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तमिल साहित्यिक कृति ‘इरैयनार अहप्पोरुल’ किस शताब्दी की है?
- 5वीं शताब्दी ईस्वी
- 7वीं शताब्दी ईस्वी
- 8वीं शताब्दी ईस्वी
- 11वीं शताब्दी ईस्वी
Explanation:
- ‘इरैयनार अहप्पोरुल’ (Iraiyanar Ahapporul) 8वीं शताब्दी ईस्वी की तमिल साहित्यिक कृति है।
- यह प्रेम (अकम) पर आधारित एक महत्वपूर्ण तमिल ग्रंथ है।
- तमिल साहित्य के अगम (Ahapporul) और पुरम (Puram) में से यह अगम (प्रेम-काव्य) से संबंधित है।
- तोलकाप्पियम – तमिल साहित्य का सबसे पुराना व्याकरण ग्रंथ है (शताब्दी ईसा पूर्व)।
- तमिल साहित्य (संगम साहित्य):
- एट्टुतोकै (Ettuthokai) – 8 काव्य संग्रह
- पत्तुप्पट्टु (Pattuppattu) – 10 काव्य संग्रह
- तिरुक्कुरल – तिरुवल्लुवर द्वारा रचित
2020 में, निम्नलिखित में से किस ऑनलाइन महोत्सव में भारतीय शास्त्रीय नृत्य कलाकारों पर वृत्तचित्र प्रदर्शित किए गए थे?
- नाट्य उत्सव
- नृत्य महोत्सव
- रंगमंच
- नृत्यांजलि
Explanation:
- 2020 में “नृत्यांजलि” (Nrityanjali) ऑनलाइन महोत्सव में भारतीय शास्त्रीय नृत्य कलाकारों पर वृत्तचित्र प्रदर्शित किए गए।
- यह कोविड-19 महामारी के दौरान आयोजित किया गया एक ऑनलाइन कार्यक्रम था।
- इसका आयोजन संगीत नाटक अकादमी (Sangeet Natak Akademi) द्वारा किया गया था।
शास्त्रीय नृत्यांगना नलिनी अस्थाना और कमलिनी अस्थाना को किस नृत्य शैली में उनके योगदान के लिए वर्ष 2022 के प्रतिष्ठित संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया?
- भरतनाट्यम
- ओडिसी
- कथक
- कुचिपुड़ी
Explanation:
- नलिनी अस्थाना और कमलिनी अस्थाना (बहनें) को 2022 में कथक नृत्य शैली में उनके योगदान के लिए संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
- ये कथक की लखनऊ घराना की प्रसिद्ध नृत्यांगनाएँ हैं।
- कथक उत्तर प्रदेश (लखनऊ) का शास्त्रीय नृत्य है।
- अन्य शास्त्रीय नृत्य:
- भरतनाट्यम – तमिलनाडु
- ओडिसी – ओडिशा
- कुचिपुड़ी – आंध्र प्रदेश
- कथकलि – केरल
- मणिपुरी – मणिपुर
- सत्रिया – असम
- मोहिनीअट्टम – केरल
किस शास्त्रीय भाषा का ग्रंथ, वट्टेलुत्तु, कोलेझुथु और अंततः आधुनिक लेखन में उपयोग की जाने वाली इसकी वर्तमान लिपि में महत्वपूर्ण लिपिगत विकास हुआ?
- कन्नड़
- मलयालम
- ओडिया
- तमिल
Explanation:
- मलयालम भाषा की लिपि वट्टेलुत्तु → कोलेझुथु → आधुनिक मलयालम लिपि के रूप में विकसित हुई।
- वट्टेलुत्तु (Vatteluttu) – प्राचीन तमिल-मलयालम लिपि
- कोलेझुथु (Kolezhuthu) – मलयालम की मध्यकालीन लिपि
- मलयालम को 2013 में भारत की 8वीं शास्त्रीय भाषा का दर्जा मिला।
लामन, जिसमें लड़कियों का एक समूह एक छंद गाता है और लड़कों का एक समूह गीत में उसका उत्तर देता है, जो घंटों तक चलता रहता है, किस राज्य का लोकप्रिय लोक संगीत है?
- गुजरात
- राजस्थान
- हरियाणा
- हिमाचल प्रदेश
Explanation:
- लामन (Laman) हिमाचल प्रदेश का लोकप्रिय लोक संगीत है।
- इसमें लड़कियों का एक समूह एक छंद गाता है और लड़कों का एक समूह उत्तर देता है।
- यह प्रश्न-उत्तर शैली घंटों तक चलती है।
- यह पारंपरिक लोक संगीत का एक अनूठा रूप है।
भारत सरकार द्वारा तेलुगु और कन्नड़ भाषाओं को शास्त्रीय भाषाओं का दर्जा किस वर्ष दिया गया?
