजधानी: लखनऊ
- (गोमती नदी के किनारे)।
- स्थापना दिवस: 24 जनवरी 1950 (संविधान लागू होने के दिन)
- उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) मुख्यमंत्री – श्री योगी आदित्य नाथ
- राज्यपाल – श्रीमती आनंदीबेन पटेल
- इलाहाबाद HC (एशिया का सबसे बड़ा)। ,मुख्य न्यायाधीश – अरुण भंसाली
- सदन:
- द्विसदनात्मक (Bicameral) – विधानसभा (403 सीटें) और विधान परिषद (100 सीटें)।
- संसदीय सीटें:
- लोकसभा (80 – भारत में सर्वाधिक)
- राज्यसभा (31)
- प्रथम मुख्यमंत्री: गोविंद बल्लभ पंत।
- प्रथम महिला मुख्यमंत्री: सुचेता कृपलानी (भारत की भी पहली)।
- प्रथम महिला राज्यपाल: सरोजिनी नायडू (भारत की भी पहली)।
- 75 Districts –
- क्षेत्रफल स्थान: भारत में चौथा (राजस्थान, MP, महाराष्ट्र के बाद)।
- जनसंख्या स्थान: भारत में प्रथम।
- सीमाएं: 8 राज्य, 1 केंद्र शासित प्रदेश (दिल्ली) और 1 देश (नेपाल)।
- सबसे बड़ा जिला: लखीमपुर खीरी (क्षेत्रफल)।
- सबसे छोटा जिला: हापुड़।
- NCR में शामिल जिले: 8 (मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, हापुड़, बागपत, मुजफ्फरनगर, शामली)।
- राजकीय प्रतीक (State Symbols)
- राजकीय पशु: बारहसिंघा (Swamp Deer)।
- राजकीय पक्षी: सारस क्रेन (Saras Crane)।
- राजकीय वृक्ष: अशोक।
- राजकीय पुष्प: पलाश।
- राजकीय खेल: फील्ड हॉकी।
- शास्त्रीय नृत्य: कथक (Lucknow/Benares Gharana)।
- लोक नृत्य: रासलीला, नौटंकी, चरकुला (ब्रज क्षेत्र), कजरी (मिर्जापुर)।
- UNESCO विश्व धरोहर:
- ताज महल
- आगरा का किला
- फतेहपुर सीकरी।
- प्रमुख नदियाँ: गंगा, यमुना, रामगंगा, गोमती, केन, बेतवा, घाघरा।
- वन्यजीव:
- दुधवा नेशनल पार्क (लखीमपुर खीरी)
- पीलीभीत टाइगर रिजर्व।
- परमाणु ऊर्जा केंद्र: नरोरा (बुलंदशहर)।
- प्रमुख उद्योग:
- पीतल (मुरादाबाद)
- चूड़ियाँ (फिरोजाबाद)
- चमड़ा (कानपुर)
- इत्र (कन्नौज)
- चिकनकारी (लखनऊ)

चंदौली | Chandauli
- गंगा नदी के किनारे बसा हुआ है।
- यहाँ प्रसिद्ध ‘मुगल सराय’ रेलवे जंक्शन स्थित है।
- स्थापना: 20 मई 1997 (वाराणसी जिले से अलग होकर)।
- मंडल (Division): वाराणसी।
- उपनाम:
- “धान का कटोरा” (Rice Bowl of Uttar Pradesh) – भारी मात्रा में चावल उत्पादन के कारण।
- प्रमुख नदियाँ: गंगा, कर्मनाशा, चंद्रप्रभा और गरई।
- सीमाएँ:
- पूर्व में बिहार राज्य,
- उत्तर-पूर्व में गाजीपुर,
- दक्षिण में सोनभद्र
- दक्षिण-पश्चिम में मिर्जापुर।
- प्राचीन काल: यह क्षेत्र प्राचीन ‘काशी महाजनपद’ का हिस्सा था।
- बलुवा (Baluwa): यहाँ गंगा नदी पश्चिम वाहिनी (पूर्व से पश्चिम) बहती है, जहाँ प्रसिद्ध ‘पश्चिम वाहिनी मेला‘ लगता है।
- कीनाराम बाबा: महान अघोर संत श्री कीनाराम बाबा का जन्मस्थान ‘रामगढ़’ इसी जिले में है।
- हेतम का किला: हेतमपुर गाँव में स्थित 14वीं-15वीं शताब्दी का प्राचीन किला।
- प्रमुख स्थल एवं पर्यटन
- चंद्रप्रभा वन्यजीव अभयारण्य: 1957 में स्थापित, यह उत्तर प्रदेश का पहला वन्यजीव अभयारण्य है।
- जलप्रपात (Waterfalls):
- राजदरी
- देवदरी जलप्रपात (चंद्रप्रभा नदी पर स्थित)।
- लतीफ शाह बाँध: कर्मनाशा नदी पर बना यह भारत के सबसे पुराने बाँधों में से एक (1921) माना जाता है।
- पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन: (पूर्व नाम: मुगलसराय) एशिया का सबसे बड़ा रेलवे मार्शलिंग यार्ड।
- एक जनपद एक उत्पाद (ODOP): जरी-जरदोजी (Zari-Zardozi)।
- काला नमक चावल: इस सुगंधित चावल की किस्म का उत्पादन यहाँ बड़े स्तर पर किया जाता है।
- जनसांख्यिकी (2011 जनगणना के अनुसार)
- साक्षरता दर: लगभग 60.2%।
- लिंग अनुपात: 918 (महिलाएं प्रति 1000 पुरुष)।
- जनसंख्या घनत्व: 769 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी।
गाजीपुर | Ghazipur
- गंगा नदी के किनारे बसा हुआ है।
- यहाँ अफीम उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है।
- महादेवी वर्मा का जन्मस्थान।
- प्राचीन नाम: गाधिपुर – राजा गाधि के नाम पर
- लहुरी काशी: छोटी काशी भी कहा जाता है।
- स्थापना: 1330 ई. में सैयद मसूद गाजी द्वारा
- भीतरी स्तंभ लेख: सैदपुर तहसील के ‘भीतरी’ गांव में गुप्त सम्राट स्कंदगुप्त का प्रसिद्ध स्तंभ लेख है, जिसमें ‘हूणों’ पर विजय का उल्लेख है।
- लॉर्ड कॉर्नवॉलिस का मकबरा : गाजीपुर में ही स्थित है (उनकी मृत्यु 1805 में यहीं हुई थी)।
- नदी: यह शहर गंगा नदी के किनारे स्थित है।
- गोमती और कर्मनाशा नदियां भी जिले से होकर बहती हैं।
- गाजीपुर की सीमा बिहार (बक्सर) के साथ लगती है।
- मंडल (Division): वाराणसी मंडल
- गहमर गांव: एशिया का सबसे बड़ा गांव ‘गहमर’ गाजीपुर जिले में ही स्थित है।
- इसे ‘फौजियों का गांव’ भी कहते हैं।
- अफीम फैक्ट्री: गाजीपुर में एशिया की सबसे बड़ी अफीम और अल्कलॉइड फैक्ट्री (Opium Factory) है, जिसकी स्थापना अंग्रेजों ने 1820 में की थी।
- ODOP (एक जनपद एक उत्पाद): ‘जूट वॉल हैंगिंग’ (Jute Wall Hanging)
- गुलाब जल: यह जिला अपने सुगंधित इत्र और गुलाब जल (Rose Water) उत्पादन के लिए भी प्रसिद्ध है।
- प्रमुख व्यक्तित्व
- वीर अब्दुल हमीद: 1965 के भारत-पाक युद्ध के नायक और परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद गाजीपुर (धामूपुर) के ही रहने वाले थे।
- वीरों की धरती: भारतीय सेना में अत्यधिक भागीदारी के कारण इसे ‘वीरों की धरती’ कहा जाता है।
- ऋषि स्थल: महर्षि जमदग्नि (परशुराम के पिता) का आश्रम ‘जमानिया‘ और महर्षि विश्वामित्र का संबंध भी इसी क्षेत्र से माना जाता है।
जौनपुर
- इसकी स्थापना फिरोज शाह तुगलक ने की थी।
- गोमती नदी के किनारे बसा हुआ है।
- यहाँ प्रसिद्ध ‘अटाला मस्जिद’ स्थित है।
- संस्थापक: 14वीं शताब्दी (1359 ई.) में फिरोज शाह तुगलक द्वारा।
- किसकी याद में: अपने चचेरे भाई जौना खान (मुहम्मद बिन तुगलक) की स्मृति में।
- उपनाम: ‘सिराज-ए-हिंद’ (Shiraz of India) या ‘पूर्व का सिराज’ (बौद्धिक और सांस्कृतिक केंद्र होने के कारण)।
- नदी: गोमती नदी के तट पर स्थित।
- शर्की राजवंश: 1394 ई. में मलिक सरवर (ख्वाजा जहान) ने स्वतंत्र शर्की राज्य की स्थापना की।
- प्रतापी शासक: इब्राहिम शाह शर्की, जिसके काल में कला और साहित्य का सर्वाधिक विकास हुआ।
- अटाला मस्जिद: इब्राहिम शाह शर्की द्वारा 1408 ई. में निर्मित (शर्की स्थापत्य का सर्वश्रेष्ठ नमूना)।
- अन्य प्रमुख मस्जिदें: जामा मस्जिद (हुसैन शाह शर्की), लाल दरवाजा मस्जिद (बीबी राजी द्वारा), और झंझरी मस्जिद।
- शाही किला: फिरोज शाह तुगलक द्वारा निर्मित।
- शाही पुल (अकबरी पुल): मुनीम खान (अकबर के काल में) द्वारा गोमती नदी पर निर्मित।
- प्रसिद्ध व्यक्तित्व: शेरशाह सूरी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा जौनपुर से ही प्राप्त की थी।
- जनसांख्यिकी (2011 जनगणना): उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक लिंगानुपात (Sex Ratio) वाला जिला (1018)।
- प्रशासनिक: वाराणसी मंडल (Varanasi Division) के अंतर्गत आता है।
- प्रसिद्ध उत्पाद: चमेली का तेल, इत्र (Perfume), और बेनीराम की ‘इमरती’।
- धार्मिक स्थल: शीतला चौकिया धाम (प्रसिद्ध हिंदू मंदिर)।
- अंतिम शर्की शासक: हुसैन शाह शर्की (इसे बहलोल लोदी ने पराजित कर दिल्ली सल्तनत में मिलाया था)।
मिर्जापुर
- विंध्याचल पर्वत श्रृंखला में स्थित है।
- यहाँ विंध्यवासिनी देवी का प्रसिद्ध मंदिर स्थित है।
- गंगा नदी पर स्थित चुनार का किला प्रसिद्ध है।
- स्थिति: उत्तर प्रदेश के दक्षिण-पूर्वी भाग में, गंगा नदी के दाहिने तट पर स्थित।
- मानक समय (IST): भारत का मानक समय रेखा (82.5∘E देशांतर) मिर्जापुर के अमरावती चौराहा (विंध्याचल) से गुजरती है।
- उपनाम: कालीन नगरी (Carpet City), महात्रिकोण नगर, पीतल नगरी।
- कालीन उद्योग: मिर्जापुर अपनी हस्तनिर्मित कालीन (Carpets) और दरियों के लिए विश्व प्रसिद्ध है।
- चुनार का किला: गंगा किनारे स्थित ऐतिहासिक किला, जिसका निर्माण उज्जैन के राजा विक्रमादित्य ने अपने भाई भतृहरि के लिए करवाया था।
- अशोक स्तंभ: मौर्य सम्राट अशोक ने सारनाथ और अन्य स्तंभों के लिए गुलाबी बलुआ पत्थर (Pink Sandstone) मिर्जापुर के चुनार से ही प्राप्त किया था।
- विंध्याचल धाम: प्रमुख हिंदू तीर्थ स्थल और शक्तिपीठ (माँ विंध्यवासिनी मंदिर)। यहाँ अष्टभुजा और काली खोह मंदिर भी स्थित हैं।
- स्थापना: आधुनिक मिर्जापुर की स्थापना 1735 में ब्रिटिश अधिकारी लॉर्ड मर्क्यूरियस वेलेजली द्वारा व्यापारिक केंद्र के रूप में की गई थी।
- प्राकृतिक झरने: टांडा जलप्रपात, विंढम फॉल, लखनिया दरी और सिद्धनाथ की दरी यहाँ के प्रमुख झरने हैं।
- खनिज: यहाँ प्रचुर मात्रा में चूना पत्थर (Limestone), डोलोमाइट और बलुआ पत्थर पाया जाता है।
- प्रशासनिक: यह विंध्याचल मंडल का मुख्यालय है। इसके अंतर्गत 4 तहसीलें (सदर, चुनार, मड़िहान, लालगंज) आती हैं।
- प्रमुख व्यक्तित्व: प्रसिद्ध संत देवरहा बाबा का आश्रम भी इसी जिले में स्थित है।
- अशोक शिलालेख: अहरौरा में सम्राट अशोक का लघु शिलालेख (Minor Rock Edict) प्राप्त हुआ है।
- सांस्कृतिक तथ्य: मिर्जापुर अपनी कजरी (लोकगीत) के लिए भी जाना जाता है, जो वर्षा ऋतु में गाया जाता है।
सोनभद्र
- उत्तर प्रदेश का खनिज सम्पदा से सबसे धनी जिला।
- कोयला, बॉक्साइट और चूना पत्थर के बड़े भंडार।
- विंध्याचल और कैमूर की पहाड़ियों से घिरा हुआ।
- भौगोलिक स्थिति: यह भारत का एकमात्र जिला है जिसकी सीमाएं 4 राज्यों (मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार) से मिलती हैं।
- उपनाम: इसे “भारत की ऊर्जा राजधानी” (Energy Capital of India) कहा जाता है।
