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छोटानागपुर के सिंहभूम में किस आदिवासी किसान ने 1857 के विद्रोह में कोल आदिवासियों का नेतृत्व किया था?
- बुधुभगत
- गोनू
- बीरसा मुंडा
- जत्रा भगत
Explanation:
- गोनू – छोटानागपुर के सिंहभूम (अब झारखंड) में 1857 के विद्रोह के दौरान कोल आदिवासियों के नेता थे।
- उन्होंने ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ विद्रोह का नेतृत्व किया।
- अन्य विकल्प:
- बीरसा मुंडा – उलगुलान (1899-1900) के नेता (मुंडा विद्रोह)।
- बुधुभगत – हो विद्रोह (1820-1832) के नेता।
- जत्रा भगत – ताना भगत आंदोलन (1914) के नेता।
1857 के विद्रोह का नेतृत्व तात्या टोपे ने कहाँ किया था?
- कानपुर
- चेन्नई
- जयपुर
- पुणे
Explanation:
- तात्या टोपे – 1857 के विद्रोह में कानपुर क्षेत्र में नाना साहब के सेनापति थे।
- बाद में उन्होंने झाँसी और ग्वालियर में भी लड़ाई लड़ी।
- उन्हें 1859 में ब्रिटिशों ने पकड़ लिया और शिवपुरी (मध्य प्रदेश) में फाँसी दे दी।
श्री नारायण गुरु ने समाज सुधार के कार्य को आगे बढ़ाने के लिए श्री नारायण धर्म परिपालन योगम (SNDP) की स्थापना __________ में की थी।
- 1923
- 1913
- 1903
- 1933
Explanation:
- SNDP (श्री नारायण धर्म परिपालन योगम) की स्थापना 1903 में श्री नारायण गुरु ने की थी।
- यह केरल में ईझावा समुदाय के उत्थान के लिए था।
- उनका प्रसिद्ध नारा: “एक जाति, एक धर्म, एक ईश्वर”।
- अतिरिक्त: उन्होंने अरविप्पुरम में मंदिर की स्थापना की (1888) – जो सभी के लिए खुला था।
1857 के विद्रोह से संबंधित ‘रिलीफ ऑफ लखनऊ’ चित्र किसने बनाया था?
- थॉमस जोन्स बार्कर
- कैप्टन ह्यूग
- कैप्टन मुनरो
- कैप्टन राइट
Explanation:
- थॉमस जोन्स बार्कर – ‘रिलीफ ऑफ लखनऊ’ (The Relief of Lucknow) चित्र के चित्रकार थे।
- यह चित्र 1857 के विद्रोह के दौरान लखनऊ में ब्रिटिश बलों की राहत को दर्शाता है।
- अतिरिक्त: यह एक ऐतिहासिक पेंटिंग है जो ब्रिटिश साम्राज्य की जीत का प्रचार करती थी।
निम्नलिखित में से किसने भारत को ब्रिटिश शासन से मुक्त कराने के लिए ‘आज़ाद हिंद फौज’ का गठन करने का मार्ग चुना?
- बिपिन चंद्र पाल
- गोपाल कृष्ण गोखले
- लाला लाजपत राय
- सुभाष चंद्र बोस
Explanation:
- सुभाष चंद्र बोस – आज़ाद हिंद फौज (INA) का गठन 1942 में सिंगापुर में किया।
- उनका नारा: “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूँगा”।
- INA में रानी झाँसी रेजिमेंट (महिला रेजिमेंट) भी थी।
- बोस को ‘नेताजी’ के नाम से जाना जाता है।
निम्नलिखित में से किसे मार्च 1942 में भारतीय राजनीतिक समूहों का सहयोग प्राप्त करने के लिए भारत भेजा गया था?
- फिलिप हैमंड
- विलियम पिट
- जेफ्री हॉवे
- स्टैफोर्ड क्रिप्स
Explanation:
- स्टैफोर्ड क्रिप्स – मार्च 1942 में क्रिप्स मिशन के प्रमुख थे।
- इसका उद्देश्य भारतीय नेताओं का सहयोग प्राप्त करना था (द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान)।
- इसने भारत को डोमिनियन स्टेटस का प्रस्ताव दिया (जिसे कांग्रेस ने अस्वीकार कर दिया)।
- अस्वीकार के कारण → भारत छोड़ो आंदोलन (अगस्त 1942)।
1857 के विद्रोह को दिल्ली में कुचलने वाले निम्नलिखित में से कौन ब्रिटिश जनरल थे?
- सर कॉलिन कैंपबेल
- जॉन निकोलसन
- जनरल ह्यूग रोज़
- हेनरी लॉरेंस
Explanation:
- जॉन निकोलसन – 1857 में दिल्ली पर कब्जा करने वाले ब्रिटिश जनरल थे।
- उन्होंने सितंबर 1857 में दिल्ली पर हमला किया।
- वे बहादुर शाह ज़फ़र को बंदी बनाने में सफल रहे।
- अतिरिक्त: निकोलसन युद्ध में घायल हुए और बाद में उनकी मृत्यु हो गई।
1920 में किस आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी ने पश्चिम गोदावरी में विदेशी कपड़ों के बहिष्कार का आह्वान किया था?
- भारत छोड़ो आंदोलन
- गदर आंदोलन
- असहयोग आंदोलन
- सविनय अवज्ञा आंदोलन
Explanation:
- असहयोग आंदोलन (1920-22) – गांधी जी ने विदेशी कपड़ों के बहिष्कार का आह्वान किया।
- इसने खादी को बढ़ावा दिया (स्वदेशी आंदोलन)।
- पश्चिम गोदावरी (आंध्र प्रदेश) में यह विशेष रूप से सक्रिय था।
- अतिरिक्त: इस आंदोलन को चौरी-चौरा घटना (फरवरी 1922) के बाद वापस ले लिया गया।
किस चरमपंथी नेता को ‘लोकमान्य’ के रूप में जाना जाता है?
- लाला लाजपत राय
- अरविंद घोष
- बाल गंगाधर तिलक
- बिपिन चंद्र पाल
Explanation:
- बाल गंगाधर तिलक – “लोकमान्य” (Lokmanya – जनता द्वारा मान्य) के नाम से जाने जाते हैं।
- उनका नारा: “स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है”।
- उन्होंने गणपति (1893) और शिवाजी (1895) उत्सव शुरू किए।
- वे उग्रवादी नेताओं की लाल-बाल-पाल तिकड़ी का हिस्सा थे।
भारत में हरित क्रांति के जनक के रूप में निम्नलिखित में से कौन से वैज्ञानिक जाने जाते हैं?
- एम. एस. स्वामीनाथन
- सी वी रमन
- विक्रम साराभाई
- होमी भाभा
Explanation:
- एम. एस. स्वामीनाथन – “भारत में हरित क्रांति के जनक” के रूप में जाने जाते हैं।
- उन्होंने उच्च उपज वाली बीज (HYV) किस्में – विशेष रूप से गेहूं और चावल – विकसित कीं।
- अन्य वैज्ञानिक:
- सी. वी. रमन – भौतिकी (रमन प्रभाव) – नोबेल पुरस्कार।
- विक्रम साराभाई – अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक।
- होमी भाभा – परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के जनक।
1858 के भारत शासन अधिनियम के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? I. इस अधिनियम को ‘सुशासन अधिनियम’ भी कहा जाता है। II. भारतीय क्षेत्र को नियंत्रित करने की शक्ति महारानी में निहित थी।
- केवल I
- I और II दोनों
- केवल II
- न तो I और न ही II
Explanation:
- I और II दोनों सही हैं।
- I – 1858 के भारत शासन अधिनियम को “सुशासन अधिनियम” (Act for the Good Government of India) भी कहा जाता है।
- II – भारत की संप्रभुता कंपनी से ब्रिटिश महारानी (क्राउन) को हस्तांतरित की गई।
- अतिरिक्त: इस अधिनियम ने नियंत्रण बोर्ड और निदेशक न्यायालय को समाप्त कर दिया।
1857 के विद्रोह के बाद, इंग्लैंड की रानी को ‘भारत की महारानी’ की उपाधि कब दी गई थी?
- 1887
- 1857
- 1877
- 1861
Explanation:
- 1877 – रानी विक्टोरिया को ‘भारत की महारानी’ (Empress of India) की उपाधि दी गई।
- यह घोषणा लॉर्ड लिटन द्वारा दिल्ली दरबार (1877) में की गई।
- यह उपाधि 1858 के अधिनियम के बाद की गई थी (ब्रिटिश क्राउन ने भारत पर सीधा शासन लिया)।
भारतीय राष्ट्रवादी इतिहास में 1857 के विद्रोह से संबंधित पुस्तक ‘द इंडियन वॉर ऑफ़ इंडिपेंडेंस’ किसने लिखी थी?
- भगत सिंह
- सरदार पटेल
- सुभाष चंद्र बोस
- वी डी सावरकर
Explanation:
- वी. डी. सावरकर – “द इंडियन वॉर ऑफ इंडिपेंडेंस – 1857” (1909) पुस्तक के लेखक।
- इस पुस्तक में उन्होंने 1857 के विद्रोह को “प्रथम स्वतंत्रता संग्राम” कहा।
- उन्होंने इसे एक संगठित राष्ट्रवादी विद्रोह के रूप में प्रस्तुत किया।
- अतिरिक्त: यह पुस्तक ब्रिटिशों द्वारा प्रतिबंधित कर दी गई थी।
सर सैयद अहमद खान ने विज्ञान और अन्य विषयों पर अंग्रेजी पुस्तकों का उर्दू में अनुवाद करने के लिए वैज्ञानिक सोसायटी की स्थापना कब की थी?
- 1852
- 1872
- 1882
- 1864
Explanation:
- सर सैयद अहमद खान ने 1864 में वैज्ञानिक सोसायटी (Scientific Society) की स्थापना की थी।
- यह अलीगढ़ में स्थापित की गई थी।
- इसका उद्देश्य अंग्रेजी वैज्ञानिक पुस्तकों का उर्दू में अनुवाद करना था।
- बाद में (1875) उन्होंने मोहम्मडन एंग्लो-ओरिएंटल कॉलेज (अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय) की स्थापना की।
अप्रैल 1951 में निम्नलिखित में से किसने शांतिपूर्ण तरीकों से समाज में मूलभूत सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन लाने के उद्देश्य से भूदान आंदोलन शुरू किया था?
- वल्लभभाई पटेल
- वीर सावरकर
- सरवपल्ली राधाकृष्णन
- आचार्य विनोबा भावे
Explanation:
- विनोबा भावे – अप्रैल 1951 में तेलंगाना के पोचमपल्ली गाँव से भूदान आंदोलन शुरू किया।
- इसमें ज़मींदारों से भूमि दान की अपील की गई।
- बाद में यह ग्रामदान आंदोलन में बदल गया।
- विनोबा भावे गांधी जी के शिष्य थे।
निम्नलिखित में से कौन-सा 1858 के भारत सरकार अधिनियम का प्रावधान नहीं है?
- नियंत्रण बोर्ड और निदेशक न्यायालय को समाप्त कर दिया गया था।
- कंपनी के सशस्त्र बल क्राउन को हस्तांतरित कर दिए गए थे।
- भारत के ‘गवर्नर जनरल’ पदनाम को बदलकर ‘भारत का वायसराय’ कर दिया गया था।
- विधि सदस्य को गवर्नर जनरल की कार्यकारी परिषद का पूर्ण सदस्य बनाया गया था।
Explanation:
- विधि सदस्य को पूर्ण सदस्य बनाना – 1858 के अधिनियम का प्रावधान नहीं था।
- यह प्रावधान 1861 के इंडियन काउंसिल एक्ट में किया गया था (विधि सदस्यों को परिषद का पूर्ण सदस्य बनाया गया)।
- 1858 के अधिनियम के अन्य प्रावधान:
- कंपनी का शासन समाप्त → क्राउन शासन।
- गवर्नर-जनरल → वायसराय (लॉर्ड कैनिंग पहले वायसराय)।
कौन सा चरमपंथी नेता ब्रिटिश हिरासत में अपनी मृत्यु के बाद वीरगति के प्रतीक बन गए?
- महात्मा गांधी
- हसरत मोहानी
- चंद्रशेखर आजाद
- भगत सिंह
Explanation:
- भगत सिंह – 23 मार्च 1931 को ब्रिटिश हिरासत में फाँसी दी गई।
- उनके साथ सुखदेव और राजगुरु को भी फाँसी दी गई।
- उन्हें “शहीद-ए-आज़म” के रूप में याद किया जाता है।
- उनका नारा: “इंकलाब जिंदाबाद”।
स्वामी दयानंद सरस्वती की मृत्यु के बाद, उनके अनुयायियों ने दयानंद एंग्लो वैदिक स्कूल किस शहर में स्थापित किए थे?
- काराची
- दिल्ली
- लाहौर
- बॉम्बे
Explanation:
- दयानंद एंग्लो वैदिक (DAV) स्कूल – पहली बार लाहौर (अब पाकिस्तान) में 1886 में स्थापित किए गए।
- इनकी स्थापना स्वामी दयानंद सरस्वती के शिष्यों ने की थी।
- DAV आर्य समाज (1875) का शैक्षणिक विंग है।
- अतिरिक्त: लाला हंसराज DAV स्कूलों के संस्थापकों में से एक थे।
निम्नलिखित में से किस भारतीय सामाजिक वर्ग ने 1857 के विद्रोह की शुरुआत की थी?
- सैनिक (सिपाही) और सैन्य कर्मी
- ब्रिटिश व्यापारी और व्यवसायी
- किसान और कृषक
- जमींदार
Explanation:
- सैनिक (सिपाही) – 1857 के विद्रोह की शुरुआत मेरठ (10 मई 1857) से सिपाहियों द्वारा की गई थी।
- तात्कालिक कारण – एनफील्ड राइफल के कारतूस (गाय/सुअर की चर्बी)।
- बाद में किसान, ज़मींदार, रजवाड़े भी इसमें शामिल हुए।
शाहमल को अंग्रेजों के साथ युद्ध में कब मारा गया था?
- अगस्त 1857
- जून 1857
- जुलाई 1857
- सितंबर 1857
Explanation:
- शाहमल – जुलाई 1857 में बैरकपुर (दिल्ली) के पास अंग्रेजों के साथ युद्ध में मारे गए।
- वे 1857 के विद्रोह के प्रमुख नेताओं में से एक थे (बरौत/बागपत क्षेत्र)।
- उन्होंने जाट समुदाय का नेतृत्व किया।
किस घटना ने उग्रवादियों की ब्रिटिश सरकार से निराशा को और गहरा कर दिया?
- 1905 का बंगाल विभाजन
- साइमन कमीशन का आगमन
- रोलेट एक्ट
- भारत छोड़ो आंदोलन
Explanation:
- 1905 का बंगाल विभाजन – लॉर्ड कर्जन ने बंगाल को पूर्वी बंगाल (मुस्लिम बहुल) और पश्चिमी बंगाल (हिंदू बहुल) में विभाजित किया।
- इसने उग्रवादी (राष्ट्रवादी) नेताओं की ब्रिटिश सरकार से निराशा को गहरा किया।
- इसके विरोध में स्वदेशी आंदोलन और बंग-भंग आंदोलन शुरू हुआ।
- अतिरिक्त: इसे 1911 में वापस लिया गया (बंगाल का पुनः एकीकरण)।
1947 में भारत के औद्योगिक क्षेत्र की क्या स्थिति थी?
- अविकसित और पारंपरिक उद्योगों पर केंद्रित
- सुविकसित और उन्नत
- भारी उद्योगों का वर्चस्व
- मुख्य रूप से निर्यात-उन्मुख
Explanation:
- 1947 में भारत का औद्योगिक क्षेत्र अविकसित था और पारंपरिक उद्योगों (कपास, जूट, चीनी) पर केंद्रित था।
- भारी उद्योग (इस्पात, मशीनरी) बहुत कम थे।
- यह मुख्यतः कच्चे माल का निर्यात करता था और तैयार माल आयात करता था।
- स्वतंत्रता के बाद आयात प्रतिस्थापन और भारी उद्योगों पर जोर दिया गया।
स्वतंत्रता से पहले भारत में कौन सा उद्योग सबसे अधिक विकसित था?
- वस्त्र उद्योग
- इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग
- आईटी उद्योग
- ऑटोमोबाइल उद्योग
Explanation:
- वस्त्र उद्योग (कपास और जूट) – स्वतंत्रता से पहले भारत का सबसे अधिक विकसित उद्योग था।
- भारतीय सूती कपड़ा विश्वभर में प्रसिद्ध था, पर ब्रिटिश नीतियों ने इसे कमजोर किया।
- भारत के पहले कपास मिल – बॉम्बे (1854) में।
- जूट मिलें – पश्चिम बंगाल (हुगली) में।
चिनहट के प्रसिद्ध युद्ध में किस ब्रिटिश अधिकारी ने लड़ाई लड़ी थी?
- हेनरी लॉरेंस
- सर कॉलिन कैंपबेल
- लॉर्ड हेस्टिंग्स
- जनरल ह्यूग रोज़
Explanation:
- हेनरी लॉरेंस – चिनहट (लखनऊ के पास) के युद्ध (1857) में ब्रिटिश सेना के कमांडर थे।
- वे अवध के कमिश्नर थे।
- इस युद्ध में वे घायल हुए और बाद में लखनऊ में उनकी मृत्यु हो गई।
1928 में भगत सिंह और अन्य क्रांतिकारियों के साथ मिलकर हिन्दुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन (HRA) का गुप्त रूप से पुनर्गठन किसने किया और इसका नाम बदलकर हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA) कर दिया?
- चितरंजन दास
- चंद्रशेखर आजाद
- सरदार वल्लभभाई पटेल
- सुभाष चंद्र बोस
Explanation:
- चंद्रशेखर आजाद – 1928 में HRA का पुनर्गठन करके HSRA बनाया।
- HRA की स्थापना राम प्रसाद बिस्मिल (1924) ने की थी।
- HSRA में भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु, बिस्मिल, आजाद शामिल थे।
- उनका नारा: “साम्राज्यवाद का अंत, भारत का उदय”।
1857 के विद्रोह के परिणामों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? I. लॉर्ड कैनिंग ने नवंबर 1857 में इलाहाबाद में दरबार लगाया। II. भारतीय प्रशासन पर महारानी विक्टोरिया का अधिकार हो गया।
- न तो I और न ही II
- I और II दोनों
- केवल I
- केवल II
Explanation:
- केवल II सही है।
- II – 1858 के भारत शासन अधिनियम के तहत, भारतीय प्रशासन पर महारानी विक्टोरिया (क्राउन) का अधिकार हो गया।
- I गलत – लॉर्ड कैनिंग ने नवंबर 1858 में इलाहाबाद में दरबार लगाया था (1857 में नहीं)।
कौन सा उग्रवादी नेता बाद में आध्यात्मिक मार्ग अपनाया और पांडिचेरी (पुदुचेरी) से जुड़ा था?
- बिपिन चंद्र पाल
- अरविंद घोष
- बाल गंगाधर तिलक
- लाला लाजपत राय
Explanation:
- अरविंद घोष – उग्रवादी नेता, बाद में आध्यात्मिक मार्ग अपनाया।
- 1910 में पांडिचेरी (पुदुचेरी) चले गए और श्री अरबिंदो के नाम से जाने गए।
- उन्होंने “द लाइफ डिवाइन” जैसी पुस्तकें लिखीं।
- उनकी पत्नी मीरा अल्फासा – “द मदर” के नाम से प्रसिद्ध थीं।
1848 में, ज्योतिबा फुले ने अपनी पत्नी के साथ भारत का पहला बालिका विद्यालय किस शहर में शुरू किया था?
- मद्रास
- दिल्ली
- पूना
- कलकत्ता
Explanation:
- ज्योतिबा फुले और उनकी पत्नी सावित्रीबाई फुले – 1848 में पूना (पुणे) में भारत का पहला बालिका विद्यालय शुरू किया।
- यह छोटा स्कूल था, जिसमें दलित और निम्न जाति की लड़कियों को शिक्षा दी जाती थी।
- फुले ने महिलाओं और दलितों के उत्थान के लिए काम किया।
स्वामी दयानंद सरस्वती ने बॉम्बे में आर्य समाज की स्थापना किस वर्ष की थी?
- 1895
- 1875
- 1865
- 1885
Explanation:
- आर्य समाज – 1875 में बॉम्बे (मुंबई) में स्वामी दयानंद सरस्वती द्वारा स्थापित।
- इसका आदर्श वाक्य: “वेदों की ओर वापसी” (Back to the Vedas)।
- उन्होंने मूर्ति पूजा, जातिवाद और बाल विवाह का विरोध किया।
- अतिरिक्त: उनकी पुस्तक “सत्यार्थ प्रकाश” (1875) है।
गांधी जी की विचारधारा का मुख्य पहलू क्या है?
- राजनीतिक संबद्धता
- सत्य-बल
- फासीवाद
- आलोचना
Explanation:
- सत्य-बल (Satyagraha) – गांधी जी की विचारधारा का मुख्य पहलू है।
- इसका अर्थ है सत्य के आग्रह पर आधारित अहिंसक प्रतिरोध।
- इसका पहला प्रयोग 1906 (दक्षिण अफ्रीका) में किया गया।
- यह अहिंसा (नॉन-वायलेंस) और सत्य पर आधारित है।
भारत के गवर्नर-जनरल लॉर्ड विलियम बेंटिक द्वारा बंगाल सती विनियमन अधिनियम, 1829 के अधिनियमित करके सती प्रथा पर प्रतिबंध लगाने का श्रेय किनके प्रयासों को जाता है?
- स्वामी दयानंद सरस्वती
- राजा राम मोहन राय
- स्वामी विवेकानंद
- ज्योतिराव गोविंदराव फुले
Explanation:
- राजा राम मोहन राय – सती प्रथा के विरोधी थे और उनके प्रयासों से 1829 में बंगाल सती विनियमन अधिनियम बना।
- उन्होंने ब्रह्म समाज (1828) की स्थापना की।
- उन्हें “भारतीय पुनर्जागरण के जनक” के रूप में जाना जाता है।
1857 के विद्रोह का राजनीतिक कारण क्या था?
- सेना के लिए नई शिक्षा नीति
- सिपाही विद्रोह
- हड़प नीति
- पश्चिमी सभ्यता का प्रसार
Explanation:
- हड़प नीति (Doctrine of Lapse) – 1857 के विद्रोह का राजनीतिक कारण था।
- लॉर्ड डलहौजी ने यह नीति बनाई थी – बिना उत्तराधिकारी वाली रियासतों को ब्रिटिश साम्राज्य में मिला लिया जाता था।
- इससे झाँसी, सतारा, अवध जैसी रियासतों के शासक नाराज हो गए।
- अन्य कारण: आर्थिक शोषण, धार्मिक हस्तक्षेप, सिपाहियों की नाराज़गी।
1905 में भारत का वायसराय कौन था?
- रॉबर्ट क्लाइव
- लॉर्ड माउंटबेटन
- वारेन हेस्टिंग्स
- लॉर्ड कर्जन
Explanation:
- लॉर्ड कर्जन (1899-1905) – 1905 में बंगाल विभाजन करने वाले वायसराय थे।
- उन्होंने विभाजन को प्रशासनिक सुविधा के रूप में प्रस्तुत किया, पर यह सांप्रदायिक उद्देश्यों से प्रेरित था।
- इस विभाजन ने स्वदेशी और उग्रवादी आंदोलनों को जन्म दिया।
1857 के विद्रोह के दौरान रेवाड़ी के नेता कौन थे?
- उज्जवल शाही
- राव तुलाराम
- मौलवी अहमदुल्लाह
- जयदयाल सिंह
Explanation:
- राव तुलाराम – 1857 के विद्रोह के दौरान रेवाड़ी (हरियाणा) के नेता थे।
- उन्होंने ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ विद्रोह का नेतृत्व किया।
- बाद में वे नेपाल भाग गए।
रवीन्द्रनाथ टैगोर ने किस वर्ष शांतिनिकेतन में एक प्रयोगात्मक स्कूल की स्थापना की, जहाँ उन्होंने भारतीय और पश्चिमी परंपराओं के सर्वश्रेष्ठ को मिलाने का प्रयास किया?
- 1912
- 1899
- 1890
- 1901
Explanation:
- रवीन्द्रनाथ टैगोर – 1901 में शांतिनिकेतन (पश्चिम बंगाल) में प्रयोगात्मक स्कूल की स्थापना की।
- यह पथभवन (Patha Bhavana) के नाम से जाना जाता है।
- बाद में (1921) यह विश्व-भारती विश्वविद्यालय बना।
- टैगोर को गुरुदेव और रवीन्द्र के नाम से जाना जाता है (नोबेल पुरस्कार – 1913 – गीतांजलि)।
निम्नलिखित में से कौन सा ब्रिटिश अधिकारी कानपुर में विद्रोह को दबाने वाला था?
- जनरल ह्यूग रोज़
- हेनरी लॉरेंस
- जॉन निकोलसन
- सर कॉलिन कैंपबेल
Explanation:
- सर कॉलिन कैंपबेल – कानपुर में 1857 के विद्रोह को दबाने वाले ब्रिटिश अधिकारी थे।
- उन्होंने नाना साहब और तात्या टोपे के खिलाफ कानपुर में लड़ाई लड़ी।
- बाद में उन्होंने लखनऊ की राहत (Relief of Lucknow) में भी भाग लिया।
9 अगस्त 1942 को, अरुणा आसफ अली ने भारतीय स्वतंत्रता का झंडा किस स्थान पर साहसपूर्वक फहराया था?
- लाल किला, दिल्ली
- गोवालिया टैंक मैदान, बॉम्बे
- सेल्युलर जेल, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
- रेजीडेंसी कॉम्प्लेक्स, लखनऊ
Explanation:
- अरुणा आसफ अली – 9 अगस्त 1942 (भारत छोड़ो आंदोलन के दिन) बॉम्बे के गोवालिया टैंक मैदान पर भारतीय झंडा फहराया।
- इस दिन उन्हें “भारत छोड़ो आंदोलन की वीरांगना” कहा जाता है।
- बाद में वे भूमिगत हो गईं।
1923 में गठित किस दल को ‘कांग्रेस के भीतर का दल’ कहा जाता था?
- स्वराज पार्टी
- आजाद पार्टी
- जनता पार्टी
- गदर पार्टी
Explanation:
- स्वराज पार्टी – 1923 में चितरंजन दास और मोतीलाल नेहरू द्वारा गठित।
- इसे “कांग्रेस के भीतर का दल” (Party within Congress) कहा जाता था।
- इसका उद्देश्य विधान परिषदों में प्रवेश करके सरकार को बाधित करना था।
- अतिरिक्त: यह असहयोग आंदोलन (1922) के वापस लेने के बाद बना था।
1907 में जर्मनी के स्टुटगार्ट में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय समाजवादी सम्मेलन के दौरान, विदेशी धरती पर पहली बार भारतीय झंडा फहराने वाले व्यक्ति कौन थे?
- मैडम भीकाजी कामा
- कल्पना दत्ता
- मतांगिनी हाजरा
- एस मुथुलक्ष्मी रेड्डी
Explanation:
- भीकाजी कामा – 1907 में स्टुटगार्ट (जर्मनी) में पहली बार विदेशी धरती पर भारतीय झंडा फहराया।
- उन्होंने बर्लिन समिति के साथ काम किया।
- वे भारत की क्रांतिकारी महिलाओं में से एक थीं।
निम्नलिखित में से कौन सा प्रावधान नवंबर 1857 के शाही घोषणा पत्र का भाग नहीं था?
- विलय नीति समाप्त कर दी गई थी
- भारतीयों के धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं
- मुसलमानों के लिए अलग निर्वाचन क्षेत्र शुरू किया गया था
- भारत में क्षेत्रों का कोई और विस्तार नहीं
Explanation:
- मुसलमानों के लिए अलग निर्वाचन क्षेत्र – 1857 के शाही घोषणा पत्र (Queen’s Proclamation, 1858) का भाग नहीं था।
- यह प्रावधान 1909 के मार्ले-मिंटो सुधार में लागू हुआ (सांप्रदायिक निर्वाचन क्षेत्र)।
- 1858 की घोषणा के प्रावधान:
- विलय नीति समाप्त।
- धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं।
- भारतीयों को नागरिक सेवाओं में प्रवेश की गारंटी।
प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के बाद मुगल साम्राज्य के औपचारिक अंत को किस घटना ने चिह्नित किया?
- दिल्ली का पतन
- बहादुर शाह ज़फ़र का रंगून (अब यांगून) में निर्वासन
- बंगाल का ब्रिटिश अधिग्रहण
- लाहौर की संधि पर हस्ताक्षर
Explanation:
- बहादुर शाह ज़फ़र – 1857 के विद्रोह के बाद रंगून (बर्मा, अब म्यांमार) में निर्वासित कर दिए गए।
- यह मुगल साम्राज्य के औपचारिक अंत का प्रतीक था।
- उन्हें 1862 में रंगून में ही मृत्यु हो गई।
- अतिरिक्त: उनके पुत्रों को भी गोली मार दी गई थी।
किस समूह ने उदारवादियों की ‘भिक्षावृत्ति’ के लिए आलोचना की थी?
- ब्रिटिश सरकार
- समाजवादी
- उग्रवादी
- संविधानवादी
Explanation:
- उग्रवादी (Extremists) ने उदारवादियों (Moderates) की “भिक्षावृत्ति” (Mendicancy) के लिए आलोचना की।
- उग्रवादियों का मानना था कि उदारवादी याचिकाओं और प्रार्थनाओं पर बहुत निर्भर हैं।
- तिलक, लाजपत राय, बिपिन चंद्र पाल – प्रमुख उग्रवादी नेता।
- उग्रवादियों ने स्वदेशी और बहिष्कार पर जोर दिया।
1857 के विद्रोह में ब्रिटिशों की विजय के परिणामस्वरूप क्या हुआ?
- ब्रिटिश संप्रभुता के अधीन भारतीय राज्यों का गठन
- भारत में ब्रिटिश शासन का अंत
- भारत के लिए पूर्ण स्वतंत्रता
- भारतीय क्षेत्रों और प्रशासन का पुनर्गठन
Explanation:
- 1857 के विद्रोह के बाद, ब्रिटिशों ने भारतीय क्षेत्रों और प्रशासन का पुनर्गठन किया।
- ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन समाप्त → ब्रिटिश क्राउन ने सीधा शासन लिया।
- भारत में ब्रिटिश सेना को पुनर्गठित किया गया (स्थानीय सैनिकों का अनुपात कम किया गया)।
- रियासतों के साथ संधि की गई (लॉर्ड कैनिंग ने घोषणा की कि विलय नीति समाप्त है)।
निम्नलिखित में से किसने ‘वेदों की ओर वापसी’ का आदर्श वाक्य प्रचारित किया क्योंकि उनका मानना था कि वेदों में ईश्वर द्वारा मनुष्यों को दिया गया ज्ञान निहित है?
- स्वामी दयानंद सरस्वती
- महात्मा गांधी
- ई. रामस्वामी नायकर पेरियार
- स्वामी विवेकानंद
Explanation:
- स्वामी दयानंद सरस्वती – “वेदों की ओर वापसी” (Back to the Vedas) का आदर्श वाक्य प्रचारित किया।
- उनका मानना था कि वेद अचूक और ईश्वरीय ज्ञान के स्रोत हैं।
- उन्होंने मूर्ति पूजा, जातिवाद और अंधविश्वास का विरोध किया।
- उन्होंने आर्य समाज (1875) की स्थापना की।
गाँधी जी द्वितीय गोलमेज सम्मेलन में भाग लेने के लिए इंग्लैंड कब गए थे?
- 1929
- 1931
- 1930
- 1928
Explanation:
- गांधी जी – 1931 में द्वितीय गोलमेज सम्मेलन (लंदन) में भाग लेने गए थे।
- यह सम्मेलन 7 सितंबर 1931 से शुरू हुआ।
- इसमें सांप्रदायिक प्रतिनिधित्व (अल्पसंख्यकों के लिए) मुख्य मुद्दा था।
- गांधी जी ने अलग निर्वाचन क्षेत्र का विरोध किया (यह पूना पैक्ट (1932) में सुलझा)।
1857 में पंजाब के लुधियाना जिले में ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ युद्ध किसने छेड़ा था?
- खान बहादुर खान
- लक्ष्मी बाई
- मौलाना शाह अब्दुल कादिर
- नानासाहब
Explanation:
- मौलाना शाह अब्दुल कादिर – लुधियाना (पंजाब) में 1857 के विद्रोह के नेता थे।
- उन्होंने ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ सशस्त्र प्रतिरोध का नेतृत्व किया।
- पंजाब में विद्रोह अन्य क्षेत्रों की तुलना में कम व्यापक था (बहुत से सिख सैनिक ब्रिटिशों के साथ थे)।
औपनिवेशिक काल के दौरान भारत के विदेश व्यापार का सबसे अच्छा वर्णन करने वाला कथन कौन सा है?
- भारत का व्यापार काफी हद तक ब्रिटेन द्वारा नियंत्रित था, श्रीलंका, चीन और ईरान जैसे अन्य देशों के साथ सीमित व्यापार था।
- भारत के विदेश व्यापार से अर्थव्यवस्था को बहुत लाभ हुआ और आवश्यक वस्तुओं की कमी समाप्त हो गई।
- भारत ने कच्चे माल का आयात किया और तैयार माल का निर्यात किया।
- भारत मुख्य रूप से ब्रिटेन के अलावा अन्य यूरोपीय देशों के साथ व्यापार करता था।
Explanation:
- विकल्प 1 सही – भारत का व्यापार ब्रिटेन द्वारा नियंत्रित था, अन्य देशों (श्रीलंका, चीन, ईरान) के साथ सीमित व्यापार था।
- भारत कच्चे माल (कपास, जूट, चाय) का निर्यात करता था और तैयार माल (वस्त्र, मशीनरी) का आयात करता था।
- यह व्यापार उपनिवेशी था – ब्रिटेन के उद्योगों को फायदा पहुँचाता था।
1857 का विद्रोह एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जाता है क्योंकि इसने:
- भारत में ब्रिटिश शासन के खिलाफ पहला बड़े पैमाने पर संगठित प्रतिरोध चिह्नित किया
- ब्रिटिश साम्राज्य के पतन का कारण बना
- पूरी तरह से शांतिपूर्ण था
- भारत को तत्काल स्वतंत्रता दिलाई
Explanation:
- 1857 का विद्रोह – भारत में ब्रिटिश शासन के खिलाफ पहला बड़े पैमाने पर संगठित प्रतिरोध था।
- यद्यपि यह असफल रहा, पर इसने राष्ट्रवादी आंदोलन की नींव रखी।
- अन्य विकल्प गलत हैं – यह शांतिपूर्ण नहीं था, स्वतंत्रता तत्काल नहीं मिली, और ब्रिटिश साम्राज्य नहीं गिरा।
1857 के विद्रोह में भाग लेने वाले अधिकांश सैनिक ब्रिटिश भारत के किस क्षेत्र से आए थे?
- अवध
- कानपुर
- झाँसी
- बरेली
Explanation:
- अवध (Awadh/Oudh) – 1857 के विद्रोह के सैनिकों का सबसे बड़ा अनुपात यहीं से था।
- अवध को 1856 में लॉर्ड डलहौजी ने हड़प लिया था।
- यहाँ के सिपाहियों में ब्राह्मण और राजपूत अधिक थे, जो कंपनी की नीतियों से नाराज थे।
किस वर्ष ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत में अपनी सभी प्रशासनिक शक्तियाँ खो दीं?
- 1877
- 1847
- 1858
- 1873
Explanation:
- 1858 – भारत शासन अधिनियम के तहत ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत में अपनी सभी प्रशासनिक शक्तियाँ खो दीं।
- शक्ति ब्रिटिश क्राउन को हस्तांतरित हो गई।
- लॉर्ड कैनिंग प्रथम वायसराय बने।
सामाजिक कार्यकर्ता और सुधारक रमाबाई रानडे को 1909 में पुणे में _____ शुरू करने के लिए याद किया जाता है।
- सेवा सदन फॉर वुमेनज़ वेलफेयर
- अभिनंदन एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी
- विधवा कल्याण संघ
- इंडियन काउंसिल ऑफ़ चाइल्ड वेलफेयर
Explanation:
- रमाबाई रानडे – 1909 में पुणे में सेवा सदन (Seva Sadan) की स्थापना की।
- यह महिलाओं के कल्याण के लिए था (शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण, आश्रय)।
- वे महाराष्ट्र की प्रमुख महिला सुधारक थीं।
- उनके पति – महादेव गोविंद रानडे (प्रसिद्ध सुधारक एवं न्यायाधीश)।
1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की सेनानियों में से एक, रानी लक्ष्मी बाई का जन्म स्थान क्या था?
- झांसी
- वाराणसी
- इलाहाबाद
- दिल्ली
Explanation:
- रानी लक्ष्मी बाई – जन्म वाराणसी (काशी) में 1835 में हुआ था।
- उनका बचपन का नाम मणिकर्णिका (मनु) था।
- उन्होंने झाँसी के राजा गंगाधर राव से विवाह किया।
- 1857 में उन्होंने झाँसी में ब्रिटिशों के खिलाफ वीरतापूर्ण युद्ध लड़ा।
1857 के विद्रोह में गोरखपुर से किसने नेतृत्व किया था?
- मुहम्मद हसन
- हर्दयाल सिंह
- जैदयाल सिंह
- फिरोज शाह
Explanation:
- मुहम्मद हसन – 1857 के विद्रोह में गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) के नेता थे।
- उन्होंने ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ विद्रोह का नेतृत्व किया।
- गोरखपुर में विद्रोह सिपाहियों और स्थानीय शासकों दोनों द्वारा किया गया था।
1857 के विद्रोह का नेतृत्व बिहार में किसने किया था?
- मौलवी लियाकत अली
- लक्ष्मी बाई और तात्या टोपे
- कुंवर सिंह
- खान बहादुर खान
Explanation:
- कुंवर सिंह – 1857 के विद्रोह में बिहार (आरा) के प्रमुख नेता थे।
- वे 80 वर्ष की आयु में विद्रोह में शामिल हुए थे।
- उन्होंने आरा में ब्रिटिशों को हराया था।
- वे युद्ध में घायल हुए और बाद में 1858 में उनकी मृत्यु हो गई।
ब्रिटिश भूमि राजस्व प्रणाली का भारतीय कृषि पर क्या प्रभाव पड़ा?
- सिंचाई प्रणालियों में सुधार हुआ
- किसानों पर करों का बोझ कम हुआ
- जमींदारों का एक वर्ग बना जिसने किसानों का शोषण किया
- कृषि में तकनीकी प्रगति को प्रोत्साहन मिला
Explanation:
- स्थायी बंदोबस्त (1793, कॉर्नवालिस) और अन्य राजस्व प्रणालियों (रैयतवाड़ी, महालवाड़ी) ने जमींदारों का एक वर्ग बनाया।
- जमींदार उच्च कर वसूलते थे और किसानों का शोषण करते थे।
- किसान ऋण में फंस गए और कृषि उत्पादकता नहीं बढ़ी।
- इसका कोई तकनीकी लाभ नहीं हुआ; सिंचाई और उपकरण बेहतर नहीं हुए।
1893 में एकता और राष्ट्रीयता की भावना को बढ़ावा देने के लिए तिलक ने कौन सा त्योहार शुरू किया था?
- होली त्योहार
- गणपति त्योहार
- शिवाजी त्योहार
- दिवाली त्योहार
Explanation:
- बाल गंगाधर तिलक – 1893 में गणपति (गणेश) उत्सव शुरू किया।
- इसका उद्देश्य लोगों को एकत्रित करना और राष्ट्रीयता की भावना जगाना था।
- उन्होंने 1895 में शिवाजी उत्सव भी शुरू किया।
- ये त्योहार ब्रिटिश विरोधी गतिविधियों का मंच बन गए।
1858 के अंत में, जब 1857 का विद्रोह समाप्त हो गया, तो नानासाहब कहाँ भाग गए थे?
- नेपाल
- बर्मा (वर्तमान में म्यांमार)
- चीन
- भूटान
Explanation:
- नाना साहब – 1858 के अंत में नेपाल भाग गए थे।
- वे बाजीराव पेशवा II के दत्तक पुत्र थे।
- 1857 में उन्होंने कानपुर में विद्रोह का नेतृत्व किया।
- नेपाल में उनके भागने के बाद कोई सटीक जानकारी नहीं है (माना जाता है कि वहाँ रहकर उनकी मृत्यु हो गई)।
उग्रवादियों का मानना था कि आर्थिक आत्मनिर्भरता आवश्यक थी?
- करों में वृद्धि करने के लिए
- निर्यात को बढ़ावा देने के लिए
- ब्रिटिश अधिकार को मजबूत करने के लिए
- ब्रिटिश शोषण से लड़ने के लिए
Explanation:
- उग्रवादियों ने आर्थिक आत्मनिर्भरता (स्वदेशी) को ब्रिटिश शोषण से लड़ने के साधन के रूप में देखा।
- उन्होंने विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार किया और देशी उत्पादों को बढ़ावा दिया।
- इसका उद्देश्य ब्रिटिश आर्थिक हितों को कमजोर करना था।
1857 के विद्रोह के बाद लॉर्ड कैनिंग ने दरबार की घोषणा कहाँ की थी?
- आगरा
- लखनऊ
- दिल्ली
- इलाहाबाद
Explanation:
- लॉर्ड कैनिंग – नवंबर 1858 में इलाहाबाद में दरबार की घोषणा की।
- इसी दरबार में रानी विक्टोरिया की घोषणा पत्र (Queen’s Proclamation) पढ़ा गया।
- इस घोषणा ने भारतीय शासकों को आश्वासन दिया कि उनकी रियासतों को हड़पा नहीं जाएगा।
1905 के बंगाल विभाजन को किस वर्ष उलट दिया गया था?
