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कवि का स्त्रीलिंग शब्द है-
- कवियी
- कवियी
- कवियी
- कवियी
Explanation:
- हिंदी में ‘कवि’ का स्त्रीलिंग ‘कवियी’ होता है।
निम्नलिखित में से कौन सा शब्द सदा बहुवचन में प्रयोग होता है?
- शिष्य
- पित्त
- पुस्तक
- प्राण
Explanation:
- ‘प्राण’ शब्द सदैव बहुवचन में प्रयुक्त होता है, एकवचन नहीं होता।
निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द पुल्लिंग है?
- आय
- व्यय
- नहर
- लहर
Explanation:
- ‘व्यय’ पुल्लिंग है, जबकि आय, नहर, लहर स्त्रीलिंग हैं।
कवि का स्त्रीलिंग होगा –
- कवियी
- कवियी
- कवियी
- कवियी
Explanation:
- ‘कवि’ का स्त्रीलिंग ‘कवियी’ ही होता है।
निम्नलिखित में कौन-सा शब्द स्त्रीलिंग नहीं है –
- झूँपुट
- अन्येष्ठि
- इच्छा
- निराला
Explanation:
- ‘निराला’ पुल्लिंग है, शेष स्त्रीलिंग हैं।
निम्नलिखित में पुल्लिंग शब्द है –
- सरसों
- मकई
- सारस
- मूँग
Explanation:
- ‘सारस’ (पक्षी) पुल्लिंग है, बाकी स्त्रीलिंग हैं।
निम्नलिखित में पुल्लिंग शब्द नहीं है –
- रत्न
- मोती
- नकल
- बचपन
Explanation:
- ‘नकल’ स्त्रीलिंग है, शेष पुल्लिंग हैं।
निम्नलिखित शब्दों में किस एक का लिंग परिवर्तन हिंदी भाषा में प्रचलित नहीं है ?
- चाचा
- बहन
- कोयल
- भैंसा
Explanation:
- ‘कोयल’ का कोई पुल्लिंग रूप प्रचलित नहीं है, यह सदा स्त्रीलिंग है।
निम्नलिखित शब्दों में कौन स्त्रीलिंग नहीं है ?
- रोटी
- पूँजी
- पानी
- नदी
Explanation:
- ‘पानी’ पुल्लिंग है, बाकी स्त्रीलिंग हैं।
कारक के भेद हैं –
- पाँच
- छः
- सात
- आठ
Explanation:
- हिंदी में कारक के आठ भेद होते हैं।
निम्नांकित में से कौन-सा शब्द स्त्रीलिंग नहीं है ?
- सुबह
- वोपहर
- सांझ
- दिन
Explanation:
- ‘दिन’ पुल्लिंग है, बाकी समयवाचक स्त्रीलिंग हैं।
कर्ता के साथ ‘ने’ का प्रयोग न होना किस उपभाषा की प्रमुख विशेषता है ?
- पूर्वी हिन्दी
- पश्चिमी हिन्दी
- राजस्थानी हिन्दी
- पहाड़ी हिन्दी
Explanation:
- पूर्वी हिंदी में कर्ता के साथ ‘ने’ का प्रयोग नहीं होता।
‘कवि’ का स्त्रीलिंग है :
- कविद्वी
- कवित्री
- कवियी
- कवियित्री
Explanation:
- ‘कवि’ का स्त्रीलिंग ‘कवियी’ है।
‘ऋषि’ का स्त्रीलिंग है :
- ऋषिणी
- ऋषिपत्नी
- ऋषिका
- ऋषी
Explanation:
- ऋषि का स्त्रीलिंग ‘ऋषी’ होता है (कुछ कोशों में ‘ऋषिका’ भी, लेकिन प्रचलित ‘ऋषी’ है)।
संज्ञाओं के साथ आने वाली विभक्तियों को क्या कहा जाता है ?
- संशिलष
- विशिलष
- शिलष
- उपर्युक्त में से कोई नहीं
Explanation:
- संज्ञाओं के साथ आने वाली विभक्तियाँ ‘विभक्ति’ कहलाती हैं, विशिलष संभवतः मुद्रण-त्रुटि है, लेकिन दिए गए विकल्पों में यही सही है।
हिन्दी भाषा में ‘वचन’ कितने प्रकार के हैं ?
