SCIENCE
परमाणु संख्या को परमाणु के नाभिक में उपस्थित ——— की कुल संख्या के रूप में परिभाषित किया जाता है।
- केवल न्यूट्रॉन
- केवल प्रोटॉन
- प्रोटॉन और न्यूट्रॉन
- न्यूट्रॉन और आधे प्रोटॉन
Explanation:
- किसी तत्व की परमाणु संख्या (Atomic Number) उसके परमाणु के नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों की कुल संख्या के बराबर होती है।
- इसे सामान्यतः Z से प्रदर्शित किया जाता है।
- उदासीन परमाणु में प्रोटॉन और इलेक्ट्रॉन की संख्या समान होती है।
हवा में ध्वनि तरंगें अनुदैर्ध्य होती है क्योंकि———-
- कण अनियमित रूप से गति करते हैं
- वायु के अणु कंपन नहीं करते
- कण संचरण की दिशा के लंबवत गति करते हैं
- कण संचरण की दिशा में गति करते हैं
Explanation:
- वायु में ध्वनि अनुदैर्ध्य तरंग (Longitudinal Wave) के रूप में संचरित होती है।
- इसमें माध्यम के कण तरंग के संचरण की दिशा के समानांतर कंपन करते हैं।
- इसके कारण वायु में संपीड़न (Compression) और विरलन (Rarefaction) बनते हैं।
संयोजी ऊतक में कोशिकाओं की एक-दूसरे के सापेक्ष संबन्धित स्थिति क्या होती है?
- ढीला बंधा हुआ (Loosely packed)
- कसकर भरा हुआ (Tightly packed)
- एक के ऊपर एक (One above the other)
- एक दूसरे से बहुत दूर (Far away from each other)
Explanation:
- संयोजी ऊतक (Connective Tissue) में कोशिकाएँ सामान्यतः एक-दूसरे से ढीली बंधी हुई होती हैं।
- इन कोशिकाओं के बीच अंतरकोशिकीय पदार्थ (Intercellular Matrix) पाया जाता है।
- संयोजी ऊतक शरीर के विभिन्न अंगों को जोड़ने, सहारा देने और सुरक्षा प्रदान करने का कार्य करता है।
एक कार 50 km h⁻¹ की औसत चाल से 100 km की यात्रा करती है और तुरंत उसी मार्ग से 1 घंटे में दूरी तय करके वापस आती है। पूरी यात्रा के लिए कार की औसत चाल m s⁻¹ में कितनी है?
- 20.0 m s⁻¹
- 18.52 m s⁻¹
- 16.67 m s⁻¹
- 13.9 m s⁻¹
Explanation:
- पहली यात्रा की दूरी = 100 km और चाल = 50 km h⁻¹। इसलिए पहली यात्रा का समय = 100 ÷ 50 = 2 घंटे।
- वापसी की दूरी = 100 km और समय = 1 घंटा।
- कुल दूरी = 100 + 100 = 200 km और कुल समय = 2 + 1 = 3 घंटे।
- औसत चाल = 200 ÷ 3 = 66.67 km h⁻¹।
- 1 km h⁻¹ = 5/18 m s⁻¹, इसलिए 66.67 × 5/18 ≈ 18.52 m s⁻¹।
धातुओं के संक्षारण को रोकने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सी विधि प्रभावी नहीं है?
- नमी के संपर्क में आना
- पेंटिंग
- उत्सर्गी ऐनोड लगाना
- गैल्वनीकरण
Explanation:
- नमी के संपर्क में आना संक्षारण को रोकने के बजाय उसे बढ़ावा देता है।
- धातुओं का संक्षारण (Corrosion) सामान्यतः ऑक्सीजन और नमी की उपस्थिति में तेजी से होता है।
- पेंटिंग धातु की सतह को नमी और ऑक्सीजन से अलग करती है।
- गैल्वनीकरण (Galvanization) में लोहे या इस्पात पर जिंक की परत चढ़ाई जाती है, जिससे संक्षारण से सुरक्षा मिलती है।
तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल की सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट के साथ अभिक्रिया करने पर निम्नलिखित में से कौन-सी गैस निकलती है?
- कार्बन डाइऑक्साइड
- नाइट्रोजन
- ऑक्सीजन
- हाइड्रोजन
Explanation:
- सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट (NaHCO3) की तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) से अभिक्रिया में कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) गैस निकलती है।
- अभिक्रिया: NaHCO3 + HCl → NaCl + H2O + CO2↑
- इस अभिक्रिया में गैस के बुलबुले निकलते हुए दिखाई देते हैं, जो CO2 के बनने का संकेत हैं।
निम्नलिखित में से कौन-सा जीव द्विविखंडन (binary fission) विधि द्वारा प्रजनन करता है?
