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‘मृगनयनी’ उपन्यास के रचनाकार हैं –
- उपेन्द्र नाथ अश्क
- यशपाल
- जैनेन्द्र कुमार
- वृन्दावन लाल वर्मा
Explanation:
- ‘मृगनयनी’ उपन्यास के रचनाकार वृन्दावन लाल वर्मा हैं।
निम्नलिखित में से कौन-सी पुस्तक प्रेमचन्द द्वारा लिखित नहीं है –
- कायाकल्प
- जय पराजय
- रंगभूमि
- प्रेमाश्रम
Explanation:
- ‘जय पराजय’ प्रेमचन्द की रचना नहीं है, बल्कि यह जयशंकर प्रसाद की रचना है।
‘भ्रमरगीत’ के रचयिता हैं –
- सूरदास
- घनानन्द
- विद्यापति
- शिवसिंह
Explanation:
- ‘भ्रमरगीत’ सूरदास द्वारा रचित है, जो उनके ‘सूरसागर’ का एक अंश है।
‘ईदगाह’ (कहानी) के रचनाकार हैं –
- प्रेमचंद
- अज्ञेय
- प्रसाद
- जैनेन्द्र
Explanation:
- ‘ईदगाह’ प्रेमचन्द की प्रसिद्ध कहानी है।
‘बीरों का कैसा हो बसंत’ (कविता) के रचयिता हैं-
- केदारनाथ सिंह
- सुभद्रा कुमारी चौहान
- अज्ञेय
- धर्मवीर भारती
Explanation:
- यह कविता सुभद्रा कुमारी चौहान द्वारा रचित है।
‘संदेश रासक’ के रचयिता हैं-
- अमीर खुसरो
- अब्दुर रहमान
- रसिनिध
- रसलीन
Explanation:
- ‘संदेश रासक’ अब्दुर रहमान द्वारा रचित है।
‘साखी’ के रचयिता हैं –
- रसखान
- सूरदास
- कबीरदास
- रहीम
Explanation:
- ‘साखी’ (साक्षी) कबीरदास द्वारा रचित दोहों का संग्रह है।
‘बैर क्रोध का अचार या मुरब्बा है।’ यह कथन किसका है –
- भारतेन्दु हरिश्चन्द्र
- मुक्तिबोध
- रामचन्द्र शुक्ल
- हजारी प्रसाद द्विवेदी
Explanation:
- यह कथन आचार्य रामचन्द्र शुक्ल का है।
‘ढाई अक्षर प्रेम के, पढ़ें सो पंडित होय।’ प्रस्तुत पंक्ति के रचयिता हैं-
- मीराबाई
- कबीरदास
- जायसी
- तुलसीदास
Explanation:
- यह प्रसिद्ध दोहा कबीरदास का है।
‘वही मनुष्य है जो मनुष्य के लिए मरे’ के रचयिता हैं-
- जगदीश गुप्त
- बाल मुकुन्द गुप्त
- मैथिलीशरण गुप्त
- सियाराम शरण गुप्त
Explanation:
- यह पंक्ति मैथिलीशरण गुप्त की रचना है।
इनमें से कौन भक्ति काल का कवि नहीं हैं –
- नाभा दास
- रसखान
- नंद दास
- अमीर खुसरो
Explanation:
- अमीर खुसरो भक्ति काल के कवि नहीं हैं, वे आदिकाल के कवि हैं।
बिहारी ने क्या लिखा?
- पद
- दोहे
Explanation:
- बिहारी ने ‘बिहारी सतसई’ में दोहे लिखे हैं।
निम्नलिखित में से कौन सा प्रबंध काव्य है?
- रामचरितमानस
- आँसू
- एक कंठ विषपायी
- बिहारी रत्नाकर
Explanation:
- ‘रामचरितमानस’ प्रबंध काव्य है, अन्य विकल्प खंडकाव्य या अन्य विधाएँ हैं।
‘पृथ्वीराज रासो’ किस काल की रचना है –
- आदिकाल
- रीतिकाल
- भक्तिकाल
- आधुनिक काल
Explanation:
- ‘पृथ्वीराज रासो’ चन्दबरदाई द्वारा आदिकाल में रचित है।
निम्नलिखित में से कौन छायावादी कवि हैं?
- भारत भूषण अग्रवाल
- तुलसीदास
- सुमित्रानंदन पंत
- नागार्जुन
Explanation:
- सुमित्रानंदन पंत छायावाद के प्रमुख कवि हैं।
नामवर सिंह ने अधिकांश क्या लिखा है?