- 3
- 2
- 4
- 5
Explanation:
- हिंदी में दो वचन हैं – एकवचन और बहुवचन।
लिंग की दृष्टि से ‘दही’ क्या है ?
- स्त्रीलिंग
- पुल्लिंग
- नपुंसकलिंग
- उभयलिंग
Explanation:
- ‘दही’ पुल्लिंग है (सामान्य प्रयोग में पुल्लिंग ही माना जाता है)।
निम्नलिखित में से कौन-सा स्त्रीलिंग है ?
- उत्साह
- चक्रव्यूह
- मृत्यु
- संकल्प
Explanation:
- ‘मृत्यु’ स्त्रीलिंग है, बाकी पुल्लिंग हैं।
‘सुन्दरता’ में संज्ञा है –
- व्यक्तिवाचक
- समूहवाचक
- जातिवाचक
- भाववाचक
Explanation:
- ‘सुन्दरता’ गुण का बोध कराती है, अतः भाववाचक संज्ञा है।
‘मित्र’ का भाववाचक है –
- बन्धुता
- मीत
- मित्रता
- शत्रुता
Explanation:
- ‘मित्रता’ भाववाचक संज्ञा है।
‘सो’ है –
- प्रश्नवाचक
- निश्चयवाचक
- सम्बन्धवाचक
- कोई नहीं
Explanation:
- ‘सो’ (जो-सो) संबंधवाचक सर्वनाम है।
संज्ञा से बने विशेषण में से कौन सा अशुद्ध है –
- धन-धनिक
- सुख-सुखी
- दिन-दैनिक
- बंगाल-बंगाली
Explanation:
- ‘धनिक’ शब्द अशुद्ध है, सही है ‘धनी’।
‘अरे जरा इधर तो आ’ में से कौन सा अव्यय है –
- परिणाम वाचक
- प्रश्नवाचक
- विस्मयादिबोधक
- कालवाचक
Explanation:
- ‘अरे’ विस्मयादिबोधक अव्यय है।
कौन सा स्त्रीलिंग है –
- मित्र
- सूचना
- उपहार
- अध्याय
Explanation:
- ‘सूचना’ स्त्रीलिंग है, बाकी पुल्लिंग हैं।
पुल्लिंग और स्त्रीलिंग में से कौन सा जोड़ा सही नहीं है –
- मोटा-मोटी
- धोबी-धोबिन
- दाता-दानी
- तेली-तेलिन
Explanation:
- ‘दाता’ का स्त्रीलिंग ‘दात्री’ होता है, ‘दानी’ नहीं।
‘भूखे को अन्न दो और प्यासे को जल’ वाक्य किस कारक का है ?
- सम्प्रदान
- अपादान
- सम्बन्ध
- अधिकरण
Explanation:
- ‘को’ चिह्न सम्प्रदान कारक का है (देने का भाव)।
इनमें से पुल्लिंग शब्द कौन-सा है –
- दया
- निर्भिता (निर्भीकता?)
- बुझापा
- दुर्घटना
Explanation:
- मुद्रण-त्रुटि संभव, पर दिए गए विकल्पों में ‘बुढ़ापा’ पुल्लिंग है, लेकिन उत्तर ‘निर्भिता’ दिया गया है, संभवतः ‘निर्भीक’ स्त्रीलिंग नहीं।
निम्नलिखित में से पुल्लिंग शब्द है :
- घास
- आय
- व्यय
- नहर
Explanation:
- ‘व्यय’ पुल्लिंग है।
निम्नलिखित शब्दों में से पुल्लिंग शब्द का चयन कीजिए :
- सूची-पत्र
- किताब
- गंगा
- संसद
Explanation:
- ‘सूची-पत्र’ पुल्लिंग है, बाकी स्त्रीलिंग हैं।
कर्म कारक के लिए प्रयुक्त होने वाला चिह्न है :
- ने
- के लिए
- से
- को
Explanation:
- ‘को’ कर्म कारक का चिह्न है।
‘राष्ट्र’ की भाववाचक संज्ञा है
- राष्ट्री
- राष्ट्रीय
- सौराष्ट्र
- राष्ट्रीयता
Explanation:
- ‘राष्ट्रीयता’ भाववाचक संज्ञा है।
निम्न में कौन कथन सत्य नहीं है:
- संस्कृत में तीन वचन होते हैं
- हिन्दी में दो वचन होते हैं
- हिन्दी में दो लिंग होते हैं
- संस्कृत में हिन्दी की तरह दो लिंग होते हैं।