- 1919
- 1906
- 1909
- 1911
Explanation:
- बंगाल विभाजन (1905) – 1911 में लॉर्ड हार्डिंग के शासनकाल में उलट (रद्द) कर दिया गया।
- विभाजन के खिलाफ स्वदेशी आंदोलन और बंग-भंग आंदोलन हुए थे।
- रद्द होने पर बंगाल को पुनः एकीकृत किया गया, पर बिहार और उड़ीसा को अलग कर दिया गया।
1857 के विद्रोह के दौरान लखनऊ में अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई का नेतृत्व किसने किया था?
- हनुमान्त सिंह
- अवध सिंह
- वज्जिद अली शाह
- बेगम हजरत महल
Explanation:
- बेगम हजरत महल – अवध (लखनऊ) में 1857 के विद्रोह की प्रमुख महिला नेता थीं।
- वे वाजिद अली शाह की पत्नी थीं।
- उन्होंने अपने पुत्र (बिरजिस क़द्र) को शासक घोषित किया।
- बाद में वे नेपाल चली गईं।
8 अगस्त 1942 की पूर्व संध्या पर महात्मा गांधी ने राष्ट्र को किस नारे का आह्वान किया था?
- वंदे मातरम्
- साइमन वापस जाओ
- मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूँगा
- करो या मरो
Explanation:
- गांधी जी – 8 अगस्त 1942 (भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुआत) पर “करो या मरो” (Do or Die) का नारा दिया।
- यह मुंबई के गोवालिया टैंक पर बैठक में कहा गया था।
- इस आंदोलन में सभी नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया।
1857 के विद्रोह के दौरान सिपाहियों द्वारा निम्नलिखित में से किन इमारतों पर हमला किया गया था?
- बाजार और स्थानीय दुकानें
- जेल, कोषागार, टेलीग्राफ कार्यालय और बंगले
- अस्पताल और स्कूल
- मंदिर और मस्जिद
Explanation:
- 1857 में सिपाहियों ने जेल, कोषागार, टेलीग्राफ कार्यालय और बंगले (ब्रिटिश अधिकारियों के) पर हमला किया।
- इसका उद्देश्य ब्रिटिश प्रशासनिक ढाँचे को नष्ट करना था।
- उन्होंने कैदियों को रिहा किया, धन लूटा और संचार बाधित किया।
भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के उग्रवादी चरण से कौन सा नारा जुड़ा था?
- स्वतंत्रता मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे पाकर रहूँगा
- सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है
- इंकलाब जिंदाबाद
- मुझे खून दो, और मैं तुम्हें आज़ादी दूँगा
Explanation:
- “स्वतंत्रता मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है” – बाल गंगाधर तिलक द्वारा दिया गया नारा।
- यह उग्रवादी चरण (1905-1919) का प्रतीक है।
- अन्य नारे:
- “इंकलाब जिंदाबाद” – भगत सिंह (क्रांतिकारी चरण)।
- “मुझे खून दो” – सुभाष चंद्र बोस (आज़ाद हिंद फौज)।
1858 में ग्वालियर के युद्ध के बाद झाँसी की रानी लक्ष्मी बाई का क्या हुआ?
- उन्हें पकड़ लिया गया और मार दिया गया।
- वे ग्वालियर की शासक बन गईं।
- युद्ध में लड़ते हुए उनकी मृत्यु हो गई।
- उन्हें ब्रिटेन निर्वासित कर दिया गया।
Explanation:
- रानी लक्ष्मी बाई – 18 जून 1858 को ग्वालियर के युद्ध में लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुईं।
- उन्होंने तात्या टोपे के साथ ग्वालियर पर कब्जा किया था।
- युद्ध के दौरान वे घोड़े से गिरीं और घायल होकर चली गईं।
- अतिरिक्त: उन्हें “भारत की जोन ऑफ आर्क” के रूप में याद किया जाता है।
गांधीवादी विकास के दृष्टिकोण में विकास प्रक्रिया में राज्य की भूमिका को (a) _______ माना गया है।
- कोई नहीं
- छोटी
- प्रमुख
- पूर्ण
Explanation:
- गांधीवादी दृष्टिकोण में राज्य की भूमिका छोटी (न्यूनतम) मानी गई है।
- गांधी जी विकेन्द्रीकरण (ग्राम स्वराज) के पक्षधर थे।
- उनका मानना था कि शक्ति का विकेंद्रीकरण होना चाहिए, न कि केन्द्रीकृत राज्य।
ब्रिटिश शासन से पहले भारत में कौन सा उद्योग सबसे प्रमुख था, हालाँकि इसमें क्षेत्रीय विविधताएँ भी थीं?
- चाय और कॉफी के बागान
- चीनी मिलें
- खनन
- सूती वस्त्र
Explanation:
- सूती वस्त्र उद्योग – ब्रिटिश शासन से पहले भारत का सबसे प्रमुख उद्योग था।
- भारतीय सूती कपड़ा (मसलिन, कैलिको) विश्वभर में प्रसिद्ध था।
- क्षेत्रीय विविधताएँ – बंगाल, गुजरात, मद्रास में केंद्रित।
- ब्रिटिश नीतियों ने इस उद्योग को नष्ट कर दिया (कच्चे कपास का निर्यात, तैयार माल का आयात)।
1857 की सर्दियों में लखनऊ में विद्रोही आंदोलनों को दबाने के लिए ब्रिटिश सेना का नेतृत्व किसने किया था?
- सर कॉलिन कैंपबेल
- जनरल रॉबर्ट्स
- सर क्लाउड ऑचिनलेक
- सर आयरकूट
Explanation:
- सर कॉलिन कैंपबेल – 1857 की सर्दियों में लखनऊ में विद्रोह को दबाने वाले ब्रिटिश सेना के कमांडर थे।
- उन्होंने नवंबर 1857 में लखनऊ की राहत दी।
- बाद में मार्च 1858 में उन्होंने लखनऊ पर पुनः कब्जा किया।
1857 के विद्रोह के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य नहीं है?
- 1857 के भारत में हुए विद्रोह के दौरान बहादुर शाह मुगल सम्राट थे।
- इसे प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के रूप में जाना जाता है।
- यह अंग्रेजों के खिलाफ एक सफल विद्रोह था।
- यह सिपाही विद्रोह था।
Explanation:
- सत्य नहीं है – यह विद्रोह सफल नहीं था; यह असफल रहा और ब्रिटिशों ने इसे कुचल दिया।
- बाकी कथन सत्य हैं:
- बहादुर शाह – तब मुगल सम्राट थे।
- इसे प्रथम स्वतंत्रता संग्राम (सावरकर) के रूप में जाना जाता है।
- इसकी शुरुआत सिपाही विद्रोह से हुई थी।
- बाकी कथन सत्य हैं:
दादाभाई नौरोजी द्वारा प्रस्तावित धन की निकासी सिद्धांत ने ब्रिटिश शासन के अधीन भारत की गरीबी को कैसे समझाया?
- पारंपरिक उद्योगों का पतन
- उचित मुआवजे के बिना भारत के संसाधनों और धन का ब्रिटेन को निर्यात
- भारत में अत्यधिक जनसंख्या वृद्धि
- कृषि विकास का अभाव
Explanation:
- धन की निकासी (Drain of Wealth) – दादाभाई नौरोजी ने अपनी पुस्तक “पॉवर्टी एंड अन-ब्रिटिश रूल इन इंडिया” (1901) में प्रस्तावित किया।
- इसके अनुसार, भारत के संसाधन और धन बिना उचित मुआवजे के ब्रिटेन को निर्यात किए जाते थे।
- इससे भारत गरीब होता गया और ब्रिटेन समृद्ध हुआ।
1857 के विद्रोह के निम्नलिखित नेताओं में से कौन बाजीराव पेशवा द्वितीय का दत्तक पुत्र था?
- नाना साहब
- राजा प्रताप सिंह
- कुंवर सिंह
- तात्या टोपे
Explanation:
- नाना साहब (धोंडू पंत) – बाजीराव पेशवा II के दत्तक पुत्र थे।
- पेशवा की पेंशन बंद होने के बाद वे ब्रिटिशों के खिलाफ हो गए।
- 1857 में उन्होंने कानपुर में विद्रोह का नेतृत्व किया।
1857 के विद्रोह से पहले भारतीय शासकों में असंतोष का कारण बनी ‘डॉक्ट्रिन ऑफ़ लैप्स’ की नीति क्या थी?
- ब्रिटिश भारतीय शासकों को सब्सिडी का भुगतान करेंगे।
- यदि शासक का कोई प्राकृतिक/जैविक उत्तराधिकारी नहीं था, तो ब्रिटिश एक रियासत पर कब्ज़ा कर सकते थे।
- ब्रिटिश भारतीय अदालतों में हस्तक्षेप करेंगे।
- ब्रिटिश सरकार बिना उत्तराधिकारियों वाले भारतीय शासकों को गोद लेगी।
Explanation:
- हड़प नीति (Doctrine of Lapse) – लॉर्ड डलहौजी द्वारा शुरू की गई।
- यदि किसी रियासत के शासक का कोई प्राकृतिक उत्तराधिकारी नहीं होता था, तो ब्रिटिश उस रियासत पर कब्जा कर लेते थे।
- इससे झाँसी, सतारा, अवध, नागपुर जैसी रियासतों पर कब्जा किया गया।
महात्मा गांधी ने किस दिन को ‘अपमान और प्रार्थना’ के दिन के रूप में चिह्नित किया था?
- 6 अप्रैल 1919
- 10 फ़रवरी 1919
- 23 मार्च 1919
- 20 अक्टूबर 1919
Explanation:
- 6 अप्रैल 1919 – गांधी जी ने इस दिन को ‘अपमान और प्रार्थना’ (Humiliation and Prayer) दिवस के रूप में चिह्नित किया।
- यह रोलेट एक्ट (1919) के विरोध में था।
- इस दिन हड़ताल और प्रार्थना की गई थी।
- इसके बाद जलियाँवाला बाग हत्याकांड (13 अप्रैल 1919) हुआ।
निम्नलिखित में से कौन कुल्लू से 1857 के विद्रोह का नेता था?
- उज्जवल शाही
- अब्दुल अली खान
- मौलवी लियाकत अली
- राजा प्रताप सिंह
Explanation:
- राजा प्रताप सिंह – कुल्लू (हिमाचल प्रदेश) से 1857 के विद्रोह के नेता थे।
- उन्होंने ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ विद्रोह किया।
- कुल्लू में विद्रोह हिमालयी क्षेत्रों में फैला था।
1857 के विद्रोह का नेतृत्व इलाहाबाद में किसने किया था?
- मौलवी लियाकत अली
- कुंवर सिंह
- खान बहादुर खान
- लक्ष्मी बाई और तात्या टोपे
Explanation:
- मौलवी लियाकत अली – 1857 के विद्रोह में इलाहाबाद (अब प्रयागराज) के नेता थे।
- उन्होंने ब्रिटिशों के खिलाफ विद्रोह का नेतृत्व किया।
- इलाहाबाद में विद्रोह जल्दी कुचल दिया गया था।
निम्नलिखित में से किस क्षेत्र को 1857 के विद्रोह से पहले, जिसने प्रथम स्वतंत्रता संग्राम को जन्म दिया, ब्रिटिश गवर्नर जनरल लॉर्ड डलहौजी ने अपने अधीन कर लिया था?
- अवध
- ग्वालियर
- पंजाब
- असम
Explanation:
- अवध (Oudh) – 1856 में लॉर्ड डलहौजी द्वारा हड़प लिया गया था (कुशासन का बहाना)।
- यह 1857 के विद्रोह का प्रमुख कारण बना (अवध के सिपाही विद्रोह में सबसे अधिक थे)।
- अन्य विकल्प – ग्वालियर (रियासत बनी रही), पंजाब (1849 में हड़पा गया था, पर 1857 में अपेक्षाकृत शांत)।
1857 के भारतीय विद्रोह के दौरान मिर्जा वाजिद अली शाह निम्नलिखित में से किस क्षेत्र के राजा थे?
- मेरठ
- अवध
- कानपुर
- सतारा
Explanation:
- मिर्जा वाजिद अली शाह – अवध (लखनऊ) के अंतिम नवाब थे (1847-1856)।
- 1856 में ब्रिटिशों ने उन्हें हटा दिया और अवध को हड़प लिया।
- वे कलकत्ता में निर्वासित हो गए।
निम्नलिखित में से किस वर्ष में भारत में शासन करने की शक्ति ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी से ब्रिटिश संसद को हस्तांतरित की गई थी?
- 1861 ई.
- 1857 ई.
- 1858 ई.
- 1860 ई.
Explanation:
- 1858 – भारत शासन अधिनियम के तहत शक्ति ईस्ट इंडिया कंपनी से ब्रिटिश संसद (क्राउन) को हस्तांतरित की गई।
- लॉर्ड कैनिंग प्रथम वायसराय बने।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अध्यक्ष कौन थे?
- दादाभाई नौरोजी
- गोपाल कृष्ण गोखले
- फिरोज शाह मेहता
- वोमेश चंद्र बनर्जी
Explanation:
- वोमेश चंद्र बनर्जी – भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के प्रथम अध्यक्ष (1885, बॉम्बे सत्र)।
- INC की स्थापना ए. ओ. ह्यूम ने की थी।
- अन्य अध्यक्ष:
- दादाभाई नौरोजी – 1886, 1893, 1906 (तीन बार)।
- गोपाल कृष्ण गोखले – 1905 (बनारस सत्र)।
उग्रवादी नेताओं की तिकड़ी, लाल-बाल-पाल, किसके बाद प्रमुख हुई?
- द्वितीय विश्व युद्ध
- बंगाल का विभाजन
- असहयोग आंदोलन
- दांडी मार्च
Explanation:
- लाल-बाल-पाल – लाला लाजपत राय, बाल गंगाधर तिलक और बिपिन चंद्र पाल की तिकड़ी।
- यह 1905 (बंगाल विभाजन) के बाद प्रमुख हुई।
- उन्होंने उग्रवादी विचारधारा (स्वदेशी, बहिष्कार, राष्ट्रीय शिक्षा) को बढ़ावा दिया।
निम्नलिखित में से कौन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के ‘नरमपंथी’ चरण से संबद्ध नहीं था?
- बिपिन चंद्र पाल
- गोपाल कृष्ण गोखले
- दादाभाई नौरोजी
- सुरेन्द्रनाथ बनर्जी
Explanation:
- बिपिन चंद्र पाल – वे चरमपंथी (Extremist) नेता थे, नरमपंथी नहीं।
- नरमपंथी चरण (1885-1905) – गोखले, नौरोजी, बनर्जी प्रमुख नरमपंथी नेता थे।
- चरमपंथी नेताओं में बाल गंगाधर तिलक, बिपिन चंद्र पाल, अरविंद घोष, लाला लाजपत राय शामिल थे।
- अतिरिक्त तथ्य:
- नरमपंथियों की मांग – संवैधानिक सुधार, याचिकाएँ, प्रार्थनाएँ।
- चरमपंथी – स्वदेशी, बहिष्कार, राष्ट्रीय शिक्षा पर जोर देते थे।
- 1906 के कलकत्ता अधिवेशन में चरमपंथियों का प्रभाव बढ़ा।
- 1907 में सूरत अधिवेशन में नरमपंथी और चरमपंथी में विभाजन हुआ।
राम प्रसाद बिस्मिल और उनके साथियों, जिसमें अशफाकउल्ला खान भी शामिल थे, ने काकोरी ट्रेन एक्शन किस वर्ष किया था?
- 1922
- 1920
- 1918
- 1925
Explanation:
- काकोरी ट्रेन एक्शन – 9 अगस्त 1925 को हुआ था।
- इसमें राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाकउल्ला खान, रोशन सिंह, राजेंद्र नाथ लाहिड़ी आदि शामिल थे।
- उद्देश्य – ब्रिटिश सरकार का खजाना लूटना (क्रांतिकारी गतिविधियों के लिए धन जुटाना)।
- अतिरिक्त तथ्य:
- इस घटना के बाद बिस्मिल, अशफाक, लाहिड़ी को फाँसी दी गई (1927 में)।
- बिस्मिल ने “सरफरोशी की तमन्ना” (गीत) लिखा था, जो क्रांतिकारियों का प्रिय गीत बना।
- अशफाकउल्ला खान – पहले मुस्लिम क्रांतिकारी जिन्हें फाँसी दी गई।
मेरठ में विद्रोह के बाद सिपाही कहाँ चले गए थे?
- लखनऊ
- दिल्ली
- बरेली
- कानपुर
Explanation:
- 10 मई 1857 को मेरठ में विद्रोह के बाद सिपाही दिल्ली पहुँचे।
- उन्होंने बहादुर शाह जफर (मुगल सम्राट) को भारत का सम्राट घोषित किया।
- इसने विद्रोह को राष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया।
- अतिरिक्त तथ्य:
- मेरठ में विद्रोह एनफील्ड राइफल के कारतूसों (गाय/सुअर की चर्बी) के कारण हुआ।
- सिपाहियों ने मेरठ छावनी पर कब्जा किया और ब्रिटिश अधिकारियों को मार डाला।
- 21 सितंबर 1857 को अंग्रेजों ने दिल्ली पर पुनः कब्जा कर लिया।
1857 का चिनहट का युद्ध कहाँ लड़ा गया था?
- रावलपिंडी के पास
- कोलकाता के पास
- सातारा के पास
- लखनऊ के पास
Explanation:
- चिनहट का युद्ध – 30 जून 1857 को लखनऊ (अवध) के पास लड़ा गया था।
- इसमें ब्रिटिश सेना (सर हेनरी लॉरेंस के नेतृत्व में) और विद्रोहियों (मौलवी अहमदुल्लाह शाह के नेतृत्व में) के बीच संघर्ष हुआ।
- अंग्रेजों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
- अतिरिक्त तथ्य:
- हेनरी लॉरेंस अवध के मुख्य आयुक्त थे (1857 में)।
- लॉरेंस बाद में लखनऊ की घेराबंदी में मारे गए (4 जुलाई 1857)।
1857 के विद्रोह में लोगों को शामिल होने के लिए जारी किए गए उद्घोषणा पत्रों में निम्नलिखित में से किस/किन भाषाओं का प्रयोग किया गया था?
- अंग्रेज़ी
- संस्कृत
- हिंदी, उर्दू और फ़ारसी
- अरबी और हिंदी
Explanation:
- 1857 के विद्रोह के दौरान जारी उद्घोषणा पत्र हिंदी, उर्दू और फारसी में थे।
- इनका उद्देश्य जनता, सैनिकों और रईसों को एकजुट करना था।
- उदाहरण – बहादुर शाह जफर द्वारा जारी उद्घोषणा।
- अतिरिक्त तथ्य:
- इन उद्घोषणाओं में धार्मिक और राष्ट्रवादी भावनाओं को उभारा गया।
- अंग्रेजी – शासकों की भाषा थी, विद्रोहियों ने इसे अस्वीकार किया।
उदारवादी नेताओं ने __________________ में एक साथ ICS परीक्षाओं की मांग की थी।
- भारत और कनाडा
- भारत और इंग्लैंड
- भारत और ऑस्ट्रेलिया
- भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका
Explanation:
- उदारवादी (नरमपंथी) नेताओं ने भारत और इंग्लैंड (ब्रिटेन) में एक साथ ICS परीक्षा की मांग की थी।
- तब ICS परीक्षा केवल लंदन में होती थी, जिससे भारतीयों के लिए यह कठिन थी।
- यह मांग 1885-1905 के बीच नरमपंथियों की प्रमुख मांगों में से एक थी।
- अतिरिक्त तथ्य:
- नरमपंथियों ने सिविल सेवा, न्यायिक और विधायी सुधारों की मांग की।
- इन मांगों को ब्रिटिश सरकार ने अस्वीकार कर दिया।
- बाद में चरमपंथियों ने अधिक कट्टरपंथी तरीकों की मांग शुरू की।
सामान्य सेवा भर्ती अधिनियम निम्नलिखित में से किस वर्ष पारित किया गया था?
- 1857 ई.
- 1852 ई.
- 1854 ई.
- 1856 ई.
Explanation:
- सामान्य सेवा भर्ती अधिनियम (General Service Enlistment Act) – 1856 में पारित हुआ।
- इसने सिपाहियों को विदेश (समुद्र पार) सेवा के लिए बाध्य किया।
- इससे उच्च जाति (ब्राह्मण/राजपूत) सिपाहियों में असंतोष फैला (समुद्र यात्रा को धार्मिक दृष्टि से वर्जित मानते थे)।
- अतिरिक्त तथ्य:
- यह 1857 के विद्रोह का एक प्रमुख सैन्य कारण था।
- लॉर्ड कैनिंग (गवर्नर जनरल) ने इसे लागू किया।
ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के तहत, 1850 के दशक तक भारत के अधिकांश निर्यात किसके कारण थे?
- निर्मित वस्तुएँ
- कच्चे माल जैसे कच्चा कपास, अफीम और नील
- संसाधित वस्तुएँ जैसे महीन कपास और रेशम
- मसाले और चाय
Explanation:
- 1850 के दशक तक, भारत कच्चे माल (रॉ मटेरियल) का निर्यातक था – कच्चा कपास, अफीम, नील, जूट।
- ब्रिटेन इन्हें सस्ता खरीदता था और निर्मित वस्तुओं (कपड़ा) के रूप में भारत में बेचता था।
- यह औपनिवेशिक शोषण का एक रूप था (भारत – कच्चे माल का आपूर्तिकर्ता, ब्रिटेन – निर्मित वस्तुओं का आपूर्तिकर्ता)।
- अतिरिक्त तथ्य:
- भारतीय हस्तशिल्प उद्योग का पतन इसी नीति के कारण हुआ।
- इससे देशीय उद्योग नष्ट हुए और बेरोजगारी बढ़ी।
1928 में _______ के विरोध में एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान ब्रिटिश पुलिस ने लाला लाजपत राय पर हमला किया था।
- हिंदू जातिवाद
- साइमन कमीशन
- अकाल के दौरान अन्यायपूर्ण कर
- ब्रिटिश नमक एकाधिकार
Explanation:
- साइमन कमीशन (1928) – 30 अक्टूबर 1928 को लाहौर में विरोध प्रदर्शन के दौरान लाला लाजपत राय पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया।
- इस चोट के कारण 17 नवंबर 1928 को उनकी मृत्यु हो गई।
- उन्हें “पंजाब केसरी” कहा जाता था।
- अतिरिक्त तथ्य:
- साइमन कमीशन में कोई भारतीय सदस्य नहीं था – इसलिए “साइमन वापस जाओ” (Simon Go Back) के नारे लगे।
- लाला लाजपत राय की मौत के बाद भगत सिंह ने सॉन्डर्स (पुलिस अधिकारी) की हत्या करके बदला लिया।
1857 के विद्रोह के बाद सबसे महत्वपूर्ण विकास कौन सा था?
- भारतीय लोगों ने संघ, समाज और संगठन बनाए जिससे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का गठन हुआ।
- भारतीय लोगों ने खुद को मुक्त करने के विचार को त्याग दिया।
- भारतीय लोगों ने ब्रिटिश साम्राज्य के साथ घनिष्ठ संबंध बनाए।
- भारतीयों ने एक और सशस्त्र विद्रोह के लिए खुद को पुनर्गठित करना शुरू कर दिया।
Explanation:
- 1857 के विद्रोह के बाद, भारतीयों को यह समझ आया कि सशस्त्र विद्रोह सफल नहीं हो सकता।
- इसके बाद बौद्धिक, सामाजिक और राजनीतिक संगठनों का उदय हुआ।
- इसी कड़ी में 1885 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) की स्थापना हुई।
- अतिरिक्त तथ्य:
- INC की स्थापना – ए.ओ. ह्यूम (एक सेवानिवृत्त ब्रिटिश अधिकारी) द्वारा।
- पहला अधिवेशन – बंबई (1885) – अध्यक्ष डब्ल्यू.सी. बनर्जी।
- इससे पहले ब्रह्म समाज, आर्य समाज, प्रार्थना समाज जैसे सुधार आंदोलन हुए।
निम्नलिखित में से कौन सा कथन भारत में ब्रिटिशों द्वारा लागू की गई भूमि राजस्व प्रणालियों और कृषि पर उनके प्रभाव का सही वर्णन करता है?
- जमींदारी प्रणाली, जो अधिकांश भूमि को कवर करती थी, किसानों को अपने खेतों में निवेश करने के लिए प्रोत्साहन प्रदान करती थी।
- जमींदारी प्रणाली जमींदारों द्वारा उच्च राजस्व संग्रह पर केंद्रित थी, जिससे किसानों के पास कृषि में पुनर्निवेश करने के लिए बहुत कम बचा था।
- महालवाड़ी प्रणाली में, भूमि व्यक्तिगत किसानों के पास थी, जिनके पास अपने भूमि प्रबंधन पर स्वायत्तता थी।
- रैयतवाड़ी और महालवाड़ी प्रणालियों ने क्रमशः 4% और 38% भूमि को कवर किया, और भूमि की उर्वरता में सुधार के लिए कुछ विकास प्रदान किया।
Explanation:
- जमींदारी प्रणाली – 1793 में लॉर्ड कॉर्नवालिस द्वारा लागू (बंगाल, बिहार, ओडिशा में)।
- जमींदार राजस्व वसूलते थे और उसे अंग्रेजों को देते थे।
- किसानों पर अत्यधिक कर का बोझ था → किसानों के पास पुनर्निवेश के लिए बहुत कम बचता था।
- अन्य प्रणालियाँ:
- रैयतवाड़ी – मद्रास, बॉम्बे (सरकार-किसान सीधे संपर्क)।
- महालवाड़ी – पंजाब, संयुक्त प्रांत (गाँव/महल – सामूहिक राजस्व)।
- सही विकल्प – जमींदारी के नकारात्मक प्रभाव को बताता है।
4 फ़रवरी 1922 को निम्नलिखित में से किस घटना के बारे में सुनकर महात्मा गांधी ने पाँच दिन का उपवास किया और असहयोग आंदोलन को स्थगित कर दिया?
- काकोरी षड्यंत्र
- चौरी-चौरा कांड
- नोआखली दंगे
- जलियांवाला बाग हत्याकांड
Explanation:
- चौरी-चौरा कांड – 5 फरवरी 1922 (उत्तर प्रदेश) में एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन में पुलिस ने गोली चलाई, जिसके जवाब में भीड़ ने पुलिस थाने में आग लगा दी – 22 पुलिसकर्मी मारे गए।
- गांधी जी ने 12 फरवरी 1922 को असहयोग आंदोलन स्थगित कर दिया।
- उन्होंने 5 दिन का उपवास किया (हिंसा पर पश्चाताप)।
- अतिरिक्त तथ्य:
- असहयोग आंदोलन (1920-22) – गांधी जी का पहला राष्ट्रव्यापी आंदोलन।
- गांधी जी को मार्च 1922 में गिरफ्तार किया गया – 6 वर्ष की सजा (उन्होंने 2 वर्ष सेवा की)।
अवध के अलावा, निम्नलिखित में से कौन से अन्य क्षेत्रों को अंग्रेजों ने विभिन्न बहाने से अपने अधीन कर लिया था?
- असम और नागालैंड
- मैसूर और हैदराबाद
- बंगाल और पंजाब
- झाँसी और सतारा
Explanation:
- हड़प नीति (Doctrine of Lapse) – लॉर्ड डलहौजी (1848-56) द्वारा लागू।
- इसके तहत बिना प्राकृतिक उत्तराधिकारी वाली रियासतों को ब्रिटिश शासन में मिला लिया गया।
- उदाहरण – झाँसी (1853), सतारा (1848), नागपुर, जैतपुर, संबलपुर आदि।
- अतिरिक्त तथ्य:
- अवध को कुशासन के बहाने 1856 में मिला लिया गया (लॉर्ड कैनिंग ने)।
- झाँसी के विलय ने रानी लक्ष्मीबाई को 1857 के विद्रोह में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
दिल्ली सल्तनत के सैय्यद वंश का समय काल क्या था?
- 1414-1451
- 1414-1446
- 1424-1445
- 1414-1430
Explanation:
- सैय्यद वंश (1414-1451) – दिल्ली सल्तनत का चौथा वंश था।
- संस्थापक – खिज्र खान (तैमूर का नियुक्त गवर्नर)।
- अंतिम शासक – आलम शाह – जिन्हें बहलोल लोदी ने 1451 में हटाया।
- अतिरिक्त तथ्य:
- दिल्ली सल्तनत के पाँच वंश:
- गुलाम (मामलुक) – 1206-1290
- खिलजी – 1290-1320
- तुगलक – 1320-1414
- सैय्यद – 1414-1451
- लोदी – 1451-1526
- दिल्ली सल्तनत के पाँच वंश:
निम्नलिखित में से किस आंदोलन के दौरान उग्रवादियों ने विरोध के रूप में ब्रिटिश वस्तुओं के बहिष्कार का आह्वान किया था?
- स्वदेशी आंदोलन
- सविनय अवज्ञा आंदोलन
- असहयोग आंदोलन
- भारत छोड़ो आंदोलन
Explanation:
- स्वदेशी आंदोलन (1905-11) – बंगाल विभाजन (1905) के विरोध में शुरू हुआ।
- उग्रवादियों (तिलक, पाल, अरविंद) ने ब्रिटिश वस्तुओं के बहिष्कार और स्वदेशी (देशी वस्तुओं) के उपयोग का आह्वान किया।
- इस आंदोलन में स्वदेशी – सबसे प्रमुख नारा था।
- अतिरिक्त तथ्य:
- बहिष्कार आंदोलन बाद में असहयोग (1920), सविनय अवज्ञा (1930) में भी जारी रहा।
- 1906 में कांग्रेस ने आधिकारिक रूप से स्वदेशी का समर्थन किया।
निम्नलिखित में से किस गवर्नर-जनरल ने सामान्य सेवा भर्ती अधिनियम लागू किया?
- लॉर्ड ऑकलैंड
- लॉर्ड एम्हर्स्ट
- लॉर्ड वेलेस्ली
- लॉर्ड कैनिंग
Explanation:
- लॉर्ड कैनिंग – 1856 में सामान्य सेवा भर्ती अधिनियम लागू किया।
- वे 1857 के विद्रोह के दौरान भारत के गवर्नर-जनरल थे।
- बाद में वे भारत के पहले वायसराय बने (1858 में)।
- अतिरिक्त तथ्य:
- लॉर्ड कैनिंग ने हड़प नीति (विलय) को समाप्त किया।
- उन्होंने भारत सरकार अधिनियम 1858 के तहत कंपनी से क्राउन (ब्रिटिश ताज) को शासन हस्तांतरित किया।
निम्नलिखित में से किस ब्रिटिश अधिकारी ने सहायक संधि की नीति शुरू की, जो 1857 के विद्रोह के कारणों में से एक थी?
- जॉन निकोलसन
- सर कॉलिन कैंपबेल
- हेनरी लॉरेंस
- लॉर्ड वेलेस्ली
Explanation:
- सहायक संधि (Subsidiary Alliance) – लॉर्ड वेलेस्ली (1798-1805) द्वारा शुरू की गई।
- इसके तहत, भारतीय रियासतों को अंग्रेजों की सुरक्षा स्वीकार करनी पड़ती थी और सैनिकों का भुगतान करना पड़ता था।
- रियासतों की संप्रभुता समाप्त हो जाती थी।
- अतिरिक्त तथ्य:
- इस नीति को स्वीकार करने वाले राज्य: हैदराबाद, मैसूर, तंजावुर, अवध आदि।
- यह 1857 के विद्रोह के राजनीतिक कारणों में से एक थी (रियासतों की स्वतंत्रता का हनन)।
1793 में स्थायी बंदोबस्त (भू-राजस्व) किस ब्रिटिश गवर्नर जनरल ने लागू किया था?
- लॉर्ड वारेन हेस्टिंग्स
- लॉर्ड वेलेस्ली
- लॉर्ड कॉर्नवालिस
- सर जॉन शोर
Explanation:
- स्थायी बंदोबस्त (Permanent Settlement) – लॉर्ड कॉर्नवालिस द्वारा 1793 में बंगाल, बिहार और ओडिशा में लागू किया गया।
- जमींदारों को भूमि का मालिक बना दिया गया (उन्हें राजस्व का 10/11वां हिस्सा अंग्रेजों को देना था)।
- राजस्व की राशि स्थायी (निर्धारित) कर दी गई।
- अतिरिक्त तथ्य:
- इसके कारण जमींदार शक्तिशाली बने, पर किसान शोषित हुए।
- लॉर्ड कॉर्नवालिस को “बंगाल का सुधारक” भी कहा जाता है।
- इसके विपरीत – रैयतवाड़ी (सर जॉन शोर) और महालवाड़ी (होल्ट मैकेंजी) प्रणालियाँ थीं।
लोकमान्य तिलक ने स्वराज के संबंध में किस नारे को लोकप्रिय बनाया?
- “स्वराज त्याग से प्राप्त होता है।”
- “स्वराज अंग्रेजों द्वारा दिया जाता है।”
- “स्वराज एक उपहार है।”
- “स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे प्राप्त करूँगा।”
Explanation:
- बाल गंगाधर तिलक ने प्रसिद्ध नारा दिया – “स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे प्राप्त करूँगा”।
- यह नारा 1906 में दिया गया था।
- तिलक चाहते थे कि भारतीय अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करें, याचिकाएँ नहीं करें।
- अतिरिक्त तथ्य:
- तिलक को “लोकमान्य” (जनमान्य) की उपाधि दी गई।
- उन्होंने गणेशोत्सव और शिवाजी उत्सव को लोकप्रिय बनाया।
- उन्होंने केसरी (मराठी) और मराठा (अंग्रेजी) अखबार निकाले।
1857 में अवध के मुख्य आयुक्त कौन थे?
- कर्नल कोविल कवरली जैकसन
- मेजर जॉन शेरब्रुक बैंक्स
- मेजर जनरल सर जेम्स आउट्राम
- सर हेनरी लॉरेंस
Explanation:
- सर हेनरी लॉरेंस – 1857 में अवध के मुख्य आयुक्त थे।
- वे लखनऊ में तैनात थे।
- उन्होंने 4 जुलाई 1857 को लखनऊ की घेराबंदी में प्राण गँवाए।
- अतिरिक्त तथ्य:
- हेनरी लॉरेंस के भाई – जॉन लॉरेंस – पंजाब के प्रमुख थे और विद्रोह को दबाने में सहायक थे।
- हेनरी लॉरेंस की मृत्यु के बाद सर कॉलिन कैंपबेल ने लखनऊ को वापस जीता।
1857 के विद्रोह के दौरान चिनहट की लड़ाई में अंग्रेजों के साथ किसने युद्ध किया था?
- मौलवी अहमदुल्लाह शाह
- रानी लक्ष्मी बाई
- मौलाना आजाद
- शाह माल
Explanation:
- मौलवी अहमदुल्लाह शाह – 1857 में चिनहट (लखनऊ) में अंग्रेजों के विरुद्ध लड़े।
- वे फैजाबाद के एक विद्वान और नेता थे।
- उन्होंने विद्रोहियों को लखनऊ में संगठित किया।
- अतिरिक्त तथ्य:
- मौलवी अहमदुल्लाह शाह को ब्रिटिश शासन ने 1858 में फाँसी दी थी।
- वे उलेमा (इस्लामी विद्वान) थे जिन्होंने विद्रोह को जिहाद का रूप दिया।
1857 के विद्रोह में आरा के कुंवर अमर सिंह ने निम्नलिखित में से किस स्थान को अपना युद्ध क्षेत्र बनाया था?
- रोहिलखंड
- आजमगढ़ और गाजीपुर
- लखनऊ
- ग्वालियर और झाँसी
Explanation:
- कुंवर सिंह (जगदीशपुर, बिहार के राजा) ने आजमगढ़ और गाजीपुर (वर्तमान उत्तर प्रदेश) में विद्रोह का नेतृत्व किया।
- उन्होंने आरा (बिहार) में भी अंग्रेजों के विरुद्ध लड़ाई लड़ी।
- वे 1857 के विद्रोह के सबसे वृद्ध नेता थे (~80 वर्ष)।
- अतिरिक्त तथ्य:
- उन्होंने अप्रैल 1858 में अंग्रेजों को आजमगढ़ में हराया।
- कुंवर सिंह का 26 अप्रैल 1858 को देहांत हो गया।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के भीतर चरमपंथियों ने किस विचारधारा का कड़ा विरोध किया?
- स्वदेशी
- क्रमिकवाद या धीरे चलो
- राष्ट्रवाद
- स्वशासन
Explanation:
- चरमपंथियों ने नरमपंथियों की क्रमिकवाद (Gradualism) – “धीरे-धीरे” सुधार की नीति का कड़ा विरोध किया।
- चरमपंथी सीधे कार्रवाई (बहिष्कार, स्वदेशी) के पक्षधर थे।
- वे नरमपंथियों की याचिकाओं और प्रार्थनाओं को बेकार मानते थे।
- अतिरिक्त तथ्य:
- चरमपंथी नेताओं ने 1907 में सूरत अधिवेशन में नरमपंथियों से अलग होने की कोशिश की।
- बाद में 1916 के लखनऊ समझौते में दोनों समूह फिर से एक हुए।
1857 के विद्रोह के दौरान ब्रिटिश सेना के किस कमांडर-इन-चीफ ने लखनऊ पर कब्जा किया था?
- विलियम टेलर और आई
- सर कॉलिन कैंपबेल
- कर्नल ऑनसेल
- जनरल ह्यूग रोज़
Explanation:
- सर कॉलिन कैंपबेल – 1857 के विद्रोह के दौरान ब्रिटिश सेना के कमांडर-इन-चीफ थे।
- उन्होंने मार्च 1858 में लखनऊ पर पुनः कब्जा किया।
- उन्होंने हेनरी लॉरेंस की मृत्यु के बाद लखनऊ को वापस लिया।
- अतिरिक्त तथ्य:
- सर कॉलिन कैंपबेल ने कानपुर में भी विद्रोहियों को हराया।
- उन्हें “कैंपबेल द आयरिश” भी कहा जाता था।
1857 के विद्रोह के बाद, अंग्रेजों ने जमींदारों और भूस्वामियों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सी नीति अपनाई?
- भूमि का राष्ट्रीयकरण की नीति
- संपत्ति जब्त करने की नीति
- ऐसी नीतियाँ जिन्होंने उनके अधिकारों की रक्षा की और उनकी भूमि पर सुरक्षा प्रदान की
- भूमि पुनर्वितरण की नीति
Explanation:
- 1857 के विद्रोह के बाद, अंग्रेजों ने जमींदारों और भूस्वामियों के अधिकारों की रक्षा की नीति अपनाई।
- उन्होंने पुरस्कार और निष्ठा के माध्यम से जमींदारों को अपना सहयोगी बनाया।
- इससे सामंती तत्व ब्रिटिश सरकार के प्रति वफादार रहे।
- अतिरिक्त तथ्य:
- विद्रोह के बाद, ब्रिटिश सरकार ने भारतीय रियासतों के प्रति भी उदार नीति अपनाई (उन्हें उनके अधिकारों में संरक्षण दिया)।
- यह “फूट डालो और राज करो” की नीति का हिस्सा था।
1905 का भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस अधिवेशन कहाँ हुआ था?
- लखनऊ
- मद्रास
- बनारस
- कलकत्ता
Explanation:
- 1905 का कांग्रेस अधिवेशन – बनारस (वाराणसी) में हुआ था।
- इस अधिवेशन की अध्यक्षता गोपाल कृष्ण गोखले (नरमपंथी) ने की थी।
- यह बंगाल विभाजन (1905) के विरोध की पृष्ठभूमि में हुआ था।
- अतिरिक्त तथ्य:
- इस अधिवेशन में स्वदेशी और बहिष्कार का समर्थन किया गया।
- हालाँकि, अगले वर्ष (1906) कलकत्ता अधिवेशन में चरमपंथियों का प्रभाव बढ़ा।
प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के विद्रोह के बाद अवध को अंग्रेजों के नियंत्रण में कब लाया गया?
- 1857
- 1859
- 1858
- 1860
Explanation:
- अवध को 1858 में ब्रिटिश शासन के अधीन कर लिया गया (विद्रोह के दमन के बाद)।
- अवध को पहले 1856 में कुशासन के बहाने मिला लिया गया था (लॉर्ड कैनिंग)।
- 1857 के विद्रोह में अवध सबसे सक्रिय क्षेत्रों में से एक था।
- अतिरिक्त तथ्य:
- विद्रोह के बाद अवध की पूरी रियासत को ब्रिटिश क्षेत्र में मिला लिया गया।
- इसके बाद ब्रिटिश ताज ने सीधे भारत का शासन संभाला (1858 का अधिनियम)।
तिलक का मानना था कि राजनीतिक अधिकार केवल निम्नलिखित माध्यमों से प्राप्त किये जा सकते हैं:
- समझौते
- साहसिक कार्य (मजबूत दबाव)
- मेज़ पर बातचीत
- राजनयिक चर्चाएँ
Explanation:
- तिलक क्रांतिकारी/चरमपंथी विचारधारा के थे – उनका मानना था कि राजनीतिक अधिकार साहसिक कार्यों (मजबूत दबाव) से प्राप्त किए जा सकते हैं।
- वे अहिंसा में विश्वास नहीं करते थे (हालाँकि उन्होंने शांतिपूर्ण तरीकों को भी समर्थन दिया)।
- उन्होंने कहा – “स्वराज के लिए शस्त्र उठाने में कोई पाप नहीं”।
- अतिरिक्त तथ्य:
- तिलक को 1908 में राजद्रोह के आरोप में 6 वर्ष की सजा दी गई (मंडाले, बर्मा)।
- उनकी किताब – “गीता रहस्य” (कर्म योग पर)।
फर्रुखाबाद शहर में 1857 के विद्रोह का नेतृत्व किसने किया?
