GK
लोकसभा में धन विधेयक पारित होने के बाद, राज्यसभा अधिकतम ______ दिनों के भीतर विधेयक को लोकसभा को वापस भेज सकती है।
- 28
- 14
- 22
- 12
Explanation:
- अनुच्छेद 109 के अनुसार, धन विधेयक (Money Bill) लोकसभा में पारित होने के बाद राज्यसभा को भेजा जाता है। राज्यसभा 14 दिनों के भीतर विधेयक को सिफारिशों के साथ वापस कर सकती है।
- यदि राज्यसभा 14 दिनों के भीतर विधेयक वापस नहीं करती, तो विधेयक दोनों सदनों द्वारा पारित माना जाता है।
- राज्यसभा धन विधेयक को रोक नहीं सकती – केवल सिफारिशें कर सकती है, जिन्हें लोकसभा स्वीकार या अस्वीकार कर सकती है।
- अत: सही उत्तर 14 दिन है।
भारत के पहले उप-प्रधानमंत्री कौन थे?
- मौलाना अबुल कलाम आज़ाद
- B.R. अम्बेडकर
- सरदार बलदेव सिंह
- सरदार वल्लभभाई पटेल
Explanation:
- सरदार वल्लभभाई पटेल भारत के पहले उप-प्रधानमंत्री थे, जिन्होंने 1947 से 1950 तक इस पद पर कार्य किया (जबकि जवाहरलाल नेहरू प्रधानमंत्री थे)।
- वे भारत के पहले गृह मंत्री भी थे और उन्होंने देशी रियासतों के एकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- उन्हें ‘लौह पुरुष’ (Iron Man of India) भी कहा जाता है।
- मौलाना आज़ाद – पहले शिक्षा मंत्री, अम्बेडकर – पहले कानून मंत्री, बलदेव सिंह – पहले रक्षा मंत्री।
मूल संरचना सिद्धांत के आधार पर कौन सा ऐतिहासिक निर्णय लिया गया?
- गोलकनाथ मामला
- इंद्रा साहनी मामला
- एस.आर. बोमई केस
- केशवानंद भारती मामला
Explanation:
- केशवानंद भारती मामला (1973) – 13 न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने मूल संरचना सिद्धांत (Basic Structure Doctrine) स्थापित किया, जिसके अनुसार संसद संविधान में संशोधन कर सकती है, पर वह संविधान की मूल संरचना (जैसे संप्रभुता, लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता, न्यायिक समीक्षा) को नष्ट नहीं कर सकती।
- गोलकनाथ मामला (1967) – संसद मौलिक अधिकारों में संशोधन नहीं कर सकती (इस सिद्धांत को केशवानंद ने पलट दिया), इंद्रा साहनी (1992) – आरक्षण पर (मंडल मामला), एस.आर. बोमई (1994) – अनुच्छेद 356 पर।
किस संविधान संशोधन अधिनियम के तहत मंत्रि परिषद की अधिकतम सीमा तय की गई?
- 91वाँ संविधान संशोधन
- 97वां संविधान संशोधन
- 86वां संविधान संशोधन
- 99वां संविधान संशोधन
Explanation:
- 91वाँ संविधान संशोधन (2003) ने मंत्रिपरिषद (Council of Ministers) की अधिकतम संख्या निर्धारित की – प्रधानमंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्या, लोकसभा (या विधानसभा) की कुल सदस्य संख्या के 15% से अधिक नहीं हो सकती (अनुच्छेद 75(1A) और 164(1A))।
- इस संशोधन ने दल-बदल विरोधी कानून (10वीं अनुसूची) में भी संशोधन किया।
- 97वां (2011) – सहकारी समितियाँ, 86वां (2002) – शिक्षा का अधिकार, 99वां (2014) – NJAC (बाद में निरस्त)।
शब्द “प्राइमस इंटर पारेस” निम्नलिखित में से क्या दर्शाता है?
- अध्यक्ष
- गृह मंत्री
- प्रधान मंत्री
- कैबिनेट मंत्री
Explanation:
- ‘प्राइमस इंटर पारेस’ (Primus inter pares) लैटिन शब्द है, जिसका अर्थ है “समानों में प्रथम” (first among equals)।
- यह प्रधानमंत्री की स्थिति को दर्शाता है – वह मंत्रिपरिषद में अन्य मंत्रियों के समान ही सदस्य है, पर उनमें प्रमुख / प्रथम है।
- संविधान में प्रधानमंत्री को ‘प्राइमस इंटर पारेस’ नहीं कहा गया है, पर यह एक प्रचलित संवैधानिक परंपरा है।
संविधान में दिए गए राज्य व्यवस्था के संघीय ढांचे से संबंधित प्रावधानों को किसके द्वारा संशोधित किया जा सकता है?
- केवल केन्द्रीय मंत्रियों के लिए मतदान हेतु संवैधानिक समय-सीमा
- विशेष संसद केवल संसद में
- संसद में आधे राज्य विधानमंडलों की सहमति से साधारण बहुमत द्वारा विशेष बहुमत
- संसद में प्रभावी बहुमत
Explanation:
- अनुच्छेद 368 के अनुसार, संघीय ढांचे (जैसे राज्यों के क्षेत्र, राज्यों के अधिकार, राज्य सूची आदि) से संबंधित प्रावधानों में संशोधन के लिए संसद के विशेष बहुमत (2/3 उपस्थित-मतदान) के साथ-साथ कम से कम आधे राज्य विधानमंडलों की सहमति (अनुसमर्थन) आवश्यक होती है।
- यह प्रक्रिया संघीय संरचना को सुरक्षित रखने के लिए है, क्योंकि राज्यों को अपनी सहमति देनी होती है।
- अत: सही विकल्प – संसद में आधे राज्य विधानमंडलों की सहमति से साधारण बहुमत द्वारा विशेष बहुमत (हालाँकि शब्दावली में ‘साधारण बहुमत’ की जगह ‘विशेष बहुमत’ है, पर अर्थ यही है) – यहाँ ‘साधारण बहुमत’ शायद टंकण त्रुटि है, पर सही प्रक्रिया यही है।
निम्नलिखित में से कौन “अतिरिक्त क्षेत्रीय कानून” बना सकता है?
- संसद
- अध्यक्ष
- गृह मंत्री
- प्रधान मंत्री
Explanation:
- अनुच्छेद 245(2) के अनुसार, संसद “अतिरिक्त क्षेत्रीय” (extra-territorial) कानून बना सकती है – अर्थात, संसद किसी ऐसे स्थान या व्यक्ति के लिए कानून बना सकती है जो भारत के क्षेत्र से बाहर है, पर भारत से संबंधित है (जैसे विदेश में भारतीय नागरिकों के लिए कानून)।
- यह शक्ति संसद के पास है, न कि कार्यपालिका के पास (राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, अध्यक्ष आदि विधायिका नहीं हैं)।
- अत: सही विकल्प – संसद।
मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति किसके द्वारा किया जाता है?
- उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों द्वारा
- भारत के राष्ट्रपति द्वारा
- भारत के प्रधान मंत्री द्वारा
- भारत के मुख्य न्यायाधीश द्वारा
Explanation:
- मुख्य चुनाव आयुक्त (Chief Election Commissioner) की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है (अनुच्छेद 324 के तहत) – राष्ट्रपति इस नियुक्ति में प्रधानमंत्री की सलाह पर कार्य करता है (पर यह विवेकाधीन नहीं है, वह कैबिनेट की सिफारिश पर करता है, पर संविधान में सीधे राष्ट्रपति को अधिकार दिया गया है)।
- अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति भी राष्ट्रपति द्वारा होती है, पर मुख्य चुनाव आयुक्त को राष्ट्रपति ही नियुक्त करता है (उच्च न्यायालय/सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश नहीं)।
किस ब्रिटिश सरकार ने सुधार करके प्रांतों को स्वायत्तता दिलाई?
- भारत सरकार अधिनियम, 1935
- भारत सरकार अधिनियम, 1909
- भारत सरकार अधिनियम, 1919
- 1858 में रानी की घोषणा
Explanation:
- भारत सरकार अधिनियम, 1935 ने प्रांतीय स्वायत्तता (Provincial Autonomy) की शुरुआत की – प्रांतों को द्वैध शासन (जो 1919 में था) समाप्त कर दिया गया, और उन्हें अपनी विधायिका और कार्यपालिका के माध्यम से स्वायत्तता मिली (राज्यपाल के अधीन, पर मंत्रियों को उत्तरदायी बनाया गया)।
- इस अधिनियम ने संघीय संरचना (जो पूरी नहीं लागू हुई) और प्रांतीय स्वायत्तता प्रदान की।
- 1919 – द्वैध शासन, 1909 – मॉर्ले-मिंटो सुधार (पृथक निर्वाचन मंडल), 1858 – क्राउन का शासन शुरू।
राज्य सभा में उपस्थित सदस्यों की संख्या कितनी है?
- 245
- 225
- 235
- 265
Explanation:
- राज्यसभा (Rajya Sabha) की वर्तमान संरचना – 245 सदस्य (अधिकतम – 250), जिनमें से 233 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से निर्वाचित होते हैं, और 12 राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत किए जाते हैं (अनुच्छेद 80)।
- यह संख्या स्थायी नहीं है, पर वर्तमान में यही है (हालाँकि प्रश्न में ‘उपस्थित’ (present) सदस्यों की संख्या पूछी गई है, पर संविधान में राज्यसभा की कुल संख्या 245 है – यदि ‘उपस्थित’ का अर्थ ‘निर्वाचित’ है तो 245 ही होते हैं, 12 मनोनीत सहित) – ध्यान दें कि राज्यसभा के अध्यक्ष (उपराष्ट्रपति) इस सदस्यता में शामिल नहीं होते।
किस अनुच्छेद के तहत अल्पसंख्यकों को शिक्षण संस्थान खोलने और उनके प्रशासन का अधिकार है?
- अनुच्छेद 26
- अनुच्छेद 25
- अनुच्छेद 30
- अनुच्छेद 29
Explanation:
- अनुच्छेद 30 (मौलिक अधिकार) अल्पसंख्यकों (minorities) (धर्म या भाषा के आधार पर) को शिक्षण संस्थान (educational institutions) खोलने और उनका प्रशासन करने का अधिकार देता है – यह एक मौलिक अधिकार है, और राज्य इन संस्थानों के अधिग्रहण/अनुदान पर कुछ शर्तों के साथ कानून बना सकता है।
- अनुच्छेद 29 – अल्पसंख्यकों को अपनी संस्कृति, भाषा और लिपि को संरक्षित करने का अधिकार (शिक्षण संस्थानों के प्रशासन का नहीं)।
- अनुच्छेद 25,26 – धर्म की स्वतंत्रता / धार्मिक मामलों के प्रबंधन से संबंधित।
भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति कौन करता है?
- राष्ट्रपति
- उपराष्ट्रपति
- भारत के मुख्य न्यायाधीश
- लोकसभा अध्यक्ष
Explanation:
- मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है (अनुच्छेद 324) – राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की सलाह पर कार्य करता है (जो कैबिनेट की सिफारिश पर होता है), पर संविधान के अनुसार नियुक्तिकर्ता राष्ट्रपति है।
- यह एक संवैधानिक नियुक्ति है, जो न्यायपालिका या विधायिका के अधीन नहीं है (CEC को अन्य चुनाव आयुक्तों के समान राष्ट्रपति नियुक्त करता है, पर CEC को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के स्तर पर संरक्षण मिलता है – अनुच्छेद 324(5))।
किस भारतीय राज्य में लोकसभा में सर्वाधिक सीटें अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित हैं?
- मध्य प्रदेश
- आंध्र प्रदेश
- राजस्थान
- गुजरात
Explanation:
- मध्य प्रदेश में लोकसभा में अनुसूचित जनजातियों (ST) के लिए सर्वाधिक सीटें आरक्षित हैं – MP में 29 लोकसभा सीटों में से 6 ST के लिए आरक्षित हैं (राज्यों में सबसे अधिक) (इसके अलावा, ओडिशा और राजस्थान में भी अधिक हैं, पर MP में सबसे अधिक है)।
- यह जनसंख्या के अनुपात में जातीय समूहों के आधार पर परिसीमन के कारण है (अनुच्छेद 330 के तहत)।
- अत: सही विकल्प – मध्य प्रदेश।
निम्नलिखित में से कौन दूसरी लोकसभा का अध्यक्ष था?
- बाली राम भगत
- के. एस. हेगड़े
- बलराम जाखड़
- एम. अनंतसयनम अय्यंगर
Explanation:
- दूसरी लोकसभा (1957-1962) के अध्यक्ष एम. अनंतसयनम अय्यंगर थे (वे 1957 से 1962 तक लोकसभा अध्यक्ष रहे)।
- पहली लोकसभा (1952-1957) के अध्यक्ष – जी.वी. मावलंकर (जिन्हें ‘फादर ऑफ द हाउस’ भी कहा जाता है)।
- बाली राम भगत (5वीं लोकसभा), के.एस. हेगड़े (तीसरी लोकसभा), बलराम जाखड़ (7वीं, 8वीं, 9वीं लोकसभा) – अय्यंगर ही दूसरी लोकसभा के अध्यक्ष थे।
भारतीय संसद के पहले स्पीकर कौन थे?
- जी वी मावलंकर
- राजेन्द्र प्रसाद
- बी आर अम्बेडकर
- केएम मुंशी
Explanation:
- पहली लोकसभा (1952) के पहले अध्यक्ष (Speaker) जी.वी. मावलंकर थे – उन्हें ‘फादर ऑफ द हाउस’ भी कहा जाता है (वे 1952-1957 तक अध्यक्ष रहे)।
- इससे पहले, संविधान सभा (1946-1950) के अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र प्रसाद थे (पर वे लोकसभा अध्यक्ष नहीं थे, बल्कि संविधान सभा के अध्यक्ष थे, बाद में राष्ट्रपति बने)।
- डॉ. अम्बेडकर – संविधान सभा के मसौदा समिति अध्यक्ष, के.एम. मुंशी – संविधान सभा सदस्य।
भारतीय संविधान के निम्नलिखित में से किस अनुच्छेद में कहा गया है कि सभी अल्पसंख्यक, चाहे वे धर्म या भाषा के आधार पर हों, को अपनी पसंद के शैक्षणिक संस्थान स्थापित करने और उनका प्रशासन करने का अधिकार होगा?
- अनुच्छेद 28
- अनुच्छेद 30
- अनुच्छेद 29
- अनुच्छेद 31
Explanation:
- अनुच्छेद 30 (सांस्कृतिक और शैक्षिक अधिकार) – अल्पसंख्यकों (धर्म या भाषा के आधार पर) को अपनी पसंद के शैक्षणिक संस्थान स्थापित करने और उनका प्रशासन करने का अधिकार देता है (यह एक मौलिक अधिकार है)।
- अनुच्छेद 29 – अल्पसंख्यकों की संस्कृति, भाषा और लिपि को संरक्षित करने का अधिकार (शिक्षण संस्थानों के प्रशासन का नहीं)।
- अनुच्छेद 28 – धार्मिक शिक्षा/पूजा से संबंधित, अनुच्छेद 31 – संपत्ति का अधिकार (अब मौलिक अधिकार नहीं)।
भारतीय संविधान की प्रस्तावना में न्याय (सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक) का विचार किसके संविधान से लिया गया है?
- फ्रांस
- रूस
- जापान
- अमेरिका
Explanation:
- भारतीय संविधान की प्रस्तावना में ‘न्याय’ (सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक) का विचार रूस (सोवियत संघ) के संविधान (1918) से प्रेरित है, जिसने सामाजिक-आर्थिक न्याय पर बल दिया (जबकि अमेरिका ने स्वतंत्रता, फ्रांस ने स्वतंत्रता/समानता/बंधुत्व, जापान ने शांति/लोकतंत्र पर ध्यान दिया)।
- भारत में ‘समाजवादी’ शब्द भी रूस से प्रेरित है (42वें संशोधन से पहले भी, प्रस्तावना में ‘न्याय’ का विचार रूस से लिया गया)।
निम्नलिखित में से कौन-सा अनुच्छेद वित्त आयोग से संबंधित है जो केंद्र और राज्य के बीच करों का वितरण करता है?
- अनुच्छेद 280
- अनुच्छेद 282
- अनुच्छेद 283
- अनुच्छेद 281
Explanation:
- अनुच्छेद 280 वित्त आयोग (Finance Commission) से संबंधित है – राष्ट्रपति हर 5 वर्ष (या उससे पहले) एक वित्त आयोग का गठन करता है, जो केंद्र और राज्यों के बीच करों के वितरण (distribution), अनुदान आदि की सिफारिशें करता है।
- अनुच्छेद 282 – सार्वजनिक उद्देश्यों के लिए अनुदान, 283 – निधियों का संरक्षण, 281 – वित्त आयोग की रिपोर्ट।
- वित्त आयोग करों के वितरण के अलावा राज्यों को अनुदान देने की भी सिफारिश करता है।
भारत में कौन सी अदालत संपत्ति विवादों, तलाक और उपभोक्ता समस्याओं जैसे दीवानी मामलों को संभालने के लिए जिम्मेदार है?
- राजस्व न्यायालय
- आपराधिक न्यायालय
- दीवानी न्यायालय
- सत्र न्यायालय
Explanation:
- दीवानी न्यायालय (Civil Court) संपत्ति विवाद, तलाक, उपभोक्ता समस्याएं, अनुबंध, ऋण आदि दीवानी मामलों (civil matters) को संभालता है।
- आपराधिक न्यायालय – अपराध (चोरी, हत्या, आदि) से संबंधित, सत्र न्यायालय – गंभीर अपराधों (जैसे दांडिक) का न्याय, राजस्व न्यायालय – राजस्व / भूमि कर से संबंधित मामले।
- दीवानी न्यायालय जिला स्तर पर जिला न्यायालय के रूप में कार्य करता है, और वहाँ दीवानी मामलों का निपटारा होता है।
91वें संशोधन अधिनियम के अनुसार, मंत्रि परिषद में प्रधानमंत्री सहित मंत्रियों की अधिकतम संख्या कितनी है?
- लोक सभा की 12% सदस्य संख्या
- लोक सभा की 10% सदस्य संख्या
- लोक सभा की 15% सदस्य संख्या
- लोक सभा की 20% सदस्य संख्या
Explanation:
- 91वाँ संशोधन (2003) – मंत्रिपरिषद (Council of Ministers) (प्रधानमंत्री सहित) की अधिकतम संख्या लोकसभा (केंद्र में) या राज्य विधानसभा (राज्यों में) की कुल सदस्य संख्या के 15% से अधिक नहीं हो सकती (अनुच्छेद 75(1A) और 164(1A))।
- इस संशोधन का उद्देश्य मंत्रिपरिषद के आकार को सीमित करना और दल-बदल को रोकना था।
- अत: सही विकल्प – लोक सभा की 15% सदस्य संख्या।
97वें संवैधानिक संशोधन के बाद, राज्य सहकारी कानून जो संशोधन के साथ असंगत है, कब तक लागू रह सकता है?
- 2 वर्ष
- 6 महीने
- 1 वर्ष
- 5 वर्ष
Explanation:
- 97वाँ संशोधन (2011) ने सहकारी समितियों को संवैधानिक दर्जा दिया (भाग IXB)। इस संशोधन के लागू होने के बाद, किसी राज्य का सहकारी कानून, यदि संशोधन के साथ असंगत (inconsistent) है, तो उसे 1 वर्ष (12 महीने) के भीतर संशोधित करना होता है (यह प्रावधान अनुच्छेद 243ZP / 243ZQ आदि में दिया गया है – वास्तव में 97वें संशोधन में एक संक्रमणकालीन प्रावधान है कि राज्य कानून 1 वर्ष तक प्रभावी रह सकता है, जब तक उसे संशोधित नहीं किया जाता)।
- अत: सही विकल्प – 1 वर्ष।
भारतीय संविधान के किस भाग में निःशुल्क विधिक सहायता का प्रावधान है?
- निदेशक सिद्धांत
- मौलिक अधिकार
- मौलिक कर्तव्य
- प्रस्तावना
Explanation:
- निःशुल्क विधिक सहायता (free legal aid) का प्रावधान राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों (DPSP) में अनुच्छेद 39A (42वें संशोधन, 1976 द्वारा जोड़ा गया) के तहत है – “राज्य समान न्याय सुनिश्चित करेगा और किसी भी आर्थिक या अन्य अक्षमता के कारण न्याय से वंचित किसी भी नागरिक को निःशुल्क कानूनी सहायता प्रदान करेगा।”
- यह एक DPSP है, मौलिक अधिकार नहीं, हालाँकि इसे विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के माध्यम से लागू किया गया है।
- अत: सही विकल्प – निदेशक सिद्धांत।
भारत में पंचायती राज व्यवस्था के संदर्भ में ग्राम सभा क्या है?
- राज्य के प्रतिनिधियों की एक सलाहकार परिषद
- सभी पात्र ग्रामीण निवासियों की विचार-विमर्श सभा
- शहरी क्षेत्रों के लिए एक न्यायिक निकाय
- एक ब्लॉक-स्तरीय समिति
Explanation:
- ग्राम सभा (Gram Sabha) – पंचायती राज व्यवस्था (73वाँ संशोधन) के तहत, यह सभी पात्र ग्रामीण निवासियों (जो ग्राम पंचायत के क्षेत्र में पंजीकृत मतदाता हैं) की एक विचार-विमर्श सभा है – यह ग्राम पंचायत का सबसे निचला स्तर है, जिसमें सभी वयस्क निवासी शामिल होते हैं, और वे विकास योजनाओं, बजट, और लेखापरीक्षा पर चर्चा करते हैं (यह एक सलाहकार / निर्णय लेने वाला निकाय है, पर कार्यकारी शक्तियाँ पंचायत के पास होती हैं)।
- यह केवल ग्रामीण क्षेत्रों के लिए है, शहरी नहीं, और ब्लॉक स्तर पर यह नहीं बनती (ब्लॉक पर पंचायत समिति है)।
भारतीय राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में पूर्णकालिक कार्मिकों की कुल संख्या क्या है?
- अध्यक्ष और पाँच सदस्य
- अध्यक्ष और चार सदस्य
- अध्यक्ष और सात सदस्य
- अध्यक्ष और तीन सदस्य
Explanation:
- राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) – अध्यक्ष (Chairperson) और 5 पूर्णकालिक सदस्य (कुल 6 पूर्णकालिक कार्मिक) + कुछ पदेन सदस्य (जैसे राष्ट्रीय अनुसूचित जाति/जनजाति/पिछड़ा आयोग के अध्यक्ष) होते हैं।
- NHRC एक सांविधिक निकाय है, जो मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के तहत स्थापित है।
- अध्यक्ष और 5 सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, जिसमें अध्यक्ष पूर्व मुख्य न्यायाधीश होते हैं, और सदस्यों में न्यायिक/गैर-न्यायिक विशेषज्ञ होते हैं।
निम्नलिखित में से कौन भारत में नगरपालिका का राजनीतिक प्रमुख है?
- मुख्य नगरपालिका अधिकारी
- अध्यक्ष
- महापौर
- नगर आयुक्त
Explanation:
- भारत में नगरपालिका (Municipality) का राजनीतिक प्रमुख अध्यक्ष (President / Chairperson) होता है (जिसे ‘नगर पालिका अध्यक्ष’ भी कहा जाता है), जो निर्वाचित सदस्यों में से चुना जाता है (या प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा, राज्यों के अनुसार भिन्न)।
- महापौर (Mayor) – यह नगर निगम (Municipal Corporation) का राजनीतिक प्रमुख होता है (बड़े शहरों में), न कि नगरपालिका का (हालाँकि कई राज्यों में महापौर नगर निगम के लिए होते हैं, पर प्रश्न नगरपालिका के लिए पूछ रहा है – उत्तर ‘अध्यक्ष’ ही होता है)।
- नगर आयुक्त / मुख्य नगरपालिका अधिकारी – प्रशासनिक प्रमुख (नौकरशाह) होते हैं, राजनीतिक नहीं।
भारत में केन्द्रीय मंत्रि परिषद के लिए मंत्री चुनते समय प्रधानमंत्री को निम्नलिखित में से किस कारक पर विचार नहीं करना चाहिए?
- विदेशी समुदायों का प्रतिनिधित्व
- व्यक्तिगत क्षमता और योग्यता
- भौगोलिक प्रतिनिधित्व
- पिछड़े वर्गों का प्रतिनिधित्व
Explanation:
- प्रधानमंत्री मंत्रिपरिषद के लिए मंत्रियों का चयन करते समय भारतीय संविधान के अनुसार, निम्नलिखित पर विचार करता है: (i) व्यक्तिगत क्षमता और योग्यता, (ii) भौगोलिक प्रतिनिधित्व (सभी क्षेत्रों का संतुलन), (iii) पिछड़े वर्गों (SC/ST/OBC) का प्रतिनिधित्व, (iv) दलगत/संगठनात्मक आवश्यकताएँ, (v) सामाजिक संतुलन (धर्म, जाति, लिंग) आदि।
- विदेशी समुदायों का प्रतिनिधित्व – यह मंत्रिपरिषद के चयन के लिए प्रासंगिक नहीं है, क्योंकि मंत्री केवल भारतीय नागरिक हो सकते हैं, और विदेशी समुदायों का प्रतिनिधित्व संवैधानिक आवश्यकता नहीं है।
भारतीय कानून के तहत लोक अदालत की कार्यवाही और स्थिति का क्या व्यवहार किया जाता है?
- कार्यवाही न्यायिक होती है और लोक अदालत को CrPC के तहत एक दीवानी अदालत माना जाता है।
- कार्यवाही सलाहकार होती है और लोक अदालत को दीवानी अदालत नहीं माना जाता है।
- कार्यवाही न्यायिक नहीं होती है और अदालतों में कोई कानूनी हैसियत नहीं होती है।
- कार्यवाही अनौपचारिक होती है और किसी भी कानून के तहत मान्यता प्राप्त नहीं होती है।
Explanation:
- लोक अदालत (Lok Adalat) की कार्यवाही न्यायिक होती है, और विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के तहत इसे दीवानी अदालत (civil court) माना जाता है (CrPC के तहत नहीं, बल्कि दीवानी प्रक्रिया संहिता (CPC) के तहत इसकी स्थिति एक दीवानी अदालत के समान होती है – इसका निर्णय अंतिम होता है और उस पर अपील नहीं होती (जब तक पक्ष सहमत न हों))।
- यह एक वैकल्पिक विवाद समाधान (ADR) मंच है, जहाँ मामले का सहमति से निपटारा होता है।
- अत: सही विकल्प – कार्यवाही न्यायिक होती है और लोक अदालत को CrPC के तहत एक दीवानी अदालत माना जाता है (हालाँकि वास्तव में यह CPC के तहत दीवानी अदालत के समान है, पर प्रश्न के अनुसार ‘CrPC’ शब्द आया है, जो संभवतः टंकण त्रुटि है – सही अर्थ यही है कि यह न्यायिक है और कानूनी मान्यता प्राप्त है)।
भारतीय संविधान के अधीन, निम्न में से कौनसे कानून को अनुच्छेद 21A द्वारा बताया गया है?
- शिक्षा का अधिकार
- सूचना का अधिकार
- लोगों की प्रस्तुति
- धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार
Explanation:
- अनुच्छेद 21A (86वें संशोधन, 2002) 6-14 वर्ष के बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा को मौलिक अधिकार बनाता है – इसे शिक्षा का अधिकार (Right to Education) कहा जाता है (RTE अधिनियम, 2009 के माध्यम से लागू)।
- सूचना का अधिकार – अनुच्छेद 19(1)(a) (अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता) + RTI अधिनियम, 2005; धर्म की स्वतंत्रता – अनुच्छेद 25-28; ‘लोगों की प्रस्तुति’ – कोई अनुच्छेद नहीं (यह विकल्प अप्रासंगिक है)।
शब्द बहुतंत्र (पाली आर्की) का प्रयोग रॉबर्ट डहल ने सरकार के द्वारा सरकार के उस रूप का वर्णन करने के लिए किया गया जिसमें
- इससे राय के बहुसंख्यक मतभेदों को अपेक्षा कृत सरल विकल्प कम कर देता है|
- यह व्यक्ति लोकतांत्रिक मॉडल की मूल इकाई के रूप में लेता है|
- लोग अपने प्रतिनिधित्व के माध्यम से भाग ले सकते हैं|
- लोग चुनाव प्रणाली और समूह प्रक्रिया – दोनों तरह के माध्यम से काम करते हैं।
Explanation:
- रॉबर्ट डहल (Robert Dahl) ने ‘बहुतंत्र’ (Polyarchy) शब्द का प्रयोग किया – यह लोकतंत्र का एक आधुनिक रूप है, जिसमें लोग चुनाव प्रणाली (नियमित, स्वतंत्र, निष्पक्ष चुनाव) और समूह प्रक्रिया (संगठनों, दबाव समूहों, मीडिया आदि के माध्यम से) दोनों माध्यमों से राजनीतिक प्रक्रिया में भाग लेते हैं (यह प्रत्यक्ष लोकतंत्र से भिन्न है, जहाँ सभी नागरिक सीधे निर्णय लें, जबकि बहुतंत्र में प्रतिनिधित्व और समूह संघर्ष के माध्यम से शासन होता है)।
- अत: सही विकल्प – लोग चुनाव प्रणाली और समूह प्रक्रिया – दोनों तरह के माध्यम से काम करते हैं।
सितंबर, 2019 में तेलंगाना राज्य के राज्यपाल के रूप में किसे नियुक्त किया गया है?
- जगदीश मुखी
- लालजी टंडन
- ओपी कोहली
- तमिलिसाई सुंदरराजन
Explanation:
- तमिलिसाई सुंदरराजन (Dr. Tamilisai Soundararajan) को सितंबर 2019 में तेलंगाना के राज्यपाल के रूप में नियुक्त किया गया था (वह पहले तमिलनाडु BJP अध्यक्ष थीं, और वह तेलंगाना की पहली महिला राज्यपाल हैं – पदभार ग्रहण 8 सितंबर 2019 को)।
- जगदीश मुखी – पश्चिम बंगाल के राज्यपाल (2018-2022), लालजी टंडन – बिहार के राज्यपाल (2018-2020), ओपी कोहली – गुजरात (2019-2023) के राज्यपाल रहे।
भारतीय संविधान में पहला संशोधन _______ को किया गया था।
- वर्ष 1951
- वर्ष 1953
- वर्ष 1952
- वर्ष 1950
Explanation:
- पहला संविधान संशोधन 1951 में किया गया था (संविधान (प्रथम संशोधन) अधिनियम, 1951 – 18 जून 1951 को लागू) – इसमें अनुच्छेद 15, 19, 31 में संशोधन किया गया, और 9वीं अनुसूची जोड़ी गई, ताकि भूमि सुधार कानूनों को न्यायिक समीक्षा से बचाया जा सके।
- संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ, पर पहला संशोधन 1951 में आया (1950 में कोई संशोधन नहीं हुआ, बल्कि प्रारंभिक मूल संविधान ही था)।
1909 में भारत सरकार की संरचना के संबंध में ब्रिटिश सरकार द्वारा निम्नलिखित में से क्या प्रस्तावित किया गया था?
- मॉर्ले-मिंटो सुधार
- वेवेल योजना
- रौलेट एक्ट
- क्रिप्स मिशन
Explanation:
- 1909 में भारत सरकार की संरचना के लिए मॉर्ले-मिंटो सुधार (Morley-Minto Reforms) प्रस्तावित किए गए – इन सुधारों ने पृथक निर्वाचन मंडल (separate electorates) की शुरुआत की (मुसलमानों के लिए) और विधान परिषदों का विस्तार किया (पर उन्हें सीमित अधिकार दिए)।
- रौलेट अधिनियम (1919) – काला कानून, क्रिप्स मिशन (1942) – द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान, वेवेल योजना (1945) – शिमला सम्मेलन।
संसद के दो सत्रों के बीच का समयांतराल ______ से अधिक नहीं होना चाहिए।
- 3 माह
- 1 वर्ष
- 6 माह
- 9 माह
Explanation:
- अनुच्छेद 85 के अनुसार, संसद के दो सत्रों (sessions) के बीच का समयांतराल 6 माह से अधिक नहीं होना चाहिए – अर्थात संसद को वर्ष में कम से कम दो बार (दो सत्र) बुलाना चाहिए, और एक सत्र के अंत और अगले सत्र के आरंभ के बीच अधिकतम 6 माह का अंतर हो सकता है।
- इसका उद्देश्य संसद को निष्क्रिय होने से रोकना है – राष्ट्रपति (वास्तव में मंत्रिपरिषद) सत्र बुलाता है।
भारतीय संविधान के अनुसार, राज्यपाल की नियुक्ति के लिए निम्नलिखित में से कौन सी पात्रता मानदंड नहीं है?
- उन्हें लाभ का कोई अन्य पद नहीं धारण करना चाहिए।
- वह भारत का नागरिक होना चाहिए।
- वह राज्यसभा के सदस्य के रूप में चुनाव के लिए योग्य होना चाहिए।
- उसकी आयु 35 वर्ष पूर्ण हो चुकी हो।
Explanation:
- अनुच्छेद 157 के अनुसार, राज्यपाल बनने के लिए योग्यताएँ: (i) भारत का नागरिक हो, (ii) आयु 35 वर्ष से कम नहीं हो।
- अनुच्छेद 158 के अनुसार, राज्यपाल लाभ का कोई अन्य पद नहीं धारण कर सकता (यानी वह सांसद, विधायक, या किसी अन्य पद पर नहीं हो सकता)।
- राज्यसभा सदस्य बनने के लिए योग्य – यह राज्यपाल की पात्रता नहीं है (हालाँकि राज्यपाल को राज्यसभा/विधानसभा के चुनाव में भाग लेने का अधिकार नहीं है, जब तक वह राज्यपाल नहीं रहता)।
- अत: यह विकल्प सही नहीं है (अर्थात यह पात्रता मानदंड नहीं है)।
निम्नलिखित में से किस वर्ष में नया भारतीय ध्वज संहिता प्रभावी हुआ?
- 2002
- 2014
- 1950
- 1975
Explanation:
- भारतीय ध्वज संहिता (Flag Code of India) – 2002 में 26 जनवरी 2002 से प्रभावी हुआ (नया संहिता – जिसने पुराने नियमों (1950) को प्रतिस्थापित किया और नागरिकों को ध्वज फहराने के अधिकार और नियमों को सरल बनाया)।
- इस संहिता ने ध्वज के उपयोग, प्रदर्शन, और सम्मान के नियमों को निर्धारित किया (जैसे ध्वज फहराने के समय, दिन, आकार, मानक आदि)।
- 2002 से पहले 1950 में ध्वज संहिता (जो सरकारी उपयोग तक सीमित थी) थी, पर 2002 में इसे नागरिकों के लिए खोल दिया गया।
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 280 ________ से संबंधित है।
- शिक्षा
- वित्त आयोग
- गोपनीयता
- समानता
Explanation:
- अनुच्छेद 280 वित्त आयोग (Finance Commission) से संबंधित है – राष्ट्रपति द्वारा हर 5 वर्ष पर वित्त आयोग का गठन किया जाता है, जो केंद्र-राज्य करों के वितरण, अनुदान आदि की सिफारिशें करता है।
- शिक्षा – अनुच्छेद 21A / 45, गोपनीयता – अनुच्छेद 21 (न्यायिक व्याख्या), समानता – अनुच्छेद 14।
विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया की अवधारणा किस संविधान से ली गई है?
- भारत सरकार अधिनियम 1935
- अमेरिका के संविधान
- जापान का संविधान
- ब्रिटेन का संविधान
Explanation:
- भारत में ‘विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया’ (Procedure established by law) की अवधारणा जापान के संविधान से ली गई है – यह अनुच्छेद 21 में है, जो कहता है कि “किसी भी व्यक्ति को विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया के अनुसार ही उसके जीवन या व्यक्तिगत स्वतंत्रता से वंचित किया जाएगा।”
- अमेरिका में ‘उचित प्रक्रिया’ (Due process of law) है, जो अधिक व्यापक है (जिसमें न्यायालय कानून की न्यायसंगतता की जाँच कर सकते हैं) – भारत ने ‘procedure established by law’ को चुना (पर बाद में न्यायालयों ने व्यापक व्याख्या की है)।
भारत का राष्ट्रगान कब अपनाया गया?
- 15 अगस्त, 1950
- 24 जनवरी, 1950
- 26 जनवरी, 1947
- 15 अगस्त, 1947
Explanation:
- भारत का राष्ट्रगान (जन गण मन) 24 जनवरी 1950 को भारत की संविधान सभा द्वारा अपनाया गया (इसे 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू होने से पहले स्वीकार किया गया)।
- राष्ट्रगान गीत रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा रचित था, और इसे 1919 में पहली बार गाया गया था (पर 1950 में आधिकारिक रूप से अपनाया गया)।
- राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को 1950 में उतना ही सम्मान दिया गया (पर राष्ट्रगान जन गण मन है)।
किस अधिनियम द्वारा मद्रास और बम्बई की विधायी शक्तियों के विकेन्द्रीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई?
- मोर्ले मिंटो सुधार, 1909
- मोंटेग्यू चेम्सफोर्ड सुधार, 1919
- बेहतर कानून का शासन 1858
- भारतीय परिषद अधिनियम, 1861
Explanation:
- भारतीय परिषद अधिनियम, 1861 (Indian Councils Act, 1861) ने मद्रास (Madras) और बम्बई (Bombay) में विधायी शक्तियों के विकेन्द्रीकरण की प्रक्रिया शुरू की – इस अधिनियम ने कलकत्ता, मद्रास, बम्बई में विधान परिषदों की स्थापना की, और केंद्रीय विधान परिषद का विस्तार किया।
- 1909 – मॉर्ले-मिंटो (पृथक निर्वाचन मंडल), 1919 – द्वैध शासन, 1858 – क्राउन का शासन शुरू।
राज्य सभा के सदस्यों के चुनाव का प्रावधान किस देश के संविधान से लिया गया है?
- भारत सरकार अधिनियम, 1935
- दक्षिण अफ़्रीका का संविधान
- अमेरिकी संविधान
- ऑस्ट्रेलियाई संविधान
Explanation:
- राज्यसभा के सदस्यों के चुनाव की प्रणाली (अप्रत्यक्ष निर्वाचन, जहाँ राज्य विधानसभाओं के सदस्यों द्वारा चुना जाता है) दक्षिण अफ्रीका के संविधान से प्रेरित है (दक्षिण अफ्रीका में ‘सीनेट’ का गठन ऐसे ही होता था)।
- अमेरिका – सीनेट (राज्य विधानमंडलों द्वारा चुना जाता था, पर 1913 में बदल गया), ऑस्ट्रेलिया – सीनेट (प्रत्यक्ष चुनाव), 1935 – भारत सरकार अधिनियम (प्रांतीय स्वायत्तता)।
सामान्य विधि अधिकारों के लिए आदेश जारी करने की शक्ति किस न्यायालय को है?
- अधीनस्थ न्यायालय
- सर्वोच्च न्यायालय
- उच्च न्यायालय
- इनमें से कोई नहीं
Explanation:
- उच्च न्यायालय (अनुच्छेद 226) को सामान्य विधि अधिकारों (legal rights) के लिए रिट/आदेश (writs / orders) जारी करने की शक्ति है – यह केवल मौलिक अधिकारों तक सीमित नहीं है, बल्कि किसी भी कानूनी अधिकार के उल्लंघन के लिए रिट जारी कर सकता है (सर्वोच्च न्यायालय केवल मौलिक अधिकारों के लिए अनुच्छेद 32 के तहत रिट जारी कर सकता है)।
- अधीनस्थ न्यायालय रिट जारी नहीं कर सकते – यह शक्ति केवल उच्च न्यायालयों और सर्वोच्च न्यायालय के पास है, पर सामान्य विधि अधिकारों के लिए यह शक्ति विशेष रूप से उच्च न्यायालय के पास है (अनुच्छेद 226) – इसलिए उत्तर ‘उच्च न्यायालय’ है।
मताधिकार की आयु 21 वर्ष से घटा कर 18 वर्ष करने के लिए कौन-सा संशोधन अधिनियम बनाया गया?
- 69वां संविधान संशोधन
- 89वां संविधान संशोधन
- 72वां संविधान संशोधन
- 61वां संविधान संशोधन
Explanation:
- 61वां संविधान संशोधन (1988) ने मताधिकार (वोटिंग) की आयु को 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष कर दिया, जो अनुच्छेद 326 में संशोधन करके किया गया।
- यह संशोधन 1989 में लागू हुआ और इसने युवाओं को मतदान का अधिकार दिया, जिससे लोकतांत्रिक भागीदारी बढ़ी।
- 69वां (1991) – दिल्ली को NCT दर्जा, 89वां (2003) – राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग, 72वां (1992) – पंचायतों में अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षण।
- अत: सही विकल्प – 61वां संविधान संशोधन।
वर्तमान में लोकसभा सदस्यों की संख्या कितनी है?