Explanation:
- संस्कृत में तीन लिंग (पुल्लिंग, स्त्रीलिंग, नपुंसकलिंग) होते हैं, दो नहीं।
‘साधु’ का स्त्रीलिंग शब्द है :
- साधुनी
- साध्वी
- साधु आईन
- साधुवाइन
Explanation:
- ‘साधु’ का स्त्रीलिंग ‘साध्वी’ है।
निम्नलिखित ईकारान्त शब्दों में एक पुल्लिंग है, उसे चयनित कीजिए :
- पानी
- नदी
- रोटी
- बकरी
Explanation:
- ‘पानी’ पुल्लिंग है, बाकी स्त्रीलिंग हैं।
‘मैं काम से जा रहा हूँ’ वाक्य में ‘से’ का कारक है :
- संप्रदान
- करण
- अपादान
- अधिकरण
Explanation:
- ‘से’ यहाँ करण कारक है (साधन का भाव)।
संज्ञा का प्रकार नहीं है-
- व्यक्तिवाचक
- जातिवाचक
- देशवाचक
- भाववाचक
Explanation:
- ‘देशवाचक’ संज्ञा का प्रकार नहीं है।
‘भाववाचक संज्ञा’ के अन्तर्गत आते हैं
- पशु-पक्षी आदि
- गुण-दोष आदि
- दिशाएँ आदि
- आभूषण आदि
Explanation:
- भाववाचक संज्ञा गुण, दोष, अवस्था आदि का बोध कराती है।
किस समूह में सभी सर्वनाम प्रश्नवाचक हैं?
- कौन, क्या, किसने
- जो, कोई, वह
- जिनका, जो, किनका
- जिन्होंने, उन पर, उसको
Explanation:
- कौन, क्या, किसने – ये सभी प्रश्नवाचक सर्वनाम हैं।
‘पुस्तक’ में कौन विशेषण बनेगा?
- पुस्तकालय
- पुस्तकें
- पुस्तकीय
- पुस्तकों
Explanation:
- ‘पुस्तकीय’ विशेषण है (पुस्तक संबंधी)।
‘मदन काली पतलून पहनकर खेलने आया’ में विशेषण है-
- काली
- पतलून
- मदन
- खेलने
Explanation:
- ‘काली’ (रंग) विशेषण है।
निम्न में से कौन-सा पाठ्यपुस्तक का गुण नहीं है?
- सोद्देश्यता
- उपयुक्तता
- अशुद्धता
- क्रमबद्धता
Explanation:
- अशुद्धता पाठ्यपुस्तक का गुण नहीं हो सकता।
हिन्दी के शब्दों का लिंग-निर्धारण किसके आधार पर होता है?
- प्रत्यय
- संज्ञा
- क्रिया
- सर्वनाम
Explanation:
- हिंदी में लिंग का निर्धारण क्रिया के रूप से होता है (क्रिया के लिंगानुसार रूप)।
कारक के कितने भेद होते हैं?
- 7
- 8
- 9
- 10
Explanation:
- हिंदी में कारक के 8 भेद हैं।
‘हरियाली’ है-
- जातिवाचक संज्ञा
- समूहवाचक संज्ञा
- भाववाचक संज्ञा
- विशेषण
Explanation:
- ‘हरियाली’ (हरा होने का भाव) भाववाचक संज्ञा है।
लोगों ने शोरगुल करके डाकुओं को भगाया उपरोक्त वाक्यों कारक बताइए।
- कर्ता कारक
- करण कारक
- सम्प्रदान कारक
- कर्म कारक
Explanation:
- ‘डाकुओं को’ में ‘को’ कर्म कारक का चिह्न है।
‘को’ और ‘के लिए’ किस कारक के चिह्न है?
- सम्प्रदान कारक
- कारण कारक
- अपादान कारक
- संबोधन कारक
Explanation:
- ‘को’ और ‘के लिए’ सम्प्रदान कारक के चिह्न हैं।
लड़का पेड़ से गिरा। उपरोक्त वाक्य में कारक बताइए।
- सम्प्रदान कारक
- कर्म कारक
- अपादान कारक
- कारण कारक
Explanation:
- ‘से’ अलग होने का भाव देता है, अतः अपादान कारक।
निम्नलिखित वाक्य में क्रिया-विशेषण युक्त वाक्य कौन- सा है?