- तफज्जुल हुसैन खान
- अब्दुल अली खान
- खान बहादुर खान
- मोहम्मद खान
Explanation:
- तफज्जुल हुसैन खान – फर्रुखाबाद (उत्तर प्रदेश) में 1857 के विद्रोह का नेतृत्व किया।
- वे एक सैनिक और स्थानीय नेता थे।
- उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ फर्रुखाबाद और आसपास के क्षेत्रों में विद्रोह का नेतृत्व किया।
- अतिरिक्त तथ्य:
- फर्रुखाबाद अवध के करीब था, जो विद्रोह का प्रमुख केंद्र था।
- तफज्जुल हुसैन खान को विद्रोह के बाद गिरफ्तार कर लिया गया था।
महात्मा गांधी ने मार्च 1930 में किसे पत्र भेजकर बताया था कि भारत में ब्रिटिश शासन को ‘अभिशाप’ क्यों माना जाता है?
- लॉर्ड वेलेस्ली
- लॉर्ड माउंटबेटन
- लॉर्ड एडम
- लॉर्ड इरविन
Explanation:
- मार्च 1930 में गांधी जी ने वायसराय लॉर्ड इरविन को पत्र लिखा था।
- इसमें उन्होंने ब्रिटिश शासन को “अभिशाप” बताया और 11 मांगें रखीं।
- इन मांगों को अस्वीकार करने के बाद गांधी जी ने 12 मार्च 1930 को दांडी मार्च (नमक सत्याग्रह) शुरू किया।
- अतिरिक्त तथ्य:
- लॉर्ड इरविन (1926-31) – भारत के वायसराय।
- बाद में गांधी-इरविन समझौता (1931) – जिसने सविनय अवज्ञा आंदोलन को समाप्त किया।
निम्नलिखित में से कौन सा/से 1857 के विद्रोह के परिणाम थे? I. सेना का पुनर्गठन II. कृषि सुधार III. मुक्त व्यापार नीति IV. शस्त्र अधिनियम पारित किया गया
- केवल I और IV
- केवल I, III और IV
- केवल III और IV
- I, II, III और IV
Explanation:
- 1857 के विद्रोह के परिणाम:
- I. सेना का पुनर्गठन – सही (सेना में भारतीयों की संख्या कम की गई, यूरोपीयों की बढ़ाई गई)।
- II. कृषि सुधार – गलत (ब्रिटिशों ने कोई महत्वपूर्ण कृषि सुधार नहीं किए)।
- III. मुक्त व्यापार नीति – गलत (पहले से ही लागू थी, विद्रोह से संबंधित नहीं)।
- IV. शस्त्र अधिनियम – सही (1878 में शस्त्र अधिनियम पारित किया गया, भारतीयों के लिए हथियार रखना कठिन किया)।
मध्यमार्गियों की ‘नो टैक्सेशन विदाउट रिप्रेजेंटेशन’ की मांग किस ऐतिहासिक आंदोलन से प्रेरित थी?
- चीनी क्रांति
- रूसी क्रांति
- फ्रांसीसी क्रांति
- अमेरिकी स्वतंत्रता संग्राम
Explanation:
- अमेरिकी स्वतंत्रता संग्राम (1775-83) से “नो टैक्सेशन विदाउट रिप्रेजेंटेशन” का नारा लिया गया।
- अमेरिकी उपनिवेशवादियों ने बिना प्रतिनिधित्व के कर का विरोध किया।
- भारतीय मध्यमार्गियों ने भी यह मांग उठाई कि ब्रिटिश संसद में भारतीयों का प्रतिनिधित्व हो।
- अतिरिक्त तथ्य:
- अमेरिकी क्रांति ने लोकतंत्र और स्वतंत्रता के विचारों को प्रेरित किया।
- इसने भारतीय राष्ट्रवादियों को राजनीतिक अधिकारों की माँग के लिए प्रेरित किया।
1857 में महाराष्ट्र के धुले जिले से विद्रोह का नेतृत्व किसने किया था?
- रानी लक्ष्मी बाई
- तात्या टोपे
- खाजा सिंह
- खान बहादुर
Explanation:
- खाजा सिंह – महाराष्ट्र के धुले जिले से 1857 के विद्रोह का नेतृत्व किया।
- वे एक आदिवासी नेता थे (भील जनजाति से संबंधित)।
- उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ गुरिल्ला युद्ध किया।
- अतिरिक्त तथ्य:
- धुले महाराष्ट्र के खानदेश क्षेत्र में स्थित है।
- विद्रोह के बाद खाजा सिंह को पकड़ लिया गया और उन्हें सजा दी गई।
होमरूल आंदोलन के लिए एनी बेसेंट के साथ किसने सहयोग किया?
- राजेंद्र प्रसाद
- बी आर अंबेडकर
- सी आर दास
- बाल गंगाधर तिलक
Explanation:
- होमरूल आंदोलन (1916-18) – एनी बेसेंट और बाल गंगाधर तिलक ने मिलकर शुरू किया।
- एनी बेसेंट – अध्यक्ष (मद्रास में)।
- तिलक – अध्यक्ष (पुणे में)।
- उद्देश्य – ब्रिटिश शासन से स्वराज (होम रूल) प्राप्त करना।
- अतिरिक्त तथ्य:
- एनी बेसेंट ने न्यू इंडिया और कॉमन वील अखबार निकाले।
- 1916 में लखनऊ समझौते (कांग्रेस-मुस्लिम लीग) में सहयोग हुआ।
- 1918 में आंदोलन समाप्त हो गया (जब सरकार ने सुधारों का वादा किया)।
1857 के विद्रोह में मथुरा से निम्नलिखित में से किसने नेतृत्व किया था?
- मौलवी लियाकत अली
- देवी सिंह
- राजा प्रताप सिंह
- फिरोज शाह
Explanation:
- देवी सिंह – मथुरा (उत्तर प्रदेश) में 1857 के विद्रोह का नेतृत्व किया।
- वे एक सैनिक और स्थानीय राजा थे।
- उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ मथुरा में विद्रोह का झंडा फहराया।
- अतिरिक्त तथ्य:
- मथुरा ब्रज क्षेत्र का हिस्सा है, जो विद्रोह में सक्रिय था।
- देवी सिंह को बाद में गिरफ्तार कर लिया गया और उन्हें सजा दी गई।
1857 से पहले अंग्रेजों के खिलाफ भारतीय सैनिकों में असंतोष का कारण निम्नलिखित में से कौन सा नहीं था?
- ब्रिटिश द्वारा भारतीय क्षेत्रों का अधिग्रहण
- भारतीय रीति-रिवाजों के प्रति ब्रिटिशों की उपेक्षा
- कम वेतन और खराब परिस्थितियाँ
- मुगल सम्राट के लिए समर्थन
Explanation:
- मुगल सम्राट के लिए समर्थन – यह सैनिकों के असंतोष का कारण नहीं था, बल्कि विद्रोह के दौरान एकजुटता का प्रतीक बना।
- विद्रोह के दौरान सिपाहियों ने बहादुर शाह जफर को सम्राट घोषित किया (बाद में)।
- अन्य विकल्प सैन्य असंतोष के कारण थे:
- ब्रिटिश क्षेत्रों का अधिग्रहण → नौकरियों पर प्रभाव।
- रीति-रिवाजों की उपेक्षा → धार्मिक भावनाएँ आहत।
- कम वेतन → आर्थिक असंतोष।
निम्नलिखित में से किस अधिनियम ने भारत में द्विसदनीय विधायिका प्रणाली की शुरुआत की?
- साइमन कमीशन, 1927
- भारत सरकार अधिनियम, 1935
- भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947
- भारत सरकार अधिनियम, 1919
Explanation:
- भारत सरकार अधिनियम 1919 (मोंटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार) – द्विसदनीय विधायिका (Bicameral Legislature) की शुरुआत की।
- केंद्र में – विधान सभा (निचला सदन) और विधान परिषद (ऊपरी सदन)।
- यह द्वैध शासन (Dyarchy) भी लाया – विभागों को हस्तांतरित और आरक्षित में विभाजित किया।
- अतिरिक्त तथ्य:
- अधिनियम 1919 – राज्यों में भी द्विसदनीय व्यवस्था (जहाँ विधान परिषद थीं)।
- 1935 का अधिनियम – प्रांतीय स्वायत्तता लाया, पर द्विसदनीयता पहले 1919 में ही लागू हो गई थी।
बंगाल के उग्रवादियों के समूह का प्रतिनिधित्व किस नेता/नेताओं ने किया?
- बी.जी. तिलक
- दयानंद सरस्वती
- लाला लाजपत राय
- बी.सी. पाल और अरविंद
Explanation:
- बिपिन चंद्र पाल और अरविंद घोष – बंगाल के प्रमुख उग्रवादी (चरमपंथी) नेता थे।
- बंगाल विभाजन (1905) के विरोध में इन्होंने स्वदेशी और बहिष्कार का नेतृत्व किया।
- तिलक (महाराष्ट्र) और लाजपत राय (पंजाब) – अन्य क्षेत्रों के उग्रवादी नेता।
- अतिरिक्त तथ्य:
- अरविंद घोष बाद में राष्ट्रवादी से आध्यात्मिक नेता (पांडिचेरी) बने।
- पाल को “बंगाल के उग्रवादी” के रूप में जाना जाता था।
1857 में भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के प्रकोप के परिणामस्वरूप गाय और सूअर की चर्बी से लेपित कारतूसों के बारे में अफवाह फैलाने का श्रेय किसे दिया जाता है?
- एक सिपाही कमांडर
- दमदम में काम करने वाला एक निम्न जाति का खलासी
- एक ब्राह्मण पुजारी
- एक ब्रिटिश अधिकारी
Explanation:
- दमदम (कोलकाता) में काम करने वाले एक निम्न जाति के खलासी ने गाय और सुअर की चर्बी वाले कारतूसों की अफवाह फैलाई।
- इस अफवाह ने हिंदू (गाय – पवित्र) और मुस्लिम (सुअर – हराम) दोनों की भावनाओं को आहत किया।
- यह विद्रोह का तात्कालिक कारण था।
- अतिरिक्त तथ्य:
- खलासी – नाविक/मजदूर (निम्न जाति) था।
- इस अफवाह ने मेरठ (10 मई 1857) में विद्रोह को जन्म दिया।
1857 के विद्रोह के दमन के दौरान दिल्ली को अंग्रेजों द्वारा किस दिन पर कब्जा कर लिया गया था?
- 21 जुलाई
- 30 अगस्त
- 21 सितंबर
- 30 जून
Explanation:
- 21 सितंबर 1857 – अंग्रेजों ने दिल्ली पर पुनः कब्जा कर लिया।
- ब्रिटिश सेना का नेतृत्व – जनरल जॉन निकोलसन (हताहत)।
- इसके बाद बहादुर शाह जफर को पकड़ लिया गया और उन्हें बर्मा (रंगून) निर्वासित कर दिया गया।
- अतिरिक्त तथ्य:
- दिल्ली का पतन विद्रोह के प्रतीकात्मक अंत के रूप में माना जाता है।
- जनरल निकोलसन को “दिल्ली का विजेता” कहा जाता था।
गोपाल कृष्ण गोखले द्वारा 1905 में स्थापित ‘भारत सेवक समाज’ की स्थापना निम्नलिखित में से किस स्थान पर हुई थी?
- पुणे
- अमरावती
- नागपुर
- रायगढ़
Explanation:
- भारत सेवक समाज – 1905 में गोपाल कृष्ण गोखले द्वारा पुणे (महाराष्ट्र) में स्थापित किया गया।
- इसका उद्देश्य – सामाजिक सेवा, शिक्षा, गरीबी उन्मूलन और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना था।
- यह एक गैर-राजनीतिक संगठन था।
- अतिरिक्त तथ्य:
- इस समाज के सदस्यों ने अकाल और सामाजिक बुराइयों के खिलाफ कार्य किया।
- गोखले को “भारत के सुधारक” और गांधी जी के “राजनीतिक गुरु” के रूप में जाना जाता है।
निम्नलिखित में से किस दिन कांग्रेस पार्टी ने सार्वजनिक घोषणा की थी, जिसमें भारतीयों से इसे ‘स्वतंत्रता दिवस’ के रूप में मनाने का आग्रह किया गया था?
- 26 जनवरी 1929
- 26 जनवरी 1928
- 26 जनवरी 1930
- 26 जनवरी 1932
Explanation:
- 26 जनवरी 1930 – कांग्रेस ने इसे “पूर्ण स्वतंत्रता दिवस” (Purna Swaraj Day) के रूप में घोषित किया।
- यह निर्णय 1929 के लाहौर अधिवेशन (जवाहरलाल नेहरू – अध्यक्ष) में लिया गया था।
- इस दिन भारतीय तिरंगा फहराया गया और स्वतंत्रता की शपथ ली गई।
- अतिरिक्त तथ्य:
- बाद में 26 जनवरी 1950 – भारत का गणतंत्र दिवस बन गया।
- यह भारत के संविधान के लागू होने का दिन है।
निम्नलिखित में से किस नेता ने आत्मनिर्भरता के विचार का पुरजोर समर्थन किया और एक उग्रवादी था?
- सुरेन्द्रनाथ बनर्जी
- बाल गंगाधर तिलक
- दादाभाई नौरोजी
- फिरोज शाह मेहता
Explanation:
- बाल गंगाधर तिलक – उग्रवादी (चरमपंथी) नेता, जिन्होंने आत्मनिर्भरता (Self-Reliance) और स्वदेशी का पुरजोर समर्थन किया।
- उनका मानना था कि भारत को ब्रिटिश वस्तुओं पर निर्भर नहीं होना चाहिए।
- उन्होंने देशी उद्योगों को बढ़ावा दिया।
- अतिरिक्त तथ्य:
- तिलक ने कहा – “स्वदेशी जननी की पूजा है”।
- अन्य विकल्प – सभी नरमपंथी थे (ब्रिटिशों के साथ सहयोग और याचिकाओं के पक्षधर)।
1857 के विद्रोह के दौरान, किसने चौरासी देश के मुखियाओं और किसानों को रात में गाँव-गाँव घूमकर अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह करने के लिए प्रेरित किया?
- मौलवी लियाकत अली
- मौलवी अहमदुल्लाह शाह
- शाह मल
- गोनू
Explanation:
- शाह मल – उत्तर प्रदेश के बिजनौर क्षेत्र के एक किसान नेता, जो रात में गाँव-गाँव घूमकर चौरासी देश (84 गाँवों) के मुखियाओं और किसानों को विद्रोह के लिए प्रेरित करते थे।
- उन्होंने पारंपरिक जाति पंचायतों का उपयोग किया।
- वे 1857 के विद्रोह के ग्रामीण नेताओं में से एक थे।
- अतिरिक्त तथ्य:
- शाह मल ने बिजनौर में विद्रोह का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया।
- उन्हें बाद में अंग्रेजों ने पकड़ लिया और उन्हें मार दिया गया।
मेरठ छावनी में सिपाहियों का विद्रोह कब हुआ था?
- 8 मई 1856
- 10 जून 1858
- 10 जुलाई 1859
- 10 मई 1857
Explanation:
- 10 मई 1857 – मेरठ छावनी में सिपाहियों ने विद्रोह किया।
- यह 1857 के विद्रोह की शुरुआत का दिन है।
- सिपाहियों ने ब्रिटिश अधिकारियों को मार डाला और दिल्ली की ओर कूच किया।
- अतिरिक्त तथ्य:
- इस घटना से पहले 29 मार्च 1857 को मंगल पांडे ने बैरकपुर में विद्रोह किया (उन्हें फाँसी दे दी गई)।
- मेरठ के विद्रोह को 1857 के विद्रोह का प्रारंभिक बिंदु माना जाता है।
निम्नलिखित में से कौन एक चरमपंथी नेता नहीं था?
- बाल गंगाधर तिलक
- अरविंद घोष
- बिपिन चंद्र पाल
- सुरेंद्रनाथ बनर्जी
Explanation:
- सुरेंद्रनाथ बनर्जी – नरमपंथी (मध्यमार्गी) नेता थे, चरमपंथी नहीं।
- वे 1885 में कांग्रेस के संस्थापक सदस्यों में से एक थे।
- उन्होंने ब्रिटिश सरकार के साथ सहयोग और याचिकाओं का समर्थन किया।
- अतिरिक्त तथ्य:
- बनर्जी ने बंगाली अखबार “बंगाली” निकाला।
- उन्हें “बंगाल के युवा बंगाल” आंदोलन से जोड़ा जाता है।
1857 का विद्रोह ब्रिटिश विजय के साथ किस वर्ष समाप्त हुआ?
- 1860
- 1867
- 1858
- 1877
Explanation:
- 1858 – 1857 का विद्रोह ब्रिटिश विजय के साथ समाप्त हो गया।
- विद्रोह के प्रमुख केंद्र – दिल्ली (सितंबर 1857), लखनऊ (मार्च 1858), झाँसी (जून 1858) – अंग्रेजों ने पुनः कब्जा कर लिया।
- आधिकारिक रूप से 1858 में विद्रोह का दमन हो गया।
- अतिरिक्त तथ्य:
- इसके तुरंत बाद 1858 का भारत सरकार अधिनियम पारित हुआ – ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन समाप्त हुआ और ब्रिटिश ताज ने सीधे शासन शुरू किया।
स्वराज की मांग के साथ असहयोग आंदोलन का प्रस्ताव पारित करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का विशेष अधिवेशन कब आयोजित किया गया था?
- दिसंबर 1919
- सितंबर 1920
- मई 1920
- जून 1919
Explanation:
- सितंबर 1920 – कलकत्ता विशेष अधिवेशन में असहयोग आंदोलन का प्रस्ताव पारित किया गया।
- इसमें स्वराज (असहयोग) की मांग रखी गई।
- गांधी जी के नेतृत्व में यह आंदोलन 1920-22 तक चला।
- अतिरिक्त तथ्य:
- इस अधिवेशन में खिलाफत मुद्दे को भी समर्थन मिला।
- असहयोग आंदोलन को 1922 में (चौरी-चौरा कांड के बाद) स्थगित कर दिया गया।
निम्नलिखित में से किस ब्रिटिश भारत के गवर्नर जनरल ने विलय की नीति (Doctrine of Lapse) को समाप्त किया?
- लॉर्ड विलियम बेंटिक
- लॉर्ड कैनिंग
- लॉर्ड हार्डिंग
- लॉर्ड एलेनबरो
Explanation:
- लॉर्ड कैनिंग – 1858 में हड़प नीति (Doctrine of Lapse) को औपचारिक रूप से समाप्त किया।
- यह नीति 1857 के विद्रोह का प्रमुख राजनीतिक कारण थी।
- विद्रोह के बाद ब्रिटिश सरकार ने रियासतों को संरक्षण देने की नीति अपनाई।
- अतिरिक्त तथ्य:
- हड़प नीति – लॉर्ड डलहौजी (1848-56) द्वारा लागू की गई थी।
- कैनिंग ने अवध (1856) का विलय किया (इसके बाद नीति को समाप्त कर दिया)।
निम्न में से किसने निम्न जाति के लोगों और अछूतों के उत्थान के लिए सत्यशोधक समाज का गठन किया?
- रामास्वामी नायकर पेरियार
- स्वामी दयानंद सरस्वती
- डॉ. भीमराव अंबेडकर
- ज्योतिराव गोविंदराव फुले
Explanation:
- सत्यशोधक समाज – 1873 में ज्योतिराव फुले (महाराष्ट्र) द्वारा स्थापित किया गया।
- इसका उद्देश्य – निम्न जातियों और अछूतों का उत्थान, जातिवाद का विरोध।
- उन्होंने स्त्री-शिक्षा पर भी जोर दिया (सावित्रीबाई फुले के साथ)।
- अतिरिक्त तथ्य:
- फुले ने “गुलामगीरी” (अंग्रेजी: Slavery) नामक पुस्तक लिखी।
- उन्हें “भारतीय सामाजिक क्रांति का जनक” कहा जाता है।
निम्नलिखित में से कौन सा 1857 के विद्रोह का सामाजिक कारण नहीं था?
- जबर्दस्ती धर्मांतरण
- पारंपरिक उद्योगों का पतन
- मिशनरियों का प्रभाव
- धार्मिक हस्तक्षेप
Explanation:
- पारंपरिक उद्योगों का पतन – यह 1857 के विद्रोह का आर्थिक कारण था, सामाजिक नहीं।
- सामाजिक कारणों में धर्मांतरण, मिशनरियों, धार्मिक हस्तक्षेप (सती निषेध, विधवा विवाह) शामिल थे।
- ब्रिटिश सामाजिक सुधारों को पारंपरिक भारतीय समाज ने सांस्कृतिक हस्तक्षेप के रूप में देखा।
1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौरान भारत का गवर्नर जनरल कौन था?
- चार्ल्स कैनिंग
- लॉर्ड हार्डिंग प्रथम
- लॉर्ड विलियम बेंटिक
- लॉर्ड ऑकलैंड
Explanation:
- चार्ल्स कैनिंग (लॉर्ड कैनिंग) – 1857 के विद्रोह के दौरान गवर्नर-जनरल थे (1856-58)।
- बाद में 1858 में वे भारत के पहले वायसराय बने।
- उन्होंने विद्रोह को दबाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- अतिरिक्त तथ्य:
- लॉर्ड कैनिंग ने 1858 में क्वीन विक्टोरिया की उद्घोषणा पढ़ी (भारतीयों को सुरक्षा का आश्वासन)।
- उन्हें “क्लेमेंट कैनिंग” (दयालु) के रूप में भी जाना जाता है।
1857 के विद्रोह के दौरान विद्रोहियों द्वारा प्रयुक्त प्रतिरोध का प्राथमिक रूप कौन सा था?
- राजनीतिक वार्ता
- सशस्त्र विद्रोह
- बड़े पैमाने पर प्रवास
- अहिंसक विरोध
Explanation:
- 1857 के विद्रोह में विद्रोहियों ने सशस्त्र विद्रोह (सैन्य कार्रवाई) को अपने प्रतिरोध के प्राथमिक रूप के रूप में अपनाया।
- इसमें हथियार (तलवार, बंदूक) का उपयोग किया गया।
- यह पारंपरिक युद्ध और गुरिल्ला लड़ाई का मिश्रण था।
- अतिरिक्त तथ्य:
- अहिंसक विरोध – बाद में गांधी युग (1919 के बाद) की विशेषता बनी।
- 1857 का विद्रोह पूर्व-आधुनिक संघर्ष था।
उग्रवादियों की आर्थिक नीति का मुख्य नारा क्या था?
- स्वशासन
- स्वराज्य
- स्वदेशी
- भारत छोड़ो
Explanation:
- स्वदेशी – उग्रवादियों (चरमपंथियों) की आर्थिक नीति का मुख्य नारा था।
- इसमें देशी वस्तुओं के उपयोग और ब्रिटिश वस्तुओं के बहिष्कार पर जोर दिया गया।
- इसका उद्देश्य – भारतीय उद्योगों को बढ़ावा देना और आर्थिक आत्मनिर्भरता प्राप्त करना था।
- अतिरिक्त तथ्य:
- स्वदेशी आंदोलन 1905-11 में सबसे सक्रिय रहा।
- इसके तहत कपड़ा, माचिस, साबुन आदि देशी उद्योगों को बढ़ावा दिया गया।
निम्नलिखित में से किस घटना ने भारत में ब्रिटिश शासन की नींव हिला दी और ईस्ट इंडिया कंपनी के शासन का अंत कर दिया था?
- समाज में समाजवादी स्वरूप स्थापित करना
- 1857 का विद्रोह
- प्लासी का युद्ध
- बक्सर का युद्ध
Explanation:
- 1857 का विद्रोह – इसने ईस्ट इंडिया कंपनी के शासन का अंत कर दिया।
- ब्रिटिश सरकार ने 1858 का अधिनियम पारित किया – कंपनी का शासन समाप्त, ब्रिटिश ताज ने सीधे शासन शुरू किया।
- विद्रोह ने भारत में ब्रिटिश साम्राज्य की नींव को हिला दिया।
- अतिरिक्त तथ्य:
- प्लासी (1757) – ब्रिटिशों की विजय (बंगाल पर शासन)।
- बक्सर (1764) – ब्रिटिशों की विजय (बंगाल, बिहार, ओडिशा पर नियंत्रण)।
1857 के विद्रोह का तात्कालिक कारण क्या था?
- एनफील्ड राइफल की शुरुआत
- पश्चिमी सभ्यता का प्रसार
- हड़प नीति
- रेलवे और टेलीग्राफ की शुरुआत
Explanation:
- एनफील्ड राइफल की शुरुआत – 1857 के विद्रोह का तात्कालिक कारण था।
- इसके कारतूसों पर गाय और सुअर की चर्बी लगी थी (जिसे सिपाहियों को मुँह से खोलना पड़ता था)।
- इसने हिंदू (गाय) और मुस्लिम (सुअर) दोनों की धार्मिक भावनाओं को आहत किया।
- अन्य विकल्प – दीर्घकालिक कारण थे:
- पश्चिमी सभ्यता, हड़प नीति, रेलवे/टेलीग्राफ → सामाजिक/आर्थिक/राजनीतिक कारण।
1857 के विद्रोह के दौरान जगदीशपुर का राजा कौन था?
- तात्या टोपे
- कुंवर सिंह
- बहादुर शाह जफर
- हुकुम सिंह
Explanation:
- कुंवर सिंह – जगदीशपुर (बिहार) के राजा थे (1857 के विद्रोह में प्रसिद्ध नेता)।
- उन्होंने 80 वर्ष की आयु में अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह का नेतृत्व किया।
- उन्होंने आरा (बिहार) में अंग्रेजों को पराजित किया।
- अतिरिक्त तथ्य:
- उनकी मृत्यु 26 अप्रैल 1858 को (युद्ध में घायल) हो गई।
- उन्हें बिहार का हीरो माना जाता है।
1857 के विद्रोह में हारने के बाद नानासाहब निम्नलिखित में से किस देश में भाग गए थे?
- बर्मा
- चीन
- श्रीलंका
- नेपाल
Explanation:
- नानासाहब (पेशवा बाजीराव द्वितीय के पुत्र) – 1857 के विद्रोह में हारने के बाद नेपाल भाग गए।
- वे कानपुर में विद्रोह के नेता थे।
- नेपाल के राणा शासकों ने उन्हें शरण नहीं दी (अंग्रेजों के दबाव में)।
- उनका बाद में कोई निशान नहीं मिला – वे गायब हो गए।
- अतिरिक्त तथ्य:
- बहादुर शाह जफर – बर्मा (रंगून) निर्वासित।
- रानी लक्ष्मी बाई – ग्वालियर में युद्ध करते हुए वीरगति को प्राप्त हुईं।
भारत के वायसराय के रूप में किसके कार्यकाल के दौरान भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का पहला सत्र आयोजित किया गया था?
- लॉर्ड रिपन
- लॉर्ड डफरिन
- लॉर्ड कर्जन
- लॉर्ड लिटन
Explanation:
- लॉर्ड डफरिन (1884-88) – भारत के वायसराय थे जब 1885 में INC का पहला सत्र (बंबई) आयोजित हुआ था।
- हालाँकि, INC की स्थापना में ए.ओ. ह्यूम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- लॉर्ड डफरिन ने शुरू में INC को मान्यता नहीं दी थी।
- अतिरिक्त तथ्य:
- लॉर्ड रिपन – इल्बर्ट विवाद (1883) और स्थानीय स्वशासन सुधारों के लिए जाने जाते हैं।
- लॉर्ड कर्जन – बंगाल विभाजन (1905) के लिए कुख्यात।
1857 के भारतीय विद्रोह के बाद ब्रिटिश प्रतिक्रिया थी?
- सभी रियासतों को ब्रिटिश शासन के अधीन कर लिया गया
- भारत को तत्काल स्व-शासन प्रदान करना
- भारतीय किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करना
- सेना में समुदाय, जाति, आदिवासी और प्रांतीय निष्ठाओं को बढ़ावा दिया गया
Explanation:
- 1857 के विद्रोह के बाद, ब्रिटिशों ने “फूट डालो और राज करो” नीति अपनाई।
- उन्होंने सेना में जाति, समुदाय, प्रांतीय निष्ठाओं को बढ़ावा दिया ताकि एकता न बने।
- उन्होंने भारतीयों को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा किया।
- अतिरिक्त तथ्य:
- ब्रिटिशों ने रियासतों को संरक्षण देने की नीति अपनाई (विद्रोह के खिलाफ सुरक्षा)।
- सेना में यूरोपीयों की संख्या बढ़ाई गई और भारतीयों को तोपखाने से हटा दिया गया।
निम्नलिखित में से कौन 1857 के विद्रोह के दौरान मेरठ से संबंधित व्यक्तित्वों में से एक था?
- कुंवर सिंह
- नाना साहेब
- कदम सिंह
- मान सिंह
Explanation:
- कदम सिंह – मेरठ (1857) में विद्रोह करने वाले सिपाहियों में से एक थे।
- वे मेरठ छावनी में तैनात थे।
- उन्होंने 10 मई 1857 को विद्रोह में सक्रिय भाग लिया।
- अतिरिक्त तथ्य:
- अन्य मेरठ के व्यक्तित्व – कोटवाल दिन मोहम्मद (बाद में विद्रोहियों को पकड़वाया)।
- कुंवर सिंह, नाना साहेब – अन्य क्षेत्रों के नेता थे।
1857 का विद्रोह प्रतीकात्मक रूप से किस प्रमुख शहर के पतन के साथ समाप्त हुआ?
- दिल्ली
- बॉम्बे
- कलकत्ता
- मद्रास
Explanation:
- दिल्ली का पतन – 21 सितंबर 1857 – 1857 के विद्रोह का प्रतीकात्मक अंत था।
- दिल्ली में बहादुर शाह जफर (मुगल सम्राट) विद्रोह के प्रतीक थे।
- उन्हें पकड़ लिया गया और बर्मा निर्वासित कर दिया गया।
- अतिरिक्त तथ्य:
- हालाँकि, अन्य केंद्रों (झाँसी, लखनऊ) में विद्रोह 1858 तक जारी रहा।
- दिल्ली का पतन ब्रिटिश विजय का प्रतीक बन गया।
महात्मा गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस द्वारा सविनय अवज्ञा आंदोलन किस अवधि में चलाया गया था?
- 1929-33
- 1932-36
- 1925-29
- 1930-34
Explanation:
- सविनय अवज्ञा आंदोलन (Civil Disobedience Movement) – 1930-34 तक चला।
- यह 12 मार्च 1930 को दांडी मार्च (नमक सत्याग्रह) के साथ शुरू हुआ।
- इसे 1931 में (गांधी-इरविन समझौते) के बाद स्थगित किया गया, पर 1932-34 में फिर से शुरू हुआ।
- अतिरिक्त तथ्य:
- यह आंदोलन व्यक्तिगत सत्याग्रह (1940-41) से पहले का था।
- इसके तहत कानून तोड़ना और ब्रिटिश वस्तुओं का बहिष्कार किया गया।
1857 के विद्रोह के दौरान ग्वालियर में ब्रिटिश प्रतिरोध कौन था?
- हेनरी लॉरेंस
- जॉन निकोलसन
- विलियम टेलर
- ह्यू रोज़
Explanation:
- जनरल ह्यू रोज़ – 1857 के विद्रोह के दौरान ग्वालियर में ब्रिटिश सेना के कमांडर थे।
- उन्होंने जून 1858 में ग्वालियर पर कब्जा किया।
- इस युद्ध में रानी लक्ष्मी बाई वीरगति को प्राप्त हुईं।
- अतिरिक्त तथ्य:
- ह्यू रोज़ को “दक्षिण का विजेता” कहा जाता था।
- उन्होंने झाँसी पर भी पुनः कब्जा किया था (मार्च 1858)।
निम्नलिखित में से कौन सा भारत के स्वतंत्रता संग्राम के संबंध में चरमपंथियों का लक्ष्य नहीं था?
- ब्रिटिश के साथ सीधी बातचीत
- भारतीय संस्कृति का प्रचार
- राजनीतिक स्वतंत्रता
- आर्थिक आत्मनिर्भरता
Explanation:
- ब्रिटिश के साथ सीधी बातचीत – चरमपंथियों (उग्रवादियों) का लक्ष्य नहीं था।
- चरमपंथी याचिकाओं और वार्ता के विरोधी थे।
- उनके लक्ष्य: राजनीतिक स्वतंत्रता, आर्थिक आत्मनिर्भरता, भारतीय संस्कृति का प्रचार।
- वे क्रांतिकारी और राष्ट्रवादी तरीकों के पक्षधर थे।
- अतिरिक्त तथ्य:
- नरमपंथी (मध्यमार्गी) – ब्रिटिशों के साथ वार्ता और याचिकाओं के पक्षधर थे।
- चरमपंथियों ने 1907 में नरमपंथियों से अलग होने की कोशिश की।
भारत में औपनिवेशिक सरकार द्वारा अपनाई गई आर्थिक नीतियों का प्राथमिक ध्यान क्या था?
- ब्रिटेन के आर्थिक हितों की सुरक्षा और संवर्धन।
- स्वदेशी उद्यमिता को प्रोत्साहन।
- राष्ट्रीय और प्रति व्यक्ति आय का सटीक अनुमान लगाना।
- कृषि और स्थानीय उद्योगों का विकास।
Explanation:
- ब्रिटेन के आर्थिक हितों की सुरक्षा और संवर्धन – औपनिवेशिक नीतियों का मुख्य उद्देश्य ब्रिटेन को कच्चा माल और भारत को ब्रिटिश वस्तुओं का बाजार बनाना था।
- भारत को कृषि प्रधान रखा गया और उद्योगों को नष्ट किया गया।
- अन्य विकल्प:
- स्वदेशी उद्यमिता – औपनिवेशिक नीतियों ने इसे हतोत्साहित किया।
- राष्ट्रीय आय का अनुमान – सरकार ने कभी ईमानदारी से प्रयास नहीं किया।
निम्नलिखित में से कौन सा सही ढंग से मेल नहीं खाता है? 1857 के विद्रोह के नेता का स्थान I. लखनऊ – बेगम हजरत महल II. झांसी रानी – लक्ष्मी बाई III. ग्वालियर – तात्या टोपे IV. इलाहाबाद – कुंवर सिंह
- II और IV
- III
- केवल IV
- I और II
Explanation:
- केवल IV – कुंवर सिंह इलाहाबाद से नहीं, बल्कि आरा (बिहार) से जुड़े थे।
- I. लखनऊ – बेगम हजरत महल – सही (अवध की शासक)।
- II. झांसी – रानी लक्ष्मी बाई – सही।
- III. ग्वालियर – तात्या टोपे – सही (नाना साहेब का सेनापति)।
- IV. इलाहाबाद – कुंवर सिंह – गलत (कुंवर सिंह का क्षेत्र आरा था)।
- अतिरिक्त तथ्य:
- कुंवर सिंह – बिहार के जगदीशपुर के ज़मींदार, 80 वर्ष की आयु में विद्रोह का नेतृत्व किया।
1857 के विद्रोह की विफलता के कारणों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? I. रियासतों का कोई सक्रिय समर्थन नहीं। II. विद्रोहियों में प्रभावी नेतृत्व की कमी।
- केवल II
- I और II दोनों
- केवल I
- इनमें से कोई नहीं
Explanation:
- I और II दोनों – 1857 के विद्रोह की विफलता के प्रमुख कारण:
- रियासतों का कोई सक्रिय समर्थन नहीं – अधिकांश रियासतें (सिंध, पंजाब, राजपूताना) ब्रिटिशों के साथ रहीं या तटस्थ रहीं।
- प्रभावी नेतृत्व की कमी – विद्रोह का कोई एकीकृत कमांड नहीं था; नेता स्वार्थी और असमन्वित थे।
- अन्य कारण:
- सीमित भौगोलिक प्रसार – यह मुख्यतः उत्तर/मध्य भारत तक सीमित था।
- श्रेष्ठ ब्रिटिश सैन्य तकनीक – अंग्रेजों के पास गोला-बारूद और आधुनिक हथियार थे।
1857 के विद्रोह के दौरान लखनऊ में ब्रिटिश प्रतिरोध निम्नलिखित में से किसने किया था?
- हेनरी लॉरेंस
- विलियम टेलर
- कर्नल ओन्सेल
- जॉन निकोलसन
Explanation:
- हेनरी लॉरेंस – 1857 के विद्रोह के दौरान लखनऊ में ब्रिटिश प्रतिरोध का नेतृत्व किया।
- वह अवध के मुख्य आयुक्त (Chief Commissioner) थे।
- उन्होंने रेसीडेंसी में ब्रिटिश सेनाओं की रक्षा की, पर घायल हो गए और मारे गए।
- अन्य विकल्प:
- जॉन निकोलसन – दिल्ली (निकट) में प्रसिद्ध।
- कर्नल ओन्सेल – कानपुर (प्रतिरोध)।
निम्नलिखित में से कौन सा प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की विफलता के कारणों में से एक नहीं था?
- विद्रोहियों के बीच एकता की कमी
- श्रेष्ठ ब्रिटिश सैन्य प्रौद्योगिकी
- विद्रोह का सीमित भौगोलिक प्रसार
- विदेशी शक्तियों से मजबूत समर्थन
Explanation:
- विदेशी शक्तियों से मजबूत समर्थन – यह विफलता का कारण नहीं था; वास्तव में, विद्रोहियों को कोई विदेशी समर्थन नहीं मिला।
- विफलता के वास्तविक कारण:
- एकता की कमी – हिंदू-मुस्लिम एकता कमजोर थी।
- सीमित प्रसार – केवल उत्तर/मध्य भारत तक सीमित।
- ब्रिटिश सैन्य श्रेष्ठता – आधुनिक हथियार, गोला-बारूद।
- रियासतों का समर्थन – अधिकांश रियासतों ने अंग्रेजों का साथ दिया।
- विफलता के वास्तविक कारण:
निम्नलिखित में से कौन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना में शामिल नहीं था?
- बाल गंगाधर तिलक
- जस्टिस एम.जी. रानाडे
- के.टी. तेलंग
- दादाभाई नौरोजी
Explanation:
- बाल गंगाधर तिलक – 1885 में INC की स्थापना के समय शामिल नहीं थे (वे बाद में 1890 में INC में शामिल हुए)।
- INC की स्थापना (1885) में शामिल थे:
- दादाभाई नौरोजी – ग्रैंड ओल्ड मैन।
- एम.जी. रानाडे – समाज सुधारक।
- के.टी. तेलंग – बॉम्बे के पारसी वकील।
- डब्ल्यू.सी. बनर्जी – प्रथम अध्यक्ष।
- INC की स्थापना (1885) में शामिल थे:
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान चरमपंथी और उदारवादी संघर्ष में किस घटना ने निर्णायक क्षण को चिह्नित किया?
- जलियांवाला बाग हत्याकांड
- चंपारण सत्याग्रह
- सूरत विभाजन
- बंगाल का विभाजन
Explanation:
- सूरत विभाजन (1907) – चरमपंथियों (तिलक) और उदारवादियों (गोखले) के बीच खुला विभाजन।
- यह INC के इतिहास में निर्णायक क्षण था (INC दो फाड़ों में बँट गया)।
- अन्य घटनाएँ:
- जलियांवाला बाग (1919) – जनता का विश्वास बढ़ा।
- चंपारण (1917) – गांधी का पहला सत्याग्रह।
निम्नलिखित में से कौन सा आंदोलन ‘उलगुलान’ या ‘महान हलचल’ आंदोलन के रूप में भी जाना जाता है?
- मुंडा विद्रोह
- कोल विद्रोह
- संथाल विद्रोह
- चुआड़ विद्रोह
Explanation:
- मुंडा विद्रोह (1899-1900) – बिरसा मुंडा के नेतृत्व में – “उलगुलान” (महान हलचल) कहा गया।
- यह एक धार्मिक-राजनीतिक विद्रोह था (ब्रिटिश भूमि बंदोबस्त, साहूकारों, वन ठेकेदारों के विरुद्ध)।
- बिरसा मुंडा को “धरती आबा” (पृथ्वी का पिता) कहा गया।
- अन्य विकल्प:
- संथाल (1855) – सिधु/कान्हू मुर्मू।
- कोल (1831-32) – झारखंड क्षेत्र।
नारायण गुरु, एक समाज सुधारक जिन्होंने निम्न जातियों के भेदभाव के खिलाफ एक विशाल आंदोलन का नेतृत्व किया, किस राज्य से थे?
- पश्चिम बंगाल
- मध्य प्रदेश
- केरल
- आंध्र प्रदेश
Explanation:
- नारायण गुरु (1856-1928) – केरल के महान समाज सुधारक।
- उन्होंने “एक जाति, एक धर्म, एक ईश्वर” का नारा दिया।
- उन्होंने श्री नारायण धर्म परिपालन योगम (SNDP) की स्थापना की।
- वे अछूत समुदायों के मंदिर प्रवेश के लिए कार्य किया।
- प्रसिद्ध कथन: “प्रश्न मत पूछो, नारायण के साथ दावत करो” (कम जातियों को भोजन के लिए आमंत्रित किया)।
ब्रिटिश के खिलाफ खुले तौर पर हथियार उठाने का आह्वान करने वाली ‘कुंदरा घोषणा’ निम्नलिखित में से किस स्वतंत्रता सेनानी से जुड़ी है?
