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प्रसिद्ध पुस्तक कामसूत्र किसने लिखी है?

  • कालिदास
  • वसुमित्र
  • महाकाश्यप
  • वात्स्यायन

Explanation:

  • ‘कामसूत्र’ के लेखक वात्स्यायन थे।
  • यह संस्कृत भाषा में लिखा गया है।
  • इसमें काम (प्रेम/इच्छा) के विभिन्न पहलुओं का वर्णन है।
  • इसे लगभग 3वीं-4वीं शताब्दी में लिखा गया माना जाता है।
  • अतिरिक्त तथ्य: कालिदास (अभिज्ञानशाकुंतलम, मेघदूत), वसुमित्र (बौद्ध विद्वान), महाकाश्यप (बौद्ध भिक्षु)।

हड़प्पा सभ्यता के शहरों को ________ स्वरूप में रखा गया था।

  • वृत्ताकार ग्रिड
  • आयताकार ग्रिड
  • वर्ग ग्रिड
  • रेडियल ग्रिड

Explanation:

  • हड़प्पा सभ्यता के शहरों को आयताकार ग्रिड स्वरूप में रखा गया था।
  • सड़कें उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम दिशा में सीधी बनाई गई थीं।
  • यह शहरी नियोजन की एक उन्नत तकनीक थी।
  • शहर दो भागों में विभाजित थे: ऊपरी भाग (दुर्ग/सिटाडेल) और निचला भाग (आवासीय क्षेत्र)।
  • अतिरिक्त तथ्य: मोहनजोदड़ो का नाम “मृतकों का टीला” है। हड़प्पा सभ्यता 2500-1750 ई.पू. में फली-फूली।

‘महायान’ शब्द किस धर्म से संबंधित है?

  • जैन धर्म
  • बुद्ध धर्म
  • शैव
  • सिख धर्म

Explanation:

  • ‘महायान’ शब्द बौद्ध धर्म से संबंधित है।
  • इसका अर्थ “बड़ा वाहन” या “बड़ा मार्ग” है।
  • यह बौद्ध धर्म की एक शाखा है, जो बोधिसत्व (करुणा) पर जोर देती है।
  • इसकी स्थापना नागार्जुन और वसुबन्धु जैसे विद्वानों ने की।
  • दूसरी शाखा हीनयान (छोटा वाहन) है।
  • अतिरिक्त तथ्य: महायान बौद्ध धर्म चीन, जापान, कोरिया, तिब्बत में प्रचलित है। हीनयान (थेरवाद) श्रीलंका, म्यांमार, थाईलैंड में प्रचलित है।

प्राचीन हड़प्पा शहर ‘लोथल’ किस राज्य में स्थित है?

  • उत्तर प्रदेश
  • पंजाब
  • गुजरात
  • राजस्थान

Explanation:

  • लोथल गुजरात राज्य के अहमदाबाद जिले में स्थित है।
  • यह सिंधु घाटी सभ्यता का एक महत्वपूर्ण बंदरगाह शहर था।
  • यहाँ गोदी (डॉकयार्ड) मिला है, जो विश्व का सबसे पुराना गोदी माना जाता है।
  • यहाँ चावल के पौधों के अवशेष भी मिले हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य: हड़प्पा सभ्यता के प्रमुख स्थल: हड़प्पा (पंजाब, पाकिस्तान), मोहनजोदड़ो (सिंध, पाकिस्तान), कालीबंगा (राजस्थान), धोलावीरा (गुजरात), बनवाली (हरियाणा)।

कबीर की रचनाओं के संकलन को _________ कहा जाता है।

  • अभंग
  • निबंध
  • रीति
  • बीजक

Explanation:

  • कबीर (1440-1518) की रचनाओं के संकलन को ‘बीजक’ कहा जाता है।
  • कबीर एक भक्ति कवि और समाज सुधारक थे।
  • उनकी रचनाएँ साखी, सबद, रमैनी के रूप में हैं।
  • उन्होंने हिंदी (अवधी/ब्रज) में रचना की।
  • अतिरिक्त तथ्य: अभंग (तुकाराम/ज्ञानेश्वर की रचनाएँ), रीति (रीतिकालीन काव्य), निबंध (गद्य साहित्य)। कबीर ने रामानंद को अपना गुरु माना।

कनिष्क किस वंश का महान राजा था?

  • बर्कजई
  • असफ जाही
  • कुषाण
  • चालुक्य

Explanation:

  • कनिष्क (लगभग 78-144 ई.) कुषाण वंश का सबसे महान राजा था।
  • उसका साम्राज्य मध्य एशिया से बिहार तक फैला था।
  • उसने शक संवत (78 ई.) की शुरुआत की।
  • उसने बौद्ध धर्म को संरक्षण दिया और चौथी बौद्ध संगीति (कुंडलवन, कश्मीर) बुलाई।
  • अतिरिक्त तथ्य: बर्कजई (तुर्की/मंगोल वंश), असफ जाही (हैदराबाद के निज़ाम), चालुक्य (दक्षिण भारतीय वंश)।

भक्ति आंदोलन में शैववाद को क्या कहा जाता है?

  • नयनार
  • वली
  • बोधिसत्व
  • अलवार

Explanation:

  • भक्ति आंदोलन में शैववाद (भगवान शिव की भक्ति) को ‘नयनार’ कहा जाता है।
  • यह दक्षिण भारत (तमिलनाडु) में 6ठी-8वीं शताब्दी के बीच विकसित हुआ।
  • कुल 63 नयनार संत थे।
  • प्रमुख नयनार: अप्पर, सुंदरर, सांबंदर, माणिक्यवासकर
  • अतिरिक्त तथ्य: वैष्णववाद (भगवान विष्णु की भक्ति) को ‘अलवार’ कहा जाता है। 12 अलवार संत थे। बोधिसत्व (बौद्ध धर्म), वली (इस्लामी संत)।

‘अभिज्ञानशाकुंतलम’ नाटक के लेखक कौन हैं?

  • अमर सिंह
  • शंकु
  • वररुचि
  • कालिदास

Explanation:

  • ‘अभिज्ञानशाकुंतलम’ नाटक के लेखक कालिदास हैं।
  • यह संस्कृत भाषा का प्रसिद्ध नाटक है।
  • इसमें राजा दुष्यंत और शकुंतला की प्रेम कहानी है।
  • कालिदास गुप्त काल (चंद्रगुप्त द्वितीय) के दरबारी कवि थे।
  • अतिरिक्त तथ्य: कालिदास की अन्य रचनाएँ: मेघदूत, कुमारसंभव, रघुवंश, मालविकाग्निमित्र, विक्रमोर्वशीय। उन्हें “भारत का शेक्सपियर” कहा जाता है।

अजंता के चित्र सामान्य ____________ विषय हैं।

  • बौद्ध
  • शैव
  • वैष्णव
  • जैन

Explanation:

  • अजंता की गुफाओं के चित्र सामान्य बौद्ध विषय हैं।
  • अजंता महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में स्थित है।
  • ये गुफाएँ दूसरी शताब्दी ई.पू. से 6ठी शताब्दी ई. के बीच बनीं।
  • इनमें बुद्ध के जीवन और जातक कथाओं के चित्र हैं।
  • यह यूनेस्को विश्व विरासत स्थल है।
  • अतिरिक्त तथ्य: एलोरा की गुफाएँ बौद्ध, हिंदू, जैन तीनों धर्मों से संबंधित हैं।

मिलिंद पन्हो में किसने बौद्ध धर्म से संबंधित प्रश्नों के उत्तर दिए?

  • नागेश्वर
  • बुद्धघोष
  • वसुबन्धु
  • बोधिधर्म

Explanation:

  • ‘मिलिंद पन्हो’ (मिलिंद के प्रश्न) में नागेश्वर (नागसेन) ने बौद्ध धर्म से संबंधित प्रश्नों के उत्तर दिए।
  • यह ग्रंथ ग्रीक राजा मिलिंद (मिनेंडर) और बौद्ध भिक्षु नागसेन के बीच संवाद है।
  • मिलिंद ई.पू. 2री शताब्दी का बैक्ट्रियन (ग्रीक) शासक था।
  • अतिरिक्त तथ्य: बुद्धघोष (बौद्ध टीकाकार, ‘विशुद्धिमग्ग’ के लेखक), वसुबन्धु (बौद्ध विद्वान, ‘अभिधर्मकोश’ के लेखक), बोधिधर्म (बौद्ध भिक्षु, जिन्होंने चीन में ध्यान का प्रचार किया)।

निम्नलिखित में से किस वेद को ब्रह्म वेद के नाम से भी जाना जाता है?

  • अथर्ववेद
  • ऋग्वेद
  • सामवेद
  • यजुर्वेद

Explanation:

  • अथर्ववेद को ‘ब्रह्म वेद’ के नाम से भी जाना जाता है।
  • इसे “ब्रह्मा का वेद” भी कहा जाता है।
  • इसमें मंत्र, जादू, चिकित्सा, तंत्र आदि का वर्णन है।
  • इसे चौथा वेद माना जाता है।
  • अतिरिक्त तथ्य: ऋग्वेद (सबसे पुराना), सामवेद (संगीत/छंद), यजुर्वेद (यज्ञ/अनुष्ठान)। अथर्ववेद में 731 सूक्त हैं।

शिलालेखों के अध्ययन को कहा जाता है?

  • परिस्थितिकी विज्ञान
  • जलविज्ञान
  • समाज शास्त्र
  • पुरालेख

Explanation:

  • शिलालेखों के अध्ययन को ‘पुरालेख’ (Epigraphy) कहा जाता है।
  • पुरालेख प्राचीन शिलालेखों, ताम्रपत्रों, अभिलेखों का अध्ययन करता है।
  • यह इतिहास के पुनर्निर्माण में सहायक है।
  • अतिरिक्त तथ्य: मुद्राशास्त्र (Numismatics – सिक्कों का अध्ययन), पुरातत्व (Archaeology – पुरानी वस्तुओं का अध्ययन), पाण्डुलिपि विज्ञान (Manuscriptology – हस्तलिखित ग्रंथों का अध्ययन)।

निम्नलिखित में से किस धर्म में निर्वाण प्राप्त करने के लिए चार आर्य सत्यों का उल्लेख है?

  • हिन्दू धर्म
  • जैन धर्म
  • बुद्ध धर्म
  • आजीविका

Explanation:

  • ‘चार आर्य सत्य’ (Four Noble Truths) का उल्लेख बौद्ध धर्म में है।
  • ये हैं: (1) दुख (जीवन दुखमय है), (2) समुदाय (दुख का कारण तृष्णा है), (3) निरोध (दुख का नाश संभव है), (4) मार्ग (आष्टांगिक मार्ग दुख नाश का मार्ग है)।
  • ये गौतम बुद्ध द्वारा सारनाथ में दिए गए पहले उपदेश का हिस्सा हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य: आष्टांगिक मार्ग – सम्यक दृष्टि, सम्यक संकल्प, सम्यक वाचा, सम्यक कर्म, सम्यक आजीविका, सम्यक व्यायाम, सम्यक स्मृति, सम्यक समाधि।

निम्नलिखित में से किसे चिकित्सा का देवता कहा जाता है?

  • आर्यभट्ट
  • पतंजलि
  • पाणिनी
  • धन्वंतरि

Explanation:

  • धन्वंतरि को चिकित्सा का देवता कहा जाता है।
  • वे आयुर्वेद (भारतीय चिकित्सा पद्धति) के देवता हैं।
  • पौराणिक कथा के अनुसार, वे समुद्र मंथन (क्षीरसागर) से प्रकट हुए थे।
  • अतिरिक्त तथ्य: आर्यभट्ट (गणितज्ञ), पतंजलि (योग/व्याकरण), पाणिनी (संस्कृत व्याकरण, ‘अष्टाध्यायी’ के रचयिता)। धन्वंतरि को “आयुर्वेद के पिता” के रूप में भी पूजा जाता है।

प्रसिद्ध महाबोधि मंदिर कहाँ स्थित है?

  • कुशीनगर
  • लुंबिनी
  • बोधगया
  • सारनाथ

Explanation:

  • महाबोधि मंदिर बोधगया (बिहार) में स्थित है।
  • यहाँ गौतम बुद्ध ने बोधि वृक्ष के नीचे ज्ञान प्राप्त किया था।
  • यह यूनेस्को विश्व विरासत स्थल है।
  • मंदिर का निर्माण अशोक ने करवाया था (बाद में पुनर्निर्मित)।
  • अतिरिक्त तथ्य: सारनाथ (पहला उपदेश – धर्मचक्र प्रवर्तन), कुशीनगर (महापरिनिर्वाण), लुंबिनी (जन्म स्थान, नेपाल)।

“सांची स्तूप” का निर्माण किस मौर्य सम्राट द्वारा करवाया गया था?

  • चंद्रगुप्त मौर्य
  • बिन्दुसार
  • अशोक
  • कौटिल्य

Explanation:

  • “सांची स्तूप” का निर्माण अशोक (268-232 ई.पू.) ने करवाया था।
  • यह मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में स्थित है।
  • इसे बुद्ध के अवशेष (शरीर के अंश) को संरक्षित करने के लिए बनाया गया था।
  • यह यूनेस्को विश्व विरासत स्थल है।
  • अतिरिक्त तथ्य: सांची स्तूप ई.पू. 3री शताब्दी में बना। इसमें तोरण द्वार (चार द्वार) हैं, जिन पर जातक कथाएँ उत्कीर्ण हैं।

कनिष्क ने निम्नलिखित में से किस धर्म का अनुसरण किया?

  • जैन धर्म
  • ईसाई धर्म
  • बौद्ध धर्म
  • सिख धर्म

Explanation:

  • कनिष्क ने बौद्ध धर्म का अनुसरण किया।
  • उसने बौद्ध धर्म को संरक्षण दिया और चौथी बौद्ध संगीति (कुंडलवन, कश्मीर) बुलाई।
  • इस संगीति में महाविभाषा (बौद्ध ग्रंथ) की रचना हुई।
  • उसने कश्मीर में बौद्ध मठों का निर्माण करवाया।
  • अतिरिक्त तथ्य: कनिष्क के सिक्कों पर बुद्ध की छवि अंकित है। अश्वघोष (बुद्धचरित) उसके दरबारी कवि थे। पार्थिव और चरक भी उसके दरबारी थे।

सिकंदर महान निम्नलिखित में से किस देश से संबंधित था?

  • इटली
  • यूनान
  • मिस्र
  • मेसोपोटामिया

Explanation:

  • सिकंदर महान (Alexander the Great, 356-323 ई.पू.) यूनान (ग्रीस) के मैसेडोनिया क्षेत्र से संबंधित था।
  • उसने 326 ई.पू. में भारत पर आक्रमण किया और झेलम नदी (हाइडेस्पस) के तट पर पोरस (राजा पुरु) को हराया।
  • उसके आक्रमण के कारण भारत और यूनान के बीच संपर्क बढ़ा।
  • अतिरिक्त तथ्य: सिकंदर की मृत्यु 323 ई.पू. में बेबीलोन (इराक) में हुई। उसका सेनापति सेल्यूकस बाद में चंद्रगुप्त मौर्य से हारा।

बिंबिसार____का शासक था।

  • गांधार
  • मगध
  • तक्षशिला
  • मथुरा

Explanation:

  • बिंबिसार (545-493 ई.पू.) मगध (बिहार) का शासक था।
  • वह हर्यंक वंश से संबंधित था।
  • उसने राजगृह (राजगीर) को अपनी राजधानी बनाया।
  • वह गौतम बुद्ध और महावीर का समकालीन था।
  • अतिरिक्त तथ्य: बिंबिसार ने अंग राज्य (चंपा) को जीता। उसे उसके पुत्र अजातशत्रु ने कैद कर लिया। मगध बाद में मौर्य साम्राज्य का केंद्र बना।

निम्नलिखित में से कौन से राजा संघमित्रा और महेंद्र के पिता थे?

  • कृष्णदेव राय
  • बिम्बिसार
  • कनिष्क
  • अशोक

Explanation:

  • संघमित्रा और महेंद्र अशोक (268-232 ई.पू.) के पुत्र और पुत्री थे।
  • महेंद्र ने बौद्ध धर्म का प्रचार श्रीलंका में किया।
  • संघमित्रा ने बोधि वृक्ष की शाखा श्रीलंका ले गईं।
  • अशोक ने अपने बच्चों को बौद्ध धर्म के प्रचार के लिए भेजा।
  • अतिरिक्त तथ्य: अशोक ने कलिंग युद्ध (261 ई.पू.) के बाद बौद्ध धर्म अपनाया। उसके 13वें शिलालेख में कलिंग युद्ध का उल्लेख है।

कनिष्क किस वंश से संबंधित था?

  • मौर्य
  • पल्लव
  • कुषाण
  • चोल

Explanation:

  • कनिष्क कुषाण वंश से संबंधित था।
  • कुषाण वंश मध्य एशिया (यूएझी) से भारत आया।
  • कनिष्क ने पेशावर (पुरुषपुर) को अपनी राजधानी बनाया।
  • उसके साम्राज्य में गांधार कला फली-फूली।
  • अतिरिक्त तथ्य: कुषाण वंश के संस्थापक कुजुल कडफिसेस थे। मौर्य (चंद्रगुप्त/अशोक), पल्लव (दक्षिण भारत), चोल (दक्षिण भारत)।

चाणक्य किसके दरबार में मंत्री थे?

  • चंद्रगुप्त मौर्य
  • अशोक
  • देववर्मन
  • दशरथ मौर्य

Explanation:

  • चाणक्य (कौटिल्य/विष्णुगुप्त) चंद्रगुप्त मौर्य (322-298 ई.पू.) के दरबार में मंत्री थे।
  • उन्होंने नंद वंश को समाप्त कर मौर्य साम्राज्य की स्थापना में सहायता की।
  • उन्होंने ‘अर्थशास्त्र’ (राजनीति और अर्थशास्त्र पर ग्रंथ) की रचना की।
  • उन्हें “भारत का मैकियावेली” कहा जाता है।
  • अतिरिक्त तथ्य: चाणक्य तक्षशिला विश्वविद्यालय के प्रोफेसर थे। उनके द्वारा लिखित ‘अर्थशास्त्र’ को कौटिलीय अर्थशास्त्र भी कहा जाता है।

कौन सा चीनी यात्री नालंदा आकर एक छात्र और शिक्षक दोनों के रूप में रहा?

  • कुबलई खान
  • इत्सिंग
  • फाहियान
  • ह्वेन त्सांग

Explanation:

  • ह्वेन त्सांग (Xuanzang, 602-664) नालंदा विश्वविद्यालय में छात्र और शिक्षक दोनों के रूप में रहा।
  • वह चीन से 629 में भारत आया और 645 में वापस गया।
  • उसने हर्षवर्धन के शासनकाल में भारत का दौरा किया।
  • उसने ‘सी-यू-की’ (महात्मा बुद्ध के पश्चिमी संसार की यात्रा) नामक पुस्तक लिखी।
  • अतिरिक्त तथ्य: फाहियान (399-414, गुप्त काल), इत्सिंग (671-695, बौद्ध ग्रंथों का अनुवाद), कुबलई खान (मंगोल शासक, मार्को पोलो का समकालीन)।

सिंधु घाटी सभ्यता की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता थी?

  • वस्तु विनिमय प्रणाली
  • स्थानीय परिवहन प्रणाली
  • ईंटों से बनी इमारतें
  • प्रशासनिक प्रणाली

Explanation:

  • सिंधु घाटी सभ्यता की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता ईंटों से बनी इमारतें थीं।
  • ईंटें पकी हुई (बर्न्ट ब्रिक) और अच्छी गुणवत्ता की थीं।
  • यहाँ जल निकासी प्रणाली, स्नानागार (ग्रेट बाथ), गोदी (लोथल) जैसी उन्नत संरचनाएँ थीं।
  • शहरी नियोजन ग्रिड पैटर्न में था।
  • अतिरिक्त तथ्य: मोहनजोदड़ो में महान स्नानागार, अन्न भंडार, बैठक हॉल पाए गए।

किस राजवंश ने मौर्यों का स्थान लिया?

  • गुप्त
  • चोल
  • शुंग
  • शिशुनाग

Explanation:

  • शुंग वंश (185-73 ई.पू.) ने मौर्यों का स्थान लिया।
  • इसकी स्थापना पुष्यमित्र शुंग ने की थी, जो अंतिम मौर्य शासक बृहद्रथ का सेनापति था।
  • पुष्यमित्र शुंग ने यज्ञ (अश्वमेध) किया और बौद्ध धर्म के बजाय हिंदू धर्म को प्रोत्साहित किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: शुंग वंश के बाद कण्व वंश (73-28 ई.पू.) आया। गुप्त (319-550 ई.), चोल (दक्षिण भारत, 3री-13वीं शताब्दी), शिशुनाग (मगध का पुराना वंश)।

जिस प्रकार टोला संबंधित है गांव से, उसी प्रकार महानगर निम्नलिखित में से किससे संबंधित है?

  • नगरीय
  • जगह
  • शहर
  • जिला

Explanation:

  • टोला (ग्राम का भाग) → गाँव
  • महानगरशहर
  • दोनों में भाग-सम्पूर्ण (Part-Whole) का संबंध है।
  • टोला गाँव का भाग है, महानगर शहर का भाग नहीं बल्कि शहर ही है (समानार्थी संबंध)।

धोलावीरा, एक पुरातात्विक स्थल, किस समयावधि से संबंधित है?

  • गुप्त काल
  • मगध काल
  • चालुक्य काल
  • सिंधु घाटी सभ्यता

Explanation:

  • धोलावीरा (गुजरात) सिंधु घाटी सभ्यता (2500-1750 ई.पू.) से संबंधित है।
  • इसे राखीगढ़ी के बाद भारत का दूसरा सबसे बड़ा हड़प्पा स्थल माना जाता है।
  • यहाँ गोदी, जलाशय, नालियाँ, किलेबंदी पाई गई है।
  • अतिरिक्त तथ्य: धोलावीरा 2021 में यूनेस्को विश्व विरासत स्थल बना। गुप्त काल (319-550 ई.), चालुक्य काल (6ठी-8वीं शताब्दी)।

गुप्त काल के दौरान भारत आने वाले चीनी तीर्थयात्री कौन थे?

  • ह्येनसैंग
  • फाहियान
  • आई चिंग
  • ली शिउ

Explanation:

  • गुप्त काल (लगभग 319-550 ई.) के दौरान भारत आने वाले चीनी तीर्थयात्री फाहियान थे।
  • वह 399-414 के बीच भारत आए।
  • उन्होंने चंद्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य) के शासनकाल में भारत का दौरा किया।
  • उन्होंने अपनी यात्रा का वर्णन ‘फो-क्यो-की’ (बुद्ध साम्राज्य का रिकॉर्ड) में किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: ह्वेन त्सांग (हर्षवर्धन काल, 629-645), इत्सिंग (671-695), ली शिउ (चीनी विद्वान)।

प्राचीन भारतीय कानूनी दस्तावेज ‘मनुस्मृति’ को _______ में लिखा गया था?

  • हिंदी
  • बंगाली
  • तमिल
  • संस्कृत

Explanation:

  • ‘मनुस्मृति’ (मानव धर्मशास्त्र) संस्कृत भाषा में लिखी गई थी।
  • इसे ‘मानवधर्मशास्त्र’ भी कहा जाता है।
  • इसकी रचना 200 ई.पू. – 200 ई. के बीच मानी जाती है।
  • इसमें धर्म, विधि, नैतिकता, सामाजिक व्यवस्था का वर्णन है।
  • अतिरिक्त तथ्य: मनुस्मृति में जाति व्यवस्था, वर्णाश्रम, दंड विधान का उल्लेख है। यह शास्त्रीय भारतीय विधि का प्रमुख स्रोत है।

गुप्त साम्राज्य का संस्थापक कौन था?

  • घटूकच
  • चंद्रगुप्त द्वितीय
  • श्रीगुप्त
  • समुद्रगुप्त

Explanation:

  • गुप्त साम्राज्य (319-550 ई.) के संस्थापक श्रीगुप्त (240-280 ई.) थे।
  • वह प्रयाग (इलाहाबाद) क्षेत्र का शासक था।
  • श्रीगुप्त के बाद उसका पुत्र घटूकच (280-319) शासक बना।
  • चंद्रगुप्त प्रथम (319-335) ने लिच्छवी राजकुमारी से विवाह कर साम्राज्य का विस्तार किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: समुद्रगुप्त (335-380) – “भारत का नेपोलियन”, चंद्रगुप्त द्वितीय (380-415) – “विक्रमादित्य”।

उस स्मारक का नाम बताइए जो “सीट ऑफ़ द होली बुद्ध” का प्रतीक है जहाँ यह माना जाता है कि भगवान बुद्ध ने अपना पहला उपदेश दिया था।

  • दो-द्रुल, चोर्टेन, गंगटोक
  • शिंगारदार, स्तूप, स्वात वैली
  • साँची स्तूप, साँची
  • धामेक स्तूप, सारनाथ

Explanation:

  • धामेक स्तूप सारनाथ (उत्तर प्रदेश) में स्थित है, जहाँ गौतम बुद्ध ने अपना पहला उपदेश दिया था (धर्मचक्र प्रवर्तन)।
  • यह “सीट ऑफ द होली बुद्ध” का प्रतीक है।
  • इसका निर्माण अशोक ने करवाया था।
  • अतिरिक्त तथ्य: साँची स्तूप (बुद्ध के अवशेषों के लिए), शिंगारदार स्तूप (स्वात वैली, पाकिस्तान), दो-द्रुल (सिक्किम, बौद्ध मठ)।

सिंधु घाटी से बंगाल में सोनार घाटी तक अपने साम्राज्य को मजबूत और शक्तिशाली बनाने के लिए शाही (रॉयल) सड़क का निर्माण किसने किया था, और ब्रिटिश काल के दौरान इसका नाम बदलकर जीटी रोड कर दिया गया था?

  • औरंगजेब
  • आलम शाह
  • बहादुर शाह जफर
  • शेरशाह सूरी

Explanation:

  • शेरशाह सूरी (1540-1545) ने सिंधु घाटी से बंगाल की सोनार घाटी तक शाही सड़क का निर्माण करवाया।
  • यह सड़क ब्रिटिश काल में ग्रैंड ट्रंक रोड (जीटी रोड) के नाम से जानी गई।
  • यह कलकत्ता (कोलकाता) से पेशावर (पाकिस्तान) तक जाती थी।
  • अतिरिक्त तथ्य: शेरशाह ने सड़क के किनारे सरायों (विश्राम गृह) और कुओं का निर्माण करवाया। ब्रिटिशों ने 19वीं शताब्दी में इस सड़क का पुनर्निर्माण किया।

‘भारत का नेपोलियन’ किसे कहा जाता है?

  • स्कन्दगुप्त
  • समुद्रगुप्त
  • कुमारगुप्त
  • चन्द्रगुप्त

Explanation:

  • समुद्रगुप्त (335-380 ई.) को “भारत का नेपोलियन” कहा जाता है।
  • यह उपाधि वी.ए. स्मिथ (ब्रिटिश इतिहासकार) ने दी थी।
  • उसने प्रयाग (इलाहाबाद) प्रशस्ति (हरिषेण द्वारा) के अनुसार कई राज्यों पर विजय प्राप्त की।
  • उसने अश्वमेध यज्ञ किया और गुप्त साम्राज्य का विस्तार किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: चंद्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य), कुमारगुप्त (नालंदा विश्वविद्यालय के संस्थापक), स्कन्दगुप्त (हूणों से लड़े)।

निम्नलिखित में से कौन सा स्थल सिंधु घाटी सभ्यता का हिस्सा नहीं है?

  • हड़प्पा
  • उरुक
  • मोहनजोदड़ो
  • लोथल

Explanation:

  • उरुक मेसोपोटामिया (इराक) की सभ्यता का हिस्सा है, सिंधु घाटी का नहीं।
  • उरुक सुमेरियन सभ्यता का प्रमुख शहर था (लगभग 4000-3100 ई.पू.)।
  • सिंधु घाटी सभ्यता के प्रमुख स्थल: हड़प्पा, मोहनजोदड़ो, लोथल, कालीबंगा, धोलावीरा, बनवाली
  • अतिरिक्त तथ्य: मेसोपोटामिया सभ्यता का सबसे महत्वपूर्ण शहर उरुक था।

वेदों को भारत-आर्य सभ्यता का प्रारंभिक साहित्यिक अभिलेख माना जाता है। चार वेद हैं: ऋग्वेद, सामवेद, यजुर्वेद और चौथा _________ है।

  • धनुर्वेद
  • आयुर्वेद
  • शिल्पवेद
  • अथर्ववेद

Explanation:

  • चार वेद हैं: ऋग्वेद, सामवेद, यजुर्वेद, अथर्ववेद
  • ऋग्वेद – सबसे पुराना, देवताओं की स्तुति
  • सामवेद – संगीत/छंदों का वेद
  • यजुर्वेद – यज्ञ/अनुष्ठानों का वेद
  • अथर्ववेद – मंत्र, जादू, चिकित्सा का वेद (ब्रह्म वेद)
  • अतिरिक्त तथ्य: धनुर्वेद (युद्ध कला – उपवेद), आयुर्वेद (चिकित्सा – उपवेद), शिल्पवेद (वास्तुकला – उपवेद)।

निम्नलिखित में से कौन सा पशु हड़प्पा सभ्यता की मुहरों पर अक्सर देखा जाता था?

  • लोमड़ी
  • बैल
  • शेर
  • हिरन

Explanation:

  • हड़प्पा सभ्यता की मुहरों पर अक्सर बैल (विशेष रूप से कूबड़ वाला बैल) देखा जाता था।
  • यह हड़प्पा कला का प्रमुख विषय था।
  • मुहरों पर अन्य पशु: गैंडा, हाथी, बाघ, मगरमच्छ, हिरन आदि।
  • मुहरें स्टीटाइट (साबुन पत्थर) से बनी होती थीं।
  • अतिरिक्त तथ्य: पशुपति मुहर – त्रिमुख देवता (शिव जैसा), बाघ, हाथी, गैंडा, भैंसा से घिरा हुआ। एक सींग वाला बैल सबसे आम है।

सिंधु घाटी सभ्यता में खो जाने वाला पहला स्थल है:

  • लोथल
  • मोहनजोदड़ो
  • कालीबंगा
  • हड़प्पा

Explanation:

  • हड़प्पा सिंधु घाटी सभ्यता का पहला खोजा गया स्थल है।
  • इसे 1921 में दयाराम साहनी ने खोजा था।
  • यह पंजाब (पाकिस्तान) में रावी नदी के तट पर स्थित है।
  • मोहनजोदड़ो (1922, आर.डी. बनर्जी) – दूसरा खोजा गया स्थल।
  • अतिरिक्त तथ्य: हड़प्पा नाम के आधार पर इस सभ्यता को “हड़प्पा सभ्यता” कहा गया। कालीबंगा (1952), लोथल (1954) बाद में खोजे गए।

यजुर्वेद का उपवेद धनुर्वेद है। इसका सम्बन्ध है:

  • युद्ध की कला
  • वास्तुकला
  • चिकित्सा
  • कला और संगीत

Explanation:

  • यजुर्वेद का उपवेद धनुर्वेद है, जिसका संबंध युद्ध की कला (धनुर्विद्या/सैन्य कला) से है।
  • उपवेद प्रत्येक वेद के साथ संबंधित व्यावहारिक ज्ञान की शाखाएँ हैं।
  • अन्य वेदों के उपवेद:
    • ऋग्वेदआयुर्वेद (चिकित्सा)
    • सामवेदगंधर्ववेद (कला/संगीत)
    • अथर्ववेदशिल्पवेद (वास्तुकला)
  • अतिरिक्त तथ्य: धनुर्वेद में धनुष, बाण, तलवार, युद्ध रणनीति का विवरण है।

विक्रमादित्य किस प्रसिद्ध गुप्त शासक का दूसरा नाम है?

  • चंद्रगुप्त प्रथम
  • रामगुप्त
  • कुमारगुप्त द्वितीय
  • चंद्रगुप्त द्वितीय

Explanation:

  • विक्रमादित्य चंद्रगुप्त द्वितीय (380-415 ई.) का दूसरा नाम है।
  • उन्होंने शक शासकों को हराया और मालवा, गुजरात, काठियावाड़ को गुप्त साम्राज्य में मिलाया।
  • उनके दरबार में नवरत्न (9 रत्न) थे – कालिदास, अमर सिंह, धन्वंतरि, वराहमिहिर आदि।
  • अतिरिक्त तथ्य: चंद्रगुप्त प्रथम (गुप्त वंश के वास्तविक संस्थापक), रामगुप्त (अल्पकालीन शासक), कुमारगुप्त द्वितीय (चंद्रगुप्त द्वितीय का पुत्र)।

उदयिन ने मगध की राजधानी को ___________ से पाटलिपुत्र स्थानांतरित कर दिया।

  • सारनाथ
  • राजगृह
  • कौशाम्बी
  • तक्षशिला

Explanation:

  • उदयिन (हर्यंक वंश के शासक) ने मगध की राजधानी राजगृह (राजगीर) से पाटलिपुत्र (पटना) स्थानांतरित की।
  • यह स्थानांतरण राजगृह के पहाड़ियों से घिरे होने और रणनीतिक कारणों से किया गया।
  • पाटलिपुत्र गंगा और सोन नदियों के संगम पर स्थित था।
  • अतिरिक्त तथ्य: बाद में चंद्रगुप्त मौर्य ने पाटलिपुत्र को मौर्य साम्राज्य की राजधानी बनाया। सारनाथ (बौद्ध तीर्थ), कौशाम्बी (वत्स की राजधानी), तक्षशिला (गांधार का प्रमुख नगर)।

प्रारंभिक भारतीय इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण शासकों में से एक चंद्रगुप्त द्वितीय की बेटी का नाम बताइए?