- 580
- 560
- 545
- 550
Explanation:
- लोकसभा (भारत की संसद का निचला सदन) की अधिकतम सदस्य संख्या 552 है (530 राज्यों से + 20 UT से + 2 आंग्ल-भारतीय (नामित) – पर 2020 में आंग्ल-भारतीय आरक्षण समाप्त कर दिया गया), पर वर्तमान में लोकसभा सदस्यों की संख्या 545 है (543 निर्वाचित + 2 नामित – पर नामित अब 0, इसलिए 543 भी कहा जाता है, पर परीक्षा के अनुसार 545 पुराना आंकड़ा है, जो 2024 के चुनाव तक लागू था – वास्तव में 543 निर्वाचित हैं, पर विकल्पों में 545 ही सही माना गया है, क्योंकि यह परीक्षा के अनुसार है)।
- वास्तव में 104वें संशोधन (2019) ने आंग्ल-भारतीय आरक्षण समाप्त कर दिया, इसलिए अब 543 सदस्य हैं, पर प्रश्न (2018 की परीक्षा) के अनुसार 545 सही है।
- अत: सही विकल्प – 545।
भारत का संविधान लागू हुआ –
- 15 अगस्त, 1947
- 26 जनवरी, 1950
- 26 नवंबर 1949
- 26 अगस्त, 1949
Explanation:
- भारत का संविधान 26 जनवरी, 1950 को लागू हुआ (इसी दिन भारत एक गणराज्य बना और गणतंत्र दिवस मनाया जाता है)।
- संविधान 26 नवंबर, 1949 को संविधान सभा द्वारा अपनाया (adopted) गया था, पर लागू 26 जनवरी 1950 को हुआ (इसे ‘प्रारंभ’ (commencement) कहा जाता है)।
- 15 अगस्त 1947 – भारत की स्वतंत्रता, 26 अगस्त 1949 – कोई विशेष घटना नहीं।
- अत: सही विकल्प – 26 जनवरी, 1950।
इनमें से कौन भारतीय संसद का हिस्सा नहीं है?
- राज्य परिषद
- राष्ट्रपति
- लोक सभा
- विधान परिषद
Explanation:
- भारतीय संसद (अनुच्छेद 79) में राष्ट्रपति, राज्य सभा (राज्य परिषद) और लोक सभा शामिल होते हैं – ये तीनों इसके अंग हैं।
- विधान परिषद (Legislative Council) राज्य स्तर पर एक सदन है (राज्य विधानमंडल का हिस्सा), संसद का नहीं।
- अत: सही विकल्प – विधान परिषद।
भारतीय संविधान का निम्नलिखित में से कौन-सा अनुच्छेद नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) से संबंधित है?
- अनुच्छेद 135
- अनुच्छेद 140
- अनुच्छेद 148
- अनुच्छेद 130
Explanation:
- अनुच्छेद 148 नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) से संबंधित है – यह CAG की नियुक्ति, पदावधि, वेतन, भत्ते, और उनके कर्तव्यों का प्रावधान करता है।
- CAG भारत के वित्तीय प्रशासन की सर्वोच्च लेखापरीक्षा संस्था है, जो राष्ट्रपति को रिपोर्ट करता है।
- अनुच्छेद 135 – पुरानी अदालतों की शक्तियाँ, 140 – सर्वोच्च न्यायालय की अतिरिक्त शक्तियाँ, 130 – सर्वोच्च न्यायालय का स्थान।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 148।
निम्नलिखित में से कौन सा अनुच्छेद भारत के नियंत्रक महालेखा परीक्षक से संबंधित है?
- अनुच्छेद 142
- अनुच्छेद 135
- अनुच्छेद 154
- अनुच्छेद 148
Explanation:
- यह पिछले प्रश्न की पुनरावृत्ति है – अनुच्छेद 148 CAG से संबंधित है।
- अनुच्छेद 142 – सर्वोच्च न्यायालय की पूर्ण न्याय की शक्ति, 135 – पुरानी अदालतों की शक्तियाँ, 154 – राज्य की कार्यकारी शक्ति (राज्यपाल), 148 – CAG।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 148।
भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद भारत के केंद्र शासित प्रदेशों में उच्च न्यायालयों के गठन से संबंधित है?
- अनुच्छेद 239B
- अनुच्छेद 241
- अनुच्छेद 239
- अनुच्छेद 252
Explanation:
- अनुच्छेद 241 केंद्र शासित प्रदेशों में उच्च न्यायालयों के गठन से संबंधित है – यह संसद को कानून बनाकर किसी UT के लिए उच्च न्यायालय स्थापित करने या किसी मौजूदा उच्च न्यायालय के अधिकार क्षेत्र को UT तक विस्तारित करने की शक्ति देता है।
- अनुच्छेद 239 – UT का प्रशासन, 239B – UT में अध्यादेश जारी करने की शक्ति, 252 – राज्यों के अनुरोध पर संसद का कानून बनाना।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 241।
नागरिकता अधिनियम, 1955 के तहत भारतीय मूल के व्यक्ति को भारतीय नागरिक बनने के लिए कितने वर्षों तक भारत में निवास करना आवश्यक है?
- 10 वर्ष
- 7 वर्ष
- 3 वर्ष
- 5 साल
Explanation:
- नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 5(1)(f) (पंजीकरण द्वारा नागरिकता) के अनुसार, भारतीय मूल का व्यक्ति (जिसके माता-पिता या दादा-दादी भारत में जन्मे हों) 7 वर्ष तक भारत में निवास (या सरकारी सेवा में) करने के बाद नागरिकता के लिए पंजीकरण करा सकता है (यह सामान्य प्रावधान है, पर विदेशी नागरिकों के लिए 12 वर्ष या अलग शर्तें हो सकती हैं)।
- यह शर्त नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2005 के अनुसार भी लागू होती है।
- अत: सही विकल्प – 7 वर्ष।
भारतीय संविधान का कौन-सा अनुच्छेद केंद्र की कार्यपालिका शक्ति की सीमा से संबंधित है?
- अनुच्छेद 70
- अनुच्छेद 61
- अनुच्छेद 78
- अनुच्छेद 73
Explanation:
- अनुच्छेद 73 केंद्र की कार्यपालिका शक्ति (Union executive power) की सीमा (extent) से संबंधित है – यह निर्धारित करता है कि संघ की कार्यपालिका शक्ति उन विषयों तक विस्तारित होती है, जिन पर संसद विधान बना सकती है, और राज्यों के साथ संधियों/समझौतों के संबंध में भी (अनुच्छेद 73(1))।
- अनुच्छेद 70 – राष्ट्रपति के निर्वाचन/निर्वाचन, 61 – महाभियोग, 78 – प्रधानमंत्री के कर्तव्य (राष्ट्रपति को जानकारी देना)।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 73।
भारतीय संविधान के _____ में दोषसिद्धि के मामले में कुछ अधिकारों के संरक्षण से संबंधित अवधारणाएँ जैसे दोहरा खतरा नहीं, स्वयं को दोषी नहीं ठहराना और पूर्वव्यापी कानून नहीं, का उल्लेख किया गया है।
- अनुच्छेद 20
- अनुच्छेद 21
- अनुच्छेद 19
- अनुच्छेद 23
Explanation:
- अनुच्छेद 20 (मौलिक अधिकारों के अंतर्गत) दोषसिद्धि (conviction) के मामले में तीन संरक्षण प्रदान करता है: (i) पूर्वव्यापी कानून (ex-post facto law) नहीं – किसी कार्य को अपराध बनाने वाला कानून उस कार्य के करने के बाद नहीं बनाया जा सकता, (ii) दोहरा खतरा (double jeopardy) नहीं – एक व्यक्ति को एक ही अपराध के लिए एक बार से अधिक मुकदमा/दंडित नहीं किया जा सकता, (iii) स्वयं को दोषी नहीं ठहराना (self-incrimination) – कोई व्यक्ति स्वयं के विरुद्ध गवाह बनने के लिए बाध्य नहीं है।
- अनुच्छेद 21 – जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता, 19 – अभिव्यक्ति/असेंबली/संगम आदि की स्वतंत्रता, 23 – मानव तस्करी/बेगार पर प्रतिबंध।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 20।
भारत के राष्ट्रपति द्वारा राज्यसभा में कितने सदस्यों को मनोनीत किया जाता है?
- 15
- 8
- 10
- 12
Explanation:
- अनुच्छेद 80(3) के अनुसार, राष्ट्रपति राज्यसभा में 12 सदस्य मनोनीत कर सकते हैं, जिन्हें साहित्य, विज्ञान, कला और समाज सेवा के क्षेत्रों में विशेष ज्ञान या अनुभव होता है।
- ये मनोनीत सदस्य राज्यसभा के अन्य निर्वाचित सदस्यों की तरह पूर्ण अधिकार रखते हैं।
- अत: सही विकल्प – 12।
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 246 के अनुसार, संसद को निम्नलिखित में से किस सूची में उल्लिखित विषयों पर कानून बनाने का विशेष अधिकार है?
- राज्य सूची
- स्थानीय सूची
- संघ सूची
- समवर्ती सूची
Explanation:
- अनुच्छेद 246 सातवीं अनुसूची (Union List, State List, Concurrent List) के तहत विधान विषयों के वितरण से संबंधित है।
- संसद को संघ सूची (Union List) के विषयों पर विशेष अधिकार (exclusive power) प्राप्त है – केवल संसद ही इन विषयों (जैसे रक्षा, विदेशी मामले, नागरिकता, रेलवे, बैंकिंग आदि) पर कानून बना सकती है।
- राज्य सूची – राज्य विधानमंडल, समवर्ती सूची – दोनों (पर संघर्ष होने पर संसद अधिभावी), स्थानीय सूची – संविधान में नहीं है।
- अत: सही विकल्प – संघ सूची।
निम्नलिखित में से कौन सा विवाद उच्चतम न्यायालय के मूल अधिकार क्षेत्र से बाहर है?
- गुजरात और एक निजी कंपनी के बीच एक व्यावसायिक अनुबंध विवाद
- प्रादेशिक सीमाओं को लेकर पंजाब और हरियाणा के बीच असहमति
- संवैधानिक कानून के मुद्दे पर महाराष्ट्र और केंद्र के बीच विवाद
- जल बंटवारे को लेकर कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच विवाद
Explanation:
- सर्वोच्च न्यायालय के मूल अधिकार क्षेत्र (original jurisdiction) (अनुच्छेद 131) में केंद्र और राज्यों या दो या दो से अधिक राज्यों के बीच कानूनी विवाद शामिल हैं (जो किसी कानूनी अधिकार पर निर्भर हों)।
- पर जल बंटवारा (जैसे कर्नाटक-तमिलनाडु – कावेरी) – अनुच्छेद 262 के तहत संसद द्वारा कानून द्वारा निर्धारित न्यायाधिकरण (Tribunal) के अधीन आता है, जिसमें सर्वोच्च न्यायालय का मूल अधिकार क्षेत्र लागू नहीं होता (क्योंकि यह एक न्यायिक समीक्षा या अन्य प्रावधान के तहत आता है, पर अनुच्छेद 131 को संसद अधिनियम द्वारा प्रतिबंधित कर सकती है)।
- अन्य विकल्प – राज्य-कंपनी विवाद (मूल अधिकार क्षेत्र नहीं, यह सिविल है), राज्य-केंद्र विवाद (अनुच्छेद 131 के अंतर्गत आता है), राज्य-राज्य सीमा विवाद (अनुच्छेद 131 के अंतर्गत आता है, जब तक कि संसद द्वारा न्यायाधिकरण न बनाया गया हो – पर जल बंटवारा विशेष रूप से अनुच्छेद 262 के तहत बाहर है)।
- अत: सही विकल्प – जल बंटवारे को लेकर कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच विवाद।
निम्नलिखित में से किसने सबसे पहले ‘न्यायिक सक्रियतावाद’ शब्द गढ़ा था?
- डी.ए. देसाई
- आर्थर श्लेसिंगर जूनियर
- न्यायमूर्ति पी.एन. भगवती
- न्यायमूर्ति वी.आर. कृष्ण अय्यर
Explanation:
- ‘न्यायिक सक्रियतावाद’ (Judicial Activism) शब्द को आर्थर श्लेसिंगर जूनियर (Arthur Schlesinger Jr.) ने 1947 में एक अमेरिकी पत्रिका (Fortune) में गढ़ा था, जब उन्होंने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों का वर्णन किया।
- भारत में, न्यायिक सक्रियतावाद 1980 के दशक में न्यायमूर्ति पी.एन. भगवती और कृष्ण अय्यर के नेतृत्व में विकसित हुआ (जनहित याचिका – PIL)।
- डी.ए. देसाई – पूर्व प्रधानमंत्री, न्यायिक सक्रियतावाद से संबंधित नहीं।
- अत: सही विकल्प – आर्थर श्लेसिंगर जूनियर।
भारतीय संसद में प्राक्कलन समिति के सदस्यों का चुनाव कौन करता है?
- लोकसभा के सदस्य
- प्रधानमंत्री
- राज्यसभा के सदस्य
- भारत के राष्ट्रपति
Explanation:
- प्राक्कलन समिति (Estimates Committee) – यह लोकसभा की एक स्थायी समिति है, जिसके 30 सदस्य होते हैं, और इनका चुनाव लोकसभा के सदस्यों द्वारा (लोकसभा के अध्यक्ष के मार्गदर्शन में) किया जाता है – यह समिति सरकारी विभागों के बजट अनुमानों की जाँच करती है।
- राज्यसभा के सदस्य – लोकसभा की समितियों में राज्यसभा के सदस्य (जैसे सार्वजनिक लेखा समिति में) हो सकते हैं, पर प्राक्कलन समिति के सदस्य केवल लोकसभा से होते हैं।
- अत: सही विकल्प – लोकसभा के सदस्य।
भारतीय संविधान का कौन सा अधिनियम राज्य के नीति निदेशक तत्वों में आय, संपत्ति, सुविधाओं और अवसरों में असमानताओं को कम करने का प्रावधान करता है?
- 42वाँ संविधान संशोधन 1976
- 97वाँ संविधान संशोधन 2011
- 86वाँ संविधान संशोधन 2002
- 44वाँ संविधान संशोधन 1978
Explanation:
- 44वाँ संविधान संशोधन (1978) ने राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों (DPSP) में अनुच्छेद 38 को संशोधित किया, जिसमें आय, संपत्ति, सुविधाओं और अवसरों में असमानताओं को कम करने का प्रावधान किया (अनुच्छेद 38(2)) – यह कल्याणकारी राज्य को बढ़ावा देता है।
- 42वाँ (1976) – मौलिक कर्तव्य, 97वाँ (2011) – सहकारी समितियाँ, 86वाँ (2002) – शिक्षा का अधिकार (अनुच्छेद 21A) और मौलिक कर्तव्य 51A(k)।
- अत: सही विकल्प – 44वाँ संविधान संशोधन 1978।
किस अनुसूची और अनुच्छेद में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के नाम और सीमा का उल्लेख है?
- प्रथम अनुसूची – अनुच्छेद 1 और 2
- दूसरी अनुसूची – अनुच्छेद 5
- प्रथम अनुसूची – अनुच्छेद 1 और 4
- चौथी अनुसूची – अनुच्छेद 80
Explanation:
- प्रथम अनुसूची (1st Schedule) राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के नामों और सीमाओं (क्षेत्र) का उल्लेख करती है, और यह अनुच्छेद 1 (संघ का नाम और क्षेत्र) और अनुच्छेद 4 (राज्यों/UT के क्षेत्र या सीमाओं में परिवर्तन) से जुड़ी है – अतः सही विकल्प प्रथम अनुसूची – अनुच्छेद 1 और 4 है।
- प्रथम अनुसूची अनुच्छेद 1 और 2 से भी जुड़ी हो सकती है, पर संशोधन (लागू) के अनुसार, अनुच्छेद 4 (नए राज्यों का निर्माण/सीमाएँ) भी इससे संबंधित है, और परीक्षा के अनुसार सही युग्म अनुच्छेद 1 और 4 है।
- दूसरी अनुसूची – अनुच्छेद 75, 79, 81, 82, 125, 148 आदि (वेतन/भत्ते), चौथी – अनुच्छेद 80 (राज्यसभा सीटों का आवंटन)।
- अत: सही विकल्प – प्रथम अनुसूची – अनुच्छेद 1 और 4।
संविधान सभा ने भारतीय राष्ट्रीय ध्वज को कब अपनाया?
- 22 जुलाई 1947
- 22 अगस्त 1947
- 22 जनवरी 1948
- 22 अक्टूबर 1947
Explanation:
- भारतीय राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) को संविधान सभा ने 22 जुलाई 1947 को अपनाया था – यह ध्वज हरा, सफेद, केसरिया और बीच में अशोक चक्र (24 तीलियाँ) के साथ वर्तमान स्वरूप में अंगीकृत किया गया।
- यह 1947 में स्वतंत्रता से पहले अपनाया गया (भारत की स्वतंत्रता 15 अगस्त 1947 को मिली)।
- अत: सही विकल्प – 22 जुलाई 1947।
निम्नलिखित में से, CEC का अर्थ है ______ A. चीफ इलेक्शन कंट्रोलर B. सेंट्रल इलेक्शन कमीशन C. चीफ इलेक्शन कमीशनर D. कॉमन इलेक्शन कोड
- C
- D
- B
- A
Explanation:
- CEC का पूर्ण रूप Chief Election Commissioner (चीफ इलेक्शन कमीशनर) होता है – यह भारत के निर्वाचन आयोग का प्रमुख होता है, जो चुनावों की निगरानी और संचालन करता है।
- विकल्प C – चीफ इलेक्शन कमीशनर – सही है।
- अत: सही उत्तर – C।
ब्रिटिश सरकार द्वारा भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी के मामलों को नियंत्रित और विनियमित करने के लिए पारित किया गया पहला अधिनियम कौन सा था?
- 1853 का चार्टर अधिनियम
- 1909 का भारत परिषद अधिनियम
- 1773 का विनियमन अधिनियम
- 1858 का भारत सरकार अधिनियम
Explanation:
- 1773 का रेगुलेटिंग अधिनियम (Regulating Act) ब्रिटिश सरकार द्वारा ईस्ट इंडिया कंपनी के मामलों को नियंत्रित और विनियमित करने के लिए पहला अधिनियम था – इसने कंपनी के प्रशासन को ब्रिटिश संसद के नियंत्रण में लाया और भारत में गवर्नर-जनरल और सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना की।
- यह 1773 में ब्रिटिश संसद द्वारा पारित किया गया था।
- 1853, 1909, 1858 – बाद के अधिनियम हैं।
- अत: सही विकल्प – 1773 का विनियमन अधिनियम।
भारत सरकार द्वारा अपनाई गई निम्नलिखित में से कौन सी नीति ‘राज्य के नीति निदेशक तत्वों’ द्वारा निर्देशित नहीं है?
- ग्राम पंचायतों का प्रोत्साहन
- भवन निर्माण नियमों का निर्माण
- समान नागरिक संहिता
- मादक द्रव्यों के सेवन का निषेध
Explanation:
- राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांत (DPSP) (अनुच्छेद 36-51) राज्य को विभिन्न क्षेत्रों में मार्गदर्शन प्रदान करते हैं: (i) ग्राम पंचायतें – अनुच्छेद 40, (ii) समान नागरिक संहिता – अनुच्छेद 44, (iii) मादक द्रव्यों का सेवन निषेध – अनुच्छेद 47।
- भवन निर्माण नियम (Building construction rules) DPSP का हिस्सा नहीं हैं – यह स्थानीय निकायों, नगर निगमों या राज्य अधिनियमों (जैसे नगर योजना अधिनियम) के अंतर्गत आता है, और यह DPSP में सीधे निर्देशित नहीं है।
- अत: सही विकल्प – भवन निर्माण नियमों का निर्माण।
भारतीय संविधान के ______ के तहत जीवन का अधिकार गारंटीकृत है।
- अनुच्छेद 15
- अनुच्छेद 16
- अनुच्छेद 14
- अनुच्छेद 21
Explanation:
- अनुच्छेद 21 – “किसी भी व्यक्ति को विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया के अलावा उसके जीवन (life) या व्यक्तिगत स्वतंत्रता (personal liberty) से वंचित नहीं किया जाएगा” – यह जीवन के अधिकार की गारंटी देता है (यह भारत का सबसे महत्वपूर्ण मौलिक अधिकार माना जाता है, जिसमें निजता, स्वास्थ्य, सम्मान, पर्यावरण, शिक्षा (86वें संशोधन के बाद) आदि शामिल हैं)।
- अनुच्छेद 14 – समानता, 15 – भेदभाव पर प्रतिबंध, 16 – रोजगार में समान अवसर।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 21।
भारत के संविधान में 100वाँ संशोधन (2015) किससे संबंधित है?
- आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए अधिकतम 10% आरक्षण
- राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग की स्थापना
- भारत और बांग्लादेश के बीच भूमि सीमा समझौते का अनुसमर्थन
- वस्तु एवं सेवा कर की शुरुआत
Explanation:
- 100वाँ संविधान संशोधन (2015) भारत-बांग्लादेश भूमि सीमा समझौते (Land Boundary Agreement – LBA) के अनुसमर्थन से संबंधित है – इसने प्रथम अनुसूची में संशोधन किया और बहिष्कृत क्षेत्रों (enclaves) के आदान-प्रदान को संवैधानिक स्वीकृति दी।
- EWS आरक्षण – 103वाँ संशोधन (2019), NJAC – 99वाँ संशोधन (2014) (बाद में निरस्त), GST – 101वाँ संशोधन (2016)।
- अत: सही विकल्प – भारत और बांग्लादेश के बीच भूमि सीमा समझौते का अनुसमर्थन।
कौन सा अनुच्छेद भारतीय संसद को अनुसूचित जातियों की सूची में जाति, नस्ल, जनजाति को शामिल करने या बाहर करने का अधिकार देता है?
- अनुच्छेद 341
- अनुच्छेद 200
- अनुच्छेद 241
- अनुच्छेद 43
Explanation:
- अनुच्छेद 341 अनुसूचित जातियों (SC) की सूची से संबंधित है – यह राष्ट्रपति को किसी राज्य/UT में SC सूची को निर्दिष्ट करने का अधिकार देता है (राज्यपाल से परामर्श के बाद), और संसद को कानून द्वारा इस सूची में शामिल करने या बाहर करने का अधिकार देता है (अनुच्छेद 341(2)) – इस प्रकार संसद के पास SC सूची में संशोधन की शक्ति है।
- अनुच्छेद 342 – ST के लिए, अनुच्छेद 200 – राज्यपाल द्वारा विधेयकों को आरक्षित करना, 241 – UT में उच्च न्यायालय, 43 – DPSP (कुटीर उद्योग)।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 341।
भारत के संविधान का निम्नलिखित में से कौन-सा अनुच्छेद राष्ट्रपति के कार्यकाल से संबंधित है?
- अनुच्छेद 55
- अनुच्छेद 56
- अनुच्छेद 53
- अनुच्छेद 54
Explanation:
- अनुच्छेद 56 राष्ट्रपति के कार्यकाल (term of office) से संबंधित है – इसमें कहा गया है कि राष्ट्रपति 5 वर्ष के लिए पद धारण करता है, और वह पद पर तब तक रहता है जब तक उसका उत्तराधिकारी पद ग्रहण नहीं कर लेता।
- अनुच्छेद 53 – राष्ट्रपति की कार्यकारी शक्ति, 54 – राष्ट्रपति का निर्वाचन, 55 – राष्ट्रपति के निर्वाचन का तरीका।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 56।
संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक की अध्यक्षता कौन करता है?
- प्रधान मंत्री
- अध्यक्ष
- लोक सभा अध्यक्ष
- राज्य सभा के सभापति
Explanation:
- अनुच्छेद 108 के अनुसार, संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक की अध्यक्षता लोकसभा के अध्यक्ष (Speaker) करते हैं – यदि अध्यक्ष अनुपस्थित हैं, तो उपाध्यक्ष अध्यक्षता करता है, और यदि वह भी नहीं, तो राज्यसभा के उपसभापति अध्यक्षता करते हैं।
- प्रधानमंत्री या राज्यसभा सभापति (जो उपराष्ट्रपति हैं) संयुक्त बैठक की अध्यक्षता नहीं करते (जब तक कि लोकसभा अध्यक्ष अनुपस्थित न हो)।
- अत: सही विकल्प – लोक सभा अध्यक्ष।
किस ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने क्रिप्स मिशन को भारत भेजा था?
- रॉबर्ट वालपोल
- बेंजामिन डिसरायली
- मार्गरेट थैचर
- विंस्टन चर्चिल
Explanation:
- क्रिप्स मिशन (Cripps Mission) को ब्रिटिश प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल ने 1942 में भारत भेजा था (स्टैफोर्ड क्रिप्स के नेतृत्व में), जिसका उद्देश्य भारत के राजनीतिक दलों को द्वितीय विश्व युद्ध में समर्थन दिलाने के लिए भारत को अधिक स्वशासन देने का प्रस्ताव था (जिसे भारतीय नेताओं ने अस्वीकार कर दिया)।
- रॉबर्ट वालपोल – ब्रिटेन के पहले प्रधानमंत्री, बेंजामिन डिसरायली – 19वीं सदी, मार्गरेट थैचर – 1980 के दशक (फॉकलैंड युद्ध)।
- अत: सही विकल्प – विंस्टन चर्चिल।
निम्नलिखित में से कौन सा अधिनियम भारत में उच्च न्यायालयों की स्थापना से संबंधित है?
- भारतीय उच्च न्यायालय अधिनियम, 1861
- भारतीय परिषद अधिनियम, 1861
- भारत सरकार अधिनियम, 1861
- भारत का संविधान अधिनियम, 1945
Explanation:
- भारतीय उच्च न्यायालय अधिनियम, 1861 (Indian High Courts Act, 1861) ने भारत में उच्च न्यायालयों की स्थापना की – इस अधिनियम के तहत कलकत्ता, मद्रास और बॉम्बे में उच्च न्यायालय स्थापित किए गए (1862 में), जिन्होंने सर्वोच्च न्यायालयों (कलकत्ता) और सदर दीवानी अदालतों की जगह ली।
- भारतीय परिषद अधिनियम, 1861 – विधान परिषदों का विस्तार, भारत सरकार अधिनियम, 1858 – क्राउन शासन की स्थापना (यहाँ 1861 का गलत नाम है), 1945 – कोई विशेष संविधान अधिनियम नहीं।
- अत: सही विकल्प – भारतीय उच्च न्यायालय अधिनियम, 1861।
भारतीय संविधान का कौन सा भाग भारत की जिला न्यायपालिका से संबंधित है?
- VI
- III
- IV
- V
Explanation:
- भारतीय संविधान का भाग VI (अनुच्छेद 152-237) राज्यों के संबंध में विभिन्न प्रावधानों के अंतर्गत जिला न्यायपालिका (District Judiciary) – अनुच्छेद 233-237 – से संबंधित है, जो जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति, उनके अधीनस्थ न्यायालयों और नियंत्रण का वर्णन करता है।
- भाग III – मौलिक अधिकार, भाग IV – DPSP, भाग V – संघ (केंद्र) की न्यायपालिका (सर्वोच्च न्यायालय) – अनुच्छेद 124-147, भाग VI – राज्यों की न्यायपालिका (उच्च न्यायालय, जिला न्यायालय, अधीनस्थ न्यायालय)।
- अत: सही विकल्प – VI।
106वें संशोधन अधिनियम के तहत महिलाओं के लिए कितने प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं?
- 10%
- 25%
- 33%
- 50%
Explanation:
- 106वाँ संविधान संशोधन (2023) (महिला आरक्षण अधिनियम) लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा भरी जाने वाली सीटों का 33% (एक-तिहाई) महिलाओं के लिए आरक्षित करता है।
- यह आरक्षण अनुसूचित जाति/जनजाति आरक्षित सीटों के भीतर भी लागू होगा, और यह 15 वर्षों के लिए प्रभावी होगा (जब तक संसद इसे न बढ़ाए)।
- अत: सही विकल्प – 33%।
भारत में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का मुख्यालय कहाँ स्थित है?
- नई दिल्ली
- मुंबई
- चेन्नई
- कोलकाता
Explanation:
- राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (National Human Rights Commission – NHRC) का मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है (यह मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के तहत स्थापित किया गया है)।
- NHRC मानवाधिकारों के उल्लंघन की जाँच और सिफारिशें करने के लिए एक सांविधिक निकाय है।
- अत: सही विकल्प – नई दिल्ली।
किस कानून ने भारतीय सदस्यों को पहली बार विधान परिषद में बजट पर चर्चा करने की अनुमति दी? (RRB NTPC (UG) CBT-I (11/08/2025) Shift 1)
- भारतीय परिषद अधिनियम, 1861
- भारतीय परिषद अधिनियम, 1892
- भारत सरकार अधिनियम, 1858
- भारतीय परिषद अधिनियम, 1909
Explanation:
- भारतीय परिषद अधिनियम, 1892 ने भारतीय सदस्यों को विधान परिषदों (Legislative Councils) में बजट पर चर्चा करने की अनुमति दी – हालाँकि उन्हें प्रश्न पूछने या संशोधन पेश करने का अधिकार नहीं था (यह अधिकार 1909 के अधिनियम (मॉर्ले-मिंटो) में आया, जहाँ प्रश्न पूछने और अल्पमत में संकल्प पेश करने की अनुमति दी गई)।
- 1861 – विधान परिषदों का विस्तार, 1858 – क्राउन शासन, 1909 – पृथक निर्वाचन मंडल और प्रश्न पूछने का अधिकार।
- अत: सही विकल्प – भारतीय परिषद अधिनियम, 1892।
अफगानिस्तान की राजनीतिक व्यवस्था को किस रूप में जाना जाता है?
- अफगानिस्तान का इस्लामी राज्य
- अफगानिस्तान का इस्लामी गणराज्य
- अफगानिस्तान का इस्लामिक अमीरात
- अफगानिस्तान की इस्लामी सरकार
Explanation:
- अफगानिस्तान की राजनीतिक व्यवस्था को “अफगानिस्तान का इस्लामिक अमीरात” (Islamic Emirate of Afghanistan) के रूप में जाना जाता है (तालिबान सरकार द्वारा 2021 के बाद से यह नाम प्रयोग किया जाता है, पर 2004-2021 के बीच “अफगानिस्तान का इस्लामी गणराज्य” था – प्रश्न 2016 का है, पर तालिबान ने 1996-2001 में भी ‘अमीरात’ शब्द का प्रयोग किया, और 2021 में पुनः स्थापित किया। यह परीक्षा का प्रश्न है, और विकल्पों में इस्लामिक अमीरात सही है (तालिबान सरकार के नाम के अनुसार)।
- अत: सही विकल्प – अफगानिस्तान का इस्लामिक अमीरात।
भारत में ब्रिटिश शासन का अंत किस वर्ष में हुआ?
- 1946
- 1947
- 1948
- 1950
Explanation:
- भारत में ब्रिटिश शासन का अंत 1947 में हुआ – 15 अगस्त 1947 को भारत स्वतंत्र हुआ और ब्रिटिश क्राउन का शासन समाप्त हो गया (भारत को स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 द्वारा)।
- 1950 – भारत संविधान लागू हुआ और गणराज्य बना, पर ब्रिटिश शासन 1947 में ही समाप्त हो गया था।
- अत: सही विकल्प – 1947।
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 161 के तहत क्षमादान देने की शक्ति निम्नलिखित में से किसके पास है?
- राष्ट्रपति
- भारत के मुख्य न्यायाधीश
- राज्यपाल
- प्रधानमंत्री
Explanation:
- अनुच्छेद 161 राज्यपाल (Governor) को क्षमादान (pardon) देने की शक्ति प्रदान करता है – यह राज्य के कानून के अंतर्गत सजा पाए किसी भी व्यक्ति की सजा को क्षमा, राहत, विलंब, या परिवर्तित करने का अधिकार देता है (पर राष्ट्रपति अनुच्छेद 72 के तहत क्षमादान देता है, जो केंद्रीय कानूनों के लिए है)।
- अत: सही विकल्प – राज्यपाल।
निम्नलिखित में से किसे भारत सरकार का प्रथम विधि अधिकारी माना जाता है?
- सॉलिसिटर-जनरल
- सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता
- अटॉर्नी-जनरल
- भारत के मुख्य न्यायाधीश
Explanation:
- भारत के अटॉर्नी-जनरल (Attorney-General of India) को भारत सरकार का प्रथम विधि अधिकारी (first law officer) माना जाता है – अनुच्छेद 76 के तहत, अटॉर्नी-जनरल राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किया जाता है, और उसका कर्तव्य केंद्र सरकार को कानूनी सलाह देना और न्यायालयों में उसका प्रतिनिधित्व करना होता है।
- सॉलिसिटर-जनरल – द्वितीय विधि अधिकारी, एडिशनल सॉलिसिटर-जनरल – तृतीय, भारत के मुख्य न्यायाधीश – न्यायपालिका के प्रमुख (विधि अधिकारी नहीं)।
- अत: सही विकल्प – अटॉर्नी-जनरल।
भारतीय संविधान के किस भाग को जर्मन संविधान से प्रभावित किया गया है?
- एकल नागरिकता
- संघीय प्रणाली
- संविधान में संशोधन
- आपातकाल के दौरान मौलिक अधिकारों का निलंबन
Explanation:
- भारतीय संविधान के कई भागों को विभिन्न देशों के संविधानों से प्रभावित किया गया है – आपातकाल के दौरान मौलिक अधिकारों का निलंबन (Suspension of Fundamental Rights during Emergency) जर्मन (वीमार) संविधान से प्रभावित है, जिसमें आपातकाल के दौरान कुछ अधिकारों को निलंबित किया जा सकता था (भारत के अनुच्छेद 358, 359 – आपातकाल के दौरान अनुच्छेद 19 का स्वत: निलंबन, और अन्य मौलिक अधिकारों का राष्ट्रपति आदेश द्वारा निलंबन)।
- एकल नागरिकता – ब्रिटिश संविधान, संघीय प्रणाली – कनाडा (अवशिष्ट शक्तियाँ केंद्र के पास), संविधान में संशोधन – दक्षिण अफ्रीका (संसद के विशेष बहुमत से) – पर आपातकाल निलंबन – जर्मनी से प्रभावित है।
- अत: सही विकल्प – आपातकाल के दौरान मौलिक अधिकारों का निलंबन।
यदि राष्ट्रीय आपातकाल के कारण लोक सभा की अवधि बढ़ा दी जाती है और जब आपातकाल समाप्त हो जाता है, तो बढ़ाई गई अवधि कितनी होगी?
- 3 माह
- 6 माह
- 2 माह
- 1 वर्ष
Explanation:
- अनुच्छेद 83(2) के अनुसार, राष्ट्रीय आपातकाल (अनुच्छेद 352) के दौरान लोकसभा का कार्यकाल बढ़ाया जा सकता है, परन्तु यह विस्तार एक बार में 1 वर्ष से अधिक नहीं हो सकता।
- जब आपातकाल समाप्त होता है, तो विस्तारित अवधि 6 माह से अधिक नहीं हो सकती (अर्थात आपातकाल समाप्त होने के बाद लोकसभा का कार्यकाल अधिकतम 6 माह तक बढ़ सकता है, जिसके बाद नए चुनाव होने चाहिए)।
- यह प्रावधान 44वें संशोधन (1978) द्वारा जोड़ा गया था (आपातकाल के दुरुपयोग को रोकने हेतु)।
- अत: सही विकल्प – 6 माह।
पुडुचेरी किस उच्च न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में आता है?
- कलकत्ता उच्च न्यायालय
- मद्रास उच्च न्यायालय
- हैदराबाद उच्च न्यायालय
- गुवाहाटी उच्च न्यायालय
Explanation:
- पुदुचेरी (Puducherry) केंद्र शासित प्रदेश मद्रास उच्च न्यायालय (Madras High Court) के अधिकार क्षेत्र में आता है (चूंकि यह तमिलनाडु के आसपास स्थित है, और 1954 में भारत में विलय से पहले यह फ्रांसीसी क्षेत्र था, पर न्यायिक प्रशासन मद्रास उच्च न्यायालय के अधीन है)।
- अन्य केंद्र शासित प्रदेशों के लिए: अंडमान-निकोबार – कलकत्ता, दिल्ली – दिल्ली HC, चंडीगढ़ – पंजाब-हरियाणा HC, दादरा-नगर हवेली/दमन-दीव – बॉम्बे HC (हाल ही में नए UT के रूप में विलय हुए, पर न्यायिक क्षेत्र बॉम्बे HC के अधीन) आदि।
- अत: सही विकल्प – मद्रास उच्च न्यायालय।
केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली में कितने संसदीय क्षेत्र हैं?
- 7
- 4
- 5
- 1
Explanation:
- राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (NCT Delhi) में 7 लोकसभा संसदीय क्षेत्र हैं, जो इस प्रकार हैं: (1) चांदनी चौक, (2) पूर्वी दिल्ली, (3) नई दिल्ली, (4) उत्तर पश्चिम दिल्ली, (5) पश्चिम दिल्ली, (6) दक्षिण दिल्ली, (7) उत्तर पूर्व दिल्ली।
- दिल्ली में राज्यसभा सीटें 3 हैं, और विधानसभा क्षेत्र 70 हैं।
- अत: सही विकल्प – 7।
भारतीय संसद के दोनों सदनों के अध्यक्ष किस सदन की अध्यक्षता करते हैं?
- लोकसभा
- वायसराय हाउस
- ग्राम सभा
- राज्यसभा
Explanation:
- लोकसभा अध्यक्ष (Speaker of Lok Sabha) लोकसभा की अध्यक्षता करता है, और वह संसद के दोनों सदनों के संयुक्त सत्र की भी अध्यक्षता करता है (अनुच्छेद 108 के अनुसार), पर प्रश्न “संसद के दोनों सदनों के अध्यक्ष” का तात्पर्य अध्यक्ष (Speaker) से है – जो लोकसभा का अध्यक्ष होता है (राज्यसभा की अध्यक्षता उपराष्ट्रपति (पदेन) करता है, जिसे ‘सभापति’ (Chairman) कहा जाता है)।
- अध्यक्ष (Speaker) लोकसभा का सदस्य होता है और सदन द्वारा चुना जाता है, जबकि राज्यसभा का अध्यक्ष (Chairman) उपराष्ट्रपति होता है, जो सदस्य नहीं होता।
- अत: सही विकल्प – लोकसभा।
निम्नलिखित में से कौन-सा अनुच्छेद संसद में प्रयुक्त होने वाली भाषा से संबंधित है?
- 119
- 118
- 121
- 120
Explanation:
- अनुच्छेद 120 संसद में प्रयुक्त होने वाली भाषा (language) से संबंधित है – यह कहता है कि संसद में हिंदी (राजभाषा) या अंग्रेजी में कार्य किया जा सकता है, और कोई सदस्य अपनी मातृभाषा में भी बोल सकता है (यदि वह हिंदी/अंग्रेजी नहीं जानता, तो सदन के अध्यक्ष की अनुमति से)।
- अनुच्छेद 118 – संसद के प्रत्येक सदन की कार्यप्रणाली के नियम, 119 – संसद में कार्य संचालन, 121 – संसद में न्यायिक निर्णयों पर चर्चा पर प्रतिबंध।
- अत: सही विकल्प – 120।
सी राजगोपालाचारी ने वयस्क मताधिकार पर आधारित संविधान सभा की मांग किस वर्ष में की थी?
- 1939
- 1940
- 1938
- 1937
Explanation:
- सी. राजगोपालाचारी (भारत के अंतिम गवर्नर-जनरल) ने 1939 में वयस्क मताधिकार (adult suffrage) पर आधारित संविधान सभा की मांग की थी।
- उनका प्रस्ताव था कि भारत की संविधान सभा (जो बाद में 1946 में बनी) का चुनाव वयस्क मताधिकार के आधार पर होना चाहिए, जो लोकतांत्रिक सिद्धांतों के अनुकूल था।
- हालाँकि, अंततः 1946 की संविधान सभा का चुनाव सीमित मताधिकार (प्रांतीय विधानसभाओं के सदस्यों द्वारा) के आधार पर हुआ, पर उनकी मांग ने इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया।
- अत: सही विकल्प – 1939।
भारतीय संविधान का कौन-सा अनुच्छेद सर्वोच्च न्यायालय को अपने निर्णय या आदेश की समीक्षा करने की अनुमति देता है?
- अनुच्छेद 137
- अनुच्छेद 138
- अनुच्छेद 132
- अनुच्छेद 135
Explanation:
- अनुच्छेद 137 सर्वोच्च न्यायालय को अपने निर्णय या आदेश की समीक्षा (review) करने की शक्ति प्रदान करता है – यह न्यायालय (सिविल) प्रक्रिया संहिता (CPC) 1908 की धारा 114/आदेश 47 के अनुरूप है, जो समीक्षा याचिका (review petition) दायर करने की अनुमति देता है।
- अनुच्छेद 138 – सर्वोच्च न्यायालय की अतिरिक्त शक्तियाँ, 132 – उच्च न्यायालयों के निर्णयों के विरुद्ध अपील (संवैधानिक प्रश्न), 135 – संघीय न्यायालय की शक्तियाँ।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 137।
भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के तहत संघ सूची के विषयों का उल्लेख किया गया है?
- अनुच्छेद 242
- अनुच्छेद 248
- अनुच्छेद 246
- अनुच्छेद 247
Explanation:
- अनुच्छेद 246 – संघ सूची (Union List), राज्य सूची (State List) और समवर्ती सूची (Concurrent List) के विषयों का उल्लेख करता है – यह कहता है कि संसद को संघ सूची पर, राज्य विधानमंडल को राज्य सूची पर, और दोनों को समवर्ती सूची पर कानून बनाने की शक्ति है।
- सातवीं अनुसूची में इन सूचियों का विवरण है, पर विधायी शक्तियों का आधार अनुच्छेद 246 है।
- अनुच्छेद 248 – अवशिष्ट विधायी शक्तियाँ (संसद को), 247 – अतिरिक्त न्यायाधिकरण, 242 – (निरस्त)।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 246।
कौन-सा अनुच्छेद मंत्रियों को संसदीय कार्यवाही में भाग लेने का अधिकार प्रदान करता है, लेकिन मतदान के अधिकार के बिना?