- वेलु थम्पी
- वज़ीर अली खान
- गजपति राजू
- कट्टा बोम्मन नायक्कन
Explanation:
- वेलु थम्पी (दलवा) – कुंदरा घोषणा (कुंडरा प्रख्यापन, 1809) केरल (त्रावणकोर) में ब्रिटिशों के खिलाफ हथियार उठाने का आह्वान।
- वह त्रावणकोर के प्रधान मंत्री थे।
- बाद में उन्हें ब्रिटिशों ने फाँसी दे दी।
- अन्य विकल्प:
- वज़ीर अली खान – अवध (गोरखपुर में विद्रोह)।
- कट्टा बोम्मन – तमिलनाडु (पुली थीवर से संबंधित)।
वोमेश चंद्र बनर्जी ने बंगाल विधान परिषद में कलकत्ता विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व _________ के दौरान किया।
- 1889 – 1890
- 1899 – 1900
- 1886 – 1887
- 1894 – 1895
Explanation:
- 1894-1895 – वोमेश चंद्र बनर्जी (INC के पहले अध्यक्ष) ने इस अवधि में बंगाल विधान परिषद में कलकत्ता विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व किया।
- वह एक प्रसिद्ध बैरिस्टर और राष्ट्रवादी नेता थे।
- अन्य विकल्प: 1894-95 ही ऐतिहासिक रूप से सही अवधि है (प्रलेखित)।
गांधी जी की सत्याग्रह की पद्धति पहले कहाँ विकसित हुई और बाद में भारत में स्वतंत्रता संग्राम उपकरण के रूप में पूरी तरह से विकसित हुई?
- खेड़ा
- दक्षिण अफ्रीका
- चंपारण
- बॉम्बे
Explanation:
- दक्षिण अफ्रीका – गांधी जी ने सत्याग्रह (सत्य+आग्रह) का विचार दक्षिण अफ्रीका (1893-1914) में विकसित किया।
- वहाँ उन्होंने असहयोग और सविनय अवज्ञा को उपकरण के रूप में इस्तेमाल किया।
- भारत में पहला सत्याग्रह – चंपारण (1917), पर पद्धति दक्षिण अफ्रीका से विकसित हुई।
भारत में औपनिवेशिक काल के दौरान, किस समाज सुधारक ने बंगाल में विधवा पुनर्विवाह के लिए और बाल विवाह के खिलाफ काम किया?
- ईश्वर चंद्र विद्यासागर
- स्वामी विवेकानंद
- ज्योतिबा फुले
- सैयद अहमद खान
Explanation:
- ईश्वर चंद्र विद्यासागर (1820-1891) – बंगाल में विधवा पुनर्विवाह (1856 का कानून) और बाल विवाह के खिलाफ प्रमुख समाज सुधारक।
- उन्होंने महिला शिक्षा और बंगाली गद्य को भी बढ़ावा दिया।
- अन्य विकल्प:
- स्वामी विवेकानंद – आध्यात्मिक सुधार।
- ज्योतिबा फुले – महाराष्ट्र (जाति सुधार)।
- सैयद अहमद खान – आधुनिक शिक्षा (अलीगढ़)।
1781 में बनारस क्षेत्र में ब्रिटिश हस्तक्षेप के खिलाफ राजा चैत सिंह के नेतृत्व में कौन सा 18वीं शताब्दी का विद्रोह हुआ था?
- चुआड़ विद्रोह
- कोल विद्रोह
- बनारस विद्रोह
- संथाल विद्रोह
Explanation:
- बनारस विद्रोह (1781) – राजा चैत सिंह (बनारस के ज़मींदार) ने ब्रिटिश हस्तक्षेप (वारेन हेस्टिंग्स) के खिलाफ विद्रोह किया।
- वह बनारस (वाराणसी) के राजा थे।
- ब्रिटिशों ने उन्हें व्यक्तिगत सैन्य देने के लिए दबाव डाला, जिससे विद्रोह हुआ।
- अन्य विकल्प:
- चुआड़ – बंगाल के आदिवासी (1760-1834)।
- संथाल – 1855 (बिहार/बंगाल)।
हैदराबाद के निज़ाम ने किसके अधीन ब्रिटिश सहायक गठबंधन स्वीकार किया?
- सर जॉन शोर
- लॉर्ड हेस्टिंग्स
- लॉर्ड कार्नवालिस
- लॉर्ड वेलेस्ली
Explanation:
- लॉर्ड वेलेस्ली (1798-1805) – सहायक गठबंधन (Subsidiary Alliance) नीति के तहत हैदराबाद के निज़ाम ने यह गठबंधन स्वीकार किया।
- इसके अनुसार, निज़ाम ने ब्रिटिश सेना को वित्तीय सहायता दी और अपनी संप्रभुता का कुछ हिस्सा गँवाया।
- वेलेस्ली की अन्य रियासतें: अवध, मैसूर, मराठा आदि।
हाजी शरियतउल्ला के नेतृत्व में फराइजी आंदोलन, किस क्षेत्र में धार्मिक शुद्धिकरण और अंग्रेजों का विरोध करने पर केंद्रित था?
- पंजाब
- गुजरात
- दिल्ली
- बंगाल
Explanation:
- फराइजी आंदोलन (1818-1860) – हाजी शरियतउल्ला (बंगाल) द्वारा शुरू किया गया।
- यह धार्मिक शुद्धिकरण (इस्लाम के अनुसार फराइज़ (कर्तव्यों) पर जोर) और अंग्रेजों के खिलाफ था।
- बाद में उनके पुत्र मौलाना दादू मिया ने इसका नेतृत्व किया और कर-विरोधी अभियान चलाया।
- यह पूर्वी बंगाल (अब बांग्लादेश) में केंद्रित था।
औपनिवेशिक शासन के दौरान भारत की राष्ट्रीय और प्रति व्यक्ति आय के आकलन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
- औपनिवेशिक सरकार ने भारत की राष्ट्रीय और प्रति व्यक्ति आय का अनुमान लगाने का कभी कोई ईमानदार प्रयास नहीं किया।
- औपनिवेशिक सरकार ने हर साल ईमानदारी से भारत की राष्ट्रीय और प्रति व्यक्ति आय का अनुमान लगाया।
- औपनिवेशिक सरकार ने भारत की प्रति व्यक्ति आय का अनुमान लगाया लेकिन राष्ट्रीय आय को नजरअंदाज कर दिया।
- औपनिवेशिक सरकार ने भारत की राष्ट्रीय आय का अनुमान लगाया लेकिन प्रति व्यक्ति आय को नजरअंदाज कर दिया।
Explanation:
- औपनिवेशिक सरकार ने कभी ईमानदारी से प्रयास नहीं किया – ब्रिटिश सरकार ने भारत की राष्ट्रीय और प्रति व्यक्ति आय का सटीक अनुमान लगाने में रुचि नहीं ली।
- पहला अनुमान दादाभाई नौरोजी (1876) – धन की निकासी (Drain of Wealth) सिद्धांत में दिया गया।
- अन्य अर्थशास्त्रियों (एफ. आर. नॉर्थ, विलियम डिग्बी) ने भी अनुमान लगाए, पर सरकारी प्रयास नहीं थे।
किसे ‘भारत के ग्रैंड ओल्ड मैन’ के रूप में जाना जाता है और भारतीय आर्थिक राष्ट्रवाद को बढ़ावा दिया?
- दादाभाई नौरोजी
- लाला लाजपत राय
- गोपाल कृष्ण गोखले
- सुरेंद्रनाथ बनर्जी
Explanation:
- दादाभाई नौरोजी (1825-1917) – “भारत के ग्रैंड ओल्ड मैन” कहलाए।
- उन्होंने धन की निकासी (Drain Theory) को प्रतिपादित किया।
- वे INC के तीन बार अध्यक्ष (1886, 1893, 1906) रहे।
- वे ब्रिटिश संसद के सदस्य (1892-1895) भी थे – पहले भारतीय सांसद।
बंगाल सती विनियमन निम्नलिखित में से किस वर्ष में अधिनियमित किया गया था?
- 1837
- 1818
- 1829
- 1858
Explanation:
- बंगाल सती विनियमन (1829) – लॉर्ड विलियम बेंटिक (गवर्नर-जनरल) द्वारा सती प्रथा को अवैध घोषित किया गया।
- राजा राममोहन राय ने इसके लिए जोरदार अभियान चलाया था।
- यह भारत में सामाजिक सुधार का एक मील का पत्थर था।
- अन्य वर्ष:
- 1856 – विधवा पुनर्विवाह अधिनियम।
- 1837 – बाल विवाह निरोधक (अपर्याप्त, बाद में 1929 का शारदा अधिनियम)।
भारत में फकीर-संन्यासी विद्रोह के साथ देवी चौधरानी और भवानी पाठक का जुड़ाव निम्नलिखित में से क्या दर्शाता है?
- ये विद्रोह विशुद्ध रूप से धार्मिक प्रकृति के थे।
- इस विद्रोह में सभी धर्मों और लिंगों की भागीदारी थी।
- बंगाल में, केवल आदिवासी समूहों ने इस तरह के प्रतिरोध का नेतृत्व किया।
- आंदोलन में उच्च जाति के अभिजात वर्ग का प्रभुत्व था।
Explanation:
- इस विद्रोह में सभी धर्मों और लिंगों की भागीदारी थी – देवी चौधरानी (उपन्यास) और भवानी पाठक (ऐतिहासिक) ने फकीर-संन्यासी विद्रोह (बंगाल, 1760-1800) में भाग लिया।
- यह विद्रोह मुस्लिम फ़कीरों और हिंदू संन्यासियों का एक साथ संघर्ष था।
- इसमें महिलाएँ भी शामिल थीं (सामाजिक-धार्मिक बंधनों को तोड़ना)।
- अन्य विकल्प:
- धार्मिक – आंशिक रूप से, पर राजनीतिक/आर्थिक भी था।
- उच्च जाति – नहीं, इसमें निम्न वर्गों का प्रभुत्व था।
भारत में राष्ट्रीय शिक्षा और सामाजिक सुधारों को बढ़ावा देने के लिए सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी की स्थापना किसने की?
- एस. एन. बनर्जी
- बाल गंगाधर तिलक
- गोपाल कृष्ण गोखले
- बिपन चंद्र पाल
Explanation:
- गोपाल कृष्ण गोखले (1905) – सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी की स्थापना की (पूना)।
- इसका उद्देश्य शिक्षा, सामाजिक सुधार और राष्ट्रीय सेवा को बढ़ावा देना था।
- गोखले उदारवादी नेता थे और गांधी के राजनीतिक गुरु माने जाते हैं।
भारत में ब्रिटिश शासन के संबंध में उदारवादी कांग्रेस नेताओं का मुख्य विश्वास क्या था?
- हिंसक विद्रोह
- ब्रिटिश समर्थन
- तत्काल स्वतंत्रता
- क्रमिक राजनीतिक स्वतंत्रता
Explanation:
- क्रमिक राजनीतिक स्वतंत्रता – उदारवादी (गोखले, नौरोजी, बनर्जी) ब्रिटिशों से याचिकाएँ और धीरे-धीरे सुधार के माध्यम से स्वशासन चाहते थे।
- वे ब्रिटिश शासन की उदार प्रकृति में विश्वास करते थे।
- अन्य विकल्प:
- तत्काल स्वतंत्रता – चरमपंथियों का विचार।
- हिंसा – क्रांतिकारियों का।
1857 के विद्रोह ने भारतीय समाज में क्या नकारात्मक परिणाम उत्पन्न किए?
- हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच अविश्वास विकसित हुआ।
- भारतीय हस्तशिल्प में गिरावट आई।
- आदिवासी और किसान आंदोलन कमजोर हो गए।
- भारतीय भाषा और संस्कृति में गिरावट आई।
Explanation:
- हिंदू-मुस्लिम अविश्वास – 1857 के विद्रोह का नकारात्मक परिणाम था (ब्रिटिशों की फूट डालो और शासन करो नीति)।
- अन्य विकल्प (हस्तशिल्प, भाषा, संस्कृति) – औपनिवेशिक काल के दौरान हुए, पर 1857 के तुरंत परिणाम नहीं थे।
- विद्रोह के बाद, ब्रिटिशों ने मुसलमानों को अधिक दोषी ठहराया, जिससे सांप्रदायिक विभाजन गहरा हुआ।
निम्नलिखित में से किस भारतीय शहर में प्रार्थना समाज की स्थापना हुई थी, जो सभी जातियों की आध्यात्मिक समानता में विश्वास करता था?
- बॉम्बे
- कानपुर
- मैसूर
- जोधपुर
Explanation:
- प्रार्थना समाज (1867) – बॉम्बे (मुंबई) में स्थापित हुआ।
- यह आत्माराम पांडुरंग और एम.जी. रानाडे द्वारा स्थापित किया गया था।
- यह सभी जातियों की आध्यात्मिक समानता और एकेश्वरवाद में विश्वास करता था।
- यह ब्रह्म समाज के प्रभाव में था, पर बॉम्बे में।
कांग्रेस नेताओं का शुरुआती वर्षों में सीमित स्व-शासन प्राप्त करने का दृष्टिकोण क्या था?
- शांतिपूर्ण याचिकाएं
- हिंसक विरोध
- विदेशी हस्तक्षेप
- क्रांतिकारी युद्ध
Explanation:
- शांतिपूर्ण याचिकाएं (Petitions) – शुरुआती INC नेताओं (उदारवादी) का मुख्य दृष्टिकोण प्रार्थना, याचिका, प्रस्ताव (Prayer-Petition-Protest) के माध्यम से सीमित स्वशासन प्राप्त करना था।
- वे ब्रिटिशों की न्याय-प्रियता में विश्वास करते थे।
- अन्य विकल्प:
- हिंसा – क्रांतिकारियों का मार्ग।
- क्रांतिकारी युद्ध – 1857 की परंपरा।
निम्नलिखित में से किसे वंदेमातरम् षड्यंत्र मामले में अरबिंदो घोष के खिलाफ गवाही देने से इनकार करने पर गिरफ्तार और कैद किया गया था?
- गरिमेला सत्यनारायण
- कन्हैयालाल मानेकलाल मुंशी
- बिपिन चंद्र पाल
- पीर अली खान
Explanation:
- बिपिन चंद्र पाल – वंदेमातरम् षड्यंत्र मामला (1908) में अरबिंदो घोष के खिलाफ गवाही देने से इनकार किया और गिरफ्तार हुए।
- बिपिन पाल लाल-बाल-पाल (तिलक, पाल, लाजपत राय) में से एक थे।
- वे चरमपंथी नेता थे।
देवी आंदोलन भारत के निम्नलिखित में से किस क्षेत्र में हुआ?
- पश्चिमी महाराष्ट्र
- उत्तरी गुजरात
- दक्षिणी गुजरात
- पूर्वी मध्य प्रदेश
Explanation:
- देवी आंदोलन – दक्षिणी गुजरात (1922) में हुआ (सूरत और पास के जिले)।
- यह एक आदिवासी (भील) विद्रोह था।
- इसमें धार्मिक-सामाजिक तत्व (देवी भवानी के नाम पर) शामिल थे।
भारत में 1856 में अधिनियमित कानून का उद्देश्य निम्नलिखित में से क्या था?
- बाल श्रम पर प्रतिबंध
- जाति व्यवस्था का उन्मूलन
- शूद्रों के लिए मंदिर प्रवेश
- विधवा पुनर्विवाह को वैध बनाना
Explanation:
- विधवा पुनर्विवाह अधिनियम (1856) – लॉर्ड डलहौजी के समय पारित किया गया।
- इसे ईश्वर चंद्र विद्यासागर और जॉन डिकिंसन के प्रयासों से लागू किया गया।
- अन्य विकल्प:
- सती – 1829 में प्रतिबंधित।
- बाल विवाह – 1929 (शारदा अधिनियम)।
किसे ‘भारत के ग्रैंड ओल्ड मैन’ कहा जाता था और स्वराज की मांग करने वाले पहले भारतीय कौन थे?
- सुरेंद्रनाथ बनर्जी
- गोपाल कृष्ण गोखले
- बाल गंगाधर तिलक
- दादाभाई नौरोजी
Explanation:
- दादाभाई नौरोजी – “भारत के ग्रैंड ओल्ड मैन” और “स्वराज” (स्वशासन) की मांग करने वाले पहले भारतीय (1906 में INC अध्यक्ष के रूप में)।
- उन्होंने यूनाइटेड किंगडम में भी स्वराज की मांग उठाई।
- गोखले – “भारत का मुखिया” (उदारवादी)।
निम्नलिखित में से कौन सा चरमपंथियों द्वारा वकालत की गई निष्क्रिय प्रतिरोध की रणनीति को सर्वोत्तम रूप से परिभाषित करता है?
- बहिष्कार, स्वदेशी और शासकों के साथ असहयोग।
- ब्रिटिश अधिकारियों की हत्या।
- विदेशों में भारतीय युवाओं का सैन्य प्रशिक्षण।
- औपनिवेशिक ताकतों के साथ सशस्त्र टकराव।
Explanation:
- बहिष्कार, स्वदेशी, असहयोग – चरमपंथियों (तिलक, अरबिंदो, पाल) की निष्क्रिय प्रतिरोध (Passive Resistance) रणनीति।
- इसमें ब्रिटिश वस्तुओं का बहिष्कार, स्वदेशी (भारतीय वस्तुओं का उपयोग), और असहयोग शामिल था।
- अन्य विकल्प – हिंसक (क्रांतिकारी) या सशस्त्र (1857) मार्ग।
1929 में बटुकेश्वर दत्त के साथ किस क्रांतिकारी ने केंद्रीय विधानसभा में बम फेंके?
- भगत सिंह
- चंद्रशेखर आज़ाद
- अशफाकुल्ला खान
- राजगुरु
Explanation:
- भगत सिंह – 8 अप्रैल 1929 को बटुकेश्वर दत्त के साथ केंद्रीय विधानसभा (दिल्ली) में बम फेंके।
- उन्होंने सशस्त्र विद्रोह की चेतावनी के रूप में बम फेंका, हत्या का इरादा नहीं था।
- उन्होंने “इंकलाब जिंदाबाद” का नारा दिया।
- बाद में उन्हें लाहौर षड्यंत्र मामले में फाँसी दी गई।
इनमें से कौन सा 1857 से पहले ब्रिटिश शासन के खिलाफ लोकप्रिय आक्रोश का कारण नहीं था?
- कम वेतन
- उच्च कर
- धार्मिक सहिष्णुता
- जातीय भेदभाव
Explanation:
- धार्मिक सहिष्णुता – यह आक्रोश का कारण नहीं था; वास्तव में, ब्रिटिशों की धार्मिक अहस्तक्षेप नीति थी, पर आक्रोश के कारण थे:
- कम वेतन (सिपाहियों को कम वेतन, अन्य कर्मचारी)।
- उच्च कर (भूमि राजस्व बस्तियाँ – स्थायी बंदोबस्त, रैयतवाड़ी, महालवारी)।
- जातीय भेदभाव (ब्रिटिश अधिकारियों का दंभ, भारतीयों के साथ हीनता का व्यवहार)।
वहाबी आंदोलन सैयद अहमद द्वारा शुरू किया गया था, जो _____ के थे।
- हैदराबाद
- अमृतसर
- झाँसी
- रायबरेली
Explanation:
- रायबरेली (अवध, उत्तर प्रदेश) – सैयद अहमद बरेलवी (1786-1831) का जन्म स्थान।
- उन्होंने वहाबी आंदोलन (1820-1870) शुरू किया, जो इस्लामी शुद्धिकरण और ब्रिटिशों के खिलाफ था।
- यह आंदोलन उत्तर-पश्चिमी सीमांत (अब पाकिस्तान) में भी सक्रिय था।
किस ब्रिटिश प्रधान मंत्री ने आधिकारिक तौर पर भारत को स्वतंत्रता देने और उपमहाद्वीप से ब्रिटिश सेनाओं को वापस लेने के निर्णय की घोषणा की?
- स्टैफोर्ड क्रिप्स
- पेथिक लॉरेंस
- क्लेमेंट एटली
- विंस्टन चर्चिल
Explanation:
- क्लेमेंट एटली (ब्रिटिश प्रधानमंत्री, 1945-1951) – फरवरी 1947 में भारत को 20 जून 1948 तक (बाद में अगस्त 1947) स्वतंत्रता देने की घोषणा की।
- उन्होंने लॉर्ड माउंटबेटन को अंतिम वायसराय नियुक्त किया।
- अन्य विकल्प:
- चर्चिल – युद्धकालीन PM (विभाजन के खिलाफ थे)।
- क्रिप्स – 1942 मिशन भेजा (अस्थायी सरकार का प्रस्ताव)।
निम्नलिखित में से किस ब्रिटिश अधिकारी ने भारत को एक असभ्य देश पाया और उसे सभ्य बनाना पड़ा, जिसके बाद 1835 का अंग्रेजी शिक्षा अधिनियम पेश किया गया?
- हेनरी थॉमस कोलब्रुक
- विलियम जोन्स
- थॉमस मैकाले
- नथानिएल हैलहेड
Explanation:
- थॉमस मैकाले – 1835 का अंग्रेजी शिक्षा अधिनियम (Macaulay’s Minute on Education) के जनक।
- उन्होंने “भारत को सभ्य बनाने” के लिए अंग्रेजी शिक्षा को बढ़ावा दिया।
- उनका प्रसिद्ध कथन: “अरबी/संस्कृत की एक किताब का एक ढेर अंग्रेजी की एक किताब के बराबर नहीं”।
- इसने आधुनिक भारत में अंग्रेजी और पश्चिमी शिक्षा की नींव रखी।
निम्नलिखित में से किसने रॉलेट बिलों के खिलाफ विरोध करने के लिए 24 फरवरी 1919 को बॉम्बे में एक सत्याग्रह सभा का गठन किया?
- मोतीलाल नेहरू
- मौलाना अबुल कलाम आज़ाद
- सरदार वल्लभभाई पटेल
- महात्मा गांधी
Explanation:
- महात्मा गांधी – 24 फरवरी 1919 को बॉम्बे में सत्याग्रह सभा का गठन किया (रॉलेट एक्ट के विरोध में)।
- रॉलेट एक्ट (1919) – बिना मुकदमा गिरफ्तारी की अनुमति देता था।
- गांधी ने रोलेट सत्याग्रह (6 अप्रैल 1919) का आह्वान किया – उनका पहला अखिल भारतीय आंदोलन।
निम्नलिखित में से किसने सभी प्रमुख भारतीय राजनीतिक नेताओं को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस नामक एक साझा मंच के तहत संगठित करने का विचार दिया था?
- ए.ओ. ह्यूम
- सुरेन्द्रनाथ बनर्जी
- डब्ल्यू.सी. बनर्जी
- आनंद मोहन बोस
Explanation:
- ए.ओ. ह्यूम (Allan Octavian Hume) – सेवानिवृत्त ब्रिटिश सिविल सेवक, ने 1885 में INC की स्थापना का विचार दिया।
- उन्होंने सुरक्षा वाल्व सिद्धांत (विद्रोह को रोकने के लिए) के रूप में INC की कल्पना की।
- पहला सत्र (1885, बॉम्बे) – डब्ल्यू.सी. बनर्जी अध्यक्ष।
निम्नलिखित में से कौन भारत में पहले राजनीतिक नेता थे जिन्होंने खुले तौर पर अपने समाचार पत्र वंदेमातरम् में देश के लिए पूर्ण स्वतंत्रता का विचार रखा था?
- स्वामी विवेकानंद
- श्री अरबिंदो
- रवींद्रनाथ टैगोर
- महात्मा गांधी
Explanation:
- श्री अरबिंदो (अरबिंदो घोष) – 1905-1908 में वंदेमातरम् समाचार पत्र में पूर्ण स्वतंत्रता (Swaraj) का विचार सबसे पहले रखा।
- बाद में यह विचार लाल-बाल-पाल और INC ने अपनाया।
- उन्होंने अलीपुर बम मामले (1908) में मुकदमा झेला और बाद में पांडिचेरी (फ्रांस) चले गए।
डच ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत में अपना पहला कारखाना _________ में स्थापित किया।
- कालीकट
- गोवा
- पेटापुली
- पांडिचेरी
Explanation:
- पेटापुली (आंध्र प्रदेश) – डच ईस्ट इंडिया कंपनी (VOC) का पहला कारखाना (1606) भारत में।
- डचों ने बाद में कोचीन, नागपट्टिनम, मछलीपट्टनम में भी कारखाने स्थापित किए।
- अन्य विकल्प:
- कालीकट – पुर्तगाली/अंग्रेज (वास्को डी गामा 1498, अंग्रेज 1615)।
- पांडिचेरी – फ्रेंच (1673)।
जोसेफ फ्रेंकोइस डुप्लेक्स वह गवर्नर था जिसने निम्नलिखित में से किस यूरोपीय शक्ति की सेनाओं का नेतृत्व किया था?
- ब्रीटैन का
- पुर्तगाली
- डच
- फ्रेंच
Explanation:
- जोसेफ फ्रेंकोइस डुप्लेक्स (1697-1763) – फ्रेंच ईस्ट इंडिया कंपनी के गवर्नर।
- उन्होंने भारत में फ्रेंच साम्राज्य का विस्तार किया (पांडिचेरी, कराईकल) और कर्नाटक युद्धों (1746-1763) में अंग्रेजों से लड़ाई की।
- अंततः ब्रिटिशों ने उन्हें हरा दिया।
निम्नलिखित में से कौन सा 1857 से पहले जन विद्रोह का प्रमुख कारण नहीं है?
- भ्रष्ट अधिकारियों द्वारा ग्रामीण समाज का शोषण।
- स्वदेशी उद्योगों का विनाश।
- लोगों का ईसाई धर्म में धर्मांतरण।
- औपनिवेशिक भूमि राजस्व बस्तियाँ।
Explanation:
- लोगों का ईसाई धर्म में धर्मांतरण – यह प्रमुख कारण नहीं था (हालाँकि मिशनरियों की गतिविधियाँ थीं, पर 1857 के विद्रोह के मुख्य कारणों में शामिल नहीं)।
- मुख्य कारण थे:
- भूमि राजस्व (स्थायी बंदोबस्त, रैयतवाड़ी, महालवारी) – किसानों का शोषण।
- स्वदेशी उद्योग का विनाश (हस्तशिल्प, कपड़ा)।
- भ्रष्ट अधिकारी और जातीय भेदभाव।
- मुख्य कारण थे:
निम्नलिखित में से किस क्षेत्र में रामगढ़ की रानी अवंतीबाई लोधी ने अंग्रेजों के खिलाफ चार हजार की सेना खड़ी की और उसका नेतृत्व किया, जिन्होंने उनके राज्य का प्रशासन अपने हाथ में ले लिया था?
- राजस्थान के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र
- लखनऊ और कानपुर
- अवध का क्षेत्र
- मध्य प्रदेश का मंडला क्षेत्र
Explanation:
- रानी अवंतीबाई लोधी – रामगढ़ (मंडला, मध्य प्रदेश) की रानी ने 1857 के विद्रोह में अंग्रेजों के खिलाफ चार हजार की सेना खड़ी की।
- ब्रिटिशों ने डॉक्ट्रीन ऑफ लैप्स के तहत उनके राज्य को हड़प लिया था।
- उन्होंने अंग्रेजों से युद्ध किया पर हार गईं और आत्महत्या कर ली (1864)।
निम्नलिखित में से कौन सी यूरोपीय शक्ति समुद्री मार्ग से भारत आने वाली पहली शक्ति थी?
- फ्रांसीसी
- पुर्तगाली
- डच
- अंग्रेज
Explanation:
- पुर्तगाली – वास्को डी गामा (1498) कालीकट पहुंचे, जो समुद्री मार्ग से भारत आने वाले पहले यूरोपीय थे।
- बाद में अल्बुकर्क (1510) ने गोवा पर कब्जा किया।
- अन्य शक्तियाँ:
- डच – 1602 (पेटापुली)।
- अंग्रेज – 1600 (ईस्ट इंडिया कंपनी)।
- फ्रेंच – 1664 (पांडिचेरी)।
भारत के अंतिम वायसराय कौन थे जिन्होंने भारत छोड़ने से पहले भारत के विभाजन की देखरेख की?
- पैथिक लॉरेंस
- लॉर्ड क्रिप्स
- लॉर्ड माउंटबेटन
- लॉर्ड वेवेल
Explanation:
- लॉर्ड माउंटबेटन (1947) – अंतिम वायसराय (फरवरी-अगस्त 1947)।
- उन्होंने भारत के विभाजन (15 अगस्त 1947) की देखरेख की और भारत के प्रथम गवर्नर-जनरल (1947-1948) बने।
- उन्होंने “माउंटबेटन योजना” (3 जून 1947) का प्रस्ताव रखा।
फराइजी आंदोलन का कर-विरोधी अभियान मुख्य रूप से ________ को लक्षित था।
- नील उत्पादक और जमींदार
- ब्रिटिश सेना
- मुगल अधिकारी
- स्थानीय आदिवासी शासक
Explanation:
- नील उत्पादक और जमींदार – फराइजी आंदोलन (बंगाल) का कर-विरोधी अभियान ज़मींदारों और नील उत्पादकों (ब्रिटिश संरक्षण में) के खिलाफ था, जो किसानों का शोषण करते थे।
- मौलाना दादू मिया (हाजी शरियतउल्ला के पुत्र) ने 1850-1860 में इस अभियान का नेतृत्व किया।
मुंडा विद्रोह का नेतृत्व करने वाले महान व्यक्ति का नाम क्या था?
- निर्मल मुंडा
- प्रकाश मुंडा
- कारिया मुंडा
- बिरसा मुंडा
Explanation:
- बिरसा मुंडा (1875-1900) – मुंडा विद्रोह (1899-1900) का नेतृत्व किया।
- उन्हें “धरती आबा” (Earth Father) कहा जाता है।
- वे एक धार्मिक-राजनीतिक नेता थे, जिन्होंने आदिवासियों को एकजुट किया।
- वे 1900 में अंग्रेजों से युद्ध करते हुए मारे गए।
इंडियन सिविल सर्विस (ICS) और इंडियन पुलिस (IP) को किस वर्ष में इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (IAS) और इंडियन पुलिस सर्विस (IPS) द्वारा प्रतिस्थापित किया गया था, जिसे बाद में अखिल भारतीय सेवाओं के रूप में मान्यता दी गई?
- 1947
- 1945
- 1946
- 1950
Explanation:
- 1947 – भारत की स्वतंत्रता के साथ, ICS और IP को IAS और IPS (अखिल भारतीय सेवाएँ) द्वारा प्रतिस्थापित किया गया।
- संविधान (1950) ने अखिल भारतीय सेवाओं (IAS, IPS) को मान्यता दी (अनुच्छेद 312)।
भारतीय विश्वविद्यालयों पर कड़ी नियंत्रण लगाने के लिए भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम निम्नलिखित में से किस वर्ष में अधिनियमित किया गया था?
- 1886
- 1904
- 1893
- 1900
Explanation:
- भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम (1904) – लॉर्ड कर्जन द्वारा पारित किया गया।
- इसने विश्वविद्यालयों पर सरकारी नियंत्रण को कड़ा किया और पाठ्यक्रम, शिक्षक, प्रवेश पर हस्तक्षेप किया।
- राष्ट्रवादियों ने इसका विरोध किया (शिक्षा में ब्रिटिश नियंत्रण)।
1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौरान ब्रिटिश अत्याचार के विरुद्ध विद्रोहियों द्वारा निम्नलिखित में से किसे विद्रोह का नेता घोषित किया गया था?
- शाह आलम द्वितीय (Shah Alam II)
- रानी लक्ष्मी बाई (Rani Laxmibai)
- बहादुर शाह ज़फ़र (Bahadur Shah Zafar)
- नाना साहेब (Nana Saheb)
Explanation:
- बहादुर शाह ज़फ़र (मुगल सम्राट) – 1857 में विद्रोहियों ने उन्हें भारत का सम्राट घोषित किया।
- उन्हें दिल्ली में गद्दी पर बिठाया गया।
- विद्रोह असफल होने पर उन्हें गिरफ्तार कर रंगून निर्वासित कर दिया गया (1862 में मृत्यु)।
श्री अरबिंदो निम्नलिखित में से किस वर्ष बड़ौदा में अपने पद से इस्तीफा देकर कलकत्ता चले गए और वहां शीघ्र ही वे राष्ट्रवादी आंदोलन के एक प्रमुख नेता बन गए?
- 1906
- 1916
- 1914
- 1910
Explanation:
- 1906 – अरबिंदो घोष ने बड़ौदा राज्य में अपने पद (शिक्षक) से इस्तीफा देकर कलकत्ता चले गए।
- यह बंगाल विभाजन (1905) के बाद के विरोध आंदोलन में शामिल होने के लिए था।
- वह जल्द ही चरमपंथियों के नेता बन गए और वंदेमातरम् अखबार चलाया।
रोलेट सत्याग्रह के दौरान किस क्षेत्र में सबसे प्रबल हिंसा और मार्शल लॉ लागू किया गया था?
- बिहार
- बंगाल
- पंजाब
- गुजरात
Explanation:
- पंजाब – रोलेट सत्याग्रह (1919) के दौरान सबसे प्रबल हिंसा और मार्शल लॉ लागू किया गया (अमृतसर में)।
- जलियांवाला बाग हत्याकांड (13 अप्रैल 1919) – जनरल डायर ने निहत्थे भीड़ पर गोलियाँ चलाईं।
- इसने गांधी को रोलेट सत्याग्रह वापस लेने के लिए मजबूर किया।
भारत में ब्रिटिश शासन के दौरान लॉर्ड बेंटिक ने 1829 में किस हानिकारक सामाजिक प्रथा पर प्रतिबंध लगाया था?
- बाल विवाह
- बहुविवाह
- दहेज
- सती
Explanation:
- सती – लॉर्ड विलियम बेंटिक (गवर्नर-जनरल, 1828-1835) ने 1829 में सती प्रथा पर प्रतिबंध लगाया।
- राजा राममोहन राय ने इसके लिए जोरदार अभियान चलाया।
- यह भारत में पहला प्रमुख सामाजिक सुधार कानून था।
गांधी जी के राजनीतिक जीवन में किस घटना को निर्णायक मोड़ माना जाता है, जिसने उन्हें एक उदारवादी से जन नेता में बदल दिया?
- जलियांवाला बाग हत्याकांड
- नमक सत्याग्रह
- रोलेट एक्ट विरोध
- चंपारण सत्याग्रह
Explanation:
- चंपारण सत्याग्रह (1917) – गांधी का भारत में पहला सत्याग्रह (बिहार में नील किसानों के लिए)।
- इसने उन्हें एक उदारवादी (दक्षिण अफ्रीका से लौटने पर) से जन नेता में बदल दिया।
- उन्होंने अहिंसा और सत्याग्रह को जन आंदोलन का उपकरण बनाया।
- अन्य घटनाएँ (नमक, रोलेट, जलियांवाला) बाद में हुईं।
गांधी जी ने 24 फरवरी 1919 को रॉलेट एक्ट का विरोध करने के लिए किस निकाय का गठन किया था?
- कांग्रेस कमेटी
- स्वराज सभा
- खिलाफत कमेटी
- सत्याग्रह सभा
Explanation:
- सत्याग्रह सभा – 24 फरवरी 1919 को बॉम्बे में गठित (रोलेट एक्ट के विरोध में)।
- इसके माध्यम से गांधी ने सत्याग्रह (अहिंसक प्रतिरोध) का आह्वान किया।
- यह अखिल भारतीय स्तर पर पहला आंदोलन था।
निम्नलिखित में से किस वर्ष में भारत में पहली ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना हुई थी?
- 1620
- 1600
- 1605
- 1588
Explanation:
- 1600 – ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना 31 दिसंबर 1600 को रानी एलिजाबेथ I के चार्टर द्वारा हुई।
- उन्होंने सूरत (गुजरात) में पहला कारखाना (1615) स्थापित किया।
- अन्य कंपनियाँ:
- डच – 1602
- फ्रेंच – 1664
रोलेट सत्याग्रह के आयोजन में, महात्मा गांधी को _________ स्थित फिरंगी उलेमा समूह के अब्दुल बारी द्वारा सहायता प्रदान की गई थी।
- कानपुर
- पटना
- अलीगढ़
- लखनऊ
Explanation:
- लखनऊ – अब्दुल बारी (फिरंगी उलेमा समूह) ने गांधी को रोलेट सत्याग्रह (1919) के आयोजन में सहायता की।
- उन्होंने उलेमाओं के बीच गांधी का समर्थन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे हिंदू-मुस्लिम एकता बढ़ी।
1639-1640 ईस्वी सन् के दौरान निर्मित, भारत के चेन्नई में स्थित कौन सी संरचना ऐतिहासिक रूप से प्राथमिक अंग्रेजी रक्षा चौकी के रूप में जानी जाती है?
- सद्रस डच किला
- फोर्ट सेंट जॉर्ज
- फोर्ट सेंट डेविड
- जिंजी किला
Explanation:
- फोर्ट सेंट जॉर्ज – 1639-1640 में चेन्नई में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की प्राथमिक रक्षा चौकी।
- यह ब्रिटिश शक्ति का पहला गढ़ था (बाद में मद्रास प्रेसीडेंसी)।
- अन्य किले:
- फोर्ट सेंट डेविड – कुड्डालोर (तमिलनाडु)।
निम्नलिखित में से किस स्वतंत्रता सेनानी ने वन कानूनों के खिलाफ 1922 के रम्पा विद्रोह का नेतृत्व किया?
- अशफाकुल्ला खान
- अल्लूरी सीताराम राजू
- जतींद्रनाथ दास
- सूर्य सेन
Explanation:
- अल्लूरी सीताराम राजू – रम्पा विद्रोह (1922) आंध्र प्रदेश में ब्रिटिश वन कानूनों के खिलाफ।
- उन्होंने आदिवासियों (कोया, कोंडा रेड्डी) को संगठित किया।
- 1924 में अंग्रेजों ने उन्हें गिरफ्तार कर फाँसी दी।
- उन्हें “मन्यम वीरुडु” (जंगल का नायक) कहा जाता है।
भारत में अंग्रेजों के खिलाफ तामाड़ आदिवासी विद्रोह का नेतृत्व किसने किया?
- तिलका मांझी
- सिधु मुर्मू
- गंगा नारायण सिंह
- भोलानाथ सहाय
Explanation:
- भोलानाथ सहाय – तामाड़ आदिवासी विद्रोह (झारखंड, 1842-1844) का नेतृत्व किया।
- यह विद्रोह ब्रिटिश भूमि नीतियों और साहूकारों के शोषण के खिलाफ था।
- अन्य विकल्प:
- तिलका मांझी – संथाल विद्रोह (1789-1832)।
- सिधु मुर्मू – 1855 संथाल विद्रोह।
1498 में भारत पहुंचने वाला पहला पुर्तगाली खोजकर्ता कौन था, जो मालाबार तट पर कालीकट पहुंचा?
- कोलंबस
- वास्को डी गामा
- निनो-दा-कुन्हा
- अल्बुकर्क
Explanation:
- वास्को डी गामा – 1498 में कालीकट (केरल) पहुँचे, जो समुद्री मार्ग से भारत आने वाले पहले यूरोपीय थे।
- उनका आगमन पुर्तगाली व्यापार और उपनिवेशवाद की शुरुआत था।
- बाद में अल्बुकर्क (1510) ने गोवा पर कब्जा किया।
भारतीय राष्ट्रवाद पर अंग्रेजी शिक्षा और पश्चिमी विचारों का क्या प्रभाव पड़ा?
- जातिवाद का समर्थन किया।
- विभाजन को प्रोत्साहित किया।
- राष्ट्रीय जागृति को प्रज्वलित किया।
- राष्ट्रवाद को दबा दिया।
Explanation:
- राष्ट्रीय जागृति – अंग्रेजी शिक्षा और पश्चिमी विचारों (लोकतंत्र, राष्ट्रवाद, स्वतंत्रता) ने भारतीयों में राष्ट्रीय चेतना को जागृत किया।
- इसने उदारवादी और राष्ट्रवादी विचारधारा को जन्म दिया।
- अन्य विकल्प:
- जातिवाद – कम हुआ (पश्चिमी शिक्षा ने सुधारवादी आंदोलनों को प्रेरित किया)।
- राष्ट्रवाद को दबाना – इसके विपरीत, राष्ट्रवाद को बढ़ावा मिला।
मुंबई में हुए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पहले सत्र की अध्यक्षता किसने की थी?
- दादाभाई नौरोजी
- सुरेंद्रनाथ बनर्जी
- डब्ल्यू.सी. बनर्जी
- आनंद मोहन बोस
Explanation:
- डब्ल्यू.सी. बनर्जी (वोमेश चंद्र बनर्जी) – पहला INC सत्र (1885, बॉम्बे) के अध्यक्ष।
- यह सत्र 28-31 दिसंबर 1885 को गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में आयोजित हुआ।
- इसमें 72 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
1947 में भारत के विभाजन का मुख्य कारण ___ था।
- सांप्रदायिक तनाव और राजनीतिक असहमति
- भाषा विवाद
- ब्रिटिश प्रशासनिक विफलता
- समुदाय में सामाजिक और आर्थिक अंतर
Explanation:
- सांप्रदायिक तनाव और राजनीतिक असहमति – भारत के विभाजन (1947) का मुख्य कारण हिंदू-मुस्लिम विभाजन (मुस्लिम लीग की पाकिस्तान की मांग)।
- अन्य कारक:
- द्विराष्ट्र सिद्धांत – जिन्ना का तर्क कि हिंदू और मुस्लिम अलग-अलग राष्ट्र हैं।
- ब्रिटिशों ने जून 1947 में भारत छोड़ने की घोषणा की।
- अन्य कारक:
निम्नलिखित में से किस वर्ष में लॉर्ड कर्जन ने भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम पारित किया, जिसमें भारतीय विश्वविद्यालयों पर सख्त नियंत्रण लगाया गया?
- 1886
- 1897
- 1904
- 1889
Explanation:
- 1904 – लॉर्ड कर्जन ने यह अधिनियम पारित किया (जैसा कि पहले बताया गया)।
- इसे राष्ट्रवादियों (गोखले, तिलक) ने शिक्षा को दबाने की कोशिश के रूप में विरोध किया।
डोरा बिसोई और चक्र बिसोई के नाम राजनीतिक अशांति, ब्रिटिश कानूनों और विनियमों की अनुपयुक्तता और ______ में खोंडों के आर्थिक कष्ट के खिलाफ विद्रोह से जुड़े हैं।
- एलुरु, आंध्र प्रदेश
- मंडावा, राजस्थान
- घुमुसर, ओडिशा
- जंडियाला, पंजाब
Explanation:
- घुमुसर (ओडिशा) – डोरा बिसोई और चक्र बिसोई (खोंड जनजाति के नेता) ने 1835-1856 में घुमुसर विद्रोह का नेतृत्व किया (ब्रिटिश कानूनों, भू-राजस्व, आर्थिक कष्ट के खिलाफ)।
- यह ओडिशा के गंजम जिले (अब आंध्र प्रदेश के साथ) में हुआ।
- चक्र बिसोई को 1836 में गिरफ्तार किया गया (बाद में रिहा)।
बाल गंगाधर तिलक ने भारतीयों में राष्ट्रवादी भावनाओं को जगाने के लिए कौन सा लोकप्रिय नारा दिया?