- कविता
- कहानी
- संस्मरण
- आलोचना
Explanation:
- नामवर सिंह प्रसिद्ध आलोचक हैं, उन्होंने अधिकांश आलोचनाएँ लिखी हैं।
‘आत्मजयी’ के रचयिता हैं –
- श्रीकांत वर्मा
- नरेश मेहता
- कुंवर नारायण
- मुक्तिबोध
Explanation:
- ‘आत्मजयी’ कुंवर नारायण की रचना है।
‘चाँद का मुँह टेढ़ा’ (काव्य) के रचयिता हैं –
- भारतेन्दु हरिश्चन्द्र
- भवानी प्रसाद मिश्र
- गजानन माधव ‘मुक्तिबोध’
- गिरिजा कुमार माथुर
Explanation:
- ‘चाँद का मुँह टेढ़ा’ मुक्तिबोध की रचना है।
‘राम लला नहीं’ के रचनाकार हैं –
- रत्नाकर
- रैदास
- तुलसीदास
- घनानंद
Explanation:
- यह पंक्ति तुलसीदास द्वारा रचित ‘रामचरितमानस’ से है।
‘आषाढ़ का एक दिन’ (नाटक) के रचयिता हैं –
- सेठ गोविंद दास
- भीष्म साहनी
- मोहन राकेश
- लक्ष्मीनारायण लाल
Explanation:
- ‘आषाढ़ का एक दिन’ मोहन राकेश का प्रसिद्ध नाटक है।
‘यामा’ के रचयिता हैं –
- सुमित्रानंदन पंत
- सुभद्रा कुमारी चौहान
- महादेवी वर्मा
- मीराबाई
Explanation:
- ‘यामा’ महादेवी वर्मा की कविता है।
‘संसद से सड़क तक’ (काव्य) के रचनाकार हैं-
- श्रीकांत वर्मा
- सुदामा पांडेय ‘धूमिल’
- अज्ञेय
- रघुवीर सहाय
Explanation:
- ‘संसद से सड़क तक’ धूमिल की रचना है।
‘चीफ की दवात’ (कहानी) के रचनाकार हैं-
- डॉ. देवराज
- राजेन्द्र यादव
- भीष्म साहनी
- दुष्यंत कुमार
Explanation:
- ‘चीफ की दवात’ भीष्म साहनी की कहानी है।
‘भोर का तारा’ किसकी रचना है?
- यशपाल
- अमृत लाल नागर
- मनू भंडारी
- संजीव
Explanation:
- ‘भोर का तारा’ संजीव की रचना है।
‘रंगभूमि'(उपन्यास) के रचनाकार हैं –
- राजेन्द्र यादव
- रांगेय राघव
- प्रेमचंद
- अमरकांत
Explanation:
- ‘रंगभूमि’ प्रेमचन्द का उपन्यास है।
‘प्रभुजी तुम चंदन हम पानी। जाकी अंग-अंग बास समानी।।’ प्रस्तुत पंक्तियों के रचयिता हैं-
- रैदास
- मलूक दास
- गुरु नानक
- कबीर दास
Explanation:
- यह पंक्ति रैदास (रविदास) की है।
‘जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी।’ प्रस्तुत पंक्ति के रचयिता हैं-
- सूरदास
- मीराबाई
- तुलसीदास
- गिरिधर
Explanation:
- यह पंक्ति तुलसीदास द्वारा रचित ‘रामचरितमानस’ से है।
‘प्रेम पचीसी’ (कहानी संग्रह) के रचनाकार हैं –
- प्रेमचंद
- जयशंकर प्रसाद
- अज्ञेय
- यशपाल
Explanation:
- ‘प्रेम पचीसी’ प्रेमचन्द का कहानी संग्रह है।
ज्ञानपीठ पुरस्कार किस क्षेत्र में श्रेष्ठ कार्य के लिए दिया जाता है?
- सिनेमा
- विज्ञान
- समाज सेवा
- साहित्य
Explanation:
- ज्ञानपीठ पुरस्कार साहित्य के क्षेत्र में दिया जाता है।
‘प्रेमसागर’ के लेखक कौन हैं?
- इंशा अल्ला खां
- लल्लू लाल
- मुंशी प्रेमचन्द
- मुंशी सदासुख लाल
Explanation:
- ‘प्रेमसागर’ लल्लू लाल की रचना है।
तुलसीदास ने अपनी रचनाओं में किसका वर्णन किया है?
- शिव
- राम
- कृष्ण
- विष्णु
Explanation:
- तुलसीदास ने अपनी रचनाओं में मुख्यतः श्रीराम का वर्णन किया है।
‘त्यागपत्र'(उपन्यास) किसकी रचना है?