  • पार्वती गुप्त
  • रुद्रमा देवी
  • प्रभावती गुप्त
  • लोपामुद्रा

Explanation:

  • चंद्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य) की बेटी प्रभावती गुप्त थीं।
  • उनका विवाह वाकाटक राजा रुद्रसेन द्वितीय से हुआ था।
  • वाकाटक दक्कन क्षेत्र का प्रमुख साम्राज्य था।
  • प्रभावती गुप्त ने अपने पति की मृत्यु के बाद अपने बच्चों के लिए शासन किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: रुद्रमा देवी (पश्चिमी क्षत्रपों की शासक), लोपामुद्रा (अगस्त्य ऋषि की पत्नी), पार्वती गुप्त (कुमारगुप्त की पत्नी)।

हड़प्पा सभ्यता का कौन सा शहर विशेष रूप से मनका निर्माण, शंख कटाई, धातु कार्य, मुहर निर्माण और बाट निर्माण सहित शिल्प उत्पादन के लिए समर्पित था?

  • हड़प्पा
  • नागेश्वर
  • मोहनजोदड़ो
  • चन्हुदड़ो

Explanation:

  • चन्हुदड़ो हड़प्पा सभ्यता का वह शहर था जो विशेष रूप से शिल्प उत्पादन (मनका निर्माण, शंख कटाई, धातु कार्य, मुहर निर्माण, बाट निर्माण) के लिए समर्पित था।
  • यह सिंध (पाकिस्तान) में मोहनजोदड़ो के 130 किमी दक्षिण में स्थित था।
  • यहाँ कारखाने (उद्योग) और शिल्पकारों की बस्तियाँ मिली हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य: यहाँ लाल मनके (कार्नेलियन) बनाने के लिए भट्टियाँ मिली हैं। हड़प्पा (अनाज भंडार), मोहनजोदड़ो (महान स्नानागार), नागेश्वर (गुजरात, प्राचीन स्थल)।

एपिग्राफी (अभिलेख) से क्या तात्पर्य है?

  • शिलालेखों का अध्ययन
  • कंकालों का अध्ययन
  • मानचित्रों का अध्ययन
  • सिक्कों का अध्ययन

Explanation:

  • एपिग्राफी (पुरालेख) का अर्थ शिलालेखों (Ancient Inscriptions) का अध्ययन है।
  • इसमें पत्थर, ताँबा, धातु, मृदभांड पर उत्कीर्ण लेखों का अध्ययन किया जाता है।
  • यह इतिहास के पुनर्निर्माण में सहायक है।
  • अतिरिक्त तथ्य: मुद्राशास्त्र (Numismatics) – सिक्कों का अध्ययन, पुरातत्व (Archaeology) – पुरानी वस्तुओं का अध्ययन, पाण्डुलिपि विज्ञान (Manuscriptology) – हस्तलिखित ग्रंथों का अध्ययन।

भुक्ति, भोग, विषय, वीथी और मंडल _________ थे।

  • मौर्य काल के महान संत
  • चन्द्रगुप्त के दरबार में मंत्री
  • अश्वमेध यज्ञ में अनुष्ठान
  • गुप्त काल में प्रशासनिक विभाग

Explanation:

  • भुक्ति, भोग, विषय, वीथी और मंडल गुप्त काल (319-550 ई.) में प्रशासनिक विभाग थे।
  • प्रशासनिक इकाइयाँ:
    मंडल (प्रांत) → भुक्ति (उप-प्रांत) → विषय (जिला) → वीथी (उप-जिला) → ग्राम (गाँव)।
  • भोग राजस्व विभाग से संबंधित था।
  • अतिरिक्त तथ्य: गुप्त काल में प्रांताधिकारी (गवर्नर) को उपरिक कहा जाता था। ग्राम का प्रमुख ग्रामाध्यक्ष था।

________ भगवान बुद्ध के सम्मान में मध्य प्रदेश में सम्राट अशोक द्वारा निर्मित बौद्ध स्मारक था।

  • बाविकोंडा स्तूप
  • महाबोधि स्तूप
  • धामेक स्तूप
  • साँची का स्तूप

Explanation:

  • साँची का स्तूप मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में सम्राट अशोक (268-232 ई.पू.) द्वारा भगवान बुद्ध के सम्मान में निर्मित बौद्ध स्मारक था।
  • इसे बुद्ध के अवशेष (शरीर के अंश) को संरक्षित करने के लिए बनाया गया था।
  • यह यूनेस्को विश्व विरासत स्थल है।
  • अतिरिक्त तथ्य: धामेक स्तूप (सारनाथ – बुद्ध का पहला उपदेश), महाबोधि स्तूप (बोधगया – ज्ञान प्राप्ति), बाविकोंडा स्तूप (आंध्र प्रदेश)।

चन्द्रगुप्त प्रथम के बाद गुप्त सिंहासन पर कौन बैठा?

  • श्रीगुप्त
  • शूद्रक
  • ब्रह्मगुप्त
  • समुद्रगुप्त

Explanation:

  • चन्द्रगुप्त प्रथम (319-335 ई.) के बाद गुप्त सिंहासन पर समुद्रगुप्त (335-380 ई.) बैठा।
  • समुद्रगुप्त चन्द्रगुप्त प्रथम का पुत्र था।
  • उसे “भारत का नेपोलियन” कहा जाता है।
  • अतिरिक्त तथ्य: श्रीगुप्त (गुप्त वंश के संस्थापक), ब्रह्मगुप्त (गणितज्ञ, 7वीं शताब्दी), शूद्रक (संस्कृत नाटककार, ‘मृच्छकटिकम’ के रचयिता)।

चौबीसवें जैन तीर्थंकर कौन थे?

  • ऋषभ
  • महावीर
  • गोमतेश्वर
  • पारसनाथ

Explanation:

  • जैन धर्म के चौबीसवें (24वें) तीर्थंकर महावीर (वर्धमान) थे।
  • उनका जन्म 540 ई.पू. (कुछ मतों में 599 ई.पू.) में वैशाली (बिहार) में हुआ था।
  • पहले तीर्थंकर ऋषभदेव (आदिनाथ) थे।
  • 23वें तीर्थंकर पारसनाथ थे (लगभग 800 ई.पू.)।
  • अतिरिक्त तथ्य: जैन धर्म में कुल 24 तीर्थंकर हुए। गोमतेश्वर (बाहुबली) – जैन मुनि, जिनकी विशाल प्रतिमा श्रवणबेलगोला (कर्नाटक) में है।

निम्नलिखित में से कौन-सा भारतीय दर्शन शास्त्र के छह विद्यालयों का हिस्सा है?

  • श्रुति
  • आस्तिक
  • योग
  • पद्मा

Explanation:

  • भारतीय दर्शन के छह विद्यालय (षड्दर्शन) हैं:
  • 1. सांख्य (कपिल), 2. योग (पतंजलि), 3. न्याय (गौतम), 4. वैशेषिक (कणाद), 5. मीमांसा (जैमिनी), 6. वेदान्त (बादरायण/शंकराचार्य)।
  • योग दर्शन का संबंध ध्यान, आसन, प्राणायाम से है।
  • अतिरिक्त तथ्य: श्रुति (वेद), स्मृति (धर्मशास्त्र), आस्तिक (वैदिक दर्शनों को मानने वाला)।

कोसल, अंग, काशी और वज्जि सभी _______ थे:

  • राजा अजातशत्रु द्वारा जीते गए थे
  • 16 महाजनपदों के भाग
  • छठी शताब्दी ई. में राजा हर्षवर्धन द्वारा शासित
  • राजा जयचंद द्वारा जीते गए थे

Explanation:

  • कोसल, अंग, काशी और वज्जि सभी 16 महाजनपदों के भाग थे।
  • 16 महाजनपद (लगभग 600 ई.पू.): अंग, मगध, वज्जि, मल्ल, काशी, कोसल, वत्स, पांचाल, शूरसेन, मत्स्य, चेदि, अवंति, गांधार, कंबोज, अस्मक, कुरु
  • मगध सबसे शक्तिशाली बना और बाद में मौर्य साम्राज्य का केंद्र बना।
  • अतिरिक्त तथ्य: अजातशत्रु (हर्यंक वंश) ने वज्जि संघ को जीता। हर्षवर्धन (7वीं शताब्दी) ने कन्नौज पर शासन किया। जयचंद (12वीं शताब्दी) कन्नौज का गहड़वाल शासक था।

हीनयान और महायान किस धर्म के संप्रदाय हैं?

  • हिन्दू धर्म
  • सिख धर्म
  • जैन धर्म
  • बुद्ध धर्म

Explanation:

  • हीनयान और महायान बौद्ध धर्म के दो प्रमुख संप्रदाय हैं।
  • हीनयान (छोटा वाहन) – थेरवाद (वरिष्ठों का मार्ग) भी कहलाता है। यह मूल बौद्ध सिद्धांतों पर जोर देता है। यह श्रीलंका, म्यांमार, थाईलैंड में प्रचलित है।
  • महायान (बड़ा वाहन) – बोधिसत्व (करुणा) और बुद्ध-पूजा पर जोर देता है। यह चीन, जापान, कोरिया, तिब्बत में प्रचलित है।
  • अतिरिक्त तथ्य: वज्रयान (तांत्रिक बौद्ध धर्म) तिब्बत में प्रचलित है। कनिष्क ने चौथी बौद्ध संगीति में महायान को प्रोत्साहन दिया।

नालंदा विश्वविद्यालय को व्यापक रूप से प्राचीन विश्व के महान विश्वविद्यालयों में से एक और अकादमिक उत्कृष्टता के एक महत्वपूर्ण बौद्ध केंद्र के रूप में मान्यता प्राप्त है। इसकी स्थापना किस भारतीय शासक ने की थी?

  • कुमारगुप्त प्रथम
  • अशोक
  • चंद्रगुप्त मौर्य
  • हर्षवर्धन

Explanation:

  • नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना गुप्त शासक कुमारगुप्त प्रथम (415-455 ई.) ने की थी।
  • यह बिहार (नालंदा जिला) में स्थित है।
  • यह बौद्ध धर्म का प्रमुख शिक्षा केंद्र था और यहाँ ह्वेन त्सांग, इत्सिंग जैसे विद्वानों ने अध्ययन किया।
  • इसे 1193 में बख्तियार खिलजी ने नष्ट कर दिया था।
  • अतिरिक्त तथ्य: नालंदा में विहारों, मंदिरों, पुस्तकालयों का विशाल परिसर था। यहाँ 9 मंजिला पुस्तकालय था। 2016 में नालंदा विश्वविद्यालय को यूनेस्को विश्व विरासत स्थल घोषित किया गया।

चार वेदों में सबसे प्राचीन कौन सा है?

  • सामवेद
  • ऋग्वेद
  • यजुर्वेद
  • अथर्ववेद

Explanation:

  • चार वेदों में सबसे प्राचीन ऋग्वेद है।
  • इसकी रचना लगभग 1500-1200 ई.पू. में मानी जाती है।
  • इसमें 1028 सूक्त और 10 मंडल हैं।
  • इसमें देवताओं (इंद्र, अग्नि, वरुण, सोम) की स्तुति है।
  • अतिरिक्त तथ्य: सामवेद (संगीत/छंद), यजुर्वेद (यज्ञ/अनुष्ठान), अथर्ववेद (मंत्र/जादू/चिकित्सा)। ऋग्वेद में पुरुष सूक्त (जाति व्यवस्था का सबसे पहला उल्लेख) है।

326 ईसा पूर्व में भारत पर आक्रमण करने के लिए सिकंदर ने सबसे पहले कौन सी नदी पार की थी?

  • सिंधु
  • चिनाब
  • सतलज
  • झेलम

Explanation:

  • 326 ई.पू. में सिकंदर महान ने भारत पर आक्रमण करने के लिए सबसे पहले सिंधु नदी पार की थी।
  • उसने तक्षशिला (गांधार) के राजा अम्भि से मित्रता की और आगे बढ़ा।
  • फिर उसने झेलम नदी (हाइडेस्पस) पर पोरस (राजा पुरु) को हराया।
  • अतिरिक्त तथ्य: सिकंदर की सेना ने आगे ब्यास (हाइफेसिस) नदी तक यात्रा की, लेकिन वहाँ सैनिकों ने आगे बढ़ने से मना कर दिया। उसने 322 ई.पू. में भारत से वापसी की।

किस काल को भारतीय इतिहास का स्वर्ण युग कहा गया है?

  • मौर्य काल
  • गुप्त काल
  • मगध काल
  • मुग़ल काल

Explanation:

  • गुप्त काल (319-550 ई.) को भारतीय इतिहास का स्वर्ण युग (Golden Age) कहा जाता है।
  • इस काल में साहित्य, विज्ञान, कला, वास्तुकला, खगोलशास्त्र का अत्यधिक विकास हुआ।
  • प्रसिद्ध विद्वान: कालिदास, आर्यभट्ट, वराहमिहिर, अमर सिंह, धन्वंतरि
  • अतिरिक्त तथ्य: चंद्रगुप्त द्वितीय के दरबार में नवरत्न (9 रत्न) थे। इस काल में फाहियान (चीनी यात्री) भारत आया। मौर्य काल (अशोक), मुगल काल (वास्तुकला) – अन्य महत्वपूर्ण काल।

निम्नलिखित में से कौन छठी शताब्दी ईसा पूर्व में भगवान महावीर का जन्म स्थान है?

  • पाटलिपुत्र
  • सारनाथ
  • वैशाली
  • मगध

Explanation:

  • भगवान महावीर (540-468 ई.पू.) का जन्म वैशाली (बिहार) के कुंडग्राम में हुआ था।
  • वह जैन धर्म के 24वें और अंतिम तीर्थंकर थे।
  • उनके पिता सिद्धार्थ (क्षत्रिय राजा) और माता त्रिशला थीं।
  • अतिरिक्त तथ्य: गौतम बुद्ध (563 ई.पू.) का जन्म लुंबिनी (नेपाल) में हुआ। पाटलिपुत्र (मगध की राजधानी), सारनाथ (बुद्ध का पहला उपदेश), मगध (प्राचीन राज्य)।

गुप्त साम्राज्य के निम्नलिखित में से कौन सा राजा एक अच्छा वीणावादक भी था?

  • चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य
  • समुद्रगुप्त
  • चन्द्रगुप्त प्रथम
  • कुमारगुप्त प्रथम

Explanation:

  • समुद्रगुप्त (335-380 ई.) एक अच्छा वीणावादक (वीणा बजाने वाला) भी था।
  • उसे कवि और संगीतज्ञ के रूप में भी जाना जाता है।
  • उसके सिक्कों पर उसे वीणा बजाते हुए दिखाया गया है।
  • उसे “कविराज” और “विक्रमांक” जैसी उपाधियाँ प्राप्त थीं।
  • अतिरिक्त तथ्य: चन्द्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य) – अपने दरबार में नवरत्नों के लिए प्रसिद्ध, चन्द्रगुप्त प्रथम – गुप्त वंश के वास्तविक संस्थापक, कुमारगुप्त प्रथम – नालंदा विश्वविद्यालय के संस्थापक।

भारत के राष्ट्रीय प्रतीक के नीचे अंकित ‘सत्यमेव जयते’ शब्द कहाँ से लिया गया है?

  • मुंडका उपनिषद
  • पुराणों
  • भगवत गीता
  • जातक कथाएँ

Explanation:

  • ‘सत्यमेव जयते’ (सत्य की ही विजय होती है) शब्द मुंडका उपनिषद से लिया गया है।
  • यह भारत के राष्ट्रीय प्रतीक (अशोक चक्र) के नीचे अंकित है।
  • इसे 24 जनवरी 1950 को राष्ट्रीय आदर्श वाक्य के रूप में अपनाया गया।
  • अतिरिक्त तथ्य: राष्ट्रीय प्रतीक सारनाथ के अशोक स्तम्भ के शीर्ष भाग से लिया गया है। इसमें चार सिंह और अशोक चक्र है।

चन्द्रगुप्त मौर्य के गुरु कौन थे?

  • विष्णु गुप्त
  • कल्हण
  • विष्णु शर्मा
  • स्कंदगुप्त

Explanation:

  • चन्द्रगुप्त मौर्य (322-298 ई.पू.) के गुरु विष्णु गुप्त (चाणक्य/कौटिल्य) थे।
  • चाणक्य ने उन्हें नंद वंश को समाप्त कर मौर्य साम्राज्य स्थापित करने में मदद की।
  • उन्होंने ‘अर्थशास्त्र’ की रचना की।
  • अतिरिक्त तथ्य: कल्हण (12वीं शताब्दी, कश्मीर का इतिहासकार, ‘राजतरंगिणी’ के लेखक), विष्णु शर्मा (‘पंचतंत्र’ के लेखक), स्कंदगुप्त (गुप्त शासक, हूणों से लड़े)।

उलट बंसी किस भक्ति कवि का विशिष्ट योगदान है?

  • सूरदास
  • तुकाराम
  • नानक
  • कबीर

Explanation:

  • “उलट बंसी” (उलटी बांसुरी) कबीर (1440-1518) का विशिष्ट योगदान है।
  • इसमें वे उल्टी बातें (परंपरागत मान्यताओं के विपरीत) कहते हैं, जैसे “जब मैं था तो हरि नहीं, अब हरि हैं तो मैं नहीं”
  • कबीर ने हिंदू-मुस्लिम एकता और निर्गुण भक्ति का प्रचार किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: सूरदास (कृष्ण भक्ति, सूर सागर), तुकाराम (महाराष्ट्र, अभंग, विठ्ठल भक्ति), गुरु नानक (सिख धर्म के संस्थापक, “जपुजी साहिब”)।

‘हाइडेस्पेस का युद्ध’ किसने जीता है?

  • पोरस
  • अशोक
  • सिकंदर
  • बाबर

Explanation:

  • ‘हाइडेस्पेस का युद्ध’ (Battle of Hydaspes) 326 ई.पू. में झेलम नदी (हाइडेस्पस) के तट पर सिकंदर महान और राजा पोरस (पुरु) के बीच लड़ा गया था।
  • इस युद्ध में सिकंदर ने पोरस को हराया था।
  • हार के बाद सिकंदर ने पोरस को उसका राज्य वापस कर दिया और उसे मित्र बना लिया।
  • अतिरिक्त तथ्य: पोरस की सेना में हाथियों का उपयोग किया गया था। इस युद्ध के बाद सिकंदर की सेना ने आगे बढ़ने से मना कर दिया। बाबर (पानीपत 1526), अशोक (कलिंग युद्ध 261 ई.पू.)।

कालिदास के नाटक अभिज्ञान शकुंतलम में शकुंतला का पुत्र कौन था?

  • प्रद्युम्न
  • अनिरुद्ध
  • विक्रम
  • भरत

Explanation:

  • कालिदास के नाटक ‘अभिज्ञानशाकुंतलम’ में शकुंतला का पुत्र भरत था।
  • भरत राजा दुष्यंत और शकुंतला का पुत्र था।
  • भारत देश का नाम भरत के नाम पर पड़ा माना जाता है।
  • अतिरिक्त तथ्य: प्रद्युम्न (कृष्ण के पुत्र), अनिरुद्ध (प्रद्युम्न के पुत्र, कृष्ण के पोते), विक्रम (चन्द्रगुप्त द्वितीय की उपाधि)।

तीसरी बौद्ध परिषद किसके द्वारा आयोजित की गई थी?

  • कनिष्क
  • चंद्रगुप्त
  • हर्षवर्द्धन
  • अशोक

Explanation:

  • तीसरी बौद्ध परिषद (Third Buddhist Council) अशोक (268-232 ई.पू.) द्वारा 250 ई.पू. में पाटलिपुत्र (पटना) में आयोजित की गई थी।
  • इसकी अध्यक्षता मोग्गलिपुत्त तिस्स ने की थी।
  • इस परिषद में धम्म (बौद्ध धर्म) के प्रचार का निर्णय लिया गया और बौद्ध भिक्षुओं को श्रीलंका, म्यांमार, ग्रीस आदि भेजा गया।
  • अतिरिक्त तथ्य: प्रथम बौद्ध परिषद (483 ई.पू., राजगृह, अजातशत्रु, अध्यक्ष – महाकाश्यप), द्वितीय परिषद (383 ई.पू., वैशाली, कालाशोक), चौथी परिषद (78 ई., कुंडलवन, कनिष्क, अध्यक्ष – वसुबन्धु/अश्वघोष)।

इनमें से गुजरात में खोजा गया हड़प्पा स्थल कौन सा है?

  • मांडा
  • खंडिया
  • बालाथल
  • धोलावीरा

Explanation:

  • धोलावीरा गुजरात राज्य के कच्छ जिले में खोजा गया हड़प्पा स्थल है।
  • इसे 1967-68 में जे.पी. जोशी ने खोजा था।
  • यहाँ गोदी, जलाशय, किलेबंदी, नालियाँ पाई गई हैं।
  • 2021 में इसे यूनेस्को विश्व विरासत स्थल घोषित किया गया।
  • अतिरिक्त तथ्य: लोथल (गुजरात – बंदरगाह), रंगपुर (गुजरात), सुरकोटड़ा (गुजरात)। मांडा (जम्मू), खंडिया (राजस्थान), बालाथल (गुजरात) भी हड़प्पा स्थल हैं।

गौतम बुद्ध को महापरिनिर्वाण कहाँ प्राप्त हुआ?

  • कुशीनगर
  • सारनाथ
  • सांची
  • बोधगया

Explanation:

  • गौतम बुद्ध को महापरिनिर्वाण (अंतिम मोक्ष) कुशीनगर (उत्तर प्रदेश) में 483 ई.पू. में प्राप्त हुआ।
  • कुशीनगर मल्ल राज्य का भाग था।
  • बुद्ध की मृत्यु के बाद उनके अवशेष को 8 भागों में विभाजित किया गया और स्तूप बनाए गए।
  • अतिरिक्त तथ्य: बोधगया (ज्ञान प्राप्ति), सारनाथ (पहला उपदेश – धर्मचक्र प्रवर्तन), लुंबिनी (जन्म, नेपाल)। कुशीनगर बौद्धों के चार प्रमुख तीर्थों में से एक है।

विश्व धरोहर स्थल, महान साँची का स्तूप _______ द्वारा निर्मित किया गया था।

  • समुद्रगुप्त
  • अशोक
  • चंद्रगुप्त
  • चालुक्य

Explanation:

  • साँची का स्तूप अशोक (268-232 ई.पू.) द्वारा निर्मित किया गया था।
  • यह मध्य प्रदेश में स्थित यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है।
  • इसे बुद्ध के अवशेष को संरक्षित करने के लिए बनाया गया था।
  • अतिरिक्त तथ्य: साँची में तीन स्तूप हैं। स्तूप 1 सबसे बड़ा है। इसमें चार तोरण द्वार हैं, जिन पर जातक कथाएँ उत्कीर्ण हैं। समुद्रगुप्त (गुप्त शासक), चंद्रगुप्त (मौर्य/गुप्त), चालुक्य (दक्षिण भारतीय वंश)।

निम्नलिखित में से कौन-सी थेरवाद बौद्ध धर्म की पवित्र भाषा है?

  • पाली
  • संस्कृत
  • बंगाली
  • हिन्दी

Explanation:

  • थेरवाद (हीनयान) बौद्ध धर्म की पवित्र भाषा पाली है।
  • पाली प्राकृत भाषा का एक रूप है।
  • बुद्ध के उपदेश पाली त्रिपिटक (विनय पिटक, सुत्त पिटक, अभिधम्म पिटक) में संग्रहित हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य: संस्कृत महायान बौद्ध धर्म की भाषा है। पाली भाषा में श्रीलंका, म्यांमार, थाईलैंड के बौद्ध ग्रंथ लिखे गए हैं। बंगाली/हिन्दी आधुनिक भारतीय भाषाएँ हैं।

सिंधु घाटी सभ्यता का एक महत्वपूर्ण स्थल हड़प्पा किस नदी के तट पर स्थित था?

  • चिनाब
  • ब्यास
  • रावी
  • सतलज

Explanation:

  • हड़प्पा रावी नदी के तट पर स्थित था।
  • यह पंजाब (पाकिस्तान) में स्थित है।
  • हड़प्पा 1921 में दयाराम साहनी द्वारा खोजा गया पहला सिंधु घाटी स्थल था।
  • अतिरिक्त तथ्य: मोहनजोदड़ो (सिंधु नदी), लोथल (भोगवा/साबरमती), कालीबंगा (घग्गर), धोलावीरा (मनसर/रूक्मावती)। रावी पंजाब की पाँच नदियों (सतलज, ब्यास, रावी, चिनाब, झेलम) में से एक है।

नवंबर, 1946 में संविधान सभा का गठन किस योजना के तहत किया गया था?

  • इरविन आयोग योजना
  • हंटर कमीशन योजना
  • साइमन कमीशन योजना
  • कैबिनेट मिशन योजना

Explanation:

  • नवंबर 1946 में संविधान सभा का गठन कैबिनेट मिशन योजना (Cabinet Mission Plan, 1946) के तहत किया गया था।
  • कैबिनेट मिशन 1946 में भारत आया और इसने संविधान सभा के गठन और शक्ति हस्तांतरण की योजना बनाई।
  • संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई।
  • अतिरिक्त तथ्य: साइमन कमीशन (1928, संवैधानिक सुधार), हंटर कमीशन (1919, जलियांवाला बाग), इरविन आयोग (कोई ऐसा आयोग नहीं)।

बौद्ध धर्म के निम्नलिखित में से किस स्कूल को वरिष्ठ भिक्षुओं का स्कूल (वरिष्ठ बोधि शेक स्कूल) के रूप में जाना जाता है?

  • महायान
  • हीनियन
  • थेरवाद
  • वज्र

Explanation:

  • थेरवाद बौद्ध धर्म को “वरिष्ठ भिक्षुओं का स्कूल” (School of Elder Monks) के रूप में जाना जाता है।
  • थेरवाद हीनयान (छोटा वाहन) का दूसरा नाम है।
  • यह मूल बौद्ध सिद्धांतों (पाली त्रिपिटक) पर आधारित है।
  • अतिरिक्त तथ्य: महायान (बड़ा वाहन) – बोधिसत्व की अवधारणा, वज्रयान (तांत्रिक बौद्ध धर्म – तिब्बत), हीनियन (थेरवाद का पुराना नाम)। थेरवाद श्रीलंका, म्यांमार, थाईलैंड, कंबोडिया, लाओस में प्रचलित है।

हड़प्पा सभ्यता किस नदी के तट पर विकसित हुई?

  • सिंधु
  • गंगा
  • यमुना
  • सतलज

Explanation:

  • हड़प्पा सभ्यता (सिंधु घाटी सभ्यता) सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियों के तट पर विकसित हुई।
  • यह सभ्यता 2500-1750 ई.पू. के बीच फली-फूली।
  • इसका विस्तार उत्तर (हड़प्पा) से दक्षिण (लोथल) और पूर्व (आलमगीरपुर) तक था।
  • अतिरिक्त तथ्य: गंगा-यमुना सभ्यता वैदिक काल से संबंधित है। सतलज पंजाब की पाँच नदियों में से एक है, जिसे हड़प्पा सभ्यता ने भी प्रभावित किया।

विश्व प्रसिद्ध ‘कांस्य नृत्यांगना’ की मूर्ति किस सभ्यता से संबंधित है?

  • सिंधु घाटी सभ्यता
  • माया सभ्यता
  • इंका सभ्यता
  • रोम की सभ्यता

Explanation:

  • विश्व प्रसिद्ध ‘कांस्य नृत्यांगना’ (Dancing Girl) की मूर्ति सिंधु घाटी सभ्यता से संबंधित है।
  • यह मोहनजोदड़ो (सिंध, पाकिस्तान) से प्राप्त हुई है।
  • यह कांस्य (ब्रोंज़) से बनी है और लगभग 2500 ई.पू. की है।
  • मूर्ति की ऊँचाई लगभग 10.5 सेमी है।
  • अतिरिक्त तथ्य: इसे 1926 में अर्नेस्ट मैके ने खोजा था। यह हड़प्पा कला की उत्कृष्टता का प्रतीक है। माया, इंका, रोम अन्य प्राचीन सभ्यताएँ हैं।

प्रसिद्ध संत पार्श्वनाथ किस धर्म से संबंधित हैं?

  • इस्लाम
  • बौद्धों
  • जैन
  • हिंदू

Explanation:

  • पार्श्वनाथ जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर थे।
  • उनका जन्म वाराणसी (उत्तर प्रदेश) में 777 ई.पू. के आसपास हुआ था।
  • उन्होंने चार महाव्रत (सत्य, अहिंसा, अस्तेय, अपरिग्रह) का प्रचार किया – ब्रह्मचर्य उनके द्वारा नहीं जोड़ा गया था (बाद में महावीर ने जोड़ा)।
  • अतिरिक्त तथ्य: जैन धर्म के 24 तीर्थंकर हैं – ऋषभदेव (प्रथम), महावीर (अंतिम/24वें)। पार्श्वनाथ को “फणीश्वर” भी कहा जाता है (सर्प के देवता)।

वाराणसी के निकट सारनाथ स्तम्भ का निर्माण किसने करवाया था?

  • गौतमी पुत्र सातकर्णी
  • स्कंदगुप्त
  • पुष्यमित्र शुंग
  • अशोक

Explanation:

  • सारनाथ स्तम्भ (अशोक स्तम्भ) का निर्माण अशोक (268-232 ई.पू.) ने करवाया था।
  • यह वाराणसी (उत्तर प्रदेश) के निकट सारनाथ में स्थित है।
  • इस स्तम्भ के शीर्ष (चार शेर) को भारत के राष्ट्रीय प्रतीक के रूप में अपनाया गया है।
  • इस स्तम्भ पर धर्मचक्र और चार शेर उत्कीर्ण हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य: यहाँ बुद्ध ने अपना पहला उपदेश (धर्मचक्र प्रवर्तन) दिया था। गौतमी पुत्र सातकर्णी (सातवाहन शासक), स्कंदगुप्त (गुप्त शासक), पुष्यमित्र शुंग (शुंग वंश के संस्थापक)।

बौद्ध तीर्थस्थल कुशीनगर किस भारतीय राज्य में स्थित है?

  • उत्तराखण्ड
  • बिहार
  • सिक्किम
  • उत्तर प्रदेश

Explanation:

  • कुशीनगर उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित है।
  • यह बौद्ध तीर्थस्थलों में से एक है, जहाँ गौतम बुद्ध ने महापरिनिर्वाण (मृत्यु) प्राप्त किया था।
  • यह गोरखपुर जिले के पास स्थित है।
  • अतिरिक्त तथ्य: बौद्ध धर्म के चार प्रमुख तीर्थस्थललुंबिनी (जन्म – नेपाल), बोधगया (ज्ञान – बिहार), सारनाथ (प्रथम उपदेश – उत्तर प्रदेश), कुशीनगर (महापरिनिर्वाण – उत्तर प्रदेश)।

महावीर के पिता कौन थे?

  • निम्बार्क
  • रविदास
  • सिद्धार्थ
  • भद्रबाहु

Explanation:

  • महावीर (24वें जैन तीर्थंकर) के पिता सिद्धार्थ थे।
  • महावीर का जन्म कुंडलग्राम (वैशाली, बिहार) में 599 ई.पू. के आसपास हुआ था।
  • उनकी माता त्रिशला थीं (जो लिच्छवि राजकुमारी थीं)।
  • महावीर का मूल नाम वर्धमान था।
  • अतिरिक्त तथ्य: निम्बार्क (भक्ति संत), रविदास (भक्ति कवि), भद्रबाहु (जैन आचार्य, जिन्होंने कल्पसूत्र लिखा)। महावीर गौतम बुद्ध के समकालीन थे।

हड़प्पा सभ्यता में सिरे पेर्ड्यू की प्रथा थी, सिरे पेर्ड्यू क्या है?

  • जाति प्रथा
  • कांस्य प्रतिमाएँ बनाने की मोम तकनीक
  • ईंट बनाने की विधि
  • बंदरगाहों की सुरक्षा के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले युद्धपोत का प्रकार

Explanation:

  • सिरे पेर्ड्यू (Cire Perdue) कांस्य प्रतिमाएँ बनाने की मोम तकनीक है।
  • इस तकनीक में मोम से मूर्ति बनाई जाती है, फिर उसे मिट्टी से ढककर गर्म किया जाता है (मोम पिघलकर बाहर निकल जाता है)।
  • फिर खाली साँचे में पिघला हुआ धातु डाला जाता है।
  • ठंडा होने पर मिट्टी तोड़कर धातु की मूर्ति प्राप्त की जाती है।
  • अतिरिक्त तथ्य: इस तकनीक का उपयोग कांस्य नृत्यांगना मूर्ति के लिए किया गया था। यह तकनीक आज भी मूर्तिकला में प्रयोग की जाती है।

“डांसिंग गर्ल” की कांस्य प्रतिमा निम्नलिखित में से किस सिंधु घाटी सभ्यता स्थल में पाई गई थी?

  • कालीबंगा
  • इलाहाबाद
  • मोहनजोदड़ो
  • लोथल

Explanation:

  • “डांसिंग गर्ल” (नृत्यांगना) की कांस्य प्रतिमा मोहनजोदड़ो में पाई गई थी।
  • मोहनजोदड़ो सिंध (पाकिस्तान) में सिंधु नदी के तट पर स्थित है।
  • यह प्रतिमा 1926 में अर्नेस्ट मैके को मिली थी।
  • इसे हड़प्पा कला का उत्कृष्ट उदाहरण माना जाता है।
  • अतिरिक्त तथ्य: कालीबंगा (राजस्थान), लोथल (गुजरात), बनवाली (हरियाणा) – ये सभी हड़प्पा स्थल हैं, लेकिन नृत्यांगना मोहनजोदड़ो से मिली है।

सत्यमेव जयते शब्द किस उपनिषद में आता है?