- क्षेत्रफल: यह लखीमपुर खीरी के बाद उत्तर प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा जिला है।
- मुख्यालय: सोनभद्र जिले का प्रशासनिक मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज (Robertsganj) है।
- गठन: इस जिले का गठन 1989 में मिर्जापुर जिले से अलग करके किया गया था।
- पर्वत श्रेणियां: यहाँ विंध्य और कैमूर पर्वत श्रृंखलाएं स्थित हैं।
- प्रमुख नदियां: सोन, रिहंद और कनहर इस क्षेत्र की मुख्य नदियां हैं।
- रिहंद बांध: यह पिपरी में स्थित है। इसके जलाशय को गोविंद बल्लभ पंत सागर कहा जाता है, जो भारत की सबसे बड़ी कृत्रिम झील है।
- खनिज संसाधन: यहाँ कोयला, चूना पत्थर, बॉक्साइट और डोलोमाइट प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
- ताप विद्युत संयंत्र (Power Plants):
- NTPC शक्तिनगर: भारत का पहला NTPC संयंत्र।
- विंध्याचल थर्मल पावर स्टेशन: भारत के सबसे बड़े संयंत्रों में से एक।
- अनपरा और ओबरा: उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम के प्रमुख संयंत्र।
- प्रमुख उद्योग: हिंडाल्को (Hindalco) का एल्युमिनियम प्लांट रेणुकूट में स्थित है। चुर्क और डाला में सीमेंट कारखाने हैं।
- वन्यजीव: यहाँ कैमूर वन्यजीव अभ्यारण्य का विस्तार है।
- ऐतिहासिक स्थल: विजयगढ़ किला, अगोरी किला और सल्खन जीवाश्म पार्क (Salkhan Fossil Park) यहाँ के प्रमुख आकर्षण हैं।
- सांस्कृतिक तथ्य: देवकी नंदन खत्री के प्रसिद्ध उपन्यास ‘चंद्रकांता’ की राजकुमारी विजयगढ़ की ही मानी जाती हैं।
- स्विट्जरलैंड ऑफ इंडिया: प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने इसकी प्राकृतिक सुंदरता के कारण इसे “भारत का स्विट्जरलैंड” कहा था।
बिजनौर
- नामकरण: राजा वेन के नाम पर प्राचीन नाम ‘वेन नगर’ था, जो कालांतर में बिजनौर बना।
- भारत का नाम: चक्रवर्ती सम्राट भरत (राजा दुष्यंत और शकुंतला के पुत्र) की जन्मस्थली, जिनके नाम पर देश का नाम ‘भारत’ पड़ा।
- कण्व आश्रम: मालिनी और गंगा नदी के संगम पर स्थित, जहाँ महर्षि कण्व का आश्रम था और अभिज्ञान शाकुन्तलम् की रचना की पृष्ठभूमि तैयार हुई।
- विदुर कुटी: महाभारत काल में महात्मा विदुर का निवास स्थान; यहीं भगवान कृष्ण ने दुर्योधन के छप्पन भोग त्याग कर बथुए का साग खाया था।
- दारानगर: महाभारत युद्ध के दौरान कौरव और पांडवों की महिलाओं/बच्चों को शरण देने वाला स्थान (दारा = महिला)।
- मयूर ध्वज दुर्ग: नजीबाबाद में स्थित प्राचीन किला, जिसका संबंध भगवान कृष्ण के समकालीन राजा मयूर ध्वज से है।
- मुगल संबंध: अकबर के नवरत्न अबुल फजल और फैजी का जन्म/पालन-पोषण यहीं (बास्टा के पास) हुआ था।
- नजीबाबाद: इसे ‘नजीबुद्दौला’ (गुलाम कादिर) ने बसाया था, जो अहमद शाह अब्दाली का सहयोगी था; यहाँ ‘पत्थरगढ़ किला’ स्थित है।
- भौगोलिक स्थिति: उत्तर प्रदेश के उत्तर-पश्चिम में स्थित; इसकी सीमा उत्तराखंड राज्य से लगती है।
- नदियाँ: मुख्य रूप से गंगा (पश्चिमी सीमा) और रामगंगा नदियों का प्रवेश द्वार और बहाव क्षेत्र।
- हस्तशिल्प/उद्योग: लकड़ी की नक्काशी (Wood Carving) के लिए प्रसिद्ध (विशेषकर नगीना तहसील)।
- साहित्यिक योगदान: प्रसिद्ध शायर और गीतकार दुष्यंत कुमार (ग़ज़लकार) इसी जनपद से संबंधित थे।
- प्रमुख व्यक्तित्व: भारत के प्रथम इंजीनियर राजा ज्वाला प्रसाद और प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ. आत्माराम की जन्मभूमि।
- आर्थिक आधार: गन्ना उत्पादन में अग्रणी जिला; यहाँ कई बड़ी चीनी मिलें (धामपुर, स्योहारा, बिजनौर) स्थित हैं।
- अमानगढ़ टाइगर रिजर्व: बिजनौर में स्थित है, जो जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क का बफर जोन माना जाता है।
- सेंधवार: चाँदपुर के पास स्थित, जहाँ पांडवों ने अपनी छावनी बनाई थी और द्रोणाचार्य का प्राचीन मंदिर है।
मुरादाबाद
- इसे ‘पीतल नगरी‘ के नाम से जाना जाता है।
- रामगंगा नदी के किनारे बसा हुआ है।
- हस्तशिल्प और निर्यात के लिए प्रसिद्ध।
- मुरादाबाद का संस्थापक: 1625 ईस्वी में मुगल सम्राट शाहजहाँ के पुत्र राजकुमार मुराद बख्श द्वारा स्थापित।
- उपनाम (Surnames): इसे ‘पीतल नगरी’ (Brass City) कहा जाता है।
- नदी: यह शहर रामगंगा नदी के तट पर स्थित है।
- पुराना नाम: मुरादाबाद का प्राचीन नाम ‘चौपला’ था।
- ऐतिहासिक स्मारक: जामा मस्जिद, जिसका निर्माण 1632 में संभल के तत्कालीन गवर्नर रुस्तम खान ने करवाया था (यह नदी तट पर बनी पहली जामा मस्जिद मानी जाती है)।
- मुगल काल में स्थिति: आईन-ए-अकबरी के अनुसार, यह ‘संबल सरकार’ के तहत ‘मुगलपुरा परगना’ का हिस्सा था।
- प्रमुख उद्योग: पीतल हस्तशिल्प (Brass Handicrafts) के लिए विश्व प्रसिद्ध; भारत के कुल हस्तशिल्प निर्यात का लगभग 40% यहीं से होता है।
- GI टैग: मुरादाबाद के ‘मेटल क्राफ्ट’ (Metal Craft) को भौगोलिक संकेत (Geographical Indication) प्राप्त है।
- एक जिला एक उत्पाद (ODOP): उत्तर प्रदेश सरकार की ODOP योजना के तहत यहाँ का मुख्य उत्पाद ‘धातु शिल्प’ (Metal Craft) है।
- विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ): मुरादाबाद SEZ उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विकसित पहला SEZ है।
- परिवहन: यह उत्तर रेलवे (Northern Railway) का एक प्रमुख मंडल मुख्यालय (Divisional Headquarters) है।
- जनसांख्यिकी (2011): मुरादाबाद का लिंगानुपात 903 है और साक्षरता दर 58.67% है।
- सीमाएँ: इसके उत्तर में बिजनौर, दक्षिण में संभल, पूर्व में रामपुर और पश्चिम में अमरोहा जिला स्थित है।
- कृषि: यह क्षेत्र मेंथा (Mentha) के उत्पादन और निर्यात के लिए भी प्रसिद्ध है।
रामपुर
- संस्थापक: नवाब फैजुल्ला खान (1774 ई. में स्थापना)।
- उपनाम: ‘चाकूओं का शहर’ (Knife City) और ‘नवाबों का शहर’।
- प्रमुख नदी: कोसी नदी (Kosi River) के किनारे स्थित।
- रामपुर रज़ा लाइब्रेरी: स्थापना 1774 में; इसमें 17,000 से अधिक दुर्लभ पांडुलिपियाँ (Manuscripts) और मुगल पेंटिंग्स का संग्रह है।
- मंगोलियाई संबंध: प्रधानमंत्री मोदी ने रज़ा लाइब्रेरी की पांडुलिपि की प्रति मंगोलिया को उपहार में दी थी।
- विलय: 1 जुलाई 1949 को भारतीय संघ में विलय हुआ (अंतिम शासक: नवाब रज़ा अली खान)।
- प्रमुख उद्योग: चाकू उद्योग, चीनी (Sugar), सूती वस्त्र और ज़री-ज़रदोजी का काम।
- सांस्कृतिक विरासत: ‘रामपुर-सहसवान घराना’ (Hindustani Classical Music) यहीं से संबंधित है।
- प्रमुख स्थल: जामा मस्जिद (दिल्ली की जामा मस्जिद जैसी बनावट), कोठी खास बाग, गांधी समाधि और आर्यभट्ट तारामंडल।
- शिक्षा: यहाँ ‘राजकीय रज़ा स्नातकोत्तर महाविद्यालय’ और अरबी भाषा का प्रसिद्ध विद्यालय स्थित है।
- भौगोलिक स्थिति: मुरादाबाद और बरेली के बीच स्थित; यह उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद मंडल का हिस्सा है।
- ऐतिहासिक तथ्य: 1857 के विद्रोह के दौरान यहाँ के नवाबों ने अंग्रेजों का साथ दिया था।
बुलंदशहर
- प्राचीन नाम: बुलंदशहर का प्राचीन नाम ‘बरन’ (Baran) था।
- संस्थापक: इसकी स्थापना राजा अहिबरन (Ahibaran) ने की थी, जिन्होंने यहाँ ‘बरन’ किला बनवाया था।
- भौगोलिक स्थिति: यह जिला गंगा और यमुना नदियों के मध्य स्थित है।
- प्रशासनिक प्रभाग: यह मेरठ मंडल (Meerut Division) का हिस्सा है।
- NCR क्षेत्र: बुलंदशहर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के अंतर्गत आने वाले उत्तर प्रदेश के 8 जिलों में से एक है।
- नरौरा (Narora): यहाँ उत्तर प्रदेश का एकमात्र परमाणु ऊर्जा केंद्र (Narora Atomic Power Station) स्थित है।
- खुर्जा (Khurja): इसे ‘Ceramic City’ के नाम से जाना जाता है; यह चीनी मिट्टी के बर्तनों के लिए विश्व प्रसिद्ध है।
- केन्द्रीय काँच एवं सिरेमिक अनुसंधान संस्थान (CGCRI): इसका एक क्षेत्रीय केंद्र खुर्जा में स्थित है।
- अनूपशहर (Anupshahr): इसे अपनी धार्मिक महत्ता के कारण ‘छोटी काशी’ भी कहा जाता है।
- इतिहास: प्रसिद्ध इतिहासकार जियाउद्दीन बरनी इसी जिले (बरन) के निवासी थे।
- काला आम (Kala Aam): 1857 की क्रांति के शहीदों को यहाँ फांसी दी गई थी, यह स्थान जिले का प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्मारक है।
- कर्णवास (Karnavas): महाभारत काल से संबंधित स्थान, जहाँ माना जाता है कि दानवीर कर्ण दान दिया करते थे।
- आहार (Ahar): पांडवों से संबंधित ऐतिहासिक स्थल, यहाँ शिव और देवी अवंतिका के प्राचीन मंदिर हैं।
- प्रमुख फसलें: गेहूं, गन्ना, मक्का और आलू यहाँ की मुख्य फसलें हैं।
- संस्कृति: यहाँ ‘खुर्जा घराना’ (शास्त्रीय गायन) की जड़ें मौजूद हैं।
- जनगणना (2011): जिले का जनघनत्व लगभग 788 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी है।
अलीगढ़
- अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश): ‘ताला नगरी’ (City of Locks) के रूप में प्रसिद्ध।
- प्राचीन नाम: कोइल (Koil) या कोल।
- अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU): 1875 में सर सैयद अहमद खान द्वारा स्थापित (पहले ‘मोहम्मडन एंग्लो-ओरिएंटल कॉलेज’)।
- शेखा झील: ताजे पानी की झील और प्रवासी पक्षियों का प्रमुख केंद्र।
- मंगलायतन विश्वविद्यालय: जैन धर्म और शिक्षा का प्रमुख केंद्र।
- अलीगढ़ किला: ‘बौना किला’ के नाम से भी विख्यात, जिसे 16वीं शताब्दी में बनाया गया था।
- खैर: राजा राव बहादुर द्वारा निर्मित प्रसिद्ध प्राचीन किला स्थल।
- नौरंगलाल राजकीय संग्रहालय: क्षेत्र की ऐतिहासिक कलाकृतियों का संग्रह।