- इंकलाब जिंदाबाद
- वंदे मातरम्
- भारत छोड़ो
- स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है
Explanation:
- “स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है” (Swaraj is my birthright) – बाल गंगाधर तिलक (1905-1908) का प्रसिद्ध नारा।
- इसने चरमपंथियों के स्वशासन की मांग को व्यक्त किया।
- अन्य नारे:
- वंदे मातरम् – बंकिम चंद्र (INC का राष्ट्रीय गीत)।
- इंकलाब जिंदाबाद – भगत सिंह/क्रांतिकारी।
राममोहन राय ने 1803 में किस दार्शनिक कृति में तर्क और सामाजिक प्रासंगिकता के माध्यम से विश्व धर्मों का विश्लेषण किया?
- हिंद स्वराज
- सत्यार्थ प्रकाश
- तुहफ़ात-उल मुवाहिदीन
- जीसस के उपदेश
Explanation:
- तुहफ़ात-उल मुवाहिदीन (1803) – राजा राममोहन राय की फ़ारसी कृति, जिसमें उन्होंने तर्क और सामाजिक प्रासंगिकता के आधार पर विश्व धर्मों (इस्लाम, हिंदू धर्म, ईसाई) का विश्लेषण किया।
- उन्होंने एकेश्वरवाद और मूर्तिपूजा के विरोध पर जोर दिया।
- अन्य विकल्प:
- सत्यार्थ प्रकाश – स्वामी दयानंद सरस्वती (आर्य समाज)।
- हिंद स्वराज – गांधी (1909)।
निम्नलिखित में से कौन-सा विद्रोह, ओडिशा में पारंपरिक भू-सैनिकों (पैदल सैनिकों) के नेतृत्व में हुआ था?
- अहोम विद्रोह (Ahom revolt)
- वहाबी आंदोलन (Wahabi movement)
- पाइका विद्रोह (Paika rebellion)
- फ़राज़ी विद्रोह (Faraizi revolt)
Explanation:
- पाइका विद्रोह (1817-18) – ओडिशा में पाइका (पारंपरिक भू-सैनिकों/पैदल सैनिकों) के नेतृत्व में ब्रिटिशों के खिलाफ विद्रोह।
- इसका नेतृत्व बक्सी जगबंधु ने किया।
- यह 1857 से पहले का महत्वपूर्ण विद्रोह था (भारत का पहला स्वतंत्रता संग्राम, जैसा कि कुछ इतिहासकारों का मानना है)।
- अन्य विकल्प:
- अहोम – असम (ब्रिटिशों के खिलाफ 1828)।
निम्नलिखित में से कौन-सा, रांची के नेता बिरसा के नेतृत्व में एक आदिवासी विद्रोह था, जो एक धार्मिक आंदोलन के रूप में प्रारंभ हुआ तथा बाद में औपनिवेशिक भूमि बंदोबस्त, साहूकारों एवं वन ठेकेदारों के विरुद्ध लड़ाई में बदल गया?
- कूका विद्रोह
- मुंडा विद्रोह
- संन्यासी विद्रोह
- वहाबी आंदोलन
Explanation:
- मुंडा विद्रोह (1899-1900) – बिरसा मुंडा (रांची/झारखंड) के नेतृत्व में – धार्मिक आंदोलन से शुरू होकर ब्रिटिश भूमि बंदोबस्त, साहूकारों और वन ठेकेदारों के खिलाफ संघर्ष में बदल गया।
- बिरसा ने अपने अनुयायियों को “बिरसाइत” कहा।
- अन्य विकल्प:
- कूका – पंजाब (सिख संप्रदाय, 1872)।
बंगाल विभाजन (1905) को अंग्रेजों ने __________ के आधार पर उचित ठहराया था।
- आर्थिक समृद्धि
- धार्मिक सद्भाव
- प्रशासनिक सुविधा
- शिक्षा के प्रसार
Explanation:
- प्रशासनिक सुविधा – ब्रिटिशों (लॉर्ड कर्जन, 1905) ने बंगाल के विभाजन को प्रशासनिक सुविधा (बंगाल बहुत बड़ा था – 1905 में 90 मिलियन जनसंख्या) के आधार पर उचित ठहराया।
- वास्तविक कारण: बंगाल में राष्ट्रवादी आंदोलन को कमजोर करना और हिंदू-मुस्लिम विभाजन को प्रोत्साहित करना।
- इसके परिणामस्वरूप स्वदेशी आंदोलन (1905-1908) हुआ।
महादेव गोविंद रानाडे ने अपना पूरा जीवन _________ को समर्पित कर दिया।
- प्रार्थना समाज
- देव समाज
- सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी
- थियोसोफिकल सोसाइटी
Explanation:
- महादेव गोविंद रानाडे (1842-1901) – एक प्रमुख समाज सुधारक और प्रार्थना समाज (Prarthana Samaj) के सदस्य थे, और उन्होंने अपना पूरा जीवन इसी को समर्पित किया।
- प्रार्थना समाज (1867, बॉम्बे) – एकेश्वरवाद, जाति-विरोध और सामाजिक सुधार (विधवा पुनर्विवाह, महिला शिक्षा) पर केंद्रित था।
- रानाडे INC के संस्थापक सदस्यों में से एक थे और “महाराष्ट्र के मसीहा” कहलाते थे।
- अतिरिक्त तथ्य:
- सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी – गोखले द्वारा स्थापित (1905)।
- थियोसोफिकल सोसाइटी – एनी बेसेंट (1875, न्यूयॉर्क, बाद में अड्यार, चेन्नई)।
भारतीय राष्ट्रवाद में चरमपंथी विचारधारा के उदय के साथ कौन सी तिकड़ी प्रसिद्ध रूप से जुड़ी है?
- लाल-बाल-पाल
- गोखले-तिलक-गांधी
- नेहरू-गांधी-पटेल
- अरविंदो-लाजपत राय-गोखले
Explanation:
- लाल-बाल-पाल – लाला लाजपत राय (लाल), बाल गंगाधर तिलक (बाल), बिपिन चंद्र पाल (पाल) – ये तीनों चरमपंथी (गरम दल) नेता थे।
- इन्होंने स्वदेशी, बहिष्कार, राष्ट्रीय शिक्षा और स्वराज की मांग को जोरदार तरीके से उठाया।
- अन्य विकल्प:
- गोखले-तिलक-गांधी – विभिन्न विचारधाराओं के (उदारवादी, चरमपंथी, महात्मा)।
कलकत्ता के हिंदू कॉलेज में शिक्षक हेनरी विवियन डेरोजियो ने कट्टरपंथी विचारों को बढ़ावा दिया और अपने छात्रों को सभी अधिकार पर सवाल उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। इस आंदोलन को किस नाम से जाना गया:
- सोशल सर्विस लीग
- जस्टिस मूवमेंट
- यंग बंगाल मूवमेंट
- सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी
Explanation:
- यंग बंगाल मूवमेंट (1826-1831) – हेनरी विवियन डेरोजियो (1809-1831) द्वारा कलकत्ता के हिंदू कॉलेज में शुरू किया गया।
- डेरोजियो ने अपने छात्रों को तर्क, स्वतंत्र विचार, बुद्धिवाद और सामाजिक रूढ़ियों (जाति, मूर्तिपूजा, सती) पर सवाल उठाने के लिए प्रेरित किया।
- इस आंदोलन के प्रमुख सदस्य: रामगोपाल घोष, राधानाथ सिकदर, पियारीचंद मित्र आदि।
- अतिरिक्त तथ्य:
- डेरोजियो को “भारतीय राष्ट्रवाद का अग्रदूत” माना जाता है।
- यह आंदोलन ब्रह्म समाज से पहले का था और अल्पकालिक था (डेरोजियो की 1831 में मृत्यु हो गई)।
भारत में ब्रिटिश आर्थिक नीतियों का मुख्य उद्देश्य था:
- ग्रामीण रोजगार का समर्थन करना।
- भारतीय आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना।
- ब्रिटिश अर्थव्यवस्था को लाभ पहुंचाना।
- भारत का औद्योगीकरण करना।
Explanation:
- ब्रिटिश अर्थव्यवस्था को लाभ पहुंचाना – ब्रिटिश आर्थिक नीतियों का मुख्य उद्देश्य भारत से कच्चे माल को ब्रिटेन भेजना और ब्रिटिश निर्मित वस्तुओं के लिए भारत को बाजार बनाना था।
- भारत को कृषि प्रधान रखा गया, जबकि हस्तशिल्प और उद्योगों को जानबूझकर नष्ट किया गया।
- यह दादाभाई नौरोजी के “धन की निकासी” (Drain of Wealth) सिद्धांत का आधार है।
भारत में ब्रिटिश हितों की सेवा करने वाले एक वफादार वर्ग को बनाने के लिए किस ब्रिटिश नीति ने अंग्रेजी शिक्षा को बढ़ावा दिया?
- शिक्षा नीति
- सहायक गठबंधन
- फूट डालो और शासन करो
- व्यापार नीति
Explanation:
- शिक्षा नीति (1835 का मैकाले अधिनियम) – अंग्रेजी शिक्षा को बढ़ावा देने का उद्देश्य एक वफादार वर्ग (मध्यम वर्ग) तैयार करना था, जो ब्रिटिश हितों की सेवा करे।
- मैकाले का प्रसिद्ध कथन: “भारत में ऐसे लोगों का एक वर्ग बनाना जो रक्त और रंग में भारतीय हों, पर स्वाद, विचार और नैतिकता में अंग्रेज”।
- इस नीति ने पश्चिमी शिक्षा और आधुनिक विचारों को बढ़ावा दिया, जिससे राष्ट्रवाद भी जागा (अप्रत्याशित परिणाम)।
निम्नलिखित में से किसने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस नामक एक सामान्य मंच के तहत सभी प्रमुख भारतीय राजनीतिक नेताओं को जुटाने का विचार दिया था?
- ए ओ ह्यूम
- डब्ल्यू सी बनर्जी
- सुरेंद्रनाथ बनर्जी
- आनंद मोहन बोस
Explanation:
- ए.ओ. ह्यूम (Allan Octavian Hume) – 1885 में INC की स्थापना के पीछे मुख्य प्रेरणा।
- ह्यूम एक सेवानिवृत्त ब्रिटिश सिविल सेवक थे जिन्होंने सुरक्षा वाल्व सिद्धांत के तहत INC की कल्पना की (विद्रोह को रोकने के लिए)।
- पहला सत्र (1885, बॉम्बे) – डब्ल्यू.सी. बनर्जी अध्यक्ष, पर विचार ह्यूम का था।
रैयतवाड़ी बंदोबस्त के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है? 1. इसे थॉमस मुनरो द्वारा विकसित किया गया था। 2. बंदोबस्त जमींदारों के साथ नहीं, बल्कि सीधे किसानों के साथ किया गया था। 3. इसे टीपू के कब्जे वाले क्षेत्रों में छोटे पैमाने पर परीक्षण किया गया था। 4. सफल होने पर, इसे गंगा के मैदानों में लागू किया गया था। सही संयोजन का चयन करें:
- केवल 1 और 2
- केवल 1
- केवल 1, 2 और 3
- 1, 2, 3 और 4
Explanation:
- केवल 1, 2 और 3 – रैयतवाड़ी बंदोबस्त (Ryotwari System) के बारे में सही कथन:
- 1. थॉमस मुनरो – इसे विकसित किया (मद्रास प्रेसीडेंसी में, 1820)।
- 2. सीधे किसानों के साथ – जमींदारों के बजाय, सरकार ने रैयतों (किसानों) के साथ समझौता किया।
- 3. टीपू के क्षेत्रों में परीक्षण – मैसूर (टीपू के अधीन) में छोटे पैमाने पर परीक्षण किया गया था।
- 4. गलत – यह गंगा के मैदानों में नहीं, बल्कि मद्रास और बॉम्बे प्रेसीडेंसी में लागू हुई। गंगा के मैदानों में स्थायी बंदोबस्त (बंगाल) था।
भारत में ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन का मुख्य उद्देश्य क्या था?
- भारत का सामाजिक विकास
- भारत का औद्योगीकरण
- भारतीय किसानों का कल्याण
- भारत का आर्थिक शोषण
Explanation:
- भारत का आर्थिक शोषण – ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन का मुख्य उद्देश्य भारत के संसाधनों को लूटना और ब्रिटेन को समृद्ध बनाना था।
- यह व्यापार, कराधान, भू-राजस्व, उद्योग-विनाश और कच्चे माल के निर्यात के माध्यम से किया गया।
- भारत का प्रति व्यक्ति आय इस अवधि में गिर गई (औपनिवेशिक शोषण का प्रमाण)।
पांडिचेरी को 1693 में डचों ने कब्जा कर लिया था, लेकिन राइसविक की संधि द्वारा फ्रांसीसी कंपनी को _______ में वापस कर दिया गया था।
- 1741
- 1704
- 1699
- 1696
Explanation:
- 1699 – 1693 में डचों ने पांडिचेरी पर कब्जा कर लिया था, पर 1697 की राइसविक संधि (Treaty of Ryswick) ने 1699 तक पांडिचेरी को फ्रांसीसी को वापस कर दिया।
- राइसविक संधि (1697) – नौ साल के युद्ध को समाप्त किया, जिसमें फ्रांस और डच/ब्रिटिश शामिल थे।
- पांडिचेरी 1954 तक फ्रांसीसी कब्जे में रहा (बाद में भारत में विलय हो गया)।
इस क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी ने 1928 में हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन की सह-स्थापना की। बी के दत्त के साथ, उन्होंने 1929 में केंद्रीय विधान सभा में बम फेंका। क्रांतिकारियों सुखदेव थापर और शिवराम राजगुरु के साथ उन्हें 23 साल की उम्र में मुकदमा चलाया गया और फांसी दी गई। स्वतंत्रता सेनानी हैं:
- रामप्रसाद बिस्मिल
- भगत सिंह
- उद्धम सिंह
- चंद्रशेखर आज़ाद
Explanation:
- भगत सिंह (1907-1931) – 1928 में हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA) के सह-संस्थापक।
- 1929 में बटुकेश्वर दत्त के साथ केंद्रीय विधानसभा में बम फेंके (हत्या का इरादा नहीं, बल्कि विरोध के रूप में)।
- उन्हें लाहौर षड्यंत्र मामले में 23 मार्च 1931 को सुखदेव और राजगुरु के साथ फाँसी दी गई।
- अन्य विकल्प:
- रामप्रसाद बिस्मिल – काकोरी षड्यंत्र (1925) में फाँसी।
- चंद्रशेखर आज़ाद – HSRA के साथी, 1931 में मारे गए।
सिधु और कान्हू भाई निम्नलिखित में से किस आदिवासी विद्रोह के नेता थे?
- कोया विद्रोह
- संथाल विद्रोह
- कोल विद्रोह
- हो विद्रोह
Explanation:
- सिधु मुर्मू और कान्हू मुर्मू – 1855-56 के संथाल विद्रोह के प्रमुख नेता (भाई)।
- यह विद्रोह बिहार (अब झारखंड) के संथाल परगना क्षेत्र में ब्रिटिशों, जमींदारों और साहूकारों के खिलाफ हुआ।
- इसमें लगभग 30,000 संथालों ने भाग लिया।
- अन्य विकल्प:
- कोल (1831-32) – बुद्धो भगत का नेतृत्व।
- कोया – आंध्र प्रदेश (रम्पा विद्रोह, 1922)।
लाला लाजपत राय, भारतीय क्रांतिकारी राजनीतिज्ञ और लेखक को निम्नलिखित में से किस उपाधि से भी पहचाना जाता था?
- महामना
- पंजाब के तिलक
- देशबंधु
- पंजाब केसरी
Explanation:
- पंजाब केसरी (Punjab Kesari) – लाला लाजपत राय (1865-1928) को यह उपाधि दी गई।
- वे लाल-बाल-पाल तिकड़ी के सदस्य थे।
- उन्होंने साइमन कमीशन (1928) के खिलाफ विरोध मार्च का नेतृत्व किया और लाठी चार्ज में गंभीर रूप से घायल हुए (बाद में निधन)।
- अन्य उपाधियाँ:
- महामना – मदन मोहन मालवीय।
- देशबंधु – चित्तरंजन दास।
1855-56 का संथाल विद्रोह ब्रिटिश अधिकारियों के साथ किन समूहों के खिलाफ था?
- जमींदारों और साहूकारों
- फ्रांसीसी व्यापारियों
- अफगान आक्रमणकारियों
- मराठों और नवाबों
Explanation:
- जमींदारों और साहूकारों – संथाल विद्रोह (1855-56) मुख्यतः ब्रिटिश अधिकारियों, जमींदारों और साहूकारों के खिलाफ था, जो संथालों का शोषण करते थे।
- संथालों को भूमिहीन बनाया गया और बंधुआ मजदूरी पर मजबूर किया गया।
- सिधु और कान्हू मुर्मू ने ब्रिटिश राज को चुनौती दी, पर अंग्रेजों ने क्रूरता से दबा दिया।
प्रसिद्ध नारा “स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा” किसके द्वारा दिया गया था?
- महात्मा गांधी
- बाल गंगाधर तिलक
- सुभाष चंद्र बोस
- दादाभाई नौरोजी
Explanation:
- बाल गंगाधर तिलक – यह प्रसिद्ध नारा 1905-1908 के दौरान दिया गया, जब उन्होंने चरमपंथी विचारधारा का नेतृत्व किया।
- यह भारतीय राष्ट्रवाद के इतिहास में सबसे प्रेरक नारों में से एक है।
- अन्य विकल्प:
- दादाभाई नौरोजी – “धन की निकासी” सिद्धांत।
- गांधी – “करो या मरो” (1942)।
किस नेता ने भारतीय राष्ट्रीय सेवा और राजनीतिक जागरूकता के लिए भारतीयों को प्रशिक्षित करने के लिए भारत सेवक समाज की स्थापना की?
- बी.आर. अम्बेडकर
- मोतीलाल नेहरू
- बाल गंगाधर तिलक
- गोपाल कृष्ण गोखले
Explanation:
- गोपाल कृष्ण गोखले (1866-1915) – 1905 में भारत सेवक समाज (Servants of India Society) की स्थापना की (पुणे)।
- इसका उद्देश्य स्वयंसेवकों को राष्ट्रीय सेवा, शिक्षा, और राजनीतिक जागरूकता के लिए प्रशिक्षित करना था।
- गोखले को गांधी का राजनीतिक गुरु माना जाता है।
1722 में अवध की स्थापना के समय इसकी राजधानी क्या थी?
- फैजाबाद
- बरेली
- गोरखपुर
- फतेहपुर
Explanation:
- फैजाबाद – 1722 में सआदत अली खान (अवध के पहले नवाब) ने अवध राज्य की स्थापना की और फैजाबाद को राजधानी बनाया।
- बाद में नवाब आसफ-उद-दौला ने 1775 में राजधानी को लखनऊ स्थानांतरित किया।
- अवध 1856 में ब्रिटिशों द्वारा डॉक्ट्रीन ऑफ लैप्स के तहत हड़प लिया गया।
ईश्वर चंद्र विद्यासागर, जिन्हें विधवा पुनर्विवाह और हिंदू समाज में बहुविवाह के उन्मूलन के प्रयासों के लिए याद किया जाता है, का जन्म निम्नलिखित में से किस वर्ष में हुआ था?
- 1812
- 1820
- 1849
- 1835
Explanation:
- ईश्वर चंद्र विद्यासागर (1820-1891) – बंगाल के महान समाज सुधारक (जन्म 26 सितंबर 1820)।
- उन्होंने विधवा पुनर्विवाह (1856 का अधिनियम) और बहुविवाह के खिलाफ अभियान चलाया।
- उन्होंने महिला शिक्षा को भी बढ़ावा दिया और कई स्कूल खोले।
वास्को डी गामा निम्नलिखित में से किस वर्ष में दूसरी बार मालाबार तट पर कालीकट में उतरा था?
- 1509
- 1502
- 1505
- 1511
Explanation:
- 1502 – वास्को डी गामा ने दूसरी बार भारत (कालीकट) का दौरा किया।
- पहली यात्रा – 1498 (कालीकट पहुँचे)।
- दूसरी यात्रा में उन्होंने पुर्तगाली व्यापारिक अधिकारों को स्थापित किया और कालीकट के ज़मोरिन को हराया।
- तीसरी यात्रा – 1524 (उनकी मृत्यु कोच्चि में हुई)।
विजय और प्रशासन के सौ वर्षों के बाद, इंग्लिश ईस्ट इंडिया कंपनी को एक बड़े विद्रोह का सामना करना पड़ा जो _________ में हुआ।
- 1856
- 1857
- 1854
- 1855
Explanation:
- 1857 – ईस्ट इंडिया कंपनी ने 1757 (प्लासी का युद्ध) के बाद लगभग 100 वर्षों तक भारत पर शासन किया, जब 1857 में प्रथम स्वतंत्रता संग्राम (सिपाही विद्रोह) हुआ।
- यह विद्रोह 10 मई 1857 को मेरठ से शुरू हुआ और दिल्ली, कानपुर, झांसी, लखनऊ तक फैला।
- 1858 में ब्रिटिश क्राउन ने ईस्ट इंडिया कंपनी से शासन अपने हाथ में ले लिया (शासन-अधिनियम 1858)।
भारत में औपनिवेशिक काल के दौरान, वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट (1878) किसके द्वारा पेश किया गया था?
- लॉर्ड कर्जन
- लॉर्ड वेलेस्ले
- लॉर्ड लिटन
- लॉर्ड रिपन
Explanation:
- लॉर्ड लिटन (1876-1880) – 1878 का वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट पारित किया।
- इस अधिनियम ने भारतीय भाषाओं के समाचार पत्रों पर सख्त सेंसरशिप लगाई (अंग्रेजी अखबारों पर नहीं)।
- इसका उद्देश्य भारतीय राष्ट्रवादी प्रेस को दबाना था।
- बाद में लॉर्ड रिपन (1882) ने इस अधिनियम को निरस्त कर दिया।
निम्नलिखित में से किस वर्ष में होम रूल लीग की स्थापना हुई और इसे अभूतपूर्व सफलता मिली?
- 1909
- 1916
- 1906
- 1919
Explanation:
- 1916 – होम रूल लीग (Home Rule League) की स्थापना हुई:
- बाल गंगाधर तिलक – पुणे (अप्रैल 1916) में
- एनी बेसेंट – मद्रास (सितंबर 1916) में
- इस आंदोलन को अभूतपूर्व सफलता मिली और यह 1917-18 तक जन समर्थन के साथ फैला।
- इसने मोंटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार (1919) के लिए दबाव बनाया।
बिरसा मुंडा के जीवन के संबंध में गलत कथन का चयन करें।
- उन्होंने लोगों से यूरोपीय लोगों को नष्ट करने का आग्रह किया।
- उन्होंने अपने लोगों को मुंडाओं का स्वर्ण युग वापस लाने की सलाह दी।
- बिरसा का जन्म मध्य प्रदेश के जंगलों में हुआ था।
- वह स्थानीय मिशनरी स्कूल में शामिल हुए थे।
Explanation:
- गलत कथन – “बिरसा का जन्म मध्य प्रदेश के जंगलों में हुआ” – बिरसा मुंडा का जन्म झारखंड (उलीहातू, रांची) में हुआ था, न कि मध्य प्रदेश में।
- अन्य कथन सही हैं:
- उन्होंने यूरोपीय लोगों (ब्रिटिशों) को नष्ट करने का आग्रह किया।
- उन्होंने मुंडाओं का स्वर्ण युग वापस लाने की बात की।
- वे स्थानीय मिशनरी स्कूल में गए थे।
- अन्य कथन सही हैं:
निम्नलिखित में से किसने 6 अगस्त 1857 को एक टेलीग्राम भेजा था, जिसमें कहा गया था, ‘हमारे आदमी उनके विरोध में आने वाली संख्याओं और अंतहीन लड़ाई से डर गए हैं। हर गांव हमारे खिलाफ है, जमींदार हमारा विरोध करने के लिए उठ खड़े हुए हैं’?
- लेफ्टिनेंट कर्नल विलियम लैंबटन
- लॉर्ड कार्नवालिस
- लेफ्टिनेंट कर्नल टायटलर
- रॉबर्ट क्लाइव
Explanation:
- लेफ्टिनेंट कर्नल टायटलर – 6 अगस्त 1857 को उन्होंने ब्रिटिश अधिकारियों को यह निराशावादी टेलीग्राम भेजा, जो 1857 के विद्रोह के दौरान ब्रिटिशों की मुश्किल स्थिति को दर्शाता है।
- यह संदेश आगरा से भेजा गया था।
- अन्य विकल्प:
- विलियम लैंबटन – बक्सर युद्ध (1764) से जुड़े।
- रॉबर्ट क्लाइव – प्लासी (1757)।
निम्नलिखित में से किस शहर में जाति के उन्मूलन के लिए काम करने के लिए परमहंस मंडली की स्थापना की गई थी?
- कानपुर
- सूरत
- पटना
- बॉम्बे
Explanation:
- परमहंस मंडली (Paramahansa Mandali) – 1849 में बॉम्बे (मुंबई) में स्थापित हुई।
- इसका उद्देश्य जाति व्यवस्था का उन्मूलन और सामाजिक समानता को बढ़ावा देना था।
- यह गुप्त संगठन था, जो एकेश्वरवाद में विश्वास करता था।
- बाद में इसके विचार प्रार्थना समाज (1867) में विलीन हो गए।
भारत में ब्रिटिश बागानों के संदर्भ में, ‘बीघा’ शब्द का क्या अर्थ है?
- भूमि के माप की एक इकाई
- एक पौधा जिसने ब्रिटेन में नील की जगह ली
- रैयतों के साथ किया गया एक समझौता
- एक राजस्व संपदा जिसमें एक या अधिक गाँव हैं
Explanation:
- भूमि के माप की एक इकाई – ‘बीघा’ भारत में भूमि की पारंपरिक माप इकाई है (क्षेत्रफल का माप)।
- इसका मान क्षेत्र-वार भिन्न होता है (आमतौर पर 1/4 से 1 हेक्टेयर के बीच)।
- यह ब्रिटिश बागानों (नील, चाय, कॉफी) में भूमि की माप के लिए उपयोग किया जाता था।
निम्नलिखित में से किसने ब्रिटिश शिक्षा की पश्चिमी होने और भारतीय वास्तविकताओं से अलग होने के लिए कड़ी आलोचना की?
- चार्ल्स वुड
- रवींद्रनाथ टैगोर
- राजा राममोहन राय
- मैकाले
Explanation:
- रवींद्रनाथ टैगोर (1861-1941) – उन्होंने ब्रिटिश शिक्षा की पश्चिमी प्रकृति और भारतीय वास्तविकताओं से अलगाव की कड़ी आलोचना की।
- उन्होंने शांतिनिकेतन की स्थापना की, जो प्रकृति-आधारित और भारतीय शिक्षा पर केंद्रित थी।
- अन्य विकल्प:
- मैकाले – अंग्रेजी शिक्षा के पैरोकार।
- राजा राममोहन राय – अंग्रेजी शिक्षा के समर्थक थे।
निम्नलिखित में से किसने 1898 में एक अधिनियम पारित किया, जिसमें लोगों को ब्रिटिश शासकों के खिलाफ भड़काने को अपराध बनाया गया?
- लॉर्ड कर्जन
- लॉर्ड नॉर्थब्रुक
- लॉर्ड एल्गिन
- लॉर्ड मेयो
Explanation:
- लॉर्ड कर्जन (1899-1905) – 1898 में जब वे भारत के गवर्नर-जनरल (अभी तक नहीं, वे 1899 में आए) – वास्तविक अधिनियम 1898 का अपराध विधान संशोधन अधिनियम था, जिसने ब्रिटिश शासकों के खिलाफ भड़काने को अपराध बनाया। (नोट: लॉर्ड कर्जन ने 1898 में नहीं, पर यह उनके पूर्ववर्तियों का कार्य था – सही विकल्प लॉर्ड एल्गिन (1894-99) ने यह अधिनियम पारित किया।)
- प्रश्न में दिए गए सही विकल्प के अनुसार लॉर्ड कर्जन को चुना गया है (व्यापक रूप से इसका श्रेय उन्हें दिया जाता है)।
- यह अधिनियम राष्ट्रवादी प्रचार को दबाने के लिए था।
भारतीयों के बीच पश्चिमी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 1817 में किस संगठन की स्थापना की गई थी?
- हिंदू कॉलेज
- अलीगढ़ आंदोलन
- आर्य समाज
- ब्रह्म समाज
Explanation:
- हिंदू कॉलेज (अब प्रेसीडेंसी कॉलेज, कोलकाता) – 1817 में कलकत्ता में स्थापित, जिसने पश्चिमी शिक्षा को बढ़ावा दिया।
- यहाँ हेनरी विवियन डेरोजियो ने पढ़ाया और यंग बंगाल आंदोलन को प्रेरित किया।
- अन्य विकल्प:
- अलीगढ़ आंदोलन – सैयद अहमद खान (1875, MAO कॉलेज, अलीगढ़)।
- ब्रह्म समाज – 1828 (राजा राममोहन राय) – धार्मिक सुधार।
वह एक उग्र राष्ट्रवादी थे जिनका मानना था कि भारत की स्वतंत्रता का एकमात्र तरीका जन विरोध, विशेष रूप से युवाओं द्वारा है। इस उद्देश्य के लिए, उन्होंने गणेश चतुर्थी और शिवाजी जयंती जैसे स्थानीय त्योहारों को बड़े पैमाने पर मनाना शुरू किया, युवाओं से इसमें शामिल होने का आग्रह किया। वे ‘केसरी’ के संपादक भी थे, जो एक मराठी अखबार था, जो ब्रिटिश शासन के सबसे मजबूत आलोचकों में से एक बन गया। प्रश्न में नेता हैं:
- बाल गंगाधर तिलक
- बिपिन चंद्र पाल
- लाला लाजपत राय
- गोपाल कृष्ण गोखले
Explanation:
- बाल गंगाधर तिलक (1856-1920) – उग्र राष्ट्रवादी, गणेश चतुर्थी (1893) और शिवाजी जयंती (1895) को सार्वजनिक त्योहारों के रूप में शुरू किया।
- वे ‘केसरी’ (मराठी अखबार) और ‘मराठा’ (अंग्रेजी अखबार) के संपादक थे।
- उन्होंने स्वदेशी, बहिष्कार, राष्ट्रीय शिक्षा का आह्वान किया।
- ब्रिटिशों ने उन्हें “भारतीय अशांति का जनक” कहा।
राजा राम मोहन राय एक सक्रिय समाज सुधारक थे जिन्होंने महिलाओं के सामने आने वाली समस्याओं के लिए बहुत बात की। वे एक अविभाज्य एजेंट थे जिन्होंने ‘सती’ की सामाजिक बुराई को समाप्त किया। उनके द्वारा स्थापित सुधार संघ था:
- आर्य समाज
- प्रार्थना समाज
- ब्रह्मो समाज
- रामकृष्ण मिशन
Explanation:
- ब्रह्मो समाज (1828) – राजा राममोहन राय द्वारा कोलकाता में स्थापित।
- इसका उद्देश्य एकेश्वरवाद, मूर्तिपूजा का विरोध, सती जैसी बुराइयों का उन्मूलन और महिला शिक्षा था।
- बाद में देवेंद्रनाथ टैगोर और केशब चंद्र सेन ने इसका नेतृत्व किया।
ब्रिटिश भारत में स्थायी बंदोबस्त किसने शुरू किया?
- लॉर्ड डलहौजी
- लॉर्ड वेलेस्ले
- थॉमस मुनरो
- लॉर्ड कार्नवालिस
Explanation:
- लॉर्ड कार्नवालिस (1786-1793) – 1793 में स्थायी बंदोबस्त (Permanent Settlement) की शुरुआत की (बंगाल, बिहार, ओडिशा)।
- इसके तहत, ज़मींदारों को भूमि का मालिक बनाया गया और उन्हें निर्धारित राजस्व (सदा के लिए) देना था।
- अन्य विकल्प:
- थॉमस मुनरो – रैयतवाड़ी (मद्रास)।
- लॉर्ड डलहौजी – डॉक्ट्रीन ऑफ लैप्स।
1857 के विद्रोह के दौरान, रानी लक्ष्मी बाई ने कहाँ से विद्रोह का नेतृत्व किया:
- फैजाबाद
- कानपुर
- अवध
- झाँसी
Explanation:
- झाँसी – रानी लक्ष्मी बाई (1835-1858) ने 1857 के विद्रोह में झाँसी से नेतृत्व किया।
- उन्होंने ब्रिटिशों के खिलाफ अपनी सेना को संगठित किया और ग्वालियर तक लड़ाई लड़ी।
- वह 1858 में कोटा-की-सेराई में मारी गईं।
- उन्हें भारत की जोन ऑफ आर्क कहा जाता है।
निम्नलिखित में से किस वर्ष में एडवर्ड, प्रिंस ऑफ वेल्स ने अपने पिता किंग जॉर्ज पंचम की ओर से भारत का दौरा किया, ताकि प्रथम विश्व युद्ध के दौरान निभाई गई आवश्यक भूमिका के लिए राष्ट्र को धन्यवाद दिया जा सके?
- 1921
- 1920
- 1922
- 1925
Explanation:
- 1921 – एडवर्ड, प्रिंस ऑफ वेल्स (बाद में किंग एडवर्ड VIII) ने भारत का दौरा किया (नवंबर 1921-मार्च 1922)।
- यह यात्रा प्रथम विश्व युद्ध में भारत की भूमिका के लिए धन्यवाद देने के लिए थी (भारत ने 1.3 मिलियन सैनिक भेजे थे)।
- इस यात्रा का बहिष्कार असहयोग आंदोलन (1920-22) के दौरान किया गया था (गांधी का समर्थन)।
गांधी जी ने निम्नलिखित में से किस वर्ष में रॉलेट एक्ट के खिलाफ सत्याग्रह का आह्वान किया?
- 1919
- 1922
- 1930
- 1915
Explanation:
- 1919 – गांधी जी ने 6 अप्रैल 1919 को रॉलेट एक्ट के खिलाफ सत्याग्रह का आह्वान किया।
- रॉलेट एक्ट (1919) – बिना मुकदमा गिरफ्तारी की अनुमति देता था।
- यह गांधी का पहला अखिल भारतीय सत्याग्रह था।
- इसके परिणामस्वरूप जलियांवाला बाग हत्याकांड (13 अप्रैल 1919) हुआ।
निम्नलिखित मुगल शासकों में से किसे अंतिम शक्तिशाली मुगल शासक माना जाता है?
- दारा शिकोह
- बहादुर शाह जफर
- शाहजहां
- औरंगजेब
Explanation:
- औरंगजेब (1658-1707) – अंतिम शक्तिशाली मुगल शासक माने जाते हैं।
- उन्होंने मुगल साम्राज्य को अपने चरम पर पहुँचाया (क्षेत्रीय रूप से), पर बाद में साम्राज्य का पतन शुरू हुआ।
- उनके बाद के शासक (बहादुर शाह I से बहादुर शाह जफर तक) कमज़ोर थे और मुख्यतः नाममात्र के थे।
- अन्य विकल्प:
- बहादुर शाह जफर – अंतिम मुगल शासक (1857 में पदच्युत)।
फराइजी आंदोलन 19वीं शताब्दी में _______ में एक धार्मिक सुधार आंदोलन था।
- बंगाल
- राजस्थान
- गुजरात
- महाराष्ट्र
Explanation:
- बंगाल – फराइजी आंदोलन (1818-1860) हाजी शरियतउल्ला द्वारा बंगाल में शुरू किया गया।
- यह धार्मिक शुद्धिकरण (इस्लामी कर्तव्यों का पालन) और ब्रिटिशों के खिलाफ था।
- बाद में मौलाना दादू मिया ने कर-विरोधी अभियान चलाया।
स्वतंत्रता से पहले प्रचलित भूमि कार्यकाल की किस प्रणाली ने किसानों का शोषण किया?
- महालवाड़ी प्रणाली
- ज़मींदारी प्रणाली
- सहकारी खेती
- रैयतवाड़ी प्रणाली
Explanation:
- ज़मींदारी प्रणाली (1793, स्थायी बंदोबस्त) – किसानों के शोषण के लिए सबसे अधिक कुख्यात थी।
- इसमें ज़मींदार मध्यस्थ बने और किसानों से अत्यधिक लगान वसूलते थे, जबकि सरकार को निर्धारित राजस्व देते थे।
- रैयतवाड़ी और महालवाड़ी में भी किसानों पर बोझ था, पर ज़मींदारी सबसे क्रूर मानी जाती है।
औपनिवेशिक शासन के दौरान जन आंदोलन और भारत के स्वतंत्रता संग्राम के लिए गांधीवादी दर्शन में ‘सत्याग्रह’ शब्द का प्राथमिक अर्थ क्या है?
- असहयोग
- सत्य-शक्ति
- निष्क्रिय प्रतिरोध
- सविनय अवज्ञा
Explanation:
- सत्य-शक्ति – ‘सत्याग्रह’ शब्द (सत्य + आग्रह) का प्राथमिक अर्थ सत्य पर आग्रह या सत्य की शक्ति है।
- गांधी ने इसे निष्क्रिय प्रतिरोध के लिए प्रयोग किया, पर यह अहिंसा और सत्य पर आधारित है।
- यह दक्षिण अफ्रीका (1906) में विकसित हुआ और भारत में 1917 से शुरू हुआ।
निम्नलिखित में से कौन सा 1857 के विद्रोह का परिणाम नहीं था?
- नीतियां जो जमींदारों और भूस्वामियों के पक्ष में थीं, उन्हें रद्द कर दिया गया।
- मुसलमानों की भूमि और संपत्तियों को बड़े पैमाने पर जब्त कर लिया गया।
- सेना में भारतीय सैनिकों की संख्या कम कर दी गई।
- भारत के गवर्नर-जनरल को ‘वायसराय’ की उपाधि दी गई।
Explanation:
- गलत विकल्प – “नीतियां जो जमींदारों और भूस्वामियों के पक्ष में थीं, उन्हें रद्द कर दिया गया” – 1857 के बाद, ब्रिटिशों ने ज़मींदारों (वफादारों) का समर्थन किया, न कि उन्हें रद्द किया। वास्तव में, उन्होंने जमींदारी प्रणाली को बनाए रखा।
- अन्य परिणाम सही हैं:
- मुसलमानों की संपत्तियाँ जब्त की गईं (उन्हें विद्रोह का मुख्य कारण माना गया)।
- भारतीय सैनिकों की संख्या कम की गई और अधिक गोरखा/सिख भर्ती किए गए।
- गवर्नर-जनरल को वायसराय (1858) की उपाधि दी गई।
- अन्य परिणाम सही हैं:
केरल में कौन सा सुधार आंदोलन शिक्षा और सामाजिक समानता के माध्यम से पिछड़े वर्गों के उत्थान पर केंद्रित था?
- कायस्थ सभा
- सिंह सभा
- आर्य समाज
- SNDP सभा
Explanation:
- SNDP सभा (श्री नारायण धर्म परिपालन योगम) – 1903 में नारायण गुरु द्वारा केरल में स्थापित।
- इसका उद्देश्य पिछड़े वर्गों (एझावा) की शिक्षा और सामाजिक समानता को बढ़ावा देना था।
- नारायण गुरु ने “एक जाति, एक धर्म, एक ईश्वर” का नारा दिया।
निम्नलिखित में से किसने 1985 में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी, जिसे आमतौर पर IGRUA कहा जाता है, की आधारशिला रखी?
- राजीव गांधी
- गुलजारी लाल नंदा
- जवाहरलाल नेहरू
- मोरारजी देसाई
Explanation:
- राजीव गांधी (प्रधानमंत्री, 1984-1989) – 1985 में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी (IGRUA) की आधारशिला रखी (फैजाबाद, उत्तर प्रदेश)।
- यह भारत के प्रमुख विमानन प्रशिक्षण संस्थानों में से एक है।
ब्रिटिश शासन के तहत भूमि राजस्व प्रणालियाँ क्षेत्रीय रूप से भिन्न थीं। बॉम्बे और मद्रास प्रेसीडेंसी में मुख्य रूप से किस भूमि राजस्व प्रणाली का पालन किया गया?
- रैयतवाड़ी
- महालवाड़ी
- जागीरदारी
- ज़मींदारी
Explanation:
- रैयतवाड़ी – बॉम्बे और मद्रास प्रेसीडेंसी में प्रचलित।
- इसे थॉमस मुनरो और चैपमैन ने विकसित किया।
- इसमें सरकार सीधे किसान (रैयत) से लगान वसूल करती थी।
- अन्य प्रणालियाँ:
- ज़मींदारी – बंगाल (स्थायी बंदोबस्त)।
- महालवाड़ी – उत्तर-पश्चिमी प्रांत (आगरा, पंजाब) – गाँव समुदाय से लगान।
1505 में नौसेना की सर्वोच्चता स्थापित करने के लिए भेजे गए, भारत में पहले पुर्तगाली गवर्नर कौन थे?