- मैं कल नहीं जाऊँगा
- यह फूल सुंदर है
- हवा धीरे-धीरे बह रही है
- आज हम स्कूल जाएँगे
Explanation:
- ‘धीरे-धीरे’ रीतिवाचक क्रिया-विशेषण है।
कवि का स्त्रीलिंग है-
- कविषी
- कवियी
- कवियी
- कवियी
Explanation:
- ‘कवि’ का स्त्रीलिंग ‘कवियी’ है।
रीतिवाचक ‘क्रिया विशेषण’ है-
- अत्यन्त
- आजकल
- कदाचित्
- बाहर
Explanation:
- ‘कदाचित्’ (संभावना) रीतिवाचक क्रियाविशेषण है।
निम्नलिखित में ‘पुल्लिंग’ शब्द है-
- बुझापा (बुढ़ापा)
- जड़ता
- पटना
- दया
Explanation:
- ‘बुढ़ापा’ पुल्लिंग है, बाकी स्त्रीलिंग हैं।
कौन-सा शब्द ‘अव्यय’ नहीं है?
- आज
- कल
- इषर (ईश्वर?)
- किसे
Explanation:
- ‘ईश्वर’ संज्ञा है, अव्यय नहीं (अव्यय – आज, कल, किसे?)
‘पेड़ पर पक्षी बैठे हैं’ इस वाक्य में ‘पेड़ पर’ पद में कौन-सा कारक है?
- करण
- अपादान
- सम्बन्ध
- अधिकरण
Explanation:
- ‘पर’ आधार का भाव देता है, अतः अधिकरण कारक।
‘वह आजकल दिल्ली में है’ इस वाक्य में रेखांकित शब्द है-
- क्रिया विशेषण
- अव्यय
- सर्वनाम
- क्रिया
Explanation:
- ‘आजकल’ कालवाचक क्रियाविशेषण है।
‘वीर’ का स्त्रीलिंग है-
- वारांगना
- वीरगति
- वीरांगना
- वीरावती
Explanation:
- ‘वीर’ का स्त्रीलिंग ‘वीरांगना’ है।
‘बुढ़ापा’ शब्द में कौन-सी संज्ञा है?
- जातिवाचक संज्ञा
- भाववाचक संज्ञा
- व्यक्तिवाचक संज्ञा
- इनमें से कोई नहीं
Explanation:
- ‘बुढ़ापा’ अवस्था का भाव है, अतः भाववाचक संज्ञा।
‘दाता’ शब्द का स्त्रीलिंग शब्द क्या है?
- दाती
- दातु
- दात्री
- यात्री
Explanation:
- ‘दाता’ का स्त्रीलिंग ‘दात्री’ होता है।
‘लड़का पेड़ से गिरा’ में कौन-सा कारक है?
- अपादान कारक
- सम्प्रदान कारक
- कर्म कारक
- अधिकरण कारक
Explanation:
- ‘से’ अलगाव दर्शाता है, अपादान कारक।
निम्न शब्द में अधिकरण-कारक का प्रयोग हुआ?
- वाहनाहूँ (वाहनों?)
- सत्ताधीश
- गंगाजल
- रेखाचित्र
Explanation:
- मुद्रण-त्रुटि, पर ‘वाहन’ में अधिकरण कारक का भाव (वाहन पर) हो सकता है।
‘को’ से किस कारक चिह्न का बोध होता है?
- कर्म कारक
- करण कारक
- सम्प्रदान कारक
- अधिकरण कारक
Explanation:
- ‘को’ कर्म कारक का प्रमुख चिह्न है (कर्ता को छोड़कर)।
‘हे राम! तुम कहाँ हो’ वाक्य में कौन-सा कारक है?
- संबंध
- अधिकरण
- सम्बोधन
- अपादान
Explanation:
- ‘हे’ सम्बोधन कारक का चिह्न है।
वाक्य में प्रयुक्त शब्द क्या कहलाता है :
- शब्द रूप
- ध्वनि रूप
- संज्ञा
- स्वर
Explanation:
- वाक्य में प्रयुक्त शब्द ‘शब्द रूप’ कहलाता है।
हर भाषा में शब्दों से ‘शब्द रूप’ बनाने वाले प्रत्ययों को क्या कहा जाता है?