- तितली
- गुलाब का पौधा
- नीम का पौधा
- लीशमेनिया
Explanation:
- लीशमेनिया (Leishmania) एक एककोशिकीय जीव है जो द्विविखंडन (Binary Fission) द्वारा अलैंगिक प्रजनन करता है।
- द्विविखंडन में एक कोशिका विभाजित होकर दो संतति कोशिकाएँ बनाती है।
- लीशमेनिया में विभाजन एक निश्चित दिशा में होता है, जो इसकी विशिष्ट आकृति से संबंधित है।
निम्नलिखित में से कौन-सी लोकप्रिय समुद्री मछली की किस्म भारत में पाई जाती है?
- मृगल (Mrigal)
- पॉम्फेट (Pomfret)
- रोहू (Rohu)
- कतला (Catla)
Explanation:
- पॉम्फेट (Pomfret) भारत में पाई जाने वाली एक लोकप्रिय समुद्री मछली है।
- भारत के समुद्री तटों पर विभिन्न प्रकार की पॉम्फेट मछलियाँ पाई जाती हैं।
- रोहू, कतला और मृगल मुख्य रूप से मीठे पानी की प्रमुख मछलियाँ हैं और भारतीय मत्स्य पालन में महत्वपूर्ण हैं।
निम्नलिखित में से कौन-सा पर्यावरणीय संकेत कुछ सरीसृपों में निषेचित अंडे के लिंग का निर्धारण करता है?
- वायु वेग
- जल
- तापमान
- स्पर्श
Explanation:
- कुछ सरीसृपों में अंडे के विकास के दौरान तापमान (Temperature) लिंग निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
- इसे तापमान-निर्भर लिंग निर्धारण (Temperature-dependent Sex Determination) कहा जाता है।
- कछुए और मगरमच्छ जैसे कुछ सरीसृपों में ऊष्मायन तापमान संतति के लिंग को प्रभावित कर सकता है।
1.5 C का आवेश विभवांतर से होकर गुजरता है। यदि किया गया कार्य 30 J है, तो दोनों बिंदुओं के बीच विभवांतर कितना होगा?
- 45 V
- 25 V
- 20 V
- 30 V
Explanation:
- विद्युत विभवांतर का सूत्र है: V = W ÷ Q
- यहाँ W = 30 J और Q = 1.5 C है।
- अतः V = 30 ÷ 1.5 = 20 V।
- इसलिए दोनों बिंदुओं के बीच विभवांतर 20 V है।
निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प जंतुओं में अनॉक्सी श्वसन के अंतिम उत्पाद को निरूपित करता है?
- ऑक्सीजन
- ग्लूकोज़
- लैक्टिक अम्ल
- कार्बन मोनोऑक्साइड
Explanation:
- जंतुओं की मांसपेशियों में ऑक्सीजन की कमी होने पर अनॉक्सी श्वसन (Anaerobic Respiration) हो सकता है।
- इस प्रक्रिया में ग्लूकोज़ का अपघटन होकर लैक्टिक अम्ल और ऊर्जा बनती है।
- लैक्टिक अम्ल के संचय से मांसपेशियों में थकान और दर्द महसूस हो सकता है।
यदि किसी सतह पर लगने वाला प्रणोद स्थिर है लेकिन संपर्क क्षेत्र घटता है, तो दाब ।
- बढ़ता है
- शून्य हो जाता है
- वही रहता है
- घटता है
Explanation:
- दाब का सूत्र है: P = F ÷ A।
- यदि प्रणोद या बल F स्थिर रहता है और संपर्क क्षेत्रफल A घटता है, तो दाब बढ़ जाता है।
- इसी कारण नुकीली वस्तु समान बल पर अधिक दाब उत्पन्न करती है।
यदि कोई पिंड किसी ऊंचाई से स्वतंत्र रूप से गिरता है, तो उसकी स्थितिज ऊर्जा में परिवर्तित हो जाती है।
- रासायनिक ऊर्जा
- गतिज ऊर्जा
- ध्वनि ऊर्जा
- तापीय ऊर्जा
Explanation:
- ऊँचाई पर स्थित पिंड में गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy) होती है।
- पिंड के स्वतंत्र रूप से गिरने पर उसकी स्थितिज ऊर्जा धीरे-धीरे गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) में बदलती है।
- वायु प्रतिरोध की उपेक्षा करने पर कुल यांत्रिक ऊर्जा संरक्षित रहती है।
गोली चलाने पर बंदूक पीछे की ओर धक्का देती है। बंदूक की पश्च गति का कारण क्या है?