- भूगोल: गंगा और यमुना नदियों के बीच दोआब क्षेत्र में स्थित।
- उत्पाद: पीतल के हार्डवेयर और मूर्तिकला के लिए भी विख्यात (ODOP योजना के तहत ताले)।
- 1857 का विद्रोह: ब्रिटिश शासन के खिलाफ विद्रोह का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा।
- बाबूजी कल्याण सिंह: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री यहीं के अतरौली से संबंधित थे।
हाथरस | Hathras
- गठन: 3 मई 1997 (अलीगढ़, मथुरा और आगरा के कुछ हिस्सों को मिलाकर)।
- पुराना नाम: महामाया नगर (2012 में पुनः हाथरस किया गया)।
- मंडल (Division): अलीगढ़ मंडल का हिस्सा।
- उपनाम: “हींग नगरी” (Asafoetida City) – विश्व प्रसिद्ध हींग प्रसंस्करण केंद्र।
- एक जनपद एक उत्पाद (ODOP): हींग (Hing)।
- भौगोलिक स्थिति: उत्तर प्रदेश के ब्रज क्षेत्र में स्थित।
- सीमावर्ती जिले: अलीगढ़, मथुरा, आगरा, एटा और कासगंज।
- प्रमुख नदियां: यमुना (जिले के कुछ हिस्सों से) और करवन नदी।
- ऐतिहासिक शासक: जाट, कुषाण, गुप्त, मराठा और अंग्रेज।
- राजा दयाराम: हाथरस के प्रमुख जाट शासक जिन्होंने 1817 में अंग्रेजों का कड़ा विरोध किया था।
- सांस्कृतिक विरासत: हाथरसी नौटंकी (हाथरस शैली) और स्वांग के लिए प्रसिद्ध।
- प्रमुख व्यक्तित्व: काका हाथरसी (प्रसिद्ध हास्य कवि)।
- धार्मिक स्थल: श्री दाऊजी महाराज मंदिर (भगवान बलराम को समर्पित)।
- प्रमुख मेला: लक्खी मेला (दाऊजी महाराज की याद में)।
- प्रमुख उद्योग: हींग के अलावा सूती वस्त्र (Cotton Mills), तेल मिलें और पीतल हस्तशिल्प।
- साक्षरता दर (2011): लगभग 71.59%।
- लिंगानुपात (2011): 871 (प्रति 1000 पुरुष)।
- प्रमुख तहसीलें: हाथरस, सादाबाद, सिकंदरा राऊ और सासनी।
फर्रुखाबाद
- मुगल बादशाह फर्रुखसियर द्वारा स्थापित।
- गंगा नदी के किनारे बसा हुआ।
- फर्रुखाबादी साड़ियों के लिए प्रसिद्ध।
- स्थापना: 1714 में नवाब मोहम्मद खां बंगश द्वारा; मुगल सम्राट फर्रुखसियर के नाम पर नामकरण।
- मुख्यालय: फतेहगढ़ (गंगा नदी के किनारे स्थित)।
- मंडल: कानपुर मंडल (Kanpur Division) का हिस्सा।
- भौगोलिक सीमा: उत्तर में बदायूं व शाहजहाँपुर, पूर्व में हरदोई, दक्षिण में कन्नौज, पश्चिम में एटा व मैनपुरी।
- प्रमुख नदियाँ: गंगा, रामगंगा और काली नदी।
- प्रसिद्ध व्यक्तित्व: हिंदी की प्रसिद्ध कवयित्री महादेवी वर्मा का जन्मस्थान (1907)।
- ऐतिहासिक स्थल (कम्पिल): राजा द्रुपद की राजधानी; द्रौपदी का जन्मस्थान और प्रसिद्ध द्रौपदी कुंड यहीं स्थित है।
- धार्मिक महत्व (संकिसा): बौद्ध धर्म के लिए महत्वपूर्ण; मान्यता है कि बुद्ध यहीं स्वर्ग से धरातल पर उतरे थे।
- प्रमुख फसलें: आलू (Potato) उत्पादन में अग्रणी; इसके अलावा तंबाकू और सूरजमुखी की खेती।
- औद्योगिक उत्पाद: ब्लॉक प्रिंटिंग (छपाई), हाथ से बने पर्दे, साड़ी, जरदोजी कढ़ाई और पीतल के बर्तन।
- जीआई टैग (GI Tag): फर्रुखाबाद प्रिंट्स को भौगोलिक संकेत प्राप्त है।
- प्रमुख मंदिर/मेले: राम नगरिया मेला (पाँचाल घाट), पांडव बाग मंदिर, और नीम करौली बाबा मंदिर।
- ब्रिटिश काल: 1818 में फतेहगढ़ में गन कैरिज फैक्ट्री की स्थापना की गई थी।
- संस्कृति: यहाँ की मुख्य क्षेत्रीय बोली कन्नौजी है।
फिरोजाबाद
- ‘भारत की ग्लास सिटी’ के नाम से प्रसिद्ध।
- चूड़ियों और काँच के सामान का बड़ा उत्पादन केंद्र।
- हस्तशिल्प निर्यात का प्रमुख केंद्र।
- उपनाम (Nicknames): ‘कांच की नगरी’ (Glass City of India), ‘सुहाग नगरी’, ‘विश्व की चूड़ी राजधानी’।
- प्रसिद्ध उद्योग: कांच उद्योग (चूड़ियाँ, झूमर, कांच के बर्तन) हेतु प्रसिद्ध।
- स्थापना: 1566 में अकबर के मनसबदार फिरोज शाह द्वारा (प्राचीन नाम: चंदवार या चंद्रनगर)।
- कांच उद्योग के जनक: हाजी रुस्तम उस्ताद (आधुनिक तकनीक लाने का श्रेय)।
- जिला गठन: 5 फरवरी 1989 (आगरा से अलग होकर बना)।
- नदी: यमुना नदी के किनारे स्थित।
- ऐतिहासिक स्थल: फिरोज शाह का मकबरा, राजा का ताल (टोडरमल द्वारा निर्मित), चंदवार किला।
- धार्मिक स्थल: जैन मंदिर (छिद्दामी लाल जैन द्वारा स्थापित), वैष्णो देवी मंदिर, सूफी साहब मज़ार।
- प्रमुख व्यक्तित्व: प्रसिद्ध उर्दू शायर मुनीर शिकोहाबादी (1857 क्रांति के क्रांतिकारी) यहीं के थे।
- भौगोलिक स्थिति: उत्तर प्रदेश के पश्चिमी भाग में, ब्रज क्षेत्र का हिस्सा।
- पड़ोसी जिले: आगरा, एटा, मैनपुरी और इटावा।
- विशेष तथ्य: यहाँ का कांच उद्योग 200 से अधिक वर्षों से अस्तित्व में है।
लखनऊ | Lucknow
- उपनाम
- उत्तर प्रदेश की राजधानी
- नवाबों का शहर
- Shiraz-i-Hind
- The Constantinople of the East
- यहाँ प्रसिद्ध इमामबाड़ा स्थित है।नदी (River): गोमती नदी के तट पर स्थित।
- पुराना नाम: लक्ष्मणपुर / लखनपुर (Lakshmanpur)।
- राजधानी: 1921 में उत्तर प्रदेश की आंशिक और 1935 में पूर्ण राजधानी बना।
- UP Heritage Arc: आगरा और वाराणसी के साथ ‘उत्तर प्रदेश हेरिटेज आर्क’ का हिस्सा।
- हस्तशिल्प (Handicraft): ‘चिकनकारी‘ (Chikankari) और ‘ज़रदोजी‘ (Zardozi) ।
- शास्त्रीय नृत्य (Dance): कथक (Kathak) का लखनऊ घराना (नवाब वाजिद अली शाह के संरक्षण में विकसित)।
- संग्रहालय (Museum): ‘State Museum Lucknow‘ (स्थापना 1863)।
- पार्क: जनेश्वर मिश्र पार्क (एशिया का सबसे बड़ा गार्डन)।
- एयरपोर्ट: चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (अमौसी)।
- संस्थान:
- CDRI (Central Drug Research Institute)
- IIM लखनऊ
- भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान (IISR)।
- 1857 का विद्रोह: बेगम हज़रत महल ने यहाँ से नेतृत्व किया था।
- लखनऊ समझौता (1916): कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच ऐतिहासिक समझौता (अंबिका चरण मजूमदार की अध्यक्षता में)।
- पहली STD कॉल: 1960 में लखनऊ और कानपुर के बीच देश की पहली STD सेवा शुरू हुई थी।
| स्मारक (Monument) | निर्माता (Builder) | विशेष तथ्य (Key Fact) |
| बड़ा इमामबाड़ा (Bara Imambara) | नवाब आसफ़-उद-दौला (1784) | यहाँ प्रसिद्ध ‘भूल-भुलैया‘ (Labyrinth) स्थित है। |
| रूमी दरवाज़ा (Rumi Darwaza) | नवाब आसफ़-उद-दौला | इसे ‘Turkish Gate’ भी कहा जाता है। |
| छोटा इमामबाड़ा | मुहम्मद अली शाह (1838) | इसे ‘Palace of Lights‘ के नाम से जाना जाता है। |
| रेजीडेंसी (The Residency) | नवाब आसफ़-उद-दौला / सादत अली खान | 1857 के विद्रोह का प्रमुख केंद्र। |
| छतर मंज़िल | गाज़ी-उद-दीन हैदर | इसकी गुंबद छतरी के आकार की है। |
| हुसैनाबाद क्लॉक टॉवर | नवाब नासिर-उद-दीन हैदर | भारत का सबसे ऊंचा क्लॉक टॉवर (67 मीटर)। |
इलाहाबाद | प्रयागराज | Allahabad | Prayagraj
- स्थापना: 1583 में मुगल सम्राट अकबर द्वारा (नाम: ‘इलाहाबाद‘)।
- प्राचीन नाम: प्रयाग (वर्तमान आधिकारिक नाम: प्रयागराज)।
- उपनाम: ‘प्रधानमंत्रियों का शहर‘ (क्योंकि यहाँ से कई PM निकले)।
- 3 नदियों का संगम: गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती (त्रिवेणी संगम)।
- इसे ‘संगम नगरी‘ के नाम से भी जाना जाता है।
- कुंभ मेला: प्रत्येक 12 वर्ष में आयोजित (यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत)।
- इलाहाबाद उच्च न्यायालय की स्थापना 1866 में
- आनंद भवन और स्वराज भवन (नेहरू परिवार का पैतृक निवास)
- स्वतंत्रता सेनानी मोतीलाल नेहरू का निवास स्थान (आनंद भवन) यहाँ है।
- अल्फ्रेड पार्क: चंद्रशेखर आजाद की शहादत स्थली
- वर्तमान नाम: चंद्रशेखर आजाद पार्क)।
- इलाहाबाद विश्वविद्यालय (स्थापना: 1887, ‘पूर्व का ऑक्सफोर्ड‘ कहा जाता है)।
- अकबर का किला:
- यमुना के किनारे स्थित
- इसमें पातालपुरी मंदिर और अक्षयवट स्थित है।
- अशोक स्तंभ: किले के भीतर स्थित (समुद्रगुप्त की प्रयाग प्रशस्ति इसी पर उत्कीर्ण है, दरबारी कवि: हरिषेण)।
- खुसरो बाग: जहांगीर के पुत्र खुसरो मिर्जा का मकबरा।
- कर्क रेखा: भारतीय मानक समय (82.5° E) प्रयागराज के पास नैनी से गुजरती है।
- प्रसिद्ध व्यक्तित्व:
- मदन मोहन मालवीय
- महादेवी वर्मा
- हरिवंश राय बच्चन
- ध्यानचंद का जन्मस्थान/कार्यस्थल।
- उत्तर प्रदेश मध्य रेलवे (NCR) का मुख्यालय।
कानपुर | Kanpur
- उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा शहर (जनसंख्या की दृष्टि से)
- उपनाम:
- “उत्तर भारत का मैनचेस्टर” (Manchester of the North)
- “लेदर सिटी ऑफ द वर्ल्ड“
- भारत का चमड़ा नगर – चमड़ा उद्योग (Leather)
- उत्तर प्रदेश की औद्योगिक राजधानी
- नदी: गंगा नदी के दक्षिणी तट पर स्थित।
- विपरीत प्रवाह: कानपुर के पास गंगा नदी लगभग 1.5 किमी तक विपरीत (उल्टी) दिशा में बहती है।
- स्थापना: माना जाता है कि सचेंदी के राजा हिंदू सिंह ने इसकी स्थापना की थी (मूल नाम: कान्हपुर)।
- 1857 का कानपुर विद्रोह नेतृत्व :
- नाना साहेब, तात्या टोपे और अजीमुल्ला खान ने किया था।
- सत्ती चौरा घाट: 1857 की क्रांति से जुड़ा ऐतिहासिक घाट।
- बिठूर: इसे “ब्रह्मावर्त” भी कहा जाता है; मान्यता है कि यहीं ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की थी।
- वाल्मीकि आश्रम: बिठूर में स्थित, जहाँ माता सीता ने लव-कुश को जन्म दिया था।
- प्रमुख संस्थान एवं उद्योग
- IIT कानपुर: (स्थापना: 1959)
- IIPR: भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान (Indian Institute of Pulses Research) कल्याणपुर में स्थित।
- NSI: राष्ट्रीय शर्करा संस्थान (National Sugar Institute)।
- HBTU: हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी।
- प्रमुख स्थल एवं स्मारक
- जेके मंदिर (JK Temple): राधा-कृष्ण को समर्पित सफेद संगमरमर का मंदिर।
