द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 6.94
Category: Alkali metal
Period / Group: 2 / 1
खोज: 1817
सबसे हल्की धातु (Lightest Metal): यह आवर्त सारणी (Periodic Table) की सबसे हल्की धातु और सबसे कम घनत्व (Lowest Density) वाला ठोस तत्व है।
इसका घनत्व पानी से भी आधा होता है, इसलिए यह पानी पर तैरता है।
क्षार धातु (Alkali Metal): लिथियम आवर्त सारणी के Group 1 (समूह 1) और Period 2 (आवर्त 2) का सदस्य है।
अत्यधिक क्रियाशील (Highly Reactive):
बहुत अधिक क्रियाशील होने के कारण यह प्रकृति में कभी भी मुक्त अवस्था में नहीं पाया जाता।
हवा और नमी से बचाने के लिए इसे मिट्टी के तेल (Kerosene) या पैराफिन मोम में डुबोकर रखा जाता है।
यह एक चांदी जैसी सफेद और अत्यधिक मुलायम धातु है, जिसे साधारण चाकू से भी आसानी से काटा जा सकता है।
सभी ठोस तत्वों में लिथियम की विशिष्ट ऊष्मा क्षमता (Specific Heat Capacity) सबसे अधिक होती है।
इसका विद्युत रासायनिक श्रृंखला (Electrochemical Series) में सबसे कम अपचयन विभव होता है, जिसके कारण यह सबसे शक्तिशाली अपचायक (Strongest Reducing Agent) है।
प्रमुख अयस्क (Main Ores):
स्पोड्यूमीन (Spodumene)
पेटालाइट (Petalite)
लेपिडोलाइट (Lepidolite)
उपयोग (Uses):
रीचार्ज होने वाली लिथियम-आयन बैटरी (Li-ion Batteries) बनाने में होता है, जो मोबाइल, लैपटॉप और इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) में उपयोग की जाती हैं।
मिश्र धातु (Alloys): एल्युमीनियम और मैग्नीशियम के साथ मिलकर यह अत्यधिक मजबूत और हल्की मिश्र धातु बनाता है, जिसका उपयोग विमान (Aircraft) और अंतरिक्ष यान के पुर्जे बनाने में होता है।
लिथियम कार्बोनेट (Li2CO3 ) का उपयोग मानसिक स्वास्थ्य विकारों, विशेषकर ‘बायपोलर डिसऑर्डर‘ (Bipolar Disorder) और अवसाद (Depression) के इलाज में मूड स्टेबलाइजर के रूप में किया जाता है।
सफेद सोना (White Gold): आधुनिक तकनीक और बैटरी उद्योग में इसकी भारी मांग के कारण इसे वर्तमान में “सफेद सोना” (White Gold) भी कहा जाता है।
लिथियम त्रिकोण (Lithium Triangle): दुनिया का सबसे बड़ा लिथियम भंडार दक्षिण अमेरिका के तीन देशों — चिली, अर्जेंटीना और बोलीविया में स्थित है, जिसे ‘लिथियम ट्रायंगल’ कहा जाता है।
Beryllium | बेरीलियम
Beryllium (Be) Atomic number: 4
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 9.0122
Period / Group: 2 / 2
खोज: 1798
तत्व का प्रकार : क्षारीय मृदा धातु (Alkaline Earth Metal) है।
इलेक्ट्रॉनिक विन्यास (Electronic Configuration): 1s2 2s2 होता है।
इसके बाहरी कक्ष (Valence Shell) में 2 इलेक्ट्रॉन होते हैं।
एक्स-रे पारगम्यता (X-ray Translucency): बेरीलियम का परमाणु क्रमांक कम होने के कारण यह एक्स-रे को आसानी से गुजरने देता है।
इसलिए इसका उपयोग एक्स-रे ट्यूब के विंडो (Windows) बनाने में किया जाता है।
Copper-Beryllium मिश्र धातु – इसका उपयोग गैर-चिंगारी वाले उपकरण (Non-sparking tools), स्प्रिंग और विमान के पुर्जे बनाने में होता है।
एयरोस्पेस और डिफेंस (Aerospace & Defense): कम वजन और उच्च मजबूती के कारण इसका उपयोग अंतरिक्ष यान, उपग्रहों, मिसाइलों और जेम्स वेब स्पेस टेलिस्कोप के शीशों (Mirrors) को बनाने में किया गया है।
बेरीलियम का उपयोग परमाणु रिएक्टरों मेंन्यूट्रॉन मॉडरेटर (Moderator) और रिफ्लेक्टर के रूप में किया जाता है।
खनिज (Minerals/Ores):
बेरिल (Beryl)
बर्ट्रेंडाइट (Bertrandite)
प्रसिद्ध रत्न ‘पन्ना’ (Emerald) भी बेरिल खनिज का ही एक रूप है।
विषाक्तता (Toxicity): बेरीलियम के धूल के कण अत्यधिक जहरीले होते हैं।
इसके कारण फेफड़ों की एक गंभीर बीमारी हो सकती है जिसे बेरिलियोसिस (Berylliosis) कहते हैं।
Boron | बोरोन
Boron (B) Atomic number: 5
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 10.81
Category: Metalloid
Period / Group: 2 / 13
इसे ‘बोरोन परिवार’ (Boron Family) का पहला तत्व माना जाता है।
खोज: नाइट्रोजन गैस की खोज डैनियल रदरफोर्ड ने 1772 में की थी।
इलेक्ट्रॉनिक विन्यास: 1s2 2s2 2p3
इसके बाहरी कक्षक में 5 इलेक्ट्रॉन होते हैं।
प्रकृति: यह एक रंगहीन (Colorless), गंधहीन (Odorless) और स्वादहीन (Tasteless) अधातु (Non-metal) गैस है।
वायुमंडल में प्रचुरता: कुल वायु का लगभग 78% है।
त्रि-बंध (Triple Bond): दो नाइट्रोजन परमाणुओं के बीच एक बहुत ही मजबूत त्रि-बंध (N≡N) होता है, जिसके कारण यह सामान्य तापमान पर बहुत कम क्रियाशील (Inert) होती है।
लिक्विड नाइट्रोजन (तरल नाइट्रोजन) का क्वथनांक (Boiling Point) −196 ∘ C होता है, जिसके कारण इसका उपयोग अत्यधिक ठंडक पैदा करने (Cryogenics) के लिए किया जाता है।
ज्वलनशीलता: यह गैस न तो खुद जलती है और न ही जलने में सहायता करती है (यह आग को नियंत्रित करने में मदद करती है)।
चिप्स और खाद्य पैकेट: आलू के चिप्स और अन्य खाद्य पदार्थों को खराब होने (Oxidation/Rancidity) से बचाने के लिए पैकेटों में नाइट्रोजन गैस भरी जाती है।
टायरों में उपयोग: हवाई जहाज के टायरों और रेसिंग कारों के टायरों में नाइट्रोजन गैस भरी जाती है क्योंकि यह उच्च तापमान पर फैलती नहीं है और रबर के साथ क्रिया नहीं करती।
अमोनिया का निर्माण (Haber Process): औद्योगिक स्तर पर अमोनिया (NH3 ) बनाने के लिए हैबर विधि का उपयोग किया जाता है, जिसमें नाइट्रोजन और हाइड्रोजन (N2 +3H2 →2NH3) को मिलाया जाता है।
हँसाने वाली गैस (Laughing Gas):नाइट्रस ऑक्साइड (N2O) को लाफिंग गैस कहा जाता है,
जिसका उपयोग चिकित्सा में हल्के एनेस्थीसिया (Anesthesia) के रूप में भी होता है।
उर्वरक (Fertilizers):
यूरिया [ CO(NH2)2 ] सबसे प्रमुख नाइट्रोजन युक्त उर्वरक है, जिसमें लगभग 46% नाइट्रोजन पाई जाती है।
विस्फोटक (Explosives):
TNT – Trinitrotoluene
नाइट्रोग्लिसरीन और डायनामाइट जैसे प्रमुख विस्फोटकों में नाइट्रोजन के यौगिकों का उपयोग होता है।
तरल नाइट्रोजन (Liquid Nitrogen) का उपयोग मानव अंगों, रक्त, बैल के वीर्य (Semen) और अन्य जैविक नमूनों को लंबे समय तक सुरक्षित (Cryopreservation) रखने के लिए किया जाता है।
नाइट्रोजन फिक्सेशन (स्थिरीकरण):
दलहनी फसलों (Leguminous plants) की जड़ों में पाया जाने वाला राइजोबियम (Rhizobium) बैक्टीरिया वायुमंडलीय नाइट्रोजन को नाइट्रेट्स में बदलता है, जिसे पौधे आसानी से ग्रहण कर सकते हैं।
Oxygen | ऑक्सीजन
Oxygen (O) Atomic number: 8
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 15.999
Category: अधातु
Period / Group: 2 / 16 (Chalcogens)
खोज: 1774
by Joseph Priestley and Carl Wilhelm Scheele.
Antoine Lavoisier named the element oxygen.
उपयोग: Respiration, steelmaking, oxidizer in rockets
यह एक अधातु और अत्यधिक क्रियाशील तत्व है।
प्रकृति में ऑक्सीजन एक द्विपरमाणुक अणु (O₂) के रूप में मौजूद होती है।
ऑक्सीजन दहन में सहायक होती है, लेकिन स्वयं नहीं जलती।
द्रव्यमान के आधार पर, यह पृथ्वी की पपड़ी में पाया जाने वाला सबसे प्रचुर तत्व है।
पृथ्वी के वायुमंडल का लगभग 21% भाग ऑक्सीजन से बना है।
मानव शरीर में, ऑक्सीजन का परिवहन रक्त में मौजूद हीमोग्लोबिन द्वारा किया जाता है।
ऑक्सीजन अधिकांश तत्वों के साथ अभिक्रिया करके ऑक्साइड बनाती है।
अपररूप/allotrope : ओज़ोन (O₃)
ओज़ोन परत पृथ्वी को हानिकारक पराबैंगनी किरणों से बचाती है।
द्रव ऑक्सीजन का रंग हल्का नीला होता है।
इसका व्यापक उपयोग वेल्डिंग और धातु की कटाई में किया जाता है।
ऑक्सीजन ऑक्सीकरण (oxidation) और संक्षारण (corrosion) की प्रक्रियाओं में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
ऑक्सीजन के तीन स्थिर समस्थानिक होते हैं: : O-16, O-17, and O-18.
जलीय जंतु श्वसन के लिए जल में घुली हुई ऑक्सीजन (Dissolved Oxygen) गैस का उपयोग करते हैं।
पानी में ऑक्सीजन की विलेयता तापमान बढ़ने पर घटती है।
जलीय पौधे प्रकाश संश्लेषण के दौरान कार्बन डाइऑक्साइड (CO2 ) ग्रहण करते हैं और ऑक्सीजन छोड़ते हैं।
समुद्री गोताखोर सांस लेने के लिए ऑक्सीजन और हीलियम गैसों के मिश्रण का उपयोग करते हैं।
Fluorine | फ्लोरीन
Fluorine (F) Atomic number: 9
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 18.998
Category: Halogen (nonmetal)
Period / Group: 2 / 17
उपयोग:
Fluorides (toothpaste),
refrigerants precursor,
chemical industry
इसे हैलोजन (Halogen) परिवार का सदस्य माना जाता है।
इलेक्ट्रॉनिक विन्यास – 1s2 2s2 2p5 (या 2, 7)
सर्वाधिक विद्युत ऋणात्मक तत्व (Most Electronegative Element): यह पूरी आवर्त सारणी में सबसे अधिक विद्युत ऋणात्मक (Most Electronegative) तत्व है।
सर्वाधिक क्रियाशील अधातु (Most Reactive Non-metal): अत्यधिक रासायनिक क्रियाशीलता के कारण यह प्रकृति में कभी भी मुक्त अवस्था (Free State) में नहीं पाया जाता।
सामान्य तापमान पर यह एक हल्की पीली, तीखी गंध वाली और अत्यंत विषैली गैस है।
दांतों के लिए महत्व (Dental Health): पीने के पानी में फ्लोरीन की नियंत्रित मात्रा (लगभग 1 ppm) दांतों को सड़न से बचाती है। इसकी कमी से दांत कमजोर होते हैं।
फ्लोरोसिस रोग (Fluorosis): पानी में फ्लोरीन की अधिकता से फ्लोरोसिस (Fluorosis) नामक बीमारी हो जाती है, जिससे दांतों पर पीले धब्बे पड़ जाते हैं और हड्डियां कमजोर (Knock-knee syndrome) हो जाती हैं।
प्रमुख अयस्क (Main Ores):
फ्लूओरस्पार (Fluorspar – CaF2 )
क्रायोलाइट (Cryolite – Na3 AlF6 )
फ्लूओरएपेटाइट (Fluorapatite)
टेफ्लॉन का निर्माण (Teflon Coating):नॉन-स्टिक बर्तनों पर चढ़ाई जाने वाली टेफ्लॉन (Teflon) कोटिंग वास्तव में पॉली-टेट्रा-फ्लोरो-एथिलीन (PTFE) नामक फ्लोरीन का एक बहुलक (Polymer) है।
क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFCs): फ्लोरीन, कार्बन और क्लोरीन के साथ मिलकर ओजोन परत को नुकसान पहुंचाने वाली गैस CFC (Freon) बनाती है, जिसका उपयोग रेफ्रिजरेटर और एसी में शीतलक (Coolant) के रूप में किया जाता था।
कांच पर नक्काशी (Glass Etching): फ्लोरीन का यौगिक हाइड्रोफ्लोरिक अम्ल (HF) कांच को घोल सकता है, इसलिए इसका उपयोग कांच पर नक्काशी (Etching) करने के लिए किया जाता है।
यूरेनियम संवर्धन (Uranium Enrichment): इसके यौगिक यूरेनियम हेक्साफ्लोराइड (UF6 ) का उपयोग परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के लिए यूरेनियम संवर्धन में किया जाता है।
Neon | निऑन
Neon (Ne) Atomic number: 10
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 20.180
Category: Noble gas
Period / Group: 2 / 18
उपयोग:
Neon signs,
cryogenics,
indicators
खोज (Discovery): निऑन गैस की खोज 1898 में ब्रिटिश रसायनशास्त्री सर विलियम रामसे (Sir William Ramsay) और मॉरिस ट्रैवर्स (Morris Travers) ने की थी।
इलेक्ट्रॉनिक विन्यास- 1s22s22p6 या [He]2s22p6
इसके बाह्यतम कोश (Valence Shell) में 8 इलेक्ट्रॉन होते हैं, जिससे इसका अष्टक (Octet) पूर्ण होता है।
प्रकृति (Nature): अक्रिय गैस (Noble Gas / Inert Gas)
रंगहीन, गंधहीन, स्वादहीन और गैर-विषाक्त (Non-toxic)
चमकदार प्रकाश (Glow): जब कम दबाव पर निऑन गैस से विद्युत धारा (Electric Current) गुजारी जाती है, तो यह चमकीला लाल-नारंगी (Reddish-Orange) प्रकाश उत्सर्जित करती है।
प्रमुख उपयोग
इसका उपयोग विज्ञापन साइन बोर्ड (Neon Sign Boards) और हाई-वोल्टेज इंडिकेटर्स में किया जाता है।
कोहरे को भेदने की क्षमता के कारण इसका उपयोग हवाई पट्टियों (Runways) के बीकन लाइट में होता है।
तरल निऑन (Liquid Neon) का उपयोग एक महत्वपूर्ण क्रायोजेनिक रेफ्रिजरेंट (Cryogenic Refrigerant) के रूप में किया जाता है, जिसकी प्रशीतन क्षमता लिक्विड हीलियम से 4 गुना अधिक होती है।
Sodium | सोडियम
Sodium (Na) Atomic number: 11
(नैट्रियम – Natrium से)
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 23u
Category: (क्षार धातु – Alkali Metals)
Period / Group: 3 / 1
खोज: 1807 (isolated)
अत्यधिक क्रियाशील (Highly Reactive): यह एक बहुत ही सक्रिय धातु है, जो हवा में मौजूद ऑक्सीजन और नमी के साथ तेजी से अभिक्रिया करती है, इसलिए इसे मिट्टी के तेल (Kerosene Oil) में डुबोकर रखा जाता है।
नरम धातु (Soft Metal): सोडियम इतनी मुलायम धातु है कि इसे चाकू से आसानी से काटा जा सकता है।
पानी के साथ अभिक्रिया (Reaction with Water): पानी के संपर्क में आने पर यह अत्यधिक ऊष्माक्षेपी (exothermic) अभिक्रिया करता है, जिससे हाइड्रोजन गैस निकलती है और आग लग जाती है।
कम घनत्व (Low Density): सोडियम का घनत्व पानी से कम होता है, इसलिए यह पानी पर तैरता है (फ्लोट करता है)।
मानव शरीर में भूमिका
यह रक्तचाप (Blood Pressure) को नियंत्रित करने,
शरीर में पानी का संतुलन बनाए रखने
तंत्रिका आवेगों (Nerve Impulses) के संचरण के लिए आवश्यक है।
तत्वों का वर्ग: क्षारीय मृदा धातु (Alkaline Earth Metal)
इलेक्ट्रॉनिक विन्यास : [Ne]3s2
इसके बाहरी कक्ष में 2 संयोजी इलेक्ट्रॉन होते हैं।
मैग्नीशियम पौधों में क्लोरोफिल (Chlorophyll) के केंद्र में पाया जाने वाला मुख्य धातु परमाणु है, जो प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) के लिए आवश्यक है।
यह हड्डियों और दांतों की संरचना के लिए आवश्यक है ।
आतिशबाज़ी (Fireworks): हवा में जलने पर यह एक अत्यंत चमकदार सफेद रोशनी (Brilliant White Light) पैदा करता है, इसलिए इसका उपयोग पटाखों और फ्लैशलाइट में किया जाता है।
फ्लैश बल्ब: पुराने समय के फोटोग्राफी फ्लैश बल्ब में मैग्नीशियम के तारों या रिबन का उपयोग किया जाता था।
मिश्र धातु (Alloys):
मैग्नेनियम (Magnalium)
ड्यूरालुमिन (Duralumin) – हवाई जहाज और कारों के पुर्जे बनाने में
मिल्क ऑफ मैग्नीशिया (Milk of Magnesia): मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड [Mg(OH)2]
पेट की अम्लता (Acidity) को दूर करने वाले एंटासिड (Antacid) और रेचक (Laxative) के रूप में किया जाता है।
सोडियम के बाद समुद्री जल में घुली हुई धातुओं में मैग्नीशियम दूसरा सबसे प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला तत्व है।
ग्रिग्नार्ड अभिकर्मक (Grignard Reagent): कार्बनिक रसायन विज्ञान (Organic Chemistry) में महत्वपूर्ण ग्रिग्नार्ड अभिकर्मक (R−Mg−X) में मैग्नीशियम धातु केंद्रीय तत्व होती है।
अत्यधिक क्रियाशील होने के कारण यह प्रकृति में कभी भी मुक्त अवस्था में नहीं पाया जाता, हमेशा यौगिकों (जैसे डोलोमाइट, मैग्नेसाइट) के रूप में मिलता है।
Aluminium | एल्युमिनियम
Aluminium (Al) Atomic number: 13
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 26.982 or 27 u
Category: Post-transition metal
Period / Group: 3 / 13 (Boron group)
खोज / isolated: 1825
उपयोग: Lightweight alloys, packaging (foil), construction
Aluminium is a chemical element with symbol Al and atomic number 13.