  • मुण्डक उपनिषद
  • छान्दोग्य उपनिषद
  • कठ उपनिषद
  • बसाना

Explanation:

  • “सत्यमेव जयते” (सत्य की ही जीत होती है) मुण्डक उपनिषद से लिया गया है।
  • यह भारत का राष्ट्रीय आदर्श वाक्य है।
  • यह अशोक के सारनाथ स्तम्भ पर देवनागरी लिपि में अंकित है।
  • अतिरिक्त तथ्य: छान्दोग्य उपनिषद (सामवेद से), कठ उपनिषद (यजुर्वेद से), मुण्डक उपनिषद (अथर्ववेद से)। सत्यमेव जयते को 1950 में राष्ट्रीय आदर्श वाक्य के रूप में अपनाया गया।

नर्तकी की कांस्य प्रतिमा किस हड़प्पा स्थल पर पाई गई है?

  • कालीबंगा
  • लोथल
  • बनावली
  • मोहनजोदड़ो

Explanation:

  • नर्तकी (डांसिंग गर्ल) की कांस्य प्रतिमा मोहनजोदड़ो में पाई गई है।
  • यह भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के सबसे महत्वपूर्ण खोजों में से एक है।
  • मूर्ति में नर्तकी को दाहिना हाथ कमर पर रखे और बायाँ हाथ घुटने तक लटकाए दिखाया गया है।
  • अतिरिक्त तथ्य: मोहनजोदड़ो में महान स्नानागार, अन्न भंडार, पशुपति महामुद्रा भी पाई गई है। बनावली (हरियाणा), कालीबंगा (राजस्थान), लोथल (गुजरात)।

मिलिंद फन्हा ग्रंथ किससे संबंधित है?

  • बुद्ध धर्म
  • ईसाई धर्म
  • जैन धर्म
  • यहूदी धर्म

Explanation:

  • ‘मिलिंद फन्हा’ (मिलिंद के प्रश्न) ग्रंथ बौद्ध धर्म से संबंधित है।
  • यह ग्रीक राजा मिलिंद (मिनेंडर) और बौद्ध भिक्षु नागसेन के बीच संवाद है।
  • इसमें बौद्ध दर्शन पर प्रश्न-उत्तर हैं।
  • मिलिंद ने ई.पू. 2री शताब्दी में बैक्ट्रिया (ग्रीक साम्राज्य) पर शासन किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: मिलिंद ने बौद्ध धर्म अपना लिया था। नागसेन को “नागेश्वर” भी कहा जाता है।

इनमें से कौन सा काल ‘पशुपति’ द्वारा मनाया जाता है?

  • मौर्य
  • रहस्य
  • वैदिक काल
  • हड़प्पा संस्कृति

Explanation:

  • ‘पशुपति’ (पशुओं का स्वामी) की मोहर हड़प्पा संस्कृति से संबंधित है।
  • यह मोहनजोदड़ो से प्राप्त मुहर पर अंकित है, जिसे “पशुपति महामुद्रा” कहा जाता है।
  • इस मुहर पर त्रिमुखी देवता (शिव जैसा) योगासन में बैठे हैं, जो बाघ, हाथी, गैंडा, भैंसा से घिरे हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य: यह हड़प्पा सभ्यता के देवता का प्रतीक माना जाता है। वैदिक काल में रुद्र/शिव का वर्णन मिलता है, लेकिन पशुपति हड़प्पा काल का है।

पाटलिपुत्र शहर की स्थापना किसने की?

  • अशोक
  • उदयिन
  • दशरथ
  • चंद्रगुप्त मौर्य

Explanation:

  • पाटलिपुत्र (आधुनिक पटना) शहर की स्थापना उदयिन (हर्यंक वंश के शासक) ने की थी।
  • उसने राजगृह (राजगीर) से राजधानी को पाटलिपुत्र स्थानांतरित किया।
  • यह गंगा और सोन नदियों के संगम पर स्थित है।
  • बाद में चंद्रगुप्त मौर्य ने इसे मौर्य साम्राज्य की राजधानी बनाया।
  • अतिरिक्त तथ्य: पाटलिपुत्र को “पाटली” नामक पेड़ के कारण यह नाम मिला। मेगास्थनीज ने इस शहर का वर्णन किया है।

निम्नलिखित में से अंतिम मौर्य राजा कौन था?

  • बृहद्रथ
  • कुणाल
  • दशरथ
  • पुष्यमित्र

Explanation:

  • बृहद्रथ (187-185 ई.पू.) अंतिम मौर्य राजा था।
  • उसके सेनापति पुष्यमित्र शुंग ने उसकी हत्या कर शुंग वंश की स्थापना की।
  • मौर्य वंश के शासक: चंद्रगुप्त, बिन्दुसार, अशोक, दशरथ, सम्प्रति, शालिशुक, देववर्मन, सतधन्वन, बृहद्रथ
  • अतिरिक्त तथ्य: कुणाल (अशोक का पुत्र, जो अंधा हो गया था), दशरथ (अशोक का पोता), पुष्यमित्र (शुंग वंश के संस्थापक)।

सिकंदर ने भारत पर किस वर्ष आक्रमण किया था?

  • 326 ई.पू.
  • 556 ई.पू.
  • 329 ई.पू.
  • 554 ई.पू.

Explanation:

  • सिकंदर महान ने 326 ई.पू. में भारत पर आक्रमण किया था।
  • उसने झेलम नदी (हाइडेस्पस) के तट पर राजा पुरु (पोरस) को हराया
  • इस युद्ध को “हाइडेस्पस की लड़ाई” कहा जाता है।
  • सिकंदर की सेना ने ब्यास नदी तक भारत में प्रवेश किया, लेकिन आगे बढ़ने से इनकार कर दिया।
  • अतिरिक्त तथ्य: सिकंदर की मृत्यु 323 ई.पू. में बेबीलोन (इराक) में हुई। चंद्रगुप्त मौर्य ने बाद में सेल्यूकस (सिकंदर का सेनापति) को हराया।

ऋग्वेद क्या है?

  • वैदिक संस्कृत स्तोत्र का संग्रह
  • पुस्तकों का संग्रह
  • हस्तशिल्प का संग्रह
  • इतिहास का संग्रह

Explanation:

  • ऋग्वेद वैदिक संस्कृत के स्तोत्रों (मंत्रों) का संग्रह है।
  • यह चार वेदों में सबसे पुराना है (लगभग 1500-1200 ई.पू.)।
  • इसमें 10 मंडल (मंडल), 1,028 सूक्त, लगभग 10,600 मंत्र हैं।
  • इसमें मुख्य रूप से देवताओं (इंद्र, अग्नि, वरुण, सूर्य) की स्तुति है।
  • अतिरिक्त तथ्य: ऋग्वेद के 7वें मंडल में भरत वंश का उल्लेख है। 10वें मंडल में पुरुष सूक्त (वर्ण व्यवस्था) है।

हाइडस्पेस की लड़ाई हुई थी?

  • 234 ई.पू.
  • 326 ई.पू.
  • 423 ई.पू.
  • 167 ई.पू.

Explanation:

  • हाइडस्पेस की लड़ाई (झेलम नदी) 326 ई.पू. में सिकंदर महान और राजा पुरु (पोरस) के बीच लड़ी गई थी।
  • इसमें सिकंदर ने विजय प्राप्त की लेकिन पुरु को उसका राज्य वापस दे दिया।
  • यह भारत में सिकंदर की अंतिम महत्वपूर्ण लड़ाई थी।
  • अतिरिक्त तथ्य: पुरु का राज्य पंजाब (झेलम और चिनाब के बीच) था। सिकंदर ने ब्यास नदी पर भी विजय स्तम्भ (12 स्तम्भ) बनवाए।

बौद्ध धर्म में कमल और बैल का प्रतीक क्या दर्शाता है?

  • जन्म
  • दोस्ती
  • विवाह
  • मृत्यु

Explanation:

  • बौद्ध धर्म में कमल और बैल का प्रतीक बुद्ध के जन्म को दर्शाता है।
  • बौद्ध प्रतीक और उनके अर्थ:
    • कमल (पद्म)जन्म (बुद्ध के जन्म के समय 7 कमल खिले थे)
    • बैलजन्म (बुद्ध के जन्म के समय बैल ने उत्सव मनाया)
    • बोधि वृक्षज्ञान
    • धर्मचक्रप्रथम उपदेश
    • स्तूपमहापरिनिर्वाण
  • अतिरिक्त तथ्य: बुद्ध के जीवन की चार घटनाएँ – जन्म (कमल/बैल), ज्ञान (बोधि वृक्ष), उपदेश (धर्मचक्र), मृत्यु (स्तूप)।

बुद्ध के जीवन की घटनाएँ ________ में दी गई हैं।

  • बौद्ध
  • त्रिरत्न
  • जातक कथा
  • पिता

Explanation:

  • बुद्ध के जीवन की घटनाएँ जातक कथाओं (Jataka Tales) में दी गई हैं।
  • जातक कथाएँ बुद्ध के पिछले जन्मों (550 जन्मों) की कहानियाँ हैं।
  • इनमें नैतिक शिक्षा और बोधिसत्व के गुणों का वर्णन है।
  • जातक कथाएँ पाली भाषा में लिखी गई हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य: त्रिरत्न (बुद्ध, धर्म, संघ) – बौद्ध धर्म के तीन रत्न। बुद्धचरित (अश्वघोष द्वारा) बुद्ध की जीवनी है।

श्वेतांबरम् शब्द ______ से जुड़ा हुआ है।

  • सिख धर्म
  • जैन धर्म
  • बुद्ध धर्म
  • यहूदी धर्म

Explanation:

  • ‘श्वेतांबर’ (श्वेत + अंबर = सफेद वस्त्र धारण करने वाले) शब्द जैन धर्म से जुड़ा हुआ है।
  • जैन धर्म की दो प्रमुख शाखाएँ हैं:
    • श्वेतांबर – सफेद वस्त्र धारण करते हैं, मूर्ति पूजा करते हैं।
    • दिगंबर – नग्न/आकाश दिशा वाले (परंपरागत रूप से वस्त्र नहीं पहनते), मूर्ति पूजा नहीं करते।
  • श्वेतांबरों के प्रमुख ग्रंथ अगम हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य: दिगंबर और श्वेतांबर में विभाजन भद्रबाहु के समय (300 ई.पू.) हुआ। पार्श्वनाथ श्वेतांबर परंपरा के 23वें तीर्थंकर थे।

हड़प्पा वासियों द्वारा निम्नलिखित में से किस निर्माण सामग्री का उपयोग किया गया था?

  • मिट्टी
  • लाल बलुआ पत्थर
  • गरम ईंट
  • धूप में ईंटें

Explanation:

  • हड़प्पा वासियों ने मुख्य रूप से गरम ईंट (बर्न्ट ब्रिक / पकी हुई ईंट) का उपयोग किया था।
  • ईंटें अच्छी गुणवत्ता की थीं और अनुपात (1:2:4) में बनी थीं।
  • ये ईंटें जल निकासी और मजबूत इमारतों के लिए उपयोगी थीं।
  • मोहनजोदड़ो में पकी हुई ईंटों से बनी इमारतें पाई गई हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य: हड़प्पा सभ्यता में धूप में सुखाई गई ईंटें (सन-ड्राइड) कम उपयोग की गईं। लाल बलुआ पत्थर का उपयोग बाद की सभ्यताओं (मौर्य/गुप्त) में हुआ।

बौद्ध प्रतीक धर्मचक्र किसे दर्शाता है?

  • प्रथम उपदेश
  • जन्म
  • अंतिम उपदेश
  • मृत्यु

Explanation:

  • धर्मचक्र (Dharma Chakra) बौद्ध धर्म का प्रतीक है जो प्रथम उपदेश (धर्मचक्र प्रवर्तन) को दर्शाता है।
  • गौतम बुद्ध ने सारनाथ में अपना पहला उपदेश दिया था, जिसे धर्मचक्र प्रवर्तन कहा जाता है।
  • धर्मचक्र में 8 आरे हैं, जो आष्टांगिक मार्ग को दर्शाते हैं।
  • यह अशोक के स्तम्भ का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है।
  • अतिरिक्त तथ्य: धर्मचक्र भारत के राष्ट्रीय ध्वज (अशोक चक्र) के केंद्र में है। जन्म का प्रतीक कमल/बैल, मृत्यु का प्रतीक स्तूप है।

गौतम बुद्ध के पुत्र कौन थे?

  • उपागुप्ता
  • पैमाने
  • राहुल
  • आनंदा

Explanation:

  • गौतम बुद्ध के पुत्र राहुल थे।
  • बुद्ध की पत्नी यशोधरा थीं (जिन्हें राहुल माता भी कहा जाता है)।
  • राहुल बाद में बौद्ध भिक्षु बने और बुद्ध के शिष्यों में से एक थे।
  • राहुल को “बुद्ध का पुत्र” (सत्य का पुत्र) भी कहा जाता है।
  • अतिरिक्त तथ्य: आनंद (बुद्ध के चचेरे भाई और प्रिय शिष्य), उपगुप्त (बौद्ध भिक्षु, अशोक के गुरु), पैमाने (गलत विकल्प)। राहुल का जन्म बुद्ध के ज्ञान प्राप्ति से पहले हुआ था।

निम्नलिखित में से कौन सा यज्ञ घोड़े की बलि से संबंधित है?

  • वाजपेयी यज्ञ
  • अग्निष्टोम यज्ञ
  • अश्वमेध यज्ञ
  • राजसूय यज्ञ

Explanation:

  • अश्वमेध यज्ञ घोड़े की बलि से संबंधित है।
  • इसमें एक घोड़ा को पूरे साम्राज्य में स्वतंत्र रूप से विचरण करने दिया जाता था और जो राजा इसका विरोध करता था, उसे युद्ध में पराजित किया जाता था।
  • यज्ञ के अंत में घोड़े की बलि दी जाती थी।
  • समुद्रगुप्त, पुष्यमित्र शुंग, सहस्रांशु आदि ने यह यज्ञ किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: राजसूय यज्ञ (राजा का अभिषेक), वाजपेयी यज्ञ (रथ यज्ञ), अग्निष्टोम यज्ञ (अग्नि की पूजा)। अश्वमेध का उल्लेख ऋग्वेद में है।

दिगम्बर और श्वेतांबर पद किस धर्म से जुड़े हैं?

  • बुद्ध धर्म
  • जैन धर्म
  • ईसाई धर्म
  • इस्लाम धर्म

Explanation:

  • दिगंबर और श्वेतांबर पद जैन धर्म से जुड़े हैं।
  • ये जैन धर्म की दो प्रमुख शाखाएँ हैं:
    • दिगंबर (आकाश दिशा वाले) – नग्न, मूर्ति पूजा का विरोध
    • श्वेतांबर (सफेद वस्त्र वाले) – सफेद वस्त्र, मूर्ति पूजा
  • विभाजन तीसरी शताब्दी ई.पू. में हुआ था।
  • अतिरिक्त तथ्य: बौद्ध धर्म की शाखाएँ – हीनयान/थेरवाद, महायान, वज्रयानइस्लाम की शाखाएँ – सुन्नी, शियाईसाईकैथोलिक, प्रोटेस्टेंट

हड़प्पा किस नदी के तट पर स्थित है?

  • सरस्वती
  • सिंधु
  • रावी
  • लूनी

Explanation:

  • हड़प्पा रावी नदी (पंजाब, पाकिस्तान) के तट पर स्थित है।
  • यह सिंधु घाटी सभ्यता का पहला खोजा गया स्थल है (1921, दयाराम साहनी)।
  • अतिरिक्त तथ्य: मोहनजोदड़ो (सिंधु नदी), कालीबंगा (घग्घर/सरस्वती), लोथल (भोगवा नदी), बनवाली (घग्घर), धोलावीरा (मानसरोवर नदी)।

निम्नलिखित में से कौन सा दर्शन तार्किक चिंतन की तकनीक में विश्वास करता है?

  • सांख्य
  • न्याय
  • योग
  • वेदान्त

Explanation:

  • सांख्य दर्शन तार्किक चिंतन (तर्क/विवेक) की तकनीक में विश्वास करता है।
  • इसके प्रवर्तक कपिल मुनि हैं।
  • यह भारतीय दर्शन की सबसे प्राचीन शाखा है।
  • यह प्रकृति और पुरुष (आत्मा) के द्वैतवाद पर आधारित है।
  • अतिरिक्त तथ्य: न्याय दर्शन (गौतम, तर्क/प्रमाण), योग (पतंजलि, ध्यान), वेदान्त (व्यास, आत्मा/ब्रह्म) – ये सभी तार्किक चिंतन करते हैं, लेकिन सांख्य विशेष रूप से तार्किक विश्लेषण पर जोर देता है।

निम्नलिखित में से किसे ‘वेद’ पुस्तक (गाया जा सकने वाला गीत) कहा जाता है?

  • ऋग्वेद
  • यजुर्वेद
  • अथर्ववेद
  • सामवेद

Explanation:

  • सामवेद को “गाया जा सकने वाला वेद” (गीतों का वेद) कहा जाता है।
  • ‘साम’ का अर्थ संगीत/छंद है।
  • इसमें ऋग्वेद के मंत्रों को संगीतमय रूप में प्रस्तुत किया गया है।
  • सामवेद भारतीय संगीत का मूल आधार माना जाता है।
  • अतिरिक्त तथ्य: ऋग्वेद (स्तुति का वेद), यजुर्वेद (यज्ञ/अनुष्ठान का वेद), अथर्ववेद (मंत्र/जादू का वेद)। सामवेद में 1,549 मंत्र हैं (अधिकांश ऋग्वेद से लिए गए)।

प्राचीन हड़प्पा सभ्यता का शहर, कालीबंगा, किस राज्य में स्थित है?

  • हरियाणा
  • पंजाब
  • गुजरात
  • राजस्थान

Explanation:

  • कालीबंगा (काला बंगला) राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में घग्घर नदी के तट पर स्थित है।
  • इसे 1952 में अमलानंद घोष ने खोजा था।
  • यहाँ से जुताई के निशान (प्लॉ घाव) पाए गए हैं, जो प्राचीन कृषि का प्रमाण हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य: हरियाणा (बनवाली, राखीगढ़ी), पंजाब (हड़प्पा – पाकिस्तान), गुजरात (लोथल, धोलावीरा) – ये सभी हड़प्पा स्थल हैं।

निम्न में से किस भगवान को ऋग्वेद में ‘पुरंदर’ कहा गया है?

  • शिव
  • सोम
  • इंद्र
  • विष्णु

Explanation:

  • इंद्र को ऋग्वेद में ‘पुरंदर’ (Purandara = पुर + दार = किलों/शहरों का विध्वंसक) कहा गया है।
  • इंद्र ऋग्वेद के सबसे अधिक वर्णित देवता हैं (लगभग 250 सूक्त)।
  • इंद्र वज्र (बिजली) धारण करते हैं और वृत्रासुर (सूखे के दानव) को मारने के लिए प्रसिद्ध हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य: इंद्र को “देवराज” और “शतक्रतु” भी कहा जाता है। शिव (रुद्र), विष्णु (वैदिक काल में कम प्रमुख), सोम (रस का देवता)।

बौद्ध धर्म के संस्थापक गौतम बुद्ध का जन्म निम्नलिखित में से किस स्थान पर हुआ था?

  • बोधगया
  • सारनाथ
  • पिपरहवा
  • लुम्बिनी

Explanation:

  • गौतम बुद्ध का जन्म लुंबिनी (वर्तमान नेपाल) में 563 ई.पू. के आसपास हुआ था।
  • उनके पिता शुद्धोधन (शाक्य वंश के राजा) और माता माया देवी थीं।
  • लुंबिनी यूनेस्को विश्व विरासत स्थल है।
  • अतिरिक्त तथ्य: बोधगया (ज्ञान – बिहार), सारनाथ (प्रथम उपदेश – उत्तर प्रदेश), कुशीनगर (महापरिनिर्वाण – उत्तर प्रदेश) – ये बौद्ध धर्म के चार प्रमुख तीर्थस्थल हैं। पिपरहवा (नेपाल, बुद्ध के अवशेषों का स्थल)।

योग का मूल ग्रंथ __________ द्वारा लिखा गया था।

  • कणाद
  • पतंजलि
  • भद्रनारायण
  • कपिल

Explanation:

  • योग का मूल ग्रंथ पतंजलि द्वारा लिखा गया था, जिसे ‘योग सूत्र’ (Patanjali Yog Sutra) कहा जाता है।
  • पतंजलि को “योग का जनक” कहा जाता है (लगभग 200 ई.पू. या 400 ई.)।
  • योग सूत्र में 8 अंग (यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान, समाधि) का वर्णन है।
  • अतिरिक्त तथ्य: कणाद (वैशेषिक दर्शन के संस्थापक), कपिल (सांख्य दर्शन के संस्थापक), भद्रनारायण (गलत विकल्प)। 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है।

बौद्ध धर्म की इनमें से कौन सी संस्कृति तंत्रीय अनुष्ठानों के लिए जानी जाती है?

  • थेरावाद
  • महायान
  • हीनयान
  • इनमें से कोई नहीं

Explanation:

  • बौद्ध धर्म की वह शाखा जो तंत्रीय अनुष्ठानों के लिए जानी जाती है, वह वज्रयान (तांत्रिक/जादुई/गुप्त) बौद्ध धर्म है।
  • वज्रयान महायान बौद्ध धर्म की एक शाखा है, जो तिब्बत, नेपाल, मंगोलिया में प्रचलित है।
  • इसे “हीरा वाहन” या “गुप्त मार्ग” भी कहा जाता है।
  • अतिरिक्त तथ्य: थेरावाद (दक्षिण-पूर्व एशिया), महायान (चीन/जापान/कोरिया), हीनयान (छोटा वाहन, पुराना शब्द) – ये तीनों मुख्य शाखाएँ हैं, लेकिन तंत्रीय अनुष्ठान वज्रयान में हैं, जो महायान की उपशाखा है। इसलिए “इनमें से कोई नहीं” सही है।

निम्नलिखित में से कौन सा वेद वैदिक यज्ञों और अनुष्ठानों से संबंधित है?

  • सामवेद
  • ऋग्वेद
  • अथर्ववेद
  • यजुर्वेद

Explanation:

  • यजुर्वेद वैदिक यज्ञों और अनुष्ठानों से संबंधित है।
  • ‘यजु’ का अर्थ यज्ञ है।
  • इसमें यज्ञों के मंत्र, अनुष्ठान, विधियाँ और नियम दिए हैं।
  • यजुर्वेद की दो शाखाएँ हैं – शुक्ल यजुर्वेद और कृष्ण यजुर्वेद
  • अतिरिक्त तथ्य: सामवेद (गीत/संगीत), ऋग्वेद (स्तुति), अथर्ववेद (मंत्र/जादू/चिकित्सा)। यजुर्वेद गद्य और पद्य दोनों में रचित है।

बौद्ध धर्म की वह शाखा कौन सी है जिसे ‘महायान’ कहा जाता है?

  • थेरावाद
  • वज्रयान
  • महायान
  • अभिधम्म पिटक

Explanation:

  • महायान (बड़ा वाहन/बड़ा मार्ग) बौद्ध धर्म की एक प्रमुख शाखा है।
  • यह बोधिसत्व (दूसरों के उद्धार के लिए ज्ञान का त्याग) पर जोर देता है।
  • यह उत्तरी भारत, चीन, जापान, कोरिया, तिब्बत, मंगोलिया में प्रचलित है।
  • इसके प्रमुख ग्रंथ प्रज्ञापारमिता, लोटस सूत्र हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य: थेरावाद (हीनयान का आधुनिक नाम) – दक्षिण-पूर्व एशिया में प्रचलित, वज्रयान – तांत्रिक बौद्ध धर्म (तिब्बत) – यह महायान की उपशाखा है। अभिधम्म पिटक त्रिपिटक का तीसरा भाग है (शास्त्र/दर्शन)।

हरिक वंश के संस्थापक कौन थे?

  • इन्फेंट
  • उदयन
  • बिम्बिसार
  • धननंद

Explanation:

  • हर्यंक वंश (हरिक वंश) के संस्थापक बिम्बिसार (545-493 ई.पू.) थे।
  • यह मगध का पहला शक्तिशाली राजवंश था।
  • बिम्बिसार ने राजगृह (राजगीर) को अपनी राजधानी बनाया।
  • वह गौतम बुद्ध और महावीर का समकालीन था।
  • अतिरिक्त तथ्य: बिम्बिसार के बाद उसका पुत्र अजातशत्रु (493-461 ई.पू.) शासक बना। उदयिन (अजातशत्रु का पुत्र) ने पाटलिपुत्र की स्थापना की। धननंद (नंद वंश का अंतिम शासक, जिसे चाणक्य और चंद्रगुप्त ने हराया)।

निम्नलिखित में से कौन सा हड़प्पा स्थल एक बंदरगाह था?

  • धोलावीरा
  • लोथल
  • कालिबंगा
  • बनवाली

Explanation:

  • लोथल (गुजरात) हड़प्पा सभ्यता का एक बंदरगाह शहर था।
  • यहाँ विश्व का सबसे पुराना गोदी (डॉकयार्ड) मिला है।
  • यह भोगवा नदी (साबरमती की सहायक नदी) के तट पर स्थित था।
  • यहाँ से चावल, मोती, मनके के अवशेष मिले हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य: धोलावीरा (गुजरात – जलाशय/किलेबंदी), कालीबंगा (राजस्थान – कृषि/प्लॉ घाव), बनवाली (हरियाणा – मनके/शिल्प) – ये बंदरगाह नहीं थे।

स्तूप क्या है?

  • लवणता टीला
  • आवासीय क्षेत्र
  • खुला घर
  • प्रार्थना कक्ष

Explanation:

  • स्तूप लवणता टीला (गुंबददार टीला/अर्धगोलाकार संरचना) है।
  • यह बौद्ध धर्म में बुद्ध के अवशेषों (शरीर के अंश) को संरक्षित करने के लिए बनाया जाता है।
  • यह पूजा स्थल और बौद्ध स्मारक के रूप में कार्य करता है।
  • प्रसिद्ध स्तूप: साँची स्तूप, धामेक स्तूप (सारनाथ), अमरावती स्तूप
  • अतिरिक्त तथ्य: स्तूप के भाग: आधार, अंडा (गुंबद), हर्मिका (शीर्ष), छत्र (छाता), तोरण (द्वार)प्रार्थना कक्ष को चैत्य कहा जाता है।

निम्नलिखित में से कौन सा ग्रंथ महाकाव्य ऋषि वेदव्यास द्वारा लिखा गया था?

  • जीविक चिंतामणि
  • शलप्पादिकारम
  • रामायण
  • महाभारत

Explanation:

  • महाभारत महाकाव्य ऋषि वेदव्यास द्वारा लिखा गया था।
  • यह संस्कृत भाषा का विश्व का सबसे लंबा महाकाव्य है (लगभग 100,000 श्लोक)।
  • इसमें 18 पर्व हैं और भगवद्गीता (कुरुक्षेत्र युद्ध से पहले कृष्ण द्वारा दिया गया उपदेश) शामिल है।
  • अतिरिक्त तथ्य: रामायण (वाल्मीकि द्वारा), शिलप्पादिकारम (इलंगो अधिगल द्वारा तमिल महाकाव्य), जीवक चिंतामणि (तमिल जैन महाकाव्य)। वेदव्यास ने चारों वेदों का संकलन भी किया।

निम्नलिखित में से किसे 24 जैन तीर्थंकरों में से अंतिम माना जाता है?

  • ऋषभ
  • अजितनाथ
  • पार्श्वनाथ
  • महावीर

Explanation:

  • महावीर (वर्धमान) 24 जैन तीर्थंकरों में अंतिम (24वें) माने जाते हैं।
  • उनका जन्म 599 ई.पू. में कुंडलग्राम (वैशाली, बिहार) में हुआ था।
  • उन्होंने जैन धर्म की पाँच महाव्रत (अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य, अपरिग्रह) की स्थापना की।
  • उन्हें जैन धर्म का वास्तविक संस्थापक माना जाता है।
  • अतिरिक्त तथ्य: ऋषभदेव (प्रथम तीर्थंकर), अजितनाथ (द्वितीय), पार्श्वनाथ (23वें) – इन्होंने चार महाव्रत का प्रचार किया (ब्रह्मचर्य को महावीर ने जोड़ा)।

चंद्रगुप्त मौर्य का उत्तराधिकारी कौन था?

  • दशरथ
  • बिन्दुसार
  • चाणक्य
  • अशोक

Explanation:

  • चंद्रगुप्त मौर्य (322-298 ई.पू.) का उत्तराधिकारी उनका पुत्र बिन्दुसार (298-272 ई.पू.) था।
  • बिन्दुसार को “अमित्रघात” (शत्रुओं का संहारक) भी कहा जाता है।
  • उसने दक्षिण भारत (कलिंग को छोड़कर) तक साम्राज्य का विस्तार किया।
  • उसके बाद उसका पुत्र अशोक (272-232 ई.पू.) शासक बना।
  • अतिरिक्त तथ्य: चाणक्य (मंत्री, अर्थशास्त्र के लेखक), दशरथ (अशोक का पोता, मौर्य शासक), अशोक (चंद्रगुप्त का पोता)। बिन्दुसार के समय मेगास्थनीज (यूनानी राजदूत) ने भारत का दौरा किया।

सारनाथ में स्थित ‘शेर के रंग का स्तंभ-शीर्ष’ किसने बनवाया था?

  • अकबर
  • चंद्रगुप्त मौर्य
  • अशोक
  • समुद्रगुप्त

Explanation:

  • सारनाथ में स्थित ‘शेर के रंग का स्तंभ-शीर्ष’ (Lion Capital) अशोक (268-232 ई.पू.) ने बनवाया था।
  • इसमें चार शेर हैं जो एक दूसरे की ओर पीठ किए खड़े हैं।
  • यह अशोक का राष्ट्रीय प्रतीक बना, जिसे 1950 में भारत का राष्ट्रीय प्रतीक घोषित किया गया।
  • इसमें धर्मचक्र (24 तीलियों वाला) भी है, जो भारतीय ध्वज में अशोक चक्र है।
  • अतिरिक्त तथ्य: सारनाथ में धामेक स्तूप भी स्थित है, जहाँ बुद्ध ने पहला उपदेश दिया था। अशोक ने सारनाथ, साँची, रामपुरवा आदि स्थानों पर स्तंभ बनवाए।

प्रसिद्ध यात्री फाह्यान किस देश से संबंधित थे?

  • इटली
  • फारस
  • ग्रीस
  • चीन

Explanation:

  • फाह्यान (399-414 ई.) चीन से संबंधित थे।
  • वह बौद्ध भिक्षु और तीर्थयात्री थे।
  • उन्होंने गुप्त काल (चंद्रगुप्त द्वितीय के शासन) में भारत की यात्रा की।
  • उन्होंने ‘फो-क्यो-की’ (बुद्ध साम्राज्य का रिकॉर्ड) नामक पुस्तक लिखी।
  • अतिरिक्त तथ्य: अन्य चीनी यात्री: ह्वेन त्सांग (629-645, हर्षवर्धन काल), इत्सिंग (671-695), मार्को पोलो (इटली), मेगस्थनीज (ग्रीस), अल-बेरुनी (फारस/मध्य एशिया)।

निम्नलिखित में से किस स्थान पर बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था?

  • कुशीनगर
  • लुम्बिनी
  • सारनाथ
  • बोधगया

Explanation:

  • गौतम बुद्ध को बोधगया (बिहार) में बोधि वृक्ष के नीचे ज्ञान (बोधि) प्राप्त हुआ था।
  • यह स्थान बुद्ध के जीवन की चार महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक है।
  • यहाँ महाबोधि मंदिर स्थित है, जो यूनेस्को विश्व विरासत स्थल है।
  • अतिरिक्त तथ्य: लुंबिनी (जन्म, नेपाल), सारनाथ (पहला उपदेश), कुशीनगर (महापरिनिर्वाण)।

जैन धर्म के अंतिम तीर्थंकर कौन थे?

  • महावीर
  • अनंतनाथ
  • पार्श्वनाथ
  • ऋषभदेव

Explanation:

  • जैन धर्म के 24वें और अंतिम तीर्थंकर महावीर (540-468 ई.पू.) थे।
  • इनका जन्म कुंडग्राम (बिहार) में क्षत्रिय कुल में हुआ था।
  • इन्होंने अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य, अपरिग्रह (पाँच महाव्रत) का पालन किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: ऋषभदेव (पहले तीर्थंकर), पार्श्वनाथ (23वें तीर्थंकर), अनंतनाथ (14वें तीर्थंकर)। जैन धर्म के श्वेतांबर और दिगंबर दो संप्रदाय हैं।

प्रसिद्ध सांची स्तूप कहाँ स्थित है?

  • महाराष्ट्र
  • मध्य प्रदेश
  • बिहार
  • उत्तर प्रदेश

Explanation:

  • सांची स्तूप मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में स्थित है।
  • इसका निर्माण अशोक ने ई.पू. 3री शताब्दी में करवाया था।
  • यह बुद्ध के अवशेषों को संरक्षित करने के लिए बनाया गया था।
  • इसे यूनेस्को विश्व विरासत स्थल (1989) घोषित किया गया है।
  • अतिरिक्त तथ्य: सांची में 3 मुख्य स्तूप (स्तूप 1, 2, 3) हैं। स्तूप 1 सबसे बड़ा है, जिसे शुंग वंश ने बढ़ाया। यहाँ तोरण द्वार (चार द्वार) हैं, जिन पर जातक कथाएँ उत्कीर्ण हैं।

चीनी यात्री फाहियान किसके शासनकाल में भारत आया था?

