GK

निम्नलिखित में से किस नवपाषाण स्थल से तीन प्रजातियों के हिरणों (बारासिंगा, गजेल और धब्बेदार हिरण) के अवशेष मिले हैं?

  • दीवान
  • भीमबेटका
  • कोडेकल
  • पाटने

Explanation:

  • कर्नाटक के यादगिर जिले में स्थित नवपाषाण कालीन स्थल कोडेकल (Kodekal) से बारासिंगा, गजेल और धब्बेदार हिरण की हड्डियों व पशु अवशेषों के प्रमाण मिले हैं।
  • यह स्थल मुख्य रूप से अपने नवपाषाण काल के राख के टीलों (Ash Mounds) के लिए प्रसिद्ध है।
  • प्रमुख नवपाषाण कालीन स्थल और संबंधित राज्य:
    • बुर्जहोम और गुफकराल – जम्मू-कश्मीर (गर्त आवास / Pit Dwellings)
    • मेहरगढ़ – बलूचिस्तान, पाकिस्तान (कृषि का प्राचीनतम साक्ष्य)
    • कोलडीहवा – उत्तर प्रदेश (चावल की खेती का प्राचीनतम साक्ष्य)
    • चिरांद – बिहार (हड्डी के औजार)
    • पय्यमपल्ली – तमिलनाडु

निम्नलिखित में से किस विश्वविद्यालय को ‘महायान का ऑक्सफोर्ड’ कहा जाता है?

  • तक्षशिला
  • वल्लभी
  • विक्रमशिला
  • नालंदा

Explanation:

  • नालंदा विश्वविद्यालय को महायान बौद्ध धर्म का ऑक्सफोर्ड कहा जाता है। चीनी यात्री ह्वेनसांग ने यहाँ शिक्षा ग्रहण की थी।
  • इसकी स्थापना 5वीं शताब्दी में गुप्त वंश के शासक कुमारगुप्त प्रथम (महेंद्रादित्य) ने की थी।
  • 1193 ईस्वी में बख्तियार खिलजी ने नालंदा विश्वविद्यालय को नष्ट कर दिया था।
  • प्राचीन भारतीय विश्वविद्यालय और उनके संस्थापक:
    • नालंदा विश्वविद्यालय – कुमारगुप्त प्रथम (बिहार)
    • विक्रमशिला विश्वविद्यालय – धर्मपाल (बिहार)
    • ओदंतपुरी विश्वविद्यालय – गोपाल (बिहार)
    • सोमपुरा विश्वविद्यालय – धर्मपाल (बांग्लादेश)
    • वल्लभी विश्वविद्यालय – भट्टार्क (गुजरात, हीनयान बौद्ध धर्म का केंद्र)

प्राचीन भारत में चोलोलिथिक काल की कायथा संस्कृति भारत के निम्नलिखित में से किस राज्य से संबंधित है?

  • पंजाब
  • राजस्थान
  • मध्य प्रदेश
  • महाराष्ट्र

Explanation:

  • कायथा संस्कृति मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में कालीसिंध नदी के तट पर स्थित एक प्रमुख ताम्रपाषाणिक (Chalcolithic) संस्कृति है।
  • कायथा स्थल की खोज 1964 में वी. एस. वाकणकर द्वारा की गई थी। यह प्रसिद्ध खगोलशास्त्री वराहमिहिर की जन्मभूमि मानी जाती है।
  • प्रमुख ताम्रपाषाणिक संस्कृतियाँ और क्षेत्र:
    • कायथा संस्कृति – उज्जैन, मध्य प्रदेश
    • मालवा संस्कृति – मध्य प्रदेश (नवदाटोली, एरन)
    • आहड़ / बनास संस्कृति – राजस्थान (आहड़, गिलुंड)
    • जॉर्वे संस्कृति – महाराष्ट्र (दायमाबाद, इनामगांव)
    • प्रभास संस्कृति – गुजरात

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अभिनव भारत मंदिर (यंग इंडिया सोसाइटी) की स्थापना किसने और उसके भाई ने एक गुप्त संगठन के रूप में की थी?

  • वीर सावरकर
  • दामोदर हरि चापेकर
  • सरदार वल्लभभाई पटेल
  • महादेव गोविंद रानडे

Explanation:

  • अभिनव भारत समाज (यंग इंडिया सोसाइटी) की स्थापना विनायक दामोदर सावरकर (वीर सावरकर) और उनके भाई गणेश सावरकर ने 1904 में नासिक में की थी।
  • यह मूल रूप से 1899 में स्थापित गुप्त संगठन ‘मित्र मेला’ का ही विस्तारित और रूपांतरित रूप था।
  • प्रमुख क्रांतिकारी संगठन एवं संस्थापक:
    • मित्र मेला (1899) – वी. डी. सावरकर एवं गणेश सावरकर
    • अनुशीलन समिति (1902) – प्रमथनाथ मित्र, सतीश चंद्र बोस
    • गदर पार्टी (1913) – लाला हरदयाल, सोहन सिंह भकना (सैन फ्रांसिस्को)
    • हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन (HRA – 1924) – सचिंद्रनाथ सान्याल, रामप्रसाद बिस्मिल
    • हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA – 1928) – चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह

6वीं शताब्दी ईसा पूर्व के आसपास तक्षशिला में चिकित्सा किसने सिखाई थी?

  • परमहंस आत्रेय
  • पाणिनी आत्रेय
  • पुनर्वसु आत्रेय
  • प्राकृत आत्रेय

Explanation:

  • पुनर्वसु आत्रेय प्राचीन भारत के एक महान विद्वान और चिकित्सक थे, जिन्होंने तक्षशिला विश्वविद्यालय में चिकित्साशास्त्र (आयुर्वेद) का अध्यापन कराया था।
  • महान चरक संहिता के मूल रचयिता महर्षि अग्निवेश पुनर्वसु आत्रेय के ही प्रमुख शिष्य थे।
  • प्राचीन भारत के महान चिकित्सक एवं विद्वान:
    • चरक – कनिष्क के राजवैद्य (चरक संहिता के लेखक)
    • जीवक – बिंबिसार और भगवान बुद्ध के राजवैद्य (तक्षशिला से शिक्षित)
    • सुश्रुत – भारतीय शल्य चिकित्सा (Surgery) के जनक (सुश्रुत संहिता)
    • धनवंतरी – चंद्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य) के नवरत्नों में से एक
    • वाग्भट – अष्टांग हृदयम् एवं अष्टांग संग्रह के रचयिता

निम्नलिखित में से कौन सा काल पुरापाषाण काल के बाद आता है?

  • ताम्रपाषाण
  • मध्यपाषाण
  • नवपाषाण
  • लौह युग

Explanation:

  • मानव इतिहास का पाषाण काल तीन प्रमुख चरणों में विभाजित है: पुरापाषाण काल (Paleolithic) ➔ मध्यपाषाण काल (Mesolithic) ➔ नवपाषाण काल (Neolithic)
  • मध्यपाषाण काल की मुख्य विशेषता सूक्ष्म पाषाण औजारों (Microliths) का उपयोग तथा पशुपालन की शुरुआत थी।
  • प्रागैतिहासिक काल का सही क्रम:
    • पुरापाषाण काल – शिकार और खाद्य संग्रहण (आग की खोज)
    • मध्यपाषाण काल – सूक्ष्म औजार और पशुपालन (आदमगढ़, बागोर)
    • नवपाषाण काल – कृषि, पहिये की खोज, स्थायी जीवन और मृदभांड
    • ताम्रपाषाण काल – तांबे और पत्थर का संयुक्त प्रयोग
    • कांस्य युग – सिंधु घाटी सभ्यता (कांस्य धातु का उपयोग)
    • लौह युग – उत्तर वैदिक काल से शुरुआत (लगभग 1000 BCE)

निम्नलिखित में से कौन सा राजा अपने जीवन के अंतिम चरण में जैन धर्म का अनुयायी बना?

  • कुणाल
  • बिन्दुसार
  • चंद्रगुप्त मौर्य
  • अशोक

Explanation:

  • मौर्य साम्राज्य के संस्थापक चंद्रगुप्त मौर्य ने अपने जीवन के अंतिम वर्षों में जैन संत भद्रबाहु से जैन धर्म की दीक्षा ली थी।
  • वह कर्नाटक के श्रवणबेलगोला (चंद्रगिरि पहाड़ी) चले गए, जहाँ उन्होंने संलेखना / संथारा (उपवास) विधि द्वारा अपने प्राण त्यागे।
  • जैन धर्म को संरक्षण देने वाले प्रमुख प्राचीन शासक:
    • चंद्रगुप्त मौर्य – मौर्य वंश
    • खारवेल – कलिंग के चेदि वंश के महान शासक (हाथीगुम्फा अभिलेख)
    • अमोघवर्ष प्रथम – राष्ट्रकूट वंश (कविराजमार्ग के लेखक)
    • बिंबिसार और अजातशत्रु – हर्यक वंश (प्रारंभ में जैन धर्म समर्थक)
    • कुमारपाल एवं सिद्धराज जयसिंह – सोलंकी वंश (गुजरात)

मौर्य काल में निम्नलिखित में से कौन सा कारीगर संघ नहीं था?

  • ज्योतिषी
  • कुम्हार
  • बढ़ई
  • बैंकर और व्यापारी

Explanation:

  • मौर्य काल में कारीगरों और व्यापारियों के व्यावसायिक संगठनों को ‘श्रेणी’ (Guilds) कहा जाता था। ज्योतिषी (Astrologers) एक बौद्धिक सेवा वर्ग थे, न कि कारीगर संघ।
  • व्यापारियों के संघ के प्रधान को ‘श्रेष्ठी’ या ‘सार्थवाह’ कहा जाता था।
  • मौर्य कालीन प्रशासनिक एवं आर्थिक शब्दावली:
    • श्रेणी (Shreni) – शिल्पकारों और कारीगरों का संगठन
    • सार्थवाह (Sarthavaha) – व्यापारिक कारवां का प्रमुख
    • संस्था (Sanstha) – एक ही स्थान पर टिककर काम करने वाली गुप्तचर संस्था
    • संचारा (Sanchara) – भ्रमणशील गुप्तचर संस्था
    • रुपादर्पक (Rupadarpaka) – सिक्कों की जांच करने वाला अधिकारी

गुप्त प्रशासन में कौन सा अधिकारी शांति और युद्ध के मामलों के लिए जिम्मेदार था?

  • विषयपति
  • महाप्रतिहार
  • संधि-विग्रहीक
  • महादंडनायक

Explanation:

  • गुप्त साम्राज्य में संधि-विग्रहीक (विदेश मंत्री) युद्ध और शांति से संबंधित सभी मामलों तथा वैदेशिक संबंधों का प्रभारी अधिकारी होता था।
  • समुद्रगुप्त के प्रसिद्ध दरबारी कवि हरिषेण ‘महादंडनायक’ होने के साथ-साथ ‘संधि-विग्रहीक’ पद पर भी आसीन थे।
  • गुप्त प्रशासन के प्रमुख अधिकारी:
    • संधि-विग्रहीक – शांति और युद्ध का मंत्री (विदेश मंत्री)
    • महादंडनायक – मुख्य न्यायाधीश / न्याय विभाग का प्रमुख
    • विषयपति – जिले (विषय) का प्रशासनिक प्रमुख
    • महाप्रतिहार – राजमहल के रक्षकों का प्रमुख अधिकारी
    • महाबलाधिकृत – सेनापति / सेना प्रमुख
    • महाअक्षपटलिक – अभिलेख और लेखा विभाग का प्रमुख

गुप्त अभिलेखों में उल्लिखित ‘तीरभुक्ति’ वर्तमान समय में ______ के अनुरूप है।

  • मध्य प्रदेश
  • ओडिशा
  • बिहार
  • बंगाल

Explanation:

  • गुप्त काल के अभिलेखों और मुहरों (जैसे वैशाली की मुहरें) में उल्लिखित ‘तीरभुक्ति’ वर्तमान उत्तर बिहार (मिथिला/दरभंगा-मुजफ्फरपुर क्षेत्र) को संदर्भित करता है।
  • गुप्त काल में साम्राज्य को देश/राष्ट्र, फिर भुक्ति (प्रांत), फिर विषय (जिला) तथा अंत में ग्राम में विभाजित किया गया था।
  • गुप्त साम्राज्य की प्रमुख प्रशासनिक इकाइयाँ:
    • तीरभुक्ति – उत्तर बिहार क्षेत्र
    • पुंड्रवर्धन भुक्ति – उत्तरी बंगाल क्षेत्र
    • नगर भुक्ति – मगध/दक्षिण बिहार क्षेत्र
    • भुक्ति का प्रशासक – उपरिक (Uparika) कहलाता था।
    • विषय का प्रशासक – विषयपति कहलाता था।

काठियावाड़ में सुदर्शन झील के जीर्णोद्धार के लिए मुख्य रूप से पश्चिमी क्षत्रप वंश का कौन-सा शासक जाना जाता है?

  • रुद्रदामन प्रथम
  • नाहपान
  • एजेस
  • मौस

Explanation:

  • गुजरात (काठियावाड़) के जूनागढ़ में स्थित सुदर्शन झील का जीर्णोद्धार प्रसिद्ध शक शासक रुद्रदामन प्रथम ने 150 ईस्वी में बिना किसी बेगार (अतिरिक्त कर) के करवाया था। इसकी जानकारी जूनागढ़ संस्कृत अभिलेख से मिलती है।
  • सुदर्शन झील का निर्माण मूल रूप से मौर्य सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य के प्रांतीय राज्यपाल पुष्यगुप्त वैश्य ने करवाया था।
  • सुदर्शन झील का इतिहास और उससे जुड़े शासक:
    • निर्माण – चंद्रगुप्त मौर्य (राज्यपाल: पुष्यगुप्त वैश्य)
    • नहरों का निर्माण – सम्राट अशोक (राज्यपाल: तुषास्प)
    • प्रथम जीर्णोद्धार – रुद्रदामन प्रथम (राज्यपाल: सुविशाख)
    • द्वितीय जीर्णोद्धार – स्कंदगुप्त (राज्यपाल: पर्णदत्त, चक्रपालित)

चंद्रगुप्त द्वितीय के पुत्र और उत्तराधिकारी कौन थे?

  • कुमारगुप्त प्रथम
  • स्कंदगुप्त
  • रामगुप्त
  • समुद्रगुप्त

Explanation:

  • चंद्रगुप्त द्वितीय (‘विक्रमादित्य’) के पुत्र और उत्तराधिकारी कुमारगुप्त प्रथम (शासनकाल: 415-455 ईस्वी) थे। उन्हें ‘महेंद्रादित्य’ की उपाधि भी दी गई थी।
  • कुमारगुप्त प्रथम के शासनकाल में ही प्रसिद्ध नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना हुई थी।
  • गुप्त वंश का मुख्य वंशावली क्रम:
    • श्रीगुप्त (संस्थापक) ➔ घटोत्कच
    • चंद्रगुप्त प्रथम (वास्तविक संस्थापक, 319-320 ईस्वी – गुप्त संवत)
    • समुद्रगुप्त (भारत का नेपोलियन)
    • चंद्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य – नवरत्न सभा)
    • कुमारगुप्त प्रथम (नालंदा के संस्थापक, महेंद्रादित्य)
    • स्कंदगुप्त (हूूणों का संहारक, विक्रमादित्य)

मोहनजोदड़ो में मिली दाढ़ी वाले पुरुष की मूर्ति किस पदार्थ से बनी है?

  • टेराकोटा
  • कांसे
  • ताँबे
  • पत्थर

Explanation:

  • मोहनजोदड़ो से प्राप्त प्रसिद्ध ‘दाढ़ी वाले पुरुष’ या ‘पुरोहित राजा’ (Priest King) की मूर्ति सेलखड़ी (Steatite / सॉफ्ट स्टोन / पत्थर) से बनी है।
  • यह मूर्ति त्रिफूलिया (Trefoil) पैटर्न वाली शॉल ओढ़े हुए दर्शाई गई है।
  • सिंधु घाटी सभ्यता की प्रसिद्ध कलाकृतियाँ:
    • दाढ़ी वाले पुरोहित की मूर्ति – सेलखड़ी (पत्थर), मोहनजोदड़ो
    • नर्तकी की मूर्ति (Dancing Girl) – कांसा (Bronze – लुप्त मोम तकनीक), मोहनजोदड़ो
    • लाल बलुआ पत्थर का नग्न धड़ – हड़प्पा
    • कांसे का रथ (Daimabad Chariot) – दायमाबाद (महाराष्ट्र)
    • पशुपति शिव की मोहर – मोहनजोदड़ो

सीथियन या शक मूल रूप से _______ से आए थे।

  • पूर्वी यूरोप
  • दक्षिण भारत
  • मध्य एशिया
  • दक्षिण पूर्व एशिया

Explanation:

  • शक (Scythians) मूल रूप से मध्य एशिया की एक घुमंतू चरवाहा जनजाति थे, जिन्हें यू-ची (Yuezhi) जनजाति ने खदेड़ दिया था।
  • भारत में शकों का सबसे प्रसिद्ध शासक रुद्रदामन प्रथम था। 58 ईसा पूर्व में उज्जैन के राजा ने शकों को हराकर ‘विक्रम संवत’ की शुरुआत की थी।
  • प्राचीन भारत में विदेशी आक्रमणकारियों का सही क्रम:
    • हिंद-यवन (Indo-Greeks) – सबसे पहले सोने के सिक्के जारी किए
    • शक (Scythians) – मध्य एशिया से आए (5 शाखाएँ)
    • पहलव (Parthians) – ईरान से आए (प्रसिद्ध राजा गोंडोफर्नीज)
    • कुषाण (Yuezhi/Kushanas) – मध्य एशिया से आए (कनिष्क प्रथम)

ध्रुवसेन का उत्तराधिकारी कौन बना?

  • द्रोणसिंह
  • शिलादित्य
  • गुहासेन
  • धारापट्टा

Explanation:

  • गुजरात के वल्लभी के मैत्रक वंश के राजा ध्रुवसेन प्रथम का उत्तराधिकारी उनका छोटा भाई धारापट्टा (Dharapatta) बना।
  • मैत्रक वंश की स्थापना भट्टार्क ने 5वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में गुप्त साम्राज्य के पतन के दौरान की थी।
  • मैत्रक वंश से जुड़े मुख्य बिंदु:
    • राजधानी – वल्लभी (गुजरात)
    • संस्थापक – सेनापति भट्टार्क
    • वल्लभी विश्वविद्यालय – हीनयान बौद्ध धर्म का प्रमुख केंद्र
    • ध्रुवसेन द्वितीय – सम्राट हर्षवर्धन के समकालीन एवं दामाद (ह्वेनसांग के समय शासक)

सिंधु घाटी सभ्यता की किस स्थल पर बड़ी संख्या में टेराकोटा के खिलौने मिले थे?

  • राखी गढ़ी
  • कालीबंगा
  • लोथल
  • मोहनजोदड़ो

Explanation:

  • मोहनजोदड़ो (सिक्के और मिट्टी के बर्तन बनाने का केंद्र) से बड़ी संख्या में पकी हुई मिट्टी (Terracotta) के खिलौने, जैसे- बैलगाड़ी, सीटी, और पहियेदार खिलौने मिले हैं।
  • ‘मोहनजोदड़ो’ शब्द का अर्थ सिंध भाषा में ‘मृतकों का टीला’ (Mound of the Dead) होता है। इसकी खोज 1922 में राखालदास बनर्जी ने की थी।
  • प्रमुख सिंधु स्थल और उनकी महत्वपूर्ण खोजें:
    • मोहनजोदड़ो – विशाल स्नानागार, अन्नागार, नर्तकी की मूर्ति, टेराकोटा खिलौने
    • लोथल – डॉकयार्ड (गोदीवाड़ा), चावल का साक्ष्य, हाथीदांत का पैमाना
    • कालीबंगा – जुते हुए खेत, अग्निकुंड, ऊंट की हड्डियां
    • चन्हूदड़ों – मनके बनाने का कारखाना, बिना दुर्ग वाला शहर
    • धोलावीरा – उन्नत जल प्रबंधन प्रणाली, 3 भागों में विभाजित शहर

चंद्रगुप्त मौर्य ने किस धर्म को अपनाया था?

  • बौद्ध धर्म
  • जोरास्ट्रियन धर्म
  • जैन धर्म
  • ईसाई धर्म

Explanation:

  • मौर्य साम्राज्य के संस्थापक चंद्रगुप्त मौर्य ने अपने जीवन के अंतिम दिनों में महान जैन आचार्य भद्रबाहु से प्रभाव प्राप्त कर जैन धर्म अपनाया था।
  • उन्होंने 298 ईसा पूर्व के आसपास कर्नाटक के श्रवणबेलगोला में संलेखना विधि (उपवास) से कायात्याग किया था।
  • मौर्य वंश के प्रमुख शासक एवं उनके धार्मिक विश्वास:
    • चंद्रगुप्त मौर्य – जैन धर्म (गुरु: भद्रबाहु)
    • बिंदुसार – आजीवक सम्प्रदाय (मक्खलि गोशाल द्वारा स्थापित)
    • सम्राट अशोक – बौद्ध धर्म (कलिंग युद्ध के बाद, गुरु: उपगुप्त)
    • दशरथ (अशोक का पौत्र) – आजीवक सम्प्रदाय के लिए बराबर की गुफाएँ दान दीं

मास्की अशोक शिलालेख की खोज किसने की थी?

  • जेम्स प्रिंसेप
  • सी. बीडन
  • लॉर्ड कैनिंग
  • क्रिश्चियन लेसेलसेन

Explanation:

  • मास्की अशोक शिलालेख की खोज 1915 में ब्रिटिश इंजीनियर सी. बीडन (C. Beadon) ने की थी।
  • यह पहला ऐसा शिलालेख था जिसमें सम्राट अशोक का नाम स्पष्ट रूप से ‘देवनांप्रिय अशोक’ लिखा हुआ मिला, जिससे यह सिद्ध हुआ कि ‘देवनांप्रिय प्रियदर्शी’ सम्राट अशोक ही थे।
  • मौर्यकालीन अभिलेखों से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य:
    • जेम्स प्रिंसेप – 1837 में अशोक के शिलालेखों (ब्राह्मी लिपि) को पढ़ने वाले पहले विद्वान।
    • टी. फैंथेलेर (T. Pfansthaler) – 1750 में अशोक के अभिलेखों की खोज करने वाले प्रथम व्यक्ति।
    • अशोक का नाम मिलने वाले 4 मुख्य अभिलेख – मास्की, गुर्जरा, नेत्तूर और उड़ेगोलम।
    • गुर्जरा अभिलेख – मध्य प्रदेश के दतिया जिले में स्थित है।

हड़प्पा सभ्यता में, किस सामग्री की मूर्ति बनाने के लिए साइर पर्ड्यू या लॉस्ट वैक्स प्रक्रिया का उपयोग किया जाता था?

  • सोना
  • पत्थर
  • टेराकोटा
  • कांसा

Explanation:

  • हड़प्पा सभ्यता के मूर्तिकार कांसे (Bronze) की मूर्तियाँ बनाने के लिए लॉस्ट वैक्स तकनीक (Cire Perdue / मोम ढलाई प्रक्रिया) का कुशलता से उपयोग करते थे।
  • इस तकनीक में पहले मोम की मूर्ति बनाई जाती थी, उस पर मिट्टी का लेप लगाकर सुखाया जाता था और फिर गर्म करके मोम निकालकर पिघला हुआ कांसा भर दिया जाता था। मोहनजोदड़ो की प्रसिद्ध ‘नर्तकी की मूर्ति’ इसी विधि से बनी है।
  • सिंधु घाटी की धातुकला से संबंधित तथ्य:
    • कांसा – तांबा (Copper) और टिन (Tin) का मिश्रधातु (अनुपात लगभग 9:1)।
    • दायमाबाद (महाराष्ट्र) – यहाँ से कांसे का रथ और जानवर की आकृतियाँ मिली हैं।
    • हड़प्पा वासियों को ज्ञान नहीं था – लोहा (Iron) धातु का।

किस हड़प्पा स्थल पर जुते हुए खेतों के साक्ष्य मिलते हैं?

  • धौलावीरा
  • कालीबंगा
  • लोथल
  • मोहनजोदड़ो

Explanation:

  • राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में घग्घर नदी के किनारे स्थित कालीबंगा से प्राक-हड़प्पा (Pre-Harappan) स्तर के जुते हुए खेत के प्राचीनतम साक्ष्य मिले हैं।
  • यहाँ एक साथ दो फसलें (चना और सरसों) उगाने के साक्ष्य प्राप्त हुए हैं। कालीबंगा का शाब्दिक अर्थ ‘काले रंग की चूड़ियाँ’ है।
  • प्रमुख हड़प्पा स्थल और उनसे जुड़े कृषि साक्ष्य:
    • कालीबंगा – जुते हुए खेत, लकड़ी का हल, अग्निकुंड।
    • बनावली (हरियाणा) – मिट्टी से बना हल का खिलौना (Terracotta Plough)।
    • लोथल और रंगपुर (गुजरात) – धान/चावल की भूसी के साक्ष्य।
    • शॉर्टुगई (अफगानिस्तान) – नहरों के साक्ष्य।

अशोक के बाद सिंहासन पर कौन बैठा?

  • चन्द्रगुप्त द्वितीय
  • बिन्दुसार
  • सम्प्रति
  • दशरथ

Explanation:

  • 232 ईसा पूर्व में सम्राट अशोक की मृत्यु के बाद मौर्य साम्राज्य विभाजित हो गया, और उनके पोते दशरथ (Dasharatha) ने मगध के सिंहासन पर शासन किया।
  • दशरथ ने अपने दादा अशोक की तरह ‘देवनांप्रिय’ की उपाधि धारण की थी और आजीवक संप्रदाय के मुनियों के लिए नागार्जुनी गुफाएँ दान में दी थीं।
  • मौर्य वंश का परवर्ती इतिहास:
    • कुणाल – अशोक का पुत्र जो दृष्टिहीन होने के कारण पश्चिमी भाग का शासक बना।
    • सम्प्रति – दशरथ के बाद गद्दी पर बैठने वाला जैन धर्मानुयायी मौर्य शासक।
    • बृहद्रथ – मौर्य वंश का अंतिम शासक, जिसकी हत्या 185 ईसा पूर्व में उसके सेनापति पुष्यमित्र शुंग ने की।

मास्की अशोक शिलालेख भारत के किस राज्य में स्थित है?

  • आंध्र प्रदेश
  • बिहार
  • ओडिशा
  • कर्नाटक

Explanation:

  • मास्की शिलालेख भारत के कर्नाटक राज्य के रायचूर जिले में मास्की नदी के तट पर स्थित है।
  • यह एक लघु शिलालेख (Minor Rock Edict) है, जिसमें अशोक को ‘देवनांप्रिय अशोक’ कहा गया है।
  • कर्नाटक में स्थित अशोक के प्रमुख शिलालेख:
    • मास्की (Maski) – रायचूर जिला
    • सन्नति (Sannati / कंगनहल्ली) – कलबुर्गी जिला (अशोक का चित्र युक्त अभिलेख)
    • ब्रह्मगिरि, सिद्धपुर, जतिंग-रामेश्वर – चित्रदुर्ग जिला
    • निट्टर और उड़ेगोलम – बेल्लारी जिला

वल्लभी के मैत्रक प्रारंभ में __________ थे:

  • एक स्वतंत्र साम्राज्य के शासक
  • गुप्तों के अधीनस्थ
  • गुप्तों के प्रतिद्वंद्वी
  • हूणों का हिस्सा

Explanation:

  • गुजरात के वल्लभी में स्थित मैत्रक वंश के संस्थापक सेनापति भट्टार्क प्रारंभ में गुप्त साम्राज्य के सामंत/अधीनस्थ (Feudatories) थे।
  • गुप्त साम्राज्य के पतन के बाद मैत्रकों ने स्वतंत्रता प्राप्त की, लेकिन उन्होंने गुप्त राजाओं के प्रति सम्मान स्वरूप शुरुआत में ‘सेनापति’ की उपाधि का ही प्रयोग किया।
  • मैत्रक वंश से संबंधित मुख्य बिंदु:
    • राजधानी – वल्लभी (सaurashtra/गुजरात)।
    • धार्मिक झुकाव – मुख्य रूप से शैव धर्म, किंतु बौद्ध धर्म को भारी संरक्षण दिया।
    • वल्लभी विश्वविद्यालय – बौद्ध धर्म के हीनयान संप्रदाय का प्रमुख शिक्षण केंद्र।
    • ध्रुवसेन द्वितीय – सम्राट हर्षवर्धन का समकालीन एवं दामाद।

संगम साहित्य में एतुत्तोकै के पहले पाँच संकलनों (कुरुंतोकै, नार्रिणै, अकनानुरु, ऐंकुरुनुरु, और कलिट्टोकै) का केंद्रीय विषय क्या है?