- बंदूक पर गोली का प्रतिक्रिया बल
- बंदूक और व्यक्ति के बीच घर्षण
- वायु प्रतिरोध
- बंदुक पर कार्यरत गुरुत्वाकर्षण
Explanation:
- गोली आगे की ओर तीव्र गति से निकलती है, जिसके कारण बंदूक पीछे की ओर गति करती है।
- यह घटना न्यूटन के तृतीय गति नियम (Newton’s Third Law of Motion) का उदाहरण है।
- गोली बंदूक पर पीछे की ओर प्रतिक्रिया बल लगाती है, जिसके कारण बंदूक पीछे हटती है।
- इसे पश्चगमन (Recoil) कहा जाता है।
नीचे दिए गए कथनों को पढ़िए और सही विकल्प चुनिए।
कथन I: जिंक कॉपर सल्फेट विलयन से कॉपर को विस्थापित करता है, लेकिन कॉपर, जिंक सल्फेट विलयन से जिंक को विस्थापित नहीं कर सकता। कथन II: अभिक्रियाशीलता श्रेणी में जिंक, कॉपर से अधिक अभिक्रियाशील है।
- दोनों कथन सही हैं, तथा कथन II कथन I की सही व्याख्या करता है।
- दोनों कथन सही हैं, लेकिन कथन II कथन I की व्याख्या नहीं करता है।
- केवल कथन I सही है।
- केवल कथन II सही है।
Explanation:
- जिंक (Zn), कॉपर (Cu) से अधिक अभिक्रियाशील है और अभिक्रियाशीलता श्रेणी में कॉपर से ऊपर स्थित होता है।
- इसलिए जिंक, कॉपर सल्फेट विलयन से कॉपर को विस्थापित कर सकता है: Zn + CuSO4 → ZnSO4 + Cu।
- इसके विपरीत कॉपर, जिंक से कम अभिक्रियाशील होने के कारण जिंक सल्फेट से जिंक को विस्थापित नहीं कर सकता।
- अतः दोनों कथन सही हैं और कथन II, कथन I की सही व्याख्या करता है।
कार्बन-13 समस्थानिक का परमाण्विक द्रव्यमान कितना है?
- 13 amu
- 14 amu
- 12 amu
- 11 amu
Explanation:
- कार्बन-13 (Carbon-13) कार्बन का एक समस्थानिक है।
- इसके नाभिक में 6 प्रोटॉन और 7 न्यूट्रॉन होते हैं।
- इसकी द्रव्यमान संख्या = 6 + 7 = 13 होती है।
- इसलिए इसका परमाण्विक द्रव्यमान लगभग 13 amu माना जाता है।
एक अवतल लेंस किसी वस्तु के आकार का एक-तिहाई प्रतिबिंब बनाता है। यदि फोकस दूरी 12 cm है, तो वस्तु की दूरी कितनी होगी?
- 24 cm
- 12 cm
- 18 cm
- 36 cm
Explanation:
- अवतल लेंस द्वारा बनने वाला प्रतिबिंब आभासी, सीधा और छोटा होता है। यहाँ आवर्धन m = 1/3 है।
- लेंस सूत्र: 1/f = 1/v − 1/u और आवर्धन: m = v/u।
- अवतल लेंस के लिए f = −12 cm और v = u/3 होगा।
- अतः 1/(−12) = 3/u − 1/u = 2/u
- इससे u = −24 cm प्राप्त होता है। अतः वस्तु की दूरी का परिमाण 24 cm है।
- सही उत्तर: 24 cm। दिए गए मूल प्रश्न में 36 cm को सही विकल्प के रूप में चिह्नित किया गया था, जो गणना के अनुसार गलत है।
पादपों में लैंगिक जनन हेतु क्या आवश्यकता होती है?
- परागण की आवश्यकता को समाप्त करना
- बेहतर अनुकूलन के लिए आनुवंशिक विभेद को बढ़ाना
- समरूप एकपुंजक बनाना
- पुष्पों की वृद्धि न होने देना
Explanation:
- पादपों में लैंगिक जनन (Sexual Reproduction) से नर और मादा युग्मकों का संलयन होता है।
- इस प्रक्रिया में आनुवंशिक पदार्थ का पुनर्संयोजन होने के कारण आनुवंशिक विविधता (Genetic Variation) बढ़ती है।
- आनुवंशिक विविधता बदलते पर्यावरण में पौधों के बेहतर अनुकूलन में सहायता करती है।
निम्नलिखित में से कौन-सा कोशिका अंगक, जीवन की क्रियाकलापों के लिए आवश्यक एडेनोसिन ट्राइफॉस्फेट (Adenosine Tri Phosphate – ATP) अणु का मोचन करता है?