- प्रेमचंद
- जैनेन्द्र कुमार
- अज्ञेय
- रेणु
Explanation:
- ‘त्यागपत्र’ जैनेन्द्र कुमार का उपन्यास है।
ज्ञानपीठ पुरस्कार दिया जाता है-
- हिन्दी भाषा के प्रचार-प्रसार हेतु
- भारतीय लेखकों की आर्थिक सहायता हेतु
- भारतीय भाषा में साहित्यकारों के रचनात्मक लेखन हेतु
- इनमें से कोई नहीं
Explanation:
- ज्ञानपीठ पुरस्कार भारतीय भाषाओं में साहित्यिक रचनाओं के लिए दिया जाता है।
‘भाव विलास’ के रचयिता कौन थे-
- देव
- बिहारी
- घनानन्द
- केशव
Explanation:
- ‘भाव विलास’ देव (देवेन्द्र) की रचना है।
रामधारी सिंह ‘दिनकर’ को किस रचना पर ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला है-
- कुरुक्षेत्र
- संस्कृति के चार अध्याय
- उर्वशी
- रश्मिरथी
Explanation:
- दिनकर को ‘उर्वशी’ पर ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला था।
इनमें हिन्दी के किस साहित्यकार को ‘ज्ञानपीठ पुरस्कार’ मिला है-
- प्रेमचन्द
- निराला
- प्रसाद
- सुमित्रानंदन पंत
Explanation:
- सुमित्रानंदन पंत को ‘चिदंबरा’ पर ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला था।
‘तारसप्तक’ के सम्पादक कौन थे –
- नामवर सिंह
- अज्ञेय
- निराला
- प्रभाकर माचवे
Explanation:
- ‘तार सप्तक’ के सम्पादक अज्ञेय (सच्चिदानन्द हीरानन्द वात्स्यायन) थे।
‘गीत फरोश’ के रचयिता कौन हैं-
- प्रसाद
- वीरेन्द्र मिश्र
- भवानी प्रसाद मिश्र
- कुंवर बेचैन
Explanation:
- ‘गीत फरोश’ भवानी प्रसाद मिश्र की रचना है।
‘मधुशाला’ के रचयिता कौन हैं-
- माखनलाल चतुर्वेदी
- हरिवंश राय ‘बच्चन’
- बालकृष्ण शर्मा ‘नवीन’
- रामनरेश त्रिपाठी
Explanation:
- ‘मधुशाला’ हरिवंश राय बच्चन की प्रसिद्ध रचना है।
‘एक कंठ विषपायी’ किसकी रचना है-
- सर्वेश
- दुष्यंत
- धर्मवीर भारती
- कुंवर नारायण
Explanation:
- ‘एक कंठ विषपायी’ दुष्यंत कुमार की रचना है।
‘कुकुरपुता’ के रचयिता कौन हैं-
- पन्त
- निराला
- महादेवी
- प्रसाद
Explanation:
- ‘कुकुरपुता’ निराला की रचना है।
इनमें से निराला की कृति कौन-सी है –
- रिश्म
- तुलसीदास
- आंसू
- उच्चवास
Explanation:
- ‘तुलसीदास’ निराला का जीवनी-ग्रंथ है।
‘राम की शक्तिपूजा’ किसकी कृति है-
- पन्त
- प्रसाद
- निराला
- रामविलास शर्मा
Explanation:
- ‘राम की शक्तिपूजा’ निराला की कविता है।
‘अंधा युग’ किसकी कृति है-
- नरेन्द्र शर्मा
- मुक्तिबोध
- केदारनाथ अग्रवाल
- धर्मवीर भारती
Explanation:
- ‘अंधा युग’ धर्मवीर भारती का प्रसिद्ध नाटक है।
‘नीलादेवी’ नाटक के रचयिता का नाम बताइए –
- भारतेन्दु हरिश्चन्द्र
- प्रसाद
- अश्क
- विष्णु प्रभाकर
Explanation:
- ‘नीलादेवी’ नाटक भारतेन्दु हरिश्चन्द्र की रचना है।
‘अवारा मसीहा’ के लेखक कौन हैं –
- शतचन्द्र
- धर्मवीर भारती
- विष्णु प्रभाकर
- अमृतराय
Explanation:
- ‘अवारा मसीहा’ विष्णु प्रभाकर द्वारा लिखित है।
‘कलम का सिपाही’ किसने लिखी है –
- प्रेमचन्द
- अमृतराय
- रामविलास शर्मा
- विष्णु प्रभाकर
Explanation:
- ‘कलम का सिपाही’ अमृतराय द्वारा लिखी गई प्रेमचन्द की जीवनी है।
‘रक्षाबन्धन’ नाटक के रचयिता कौन हैं –
- सेठ गोविन्ददास
- हरिकृष्ण ‘प्रेमी’
- मोहन राकेश
- भारतेन्दु हरिश्चन्द्र
Explanation:
- ‘रक्षाबन्धन’ नाटक हरिकृष्ण ‘प्रेमी’ की रचना है।
कौन सा नाटक भारतेन्दु का नहीं है –
- भारत दुर्दशा
- स्वर्ण विहार
- अन्धेर नगरी
- चन्द्रावली नाटिका
Explanation:
- ‘स्वर्ण विहार’ भारतेन्दु का नाटक नहीं है।