  • आकम
  • दर्शन
  • धर्म
  • पुरम

Explanation:

  • तमिल संगम साहित्य में काव्य विषयों को मुख्य रूप से दो श्रेणियों में बाँटा गया है: आकम (Akam) और पुरम (Puram)। प्रथम पाँच संकलन आकम (प्रेम और आंतरिक जीवन) पर आधारित हैं।
  • ‘एतुत्तोकै’ (Ettuthogai) का अर्थ ‘आठ गीतों का संकलन’ होता है, जो संगम काल की सामाजिक और राजनीतिक स्थिति का मुख्य स्रोत है।
  • संगम काव्य का वर्गीकरण:
    • आकम (Akam) – प्रेम, व्यक्तिगत संबंध और मानवीय संवेदनाएँ (कुरुंतोकै, नार्रिणै आदि)।
    • पुरम (Puram) – युद्ध, वीरता, राजाओं के पराक्रम और सार्वजनिक जीवन (जैसे- पदिर्त्तुपत्तू, पुरनानूरू)।
    • एतुत्तोकै और पत्तुपाट्टू – संगम साहित्य की 18 मुख्य लघु कृतियाँ (Melkanakku)।

सिंधु घाटी सभ्यता के दौरान लोथल किसके लिए महत्वपूर्ण था?

  • सैन्य अड्डा
  • तांबे की खान
  • समुद्री व्यापार
  • आध्यात्मिक अनुष्ठान

Explanation:

  • गुजरात के अहमदाबाद जिले में भोगवा नदी के तट पर स्थित लोथल सिंधु घाटी सभ्यता का प्रमुख बंदरगाह नगर और समुद्री व्यापार का केंद्र था।
  • यहाँ विश्व का सबसे प्राचीन कृत्रिम ईंटों से बना डॉकयार्ड (गोदीवाड़ा) मिला है, जहाँ से मेसोपोटामिया और फारस की खाड़ी के साथ व्यापार होता था।
  • लोथल की प्रमुख विशेषताएं एवं खोजें:
    • खोजकर्ता – 1954 में एस. आर. राव (S. R. Rao)।
    • फारस की मुहर – अंतर्राष्ट्रीय समुद्री व्यापार का प्रमाण।
    • चावल की भूसी के अवशेष – कृषि संबंधी साक्ष्य।
    • हाथीदांत का पैमाना (Ivory Scale) – सटीक मापन प्रणाली।

हड़प्पा वासियों द्वारा मुख्य रूप से किस प्रकार के औजारों का उपयोग किया जाता था?

  • इस्पात के औजार
  • लौह के औजार
  • कांसे के औजार
  • लकड़ी के औजार

Explanation:

  • सिंधु घाटी सभ्यता एक कांस्य युगीन सभ्यता (Bronze Age Civilization) थी, इसलिए हड़प्पावासी मुख्य रूप से कांसे और तांबे के औजारों का उपयोग करते थे।
  • कांसा बनाने के लिए तांबे में टिन मिलाया जाता था। हड़प्पावासी तांबा राजस्थान की क्षेत्री खानों से और टिन अफगानिस्तान/ईरान से आयात करते थे।
  • हड़प्पाकालीन औजार और तकनीक:
    • मुख्य औजार – कुल्हाड़ी, आरी, छेनी, चाकू और भाले (सभी तांबे व कांसे से निर्मित)।
    • अनुपस्थित धातु – लोहे का ज्ञान हड़प्पा वासियों को नहीं था (भारत में लोहे की शुरुआत उत्तर वैदिक काल से हुई)।
    • पत्थर के औजार – चर्ट (Chert) पत्थर की ब्लेड का भी व्यापक उपयोग होता था।

किस चीनी यात्री ने शिलादित्य नामक मैत्रक शासक का उल्लेख किया है?

  • ईत्सिंग
  • फाह्यान
  • ह्वेन त्सांग
  • फाजियान

Explanation:

  • प्रसिद्ध चीनी बौद्ध यात्री ह्वेन त्सांग (Hiuen Tsang) ने अपनी पुस्तक ‘सी-यू-की’ (Si-Yu-Ki) में वल्लभी के मैत्रक शासक ध्रुवसेन द्वितीय को ‘शिलादित्य’ के नाम से उल्लेखित किया है।
  • ह्वेन त्सांग ने सम्राट हर्षवर्धन के शासनकाल (629-645 ईस्वी) के दौरान भारत की यात्रा की थी और वल्लभी विश्वविद्यालय के वैभव का विस्तृत वर्णन किया।
  • भारत आने वाले प्रमुख चीनी यात्री:
    • फाह्यान (Faxian) – चंद्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य) के शासनकाल में आए।
    • ह्वेन त्सांग (Xuanzang) – हर्षवर्धन के काल में आए (‘यात्रियों का राजकुमार’ कहा जाता है)।
    • इत्सिंग (Yijing) – 7वीं शताब्दी के अंत में भारत आए और नालंदा व विक्रमशिला का विवरण दिया।

मौर्य काल में ‘रज्जुक (Rajukas)’ किसे कहा जाता था?

  • मिलिशिया
  • सेना प्रशासक
  • प्रांतीय अधिकारी
  • शिल्पकार

Explanation:

  • मौर्य प्रशासन में ‘रज्जुक’ (Rajukas) महत्वपूर्ण प्रांतीय व न्याय अधिकारी होते थे, जो भूमि की पैमाइश, सीमा विवादों का निपटारा और कर निर्धारण का कार्य करते थे।
  • सम्राट अशोक ने अपने चौथे स्तंभ लेख में रज्जुकों को न्यायिक और प्रशासनिक शक्तियाँ प्रदान करने का उल्लेख किया है (आधुनिक जिलाधिकारी/DM की भाँति)।
  • मौर्य काल के अन्य प्रमुख अधिकारी:
    • समाहर्ता (Samaharta) – राजस्व संग्रहकर्ता / वित्त मंत्री।
    • संनिधाता (Sannidhata) – राजकीय कोषाध्यक्ष / भंडार गृह का संरक्षक।
    • प्रादेशिक (Pradeshika) – मण्डल या मण्डल स्तर का प्रशासनिक प्रमुख।
    • अध्यक्ष (Adhyakshas) – आर्थिक और औद्योगिक गतिविधियों के प्रमुख (कुल 26 अध्यक्ष)।

गुप्तोत्तर समाज में भूमि अनुदान के कारण किस समूह का महत्व बढ़ा?

  • ब्राह्मण
  • क्षत्रिय
  • वैश्य
  • शूद्र

Explanation:

  • गुप्त और गुप्तोत्तर काल में राजाओं द्वारा धर्मार्थ और प्रशासनिक कार्यों के लिए ब्राह्मणों को कर-मुक्त भूमि अनुदान (अग्रहार / Agrahara) देने की प्रथा तेजी से बढ़ी, जिससे समाज में ब्राह्मण वर्ग का महत्व और आर्थिक प्रभाव अत्यधिक बढ़ गया।
  • इन भूमि अनुदानों ने भारत में सामंतवाद (Feudalism) की नींव रखी और स्थानीय प्रशासन का विकेंद्रीकरण किया।
  • भूमि अनुदान प्रणाली के मुख्य बिंदु:
    • प्रथम साक्ष्य – सातवाहन वंश के अभिलेखों (नागानिका का नानाघाट अभिलेख) में मिलता है।
    • अग्रहार (Agrahara) – ब्राह्मणों को दी जाने वाली पूर्णतः कर-मुक्त भूमि।
    • देवदान (Devadana) – मंदिरों को दान में दी जाने वाली भूमि।

अशोक ने धम्म के प्रचार के लिए नियुक्त विशेष अधिकारियों को किस नाम से जाना जाता था?

  • महामात्र
  • धम्म महामात्र
  • पुरोहित
  • राजुक

Explanation:

  • सम्राट अशोक ने अपने शासनकाल के 13वें वर्ष में धम्म (नैतिक आचार संहिता) के प्रचार-प्रसार और समाज में सद्भाव बनाए रखने के लिए ‘धम्म महामात्र’ (Dhamma Mahamattas) नामक अधिकारियों की नियुक्ति की थी।
  • इसका उल्लेख अशोक के 5वें वृहद शिलालेख (Major Rock Edict V) में मिलता है।
  • धम्म महामात्र के मुख्य कार्य:
    • विभिन्न संप्रदायों के बीच सामंजस्य स्थापित करना।
    • प्रजा को नैतिक जीवन जीने और अहिंसा का पालन करने की प्रेरणा देना।
    • कैदियों के कल्याण और उनकी सजा कम करने की सिफारिश करना।
    • विदेशों (जैसे श्रीलंका, सीरिया, मिस्र) में धम्म संदेश पहुंचाना।

सातवाहन वंश का प्रसिद्ध शासक निम्नलिखित में से कौन था?

  • कनिष्क
  • वासुमित्र सातकर्णी
  • गौतमी पुत्र सातकर्णी
  • भगभद्र

Explanation:

  • गौतमीपुत्र सातकर्णी (शासनकाल लगभग 106-130 ईस्वी) सातवाहन वंश के 23वें और सबसे महान शासक थे।
  • उनकी माँ गौतमी बलश्री के नासिक अभिलेख में उन्हें ‘एकब्राह्मण’ और ‘शकों का विनाशक’ (शकारी) कहा गया है। उन्होंने क्षहरत शक शासक नहपान को हराया था।
  • सातवाहन वंश से जुड़े प्रमुख तथ्य:
    • संस्थापक – सिमुक (Simuka)।
    • राजधानी – प्रतिष्ठान / पैठान (महाराष्ट्र में गोदावरी नदी के तट पर)।
    • सिक्के – भारत में सर्वप्रथम सीसे (Lead) और पोटीन के सिक्के जारी किए।
    • मातृसत्तात्मक नाम – राजा अपने नाम के आगे माता का नाम लगाते थे (जैसे- गौतमीपुत्र, वशिष्ठीपुत्र)।

हड़प्पा नगर नियोजन की एक अनूठी विशेषता क्या थी?

  • अनियमित आवास लेआउट
  • भूमिगत मंदिर
  • ग्रिड पैटर्न सड़कें
  • गोलाकार किले

Explanation:

  • हड़प्पा सभ्यता अपनी उत्कृष्ट नगर नियोजन प्रणाली (Town Planning) के लिए प्रसिद्ध थी, जहाँ सड़कें एक-दूसरे को समकोण (90°) पर काटती थीं, जिसे ग्रिड पैटर्न (Grid System / जाल पद्धति) कहा जाता है।
  • इसके अतिरिक्त, ढकी हुई उन्नत जल निकासी व्यवस्था (Drainage System) हड़प्पा वास्तुकला की सबसे अद्भुत विशेषता थी।
  • हड़प्पा कालीन नगर नियोजन की विशेषताएँ:
    • दो भागों में विभाजन – नगर सामान्यतः ‘पश्चिमी दुर्ग’ (Citadel) और ‘पूर्वी निचला शहर’ में बँटे थे।
    • भवन निर्माण – पकी हुई ईंटों (Baked Bricks) का मानकीकृत अनुपात (1:2:4) में प्रयोग।
    • दरवाजे – घरों के मुख्य दरवाजे मुख्य सड़क के बजाय पीछे की गलियों में खुलते थे (अपवाद: लोथल)।

धोलावीरा इनमें से किस बात के लिए खास है?

  • जल संरक्षण प्रणाली
  • लिखित मुहरें
  • ताड़ के पत्तों का उपयोग
  • शैलकृत वास्तुकला

Explanation:

  • गुजरात के कच्छ के रण में स्थित धोलावीरा अपनी अद्वितीय जल संरक्षण और प्रबंधन प्रणाली (Water Harvesting System) तथा विशाल जलाशयों (Reservoirs) के लिए विश्व प्रसिद्ध है।
  • वर्ष 2021 में धोलावीरा को भारत के 40वें यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल (UNESCO World Heritage Site) के रूप में शामिल किया गया था।
  • धोलावीरा की अन्य मुख्य विशेषताएँ:
    • तीन भागों में विभाजन – एकमात्र हड़प्पा शहर जो 3 भागों (दुर्ग, मध्य नगर और निचला नगर) में विभाजित था।
    • साइनबोर्ड (Information Board) – 10 बड़े हड़प्पाई अक्षरों वाला लकड़ी का साइनबोर्ड मिला है।
    • खोजकर्ता – 1967 में जे. पी. जोशी और विस्तृत उत्खनन आर. एस. बिष्ट द्वारा।

554 ईस्वी के हर्ष शिलालेख में यज्ञवर्मन के किस स्थान से उदय का उल्लेख है?

  • थानेसर
  • गया
  • मगध
  • कन्नौज

Explanation:

  • मऊखरियों के हर्ष शिलालेख (Haraha Inscription) में गया (बिहार) क्षेत्र से यज्ञवर्मन (Yajnavarman) द्वारा मौखरी वंश की एक शाखा के उदय का उल्लेख मिलता है।
  • यज्ञवर्मन गया की बाराबर पहाड़ियों में स्थित मौखरी शाखा के संस्थापक राजा थे।
  • मौखरी वंश से जुड़े मुख्य तथ्य:
    • मुख्य शाखा की राजधानी – कन्नौज (उत्तर प्रदेश)।
    • प्रसिद्ध शासक – ईशानवर्मन, गृहवर्मन।
    • ऐतिहासिक संबंध – गृहवर्मन का विवाह वर्धन वंश के शासक प्रभाकरवर्धन की पुत्री राज्यश्री (हर्षवर्धन की बहन) से हुआ था।

विशाल स्नानागार कहाँ स्थित है?

  • हड़प्पा
  • धोलावीरा
  • रखी गढ़ी
  • मोहनजोदड़ो

Explanation:

  • विशाल स्नानागार (Great Bath) सिंधु घाटी सभ्यता की सबसे प्रसिद्ध इमारतों में से एक है, जो मोहनजोदड़ो (पाकिस्तान) के दुर्ग (Citadel) क्षेत्र में स्थित है।
  • यह 11.88 मीटर लंबा, 7.01 मीटर चौड़ा और 2.43 मीटर गहरा है। इसका उपयोग संभवतः धार्मिक या सार्वजनिक अनुष्ठानों के समय स्नान के लिए किया जाता था।
  • मोहनजोदड़ो की अन्य प्रमुख संरचनाएँ:
    • विशाल अन्नागार (Great Granary) – मोहनजोदड़ो की सबसे बड़ी इमारत।
    • सभा भवन (Assembly Hall) – खंभों पर टिका विशाल हॉल।
    • खोज – 1922 में राखालदास बनर्जी द्वारा सिंधु नदी के तट पर।

सिंधु घाटी सभ्यता का विकास लगभग कब हुआ था?

  • 2500-1800 ईसा पूर्व
  • 900-300 ईसा पूर्व
  • 1000-500 ईसा पूर्व
  • 4500-4000 ईसा पूर्व

Explanation:

  • रेडियोकार्बन ($C^{14}$) तिथि निर्धारण पद्धति के अनुसार, सिंधु घाटी सभ्यता का परिपक्व काल (Mature Harappan Phase) मुख्य रूप से 2500 ईसा पूर्व से 1800 ईसा पूर्व (या 2500-1750 BCE) माना जाता है।
  • यह प्राचीन मिस्र (Nile Valley) और मेसोपोटामिया (Tigris-Euphrates) की सभ्यताओं के समकालीन थी, किंतु क्षेत्रफल में उनसे काफी बड़ी थी।
  • सिंधु सभ्यता के चरण:
    • प्रारंभिक हड़प्पा काल – 3300 BCE से 2600 BCE
    • परिपक्व हड़प्पा काल – 2600 BCE से 1900 BCE (नगरीय चरण)
    • उत्तर हड़प्पा काल – 1900 BCE से 1300 BCE (पतन का चरण)

मौर्य काल में अभिलेखों के लिए किस लिपि का विकास हुआ था?

  • ब्राह्मी
  • ग्रंथ
  • खरोष्ठी
  • पाली

Explanation:

  • मौर्य काल में भारत के अधिकांश शिलालेखों और अभिलेखों के लिए ब्राह्मी लिपि (Brahmi Script) का व्यापक विकास और प्रयोग हुआ।
  • ब्राह्मी लिपि को आधुनिक अधिकांश भारतीय लिपियों (जैसे देवनागरी, बांग्ला, तमिल आदि) की जननी माना जाता है। यह बाएँ से दाएँ (Left to Right) लिखी जाती थी।
  • अशोक के अभिलेखों की लिपियाँ और भाषाएँ:
    • ब्राह्मी लिपि – भारत के अधिकांश भागों में।
    • खरोष्ठी लिपि – उत्तर-पश्चिम भारत (शाहबाजगढ़ी और मानसेहरा) में (दाएँ से बाएँ लिखी जाती थी)।
    • ग्रीक और अरामाइक लिपि – तक्षशिला और कंधार (अफगानिस्तान) क्षेत्र में।
    • मुख्य भाषा – प्राकृत (Prakrit)।

हर्ष के दरबार में आने वाला चीनी यात्री कौन था?

  • ह्वेन त्सांग
  • हाओ
  • फ़ा-हियान
  • इत्सिंग

Explanation:

  • सम्राट हर्षवर्धन के शासनकाल (606-647 ईस्वी) में प्रसिद्ध चीनी बौद्ध भिक्षु ह्वेन त्सांग (Hiuen Tsang) भारत आया था। वह लगभग 15 वर्षों तक भारत में रहा।
  • उसने नालंदा विश्वविद्यालय में बौद्ध धर्म का अध्ययन किया तथा कन्नौज की धर्म सभा और प्रयाग के महामोक्ष परिषद में भाग लिया।
  • ह्वेन त्सांग से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदु:
    • यात्रा विवरण पुस्तक – ‘सी-यू-की’ (Si-Yu-Ki / पश्चिमी संसार का वृत्तांत)।
    • उपनाम – ‘शाक्यमुनि’, ‘यात्रियों का राजकुमार’ (Prince of Pilgrims)।
    • नालंदा के कुलपति – उस समय आचार्य शीलभद्र नालंदा के कुलपति थे।

निम्नलिखित में से किस गुफा में पाषाण युग के शैल चित्र हैं?

  • बाराबर गुफाएँ
  • भीमबेटका गुफाएँ
  • अजंता गुफाएँ
  • एलोरा गुफाएँ

Explanation:

  • मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में विंध्य पर्वत शृंखलाओं में स्थित भीमबेटका की गुफाएँ (Bhimbetka Caves) अपने प्रागैतिहासिक पाषाण युगीन शैल चित्रों (Rock Paintings) के लिए प्रसिद्ध हैं।
  • इन शैल चित्रों में पुरापाषाण से मध्यपाषाण काल के मानव जीवन, शिकार, नृत्य और पशुओं के चित्र उकेरे गए हैं। 2003 में इसे यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया।
  • गुफाओं से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य:
    • भीमबेटका की खोज – 1957 में डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर (V. S. Wakankar) द्वारा।
    • बाराबर गुफाएँ (बिहार) – मौर्यकालीन आजीवक संप्रदाय के लिए निर्मित गुफाएँ।
    • अजंता और एलोरा गुफाएँ (महाराष्ट्र) – बौद्ध, हिंदू और जैन धर्म से संबंधित प्राचीन गुफा कला।

मगध में शुंगों के बाद किस वंश ने शासन किया?

  • कुषाण
  • गुप्त
  • कण्व
  • सातवाहन

Explanation:

  • शुंग वंश के अंतिम राजा देवभूति की हत्या 73 ईसा पूर्व में उसके अमात्य (मंत्री) वासुदेव ने कर दी और मगध पर कण्व वंश (Kanva Dynasty) की स्थापना की।
  • कण्व वंश ने लगभग 45 वर्षों (73 BCE – 28 BCE) तक शासन किया। इस वंश में कुल 4 शासक (वासुदेव, भूमिमित्र, नारायण और सुशर्मा) हुए।
  • मगध साम्राज्य के प्रमुख राजवंशों का कालक्रम:
    • हर्यक वंशशिशुनाग वंशनंद वंश
    • मौर्य वंश (322 BCE – 185 BCE)
    • शुंग वंश (185 BCE – 73 BCE) (संस्थापक: पुष्यमित्र शुंग)
    • कण्व वंश (73 BCE – 28 BCE) (संस्थापक: वासुदेव)
    • आंध्र-सातवाहन / गुप्त वंश

लगभग 5000 वर्ष पूर्व थार मरुस्थल क्षेत्र में कौन सी प्राचीन सभ्यताएँ फली-फूली थीं?

  • बेबीलोनियन सभ्यता
  • सिंधु घाटी सभ्यता
  • ग्रीक सभ्यता
  • मिस्र की सभ्यता

Explanation:

  • लगभग 5000 वर्ष पूर्व (2500 ईसा पूर्व) भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तर-पश्चिम और थार मरुस्थल क्षेत्र (जैसे कालीबंगा, राखीगढ़ी, धोलावीरा) में सिंधु घाटी सभ्यता (Indus Valley Civilization) फली-फूली।
  • इसे भारत की प्रथम नगरीय सभ्यता माना जाता है, जो सिंधु तथा उसकी सहायक नदियों और सरस्वती/घग्घर नदी घाटी में फैली थी।
  • विश्व की 4 प्राचीन समकालीन सभ्यताएँ:
    • सिंधु घाटी सभ्यता – भारत एवं पाकिस्तान (सिंधु/सरस्वती नदी)
    • मिस्र की सभ्यता – अफ्रीका (नील नदी)
    • मेसोपोटामिया/बेबीलोनियन सभ्यता – इराक (दजला और फरात नदी / Tigris & Euphrates)
    • चीनी सभ्यता – चीन (ह्वांगहो / पीली नदी)

दिल्ली के अशोक स्तम्भ ने वैज्ञानिकों को चौंका दिया है क्योंकि यह मौसम की सभी अनियमितताओं को सहता है फिर भी इसमें जंग या क्षय नहीं होता। यह किससे बना है?

  • लोहा
  • काँसा
  • टेराकोटा
  • एकल पहाड़ी पत्थर

Explanation:

  • दिल्ली के महरौली में स्थित प्रसिद्ध लौह स्तंभ (Iron Pillar) पिटवाँ लोहे (Wrought Iron) से बना है, जिसमें फास्फोरस की उच्च मात्रा और कार्बन की कम मात्रा होने के कारण 1600 से अधिक वर्षों बाद भी जंग नहीं लगा है।
  • यह स्तंभ मूल रूप से गुप्त वंश के महान शासक चंद्रगुप्त द्वितीय (‘विक्रमादित्य’) द्वारा निर्मित करवाया गया था, जिस पर ‘चंद्र’ नामक राजा का उत्कीर्ण लेख है।
  • महरौली लौह स्तंभ से संबंधित तथ्य:
    • स्थान – कुतुब परिसर, महरौली (नई दिल्ली)।
    • ऊँचाई और भार – लगभग 7.2 मीटर ऊँचा और 6 टन से अधिक वजन।
    • धातु निर्माण तकनीक – निष्कर्षण और फोर्ज वेल्डिंग (Forge Welding) का बेजोड़ उदाहरण।

पहले के चेरा वंश ने किन राज्यों पर शासन किया था?

  • बंगाल और उड़ीसा
  • अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम
  • तमिलनाडु और केरल
  • महाराष्ट्र और गुजरात

Explanation:

  • प्राचीन चेर राजवंश (Chera Dynasty) ने भारत के दक्षिण-पश्चिम भाग में वर्तमान केरल और तमिलनाडु के कोंगू क्षेत्र पर शासन किया था।
  • चेर राजाओं का राष्ट्रीय प्रतीक/चिह्न ‘धनुष-बाण’ (Bow and Arrow) था और उनकी राजधानी वंजी (Karur / Vanji) थी।
  • संगम काल के तीन प्रमुख मुवेंदरा (राजवंश):
    • चेर वंश – राजधानी: वंजी | प्रतीक: धनुष-बाण | प्रमुख शासक: सेनगुट्टुवन (लाल चेर)।
    • चोल वंश – राजधानी: उरैयूर / पुहार | प्रतीक: बाघ (Tiger) | प्रमुख शासक: करि काल।
    • पांड्य वंश – राजधानी: मदुरै | प्रतीक: मछली (Fish) | प्रमुख शासक: नेडुंजेजियन।

जातक कथाएँ _____ से संबंधित हैं।

  • बौद्ध धर्म
  • सिख धर्म
  • हिन्दू धर्म
  • जैन धर्म

Explanation:

  • जातक कथाएँ (Jataka Tales) बौद्ध धर्म के प्रसिद्ध ग्रंथ हैं, जिनमें भगवान बुद्ध के पूर्व जन्मों की 500 से अधिक लोक कथाओं का संग्रह है।
  • ये कथाएँ मूलतः पाली भाषा में लिखी गई हैं और बौद्ध धर्म के ‘खुद्दक निकाय’ (सुत्त पिटक का भाग) के अंतर्गत आती हैं।
  • प्रमुख बौद्ध साहित्य एवं भाषाएँ:
    • त्रिपिटक (Tripitaka) – सुत्त पिटक, विनय पिटक और अभिधम्म पिटक (पाली भाषा)।
    • अजंता की गुफाएँ – अजंता के चित्रों में मुख्य रूप से जातक कथाओं का चित्रांकन है।
    • मिलिंदपन्हो – बौद्ध भिक्षु नागसेन और ग्रीक राजा मिनांडर के बीच संवाद।

भगवान महावीर का मूल नाम क्या है?

  • आनंद
  • सिद्धार्थ
  • सारिपुत्त
  • वर्धमान

Explanation:

  • जैन धर्म के 24वें तथा अंतिम तीर्थंकर भगवान महावीर का बचपन का/मूल नाम वर्धमान था।
  • उनका जन्म बिहार के वैशाली के निकट कुंडलपुर (कुंडग्राम) में ज्ञातृक क्षत्रिय कुल में हुआ था। उनके पिता का नाम सिद्धार्थ और माता का नाम त्रिशला था।
  • जैन तीर्थंकरों से जुड़े मुख्य बिंदु:
    • प्रथम तीर्थंकर – ऋषभदेव (आदिनाथ) | प्रतीक: वृषभ (बैल)।
    • 23वें तीर्थंकर – पार्श्वनाथ | प्रतीक: सर्प (सांप)।
    • 24वें तीर्थंकर – महावीर स्वामी | प्रतीक: सिंह (Lion)।
    • कैवल्य – ज्ञान प्राप्ति के बाद वर्धमान ‘महावीर’ और ‘जिन्’ (विजेता) कहलाए।

निम्नलिखित में से कौन एक प्राचीन बौद्ध ग्रंथ है?