- अनुच्छेद 88
- अनुच्छेद 78
- अनुच्छेद 53
- अनुच्छेद 77
Explanation:
- अनुच्छेद 88 – मंत्री (जो संसद के सदस्य न हों) और भारत के अटॉर्नी जनरल को संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही में भाग लेने का अधिकार देता है, पर वे मतदान (vote) नहीं कर सकते (जब तक कि वे सदस्य हों)।
- अनुच्छेद 78 – प्रधानमंत्री का राष्ट्रपति को सूचना देने का कर्तव्य, 53 – राष्ट्रपति की कार्यकारी शक्ति, 77 – राष्ट्रपति के कार्यों का संचालन।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 88।
यदि कोई मंत्री लगातार छह महीने तक संसद का सदस्य न हो तो क्या होगा?
- मंत्री अपना पद छोड़ देता है
- मंत्री को तीन महीने के भीतर फिर से चुना जाना चाहिए
- मंत्री राष्ट्रपति से विशेष अनुमति से अपना कार्य जारी रख सकता है
- प्रधानमंत्री अवधि बढ़ा सकता है
Explanation:
- अनुच्छेद 75(5) के अनुसार, एक मंत्री (प्रधानमंत्री या अन्य) जो लगातार छह महीने तक संसद का सदस्य नहीं है, वह मंत्री नहीं रहेगा – अर्थात वह अपना पद खो देता है (यदि वह 6 महीने के भीतर सदस्य नहीं बनता है तो स्वतः अयोग्य हो जाता है)।
- यह प्रावधान यह सुनिश्चित करता है कि मंत्री संसद के प्रति उत्तरदायी हो।
- अत: सही विकल्प – मंत्री अपना पद छोड़ देता है।
भारतीय संविधान का कौन-सा अनुच्छेद राज्यों को राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों और वस्तुओं के संरक्षण पर कानून बनाने के लिए दिशा-निर्देश प्रदान करता है?
- अनुच्छेद 48
- अनुच्छेद 49
- अनुच्छेद 50
- अनुच्छेद 48 A
Explanation:
- अनुच्छेद 49 – राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों (DPSP) के अंतर्गत, राज्य को राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों, स्थानों और वस्तुओं के संरक्षण का कर्तव्य दिया गया है (यह राज्य को इन्हें कानून द्वारा संरक्षित करने के लिए निर्देशित करता है)।
- अनुच्छेद 48 – कृषि और पशुपालन, 50 – कार्यपालिका से न्यायपालिका का पृथक्करण, 48A – पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण (42वें संशोधन द्वारा)।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 49।
भारत में न्यायालय की अवमानना के लिए दंडित करने का अधिकार _______ के पास है।
- भारत के राष्ट्रपति
- भारत की संसद
- उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय
- लोक अदालत
Explanation:
- न्यायालय की अवमानना (Contempt of Court) के लिए दंडित करने का अधिकार उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) (अनुच्छेद 129 – सर्वोच्च न्यायालय अवमानना न्यायालय है) और उच्च न्यायालयों (High Courts) (अनुच्छेद 215) के पास है – वे किसी भी व्यक्ति को अवमानना के लिए दंडित कर सकते हैं (जुर्माना या कारावास)।
- यह शक्ति अवमानना न्यायालय अधिनियम, 1971 के तहत भी नियंत्रित है।
- अत: सही विकल्प – उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय।
भारत में, केंद्र-राज्य संबंधों में वित्त आयोग की मुख्य भूमिका क्या है?
- GST में राज्यों के हिस्से का आवंटन करना
- केंद्र और राज्यों के बीच करों से प्राप्त शुद्ध आगमों के वितरण की अनुशंसा करना
- राज्य के बजट को स्वीकृति देना
- आर्थिक विकास निधियों की योजना बनाना
Explanation:
- वित्त आयोग (Finance Commission) (अनुच्छेद 280) की मुख्य भूमिका केंद्र और राज्यों के बीच करों से प्राप्त शुद्ध आगमों (net proceeds of taxes) के वितरण (distribution) की अनुशंसा करना है – यह केंद्र-राज्य वित्तीय संबंधों का आधार है।
- यह अनुदान-सहायता (अनुच्छेद 275) की भी अनुशंसा करता है, और राज्यों के राजस्व के गैप को भरने हेतु आवश्यक सिफारिशें करता है।
- GST में राज्यों का हिस्सा – GST परिषद का कार्य है (101वें संशोधन के तहत)।
- अत: सही विकल्प – केंद्र और राज्यों के बीच करों से प्राप्त शुद्ध आगमों के वितरण की अनुशंसा करना।
निम्न में से कौन-सा संवैधानिक प्रावधान भारत सरकार को कुछ मामलों में किसी राज्य को निर्देश देने का अधिकार देता है?
- अनुच्छेद 256
- अनुच्छेद 248
- अनुच्छेद 262
- अनुच्छेद 265
Explanation:
- अनुच्छेद 256 – केंद्र सरकार को राज्यों को निर्देश देने का अधिकार देता है ताकि राज्य अपनी कार्यकारी शक्ति का प्रयोग केंद्र के कानूनों के अनुपालन में करें (यह केंद्र-राज्य संबंधों के अंतर्गत आता है, और यदि राज्य निर्देशों का पालन नहीं करता तो अनुच्छेद 356 लागू हो सकता है)।
- अनुच्छेद 248 – अवशिष्ट विधायी शक्तियाँ, 262 – अंतर-राज्यीय नदी जल विवाद, 265 – बिना कानून के कराधान नहीं।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 256।
थावर चंद गहलोत के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए। 1. वह कर्नाटक के राज्यपाल के रूप में अपनी सेवाएं देने वाले मध्य प्रदेश के पहले व्यक्ति हैं। 2. वह कर्नाटक के 19वें राज्यपाल हैं। उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- 1 और 2 दोनों
- न तो 1 और न ही 2
- केवल 2
- केवल 1
Explanation:
- थावर चंद गहलोत (जन्म 1948) – कर्नाटक के 19वें राज्यपाल हैं (पदभार: 11 फरवरी 2021 से) – कथन 2 सही है।
- वह मध्य प्रदेश के मूल निवासी हैं और मध्य प्रदेश से होने के कारण कर्नाटक के राज्यपाल बनने वाले पहले व्यक्ति हैं – कथन 1 सही है (क्योंकि पहले के राज्यपाल अन्य राज्यों से रहे हैं, उनके पूर्ववर्ती विश्वभूषण हरिचंदन – उत्तर प्रदेश से, वाजुभाई वाला – गुजरात से, आदि थे)।
- अत: 1 और 2 दोनों सही हैं।
भारतीय राष्ट्रीय गान “जन गण मन” को संविधान सभा द्वारा आधिकारिक रूप से कब अपनाया गया था?
- 26 जनवरी, 1949
- 27 दिसंबर, 1911
- 26 जनवरी, 1950
- 24 जनवरी, 1950
Explanation:
- भारतीय राष्ट्रीय गान “जन गण मन” (रवीन्द्रनाथ टैगोर द्वारा रचित) को संविधान सभा द्वारा 24 जनवरी, 1950 को आधिकारिक रूप से अपनाया गया था (संविधान लागू होने से 2 दिन पहले)।
- यह गान पहली बार 27 दिसंबर, 1911 को कलकत्ता के भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस अधिवेशन में गाया गया था, पर आधिकारिक स्वीकृति 1950 में हुई।
- संविधान सभा ने राष्ट्रीय गान का हिंदी संस्करण स्वीकार किया (मूल बांग्ला था), और इसे 52 सेकंड में गाने का निर्देश दिया (पूर्ण संस्करण ~ 52 सेकंड, या लघु संस्करण लगभग 20 सेकंड)।
- अत: सही विकल्प – 24 जनवरी, 1950।
प्रधानमंत्री सहित अन्य सभी मंत्री सामूहिक रूप से __________ के लिए जिम्मेदार हैं।
- लोकसभा
- राजनीतिक दल
- अध्यक्ष
- राज्य सभा
Explanation:
- अनुच्छेद 75(3) के अनुसार, प्रधानमंत्री सहित मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से (collectively) लोकसभा (House of the People) के प्रति उत्तरदायी (responsible) होती है – अर्थात यदि लोकसभा मंत्रिपरिषद के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पारित करती है, तो पूरी मंत्रिपरिषद को इस्तीफा देना पड़ता है।
- यह संसदीय प्रणाली की एक मूल विशेषता है (ब्रिटिश मॉडल के अनुसार)।
- अत: सही विकल्प – लोकसभा।
भारतीय संविधान के निम्नलिखित में से किस भाग/प्रावधान में संशोधन नहीं किया जा सकता है?
- न्यायिक समीक्षा
- संविधान की प्रस्तावना
- राज्य नीति के निर्देशक सिद्धांत
- मौलिक अधिकार
Explanation:
- न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) – संविधान का मूल ढाँचा (basic structure) का एक अंग है, जिसे संशोधित नहीं किया जा सकता (क्योंकि केशवानंद भारती मामले (1973) में यह कहा गया कि मूल ढाँचे में संशोधन नहीं किया जा सकता, और न्यायिक समीक्षा उस मूल ढाँचे का हिस्सा है)।
- प्रस्तावना, DPSP, मौलिक अधिकार – सभी में संशोधन किया जा सकता है, पर वे मूल ढाँचे के अंग नहीं हैं (प्रस्तावना में संशोधन 42वें संशोधन द्वारा किया गया, DPSP और मौलिक अधिकारों में भी संशोधन होते रहे हैं)।
- अत: सही विकल्प – न्यायिक समीक्षा।
भारतीय संविधान में ‘राष्ट्रपति का महाभियोग’ का प्रावधान किसके संविधान से लिया गया है?
- संयुक्त राज्य अमेरिका
- कनाडा
- ब्रिटेन
- फ्रांस
Explanation:
- राष्ट्रपति के महाभियोग (Impeachment) का प्रावधान भारतीय संविधान ने संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) के संविधान से लिया है।
- अमेरिकी संविधान में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और अन्य नागरिक अधिकारियों को महाभियोग की प्रक्रिया का वर्णन है (अनुच्छेद I, धारा 2 और 3)।
- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 61 के तहत राष्ट्रपति के महाभियोग की प्रक्रिया है – इसमें संविधान के उल्लंघन के आधार पर, संसद के दोनों सदनों द्वारा 2/3 बहुमत से महाभियोग प्रस्ताव पारित किया जाता है।
- अन्य देशों से लिए गए प्रावधान: ब्रिटेन – संसदीय प्रणाली, कनाडा – संघीय संरचना, फ्रांस – ‘लिबर्टी, इक्वालिटी, फ्रैटरनिटी’ (उद्देशिका में नहीं)।
- अत: सही विकल्प – संयुक्त राज्य अमेरिका।
निम्नलिखित में से कौन सर्वोच्च न्यायालय के पहले न्यायाधीश थे जिनके खिलाफ पद से हटाने का प्रस्ताव शुरू किया गया था?
- माननीय श्री न्यायमूर्ति रामस्वामी
- माननीय श्री न्यायमूर्ति एम.एम. पंची
- माननीय श्री न्यायमूर्ति जितेंद्रवीर गुप्ता
- माननीय न्यायमूर्ति शांत सरूप देवन
Explanation:
- न्यायमूर्ति वी. रामस्वामी (Justice V. Ramaswami) सर्वोच्च न्यायालय के पहले न्यायाधीश थे, जिनके खिलाफ 1991 में महाभियोग (पद से हटाने) का प्रस्ताव शुरू किया गया था (हालाँकि प्रस्ताव लोकसभा में विफल हो गया क्योंकि सत्तारूढ़ दल ने उसका विरोध किया)।
- न्यायमूर्ति रामस्वामी पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप थे, और उनके खिलाफ एक समिति ने जाँच की, परन्तु अंततः वे बच गए।
- न्यायमूर्ति एम.एम. पंची, जितेंद्रवीर गुप्ता, शांत सरूप देवन – इनमें से किसी के खिलाफ सफल या असफल महाभियोग प्रस्ताव नहीं लगा (हालाँकि न्यायमूर्ति शांत सरूप देवन पर एक प्रस्ताव था, पर वह पहले नहीं थे, और वापस ले लिया गया)।
- अत: सही विकल्प – माननीय श्री न्यायमूर्ति रामस्वामी।
मार्च 2025 तक की स्थिति के अनुसार, भारतीय संविधान की बारहवीं अनुसूची शहरी स्थानीय निकायों के कार्यात्मक क्षेत्र में कितने नए कार्यों को परिभाषित करती है?
- 19
- 21
- 20
- 18
Explanation:
- बारहवीं अनुसूची (12th Schedule), जो 74वें संशोधन (1992) द्वारा जोड़ी गई, शहरी स्थानीय निकायों (नगरपालिकाओं) के लिए 18 कार्य परिभाषित करती है, जैसे शहरी नियोजन, भूमि उपयोग, जलापूर्ति, स्वच्छता, सड़कें, पार्क, अग्निशमन, आवास, सामाजिक कल्याण, जन्म-मृत्यु पंजीकरण, सड़क प्रकाश, कब्रिस्तान, बाजार, सार्वजनिक स्वास्थ्य, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन आदि।
- यह 11वीं अनुसूची (73वां संशोधन) से भिन्न है, जो पंचायतों के लिए 29 कार्य प्रदान करती है।
- मार्च 2025 तक इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है – 18 कार्य ही हैं।
- अत: सही विकल्प – 18।
केन्द्रीय मंत्रि मंडल किस तरह से अन्य सरकारी समितियों से भिन्न है?
- यह प्रधानमंत्री से स्वतंत्र रूप से कार्य करता है
- यह कार्यपालिका के सर्वोच्च निर्णय लेने वाले निकाय के रूप में कार्य करता है
- इसका चुनाव जनता द्वारा किया जाता है
- इसमें न्यायपालिका के सदस्य शामिल होते हैं
Explanation:
- केंद्रीय मंत्रिमंडल (Cabinet) कार्यपालिका का सर्वोच्च निर्णय लेने वाला निकाय है – यह सरकार की नीतियाँ तय करता है, महत्वपूर्ण विधेयकों, बजट, अंतर्राष्ट्रीय संधियों, आपातकाल, युद्ध-शांति जैसे मामलों पर अंतिम निर्णय लेता है।
- यह प्रधानमंत्री के नेतृत्व में कार्य करता है, न कि स्वतंत्र रूप से।
- इसका चुनाव नहीं होता – सदस्य नियुक्त होते हैं (प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति द्वारा)।
- इसमें न्यायपालिका के सदस्य नहीं होते – यह विधायिका-कार्यपालिका का हिस्सा है।
- अत: सही विकल्प – यह कार्यपालिका के सर्वोच्च निर्णय लेने वाले निकाय के रूप में कार्य करता है।
भारत में अधीनस्थ न्यायालय समग्र न्यायिक प्रणाली को किस प्रकार सहयोग प्रदान करते हैं?
- सुगम, त्वरित और स्थानीय न्याय प्रदान करके
- विशेष रूप से अपीलों पर कार्रवाई करके
- नए कानून अधिनियमित करके
- उच्च न्यायपालिका में कानूनी शक्ति को केन्द्रीकृत करके
Explanation:
- अधीनस्थ न्यायालय (Subordinate Courts) – जिला न्यायालय, सत्र न्यायालय, मजिस्ट्रेट न्यायालय, सिविल न्यायालय – न्यायिक प्रणाली का आधार हैं, जो सुगम (accessible), त्वरित (speedy) और स्थानीय (local) न्याय प्रदान करते हैं, जिससे लोगों को उनके क्षेत्र में न्याय मिलता है।
- ये अदालतें अधिकांश मामलों (आपराधिक, सिविल) का प्रथम स्तर पर निपटारा करती हैं, जिससे उच्च न्यायालयों और सर्वोच्च न्यायालय पर बोझ कम होता है।
- अपीलों पर कार्रवाई – उच्च न्यायालय/सर्वोच्च न्यायालय का कार्य, नए कानून – विधानमंडल, शक्ति का केंद्रीकरण – न्यायिक प्रणाली विकेंद्रीकृत है।
- अत: सही विकल्प – सुगम, त्वरित और स्थानीय न्याय प्रदान करके।
भारत में केंद्र-राज्य के वित्तीय संबंध, शासन व्यवस्था को किस प्रकार प्रभावित करते हैं?
- राज्य के बजट की आवश्यकता को समाप्त करके
- केंद्र में सभी कर राजस्व को केन्द्रीकृत करके
- राज्यों को असीमित वित्तीय संसाधन प्रदान करके
- वित्त आयोग जैसे तंत्रों के माध्यम से, जो संसाधनों का आवंटन करते हैं
Explanation:
- भारत में केंद्र-राज्य वित्तीय संबंध वित्त आयोग (अनुच्छेद 280) और NITI आयोग जैसे तंत्रों के माध्यम से संसाधनों का आवंटन करते हैं – वित्त आयोग करों के बँटवारे, अनुदान, ऋण आदि की सिफारिशें करता है, जिससे राज्यों को वित्तीय संसाधन मिलते हैं और संघीय व्यवस्था बनी रहती है।
- राज्य के बजट समाप्त नहीं होते – प्रत्येक राज्य का अपना बजट होता है।
- कर पूरी तरह केंद्रीकृत नहीं हैं – कुछ कर राज्यों के पास भी हैं (जैसे वैट, स्टांप शुल्क) और कुछ केंद्र के पास, पर वित्त आयोग उनका बँटवारा करता है।
- राज्यों को असीमित संसाधन नहीं मिलते – यह सीमित और वित्त आयोग की सिफारिशों पर निर्भर है।
- अत: सही विकल्प – वित्त आयोग जैसे तंत्रों के माध्यम से, जो संसाधनों का आवंटन करते हैं।
किसी व्यक्ति को, जो संसद के किसी भी सदन का सदस्य नहीं है, मंत्रि परिषद में नियुक्त किया जा सकता है; इसके लिए उन्हें किस निर्दिष्ट समय सीमा के भीतर किसी भी सदन का सदस्य बनना होगा?
- 03 महीने
- 09 महीने
- 12 महीने
- 06 महीने
Explanation:
- अनुच्छेद 75(5) के अनुसार, जो व्यक्ति संसद के किसी भी सदन (लोकसभा या राज्यसभा) का सदस्य नहीं है, उसे मंत्रिपरिषद (प्रधानमंत्री सहित) में नियुक्त किया जा सकता है, पर उसे 6 महीने (छः माह) के भीतर किसी भी सदन का सदस्य बनना अनिवार्य है – अन्यथा वह मंत्री नहीं रहेगा।
- यह प्रावधान राज्यों के लिए अनुच्छेद 164(4) में भी है (6 महीने के भीतर विधानमंडल का सदस्य बनना)।
- अत: सही विकल्प – 06 महीने।
97वें संशोधन अधिनियम, 2011 द्वारा जोड़ा गया कौन-सा अनुच्छेद सहकारी समितियों के पेशेवर प्रबंधन को बढ़ावा देता है?
- अनुच्छेद 43B
- अनुच्छेद 48A
- अनुच्छेद 38
- अनुच्छेद 43A
Explanation:
- 97वाँ संविधान संशोधन (2011) ने अनुच्छेद 43B जोड़ा, जो राज्य को सहकारी समितियों के स्वैच्छिक गठन, स्वायत्त कार्य और पेशेवर प्रबंधन को बढ़ावा देने का निर्देश देता है।
- यह राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांत (DPSP) के अंतर्गत है और सहकारी आंदोलन को मजबूत करता है।
- अनुच्छेद 43A – उद्योगों के प्रबंधन में श्रमिकों की भागीदारी (42वें संशोधन, 1976 द्वारा), 48A – पर्यावरण संरक्षण (42वें संशोधन, 1976), 38 – सामाजिक व्यवस्था।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 43B।
निम्नलिखित में से कौन-सा, मंत्रि परिषद की त्रि-स्तरीय संरचना को सटीक रूप से निरूपित करता है?
- मुख्यमंत्री – राज्य मंत्री – उप-मुख्यमंत्री
- कैबिनेट मंत्री – राज्य मंत्री – उप-मंत्री
- प्रधानमंत्री – राज्य मंत्री – कैबिनेट मंत्री
- कैबिनेट मंत्री – उप-मंत्री – राज्यपाल
Explanation:
- मंत्रिपरिषद (केंद्र में) की त्रि-स्तरीय संरचना होती है:
- 1. कैबिनेट मंत्री (Cabinet Ministers) – वरिष्ठ मंत्री, महत्वपूर्ण मंत्रालयों (गृह, रक्षा, वित्त, विदेश) के प्रमुख, कैबिनेट बैठकों में भाग लेते हैं।
- 2. राज्य मंत्री (Ministers of State) – कैबिनेट मंत्रियों के अधीन या स्वतंत्र प्रभार (MoS Independent Charge) के साथ कार्य करते हैं।
- 3. उप-मंत्री (Deputy Ministers) – जूनियर मंत्री, जो सहायता करते हैं (यह पद आजकल कम प्रयोग होता है, पर संरचना में है)।
- अत: सही विकल्प – कैबिनेट मंत्री – राज्य मंत्री – उप-मंत्री।
1992 के 74वें संशोधन अधिनियम के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए। 1. इसके अंतर्गत भारत के संविधान में एक नया भाग IX-A जोड़ा गया। 2. इसके अंतर्गत संविधान में एक नई 10वीं अनुसूची भी जोड़ी गई। 3. इस अधिनियम के अंतर्गत प्रत्येक राज्य में तीन प्रकार की नगरपालिकाओं के गठन का प्रावधान है। 4. इसमें अनुच्छेद 243-P से 243-ZG तक के प्रावधान शामिल हैं। उपरोक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
- केवल 1, 3 और 4
- केवल 1, 2 और 3
- केवल 2 और 4
- केवल 2 और 3
Explanation:
- 74वाँ संशोधन (1992) ने भाग IX-A (अनुच्छेद 243-P से 243-ZG) जोड़ा – कथन 1 सही है।
- कथन 2 गलत है – 10वीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) 52वें संशोधन (1985) द्वारा जोड़ी गई, न कि 74वें द्वारा।
- कथन 3 सही है – 74वें संशोधन के तहत तीन प्रकार की नगरपालिकाएँ: (i) नगर पंचायत (संक्रमणकालीन क्षेत्र), (ii) नगर परिषद (छोटे शहरी क्षेत्र), (iii) नगर निगम (बड़े शहरी क्षेत्र) – प्रत्येक राज्य में इनका गठन होता है।
- कथन 4 सही है – 74वें संशोधन में अनुच्छेद 243-P से 243-ZG (भाग IX-A) शामिल हैं।
- अतः सही विकल्प – केवल 1, 3 और 4।
निम्नलिखित में से कौन-सा, 73वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 1992 की विशेषता नहीं है?
- अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिलाओं के लिए सीटों के आरक्षण का प्रावधान
- ग्राम स्तर पर लोकपाल की स्थापना
- पंचायतों के लिए हर पाँच साल में अनिवार्य चुनाव
- स्वशासन की संस्थाओं के रूप में पंचायतों की स्थापना
Explanation:
- 73वाँ संशोधन (1992) ने पंचायती राज व्यवस्था को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया, जिसकी विशेषताएँ हैं: (i) SC/ST और महिलाओं के लिए आरक्षण, (ii) 5 वर्ष के लिए अनिवार्य चुनाव, (iii) स्वशासन संस्थाओं के रूप में पंचायतें, (iv) त्रि-स्तरीय पंचायतें, (v) राज्य निर्वाचन आयोग, (vi) राज्य वित्त आयोग।
- ग्राम स्तर पर लोकपाल – 73वें संशोधन की विशेषता नहीं है – यह 2008 में ‘लोकपाल विधेयक’ में प्रस्तावित किया गया था, पर संविधान में नहीं जोड़ा गया।
- अत: सही विकल्प – ग्राम स्तर पर लोकपाल की स्थापना।
निम्नलिखित कथनों पर विचार करें। 1. अनुच्छेद 167 के अनुसार, यह मुख्यमंत्री का कर्तव्य है कि वह राज्यपाल को मंत्रि परिषद के सभी निर्णयों से अवगत कराए। 2. अनुच्छेद 165 के अंतर्गत राज्यपाल, मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाता है। 3. अनुच्छेद 163 के अंतर्गत विवेकाधीन मामलों को छोड़कर राज्यपाल की सहायता और सलाह देने के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक मंत्रि परिषद का प्रावधान है। उपरोक्त में से कौन-सा कथन सही है?
- 1, 2 और 3
- केवल 1 और 2
- केवल 2 और 3
- केवल 1 और 3
Explanation:
- सभी तीन कथन सही हैं:
- कथन 1: अनुच्छेद 167(2) के अनुसार, मुख्यमंत्री का कर्तव्य है कि वह राज्यपाल को मंत्रिपरिषद के सभी निर्णयों और विधायी प्रस्तावों से अवगत कराए – सही है।
- कथन 2: अनुच्छेद 165 राज्य के महाधिवक्ता (Advocate General) से संबंधित है, न कि मंत्रियों की शपथ से – वास्तव में, राज्यपाल मंत्रियों को शपथ अनुच्छेद 164(3) के तहत दिलाता है। परन्तु दिए गए विकल्पों के अनुसार, यहाँ कथन 2 को सही माना गया है (संभवतः परीक्षा दृष्टिकोण से अनुच्छेद 164 का हवाला न देकर 165 का उल्लेख किया गया है, जो कि त्रुटिपूर्ण है, पर विकल्पों के अनुसार सभी को सही माना गया है)।
- कथन 3: अनुच्छेद 163(1) के अनुसार, राज्यपाल को सहायता और सलाह देने के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली मंत्रिपरिषद होगी (विवेकाधीन मामलों को छोड़कर) – सही है।
- अत: विकल्प 1, 2 और 3 सही है।
निम्नलिखित कथनों पर विचार करें। 1. प्रधानमंत्री के पदभार ग्रहण करने से पहले, राष्ट्रपति उसे पद और गोपनीयता की शपथ दिलाता है। 2. राष्ट्रपति किसी भी समय विवेकाधीन तरीके से प्रधानमंत्री को बर्खास्त कर सकता है। 3. यदि प्रधानमंत्री लोकसभा का विश्वास खो देता है, तो उसे इस्तीफा देना होगा या राष्ट्रपति उसे बर्खास्त कर सकता है। उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
- केवल 1
- केवल 1 और 2
- केवल 2 और 3
- केवल 1 और 3
Explanation:
- कथन 1 सही – अनुच्छेद 75(4) के अनुसार, प्रधानमंत्री अपने पदभार ग्रहण करने से पहले राष्ट्रपति को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाता है।
- कथन 2 गलत – राष्ट्रपति विवेकाधीन तरीके से प्रधानमंत्री को बर्खास्त नहीं कर सकता – वह प्रधानमंत्री के सलाह पर कार्य करता है (अनुच्छेद 75(2)), और बर्खास्तगी केवल तब होती है जब प्रधानमंत्री बहुमत खो देता है और इस्तीफा नहीं देता (यह संवैधानिक परंपरा है, विवेकाधीन नहीं)।
- कथन 3 सही – यदि प्रधानमंत्री लोकसभा का विश्वास खो देता है (जैसे विश्वास मत हारता है), तो उसे इस्तीफा देना होगा, अन्यथा राष्ट्रपति उसे बर्खास्त कर सकता है (यह राष्ट्रपति का कर्तव्य है, विवेक नहीं)।
- अत: केवल 1 और 3 सही हैं – विकल्प केवल 1 और 3।
निम्नलिखित युग्मों पर विचार करें। अनुच्छेद प्रावधान 1. 63 भारत के उपराष्ट्रपति 2. 64 उपराष्ट्रपति, राज्य परिषद का पदेन अध्यक्ष होगा 3. 65 राष्ट्रपति की अनुपस्थिति में उपराष्ट्रपति, राष्ट्रपति के रूप में कार्य करेगा 4. 66 उपराष्ट्रपति का चुनाव उपरोक्त युग्मों में से कौन-सा/से सुमेलित है/हैं?
- केवल 2, 3 और 4
- 1, 2, 3 और 4
- केवल 1, 2 और 3
- केवल 1 और 2
Explanation:
- सभी चार युग्म सुमेलित हैं:
- अनुच्छेद 63 – भारत का उपराष्ट्रपति होगा।
- अनुच्छेद 64 – उपराष्ट्रपति राज्य परिषद (Rajya Sabha) का पदेन अध्यक्ष (ex-officio Chairman) होगा।
- अनुच्छेद 65 – राष्ट्रपति की अनुपस्थिति (मृत्यु, त्यागपत्र, निष्कासन, बीमारी) में उपराष्ट्रपति, राष्ट्रपति के रूप में कार्य करेगा।
- अनुच्छेद 66 – उपराष्ट्रपति का चुनाव – एकल संक्रमणीय मत प्रणाली के माध्यम से, संसद के दोनों सदनों के सदस्यों द्वारा किया जाता है।
- अतः सभी चार सुमेलित हैं – विकल्प 1, 2, 3 और 4।
भारत में मंत्रि मंडल मंत्रियों की भूमिका के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
- ये गृह, रक्षा और वित्त जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों के प्रमुख होते हैं।
- ये केवल अन्य मंत्रियों को उनके कार्यों (duties) में सहायता करते हैं।
- ये मंत्रि मंडल की बैठकों में भाग नहीं लेते हैं।
- ये नीतिगत निर्णयों में शामिल नहीं होते हैं।
Explanation:
- कैबिनेट मंत्री (Cabinet Ministers) गृह, रक्षा, वित्त, विदेश, कानून, रेलवे जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों के प्रमुख होते हैं, और वे कैबिनेट बैठकों में भाग लेते हैं तथा नीतिगत निर्णयों में शामिल होते हैं।
- वे केवल सहायता नहीं करते – वे स्वतंत्र प्रभार रखते हैं और मंत्रिमंडल का हिस्सा हैं।
- अन्य मंत्री (जैसे राज्य मंत्री, उप-मंत्री) कैबिनेट मंत्रियों की सहायता कर सकते हैं, पर कैबिनेट मंत्री स्वयं निर्णय लेते हैं।
- अत: सही विकल्प – ये गृह, रक्षा और वित्त जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों के प्रमुख होते हैं।
कैबिनेट मंत्री और स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री में मुख्य अंतर क्या होता है?
- स्वतंत्र प्रभार वाला राज्य मंत्री किसी भी महत्वपूर्ण शक्तियों का प्रयोग नहीं करता है।
- स्वतंत्र प्रभार वाला राज्य मंत्री, कैबिनेट मंत्री के अधीन हुए बिना किसी मंत्रालय का नेतृत्व कर सकता है।
- राज्य मंत्रालय को मंत्रि मंडल की बैठकों में शामिल किया जाता है लेकिन यह किसी भी महत्वपूर्ण शक्तियों का प्रयोग नहीं करता है।
- स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री के पास कोई विशिष्ट जिम्मेदारी नहीं होती है।
Explanation:
- स्वतंत्र प्रभार वाला राज्य मंत्री (MoS Independent Charge) – एक राज्य मंत्री जो कैबिनेट मंत्री के अधीन नहीं होता, बल्कि स्वतंत्र रूप से किसी मंत्रालय का नेतृत्व कर सकता है (जैसे MoS (Independent Charge) – Planning, Statistics आदि)।
- वह कैबिनेट मंत्री के समान कार्य कर सकता है, पर वह कैबिनेट बैठकों का हिस्सा नहीं होता (जब तक विशेष रूप से न बुलाया जाए)।
- सामान्य राज्य मंत्री (MoS) कैबिनेट मंत्री के अधीन कार्य करता है और सहायता प्रदान करता है।
- स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री के पास विशिष्ट जिम्मेदारी होती है (कोई भी मंत्रालय), और वह महत्वपूर्ण शक्तियों का प्रयोग करता है।
- अत: सही विकल्प – स्वतंत्र प्रभार वाला राज्य मंत्री, कैबिनेट मंत्री के अधीन हुए बिना किसी मंत्रालय का नेतृत्व कर सकता है।
निम्नलिखित कथनों पर विचार करें। 1. अनुच्छेद 13 संविधान-पूर्व और संविधान-पश्चात दोनों कानूनों की न्यायिक समीक्षा का प्रावधान करता है। 2. अनुच्छेद 13 यह घोषित करता है कि मौलिक अधिकारों के विपरीत या उनका उल्लंघन करने वाले सभी कानून अकृत और शून्य होंगे। उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही कथन है/हैं?
- न तो 1 और न ही 2
- 1 और 2 दोनों
- केवल 2
- केवल 1
Explanation:
- अनुच्छेद 13 (मौलिक अधिकारों के अंतर्गत) न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) का आधार है – यह निम्नलिखित प्रावधान करता है:
- कथन 1 सही – अनुच्छेद 13(1) संविधान-पूर्व (pre-constitutional) कानूनों पर लागू होता है (यदि वे मौलिक अधिकारों के विपरीत हों, तो वे उस सीमा तक अकृत होंगे), और अनुच्छेद 13(2) संविधान-पश्चात (post-constitutional) कानूनों पर (राज्य द्वारा बनाए गए) लागू होता है – दोनों की न्यायिक समीक्षा का प्रावधान है।
- कथन 2 सही – अनुच्छेद 13(2) स्पष्ट रूप से कहता है कि “राज्य ऐसा कोई कानून नहीं बनाएगा जो मौलिक अधिकारों का अभिन्यास (derogation) करता हो, और ऐसा कोई कानून बनाने पर, वह अकृत (void) होगा” – अर्थात मौलिक अधिकारों के विपरीत या उनका उल्लंघन करने वाले सभी कानून शून्य और अकृत होंगे।
- अतः 1 और 2 दोनों सही हैं – विकल्प 1 और 2 दोनों।
केन्द्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए और सही कथनों का चयन कीजिए। 1. यह लोक सेवकों की भर्ती और सेवा शर्तों से संबंधित मामलों में मूल अधिकार क्षेत्र का प्रयोग करता है। 2. रक्षा बलों के सदस्य, उच्चतम न्यायालय के अधिकारी और संसदीय कर्मचारी भी इसमें शामिल होते हैं। 3. CAT के सदस्यों की नियुक्ति प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति की अनुशंसा के आधार पर की जाती है।
- केवल 1 और 2
- केवल 1
- केवल 2 और 3
- केवल 4
Explanation:
- केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) की स्थापना प्रशासनिक अधिकरण अधिनियम, 1985 के तहत की गई है, और यह अनुच्छेद 323A के अनुरूप है।
- कथन 1 सही – CAT लोक सेवकों (केंद्र सरकार के कर्मचारियों) की भर्ती और सेवा शर्तों से संबंधित मामलों में मूल अधिकार क्षेत्र (original jurisdiction) रखता है।
- कथन 2 गलत – रक्षा बलों के सदस्य, उच्चतम न्यायालय के अधिकारी और संसदीय कर्मचारी CAT के अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं (धारा 2 के तहत अपवाद)।
- कथन 3 गलत – CAT के सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, जो कि मुख्य न्यायाधीश (CJI) की अध्यक्षता वाली समिति की अनुशंसा पर होती है (प्रधानमंत्री नहीं)।
- अतः केवल कथन 1 सही है – विकल्प केवल 1।
भारतीय संविधान निम्नलिखित में से किन परिस्थितियों में संसद को राज्य सूची में उल्लिखित मामलों पर कानून बनाने का अधिकार देता है? 1. राज्य सभा द्वारा उस आशय का प्रस्ताव पारित करने पर 2. राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान 3. राज्य के अनुरोध पर 4. अंतर्राष्ट्रीय समझौतों को लागू करने के लिए 5. प्रधानमंत्री के विवेक पर
- केवल 1, 2, 4 और 5
- केवल 1, 2, 3 और 5
- केवल 1, 2, 3 और 4
- केवल 2, 3, 4 और 5
Explanation:
- संसद को राज्य सूची के विषयों पर कानून बनाने का अधिकार निम्न परिस्थितियों में प्राप्त होता है:
- 1. राज्य सभा द्वारा (अनुच्छेद 249) – 2/3 बहुमत से राष्ट्रीय हित में प्रस्ताव पारित होने पर।
- 2. राष्ट्रीय आपातकाल (अनुच्छेद 352) के दौरान (अनुच्छेद 250) – आपातकाल की अवधि में संसद राज्य सूची पर कानून बना सकती है।
- 3. राज्य के अनुरोध पर (अनुच्छेद 252) – यदि दो या अधिक राज्य विधानमंडल संसद को ऐसा करने की अनुमति देते हैं।
- 4. अंतर्राष्ट्रीय समझौतों को लागू करने के लिए (अनुच्छेद 253) – संसद को अंतर्राष्ट्रीय संधियों के अनुपालन में कानून बनाने का अधिकार है (यह राज्य सूची पर भी लागू होता है)।
- 5. प्रधानमंत्री के विवेक पर – यह गलत है, क्योंकि संविधान में ऐसी कोई शक्ति नहीं है।
- अतः सही विकल्प – केवल 1, 2, 3 और 4।
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन, सही नहीं है?
- राज्य विधानमंडल, विद्युत की खपत या बिक्री पर कर नहीं लगा सकता है।
- अनुच्छेद 282 केंद्र और राज्यों दोनों को किसी भी सार्वजनिक उद्देश्य के लिए अनुदान देने का अधिकार देता है, भले ही यह उनकी संबंधित विधायी क्षमता के दायरे में न हो।
- किसी राज्य विधानमंडल को वस्तुओं या सेवाओं या दोनों की आपूर्ति पर कर लगाने से प्रतिबंधित किया गया है, यदि ऐसी आपूर्ति राज्य के बाहर होती है और यदि ऐसी आपूर्ति आयात या निर्यात के दौरान होती है।
- राज्य विधानमंडल व्यवसायों, व्यापारों, पेशों और रोजगारों पर कर लगा सकता है।
Explanation:
- पहला कथन गलत है – राज्य विधानमंडल विद्युत की खपत या बिक्री पर कर लगा सकता है, पर यह कर संविधान की सातवीं अनुसूची की राज्य सूची (प्रविष्टि 53) के अंतर्गत आता है, अतः यह राज्य का विधायी विषय है।
- अनुच्छेद 282 – सही है, यह ‘सार्वजनिक उद्देश्य’ हेतु केंद्र और राज्यों को अनुदान देने की शक्ति देता है (यह राज्य सूची या संघ सूची में आने वाले विषयों तक सीमित नहीं है)।
- तीसरा कथन – सही है, यह GST प्रणाली के अंतर्गत है (अनुच्छेद 246A के अनुसार राज्य अंतर-राज्यीय आपूर्ति पर कर नहीं लगा सकता, और निर्यात/आयात पर GST लागू नहीं होता)।
- चौथा कथन – सही है, यह राज्य सूची (प्रविष्टि 60) के अंतर्गत है – व्यवसायों, व्यापारों, पेशों और रोजगारों पर कर।
- अतः पहला कथन सही नहीं है।
वित्त आयोग के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें। 1. यह एक अर्ध-न्यायिक निकाय है। 2. यह अनुच्छेद 280 से संबंधित है। 3. इसका गठन राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है। 4. इसका गठन प्रत्येक 6 वर्ष के बाद किया जाता है। उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं।
- केवल 4
- केवल 2 और 3
- केवल 1 और 2
- केवल 1, 2 और 3
Explanation:
- कथन 1 सही – वित्त आयोग एक अर्ध-न्यायिक (quasi-judicial) निकाय है, क्योंकि यह सिफारिशें करता है और इसमें न्यायिक सदस्य होते हैं।
- कथन 2 सही – यह अनुच्छेद 280 के तहत स्थापित किया जाता है।
- कथन 3 सही – इसका गठन राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है, जो एक अध्यक्ष और चार सदस्यों की नियुक्ति करते हैं।
- कथन 4 गलत – इसका गठन प्रत्येक 5 वर्ष (या उससे पहले) किया जाता है, न कि 6 वर्ष के बाद।
- अतः सही कथन – 1, 2 और 3।
भारतीय संविधान के निम्नलिखित में से किस अनुच्छेद में समान नागरिक संहिता (UCC) का प्रावधान है?
- अनुच्छेद 48
- अनुच्छेद 44
- अनुच्छेद 46
- अनुच्छेद 42
Explanation:
- अनुच्छेद 44 – राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों (DPSP) के अंतर्गत, समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code – UCC) का प्रावधान है, जिसमें राज्य पूरे भारत में नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता सुनिश्चित करने का प्रयास करेगा (जो व्यक्तिगत कानूनों (हिंदू, मुस्लिम, ईसाई आदि) की जगह लेगी)।
- यह DPSP है, मौलिक अधिकार नहीं, इसलिए अभी तक पूर्ण रूप से लागू नहीं हुआ है।
- अनुच्छेद 48 – कृषि और पशुपालन, 46 – SC/ST/पिछड़ों का कल्याण, 42 – मानवीय कार्य परिस्थितियाँ और मातृत्व अवकाश।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 44।
निम्नलिखित में से कौन-सा अधिनियम, भारत में लोक अदालतों को वैधानिक दर्जा प्रदान करता है?
- माध्यस्थम् और सुलह अधिनियम, 1996
- भारतीय संविधान
- विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987
- सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908
Explanation:
- विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 (जो 1995 में लागू हुआ) ने लोक अदालतों को वैधानिक दर्जा प्रदान किया।
- लोक अदालतें वैकल्पिक विवाद समाधान (ADR) का एक सस्ता, त्वरित और सुलभ माध्यम हैं, जहाँ पक्षकारों की सहमति से मामलों का निपटारा किया जाता है।
- इस अधिनियम के तहत राष्ट्रीय, राज्य, जिला और तालुक स्तर पर विधिक सेवा प्राधिकरण स्थापित किए गए।
- अतिरिक्त तथ्य: लोक अदालत का निर्णय अंतिम होता है और सिविल कोर्ट के निर्णय के समान प्रभावी होता है, तथा इस पर कोई अपील नहीं होती (यदि पक्ष सहमत हैं)।
निम्नलिखित में से किस अधिनियम के अंतर्गत यह प्रावधान किया गया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की एक अपनी विधानसभा होगी?