- 2006
- 2004
- 2014
- 2008
Explanation:
- तेलुगु और कन्नड़ को 2008 में शास्त्रीय भाषाओं का दर्जा दिया गया।
- शास्त्रीय भाषाओं की सूची (8):
- तमिल (2004) – पहली
- संस्कृत (2005)
- कन्नड़ (2008)
- तेलुगु (2008)
- मलयालम (2013)
- ओडिया (2014)
- पाली (2024)
- प्राकृत (2024)
- शास्त्रीय भाषाओं की सूची (8):
हरियाणा के लोकगीतों को सामान्यतः निम्नलिखित में से किस नाम से जाना जाता है?
- रागनी
- बाजल
- भांड
- बिहू
Explanation:
- हरियाणा के लोकगीतों को सामान्यतः “रागनी” (Ragni) के नाम से जाना जाता है।
- हरियाणा के लोकगीत सांग (Saang) नृत्य से जुड़े हैं।
- हरियाणा के प्रमुख लोकगीत: फाग, सावन, रागनी, होली आदि।
- बिहू – असम का लोकगीत/नृत्य
निम्नलिखित में से कौन-सी भाषा संत तुकाराम द्वारा ईश्वर की स्तुति में रचित अभंग भक्ति छंदों से संबंधित है?
- गुजराती
- कन्नड़
- मराठी
- हिंदी
Explanation:
- अभंग (Abhang) मराठी भाषा के भक्ति काव्य का एक रूप है।
- संत तुकाराम (1608-1649) महाराष्ट्र के प्रसिद्ध संत-कवि थे।
- उन्होंने विठोबा (पंढरपुर) की भक्ति में अभंग लिखे।
- अभंग ईश्वर की स्तुति में रचित भक्ति छंद हैं।
- अन्य मराठी संत-कवि: ज्ञानेश्वर, नामदेव, एकनाथ
हिंदुस्तानी और कर्नाटक संगीत पद्धतियों के बीच निम्नलिखित में से कौन-सी समानता है?
- समान रचनाओं का उपयोग
- श्रुति अवधारणा का अस्वीकरण
- केवल वाद्य संगीत पर ध्यान केंद्रित करना
- राग और ताल पर आधारित आधारशिला
Explanation:
- हिंदुस्तानी (उत्तर भारतीय) और कर्नाटक (दक्षिण भारतीय) शास्त्रीय संगीत दोनों राग (Raga) और ताल (Tala) पर आधारित हैं।
- राग – माधुर्य और भावना का आधार
- ताल – लय और समय का आधार
- हिंदुस्तानी – ख्याल, ध्रुपद, ठुमरी
- कर्नाटक – संगीतम, वर्णम, कृतियाँ
- दोनों में श्रुति (स्वरों का आधार) का महत्व है।
निम्नलिखित लोक गीतों को उनके मूल राज्यों के साथ सुमेलित करें। 1. पनिहारी – a. पश्चिम बंगाल 2. खोंगजोम परबा – b. राजस्थान 3. वानावान – c. जम्मू और कश्मीर 4. बाउल – d. मणिपुर
- 1-c, 2-d, 3-b, 4-a
- 1-b, 2-d, 3-c, 4-a
- 1-a, 2-d, 3-b, 4-c
- 1-d, 2-a, 3-c, 4-b
Explanation:
- सही मिलान:
- 1. पनिहारी (Panihari) → b. राजस्थान (पानी भरने वाली महिलाओं के गीत)
- 2. खोंगजोम परबा (Khongjom Parba) → d. मणिपुर (युद्ध-काव्य)
- 3. वानावान (Wanawan) → c. जम्मू और कश्मीर (लोक गीत)
- 4. बाउल (Baul) → a. पश्चिम बंगाल (फकीरों का संगीत)
वारली चित्रकला, एक पारंपरिक जनजातीय कला शैली, की उत्पत्ति किस भारतीय राज्य से हुई है?
- ओडिशा
- राजस्थान
- महाराष्ट्र
- मध्य प्रदेश
Explanation:
- वारली चित्रकला (Warli Painting) की उत्पत्ति महाराष्ट्र राज्य से हुई है।
- इसे वारली जनजाति द्वारा चित्रित किया जाता है।
- यह महाराष्ट्र-गुजरात सीमा पर सह्याद्रि पर्वतों में पाई जाती है।
- यह ज्यामितीय आकृतियों (त्रिकोण, वृत्त, वर्ग) पर आधारित है।
- यह प्रकृति और आदिवासी जीवन को दर्शाती है।
_________ या ‘जादूगरनी का नृत्य’ केरल राज्य में किया जाने वाला एक एकल नृत्य है, जो मुख्य रूप से महिलाओं द्वारा किया जाता है।
- तिरुवातिराकली
- मोहिनीअट्टम
- कथकली
- भरतनाट्यम
Explanation:
- मोहिनीअट्टम (Mohiniyattam) का अर्थ “जादूगरनी का नृत्य” है।
- यह केरल राज्य का शास्त्रीय नृत्य है।
- यह एकल नृत्य है, मुख्य रूप से महिलाओं द्वारा किया जाता है।
- इसका स्वरूप लास्य (मृदुल, सुंदर) है।
- यह हिंदुस्तानी संगीत के करीब है।
- अन्य केरल नृत्य:
- कथकली – पुरुष प्रधान, मुखौटा, वीर रस
- तिरुवातिराकली – महिलाओं का समूह नृत्य
पल्लव राजवंश की राजधानी निम्नलिखित में से किस स्थान पर थी?