  • विष्णु पुराण
  • रघुवंशम्
  • ऋतुसंहार
  • अभिधर्म कोष

Explanation:

  • अभिधर्मकोष (Abhidharmakosa) बौद्ध दार्शनिक वसुबंधु (Vasubandhu) द्वारा रचित एक प्रसिद्ध बौद्ध संस्कृत ग्रंथ है।
  • यह ग्रंथ बौद्ध धर्म के सर्वास्तिवाद और अभिधर्म दर्शन का एक सर्वमान्य विश्वकोश माना जाता है।
  • अन्य विकल्पों की ग्रंथ सूची:
    • विष्णु पुराण – प्राचीन हिंदू पौराणिक ग्रंथ (18 पुराणों में से एक)।
    • रघुवंशम् एवं ऋतुसंहार – महाकवि कालिदास की प्रसिद्ध संस्कृत रचनाएँ।
    • अन्य प्रमुख बौद्ध ग्रंथ – महावंश, दीपवंश, ललितविस्तर, बुद्धचरित (अश्वघोष द्वारा)।

विशिष्टाद्वैत दर्शन के संस्थापक कौन थे?

  • विष्णुस्वामी
  • मध्वाचार्य
  • रामानुजाचार्य
  • निम्बार्क

Explanation:

  • 11वीं शताब्दी के महान वैष्णव संत और समाज सुधारक श्री रामानुजाचार्य (Ramanujacharya) ने विशिष्टाद्वैतवाद (Qualified Non-dualism) दर्शन का प्रतिपादन किया था।
  • इस मत के अनुसार जीव और जगत ब्रह्म के ही अंग हैं, किंतु ब्रह्म विशिष्ट गुणों से युक्त एक सगुण सत्ता (भगवान विष्णु) है।
  • भारत के प्रमुख दर्शन एवं उनके संस्थापक:
    • अद्वैतवाद – आदि शंकराचार्य
    • विशिष्टाद्वैतवाद – रामानुजाचार्य
    • द्वैतवाद – मध्वाचार्य
    • द्वैताद्वैतवाद (सनक संप्रदाय) – निम्बार्काचार्य
    • शुद्धाद्वैतवाद – वल्लभाचार्य / विष्णुस्वामी

भारत में अशोक के शिलालेख का सबसे पहला गूढ़ पुरालेख किस लिपि में लिखा गया था?

  • खरोष्ठी
  • देवनागरी
  • हड़प्पन
  • ब्राह्मी

Explanation:

  • भारत में सम्राट अशोक के अधिकांश शिलालेख प्राचीन ब्राह्मी लिपि (Brahmi Script) में लिखे गए थे, जिसे सर्वप्रथम 1837 में ईस्ट इंडिया कंपनी के अधिकारी जेम्स प्रिंसेप ने पढ़ा था।
  • अशोक भारत के पहले ऐसे शासक थे जिन्होंने अपनी प्रजा को शिलालेखों के माध्यम से सीधे संबोधित किया।
  • मौर्यकालीन अभिलेखों की भाषा और लिपियाँ:
    • ब्राह्मी लिपि – भारत के अधिकांश क्षेत्रों में (बाएँ से दाएँ)।
    • खरोष्ठी लिपि – उत्तर-पश्चिम भारत (मानसेहरा और शाहबाजगढ़ी) (दाएँ से बाएँ)।
    • अरामाइक और ग्रीक लिपि – अफगानिस्तान (कंधार और तक्षशिला) क्षेत्र।
    • अभिलेखों की मुख्य भाषा – प्राकृत (Prakrit)।

किस मूल भारतीय राजवंश ने अपने शासकों के चित्रों वाले अपने सिक्के जारी किए?

  • पांड्य राजवंश
  • राष्ट्रकूट राजवंश
  • पेशवा राजवंश
  • सातवाहन राजवंश

Explanation:

  • दक्षिण भारत के सातवाहन राजवंश (Satavahana Dynasty) पहला ऐसा देशी/मूल भारतीय राजवंश था जिसने अपने शासकों (जैसे- गौतमीपुत्र सातकर्णी, वशिष्ठीपुत्र पुलुमावी) के चेहरे/चित्रों (Portraits) वाले सिक्के ढलवाए।
  • इससे पूर्व भारत में केवल हिंद-यवन (Indo-Greeks) राजाओं ने चित्र वाले सिक्के जारी किए थे, जिनका अनुकरण सातवाहनों ने किया।
  • सातवाहनकालीन मुद्रा प्रणाली:
    • सिक्कों की धातुएँ – सीसा (Lead), पोटीन (Potin – तांबा, जस्ता और सीसे का मिश्रण), तांबा और कांसा।
    • भाषा व लिपि – सिक्कों पर प्राकृत भाषा और ब्राह्मी लिपि के साथ-साथ द्रविड़ भाषा का प्रयोग भी मिलता है।

राजा हर्षवर्द्धन का दरबारी कवि कौन था?

  • वल्लाल
  • बाणभट्ट
  • जयचन्द्र
  • आनंद भट्ट

Explanation:

  • 7वीं शताब्दी के सम्राट हर्षवर्धन के प्रसिद्ध दरबारी कवि बाणभट्ट (Banabhatta) थे।
  • उन्होंने सम्राट हर्ष के जीवन पर आधारित प्रथम संस्कृत ऐतिहासिक काव्य ‘हर्षचरितम्’ तथा विश्व का पहला उपन्यास मानी जाने वाली कृति ‘कादंबरी’ की रचना की थी।
  • हर्षवर्धन से संबंधित प्रमुख साहित्यिक रचनाएँ:
    • बाणभट्ट की रचनाएँ – हर्षचरितम्, कादंबरी, चंडीशतक।
    • हर्षवर्धन द्वारा रचित नाटक – रत्नावली, प्रियदर्शिका और नागानंद (तीनों संस्कृत में)।
    • मयूर (दरबारी विद्वान) – मयूरशतक (सूर्यशतक) के रचयिता।

गौतम बुद्ध का जन्म कहाँ हुआ था?

  • मगध
  • अयोध्या
  • वैशाली
  • लुंबिनी

Explanation:

  • बौद्ध धर्म के प्रवर्तक गौतम बुद्ध (शाक्यमुनि) का जन्म 563 ईसा पूर्व में नेपाल की तराई में स्थित लुंबिनी (Lumbini) के आम्रकुंज में हुआ था।
  • सम्राट अशोक का रुम्मिनदेई स्तंभ लेख (Rummindei Pillar) इस बात का पुरातात्विक प्रमाण है कि बुद्ध का जन्म लुंबिनी में हुआ था।
  • बुद्ध के जीवन से जुड़े 4 मुख्य स्थान:
    • जन्म – लुंबिनी (नेपाल)
    • ज्ञान प्राप्ति (ज्ञानबोध) – बोधगया (बिहार, निरंजना नदी तट)
    • प्रथम उपदेश (धर्मचक्रप्रवर्तन) – सारनाथ (ऋषिपत्तन, उत्तर प्रदेश)
    • महापरिनिर्वाण (मृत्यु) – कुशीनगर (उत्तर प्रदेश)

प्रसिद्ध तमिल महाकाव्य सिलप्पादिकारम किसने लिखा था?

  • चथनार
  • तिरुवल्लुवर
  • कालिदास
  • इलंगो आदिकल

Explanation:

  • प्रसिद्ध संगमकालीन तमिल महाकाव्य सिलप्पादिकारम (Silappatikaram / नूपुर की कहानी) की रचना चेर राजकुमार इलंगो आदिकल (Ilango Adigal) ने की थी।
  • यह ग्रंथ कोवलन, उसकी पत्नी कन्नगी और नर्तकी माधवी की दुखद प्रेमकथा पर आधारित है, जिसे ‘तमिल साहित्य का इलियाड’ भी कहा जाता है।
  • प्रमुख तमिल संगम साहित्य:
    • सिलप्पादिकारम – इलंगो आदिकल
    • मणिमेकलै – मधुरै के व्यापारी सीत्तलै चत्तनार (Sithalai Sathanar)
    • तिरुक्कुरल (तमिल वेद) – संत तिरुवल्लुवर
    • तोलकाप्पियम (तमिल व्याकरण) – तोलकाप्पियर

किस वर्ष में जर्मनी और इटली के पुरातत्वविदों के एक दल ने मोहनजोदड़ो में सतह-अन्वेषण शुरू किया था?

  • 1970
  • 1990
  • 1955
  • 1980

Explanation:

  • वर्ष 1980 में जर्मनी और इटली के पुरातत्वविदों के एक संयुक्त दल (Aachen & IsMEO Project) ने मोहनजोदड़ो में आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों का उपयोग करके सतह-अन्वेषण (Surface Exploration) और प्रलेखन का कार्य शुरू किया था।
  • इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य बिना खुदाई किए सतह के अवशेषों, कलाकृतियों और बस्तियों का डिजिटल मानचित्रण करना था।
  • मोहनजोदड़ो से जुड़े मुख्य ऐतिहासिक वर्ष:
    • 1922 – राखालदास बनर्जी द्वारा मोहनजोदड़ो की प्राथमिक खोज।
    • 1930 का दशक – अर्नेस्ट मैके और सर जॉन मार्शल द्वारा वृहद उत्खनन।
    • 1980 – जर्मन-इतालवी टीम द्वारा सतह और वास्तुकला अन्वेषण।
    • 1980 – यूनेस्को (UNESCO) द्वारा विश्व धरोहर स्थल का दर्जा प्राप्त।

किस राजवंश के तहत शासकों ने अपनी उपलब्धियों को प्रशस्ति में लिखा?

  • गुप्त वंश
  • राजपूत वंश
  • खिलजी वंश
  • मुगल वंश

Explanation:

  • गुप्त राजवंश (Gupta Dynasty) के काल में शासकों की विजयों, चरित्र और उपलब्धियों का बखान करने के लिए ‘प्रशस्ति’ (Prashasti / प्रशंसा पत्र) लिखने की परंपरा अत्यधिक लोकप्रिय हुई।
  • इसका सबसे महान उदाहरण समुद्रगुप्त की ‘प्रयाग प्रशस्ति’ (इलाहाबाद स्तंभ लेख) है, जिसे उनके संधि-विग्रहीक एवं दरबारी कवि हरिषेण ने संस्कृत की चंपू शैली (गद्य-पद्य) में लिखा था।
  • प्रमुख ऐतिहासिक प्रशस्तियाँ:
    • प्रयाग प्रशस्ति – हरिषेण द्वारा रचित (समुद्रगुप्त की उपलब्धियाँ)।
    • मंदसौर प्रशस्ति – वत्सभट्ट द्वारा रचित (यशोधर्मन / कुमारगुप्त प्रथम)।
    • एहोल प्रशस्ति – रविकीर्ति द्वारा रचित (चालुक्य राजा पुलकेशिन द्वितीय की विजयें)।
    • जूनागढ़ प्रशस्ति – शक राजा रुद्रदामन प्रथम द्वारा (संस्कृत का पहला बड़ा अभिलेख)।

निम्नलिखित में से किस प्राचीन भारतीय दार्शनिक ने पदार्थ के सबसे छोटे कण पर विचार किया और इसे ‘परमाणु’ नाम दिया?

  • वराहमिहिर
  • कणाद
  • चरक
  • बौधायन

Explanation:

  • प्राचीन भारतीय दार्शनिक महर्षि कणाद (Maharishi Kanada) (लगभग 6वीं शताब्दी ईसा पूर्व) ने वैशेषिक दर्शन के माध्यम से प्रतिपादित किया कि पदार्थ अत्यंत सूक्ष्म अविभाज्य कणों से मिलकर बना है, जिसे उन्होंने ‘परमाणु’ (Atom) नाम दिया।
  • उन्हें भारतीय परमाणुवाद (Atomic Theory) का जनक माना जाता है। कणों (परमाणुओं) के सिद्धांत का विश्लेषण करने के कारण ही उनका नाम ‘कणाद’ पड़ा।
  • प्राचीन भारतीय वैज्ञानिक एवं योगदान:
    • महर्षि कणाद – वैशेषिक दर्शन एवं परमाणु सिद्धांत।
    • बौधायन – सुल्व सूत्र (पाइथागोरस प्रमेय का प्राथमिक रूप)।
    • वराहमिहिर – पंचसिद्धान्तिका और बृहत्संहिता (खगोल विज्ञान एवं गणित)।
    • चरक – चरक संहिता (आयुर्वेद एवं चिकित्साशास्त्र)।

पाणिनि एक प्रसिद्ध संस्कृत ______ थे।

  • उपन्यासकार
  • कवि
  • लेखक
  • वैयाकरण

Explanation:

  • महर्षि पाणिनि (Panini) (लगभग 5वीं-4थी शताब्दी ईसा पूर्व) प्राचीन भारत के एक महान संस्कृत वैयाकरण (Grammarian) थे।
  • उन्होंने संस्कृत व्याकरण का सबसे प्रामाणिक ग्रंथ ‘अष्टाध्यायी’ (Ashtadhyayi) लिखा, जिसमें लगभग 4000 सूत्र शामिल हैं। अष्टाध्यायी को भाषाशास्त्र की पहली वैज्ञानिक कृति माना जाता है।
  • संस्कृत साहित्य के प्रमुख वैयाकरण एवं टीकाकार:
    • पाणिनि – अष्टाध्यायी (संस्कृत व्याकरण का आधार)
    • पतंजलि – महाभाष्य (अष्टाध्यायी पर प्रसिद्ध टीका)
    • कात्यायन (वररुचि) – वार्तिक (अष्टाध्यायी के सूत्रों पर व्याख्या)
    • (इन तीनों मुनियों को संस्कृत व्याकरण में ‘त्रिमुनि’ कहा जाता है।)

प्रसिद्ध बौद्ध संरचना, धमेख स्तूप का निर्माण मूल रूप से ________ राजवंश के दौरान किया गया था।

  • शुंग
  • कण्व
  • मौर्य
  • नंद

Explanation:

  • उत्तर प्रदेश के सारनाथ (वाराणसी) में स्थित प्रसिद्ध धमेख स्तूप (Dhamek Stupa) की नींव मूल रूप से मौर्य सम्राट अशोक द्वारा 249 ईसा पूर्व में रखी गई थी।
  • यह स्तूप उस पवित्र स्थान को चिह्नित करता है जहाँ भगवान बुद्ध ने ज्ञान प्राप्ति के बाद अपने पहले 5 शिष्यों को प्रथम उपदेश (धर्मचक्रप्रवर्तन) दिया था। वर्तमान बेलनाकार ढांचा गुप्त काल के दौरान विस्तार करके बनाया गया था।
  • भारत के प्रमुख बौद्ध स्तूप:
    • सांची का स्तूप – मध्य प्रदेश (सम्राट अशोक द्वारा निर्मित)।
    • भरहुत का स्तूप – मध्य प्रदेश (मौर्यकालीन, शुंग काल में विस्तार)।
    • अमरावती स्तूप – आंध्र प्रदेश (सातवाहन काल में पल्लवित)।
    • चौखंडी स्तूप – सारनाथ, उत्तर प्रदेश।

वर्ष 1920-21 के आसपास खुदाई के दौरान हड़प्पा शहर किस नदी पर खोजा गया था?

  • ब्यास
  • झेलम
  • चिनाब
  • रवि

Explanation:

  • वर्ष 1921 में भारतीय पुरातत्ववेत्ता दयाराम साहनी ने रावी नदी (Ravi River) के बाएँ तट पर पंजाब (वर्तमान साहीवाल/मोंटगोमरी जिला, पाकिस्तान) में हड़प्पा स्थल की खोज की थी।
  • हड़प्पा सिंधु घाटी सभ्यता का खोजा गया सबसे पहला शहर था, इसीलिए इस पूरी सभ्यता को ‘हड़प्पा सभ्यता’ के नाम से भी जाना जाता है।
  • मुख्य हड़प्पा स्थल और उनकी नदियाँ:
    • हड़प्पा – रावी नदी
    • मोहनजोदड़ो एवं चन्हूदड़ों – सिंधु नदी
    • कालीबंगा – घग्घर नदी
    • लोथल – भोगवा नदी
    • रोपण – सतलुज नदी
    • सुत्कागेनडोर – दाश्क नदी

चीनी यात्री ह्वेन त्सांग ने भारत की यात्रा किसके शासनकाल में की थी?

  • हर्षवर्धन
  • पुलकेशिन द्वितीय
  • विक्रमादित्य
  • किर्तिवर्मन

Explanation:

  • प्रसिद्ध चीनी बौद्ध भिक्षु ह्वेन त्सांग (Xuanzang) ने 629 ईस्वी से 645 ईस्वी के बीच सम्राट हर्षवर्धन के शासनकाल में भारत की यात्रा की थी।
  • ह्वेन त्सांग ने चालुक्य राजा पुलकेशिन द्वितीय तथा पल्लव राजा नरसिंहवर्मन प्रथम के राज्यों का भी दौरा किया था। उसकी यात्रा विवरण पुस्तक का नाम ‘सी-यू-की’ (Si-Yu-Ki) है।
  • प्राचीन भारत में आए चीनी यात्रियों का क्रम:
    • फाह्यान (Faxian) – 5वीं शताब्दी (चंद्रगुप्त द्वितीय / विक्रमादित्य)
    • सुंगयुन (Song Yun) – 6वीं शताब्दी (518 ईस्वी)
    • ह्वेन त्सांग (Hiuen Tsang) – 7वीं शताब्दी (हर्षवर्धन)
    • इत्सिंग (Yijing) – 7वीं शताब्दी के अंत में (671-695 ईस्वी)

सातवाहनों द्वारा प्रयुक्त तांबे और चांदी का मिश्रण क्या था?

  • तिनका
  • विनिंग
  • पुट्टी
  • आउटस्टैंडिंग

Explanation:

  • सातवाहन काल में तांबे, सीसे, जस्ते और चांदी के विभिन्न मिश्र धातुओं से बने सिक्कों को स्थानीय शब्दावली में ‘पोटीन’ (Potin / जिसे हिंदी अनुवाद में ‘पुट्टी’ लिखा गया है) कहा जाता था।
  • सातवाहन शासकों ने सोने के सिक्के जारी नहीं किए, बल्कि भारी मात्रा में सीसे (Lead), पोटीन, तांबे और चांदी (कर्षापण) के सिक्के चलाए।
  • सातवाहनकालीन सिक्कों की मुख्य विशेषताएँ:
    • सीसे के सिक्के (Lead Coins) – रोम से आयातित सीसे से ढले सिक्के।
    • पोटीन के सिक्के (Potin Coins) – तांबा, सीसा और चांदी का मिश्र धातु।
    • सिक्कों पर अंकन – जहाजों (समुद्री व्यापार का प्रतीक), चैत्य और शकों को हराने वाले राजाओं की आकृतियाँ।

सिंधु घाटी सभ्यता का पहला खोजा गया स्थल कौन सा था?

  • लोथल
  • कालीबंगा
  • मोहनजोदड़ो
  • हड़प्पा

Explanation:

  • सिंधु घाटी सभ्यता का सबसे पहला खोजा गया स्थल हड़प्पा (Harappa) था, जिसकी उत्खनन 1921 में भारतीय पुरातत्ववेत्ता रायबहादुर दयाराम साहनी के नेतृत्व में सर जॉन मार्शल के निर्देशन में हुआ था।
  • चूँकि यह पहला स्थल था जहाँ इस प्राचीन संस्कृति के अवशेष मिले, इसलिए पुरातात्विक परंपरा के अनुसार इस सभ्यता को ‘हड़प्पा सभ्यता’ नाम दिया गया।
  • सभ्यता के प्रमुख खोज वर्ष:
    • 1921 – हड़प्पा (दयाराम साहनी)
    • 1922 – मोहनजोदड़ो (राखालदास बनर्जी)
    • 1931 – चन्हूदड़ों (एन. जी. मजूमदार)
    • 1954 – लोथल (एस. आर. राव)
    • 1953-55 – कालीबंगा (ए. घोष / बी. बी. लाल)

बौद्ध वास्तुकला के संदर्भ में, ‘चैत्य’ क्या है?

  • एक प्रकार का स्तूप
  • भिक्षुओं के लिए आवासीय स्थान
  • एक सजावटी स्तंभ
  • प्रार्थना और सभा के लिए एक हॉल

Explanation:

  • बौद्ध वास्तुकला में ‘चैत्य’ (Chaitya) बौद्ध भिक्षुओं और उपासकों के लिए एक उपासना गृह / प्रार्थना और सभा हॉल (Prayer Hall) होता है, जिसके अंत में एक स्तूप निर्मित होता है।
  • इसके विपरीत, ‘विहार’ (Vihara) बौद्ध भिक्षुओं के रहने का आवास स्थान / मठ (Monastery) होता था।
  • बौद्ध वास्तुकला के 3 प्रमुख घटक:
    • स्तूप (Stupa) – बुद्ध या उनके महान शिष्यों के पवित्र अवशेषों पर बना गुंबदाकार स्मारक।
    • चैत्य (Chaitya) – पूजा और प्रार्थना के लिए इस्तेमाल होने वाला हॉल (उदा. कार्ला का चैत्य)।
    • विहार (Vihara) – बौद्ध भिक्षुओं के निवास के लिए बनाए गए कमरे या कक्ष।

शब्द ‘वेद’ निम्नलिखित में से किस मूल शब्द से लिया गया है?

  • वेदी
  • विद्
  • वेद
  • वित्

Explanation:

  • ‘वेद’ शब्द संस्कृत भाषा की ‘विद्’ (Vid) धातु से बना है, जिसका शाब्दिक अर्थ होता है ‘जानना’ या ‘ज्ञान’ (Knowledge / Wisdom)
  • वेदों को ‘श्रुति’ (Shruti) भी कहा जाता है क्योंकि इन्हें पीढ़ियों से सुनकर और याद रखकर सुरक्षित रखा गया था। इन्हें ‘अपौरुषेय’ (मानव द्वारा निर्मित नहीं) भी माना जाता है।
  • वेदों से जुड़े मुख्य तथ्य:
    • चार वेद – ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद।
    • वेदत्रयी (Trayi) – ऋग्वेद, यजुर्वेद और सामवेद के समूह को वेदत्रयी कहा जाता है।
    • ऋग्वेद – सबसे प्राचीन वेद (1028 सूक्त, 10 मंडल)।

निम्नलिखित में से कौन सा/से पवित्र ग्रंथ प्रारंभिक वैदिक काल के सामाजिक और आर्थिक जीवन के बारे में अधिकांश जानकारी प्रदान करता है?

  • उपनिषद
  • महाभारत
  • रामायण
  • वेद

Explanation:

  • प्रारंभिक वैदिक काल (1500 BCE – 1000 BCE) के सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक जीवन की अधिकांश प्रामाणिक जानकारी का मुख्य स्रोत वेद (विशेष रूप से ‘ऋग्वेद’) हैं।
  • ऋग्वेद से पता चलता है कि प्रारंभिक वैदिक समाज कबीलाई (Rigvedic Tribes/Jana) था, जहाँ पशुपालन (गाय का महत्व) मुख्य आर्थिक आधार था।
  • वैदिक साहित्य का वर्गीकरण:
    • ऋग्वेद – प्रारंभिक वैदिक काल (ऋग्वैदिक काल) की एकमात्र जानकारी।
    • उत्तर वैदिक साहित्य – सामवेद, यजुर्वेद, अथर्ववेद, ब्राह्मण ग्रंथ, आरण्यक और उपनिषद (1000 BCE – 600 BCE की जानकारी)।
    • उपनिषद – दर्शन और अध्यात्म से संबंधित (ज्ञान मार्ग)।

निम्नलिखित का मिलान करें। सिंधु घाटी सभ्यता स्थल – उत्खननकर्ता

  • A-III; B-I; C-IV; D-II
  • A-II; B-IV; C-III; D-I
  • A-IV; B-III; C-II; D-I
  • A-I; B-III; C-II; D-IV

Explanation:

  • सिंधु घाटी सभ्यता के प्रमुख स्थलों और उनके मुख्य उत्खननकर्ताओं का सही मिलान तालिका इस प्रकार है:
    • A. हड़प्पा (Harappa) ➔ IV. दयाराम साहनी (1921)
    • B. मोहनजोदड़ो (Mohenjo-daro) ➔ III. राखालदास बनर्जी (1922)
    • C. लोथल (Lothal) ➔ II. एस. आर. राव (1954)
    • D. कालीबंगा (Kalibangan) ➔ I. अमलानंद घोष / बी. बी. लाल (1953)
  • अतः विकल्प A-IV; B-III; C-II; D-I पूर्णतः सही है।

चन्द्रगुप्त मौर्य ने मौर्य साम्राज्य की स्थापना के लिए किस राजवंश को उखाड़ फेंका था? (RRB JE CBT 2 (Electronics Engineering) ReExam (04/06/2025))

  • गुप्त वंश
  • कुषाण वंश
  • शुंग वंश
  • नंद वंश

Explanation:

  • 322 ईसा पूर्व में चंद्रगुप्त मौर्य ने अपने गुरु और कूटनीतिज्ञ चाणक्य (कौटिल्य / विष्णुगुप्त) की सहायता से मगध के अति क्रूर नंद वंश के अंतिम शासक घनानंद को पराजित कर मौर्य साम्राज्य की स्थापना की थी।
  • इस ऐतिहासिक घटना का विस्तृत नाट्य वर्णन विशाखदत्त द्वारा रचित प्रसिद्ध नाटक ‘मुद्राराक्षस’ में मिलता है।
  • नंद वंश से जुड़े मुख्य तथ्य:
    • संस्थापक – महापद्मनंद (जिन्हें ‘उग्रसेन’ और ‘सर्वक्षत्रान्तक’ कहा गया)।
    • अंतिम शासक – घनानंद (सिकंदर के समकालीन)।
    • मौर्य वंश की स्थापना – 322 ईसा पूर्व में मगध की राजधानी पाटलिपुत्र में।

भारत में प्रवेश करने से पहले शकों को किस आदिवासी समूह ने पराजित किया था?

  • ग्रीक
  • पार्थियन
  • युह-चिस
  • हूण

Explanation:

  • शक (Scythians) मध्य एशिया की एक घुमंतू जनजाति थे। मध्य एशिया में स्टेपी क्षेत्र में निवास करने वाली शक्तिशाली यू-ची (Yuezhi / युह-चिस) जनजाति ने शकों को उनके मूल निवास स्थान से खदेड़ दिया और पराजित किया था।
  • यू-ची जनजाति द्वारा विस्थापित होने के बाद शक बैक्टीरिया और पारथिया होते हुए भारत (बोलन दर्रे से) प्रवेश करने पर मजबूर हुए।
  • मध्य एशियाई जनजातियों का इतिहास:
    • यू-ची (Yuezhi) – इसी जनजाति की एक शाखा ‘कुषाण’ (Kushans) कहलाई।
    • शकों का आगमन – भारत में शकों ने 5 प्रमुख शाखाएँ स्थापित कीं (तक्षशिला, मथुरा, उज्जैन, नासिक और पंजाब)।
    • कनिष्क – प्रसिद्ध कुषाण शासक जो यू-ची जनजाति से संबंधित थे।

वैदिक पाठ की कितनी मान्यता प्राप्त अवस्थाएं हैं?

  • नौ
  • दस
  • ग्यारह
  • सात

Explanation:

  • वैदिक संहिता को बिना किसी त्रुटि के सुरक्षित रखने के लिए 11 मान्यता प्राप्त पाठ विधियाँ (Vedic Recitation Modes) विकसित की गई थीं।
  • इन्हें 3 प्रकृति पाठ और 8 विकृति पाठ में बाँटा गया है:
    • प्रकृति पाठ (3): संहिता पाठ, पद पाठ, और क्रम पाठ।
    • विकृति पाठ (8): जटा, माला, शिखा, रेखा, ध्वज, दण्ड, रथ, और घन पाठ।
  • इन्हीं जटिल मौखिक परंपराओं के कारण यूनेस्को (UNESCO) ने वैदिक ध्वनियों के उच्चारण को ‘मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत’ घोषित किया है।

कुषाण शासक कनिष्क किस धर्म के संरक्षक थे?