Aluminium is the most abundant metal and the third most abundant element in the Earth’s crust (after oxygen and silicon).
Aluminium is a lightweight, silvery-white metal.
It has low density, which makes it useful in aircraft and automobile industries.
Aluminium is a good conductor of heat and electricity.
It is non-magnetic and non-sparking in nature.
Aluminium is highly resistant to corrosion due to formation of a thin oxide layer on its surface.
The oxide layer formed is Al₂O₃ (aluminium oxide).
Aluminium is malleable and ductile.
It can be easily rolled into sheets (foil) and drawn into wires.
ore of aluminium
Bauxite: extracted from bauxite by the Bayer Process.
Cryolite:
Corundum
Pure aluminium is obtained by electrolytic reduction in the Hall–Héroult Process.
Aluminium is a strong reducing agent.
It is used in thermite welding to extract metals like iron from their oxides.
Aluminium does not react with water under normal conditions.
Aluminium reacts with both acids and bases, showing amphoteric nature.
Aluminium hydroxide Al(OH)₃ is amphoteric in nature.
Aluminium is widely used in
electrical cables, utensils, and packaging materials.
food packaging.
aerospace and defence industries.
Aluminium powder is used in fireworks and explosives.
making cement, glass, and ceramics.
Aluminium is 100% recyclable without loss of properties.
Recycling aluminium saves about 95% of energy compared to fresh extraction.
The chemical name of aluminium oxide is alumina.
Aluminium does not occur in free state in nature due to its high reactivity.
Silicon | सिलिकॉन
Silicon (Si) Atomic number: 14
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 28.085
Period / Group: 3 / 14
खोज: 1824 (isolated)
उपयोग: Semiconductors, glass, silicones
इलेक्ट्रॉनिक विन्यास : [Ne]3s23p2
बाह्यतम कोश (Valence Shell) में 4 इलेक्ट्रॉन होते हैं, इसलिए यह एक चतुःसंयोजी (Tetravalent) तत्व है।
प्रकृति (Nature): उपधातु (Metalloid) है।
इसमें धातुओं और अधातुओं दोनों के गुण पाए जाते हैं।
भूपर्पटी पर प्रचुरता (Abundance in Earth’s Crust): ऑक्सीजन (लगभग 46.6%) के बाद सिलिकॉन भूपर्पटी (Earth’s crust) पर पाया जाने वाला दूसरा सबसे प्रचुर तत्व है, जो कुल द्रव्यमान का लगभग 27.7% है।
मुक्त अवस्था (Free State): सिलिकॉन प्रकृति में कभी भी मुक्त या शुद्ध अवस्था में नहीं पाया जाता है।
यह मुख्य रूप से ऑक्साइड (जैसे सिलिका, SiO2) और सिलिकेट के रूप में पाया जाता है।
सिलिका (Silica): रेत (Sand), क्वार्ट्ज (Quartz) और चकमक पत्थर (Flint) मुख्य रूप से सिलिकॉन डाइऑक्साइड (SiO2) के ही रूप हैं।
सिलिकॉन एक अर्धचालक (Semiconductor) है।
शुद्ध अवस्था में इसकी विद्युत चालकता कम होती है, लेकिन उच्च तापमान पर या अशुद्धि मिलाने पर (Doping) इसकी चालकता बढ़ जाती है।
इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग : कंप्यूटर चिप्स, माइक्रोप्रोसेसर, इंटीग्रेटेड सर्किट (ICs), और ट्रांजिस्टर बनाने के लिए सिलिकॉन का सबसे व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है।
कैलिफोर्निया के तकनीकी केंद्र को “सिलिकॉन वैली” (Silicon Valley)
भारत के बेंगलुरु को “भारत की सिलिकॉन वैली” कहा जाता है।
सौर सेल (Solar Cells): सौर ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदलने वाले सौर पैनलों (Solar Panels) और फोटोवोल्टिक सेलों में सिलिकॉन का उपयोग मुख्य घटक के रूप में होता है।
सिलिकोन (Silicones):
सिलिकॉन से बने बहुलक (Polymers) जिन्हें ‘सिलिकोन’ कहा जाता है, का उपयोग जलरोधक (Waterproofing) सीलेंट, स्नेहक (Lubricants), और चिकित्सा प्रत्यारोपण (Medical Implants) में किया जाता है।
कांच और कंक्रीट (Glass & Concrete): कांच (Glass), सीमेंट, कंक्रीट और मिट्टी के बर्तनों (Ceramics) के निर्माण में सिलिकेट्स और सिलिका (SiO2 ) का बड़े पैमाने पर उपयोग होता है।
सिलिकोसिस रोग (Silicosis Disease): खदानों या कांच उद्योगों में काम करने वाले श्रमिकों के फेफड़ों में सिलिका की धूल जमा होने से सिलिकोसिस (Silicosis) नामक गंभीर फेफड़ों की बीमारी हो जाती है।
Phosphorus | फॉस्फोरस
Phosphorus (P) Atomic number: 15
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 30.974
Category: Nonmetal
Period / Group: 3 / 15
खोज: 1669
जर्मन कीमियागर (Alchemist) हेनिग ब्रांड (Hennig Brand) ने मानव मूत्र से की थी।
उपयोग: Fertilizers, matches, flame retardants
अपररूप (Allotropes):
श्वेत/पीला फॉस्फोरस
लाल फॉस्फोरस
काला फॉस्फोरस
श्वेत फॉस्फोरस (White Phosphorus):
सबसे अधिक क्रियाशील (Reactive)
अत्यधिक विषैला (Poisonous) होता है।
यह हवा में स्वतः जलने लगता है, इसलिए इसे हमेशा पानी के अंदर रखा जाता है।
स्फुरदीप्ति (Chemiluminescence): अंधेरे में ऑक्सीजन के संपर्क में आने पर धीमे ऑक्सीकरण के कारण चमकता है, इस घटना को स्फुरदीप्ति कहते हैं।
युद्ध में उपयोग: श्वेत फॉस्फोरस का उपयोग सैन्य अभियानों में धुआं पैदा करने वाले बम (Smoke Screens) और आग लगाने वाले हथियारों में किया जाता है।
लाल फॉस्फोरस (Red Phosphorus):
यह श्वेत फॉस्फोरस की तुलना में कम क्रियाशील और कम विषैला होता है।
इसका उपयोग माचिस के निर्माण (Matchbox Industry) मेंतीली के शीर्ष और रगड़ने वाली सतह पर किया जाता है।
मानव शरीर में उपस्थिति:
कैल्शियम के बाद फॉस्फोरस मानव शरीर में दूसरा सबसे प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला खनिज है।
यह हमारी हड्डियों और दांतों के निर्माण के लिए आवश्यक है (कैल्शियम फॉस्फेट के रूप में)।
ATP (Adenosine Triphosphate), तथा आनुवंशिक पदार्थ DNA और RNA का एक मुख्य घटक है।
यह पौधों की वृद्धि के लिए एक आवश्यक प्राथमिक पोषक तत्व है।
व्यावसायिक उर्वरकों (Fertilizers) में उपयोग होने वाले NPK में ‘P’ का मतलब फॉस्फोरस ही है।
Sulfur | सल्फर
Sulfur (S) Atomic number: 16
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 32.06
Category: Nonmetal
Period / Group: 3 / 16(Oxygen family/Chalcogens)
p-ब्लॉक तत्व: सल्फर एक अधातु (Non-metal) है
बहुपरमाणुकता (Atomicity): अष्टपरमाणुक (S8)
अपररूप (Allotropes):
रोम्बिक (Rhombic/α-sulfur)
कमरे के तापमान पर रोम्बिक सल्फर सबसे स्थिर रूप है।
मोनोक्लिनिक (Monoclinic/β-sulfur)
गंधक (Brimstone): सल्फर को प्राचीन काल से ‘ब्रिमस्टोन’ (Brimstone) यानी “जलने वाला पत्थर” भी कहा जाता है।
वल्कनीकरण (Vulcanization): प्राकृतिक रबर को कठोर, मजबूत और अधिक लचीला बनाने के लिए उसे सल्फर के साथ गर्म किया जाता है।
प्याज और लहसुन में पाई जाने वाली तीखी गंध और आंखों में आंसू लाने का कारण उसमें मौजूद सल्फर के यौगिक (जैसे- एलील मिथाइल सल्फाइड) होते हैं।
अम्लीय वर्षा (Acid Rain): कारखानों और वाहनों से निकलने वाली सल्फर डाइऑक्साइड (SO2) गैस वायुमंडल में पानी के साथ मिलकर सल्फ्यूरिक अम्ल (H2SO4) बनाती है, जो अम्लीय वर्षा का मुख्य कारण है।
सल्फ्यूरिक अम्ल (H2SO4 ):
इसे ‘रसायनों का राजा’ (King of Chemicals) या ‘ऑयल ऑफ विट्रियॉल’ (Oil of Vitriol) कहा जाता है।
इसका उपयोग कार की बैटरी और उद्योगों में बड़े पैमाने पर होता है।
फंगसनाशक (Fungicide): सल्फर का उपयोग कृषि में कवकनाशी (Fungicide) और कीटनाशक के रूप में किया जाता है।
बारूद (Gunpowder): पारंपरिक बारूद बनाने में सल्फर, चारकोल (Charcoal) और पोटेशियम नाइट्रेट (KNO3) का मिश्रण उपयोग किया जाता है।
पेट्रोलियम रिफाइनिंग: कच्चे तेल (Crude oil) से सल्फर को हटाना जरूरी होता है, अन्यथा जलने पर यह पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है। इस प्रक्रिया को ‘डीसल्फराइजेशन‘ कहते हैं।
मानव शरीर में महत्व: सल्फर दो मुख्य आवश्यक अमीनो एसिड — मेथियोनिन (Methionine) और सिस्टीन (Cysteine) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो प्रोटीन और बालों (केराटिन) के निर्माण के लिए जरूरी हैं।
Chlorine | क्लोरीन
Chlorine (Cl) Atomic number: 17
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 35.45
Category: Halogen (nonmetal)
Period / Group: 3 / 17 (Halogens)
उपयोग: Disinfectants, PVC production, water treatment
खोज (Discovery): क्लोरीन गैस की खोज कार्ल विल्हेम शीले (Carl Wilhelm Scheele) ने 1774 में की थी,
लेकिन इसे एक तत्व (Element) के रूप में हम्फ्री डेवी (Humphry Davy) ने 1810 में स्थापित किया।
नामकरण (Naming): इसका नाम ग्रीक शब्द ‘Chloros’ से लिया गया है, जिसका अर्थ होता है “हरा-पीला” (Greenish-yellow)।
यह सामान्य तापमान पर एक तीखी गंध वाली, दम घोंटने वाली हरी-पीली गैस है।
Electronic Configuration: [Ne]3s23p5 होता है।
इसके बाहरी कक्ष (Valence shell) में 7 इलेक्ट्रॉन होते हैं।
उच्च इलेक्ट्रॉन बंधुता (Highest Electron Affinity): पूरी आवर्त सारणी में क्लोरीन की इलेक्ट्रॉन बंधुता (Electron Affinity) सबसे अधिक होती है।
यह अत्यधिक क्रियाशील (Highly reactive) और विषाक्त (Toxic/Poisonous) गैस है।
यह हवा से लगभग 2.5 गुना भारी होती है।
जल शोधन (Water Purification): पीने के पानी और स्विमिंग पूल के पानी को कीटाणुरहित (Disinfect) करने के लिए क्लोरीन का उपयोग किया जाता है
(यह बैक्टीरिया को मारता है)।
विरंजन एजेंट (Bleaching Agent): कपड़ों और कागज उद्योग में रंग हटाने या सफेद करने के लिए इसका बड़े पैमाने पर उपयोग होता है।
ब्लीचिंग पाउडर (Bleaching Powder): शुष्क बुझे हुए चूने [Ca(OH)2] पर क्लोरीन गैस प्रवाहित करके ब्लीचिंग पाउडर यानी कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड (CaOCl2) बनाया जाता है।
प्लास्टिक निर्माण (PVC): इसका उपयोग पॉलीविनाइल क्लोराइड (PVC) प्लास्टिक बनाने में होता है,
जिससे पाइप और तार की कोटिंग बनती है।
क्लोरोफॉर्म (Chloroform – CHCl3):एनेस्थीसिया (निश्चेतक/बेहोश करने) के रूप में इस्तेमाल होने वाले क्लोरोफॉर्म के निर्माण में क्लोरीन का उपयोग होता है।
अश्रु गैस (Tear Gas): भीड़ को नियंत्रित करने वाली टियर गैस (क्लोरोपिक्रिन – CCl3NO2) में क्लोरीन मुख्य घटक होता है।
रासायनिक हथियार (Chemical Weapons):
प्रथम विश्व युद्ध (WWI) में जर्मनी द्वारा क्लोरीन गैस का उपयोग पहले रासायनिक हथियार के रूप में किया गया था।
इसके अलावा मस्टर्ड गैस (Mustard Gas) और फॉस्जीन (COCl2 ) जैसी जहरीली गैसों में भी यह मौजूद होती है।
DDT और कीटनाशक: मैलाथियान और DDT जैसे प्रसिद्ध कीटनाशकों (Insecticides) के संश्लेषण में इसका उपयोग होता है।
CFCs (क्लोरोफ्लोरोकार्बन): रेफ्रिजरेटर और AC में इस्तेमाल होने वाले CFCs में यह शामिल होती है, जो ओजोन परत (Ozone Layer) को नुकसान पहुंचाती है।
फूलों का रंग उड़ाने वाली गैस : क्लोरीन (यह नमी की उपस्थिति में ऑक्सीकरण के कारण रंग उड़ा देती है)।
क्लोरीन की विद्युत ऋणात्मकता (Electronegativity) फ्लोरीन से कम लेकिन इलेक्ट्रॉन बंधुता (Electron Affinity) अधिक होती है
Argon | आर्गन
Argon (Ar) Atomic number: 18
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 39.948
Category: Noble gas
Period / Group: 3 / 18
इसे ‘p-ब्लॉक’ में रखा गया है।
खोज: 1894
लॉर्ड रेली (Lord Rayleigh) और विलियम रामसे (William Ramsay) ने
अक्रिय गैस (Noble Gas): यह एक रंगहीन, गंधहीन और स्वादहीन उत्कृष्ट/अक्रिय गैस (Noble/Inert Gas) है।
इलेक्ट्रॉनिक विन्यास – 1s22s22p63s23p6 होता है (बाहरी कोश पूरी तरह भरा हुआ)।
शुष्क वायु में आयतन के हिसाब से इसकी मात्रा लगभग 0.93% होती है (नाइट्रोजन और ऑक्सीजन के बाद तीसरी सबसे ज्यादा पाई जाने वाली गैस)।
विद्युत बल्ब में उपयोग (Electric Bulbs): बल्बों में टंगस्टन फिलामेंट (Tungsten Filament) को वाष्पीकृत होने से रोकने और उसे एक अक्रिय वातावरण प्रदान करने के लिए किया जाता है, जिससे बल्ब की लाइफ बढ़ जाती है।
वेल्डिंग में उपयोग (Welding): Arc Welding में इसका उपयोग ‘शील्डिंग गैस’ के रूप में किया जाता है ताकि गर्म धातु ऑक्सीजन और नाइट्रोजन के साथ प्रतिक्रिया न करे।
प्रतिदीप्तिशील ट्यूब (Fluorescent Tubes): आर्गन को जब पारे (Mercury) की वाष्प के साथ मिलाया जाता है, तो यह फ्लोरोसेंट ट्यूब और नियॉन साइन बोर्ड में नीले-हरे रंग की चमक पैदा करती है।
समस्थानिक (Isotopes): प्रकृति में इसके तीन स्थिर समस्थानिक पाए जाते हैं—
आर्गन-36 (36Ar)
आर्गन-38 (38Ar)
आर्गन-40 (40Ar) – पृथ्वी के वायुमंडल में आर्गन-40 सबसे अधिक मात्रा में मौजूद है।
Potassium | पोटैशियम
Potassium (K) Atomic number: 19
(यह इसके लैटिन नाम Kalium से लिया गया है)।
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 39.098
Category: Alkali metal
Period / Group: 4 / 1
खोजकर्ता: हम्फ्री डेवी (Humphry Davy) ने 1807 में इसकी खोज की थी।
इलेक्ट्रॉनिक विन्यास (Configuration): [Ar]4s1 या (2, 8, 8, 1) है,
इसकी संयोजकता (Valency) 1 होती है।
प्रकृति: यह एक अत्यधिक प्रतिक्रियाशील (Highly Reactive), चांदी जैसी सफेद और अत्यंत मुलायम धातु है, जिसे चाकू से आसानी से काटा जा सकता है।
घनत्व: इसका घनत्व पानी से कम होता है, इसलिए यह पानी पर तैरता है।
अत्यधिक क्रियाशील होने के कारण यह हवा और पानी के साथ तुरंत हिंसक प्रतिक्रिया करता है, इसलिए इसे केरोसिन (मिट्टी के तेल) में डुबोकर रखा जाता है।
ज्वाला परीक्षण (Flame Test): जब इसे जलाया जाता है, तो यह बैंगनी / लिलाक (Lilac/Pale Violet) रंग की लौ देता है।
यह मानव शरीर में मुख्य इंट्रासेल्युलर धनायन (Intracellular Cation) है, जो कोशिकाओं के अंदर पाया जाता है।
रक्तचाप नियंत्रण: यह शरीर में सोडियम (Na) के स्तर को संतुलित कर रक्तचाप (Blood Pressure) को नियंत्रित रखने में मदद करता है।
यह तंत्रिका आवेगों (Nerve Impulses) के संचरण और मांसपेशियों के संकुचन (Heart Beats) के लिए आवश्यक है।
कमी से रोग:
शरीर में पोटैशियम की कमी को हाइपोकैलिमिया (Hypokalemia) कहा जाता है।
पोटैशियम हाइड्रोक्साइड (KOH):
इसे कॉस्टिक पोटाश (Caustic Potash) भी कहते हैं।
इसका उपयोग मुख्य रूप से नरम साबुन (Soft Soap) और तरल डिटर्जेंट बनाने में होता है।
पोटैशियम नाइट्रेट (KNO3):
इसे साल्टपीटर (Saltpeter) या शोरा कहा जाता है।
इसका उपयोग बारूद (Gunpowder), पटाखों और उर्वरक (Fertilizers) बनाने में किया जाता है।
पोटैशियम परमैंगनेट (KMnO4 ):
इसे ‘लाल दवा’ (Red Medicine) के नाम से जाना जाता है।
यह एक मजबूत ऑक्सीकरण एजेंट है, जिसका उपयोग कुओं के पानी को कीटाणुरहित करने के लिए किया जाता है।
पोटैशियम कार्बोनेट (K2CO3): इसे पर्ल एश (Pearl Ash) कहा जाता है, जिसका उपयोग कांच उद्योग में होता है।
पोटैशियम क्लोराइड (KCl): इसका उपयोग एनपीके (N-P-K) उर्वरकों में मुख्य रूप से पोटैशियम के स्रोत के रूप में होता है, जो पौधों की वृद्धि के लिए आवश्यक है।
Calcium | कैल्शियम
Calcium (Ca) Atomic number: 20
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 40 u
Category: Alkaline earth metal
Period / Group: 4 / 2
उपयोग: Cement and plaster, metallurgy, biology (bone)
इलेक्ट्रॉनिक विन्यास: [Ar]4s2
इसकी संयोजकता या Valency +2 होती है)।
पृथ्वी की पपड़ी (Earth’s crust) में द्रव्यमान के हिसाब से यह पांचवां सबसे प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला तत्व है।
मानव शरीर में सबसे प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला खनिज (Mineral) कैल्शियम ही है।
हड्डियाँ और दाँत: शरीर के कुल कैल्शियम का लगभग 99% हिस्सा हड्डियों और दाँतों में Calcium Phosphate के रूप में जमा रहता है।
रक्त का थक्का जमना (Blood Clotting): रक्त का थक्का जमने की प्रक्रिया (Coagulation) के लिए Calcium Ions (Ca2+ ) एक अत्यंत आवश्यक कारक (Factor IV) हैं।
मांसपेशियों के सिकुड़ने और फैलने की प्रक्रिया को नियंत्रित करने में कैल्शियम आयन मुख्य भूमिका निभाते हैं।
Calcium Carbonate (CaCO3 ):
इसे चूना पत्थर (Limestone), चाक, और संगमरमर (Marble) के रूप में जाना जाता है।
इसका उपयोग एंटासिड (Antacid) और टूथपेस्ट में किया जाता है।
Calcium Oxide (CaO):
इसे Quicklime (बिना बुझा चूना) कहा जाता है।
यह पानी के साथ तेजी से अभिक्रिया करता है।
Calcium Hydroxide (Ca(OH)2):
इसे Slaked lime (बुझा हुआ चूना) कहते हैं।
इसका उपयोग सफेदी (White washing) और ‘Bordeaux mixture’ (कवकनाशी) बनाने में होता है।
Calcium Sulfate Hemihydrate (CaSO4.½H2O):
इसे Plaster of Paris (POP) कहा जाता है।
टूटी हड्डियों को जोड़ने और मूर्तियां बनाने में इसका उपयोग होता है।
Calcium Sulfate Dihydrate (CaSO4⋅2H2O):
इसे Gypsum (जिप्सम) कहते हैं।
सीमेंट के जमने की दर (Setting time) को धीमा करने के लिए इसमें जिप्सम मिलाया जाता है।
Calcium Hypochlorite (Ca(OCl)2 ):
इसे Bleaching Powder (विरंजक चूर्ण) कहा जाता है।
इसका उपयोग पानी को रोगाणुमुक्त (Disinfect) करने के लिए किया जाता है।
शरीर में कैल्शियम के अवशोषण (Absorption) के लिए Vitamin D का होना अनिवार्य है।
Rickets (सूखा रोग): बच्चों में कैल्शियम या विटामिन डी की कमी से हड्डियां कमजोर और टेढ़ी हो जाती हैं।
Osteomalacia: वयस्कों (Adults) में कैल्शियम की कमी से हड्डियां नरम और कमजोर होने लगती हैं।
Osteoporosis: बढ़ती उम्र में हड्डियों का घनत्व (Bone density) कम होना, जिससे फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है।
Hypocalcemia: रक्त में कैल्शियम का स्तर सामान्य से कम होना।
Scandium | स्कैंडियम
Scandium (Sc) Atomic number: 21
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 44.956
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 47.867
Category: Transition metal
Period / Group: 4 / 4
खोज: 1791 (isolated 1910s advances)
by William Gregor.