- लयनकाय (Lysosomes)
- गॉल्जी उपकरण (Golgi apparatus)
- सूत्रकणिका (Mitochondria)
- रसधानी (Vacuoles)
Explanation:
- सूत्रकणिका (Mitochondria) को कोशिका का पावरहाउस (Powerhouse of the Cell) कहा जाता है।
- यह कोशिकीय श्वसन के दौरान भोजन से प्राप्त ऊर्जा का उपयोग करके ATP का निर्माण करती है।
- ATP कोशिका की विभिन्न जीवन-क्रियाओं के लिए ऊर्जा का प्रमुख स्रोत है।
धारावाही वृत्ताकार लूप के केंद्र पर चुंबकीय क्षेत्र के अनुक्रमानुपाती होता है।
- वृत्ताकार लूप की त्रिज्या के वर्ग
- लूप से प्रवाहित धारा
- लूप से प्रवाहित धारा के वर्ग
- लूप से प्रवाहित धारा के व्युत्क्रम
Explanation:
- धारावाही वृत्ताकार लूप के केंद्र पर चुंबकीय क्षेत्र का परिमाण B = μ₀I ÷ 2R होता है।
- इससे स्पष्ट है कि चुंबकीय क्षेत्र धारा I के अनुक्रमानुपाती होता है।
- अर्थात् धारा बढ़ाने पर लूप के केंद्र पर चुंबकीय क्षेत्र भी बढ़ता है।
- साथ ही, चुंबकीय क्षेत्र लूप की त्रिज्या R के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
अभिक्रियाशीलता श्रृंखला, जिसे सक्रियता श्रृंखला के रूप में भी जाना जाता है, धातुओं की एक सूची है जो उनकी के क्रम में व्यवस्थित होती है।
- बढ़ती अभिक्रियाशीलता
- पहले बढ़ती अभिक्रियाशीलता, फिर घटती अभिक्रियाशीलता
- घटती अभिक्रियाशीलता
- पहले घटती अभिक्रियाशीलता, फिर बढ़ती अभिक्रियाशीलता
Explanation:
- अभिक्रियाशीलता श्रृंखला (Reactivity Series) धातुओं को उनकी रासायनिक अभिक्रियाशीलता के आधार पर व्यवस्थित करती है।
- इसमें अधिक अभिक्रियाशील धातु ऊपर और कम अभिक्रियाशील धातु नीचे होती है।
- इसलिए धातुओं को सामान्यतः घटती अभिक्रियाशीलता के क्रम में व्यवस्थित किया जाता है।
- उदाहरण: K > Na > Ca > Mg > Al > Zn > Fe > Pb > H > Cu।
उस स्थान का नाम क्या है जहाँ व्यावसायिक शहद उत्पादन के लिए मधुमक्खियों को रखा जाता है?
- एक्वेरियम (Aquarium)
- एवियरी (Aviary)
- एपिअरी (Apiary)
- सेक्चुअरी (Sanctuary)
Explanation:
- एपिअरी (Apiary) वह स्थान है जहाँ मधुमक्खियों की कॉलोनियों को पाला और रखा जाता है।
- एपिअरी में मधुमक्खियों को मुख्यतः शहद और अन्य मधुमक्खी उत्पादों के व्यावसायिक उत्पादन के लिए रखा जाता है।
- मधुमक्खी पालन को एपिकल्चर (Apiculture) या मधुमक्खी पालन कहा जाता है।
द्रव्यमान संरक्षण का नियम क्या वर्णन करता है?
- रासायनिक अभिक्रिया में दाब को न तो निर्मित किया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है
- रासायनिक अभिक्रिया में आयतन को न तो निर्मित किया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है
- रासायनिक अभिक्रिया में तापमान को न तो निर्मित किया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है
- रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान को न तो निर्मित किया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है
Explanation:
- द्रव्यमान संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Mass) के अनुसार रासायनिक अभिक्रिया में कुल द्रव्यमान न तो उत्पन्न होता है और न ही नष्ट होता है।
- अभिक्रिया के पहले अभिकारकों का कुल द्रव्यमान और अभिक्रिया के बाद उत्पादों का कुल द्रव्यमान समान रहता है।
- यह नियम एंटोनी लैवॉज़ियर (Antoine Lavoisier) से संबंधित है।
लेंसों के लिए चिह्न परिपाटी में, सभी दूरियां से मापी जाती हैं।
- लेंस के ध्रुव
- लेंस के फोकस
- लेंस के प्रकाशिक केंद्र
- केवल मुख्य अक्ष
Explanation:
- लेंसों के लिए कार्तीय चिह्न परिपाटी (Cartesian Sign Convention) में सभी दूरियाँ लेंस के प्रकाशिक केंद्र (Optical Centre) से मापी जाती हैं।
- मुख्य अक्ष पर प्रकाशिक केंद्र से दाईं ओर की दूरियाँ सामान्यतः धनात्मक और बाईं ओर की दूरियाँ ऋणात्मक मानी जाती हैं।
- इसी चिह्न परिपाटी का उपयोग लेंस सूत्र और आवर्धन के प्रश्नों को हल करने में किया जाता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा यौगिक असंतृप्त है?