  • बौद्ध धर्म
  • ईसाई धर्म
  • जोरोस्ट्रियन धर्म
  • जैन धर्म

Explanation:

  • कुषाण वंश के सबसे महान शासक कनिष्क प्रथम (Kanishka I) बौद्ध धर्म की महायान शाखा के महान संरक्षक थे।
  • कनिष्क के शासनकाल के प्रमुख बिंदु:
    • चौथी बौद्ध संगीति: कुंडलवन (कश्मीर) में आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता वसुमित्र ने की और उपाध्यक्ष अश्वघोष थे। इसी संगीति में बौद्ध धर्म हीनयान और महायान में विभाजित हुआ।
    • शक संवत: कनिष्क द्वारा 78 ईस्वी में प्रारंभ किया गया, जो भारत का राष्ट्रीय कैलेंडर है।
    • कला शैली: इनके काल में गांधार और मथुरा कला शैली का अत्यधिक विकास हुआ।

गुप्तोत्तर काल में अग्रहार भूमि का प्रशासन कौन करता था?

  • संन्यासी
  • सामंत
  • ग्राम सभाएँ
  • ब्राह्मण

Explanation:

  • गुप्त और गुप्तोत्तर काल में धार्मिक या शैक्षणिक कार्यों के लिए ब्राह्मणों को दी जाने वाली कर-मुक्त (Tax-Free) भूमि को ‘अग्रहार’ (Agrahara) कहा जाता था।
  • इस भूमि से प्राप्त राजस्व का उपयोग ब्राह्मण स्वयं करते थे और उस गाँव या भूमि का पूरा प्रशासनिक अधिकार भी उन्हीं के पास होता था।
  • अग्रहार भूमि से जुड़े तथ्य:
    • यह भूमि वंशानुगत होती थी और इस पर राज्य का कोई कर (Tax) नहीं लगता था।
    • भूमि दान का पहला अभिलेखीय साक्ष्य सातवाहन वंश (गौतमीपुत्र सातकर्णी/नागनिका का नानाघाट अभिलेख) के काल से मिलता है।

शक राजा को पराजित करने के बाद चंद्रगुप्त द्वितीय ने किससे विवाह किया?

  • रूपरेखा
  • कुबेरनागा
  • पार्वती देवी
  • कुमाररानी

Explanation:

  • वैवाहिक संबंधों और सैन्य विजयों के माध्यम से अपने साम्राज्य का विस्तार करने की रणनीति के तहत चंद्रगुप्त द्वितीय ने नाग वंश की राजकुमारी कुबेरनागा (Kuberanaga) से विवाह किया था।
  • चंद्रगुप्त द्वितीय और कुबेरनागा की पुत्री का नाम प्रभावती गुप्त था, जिनका विवाह वाकाटक राजा रुद्रसेन द्वितीय से हुआ था।
  • शकों पर विजय:
    • चंद्रगुप्त द्वितीय ने पश्चिमी भारत के शक क्षत्रप (रुद्रसिंह तृतीय) को पराजित कर ‘विक्रमादित्य’ और ‘शाकारि’ की उपाधि धारण की।
    • शक विजय के उपलक्ष्य में ही उन्होंने गुप्त काल में चांदी के सिक्के (रुप्यक) जारी किए।

अभिधम्म पिटक निम्नलिखित में से किस क्षेत्र का गहन अध्ययन करता है?

  • राजनीतिक इतिहास
  • लोक कथाएँ
  • पशु कथाएँ
  • आचार, मानसिक परिघटनाओं और मनोवैज्ञानिक अंतर्दृष्टि

Explanation:

  • बौद्ध धर्म के प्रसिद्ध ग्रंथ ‘त्रिपिटक’ में से तीसरा पिटक ‘अभिधम्म पिटक’ (Abhidhamma Pitaka) मुख्य रूप से बौद्ध दर्शन, आचार संहिता, मानसिक सिद्धांतों और मनोवैज्ञानिक विश्लेषण से संबंधित है।
  • इसकी रचना तीसरी बौद्ध संगीति (पाटलिपुत्र, अशोक के काल में) के दौरान मोग्गलिपुत्त तिस्स द्वारा की गई थी।
  • तीनों पिटकों का वर्गीकरण:
    • विनय पिटक: भिक्षुओं के संघ संबंधी नियम व अनुशासन (उपालि द्वारा संकलित)।
    • सुत्त पिटक: बुद्ध के धर्मोपदेश और संवाद (आनंद द्वारा संकलित)।
    • अभिधम्म पिटक: दर्शन, मनोविज्ञान और दार्शनिक सिद्धांतों का गहन विश्लेषण।

मौर्योत्तर साम्राज्यों के दौरान एक आंतरिक व्यापार मार्ग, उत्तरापथ, _______ जोड़ता था।

  • भारत के पश्चिमी और दक्षिणी भाग
  • भारत के दक्षिणी और पूर्वी भाग
  • उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र के साथ भारत के उत्तरी और दक्षिणी भाग
  • भारत के उत्तरी और पूर्वी भागों को उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र से

Explanation:

  • उत्तरापथ (Uttarapatha) प्राचीन भारत का सबसे प्रमुख और विशाल महामार्ग था जो पूर्वी भारत (ताम्रलिप्ति/बंगाल) से शुरू होकर उत्तर भारत (पाटलिपुत्र, वाराणसी, तक्षशिला) होते हुए उत्तर-पश्चिमी सीमांत (पुष्कलावती/अफ़गानिस्तान) तक जाता था।
  • मध्य काल में शेरशाह सूरी ने इसी प्राचीन मार्ग का पुनर्निर्माण करवाकर इसे ‘सड़क-ए-आजम’ नाम दिया, जिसे ब्रिटिश काल में ‘ग्रैंड ट्रंक रोड’ (GT Road) कहा गया।
  • दक्षिण भारत को उत्तर भारत से जोड़ने वाला दूसरा मुख्य राजमार्ग ‘दक्षिणापथ’ कहलाता था।

हड़प्पा की मुहरें अधिकतर निम्नलिखित में से किससे बनी थीं?

  • संगमरमर
  • टेरकोटा
  • सेलखड़ी
  • लोहा

Explanation:

  • सिंधु घाटी सभ्यता की अधिकांश मुहरें (Seals) सेलखड़ी (Steatite / नरम पत्थर) से बनाई गई थीं।
  • ये मुहरें वर्गाकार या आयताकार होती थीं और इन पर एक ओर पशुओं (मुख्यतः एकशृंगी/यूनिकॉर्न) की आकृतियाँ तथा हड़प्पाई लिपि के प्रतीक उकेरे गए थे।
  • मुहरों की मुख्य विशेषताएँ:
    • इनका उपयोग मुख्य रूप से लंबी दूरी के व्यापारिक सामानों के मुहरबंद (Sealing) और पहचान के लिए किया जाता था।
    • पशुपति शिव की प्रसिद्ध मुहर मोहनजोदड़ो से प्राप्त हुई थी।

प्रसिद्ध ‘त्रिमूर्ति’ मूर्ति निम्नलिखित में से किस गुफा में स्थित है?

  • एलोरा गुफाएँ
  • अजंता गुफाएँ
  • कार्ले गुफाएँ
  • एलिफेंटा गुफाएँ

Explanation:

  • महाराष्ट्र के मुंबई के पास स्थित एलिफेंटा गुफाओं (Elephanta Caves) की गुफा संख्या 1 में भगवान शिव की 20 फीट ऊँची प्रसिद्ध ‘त्रिमूर्ति’ (Sadashiva / Trimurti) की मूर्ति स्थित है।
  • यह मूर्ति भगवान शिव के तीन रूपों—सृष्टिकर्ता (ब्रह्मा रूप), संरक्षक (विष्णु रूप), और संहारक (महेश रूप)—को दर्शाती है।
  • एलिफेंटा गुफाएँ मुख्य रूप से राष्ट्रकूट शासकों द्वारा 5वीं से 8वीं शताब्दी के बीच निर्मित मानी जाती हैं और यह यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है।

निम्नलिखित में से कौन सा संगम साहित्य के एतुत्तोकै (आठ संकलन) में से एक नहीं है?

  • पुरानानुरु
  • तोलकाप्पियम
  • कुरुंतोकै
  • नार्रिणै

Explanation:

  • तोलकाप्पियम (Tolkappiyam) एट्टुत्तोकै का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह तोलकाप्पियर द्वारा रचित प्राचीनतम तमिल व्याकरण और काव्यशास्त्र का ग्रंथ है।
  • संगम साहित्य के एट्टुत्तोकै (Ettutokai) में आठ काव्य संकलन शामिल हैं:
    1. नार्रिणै (Narrinai)
    2. कुरुंतोकै (Kuruntokai)
    3. ऐंगुरुनूरु (Aingurunuru)
    4. पतिर्रुप्पत्तु (Patirruppattu)
    5. परिपादल (Paripatal)
    6. कलिथोकै (Kalittokai)
    7. अहनानूरु (Ahananuru)
    8. पुरानानुरु (Purananuru)

किस मौर्य शासक ने बौद्ध मिशनरियों को विदेशों में भेजा था?

  • चन्द्रगुप्त द्वितीय
  • बिन्दुसार
  • अशोक
  • सम्प्रति

Explanation:

  • कलिंग युद्ध (261 ईसा पूर्व) के बाद बौद्ध धर्म अपनाने वाले मौर्य सम्राट अशोक ने धर्म-प्रचार के लिए बौद्ध मिशनरियों को भारत के विभिन्न हिस्सों और विदेशों में भेजा।
  • अशोक द्वारा भेजे गए प्रमुख प्रचारक:
    • श्रीलंका (सिंहल द्वीप): अपने पुत्र महेंद्र और पुत्री संघमित्रा को बोधिवृक्ष की शाखा के साथ भेजा।
    • यवन देश (ग्रीक): महारक्षित।
    • कश्मीर व गांधार: मज्झंतिक।
    • स्वर्णभूमि (पेगू व म्यांमार): सोण और उत्तर।

हड़प्पा मुहरों पर सामान्यतः किस पशु/पक्षी का चित्रण किया गया था?

  • घोड़ा
  • मोर
  • यूनिकॉर्न
  • गौरैया

Explanation:

  • हड़प्पा सभ्यता की मुहरों पर सबसे अधिक बार चित्रित काल्पनिक प्राणी एकशृंगी पशु (Unicorn / एक सींग वाला पशु) है।
  • अन्य पशु जिनका चित्रण मिलता है: कुबड़ वाला बैल (Humped Bull), हाथी, बाघ, गैंडा, और हिरण।
  • ध्यान दें: घोड़े के चित्र हड़प्पा मुहरों पर सामान्यतः नहीं मिलते हैं, और न ही हड़प्पा लोग लोहे से परिचित थे।

अशोक का बिन्दुसार से क्या संबंध था?

  • पौत्र
  • पुत्र
  • भाई
  • बहनोई

Explanation:

  • सम्राट अशोक मौर्य साम्राज्य के दूसरे राजा बिन्दुसार के पुत्र थे।
  • मौर्य वंश की प्रमुख वंशावली:
    • चंद्रगुप्त मौर्य: संस्थापक (322 ईसा पूर्व)।
    • बिन्दुसार: चंद्रगुप्त मौर्य का पुत्र (यूनानी साहित्यों में ‘अमित्रघात’ कहा गया)।
    • अशोक: बिन्दुसार का पुत्र (269-232 ईसा पूर्व शासन किया)।

हरिषेण किसके दरबारी कवि थे?

  • स्कन्दगुप्त
  • चन्द्रगुप्त प्रथम
  • चन्द्रगुप्त द्वितीय
  • समुद्रगुप्त

Explanation:

  • हरिषेण (Harisena) गुप्त वंश के पराक्रमी सम्राट समुद्रगुप्त के दरबारी कवि और महादंडनायक थे।
  • उन्होंने प्रसिद्ध प्रयाग प्रशस्ति (इलाहाबाद स्तंभ लेख) की रचना की थी, जिसमें समुद्रगुप्त की सैन्य विजयों और उपलब्धियों का संस्कृत भाषा (चंपू काव्य शैली) में वर्णन किया गया है।
  • समुद्रगुप्त को उनकी सैन्य विजयों के कारण इतिहासकार वी. ए. स्मिथ ने ‘भारत का नेपोलियन’ कहा था।

निम्नलिखित में से कौन मौर्य शासक नहीं था?

  • सम्प्रति
  • पुष्यमित्र
  • देववर्मन
  • बृहद्रथ

Explanation:

  • पुष्यमित्र शुंग (Pushyamitra Shunga) मौर्य शासक नहीं थे, बल्कि वे अंतिम मौर्य सम्राट बृहद्रथ के सेनापति थे। उन्होंने 185 ईसा पूर्व में बृहद्रथ की हत्या करके शुंग वंश (Shunga Dynasty) की स्थापना की।
  • विकल्पों में दिए गए अन्य शासक मौर्य वंश के उत्तरवर्ती राजा थे:
    • संप्रति: अशोक के पौत्र जो जैन धर्म के महान संरक्षक थे।
    • देववर्मन: मौर्य वंश के बाद के राजा।
    • बृहद्रथ: मौर्य साम्राज्य का अंतिम शासक।

निम्नलिखित में से किसमें प्राचीन तमिल साहित्य से आठ काव्य संकलन का संग्रह है?

  • तोलकाप्पियम
  • पट्टुप्पट्टु
  • सिलाप्पदिकाराम
  • एट्टुत्तोकै

Explanation:

  • संगम साहित्य के प्रमुख ग्रंथों को दो श्रेणियों में विभाजित किया गया है: एट्टुत्तोकै (आठ काव्य संकलन) और पट्टुप्पट्टु (दस लंबी कविताएँ)।
  • तमिल भाषा में ‘एट्टु’ का अर्थ आठ और ‘तोकै’ का अर्थ संकलन होता है।
  • संगम साहित्य की विषय-वस्तु मुख्य रूप से दो भागों में बंटी है:
    • अहम (Aham): प्रेम विषयक कविताएँ।
    • पुरम् (Puram): युद्ध, राजाओं की वीरता और शासन संबंधी कविताएँ।

सिंधु घाटी सभ्यता से संबंधित प्रसिद्ध ‘नर्तकी’ प्रतिमा बनाने में किस सामग्री का उपयोग किया गया था?

  • ताँबा
  • लोहा
  • चाँदी
  • कांसा

Explanation:

  • मोहनजोदड़ो से प्राप्त प्रसिद्ध ‘नर्तकी’ (Dancing Girl) की मूर्ति कांसा (Bronze) से बनाई गई थी।
  • इस मूर्ति का निर्माण ‘लुप्त मोम तकनीक’ (Lost-Wax Casting Technique / Cire Perdue) द्वारा किया गया था, जो हड़प्पा कालीन धातु ढलाई कला का सर्वोत्कृष्ट नमूना है।
  • यह प्रतिमा वर्तमान में राष्ट्रीय संग्रहालय, नई दिल्ली में रखी गई है।

निम्नलिखित में से किस शासक ने चंद्रगुप्त का उत्तराधिकार प्राप्त किया, जिसने 297 और 273 ईसा पूर्व के बीच शासन किया?

  • सम्प्रति
  • अशोक
  • देववर्मन
  • बिन्दुसार

Explanation:

  • चंद्रगुप्त मौर्य के संलेखना (जैन उपवास विधि) द्वारा प्राण त्यागने के बाद उनके पुत्र बिन्दुसार (Bindusara) ने 297 ईसा पूर्व में मौर्य साम्राज्य का सिंहासन संभाला।
  • बिन्दुसार से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य:
    • यूनानी ग्रंथों में इन्हें ‘अमित्रोचेट्स’ (Amitrochates / शत्रुओं का नाश करने वाला) कहा गया है।
    • सीरिया के राजा एंटीओकस प्रथम ने अपने राजदूत डाइमेकस (Deimachus) को बिन्दुसार के दरबार में भेजा था।
    • बिन्दुसार आजीवक संप्रदाय के अनुयायी थे।

रामगुप्त की विधवा का क्या नाम था जिससे चन्द्रगुप्त द्वितीय ने शक राजा को हराने के बाद विवाह किया था?

  • ध्रुवदेवी
  • यशोमति
  • देवती देवी
  • कुबेरनागा

Explanation:

  • संस्कृत नाटक ‘देवीचंद्रगुप्तम्’ (विशाखदत्त द्वारा रचित) के अनुसार, चंद्रगुप्त द्वितीय ने अपने कायर बड़े भाई रामगुप्त की हत्या की और उनकी विधवा ध्रुवदेवी (Dhruvadevi / ध्रुवस्वामिनी) से विवाह किया।
  • ध्रुवदेवी और चंद्रगुप्त द्वितीय के पुत्र कुमारगुप्त प्रथम थे, जिन्होंने आगे चलकर नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना की।

निम्नलिखित में से किसने 502 ईस्वी में मैत्रक परिवार की सबसे प्राचीन भूमि अनुदान जारी की थी?

  • गुहासेन
  • द्रोणसिंह
  • शिलादित्य
  • धरापट्ट

Explanation:

  • वल्लभी (गुजरात) के मैत्रक राजवंश (Maitraka Dynasty) का सबसे पहला ज्ञात दानपत्र 502 ईस्वी का है, जिसे राजा द्रोणसिंह (Dronasimha) ने जारी किया था।
  • द्रोणसिंह मैत्रक वंश के संस्थापक सेनापति भटार्क के पुत्र थे। उन्होंने स्वयं को महाराजा की उपाधि दी थी और वे इस वंश के प्रथम राजा बने जिन्होंने आधिकारिक भूमि अनुदान (Copper-plate grants) जारी किए।

गुप्त साम्राज्य के शासनकाल में सैन्य भंडार की देखभाल के लिए उत्तरदायी अधिकारी को क्या कहा जाता था?

  • पिलुपति
  • महाप्रतिहार
  • विषयपति
  • रणभंडागारिक

Explanation:

  • गुप्तकालीन प्रशासनिक व्यवस्था में सेना के रसद, अस्त्र-शस्त्र और आपूर्ति (सैन्य भंडार) का प्रबंधन करने वाले सर्वोच्च अधिकारी को ‘रणभंडागारिक’ (Ranabhandagarika) कहा जाता था।
  • गुप्त काल के अन्य प्रमुख प्रशासनिक पद:
    • पिलुपति: हाथी सेना का प्रमुख अधिकारी।
    • महाप्रतिहार: राजप्रासाद/राजमहल का मुख्य सुरक्षा अधिकारी।
    • विषयपति: जिले (विषय) का प्रशासनिक प्रमुख।
    • महाबलधिकृत: सेनापति / सर्वोच्च सैन्य कमांडर।

सिंधु घाटी में कपास की सबसे पहली खेती का प्रमाण किस स्थल पर पाया गया है?

  • हड़प्पा
  • कालीबंगा
  • मेहरगढ़
  • राखी गढ़ी

Explanation:

  • वर्तमान पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में स्थित नवपाषाणकालीन स्थल मेहरगढ़ (Mehrgarh) से लगभग 7000 ईसा पूर्व के कपास की खेती के प्राचीनतम साक्ष्य प्राप्त हुए हैं।
  • यूनानियों ने कपास को ‘सिंडन’ (Sindon) कहा क्योंकि इसका उत्पादन मुख्य रूप से सिंधु घाटी क्षेत्र में होता था।
  • अन्य महत्वपूर्ण तथ्य:
    • मेहरगढ़: कृषि (गेहूँ व जौ) और पशुपालन के प्राचीनतम साक्ष्य भी यहीं से मिले हैं।
    • कालीबंगा: जूते हुए खेत के साक्ष्य।
    • राखीगढ़ी: भारत में स्थित सबसे बड़ा हड़प्पाई स्थल।

संगम साहित्य के अकाम विषय के अंतर्गत जीवन के किस पहलू का अन्वेषण किया जाता है?

  • राजनीति
  • कर्म
  • युद्ध
  • प्रेम

Explanation:

  • प्राचीन तमिल संगम साहित्य की कविताओं को मुख्य रूप से दो श्रेणियों में बाँटा गया है: अकाम (Aham) और पुरम् (Puram)
  • अकाम: यह विषय व्यक्तिगत, आंतरिक, और मुख्य रूप से प्रेम, रोमांस और पारिवारिक संबंधों से संबंधित होता है।
  • पुरम्: यह बाहरी जीवन जैसे युद्ध, राजनीति, राजाओं की वीरता और सामाजिक दान से संबंधित होता है।

मौर्य साम्राज्य के दौरान ‘प्रदेशत्री’ शब्द किस अधिकारियों के लिए प्रयोग किया जाता था?

  • सेनापति
  • न्यायाधीश
  • अपराधियों के दमन के लिए जिम्मेदार अधिकारी
  • मुख्यमंत्री

Explanation:

  • कौटिल्य के अर्थशास्त्र के अनुसार मौर्यकालीन न्याय व्यवस्था में दो प्रकार के न्यायालय होते थे: धर्मस्थीय (दीवानी अदालत) और कंटकशोधन (फौजदारी अदालत)।
  • प्रदेशत्री (Pradeshtri): यह कंटकशोधन न्यायालय (फौजदारी अदालत) का मुख्य न्यायाधीश/अधिकारी होता था, जिसका मुख्य कार्य अपराधियों का दमन करना और शांति व्यवस्था बनाए रखना था।
  • धर्मस्थीय न्यायालय के न्यायाधीश को ‘व्यावहारिक’ कहा जाता था।

किस युद्ध के बाद अशोक ने बौद्ध धर्म अपनाया?

  • तक्षशिला का युद्ध
  • पानीपत का युद्ध
  • तक्षिला का युद्ध
  • कलिंग का युद्ध

Explanation:

  • अपने राज्याभिषेक के 8वें वर्ष (261 ईसा पूर्व) में लड़े गए भीषण कलिंग युद्ध (Kalinga War) के जनसंहार से द्रवित होकर सम्राट अशोक ने हिंसा का मार्ग त्याग दिया और बौद्ध धर्म अपना लिया।
  • कलिंग युद्ध का वर्णन अशोक के 13वें शिलालेख (13th Major Rock Edict) में मिलता है।
  • बौद्ध भिक्षु उपगुप्त ने अशोक को बौद्ध धर्म में दीक्षित किया था।

कलिंग युद्ध अशोक के बौद्ध धर्म अपनाने के कितने वर्ष बाद लड़ा गया था?

  • 273 ईसा पूर्व
  • 240 ईसा पूर्व
  • 261 ईसा पूर्व
  • 250 ईसा पूर्व

Explanation:

  • सम्राट अशोक का राज्याभिषेक 269 ईसा पूर्व में हुआ था और इसके 8 वर्ष बाद 261 ईसा पूर्व में ऐतिहासिक कलिंग युद्ध लड़ा गया था।
  • इस युद्ध के बाद अशोक ने ‘भेरीघोष’ (युद्ध की घोषणा) को बदलकर ‘धम्मघोष’ (धर्म की घोषणा) की नीति को अपनाया।

चंद्रगुप्त मौर्य ने किसकी सहायता से नंद राजवंश को उखाड़ फेंका?

  • मेगास्थनीज
  • बिन्दुसार
  • बिम्बिसार
  • चाणक्य

Explanation:

  • चंद्रगुप्त मौर्य ने अपने महान गुरु, राजनीतिक सलाहकार और कुशाग्र कूटनीतिज्ञ चाणक्य (विष्णुगुप्त / कौटिल्य) की सहायता से नंद वंश के अंतिम शासक घनानंद को पराजित करके 322 ईसा पूर्व में मौर्य साम्राज्य की स्थापना की।
  • चाणक्य ने राजनीतिक शास्त्र का विश्वप्रसिद्ध ग्रंथ ‘अर्थशास्त्र’ लिखा।

मौर्य साम्राज्य में किस धातु का उपयोग मुद्रा के रूप में व्यापक रूप से किया जाता था?

  • सोना
  • लोहा
  • तांबा
  • चांदी

Explanation:

  • मौर्य साम्राज्य की राजकीय मुद्रा ‘पण’ (Pana) थी, जो मुख्य रूप से चांदी (Silver) की बनी आहत/पंचमार्क (Punch-marked) मुद्रा होती थी।
  • मौर्य काल में टंकण और मुद्राओं की देखभाल करने वाले मुख्य अधिकारी को ‘लक्षणाध्यक्ष’ और सिक्कों के परीक्षक को ‘रूपदर्शक’ कहा जाता था।

किस स्थल को इसके विस्तृत गोदी संरचना के लिए जाना जाता है?

  • लोथल
  • धोलावीरा
  • हड़प्पा
  • राखी गढ़ी

Explanation:

  • गुजरात के अहमदाबाद जिले में भोगवा नदी के तट पर स्थित लोथल (Lothal) से सिंधु घाटी सभ्यता का विशाल गोदीबाड़ा (Dockyard / बंदरगाह) प्राप्त हुआ है।
  • यह विश्व का सबसे प्राचीन मानव निर्मित बंदरगाह माना जाता है, जहाँ से मेसोपोटामिया और पारस की खाड़ी के साथ समुद्री व्यापार होता था। इसकी खोज 1954 में एस. आर. राव ने की थी।

गुप्त साम्राज्य के दौरान, ‘चट’ और ‘भट’ शब्दों का प्रयोग ________ के लिए किया जाता था।

  • पुरोहित योद्धा
  • हाथी सवार
  • सैन्य जासूस
  • नियमित और अनियमित सैनिक

Explanation:

  • गुप्तकालीन अभिलेखों में पुलिस व्यवस्था और शांति-सुरक्षा से जुड़े कर्मचारियों को ‘चट’ (Chat – नियमित सैनिक/कर्मचारी) और ‘भट’ (Bhat – अनियमित सैनिक/पुलिसकर्मी) कहा गया है।
  • पुलिस विभाग के मुख्य अधिकारी को ‘दंडपाशिक’ कहा जाता था।

डेमेट्रियस, एक बैक्ट्रियाई-यूनानी शासक, ______ के साथ संघर्ष में आया।

  • हर्ष
  • नहपान
  • सिमुक
  • पुष्यमित्र

Explanation:

  • बैक्ट्रिया के यवन/ग्रीक राजा डेमेट्रियस प्रथम (Demetrius I) ने 180 ईसा पूर्व के आसपास भारत पर आक्रमण किया था और उसका संघर्ष शुंग वंश के संस्थापक पुष्यमित्र शुंग तथा उनके पौत्र वसुमित्र के साथ हुआ था।
  • कालिदास के प्रसिद्ध नाटक ‘मालविकाग्निमित्रम्’ में वसुमित्र द्वारा सिंधु नदी के तट पर यवनों (यूनानियों) को पराजित करने का वर्णन मिलता है।

अशोक के स्तंभों के लिए उपयोग की जाने वाली निर्माण सामग्री के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा सत्य है?

  • वे पर्याप्त रूप से पत्थर से बने थे।
  • वे पर्याप्त रूप से लकड़ी से बने थे।
  • वे पर्याप्त रूप से कंक्रीट से बने थे।
  • वे पर्याप्त रूप से लोहे से बने थे।

Explanation:

  • सम्राट अशोक के एकाश्मक स्तंभ (Monolithic Pillars) मुख्य रूप से वाराणसी के पास चुनार के बलुआ पत्थर (Chunar Sandstone) के एकल विशाल पत्थरों से तराशकर बनाए गए थे।
  • इन स्तंभों की सबसे बड़ी विशेषता उनकी चमकदार पॉलिश (Lustrous Polish) है, जो आज भी वैसी की वैसी बनी हुई है।

सर्वश्रेष्ठ संरक्षित बौद्ध गुफाओं में से एक, कार्ला, निम्नलिखित में से किस राज्य में है?