उपयोग: Aerospace, medical implants, pigments (titanium dioxide)
It is also used in chemical industries for making reactors and pipes.
Titanium dioxide (TiO₂) is used as a white pigment in paints.
TiO₂ is also used in sunscreens as a UV blocker.
It has a high strength-to-weight ratio.
Titanium is highly resistant to corrosion, even in seawater.
The melting point of titanium is about 1668°C.
Titanium is non-magnetic in nature.
ores
rutile
ilmenite.
Titanium was खोज in 1791.
Titanium shows excellent resistance to oxidation.
Vanadium | वैनाडियम
Vanadium (V) Atomic number: 23
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 50.942
Category: Transition metal
Period / Group: 4 / 5
खोज: 1801
उपयोग: Steel alloys, catalysts, batteries
Chromium | क्रोमियम
Chromium (Cr) Atomic number: 24
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 51.996
Category: Transition metal
Period / Group: 4 / 6
खोज: 1797
उपयोग: Stainless steel, plating, pigments
प्रतीक और परमाणु संख्या: क्रोमियम का रासायनिक प्रतीक Cr है और इसकी परमाणु संख्या (Atomic Number) 24 है।
आवर्त सारणी में स्थान: यह आवर्त सारणी (Periodic Table) के d-ब्लॉक में समूह (Group) 6 और आवर्त (Period) 4 का तत्व है। यह एक संक्रमण धातु (Transition Metal) है।
इलेक्ट्रॉनिक विन्यास: इसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास अपवाद स्वरूप [Ar]3d5 4s1 होता है (पूर्ण रूप से आधे भरे d-ऑर्बिटल के कारण यह अधिक स्थिर होता है)।
मुख्य अयस्क (Ore): क्रोमियम का मुख्य और सबसे महत्वपूर्ण अयस्क क्रोमाइट (FeCr2O4) है।
उत्पादन में प्रथम: भारत में क्रोमियम (क्रोमाइट अयस्क) का सर्वाधिक उत्पादन और भंडार ओडिशा राज्य में पाया जाता है।
स्टेनलेस स्टील (Stainless Steel): क्रोमियम का सबसे मुख्य उपयोग स्टेनलेस स्टील बनाने में होता है। लोहा और कार्बन के साथ लगभग 10.5% से 18% तक क्रोमियम मिलाने पर स्टील में जंग (Rust) नहीं लगता है।
जंग रोधक परत: हवा के संपर्क में आने पर क्रोमियम अपने ऊपर क्रोमियम ऑक्साइड (Cr2O3) की एक अदृश्य, पतली और सुरक्षात्मक परत बना लेता है, जो धातु को जंग लगने से बचाती है।
क्रोम प्लेटिंग (Chrome Plating): अन्य धातुओं को जंग से बचाने और चमकदार बनाने के लिए उन पर क्रोमियम की इलेक्ट्रोप्लेटिंग की जाती है, जिसे क्रोम प्लेटिंग कहते हैं (जैसे गाड़ियों के बंपर या नल पर)।
चमकदार रंग: क्रोमियम के यौगिक (Compounds) बहुत रंगीन होते हैं। इसी कारण इसका नाम ग्रीक शब्द ‘Chroma’ से लिया गया है, जिसका अर्थ “रंग” (Color) होता है। इसका उपयोग पेंट और पिगमेंट बनाने में होता है।
लेदर टैनिंग (Leather Tanning): चमड़ा उद्योग में चमड़े को साफ और मजबूत करने (Tanning) के लिए क्रोमियम लवण (Chromium Salts) का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाता है।
रूबी का लाल रंग: कीमती रत्न रूबी (माणिक्य) का चमकीला लाल रंग उसमें अशुद्धि के रूप में मौजूद क्रोमियम आयनों (Cr 3+) के कारण ही होता है।
मानव शरीर में भूमिका: क्रोमियम (विशेषकर त्रिसंयोजक Cr3+ ) मानव शरीर के लिए एक आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्व है, जो इंसुलिन की कार्यप्रणाली और कार्बोहाइड्रेट मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करने में मदद करता है।
विषाक्तता (Toxicity): क्रोमियम का Hexavalent (Cr6+ ) रूप अत्यधिक विषैला, हानिकारक और कैंसरकारी (Carcinogenic) होता है।
Manganese | मैंगनीज़
Manganese (Mn) Atomic number: 25
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 54.938
Category: Transition metal
Period / Group: 4 / 7
खोज: Ancient/isolated in modern form 1774
उपयोग: Steel alloying, batteries, pigments
परमाणु क्रमांक (Atomic Number): मैंगनीज़ का परमाणु क्रमांक 25 है और इसका रासायनिक प्रतीक Mn है। यह आवर्त सारणी (Periodic Table) के d-ब्लॉक का एक संक्रमण तत्व (Transition Element) है।
अयस्क (Ores): भारत में मैंगनीज़ का मुख्य अयस्क पायरोलुसाइट (Pyrolusite – MnO2 ) है। इसके अन्य प्रमुख अयस्क साइलोमेलेन (Psilomelane) और ब्रौनाइट (Braunite) हैं।
प्रमुख उपयोग (Steel Production): कुल उत्पादित मैंगनीज़ का लगभग 90% हिस्सा लौह-इस्पात (Iron and Steel) उद्योग में उपयोग किया जाता है। इसका मुख्य कार्य स्टील को मजबूती देना और उसे जंग-रोधी (Rust-resistant) बनाना है।
फेरो-मैंगनीज़ (Ferro-Manganese): एक टन स्टील बनाने के लिए लगभग 6 से 10 किलोग्राम मैंगनीज़ की आवश्यकता होती है। स्टील निर्माण में इसका उपयोग ‘फेरो-मैंगनीज़’ मिश्र धातु (Alloy) के रूप में किया जाता है।
वैश्विक भंडार और उत्पादन (Global Ranking): दुनिया में मैंगनीज़ का सबसे बड़ा भंडार दक्षिण अफ्रीका के पास है। दक्षिण अफ्रीका वैश्विक स्तर पर इसका सबसे बड़ा उत्पादक भी है।
भारत में भंडार (Reserves in India): ओडिशा भारत में मैंगनीज़ का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है। इसके बाद कर्नाटक, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र का स्थान आता है।
भारत की प्रमुख खदानें (Famous Indian Mines): मध्य प्रदेश की भारवेली खदान (Balaghat) एशिया की सबसे बड़ी भूमिगत (Underground) मैंगनीज़ खदान है। नागपुर-भंडारा (महाराष्ट्र) और केंदुझर/केंदुझार (ओडिशा) भी इसके प्रमुख बेल्ट हैं।
अन्य औद्योगिक उपयोग: मैंगनीज़ का उपयोग शुष्क सेल बैटरी (Dry cell batteries) के निर्माण में, चमड़ा उद्योग में, माचिस उद्योग में और ब्लीचिंग पाउडर बनाने में किया जाता है।
मानव शरीर में भूमिका: यह मानव शरीर के लिए एक आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्व (Micronutrient) है, जो हड्डियों के निर्माण और चयापचय (Metabolism) में मदद करता है। पौधों में यह प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) के दौरान पानी के अणुओं को तोड़ने में सहायक होता है।
Iron | लोहा | आयरन
Iron (Fe) Atomic number: 26
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 55.845
Category: Transition metal
Period / Group: 4 / 8
The symbol Fe comes from the Latin word Ferrum.
It is the fourth most abundant element in the Earth’s crust.
Oxygen (O): ~46.6%
Silicon (Si): ~27.7%
Aluminum (Al): ~8.1%
Iron (Fe): ~5.6%
Iron is magnetic in nature.
It has a high melting point of about 1538°C.
Iron is a good conductor of heat and electricity.
Pure iron is soft and malleable.
Steel is an alloy of iron and carbon.
Cast iron contains a higher percentage of carbon than steel.
Iron is essential for the formation of hemoglobin in human blood.
Deficiency of iron causes anemia.
Iron reacts with oxygen and moisture to form rust.
Rusting of iron is an example of corrosion.
Iron ores : Hematite, Magnetite, Limonite, and Siderite.
Hematite (Fe₂O₃) is the chief ore of iron.
Iron is extracted in a blast furnace.
Coke is used as a fuel in iron extraction.
Limestone acts as a flux in the blast furnace.
The core of the Earth is mainly composed of iron and nickel – NiFe
Cobalt | कोबाल्ट
Cobalt (Co) Atomic number: 27
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 58.933
Category: Transition metal
Period / Group: 4 / 9
खोज: Known since ancient times; isolated 1735
उपयोग: Alloys, batteries, catalysts, pigments
परमाणु क्रमांक (Atomic Number): कोबाल्ट का परमाणु क्रमांक 27 है और इसका रासायनिक प्रतीक Co है।
आवर्त सारणी में स्थान: यह आवर्त सारणी के D-ब्लॉक (Group 9, Period 4) का एक संक्रमण धातु (Transition Metal) है।
भौतिक गुण: यह चांदी जैसी चमकदार, रूपहले-नीले रंग की एक कठोर और चुंबकीय धातु है।
फेरोमैग्नेटिक (Ferromagnetic): लोहा और निकेल की तरह कोबाल्ट भी एक लोह-चुंबकीय (Ferromagnetic) पदार्थ है, जिसका उपयोग स्थायी चुंबक (Permanent Magnets) बनाने में होता है।
विटामिन B12 (Cyanocobalamin): कोबाल्ट विटामिन B12 का एक अनिवार्य घटक है। इसकी कमी से एनीमिया (रक्ताल्पता) रोग हो सकता है।
कोबाल्ट-60 (Cobalt-60): कोबाल्ट का यह रेडियोधर्मी आइसोटोप (Radioisotope) कैंसर के उपचार (Radiation Therapy/Cobalt Therapy) और उच्च ऊर्जा गामा किरणें उत्पन्न करने के लिए उपयोग किया जाता है।
मिश्र धातु (Alnico): कोबाल्ट, एल्युमिनियम (Al), निकेल (Ni) और लोहे (Fe) को मिलाकर ‘Alnico’ मिश्र धातु बनाई जाती है, जिससे अत्यंत शक्तिशाली चुंबक बनते हैं।
प्रमुख अयस्क (Ores): कोबाल्ट के मुख्य अयस्क कोबाल्टाइट (Cobaltite), स्मैल्टाइट (Smaltite) और एरिथ्राइट (Erythrite) हैं।
नीला रंग (Cobalt Blue): कोबाल्ट के यौगिकों (जैसे कोबाल्ट सिलिकेट) का उपयोग कांच, चीनी मिट्टी के बर्तनों और स्याही को गहरा नीला रंग देने के लिए किया जाता है।
उत्प्रेरक (Catalyst): पेट्रोलियम और रासायनिक उद्योगों में विभिन्न रासायनिक अभिक्रियाओं की गति बढ़ाने के लिए कोबाल्ट का उपयोग उत्प्रेरक के रूप में होता है।
Nickel | निकल
Nickel (Ni) Atomic number: 28
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 58.693
Nickel plays a role in enzymes of plants and microorganisms.
Excess exposure to Nickel may cause allergic reactions.
Nickel has five stable isotopes.
The name Nickel comes from the German word“Kupfernickel”, meaning Devil’s Copper.
