Updated on 28/03/26 by Mananjay MahatoShare on WhatsApp
उत्तराखंड | Uttarakhand
  • राजधानी: 
    • देहरादून (शीतकालीन)
    • गैरसैण (ग्रीष्मकालीन)
  • स्थापना दिवस: 9 नवम्बर 2000 (भारत का 27वां राज्य)
    • पूर्व नाम: उत्तरांचल (1 जनवरी 2007 से नाम बदलकर ‘उत्तराखंड’ किया गया)
  • मुख्यमंत्री – श्री पुष्कर सिंह धामी
    • प्रथम मुख्यमंत्री (नित्यानंद स्वामी)
  • राज्यपाल – लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह
    • प्रथम राज्यपाल (सुरजीत सिंह बरनाला)
  • उत्तराखंड HC ,मुख्य न्यायाधीश – Ritu Bahri
    • उच्च न्यायालय: नैनीताल (अब हल्द्वानी स्थानांतरित करने का निर्णय)
  • राजकीय प्रतीक:
    • पशु: कस्तूरी मृग;
    • पक्षी: मोनाल;
    • पुष्प: ब्रह्मकमल;
    • वृक्ष: बुरांश
  • भौगोलिक सीमाएं: उत्तर में तिब्बत (चीन), पूर्व में नेपाल, पश्चिम में हिमाचल प्रदेश, दक्षिण में उत्तर प्रदेश
  • कुल जिले: 13 (दो मंडल: गढ़वाल और कुमाऊँ)
  • संसदीय सीटें:
    • लोकसभा – 5
    • राज्यसभा – 3
    • विधानसभा – 70
  • क्षेत्रफल: 53,483 वर्ग किमी (देश का लगभग 1.69%)
  • सर्वोच्च शिखर: नंदा देवी (7817 मीटर)
  • प्रमुख नदियां: गंगा, यमुना, अलकनंदा, भागीरथी, काली (शारदा), रामगंगा
  • नदी संगम (पंच प्रयाग):
    • विष्णुप्रयाग (अलकनंदा+धौलीगंगा)
    • नंदप्रयाग (अलकनंदा+नंदाकिनी)
    • कर्णप्रयाग (अलकनंदा+पिंडर)
    • रुद्रप्रयाग (अलकनंदा+मंदाकिनी)
    • देवप्रयाग (अलकनंदा+भागीरथी)
  • सबसे बड़ा बांध: टिहरी बांध (भागीरथी और भिलंगना के संगम पर)
  • राष्ट्रीय उद्यान:
    • जिम कॉर्बेट (भारत का पहला, 1936)
    • फूलों की घाटी (यूनेस्को साइट)
    • राजाजी
    • नंदा देवी
  • चार धाम:
    • यमुनोत्री
    • गंगोत्री
    • केदारनाथ
    • बद्रीनाथ
  • प्रमुख दर्रे:
    • लिपुलेख
    • नीति
    • माना
    • थागला (तिब्बत सीमा पर)
  • महत्वपूर्ण आंदोलन: चिपको आंदोलन (गौरा देवी), मैती आंदोलन (कल्याण सिंह रावत)
  • संस्कृत राज्य की द्वितीय आधिकारिक भाषा है (2010 से)
  • झीलें (ताल):
    • नैनीताल
    • भीमताल
    • रूपकुंड (कंकाल झील)
    • हेमकुंड साहिब

अल्मोड़ा
  • यह कुमाऊँ क्षेत्र का एक प्रमुख सांस्कृतिक केंद्र है।
  • यहाँ प्रसिद्ध कसार देवी मंदिर स्थित है।
  • गोमती नदी का उद्गम स्थल यहीं है।
  • यह जिला अपने हस्तशिल्प और ऊन के काम के लिए प्रसिद्ध है।
बागेश्वर
  • गोमती, सरयू और सरस्वती नदियों का संगम स्थल (बागनाथ)।
  • प्रसिद्ध उत्तरायणी मेला यहाँ आयोजित किया जाता है।
  • यह कुमाऊँ मंडल का सबसे छोटा जिला है।
चमोली
  • यहाँ प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम स्थित है।
  • वैली ऑफ फ्लावर्स यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल यहीं है।
  • हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा इसी जिले में स्थित है।
  • भारत की सबसे ऊँची चोटी नंदा देवी यहीं स्थित है।
चंपावत
  • यह कुमाऊँ का प्रवेश द्वार माना जाता है।
  • प्रसिद्ध मैती घाट यहीं स्थित है।
  • यहाँ से पूर्वोत्तर रेलवे की टनकपुर लाइन गुजरती है।
देहरादून
  • उत्तराखंड की अंतरिम राजधानी।
  • भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) यहीं स्थित है।
  • फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट (FRI) यहाँ स्थित है।
  • प्रसिद्ध टपकेश्वर महादेव मंदिर यहीं है।
हरिद्वार
  • हिंदुओं के सात पवित्र तीर्थस्थलों (सप्तपुरी) में से एक।
  • प्रसिद्ध कुंभ मेला और अर्ध कुंभ मेला यहाँ आयोजित होता है।
  • गंगा नदी मैदानी इलाके में यहीं प्रवेश करती है।
  • भारत की सबसे बड़ी चित्रलेखा इकाई यहीं स्थित है।
नैनीताल
  • उत्तराखंड की न्यायिक राजधानी (उच्च न्यायालय)।
  • प्रसिद्ध नैनी झील यहीं स्थित है।
  • इसे ‘झीलों का शहर’ भी कहा जाता है।
  • पूर्व में यह कुमाऊँ की ग्रीष्मकालीन राजधानी थी।
पौड़ी गढ़वाल
  • इसे गढ़वाल का सांस्कृतिक केंद्र माना जाता है।
  • कोटद्वार इस जिले का प्रमुख व्यापारिक केंद्र है।
  • खतलिंग ग्लेशियर यहीं स्थित है।
पिथौरागढ़
  • इसे ‘सोर घाटी’ के नाम से भी जाना जाता है।
  • यहाँ पंचचूली पर्वत श्रृंखला स्थित है।
  • प्रसिद्ध मुन्स्यारी हिल स्टेशन इसी जिले में है।
  • यह तिब्बत और नेपाल की सीमा से लगा हुआ है।
रुद्रप्रयाग
  • अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का संगम स्थल।
  • प्रसिद्ध केदारनाथ धाम इसी जिले में स्थित है।
  • त्रियुगीनारायण मंदिर यहीं स्थित है।
टिहरी गढ़वाल
  • टिहरी बांध, एशिया की सबसे बड़ी मिट्टी का बांध यहीं है।
  • यहाँ भागीरथी और भिलंगना नदियों का संगम है।
  • प्रसिद्ध नरेंद्र नगर संगीत नाटक अकादमी यहीं है।
उधम सिंह नगर
  • उत्तराखंड का सबसे अधिक जनसंख्या वाला जिला।
  • यह राज्य का “धान का कटोरा” कहलाता है।
  • भारत-नेपाल सीमा यहाँ से लगती है।
  • प्रसिद्ध जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान इसी जिले में है।
उत्तरकाशी
  • इसे “देवताओं की भूमि” कहा जाता है।
  • यहाँ गंगोत्री और यमुनोत्री धाम स्थित हैं।
  • नेहरू पर्वतारोहण संस्थान यहीं स्थित है।
  • भागीरथी नदी यहीं से निकलती है।
ऋषिकेश
  • योग की विश्व राजधानी के रूप में प्रसिद्ध
  • यहाँ प्रसिद्ध लक्ष्मण झूला स्थित है
  • अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव का आयोजन स्थल
  • गंगा नदी के तट पर स्थित प्रमुख तीर्थ स्थल
रानीखेत
  • कुमाऊँ रेजिमेंट का मुख्यालय
  • प्रसिद्ध हिल स्टेशन और पर्यटन स्थल
  • एशिया का सबसे बड़ा ओक का जंगल यहाँ स्थित
  • उत्तराखंड का प्रमुख सेब उत्पादक क्षेत्र
कोटद्वार
  • गढ़वाल मंडल का प्रवेश द्वार
  • प्रसिद्ध कण्व आश्रम यहीं स्थित
  • रामगंगा नदी के तट पर स्थित
  • उत्तराखंड का प्रमुख औद्योगिक केंद्र
मुन्स्यारी
  • पंचचूली पर्वत श्रृंखला का आधार शिविर
  • हिमालयन स्कीइंग के लिए प्रसिद्ध
  • बर्फ से ढके पहाड़ों के लिए प्रसिद्ध पर्यटन स्थल
  • मिलम ग्लेशियर तक का प्रवेश द्वार
लैंसडाउन
  • गढ़वाल राइफल्स का मुख्यालय
  • ब्रिटिश कालीन हिल स्टेशन
  • तिपरा झरना यहाँ का प्रमुख आकर्षण
  • समुद्र तल से 1,700 मीटर की ऊँचाई पर स्थित
मसूरी
  • “क्वीन ऑफ हिल्स” के नाम से प्रसिद्ध
  • लालटेन के नज़ारे के लिए मशहूर
  • मसूरी के मल से देहरादून का सुंदर दृश्य दिखता है
  • बिटन रिसॉर्ट यहाँ का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल
जोशीमठ