- कांचीपुरम
- वातापी
- बादामी
- मदुरै
Explanation:
- पल्लव वंश (4वीं-9वीं शताब्दी) की राजधानी कांचीपुरम (Kanchipuram) थी।
- यह तमिलनाडु राज्य में स्थित है।
- पल्लव वंश के प्रमुख शासक: महेंद्रवर्मन I, नरसिंहवर्मन I (मामल्लपुरम के मंदिरों के निर्माता)।
- मामल्लपुरम (महाबलीपुरम) – पल्लव वास्तुकला का केंद्र (यूनेस्को विश्व धरोहर)।
- अन्य विकल्प:
- वातापी/बादामी – चालुक्य वंश की राजधानी
- मदुरै – पांड्य वंश की राजधानी
भारतीय शास्त्रीय संगीत का कौन-सा रूप, मंदिरों में भक्ति उपासना के अंग के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, विशेष रूप से केरल में?
- ख्याल
- सोपान संगीतम
- ध्रुपद
- ठुमरी
Explanation:
- “सोपान संगीतम” (Sopana Sangeetham) केरल के मंदिरों में भक्ति उपासना के अंग के रूप में प्रस्तुत किया जाता है।
- यह मंदिरों की सीढ़ियों (सोपान) पर गाया जाता है।
- यह कर्नाटक संगीत का एक रूप है।
- इसका प्रयोग कथकली नृत्य के पृष्ठभूमि संगीत के रूप में होता है।
उत्तर प्रदेश का कौन-सा लोक संगीत रूप पारंपरिक रूप से मानसून ऋतु के दौरान महिलाओं द्वारा गाया जाता है?
- कजरी
- भाटियाली
- लावणी
- मांड
Explanation:
- “कजरी” (Kajari) उत्तर प्रदेश (विशेष रूप से मिर्जापुर, वाराणसी) का लोक संगीत है, जो मानसून ऋतु में महिलाओं द्वारा गाया जाता है।
- यह बारिश और मनोभावनाओं से संबंधित है।
- यह कजली नामक लोक नृत्य से भी जुड़ा है।
- अन्य विकल्प:
- भाटियाली – बांग्लादेश/पश्चिम बंगाल (नाविक गीत)
- लावणी – महाराष्ट्र (लयबद्ध, ऊर्जावान)
- मांड – राजस्थान
गुफाओं से संबंधित भारतीय वास्तुकला की एक महत्वपूर्ण विशेषता क्या है?
- धार्मिक प्रयोजनों के लिए गुफाओं का उत्खनन
- निर्माण में संगमरमर का उपयोग
- यूरोपीय वास्तुकला का प्रभाव
- गगनचुंबी इमारतों का विकास
Explanation:
- भारतीय गुफा वास्तुकला की एक महत्वपूर्ण विशेषता धार्मिक प्रयोजनों (बौद्ध, जैन, हिंदू) के लिए गुफाओं का उत्खनन है।
- ये चट्टानों को काटकर बनाई गईं।
- प्रमुख गुफाएँ:
- अजंता (महाराष्ट्र) – बौद्ध भित्तिचित्र
- एलोरा (महाराष्ट्र) – हिंदू, बौद्ध, जैन
- उदयगिरि (ओडिशा) – जैन
- ये मूर्तियों, स्तूपों और चैत्यों के लिए प्रसिद्ध हैं।
1998 में किस प्रसिद्ध भारतीय शास्त्रीय गायिका को कर्नाटक संगीत में उनके योगदान के लिए, भारत रत्न से सम्मानित किया गया था?
- एम. एस. सुब्बुलक्ष्मी
- अरुणा साईराम
- शुभा मुद्गल
- किशोरी अमोनकर
Explanation:
- एम. एस. सुब्बुलक्ष्मी (M.S. Subbulakshmi) को 1998 में कर्नाटक संगीत में उनके योगदान के लिए भारत रत्न से सम्मानित किया गया।
- वे पहली भारतीय संगीतकार थीं जिन्हें भारत रत्न मिला।
- उन्होंने रामायण और भक्ति गीत गाए।
- उन्हें 1954 में पद्म भूषण और 1974 में पद्म विभूषण मिला।
- अन्य भारत रत्न संगीतकार:
- रवि शंकर (1999) – सितार
- बिस्मिल्लाह खान (2001) – शहनाई
- भीमसेन जोशी (2009) – हिंदुस्तानी संगीत