Copper | तांबा | कॉपर
Copper (Cu) Atomic number: 29
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 63.546
Category: Transition metal
Period / Group: 4 / 11
Known since: Ancient
उपयोग: Electrical wiring, plumbing, coins, alloys
प्रतीक और परमाणु क्रमांक: तांबे का रासायनिक प्रतीक Cu है (लैटिन नाम Cuprum से) और इसका परमाणु क्रमांक 29 है।
आवर्त सारणी में स्थान: यह आवर्त सारणी (Periodic Table) के D-ब्लॉक (Group 11, Period 4) का तत्व है।
चालकता (Conductivity): चांदी (Silver) के बाद तांबा विद्युत और ऊष्मा का दूसरा सबसे अच्छा संवाहक है।
संक्षारण प्रतिरोध (Corrosion): हवा में लंबे समय तक रहने पर तांबे पर हरे रंग की बेसिक कॉपर कार्बोनेट [CuCO
3 ⋅Cu(OH)2 ] की परत जमा हो जाती है, जो इसे आगे जंग लगने से बचाती है।
मानव द्वारा प्रयुक्त पहली धातु: तांबा मनुष्यों द्वारा खोजी और उपयोग की जाने वाली सबसे पहली धातु थी। इसके उपयोग से ही ताम्रपाषाण युग (Chalcolithic Age) की शुरुआत हुई थी।
हड़प्पा सभ्यता: सिंधु घाटी सभ्यता के लोग तांबे और टिन को मिलाकर कांसा (Bronze) बनाना जानते थे।
प्रमुख अयस्क (Ores): कैल्कोपायराइट (CuFeS2 ), मैलाकाइट, क्युप्राइट और एज़ुराइट इसके प्रमुख अयस्क हैं।
भारत में प्रमुख खदानें:
खेतड़ी (राजस्थान): भारत में तांबा खनन का सबसे प्रमुख और ऐतिहासिक केंद्र।
मलंजखंड (मध्य प्रदेश): यह भारत का सबसे बड़ा तांबा अयस्क भंडार क्षेत्र है।
घाटशिला (झारखंड): भारत का सबसे पुराना तांबा गलाने वाला (Smelter) केंद्र।
जर्मन सिल्वर (German Silver): तांबा (Cu) + जस्ता (Zn) + निकेल (Ni) (ध्यान रखें: इसमें सिल्वर/चांदी 0% होती है)
रोल्ड गोल्ड (Rolled Gold): तांबा (Cu) + एल्युमिनियम (Al) (कृत्रिम आभूषण बनाने में उपयोग)
विल्सन रोग (Wilson’s Disease): मानव शरीर में तांबे (Copper) की अत्यधिक मात्रा जमा होने से विल्सन रोग नामक आनुवंशिक विकार हो जाता है, जो लीवर और मस्तिष्क को प्रभावित करता है।
कैलोरीमीटर का निर्माण: रासायनिक प्रतिक्रियाओं में गर्मी/ऊष्मा मापने वाले यंत्र ‘कैलोरीमीटर’ को बनाने के लिए तांबे का उपयोग किया जाता है।
नीला थोथा (Blue Vitriol): हाइड्रेटेड कॉपर सल्फेट (CuSO4 ⋅5H2O) को नीला थोथा कहा जाता है, जिसका उपयोग कवकनाशी (Fungicide) और रंगाई में होता है।
Zinc | जस्ता | जिंक
Zinc (Zn) Atomic number: 30
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 65.38
Category: Transition/post-transition metal
Period / Group: 4 / 12
Known since: Ancient; isolated 1746
उपयोग: Galvanizing, alloys (brass), batteries
मूल प्रतीक (Symbol): जिंक का रासायनिक प्रतीक Zn है।
परमाणु क्रमांक (Atomic Number): इसका परमाणु क्रमांक 30 है।
परमाणु द्रव्यमान (Atomic Mass): इसका परमाणु भार लगभग 65.38 u होता है।
आवर्त सारणी में स्थिति (Position in Periodic Table): यह आवर्त सारणी के डी-ब्लॉक (d-block), समूह 12 (Group 12) और चौथे आवर्त (4th Period) का तत्व है।
संक्रमण तत्व अपवाद (Transition Element Exception): पूर्ण रूप से भरे d-ऑर्बिटल (3d10 4s2 ) के कारण इसे कभी-कभी ‘सच्चा’ संक्रमण तत्व नहीं माना जाता है।
मुख्य अयस्क (Main Ores):
जिंक ब्लेंड (Zinc Blende): स्फेलेराइट (ZnS – जिंक सल्फाइड), यह जिंक का मुख्य स्रोत है।
कैलेमाइन (Calamine): जिंक कार्बोनेट (ZnCO 3 )।
जिंकाइट (Zincite): जिंक ऑक्साइड (ZnO)।
यशदलेपन (Galvanization): लोहे को जंग (Rusting) से बचाने के लिए उस पर जिंक की परत चढ़ाई जाती है, इस प्रक्रिया को गैल्वेनाइजेशन (यशदलेपन) कहते हैं।
मिश्र धातुएं (Alloys):
पीतल (Brass): तांबा (Copper – Cu) + जिंक (Zn)।
जर्मन सिल्वर (German Silver): तांबा (Cu) + जिंक (Zn) + निकेल (Ni) — ध्यान दें: इसमें सिल्वर (चांदी) 0% होता है।
जिंक फॉस्फाइड (Zn3P2 ): इसका उपयोग चूहे मारने की दवा (Rodenticide / Rat Poison) बनाने में किया जाता है।
जिंक ऑक्साइड (ZnO): इसे “फिलॉस्फर वूल” (Philosopher’s Wool) या ‘जस्ते का फूल’ कहा जाता है। इसका उपयोग मलहम (Ointments), कॉस्मेटिक्स और सनस्क्रीन बनाने में होता है।
जिंक सल्फेट (ZnSO4 ⋅7H2O): इसे “सफेद कसीस” (White Vitriol) कहा जाता है।
लिथोपोन (Lithopone): यह जिंक सल्फाइड (ZnS) और बेरियम सल्फेट (BaSO4 ) का मिश्रण है, जिसका उपयोग सफेद पेंट बनाने में होता है।
जैविक महत्व (Biological Importance):
इंसुलिन हार्मोन में जिंक धातु मौजूद होती है।
यह मानव शरीर में प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System) और एंजाइम गतिविधि के लिए आवश्यक है।
पादप रोग (Plant Disease): पौधों में जिंक की कमी से “खैरा रोग” (Khaira Disease) होता है, विशेषकर धान (Rice) की फसल में।
उत्पादन (Production): भारत में राजस्थान का जावर (Zawar) क्षेत्र जिंक (जस्ता) के उत्पादन और खनन के लिए प्रसिद्ध है।
Gallium | गैलियम
Gallium (Ga) Atomic number: 31
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 69.723
Category: Post-transition metal
Period / Group: 4 / 13
खोज: 1875
उपयोग: Semiconductors (GaAs), LED technology, thermometers
परमाणु क्रमांक (Atomic Number): गैलियम का परमाणु क्रमांक 31 है और इसका रासायनिक प्रतीक Ga है।
आवर्त सारणी में स्थान: यह आवर्त सारणी के ग्रुप 13 (Boron family) और पीरियड 4 का तत्व है। इसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास [Ar]3d104s24p1 होता है।
पिघलने का बिंदु (Melting Point): इसका गलनांक बेहद कम, लगभग 29.76°C (85.57°F) होता है। इसी कारण यह कमरे के तापमान पर ठोस रहता है, लेकिन हाथ की हथेली पर रखते ही शरीर की गर्मी से पिघल जाता है।
उबलने का बिंदु (Boiling Point): इसका क्वथनांक बहुत अधिक (लगभग 2229°C) होता है। कम गलनांक और उच्च क्वथनांक के कारण इसका उपयोग उच्च तापमान मापने वाले थर्मामीटर में किया जाता है।
प्रकृति: यह एक पोस्ट-ट्रांजिशन धातु (Post-transition metal) है। शुद्ध अवस्था में यह चांदी जैसी चमकदार, नीली-सफेद मुलायम धातु है।
असामान्य गुण (एनामलस प्रॉपर्टी): पानी की तरह, गैलियम भी जमने (ठोस बनने) पर फैलता (expand) है। इसलिए इसे कभी भी कांच या धातु के बर्तनों में जमा करके नहीं रखा जाता, क्योंकि यह उन्हें तोड़ सकता है।
खोज (Discovery): इसकी खोज 1875 में फ्रांसीसी वैज्ञानिक पॉल-एमिल लेकोक डी बoisबौद्रान (Paul-Émile Lecoq de Boisbaudran) ने की थी। दिमित्री मेंडलीफ ने इसकी खोज से पहले ही “एका-एल्युमिनियम” (Eka-aluminum) के रूप में इसकी भविष्यवाणी कर दी थी।
अर्धचालक उपयोग (Semiconductor Uses): आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स में यह बहुत महत्वपूर्ण है। गैलियम आर्सेनाइड (GaAs) का उपयोग सेमीकंडक्टर, एलईडी (LED), लेजर डायोड और सौर पैनलों में किया जाता है क्योंकि यह सिलिकॉन से तेज गति से काम करता है।
पर्यावरण में उपस्थिति: यह प्रकृति में मुक्त रूप में नहीं पाया जाता। यह मुख्य रूप से बॉक्साइट और जिंक के अयस्कों में उप-उत्पाद (by-product) के रूप में प्राप्त होता है।
मिश्र धातु (Alloy – Galinstan): गैलियम, इंडियम और टिन के मिश्रण से ‘गैलिनस्टैन’ (Galinstan) नामक मिश्र धातु बनती है, जो कमरे के तापमान (−19∘ C) पर भी तरल रहती है। इसका उपयोग थर्मामीटर में जहरीले पारे (Mercury) के सुरक्षित विकल्प के रूप में किया जाता है।
Germanium | जर्मेनियम
Germanium (Ge) Atomic number: 32
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 72.630
Category: Metalloid
Period / Group: 4 / 14
खोज: 1886
उपयोग: Semiconductors, infrared optics, alloys
खोज: जर्मेनियम की खोज क्लेमेंस विंकलर (Clemens Winkler) ने 1886 में की थी।
दिमित्री मेंडेलीव की भविष्यवाणी: मेंडेलीव ने इस तत्व की खोज से पहले ही इसके अस्तित्व की भविष्यवाणी कर दी थी और इसे ‘एका-सिलिकॉन’ (Eka-Silicon) नाम दिया था।
परमाणु क्रमांक (Atomic Number): जर्मेनियम का परमाणु क्रमांक 32 है।
आवर्त सारणी में स्थान: यह आवर्त सारणी के ग्रुप 14 (कार्बन परिवार) और पीरियड 4 का तत्व है।
तत्व का प्रकार: जर्मेनियम एक उपधातु (Metalloid) है, जिसमें धातु और अधातु दोनों के गुण होते हैं।
मुख्य उपयोग (अर्धचालक): यह एक महत्वपूर्ण अर्धचालक (Semiconductor) है, जिसका उपयोग ट्रांजिस्टर, डायोड और इंटीग्रेटेड सर्किट (ICs) बनाने में होता है।
ऑप्टिक्स में उपयोग: जर्मेनियम इन्फ्रारेड (Infrared) प्रकाश के लिए पारदर्शी होता है, इसलिए इसका उपयोग नाइट विजन कैमरों (Night Vision Cameras) और इन्फ्रारेड स्पेक्ट्रोस्कोप के लेंस बनाने में किया जाता है।
फाइबर ऑप्टिक्स: इसका उपयोग फाइबर ऑप्टिक केबल के कोर में प्रकाश के अपवर्तनांक (Refractive Index) को बढ़ाने के लिए किया जाता है।
असामान्य गुण (फैलाव): पानी की तरह, जर्मेनियम भी तरल से ठोस अवस्था में जमने पर फैलता (Expands) है।
मुख्य अयस्क: यह मुख्य रूप से अर्गिरोडाइट (Argyrodite) खनिज और जस्ता (Zinc) के अयस्कों के सह-उत्पाद के रूप में प्राप्त होता है।
Arsenic | आर्सेनिक
Arsenic (As) Atomic number: 33
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 74.922
परमाणु क्रमांक (Atomic Number): आर्सेनिक का परमाणु क्रमांक 33 है और इसका रासायनिक प्रतीक As है।
आवर्त सारणी में स्थान (Position in Periodic Table): यह आवर्त सारणी के Group 15 (Nitrogen family) और Period 4 में स्थित है।
तत्व का प्रकार (Type of Element): आर्सेनिक एक उपधातु (Metalloid) है, जिसमें धातु और अधातु दोनों के गुण पाए जाते हैं।
प्राकृतिक रूप (Allotropes): यह प्रकृति में कई रूपों में मिलता है, जिसमें ग्रे आर्सेनिक (Grey Arsenic) सबसे आम और स्थिर (Stable) रूप है जो धातु की तरह चमकता है।
जल प्रदूषण (Water Pollution): भारत (विशेषकर पश्चिम बंगाल, बिहार और गंगा के मैदानी इलाकों) और बांग्लादेश में भूमिगत जल (Groundwater) में आर्सेनिक का प्रदूषण एक गंभीर समस्या है।
ब्लैकफुट रोग (Blackfoot Disease): आर्सेनिक से प्रदूषित पानी का लंबे समय तक सेवन करने से ‘ब्लैकफुट रोग’ (पैरों की रक्त वाहिकाओं का खराब होना) हो जाता है।
विषाक्तता (Toxicity): आर्सेनिक और इसके यौगिक (Compounds) बेहद जहरीले (Toxic) होते हैं। इसे इतिहास में “राजाओं का जहर” (Poison of Kings) भी कहा जाता था क्योंकि इसका पता लगाना मुश्किल होता था।
कीटनाशक में उपयोग (Insecticides): इसका उपयोग मुख्य रूप से लकड़ी के संरक्षण (Wood preservation) और कीटनाशकों (Pesticides) में किया जाता है।
अर्धचालक (Semiconductors): गैलियम आर्सेनाइड (GaAs) के रूप में इसका उपयोग सेमीकंडक्टर, लेजर डायोड और कंप्यूटर चिप्स बनाने में बड़े पैमाने पर होता है।
कैंसर का कारण (Carcinogen): विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, आर्सेनिक एक प्रमाणित कार्सिनोजेन है, जिससे त्वचा, फेफड़े और मूत्राशय का कैंसर हो सकता है।
पेयजल मानक (Drinking Water Standard): WHO के अनुसार पेयजल में आर्सेनिक की अधिकतम अनुमेय सीमा (Permissible limit) 0.01 mg/L (या 10 ppb) है।
Selenium | सेलेनियम
Selenium (Se) Atomic number: 34
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 78.971
अधातु और तरल अवस्था: ब्रोमीन आवर्त सारणी (Periodic Table) का इकलौता ऐसा अधातु (Non-metal) है, जो कमरे के तापमान (Room Temperature) पर तरल अवस्था (Liquid State) में पाया जाता है। (नोट: धातु में यह गुण पारे/Mercury के पास है)।
प्रतीक और परमाणु संख्या: इसका रासायनिक प्रतीक Br है और इसकी परमाणु संख्या (Atomic Number) 35 है।
आवर्त सारणी में स्थान: यह Group 17 (Halogens) और Period 4 का सदस्य है।
रंग और गंध: यह गहरे लाल-भूरे रंग (Reddish-brown) का तीखी गंध वाला वाष्पशील (Volatile) तरल है। ‘ब्रोमीन’ नाम ग्रीक शब्द ‘ब्रोमोस’ (Bromos) से लिया गया है, जिसका अर्थ होता है “दुर्गंध”।
खोजकर्ता: इसकी खोज 1826 में एंटोनी जेरोम बलार्ड (Antoine Jérôme Balard) और कार्ल जैकब लोविग ने स्वतंत्र रूप से की थी।
रासायनिक सक्रियता: यह एक अत्यधिक प्रतिक्रियाशील (Highly Reactive) तत्व है, इसलिए यह प्रकृति में मुक्त अवस्था में नहीं मिलता, बल्कि लवण (Salts) के रूप में पाया जाता है।
मुख्य यौगिक और उपयोग:
सिल्वर ब्रोमाइड (AgBr): इसका उपयोग फोटोग्राफी (Photography) की फिल्मों में किया जाता है (यह प्रश्न SSC में बार-बार पूछा जाता है)।
पोटेशियम ब्रोमाइड (KBr): इसका उपयोग चिकित्सा में शांतिकारक या मिर्गी-रोधी (Sedative/Anticonvulsant) दवा के रूप में किया जाता रहा है।
मानव शरीर पर प्रभाव: ब्रोमीन का तरल या वाष्प रूप मानव त्वचा, आंखों और श्वसन तंत्र (Respiratory System) के लिए अत्यधिक संक्षारक (Corrosive) और हानिकारक होता है।
Krypton | क्रिप्टॉन
Krypton (Kr) Atomic number: 36
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 83.798
आवर्त सारणी में स्थिति: यह समूह 18 (Group 18 – उत्कृष्ट गैसें/Noble Gases या शून्य समूह) और आवर्त 4 (Period 4) का तत्व है।
इलेक्ट्रॉनिक विन्यास: [Ar]3d1 4s24p6
(इसके बाहरी कोश में 8 इलेक्ट्रॉन होते हैं, जिससे यह स्थिर और अक्रिय है)।
खोजकर्ता: इसकी खोज 1898 में ब्रिटिश रसायनशास्त्री सर विलियम रामसे (Sir William Ramsay) और मॉरिस डब्ल्यू. ट्रैवर्स (Morris W. Travers) ने की थी।
नाम का अर्थ: ‘क्रिप्टॉन’ शब्द ग्रीक भाषा के “Kryptos” से लिया गया है, जिसका अर्थ होता है “छुपा हुआ” (The Hidden One)।
भौतिक गुण: यह सामान्य तापमान और दबाव पर एक रंगहीन, गंधहीन और स्वादहीन गैस है। वायु की तुलना में यह लगभग तीन गुना भारी होती है।
मुख्य यौगिक: वैसे तो यह निष्क्रिय है, लेकिन यह फ्लोरीन के साथ मिलकर क्रिप्टॉन डिफ्लोराइड (KrF 2 ) नामक एक स्थिर यौगिक बना सकता है।
प्रमुख उपयोग:
इसका उपयोग ऊर्जा-बचत करने वाले फ्लोरोसेंट बल्बों और हवाई अड्डे के रनवे की लाइटों में किया जाता है।
हाई-स्पीड फोटोग्राफी के लिए इलेक्ट्रॉनिक फ्लैश लैंप में इसका व्यापक उपयोग होता है।
क्रिप्टॉन फ्लोराइड का उपयोग विशेष प्रकार के लेज़र (Excimer Lasers) बनाने में किया जाता है।
ऐतिहासिक मानक (Metric Standard): वर्ष 1960 से 1983 तक क्रिप्टॉन-86 ( 86Kr) के समस्थानिक से निकलने वाली नारंगी-लाल प्रकाश की तरंगदैर्ध्य (Wavelength) को ‘1 मीटर’ की अंतर्राष्ट्रीय परिभाषा के रूप में इस्तेमाल किया जाता था।
वायुमंडल में मात्रा: यह पृथ्वी के वायुमंडल में अत्यंत सूक्ष्म मात्रा (लगभग 1.14 ppm – पार्ट्स पर मिलियन) में पाई जाती है। इसे तरल हवा के प्रभाजी आसवन (Fractional Distillation) द्वारा प्राप्त किया जाता है।
Rubidium | रुबिडियम
Atomic number: 37
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 85.468
परमाणु संख्या (Atomic Number): इसकी परमाणु संख्या 40 है।
आवर्त सारणी में स्थान (Position in Periodic Table): यह आवर्त सारणी के d-ब्लॉक (Group 4, Period 5) का एक संक्रमण धातु (Transition Metal) है।
खोज (Discovery): इसकी खोज 1789 में मार्टिन हेनरिक क्लाप्रोथ (Martin Heinrich Klaproth) ने की थी।
मुख्य अयस्क (Main Ore): यह मुख्य रूप से जिरकॉन (ZrSiO4 ) और बैडिलाइट (ZrO2) खनिजों से प्राप्त होता है।
भारत में उपलब्धता: भारत में जिरकॉन मुख्य रूप से तटीय राज्यों (जैसे केरल, तमिलनाडु, ओडिशा) की मोनाजाइट रेत (Monazite sands) में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।
परमाणु रिएक्टर में उपयोग: इसमें कम न्यूट्रॉन अवशोषण (Low neutron-absorption cross-section) का गुण होता है, जिसके कारण इसका उपयोग परमाणु रिएक्टरों में ईंधन की छड़ों के आवरण (Cladding) के रूप में किया जाता है।
जिरकोनियम मिश्र धातु (Zircaloy): परमाणु उद्योग में इसके विशेष मिश्र धातु ‘जिरकैलॉय’ का व्यापक रूप से उपयोग होता है।
जंग प्रतिरोध (Corrosion Resistance): यह धातु अत्यधिक संक्षारण-रोधी (Corrosion-resistant) होती है और एसिड, क्षार तथा खारे पानी से प्रभावित नहीं होती।
क्यूबिक जिरकोनिया (Cubic Zirconia – ZrO2 ): यह जिरकोनियम का एक क्रिस्टलीय रूप है, जिसे कृत्रिम हीरा (Fake Diamond) भी कहा जाता है और इसका उपयोग आभूषणों में होता है।
उच्च गलनांक (High Melting Point): इसका गलनांक (Melting Point) बहुत उच्च, लगभग 1855°C होता है, जिससे यह उच्च तापमान वाले उद्योगों में उपयोगी है।
Niobium
Atomic number: 41