- a.रूप साधक
- b.शब्द साधक
- a व b दोनों
- इनमें से कोई नहीं
Explanation:
- शब्द-रूप बनाने वाले प्रत्यय ‘रूप साधक’ या ‘शब्द साधक’ कहलाते हैं।
लड़का शब्द में कौन-सा प्रत्यय लगा है?
- ‘ए’ प्रत्यय
- ‘ओ’ प्रत्यय
- शून्य प्रत्यय
- ओं प्रत्यय
Explanation:
- ‘लड़का’ मूल शब्द है, इसमें कोई प्रत्यय नहीं लगा, अतः शून्य प्रत्यय।
हिन्दी में संज्ञा शब्दों की रूप रचना किन तीन इकाइयों से संबंधित नहीं है, वह विकल्प है :
- लिंग
- वचन
- परसर्ग
- स्वर
Explanation:
- स्वर रूप-रचना से संबंधित नहीं है, बल्कि लिंग, वचन, परसर्ग से है।
‘आनी’ प्रत्यय से बनने वाले स्त्रीलिंग शब्द नहीं है :
- नौकरानी
- मेहतरानी
- लाला
- चौधरानी
Explanation:
- ‘लाला’ पुल्लिंग है, ‘आनी’ प्रत्यय से नहीं बना।
‘बनियाइन’ में कौन-सा प्रत्यय लगा है :
- ई
- इया
- आइन
- आनी
Explanation:
- ‘बनियाइन’ में ‘आइन’ प्रत्यय है (बनिया + आइन = बनियाइन)।
‘शिक्षका’ शब्द क्या स्त्रीलिंग है? इसमें निहित प्रत्यय की पहचान करें :
- अक
- आ
- अनी
- इका
Explanation:
- ‘शिक्षिका’ में ‘इका’ प्रत्यय है (शिक्षक + इका)।
‘दर्शक’ शब्द के लिंग व प्रत्यय की पहचान करें :
- पुलिंग आनी
- स्त्रीलिंग अक
- पुलिंग अक
- स्त्रीलिंग, अ
Explanation:
- ‘दर्शक’ पुल्लिंग है और ‘अक’ प्रत्यय है।
‘भवानी’ शब्द को पुंलिंग में बदलें :
- भवा
- भवानी
- भव
- सभी गलत
Explanation:
- ‘भवानी’ (देवी) का पुल्लिंग ‘भव’ (शिव) होता है।
सुमेलित कीजिए : सूची-I (स्त्रीलिंग शब्द) सूची-II (प्रत्यय)
(a) स्वामिनी – (1) अनी
(b) लेखिका – (2) इनी
(c) धैर्यवती – (3) वती
(d) मोरनी – (4) इका
कूट :
- a, b, c, d – 2 4 3 1
- a, b, c, d – 3 1 2 4
- a, b, c, d – 4 3 1 2
- a, b, c, d – 1 2 3 4
Explanation:
- स्वामिनी (इनी), लेखिका (इका), धैर्यवती (वती), मोरनी (अनी)
समूहवाची शब्द की पहचान करें :
- लेखकगण
- पानी
- भय
- दान
Explanation:
- ‘लेखकगण’ समूहवाचक संज्ञा है (लेखकों का समूह)।
निम्नलिखित शब्दों में बहुवचन शब्द नहीं है :
- पैसे
- छाता
- गाये
- पुस्तकें
Explanation:
- ‘छाता’ एकवचन है, बाकी बहुवचन हैं।
अकारान्त शब्दों के अंतर्गत ‘आ’ के स्थान पर ‘ए’ प्रत्यय लगे शब्द से इतर शब्द की पहचान करें :
- लोटे
- मुगे
- रूपये
- कविताएँ
Explanation:
- ‘कविताएँ’ में ‘ए’ नहीं, ‘एँ’ प्रत्यय है, शेष ‘आ’ -> ‘ए’ रूप हैं।
निम्नलिखित वाक्यों में सही बहुवचन बदलकर लिखे गये वाक्यों की पहचान करें :
- 1. अध्यापिका शीघ्र ही कक्षाओं में जाएँगी ।
- 2. पुस्तकें नीचे रखी हैं।
- 3. बच्चे रोते-रोते सो गए हैं।
- 4. अपने पुत्र को बुलाइए।
- बहुवचन युक्त वाक्य : (b) 1, 2, 3
Explanation:
- वाक्य 1, 2, 3 में बहुवचन रूप सही हैं, वाक्य 4 में ‘पुत्र’ एकवचन है।
संज्ञा की कितनी रूपावलियाँ हो सकती हैं :
- 2
- 3
- 4
- 5
Explanation:
- संज्ञा की 4 रूपावलियाँ होती हैं (एकवचन, बहुवचन के साथ लिंग भेद)।
अकारान्त पुल्लिंग शब्दों में जब प्रत्यय जुड़ता है तो मूल शब्द के अंतिम ‘आ’ का लोप हो जाता है उसका स्थान प्रत्यय का क्या ले लेता है?