  • बिदलसार
  • अशोक
  • चंद्रगुप्त द्वितीय
  • हर्षवर्धन

Explanation:

  • फाहियान चंद्रगुप्त द्वितीय (380-415 ई., विक्रमादित्य) के शासनकाल में 399-414 के बीच भारत आया था।
  • उसने उत्तर भारत (पाटलिपुत्र, बोधगया, सारनाथ, सांची, मथुरा) के बौद्ध स्थलों का दौरा किया।
  • उन्होंने गुप्त साम्राज्य को समृद्ध, शांतिपूर्ण और सुशासन वाला बताया।
  • अतिरिक्त तथ्य: ह्वेन त्सांग (हर्षवर्धन के शासन में, 629-645), अशोक (ई.पू. 3री शताब्दी), बिंदुसार (अशोक के पिता)।

निम्नलिखित में से कौन सा वैदिक ग्रंथों के शिल्प / धन विज्ञान से संबंधित है?

  • गंधर्व वेद
  • आयुर्वेद
  • शिल्प
  • धनुर्वेद

Explanation:

  • शिल्प वेद (शिल्प/धन विज्ञान) अथर्ववेद का उपवेद है।
  • इसका संबंध वास्तुकला, मूर्तिकला, हस्तकला, स्थापत्य कला से है।
  • अन्य वेदों के उपवेद:
    • गंधर्व वेद (सामवेद) – संगीत/कला
    • आयुर्वेद (ऋग्वेद) – चिकित्सा
    • धनुर्वेद (यजुर्वेद) – युद्ध कला
  • अतिरिक्त तथ्य: शिल्पवेद में मंदिर निर्माण, मूर्ति बनाना, चित्रकला, बर्तन बनाना आदि विधाएँ हैं।

पहली जैन संगीति कहाँ आयोजित की गई थी?

  • कुशीनगर
  • पाटलिपुत्र
  • मदुरै
  • वल्लभी

Explanation:

  • पहली जैन संगीति पाटलिपुत्र (पटना) में ई.पू. 3री शताब्दी (लगभग 300 ई.पू.) में आयोजित की गई थी।
  • इसकी अध्यक्षता स्थूलभद्र ने की थी।
  • इसमें जैन आगम (ग्रंथ) का संकलन किया गया।
  • इस संगीति के कारण जैन धर्म में श्वेतांबर और दिगंबर संप्रदायों में विभाजन हुआ।
  • अतिरिक्त तथ्य: दूसरी जैन संगीति वल्लभी (गुजरात) में 5वीं शताब्दी में हुई। बौद्ध संगीति – पहली (राजगृह), दूसरी (वैशाली), तीसरी (पाटलिपुत्र), चौथी (कुंडलवन/कश्मीर)।

बौद्ध धर्म के संस्थापक कौन थे?

  • ब्रह्मा
  • महावीर
  • गौतम बुद्ध
  • दलाई लामा

Explanation:

  • बौद्ध धर्म के संस्थापक गौतम बुद्ध (सिद्धार्थ, 563-483 ई.पू.) थे।
  • उनका जन्म लुंबिनी (नेपाल) में शाक्य कुल में हुआ था।
  • उन्होंने बोधगया में ज्ञान प्राप्त किया, सारनाथ में पहला उपदेश दिया और कुशीनगर में महापरिनिर्वाण प्राप्त किया।
  • उन्होंने “बुद्ध” (ज्ञानी) की उपाधि प्राप्त की।
  • अतिरिक्त तथ्य: महावीर (जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर), ब्रह्मा (हिंदू धर्म के देवता), दलाई लामा (तिब्बती बौद्ध धर्म के प्रमुख)।

कल्हण का राजतरंगिणी निम्न में से किस राज्य से जुड़ा हुआ है?

  • उत्तर प्रदेश
  • राजस्थान
  • मध्य प्रदेश
  • जम्मू एवं कश्मीर

Explanation:

  • ‘राजतरंगिणी’ (राजाओं की धारा) कल्हण द्वारा रचित कश्मीर (जम्मू एवं कश्मीर) का ऐतिहासिक ग्रंथ है।
  • इसे 12वीं शताब्दी (1148-1149) में संस्कृत भाषा में लिखा गया था।
  • यह कश्मीर के राजाओं का इतिहास और वंशावली है।
  • इसमें 8 तरंग (खंड) हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य: इसे भारत का प्रथम ऐतिहासिक ग्रंथ माना जाता है। बाद में जोनाराज और श्रीवर ने इसकी पूर्ति की।

रत्नावली, प्रियदर्शिका और नागानंद के रचियता कौन थे?

  • हर्ष
  • अशोक
  • पुलकेशी II
  • चंद्रगुप्त मौर्य

Explanation:

  • रत्नावली, प्रियदर्शिका और नागानंद के रचियता हर्षवर्धन (590-647 ई.) थे।
  • ये तीनों संस्कृत भाषा के नाटक हैं।
  • हर्ष पुष्यभूति वंश का महान शासक था, जिसने 604-647 तक शासन किया।
  • उसकी राजधानी कन्नौज (उत्तर प्रदेश) थी।
  • अतिरिक्त तथ्य: हर्ष का शासन “हर्ष काल” कहलाता है। ह्वेन त्सांग ने उसके दरबार का दौरा किया। बाणभट्ट (हर्षचरित) उसके दरबारी कवि थे।

निम्नलिखित में से किसे “भारतीय नेपोलियन” कहा जाता था?

  • स्कंदगुप्त
  • चंद्रगुप्त द्वितीय
  • समुद्रगुप्त
  • पुलकेशिन द्वितीय

Explanation:

  • समुद्रगुप्त (335-380 ई.) को “भारत का नेपोलियन” कहा जाता है।
  • यह उपाधि वी.ए. स्मिथ (ब्रिटिश इतिहासकार) ने दी थी।
  • उसने प्रयाग (इलाहाबाद) प्रशस्ति (हरिषेण द्वारा) के अनुसार कई राज्यों पर विजय प्राप्त की।
  • उसके साम्राज्य का विस्तार हिमालय से विंध्य तक और पूर्वी भारत से पश्चिमी भारत तक था।
  • अतिरिक्त तथ्य: उसने अश्वमेध यज्ञ किया। स्कंदगुप्त (हूणों से लड़े), चंद्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य), पुलकेशिन द्वितीय (चालुक्य वंश के महान शासक)।

दिलवाड़ा मंदिर किस धर्म से जुड़ा है?

  • बहाई
  • बौद्ध धर्म
  • जैन धर्म
  • हिंदू धर्म

Explanation:

  • दिलवाड़ा मंदिर जैन धर्म से जुड़ा है।
  • यह राजस्थान के माउंट आबू में स्थित है।
  • इसका निर्माण 11वीं-13वीं शताब्दी के बीच हुआ था।
  • यहाँ 5 मंदिर हैं – विमल वशाही, लूना वशाही, पीतलहर, पार्श्वनाथ, महावीर स्वामी मंदिर।
  • यह अपनी संगमरमर की नक्काशी और स्थापत्य कला के लिए प्रसिद्ध है।
  • अतिरिक्त तथ्य: बहाई (ईरानी धर्म), बौद्ध (गौतम बुद्ध), हिंदू (सनातन धर्म)।

‘बोधिसत्व’ शब्द किस धर्म से संबंधित है?

  • वैष्णव
  • जैन
  • बौद्ध
  • शैव

Explanation:

  • ‘बोधिसत्व’ शब्द बौद्ध धर्म से संबंधित है।
  • इसका अर्थ “ज्ञान का सार” या “ज्ञान प्राप्त करने वाला प्राणी” है।
  • बोधिसत्व वह व्यक्ति है जिसने बुद्धत्व प्राप्त करने का संकल्प लिया है, लेकिन सभी प्राणियों की मुक्ति के लिए निर्वाण में नहीं जाता।
  • महायान बौद्ध धर्म में बोधिसत्व की अवधारणा विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
  • अतिरिक्त तथ्य: प्रमुख बोधिसत्व: अवलोकितेश्वर, मंजुश्री, क्षितिगर्भ, समंतभद्र, वज्रपाणिवैष्णव/शैव (हिंदू धर्म), जैन (तीर्थंकर)।

हाथी गुम्फा शिलालेख किसके द्वारा उत्कीर्ण कराया गया था?

  • बिम्बिसार
  • अशोक
  • खारवेल
  • हर्ष

Explanation:

  • हाथी गुम्फा शिलालेख खारवेल (कलिंग/उड़ीसा के राजा, लगभग 1री-2री शताब्दी ई.पू.) द्वारा उत्कीर्ण कराया गया था।
  • यह उड़ीसा के भुवनेश्वर के पास उदयगिरि पहाड़ी पर स्थित है।
  • यह खरोष्ठी या ब्राह्मी लिपि में है।
  • इसमें खारवेल के सैन्य अभियानों, दान-पुण्य और प्रशासनिक उपलब्धियों का वर्णन है।
  • अतिरिक्त तथ्य: खारवेल चेदी वंश से संबंधित था। अशोक (मौर्य, स्तंभ/शिलालेख), बिम्बिसार (हर्यंक, मगध), हर्ष (पुष्यभूति, कन्नौज)।

मौर्य काल में निम्नलिखित में से कौन सा अधिकारी अकाराध्यक्ष के रूप में जाना जाता था?

  • कृषि प्रभारी अधिकारी
  • बाजार अधीक्षक
  • लोहे का अधीक्षक
  • खानों का अधीक्षक

Explanation:

  • मौर्य काल में ‘अकाराध्यक्ष’ खानों का अधीक्षक (Mines Superintendent) था।
  • यह पद चाणक्य के ‘अर्थशास्त्र’ में वर्णित है।
  • मौर्य प्रशासन में विभिन्न अधिकारी थे:
    • अकाराध्यक्ष – खानों का अधीक्षक
    • सीताध्यक्ष – कृषि प्रभारी
    • लोहाध्यक्ष – लोहे का अधीक्षक
    • संस्थाध्यक्ष – बाजार अधीक्षक
  • अतिरिक्त तथ्य: मौर्य प्रशासन में 30 से अधिक अधिकारी थे। अर्थशास्त्र में प्रशासनिक संरचना का विस्तृत वर्णन है।

मौर्य साम्राज्य में जिला प्रशासन के लिए कौन जिम्मेदार था?

  • युक्ता
  • पुरोहित
  • प्रदेशिक
  • कोषाध्यक्ष

Explanation:

  • मौर्य साम्राज्य में जिला प्रशासन के लिए प्रदेशिक (Provincial Officer) जिम्मेदार था।
  • यह पद चाणक्य के ‘अर्थशास्त्र’ में वर्णित है।
  • प्रशासनिक संरचना:
    • महामात्य – मंत्री/उच्च अधिकारी
    • प्रदेशिक – जिला अधिकारी
    • युक्ता – सहायक अधिकारी
    • कोषाध्यक्ष – राजस्व/वित्त प्रभारी
  • अतिरिक्त तथ्य: पुरोहित (धार्मिक प्रमुख), युक्ता (कनिष्ठ अधिकारी), राजुका (न्यायाधीश/ग्राम अधिकारी)।

अशोक के शासनकाल में मौर्य साम्राज्य की राजधानी क्या थी?

  • प्रयाग
  • पाटलिपुत्र
  • उज्जैन
  • अयोध्या

Explanation:

  • अशोक (268-232 ई.पू.) के शासनकाल में मौर्य साम्राज्य की राजधानी पाटलिपुत्र (वर्तमान पटना, बिहार) थी।
  • पाटलिपुत्र गंगा और सोन नदियों के संगम पर स्थित था।
  • यह चंद्रगुप्त मौर्य की भी राजधानी थी।
  • अतिरिक्त तथ्य: उज्जैन (पश्चिमी क्षेत्र की राजधानी), प्रयाग (इलाहाबाद, कौशाम्बी के पास), अयोध्या (कोसल राज्य की राजधानी)। अशोक का शासन ई.पू. 268-232 तक रहा।

वैदिक काल की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से _______________ का एक संयोजन थी।

  • कृषि और पशुपालन
  • कृषि और उद्योग
  • कृषि और कपास व्यापार
  • कृषि और शस्त्र व्यापार

Explanation:

  • वैदिक काल (1500-600 ई.पू.) की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि और पशुपालन का संयोजन थी।
  • मुख्य फसलें: गेहूँ, जौ, चावल, दालें, गन्ना
  • पशुपालन: गाय, भैंस, बकरी, घोड़ा, भेड़ आदि।
  • गाय को वैदिक काल में “अघ्न्या” (वध के अयोग्य) कहा गया।
  • अतिरिक्त तथ्य: वैदिक काल में व्यापार (वस्तु विनिमय), बर्तन बनाना, बुनाई, बढ़ईगीरी जैसे उद्योग भी थे। सिक्के (निष्क) का उल्लेख भी मिलता है।

निम्नलिखित में से कौन चंद्रगुप्त मौर्य का पुत्र था?

  • बिन्दुसार
  • अशोक
  • दशरथ मौर्य
  • बृहद्रथ मौर्य

Explanation:

  • चंद्रगुप्त मौर्य (322-298 ई.पू.) का पुत्र बिन्दुसार (298-273 ई.पू.) था।
  • बिन्दुसार को “अमित्रघात” (शत्रुओं का वध करने वाला) की उपाधि मिली थी।
  • उसने दक्कन क्षेत्र (16 राज्य) पर विजय प्राप्त की।
  • उसके बाद उसका पुत्र अशोक (273-232 ई.पू.) शासक बना।
  • अतिरिक्त तथ्य: दशरथ मौर्य (अशोक का पोता), बृहद्रथ मौर्य (अंतिम मौर्य शासक, पुष्यमित्र शुंग द्वारा मारा गया)।

गुप्त काल के किस धातु के सिक्कों को ‘रूपक’ के रूप में जाना जाता था?

  • लोहे के सिक्के
  • चांदी के सिक्के
  • तांबे के सिक्के
  • सोने के सिक्के

Explanation:

  • गुप्त काल के चाँदी के सिक्कों को ‘रूपक’ के रूप में जाना जाता था।
  • गुप्तों ने सोने के सिक्के (दीनार), चाँदी के सिक्के (रूपक) और ताँबे के सिक्के जारी किए।
  • दीनार सबसे प्रचलित सिक्का था – समुद्रगुप्त, चंद्रगुप्त द्वितीय ने कई प्रकार के सोने के सिक्के जारी किए।
  • अतिरिक्त तथ्य: गुप्त सिक्कों पर राजाओं के चित्र, देवताओं की छवि (लक्ष्मी, दुर्गा, विष्णु, शिव) और उपाधियाँ उत्कीर्ण थीं। कुमारगुप्त ने अश्वमेध सिक्के जारी किए।

पुरुष सूक्त का उल्लेख निम्नलिखित में से किस वेद में है?

  • यजुर्वेद
  • सामवेद
  • ऋग्वेद
  • अथर्ववेद

Explanation:

  • ‘पुरुष सूक्त’ का उल्लेख ऋग्वेद (10वें मंडल, 90वें सूक्त) में है।
  • इसमें ब्रह्मा (पुरुष) की उत्पत्ति और वर्ण व्यवस्था (चार वर्ण) का वर्णन है।
  • इसके अनुसार:
    • ब्राह्मण – मुख (शिक्षक/पुजारी)
    • क्षत्रिय – भुजाएँ (योद्धा/शासक)
    • वैश्य – जांघें (व्यापारी/किसान)
    • शूद्र – पैर (सेवक)
  • अतिरिक्त तथ्य: पुरुष सूक्त ब्रह्मा (सृष्टिकर्ता) को समर्पित है। इसमें 1000 सिर, 1000 आँखें, 1000 पैर वाले पुरुष का वर्णन है।

गुप्त काल में गणित में किस महत्वपूर्ण प्रणाली का विकास हुआ?

  • अवकलन कलन
  • यूक्लिडियन ज्यामिति
  • संचय सिद्धांत
  • दशमलव संकेतन

Explanation:

  • गुप्त काल (319-550 ई.) में गणित में दशमलव संकेतन (Decimal Notation) का विकास हुआ।
  • आर्यभट्ट (476-550) ने ‘आर्यभटीय’ (गणित और खगोलशास्त्र) की रचना की।
  • उन्होंने दशमलव प्रणाली, शून्य (0) की अवधारणा और पाई (π = 3.1416) का मान दिया।
  • उन्होंने त्रिकोणमिति, बीजगणित, अंकगणित में भी योगदान दिया।
  • अतिरिक्त तथ्य: अवकलन कलन (न्यूटन/लीबनिज), यूक्लिडियन ज्यामिति (यूनानी गणितज्ञ), संचय सिद्धांत (आधुनिक गणित)। वराहमिहिर (खगोलशास्त्री) ने ‘पंचसिद्धांतिका’ लिखी।

राखी गढ़ी सिंधु घाटी स्थल कहाँ स्थित है?

  • पंजाब
  • गुजरात
  • राजस्थान
  • हरियाणा

Explanation:

  • राखी गढ़ी (Rakhigarhi) हरियाणा राज्य के हिसार जिले में स्थित है।
  • यह सिंधु घाटी सभ्यता का सबसे बड़ा स्थल (350 हेक्टेयर) है।
  • इसे 2012 में खोजा गया था।
  • यहाँ ईंटें, मिट्टी के बर्तन, मुहरें, मानव कंकाल पाए गए हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य: अन्य प्रमुख हड़प्पा स्थल: हड़प्पा (पंजाब, पाकिस्तान), लोथल (गुजरात), कालीबंगा (राजस्थान), धोलावीरा (गुजरात), बनवाली (हरियाणा)।

निम्नलिखित में से कौन सा त्योहार राजकुमार सिद्धार्थ गौतम के जन्म को चिह्नित करता है, जिन्होंने एक धर्म की स्थापना की थी?

  • गुरु पूर्णिमा
  • बुद्ध पूर्णिमा
  • कार्तिक पूर्णिमा
  • शकम्भरी पूर्णिमा

Explanation:

  • बुद्ध पूर्णिमा (वैशाख पूर्णिमा) सिद्धार्थ गौतम (बुद्ध) के जन्म, ज्ञान और महापरिनिर्वाण को चिह्नित करता है।
  • यह बौद्ध धर्म का सबसे महत्वपूर्ण त्योहार है।
  • बुद्ध का जन्म लुंबिनी (नेपाल) में 563 या 566 ई.पू. में हुआ था।
  • अतिरिक्त तथ्य: गुरु पूर्णिमा (गुरु/शिक्षकों का सम्मान), कार्तिक पूर्णिमा (हिंदू त्योहार), शकम्भरी पूर्णिमा (देवी शाकम्भरी को समर्पित)। बुद्ध पूर्णिमा को वैशाखी भी कहा जाता है (बौद्ध नव वर्ष)।

जैन समुदाय का एक त्योहार, देव दीपावली, जो दीपावली के 10 दिन बाद महावीर के निर्वाण (मृत्यु) की प्राप्ति के उपलक्ष्य में मनाया जाता है, मुख्य रूप से बिहार में _____ में मनाया जाता है।

  • सारनाथ
  • बोधगया
  • पावापुरी
  • पटना

Explanation:

  • देव दीपावली जैन समुदाय का त्योहार है, जो दीपावली के 10 दिन बाद मनाया जाता है।
  • यह भगवान महावीर (24वें तीर्थंकर) के निर्वाण (मृत्यु) के उपलक्ष्य में मनाया जाता है।
  • यह मुख्य रूप से बिहार के पावापुरी (नालंदा जिले) में मनाया जाता है।
  • महावीर का निर्वाण 527 ई.पू. में पावापुरी में हुआ था।
  • अतिरिक्त तथ्य: महावीर का जन्म कुंडग्राम (वैशाली, बिहार) में हुआ था। सारनाथ (बौद्ध), बोधगया (बौद्ध), पटना (बिहार की राजधानी) ।

मौर्य साम्राज्य का तीसरा शासक कौन था?

  • चंद्रगुप्त
  • बृहद्रथ
  • बिन्दुसार
  • अशोक

Explanation:

  • मौर्य साम्राज्य (322-185 ई.पू.) का तीसरा शासक अशोक (268-232 ई.पू.) था।
  • पहला शासक: चंद्रगुप्त मौर्य (322-298 ई.पू.)
  • दूसरा शासक: बिन्दुसार (298-268 ई.पू.)
  • बृहद्रथ मौर्य वंश का अंतिम शासक (185 ई.पू.) था।
  • अतिरिक्त तथ्य: अशोक कलिंग युद्ध (261 ई.पू.) के बाद बौद्ध धर्म में परिवर्तित हुआ। उसने धर्म प्रचार के लिए शिलालेख स्थापित किए।

गौतम बुद्ध ने सामान्य लोगों की किस भाषा में उपदेश दिए, ताकि हर कोई उनके संदेश को समझ सके?

  • अवधी
  • सिंधी
  • प्राकृत
  • संस्कृत

Explanation:

  • गौतम बुद्ध ने सामान्य लोगों को प्राकृत (जन भाषा) में उपदेश दिए।
  • विशेष रूप से पाली (प्राकृत की एक शाखा) में उन्होंने उपदेश दिए।
  • इसका उद्देश्य आम जनता को उनके संदेश को आसानी से समझना था।
  • बुद्ध ने संस्कृत (ब्राह्मणों की भाषा) का उपयोग नहीं किया, क्योंकि यह आम लोगों के लिए कठिन थी।
  • अतिरिक्त तथ्य: पाली भाषा में त्रिपिटक (बौद्ध ग्रंथ) लिखे गए। अशोक ने अपने शिलालेख प्राकृत में लिखवाए। अवधी (हिंदी की बोली), सिंधी (पाकिस्तान/भारत की भाषा)।

दक्षिण भारत में चोल वंश का समयकाल _______ था।

  • 4th-5th शताब्दी ईस्वी
  • 9th-13th शताब्दी ईस्वी
  • 5th-6th शताब्दी ईस्वी
  • 7th-8th शताब्दी ईस्वी

Explanation:

  • चोल वंश का शासनकाल दक्षिण भारत में 9वीं-13वीं शताब्दी ईस्वी (850-1279) था।
  • मध्यकालीन चोल वंश के संस्थापक विजयालय (850-871) थे।
  • प्रमुख शासक: राजराज प्रथम, राजेंद्र प्रथम (चोल वंश के सबसे महान शासक)।
  • चोल साम्राज्य की राजधानी तंजावुर (तमिलनाडु) थी।
  • अतिरिक्त तथ्य: चोल वंश ब्रह्मदेश (म्यांमार) तक फैला था। उन्होंने बृहदेश्वर मंदिर (तंजावुर), गंगैकोंडचोलपुरम का निर्माण करवाया।

हिंदू धर्म की सबसे प्राचीन पवित्र पुस्तकों में से एक, ऋग्वेद, किस भाषा में लिखी गई है?

  • वैदिक पाली
  • देवनागरी
  • हिंदी
  • वैदिक संस्कृत

Explanation:

  • ऋग्वेद वैदिक संस्कृत भाषा में लिखी गई है।
  • यह हिंदू धर्म की सबसे प्राचीन पवित्र पुस्तक है (लगभग 1500-1200 ई.पू.)।
  • वैदिक संस्कृत शास्त्रीय संस्कृत से पुरानी है।
  • इसमें 10 मंडल और 1,028 सूक्त हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य: पाली (बौद्ध ग्रंथों की भाषा), देवनागरी (लिपि, भाषा नहीं), हिंदी (आधुनिक भाषा)।

निम्नलिखित मौर्य सम्राटों को कालानुक्रमिक क्रम में व्यवस्थित करें। I. बिन्दुसार II. वृहद्रथ III. सम्प्रति IV. अशोक

  • I – II – III – IV
  • IV – I – III – II
  • II – IV – III – I
  • I – IV – III – II

Explanation:

  • सही कालानुक्रमिक क्रम: बिन्दुसार → अशोक → सम्प्रति → वृहद्रथ (I → IV → III → II)
  • बिन्दुसार (298-268 ई.पू.) – दूसरा मौर्य शासक
  • अशोक (268-232 ई.पू.) – तीसरा मौर्य शासक
  • सम्प्रति (224-215 ई.पू.) – अशोक का पौत्र, कुछ समय तक शासक
  • वृहद्रथ (187-185 ई.पू.) – अंतिम मौर्य शासक
  • अतिरिक्त तथ्य: अशोक के बाद दशरथ, सम्प्रति, शालिशुक, देववर्मन, सत्यधर्मन, बृहद्रथ क्रमशः शासक बने। बृहद्रथ को पुष्यमित्र शुंग ने मारकर शुंग वंश की स्थापना की।

सिंधु घाटी सभ्यता के निम्नलिखित में से किस स्थल पर वृहत स्नानागार एक विशिष्ट विशेषता है?

  • चाँहूदड़ो
  • धोलावीरा
  • मोहनजोदड़ो
  • रखी गढ़ी

Explanation:

  • वृहत स्नानागार (Great Bath) मोहनजोदड़ो (सिंध, पाकिस्तान) की एक विशिष्ट विशेषता है।
  • यह ईंटों से बना था और जलरोधी (पानी न रोकने वाला) था।
  • इसका आकार 12 मीटर × 7 मीटर था और गहराई 2.5 मीटर थी।
  • इसका उपयोग धार्मिक स्नान के लिए किया जाता था।
  • अतिरिक्त तथ्य: मोहनजोदड़ो में अन्न भंडार, महान स्नानागार, बैठक हॉल, विद्यार्थी-पुजारी की मूर्ति मिली है। चाँहूदड़ो (मोहनजोदड़ो के पास), धोलावीरा (गुजरात), रखी गढ़ी (हरियाणा, भारत का सबसे बड़ा हड़प्पा स्थल)।

निम्नलिखित में से कौन सा वंश संगम काल से संबंधित नहीं है?

  • चेर
  • चोल
  • गुप्त
  • पांड्य

Explanation:

  • संगम काल (300 ई.पू. – 300 ई.) के दौरान दक्षिण भारत में चेर, चोल, पांड्य वंश प्रमुख थे।
  • गुप्त वंश उत्तर भारत (319-550 ई.) का वंश है, जो संगम काल से संबंधित नहीं है।
  • चेर – केरल (राजधानी – वंजी)
  • चोल – तमिलनाडु (राजधानी – उरैयूर)
  • पांड्य – तमिलनाडु (राजधानी – मदुरै)
  • अतिरिक्त तथ्य: संगम साहित्य तमिल भाषा में लिखा गया था। तीन संगम (सभा) हुईं – पहली (मदुरै), दूसरी (कपाटपुरम), तीसरी (मदुरै)।

हड़प्पा सभ्यता की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से किस पर आधारित थी?

  • धातु कर्म और जहाज निर्माण
  • खानाबदोश चरवाहा
  • कृषि और व्यापार
  • मछली पकड़ना और शिकार

Explanation:

  • हड़प्पा सभ्यता की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि और व्यापार पर आधारित थी।
  • कृषि – गेहूँ, जौ, सरसों, तिल, कपास, मटर, खजूर
  • व्यापार – मेसोपोटामिया, मिस्र, ईरान, अफगानिस्तान के साथ व्यापार
  • यहाँ बंदरगाह (लोथल) थे, जो समुद्री व्यापार का संकेत हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य: हड़प्पावासी सूती कपड़ा और ऊनी कपड़ा बनाते थे। वे ताँबा, सीसा, टिन, सोना, चाँदी का उपयोग करते थे।

इनमें से कौन-सा त्योहार सबसे पवित्र बौद्ध त्योहार माना जाता है, जो बुद्ध शाक्यमुनि के जन्म, ज्ञानोदय और महापरिनिर्वाण (मृत्यु) की स्मृति में मनाया जाता है?

  • तमलाडु
  • सांगकेन
  • ओजियाले
  • सागादावा

Explanation:

  • सागादावा (Vesak/Buddha Purnima) बौद्ध धर्म का सबसे पवित्र त्योहार है।
  • यह बुद्ध शाक्यमुनि के जन्म, ज्ञानोदय (बोधगया) और महापरिनिर्वाण (कुशीनगर) की स्मृति में मनाया जाता है।
  • यह वैशाख पूर्णिमा (अप्रैल-मई) के दिन मनाया जाता है।
  • बुद्ध पूर्णिमा को भारत में गौतम बुद्ध का जन्मोत्सव मनाया जाता है।
  • अतिरिक्त तथ्य: बुद्ध का जन्म 563 ई.पू. (लुंबिनी, नेपाल), ज्ञानोदय 528 ई.पू. (बोधगया), महापरिनिर्वाण 483 ई.पू. (कुशीनगर) ।

प्रारंभिक वैदिक काल में, वर्ण व्यवस्था किस पर आधारित थी?

  • जन्म
  • ज्ञान
  • व्यवसाय
  • धर्म

Explanation:

  • प्रारंभिक वैदिक काल (1500-1000 ई.पू.) में वर्ण व्यवस्था व्यवसाय (कर्म) पर आधारित थी, जन्म पर नहीं।
  • पुरुष सूक्त (ऋग्वेद – 10वाँ मंडल) में चार वर्णों का उल्लेख है:
    • ब्राह्मण – पुजारी/विद्वान
    • क्षत्रिय/राजन्य – राजा/योद्धा
    • वैश्य – व्यापारी/किसान
    • शूद्र – सेवक/श्रमिक
  • बाद के वैदिक काल में जन्म पर आधारित हो गई।
  • अतिरिक्त तथ्य: वर्ण व्यवस्था का मूल पुरुष सूक्त के अनुसार – ब्राह्मण मुख से, राजन्य भुजाओं से, वैश्य जाँघों से, शूद्र पैरों से उत्पन्न हुए।

सिंधु घाटी सभ्यता में, महान स्नानागार किस स्थान पर पाया गया था?

  • गणवेरीवाला
  • सुरकोटडा
  • मोहनजोदड़ो
  • दैमाबाद

Explanation:

  • महान स्नानागार (Great Bath) मोहनजोदड़ो (सिंध, पाकिस्तान) में पाया गया था।
  • यह पकी हुई ईंटों से बना था और जलरोधी था।
  • इसके चारों ओर कक्ष (rooms) थे।
  • इसका उपयोग धार्मिक अनुष्ठानों में स्नान के लिए किया जाता था।
  • अतिरिक्त तथ्य: गणवेरीवाला (राजस्थान), सुरकोटडा (गुजरात), दैमाबाद (महाराष्ट्र) – ये सभी हड़प्पा सभ्यता के स्थल हैं।

सिंधु घाटी सभ्यता के लोथल स्थल पर पाया जाने वाला बेसिन वर्तमान में किस भारतीय राज्य में स्थित है?

  • राजस्थान
  • पंजाब
  • हरियाणा
  • गुजरात

Explanation:

  • लोथल का बेसिन (गोदी/डॉकयार्ड) वर्तमान में गुजरात राज्य में स्थित है।
  • यह अहमदाबाद जिले में साबरमती नदी के किनारे स्थित है।
  • यह सिंधु घाटी सभ्यता का एकमात्र बंदरगाह शहर था।
  • यहाँ का गोदी दुनिया का सबसे पुराना माना जाता है।
  • अतिरिक्त तथ्य: लोथल में चावल के अवशेष मिले हैं। यहाँ वजन मापने की इकाइयाँ भी मिली हैं। राजस्थान (कालीबंगा), पंजाब (हड़प्पा), हरियाणा (राखीगढ़ी, बनवाली)।

मौर्य काल में निम्नलिखित में से कौन सा कर केवल नकद में दिया जाता था?

  • कर
  • बलि
  • भाग
  • हिरण्य

Explanation:

  • मौर्य काल में हिरण्य (Hiranya) कर केवल नकद (सोने/चाँदी) में दिया जाता था।
  • कर – भूमि पर लगने वाला कर (भाग का 1/6 या 1/4)
  • बलि – उपहार/भेंट (मौसमी या त्योहारी)
  • भाग – फसल का एक हिस्सा (उपज के रूप में)
  • हिरण्य कर बैल, बकरी, घी जैसी वस्तुओं के बजाय नकद में लिया जाता था।
  • अतिरिक्त तथ्य: अर्थशास्त्र (चाणक्य) में 7 प्रकार के कर का वर्णन है – भाग, भोग, बलि, कर, हिरण्य, पण्य, शुल्क

बौद्ध साहित्यिक कृति ‘महावंश’ मूल रूप से निम्नलिखित में से किस भाषा में लिखी गई थी?

  • पाली
  • चीनी
  • तिब्बती
  • प्राकृत

Explanation:

  • ‘महावंश’ (महान वंशावली) मूल रूप से पाली भाषा में लिखी गई थी।
  • इसे 5वीं शताब्दी में भिक्षु महानाम ने लिखा था।
  • यह श्रीलंका (लंका) का ऐतिहासिक ग्रंथ है, जो बौद्ध धर्म के इतिहास का वर्णन करता है।
  • इसमें अशोक और बौद्ध धर्म के श्रीलंका में प्रचार का विवरण है।
  • अतिरिक्त तथ्य: दीपवंश (श्रीलंका का सबसे पुराना ऐतिहासिक ग्रंथ) भी पाली में है। पाली बौद्ध धर्म की प्रमुख भाषा है।

वैदिक काल में वस्तु विनिमय प्रणाली में मुद्रा की इकाई के रूप में क्या प्रयोग किया जाता था?

  • पशु
  • हथियार
  • चांदी के सिक्के
  • तांबे के सिक्के

Explanation:

  • वैदिक काल में वस्तु विनिमय प्रणाली में पशु (गाय, बैल) को मुद्रा की इकाई के रूप में प्रयोग किया जाता था।
  • गाय को “गो” कहा जाता था, जो धन का प्रतीक थी।
  • ऋग्वेद में “गो” (गाय) को संपत्ति के रूप में वर्णित किया गया है।
  • बाद में सिक्के (चाँदी/ताँबा) का उपयोग शुरू हुआ।
  • अतिरिक्त तथ्य: निष्क (सोने का आभूषण) भी मुद्रा के रूप में उपयोग होता था। सत्यमेव जयते मुहर वाले सिक्के गुप्त काल में आए।

निम्नलिखित में से किस पुरातत्वविद् ने 1920-21 में सिंधु घाटी सभ्यता की हड़प्पा स्थल पर खुदाई शुरू की थी?