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 92.906
प्रतीक और परमाणु क्रमांक: मोलिब्डेनम का रासायनिक प्रतीक Mo है और इसका परमाणु क्रमांक (Atomic Number) 42 है।
आवर्त सारणी में स्थान: यह आवर्त सारणी के D-ब्लॉक (Group 6, Period 5) का एक संक्रमण धातु (Transition Metal) है।
उच्च गलनांक (High Melting Point): इसका गलनांक बहुत अधिक (लगभग 2623°C) होता है। तत्वों में केवल टैंटलम, ऑस्मियम, रेनियम और टंगस्टन का गलनांक ही इससे अधिक होता है।
खोज: इसकी खोज 1778 में कार्ल विल्हेम शीले (Carl Wilhelm Scheele) ने की थी।
आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्व (Essential Micronutrient): यह पौधों और मनुष्यों दोनों के लिए एक अनिवार्य सूक्ष्म पोषक तत्व (Trace Element) है।
नाइट्रोजन फिक्सेशन (Nitrogen Fixation): पौधों में यह नाइट्रोजनेज (Nitrogenase) एंजाइम का मुख्य घटक है, जो वायुमंडलीय नाइट्रोजन को अमोनिया में बदलने (Nitrogen Fixation) के लिए जिम्मेदार है।
मानव शरीर में एंजाइम: मानव शरीर में यह ज़ैंथिन ऑक्सीडेज (Xanthine Oxidase) जैसे महत्वपूर्ण एंजाइमों के लिए एक को-फैक्टर (Co-factor) के रूप में कार्य करता है, जो यूरिक एसिड बनाने और टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करता है।
पौधों में बीमारी: इसकी कमी से पौधों में ‘विपटेल’ (Whiptail) रोग हो जाता है, विशेषकर फूलगोभी (Cauliflower) में।
मिश्र धातु (Alloy Steel): इसका उपयोग मुख्य रूप से स्टील को मजबूत, संक्षारण प्रतिरोधी (Corrosion Resistant) और उच्च तापमान सहने योग्य बनाने के लिए मिश्र धातु के रूप में किया जाता है।
औद्योगिक उत्प्रेरक (Catalyst): पेट्रोलियम रिफाइनिंग में सल्फर को हटाने (Desulfurization) के लिए इसका उपयोग उत्प्रेरक के रूप में होता है।
स्नेहक (Lubricant): मोलिब्डेनम डाइसल्फाइड (MoS2 ) का उपयोग उच्च तापमान और उच्च दबाव वाले क्षेत्रों में एक ठोस स्नेहक (Dry Lubricant / Grease) के रूप में किया जाता है।
Technetium (Tc)
Atomic number: 43
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): [98] (radioactive, no stable isotopes)
Category: Transition metal
Period / Group: 5 / 7
खोज: 1937 (first artificial element खोज)
उपयोग: Medical imaging (Tc-99m tracer)
Ruthenium (Ru) | रुथेनियम
Atomic number: 44
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 101.07
Category: Transition metal
Period / Group: 5 / 8
खोज: 1844
उपयोग: Catalysts, electronics, jewelry plating
Rhodium (Rh)
Atomic number: 45
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 102.91
Category: Transition metal
Period / Group: 5 / 9
खोज: 1803
उपयोग: Catalytic converters, jewelry, catalysts
परमाणु क्रमांक (Atomic Number): रोडियम का परमाणु क्रमांक 45 है।
परमाणु द्रव्यमान (Atomic Mass): इसका परमाणु द्रव्यमान लगभग 102.91 u होता है।
आवर्त सारणी में स्थान (Position in Periodic Table): यह आवर्त सारणी के D-ब्लॉक (D-Block), पीरियड 5 (Period 5) और ग्रुप 9 (Group 9) का तत्व है।
तत्वों का वर्गीकरण: यह एक संक्रमण धातु (Transition Metal) है और इसे प्लैटिनम समूह (Platinum Group Metals – PGMs) में गिना जाता है।
भौतिक गुण: यह चांदी जैसी सफेद, अत्यधिक चमकदार, कठोर और जंग-प्रतिरोधी (Corrosion-resistant) धातु है।
विशेषता: यह दुनिया की सबसे दुर्लभ (Rarest) और सबसे महंगी प्राकृतिक रूप से पाई जाने वाली कीमती धातुओं में से एक है। इसका गलनांक (Melting Point) बहुत उच्च (1964 ∘ C) होता है।
प्रमुख उपयोग (Catalytic Converters): इसके वैश्विक उत्पादन का लगभग 80% से अधिक हिस्सा वाहनों के कैटेलिटिक कन्वर्टर में नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOx ) जैसी हानिकारक गैसों को कम करने (Reduction) के लिए उत्प्रेरक (Catalyst) के रूप में होता है।
खोज: इसकी खोज 1803 में विलियम हाइड वोलास्टन (William Hyde Wollaston) ने प्लैटिनम अयस्क से की थी।
नामकरण: इसका नाम ग्रीक शब्द ‘Rhodon’ से लिया गया है, जिसका अर्थ “गुलाब” (Rose) होता है, क्योंकि इसके रासायनिक यौगिकों के जलीय घोल का रंग गुलाबी-लाल होता है।
Palladium | पैलेडियम
Atomic number: 46
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 106.42
Category: Transition metal
Period / Group: 5 / 10
खोज: 1803
उपयोग: Catalysts, electronics, jewelry, hydrogen storage research
खोजकर्ता: पैलेडियम की खोज विलियम हाइड वोलास्टन (William Hyde Wollaston) ने वर्ष 1803 में की थी।
नामकरण: इस तत्व का नाम ‘पलास’ (Pallas) क्षुद्रग्रह (Asteroid) के नाम पर रखा गया है, जिसकी खोज इसके ठीक एक साल पहले (1802 में) हुई थी।
उपस्थिति: यह प्रकृति में मुक्त (Free state) और संयुक्त (Combined state) दोनों रूपों में पाया जाता है। व्यावसायिक स्तर पर यह मुख्य रूप से निकल और तांबे के शोधन के दौरान एक उप-उत्पाद (By-product) के रूप में प्राप्त होता है।
प्लैटिनम समूह (Platinum Group Metals – PGM): यह रूथेनियम, रोडियम, ओस्मियम, इरिडियम और प्लैटिनम के साथ PGM समूह का हिस्सा है।
विशेषता: प्लैटिनम समूह की सभी धातुओं में पैलेडियम का घनत्व (Density) सबसे कम और गलनांक (Melting Point) सबसे कम होता है।
रंग और रूप: यह चमकदार, चांदी जैसी सफेद (Silvery-white) दिखने वाली धातु है। यह अत्यधिक तन्य (Ductile) और आघातवर्धनीय (Malleable) होती है।
हाइड्रोजन अवशोषण (Hydrogen Absorption): पैलेडियम में अपने आयतन से लगभग 900 गुना अधिक हाइड्रोजन गैस को अवशोषित करने की अनूठी क्षमता होती है। इसलिए इसका उपयोग हाइड्रोजन शुद्धिकरण में किया जाता है।
अम्ल से क्रिया: यह कमरे के तापमान पर सामान्य अम्लों से क्रिया नहीं करता, लेकिन अम्लराज (Aqua Regia) और गर्म नाइट्रिक अम्ल में धीरे-धीरे घुल जाता है।
ऑक्सीकरण अवस्था (Oxidation State): इसकी मुख्य और सबसे स्थिर ऑक्सीकरण अवस्थाएँ 0 और +2 होती हैं।
प्रमुख उपयोग (Key Uses)
कैटेलिटिक कनवर्टर (Catalytic Converters): पैलेडियम का सबसे बड़ा उपयोग (लगभग 80%) ऑटोमोबाइल के कैटेलिटिक कनवर्टर में उत्प्रेरक (Catalyst) के रूप में होता है, जो जहरीली गैसों (जैसे कार्बन मोनोऑक्साइड) को कम हानिकारक गैसों में बदलता है।
सफेद सोना (White Gold): सोने (Gold) के साथ पैलेडियम की मिश्र धातु मिलाने पर ‘व्हाइट गोल्ड’ बनता है, जिसका उपयोग आभूषणों में किया जाता है।
इलेक्ट्रॉनिक्स: जंग के प्रति उच्च प्रतिरोधी होने के कारण इसका उपयोग मल्टी-लेयर सिरामिक कैपेसिटर (MLCC) और सर्किट बोर्ड की प्लेटिंग में होता है।
ऑर्गेनिक केमिस्ट्री: यह प्रसिद्ध कार्बन-कार्बन कपलिंग प्रतिक्रियाओं (जैसे Suzuki Reaction, Heck Reaction) में एक बेहतरीन उत्प्रेरक का काम करता है।
Silver | चांदी | सिल्वर
Silver (Ag) Atomic number: 47
(लैटिन शब्द Argentum से)
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 107.87
Category: Transition metal
Period / Group: 5 / 11
अयस्क
अर्जेंटाइट
सर्वोत्तम चालक: यह सभी धातुओं में विद्युत (Electricity) और ऊष्मा (Heat) की सबसे अच्छी सुचालक है।
तन्यता और आघातवर्धनीयता: यह अत्यधिक लचीली धातु है, जिसे बहुत पतले तारों और वर्क (foils) में बदला जा सकता है।
उपयोग:
परावर्तक (Reflector): चांदी दृश्य प्रकाश की सबसे अच्छी परावर्तक है, इसीलिए इसका उपयोग उच्च गुणवत्ता वाले दर्पण (Mirrors) बनाने में किया जाता है।
महत्वपूर्ण यौगिक और उनके उपयोग
सिल्वर आयोडाइड (AgI): इसका उपयोग कृत्रिम वर्षा (Cloud Seeding) कराने के लिए किया जाता है।
सिल्वर नाइट्रेट (AgNO3 ): इसे ‘लूनर कॉस्टिक‘ भी कहा जाता है।
मतदान के समय उंगलियों पर लगाई जाने वाली स्याही में इसी का प्रयोग होता है ताकि वह जल्दी न छूटे।
सिल्वर ब्रोमाइड (AgBr): इसका उपयोग पारंपरिक फोटोग्राफी में किया जाता है।
सिल्वर क्लोराइड (AgCl): इसे ‘हॉर्न सिल्वर’ कहा जाता है
इसका उपयोग फोटोक्रोमेटिक कांच (धूप के चश्मे) बनाने में होता है।
एंटी-बैक्टीरियल गुण: चांदी में कीटाणुओं को मारने की क्षमता होती है
इसका उपयोग घाव की ड्रेसिंग और चिकित्सा उपकरणों में किया जाता है।
संक्षारण (Corrosion): चांदी हवा में मौजूद हाइड्रोजन सल्फाइड (H2S) के साथ प्रतिक्रिया करके काली पड़ जाती है, जिसे ‘सिल्वर टार्निश‘ कहते हैं।
मिश्र धातु: शुद्ध चांदी बहुत नरम होती है, इसलिए आभूषण बनाने के लिए इसमें अक्सर तांबा मिलाया जाता है (जैसे- स्टर्लिंग सिल्वर)।
Cadmium | कैडमियम
Cadmium (Cd) Atomic number: 48
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 112.41
प्रतीक और परमाणु क्रमांक: कैडमियम का रासायनिक प्रतीक Cd और परमाणु संख्या (Atomic Number) 48 है।
आवर्त सारणी में स्थान: यह आवर्त सारणी (Periodic Table) के D-ब्लॉक का एक संक्रमण धातु (Transition Metal) है, जो समूह (Group) 12 और आवर्त (Period) 5 में स्थित है।
खोज: इसकी खोज 1817 में जर्मन वैज्ञानिक फ्रेडरिक स्ट्रोमेयर (Friedrich Stromeyer) ने की थी।
मुख्य अयस्क (Ore): कैडमियम का मुख्य अयस्क ग्रीनोकाइट (Greenockite – CdS) है। यह स्वतंत्र रूप से कम पाया जाता है, अक्सर जस्ता (Zinc) के अयस्कों के साथ उप-उत्पाद (By-product) के रूप में प्राप्त होता है।
इटाई-इटाई रोग (Itai-Itai Disease): कैडमियम के प्रदूषण और विषाक्तता (Toxicity) के कारण मानव शरीर में ‘इटाई-इटाई’ नामक बीमारी होती है। यह रोग हड्डियों को बेहद कमजोर और दर्दनाक बना देता है (यह प्रश्न SSC में बार-बार पूछा जाता है)।
परमाणु रिएक्टर में उपयोग: परमाणु रिएक्टरों (Nuclear Reactors) में कैडमियम की छड़ों का उपयोग नियंत्रक छड़ों (Control Rods) के रूप में किया जाता है, क्योंकि इसमें न्यूट्रॉन को अवशोषित (Neutron Absorption) करने की उच्च क्षमता होती है।
प्रमुख औद्योगिक उपयोग: इसका उपयोग मुख्य रूप से रीचार्ज होने वाली निकेल-कैडमियम (Ni-Cd) बैटरियों में, धातुओं पर जंगरोधी कोटिंग (Electroplating) करने में, और मिश्र धातुओं (Alloys) के निर्माण में होता है।
भौतिक गुण: यह चांदी की तरह चमकदार, अत्यधिक चमकदार और एक नरम धातु है, जिसे चाकू से आसानी से काटा जा सकता है।
अंगों पर प्रभाव: कैडमियम का संचय मानव शरीर में मुख्य रूप से गुर्दे (Kidneys) और फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुंचाता है।
Indium | इंडियम
Indium (In) Atomic number: 49
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 114.82
Category: Post-transition metal
Period / Group: 5 / 13
खोज: 1863
उपयोग: LCDs (indium tin oxide), solders, semiconductors
परमाणु क्रमांक (Atomic Number): इंडियम का परमाणु क्रमांक 49 है।
परमाणु द्रव्यमान (Atomic Mass): इसका परमाणु द्रव्यमान लगभग 114.82 u होता है।
आवर्त सारणी में स्थान (Position in Periodic Table): यह आवर्त सारणी के Block-p, Period-5 और Group-13 (बोरॉन परिवार) का सदस्य है।
भौतिक अवस्था (Physical State): यह एक बहुत ही नरम (soft), आघातवर्धनीय (malleable) और चांदी जैसी सफेद (silvery-white) चमकदार धातु है।
खोज (Discovery): इसकी खोज 1863 में फर्डिनेंड रीच (Ferdinand Reich) और हाइरोनिमस थियोडोर रिक्टर (Hieronymus Theodor Richter) ने की थी।
नामकरण (Naming): स्पेक्ट्रम में इसकी चमकीली इंडिगो (नीली) रेखा के कारण इसका नाम ‘इंडियम’ रखा गया।
गलनांक (Melting Point): इसका गलनांक काफी कम होता है (लगभग 156.6°C)। इसे साधारण चाकू से आसानी से काटा जा सकता है।
इंडियम टिन ऑक्साइड (ITO): इंडियम का सबसे महत्वपूर्ण उपयोग ITO (Indium Tin Oxide) के रूप में होता है। यह पारदर्शी और विद्युत का सुचालक होता है, जिसका उपयोग टचस्क्रीन, एलसीडी (LCD) और फ्लैट-स्क्रीन टीवी में किया जाता है।
अर्धचालक उपयोग (Semiconductor Application): इसका उपयोग सेमीकंडक्टर उद्योग में ट्रांजिस्टर, रेक्टिफायर और थर्मिस्टर बनाने के लिए किया जाता है।
क्रायोजेनिक सील (Cryogenic Seals): अत्यधिक कम तापमान पर भी नरम रहने के गुण के कारण इसका उपयोग हाई-वैक्यूम और क्रायोजेनिक पंपों में सील बनाने के लिए होता है।
मिश्र धातु (Alloys): कम गलनांक वाली मिश्र धातुएँ (Low-melting alloys) बनाने में इसका उपयोग होता है, जैसे कि फायर स्प्रिंकलर सिस्टम में।
प्रकृति में उपलब्धता: यह स्वतंत्र रूप से प्रकृति में बहुत कम पाया जाता है; आमतौर पर इसे जस्ता (Zinc) और सीसा (Lead) के अयस्कों के उप-उत्पाद (by-product) के रूप में प्राप्त किया जाता है।
Tin | टिन | राँगा
Tin (Sn) Atomic number: 50
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 118.71
रासायनिक प्रतीक (Symbol): Sn (लैटिन नाम Stannum से लिया गया है)।
आवर्त सारणी में स्थिति: यह समूह 14 (Group 14 / Carbon Family) और आवर्त 5 (Period 5) का तत्व है।
भौतिक अवस्था: यह एक नरम, चांदी जैसी सफेद और चमकदार धातु है।
टिन क्राई (Tin Cry): टिन की छड़ को मोड़ने पर एक विशेष प्रकार की आवाज आती है, जिसे ‘टिन क्राई’ (टिन का रोना) कहा जाता है (यह क्रिस्टल संरचना के टूटने के कारण होता है)।
मुख्य अयस्क (Main Ore):
कैसिटेराइट (Cassiterite) — इसका रासायनिक सूत्र SnO 2 (टिन डाइऑक्साइड) है। इसे ‘टिन स्टोन’ भी कहा जाता है।
भारत में एकमात्र उत्पादक राज्य: छत्तीसगढ़ भारत का एकमात्र राज्य है जो टिन का उत्पादन करता है।
प्रमुख क्षेत्र: छत्तीसगढ़ का दंतेवाड़ा (बस्तर) जिला टिन के भंडार के लिए प्रसिद्ध है, जो दंडकारण्य क्षेत्र के अंतर्गत आता है।
वैश्विक उत्पादन: विश्व में चीन, इंडोनेशिया और म्यांमार टिन के शीर्ष उत्पादकों में शामिल हैं।
टांका / सोल्डर (Solder): सीसा (Lead, Pb) + टिन (Tin, Sn) — इसका उपयोग इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जोड़ने में होता है।
प्यूटर (Pewter): टिन (~85-99%), तांबा, एंटीमनी और बिस्मुथ का मिश्रण।
बेल मेटल (Bell Metal): तांबा (Cu) + टिन (Sn) — इसका उपयोग घंटियाँ बनाने में होता है।
गैल्वनाइजेशन / कोटिंग: लोहे और स्टील को जंग (Rust) से बचाने के लिए उन पर टिन की परत चढ़ाई जाती है (जैसे भोजन पैक करने वाले टिन के डिब्बे)।
कांच उद्योग: फ्लैट/खिड़की के कांच को पिघले हुए टिन की सतह पर तैराकर (Float glass process) एकदम समतल बनाया जाता है।
Antimony | एंटीमनी
Antimony (Sb) Atomic number: 51
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 121.76
Category: Metalloid / post-transition
Period / Group: 5 / 15
Known since: Ancient
उपयोग: Flame retardants, alloys, semiconductors
रासायनिक प्रतीक (Symbol): इसका सिंबल Sb है, जो इसके लैटिन नाम स्टिबियम (Stibium) से लिया गया है।
परमाणु संख्या (Atomic Number): इसकी परमाणु संख्या 51 है।
तत्व का प्रकार: यह एक उपधातु (Metalloid) है, जिसमें धातु और अधातु दोनों के गुण पाए जाते हैं।
आवर्त सारणी में स्थिति (Periodic Table): यह Group 15 (Nitrogen family) और Period 5 का तत्व है।
मुख्य अयस्क (Main Ore): एंटीमनी का सबसे प्रमुख खनिज/अयस्क स्टिब्नाइट (Stibnite – Sb2S3 ) है।
असामान्य गुण (Unique Property): पानी की तरह, एंटीमनी भी जमने (solidify होने) पर फैलता (expand) है। इस गुण के कारण इसका उपयोग सटीक सांचे बनाने के लिए ‘टाइप मेटल’ में किया जाता है।
मिश्र धातु (Alloy): इसका उपयोग सीसे (Lead) को कठोर बनाने के लिए किया जाता है, जिससे लेड-एसिड बैटरी और सैनिक गोलियां (bullets) बनाई जाती हैं।
ऐतिहासिक उपयोग: प्राचीन काल में इसके काले सल्फाइड पाउडर (Stibnite) का उपयोग आंखों के काजल (Kohl) के रूप में किया जाता था।
फायर रिटार्डेंट (Fire Retardant): एंटीमनी ट्राइऑक्साइड (Sb2O3 ) का बड़े पैमाने पर उपयोग कपड़ों और प्लास्टिक को आग से सुरक्षित (flame-resistant) बनाने के लिए किया जाता है।
अर्धचालक (Semiconductor): आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स में इसका उपयोग डायोड और इन्फ्रारेड डिटेक्टर जैसे सेमीकंडक्टर डिवाइस बनाने में होता है।
Tellurium (Te)
Atomic number: 52
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 127.60
Category: Metalloid
Period / Group: 5 / 16
खोज: 1782
उपयोग: Alloys, thermoelectrics, semiconductors
Iodine | आयोडीन
Iodine (I) Atomic number: 53
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 126.90
आयोडीन (I): आवर्त सारणी में परमाणु क्रमांक 53 और हैलोजन समूह का सदस्य.