- व्यंजन
- विसर्ग
- स्वर
- उपसर्ग
Explanation:
- ‘आ’ के स्थान पर प्रत्यय का स्वर आता है (जैसे ‘लड़का’ + ‘ओं’ = ‘लड़कों’)।
जिन स्त्रीलिंग शब्दों के अंत में ‘अ’ स्वर (अकारान्त व्यंजन) हो तो उनमें प्रत्यय लगने पर क्या परिवर्तन होता है?
- हाँ
- नहीं
- हाँ व नहीं दोनों
- दोनों गलत
Explanation:
- स्त्रीलिंग अकारान्त शब्दों में प्रत्यय लगने पर कोई परिवर्तन नहीं होता (जैसे ‘गाय’ + ‘एं’ = ‘गायें’)।
निम्नलिखित में उभयलिंगी शब्द नहीं है :
- प्रधानमंत्री
- मंत्री
- डॉक्टर
- दही
Explanation:
- ‘दही’ केवल पुल्लिंग है, उभयलिंगी नहीं।
‘पढ़ते समय मेरी आँखों से पानी निकलता है।’ प्रस्तुत वाक्य में संज्ञा के लिंग, वचन और कारक बताइए :
- पुल्लिंग, बहुवचन, अपादान
- स्त्रीलिंग, बहुवचन, करण
- पुल्लिंग, एकवचन, कर्म
- इनमें से कोई नहीं
Explanation:
- ‘आँखों’ (पुल्लिंग? वस्तुतः स्त्रीलिंग, पर यहाँ पुल्लिंग माना गया है, बहुवचन), ‘से’ अपादान कारक।
पुरुषवाचक सर्वनाम से संबंधित नहीं है :
- मैं
- हम
- तू
- कोई
Explanation:
- ‘कोई’ अनिश्चयवाचक सर्वनाम है, पुरुषवाचक नहीं।
‘जो’, ‘सो’ के प्रयोग से संबंधित सर्वनाम को पहचानिए :
- प्रश्नवाचक
- पुरुषवाचक
- निजवाचक
- संबंधवाचक
Explanation:
- ‘जो-सो’ संबंधवाचक सर्वनाम हैं।
‘भैं’, उत्तम पुरुष एकवचन सर्वनाम का उत्तम पुरुष बहुवचन सर्वनाम रूप है :
- तू
- तुम
- हम
- तुम लोग
Explanation:
- उत्तम पुरुष एकवचन ‘मैं’ का बहुवचन ‘हम’ है।
अन्य पुरुष सर्वनाम से संबंधित एकवचन है :
- वह
- वे
- दोनों सही
- दोनों गलत
Explanation:
- ‘वह’ अन्य पुरुष एकवचन है।
शीघ्र जाओ और …बुलाकर कर लाओ । सर्वनाम के शुद्ध रूप से रिक्त स्थान भरिए :
- उसे
- उसका
- उसके
- सभी गलत
Explanation:
- ‘उसे’ (कर्म कारक) सही है।
निजवाचक सर्वनाम के संबंधवाची रूप के एकवचन की पहचान करें :
- आप
- स्वयं
- अपना
- सभी गलत
Explanation:
- ‘अपना’ निजवाचक सर्वनाम का संबंधवाचक रूप है।
विशेषण के कितने भेद होते है :
- 2
- 3
- 4
- 5
Explanation:
- विशेषण के 3 भेद हैं – गुणवाचक, संख्यावाचक, सार्वनामिक।
स्त्रीलिंग विशेषण की मूल विभक्ति के एकवचन की सही पहचान करें :
- खूबसूरत स्त्री
- छोटी बच्चियाँ
- दोनो सही
- दोनों गलत
Explanation:
- स्त्रीलिंग विशेषण का एकवचन रूप ‘खूबसूरत स्त्री’ है।
क्रिया की रूपावली कितने प्रकार से चलती है :
- 2
- 3
- 4
- 5
Explanation:
- क्रिया की रूपावली 2 प्रकार की होती है – सामान्य और प्रेरणार्थक।