- भीतरगाँव मंदिर: गुप्तकालीन ईंटों से बना प्राचीन मंदिर (स्थापना: 5वीं शताब्दी)।
- ग्रीन पार्क स्टेडियम: उत्तर प्रदेश का एकमात्र अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम।
- एलन फॉरेस्ट ज़ू (Allen Forest Zoo): भारत के सबसे बड़े चिड़ियाघरों में से एक।
- जैन ग्लास मंदिर: पूरी तरह से कांच और दर्पण से बना मंदिर।
- मोतीझील: इसे “कानपुर के फेफड़े” भी कहा जाता है।
आगरा | Agra
- यमुना नदी के किनारे बसा हुआ है।
- प्रसिद्ध मिठाई “पेठा” है।
- स्थापना: 1504 ई. में सिकंदर लोदी ने (दिल्ली सल्तनत का शासक)।
- राजधानी: 1506 ई. में सिकंदर लोदी ने इसे राजधानी बनाया।
- मुगल काल: 1526 से 1658 तक यह मुगल साम्राज्य की राजधानी रहा (शाहजहाँ के दिल्ली राजधानी स्थानांतरित करने तक)।
- बाबर का योगदान: भारत का पहला औपचारिक फारसी बाग ‘आराम बाग’ (राम बाग) आगरा में ही बनवाया।
- प्राचीन नाम: ‘अग्रवन‘
- प्रमुख स्मारक और वास्तुकला
- ताजमहल: शाहजहाँ द्वारा निर्मित (1632-1648); मुख्य वास्तुकार उस्ताद अहमद लाहौरी थे।
- आगरा का किला (लाल किला): मुगल सम्राट अकबर द्वारा 1565 ई. में निर्मित।
- फतेहपुर सीकरी: अकबर द्वारा स्थापित; यहाँ बुलंद दरवाजा (गुजरात विजय की याद में निर्मित) स्थित है।
- एत्माद-उद-दौला का मकबरा: इसे ‘बेबी ताज‘ कहा जाता है;
- यह भारत में सफेद संगमरमर और ‘पितरा ड्यूरा’ (Pietra Dura) तकनीक का पहला बड़ा प्रयोग था।
- अकबर का मकबरा: आगरा के सिकंदरा में स्थित है।
- चीनी का रौज़ा: अफजल खान आलमी (शाहजहाँ के मंत्री) को समर्पित मकबरा।
- मेहताब बाग: यमुना के किनारे स्थित, जिसे ‘मूनलाइट गार्डन‘ भी कहा जाता है।
- UNESCO स्थल:
- आगरा में 3 विश्व धरोहर स्थल हैं—
- ताजमहल
- आगरा किला
- फतेहपुर सीकरी
- आगरा में 3 विश्व धरोहर स्थल हैं—
- प्रसिद्ध उद्योग:
- चमड़ा उद्योग (Footwear)
- हस्तशिल्प (संगमरमर पर पच्चीकारी)
- प्रसिद्ध जीआई टैग (GI Tag):
- आगरा का पेठा
- आगरा के दरी/कालीन
- पर्यटन सर्किट: यह ‘गोल्डन ट्रायंगल‘ (दिल्ली-जयपुर-आगरा) का हिस्सा है।
- बोली: आगरा ब्रज भाषा क्षेत्र के अंतर्गत आता है।
- मेले/उत्सव:
- ताज महोत्सव (फरवरी में आयोजित)
- बटेश्वर मेला (पशु मेला)
- राम बारात: उत्तर भारत के सबसे बड़े उत्सवों में से एक जो आगरा में मनाया जाता है।
झाँसी | Jhansi
- 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की वीरांगना रानी लक्ष्मी बाई का शहर।
- झाँसी का किला एक प्रमुख ऐतिहासिक स्थल है।
- यह बुंदेलखंड क्षेत्र में स्थित है।
- यहाँ का पर्यटन और ऊनी कालीन उद्योग प्रसिद्ध है।
- प्राचीन नाम: ‘बलवंत नगर‘
- स्थापना: 1613 ई. में ओरछा के राजा बीर सिंह जू देव बुंदेला ने झाँसी के किले का निर्माण कराया था।
- राजा बीर सिंह को दूर से किला धुंधला (झाईं सी) दिखा, जिससे इसका नाम ‘झाँसी‘ पड़ा।
- 1732 में महाराजा छत्रसाल ने अपनी रक्षा के बदले राज्य का एक तिहाई हिस्सा पेशवा बाजीराव प्रथम को दिया, जिसमें झाँसी शामिल थी।
- रानी लक्ष्मीबाई:
- इनका मूल नाम मणिकर्णिका (मनु) था।
- 1842 में झाँसी के राजा गंगाधर राव से इनका विवाह हुआ।
- 1857 का विद्रोह: रानी लक्ष्मीबाई ने झाँसी से नेतृत्व किया। उनका सामना ब्रिटिश जनरल ह्यूरोज (Hugh Rose) से हुआ था।
- व्यपगत का सिद्धांत (Doctrine of Lapse): डलहौजी ने गंगाधर राव के दत्तक पुत्र दामोदर राव को उत्तराधिकारी मानने से इनकार कर झाँसी को ब्रिटिश साम्राज्य में मिला लिया था।
- नदियाँ: झाँसी पहुंज और बेतवा नदियों के बीच स्थित है।
- मुख्यालय: यह झाँसी मंडल का मुख्यालय है,
- जिसमें झाँसी, जालौन और ललितपुर जिले आते हैं।
- कृषि विश्वविद्यालय: झाँसी में रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय स्थित है (स्थापना: 2014)।
- चारागाह अनुसंधान: भारतीय चरागाह एवं चारा अनुसंधान संस्थान (IGFRI) झाँसी में स्थित है
- प्रमुख स्थल और स्थापत्य
- झाँसी का किला: यह 15 एकड़ में फैला है। इसके मुख्य द्वारों के नाम खंडेराव गेट, दतिया दरवाजा और उन्नाव गेट हैं।
- कड़क बिजली तोप: यह प्रसिद्ध तोप झाँसी के किले में स्थित है।
- रानी महल: यह रानी लक्ष्मीबाई का निवास स्थान था, जिसकी दीवारों पर अद्भुत चित्रकारी है।
- दशावतार मंदिर: झाँसी के पास देवगढ़ में स्थित यह मंदिर गुप्त काल का है और भगवान विष्णु को समर्पित है
- बरुआ सागर: यहाँ एक विशाल झील और ऐतिहासिक किला है, जहाँ मराठा और बुंदेलों के बीच युद्ध हुआ था।
गोरखपुर | Gorakhpur
- यह गोरखनाथ मंदिर के लिए प्रसिद्ध है।
- पूर्वोत्तर रेलवे का मुख्यालय यहाँ स्थित है।
- यह क्षेत्र टेराकोटा हस्तशिल्प (मृणशिल्प) के लिए प्रसिद्ध है।
- राप्ती नदी (Rapti River) के तट पर स्थित
- नेपाल सीमा के समीप स्थित
- ताल/झील: रामगढ़ ताल (Ramgarh Tal)
- बखीरा वन्यजीव अभयारण्य (संत कबीर नगर, गोरखपुर के पास) एक महत्वपूर्ण रामसर साइट है।
- गोरखपुर जंक्शन : दुनिया का दूसरा सबसे लंबा रेलवे प्लेटफार्म (1,366 मीटर) है।
- नोट: अब प्रथम स्थान पर हुबली जंक्शन, कर्नाटक है।
- मुख्यालय: यह पूर्वोत्तर रेलवे (NER) का मुख्यालय है।
- एयरपोर्ट: गोरखनाथ हवाई अड्डा
- वायु सेना का ‘कोबरा स्क्वाड्रन‘ भी तैनात है।
- नामकरण: इस शहर का नाम प्रसिद्ध संत मत्स्येंद्रनाथ के शिष्य “बाबा गोरखनाथ” के नाम पर पड़ा।
- चौरी-चौरा कांड: 4 फरवरी, 1922 को गोरखपुर में हुई इस घटना के कारण गांधीजी ने असहयोग आंदोलन वापस ले लिया था।
- गीता प्रेस: दुनिया में हिंदू धार्मिक पुस्तकों का सबसे बड़ा प्रकाशक “गीता प्रेस” यहीं स्थित है। इसे 2021 का गांधी शांति पुरस्कार भी मिला है।
- महापरिनिर्वाण: भगवान बुद्ध ने कुशीनगर (जो पहले गोरखपुर का हिस्सा था) में महापरिनिर्वाण प्राप्त किया था।
- मगर (Maghar): संत कबीर की समाधि और मज़ार यहीं (निकटवर्ती संत कबीर नगर) स्थित है।
- GI टैग:
- गोरखपुर के टेराकोटा (Terracotta – मिट्टी के शिल्प)
- यह क्षेत्र गन्ने के उत्पादन और चीनी मिलों के लिए प्रसिद्ध है।
- खाद कारखाना: यहाँ “HURL” (Hindustan Urvarak & Rasayan Limited) का बड़ा उर्वरक संयंत्र है।
- प्रमुख संस्थान
- विश्वविद्यालय: दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (DDU)।
- मेडिकल: बाबा राघव दास (BRD) मेडिकल कॉलेज और AIIMS गोरखपुर।
- चिड़ियाघर: शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणी उद्यान।
वाराणसी | Varanasi | Kashi | Banaras | काशी | बनारस
- उपनाम (Nicknames):
- भारत की सांस्कृतिक राजधानी
- मोक्ष की नगरी
- मंदिरों का शहर
- ‘सिटी ऑफ लाइट’ (Kashi)
- “काशी” और “बनारस“
- नदियाँ: गंगा नदी के किनारे स्थित। नाम वरुणा और असि नदियों के संगम से बना है।
- इसे भगवान शिव की नगरी माना जाता है।
- सप्त पुरी: हिंदुओं के सात पवित्र शहरों (Sapta Puri) में से एक।
- काशी विश्वनाथ मंदिर: भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक (अहिल्याबाई होल्कर द्वारा पुनर्निर्मित)।
- सारनाथ (Sarnath): वाराणसी से 10 किमी दूर, जहाँ गौतम बुद्ध ने अपना ‘प्रथम उपदेश’ (धम्मचक्कपवत्तन सुत्त) दिया था।
- प्रमुख घाट: कुल 84 घाट।
- दशाश्वमेध घाट: सबसे प्रसिद्ध और भव्य गंगा आरती के लिए प्रसिद्ध।
- मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट: दाह संस्कार (Cremation) के लिए प्रसिद्ध।
- रामनगर किला: गंगा के पूर्वी तट पर स्थित, काशी नरेश का आधिकारिक निवास।
- Banaras Hindu University (BHU): 1916 में पंडित मदन मोहन मालवीय द्वारा स्थापित। यह एशिया का सबसे बड़ा आवासीय विश्वविद्यालय है।
- साहित्यकार:
- कबीर दास
- तुलसीदास (रामचरितमानस की रचना यहीं की)
- मुंशी प्रेमचंद की जन्मस्थली/कर्मस्थली।
- आयुर्वेद और योग महर्षि पतंजलि का जन्मस्थान माना जाता है।
- GI Tag
- बनारसी साड़ी: रेशम बुनाई और सोने-चांदी के जरी (Brocade) के काम के लिए वैश्विक प्रसिद्ध (GI Tag प्राप्त)।
- गुलाबी मीनाकारी
- लकड़ी के खिलौने
- बनारसी पान
- संगीत घराना: ‘बनारस घराना‘ (Hindustani Classical Music)।
- प्रसिद्ध व्यक्तित्व: उस्ताद बिस्मिल्लाह खान (शहनाई) और पंडित रवि शंकर (सितार)।हस्तशिल्प:
- हवाई अड्डा: लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (बावतपुर)।
- डीजल रेल इंजन कारखाना (DLW): अब ‘बनारस रेल इंजन कारखाना’ (BLW) के नाम से जाना जाता है।
- नदियाँ: गंगा नदी के बाएं (पश्चिमी) तट पर स्थित।
- ‘वाराणसी‘ नाम वरुणा और असि नदियों के संगम से बना है।
- उत्तर प्रदेश के दक्षिण-पूर्वी भाग में स्थित
- जलवायु: आर्द्र उपोष्णकटिबंधीय (Humid Subtropical)।
- पौराणिक कथाओं के अनुसार, यह शहर भगवान शिव के त्रिशूल पर टिका है।
- भगवान बुद्ध ने अपना प्रथम उपदेश यहीं के सारनाथ (ऋषिपत्तन) में दिया था (धर्मचक्रप्रवर्तन)।
- जैन धर्म: 7वें (सुपार्श्वनाथ) और 23वें तीर्थंकर (पार्श्वनाथ) की जन्मस्थली।
- साहित्यिक योगदान:
- संत कबीर, तुलसीदास (रामचरितमानस की रचना यहीं हुई)
- मुंशी प्रेमचंद की कर्मस्थली/जन्मस्थली।
- मार्क ट्वेन का कथन: “बनारस इतिहास से भी पुराना है, परंपरा से पुराना है…”
- स्थल एवं संस्थान (Important Places & Institutes)
- काशी विश्वनाथ मंदिर: 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक। वर्तमान मंदिर का निर्माण अहिल्याबाई होल्कर (1780) ने करवाया था।
- BHU (बनारस हिंदू विश्वविद्यालय): स्थापना 1916 में पंडित मदन मोहन मालवीय द्वारा। यह एशिया का सबसे बड़ा आवासीय विश्वविद्यालय है।
- घाट: कुल 84 घाट।
- दशाश्वमेध घाट (गंगा आरती हेतु प्रसिद्ध)
- मणिकर्णिका घाट (प्रमुख श्मशान घाट)