  • बिहार
  • उत्तरप्रदेश
  • महाराष्ट्र
  • उत्तराखंड

Explanation:

  • प्रसिद्ध कार्ला गुफाएँ (Karla Caves) महाराष्ट्र के पुणे जिले में लोनावाला के पास स्थित चट्टानों को काटकर बनाई गई प्राचीन बौद्ध गुफाएँ हैं।
  • कार्ला का चैत्य गृह भारत का सबसे बड़ा और सबसे विस्तृत संरक्षित हीनयान बौद्ध चैत्य गृह है, जिसका निर्माण मुख्य रूप से सातवाहन काल में हुआ था।

प्राचीन स्मारक और पुरातत्व स्थल और अवशेष अधिनियम 1958 के अनुसार, कोई भी संरचना, मूर्तिकला, शिलालेख आदि, जो कम से कम __________ वर्षों से अस्तित्व में हैं, प्राचीन कहलाते हैं।

  • 150
  • 50
  • 100
  • 200

Explanation:

  • ‘प्राचीन स्मारक और पुरातत्व स्थल एवं अवशेष अधिनियम, 1958’ (AMASR Act 1958) के अनुसार, कोई भी स्मारक, पुरातात्विक स्थल, संरचना या मूर्तिकला जो कम से कम 100 वर्षों से अस्तित्व में है, उसे ‘प्राचीन’ (Ancient) माना जाता है।
  • इन राष्ट्रीय महत्व के ऐतिहासिक स्थलों की सुरक्षा का जिम्मा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) का होता है।

निम्नलिखित में से कौन चंद्रगुप्त द्वितीय के नौ रत्नों में से एक है?

  • विशाखदत्त
  • ब्रह्मगुप्त
  • मोग्गलन
  • वराहमिहिर

Explanation:

  • गुप्त सम्राट चंद्रगुप्त द्वितीय (‘विक्रमादित्य’) के दरबार में 9 महान विद्वान रहते थे जिन्हें ‘नवरत्न’ कहा जाता था। वराहमिहिर (प्रसिद्ध खगोलशास्त्री व गणितज्ञ) इनमें से एक थे।
  • चंद्रगुप्त द्वितीय के 9 रत्न:
    1. कालिदास (महान कवि/नाटककार)
    2. वराहमिहिर (खगोलशास्त्री)
    3. धन्वन्तरि (चिकित्सक)
    4. अमरसिंह (कोशकार – अमरकोश)
    5. वररुचि (वैयाकरण)
    6. शंकु (वास्तुकार)
    7. क्षपणक (ज्योतिषी)
    8. घटकर्पर (कवि)
    9. वेतालभट्ट (जादूगर/तंत्रविद्या)

भारत में वैदिक काल की अवधि क्या थी?

  • 336 से 323 ईसा पूर्व
  • 3000 से 2600 ईसा पूर्व
  • 550 से 323 ईसा पूर्व
  • 1500 से 500 ईसा पूर्व

Explanation:

  • भारत में वैदिक सभ्यता की कुल अवधि 1500 ईसा पूर्व से 500 ईसा पूर्व तक मानी जाती है।
  • इसे दो मुख्य भागों में बाँटा गया है:
    • ऋग्वैदिक / प्रारंभिक वैदिक काल: 1500 ईसा पूर्व – 1000 ईसा पूर्व
    • उत्तर वैदिक काल: 1000 ईसा पूर्व – 600/500 ईसा पूर्व

निम्नलिखित में से कौन सा वेद रोगों के उपचार के बारे में है?

  • सामवेद
  • यजुर्वेद
  • अथर्ववेद
  • ऋग्वेद

Explanation:

  • अथर्ववेद (Atharvaveda) में रोगों के उपचार, औषधियों, जड़ी-बूटियों, जादू-टोना, वशीकरण और तंत्र-मंत्र से संबंधित मंत्रों का संग्रह है।
  • इसे ‘अथर्वा मुनि’ के नाम पर नामांकित किया गया है और इसे भारतीय आयुर्वेद का प्रारंभिक स्रोत माना जाता है।

चंद्रगुप्त मौर्य मौर्य वंश के संस्थापक थे। भारत के इतिहास में उनके शासनकाल के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है?

  • चंद्रगुप्त मौर्य को लगभग समूचे भारत का पहला साम्राज्य स्थापित करने का श्रेय दिया जाता है।
  • बैरम खान उनके सबसे अच्छे सहयोगी, संरक्षक और मार्गदर्शक थे।
  • साम्राज्य के पुरातात्विक साक्ष्य कई कस्बों और शहरों के अस्तित्व को दर्शाते हैं, जिनमें सबसे प्रमुख राजधानी पाटलिपुत्र है।
  • वह सिकंदर से मिला और उसकी सेना में काम किया ताकि वह मकदूनियन युद्ध कला सीख सके।

Explanation:

  • कथन (B) पूरी तरह गलत है क्योंकि बैरम खान मुगल सम्राट अकबर के संरक्षक और सेनापति थे, चंद्रगुप्त मौर्य के नहीं।
  • चंद्रगुप्त मौर्य के वास्तविक मार्गदर्शक और संरक्षक चाणक्य (कौटिल्य) थे।

सिंधु घाटी सभ्यता का कौन सा शहर शाब्दिक रूप से ‘मृतकों का टीला’ अर्थ रखता है?

  • बालाकोट
  • मेसोपोटामिया
  • हड़प्पा
  • मोहनजोदड़ो

Explanation:

  • सिंधी भाषा में ‘मोहनजोदड़ो’ (Mohenjo-daro) शब्द का शाब्दिक अर्थ ‘मृतकों का टीला’ (Mound of the Dead) होता है।
  • यह वर्तमान पाकिस्तान के सिंध प्रांत में सिंधु नदी के किनारे स्थित है। यहाँ से प्रसिद्ध ‘विशाल स्नानागार’ (Great Bath) और ‘नर्तकी की कांस्य मूर्ति’ प्राप्त हुई है।

अशोक लिपि को पहली बार पढ़ने में सफलता किसने प्राप्त की थी?

  • आर.ई.एम. व्हीलर
  • जेम्स प्रिंसेप
  • जॉन मार्शल
  • अलेक्जेंडर कनिंघम

Explanation:

  • कोलकाता मिंट के अधिकारी और एशियाटिक सोसाइटी के सचिव जेम्स प्रिंसेप (James Prinsep) ने 1837 ईस्वी में सम्राट अशोक के ब्राह्मी लिपि वाले अभिलेखों को पहली बार सफलतापूर्वक पढ़ा था।

निम्न में से किस वेद में संगीत से संबंधित ज्ञान संग्रहित है?

  • यजुर्वेद
  • अथर्ववेद
  • सामवेद
  • ऋग्वेद

Explanation:

  • सामवेद (Samaveda) को भारतीय शास्त्रीय संगीत का जनक माना जाता है। ‘साम’ का अर्थ ‘गान’ होता है।
  • इसके अधिकांश मंत्र ऋग्वेद से ही लिए गए हैं जिन्हें यज्ञों के समय ‘उद्गाता’ नामक पुरोहितों द्वारा गाकर सुनाया जाता था।

किस गुप्त सम्राट ने अपनी राजधानी सकल में स्थापित की?

  • मिहिरकुल
  • अशोक
  • चंद्रगुप्त
  • समुद्रगुप्त

Explanation:

  • हूण शासक मिहिरकुल (Mihirakula) ने पंजाब के सकल (Sakala / वर्तमान सियालकोट, पाकिस्तान) को अपनी राजधानी बनाया था।
  • (नोट: प्रश्न में मिहिरकुल को हूण शासक के रूप में संदर्भित किया जाना चाहिए था, परंतु परीक्षा के विकल्प के अनुसार मिहिरकुल सही उत्तर है जिन्होंने गुप्त काल के दौरान भारत पर आक्रमण किया था।)

गुप्तोत्तर राजनीति में ‘भूक्ति’ शब्द किसके लिए प्रयुक्त होता था?

  • प्रांत
  • कर
  • अधिकारी
  • राजा

Explanation:

  • गुप्त और गुप्तोत्तर काल में प्रशासनिक सहूलियत के लिए विशाल साम्राज्य को प्रशासनिक इकाइयों में बाँटा गया था, जिसमें सर्वोच्च प्रशासनिक इकाई ‘भुक्ति’ (Bhukti / प्रांत/State) कहलाती थी।
  • भुक्ति का प्रशासक ‘उपरिक’ (Uparika) कहलाता था। भुक्ति को आगे ‘विषय’ (जिलों) में विभाजित किया जाता था।

तख्त-ए-बाहि शिलालेख किस पार्थियन शासक का उल्लेख करता है?

  • एजेस
  • रुद्रदामन
  • गोण्डोफर्नेस
  • मेनेंडर

Explanation:

  • पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में स्थित तख्त-ए-बाहि अभिलेख (Takht-i-Bahi Inscription) प्रसिद्ध पार्थियन/पहलव राजा गोण्डोफर्नेस (Gondophares) से संबंधित है।
  • इन्हीं के शासनकाल में ईसाई धर्म प्रचारक सेंट थॉमस भारत आए थे।

एतुत्तोकै के संग्रह से संगम संकलन, पुराणनुरू और पटिरुप्पट्टू का मुख्य केंद्र क्या है?

  • प्रेम और भावनात्मक अनुभव
  • प्रकृति और परिदृश्यों का वर्णन
  • वीरता और राजाओं और उनके कार्यों की प्रशंसा
  • आध्यात्मिक और धार्मिक विषय

Explanation:

  • पुरानानुरु (Purananuru) और पतिर्रुप्पत्तु (Patirruppattu) संगम साहित्य की ‘पुरम्’ (Puram) श्रेणी के ग्रंथ हैं, जिनका मुख्य विषय राजाओं का पराक्रम, वीरता, युद्ध विजय और दानशीलता की प्रशंसा करना है।

गुप्त साम्राज्य के शासक चंद्रगुप्त प्रथम के बाद कौन उत्तराधिकारी बना?

  • रामगुप्त
  • कुमारगुप्त
  • समुद्रगुप्त
  • स्कंदगुप्त

Explanation:

  • गुप्त सम्राट चंद्रगुप्त प्रथम (319-335 ई.) के बाद उनका प्रतापी पुत्र समुद्रगुप्त (Samudragupta) (335-375 ई.) सिंहासन पर बैठा।
  • समुद्रगुप्त ने अपने सैन्य अभियानों से भारत का विशाल एकीकरण किया और उन्हें ‘भारत का नेपोलियन’ तथा ‘कविराज’ भी कहा जाता है।

द्वितीय शताब्दी ईस्वी के मध्य में मथुरा और गुजरात के क्षेत्रों पर शासन करने वाले रुद्रदामन किस वंश से संबंधित थे?

  • शक
  • पाल
  • पहलव
  • शुंग

Explanation:

  • रुद्रदामन प्रथम (Rudradaman I) पश्चिमी भारत के कार्दमक वंश के प्रसिद्ध शक शासक (Western Satraps) थे।
  • उन्होंने गुजरात के काठियावाड़ में स्थित सुदर्शन झील का जीर्णोद्धार करवाया था और संस्कृत भाषा में पहला विस्तृत जूनागढ़ अभिलेख जारी किया था।

बौद्ध वास्तुकला के निम्नलिखित में से किसमें बुद्ध के अवशेष पाए जाते हैं?

  • शिलालेख
  • स्तूप
  • चैत्य हॉल
  • अशोक स्तंभ

Explanation:

  • बौद्ध वास्तुकला में स्तूप (Stupa) अर्धगोलाकार संरचनाएँ होती हैं, जिनके सबसे मध्य भाग (‘धातु गर्भ’) में भगवान बुद्ध या उनके महान शिष्यों के पवित्र अस्थि अवशेष रखे जाते हैं।

निम्नलिखित में से किसे 580-605 ई. तक शासन करने वाले पुष्यभूति वंश का पहला उल्लेखनीय राजा माना जाता है?

  • राज्यवर्धन
  • हर्षवर्धन
  • प्रभाकरवर्धन
  • नरवरधन

Explanation:

  • थानेश्वर के पुष्यभूति (वर्धन) वंश के प्रथम शक्तिशाली एवं स्वतंत्र राजा प्रभाकरवर्धन (Prabhakaravardhana) थे, जिन्होंने ‘परमभट्टारक’ और ‘महाराजाधिराज’ की उपाधियां धारण कीं।
  • वे राज्यवर्धन, हर्षवर्धन और राजश्री के पिता थे।

समुद्रगुप्त के शासनकाल का सबसे महत्वपूर्ण स्रोत है:

  • प्रयाग प्रशस्ति
  • अर्थशास्त्र
  • मिलिंदपन्हो
  • विष्णु पुराण

Explanation:

  • समुद्रगुप्त के इतिहास और उनकी साम्राज्य विजय का सबसे प्रामाणिक स्रोत प्रयाग प्रशस्ति (इलाहाबाद स्तंभ लेख) है, जिसकी रचना उनके मुख्य दरबारी कवि हरिषेण द्वारा की गई थी।

वेद मंत्रोच्चारण की किस पारंपरिक पद्धति को सभी उच्चारण शैलियों में सबसे जटिल और व्यापक माना जाता है?

  • शीक्षा पाठ
  • जटा पाठ
  • दंडपाठ
  • घनपाठ

Explanation:

  • वैदिक मंत्रों के संरक्षण के लिए आठ प्रकार के विकृति पाठों में घनपाठ (Ghanapatha) को सबसे कठिन, जटिल और व्यापक मंत्रोच्चारण शैली माना जाता है।
  • इसमें शब्दों को आगे और पीछे के क्रम में बार-बार दोहराया जाता है (जैसे: 1-2, 2-1, 1-2-3, 3-2-1, 1-2-3) ताकि एक भी स्वर या मात्रा की गलती न हो।

निम्नलिखित में से किस स्तूप को उस स्थान के रूप में चिह्नित किया गया है जहाँ बुद्ध ने अपना पहला उपदेश दिया था?

  • अमरावती स्तूप
  • महाबोधि स्तूप
  • सांची स्तूप
  • धमेक स्तूप

Explanation:

  • धमेक स्तूप उत्तर प्रदेश के सारनाथ (वाराणसी के पास) में स्थित है। यह वही पवित्र स्थान है जहाँ भगवान बुद्ध ने ज्ञान प्राप्ति के बाद अपने पहले पांच शिष्यों को पहला उपदेश (धम्मचक्कप्पवत्तन सूत्र) दिया था।
  • इस स्तूप का निर्माण मूल रूप से सम्राट अशोक द्वारा 249 ईसा पूर्व में करवाया गया था और बाद में 500 ईस्वी (गुप्त काल) में इसका पुनर्निर्माण किया गया।
  • बौद्ध धर्म के 4 प्रमुख तीर्थ स्थल:
    • लुम्बिनी (नेपाल) – बुद्ध का जन्म स्थान
    • बोधगया (बिहार) – ज्ञान प्राप्ति स्थान (महाबोधि मंदिर)
    • सारनाथ (उत्तर प्रदेश) – प्रथम उपदेश स्थान (धमेक स्तूप)
    • कुशीनगर (उत्तर प्रदेश) – महापरिनिर्वाण (मृत्यु) स्थान

शुंग वंश का अंतिम शासक कौन था?

  • अग्निमित्र
  • देवभूति
  • भगभद्र
  • वासुमित्र

Explanation:

  • शुंग वंश का अंतिम शासक देवभूति (या देवभूमि) था।
  • लगभग 73 ईसा पूर्व में देवभूति के अमात्य (मंत्री) वासुदेव ने उसकी हत्या करके कण्व वंश की स्थापना की।
  • महत्वपूर्ण राजवंश और उनके अंतिम शासक:
    • मौर्य वंश – बृहद्रथ (हत्या पुष्यमित्र शुंग ने की)
    • शुंग वंश – देवभूति (स्थापक: पुष्यमित्र शुंग)
    • कण्व वंश – सुशर्मा
    • गुप्त वंश – विष्णुगुप्त

हर्षवर्धन के साम्राज्य की राजधानी क्या थी?

  • पाटलिपुत्र
  • थनेसर
  • कन्नौज
  • आगरा

Explanation:

  • पुष्यभूति (वर्धन) वंश के महान सम्राट हर्षवर्धन ने अपनी राजधानी थानेश्वर (थनेसर) से कन्नौज स्थानांतरित की थी।
  • अपनी बहन राज्यश्री के पति (ग्रहवर्मन) की मृत्यु के बाद, हर्षवर्धन ने कन्नौज के सिंहासन को संभाला और इसे अपनी नई राजधानी बनाया।
  • प्रमुख राजवंश और उनकी राजधानियाँ:
    • मौर्य / गुप्त वंश – पाटलिपुत्र
    • सातवाहन वंश – प्रतिष्ठान (पैठन)
    • पल्लव वंश – कांचीपुरम
    • चालुक्य वंश (वातापी) – बादामी / वातापी

निम्नलिखित में से किस राजा ने कश्मीर में चौथी बौद्ध संगीति का आयोजन किया?

  • चंद्रगुप्त मौर्य
  • बिम्बिसार
  • कनिष्क
  • अजातशत्रु

Explanation:

  • चौथी बौद्ध संगीति कुषाण वंश के शासक कनिष्क के संरक्षण में कुंडलवन (कश्मीर) में आयोजित की गई थी।
  • इसके अध्यक्ष वसुमित्र और उपाध्यक्ष अश्वघोष थे। इसी संगीति में बौद्ध धर्म दो सम्प्रदायों – हीनयान और महायान में विभाजित हो गया।
  • चार प्रमुख बौद्ध संगीतियाँ:
    • प्रथम संगीति (483 ईसा पूर्व) – राजगृह (अध्यक्ष: महाकश्यप, शासक: अजातशत्रु)
    • द्वितीय संगीति (383 ईसा पूर्व) – वैशाली (अध्यक्ष: सबकामी, शासक: कालाशोक)
    • तृतीय संगीति (250 ईसा पूर्व) – पाटलिपुत्र (अध्यक्ष: मोगलिपुत्त तिस्स, शासक: अशोक)
    • चतुर्थ संगीति (72 ईस्वी) – कुंडलवन, कश्मीर (अध्यक्ष: वसुमित्र, शासक: कनिष्क)

निम्नलिखित में से कौन सा गौतम बुद्ध का उपदेश “अग्नि उपदेश” के रूप में जाना जाता है?

  • ब्रह्मजाल सूत्र
  • अनत्ता-लक्खण सूत्र
  • अदित्तपरियाय सूत्र
  • धम्मचक्कप्पवत्तना सूत्र

Explanation:

  • अदित्तपरियाय सूत्र (Adittapariyaya Sutta) को पाली भाषा में “अग्नि उपदेश” (Fire Sermon) कहा जाता है।
  • बुद्ध ने यह उपदेश बिहार के गयाशीर्ष (गया) में 1,000 जटिल (जटाधारी) तपस्वियों को दिया था, जिसमें उन्होंने सिखाया कि सभी इंद्रियाँ लालच, द्वेष और मोह की आग से जल रही हैं।
  • प्रमुख बौद्ध सूत्र:
    • धम्मचक्कप्पवत्तना सूत्र – बुद्ध का प्रथम उपदेश (चार आर्य सत्य और अष्टांगिक मार्ग)
    • अनत्ता-लक्खण सूत्र – बुद्ध का दूसरा उपदेश (अनात्म/आत्माहीनता का सिद्धांत)
    • महापरिनिब्बान सूत्र – बुद्ध के अंतिम दिनों और परिनिर्वाण का वर्णन

निम्नलिखित में से किस स्थान पर गौतम बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था?

  • कुशीनगर
  • सारनाथ
  • बोधगया
  • पावपुरी

Explanation:

  • गौतम बुद्ध को 35 वर्ष की आयु में बिहार के बोधगया में निरंजना (पुनपुन/फल्गु) नदी के तट पर एक पीपल के वृक्ष (बोधिवृक्ष) के नीचे वैशाख पूर्णिमा के दिन ज्ञान (संबोधि) प्राप्त हुआ था।
  • ज्ञान प्राप्ति के बाद सिद्धार्थ “बुद्ध” (जाग्रत व्यक्ति) कहलाए।
  • जैन और बौद्ध धर्म से जुड़े स्थान:
    • पावपुरी – भगवान महावीर का निर्वाण स्थान
    • कुशीनगर – गौतम बुद्ध का महापरिनिर्वाण स्थान
    • सारनाथ – बुद्ध का प्रथम उपदेश स्थल

महान अशोक किस वंश से संबंधित थे?

  • मौर्य वंश
  • गुप्त वंश
  • शुंग वंश
  • चोल वंश

Explanation:

  • सम्राट अशोक मौर्य वंश के तीसरे शासक थे। वे बिंदुसार के पुत्र और चंद्रगुप्त मौर्य के पौत्र (पोते) थे।
  • अशोक ने 268 ईसा पूर्व से 232 ईसा पूर्व तक शासन किया। उन्हें शिलालेखों में ‘देवानामप्रिय’ और ‘प्रियदर्शी’ की उपाधियों से जाना जाता है।
  • प्रमुख प्राचीन भारतीय वंश और संस्थापक:
    • मौर्य वंश – चंद्रगुप्त मौर्य
    • गुप्त वंश – श्रीगुप्त
    • शुंग वंश – पुष्यमित्र शुंग
    • चोल वंश (पुनरुद्धार) – विजयालय

कलिंग के घातक युद्ध ने प्रतिशोधी सम्राट अशोक को एक स्थिर और शांतिप्रिय सम्राट में बदल दिया और वह _______ के अनुयायी बन गए।

  • बौद्ध धर्म
  • जैन धर्म
  • वेदांत
  • हिंदू धर्म

Explanation:

  • कलिंग युद्ध (261 ईसा पूर्व) में हुए भीषण नरसंहार और तबाही को देखकर अशोक का हृदय परिवर्तन हुआ और उन्होंने युद्ध नीति (भेरीघोष) को त्यागकर धम्म नीति (धम्मघोष) अपनाई।
  • अशोक को बौद्ध भिक्षु उपगुप्त ने बौद्ध धर्म की दीक्षा दी थी।
  • महत्वपूर्ण ऐतिहासिक तथ्य:
    • कलिंग युद्ध का उल्लेख अशोक के 13वें शिलालेख में मिलता है।
    • अशोक ने बौद्ध धर्म के प्रचार के लिए अपने पुत्र महेंद्र और पुत्री संघमित्रा को श्रीलंका भेजा था।

चीनी यात्री ह्वेन त्सांग _______ के समकालीन थे-

  • चन्द्रगुप्त द्वितीय
  • रुक्मा देवी
  • हर्षवर्धन
  • बिन्दुसार

Explanation:

  • प्रसिद्ध चीनी बौद्ध तीर्थयात्री ह्वेन त्सांग (Xuanzang) 7वीं शताब्दी (लगभग 630-645 ई.) में सम्राट हर्षवर्धन के शासनकाल के दौरान भारत आया था।
  • ह्वेन त्सांग को “यात्रियों का राजकुमार” (Prince of Pilgrims) कहा जाता है। उसने अपनी यात्रा का वृत्तांत अपनी प्रसिद्ध पुस्तक ‘सी-यू-की’ (Si-Yu-Ki) में लिखा।
  • प्रमुख विदेशी यात्री और उनके समकालीन शासक:
    • फाहियान (Faxian) – चंद्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य)
    • मेगस्थनीज – चंद्रगुप्त मौर्य (पुस्तक: इंडिका)
    • इब्न बतूता – मोहम्मद बिन तुगलक (पुस्तक: रेहला)
    • अल-बरूनी – महमूद गजनवी (पुस्तक: किताब-उल-हिंद)

अमरावती वास्तुकला को सबसे पहले किस शासक ने संरक्षित किया था?

  • सातवाहन राजवंश
  • नंद राजवंश
  • वाकाटक राजवंश
  • मौर्य वंश

Explanation:

  • अमरावती कला शैली (आंध्र प्रदेश में कृष्णा नदी के तट पर विकसित) को सबसे पहले सातवाहन शासकों द्वारा और बाद में इक्ष्वाकु शासकों द्वारा संरक्षण प्रदान किया गया था।
  • इस शैली की मुख्य विशेषता सफेद संगमरमर (White Marble) का प्रयोग तथा बुद्ध के जीवन से जुड़ी जातक कथाओं का चित्रांकन है।
  • प्राचीन भारतीय मूर्तिकला शैलियाँ:
    • गांधार शैली – कुषाण शासक (कनिष्क), ग्रीक-बौद्ध कला का प्रभाव
    • मथुरा शैली – कुषाण और गुप्त शासक, लाल बलुआ पत्थर का प्रयोग
    • अमरावती शैली – सातवाहन और इक्ष्वाकु शासक, सफेद संगमरमर का प्रयोग

चंद्रगुप्त मौर्य किसकी सहायता से नंद को पराजित करने में सफल हुए?

  • स्टेपिंग
  • पाणिनी
  • बिन्दुसार
  • चाणक्य

Explanation:

  • चंद्रगुप्त मौर्य ने अपने गुरु और रणनीतिकार चाणक्य (कौटिल्य / विष्णुगुप्त) की सहायता से नंद वंश के अंतिम शासक घनानंद को पराजित कर 322 ईसा पूर्व में मौर्य साम्राज्य की स्थापना की थी।
  • चाणक्य ने राजनीतिक शास्त्र और अर्थशास्त्र पर प्रसिद्ध ग्रंथ ‘अर्थशास्त्र’ की रचना की।
  • महत्वपूर्ण प्राचीन ग्रंथ और लेखक:
    • अर्थशास्त्र – चाणक्य (कौटिल्य)
    • अष्टाध्यायी (संस्कृत व्याकरण) – पाणिनी
    • मुद्राराक्षस – विशाखदत्त (चंद्रगुप्त मौर्य के उत्थान पर आधारित नाटक)

प्राचीन भारतीय इतिहास के अनुसार, शुल्वसूत्र निम्नलिखित में से किससे संबंधित थे?

  • वास्तुशिल्प
  • अर्थशास्त्र
  • ज्यामिति
  • विज्ञान

Explanation:

  • शुल्वसूत्र (Sulba Sutras) कल्पसूत्रों का हिस्सा हैं और वे प्राचीन भारतीय ज्यामिति (Geometry) तथा गणितीय नियमों से संबंधित ग्रंथ हैं।
  • इनमें यज्ञ की वेदियों (Fire Altars) के निर्माण के लिए सटीक ज्यामितीय आकृतियों और मापों का विवरण दिया गया है। प्रसिद्ध बौधायन शुल्वसूत्र में पाइथागोरस प्रमेय का सबसे प्राचीन संदर्भ मिलता है।
  • वेद के 6 अंग (वेदांग):
    • शिक्षा (उच्चारण)
    • कल्प (कर्मकांड / विधि – शुल्वसूत्र इसी का भाग है)
    • व्याकरण (व्याकरण)
    • निरुक्त (शब्द व्युत्पत्ति)
    • छंद (छंद शास्त्र)
    • ज्योतिष (खगोल विज्ञान)

हड़प्पा में निम्नलिखित में से किस रंग के बलुआ पत्थर से एक पुरुष धड़ (Male Torso) मिला था?

  • पीला
  • भूरा
  • लाल
  • हरा

Explanation:

  • हड़प्पा स्थल से लाल बलुआ पत्थर (Red Sandstone) से निर्मित एक पुरुष धड़ (Male Torso) की प्रसिद्ध मूर्ति पाई गई थी।
  • यह मूर्ति प्रागैतिहासिक मूर्तिकला का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जो मानव शरीर रचना की यथार्थवादी समझ को दर्शाती है।
  • सिंधु घाटी सभ्यता की प्रसिद्ध मूर्तियाँ:
    • कांस्य नर्तकी की मूर्ति – मोहनजोदड़ो से प्राप्त (लुप्त मोम तकनीक / Lost-wax casting)
    • दाढ़ी वाले पुजारी/राजा की मूर्ति (Steatite) – मोहनजोदड़ो से प्राप्त
    • लाल बलुआ पत्थर का पुरुष धड़ – हड़प्पा से प्राप्त

सिंधु घाटी सभ्यता की धोलावीरा स्थल किसके लिए सबसे अधिक जानी जाती है?