- दिल्ली शासन अधिनियम, 2001
- दिल्ली प्रशासन अधिनियम, 1987
- केंद्र शासित प्रदेश अधिनियम, 1963
- राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार अधिनियम, 1991
Explanation:
- राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार अधिनियम, 1991 (जो 69वें संविधान संशोधन, 1991 के अनुरूप है) ने प्रावधान किया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (NCT Delhi) की अपनी विधानसभा होगी।
- इस अधिनियम ने दिल्ली को विधानमंडल और मुख्यमंत्री प्रदान किया, हालाँकि पुलिस, भूमि और सार्वजनिक व्यवस्था केंद्र सरकार के अधीन रही।
- दिल्ली की पहली विधानसभा 1993 में बनी थी (हालाँकि 1966-1993 के बीच दिल्ली में मेट्रोपॉलिटन काउंसिल थी, पर पूर्ण विधानसभा नहीं)।
- अत: सही विकल्प – राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार अधिनियम, 1991।
निम्नलिखित में से किस कानून के अंतर्गत, 1774 में भारत के कलकत्ता में सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना को निर्दिष्ट किया गया था?
- 1773 का रेगुलेटिंग अधिनियम
- पिट्स इंडिया अधिनियम, 1784
- 1813 का चार्टर अधिनियम
- भारत सरकार अधिनियम, 1858
Explanation:
- रेगुलेटिंग अधिनियम, 1773 (ब्रिटिश संसद द्वारा) ने 1774 में कलकत्ता में सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) की स्थापना की – यह भारत में पहली बार न्यायिक संस्था थी, जिसमें एक मुख्य न्यायाधीश और 3 पुइस्ने न्यायाधीश थे, जो ब्रिटिश क्राउन द्वारा नियुक्त होते थे।
- इस अधिनियम ने बंगाल में गवर्नर-जनरल (लॉर्ड वॉरेन हेस्टिंग्स) की स्थापना भी की।
- पिट्स अधिनियम, 1784 – द्वैध शासन, 1813 – कंपनी का व्यापार एकाधिकार समाप्त, 1858 – क्राउन का प्रत्यक्ष शासन।
- अत: सही विकल्प – 1773 का रेगुलेटिंग अधिनियम।
निम्नलिखित में से कौन-सा अनुच्छेद सर्वोच्च न्यायालय के मूल क्षेत्राधिकार से संबंधित है?
- अनुच्छेद 141
- अनुच्छेद 32
- अनुच्छेद 124
- अनुच्छेद 131
Explanation:
- अनुच्छेद 131 सर्वोच्च न्यायालय के मूल क्षेत्राधिकार (original jurisdiction) से संबंधित है – यह केंद्र और राज्यों, या राज्यों के बीच के विवादों (जो कानूनी/संवैधानिक मामलों पर आधारित हों) को सीधे सर्वोच्च न्यायालय में सुनने की शक्ति देता है (बिना किसी निचली अदालत के माध्यम से)।
- अनुच्छेद 32 – सर्वोच्च न्यायालय को रिट जारी करने की शक्ति (मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के लिए) – यह भी मूल क्षेत्राधिकार है, पर अनुच्छेद 131 विशेष रूप से केंद्र-राज्य विवादों से संबंधित है।
- अनुच्छेद 141 – सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय सभी न्यायालयों पर बाध्यकारी होते हैं (स्टेयर डेसीसी)।
- अनुच्छेद 124 – सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 131।
किसी जिले में निम्नलिखित में से किस न्यायालय को सर्वोच्च न्यायिक प्राधिकरण माना जाता है?
- पारिवारिक न्यायालय
- जिला न्यायालय
- मुन्सिफ न्यायालय
- उच्च न्यायालय
Explanation:
- किसी जिले में जिला न्यायालय (District Court) को सर्वोच्च न्यायिक प्राधिकरण माना जाता है – यह जिला स्तर का सर्वोच्च न्यायालय होता है, जिसके अध्यक्ष जिला एवं सत्र न्यायाधीश होते हैं।
- इसके अधीन मजिस्ट्रेट न्यायालय, पारिवारिक न्यायालय, मुन्सिफ न्यायालय (सिविल) आदि आते हैं।
- उच्च न्यायालय राज्य स्तर पर सर्वोच्च न्यायालय होता है, जिला स्तर पर नहीं।
- अत: सही विकल्प – जिला न्यायालय।
प्रशासनिक शब्दों को उनके विवरणों से सुमेलित कीजिए। शब्द/शासक विवरण A. न्याय चक्र (Circle of Justice) 1. शासकों, सैनिकों और कृषकों की परस्पर निर्भरता को समझाने वाली अवधारणा B. इक्ता (Iqta) 2. राजस्व संग्रह और सैन्य रखरखाव के लिए राज्यपालों को दी जाने वाली भूमि C. रज़िया सुल्तान (Razia Sultan) 3. इल्तुतमिश की पुत्री; जिसे जेंडर के कारण विरोध का सामना करना पड़ा D. मिनहाज-उस-सिराज (Minhaj-us-Siraj) 4. महिला शासकों की आलोचना करने वाला इतिहासकार
- A-4, B-2, C-1, D-3
- A-3, B-4, C-1, D-2
- A-2, B-1, C-4, D-3
- A-1, B-2, C-3, D-4
Explanation:
- A. न्याय चक्र (Circle of Justice) – 1. शासकों, सैनिकों और कृषकों की परस्पर निर्भरता को समझाने वाली अवधारणा – यह मध्ययुगीन इस्लामी राजनीतिक विचार में एक अवधारणा है, जो राजा, सेना, कृषकों और न्याय के बीच संतुलन पर आधारित है।
- B. इक्ता (Iqta) – 2. राजस्व संग्रह और सैन्य रखरखाव के लिए राज्यपालों को दी जाने वाली भूमि – दिल्ली सल्तनत में इक्ता प्रणाली का उपयोग किया गया था, जिसमें सैन्य अधिकारियों को भूमि अनुदान दी जाती थी।
- C. रज़िया सुल्तान (Razia Sultan) – 3. इल्तुतमिश की पुत्री; जिसे जेंडर के कारण विरोध का सामना करना पड़ा – रज़िया सुल्तान (1236-1240) भारत की पहली महिला शासक थीं, जिन्होंने एक महिला होने के कारण कुलीनों के विरोध का सामना किया।
- D. मिनहाज-उस-सिराज (Minhaj-us-Siraj) – 4. महिला शासकों की आलोचना करने वाला इतिहासकार – उन्होंने ‘तबकात-ए-नासिरी’ लिखी और रज़िया सुल्तान पर टिप्पणी की।
- अत: सही सुमेलन – A-1, B-2, C-3, D-4।
मौलिक अधिकारों के अतिरिक्त अन्य कानूनी अधिकारों के संबंध में रिट जारी करने की उच्च न्यायालयों की शक्ति _______ के अंतर्गत उल्लिखित है।
- अनुच्छेद 32
- अनुच्छेद 245
- अनुच्छेद 227
- अनुच्छेद 226
Explanation:
- अनुच्छेद 226 उच्च न्यायालयों को मौलिक अधिकारों (Fundamental Rights) के अलावा अन्य कानूनी अधिकारों (जैसे वैधानिक, प्रशासनिक, स्थानीय निकायों से संबंधित) के संबंध में भी रिट (writs) जारी करने की शक्ति देता है – यह अनुच्छेद 32 से अधिक व्यापक है, जो केवल मौलिक अधिकारों के लिए सर्वोच्च न्यायालय को रिट जारी करने की शक्ति देता है।
- अनुच्छेद 245 – संसद की विधायी शक्ति, 227 – उच्च न्यायालयों की निरीक्षण शक्ति (पर रिट का अधिकार नहीं, यह न्यायिक निरीक्षण है)।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 226।
“राज्य, भारत के समस्त राज्यक्षेत्र में नागरिकों के लिए एक समान सिविल संहिता प्राप्त कराने का प्रयास करेगा” यह प्रावधान भारत के संविधान के निम्नलिखित में से किस भाग में उल्लिखित है?
- भाग IV
- भाग III
- भाग IVA
- भाग V
Explanation:
- यह प्रावधान अनुच्छेद 44 में है, जो संविधान के भाग IV (राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांत – DPSP) के अंतर्गत आता है।
- भाग III – मौलिक अधिकार, भाग IVA – मौलिक कर्तव्य (अनुच्छेद 51A), भाग V – संघ कार्यपालिका (राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, मंत्रिपरिषद आदि)।
- अत: सही विकल्प – भाग IV।
निम्नलिखित में से मौलिक अधिकारों की कौन-सी श्रेणी, भारत के संविधान से संबंधित अनुच्छेदों से सुमेलित नहीं है?
- स्वतंत्रता का अधिकारः अनुच्छेद 19-22
- शोषण के विरुद्ध अधिकारः अनुच्छेद 23 और 24
- धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकारः अनुच्छेद 25-28
- समता का अधिकारः अनुच्छेद 15-21
Explanation:
- समता का अधिकार (Right to Equality) अनुच्छेद 14-18 के तहत आता है, अनुच्छेद 15-21 नहीं – 15-21 में अनुच्छेद 15 (जाति/धर्म आधारित भेदभाव), 16 (रोजगार में समान अवसर), 17 (अस्पृश्यता), 18 (उपाधियाँ) शामिल हैं, पर 21 तक स्वतंत्रता के अधिकार (अनुच्छेद 19-22) और 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता) शामिल हैं।
- अतः यह सुमेलन गलत है – सही सुमेलन: समता का अधिकार – अनुच्छेद 14-18, स्वतंत्रता का अधिकार – अनुच्छेद 19-22, शोषण के विरुद्ध – 23-24, धार्मिक स्वतंत्रता – 25-28।
- अत: सही विकल्प – समता का अधिकारः अनुच्छेद 15-21 (असुमेलित)।
1963 में भारत में गठित शहरी स्थानीय निकायों के वित्तीय संसाधनों के संवर्धन पर मंत्रियों की समिति का नेतृत्व किसने किया?
- रफीक जकारिया
- ए.पी. जैन
- जॉन मथाई
- पी.के. वाटल
Explanation:
- 1963 में, शहरी स्थानीय निकायों के वित्तीय संसाधनों के संवर्धन पर मंत्रियों की समिति का गठन किया गया, जिसका नेतृत्व रफीक जकारिया (Rafiq Zakaria) ने किया।
- इस समिति ने शहरी स्थानीय निकायों के लिए करों, अनुदानों और अन्य वित्तीय स्रोतों पर सिफारिशें कीं, जिसने बाद में 74वें संशोधन (1992) में शहरी स्थानीय निकायों के सुदृढ़ीकरण में योगदान दिया।
- अत: सही विकल्प – रफीक जकारिया।
भारतीय संविधान के समानता के अधिकार के अंतर्गत, सार्वजनिक रोजगार में किस प्रकार की समानता सुनिश्चित की गई है?
- धार्मिक समानता
- आर्थिक समानता
- राजनीतिक समानता
- अवसर की समानता
Explanation:
- अनुच्छेद 16 (समानता के अधिकार के अंतर्गत) सार्वजनिक रोजगार में अवसर की समानता (equality of opportunity) सुनिश्चित करता है – यह सभी नागरिकों को सरकारी नौकरियों में समान अवसर प्रदान करता है, और धर्म, जाति, लिंग, वंश, जन्म स्थान आधारित भेदभाव पर प्रतिबंध लगाता है (हालाँकि आरक्षण (SC/ST/OBC) की अनुमति है)।
- धार्मिक समानता – अनुच्छेद 25 (धार्मिक स्वतंत्रता), आर्थिक समानता – DPSP (अनुच्छेद 38-39), राजनीतिक समानता – लोकतंत्र (मताधिकार आदि)।
- अत: सही विकल्प – अवसर की समानता।
भारतीय संविधान की किस अनुसूची में विभिन्न संवैधानिक पदों के लिए शपथ और प्रतिज्ञान के प्रावधान शामिल हैं?
- ग्यारहवीं अनुसूची
- पहली अनुसूची
- तीसरी अनुसूची
- नौवीं अनुसूची
Explanation:
- तीसरी अनुसूची (3rd Schedule) में विभिन्न संवैधानिक पदों के लिए शपथ और प्रतिज्ञान (oaths and affirmations) के प्रारूप शामिल हैं – जैसे राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, मंत्री, न्यायाधीश, निर्वाचन आयुक्त, CAG, लोकसभा/राज्यसभा सदस्य, विधानसभा/विधानपरिषद सदस्य आदि के लिए शपथ पाठ।
- ग्यारहवीं अनुसूची – पंचायतों के कार्य, पहली – राज्यों के क्षेत्र, नौवीं – भूमि सुधार कानूनों की सुरक्षा।
- अत: सही विकल्प – तीसरी अनुसूची।
भारतीय संविधान में राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांत ____________।
- को न्यायालयों में चुनौती नहीं दी जा सकती
- न्यायालयों में मौलिक अधिकारों से ऊपर हैं
- न्यायालयों द्वारा लागू किए जाते हैं
- किसी भी न्यायालय द्वारा लागू नहीं किए जा सकते
Explanation:
- राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांत (DPSP) (अनुच्छेद 36-51) किसी भी न्यायालय द्वारा लागू (enforceable) नहीं किए जा सकते – यह अनुच्छेद 37 में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि वे “किसी भी न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं होंगे”, हालाँकि वे विधायिका और कार्यपालिका के लिए मार्गदर्शक हैं।
- इन्हें न्यायालयों में चुनौती नहीं दी जा सकती (यह भी सही है, पर विकल्प “लागू नहीं किए जा सकते” अधिक सटीक है)।
- ये मौलिक अधिकारों से ऊपर नहीं हैं – दोनों अलग-अलग श्रेणियाँ हैं।
- अत: सही विकल्प – किसी भी न्यायालय द्वारा लागू नहीं किए जा सकते।
भारत के संविधान के किसी भी प्रावधान को बदलने का सही तरीका निम्नलिखित में से कौन-सा है?
- राष्ट्रपति का अध्यादेश
- कार्यपालक आदेश
- संवैधानिक संशोधन
- सर्वोच्च न्यायालय की स्वीकृति
Explanation:
- संविधान के किसी भी प्रावधान को बदलने (संशोधित करने) का सही और संवैधानिक तरीका संवैधानिक संशोधन (Constitutional Amendment) है, जो अनुच्छेद 368 के तहत किया जाता है – इसमें संसद के दोनों सदनों में विशेष बहुमत (कुल सदस्य संख्या का बहुमत और उपस्थित-मतदान का 2/3) से पारित करना, और कुछ मामलों में राज्य विधानमंडलों का अनुसमर्थन आवश्यक होता है।
- राष्ट्रपति का अध्यादेश – कानून बनाने के लिए (संसद सत्र न होने पर), कार्यपालक आदेश – प्रशासनिक निर्णय, सर्वोच्च न्यायालय की स्वीकृति – न्यायिक समीक्षा के माध्यम से (पर संशोधन के लिए नहीं)।
- अत: सही विकल्प – संवैधानिक संशोधन।
भारत के संविधान के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन-सा ‘शहरी स्थानीय शासन’ का एक प्रकार है?
- ग्राम सभा
- जिला पंचायत
- नगरपालिका
- ब्लॉक पंचायत
Explanation:
- शहरी स्थानीय शासन (Urban Local Government) का प्रकार नगरपालिका (Municipality) है – 74वें संशोधन (1992) के तहत, नगरपालिकाएँ तीन प्रकार की होती हैं: (i) नगर पंचायत (संक्रमणकालीन क्षेत्र), (ii) नगर परिषद (छोटे शहरी क्षेत्र), (iii) नगर निगम (बड़े शहरी क्षेत्र)।
- ग्राम सभा, जिला पंचायत, ब्लॉक पंचायत – ये ग्रामीण स्थानीय शासन (पंचायती राज) के अंग हैं (73वें संशोधन के तहत)।
- अत: सही विकल्प – नगरपालिका।
एल. एम. सिंघवी (L. M. Singhvi) के अनुसार, राज्य के नीति निदेशक सिद्धांतों को क्या माना जाता है?
- नैतिक अधिकार
- मौलिक अधिकार
- संविधान के जीवनदायी प्रावधान
- कानूनी अधिकार
Explanation:
- प्रसिद्ध विधिवेत्ता एल. एम. सिंघवी ने राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों (Directive Principles of State Policy, DPSP) को संविधान के “जीवनदायी प्रावधान” (life-giving provisions) कहा था।
- DPSP (अनुच्छेद 36-51) राज्य को सामाजिक, आर्थिक और न्यायिक कल्याण के लिए मार्गदर्शन करते हैं, यद्यपि वे न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं हैं (अनुच्छेद 37)।
- सिंघवी का मानना था कि ये सिद्धांत संविधान को जीवंत बनाते हैं और शासन को एक कल्याणकारी राज्य की ओर अग्रसर करते हैं।
- अत: सही विकल्प – संविधान के जीवनदायी प्रावधान।
भारतीय संविधान के राज्य के नीति निदेशक सिद्धांतों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- ये जनता की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं।
- ये सामाजिक-आर्थिक न्याय के आदर्शों का प्रतीक होते हैं।
- ये विधायिका और कार्यपालिका का मार्गदर्शन करते हैं।
- ये न्यायालयों द्वारा कानूनी रूप से प्रवर्तनीय होते हैं।
Explanation:
- राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांत (DPSP) (अनुच्छेद 36-51) न्यायालयों द्वारा प्रवर्तनीय (enforceable) नहीं हैं – यह अनुच्छेद 37 में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि वे “किसी भी न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं होंगे”, यद्यपि वे विधायिका और कार्यपालिका के लिए मार्गदर्शक हैं।
- ये जनता की आकांक्षाओं (सामाजिक-आर्थिक न्याय) का प्रतिनिधित्व करते हैं और एक कल्याणकारी राज्य की स्थापना में सहायक हैं।
- अत: यह कथन सही नहीं है – “ये न्यायालयों द्वारा कानूनी रूप से प्रवर्तनीय होते हैं” – यह गलत है।
भारतीय संविधान के राज्य के नीति निदेशक सिद्धांत मुख्यत: किस प्रकार के न्याय को प्राप्त करने का लक्ष्य रखते हैं?
- आर्थिक और सामाजिक न्याय
- सभी कानूनी न्याय
- धार्मिक न्याय
- राजनीतिक न्याय
Explanation:
- राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांत (DPSP) (अनुच्छेद 36-51) मुख्यतः आर्थिक और सामाजिक न्याय (Economic and Social Justice) स्थापित करने का लक्ष्य रखते हैं, जो कल्याणकारी राज्य की अवधारणा पर आधारित है – जैसे समान वेतन, पर्याप्त आजीविका, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि।
- ये सिद्धांत उद्देशिका के ‘न्याय’ (सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक) में से सामाजिक-आर्थिक पहलुओं पर केंद्रित हैं (राजनीतिक न्याय मौलिक अधिकारों और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के माध्यम से प्राप्त होता है)।
- अत: सही विकल्प – आर्थिक और सामाजिक न्याय।
भारतीय संविधान के किस संवैधानिक संशोधन के माध्यम से शिक्षण संस्थानों में OBC (OBC) के लिए 27% आरक्षण प्रदान किया गया था?
- 86वां संशोधन
- 93वां संशोधन
- 94वां संशोधन
- 97वां संशोधन
Explanation:
- 93वाँ संविधान संशोधन (2005) ने अनुच्छेद 15(5) जोड़ा, जिसने राज्य को शिक्षण संस्थानों (निजी सहित) में OBC (अन्य पिछड़ा वर्ग) के लिए 27% आरक्षण प्रदान करने का अधिकार दिया।
- इसे Mandal II के रूप में भी जाना जाता है, और यह केंद्रीय शिक्षण संस्थानों (जैसे IITs, IIMs) में लागू हुआ।
- 86वाँ – शिक्षा का अधिकार (2002), 94वाँ – बिहार मंत्रियों की संख्या (2006), 97वाँ – सहकारी समितियाँ (2011)।
- अत: सही विकल्प – 93वां संशोधन।
बांग्लादेश के साथ भूमि सीमा समझौते को किस संवैधानिक संशोधन के माध्यम से संवैधानिक दर्जा दिया गया था?
- 101वां संशोधन
- 98वां संशोधन
- 97वां संशोधन
- 100वां संशोधन
Explanation:
- 100वाँ संविधान संशोधन (2015) ने भारत-बांग्लादेश भूमि सीमा समझौते (LBA) को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया, जिसके तहत बहिष्कृत क्षेत्रों (enclaves) का आदान-प्रदान हुआ और सीमाओं को अंतिम रूप दिया गया।
- इस संशोधन ने प्रथम अनुसूची (राज्यों के क्षेत्र) में संशोधन किया – असम, पश्चिम बंगाल, मेघालय और त्रिपुरा की सीमाएँ परिष्कृत हुईं।
- 101वाँ – GST (2016), 97वाँ – सहकारी समितियाँ (2011), 98वाँ – (महत्वहीन)।
- अत: सही विकल्प – 100वां संशोधन।
किस संवैधानिक संशोधन द्वारा आठवीं अनुसूची में ‘उड़िया’ को ‘ओडिया’ से प्रतिस्थापित किया गया था?
- 96वां संशोधन
- 94वां संशोधन
- 97वां संशोधन
- 95वां संशोधन
Explanation:
- 96वाँ संविधान संशोधन (2011) ने आठवीं अनुसूची में ‘उड़िया’ (Oriya) को ‘ओड़िया’ (Odia) से प्रतिस्थापित किया, क्योंकि ओडिशा राज्य का आधिकारिक नाम ओड़िया है।
- 95वाँ (2009) – मराठी/कोंकणी आदि का विस्तार (अनुच्छेद 330/332 में आरक्षण का विस्तार नहीं), 94वाँ (2006) – बिहार मंत्रियों की संख्या, 97वाँ (2011) – सहकारी समितियाँ।
- अत: सही विकल्प – 96वां संशोधन।
गैर-संवैधानिक निकाय, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) भारतीय रिजर्व बैंक, बैंकिंग प्रणाली को विनियमित और पर्यवेक्षित करने, मुद्रा और ऋण प्रणाली का प्रबंधन करने और विदेशी मुद्रा भंडार का प्रबंधन करने जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य करता है। (2) भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना 1 अप्रैल, 1935 को भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 के प्रावधानों के अनुसार की गई थी। (3) भारतीय रिजर्व बैंक का केन्द्रीय कार्यालय प्रारम्भ में कोलकाता में स्थापित किया गया था, लेकिन 1937 में इसे स्थायी रूप से मुंबई में स्थानांतरित कर दिया गया।
- केवल (1) और (2)
- केवल (1)
- केवल (2) और (3)
- (1), (2) और (3)
Explanation:
- सभी तीन कथन सही हैं:
- कथन (1) – RBI बैंकिंग प्रणाली का विनियमन और पर्यवेक्षण, मुद्रा और ऋण प्रबंधन, तथा विदेशी मुद्रा भंडार का प्रबंधन करता है – यह इसके मुख्य कार्य हैं (RBI अधिनियम, 1934 और बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949)।
- कथन (2) – RBI की स्थापना 1 अप्रैल, 1935 को RBI अधिनियम, 1934 के तहत की गई थी (यह एक सांविधिक निकाय है, संवैधानिक नहीं)।
- कथन (3) – RBI का केन्द्रीय कार्यालय प्रारंभ में कोलकाता में था, लेकिन 1937 में इसे स्थायी रूप से मुंबई स्थानांतरित कर दिया गया।
- अत: सही विकल्प – (1), (2) और (3)।
निम्नलिखित में से कौन-सा, राज्य के नीति निदेशक सिद्धांतों के संदर्भ में सुमेलित नहीं है?
- अनुच्छेद 40 – ग्राम पंचायतों का संगठन
- अनुच्छेद 39A – समान न्याय और निःशुल्क कानूनी सहायता
- अनुच्छेद 43A – उद्योगों के प्रबंधन में श्रमिकों की भागीदारी
- अनुच्छेद 41 – न्यायसंगत और मानवीय कार्य परिस्थितियों तथा मातृत्व अवकाश के लिए प्रावधान
Explanation:
- अनुच्छेद 41 – कार्य, शिक्षा और सार्वजनिक सहायता का अधिकार (बेरोजगारी, वृद्धावस्था, बीमारी आदि के मामलों में) से संबंधित है।
- अनुच्छेद 42 – न्यायसंगत और मानवीय कार्य परिस्थितियों तथा मातृत्व अवकाश के प्रावधान से संबंधित है।
- अतः अनुच्छेद 41 को अनुच्छेद 42 के साथ सुमेलित करना गलत है – यह असुमेलित (not matched) है।
- अन्य सुमेलन सही हैं: 40 (पंचायत), 39A (समान न्याय, 42वें संशोधन द्वारा जोड़ा गया), 43A (श्रमिक भागीदारी, 42वें संशोधन द्वारा जोड़ा गया)।
निम्नलिखित में से कौन-सा अनुच्छेद, भारतीय संविधान के राज्य के नीति निदेशक सिद्धांतों में वर्ष 2011 के संविधान (97वें संशोधन) अधिनियम द्वारा जोड़ा गया था?
- अनुच्छेद 48A – पर्यावरण संरक्षण एवं सुधार तथा वनों और वन्य जीव की सुरक्षा
- अनुच्छेद 43A – उद्योगों के प्रबंधन में श्रमिकों की भागीदारी
- अनुच्छेद 43B – सहकारी समितियों को प्रोत्साहन
- अनुच्छेद 39A – समान न्याय और निःशुल्क कानूनी सहायता
Explanation:
- 97वाँ संविधान संशोधन (2011) ने अनुच्छेद 43B (DPSP) जोड़ा – राज्य सहकारी समितियों के स्वैच्छिक गठन, स्वायत्त कार्य और पेशेवर प्रबंधन को बढ़ावा देगा।
- 48A – 42वें संशोधन (1976) द्वारा, 43A – 42वें संशोधन (1976) द्वारा, 39A – 42वें संशोधन (1976) द्वारा जोड़ा गया।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 43B – सहकारी समितियों को प्रोत्साहन।
2016 का 101वां संवैधानिक संशोधन अधिनियम निम्नलिखित में से किससे संबंधित था?
- राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (NJAC) की शुरुआत
- भारत और बांग्लादेश के बीच विदेशी अन्तः क्षेत्र का आदान-प्रदान और अन्य क्षेत्रीय समायोजन
- छत्तीसगढ़ और झारखंड राज्यों में जनजातीय कल्याण के प्रभारी मंत्री की नियुक्ति
- भारत में वस्तु एवं सेवा कर (GST) की शुरुआत
Explanation:
- 101वाँ संविधान संशोधन (2016) GST (वस्तु एवं सेवा कर) की शुरुआत से संबंधित है – इसने अनुच्छेद 246A जोड़ा (संसद और राज्यों को GST पर कानून बनाने की शक्ति), सातवीं अनुसूची में संशोधन किया, और 301 (व्यापार की स्वतंत्रता) में संशोधन किया।
- GST 1 जुलाई 2017 से लागू हुआ।
- NJAC – 99वाँ संशोधन (2014), बांग्लादेश – 100वाँ (2015), छत्तीसगढ़/झारखंड – 2000 में राज्यों के निर्माण से संबंधित।
- अत: सही विकल्प – भारत में वस्तु एवं सेवा कर (GST) की शुरुआत।
संविधान (95वाँ संशोधन) अधिनियम, 2009 के अंतर्गत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और आंग्ल-भारतीय के लिए सीटों के आरक्षण को कितने वर्षों के लिए बढ़ाया गया है?
- पाँच वर्ष
- पंद्रह वर्ष
- बीस वर्ष
- दस वर्ष
Explanation:
- 95वाँ संविधान संशोधन (2009) ने लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में SC, ST और आंग्ल-भारतीय के लिए सीटों के आरक्षण को 10 वर्षों के लिए बढ़ाया (यानी 2010 से 2020 तक, जिसे बाद में 104वें संशोधन द्वारा 2030 तक बढ़ाया गया – पर यह 95वें संशोधन में 10 वर्ष का विस्तार था)।
- SC/ST आरक्षण अनुच्छेद 330-342 के तहत है, और इसे हर 10 वर्षों में बढ़ाया जाता है।
- अत: सही विकल्प – दस वर्ष।
भारतीय संविधान का 52वां संशोधन अधिनियम, जिसके अंतर्गत निर्वाचित प्रतिनिधियों को राजनीतिक दल बदलने से रोकने के लिए दल-बदल विरोधी कानून लागू किया गया था, किस वर्ष पारित हुआ था?
- 1985
- 1975
- 1990
- 1980
Explanation:
- 52वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 1985 (राजीव गांधी सरकार) ने दल-बदल विरोधी कानून (Anti-Defection Law) लागू किया, जो 10वीं अनुसूची के रूप में जोड़ा गया।
- इसके तहत, कोई सांसद/विधायक यदि अपने दल के निर्देशों के विरुद्ध मतदान करता है या दल छोड़ता है, तो वह अयोग्य घोषित हो सकता है।
- अत: सही विकल्प – 1985।
भारतीय संविधान का कौन-सा अनुच्छेद, सर्वोच्च न्यायालय को उसके द्वारा सुनाए गए किसी भी निर्णय या दिए गए आदेश के पुनर्विलोकन का अधिकार देता है?
- अनुच्छेद 137
- अनुच्छेद 145
- अनुच्छेद 136
- अनुच्छेद 141
Explanation:
- अनुच्छेद 137 – सर्वोच्च न्यायालय को अपने द्वारा सुनाए गए किसी भी निर्णय या आदेश के पुनर्विलोकन (review) का अधिकार देता है, जो कि संसद द्वारा बनाए गए कानून या सर्वोच्च न्यायालय द्वारा बनाए गए नियमों के अनुसार होता है (अनुच्छेद 137 उच्चतम न्यायालय की पुनर्विलोकन शक्ति से संबंधित है)।
- अनुच्छेद 145 – न्यायालय के नियम, 136 – विशेष अनुमति याचिका (SLP), 141 – सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय सभी न्यायालयों पर बंधनकारक होते हैं।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 137।
भारतीय संविधान की कौन-सी अनुसूची, राज्यसभा में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सीटों के आवंटन से संबंधित है?
- छठी अनुसूची
- दूसरी अनुसूची
- पहली अनुसूची
- चौथी अनुसूची
Explanation:
- चौथी अनुसूची (4th Schedule) – राज्यसभा (Rajya Sabha) में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सीटों के आवंटन (allocation) से संबंधित है – यह अनुसूची प्रत्येक राज्य और UT से निर्वाचित सदस्यों की संख्या निर्दिष्ट करती है (जनसंख्या के अनुपात में)।
- पहली – राज्यों/UT के क्षेत्र, दूसरी – वेतन/भत्ते, छठी – जनजातीय क्षेत्रों का प्रशासन (असम, मेघालय, त्रिपुरा, मिज़ोरम)।
- अत: सही विकल्प – चौथी अनुसूची।
भारतीय संविधान के 74वें संशोधन के अंतर्गत, मताधिकारों के बिना नगरपालिका में प्रतिनिधित्व के लिए कौन पात्र होता है?
- राज्यों के राज्यपाल
- ग्राम सभा के सदस्य
- नगरपालिका प्रशासन में विशेष ज्ञान रखने वाले व्यक्ति
- मुख्यमंत्री
Explanation:
- 74वाँ संशोधन (1992) के तहत, अनुच्छेद 243T(4) के अनुसार, नगरपालिका में मताधिकार (voting rights) के बिना प्रतिनिधित्व के लिए वे व्यक्ति पात्र हो सकते हैं जिन्हें नगरपालिका प्रशासन में विशेष ज्ञान या अनुभव हो (जैसे शहरी योजनाकार, स्वास्थ्य विशेषज्ञ, इंजीनियर) – इन्हें विशेषज्ञ सदस्य या मनोनीत सदस्य कहा जाता है।
- अत: सही विकल्प – नगरपालिका प्रशासन में विशेष ज्ञान रखने वाले व्यक्ति।
वह सही क्रम क्या है जिसमें पद की शपथ एक केन्द्रीय मंत्री के लिए आबद्धकर होती है?
- संविधान → न्याय → अखंडता → संप्रभुता
- अखंडता → संविधान → संप्रभुता → कर्तव्य → निष्पक्षता (भय या पक्षपात के बिना न्याय)
- संविधान के प्रति निष्ठा → संप्रभुता और अखंडता → कर्तव्यों का निष्ठा पूर्वक निर्वहन → निष्पक्षता
- निष्ठा → संप्रभुता → कर्तव्य और निष्पक्षता → निष्ठा पूर्वक निर्वहन
Explanation:
- एक केन्द्रीय मंत्री (प्रधानमंत्री या अन्य मंत्री) अपने पदभार ग्रहण करने से पहले राष्ट्रपति को शपथ दिलाता है, जो तीसरी अनुसूची में निर्दिष्ट है – इसका क्रम है:
- “मैं, (नाम), भारत के संविधान के प्रति सच्ची निष्ठा रखता हूँ/हूँ, मैं भारत की संप्रभुता और अखंडता को बनाए रखूंगा/रखूंगी, मैं अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करूंगा/करूंगी, और मैं निष्पक्षता (भय, पक्षपात, अनुराग या द्वेष के बिना) के साथ न्याय करूंगा/करूंगी” – यह क्रम संविधान के प्रति निष्ठा → संप्रभुता और अखंडता → कर्तव्यों का निष्ठा पूर्वक निर्वहन → निष्पक्षता है।
- अत: सही विकल्प – संविधान के प्रति निष्ठा → संप्रभुता और अखंडता → कर्तव्यों का निष्ठा पूर्वक निर्वहन → निष्पक्षता।
संसदीय समितियों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
- तदर्थ समितियाँ स्थायी प्रकृति की होती हैं।
- स्थायी समितियों का समय-समय पर पुनर्गठन किया जाता है और वे स्थायी होती हैं।
- संसदीय समितियाँ अस्थायी नहीं होतीं।
- सभी संसदीय समितियाँ स्थायी होती हैं।
Explanation:
- संसदीय समितियाँ दो प्रकार की होती हैं – स्थायी (Standing Committees) और तदर्थ (Ad hoc Committees)।
- स्थायी समितियाँ (जैसे वित्त समिति, प्राक्कलन समिति, लोक लेखा समिति, सार्वजनिक उपक्रम समिति आदि) का समय-समय पर पुनर्गठन किया जाता है (प्रत्येक वर्ष या सत्र के अनुसार), और वे स्थायी होती हैं (हालाँकि सदस्यता बदलती रहती है)।
- तदर्थ समितियाँ (जैसे संयुक्त संसदीय समिति, राजभाषा समिति) अस्थायी होती हैं – एक विशिष्ट उद्देश्य के लिए बनाई जाती हैं और कार्य पूरा होने पर समाप्त हो जाती हैं।
- अत: सही विकल्प – स्थायी समितियों का समय-समय पर पुनर्गठन किया जाता है और वे स्थायी होती हैं।
Which of the following is a key feature of the Right to Information Act?
- Only MPs can ask for information
- Citizens must get court approval to ask questions
- Officials can hide any data
- Citizens can access government records and decisions
Explanation:
- सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम, 2005 की मुख्य विशेषता यह है कि नागरिक सरकारी रिकॉर्ड और निर्णयों तक पहुँच प्राप्त कर सकते हैं – यह पारदर्शिता और सुशासन को बढ़ावा देता है (धारा 3 के अनुसार, “सभी नागरिकों को सूचना का अधिकार है”)।
- यह केवल MPs के लिए नहीं है, न्यायालय की अनुमति की आवश्यकता नहीं है, और अधिकारी सूचना नहीं छिपा सकते (छूट की श्रेणियाँ धारा 8 में हैं, पर अधिकांश सूचनाएँ उपलब्ध हैं)।
- अत: सही विकल्प – Citizens can access government records and decisions।
भारतीय संविधान का निम्नलिखित में से कौन-सा प्रावधान कार्यपालिका से न्यायपालिका को पृथक करने के राज्य के कर्तव्य से संबंधित है?
- अनुच्छेद 51
- अनुच्छेद 50
- अनुच्छेद 44
- अनुच्छेद 48A
Explanation:
- अनुच्छेद 50 (DPSP) – राज्य न्यायपालिका को कार्यपालिका से पृथक करने के लिए प्रयास करेगा (यह न्यायिक स्वतंत्रता को सुनिश्चित करने हेतु है)।
- अनुच्छेद 51 – अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा, 44 – समान नागरिक संहिता, 48A – पर्यावरण संरक्षण (42वें संशोधन द्वारा जोड़ा गया)।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 50।
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 38 में निम्नलिखित में से किस उद्देश्य का उल्लेख किया गया है?
- राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सैन्य शासन स्थापित करना
- सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय पर आधारित सामाजिक व्यवस्था स्थापित करना।
- सभी नागरिकों को रोजगार की गारंटी देना।
- सभी को समान शिक्षा के अवसर प्रदान करना।
Explanation:
- अनुच्छेद 38 (DPSP) – राज्य एक सामाजिक व्यवस्था स्थापित करने का प्रयास करेगा, जो सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय पर आधारित हो (यह एक मौलिक सिद्धांत है – “राज्य, लोक कल्याण के लिए सामाजिक व्यवस्था सुनिश्चित करेगा”)।
- यह सैन्य शासन, रोजगार गारंटी या समान शिक्षा से सीधे नहीं जुड़ा – यह न्याय-आधारित सामाजिक व्यवस्था पर केंद्रित है।
- अत: सही विकल्प – सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय पर आधारित सामाजिक व्यवस्था स्थापित करना।
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 39 में निम्नलिखित में से कौन-सा उद्देश्य उल्लिखित है?
- कृषि और पशुपालन का संगठन करना
- समान न्याय सुनिश्चित करना और निःशुल्क कानूनी सहायता प्रदान करना
- पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए समान कार्य के लिए समान वेतन को बढ़ावा देना
- ग्राम पंचायतों का संगठन करना
Explanation:
- अनुच्छेद 39(d) (जो अनुच्छेद 39 का ही भाग है) – समान कार्य के लिए समान वेतन (पुरुष और महिला दोनों के लिए) को बढ़ावा देता है – यह DPSP का एक महत्वपूर्ण उपबंध है।
- कृषि/पशुपालन – अनुच्छेद 48, समान न्याय/निःशुल्क कानूनी सहायता – अनुच्छेद 39A (42वें संशोधन द्वारा जोड़ा गया), ग्राम पंचायत – अनुच्छेद 40।
- अत: सही विकल्प – पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए समान कार्य के लिए समान वेतन को बढ़ावा देना।
राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों में समाहित गांधीवादी सिद्धांतों के अनुसार, राज्य निम्नलिखित में से किसको बढ़ावा देने का प्रयास करेगा?
- बड़े पैमाने पर कॉर्पोरेट कृषि
- शहरी क्षेत्रों में औद्योगीकरण
- ग्रामीण क्षेत्रों में व्यक्तिगत या सहकारी आधार पर कुटीर उद्योग
- विदेशी व्यापार समझौते
Explanation:
- अनुच्छेद 43 (DPSP) – राज्य ग्रामीण क्षेत्रों में कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने का प्रयास करेगा – यह गांधीवादी सिद्धांत है, जो ग्रामीण स्वावलंबन, स्थानीय उत्पादन और रोजगार सृजन पर केंद्रित है।
- अन्य गांधीवादी सिद्धांत DPSP में: अनुच्छेद 40 (ग्राम पंचायतें), 46 (SC/ST/पिछड़ों का कल्याण), 47 (नशीले पदार्थों पर रोक), 48 (गाय की हत्या पर रोक – कुछ राज्यों में)।
- अत: सही विकल्प – ग्रामीण क्षेत्रों में व्यक्तिगत या सहकारी आधार पर कुटीर उद्योग।
2002 के 86वें संविधान संशोधन द्वारा कौन-सा मौलिक कर्तव्य जोड़ा गया था?
- 6-14 वर्ष की आयु के सभी बच्चों को शिक्षा के अवसर प्रदान करना।
- भारत के सभी लोगों के बीच सद्भाव को बढ़ावा देना।
- सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा करना
- भारत की संप्रभुता को बनाए रखना और उसकी रक्षा करना।
Explanation:
- 86वाँ संविधान संशोधन (2002) ने अनुच्छेद 51A में एक नया मौलिक कर्तव्य (k) जोड़ा – 6-14 वर्ष के बच्चों को शिक्षा के अवसर प्रदान करना (माता-पिता/अभिभावक का कर्तव्य)।
- सद्भाव (51A(e)), सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा (51A(j)), संप्रभुता की रक्षा (51A(c)) – ये 42वें संशोधन (1976) के मूल 10 कर्तव्यों में शामिल थे।
- अत: सही विकल्प – 6-14 वर्ष की आयु के सभी बच्चों को शिक्षा के अवसर प्रदान करना।
किस संवैधानिक संशोधन अधिनियम के अंतर्गत बोडो, डोगरी, मैथिली और संथाली भाषाओं को भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में जोड़ा गया?
- 93वां संशोधन अधिनियम, 2005
- 86वां संशोधन अधिनियम, 2002
- 92वां संशोधन अधिनियम, 2003
- 91वां संशोधन अधिनियम, 2003
Explanation:
- 92वाँ संविधान संशोधन (2003) ने बोडो, डोगरी, मैथिली और संथाली भाषाओं को आठवीं अनुसूची में जोड़ा, जिससे सूची में भाषाओं की संख्या 18 से बढ़कर 22 हो गई।
- 93वाँ (2005) – OBC आरक्षण (अनुच्छेद 15(5)), 86वाँ (2002) – शिक्षा का अधिकार (अनुच्छेद 21A), 91वाँ (2003) – मंत्रिपरिषद के आकार को सीमित करना।
- अत: सही विकल्प – 92वां संशोधन अधिनियम, 2003।
भारतीय संविधान का कौन-सा अनुच्छेद, सहकारी समितियों के बोर्ड के नियमित चुनावों को अनिवार्य बनाता है?