संकेत और परमाणु क्रमांक: आयोडीन का रासायनिक प्रतीक I है और इसका परमाणु क्रमांक (Atomic Number) 53 है।
आवर्त सारणी में स्थान: यह आवर्त सारणी के Group 17 (हैलोजन समूह) और Period 5 का तत्व है। यह सबसे कम प्रतिक्रियाशील (least reactive) और सबसे कम विद्युत-ऋणात्मक (least electronegative) स्थिर हैलोजन है।
भौतिक अवस्था: सामान्य तापमान पर यह एक चमकदार, गहरे भूरे/बैंगनी रंग का ठोस (Solid non-metal) होता है।
ऊर्ध्वपातन (Sublimation): आयोडीन में ऊर्ध्वपातन का गुण होता है, यानी गर्म करने पर यह सीधे ठोस से बैंगनी रंग की गैस (Purple vapor) में बदल जाता है।
लस्टर (Luster): अधातु (Non-metal) होने के बावजूद आयोडीन की सतह धातु जैसी चमकदार (lustrous) होती है।
थायराइड ग्रंथि (Thyroid Gland): मानव शरीर में आयोडीन मुख्य रूप से गले में स्थित थायराइड ग्रंथि में संचित होता है।
थायराइड हार्मोन: यह थायरोक्सिन (T 4 ) और ट्रायोडोथायरोनिन (T3) हार्मोन के निर्माण के लिए आवश्यक है, जो शरीर के मेटाबॉलिज्म (उपापचय) को नियंत्रित करते हैं।
घेंघा रोग (Goiter): भोजन में आयोडीन की कमी से थायराइड ग्रंथि सूज जाती है, जिसे घेंघा (Goiter) रोग कहते हैं।
क्रेटिनिज़्म (Cretinism): बच्चों में आयोडीन की गंभीर कमी से मानसिक और शारीरिक विकास रुक जाता है, जिसे क्रेटिनिज़्म (जड़वामनता) कहा जाता है।
आयोडीन युक्त नमक: साधारण नमक में आयोडीन की कमी को पूरा करने के लिए पोटेशियम आयोडेट (KIO3 ) या पोटेशियम आयोडाइड (KI) मिलाया जाता है।
स्टार्च परीक्षण (Starch Test): कार्बोहाइड्रेट/स्टार्च की उपस्थिति का पता लगाने के लिए आयोडीन परीक्षण किया जाता है। स्टार्च के संपर्क में आते ही आयोडीन का रंग गहरा नीला-काला (Deep Blue-Black) हो जाता है।
टिंचर आयोडीन (Tincture of Iodine): यह 2-7% आयोडीन, पोटेशियम आयोडाइड और अल्कोहल-पानी का मिश्रण होता है, जिसका उपयोग एंटीसेप्टिक (Antiseptic) के रूप में चोटों पर लगाने के लिए किया जाता है।
ल्युगोल्स सॉल्यूशन (Lugol’s Iodine): यह आयोडीन और पोटेशियम आयोडाइड का पानी में बना घोल है, जो दवा और प्रयोगशाला परीक्षणों में काम आता है।
सिल्वर आयोडाइड (AgI): इसका उपयोग कृत्रिम वर्षा (Cloud Seeding / Artificial Rain) कराने के लिए किया जाता है (यह प्रश्न SSC में बार-बार पूछा जाता है)।
रेडियोधर्मी आयोडीन (I-131): इस आइसोटोप (समस्थानिक) का उपयोग थायराइड कैंसर के इलाज और थायराइड ग्रंथि की इमेजिंग के लिए किया जाता है।
प्राकृतिक स्रोत: समुद्री खरपतवार (जैसे लैमिनेरिया नामक भूरा शैवाल/Brown Algae) आयोडीन के सबसे समृद्ध प्राकृतिक स्रोत होते हैं।
Xenon | ज़ेनॉन
Xenon (Xe) Atomic number: 54
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 131.29
Category: Noble gas
Period / Group: 5 / 18
खोज: 1898
उपयोग: Lighting (flash lamps), anesthesia (some uses), ion propulsion research
खोज (Discovery): इसकी खोज 1898 में विलियम रामसे (William Ramsay) और मॉरिस ट्रैवर्स (Morris Travers) ने की थी।
आवर्त सारणी में स्थान (Periodic Table Position): यह आवर्त सारणी के Group 18 (अक्रिय गैसें / Noble Gases) और Period 5 का तत्व है।
परमाणु क्रमांक (Atomic Number): इसका परमाणु क्रमांक 54 है और परमाणु द्रव्यमान लगभग 131.29 है।
“अजनबी गैस” (Stranger Gas): इसे ‘Stranger Gas’ भी कहा जाता है क्योंकि ग्रीक शब्द ‘Xenos’ का अर्थ ‘अजनबी’ या ‘विचित्र’ होता है।
यौगिक बनाने की क्षमता (Compound Formation): उत्कृष्ट गैस (Noble Gas) होने के बावजूद, यह विशेष परिस्थितियों में फ्लोरीन और ऑक्सीजन के साथ रासायनिक यौगिक (जैसे XeF2 , XeF4 , XeO3 ) बना सकती है। नील बार्टलेट (Neil Bartlett) ने इसका पहला यौगिक बनाया था।
अवस्था और रंग (State & Color): यह सामान्य तापमान पर एक रंगहीन, गंधहीन और भारी गैस है।
वायुमंडल में मात्रा (Abundance): यह पृथ्वी के वायुमंडल में अत्यंत दुर्लभ मात्रा में पाई जाती है (लगभग 0.087 पीपीएम – Parts Per Million)।
चमकदार लाइटें (High-Intensity Lamps): इसका उपयोग हाई-स्पीड फोटोग्राफी के लिए फ्लैश लैंप, कैमरे के फ्लैश और सिनेमा प्रोजेक्टर के लैंप में किया जाता है क्योंकि यह डिस्चार्ज होने पर नीले-सफेद रंग की तेज चमक पैदा करती है।
हेडलाइट्स (HID Headlights): आधुनिक वाहनों की HID (High-Intensity Discharge) हेडलाइट्स में ज़ेनॉन गैस का उपयोग होता है जो तेज सफेद रोशनी देती है।
चिकित्सा में उपयोग (Medical Use): इसका उपयोग एनेस्थीसिया (Anesthesia – बेहोश करने की दवा) के रूप में और चिकित्सा इमेजिंग (Medical Imaging) में किया जाता है।
आयन थ्रस्टर (Ion Propulsion): अंतरिक्ष विज्ञान में, उपग्रहों (Satellites) और अंतरिक्ष यान के आयन इंजनों (Ion Thrusters) में ईंधन (Propellant) के रूप में ज़ेनॉन का व्यापक उपयोग होता है।
Cesium | सीज़ियम
Cesium (Cs) Atomic number: 55
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 132.91
प्रतीक और परमाणु संख्या: सीज़ियम का रासायनिक प्रतीक Cs है और इसकी परमाणु संख्या (Atomic Number) 55 है।
आवर्त सारणी में स्थान: यह आवर्त सारणी (Periodic Table) के S-ब्लॉक, समूह 1 (Group 1 – क्षार धातु / Alkali Metals) और छठे आवर्त (6th Period) में स्थित है।
भौतिक अवस्था और रंग: यह एक अत्यंत नरम (Soft), सुनहरे-चांदी जैसे रंग की (Silvery-Gold) धातु है।
द्रवणांक (Melting Point): इसका गलनांक बहुत कम, केवल 28.4°C (83.1°F) होता है। यही कारण है कि यह हथेली की गर्मी से या कमरे के तापमान से थोड़े से अधिक तापमान पर तरल (Liquid) अवस्था में बदल जाता है। (गैलियम और सीज़ियम दोनों हथेली पर पिघल जाते हैं)।
अत्यधिक अभिक्रियाशील (Highly Reactive): यह आवर्त सारणी की सबसे सक्रिय और अत्यधिक अभिक्रियाशील धातुओं में से एक है। यह हवा (ऑक्सीजन) के संपर्क में आते ही स्वतः जल उठती है।
पानी के साथ विस्फोटक क्रिया: सीज़ियम ठंडे पानी और यहाँ तक कि बर्फ के साथ भी अत्यंत तीव्र और विस्फोटक प्रतिक्रिया करता है, जिससे सीज़ियम हाइड्रोक्साइड (CsOH) और हाइड्रोजन गैस बनती है।
भंडारण (Storage): इसकी अत्यधिक क्रियाशीलता के कारण इसे हवा और नमी से बचाने के लिए अक्रिय गैस (जैसे आर्गन) से भरे सीलबंद ग्लास एम्प्यूल (Ampoules) या खनिज तेल (Mineral Oil) में रखा जाता है।
परमाणु घड़ी (Atomic Clock): सीज़ियम का सबसे महत्वपूर्ण उपयोग परमाणु घड़ियों (Atomic Clocks) में समय के सटीक मापन के लिए किया जाता है।
सेकंड की परिभाषा: अंतर्राष्ट्रीय प्रणाली (SI Units) में 1 सेकंड की परिभाषा सीज़ियम-133 (Cs-133) परमाणु के कंपन (Vibrations) पर आधारित है।
प्रकाश वैद्युत प्रभाव (Photoelectric Effect): सीज़ियम का कार्य-फलन (Work Function) बहुत कम होता है, इसलिए इसका उपयोग फोटोइलेक्ट्रिक सेल (Photoelectric Cells) और सोलर पैनलों में प्रकाश को विद्युत में बदलने के लिए व्यापक रूप से किया जाता है।
आयनन ऊर्जा (Ionization Energy): इसकी प्रथम आयनन ऊर्जा (First Ionization Energy) पूरी आवर्त सारणी में (फ्रांसियम को छोड़कर) सबसे कम होती है, जिसके कारण यह बहुत आसानी से इलेक्ट्रॉन त्याग देता है।
खोज (Discovery): सीज़ियम की खोज 1860 में रॉबर्ट बन्सन (Robert Bunsen) और गुस्ताव किरचॉफ (Gustav Kirchhoff) ने स्पेक्ट्रोस्कोपी तकनीक द्वारा की थी। लैटिन भाषा में ‘Caesius’ का अर्थ ‘आसमानी नीला’ होता है, क्योंकि इसके स्पेक्ट्रम में चमकीले नीले रंग की रेखाएं दिखती हैं।
रेडियोधर्मी आइसोटोप: सीज़ियम-137 (Cs-137) एक प्रमुख रेडियोधर्मी आइसोटोप है जो परमाणु विखंडन (Nuclear Fission) से उत्पन्न होता है और इसका उपयोग कैंसर के इलाज (Radiation Therapy) तथा औद्योगिक गेज में किया जाता है।
Barium | बेरियम
Barium (Ba) Atomic number: 56
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 137.33
Category: Alkaline earth metal
Period / Group: 6 / 2
खोज: 1808 (isolated later)
उपयोग: Drilling fluids, fireworks (green color), medical imaging (barium contrast)
परमाणु क्रमांक (Atomic Number): बेरियम का परमाणु क्रमांक 56 है।
आवर्त सारणी में स्थान: यह आवर्त सारणी के ग्रुप 2 (Group 2 – क्षारीय मृदा धातु / Alkaline Earth Metals) और 6ठे आवर्त (Period 6) का तत्व है।
परमाणु द्रव्यमान (Atomic Mass): इसका परमाणु द्रव्यमान लगभग 137.33 u होता है।
इलेक्ट्रॉनिक विन्यास: इसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास [Xe]6s2 है, जिसका अर्थ है कि इसके बाहरी कक्ष में 2 संयोजी इलेक्ट्रॉन (Valence Electrons) होते हैं।
आतिशबाजी में हरा रंग (Green Color in Fireworks): आतिशबाजी (पटाखों) के फूटने पर निकलने वाला चमकदार हरा रंग बेरियम (विशेष रूप से बेरियम क्लोराइड) की उपस्थिति के कारण होता है। [यह परीक्षा में बार-बार पूछा जाने वाला प्रश्न है]
बेरियम मील (Barium Meal): एक्स-रे (X-Ray) के माध्यम से मानव के पाचन तंत्र (Digestive Tract) की जांच करने के लिए मरीज को ‘बेरियम सल्फेट’ (BaSO4 ) का घोल पिलाया जाता है, जिसे ‘बेरियम मील’ कहते हैं। यह एक्स-रे के लिए एक कंट्रास्ट एजेंट का काम करता है।
जल में अघुलनशीलता: बेरियम सल्फेट (BaSO4) जल और अम्ल में अत्यधिक अघुलनशील (Insoluble) होता है, जिसके कारण यह विषैला नहीं होता और चिकित्सा क्षेत्र में सुरक्षित रूप से उपयोग किया जाता है। हालांकि, अन्य घुलनशील बेरियम लवण अत्यधिक विषैले होते हैं।
प्रमुख अयस्क (Main Ore): बेरियम का सबसे मुख्य और प्रचुर मात्रा में मिलने वाला अयस्क बेराइट (Baryte – BaSO4 ) है। इसके अलावा विथेराइट (Witherite – BaCO3 ) भी इसका एक अयस्क है।
भौतिक अवस्था: यह कमरे के तापमान पर एक चांदी जैसी सफेद, चमकदार और अत्यंत नरम धातु है, जिसे आसानी से काटा जा सकता है।
अत्यधिक क्रियाशीलता: हवा (ऑक्सीजन) के संपर्क में आते ही यह तेजी से ऑक्सीकृत हो जाता है, इसलिए शुद्ध बेरियम को पेट्रोलियम या अन्य ऑक्सीजन-रहित तरल पदार्थों में रखा जाता है।
Lanthanum (La)
Atomic number: 57
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 138.91
Category: Lanthanide (rare earth)
Period / Group: 6 / f-block
खोज: 1839
उपयोग: Catalysts, camera lenses, batteries (nickel-metal hydride)
Cerium (Ce)
Atomic number: 58
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 140.12
Category: Lanthanide
Period / Group: 6 / f-block
खोज: 1803
उपयोग: Catalysts, glass polishing, alloys
Praseodymium (Pr)
Atomic number: 59
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 140.91
Category: Lanthanide
Period / Group: 6 / f-block
खोज: 1885
उपयोग: Magnets, alloys, glass coloring
Neodymium (Nd)
Atomic number: 60
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 144.24
परमाणु संख्या (Atomic Number): इसकी परमाणु संख्या 73 है।
परमाणु द्रव्यमान (Atomic Mass): इसका परमाणु भार लगभग 180.94 u होता है।
आवर्त सारणी में स्थान: यह आवर्त सारणी के Group 5 और Period 6 का हिस्सा है।