- अस्सी घाट
- सारनाथ स्तूप: धमेख स्तूप और चौखंडी स्तूप यहीं स्थित हैं।
- अशोक स्तंभ (भारत का राष्ट्रीय चिह्न) यहीं से लिया गया है।
- डीजल लोकोमोटिव वर्क्स (DLW): अब ‘बनारस रेल इंजन कारखाना‘ (BLW) के नाम से जाना जाता है।
- उत्सव:
- देव दीपावली (दीपावली के 15 दिन बाद)
- गंगा महोत्सव।
- राजनीति: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र।
मेरठ | Meerut
- 1857 के स्वतंत्रता संग्राम की शुरुआत यहीं से हुई थी।
- इसे “भारतीय सेना का खेल नगर” कहा जाता है।
- यहाँ का स्पोर्ट्स गुड्स (खेल सामान) उद्योग प्रसिद्ध है।
- यह दिल्ली एनसीआर का एक हिस्सा है।
- भौगोलिक स्थिति: गंगा और यमुना नदियों के बीच दोआब क्षेत्र में स्थित।
- प्राचीन नाम: मयराष्ट्र (राक्षस राज मय का प्रदेश; मंदोदरी का जन्मस्थान)।
- ऐतिहासिक महत्व: 10 मई, 1857 को प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की शुरुआत यहीं से हुई (क्रांति नगर)।
- महाभारत संदर्भ: कौरवों की राजधानी हस्तिनापुर वर्तमान मेरठ जिले के अंतर्गत आती है।
- उपनाम: ‘क्रांति नगर’ और ‘भारत का खेल शहर’ (Sports City of India)।
- प्रमुख उत्पाद (ODOP): खेल का सामान (Sports Goods) – विशेषकर क्रिकेट बैट और कैंची (Scissor Industry)।
- साक्षरता (2011): 72.84% (राज्य औसत से अधिक)।
- लिंगानुपात: 886 (प्रति 1000 पुरुष)।
- जनसंख्या घनत्व: लगभग 1,346 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी।
- प्रमुख मेला: नौचंदी मेला (हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक)।
- धार्मिक स्थल: औघड़नाथ मंदिर (काली पलटन मंदिर), बाबा औघड़नाथ मंदिर, सेंट जॉन्स चर्च और हस्तिनापुर जैन मंदिर।
- पुरातात्विक स्थल: आलमगीरपुर (सिंधु घाटी सभ्यता का सबसे पूर्वी स्थल)।
- प्रशासनिक: मेरठ मंडल (Division) का मुख्यालय है।
- संस्थान: चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCS University) और सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय।
- नदियां: मुख्य रूप से गंगा, यमुना और हिंडन नदी।
- खिलाड़ी: भुवनेश्वर कुमार (क्रिकेट), पी.टी. उषा (अकादमी संबंधित) और अन्य कई प्रसिद्ध एथलीटों का केंद्र।
अयोध्या
- हिंदू धर्म के अनुसार भगवान राम की जन्मभूमि।
- सरयू नदी के तट पर स्थित है।
- यह एक प्रमुख तीर्थ स्थल है।
- यहाँ कई प्राचीन मंदिर और घाट स्थित हैं।
- प्राचीन नाम: साकेत।
- नदी: सरयू (घाघरा) नदी के तट पर स्थित।
- भौगोलिक स्थिति: उत्तर प्रदेश के मध्य भाग में स्थित, फैजाबाद मंडल का मुख्यालय।
- धार्मिक महत्व: ‘मोक्षदायिनी सप्त पुरियों’ (सात पवित्र शहरों) में प्रथम स्थान।
- रामायण संबंध: प्राचीन ‘कोशल साम्राज्य’ की राजधानी; सूर्यवंशी राजाओं (इक्ष्वाकु, दशरथ, राम) का शासन।
- जैन धर्म: 5 तीर्थंकरों (ऋषभनाथ, अजितनाथ, अभिनंदननाथ, सुमतिनाथ, अनंतनाथ) की जन्मस्थली।
- राम मंदिर: नागर शैली (Nagara Style) में निर्मित; मुख्य वास्तुकार- चंद्रकांत सोमपुरा।
- रामलला मूर्ति: मूर्तिकार- अरुण योगीराज (मैसूर); श्याम शिला (कृष्ण शिला) से निर्मित।
- हनुमान गढ़ी: नगर के केंद्र में स्थित प्रसिद्ध दुर्गनुमा मंदिर (76 सीढ़ियाँ)।
- कनक भवन: माता कैकेयी द्वारा सीता जी को उपहार में दिया गया महल (सोने का घर)।
- प्रमुख घाट: गुप्तार घाट (जहाँ श्री राम ने जल समाधि ली थी), राम की पैड़ी।
- प्रमुख मेले: रामनवमी मेला, श्रावण झूला मेला, कार्तिक परिक्रमा।
- परिवहन: महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा; अयोध्या धाम जंक्शन (रेलवे)।
- अन्य स्थल: मणि पर्वत (अशोक द्वारा निर्मित स्तूप), नागेश्वरनाथ मंदिर (कुश द्वारा स्थापित), गुलाब बाड़ी, बहू बेगम का मकबरा।
- प्रशासनिक: 2018 में फैजाबाद जिले का नाम बदलकर आधिकारिक रूप से ‘अयोध्या’ किया गया।
मथुरा
- भगवान कृष्ण की जन्मभूमि के रूप में प्रसिद्ध।
- यमुना नदी के किनारे बसा हुआ है।
- यह एक प्रमुख तीर्थ स्थल है।
- यहाँ प्रसिद्ध द्वारकाधीश मंदिर स्थित है।
- प्राचीन नाम: मधुपुरी, शूरसेन (महाजनपद काल की राजधानी)।
- भौगोलिक स्थिति: यमुना नदी के तट पर स्थित।
- उपनाम: कृष्ण नगरी, पेड़ा नगरी, पण्डों की नगरी।
- ऐतिहासिक महत्व: कुषाण काल में कनिष्क की द्वितीय राजधानी।
- कला: ‘मथुरा कला शैली’ का विकास (लाल बलुआ पत्थर का प्रयोग)।
- प्रमुख मंदिर: श्रीकृष्ण जन्मभूमि, बांके बिहारी मंदिर (वृंदावन), द्वारिकाधीश मंदिर।
- धार्मिक स्थल: गोवर्धन पर्वत, राधा कुण्ड, बरसाना (राधा रानी जन्मस्थली)।
- उत्सव: लट्ठमार होली (बरसाना), हुरंगा (दाऊजी), झूला मेला।
- प्रमुख मेले: उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक मेले (लगभग 86) यहीं लगते हैं।
- संस्थान: ‘केन्द्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान’ (मखदूम, मथुरा)।
- संग्रहालय: राजकीय संग्रहालय (कुषाण एवं गुप्त कालीन अवशेषों हेतु प्रसिद्ध)।
- उद्योग: मथुरा तेल शोधक कारखाना (IOCL Refinery)।
- वन्य जीव: मयूर संरक्षण केंद्र (वृंदावन), हाथी अस्पताल (चुरमुरा)।
- संस्कृति: चरकुला नृत्य (ब्रज क्षेत्र का प्रसिद्ध लोक नृत्य)।
- साहित्य: सूरदास की जन्मस्थली ‘सीही’ (मथुरा-दिल्ली मार्ग)।
- विदेशी यात्री: मेगस्थनीज ने इसे ‘मेथोरा’ और फाह्यान ने ‘मा-तु-लो’ कहा था।
- कृषि/पर्यावरण: उत्तर प्रदेश का सबसे कम वर्षा वाला जिला।
बरेली
- इसे “उत्तरी भारत का मैनचेस्टर” कहा जाता है।
- यह चीनी और कपास उद्योग का एक प्रमुख केंद्र है।
- अलोपी बाजार में पशु व्यापार के लिए प्रसिद्ध है।
- भौगोलिक स्थिति: रामगंगा नदी के तट पर स्थित।
- उपनाम: झुमका नगरी, बांस-बरेली, नाथ नगरी (7 प्राचीन शिव मंदिरों के कारण), और ज़री नगर।
- ऐतिहासिक महत्व: प्राचीन ‘उत्तरी पांचाल’ की राजधानी अहिछत्र (आंवला तहसील) यहीं स्थित थी।
- महाभारत संबंध: बरेली (पांचाल क्षेत्र) को द्रौपदी का जन्मस्थान माना जाता है।
- स्थापना: आधुनिक शहर की नींव 1657 में मुगल गवर्नर मुकरंद राय ने रखी थी।
- 1857 का विद्रोह: बरेली में विद्रोह का नेतृत्व खान बहादुर खान ने किया था।
- प्रमुख उद्योग: ज़री-ज़रदोज़ी (विश्व प्रसिद्ध), फर्नीचर (बेंत का काम), सुरमा, माचिस (दियासलाई), और कत्था उद्योग।
- धार्मिक स्थल: आला हजरत दरगाह (सूफीवाद का केंद्र), त्रिवटी नाथ मंदिर, अलखनाथ मंदिर, और पशुपतिनाथ मंदिर।
- प्रमुख नदियां: रामगंगा (मुख्य), देवरानियां, नकटिया, और शंखा।
- अनुसंधान संस्थान: भारतीय पशुचिकित्सा अनुसंधान संस्थान (IVRI), इज्जतनगर में स्थित है।
- शिक्षा: एम.जे.पी. रुहेलखंड विश्वविद्यालय (स्थापना 1975)।
- विशेष पहचान: बरेली को ‘रुहेलखंड की राजधानी’ भी कहा जाता है और यह ‘काउंटर मैग्नेट सिटी’ (NCR के दबाव को कम करने वाला शहर) के रूप में विकसित है।
सहारनपुर
- यह “उत्तर प्रदेश का अमृतसर” कहलाता है।
- यहाँ का लकड़ी का शिल्प और कार्विंग प्रसिद्ध है।
- यहाँ स्थित “शाही किला” एक प्रमुख ऐतिहासिक स्थल है।
- भौगोलिक स्थिति: उत्तर प्रदेश का सबसे उत्तरी जिला।
- सीमाएँ: यह 3 राज्यों—हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड के साथ सीमा साझा करता है।
- पड़ोसी जिले: दक्षिण में मुजफ्फरनगर और शामली।
- नदियाँ: यमुना (पश्चिमी सीमा) और हिंडन (जिले के बीच से)।
- प्राकृतिक विभाजन: उत्तर में शिवालिक पहाड़ियाँ और दक्षिण में उपजाऊ मैदान।
- इतिहास: प्राचीन नाम ‘ब्रह्मऋषि देश’। 14वीं शताब्दी में सूफी संत शाह हारून चिश्ती के नाम पर ‘सहारनपुर’ पड़ा।
- प्रशासनिक: यह स्वयं एक मंडल (Division) है। 2009 में प्रदेश का 13वां नगर निगम बना।
+1 - अर्थव्यवस्था (ODOP): ‘एक जनपद एक उत्पाद’ के तहत लकड़ी पर नक्काशी (Wood Carving) के लिए विश्व प्रसिद्ध।
- प्रमुख उद्योग: कागज उद्योग (स्टार पेपर मिल), चीनी, सिगरेट (ITC) और सूती वस्त्र।
- संस्थान: सेंट्रल पल्प एंड पेपर रिसर्च इंस्टीट्यूट (CPPRI) और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) रुड़की का परिसर।
- कृषि: आम (सहारनपुर आम निर्यात जोन), गन्ना और चावल का प्रमुख उत्पादक।
- प्रमुख स्थल: शाकुम्भरी देवी मंदिर (सिद्धपीठ), देवबंद (इस्लामिक शिक्षा केंद्र-दारुल उलूम), और बाला सुंदरी मंदिर।
- ऐतिहासिक साक्ष्य: हुलास (सिंधु घाटी सभ्यता का स्थल) और बादशाही बाग (शाहजहाँ का शिकारगाह)।
- परिवहन: उत्तर रेलवे का एक महत्वपूर्ण जंक्शन।
- विशेष तथ्य: उत्तर प्रदेश का एकमात्र जिला जो हिमाचल प्रदेश को छूता है।
गाजियाबाद
- यह दिल्ली एनसीआर का एक प्रमुख औद्योगिक शहर है।
- यहाँ स्थित “मोदीनगर” एक प्रसिद्ध औद्योगिक क्षेत्र है।
- हिंडन नदी के किनारे बसा हुआ है।
- स्थापना: 1740 में मुगल वज़ीर गाजी-उद-दीन द्वारा (मूल नाम: गाजीउद्दीननगर)।
- उपनाम: “उत्तर प्रदेश का प्रवेश द्वार” (Gateway of UP)।
- जिला गठन: 14 नवंबर, 1976 (मेरठ से अलग होकर)।
- भौगोलिक स्थिति: हिंडन नदी के तट पर स्थित; दिल्ली (NCR) से सटा हुआ।
- प्रशासनिक मंडल: मेरठ मंडल।
- तहसीलें: 3 (गाजियाबाद, लोनी और मोदीनगर)।
- जनसंख्या घनत्व (2011): 3,971 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी (UP में सर्वाधिक)।
- साक्षरता दर: लगभग 78.1% (2011 जनगणना)।
- लिंगानुपात: 881 (2011 जनगणना)।
- प्रमुख नदियां: हिंडन (Hindon) और यमुना।
- ODOP (एक जनपद एक उत्पाद): अभियांत्रिकी सामग्री (Engineering Goods)।
- औद्योगिक महत्व: साइकिल उद्योग, वनस्पति तेल, पेंट, और भारी मशीनरी के लिए प्रसिद्ध।
- ऐतिहासिक स्थल:
- लोनी किला: सुल्तान नसीरुद्दीन और तैमूर के इतिहास से संबंधित।