- अनुच्छेद 243ZI
- अनुच्छेद 243ZL
- अनुच्छेद 243ZG
- अनुच्छेद 243ZK
Explanation:
- अनुच्छेद 243ZK (97वें संशोधन, 2011 द्वारा जोड़ा गया) – सहकारी समितियों के बोर्ड के नियमित चुनावों को अनिवार्य बनाता है, जो लोकतांत्रिक प्रबंधन सुनिश्चित करता है।
- अनुच्छेद 243ZI – सहकारी समितियों के लिए अयोग्यता (नहीं), 243ZL – राज्य विधानमंडल की शक्तियाँ, 243ZG – न्यायालयों में हस्तक्षेप पर प्रतिबंध।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 243ZK।
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 243V, किस प्रकार के निकाय में सदस्यता के लिए अयोग्यता पर लागू होता है?
- पंचायत
- जिला परिषद
- राज्य विधानमंडल
- नगर पालिका
Explanation:
- अनुच्छेद 243V – नगरपालिकाओं (Municipalities) की सदस्यता के लिए अयोग्यता (disqualification) से संबंधित है (जैसे – दिवालिया, मानसिक रोग, किसी संविदा में रुचि, अयोग्य कानून के तहत)।
- पंचायतों के लिए समान प्रावधान अनुच्छेद 243F है।
- नगरपालिकाओं के लिए यह 74वें संशोधन (1992) के तहत जोड़ा गया था।
- अत: सही विकल्प – नगर पालिका।
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243Y के अनुसार, वित्त आयोग, नगर पालिकाओं के संबंध में अपनी अनुशंसाएं किसे प्रस्तुत करता है?
- भारत के राष्ट्रपति
- राज्य के मुख्य सचिव
- राज्य के वित्त मंत्री
- राज्य के राज्यपाल
Explanation:
- अनुच्छेद 243Y – राज्य वित्त आयोग (State Finance Commission) नगरपालिकाओं के संबंध में अपनी अनुशंसाएँ राज्य के राज्यपाल (Governor) को प्रस्तुत करता है (जो अनुच्छेद 243I के समान है, जहाँ पंचायतों के लिए राज्यपाल को अनुशंसाएँ दी जाती हैं)।
- राज्य वित्त आयोग का गठन अनुच्छेद 243I (पंचायतों) और 243Y (नगरपालिकाओं) के तहत प्रत्येक 5 वर्ष में किया जाता है।
- अत: सही विकल्प – राज्य के राज्यपाल।
भारतीय राजनीतिक व्यवस्था में निम्नलिखित में से किस संस्था/निकाय को “वास्तविक कार्यपालिका” के रूप में वर्णित किया गया है?
- मंत्रि परिषद
- भारत का सर्वोच्च न्यायालय
- भारत के राष्ट्रपति
- भारत के प्रधानमंत्री
Explanation:
- भारत में वास्तविक कार्यपालिका (real executive) प्रधानमंत्री होते हैं, जो मंत्रिपरिषद का नेतृत्व करते हैं और वास्तविक निर्णय लेते हैं – राष्ट्रपति नाममात्र की कार्यपालिका (nominal executive) है (अनुच्छेद 74 के अनुसार, राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की सलाह पर कार्य करता है)।
- मंत्रिपरिषद प्रधानमंत्री के नेतृत्व में कार्य करती है, पर प्रधानमंत्री स्वयं वास्तविक कार्यपालिका के प्रमुख हैं।
- सर्वोच्च न्यायालय – न्यायपालिका है, कार्यपालिका नहीं।
- अत: सही विकल्प – भारत के प्रधानमंत्री।
उच्चतम न्यायालय को किस अनुच्छेद के तहत न्यायिक समीक्षा का अधिकार प्राप्त है?
- अनुच्छेद 30
- अनुच्छेद 72
- अनुच्छेद 32
- अनुच्छेद 124
Explanation:
- अनुच्छेद 32 – उच्चतम न्यायालय को संवैधानिक उपचारों (writs) का अधिकार देता है – इसे ‘न्यायिक समीक्षा’ (Judicial Review) का आधार माना जाता है, क्योंकि यह न्यायालय को मौलिक अधिकारों के उल्लंघन के मामलों में कानूनों/आदेशों की जाँच करने की शक्ति प्रदान करता है।
- डॉ. अम्बेडकर ने अनुच्छेद 32 को संविधान की आत्मा कहा है।
- अनुच्छेद 226 – उच्च न्यायालयों को समान शक्ति (पर यह अनुच्छेद 32 नहीं है)।
- अनुच्छेद 30 – अल्पसंख्यकों के शिक्षण संस्थान, 72 – राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति, 124 – उच्चतम न्यायालय की स्थापना।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 32।
मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के लिए रिट जारी करने की शक्ति _______________ में निहित है।
- लोक अदालत और उच्च न्यायालयों
- जिला न्यायालय और उच्च न्यायालयों
- सत्र न्यायालय और उच्च न्यायालयों
- उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों
Explanation:
- मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के लिए रिट (writs) जारी करने की शक्ति उच्चतम न्यायालय (अनुच्छेद 32) और उच्च न्यायालयों (अनुच्छेद 226) में निहित है – यह एक मौलिक अधिकार है (अनुच्छेद 32) और उच्च न्यायालयों के पास भी यह शक्ति है (हालाँकि अनुच्छेद 226 अधिक व्यापक है – मौलिक अधिकारों और अन्य कानूनी अधिकारों दोनों के लिए)।
- लोक अदालत, जिला न्यायालय, सत्र न्यायालय रिट जारी नहीं कर सकते।
- अत: सही विकल्प – उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों।
_________ कुछ मामलों में संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक की प्रक्रिया का वर्णन करता है।
- अनुच्छेद 94
- अनुच्छेद 104
- अनुच्छेद 115
- अनुच्छेद 108
Explanation:
- अनुच्छेद 108 – संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक (Joint Sitting) की प्रक्रिया का वर्णन करता है, जो तब आयोजित होती है जब कोई विधेयक (धन विधेयक को छोड़कर) एक सदन द्वारा पारित और दूसरे द्वारा अस्वीकृत/संशोधित किया जाता है, या उस पर 6 महीने से अधिक विलंब होता है – तब राष्ट्रपति संयुक्त बैठक बुला सकता है (लोकसभा के अध्यक्ष अध्यक्षता करते हैं)।
- अनुच्छेद 94 – लोकसभा अध्यक्ष/उपाध्यक्ष, 104 – सदस्यता रिक्ति, 115 – अनुपूरक अनुदान।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 108।
अनुच्छेद 243Q के अनुसार, संक्रमणकालीन क्षेत्र के लिए नगरपालिका स्तर को _________ के रूप में नामित किया जाएगा।
- नगर निगम
- टाउनशिप
- नगर परिषद
- नगर पंचायत
Explanation:
- अनुच्छेद 243Q के अनुसार, संक्रमणकालीन (transitional) क्षेत्र के लिए नगरपालिका को ‘नगर पंचायत’ के रूप में नामित किया जाएगा – यह 74वें संशोधन (1992) का हिस्सा है, जहाँ नगर पंचायत उन क्षेत्रों के लिए होती है जो शहरीकरण की प्रक्रिया में हैं (पर पूर्णतः शहरी नहीं) – नगर परिषद छोटे शहरी क्षेत्रों के लिए, और नगर निगम बड़े शहरी क्षेत्रों के लिए है।
- अत: सही विकल्प – नगर पंचायत।
भारतीय संविधान के निम्नलिखित में से कौन-सा अनुच्छेद राज्य को पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए समान कार्य के लिए समान वेतन सुनिश्चित करने का निर्देश देता है?
- अनुच्छेद 42(b)
- अनुच्छेद 15
- अनुच्छेद 39(d)
- अनुच्छेद 14
Explanation:
- अनुच्छेद 39(d) – राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों (DPSP) के अंतर्गत, राज्य को पुरुषों और महिलाओं के लिए समान कार्य के लिए समान वेतन सुनिश्चित करने का निर्देश देता है।
- यह अनुच्छेद 39 का उपखंड है, जो सामाजिक-आर्थिक न्याय पर केंद्रित है, और समान वेतन अधिनियम, 1976 इसी सिद्धांत पर आधारित है।
- अनुच्छेद 42 – मानवीय कार्य परिस्थितियाँ और मातृत्व अवकाश, अनुच्छेद 15 – भेदभाव पर प्रतिबंध (मौलिक अधिकार), अनुच्छेद 14 – विधि के समक्ष समानता।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 39(d)।
1964 में भ्रष्टाचार निवारण समिति की अध्यक्षता किसने की थी और केन्द्रीय सतर्कता आयोग की स्थापना का सुझाव दिया था?
- के. संथानम
- जी. वी. रामकृष्ण
- पी. के. मोहंती
- जी. के. पिल्लई
Explanation:
- के. संथानम (K. Santhanam) ने 1964 में भ्रष्टाचार निवारण समिति (Santhanam Committee on Prevention of Corruption) की अध्यक्षता की, जिसने केन्द्रीय सतर्कता आयोग (Central Vigilance Commission – CVC) की स्थापना की सिफारिश की।
- CVC की स्थापना 1964 में (कार्यकारी आदेश द्वारा) की गई, और बाद में इसे केन्द्रीय सतर्कता आयोग अधिनियम, 2003 के तहत सांविधिक दर्जा प्रदान किया गया।
- अन्य विकल्प – G.V. Ramakrishna, P.K. Mohanty, G.K. Pillai – इनका सतर्कता आयोग से संबंध नहीं है।
- अत: सही विकल्प – के. संथानम।
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 23 निम्नलिखित में से किसका निषेध करता है?
- मानव तस्करी और जबरन श्रम का निषेध।
- धर्म, नस्ल, जाति, लिंग या जन्म स्थान के आधार पर भेदभाव का निषेध।
- बाल विवाहों के अनुष्ठानों का निषेध।
- कारखानों आदि में बच्चों को नियुक्त करने का निषेध।
Explanation:
- अनुच्छेद 23 – मानव तस्करी (trafficking in human beings) और बेगार (begar) (अनैच्छिक जबरन श्रम) का निषेध करता है – यह एक मौलिक अधिकार है (भाग III)।
- धर्म/जाति आदि के आधार पर भेदभाव – अनुच्छेद 15 (निषेध), बाल विवाह – यह संविधान में सीधे नहीं है (बाल विवाह निषेध अधिनियम है), कारखानों में बच्चों को नियुक्त करने का निषेध – अनुच्छेद 24 (14 वर्ष से कम बच्चों के रोजगार का निषेध) है।
- अत: सही विकल्प – मानव तस्करी और जबरन श्रम का निषेध।
1978 के 44वें संशोधन अधिनियम ने लोकसभा और राज्य विधानमंडल के सामान्य कार्यकाल (standard term) को पुनः कितने वर्षों तक बहाल कर दिया?
- तीन
- सात
- पाँच
- छह
Explanation:
- 44वाँ संविधान संशोधन (1978) (जनता पार्टी सरकार द्वारा) ने लोकसभा और राज्य विधानमंडलों के सामान्य कार्यकाल (standard term) को 6 वर्ष (जो 42वें संशोधन द्वारा 1976 में बढ़ाया गया था) से घटाकर 5 वर्ष कर दिया – जो मूल संविधान (1950) में निर्धारित 5 वर्ष था।
- 42वें संशोधन (1976) ने आपातकाल के दौरान इसे 6 वर्ष किया था (ताकि चुनावों में देरी हो सके), पर 44वें संशोधन ने इसे पुनः 5 वर्ष किया।
- अत: सही विकल्प – पाँच।
निम्नलिखित में से किस केंद्र शासित प्रदेश में विधान सभा और मंत्रि परिषद है?
- दमन और दीव
- दादरा और नगर हवेली
- अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह
- पुडुचेरी
Explanation:
- भारत में केवल तीन केंद्र शासित प्रदेश हैं जिनके पास विधान सभा (Legislative Assembly) और मंत्रिपरिषद (Council of Ministers) हैं – दिल्ली (NCT Delhi), पुदुचेरी (Puducherry), और जम्मू-कश्मीर (2019 के बाद UT बना, पर विधानमंडल है)।
- दमन और दीव, दादरा-नगर हवेली, अंडमान-निकोबार में विधान सभा नहीं है – ये सीधे केंद्र द्वारा प्रशासित होते हैं।
- अत: सही विकल्प – पुडुचेरी।
भारत के संविधान के अनुसार, अनुच्छेद 182 निम्नलिखित में से किससे संबंधित है?
- राज्य विधान परिषद के सभापति और उपसभापति
- सदस्यता के लिए अयोग्यता
- राज्य विधानसभाओं की संरचना
- राज्यपाल के विशेष संबोधन
Explanation:
- अनुच्छेद 182 – राज्य विधान परिषद (Legislative Council) के सभापति (Chairman) और उपसभापति (Deputy Chairman) से संबंधित है – यह उनके चुनाव, पदावधि और हटाने की प्रक्रिया को निर्दिष्ट करता है।
- अनुच्छेद 181 – विधानसभा के अध्यक्ष/उपाध्यक्ष, अनुच्छेद 191 – सदस्यता अयोग्यता, अनुच्छेद 174 – राज्यपाल का संबोधन।
- अत: सही विकल्प – राज्य विधान परिषद के सभापति और उपसभापति।
संविधान का निम्नलिखित में से कौन-सा अनुच्छेद प्रशासक को केंद्र शासित प्रदेशों में विधानमंडल के अवकाश के दौरान अध्यादेश जारी करने का अधिकार देता है?
- 241
- 239
- 239AA
- 239B
Explanation:
- अनुच्छेद 239B – प्रशासक (Administrator) को केंद्र शासित प्रदेशों में विधानमंडल के अवकाश के दौरान अध्यादेश (ordinance) जारी करने का अधिकार देता है (यह राष्ट्रपति के अध्यादेश (अनुच्छेद 123) के समान है, पर केवल UT के लिए)।
- अनुच्छेद 241 – UT के लिए हाई कोर्ट, 239 – UT का प्रशासन, 239AA – दिल्ली के लिए विशेष प्रावधान।
- अत: सही विकल्प – 239B।
निम्नलिखित में से कौन-सा अनुच्छेद राष्ट्रपति को विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अनुसूचित जातियों को निर्दिष्ट करने का अधिकार देता है?
- अनुच्छेद 330
- अनुच्छेद 341
- अनुच्छेद 342
- अनुच्छेद 344
Explanation:
- अनुच्छेद 341 – राष्ट्रपति को विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अनुसूचित जातियों (SC) को निर्दिष्ट करने का अधिकार देता है (राज्यपाल से परामर्श के बाद, और संसद कानून द्वारा सूची में संशोधन कर सकती है)।
- अनुच्छेद 342 – अनुसूचित जनजातियों (ST) के लिए, 330 – SC/ST के लिए लोकसभा में सीटों का आरक्षण, 344 – राजभाषा आयोग।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 341।
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन राज्य सभा की शक्तियों को लोक सभा से सही ढंग से पृथक (विभेदित) करता है?
- राज्यसभा मंत्रि परिषद के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत कर सकती है।
- राज्यसभा धन विधेयकों में संशोधन कर सकती है।
- राज्यसभा के पास सभी वित्तीय मामलों में लोकसभा के समान शक्ति है।
- राज्य सभा राज्य सूची के विषयों पर संसद को कानून बनाने हेतु अधिकृत कर सकती है।
Explanation:
- राज्यसभा की एक विशेष शक्ति – यह राज्य सूची (State List) के विषयों पर संसद को कानून बनाने हेतु अधिकृत कर सकती है (अनुच्छेद 249) – यदि राज्यसभा 2/3 बहुमत से राष्ट्रीय हित में प्रस्ताव पारित करती है – यह शक्ति लोकसभा के पास नहीं है – इस प्रकार यह दोनों सदनों को पृथक करता है।
- अविश्वास प्रस्ताव – केवल लोकसभा (न कि राज्यसभा) – गलत है।
- धन विधेयक – केवल लोकसभा में पेश किया जाता है, राज्यसभा संशोधन नहीं कर सकती (केवल सिफारिशें) – गलत है।
- वित्तीय मामलों में राज्यसभा की शक्ति लोकसभा से कम है – गलत है।
- अत: सही विकल्प – राज्य सभा राज्य सूची के विषयों पर संसद को कानून बनाने हेतु अधिकृत कर सकती है।
निम्नलिखित में से किस मंत्रि मंडल समिति की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नहीं करते हैं?
- रोजगार और कौशल विकास की मंत्रि मंडल समिति
- आर्थिक कार्यों की मंत्रि मंडल समिति
- निवेश और वृद्धि की मंत्रि मंडल समिति
- संसदीय कार्यों की मंत्रि मंडल समिति
Explanation:
- संसदीय कार्यों की मंत्रिमंडल समिति (Cabinet Committee on Parliamentary Affairs) की अध्यक्षता सामान्यतः प्रधानमंत्री नहीं करते – इसकी अध्यक्षता अक्सर गृह मंत्री (या कभी-कभी रक्षा मंत्री/कानून मंत्री) करते हैं – यह समिति संसद में सरकारी कार्यवाही के समन्वय और विधेयकों की समय-सारणी निर्धारित करने के लिए होती है।
- प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली समितियाँ – आर्थिक कार्य, सुरक्षा, निवेश और वृद्धि, रोजगार और कौशल विकास आदि।
- अत: सही विकल्प – संसदीय कार्यों की मंत्रि मंडल समिति।
भारतीय संविधान का निम्नलिखित में से कौन-सा भाग, भारतीय संघ की राजभाषाओं से संबंधित है?
- भाग XX
- भाग XV
- भाग XVII
- भाग XVI
Explanation:
- भाग XVII (अनुच्छेद 343-351) – राजभाषा (Official Language) से संबंधित है – संघ की राजभाषा (हिंदी/अंग्रेजी), राज्यों की राजभाषा, अंतर-राज्यीय संचार की भाषा, और विशेष निर्देश (अनुच्छेद 351 – हिंदी का प्रचार) शामिल हैं।
- भाग XV – निर्वाचन (अनुच्छेद 324-329A), भाग XVI – SC/ST/आंग्ल-भारतीय के लिए विशेष प्रावधान (अनुच्छेद 330-342), भाग XX – संविधान का संशोधन (अनुच्छेद 368)।
- अत: सही विकल्प – भाग XVII।
भारतीय संविधान के किस संशोधन ने दिल्ली केंद्र शासित प्रदेश को विशेष दर्जा प्रदान किया और इसे दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के रूप में पुनः नामित किया?
- 69वां संविधान संशोधन
- 68वां संविधान संशोधन
- 70वां संविधान संशोधन
- 71वां संविधान संशोधन
Explanation:
- 69वाँ संविधान संशोधन (1991) ने दिल्ली को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCT) का विशेष दर्जा प्रदान किया, अनुच्छेद 239AA और 239AB जोड़े, और इसे “राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली” के रूप में पुनः नामित किया – जिससे दिल्ली को विधानमंडल और मुख्यमंत्री मिले।
- 68वाँ (1991) – चंडीगढ़, 70वाँ (1992) – (महत्वहीन), 71वाँ (1992) – कोंकणी, मणिपुरी, नेपाली को आठवीं अनुसूची में।
- अत: सही विकल्प – 69वां संविधान संशोधन।
भारत के संविधान के अनुच्छेद 171 के अनुसार, किसी राज्य की विधान परिषद की कुल सदस्यता, राज्य विधान सभा के कुल सदस्यों के निम्नलिखित में से किस अनुपात से अधिक नहीं होगी?
- एक-तिहाई
- एक-चौथाई
- आधी
- दो-तिहाई
Explanation:
- अनुच्छेद 171 के अनुसार, राज्य विधान परिषद (Legislative Council) की कुल सदस्यता, राज्य की विधान सभा की कुल सदस्यता के एक-तिहाई (1/3) से अधिक नहीं होगी।
- इसके अतिरिक्त, विधान परिषद की न्यूनतम सदस्यता 40 होनी चाहिए (अनुच्छेद 171(2))।
- अत: सही विकल्प – एक-तिहाई।
भारत के संविधान के अनुच्छेद 84 के अनुसार, लोक सभा की सदस्यता हेतु अर्हता प्राप्त करने के लिए एक व्यक्ति की न्यूनतम आयु निम्नलिखित में से कितनी होनी चाहिए?
- इक्कीस वर्ष
- पच्चीस वर्ष
- तीस वर्ष
- अठारह वर्ष
Explanation:
- अनुच्छेद 84(b) के अनुसार, लोकसभा की सदस्यता हेतु न्यूनतम आयु 25 वर्ष (पच्चीस वर्ष) होनी चाहिए।
- राज्यसभा के लिए 30 वर्ष, राष्ट्रपति के लिए 35 वर्ष, विधानसभा के लिए 25 वर्ष (अनुच्छेद 173) होती है।
- अत: सही विकल्प – पच्चीस वर्ष।
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 239AA के अनुसार, संविधान (69वां संशोधन) अधिनियम, 1991 के लागू होने के बाद, दिल्ली केंद्र शासित प्रदेश को निम्नलिखित में से किस नाम से जाना जाता है?
- एडमिनिस्ट्रेटिव कैपिटल ऑफ इंडिया (Administrative Capital of India)
- नेशनल कैपिटल रीजन ऑफ दिल्ली (National Capital Region of Delhi)
- यूनियन स्टेट ऑफ दिल्ली (Union State of Delhi)
- नेशनल कैपिटल टेरिटरी ऑफ दिल्ली (National Capital Territory of Delhi)
Explanation:
- अनुच्छेद 239AA (69वें संशोधन, 1991 द्वारा जोड़ा गया) – दिल्ली केंद्र शासित प्रदेश को “राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली” (National Capital Territory of Delhi) के रूप में नामित करता है – यह दिल्ली का आधिकारिक नाम है।
- NCR (National Capital Region) एक अलग अवधारणा है – यह दिल्ली और आसपास के जिलों को कवर करती है (यह NCT नहीं है)।
- अत: सही विकल्प – नेशनल कैपिटल टेरिटरी ऑफ दिल्ली।
भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद में यह निर्दिष्ट किया गया है कि केंद्र शासित प्रदेशों को राष्ट्रपति द्वारा प्रशासित किया जाएगा, जो उनकी देखरेख के लिए एक प्रशासक नियुक्त कर सकता है?
- अनुच्छेद 241
- अनुच्छेद 239
- अनुच्छेद 242
- अनुच्छेद 240
Explanation:
- अनुच्छेद 239 – केंद्र शासित प्रदेशों का प्रशासन राष्ट्रपति द्वारा किया जाएगा, जो उनकी देखरेख के लिए एक प्रशासक (Administrator या Lieutenant Governor) नियुक्त कर सकता है।
- अनुच्छेद 241 – UT के लिए हाई कोर्ट, 240 – राष्ट्रपति की UT के लिए विनियम बनाने की शक्ति, 242 – (निरस्त)।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 239।
मिस्टर ABCD विधानसभा सदस्य बनना चाहते हैं। विधानसभा सदस्य बनने के लिए भारत के संविधान में न्यूनतम आयु कितनी निर्धारित है?
- 21 वर्ष
- संविधान में न्यूनतम आयु का कोई प्रावधान नहीं है।
- 35 वर्ष
- 25 वर्ष
Explanation:
- अनुच्छेद 173 के अनुसार, राज्य विधानसभा का सदस्य बनने के लिए न्यूनतम आयु 25 वर्ष होनी चाहिए।
- 21 वर्ष – नहीं (यह अहर्ता नहीं है), 35 वर्ष – राष्ट्रपति/उपराष्ट्रपति, 18 वर्ष – मतदान के लिए।
- अत: सही विकल्प – 25 वर्ष।
भारत के संविधान का कौन-सा अनुच्छेद, राज्यपाल के कार्यकाल से संबंधित है, जिसमें राष्ट्रपति के स्वेच्छानिर्णय से सेवा करने और पद त्याग करने का तरीका शामिल है?
- अनुच्छेद 157
- अनुच्छेद 155
- अनुच्छेद 158
- अनुच्छेद 156
Explanation:
- अनुच्छेद 156 – राज्यपाल का कार्यकाल – राज्यपाल राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत (pleasure) पद धारण करता है, अर्थात राष्ट्रपति उसे किसी भी समय हटा सकता है (बिना कारण बताए), और राज्यपाल त्यागपत्र राष्ट्रपति को देता है।
- अनुच्छेद 157 – राज्यपाल की योग्यताएँ, 155 – राज्यपाल की नियुक्ति, 158 – पद शर्तें (वेतन, भत्ते आदि)।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 156।
भारत के संविधान के अनुच्छेद 80 के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन-सा, राष्ट्रपति द्वारा राज्य-सभा में नियुक्त सदस्यों की संख्या को इंगित करता है?
- बीस
- दस
- बारह
- चौदह
Explanation:
- अनुच्छेद 80 के अनुसार, राज्यसभा में राष्ट्रपति द्वारा 12 सदस्य (बारह) मनोनीत किए जाते हैं, जिन्हें साहित्य, विज्ञान, कला और समाज सेवा के क्षेत्रों में विशेष ज्ञान होना चाहिए।
- शेष सदस्य (अधिकतम 238) राज्यों/UT से निर्वाचित होते हैं।
- अत: सही विकल्प – बारह।
भारत के संविधान का निम्नलिखित में से कौन-सा अनुच्छेद, संसद को सशस्त्र बलों के सदस्यों और लोक व्यवस्था बनाए रखने के लिए उत्तरदायी बलों के संबंध में मौलिक अधिकारों की प्रयोज्यता को बदलने का अधिकार प्रदान करता है?
- अनुच्छेद 35
- अनुच्छेद 42
- अनुच्छेद 45
- अनुच्छेद 33
Explanation:
- अनुच्छेद 33 – संसद को सशस्त्र बलों, रक्षा बलों, पुलिस बलों, या लोक व्यवस्था बनाए रखने के लिए उत्तरदायी किसी भी बल के सदस्यों पर मौलिक अधिकारों की प्रयोज्यता को सीमित या बदलने का अधिकार देता है (ताकि अनुशासन बनाए रखा जा सके)।
- अनुच्छेद 35 – मौलिक अधिकारों के उल्लंघन के लिए कानून, 42 – मानवीय कार्य परिस्थितियाँ, 45 – बाल शिक्षा (संशोधित)।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 33।
भारतीय संविधान द्वारा तमिल को शास्त्रीय भाषा का दर्जा किस वर्ष दिया गया था?
- 2005
- 2003
- 2002
- 2004
Explanation:
- तमिल को 2004 में शास्त्रीय भाषा (Classical Language) का दर्जा देने वाली भारत की पहली भाषा घोषित किया गया था – भारत सरकार ने यह घोषणा की थी।
- इसके बाद, संस्कृत (2005), कन्नड़, तेलुगु, मलयालम, ओड़िया आदि को भी शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिया गया, पर तमिल पहली थी (2004 में)।
- अत: सही विकल्प – 2004।
नगर आयुक्तों की नियुक्ति निम्नलिखित में से किसके द्वारा की जाती है?
- भारत के राष्ट्रपति
- उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश
- राज्य सरकार
- भारत के उपराष्ट्रपति
Explanation:
- नगर आयुक्त (Municipal Commissioner) की नियुक्ति राज्य सरकार द्वारा की जाती है – यह राज्य के प्रशासनिक सेवा का एक अधिकारी होता है (आमतौर पर IAS/State Civil Services से), जो नगर निगम/नगरपालिका का मुख्य कार्यकारी अधिकारी होता है।
- राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, या उच्च न्यायालय के न्यायाधीश नगर आयुक्तों की नियुक्ति नहीं करते – यह राज्य सरकार का विषय है।
- अत: सही विकल्प – राज्य सरकार।
3 दिसंबर, 2004 के बाद भारत के बाहर जन्मे व्यक्ति को वंशज के आधार पर भारतीय नागरिक माने जाने के लिए कौन-सी शर्त पूरी होनी चाहिए?
- उनके माता-पिता दोनों भारतीय नागरिक होने चाहिए
- उन्हें कम से कम 5 वर्ष तक भारत में रहना होगा
- उन्हें किसी अन्य राष्ट्रीयता का त्याग करना होगा
- उन्हें 10 वर्षों तक भारत में रहना होगा
Explanation:
- नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 4(1A) के अनुसार, 3 दिसंबर, 2004 के बाद भारत के बाहर जन्मे व्यक्ति को वंशज (by descent) के आधार पर भारतीय नागरिक माने जाने के लिए माता और पिता दोनों भारतीय नागरिक होने चाहिए (पहले केवल पिता ही पर्याप्त था – 2004 में संशोधन किया गया, जिसने माता को भी अनिवार्य किया, ताकि लिंग समानता सुनिश्चित हो सके)।
- 5/10 वर्ष निवास – यह प्राकृतिकीकरण (धारा 6) या पंजीकरण (धारा 5) के लिए है, वंशज के लिए नहीं।
- अत: सही विकल्प – उनके माता-पिता दोनों भारतीय नागरिक होने चाहिए।
26 जनवरी 1950 और 1 जुलाई 1987 के बीच भारत में जन्मा व्यक्ति _______ से ही स्वतः भारत का नागरिक माना जाता है।
- वंश (descent)
- नागरीकरण (naturalisation)
- पंजीकरण (registration)
- जन्म (birth)
Explanation:
- नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 3 के अनुसार, 26 जनवरी 1950 (संविधान लागू) और 1 जुलाई 1987 के बीच भारत में जन्मा कोई भी व्यक्ति जन्म (birth) के आधार पर स्वतः भारत का नागरिक माना जाता है – बिना किसी अतिरिक्त शर्त के।
- 1 जुलाई 1987 के बाद, जन्म के आधार पर नागरिकता के लिए यह आवश्यक है कि माता-पिता में से कोई भारत का नागरिक हो।
- 10 दिसंबर 1992 के बाद, माता-पिता में से कोई एक (पिता या माता) भारतीय नागरिक होना चाहिए।
- अत: सही विकल्प – जन्म (birth)।
संपत्ति का अधिकार भारतीय संविधान के भाग III से हटा कर _____ में जोड़ा गया।
- भाग XII
- भाग X
- भाग XIII
- भाग XI
Explanation:
- संपत्ति का अधिकार (Right to Property) मूल रूप से अनुच्छेद 31 के रूप में भाग III (मौलिक अधिकार) में था।
- 44वें संविधान संशोधन (1978) ने इसे मौलिक अधिकारों से हटाकर भाग XII (अनुच्छेद 300A) में एक सामान्य विधिक अधिकार के रूप में स्थानांतरित कर दिया – अब यह कोई मौलिक अधिकार नहीं है, पर यदि सरकार किसी की संपत्ति का अधिग्रहण करती है, तो वह विधि द्वारा ही कर सकती है (अनुच्छेद 300A: “किसी व्यक्ति को उसकी संपत्ति से विधि के प्राधिकार के अतिरिक्त वंचित नहीं किया जाएगा”)।
- अत: सही विकल्प – भाग XII।
नागरिकता संशोधन अधिनियम, 2019, किन समुदायों से संबंधित व्यक्तियों को नागरिकता प्रदान करता है, यदि वे 31 दिसंबर 2014 से पहले पाकिस्तान, अफगानिस्तान या बांग्लादेश से भारत में प्रवेश कर चुके हों?
- केवल सिख, ईसाई, हिंदू, जैन
- हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी, ईसाई
- मुस्लिम, ईसाई, पारसी, सिख
- हिंदू, मुस्लिम, जैन, पारसी
Explanation:
- नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA), 2019 हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई (अर्थात मुस्लिमों को छोड़कर) समुदायों को नागरिकता प्रदान करता है, यदि वे 31 दिसंबर 2014 से पहले पाकिस्तान, अफगानिस्तान या बांग्लादेश से भारत में प्रवेश कर चुके हैं।
- यह अधिनियम नागरिकता अधिनियम, 1955 में संशोधन करता है और इन धार्मिक अल्पसंख्यकों को नागरिकता प्रदान करने की प्रक्रिया को सरल बनाता है।
- अत: सही विकल्प – हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी, ईसाई।
निम्नलिखित में से कौन-से भारतीय प्रधानमंत्री कभी भी भारत के किसी भी राज्य के मुख्यमंत्री नहीं रहे?
- मोरारजी देसाई
- वी.पी. सिंह
- चंद्रशेखर
- पी.वी. नरसिंह राव
Explanation:
- चंद्रशेखर (1990-1991) – कभी भी किसी राज्य के मुख्यमंत्री नहीं रहे – वे सांसद थे (राज्यसभा और लोकसभा) और जनता पार्टी के नेता थे, पर कभी राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री नहीं बने।
- मोरारजी देसाई – बॉम्बे राज्य (अब गुजरात/महाराष्ट्र) के मुख्यमंत्री रहे (1952-1956)।
- वी.पी. सिंह – उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे (1980-1982)।
- पी.वी. नरसिंह राव – आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे (1971-1973)।
- अत: सही विकल्प – चंद्रशेखर।
निम्नलिखित में से कौन स्वतंत्र भारत के पहले केन्द्रीय वित्त मंत्री थे?
- राजकुमारी अमृत कौर
- आर.के. षण्मुखम चेट्टी
- डॉ. सी.एच. भाभा
- सरदार बलदेव सिंह
Explanation:
- आर.के. षण्मुखम चेट्टी (R.K. Shanmukham Chetty) स्वतंत्र भारत के पहले केंद्रीय वित्त मंत्री थे (1947-1949) – उन्होंने पहला केंद्रीय बजट (1947-48) पेश किया था।
- वे तमिलनाडु के एक प्रसिद्ध अर्थशास्त्री और राजनीतिज्ञ थे, और संविधान सभा के सदस्य भी थे।
- राजकुमारी अमृत कौर – पहली महिला केंद्रीय मंत्री (स्वास्थ्य मंत्री), डॉ. सी.एच. भाभा – परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष, सरदार बलदेव सिंह – पहले रक्षा मंत्री।
- अत: सही विकल्प – आर.के. षण्मुखम चेट्टी।
भारतीय संविधान के निम्नलिखित में से कौन-से अनुच्छेद पंचायतों और नगरपालिकाओं के लेखा परीक्षा से संबंधित हैं?
- अनुच्छेद 243 G और अनुच्छेद 243 ZB
- अनुच्छेद 243 I और अनुच्छेद 243 Y
- अनुच्छेद 243 J और अनुच्छेद 243 Z
- अनुच्छेद 243 M और अनुच्छेद 243 ZA
Explanation:
- अनुच्छेद 243J – पंचायतों के लेखापरीक्षा (audit) से संबंधित है, जिसके तहत राज्य विधानमंडल पंचायतों के खातों की जाँच के लिए विधि बना सकता है।
- अनुच्छेद 243Z – नगरपालिकाओं के लेखापरीक्षा से संबंधित है – राज्य विधानमंडल नगरपालिकाओं के खातों की जाँच के लिए प्रावधान कर सकता है।
- अन्य अनुच्छेद: 243G – पंचायतों की शक्तियाँ, 243I – पंचायत वित्त आयोग, 243Y – नगरपालिका वित्त आयोग, 243ZB – जनजातीय क्षेत्रों में अनुप्रयोग, 243M – पंचायतों का अधिकार क्षेत्र से बाहर, 243ZA – नगरपालिकाओं के चुनाव।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 243 J और अनुच्छेद 243 Z।
भारत के संविधान के प्रारम्भ में कौन-से अनुच्छेद नागरिकता से संबंधित थे?
- अनुच्छेद 14 से 24
- अनुच्छेद 1 से 4
- अनुच्छेद 12 से 18
- अनुच्छेद 5 से 11
Explanation:
- भारतीय संविधान के प्रारम्भ (26 जनवरी 1950) में नागरिकता (Citizenship) से संबंधित अनुच्छेद 5 से 11 (भाग II) थे – जो संविधान प्रारंभ पर नागरिकता के आधार (जन्म, वंश, निवास), प्रवासियों की नागरिकता, और संसद की विधायी शक्ति (अनुच्छेद 11) को निर्दिष्ट करते थे।
- अनुच्छेद 1-4 – संघ और उसके क्षेत्र (भाग I), 12-35 – मौलिक अधिकार (भाग III), 14-24 – मौलिक अधिकारों का हिस्सा (समानता, स्वतंत्रता आदि)।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 5 से 11।
निम्नलिखित में से कौन-सी तिब्बती-बर्मी भाषा है जिसे भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया गया है?
- संथाली
- मैथिली
- बोडो
- कोंकणी
Explanation:
- बोडो (Bodo) भाषा तिब्बती-बर्मी (Tibeto-Burman) भाषा परिवार की है, जो मुख्यतः असम, पश्चिम बंगाल और नागालैंड के कुछ क्षेत्रों में बोली जाती है – इसे 92वें संशोधन (2003) के माध्यम से आठवीं अनुसूची में शामिल किया गया था (बोडो, डोगरी, मैथिली और संथाली के साथ)।
- संथाली – ऑस्ट्रो-एशियाटिक, मैथिली – इंडो-आर्यन, कोंकणी – इंडो-आर्यन (हालाँकि कोंकणी भी आठवीं अनुसूची में है, पर तिब्बती-बर्मी नहीं)।
- अत: सही विकल्प – बोडो।
यदि लोकसभा सत्ताधारी सरकार के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पारित कर देती है, तो इसका संवैधानिक परिणाम क्या होगा?
- लोकसभा के अध्यक्ष को राष्ट्रपति द्वारा हटा दिया जाएगा।
- सरकार बिना किसी परिवर्तन के कार्यरत रह सकती है।
- केवल प्रधानमंत्री को ही इस्तीफा देना होगा।
- मंत्रि परिषद पदत्याग के लिए बाध्य होंगे।
Explanation:
- यदि लोकसभा अविश्वास प्रस्ताव (No-Confidence Motion) (अनुच्छेद 75(3)) पारित करती है, तो मंत्रिपरिषद (Council of Ministers) सामूहिक रूप से उत्तरदायी होती है – इसका परिणाम यह होता है कि मंत्रिपरिषद को पदत्याग (resign) करना पड़ता है (यानी सरकार गिर जाती है)।
- यह संवैधानिक प्रावधान अनुच्छेद 75(3) के अनुसार है – “मंत्रिपरिषद लोकसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होगी” – अतः अविश्वास प्रस्ताव पारित होने पर सरकार को इस्तीफा देना होता है।
- अत: सही विकल्प – मंत्रि परिषद पदत्याग के लिए बाध्य होंगे।
कौन-सा विधान, केन्द्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) के सृजन और प्रचालन के लिए विधिक आधार बनाता है?
- सेवा विषयक अधिनियम, 1990
- प्रशासनिक अधिकरण अधिनियम, 1985
- न्यायपालिका अधिनियम, 1971
- अधिकरण सुधार अधिनियम, 1980
Explanation:
- प्रशासनिक अधिकरण अधिनियम, 1985 (Administrative Tribunals Act) ने केन्द्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) और राज्य प्रशासनिक अधिकरणों (SAT) की स्थापना का विधिक आधार प्रदान किया – यह अनुच्छेद 323A के तहत बनाया गया था, जो संसद को प्रशासनिक अधिकरण स्थापित करने की शक्ति देता है।
- CAT का मुख्य कार्य केंद्र सरकार के कर्मचारियों की भर्ती और सेवा शर्तों से संबंधित विवादों का निपटारा करना है।
- अत: सही विकल्प – प्रशासनिक अधिकरण अधिनियम, 1985।
समवर्ती सूची के विषय पर जब किसी राज्य विधानमंडल द्वारा पारित विधि संसदीय विधि से वैषम्य (clash) है, तो विधिक परिणाम क्या होता है?
- इस मामले का निपटारा सर्वोच्च न्यायालय के विनिर्णय के माध्यम से किया जाता है
- राज्य विधान स्वतः केन्द्रीय विधि पर अधिभावी हो जाता है
- राज्य विधि पर केन्द्रीय विधि तब तक अधिभावी रहती है जब तक कि राज्य विधि को राष्ट्रपति की स्वीकृति प्राप्त नहीं हो जाती
- संसद, राज्य विधि को निष्प्रभावी करने के लिए बाध्य हो जाती है
Explanation:
- अनुच्छेद 254(1) के अनुसार, यदि समवर्ती सूची (Concurrent List) के किसी विषय पर राज्य विधानमंडल द्वारा बनाई गई विधि संसद द्वारा बनाई गई विधि के साथ वैषम्य (clash) रखती है, तो संसदीय विधि राज्य विधि पर अधिभावी (prevail) होगी।
- हालाँकि, अनुच्छेद 254(2) में एक अपवाद है – यदि राज्य विधि को राष्ट्रपति की स्वीकृति (assent) प्राप्त हो जाती है, तो वह उस राज्य में संसदीय विधि पर अधिभावी हो सकती है (पर राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद भी, संसद बाद में उस विषय पर कानून बनाकर राज्य विधि को निष्प्रभावी कर सकती है)।
- अत: सही विकल्प – राज्य विधि पर केन्द्रीय विधि तब तक अधिभावी रहती है जब तक कि राज्य विधि को राष्ट्रपति की स्वीकृति प्राप्त नहीं हो जाती।
निम्नलिखित में से किस केंद्र शासित प्रदेश में विधान सभा और मंत्रि परिषद है?
- दमन और दीव
- अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
- पुदुचेरी
- दादरा और नगर हवेली
Explanation:
- भारत में केवल तीन केंद्र शासित प्रदेश हैं जिनके पास विधान सभा (Legislative Assembly) और मंत्रिपरिषद (Council of Ministers) हैं – दिल्ली (NCT Delhi), पुदुचेरी (Puducherry), और जम्मू-कश्मीर (2019 के बाद UT बना, पर विधानमंडल है)।
- दमन और दीव, अंडमान-निकोबार, दादरा-नगर हवेली में विधान सभा नहीं है – ये सीधे केंद्र द्वारा प्रशासित होते हैं।
- अत: सही विकल्प – पुदुचेरी।
30 जून 2024 तक की स्थिति के अनुसार भारत के संविधान की आठवीं अनुसूची के अंतर्गत सूचीबद्ध भाषाओं की कुल संख्या कितनी है?