क्रिया से संबंधित कितने रूपावली वर्गों का प्रयोग किया जाता है :
- 16
- 28
- 32
- 64
Explanation:
- क्रिया के 16 रूपावली वर्ग होते हैं (काल, पुरुष, वचन, लिंग के आधार पर)।
निम्नलिखित वाक्यों में से कौन-सा वाक्य कृदंत वाक्य में बदला गया है :
- आज घूमने चला जाए।
- कल देर तक पढ़ें।
- बालकों द्वारा खेला जाएगा।
- लड़कों के द्वारा खूब पढ़ा गया।
Explanation:
- ‘पढ़ें’ कृदंत (विधि/आज्ञा) रूप है।
‘स्त्रीत्व’ शब्द में कौन-सी संज्ञा है?
- जातिवाचक संज्ञा
- व्यक्तिवाचक संज्ञा
- भाववाचक संज्ञा
- द्रव्यवाचक संज्ञा
Explanation:
- ‘स्त्रीत्व’ स्त्री होने का भाव है, अतः भाववाचक संज्ञा।
‘भारतीय’ शब्द में बहुवचन है-
- भारतीयों
- भारितओं
- भारितयों
- इनमें से कोई नहीं
Explanation:
- ‘भारतीय’ का बहुवचन ‘भारतीयों’ है।
‘बुढ़ापा एक प्रकार का अभिशाप है।’ इस वाक्य में रेखांकित शब्द की संज्ञा है-
- जातिवाचक संज्ञा
- व्यक्तिवाचक संज्ञा
- भाववाचक संज्ञा
- इनमें से कोई नहीं
Explanation:
- ‘बुढ़ापा’ भाववाचक संज्ञा है।
निम्नलिखित शब्दों में से कौन-सा शब्द संज्ञा है?
- कृत्रिम
- क्रोध
- क्रोधित
- क्रोधी
Explanation:
- ‘क्रोध’ भाववाचक संज्ञा है, बाकी विशेषण/क्रिया हैं।
निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द व्यक्तिवाचक संज्ञा है?
- गाय
- पहाड़
- यमुना
- आम
Explanation:
- ‘यमुना’ किसी विशेष नदी का नाम, अतः व्यक्तिवाचक संज्ञा।
कौन-सा शब्द जातिवाचक संज्ञा नहीं है?
- जवान
- बालक
- सुन्दर
- मनुष्य
Explanation:
- ‘सुन्दर’ विशेषण है, जातिवाचक संज्ञा नहीं।
कौन-सा शब्द भाववाचक संज्ञा नहीं है?
- मिटाई (क्रिया से बना? वस्तुतः भाववाचक हो सकता है, लेकिन दिए गए विकल्पों में ‘उतराई’ भी है)
- चतुराई
- लड़ाई
- ऊतराई
Explanation:
- ‘मिटाई’ (मिटाने की क्रिया) भाववाचक नहीं, ‘चतुराई’ (गुण) भाववाचक है, ‘लड़ाई’ (क्रिया) भाववाचक, ‘उतराई’ भाववाचक है।
जातिवाचक संज्ञा है-
- आम
- सेना
- श्याम
- दुःख
Explanation:
- ‘सेना’ (सैनिकों का समूह) जातिवाचक/समूहवाचक है, पर दिए गए विकल्पों में ‘सेना’ को जातिवाचक माना गया है।
वे संज्ञा शब्द जो किसी गुण-दोष अथवा भाव का बोध कराते हैं, कहलाते हैं।
- व्यक्तिवाचक संज्ञा
- भाववाचक संज्ञा
- द्रव्यवाचक संज्ञा
- जातिवाचक संज्ञा
Explanation:
- गुण-दोष या भाव का बोध कराने वाली संज्ञा ‘भाववाचक’ है।
‘चोर’ किस संज्ञा का उदाहरण है?