- मोहन नगर: प्राचीन टीले (2500 BC की सभ्यता के प्रमाण)।
- डासना: प्राचीन किला और ऐतिहासिक महत्त्व।
- धार्मिक स्थल: दूधेश्वर नाथ मंदिर (प्राचीन शिव मंदिर), इस्कॉन मंदिर (राज नगर)।
- परिवहन: NH-9 (पुराना NH-24), NH-34 (पुराना NH-91) और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का प्रमुख जंक्शन।
- अन्य तथ्य: उत्तर प्रदेश का सबसे अधिक शहरीकृत (Urbanized) जिलों में से एक।
बलिया
- इसे “बागी बलिया” के नाम से जाना जाता है क्योंकि यहाँ के लोगों ने 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था।
- गंगा और घाघरा नदियों के संगम पर स्थित है।
- भौगोलिक स्थिति: उत्तर प्रदेश का सबसे पूर्वी जिला।
- मंडल: आजमगढ़ मंडल का हिस्सा।
- सीमाएँ: पूर्व में बिहार (भोजपुर/छपरा), उत्तर में घाघरा नदी (देवरिया से सीमा) और दक्षिण में गंगा नदी।
- उपनाम: ‘बागी बलिया’ (स्वतंत्रता संग्राम में विद्रोही तेवर के कारण)।
- 1942 का इतिहास: भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान चित्तू पांडे ने यहाँ ‘समानांतर सरकार’ (Parallel Government) बनाई थी।
- प्रसिद्ध व्यक्तित्व: * मंगल पांडे: 1857 की क्रांति के प्रथम शहीद (जन्म स्थान: नगवा, बलिया)।
- चंद्रशेखर: भारत के पूर्व प्रधानमंत्री (‘युवा तुर्क’ के नाम से प्रसिद्ध)।
- जयप्रकाश नारायण: ‘लोकनायक’ (जन्म स्थान: सिताब दियारा, बलिया-बिहार सीमा)।
- हजारी प्रसाद द्विवेदी: प्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार।
- धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थल:
- भृगु मंदिर: महर्षि भृगु की तपोस्थली।
- सुरहा ताल: प्रमुख पक्षी अभयारण्य (Bird Sanctuary) और झील।
- दादरी मेला: कार्तिक पूर्णिमा पर लगने वाला भारत का दूसरा सबसे बड़ा पशु मेला।
- एक जिला एक उत्पाद (ODOP): बिंदी (मनियार क्षेत्र इसके लिए प्रसिद्ध है)।
- जनसांख्यिकी (2011): साक्षरता दर लगभग 73.8% और लिंगानुपात 937।
- कृषि: मुख्य रूप से कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था; चीनी मिल और कपास बुनाई उद्योग (रसड़ा क्षेत्र)।
गोंडा
- यह तराई क्षेत्र में स्थित है।
- यहाँ कई वन्यजीव अभयारण्य स्थित हैं।
- कृषि प्रधान जिला है।
- मंडल (Division): देवीपाटन (मुख्यालय गोंडा में ही है)।
- प्राचीन नाम: गोनर्द (Gonarda) – माना जाता है कि यहाँ ‘गाय’ (Go) स्वतंत्र विचरण करती थीं।
- इतिहास: प्राचीन काल में कौशल महाजनपद का हिस्सा था।
- महर्षि पतंजलि: व्याकरण के महान विद्वान पतंजलि का जन्म स्थान गोनर्द (गोंडा) माना जाता है।
- प्रमुख नदियाँ: घाघरा, सरयू (घाघरा की सहायक), कुआनो, और बिसुही।
- सिंचाई: यहाँ से सरयू नहर परियोजना (देश की बड़ी परियोजनाओं में से एक) गुजरती है।
- स्वामी नारायण: स्वामीनारायण संप्रदाय के संस्थापक सहजानंद स्वामी का जन्म स्थल छपिया (गोंडा) है।
- स्वतंत्रता संग्राम: 1857 की क्रांति में गोंडा के राजा देवी बख्श सिंह ने प्रमुख भूमिका निभाई थी।
- राजेंद्र नाथ लाहिड़ी: काकोरी कांड के क्रांतिकारी को गोंडा जेल में ही फांसी दी गई थी (17 दिसंबर 1927)।
- पार्वती अरगा पक्षी विहार: गोंडा जिले में स्थित एक महत्वपूर्ण वन्यजीव/पक्षी अभयारण्य।
- धार्मिक स्थल: पृथ्वीनाथ मंदिर (प्राचीन शिवलिंग), दुःखहरण नाथ मंदिर, और वाराही देवी मंदिर।
- औद्योगिक इकाई: ITI (इंडियन टेलीफोन इंडस्ट्रीज) की एक बड़ी इकाई मनकापुर (गोंडा) में स्थित है।
- चीनी उद्योग: यह जिला उत्तर प्रदेश में गन्ने के प्रमुख उत्पादकों में से एक है।
- रेलवे: गोंडा जंक्शन उत्तर-पूर्व रेलवे (NER) का एक अत्यंत महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन और ऑपरेशनल हेडक्वार्टर है।
- सीमाएं: उत्तर में बलरामपुर और श्रावस्ती, पूर्व में बस्ती, दक्षिण में अयोध्या और बाराबंकी, पश्चिम में बहराइच।
बहराइच
- यह नेपाल की सीमा से लगा हुआ जिला है।
- यहाँ स्थित “कतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य” एक प्रसिद्ध टाइगर रिजर्व है।
- घाघरा नदी यहाँ से बहती है।
- मंडल (Division): देवीपाटन मंडल (मुख्यालय: गोंडा)।
- भौगोलिक स्थिति: उत्तर प्रदेश के उत्तर-पूर्वी भाग में स्थित; नेपाल के साथ अंतर्राष्ट्रीय सीमा साझा करता है।
- प्रमुख नदियाँ: घाघरा (सरयू), राप्ती, और सरजू।
- ऐतिहासिक नाम: प्राचीन काल में इसे ‘ब्रह्माच’ (ब्रह्मा की राजधानी) कहा जाता था।
- महाराजा सुहेलदेव: बहराइच के प्रसिद्ध शासक जिन्होंने 1033 ई. में विदेशी आक्रांता सैयद सालार मसूद गाजी को पराजित किया था।
- चित्तौरा झील: महाराजा सुहेलदेव का स्मारक इसी झील के तट पर स्थित है।
- दरगाह शरीफ: सैय्यद सालार मसूद गाजी की प्रसिद्ध दरगाह यहीं स्थित है, जहाँ वार्षिक ‘गाजी मियां का मेला’ लगता है।
- कतरनियाघाट वन्यजीव अभयारण्य: यह दुधवा टाइगर रिजर्व का हिस्सा है और घड़ियाल संरक्षण के लिए प्रसिद्ध है।
- वन्यजीव: यह जिला गंगा डॉल्फिन, बाघ, और गेंडे के प्राकृतिक आवास के रूप में जाना जाता है।
- सीमावर्ती जिले: लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, गोंडा और श्रावस्ती।
- वन जिला एक उत्पाद (ODOP): गेहूँ के डंठल की कलाकृतियाँ (Wheat Stalk Craft)।
- कृषि: गन्ना, धान, मक्का और गेहूं यहाँ की मुख्य फसलें हैं।
- जनसांख्यिकी: 2011 की जनगणना के अनुसार, यह उत्तर प्रदेश के न्यूनतम साक्षरता वाले जिलों में से एक है (श्रावस्ती के बाद)।
बाराबंकी
- इसे “छोटा काशी” के नाम से भी जाना जाता है।
- यहाँ कई प्राचीन मंदिर और धार्मिक स्थल स्थित हैं।
- कृषि प्रधान जिला है, गन्ना यहाँ की मुख्य फसल है।
- मंडल: अयोध्या (पूर्व में फैजाबाद)।
- मुख्यालय: बाराबंकी (पुराना नाम: नवाबगंज)।
- प्राचीन नाम: जसनौल (10वीं शताब्दी में भर राजपूत राजा ‘जस’ द्वारा स्थापित)।
- भौगोलिक स्थिति: लखनऊ के पूर्व में (लगभग 29 किमी); घाघरा और गोमती नदियों के बीच स्थित।
- सीमाएं: उत्तर-पश्चिम में सीतापुर, उत्तर-पूर्व में बहराइच व गोंडा, पूर्व में अयोध्या, दक्षिण में अमेठी व रायबरेली और पश्चिम में लखनऊ।
- प्रमुख नदियाँ: घाघरा (सरयू), गोमती, कल्याणी, रेठ और जमुरिया।
- तहसीलें (06): नवाबगंज, फतेहपुर, रामनगर, रामसनेही घाट, हैदरगढ़, सिरौली गौसपुर।
- जनसंख्या (2011): 3,260,699 (उत्तर प्रदेश में 28वां स्थान)।
- लिंगानुपात: 910 (महिलाएं प्रति 1000 पुरुष)।
- साक्षरता दर: 61.75%।
- जनसंख्या घनत्व: 741 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी।
- वाहन पंजीकरण: UP-41।
- देवा शरीफ: प्रसिद्ध सूफी संत हाजी वारिस अली शाह की मजार; नारा- “जो रब वही राम”। यहाँ कार्तिक में प्रसिद्ध मेला लगता है।
- महादेवा (लोधेश्वर महादेव): प्राचीन शिवलिंग; माना जाता है कि पांडवों ने यहाँ अज्ञातवास के दौरान पूजा की थी।
- पारिजात वृक्ष (किंतूर): विश्व का एकमात्र अद्वितीय वृक्ष, जिसे महाभारत काल का माना जाता है (समुद्र मंथन से प्राप्त)।
- कोटवा धाम: बाबा जगजीवन दास (सतनामी संप्रदाय के प्रवर्तक) की तपोस्थली।
- आर्थिक विशेष: अफीम (Opium) उत्पादन के लिए प्रसिद्ध (यहाँ भारत की बड़ी अफीम फैक्ट्री है); हथकरघा (Handloom) उद्योग के लिए भी जाना जाता है।
- ऐतिहासिक तथ्य: 1858 तक जिला मुख्यालय ‘दरियाबाद’ था, जिसे 1859 में नवाबगंज (बाराबंकी) स्थानांतरित किया गया।
- प्रमुख व्यक्तित्व: के.डी. सिंह ‘बाबू’ (प्रसिद्ध हॉकी खिलाड़ी) का संबंध इसी जिले से है।
- वन उत्पाद: यहाँ शीशम, महुआ और सागौन के वृक्ष बहुतायत में मिलते हैं।
श्रावस्ती | Shravasti
- यहाँ प्रसिद्ध ‘जेटवन मठ‘ स्थित है।
- स्थान: उत्तर प्रदेश के उत्तर-पूर्वी भाग में
- राप्ती नदी (प्राचीन नाम: अचिरावती) के तट पर स्थित।
- प्राचीन नाम: इसे ‘सहेत-महेत‘ के नाम से भी जाना जाता है
- सहेत: जेतवन विहार
- महेत: प्राचीन शहर
- कोशल (Kosala) महाजनपद की राजधानी थी।
- संस्थापक: राजा श्रावस्त (इक्ष्वाकु वंशी)
- भगवान राम ने अपने पुत्र लव (Luv) को श्रावस्ती का शासक बनाया था।
- बौद्ध धर्म
- सर्वाधिक वर्षावास: गौतम बुद्ध ने अपने जीवन के सर्वाधिक 25 वर्षावास (Monsoon retreats) यहीं व्यतीत किए।
- उपदेश: बुद्ध ने अपने सबसे अधिक उपदेश यहीं दिए थे।
- प्रमुख शिष्य: प्रसिद्ध डाकू अंगुलिमाल का हृदय परिवर्तन यहीं हुआ था।
- जेतवन विहार: प्रसिद्ध व्यापारी अनाथपिंडक ने जेतवन राजकुमार से खरीदकर बुद्ध को दान में दिया था।
- प्रसेनजित: बुद्ध के समकालीन कोशल नरेश प्रसेनजित यहीं के शासक थे।
- जैन धर्म
- तीर्थंकर जन्मस्थली: जैन धर्म के तीसरे तीर्थंकर संभवनाथ और आठवें तीर्थंकर चंद्रप्रभा की जन्मस्थली।
- शोभनाथ मंदिर: यह मंदिर जैन तीर्थंकर संभवनाथ को समर्पित है।
- प्रमुख स्मारक:
- कच्ची कुटी
- पक्की कुटी (अंगुलिमाल स्तूप)
- आनंद बोधि वृक्ष
- गंधकुटी।
- साक्षरता: 2011 की जनगणना के अनुसार, उत्तर प्रदेश में सबसे कम साक्षरता वाला जिला श्रावस्ती है।
सिद्धार्थनगर
- भगवान बुद्ध से जुड़े कई ऐतिहासिक स्थल यहाँ स्थित हैं।
- राप्ती नदी के किनारे बसा हुआ है।
- बौद्ध धर्म का एक महत्वपूर्ण केंद्र।
- स्थापना: 29 दिसंबर 1988 (बस्ती जिले से अलग होकर)।
- मुख्यालय: सिद्धार्थनगर (पूर्व नाम: नौगढ़)।
- मंडल (Division): बस्ती मंडल।
- भौगोलिक स्थिति: उत्तर प्रदेश के उत्तर-पूर्वी भाग में, नेपाल सीमा (कपिलवस्तु और रूपनदेही जिले) से सटा हुआ।
- पड़ोसी जिले: पूर्व में महाराजगंज, दक्षिण में बस्ती और संतकबीरनगर, पश्चिम में बलरामपुर।
- प्राचीन नाम/संबंध: भगवान बुद्ध के बचपन के नाम ‘सिद्धार्थ’ पर नामकरण; शाक्य गणराज्य की राजधानी कपिलवस्तु यहीं स्थित थी।