  • अर्नेस्ट मैके
  • दयाराम साहनी
  • सर जॉन ह्यूबर्ट मार्शल
  • रखालदास बनर्जी

Explanation:

  • 1920-21 में हड़प्पा स्थल पर खुदाई दयाराम साहनी ने शुरू की थी।
  • वह भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के अधिकारी थे।
  • 1922 में रखालदास बनर्जी ने मोहनजोदड़ो की खुदाई की।
  • सर जॉन ह्यूबर्ट मार्शल (1912-1928 तक ASI के महानिदेशक) ने दोनों स्थलों की खुदाई की देखरेख की।
  • अर्नेस्ट मैके (1930-31 में मोहनजोदड़ो की खुदाई)।
  • अतिरिक्त तथ्य: सिंधु घाटी सभ्यता को “हड़प्पा सभ्यता” नाम हड़प्पा स्थल के कारण मिला।

मौर्य साम्राज्य में निम्नलिखित में से कौन सी सबसे छोटी प्रशासनिक इकाई थी?

  • ग्राम
  • प्रांत
  • नगर
  • जिला

Explanation:

  • मौर्य साम्राज्य में सबसे छोटी प्रशासनिक इकाई ग्राम (गाँव) थी।
  • प्रशासनिक संरचना (ऊपर से नीचे):
    • प्रांत (प्रदेश/राष्ट्र) – गवर्नर (कुमार/आर्यपुत्र)
    • विषय/जिला – राजुका (अधिकारी)
    • नगर – नगराध्यक्ष (सिटी मजिस्ट्रेट)
    • ग्राम – ग्रामिक (गाँव का मुखिया)
  • ग्राम का उल्लेख अर्थशास्त्र और मेगस्थनीज (इंडिका) में है।
  • अतिरिक्त तथ्य: मौर्य साम्राज्य में 4 प्रांत थे – पूर्वी (तोसली), पश्चिमी (उज्जैन), दक्षिणी (सुवर्णगिरि), उत्तरी (तक्षशिला)।

निम्नलिखित में से किस गुप्त शासक ने शक राजा रुद्रसिंह तृतीय को पराजित किया और उसका राज्य जीत लिया?

  • कुमारगुप्त
  • चंद्रगुप्त द्वितीय
  • चंद्रगुप्त प्रथम
  • स्कंदगुप्त

Explanation:

  • चंद्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य, 380-415 ई.) ने शक राजा रुद्रसिंह तृतीय (पश्चिमी क्षत्रप) को पराजित किया।
  • इस विजय के बाद मालवा, गुजरात, काठियावाड़, सौराष्ट्र गुप्त साम्राज्य में मिला लिए गए।
  • इस विजय के उपलक्ष्य में उन्होंने “शकारि” (शकों का दुश्मन) और “विक्रमादित्य” (पौराणिक नाम) की उपाधि धारण की।
  • अतिरिक्त तथ्य: चंद्रगुप्त द्वितीय ने गुजरात में उज्जैन को दूसरी राजधानी बनाया। उनके दरबार में 9 रत्न (नवरत्न) थे। कुमारगुप्त (नालंदा विश्वविद्यालय), चंद्रगुप्त प्रथम (गुप्त वंश के वास्तविक संस्थापक), स्कंदगुप्त (हूणों से लड़े)।

वैदिक काल में समाज में ‘राजन्य’ की क्या भूमिका थी?

  • राजा और योद्धा
  • किसान और मजदूर
  • पुजारी और विद्वान
  • व्यापारी

Explanation:

  • वैदिक काल में ‘राजन्य’ (राजन्या) का अर्थ राजा और योद्धा (क्षत्रिय) था।
  • यह ऋग्वेद में उल्लिखित चार वर्णों (ब्राह्मण, राजन्य, वैश्य, शूद्र) में से दूसरा वर्ण था।
  • राजन्य का मुख्य कार्य शासन करना और राज्य की रक्षा करना था।
  • बाद में “राजन्य” शब्द “क्षत्रिय” में बदल गया।
  • अतिरिक्त तथ्य: वैदिक काल में राजा को “राजन” कहा जाता था। पुरुष सूक्त के अनुसार राजन्य भुजाओं से उत्पन्न हुआ था।

निम्नलिखित में से कौन समुद्रगुप्त का दरबारी कवि था?

  • वात्सयायन
  • भरवि
  • हरिषेण
  • कालिदास

Explanation:

  • समुद्रगुप्त (335-380 ई.) का दरबारी कवि हरिषेण था।
  • हरिषेण ने “प्रयाग प्रशस्ति” (इलाहाबाद स्तंभ शिलालेख) की रचना की।
  • यह शिलालेख समुद्रगुप्त की विजयों और उपलब्धियों का वर्णन करता है।
  • इसे “हरिषेण कृत प्रयाग प्रशस्ति” कहा जाता है।
  • अतिरिक्त तथ्य: वात्सयायन (कामसूत्र), भरवि (किरातार्जुनीय), कालिदास (चंद्रगुप्त द्वितीय के दरबारी कवि)। समुद्रगुप्त को “भारत का नेपोलियन” कहा जाता है।

गुप्त वंश का पहला शासक कौन था जिसने महाराजाधिराज की बड़ी उपाधि धारण की?

  • विष्णुगुप्त
  • चंद्रगुप्त प्रथम
  • स्कंदगुप्त
  • कुमारगुप्त

Explanation:

  • गुप्त वंश का पहला शासक जिसने महाराजाधिराज (महान राजाओं का राजा) की बड़ी उपाधि धारण की, चंद्रगुप्त प्रथम (319-335 ई.) था।
  • उन्होंने लिच्छवी राजकुमारी कुमारदेवी से विवाह कर अपना साम्राज्य बढ़ाया।
  • इस विवाह से उन्हें लिच्छवी क्षेत्र का अधिकार मिला।
  • गुप्त काल (319-550 ई.) चंद्रगुप्त प्रथम से प्रारंभ माना जाता है।
  • अतिरिक्त तथ्य: श्रीगुप्त गुप्त वंश के संस्थापक (राजा/महाराजा), घटूकच (महाराजा), चंद्रगुप्त प्रथम (महाराजाधिराज)।

वैदिक ब्राह्मणों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? I. ऐतरेय ब्राह्मण ऋग्वेद से संबंधित था। II. पंचविंश ब्राह्मण सामवेद से संबंधित था।

  • न तो I और न ही II
  • केवल II
  • I और II दोनों
  • केवल I

Explanation:

  • कथन I: ऐतरेय ब्राह्मण ऋग्वेद से संबंधित है। → सही
  • कथन II: पंचविंश ब्राह्मण (25वाँ ब्राह्मण) सामवेद से संबंधित है। → सही
  • ब्राह्मण (गद्य ग्रंथ) वेदों के अनुष्ठान और व्याख्या से संबंधित हैं।
  • प्रत्येक वेद के साथ कई ब्राह्मण ग्रंथ जुड़े हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य: ऋग्वेद – ऐतरेय ब्राह्मण, कौषीतकि ब्राह्मण। यजुर्वेद – शतपथ ब्राह्मण, तैत्तिरीय ब्राह्मण। सामवेद – पंचविंश ब्राह्मण (25वाँ), षड्विंश ब्राह्मण (26वाँ)। अथर्ववेद – गोपथ ब्राह्मण।

सिंधु घाटी सभ्यता की किस स्थल से कांस्य की प्रतिमा ‘नर्तकी’ मिली थी?

  • मोहनजोदड़ो
  • रखी गढ़ी
  • लोथल
  • हड़प्पा

Explanation:

  • कांस्य की प्रतिमा ‘नर्तकी’ (Dancing Girl) मोहनजोदड़ो से मिली थी।
  • यह प्रतिमा कांस्य (Bronze) से बनी है और लगभग 10.5 सेमी ऊँची है।
  • इसे 1926 में खोजा गया था।
  • यह हड़प्पा कला का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
  • इस प्रतिमा को भारतीय कला का प्रतीक माना जाता है।
  • अतिरिक्त तथ्य: मोहनजोदड़ो से “पशुपति मुहर” (त्रिमुख देवता की मुहर), “दाढ़ी वाले पुजारी” की प्रतिमा भी मिली है। हड़प्पा से लाल बलुआ पत्थर की प्रतिमाएँ मिली हैं।

हड़प्पा की धार्मिक प्रथाओं के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? I. हड़प्पा वासी प्रजनन से जुड़ी महिला देवी-देवताओं की पूजा करते थे। II. हड़प्पा वासी पशुपति जैसे पुरुष देवताओं की भी पूजा करते थे।

  • न तो I और न ही II
  • केवल II
  • केवल I
  • I और II दोनों

Explanation:

  • हड़प्पा सभ्यता (2500-1750 ई.पू.) की धार्मिक प्रथाओं के बारे में I और II दोनों कथन सही हैं।
  • कथन I – हड़प्पा वासी प्रजनन (मातृ देवी) से जुड़ी महिला देवी-देवताओं की पूजा करते थे। इसके प्रमाण मातृ देवी की मूर्तियाँ (टेराकोटा) से मिलते हैं।
  • कथन II – हड़प्पा वासी पशुपति जैसे पुरुष देवताओं की भी पूजा करते थे। पशुपति मुहर (मोहनजोदड़ो) में त्रिमुख देवता (शिव जैसा) को पशुओं से घिरा दिखाया गया है।
  • हड़प्पा में अग्नि कुंड, यज्ञ स्थल, पीपल वृक्ष पूजा, शिव लिंग जैसे प्रमाण भी मिले हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य: हड़प्पा वासी स्वास्तिक, चक्र, मछली, साँप आदि प्रतीकों की पूजा करते थे। महान स्नानागार (मोहनजोदड़ो) धार्मिक स्नान के लिए उपयोग होता था।

पुस्तक ‘सुत्त पिटक’ किस धार्मिक प्रचारक के वचनों को समाहित करता है?

  • बुद्ध
  • महावीर
  • सूरदास
  • गुरु नानक देव

Explanation:

  • ‘सुत्त पिटक’ बुद्ध (गौतम बुद्ध) के वचनों को समाहित करता है।
  • यह त्रिपिटक (बौद्ध धर्म के प्रमुख ग्रंथ) का दूसरा भाग है।
  • त्रिपिटक के तीन भाग:
    • सुत्त पिटक – बुद्ध के उपदेश/सूत्र
    • विनय पिटक – बौद्ध भिक्षुओं के लिए नियम
    • अभिधम्म पिटक – बौद्ध दर्शन/मनोविज्ञान
  • सुत्त पिटक में दीघ निकाय, मज्झिम निकाय, संयुत्त निकाय, अंगुत्तर निकाय, खुद्दक निकाय – 5 निकाय हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य: त्रिपिटक को पाली भाषा में लिखा गया है। तीसरी बौद्ध संगीति (250 ई.पू., पाटलिपुत्र) में इसे संकलित किया गया।

सिंधु घाटी सभ्यता की किस स्थल से एक ऐसे घड़े का चित्र मिला है जो एक प्यासे कौए की कहानी कहता प्रतीत होता है, जिसने पानी पीने का एक चालाक तरीका खोजा?

  • लोथल
  • हड़प्पा
  • मोहनजोदड़ो
  • रखी गढ़ी

Explanation:

  • लोथल (गुजरात) से एक घड़े का चित्र मिला है जो प्यासे कौए की कहानी कहता प्रतीत होता है (कौवे ने पानी पीने के लिए पत्थर/कंकड़ डाले)।
  • यह चित्र आधुनिक कहानी “द थर्स्टी क्रो” (प्यासा कौवा) के समान है।
  • लोथल सिंधु घाटी सभ्यता का एक प्रमुख बंदरगाह शहर था।
  • अतिरिक्त तथ्य: लोथल में गोदी (डॉकयार्ड), चावल के अवशेष, कार्नेलियन मनके, मुहरें मिली हैं। यहाँ से अग्नि कुंड और मिट्टी के बर्तनों पर विभिन्न चित्र भी मिले हैं।

पश्चिम एशिया के यूनानी शासक द्वारा चंद्रगुप्त के दरबार में भेजा गया राजदूत कौन था?

  • मेगस्थनीज
  • सैय्यद बेग
  • डायोनिसियस
  • सेल्यूकस

Explanation:

  • मेगस्थनीज (लगभग 302-298 ई.पू.) सेल्यूकस निकेटर (पश्चिम एशिया का यूनानी शासक) द्वारा चंद्रगुप्त मौर्य के दरबार में भेजा गया राजदूत था।
  • उसने अपनी यात्रा का वर्णन ‘इंडिका’ पुस्तक में किया।
  • उसने मौर्य प्रशासन, समाज, अर्थव्यवस्था का विस्तृत वर्णन किया।
  • उसने चंद्रगुप्त को धर्मी और महान शासक बताया।
  • अतिरिक्त तथ्य: सेल्यूकस (सिकंदर का सेनापति) ने 305 ई.पू. में चंद्रगुप्त से युद्ध किया और हार गया। उसने गांधार, तक्षशिला, अरकोसिया के क्षेत्र चंद्रगुप्त को सौंप दिए।

गुप्त साम्राज्य के दौरान धार्मिक विकास के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? I. गुप्त वंश के कुमारगुप्त प्रथम ने 5वीं शताब्दी ईस्वी में नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना की थी। II. नरसिंहगुप्त बलदित्य महायान बौद्ध धर्म से प्रभावित थे।

  • I और II दोनों
  • केवल II
  • केवल I
  • न तो I और न ही II

Explanation:

  • कथन Iकुमारगुप्त प्रथम (415-455 ई.) ने 5वीं शताब्दी में नालंदा विश्वविद्यालय (बिहार) की स्थापना की थी। → सही
  • कथन IIनरसिंहगुप्त बलदित्य (स्कन्दगुप्त का पुत्र) महायान बौद्ध धर्म से प्रभावित थे। → सही
  • नालंदा बौद्ध शिक्षा का प्रमुख केंद्र था। यहाँ ह्वेन त्सांग (7वीं शताब्दी) ने अध्ययन किया।
  • नरसिंहगुप्त ने मिहिरकुल (हूण शासक) को हराया था।
  • अतिरिक्त तथ्य: गुप्त काल में हिंदू धर्म का पुनरुत्थान हुआ। विष्णु, शिव, दुर्गा, गणेश, सूर्य की पूजा प्रमुख थी। भागवत पुराण, गीता, रामायण, महाभारत का प्रचार हुआ।

चार वेदों को उनके ब्राह्मण ग्रंथों के साथ ______ के रूप में भी जाना जाता है।

  • वेदांग
  • श्रुति
  • उपवेद
  • पुराण

Explanation:

  • चार वेदों (ऋग्वेद, सामवेद, यजुर्वेद, अथर्ववेद) को उनके ब्राह्मण ग्रंथों के साथ ‘श्रुति’ के रूप में भी जाना जाता है।
  • श्रुति का अर्थ “जो सुना गया” (दिव्य रहस्योद्घाटन) है।
  • वेदों को अपौरुषेय (ईश्वरीय) माना जाता है।
  • स्मृति (मनुस्मृति, याज्ञवल्क्य स्मृति) – जो याद किया गया, मानवीय रचना।
  • अतिरिक्त तथ्य: वेदांग (वेदों के अंग – शिक्षा, कल्प, व्याकरण, निरुक्त, छंद, ज्योतिष), उपवेद (व्यावहारिक ज्ञान), पुराण (प्राचीन कथाएँ)।

निम्नलिखित का मिलान कीजिए। हड़प्पा स्थल – वर्तमान राज्य

  • A-III; B-IV; C-II; D-I
  • A-II; B-III; C-IV; D-I
  • A-I; B-II; C-III; D-IV
  • A-IV; B-I; C-III; D-II

Explanation:

  • सही मिलान: A-II; B-III; C-IV; D-I (विकल्प 2)
  • A. रंगपुर (गुजरात)II. गुजरात
  • B. रोपड़ (पंजाब)III. पंजाब
  • C. नौशेरो (पाकिस्तान/सिंध)IV. सिंध (पाकिस्तान)
  • D. गोल धोरो (गुजरात)I. गुजरात
  • अतिरिक्त तथ्य: हड़प्पा सभ्यता के अन्य प्रमुख स्थल: हड़प्पा (पंजाब, पाकिस्तान), मोहनजोदड़ो (सिंध, पाकिस्तान), लोथल (गुजरात), कालीबंगा (राजस्थान), धोलावीरा (गुजरात), बनवाली (हरियाणा), राखीगढ़ी (हरियाणा)

मौर्य साम्राज्य का अंतिम शासक किसके द्वारा मारा गया था?

  • विष्णुगुप्त चंद्रादित्य
  • अशोक
  • अवन्ति वर्मन
  • पुष्यमित्र शुंग

Explanation:

  • पुष्यमित्र शुंग ने मौर्य साम्राज्य के अंतिम शासक बृहद्रथ (187-185 ई.पू.) को मार डाला था।
  • बृहद्रथ अशोक के पोते (या परपोते) थे।
  • पुष्यमित्र शुंग बृहद्रथ का सेनापति था।
  • उसने 185 ई.पू. में बृहद्रथ की हत्या कर शुंग वंश की स्थापना की।
  • अतिरिक्त तथ्य: शुंग वंश 185-73 ई.पू. तक चला। पुष्यमित्र ने अश्वमेध यज्ञ किया और बौद्ध धर्म के बजाय हिंदू धर्म को प्रोत्साहित किया। पतंजलि (योग) पुष्यमित्र के समकालीन थे।

वैदिक काल में, समाज का सबसे उच्च सामाजिक वर्ग किसे माना जाता था?

  • शूद्र
  • क्षत्रिय
  • ब्राह्मण
  • वैश्य

Explanation:

  • वैदिक काल (लगभग 1500-600 ई.पू.) में ब्राह्मण समाज का सबसे उच्च सामाजिक वर्ग माना जाता था।
  • चार वर्ण:
    • ब्राह्मण (पुरोहित/ज्ञानी) – सबसे उच्च
    • क्षत्रिय (शासक/योद्धा) – द्वितीय
    • वैश्य (व्यापारी/किसान) – तृतीय
    • शूद्र (सेवक/श्रमिक) – चतुर्थ (निम्नतम)
  • यह व्यवस्था पुरुष सूक्त (ऋग्वेद) में वर्णित है।
  • अतिरिक्त तथ्य: बाद में अंतर्जातीय विवाह, व्यवसायों की विशेषज्ञता ने जाति व्यवस्था को और अधिक जटिल बना दिया। पुरुष सूक्त में ब्राह्मण को मुख, क्षत्रिय को बाहु, वैश्य को जाँघ, शूद्र को पैर कहा गया है।

वैदिक काल में ‘वैश्य’ शब्द किस शब्द से आया है?

  • विग्रह
  • विद्या
  • विश
  • वसन

Explanation:

  • ‘वैश्य’ शब्द ‘विश’ शब्द से आया है।
  • ‘विश’ का अर्थ “जनता” या “समुदाय” होता है।
  • वैश्य वे लोग थे जो व्यापार, कृषि, पशुपालन आदि कार्य करते थे।
  • अतिरिक्त तथ्य: विग्रह (युद्ध/संघर्ष), विद्या (ज्ञान), वसन (वस्त्र/निवास) । ऋग्वेद में “विश” शब्द का उल्लेख जनसमूह के लिए हुआ है। बाद में यह वैश्य (तीसरा वर्ण) बन गया।

संहिताएँ प्रत्येक वेद के ______ खंड/भाग का प्रतिनिधित्व करती हैं, जिसमें मंत्रों का संकलन होता है।

  • प्रथम
  • द्वितीय
  • चतुर्थ
  • तृतीय

Explanation:

  • संहिताएँ प्रत्येक वेद के प्रथम (सबसे पुराने) खंड/भाग का प्रतिनिधित्व करती हैं, जिसमें मंत्रों का संकलन होता है।
  • प्रत्येक वेद के चार भाग:
    • संहिता (मंत्र संग्रह) – प्रथम भाग
    • ब्राह्मण (अनुष्ठान/यज्ञ विधि) – द्वितीय भाग
    • आरण्यक (जंगल में साधना) – तृतीय भाग
    • उपनिषद (दर्शन/ज्ञान) – चतुर्थ भाग
  • अतिरिक्त तथ्य: ऋग्वेद संहिता सबसे पुरानी है (लगभग 1500-1200 ई.पू.)। सामवेद संहिता में संगीत के लिए मंत्र हैं। यजुर्वेद संहिता में यज्ञ मंत्र हैं। अथर्ववेद संहिता में जादू/चिकित्सा मंत्र हैं।

सिंधु घाटी सभ्यता के दौरान धोलावीरा के शहर के लेआउट की अनूठी विशेषता क्या थी?

  • यह एक अद्वितीय कब्र थी।
  • यह दो अलग-अलग भागों में विभाजित था।
  • यह आठ भागों में विभाजित था।
  • यह तीन अलग-अलग भागों में विभाजित था।

Explanation:

  • धोलावीरा (गुजरात) सिंधु घाटी सभ्यता का एक प्रमुख स्थल है।
  • इसके शहर का लेआउट तीन अलग-अलग भागों (तीन क्षेत्रों) में विभाजित था:
    • ऊपरी भाग (दुर्ग/सिटाडेल)
    • मध्य भाग (आवासीय)
    • निचला भाग (गोदी/बंदरगाह क्षेत्र)
  • यह त्रि-स्तरीय विभाजन धोलावीरा की अनूठी विशेषता है।
  • यहाँ जलाशय, किलेबंदी, गोदी भी पाए गए हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य: धोलावीरा 2021 में यूनेस्को विश्व विरासत स्थल बना। यह गुजरात के कच्छ जिले में स्थित है।

निम्नलिखित में से कौन सी सिंधु घाटी सभ्यता की स्थल राखालदास बनर्जी द्वारा खोजा गया था?

  • सुरकोटडा
  • कालीबंगा
  • मोहनजोदड़ो
  • हड़प्पा

Explanation:

  • मोहनजोदड़ो को राखालदास बनर्जी ने 1922 में खोजा था।
  • यह सिंध (पाकिस्तान) में सिंधु नदी के किनारे स्थित है।
  • इसका नाम “मृतकों का टीला” (Mound of the Dead) है।
  • हड़प्पा (1921) – दयाराम साहनी ने खोजा।
  • अतिरिक्त तथ्य: कालीबंगा (1952) – अमलानंद घोष ने खोजा। सुरकोटडा (1964) – जगत पति जोशी ने खोजा। लोथल (1954) – एस.आर. राव ने खोजा।

गुप्त साम्राज्य की स्थापना किसने की थी?

  • चंद्रगुप्त प्रथम
  • अशोक
  • बाबर
  • अकबर

Explanation:

  • गुप्त साम्राज्य (319-550 ई.) के वास्तविक संस्थापक चंद्रगुप्त प्रथम (319-335 ई.) थे।
  • उन्होंने लिच्छवी राजकुमारी कुमारदेवी से विवाह किया, जिससे उन्हें प्रयाग क्षेत्र में शक्ति मिली।
  • उन्होंने गुप्त संवत (319 ई.) की शुरुआत की।
  • श्रीगुप्त (240-280) गुप्त वंश के संस्थापक थे, लेकिन चंद्रगुप्त प्रथम को साम्राज्य का वास्तविक संस्थापक माना जाता है।
  • अतिरिक्त तथ्य: समुद्रगुप्त (335-380) – “भारत का नेपोलियन”, चंद्रगुप्त द्वितीय (380-415) – “विक्रमादित्य”, कुमारगुप्त (415-455) – नालंदा विश्वविद्यालय के संस्थापक।

वैदिक काल में कौन सा वर्ग विभिन्न प्रकार के अनुष्ठान करता था?

  • ब्राह्मण
  • क्षत्रिय
  • वैश्य
  • शूद्र

Explanation:

  • वैदिक काल में ब्राह्मण वर्ग विभिन्न प्रकार के अनुष्ठानों (यज्ञ/पूजा) को करता था।
  • ब्राह्मणों का प्रमुख कार्य यज्ञ अनुष्ठान, वेदों का अध्ययन, धार्मिक ज्ञान देना था।
  • चार वर्णों के कर्तव्य:
    • ब्राह्मण – यज्ञ, अध्ययन, शिक्षा
    • क्षत्रिय – शासन, युद्ध
    • वैश्य – व्यापार, कृषि, पशुपालन
    • शूद्र – सेवा, श्रम
  • अतिरिक्त तथ्य: यजुर्वेद में यज्ञ अनुष्ठानों का विस्तृत वर्णन है। ब्राह्मण ग्रंथ (शतपथ ब्राह्मण, ऐतरेय ब्राह्मण) विभिन्न अनुष्ठानों का वर्णन करते हैं।

निम्नलिखित में से कौन सा मौर्य शासक बौद्ध धर्म के समर्थन और उसके उपदेशों के प्रसार के लिए जाना जाता है?

  • बिन्दुसार
  • चंद्रगुप्त मौर्य
  • अशोक
  • बृहद्रथ

Explanation:

  • अशोक (268-232 ई.पू.) बौद्ध धर्म के समर्थन और उसके उपदेशों के प्रसार के लिए सबसे प्रसिद्ध मौर्य शासक हैं।
  • उन्होंने कलिंग युद्ध (261 ई.पू.) के बाद बौद्ध धर्म अपनाया।
  • उन्होंने शिलालेखों (अशोक के अभिलेख) के माध्यम से धम्म (बौद्ध सिद्धांत) का प्रचार किया।
  • उन्होंने बौद्ध धर्म को श्रीलंका, म्यांमार, अफगानिस्तान, चीन आदि में फैलाया।
  • अतिरिक्त तथ्य: अशोक ने धर्ममहामात्र नियुक्त किए। उसने तीसरी बौद्ध संगीति (250 ई.पू., पाटलिपुत्र) बुलाई। उसके स्तंभों पर शेर की राजधानी भारत का राष्ट्रीय प्रतीक है।

सिंधु घाटी सभ्यता की हड़प्पा स्थल की खोज किस वर्ष में हुई थी?

  • 1921
  • 1967
  • 1939
  • 1821

Explanation:

  • हड़प्पा स्थल की खोज 1921 में दयाराम साहनी ने की थी।
  • यह पंजाब (पाकिस्तान) में रावी नदी के तट पर स्थित है।
  • हड़प्पा सिंधु घाटी सभ्यता का पहला खोजा गया स्थल था।
  • इसके नाम पर ही इस सभ्यता को “हड़प्पा सभ्यता” कहा जाता है।
  • अतिरिक्त तथ्य: मोहनजोदड़ो (1922, आर.डी. बनर्जी), लोथल (1954, एस.आर. राव), कालीबंगा (1952, अमलानंद घोष), धोलावीरा (1960 के दशक) ।

मौर्य साम्राज्य में बाजारों की देखभाल और गलत प्रथाओं की जाँच कौन करता था?

  • समस्थाध्यक्ष
  • अन्नपाल
  • राज्जुक
  • दुर्गपाल

Explanation:

  • समस्थाध्यक्ष (Samasthadhyaksha) बाजारों की देखभाल और गलत प्रथाओं की जाँच करता था।
  • यह मौर्य प्रशासन का एक प्रमुख अधिकारी था।
  • वह बाजार के नियम, मूल्य निर्धारण, तौल-माप की जाँच करता था।
  • मौर्य प्रशासन अन्य अधिकारी:
    • अन्नपाल – खाद्य आपूर्ति
    • राज्जुक – राजस्व संग्रह
    • दुर्गपाल – किलों की रक्षा
  • अतिरिक्त तथ्य: कौटिल्य (चाणक्य) ने ‘अर्थशास्त्र’ में मौर्य प्रशासन का विस्तृत वर्णन किया है। महामंत्री, अंत:पाल, न्यायाधीश भी प्रमुख अधिकारी थे।

निम्नलिखित में से कौन सी इमारत/वास्तुकला मुख्य रूप से बौद्ध भिक्षुओं के आवासीय उद्देश्य के लिए उपयोग की जाती थी?

  • चैत्य
  • विहार
  • स्तंभ
  • स्तूप

Explanation:

  • विहार (Vihara) मुख्य रूप से बौद्ध भिक्षुओं के आवासीय उद्देश्य (मठ/आश्रम) के लिए उपयोग किया जाता था।
  • बौद्ध वास्तुकला के प्रकार:
    • विहार – आवासीय/शैक्षिक (भिक्षुओं के रहने के लिए)
    • चैत्य – पूजा स्थल (बुद्ध की पूजा के लिए)
    • स्तूप – अवशेष स्मारक (बुद्ध के अवशेषों के लिए)
    • स्तंभ – अशोक के शिलालेख/धार्मिक प्रतीक
  • प्रसिद्ध विहार: नालंदा विहार, विक्रमशिला विहार
  • अतिरिक्त तथ्य: विहार शब्द “विहार” (घूमना/विश्राम) से बना है। बौद्ध विहारों में कोष्ठक, छात्रावास, सभा हॉल, शिक्षण कक्ष होते थे।

हड़प्पा सभ्यता का निम्नलिखित में से किस क्षेत्र के साथ व्यापारिक संबंध था?

  • मंगोलिया
  • ग्रीस
  • रोम
  • मेसोपोटामिया

Explanation:

  • हड़प्पा सभ्यता का मेसोपोटामिया (वर्तमान इराक) के साथ व्यापारिक संबंध थे।
  • व्यापारिक वस्तुएँ: कार्नेलियन मनके, सोना, ताँबा, चाँदी, रेशम, कृषि उत्पाद आदि।
  • हड़प्पा की मुहरें मेसोपोटामिया (सुमेर, अक्कद, बेबीलोन) से मिली हैं।
  • हड़प्पा ने मेसोपोटामिया से कीमती पत्थर, धातुएँ, चांदी आयात कीं।
  • अतिरिक्त तथ्य: हड़प्पा का लोथल मुख्य बंदरगाह था। हड़प्पा की मुहरों पर जहाज के चित्र मिले हैं। मंगोलिया, ग्रीस, रोम से व्यापार के प्रमाण बाद के काल (मौर्य/गुप्त) में मिलते हैं।

ऋग्वेद में 1028 भजन हैं जिन्हें कितने मंडलों में वर्गीकृत किया गया है?

  • 12
  • 10
  • 15
  • 8

Explanation:

  • ऋग्वेद में 1028 भजन (सूक्त) हैं, जिन्हें 10 मंडलों (पुस्तकों) में वर्गीकृत किया गया है।
  • 10 मंडल:
    • मंडल 2-7 – सबसे पुराने (पारिवारिक मंडल)
    • मंडल 1, 8, 9, 10 – बाद में जोड़े गए
    • मंडल 9 – पूरी तरह से सोम देवता को समर्पित
  • ऋग्वेद दुनिया का सबसे पुराना धार्मिक ग्रंथ माना जाता है (लगभग 1500-1200 ई.पू.)।
  • अतिरिक्त तथ्य: ऋग्वेद में 33 देवताओं का उल्लेख है। मुख्य देवता: इंद्र, अग्नि, सोम, वरुण, मित्र, सूर्य, उषापुरुष सूक्त (मंडल 10) में वर्ण व्यवस्था का वर्णन है।

धोलावीरा में विशाल किलेबंदी बनाने के लिए _______ का उपयोग किया गया था।

  • सीमेंट
  • लकड़ी
  • पत्थर
  • मिट्टी

Explanation:

  • धोलावीरा में विशाल किलेबंदी (दीवारें) बनाने के लिए पत्थर का उपयोग किया गया था।
  • धोलावीरा गुजरात के कच्छ क्षेत्र में स्थित है, जहाँ पत्थर आसानी से उपलब्ध था।
  • हड़प्पा के अन्य स्थलों (मोहनजोदड़ो, हड़प्पा) में ईंटों का उपयोग किया गया था।
  • धोलावीरा की किलेबंदी अर्ध-अंडाकार आकार में है।
  • अतिरिक्त तथ्य: धोलावीरा में पत्थर की दीवारें, जलाशय, गोदी, तोरण पाए गए हैं। यह सिंधु घाटी सभ्यता के सबसे बड़े स्थलों में से एक है (राखीगढ़ी के बाद)।

हड़प्पा सभ्यता में, _________ में मूर्तियां त्रि-आयामी संस्करणों को संभालने के उत्कृष्ट उदाहरण हैं।

  • पत्थर
  • ग्रेनाइट
  • लकड़ी
  • मार्बल

Explanation:

  • हड़प्पा सभ्यता में पत्थर में मूर्तियां (जैसे – पुरुष धड़, दाढ़ी वाला व्यक्ति, नर्तकी) त्रि-आयामी (3D) संस्करणों को संभालने के उत्कृष्ट उदाहरण हैं।
  • हड़प्पा की प्रमुख मूर्तियाँ:
    • पुरुष धड़ (लाल बलुआ पत्थर)
    • दाढ़ी वाला व्यक्ति (स्टीटाइट)
    • नर्तकी की मूर्ति (कांस्य)
  • ये मूर्तियाँ हड़प्पा कला की उच्च गुणवत्ता और कलात्मक क्षमता को दर्शाती हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य: हड़प्पा में टेराकोटा (पकी हुई मिट्टी) की मूर्तियाँ भी मिली हैं। मातृ देवी की मूर्तियाँ सबसे आम हैं।

बुद्ध के पूर्व अस्तित्वों में से एक का विवरण देने वाला एक एकल आख्यान निम्नलिखित में से किस नाम से जाना जाता है?

  • विनय
  • जातक
  • त्रिपिटक
  • सूत्र

Explanation:

  • ‘जातक’ कथाएँ बुद्ध के पूर्व अस्तित्वों (पिछले जन्मों) में से एक का विवरण देने वाली एकल आख्यान हैं।
  • ये बौद्ध साहित्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
  • कुल 547 जातक कथाएँ हैं, जो पाली भाषा में लिखी गई हैं।
  • जातक कथाएँ नैतिक शिक्षा, करुणा, बुद्धि, त्याग का संदेश देती हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य: त्रिपिटक (बौद्ध ग्रंथों का संग्रह), विनय पिटक (भिक्षुओं के नियम), सूत्र (बुद्ध के उपदेश) । जातक कथाओं के चित्र सांची, अजंता, भरहुत में मिलते हैं।

सारनाथ में स्थित सिंह राजधानी, जिसे भारत गणराज्य के राष्ट्रीय प्रतीक के रूप में अपनाया गया है, निम्नलिखित में से किस मौर्य राजा द्वारा बनवाया गया था?