- प्रोपीन
- प्रोपेन
- ब्यूटेन
- मेथेन
Explanation:
- प्रोपीन (Propene) एक असंतृप्त हाइड्रोकार्बन है क्योंकि इसमें कार्बन-कार्बन के बीच द्विबंध (C=C) उपस्थित होता है।
- प्रोपीन का आणविक सूत्र C3H6 है।
- असंतृप्त हाइड्रोकार्बन में कार्बन परमाणुओं के बीच कम-से-कम एक द्विबंध या त्रिबंध होता है।
- प्रोपेन, ब्यूटेन और मेथेन संतृप्त हाइड्रोकार्बन हैं क्योंकि इनमें केवल एकल बंध पाए जाते हैं।
MATHS
लेमन चॉकलेट और स्ट्रॉबेरी चॉकलेट की इकाई कीमतों का अनुपात 28:26 है और एक परिवार इनका उपभोग मात्रा के आधार पर 15:14 के अनुपात में करता है। स्ट्रॉबेरी चॉकलेट पर व्यय और लेमन चॉकलेट पर व्यय का अनुपात ज्ञात कीजिए।
- 15:17
- 13:15
- 12:21
- 10:21
स्पष्टीकरण:
इकाई कीमतों का अनुपात (लेमन : स्ट्रॉबेरी) = 28 : 26 = 14 : 13
उपभोग मात्रा का अनुपात (लेमन : स्ट्रॉबेरी) = 15 : 14
व्यय = कीमत × उपभोग मात्रा
लेमन पर व्यय = $14 \times 15 = 210$
स्ट्रॉबेरी पर व्यय = $13 \times 14 = 182$
स्ट्रॉबेरी पर व्यय और लेमन पर व्यय का अनुपात = $182 : 210 = 91 : 105 = 13 : 15$
एक पाइप एक टैंक को 6 मिनट में भर सकता है जबकि दूसरा पाइप पूरी तरह से भरे टैंक को 12 मिनट में खाली कर सकता है। यदि टैंक खाली होने पर दोनों पाइप एक साथ खोल दिए जाएँ, तो टैंक का एक-चौथाई भाग भरने में कितने मिनट लगेंगे?
- 6
- 3
- 9
- 12
स्पष्टीकरण:
पहले पाइप का 1 मिनट का कार्य = $\frac{1}{6}$
दूसरे पाइप का 1 मिनट का कार्य = $-\frac{1}{12}$
दोनों द्वारा 1 मिनट में किया गया कुल कार्य = $\frac{1}{6} – \frac{1}{12} = \frac{1}{12}$
पूरा टैंक भरने में लगा समय = 12 मिनट
टैंक का एक-चौथाई भाग भरने में लगा समय = $\frac{1}{4} \times 12 = 3$ मिनट
एक समद्विबाहु त्रिभुज की दो बराबर भुजाओं में से प्रत्येक की लंबाई 78 cm है और इसके आधार की लंबाई 60 cm है। त्रिभुज का क्षेत्रफल (cm² में) ज्ञात कीजिए।
- 2165
- 2160
- 2175
- 2158
स्पष्टीकरण:
बराबर भुजाएँ $a = 78$ cm, आधार $b = 60$ cm
त्रिभुज की ऊँचाई $h = \sqrt{a^2 – (b/2)^2} = \sqrt{78^2 – 30^2} = \sqrt{(78-30)(78+30)} = \sqrt{48 \times 108} = \sqrt{16 \times 3 \times 36 \times 3} = 4 \times \sqrt{3} \times 6 \times \sqrt{3} = 72$ cm
क्षेत्रफल = $\frac{1}{2} \times \text{आधार} \times \text{ऊँचाई} = \frac{1}{2} \times 60 \times 72 = 30 \times 72 = 2160 \text{ cm}^2$
₹3,500 की राशि पर साधारण ब्याज कितना होगा, यदि पहले 6 वर्षों के लिए ब्याज दर 8% वार्षिक है और अंतिम 3 वर्षों के लिए 3% वार्षिक है?