- प्रमुख नदियाँ: राप्ती, बूढ़ी राप्ती, बाणगंगा, तेलार और कूँड़ा।
- ODOP (एक जनपद एक उत्पाद): काला नमक चावल (इसे ‘बुद्ध का महाप्रसाद’ और ‘खुशबूदार चावल’ भी कहा जाता है)।
- प्रमुख ऐतिहासिक स्थल: पिपरहवा (Piprahwa) – यहाँ प्राचीन स्तूप और शाक्य वंश के अवशेष मिले हैं (बौद्ध पर्यटन स्थल)।
- धार्मिक स्थल: पल्टा देवी मंदिर (शोहरतगढ़), योगमाया मंदिर (इटवा), और भारत-भारी मंदिर (डुमरियागंज)।
- विश्वविद्यालय: सिद्धार्थ विश्वविद्यालय (कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर)।
- जनसंख्या (2011 जनगणना): लगभग 25.59 लाख।
- लिंगानुपात (Sex Ratio): 976 (1000 पुरुषों पर)।
- साक्षरता दर: 59.2%।
- प्रशासनिक इकाइयाँ: 5 तहसीलें (नौगढ़, शोहरतगढ़, बांसी, इटवा, डुमरियागंज) और 14 विकास खंड (Blocks)।
- संसदीय क्षेत्र: डुमरियागंज (एकमात्र लोकसभा सीट)।
- मिट्टी: जलोढ़ (Alluvial) और मटियार मिट्टी, जो धान (विशेषकर काला नमक) के लिए अत्यंत उपयुक्त है।
- विशेष तथ्य: यह जिला केंद्र सरकार के ‘आकांक्षी जिला कार्यक्रम’ (Aspirational Districts Programme) का हिस्सा है।
महाराजगंज
- नेपाल की सीमा से लगा हुआ जिला है।
- गंडक नदी यहाँ से बहती है।
- कृषि प्रधान जिला है।
- गठन: 2 अक्टूबर 1989 (गोरखपुर जिले से अलग होकर)।
- मंडल: गोरखपुर मंडल का हिस्सा।
- मुख्यालय: महराजगंज शहर।
- भौगोलिक स्थिति: उत्तर प्रदेश का उत्तर-पूर्वी कोना; हिमालय के तराई क्षेत्र में स्थित।
- सीमाएं: उत्तर में नेपाल (अंतरराष्ट्रीय सीमा), पूर्व में कुशीनगर और बिहार (पश्चिम चंपारण), दक्षिण में गोरखपुर, पश्चिम में सिद्धार्थनगर और संत कबीर नगर।
- प्रमुख नदियां: नारायणी (बड़ी गंडक), छोटी गंडक, रोहिन, राप्ती, चंदन, प्यास और घोंघी।
- क्षेत्रफल: लगभग 2,952 वर्ग किमी।
- जनसंख्या (2011): 26,84,703 (लगभग कुवैत देश के बराबर)।
- लिंगानुपात: 943 (प्रति 1000 पुरुष)।
- साक्षरता दर: 62.76%।
- तहसीलें (4): महराजगंज सदर, निचलौल, फरेन्दा (आनंदनगर), और नौतनवा।
- वन्यजीव अभयारण्य: सोहगीबरवा वन्यजीव अभयारण्य (Sohagi Barwa Wildlife Sanctuary) – यह 1987 में स्थापित हुआ और नेपाल की सीमा पर स्थित है।
- वनस्पति: जिले का लगभग 11.59% हिस्सा वनों (मुख्यतः सालग्राम/साल के पेड़) से ढका है।
- एक जनपद एक उत्पाद (ODOP): फर्नीचर (Furniture)।
- ऐतिहासिक तथ्य: प्राचीन काल में इसे ‘कारापथ’ कहा जाता था और यह कोशल राज्य का हिस्सा था।
- धार्मिक/पर्यटन स्थल:
- लेहड़ा देवी मंदिर (आद्रवासिनी): पांडवों के अज्ञातवास से संबंधित पौराणिक स्थल।
- इटहिया शिव मंदिर: प्रसिद्ध धार्मिक स्थल।
- सोनाड़ी देवी मंदिर: ऐतिहासिक महत्व।
- अंतरराष्ट्रीय नाका: सोनौली (Sonauli) – भारत और नेपाल के बीच व्यापार और पर्यटन के लिए प्रमुख प्रवेश द्वार।
- जनजाति: थारू और मुसहर समुदाय मुख्य रूप से वन्य क्षेत्रों के पास निवास करते हैं।
संत रविदास नगर
- इस जिले का नाम संत रविदास के नाम पर रखा गया है।
- गंगा नदी के किनारे बसा हुआ है।
- यहाँ चमड़ा उद्योग विकसित है।
- नामकरण: संत रविदास नगर का वर्तमान आधिकारिक नाम भदोही है (2014 में पुनर्वस्त्यापित)।
- स्थापना: 30 जून 1994 को वाराणसी जिले से अलग होकर बना।
- मुख्यालय: ज्ञानपुर।
- भौगोलिक स्थिति: गंगा नदी के उत्तरी तट पर स्थित, वाराणसी मंडल का हिस्सा।
- क्षेत्रफल: उत्तर प्रदेश का क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे छोटा जिला (लगभग 1015 वर्ग किमी)।
- प्रमुख उद्योग: ‘कालीन उद्योग’ (Carpet City) के लिए विश्व प्रसिद्ध; ‘एक जिला एक उत्पाद’ (ODOP) में कालीन शामिल।
- सांस्कृतिक महत्व: महर्षि वाल्मीकि का आश्रम यहीं स्थित है (सीतामढ़ी)।
- धार्मिक स्थल: सीतामढ़ी मंदिर (माना जाता है कि माता सीता यहीं पृथ्वी में समाहित हुई थीं)।
- प्रसिद्ध मंदिर: सेमराध नाथ (महादेव मंदिर) और बाबा हरिहर नाथ।
- प्रमुख नदियाँ: गंगा, वरुणा और मोरवा।
- पड़ोसी जिले: पूर्व में वाराणसी, पश्चिम में प्रयागराज, उत्तर में जौनपुर और दक्षिण में मिर्जापुर।
- जनसंख्या घनत्व: जिले का जनसंख्या घनत्व काफी उच्च है।
हमीरपुर
- यमुना नदी के किनारे बसा हुआ है।
- बुन्देलखण्ड क्षेत्र में स्थित है।
- कृषि प्रधान जिला है।
- प्रशासनिक परिचय: हमीरपुर उत्तर प्रदेश के चित्रकूट धाम मंडल का हिस्सा है।
- स्थापना: इसकी स्थापना 11वीं शताब्दी में हम्मीर देव (कलचुरी राजपूत) द्वारा की गई थी।
- भौगोलिक स्थिति: यह यमुना और बेतवा नदियों के संगम पर स्थित है।
- प्राचीन नाम: मध्यकाल में यह क्षेत्र जेजाकभुक्ति (चंदेलों का राज्य) के अंतर्गत आता था।
- प्रमुख नदियाँ: यमुना, बेतवा, धसान, केन, बिरमा और चंद्रावल।
- प्रमुख बांध: स्वामी ब्रह्मानंद बांध (मौदहा बांध) जो बिरमा नदी पर बना है।
- खनिज संसाधन: यहाँ सेलखड़ी (Pyrophyllite), जिप्सम, ग्रेफाइट और डायस्पर पाए जाते हैं।
- बालू/मौरंग: बेतवा नदी के किनारे मिलने वाली ‘मोटी रेत’ (मौरंग) के लिए प्रसिद्ध।
- जनसंख्या (2011): यह महोबा और चित्रकूट के बाद यूपी का तीसरा सबसे कम जनसंख्या वाला जिला है।
- साक्षरता दर: लगभग 68.8% (2011 जनगणना)।
- प्रमुख फसलें: कपास, सुपारी, गेहूं, चना और मटर।
- ऐतिहासिक स्थल: मंगलगढ़ दुर्ग (चंदेल काल) और रामगढ़ किला।
- धार्मिक स्थल: महेश्वरी माता मंदिर, कल्पवृक्ष (सुमेरपुर), चौरादेवी मंदिर और पातालेश्वर मंदिर।
- विशेष उपलब्धि: हमीरपुर में विश्व का पहला जल विश्वविद्यालय (Water University) प्रस्तावित है।
- साहित्यिक जुड़ाव: मुंशी प्रेमचंद की प्रसिद्ध रचना ‘सोज़-ए-वतन’ को हमीरपुर के तत्कालीन कलेक्टर ने ही ‘देशद्रोही’ घोषित कर ज़ब्त करवाया था।
ललितपुर
- बेतवा नदी के किनारे बसा हुआ है।
- यहाँ प्रसिद्ध ‘देवगढ़ मंदिर‘ स्थित है।
- बुन्देलखण्ड क्षेत्र में स्थित है।
- भौगोलिक स्थिति: ललितपुर तीन ओर से मध्य प्रदेश से घिरा हुआ है (केवल उत्तर में झाँसी से जुड़ा है)।
- स्थापना: 1974 में झाँसी से अलग होकर नया जिला बना।
- प्रमुख नदियाँ: बेतवा, जामनी और धसान।
- दशावतार मंदिर (देवगढ़): भगवान विष्णु को समर्पित, गुप्त काल का प्रसिद्ध पंचायतन शैली का मंदिर।
- जैन तीर्थस्थल: देवगढ़ में 9वीं-11वीं शताब्दी के 31 जैन मंदिर स्थित हैं।
- खनिज संसाधन: उत्तर प्रदेश में यूरेनियम का एकमात्र स्रोत; यहाँ ताँबा, प्लैटिनम और रॉक फास्फेट भी पाया जाता है।
- जनसंख्या घनत्व (2011): 242 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी (यूपी में सबसे कम जनघनत्व वाला जिला)।
- तालबेहट किला: राजा भरत शाह द्वारा 1618 में निर्मित।
- प्रमुख बाँध: राजघाट बाँध (बेतवा नदी – यूपी और एमपी की संयुक्त परियोजना), माताटीला बाँध, गोविंद सागर बाँध।
- वन्यजीव विहार: महावीर स्वामी अभयारण्य (यूपी का सबसे छोटा वन्यजीव विहार)।
- ऐतिहासिक नाम: प्राचीन काल में इसे ‘चंदेरी’ राज्य का हिस्सा माना जाता था।
- मुचकुंद गुफा: धौजरी के पास स्थित प्राचीन गुफा, जिसका संबंध पौराणिक काल से है।
- पर्यटन सर्किट: यह जिला बुंदेलखंड पर्यटन सर्किट का हिस्सा है।
जालौन
- यमुना नदी के किनारे बसा हुआ है।
- ऐतिहासिक रूप से काल्पी का क्षेत्र महत्वपूर्ण रहा है।
- मुख्यालय: उरई (Orai)
- मंडल: झाँसी मंडल
- सीमाएं: उत्तर में यमुना (कानपुर देहात/इटावा), दक्षिण में हमीरपुर/झाँसी
- प्राचीन नाम: ‘जालौन’ ऋषि जलवान के नाम पर
- प्रमुख नदियाँ: यमुना, बेतवा और पहुज
- कालपी (Kalpi): यमुना तट पर स्थित ऐतिहासिक नगर, बीरबल का जन्मस्थान
- व्यास मंदिर: कालपी में स्थित, ऋषि वेदव्यास की जन्मस्थली माना जाता है
- लौना चोंक: जालौन का प्राचीन किला/स्थल
- 84 गुंबद (Chaurasi Gumbad): लोधी शाह के मकबरे के लिए प्रसिद्ध (कालपी)
- हस्तनिर्मित कागज (Handmade Paper): कालपी का ‘एक जनपद एक उत्पाद’ (ODOP) के तहत चयनित उद्योग
- मिट्टी के खिलौने: उरई के प्रसिद्ध स्थानीय शिल्प
- परिवहन: बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे और NH-27 (ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर) यहाँ से गुजरते हैं
- मिट्टी: मार (Mar) और काबर (Kabar) काली मिट्टी की अधिकता
- कृषि: मटर, चना और अरहर (दलहन) का प्रमुख उत्पादक क्षेत्र
- ऐतिहासिक महत्व: 1857 की क्रांति में तात्या टोपे और रानी लक्ष्मीबाई की गतिविधियों का केंद्र रहा
औरैया
- यमुना नदी के किनारे बसा हुआ है।
- यहाँ सीमेंट उद्योग विकसित है।
- स्थापना: 17 सितंबर 1997 (इटावा जिले से अलग होकर)।
- मुख्यालय: काकोर (Kakore)।
- प्रशासनिक मंडल: कानपुर मंडल।
- तहसीलें (3): औरैया, बिधूना और अजीतमल।
- सीमाएं: उत्तर में कन्नौज, दक्षिण में जालौन, पूर्व में कानपुर देहात और पश्चिम में इटावा।
- नदियां: यमुना (मुख्य), चंबल और सेंगर।
- ODOP (एक जनपद एक उत्पाद): दूध प्रसंस्करण (शुद्ध देसी घी) – औरैया को “घी का शहर” भी कहा जाता है।
- प्रमुख उद्योग: * GAIL (Gas Authority of India Ltd): पाता (Pata) में स्थित एशिया के बड़े पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स में से एक।
- NTPC: दिबियापुर में गैस आधारित ताप विद्युत संयंत्र।
- ऐतिहासिक तथ्य: प्राचीन काल में यह पांचाल महाजनपद का हिस्सा था।
- वन्यजीव: यह जिला ‘राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य’ (घड़ियाल संरक्षण हेतु प्रसिद्ध) के करीब स्थित है।
- परिवहन: राष्ट्रीय राजमार्ग 19 (पुराना NH-2) और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे यहाँ से गुजरते हैं।
- जनसांख्यिकी (2011): * साक्षरता दर: लगभग 78.95% (उत्तर प्रदेश के औसत से अधिक)।
- लिंगानुपात: 864.