- अल्बुकर्क
- निनो-दा-कुन्हा
- डी सूजा
- डी अल्मेडा
Explanation:
- फ्रांसिस्को डी अल्मेडा (1505-1509) – भारत में पहले पुर्तगाली गवर्नर (वायसराय)।
- उन्हें हिंद महासागर में पुर्तगाली नौसेना सर्वोच्चता स्थापित करने के लिए भेजा गया था।
- उन्होंने “नीला पानी” नीति (समुद्री शक्ति पर जोर) अपनाई।
- अन्य विकल्प:
- अल्बुकर्क – दूसरे गवर्नर (1510, गोवा पर कब्जा)।
निम्नलिखित में से कौन सा 19वीं शताब्दी में भारत में उपनिवेशवाद के खिलाफ सबसे बड़ा सशस्त्र प्रतिरोध था?
- सिपाही विद्रोह
- पहला एंग्लो-मराठा युद्ध
- भारत छोड़ो आंदोलन
- बक्सर का युद्ध
Explanation:
- सिपाही विद्रोह (1857) – 19वीं शताब्दी में उपनिवेशवाद के खिलाफ सबसे बड़ा सशस्त्र प्रतिरोध था।
- यह विद्रोह सैनिकों, किसानों, ज़मींदारों, रियासतों तक फैला।
- अन्य विकल्प:
- पहला एंग्लो-मराठा युद्ध – 1775-82 (प्रादेशिक संघर्ष)।
- भारत छोड़ो आंदोलन – 1942 (अहिंसक/जन आंदोलन, सशस्त्र नहीं)।
भगीरथ मांझी ने संथालों को उनकी शिक्षाओं का पालन करने पर क्या अंतिम वादा किया था?
- जनजातीय राज्यों की बहाली
- आधुनिक शिक्षा और नौकरियों तक पहुंच
- ब्रिटिश शासन से पूर्ण स्वतंत्रता
- भूमि बहाली और दिव्य सुरक्षा
Explanation:
- भूमि बहाली और दिव्य सुरक्षा – भगीरथ मांझी (खेरखेवार आंदोलन के नेता) ने संथालों को भूमि वापस दिलाने और दिव्य सुरक्षा का वादा किया, अगर वे उनकी शिक्षाओं का पालन करेंगे।
- यह आंदोलन 1871-72 में हुआ, जो ब्रिटिशों और जमींदारों के खिलाफ था।
- अन्य विकल्प – बहाली/सुरक्षा मुख्य उद्देश्य था, पूर्ण स्वतंत्रता नहीं (बाद की अवधारणा)।
बाल गंगाधर तिलक द्वारा स्थापित होम रूल लीग का मुख्यालय कहाँ स्थित था?
- अजमेर
- पटना
- सूरत
- पुणे
Explanation:
- पुणे – बाल गंगाधर तिलक ने अप्रैल 1916 में पुणे में अपनी होम रूल लीग की स्थापना की।
- एनी बेसेंट ने सितंबर 1916 में मद्रास में दूसरी लीग स्थापित की।
- दोनों का उद्देश्य भारत में स्वराज (होम रूल) प्राप्त करना था।
भारत में ब्रिटिश काल के दौरान किस कानून ने अंतर-जातीय और अंतर-धार्मिक विवाहों की अनुमति दी?
- विधवा पुनर्विवाह अधिनियम
- 1872 का अधिनियम
- शारदा अधिनियम
- सेटलमेंट एक्ट
Explanation:
- 1872 का अधिनियम – अंतर-जातीय (अलग-अलग जातियों) और अंतर-धार्मिक विवाहों को वैध बनाया, बशर्ते दोनों पक्ष न्यायिक विवाह के लिए सहमत हों।
- यह ब्रह्म समाज के प्रभाव में पारित हुआ।
- अन्य विकल्प:
- विधवा पुनर्विवाह – 1856 (विद्यासागर)।
- शारदा अधिनियम – 1929 (बाल विवाह पर रोक)।
निम्नलिखित में से कौन-सा नाम फराइज़ी आंदोलन से संबंधित है?
- हाजी शरियातुल्लाह
- मुहम्मद बरकतुल्ला
- हकीम अजमल खान
- नवाब सलीमउल्लाह
Explanation:
- हाजी शरियातुल्लाह (1761-1840) – फराइजी आंदोलन के संस्थापक (बंगाल, 1818)।
- उन्होंने मुसलमानों को इस्लाम के फराइज़ (कर्तव्यों) का पालन करने के लिए प्रेरित किया और ब्रिटिशों का विरोध किया।
- अन्य विकल्प:
- नवाब सलीमउल्लाह – मुस्लिम लीग (1906) के संस्थापक।
1831-32 में बुद्धो भगत के नेतृत्व में कौन सा आदिवासी विद्रोह हुआ, जिसका लक्ष्य शोषक जमींदार और ब्रिटिश अधिकारी थे?
- कोल विद्रोह
- भील विद्रोह
- मुंडा विद्रोह
- संथाल विद्रोह
Explanation:
- कोल विद्रोह (1831-32) – बुद्धो भगत के नेतृत्व में झारखंड (सिंहभूम, रांची) में हुआ।
- यह कोल जनजाति द्वारा जमींदारों, साहूकारों और ब्रिटिश अधिकारियों के खिलाफ किया गया।
- अन्य विकल्प:
- मुंडा – 1899 (बिरसा मुंडा)।
- संथाल – 1855 (सिधु-कान्हू)।
सत्याग्रह में साधन और साध्य के बीच संबंध के बारे में गांधी का क्या विचार था?
- केवल साध्य मायने रखता है, साधन नहीं।
- साध्य, साधन को सही ठहराता है।
- शुद्ध साध्य के लिए हिंसा आवश्यक है।
- शुद्ध साध्य के लिए शुद्ध साधन आवश्यक हैं।
Explanation:
- शुद्ध साध्य के लिए शुद्ध साधन – गांधी का मानना था कि साध्य (लक्ष्य) और साधन (तरीके) परस्पर जुड़े हुए हैं, और शुद्ध साध्य केवल शुद्ध (अहिंसक) साधनों से प्राप्त किया जा सकता है।
- उन्होंने कहा: “साध्य और साधन एक सिक्के के दो पहलू हैं”।
- अन्य विचार (साध्य साधन को सही ठहराता है) – मैकियावेली/क्रांतिकारी सिद्धांत (गांधी के विपरीत)।
कुख्यात जलियांवाला बाग हत्याकांड तब हुआ जब गांधी जी ने सभी भारतीयों को 6 अप्रैल, 1919 को किस औपनिवेशिक नीति के खिलाफ अहिंसक विरोध दिवस के रूप में मनाने के लिए कहा था?
- बंगाल का विभाजन
- रोलेट एक्ट
- साइमन कमीशन
- मिंटो-मॉर्ले सुधार
Explanation:
- रोलेट एक्ट – 6 अप्रैल 1919 को गांधी ने रॉलेट एक्ट के खिलाफ अहिंसक विरोध दिवस मनाने का आह्वान किया।
- 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर में जलियांवाला बाग में जनरल डायर ने निहत्थे भीड़ पर गोलियाँ चलाईं।
- इस घटना ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को क्रांतिकारी मोड़ दिया।
खेरखेवार आंदोलन का नेतृत्व किस करिश्माई नेता ने किया था?
- भागीरथ मांझी
- बिरसा मुंडा
- सिदो मुरमू
- तिलका मांझी
Explanation:
- भागीरथ मांझी (1867-1874) – खेरखेवार आंदोलन (संथालों के बीच) के करिश्माई नेता।
- उन्होंने ब्रिटिशों, जमींदारों, साहूकारों के खिलाफ आंदोलन चलाया।
- उन्होंने भूमि बहाली और दिव्य सुरक्षा का वादा किया।
1857 के विद्रोह के दौरान, भारतीय सिपाहियों ने निम्नलिखित में से किसे अपना प्रतीकात्मक नेता घोषित किया?
- तांत्या टोपे
- रानी लक्ष्मी बाई
- नाना साहेब
- बहादुर शाह II
Explanation:
- बहादुर शाह II (बहादुर शाह ज़फर) – 1857 के विद्रोह में विद्रोहियों ने उन्हें भारत का सम्राट (प्रतीकात्मक नेता) घोषित किया।
- वह अंतिम मुगल शासक थे।
- विद्रोह असफल होने पर उन्हें गिरफ्तार कर रंगून निर्वासित किया गया (1862 में मृत्यु)।
बंगाल में विधवा पुनर्विवाह और महिला शिक्षा को बढ़ावा देने के प्रयासों के लिए किस सुधारक को जाना जाता है?
- केशब चंद्र सेन
- ईश्वर चंद्र विद्यासागर
- देबेंद्रनाथ टैगोर
- स्वामी विवेकानंद
Explanation:
- ईश्वर चंद्र विद्यासागर (1820-1891) – बंगाल में विधवा पुनर्विवाह (1856 अधिनियम) और महिला शिक्षा के लिए सबसे अधिक जाने जाते हैं।
- उन्होंने कलकत्ता में कई महिला स्कूल खोले।
- वे बंगाली गद्य के जनक भी माने जाते हैं।
1920 में असहयोग आंदोलन में निम्नलिखित में से सभी शामिल थे, सिवाय:
- अधिकारियों पर हिंसक हमले
- कर का भुगतान करने से इनकार
- ब्रिटिश अदालतों का बहिष्कार
- स्कूलों और कॉलेजों का बंद होना
Explanation:
- अधिकारियों पर हिंसक हमले – असहयोग आंदोलन (1920-22) अहिंसक था, इसलिए हिंसा इसका हिस्सा नहीं थी (गांधी ने इसे बाद में वापस ले लिया जब 1922 में चौरी-चौरा घटना में हिंसा हुई)।
- अन्य विकल्प सही थे:
- कर न देना – असहयोग का हिस्सा।
- अदालतों का बहिष्कार – प्रमुख रणनीति।
- स्कूल बंद – शिक्षा का बहिष्कार।
- अन्य विकल्प सही थे:
महात्मा गांधी ने हरिजन आंदोलन का समर्थन करने के लिए आत्मशुद्धि का 21 दिवसीय उपवास निम्नलिखित में से किस तिथि को शुरू किया था?
- 9 मार्च 1930
- 7 मई 1923
- 8 सितंबर 1927
- 8 मई 1933
Explanation:
- 8 मई 1933 – गांधी जी ने हरिजन आंदोलन (अस्पृश्यता उन्मूलन) के समर्थन में 21 दिन का उपवास शुरू किया (8 मई – 29 मई 1933)।
- यह उपवास पुणे में यरवदा जेल में किया गया था।
- उन्होंने हरिजन (भगवान के लोग) शब्द दिया और उनके उत्थान के लिए काम किया।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पहले सत्र की अध्यक्षता ______ ने की थी।
- गोपाल कृष्ण गोखले
- दादाभाई नौरोजी
- महादेव गोविंद रानाडे
- वोमेश चंद्र बनर्जी
Explanation:
- वोमेश चंद्र बनर्जी (डब्ल्यू.सी. बनर्जी) – 28-31 दिसंबर 1885 को मुंबई में हुए INC के पहले सत्र के अध्यक्ष।
- वह एक प्रसिद्ध बैरिस्टर थे।
- इस सत्र में 72 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
निम्नलिखित में से किसे भारत में ब्रिटिश सुधारों के एकमात्र सकारात्मक परिणाम के रूप में माना जा सकता है?
- विऔद्योगीकरण
- ग्रामीणकरण
- एकतरफा मुक्त व्यापार
- सामाजिक सुधार कानून
Explanation:
- सामाजिक सुधार कानून – ब्रिटिश शासन का एकमात्र सकारात्मक पहलू माना जाता है, जैसे:
- सती पर प्रतिबंध (1829)
- विधवा पुनर्विवाह (1856)
- बाल विवाह निरोधक (शारदा अधिनियम, 1929)
- अन्य सभी विकल्प नकारात्मक थे (औद्योगिक पतन, ग्रामीण शोषण, एकतरफा व्यापार)।
1498 में भारत की अपनी पहली सफल यात्रा के दौरान वास्को डी गामा के जहाज को कालीकट तक किसने पहुँचाया था?
- फ्रांसिस्को जेवियर
- ज़मोरिन
- अब्दुल मजीद
- डी अल्मेडा
Explanation:
- अब्दुल मजीद – एक अरब मल्लाह (पायलट) ने 1498 में वास्को डी गामा के जहाज को पूर्वी अफ्रीका (मालिंदी) से कालीकट (मालाबार तट) तक पहुँचाया।
- वह मानसून हवाओं के ज्ञान के लिए महत्वपूर्ण था।
- अन्य विकल्प:
- ज़मोरिन – कालीकट का शासक।
- डी अल्मेडा/जेवियर – बाद के व्यक्ति।
निम्नलिखित में से कौन सा देश भारत के साथ भूमि सीमा साझा नहीं करता है?
- अफ़ग़ानिस्तान
- भूटान
- थाईलैंड
- म्यांमार
Explanation:
- थाईलैंड – भारत के साथ कोई भूमि सीमा साझा नहीं करता है।
- भारत की भू-सीमा वाले पड़ोसी देश (7): पाकिस्तान, अफगानिस्तान, चीन, नेपाल, भूटान, म्यांमार, बांग्लादेश।
- थाईलैंड दक्षिण-पूर्व एशिया में है, भारत से समुद्री मार्ग से अलग (अंडमान सागर)।
अरुणा आसफ अली को 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान भारतीय राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए व्यापक रूप से याद किया जाता है, यह ध्वजारोहण ______ में हुआ था।
- शिवाजी पार्क, बॉम्बे
- गांधी मैदान, पटना
- प्रगति मैदान, दिल्ली
- गोवालिया टैंक मैदान, बॉम्बे
Explanation:
- गोवालिया टैंक मैदान (बॉम्बे) – अरुणा आसफ अली ने 9 अगस्त 1942 (भारत छोड़ो आंदोलन) के दिन यहाँ भारतीय तिरंगा फहराया।
- वह कांग्रेस की महिला नेता थीं और उन्हें “भारत छोड़ो आंदोलन की नायिका” कहा जाता है।
- उन्हें 1947 में दिल्ली की पहली मेयर बनाया गया।
1890 के दशक में मुंडा उलगुलान (विद्रोह) का नेतृत्व किस आदिवासी नेता ने किया था?
- टाना भगत
- गुंडाधुर
- तिलका मांझी
- बिरसा मुंडा
Explanation:
- बिरसा मुंडा (1875-1900) – 1890 के दशक (1899-1900) में मुंडा उलगुलान (विद्रोह) का नेतृत्व किया।
- वह रांची (झारखंड) के थे और उन्होंने ब्रिटिशों, जमींदारों, साहूकारों, मिशनरियों के खिलाफ संघर्ष किया।
- उन्हें “धरती आबा” कहा जाता है।
1931 के दूसरे गोलमेज सम्मेलन में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के एकमात्र प्रतिनिधि कौन थे?
- डॉ बी आर अम्बेडकर
- चित्तरंजन दास
- महात्मा गांधी
- जवाहरलाल नेहरू
Explanation:
- महात्मा गांधी – दूसरे गोलमेज सम्मेलन (लंदन, सितंबर-दिसंबर 1931) में कांग्रेस के एकमात्र प्रतिनिधि थे।
- उन्होंने सांप्रदायिक तुष्टिकरण (अल्पसंख्यकों के लिए अलग निर्वाचन) का विरोध किया।
- यह सम्मेलन गांधी-इरविन पैक्ट (मार्च 1931) के बाद हुआ।
- अन्य विकल्प:
- अम्बेडकर – भी उपस्थित थे, पर कांग्रेस के प्रतिनिधि नहीं (अनुसूचित जाति संघ के)।
निम्नलिखित में से कौन-सा, मुंडा विद्रोह के दौरान बिरसा मुंडा द्वारा मुंडा आदिवासी समुदाय को सुझाया गया सुधार नहीं है?
- शराब पीना छोड़ देना
- अपनी भूमि पर खेती करना
- अतीत में जीना छोड़ देना
- जादू-टोने एवं जंतर-मंतर में विश्वास न करना
Explanation:
- अतीत में जीना छोड़ देना – यह बिरसा द्वारा सुझाया गया सुधार नहीं था; बल्कि उन्होंने आदिवासियों को अपनी पारंपरिक जड़ों से जुड़े रहने और ब्रिटिशों का विरोध करने के लिए प्रेरित किया।
- अन्य सुधार सही थे:
- शराब छोड़ना – सामाजिक बुराई।
- भूमि पर खेती – आत्मनिर्भरता।
- जादू-टोना न करना – अंधविश्वास का विरोध।
- अन्य सुधार सही थे:
स्वदेशी आंदोलन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?
- देश के विभिन्न भागों में मजदूरों ने हड़तालें कीं।
- उच्च वर्ग के मुसलमानों का व्यापक समर्थन प्राप्त हुआ।
- अधिक संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया।
- अधिक संख्या में महिलाओं ने भाग लिया।
Explanation:
- गलत कथन – “उच्च वर्ग के मुसलमानों का व्यापक समर्थन” – स्वदेशी आंदोलन (1905-1908) में मुस्लिम भागीदारी कम थी, क्योंकि मुस्लिम लीग (1906) ने इसे समर्थन नहीं दिया और कुछ मुसलमानों ने अंग्रेजों का साथ दिया।
- अन्य कथन सही हैं:
- मजदूरों ने हड़तालें कीं (जुट मिल, कपड़ा मिल)।
- विद्यार्थी और महिलाएँ – बड़ी संख्या में भाग लिया।
- अन्य कथन सही हैं:
1858 के बाद गवर्नर-जनरल के कार्यालय का नाम बदलकर ____ कर दिया गया।
- राज्य सचिव
- भारत का वायसराय
- मुख्य प्रशासक
- प्रधान मंत्री
Explanation:
- भारत का वायसराय – 1858 के भारत सरकार अधिनियम द्वारा, गवर्नर-जनरल के कार्यालय को वायसराय (Viceroy) की उपाधि दी गई, जो ब्रिटिश क्राउन का प्रतिनिधि था।
- लॉर्ड कैनिंग – पहले वायसराय (1858-1862) (वह अंतिम गवर्नर-जनरल भी थे)।
- भारत में राज्य सचिव (ब्रिटेन में) ने कंपनी के बोर्ड की जगह ली।
1857 के विद्रोह के बाद भारत में ब्रिटिश द्वारा हिंदू-मुस्लिम एकता के अविश्वास के कारण कौन सी नीति अपनाई गई?
- व्यपगत का सिद्धांत
- अग्रगामी नीति
- सहायक गठबंधन
- फूट डालो और शासन करो
Explanation:
- फूट डालो और शासन करो (Divide and Rule) – 1857 के विद्रोह के बाद ब्रिटिशों ने हिंदू-मुस्लिम एकता को तोड़ने के लिए यह नीति अपनाई।
- उन्होंने मुसलमानों को विद्रोह का मुख्य कारण बताकर उन्हें दंडित किया, और हिंदू-मुस्लिम अविश्वास को बढ़ावा दिया।
- यह नीति 1905 (बंगाल विभाजन) और सांप्रदायिक निर्वाचन (1909, 1919) में जारी रही।
पजहस्सी राजा (Pazhassi Raja) आधुनिक _________ राज्य के एक स्वतंत्रता सेनानी थे।
- गुजरात
- केरल
- तेलंगाना
- आंध्र प्रदेश
Explanation:
- केरल – पजहस्सी राजा (केरला वर्मा, 1753-1805) – कोट्टायम (मालाबार, केरल) के राजा, ब्रिटिशों के खिलाफ गुरिल्ला युद्ध के लिए प्रसिद्ध।
- उन्होंने 1793-1805 तक अंग्रेजों से लड़ाई लड़ी और केरल का “सिम्हा” कहलाते हैं।
- 1805 में वे मारे गए (ब्रिटिशों के खिलाफ अंतिम संघर्ष)।
महात्मा गांधी के किस आंदोलन ने अखिल भारतीय राजनीति में उनकी एंट्री को चिह्नित किया?
- सविनय अवज्ञा आंदोलन
- खिलाफत और असहयोग आंदोलन
- नमक सत्याग्रह
- चंपारण सत्याग्रह
Explanation:
- खिलाफत और असहयोग आंदोलन (1920-22) – गांधी का पहला अखिल भारतीय जन आंदोलन, जिसने उन्हें राष्ट्रीय नेता बना दिया।
- चंपारण (1917) – स्थानीय आंदोलन (बिहार)।
- असहयोग आंदोलन खिलाफत (तुर्की समर्थन) और जलियांवाला बाग के बाद शुरू हुआ।
निम्नलिखित में से किस घटना के कारण 1907 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का विभाजन नरम दल और गरम दल में हो गया?
- सूरत अधिवेशन
- साइमन कमीशन का आगमन
- बंगाल का विभाजन
- मुस्लिम लीग का गठन
Explanation:
- सूरत अधिवेशन (1907) – INC का विभाजन (नरम दल – गोखले/उदारवादी, गरम दल – तिलक/चरमपंथी) सूरत में हुआ।
- विभाजन का कारण – अध्यक्षता विवाद और चरमपंथियों की माँग (स्वदेशी, बहिष्कार)।
- बाद में 1916 (लखनऊ समझौता) में INC और मुस्लिम लीग एक हुए, पर नरम-गरम विभाजन 1916 में फिर एक हुआ।
इस स्वतंत्रता सेनानी ने गांधी के ‘अहिंसा’ और ‘सत्याग्रह’ के आदर्श को साझा नहीं किया। 1941 में, उन्होंने जर्मनी के रास्ते सिंगापुर जाने के लिए अपना कलकत्ता स्थित घर छोड़ दिया और भारतीय राष्ट्रीय सेना का गठन किया। प्रश्न में नेता हैं:
- सुभाष चंद्र बोस
- मोहन सिंह
- जवाहरलाल नेहरू
- कैप्टन लक्ष्मी
Explanation:
- सुभाष चंद्र बोस (1897-1945) – उन्होंने गांधी के अहिंसा मार्ग को नहीं अपनाया।
- 1941 में वे कलकत्ता से जर्मनी के रास्ते सिंगापुर गए और 1943 में आज़ाद हिंद फौज (भारतीय राष्ट्रीय सेना – INA) का गठन किया।
- उन्होंने “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा” का नारा दिया।
आंदोलन और बहिष्कार के अलावा, ब्रिटिश नीतियों का विरोध करने के लिए चरमपंथियों का तरीका क्या था?
- निष्क्रिय प्रतिरोध
- सांस्कृतिक आत्मसात
- संसद में याचिका
- सशस्त्र विद्रोह
Explanation:
- निष्क्रिय प्रतिरोध (Passive Resistance) – चरमपंथियों (तिलक, अरबिंदो, पाल) की रणनीति थी, जिसमें स्वदेशी, बहिष्कार, असहयोग, राष्ट्रीय शिक्षा शामिल थे।
- उदारवादी – याचिकाएँ।
- क्रांतिकारी – सशस्त्र विद्रोह।
- गांधी – सत्याग्रह (निष्क्रिय प्रतिरोध का विकसित रूप, पर अहिंसा पर जोर)।
संन्यासी-फ़कीर विद्रोह निम्नलिखित में से किस शताब्दी के दूसरे भाग में शुरू हुआ?
- 19वीं
- 16वीं
- 17वीं
- 18वीं
Explanation:
- 18वीं – संन्यासी-फ़कीर विद्रोह (1760-1800) 18वीं शताब्दी के दूसरे भाग में शुरू हुआ (बंगाल)।
- यह विद्रोह हिंदू संन्यासियों और मुस्लिम फ़कीरों द्वारा ब्रिटिशों और जमींदारों के खिलाफ किया गया।
- यह बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के उपन्यास ‘आनंदमठ’ का विषय है (जिसमें ‘वंदे मातरम्’ है)।
विभाजन के बाद हुए दंगों के बाद शांति स्थापित करने के लिए, भारतीय प्रधान मंत्री, जवाहरलाल नेहरू और पाकिस्तान के प्रधान मंत्री, __________ के बीच ‘दिल्ली समझौता’ पर हस्ताक्षर किए गए थे।
- मुहम्मद अली जिन्ना
- मलिक फिरोज खान नून
- लियाकत अली खान
- बेनजीर भुट्टो
Explanation:
- लियाकत अली खान (पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री) – 1950 में दिल्ली समझौता (Delhi Pact) पर हस्ताक्षर किए, जिसका उद्देश्य विभाजन के बाद हुए सांप्रदायिक दंगों (1947-48) के बाद शांति स्थापित करना और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।
- यह समझौता नेहरू-लियाकत समझौते के रूप में भी जाना जाता है।
तमिलनाडु में नमक सत्याग्रह का नेतृत्व__________ने किया था।
- सी. राजगोपालाचारी
- के. कामराज
- पॉटी श्रीरामुलू
- सी. सुब्रमण्यम
Explanation:
- सी. राजगोपालाचारी (राजाजी) – तमिलनाडु में नमक सत्याग्रह (1930) का नेतृत्व किया।
- गांधी के दांडी मार्च (12 मार्च – 6 अप्रैल 1930) से प्रेरित होकर, राजाजी ने वेदारण्यम मार्च का नेतृत्व किया।
- वह स्वतंत्रता के बाद भारत के अंतिम गवर्नर-जनरल (1948-1950) भी रहे।
1907 में किस भारतीय स्वतंत्रता सेनानी ने जर्मनी के स्टटगार्ट में ध्वज जिसे सप्तर्षि ध्वज के रूप में जाना जाता है उसे फहराया था?
- मैडम कामा
- महात्मा गांधी
- दादाभाई नौरोजी
- लोकमान्य तिलक
Explanation:
- मैडम कामा (भीकाजी कामा, 1861-1936) – 22 अगस्त 1907 को स्टटगार्ट (जर्मनी) में अंतर्राष्ट्रीय समाजवादी सम्मेलन में सप्तर्षि ध्वज (भारतीय तिरंगा) फहराया।
- यह ध्वज हरे, पीले, लाल रंग का था जिसमें सप्तर्षि (सात तारे) थे।
- बाद में इसे इंदुलाल याज्ञनिक ने भारत में तस्करी कर लाया।
भारत के अंतिम गवर्नर जनरल कौन थे?
- लुईस माउंटबेटन
- चक्रवर्ती राजगोपालाचारी
- एडवर्ड लॉ
- वारेन हेस्टिंग्स
Explanation:
- चक्रवर्ती राजगोपालाचारी (राजाजी) – भारत के अंतिम गवर्नर-जनरल (1948-1950)।
- लॉर्ड माउंटबेटन (1947-1948) – भारत के प्रथम गवर्नर-जनरल (स्वतंत्र भारत के) – पर वह अंतिम नहीं थे।
- 1950 में भारत गणराज्य बना और गवर्नर-जनरल का पद समाप्त हो गया (राष्ट्रपति ने स्थान लिया)।
मोपला विद्रोह किन वर्षों के मध्य हुआ?
- 1917-1919
- 1923-1924
- 1921-1922
- 1914-1915
Explanation:
- 1921-1922 – मोपला विद्रोह (Moplah Rebellion) केरल (मालाबार) में मोपला (मुस्लिम) किसानों द्वारा ब्रिटिशों और जमींदारों के खिलाफ किया गया।
- यह खिलाफत आंदोलन से जुड़ा था।
- इसमें कुछ हिंदुओं के खिलाफ भी हिंसा हुई, जिससे सांप्रदायिक तनाव बढ़ा।
जलियांवाला बाग हत्याकांड किस तारीख को हुआ था?
- 13 अप्रैल, 1920
- 13 अप्रैल, 1919
- 30 अप्रैल, 1920
- 30 अप्रैल, 1919
Explanation:
- 13 अप्रैल 1919 – जलियांवाला बाग हत्याकांड (अमृतसर) जनरल डायर द्वारा किया गया।
- यह बैसाखी का दिन था, जब एक निहत्थी भीड़ पर गोलियाँ चलाई गईं (लगभग 379-1,000 मौतें) – भारत के स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण मोड़।
- इसके बाद गांधी ने 1919 में रोलेट सत्याग्रह वापस ले लिया।
मैडम कामा द्वारा स्टटगार्ट में फहराया गया तिरंगा ब्रिटिश भारत में किसके द्वारा तस्करी कर लाया गया था?
- वीर सावरकर
- किशन सिंह
- इंदुलाल याज्ञनिक
- भीकाजी कामा
Explanation:
- इंदुलाल याज्ञनिक – उन्होंने मैडम कामा द्वारा 1907 में स्टटगार्ट में फहराए गए तिरंगे को ब्रिटिश भारत में तस्करी कर लाया (गुप्त रूप से)।
- यह तिरंगा बाद में स्वदेशी आंदोलन और INC के लिए प्रतीक बन गया।
जलियांवाला बाग हत्याकांड किस वायसराय के कार्यकाल में हुआ था?
- लॉर्ड इरविन
- लॉर्ड डलहौजी
- लॉर्ड चेम्सफोर्ड
- लॉर्ड रिपन
Explanation:
- लॉर्ड चेम्सफोर्ड (1916-1921) – जलियांवाला बाग हत्याकांड (13 अप्रैल 1919) उनके कार्यकाल में हुआ।
- यह घटना पंजाब के अमृतसर में जनरल डायर द्वारा निहत्थे भीड़ पर गोली चलाने की थी।
- चेम्सफोर्ड ने रोलेट एक्ट (1919) को मंजूरी दी, जिसने हत्याकांड को जन्म दिया।
- अन्य वायसराय:
- लॉर्ड इरविन (1926-1931) – गांधी-इरविन समझौता (1931)।
- लॉर्ड डलहौजी (1848-1856) – व्यपगत का सिद्धांत (Doctrine of Lapse)।
- लॉर्ड रिपन (1880-1884) – इल्बर्ट बिल विवाद।
भारत में राष्ट्रीय आय की गणना करने का पहला प्रयास किसके द्वारा किया गया था?
- दादाभाई नौरोजी
- वी केआरवी राव
- पी सी महालनोबिस
- एसडी तेंदुलकर
Explanation:
- दादाभाई नौरोजी (1825-1917) – भारत की राष्ट्रीय आय का पहला अनुमान (1876) अपनी पुस्तक “पावर्टी एंड अन-ब्रिटिश रूल इन इंडिया” में दिया।
- उन्होंने प्रति व्यक्ति आय ~₹20 (वार्षिक) अनुमानित की।
- उन्होंने धन की निकासी (Drain Theory) का सिद्धांत प्रतिपादित किया।
- अन्य अर्थशास्त्री:
- पी.सी. महालनोबिस – राष्ट्रीय आय समिति (1949) के अध्यक्ष।
- वी.के.आर.वी. राव – राष्ट्रीय आय का वैज्ञानिक अनुमान (1951)।
विधवाओं को पुनर्विवाह की अनुमति देने वाला कानून (हिंदू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम) वर्ष में पारित किया गया था:
- 1858
- 1855
- 1856
- 1854
Explanation:
- हिंदू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम (1856) – लॉर्ड डलहौजी (गवर्नर-जनरल) के समय पारित।
- यह ईश्वर चंद्र विद्यासागर के सामाजिक सुधार अभियान का परिणाम था।
- बाद में (1872) – नेटिव मैरिज एक्ट (सिविल विवाह) भी पारित हुआ।
- अतिरिक्त:
- सती विनियमन – 1829 (लॉर्ड बेंटिक)।
- बाल विवाह निरोधक अधिनियम – 1929 (शारदा अधिनियम)।
प्रख्यात समाज सुधारक और महिला शिक्षा कार्यकर्ता पंडिता रमाबाई सरस्वती ______ की महान विदुषी थीं।
- अंग्रेज़ी
- मराठी
- संस्कृत
- हिंदी
Explanation:
- पंडिता रमाबाई सरस्वती (1858-1922) – संस्कृत की महान विदुषी थीं।
- उन्हें “पंडिता” की उपाधि कलकत्ता विश्वविद्यालय ने संस्कृत विद्वत्ता के लिए दी थी।
- उन्होंने महिला शिक्षा और अस्पृश्यता के खिलाफ काम किया।
- उन्होंने 1896 में मुंबई में आर्य महिला समाज की स्थापना की।
भारत में प्रथम ब्रिटिश प्रेसीडेंसी की स्थापना कहाँ की गई थी?
- सूरत
- कोलकाता
- मुंबई
- गोवा
Explanation:
- सूरत (गुजरात) – पहली ब्रिटिश प्रेसीडेंसी (1615) (फैक्टरी/कारखाना) की स्थापना सर थॉमस रो (ब्रिटिश दूत) ने की।
- बाद में 1687 में मुख्यालय बॉम्बे स्थानांतरित किया गया।
- अंततः 1773 में कोलकाता (कलकत्ता) भारत की राजधानी बनी (पहले प्रेसीडेंसी)।
- अन्य विकल्प:
- गोवा – पुर्तगाली (1510)।
- कोलकाता – ब्रिटिश (1690) (फोर्ट विलियम)।
1875 में मुहम्मडन एंग्लो-ओरिएंटल कॉलेज की स्थापना किसने की जो बाद में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय बन गया?
- जाकिर हुसैन
- मौलाना अबुल कलाम आज़ाद
- सैयद अहमद खान
- मुहम्मद अली जिन्ना
Explanation:
- सैयद अहमद खान (1817-1898) – 1875 में अलीगढ़ में मुहम्मडन एंग्लो-ओरिएंटल कॉलेज की स्थापना की।
- बाद में (1920) यह अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) बना।
- यह मुसलमानों में आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए था।
- अन्य विकल्प:
- जाकिर हुसैन – AMU के कुलपति (1948-56), भारत के राष्ट्रपति (1967-69)।
वर्णनात्मक इतिहास ‘भारत, गांधी के बाद’ किसने लिखा है?
- मालती राव
- रामचंद्र गुहा
- रूपा बाजवा
- अरुंधति रॉय
Explanation:
- रामचंद्र गुहा (प्रसिद्ध इतिहासकार) – “भारत, गांधी के बाद” (India After Gandhi) – 2007 में प्रकाशित।
- यह 1947 से 2000 के दशक तक भारत का वर्णनात्मक इतिहास है।
- अन्य पुस्तकें:
- अरुंधति रॉय – “द गॉड ऑफ स्मॉल थिंग्स” (उपन्यास)।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पहले मुस्लिम अध्यक्ष कौन थे?
- अबुल कलाम आज़ाद
- बदरुद्दीन तैयबजी
- नवाब सैयद मुहम्मद बहादुर
- दादाभाई नौरोजी
Explanation:
- बदरुद्दीन तैयबजी (1844-1906) – 1887 में INC के तीसरे सत्र (मद्रास) के अध्यक्ष – INC के पहले मुस्लिम अध्यक्ष।
- वह बॉम्बे उच्च न्यायालय के पहले मुस्लिम न्यायाधीश भी थे।
- अन्य:
- मौलाना अबुल कलाम आज़ाद – INC के सबसे युवा अध्यक्ष (1923, 35 वर्ष) – पहले मुस्लिम नहीं (बदरुद्दीन पहले थे)।
लॉर्ड इरविन को लिखे अपने पत्र में महात्मा गांधी ने कितनी मांगें कीं, जिनमें से कुछ पर सहमति बन गई और उन्हें गांधी-इरविन समझौते के रूप में जाना जाने लगा?
- 10
- 13
- 12
- 11
Explanation:
- 11 मांगें – महात्मा गांधी ने 31 जनवरी 1931 को लॉर्ड इरविन को 11 सूत्रीय मांगों वाला पत्र लिखा।
- इनमें नमक कर में छूट, कांग्रेस पर प्रतिबंध हटाना, गोलमेज सम्मेलन में कांग्रेस की भागीदारी आदि शामिल थे।
- इसी पर गांधी-इरविन समझौता (5 मार्च 1931) हुआ।
1920-22 में असहयोग आंदोलन का नेतृत्व किसने किया?
- महात्मा गांधी
- जवाहरलाल नेहरू
- सुभाष चंद्र बोस
- मोतीलाल नेहरू
Explanation:
- महात्मा गांधी – 1920-22 के असहयोग आंदोलन का नेतृत्व किया।
- यह खिलाफत आंदोलन के साथ मिलकर चला।
- इसमें विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार, शिक्षा संस्थानों का त्याग, न्यायालयों से इस्तीफा आदि शामिल थे।
- 1922 में चौरी चौरा हिंसा के बाद आंदोलन वापस ले लिया गया।
रॉलेट एक्ट _________ में पारित किया गया था।
- 1920
- 1919
- 1921
- 1922
Explanation:
- रॉलेट एक्ट (1919) – 6 फरवरी 1919 को ब्रिटिश सरकार द्वारा पारित।
- इसे “काला कानून” (Black Act) कहा गया।
- इसने बिना मुकदमे किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार करने की अनुमति दी।
- इसके विरोध में गांधी ने रोलेट सत्याग्रह (6 अप्रैल 1919) शुरू किया।
खिलाफत आंदोलन का नेतृत्व किसके द्वारा किया गया था:
- शौकत अली और मुहम्मद अली
- शौकत अली और अरमान अली
- शौकत अली और मुसाफिर अली
- अरमान अली और मुहम्मद अली
Explanation:
- शौकत अली और मुहम्मद अली (अली बंधु) – खिलाफत आंदोलन (1919-1924) के नेता।
- यह आंदोलन तुर्की के खलीफा की स्थिति की रक्षा के लिए था (ब्रिटिशों द्वारा खलीफा को हटाने के बाद)।
- गांधी ने इस आंदोलन को अपना असहयोग आंदोलन (1920) के साथ मिला दिया।
1857 के विद्रोह का तात्कालिक कारण बने ग्रीस्ड कारतूसों का उपयोग करने वाली एनफील्ड राइफलों को पेश करने के लिए कौन जिम्मेदार था?
- हेनरी हार्डिंग
- कैप्टेन हर्से
- फ्रांसिस ग्रांट
- लॉर्ड विलियम बेंटिक
Explanation:
- हेनरी हार्डिंग (गवर्नर-जनरल, 1844-1848) – 1857 के विद्रोह के कारण बने एनफील्ड राइफल्स और ग्रीस्ड कारतूस (पशु वसा वाले) को पेश करने की जिम्मेदारी उनके कार्यकाल में थी।
- वास्तव में, कारतूस 1853 में लॉर्ड डलहौजी के समय पेश किए गए थे, पर हार्डिंग (जो गवर्नर-जनरल नहीं, बल्कि लॉर्ड हार्डिंग (1910-1916) बाद में थे, यह प्रश्न में भ्रम है – वास्तविक कारण डलहौजी के कार्यकाल में था। फिर भी, विकल्पों में हेनरी हार्डिंग दिया है)।
रॉलेट एक्ट के तहत निम्नलिखित में से कौनसा उपाय किया गया था?
- विदेश यात्रा पर प्रतिबंध
- खादी पहनने पर प्रतिबंध
- विदेशी वस्तुएं खरीदने के लिए बाध्य
- बिना मुकदमे के कारावास
Explanation:
- बिना मुकदमे के कारावास – रॉलेट एक्ट (1919) की प्रमुख विशेषता (निवारक निरोध)।
- इसके तहत हाबियस कॉर्पस को निलंबित किया गया था।
- अन्य विकल्प:
- विदेश यात्रा – 1920-30 के दशक में कुछ प्रतिबंध (गांधी की यात्रा)।
- खादी – स्वदेशी आंदोलन का हिस्सा (असहयोग)।
किस प्रसिद्ध क्रांतिकारी ने 1920 के दशक में झांसी में सतर नदी के समीप पंडित हरिशंकर ब्रह्मचारी के नाम से अपना आश्रय स्थापित किया था?
- भगत सिंह
- उधम सिंह
- खुदीराम बोस
- चंद्रशेखर आज़ाद
Explanation:
- चंद्रशेखर आज़ाद (1906-1931) – 1920 के दशक में झांसी (सतर नदी के पास) में पंडित हरिशंकर ब्रह्मचारी के नाम से आश्रय लेकर रहे।
- वह हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA) के प्रमुख क्रांतिकारी थे।
- उन्होंने 1931 में अल्फ्रेड पार्क (इलाहाबाद) में ब्रिटिशों से लड़ते हुए आत्महत्या कर ली।
1920 के असहयोग आंदोलन के साथ किस अन्य आंदोलन को सम्मिलित किया गया था?
- स्वदेशी आंदोलन
- खिलाफत आंदोलन
- होम रूल आंदोलन
- अगस्त क्रांति
Explanation:
- खिलाफत आंदोलन – गांधी ने 1920 में असहयोग को खिलाफत के साथ मिला दिया।
- यह एक रणनीतिक गठबंधन था – हिंदू-मुस्लिम एकता को मजबूत करने के लिए।
- अन्य आंदोलन:
- स्वदेशी – 1905 (बंगाल विभाजन के विरोध में)।
- होम रूल – 1916 (तिलक/बेसेंट)।
27 अगस्त 1947 को संविधान सभा की बहस में किसने कहा था, “मेरा मानना है कि पृथक निर्वाचक मंडल अल्पसंख्यकों के लिए आत्मघाती होगा।”?
- आर. वी. धुलेकर
- गोविंद बल्लभ पंत
- बी. पोकर बहादुर
- सरदार वल्लभ भाई पटेल
Explanation:
- गोविंद बल्लभ पंत (1887-1961) – उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री, ने 27 अगस्त 1947 को संविधान सभा में यह कथन दिया।
- उन्होंने पृथक निर्वाचक मंडलों (Separate Electorates) का विरोध किया, जो सांप्रदायिक विभाजन को बढ़ावा देते थे।
- बाद में 1950 के संविधान में पृथक निर्वाचक मंडल समाप्त कर दिए गए।
महात्मा गांधी राजनीति में किसे अपना गुरु मानते थे?
- गोपाल कृष्ण गोखले
- रायचंदभाई
- लाला लाजपत राय
- बाल गंगाधर तिलक
Explanation:
- गोपाल कृष्ण गोखले (1866-1915) – गांधी जी ने उन्हें अपना राजनीतिक गुरु माना।
- गोखले ने 1914 में गांधी को सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी में शामिल किया।
- गांधी ने उन्हें अपना “राजनीतिक मार्गदर्शक” कहा।
- अन्य:
- रायचंदभाई – गांधी के आध्यात्मिक गुरु।
- तिलक/लाजपत राय – सहयोगी, पर गुरु नहीं।
1931 में, निम्नलिखित में से कौन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष थे?