- ₹1,995
- ₹2,025
- ₹2,015
- ₹1,955
स्पष्टीकरण:
मूलधन $P = 3500$
पहले 6 वर्षों का ब्याज = $\frac{3500 \times 8 \times 6}{100} = 35 \times 48 = 1680$
अंतिम 3 वर्षों का ब्याज = $\frac{3500 \times 3 \times 3}{100} = 35 \times 9 = 315$
कुल साधारण ब्याज = $1680 + 315 = 1995$
जॉन और जेम्स की आयु का अनुपात 8 वर्ष बाद 8:7 होगा। यदि उनकी आयु के बीच का अंतर 5 वर्ष है, तो जेम्स की वर्तमान आयु ज्ञात कीजिए।
- 32 वर्ष
- 27 वर्ष
- 35 वर्ष
- 28 वर्ष
स्पष्टीकरण:
आयु का अंतर हमेशा समान रहता है (5 वर्ष)।
8 वर्ष बाद अनुपात = $8 : 7$, अनुपात का अंतर = $8 – 7 = 1$ इकाई
1 इकाई = 5 वर्ष
8 वर्ष बाद जेम्स की आयु = $7 \times 5 = 35$ वर्ष
जेम्स की वर्तमान आयु = $35 – 8 = 27$ वर्ष
1195 m-लंबी रेलगाड़ी 23 m/s की चाल से चल रही है। यदि उसे एक सुरंग पार करने में 72 सेकंड लगते हैं, तो सुरंग की लंबाई ज्ञात कीजिए।
- 461 m
- 454 m
- 452 m
- 462 m
स्पष्टीकरण:
तय की गई कुल दूरी = चाल $\times$ समय = $23 \times 72 = 1656$ m
सुरंग की लंबाई = कुल दूरी – रेलगाड़ी की लंबाई = $1656 – 1195 = 461$ m (विकल्प निकटतम मान 462 m के अनुरूप)
1,200 सैनिकों की एक फौज के पास 12 दिनों का रसद है। यदि फौज में सैनिकों की संख्या बढ़कर 1,800 कर दी जाए, तो रसद कितने दिनों तक चलेगी?
- 8
- 9
- 7
- 10
स्पष्टीकरण:
कुल रसद = $1200 \times 12 = 14400$ सैनिक-दिन
नये सैनिकों की संख्या = 1800
दिनों की संख्या = $\frac{14400}{1800} = 8$ दिन
सीमा ने एक माइक्रोवेव ओवन ₹7,500 में खरीदा और उसे ₹8,750 में बेच दिया। सीमा का लाभ प्रतिशत ज्ञात कीजिए। (अपने उत्तर को दो दशमलव स्थानों तक पूर्णांकित कीजिए।)
- 18.67%
- 16.33%
- 14.23%
- 16.67%
स्पष्टीकरण:
क्रय मूल्य (CP) = ₹7500, विक्रय मूल्य (SP) = ₹8750
लाभ = $8750 – 7500 = 1250$
लाभ % = $\frac{1250}{7500} \times 100 = \frac{50}{3} = 16.67\%$
2 पुरुष या 9 महिलाएं किसी कार्य को 9 दिनों में पूरा कर सकते हैं। 2 पुरुष 5 दिन कार्य करके चले जाते हैं। शेष कार्य को 9 दिनों में पूरा करने के लिए आवश्यक महिलाओं की संख्या ज्ञात कीजिए।
- 7
- 6
- 4
- 3
स्पष्टीकरण:
$2M \times 9 = 9W \times 9 \implies 2M = 9W$
कुल कार्य = $2M \times 9 = 18$ पुरुष-दिन
2 पुरुषों द्वारा 5 दिन में किया गया कार्य = $2 \times 5 = 10$ पुरुष-दिन
शेष कार्य = $18 – 10 = 8$ पुरुष-दिन = $4 \times (2M) = 4 \times 9W = 36$ महिला-दिन
9 दिनों में पूरा करने के लिए आवश्यक महिलाओं की संख्या = $\frac{36}{9} = 4$
निम्नलिखित आँकड़ों का बहुलक (दशमलव के दो स्थानों तक पूर्णांकित) ज्ञात कीजिए।
अंक: 4-8, 8-12, 12-16, 16-20, 20-24, 24-28, 28-32, 32-36 | विद्यार्थी: 9, 12, 18, 34, 26, 20, 12, 7
- 24.67
- 18.67
- 20.67
- 22.67
स्पष्टीकरण:
बहुलक वर्ग 16-20 है जिसकी बारंबारता सबसे अधिक (34) है।
सूत्र: $\text{Mode} = l + \left(\frac{f_1 – f_0}{2f_1 – f_0 – f_2}\right) \times h$
यहाँ $l = 16, f_1 = 34, f_0 = 18, f_2 = 26, h = 4$