  • गाड़ियों का निर्माण
  • लोहे के औजारों का उपयोग
  • जल संरक्षण प्रणाली
  • शैल-कृत वास्तुकला

Explanation:

  • गुजरात के कच्छ जिले में स्थित धोलावीरा अपनी उत्कृष्ट जल प्रबंधन और संरक्षण प्रणाली (Advanced Water Management System) और जलाशयों के लिए प्रसिद्ध है।
  • धोलावीरा एकमात्र हड़प्पा शहर था जो तीन भागों (दुर्ग, मध्य नगर और निचला नगर) में विभाजित था, जबकि अन्य शहर दो भागों में विभाजित थे।
  • धोलावीरा से जुड़ी मुख्य बातें:
    • खोज: आर. एस. बिष्ट (1990-91)
    • यहाँ से हड़प्पा लिपि का एक बड़ा साइनबोर्ड (10 बड़े चिन्हों वाला) मिला है।
    • इसे 2021 में भारत के 40वें यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के रूप में शामिल किया गया था।

हड़प्पा सभ्यता के दौरान आभूषण बनाने के लिए निम्नलिखित में से किस सामग्री का उपयोग नहीं किया गया था?

  • हाथी दांत
  • कार्नेलियन
  • स्टीटाइट
  • हीरा

Explanation:

  • हड़प्पा सभ्यता के लोग हीरे (Diamond) के उपयोग और खनन से परिचित नहीं थे।
  • वे आभूषण बनाने के लिए सोने, चांदी, तांबे, हाथी दांत, स्टीटाइट (सेलखड़ी), और कार्नेलियन (लाल रंग का मनका/पत्थर) का उपयोग करते थे। लोथल और चन्हूदड़ों मनके बनाने के मुख्य केंद्र थे।
  • हड़प्पा सभ्यता की धातुओं सम्बंधी बातें:
    • हड़प्पा सभ्यता एक कांस्य युगीन (Bronze Age) सभ्यता थी।
    • हड़प्पा के लोग लोहे (Iron) से पूरी तरह अनभिज्ञ थे (भारत में लोहे का आगमन उत्तर वैदिक काल से माना जाता है)।

हड़प्पा कालीन व्यापार संबंध निम्नलिखित में से किस स्थान तक फैले थे?

  • मेसोपोटामिया
  • ग्रीस
  • फारस
  • रोम

Explanation:

  • हड़प्पा सभ्यता के मेसोपोटामिया (आधुनिक इराक) के साथ सुदृढ़ समुद्री और स्थल व्यापारिक संबंध थे।
  • मेसोपोटामिया के बेलनाकार सील (Seals) हड़प्पा शहरों से प्राप्त हुए हैं, और मेसोपोटामिया के अभिलेखों में सिंधु क्षेत्र के लिए “मेलुहा” (Meluhha) शब्द का प्रयोग किया गया है।
  • हड़प्पा व्यापार के प्रमुख स्रोत:
    • तांबा – खेतड़ी (राजस्थान) और ओमान
    • लाजवर्द (Lapis Lazuli) – बदख्शां (अफगानिस्तान)
    • टीन – अफगानिस्तान और ईरान
    • सोना – कर्नाटक (कोलार)

हड़प्पा के लोग निम्नलिखित में से किसी एक भगवान की पूजा नहीं करते थे?

  • शिव
  • विष्णु
  • पक्षियों
  • स्वस्तिक

Explanation:

  • हड़प्पा सभ्यता में वैदिक देवता विष्णु की पूजा के कोई प्रमाण नहीं मिले हैं।
  • वे मातृदेवी (Mother Goddess), पशुपतिनाथ (आद्य-शिव), पीपल के पेड़, स्वस्तिक प्रतीक, सांप और प्रकृति/पक्षियों (जैसे कबूतर) की पूजा करते थे।
  • पशुपति सील (Mohanjo-daro):
    • मोहनजोदड़ो से एक मुहर मिली है जिसमें एक त्रिमुखी पुरुष पद्मासन मुद्रा में बैठा है।
    • उनके चारों ओर 5 जानवर हैं: हाथी, बाघ, गैंडा, भैंसा और दो हिरण। सर जॉन मार्शल ने इन्हें ‘आद्य शिव’ (Proto-Shiva) कहा था।

________ ने ब्राह्मी और खरोष्ठी लिपियों की व्याख्या की जो पहले के शिलालेखों के लिए उपयोग की जाती थीं।

  • जेम्स प्रिंसेप
  • कनिंघम
  • व्हीलर
  • मार्शल

Explanation:

  • ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के अधिकारी और सिक्का विशेषज्ञ जेम्स प्रिंसेप (James Prinsep) ने 1837 में पहली बार अशोक के शिलालेखों की ब्राह्मी और खरोष्ठी लिपियों को पढ़ा/डीकोड किया था।
  • इसी खोज के बाद यह सिद्ध हुआ कि अभिलेखों में उल्लिखित ‘देवानामप्रिय प्रियदर्शी’ कोई और नहीं बल्कि सम्राट अशोक थे।
  • पुरातत्व संबंधी प्रमुख व्यक्तित्व:
    • अलेक्जेंडर कनिंघम – भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के जनक
    • जॉन मार्शल – 1921 में सिंधु घाटी सभ्यता की खोज के समय ASI के महानिदेशक
    • दयाराम साहनी – 1921 में हड़प्पा की खोज करने वाले

मुंडक उपनिषद से “सत्यमेव जयते” शब्द का प्रचार किस स्वतंत्रता सेनानी ने किया?

  • सुभाष चंद्र बोस
  • मदन मोहन मालवीय
  • महात्मा गांधी
  • स्वामी विवेकानंद

Explanation:

  • भारत का राष्ट्रीय आदर्श वाक्य “सत्यमेव जयते” (सत्य की ही विजय होती है) प्राचीन मुंडक उपनिषद (Mundaka Upanishad) से लिया गया है।
  • स्वतंत्रता संग्राम के दौरान पंडित मदन मोहन मालवीय ने इस नारे को लोकप्रिय बनाया और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अपने अध्यक्षीय भाषण (1918) में इसे मुख्य मंच पर प्रस्तुत किया।
  • आदर्श वाक्य से संबंधित तथ्य:
    • इसे 26 जनवरी 1950 को भारत के राष्ट्रीय आदर्श वाक्य के रूप में अपनाया गया था।
    • यह भारत के राष्ट्रीय प्रतीक (अशोक स्तंभ के सिंह शीर्ष) के नीचे देवनागरी लिपि में अंकित है।

बुद्ध का वास्तविक नाम क्या था?

  • सिद्धार्थ
  • चन्ना
  • दोहराव
  • कथक

Explanation:

  • भगवान बुद्ध का बचपन का और वास्तविक नाम सिद्धार्थ (सिद्धार्थ गौतम) था। इनका जन्म शाक्य गणराज्य की राजधानी कपिलावस्तु के पास लुम्बिनी (नेपाल) में हुआ था।
  • ज्ञान प्राप्ति के बाद उन्हें ‘बुद्ध’ (ज्ञानी/जाग्रत) कहा गया।
  • बुद्ध के जीवन से जुड़े नाम और संबंध:
    • पिता – शुद्धोदन (शाक्य वंश के प्रमुख)
    • माता – महामाया (कोलीय वंश) / महाप्रजापति गौतमी (सौतेली माँ)
    • पत्नी – यशोधरा | पुत्र – राहुल
    • सारथी – चन्ना (छन्न) | प्रिय घोड़ा – कंथक

नवपाषाण कालीन स्थल भिरराणा किस राज्य में स्थित है?

  • राजस्थान
  • मध्य प्रदेश
  • गुजरात
  • हरियाणा

Explanation:

  • भिरराणा (Bhirrana) भारत के हरियाणा राज्य के फतेहाबाद जिले में स्थित एक प्राचीन पुरातत्व स्थल है।
  • भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की खुदाई के अनुसार, भिरराणा को भारतीय उपमहाद्वीप में सिंधु घाटी सभ्यता की सबसे प्राचीन बस्तियों (7500-6000 ईसा पूर्व) में से एक माना गया है।
  • हरियाणा में स्थित अन्य प्रमुख हड़प्पा/प्राचीन स्थल:
    • राखीगढ़ी – भारत में स्थित सबसे बड़ा हड़प्पा कालीन स्थल
    • बनावली – मिट्टी का बना हल (Plough) यहाँ से प्राप्त हुआ
    • मीताथल – हिसार जिले में स्थित हड़प्पा स्थल

गुप्त प्रशासन में कौन-सा अधिकारी शांति और युद्ध के मामलों के लिए जिम्मेदार था?

  • विषयपति
  • संधि-विग्रहीक
  • महाप्रतिहार
  • महादंडनायक

Explanation:

  • गुप्त काल के शासनकाल में विदेश मंत्री या युद्ध और शांति के मामलों से संबंधित अधिकारी को संधि-विग्रहीक (Sandhivigrahika) कहा जाता था।
  • प्रसिद्ध कवि हरिषेण (जिन्होंने प्रयाग प्रशस्ति की रचना की) समुद्रगुप्त के शासनकाल में संधि-विग्रहीक के पद पर थे।
  • गुप्त कालीन प्रमुख प्रशासनिक पद:
    • महादंडनायक – मुख्य न्यायाधीश / न्याय विभाग का प्रमुख
    • महाप्रतिहार – राजप्रासाद (महल) का सुरक्षा अधिकारी
    • विषयपति – जिले (विषय) का प्रशासनिक प्रमुख
    • महाबलाधिकृत – सेनापति / सैन्य बलों का प्रमुख

निम्नलिखित में से किस शासक द्वारा अधिकतम संख्या में बौद्ध स्तूपों का निर्माण कराया गया था?

  • अशोक
  • पुष्यमित्र शुंग
  • चंद्रगुप्त मौर्य
  • बिम्बिसार

Explanation:

  • बौद्ध परंपराओं और बौद्ध साहित्य (जैसे दिव्यावदान) के अनुसार, मौर्य सम्राट अशोक ने पूरे भारतीय उपमहाद्वीप में लगभग 84,000 स्तूपों का निर्माण करवाया था।
  • अशोक ने बुद्ध की अस्थियों और अवशेषों को विभाजित कर उन पर स्तूप बनवाए, जिनमें सांची स्तूप (मध्य प्रदेश) और धमेक स्तूप (सारनाथ) सबसे प्रसिद्ध हैं।
  • स्तूप से जुड़े प्रमुख स्थापत्य भाग:
    • अंड (Anda) – अर्धगोलाकार ढांचा
    • हरमिका (Harmika) – अंड के ऊपर बना वर्गाकार मंच, जो पवित्र अवशेषों की रक्षा करता है
    • छत्र (Chatra) – हरमिका के ऊपर लगा तीन छतरियों वाला स्तंभ
    • प्रदक्षिणा पथ – स्तूप के चारों ओर परिक्रमा मार्ग

नर्मदा सीमा पर हर्षवर्धन को किसने पराजित किया था?

  • राजराज चोल
  • नरसिंहवर्मन
  • पुलाकेशिन द्वितीय
  • महेन्द्रवर्मन द्वितीय

Explanation:

  • चालुक्य वंश (बादामी) के महान राजा पुलकेशिन द्वितीय (Pulakeshin II) ने 618-619 ईस्वी के दौरान नर्मदा नदी के तट पर उत्तर भारत के सम्राट हर्षवर्धन को पराजित किया था।
  • इस युद्ध के बाद हर्षवर्धन का दक्षिण भारत की ओर साम्राज्य विस्तार रुक गया। इस विजय के बाद पुलकेशिन द्वितीय ने ‘परमेश्वर’ की उपाधि धारण की थी।
  • महत्वपूर्ण ऐतिहासिक साक्ष्य:
    • इस युद्ध का विस्तृत विवरण ऐहोल अभिलेख (Aihole Inscription) में मिलता है, जिसकी रचना पुलकेशिन द्वितीय के दरबारी कवि रविकीर्ति ने की थी।

चंद्रगुप्त प्रथम द्वारा उपयोग की जाने वाली शाही उपाधि _________ थी।

  • महाराज
  • चक्रवर्ती
  • सम्राट
  • महाराजाधिराज

Explanation:

  • गुप्त वंश के वास्तविक संस्थापक चंद्रगुप्त प्रथम (319-335 ई.) ने सबसे पहले ‘महाराजाधिराज’ (राजाओं के राजा) की महान उपाधि धारण की थी।
  • उन्होंने 319-320 ईस्वी में गुप्त संवत की शुरुआत की और लिच्छवि राजकुमारी कुमारदेवी से विवाह कर अपनी राजनीतिक शक्ति को सुदृढ़ किया।
  • गुप्त शासकों की प्रमुख उपाधियाँ:
    • श्रीगुप्त और घटोत्कच – ‘महाराज’ (शुरुआती शासक)
    • समुद्रगुप्त – ‘कविराज’, ‘अश्वमेध पराक्रमा’, ‘भारत का नेपोलियन’
    • चंद्रगुप्त द्वितीय – ‘विक्रमादित्य’, ‘परम भागवत’

अशोक के शिलालेखों में ‘धम्म’ मुख्य रूप से किसका संदर्भ देता है?

  • बुद्ध के नारे
  • शाही फरमान
  • बौद्ध सिद्धांत
  • नैतिक कानून

Explanation:

  • सम्राट अशोक का ‘धम्म’ (प्राकृत शब्द, संस्कृत ‘धर्म’ से बना) कोई धर्म या धार्मिक संप्रदाय नहीं था, बल्कि यह नैतिक आचार संहिता और सामाजिक नैतिकता का कानून (Moral Law / Code of Conduct) था।
  • अशोक के धम्म का मुख्य उद्देश्य समाज में शांति, बड़ों का सम्मान, अहिंसा, दासों-सेवकों के साथ मानवीय व्यवहार और सभी धर्मों के प्रति सहिष्णुता को बढ़ावा देना था।
  • अशोक के धम्म से जुड़ी मुख्य बातें:
    • अशोक ने धम्म के प्रचार के लिए ‘धम्म महामात्र’ नामक अधिकारियों की नियुक्ति की।
    • धम्म के सिद्धांतों का वर्णन अशोक के दूसरे और सातवें स्तंभ अभिलेखों में विस्तार से मिलता है।

द्विभाषी शिलालेखों वाले सिक्के जारी करने वाला इंडो-ग्रीक राजा कौन था?

  • एंटियाल्किडास
  • डेमेट्रियस
  • अपोलोडोटस
  • मेनेंडर I

Explanation:

  • इंडो-ग्रीक (हिंद-यवन) राजा डेमेट्रियस प्रथम (Demetrius I) पहला शासक था जिसने द्विभाषी (Bilingual) और द्वि-लिपि (Bi-script) वाले सिक्के जारी किए।
  • इन सिक्कों पर एक तरफ यूनानी (Greek) भाषा और लिपि थी, तथा दूसरी तरफ प्राकृत भाषा के साथ खरोष्ठी लिपि का प्रयोग किया गया था।
  • इंडो-ग्रीक सिक्कों से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य:
    • भारत में सबसे पहले सोने के सिक्के जारी करने वाले शासक इंडो-ग्रीक ही थे।
    • सिक्कों पर राजाओं के नाम, चित्र और तिथियां उत्कीर्ण करने की परंपरा भी इंडो-ग्रीक शासकों ने शुरू की थी।
    • मेनेंडर I (मिलिंद) – सबसे प्रसिद्ध इंडो-ग्रीक राजा, जिसने बौद्ध भिक्षु नागसेन से ‘मिलिंदपन्हो’ में प्रश्न पूछे थे।

बौद्ध भित्ति चित्रों वाली बाघ गुफाएँ भारत के निम्नलिखित में से किस राज्य में स्थित हैं?

  • कर्नाटक
  • महाराष्ट्र
  • उड़ीसा
  • मध्य प्रदेश

Explanation:

  • बाघ की गुफाएँ (Bagh Caves) मध्य प्रदेश के धार जिले में विंध्याचल पर्वत श्रेणी में बाघिनी नदी के तट पर स्थित 9 चट्टान-कृत (Rock-cut) बौद्ध गुफाओं का एक समूह है।
  • ये गुफाएँ गुप्त काल (5वीं-6वीं शताब्दी ईस्वी) के दौरान निर्मित भित्ति चित्रों (Fresco Paintings) और बौद्ध कला के लिए जानी जाती हैं।
  • भारत की अन्य प्रमुख प्राचीन गुफाएँ:
    • अजंता और एलोरा गुफाएँ – औरंगाबाद (छत्रपति संभाजीनगर), महाराष्ट्र
    • बराबर गुफाएँ – जहानाबाद, बिहार (अशोक द्वारा आजीवकों के लिए निर्मित)
    • उदयगिरि और खंडगिरि गुफाएँ – भुवनेश्वर, ओडिशा (जैन गुफाएँ)
    • बादामी गुफाएँ – बागलकोट, कर्नाटक (चालुक्य कला)

जैन मठों को क्या कहा जाता है?

  • अपरिग्रह
  • श्वेतांबर
  • बासड़ी
  • तीर्थ

Explanation:

  • दक्षिण भारत (विशेष रूप से कर्नाटक) में जैन मठों, मंदिरों या पूजा स्थलों को ‘बासड़ी’ (Basadi / Basadi) कहा जाता है।
  • कर्नाटक का श्रवणबेलगोला एक प्रसिद्ध बासड़ी केंद्र है जहाँ भगवान बाहुबली (गोमटेश्वर) की 57 फीट ऊँची एकाश्मक (Monolithic) प्रतिमा स्थित है।
  • जैन धर्म से जुड़े प्रमुख शब्द:
    • अपरिग्रह – जैन धर्म के 5 महाव्रतों में से एक (धन/संपत्ति का संग्रह न करना)।
    • श्वेतांबर और दिगंबर – प्रथम जैन संगीति के बाद जैन धर्म के दो प्रमुख संप्रदाय।
    • तीर्थंकर – जैन धर्म में ज्ञान प्राप्त 24 महान शिक्षक (प्रथम: ऋषभदेव, 24वें: महावीर स्वामी)।

निम्नलिखित में से कौन अशोक के पोते में से एक था?

  • बिन्दुसार
  • दशरथ मौर्य
  • चंद्रगुप्त द्वितीय
  • बृहद्रथ

Explanation:

  • दशरथ मौर्य सम्राट अशोक के पोते (Grandson) थे और वे अशोक के बाद मौर्य साम्राज्य के शासक बने।
  • दशरथ ने अपने दादा अशोक की तरह आजीविक संप्रदाय के भिक्षुओं को बिहार में नागार्जुनी गुफाएँ दान में दी थीं। दशरथ ने भी ‘देवानामप्रिय’ की उपाधि धारण की थी।
  • मौर्य वंश की वंशावली क्रम:
    • चंद्रगुप्त मौर्य (संस्थापक) ➔ बिंदुसार (पुत्र) ➔ अशोक (पोता) ➔ दशरथ / कुणाल (प्रपौत्र) ➔ … ➔ बृहद्रथ (अंतिम शासक)।

मोहनजोदड़ो स्थल किस नदी से सम्बंधित है?

  • सरस्वती
  • गंगा
  • यमुना
  • सिंधु

Explanation:

  • मोहनजोदड़ो (जिसका अर्थ है ‘मृतकों का टीला’) पाकिस्तान के सिंध प्रांत में सिंधु नदी के दाहिने तट पर स्थित है।
  • इसकी खोज 1922 में राखालदास बनर्जी (R. D. Banerji) ने की थी। यहाँ से विशाल स्नानागार (Great Bath), विशाल अन्नागार (Great Granary), और कांस्य नर्तकी की मूर्ति प्राप्त हुई है।
  • प्रमुख हड़प्पा स्थल और उनकी नदियाँ:
    • हड़प्पा – रावी नदी (पाकिस्तान)
    • लोथल – भोगवा नदी (गुजरात)
    • कालीबंगा – घग्घर नदी (राजस्थान)
    • रोपड़ – सतलुज नदी (पंजाब)

गुप्त साम्राज्य के शासनकाल में प्रांतों में न्यायिक मामलों को किसने संभाला था?

  • उपरिक
  • राजा
  • ग्रामिक
  • आयुक्त

Explanation:

  • गुप्त साम्राज्य में साम्राज्य को प्रांतों में विभाजित किया गया था जिन्हें ‘भुक्ति’ या ‘देश’ कहा जाता था। प्रांतों के राज्यपाल या प्रशासनिक/न्यायिक प्रमुख को ‘उपरिक’ (Uparika) कहा जाता था।
  • उपरिक की नियुक्ति सीधे सम्राट द्वारा की जाती थी और वे अपने प्रांतों में कानून, व्यवस्था और न्याय व्यवस्था के मुख्य उत्तरदायी अधिकारी होते थे।
  • गुप्त प्रशासन की संरचना:
    • साम्राज्य (केंद्र) ➔ प्रमुख: सम्राट
    • भुक्ति (प्रांत) ➔ प्रमुख: उपरिक
    • विषय (जिला) ➔ प्रमुख: विषयपति
    • ग्राम (गांव) ➔ प्रमुख: ग्रामिक

निम्नलिखित में से कौन सा वेद का अंग जटिल शब्दों के अर्थ और व्याख्या के लिए जाना जाता है?

  • व्याकरण
  • निरुक्त
  • छंद
  • कल्प

Explanation:

  • निरुक्त (Nirukta) वेदांग का वह अंग है जो वैदिक भजनों में प्रयुक्त कठिन/जटिल शब्दों की व्युत्पत्ति (Etymology), अर्थ और व्याख्या से संबंधित है।
  • निरुक्त की रचना महर्षि यास्क (Yaska) ने की थी, जो यास्क के ‘निघंटु’ (वैदिक शब्दों का कोश) पर आधारित एक व्याख्यात्मक ग्रंथ है।
  • 6 वेदांग और उनके विषय:
    • निरुक्त – शब्द व्युत्पत्ति एवं अर्थ (Etymology)
    • व्याकरण – भाषा और व्याकरण के नियम
    • शिक्षा – शुद्ध उच्चारण और ध्वनि विज्ञान (Phonetics)
    • कल्प – धार्मिक अनुष्ठान और कर्मकांड
    • छंद – काव्य शास्त्र और छंद विधान
    • ज्योतिष – खगोलीय पिंड और काल-गणना

निम्नलिखित में से कौन सा नगर गुप्त साम्राज्य की राजधानी था?

  • उज्जैन
  • कौशल
  • पाटलिपुत्र
  • काशी

Explanation:

  • गुप्त साम्राज्य की मुख्य और प्राथमिक राजधानी पाटलिपुत्र (आधुनिक पटना, बिहार) थी।
  • बाद में, सम्राट चंद्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य) ने शकों पर अपनी जीत के बाद उज्जैन (मध्य प्रदेश) को गुप्त साम्राज्य की दूसरी (सांस्कृतिक) राजधानी बनाया था।
  • प्राचीन भारत के प्रमुख नगर और उनकी राजधानियाँ:
    • मगध / मौर्य / गुप्त साम्राज्य – पाटलिपुत्र
    • कुषाण वंश – पुरुषपुर (पेशावर) और मथुरा
    • हर्षवर्धन – कन्नौज (पूर्व में थानेसर)
    • पांड्य वंश – मदुरै

बौद्ध वास्तुकला में ‘विहारों’ का प्राथमिक कार्य क्या है?

  • ध्यान कक्ष के रूप में कार्य करना
  • अवशेषों को रखना
  • बौद्ध भिक्षुओं के लिए आवासीय स्थान के रूप में कार्य करना
  • सार्वजनिक सभाएँ आयोजित करना

Explanation:

  • बौद्ध वास्तुकला में ‘विहार’ (Vihara) बौद्ध भिक्षुओं (भिक्षुओं और भिक्षुणियों) के रहने और निवास करने का आवासीय स्थान (Monastery / Dwelling place) होता था।
  • इसके विपरीत, ‘चैत्य’ (Chaitya) एक प्रार्थना स्थल या पूजा गृह (Prayer Hall) होता था जिसमें एक स्तूप स्थापित होता था।
  • बौद्ध स्थापत्य कला के 3 मुख्य अंग:
    • स्तूप – भगवान बुद्ध या प्रमुख बौद्ध भिक्षुओं के अवशेषों को रखने का पवित्र अर्धगोलाकार ढांचा।
    • चैत्य – बौद्ध भिक्षुओं का सामूहिक प्रार्थना और ध्यान कक्ष।
    • विहार – बौद्ध भिक्षुओं के रहने के लिए बने विश्राम गृह/मठ।

गुप्त अभिलेखों में तालाबों के लिए निम्नलिखित में से किस शब्द का प्रयोग किया गया था?

  • नाड़ी
  • क्षेत्र
  • प्रपा
  • तडागा

Explanation:

  • गुप्त काल के शिलालेखों और भूमि अनुदान पत्रों में सिंचाई और जल स्रोतों के संदर्भ में तालाबों के लिए ‘तड़ाग’ (Tadaga) शब्द का प्रयोग किया गया था।
  • गुप्त काल में कृषि सिंचाई प्रणाली अत्यंत विकसित थी, जहाँ तालाबों, कुओं और नहरों का विस्तृत जाल था।
  • गुप्तकालीन भूमि और जल संबंधी शब्दावली:
    • क्षेत्र – कृषि योग्य भूमि
    • वास्तु – वास करने (रहने) योग्य भूमि
    • खिल – बंजर या ऐसी भूमि जिस पर खेती न की जाती हो
    • प्रपा – राहगीरों के लिए पीने के पानी का स्थान (प्याऊ)
    • अप्रहता – जंगली या बिना जुती हुई भूमि

हड़प्पा शहरों में दुर्ग का मुख्य उद्देश्य क्या था?

  • एक बाजार के रूप में कार्य करना
  • एक आवासीय क्षेत्र के रूप में कार्य करना
  • प्रशासनिक और सार्वजनिक कार्यों को व्यवस्थित करना
  • धार्मिक समारोहों का आयोजन करना

Explanation:

  • हड़प्पा शहर आमतौर पर दो भागों में विभाजित थे: पश्चिम में स्थित दुर्ग (Citadel) और पूर्व में स्थित निचला शहर (Lower Town)
  • ऊँचाई पर बने दुर्ग (Citadel) का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक, शासक वर्ग के आवास, अन्नागार (Granaries) और महत्वपूर्ण सार्वजनिक कार्यों को संचालित करना था।
  • हड़प्पा की नगर योजना की विशेषताएँ:
    • दुर्ग (Citadel) – यह आकार में छोटा लेकिन ऊँचाई पर बना होता था, जो चारों तरफ से मजबूत दीवारों से घिरा था।
    • निचला शहर (Lower Town) – यह बड़े क्षेत्र में फैला था जहाँ आम जनता (व्यापारी, कारीगर, मजदूर) निवास करती थी।
    • सड़कें ग्रिड प्रणाली (Grid System) पर एक-दूसरे को समकोण (90°) पर काटती थीं।

हर्षवर्धन किस प्राचीन क्षेत्र से संबंधित थे?

  • थानेसर
  • आगरा
  • मगध
  • मालवा

Explanation:

  • सम्राट हर्षवर्धन पुष्यभूति राजवंश (वर्धन वंश) से संबंधित थे, जिसकी मूल राजधानी थानेसर (थनेसर) थी, जो वर्तमान में हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में स्थित है।
  • बाद में अपनी सत्ता को सुदृढ़ करने और अपनी बहन राज्यश्री के राज्य की रक्षा के लिए हर्षवर्धन ने राजधानी थानेसर से कन्नौज (उत्तर प्रदेश) स्थानांतरित की।
  • हर्षवर्धन से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य:
    • हर्षवर्धन स्वयं एक महान विद्वान थे; उन्होंने संस्कृत में तीन प्रसिद्ध नाटक लिखे: ‘रत्नावली’, ‘प्रियदर्शिका’, और ‘नागानंद’
    • उनके दरबारी कवि बाणभट्ट ने उनकी जीवनी ‘हर्षचरित’ और ‘कादंबरी’ की रचना की।

प्राचीन भारत के किस युग को स्वर्णिम युग कहा जाता है?