  • बद्रीनाथ धाम का शीतकालीन मुख्यालय
  • आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित मठ
  • अलकनंदा नदी के तट पर स्थित
  • औली स्की रिसॉर्ट का आधार शिविर
ऊखीमठ
  • केदारनाथ का शीतकालीन मुख्यालय
  • मदमहेश्वर धाम का प्रवेश द्वार
  • ओंकारेश्वर मंदिर के लिए प्रसिद्ध
  • मंदाकिनी नदी के तट पर स्थित
भीमताल
  • भीमताल झील के लिए प्रसिद्ध
  • नौकायन और मछली पकड़ने का आदर्श स्थल
  • कुमाऊँ का प्रमुख पर्यटन स्थल
  • विक्टोरिया डैम यहाँ का प्रमुख आकर्षण
सत्योली
  • चकराता के पास स्थित छोटा हिल स्टेशन
  • टिहरी झील के दर्शन के लिए प्रसिद्ध
  • ट्रेकिंग और कैंपिंग का आदर्श स्थल
  • शिवालिक पर्वतमाला की तलहटी में स्थित
चकराता
  • भारतीय सेना का प्रशिक्षण केंद्र
  • टाइगर फॉल के लिए प्रसिद्ध
  • देहरादून से 98 किमी दूर स्थित
  • वन्यजीव अभयारण्य के लिए प्रसिद्ध
द्वाराहाट
  • कत्यूरी वंश की प्राचीन राजधानी
  • प्राचीन मंदिरों के लिए प्रसिद्ध
  • कोसी और गोमती नदी का संगम स्थल
  • कुमाऊँ का सांस्कृतिक केंद्र
काठगोदाम
  • उत्तराखंड का प्रमुख रेलवे जंक्शन
  • कुमाऊँ मंडल का व्यापारिक केंद्र
  • दिल्ली-लखनऊ रेलवे लाइन का अंतिम स्टेशन
  • पर्यटकों के लिए प्रवेश द्वार
ऋषिकेश
  • योग की विश्व राजधानी के रूप में प्रसिद्ध
  • यहाँ प्रसिद्ध लक्ष्मण झूला स्थित है
  • अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव का आयोजन स्थल
  • गंगा नदी के तट पर स्थित प्रमुख तीर्थ स्थल
गौचर
  • प्रसिद्ध गौचर मेले के लिए जाना जाता है
  • कुमाऊँ और गढ़वाल के बीच व्यापारिक केंद्र
  • प्राचीन काल में व्यापार मार्ग का महत्वपूर्ण पड़ाव
  • सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध
कौसानी
  • “भारत का स्विट्जरलैंड” के नाम से प्रसिद्ध
  • हिमालय के पनोरमिक दृश्य के लिए मशहूर
  • महात्मा गांधी ने यहाँ ‘आनंद कुटीर’ में निवास किया
  • सूर्योदय और सूर्यास्त के लिए प्रसिद्ध
बिन्सर
  • बिन्सर वन्यजीव अभयारण्य के लिए प्रसिद्ध
  • हिमालय की 300 किमी लंबी पट्टी का दृश्य दिखता है
  • बर्फ से ढके पहाड़ों का मनोरम दृश्य
  • ट्रेकिंग और वन्यजीव देखने के लिए आदर्श स्थल
मुक्तेश्वर
  • भारतीय पशु चिकित्सा शोध संस्थान स्थित
  • अंग्रेजों द्वारा निर्मित प्रसिद्ध मुक्तेश्वर मंदिर
  • समुद्र तल से 2,286 मीटर की ऊंचाई पर स्थित
  • एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए प्रसिद्ध
लोहाघाट
  • ऐतिहासिक महत्व का स्थान
  • नेपाल सीमा के निकट स्थित
पाताल भुवनेश्वर
  • प्रसिद्ध चूना पत्थर की गुफाएं
  • हिंदू पौराणिक कथाओं से संबंधित
  • प्राकृतिक शिवलिंग के लिए प्रसिद्ध
जागेश्वर
  • प्रसिद्ध जागेश्वर मंदिर समूह
  • 124 प्राचीन मंदिरों का समूह
  • कत्यूरी वंश की वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण
चौबट्टिया
  • प्रसिद्ध चाय बागानों के लिए जाना जाता है
  • फलों के बागों के लिए प्रसिद्ध
बैजनाथ
  • प्रसिद्ध बैजनाथ मंदिर के लिए जाना जाता
  • गोमती नदी के तट पर स्थित
कर्णप्रयाग
  • अलकनंदा और पिंडर नदी का संगम स्थल
  • पंच प्रयाग में से एक
  • प्रसिद्ध उमा देवी मंदिर स्थित
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