$\text{Mode} = 16 + \frac{34 – 18}{68 – 18 – 26} \times 4 = 16 + \frac{16}{24} \times 4 = 16 + 2.67 = 18.67$ (मानक सूत्र के अनुसार)
एक वस्तु का अंकित मूल्य उसके क्रय मूल्य से 51% अधिक निर्धारित किया गया है। यदि व्यापारी उस वस्तु को अंकित मूल्य से 8% कम पर बेचता है, तो उसका लाभ प्रतिशत (दशमलव के 1 स्थान तक पूर्णांकित) ज्ञात कीजिए।
- 36.8%
- 42.4%
- 38.9%
- 42.9%
स्पष्टीकरण:
माना क्रय मूल्य (CP) = ₹100
अंकित मूल्य (MP) = ₹151
विक्रय मूल्य (SP) = $151 \times (1 – 0.08) = 151 \times 0.92 = 138.92$
लाभ % = $138.92 – 100 = 38.92\% \approx 38.9\%$
यदि एक संख्या के 5/9 का 40% का 30%, 704 है, तो वह संख्या ज्ञात कीजिए।
- 13,420
- 10,560
- 10,540
- 10,960
स्पष्टीकरण:
माना संख्या $x$ है।
$x \times \frac{5}{9} \times \frac{40}{100} \times \frac{30}{100} = 704$
$x \times \frac{1}{15} = 704 \implies x = 704 \times 15 = 10560$
तीन संख्याओं का योग 4512 है। यदि पहली और दूसरी संख्या के बीच अनुपात 16:9 है तथा दूसरी और तीसरी संख्या के बीच अनुपात 15:21 है, तो पहली और तीसरी संख्या के बीच अंतर ज्ञात कीजिए।
- 408
- 480
- 389
- 398
स्पष्टीकरण:
$A : B = 16 : 9$, $B : C = 15 : 21 = 5 : 7$
$A : B : C = (16 \times 5) : (9 \times 5) : (7 \times 9) = 80 : 45 : 63$
कुल अनुपात योग = $80 + 45 + 63 = 188$
1 इकाई = $\frac{4512}{188} = 24$
पहली और तीसरी संख्या का अंतर = $80 – 63 = 17$ इकाई $\implies 17 \times 24 = 408$
रमन की आय ₹25,000 है। वह अपनी आय के 25.5% की बचत करता है। यदि उसकी आय में 20% और व्यय में 40% की वृद्धि होती है, तो उसकी बचत में होगी।
- ₹2,452 की कमी
- ₹2,446 की वृद्धि
- ₹2,453 की वृद्धि
- ₹2,450 की कमी
स्पष्टीकरण:
प्रारंभिक आय = ₹25,000, बचत = 25.5% of ₹25,000 = ₹6,375, व्यय = ₹18,625
नई आय = ₹25,000 × 1.20 = ₹30,000
नया व्यय = ₹18,625 × 1.40 = ₹26,075
नई बचत = ₹30,000 − ₹26,075 = ₹3,925
बचत में परिवर्तन = ₹3,925 − ₹6,375 = −₹2,450 (₹2,450 की कमी)
R, ₹2 और ₹5 के सिक्कों से ₹20 का भुगतान करता है। यदि भुगतान में प्रत्येक मूल्यवर्ग का कम से कम एक सिक्का इस्तेमाल किया जाता है, तो इस्तेमाल किए गए ₹2 के सिक्कों की संख्या है।
- 4
- 5
- 8
- 10
स्पष्टीकरण:
माना ₹2 के सिक्कों की संख्या $y = 5$ है।
मूल्य = $2 \times 5 = 10$
शेष राशि = $20 – 10 = 10$ (जिसे ₹1 और ₹5 के सिक्कों से इस प्रकार भरा जाए कि $z \ge 1$, यदि $z=1$ तो ₹5, और ₹1 के 5 सिक्के)।
अतः ₹2 के सिक्कों की संख्या 5 है।
यदि ₹758 अंकित मूल्य वाली एक वस्तु को ₹256 में बेचा जाता है, तो छूट प्रतिशत कितना होगा? (अपने उत्तर को दशमलव के दो स्थानों तक पूर्णांकित करें)
- 68.31%
- 66.23%
- 68.01%
- 68.94%
स्पष्टीकरण:
छूट = $758 – 256 = 502$
छूट % = $\frac{502}{758} \times 100 \approx 66.23\%$
43 विद्यार्थियों की एक कक्षा ने भौतिकी की परीक्षा दी। 10 विद्यार्थियों का औसत स्कोर 99 था। अन्य विद्यार्थियों का औसत स्कोर 55 था। पूरी कक्षा का औसत स्कोर (एक दशमलव स्थान तक पूर्णांकित) कितना है?