- जातिवाचक
- भाववाचक
- समूहवाचक
- व्यक्तिवाचक
Explanation:
- ‘चोर’ एक जाति (वर्ग) का बोध कराता है, अतः जातिवाचक संज्ञा।
‘मित्रता’ किस संज्ञा का उदाहरण है?
- भाववाचक
- जातिवाचक
- समूहवाचक
- द्रव्यवाचक
Explanation:
- ‘मित्रता’ भाव (मित्र होने का गुण) है, अतः भाववाचक।
निम्नलिखित वाक्यों में क्रियाविशेषण युक्त वाक्य कौन- सा है?
- मैं कल नहीं जाऊँगा
- आज हम स्कूल जाएँगे
- हवा धीरे-धीरे बह रही है
- यह फूल सुन्दर है
Explanation:
- ‘धीरे-धीरे’ क्रियाविशेषण है (रीतिवाचक)।
निम्नलिखित में भाववाचक संज्ञा कौन-सी है?
- शत्रुता
- वीर
- मनुष्य
- गुरू
Explanation:
- ‘शत्रुता’ (शत्रु का भाव) भाववाचक है।
भाववाचक संज्ञाएँ नहीं बनाई जा सकती हैं-
- विशेषण से
- समुच्चयबोधक से
- सर्वनाम से
- क्रिया से
Explanation:
- समुच्चयबोधक (संयोजक) अव्यय हैं, इनसे भाववाचक संज्ञा नहीं बनती।
कामता प्रसाद गुरू को ‘हिन्दी का पाणिनी’ कहा जाता है। यहाँ ‘पाणिनी’ किस प्रकार की संज्ञा है?
- व्यक्तिवाचक
- भाववाचक (गुणवाचक?)
- समूहवाचक
- जातिवाचक
Explanation:
- यहाँ ‘पाणिनी’ किसी गुण (व्याकरण-वेत्ता) का बोध करा रहा है, इसलिए भाववाचक (गुणवाचक) है।
राम की लम्बाई कम है। यहाँ ‘लम्बाई’ किस प्रकार की संज्ञा का उदाहरण है?
- व्यक्तिवाचक
- जातिवाचक
- भाववाचक
- समूहवाचक
Explanation:
- ‘लम्बाई’ गुण/अवस्था है, भाववाचक संज्ञा।
‘विशेषण’ से कौन-सी भाववाचक संज्ञा बनी है?
- स्वास्थ्य (स्वस्थ + -? )
- अपनत्व
- मनुष्यत्व
- विद्वत
Explanation:
- ‘स्वास्थ्य’ (स्वस्थ से) विशेषण से बनी भाववाचक संज्ञा है।
निम्नलिखित में से कौन व्यक्तिवाचक संज्ञा शब्द नहीं है?
- पटना
- रामायण
- औरत
- गंगा
Explanation:
- ‘औरत’ जातिवाचक है, व्यक्तिवाचक नहीं।
‘विद्वान’ किस संज्ञा का उदाहरण है?
- भाववाचक
- जातिवाचक
- द्रव्यवाचक
- व्यक्तिवाचक
Explanation:
- ‘विद्वान’ एक वर्ग (जाति) का बोध कराता है, अतः जातिवाचक संज्ञा।
क्रियाओं से भाववाचक संज्ञाएँ बनाई जाती हैं-
- शीघ्र
- उचित
- तीव्र
- जागना
Explanation:
- ‘जागना’ (क्रिया) से ‘जागरण’ भाववाचक बनता है।
भाववाचक संज्ञा की रचना कितने प्रकार से होती है?
- 4
- 3
- 5
- 2
Explanation:
- भाववाचक संज्ञा 5 प्रकार से बनती है (संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया, क्रियाविशेषण से)।
निम्नलिखित में कौन-सा शब्द ‘माता’ की भाववाचक संज्ञा है?
- मातृत्व
- माई
- वात्सल्य
- माँ
Explanation:
- ‘मातृत्व’ माता होने का भाव है।
‘यह साडी नयी है।’ वाक्य में ‘नयी’ शब्द है-
- सर्वनाम
- विशेषण
- क्रिया
- क्रियाविशेषण
Explanation:
- ‘नयी’ गुण बताता है, अतः विशेषण।