‘अंजो दीदी’ के रचनाकार कौन हैं –
- भारतेन्दु हरिश्चन्द्र
- उदयशंकर भट्ट
- उपेन्द्रनाथ ‘अश्क’
- भुवनेश्वर
Explanation:
- ‘अंजो दीदी’ उपेन्द्रनाथ अश्क की रचना है।
इनमें से मोहन राकेश की कृति कौन सी है –
- लहरों के राजहंस
- रेशमी टाई
- भोर का तारा
- कौमुदी महोत्सव
Explanation:
- ‘लहरों के राजहंस’ मोहन राकेश का उपन्यास है।
‘दूसरी परम्परा की खोज’ नामक कृति के लेखक कौन हैं –
- नामवर सिंह
- केदारनाथ सिंह
- शिवप्रसाद सिंह
- विजयपाल सिंह
Explanation:
- ‘दूसरी परम्परा की खोज’ नामवर सिंह द्वारा लिखित है।
‘बिहारी रत्नाकर’ के रचयिता कौन हैं –
- बिहारी
- घनानन्द
- रत्नाकर
- कोई नहीं
Explanation:
- ‘बिहारी रत्नाकर’ के संग्राहक रत्नाकर (गंगाधर) हैं।
‘क्या भूलूं क्या याद करूं’ किसकी आत्मकथा है –
- हरिवंश राय ‘बच्चन’
- प्रेमचन्द
- नेहरूजी
- रामविलास शर्मा
Explanation:
- ‘क्या भूलूं क्या याद करूं’ हरिवंश राय बच्चन की आत्मकथा है।
‘तुम चन्दन हम पानी’ किसकी कृति है –
- कुबेर नाथ राय
- विद्यानिवास मिश्र
- डॉ. नगेन्द्र
- अज्ञेय
Explanation:
- ‘तुम चन्दन हम पानी’ विद्यानिवास मिश्र की रचना है।
‘माटी की मूर्तें’ किसकी कृति है-
- महादेवी वर्मा
- रामवृक्ष बेनीपुरी
- दिनकर
- अज्ञेय
Explanation:
- ‘माटी की मूर्तें’ रामवृक्ष बेनीपुरी की रचना है।
‘अद्वितीय’ नामक उपन्यास के रचयिता कौन हैं –
- धर्मवीर भारती
- राही मासूम रजा
- विष्णु प्रभाकर
- निराला
Explanation:
- ‘अद्वितीय’ उपन्यास विष्णु प्रभाकर की रचना है।
‘रामचरितमानस’ में किसका सहयोग था?
- गोकुलनाथ
- नन्ददास
- सूरदास
Explanation:
- तुलसीदास को ‘रामचरितमानस’ लिखने में गोकुलनाथ का सहयोग मिला था।
‘चिन्तामणि’ किसका निबन्ध संग्रह है?
- बालमुकुन्द गुप्त
- हजारी प्रसाद द्विवेदी
- रामचन्द्र शुक्ल
- श्यामसुन्दर दास
Explanation:
- ‘चिन्तामणि’ आचार्य रामचन्द्र शुक्ल का निबन्ध संग्रह है।
‘काशी नागरी प्रचारिणी सभा’ की स्थापना किस वर्ष हुई?
- 1893 ई.
- 1900 ई.
- 1903 ई.
- 1905 ई.
Explanation:
- काशी नागरी प्रचारिणी सभा की स्थापना 1893 ई. में हुई थी।
‘प्रेमसागर’ किसकी रचना है?
- मुंशी सदा सुखलाल
- सदल मिश्र
- लल्लूलाल जी
- रामप्रसाद निरंजनी
Explanation:
- ‘प्रेमसागर’ लल्लूलाल जी की रचना है।
लोकमंगल की भावना का सर्वश्रेष्ठ कवि इनमें से कौन है?
- मलिक मुहम्मद जायसी
- गोस्वामी तुलसीदास
- अज्ञेय
- मुक्तिबोध
Explanation:
- तुलसीदास लोकमंगल की भावना के सर्वश्रेष्ठ कवि माने जाते हैं।
‘गोदान’ उपन्यास की कथावस्तु की कसावट में कमी आई है-
- बहुत कम चरित्रों को शामिल करने से
- शहरी और ग्रामीण पृष्ठभूमि के दो विस्तृत और लगभग विरोधी वातावरणों को समेट लेने से
- दार्शनिक श्रेणी के चरित्रों द्वारा लम्बे भाषण तथा अल्पज्ञ चरित्रों द्वारा उपदेश दिलाने से
- साधारण स्तर की स्थितियों के साथ उत्कृष्ट कोटि की स्थितियों की एक ही मंच पर ले आने से
Explanation:
- ‘गोदान’ में शहरी और ग्रामीण दो अलग-अलग वातावरणों के होने के कारण कथावस्तु में कसावट की कमी आई है।
कवि केशवदास की कौन-सी कृति अपने वर्ण-विषय की अपेक्षा छन्दों की विविधता में भटक गई लगती है?
- रामचन्द्रिका
- कविप्रिया
- रसिकप्रिया
- रतन बावनी
Explanation:
- केशवदास की ‘रामचन्द्रिका’ में वर्ण-विषय की अपेक्षा छन्दों की विविधता अधिक है।
‘विभावानुभावव्यभिचारिसंयोगाद्रसनिष्पत्तिः’ सूत्र किसका है?