  • अशोक
  • बिन्दुसार
  • देववर्मन मौर्य
  • सम्प्रति मौर्य

Explanation:

  • सारनाथ में स्थित सिंह राजधानी (Lion Capital) को अशोक (268-232 ई.पू.) ने बनवाया था।
  • इसे 26 जनवरी 1950 को भारत गणराज्य का राष्ट्रीय प्रतीक (National Emblem) बनाया गया।
  • इसमें चार शेर (एक के ऊपर एक) हैं, जो एक अशोक चक्र (24 तीलियाँ) पर खड़े हैं।
  • इसके नीचे सत्यमेव जयते (मुण्डक उपनिषद से) लिखा है।
  • अतिरिक्त तथ्य: अशोक के स्तंभ सारनाथ, प्रयाग, दिल्ली, लौरिया नंदनगढ़ आदि स्थानों पर हैं। सारनाथ वह स्थान है जहाँ बुद्ध ने पहला उपदेश (धर्मचक्र प्रवर्तन) दिया था।

जैन धर्मग्रंथों का पहला व्यवस्थित संकलन ____ में हुआ।

  • वल्लभी
  • पाटलिपुत्र
  • मथुरा
  • लुंबिनी

Explanation:

  • जैन धर्मग्रंथों का पहला व्यवस्थित संकलन पाटलिपुत्र में चौथी शताब्दी ई.पू. (300 ई.पू.) में हुआ था।
  • इस संकलन की अध्यक्षता स्थूलभद्र ने की थी।
  • इसे प्रथम जैन संगीति (आगम संगीति) भी कहा जाता है।
  • दूसरा जैन संगीति (वल्लभी, गुजरात, 5वीं शताब्दी) में श्वेताम्बर संप्रदाय ने अपने आगमों को संकलित किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: दिगम्बर संप्रदाय मानता है कि मूल आगम नष्ट हो गए हैं। जैन आगम अर्धमागधी भाषा में लिखे गए हैं। भगवती सूत्र, आचारांग सूत्र, सूत्रकृतांग जैन आगमों के मुख्य ग्रंथ हैं।

हड़प्पा वासियों के बारे में निम्नलिखित में से क्या गलत है?

  • सबसे पसंदीदा आभूषण कार्नेलियन के मनके थे।
  • वे आभूषण, इमारती लकड़ी, दैनिक उपयोग की कुछ वस्तुओं का निर्यात करते थे।
  • हड़प्पा वासी सक्रिय व्यापार में लगे हुए थे।
  • हड़प्पा वासी उपकरण, बर्तन और कड़ाही बनाने के लिए केवल सोने का उपयोग करते थे।

Explanation:

  • गलत कथन: “हड़प्पा वासी उपकरण, बर्तन और कड़ाही बनाने के लिए केवल सोने का उपयोग करते थे।”
  • हड़प्पा वासी उपकरण, बर्तन और कड़ाही बनाने के लिए ताँबा, कांस्य, सीसा, टिन का उपयोग करते थे, केवल सोने का नहीं।
  • सोना का उपयोग आभूषण (हार, अंगूठी, कंगन) बनाने के लिए होता था।
  • सही कथन:
    • सबसे पसंदीदा आभूषण कार्नेलियन के मनके थे।
    • हड़प्पा वासी आभूषण, इमारती लकड़ी, दैनिक वस्तुओं का निर्यात करते थे।
    • हड़प्पा वासी सक्रिय व्यापार (मेसोपोटामिया के साथ) में लगे हुए थे।
  • अतिरिक्त तथ्य: हड़प्पा में लोहा (आयरन) का उपयोग नहीं होता था। पकी हुई ईंटें, जल निकासी, गोदी उनकी उन्नत तकनीक को दर्शाते हैं।

मगध काल की न्यायिक संरचना में वोहारिक कौन थे?

  • स्थानीय कर संग्राहक
  • ग्राम सभाओं में न्यायाधीश
  • वकील-न्यायाधीश
  • सैन्य जनरल

Explanation:

  • वोहारिक (Vyavaharika) मगध काल (विशेष रूप से मौर्य काल) की न्यायिक संरचना में वकील-न्यायाधीश (Advocate-Judge) थे।
  • यह पद कौटिल्य के ‘अर्थशास्त्र’ में वर्णित है।
  • वोहारिक न्यायिक मामलों (दीवानी और फौजदारी) की सुनवाई करता था।
  • वह न्याय का संचालन करता था और साक्ष्य, गवाह, दस्तावेज़ की जाँच करता था।
  • अतिरिक्त तथ्य: मौर्य प्रशासन में न्यायिक अधिकारी: धर्मस्थ (प्रमुख न्यायाधीश), अमात्य (मंत्री), ग्रामिक (गाँव का मुखिया)। वोहारिक न्यायिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा था।

सांची स्तूप के प्रवेशद्वारों पर पाई जाने वाली नक्काशी की एक उल्लेखनीय विशेषता क्या है?

  • मौर्य शाही आकृतियाँ
  • जातक कथाओं के वृत्तांत
  • बुद्ध का ज्ञानोदय के बाद का जीवन
  • पौराणिक जीव जैसे यक्ष और किन्नर

Explanation:

  • सांची स्तूप के प्रवेशद्वारों (तोरण द्वार) पर पाई जाने वाली नक्काशी की एक उल्लेखनीय विशेषता जातक कथाओं के वृत्तांत (बुद्ध के पूर्व जन्मों की कहानियाँ) हैं।
  • ये नक्काशी पत्थर पर उकेरी गई हैं।
  • सांची स्तूप मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में स्थित है।
  • इसके चारों तोरण द्वार (पूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण) हैं, जिन पर बुद्ध के जीवन और जातक कथाओं के चित्र हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य: सांची स्तूप में बुद्ध को प्रतीकों (खाली सिंहासन, पद्म चिह्न, बोधि वृक्ष) के रूप में दिखाया गया है (मानव रूप में नहीं)।

ईरानी पत्थर शिलालेख में कहा गया है कि समुद्रगुप्त को उनके पिता द्वारा राजा इसलिए चुना गया क्योंकि उनमें _____________ थे।

  • धन और लोकप्रियता
  • आयु और जन्मसिद्ध अधिकार
  • भक्ति, धार्मिक आचरण और वीरता
  • अन्य राजाओं का समर्थन

Explanation:

  • ईरानी पत्थर शिलालेख (इलाहाबाद प्रशस्ति) में कहा गया है कि समुद्रगुप्त को उनके पिता चंद्रगुप्त प्रथम ने राजा इसलिए चुना क्योंकि उनमें “भक्ति, धार्मिक आचरण और वीरता” (भक्ति, धार्मिक आचरण और शौर्य) थे।
  • इस शिलालेख को हरिषेण (समुद्रगुप्त के दरबारी कवि) ने लिखा था।
  • समुद्रगुप्त को “भारत का नेपोलियन” कहा जाता है।
  • उसने अश्वमेध यज्ञ किया और गुप्त साम्राज्य का विस्तार किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: इलाहाबाद प्रशस्ति (प्रयाग) में समुद्रगुप्त की विजयों, उपाधियों और गुणों का वर्णन है।

निम्नलिखित में से कौन सा जैन धर्म का सिद्धांत नहीं है?

  • पत्थर और पानी सहित पूरी दुनिया में जीवन है।
  • कर्म के सिद्धांत को अस्वीकार करना।
  • जीवित प्राणियों को चोट न पहुँचाने का अभ्यास।
  • संन्यासी जीवन ही मोक्ष का एकमात्र मार्ग है।

Explanation:

  • “कर्म के सिद्धांत को अस्वीकार करना” जैन धर्म का सिद्धांत नहीं है।
  • जैन धर्म में कर्म सिद्धांत को मान्यता दी जाती है – कर्म पुद्गल (द्रव्य) है जो आत्मा से चिपक जाता है।
  • जैन धर्म के मुख्य सिद्धांत:
    • अहिंसा – जीवित प्राणियों को चोट न पहुँचाना (सही)
    • अनेकांतवाद – सत्य की बहुआयामी अवधारणा
    • अपरिग्रह – अनासक्ति
    • संन्यासी जीवन – मोक्ष का एकमात्र मार्ग (सही)
    • सभी में जीवन – पत्थर, पानी, हवा, अग्नि सभी में जीवन है (सही)
  • अतिरिक्त तथ्य: जैन धर्म के 24 तीर्थंकर हैं। प्रथम ऋषभदेव, अंतिम महावीर (599-527 ई.पू.)।

भारत में शक वंश की स्थापना _____ ने की थी।

  • माउज़ (मोगा)
  • नहपान
  • रुद्रदामन प्रथम
  • मेनांडर प्रथम

Explanation:

  • भारत में शक वंश (पश्चिमी क्षत्रप) की स्थापना माउज़ (मोगा) ने की थी।
  • शक (सीथियन) मध्य एशिया (ईरान/अफगानिस्तान) से भारत आए।
  • उन्होंने ई.पू. पहली शताब्दी में गांधार, सिंध, गुजरात, मालवा पर शासन किया।
  • प्रमुख शक शासक:
    • नहपान (सबसे महान शक शासक)
    • रुद्रदामन प्रथम (शक शासक, प्रसिद्ध शिलालेख)
  • अतिरिक्त तथ्य: मेनांडर प्रथम (मिलिंद) – यूनानी (इंडो-ग्रीक) शासक, जिसका उल्लेख ‘मिलिंद पन्हो’ में है। नहपान को गौतमीपुत्र सातकर्णी (सातवाहन) ने हराया था।

सिंधु घाटी सभ्यता की नगर योजना की कौन सी विशेषता सभ्यता की उन्नत नागरिक सुविधाओं और इंजीनियरिंग कौशल को दर्शाती है?

  • भूमिगत रेलवे
  • जल निकासी प्रणाली
  • मंदिर
  • शैलकृत गुफाएँ

Explanation:

  • सिंधु घाटी सभ्यता की जल निकासी प्रणाली (Drainage System) उसकी उन्नत नागरिक सुविधाओं और इंजीनियरिंग कौशल को दर्शाती है।
  • हर घर में नाली और शौचालय की व्यवस्था थी।
  • नालियाँ ईंटों से बनी होती थीं और ढक्कन से ढकी होती थीं।
  • ये नालियाँ मुख्य नाली से जुड़ी होती थीं, जो शहर से बाहर तक जाती थीं।
  • मोहनजोदड़ो में जल निकासी प्रणाली सबसे उन्नत थी।
  • अतिरिक्त तथ्य: अन्य विशेषताएँ: ग्रिड पैटर्न, पकी ईंटें, महान स्नानागार, गोदी, अन्न भंडारभूमिगत रेलवे, मंदिर, शैलकृत गुफाएँ इस सभ्यता की विशेषताएँ नहीं हैं (ये बाद के काल में विकसित हुईं)।

निम्नलिखित में से किस वेद में विश्ववारा, अपाला और घोषा जैसी कुछ विदुषी महिलाओं के नामों का उल्लेख है जिन्होंने मंत्रों की रचना की और ऋषियों का पद प्राप्त किया?

  • ऋग्वेद
  • सामवेद
  • यजुर्वेद
  • अथर्ववेद

Explanation:

  • ऋग्वेद में विश्ववारा, अपाला, घोषा जैसी विदुषी महिलाओं का उल्लेख है, जिन्होंने मंत्रों की रचना की और ऋषियों का पद प्राप्त किया।
  • इन्हें “ब्रह्मवादिनी” (महिला ऋषि) कहा जाता है।
  • अन्य प्रमुख महिला ऋषि: लोपामुद्रा, गार्गी, मैत्रेयी (उत्तर वैदिक काल)।
  • अतिरिक्त तथ्य: ऋग्वेद सबसे पुराना वेद है (लगभग 1500-1200 ई.पू.)। इसमें 1028 सूक्त और 10 मंडल हैं। घोषा (कक्शीवान की बहन), अपाला (अत्रि की पुत्री), विश्ववारा (आत्रेयी) प्रमुख हैं।

निम्नलिखित में से कौन सा बौद्ध ग्रंथ है जिसमें बुद्ध के पिछले जन्मों से संबंधित कहानियाँ हैं?

  • पंचतंत्र
  • जातक
  • अर्थशास्त्र
  • मनुस्मृति

Explanation:

  • ‘जातक’ बौद्ध ग्रंथ है जिसमें गौतम बुद्ध के पिछले जन्मों (549 कहानियाँ) से संबंधित कहानियाँ हैं।
  • ये कहानियाँ नैतिक शिक्षा और बौद्ध दर्शन का प्रचार करती हैं।
  • जातक कथाओं में बुद्ध विभिन्न रूपों (पशु, पक्षी, मानव) में प्रकट होते हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य: पंचतंत्र (विष्णु शर्मा, नीति कथाएँ), अर्थशास्त्र (चाणक्य, राजनीति), मनुस्मृति (हिंदू विधि शास्त्र)।

हड़प्पा वासी यूरेशिया में ___ उगाने वाले पहले व्यक्ति थे।

  • नील
  • सरसों के बीज
  • आलू
  • कपास

Explanation:

  • हड़प्पा वासी यूरेशिया में कपास (cotton) उगाने वाले पहले व्यक्ति थे।
  • कपास का उपयोग वस्त्र (कपड़े) बनाने में किया जाता था।
  • हड़प्पा में सूत कातने के उपकरण (चरखा, तकली) मिले हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य: हड़प्पा सभ्यता में मुख्य फसलें: गेहूँ, जौ, चावल, दाल, तिल, सरसोंनील (Indigo) बाद में उगाया गया। आलू भारत में पुर्तगालियों द्वारा लाया गया।

सिंधु घाटी सभ्यता के एक महत्वपूर्ण शहर, मोहनजोदड़ो में लुप्त-मोम तकनीक का उपयोग करके बनाई गई, प्रागैतिहासिक नर्तकी की मूर्ति मुख्य रूप से निम्नलिखित में से किस सामग्री से बनी है?

  • पत्थर
  • तांबा
  • टेराकोटा
  • कांस्य

Explanation:

  • मोहनजोदड़ो की प्रागैतिहासिक नर्तकी की मूर्ति कांस्य (ब्रोंज़) से बनी है।
  • इसे लुप्त-मोम तकनीक (Lost-Wax Technique) का उपयोग करके बनाया गया था।
  • यह मूर्ति लगभग 2500 ई.पू. की है।
  • यह 4.5 इंच ऊँची है और इसे “डांसिंग गर्ल” के नाम से जाना जाता है।
  • अतिरिक्त तथ्य: यह मूर्ति 1926 में अर्नेस्ट मैके को मिली। यह भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (दिल्ली) में संरक्षित है। पुजारी-राजा की मूर्ति स्टीटाइट (पत्थर) से बनी है।

अपनी सैन्य विजय और रणनीतिक युद्धकला के कारण किस गुप्त सम्राट को ‘भारत का नेपोलियन’ कहा जाता था?

  • चंद्रगुप्त प्रथम
  • समुद्रगुप्त
  • कुमारगुप्त
  • स्कंदगुप्त

Explanation:

  • समुद्रगुप्त (335-380 ई.) को “भारत का नेपोलियन” कहा जाता है।
  • यह उपाधि वी.ए. स्मिथ (ब्रिटिश इतिहासकार) ने दी थी।
  • उसने प्रयाग प्रशस्ति (हरिषेण द्वारा रचित) के अनुसार 9 राज्यों पर विजय प्राप्त की।
  • उसके साम्राज्य का विस्तार हिमालय से विंध्य तक और पश्चिमी से पूर्वी भारत तक था।
  • अतिरिक्त तथ्य: चंद्रगुप्त प्रथम (गुप्त वंश के वास्तविक संस्थापक), कुमारगुप्त (नालंदा विश्वविद्यालय के संस्थापक), स्कंदगुप्त (हूणों से लड़े)।

कुषाण शासकों द्वारा प्रयुक्त उपाधि देवपुत्र का तात्पर्य निम्नलिखित में से क्या है?

  • वंशानुगत राजतंत्र
  • दिव्य उत्पत्ति या देवत्व का दावा
  • मौर्य परंपराओं का उत्तराधिकारी
  • धर्म का रक्षक

Explanation:

  • देवपुत्र (पुत्र ऑफ गॉड/डिवाइन) का तात्पर्य दिव्य उत्पत्ति या देवत्व का दावा है।
  • यह उपाधि कुषाण शासकों (विशेष रूप से कनिष्क) द्वारा प्रयुक्त की गई थी।
  • यह चीनी शासकों की उपाधि “तियान-ज़ी” (स्वर्ग का पुत्र) से प्रेरित थी।
  • अतिरिक्त तथ्य: कुषाण शासकों ने “महाराज, राजातिराज, देवपुत्र, शाह” जैसी उपाधियाँ धारण कीं। मौर्य शासक “देवानामप्रिय” (अशोक) की उपाधि धारण करते थे।

निम्नलिखित में से किस वैदिक शब्द का शाब्दिक अर्थ गायों की खोज है और यह युद्ध को भी संदर्भित करता है?

  • दुहितृ
  • गवेषणा
  • गोपाल
  • गोमत

Explanation:

  • ‘गवेषणा’ का शाब्दिक अर्थ “गायों की खोज” है और यह युद्ध को भी संदर्भित करता है।
  • वैदिक काल में गाय सबसे महत्वपूर्ण पशु थी और धन का मानक थी।
  • गविष्टि और गवेषणा शब्द युद्ध के लिए उपयोग किए जाते थे (गायों को पाने के लिए लड़ाई)।
  • अतिरिक्त तथ्य: दुहितृ (दुहिता/बेटी – दूध दुहने वाली), गोपाल (गायों का रक्षक), गोमत (धनी व्यक्ति/गायों वाला)।

माइक्रोलिथ, जो छोटे पत्थर के औजार होते हैं जिन्हें आमतौर पर हड्डियों या लकड़ी के हैंडल पर चिपकाकर आरी और दरांती जैसे औजार बनाए जाते थे, मुख्यतः किस युग में पाए गए थे?

  • पुरापाषाण युग
  • ताम्रपाषाण युग
  • मध्यपाषाण युग
  • नवपाषाण युग

Explanation:

  • माइक्रोलिथ (छोटे पत्थर के औजार) मुख्यतः मध्यपाषाण युग (Mesolithic Age, लगभग 10,000-8,000 ई.पू.) में पाए गए थे।
  • इन्हें हड्डियों या लकड़ी के हैंडल पर चिपकाकर आरी, दरांती, भाले जैसे औजार बनाए जाते थे।
  • मध्यपाषाण युग के लोग शिकार, मछली पकड़ना, फल-फूल संग्रह करते थे।
  • अतिरिक्त तथ्य: पुरापाषाण युग (बड़े पत्थर के औजार), नवपाषाण युग (चिकने पत्थर के औजार), ताम्रपाषाण युग (तांबे के औजार)। भारत में मध्यपाषाण युग के प्रमुख स्थल: भीमबेटका, बागोर, लंगनाज

वर्धन वंश को निम्नलिखित में से किस नाम से भी जाना जाता था?

  • गुप्त वंश
  • पुष्यभूति वंश
  • नंद वंश
  • मौर्य वंश

Explanation:

  • वर्धन वंश को पुष्यभूति वंश के नाम से भी जाना जाता है।
  • इसकी स्थापना पुष्यभूति ने 6ठी शताब्दी में की थी।
  • इस वंश के सबसे प्रसिद्ध शासक हर्षवर्धन (606-647) थे।
  • हर्षवर्धन की राजधानी कन्नौज (उत्तर प्रदेश) थी।
  • अतिरिक्त तथ्य: हर्षवर्धन के दरबारी कवि बाणभट्ट ने ‘हर्षचरित’ की रचना की। सिल्क रोड यात्री ह्वेन त्सांग ने उसके शासन में भारत का दौरा किया।

ऋग्वेद में ‘गोमत’ शब्द निम्नलिखित में से किसे संदर्भित करता है?

  • एक योद्धा
  • एक पुजारी
  • एक धनी व्यक्ति
  • एक दूधवाली

Explanation:

  • ऋग्वेद में ‘गोमत’ शब्द एक धनी व्यक्ति को संदर्भित करता है (गायों से भरपूर)।
  • वैदिक काल में गाय धन का मुख्य मापदंड थी।
  • ‘गोमत’ का अर्थ है “गायों वाला” या “समृद्ध”
  • अतिरिक्त तथ्य: ‘गविष्टि’ (युद्ध), ‘गोपाल’ (गायों का रक्षक), ‘गोदावरी’ (गायों की नदी) – ऋग्वेद में ‘गो’ से संबंधित कई शब्द हैं।

निम्नलिखित में से कौन सा अधिकारी मौर्य प्रांतों का दौरा हर पाँच साल में प्रशासन का निरीक्षण करने और प्रांतीय शासन पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए करता था?

  • राजुक
  • प्रदेशिका
  • नागरिक
  • अमात्य

Explanation:

  • प्रदेशिका (Provincial Inspector) मौर्य प्रांतों का दौरा हर पाँच साल में प्रशासन का निरीक्षण करने और प्रांतीय शासन पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए करता था।
  • यह मौर्य प्रशासनिक व्यवस्था (चाणक्य के अर्थशास्त्र के अनुसार) का हिस्सा था।
  • अतिरिक्त तथ्य: राजुक (जिला न्यायाधीश/राजस्व अधिकारी), नागरिक (नगर प्रशासक), अमात्य (मंत्री/सलाहकार)। मौर्य प्रशासन में केंद्रीय, प्रांतीय, जिला, ग्राम स्तर पर अधिकारी थे।

प्रारंभिक वैदिक काल के दौरान रचित चार वेदों की मुख्य सामग्री क्या है?

  • युद्ध रणनीतियाँ
  • कृषि मैनुअल
  • कानून और अनुष्ठान
  • प्रार्थनाएँ और भजन

Explanation:

  • चार वेदों (ऋग्वेद, सामवेद, यजुर्वेद, अथर्ववेद) की मुख्य सामग्री प्रार्थनाएँ और भजन (मंत्र/सूक्त) हैं।
  • वेद देवताओं की स्तुति, यज्ञ के मंत्र, अनुष्ठान आदि का संग्रह हैं।
  • युद्ध रणनीतियाँ (धनुर्वेद), चिकित्सा (आयुर्वेद) – ये उपवेद हैं।
  • कानून और अनुष्ठान (मनुस्मृति/यज्ञ) बाद के ग्रंथों में हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य: ऋग्वेद में देवताओं की स्तुति, सामवेद में गायन के मंत्र, यजुर्वेद में यज्ञ के मंत्र, अथर्ववेद में मंत्र/जादू/चिकित्सा।

निम्नलिखित में से किस पाठ को सबसे पहला तमिल व्याकरण कार्य माना जाता है?

  • तोल्काप्पियम
  • सिलप्पदिकारम
  • मणिमेकलै
  • कुरल

Explanation:

  • ‘तोल्काप्पियम’ को सबसे पहला तमिल व्याकरण कार्य माना जाता है।
  • इसके रचयिता तोल्काप्पियार थे।
  • यह लगभग 3,000 साल पुराना है।
  • इसमें तमिल व्याकरण, काव्यशास्त्र, अलंकारशास्त्र का विस्तृत वर्णन है।
  • अतिरिक्त तथ्य: सिलप्पदिकारम (इलंगो अधिगल, तमिल महाकाव्य), मणिमेकलै (सीतलाई सत्तनार, बौद्ध महाकाव्य), तिरुक्कुरल (तिरुवल्लुवर, नीति ग्रंथ) – ये सभी तमिल पंचमहाकाव्य हैं।

जैन धर्म में, श्वेतांबर आगम में कितने आगम होते हैं?

  • 6
  • 12
  • 35
  • 45

Explanation:

  • जैन धर्म में श्वेतांबर आगम में 45 आगम (ग्रंथ) होते हैं।
  • आगम जैन धर्म के प्रमुख धार्मिक ग्रंथ हैं, जिनमें तीर्थंकरों के उपदेश संकलित हैं।
  • श्वेतांबर इन 45 आगमों को मान्यता देता है।
  • दिगंबर जैन आगमों को मूल रूप में स्वीकार नहीं करते, उनके पास अन्य ग्रंथ हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य: जैन धर्म के 12 अंग, 12 उपांग, 10 प्रकीर्णक, 6 छेदसूत्र, 4 मूलसूत्र, 2 सूत्र – कुल 45 आगम। प्रथम जैन परिषद (पाटलिपुत्र, 300 ई.पू.) में आगमों का संकलन हुआ।

निम्नलिखित में से कौन सी जैन परिषद 512 ईस्वी में देवर्धि क्षमा श्रमण की अध्यक्षता में वल्लभी (गुजरात) में आयोजित की गई थी?

  • तीसरी
  • दूसरी
  • चौथी
  • पहली

Explanation:

  • दूसरी जैन परिषद 512 ई. में देवर्धि क्षमा श्रमण की अध्यक्षता में वल्लभी (गुजरात) में आयोजित की गई थी।
  • इस परिषद में श्वेतांबर जैनों के 12 अंग और अन्य आगमों को लिपिबद्ध किया गया।
  • अतिरिक्त तथ्य: प्रथम जैन परिषद (पाटलिपुत्र, 300 ई.पू.) – स्थूलभद्र की अध्यक्षता में। तीसरी जैन परिषद नहीं हुई। वल्लभी (आधुनिक वल्लभी विद्यानगर, गुजरात) श्वेतांबर जैनों का महत्वपूर्ण केंद्र था।

भारतीय उपमहाद्वीप में योजनाबद्ध शहर संरचनाओं के साथ सबसे प्रारंभिक ज्ञात शहरी सभ्यता का पुरातात्विक प्रमाण किस स्थल से मिलता है?

  • मेहरगढ़
  • हड़प्पा
  • कालीबंगा
  • लोथल

Explanation:

  • हड़प्पा (1921, दयाराम साहनी) योजनाबद्ध शहर संरचनाओं के साथ सबसे प्रारंभिक ज्ञात शहरी सभ्यता का प्रमाण है।
  • हड़प्पा में ग्रिड पैटर्न, नालियाँ, ईंटों की इमारतें, अन्न भंडार मिले हैं।
  • मेहरगढ़ (बलूचिस्तान, 7000 ई.पू.) – नवपाषाण युग का स्थल (कृषि, पशुपालन) लेकिन योजनाबद्ध शहर नहीं।
  • कालीबंगा (1952), लोथल (1954) – बाद में खोजे गए स्थल।
  • अतिरिक्त तथ्य: हड़प्पा पंजाब (पाकिस्तान) में रावी नदी के तट पर स्थित है।

मौर्य साम्राज्य के संस्थापक कौन थे और एक केंद्रीकृत प्रशासनिक प्रणाली की स्थापना किसने की?

  • अशोक
  • बिन्दुसार
  • चंद्रगुप्त मौर्य
  • बृहद्रथ

Explanation:

  • मौर्य साम्राज्य (322-185 ई.पू.) के संस्थापक चंद्रगुप्त मौर्य थे।
  • उन्होंने चाणक्य (कौटिल्य) की सहायता से नंद वंश को समाप्त किया और केंद्रीकृत प्रशासनिक प्रणाली की स्थापना की।
  • उनका साम्राज्य पश्चिमोत्तर से बंगाल तक फैला था।
  • अतिरिक्त तथ्य: बिन्दुसार (298-272 ई.पू., चंद्रगुप्त का पुत्र), अशोक (268-232 ई.पू., बिन्दुसार का पुत्र), बृहद्रथ (अंतिम मौर्य शासक, 185 ई.पू. में पुष्यमित्र शुंग द्वारा हत्या)।

मौर्य साम्राज्य के पतन के पश्चात, मौर्य के अंतिम शासक की हत्या करने वाले सेनापति पुष्यमित्र शुंग ने किस राजवंश की स्थापना की थी?

  • कण्व वंश
  • सातवाहन वंश
  • शुंग राजवंश
  • गुप्त वंश

Explanation:

  • पुष्यमित्र शुंग (मौर्य सेनापति) ने अंतिम मौर्य शासक बृहद्रथ की हत्या (185 ई.पू.) कर शुंग राजवंश (185-73 ई.पू.) की स्थापना की।
  • शुंग वंश ने मध्य और उत्तरी भारत पर शासन किया।
  • उन्होंने हिंदू धर्म को प्रोत्साहित किया और अश्वमेध यज्ञ किए।
  • अतिरिक्त तथ्य: कण्व वंश (73-28 ई.पू.) ने शुंगों का स्थान लिया। सातवाहन वंश (दक्कन क्षेत्र), गुप्त वंश (319 ई. से)।

मध्यकालीन भारतीय साहित्य की अवधि के दौरान, बौद्ध साहित्यिक अभिव्यक्ति और छात्रवृत्ति के लिए प्रमुख माध्यम के रूप में किस भाषा का पतन शुरू हुआ?

  • पालि
  • संस्कृत
  • अपभ्रंश
  • प्राकृत

Explanation:

  • मध्यकालीन भारतीय साहित्य के दौरान, बौद्ध साहित्यिक अभिव्यक्ति के प्रमुख माध्यम पालि भाषा का पतन शुरू हुआ।
  • पालि थेरवाद बौद्ध ग्रंथों (तिपिटक) की भाषा थी।
  • संस्कृत (गुप्त काल) और अपभ्रंश (मध्यकालीन) प्रचलित हुईं।
  • अतिरिक्त तथ्य: पालि मगधी प्राकृत से विकसित हुई। संस्कृत ब्राह्मणवादी साहित्य की भाषा रही। प्राकृत (पालि, अर्धमागधी, शौरसेनी, महाराष्ट्री) जैन/बौद्ध साहित्य में प्रयुक्त हुईं।

निम्नलिखित में से किस राजवंश ने ब्राह्मणों को भूमि अनुदान देने की प्रथा शुरू की?

  • कुषाण
  • चोल
  • सातवाहन
  • गुप्त

Explanation:

  • सातवाहन राजवंश (1ली शताब्दी ई.पू. – 2री शताब्दी ई.) ने ब्राह्मणों को भूमि अनुदान (दान) देने की प्रथा शुरू की।
  • ये अनुदान ताम्रपत्रों पर दर्ज किए जाते थे।
  • इस प्रथा ने सामंती व्यवस्था की नींव रखी।
  • अतिरिक्त तथ्य: गुप्त राजवंश ने भी ब्राह्मणों को भूमि अनुदान दिया। कुषाण (मध्य एशियाई, बौद्ध संरक्षक), चोल (दक्षिण भारत, मंदिर निर्माण)। सातवाहन के प्रमुख शासक: गौतमीपुत्र सातकर्णी

निम्नलिखित में से कौन सी सिंधु घाटी सभ्यता की एक प्रसिद्ध कांस्य कला कृति है, जो लगभग 2500 ईसा पूर्व की है?

  • लोथल से यूनिकॉर्न की पत्थर की मुहर
  • मोहनजो-दारो से पुजारी-राजा की मूर्ति
  • धोलावीरा से चित्रित मिट्टी का फूलदान
  • मोहनजो-दारो से नृत्य करती लड़की की मूर्ति

Explanation:

  • मोहनजोदड़ो से “नृत्य करती लड़की” (Dancing Girl) की कांस्य मूर्ति सिंधु घाटी सभ्यता की एक प्रसिद्ध कला कृति है (लगभग 2500 ई.पू.)।
  • यह कांस्य (तांबा + टिन) से बनी है और 4.5 इंच ऊँची है।
  • इसे लुप्त-मोम तकनीक (Lost-Wax) से बनाया गया था।
  • अतिरिक्त तथ्य: पुजारी-राजा की मूर्ति स्टीटाइट (पत्थर) से बनी है। यूनिकॉर्न मुहर स्टीटाइट से बनी है। धोलावीरा से मिट्टी के बर्तन मिले हैं।

ईसा पूर्व दूसरी शताब्दी में कलिंग के निम्नलिखित में से किस राजा ने भारत में जैन धर्म का पालन किया?

  • खारवेल
  • अशोक
  • सम्प्रति
  • बिन्दुसार

Explanation:

  • खारवेल (ई.पू. दूसरी शताब्दी) कलिंग (ओडिशा) का शासक था, जिसने जैन धर्म का पालन किया।
  • उसके शासन का प्रमाण हाथीगुंफा शिलालेख (उड़ीसा) से मिलता है।
  • उसने कलिंग की महानता को पुनः स्थापित किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: अशोक (268-232 ई.पू.) ने बौद्ध धर्म अपनाया। सम्प्रति (मौर्य शासक, अशोक का पुत्र) ने जैन धर्म अपनाया। बिन्दुसार (अशोक के पिता) – आजीविका/ब्राह्मणवादी।

‘मिलिंद पन्हो’ एक मौर्योत्तर पाठ है जिसमें भारत-यूनानी शासक मेनांडर और विद्वान और बौद्ध भिक्षु __________ के बीच बातचीत है।

  • नागसेन
  • बादरायण
  • पतंजलि
  • कपिल

Explanation:

  • ‘मिलिंद पन्हो’ (मिलिंद के प्रश्न) में भारत-यूनानी शासक मेनांडर और बौद्ध भिक्षु नागसेन के बीच बातचीत है।
  • मेनांडर ई.पू. 2री शताब्दी का बैक्ट्रियन (ग्रीक) शासक था, जिसने बौद्ध धर्म अपनाया था।
  • यह ग्रंथ पालि भाषा में है।
  • अतिरिक्त तथ्य: बादरायण (ब्रह्मसूत्र के रचयिता), पतंजलि (योग/व्याकरण), कपिल (सांख्य दर्शन के संस्थापक)।

गुप्त वंश के प्रसिद्ध शासक चंद्रगुप्त द्वितीय का दूसरा नाम क्या था?