- नेली सेनगुप्ता
- सुभाष चन्द्र बोस
- डॉ. राजेंद्र प्रसाद
- वल्लभभाई जे. पटेल
Explanation:
- वल्लभभाई पटेल (सरदार) – 1931 में INC के कराची अधिवेशन के अध्यक्ष थे।
- इस अधिवेशन में मौलिक अधिकारों और राष्ट्रीय आर्थिक कार्यक्रम का प्रस्ताव पारित किया गया।
- अन्य विकल्प:
- सुभाष बोस – 1938 (हरिपुरा), 1939 (त्रिपुरी) – 1931 में नहीं।
- राजेंद्र प्रसाद – 1934 (बॉम्बे) में अध्यक्ष।
जलियांवाला बाग हत्याकांड में शामिल होने के कारण माइकल फ्रांसिस ओ’डायर की हत्या कर दी गई:
- चन्द्रशेखर आजाद
- उधम सिंह
- भगत सिंह
- मंगल पांडे
Explanation:
- उधम सिंह (1899-1940) – 13 मार्च 1940 को लंदन में जलियांवाला बाग हत्याकांड के जिम्मेदार माइकल फ्रांसिस ओ’डायर (पूर्व पंजाब लेफ्टिनेंट गवर्नर) की हत्या की।
- उन्होंने ओ’डायर को कैक्सटन हॉल (लंदन) में गोली मारी।
- उन्हें 31 जुलाई 1940 को पेंटनविले जेल (लंदन) में फाँसी दी गई।
निम्नलिखित को सही कालानुक्रमिक क्रम में व्यवस्थित कीजिए जैसा कि वे स्वतंत्रता संग्राम के दौरान घटित हुए थे: A. जलियांवाला बाग हत्याकांड; B. भारत छोड़ो आंदोलन; C. झंडा सत्याग्रह; D. असहयोग आंदोलन
- D – A – C – B
- C – D – B – A
- A – D – C – B
- A – B – C – D
Explanation:
- A – D – C – B – सही कालक्रम:
- A. जलियांवाला बाग – 13 अप्रैल 1919
- D. असहयोग आंदोलन – 1920-22
- C. झंडा सत्याग्रह – 1923 (नागपुर में, कांग्रेस के झंडे के समर्थन में)
- B. भारत छोड़ो आंदोलन – अगस्त 1942
निम्नलिखित में से कौन सा आंदोलन नील की जबरन खेती से संबंधित है?
- बारदोली सत्याग्रह
- दांडी यात्रा
- चम्पारण सत्याग्रह
- असहयोग आंदोलन
Explanation:
- चम्पारण सत्याग्रह (1917) – बिहार में नील (indigo) की जबरन खेती के खिलाफ गांधी का पहला सत्याग्रह।
- किसानों को ब्रिटिश ज़मींदारों द्वारा नील उगाने के लिए मजबूर किया जाता था (तीन कठिया प्रथा)।
- गांधी ने 1917 में चंपारण (बिहार) में जांच की और आंदोलन चलाया।
- इसे गांधी का पहला सविनय अवज्ञा आंदोलन भी कहा जाता है (पूर्ण विकसित सत्याग्रह)।
ब्रिटिश सेना में किस भारतीय सिपाही ने 1857 के भारतीय विद्रोह के तुरंत पहले की घटनाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी?
- लोकमान्य तिलक
- मंगल सिंह
- मंगल पांडे
- भगत सिंह
Explanation:
- मंगल पांडे (1827-1857) – ब्रिटिश सेना में 34वीं बंगाल नेटिव इन्फैंट्री के सिपाही, जिन्होंने 29 मार्च 1857 को बैरकपुर में ग्रीस्ड कारतूस के खिलाफ विद्रोह किया।
- उन्होंने ब्रिटिश अधिकारियों पर हमला किया और 8 अप्रैल 1857 को उन्हें फाँसी दी गई।
- उनकी घटना ने 10 मई 1857 को मेरठ में विद्रोह को प्रज्वलित किया।
निम्नलिखित में से किसको हिंदू और मुसलमानों के बीच अंतर को बढ़ाने के लिए अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों की शुरुआत की गई थी?
- रौलेट एक्ट
- मॉर्ले-मिंटो सुधार
- इल्बर्ट बिल
- द्वैध शासन
Explanation:
- मॉर्ले-मिंटो सुधार (1909) – पृथक निर्वाचक मंडल (Separate Electorates) की शुरुआत की – मुसलमानों को अलग निर्वाचक क्षेत्र दिए गए।
- इसने हिंदू-मुस्लिम विभाजन को संस्थागत रूप दिया, जिसे बाद में सांप्रदायिक अलगाव के लिए जिम्मेदार ठहराया गया।
- अन्य विकल्प:
- रॉलेट एक्ट – 1919 (निरोधक कानून)।
- इल्बर्ट बिल – 1883 (भारतीय न्यायाधीशों को यूरोपीयों पर मुकदमा चलाने की अनुमति – विवादित)।
विश्व के किस प्रसिद्ध व्यक्तित्व को ‘फ्यूहरर’ के नाम से भी जाना जाता है?
- अडोल्फ हिट्लर
- व्लादिमीर लेनिन
- जोसफ स्टालिन
- नेपोलियन बोनापार्ट
Explanation:
- अडोल्फ हिट्लर (1889-1945) – “फ्यूहरर” (Führer) का अर्थ “नेता” (Leader) है – उन्होंने 1934 से 1945 तक जर्मनी पर शासन किया।
- अन्य उपाधियाँ:
- इल ड्यूस – बेनिटो मुसोलिनी (इटली)।
- काइसर – जर्मन सम्राट।
- अन्य उपाधियाँ:
गांधी-इरविन समझौता कब किया गया था?
- 1930
- 1931
- 1941
- 1940
Explanation:
- 5 मार्च 1931 – गांधी-इरविन समझौता (दिल्ली)।
- गांधी ने सविनय अवज्ञा आंदोलन (नमक सत्याग्रह) को स्थगित करने पर सहमति व्यक्त की।
- लॉर्ड इरविन ने INC पर प्रतिबंध हटाने, नमक कर में कुछ रियायत, और गोलमेज सम्मेलन में INC की भागीदारी की स्वीकृति दी।
फ़्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना कब हुई थी?
- 1665
- 1667
- 1664
- 1666
Explanation:
- फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी (Compagnie des Indes Orientales) – 1664 में लुई XIV के शासनकाल में जीन-बैप्टिस्ट कोलबर्ट द्वारा स्थापित।
- इसने भारत में 1673 में पांडिचेरी में अपना पहला कारखाना स्थापित किया।
- अन्य कंपनियाँ:
- अंग्रेज – 1600
- डच – 1602
बिहार कब बंगाल से विभाजित हुआ और छोटानागपुर के कुछ हिस्से बंगाल में विलय हो गये?
- 1915
- 1912
- 1914
- 1913
Explanation:
- 1912 – बिहार को बंगाल (ब्रिटिश प्रांत) से अलग कर एक अलग प्रांत बनाया गया।
- इसी वर्ष ओडिशा भी अलग हुआ, पर छोटानागपुर (अब झारखंड) के कुछ हिस्से बंगाल में विलय कर दिए गए।
- यह विभाजन 1905 के बंगाल विभाजन (बहाल 1911) के बाद का परिणाम था।
गदर पार्टी की स्थापना भारतीयों द्वारा वर्ष 1913 में की गई थी। इसका मुख्यालय कहाँ था?
- अमृतसर
- लाहौर
- बंबई
- सैन फ्रांसिस्को
Explanation:
- गदर पार्टी (1913) – मुख्यालय सैन फ्रांसिस्को (अमेरिका) में (युगांतर आश्रम)।
- इसकी स्थापना लाला हरदयाल, सोहन सिंह भकना और पंडित कांशीराम ने की थी।
- इसका उद्देश्य भारत में ब्रिटिश शासन को हिंसक क्रांति के माध्यम से समाप्त करना था।
- इसने 1915 में गदर विद्रोह का प्रयास किया (असफल)।
स्वतंत्रता संग्राम की घटनाओं का निम्नलिखित में से कौन सा कालानुक्रमिक क्रम सही है?
- असहयोगी आंदोलन – सिपाही विद्रोह – चंपारण आंदोलन – बंगाल का विभाजन
- सिपाही विद्रोह – बंगाल का विभाजन – चंपारण आंदोलन – असहयोगी आंदोलन
- असहयोग आंदोलन – चंपारण आंदोलन – बंगाल का विभाजन – सिपाही विद्रोह
- असहयोग आंदोलन – चंपारण आंदोलन – सिपाही विद्रोह – बंगाल का विभाजन
Explanation:
- सिपाही विद्रोह (1857) → बंगाल का विभाजन (1905) → चंपारण (1917) → असहयोग (1920-22) – सही कालक्रम।
- अन्य घटनाएँ:
- सविनय अवज्ञा – 1930
- भारत छोड़ो – 1942
- अन्य घटनाएँ:
निम्नलिखित में से कौन काकोरी ट्रेन एक्शन की योजना बनाने वालों में से एक था?
- सुखदेव
- भगत सिंह
- उधम सिंह
- अशफाक उल्ला खान
Explanation:
- अशफाक उल्ला खान (1900-1927) – काकोरी ट्रेन एक्शन (9 अगस्त 1925) के मुख्य योजनाकारों में से एक।
- इसमें क्रांतिकारियों (HSRA) ने ब्रिटिश सरकार की नकदी से भरी ट्रेन को काकोरी (UP) में लूटा।
- अशफाक को 1927 में फाँसी दी गई।
- अन्य योजनाकार: राम प्रसाद बिस्मिल, रोशन सिंह, राजेंद्र लाहिड़ी।
लंदन में प्रथम गोलमेज सम्मेलन के दौरान ब्रिटिश प्रधान मंत्री कौन थे?
- रामसे मैक्डोनाल्ड
- एन चेम्बरलेन
- स्टेनली बाल्डविन
- विंस्टन चर्चिल
Explanation:
- रामसे मैक्डोनाल्ड (1866-1937) – प्रथम गोलमेज सम्मेलन (नवंबर 1930 – जनवरी 1931) के दौरान ब्रिटिश प्रधान मंत्री (लेबर पार्टी)।
- दूसरा सम्मेलन (1931) भी मैक्डोनाल्ड के नेतृत्व में हुआ।
- इन सम्मेलनों में भारत के भविष्य पर चर्चा हुई, पर INC ने पहला बहिष्कार किया (गांधी ने दूसरे में भाग लिया)।
भारत के लिए समुद्री मार्ग की खोज किसने की?
- क्रिस्टोफर कोलोम्बस
- वास्को डी गामा
- इब्न बतूता
- ह्वेनसांग
Explanation:
- वास्को डी गामा (1498) – यूरोप से भारत के लिए समुद्री मार्ग की खोज (केप ऑफ गुड होप के मार्ग से)।
- वह पुर्तगाली खोजकर्ता था।
- अन्य विकल्प:
- कोलंबस – अमेरिका की खोज (1492) – भारत नहीं।
- इब्न बतूता – मोरक्को यात्री (भारत 1334) – स्थल मार्ग से।
1878 में किस गवर्नर जनरल ने वर्नाक्युलर प्रेस अधिनियम प्रस्तावित किया था?
- लॉर्ड चेम्सफोर्ड
- लॉर्ड हार्डिंग
- लॉर्ड मिंटो
- लॉर्ड लिटन
Explanation:
- लॉर्ड लिटन (1876-1880) – वर्नाक्युलर प्रेस अधिनियम (1878) – भारतीय भाषाओं के समाचार पत्रों को सेंसर करने के लिए।
- इसका उद्देश्य राष्ट्रवादी विचारधारा को दबाना था।
- इसका विरोध भारतीय नेताओं और अंग्रेजी प्रेस (लिटन का चौकीदार उपनाम) ने किया।
- बाद में लॉर्ड रिपन (1882) ने इसे निरस्त कर दिया।
सहायक संधि, जिसके माध्यम से अंग्रेज अपने भारतीय सहयोगियों को उनकी शक्ति के बाहरी और आंतरिक खतरों से बचाने के लिए जिम्मेदार थे, किसके द्वारा तैयार की गई थी?
- लॉर्ड डलहौजी
- लॉर्ड कर्जन
- लॉर्ड वेलेस्ले
- लॉर्ड बेंटिक
Explanation:
- लॉर्ड वेलेस्ली (1798-1805) – सहायक संधि (Subsidiary Alliance) नीति (1798)।
- इसके अनुसार, भारतीय रियासतें ब्रिटिशों की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा के लिए जिम्मेदार थीं, पर अपनी संप्रभुता खो देती थीं।
- इस नीति के तहत हैदराबाद, अवध, मैसूर, मराठा रियासतों ने संधि स्वीकार की।
- अन्य विकल्प:
- डलहौजी – व्यपगत का सिद्धांत (Doctrine of Lapse) – 1848-56।
मुस्लिम लीग की मांग की जांच करने और एक स्वतंत्र भारत के लिए उपयुक्त राजनीतिक ढांचे का सुझाव देने के लिए ब्रिटिश कैबिनेट मिशन भारत कब आया था?
- मार्च 1946
- जनवरी 1946
- मई 1946
- अगस्त 1946
Explanation:
- मार्च 1946 – ब्रिटिश कैबिनेट मिशन (3 सदस्य: लॉर्ड पेथिक-लॉरेंस, सर स्टैफोर्ड क्रिप्स, ए.वी. अलेक्जेंडर) भारत आया।
- इसका उद्देश्य मुस्लिम लीग (पाकिस्तान) की मांगों पर चर्चा और भारत के लिए एक संघीय ढाँचा सुझाना था।
- इसने 16 मई 1946 को कैबिनेट मिशन योजना प्रस्तुत की।
- बाद में प्रत्यक्ष कार्रवाई दिवस (16 अगस्त 1946) हुआ।
किसने पुस्तक “स्त्री पुरुष तुलना (महिलाओं और पुरुषों के बीच तुलना)” लिखी, जिसमें पुरुषों और महिलाओं के बीच सामाजिक अंतर की आलोचना की गई थी?
- पंडिता रमाबाई
- ईश्वर चंद्र विद्यासागर
- राजा राम मोहन राय
- ताराबाई शिंदे
Explanation:
- ताराबाई शिंदे (1850-1910) – महाराष्ट्र की समाज सुधारिका ने 1882 में “स्त्री पुरुष तुलना” (Stree Purush Tulana) लिखी।
- इसमें लैंगिक असमानता, पुरुष-प्रधान समाज और महिलाओं की स्थिति की आलोचना की गई।
- यह मराठी में लिखी गई पहली नारीवादी पुस्तकों में से एक है।
ब्रिटिशों ने भारत में राजनीतिक सत्ता कब प्राप्त की?
- 1757
- 1657
- 1947
- 1857
Explanation:
- 1757 – प्लासी का युद्ध (23 जून 1757) – रॉबर्ट क्लाइव ने सिराज-उद-दौला (बंगाल के नवाब) को हराया।
- यह ब्रिटिश राजनीतिक सत्ता की शुरुआत थी (प्रशासनिक शक्ति मिली)।
- बाद में 1857 के बाद ब्रिटिश क्राउन ने सीधे (क्वीन विक्टोरिया, 1858) शासन संभाला (उपनिवेश बन गया)।
निम्नलिखित में से कौन सा साइमन कमीशन का सदस्य नहीं था?
- जेम्स ए स्कॉट
- क्लेमेंट एटली
- हैरी लेवी-लॉसन
- जॉन साइमन
Explanation:
- जेम्स ए. स्कॉट – साइमन कमीशन (1927) के सदस्य नहीं थे (वह ब्रिटिश क्राउन के पूर्व अधिकारी थे)।
- साइमन कमीशन (1927) के सदस्य:
- सर जॉन साइमन (अध्यक्ष), क्लेमेंट एटली, हैरी लेवी-लॉसन, एडवर्ड कैडोगन, जॉर्ज लेन, वर्नोन हार्टशॉर्न (कुल 7 सदस्य – सभी ब्रिटिश, कोई भारतीय नहीं)।
- इस कमीशन का विरोध “साइमन वापस जाओ” के नारे के साथ किया गया।
- साइमन कमीशन (1927) के सदस्य:
निम्नलिखित में से किस घटना से पहले गांधी-इरविन समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे?
- तीसरा गोलमेज सम्मेलन
- कांग्रेस का लखनऊ अधिवेशन
- दूसरा गोलमेज सम्मेलन
- पहला गोलमेज सम्मेलन
Explanation:
- गांधी-इरविन समझौता (5 मार्च 1931) – दूसरा गोलमेज सम्मेलन (सितंबर-दिसंबर 1931) से पहले हुआ।
- इस समझौते के तहत, गांधी ने दूसरे गोलमेज सम्मेलन में INC का प्रतिनिधित्व करने पर सहमति व्यक्त की।
- पहला सम्मेलन (1930) INC के बहिष्कार के कारण असफल रहा था।
किसने एक बार कहा था, “नेहरू देशभक्त हैं, जबकि जिन्ना राजनीतिज्ञ हैं”?
- ऑरोबिंदो घोष
- जवाहरलाल नेहरू
- रवींद्रनाथ टैगोर
- मोहम्मद इकबाल
Explanation:
- मोहम्मद इकबाल (1877-1938) – प्रसिद्ध कवि और दार्शनिक ने नेहरू के बारे में कहा, “नेहरू देशभक्त हैं, जबकि जिन्ना राजनीतिज्ञ हैं”।
- इकबाल ने पाकिस्तान के विचार को प्रोत्साहित किया, पर बाद में उन्होंने जिन्ना की आलोचना भी की।
- उन्होंने “सारे जहाँ से अच्छा” (तराना-ए-हिंद) गीत लिखा।
भारत छोड़ो आंदोलन अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के ______ अधिवेशन में शुरू किया गया था।
- बॉम्बे
- कलकत्ता
- सूरत
- लाहौर
Explanation:
- बॉम्बे (मुंबई) – अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने 8 अगस्त 1942 को बॉम्बे (गोवालिया टैंक मैदान) में भारत छोड़ो आंदोलन का प्रस्ताव पारित किया।
- गांधी ने “करो या मरो” (Do or Die) का नारा दिया।
- इसके तुरंत बाद ब्रिटिशों ने गांधी और नेताओं को गिरफ्तार कर लिया।
25 अप्रैल 1945 को, _____ सरकारें सैन फ्रांसिस्को में एक सम्मेलन के लिए मिलीं और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का मसौदा तैयार करना शुरू किया।
- 25
- 60
- 50
- 45
Explanation:
- 50 – 25 अप्रैल 1945 को 50 देशों ने सैन फ्रांसिस्को (अमेरिका) में सम्मेलन किया और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का मसौदा तैयार किया (अधिकृत रूप से 26 जून 1945 को हस्ताक्षर)।
- भारत ब्रिटिश उपनिवेश के रूप में भी सदस्य था (ब्रिटेन के प्रतिनिधि के रूप में, पर 1945 में भारत ने स्वतंत्र रूप से हस्ताक्षर नहीं किए)।
- संयुक्त राष्ट्र की स्थापना 24 अक्टूबर 1945 को हुई।
15 अगस्त 1947 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष कौन थे?
- पंडित जेएल नेहरू
- राजेंद्र प्रसाद
- जे.बी. कृपलानी
- सरदार पटेल
Explanation:
- जे.बी. कृपलानी (जीवतराम भगवानदास कृपलानी) – 1947 में INC के अध्यक्ष (1946-1947) थे।
- इन्होंने 15 अगस्त 1947 को INC अध्यक्ष के रूप में कार्य किया।
- बाद में वे खेतान मजदूर संघ के नेता भी रहे।
- अन्य:
- नेहरू – 1947 में भारत के प्रधान मंत्री, पर INC अध्यक्ष नहीं (उन्होंने 1929, 1930, 1936, 1937, 1951 में अध्यक्षता की)।
भारत में वर्नाकुलर प्रेस एक्ट किसने लागू किया था?
- लॉर्ड विलिंगडन
- लॉर्ड लिटन
- लॉर्ड डलहौजी
- लॉर्ड रिपन
Explanation:
- लॉर्ड लिटन (1878) – वर्नाक्युलर प्रेस अधिनियम (जैसा कि प्रश्न 43 में बताया) – उन्होंने ही लागू किया (दोबारा प्रश्न)।
- अतिरिक्त: लिटन दिल्ली दरबार (1877) और क्वीन विक्टोरिया को “भारत की महारानी” घोषित करने के लिए भी जाने जाते हैं।
निम्नलिखित में से किस सत्याग्रह में वल्लभ भाई पटेल को “सरदार” की उपाधि मिली?
- चंपारण
- अहमदाबाद मिल हड़ताल
- खेड़ा
- बारदोली
Explanation:
- बारदोली सत्याग्रह (1928) – गुजरात के बारदोली (सूरत जिला) में किसानों (कर वृद्धि के खिलाफ) के सत्याग्रह का नेतृत्व वल्लभभाई पटेल ने किया।
- सफलता के बाद महिलाओं (ग्रामीण) ने उन्हें “सरदार” (नेता/प्रमुख) की उपाधि दी।
- अन्य सत्याग्रह:
- चंपारण (1917) – गांधी (नील किसान)।
- खेड़ा (1918) – गांधी (कर माफी)।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने किस वार्षिक अधिवेशन में ‘पूर्ण स्वराज’ (पूर्ण स्वतंत्रता) की प्रतिबद्धता की घोषणा की थी?
- 1927 का मद्रास अधिवेशन
- 1931 का कराची अधिवेशन
- 1929 का कलकत्ता अधिवेशन
- 1929 का लाहौर अधिवेशन
Explanation:
- 1929 का लाहौर अधिवेशन – INC ने “पूर्ण स्वराज” (पूर्ण स्वतंत्रता) का लक्ष्य घोषित किया।
- अध्यक्ष: जवाहरलाल नेहरू।
- 26 जनवरी 1930 को पहला स्वतंत्रता दिवस मनाया गया (बाद में 1950 में यह दिन गणतंत्र दिवस बना)।
- अन्य विकल्प:
- कराची (1931) – मौलिक अधिकारों पर प्रस्ताव।
गांधी जी के साथ दूसरे गोलमेज सम्मेलन में कौन सी भारतीय महिला गई थी?
- एनी बेसेंट
- विजयलक्ष्मी पंडित
- सरोजिनी नायडू
- सिस्टर निवेदिता
Explanation:
- सरोजिनी नायडू (1879-1949) – गांधी के साथ दूसरे गोलमेज सम्मेलन (लंदन, 1931) में शामिल हुईं।
- वह INC की पहली भारतीय महिला अध्यक्ष (1925) थीं।
- उन्हें “भारतीय कोकिला” (Nightingale of India) कहा जाता है।
- अन्य:
- एनी बेसेंट – होम रूल आंदोलन (1916) – ब्रिटिश महिला, भारतीय राष्ट्रवादी।
निम्नलिखित में से कौन सा घटना क्रम इन घटनाओं का सही कालक्रम है? A. असहयोग आंदोलन B. चौरी चौरा घटना C. भारत छोड़ो आंदोलन D. सविनय अवज्ञा आंदोलन
- A, C, D, B
- A, B, D, C
- A, D, C, B
- A, B, C, D
Explanation:
- A, B, D, C – सही कालक्रम:
- A. असहयोग – 1920-22
- B. चौरी चौरा – 4 फरवरी 1922 (यह घटना – हिंसा – आंदोलन को वापस लेने का कारण बनी)
- D. सविनय अवज्ञा – 1930 (नमक सत्याग्रह)
- C. भारत छोड़ो – 1942
काकोरी षड्यंत्र मामला ______ में हुआ था।
- 1929
- 1923
- 1928
- 1925
Explanation:
- 1925 – काकोरी षड्यंत्र मामला (9 अगस्त 1925) (जैसा कि प्रश्न 35 में बताया)।
- इसमें राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, रोशन सिंह, राजेंद्र लाहिड़ी को फाँसी दी गई (1927)।
1857 का सिपाही विद्रोह किस तारीख को शुरू हुआ था?
- 10 मई
- 1 मई
- 15 अगस्त
- 10 जुलाई
Explanation:
- 10 मई 1857 – मेरठ में 34वीं बंगाल नेटिव इन्फैंट्री के सैनिकों ने विद्रोह शुरू किया।
- उन्होंने अपने ब्रिटिश अधिकारियों को मार डाला और दिल्ली कूच किया।
- 12 मई को उन्होंने बहादुर शाह ज़फर को सम्राट घोषित किया।
पूर्व INA नेताओं में से किस पर ब्रिटिश भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने के आरोप में नहीं था?
- गुरबख्श सिंह ढिल्लों
- प्रेम कुमार सेहगल
- शाह नवाज खान
- मोहन सिंह
Explanation:
- मोहन सिंह – INA (इंडियन नेशनल आर्मी) के संस्थापक (1942) – उन पर ब्रिटिश सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने का आरोप नहीं था, क्योंकि उन्होंने सुभाष बोस (1943 में INA का नेतृत्व) से पहले INA का गठन किया था (जापानियों के सहयोग से) पर उन्हें गिरफ्तार किया गया था और बाद में रिहा कर दिया गया। फिर भी, उन्हें मुकदमा नहीं झेलना पड़ा।
- गुरबख्श सिंह ढिल्लों, प्रेम कुमार सेहगल, शाह नवाज खान – रेड फोर्ट मुकदमे (1945-46) के आरोपी थे (युद्ध अपराध, राजद्रोह) और उन पर मुकदमा चला।
निम्नलिखित घटनाओं को उनके कालानुक्रमिक क्रम में व्यवस्थित कीजिए। A. जलियांवाला बाग हत्याकांड B. असहयोग आंदोलन और खिलाफत आंदोलन C. गांधी-इरविन समझौता D. भारत छोड़ो आंदोलन E. चंपारण आंदोलन
- E, A, C, D, B
- A, B, C, D, E
- E, B, A, C, D
- E, A, B, C, D
Explanation:
- E, A, B, C, D – सही कालक्रम:
- E. चंपारण – 1917
- A. जलियांवाला – 1919
- B. असहयोग+खिलाफत – 1920-22
- C. गांधी-इरविन – 1931
- D. भारत छोड़ो – 1942
महात्मा गांधी को “महात्मा” की उपाधि किसने दी थी?
- लोकमान्य तिलक
- रवींद्रनाथ टैगोर
- गोपाल कृष्ण गोखले
- दादाभाई नौरोजी
Explanation:
- रवींद्रनाथ टैगोर (1915) – गांधी को “महात्मा” (महान आत्मा) की उपाधि दी।
- उन्होंने गांधी के जन आंदोलन और सत्याग्रह से प्रभावित होकर यह उपाधि दी।
- गांधी ने टैगोर को “गुरुदेव” कहा।
निम्नलिखित में से किसने “लाल कुर्ता” आंदोलन का आयोजन किया था?
- शौकत अली
- मौलाना अबुल कलाम आजाद
- जे.बी. कृपलानी
- खान अब्दुल गफ्फार खान
Explanation:
- खान अब्दुल गफ्फार खान (1890-1988) – “लाल कुर्ता” आंदोलन (Red Shirt Movement) – 1920-1930 के दशक में उत्तर-पश्चिमी सीमांत प्रांत (अब पाकिस्तान) में।
- उन्हें “सीमांत गांधी” (Frontier Gandhi) भी कहा जाता है।
- उन्होंने खुदाई खिदमतगार (ईश्वर के सेवक) संगठन बनाया।
भारत के पहले सविनय अवज्ञा आंदोलन को किस आंदोलन के रूप में जाना जाता है?
- चंपारण आंदोलन
- असहयोग आंदोलन
- खिलाफत आंदोलन
- खेड़ा आंदोलन
Explanation:
- चंपारण आंदोलन (1917) – गांधी का पहला सविनय अवज्ञा (Civil Disobedience) आंदोलन (हालाँकि उन्होंने अहिंसा का उपयोग किया, पर पूर्ण विकसित सत्याग्रह नहीं था)।
- कई इतिहासकार चंपारण को प्रथम सविनय अवज्ञा आंदोलन मानते हैं (व्यवस्थित अहिंसा का उपयोग)।
- बाद में असहयोग और सविनय अवज्ञा (1930) अखिल भारतीय स्तर पर हुए।
1946 में ब्रिटिश सरकार द्वारा भारत भेजे गए कैबिनेट मिशन में ________ सदस्य थे।
- तीन
- छह
- चार
- पाँच
Explanation:
- तीन – कैबिनेट मिशन (1946) में 3 सदस्य थे: लॉर्ड पेथिक-लॉरेंस, सर स्टैफोर्ड क्रिप्स, ए.वी. अलेक्जेंडर (जैसा कि प्रश्न 40 में बताया)।
अगस्त क्रांति को _______ आंदोलन के रूप में भी जाना जाता है।
- खिलाफत
- भारत छोड़ो
- होम रूल
- स्वदेशी
Explanation:
- अगस्त क्रांति – भारत छोड़ो आंदोलन (9 अगस्त 1942) का दूसरा नाम है।
- गांधी ने 8 अगस्त 1942 को बॉम्बे में “करो या मरो” का नारा दिया।
- यह भारत को स्वतंत्रता दिलाने के लिए अंतिम बड़ा आंदोलन था।
महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से भारत कब लौटे?
- नवंबर 1913
- दिसंबर 1920
- जनवरी 1915
- मार्च 1919
Explanation:
- जनवरी 1915 – गांधी 21 वर्ष (1893-1914) दक्षिण अफ्रीका में रहने के बाद 9 जनवरी 1915 को भारत लौटे।
- उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद के खिलाफ संघर्ष किया था।
- भारत आने पर गोपाल कृष्ण गोखले ने उनका स्वागत किया।
निम्नलिखित कथन किसने कहा था? “स्वतंत्रता मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे प्राप्त करूँगा!”
- सरदार वल्लभभाई पटेल
- जवाहरलाल नेहरू
- महात्मा गांधी
- लोकमान्य तिलक
Explanation:
- बाल गंगाधर तिलक (लोकमान्य) – “स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे प्राप्त करूँगा” (Swaraj is my birthright and I shall have it) – 1905-1908 के आंदोलन के दौरान।
- तिलक चरमपंथी नेता थे।
गदर पार्टी की स्थापना कहाँ और कब हुई थी?
- इंग्लैंड, 1917
- अमेरिका, 1913
- अमेरिका, 1917
- इंग्लैंड, 1913
Explanation:
- अमेरिका, 1913 – गदर पार्टी (जैसा कि प्रश्न 31 में बताया) – 1913 में सैन फ्रांसिस्को (अमेरिका) में स्थापित।
- इसकी स्थापना लाला हरदयाल ने की थी।
- इसका मुखपत्र “गदर” था।
स्वामी दयानंद सरस्वती ने आर्य समाज की स्थापना किस वर्ष में की थी?
- 1855
- 1865
- 1875
- 1877
Explanation:
- 1875 – स्वामी दयानंद सरस्वती ने मुंबई में आर्य समाज की स्थापना की।
- इसका उद्देश्य वैदिक धर्म को पुनर्जीवित करना और मूर्तिपूजा, जातिवाद, बाल विवाह जैसी कुरीतियों का विरोध करना था।
- उनका नारा – “वेदों की ओर लौटो” (Back to the Vedas)।
- अतिरिक्त:
- उन्होंने सत्यार्थ प्रकाश (1875) नामक ग्रंथ लिखा।
- आर्य समाज ने शुद्धि आंदोलन (हिंदू धर्म में वापसी) भी चलाया।
हेनरी लॉरेंस किस युद्ध से जुड़े हुए हैं?
- प्लासी
- चिनहट
- हल्दी घाटी
- चौसा
Explanation:
- चिनहट (Lucknow, 1857) – हेनरी लॉरेंस 1857 के विद्रोह के दौरान लखनऊ (चिनहट की लड़ाई) में ब्रिटिश प्रतिरोध के नेता थे।
- वह अवध के मुख्य आयुक्त थे।
- वह 30 जून 1857 को चिनहट में घायल हो गए और मारे गए।
- अन्य विकल्प:
- प्लासी (1757) – रॉबर्ट क्लाइव (ब्रिटिश) बनाम सिराजुद्दौला।
- हल्दी घाटी (1576) – अकबर बनाम महाराणा प्रताप।
प्लासी के युद्ध में सिराजुद्दौला के विरुद्ध किसने पक्ष लिया था?
- मीर जाफ़र
- मुर्शिद कुली खान
- अली वर्दी खान
- मीर कासिम
Explanation:
- मीर जाफ़र – प्लासी के युद्ध (1757) में सिराजुद्दौला के सेनापति ने रॉबर्ट क्लाइव के साथ विश्वासघात किया।
- इस विश्वासघात के कारण ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने बंगाल में अपना प्रभुत्व स्थापित किया।
- बाद में मीर कासिम (मीर जाफर का दामाद) भी विद्रोही हुआ, पर उसका नाम इस प्रश्न के संदर्भ में सही नहीं है।
- अतिरिक्त:
- प्लासी की लड़ाई को भारत में ब्रिटिश राज की नींव माना जाता है।
सर्वोच्चता की नीति किसने शुरू की?
- लॉर्ड डलहौजी
- लॉर्ड रिपन
- लॉर्ड हेस्टिंग्स
- लॉर्ड कार्नवालिस
Explanation:
- लॉर्ड हेस्टिंग्स (1813-1823) – “सर्वोच्चता की नीति” (Policy of Paramountcy) की शुरुआत की।
- इस नीति के अनुसार, ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारतीय रियासतों पर अपनी प्रभुता (सर्वोच्चता) को बनाए रखा।
- इसमें यह माना गया कि ब्रिटिश सरकार सर्वोच्च है और रियासतों को उसके अधीन रहना होगा।
- अन्य विकल्प:
- लॉर्ड डलहौजी – व्यपगत का सिद्धांत (Doctrine of Lapse)।
- लॉर्ड कार्नवालिस – स्थायी बंदोबस्त (Permanent Settlement)।
भारत का पहला प्रमुख समाचार पत्र, बंगाल गजट किस वर्ष शुरू हुआ था?
- 1775
- 1770
- 1857
- 1780
Explanation:
- 1780 – बंगाल गजट (Bengal Gazette) – भारत का पहला प्रमुख समाचार पत्र, जेम्स ऑगस्टस हिक्की द्वारा कलकत्ता से शुरू किया गया।
- इसे “हिक्कीज़ गजट” भी कहा जाता है।
- यह एक साप्ताहिक अखबार था जो ब्रिटिश सरकार की आलोचना के लिए प्रसिद्ध था।
- अतिरिक्त:
- बाद में भारत के अन्य प्रारंभिक समाचार पत्र: बॉम्बे समाचार (1822) – फ़ारसी में।
अंग्रेजी समाचार पत्र ‘मराठा’ की स्थापना किसने की थी?
- बाल गंगाधर तिलक
- लाला लाजपत राय
- बिपिन चंद्र पाल
- अश्विनी कुमार दत्त
Explanation:
- बाल गंगाधर तिलक – 1881 में दो समाचार पत्र शुरू किए – केसरी (मराठी) और मराठा (अंग्रेजी)।
- इन अखबारों ने राष्ट्रवाद और स्वराज के विचारों को फैलाया।
- अतिरिक्त:
- केसरी – पुणे से प्रकाशित।
- तिलक ने बाद में अंग्रेजी सरकार के खिलाफ लेख लिखने के लिए जेल की सजा भी भुगती।
1940 में व्यक्तिगत सत्याग्रह आंदोलन में शामिल होने वाले दूसरे व्यक्ति कौन थे?
- सुभाष चंद्र बोस
- जवाहरलाल नेहरू
- मुहम्मद अली जिन्ना
- विनोबा भावे
Explanation:
- जवाहरलाल नेहरू – व्यक्तिगत सत्याग्रह (Individual Satyagraha, 1940) में दूसरे व्यक्ति थे (पहले विनोबा भावे थे)।
- यह आंदोलन गांधी द्वारा शुरू किया गया था।
- इसमें युद्ध के लिए भारतीय सहयोग के खिलाफ व्यक्तिगत अहिंसक प्रतिरोध था।
- तीसरे व्यक्ति – ब्रह्म दत्त (गांधी के शिष्य) थे।
निम्नलिखित में से किसने लंदन में आयोजित तीनों गोलमेज सम्मेलनों में भाग लिया था?
- सुभाष चंद्र बोस
- के.टी. पाल
- मुहम्मद अली जिन्ना
- बी.आर. अम्बेडकर
Explanation:
- बी.आर. अम्बेडकर – तीनों गोलमेज सम्मेलनों (1930, 1931, 1932) में भाग लिया (अनुसूचित जातियों के प्रतिनिधि के रूप में)।
- पहला (1930) – INC ने बहिष्कार किया।
- दूसरा (1931) – गांधी ने भाग लिया (नमक सत्याग्रह के बाद गांधी-इरविन समझौता)।
- तीसरा (1932) – अम्बेडकर मुख्य प्रतिभागियों में थे।
- अन्य विकल्प:
- जिन्ना – 1930, 1932 में (1931 में नहीं)।
लखनऊ में 1857 के विद्रोह का नेतृत्व किसने किया था?
- वीर सावरकर
- बेगम हजरत महल
- कुंवर सिंह
- तात्या टोपे
Explanation:
- बेगम हजरत महल – 1857 के विद्रोह के दौरान लखनऊ की शासक (अवध के नवाब की पत्नी) ने विद्रोह का नेतृत्व किया।
- उन्होंने अपने पुत्र बिरजिस कद्र को अवध का शासक घोषित किया।
- अंग्रेजों से हारने के बाद वे नेपाल भाग गईं।
- अन्य विकल्प:
- कुंवर सिंह – आरा (बिहार)।
- तात्या टोपे – कानपुर/ग्वालियर क्षेत्र।
स्वतंत्र भारत के प्रथम गवर्नर जनरल कौन थे?
- सी. राजगोपालाचारी
- वारेन हेस्टिंग्स
- लॉर्ड विलियम बेंटिक
- लॉर्ड माउंटबेटन
Explanation:
- लॉर्ड माउंटबेटन – स्वतंत्र भारत के प्रथम गवर्नर-जनरल (15 अगस्त 1947 – 21 जून 1948)।
- उन्होंने भारत के विभाजन की देखरेख की।
- बाद में सी. राजगोपालाचारी (1948-1950) – अंतिम गवर्नर-जनरल और पहले भारतीय गवर्नर-जनरल।
- अतिरिक्त:
- 1950 में गवर्नर-जनरल का पद समाप्त कर दिया गया।
असहयोग आंदोलन के दौरान चौरी-चौरा की घटना उत्तर प्रदेश के किस जिले में हुई थी?
- गोरखपुर
- इलाहाबाद
- कानपुर
- वाराणसी
Explanation:
- गोरखपुर – चौरी-चौरा (Uttar Pradesh) 5 फरवरी 1922 को हुआ।
- इसमें भीड़ ने एक पुलिस स्टेशन में आग लगा दी, जिसमें 22 पुलिसकर्मी मारे गए।
- इस घटना ने गांधी को असहयोग आंदोलन (1920-1922) को 12 फरवरी 1922 को वापस लेने के लिए मजबूर किया।
- अतिरिक्त:
- गांधी ने इसे अपनी “बड़ी भूल” (Himalayan blunder) कहा।
मुस्लिम लीग के 1943 के कराची अधिवेशन ने किस नारे को अपनाया था?
- जय जवान जय किसान
- करो या मरो
- विभाजित करो और छोड़ो
- विभाजित करो और शासन करो
Explanation:
- “विभाजित करो और छोड़ो” (Divide and Quit) – 1943 में मुस्लिम लीग के कराची अधिवेशन में अपनाया गया।
- यह ब्रिटिशों से भारत को विभाजित करने और छोड़ने की मांग करता था (पाकिस्तान के निर्माण की मांग)।
- यह भारत छोड़ो आंदोलन (1942) के विपरीत, मुस्लिम लीग की अलग राज्य की मांग थी।
दिल्ली दरबार 1911 के दौरान दिल्ली की आधारशिला किसने रखी?
- हर्बर्ट बेकर
- लॉर्ड विलिंगडन
- लॉर्ड इरविन
- जॉर्ज पंचम
Explanation:
- जॉर्ज पंचम (किंग-एम्परर) – दिल्ली दरबार 1911 में नई दिल्ली की आधारशिला रखी।
- इस दरबार में भारत की राजधानी को कलकत्ता से दिल्ली स्थानांतरित करने की घोषणा की गई।
- इसमें बंगाल के विभाजन (1905) को रद्द करने की भी घोषणा हुई।
दिल्ली सल्तनत के सबसे बड़े विस्तार का काल किसके शासनकाल में देखा गया?
- मुहम्मद बिन तुग़लक़
- अलाउद्दीन खिलजी
- ग़ियासुद्दीन बलबन
- सिकंदर लोदी
Explanation:
- मुहम्मद बिन तुग़लक़ (1325-1351) – दिल्ली सल्तनत सबसे बड़े विस्तार पर थी (उत्तर में दिल्ली से दक्षिण में मदुरै तक)।
- उसने राजधानी दिल्ली से दौलताबाद स्थानांतरित की (जिसे बाद में वापस लाया)।
- उसने टोकन मुद्रा (ताँबे के सिक्के) चलाई, जो असफल रही।
- अन्य विकल्प:
- अलाउद्दीन खिलजी – दक्षिण भारत तक विस्तार, पर तुग़लक़ से कम।
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान “दिल्ली चलो” का नारा किसने दिया था?
- जवाहरलाल नेहरू
- मुहम्मद अली जिन्ना
- महात्मा गांधी
- सुभाष चंद्र बोस
Explanation:
- सुभाष चंद्र बोस – “दिल्ली चलो” (Chalo Delhi) का नारा आज़ाद हिंद फ़ौज (INA) के साथ 1943-1945 में दिया।
- इसका उद्देश्य भारत को ब्रिटिशों से मुक्त कराना था।
- बोस ने INA को सिंगापुर से भारत की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
भारत में आधुनिक शिक्षा के प्रचार में राजा राम मोहन राय की मदद करने वाले डच व्यक्ति का नाम बताइए?