- भरतमुनि
- कुन्तक
- वामन
- क्षेमेन्द्र
Explanation:
- यह सूत्र भरतमुनि के ‘नाट्यशास्त्र’ से है।
आधुनिक हिन्दी साहित्य की पहली आत्मकथा के लेखक कौन माने जाते हैं?
- बाबू श्यामसुन्दर दास
- देवेन्द्र सत्यार्थी
- हरिवंशराय बच्चन
- जयशंकर प्रसाद
Explanation:
- श्यामसुन्दर दास द्वारा लिखित आत्मकथा को हिन्दी की पहली आत्मकथा माना जाता है।
महावीर प्रसाद द्विवेदी ने आदिकाल को क्या संज्ञा दी है?
- चारणकाल
- आदिकाल
- वीरकाल
- बीजवपन काल
Explanation:
- महावीर प्रसाद द्विवेदी ने आदिकाल को ‘बीजवपन काल’ कहा है।
किस कवि को ‘कवियों का कवि’ कहा जाता है?
- धर्मवीर भारती
- शमशेर बहादुर सिंह
- रघुवीर सिंह
- सर्वेश्वर दयाल सक्सेना
Explanation:
- शमशेर बहादुर सिंह को ‘कवियों का कवि’ कहा जाता है।
‘दशरथ सुत तिहुँ लोक बखाना, राम नाम का मरम है आना’ किस रचना की पंक्तियाँ हैं?
- तुलसीदास
- कबीर
- केशवदास
- सूरदास
Explanation:
- यह पंक्ति तुलसीदास द्वारा रचित ‘रामचरितमानस’ से है।
हिन्दी का पहला समाचार-पत्र है-
- उदन्त मार्तण्ड
- इतिहास तिमिरनाशक
- बनारस अखबार
- हरिश्चन्द्र मैगजीन
Explanation:
- हिन्दी का पहला समाचार-पत्र ‘उदन्त मार्तण्ड’ था, जो 1826 में प्रकाशित हुआ।
‘अति सूधो सनेह को मारग है’ किसकी पंक्ति है?
- आलम
- बोधा
- ठाकुर
- घनानन्द
Explanation:
- यह पंक्ति घनानन्द की है।
‘हम दीवानों की क्या हस्ती है, आज यहाँ कल वहाँ चले’ किसकी पंक्तियाँ हैं?
- नरेन्द्र शर्मा
- हरिवंश राय बच्चन
- बालकृष्ण शर्मा ‘नवीन’
- भगवतीचरण वर्मा
Explanation:
- यह पंक्ति भगवतीचरण वर्मा की है।
‘अन्या से अनन्या’ किसकी रचना है?
- मैत्रयी पुष्पा
- मृदुला गर्ग
- कृष्णा सोवती
- प्रभा खेतान
Explanation:
- ‘अन्या से अनन्या’ प्रभा खेतान की रचना है।
‘अमिय हलाहल मदभरे, सेत, स्याम रतनार, जियत मरत, झूकि झूकि परत जेहि चितवत एक बारा’ किस कवि द्वारा लिखी काव्य पंक्तियाँ हैं?
- देव
- बिहारी
- रसलीन
- मतिराम
Explanation:
- यह पंक्ति रसलीन की है।
‘आवारा मसीहा’ जीवनी में किसका जीवन-चरित्र है?
- बंकिमचन्द्र चटर्जी
- शरतचन्द्र चट्टोपाध्याय
- भगतसिंह
- जैनेन्द्र
Explanation:
- ‘आवारा मसीहा’ शरतचन्द्र की जीवनी है, जिसे विष्णु प्रभाकर ने लिखा है।
‘पिता’ कहानी के लेखक कौन हैं?
- शेखर जोशी
- उषा प्रियवंदा
- उदय प्रकाश
- ज्ञानरंजन
Explanation:
- ‘पिता’ कहानी ज्ञानरंजन की है।
‘हिन्दी नए चाल में चली’ कथन किसका है?
- हजारीप्रसाद द्विवेदी
- भारतेन्दु हरिश्चन्द्र
- रामचन्द्र शुक्ल
- नागेन्द्र
Explanation:
- यह कथन भारतेन्दु हरिश्चन्द्र का है।
कौन-सा उपन्यास बालकृष्ण भट्ट का है?