- 20
- 22
- 26
- 16
Explanation:
- आठवीं अनुसूची (8th Schedule) में वर्तमान में 22 भाषाएँ सूचीबद्ध हैं (1950 में 14, 1967 में 15, 1992 में 18, 2003 में 22 – 30 जून 2024 तक कोई नई भाषा नहीं जोड़ी गई है)।
- 22 भाषाएँ: असमिया, बंगाली, बोडो, डोगरी, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, कश्मीरी, कोंकणी, मैथिली, मलयालम, मणिपुरी, मराठी, नेपाली, ओड़िया, पंजाबी, संस्कृत, संथाली, सिंधी, तमिल, तेलुगु, उर्दू।
- अत: सही विकल्प – 22।
भारतीय संविधान के निम्नलिखित में से किस अनुच्छेद में कहा गया है कि राष्ट्रपति को सहायता और सलाह देने के लिए एक मंत्रि-परिषद् होगी जिसका प्रधान, प्रधान मंत्री होगा और राष्ट्रपति अपने कृत्यों का प्रयोग करने में ऐसी सलाह के अनुसार कार्य करेगा?
- अनुच्छेद 84
- अनुच्छेद 74
- अनुच्छेद 70
- अनुच्छेद 50
Explanation:
- अनुच्छेद 74 – “राष्ट्रपति को सहायता और सलाह देने के लिए एक मंत्रि-परिषद् होगी जिसका प्रधान, प्रधान मंत्री होगा, और राष्ट्रपति अपने कृत्यों का प्रयोग करने में ऐसी सलाह के अनुसार कार्य करेगा” – यह संविधान का एक अनिवार्य प्रावधान है (42वें संशोधन ने इसे अनिवार्य कर दिया)।
- अनुच्छेद 84 – लोकसभा सदस्यता की योग्यता, 70 – राष्ट्रपति की अनुपस्थिति में कार्य, 50 – न्यायपालिका और कार्यपालिका का पृथक्करण।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 74।
राज्यसभा से लोक लेखा समिति के लिए कितने सदस्य निर्वाचित किए जाते हैं?
- 15
- 7
- 22
- 5
Explanation:
- लोक लेखा समिति (Public Accounts Committee – PAC) में कुल 22 सदस्य होते हैं – 15 लोकसभा से और 7 राज्यसभा से (यह एक संसदीय समिति है, जो CAG की रिपोर्टों की जाँच करती है और सरकार के खर्चों का लेखा-जोखा देखती है)।
- PAC के सदस्यों का चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व के माध्यम से किया जाता है, और इसके अध्यक्ष को विपक्ष से चुना जाता है (परंपरा)।
- अत: सही विकल्प – 7।
निम्नलिखित में से कौन-सा अनुच्छेद संसद से संबंधित संवैधानिक प्रावधानों के साथ सही सुमेलित नहीं है?
- अनुच्छेद 93 —- लोक सभा का अध्यक्ष और उपाध्यक्ष
- अनुच्छेद 99 — काउंसिल ऑफ स्टेट्स/राज्यसभा की संरचना
- अनुच्छेद 89 —- राज्यसभा का सभापति और उपसभापति
- अनुच्छेद 105 — संसद के सदनों की शक्तियाँ और विशेषाधिकार
Explanation:
- अनुच्छेद 99 – संसद के सदस्यों द्वारा ली जाने वाली शपथ या प्रतिज्ञान (Oath or affirmation) से संबंधित है, न कि राज्यसभा की संरचना से।
- राज्यसभा की संरचना – अनुच्छेद 80 से संबंधित है (राज्यों और UT से सीटों का आवंटन, मनोनीत सदस्य आदि)।
- अन्य सुमेलन सही हैं: 93 – लोकसभा अध्यक्ष/उपाध्यक्ष, 89 – राज्यसभा सभापति/उपसभापति, 105 – संसद की शक्तियाँ और विशेषाधिकार।
- अतः यह युग्म सही सुमेलित नहीं है – अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 99 — काउंसिल ऑफ स्टेट्स/राज्यसभा की संरचना।
निम्नलिखित में से कौन भारत के कार्यवाहक प्रधान मंत्री दो बार बने?
- गुलजारी लाल नंदा
- मोरारजी देसाई
- इंदिरा गांधी
- चरण सिंह
Explanation:
- गुलजारी लाल नंदा भारत के कार्यवाहक प्रधानमंत्री दो बार बने – 1964 में (जवाहरलाल नेहरू की मृत्यु के बाद, 27 मई – 9 जून 1964) और 1966 में (लाल बहादुर शास्त्री की मृत्यु के बाद, 11-24 जनवरी 1966) – जब तक नए प्रधानमंत्री का चुनाव नहीं हो जाता था।
- वे गृह मंत्री थे और उन्हें ‘श्रमिकों के नेता’ के रूप में भी जाना जाता था।
- मोरारजी देसाई, इंदिरा गांधी, चरण सिंह – सभी पूर्णकालिक प्रधानमंत्री रहे (कार्यवाहक नहीं) – गुलजारी लाल नंदा ही एकमात्र ऐसे व्यक्ति हैं जो कार्यवाहक प्रधानमंत्री दो बार बने।
- अत: सही विकल्प – गुलजारी लाल नंदा।
निम्नलिखित में से किसने भारत का राष्ट्रीय गीत की रचना की थी?
- बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय
- श्री अरविंदो
- रवींद्रनाथ टैगोर
- सरोजिनी नायडू
Explanation:
- भारत का राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम” है, जिसकी रचना बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने 1882 में अपने उपन्यास ‘आनंदमठ’ में की थी – इसे 24 जनवरी 1950 को भारत की संविधान सभा द्वारा राष्ट्रीय गीत के रूप में अपनाया गया (जन गण मन – राष्ट्रीय गान, रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा रचित)।
- रवींद्रनाथ टैगोर – राष्ट्रीय गान (“जन गण मन”) के रचयिता, बंकिम – राष्ट्रीय गीत के रचयिता।
- अत: सही विकल्प – बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय।
किसी भी विधेयक को धन विधेयक घोषित करने का निर्णय _______ लेता है।
- भारत के राष्ट्रपति
- राज्यसभा के सभापति
- लोकसभा के अध्यक्ष
- भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर
Explanation:
- अनुच्छेद 110 के अनुसार, यह निर्णय कि कोई विधेयक धन विधेयक (Money Bill) है या नहीं, लोकसभा के अध्यक्ष (Speaker) द्वारा लिया जाता है – अध्यक्ष का यह निर्णय अंतिम (final) होता है (अनुच्छेद 110(3): “यदि किसी विधेयक के विषय में प्रश्न उठता है कि वह धन विधेयक है या नहीं, तो लोकसभा के अध्यक्ष का इस संबंध में निर्णय अंतिम होगा”)।
- धन विधेयक केवल लोकसभा में पेश किया जा सकता है (अनुच्छेद 109), और राज्यसभा इसे केवल 14 दिनों के लिए रोक सकती है।
- अत: सही विकल्प – लोकसभा के अध्यक्ष।
अनुच्छेद 371A के अंतर्गत किस राज्य को विशेष दर्जा प्राप्त है?
- गोवा
- जम्मू और कश्मीर
- नागालैंड
- पुदुचेरी
Explanation:
- अनुच्छेद 371A नागालैंड को विशेष दर्जा प्रदान करता है – यह 13वें संशोधन (1962) के तहत जोड़ा गया, जब नागालैंड राज्य बना – इसके तहत, नागालैंड के धार्मिक और सामाजिक रीति-रिवाजों, भूमि और संसाधनों के स्वामित्व तथा स्थानीय प्रशासन पर राज्य विधानमंडल का विशेष नियंत्रण होता है (और संसद के कानून नागालैंड पर तभी लागू होते हैं जब राज्य विधानमंडल द्वारा सहमति दी जाए – कुछ विषयों को छोड़कर)।
- जम्मू-कश्मीर – अनुच्छेद 370 (अब 2019 में समाप्त), गोवा – अनुच्छेद 371 (नहीं), पुदुचेरी – UT है, राज्य नहीं।
- अत: सही विकल्प – नागालैंड।
2019 के नागरिकता संशोधन अधिनियम के अनुसार, वे व्यक्ति जो _______ को या उससे पहले भारत में प्रवेश किए थे और पाकिस्तान, अफगानिस्तान या बांग्लादेश से हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी या ईसाई समुदाय से संबंधित हैं, नागरिकता के लिए पात्र हैं।
- 31 दिसंबर 2017
- 31 दिसंबर 2016
- 31 दिसंबर 2014
- 31 दिसंबर 2015
Explanation:
- नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA), 2019 के अनुसार, वे व्यक्ति जो 31 दिसंबर 2014 को या उससे पहले भारत में प्रवेश किए थे और पाकिस्तान, अफगानिस्तान या बांग्लादेश से हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी या ईसाई समुदाय से संबंधित हैं, नागरिकता के लिए पात्र हैं (नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 6B के अनुसार)।
- यह अधिनियम इन अल्पसंख्यकों को नागरिकता प्रदान करने की प्रक्रिया को 5 वर्ष के निवास से घटाकर 6 वर्ष (हालाँकि 5 वर्ष का निवास शर्त है, पर 31 दिसंबर 2014 की कट-ऑफ तिथि) सरल बनाता है।
- अत: सही विकल्प – 31 दिसंबर 2014।
भारत के महान्यायवादी देश के सर्वोच्च विधि अधिकारी हैं जिनकी नियुक्ति किसके द्वारा की जाती है?
- उच्चतम न्यायालय के सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश
- भारत के राष्ट्रपति
- भारत के प्रधानमंत्री
- भारत के मुख्य न्यायाधीश
Explanation:
- अनुच्छेद 76 के अनुसार, भारत के महान्यायवादी (Attorney General of India) देश के सर्वोच्च विधि अधिकारी हैं – उनकी नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है (वह व्यक्ति उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश बनने की योग्यता रखता हो)।
- महान्यायवादी राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करते हैं, और उनका मुख्य कार्य केंद्र सरकार को कानूनी सलाह देना और सरकार की ओर से मामलों में पैरवी करना है।
- वे संसद के दोनों सदनों में बोल सकते हैं और उनकी कार्यवाही में भाग ले सकते हैं (पर मतदान नहीं कर सकते) – अनुच्छेद 88।
- अत: सही विकल्प – भारत के राष्ट्रपति।
निम्नलिखित में से कौन-सा, आधिकारिक रूप से किसी भी विधान की संवैधानिक वैधता निर्धारित करता है?
- भारत की संसद, एक विशेष प्रस्ताव के माध्यम से
- भारत का सर्वोच्च न्यायालय, न्यायिक समीक्षा के माध्यम से
- भारत के राष्ट्रपति, संवैधानिक विवेकाधिकार के माध्यम से
- केन्द्रीय मंत्रि मंडल, कार्यकारी निर्वचन के माध्यम से
Explanation:
- सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) के माध्यम से किसी भी विधान (कानून) की संवैधानिक वैधता (constitutional validity) निर्धारित करता है – यह शक्ति अनुच्छेद 32 (मौलिक अधिकारों के लिए) और अनुच्छेद 13 (संविधान के विरुद्ध कानूनों को अमान्य करने) के तहत आती है।
- संसद कानून बनाती है, पर वह स्वयं अपनी वैधता निर्धारित नहीं कर सकती – यह न्यायपालिका का कार्य है।
- राष्ट्रपति और मंत्रिमंडल विधान पारित नहीं करते (राष्ट्रपति विधेयक को सहमति देता है, पर वैधता की जाँच नहीं करता)।
- अत: सही विकल्प – भारत का सर्वोच्च न्यायालय, न्यायिक समीक्षा के माध्यम से।
राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक, 2025, निम्नलिखित में से किस उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए प्रस्तुत किया गया था?
- खेल निकायों को मान्यता देने और उन्हें विनियमित करने के लिए नियम स्थापित करने के लिए
- विद्यालयों में शारीरिक और खेल शिक्षा में सुधार करने के लिए
- राष्ट्रीय स्तर पर टैलेंट हंट प्रोग्राम को शुरू करने के लिए
- ओलंपिक खेलों के लिए बजट आवंटन को बढ़ाने के लिए
Explanation:
- राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक, 2025 (National Sports Governance Bill) को खेल निकायों (sports bodies) को मान्यता (recognition) देने और उन्हें विनियमित (regulate) करने के लिए नियम स्थापित करने के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है – यह पारदर्शिता, प्रशासनिक सुधार, और खेल संघों में शासन सुधार पर केंद्रित है (जैसे – भारतीय ओलंपिक संघ, राष्ट्रीय खेल महासंघ आदि)।
- यह विद्यालय शिक्षा, टैलेंट हंट, या बजट आवंटन से सीधे संबंधित नहीं है – यह मुख्यतः प्रशासनिक विनियमन पर केंद्रित है।
- अत: सही विकल्प – खेल निकायों को मान्यता देने और उन्हें विनियमित करने के लिए नियम स्थापित करने के लिए।
निम्नलिखित मौलिक कर्तव्यों में से कौन-सा, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण और संवर्धन से गलत संबंधित है?
- सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना और हिंसा को छोड़ना
- हमारी समासिक संस्कृति की समृद्ध विरासत को महत्व देना और संरक्षित करना
- वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानवतावाद और जिज्ञासा एवं सुधार की भावना को विकसित करना
- व्यक्तिगत और सामूहिक गतिविधियों के सभी क्षेत्रों में उत्कृष्टता के लिए प्रयास करना
Explanation:
- मौलिक कर्तव्य (अनुच्छेद 51A) के तहत, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण/संवर्धन से संबंधित कर्तव्य हैं – (h) वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना, (i) सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करना, (j) उत्कृष्टता के लिए प्रयास करना।
- ‘सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना और हिंसा को छोड़ना’ (k) एक अलग मौलिक कर्तव्य है (51A(j) और (i) के अंतर्गत नहीं) – यह वैज्ञानिक/सांस्कृतिक मूल्यों से संबंधित नहीं है (यह सार्वजनिक संपत्ति और अहिंसा से जुड़ा है, जो 42वें संशोधन के मूल 10 कर्तव्यों में शामिल था, पर यह ‘सांस्कृतिक/वैज्ञानिक’ नहीं है)।
- अत: यह विकल्प गलत संबंधित है – सही उत्तर सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना और हिंसा को छोड़ना।
42वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा भारतीय संविधान में निम्नलिखित में से कौन-सा परिवर्तन किया गया था?
- भूमि सीमा कानूनों का राष्ट्रीयकरण करना
- अनुच्छेद 51A के अंतर्गत मौलिक कर्तव्यों को शामिल करना
- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 में निजता का अधिकार सम्मिलित करना
- लोकसभा सीटों की संख्या 525 से बढ़ा कर 545 करना
Explanation:
- 42वाँ संविधान संशोधन (1976) (जिसे ‘मिनी-संविधान’ कहा जाता है) ने अनुच्छेद 51A के तहत मौलिक कर्तव्य (Fundamental Duties) जोड़े (10 कर्तव्य – बाद में 86वें संशोधन द्वारा एक और जोड़ा गया)।
- इसके अलावा, उद्देशिका में ‘समाजवादी’, ‘धर्मनिरपेक्ष’ और ‘अखंडता’ शब्द जोड़े, अनुच्छेद 31C का विस्तार, न्यायिक समीक्षा पर प्रतिबंध, संसद की अवधि 5 से 6 वर्ष (बाद में 44वें संशोधन द्वारा 5 वर्ष की गई) आदि परिवर्तन किए।
- निजता का अधिकार – 2018 में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अनुच्छेद 21 के अंतर्गत माना गया (42वें संशोधन में नहीं जोड़ा गया)।
- लोकसभा सीटें – 31वें संशोधन (1973) द्वारा 545 की गईं, 42वें संशोधन ने 1980 तक की जनगणना के आधार पर सीटें बढ़ाने का प्रावधान किया, पर सीटें 545 ही रहीं।
- भूमि सीमा कानूनों का राष्ट्रीयकरण – 42वें संशोधन में नहीं (यह 1976 में नहीं हुआ)।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 51A के अंतर्गत मौलिक कर्तव्यों को शामिल करना।
74वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 1992 ने संविधान की बारहवीं अनुसूची के अंतर्गत नगरपालिकाओं को _______ कार्यात्मक डोमेन सौंपे।
- 18
- 10
- 9
- 20
Explanation:
- 74वाँ संविधान संशोधन (1992) ने बारहवीं अनुसूची (12th Schedule) जोड़ी, जो नगरपालिकाओं (शहरी स्थानीय निकायों) को 18 कार्यात्मक डोमेन (विषय) सौंपती है – जैसे शहरी नियोजन, जलापूर्ति, स्वच्छता, सड़कें, पार्क, अग्निशमन, आवास, सामाजिक कल्याण, जन्म-मृत्यु पंजीकरण, कब्रिस्तान, सड़क प्रकाश, बाजार, सार्वजनिक स्वास्थ्य आदि।
- इसके विपरीत, 11वीं अनुसूची (73वाँ संशोधन) पंचायतों को 29 कार्य प्रदान करती है।
- अत: सही विकल्प – 18।
भारतीय संविधान का निम्नलिखित में से कौन-सा अनुच्छेद, नगरपालिकाओं को वित्तीय शक्तियां प्रदान करता है?
- अनुच्छेद 243P
- अनुच्छेद 243ZB
- अनुच्छेद 243U
- अनुच्छेद 243X
Explanation:
- अनुच्छेद 243X (74वें संशोधन द्वारा जोड़ा गया) – नगरपालिकाओं को वित्तीय शक्तियाँ प्रदान करता है – राज्य विधानमंडल करों, शुल्कों, टोलों आदि को लागू करने के लिए विधि बना सकता है, और नगरपालिकाओं को ये कर/शुल्क लगाने, एकत्रित करने और आवंटित करने की शक्तियाँ दी जाती हैं।
- अनुच्छेद 243P – परिभाषाएँ, 243U – नगरपालिकाओं की अवधि, 243ZB – जनजातीय क्षेत्रों में अनुप्रयोग।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 243X।
भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद को 73वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 1992 के माध्यम से व्यावहारिक प्रभाव दिया गया था, जिससे भारत में पंचायती राज प्रणाली की स्थापना हुई?
- अनुच्छेद 38
- अनुच्छेद 40
- अनुच्छेद 56
- अनुच्छेद 48
Explanation:
- 73वाँ संविधान संशोधन (1992) ने अनुच्छेद 40 (DPSP – ग्राम पंचायतों का संगठन) को व्यावहारिक प्रभाव दिया – इस संशोधन ने भाग IX (अनुच्छेद 243-243O) जोड़ा, जिससे पंचायती राज प्रणाली को संवैधानिक दर्जा प्राप्त हुआ (इससे पहले, अनुच्छेद 40 केवल एक DPSP था, जो राज्य को पंचायतें बनाने के लिए प्रेरित करता था, पर बाध्य नहीं करता था)।
- अनुच्छेद 38 – सामाजिक व्यवस्था, 56 – राष्ट्रपति की अवधि, 48 – कृषि/पशुपालन का संगठन।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 40।
संविधान के उल्लंघन के कारण राष्ट्रपति पर महाभियोग का आरोप _____________ द्वारा लगाया जा सकता है।
- केवल लोकसभा
- केवल राज्यसभा
- संसद के किसी भी सदन
- केवल लोकसभा अध्यक्ष
Explanation:
- अनुच्छेद 61(1) के अनुसार, राष्ट्रपति पर महाभियोग (impeachment) का आरोप संसद के किसी भी सदन (लोकसभा या राज्यसभा) द्वारा लगाया जा सकता है – इसमें आरोप संविधान के उल्लंघन का विशिष्ट उल्लेख होना चाहिए, और उसे सदन के कुल सदस्यों के 1/4 सदस्यों के हस्ताक्षर और 14 दिन की अग्रिम सूचना की आवश्यकता होती है।
- महाभियोग प्रस्ताव को उस सदन में 2/3 बहुमत से पारित किया जाता है, फिर दूसरे सदन में भेजा जाता है, जहाँ यह जाँच करता है।
- अत: सही विकल्प – संसद के किसी भी सदन।
भारत में निम्नलिखित में से किस आयोग ने ‘सूचना का अधिकार: सुशासन की मास्टर कुंजी (Right to Information: Master Key to Good Governance)’ शीर्षक से एक रिपोर्ट प्रस्तुत की है?
- प्रशासनिक सुधार आयोग (ARC) – 1
- सरकारिया आयोग
- पुंछी आयोग
- प्रशासनिक सुधार आयोग (ARC) – 2
Explanation:
- प्रथम प्रशासनिक सुधार आयोग (ARC – 1) (1966-1970) ने “सूचना का अधिकार: सुशासन की मास्टर कुंजी” (Right to Information: Master Key to Good Governance) शीर्षक से एक रिपोर्ट प्रस्तुत की थी, जिसने RTI अधिनियम, 2005 के निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया।
- ARC-1 की अध्यक्षता मोरारजी देसाई (बाद में के. हनुमंतैया) ने की थी।
- द्वितीय ARC (2005-2009) ने भी सूचना के अधिकार पर रिपोर्ट दी, पर यह शीर्षक प्रथम ARC की रिपोर्ट से संबंधित है।
- सरकारिया आयोग – केंद्र-राज्य संबंध (1983), पुंछी आयोग – सरकारी सेवाओं के पुनर्गठन (1954)।
- अत: सही विकल्प – प्रशासनिक सुधार आयोग (ARC) – 1।
निम्नलिखित में से कौन-सा डॉक्यूमेंट सुशासन से संबंधित नहीं है?
- राष्ट्रीय वन नीति, 1988
- नागरिक चार्टर
- द्वितीय प्रशासनिक सुधार आयोग
- सेवोत्तम मॉडल
Explanation:
- सुशासन (Good Governance) से संबंधित दस्तावेज/मॉडल हैं – नागरिक चार्टर (Citizen’s Charter) (सेवा मानक, पारदर्शिता), द्वितीय प्रशासनिक सुधार आयोग (ARC-2) (सुशासन पर रिपोर्ट), और सेवोत्तम मॉडल (Sevottam Model) (सेवा वितरण सुधार हेतु एक मॉडल)।
- राष्ट्रीय वन नीति, 1988 – यह वन संरक्षण, पर्यावरण और पारिस्थितिकी से संबंधित है, सुशासन से नहीं (हालाँकि इसके कार्यान्वयन में सुशासन की आवश्यकता है, पर स्वयं यह सुशासन दस्तावेज नहीं है)।
- अत: सही विकल्प – राष्ट्रीय वन नीति, 1988।
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के संबंध में गलत है?
- केन्द्रीय सूचना आयोग एक संवैधानिक निकाय है।
- इसमें राष्ट्रपति और सर्वोच्च न्यायालय सहित सभी संवैधानिक प्राधिकरण शामिल हैं।
- सरकार द्वारा वित्तपोषित सभी गैर-सरकारी संगठन (NGO) सूचना का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत आते हैं।
- अधिनियम यह आदेश देता है कि सामान्य मामलों में अनुरोध के 30 दिनों के भीतर सूचना प्रदान की जानी चाहिए।
Explanation:
- केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) एक सांविधिक निकाय (statutory body) है, जो RTI अधिनियम, 2005 के तहत स्थापित किया गया है – संवैधानिक निकाय नहीं (जैसे CAG, UPSC संवैधानिक निकाय हैं – पर CIC नहीं है) – अतः यह कथन गलत है।
- RTI अधिनियम की धारा 2(e) के अनुसार, इसमें राष्ट्रपति, सर्वोच्च न्यायालय, उच्च न्यायालय सहित सभी संवैधानिक प्राधिकरण शामिल हैं – यह सही है।
- सरकार द्वारा वित्तपोषित NGO भी इसके दायरे में आते हैं (धारा 2(h)) – सही है।
- सामान्य अनुरोधों के लिए 30 दिन की समय-सीमा निर्धारित है (धारा 7(1)) – सही है।
- अत: सही विकल्प – केन्द्रीय सूचना आयोग एक संवैधानिक निकाय है।
निम्नलिखित में से कौन-सी सूचना, RTI अधिनियम, 2005 के अंतर्गत सूचना के प्रकटीकरण से छूट का आधार नहीं है?
- संसद के विशेषाधिकार का उल्लंघन
- विचार-विमर्श के रिकॉर्ड सहित कैबिनेट के कागजात
- भारत की संप्रभुता और अखंडता
- जनहित
Explanation:
- RTI अधिनियम, 2005 की धारा 8 सूचना प्रकटीकरण से छूट की शर्तों को सूचीबद्ध करती है, जिसमें जनहित (public interest) शामिल नहीं है – वास्तव में, RTI अधिनियम का उद्देश्य ही जनहित में पारदर्शिता और सूचना के प्रवाह को बढ़ावा देना है।
- छूट की श्रेणियों में संप्रभुता, कैबिनेट पेपर्स, संसदीय विशेषाधिकार, सुरक्षा, व्यापारिक गोपनीयता, व्यक्तिगत गोपनीयता आदि शामिल हैं (धारा 8(1)(a) से (j)) – पर जनहित (धारा 8(2) के तहत अपवाद है – यदि सार्वजनिक हित में प्रकटीकरण आवश्यक है, तो सूचना देने से इंकार नहीं किया जा सकता, भले ही वह छूट की श्रेणी में आती हो – पर जनहित स्वयं छूट का आधार नहीं है, बल्कि एक अपवाद है)।
- अत: सही विकल्प – जनहित।
भारतीय संविधान के निम्नलिखित में से किस अनुच्छेद में मौलिक कर्तव्य शामिल है?
- अनुच्छेद 51A
- अनुच्छेद 31A
- अनुच्छेद 61A
- अनुच्छेद 41A
Explanation:
- अनुच्छेद 51A – मौलिक कर्तव्य (Fundamental Duties) का प्रावधान करता है, जो 42वें संशोधन (1976) द्वारा जोड़ा गया, और 86वें संशोधन (2002) द्वारा एक और कर्तव्य (51A(k)) जोड़ा गया – वर्तमान में 11 मौलिक कर्तव्य हैं।
- अनुच्छेद 31A – भूमि सुधार कानूनों की सुरक्षा, 61A – (नहीं है), 41A – नहीं (अनुच्छेद 41 कार्य/शिक्षा/सहायता का अधिकार है, पर 41A नहीं)।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 51A।
भारतीय संविधान के अनुच्छेद _________ के अनुसार, संविधान (69वाँ संशोधन) अधिनियम, 1991 के लागू होने की तिथि से दिल्ली केंद्र शासित प्रदेश को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली कहा जाएगा।
- 239AC
- 239AD
- 239AB
- 239AA
Explanation:
- अनुच्छेद 239AA – 69वें संविधान संशोधन (1991) द्वारा जोड़ा गया – इसने दिल्ली केंद्र शासित प्रदेश को “राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली” (NCT of Delhi) नाम दिया और इसे विधानमंडल और मुख्यमंत्री के साथ एक विशेष दर्जा प्रदान किया।
- अनुच्छेद 239AB – दिल्ली में राष्ट्रपति शासन, 239AD – विधानमंडल की शक्तियाँ, 239AC – (लागू नहीं)।
- अत: सही विकल्प – 239AA।
भारतीय संविधान के निम्नलिखित में से किसके अनुसार, संसद कानून बना कर, किसी केंद्र शासित प्रदेश के लिए हाई कोर्ट बना सकती है।
- अनुच्छेद 239
- अनुच्छेद 238
- अनुच्छेद 240
- अनुच्छेद 241
Explanation:
- अनुच्छेद 241 – संसद को कानून बनाकर किसी केंद्र शासित प्रदेश (UT) के लिए हाई कोर्ट स्थापित करने का अधिकार देता है – यह किसी UT के लिए हाई कोर्ट बना सकती है या किसी मौजूदा हाई कोर्ट के अधिकार क्षेत्र को उस UT तक विस्तारित कर सकती है।
- अनुच्छेद 239 – UT का प्रशासन, 238 – (निरस्त), 240 – राष्ट्रपति की UT के लिए विनियम बनाने की शक्ति।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 241।
निम्नलिखित में से कौन भारत के संविधान के अनुच्छेद 316 के तहत राज्य लोक सेवा आयोग (SPSC) के सदस्यों की नियुक्ति करता है?
- भारत के राष्ट्रपति
- उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश
- भारत के प्रधानमंत्री
- राज्य के राज्यपाल
Explanation:
- अनुच्छेद 316 के अनुसार, राज्य लोक सेवा आयोग (State Public Service Commission – SPSC) के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति राज्य के राज्यपाल द्वारा की जाती है।
- संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा होती है।
- राज्यपाल, राज्य लोक सेवा आयोग के सदस्यों को नियुक्त करते समय, विधि (संविधान) के अनुसार कार्य करता है, और उन्हें 6 वर्ष की अवधि के लिए नियुक्त किया जाता है।
- अत: सही विकल्प – राज्य के राज्यपाल।
1976 में, मूल रूप से भारतीय संविधान में कितने मौलिक कर्तव्य जोड़े गए थे?
- 8
- 10
- 9
- 12
Explanation:
- 42वाँ संविधान संशोधन (1976) ने 10 मौलिक कर्तव्य (अनुच्छेद 51A के तहत) जोड़े – जो सोवियत संघ के संविधान से प्रेरित थे।
- बाद में, 86वें संशोधन (2002) ने एक 11वाँ मौलिक कर्तव्य (k) जोड़ा – “6-14 वर्ष के बच्चों को शिक्षा के अवसर प्रदान करना”।
- अत: 1976 में मूल रूप से 10 कर्तव्य जोड़े गए – सही विकल्प 10।
कौन-सा अनुच्छेद, राष्ट्रपति को किसी राज्य में राष्ट्रपति शासन की अनुशंसा करने का अधिकार देता है?
- अनुच्छेद 356
- अनुच्छेद 353
- अनुच्छेद 245
- अनुच्छेद 360
Explanation:
- अनुच्छेद 356 – राष्ट्रपति शासन (President’s Rule) से संबंधित है – यदि राज्य में संवैधानिक तंत्र विफल हो जाता है, तो राष्ट्रपति राज्यपाल की रिपोर्ट (या स्वयं) के आधार पर राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू कर सकता है (अनुच्छेद 356(1)) – यह अनुच्छेद राष्ट्रपति को राज्य में राष्ट्रपति शासन की अनुशंसा/घोषणा करने का अधिकार देता है।
- अनुच्छेद 353 – आपातकाल के दौरान केंद्र की शक्तियाँ, 245 – संसद की विधायी शक्ति, 360 – वित्तीय आपातकाल।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 356।
भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद में राज्यपाल की अध्यादेश जारी करने की शक्ति का उल्लेख है?
- 112
- 199
- 123
- 213
Explanation:
- अनुच्छेद 213 – राज्यपाल को अध्यादेश (ordinance) जारी करने की शक्ति देता है, जब राज्य विधानमंडल (विधानसभा/विधान परिषद) सत्र में न हो, और राज्यपाल को ऐसी परिस्थितियाँ दिखें जिनमें तत्काल कार्यवाही आवश्यक हो – यह अध्यादेश राष्ट्रपति की पूर्व स्वीकृति के बिना जारी नहीं किया जा सकता (कुछ मामलों में) और इसे विधानमंडल के पुनः सत्र आरंभ होने पर 6 सप्ताह के भीतर अनुमोदित करना होता है।
- अनुच्छेद 123 – राष्ट्रपति की अध्यादेश शक्ति, 112 – वार्षिक वित्तीय विवरण (बजट), 199 – धन विधेयक की परिभाषा।
- अत: सही विकल्प – 213।
भारत में सार्वजनिक उपक्रम समिति (COPU) के अध्यक्ष की नियुक्ति कौन करता है?
- प्रधानमंत्री
- भारत के राष्ट्रपति
- भारत के मुख्य न्यायाधीश
- लोकसभा अध्यक्ष
Explanation:
- सार्वजनिक उपक्रम समिति (Committee on Public Undertakings – COPU) – एक संसदीय समिति है, जो सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) के कामकाज की जाँच करती है – इसके अध्यक्ष की नियुक्ति लोकसभा अध्यक्ष (Speaker of Lok Sabha) द्वारा की जाती है (समिति में 22 सदस्य होते हैं – 15 लोकसभा, 7 राज्यसभा से, और अध्यक्ष लोकसभा अध्यक्ष द्वारा नियुक्त किया जाता है – जो राज्यसभा से नहीं होता, बल्कि लोकसभा सदस्यों में से)।
- यह समिति CAG की रिपोर्टों के आधार पर PSUs के वित्तीय और प्रशासनिक प्रदर्शन की समीक्षा करती है।
- अत: सही विकल्प – लोकसभा अध्यक्ष।
निम्नलिखित में से किस ब्रिटिश भारत सरकार के कानून ने कलकत्ता में सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना का प्रावधान किया, जिसमें एक मुख्य न्यायाधीश और तीन अन्य न्यायाधीश शामिल थे?
- 1781 का संशोधन अधिनियम
- 1773 का विनियमन अधिनियम
- 1784 का पिट का भारत अधिनियम
- 1793 का चार्टर अधिनियम
Explanation:
- 1773 का रेगुलेटिंग अधिनियम (Regulating Act) ने 1774 में कलकत्ता में सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) की स्थापना का प्रावधान किया – इसमें एक मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice) और तीन पुइस्ने न्यायाधीश (puisne judges) थे, जो ब्रिटिश क्राउन द्वारा नियुक्त होते थे।
- 1781 का संशोधन – न्यायालय की अधिकारिता को सीमित करना, 1784 – पिट्स अधिनियम (द्वैध शासन), 1793 – चार्टर अधिनियम (कंपनी के चार्टर का नवीनीकरण)।
- अत: सही विकल्प – 1773 का विनियमन अधिनियम।
निम्नलिखित में से किस ब्रिटिश भारतीय सरकारी कानून ने पहली बार ‘प्रांतीय बजट’ को ‘केन्द्रीय बजट’ से पृथक किया तथा प्रांतीय विधानमंडलों को अपना बजट बनाने का अधिकार दिया?
- 1935 का भारत सरकार अधिनियम
- 1892 का भारतीय परिषद अधिनियम
- 1909 का भारतीय परिषद अधिनियम
- 1919 का भारत सरकार अधिनियम
Explanation:
- भारत सरकार अधिनियम, 1919 (मोंटेग्यू-चेम्सफोर्ड) ने पहली बार ‘प्रांतीय बजट’ को ‘केन्द्रीय बजट’ से पृथक किया और प्रांतीय विधानमंडलों को अपना बजट बनाने का अधिकार दिया – यह विकेंद्रीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था।
- 1935 का अधिनियम – प्रांतीय स्वायत्तता (पूर्ण जिम्मेदार सरकार), 1892 – विधान परिषदों का विस्तार, 1909 – पृथक निर्वाचन मंडल।
- अत: सही विकल्प – 1919 का भारत सरकार अधिनियम।
निम्नलिखित में से किस ब्रिटिश भारतीय सरकारी कानून द्वारा द्वैध शासन के स्थान पर प्रांतों में प्रांतीय स्वायत्तता शुरू की गई थी?
- 1909 का भारतीय परिषद अधिनियम
- 1935 का भारत सरकार अधिनियम
- 1892 का भारतीय परिषद अधिनियम
- 1919 का भारत सरकार अधिनियम
Explanation:
- भारत सरकार अधिनियम, 1935 ने द्वैध शासन (Dyarchy) (जो 1919 में शुरू हुआ था) के स्थान पर प्रांतों में प्रांतीय स्वायत्तता (Provincial Autonomy) की शुरुआत की – इसके तहत प्रांतों को अपने विषयों पर पूर्ण जिम्मेदार सरकार (जिम्मेदार मंत्रियों के साथ) मिली, और गवर्नर का कार्य सलाहकार हो गया (मंत्रियों के अधीन)।
- 1919 में द्वैध शासन (आरक्षित/स्थानांतरित सूचियाँ) शुरू हुआ था, 1935 ने इसे समाप्त कर प्रांतीय स्वायत्तता दी (हालाँकि केंद्र में अभी भी द्वैध शासन था, पर प्रांतों में स्वायत्तता थी)।
- 1909 और 1892 – विधान परिषदों के विस्तार से संबंधित।
- अत: सही विकल्प – 1935 का भारत सरकार अधिनियम।
निम्नलिखित में से कौन-सा निर्देशक सिद्धांत, 1976 के 42वें संशोधन अधिनियम के भाग के रूप में भारतीय संविधान में शामिल नहीं किया गया था?
- अनुच्छेद 48A: पर्यावरण संरक्षण और सुधार करना तथा वनों और वन्यजीवों की रक्षा करना।
- अनुच्छेद 39A: समान न्याय को बढ़ावा देना और गरीबों को निःशुल्क कानूनी सहायता प्रदान करना।
- अनुच्छेद 38: राज्य आय, स्थिति, सुविधाओं और अवसरों में असमानताओं को कम करेगा।
- अनुच्छेद 39: बच्चों के स्वस्थ विकास के अवसरों को सुरक्षित करना।
Explanation:
- 42वाँ संविधान संशोधन (1976) ने DPSP में अनुच्छेद 48A (पर्यावरण), अनुच्छेद 39A (समान न्याय/निःशुल्क कानूनी सहायता), और अनुच्छेद 43A (श्रमिक भागीदारी) जोड़े – पर अनुच्छेद 38 (जो सामाजिक व्यवस्था से संबंधित है) मूल संविधान में ही था (यह 42वें संशोधन में नहीं जोड़ा गया – यह एक DPSP है जो संविधान के प्रारंभ से अनुच्छेद 38 के रूप में था, हालाँकि इसके उपबंधों में संशोधन (जैसे 38(2)) 44वें संशोधन द्वारा जोड़ा गया, पर 1976 में यह नहीं जोड़ा गया था – अनुच्छेद 38 मूल था)।
- अनुच्छेद 39 (बच्चों के स्वस्थ विकास) – यह भी मूल संविधान का हिस्सा था (42वें संशोधन में नहीं जोड़ा गया) – पर प्रश्न के अनुसार “1976 के 42वें संशोधन के भाग के रूप में शामिल नहीं किया गया” – अनुच्छेद 38 और 39 दोनों मूल थे, पर विकल्पों में अनुच्छेद 38 को ‘शामिल नहीं’ किया गया है (हालाँकि 39 भी नहीं जोड़ा गया था, पर विकल्पों में 38 को सही उत्तर के रूप में रखा गया है – क्योंकि 42वें संशोधन ने अनुच्छेद 38 में संशोधन नहीं किया, जबकि 39 में बाल विकास का उपबंध मूल था, पर प्रश्न में ‘शामिल नहीं’ के लिए अनुच्छेद 38 अधिक उपयुक्त है, क्योंकि 48A, 39A, 43A नए जोड़े गए थे, जबकि 38 मूल था, और 39 भी मूल था – पर प्रश्न के उत्तर के अनुसार अनुच्छेद 38 ही उत्तर है – यह 42वें संशोधन में शामिल नहीं किया गया था (हालाँकि बाद में 44वें संशोधन द्वारा 38(2) जोड़ा गया, पर 1976 में नहीं)।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 38।
“छह से चौदह वर्ष तक की आयु वाले अपने बच्चों या प्रतिपाल्य के लिए शिक्षा के अवसर प्रदान करना”, को निम्नलिखित में से किस संशोधन के माध्यम से भारतीय संविधान में 11वें मौलिक कर्तव्य के रूप में जोड़ा गया?
- 42वां संविधान संशोधन अधिनियम, 1976
- 61वां संविधान संशोधन अधिनियम, 1988
- 44वां संविधान संशोधन अधिनियम, 1978
- 86वां संविधान संशोधन अधिनियम, 2002
Explanation:
- 86वाँ संविधान संशोधन (2002) ने अनुच्छेद 51A में 11वाँ मौलिक कर्तव्य (k) जोड़ा – “छह से चौदह वर्ष की आयु वाले अपने बच्चों या प्रतिपाल्य के लिए शिक्षा के अवसर प्रदान करना” (माता-पिता/अभिभावक का कर्तव्य)।
- 42वाँ (1976) – मूल 10 कर्तव्य जोड़े, 44वाँ (1978) – आपातकाल के दौरान किए गए कुछ परिवर्तनों को रद्द किया, 61वाँ (1988) – मतदान की आयु 21 से 18 वर्ष की।
- अत: सही विकल्प – 86वां संविधान संशोधन अधिनियम, 2002।
भारतीय संविधान में निम्नलिखित में से किस संशोधन को वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू करने के लिए देश की कराधान प्रणाली में एक प्रमुख उपलब्धि माना जाता है?
- 97वां संशोधन, 2011
- 101वां संशोधन, 2016
- 100वां संशोधन, 2015
- 86वां संशोधन, 2002
Explanation:
- 101वाँ संविधान संशोधन (2016) – GST (वस्तु एवं सेवा कर) लागू करने के लिए देश की कराधान प्रणाली में एक प्रमुख उपलब्धि है – इसने अनुच्छेद 246A जोड़ा (संसद और राज्यों को GST पर कानून बनाने की शक्ति), सातवीं अनुसूची में संशोधन किया, और 1 जुलाई 2017 से GST लागू हुआ।
- 97वाँ (2011) – सहकारी समितियाँ, 100वाँ (2015) – बांग्लादेश सीमा समझौता, 86वाँ (2002) – शिक्षा का अधिकार।
- अत: सही विकल्प – 101वां संशोधन, 2016।
विधायी विषयों का संघ, राज्य और समवर्ती सूची में विभाजन भारतीय संविधान की निम्नलिखित में से किस अनुसूची में निहित है?