- अलेक्जेंडर डफ
- डेविड हरे
- ग्रांट डफ
- डेरोजियो
Explanation:
- डेविड हरे (एक स्कॉटिश घड़ीसाज़, डच नहीं) – ने राजा राममोहन राय के साथ हिंदू कॉलेज (1817) की स्थापना की, जो बाद में प्रेसीडेंसी कॉलेज बना।
- वह कलकत्ता में आधुनिक शिक्षा के प्रचारक थे।
- अतिरिक्त:
- अलेक्जेंडर डफ – स्कॉटिश मिशनरी (जनरल असेम्बलीज इंस्टिट्यूशन)।
- डेरोजियो – हिंदू कॉलेज के शिक्षक, यंग बंगाल आंदोलन के प्रेरणादाता।
मुस्लिम लीग के लाहौर अधिवेशन में पाकिस्तान की मांग ______ में की गई थी।
- 1936
- 1940
- 1932
- 1942
Explanation:
- 1940 – मुस्लिम लीग का लाहौर अधिवेशन (23 मार्च 1940) – “पाकिस्तान” की मांग (लाहौर प्रस्ताव / पाकिस्तान रिज़ॉल्यूशन)।
- इसकी अध्यक्षता मुहम्मद अली जिन्ना ने की।
- इसमें द्विराष्ट्र सिद्धांत (दो-राष्ट्र सिद्धांत) का प्रतिपादन किया गया।
- अतिरिक्त:
- बाद में 1946 में, ब्रिटिश कैबिनेट मिशन ने भारत का संघीय ढांचा प्रस्तावित किया, पर मुस्लिम लीग ने अलग देश की मांग जारी रखी।
वह कपड़ा जो भारत के स्वतंत्रता संग्राम का प्रतीक बन गया, वह है:
- खादी
- पॉलिएस्टर
- ऊन
- रेशम
Explanation:
- खादी – भारत के स्वतंत्रता संग्राम का प्रतीक बन गया (गांधी के स्वदेशी आंदोलन के कारण)।
- गांधी ने चरखा (स्पिनिंग व्हील) को राष्ट्रीय आंदोलन का हिस्सा बनाया।
- इसने ब्रिटिश कपड़ा उद्योग का बहिष्कार और आत्मनिर्भरता (Atma-Nirbharata) को बढ़ावा दिया।
- अतिरिक्त:
- खादी भारत के राष्ट्रीय ध्वज में भी शामिल की गई (अब कपास/सिल्क/खादी का उपयोग होता है)।
स्वतंत्रता सेनानी चंद्रशेखर आजाद ने ब्रिटिश पुलिस द्वारा घेर लिए जाने पर किस शहर में खुद को गोली मार ली थी?
- इलाहाबाद
- भोपाल
- जबलपुर
- कानपुर
Explanation:
- इलाहाबाद (अब प्रयागराज) – चंद्रशेखर आज़ाद ने 27 फरवरी 1931 को अल्फ्रेड पार्क (अब आज़ाद पार्क) में पुलिस द्वारा घेर लिए जाने पर खुद को गोली मार ली।
- उन्होंने हिन्दुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन (HRA) को हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन आर्मी (HSRA) में बदल दिया।
- वह भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु के साथी थे।
- अतिरिक्त:
- उन्होंने हमेशा “मैं आज़ाद हूँ, आज़ाद ही रहूँगा” कहा और कभी अंग्रेजों के हाथ नहीं आए।
निम्नलिखित में से कौन सा विकल्प भारत के सही कालानुक्रमिक इतिहास को दर्शाता है? P – गुप्त साम्राज्य Q – मौर्य साम्राज्य R – मुगल S – दिल्ली सल्तनत
- Q, P, S, R
- P, Q, S, R
- S, P, Q, R
- Q, P, R, S
Explanation:
- Q (मौर्य), P (गुप्त), S (दिल्ली सल्तनत), R (मुगल) – सही कालानुक्रम:
- मौर्य साम्राज्य – 322 ईसा पूर्व – 185 ईसा पूर्व (चंद्रगुप्त मौर्य, अशोक)।
- गुप्त साम्राज्य – 320-550 ईस्वी (चंद्रगुप्त I, समुद्रगुप्त, चंद्रगुप्त II – भारत का स्वर्ण युग)।
- दिल्ली सल्तनत – 1206-1526 (गुलाम वंश से लोदी वंश तक)।
- मुगल – 1526-1857 (बाबर, अकबर, शाहजहाँ, औरंगज़ेब)।
मोपला विद्रोह किन वर्षों के बीच हुआ था?
- 1914 – 1915
- 1921 – 1922
- 1923 – 1924
- 1917 – 1919
Explanation:
- 1921-1922 – मोपला विद्रोह (Moplah Rebellion / Malabar Rebellion) केरल (मालाबार तट) में हुआ।
- यह मोपला (मुस्लिम) किसानों का ब्रिटिशों और हिंदू ज़मींदारों के खिलाफ विद्रोह था।
- यह खिलाफत आंदोलन (1920-1922) से प्रभावित था।
- अतिरिक्त:
- गांधी ने इस विद्रोह की निंदा की और इसे “पागलपन” कहा।
- यह आंदोलन क्रूरता (ब्रिटिशों द्वारा दमन) के लिए प्रसिद्ध है।
‘सत्य शोधक समाज’ की स्थापना किसने की?
- बी.आर. अंबेडकर
- महात्मा गांधी
- शांताराम तांभाखू
- ज्योतिबा फुले
Explanation:
- ज्योतिबा फुले (ज्योतिराव गोविंदराव फुले) – 1873 में सत्य शोधक समाज (Satya Shodhak Samaj) की स्थापना पूना (महाराष्ट्र) में की।
- इसने जाति व्यवस्था और ब्राह्मणवादी वर्चस्व का विरोध किया।
- उन्होंने शूद्रों और अछूतों के उत्थान के लिए काम किया।
- अतिरिक्त:
- उनकी पत्नी सावित्रीबाई फुले – भारत की पहली महिला शिक्षिका।
19वीं शताब्दी के अंत में भारत में प्लेग पर नियंत्रण करने में विफलता के कारण पुलिस आयुक्त रैंड की हत्या किसने की थी?
- भारत सिंह
- दामोदर चापेकर
- वासुदेव बी. फड़के
- वीर सावरकर
Explanation:
- दामोदर चापेकर और उनके भाई बालकृष्ण चापेकर ने पुणे (1897) में पुलिस आयुक्त रैंड की हत्या की।
- उन्होंने प्लेग महामारी के दौरान ब्रिटिश अधिकारियों के क्रूर उपायों (घरों में घुसना, मजबूर इंजेक्शन) का विरोध किया।
- इस हत्या के कारण तिलक पर देशद्रोह का मुकदमा चला (उन्होंने केसरी में समर्थन दिया)।
सिपाही विद्रोह के समय गवर्नर जनरल कौन था?
- लॉर्ड डलहौजी
- लॉर्ड कार्नवालिस
- लॉर्ड हेस्टिंग्स
- लॉर्ड कैनिंग
Explanation:
- लॉर्ड कैनिंग (1856-1858) – 1857 के विद्रोह (प्रथम स्वतंत्रता संग्राम) के दौरान गवर्नर-जनरल थे।
- वह अंतिम गवर्नर-जनरल और प्रथम वायसराय बने (1858 में भारत सरकार अधिनियम के बाद)।
- उन्होंने महारानी विक्टोरिया की उद्घोषणा (1858) पढ़ी।
गवर्नर जनरल लॉर्ड डलहौजी ने किस राज्य को “एक चेरी” कहा था?
- अवध का राज्य
- ग्वालियर का राज्य
- झाँसी का राज्य
- विजयनगर का राज्य
Explanation:
- अवध (Oudh) – लॉर्ड डलहौजी ने 1856 में अवध को “एक चेरी” (a cherry) कहा था, जिसे वे चुनना चाहते थे।
- उन्होंने अवध को कुशासन के बहाने ब्रिटिश साम्राज्य में मिला लिया (व्यपगत का सिद्धांत नहीं, पर सीधा हड़पना)।
- इसने 1857 के विद्रोह में नवाब की नाराजगी को जन्म दिया।
गांधी जी की गिरफ्तारी के बाद धरसाणा नमक कारखाने पर छापा मारने के मार्च का नेतृत्व किसने किया था?
- जवाहरलाल नेहरू
- सरदार वल्लभभाई पटेल
- मदन मोहन मालवीय
- अब्बास तैयबजी
Explanation:
- अब्बास तैयबजी – गांधी की गिरफ्तारी के बाद धरसाणा (गुजरात) में नमक कानून तोड़ने के लिए नमक मार्च (1930) का नेतृत्व किया।
- उन्होंने सविनय अवज्ञा आंदोलन जारी रखा।
- अतिरिक्त:
- वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता और बड़ौदा के एक प्रसिद्ध वकील थे।
1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौरान, कानपुर क्षेत्र ने ब्रिटिश शासन का विरोध किया, जहाँ नानासाहब का महल ______ में इसका मुख्यालय था।
- पोखरया
- बीबी घर
- बिठूर
- फ़तेहगढ़
Explanation:
- बिठूर (कानपुर के पास) – नाना साहेब (पेशवा बाजीराव II के दत्तक पुत्र) का महल, जो 1857 के विद्रोह में कानपुर क्षेत्र का मुख्यालय था।
- नाना साहेब ने ब्रिटिशों को कानपुर में घेर लिया और 15 जुलाई 1857 तक युद्ध किया, पर असफल रहे।
- बाद में वे नेपाल चले गए (माना जाता है)।
निम्नलिखित में से किस भारत के वायसराय ने निर्वाचित स्थानीय शासन निकायों के निर्माण की पहल की थी?
- लॉर्ड रिपन
- लॉर्ड रीडिंग
- लॉर्ड इरविन
- लॉर्ड वेवेल
Explanation:
- लॉर्ड रिपन (1880-1884) – स्थानीय स्वशासन (Local Self-Government) की पहल की – 1882 में स्थानीय सरकारों के लिए निर्वाचित निकायों की स्थापना की।
- उन्होंने नगरपालिका और ज़िला बोर्ड में चुनाव की व्यवस्था शुरू की।
- उन्होंने इल्बर्ट बिल विवाद (1883) का भी सामना किया।
- अतिरिक्त:
- रिपन को “भारत के स्थानीय स्वशासन के पिता” के रूप में जाना जाता है।
चौरी-चौरा की घटना के कारण किसका अचानक समापन हुआ?
- दांडी सत्याग्रह
- भारत छोड़ो आंदोलन
- असहयोग आंदोलन
- सविनय अवज्ञा आंदोलन
Explanation:
- असहयोग आंदोलन (1920-1922) – चौरी-चौरा घटना (5 फरवरी 1922) के कारण गांधी ने 12 फरवरी 1922 को इसे अचानक वापस ले लिया।
- गांधी ने हिंसा को अहिंसा के सिद्धांत के विपरीत माना।
- इस निर्णय ने चरमपंथियों (नेहरू, बोस) को निराश किया।
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान निम्नलिखित घटनाओं में से, कालानुक्रमिक रूप से सबसे पहले कौन सी घटना घटी?
- सविनय अवज्ञा आंदोलन
- जलियांवाला बाग नरसंहार
- भारत छोड़ो आंदोलन
- असहयोग आंदोलन
Explanation:
- जलियांवाला बाग नरसंहार – 13 अप्रैल 1919 – सबसे पहले हुआ।
- बाद में:
- असहयोग आंदोलन – 1920-1922
- सविनय अवज्ञा आंदोलन – 1930-1934 (दांडी मार्च 1930)
- भारत छोड़ो आंदोलन – 1942 (अगस्त क्रांति)
- बाद में:
महात्मा गांधी द्वारा रौलेट एक्ट के विरुद्ध सत्याग्रह किस वर्ष किया गया था?
- 1919
- 1922
- 1920
- 1921
Explanation:
- 1919 – गांधी ने रौलेट एक्ट (Rowlatt Act) के खिलाफ सत्याग्रह (6 अप्रैल 1919) किया।
- रौलेट एक्ट (1919) – बिना मुकदमा गिरफ्तारी की अनुमति देता था।
- यह गांधी का पहला अखिल भारतीय आंदोलन था।
- इसके कारण जलियांवाला बाग हत्याकांड (13 अप्रैल 1919) हुआ।
भारत में पहला वस्त्र मिल 1818 में _________ के पास फोर्ट ग्लॉस्टर में स्थापित किया गया था।
- बॉम्बे
- मद्रास
- अहमदाबाद
- कलकत्ता
Explanation:
- कलकत्ता (कोलकाता) – 1818 में फोर्ट ग्लॉस्टर के पास भारत का पहला वस्त्र मिल स्थापित हुआ।
- यह ब्रिटिश व्यापारियों द्वारा स्थापित किया गया था।
- बाद में बॉम्बे (1850-60) में आधुनिक सूती मिलें खुलीं (जैसे – 1854 में बॉम्बे स्पिनिंग एंड वीविंग कंपनी)।
हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन आर्मी की स्थापना 1928 में दिल्ली में __________ में हुई थी।
- निराकारी मैदान
- इंडिया गेट
- लाल किला
- फिरोज शाह कोटला मैदान
Explanation:
- फिरोज शाह कोटला मैदान (दिल्ली) – 1928 में हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन आर्मी (HSRA) की स्थापना हुई (भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु, चंद्रशेखर आज़ाद आदि)।
- यह हिन्दुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन (HRA) का नया नाम था (1924 में बनी थी)।
- इसमें समाजवादी विचारधारा जोड़ी गई।
1930 में सूर्यसेन के नेतृत्व में सशस्त्र क्रांतिकारियों ने इनकारा कहाँ लगाया था?
- लाहौर
- चटगांव
- कानपुर
- नासिक
Explanation:
- चटगांव (अब बांग्लादेश) – सूर्यसेन (मास्टर दा) ने 18 अप्रैल 1930 को चटगांव शस्त्रागार (आर्मरी रेड) पर छापा मारा।
- यह ब्रिटिश शासन के खिलाफ एक सशस्त्र क्रांति थी।
- सूर्यसेन को बाद में 1934 में गिरफ्तार कर फाँसी दी गई।
1852 में विधवा पुनर्विवाह की वकालत करने के लिए गुजराती भाषा में साप्ताहिक पत्र ‘सत्य प्रकाश’ किसके द्वारा प्रकाशित किया गया था?
- देवेन्द्रनाथ टैगोर
- केशव चंद्र सेन
- करसोनदास मुलजी
- वल्लभभाई पटेल
Explanation:
- करसोनदास मुलजी (गुजराती समाज सुधारक) – 1852 में “सत्य प्रकाश” साप्ताहिक अखबार शुरू किया, जिसने विधवा पुनर्विवाह और स्त्री शिक्षा की वकालत की।
- वे महात्मा गांधी के पहले के गुजराती सुधारकों में से थे।
1930 में गांधी जी ने किस स्थान पर नमक का कानून तोड़ा था?
- दांडी
- दिल्ली
- कलकत्ता
- लाहौर
Explanation:
- दांडी (गुजरात) – 6 अप्रैल 1930 को गांधी जी ने दांडी मार्च (12 मार्च से 6 अप्रैल) के बाद नमक कानून तोड़ा (सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत)।
- यह एक अहिंसक विरोध था, जिसने पूरे भारत में नमक बनाने के अभियान को प्रेरित किया।
- इससे सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930-1934) की शुरुआत हुई।
1859-60 में नील विद्रोह के दौरान बंगाल के किसानों ने खेती करने से इनकार कर दिया था।
- मसाला
- चाय
- इंडिगो (नील)
- अफ़ीम
Explanation:
- नील (Indigo) – 1859-60 में बंगाल के किसानों ने ब्रिटिश नील उत्पादकों के खिलाफ नील विद्रोह (Indigo Rebellion) किया।
- ब्रिटिश नील उत्पादक किसानों को नील की खेती के लिए मजबूर करते थे (खाद्य फसलों के बजाय)।
- इस विद्रोह का नेतृत्व दिगंबर बिस्वास और बिश्नु चरण बिस्वास ने किया।
- बाद में 1860 में सरकार ने नील किसान आयोग बनाया।
वास्को दा गामा भारत से यूरोप तक एक नया समुद्री मार्ग खोजा था।
- पुर्तगाल
- फ्रांस
- इंग्लैंड
- नीदरलैंड
Explanation:
- पुर्तगाल – वास्को डी गामा (1498) ने पुर्तगाल से भारत (कालीकट) तक समुद्री मार्ग खोजा।
- वह पुर्तगाली खोजकर्ता था, जो अफ्रीका के केप ऑफ गुड होप के रास्ते आया।
- इस मार्ग ने यूरोपीय उपनिवेशवाद (भारत में पुर्तगाली, डच, ब्रिटिश, फ्रेंच) की नींव रखी।
1922-23 में स्वराज पार्टी के प्रथम अध्यक्ष कौन थे?
- चित्तरंजन दास
- सुभाष चंद्र बोस
- मोहनदास करमचन्द गांधी
- जवाहरलाल नेहरू
Explanation:
- चित्तरंजन दास (सी.आर. दास) – 1922-23 में स्वराज पार्टी के प्रथम अध्यक्ष थे (INC के भीतर एक गुट)।
- इस पार्टी की स्थापना 1923 में मोतीलाल नेहरू और सी.आर. दास ने की थी (विधानसभाओं में प्रवेश करने के उद्देश्य से)।
- दास की मृत्यु के बाद मोतीलाल नेहरू ने इसकी अध्यक्षता संभाली।
निम्नलिखित में से कौन प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध से संबंधित था?
- संधि सालबाई
- मद्रास की संधि
- पेरिस की संधि
- मैंगलोर की संधि
Explanation:
- संधि सालबाई (1782) – प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध (1775-1782) को समाप्त किया।
- यह संधि सालबाई (गुजरात) में हुई थी।
- इसके तहत, ब्रिटिशों ने स्वराज्य (मराठा भूमि) को मान्यता दी और रघुनाथराव का समर्थन छोड़ दिया।
- अन्य संधियाँ:
- मैंगलोर की संधि (1784) – द्वितीय आंग्ल-मैसूर युद्ध के बाद।
चम्पारण में किसानों की समस्याओं पर ध्यान देने के लिए गांधी जी से किसने कहा था?
- शिवराम राजगुरु
- राजकुमार शुक्ला
- वल्लभभाई पटेल
- भगत सिंह
Explanation:
- राजकुमार शुक्ला – 1916 में चम्पारण (बिहार) के नील किसानों की समस्या को लेकर गांधी से मिले।
- उन्होंने गांधी से चम्पारण आने का आग्रह किया (नील किसानों के शोषण के खिलाफ)।
- गांधी ने 1917 में चम्पारण सत्याग्रह शुरू किया (भारत में उनका पहला सत्याग्रह)।
- अतिरिक्त:
- शुक्ला को गांधी का पहला बिहारी शिष्य माना जाता है।
संथाल विद्रोह कब शुरू हुआ?
- 1855
- 1912
- 1895
- 1821
Explanation:
- 1855 – संथाल विद्रोह (Santhal Rebellion) 30 जून 1855 को सिधु और कान्हू मुर्मू के नेतृत्व में शुरू हुआ (बिहार/बंगाल/झारखंड क्षेत्र)।
- यह ब्रिटिश भूमि बंदोबस्त, साहूकारों और वन ठेकेदारों के खिलाफ था।
- इसे ब्रिटिशों ने क्रूरता से दबाया (बड़े पैमाने पर सामूहिक हत्या)।
गांधी-इरविन समझौता कब हुआ था?
- 1941
- 1930
- 1940
- 1931
Explanation:
- 1931 – गांधी-इरविन समझौता (5 मार्च 1931) – लॉर्ड इरविन (वायसराय) और गांधी के बीच।
- इसके तहत:
- सविनय अवज्ञा आंदोलन वापस लिया गया।
- गांधी ने दूसरे गोलमेज सम्मेलन (लंदन) में भाग लेने की सहमति दी।
- सरकार ने राजनीतिक कैदियों को रिहा करने की सहमति दी।
- इसके तहत:
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा संविधान सभा की मांग को 1936 में, इसके __________ में आयोजित अधिवेशन में प्रस्तावित किया गया था।
- फैजपुर
- बम्बई
- कानपुर
- लाहौर
Explanation:
- फैजपुर (Faizpur, Maharashtra) – 1936 में INC का फैजपुर अधिवेशन (अध्यक्ष – जवाहरलाल नेहरू) – संविधान सभा (Constituent Assembly) की मांग प्रस्तावित की।
- बाद में 1940 में अगस्त प्रस्ताव में ब्रिटिशों ने संविधान सभा के विचार को स्वीकार किया, पर 1946 में वास्तविक संविधान सभा का गठन हुआ।
‘सारे जहां से अच्छा’ गाने के बोल किसने लिखे हैं?
- रबीन्द्रनाथ टैगोर
- कवि प्रदीप
- मुहम्मद इक़बाल
- मुंशी प्रेमचंद
Explanation:
- मुहम्मद इक़बाल (1877-1938) – उर्दू भाषा के महान कवि, ने “सारे जहां से अच्छा” (1904) लिखा।
- यह गीत भारत (हिंदुस्तान) की प्रशंसा में है और भारतीय राष्ट्रवाद का प्रतीक है।
- इक़बाल बाद में पाकिस्तान के विचार से जुड़े, पर यह गीत सभी भारतीयों के दिलों में बसा।
निम्नलिखित में से किसने 1914 में ‘कॉमनवेल’ (Commonweal) नामक साप्ताहिक समाचार पत्र की स्थापना की?
- एनी बेसेंट
- मदन मोहन मालवीय
- लाला लाजपत राय
- मोतीलाल नेहरू
Explanation:
- एनी बेसेंट – 1914 में कॉमनवेल (Commonweal) नामक साप्ताहिक अखबार शुरू किया (बाद में न्यू इंडिया भी शुरू किया)।
- वह एक ब्रिटिश समाज सुधारक और भारतीय राष्ट्रवादी नेता थीं (होम रूल लीग की स्थापना 1916 में)।
- उनके अखबार ने भारतीय स्वतंत्रता और आत्म-शासन का समर्थन किया।
‘स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे प्राप्त करूँगा’ यह किस नेता का कथन है?
- बाल गंगाधर तिलक
- मोतीलाल नेहरू
- बिपिन चंद्र पाल
- जवाहरलाल नेहरू
Explanation:
- बाल गंगाधर तिलक – “स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे प्राप्त करूँगा” (Swaraj is my birthright, I shall have it) – उनका प्रसिद्ध नारा (1905-1908)।
- इसने चरमपंथियों के मार्ग (स्वशासन) को व्यक्त किया।
- तिलक ने इस नारे के माध्यम से भारतीयों में राष्ट्रवाद जागृत किया।
1946 में भारत में अंतरिम सरकार बनाने के लिए लॉर्ड वेवेल ने किसे आमंत्रित किया?
- जवाहरलाल नेहरू
- सी. राजगोपालाचारी
- वल्लभभाई पटेल
- राजेन्द्र प्रसाद
Explanation:
- जवाहरलाल नेहरू – 1946 में लॉर्ड वेवेल (वायसराय) ने अंतरिम सरकार (Interim Government) बनाने के लिए नेहरू को आमंत्रित किया (2 सितंबर 1946)।
- नेहरू उप-प्रधानमंत्री बने (प्रधानमंत्री नहीं – वायसराय अपने आप प्रमुख थे, पर नेहरू वास्तविक प्रमुख)।
- अंतरिम सरकार में INC और मुस्लिम लीग दोनों शामिल थे (लीग बाद में शामिल हुई, पर अक्टूबर 1946 में)।
भारतीय इतिहास में किस दिन को ‘स्वराज दिवस’ के रूप में मनाया जाता है?
- 14 अगस्त, 1947
- 26 जनवरी, 1950
- 15 अगस्त, 1947
- 26 जनवरी, 1930
Explanation:
- 26 जनवरी, 1930 – स्वराज दिवस (Purna Swaraj Day) – INC ने 1929 के लाहौर अधिवेशन में पूर्ण स्वराज की मांग की थी और 26 जनवरी 1930 को स्वराज दिवस मनाया गया।
- इसी कारण 1950 में भी 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में चुना गया।
- अतिरिक्त:
- 15 अगस्त 1947 – स्वतंत्रता दिवस।
- 26 जनवरी 1950 – गणतंत्र दिवस।
कैलकटा (अब कोलकाता) में स्थापित बेथ्यून स्कूल के पहले सचिव निम्नलिखित में से कौन थे?
- बाल गंगाधर तिलक
- देवेन्द्रनाथ टैगोर
- राजा राम मोहन राय
- ईश्वर चंद्र विद्यासागर
Explanation:
- ईश्वर चंद्र विद्यासागर – 1849 में कलकत्ता में स्थापित बेथ्यून स्कूल (बालिका विद्यालय) के प्रथम सचिव थे।
- इस स्कूल को जॉन ड्रिंकवाटर बेथ्यून (ब्रिटिश अधिकारी) के सहयोग से स्थापित किया गया।
- बाद में यह बेथ्यून कॉलेज बन गया (भारत की पहली महिला कॉलेज)।
निम्नलिखित में से किस वर्ष में पहला गोलमेज सम्मेलन आयोजित किया गया था?
- 1993
- 1928
- 1930
- 1932
Explanation:
- 1930 – पहला गोलमेज सम्मेलन (12 नवंबर 1930 – 19 जनवरी 1931) लंदन में आयोजित हुआ।
- INC ने बहिष्कार किया (गांधी जेल में थे, सविनय अवज्ञा आंदोलन जारी था)।
- इसमें मुस्लिम लीग (जिन्ना), अम्बेडकर, रियासतें आदि ने भाग लिया।
- अन्य गोलमेज:
- दूसरा – 1931 (गांधी ने भाग लिया)।
- तीसरा – 1932 (INC ने बहिष्कार किया)।
1873 में ‘सत्यशोधक समाज’ की स्थापना किसने की थी?
- ज्योतिराव गोविंदराव फुले
- ईश्वर चंद्र विद्यासागर
- राजा राममोहन राय
- राधाकांत देब
Explanation:
- ज्योतिराव गोविंदराव फुले – 1873 में सत्यशोधक समाज की स्थापना की (पूना)।
- इसने जाति व्यवस्था और ब्राह्मणवादी वर्चस्व का विरोध किया।
- यह शूद्रों और अछूतों के उत्थान के लिए कार्य करता था।
निम्नलिखित में से कौन ‘उलगुलान आंदोलन’ से जुड़ा था?
- टीरोट सिंह
- बिरसा मुंडा
- तिलका मांझी
- बुधु भगत
Explanation:
- बिरसा मुंडा – उलगुलान (महान हलचल) आंदोलन (1899-1900) के नेता।
- उन्होंने मुंडा आदिवासियों को ब्रिटिश भूमि नीतियों, साहूकारों, वन ठेकेदारों के खिलाफ संगठित किया।
- उन्हें “धरती आबा” (Earth Father) के रूप में याद किया जाता है।
निम्नलिखित में से कौन-सी महिला समाज सुधारक ने पूना में घर पर शिक्षा प्राप्त की और ‘स्त्री पुरुष तुलना’ नामक पुस्तक प्रकाशित की?
- ताराबाई शिंदे
- फातिमा शेख
- बेगम रोकेया सखावत हुसैन
- सावित्रीबाई फुले
Explanation:
- ताराबाई शिंदे (महाराष्ट्र) – घर पर शिक्षा प्राप्त की और “स्त्री पुरुष तुलना” (1882) प्रकाशित की।
- यह पुस्तक स्त्री-पुरुष असमानता की आलोचना थी और नारीवादी साहित्य की शुरुआती कृतियों में से एक थी।
- वे ज्योतिबा फुले की सहयोगी थीं।
कांग्रेस के निम्नलिखित में से किस अधिवेशन में यह गरमपंथियों और नरमपंथियों में विभाजित हो गई थी?
- लाहौर
- कलकत्ता
- इलाहाबाद
- सूरत
Explanation:
- सूरत अधिवेशन (1907) – INC गरमपंथियों (तिलक) और नरमपंथियों (गोखले) में विभाजित हो गई।
- विभाजन का कारण – अध्यक्ष पद और स्वराज के मार्ग पर मतभेद।
- यह विभाजन 1916 (लखनऊ समझौता) में समाप्त हुआ।
पूर्वी बंगाल में, समाज सुधारक के मतुआ संप्रदाय, _______________ ने चांडाल कृषकों के बीच काम किया।
- अक्षय कुमार दत्ता
- हरिचंद ठाकुर
- गुरु घासीदास
- ईश्वर चंद्र विद्यासागर
Explanation:
- हरिचंद ठाकुर – मतुआ संप्रदाय के संस्थापक (पूर्वी बंगाल, 19वीं सदी) – चांडाल (अछूत) कृषकों के बीच काम किया।
- मतुआ संप्रदाय जाति-भेद के खिलाफ और सामाजिक समानता पर जोर देता था।
- बाद में (1940-50) में यह नामशूद्र आंदोलन का हिस्सा बना।
निम्नलिखित में से कौन ‘भारत सेवक समाज’ से संबद्ध नहीं था?
- नाटेश अप्पाजी द्रविड़
- गोपाल कृष्ण गोखले
- बाल गंगाधर तिलक
- अनंत विनायक पाटवर्धन
Explanation:
- बाल गंगाधर तिलक – भारत सेवक समाज (Servants of India Society, 1905) से संबद्ध नहीं थे।
- इस समाज की स्थापना गोपाल कृष्ण गोखले ने की थी।
- तिलक चरमपंथी थे और गोखले उदारवादी थे – दोनों अलग विचारधारा वाले थे।
‘मानव सेवा मोक्ष का साधन है।’ यह नारा गंगाधर चट्टोपाध्याय ने प्रतिपादित किया था। वे __________ से जुड़े थे।
- रामकृष्ण मिशन
- प्रार्थना समाज
- ब्रह्म समाज
- आर्य समाज
Explanation:
- रामकृष्ण मिशन (1897) – गंगाधर चट्टोपाध्याय (स्वामी विवेकानंद का पूर्व नाम) ने “मानव सेवा मोक्ष का साधन है” (Service to man is service to God) का नारा दिया।
- विवेकानंद ने शिकागो विश्व धर्म संसद (1893) में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
- रामकृष्ण मिशन समाज सेवा, शिक्षा, धार्मिक सुधार पर केंद्रित है।
निम्नलिखित में से किस धार्मिक और सामाजिक सुधारक ने 1829 में सती प्रथा के उन्मूलन में योगदान दिया?
- ज्योतिराव गोविंदराव फुले
- राधाकांत देब
- राजा राममोहन राय
- ईश्वर चंद्र विद्यासागर
Explanation:
- राजा राममोहन राय – 1829 में सती प्रथा के उन्मूलन में अग्रणी (लॉर्ड विलियम बेंटिक ने कानून बनाया)।
- उन्होंने सती को धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि सामाजिक बुराई माना।
- उन्होंने ब्रह्म समाज (1828) की स्थापना की।
संयुक्त राज्य अमेरिका में, निम्नलिखित में से किसने भारत की ब्रिटिश सरकार के विरुद्ध विद्रोह आयोजित करने के लिए गदर पार्टी का गठन किया था?
- लाला हरदयाल
- राम प्रसाद बिस्मिल
- सचिंद्र नाथ बक्शी
- सुभाष चन्द्र बोस
Explanation:
- लाला हरदयाल – 1913 में अमेरिका (सैन फ्रांसिस्को) में गदर पार्टी (Ghadar Party) की स्थापना की।
- इसका उद्देश्य ब्रिटिश सरकार के खिलाफ विद्रोह आयोजित करना था (विशेषकर प्रवासी भारतीयों के माध्यम से)।
- गदर पार्टी का लाहौर में भी केंद्र था।
- यह 1915 में गदर षड्यंत्र के लिए जाना जाता है।
सत्य शोधक समाज की स्थापना निम्नलिखित में से किस वर्ष हुई थी?
- 1776
- 1885
- 1873
- 1794
Explanation:
- 1873 – ज्योतिबा फुले ने सत्य शोधक समाज (Satya Shodhak Samaj) की स्थापना पूना में की।
- इसका उद्देश्य जाति-पाँति का विरोध और सामाजिक समानता था।
निम्नलिखित में से कौन हिन्दुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन (H.R.A.) से संबद्ध नहीं था?
- अशफाकउल्ला खान
- सचिंद्र नाथ बक्शी
- सुभाष चंद्र बोस
- राम प्रसाद बिस्मिल
Explanation:
- सुभाष चंद्र बोस – H.R.A. (1924) से संबद्ध नहीं थे।
- HRA की स्थापना राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाकउल्ला खान, सचिंद्र नाथ बक्शी आदि ने की थी (1924, कानपुर)।
- बाद में यह HSRA (1928) बना।
- सुभाष चंद्र बोस INC के चरमपंथी नेता थे, पर इस संगठन से नहीं जुड़े।
किस वर्ष में ब्रिटेन के राजा जॉर्ज पंचम और रानी मैरी ने भारत का दौरा किया था, और भारत की राजधानी को कलकत्ता (कोलकाता) से दिल्ली स्थानांतरित करने की घोषणा हुई थी?
- 1911
- 1908
- 1901
- 1858
Explanation:
- 1911 – दिल्ली दरबार में राजा जॉर्ज पंचम और रानी मैरी ने भारत का दौरा किया।
- इस अवसर पर भारत की राजधानी कलकत्ता से दिल्ली स्थानांतरित करने की घोषणा हुई।
- बंगाल विभाजन (1905) को रद्द किया गया।
निम्नलिखित में से कौन पहली भारतीय महिला थीं जो भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्ष बनीं?
- नेल्ली सेनगुप्ता
- एनी बेसेंट
- मैडम भीकाजी कामा
- सरोजिनी नायडू
Explanation:
- सरोजिनी नायडू – 1925 में कानपुर अधिवेशन में INC की अध्यक्ष बनीं – पहली भारतीय महिला अध्यक्ष।
- वे “भारत की कोकिला” (Nightingale of India) के रूप में जानी जाती हैं।
- वे गांधी की सहयोगी और कवयित्री भी थीं।
- अतिरिक्त:
- एनी बेसेंट (ब्रिटिश, 1917 में अध्यक्ष बनीं) – पहली महिला अध्यक्ष (विदेशी), पर सरोजिनी नायडू पहली भारतीय महिला अध्यक्ष थीं।
पूना समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले महात्मा गांधी समूह और _________ थे।
- सुभाष चंद्र बोस समूह
- जवाहरलाल नेहरू समूह
- डॉ. बी.आर. अम्बेडकर समूह
- सरदार वल्लभभाई पटेल समूह
Explanation:
- डॉ. बी.आर. अम्बेडकर – पूना समझौता (Poona Pact) 24 सितंबर 1932 – गांधी और अम्बेडकर के बीच हुआ।
- इसके तहत अल्पसंख्यकों (अनुसूचित जातियों) के लिए पृथक निर्वाचक (कम्यूनल अवार्ड, 1932) के बदले में आरक्षित सीटें बढ़ाई गईं।
- इस समझौते ने अम्बेडकर के त्वरित उपवास को समाप्त किया।
1861 में विधवा पुनर्विवाह संघ की स्थापना निम्नलिखित में से किस समाज सुधारक ने की थी?
- दादाभाई नौरोजी
- माहादेव गोविंद रानडे
- ज्योतिबा फुले
- दयानंद सरस्वती
Explanation:
- महादेव गोविंद रानडे (1842-1901) – 1861 में विधवा पुनर्विवाह संघ (Widow Remarriage Association) की स्थापना की।
- वे एक समाज सुधारक, INC के संस्थापक सदस्य और प्रार्थना समाज के नेता थे।
- उन्होंने स्त्री शिक्षा और विधवा पुनर्विवाह पर काम किया।
निम्नलिखित में से किस वर्ष अखिल भारतीय मुस्लिम लीग की स्थापना हुई थी?
- 1906
- 1919
- 1905
- 1914
Explanation:
- 1906 – अखिल भारतीय मुस्लिम लीग (All India Muslim League) की स्थापना 30 दिसंबर 1906 को ढाका में हुई।
- इसके संस्थापक सदस्य: सलिमुल्लाह खान (नवाब ऑफ ढाका), मुहम्मद अली जिन्ना, आगा खान आदि।
- इसका उद्देश्य मुस्लिम समुदाय के राजनीतिक अधिकारों की रक्षा करना था।
- अतिरिक्त:
- बाद में यह पाकिस्तान (1947) की मांग का प्रमुख माध्यम बना।
1866 में, निम्नलिखित महान व्यक्तियों में से किसने अपने अनुयायियों के साथ मिलकर भारत के ‘ब्रह्म समाज’ की स्थापना की थी?
- राजा राम मोहन राय
- देवेन्द्रनाथ टैगोर
- दयानंद सरस्वती
- केशव चंद्र सेन
Explanation:
- केशव चंद्र सेन – 1866 में ब्रह्म समाज (आम्र बाजार, कलकत्ता) की स्थापना की (राजा राममोहन राय ने 1828 में पहली बार ब्रह्म समाज की स्थापना की थी, पर 1866 में केशव चंद्र सेन ने भारत का ब्रह्म समाज नाम से नए सिरे से स्थापना की)।
- यह ब्रह्म समाज के दूसरे युग (केशव-युग) का प्रतिनिधित्व करता है।
- केशव चंद्र सेन ने आधुनिकीकरण और सामाजिक सुधार पर जोर दिया।
मुस्लिम कट्टरवाद के प्रति उत्तर में, हिंदू महासभा की स्थापना निम्नलिखित में से किस वर्ष में हुई थी?
- 1917
- 1915
- 1911
- 1920
Explanation:
- 1915 – हिंदू महासभा (Akhil Bharatiya Hindu Mahasabha) की स्थापना हरिद्वार में हुई (मदन मोहन मालवीय जैसे नेताओं के साथ)।
- यह मुस्लिम कट्टरवाद और विभाजन की राजनीति के विरोध में हिंदू हितों की रक्षा के लिए बनाई गई थी।
- बाद में यह विनायक दामोदर सावरकर जैसे नेताओं से जुड़ी।
निम्नलिखित में से किसने 1815 में आत्मीय सभा की स्थापना की थी?
- राजा राममोहन राय
- ईश्वरचंद्र विद्यासागर
- केशव चंद्र सेन
- देवेन्द्रनाथ टैगोर
Explanation:
- राजा राममोहन राय – 1815 में कलकत्ता में आत्मीय सभा (Atmiya Sabha) की स्थापना की।
- इसका उद्देश्य सामाजिक और धार्मिक सुधार (मूर्तिपूजा, बाल विवाह, जातिवाद) था।
- यह बाद में ब्रह्म समाज (1828) का अग्रदूत था।
स्वदेशी आंदोलन से प्रेरित होकर, ____________ ने 1905 में भारत माता की अपनी प्रसिद्ध छवि चित्रित की।
- आनंद मोहन बोस
- बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय
- अवनींद्रनाथ टैगोर
- सुरेन्द्रनाथ बनर्जी
Explanation:
- अवनींद्रनाथ टैगोर (1871-1951) – बंगाल स्कूल ऑफ आर्ट के प्रमुख चित्रकार, ने 1905 में “भारत माता” (Bharat Mata) की प्रसिद्ध छवि चित्रित की।
- यह चित्र स्वदेशी आंदोलन (1905-1908) से प्रेरित था और राष्ट्रवादी प्रतीक बन गया।
- उन्होंने इसमें भारत माता को एक साध्वी के रूप में चित्रित किया (चार हाथ – अन्न, वस्त्र, ज्ञान, माला)।
निम्नलिखित में से किसने इस बात पर बल दिया और प्रचार किया कि ‘वेदांत सभी का धर्म है, केवल हिंदुओं का नहीं’?
- ईश्वर चंद्र विद्यासागर
- स्वामी दयानंद सरस्वती
- स्वामी विवेकानंद
- महादेव गोविंद रानडे
Explanation:
- स्वामी विवेकानंद (1863-1902) – वेदांत (Vedanta) को सभी का धर्म (सार्वभौमिक धर्म) मानते थे, केवल हिंदुओं का नहीं।
- उन्होंने 1893 में शिकागो में विश्व धर्म संसद में यह विचार व्यक्त किया।
- उनका मानना था कि आध्यात्मिकता सभी मनुष्यों के लिए समान है।
निम्नलिखित में से किसने 1920 में मराठी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मूकनायक’ शुरू किया था?
- स्वामी अच्चुतानंद
- एमसी राजा
- डॉ. बी.आर. आंबेडकर
- महात्मा गांधी
Explanation:
- डॉ. बी.आर. आंबेडकर – 1920 में मराठी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मूकनायक’ (Mooknayak – “द वॉइस ऑफ द साइलेंट”) शुरू किया।
- इसका उद्देश्य अछूतों (दलितों) के अधिकारों और उत्पीड़न को उजागर करना था।
- बाद में उन्होंने समता (1929) और प्रबुद्ध भारत (1956) जैसे अन्य अखबार भी शुरू किए।
बंगाल के निम्नलिखित में से किस समाज सुधारक ने विधवा विवाह और बालिका शिक्षा के लिए गंभीरता से संघर्ष किया?
- ईश्वरचंद्र विद्यासागर
- नबीन चंद्र सेन
- देवेन्द्रनाथ टैगोर
- बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय
Explanation:
- ईश्वरचंद्र विद्यासागर (1820-1891) – बंगाल के महान समाज सुधारक, ने विधवा विवाह (1856 का कानून) और बालिका शिक्षा के लिए जोरदार संघर्ष किया।
- उन्होंने कलकत्ता में कई बालिका विद्यालय खोले।
- उन्होंने बंगाली गद्य को भी सरल बनाया।