ब्लॉक (Block): यह एक d-block तत्व है, जिसे संक्रमण धातु (Transition Metal) कहा जाता है।
दिखावट (Appearance): यह एक भारी, कठोर और धूसर-नीले रंग की (Grayish-blue) चमकदार धातु है।
उच्च गलनांक (High Melting Point): इसका गलनांक (Melting Point) बहुत अधिक होता है (लगभग 3017°C)। धातुओं में केवल टंगस्टन, रीनियम और ऑस्मियम का गलनांक ही इससे अधिक है।
जंग प्रतिरोधक (Corrosion Resistance): यह धातु 150°C से कम तापमान पर रासायनिक हमलों के प्रति पूरी तरह से प्रतिरोधी (immune) होती है। इस पर ‘एक्वा रेजिया’ (Aqua Regia/अम्लराज) का भी कोई असर नहीं होता।
लचीलापन (Ductility): अत्यधिक कठोर होने के बावजूद यह बहुत लचीली होती है, जिससे इसे महीन तारों में खींचा जा सकता है।
इलेक्ट्रॉनिक्स (Capacitors): इसका मुख्य उपयोग मोबाइल फोन, लैपटॉप और ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए टैंटलम कैपेसिटर (Capacitors) बनाने में होता है क्योंकि यह कम आकार में अधिक बिजली स्टोर कर सकता है।
मेडिकल इम्प्लांट्स (Biocompatibility): यह धातु मानव शरीर के तरल पदार्थों के साथ कोई प्रतिक्रिया नहीं करती (Bio-inert)। इसलिए इसका उपयोग कृत्रिम जोड़ों, हड्डियों के स्क्रू और पेसमेकर बनाने में किया जाता है।
सुपरअलॉय (Superalloys): उच्च गलनांक के कारण इसका उपयोग जेट इंजन के पुर्जों और मिसाइलों में मिश्र धातु बनाने के लिए होता है।
खोजकर्ता: इसकी खोज एन्डर्स गुस्टाफ एकबर्ग (Anders Gustaf Ekeberg) ने 1802 में स्वीडन में की थी।
नामकरण: इसका नाम ग्रीक पौराणिक कथाओं के पात्र ‘टैंटलस’ (Tantalus) के नाम पर रखा गया है।
मुख्य अयस्क (Ore): यह मुख्य रूप से कोलम्बाइट-टैंटलाइट (Columbite-Tantalite) नामक खनिज से प्राप्त होता है, जिसे आम बोलचाल में कोलटन (Coltan) कहा जाता है।
सतलुज नदी में खोज: आईआईटी रोपड़ (IIT Ropar) के शोधकर्ताओं ने पंजाब में सतलुज नदी की रेत में दुर्लभ धातु टैंटलम की उपस्थिति की खोज की है, जो भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है।
महत्व: भारत वर्तमान में अपनी टैंटलम आवश्यकताओं का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है। घरेलू स्तर पर इसकी उपलब्धता ‘Atmanirbhar Bharat’ मिशन को बढ़ावा देती है।
Tungsten | टंग्स्टन | वोल्फ्राम
Tungsten (W) Atomic number: 74
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 183.84
Category: Transition metal
Period / Group: 6 / 6
खोज: 1783 (isolated as element later)
उपयोग: Filaments, heavy alloys, cutting tools
रासायनिक प्रतीक (Symbol): टंग्स्टन का रासायनिक प्रतीक W है, जो इसके जर्मन नाम वोल्फ्राम (Wolfram) से लिया गया है।
परमाणु क्रमांक (Atomic Number): इसका परमाणु क्रमांक 74 है और यह आवर्त सारणी (Periodic Table) के d-ब्लॉक का तत्व है।
उच्चतम गलनांक (Highest Melting Point): सभी शुद्ध धातुओं में टंग्स्टन का गलनांक सबसे अधिक होता है। इसका गलनांक लगभग 3422°C (6192°F) है।
क्वथनांक (Boiling Point): इसका क्वथनांक (Boiling Point) लगभग 5930°C है।
बल्ब का फिलामेंट (Bulb Filament): अपने अत्यधिक उच्च गलनांक के कारण इसका उपयोग पारंपरिक विद्युत बल्बों के फिलामेंट बनाने में किया जाता है।
मुख्य अयस्क (Main Ore): टंग्स्टन का मुख्य अयस्क वोल्फ्रामाइट (Wolframite) और स्कीलाइट (Scheelite) है।
भारत में भंडार: भारत में टंग्स्टन का प्रमुख स्रोत डेगाना (नागौर, राजस्थान) में स्थित है।
टंग्स्टन कार्बाइड (Tungsten Carbide): टंग्स्टन और कार्बन का यह यौगिक (WC) अत्यधिक कठोर होता है। इसका उपयोग काटने वाले औजारों (Cutting Tools) और ड्रिल बिट्स में किया जाता है।
प्रतिरोध (Resistance): इसका विद्युत प्रतिरोध और घनत्व बहुत अधिक होता है, जिसके कारण यह गर्म होने पर भी आसानी से नहीं पिघलता।
मिश्र धातु (Alloy): इसका उपयोग ‘हाई-स्पीड स्टील’ बनाने में किया जाता है, जिससे रॉकेट, मिसाइल और इंजन के कलपुर्जे बनते हैं।
Rhenium
Atomic number: 75
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 186.21
Category: Transition metal
Period / Group: 6 / 7
खोज: 1925
उपयोग: Superalloys, catalysts, jet engines
Osmium | ऑस्मियम
Osmium (Os) Atomic number: 76
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 190.23
Category: Transition metal
Period / Group: 6 / 8
खोज: 1803
उपयोग: Hard alloys, fountain pen tips, electrical contacts
सबसे भारी तत्व: ऑस्मियम आवर्त सारणी (Periodic Table) का सबसे भारी और सबसे सघन (Densest) प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला तत्व है। इसकी डेंसिटी लगभग 22.59 ग्राम प्रति घन सेंटीमीटर (22.59 g/cm 3 ) होती है।
परमाणु क्रमांक (Atomic Number): इसका परमाणु क्रमांक 76 है और इसका रासायनिक प्रतीक Os है।
आवर्त सारणी में स्थान: यह आवर्त सारणी के Group 8 (समूह 8) और Period 6 (आवर्त 6) में स्थित एक डी-ब्लॉक (d-block) संक्रमण धातु (Transition Metal) है।
प्लेटिनम समूह की धातु: यह प्लेटिनम समूह (Platinum Group Metals – PGM) का हिस्सा है, जिसमें रुथेनियम, रोडियम, पैलेडियम, इरिडियम और प्लेटिनम भी शामिल हैं।
कठोरता और गलनांक: यह एक अत्यंत कठोर, भंगुर (brittle) और नीले-सफेद रंग की चमकदार धातु है। इसका गलनांक (Melting Point) बहुत उच्च होता है, लगभग 3033°C।
ऑस्मियम टेट्राऑक्साइड (OsO4 ): हवा के संपर्क में आने पर यह आसानी से ऑस्मियम टेट्राऑक्साइड (OsO4 ) बनाता है, जो कि एक अत्यधिक विषैली (toxic), तीखी गंध वाली और वाष्पशील (volatile) गैस है। इसी तीखी गंध के कारण इसका नाम ग्रीक शब्द ‘osme’ (गंध) पर रखा गया था।
प्रमुख उपयोग: अत्यधिक कठोरता के कारण इसका उपयोग मुख्य रूप से फाउंटेन पेन की निब (nib), इलेक्ट्रिकल कॉन्टैक्ट्स, और रिकॉर्ड प्लेयर की सुई (stylus) बनाने के लिए प्लेटिनम या इरिडियम के साथ मिश्र धातु (Alloy) के रूप में किया जाता है।
खोज: इसकी खोज 1803 में ब्रिटिश वैज्ञानिक स्मिसन टेनेंट (Smithson Tennant) ने की थी।
Iridium (Ir)
Atomic number: 77
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 192.22
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 195.08 u
Category: Transition metal
Period / Group: 6 / 10 (D-block)
रंग और दिखावट: चमकदार, चांदी जैसी सफेद
सफेद सोना (White Gold): अपनी चमक और रंग के कारण इसे अक्सर ‘सफेद सोना’ भी कहा जाता है
अत्यधिक भारी: प्लैटिनम एक बहुत ही सघन (Dense) धातु है।
घनत्व = 21.45 g/cm3 होता है।
उच्च गलनांक: 1768°C (3214 ∘ F)।
अक्रिय धातु (Noble Metal):
यह बहुत ही कम प्रतिक्रियाशील धातु है।
यह हवा में गर्म करने पर भी संक्षारित (Corrode) नहीं होती और न ही ऑक्सीकृत होती है।
एक्वा रेजिया (Aqua Regia): सामान्य अम्लों का इस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता, लेकिन यह एक्वा रेजिया (नाइट्रिक एसिड और हाइड्रोक्लोरिक एसिड का मिश्रण) में घुल सकता है।
प्रमुख उपयोग
उत्प्रेरक (Catalyst): प्लैटिनम का सबसे बड़ा उपयोग वाहनों केकैटेलिटिक कन्वर्टर्स में होता है
जहरीली गैसों को कम हानिकारक गैसों में बदलने का काम करता है।
आभूषण (Jewelry): महंगे गहने बनाने में किया जाता है।
चिकित्सा क्षेत्र: कैंसर दवाओं (जैसे Cisplatin) में प्लैटिनम का उपयोग होता है।
इलेक्ट्रॉनिक्स: उच्च तापमान पर स्थिर रहने के कारण इसका उपयोग इलेक्ट्रिकल कॉन्टैक्ट्स और इलेक्ट्रोड बनाने में किया जाता है।
मानक माप: पेरिस में रखे गए ‘मानक किलोग्राम’ और ‘मानक मीटर’ के बाट प्लैटिनम और इरिडियम के मिश्रण (90% Pt, 10% Ir) से बने हैं।
प्राप्ति:
दक्षिण अफ्रीका (दुनिया का सबसे बड़ा उत्पादक)
रूस और कनाडा में
अयस्क (Ore):
‘स्पैरीलाइट’ (Sperrylite – PtAs2 )
Gold | सोना | गोल्ड | सोने
Gold (Au) Atomic number: 79
(लैटिन शब्द Aurum से)
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 196.97
Category: d-block Transition metal
Found in elemental (native) form in nature
Period / Group: 6 / 11
तन्यता (Ductility): यह दुनिया की सबसे तन्य धातु है।
मात्र 1 ग्राम सोने से लगभग 2 किलोमीटर लंबी तार खींची जा सकती है।
अघातवर्धनीयता (Malleability): सोना सबसे अधिक अघातवर्धनीय है
इसे पीट-पीटकर अत्यंत पतली चादरों (पन्नी) में बदला जा सकता है।
रंग: पीले रंग का
जंग प्रतिरोध: सोना एक ‘मृदु धातु’ (Noble Metal) है
हवा या पानी के संपर्क में आने पर कभी जंग (Rust) नहीं लगता।
कैरेट (Karat): सोने की शुद्धता ‘कैरेट’ में मापी जाती है।
24 कैरेट को 100% शुद्ध माना जाता है।
24 कैरेट सोना बहुत नरम होता है, इसलिए आभूषण बनाने के लिए अक्सर 22 कैरेट (22 भाग सोना + 2 भाग तांबा/जस्ता) का उपयोग किया जाता है।
एक्वा रेजिया (Aqua Regia): सोना साधारण एसिड में नहीं घुलता
लेकिन यह एक्वा रेजिया (सांद्र नाइट्रिक एसिड और हाइड्रोक्लोरिक एसिड का मिश्रण) में घुल सकता है।
उपयोग
मुद्रा और निवेश: सिक्कों और धन के संचय (Investment) के रूप में किया जाता रहा है।
इलेक्ट्रॉनिक्स: सोना बिजली का बहुत अच्छा सुचालक है।
इसका उपयोग स्मार्टफोन, कंप्यूटर और जीपीएस डिवाइस के सर्किट और कनेक्टर्स में किया जाता है।
अंतरिक्ष विज्ञान: अंतरिक्ष यात्रियों के हेलमेट पर सोने की एक पतली परत चढ़ाई जाती है ताकि हानिकारक सौर विकिरण (Infrared Radiation) को रोका जा सके।
चिकित्सा: दंत चिकित्सा (Dentistry) में और कुछ विशेष दवाओं के निर्माण में सोने का उपयोग होता है।
खाद्य सोना: शुद्ध सोना जहरीला नहीं होता और इसे ‘E175’ खाद्य योज्य के रूप में मिठाइयों या पेय पदार्थों में सजावट के लिए उपयोग किया जा सकता है।
Mercury | पारा | मरकरी
Mercury (Hg) Atomic number: 80
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 200.59
Category: d-block elements Transition/post-transition metal (liquid at room temp)
It is the only metal that remains liquid at room temperature.
Mercury is also known as quicksilver due to its flowing nature.
The symbol Hg is derived from the Latin word Hydrargyrum (liquid silver).
It has a very high density (13.6 g/cm³).
Mercury has a low melting point of −39°C.
It has a boiling point of 357°C.
Mercury shows poor heat conductivity compared to other metals.
It does not react easily with oxygen, making it resistant to corrosion.
Mercury forms amalgams with many metals like gold and silver.
Iron and platinum do not form amalgams with mercury.
Mercury is used in thermometers, barometers, and sphygmomanometers.
It is used in fluorescent lamps and electrical switches.
Mercury compounds are used in fungicides and antiseptics (limited use now).
Mercury is highly toxic, especially in vapor and organic forms.
Minamata disease is caused by mercury poisoning.
Mercury occurs naturally mainly as cinnabar (HgS) ore.
Mercury vapors are colorless and odorless but extremely harmful.
It is a poor conductor of electricity compared to other metals.