- सातवीं अनुसूची
- ग्यारहवीं अनुसूची
- नौवीं अनुसूची
- पाँचवीं अनुसूची
Explanation:
- सातवीं अनुसूची (7th Schedule) में संघ सूची (Union List) (100 विषय), राज्य सूची (State List) (61 विषय), और समवर्ती सूची (Concurrent List) (52 विषय) का विभाजन है – यह संघीय व्यवस्था का आधार है।
- ग्यारहवीं – पंचायतों के कार्य (73वां संशोधन), नौवीं – भूमि सुधार कानूनों की सुरक्षा, पाँचवीं – अनुसूचित क्षेत्रों का प्रशासन (SC/ST के लिए)।
- अत: सही विकल्प – सातवीं अनुसूची।
भारतीय संविधान की निम्नलिखित में से किस अनुसूची के अंतर्गत राज्यसभा में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए सीटों का आवंटन किया गया है?
- दसवीं अनुसूची
- छठी अनुसूची
- चौथी अनुसूची
- आठवीं अनुसूची
Explanation:
- चौथी अनुसूची (4th Schedule) – राज्यसभा में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सीटों के आवंटन से संबंधित है – यह प्रत्येक राज्य/UT से निर्वाचित सदस्यों की संख्या निर्दिष्ट करती है (जनसंख्या के अनुपात में)।
- दसवीं – दल-बदल विरोधी कानून (52वाँ संशोधन, 1985), छठी – जनजातीय क्षेत्रों का प्रशासन (असम, मेघालय, त्रिपुरा, मिज़ोरम), आठवीं – 22 आधिकारिक भाषाएँ।
- अत: सही विकल्प – चौथी अनुसूची।
नागरिकता अधिनियम, 1955 के अंतर्गत निम्नलिखित में से कौन-सा, भारतीय नागरिकता प्राप्त करने के वैध तरीकों में से एक नहीं है?
- रजिस्ट्रीकरण द्वारा
- विवाह द्वारा
- जन्म द्वारा
- अवजनन द्वारा
Explanation:
- नागरिकता अधिनियम, 1955 के तहत नागरिकता प्राप्ति के 5 तरीके हैं – (i) जन्म (Birth) – धारा 3, (ii) वंश (Descent/अवजनन) – धारा 4, (iii) पंजीकरण (Registration) – धारा 5, (iv) प्राकृतिकीकरण (Naturalisation) – धारा 6, (v) भू-भाग का विलय (Incorporation of territory) – धारा 7 – इनमें विवाह शामिल नहीं है (हालाँकि विवाह के आधार पर पंजीकरण हो सकता है, पर यह एक अलग तरीका नहीं है – यह पंजीकरण के अंतर्गत आता है, पर विकल्प में ‘विवाह द्वारा’ को एक स्वतंत्र विधि के रूप में नहीं माना जाता)।
- अत: सही विकल्प – विवाह द्वारा।
भारतीय संविधान में सभी के लिए ‘एकल नागरिकता’ का प्रावधान, निम्नलिखित में से किस देश के संविधान से अपनाया गया है?
- अमेरिकी संविधान
- ब्रिटिश संविधान
- ऑस्ट्रेलियाई संविधान
- कनाडा का संविधान
Explanation:
- भारत में ‘एकल नागरिकता’ (Single Citizenship) का प्रावधान ब्रिटिश संविधान से अपनाया गया है (जबकि अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा में दोहरी नागरिकता – संघीय और राज्य – होती है, पर भारत में केवल राष्ट्रीय नागरिकता है)।
- यह प्रावधान भारतीय संघीय व्यवस्था की एक अनूठी विशेषता है (अनुच्छेद 5-11)।
- अत: सही विकल्प – ब्रिटिश संविधान।
भारतीय संविधान के भाग XVIII में अनुच्छेद 352 से 360 तक कितने प्रकार की आपात स्थितियों का प्रावधान किया गया है?
- तीन
- चार
- छह
- पाँच
Explanation:
- भाग XVIII (अनुच्छेद 352-360) में तीन प्रकार की आपात स्थितियाँ (Emergency Provisions) हैं:
- (i) राष्ट्रीय आपातकाल (अनुच्छेद 352) – युद्ध, बाह्य आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह के कारण;
- (ii) राज्यों में राष्ट्रपति शासन (अनुच्छेद 356) – संवैधानिक तंत्र की विफलता के कारण;
- (iii) वित्तीय आपातकाल (अनुच्छेद 360) – वित्तीय स्थिरता के खतरे के कारण।
- अत: सही विकल्प – तीन।
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 352 के अंतर्गत राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा के लिए ‘सशस्त्र विद्रोह’ शब्द को किस संवैधानिक संशोधन द्वारा शामिल किया गया था?
- 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976
- 86वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2002
- 61वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1988
- 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978
Explanation:
- 44वाँ संविधान संशोधन (1978) ने अनुच्छेद 352 में ‘आंतरिक अशांति’ (internal disturbance) की जगह ‘सशस्त्र विद्रोह’ (armed rebellion) शब्द को शामिल किया, ताकि आपातकाल का दुरुपयोग रोका जा सके (1975-77 के आपातकाल के बाद)।
- इसके अलावा, 44वें संशोधन ने राष्ट्रीय आपातकाल के लिए संसदीय अनुमोदन अवधि को 2 महीने से घटाकर 1 महीने किया।
- अत: सही विकल्प – 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978।
भारत में, निम्नलिखित में से किसे संवैधानिक निकाय नहीं माना जाता है?
- राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग
- भारत निर्वाचन आयोग
- संघ लोक सेवा आयोग
- भारतीय वित्त आयोग
Explanation:
- राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) एक सांविधिक निकाय (statutory body) है, जो मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के तहत स्थापित किया गया है – यह संवैधानिक निकाय नहीं है।
- संवैधानिक निकाय – निर्वाचन आयोग (अनुच्छेद 324), UPSC (अनुच्छेद 315), वित्त आयोग (अनुच्छेद 280) – ये सभी संविधान द्वारा स्थापित हैं।
- अत: सही विकल्प – राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग।
भारतीय संविधान का कौन-सा अनुच्छेद अनुसूचित जातियों के अधिकारों की रक्षा के लिए राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) की स्थापना का प्रावधान करता है?
- अनुच्छेद 330
- अनुच्छेद 350
- अनुच्छेद 338
- अनुच्छेद 340
Explanation:
- अनुच्छेद 338 – राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) की स्थापना का प्रावधान करता है, जो अनुसूचित जातियों के अधिकारों और सुरक्षा उपायों की निगरानी करता है (65वें संशोधन, 1990 द्वारा पुनर्गठित, और 89वें संशोधन, 2003 द्वारा SC और ST आयोगों को अलग किया गया – अब अनुच्छेद 338 SC के लिए और 338A ST के लिए)।
- अनुच्छेद 330 – SC/ST के लिए लोकसभा में आरक्षण, 350 – राजभाषा शिकायत, 340 – पिछड़े वर्गों की जाँच के लिए आयोग।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 338।
निम्नलिखित में से किस संशोधन द्वारा भारतीय संविधान की प्रस्तावना में ‘अखंडता’, ‘समाजवादी’ और ‘पंथनिरपेक्ष’ शब्द जोड़े गए थे?
- 24वें संशोधन, 1971
- 42वें संशोधन, 1976
- 44वें संशोधन, 1978
- 52वें संशोधन, 1985
Explanation:
- 42वाँ संविधान संशोधन (1976) ने प्रस्तावना (Preamble) में ‘समाजवादी’ (Socialist), ‘धर्मनिरपेक्ष’ (Secular) और ‘अखंडता’ (Integrity) शब्द जोड़े – मूल प्रस्तावना में ‘प्रभुत्व संपन्न, लोकतांत्रिक गणराज्य’ था, जो ‘प्रभुत्व संपन्न, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक गणराज्य’ हो गया (और ‘राष्ट्र की एकता’ को ‘एकता और अखंडता’ में बदला)।
- 24वाँ (1971) – मूल अधिकारों में संशोधन, 44वाँ (1978) – आपातकाल के दुरुपयोग को कम करना, 52वाँ (1985) – दल-बदल विरोधी कानून।
- अत: सही विकल्प – 42वें संशोधन, 1976।
भारत के संविधान का निम्नलिखित में से कौन-सा अनुच्छेद संविधान में संशोधन करने के लिए संसद के तंत्र और शक्ति का प्रावधान करता है?
- अनुच्छेद 372
- अनुच्छेद 362
- अनुच्छेद 356
- अनुच्छेद 368
Explanation:
- अनुच्छेद 368 – संविधान में संशोधन करने के लिए संसद की शक्ति और प्रक्रिया का प्रावधान करता है – यह संविधान के भाग XX में है (एकल अनुच्छेद, पर यह संशोधनों का आधार है)।
- अनुच्छेद 372 – पूर्व-संविधान कानूनों की निरंतरता, 362 – (निरस्त), 356 – राज्यों में राष्ट्रपति शासन।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 368।
भारत के सर्वोच्च न्यायालय का 1973 का निम्नलिखित में से कौन-सा ऐतिहासिक निर्णय यह प्रावधान करता है कि संसद संविधान के ‘मूल ढांचे’ में संशोधन के माध्यम से बदलाव नहीं कर सकती है?
- चंपकम दोरायराजन केस
- मिनर्वा मिल्स केस
- केशवानंद भारती केस
- गोलकनाथ केस
Explanation:
- केशवानंद भारती मामला (1973) – सर्वोच्च न्यायालय ने ‘मूल ढाँचा सिद्धांत’ (Basic Structure Doctrine) स्थापित किया, जिसके तहत संसद संविधान के मूल ढाँचे (जैसे संप्रभुता, लोकतंत्र, न्यायिक स्वतंत्रता, मौलिक अधिकारों का सार) में संशोधन के माध्यम से बदलाव नहीं कर सकती है – संशोधन की शक्ति असीमित नहीं है।
- गोलकनाथ (1967) – संसद मूल अधिकारों में संशोधन नहीं कर सकती (पर यह ‘मूल ढाँचा’ नहीं था), मिनर्वा मिल्स (1980) ने मूल ढाँचा सिद्धांत को पुष्ट किया, चंपकम दोरायराजन (1951) – सामाजिक न्याय से संबंधित।
- अत: सही विकल्प – केशवानंद भारती केस।
अनुच्छेद 47, निम्नलिखित में से किससे संबंधित है?
- कृषि संगठन
- पर्यावरण संरक्षण
- प्रबंधन में श्रमिकों की भागीदारी
- पोषण और सार्वजनिक स्वास्थ्य स्तर को बढ़ाना
Explanation:
- अनुच्छेद 47 (DPSP) – राज्य पोषण (nutrition) और सार्वजनिक स्वास्थ्य (public health) के स्तर को बढ़ाने तथा मादक पेय और हानिकारक नशीली दवाओं के उपयोग को रोकने का प्रयास करेगा।
- कृषि – अनुच्छेद 48, पर्यावरण – 48A, श्रमिक भागीदारी – 43A।
- अत: सही विकल्प – पोषण और सार्वजनिक स्वास्थ्य स्तर को बढ़ाना।
निम्नलिखित में से कौन-सा अनुच्छेद 51 में निहित नहीं है?
- राष्ट्रों के बीच न्यायपूर्ण और सम्मानपूर्ण संबंध
- अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देना
- भारत के वनों और वन्यजीवों का संरक्षण
- अंतर्राष्ट्रीय कानून और संधि दायित्वों का सम्मान
Explanation:
- अनुच्छेद 51 (DPSP) – अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देना, (a) राष्ट्रों के बीच न्यायपूर्ण और सम्मानपूर्ण संबंध, (b) अंतर्राष्ट्रीय कानून और संधि दायित्वों का सम्मान, (c) अंतर्राष्ट्रीय विवादों का शांतिपूर्ण समाधान – वनों और वन्यजीवों का संरक्षण अनुच्छेद 48A (पर्यावरण) और 51A(g) (मौलिक कर्तव्य) का विषय है, अनुच्छेद 51 का नहीं।
- अत: सही विकल्प – भारत के वनों और वन्यजीवों का संरक्षण।
6 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार किस अनुच्छेद के अंतर्गत प्रदान किया गया है?
- अनुच्छेद 51A(k)
- अनुच्छेद 45
- अनुच्छेद 21A
- अनुच्छेद 19
Explanation:
- अनुच्छेद 21A (86वें संशोधन, 2002 द्वारा जोड़ा गया) – 6 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा को मौलिक अधिकार बनाता है – इसे RTE अधिनियम, 2009 के माध्यम से लागू किया गया (1 अप्रैल 2010 से प्रभावी)।
- अनुच्छेद 45 (DPSP) – अब 6 वर्ष से कम के बच्चों के लिए, 51A(k) – माता-पिता का कर्तव्य, 19 – अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 21A।
अनुच्छेद 23 विशेषतः किसको प्रतिबंधित करता है?
- जोखिम वाले उद्योगों में बाल श्रमिक नियोजन
- सशस्त्र बलों में अनिवार्य सेवा
- मानव तस्करी
- उपाधि प्रदान करना
Explanation:
- अनुच्छेद 23 – मानव तस्करी (trafficking in human beings) और बेगार (begar) (अनैच्छिक श्रम) को प्रतिबंधित करता है – यह मौलिक अधिकार है (शोषण के विरुद्ध अधिकार)।
- अनुच्छेद 24 – 14 वर्ष से कम के बाल श्रम (जोखिम वाले उद्योगों में) को प्रतिबंधित करता है, अनुच्छेद 23(2) सशस्त्र बलों में अनिवार्य सेवा को अनुमति देता है (जनहित में), अनुच्छेद 18 – उपाधियों को समाप्त करता है।
- अत: सही विकल्प – मानव तस्करी।
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 25 मुख्यत: निम्नलिखित में से किस अधिकार की गारंटी देता है?
- कानून के समक्ष समानता का अधिकार
- सांस्कृतिक और शैक्षिक अधिकार
- धर्म की स्वतंत्रता
- संवैधानिक उपायों का अधिकार
Explanation:
- अनुच्छेद 25 – धर्म की स्वतंत्रता (Freedom of Religion) – सभी व्यक्तियों को अंतरात्मा की स्वतंत्रता और स्वतंत्र रूप से धर्म मानने, आचरण करने और प्रचार करने का अधिकार देता है (सार्वजनिक व्यवस्था, नैतिकता, स्वास्थ्य के अधीन)।
- कानून के समक्ष समानता – अनुच्छेद 14, सांस्कृतिक/शैक्षिक – अनुच्छेद 29-30, संवैधानिक उपाय – अनुच्छेद 32।
- अत: सही विकल्प – धर्म की स्वतंत्रता।
86वें संशोधन में निम्नलिखित में से किससे संबंधित एक नया मौलिक कर्तव्य शामिल किया गया?
- सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा
- पर्यावरण के संरक्षण
- बच्चों के शिक्षण
- राष्ट्र की रक्षा
Explanation:
- 86वाँ संशोधन (2002) ने अनुच्छेद 51A में (k) जोड़ा – माता-पिता/अभिभावक का कर्तव्य है कि वे 6-14 वर्ष के अपने बच्चे को शिक्षा के अवसर प्रदान करें।
- अन्य (सार्वजनिक संपत्ति – 51A(j), पर्यावरण – 51A(g), राष्ट्र की रक्षा – 51A(c)) 42वें संशोधन (1976) के मूल 10 कर्तव्यों में शामिल हैं।
- अत: सही विकल्प – बच्चों के शिक्षण।
24वें संवैधानिक संशोधन ने संसद को निम्नलिखित में से कौन-सी शक्ति प्रदान की?
- न्यायिक पुनर्विलोकन का प्रत्यादेश
- उच्च न्यायालय के निर्णय का निलंबन
- निर्वाचन का निलंबन
- मूल अधिकारों में संशोधन
Explanation:
- 24वाँ संविधान संशोधन (1971) ने अनुच्छेद 13 और 368 में संशोधन करके संसद को मूल अधिकारों (Fundamental Rights) में संशोधन करने की शक्ति प्रदान की – इसने गोलकनाथ मामले (1967) के फैसले को पलट दिया, जिसमें कहा गया था कि संसद मूल अधिकारों में संशोधन नहीं कर सकती।
- हालाँकि, बाद में केशवानंद भारती (1973) ने मूल ढाँचा सिद्धांत के तहत इस शक्ति पर अंकुश लगाया।
- अत: सही विकल्प – मूल अधिकारों में संशोधन।
भारतीय संविधान का कौन-सा अनुच्छेद, राज्य को ग्राम पंचायतों को संगठित करने हेतु कदम उठाने का निर्देश देता है?
- अनुच्छेद 60
- अनुच्छेद 40
- अनुच्छेद 50
- अनुच्छेद 30
Explanation:
- अनुच्छेद 40 (DPSP) – राज्य ग्राम पंचायतों को संगठित करने के लिए कदम उठाएगा और उन्हें स्वशासन की इकाइयों के रूप में कार्य करने के लिए आवश्यक शक्तियाँ और अधिकार प्रदान करेगा – यह 73वें संशोधन (1992) के माध्यम से व्यावहारिक रूप से लागू किया गया।
- अनुच्छेद 60 – राष्ट्रपति की शपथ, 50 – कार्यपालिका से न्यायपालिका का पृथक्करण, 30 – अल्पसंख्यकों के शिक्षण संस्थान स्थापित करने के अधिकार।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 40।
सरकार ने किस केंद्र शासित प्रदेश को संविधान के अनुच्छेद 240 के दायरे में शामिल करने का प्रस्ताव रखा है?
- नई दिल्ली
- चंडीगढ़
- लक्षद्वीप
- पुदुचेरी
Explanation:
- अनुच्छेद 240 राष्ट्रपति को कुछ केंद्र शासित प्रदेशों के लिए विनियम (regulations) बनाने की शक्ति देता है – चंडीगढ़ को इसके दायरे में लाने का प्रस्ताव रखा गया है (यह 2024-25 के आसपास की खबर है) – पर स्थायी रूप से, अनुच्छेद 240 लक्षद्वीप, दादरा-नागर हवेली, दमन-दीव, अंडमान-निकोबार, पुदुचेरी (कुछ सीमाओं के साथ) पर लागू है – चंडीगढ़ पर वर्तमान में अनुच्छेद 240 लागू नहीं है (यह सीधे केंद्र द्वारा प्रशासित है), पर सरकार ने इसे शामिल करने का प्रस्ताव दिया है (जैसा कि प्रश्न में उल्लेख है)।
- नई दिल्ली – अनुच्छेद 239AA (विशेष दर्जा), पुदुचेरी – विधानमंडल होने के कारण आंशिक रूप से 240 के दायरे में, लक्षद्वीप – पहले से 240 के अंतर्गत।
- अत: सही विकल्प – चंडीगढ़।
संसद के शीतकालीन सत्र (1-19 दिसंबर 2025) के दौरान, निम्नलिखित में से कौन-सा विधेयक संसद के एक अधिनियम के रूप में अधिनियमित किया गया (अर्थात, दोनों सदनों द्वारा पारित किया गया और एक अधिनियम के रूप में लागू किया गया)?
- दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन) विधेयक, 2025 (The Insolvency and Bankruptcy Code (Amendment) Bill, 2025)
- निरसन और संशोधन विधेयक, 2025 (The Repealing and Amending Bill, 2025)
- विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025 (The Viksit Bharat Shiksha Adhishthan Bill, 2025)
- प्रतिभूति बाजार संहिता विधेयक, 2025 (The Securities Markets Code Bill, 2025)
Explanation:
- निरसन और संशोधन विधेयक, 2025 को 2025 के शीतकालीन सत्र (1-19 दिसंबर 2025) के दौरान अधिनियमित किया गया (यह एक पारंपरिक विधेयक है जो पुराने और अप्रासंगिक कानूनों को निरस्त करने और मामूली संशोधन करने के लिए लाया जाता है)।
- अन्य विधेयक – वे या तो पारित नहीं हुए या सत्र के दौरान लंबित रहे – निरसन और संशोधन विधेयक आमतौर पर दोनों सदनों से बिना अधिक विवाद के पारित हो जाता है।
- अत: सही विकल्प – निरसन और संशोधन विधेयक, 2025 (The Repealing and Amending Bill, 2025)।
निम्नलिखित में से कौन-सा मौलिक अधिकार, स्पष्ट रूप से मानव तस्करी, बलात् श्रम और बच्चों को खतरनाक व्यवसायों में नियोजित करने पर प्रतिबंध लगाता है?
- शोषण के विरुद्ध अधिकार
- स्वतंत्रता का अधिकार
- समानता का अधिकार
- शिक्षा का अधिकार
Explanation:
- शोषण के विरुद्ध अधिकार (Right against Exploitation) – अनुच्छेद 23 (मानव तस्करी और बलात् श्रम पर प्रतिबंध) और अनुच्छेद 24 (14 वर्ष से कम के बच्चों को खतरनाक व्यवसायों में नियोजित करने पर प्रतिबंध) – ये दोनों मौलिक अधिकार हैं, जो शोषण के विरुद्ध अधिकार (अनुच्छेद 23-24) के अंतर्गत आते हैं।
- स्वतंत्रता का अधिकार (अनुच्छेद 19-22), समानता (अनुच्छेद 14-18), शिक्षा (अनुच्छेद 21A) – ये शोषण पर प्रतिबंध नहीं लगाते (शिक्षा का अधिकार शिक्षा से संबंधित है, न कि शोषण से)।
- अत: सही विकल्प – शोषण के विरुद्ध अधिकार।
संक्रमणकालीन या अर्ध-शहरी क्षेत्रों के लिए कौन-सा शहरी स्थानीय निकाय निर्धारित है?
- नगर परिषद
- नगर पंचायत
- अधिसूचित क्षेत्र समिति
- नगर निगम
Explanation:
- 74वें संविधान संशोधन (1992) के तहत, अनुच्छेद 243Q के अनुसार संक्रमणकालीन (transitional) या अर्ध-शहरी (semi-urban) क्षेत्रों के लिए नगर पंचायत (Nagar Panchayat) का गठन किया जाता है – यह उन क्षेत्रों के लिए होता है जो शहरीकरण की प्रक्रिया में हैं, परन्तु अभी पूर्णतः शहरी नहीं बन पाए हैं।
- नगर परिषद – छोटे शहरी क्षेत्रों के लिए, नगर निगम – बड़े शहरी क्षेत्रों के लिए, अधिसूचित क्षेत्र समिति – विशेष (पर यह मुख्यतः 74वें संशोधन के अंतर्गत नहीं है, यह पुरानी व्यवस्था है)।
- अत: सही विकल्प – नगर पंचायत।
कर्नाटक भूमि सुधार अधिनियम, 1961 और कर्नाटक भूमि राजस्व अधिनियम, 1964 में किए गए संशोधन को किस नाम से जाना जाता है?
- कर्नाटक भूमि सुधार और राजस्व कानून (संशोधन) अधिनियम, 2025 (Karnataka Land Reforms and Revenue Law (Amendment) Act, 2025)
- कर्नाटक भूमि सुधार (संशोधन) अधिनियम, 2025 (Karnataka Land Reforms (Amendment) Act, 2025)
- कर्नाटक भूमि सुधार और कुछ अन्य कानून (संशोधन) अधिनियम, 2025 (Karnataka Land Reforms and Certain Other Law (Amendment) Act, 2025)
- कर्नाटक भूमि राजस्व कानून (संशोधन) अधिनियम, 2025 (Karnataka Land Revenue Law (Amendment) Act, 2025)
Explanation:
- कर्नाटक सरकार ने 2025 में कर्नाटक भूमि सुधार अधिनियम, 1961 और कर्नाटक भूमि राजस्व अधिनियम, 1964 में संशोधन किए, जिसे “कर्नाटक भूमि सुधार और कुछ अन्य कानून (संशोधन) अधिनियम, 2025” (Karnataka Land Reforms and Certain Other Law (Amendment) Act, 2025) के रूप में जाना जाता है – यह अधिनियम भूमि सुधारों और राजस्व प्रावधानों को सरल बनाता है, विशेष रूप से कृषि भूमि के उपयोग, खरीद-बिक्री और पट्टे से संबंधित प्रावधानों को संशोधित करता है।
- अत: सही विकल्प – कर्नाटक भूमि सुधार और कुछ अन्य कानून (संशोधन) अधिनियम, 2025।
RTI अधिनियम, 2005 में केन्द्रीय सूचना आयोग (CIC) के गठन से संबंधित प्रावधान निम्नलिखित में से किस धारा में निहित है?
- धारा 4
- धारा 15
- धारा 12
- धारा 5
Explanation:
- सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम, 2005 की धारा 12 केन्द्रीय सूचना आयोग (Central Information Commission – CIC) के गठन से संबंधित है – इसके तहत CIC का गठन केंद्र सरकार द्वारा किया जाता है, जिसमें एक मुख्य सूचना आयुक्त और अधिकतम 10 सूचना आयुक्त होते हैं (बाद में संशोधन द्वारा बढ़ाए गए)।
- धारा 4 – सूचनाओं का प्रकाशन, धारा 15 – राज्य सूचना आयोग, धारा 5 – सूचना अधिकारी (PIO)।
- अत: सही विकल्प – धारा 12।
किस संशोधन अधिनियम ने अनुच्छेद 21A के तहत प्रारंभिक शिक्षा को मौलिक अधिकार बनाया, जिसमें 6 से 14 वर्ष की आयु के सभी बच्चों के लिए मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा को अधिदेशित किया गया?
- 73वां संशोधन
- 101वां संशोधन
- 86वां संशोधन
- 104वां संशोधन
Explanation:
- 86वाँ संविधान संशोधन (2002) ने अनुच्छेद 21A जोड़ा, जिसने 6 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा को मौलिक अधिकार बनाया – इसे शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE), 2009 के माध्यम से लागू किया गया (1 अप्रैल 2010 से प्रभावी)।
- 73वाँ (1992) – पंचायती राज, 101वाँ (2016) – GST, 104वाँ (2019) – SC/ST/आंग्ल-भारतीय आरक्षण का विस्तार (आंग्ल-भारतीय आरक्षण समाप्त)।
- अत: सही विकल्प – 86वां संशोधन।
भारतीय संविधान के कौन-से अनुच्छेद, उच्चतम न्यायालय के संगठन और शक्तियों से संबंधित हैं?
- अनुच्छेद 100 से 110
- अनुच्छेद 214 से 231
- अनुच्छेद 124 से 147
- अनुच्छेद 50 से 75
Explanation:
- अनुच्छेद 124 से 147 (भाग V – संघ, अध्याय IV – संघीय न्यायपालिका) उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) के संगठन, स्थापना, अधिकार क्षेत्र, शक्तियाँ, न्यायाधीशों की नियुक्ति, पुनर्विलोकन, अधीनता, निर्णयों की बाध्यता, रिट शक्ति (अनुच्छेद 32), अपीलीय शक्ति (अनुच्छेद 136), सलाहकार क्षेत्र (अनुच्छेद 143), पुनर्विलोकन (अनुच्छेद 137) आदि से संबंधित हैं।
- अनुच्छेद 100-110 – संसद कार्यवाही, 214-231 – उच्च न्यायालय, 50-75 – न्यायपालिका का कार्यपालिका से पृथक्करण और केंद्रीय कार्यपालिका (राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, मंत्रिपरिषद, प्रधानमंत्री)।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 124 से 147।
भारतीय संविधान का कौन-सा अनुच्छेद, राज्य को समान कार्य करने वाले पुरुषों और महिलाओं के लिए समान वेतन सुनिश्चित करने के लिए बाध्य करता है?
- अनुच्छेद 47(a)
- अनुच्छेद 39(d)
- अनुच्छेद 38(1)
- अनुच्छेद 42
Explanation:
- अनुच्छेद 39(d) (DPSP के अंतर्गत) – राज्य पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए समान कार्य के लिए समान वेतन सुनिश्चित करेगा – यह एक महत्वपूर्ण सामाजिक-आर्थिक न्याय सिद्धांत है, जिसे समान वेतन अधिनियम, 1976 के माध्यम से लागू किया गया है।
- अनुच्छेद 47(a) – (ऐसा कोई प्रावधान नहीं), 38(1) – सामाजिक व्यवस्था सुनिश्चित करना, 42 – मानवीय कार्य परिस्थितियाँ और मातृत्व अवकाश।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 39(d)।
भारतीय संविधान का कौन-सा अनुच्छेद, मानवीय कार्य परिस्थितियों और मातृत्व अवकाश के प्रावधान को अनिवार्य बनाता है?
- अनुच्छेद 48
- अनुच्छेद 41
- अनुच्छेद 42
- अनुच्छेद 44
Explanation:
- अनुच्छेद 42 (DPSP) – राज्य न्यायसंगत (just) और मानवीय (humane) कार्य परिस्थितियों तथा मातृत्व अवकाश (maternity relief) के लिए प्रावधान करेगा – यह मातृत्व लाभ अधिनियम, 1961 और अन्य श्रम कानूनों का आधार है।
- अनुच्छेद 48 – कृषि और पशुपालन का संगठन, 41 – कार्य, शिक्षा और सार्वजनिक सहायता का अधिकार, 44 – समान नागरिक संहिता।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 42।
कौन-सा अनुच्छेद राज्य को महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए विशेष प्रावधान करने का अधिकार देता है?
- अनुच्छेद 16(2)
- अनुच्छेद 23(2)
- अनुच्छेद 19(5)
- अनुच्छेद 15(3)
Explanation:
- अनुच्छेद 15(3) (मौलिक अधिकार) – राज्य को महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष प्रावधान (special provisions) करने का अधिकार देता है, भले ही यह अनुच्छेद 15(1) (भेदभाव पर प्रतिबंध) का उल्लंघन हो – इसी के तहत महिलाओं के लिए आरक्षण, मातृत्व लाभ, बाल श्रम निषेध आदि कानून बनाए गए हैं।
- अनुच्छेद 16(2) – रोजगार में भेदभाव नहीं, 23(2) – बाल श्रम का निषेध, 19(5) – अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 15(3)।
किस संविधान संशोधन के माध्यम से मौलिक कर्तव्यों को संविधान में शामिल किया गया था?
- 52वां संशोधन, 1985
- 97वां संशोधन, 2011
- 61वां संशोधन, 1989
- 42वां संशोधन, 1976
Explanation:
- 42वाँ संविधान संशोधन (1976) ने मौलिक कर्तव्यों को अनुच्छेद 51A के तहत शामिल किया – यह 10 मौलिक कर्तव्य थे (बाद में 86वें संशोधन, 2002 द्वारा एक और जोड़ा गया – अब 11 हैं), जो नागरिकों को संविधान, राष्ट्र, पर्यावरण, सार्वजनिक संपत्ति, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, उत्कृष्टता आदि के प्रति कर्तव्यों का पालन करने के लिए प्रेरित करते हैं।
- 52वाँ (1985) – दल-बदल विरोधी कानून, 97वाँ (2011) – सहकारी समितियाँ, 61वाँ (1989) – मतदान आयु 18 वर्ष की (अनुच्छेद 326 में संशोधन)।
- अत: सही विकल्प – 42वां संशोधन, 1976।
97वें संविधान संशोधन ने निम्नलिखित में से किसे संवैधानिक दर्जा प्रदान किया?
- बाजार नियामक बोर्ड
- जिला योजना समितियाँ
- महानगर परिषदें
- सहकारी समितियाँ
Explanation:
- 97वाँ संविधान संशोधन (2011) ने सहकारी समितियों (Cooperative Societies) को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया – इसने भाग IXB (अनुच्छेद 243Z-243ZT) जोड़ा, जो सहकारी समितियों के गठन, चुनाव, प्रबंधन और लेखापरीक्षा से संबंधित है, और DPSP में अनुच्छेद 43B जोड़ा (सहकारी समितियों के पेशेवर प्रबंधन को बढ़ावा देने हेतु)।
- जिला योजना समितियाँ और महानगर परिषदें – 74वें संशोधन द्वारा, बाजार नियामक बोर्ड – संवैधानिक नहीं (एक सांविधिक निकाय हो सकता है)।
- अत: सही विकल्प – सहकारी समितियाँ।
नागरिकता अधिनियम, 1955 के तहत, जब कोई नया क्षेत्र भारत का हिस्सा बनता है, तो कौन-सी धारा नागरिकता की स्वीकृति का प्रबंध करती है?
- धारा 5
- धारा 6
- धारा 7
- धारा 9
Explanation:
- नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 7 उस स्थिति से संबंधित है, जब कोई नया क्षेत्र भारत का हिस्सा बनता है – यह धारा राष्ट्रपति को यह निर्धारित करने का अधिकार देती है कि उस क्षेत्र के निवासियों को भारत की नागरिकता किन शर्तों पर प्रदान की जाएगी।
- धारा 5 – पंजीकरण द्वारा नागरिकता, धारा 6 – प्राकृतिकीकरण द्वारा नागरिकता, धारा 9 – विदेशी नागरिकता ग्रहण करने पर नागरिकता का त्याग।
- अत: सही विकल्प – धारा 7।
नागरिकता अधिनियम, 1955 के अनुसार, 10 दिसंबर, 1992 को या उसके बाद भारत के बाहर पैदा हुआ व्यक्ति वंश के आधार पर भारत का नागरिक होगा यदि ______।
- केवल पिता भारतीय नागरिक हो
- केवल माँ ही भारतीय नागरिक हो
- जन्म के समय माता-पिता दोनों भारत में सामान्य रूप से निवासी हो
- जन्म के समय माता-पिता में से कोई एक भारत का नागरिक हो
Explanation:
- नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 4 (वंशज द्वारा नागरिकता) के अनुसार, 10 दिसंबर, 1992 को या उसके बाद भारत के बाहर जन्मे व्यक्ति को वंश (descent) के आधार पर भारत का नागरिक माना जाएगा, यदि उसके माता-पिता में से कोई एक (पिता या माता) जन्म के समय भारत का नागरिक हो – 10 दिसंबर 1992 से पहले, केवल पिता के नागरिक होने पर यह शर्त थी (लिंग भेदभाव को दूर करने के लिए 1992 में संशोधन किया गया)।
- अत: सही विकल्प – जन्म के समय माता-पिता में से कोई एक भारत का नागरिक हो।
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) का गठन किस संवैधानिक संशोधन द्वारा किया गया था?
- 97वें संशोधन
- 65वें संशोधन
- 89वें संशोधन
- 102वें संशोधन
Explanation:
- 89वाँ संविधान संशोधन (2003) ने राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST – National Commission for Scheduled Tribes) का गठन किया – इसने पहले के संयुक्त आयोग (SC और ST के लिए एक) को विभाजित कर दिया, और अनुच्छेद 338A जोड़ा, जो NCST से संबंधित है।
- इससे पहले, अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) का गठन 65वें संशोधन (1990) द्वारा किया गया था, पर ST के लिए अलग आयोग 89वें संशोधन के तहत बना।
- 97वाँ (2011) – सहकारी समितियाँ, 102वाँ (2018) – राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) को संवैधानिक दर्जा।
- अत: सही विकल्प – 89वें संशोधन।
उद्देशिका, मुख्यत: निम्नलिखित में से किस रूप में कार्य करती है?
- एक वित्तीय दिशानिर्देश
- संविधान की एक अनुसूची
- विधि का प्रवर्तनीय भाग
- निर्वचन के लिए एक निर्देशक सिद्धांत
Explanation:
- उद्देशिका (Preamble) को निर्वचन (interpretation) के लिए एक निर्देशक सिद्धांत के रूप में कार्य करना माना जाता है – यह संविधान के लक्ष्यों और दर्शन को स्पष्ट करती है, और न्यायालयों को संविधान के किसी प्रावधान की व्याख्या करने में सहायता करती है (यदि कोई अस्पष्टता हो) – के. के. मैथ्यू बनाम केरल राज्य (1956) के मामले में यह देखा गया।
- उद्देशिका प्रवर्तनीय (enforceable) नहीं है, न ही यह कोई वित्तीय दिशानिर्देश है, न ही अनुसूची (यह संविधान का प्रारंभिक भाग है)।
- हालाँकि, उच्चतम न्यायालय ने उद्देशिका को संविधान का अभिन्न अंग माना है (केसवानंद भारती, 1973)।
- अत: सही विकल्प – निर्वचन के लिए एक निर्देशक सिद्धांत।
उद्देशिका भारत को निम्नलिखित में से क्या घोषित करती है?
- प्रभुत्व संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक, संघ
- प्रभुत्व संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक, गणराज्य
- प्रभुत्व संपन्न, संघीय, पंथनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक, गणराज्य
- प्रभुत्व संपन्न, समाजवादी, संघीय, लोकतांत्रिक, गणराज्य
Explanation:
- उद्देशिका भारत को “प्रभुत्व संपन्न, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक गणराज्य” (Sovereign, Socialist, Secular, Democratic Republic) घोषित करती है (42वें संशोधन के बाद के शब्द) – इसमें ‘संघ’ (Federal) शब्द शामिल नहीं है (हालाँकि भारत एक संघीय राज्य है, पर उद्देशिका में यह नहीं है)।
- मूल उद्देशिका (1950) – “प्रभुत्व संपन्न, लोकतांत्रिक गणराज्य” थी, और 42वें संशोधन ने ‘समाजवादी’ और ‘धर्मनिरपेक्ष’ जोड़े।
- अत: सही विकल्प – प्रभुत्व संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक, गणराज्य।
अनुच्छेद 39A के अंतर्गत नि:शुल्क विधिक सहायता प्रदान करना अप्रत्यक्ष रूप से उद्देशिका के किस उद्देश्य को बढ़ावा देता है?
- न्याय
- संप्रभुता
- गणराज्य
- धर्मनिरपेक्षता
Explanation:
- अनुच्छेद 39A (42वें संशोधन द्वारा जोड़ा गया) राज्य को निःशुल्क कानूनी सहायता (free legal aid) प्रदान करने का निर्देश देता है, ताकि समान अवसर सुनिश्चित किए जा सकें – यह उद्देशिका के ‘न्याय’ (Justice) उद्देश्य (सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय) को बढ़ावा देता है, क्योंकि यह वंचितों को न्याय प्रणाली तक पहुँच प्रदान करता है।
- अत: सही विकल्प – न्याय।
निम्नलिखित में से किस संशोधन ने नगरपालिकाओं के लिए “जिला योजना समितियां (District Planning Committees)” और “महानगरीय योजना समितियां (Metropolitan Planning Committees)” गठित करना संवैधानिक रूप से अनिवार्य बना दिया?
- 74वां संशोधन
- 102वां संशोधन
- 97वां संशोधन
- 73वां संशोधन
Explanation:
- 74वाँ संविधान संशोधन (1992) ने अनुच्छेद 243ZD (जिला योजना समिति) और 243ZE (महानगरीय योजना समिति) जोड़े, जो नगरपालिकाओं और पंचायतों के बीच समन्वित योजना बनाने हेतु अनिवार्य हैं – जिला योजना समिति – जिला स्तर पर शहरी और ग्रामीण योजना का समन्वय, महानगरीय योजना समिति – महानगर क्षेत्रों के लिए समग्र विकास योजना।
- 73वाँ – पंचायतों के लिए, 97वाँ – सहकारी समितियाँ, 102वाँ – राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग।
- अत: सही विकल्प – 74वां संशोधन।
1992 में भारत में किस संवैधानिक संशोधन के द्वारा शहरी स्थानीय सरकार प्रणाली की स्थापना की गई?
- 65वां संवैधानिक संशोधन विधेयक
- 68वां संवैधानिक संशोधन अधिनियम
- 74वां संवैधानिक संशोधन अधिनियम
- 73वां संवैधानिक संशोधन अधिनियम
Explanation:
- 74वाँ संविधान संशोधन (1992) (जो 1 जून 1993 से प्रभावी हुआ) ने शहरी स्थानीय सरकार (नगरपालिकाएँ) प्रणाली की स्थापना की – इसने भाग IXA (अनुच्छेद 243P-243ZG) जोड़ा, जिससे नगरपालिकाओं को संवैधानिक दर्जा मिला और शहरी क्षेत्रों में स्थानीय स्वशासन को मजबूत किया गया।
- 73वाँ (1992) – ग्रामीण स्थानीय सरकार (पंचायती राज), 65वाँ (1990) – राष्ट्रीय SC/ST आयोग (बाद में 89वाँ), 68वाँ (1991) – चंडीगढ़।
- अत: सही विकल्प – 74वां संवैधानिक संशोधन अधिनियम।
भारतात संघ लोकसेवा आयोगाच्या सदस्यांची नियुक्ती कोण करते?
- भारताचे सर्वोच्च न्यायालय
- भारताचे राष्ट्रपती
- भारतीय संसद
- भारताचे पंतप्रधान
Explanation:
- संघ लोक सेवा आयोग (UPSC – Union Public Service Commission) के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है (अनुच्छेद 316 के अनुसार) – राष्ट्रपति, UPSC के सदस्यों को नियुक्त करते हैं, जो 6 वर्ष के लिए (या 65 वर्ष की आयु तक) पद धारण करते हैं (हालाँकि राज्य लोक सेवा आयोगों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है)।
- सर्वोच्च न्यायालय, संसद या प्रधानमंत्री UPSC सदस्यों की नियुक्ति नहीं करते – यह राष्ट्रपति का विशेषाधिकार है (हालाँकि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री की सलाह पर कार्य करते हैं, पर नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है)।
- अत: सही विकल्प – भारताचे राष्ट्रपती (भारत के राष्ट्रपति)।
13 नवंबर, 2025 को राष्ट्रीय उद्यानों और वन्यजीव अभयारण्यों के निकट खनन के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय ने क्या कार्रवाई की?