- सौ अजान और एक सुजान
- धूर्त रसिककाल
- निस्सहाय हिन्दू
- श्यामास्वप्न
Explanation:
- ‘सौ अजान और एक सुजान’ बालकृष्ण भट्ट का उपन्यास है।
‘चन्दायन’ के रचयिता हैं-
- मालिक मुहम्मद जायसी
- कुतुबन
- मंडन
- मुल्ला दाउद
Explanation:
- ‘चन्दायन’ मुल्ला दाउद की रचना है।
‘हिन्दी युग’ नामकरण किया गया है-
- आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी के नाम पर
- शांतिप्रिय द्विवेदी के नाम पर
- महावीर प्रसाद द्विवेदी के नाम पर
- सोहनलाल द्विवेदी के नाम पर
Explanation:
- महावीर प्रसाद द्विवेदी के समय को ‘हिन्दी युग’ कहा जाता है।
छायावादी प्रवृत्ति की रचना सबसे पहले दिखलाई पड़ी-
- सुमित्रानन्दन पंत की कविता में
- मुकुटधर पाण्डेय की रचनाओं में
- सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ में
- श्रीधर पाठक में
Explanation:
- छायावादी प्रवृत्ति सबसे पहले मुकुटधर पाण्डेय की रचनाओं में दिखाई दी।
एक-दूसरे से भिन्न-भिन्न, नये-नये विचारों एवं रचना शैलियों के जो सात कवि प्रयोगवाद के कवि के रूप में प्रसिद्ध हुए, उनकी कविताओं के संग्रह का सही नाम था-
- पहला तार सप्तक
- प्रथम तार सप्तक
- तार शप्तक
- तार सप्तक
Explanation:
- प्रयोगवादी कवियों का संग्रह ‘तार सप्तक’ कहलाता है।
‘अपने-अपने पिंजरे’ आत्मकथा किसकी है?
- ओमप्रकाश वाल्मीकि
- मोहनदास नैमिशराय
- जयप्रकाश कंदम
- श्योराज सिंह ‘बेचैन’
Explanation:
- ‘अपने-अपने पिंजरे’ मोहनदास नैमिशराय की आत्मकथा है।
‘इदनम्म’ रचना किसकी है?
- ममता कालिया
- मन्नू भंडारी
- चित्रा मुद्गल
- मैत्रेयी पुष्पा
Explanation:
- ‘इदनम्म’ मैत्रेयी पुष्पा की रचना है।
‘चाँद का मुँह टेढ़ा है’ के लेखक हैं-
- यशपाल
- नागार्जुन
- गजानन माधव मुक्तिबोध
- अमृतराय
Explanation:
- ‘चाँद का मुँह टेढ़ा है’ मुक्तिबोध की रचना है।
रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की रचना नहीं है-
- उर्वशी
- रेणुका
- रश्मिरथी
- स्वर्णधूलि
Explanation:
- ‘स्वर्णधूलि’ दिनकर की रचना नहीं है।
जयशंकर प्रसाद बहुत बड़े नाटककार थे। उन्होंने…… नाटक की रचना की।
- अजातशत्रु
- शशिगुप्त
- झाँसी की रानी
- राजमुकुट
Explanation:
- जयशंकर प्रसाद ने ‘अजातशत्रु’ नाटक की रचना की।
निम्नांकित में से रीतिकालीन कवि कौन है?
- मीराबाई
- सूरदास
- नाभादास
- बिहारीलाल
Explanation:
- बिहारीलाल रीतिकाल के प्रमुख कवि हैं।
रामचरितमानस की रचना की गई है?
- अवधी में
- ब्रज भाषा में
- भोजपुरी में
- मैथिली में
Explanation:
- ‘रामचरितमानस’ अवधी भाषा में रचित है।
‘लोकायतन’ किस कवि की रचना है?
- सोहन लाल द्विवेदी
- सुमित्रानन्दन पन्त
- श्रीधर पाठक
- महादेवी वर्मा
Explanation:
- ‘लोकायतन’ सुमित्रानन्दन पन्त की रचना है।
निम्नांकित में से आचार्य चतुरसेन रचित उपन्यास का नाम है-
- गोदान
- गड़ कुण्डार
- चन्द्रकान्ता
- सोमनाथ
Explanation:
- ‘सोमनाथ’ आचार्य चतुरसेन का उपन्यास है।
सुमित्रानन्द पन्त का जन्म…… में हुआ था।
- भवाली
- कौसानी
- नैनीताल
- अल्मोड़ा
Explanation:
- सुमित्रानन्दन पन्त का जन्म कौसानी (अल्मोड़ा) में हुआ था।
‘खूब लड़ी मदानी वह तो झाँसी वाली रानी थी।’ प्रस्तुत पंक्ति के रचयिता कौन है?
- माखनलाल चतुर्वेदी
- सुभद्राकुमारी चौहान
- सोहनलाल द्विवेदी
- रामनरेश त्रिपाठी
Explanation:
- यह पंक्ति सुभद्रा कुमारी चौहान की है।
‘बीजक’ किसकी रचना है?
- सूर
- तुलसी
- कबीर
- जायसी
Explanation:
- ‘बीजक’ कबीरदास की रचना है।
‘सूरदास’ ने किस भाषा में ‘सूरसागर’ की रचना की?
- अवधी
- ब्रज
- खड़ी बोली
- राजस्थानी
Explanation:
- सूरदास ने ‘सूरसागर’ की रचना ब्रजभाषा में की है।
सच्चिदानन्द हीरानन्द वात्स्यायन का उपनाम है-
- हरिऔध
- निराला
- अज्ञेय
- गुलेरी
Explanation:
- सच्चिदानन्द हीरानन्द वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ नाम से प्रसिद्ध हैं।
‘बिहारी’ प्रसिद्ध हैं-
- कवित्त
- सवैया
- पद
- दोहा
Explanation:
- बिहारी ‘बिहारी सतसई’ में दोहों के लिए प्रसिद्ध हैं।
घनानंद को किस युग का कवि माना जाता है?