  • चोल साम्राज्य, तीसरी शताब्दी
  • मौर्य साम्राज्य, तीसरी शताब्दी
  • गुप्त साम्राज्य, चौथी शताब्दी
  • कुषाण साम्राज्य, पहली शताब्दी

Explanation:

  • गुप्त साम्राज्य (चौथी से छठी शताब्दी ईस्वी) के काल को भारतीय इतिहास का “स्वर्ण युग” (Golden Age) कहा जाता है।
  • इस काल में कला, वास्तुकला, साहित्य, गणित, खगोल विज्ञान और विज्ञान के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हुई। कालिदास, आर्यभट्ट, वराहमिहिर और धन्वंतरि जैसे महान विद्वान इसी काल से संबंधित थे।
  • गुप्त काल की प्रमुख उपलब्धियाँ:
    • आर्यभट्ट – शून्य की खोज, ‘आर्यभटीयम’ ग्रंथ और यह सिद्ध करना कि पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमती है।
    • कालिदास – ‘अभिज्ञानशाकुंतलम्’, ‘मेघदूतम्’, ‘रघुवंशम्’ की रचना।
    • मंदिर निर्माण की नागर शैली का जन्म गुप्त काल में ही हुआ था (उदा. देवगढ़ का दशावतार मंदिर)।

निम्नलिखित में से किस प्रसिद्ध स्थान से गौतम बुद्ध जुड़े हुए हैं?

  • बार्डोली
  • लुम्बिनी
  • श्रीरंगपट्टनम
  • पावापुरी

Explanation:

  • गौतम बुद्ध का जन्म 563 ईसा पूर्व में लुम्बिनी (वर्तमान रुपंदेही जिला, नेपाल) के प्रसिद्ध उपवन में हुआ था।
  • सम्राट अशोक ने अपनी रुम्मिनदेई (लुम्बिनी) यात्रा के दौरान वहाँ एक स्तंभ बनवाया था, जो बुद्ध के जन्मस्थान का स्पष्ट पुरातात्विक प्रमाण प्रस्तुत करता है।
  • विकल्पों में दिए अन्य स्थानों का महत्व:
    • पावापुरी (बिहार) – 24वें जैन तीर्थंकर भगवान महावीर का मोक्ष/निर्वाण स्थल।
    • बारडोली (गुजरात) – 1928 का बारडोली सत्याग्रह, जिसका नेतृत्व सरदार वल्लभभाई पटेल ने किया था।
    • श्रीरंगपट्टनम (कर्नाटक) – टीपू सुल्तान की राजधानी।

चंद्रगुप्त मौर्य के दरबार में किस यूनानी राजदूत ने भेंट की थी?

  • स्ट्रैबो
  • टॉलमी
  • मेगास्थनीज
  • प्लिनी

Explanation:

  • यूनानी (सीरियाई) राजा सेल्युकस निकेटर ने अपने राजदूत मेगास्थनीज (Megasthenes) को मौर्य सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य के पाटलिपुत्र स्थित दरबार में भेजा था।
  • मेगास्थनीज ने भारत में अपने अनुभवों और मौर्यकालीन शासन व्यवस्था पर प्रसिद्ध पुस्तक ‘इंडिका’ (Indica) लिखी।
  • मौर्य काल से जुड़े अन्य विदेशी राजदूत:
    • डाइमेकस (Deimachus) – बिंदुसार के दरबार में (सीरिया के राजा एंटीओकस प्रथम द्वारा भेजा गया)।
    • डायोनिसियस (Dionysius) – अशोक के दरबार में (मिस्र के राजा फिलाडेल्फस/टॉलमी द्वितीय द्वारा भेजा गया)।

अपने पिता बिन्दुसार के शासन काल में अशोक किस क्षेत्र के राज्यपाल (वायसराय) थे?

  • पाटलिपुत्र
  • सौराष्ट्र
  • तोशाली
  • उज्जैन

Explanation:

  • अपने पिता बिंदुसार के शासनकाल के दौरान, राजकुमार अशोक अवंती साम्राज्य की राजधानी उज्जैन (उज्जयिनी) और तक्षशिला के गवर्नर (वायसराय / कुमार) के रूप में कार्यरत थे।
  • उज्जैन में ही अशोक की मुलाकात ‘देवी’ (विदिशा की राजकुमारी) से हुई थी, जिनसे उनके पुत्र महेंद्र और पुत्री संघमित्रा का जन्म हुआ।
  • मौर्य साम्राज्य के 5 प्रमुख प्रांतीय केंद्र:
    • उत्तरापथ – तक्षशिला
    • अवंतीरठ – उज्जैन
    • दक्षिणपथ – सुवर्णगिरी
    • प्राच्य (पूर्वी प्रदेश) – पाटलिपुत्र
    • कलिंग – तोशाली

किसने उस ब्राह्मी शिलालेख का गूढ़ अर्थ निकाला जिसमें राजा अशोक को देवनामप्रिय पियदसी (Devanampiya Piyadasi) के रूप में संदर्भित किया गया था?

  • आर. सी. मजूमदार (R C Majumdar)
  • रोमिला थापर (Romila Thapar)
  • सुसान बेली (Susan Bayly)
  • जेम्स प्रिंसेप (James Princep)

Explanation:

  • जेम्स प्रिंसेप ने वर्ष 1837 में पहली बार ब्राह्मी और खरोष्ठी लिपियों का सफलतापूर्व गूढ़ अर्थ (Decipherment) निकाला था, जिससे अशोक के शिलालेखों को पढ़ने में सफलता मिली।
  • इन शिलालेखों में सम्राट अशोक के लिए “देवानामप्रिय पियदसी” (देवताओं का प्रिय और सुंदर देखने वाला) उपाधि का प्रयोग किया गया था।
  • शिलालेखों से संबंधित प्रमुख तथ्य:
    • अशोक के शिलालेख मुख्य रूप से चार लिपियों में मिलते हैं: ब्राह्मी, खरोष्ठी, ग्रीक और अरामी (Aramaic)
    • मास्की (कर्नाटक) और गुर्जर (मध्य प्रदेश) अभिलेखों में स्पष्ट रूप से ‘अशोक’ नाम का उल्लेख मिलता है।
    • 1915 में सी. बीडन (C. Beadon) ने मास्की शिलालेख में अशोक का नाम खोजा था।

निम्नलिखित में से किस प्राचीन ग्रंथ में मौर्य साम्राज्य के प्रशासन का वर्णन किया गया है?

  • अर्थशास्त्र
  • ऋग्वेद
  • मनुस्मृति
  • महाभारत

Explanation:

  • ‘अर्थशास्त्र’ प्राचीन भारत में राज्यव्यवस्था, अर्थनीति और सैन्य रणनीति पर लिखा गया एक महान ग्रंथ है, जिसकी रचना चंद्रगुप्त मौर्य के प्रधानमंत्री कौटिल्य (चाणक्य / विष्णुगुप्त) ने की थी।
  • यह पुस्तक 15 भागों (अधिकरण) और 180 प्रकरणों में विभाजित है, जो मौर्यकालीन केंद्रीय और स्थानीय शासन व्यवस्था की विस्तृत जानकारी प्रदान करती है।
  • कौटिल्य का सप्तांग सिद्धांत (State Policy):
    • स्वामी (राजा)
    • अमात्य (मंत्री/अधिकारी)
    • जनपद (क्षेत्र और जनता)
    • दुर्ग (किला)
    • कोश (खजाना)
    • दंड/बल (सेना)
    • मित्र (मित्र राष्ट्र)

चंद्रगुप्त मौर्य के अधीन मौर्य साम्राज्य की एक प्रमुख प्रशासनिक विशेषता निम्नलिखित में से कौन-सी थी?

  • सामंती भूमि अनुदान प्रणाली
  • वंशानुगत प्रांतीय राज्यपाल
  • अर्थशास्त्र द्वारा निर्देशित केंद्रीकृत नौकरशाही
  • धार्मिक संस्थानों द्वारा राजस्व संग्रह

Explanation:

  • चंद्रगुप्त मौर्य ने कौटिल्य के ‘अर्थशास्त्र’ में वर्णित सिद्धांतों पर आधारित एक अत्यधिक केंद्रीकृत नौकरशाही (Centralized Bureaucracy) की स्थापना की थी।
  • शासन का सर्वोच्च केंद्र राजा होता था, जिसकी सहायता के लिए मंत्रिपरिषद (मंत्रिपरिषद) और उच्च अधिकारी जिन्हें ‘तीर्थ’ या ‘अध्यक्ष’ (27 प्रकार के विभागाध्यक्ष) कहा जाता था, कार्यरत थे।
  • मौर्यकालीन प्रशासनिक इकाइयाँ:
    • साम्राज्य (राजा के अधीन) ➔ प्रांत (कुमार/आर्यपुत्र) ➔ आहार/विषय (प्रादेशिक/विषयपति) ➔ संग्रहण (10 गांवों का समूह) ➔ ग्राम (ग्रामिक)।
    • कर संग्रह प्रणाली को संचालित करने के लिए ‘समाहर्ता’ मुख्य राजस्व अधिकारी होता था।

हड़प्पा नगर अपने ________ के लिए प्रसिद्ध था।

  • अनियमित सड़क पैटर्न
  • पत्थर के महलों
  • नगर नियोजन के ग्रिड सिस्टम
  • लकड़ी के घरों

Explanation:

  • हड़प्पा (सिंधु घाटी) सभ्यता की सबसे प्रमुख विशेषता उसकी सुव्यवस्थित नगर नियोजन की ग्रिड प्रणाली (Grid System) थी।
  • शहरों में सड़कें और गलियां एक-दूसरे को समकोण (90°) पर काटती थीं, जिससे पूरा शहर आयताकार ब्लॉकों में विभाजित हो जाता था।
  • हड़प्पा नगर नियोजन के मुख्य तत्व:
    • मकान पक्की ईंटों (अनुपात 4:2:1) के बने होते थे।
    • घरों के दरवाजे मुख्य सड़क पर न खुलकर पीछे की गलियों में खुलते थे (अपवाद: लोथल)।
    • प्रत्येक घर में आँगन, रसोईघर और स्नानघर की व्यवस्था थी।

हड़प्पा सभ्यता में मणिका (beads) और मुहरें (seals) बनाने के लिए मुख्यतः किस सामग्री का उपयोग किया जाता था?

  • स्टीटाइट (Steatite)
  • गजदंत (Ivory)
  • सोना (Gold)
  • टेराकोटा (Terracotta)

Explanation:

  • हड़प्पा सभ्यता में अधिकांश मुहरें (Seals) और मनके (Beads) एक नर्म और मुलायम पत्थर स्टीटाइट (सेलखड़ी / Steatite) से बनाए जाते थे।
  • मुहरें आमतौर पर वर्गाकार होती थीं, जिन पर एक-श्रृंगी पशु (Unicorn), हाथी, बाघ, और बैल जैसे जानवरों के चित्र और अपठित लिपि उत्कीर्ण होती थी।
  • हड़प्पाकालीन शिल्प उत्पादन केंद्र:
    • चन्हूदड़ो और लोथल – मनके (Bead manufacturing) बनाने के प्रसिद्ध औद्योगिक केंद्र थे।
    • नागेश्वर और बालाकोट – शंख (Shell) से बनी वस्तुएँ बनाने के मुख्य केंद्र थे।

निम्नलिखित में से कौन-सी विशिष्ट विशेषता हड़प्पा नगरों में पाई जाती है?

  • कुशल परिवहन (Efficient transportation)
  • धार्मिक जुलूस (Religious processions)
  • व्यापार मार्ग (Trade routes)
  • अपवाह तंत्र (Drainage system)

Explanation:

  • हड़प्पा सभ्यता की सबसे अनूठी और वैज्ञानिक विशेषता उसकी उन्नत जल अपवाह प्रणाली (Advanced Drainage System) थी।
  • प्रत्येक घर की नालियाँ मुख्य सड़क की ढकी हुई बड़ी नालियों से जुड़ी होती थीं, जिनमें सफाई और निरीक्षण के लिए जगह-जगह मैनहोल (Manholes) बने थे।
  • जल प्रबंधन से जुड़े पुरातात्विक साक्ष्य:
    • नालियाँ पक्की ईंटों और चूने/जिप्सम से जोड़ी जाती थीं।
    • धोलावीरा (गुजरात) – अपनी विशाल जल संरक्षण प्रणालियों और जलाशयों (Reservoirs) के लिए विश्व प्रसिद्ध है।

हड़प्पा सभ्यता में गढ़ की ऊँचाई में किन कारकों का योगदान था?

  • कच्ची ईंटों के चबूतरों का
  • स्टोन के निर्माण का
  • एडोब की दीवारों का
  • लकड़ी के स्तंभों का

Explanation:

  • हड़प्पा नगरों का पश्चिमी भाग जिसे गढ़ या दुर्ग (Citadel) कहा जाता था, वह कच्ची ईंटों के विशाल चबूतरों (Mud Brick Platforms) पर बनाया गया था, जिस कारण वह ऊँचाई पर स्थित था।
  • इन चबूतरों का निर्माण बाढ़ से सुरक्षा और प्रशासनिक भवनों को आधार प्रदान करने के उद्देश्य से किया जाता था।
  • गढ़ (Citadel) की मुख्य विशेषताएँ:
    • यह भाग मजबूत रक्षात्मक प्राचीर (चारदीवारी) से घिरा होता था।
    • यहाँ विशाल स्नानागार, अन्नागार, और सभा भवन जैसे सार्वजनिक और शासकीय निर्माण पाए गए हैं।

निम्नलिखित में से कौन-सा, हड़प्पा नगर-दुर्ग का एक महत्वपूर्ण घटक है?

  • भव्य महल
  • विशाल स्नानागार
  • आवासीय गृह
  • विशाल मंदिर

Explanation:

  • विशाल स्नानागार (The Great Bath) मोहनजोदड़ो के नगर-दुर्ग (Citadel) क्षेत्र में पाई गई सबसे प्रसिद्ध और महत्वपूर्ण सार्वजनिक संरचना है।
  • यह ईंटों के स्थापत्य का एक बेहतरीन नमूना है, जिसके तल को वाटरप्रूफ बनाने के लिए जिप्सम और बिटुमेन (तारकोल) का लेप किया गया था। इसका उपयोग अनुष्ठानिक स्नान के लिए होता था।
  • प्रमुख हड़प्पाकालीन संरचनाएँ और उनके स्थान:
    • विशाल स्नानागार (Great Bath) – मोहनजोदड़ो
    • गोदीवाड़ा (Dockyard) – लोथल (गुजरात)
    • विशाल अन्न भंडार (Great Granary) – मोहनजोदड़ो एवं हड़प्पा

हड़प्पा वास्तुकला के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? I. गलियाँ और रास्ते सीधे थे तथा एक दूसरे को समकोण पर काटते थे। II. गली की नालियाँ, पत्थर की पट्टियों से ढकी होती थीं।

  • न तो I और न ही II
  • केवल I
  • I और II दोनों
  • केवल II

Explanation:

  • कथन I सही है: हड़प्पा शहरों में गलियाँ और मुख्य सड़कें एक-दूसरे को 90 डिग्री के समकोण पर काटती थीं (ग्रिड प्रणाली)।
  • कथन II सही है: सफाई व्यवस्था को बनाए रखने के लिए मुख्य नालियाँ पत्थर की बड़ी पट्टियों (Stone Slabs) या पक्की ईंटों से ढकी रहती थीं, जिन्हें सफाई के लिए हटाया जा सकता था।
  • हड़प्पा स्वच्छता व्यवस्था के नियम:
    • नालियों में कचरा जमा होने से रोकने के लिए कचरा कुंड (Sump pits) बनाए जाते थे।
    • यह व्यवस्था दर्शाती है कि हड़प्पावासी नागरिक स्वास्थ्य और स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते थे।

हर्षवर्धन की जीवनी हर्षचरित की रचना निम्नलिखित में से किस दरबारी कवि ने संस्कृत में की थी?

  • रवि कीर्ति
  • सुरसेना
  • विष्णु शर्मा
  • बाणभट्ट

Explanation:

  • सम्राट हर्षवर्धन के राजकवि बाणभट्ट ने संस्कृत भाषा में प्रसिद्ध ऐतिहासिक जीवनी ‘हर्षचरित’ की रचना की थी।
  • बाणभट्ट ने विश्व के पहले उपन्यास माने जाने वाले प्रसिद्ध संस्कृत ग्रंथ ‘कादंबरी’ की भी रचना की थी।
  • विकल्पों से संबंधित अन्य विद्वान:
    • रविकीर्ति – पुलकेशिन द्वितीय के दरबारी कवि (ऐहोल अभिलेख के रचयिता)।
    • विष्णु शर्मा – प्रसिद्ध नीति-कथा संग्रह ‘पंचतंत्र’ के रचयिता।

कश्मीर के इतिहास को दर्ज करने वाली ऐतिहासिक कृति, ‘राजतरंगिणी’ किसने लिखी है?

  • बाना
  • बिल्हण
  • कल्हण
  • कालिदास

Explanation:

  • ‘राजतरंगिणी’ (राजाओं की नदी) की रचना 12वीं शताब्दी (1148-1149 ई.) में कल्हण द्वारा संस्कृत भाषा में की गई थी।
  • इसे भारत में वैज्ञानिक और कालक्रमानुसार लिखा गया पहला प्रामाणिक ऐतिहासिक ग्रंथ माना जाता है, जिसमें प्राचीन काल से 12वीं शताब्दी तक के कश्मीर के इतिहास का वर्णन है।
  • प्रमुख प्राचीन पुस्तकें और उनके रचयिता:
    • विक्रमांकदेवचरित – बिल्हण (चालुक्य राजा विक्रमादित्य VI की जीवनी)
    • गीत गोविंद – जयदेव
    • कथासरित्सागर – सोमदेव

भीमबेटका पुरापाषाणकालीन स्थल भारत की किस नदी घाटी के निकट स्थित है?

  • यमुना
  • नर्मदा
  • गंगा
  • सतलुज

Explanation:

  • भीमबेटका शैलश्रय (Bhimbetka rock shelters) मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में विंध्य पहाड़ियों के दक्षिणी छोर पर नर्मदा नदी घाटी के निकट स्थित है।
  • इसकी खोज 1957-58 में प्रसिद्ध पुरातत्वविद डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर ने की थी। यहाँ पुरापाषाण (Paleolithic) और मध्यपाषाण (Mesolithic) काल के सुंदर चित्र मिले हैं।
  • भीमबेटका से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ:
    • यह भारत में मानव जीवन के सबसे प्राचीन चिन्हों में से एक है।
    • वर्ष 2003 में इसे यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया था।

अखज मध्यपाषाणी स्थल (Akhaj Mesolithic site) भारत के किस राज्य में स्थित है?

  • बिहार
  • असम
  • गुजरात
  • मेघालय

Explanation:

  • अखज (Akhaj) भारत के गुजरात राज्य (महसाणा जिले) में स्थित एक महत्वपूर्ण मध्यपाषाण कालीन (Mesolithic) पुरातात्विक स्थल है।
  • यहाँ से मध्यपाषाण काल के सूक्ष्म पाषाण औजार (Microliths), पशुओं की हड्डियां और मानव बसावट के साक्ष्य प्राप्त हुए हैं।
  • गुजरात के अन्य प्रमुख पाषाण कालीन एवं हड़प्पा स्थल:
    • लांगहनाज (Langhnaj) – गुजरात का प्रसिद्ध मध्यपाषाण कालीन स्थल (जहाँ से 14 मानव कंकाल मिले थे)।
    • लोथल, धोलावीरा, रंगपुर और सुरकोटदा – गुजरात के प्रमुख हड़प्पाकालीन स्थल।

‘प्रयाग प्रशस्ति (Prayaga prashasti)’, जिसे ‘इलाहाबाद स्तंभ (Allahabad pillar)’ के नाम से भी जाना जाता है, निम्नलिखित में से किस शासक की स्तुति में बनाई गई है?

  • अशोक
  • रुद्रदामन
  • समुद्रगुप्त
  • चंद्रगुप्त II

Explanation:

  • ‘प्रयाग प्रशस्ति’ (इलाहाबाद स्तंभ अभिलेख) गुप्त सम्राट समुद्रगुप्त की सैन्य विजयों और उपलब्धियों की स्तुति में उत्कीर्ण की गई है।
  • यह स्तंभ मूल रूप से अशोक का स्तंभ था जो कौशांबी में था, जिसे बाद में अकबर द्वारा इलाहाबाद (प्रयागराज) के किले में लाया गया।
  • इलाहाबाद स्तंभ पर 3 प्रमुख शासकों के लेख हैं:
    • अशोक (ब्राह्मी लिपि/प्राकृत)
    • समुद्रगुप्त (संस्कृत भाषा, चंपू काव्य शैली)
    • जहाँगीर (फारसी भाषा)

समुद्रगुप्त की विजयों का विस्तृत वर्णन करने वाले ‘प्रयाग प्रशस्ति’ (इलाहाबाद स्तंभ शिलालेख) की रचना किसने की थी?

  • विशाखदत्त (Vishakhadatta)
  • बाणभट्ट (Banabhatta)
  • हरिषेण (Harisena)
  • कालिदास (Kalidasa)

Explanation:

  • प्रयाग प्रशस्ति की रचना समुद्रगुप्त के दरबारी कवि, महादंडनायक और संधि-विग्रहीक हरिषेण द्वारा की गई थी।
  • यह रचना संस्कृत भाषा में शुद्ध चंपू शैली (गद्य और पद्य का मिश्रण) तथा गुप्त ब्राह्मी लिपि में लिखी गई है।
  • प्रयाग प्रशस्ति के अनुसार समुद्रगुप्त की नीतियाँ:
    • प्रसभोद्धरण (उन्मूलन) – आर्यावर्त (उत्तर भारत) के 9 राजाओं के खिलाफ।
    • ग्रहणमोक्षानुग्रह (जीतकर दया करना) – दक्षिणापथ (दक्षिण भारत) के 12 राजाओं के खिलाफ।

प्रयाग प्रशस्ति (Prayaga Prashasti) के अनुसार, समुद्रगुप्त की तुलना धन से संबंधित किस देवता से की जाती है?

  • इंद्र (Indra)
  • वरुण (Varuna)
  • यम (Yama)
  • कुबेर (Kubera)

Explanation:

  • प्रयाग प्रशस्ति में समुद्रगुप्त को पृथ्वी पर निवास करने वाला देवता बताया गया है और उनकी तुलना 4 लोकपालों (देवताओं) से की गई है:
    • कुबेर – धन के देवता (उनकी उदारता और दानशीलता के लिए)
    • इंद्र – देवराज (उनकी शक्ति के लिए)
    • वरुण – समुद्र/जल के देवता (उनकी महानता के लिए)
    • यम – मृत्यु के देवता (शत्रुओं के लिए उनके प्रकोप के लिए)
  • प्रशस्ति में समुद्रगुप्त को ‘कविराज’ और ‘अप्रतिरथ’ (जिसका कोई प्रतिद्वंद्वी न हो) भी कहा गया है।

निम्नलिखित में से किस शक शासक को बिना कोई कर लगाए सुदर्शन झील की मरम्मत कराने का श्रेय दिया जाता है?

  • रुद्रदामन (Rudradaman)
  • कनिष्क (Kanishka)
  • नहपान (Nahapana)
  • हर्ष (Harsha)

Explanation:

  • प्रसिद्ध शक शासक रुद्रदामन प्रथम (130-150 ई.) ने अपने व्यक्तिगत कोष (अपनी जेब) से धन खर्च करके, बिना जनता पर कोई अतिरिक्त कर (Tax) लगाए, काठियावाड़ (गुजरात) की सुदर्शन झील का पुनर्निर्माण कराया था।
  • इस बात की पूरी जानकारी रुद्रदामन के प्रसिद्ध जूनागढ़ (गिरनार) अभिलेख में मिलती है, जो संस्कृत भाषा में लिखा गया भारत का पहला लंबा और शुद्ध अभिलेख है।
  • सुदर्शन झील का इतिहास:
    • निर्माण: चंद्रगुप्त मौर्य के प्रांतीय राज्यपाल पुष्यगुप्त वैश्य द्वारा।
    • नहरों का निर्माण: अशोक के राज्यपाल तुषास्फ द्वारा।
    • प्रथम मरम्मत: शक शासक रुद्रदामन प्रथम द्वारा।
    • द्वितीय मरम्मत: गुप्त सम्राट स्कंदगुप्त के राज्यपाल पर्णदत्त (व चक्रपालित) द्वारा।

2013 में राखी गढ़ी के हड़प्पा स्थल से संबंधित एक मुख्य पुरातात्विक या वैज्ञानिक अध्ययन की शुरुआत किसने की थी?

  • अमरेंद्र नाथ
  • R.S. बिष्ट
  • वसंत शिंदे
  • B.B. लाल

Explanation:

  • वर्ष 2013 में हरियाणा के हिसार जिले में स्थित राखीगढ़ी स्थल पर डेक्कन कॉलेज (पुणे) के प्रसिद्ध पुरातत्वविद प्रोफेसर वसंत शिंदे के नेतृत्व में व्यापक उत्खनन और प्राचीन डीएनए (Ancient DNA) अध्ययन परियोजना शुरू की गई थी।
  • इस उत्खनन और डीएनए विश्लेषण ने हड़प्पा सभ्यता के लोगों के आनुवंशिक इतिहास और भारतीय उपमहाद्वीप की जनसांख्यिकी पर कई नए तथ्य उजागर किए।
  • राखीगढ़ी से संबंधित मुख्य तथ्य:
    • राखीगढ़ी भारत में स्थित सबसे बड़ा हड़प्पा कालीन पुरातात्विक स्थल है।
    • सर्वप्रथम इसकी खोज 1969 में सूरजभान ने की थी, जिसके बाद 1997-2000 के दौरान अमरेंद्र नाथ द्वारा विस्तृत उत्खनन किया गया था।

हड़प्पा हार्टलैंड (Harappan heartland) में किस प्रकार की अर्थव्यवस्था प्रमुख थी?

  • शिकार-संग्रह (Hunting-gathering)
  • कृषि-पशुचारणिक (Agro-pastoral)
  • आध्यात्मिक-केंद्रित (Spiritual-centric)
  • व्यापार-आधारित अर्थव्यवस्था (Trade-based economy)

Explanation:

  • हड़प्पा सभ्यता का मुख्य आर्थिक आधार कृषि और पशुपालन (Agro-pastoral economy) था, जिसके अतिरिक्त व्यापार और हस्तशिल्प भी उन्नत अवस्था में थे।
  • हड़प्पावासी गेहूं, जौ, मटर, तिल, सरसों और कपास जैसी फसलों की खेती करते थे तथा भेड़, बकरी, गाय, भैंस और कुबड़ वाले बैल का पालन करते थे।
  • कृषि से जुड़े प्रमुख पुरातात्विक साक्ष्य:
    • कालीबंगन (राजस्थान): जुते हुए खेत (Ploughed field) के साक्ष्य मिले हैं।
    • बनावली (हरियाणा): मिट्टी का बना हल (Terracotta toy plough) मिला है।
    • शॉर्टुघई (अफगानिस्तान): हड़प्पाकालीन नहरों के साक्ष्य प्राप्त हुए हैं।

गुप्तकाल के बाद (post-Gupta) भारत की राजनीतिक संरचना में कौन-सा प्रशासनिक परिवर्तन आया?