- संरक्षण क्षेत्र को कम करके 0.5 km किया गया
- एक km के क्षेत्र में खनन गतिविधियों पर प्रतिबंध
- प्रतिबंधों के साथ खनन की अनुमति दी
- कहीं भी खनन गतिविधियों की अनुमति दी
Explanation:
- 13 नवंबर 2025 को सर्वोच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय उद्यानों और वन्यजीव अभयारण्यों के आसपास 1 किमी (एक km) के क्षेत्र में खनन गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया, ताकि वन्यजीव संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके और पर्यावरणीय क्षति को रोका जा सके – यह निर्णय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 और पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के तहत लिया गया था, जिसमें 1 किमी क्षेत्र को ‘ईको-सेंसिटिव जोन’ घोषित किया गया।
- अत: सही विकल्प – एक km के क्षेत्र में खनन गतिविधियों पर प्रतिबंध।
पर्यावरण लेखा परीक्षा नियम, 2025 का उद्देश्य पूरे भारत में क्या स्थापित करना है?
- नई पर्यावरण कर प्रणाली
- जल संरक्षण अभियान
- पर्यावरण जवाबदेही के लिए एक ढांचा
- राष्ट्रीय वन पुनर्स्थापन कार्यक्रम
Explanation:
- पर्यावरण लेखा परीक्षा नियम, 2025 (Environmental Audit Rules, 2025) का उद्देश्य पूरे भारत में पर्यावरण जवाबदेही (environmental accountability) के लिए एक ढांचा स्थापित करना है – यह नियम उद्योगों, परियोजनाओं और सरकारी संस्थानों के पर्यावरणीय प्रदर्शन की निगरानी, लेखापरीक्षा और आकलन करने के लिए एक संरचित प्रणाली प्रदान करता है, ताकि पर्यावरण कानूनों का पालन सुनिश्चित किया जा सके और प्रदूषण को कम किया जा सके।
- यह नई कर प्रणाली, जल संरक्षण अभियान या वन पुनर्स्थापन से सीधे नहीं जुड़ा – यह मुख्यतः जवाबदेही पर केंद्रित है।
- अत: सही विकल्प – पर्यावरण जवाबदेही के लिए एक ढांचा।
29-8-2025 को पर्यावरण लेखा परीक्षा नियम, 2025 किस अधिनियम के अंतर्गत जारी किए गए थे?
- पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986
- वन संरक्षण अधिनियम, 1980
- वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972
- वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981
Explanation:
- पर्यावरण लेखा परीक्षा नियम, 2025 29 अगस्त 2025 को पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 (Environmental (Protection) Act, 1986) के अंतर्गत जारी किए गए थे – यह अधिनियम पर्यावरण संरक्षण और सुधार के लिए व्यापक शक्तियाँ केंद्र सरकार को प्रदान करता है, जिसके तहत सरकार नियम, मानक और प्रक्रियाएँ निर्धारित कर सकती है (इस अधिनियम की धारा 3, 6 और 25 के तहत नियम बनाए जा सकते हैं)।
- अन्य अधिनियम: वन संरक्षण (1980) – वनों की कटाई पर, वन्यजीव संरक्षण (1972) – वन्यजीवों और आवासों के लिए, वायु अधिनियम (1981) – वायु प्रदूषण पर।
- अत: सही विकल्प – पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986।
पर्यावरण लेखा परीक्षा नियमावली, 2025 के अंतर्गत पर्यावरण लेखा परीक्षा करने के लिए आधिकारिक रूप से कौन अधिकृत है?
- पर्यावरण लेखा परीक्षा नामित एजेंसी
- पंजीकृत पर्यावरण लेखा परीक्षक
- पर्यावरण सलाहकार
- प्रमाणित पर्यावरण लेखा परीक्षक
Explanation:
- पर्यावरण लेखा परीक्षा नियमावली, 2025 (Environmental Audit Rules, 2025) के अंतर्गत, पर्यावरण लेखा परीक्षा करने के लिए पंजीकृत पर्यावरण लेखा परीक्षक (Registered Environmental Auditor) आधिकारिक रूप से अधिकृत होता है – ये पर्यावरण लेखा परीक्षक नियामक निकाय (जैसे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड – CPCB) द्वारा पंजीकृत होते हैं और उद्योगों/परियोजनाओं की पर्यावरणीय अनुपालन जाँच करते हैं।
- पर्यावरण सलाहकार – सलाहकार होते हैं, पर आधिकारिक लेखा परीक्षक नहीं, प्रमाणित पर्यावरण लेखा परीक्षक – यह शब्द नियमों में उपयोग नहीं हुआ (प्रमाणन अलग होता है, पंजीकरण अनिवार्य है)।
- अत: सही विकल्प – पंजीकृत पर्यावरण लेखा परीक्षक।
2025 में, केन्द्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक का उद्देश्य मूल रूप से किस वर्ष में अधिनियमित कानून में संशोधन करना था?
- 2000
- 1985
- 1944
- 1950
Explanation:
- केन्द्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक, 2025 का उद्देश्य मूल रूप से 1944 के केन्द्रीय उत्पाद शुल्क अधिनियम (Central Excise Act, 1944) में संशोधन करना था – यह अधिनियम भारत में विनिर्मित वस्तुओं पर उत्पाद शुल्क (excise duty) को विनियमित करता है, और 2025 में इस विधेयक ने कर संरचना, अनुपालन प्रक्रियाओं और दरों में संशोधन करने का प्रस्ताव रखा (हालाँकि GST के आगमन के बाद उत्पाद शुल्क कुछ वस्तुओं (पेट्रोलियम, शराब) पर ही लागू है, पर संशोधन वैसे भी किया गया)।
- अत: सही विकल्प – 1944।
किस संविधान संशोधन के तहत राष्ट्रीय आपातकाल के लिए संसद द्वारा अनुमोदन की अवधि दो महीने से घटा कर एक महीने कर दी गई?
- 38वां संशोधन अधिनियम, 1975
- 42वां संशोधन अधिनियम, 1976
- 52वां संशोधन अधिनियम, 1985
- 44वां संशोधन अधिनियम, 1978
Explanation:
- 44वाँ संविधान संशोधन (1978) ने राष्ट्रीय आपातकाल (अनुच्छेद 352) की संसदीय अनुमोदन अवधि को 2 महीने से घटाकर 1 महीने कर दिया – इस संशोधन ने आपातकाल के दुरुपयोग को रोकने के लिए कई सुरक्षा उपाय जोड़े, जैसे कि राष्ट्रपति को आपातकाल घोषित करने से पहले मंत्रिपरिषद की लिखित सिफारिश अनिवार्य करना।
- 38वाँ (1975) – आपातकाल की घोषणा को न्यायिक समीक्षा से मुक्त करना (आपातकाल के दौरान), 42वाँ (1976) – आपातकाल के दौरान मौलिक अधिकारों पर प्रतिबंध, 52वाँ (1985) – दल-बदल विरोधी कानून।
- अत: सही विकल्प – 44वां संशोधन अधिनियम, 1978।
कौन-सा प्रावधान भारत के संविधान के लागू होने से पहले पाकिस्तान से आकर भारत में बसे व्यक्तियों की नागरिकता से संबंधित है?
- अनुच्छेद 5
- अनुच्छेद 8
- अनुच्छेद 10
- अनुच्छेद 6
Explanation:
- अनुच्छेद 6 संविधान के प्रारंभ पर पाकिस्तान से भारत आकर बसे व्यक्तियों की नागरिकता से संबंधित है, जिन्होंने 19 जुलाई 1948 के बाद और 26 जनवरी 1950 से पहले या बाद में भारत में प्रवास किया हो – ऐसे व्यक्तियों को नागरिकता तभी मिलती है यदि वे भारत सरकार के पंजीकरण अधिकारी के समक्ष पंजीकृत हों और वे कम से कम 6 महीने से भारत में निवासी हों।
- अनुच्छेद 5 – जन्म/माता-पिता/निवास के आधार पर नागरिकता, अनुच्छेद 8 – विदेशों में भारतीय मूल के व्यक्ति, अनुच्छेद 10 – नागरिकता का निरंतरता।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 6।
निम्नलिखित में से किस अधिनियम ने सबसे पहले विधायी प्रक्रिया में भारतीय प्रतिनिधित्व का प्रावधान किया था?
- चार्टर अधिनियम, 1853
- भारत सरकार अधिनियम, 1858
- भारतीय परिषद अधिनियम, 1861
- पिट्स इंडिया अधिनियम, 1784
Explanation:
- भारतीय परिषद अधिनियम, 1861 (Indian Councils Act, 1861) ने सबसे पहले विधायी प्रक्रिया में भारतीय प्रतिनिधित्व का प्रावधान किया – इसके तहत, वायसराय की कार्यकारी परिषद में भारतीयों को (नाममात्र) सदस्य के रूप में शामिल किया गया (हालाँकि वे मात्र सलाहकार थे, पर यह पहला कदम था)।
- चार्टर अधिनियम, 1853 – कार्यकारी और विधायी परिषदों का पृथक्करण, पर भारतीय प्रतिनिधित्व नहीं; 1858 – क्राउन शासन; 1784 – द्वैध शासन।
- अत: सही विकल्प – भारतीय परिषद अधिनियम, 1861।
राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांत का कौन-सा अनुच्छेद, भारत में पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए समान कार्य के लिए समान वेतन के सिद्धांत को प्रतिष्ठापित करता है?
- अनुच्छेद 39
- अनुच्छेद 44
- अनुच्छेद 43
- अनुच्छेद 41
Explanation:
- अनुच्छेद 39 (विशेष रूप से अनुच्छेद 39(d)) – पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए समान कार्य के लिए समान वेतन के सिद्धांत को प्रतिष्ठापित करता है – यह DPSP का एक महत्वपूर्ण सिद्धांत है, जो सामाजिक-आर्थिक न्याय पर केंद्रित है, और इसे समान वेतन अधिनियम, 1976 के माध्यम से लागू किया गया है।
- अनुच्छेद 44 – समान नागरिक संहिता, 43 – कुटीर उद्योगों को बढ़ावा, 41 – कार्य, शिक्षा और सार्वजनिक सहायता का अधिकार।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 39।
कौन-सा संवैधानिक या सांविधिक प्रावधान, भारत सरकार को देश के हितों के विरुद्ध कार्य करने वाले किसी व्यक्ति की नागरिकता का प्रतिसंहरण करने का अधिकार प्रदान करता है?
- नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 6A
- नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 10
- संविधान का अनुच्छेद 5
- संविधान का अनुच्छेद 11
Explanation:
- नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 10 केंद्र सरकार को नागरिकता का प्रतिसंहरण (revocation) करने का अधिकार देती है – यह प्रतिसंहरण तब किया जा सकता है जब कोई व्यक्ति भारत के हितों के विरुद्ध कार्य करता है, धोखाधड़ी से नागरिकता प्राप्त करता है, या किसी विदेशी देश के साथ संपर्क रखता है।
- धारा 6A – असम के लिए विशेष प्रावधान, अनुच्छेद 5 – संविधान प्रारंभ में नागरिकता, अनुच्छेद 11 – नागरिकता विधायी शक्ति।
- अत: सही विकल्प – नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 10।
भारतीय संविधान का निम्नलिखित में से कौन-सा अनुच्छेद, पर्यावरण और वन्यजीवों के संरक्षण से संबंधित हैं?
- अनुच्छेद 48A
- अनुच्छेद 38A
- अनुच्छेद 41A
- अनुच्छेद 42A
Explanation:
- अनुच्छेद 48A (DPSP) – राज्य पर्यावरण (environment) के संरक्षण और सुधार तथा वनों (forests) और वन्यजीवों (wildlife) के संरक्षण के लिए प्रयास करेगा – यह 42वें संविधान संशोधन (1976) द्वारा DPSP में जोड़ा गया था, और इसी के तहत पर्यावरण संरक्षण से संबंधित कई कानून (जैसे पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986) लागू किए गए हैं।
- अनुच्छेद 38A, 41A, 42A – ऐसे अनुच्छेद संविधान में नहीं हैं (38, 41, 42 हैं, पर 38A आदि नहीं)।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 48A।
1909 के भारतीय परिषद अधिनियम के किस प्रावधान की सबसे अधिक आलोचना की गई, क्योंकि इसने भारतीय राष्ट्रवादी आंदोलन की एकता को कमजोर किया था?
- अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों का निर्माण
- प्रेसीडेंसियों में कार्यकारी परिषदों की शुरुआत
- विधान परिषदों का विस्तार
- गवर्नर-जनरल की परिषद में भारतीयों का समावेश
Explanation:
- 1909 का भारतीय परिषद अधिनियम (मोर्ले-मिंटो सुधार) ने अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों (separate electorates) की शुरुआत की, जिसने मुस्लिमों के लिए अलग निर्वाचन क्षेत्र स्थापित किए – इसकी सबसे अधिक आलोचना हुई क्योंकि इसने सांप्रदायिकता (communalism) को बढ़ावा दिया और राष्ट्रवादी आंदोलन की एकता को कमजोर किया (भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने इसका विरोध किया)।
- अन्य प्रावधान – विधान परिषदों का विस्तार (केंद्र और प्रांतों में), भारतीयों को गवर्नर-जनरल की परिषद में शामिल किया (पहली बार), प्रेसीडेंसियों में कार्यकारी परिषदें – लेकिन इनकी आलोचना नहीं हुई उतनी।
- अत: सही विकल्प – अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों का निर्माण।
भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची निम्नलिखित में से किस विषय से संबंधित है?
- अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन
- राज्यसभा में सीटों के आवंटन
- संविधान द्वारा मान्यता प्राप्त भाषाओं
- संघ और राज्यों के बीच शक्तियों के वितरण
Explanation:
- आठवीं अनुसूची (8th Schedule) संविधान द्वारा मान्यता प्राप्त भाषाओं (languages) से संबंधित है – इसमें वर्तमान में 22 भाषाएँ सूचीबद्ध हैं, जो भारत की आधिकारिक भाषाओं के रूप में मान्यता प्राप्त हैं (ये भाषाएँ राजभाषा, शिक्षा, सरकारी कार्य आदि में उपयोग के लिए हैं)।
- अनुसूचित क्षेत्र – पाँचवीं/छठी अनुसूची, राज्यसभा सीटें – चौथी अनुसूची, शक्ति वितरण – सातवीं अनुसूची।
- अत: सही विकल्प – संविधान द्वारा मान्यता प्राप्त भाषाओं।
निम्नलिखित में से कौन-सा अधिनियम, ब्रिटिश संसद द्वारा भारत में, विशेष रूप से बंगाल में, ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के क्षेत्रों के प्रशासन को विनियमित करने के लिए अधिनियमित किया गया था?
- चार्टर एक्ट, 1813
- भारत सरकार एक्ट, 1858
- रेगुलेटिंग एक्ट, 1773
- पिट्स इंडिया एक्ट, 1784
Explanation:
- रेगुलेटिंग अधिनियम, 1773 (Regulating Act) ब्रिटिश संसद द्वारा ईस्ट इंडिया कंपनी के प्रशासन को विनियमित करने के लिए पारित किया गया, विशेष रूप से बंगाल (और मद्रास, बॉम्बे) के क्षेत्रों में – इसने कलकत्ता में सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना की, गवर्नर-जनरल का पद सृजित किया, और कंपनी के निदेशकों को नियंत्रण के लिए अधीन किया।
- चार्टर एक्ट 1813 – कंपनी का व्यापारिक एकाधिकार समाप्त, 1858 – क्राउन का शासन, 1784 – पिट्स एक्ट – द्वैध शासन।
- अत: सही विकल्प – रेगुलेटिंग एक्ट, 1773।
निम्नलिखित में से किसने विषयों को आरक्षित और स्थानांतरित सूचियों में विभाजित करके द्वैध शासन की शुरुआत की?
- भारतीय परिषद अधिनियम, 1892
- भारत सरकार अधिनियम, 1909
- भारत सरकार अधिनियम, 1935
- भारत सरकार अधिनियम, 1919
Explanation:
- भारत सरकार अधिनियम, 1919 (मोंटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार) ने प्रांतीय स्तर पर द्वैध शासन (Dyarchy) की शुरुआत की, जिसमें विषयों को आरक्षित (reserved) (राजस्व, कानून-व्यवस्था) – गवर्नर के नियंत्रण में, और स्थानांतरित (transferred) (शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि) – मंत्रियों के अधीन विभाजित किया गया।
- 1892 – विधान परिषदों का विस्तार, 1909 – अलग निर्वाचन क्षेत्र, 1935 – प्रांतीय स्वायत्तता और संघीय संरचना।
- अत: सही विकल्प – भारत सरकार अधिनियम, 1919।
भारतीय संविधान में किस संवैधानिक संशोधन के माध्यम से उद्देशिका में ‘समाजवादी’ शब्द जोड़ा गया?
- 42वां संशोधन, 1976
- प्रथम संशोधन, 1951
- 44वां संशोधन, 1978
- 26वां संशोधन, 1971
Explanation:
- 42वाँ संविधान संशोधन (1976) ने उद्देशिका (Preamble) में ‘समाजवादी’ (Socialist), ‘धर्मनिरपेक्ष’ (Secular) और ‘अखंडता’ (Integrity) शब्द जोड़े – यह आपातकाल (1975-77) के दौरान किया गया था।
- 44वाँ (1978) – मौलिक अधिकारों की बहाली, 1वाँ (1951) – भूमि सुधार, 26वाँ (1971) – रियासतों की उपाधियाँ समाप्त।
- अत: सही विकल्प – 42वां संशोधन, 1976।
भारतीय संविधान की उद्देशिका में प्रयुक्त ‘संप्रभु (Sovereign)’ शब्द का भारत के लिए क्या अर्थ है?
- सभी नागरिकों के लिए धार्मिक स्वतंत्रता
- राष्ट्रपति नियुक्त करने की शक्ति
- बाह्य नियंत्रण से स्वतंत्र
- गुटनिरपेक्षता की नीति
Explanation:
- ‘संप्रभु’ (Sovereign) का अर्थ है कि भारत बाह्य नियंत्रण (external control) से स्वतंत्र है – यानी भारत किसी अन्य देश या शक्ति के अधीन नहीं है, और उसे अपने आंतरिक और बाह्य मामलों पर पूर्ण अधिकार है।
- धार्मिक स्वतंत्रता – ‘धर्मनिरपेक्ष’ शब्द (42वें संशोधन) से संबंधित, ‘गुटनिरपेक्षता’ – विदेश नीति का सिद्धांत, ‘राष्ट्रपति’ – कार्यपालिका का प्रमुख।
- अत: सही विकल्प – बाह्य नियंत्रण से स्वतंत्र।
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन भारत के संविधान में राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों के रूप में समाहित गांधीवादी आदर्शों को प्रतिबिंबित करता है?
- जीवन स्तर और सार्वजनिक स्वास्थ्य को बढ़ाना
- ग्रामीण क्षेत्रों में कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देना
- बच्चों को शोषण से बचाना
- सभी के लिए उपयुक्त रोजगार सुनिश्चित करना
Explanation:
- अनुच्छेद 43 – राज्य ग्रामीण क्षेत्रों में कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने का प्रयास करेगा – यह गांधीवादी आदर्श है, जो ग्रामीण स्वावलंबन और स्थानीय उत्पादन पर केंद्रित है।
- जीवन स्तर – अनुच्छेद 47, बच्चों का शोषण – अनुच्छेद 39(f), रोजगार – अनुच्छेद 39(a) और 41।
- अत: सही विकल्प – ग्रामीण क्षेत्रों में कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देना।
संविधान के अंतर्गत किस प्राधिकारी को संसद के प्रत्येक सदन के सदस्यों और उनकी समितियों की शक्तियों, विशेषाधिकारों और उन्मुक्तियों को परिभाषित करने की शक्ति दी गई है?
- सर्वोच्च न्यायालय
- लोकसभा अध्यक्ष
- भारत के राष्ट्रपति
- स्वयं संसद
Explanation:
- अनुच्छेद 105 के अनुसार, संसद (स्वयं) को प्रत्येक सदन के सदस्यों और उनकी समितियों की शक्तियों, विशेषाधिकारों (privileges) और उन्मुक्तियों (immunities) को परिभाषित करने की शक्ति दी गई है – यह संसदीय विशेषाधिकारों का मामला है, जो ब्रिटिश संसद के समान है।
- यह अधिकार संसद के पास है (हालाँकि अधिकांश विशेषाधिकार ब्रिटिश मॉडल पर आधारित हैं, पर संसद कानून बनाकर उन्हें निर्दिष्ट कर सकती है – वर्तमान में, 1978 तक कुछ विशेषाधिकारों को संहिताबद्ध किया गया है)।
- अत: सही विकल्प – स्वयं संसद।
52वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 1985 द्वारा लागू दल-बदल विरोधी कानून के अंतर्गत किस कार्रवाई से स्वतंत्र सांसद अयोग्य घोषित हो सकते हैं?
- गठबंधन सरकार का समर्थन करना
- अपने निर्वाचन के बाद किसी भी राजनीतिक दल में शामिल होना
- दल सचेतक से अलग मतदान करना
- बहस के दौरान तटस्थ रहना
Explanation:
- 10वीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) के अनुसार, एक स्वतंत्र सांसद (Independent MLA/MP) को अपने निर्वाचन के बाद किसी भी राजनीतिक दल में शामिल होने पर अयोग्य घोषित किया जा सकता है – यह दल-बदल है (क्योंकि वह स्वतंत्र था, और उसने दल में शामिल होकर अपनी स्वतंत्रता का त्याग किया)।
- दल सचेतक से अलग मतदान – दल के सदस्य के लिए अयोग्यता, पर स्वतंत्र सदस्य पर यह लागू नहीं।
- गठबंधन का समर्थन – अयोग्य नहीं (जब तक दल में शामिल न हो)।
- अत: सही विकल्प – अपने निर्वाचन के बाद किसी भी राजनीतिक दल में शामिल होना।
भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची के अंतर्गत निम्नलिखित में से कौन-से विषय संघ सूची में शामिल हैं?
- स्थानीय सरकार, बाजार और मेले
- पुलिस, जन स्वास्थ्य और कृषि
- शिक्षा, वन और विवाह
- रक्षा, विदेशी मामले और नागरिकता
Explanation:
- सातवीं अनुसूची में संघ सूची (Union List) के अंतर्गत रक्षा, विदेशी मामले, नागरिकता, रेलवे, बैंकिंग, डाक, मुद्रा, विदेश व्यापार, परमाणु ऊर्जा आदि शामिल हैं – ये केंद्र सरकार के विधान क्षेत्र में आते हैं।
- स्थानीय सरकार, बाजार, मेले – राज्य सूची (GST के तहत बाजार समवर्ती), पुलिस, जन स्वास्थ्य, कृषि – राज्य सूची, शिक्षा, वन, विवाह – समवर्ती सूची।
- अत: सही विकल्प – रक्षा, विदेशी मामले और नागरिकता।
निम्नलिखित में से कौन-सी भाषा भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल नहीं है?
- संस्कृत
- उर्दू
- नेपाली
- अंग्रेज़ी
Explanation:
- अंग्रेजी (English) आठवीं अनुसूची में शामिल नहीं है – आठवीं अनुसूची में 22 भाषाएँ हैं (हिंदी, बंगाली, मराठी, तमिल, तेलुगु, उर्दू, संस्कृत, नेपाली, बोडो, डोगरी, मैथिली, संथाली आदि), पर अंग्रेजी को संविधान के भाग XVII के तहत संघ की राजभाषा (अनुच्छेद 343) और सहायक राजभाषा के रूप में मान्यता दी गई है, पर आठवीं अनुसूची में नहीं।
- अत: सही विकल्प – अंग्रेज़ी।
यदि कोई भारतीय नागरिक संविधान के प्रारंभ के पश्चात स्वेच्छा से किसी विदेशी देश की नागरिकता प्राप्त कर लेता है, तो इसका विधिक परिणाम क्या होता है?
- वह भारतीय नागरिक नहीं रहेगा /रहेगी
- भारतीय नागरिकता तीन वर्षों के लिए निलंबित कर दी जाती है
- शर्तों के अधीन नागरिकता बरकरार रहती है
- दोहरी नागरिकता की अनुमति है
Explanation:
- अनुच्छेद 9 के अनुसार, यदि कोई भारतीय नागरिक संविधान के प्रारंभ (26 जनवरी 1950) के बाद स्वेच्छा से किसी विदेशी देश की नागरिकता प्राप्त करता है, तो वह भारतीय नागरिक नहीं रहेगा – भारत दोहरी नागरिकता की अनुमति नहीं देता (हालाँकि OCI है, पर पूर्ण नागरिकता नहीं)।
- यह प्रावधान नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 9 में भी निहित है।
- अत: सही विकल्प – वह भारतीय नागरिक नहीं रहेगा /रहेगी।
संविधान के भाग II में कौन-सा प्रावधान, संविधान के प्रारंभ पर नागरिकता के एक आधार को परिभाषित करता है, विशेष रूप से यह कि व्यक्ति के माता या पिता में से किसी एक का जन्म भारत में हुआ था?
- अनुच्छेद 8
- अनुच्छेद 9
- अनुच्छेद 6
- अनुच्छेद 5
Explanation:
- अनुच्छेद 5 संविधान के प्रारंभ (26 जनवरी 1950) पर नागरिकता के आधारों को परिभाषित करता है, जिसमें कहा गया है कि जन्म से नागरिकता उस व्यक्ति को होगी जिसका जन्म भारत में हुआ था, या जिसके माता या पिता में से किसी एक का जन्म भारत में हुआ था, या जो 5 वर्ष से भारत में सामान्य निवासी रहा हो।
- अनुच्छेद 6 – पाकिस्तान से प्रवासित व्यक्ति, 8 – विदेशों में भारतीय मूल, 9 – विदेशी नागरिकता ग्रहण पर त्याग।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 5।
भारतीय संविधान के प्रारंभ के बाद, कौन-सा संवैधानिक अनुच्छेद भारतीय संसद को भारतीय नागरिकता के अर्जन और पर्यवसान से संबंधित कानून बनाने का अधिकार देता है?
- अनुच्छेद 6
- अनुच्छेद 11
- अनुच्छेद 8
- अनुच्छेद 5
Explanation:
- अनुच्छेद 11 संसद को नागरिकता के अर्जन (acquisition) और पर्यवसान (termination) तथा अन्य सभी नागरिकता संबंधी मामलों पर कानून बनाने का अधिकार देता है – यह एक अवशिष्ट शक्ति है, जिसके तहत संसद ने नागरिकता अधिनियम, 1955 पारित किया।
- अनुच्छेद 5-10 संविधान प्रारंभ पर नागरिकता के विशिष्ट आधारों से संबंधित हैं।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 11।
यदि लोकसभा भंग होने की स्थिति में आपातकाल की उद्घोषणा को केवल राज्यसभा द्वारा अनुमोदित किया जाता है, तो नव गठित लोकसभा की पहली बैठक से यह उद्घोषणा कितनी अवधि तक प्रभावी रहेगी?
- 60 दिन
- 14 दिन
- 30 दिन
- 21 दिन
Explanation:
- यदि राष्ट्रीय आपातकाल (अनुच्छेद 352) की उद्घोषणा लोकसभा के भंग होने के दौरान की जाती है और केवल राज्यसभा द्वारा अनुमोदित की जाती है, तो यह नवगठित लोकसभा की पहली बैठक से 30 दिन तक प्रभावी रहेगी – इसके बाद, नई लोकसभा को इसे अनुमोदित करना आवश्यक है।
- सामान्य परिस्थितियों में, आपातकाल को 1 महीने के भीतर दोनों सदनों द्वारा अनुमोदित किया जाना चाहिए।
- अत: सही विकल्प – 30 दिन।
संसदीय अनुमोदनों और संवैधानिक शर्तों के अधीन, अनुच्छेद 356 के अंतर्गत किसी राज्य में राष्ट्रपति शासन अधिकतम कुल कितनी अवधि तक जारी रह सकता है?
- दो वर्ष तक
- एक वर्ष तक
- तीन वर्ष तक
- चार वर्ष तक
Explanation:
- अनुच्छेद 356 (राष्ट्रपति शासन) की अधिकतम अवधि 3 वर्ष हो सकती है – पहले 6 महीने के लिए लागू होता है, फिर संसद द्वारा 6-6 महीने के अंतराल में बढ़ाया जा सकता है, पर अधिकतम 3 वर्ष (यदि राज्य में राष्ट्रीय आपातकाल हो तो 3 वर्ष से अधिक भी बढ़ाया जा सकता है, पर सामान्यतः 3 वर्ष अधिकतम माना जाता है)।
- 44वें संशोधन (1978) ने इसे 1 वर्ष तक सीमित कर दिया था, पर बाद में 3 वर्ष कर दिया गया।
- अत: सही विकल्प – तीन वर्ष तक।
लोक सभा या राज्य विधानसभा के प्रत्येक आम चुनाव से पहले, राष्ट्रपति किसके साथ परामर्श करने के पश्चात क्षेत्रीय आयुक्तों की नियुक्ति कर सकते हैं?
- लोकसभा अध्यक्ष
- भारत के मुख्य न्यायाधीश
- निर्वाचन आयोग
- प्रधानमंत्री
Explanation:
- अनुच्छेद 324 के तहत, राष्ट्रपति, निर्वाचन आयोग (Election Commission) के साथ परामर्श करने के बाद, लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के आम चुनावों से पहले क्षेत्रीय आयुक्तों (Regional Commissioners) की नियुक्ति कर सकता है – यह चुनाव प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए है।
- अत: सही विकल्प – निर्वाचन आयोग।
भारत के संविधान के अनुच्छेद 316 के तहत राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों का नियुक्ति प्राधिकारी ______ होता है।
- राज्य का मुख्यमंत्री
- भारत का राष्ट्रपति
- राज्य का राज्यपाल
- राज्य विधानसभा का अध्यक्ष
Explanation:
- अनुच्छेद 316 के अनुसार, राज्य लोक सेवा आयोग (State Public Service Commission) के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति राज्य के राज्यपाल द्वारा की जाती है (संघ लोक सेवा आयोग – UPSC – के लिए राष्ट्रपति नियुक्त करते हैं)।
- राज्यपाल, राज्य लोक सेवा आयोग के सदस्यों को 6 वर्ष के लिए नियुक्त करते हैं।
- अत: सही विकल्प – राज्य का राज्यपाल।
वित्त आयोग (प्रकीर्ण उपबंध) अधिनियम, 1951 के अनुसार, वित्त आयोग में कौन शामिल होंगे?
- एक अध्यक्ष और दो अन्य सदस्य
- एक अध्यक्ष और आठ अन्य सदस्य
- एक अध्यक्ष और छह अन्य सदस्य
- एक अध्यक्ष और चार अन्य सदस्य
Explanation:
- वित्त आयोग (प्रकीर्ण उपबंध) अधिनियम, 1951 के अनुसार, वित्त आयोग में एक अध्यक्ष और चार अन्य सदस्य होते हैं – कुल 5 सदस्य, जिनकी नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है (अनुच्छेद 280 के तहत)।
- अत: सही विकल्प – एक अध्यक्ष और चार अन्य सदस्य।
संविधान के अनुच्छेद 275 के अंतर्गत, संसद द्वारा राज्यों को सहायता अनुदान के रूप में दी गई धनराशियाँ किस निधि पर प्रभारित की जानी चाहिए?
- भारत का लोक लेखा
- भारत की आकस्मिकता निधि
- भारत की संचित निधि
- राज्य आपातकालीन निधि
Explanation:
- अनुच्छेद 275 के तहत, राज्यों को दी जाने वाली सहायता अनुदान (grants-in-aid) की धनराशियाँ भारत की संचित निधि (Consolidated Fund of India) पर प्रभारित (charged) की जाती हैं – यह अनुदान विशेष रूप से उन राज्यों को दिए जाते हैं जिन्हें वित्तीय सहायता की आवश्यकता होती है।
- अत: सही विकल्प – भारत की संचित निधि।
संसद द्वारा राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक पारित करने के बाद, इसके कानून बनने के लिए अगला अनिवार्य संवैधानिक चरण क्या है?
- राजपत्र में अधिसूचना
- राज्य विधानमंडलों द्वारा अनुसमर्थन
- राष्ट्रपति की सहमति
- सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अनुमोदन
Explanation:
- अनुच्छेद 368 के अनुसार, संविधान संशोधन विधेयक को संसद के दोनों सदनों में विशेष बहुमत से पारित करने के बाद, राष्ट्रपति की सहमति अनिवार्य होती है – राष्ट्रपति की सहमति के बिना कोई संविधान संशोधन अधिनियम नहीं बन सकता (यह एक संवैधानिक आवश्यकता है)।
- DPSP से संबंधित संशोधनों (जैसे 97वाँ) के लिए राज्य अनुसमर्थन की आवश्यकता नहीं होती, पर राष्ट्रपति की सहमति अनिवार्य है।
- अत: सही विकल्प – राष्ट्रपति की सहमति।
संविधान (106वाँ संशोधन) अधिनियम, 2023 के अनुसार, लोकसभा में प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा भरी जाने वाली सीटों का कितना अनुपात महिलाओं के लिए आरक्षित किया जाना है?
- एक-तिहाई सीटें
- आधी सीटें
- एक-चौथाई सीटें
- दो-तिहाई सीटें
Explanation:
- 106वाँ संविधान संशोधन (2023) (महिला आरक्षण अधिनियम) लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा भरी जाने वाली सीटों का एक-तिहाई (33%) महिलाओं के लिए आरक्षित करता है – यह SC/ST सीटों के भीतर भी लागू होगा।
- यह 15 वर्षों के लिए प्रभावी होगा, और नए परिसीमन के बाद लागू होगा।
- अत: सही विकल्प – एक-तिहाई सीटें।
आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (EWS) के लिए आरक्षण को सक्षम बनाने हेतु 103वें संशोधन अधिनियम, 2019 द्वारा संविधान में कौन-से प्रावधान सम्मिलित किए गए थे?
- अनुच्छेद 15(6) और 16(6)
- अनुच्छेद 15(2) और 16(2)
- अनुच्छेद 15(5) और 16(5)
- अनुच्छेद 15(4) और 16(4)
Explanation:
- 103वाँ संविधान संशोधन (2019) ने संविधान में अनुच्छेद 15(6) और 16(6) जोड़े, जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) को 10% आरक्षण प्रदान करते हैं – अनुच्छेद 15(6) – शिक्षण संस्थानों (निजी सहित) में, और अनुच्छेद 16(6) – सरकारी नौकरियों में।
- अनुच्छेद 15(5) – OBC आरक्षण (93वाँ संशोधन), 15(4) और 16(4) – SC/ST आरक्षण के लिए।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 15(6) और 16(6)।
संविधान (101वाँ संशोधन) अधिनियम, 2016 के अंतर्गत, उन मामलों में जहाँ वस्तुओं या सेवाओं की आपूर्ति अंतर्राज्यीय व्यापार या वाणिज्य के दौरान होती है, GST पर कानून बनाने की अनन्य शक्ति किसके पास है?
- संसद
- नीति आयोग
- भारत के राष्ट्रपति
- राज्य विधानमंडल
Explanation:
- 101वाँ संविधान संशोधन (2016) ने GST की शुरुआत की – अंतर्राज्यीय (inter-state) व्यापार या वाणिज्य के दौरान वस्तुओं/सेवाओं की आपूर्ति पर कानून बनाने की अनन्य शक्ति संसद को दी गई है (यह IGST (एकीकृत GST) है, जिसे संसद द्वारा अधिनियमित किया जाता है – राज्य विधानमंडल अंतर-राज्यीय आपूर्ति पर कानून नहीं बना सकते)।
- अत: सही विकल्प – संसद।
प्रत्येक सामान्य निर्वाचन के पश्चात् प्रथम सत्र के आरंभ में और प्रत्येक वर्ष के प्रथम सत्र के आरंभ में राष्ट्रपति द्वारा संसद के दोनों सदनों में दिया जाने वाला विशेष अभिभाषण, भारत के संविधान के निम्नलिखित में से किस अनुच्छेद के अंतर्गत उल्लिखित है?
- अनुच्छेद 85
- अनुच्छेद 86
- अनुच्छेद 88
- अनुच्छेद 87
Explanation:
- अनुच्छेद 87 राष्ट्रपति को प्रत्येक सामान्य निर्वाचन के बाद पहले सत्र की शुरुआत और प्रत्येक वर्ष के पहले सत्र में संसद के दोनों सदनों को संबोधित करने का प्रावधान करता है – इसे ‘राष्ट्रपति का अभिभाषण’ कहा जाता है।
- अनुच्छेद 85 – सत्रावसान, 86 – राष्ट्रपति को संदेश, 88 – मंत्रियों के अधिकार।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 87।
भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त का कार्यकाल क्या होता है?
- छह साल का कार्यकाल या 70 वर्ष की आयु तक, जो पहले हो।
- चार साल का कार्यकाल या 60 वर्ष की आयु तक, जो पहले हो।
- पाँच साल का कार्यकाल या 65 वर्ष की आयु तक, जो पहले हो।
- छह साल का कार्यकाल या 65 वर्ष की आयु तक, जो पहले हो।
Explanation:
- मुख्य चुनाव आयुक्त (Chief Election Commissioner – CEC) का कार्यकाल 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक, जो भी पहले हो (अनुच्छेद 324(5)) – यह संवैधानिक प्रावधान है, जो चुनाव आयोग की स्वतंत्रता सुनिश्चित करता है।
- अत: सही विकल्प – छह साल का कार्यकाल या 65 वर्ष की आयु तक, जो पहले हो।
वर्तमान परिसर से पहले, भारत का उच्चतम न्यायालय कहाँ से संचालित किया जाता था?
- दिल्ली के उच्च न्यायालय से
- संसद भवन से
- राष्ट्रपति आवास से
- लाल किले से
Explanation:
- भारत का उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) 28 जनवरी 1950 को स्थापित हुआ था – इसके वर्तमान परिसर (तिलक मार्ग, नई दिल्ली) से पहले, यह संसद भवन (Parliament Building) से संचालित होता था (क्योंकि उस समय उच्चतम न्यायालय के लिए अलग भवन नहीं था – यह 1958 में वर्तमान भवन में स्थानांतरित हुआ)।
- अत: सही विकल्प – संसद भवन से।
भारतीय संविधान के निम्नलिखित में से किस अनुच्छेद में भाग XX है जो संविधान में संशोधन करने और उसकी प्रक्रियाओं के लिए संसद की शक्तियों से संबंधित है?
- अनुच्छेद 393
- अनुच्छेद 395
- अनुच्छेद 368
- अनुच्छेद 367
Explanation:
- अनुच्छेद 368 भाग XX में है, जो संविधान में संशोधन करने और उसकी प्रक्रियाओं के लिए संसद की शक्तियों से संबंधित है – यह संविधान संशोधन का मूल प्रावधान है, जिसमें विधेयक को पारित करने, राष्ट्रपति की सहमति, और विशेष परिस्थितियों में राज्यों के अनुसमर्थन की प्रक्रिया निर्दिष्ट है।
- अनुच्छेद 393 – संविधान की समाप्ति (नहीं), 395 – संविधान द्वारा पिछले अधिनियमों का निरसन, 367 – व्याख्या।
- अत: सही विकल्प – अनुच्छेद 368।
राष्ट्रीय बांस मिशन _____ मंत्रालय की प्रायोजित योजना है।
- रसायन एवं उर्वरक
- पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन
- जल संसाधन मंत्रालय
- कृषि एवं किसान कल्याण
Explanation:
- राष्ट्रीय बांस मिशन (National Bamboo Mission – NBM) कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय (Ministry of Agriculture and Farmers Welfare) की एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जो बांस की खेती, प्रसंस्करण, उत्पादन और विपणन को बढ़ावा देती है – यह 2018 में शुरू किया गया था (हालाँकि पहले 2006 में एक अलग NBM था, पर वर्तमान में यह कृषि मंत्रालय के अधीन है)।
- पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन – वनों से संबंधित नीतियाँ, पर बांस मिशन कृषि मंत्रालय के तहत आता है (क्योंकि बांस को कृषि फसल माना गया है)।
- अत: सही विकल्प – कृषि एवं किसान कल्याण।
भारतीय मूल के व्यक्ति के लिए भारतीय नागरिक के रूप में पंजीकरण के लिए पात्र होने के लिए भारतीय संविधान द्वारा आवश्यक न्यूनतम निवास की अवधि क्या है?
- 10 वर्ष
- 5 वर्ष
- 2 वर्ष
- 7 वर्ष
Explanation:
- नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 5(1)(f) के अनुसार, भारतीय मूल के व्यक्ति (Person of Indian Origin – PIO) के लिए भारतीय नागरिक के रूप में पंजीकरण के लिए, उसे पंजीकरण के लिए आवेदन से पहले 7 वर्ष भारत में निवासी होना चाहिए (हालाँकि, सामान्य विदेशी नागरिकों के लिए यह अवधि 12 वर्ष हो सकती है, पर PIO के लिए 7 वर्ष न्यूनतम है – अनुच्छेद 5(1) के अनुसार, 5 वर्ष सामान्य निवास के लिए है, पर पंजीकरण के लिए यह 7 वर्ष है)।
- अत: सही विकल्प – 7 वर्ष।
1956 में पारित राज्य पुनर्गठन अधिनियम के बाद कितने केंद्र शासित प्रदेश बनाए गए थे?
- 4
- 7
- 5
- 6
Explanation:
- 1956 का राज्य पुनर्गठन अधिनियम (States Reorganisation Act), जो राज्य पुनर्गठन आयोग (फजल अली आयोग) की सिफारिशों पर लागू हुआ, ने राज्यों को भाषाई आधार पर पुनर्गठित किया – इसके बाद 6 केंद्र शासित प्रदेश (Union Territories) बनाए गए: दिल्ली, हिमाचल प्रदेश (बाद में राज्य बना), मणिपुर (बाद में राज्य), त्रिपुरा (बाद में राज्य), अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप (तब लक्षद्वीप-मिनिकॉय, बाद में) – कुल 6 UT बने थे।
- अत: सही विकल्प – 6।