- आदिकाल
- भक्तिकाल
- रीतिकाल
- भारतेन्दु काल
Explanation:
- घनानंद रीतिकाल के प्रमुख कवि हैं।
निम्न में से किस पत्रिका का संबंध इलाहबाद से है?
- ब्राह्मण
- हिन्दी प्रदीप
- समन्वय
- माधुरी
Explanation:
- ‘हिन्दी प्रदीप’ पत्रिका का संबंध इलाहबाद से है।
सरस्वती पत्रिका के संपादक कौन थे?
- भारतेन्दु हरिश्चन्द्र
- बालकृष्ण भट्ट
- महावीर प्रसाद द्विवेदी
- बालमुकुंद गुप्त
Explanation:
- ‘सरस्वती’ पत्रिका के संपादक महावीर प्रसाद द्विवेदी थे।
‘रामचरितमानस’ में काण्ड का सही क्रम है-
- सुन्दरकाण्ड, अयोध्याकाण्ड, बालकाण्ड, लंकाकाण्ड
- बालकाण्ड, अयोध्याकाण्ड, सुन्दरकाण्ड, लंकाकाण्ड
- अयोध्याकाण्ड, बालकाण्ड, सुन्दरकाण्ड, लंकाकाण्ड
- लंकाकाण्ड, अयोध्याकाण्ड, बालकाण्ड, सुन्दरकाण्ड
Explanation:
- ‘रामचरितमानस’ के सातों काण्डों का सही क्रम है – बालकाण्ड, अयोध्याकाण्ड, अरण्यकाण्ड, किष्किन्धाकाण्ड, सुन्दरकाण्ड, लंकाकाण्ड, उत्तरकाण्ड।
‘पराधीन सपनेहुँ सुख नहीं’- किस रचनाकार की पंक्ति है?
- कबीरदास
- रैदास
- सूरदास
- तुलसीदास
Explanation:
- यह पंक्ति तुलसीदास द्वारा रचित ‘रामचरितमानस’ से है।
अमृतलाल नागर के किस उपन्यास में गोस्वामी तुलसीदास की जीवनी को आधार बनाया गया है?
- बूँद और समुद्र
- सुहाग के नुपूर
- मानस का हंस
- अमृत और विष
Explanation:
- ‘मानस का हंस’ में तुलसीदास की जीवनी को आधार बनाया गया है।
‘भेजे मनभावन के ऊधव के आवन की सुधि ब्रज-ग्वालिन में पावन जबै लगी’- इस पंक्ति के रचनाकार कौन हैं?
- सूरदास
- कुंभनदास
- नन्ददास
- जगन्नाथ दास ‘रत्नाकर’
Explanation:
- यह पंक्ति जगन्नाथ दास ‘रत्नाकर’ की है।
‘डॉ. नगेन्द्र ने किस युग को ‘स्थूल के प्रति सूक्ष्म का विद्रोह’ कहा है?
- भारतेन्दु युग
- भक्तिकाल
- रीतिकाल
- छायावाद
Explanation:
- डॉ. नगेन्द्र ने छायावाद युग को ‘स्थूल के प्रति सूक्ष्म का विद्रोह’ कहा है।
‘मेरी तिब्बत-यात्रा’ के रचनाकार कौन हैं?
- श्रीराम शर्मा
- बनारसीदास चतुर्वेदी
- महादेवी वर्मा
- राहुल सांकृत्यायन
Explanation:
- ‘मेरी तिब्बत-यात्रा’ राहुल सांकृत्यायन की रचना है।
‘विवर्त’ किसकी रचना है?
- यशपाल
- जैनेन्द्र
- अज्ञेय
- उपेन्द्रनाथ अश्क
Explanation:
- ‘विवर्त’ जैनेन्द्र कुमार की रचना है।
हिन्दी साहित्य के इतिहास के सम्बन्ध में ‘मॉडर्न वरनाक्यूलर लिटरेचर ऑफ हिन्दोस्तान’ किसने लिखा है?
- गार्सा द तासी
- जॉर्ज अब्राहम ग्रियर्सन
- सुनितिकुमार चटर्जी
- धीरेन्द्र वर्मा
Explanation:
- यह पुस्तक जॉर्ज अब्राहम ग्रियर्सन ने लिखी है।
मैथिलीशरण गुप्त ने नहीं लिखा है-
- साकेत
- कामायनी
- जयद्रथ वध
- यशोधरा
Explanation:
- ‘कामायनी’ जयशंकर प्रसाद की रचना है, मैथिलीशरण गुप्त की नहीं।
‘मैया कबहिं बढ़ेगी चोटी’ इस पंक्ति के रचनाकार कौन हैं?
- सूरदास
- कबीरदास
- तुलसीदास
- केशवदास
Explanation:
- यह पंक्ति सूरदास की है।
‘चरण कमल बन्दी हरिराई’ इस पंक्ति के रचनाकार कौन हैं?