Thallium | थैलियम
Thallium (Tl) Atomic number: 81
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 204.38
Category: Post-transition metal
Period / Group: 6 / 13
खोज: 1861
उपयोग: Electronics, infrared detectors, historically in poison (toxic)
Lead | सीसा | लेड
Lead (Pb) Atomic number: 82
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 207.2
Category: Post-transition metal
Period / Group: 6 / 14
Known since: Ancient
उपयोग: Batteries, shielding, formerly paints and pipes (declining due to toxicity)
परमाणु क्रमांक (Atomic Number): सीसा का परमाणु क्रमांक 82 है और इसका रासायनिक प्रतीक Pb (लैटिन नाम Plumbum से) है।आवर्त सारणी में स्थान: यह आवर्त सारणी के Group 14 (Carbon family) और 6th Period का तत्व है।
मुख्य अयस्क (Main Ore): सीसा का सबसे प्रमुख अयस्क गैलेना (Galena – PbS) है। इसके अलावा सेरुसाइट (PbCO 3 ) और एंग्लेसाइट (PbSO 4 ) भी इसके अयस्क हैं।
भौतिक गुण: यह एक नीले-सफेद रंग की भारी, अत्यंत आघातवर्धनीय (malleable) और बहुत नरम धातु है, जिसे चाकू से आसानी से काटा जा सकता है।
ऊष्मा और विद्युत का कुचालक: सीसा ऊष्मा (Heat) और विद्युत (Electricity) का निकृष्टतम चालक (Poorest Conductor) है।
स्थायित्व (Stability): रेडियोधर्मी तत्वों (जैसे यूरेनियम और थोरियम) के क्षय (Radioactive Decay) का अंतिम स्थिर उत्पाद सीसा (Lead) ही होता है।
विषाक्तता (Toxicity): सीसा शरीर के लिए अत्यंत विषाक्त (Toxic) है। इसके कारण प्लंबिज्म (Plumbism) या एनीमिया जैसी बीमारियां होती हैं, जो केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (CNS) को प्रभावित करती हैं।
एंटी-नॉक एजेंट (Tetraethyl Lead – TEL): पहले पेट्रोल में ईंधन के अपस्फोटन (Knocking) को रोकने के लिए टेट्राएथिल लेड (CH3 CH2) 4Pb) मिलाया जाता था, जो अब वायु प्रदूषण के कारण प्रतिबंधित है।
लेड स्टोरेज बैटरी: इसका उपयोग वाहनों और इनवर्टर की लेड-एसिड संचायक बैटरियों (Lead-acid storage batteries) में मुख्य रूप से होता है। इसमें सल्फ्यूरिक अम्ल (H2SO4) का उपयोग विद्युत अपघट्य (Electrolyte) के रूप में होता है।
मिश्र धातु (Alloy): टांका (Solder) सीसा और टिन (Pb + Sn) की एक महत्वपूर्ण मिश्र धातु है, जिसका गलनांक बहुत कम होता है।
सुरक्षात्मक आवरण (X-ray Shielding): उच्च घनत्व के कारण सीसा X-rays और परमाणु विकिरण (Radiation) को रोकने में सक्षम है, इसलिए परमाणु रिएक्टरों और एक्स-रे रूम में सुरक्षा कवच के रूप में इसका प्रयोग होता है।
सिंदूर (Vermilion/Red Lead): लाल सिंदूर का रासायनिक सूत्र Pb3O4(Triplumbic Tetraoxide) होता है, जिसे ‘मिनियम’ भी कहते हैं।
कांच उद्योग (Flint Glass): फ्लिंट कांच (Flint Glass) बनाने में लेड ऑक्साइड (PbO) का उपयोग होता है, जिससे कांच का अपवर्तनांक (Refractive Index) बढ़ जाता है।
Bismuth | बिस्मथ
Bismuth (Bi) Atomic number: 83
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 208.98
प्रतीक और परमाणु क्रमांक: बिस्मथ का रासायनिक प्रतीक Bi है और इसका परमाणु क्रमांक (Atomic Number) 83 है।
आवर्त सारणी में स्थान: यह आवर्त सारणी के ग्रुप 15 (Nitrogen Family/Pnictogens) और आवर्त 6 (Period 6) का तत्व है।
भौतिक अवस्था और रंग: यह एक भारी, भंगुर (brittle), और क्रिस्टलीय धातु है। इसका रंग चांदी जैसा सफेद होता है, लेकिन हवा के संपर्क में आने पर इस पर गुलाबी/इंद्रधनुषी रंग की ऑक्साइड परत बन जाती है।
रेडियोधर्मिता (Radioactivity): बिस्मथ को लंबे समय तक सबसे भारी स्थिर (stable) तत्व माना जाता था, लेकिन अब यह ज्ञात है कि इसका एकमात्र प्राकृतिक समस्थानिक (isotope) Bismuth-209 अत्यंत मंद रेडियोधर्मी है (इसकी हाफ-लाइफ ब्रह्मांड की आयु से भी अधिक है)।
विषाक्तता (Toxicity): भारी धातुओं (जैसे सीसा, कैडमियम, पारा) में बिस्मथ असाधारण रूप से गैर-विषाक्त (non-toxic) है। इसी कारण इसका उपयोग दवाओं में किया जाता है।
प्रतिचुम्बकीय गुण (Diamagnetism): बिस्मथ में सभी धातुओं में सबसे मजबूत प्रतिचुम्बकीय (diamagnetic) गुण होता है, यानी यह चुंबकीय क्षेत्र द्वारा दृढ़ता से प्रतिकर्षित (repel) होता है।
ऊष्मीय एवं विद्युत चालकता: पारा (Mercury) को छोड़कर, बिस्मथ की ऊष्मीय चालकता (thermal conductivity) अन्य सभी धातुओं से कम होती है। यह विद्युत का भी एक खराब चालक है।
असामान्य गुण (जमने पर फैलना): पानी की तरह, बिस्मथ भी तरल से ठोस अवस्था में बदलने (freezing) पर फैलता है। इस गुण के कारण इसका उपयोग सटीक टाइप-मेटालर्जी और कास्टिंग में किया जाता है।
पिघलने का बिंदु (Melting Point): इसका गलनांक काफी कम होता है—लगभग 271.4°C।
मुख्य अयस्क (Ores): बिस्मथ मुख्य रूप से बिस्मथिनाइट (Bi2S3 ) और बिस्माइट (Bi2O3 ) अयस्कों से प्राप्त किया जाता है।
प्रमुख उपयोग:
इसका उपयोग स्वचालित स्प्रिंकलर और फायर अलार्म में कम गलनांक वाली मिश्र धातुएं (जैसे Wood’s metal, Rose’s metal) बनाने में होता है।
पेट की दवा “Pepto-Bismol” में Bismuth Subsalicylate का उपयोग किया जाता है।
सौंदर्य प्रसाधनों (cosmetics) में चमक लाने के लिए Bismuth Oxychloride का उपयोग होता है।
पारिस्थितिक विकल्प: सीसा (Lead) के गैर-विषाक्त विकल्प के रूप में इसका उपयोग प्लंबिंग और बंदूक की गोलियां (shotgun pellets) बनाने में तेजी से बढ़ रहा है।
Polonium | पोलोनियम
Polonium (Po) Atomic number: 84
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): [209] (radioactive)
खोज (Discovery): पोलोनियम की खोज मैरी क्यूरी (Marie Curie) और उनके पति पियरे क्यूरी ने 1898 में की थी। इसका नाम मैरी क्यूरी के गृह देश ‘पोलैंड’ के नाम पर रखा गया है।
परमाणु क्रमांक (Atomic Number): इसका परमाणु क्रमांक 84 है और इसे आवर्त सारणी (Periodic Table) में Po प्रतीक से दर्शाया जाता है।
पहला कृत्रिम तत्व: यह प्रकृति में अत्यंत दुर्लभ है और मानव द्वारा खोजा गया पहला सिंथेटिक/कृत्रिम रेडियोधर्मी तत्व माना जाता है (हालांकि यह यूरेनियम के क्षय से प्राकृतिक रूप से भी बहुत कम मात्रा में बनता है)।
रेडियोधर्मिता (Radioactivity): यह एक अत्यंत रेडियोधर्मी धातु (Highly Radioactive Element) है। यह यूरेनियम की तुलना में लगभग 400 गुना अधिक रेडियोधर्मी है।
अल्फा उत्सर्जक (Alpha Emitter): पोलोनियम मुख्य रूप से अल्फा कणों (Alpha Particles) का उत्सर्जन करता है। इसके सबसे स्थिर समस्थानिक (Isotope) पोलोनियम-209 ( 209Po) की अर्ध-आयु (Half-life) लगभग 125 वर्ष होती है।
पोलोनियम-210 ( 210 Po): परीक्षा के दृष्टिकोण से यह सबसे महत्वपूर्ण आइसोटोप है। इसकी अर्ध-आयु केवल 138 दिन होती है। यह घातक जहर के रूप में जाना जाता है।
अत्यधिक विषैला (Extreme Toxicity): पोलोनियम-210 दुनिया के सबसे खतरनाक रसायनों/जहरों में से एक है। वजन के हिसाब से यह हाइड्रोजन सायनाइड (Cyanide) की तुलना में लगभग 250,000 गुना अधिक विषैला होता है।
ताप जनरेटर (Heat Source): रेडियोधर्मी क्षय के कारण यह भारी मात्रा में ऊष्मा (Heat) पैदा करता है। इसका उपयोग अंतरिक्ष यानों (Spacecrafts) और कृत्रिम उपग्रहों में थर्मोइलेक्ट्रिक पावर स्रोत के रूप में किया जाता है।
एंटी-स्टैटिक एजेंट: उद्योगों में मशीनों से स्टैटिक चार्ज (स्थिर विद्युत) को हटाने के लिए इसके अल्फा कणों का उपयोग किया जाता है।
तंबाकू में मौजूदगी: सिगरेट के धुएं और तंबाकू के पत्तों में पोलोनियम-210 सूक्ष्म मात्रा में पाया जाता है, जो कैंसर का एक प्रमुख कारण बनता है।
Astatine | एस्टैटिन
Astatine (At) Atomic number: 85
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): [210]
Category: Halogen (radioactive)
Period / Group: 6 / 17
सबसे भारी हैलोजन: यह आवर्त सारणी का सबसे भारी ज्ञात हैलोजन (Heaviest Halogen) तत्व है।
दुर्लभता (Rarest Element): यह पृथ्वी की भूपर्पटी (Earth’s Crust) पर प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला सबसे दुर्लभ तत्व है।
पूरी पृथ्वी पर इसकी कुल मात्रा 1 ग्राम से भी कम अनुमानित है।
नाम का अर्थ: ‘Astatine’ शब्द ग्रीक शब्द astatos से आया है, जिसका अर्थ होता है “अस्थिर” (Unstable)।
अर्धवायु काल (Half-life): इसके सबसे स्थिर समस्थानिक (Isotope) एस्टैटिन-210 ( 210 At) का हाफ-लाइफ केवल 8.1 घंटे का होता है।
तीव्र रेडियोधर्मिता के कारण यह अपने ही अत्यधिक तापमान से तुरंत वाष्पीकृत हो सकता है, लेकिन माना जाता है कि सामान्य स्थिति में यह एक काले रंग का ठोस पदार्थ है जिसमें धातु जैसे गुण (Metalloid/Semi-metal character) भी होते हैं।
खोज (Discovery):1940 में डेल आर. कोर्सन, केनेथ रॉस मैकेन्ज़ी और एमिलियो सेग्रे द्वारा कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, बर्कले में कृत्रिम रूप से (बिस्मथ पर अल्फा कणों की बमबारी करके) की गई थी।
Radon | रेडॉन
Radon (Rn) Atomic number: 86
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): [222]
Category: Noble gas (radioactive)
Period / Group: 6 / 18
इसके सभी समस्थानिक (Isotopes) अस्थिर होते हैं।
वायुमंडल में अनुपस्थिति: सामान्य परिस्थितियों में यह वायुमंडल में नहीं पाई जाती है क्योंकि यह बहुत दुर्लभ और अस्थिर है।
भूकंप आने से ठीक पहले वायुमंडल में इस गैस की मात्रा अचानक बढ़ जाती है, जो भूकंप का संकेत देती है।
सबसे भारी गैस: रेडॉन प्राकृतिक रूप से पाई जाने वाली सभी गैसों में सबसे भारी गैस है।
यह गैस पूरी तरह से रंगहीन (Colorless), गंधहीन (Odorless) और स्वादहीन (Tasteless) होती है।
उत्पत्ति (Source):
यह रेडियम (Radium) और यूरेनियम (Uranium) के प्राकृतिक रेडियोधर्मी क्षय (Radioactive Decay) से उत्पन्न होती है।
कैंसर का कारण: सिगरेट के बाद फेफड़ों के कैंसर (Lung Cancer) का यह दूसरा सबसे बड़ा मुख्य कारण है।
घरों के बेसमेंट में इस गैस का रिसाव अधिक होता है।
कैंसर उपचार में उपयोग: रेडॉन-222 का उपयोग कैंसर के इलाज के लिए रेडियोथेरेपी (Radiation Therapy) में किया जाता है।
खोजकर्ता: रेडॉन की खोज वर्ष 1900 में जर्मन भौतिक विज्ञानी फ्रेडरिक अर्न्स्ट डॉर्न (Friedrich Ernst Dorn) ने की थी।
Francium | फ्रैंशियम
Francium (Fr) Atomic number: 87
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): [223]
Category: Alkali metal (radioactive)
Period / Group: 7 / 1
खोज: 1939
फ्रांसीसी भौतिक विज्ञानी मार्गगुएराइट पेरे (Marguerite Perey) ने की थी।
उन्हीं के देश (फ्रांस) के नाम पर इसका नाम ‘फ्रैंशियम’ रखा गया।
प्राकृतिक रूप से दूसरा सबसे दुर्लभ तत्व: एस्टैटिन (Astatine) के बाद,
पृथ्वी की पपड़ी (Earth’s crust) में प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला यह दूसरा सबसे दुर्लभ तत्व है।
अर्ध-आयु (Half-life): इसके सबसे स्थिर आइसोटोप (Francium-223) की अर्ध-आयु मात्र 22 मिनट की होती है, जिसके बाद यह क्षय (decay) होकर रेडियम या रेडॉन में बदल जाता है।
अत्यंत अस्थिर होने के कारण इसे कभी भारी मात्रा में देखा नहीं गया है ।
सर्वाधिक विद्युत-धनात्मक (Most Electropositive Element): आवर्त सारणी में फ्रैंशियम को सबसे अधिक विद्युत-धनात्मक तत्व माना जाता है (हालांकि इसकी कम अर्ध-आयु के कारण सीज़ियम को अक्सर व्यावहारिक रूप से गिना जाता है)।
सबसे कम विद्युत-ऋणात्मकता (Lowest Electronegativity): पॉलिंग स्केल पर इसकी विद्युत-ऋणात्मकता सबसे कम, मात्र 0.7 होती है।
Radium | रेडियम
Radium (Ra) Atomic number: 88
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 226
Category: Alkaline earth metal (radioactive)
यह यूरेनियम की तुलना में लगभग 30 लाख गुना अधिक रेडियोधर्मी होता है।
Period / Group: 7 / 2
उपयोग: Historically in luminous paints (now avoided), medical radiotherapy isotopes, research
खोज (Discovery): रेडियम की खोज मैरी क्यूरी (Marie Curie) और उनके पति पियरे क्यूरी (Pierre Curie) ने 1898 में की थी।
मुख्य अयस्क (Principal Ore):
पिचब्लेंड (Pitchblende – U3O8) नामक यूरेनियम के अयस्क से
स्वतः दीप्ति (Radioluminescence): रेडियम हवा के संपर्क में आने पर नाइट्रोजन के साथ प्रतिक्रिया करता है और अंधेरे में एक हल्की नीली चमक (Luminescence) पैदा करता है।
हानिकारक प्रभाव: यह शरीर में प्रवेश करने पर कैल्शियम की तरह व्यवहार करता है और हड्डियों में जमा हो जाता है, जिससे अस्थि कैंसर (Bone Cancer) और एनीमिया हो सकता है
(इतिहास में प्रसिद्ध ‘रेडियम गर्ल्स’ इसका उदाहरण हैं)।
उपयोग: पुराने समय में इसका उपयोग घड़ियों की सुइयों को अंधेरे में चमकाने के लिए (Luminous Paint के रूप में) किया जाता था, जो अब प्रतिबंधित है।
कैंसर के इलाज (Radiotherapy) में इसके समस्थानिक (Isotope) रेडियम-223 का उपयोग किया जाता है।
अल्फा कण उत्सर्जन:
रेडियम के क्षय (Decay) के दौरान मुख्य रूप से अल्फा कण (α-particles) और गामा किरणें उत्सर्जित होती हैं।
इसके क्षय से रेडॉन (Radon – Rn) गैस बनती है, जो एक उत्कृष्ट गैस (Noble Gas) है।
89. Actinium (Ac)
Atomic number: 89
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): [227] (radioactive)
Category: Actinide (radioactive)
Period / Group: 7 / f-block
खोज: 1899
उपयोग: Research, radiation sources
Thorium | थोरियम
Thorium (Th) Atomic number: 90
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 232.04
भारत में यह मुख्य रूप से केरल, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तमिलनाडु के तटीय क्षेत्रों की मोनाज़ाइट रेत में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।
खोज (Discovery): थोरियम की खोज 1828 में स्वीडिश रसायनशास्त्री जोंस जैकब बर्जेलियस (Jöns Jacob Berzelius) ने की थी।
इसका नाम नॉर्स देवता ‘थोर’ (Thor) के नाम पर रखा गया है।
थोरियम स्वयं विखंडनीय (Fissile) नहीं है, बल्कि यह एक उर्वर (Fertile) पदार्थ है।
इसे रिएक्टर के अंदर न्यूट्रॉन की बौछार कराकर विखंडनीय यूरेनियम-233 ( 233 U) में बदला जाता है, जिसका उपयोग परमाणु ऊर्जा उत्पादन में होता है।
यूरेनियम की तुलना में लाभ: थोरियम से चलने वाले रिएक्टर अधिक सुरक्षित होते हैं, क्योंकि इनसे कम मात्रा में और कम समय तक रहने वाला परमाणु कचरा (Nuclear waste) पैदा होता है। साथ ही, इससे परमाणु हथियार बनाना बहुत कठिन है।
पिघला हुआ नमक रिएक्टर (Molten Salt Reactor):
थोरियम का उपयोग करने के लिए उन्नत तकनीक के रूप में लिक्विड फ्लोराइड थोरियम रिएक्टर (LFTR) या पिघले हुए नमक के रिएक्टरों पर शोध किया जा रहा है।
91. Protactinium (Pa)
Atomic number: 91
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): [231] (radioactive)
Category: Actinide (radioactive)
Period / Group: 7 / f-block
खोज: 1913
उपयोग: Research, radioactive tracer studies
Uranium | यूरेनियम
Uranium (U) Atomic number: 92
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): 238.03
Category: एक्टिनाइड (Actinide) (radioactive)
Period / Group: 7 / f-block
खोजकर्ता: 1789 – मार्टिन हेनरिक क्लापरोथ
रेडियोधर्मिता की खोज: हेनरी बेक्वेरल (1896) ने यूरेनियम में ही सबसे पहले रेडियोएक्टिविटी देखी थी।
प्रमुख समस्थानिक:
U-238: सबसे प्रचुर मात्रा में (लगभग 99.27%)। यह ‘Fertile’ है (इसे प्लूटोनियम में बदला जा सकता है)।
U-235: केवल 0.72%। यह Fissile (विखंडनीय) है और परमाणु रिएक्टरों में मुख्य ईंधन के रूप में उपयोग होता है।
U-234: बहुत कम मात्रा (0.005%) में पाया जाता है।
मुख्य उपयोग:
न्यूक्लियर रिएक्टर
परमाणु बम, रेडियोधर्मी इंट्रोमेन्ट
गुण:
चांदी जैसी सफेद चमकदार धातु (Tarnishes in air)।
यह प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला सबसे भारी तत्व है।
ऑक्सीकरण अवस्था: मुख्य रूप से +4 और +6।
अयस्क और उत्पादन (Ores & Production)
मुख्य अयस्क: पिचब्लेंड (Pitchblende) – जिसे यूरेनिनाइट (UO2 ) भी कहते हैं।
अन्य अयस्क: कार्नोटाइट।
येलो केक (Yellowcake): यूरेनियम के प्रसंस्करण (Processing) के बाद प्राप्त मिश्रित ऑक्साइड (U3O8 ) को ‘येलो केक’ कहते हैं।
शीर्ष उत्पादक देश: कजाकिस्तान (विश्व में प्रथम), कनाडा और ऑस्ट्रेलिया।
भारत में भंडार:
जादूगोड़ा (झारखंड): भारत की पहली यूरेनियम खान।
तुमलपल्ले (आंध्र प्रदेश):
प्रमुख उपयोग
परमाणु ईंधन: परमाणु रिएक्टरों में बिजली उत्पादन के लिए।
परमाणु हथियार: विखंडन (Fission) प्रक्रिया द्वारा विस्फोट के लिए।
रेडियोमेट्रिक डेटिंग: पृथ्वी की आयु (Age of Earth) ज्ञात करने के लिए U−238 का उपयोग होता है।
कांच उद्योग: कांच को हरा या पीला रंग देने के लिए।
93. Neptunium (Np)
Atomic number: 93
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): [237] (radioactive)
Category: Actinide (synthetic, radioactive)
Period / Group: 7 / f-block
खोज: 1940
उपयोग: Research, limited nuclear applications
Plutonium | प्लूटोनियम
Plutonium (Pu) Atomic number: 94
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): [244]
Category: Actinide (radioactive)
Period / Group: 7 / f-block
उपयोग: Nuclear fuel, weapons, research isotopes
प्रकृति: जहरीली और चांदी जैसी सफेद दिखने वाली कृत्रिम/मानव निर्मित धातु है।
खोजकर्ता: इसकी खोज 1940 में ग्लेन टी. सीबोर्ग (Glenn T. Seaborg), आर्थर वाहल, जोसेफ कैनेडी और एडविन मैकमिलन द्वारा की गई थी।
प्राथमिक आइसोटोप (Isotope): प्लूटोनियम-239 ( 239 Pu) है, जो विखंडन योग्य (Fissile) होता है।
मुख्य उपयोग:
इसका उपयोग परमाणु हथियारों (Nuclear Weapons) और परमाणु बम बनाने में किया जाता है (जैसे 1945 में नागासाकी पर गिराया गया ‘फैट मैन’ बम प्लूटोनियम आधारित था)।
इसका उपयोग परमाणु रिएक्टरों (Nuclear Reactors) में ईंधन के रूप में किया जाता है।
स्रोत: यह प्रकृति में बहुत ही दुर्लभ मात्रा में यूरेनियम अयस्कों में पाया जाता है
न्यूक्लियर रिएक्टरों में यूरेनियम-238 ( 238 U) पर न्यूट्रॉन की बौछार कराकर तैयार किया जाता है।
95. Americium (Am)
Atomic number: 95
द्रव्यमान संख्या (Mass Number/Atomic Weight/mass): [243] (radioactive)