- 74.8
- 66.8
- 65.2
- 67.5
स्पष्टीकरण:
कुल योग = $(10 \times 99) + (33 \times 55) = 990 + 1815 = 2805$
पूरी कक्षा का औसत = $\frac{2805}{43} \approx 65.2$
एक चतुर्भुज के शीर्ष A(2,3), B(5,7), C(10,6) और D(7,2) हैं। चतुर्भुज ABCD का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
- 23 वर्ग इकाई
- 25 वर्ग इकाई
- 21 वर्ग इकाई
- 28 वर्ग इकाई
स्पष्टीकरण:
निर्देशांक ज्यामिति के शूलेस सूत्र (Shoelace formula) से:
$\text{Area} = \frac{1}{2} |(2(7) + 5(6) + 10(2) + 7(3)) – (3(5) + 7(10) + 6(7) + 2(2))| = \frac{1}{2} |85 – 131| = 23$ वर्ग इकाई (मानक गणना अनुसार)
440 और 452 के बीच कितनी अभाज्य संख्याएं हैं।
- 0
- 1
- 3
- 2
स्पष्टीकरण:
440 और 452 के बीच की संख्याएँ: 441, 442, 443, 444, 445, 446, 447, 448, 449, 450, 451
इनमें केवल 443 और 449 अभाज्य संख्याएँ हैं (कुल 2)।
एक रेलगाड़ी रेलवे ट्रैक पर चल रहे दो व्यक्तियों को ओवरटेक करती है। पहला व्यक्ति 5.4 km/hr की चाल से चल रहा है। दूसरा व्यक्ति 18 km/hr की चाल से चल रहा है। रेलगाड़ी को उन्हें ओवरटेक करने में क्रमशः 30 और 44 सेकंड लगते हैं। यदि दोनों व्यक्ति रेलगाड़ी की दिशा में ही चल रहे हैं, तो रेलगाड़ी की चाल कितनी है?
- 45 km/hr
- 49 km/hr
- 37 km/hr
- 38 km/hr
स्पष्टीकरण:
पहला वेग = $1.5 \text{ m/s}$, दूसरा वेग = $5 \text{ m/s}$
$30(S – 1.5) = 44(S – 5) \implies 14S = 175 \implies S = 12.5 \text{ m/s}$
किलोमीटर प्रति घंटा में = $12.5 \times \frac{18}{5} = 45 \text{ km/hr}$
1/20, 2/50 का कितना प्रतिशत है?
- 135%
- 125%
- 140%
- 250%
स्पष्टीकरण:
प्रतिशत = $\frac{1/20}{2/50} \times 100 = \frac{50}{40} \times 100 = 125\%$
ज़मीन के एक बिंदु से एक मीनार के शीर्ष का उन्नयन कोण इस प्रकार है कि tan θ = 3/4 है। कोण θ की ज्या (sine) ज्ञात कीजिए।
- 4/5
- 3/5
- 3/4
- 5/3
स्पष्टीकरण:
$\tan \theta = \frac{3}{4} \implies \text{लंब} = 3, \text{आधार} = 4, \text{कर्ण} = \sqrt{3^2 + 4^2} = 5$
$\sin \theta = \frac{\text{लंब}}{\text{कर्ण}} = \frac{3}{5}$
यदि X−Y=20 और XY=12 है, तो X²+Y² का मान ज्ञात कीजिए।
- 422
- 420
- 424
- 426
स्पष्टीकरण:
$(X – Y)^2 = X^2 + Y^2 – 2XY$
$20^2 = X^2 + Y^2 – 2(12) \implies 400 = X^2 + Y^2 – 24 \implies X^2 + Y^2 = 424$
एक त्रिभुज की भुजाएं 102 cm, 154 cm और 80 cm हैं। 154 cm लंबाई वाली भुजा के संगत इसके शीर्षलंब की लंबाई (cm में) कितनी होगी?
- 15
- 3
- 94
- 48
स्पष्टीकरण:
हेरोन के सूत्र से क्षेत्रफल = $\sqrt{168 \times 66 \times 14 \times 88} = 14 \times 24 \times 11$
क्षेत्रफल = $\frac{1}{2} \times \text{आधार} \times \text{ऊँचाई} \implies \frac{1}{2} \times 154 \times h = 14 \times 24 \times 11 \implies h = 48$ cm
निम्नलिखित को सरल कीजिए। (2x³ y⁵ z) × (5x y⁶ z²) ÷ (15x² y z²)
- x² y⁵ z² / 2
- 2x² y¹⁰ z / 5
- 2x² y¹⁰ z / 3
- x² y¹⁰ z / 3
स्पष्टीकरण:
अंश = $10x^4 y^{11} z^3$
हर = $15x^2 y z^2$
परिणाम = $\frac{10x^4 y^{11} z^3}{15x^2 y z^2} = \frac{2}{3} x^2 y^{10} z$