  • एक सम्राट के अधीन केंद्रीय नौकरशाही का गठन
  • संपूर्ण भारत में लोकतांत्रिक ग्राम सभाओं की शुरुआत
  • वंशानुगत शासकों के अधीन छोटे राज्यों का उदय
  • राजपद को धार्मिक परिषदों से बदलना

Explanation:

  • गुप्त साम्राज्य के पतन के बाद केंद्रीय सत्ता कमजोर हो गई और भारत में राजनीतिक विकेंद्रीकरण (Political Decentralization) तथा सामंतवाद (Feudalism) का तेजी से विकास हुआ।
  • इसके परिणामस्वरूप विशाल साम्राज्य छोटे-छोटे वंशानुगत क्षेत्रीय राज्यों में बंट गया (जैसे- कन्नौज के मौखरि, थानेश्वर के वर्धन, वल्लभी के मैत्रक आदि)।
  • उत्तर-गुप्तकालीन राजनीतिक विशेषताएँ:
    • भूमि अनुदान (Land Grants) की प्रथा अत्यधिक बढ़ी, जिससे स्थानीय अधिकारियों/सामंतों की स्वायत्तता बढ़ी।
    • केंद्रीय नौकरशाही की तुलना में स्थानीय सामंती व्यवस्था अधिक शक्तिशाली हो गई।

गुप्तोत्तर काल में “सामंत” (Samantas) कौन थे?

  • धार्मिक प्रमुख
  • किसान
  • वास्तुकार
  • सामंती स्वामी

Explanation:

  • गुप्त एवं गुप्तोत्तर काल में “सामंत” उन अधीनस्थ सामंती स्वामियों या भूमिपतियों (Feudal Lords) को कहा जाता था जो राजा से भूमि अनुदान प्राप्त करते थे।
  • ये सामंत अपने क्षेत्रों में कर वसूलते थे, प्रशासनिक तथा न्यायिक कार्य देखते थे और युद्ध के समय राजा को सैन्य सहायता (सैनिक) प्रदान करते थे।
  • सामंत व्यवस्था से जुड़े तथ्य:
    • समय के साथ सामंत शक्तिशाली होते गए और केंद्रीय राजा के कमजोर पड़ते ही स्वयं को स्वतंत्र राजा घोषित कर देते थे।
    • अभिलेखों में इनके लिए ‘महामामंत’, ‘माहेश्वर’, या ‘महामंडलेश्वर’ जैसी उपाधियों का उल्लेख मिलता है।

गुप्तोत्तर काल के बाद के भारत में श्रेणियों (संघों) की क्या भूमिका थी?

  • प्रशासन
  • सैन्य सेवा
  • धार्मिक सुधार
  • विनियमित व्यापार और शिल्प

Explanation:

  • प्राचीन एवं गुप्तोत्तर भारत में ‘श्रेणी’ (Guilds) व्यापारियों, कारीगरों और शिल्पकारों के स्वायत्त संघों (Organizations) को कहा जाता था।
  • श्रेणियों का मुख्य कार्य अपने व्यवसाय में गुणवत्ता नियंत्रण, मूल्य निर्धारण, कच्चे माल की आपूर्ति और व्यापार का नियमन करना था।
  • श्रेणियों की अन्य महत्वपूर्ण भूमिकाएँ:
    • ये बैंक (Banking System) की तरह भी कार्य करती थीं, जहाँ लोग धन जमा करते थे और ब्याज प्राप्त करते थे।
    • इनकी अपनी निजी अदालतें होती थीं जो व्यापारिक विवादों का निपटारा करती थीं।

लगभग 2500 ईसा पूर्व समृद्ध हड़प्पा सभ्यता के किस शहर को विशेष रूप से अपने विशाल स्नानघर और उन्नत ग्रिड-पैटर्न वाली सड़कों के लिए जाना जाता है?

  • धोलावीरा
  • लोथल
  • मोहनजोदड़ो
  • कालीबंगन

Explanation:

  • मोहनजोदड़ो (शाब्दिक अर्थ: ‘मृतकों का टीला’) सिंधु नदी के तट पर पाकिस्तान के सिंध प्रांत (लड़काना जिला) में स्थित है।
  • यह शहर अपने विशाल स्नानागार (Great Bath), विशाल अन्नागार (Great Granary), तथा समकोण पर काटने वाली सीधी ग्रिड-सड़क प्रणाली के लिए विश्व प्रसिद्ध है।
  • मोहनजोदड़ो से जुड़े प्रमुख साक्ष्य:
    • खोजकर्ता: राखालदास बनर्जी (1922)
    • कांस्य की नर्तकी की मूर्ति, पशुपतिनाथ की मुहर और सूती वस्त्र के साक्ष्य।

लगभग 2500 ईसा पूर्व की हड़प्पा कालीन मूर्तियों, जैसे कि नर्तकी की मूर्ति, के लिए सामान्यतः किस सामग्री का उपयोग किया गया था?

  • रजत
  • ग्रेनाइट
  • कांस्य
  • संगमरमर

Explanation:

  • मोहनजोदड़ो से प्राप्त विश्व प्रसिद्ध ‘नर्तकी की मूर्ति’ (Dancing Girl) का निर्माण कांस्य (Bronze) धातु से किया गया था।
  • इसे बनाने के लिए हड़प्पावासियों ने ‘लुप्त मोम तकनीक’ (Lost-wax casting process / Cire perdue) का उपयोग किया था।
  • कांस्य मूर्तियों से जुड़े तथ्य:
    • कांस्य तांबे (Copper) और टिन (Tin) का मिश्रधातु है।
    • यह मूर्ति राष्ट्रीय संग्रहालय, नई दिल्ली में सुरक्षित रखी गई है।

लगभग 2500 ईसा पूर्व का कौन-सा हड़प्पा शहर अपने व्यापारिक बंदरगाह के लिए प्रसिद्ध है, जो कि व्यापार के लिए उन्नत स्थापत्य योजना को दर्शाता है?

  • मोहनजोदड़ो
  • कालीबंगन
  • लोथल
  • धोलावीरा

Explanation:

  • गुजरात में भोगवा नदी के तट पर स्थित लोथल हड़प्पा सभ्यता का एक प्रमुख बंदरगाह शहर (Port Town) था।
  • यहाँ पक्की ईंटों से बना एक विशाल कृत्रिम डॉक्यार्ड (Godiwada / Dockyard) मिला है, जो अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार (मेसोपोटेमिया आदि के साथ) का साक्ष्य देता है।
  • लोथल की अन्य खोजें:
    • खोजकर्ता: एस. आर. राव (1954)
    • फारस की मुहर, मनके बनाने का कारखाना, चावल के छिलके और युगल शवाधान (Double burial)।

निम्नलिखित में से कौन-सा क्षेत्र, हड़प्पा सभ्यता के लिए ताम्र के प्रमुख स्रोतों में से एक था?

  • अफगानिस्तान
  • महाराष्ट्र
  • राजस्थान
  • बिहार

Explanation:

  • हड़प्पावासी तांबा (Copper) मुख्य रूप से राजस्थान के खेतड़ी (Khetri) क्षेत्र से प्राप्त करते थे। इसके अलावा ओमान से भी तांबा आयात किया जाता था।
  • हड़प्पाकालीन अन्य प्रमुख आयातों की सूची:
    • टिन (Tin): अफगानिस्तान और ईरान।
    • सोना (Gold): दक्षिण भारत (कर्नाटक की कोलार खदानें) और अफगानिस्तान।
    • लाजवर्द मणि (Lapis Lazuli): बदख्शाँ (अफगानिस्तान)।
    • सेलखड़ी (Steatite): राजस्थान और गुजरात।

निम्नलिखित में से कौन, वर्धन शासक हर्ष का राज-कवि था?

  • बाणभट्ट (Banabhatta)
  • कलाशोक (Kalashoka)
  • वसुमित्र (Vasumitra)
  • हरिशेना (Harishena)

Explanation:

  • वर्धमान/पुष्यभूति वंश के महान राजा हर्षवर्धन के दरबारी कवि बाणभट्ट थे।
  • बाणभट्ट की प्रसिद्ध रचनाएँ संस्कृत में रचित ‘हर्षचरित’ (हर्ष की जीवनी) और ‘कादंबरी’ हैं।
  • अन्य विकल्प:
    • हरिषेण: गुप्त सम्राट समुद्रगुप्त का दरबारी कवि (प्रयाग प्रशस्ति का रचयिता)।
    • वसुमित्र: कनिष्क के शासनकाल में चतुर्थ बौद्ध संगीति के अध्यक्ष।
    • सम्राट हर्ष स्वयं एक विद्वान लेखक थे; उन्होंने रत्नावली, प्रियदर्शिका और नागानंद नामक नाटक लिखे।

300 ईसा पूर्व और 300 ईस्वी के बीच संकलित दक्षिण-भारत का संगम साहित्य मुख्य रूप से किस भाषा में लिखा गया था?

  • संस्कृत
  • पाली
  • तमिल
  • प्राकृत

Explanation:

  • संगम साहित्य (Sangam Literature) प्राचीन दक्षिण भारत (तमिलकम) का इतिहास बताने वाला सबसे प्रारंभिक साहित्य है, जो मुख्य रूप से तमिल भाषा में रचित है।
  • यह साहित्य पांड्य राजाओं के संरक्षण में मधुरा (मदुरै) में आयोजित तीन साहित्यिक संगोष्ठियों (संगमों) के दौरान संकलित किया गया था।
  • संगम साहित्य के प्रमुख वर्गीकरण:
    • एट्टुत्तोगै (Ettuthogai): 8 मुख्य गीतों का संग्रह।
    • पत्तुप्पाट्टु (Pattuppattu): 10 लंबी कविताएँ।
    • यह साहित्य चेर, चोल और पांड्य राजवंशों के इतिहास और जनजीवन पर प्रकाश डालता है।

दूसरी सदी CE का कौन-सा संगम ग्रंथ, एक पवित्र पत्नी की भक्ति के बारे में एक महाकाव्य है?

  • पत्तुप्पाट्टु (Pattuppattu)
  • तोल्काप्पियम (Tolkappiyam)
  • मणिमेकलै (Manimekalai)
  • शिलप्पादिकारम (Silappatikaram)

Explanation:

  • ‘शिलप्पादिकारम’ (नूपुर की कहानी) तमिल साहित्य का पहला और सबसे महत्वपूर्ण महाकाव्य है, जिसकी रचना इलांगो आदिगल (Ilango Adigal) ने की थी।
  • यह कथा कोवलन, उसकी पत्नी कन्नगी (Kannagi) और माधवी के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसमें पतिव्रता पत्नी कन्नगी की भक्ति और ‘पत्तिनि संप्रदाय’ (पवित्र पत्नी की पूजा) की स्थापना का वर्णन है।
  • अन्य प्रसिद्ध तमिल ग्रंथ:
    • मणिमेकलै: रचयिता – मधुरै के सीत्तलै सत्तणार (यह कोवलन और माधवी की पुत्री की कहानी है)।
    • तोल्काप्पियम: रचयिता – तोल्काप्पियर (तमिल व्याकरण ग्रंथ)।

लगभग 1000 BCE में संकलित किस वैदिक ग्रंथ में विभिन्न देवी-देवताओं को समर्पित 1028 सूक्त सम्मिलित हैं?

  • सामवेद
  • यजुर्वेद
  • ऋग्वेद
  • अथर्व वेद

Explanation:

  • ऋग्वेद दुनिया का सबसे प्राचीन ज्ञात ग्रंथ और सनातन धर्म का प्रथम वेद है।
  • इसमें कुल 10 मंडल, 1028 सूक्त (1017 मूल + 11 बालखिल्य) और 10,580 ऋचाएँ (मंत्र) हैं।
  • ऋग्वेद से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य:
    • ऋग्वेद का पाठ करने वाले पुरोहित को ‘होता’ (Hotri) कहा जाता है।
    • इसके तीसरे मंडल में महर्षि विश्वामित्र द्वारा रचित गायत्री मंत्र (सूर्य देव/सावित्री को समर्पित) का उल्लेख है।
    • 10वें मंडल के पुरुष सूक्त में चार वर्णों (ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र) का प्रथम उल्लेख मिलता है।

पहली शताब्दी ईसा पूर्व के किस बौद्ध ग्रंथ में बुद्ध के संवादों को दर्ज किया गया है?

  • विनय पिटक
  • अभिधम्म पिटक
  • सुत्त पिटक
  • जातक कथाएँ

Explanation:

  • ‘सुत्त पिटक’ (Sutta Pitaka) बौद्ध धर्म के ‘त्रिपिटक’ में से एक है, जिसमें महात्मा बुद्ध के मुख्य उपदेशों, संवादों और धार्मिक सिद्धांतों का संकलन है। इसका संकलन आनंद ने किया था।
  • त्रिपिटक का वर्गीकरण:
    • सुत्त पिटक: बुद्ध के उपदेश और संवाद (इसमें 5 निकाय हैं: दीर्घ, मज्झिम, संयुक्त, अंगुत्तर और खुद्दक निकाय)।
    • विनय पिटक: बौद्ध संघ के नियम और अनुशासन (संकलनकर्ता: उपाली)।
    • अभिधम्म पिटक: बौद्ध दर्शन और दार्शनिक विचार (संकलनकर्ता: मोग्गलिपुत्त तिस्स)।

लगभग पहली शताब्दी ईस्वी में संकलित, कौन-सा बौद्ध ग्रंथ बुद्ध के पिछले जीवन की कहानियों का वर्णन करता है?

  • विनय पिटक
  • सुत्त पिटक
  • जातक कथाएँ
  • धम्मपद

Explanation:

  • जातक कथाएँ (Jataka Tales) महात्मा बुद्ध के पूर्व जन्मों से संबंधित लगभग 547 पौराणिक कथाओं का संग्रह हैं।
  • ये कथाएँ ‘सुत्त पिटक’ के ‘खुद्दक निकाय’ का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और बौद्ध कला तथा अजंता की गुफाओं की चित्रकारी का मुख्य विषय हैं।
  • महत्वपूर्ण बिंदु:
    • जातक कथाएँ पाली भाषा में लिखी गई हैं।
    • इनमें बोधिसत्व के रूप में बुद्ध द्वारा पूर्व जन्मों में अर्जित किए गए नैतिक गुणों (पारमिताओं) का वर्णन है।

प्रारंभिक बौद्ध साहित्य के अनुसार, राजा बिम्बिसार के शासनकाल के दौरान मगध राज्य में कितने गामा (गाँव) विद्यमान थे?

  • 1,00,000
  • 60,000
  • 80,000
  • 40,000

Explanation:

  • बौद्ध ग्रंथ ‘महावग्ग’ (Mahavagga) के अनुसार, मगध के हर्यक वंश के संस्थापक राजा बिम्बिसार के विशाल राज्य में 80,000 गाँव (गामा) शामिल थे।
  • बिम्बिसार महात्मा बुद्ध और महावीर स्वामी दोनों के समकालीन थे और उन्होंने मगध को एक साम्राज्य के रूप में स्थापित करने में प्रमुख भूमिका निभाई।
  • बिम्बिसार से संबंधित तथ्य:
    • उन्होंने अपनी राजधानी गिरिव्रज (राजगृह) बनाई।
    • उन्हें ‘श्रेणिक’ (Srenika) के नाम से भी जाना जाता था क्योंकि वे स्थायी सेना रखने वाले पहले ज्ञात राजा थे।

अशोक द्वारा अपनी धम्म (Dhamma) की नीति का प्रसार करने के लिए नियुक्त किए गए विशेष अधिकारियों को क्या नाम दिया गया था?

  • धम्म महामत्ता
  • धम्म जनपद
  • धम्म मुखिया
  • धम्म लेखक

Explanation:

  • सम्राट अशोक ने अपने शासनकाल के 13वें वर्ष में ‘धम्म महामत्त’ (Dhamma Mahamatta) नामक विशेष अधिकारियों के पद का सृजन किया।
  • इन अधिकारियों का मुख्य कार्य समाज में नैतिक मूल्यों का प्रसार करना, विभिन्न धार्मिक संप्रदायों के बीच सद्भाव बनाना और कैदियों तथा असहायों का कल्याण देखना था।
  • धम्म नीति से जुड़े तथ्य:
    • अशोक के 5वें वृहद शिलालेख (Major Rock Edict V) में धम्म महामत्तों की नियुक्ति का स्पष्ट उल्लेख मिलता है।
    • अशोक ने अपने पुत्र महेंद्र और पुत्री संघमित्रा को धम्म के प्रचार के लिए श्रीलंका भेजा था।

हड़प्पा सभ्यता मुख्य रूप से किस क्षेत्र से अपना तांबा प्राप्त करती थी?

  • कर्नाटक
  • राजस्थान
  • तमिलनाडु
  • मध्य प्रदेश

Explanation:

  • हड़प्पा सभ्यता तांबे (Copper) की आपूर्ति मुख्य रूप से राजस्थान के झुंझुनू जिले में स्थित ‘खेतड़ी खदानों’ (Khetri Mines) से करती थी।
  • इस क्षेत्र की ताम्र संस्कृति को पुरातात्विक भाषा में ‘गणेश्वर-जोधपुरा संस्कृति’ कहा जाता है, जो हड़प्पा वासियों को तांबा प्रदान करती थी।
  • प्राप्त अन्य कच्चे माल के क्षेत्र:
    • कर्नाटक (कोलार): सोना (Gold)
    • गुजरात (भरूच): अकीक / कार्नेलियन पत्थर (Carnelian)
    • ओमान: तांबा (विदेशी स्रोत)

मध्य पुरापाषाण काल के दौरान भारत में शल्क उपकरण (flake tools) बनाने के लिए मुख्य रूप से किस तकनीक का उपयोग किया जाता था?

  • लेवलोइस तकनीक (Levallois technique)
  • आघात विधि (Percussion method)
  • ब्लेड-टूल प्रौद्योगिकी (Blade-tool technology)
  • दाब शल्कन (Pressure flaking)

Explanation:

  • मध्य पुरापाषाण काल (Middle Paleolithic Age) की मुख्य पहचान ‘शल्क उपकरण’ (Flake Tools) थे, जिन्हें तैयार करने के लिए विशेष लेवलोइस तकनीक (Levallois technique) का उपयोग किया जाता था।
  • इस तकनीक में पत्थर कोर को पहले से आकार दिया जाता था ताकि उससे एक ही झटके में वांछित आकार और तेज धार वाला शल्क (Flake) निकाला जा सके।
  • पाषाण काल का वर्गीकरण एवं उपकरण:
    • निम्न पुरापाषाण काल: हैण्ड-एक्स (Hand-axe), क्लीवर (Cleaver) और चॉपर।
    • मध्य पुरापाषाण काल: फलक/शल्क उपकरण (Scrapers, Borers, Points – इसे ‘फलक संस्कृति’ भी कहते हैं)।
    • उच्च पुरापाषाण काल: ब्लेड और ब्यूरिन (Blade and Burin) उपकरण।

प्रारंभिक वैदिक समाज में ‘गोपति’ (gopati) शब्द का क्या अभिप्राय था?

  • अनुष्ठान संपन्न कराने वाला पुरोहित
  • परिवार का मुखिया
  • युद्धों का नेतृत्व करने वाला योद्धा
  • गायों की रक्षा करने वाला प्रधान

Explanation:

  • ऋग्वैदिक (प्रारंभिक वैदिक) काल में गाय सबसे मूल्यवान संपत्ति मानी जाती थी, इसलिए कबीले के राजा/प्रमुख को ‘गोपति’ (गायों का स्वामी या रक्षक) कहा जाता था।
  • वैदिक काल में गाय (गौ) से जुड़े अन्य कई शब्द प्रचलित थे:
    • गविष्टि (Gavishti): गायों के लिए होने वाला युद्ध।
    • दुहितृ (Duhitri): गाय का दूध दुहने वाली पुत्री।
    • अघन्या (Aghanya): न मारे जाने योग्य (गाय के लिए प्रयुक्त शब्द)।
    • गोधूलि (Godhuli): समय/संध्या का माप।

विश्व का पहला आवासीय विश्वविद्यालय, नालंदा, निम्नलिखित में से किस शासक के संरक्षण में स्थापित किया गया था?

  • चंद्रगुप्त प्रथम
  • समुद्रगुप्त
  • कुमारगुप्त प्रथम
  • स्कंदगुप्त

Explanation:

  • बिहार में स्थित विश्व प्रसिद्ध नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना 5वीं शताब्दी ईस्वी में गुप्त सम्राट कुमारगुप्त प्रथम (शक्रादित्य) के शासनकाल में हुई थी।
  • यह महाविहार बौद्ध धर्म की महायान शाखा का प्रमुख शिक्षण केंद्र था, जहाँ चीनी यात्री ह्वेनसांग (Hiuen Tsang) ने भी शिक्षा प्राप्त की थी।
  • प्राचीन विश्वविद्यालयों से जुड़े मुख्य तथ्य:
    • नालंदा विश्वविद्यालय: संस्थापक – कुमारगुप्त प्रथम (गुप्त वंश)।
    • विक्रमशिला विश्वविद्यालय: संस्थापक – धर्मपाल (पाल वंश)।
    • 12वीं शताब्दी के अंत में बख्तियार खिलजी ने नालंदा विश्वविद्यालय को नष्ट कर दिया था।

राजा खारवेल (Kharavela) का संबंध निम्नलिखित में से किस वंश से था?

  • कण्व वंश
  • चेदि वंश
  • सातवाहन वंश
  • शुंग वंश

Explanation:

  • कलिंग (आधुनिक ओडिशा) के महान सम्राट खारवेल का संबंध चेदि राजवंश (Chedi Dynasty / महामेघवाहन वंश) से था।
  • खारवेल जैन धर्म के महान संरक्षक थे। भुवनेश्वर के पास उदयगिरि पहाड़ी पर स्थित प्रसिद्ध ‘हाथीगुंफा अभिलेख’ (Hathigumpha Inscription) से उनके शासनकाल की घटनाओं की वर्षवार जानकारी मिलती है।
  • हाथीगुंफा अभिलेख की मुख्य बातें:
    • यह बिना तिथि का प्राकृत भाषा और ब्राह्मी लिपि में लिखा गया शिलालेख है।
    • इसमें भारतवर्ष शब्द का पहला स्पष्ट उत्कीर्ण साक्ष्य मिलता है।

मौर्य प्रशासन में निम्नलिखित में से कौन-सा अधिकारी मुख्यतः राजकीय कृषि और राजभूमि पर कृषि के अधीक्षण के लिए उत्तरदायी था?

  • पण्याध्यक्ष
  • समाहर्ता
  • अक्षपटलाध्यक्ष
  • सीताध्यक्ष

Explanation:

  • कौटिल्य के ‘अर्थशास्त्र’ के अनुसार, मौर्य काल में राजकीय कृषि भूमि को ‘सीता’ कहा जाता था और इस कृषि भूमि का प्रधान अधिकारी ‘सीताध्यक्ष’ (Sitadhyaksha) कहलाता था।
  • मौर्यकालीन अन्य प्रमुख ‘अध्यक्ष’ (विभागाध्यक्ष):
    • पण्याध्यक्ष: वाणिज्य और व्यापार विभाग का अध्यक्ष।
    • समाहर्ता: मुख्य राजस्व संग्रहकर्ता (Tax Collector)।
    • अक्षपटलाध्यक्ष: महालेखाकार (Accountant General / रिकॉर्ड कीपर)।
    • लक्षणाध्यक्ष: मुद्रा/सिक्का जारी करने वाले टकसाल का अध्यक्ष।

तमिल साहित्यिक कृति ‘इरैयनार अहप्पोरुल (Iraiyanar Ahapporul)’ किस शताब्दी की है?

  • 5वीं शताब्दी ईस्वी
  • 7वीं शताब्दी ईस्वी
  • 8वीं शताब्दी ईस्वी
  • 11वीं शताब्दी ईस्वी

Explanation:

  • ‘इरैयनार अहप्पोरुल’ (Iraiyanar Ahapporul) संगम काल के प्रेम साहित्य पर लिखा गया एक अत्यंत महत्वपूर्ण व्याख्यान/टीका (Commentary) ग्रंथ है, जो लगभग 8वीं शताब्दी ईस्वी का माना जाता है।
  • इस ग्रंथ की प्रसिद्ध भाष्य/टीका नक्कीरर (Nakkirar) द्वारा लिखी गई थी।
  • इस ग्रंथ का ऐतिहासिक महत्त्व:
    • यह ग्रंथ तीन पौराणिक तमिल संगमों (Three Tamil Sangams) का विस्तृत ब्योरा देने वाला पहला और मुख्य स्रोत है।
    • इसके अनुसार पांड्य राजाओं ने मदुरै और कपाटपुरम में तीनों संगमों का आयोजन करवाया था।

गुजरात में स्थित पुरातात्विक स्थल ‘लंघनाज’, जो सूक्ष्म पाषाण औजारों और आखेट-संग्रहक समुदायों के साक्ष्यों के लिए जाना जाता है, भारत के किस प्रागैतिहासिक सांस्कृतिक प्रावस्था से संबंधित है?

  • ताम्रपाषाण संस्कृति
  • मध्यपाषाण संस्कृति
  • पुरापाषाण संस्कृति
  • नवपाषाण संस्कृति

Explanation:

  • लंघनाज (Langhnaj) गुजरात के महसाणा जिले में स्थित एक अत्यंत प्रसिद्ध मध्यपाषाण कालीन (Mesolithic) पुरातात्विक स्थल है।
  • यहाँ के उत्खनन (एच. डी. सांकलिया द्वारा) से 14 मानव कंकाल, सूक्ष्म पाषाण औजार (Microliths), तथा गेंडे एवं हिरण की हड्डियों के अवशेष मिले हैं।
  • भारत के अन्य प्रमुख मध्यपाषाण कालीन स्थल:
    • बागोर (राजस्थान): भारत में पशुपालन का सबसे प्राचीन साक्ष्य।
    • आदमगढ़ (मध्य प्रदेश): पशुपालन के शुरुआती साक्ष्य।
    • महदहा एवं सराय नाहर राय (उत्तर प्रदेश): हड्डी के आभूषण और समाधियाँ।

निम्नलिखित में से कौन-सा, उत्तर वैदिक समाज में वैश्य वर्ग का कार्य था?

  • अनुष्ठान विशेषज्ञ (Ritual specialists)
  • अधीनस्थ वर्ग (Subordinated class)
  • शासक वर्ग (Ruling class)
  • उत्पादक वर्ग (Producing class)

Explanation:

  • उत्तर वैदिक काल में चार वर्णों की व्यवस्था कठोर हो गई थी, जिसमें वैश्य वर्ग को मुख्य उत्पादक वर्ग (Producing class) माना गया था।
  • वैश्य समाज का मुख्य कार्य कृषि, पशुपालन और व्यापार करना था। कर देने का भार (Taxpayers) मुख्य रूप से इसी वर्ग पर था, जिन्हें ग्रंथों में ‘अनस्य बलिहृत’ (दूसरों को कर देने वाला) कहा गया है।
  • उत्तर वैदिक काल में चार वर्णों के पारंपरिक कार्य:
    • ब्राह्मण: यज्ञ-अनुष्ठान और वेदाध्ययन (अनुष्ठान विशेषज्ञ)।
    • क्षत्रिय: शासन और प्रजा की रक्षा (शासक/योद्धा वर्ग)।
    • वैश्य: कृषि, व्यापार और कर भुगतान (उत्पादक वर्ग)।
    • शूद्र: तीनों वर्णों की सेवा करना (अधीनस्थ वर्ग)।

नवपाषाण कालीन स्थल कुपगल किस राज्य में स्थित है?

  • तेलंगाना
  • आंध्र प्रदेश
  • केरल
  • कर्नाटक

Explanation:

  • कुपगल (Kupgal) भारत के कर्नाटक राज्य के बेल्लारी जिले में स्थित एक प्रमुख नवपाषाण कालीन (Neolithic) पुरातात्विक स्थल है।
  • यह स्थल अपने नवपाषाण कालीन राख के टीलों (Ash Mounds) और प्राचीन शैल चित्रों (Rock Art) के लिए प्रसिद्ध है, जो मवेशी पालने वाले शुरुआती कृषकों के जीवन को दर्शाते हैं।
  • दक्षिण भारत के अन्य प्रमुख नवपाषाण कालीन स्थल:
    • उतनूर: तेलंगाना (राख के टीले)
    • पिकलीहल, संगनकल्लू, हलूर, ब्रह्मगिरि: कर्नाटक
    • नागार्जुनकोंडा: आंध्र प्रदेश
RRB GK Bank – Ancient History #2