- सूरदास
- कबीरदास
- तुलसीदास
- केशवदास
Explanation:
- यह पंक्ति सूरदास की है।
‘संतन को कहा सीकरी सो काम आवत जात पनहियाँ दूटी, बिसरि गयो हरिनाम।’ इस पंक्ति के रचनाकार कौन हैं?
- सूरदास
- कबीरदास
- कुम्भनदास
- केशवदास
Explanation:
- यह पंक्ति कुम्भनदास की है।
‘पर उपदेश कुसल बहुतेरे’ इस पंक्ति के रचनाकार कौन हैं?
- सूरदास
- कबीरदास
- तुलसीदास
- केशवदास
Explanation:
- यह पंक्ति तुलसीदास की है।
‘रघुकुल रीति सदा चलि आई, प्राण जाय पर वचन न जाई’ इस पंक्ति के रचनाकार कौन हैं?
- सूरदास
- कबीरदास
- तुलसीदास
- केशवदास
Explanation:
- यह पंक्ति तुलसीदास द्वारा रचित ‘रामचरितमानस’ से है।
‘निस दिन बरसत नैन हमारे’ इस पंक्ति के रचनाकार कौन हैं?
- सूरदास
- कबीरदास
- तुलसीदास
- केशवदास
Explanation:
- यह पंक्ति सूरदास की है।
‘परहित सरिस धर्म नहिं भाई, पर पीड़ा सम नहिं अधमाई’ इस पंक्ति के रचनाकार कौन हैं?
- सूरदास
- कबीरदास
- तुलसीदास
- केशवदास
Explanation:
- यह पंक्ति तुलसीदास की है।
‘मो सम कौन कुटिल खल कामी’ इस पंक्ति के रचनाकार कौन हैं?
- सूरदास
- कबीरदास
- तुलसीदास
- केशवदास
Explanation:
- यह पंक्ति सूरदास की है।
‘मूढ़, गंवार, सुढ़, पशु, नारी सकल ताड़ना के अधिकारी’ इस पंक्ति के रचनाकार कौन हैं?
- सूरदास
- कबीरदास
- तुलसीदास
- केशवदास
Explanation:
- यह पंक्ति तुलसीदास की है।
‘नयन जो देखा कंवल भा, निरमल नीर-सरीर। हँसत जु देखा हंस भा, दसन ज्योति नगहरि’ इस पंक्ति के रचनाकार कौन हैं?
- जायसी
- कबीरदास
- तुलसीदास
- केशवदास
Explanation:
- यह पंक्ति जायसी की है।
‘विरह अगिनि जरि कुन्दन होई निरमल तन पावे कोई-कोई’ इस पंक्ति के रचनाकार कौन हैं?
- जायसी
- कबीरदास
- तुलसीदास
- केशवदास
Explanation:
- यह पंक्ति जायसी की है।
‘मेरी भव बाधा हरी, राधा नागिर सोड़ जा तन की झू॑ई परै, श्याम हरित दुत होय’ इस पंक्ति के रचनाकार कौन हैं?
- बिहारीलाल
- कबीरदास
- तुलसीदास
- केशवदास
Explanation:
- यह पंक्ति बिहारीलाल की है।
‘कनक-कनक ते सौगुनी मादकता अधिकाय। वा खाय बौराइ जग, वा पाए बौराय’ इस पंक्ति के रचनाकार कौन हैं?
- बिहारीलाल
- कबीरदास
- तुलसीदास
- केशवदास
Explanation:
- यह पंक्ति बिहारीलाल की है।
‘देन हार कौउ और है, देड़ रहत दिन रैन। लोग भरम हम पै करें, या सों नीचे नैन’ इस पंक्ति के रचनाकार कौन हैं?
- रहीम
- कबीरदास
- तुलसीदास
- केशवदास
Explanation:
- यह पंक्ति रहीम की है।
‘हरि मोरि रिपि, मैं राम की बहुरिया’ इस पंक्ति के रचनाकार कौन हैं?
- रहीम
- कबीरदास
- तुलसीदास
- केशवदास
Explanation:
- यह पंक्ति केशवदास की है।
‘बड़ा भया तो क्या भया, जैसे पेड़ खजूर’ इस पंक्ति के रचनाकार कौन हैं?
- रहीम
- कबीरदास
- तुलसीदास
- केशवदास
Explanation:
- यह पंक्ति कबीरदास की है।
‘बाँटन बारे के लगे ज्यों महेंदी को रंग’ इस पंक्ति के रचनाकार कौन हैं?
- रहीम
- कबीरदास
- तुलसीदास
- केशवदास
Explanation:
- यह पंक्ति रहीम की है।
‘सुरितय नरितय नागितय, अस चाहत सब कोय गोद लिए हुलसी फिरे, तुलसी सो सुत होय’ इस पंक्ति के रचनाकार कौन हैं?
- रहीम
- कबीरदास
- तुलसीदास
- केशवदास
Explanation:
- यह पंक्ति तुलसीदास की है।