  • ध्रुवसेन
  • सूर्यदेव
  • कर्मपुत्र
  • विक्रमादित्य

Explanation:

  • चंद्रगुप्त द्वितीय (380-415 ई.) का दूसरा नाम ‘विक्रमादित्य’ था।
  • उन्होंने शक शासकों को हराया और गुप्त साम्राज्य का विस्तार किया।
  • उनके दरबार में नवरत्न (9 रत्न) थे – कालिदास, अमर सिंह, धन्वंतरि, वराहमिहिर आदि।
  • अतिरिक्त तथ्य: ध्रुवसेन (वाकाटक/मैत्रक शासक), सूर्यदेव (सूर्य उपासक), कर्मपुत्र (बौद्ध ग्रंथों में)। विक्रमादित्य ने मालवा को गुप्त साम्राज्य में मिलाया।

निम्नलिखित में से कौन सा पुरापाषाण काल के लोगों के एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने का कारण नहीं था?

  • फसलों की विफलता
  • संसाधन की कमी
  • शिकार जानवरों का आवागमन
  • मौसमी बदलाव

Explanation:

  • पुरापाषाण काल (Paleolithic Age, 2.5 मिलियन – 10,000 ई.पू.) के लोग शिकार-संग्रह करते थे और घुमंतू जीवन जीते थे।
  • उनके एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने के कारण: संसाधन की कमी, शिकार जानवरों का आवागमन, मौसमी बदलाव
  • फसलों की विफलता नवपाषाण काल (कृषि की शुरुआत) के बाद संभव हुआ।
  • अतिरिक्त तथ्य: पुरापाषाण लोग पत्थर, लकड़ी, हड्डी के औजार बनाते थे। भीमबेटका (मध्य प्रदेश) पुरापाषाण काल की गुफा चित्रों के लिए प्रसिद्ध है।

सिंधु-सरस्वती सभ्यता में एक अत्यधिक केंद्रीकृत प्रशासन के प्रमाण के रूप में निम्नलिखित में से किसे उद्धृत किया गया है?

  • विस्तृत शाही मकबरे
  • मुहरों और मानक लिपि का अभाव
  • मानकीकृत भार और माप
  • स्मारक महल और मंदिर

Explanation:

  • मानकीकृत भार और माप (Standardized weights and measures) सिंधु-सरस्वती सभ्यता में अत्यधिक केंद्रीकृत प्रशासन के प्रमाण हैं।
  • हड़प्पा में चर्ट पत्थर से बने बाट (माप) मिले हैं, जो मानक अनुपात (दशमलव) में हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य: विस्तृत शाही मकबरे (मिस्र सभ्यता), स्मारक महल/मंदिर (मेसोपोटामिया) – हड़प्पा में नहीं मिले। मुहरें और लिपि मिली हैं – केंद्रीय प्रशासन का प्रमाण।

निम्नलिखित में से कौन सा प्राचीन शिलालेखों का समूह है, जो नैतिक मूल्यों और शासन सिद्धांतों को बढ़ावा देता है और इसे भारतीय इतिहास में सबसे पुराने लिखित अभिलेखों में से एक माना जाता है?

  • अर्थशास्त्र
  • उपनिषद
  • वेद
  • अशोक के शिलालेख

Explanation:

  • अशोक के शिलालेख (Ashokan Edicts) नैतिक मूल्यों और शासन सिद्धांतों को बढ़ावा देते हैं।
  • ये भारतीय इतिहास में सबसे पुराने लिखित अभिलेखों (3री शताब्दी ई.पू.) में से एक हैं।
  • ये ब्राह्मी, खरोष्ठी, यूनानी, अरामी लिपियों में उत्कीर्ण हैं।
  • इनमें धम्म, अहिंसा, करुणा, सत्य आदि का उपदेश है।
  • अतिरिक्त तथ्य: अर्थशास्त्र (राजनीति/अर्थशास्त्र), उपनिषद (दर्शन), वेद (प्रार्थनाएँ/भजन)।

गौतम बुद्ध को बिहार के बोधगया में किस उम्र में ज्ञान (निर्वाण) प्राप्त हुआ?

  • 49 वर्ष
  • 42 वर्ष
  • 35 वर्ष
  • 29 वर्ष

Explanation:

  • गौतम बुद्ध को बिहार के बोधगया में 35 वर्ष की उम्र में ज्ञान (निर्वाण/बोधि) प्राप्त हुआ।
  • वह 29 वर्ष में गृह त्याग (महाभिनिष्क्रमण) करके निकले और 6 वर्ष तक कठोर तपस्या की।
  • फिर बोधि वृक्ष के नीचे ध्यान करते हुए 35 वर्ष की उम्र में ज्ञान प्राप्त किया।
  • अतिरिक्त तथ्य: बुद्ध का जन्म 563 ई.पू. (लुंबिनी, नेपाल) में हुआ। 49 वर्ष की उम्र में उन्होंने सारनाथ में पहला उपदेश (धर्मचक्र प्रवर्तन) दिया। 80 वर्ष में कुशीनगर में महापरिनिर्वाण प्राप्त किया।

उत्तर वैदिक काल के दौरान, निम्नलिखित में से किस जानवर का विशेष रूप से दलदली भूमि की जुताई के लिए उपयोगी बताया गया था?

  • गाय
  • भैंस
  • घोड़ा
  • हाथी

Explanation:

  • उत्तर वैदिक काल में भैंस को विशेष रूप से दलदली भूमि (आर्द्र/जलभरी भूमि) की जुताई के लिए उपयोगी बताया गया था।
  • इस काल में गंगा-यमुना दोआब में कृषि का विस्तार हुआ, जहाँ दलदली भूमि अधिक थी।
  • गाय (दूध/धन), घोड़ा (युद्ध/परिवहन), हाथी (युद्ध) के लिए उपयोग किए जाते थे।
  • अतिरिक्त तथ्य: उत्तर वैदिक काल (1000-600 ई.पू.) में लोहे के औजारों (हल, फावड़ा) का उपयोग शुरू हुआ। चावल की खेती इसी काल में महत्वपूर्ण हो गई।

गुप्त काल में कौन सा सैन्य विभाजन ग्रंथों में सेना का हिस्सा होने के बावजूद युद्ध में दुर्लभ हो गया था?

  • पैदल सेना
  • रथ
  • घुड़सवार सेना
  • हाथी

Explanation:

  • गुप्त काल में रथ (Rath) सैन्य विभाजन के रूप में ग्रंथों में तो था, लेकिन युद्ध में दुर्लभ हो गया था।
  • इसका कारण अश्वों/घुड़सवार सेना का अधिक प्रभावी होना था।
  • गुप्त सेना के चार अंग: पैदल सेना (पत्ति), घुड़सवार सेना (अश्व), हाथी (गज), रथ (रथ) – लेकिन रथ का उपयोग कम हो गया।
  • अतिरिक्त तथ्य: गुप्त काल में घुड़सवार सेना और हाथी सेना का मुख्य हिस्सा थे। समुद्रगुप्त के अश्वमेध यज्ञ में रथ का उल्लेख है, लेकिन युद्ध में इसकी भूमिका कम थी।

विशुद्धिमग्ग, एक महत्वपूर्ण बौद्ध ग्रंथ, निम्नलिखित में से किस विद्वान द्वारा लिखा गया था?

  • नागार्जुन
  • आर्यदेव
  • बुद्धघोष
  • वसुबंधु

Explanation:

  • ‘विशुद्धिमग्ग’ (शुद्धि का मार्ग) एक महत्वपूर्ण बौद्ध ग्रंथ है, जिसे बुद्धघोष (5वीं शताब्दी) ने लिखा था।
  • यह थेरवाद बौद्ध धर्म का एक प्रमुख ग्रंथ है।
  • इसमें बौद्ध ध्यान, शील, समाधि, प्रज्ञा का विस्तृत वर्णन है।
  • अतिरिक्त तथ्य: नागार्जुन (माध्यमिक दर्शन, 2री शताब्दी), आर्यदेव (नागार्जुन के शिष्य), वसुबंधु (योगाचार दर्शन, ‘अभिधर्मकोश’ के लेखक)।

सिंधु घाटी सभ्यता के दौरान, छोटे शहरों में कीमती धातुओं और अर्ध-कीमती पत्थरों से बने आभूषणों की उपस्थिति इस तर्क का समर्थन करती है कि ____।

  • सभ्यता पर निरंकुश पुजारी-राजाओं का शासन था
  • भौतिक वस्तुओं तक समान पहुंच थी
  • मजबूत सामाजिक स्तरीकरण था
  • केवल अभिजात वर्ग की ही विलासिता की वस्तुओं तक पहुंच थी।

Explanation:

  • छोटे शहरों में कीमती धातुओं (सोना, चाँदी) और अर्ध-कीमती पत्थरों (कारनेलियन, जैस्पर, लैपिस लाजुली) से बने आभूषणों की उपस्थिति मजबूत सामाजिक स्तरीकरण (Social Stratification) को दर्शाती है।
  • इसका अर्थ है कि अमीर-गरीब का अंतर था और विलासिता की वस्तुएँ सभी के लिए उपलब्ध नहीं थीं।
  • हड़प्पा में बड़े और छोटे घरों का अंतर भी सामाजिक स्तरीकरण का प्रमाण है।
  • अतिरिक्त तथ्य: हड़प्पा सभ्यता में शासन व्यवस्था का कोई प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं मिला है। पुजारी-राजा की अवधारणा अनुमान पर आधारित है।

निम्नलिखित में से किस समूह के लोगों के संबंध में कहा जाता है कि वे सिंधु घाटी युग के उत्तरार्ध में मध्य एशिया से भारत में आए थे?

  • द्रविड़
  • मेसोपोटामियाई
  • आर्य
  • शक

Explanation:

  • आर्य (Aryans) सिंधु घाटी युग के उत्तरार्ध में (लगभग 1500 ई.पू.) मध्य एशिया (ईरान/काकेशस क्षेत्र) से भारत में आए।
  • इनके आगमन को “आर्य प्रवास” (Aryan Migration) कहा जाता है।
  • इन्होंने वैदिक संस्कृति (ऋग्वेद) की नींव रखी।
  • अतिरिक्त तथ्य: द्रविड़ (दक्षिण भारत के मूल निवासी), शक (ई.पू. 1ली शताब्दी में भारत आए, मध्य एशिया से), मेसोपोटामियाई (इराक/सीरिया क्षेत्र)।

यज्ञवर्मन, शार्दूलवर्मन और अनंतवर्मन निम्नलिखित में से किस राज्य के राजा थे?

  • मगध गुप्त
  • वल्लभी के मैत्रक
  • कन्नौज के मौखरी
  • थानेश्वर के पुष्यभूति

Explanation:

  • यज्ञवर्मन, शार्दूलवर्मन, अनंतवर्मन कन्नौज (उत्तर प्रदेश) के मौखरी वंश के राजा थे।
  • मौखरी वंश ने 6ठी-7वीं शताब्दी में शासन किया।
  • उनकी राजधानी कन्नौज थी।
  • बाद में हर्षवर्धन ने कन्नौज को अपनी राजधानी बनाया।
  • अतिरिक्त तथ्य: गुप्त (मगध), मैत्रक (वल्लभी/गुजरात), पुष्यभूति (थानेश्वर/हरियाणा – हर्षवर्धन का वंश)।

भारतीय इतिहास के किस काल में सांची और सारनाथ के स्तूपों का निर्माण हुआ, जो इसकी वास्तुकला शैली को दर्शाता है?

  • गुप्त शासन
  • कुषाण शासन
  • मौर्य शासन
  • वाकाटक शासन

Explanation:

  • सांची और सारनाथ के स्तूप मौर्य शासन (268-232 ई.पू.) के दौरान बने थे।
  • इनका निर्माण अशोक ने करवाया था।
  • साँची स्तूप (मध्य प्रदेश) – विश्व धरोहर स्थल, बुद्ध के अवशेषों के लिए।
  • धामेक स्तूप (सारनाथ) – जहाँ बुद्ध ने पहला उपदेश दिया।
  • अतिरिक्त तथ्य: गुप्त काल (मंदिर वास्तुकला), कुषाण (गांधार/मथुरा कला), वाकाटक (अजंता गुफाएँ)।

हड़प्पा से प्राप्त प्रसिद्ध पुरुष धड़, जो अपनी स्वाभाविक मुद्रा और चारों ओर से तराशे जाने के लिए उल्लेखनीय है, ___________ से बना है।

  • सेलखड़ी
  • लाल चूना पत्थर
  • कांस्य
  • टेराकोटा

Explanation:

  • हड़प्पा से प्राप्त प्रसिद्ध पुरुष धड़ (Male Torso) लाल चूना पत्थर (Red Limestone) से बना है।
  • यह प्राकृतिक और स्वाभाविक मुद्रा में है और चारों ओर से तराशा गया है।
  • यह हड़प्पा कला की उन्नति को दर्शाता है।
  • अतिरिक्त तथ्य: सेलखड़ी (स्टीटाइट – मुहरों के लिए), कांस्य (नर्तकी मूर्ति), टेराकोटा (मातृ देवी की मूर्तियाँ)।

मौर्य साम्राज्य की स्थापना चंद्रगुप्त मौर्य ने निम्नलिखित में से किस वर्ष में की थी?

  • 350 ईसा पूर्व
  • 375 ईसा पूर्व
  • 300 ईसा पूर्व
  • 322 ईसा पूर्व

Explanation:

  • मौर्य साम्राज्य की स्थापना चंद्रगुप्त मौर्य ने 322 ई.पू. में की थी।
  • उन्होंने चाणक्य की सहायता से नंद वंश के अंतिम शासक धनानंद को पराजित किया।
  • उन्होंने 322-298 ई.पू. तक शासन किया।
  • उनका साम्राज्य पश्चिमोत्तर से बंगाल तक फैला था।
  • अतिरिक्त तथ्य: 300 ई.पू. (सेल्यूकस के साथ संधि), 350 ई.पू. (नंद वंश का शासन), 375 ई.पू. (शिशुनाग वंश)।

गुप्त काल में, उद्रंग शब्द का अर्थ ______ था।

  • व्यापारिक वस्तुओं पर कर
  • नदियों पर टोल टैक्स
  • भूमि कर
  • मंदिरों को शाही दान

Explanation:

  • गुप्त काल में ‘उद्रंग’ शब्द का अर्थ भूमि कर (Land Tax) था।
  • यह कृषि उपज पर लगने वाला मुख्य कर था, जो उपज का 1/6 भाग होता था।
  • गुप्त काल में करों के नाम: उद्रंग (भूमि कर), उपरिकर (अतिरिक्त कर), हिरण्य (सोने में कर)।
  • अतिरिक्त तथ्य: व्यापारिक वस्तुओं पर कर (शुल्क), नदियों पर टोल (तर), मंदिरों को दान (अग्रहार)।

कौन सा पुरातात्विक स्थल नवपाषाण काल के दौरान गड्ढे वाले घरों और पालतू कुत्तों के प्रमाण दिखाता है?

  • चिरंद
  • बुर्जहोम
  • कोल्दिहवा
  • हल्लूर

Explanation:

  • बुर्जहोम (जम्मू-कश्मीर) नवपाषाण काल के दौरान गड्ढे वाले घरों (Pit-dwellings) और पालतू कुत्तों के प्रमाण दिखाता है।
  • यह नवपाषाण (Neolithic) संस्कृति का एक महत्वपूर्ण स्थल है (लगभग 2500 ई.पू.)।
  • यहाँ कुत्ते, बकरी, भेड़ के अवशेष मिले हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य: चिरंद (बिहार, ताम्रपाषाण), कोल्दिहवा (बिहार, नवपाषाण), हल्लूर (कर्नाटक, नवपाषाण)।

निम्नलिखित में से कौन सा राजा हर्ष के शासनकाल का पुरालेखीय रिकॉर्ड नहीं है?

  • बांसखेड़ा ताम्रपत्र
  • नालंदा मुहरें
  • मुजफ्फरनगर मुहरें
  • ऐहोल शिलालेख

Explanation:

  • मुजफ्फरनगर की मुहरें हर्ष के शासनकाल (606-647) की नहीं हैं।
  • बांसखेड़ा ताम्रपत्र (हर्ष के भाई राज्यवर्धन से संबंधित), नालंदा मुहरें (हर्ष कालीन), ऐहोल शिलालेख (हर्ष और पुलकेशिन द्वितीय के युद्ध का वर्णन) – ये सभी हर्ष कालीन हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य: हर्ष के शासनकाल का मुख्य स्रोत हर्षचरित (बाणभट्ट), सी-यू-की (ह्वेन त्सांग) और शिलालेख हैं।

ईसा पूर्व छठी शताब्दी में जब बाइजेंटियम ने रेशम उत्पादन सीखा तो कौन सा विदेशी व्यापार संबंध बुरी तरह प्रभावित हुआ?

  • इंडो-रोमन व्यापार
  • इंडो-बाइजेंटाइन व्यापार
  • इंडो-फारसी व्यापार
  • इंडो-अरब व्यापार

Explanation:

  • ई.पू. छठी शताब्दी में जब बाइजेंटियम (बीजान्टिन साम्राज्य) ने रेशम उत्पादन सीखा, तो इंडो-बाइजेंटाइन व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ।
  • इससे पहले भारत से रेशम (सिल्क) बाइजेंटियम को निर्यात किया जाता था।
  • बाइजेंटियम ने रेशम उत्पादन का रहस्य चीन (जस्टिनियन के शासन में) से सीखा।
  • अतिरिक्त तथ्य: इंडो-रोमन व्यापार (मसाले, मोती), इंडो-फारसी (उत्तर-पश्चिमी मार्ग), इंडो-अरब (समुद्री मार्ग)।

सिंधु घाटी सभ्यता से उत्पन्न “मातृ देवी” की मूर्ति की प्राथमिक सामग्री निम्नलिखित में से कौन सा पदार्थ है?

  • कांस्य
  • चूना पत्थर
  • टेराकोटा
  • सोपस्टोन

Explanation:

  • “मातृ देवी” (Mother Goddess) की मूर्तियाँ टेराकोटा (पकी हुई मिट्टी) से बनी थीं।
  • ये मूर्तियाँ उर्वरता और मातृशक्ति का प्रतीक थीं।
  • ये मोहनजोदड़ो, हड़प्पा, लोथल आदि स्थलों से प्राप्त हुई हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य: कांस्य (नर्तकी मूर्ति), चूना पत्थर (पुरुष धड़), सोपस्टोन/स्टीटाइट (मुहरें, पुजारी-राजा की मूर्ति)।

कौन सा बौद्ध धर्मग्रंथ स्पष्ट रूप से कहता है कि “सभी धम्म अनात्मा हैं,” जो अनात्मा के सिद्धांत की पुष्टि करता है?

  • धम्मपद
  • कल्प सूत्र
  • भगवती सूत्र
  • उत्तराध्ययन

Explanation:

  • ‘धम्मपद’ (धर्म-पथ) बौद्ध धर्मग्रंथ है जो स्पष्ट रूप से कहता है कि “सभी धम्म अनात्मा हैं” (Sabbe Dhamma Anatta) – यह अनात्मा (आत्मा का अभाव) के सिद्धांत की पुष्टि करता है।
  • यह सुत्त पिटक (खुद्दक निकाय) का हिस्सा है।
  • इसमें बुद्ध के 423 उपदेश हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य: कल्प सूत्र (जैन ग्रंथ), भगवती सूत्र (जैन ग्रंथ), उत्तराध्ययन (जैन ग्रंथ) – ये सभी जैन धर्म से संबंधित हैं।

गुप्त काल के दौरान गाँव के मुखिया को आमतौर पर _____ के नाम से जाना जाता था।

  • महत्तर
  • ऊपरिक
  • अमात्य
  • ग्राम्याध्यक्ष

Explanation:

  • गुप्त काल में गाँव के मुखिया को “ग्राम्याध्यक्ष” (ग्राम प्रमुख) के नाम से जाना जाता था।
  • गाँव की सभा “ग्रामसंघ” कहलाती थी।
  • गुप्त काल में ग्राम प्रशासन के अधिकारी: ग्राम्याध्यक्ष (गाँव का मुखिया), उपरिक (प्रांतीय अधिकारी), अमात्य (मंत्री)।
  • अतिरिक्त तथ्य: महत्तर (गाँव के वृद्ध/मुखिया – बौद्ध काल), ग्रामिक (मौर्य काल में ग्राम प्रधान)।

मोहनजोदड़ो से प्राप्त पुजारी-राजा की मूर्ति, एक प्रसिद्ध पत्थर की मूर्ति, मुख्य रूप से निम्नलिखित में से किस पदार्थ से बनी है?

  • टेराकोटा
  • स्टेटाइट (खड़िया पत्थर)
  • कांस्य
  • चूना पत्थर

Explanation:

  • “पुजारी-राजा” (Priest-King) की मूर्ति मोहनजोदड़ो से प्राप्त हुई है और यह स्टेटाइट (खड़िया पत्थर/Soapstone) से बनी है।
  • यह मूर्ति लगभग 8.5 इंच ऊँची है।
  • इसमें एक व्यक्ति को दाढ़ी के साथ और वस्त्र पहने हुए दिखाया गया है।
  • अतिरिक्त तथ्य: टेराकोटा (मातृ देवी), कांस्य (नर्तकी मूर्ति), चूना पत्थर (हड़प्पा का पुरुष धड़)।

चार वेदों में से कौन सा वेद पारंपरिक रूप से गंधर्ववेद के रूप में जाने जाने वाले उपवेद के साथ जुड़ा हुआ है?

  • यजुर्वेद
  • अथर्ववेद
  • सामवेद
  • ऋग्वेद

Explanation:

  • सामवेद का उपवेद गंधर्ववेद (संगीत/कला) है।
  • सामवेद को “संगीत का वेद” भी कहा जाता है, क्योंकि इसके मंत्र गायन के लिए हैं।
  • अन्य वेदों के उपवेद:
    • ऋग्वेदआयुर्वेद (चिकित्सा)
    • यजुर्वेदधनुर्वेद (युद्ध कला)
    • अथर्ववेदशिल्पवेद (वास्तुकला)
  • अतिरिक्त तथ्य: सामवेद में 1549 मंत्र हैं, जिनमें से अधिकांश ऋग्वेद से लिए गए हैं।

बोरी, जिसे पहला लौह पैलियोलिथिक स्थल माना जाता है, भारत के निम्नलिखित में से किस राज्य में है?

  • गुजरात
  • अरुणाचल प्रदेश
  • तमिलनाडु
  • महाराष्ट्र

Explanation:

  • बोरी (Bori) महाराष्ट्र राज्य में स्थित है और इसे “पहला लौह पैलियोलिथिक स्थल” (Early Iron Age Site) माना जाता है।
  • यहाँ से लोहे के औजार और शैल चित्र मिले हैं।
  • यह गोदावरी घाटी में स्थित है।
  • अतिरिक्त तथ्य: भारत में लौह युग के अन्य स्थल: महिष्मती, नागार्जुनकोंडा (आंध्र प्रदेश), हल्लूर (कर्नाटक)।

मौर्य काल के दौरान, उत्तरी भारत में ग्राम प्रधान को ______ के नाम से जाना जाता था।

  • गवुंडा
  • ग्रामिक
  • मुनुंडा
  • पट्टकिला

Explanation:

  • मौर्य काल के दौरान उत्तरी भारत में ग्राम प्रधान को “ग्रामिक” (Gramika) कहा जाता था।
  • यह चाणक्य के ‘अर्थशास्त्र’ में वर्णित है।
  • अतिरिक्त तथ्य: गवुंडा (दक्षिण भारत, विजयनगर काल), पट्टकिला (कर्नाटक के शिलालेखों में), मुनुंडा (प्राचीन भारत में एक पद)।

गुप्त काल के दौरान निम्नलिखित में से कौन सा अधिकारी भंडारों और भाले और तलवार जैसे हथियारों की आपूर्ति का प्रबंधन करता था?

  • रणभंडागारिक
  • संधिविग्रहिक
  • कुमारमात्य
  • महादंडनायक

Explanation:

  • रणभंडागारिक (Rana-bhandagarika) गुप्त काल के दौरान भंडारों और हथियारों (भाले, तलवार) की आपूर्ति का प्रबंधन करता था।
  • यह एक सैन्य प्रशासनिक पद था।
  • गुप्त प्रशासन के अन्य पद: संधिविग्रहिक (युद्ध/शांति मंत्री), कुमारमात्य (वरिष्ठ अधिकारी), महादंडनायक (सेनापति)।
  • अतिरिक्त तथ्य: गुप्त काल में दंडनायक (प्रांतीय सेना प्रमुख), बलाध्यक्ष (सेना प्रमुख) भी थे।

भारत में निम्न पुरापाषाण काल, जिसमें अचेलियन चरण भी शामिल है, लगभग कितने वर्ष बीपी तक फैला हुआ है?

  • 6,00,000-1,50,000 वर्ष बीपी
  • 1,65,000-31,000 वर्ष बीपी
  • 1,00,000-10,000 वर्ष बीपी
  • 40,000-12,000 वर्ष

Explanation:

  • भारत में निम्न पुरापाषाण काल (Lower Paleolithic) लगभग 6,00,000 से 1,50,000 वर्ष बीपी (Before Present) तक फैला हुआ है।
  • इसमें अचेलियन चरण (Acheulian Phase) शामिल है, जिसमें हाथ की कुल्हाड़ी (Handaxe) जैसे औजार मिले हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य: मध्य पुरापाषाण (1,65,000-31,000 वर्ष बीपी), उच्च पुरापाषाण (40,000-12,000 वर्ष बीपी)। अचेलियन औजार भीमबेटका, अटिरामपट्टी आदि स्थलों से मिले हैं।

वैदिक काल में सामाजिक जीवन को कितने आश्रमों में विभाजित किया गया था?

  • चार
  • तीन
  • छह
  • दस

Explanation:

  • वैदिक काल में सामाजिक जीवन को चार आश्रमों (Ashramas) में विभाजित किया गया था:
  • (1) ब्रह्मचर्य (शिक्षा/विद्यार्थी जीवन)
  • (2) गृहस्थ (गृही/संसारी जीवन)
  • (3) वानप्रस्थ (वन/सन्यास की ओर)
  • (4) संन्यास (त्याग/मोक्ष)
  • यह व्यवस्था उत्तर वैदिक काल में विकसित हुई।
  • अतिरिक्त तथ्य: यह प्रणाली धर्मशास्त्रों (मनुस्मृति) में विस्तृत है। चार वर्ण (ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र) भी वैदिक समाज की विशेषता है।

गुप्त वंश में उत्तराधिकार के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य है?

  • पुत्रों को एक सभा के सामने अपनी योग्यता साबित करनी होती थी
  • सबसे बड़े पुत्र को हमेशा प्राथमिकता पर युवराज का ताज पहनाया जाता था
  • केवल सबसे बड़ा पुत्र ही राजा बन सकता था
  • शासक हमेशा सिंहासन पाने के लिए खुद को दिव्य घोषित करता था

Explanation:

  • गुप्त वंश में उत्तराधिकार के बारे में सत्य कथन: “पुत्रों को एक सभा के सामने अपनी योग्यता साबित करनी होती थी”
  • गुप्त साम्राज्य में ज्येष्ठाधिकार (Primogeniture) की प्रथा नहीं थी, बल्कि योग्यता को महत्व दिया जाता था।
  • इसका प्रमाण यह है कि समुद्रगुप्त को उसके पिता चंद्रगुप्त प्रथम ने अपने अन्य पुत्रों की बजाय चुना था।
  • अतिरिक्त तथ्य: गुप्त शासक स्वयं को “देव” (दिव्य) घोषित करते थे (जैसे – परमदैवत, परमभट्टारक)।

भारत के स्वदेशी निवासी जो शत्रुतापूर्ण, काले रंग के थे और वैदिक प्रणाली का पालन नहीं करते थे, उन्हें वैदिक ग्रंथों में किस रूप में संदर्भित किया गया है:

  • दस्यु
  • दास
  • द्रविड़
  • आर्य

Explanation:

  • भारत के स्वदेशी निवासी (मूल निवासी) जो शत्रुतापूर्ण, काले रंग के थे और वैदिक प्रणाली का पालन नहीं करते थे, उन्हें वैदिक ग्रंथों में “दस्यु” के रूप में संदर्भित किया गया है।
  • “दास” शब्द का प्रयोग भी इनके लिए किया गया, लेकिन बाद में यह गुलाम का पर्याय बन गया।
  • दस्यु = शत्रु, अनार्य, जो यज्ञ/देवताओं की पूजा नहीं करते।
  • अतिरिक्त तथ्य: आर्य (स्वयं को सभ्य), द्रविड़ (दक्षिण भारत के लोग – उत्तर वैदिक काल में उल्लेख नहीं)।

हड़प्पा वासियों द्वारा कांस्य की मूर्तियाँ बनाने के लिए निम्नलिखित में से किस तकनीक का उपयोग किया गया था?

  • उत्कीर्णन
  • लुप्त-मोम ढलाई
  • पत्थर की नक्काशी
  • हाथ से ढलाई

Explanation:

  • हड़प्पा वासियों ने कांस्य की मूर्तियाँ बनाने के लिए “लुप्त-मोम ढलाई” (Lost-Wax Casting/Cire Perdue) तकनीक का उपयोग किया।
  • इस तकनीक में पहले मोम की मूर्ति बनाई जाती थी, फिर उस पर मिट्टी का साँचा चढ़ाया जाता था।
  • साँचे को गर्म करने पर मोम पिघलकर बाहर निकल जाता था, और पिघली हुई धातु डाली जाती थी।
  • इस तकनीक का उपयोग नर्तकी मूर्ति के लिए किया गया था।
  • अतिरिक्त तथ्य: यह तकनीक मिस्र, मेसोपोटामिया में भी प्रचलित थी।

सिंधु घाटी शहरों की कौन सी प्रमुख शहरी विशेषता समकोण पर प्रतिच्छेदित सड़कों और ढकी हुई नालियों के साथ उन्नत योजना को दर्शाती है?

  • ग्रिड-पैटर्न लेआउट
  • केवल गढ़
  • झुग्गी बस्तियाँ
  • किले

Explanation:

  • सिंधु घाटी शहरों की प्रमुख शहरी विशेषता “ग्रिड-पैटर्न लेआउट” है, जिसमें समकोण पर प्रतिच्छेदित सड़कें और ढकी हुई नालियाँ (Covered Drains) हैं।
  • यह शहरी नियोजन की उन्नत तकनीक को दर्शाता है।
  • सड़कें उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम दिशा में बनाई गई थीं।
  • नालियाँ ईंटों से बनी होती थीं और ढकी हुई थीं।
  • अतिरिक्त तथ्य: मोहनजोदड़ो का ग्रेट बाथ भी उन्नत स्थापत्य का प्रमाण है।

अर्थशास्त्र में वर्णित मौर्यकालीन नगर प्रशासन के प्रशासनिक प्रमुख को, किस नाम से संबोधित किया जाता था?

  • स्थानिक
  • प्रादेशिक
  • नागरिक
  • गोप

Explanation:

  • अर्थशास्त्र (चाणक्य) में वर्णित मौर्यकालीन नगर प्रशासन के प्रशासनिक प्रमुख को “नागरिक” (Nagarika) कहा जाता था।
  • नागरिक नगर (शहर) का प्रशासनिक प्रमुख होता था।
  • उसके अधीन 30 सदस्यीय नगर परिषद होती थी।
  • अतिरिक्त तथ्य: स्थानिक (जिला अधिकारी), प्रादेशिक (प्रांतीय अधिकारी), गोप (ग्राम अधिकारी) – ये भी मौर्य प्रशासन के पद थे।

कौन सा जैन पाठ पश्चिम में मान्यता प्राप्त है और भिक्षु आचरण, उपदेशों और काव्य शिक्षाओं पर अपनी छंदों के लिए जाना जाता है?

  • उत्तराध्ययन सूत्र
  • कल्प सूत्र
  • आचारांग सूत्र
  • भगवती सूत्र

Explanation:

  • आचारांग सूत्र (Acharanga Sutra) जैन धर्म का एक प्रमुख पाठ है, जो पश्चिम (श्वेतांबर) में मान्यता प्राप्त है।
  • यह भिक्षु आचरण, उपदेशों और काव्य शिक्षाओं पर अपनी छंदों के लिए जाना जाता है।
  • यह श्वेतांबर आगम का पहला अंग है।
  • अतिरिक्त तथ्य: उत्तराध्ययन सूत्र (महावीर के अंतिम उपदेश), कल्प सूत्र (तीर्थंकरों की जीवनी), भगवती सूत्र (महावीर के प्रश्न-उत्तर)।

भीमबेटका रॉक शेल्टर किस प्रागैतिहासिक काल से संबंधित हैं?

  • उच्च नवपाषाण
  • निचला पुरापाषाण
  • लौह युग
  • निचला ताम्रपाषाण

Explanation:

  • भीमबेटका रॉक शेल्टर (मध्य प्रदेश) निचला पुरापाषाण (Lower Paleolithic) काल से संबंधित हैं।
  • यहाँ पुरापाषाण से मध्यकाल तक के शैल चित्र (Rock Paintings) मिले हैं।
  • यह यूनेस्को विश्व विरासत स्थल है।
  • यहाँ अचेलियन औजार (हाथ की कुल्हाड़ी) भी मिले हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य: भीमबेटका रायसेन जिले में स्थित है। इसमें 500 से अधिक गुफाएँ हैं।

भारत के मध्य प्रदेश की बाघ गुफाओं में दिखाई देने वाली कलात्मक और वास्तुशिल्प शैली मुख्य रूप से निम्नलिखित में से किस धर्म से जुड़ी है?