- प्रमुख स्थल: देवकली मंदिर (यमुना तट), मंगला काली मंदिर और फफूँद का किला (राजा भागमल द्वारा निर्मित)।
कासगंज
- गंगा और यमुना नदियों के दोआब क्षेत्र में स्थित है।
- इस जिले का गठन 2017 में हुआ था।
- कृषि प्रधान जिला है।
- स्थापना: 17 अप्रैल 2008 (एटा जिले से अलग होकर)।
- पूर्व नाम: कांशीराम नगर (2012 में बदलकर पुनः ‘कासगंज’ किया गया)।
- मंडल (Division): अलीगढ़ मंडल।
- तहसील: कासगंज, पटियाली और सहावर (कुल 3)।
- भौगोलिक स्थिति: गंगा और यमुना के दोआब क्षेत्र में स्थित (अत्यंत उपजाऊ भूमि)।
- प्रमुख नदी: काली नदी (शहर के दक्षिण से गुजरती है)।
- अमीर खुसरो (Tuti-e-Hind): जन्म स्थान पटियाली (कासगंज), 1253 ईस्वी। इन्हें खड़ी बोली, तबला और सितार का जनक माना जाता है।
- संत तुलसीदास: मान्यता के अनुसार इनका जन्म स्थान सोरों (सूकर क्षेत्र) इसी जिले में है।
- सोरों (सूकर क्षेत्र): प्रसिद्ध तीर्थ स्थल, जहाँ भगवान विष्णु के वराह अवतार का मंदिर है।
- नदराई का पुल (Jhal ka Pul): काली नदी के ऊपर बना ऐतिहासिक ‘एक्वाडक्ट’ (नहर के ऊपर नहर), जो वास्तुकला का बेजोड़ नमूना है।
- अतरंजीखेड़ा (Atranji Khera): महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थल, जहाँ लौह युग (1200 BCE) के साक्ष्य मिले हैं।
- ODOP (एक जिला एक उत्पाद): जरी-जरदोजी (Zari-Zardozi)।
- जनगणना 2011:
- कुल जनसंख्या: ~14.38 लाख।
- लिंगानुपात (Sex Ratio): 879/1000.
- जनसंख्या घनत्व: 736 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी।
- साक्षरता दर: 61.02% (लगभग)।
- प्रमुख फसलें: गेहूँ, मक्का, सरसों और गन्ने की खेती प्रमुख है।
- यातायात: बरेली-मथुरा राजमार्ग (SH-33) पर स्थित; पूर्वोत्तर रेलवे (NER) का महत्वपूर्ण जंक्शन।
अमरोहा
- इसे ‘कठेरों का शहर’ कहा जाता है।
- गंगा नदी के किनारे बसा हुआ है।
- यहाँ हस्तशिल्प उद्योग विकसित है।
- स्थापना: 15 अप्रैल 1997 को मुरादाबाद जिले से अलग होकर नया जिला बना।
- पुराना नाम: पूर्व में इसका नाम ज्योतिबा फुले नगर था, जिसे 2012 में बदलकर पुनः अमरोहा कर दिया गया।
- प्रशासनिक मंडल: यह मुरादाबाद मंडल के अंतर्गत आता है।
- मुख्यालय: अमरोहा शहर।
- तहसील (04): अमरोहा, धनौरा, हसनपुर और नौगावां सादात।
- नाम की उत्पत्ति: माना जाता है कि “आम” (Mango) और “रूहा” (मछली की एक प्रजाति) के मेल से ‘अमरोहा’ नाम पड़ा।
- ऐतिहासिक युद्ध: अमरोहा का युद्ध (1305 ई.) – अलाउद्दीन खिलजी की सेना ने मंगोलों को पराजित किया था।
- एक जनपद एक उत्पाद (ODOP): ढोलक (Musical Instruments)। यहाँ 300 से अधिक इकाइयां ढोलक निर्माण में लगी हैं।
- प्रमुख फसलें: आम, कपास और गन्ना।
- पवित्र नदियां: गंगा नदी (पश्चिम सीमा बनाती है) और कृष्ण नदी।
- प्रसिद्ध व्यक्तित्व:
- कमाल अमरोही: सुप्रसिद्ध फिल्म निर्माता (पाकीजा, महल)।
- जौन एलिया: प्रसिद्ध उर्दू शायर।
- मोहम्मद शमी: भारतीय क्रिकेटर (जन्म स्थान)।
- प्रमुख धार्मिक/पर्यटन स्थल:
- शाह विलायत दरगाह: ‘बिच्छू वाली दरगाह’ के नाम से प्रसिद्ध (यहाँ के बिच्छू डंक नहीं मारते)।
- वासुदेव मंदिर: प्राचीन पौराणिक मंदिर।
- तिगरी मेला: गंगा नदी के तट पर लगने वाला प्रसिद्ध कार्तिक पूर्णिमा मेला।
- बायें का कुआँ: 12वीं शताब्दी का ऐतिहासिक सीढ़ीदार कुआँ (Stepwell)।
- भौगोलिक स्थिति: यह जिला उत्तर में बिजनौर, पूर्व में मुरादाबाद, दक्षिण में संभल और पश्चिम में हापुड़/बुलंदशहर से घिरा है।
- औद्योगिक क्षेत्र: गजरौला – जिले का प्रमुख औद्योगिक शहर जहाँ कई रासायनिक और रबर उद्योग स्थित हैं।
सम्भल
- गठन: 28 सितंबर 2011 (मुरादाबाद और बदायूं के कुछ हिस्सों को काटकर)।
- पूर्व नाम: गठन के समय इसका नाम ‘भीमनगर’ रखा गया था (बाद में बदलकर सम्भल किया गया)।
- मुख्यालय: बहजोई (Bahjoi)।
- मण्डल: मुरादाबाद।
- तहसील: सम्भल, चन्दौसी और गुन्नौर।
- प्राचीन नाम: सतयुग में ‘सत्यव्रत’, त्रेता में ‘महदगिरि’, द्वापर में ‘पिंगल’ (स्कंद पुराण के अनुसार)।
- ऐतिहासिक महत्व: यह महान चौहान सम्राट पृथ्वीराज चौहान की राजधानी रहा था।
- सल्तनत काल: 15वीं सदी के अंत में सिकंदर लोदी ने इसे अपनी प्रांतीय राजधानी बनाया था।
- मुगल काल: मुगल संस्थापक बाबर ने यहाँ 1526 में ‘बाबरी मस्जिद’ (शाही जामा मस्जिद) का निर्माण कराया था।
- हुमायूँ का संबंध: बाबर ने अपने पुत्र हुमायूँ को यहाँ का गवर्नर (जागीरदार) नियुक्त किया था।
- धार्मिक मान्यता: हिंदू मान्यताओं के अनुसार, भगवान विष्णु के 10वें अवतार ‘कल्कि अवतार’ का जन्म इसी स्थान पर होगा।
- PM मोदी का योगदान: 19 फरवरी 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहाँ ‘श्री कल्कि धाम मंदिर’ का शिलान्यास किया।
- अर्थव्यवस्था/ODOP: सम्भल का ‘एक जनपद एक उत्पाद’ (ODOP) हस्तशिल्प (सींग और हड्डी के उत्पाद – Horn and Bone Handicrafts) है।
- मेंथोल उत्पादन: यह जिला मेंथोल तेल (Menthol Oil) के उत्पादन में दक्षिण एशिया का बड़ा केंद्र है।
- रेलवे ट्रेनिंग: चन्दौसी में देश का महत्वपूर्ण ‘क्षेत्रीय रेलवे प्रशिक्षण संस्थान’ (Zonal Railway Training Institute) स्थित है।
- प्रमुख नदियाँ: गंगा (जिले के दक्षिण-पश्चिम से बहती है) और सोट (Sot) नदी।
- प्रमुख स्थल: कल्कि विष्णु मंदिर, पातालेश्वर महादेव मंदिर (चन्दौसी), तोता-मैना की कब्र और केला देवी मंदिर।
शामली
- स्थापना: 28 सितंबर 2011 (मुजफ्फरनगर से अलग होकर)।
- पुराना नाम: प्रबुद्ध नगर (जुलाई 2012 में बदलकर ‘शामली’ किया गया)।
- भौगोलिक स्थिति: उत्तर प्रदेश का सबसे पश्चिमी जिला।
- NCR क्षेत्र: दिल्ली-NCR (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) का हिस्सा है।
- मंडल (Division): सहारनपुर मंडल के अंतर्गत आता है।
- सीमाएं: पश्चिम में हरियाणा (पानीपत), उत्तर में सहारनपुर, दक्षिण में बागपत और पूर्व में मुजफ्फरनगर।
- नदी: यमुना नदी जिले की पश्चिमी सीमा बनाती है।
- क्षेत्रफल: लगभग 1,167 वर्ग किमी (उत्तर प्रदेश के छोटे जिलों में से एक)।
- प्रमुख फसल: गन्ना (पश्चिमी यूपी का प्रमुख गन्ना उत्पादक बेल्ट)।
- ODOP (एक जनपद एक उत्पाद): लौह कला (रिम और धुरा/Rim and Axle उद्योग)।
- ऐतिहासिक महत्व: महाभारत काल में ‘कुरु’ क्षेत्र का हिस्सा; मान्यता है कि भगवान कृष्ण ने यहाँ विश्राम किया था।
- धार्मिक स्थल: हनुमान टीला (हनुमान धाम), थानाभवन।
- 1857 की क्रांति: शामली तहसील और थानाभवन विद्रोह के प्रमुख केंद्र थे।
- प्रशासनिक इकाइयाँ: 3 तहसीलें (शामली, कैराना, ऊन)।
- साक्षरता दर (2011): लगभग 60% (मुजफ्फरनगर से अलग होने के समय के आँकड़े)।
- जनसंख्या घनत्व: लगभग 1,125 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी।
- मिट्टी: दोआब क्षेत्र होने के कारण अत्यंत उपजाऊ जलोढ़ (Alluvial) मिट्टी।
- औद्योगिक केंद्र: चीनी मिलें (शामली, ऊन और थानाभवन में स्थित)।