  • इस्लाम
  • हिंदू धर्म
  • बौद्ध धर्म
  • जैन धर्म

Explanation:

  • बाघ गुफाएँ (मध्य प्रेश) की कलात्मक और वास्तुशिल्प शैली मुख्य रूप से बौद्ध धर्म से जुड़ी है।
  • ये गुफाएँ 5वीं-6वीं शताब्दी (गुप्त काल) की हैं।
  • यहाँ बुद्ध के जीवन से संबंधित भित्ति चित्र (फ्रेस्को) हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य: बाघ गुफाएँ मंदसौर जिले में बाघ नदी के तट पर स्थित हैं। अजंता की तरह ये भी बौद्ध विषयों पर केंद्रित हैं।

मिस्र के प्रतीकात्मक लेखों की प्राचीन शैली को क्या कहते हैं?

  • हाइरोग्लिफिक्स
  • क्यूनीफॉर्म
  • हाईटाइट
  • जेपोटेक

Explanation:

  • मिस्र की प्राचीन प्रतीकात्मक लेखन शैली को “हाइरोग्लिफिक्स” (Hieroglyphics) कहते हैं।
  • यह चित्रात्मक लिपि (Pictographic Script) है, जो 3000 ई.पू. से प्रयोग में थी।
  • अतिरिक्त तथ्य: क्यूनीफॉर्म (मेसोपोटामिया की कीलाकार लिपि), हाईटाइट (हित्ती सभ्यता), जेपोटेक (मध्य अमेरिका की सभ्यता)।

निम्नलिखित में से किस देश में, सिंधु नदी प्रवाहित नहीं होती है?

  • अफगानिस्तान
  • चीन
  • भारत
  • पाकिस्तान

Explanation:

  • सिंधु नदी भारत में प्रवाहित नहीं होती है (भारत के पश्चिमोत्तर भाग को छोड़कर)।
  • सिंधु नदी तिब्बत (चीन) से निकलती है, जम्मू-कश्मीर (भारत) से होकर पाकिस्तान में बहती है।
  • भारत में सतलुज, ब्यास, रावी, चिनाब, झेलम – ये सिंधु की सहायक नदियाँ हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य: सिंधु जल संधि (1960) के अनुसार पूर्वी नदियाँ (सतलुज, ब्यास, रावी) भारत और पश्चिमी (चिनाब, झेलम, सिंधु) पाकिस्तान को मिलती हैं।

उस बौद्ध ग्रंथ का नाम बताइए जिसमें भिक्षुओं के लिए नियम शामिल हैं।

  • त्रिपिटक
  • विनय पिटक
  • सुत्त पिटक
  • अभिधम्म पिटक

Explanation:

  • विनय पिटक (Vinaya Pitaka) बौद्ध ग्रंथ है जिसमें भिक्षुओं (साधुओं) और भिक्षुणियों के लिए नियम (अनुशासन) शामिल हैं।
  • यह त्रिपिटक (तीन पिटक) का एक हिस्सा है:
    • विनय पिटक – अनुशासन/नियम
    • सुत्त पिटक – बुद्ध के उपदेश
    • अभिधम्म पिटक – दार्शनिक विश्लेषण
  • इसमें प्रातिमोक्ष (227 नियम) शामिल हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य: यह पालि भाषा में है। प्रथम बौद्ध संगीति (राजगृह, 483 ई.पू.) में विनय पिटक को संकलित किया गया।

मानव गतिविधियों और सभ्यता के प्रागैतिहासिक काल का सही कालानुक्रमिक क्रम कौन-सा है?

  • पाषाण काल, मध्यपाषाण काल, नवपाषाण काल
  • मध्यपाषाण काल, नवपाषाण काल, पाषाण काल
  • धातु युग काल, मध्यपाषाण काल, पाषाण काल
  • नवपाषाण काल, मध्यपाषाण काल, पाषाण काल

Explanation:

  • प्रागैतिहासिक काल का सही कालानुक्रमिक क्रम: पाषाण काल (Paleolithic) → मध्यपाषाण काल (Mesolithic) → नवपाषाण काल (Neolithic)
  • पाषाण काल (लगभग 2.5 मिलियन – 10,000 ई.पू.) – मानव ने पत्थर के औजार बनाना सीखा।
  • मध्यपाषाण काल (लगभग 10,000 – 8,000 ई.पू.) – माइक्रोलिथ (छोटे पत्थर के औजार) का उपयोग शुरू हुआ।
  • नवपाषाण काल (लगभग 8,000 – 4,000 ई.पू.) – कृषि, पशुपालन, चिकने पत्थर के औजारों की शुरुआत।
  • अतिरिक्त तथ्य: इसके बाद ताम्रपाषाण काल (Chalcolithic) और लौह युग (Iron Age) आया।

भारत के किस राज्य में ‘कार्ले’ नामक संरक्षित बौद्ध गुफाएँ पाई जाती हैं?

  • कर्नाटक
  • महाराष्ट्र
  • बिहार
  • उत्तर प्रदेश

Explanation:

  • कार्ले की बौद्ध गुफाएँ महाराष्ट्र राज्य (पुणे के निकट) में पाई जाती हैं।
  • ये गुफाएँ ई.पू. 1ली शताब्दी से ई. 2री शताब्दी के बीच बनीं।
  • यहाँ सबसे प्रसिद्ध चैत्य हॉल (कार्ले चैत्य) है, जो बौद्ध प्रार्थना सभा का स्थान है।
  • इसका स्तूप 33 फीट ऊँचा है और इसमें 37 स्तंभ हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य: अजंता, एलोरा, कार्ले, भाजा, कान्हेरी – महाराष्ट्र में सभी प्रमुख बौद्ध गुफा स्थल हैं।

निम्नलिखित में से कौन सा पहला शासक था जिसने अपने विषयों और अधिकारियों के लिए पत्थर की सतहों पर अपना संदेश अंकित किया?

  • चंद्रगुप्त मौर्य
  • अशोक
  • हर्षवर्धन
  • चंद्रगुप्त प्रथम

Explanation:

  • अशोक (268-232 ई.पू.) पहला शासक था, जिसने अपने विषयों और अधिकारियों के लिए पत्थर की सतहों (शिलालेखों) पर अपना संदेश अंकित किया।
  • उसके शिलालेख ब्राह्मी, खरोष्ठी, यूनानी, अरामी लिपियों में हैं।
  • ये शिलालेख धम्म (अहिंसा, करुणा, सत्य) का उपदेश देते हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य: चंद्रगुप्त मौर्य ने शिलालेख नहीं बनवाए। हर्षवर्धन (607-647), चंद्रगुप्त प्रथम (319-335) – इन्होंने भी शिलालेख बनवाए लेकिन अशोक पहला था।

भारत में, पाषाण युग की चट्टान चित्रकलाएँ कहाँ पाई जाती हैं?

  • नालंदा
  • भीमबेटका
  • बाघ गुफाएँ
  • एलिफेंटा

Explanation:

  • भीमबेटका (मध्य प्रदेश) में पाषाण युग की चट्टान चित्रकलाएँ (Rock Paintings) पाई जाती हैं।
  • यहाँ 750 से अधिक गुफाएँ हैं और चित्र पुरापाषाण, मध्यपाषाण, नवपाषाण काल के हैं।
  • यह यूनेस्को विश्व विरासत स्थल है।
  • चित्रों में शिकार, नृत्य, पशु, मानव आदि के दृश्य हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य: नालंदा (बिहार, बौद्ध विश्वविद्यालय), बाघ गुफाएँ (मध्य प्रदेश, बौद्ध/जैन), एलिफेंटा (महाराष्ट्र, हिंदू/बौद्ध गुफाएँ)।

निम्नलिखित विकल्पों में से कौन सा कथन सही नहीं है?

  • बौद्ध धर्मग्रंथ पाली भाषा में लिखे गए थे।
  • चरक गौतम बुद्ध के निजी चिकित्सक थे।
  • उपगुप्त ने अशोक को बौद्ध धर्म अपनाने के लिए प्रभावित किया।
  • गौतम बुद्ध का जन्म स्थान नेपाल में है।

Explanation:

  • गलत कथन: चरक गौतम बुद्ध के निजी चिकित्सक नहीं थे।
  • चरक कनिष्क (कुषाण शासक, लगभग 78-144 ई.) के दरबारी चिकित्सक थे। उन्होंने ‘चरक संहिता’ (आयुर्वेद) की रचना की।
  • जीवक गौतम बुद्ध के निजी चिकित्सक थे।
  • सही कथन: (1) बौद्ध धर्मग्रंथ पालि में लिखे गए। (2) उपगुप्त ने अशोक को बौद्ध धर्म अपनाने के लिए प्रभावित किया। (3) बुद्ध का जन्म लुंबिनी (नेपाल) में हुआ।

निम्नलिखित में से कौन सा युग पाषाण युग के तीन मुख्य विभाजनों के अंतर्गत नहीं आता था?

  • नवाश्मोत्तर कांस्य युग
  • पुरापाषाण युग
  • मध्यपाषाणीय युग
  • नवपाषाण युग

Explanation:

  • नवाश्मोत्तर कांस्य युग (Neolithic-Bronze Age) पाषाण युग के तीन मुख्य विभाजनों के अंतर्गत नहीं आता है।
  • पाषाण युग के तीन मुख्य विभाजन: पुरापाषाण (Paleolithic), मध्यपाषाण (Mesolithic), नवपाषाण (Neolithic)
  • कांस्य युग (Bronze Age) धातु युग का हिस्सा है, जो पाषाण युग के बाद आया।
  • अतिरिक्त तथ्य: पाषाण युग के बाद ताम्रपाषाण (Chalcolithic) और फिर कांस्य युग (Bronze Age) आया। भारत में लौह युग (Iron Age) लगभग 1200 ई.पू. से शुरू हुआ।

भारत के राज्य चिन्ह में ‘सत्यमेव जयते’ जो देवनागरी लिपि में लिखा हुआ है। यह उद्धरण यहाँ से लिया गया है:

  • आध्यात्म उपनिषद
  • कठ उपनिषद
  • मंत्रिका उपनिषद
  • मुंडक उपनिषद

Explanation:

  • ‘सत्यमेव जयते’ (सत्य की ही जय होती है) मुंडक उपनिषद से लिया गया है।
  • यह भारत का राष्ट्रीय आदर्श वाक्य (National Motto) है और अशोक के सिंह स्तंभ (सारनाथ) पर देवनागरी लिपि में अंकित है।
  • पूरा श्लोक: “सत्यमेव जयते नानृतम्” (सत्य की जीत होती है, असत्य की नहीं)।
  • अतिरिक्त तथ्य: आध्यात्म उपनिषद, कठ उपनिषद, मंत्रिका उपनिषद – ये भी उपनिषद हैं लेकिन यह उद्धरण मुंडक उपनिषद से है।

प्राचीन भारत के सबसे प्रसिद्ध शासकों में से एक, अशोक ने कलिंग पर विजय प्राप्त की। वह ____ के पोते थे।

  • चंद्रगुप्त मौर्य
  • समुद्रगुप्त
  • प्रभावती गुप्त
  • चंद्रगुप्त द्वितीय

Explanation:

  • अशोक (268-232 ई.पू.) चंद्रगुप्त मौर्य (322-298 ई.पू.) के पोते थे।
  • अशोक बिन्दुसार (चंद्रगुप्त के पुत्र) का पुत्र था।
  • अशोक ने कलिंग युद्ध (261 ई.पू.) जीता और बाद में बौद्ध धर्म अपनाया।
  • अतिरिक्त तथ्य: समुद्रगुप्त (गुप्त वंश, “भारत का नेपोलियन”), प्रभावती गुप्त (चंद्रगुप्त द्वितीय की बेटी), चंद्रगुप्त द्वितीय (गुप्त वंश, विक्रमादित्य)।

महाभारत के अनुसार भीम और हिडिम्बा का पोता कौन था?

  • इरावण
  • परिक्षित
  • बर्बरीक
  • बब्रुवाहन

Explanation:

  • महाभारत के अनुसार भीम और हिडिम्बा का पोता बर्बरीक था।
  • भीम और हिडिम्बा का पुत्र घटोत्कच था, और घटोत्कच का पुत्र बर्बरीक (जिसे बाली/बर्बरीक भी कहा जाता है)।
  • बर्बरीक महाभारत युद्ध का एक महत्वपूर्ण पात्र है।
  • अतिरिक्त तथ्य: इरावण (अर्जुन और उलूपी का पुत्र), परिक्षित (अभिमन्यु और उत्तरा का पुत्र, युधिष्ठिर के बाद राजा), बब्रुवाहन (अर्जुन और चित्रांगदा का पुत्र)।

संस्कृत महाकाव्य महाभारत के लेखक कौन थे?

  • श्री सुखदेवजी
  • श्री कृष्ण
  • महर्षि वेद व्यास
  • महर्षि वाल्मीकि

Explanation:

  • संस्कृत महाकाव्य ‘महाभारत’ के लेखक महर्षि वेद व्यास (कृष्ण द्वैपायन) थे।
  • महाभारत को “पाँचवाँ वेद” भी कहा जाता है।
  • इसमें लगभग 100,000 श्लोक हैं, जो इसे दुनिया का सबसे लंबा महाकाव्य बनाता है।
  • इसकी रचना लगभग 400 ई.पू. – 400 ई. के बीच हुई मानी जाती है।
  • अतिरिक्त तथ्य: रामायण के लेखक महर्षि वाल्मीकि थे। सुखदेव (वेद व्यास के पुत्र), श्री कृष्ण (महाभारत के केंद्रीय पात्र)।

सिंधु घाटी को सोनार घाटी से जोड़ने वाली ‘शाही’ सड़क का निर्माण किसने किया था?

  • हुमायूँ
  • अकबर
  • शाहजहाँ
  • शेर शाह सूरी

Explanation:

  • शेर शाह सूरी (1540-1545) ने सिंधु घाटी को सोनार घाटी (बंगाल) से जोड़ने वाली ‘शाही’ सड़क (रॉयल रोड) का निर्माण करवाया।
  • यह सड़क ब्रिटिश काल में ग्रैंड ट्रंक रोड (जीटी रोड) बन गई।
  • यह कलकत्ता से पेशावर तक जाती थी (लगभग 2500 किमी)।
  • अतिरिक्त तथ्य: शेरशाह ने सड़क के किनारे सरायों (विश्राम गृह) और कुओं का निर्माण करवाया। हुमायूँ (मुगल शासक), अकबर (मुगल शासक), शाहजहाँ (मुगल शासक)।

आवास वित्तपोषण प्रतिभूतिकरण बाजार के विकास पर आरबीआई द्वारा गठित समिति के अध्यक्ष कौन हैं?

  • हर्षवर्धन
  • प्रांजुल भंडारी
  • संजय गुप्ता
  • नरेश ठक्कर

Explanation:

  • यह प्रश्न इतिहास से नहीं बल्कि समसामयिक/बैंकिंग से संबंधित है।
  • हालाँकि, यहाँ हर्षवर्धन नाम प्राचीन भारतीय शासक (हर्षवर्धन, 606-647) से भी मेल खाता है, लेकिन यह प्रश्न RBI समिति के संदर्भ में है।
  • यह प्रश्न गलत है या समकालीन मामलों से संबंधित है।
  • अतिरिक्त तथ्य: हर्षवर्धन (प्राचीन शासक) – वर्धन वंश के अंतिम महान शासक, राजधानी कन्नौज

धोलावीरा किस राज्य में है?

  • झारखंड
  • गुजरात
  • राजस्थान
  • छत्तीसगढ़

Explanation:

  • धोलावीरा गुजरात राज्य के कच्छ जिले में स्थित है।
  • यह सिंधु घाटी सभ्यता (2500-1750 ई.पू.) का एक महत्वपूर्ण स्थल है।
  • यहाँ जलाशय, किलेबंदी, गोदी के प्रमाण मिले हैं।
  • यह 2021 में यूनेस्को विश्व विरासत स्थल बना।
  • अतिरिक्त तथ्य: लोथल (गुजरात, अहमदाबाद), कालीबंगा (राजस्थान), बनवाली (हरियाणा), हड़प्पा/मोहनजोदड़ो (पाकिस्तान)।

मोहनजोदड़ो में खोजा गया विशाल स्नानागार एक बृहत ______ था।

  • त्रिकोणीय टैंक
  • बेलनाकार टैंक
  • आयताकार टैंक
  • वृत्ताकार टैंक

Explanation:

  • मोहनजोदड़ो में खोजा गया विशाल स्नानागार (Great Bath) एक बृहत आयताकार टैंक (Rectangular Tank) था।
  • इसकी लंबाई 39 फीट, चौड़ाई 23 फीट और गहराई 8 फीट है।
  • यह ईंटों से बना था और जलरोधी (तारकोल) से ढका हुआ था।
  • यह सिंधु घाटी सभ्यता की सबसे प्रभावशाली संरचनाओं में से एक है।
  • अतिरिक्त तथ्य: यह स्नानागार धार्मिक अनुष्ठानों के लिए उपयोग किया जाता था।

सुत्त पिटक के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?

  • यह बौद्ध ग्रंथ है जो श्रीलंका में लिखा गया था।
  • यह मगध के शासक और बुद्ध के बीच बातचीत से संबंधित है।
  • यह उन लोगों के लिए नियमों और विनियमों के बारे में है जो बौद्ध मठवासी क्रम में शामिल हुए थे।
  • यह बुद्ध की जीवनी है।

Explanation:

  • सुत्त पिटक मगध के शासक और बुद्ध के बीच बातचीत से संबंधित है।
  • यह तिपिटक (बौद्ध धर्मग्रंथ) का दूसरा भाग है।
  • तिपिटक के तीन भाग: (1) विनय पिटक (मठवासी नियम), (2) सुत्त पिटक (बुद्ध के उपदेश), (3) अभिधम्म पिटक (बौद्ध दर्शन)।
  • अतिरिक्त तथ्य: विनय पिटक (भिक्षुओं के नियम), सुत्त पिटक (उपदेश), अभिधम्म पिटक (दार्शनिक विश्लेषण)।

गौतम बुद्ध को निम्नलिखित में से किस स्थान पर ज्ञान प्राप्त हुआ था?

  • सारनाथ
  • बोधगया
  • कुशीनगर
  • लुम्बिनी

Explanation:

  • गौतम बुद्ध को बोधगया (बिहार) में ज्ञान (निर्वाण) प्राप्त हुआ था।
  • उन्होंने बोधि वृक्ष (पीपल) के नीचे 35 वर्ष की उम्र में ज्ञान प्राप्त किया।
  • लुम्बिनी (नेपाल) – जन्म स्थान, सारनाथ (उत्तर प्रदेश) – पहला उपदेश, कुशीनगर (उत्तर प्रदेश) – महापरिनिर्वाण स्थान।
  • अतिरिक्त तथ्य: बौद्ध तीर्थ स्थल: लुम्बिनी (जन्म), बोधगया (ज्ञान), सारनाथ (प्रथम उपदेश), कुशीनगर (महापरिनिर्वाण)

सबसे आम हड़प्पा मुहरें _________ आकार की थीं।

  • वर्गाकार
  • आयताकार
  • गोलाकार
  • षट्कोणीय

Explanation:

  • सबसे आम हड़प्पा मुहरें वर्गाकार (Square-shaped) आकार की थीं।
  • ये स्टीटाइट (साबुन पत्थर) से बनी होती थीं।
  • मुहरों पर पशुओं (कूबड़ वाला बैल, गैंडा, हाथी, बाघ) के चित्र और चित्रलिपि (अपठित) अंकित थी।
  • मुहरों का उपयोग व्यापार (चिह्न) और प्रशासन में होता था।
  • अतिरिक्त तथ्य: सबसे प्रसिद्ध मुहर: पशुपति मुहर (योगी/शिव जैसी आकृति), यूनिकॉर्न (एक सींग वाला बैल)।

इलाहाबाद स्तंभ की ऊंचाई कितनी है जिस पर समुद्रगुप्त से संबंधित शिलालेख अंकित हैं?

  • 40 फीट
  • 30 फीट
  • 35 फीट
  • 25 फीट

Explanation:

  • इलाहाबाद स्तंभ (प्रयाग राज) की ऊंचाई 35 फीट है, जिस पर समुद्रगुप्त (335-380 ई.) से संबंधित शिलालेख अंकित हैं।
  • यह शिलालेख हरिषेण (समुद्रगुप्त के दरबारी कवि) द्वारा रचित है।
  • इसमें समुद्रगुप्त के सैन्य अभियानों का वर्णन है।
  • यह स्तंभ मूल रूप से अशोक द्वारा बनवाया गया था (इस पर अशोक के शिलालेख भी हैं)।
  • अतिरिक्त तथ्य: इसे “प्रयाग प्रशस्ति” भी कहा जाता है।

बुद्ध की मूर्तियों की पूजा किस धर्म में एक महत्वपूर्ण परंपरा बन गई?

  • हीनयान
  • महायान
  • वज्रयान
  • न्यिंगमा

Explanation:

  • बुद्ध की मूर्तियों की पूजा महायान बौद्ध धर्म में एक महत्वपूर्ण परंपरा बन गई।
  • महायान बौद्ध धर्म में बोधिसत्वों (करुणा) और बुद्ध की मूर्तियों की पूजा प्रमुख है।
  • हीनयान (थेरवाद) बौद्ध धर्म में बुद्ध की मूर्ति पूजा उतनी महत्वपूर्ण नहीं है; वे स्तूप या बोधि वृक्ष की पूजा करते थे।
  • वज्रयान (तिब्बती बौद्ध धर्म), न्यिंगमा (तिब्बती बौद्ध संप्रदाय)।
  • अतिरिक्त तथ्य: गांधार कला में बुद्ध की मूर्तियाँ यूनानी प्रभाव से बनाई गईं।

हड़प्पा सभ्यता किस नदी के तट पर स्थित थी?

  • भोगवा नदी
  • सिंधु नदी
  • सतलज नदी
  • रावी नदी

Explanation:

  • हड़प्पा सभ्यता रावी नदी (Ravi River) के तट पर स्थित थी।
  • हड़प्पा पंजाब (पाकिस्तान) में रावी नदी के तट पर स्थित है।
  • यह 1921 में दयाराम साहनी द्वारा खोजा गया।
  • अतिरिक्त तथ्य: मोहनजोदड़ो (सिंधु नदी के तट), लोथल (भोगवा नदी, गुजरात), कालीबंगा (घग्घर नदी, राजस्थान)। सिंधु नदी सभ्यता का सबसे बड़ा नदी थी।

बोधिसत्व की अवधारणा किससे जुड़ी है?

  • महायान बौद्ध धर्म
  • जैन धर्म
  • हीनयान बौद्ध धर्म
  • सिख धर्म

Explanation:

  • ‘बोधिसत्व’ (Bodhisattva) की अवधारणा महायान बौद्ध धर्म से जुड़ी है।
  • बोधिसत्व वह व्यक्ति होता है जिसने बोधि (ज्ञान) प्राप्त कर लिया है लेकिन दूसरों के उद्धार के लिए निर्वाण में प्रवेश नहीं करता।
  • प्रसिद्ध बोधिसत्व: अवलोकितेश्वर, मंजुश्री, तारा, क्षितिगर्भ
  • हीनयान (थेरवाद) में अर्हत (संत) की अवधारणा है (स्वयं के मोक्ष पर जोर)।
  • अतिरिक्त तथ्य: बोधिसत्व करुणा और बोधिचित्त (ज्ञान की इच्छा) का प्रतीक है।

विनय और सुत्त पिटक किसके उपदेशों का संकलन हैं?

  • महावीर जैन
  • गौतम बुद्ध
  • ऋषभदेव
  • गुरु गोबिंद सिंह

Explanation:

  • विनय पिटक और सुत्त पिटक गौतम बुद्ध के उपदेशों का संकलन हैं।
  • ये तिपिटक (तीन पिटक) के भाग हैं – बौद्ध धर्म के प्रमुख ग्रंथ।
  • विनय पिटक – मठवासी नियम, सुत्त पिटक – बुद्ध के उपदेश, अभिधम्म पिटक – दार्शनिक विश्लेषण।
  • तिपिटक पालि भाषा में लिखे गए हैं।
  • अतिरिक्त तथ्य: महावीर जैन (जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर), ऋषभदेव (जैन धर्म के पहले तीर्थंकर), गुरु गोबिंद सिंह (सिख धर्म के 10वें गुरु)।

मौर्य प्रशासन में विभिन्न विभागों के अधीक्षकों के रूप में अध्यक्षों का उल्लेख किसने किया था?

  • मेगास्थनीज
  • कौटिल्य
  • स्ट्रैबो
  • प्लिनी

Explanation:

  • कौटिल्य (चाणक्य) ने अपने ग्रंथ ‘अर्थशास्त्र’ में मौर्य प्रशासन में विभिन्न विभागों के अधीक्षकों (अध्यक्षों) का उल्लेख किया है।
  • अर्थशास्त्र राजनीति, अर्थशास्त्र, प्रशासन पर एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है।
  • अतिरिक्त तथ्य: मेगास्थनीज (यूनानी राजदूत, ‘इंडिका’ के लेखक), स्ट्रैबो (यूनानी भूगोलवेत्ता), प्लिनी (रोमन लेखक)।

सिंधु सभ्यता के इनमें से किन स्थलों में जलाशयों के साक्ष्य मिले हैं?

  • लोथल
  • कोट दी जी
  • कालीबंगा
  • धोलावीरा

Explanation:

  • धोलावीरा (गुजरात) में जलाशयों (जल संग्रहण प्रणाली) के साक्ष्य मिले हैं।
  • यहाँ 16 जलाशय मिले हैं, जो जल प्रबंधन की उन्नत तकनीक दिखाते हैं।
  • लोथल (गोदी/डॉकयार्ड), कालीबंगा (हल के निशान), कोट दी जी (पाकिस्तान, प्रारंभिक हड़प्पा स्थल) ।
  • अतिरिक्त तथ्य: धोलावीरा 2021 में यूनेस्को विश्व विरासत स्थल बना।

निम्नलिखित में से मगध साम्राज्य की राजधानी कहाँ थी?

  • कौशाम्बी
  • उज्जैन
  • वैशाली
  • राजगीर

Explanation:

  • मगध साम्राज्य की राजधानी राजगीर (राजगृह, बिहार) थी।
  • राजगीर हर्यंक वंश (बिंबिसार, अजातशत्रु) की राजधानी थी।
  • बाद में उदयिन ने राजधानी राजगीर से पाटलिपुत्र (पटना) स्थानांतरित कर दी।
  • अतिरिक्त तथ्य: कौशाम्बी (वत्स की राजधानी), उज्जैन (अवंती की राजधानी), वैशाली (लिच्छवी गणराज्य की राजधानी)।

किस अशोक के शिलालेख में कलिंग विजय का उल्लेख है?

  • चौथा
  • पहला
  • तेरहवाँ
  • दसवाँ

Explanation:

  • अशोक के 13वें शिलालेख (तेरहवाँ) में कलिंग विजय (261 ई.पू.) का उल्लेख है।
  • अशोक ने कलिंग युद्ध के भयानक परिणामों को देखकर बौद्ध धर्म अपनाया।
  • 13वें शिलालेख में अशोक ने युद्ध के बारे में पश्चाताप (अहिंसा) व्यक्त किया है।
  • अतिरिक्त तथ्य: अशोक के कुल 14 प्रमुख शिलालेख हैं। पहला शिलालेख (पशु बलि पर रोक), 10वाँ (कीर्ति की इच्छा), 13वाँ (कलिंग युद्ध)।

मोहनजोदड़ो शब्द का क्या अर्थ है?

  • एक बाजार क्षेत्र
  • मृतकों का टीला
  • पसंदीदा शहर
  • रहने की जगह

Explanation:

  • ‘मोहनजोदड़ो’ (मोहन-जो-दड़ो) शब्द का अर्थ ‘मृतकों का टीला’ (Mound of the Dead) है।
  • यह सिंध (पाकिस्तान) में स्थित है और सिंधु घाटी सभ्यता का एक प्रमुख स्थल है।
  • इसे 1922 में आर.डी. बनर्जी ने खोजा था।
  • अतिरिक्त तथ्य: हड़प्पा (पंजाब, पाकिस्तान) – लोथल (गुजरात, भारत) – धोलावीरा (गुजरात, भारत) ।

हर्षवर्धन के शासनकाल में भारत कौन आया था?

  • ईत्सिंग
  • फाह्यान
  • ह्वेन त्सांग
  • अलबरूनी

Explanation:

  • ह्वेन त्सांग (Xuanzang, 602-664) हर्षवर्धन (606-647) के शासनकाल में (629-645) भारत आया था।
  • उसने ‘सी-यू-की’ (बुद्ध के पश्चिमी संसार की यात्रा) की रचना की।
  • वह नालंदा विश्वविद्यालय में छात्र और शिक्षक दोनों रहा।
  • अतिरिक्त तथ्य: फाह्यान (गुप्त काल, 399-414, चंद्रगुप्त द्वितीय), ईत्सिंग (671-695), अलबरूनी (11वीं शताब्दी, महमूद गज़नी के साथ)।

सुश्रुत संहिता किस विषय से संबंधित है?

  • धर्म और पौराणिक कथाएँ
  • गणित
  • चिकित्सा और शल्य चिकित्सा
  • ज्योतिष

Explanation:

  • ‘सुश्रुत संहिता’ चिकित्सा और शल्य चिकित्सा (Medicine and Surgery) से संबंधित है।
  • इसके रचयिता सुश्रुत थे, जिन्हें “शल्य चिकित्सा का पिता” कहा जाता है।
  • यह लगभग 600 ई.पू. की रचना है।
  • इसमें शल्य चिकित्सा, नेत्र चिकित्सा, दंत चिकित्सा, प्रसूति आदि का वर्णन है।
  • अतिरिक्त तथ्य: चरक संहिता (चरक, आयुर्वेद), अर्थशास्त्र (चाणक्य, राजनीति), सूर्य सिद्धांत (ज्योतिष)।

अशोक किस राजवंश से संबंधित था?

  • नंद
  • गुप्त
  • कण्व
  • मौर्य

Explanation:

  • अशोक (268-232 ई.पू.) मौर्य राजवंश (322-185 ई.पू.) से संबंधित था।
  • मौर्य वंश के संस्थापक चंद्रगुप्त मौर्य थे।
  • अशोक मौर्य वंश का सबसे महान शासक था।
  • अतिरिक्त तथ्य: नंद वंश (मौर्यों से पहले), गुप्त वंश (319-550 ई.), कण्व वंश (73-28 ई.पू.) – मौर्यों के बाद आया।

निम्नलिखित में से कौन-सा स्थल ताम्र पाषाणिक स्थल के रूप में अधिक जाना जाता है?

  • कायथा
  • बुर्जहोम
  • उटनूर
  • मेहरगढ़

Explanation:

  • कायथा (मध्य प्रदेश) ताम्रपाषाण (Chalcolithic) स्थल के रूप में अधिक जाना जाता है।
  • ताम्रपाषाण काल तांबे और पत्थर दोनों के औजारों का उपयोग करता था (लगभग 2500-1500 ई.पू.)।
  • मेहरगढ़ (बलूचिस्तान, नवपाषाण स्थल), बुर्जहोम (कश्मीर, नवपाषाण), उटनूर (तमिलनाडु, प्रारंभिक ऐतिहासिक) ।
  • अतिरिक्त तथ्य: भारत के प्रमुख ताम्रपाषाण स्थल: आहार (राजस्थान), गिलुंड (राजस्थान), मालवा (मध्य प्रदेश), कायथा (मध्य प्रदेश)

बिन्दुसार ने निम्नलिखित में से किस काल के बीच शासन किया?

  • 293 ईसा पूर्व से 271 ईसा पूर्व
  • 297 ईसा पूर्व से 273 ईसा पूर्व
  • 299 ईसा पूर्व से 275 ईसा पूर्व
  • 295 ईसा पूर्व से 270 ईसा पूर्व

Explanation:

  • बिन्दुसार ने 297 ई.पू. से 273 ई.पू. तक शासन किया।
  • वह चंद्रगुप्त मौर्य (322-298 ई.पू.) का पुत्र और अशोक (268-232 ई.पू.) का पिता था।
  • उसे ‘अमित्रघात’ (शत्रुओं का संहारक) भी कहा जाता था।
  • अतिरिक्त तथ्य: बिन्दुसार ने दक्कन क्षेत्र पर शासन किया। ग्रीक राजदूत डेमाकोस उसके दरबार में आया।

निम्नलिखित का सही मिलान कीजिए। सेट I – सेट II

  • a – 3, b – 4, c – 1, d – 2
  • a – 3, b – 4, c – 2, d – 1
  • a – 2, b – 3, c – 4, d – 1
  • a – 4, b – 3, c – 2, d – 1

Explanation:

  • प्रश्न में मिलान (Matching) का प्रश्न है, लेकिन सेट I और सेट II के विकल्प नहीं दिए गए हैं।
  • सही विकल्प a – 2, b – 3, c – 4, d – 1 है (तीसरा विकल्प)।
  • अतिरिक्त तथ्य: सामान्यतः इस प्रकार के प्रश्नों में शासक-राजधानी, लेखक-पुस्तक, स्थल-राज्य आदि का मिलान होता है।

निम्नलिखित में से किस गुप्त वंश के राजा ने लिच्छवी राजकुमारी (कुमार देवी) से विवाह किया था?

  • चंद्रगुप्त द्वितीय
  • कुमारगुप्त
  • चंद्रगुप्त प्रथम
  • समुद्रगुप्त

Explanation:

  • चंद्रगुप्त प्रथम (319-335 ई.) ने लिच्छवी राजकुमारी ‘कुमार देवी’ से विवाह किया था।
  • इस विवाह के कारण गुप्त वंश को प्रतिष्ठा और राजनीतिक शक्ति मिली।
  • चंद्रगुप्त प्रथम ने महाराजाधिराज की उपाधि धारण की और गुप्त संवत (319-320) की शुरुआत की।
  • अतिरिक्त तथ्य: समुद्रगुप्त (चंद्रगुप्त प्रथम का पुत्र), चंद्रगुप्त द्वितीय (समुद्रगुप्त का पुत्र), कुमारगुप्त (चंद्रगुप्त द्वितीय का पुत्र)।
RRB GK Bank – Ancient History